Incest Kahani Chudai ki sabki - Page 16 - SexBaba
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Incest Kahani Chudai ki sabki

थैंक यू बरोथेर

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थैंक यू बरोथेर है बीआरओ कोसिस किया है अब देखो बाकियो को पसंद आता ह की नहीं
 
अपडेट 118

जैसे की आप सबसे लास्ट अपडेट मैं पढ़ा था मैंने माँ के साथ सुहागरात मनाई और उनकी छूट मैं अपना वीर्य दाल दिया उसके बाद कहने लगी उनको बाथरूम जाना है .

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मैंने माँ को अपने गोद मैं उठा लिया जिससे उनकी छूट से मेरा वीर्य माँ की छूट के राश के साथ टपकने लगा मेरे लुंड पैर .

मई - माँ आपकी छूट से गरम गरम राश टपक रहा है .

माँ - बदमाश वो हम दोनों के मिलान का राश है .

माँ ने मुझे काश के गले लगा रखा था जिससे उनकी चूचिया मेरे साइन मैं डाब सी गई थी .

मई - माँ आपको मजा आया हमारी दुमदार चुदाई मैं .

माँ - हां बीटा बहोत मजा आया है तेरे बड़े लुंड से चुद के और अब से तो मई तेरी बीबी भी हु तू जब चाहे तब मुझे छोड़ लेना .

मई - हां पता है आप मेरी रूबी भी हो पैर मुझे आपको माँ कहके छोड़ने मैं जयदा मजा आया .

माँ - हां मुझे अपने बेटे से छोड़ने मैं जयदा मजा आया वो फीलिंग hi अलग थी बाबू .

मई - वैसे भी माँ बीबी के लिए तो बहोत है जैसे अनाम संगीता निकिता मम ज्योति चची और आपकी रंडी बहन यानि मौसी .

माँ - बदमाश मेरी बहन को रंडी कहता है .

मई - हाहाहा अब क्या करू उस रात बड़े मजे से छोड़ा था आपको रंडी बहन को माँ .

माँ - हां और एक रात को चुदाई मैं उसको पेट से कर दिया तूने . माँ भी मेरे साथ हशने लगी .

मई माँ को ले कर बाथरूम मैं आ गया था और उसको पेशाब करनी थी तो सरमते हुए वो पेशाब करने लगी .

उसी वक़्त मैंने आगे भाड़ के माँ को किश करने लगा .

माँ ने मुझे रोकने की बहोत कोसिस की पैर मैंने उसको अपने गोद मैं उठा लिया जिससे वो मेरी गोद मैं hi पेशाब करनी लगी उनकी छूट से गरम गरम पेशाब मेरे लुंड और पैरो को भिगोने लगा .

माँ - उम्मम्मम सलुपपपप बाबू रोक जा न उम्मम्मम सलुपपपप .

माँ मन कर रही थी पैर मैंने उनकी एक ना सुनी और जब तक उनको किश करना रहा जब तक उनकी छूट से आखिरी बून्द तक न निकल गया .

लास्ट मैं हम दोनों एक दूसरे की आँखों मैं देखने लगे .

माँ की आँखों मैं चुदाई का नशा साफ़ देख सकता था मैं .

हम दोनों एक दूसरे को ऐसे देख रहा थे जैसे खा जायेंगे .

मई - माँ मुझे आपको यही बाथरूम मैं छोड़ना है .

माँ - छोड़ ले बाबू अपनी माँ को बाथरूम मैं पैर एक सीरत पैर .

मई - हां माँ बोलो न आपका बीटा हर सीरत मैंने के लिए तैयार है .

माँ अपनी छूट को मेरे लुंड पैर रगड़ने लगी .

माँ - तू मुझे एक रंडी की तरह छोड़ेगा एक दम बेदर्दी से , ऐसे छोड़ना की मेरी छूट से खून निकल आये .

मई - पैर माँ आपको ऐसे कैसे छोड़ सकता हु , मई आपको बहोत प्यार करता हु .

माँ - बीटा प्यार तो मई तुझे भी बहोत करती हु और हमारा प्यार बहोत पुरे है वो पिछले जनम का पैर तुम्हे और भी चीजे तरय करनी चाहिए न क्या तू अपनी माँ को खुश नहीं करेगा बाबू .

माँ - करूँगा न माँ ज़रूर करूँगा देखो अब कैसे आपकी छूट का भोसड़ा बना देता हु .

माँ - ाचा जी तो बता दो भोसड़ा अपनी माँ बाबू छोड़ अपनी माँ को एक रंडी की तरह जैसे सोनू की माँ को छोड़ता है .

मई - हां माँ , आपको उससे भी बुरा छोडूंगा और इतना छोडूंगा की आप रुकने की भिक मांगोगी.

माँ - ाचा जी फिर दिखा अपने लुंड का दम बाबू अपनी माँ को और बना दे मेरी छूट का भोसड़ा .

मैंने अपना लुंड माँ की छूट पैर सेट किया और ज़ोर से दक्का मारा जिससे मेरा छूट सीधा जेक माँ की बच्चेदानी मैं घुश गया .

माँ मेरी गोद मैं थी जिसकी वजह से एक दम परफेक्ट पोजीशन था .

जैसे hi मेरा लुंड माँ की छूट मैं घुसा माँ ने भी मुझे काश के गले लगा लिया .

मई - आह्हः माँ आज आपकी छूट फाड़ दूंगा आह्हः मेरी जान मेरी मा आह्हः .

माँ - हां बीटा फाड़ मेरी छूट आह्हः तेरा लुंड मेरी बच्चेदानी मैं ठोकर माँ रहा है हर झटके के साथ आह्हः ओह्ह्ह्हह उफ्फ्फफ्फ्फ़ ओह्ह्ह्हह्ह उम्मम्मम्म उम्मम्मम , माँ मेरे गले पैर किश करने लगी और डाट से काटने भी लगी जोश मैं आके .

मई भी माँ की गांड पैर तप्पड़ मरते हुए उनको गोद मैं ली कर छोड़ रहा था .

माँ - आह्हः बाबू मार आह्हः ओह्ह्ह्हह्ह बाबू छोड़ अपनी ज्योति मम्मी को .

मम्मी के चूचियों को मैंने मुँह मैं ले लिए और और दीवाल से सत्ता के छोड़ने लगा .

माँ - ओह्ह्ह्ह माँ बहोत मजा आ रहा है आह्हः .

मई - नानी को क्यों याद कर रही हो मा अह्ह्ह्ह उनको भी मुझसे छुड़वाना है क्या .

माँ - आह्हः हां बीटा छोड़ लेना अपनी नानी को भी वो भी बहोत प्यासी है .

मई - हआ माँ पैर आपको कैसे पता की नानी की छूट भी लुंड खोज रही है.

माँ - ज़ोर से छोड़ बीटा आह्ह्ह्ह क्यों की तेरे नाना हमेशा अपने काम मैं hi बिजी रहते थे बचे होने के बाद से तेरी नानी पैर ध्यान नहीं देते थे इसीलिए मेरी माँ भी बहोत प्यासी है बीटा .

मैंने माँ को गोद मैं से उतर दिया और उनको पीछे घुमा के झुका दिया और उनकी छूट मैं लुंड पेल दिया पीछे से .

माँ - आह्हः बीटा ऐसे अपनी माँ ज्योति को कुटिया बना के छोड़ आह्हः .

मैंने अपने एक हाथ से माँ के बाल को पकड़ लिया और एक हाथ से उनकी निप्पल को दोनों को खींचते हुए छोड़ने लगा.

माँ - आह्हः बहोत मजा आ रहा है माँ देखो कैसे आपकी बेटी अपने बेटे से चुद रही है आह्हः .

मई - हां नानी देखो आज कैसे आपकी बेटी मुझसे चुद रही है सब ये मेरी है मेरी जाना है मेरी माँ आह्हः मा आपसे बहोतवप्यारा करता हु माँ को मेरा लुंड .

माँ से बात करते हुए मई झोर झोर से माँ की छूट फाड़ रहा था अपने लुंड से .

माँ भी अपनी कमर हिला हिला कर मुझसे चुद रही थी वो हर झटके के साथ अपनी कमर से पीछे कर के मेरा लुंड एक दम झाड़ तक अपनी छूट मैं ली रही थी .

माँ - बाबू मुझे बाथटब मैं ली जेक छोड़ ना .

मई - हां मेरी रंडी माँ आठ आज आपका बीटा हर जगह छोड़ेगा जहा आप बोलोगी .

माँ - हआ बीटा ली चल अपनी रंडी माँ को उस टब मैं और छोड़ मुझे पानी मैं .

मैंने माँ को फिर से अपने गोद मैं उठा लिया और टब के पास आके माँ को ली कर टब मैं बैठ गया .

माँ और मई दोनों पानी मैं थी माँ ने उसमे सोअप्स दाल दिया जिससे पुरे पानी मैं झग्ग बन गया .

माँ ने मेरे लुंड को मुठी मैं पकड़ा और ऊपर निचे करते रही और फिर अपनी छूट उसपर सेट कर के बैठ गई .

वो मेरी आँखों मैं देखते हुए मेरे लुंड पैर उछाल रही थी जिससे पानी मैं भी छप्प छप्प की आवाज़ हो रही थी .

मई - आह्ह्ह्ह मा आप तो कमल की निकली बिलकुल प्रोफेशनल पोर्नस्टार लग रही है .

माँ - आह्ह्ह्ह बीटा ये तो मेरा प्यार है तेरे लिए और मैं तेरे लिए पोर्नस्टार भी बन सकती हु , बता आह्ह्ह्ह कोनसी पोर्नस्टार की तरफ लग रही हु .

मैंने माँ के मुम्मो को मुँह मैं ले लिए और चूसते हुए बोलै.

मई - उम्म्म्म सलुपपपप सलुपपप मा आप अवा एडम्स और केंद्र लस्ट की तरफ लग रही हो .

माँ मेरे बालो को सहलाते हुए मेरे लुंड पैर उछलते हुए बोली .

माँ - आह्हः बीटा तेरे सब बन जाउंगी मैं आह्ह्ह्हह बना ले तू मुझे अपनी पोर्नस्टार आह्हः .

