Incest Kahani Chudai ki sabki - Page 13 - SexBaba
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Incest Kahani Chudai ki sabki

थैंक यू बरोथेर बात वो है की मई थोड़ा बिजी हो गया हु और वैसे भी ये मेरी पहली स्टोरी है और फवौरीते भी तो इसको तो मैं कम्पलीट कर दूंगा और लॉन्ग स्टोरी है तो बिच बिच मैं गपे भी बनता है अभी कुछ दिन ऐसे hi चलेगा क्यों अभी फेस्टिवल एन्जॉय कर रहा उसके बाद एक्साम्स आ जायेंगे पैर बिच बिच मैं उपदटेस आएगा और जैसे मेरे फाइनल एग्जाम ख़तम ये स्टोरी फिर से रेगुलर हो जाएगी जैसे पहले था
 
अपडेट 98

जैसे की अपने लास्ट कुछ उपदटेस मैं पढ़ा की रोहित के प्रीवियस लाइफ मैं क्या हुआ था देव के साथ कुछ राज खुले तो कुछ नहीं खुले जहा सब कैसे मरे ये दिखाया गया तो वही देव और प्रिय ने अपनी जान खुद से ली जहा रूही और रूबी को उस सैतान से मार दिया तो वही उस मिस्टीरियस पर्सन ने और गुरु जी ने उस सैतान को कैद कर दिया .

अब आगे

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सुबह जब मेरी नींद खुली तो प्रिय ने मुझे काश के पकड़ रखा था और उसकी आँखों मैं अंशु भी थे मैं समझ गया की ये क्यों रू रही है प्रिय को इस बात का ढक था की उसके और मेरी बाकि बहनो के कारन से सबकी डेथ हुई थी .

मैंने टाइम देखा तो अभी सुबह के 5 बज रहे थे .

मैंने प्रिय के अंशो पूछा तब उसकी आंखे खुल गई मुझे देखते hi वो और रोने लगी और मुझे और काश के गले लगा लिया .

मई - मेरी प्यारी सी जान चुप हो जाओ जो भी हुआ वो पहले की बात थी बीटा आज तो मेरी प्रिय का जन्मदिन है तो ऐसे रट थोड़ी है .

प्रिय - पैर भाई स्निफ्फ स्निफ्फ.... पैर हमारे कारन hi हुआ न अपने अपनी बेटी खू दी फिर अपनी बीबी को भी खो दिया .

मई - वो बाते बैठ चुकी है प्रिय ए.बी.ए. उसके बारे मैं हम कुछ नहीं कर सकते है पैर एक चीज ज़रूर कर सकते है जो गलती हमने पिछली बार किया था बस वो आगे से नहीं करेंगे क्यों .

प्रिय - भाई आप इतने अचे क्यों हो आप इतना प्यार क्यों करते हो हमसे .

मई - क्यों तुम सब मेरी जान हो और इस बार अगर किसी ने मेरी जान को हाथ भी लगाया न तो उसको बहोत बुरी मौत दूंगा .

प्रिय ने मेरे चहेरे पैर किश करना चालू कर दिया कभी मेरे होंठो को चूमती तो कभी मेरे नाके को तो कभी मेरी आँखों पैर किश करती .

मैंने भी प्रिय को प्यार से गले लगा रखा था और उसकी पीठ को सेहला रहा था.

प्रिय - भैया अगर सबका पुनर जनम हुआ है तो बड़ी दीदी का भी हुआ होगा .

मई - मुझे नहीं पता बीटा पैर अगर ऐसा हुआ होगा तो मई ज़रूर ढूंढ निकलूंगा दीदी को ठीक है मेरी जान .

प्रिय - भैया मुझे अब कुछ भी नहीं चाहिए बस आप दीदी ढूंढ निकलना आज मेरे बर्थडे पैर आपसे यही गिफ्ट मांगती हु .

मई - ठीक है मई अपनी प्रिय से वडा करता हु की दीदी को ढूंढ निकलूंगा .

प्रिय - भैया क्या सबको याद आएगा क्या की पिछले जनम मैं क्या हुआ था हमारी तरह .

मई - अभी तो बस शानवी को hi याद आया है पैर समय आने पैर सब ठीक हो जायेगा बाबू चल अब जल्दी जल्दी फ्रेश हो जा आज बहोत काम है .

प्रिय - थैंक यू इस बार भैया बाण कर आने के लिए ी लव यू भैया .

मई - ी लव यू तू बाबू उम्मा प्रिय की होंठो को चूमते हुए बोलै .

फिर मई उठा उसके बाद बाथरूम गया बहार आया तो देखा प्रिय जा चुकी है मैंने कल hi बोल दिया अपनी बहनो से की काल कोई एक्सरसाइज नहीं होगा.

मई तैयार होने के बाद निचे आ गया वह पैर बुआ और माँ पहले से तैयार थी ब्रेकफास्ट करने के बाद मैंने बुआ माँ और दादी को पार्लर चोर आया क्युकी वह पैर पूजा भी होने वाली थी फिर घर आ गया क्यों सब तैयार होने वाले थे वही आरिफ और सोनू भी काम मैं हाथ बता रहे थे पार्लर पैर उन दोनों को मैनी खाने का काम सँभालने को दिया .

घर आ कर मैंने देखा सब रेडी होने मैं बिजी है मैं अपने रूम मैं जाने लगा क्युकी मुझे कुछ कॅश लेने थे जोकि मैंने अपने कप्बोर्ड मैं रखा था .

पैसे लेके के बाद जब मैं रूम से निकला तोड़ देखा साइड वाले रूम मैं मौसी तैयार हो रही थी .

मैं रूम मैं चुपके से गुशा और रूम बंद क्र दिया पीछे से जेक मैंने अपनी बहो मैं ले लिया मौसी को .

उनको पता था मैं हु क्युकी मिरर मैं देख लिया था उन्होंने.

मई - मेरी इतनी हॉट मौसी ये किसके लिए तैयार हो रही है .

मौसी मेरी तरफ घूम गई और मुझे गले लगा लिया अपने सर मेरे साइन पैर रख दिया और मेरे हाथ को अपने पेट पैर रख दिया फिर बोली .

मौसी - मैं सिर्फ अपने बचे के पापा के लिए तैयार हो रही हु क्यों जो खुसी मुझे उसके पापा ने दी है वैसे खुसी मेरे पति ने भी कभी नहीं दिया .

मई - ाचा जी वैसे बचे का पापा भी बहोत खुश है बचे की मम्मी को देख कर और पता है बचे के पापा का मान कर रहा है की एक और बचा कर ले बचे की मम्मी के साथ .

मौसी - तो कर लेना मई कभी मन नहीं करुँगी रोहित पैर मुझे ऐसे प्यार देता और मेरे बचो का ख्याल रखना .

मई - मौसी मेरी जानू मेरी आँखों देखो इधर .

मौसी ने नहीं देखा और वैसे hi मुझे गले लगाए और मेरे साइन पैर अपना सर रख कर कड़ी रही .

मई - रेणुका इधर देख मेरी आँखों क्या बोलै मैंने अभी तुझे बोल .

इस बार मौसी मुस्कुराते हुए मेरी आँखों मैं देखने लगी जिससे वो इतनी हॉट और खूबसूरत लग रही थी की मई बता नहीं सकता .



मौसी - मई अकेले मैं तभी बात सुनूंगी जब तुम मुझे मेरे नाम से बुलाओगे .

मई - ठीक है रेणुका मेरे बचो की होने वाली माँ उम्मा सलुपपप सलुप्प मई इतना बोलके के मौसी के होंठो को चूमने लगा .

मौसी भी जंगली बिल्ली की तरह मुझे किश करने लगी वो मेरे निचे वाले होंठ को चूमने लगी वही मैं उनकी ऊपर वही होंठ को चूमने लगा .

हम दोनों पागलो की तरह एक दूसरे को चुम रहे थे .

5 मिनट किश करने के बाद हम अलग हो गए और सास लेने लगे .

मई - रेणुका तू अब मेरे बचो की माँ है तेरी और डिम्पी की हमेशा ख्याल रखूँगा समझी और हां तुझसे तो अभी ऑफ़ बचे पैदा करूँगा .

मौसी - ठीक है मेरे राजा कर लेना अब जाओ वर्ण सब ढूंढ़ते हुए यहाँ आ जायेंगे .

मई - ठीक है और जल्दी निचे आओ हमे निकलना है .

मैं नीची आया तो वह पैर सब पहले से hi तैयार हो कर आ गए थे .

कोमल मेरी गुड़िया



रिया और जिया मेरी परिया



स्वाति और आरती मेरी दोनों जान



डिम्पी मेरी बार्बी दोल



प्रिय मेरी बर्थडे गर्ल और गर्लफ्रेंड



सपना ममी घर की सबसे गोत औरत



आशा चची मेरी मासूम और किसिंग पार्टनर



ज्योति चची मेरी बीबी और बचो की माँ



इतनी खूबसूरती देख करर मई वही काम सा गया .

कोमल मेरे पास आई और हिला कर मुझे होश मैं लाया .

