अपडेट 139
मेगा अपडेट
आशा चची की चुदाई
जैसा की आप सबने लास्ट अपडेट मैं पढ़ा था मई गाओ गया वह से ममी मौसी और नानी को ले कर आया घर पैर जहा वो तीनो सबसे मिली फिर रात को मई रूही के लिए गिफ्ट और केक लेने चला गया..
अब आगे
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एक दम 12 बजे मैंने दूर नॉक किया तो मम्मी ने दूर ओपन किया जहा रूही संगीता और मम्मी थी ..
रूही सू चुकी थी पैर संगीता और मम्मी जगी हुई थी ...
फिर मैंने कैंडल जलाया और हम सब बीएड के साइड मैं खड़े हो गए ...
और मम्मी ने रूही को जगाया जब वो उठी तो हम सबको देख कर एक पल के लिए हैरान हो गई पैर जब उसको बात समझ मैं आया तो खुसी के मरे वो माँ से गले लग गई ...
फिर उसकी नजर मेरे पैर पड़ी तो मेर हाथो मैं केक था ...
मई आगे बढ़ा और उसके सर पैर किश करके के बोलै .
मई - हैप्पी बर्थडे मेरा बचा ..
रूही - थैंक्यू पापा , ये कहते हुए उसकी आँखों मैं अंशु था और उसने धीरे से बोलै था जो सिर्फ मैंने और माँ ने सुना था ...
मई - चलो चुप हो गई और केक कट करो देखो सब इंतज़ार कर रहे है....
संगीता ने उसको चुप करवाया और बर्थडे विश भी किया ..
फिर हमने टेबल पैर केक को रखा और जब केक कट करने की बरी आई तब रूही ने मुझे बुलाया .
एक तरफ संगीता और माँ थी दूसरी तरफ मई था बिच मैं रूही .
हमने मिलके केक कटाई किया और फिर रूही ने सबसे पहले मुझे केक खिलाया फिर माँ और संगीता उसके बाद सबने रूही के गालो पैर केक लगा दिया .....
रूही - माँ देखो न सबने मेरे गाल को गन्दा कर दिया ...
माँ - कोई बात नहीं मई अभी सबको बगाती हु रूम से,,,,,, चलो सब अब अपने अपने रूम मैं जाओ ...
सब हस्ते हुए अपने अपने रूम मैं चले गए पैर मई वही रुका .
रूही - डैडी अब बताओ मेरा गिफ्ट कहा है चलो लाओ जल्दी से दो ....
संगीता - हे बदमाश डैडी तुम्हे इतना कुछ देते है अब क्या चाहिए ..
माँ - तू चुप कर संगीता दोनों बाप बेटी के बिच मैं मत बोल ...
संगीता - ठीक है दीदी नहीं बोलती कुछ अब आप भी इसको सर पैर चढ़ाओ ..
मई - ारी चुप करो तुम सब .
मैंने अपने पॉकेट मैं से नई गोल्ड चेन निकली और रूही के गले मैं पहना दिया .
मई - याद है मेरा बचा मैंने तुमसे प्रॉमिस किया था की आपके बर्थडे पैर दूंगा चैन जैसे मुझे मेरी माँ ने दिया था . ..
रूही - हां डैडी मुझे याद है अपने मुझे बोलै था ,,, थैंक यू सोऊ मच यू अरे बेस्ट डैड इन थे वोउल्ड आपसे ाचा और कोई नहीं है .....
मई - लव यू तू मेरा बचा .. उसके गाल पैर किश करके बोलै ...
माँ - बाबू अब तू भी सोने जा कल बहोत काम होगा तुझे मेरी बेटी की बर्थडे की तयारी भी करनी है न तुझे चल भाग यहाँ से .
रूही मम्मी के साथ सोने चल गई बीएड पैर वही मैंने संगीता के गाल पैर किया कर के भाग गया जो देख कर रूही हशने लगी ..
संगीता - देखा दीदी अपने कितने बदमाश है ये ....
माँ - तू भी तो काम नहीं है चल आजा सोने सुबह बहोत काम है ...
मई जब ऊपर जा रहा था तब मुझे बड़ी चची के रूम से सिसकने की आवाज आई .
मुझे ओड लगा तो मैंने दूर नॉक किया .