मैंने माँ की गांड को दोनों हाथो से पकड़ा और निचे से मैं भी छोड़ने लगा माँ की छूट

माँ - आह्हः बीटा ज़ोर सीए मई झड़ने वाली हु आह्ह्ह्हह .

माँ ज़ोर ज़ोर से उछलने लगी जिससे उनकी चूचिया हवा मैं हिलने लगी और मेरे चेहरे पैर लगने लगी .

मैंने माँ की एक चुकी पैर जोश मैं आके अपने दातो से काट लिया .

माँ - आह्ह्ह्हह माधरचोद बीटा आह्ह्ह्ह ओह्ह्ह काट ले बीटा आह्हः ओह्ह्ह्ह छोड़ बीटा अपनी माँ को आह्ह्ह्हह बीटा ओह्ह्ह्हह उम्म्म्म .

मई - आह्हः माँ ऐसे उछाल माँ अपने बेटे के लुंड पैर अह्ह्ह्ह क्या गरम छूट है तेरी माँ .

माँ - आह्हः बीटा मई गई aahhhhhhhhhh उम्मम्मम्मम , मैंने महसूस किया माँ की छूट की गरम गरम राश चोर्ने लगी .

माँ भी झटके कहते हुए मेरे ऊपर बैठ गई .

मैंने माँ के फेस को पकड़ा और उनके लिप्स को चूसते हुए काटने लगा .

माँ अब पुरे तरीके से झाड़ गई थी और मेरे ऊपर गिर गई थी और अपने होंठो को बेटे से चुसवा रही थी .

मई - उम्म्म सलुप्प मा उम्म्म्म आपको मजा आया .

माँ कुछ नहीं बोली और बस प्यार से मेरे पीठ को सहलाने लगी .

मई - उम्मम्मम सलुपपप माँ बोलो ना उम्म्म्म आपको मजा आया .

माँ - हआ बहोत उम्मम्मम मजा आया पैर अभी मेरे बेटे को आराम नहीं मिला है .

मई - अभी तो हमारी चुदाई बाकि है माँ साडी रात चुदाई करेंगे .

मैंने माँ को फिर से छोड़ा स्टार्ट किया और बाथटब मैं hi उनकी छोड़ने लगा .

मा मेरे साथ पुरे तरीके से लिपट के अपनी गांड उछाल उछाल के छुड़वा रही थी .

मैंने अपनी के ऊँगली को माँ की गांड के छेद पैर रख दिया और सहलाने लगा .

माँ - आह्हः बीटा तूने अपनी ऊँगली गलत जगह रख दी है .

मई - नहीं माँ वो सही जगह है मुझे आपकी गांड की सील तोड़नी है .

माँ- बीटा बहोत दर्द होगा तेरे इस मुशल को अपनी गांड मैं ले कर पैर अगर मेरे बेटे का मन है तो मई अपनी गांड ज़रूर मवाउंगी बाबू .

मई - आह्ह्ह्ह माँ आपसे बहोत प्यार करता हु इस्सलिये आपको बिलकुल भी दर्द नहीं होने दूंगा इतने प्यार से आपकी गांड मरूंगा की आपको पता भी नहीं चलेगा .

माँ - आह्ह्ह्ह चल बदमाश मुझे आह्ह्ह्ह पता है तू तेरी गांड फाड़ देगा उफ्फफ्फ्फ़ ओह्ह्ह्हह्हह .

मैंने माँ बाथटब मैं hi पलट कर घोड़ी बना दिया और पीछे से उनकी छूट मैं लुंड पेल दिया .

मई - अह्ह्ह्ह नहीं माँ सब कुछ प्यार से होगा क्यों आप मेरी बीबी हो माँ हो और मेरी प्यारी रूबी हो .

माँ हर ढके के साथ अपनी गांड को हिला रही थी और मेरा साथ देते हुए मेरे लुंड को अपनी छूट मैं ली रही थी .

मैंने माँ को उनकी बालो से पकड़ा और कुटिया बनेव हुए टब मैं उनको छूट छोड़ने लगा ज़ोर ज़ोर से .

माँ - अह्ह्ह्हह ohhhhhhhhhh उफ्फफ्फ्फ़ धीरे उम्म्म्म ामममममम बाबूउउउउ आह्ह्ह्हह ऐसे आह्ह्ह्हह मेरे बचे आह्ह्ह्ह मत गई उफ्फफ्फ्फ़ .

बाथरूम मैं बस माँ की सिसकारियां गूंज रही थी उनकी चुदाई की सिसकारियां.

मई - मा मुझे अपनी छूट मैं झड़ना है .

माँ - आह्ह्ह्ह बीटा सिर्फ माँ की छूट मैं या बीबी की भी .

मई थोड़ा सा झुके और उनके चेहरे को अपनी तरफ कर के किश करने लगा .

माँ - उम्म्म्म सलुपपप उम्म्म्म बाबू आह्ह्ह्हह तेरे लुंड से छोड़ने मैं बहोत मजा आए रहा है आह्ह्ह्हह .

माँ की उनको मैं देखते हुए मैंने माँ के गाल को चूमते हुए उनकी कान को अपने दातो से काट लिया .

जिससे उनकी मुँह से ज़ोर से अह्ह्ह निकला . वही निचे मैंने उससे भी तेज़ झटके मार रहा था और उनकी छूट को छोड़ रहा था .

माँ - बहोत बदमाश हो गया है तू आह्ह्ह्ह कितनी ज़ोर से छोड़ रहा है अपनी माँ को .

मई - आह ये मेरा हक़ है मा आपकी खुश रखना और इस हक़ को आप मुझसे चीन नहीं सकती हो .

मैंने माँ को अपनी तरफ घुमाया और बाथरूम से ले कर उनको रूम मैं आ गया सोफे पैर ली जेक मई लेट गया और उनको अपने लुंड पैर बैठने के लिए बोलै .

माँ मेरे लुंड को अपनी मुठी मैं पकड़ लिया और अपनी छूट पैर सेट कर के बैठने लगी .

धीरे धीरे मेरा पूरा लुंड माँ की छूट मैं था और माँ के चेहरे पैर दर्द के साथ साथ एक संतुस्ती भी थी .

माँ अपनी कमर को धीरे धीरे ऊपर निचे करने लगी और मेरे लुंड को पूरा अंदर तक लेने लगी छूट मैं .

ये उनका पहला बात था इस पोजीशन मैं , मैंने माँ की चूचियों को पकड़ा और उनकी निप्पल को मशालते हुए उनको अपनी बाँहों मैं खींच लिया .

उनकी गरम साँसे मेरे चेहरे पैर पद रही थी , मैंने माँ को किश करना सुरु कर दिया उनकी होंठो को चूसते हुए अपने झिव को माँ के मुँह के अंदर दाल के उनकी झिव के साथ खेलना लगा और माँ को अपना सलीवा पिलाने लगा .

माँ - उम्म्म्म सलुपपपप सलुपपपप बाबू आनननन उम्मम्मम आह्ह्ह्ह उम्म्म सलुपपपप बाबू आह्ह्ह्ह बहोत मजा आ रहा है आह्ह्ह्हह ऐसे आह्ह्ह्ह उम्मम्मम सलुप्प , माँ अपनी कमर उठा उठा के चुद रही थी और मेरे लुंड को अपनी बच्चेदानी तक ली थाओ थी ,

मेरा लुंड माँ की छूट को छोड़ते हुए उनकी छूट के झाड़ तक जा रहा था और मई उनको किश करते हुए उनकी गांड दबा दबा के छोड़ रहा था वही उनकी चूचिया जिसकी निप्पल एक दूँ टाइट हो गई थी वो उछलते हुए मेरे साइन से रगड़ रही थी .

मई और माँ चुदाई के नशे मैं पूरी तरह से खो गए था रूम मैं बस हमारी सिसकारियों की आवाज़े गूंज रही थी .

माँ को वैसे छोड़ते हुए मुझे 20 मिनट्स से ऊपर हो गया था और उस बिच माँ की छूट 2 बात झाड़ चुकी थी .

उनकी छूट इतनी गरम हो गई थी की अब मेरा भी वीर्य निकलने वाला था .

माँ - आह्ह्ह्ह बीटा अब्बब्बब अब मुझे बर्दाश्त नहीं हो रहा है आह्ह्ह्ह उफ्फफ्फ्फ़ ओह्ह्ह्हह्हह आह्ह्ह्हह दाल दे अपना वीर्य मेरे बचे अपनी माँ की छूट मैं आह्ह्ह्हह्ह बाबू अपनी माँ की प्यास बुझा दे अपने वीर्य से मुझे बना ले पुरे तरीके से अपनी पत्नी आह्हः.

मई - हा मा आह्ह्ह्ह मई भी झाड़नेवाला हु आठ ह्ह्हह्ह्ह्ह आपकी गरम छूट मैं जहा से मई निकला था आज उसी छूट मैं अपन वीर्य डालूंगा लुओ आह्ह्ह्हह्ह .

मेरा लुंड माँ की छूट मैं झटके खाने लगा क्युकी मेरा लुंड से वीर्य की बौछार होने लगी माँ की छूट मैं जो माँ की बच्चेदानी मैं जा रहा था.

मेरे साथ माँ भी झड़ने लगी थी हम दोनों एक दूसरे को जोर से पकड़ रखे थे और झाड़ रहे थे .

बहोत ढेर तक हम दोनों वैसे एक दूसरे को पकड़ कर बैठे रहे माँ मेरे बहु मैं थी वही मेरा लुंड संत हो कर भी उनकी छूट मैं था और माँ की छूट से कुछ वीर्य बहते हुए मेरी और माँ की जगहों पैर गिर रही थी .

कुछ ढेर बाद माँ ने मेरा होंठो पैर किश किया जिससे मेरी आँखें खुल

गई और मई भी माँ को किश करते हिये उनकी देखने लगा .

माँ - उम्म्म्म सलुपपप बाबू हमारी ये सुहागरात मई पूरी की दागी याद रखूंगी .

मई - सलुपपपप मैं भी उम्म्म्म भूल नहीं पाऊँगी इस रात को .

हम दोनों एक दूसरे को लगातार किश करने लगा .

और उस रात मैंने माँ को सुबह तक छोड़ा और फिर हम स्कूल गए .