कोमल - भाई क्या हुआ आपको कहा खो गए .

मई - मेरी गुड़िया इतनी खूबसूरत देख कर तो कोई भी खो जाये लगता है मुझे आज सबकी रखवाली करनी पड़ेगी वर्ण कोई न कोई किडनैप कर के ले जायेगा मेरी साडी परियो को .

मेरी बात पैर सब हशने लगे .

तभी ऊपर से मौसी भी आ गई . उसके बाद मई दादा जी के पास गया उसके पास फ़ोन तो था hi वो नहीं जा सकते थे पैर उनके पेअर छुए सबसे और वैसे कोई प्रॉब्लम की बात नहीं थी अभी उसकी हेल्थ ठीक है इसीलिए उन्होंने बोलै था की सबको जाने के किये किसी को नहीं रुकने के लिए वर्ण बुआ तो कभी नहीं मानती भली सब कैंसिल करवा देती हो वो तो दादा जी ने कसम दे दिया था इसीलिए मान गई .

फिर मैंने एक कैब बुक किया उसमे आधे लोग बैठ गए फिर मेरे साथ मेरी बहने बैठ गई और हम निकल पड़े पार्लर की तरफ .
 
अपडेट 99

जैसा की अपने लास्ट अपडेट मैं पढ़ा था सुबह उठने के बाद प्रिय को मनाया जो रू रही थी फिर मैंने माँ बुआ और दादी को पार्लर छोरा घर आके मौसी के साथ रोमांस किया उसके बाद अपनी बहनो और बाकि सब को ले कर पार्लर निकल गया .

अब आगे

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पार्लर पहुंच कर सब अंदर जाने लगे पैर मैंने प्रिय को रोक लिया .

प्रिय - भाई मुझे क्यों रोका अपने .

मई - अभी तू नहीं जा सकती सरप्राइज है तेरे लिए तू चल मेरे साथ . बाकि सब चले गए और मैं प्रिय को लेके संगीता के घर निकल गया .

रस्ते मैं .

प्रिय - भैया क्या सरप्राइज है .

मई - बता दूंगा तो सरप्राइज क्या रहेगा बचा .

प्रिय - ाचा ठीक है मत बताओ पैर अपने बोलै था एक स्कूटी खरीद डोज .

मई - एक नहीं दू खरीद दूंगा बीटा एक पैर तू और आरती स्कूल जाना और एक बुआ के काम आएगा .

प्रिय - फिर तो कोमल डिम्पी स्वाति रिया और जिया नाराज़ हो जाएँगी आपसे भाई .

मई - बिलकुल नहीं क्यों की उनको मेरे साथ जो कॉलेज जाना है तो वो कार से जाएँगी न बुद्धू और वैसे भी कुछ दिन मैं सबके रिजल्ट्स आ जायेंगे तू 12तह मैं चली जाएगी और आरती भी तेरे साथ 12तह फिर से पड़ेगी.

प्रिय - आरती क्यों उसके तो 12तह क्या है न गाओ मैं .

मई - हां पैर अभी वो थोड़ी कमज़ोर है और तू भी समझी .

प्रिय - सॉरी मेरा मान नहीं लगता है स्टडी मैं इतना भैया पता नहीं क्यों .

मई - कोई बात नहीं बीटा बस तो 12तह करले फिर कॉलेज उसके बाद मेरे साथ बिज़नेस करना क्यों.

प्रिय - ोकक भैया जैसा आप बोलोगे मैं वैसे hi करुँगी .

मई - ये हुई न बात मेरी बर्थडे गर्ल की चल अब मूड सही कर .

मई प्रिय के साथ बात करते हुए संगीता के घर आ गया एक बार को मेरा मान किया की पड़ोसियों की भी बुला हु फिर मैंने ये प्लान ड्राप कर दिया पैर हां मैंने ऋतू को इन्विते किया था क्यों की वो मेरी अब दोस्त थी और सीनियर भी कॉलेज मैं तो जवाब देना आसान होता .

मैंने दूर बेल्ल बजाय तो रूही ने दूर खोला मुझे देख ते hi मेरे गले लग गई .

मई - गुड मॉर्निंग मेरा बचा कैसी हो .

रूही - मई बहोत अछि हु डैडी आपको भी गुड मॉर्निंग.

मई - वैसे बहोत खूबसूरत लग रही है मेरी प्यारी एंजेल बेटी .

रूही - हहै आप भी बहोत हैंडसम लग रहे हो डैडी .

मई - देखो वैसे कोण आया है , मेरे इतना बोलते hi प्रिय मेरे पीछे से निकली .

रूही - बाआआ ये बोलते हुए प्रिय के गोद मैं चढ़ गई .

प्रिय - मेरी प्यारी रूही उम्म्म उसके गाल पैर किश करते हुए प्रिय ने बोलै .

रूही - हैप्पी बर्थडे प्रिय बुआ .

प्रिय - थैंक यू रूही वैसे मेरा गिफ्ट कहा है बर्थडे गिफ्ट बताओ बताओ .

रूही - मैंने स्पेशल अपनी प्रिय बुआ के लिए बनवाया है स्पेशलय लॉकेट जिसपर मेरी और आपकी फोटो है चलो आपको देती हु मैं ये बोलके करर वो प्रिय के साथ रूम मैं चली गई .

वही मई संगीता के पास आ गया जो जस्ट अभी तैयार हुई थी .

मई - मेरी संगीता तो बहोत खूबसूरत लग रही है .

संगीता - जी मजाक मत करो इतनी भी खूबसूरत नहीं लग रही हु मई .

मई - ाचा जी तो क्या मई झूट बोल रहा हु या फिर अपने पति की बात पैर भरोसा नहीं है .

संगीता - ऐसे क्यों बोल रहे हो आप आप भरोसा नहीं होगा तो किसपर होगा जी चलो मेरी मांग भर दो जल्दी से वर्ण हम कटे हो जायेंगे .

मैंने सिंदूर से संगीता की मांग भरी फिर उसने मेरे पेअर छुए .

संगीता



मई - अब तो और जयदा खूबसूरत लग रही हो .

संगीता - इस्सलिये क्यों की मेरे प्यारे पति ने मेरी मांग जो भर दी है .

मई - ाचा तो जल्दी से एक हुग दो अपने पति

को , इतना बोलते hi वो मेरे गले लग गई .

मई संगीता को अपनी बहो मैं ली कर उसकी पीठ को सेहला रहा था .

संगीता - एक किश कर लू आपको मई.

मई - इसमें पूछने वाली कोनसी बात है संगीता तुझे तो हक़ से किश करना चाहिए हां हमारी साडी हो गई हमने सुहागरात भी मन लिया फिर कैसी सरम हां तू भी जान .

संगीता ने पहली बार अपने दोनों हाथो से मेरे फेस को पकड़ा और मेरी आँखों मैं देखते हुए मेरे होंठो को चूमने लगी .

संगीता - उम्म्म्म सलुपपप सलुपपप जी चाहे हमारी साडी का कितना भी टाइम हो जाये मई आपसे उम्म्म सलुपपप पूछे उम् बिना कुछ भी नहीं कर सकती हु उसने मेरे होंठो को चूमते हुए बोलै और मई बस संगीता किश करने मैं साथ दी रहा था .



संगीता - उम्म्म सलुपपप हुब्बी आपको पता है जब मई उम्म्म सलुपपप आपसे पूछ नहीं लेती क्या करना और क्या नहीं मेरे दिल नहीं मंटा सच्ची बोल रही हु मई ऐसा लगता है जैसे मई अधूरी हु उम्म्म सलुपपप अपने बोलै है न मुझसे की आपका पूरा हुक है मुझपे और मेरा आप तो आप इस चीज के लिए मुझे नहीं रोकोगे समझे मई हर चीज आपसे पूछ कर करुँगी हुब्बी .



संगीता मुझे किश करते हुए जितनी बात बोली साडी मेरे दिल पैर लगी उसकी हर बात मुझे एक अलग खुसी देती है ऐसा लगता है जैसे उसके बिना मैं अधूरा हु जैसे माँ के बिना लगता है और इसका दूसरा रीज़न भी यही था की संगीता माँ की दही भाग जो है .

मैंने उनकी आँखों मैं देकते हुए उसके होंठो को बड़े प्यार से चूमा .



मई- मेरी प्यारी बीबी चल बहोत चुम्मिया ली ली अपने पति की अब पार्टी मैं भी जाना है .

संगीता ने मेरे गाल पैर एक आखिरी किश किया और अपनी साडी से मेरे गाल और होंठो को पॉच दिया क्यों इसपर लिपस्टिक के नीसाण थे .

संगीता - हहै अगर किसी ने देख लिया तो पता नहीं क्या क्या सोचेगा .

मैंने संगीता के दोनों गालो को पकड़ कीचा .

मई - नॉटी हो गई है मेरी संगीता.

संगीता - जी बचपन से थी वो तो बस आपके सामने नॉटी काम करने मैं मज़ा आता है और आपके सामने मुझे फ्री फ्री लगता है दिल करता है आपके साथ दुनिया के हर काम करो जो हो सकता है .