मई - चची दूर खोलो ज़रा मुझे आज आपके साथ सोना है ....
चची ने कुछ देर बाद दूर खोला और मुझे अंदर आने दिया ..
चची ने बहोत सेक्सी सी निघ्त्य पहन राखी थी साटन की पिंक कलर की जिसमें उनका जिस्म पूरा उभर के आ रहा था .
पैर जैसे मैंने उनका फेस देखा तो मुझे समझ मैं आ गया रूम से चची के रोने की आवाज आ रही थी ..
मई आगे भाड़ा और बिना कुछ बोले चची को अपनी बहो मैं ले लिया ..
चची भी बिना कुछ बोले अपने सर को मेरे छाती पैर रख दिया ....
चची - ाचा किया बीटा तू आ गया वर्ण ये इतनी लम्बी रात कैसे कटती ...
मई - मेरी भोली प्यारी चची माँ आप मेरी दूसरी माँ हो आपका हक़ है मुझपर आपका जब मान करे मुझे बुला लिया करो ...
चची - वो बाबू मई बस हमारे बारे मैं सोच रही थी क्या यी सही रहेगा जो हम करते है....
मई - चचो इधर देखो मेरी आँखों मैं और बताओ आपको मेरी आँखों मैं खुद के लिए प्यार दीखता है की नहीं ...
चची - बाबू ये बात मैं बिना तेरी आँखों मैं देखे hi बता सकती हु की तू मुझसे बहोत प्यार करता है और मेरे लिए कुछ भी कर सकता है .
मई - तो बताओ आपको ख़ुशी मिलती है जो हम करते है मेरी आशा चची ...
चची - बाबू हम जो भी करते है उससे मुझे बहोत ख़ुशी मिलती है पैर दर लगता है कही किसी को पता चल गया तो मई कैसे मुँह दिखाउंगी बताओ क्या तू चाहता है की तेरी आशा चची अपना सर झुका के चले ....
मई - ोू मेरी प्यारी भोली चची इस घर मैं ऐसा कोई नहीं हो आपके बारे मैं गलत बोल सकता है या सोच सकता है अगर वो हमे सेक्स करते हुए भी देख ले न तो बिना हमसे बात किये वो कुछ भी गलत नहीं बोल सकते या सोच सकते है समझी इस घर मैं सब हमसे बहोत प्यार करते है और हमारी ख़ुशी के लिए वो कुछ भी कर सकते है ....
चची ने जब सुना ककी मई सेक्स की बात कर रहा हु तब उनका चेहरा लाल हो गया और वो शर्मा गई ....
मई - उफ्फ्फ देखो तो मेरी भोली भली चुकी सेक्स के नाम पैर कैसे शर्मा ताहि है जैसे हम अभी hi सुहागरात मानाने वाले है ...
चची - धत्त बदमाश कही का कुछ भी बोलता है जा मई तुमसे बात नहीं करती बाबू ...
ये बोलके चची बीएड पैर जेक लेट गई तकिये मैं मुँह छुपा के ...
मई पीछे से उनको मैं ले लेट गया ....
मई - ाचा तो मैंने क्या गलत बोलै बताओ क्या हम सब सुहागरात नहीं मन सकते ...
चची - मुझे नहीं पता जो करना करो.... चची की तरफ से ग्रीन सिग्नल मिल चूका था ...
इसीलिए मैंने उनकी निघ्त्य की डोरी खोल दी जिससे चची सामने से सिर्फ ब्रा पंतय मैं आ गई और उन्होंने वाइट पिंक कलर की पंतय और पिंक कलर की ब्रा पहनी थी...
मई - चची आप सच मैं इस घर मैं सबसे हॉट हो चाहे वो ज्योति चची हो बुआ हो मम्मी हो ममी हो मसि हो या कोई भी हो उन सब मैं से आओ सबसे गोरी और सबसे सेक्सी हो और आपका जिस्म भी भरा हुआ है ....
मेरे मुँह से ऐसी तारीफ सुन्न के चची ने मेरे साइन पैर मुक्का मारा, मेरी तरफ मुब कर और मेरी आँखों मैं देखते हुए बोली ...