कंटिन्यू
 
कोई रीडर मुझे कुछ अपडेट के नाम बता सकता है जिससे मैं उन्हें रीड कर के आगे के उपदटेस लिख सकू वो करैक्टर मुझे याद नहीं है किन अपडेट मैं थे जैसे वो किडनेपिंग वाला अपडेट जिसमें एक लेडी पुलिस वाली का जीकर किया था और एक अपडेट जिसमें संगीता के बारे के बारे जिक्र हुआ था कुछ ढेर के लिए और पास्ट लाइफ वाला अपडेट
 
अपडेट 119

जैसे की आप सबने लास्ट अपडेट मैं पढ़ा था कैसे मैंने माँ के साथ बाथरूम मैं सेक्स किया उसके बाद बैडरूम मैं सेक्स किया फिर रात भाई उनकी चुदाई की और मॉर्निंग मैं सू गए हम दोनों .

अब आगे

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नेक्स्ट डे मई और माँ दोनों ऑलमोस्ट दोपहर मैं उठे 12 बजे हम दोनों एक दूसरे की बहो मैं बीएड पैर सू रहे थे .

पहले मेरी ऑंखें खुली तो मैंने देखा माँ मेरे साइन पैर सर रख कर सू रही थी और उनका हाथ मेरे लुंड पैर था .

उनके जिस्म पैर हाथ फिरने लगा और फील करने लगा फिर से .

एक तो मेरा लुंड पहले से खड़ा था ऊपर से और बड़ा hi गया जिससे मेरा लुंड पुरे तरीके से माँ की मुठी मैं काश गया और मेरे मुँह से आह्हः निकल गई जिससे माँ की भी नींद खुल गई .

माँ - क्या हुआ बाबू .

मई - गुड मॉर्निंग माँ कुछ नहीं बस अपने मेरे लुंड को कुछ जयदा कहा के पकड़ लिया है .

माँ शर्मा के मेरे लुंड को छोड़ दी .

मई - हाय आप सरमते हुए कितनी प्यारी लग रही हो .

माँ - हैट बदमाश , वैसे टाइम क्या हुआ है .

मई - माँ अभी शायद 12 बजे होंगे दोपहर के .

माँ - क्या हम इतनी ढेर तक साइट रहा .

मई - और नहीं तो क्या वैसे सुबह तक तो हमने बस चुदाई hi की .

माँ मुस्कुराते हुए अपनी टंगे फैला दी और मुझे अपनी छूट दिखते हुआ होली.

माँ - देख तूने क्या कर दिया है अपनी माँ की छूट को कितना फैला दिया है .

मई - हाहाहा उसपर तो मेरा हक़ है आप कहो तो फिर अपना लुंड दाल दू आपकी छूट मैं .

माँ मुझे और चिपक गई बोली .

माँ - हां तेरा hi हक़ है पैर कुछ ढेर आराम तो दे मुझे .

माँ की छूट पैर हाथ रख क्र उनकी छूट की क्लीट को सहलाने लगा .

मई - ok माँ आराम तो दूंगा hi पैर थोड़ा मजा तो कर लू आखिर का हम यहाँ इसी काम के लिए तो आये है .

माँ - आह्ह्ह्ह तूने रात भर मेरी छूट मरी है बाबू और अपने वीर्य से मेरी छूट को भर दिया है कही प्रेग्नेंट न हो जॉन फिर क्या जवाब दूंगी सबको .

मई - कुछ नहीं होगा है िपिल्ल ले लेना जब आपको बचा नहीं चाहिए .

माँ - पैर हर बार दवाई थोड़ी न ले सकती हो हेल्थ भी तो ख़राब होगी न .

मई - उसके लिए आपकी गांड है न आपकी गांड की सील तोडूंगा तो छूट की जगह गांड मैं वीर्य डालूंगा .

माँ - दर्द होगा बहोत .

मई माँ के चेहरे को सहलाते हुए बोलै .

मई - आराम से करेंगे माँ और आपको बिलकुल भी दर्द का अहहसास होने नहीं दूंगा .

माँ - ाचा अब चल न नाहा लेते है देखना बाबू मेरा जिस्म पूरा चुप छिपा हो गया है और तेरा भी .

मई - हां रात भर की चुदाई से हम थक भी गए है चलो साथ मैं नहाते है .

हम दोनों बीएड से उठा और बाथरूम मैं चले गया जहा हमने एक दूसरे को नहलाया और फिर रूम मैं आके ब्रेकफास्ट आर्डर किया जो आने के बाद हमने ब्रेकफास्ट किया फिर शॉपिंग के लिए निकल गए क्यों कल सुबह हमे वापस जाना था और मेरा काम भी हो गया था और माँ के साथ मैंने शादी भी कर लो थी .

हमने रात तक शॉपिंग की सबके लिए कुछ न कुछ किया जिसके चलते हम बहोत थक गए इसीलिए डिनर पैक कर आने के बाद हम अपने होटल वाले रूम पैर आ गए और साथ मैं डिनर किया फिर माँ के साथ एक राउंड चुदाई की और सू गए .

नेक्स्ट मॉर्निंग उठने के बाद हम रेडी हुए और अपने सामान को ले कर एयरपोर्ट आ गए एक्चुअली हम एक दिन बाद जाने वाले थे पैर आज जेक मई सरप्राइज देना चाहता था सबको क्यों हम मिस कर रहे थे .

कुछ जानते बाद हम वापस अपने सिटी मैं आ गए .

एयरपोर्ट से बहार आके हमने कैब लिया और घर की तरफ चल दिया .

मई - माँ वैसे आज दिन कोनसा है .

माँ - संडे है शायद .

मई - फिर तो सब घर पैर होंगे और बुआ ने भी आज पार्लर बंद किया होगा .

माँ - हां फिर सब हमने देख कर सरप्राइज हो जायेंगे .

मई - वैसे आप भी अपने मंगलसूत्र को छुपा लो वर्ण सब घर पैर देख लेंगे और ये बात मैंने धीरे से बोली .

मसि भी सरमते हुए अपने मंगलसूत्र को ब्लाउज के अंदर दाल दिया .

वैसे माँ अपने आगे से बहोत काम लग रही थी यहाँ तक की ज्योति चची से भी जवान लग रही थी बिलकुल संगीता की तरह.

जैसे संगीता 28 की लगती है माँ की शामे वैसे hi लग रही थी यहाँ तक हल्का हल्का दोनों शामे भी लग रही थी बॉडी से बस फेस का चेंज था .

कुछ देर मैं हम दोनों घर पहुंच गए और सारा सामान कैब से उतर लिया और जब घर की बेल्ल बजे तब अंदर से आवाज़ आई .

जो और कोई नहीं घर की सबसे बदमाश आरती की थी और वही दूसरी बदमाश कोमल बोल थाई थी जेक दूर खोल क्र देख कोण है .

दोनों आपस मैं लड़ते हुए एक दूसरे से बोल रही थी जाने के लिए .

लास्ट मैं जब दूर ओपन हुआ तो वो डिम्पी थी जिसने दूर खोला था.

माँ और मुझे देख कर वो चिल्लाये हुए मेरे गले लग गई और बोली.

डिम्पी के मोठे मोठे बूब्स मेरे साइन मैं देश गए .

डिम्पी - सब लोग बहार आ जाओ भैया और माँ आये है . ( डिम्पी माँ मेरी माँ को बोल थाई थी जिन्होंने पीछे को कुछ उपदटेस पढ़े होंगे उनको याद होगा माँ ने खुद बोलै था डिम्पी को बोलने के लिए )

डिम्पी की बात सुन्न कर सब दौड़ते हुए दूर के पास आ गया .

कोमल दौड़ते हुए माँ के गले लग गई और बाकि बहनो मुझे घेर कर मुझे गले लगा लिया .

मई - अरे अंदर तो चलो सब आराम से गले लग जाना .

मेरी बात सुन्न कर सब अंदर जाने लगे.

मेरी साडी बहनो के एक एक बैग उठा लिया .

आरती से मेरा वाला बैग उठ गई रहा है फिर वो कोसिस कर रही थी जो देख कर मुझे हाशि आ गई .

मैंने बैग के साथ आरती को भी उठा लिया.

मई - बदमाश अभी तो तुम दोनों लड़ रही थी अब देखो कैसे बैग उठा थिस हो .

उसको ले कर मई अंदर गया और सोफे पैर बैठ गया.

कोमल मेरे पास आई और रट हुए मेरे गले लग गई .

मई - ओह्हो गुड़िया रोने क्यों लगी तू .

कोमल - भैया ी मिस यू सू मच .

मई - मेरी प्यारी गुड़िया मैंने भी तुझे मिस किया पैर रोने बंद कर देख अछि नहीं लग रही है तू रट हुए .

वो मेरे टीशर्ट मैं अपनी अंशु पूछने लगी .

तभी प्रिय बोली .

प्रिय - भैया आप तो कल आने वाले थे न .

मई - हां पैर तुम सबको सरप्राइज देने के लिए आज आ गया .

कोमल - अब से कोई भी बहाना नहीं चलेगा आप जहा भी जाओगे हम सब आपके साथ चलेंगे .

स्वाति - हां और इस बार सच मैं हम सब बोल रहे है पिछली बार की तरह नहीं वर्ण हम सब आपको रस्सी से बांध कर रूम मैं बंद कर देंगे .

दादी मेरे पास ै और बोली .

दादी - गुड़िया हैट अब मुझे अपने बाबू से बात करने दे .

मई - मेरी डार्लिंग दादी कैसी हो आप .

दादी - मेरे डार्लिंग पोते मई बिलकुल एक दम ठीक ठीक हु वैसे तूने कोनसा जाफु कर दिया है मेरी बहु पैर की वो इतनी जवान लग रही है .

जब सबने ये नोटिस किया तब सब यही बोलने लगे .

कोमल - माँ आप तो बिलकुल मेरी बड़ी बहन लग रही हो .

माँ कोमल के माथे पैर किश करते हुए बोली .

माँ - मस्का लगा रही है गुड़िया तू अपनी माँ को .

कोमल - नहीं माँ आप सच मैं मेरी बड़ी बहन लग रही हो आपकी कसम .

माँ खुश होते हुए कोमल के गाल को खींचने लगी .

कोमल - आठ मुम्मा दर्द हो रहा है बताओ न आप इतनी जवान कैसे लग रही हो .