मई - ाचा जी तो बताओ क्या करना है मई पूरी कोसिस करूँगा वो करने की .

संगीता - जी मुझे एक बार आसमान मैं उड़ना है पता है ये नामुमकिन है पैर मुझे उड़ना है जी .

मई - एक सपना मैं पूरा करूँगा तुझे भरोसा है न अपने पति पैर .

संगीता - जी खुद से भी जयदा अगर अपने बोलै है तो आप ज़रूर पूरा करोगे और अभी इस्सके बारे मैं कुछ नहीं पूछूँगी .

मैंने संगीता का हाथ पकड़ा और बहार आ गया हॉल मैं रूही और प्रिय बैठी थी और हम दोनों का वेट कर रही थी .

रूही - डैडी कितना वेट करवाते हो आप .

मई - सॉरी मेरा बचा .

रूही - it's okay चलो अब वर्ण और लेट हो जायेंगे .

मई - मेरी बेटी के बिना पार्टी सुरु हो सकता है क्या हां बताओ आप तो मैं पर्सन हो घर की .

प्रिय - हां रूही तुम जैसा बोलोगी वैसे hi होगा और जब तक मेरी भतीजी नहीं बोलेगी पार्टी नहीं सुरु होगा .

रूही - सच्ची बुआ जैसा मई बोलूंगी वैसा hi होगा .

प्रिय - सच्ची मुचि जैसा आप बोलो गई .

मई - चलो बहोत मस्ती हो गई अब चलो उसके बाद मैं तीनो के साथ निकल गया पार्लर.

कंटिन्यू
 
अपडेट 100

मेगा अपडेट

जैसे की अपने लास्ट अपडेट मैं पढ़ा था प्रिय के साथ मैं संगीता के घर आया वह पैर रूही प्रिय के साथ रूम मैं चली गिफ्ट लेने मई संगीता के पास जो तैयार हो रही थी मेरे साथ से सिंदूर लगवाने के बाद उसको मैंने किश किया और उसने मुझे फिर हम बहार आ गए और साथ मैं पार्लर निकल गए.

अब आगे

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पार्लर पहुंच कर मैंने बात कर लिया बुआ से उन्होंने बोलै सब तैयार है और सब आ भी गए है .

मई प्रिय रूही और संगीता अंदर जाने लगे निचे मुझे सोनू मिल गया हो कुछ काम कर रहा था और ऊपर hi जा रहा था उसके साथ हम ऊपर जाने लगे .

ऊपर बहार तो सब बहार खड़े थे साथ पंडित जी भी थे पूजा करवाने के लिए .

वह पंहुचा तो देखा एक जगह पैर सोफ़िया पिंकी सिमु और तनु कड़ी थी और उनके साथ आरिफ की अप्पी भी थी .

वही एक जगह पैर दिया सिमु की बहन और मेरी बाकि बहने फिर माहिरा वो सोफ़िया को छोटी बहन थी .

शानवी बुआ माँ दादी और बाकियो के साथ कड़ी थी .

शानवी मेरी बेस्ट फ्रेंड



दिया सिमु की बहन


अनाम आरिफ की अप्पी


सिमु मेरी गफ


पिंकी सोनू की गफ


सोफ़िया आरिफ की गफ


माहिरा सोफ़िया की छोटी बहन


तनु हमारी दोस्त


रेनू शेट्टी तनु की माँ


माँ


दादी


बुआ


सन्ति देवी सोनू की माँ और मेरी पर्सनल रैंड


ऋतू मेरी दोस्त सीनियर और संगीता की पडोसी. ऋतू हमारे आने के जस्ट बाद आओ थी


निकिता मम मेरी माल और टीचर भी जो माँ के साथ कड़ी हो कर बात कर रही थी .


सिमु की माँ


फिर सबने प्रिय को बर्थडे विश किया उसके बाद .

मई प्रिय को ली कर सबसे आगे आ गया जो पार्लर का मैं दूर तब पैर रिबन लगा हुआ था .

प्रिय मेरी तरफ देखने लगी .

मैंने बुआ के साथ थाली फिर प्रिय के सर पैर तिलक लगाया और बोलै .

मई - चल अब जल्दी से रिबन कट कर वर्ण पूजा मैं लेट हो जाएगी.

प्रिय - पैर भाई मई कैसे आप दादी के हाथ से करवा लो न .

दादी - ये सब तेरा hi तो है और आज बर्थडे भी मेरी प्यारी एक लौटी नटनी का का तो चल अब ढेर न कर प्रिय बीटा .

प्रिय - तो ठीक है एक शर्ट पैर भैया भी मेरे साथ और मेरी बहने भी मेरा हाथ पकड़ेंगे तभी मैं रिबन कट करुँगी .

सब उसकी बात पैर राज़ी हो गए , हमने मिलकर रिबन कट किया सबसे ज़ोर से तालिया बजे उसके बाद पूजा हुआ ये होते हुए बहोत टाइम लग गया उसके बाद सबको एक बॉक्स दिया गया जिसके खाने वाले बहोत चीजे थे ये खाने के कुछ देर बाद प्रिय का बर्थडे सेलिब्रेशन होने वाला था वही पैर जिसमें 2 जानता टाइम था सब कहते हुए आपस मैं बात करने लगे और मई अपने दोस्तों के साथ साफ़ सफाई करने कागा ताकि प्रिय का बर्थडे सेलिब्रेट हो सके .

हम सरे दोस्त मिल कर काम कर रहे थे .

जब मई बाथरूम की तरफ गया तो किसी ने मेरा हाथ पकड़ कर अंदर कीच किया वो और कोई नहीं पिंकी थी सोनू की गफ .

पिंकी




मई - ये क्या है किसी ने देख लिया तो क्या सोचेंगे .

पिंकी - पहले ये बताओ तुम मुझसे दूर क्यों रहते हो तुम्हे पता नहीं की मई तुम्हे पसंद करती हु .

मई - बात वो नहीं है चलो बाद मैं बात करेंगे इसपर .

पिंकी - मुझे तुम्हारे साथ सेक्स करना है बताओ कब करोगे .

मई - देखो तप्पड़ मार दूंगा पिंकी तुझे तुम सोनू की गफ हो और वो तुमसे प्यार करता है .

पिंकी - मई भी उससे प्यार करती हु पैर वो मुझे सटिस्फीएड नहीं कर पता है अगर तुम नहीं करोगे तो मई उससे चोर दूंगी और किसी और के साथ चली जाउंगी .

मई - देखो ज़बरदस्ती मत करो वर्ण रिस्ता ख़राब हो जायेगा हम सबका .

पिंकी - कुछ नहीं होगा बस तुम मुझे खुश कर दिया करना मैं किसी को नहीं बताउंगी प्लीज चाहे तो मुझे अपनी रैंडी बना लेना पैर मेरी प्यास भुजा दो .

मई - बात को समझो पिंकी हम नहीं कर सकते है मैंने पहले भी तुम्हे बता चूका हु .

पिंकी - तुम मुझे इसीलिए मन करते हो की मई काली हु खूबसूरत नहीं हु .

मैंने उसके गाल पैर एक तप्पड़ मारा .

तप्पड़ मरने के बाद उसको गले लगा लिया मेरे दोनों हाथ उसके गद्दे दर गांड पैर थे .

मई - फिर ऐसे बात मत करना तेरी छूट तो मई भी मरना चाहता था तेरी काली छूट देखना चाहता था उसको चेतना चाहता था पैर मई हर बार सोनू के बारे मैं सोच कर चोर देता था पैर पहले बार जब तूने बोलै था तब मेरे मान मैं आया था एक बार जी तुझे छोड़ हु फिर मैंने मन कर दिया सोनू के कारन hi पैर इसबार तुझे नहीं छोड़ूंगा पता है क्यों की तुझे भी पता है सोनू का छोटा है और मई नहीं चाहता इसके कारन तो उससे चोर कर जाये . मान मैं ( और वैसे भी उसकी माँ को छुड़ा hi दूंगा सोनू से जब सोनू ठीक हो जायेगा तब इसके साथ वो थोड़ा मज़ा ले लेगा और इधर पिंकी को मई खुश कर दिया करूँगा )

मई - देख पिंकी तू सावली है काली है पैर तू मस्त माल है यार तो बहोत हॉट है तेरी ये गांड तेरी ये चूचिया बोल साली इस बार मई पूछता हु लेगी मेरा लुंड अपनी छूट मैं और बनेगी मेरी रैंड .

पिंकी - जैसा तुम बोलोगे वैसे hi मई करुँगी और मई सोनू को चोर कर भी नहीं जाउंगी वैसे भी मैंने सोनू के प्रपोसल इसीलिए एक्सेप्ट किया था ताकि तुम्हे पा सकू अब तुम मिल गए हो तो मुझे और कुछ नहीं चाहिए .

मई - अछि बात है अब मुझे तेरी इस चूचियों को देखना है चल थोड़ा दिखा दे और बहार चली जा वर्ण कोई भी हुम्हे यहाँ देख सकता है .