चची - बीटा एक बात पुछु तो सब सच सच बताएगा अपनी इस भोली चची को क्यों की तुझे पता है मुझे दुनिया दरी का जयदा ज्ञान नहीं है मई गाओं मैं पाली बड़ी हु गरीब से हु तुझे तो पता है न बाबू और तू जो बोलेगा तेरी ये भोली चची मान लेगी बस सब सच बोलना मई सब कुछ जानना चाहती हु जो भी घर मैं चल रहा है तेरे और बाकि सब के बिच बोलना मेरा बचा बताएगा न मुझे .....
मैंने चची के दोनों गालो को पककड़ा और उनके होंठो को चूमते हुए बोलै...
मई - बिलकुल मेरी सबसे प्यारी चची आपको सब कुछ बताऊंगा और मुझे पता है अआप सब कुछ जानने के बाद भी मुझसे उतना hi प्यार करोगी जितना सब करती हो ...
चची - हां बाबू तेरी ये उम्मम्मम भोली चची तुझसे सबसे जयदा प्यार करती है और करती रहेगी चाहे कुछ भी हो जाये ....
फिर धीरे धीरे मैं वो सब कुछ बता दिया जो घर मैं हो रहा था दादी को छोड़ना के बारे मैं चची को पता था क्यों की जब लास्ट टाइम चची के साथ रोमांस कर रहा था तब उनको बताया था पैर बाकि सबके बारे मैं उनको नहीं पता था जो मई धीरे धीरे बता रहा था लिखे बुआ और प्रिय के बारे मैं फिर ज्योति चची को प्रेग्नेंट करना या उनको बीबी बनाना हो या फिर संगीता और रूही फिर शानवी और भूमि फिर सिमु दिया और सासु माँ उसके बाद माँ के साथ सधी मौसी को प्रेग्नेंट करना हो आरती को छोड़ना हो रिया जिया के साथ रोमांस और उनका लेस्बियन वाला प्यार अनाम के बारे मैं या फिर सोनू की मम्मी को छोड़ने के बारे मैं जो जो बात थी वो सब मैंने अपनी बड़ी चची को बता दिया .....
मेरी बात सुनके चची शॉक हो कर मुझे देख रही थी ....
मई - आशा मेरी जान अब समझी की मई कितना बड़ा खिलाडी हु .....
चची ने जब अपना नाम सुना तो वो शर्मा गई और बोली ....
चची - बाबू मुझे नहीं पता था की तुम इतना का ख्याल रखते हो पैर मुझे ाचा लगा तुम्हारे मुँह से सच सुनके और मई बहोत खुश हु की मेरा बीटा इतना ाचा है और मुझे कोई प्रॉब्लम भी नहीं मेरे बचे बस उस लिस्ट मैं एक और नाम जोड़ ले ...
मई - ाचा जी और वो कोण है मेरी हॉट भोली भली सेक्सी चची ...
चची - बदमाश अपनी आशा डार्लिंग को भूल गया बता उस दिन तो बड़ा बोल रहा था चची मई आपसे बहोत प्यार करता हु बस एक मौका दो चाचा से भी जयदा प्यार करूँगा अब क्या हुआ बता ....
मई - करूँगा न मई आपसे प्यार जैसे मैंने बोलै था मेरी आशा मेरी जान मेरी प्यारी भोली चची मा आपको चाचा की कमी महसूस नहीं होने दूंगा डार्लिंग...
चची के चेहरे को चूमते हुए मैंने उनकी निघ्त्य उतर दी और उनकी आँखों मैं देखते हुए मैंने चची के गाल पैर काट लिया दातो दे जिससे चची के मुँह से जोर की सिसकी निकल गई ...
चची - आह्ह्ह्हह बीटा इस दर्द मैं जो मजा है वो किसी और चीज मैं नहीं है बचे ऐसे दर्द दे आज तू मुझे बाबू....
चची - आह्ह्ह्ह बाबू तू बहोत बुरा है मुझे नंगा करते जा रहा है और खुद कपडे पहना है चल मई उतर देती हु .... इतना कहने के बाद आशा चची ने मेरी t-shirt और लोअर उतर दी अब सिर्फ अंडरवियर मैं था मई और चची ब्रा पंतय मैं ...
आज हम दोनों को एक होने से कोई रोकने वाला नहीं था ...