मई - कुछ नहीं गुड़िया बस माँ को कोरियाई ट्रीटमेंट करवा दिया जिससे उसकी स्किन थोड़ी अछि हो गई है .

प्रिय समझ गई ज़रूर कोई बात होगी क्युकी उसको तो सब याद आ गया था पिछली लाइफ के बारे मैं .

प्रिय - हां मैंने भी सुना है उस ट्रीटमेंट से इंसान अपने आगे से काम का लगता है .

बुआ - वैसे जणू अपनी बुआ से नहीं मिलेगा क्या .

मई सोफे से उठा और उठा बहो मैं लेते हुए उठा लिया और गोल गोल घूमते हुए बोलै .

मई - मेरी जणू बुआ आपसे नहीं मिलूंगा तो किस्से मिलूंगा आप तो मेरी जान हो मेरी एक लौटी बुआ हो .

बुआ थोड़ा इमोशनल होते हुए मुझे गले लग ली.

मई - क्या बात है आज सब इमोशनल हो रहा है .

बड़ी चची - ये तो सबका प्यार है बाबू .

मई - वैसे मेरी सबसे प्यारी और बेस्ट चची इन दोनों परियो ने आपको तंग तो नहीं किया न .

बड़ी चची हस्ते हुए बोली दोनों की तरफ देखते हुए .

बच्ची - क्यों बता दू बाबू को तुम दोनों की सैतानिया .

रिया जिया - क्या माँ हमने कहा कुछ किया है , भैया आपको लगता है क्या हम दोनों मुम्मा को तंग कर सकते है .

मई - बिलकुल नहीं तुम दोनों तो मुझे तक परेशां कर देती हो बड़ी चची तो फिर भोली है . मई चची के पास गया और उनको गले लगते हुए बोलै .

दोनों नाटक करते हुए साद सा चेहरा बना ली .

मई - वैसे मेरी भोली कट चची ये ज्योति चची कहा है .

बुआ - वो अपना कमरे मैं आराम कर रही है .

मई - ाचा वैसे मुझे पानी तो पी कर फिर उनसे मिलने जाता हु .

बुआ चली गई किचन मैं और बड़ी चची भी जाते हुए बोली .

बच्ची - मई भाभी और बाबू के लिए खाने के लिए बनायीं हु .

मई - गुड़िया ज़रा मेरे बैग से मेरा लोअर निकल के दे .

उसने मेरा लोअर निकल के दिया फिर सब गिफ्ट के बारे मैं पूछने लगी तब तक बुआ आ गई .

मई पानी के ऊपर जाते हुए बोलै .

मई - माँ से बोलो वो दे देंगी तब तक मई आता हु चची के पास से .

कंटिन्यू
 
अपडेट 120

जैसा की आप सबने लास्ट अपडेट मैं पढ़ा था मुंबई से वापस आके मैंने और माँ ने सबको सरप्राइज कर दिया वही कोमल माँ को देख सरप्राइज थी क्यों माँ बिलकुल कोमल की बड़ी बहन लग रही थी , वही मई सबसे मिला बातें और ज्योति चची से मिलने के लिए उनके रूम की तरह निकल गया .

अब आगे

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मई जब अपने फ्लोर पैर गया और चची के रूम का दूर धीरे से खोला तब देखा चची मिरर के सामने सिर्फ ब्रा पंतय मैं कड़ी थी और अपने पेट पैर हाथ रख कर बोल रही थी .



ज्योति चची - बदमाश अपनी माँ की सताता है तू आने दे तेरे पापा को फिर मई तेरी कम्प्लेन करती हु , कब आओगे रोहित बहोत मिस कर रही है तुम्हारी ज्योति आ जाओ न प्लीज.

मई धीरे धीरे चलते हुए पीछे से जेक ज्योति चची को अपनी बहो मैं पकड़ लिया .

वो सरप्राइज हो गई मुझे देख कर क्यों मिरर मई साफ़ साफ़ दिख रहा था .

मुझे देख कर उनके आँखों मैं अंशु आ गए .

अपने अपना फेस आगे किया और अंशु को चाट लिया .

मई - मेरी जान मेरे होने वाले बचो की माँ क्यों रू रही है .

ज्योति चची - बहोत गंदे हो तुम ी मिस यू रोहित तुम्हे पता भी है मई और तुम्हारा बचा , हम दोनों ने तुम्हे कितना मिस किया .

मैंने अपना हाथ ज्योति चची के पेट पैर रखा जो निकल आया था बचे की वजह से .

मई - सॉरी मेरी चची जान मेरी प्यारी मेरी रैंड मेरी बीबी ज्योति माय लव .

ज्योति चची - सॉरी न बोलो मुझे ाचा नहीं लगता है बस अपने बचे को बोलो मुझे परेशां न करे .

मई - वो क्यों भाई मेरा बचा है तो परेशां तो करेगा hi न चुप चाप मेरे बचे को बदमाशी करने दे .

ज्योति चची - हां बस बचे को प्यार दो और उसकी मम्मी को प्यार न दो .

मई - मेरी जान तुझसे hi तो सबसे जयदा प्यार करता हु मई वर्ण आज तू मेरी बहो मैं नहीं होती .

चची मेरी तरफ घूम गई और अपना सर मेरे साइन पैर रख दी पैर उससे पहले ज्योति चची ने मेरी टीशर्ट को एक झटके मैं निकल दिया .

मई - क्या हुआ ज्योति कही तेरे मान छोड़ने का तो नहीं कर रहा है न .

ज्योति चची - छोड़ने का तो बहोत मान है पैर बचा भी तो है ऊपर से सब फॅमिली वाले है जो आज तुम्हे अकेला नहीं छोड़ेंगे.

मई चची की गांड को सहलाते हुए उनकी पेंटी मैं हाथ दाल दिया .

मई - आता हु रात को तेरे पास ज्योति आराम से तेरी छूट मरूंगा ताकि हमारे बचे को कुछ न हो .

ज्योति चची - नहीं भी आओगे तो कोई बात नहीं रोहित मई समझ सकती हु.

मई - ऐसे क्यों बोल रही हो आऊंगा न मेरे बचे की माँ मेरी ज्योति , ये बात मैंने चचे के होंठो पैर अपने होंठ रखते हुए बोलै .

चची - उम्म्म्म सलुपपपप जैसा आपको ठीक लगे सलुपपप बस थोड़ी ढेर के लिए hi आ जाना रोहित बड़ी आग लगी है छूट मैं मेरे .

मई - उम्म्म्म सलुपपप बिलकुल मेरी जान उम्म्म सलुपपपप सलूपो चची के होंठो को खोलते हुए अपने झिव के चची के मुँह मैं दाल दिया और उनकी झिव के साथ खेलने लगा .



हम दोनों की किश 5 मिनट्स तक चली जब मुझे लगा की चची अब सांस नहीं ली सकती है तब मैंने किश थोड़ा.

चची मेरे आँखों मैं देखते हुए फिर से मुझे ज़ोर से गले लगा लिया .

मई - चची निचे से कोई आ रहा है तो क्या हम अलग हो जाये .

मेरी बात सुन्न के चची अपने कपडे ले कर बाथरूम मैं चली गई .

चची के जाते hi आरती भागते हुए मेर ेपस्स आई .

आरती - भैया निचे चलो खाना खाने .

मई - चलता हु मेरा बचा पहले मेरे पास आजा .

आरती मेरे पास आई तो मैंने उसको अपनी गोद मैं उठा लिए और उसकी दोनों टंगे को अपने कमर पैर लपेट लिया .

आरती - भैया चची देख लेंगी .

मई - चुप रह वर्ण उतर दूंगा, फिर मई आरती के होंठो को चूसने लगा .

आरती भी होश खोते हुए मेरे होंठो को चूसने लगी उसकी सॉफ्ट लिप्स को मैंने अपना दातो से चबाने लगा .

उसकी छोटी सी गांड को अपने मुठी मैं दबोच लिया और दबाने लगा .

आरती - आह्हः उम्म्म्म भैया आह्हः भैया बहोत मजा आआअह्ह उम्मम्मम सलुपपप आए रहा हैई .



आरती मचलने लगी मेरी गोद मैं और गरम होने लगी .

जब मैंने किश थोड़ा तब मेरी आँखों मैं मासूम शा चेहरा बना कर मुझे देखने लगी .

मई - मेरा प्यारा बचा ऐसे साद न हो.

आरती - भैया किश में प्लीज . उसकी मासूम आँखों मैं देखते हुए मैंने उसकी पिंक सॉफ्ट लिप्स पैर किश कर दिया .

आरती - भैया आप गंदे हो बहोत .

मई - मेरी प्यारी बदमाश बचा चल निचे वर्ण सब ऊपर आ जायेंगे .

आरती को निचे उतर दिया उसकी पेंटी थोड़ी सी गीली भी हो गई थी .

आरती - देखो अपने मेरी छूट गीली कर दी भैया .

मई - ाचा कोई न अपने बड़े लुंड से और गिला कर दूंगा .

आरती - कब करोगे बहोत दिन हो गए भैया आपके लुंड से चूड़े हुए .

मई - बहोत hi जल्द पैर उससे पहले सबको टाइम दे दू .

आरती - ok भैया . तभी ज्योति चची भी आ गई बाथरूम से बहार . तो उनके साथ मई निचे जाने लगा वही आरती मस्ती मैं किश के नशे मैं दौड़ते हुए निचे जाने लगी .

उसको देख कर मई और चची मुस्कुराने लगे .



मई - आराम से चलो मेरा हाथ पकड़ लो . ऐसे अपनी चिंता करते देख ज्योति चची और खुश हो गई .

जब हम निचे आये तब बुआ मेरे लिए खाना लगा रही थी और माँ भी बैठी थी डिनर टेबल पैर .

फिर मई सबके साथ बैठ के खाना खाया उसके बाद मैंने कुछ गिफ्ट्स को अपनी कार मैं राखी जो संगीता रूही सिमु और उसकी फॅमिली के लिए था .

थें सबको बी बोलके मई निकल गया संगीता और रूही से मिलने के लिए .