पिंकी ने अपनी सूट को निकल दिया और ब्रा भी कॉल दी जिससे उसके बड़े बड़े बूब्स सामने आ गए सच उसके ब्राउन निप्पल्स बहोत हॉट लग रहे थे .



मैंने आगे भाड़ कर एक निप्पल को मुँह मैं ले लिया और काट लिया ज़ोर से .

पिंकी ने मुँह को झोर से दबा लिया वर्ण वो बहोत झोर से चिल्लाती जैसे मैं कटा था .




फिर मैंने बड़े प्यार चूसा और उसके कपडे पहना दिए .

जाने से पहले उसने मुझे किश किया और चली गई .


वही जब मई बहार निकला तो सिमु ने मुझे देख लिया और स्माइल करने लगे तभी मुझे पता चल गया की रखवाली

कर रही थी .

वो मेरे पास आई और धीरे से बोली .

सिमु - जान एक तो आ गई अब सोफ़िया बाकि है .

मई - बहोत बदमाश है तू बाबू चल अब बात मत कर इसपर वर्ण कोई भी सुन्न सकता है .

तभी कोमल आई हमारे पास .

कोमल - भाई क्या बातें कर रहे हो भाभी के साथ .

मई - तेरी भाभी पूछ रही है की मई उससे साडी कब करूँगा .

सिमु - झूठे कही के मैंने ऐसा कब पूछा गुड़िया तेरे भैया झूट बोल रहे है .

कोमल हस्ते हुए बोली .

कोमल - हेहेहे मुझे पता है भाभी भैया तो बस आपकी तंग खींच रहे थे आप चलो मेरे साथ ये बोलकर उसने सिमु का हाथ पकड़ा और ली गई .

फिर मैं अपने दोस्तों के साथ मिल कर काम करवाने लगा वही सब आपस मैं बात कर रहे थे मैंने देखा एक साइड मैं माँ संगीता से बात कर रही थी और संगीता के फेस एक्सप्रेशन देख कर ऐसा लग रहा था जैसे माँ उसके और मेरे रिश्ते के बारे मैं पूछ रही हो पैर मुझे लगा था माँ उसको जुड़ा परेशां नहीं करेंगी .

वही रूही और भूमि बस इधर उधर कर रही थी और सबके साथ मस्ती कर रही

थी .

तभी सोफ़िया मेरे पास आई अपनी छोटी बहन माहिरा को ली कर .

सोफ़िया - रोहित इस मिलो ये मेरी छोटी बहन माहिरा पता ये तुमसे मिलने के लिए कितनी एक्ससिटेड थी .

मई - हां मैं जनता हु तुमने पहले माहिरा की फोटो दिखाई है मुझे .

सोफ़िया - हां हम सब कैंटीन मैं बैठे थे तब दिखाई थी .

माहिरा - थैंक यू भैया .

मई - थैंक यू किस लिए माहिरा .

माहिरा - वो इस्सलिये क्यों की उन् गुंडों को सबक सिखाया था जो मुझे और अप्पी की परेशां कर रहे थे .

मई - ारे वो तू पुराणी बात है बुद्धू तब से इसी बात को ले कर बैठी हो .

सोफ़िया - हहै ये ऐसी hi है अगर इसने कोई बात सोच लेती है तो कर के hi दिखती है .

माहिरा - अप्पी कुछ भी मत बोलो मई तो बास भैया से मिलना चाहती थी .

मई - इधर आओ मेरे पास , माहिरा मेरे पास आई .

मैंने उसके दोनों गाल को खींचा बहोत सॉफ्ट गाल थे उसके , फिर मैंने अपने पॉकेट से 2 हज़ार रूपीस निकल कर उसके हाथ मैं रख दिया .

मई - पार्टी कर लेना अपने दोस्तों के साथ समझी .

माहिरा - पैर भैया मई ये नहीं ली सकती हु .

मई - नहीं लोगी तो दुबारा कभी तुमसे बात नहीं करूँगा .

सोफ़िया - रखे माहिरा तेरी तरह ये भी बहोत ज़िद्दी है .

सोफ़िया के कहने पैर उसने रख लिए .

माहिरा - थैंक यू भैया . ये कहने के बाद वो मेरी बहनो के पास चली गई उन दोनों के जाने के बाद आरिफ की अप्पी मेरे पास आई .

मई मान मैं ( क्या बात है एक बाद एक हॉट हॉट लड़किया मेरे पास आ रही है )

अनाम अप्पी - रोहित मेरे साथ थोड़ी देर के लिए बहार चलोगे मुझे प्रिय एक किये गिफ्ट्स लेने है .

मई - ठीक है चला हु वैसे आरिफ कहा है .

अनाम अप्पी - वो किसी और काम मैं बिजी है .

फिर मई शानवी को बता के की वो यहाँ सब संभल ले उसके बाद अनाम अप्पी को ले कर निकल गया .

अनाम अप्पी ने पहले प्रिय के लिए गिफ्ट्स लिए फिर जब हम वापस आ रहे थे तो वो रस्ते मैं पड़ने वाली पार्क मैं गाड़ी रोकने को बोलने लगी .

मैं कार को पार्क के बहार रोक दिया .

मई - अपने यहाँ क्यों रुकने के लिए बोलै.

अनाम अप्पी - मुझे तुमसे बात करनी है चलो वर्ण इससे ाचा मौका मुझे कभी नहीं मिलेगा और न hi मैं हिम्मत कर पाऊँगी .

उनकी बात मान कर हम पार्क के अंदर आ गए वो मेरा हाथ पकड़ कर पार्क के सबसे कार्नर मैं ली आई जहा कोई नहीं था .

वह आते उन्होंने मुझे गले लगा लिया ये देख कर मई थोड़ा सरप्राइज हो गया.

मई - ये आप क्या कर रही हो अप्पी चोरो मुझे .

अनाम अप्पी - मई तुम्हारी अप्पी नहीं हु तो ये मत बोलो और चुप रहो जो मई बोल रही हु चुप चाप सुन्ना मेरी बात .

अनाम अप्पी - मैंने पहले जो किआ है तुमपर गुस्सा और बहोत बार गलत तरीके से बात भी किआ सिर्फ इस्सलिये क्यों तुम काफिर थे मुझे माफ़ कर दो पहले के लिए .

मई - पैर मुझे तो याद भी वो साडी बातें छोटी छोटी बातो दिल से कोण लेता है .

अनाम अप्पी - तुमने मुझे नहीं नहीं सॉरी अपने मुझे जब से मेरे उस कमीने बर्फ से बचाया था तबसे सिर्फ आपके बारे मैं hi सोच रही हु मुझे पता hi नहीं कब आपसे प्यार हो गया और मई आपसे माफ़ी भी मांगना चाहती हु कही न कही आपको अपना सोहर भी मान लिया है मैंने इसीलिए आज हिम्मत करके आपसे बोलने आ गई अगर आप मेरे प्यार को ठुकरा भी देते हो तो मई जिंदिगी भर आपका इंतज़ार करुँगी क्यों मैंने पहले घर पैर बोल दिया है की मई कभी निकाह नहीं करुँगी और खुद जॉब कर के जी लुंगी .

इतना बोलने के बाद वो चुप हो गई और मेरे गले लगी रही मैंने देखा वो रू भी रही थी उनकी आँखों मैं अंशु भी थे .

मई - ारे रू मत आप चुप हो जाओ देखो उन्होंने मेरी बात को बिच मई काट दिया और बोली .

अनाम अप्पी - देखो चाहे मुझे गली दे दो पैर मुझे आप , आप मत बोलो मैंने आपको दिल से सोहर मन है अगर आपको कुछ बोलना है तो नाम ले कर बोलो वर्ण मई जहर खा लुंगी .

मई - इतना मरूंगा न अगर ऐसे बात फिर से बोली तो बड़ी आई जहर खाने लगी तुमने तो सोहर मान लिया और अब चोर कर जाने की बात कर रही हो अपने सोहर को बताओ क्या होगा तुम्हारे जाने के बाद सोहर का अभी तो मैंने अपनी बेगम के साथ सुहागरात भी नहीं मनाई है .

अप्पी कुछ बोलने वाली थी .

मई - चुप एक दम चुप रह तू कुछ मत बोल अगर एक सब्द भी बोलै न तो बात नहीं करूँगा जितना बोलता हु इतना hi करो अगर सोहर मन है तो सोहर की बात भी सुनो .

मेरी बात पैर वो एक दम चुप हो गई और अपना सर मेरे साइन पैर रख लिया .

मई - पता तू कितनी सेक्सी है अनाम पहले बार जब तुझे देखा था आरिफ के बर्थडे पार्टी पैर तो तेरा दीवाना हो गया था पैर पता चला तेरा कोई गफ है तो मैंने होप चोर दिया फिर जब आरिफ ने मेरे से हेल्प मांगी और बोलै तेरे बर्फ में तुझे ब्लैकमेल किया है सेक्स करने के लिए तेरे नुदेस को उसे कर के तो मुझे बहोत गुस्सा आया पहले तो मैंने तेरे और बाकियो के सामने वो सब डिलीट किया हैक कर के फिर पता है उस कमीने को मैंने मार मार के हॉस्पिटल पंहुचा दिया सेल की हिम्मत कैसे हुई मेरी पहली क्रश पैर गन्दी नज़र रखने की .