चची - बाबू प्यार करने से पहले तू मेरे लिए एक काम करेगा बोल न अपनी चची ...
मई - बोलो न चची आपके लिए तो मई अपनी जान तक दे सकता हु .....
चची - बाबू ऐसे मत बोल तेरी जान हम लोगो के लिए बहोत कीमती है अगर हमे मौका मिले तो हम सब हमारी उम्र भी तुझे दे दे ....
मई - उफ्फ्फ मेरी प्यारी चची बताओ क्या करू आपके लिए ...
चची बीएड से उत्तत कर ड्रेसिंग टेबल के पास गई और वह से एक डिब्बी उठा कर ली आई ...
मई समझ गया चची क्या करना चाहती है इसीलिए मैंने भी ुसस्स डब्बे को चची के हाथो से ले लिया ...
मैंने उस डब्बे को खोला तो उसमें सिंदूर थी जैसे की मैंने सोचा था ...
चची थोड़ा परेशां दिख रही थी मई बे उनको लग रहा था की मई मन कर दूंगा पैर मैंने उल्टा किया और एक चुटकी से जयदा सिंदूर उठा कर मैंने पूरी मांग भर दी और उनकी नाक पैर भी ढेर सारा सिंदूर गिर गया ....
चची की आंखे बंद हो गई और उनकी आँखों से अंशु टपक पड़े ...
आगे भाड़ा कर मैंने उनको अपने गले से लगा लिया ...
मई - चुप हो जाओ आशा सब क्यों रू रही हो अब तो मई तुम्हारा पति हु न जान...
चची - थैंक्स बाबू मेरी मांग भर के फिर से मुझे सुहागन बनाने के लिए एक विधवा की मांग भर के तूने उसका दिल जीत लिया ....
चची ने अपना सर उठाया और मुझे किश करने लगी ...
इस बार वो बहोत पैशनेट हो कर मुझे चुम रही थी मेरे मुँह मैं अपनी झिव घुमा घुमा कर किश कर रही थी ,,, मई भी कहा पीछे हटने वाला था मैंने उनको गोद मैं उठाया और उनकी गांड को दबाते हुए अपनी झिव चची के मुँह मैं दाल के खेलने लगा....
चची - उम्मम्मम आह्ह्ह्हह उम्म्म सलुपपपप सलुपपपप उम्म्म्म आह्ह्ह्ह बाबू मेरे बेतु अपनी चची को प्यार कर उम्म्म्म मेरा बचा अपनी पत्नी अपनी आशा को सलुपपप ऐसे hi प्यार कर..
हम दोनों बहोत ढेर तक किश करते रहे फिर मैंने उनको पेट पैर लेता दिया और उनकी पीठ को चूमने लगा और अपने दोनों हाथ आगे ले जेक ब्रा के ऊपर से hi बूब्स को दबाने लगा ...
चची के बूब्स को दबाते हुए मैंने उनकी ब्रा को फाड़ दिया ...
चची - आह्ह्ह्ह बाबू तूने तो मेरी नई ब्रा फाड़ दी आह्ह्ह्ह कितनी ज़ोर से दबा रहा है मेरे बचे ...
मई - उम्म्म्म आशा मेरी जान तुझे नई ब्रा ोा तू दिला दूंगा और हर बार जब तू पहन के आएगी तब फाड़ दूंगा...
चची - बदमाश अह्ह्ह्हह्हह ऐसा करता है कोई बहला उफ्फ्फफ्फ्फ़ भाभी देखो न कैसे आपका बीटा आपकी देवरानी को मशाल रहा है आह्ह्ह्ह ...
मैंने चची को पलटा और उनकी बड़ी बड़ी चूचियों को देखने लगा ...
मई - चची सच मैं इस घर मैं सबसे बड़ी चुकी आपकी hi है ...
चची - बाबू मेरे मुम्मे इसीलिए बड़े है क्यों की तेरी दोनों बहने एक साथ मेरे मुम्मे से दूध पीती थी और दोनों सैतान हमेशा भूकी hi रहती थी .....
चची की बात सुनके लुंड मेरा सलामी देने लगा ....
मैंने चची की चूचियों को दबाते हुए उनको मुँह मैं ली लिया और चूसने लगा उनकी एक चुकी hi मेरे हाथो मैं नहीं आ रही थी इसीलिए मैं बरी बरी चूस रहा था ...