कंटिन्यू

सॉरी गाइस लेट से अपडेट देने के लिए आज एक रीडर का कमेंट पढ़ा जो लड़के मुझे बहोत ाचा लगा तो सोचा एक अपडेट तो बनता है इसीलिए एक छोटा सा अपडेट अब से ऐसे अपडेट आते रहेंगे
 
देखो बीआरओ बात ये है की मेरा दिमाग बहोत अलग चलता है मई अपनी hi फंतासी वोउल्ड मैं रहता हु जो हर पल बदलती रहती है इसीलिए जो आईडिया किसी स्टोरी को ले कार ात है वो तुरंत लिख देता हु ताकि उसको भूल न सकू वर्ण मेरे पास एक से भाड़ कर एक स्टोरी के लिए आईडिया आते रहते है बस टाइम की कमी रहती है और एक बात साफ़ साफ़ कह देता हु ये फोरम मेरे बहोत खाश है जो मुझे अपनी बाहरी दुनिया से अलग रखती है तो मई हमेशा इस पैर स्टोरी अपलोड करता रहूँगा जब तक ये फोरम है तो उसकी चिंता चोर दो की मई स्टोरी कम्पलीट नहीं करू गए बल्कि इससे भी अछि अछि स्टोरी लेन की कोशिश करूँगा
 
थैंक यू

थैंक यू

थैंक यू

थैंक यू सो मच 😊 है मैंने भी देखा है बहोत सी स्टोरी आई है इस बिच पैर कुछ अचे तो उनके अपडेट नहीं आये और बहोत कॉपी पेस्ट भी है जिसमें से एक मेरी स्टोरी जो एक राइटर यहाँ कॉपी पेस्ट कर रहा है बूत मोड़ कुछ नहीं कर रहे है वैसे राइटर का जो दूसरे फोरम से स्टोरी उठा कर यहाँ कॉपी पेस्ट कर रहे है और क्रेडिट भी नहीं दे रहे है

थैंक यू बरोथेर बड़ा अपडेट भी आएगा मेगा अपडेट तब साथ नाम रहो और कमैंट्स लिखे करते रहो
 
अपडेट 121

संगीता रूही स्पेशल अपडेट

जैसे की आप सबने लास्ट अपडेट मैं पढ़ा था कैसे ज्योति चची के साथ रूम मैं था और उनके साथ थोड़ा बहोत रोमांस किया फिर आरती आई रूम मैं तो उसको गोद मैं उठा कर किश किया फिर निचे आने के बाद खाना खा के संगीता से मिलने के लिए निकल गया गिफ्ट्स ले कर .

अब आगे

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घर जाते हुए मैंने कुछ स्वीट्स ले लिए रूही और संगीता के लिए और चॉकलेट्स तो पहले से hi थे मेरे पास जो वह से लाया था .

घर पहुंच कर मैंने सारा सामान कार से निकला जो कपडे थे चॉकलेट्स और स्वीट्स थे .

सब ले कर मैं घर की दूर बजे तो सामने से संगीता की आवाज़ आई .

संगीता - कोण है ..... उसके पूछने पैर मैंने कोई जवाब नहीं दिया .

तो कुछ ढेर बाद उसने दूर ओपन किया उसने ब्लू कलर की साड़ी पहनी थी.



मई उसको देखता रह गया क्यों की वो बहोत खूबसूरत लग रही थी बिलकुल माँ के जैसी लगता है शायद जो रोशनी माँ के अंदर गई थी शादी के वक़्त वे रोशनी संगीता के अंदर hi गई थी उसी वक़्त पैर .

वही संगीता मुझे आंखे फाड़ के देख रही थी जब उसको लगा की मई सच मैं उसके सामने खड़ा हु तब वो भाग के मेरे पास आई और मेरे गले लग गई .

मेरे हाथो मैं जो सामान था उसको मैंने जमीं पैर रख दिया और संगीता को मैंने अपनी बहो मैं समेत किया और उसकी पीठ को सहलाने लगा .

संगीता सिसकते हुए बोली बस चार वर्ड बोली ...

संगीता - ी लव यू जी .

उसकी बात पैर मेरे चेहरे पैर अपने आप hi स्माइल आ गई .

मई - मेरी वाइफ संगीता ी लव यू तू मेरी जान बस तू ये रोना बंद कर दे क्यों मई तुझे ऐसे रट हुए नहीं देख सकता हु .

संगीता - अगर रट हुए नहीं देख सकते हो तो दूर क्यों जाये हो जी बताओ क्या मुझसे प्यार नहीं करते हो या बस मई नाम की आपकी जान संगीता हु .

मई - इधर देख न संगीता और ज़रा मेरी आँखों मैं देख कर एक बार बोल की मई तुझसे प्यार नहीं करता हु .

संगीता मेरी आँखों मैं देख कर बोली.

संगीता - आपकी आँखों मैं मेरे लिए सबसे जयदा प्यार है पैर आप गंदे हो बहोत मुझे परेशां करते हो अकेला चोर कर घूमने चले जाते हो .

मई - सॉरी न मेरी जान संगीता माफ़ कर दे अपने पति को.

संगीता - जी आप ऐसा न बोलो आप मेरे पति परमेश्वर हो मैंने अभी जो भी बोलै तो बस आपसे नज़र हो बोलती हु वर्ण आपने मुझे एक नयी ज़िन्दगी दी है और मेरी बेटी को अपनी बेटी बनाया है हम दोनों को बहोत प्यार दिया है एक नया घर दिया है जो सच मैं घर जैसा लागत है एक फॅमिली दी है जो हमसे बहोत प्यार करती है .

मई - कितनी बातें करती है तू पागल चल अब अंदर नहीं आते देगी अपने पति को या बहार hi कड़ी रखेगी ...

संगीता - जी माफ़ कार्ड ी आई अंदर उसने वो सामान उठा लिए खुद और अंदर जाने लगी मैंने भी दूर को बंद कर दिया और उसके पीछे पीछे जाने लगा .

मई - संगीता मेरी बेटी रूही कहा है .

संगीता - जी वो पढाई कर रही है अपने रूम मैं .

मई - ाचा तू ज़रा मेरे लिए अपने हाथो से बधाई सी चाय बना दे और पकोड़े भी जान तब तक मई अपनी बेटी से प्यार कर लू .

संगीता - अभी बनती हु जी . अपने बालो को सही करई हुई किचन मैं चली गई.



मई अपनी खूबसूरत वाइफ संगीता के चेहरे को देखते हुए रूही के रूम मैं जाने लगा .

जब मैं रूही के रूम मैं गया तब मैंने देखा वो टेबल पैर बैठ के पढ़िए कर रही थी और उसी टेबल पैर मेरी और उसकी एक फोटो थी जो फ्रेम मैं थी और एक फुल फॅमिली फोटो भी थी जिसमें मेरी संगीता और उसकी फोटो थी टेम्पल मैं की जब मैंने संगीता से सधी की थी .

मई उसके पीछे गया और उसकी आँखों मैं हाथ रख दिया .

मेरे हाथो को महसूस करते hi रूही के मुँह से बस एक वर्ड निकला .

रूही - डैडी ....... उसने जोर से ये बात बोली .

मैंने उसको अपने तरफ घुमाया और उसकी अपने गोद मैं उठा कर गले लगा लिया .

मई - हां मेरा बचा बता कैसी है तू.

रूही - आपके बिना थीं हो सकती हु क्या डैडी , आप बताओ आप कैसे हो .

मई - क्या मई भी अपनी बेटी के बिना ठीक रह सकता हु क्या बताओ आप मुझे बेतु.

रूही मेरी बात पैर मेरे दोनों गाल माथे आँखों पैर लगातार किश करने लगी .

फिर रुक कर बोली ...

रूही - अब बताओ कैसे हो डैडी आप .

मई - अब एक दम ठीक हो गया अब मेरी बरी अब मई ठीक करूँगा अपनी रूही को,,, मैंने भी रूही के चेहरे पैर किश करने लगा और लास्ट मैं के लिप्स पैर भी पप्पी दे दिया ( कुछ गलत मत समझ लेना ये बस एक बाप बेटी का प्यार है )

रूही - अब तो मई भी ठीक हो गई डैडी अब बताओ आप मेरे लिए क्या क्या गिफ्ट्स ले कर आये हो .

मई - चलो मेरा बचा खुद देख लो की आपके डैडी आपके लिए क्या क्या क्या लाये है .

मई रूही को ले कर हॉल मैं आ गया जहा सोफे पैर संगीता ने सरे गिफ्ट रखे थे .

पहले मैंने रूही के स्वीट्स खिलाई फिर मैंने एक एक कर के उसके चॉकलेट्स दिए फिर मैंने रूही के लिए जो कपडे लाये थे वो निकल कर दिए और लास्ट मैं उसको एक लैपटॉप दिया जो मई लाया था और बहोत कुछ था उस लैपटॉप मैं जो बाद मैं पता चलेगा .

रूही - थैंक यू डैडी इतना सब कुछ लेन के लिए थैंक यू सू मच .

मैंने रूही के सर पैर किश किया और बोलै .

मई - बड़ी आई थैंक यू बोलने वाली सब अपनी बेटी के लिए गिफ्ट्स नहीं लगूंगा तो किसके लिए लाऊंगा बताओ मेरा बचा .

रूही - फिर भी डैडी आप दुनिया के बेस्ट पापा हो आपके जैसा कोई नहीं है मेरे प्यारे डैडी .

मई - मेरी प्यारी बेटी रूही आपके जैसा भी कोई नहीं है आप भी दुनिया के सबसे बेस्ट बेटी हो .

तभी संगीता आ गई पकोड़े और चाय ले कर .

संगीता - बाप बेटी का प्यार हो गया हो तो ये खाओ लो .

मई - आजा तू भी बैठ मेरे पास पहले. संगीता को अपने साइड मैं बैठाया और उसके गिफ्ट्स निकल कर देने लगा शरीस सुइट्स और प्लैटिनम के इयररिंग्स भी .

संगीता - थैंक यू जी गिफ्ट्स के लिए .

मैंने संगीता गालो को कीचा .

संगीता - आठ मत करो न जी बेटी के सामने कुछ तो सरूम रखो आप .

रूही - होगी मुम्मा मैंने कुछ नहीं देखा डैडी एक बार और मुम्मा के गालो को कीचे क्यों की मुम्मा के गाल बहोत सॉफ्ट है .