मई - हां अनाम मुझे तुम बहोत पसंद हो तेरी हे गांड मुझे बहोत मस्त लगती है अनाम बोल मरने देगी मुझे अपने इस सोहर को उसका बक देगी तू .

उसकी गांड दबाते हुए बोलै मैंने .




अनाम - जी आपको जो करना मेरे साथ कर सकते हो आपको मैंने सोहर मन है तो बेगम वाल हक़ भी ादः करुँगी .

ये बोलकर वो सरम ने मेरे साइन से चिपक गई .

मई - पता मई कभी गुस्सा या फिर नाराज़ नहीं होता था जब तू मुझसे अचे से बात नहीं करती थी या फिर अम्मी पैर भी नहीं क्यों मैंने तुम सबको अपनी फॅमिली मन है .

अनाम - थैंक यू आपका मुझे नहीं पता था की मेरा सच्चा प्यार इतनी आसानी से मिल जायेगा .

मई - पैर एक गड़बड़ है .

अनाम - क्यों क्या हुआ आप बताओ जो भी है हम साथ मिल कर हल कर लेंगे .

मई - बात ये है मेरी पहले से hi gf's है समझी और मैंने साडी भी कर राखी है और भी बात है जो तुझे बताऊंगा अब बोल क्या अभी मेरे साथ रहना चाहती है .

अनाम ने स्माइल किया और मेरे सिनो पैर अपने हाथ से सहलाते हुए बोली .

अनाम - आप भी कैसी छोटी बात पैर आप परेशां हो क्या आपको नहीं नाता हमारे मजब 4 सादिया कर सकते है और वैसे भी दुनिया मैं बहोत लोग है जिसकी 4 से जयदा बिबिया है तो आपको उसकी चिंता मत करो .

मई - सच्ची मुझे नहीं पता था मेरी बेगम इतनी समझदार निकलेगी .

अनाम - आखिर बेगम किसकी को .

मई - मेरी है तू अनाम पहले तू अप्पी थी आब्से तू मेरी बेगम है वैसे अनाम तेरी छूट बहोत क्यूट है और ऐसा लगता जैसे पिंक गुलाब का फूल हो .

वो शर्मा गई अपनी आंखे बंद कर के मेरे गले लगी रही .

अनाम - अपने कब देखा और ऐसे मत बात करो मुझे सरम आती है .

मई - वो मैंने जब डिलीट किया था तब अपने लैपटॉप मैं सेव कर लिया था उसके बाद देख कर बहोत बार मुठ मारा था .

अनाम - गंदे सोहर ऐसा कोई करता है चलो जाने दो वो पुराणी बात है अब आप वैसे मत करना अब मई हु आपका जो भी मन हो कर सकते हो मेरे साथ.

मई - वह जी वह सोहर को गन्दा बोलती हो कैसे बेगम हो हां .

अनाम - सॉरी गलती हो गई अप्पी ने बड़े प्यार से बोलै .

मई - कोई बता नहीं वैसे मेरा मन तेरी इस गुलाबी छूट मैं अपना लुंड डालने का है .

अनाम - जी दाल लेना आप .

मई - क्या दाल दूंगा बेगम साहिबा .

अनाम - जी अपना वो लुंदड़ दाल देना .

मई - वैसे कहा डालूंगा अनाम .

अनाम - जी मेरी गुलाबी पाक छूट मैं .

मई - ाचा वैसे अपना वीर्य कहा छोड़ूंगा जान .

अनाम - मेरी पाक गुलाबी छूट मैं .

मई - फिर तो प्रेग्नेंट हो जाएगी और मेरा बचा तेरी बच्चेदानी मैं ठहर जायेगा.

अनाम - ये तो मेरे लिए खुसी की बात होगी मई आपका फुला हुआ पेट दुनिया के सामने घूमूंगी आपका बचा अपने पेट मैं लेके .

मई - फिर तो दुनिया वाले गलग गलत बोलेंगे तुझे पूछेंगे ये बचा किसका है तो क्या बोलेगी तू .

अनाम - आप हो न अपनी बेगम को बचा लेना दुनिया से बोलो बचाओगे न मुझे .

मई - हां क्यों नहीं मेरी बेगम को कोई कुछ बोलेगा तो उसको जान से मार दूंगा इस बार अब से मेरी अनाम बेगम पैर सिर्फ मेरा हक़ है इस पाक सरीर पैर सिर्फ मेरा हक़ है तेरी जैसे खातून सिर्फ मेरे जैसे मर्द के लिए बानी है .

अनाम - जो मेरे सरताज मई सिर्फ आपकी hi सरताज आप मुझे सबसे छुपा कर अपने पास रखा इस पाक खातून को हमेशा अपने बड़े लुंड से छोड़ना मेरी गुलाबी पाक छूट का भोसड़ा बना देना मेरे सोहर.

मैंने अपने होठो को उनके होंठो पैर रख दिया और किश करने लगा .

मैंने अपने झिव को उनके झिव से लड़ने लगा हम दोनों एक दूसरे को सिद्दत से किश कर रहे थे .




वो मुझे इतने प्यार से अपने होंठो को चूसने दे रही थी की जैसे वो मुझे सब कुछ मान चुकी है वैसे तो ये ये सच मैं हो गया था .

अनाम - उम्म्म्म सलुपपपप सलुपपप सलुपपप मेरे जान मेरे सबकुछ मेरे सरताज मेरे मालिक उम्म्म सलुपपप .




हम दोनों एक दूसरे के आँखों मैं देख कर झिव लड़ा रहे थे वो मेरे थूक को जूस की तरफ पी जा रही थी .

मई - बेगम साहिबा तुम्हारे होंठो का राश बहोत मीठा है तेरी मुँह से निकलते ये थूक भी मुझे मज़बूर कर रही है की तेरे होंठो को काश के काट लू .

अनाम - काट लो सरताज इसमें पूछ ने वाली कोनसी बात है हां आप पूछा न करो सरताज जो मान करे कर लिया करना ठीक है आखिरी बात मेरे होंठो पैर किश करते हुए बोली .

मैंने उसके दोनों गाल पैर पड़े प्यार से पप्पू ली .

मई - अनाम हमारी बिच जो चलेगा वो उसका पता कभी गलती से भी आरिफ को पता नहीं चलके देना जब तक मई न बोलू ठीक है .

अनाम - ठीक है सरताज जैसा आप बोलो वैसे एक सेल्फी लेनी है मुझे आपके साथ प्लीज अपने बेगम को मन मत करना .

मैंने अनाम को अपनी गोद मई बैठ किया पास मैं जो बेंच पैर बैठ कर उसका फ़ोन लिया और साथ मई सेल्फी लेने लगा कभी किश करते हुए तो कभी वो मेरे कंधे पैर सर रख कर कभी अपना फेस मेरे साइन मैं छुपा कर फिर उसने मेरे दोनों गाल पैर किश करते हुए सेल्फी लिया.



तभी मेरे फ़ोन पैर कॉल आया .

प्रिय - भैया कहा रह गए आप.

मई - सॉरी बीटा बस 10 मिनट्स मैं पहुँचता हु तू टेंशन मत ली .

प्रिय - जल्दी आओ न भैया .

मई - बस बीटा आ गया मैं . फिर मैंने कॉल कट कर दिया .

मई - चले बेगम साहिबा अगर फोटो खींचना हो गया हो तो .

अनाम - जी चलो जैसे मेरे सरताज बोलेंगे मई वैसे hi करुँगी .

फिर मैं अनाम के साथ वापस पार्लर के लिए निकल गया सबके लिए चॉकलेट्स भी ले लिया वह पहुंच कर सबको चॉकलेट्स दिए सबसे जयदा रूही और भूमि को दिया .....




कंटिन्यू
 
थैंक यू बरोथेर नई अपडेट पोस्ट करर दिया है.

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थैंक यू भाई 100तह स्पेशल अपडेट दे दिया है .

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अपडेट 101

जैसे की आप सबने लास्ट अपडेट मैं पढ़ा था सबके साथ मई पार्लर पहुंच गया उसको ओपनिंग सेरेमनी हुई प्रिय के हाथो से उसके बाद पूजा हुआ फिर जब काम कर रहा था तब पिंकी ने मुझे बाथरूम मैं कीच लिया वह क्या क्या हु सबको पता है फिर उसके बाद सोफ़िया की बहन माहिरा से मिला तभी मेरे पास आरिफ की अप्पी अनाम के साथ गिफ्ट लेने गया और उसके बाद क्या क्या हुआ पार्क मैं अपने पढ़ा hi .

अब आगे

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रात को मैंने और दोस्तों ने मिल कर प्रिय के केक लाया जो स्पेशलय बनवाया था मैंने उसके लिए फिर केक कटाई हुआ सबने प्रिय को गिफ्ट्स दिए .

रात को 12 पं तक सब चले गए लास्ट मैं मई रूही संगीता और माँ hi बचे थे मैंने बुआ को बोल दिया सब बंद क्र के लास्ट मई आऊंगा .