चची भी मेरे सर को पकड़ कर अपने मुम्मो मैं दबा रही थी ..
मई - चची मुझे भी दूदू पीना है इसमें से उम्मम्मम ग्लूपपपपप सलुपपपप उम्म्म्म ..... मेरे थूक से चची की चूचिया गीली हो गई थी ...
चची - आह्ह्ह्हह बाबू अब इसमें दूदू नहीं आता है मेरे बचे वर्ण ज़रूर पीला देती मेरे बचे ...
मई - ठीक है चची फिर तो मई आपको प्रेग्नेंट कर के इसमें से दूदू पियूँगा उम्मम्मम सलुपपपपपप सलुपपपपप उम्मम्मम ग्लूपपपपप मैंने उनकी निप्पल को काटे हुए चबाने लगा...
चची तड़प जा ताहि थी दर्द और मजे से क्यों की किश तरह से मई उनकी चुकी को चूस रहा था .....
पैर वो फिर से मेरे सर को सेहला रही थी और बार बार आपकी चुकी मैं दबा रही थी ....
मान भर चची की चुकी चूसने के बाद मैंने खुद और चची को पुरे तरीके से नंगा कर दिया ...
चची अब शर्मा रही थी और मेरे सामने बिलकुल ऐसे नंगी लेती थी .
उनकी दोनों टंगे हवा मैं थी जिसे कारन उनके बूब्स और भी बड़े लग रहे थे ....
मई - उफ्फ्फ चची आप किसी अमेरिकन पोर्नस्टार से भी जयदा गोरी और गढरै माल है बिलकुल देसी इंडियन पोर्नस्टार हो आप आशा चची ....
ऐसी तारीफ सुन्न कर चची की छूट गीली हो गई ....
चची - बाबू बहोत वक़्त हो गया प्लीज धीरे करना बहोत दर्द होगा ..
मई - कुछ नहीं होगा चची प्यार से करूँगा पैर उससे पहले क्या आप अपने बेटे का लुंड नहीं चुसोगी ...
चची - बीटा मैंने पहले कभी नहीं चूसा तेरे चाचा बस टंगे उठा के दाल देते थे और फिर सू जाते थे ...
मई - कोई बात नहीं आओ आज अपने बेटे का लुंड चुसो मेरी जान मेरी भोली आशा चची ...
चची उठा कर बैठ गई और मेरा लुंड एक दम उनके सामने खड़ा था ...
मई - कैसा है चची मेरा ...
चची - पिछली बार जब देखा था उससे भी बड़ा लग रहा है बीटा ये हार बात बड़ा क्यों हो जाता है ...
चची ने अपने दोनों हाथो मैं मेरा लुंड पकड़ा और सहलाने उनकी नाजुक हाथो मैं मेरा लुंड किसे लोहे के रोड की तरह काग रहा था ...
चची ने मेरे लुंड को सहलाते हुए लोपे को मुँह मैं लेके चूसने लगी ..
ऐसा नहीं लग रहा था की चची ने कभी लुंड न चूसा हो बल्कि वो किसी प्रोफेशनल की तरह लुंड चूस रही थी..
मई - आह्हः साली आशा तू तो बोल रही थी तुएं लुंड नहीं चूसा है उफ्फ्फ कुटिया चूस अपने भतीजे का लुंड आह्हः उफ्फफ्फ्फ़ क्या झिव है तेरी ऐसे मेरे लोपे पैर घुमा घुमा के चूस ....
चची की आंखे हवस से लाल हो गई थी वो मजे ले कर मेरा लुंड चूस रही थी ...
मैंने उनका सर पकड़ा और मुँह को छोड़ने लगा ...
चची तड़प उठी और उनकी आंखे बहार आने लगी थी ...
कुछ ढेर तक मैंने चची के मुँह को छोड़ा और फिर चोर दिया ...
चची ने मुँह से लुंड निकला और लम्बी लम्बी साँसे लेने लगी ....
चची की आँखों मैं अंशु और मुँह से laar(Saliva) गिर रहा था ..
उन्होंने ने मुझे देखा और फिर से मेरे लुंड को मुँह मैं लेके चूसने लगी ...