मई - बदमाश रूही . संगीता भी हंसने लगी . फिर हमने पकोड़े खाये चाय के साथ और साम तक मई दोनों के साथ रहा .

रूही - डैडी आप कल आओगे तो यही रखना पड़ेगा रात को भी .

मई - ok मेरा बचा कल मई अपने साथ रुकूंगा और आपके और आपकी मुम्मा के साथ हम तीनो एक बीएड पैर सोयेंगे चलो अब जाओ खेल लो थोड़ा बहोत फिर पढाई कर लेना .

रूही मेरे गाल पैर किश कर के चली गई.

मई संगीता को ले कर रूम मैं आ गया .

और उसको गले लगा लिया संगीता को भी पता चल गया था अब मई उसको किश करने वाला था जिसका इंतज़ार वो भी बहोत ढेर से कर रही थी उसके लिप्स भी सुख रहे थे .

मैंने उसके आँखों मैं देखते हुए झुके चेहरे को पकड़ा और अपने होंठो को उसके होंठो पैर रख दिया .

संगीता ने अपने होंठो को खोला और मुझे किश करने लगी मेरर किश करने से पहने .



उसने भी मुझे ज़ोर से पकड़ लिया अपने दोनों हाथो से , उसकी चूचिया मई साफ़ साफ़ फील कर पा रहा था .

मई - उम्म्म सलुपपप क्या हुआ संगीता उम्म्म्म सलुपपप बहोत उतावली लग रही है उम्मम्मम्मम.



संगीता कुछ नहीं बोली बस मुझे किश करते रहो उसके होंठो से सलीवा (लार) मेरे होंठो पैर गिर रही थी जो मेरे होंठो से होते हुए मेरे छिन्न पैर आ रही थी .

संगीता के लिप्स बहोत जूसी लग रहे थे बहोत hi जयदा .

मई भी जोश के साथ संगीता को किश कर रहा था कभी उसके उप्पेर लिप्स को चुस्त तो कभी लोअर लिप्स को .

संगीता के कमर को सहलाते हुए मई उसके बूब्स अपने हाथो को रख दिया .

संगीता के बड़े बूब्स को दबाते हुए उसको होंठो को चूसने लगा .

संगीता - उम्म्म आह्ह्ह्ह उम्म्म्म ऐसे दबाओ जी आह्हः बड़ा मजा आ रहा है जी रूही के पापा बहोत दिनों बाद उम्मम्मम आपके होंठो को फील कर पा रही हु उम्म्म्म दबाओ जी ओह्ह्ह्ह और ज़ोर से दबाओ जी मेरे बूब्स को .

मई - उम्म्म्म सलुपपपप मेरी जान संगीता उम्म्म्म तू बड़ी रसीली है मेरी जान उम्म्म तेरे होंठो काट लूंगा उम्म्म सलुपपप .

संगीता भी मस्ती मैं आने लगी उसने अपना एक हाथ मेरे जीन्स के ऊपर से hi मेरे लुंड को पकड़ लिया और सहलाने लगी .

मई - उम्म्म तू बहोत सरारती हो गई है आह्ह्ह्ह जान मत कर खड़ा मरना बहोत मुश्किल हो जायेगा संगीता.

संगीता - जी उम्म्म्म मुझे चूसना है आपका लुंड प्लीज मन मत करना जी प्लीज न हुब्बी .

मई - ok उम्म्म्म मेरी जान . मेरी बात सुनते hi संगीता में मुझे बीएड पैर बैठ दिया और मेरे जीन्स को लुंड को निकल लिया .

मेरा लुंड जो एक दम टावर की तरह खड़ा था वो जस्ट उसके चेहरे के सामने था .

संगीता - जी ये तो कितना बड़ा हो गया है पिछली बार से .

मई - ः बीटा प्यार कर पहले भी तो करा है न तूने .

संगीता अपने दोनों हाथो से मेरे लुंड को सहलाने लगी और अपना मुँह खोल कर मेरे लुंड के टोपे को चूसने लगी .



मई - आह्ह्ह्हह संगीता तू बहोत अचे से लुंड चुस्ती है बीटा आह्ह्ह्ह ऐसे चुसस्स अपने पति का लुंड .

संगीता - उम्म्म्म सलुपपपप आज आपका लुंड चुसस्स कर खली कर दूंगी देखना जीईई .

मई - आह्हः संगीता ये तेरे पति का लुंड है कभी खली नहीं होगा .

संगीता - उम्मम्मम्म सलुपपपपपप पति देव इसी बात का तो गर्व है मुझे उम्म्म्म ग्लूपप्प्प गलप्प्प .

मेरी आँखों मैं देखते हुए लुंड चूस रही थी संगीता.



उसके ऐसी अंदाज़ को देख कर मुझे ऐसा लग रहा था की अब्ब hi मैं झाड़ जाऊंगा .

मैंने उसके सर पैर हाथ रखा और बालो को सहलाते हुए अपना लुंड चुसवाने लगा .

बहोत ढेर तक वो मेरे लुंड के टोपे को चूसते चट्टी रही और जो प्रेकम निकल रहा था उसको चाट जाती .

ऐसा लग रहा था सच मैं वो मेरे खुद को या तो खा जाएगी या खली कर देगी .....

अब संगीता मेरे लुंड को पूरा मुँह मैं लेने की कोसिस कर रही थी मई भी अपने आँखों को बंद कर के बीएड पैर लेट गया और फील करने लगा .



मई - आह्ह्ह्ह संगीता ी लव यू बीटा आह्ह्ह्ह मेरी जान ..... ाहबबबभः ओह्ह्ह्हह्ह उफ्फ्फफ्फ्फ़ चूस मेरी जान आह्ह्ह्ह.

10 मिनट्स तक संगीता मेरे लुंड को चूस चूस कर गिला कर दी और वही मेरा लुंड एक दम टाइट और गरम हो कर लोहे की रोड की तरह हो गया था .

संगीता बहोत तेज़ मेरा लुंड चूसे जा रही थी उसके बाल बिखर गए थे और उसके चारे पैर बस सविला लगा था जो पुरे लुंड भी फैला था और उसके होंठो से होते हुए उसकी चूचियों पैर भी जा रहा था .



मई भी अब आउट ऑफ़ कण्ट्रोल होते जा रहा था ऐसा लग रहा है जैसे मेरे अंदर से मेरी सोल बहार निकल जाएगी लुंड से .

मई - संगीता आह्हः ज़ोर से मेरी जान ऐसे ज़ोर से चूस साली आह्हः मेरा लुंड खा जा मेरी जान .

संगीता - उम्म्म्म गलप्प्प ग्लूपप्प्प उम्म्म्म ग्लूपप्प्प आह्हः उम्म्म. खा जाउंगी आपका लुंड मैं उम्म्म्म आठ उम्म्म्म मेरे पति देव उम्म्म्म जहर जाओ अपनी बीबी के मुँह मैं पीला दो मुझे अपना वीर्य पीला दो अपना अमृत .

संगीता के ऐसे बोलने से मेरा कण्ट्रोल छूटने लगा .

मई - आह्हः मेरा निकलने वाला है संगीता.

संगीता अपने घुटने पैर बैठ गई और बोलने लगी .



संगीता - पीला दो मेरे राजा मेरे पतिदेव मेरे मालिक उम्म्म्म .

मेरा सारा वीर्य संगीता के मुँह मैं जाने लगा . ....



संगीता - हआ मेरे पतिदेव जी आअह्ह्ह पीला दो राजा मेरे .

संगीता मेरा वीर्य अपने झिव पैर लेते हुए पेट जा रही थी .

वही मेरा वीर्य रुकने का नाम hi नहीं ली रहा था जब संगीता का मुँह भर गया वीर्य से तब वो मेरा वीर्य अपने चेहरे पैर लेने लगी .

लास्ट मैं झटके कहते हुए मेरा लास्ट बून्द वीर्य का संगीता ने अपने मुँह मैं लिया .

कंटिन्यू

कुछ गिफ्ट ऐड नहीं हो पा रहा था मई बे बाद मैं ऐड हो जाये तो कर दूंगा
 
अपडेट 122

जैसे की आप सबने लास्ट अपडेट मैं पढ़ा था संगीता के पास आकर उसके गिफ्ट दिया उसको अपनी बहो मैं ले कर प्यार किया फिर रूही अपनी बेटी के साथ थोड़ी मस्ती की उसके बाद संगीता के साथ रूम मैं गया जहा संगीता मेरे लुंड को चूस का मेरा वीर्य पिया

अब आगे

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मेरा सारा वीर्य पिने के बाद संगीता ने मेरे लुंड को चाट और चूस कर साफ़ किया फिर अपने मुँह को साफ़ करने के बाद मेरी बहो मैं आ गई .

मई - मजा आया मेरी जान संगीता तुझे .

संगीता - जी बहोत मजा आया ऐसा लग रहा है पेट भर गया आपका वीर्य पी कर .

मई - ाचा बस मेरी वाइफ मेरी जान मेरी संगीता खुश तो मई भी खुश .

संगीता मुझे ज़ोर से गले लगा ली . ...

संगीता - सुनिया न जी आपसे एक बात केहनी थी मुझे .

मई - हां बोलो संगीता.

संगीता - जी मई क्या सोच रही थी की यहाँ बहोत से घर भी बनने लगे है और पास मैं सोसिटी भी है और वह के फॅमिली और उनके बचे रहते है और जो बचे है वो पढ़ने के लिए टूशन वगेरा के लिए दूर जाते है .

मई - हां वो तो है आगे बोलो मेरी जान तुमने क्या सोचा है .

संगीता - है मई ये कह रही थी की क्यों न मैं एक कोचिंग खोल को जो सिर्फ लड़कियों के लिए हो और वह पैर टीचर भी सिर्फ लड़किया hi हो और मेरे आगे की हो इसी आस पास की फॅमिली अपने बेटियों को यहाँ भेजेंगी इससे मेरा भी टाइम पास हो जायेगा और सबको कही दूर पढ़ने के लिए जाना भी नहीं पड़ेगा और बहोत फीमेल टीचर को जॉब भी मिल जाएगी .

मई - वह मेरी टीचर साहिबा तूने तो बहोत ाचा सोचा है अगर तेरा इतना hi मान है तो तू सुरु कर ले बता क्या क्या चाहिए तुझे ....