सबके चले जाने के बाद मैंने पार्लर को बंद किया उसके बाद कार पीछे मैंने रूही और माँ के पास सुला दिया क्यों की वो सू गई थी और 1 जानते से मेरे गोद मैं थी .

संगीता मेरे साथ आगे बैठ गई और माँ रूही को अपनी गोद सुला कर पीछे बैठ गई .

हम पहले संगीता के घर जाने वाले थे .

वह पहुंचने के बाद हम सब घर के अंदर आ गए .

मुझे लगा माँ मेरे साथ घर चलेगी पैर नहीं उन्होंने मुझे खुद जाने को बोलै और वो रुकने वाली थी संगीता के साथ क्यों माँ को बात करनी थी उससे .

संगीता बहोत नर्वस लग रही थी .

वह से मई सीधा घर के लिए निकल गया वही संगीता के घर क्या हु मुझे नहीं पता मई आगे पता चल जायेगा .

घर पहुंच कर जब मैंने बेल्ल बजे तो बड़ी चची ने दूर ओपन किया शायद सब सू गए थे सिर्फ वही इंतज़ार कर रही थी .

मई - क्या हुआ चची आप सोइ नहीं अभी तक .

बड़ी चची - हां वो बस तुम्हारा और भाभी का इंतज़ार कर रही थी .

मई - वो आज नहीं आने वाली है वो मम के साथ उनके घर चली गई .

बड़ी चची - ोू ाचा फिर तुम जाओ सू जाओ मई गेट बंद कर देती हु .

मई - नहीं आप जाओ मई मैं दूर बंद कर देता हु.

फिर वो चली गई मैंने मैं दूर बंद किया और अपने कमरे मैं आ गया वह देखा तो मेरी बहने पूरा बीएड चेक कर सू रही थी .

किसी का सर किसी के पेअर पैर था तो किसी का पेअर किसी के पेट पैर था सब एक दूसरे से चिपक कर सू रहे थे .

उन सब मेरे रूम मैं कब्ज़ा कर किया था मई सोचने लगा की कहा जाओ सोने के लिए सभी सू गए होंगे किसी को डिस्टर्ब करना भी सही नहीं होगा इसीलिए मई बड़ी चची के रूम के बहार आ गया दूर नॉक किया .

थोड़ी दे बाद चची ने दूर ओपन किया मैंने उनको देखा तो ऐसा लग रहा था जैसे तूफान आया हु उनके बाल बिखरे थे उनके सर पैर पसीना भी था .



मुझे पता चल गया वो शायद फिंगरिंग कर रही थी मतलब छूट मैं ऊँगली .

चची हफ्ते हुए बोली .

बड़ी चची - क्या हुआ रोहित कुछ चाहिए क्या .

मई - हां मेरी प्यारी चची आज मई आपके साथ सोने आया तो वो क्या है मेरे कमरे पैर कब्ज़ा कर लिया है मेरी साडी बहनो ने .

चची ये सुन्न कर थोड़ी परेशां हो गई शायद अभी उनका झड़ना बाकि था .

मई - मैंने आपको डिस्टर्ब तो नहीं किया न यहाँ आके .

बड़ी चची - नै नै बिलकुल नहीं वैसे भी मई अकेले hi सू रही थी .

फिर मैं चची के बीएड पैर आके लेत गया मैंने नोटिस किया तकिये के निचे से छूट की खुसबू आ रही थी मैंने थोड़ा सा हटा कर देखा तो वह चची की पंतय थी ये देख कर मेरे फेस पैर स्माइल आ गई .

चची मेरे पास आके लेत गई .

मैंने चची के फेस को पकड़ा और पूछा .

मई - मेरी आशा चची कितनी मासूम हो आप जब आपको अकेला फील होता है तो मुझे क्यों नहीं बुला लेती हो या घर मई किसी और को ऐसे अकेले थोड़ी सोते है .

बड़ी चची - मई किसी को डिस्टर्ब नहीं करना चाहती हु मई नहीं चाहती हु की मेरी वजह से कोई परेशां हो.

मई चची के और नजदीक आ गया हम दोनों की ससे एक दूसरे से टकराने लगी.

मई - चची इसमें परेशानी वही कोई बात नहीं है समझी आप और आपको याद दिला दू मई आपका किसिंग पार्टनर हु समझी .

किश वाली बात पैर चची शर्मा गई .

मई - हाय देखो तो कैसे शर्मा रही है मेरी हॉटेस्ट चची .

बड़ी चची - बाबू ऐसे मत बोल मुझे बहोत सरम आ रही है .

मई - ाचा तू उस वक़्त सरम नहीं आ रही थी जब अपने मेरे होंठो को पागलो की तरह चूसा था तब .

चची ने अपना सरीर मेरे सरीर से चिपका किये न तो चची अंदर पंतय पहना था और न hi ब्रा और बस नाईट मैं थी जिससे चची के बड़े बड़े मुम्मे मुझसे चिपक गए .



मैंने अपना एक हाथ चची के गद्दे दार गांड पैर रखा और धीरे धीरे दबाने लगा .

बड़ी चची - आह्हः रोहित मेरे बाबू क्या कर रहा है अपनी चची के साथ .

मई - चची मई तो बस आपकी गांड दबा रहा हु बोलो क्या इतना भी हक़ नहीं मुझे की आपकी गांड दबा सकू और अपनी चची को प्यार कर सकू .

चची ने कुछ जवाब नहीं दिया इससे मुझे पता चला की चची हां चाहे जो मई उनके साथ करो .

मई - चची वैसे उस आपको मज़ा आया .

बड़ी चची - किस दिन की बात कर रहे हो रोहित .

मई - उसी दिन जब आप अपनी इस छूट मैं ऊँगली कर रही थी मुझे और दादी को सेक्स करता हुआ देख कर ये सुन्न कर चची बिलकुल शॉकेड हो गई . ( मैंने देख लिया था चची को पैर मैंने दर्शाया नहीं उनके सामने )

चची पानी पानी हो गई ये सुन्न कर .

बड़ी चची - रोहित क्या वो गलत नहीं था ऐसे अपनी दादी के साथ हम बिस्तर होना और वो भी गालिया देते हुए.

मई - इसमें गलत क्या है ये बताओ जब दोनों तैयार है और दोनों को वही चाहिए तो गलत क्या है मुझे सेक्स चाहिए और दादी को भी उनकी छूट मैं जयदा गर्मी थी इसीलिए मैंने संत कर दिया .

बड़ी चची - फिर भी मुझे लगता है ये सब गलत है हमे नहीं करना चाहिए .

मई - क्या नहीं करना चाहिए मेरी मासूम चची .

बड़ी चची - हमे सू जाना चाहिए बहोत देर हो गई है कल बहोत काम भी है .

मई - तो क्या मई आपको प्यार नहीं करू .

बड़ी चची - मुझे सोचने का वक़्त दो मुझे पता है रोहित की तुम यही तक नहीं रुकने वाली हो जितनी मासूम तुम समझते हो उतनी hi नहीं मुझे भी मज़ा आता है बाबू तुझे किश करके और मुझे इससे आगे भी जाना है पैर अभी मई इतना सब नहीं कर सकती हु .

मैंने चची के सर को ऊपर उठाया और उनके होंठो को चूसने लगा .

बड़ी चची - उम्म्म्म सलुपपपप वो भी मेरे साथ देने लगी और मुझे किश करने लगी मैंने अपना एक हाथ उनकी छूट पैर रख दिया और बहोत गिला था .



मई चची को किश कर रहा था और नीची उनकी छूट मशाल रहा था .

चची भी मुझे किश करते हुए अपने मुम्मो को मेरे साइन से रगड़ रही थी.

मई - मेरी हॉट चची एक बार नंगी हो कर दिखाओ न .

बड़ी चची - बाबू हम पहले hi बहोत आगे आ चुके अभी के किये इतना hi रहने दे .

मई - बस एक बार उसके बाद कुछ नहीं करूँगा .

चची ने कुछ देर सोचा और बोली .

बड़ी चची - प्रॉमिस करो की उसके बाद तुम सू जाओगे .

मई - पक्का प्रॉमिस कभी आपकी बात ताली है क्या मैंने .

चची ने मेरे होंठो को चूमा और कड़ी हो गई .

चची ने बड़े सेक्सी अंदाज़ मैं मेरी आँखों मैं देखा .



फिर उन्होंने अपनी निघ्त्य निकल कर फेक दिया और अपनी गांड दिखने लगी .



गांड दिखने के बाद उन्होंने अपनी टंगे फैलाई और अपनी छूट दिखने लगी ये करते समय वो इतनी हॉट लग रही थी की मन कर रहा था उनको पटक पटक कर छोड़ू फिर मैंने खुद को सांता किया क्यों आगे चल के उनको मई hi छोड़ने वाला था .



मई - चची एक बात मेरी भी मानोगे आप .

बड़ी चची - हां बोल न रोहित तेरी हर बात मानूंगी पैर वो सब करने को मत कहना .

मई - क्या आप मेरे साथ आज ऐसे hi सू सकती हो क्या .