मई - आह्हः मा देखो कैसे आपकी सरीफ देवरानी मेरे लुंड को चूस रही है किसी प्रोफेशनल रंडी की तरह अह्ह्ह ...
चची - उम्म्म्म सलुपपप उम् गलप्प्प हां उम्म्म हुऊ मैई उम्म्म्म सलुपपप अपने भतीजे की प्रोफेशनल रनडीईई उम्मम्मम्म आज ये तेरी भोली चची रंडी बन के दिखाएगी ....
मई - हां तो पूरा अंदर लेके चूस न साली आशा मेरी रंडी चची आह्हः हां ऐसे मुँह मैं ली अंदर टककक कुटिया अशाआआआ .......
चची ने भी पूरी कोसिस करते हुए मेरे लुंड को गले तक किया पैर फिर भी आधा लुंड hi गया ...
अब रूम मैं बस्स्स पछ पछ और गवाँकक गवाँकक की आवाजे आ रही थी क्यों की मेरे लुंड पैर थूक लगने के कारन और चची के ऐसे लुंड चूसने के कारन वो आवाजे हूँ रही थी ..
चची अब पूरा मजे मैं मेरे लुंड को चूस रही थी जैसे ये कोई लॉलीपॉप हो और वो बचे के हाथ मैं लग गया हो....
कुछ देर बाद चची के मुँह लाल हो गया था और उनकी आंखे बता रही थी की वो कितनी गरम हो गई है
आशा चची एक दम चुड़क्कड़ छुडास से भरी रंडी लग रही थी एक तो इतनी खूबसूरत और गोरी ऊपर से उनका पूरा मुँह थूक से भरा हुआ और उनकी चूचिया भी थूक से भरी पड़ी थी ...
चची - बीटा अब नहीं बर्दाश्त होता अगर तूने मुझे अभी नहीं छोड़ा तो मई कुत्ते से छुड़वा लुंगी इतनी गरम हो गई हु ....
मैंने चची को बेट पैर लेता कर उनकी टैंगो के बिच आ गया जहा चची की छूट से राश की नदिया बह रही थी ....
मैंने चची की छूट को अंघूठे से मशला और अपनी 2 उंगलिया उनकी छूट मैं दाल दिया ..
मेरी ऊँगली झट से चची की छूट मैं चली गई ....
चची - आह्ह्ह्ह बचे ऊँगली नहीं लुंड दाल लुंड मेरी चुड़क्कड़ छूट मैं उफ्फफ्फ्फ़ अब मुझसे बर्दाश्त नहीं होता रोहित......
मई चची की छूट मैं ज़ोर ज़ोर से ऊँगली करने लगा ताकि उनकी छूट और गीली हो जाये ...
तभी चची ने कुछ ऐसा किया जो मई सोच नहीं सकता था ,,,, उन्होंने मेरे सर को कपडा और अपनी छूट पैर दबा दिया ..
मैंने भी मुँह खोला और चची की छूट को मुँह मैं भर के चूसने लगा .
चची - aahhhhhhhhhh भाभी आह्ह्ह्हह देखो आपका बीटा क्या कर रहा है उम्मम्मम चाट मेरे बचे आह्ह्ह्ह ऐसे चूस , चूस अपनी आशा चची की छूट पैर जा सारा राश अपनी चची की छूट का ...
चची अपनी गांड उठा उठा कर चूस चुसवा रही थी जिसमें मुझे उनका राश पीने मैं मजा आ रहा था ..
मई झिव से पूरी छूट को चाट रहा था और उनकी छूट छोड़ रहा था ...
वही चची अपनी उंगलिया मेरे बालो मैं घुमा रही थी .....
कुछ ढेर बाद जब चची से बर्दाश्त नहीं हुआ तब चची ने मेरे बालो को ज़ोर से पकड़ा और अपनी छूट मैं दबाने लगी ....
चची - आह्ह्ह्ह आह्हः ओह्ह्ह्हह उम्मम्मम ऐसे मादरचोद सेल पीए जा अपनी रंडी चची की छूट का राश....
आज चची की मुँह से पहली बार गली सुन्न रहा था वही चची गालिया देते हुए मेरे मुँह मैं झाड़ रही थी ...