संगीता - जी बास आप परमिशन दे दो बाकि मई संभल लुंगी .

मई - ये भी कोई पूछने की बात है क्या मेरा बचा पैर तू अकेले इतना सब कैसे करेगी बता .

संगीता - अब पति देव जी इसका सलूशन आओ देदो न .

संगीता के होंठो पैर किश देते हुए बोलै .....

मई - ाचा मेरा जो दोस्त है आरिफ उसकी जो बड़ी बहन है अनाम उसको मई बोल देता हु वो तेरा साथ देगी वैसे उसको कोई जॉब चाहिए थी मई बोल दूंगा उसके साथ मिल कर तू चालू कर और जो पैसे तुझे चाहिए उसके लिए मैंने तुझे जो कार्ड दिए है वो उसे करना अपना वाला नहीं समझी .

संगीता - जी पैर मेरे पास पैसा है न..

मई - जयदा पैसा पैसा करेगी तो तप्पड़ मरूंगा और दोनों गाल लाल करूँगा .

मेरे साइन पैर अपनी उंगलिया फिरते हुए बोली ...

संगीता - क्या आप मुझे थप्पड़ मरोगे जी .

मई - हां क्यों नहीं अगर तू जयदा बदमाशी करेगी और मेरी बात नहीं मानेगी न तो तेरे गाल पैर काट लूंगा और ये कहने के पास मैंने संगीता के सॉफ्ट गालो को डाट मैं दबा लिया .

संगीता - जी सॉरी सॉरी आह्ह्ह्ह रूही के पापा चोरोना जी वर्ण रूही मेरे गाल पैर किश ये निशान देख लेगी .

मई - तो क्या हुआ मेरी बेटी भी सोचेगी उसके डैडी उसकी मुम्मा से कितना प्यार करते है .

संगीता - ाचा बाबा अब चोर दो न जैसा आप कहोगे मई करूँगा जी .

मैंने उसके गाल को छोरा और जहा पैर दत्तो के निशान थे वह झिव से चाटने लगा .

संगीता - उम्म्म्म जी आप पहले दर्द दो फिर प्यार करो अब देखि निशान पद गए न .

मई - मेरा बचा चला जायेगा ये निशान कुछ ढेर मैं वैसे और बता क्या क्या चाहिए .

संगीता - जी कुछ hi दुरी पैर एक घर है जिसमें जगह बहोत है वो मैंने देखा है उसमें एक ाचा कोचिंग खुल सकता है और वैसे भी अपन बोलै था स्कूल ज्वाइन कर लो पढ़ने के लिए तो मैंने सोचा उससे ाचा अपना खुद का hi कोचिंग खुल लेती हु इसके लिए आप ज़रा मेरे साथ चल के उसके ओनर से बात करना न और हां जो आप बोल रहे था अनाम उसको कल यहाँ ले कर आना ठीक और और हां मई अपने कुछ दोस्तों से बात करुँगी जो स्कूल को चोर चुके है अभी तो उनकी सधी हो चुकी है आपको भी पता है .

मई - हां मुझे याद है तेरे साथ मैं 3 टीचर्स थी जो चोर चुकी है स्कूल.

संगीता - हां वही मैंने उनसे भी बात की थी तो वो तैयार है जी बस आपसे पूछना था .

मई - ok मेरे बचा कल हम चलेंगे उसके ओनर से बात करेंगे या तो वो रेंट पैर दे या फिर हमे बेच दे वो ठीक और अनाम को अपने साथ ले कर आऊंगा वैसे तू वो मेरी वाइफ hi एक तरह से .

संगीता मेरे साइन पैर मुक्का करते हुई बोली .

संगीता - गंदे हर किसी से आप सधी कर ले रहे हो बहोत बदमाश है क्या हम सब आपको पूरी नहीं पड़ते है क्या जी...

मई - उम्मम्मम मेरा बचा तुझे सब पता है फिर मुझे तंग कर रही है तू...

संगीता - क्यों जी मेरा हक़ नहीं है क्या ापर बताओ बीबी हु मैं आपकी तंग तो करुँगी .

मई - ाचा जी कर लो कर लो कल आता हु फिर रात को बाटूंगा तुझे जब मेरा लोड. तेरी छूट मैं जयेगाना फिर मत कहना .

संगीता - जाओ जी जाओ मई भी देख लुंगी कल आपको आपके लुंड को अपनी छूट मैं लेकर बंद कर लुंगी .

मई - तू बड़ी बेशर्म हो गई है संगीता देखो तो कैसे गन्दी गन्दी बातें कर रही है तू .

संगीता - सब आपसे सीखा है जी मेरे लुंड को सहलाते हुए बोली .

मई - अभी और भी बहोत कुछ सीखना बाकि है मेरा प्यारा बचा .

मैंने संगीता के साथ आधे जानते वैसे hi रहा और बात करता रहा बात क्या बास उसकी बातें सुनते था उसकी प्लानिंग सब कुछ कैसे क्या करना है कोचिंग को ले कर .

मई - ाचा बीटा अब मुझे जाना पड़ेगा क्यों घर जाना है लेट हो रहा है .

संगीता - ठीक है जी ध्यान से जाइएगा आप और अपना ख्याल रखियेगा जी....

मई - ok मेरी जान ध्यान रखूँगा मेरा प्यारा बचा और तू भी ध्यान से रहना और मेरी बेटी का ख़याल रखना कल आता हु .

फिर मैंने ज़ोर से चिल्ला के रूही को बुलाया .

रूही - हां डैडी बोलिये .

मई - ब्यय बीटा काल आता हु मई ...

रूही - बी डैडी ध्यान से जाएगी लव यू.

मई - लव यू तू मेरा बचा .

फिर मई वह से घर की तरफ निकल गया सुमि दिया या फिर निकिता या संवी से मिलने नहीं गया क्यों ढेर हो रही थी सोचा कल मिल लूंगा सुमि और दिया और सासु माँ से वही निकिता से भी ऊपर जेक मिल लूंगा ...

और रही बात संवी और भूमि की तो उनसे पार्लर मैं जेक मिल लूंगा .

रस्ते मैं मैंने सबके लिए उनकी फवौरीते आइस क्रीम ले ली फिर घर की तरह निकल गया .

घर पहुंच कर अंदर गया और सबको आइस दिया और चाट पैर चला आया मेरे पीछे पीछे मेरी साडी बहने चली आई और मुझे घेर कर बैठ गई .

मैंने रिया और जिया को अपने गोद मैं बैठ लिया .

स्वाति - थैंक यू भैया आइस क्रीम के लिए यहाँ का आइस क्रीम सच मैं बहोत टेस्टी है उम्म्म .

कोमल - हां भैया it's सोऊ युम्मी 😋 ...

मई - और दोनों को कैसे लगा मेरी नटखट परियो .

रिया - बहोत ाचा भैया .

मई - जिया मेरा बचा कैसु है तू बता.

जिया - I'm सॉरी भाई मई बदमाशी नहीं करुँगी बस आप हमने नाराज़ मत होना .

मई - क्या हुआ मेरी पारी को .

जिया - आप हमने सुबह बिना बात किये चले गए मुझे बहोत दुःख हुआ ऐसा लगा जैसे दिल मैं किसी ने गोली मार दी हो .

मई - मेरी पारी वो तो बस मिलने गया था न नाराज़ थोड़ी हु अपनी पारी से .

जिया - सच मैं न भैया आप नाराज़ नहीं हो न हमसे .

मई - नहीं बीटा मई तुम सब मैं से किसी से नाराज़ नहीं रह सकता हु तुम सब मेरी जान हो जान .

सबने बरी बरी मेरे गाल पैर किश की और अपनी अपनी आइस क्रीम खिलने लगी .

कंटिन्यू
 
अपडेट 123

जैसे की आप सबने लास्ट अपडेट मैं पढ़ा था संगीता के साथ मैं बात कर रहा था कोचिंग खोलने के बारे मैं जिसके लिए मैंने परमिशन दे दिया था उसके बाद घर आके सबको आइस क्रीम खिलाया .

अब आगे

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आइस क्रीम खाने के बाद मैं निचे आ गया .

वह देखा बुआ सोफे पैर बैठ के लैपटॉप मैं कुछ काम कर रही थी .

मई बुआ के पास गया और उनकी घोड़ी मैं सर रख लेट गया सोफे पैर .

बुआ ने लैपटॉप को साइड मैं रख दिया और मेरे चेहरे की तरफ देखने लगी .

मई - क्या हुआ मेरी जणू बुआ माँ .

बुआ - कुछ नहीं मेरा प्यारा बीटा बस तुझे देख कर ाचा लगता है दिल को सुकून मिलता है .

मई - ाचा तो बताओ मेरी जान आपका पार्लर का काम कैसा चल रहा है कोई प्रॉब्लम तो नहीं आ रही है न .

बुआ - बिलकुल भी नहीं बाबू सब कुछ ाचा चल रहा है जैसे की मैंने सोचा था सिमु भी ाचा काम कर लेती है वही पिंकी भी अचे से सैम संभालती है और सोफ़िया भी .

मई - ये तो बड़ी अछि बात है चलो सब अपने hi है तो कोई प्रॉब्लम होगी नहीं .

बुआ - हां और ये सब मेरे बेटे के कारन हुआ है मेरा बचा , बुआ ने जल्दी से मेरे होंठो पैर किश कर दिया .

मई उठा और बुआ के होंठो पैर पइसस कर दिया .

बुआ - जणू अपनी इस बुआ को कब प्यार करेगा .

मई - सॉरी मई समझ सकता हु आपको प्यार की ज़रुरत है पैर आपको भी पता है मई कितना बिजी रहता हु पैर आप चिंता मत करो आपको इतना प्यार दूंगा न की आप कभी भूल नहीं पाओगी .

बुआ मेरे गाल और बालो को सेहला राइ थी और बार बार मेरे फ़ोरेहेअद पैर किश कर रही थी .

बुआ के ऐसे करने से मई उनको गोद मैं सू गया .

मुझे रात को माँ ने उठाया बुआ के गोद से मैंने देखा सब हमे हिद ेख रहे थे क्यों मई बुआ की गोद मैं सर रख के सू रहा था और बुआ मेरे साइन पैर अपना सर रख के सू रही थी जिसकी वीडियो और फोटो मेरी बहने निकल रही थी .