चची ने कुछ देर सोचा फिर वो चलते हुए मेरे पास आई और मेरी बहु मैं लेत गई .

मैंने भी धीरे से अपने कपडे निकले और उनको काश के गले लगा लिया .

जिससे मेरा लुंड सीधा उनकी छूट पैर लगा दोनों उस वक़्त बहोत गरम हो हो गए थे .

बड़ी चची - आह्ह्ह्ह रोहित मत करो न अपनी चची के साथ ऐसे .

मई - चची क्या अपना अपने बाबू पैर भरोसा नहीं है क्या .

बड़ी - चची है न बाबू पैर मुझे खुद पैर भरोसा नहीं है कब मई खुद का आप खो दू मुझे पता नहीं .

मैंने उसके सर पैर किया किया और उनको सुलाने लगा .

वो बार बार अपनी छूट मेरे लुंड पैर रगड़ रही थी .



मई भी चची का साथ देते हुए कभी उनको किश करता तो कभी उनकी गांड को ज़ोर ज़ोर से दबाता .

एक पल ऐसा आया की हम दोनों इतने गरम हो गए की एक दूसरे की आँखों मैं देखते हुए ज़ोर ज़ोर से धक्के मरने लगे जिसे उनकी छूट और मेरा लुंड आपस मैं रगड़ रहा था .



हम दोनों को बहोत मज़ा आ रहा था .

बड़ी चची - आह्हः बाबू ऐसे छोड़ अपनी बड़ी चची आह्हः मेरा प्यारा बाबू ऐसे अपनी चची की प्यास भुजा दे बाबू जब मई पूरी तरीके से तैयार हो जाउंगी तो अपना लुंड दाल देना मेरी छूट मैं आह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्ह .

मई दकके मरते हुए जोश मैं आके उनकी बालो को खींचने लगा जिससे माहौल और सेक्सी हो गया .

कुछ देर तक ऐसे दकके मरने के बाद हम दोनों झड़ने लगे .

मैंने जोश मैं आके उनकी गांड पैर 4 5 तप्पड़ मार दिए चोर से उससे चची मुझे और जयदा चिपक गई .

हम दोनों ऐसे hi सू गए सुबह जब मेरी नींद खुली तो देखा चची तैयार हो रही थी सुबह सुबह हॉटनेस की दूकान कल देख कर मज़ा आ गया .



मई - वह चची इतनी तैयार हो कर कहा कहर धने जा रही हो वैसे बहोत फ्रेश लग रही हो क्या बता है लगता है रात को बहोत मज़े किये है अपने .

बड़ी मेरी तरफ देखते हुए बोली .

बड़ी चची - बदमाश कही का सिर्फ मैंने मज़े किये है या तुमने भी .

मई - दोनों ने किये है मेरी आशा .

बड़ी चची शर्मा गई आशा बोलने पैर.

बड़ी चची - ऐसे तो तुम्हारे चाचा भी नहीं बोलते थे बाबू .

मई - तो क्या हुआ मई बोलूंगा आपको आशा अकेले मैं .

चची ने अपनी गोल्ड की चैन कमर पैर सेट करते हुए शर्मा रही थी और मेरी तरफ बार बार देख रही थी .



बड़ी चची - जैसा मेरे बाबू का मान करे वैसे दीदी का कॉल आया था उन्होंने बोलै है की तू मत जाना वह उनको लेने वो आ जाएँगी संगीता और रूही के साथ यहाँ .

मई बीएड पैर से उठा और सीधा उनके पास गया वो मेरी तरफ भड़ने लगे हम दोनों पास आके कर एक दूसरे को किश करने लगी .



बड़ी चची मुझे ऐसे चुप रही थी जैसे जंगली बिल्ली दूध पैर खुदती है पिने के लिए .

तभी किसी ने दूर पैर नॉक किया तो हम दोनों अलग हो गए मई अपने कपडे ली कर बाथरूम मैं चला गया .

वही बहार दूर पैर बुआ थी .

बुआ - भाभी चलो न ढेर हो रहा है.

बड़ी चची - आ रही हु 2 मं अनु ये बोलने के बाद चची ने थूक को ठीक किया और बहार चली गई .

वही मई फ्रेश होने के बाद अपने रूम मैं आ गया .

कंटिन्यू
 
थैंक यू बरोथेर नई अपडेट पोस्ट कर दिया है.

थैंक यू भाई ऐसे सपोर्ट बस मिलते रहे अपडेट आते रहेंगे वैसे तो बहोत दिनों बाद से उपदटेस दे रहा हु तो कुछ रीडर्स नहीं दिख रहे है और रिस्पांस भी काम मिल रहा है उपदटेस पैर जाने दो कोई न जो मेरे रेगुलर रीडर है उनके लिए hi मैंने सिर्फ उपदटेस दे रहा हु और वैसे भी मई स्टोरी अपनी खुसी के लिए लिखता है मुझे मज़ा आता है तो आगे भी अपडेट आते रहेंगे .

थैंक यू भाई ऐसे अपडेट आते रहेंगे बस सपोर्ट मिलता है आप जैसे जेन्युइन रीडर्स की तरफ से .

थैंक यू बरोथेर नई अपडेट पोस्ट कर दिया है.

थैंक यू बरोथेर नई अपडेट पोस्ट कर दिया है.

थैंक यू बरोथेर वैसे कोनसे डबल क्रॉस की बात कर रहे हो भाई .

थैंक यू बरोथेर नई अपडेट पोस्ट कर दिया है.

थैंक यू बरोथेर नई अपडेट पोस्ट करर दिया है.

थैंक यू बरोथेर अभी और रासलीला होगी आगे
 
अपडेट 102

जैसा की अपने लास्ट अपडेट मई पढ़ा था पार्टी से संगीता के घर गया वह से माँ ने मुझे घर भगा दिया जहा मेरी बहनो ने मेरे रूम पैर कब्ज़ा कर रखा जिससे मुझे बड़ी चची के पास सोना पड़ा और वह क्या हुआ वो आप सबने लास्ट अपडेट मैं पढ़ा hi था .

अब आगे

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जब मई अपने रूम मैं पंहुचा तो देखा अभी सभी के सभी वैसे hi सू रहे है पैर आरती जो थी और बीएड के निचे गिर गई थी पैर वैसे hi सू रही थी और ये देख कर मुझे बहोत हाशि आ रही थी .

मैंने रूम मैं स्पीकर्स लगे है इन् सबको उठाने का यही तरीका मुझे सुजा और सोचा थोड़ा प्रैंक भी हो जायेगा इसीलिए मैंने फुल साउंड पैर गण बजा दिया .

जैसे गण बजा सब एक दम से दर के उठ गए और मई उन्हें देख कर हैश रहा था .

कोमल - क्या भाई ऐसा कोई करता है भला हम कितना दर गए थे .

मैंने स्पीकर बंद किया और बोलै ,

मई - पहले ये बताओ तुम सब यहाँ क्या कर रही हो हां रात को मुझे निचे वाले रूम मई सोना पड़ा पता है तुम सबको .

डिम्पी - भाई सब इन लोगो की गलती है कल रात मेरी बरी थी आपके साथ सोने की पैर ये सब मेरी बात नहीं मान रहे थे .

मई - ाचा ये बात है चलो सब ये बताओ क्या ये सच है की कल डिम्पी की बरी थी और तुम सब नहीं मान रही थी .

किसी ने कुछ नहीं बोलै मेरी बात पैर.

मई - इसका मतलब डिम्पी सच बोल रही है तो ठीक है डिम्पी को चोर कर बाकि सब को पनिशमेंट मिलेगी .

सबने एक साथ बोलै - भाई ऐसा मत करो अब से गलती नहीं होगी .

मई - नहीं अगर आज सजा नहीं मिली तुम सबको तो अगली बार भी गलती करोगी तुम सब और ये हर बार होगा .

सब - ठीक है भाई आप जो पनिशमेंट डोज हम पूरा करेंगे .

मई - तो ठीक है आज से एक हफ्ते तक बहार का कोई भी फ़ूड बंद तुम सब के लिए सिर्फ डिम्पी को चोर कर .

इस पैर उन् सबकी आंखे बड़ी हो गई ऐसा लग रहा था जैसे मैंने उन सबकी आंखे मांग ली हो .

आरती - भाई मई आपकी प्यारी चुटकी हु न प्लीज मेरे साथ ऐसा मत करो आपको पता है न अगर मई 2 दिन के अंदर बहार का कुछ न खून तो मेरे पेट मैं दर्द होने लगता है .

उसके साथ सबने यही बात बोलै .

मई - बिलकुल नहीं चलो अब सब जाओ अपने अपना रूम मैं और हां ये रूम साफ़ करो तुम सब मिल कर और हां अगर तुम सब ने अचे से पनिशमेंट निभाया तो मई 1 हफ्ता बीतते hi तुम सबको पार्टी दूंगा वैसे तो मुझे उम्मीद है मेरी बहनो से की मेरी हर बात मानेंगी और चीटिंग नहीं करेंगी.

मैंने लास्ट मैं उन सबको इमोशनल ब्लैकमेल कर दिया ताकि वो सब मेरी बात मने .