चची - अह्ह्ह्हह पीए बीटा पीए अपनी चची का रशहह ,,, चची गांड उठा उठा कर सोनी छूट मेरे मुँह मैं दबा रही थी ....
मैंने एक बून्द वास्ते नहीं होने दिया और सारा राश पीए गया ...
अब मेरा लुंड फटने को हूँ रहा था इसीलिए मई चची की टंगे फैला के बिच मैं बैठ गया .....
मैंने देखा चची की छूट फड़क ताहि थी उनकी गुलाबी छूट को देख मेरा मान दोल रहा था ...
अपने लुंड को पकड़ा के मई चची की छूट पैर मारा जिससे ऊँगली फूली हुई छूट फैट से पानी छलका ...
चची - आह्ह्ह्ह बीटा क्यों तड़पा रहा है मेरे बचे दाल देना अपनी चची की छूट मैं अपना मुशल ....
पैर मैंने उनकी बात नहीं सुनी और बार बार वैसे hi किया उनकी छूट पैर लुंड से थप्पड़ मार रहा था और चची की छूट से पानी चालक कर निकल रही थी .
चची - मादरचोद दाल न कुत्ते क्यों तड़पा रहा है अपनी चची को हां आह्ह्ह्हह्ह hhhhhhhhhh मम्मीयियय..
जैसे चची ने गली दिया मैंने अपना लुंड चची टोपा चची की छूट मैं दाल दिया ...
जैसे मेरा आलू जैसा टोपा चची की छूट मैं गया चची की आंखे बड़ी हो गई ऐसा लग रहा था जैसे उनकी छूट मैं सच मैं बड़ा सा ालो दाल दिया हो पैर चची को बहोत गरम लग रहा था टोपा जिससे उनकी छूट और पानी चोर रही थी ....
मई चची की तरफ झुकता चला गया और शामे वैसे भी मेरा लुंड चची की छूट को चीरते हुआ उनकी बच्चेदानी के टकरा गया जिससे चची ज़ोर से चिल्लाई पैर मैंने उनका मुँह बंद कर दिया ..
चची के मुँह मैं झिव दाल दिया और अंदर घूमने लगा जिससे चचे को भी मजा आने लगा और वो दर्द को भूल कर अपनी गांड हलके हलके उठा के छोड़ने लगी , उनका हाथ मेरी पीठ पैर घूम रहा था और उनकी दोनों चूचिया मेरे साइन से दबी हुई थी ...
जब मैंने अपना सर उठाया तब चची मेरी आँखों मैं देखते हुए मोअन करने लगी उनकी मुँह से बस सिसकारियां निकल रही थी पुरे रूम मैं बस चची की hi आवाजे गूंज रही थी....
धक्के मरते हुए मैंने चची के मुँह मैं थूक दिया जिससे चची ने भी पी लिया ....
मई - आह्ह्ह्ह चची तू सच मैं बाज़ारू चुड़ैल रंडी की तरह चुद रही है मुझे नहीं पता था मेरी भोली भली दिखने वाली चची के अंदर इतनी गर्मी होगी आह्हः कितनी गरम छूट है आपकी चची आपकी ......
चची - आह्ह्ह्हह बाबू तेरा लुँड्ड़फ भी तो कीटनाआ बड़ा हीी मेरी बच्चेदानी तक जा रहा है तेरा लुंड का टोपा ऐसा लग रहा है जैसे बच्चेदानी को फाड़ कर पेट मैं गश जायेगा तेरा लुंड मेरा बची आअह्ह्ह्हह बहोत मजा आ रहा है छुड़वाने मैं बाबू ....
मैंने चची की टंगे उठाई जिससे उनकी कमर मैं हवा मैं उठ गई फिर वैसे hi मई चची को पेलने लगा जिससे मेरा लुंड और अंदर तक जा रहा है और चची अब पुरे तरीके से मेरे लुंड को अपनी छूट मैं दबा के राखी थी और फील कर रही थी ...
मई फील कर रहा था था की चची की छूट टाइट होते जा रही है वो मेरे लुंड को दबा रही थी अपने छूट के अंदर जिसके कारन बार बार मेरे लुंड की चमड़ी पीछे हैट रही थी और उनकी छूट की दीवारों से टकरा रही थी ....