मई और बुआ दोनों शर्मा गए सबको ऐसे हमारी तरफ देखते हुए .

बुआ और मई तुरंत ूठः कर भाग गए और हमे ऐसे भागते देख कर सब हशने लगे .

माँ - बाबू जल्दी आना मई डिनर लगा रही हु .

मई - हां मा . मई अपने रूम मैं गया और फ्रेश होने लग गया . वह से मई निचे आया और सबके साथ बैठ के डिनर करने लगा .

कोमल - भैया आज मई आपके साथ सोऊंगी .

और ये सब मेरी साडी बहने बोलने लगी .

मई - नहीं आज मेरे साथ रिया और जिया सोयेंगे बाकि सब जैसे सोएं है वैसे hi जैसे पहले रूल के हिसाब है .

मेरी बात सुनके सबने हां मैंने सर हिलाया .

मैंने देखा प्रिय उदास हो गई . मैंने एक बाईट बनाया और उसको खिलाया अपने हाथ से और बोलै ......

मई - प्रिय बीटा ऐसे साद न हो वर्ण तुम्हे ऐसे देख कर मुझे भी दुःख होगा न .

प्रिय - I'm सॉरी भैया बस मुझे आपके पास सोना था आज .

तभी कोमल बोली - तो कल सू जाना कल मेरी और आरती की बरी है कल तू सू जाना भैया के साथ .

प्रिय ये सुन्न के खुश हो गयी और अपनी जगह से उठ कर गुड़िया के गले लग गई.

ऐसे बहनो का प्यार देख कर सब खुश हो गए .

दादी - बस्स्स अब ऐसे सबका प्यार देखते देखते मई मर भी जॉन तो मुझे कोई घूम नहीं है भगवन से मैं बस यही दुआ मांगती हु की मेरे सरे बचे खुश रहे .

माँ - माँ आप ऐसा क्यों बोलती हो अभी तो आज से बाद फिर ये मरने वाला वर्ड न बोलना वर्ण आपकी ये बेटी आपसे बात नहीं करेगी .

दादी - सॉरी मेरा बचा वो तो मई तुम सबका प्यार देख कर बहोत खुश हो इसीलिए बहकी बहकी बातें कर रही हु...

माँ - अभी आप और जियोगी मेरी उम्र भी आपको लग जाये .

कोमल - हां दादी आगे से ऐसी बकवास बात न करना वर्ण मई भी आपसे बात नहीं करुँगी एक hi तो आप दादी हो मेरी सबसे बेस्ट डार्लिंग दादी .

दादी - बदमाश डार्लिंग कहने का हक़ सिर्फ मेरे डार्लिंग बाबू को है यहाँ तक मेरे पति को भी नहीं समझी गुड़िया .

कोमल - हां तो आप भी जान लो गुड़िया कहने का हक़ भी सिर्फ मेरे भैया को है आप भी मुझे गुड़िया न कहो .

दादी - मई तो कहूँगी तुझे गुड़िया , गुड़िया गुड़िया . .......

कोमल - हां तो मई भी आपको डार्लिंग डार्लिंग डार्लिंग कहूँगी समझी आप .

मई - हां भाई बस बस्स्स अब खाना खाओ बाद मैं दोनों डार्लिंग और गुड़िया कहते रहना दादी पोती की जोड़ी .

डिनर करने के बाद सब अपने अपने रूम मैंने जाने लगे मैंने रिया और जिया को अपने रूम मैं भेज दिया और खुद माँ के पास आ गया बुआ बाथरूम गई थी उस वक़्त .

दादी अपने रूम मैं थी और दादा अपने रूम मैं .

वही माँ आईने के सामने कड़ी थी उन्होंने एक बड़ी सेक्सी सी निघ्त्य पहन राखी थी .



मई - उफ्फ्फ माँ बड़ी हॉट और सेक्सी लग रही हो मान कर रहा है फिर से आपके साथ सुहागरात मन लू .

माँ - हैट बदमाश यहाँ सब है किसी ने देख किये तो...

मई - तू क्या बता दूंगा अपनी बीबी के साथ सुहागरात मन रहा हु .

माँ शर्मा गई और निचे देखने लगी .

मई माँ के पास गए और उनको गले लगते हुए उनकी फेस को ऊपर उठाया .

मई - ी लव यू माँ आप सच बहोत सेक्सी लग रही हो और खूबसूरत भी .

माँ - ये सब तो तेरी वजह से hi हुआ है बाबू .

मई - ाचा तो क्यों न आपको और भी सेक्सी बना दू अपने लुंड से .

माँ भी थोड़ी बेशरम होते हुए बोली....

माँ - हां बना दे न बना मान कर रहा है बीटा तेरा लेने का .

मई - मेरा भी आपकी छूट लेने का बड़ा मान कर रहा है पैर यहाँ घर पैर सब है न .

माँ - तो अपनी बुआ को छोड़ दे न वो भी बाथरूम मैं है मुझे और अपनी बुआ के साथ थ्रीसम कर ले .

मई - वो भी करूँगा माँ थ्रीसम क्या पुरो फॅमिलिम करेंगे हम सब हाहाहा .

माँ भी हशने लगी तभी बुआ भी रूम मैं आ गई .

बुआ - क्या बातें हो रही है माँ बेटे मैं ....

मई - ये सीक्रेट है मेरी जणू बुआ .

बुआ - अब क्या अपनी जणू से भी छुपायेगा .

मैंने बुआ को अपनी बहो मैं ले लिए उन्होंने ने भी बड़ी सेक्सी निघ्त्य पहन राखी hi और उनकी गढरै जिस्म पैर वो निघ्त्य सच मैं सेक्सी लग रही थी बुआ बिलकुल पोर्नस्टार की तरह लग रही थी .



बुआ - बेशरम क्या कर रहा है माँ है तेरी यहाँ पैर .

मई - तो क्या हुआ मेरी जणू माँ पैर भी तो बेटे का हक़ होता है और बुआ आप तो मेरी हो hi क्यू.....

बुआ माँ की आँखों मैं देखने लगी माँ का रिएक्शन बड़ा नार्मल था ऐसे की जैसे माँ को कोई प्रॉब्लम hi न हो .

मैंने बुआ का चेहरा पकड़ा और उनके होंठो को चूमने लगा .

बुआ - उम्म्म्म चोर न बीटा भाभी यही पैर है उम्मम्मम सलुपपप



मई - सलुपपपप उम्म्म तो क्या हुआ जणू मेरी जान बुआ ....

एक तरफ माँ थी तो दूसरी तरफ बुआ .

मैंने बुआ को छोड़ा और माँ को किश किया .

माँ एक तरह बेशरम हो कर मुझे किश कर रही थी .



बुआ हमे आंखे फाडे देख रही थी .

माँ - उम्म्म्म सलुपपप ऐसे न देखो ननद रानी उम्म्म्म सलुपपप जैसे तुम हो मेरे बाटी की जान वैसे hi मई भी सोने बेटे की जान hi हु उम्म्म्म क्या मई गलत कर रही हु अनु .

बुआ - नहीं भाभी एक बेटे पैर सबसे पहला हक़ उसकी माँ का hi होता है और हमारा रोहित तो सबसे स्पेशल है वो जो चाहे वो कर सकता है हम सबके साथ .

मई - करूँगा तो सबके साथ मेरी जणू बुआ इस घर की साडी औरतो और लड़कियों पैर सिर्फ मेरा है है समझी आप .

मई - माँ बुआ की साडी बात बता देना जो मैंने आपको बताओ है सबके बारे मैं जो मेरी जान बुआ को नहीं पता है और सॉरी मेरी अनु आपको मैंने साडी बात नहीं बताई थी .

बुआ - कोई बात नहीं मेरे जणू मई तो बस इस बात से खुश हु की तू मुझे पता रहा है सब कुछ जो तूने सिर्फ भाभी को बताई है .

मई - आपकी बेटी प्रिय को भी सब कुछ पता है यहाँ तक की सबसे पहले जानने वाली प्रिय hi थी समझी आप .

बुआ - ये तो और अभी बात है तब तो मेरी बेटी के लिए और मेरे लिए .

मई - अनु मेरी जान मेरी बुआ प्रिय मेरे लिए बहोत कुछ है उसका और मेरा रिस्ता बहोत पुराण है जो आपकी माँ बता देगी बस आप इस बात को छुपा के रखना जब तक मई न बोलू किसी को बताते को .

बुआ - ठीक है बीटा जैसे तू कहेगा वैसा hi मई करुँगी .

फिर मई हुआ के रूम से निकल के दादी के रूम मैं आ गए मैंने जैसे hi दूर खोला देखा दादी सिर्फ ब्रा पंतय मैं कड़ी है . ....



अपनी दादी को ऐसे देख कर मेरा लुंड खड़ा हो गया वो एक गढरै रंडी लग रही थी मान कर रहा था साली को पटक के छोड़ दू .

मई - ोू मेरी सुमा रंडी इधर आजा अपने मालिक अपने पति के बहो मैं .

मेरी आवाज़ सुन्न के दादी मुझसे आके चिपक गई .

मैंने दादी की मोती गांड को पकड़ा और ज़ोर से मशाल दिया .

दादी - आह्ह्ह्हह मेरे मालिक आह्ह्ह्ह धीरे दबाओ अपनी रंडी सुमा दादी की गांड .

मई - रंडी दादी तेरी गांड धीरे दबाने के लिए नहीं है तेरे जैसी रंडी दादी की गांड तो तप्पड़ मार मार एक लाल करने के लायक है .

दादी - ओह्ह्ह मेरे बचे कर दे अपनी रंडी दादी की गांड लाल .

मई - हां मेरी डार्लिंग रंडी दादी चल साली बीएड पैर तुझे छोड़ता हु आज बिना चोदे नहीं जाऊंगा साली तुझे रंडी .

कंटिन्यू

नेक्स्ट अपडेट मैं मस्त दादी की चुदाई होगी रिया जिया का लेस्बियन सेक्स देखने को मिलेगा और रोहित के साथ फोरप्ले देखने को मिलेगा वो भी थ्रीसम मैं ....... उसके लिए मुझे 20 लिखे चाहिए बहोत दिनों बाद टारगेट दे रहा है कल तक हो जनि चाहिए
 
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