ऐसे गरम चुदाई के साथ हम दोनों एक दूसरे मैं खोये हुए थे और हम इतना गरम हो गए थे की एक दूसरे को चूर्ण नहीं चाहते थे ..
मई आशा चची की जिस्म की खुसबू से पागल हो गया था हम दोनों पसीने से गीले हो गए थे और एक दूसरे मैं घुसने की कोसिस कर रहे थे .....
चची - आह्ह्ह्हह बाबू छोड़ मुझे छोड़ फाड़ दे मेरी छूट बना दे मुझे रंडी आह्ह्ह्ह हा ऐसे छोड़ अपनी चची को अपनी भोली चची को तुएं चुड़क्कड़ रंडी बना दिया है बीटा आह्ह्ह्ह मई रंडी हु मई कुटिया हु मई चैनल हु सोने बेटे की आह्ह्ह्ह भाभी आपकी देवरानी आपकी बहु बन गई है मई आपके बेटे की रंडी बन गई है .....
मई - हआ चची मेरी रंडी चची ली मेरा लुंड अपने बच्चेदानी मैं लिए साली आज तुझे आपके बचो की माँ बना दूंगा आह्ह्ह्ह चची मई आपकी खोख भरना चाहता हूउउउउउ चची ी लव यू सू मच चची ी लव......
चची बस सिसकारियां ली रही थी उनकी मांग मैं जो सिंदूर मैंने भरी थी वो मेरे चेहरे पैर भी लग रही थी और चची के खूबसूरत चाहते पैर वो सिंदूर और भी अछि लग रही थी .
चची - आह्ह्ह्ह बीटा अब मेरी छूट मैं पानी नहीं बची है तू मुझे 1 जानते से इसीलिए पोजीशन मैं छोड़ रहा है आह्ह्ह्हह्ह बस्स्स कर अब दाल दे अपना भिज मेरी खोख मैं मेरे बचे ....
मई - हआ चची बस्स्स झड़ने वाला है आपका बीटा आअह्ह्ह चची आपकी गरम खोख मैं मई अपना माल भरने वाला हु चची संभल लेना एक बून्द माल वैसे नहीं होने देना ....
रूम मैं ठप्प ठप्प ठप्प दकको के साथ जो. महक फैली थी उसके कारन रूम का महल पूरा चुदाई वाला था....
हम दोनों बिना किसी की फ़िक्र किया बस सक दूसरे मैं समां रहे थे ....
एक स्वीट ऐसा आया जैसे मेरे जिस्म का सारा खून निकल कर मेरे लुंड मैं जाने लगा और मई अकड़ने लगा शामे हालत चची की थी उनका जिस्म चटपटा रहा था ....
तभी मेरा लुंड से गरम लावा फुट पड़ा जो की सीधे चची के बच्चेदानी मैं जा गिरा ...
चची मेरे bhij(virya स्पेर्म्स) आपकी बच्चेदानी मैं फील कर पा रही थी जिसके गर्मी को वो भी बर्दाश्त नहीं कर पाई और हार मान गई तड़पते हुए झड़ने लगी इस बार उनके चेहरे पैर सुकून था जिसको चची ने आज तक फील नहीं किया था ...
मैंने चची की बच्चेदानी मैं इतना माल भर दिया था की अब उनकी छूट से माल रिष के बहार बह रहा था और साथ मैं चची का पानी भी ....
मेरा वीर्य और चची का रहा बह कर उनकी गांड की छेद पैर से होक बीएड पैर गिर रहा था ....
हम दोनों एक दूसरे से लिपटे पड़े थे और एक दूसरे के जीस्प सेहला रहे थे ....
चची - मेरा बचा ी लव यू सोऊ मच बाबू ....
मई - ी लव यू ताऊ मेरी आशा चची ी लव यू सू मच आज से मई आपको कोई भी कमी महसूस नहीं होने दूंगा....
चची - हां मेरे बचे मुझे पता है तू मुझसे कितना प्यार करता है मुझे पता है तू मुझे चची के साथ साथ एक पत्नी की ताज रखेगा और मुझे सरे सुख देगा ....
मैंने टाइम देखा तो सुबह के 3 बज रहे थे ....
इसीलिए मैंने चची को किश किया और उनके जिस्म को सहलाते हुए वैसे सू गया उनकी बहो मैं........
कंटिन्यू