सबके चहेरे का रंग उड़द गया था और सब मिलकर मेरे रूम की साफ़ सफाई करने लगी .

साफ़ करने के बाद वो सब जाने लगे तो मैंने सबके गाल पैर किश किया ताकि खुश हो जाये और हुआ भी ऐसा hi वो सब खुसी खुसी अपने रूम मैं चली गई .

फिर मई बाथरूम गया नहाने के बाद अपने कपडे पहने और निचे आ गया मैंने देखा बुआ और बड़ी चची जा रही और छोटी चची और दादी सोफे पैर बैठी है मई भी उसके साथ जेक बैठ गया .

मई - बुआ शानवी और पिंकी पार्लर मैं hi काम करेंगी आपको पता है न .

बुआ - हां जणू पता है पिंकी मेरे साथ रहेगी और शानवी बाकि साथ देखेगी तू चिंता मत कर और मैंने बाकि 2 लड़किया और लाख की है जो प्रोफेशनल है .

मई - फिर ठीक है और हां संभल के जाना .

बुआ - ठीक है जणू फिर बुआ और बड़ी चची निकल गई .

मई - डार्लिंग दादी मई क्या सोच रहा था क्यों न एक कार खरीद किया जाये बुआ के लिए और घर पैर रहेगी तो काम भी आएगा.

दादी - कैसे तुझे ाचा लगे बीटा तू तो मेरी जान है जो तू बोलेगा वैसे hi होगा .

मई - बिलकुल नहीं दादी आप अभी भी इस घर की मालकिन हो और जैसे आप बोलोगी वैसे hi होगा .

दादी इस पैर लेर मेरे सर पैर किश किया फिर उसके बाद मई सबके साथ ब्रेकफास्ट किया और निकल गया अपने दोस्तों के पास आज हम तीनो शोरूम का काम करवाने वाले थे वैसे तो आरिफ का सारा पैसा खर्च हो गया था पैर मेरे पास था तो मैंने आगे काम करवाने का देसीडे किया पैर आरिफ ने बोलै लोन ले लेते है पैर मैंने मन कर दिया उसने पहले जयदा पैसे लगा दिए .

उधर का काम निपटा लिया और वैसे भी कल हमारा रिसल्ट था और उसके कुछ दिन बात एडमिशन भी चालू हो जाने वाले थे फर्स्ट ईयर के जिसके बहनो का भी एडमिशन करवाना था .

फिर मैं संगीता के पुराने वाले घर पैर पंहुचा और अनाम को भी बुला लिया .


घर को तो मैंने पहले से चमका दिया था मैं अपना काम कर रहा था कंप्यूटर पैर और वो काम शो पर्सन का था जिससे कुछ दिन पहले बात हुई थी डार्क वेब पैर जिसको मैंने मन किया था पैर बाद मैं मान गया था उसकी पूरी स्टोरी सुनने के बाद .

कुछ देर बाद जब मई अपना काम कर रहा था तभी दूर बेल बाज़ी , मैंने जेक दूर ओपन किया तो सामने अनाम कड़ी थी हिजाब पहने उसमे वो बहोत हॉट और क्यूट लग रही थी .




उसके अंदर बुलाया फिर दूर को बंद कर दिया और जैसे पीछे मुदा वो मुझसे लिपट गई .

मई - लगता है मेरी बेगम साहिबा को कुछ जयदा hi प्यार आ रहा है मुझपे .

अनाम - आये भी क्यों न सोहर जो हो मेरे आप .

मैंने उसको अपनी गोद मैं उठा लिया और सोफे पैर बैठ गया .

मई - कैसा लग रहा है मेरी बेगम को.

अनाम - बहोत ाचा लग रहा है आपके साथ आपकी गोद मैं ऐसे बैठ कर .

मई - ाचा अम्मी कैसी है अनाम .

अनाम - जी अम्मी तो एक दम फिट है उसने ये बात अपनी सर को मेरे कंधे पैर रखते हुए बोली .

मैंने भी अनाम का सर सहलाने लगा .

कुछ देर तक हम ऐसे बैठे रहे उस बिच इसका हाथ मेरी टीशर्ट के अंदर था और धीरे धीरे उसने मेरे जीन्स मैं अपन हाथ दाल दिया और मेरे लुंड को पकड़ कर सहलाने लगी .

जब मेरे लुंड ोुरो तरह से खड़ा हो गया था तब अनाम बोली .

अनाम - आपका ये बहोत बड़ा है जान .

मई - क्या बड़ा है अनाम बता .

अनाम - जी आपका ये लुंड बहोत बड़ा है सच मैं .

मई - क्यों पहले किसी का देखा है क्या मेरी बेगम साहिबा ने .

अनाम - हां वो मेरे एक्स ने दिखाया था ज़बरदस्ती और अपनी कसम दे कर hi उसने मेरे नुदेस लिए थे जान और वो मेरी लाइफ की सबसे बड़ी गलती थी .

मैंने उसका सर सहलाते हुआ बोलै .

मई - कोई बात नहीं मैंने बचा लिया न अपनी अनाम को .

अनाम - हां और मुझे अपना बना लिया पता आपसे मुझे पूरा भरोसा है आप को बोलोगे मई वही करुँगी और मुझे पता है आप मेरी बात नहीं टालोगे कभी इसीलिए मैंने आपका लुंड पकड़ रखा है .

मई - देख अनाम मई किसी के दिल के साथ नहीं खेल सकता हु मई जो भी कराय हु सामने वाले को बता कर करता हु देख मेरी बहोत सी गर्लफ्रेंड है और मेरी 4 बिबिया है जिनमें से 2 प्रेग्नेंट भी है और मेरी एक बेटी है समझी और उन सबको एक दूसरे के बारे मैं पता है .

अनाम - मुझे उनसे कोई प्रॉब्लम नहीं है मुझे बस आपका प्यार चाहिए और आप चाहते हो तो मई भी आपके बचो की अम्मी बनना पसंद करुँगी .


कंटिन्यू

गाइस नई अपडेट आने मैं टाइम लग जायेगा गए क्यों कल मई आउट ऑफ़ सिटी जा रहा हु इसीलिए और मुझे टाइम नहीं मिलेगा ये स्टोरी लिखने का
 
अपडेट 103

जैसे की आप सबने लास्ट अपडेट मैं पढ़ा था कैसे बहनो को पहले सजा दिया फिर सबको किश देके मन कर निचे भेज दिया उसके बाद निचे आके बुआ से बात किया फिर दादी से उसके बाद अपने दोस्तों के साथ कर शोरूम का काम करवाया और वह से संगीता के पुराने वाले घर पैर आ गया जहा मैंने अनाम को बुलाया लिया उसके आने के बाद उसके साथ सोफे पैर बैठ कर बात करने लगा.

अब आगे

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मई - बड़ी जल्दी है मेरी बेगम साहिबा को मेरे बचो की अम्मी बनने की .

अनाम - हां बनना है तू .

मई - तू क्या बना देता हु चले रूम मैं .

वो शर्मा के अपने चहेरे को मेरी टीशर्ट मैं छुपा ली .

मई - वह देखो तो शर्मा तो ऐसे रही है इसको सच मैं कमरे मैं ली जेक अपने बचो की माँ बना दूंगा .

अनाम - तंग न करो आप .

मई - तुझे तंग न करू तो किसी करू बता मुझे .

अनाम - किसी को मत करो तंग बस मुझे करो अभी आप मेरे साथ हो तो मेरे बन के रहो समझे .

मई - बिलकुल ाचा ये बता तूने कुछ खाया है या नहीं .

अनाम ने मासूम सा चहेरा बना कर बोली .

अनाम - जी नहीं खाया वो भूक नहीं लगी थी आपसे मिलने की एक्ससिटेमेंट मैं.

मई - ये गलत बात है न आगे से ऐसा मत करना चल बोल क्या खायेगी घर का फिर बहार से कुछ आर्डर करू तेरे लिए.

अनाम - जी वो बटर चिकन माँगा दो न मुझे बहोत बसंद है मेरी फवौरीते है वो और आपके हाथो से खाके को मिल जाये तो क्या hi कहने .

मई - ाचा जी मेरी अनाम को बटर चिकन पसंद है तो यही खिलाऊंगा बाबू अपने हाथो से .

अनाम खुस हो कर मुझे किश करने लगी उसके लिप्स बहोत मुलायम थे वो किश करते हुए मेरे झिव को चूसने लगी और मेरे थूक को भी पिने लगी .




मई - उम्म्म्म सलुपपपप बस बस मेरी जान इतनी ख़ुशी .

अनाम ने हफ्ते हुए कहा - हां चालू हुब्बी अब आप आर्डर करो अपनी बेगम की मान पसंद चीज . अनाम का हाथ अभी भी मेरे लुंड पैर भी था जो वो सुरु से मशाल रही थी .

मई - वैसे ये तेरे हाथ कहा है .

अनाम - मेरे हुब्बी के लुंड पैर और इससे आपको कोई प्रॉब्लम नहीं होने चाहिए समझे आप .

मई - बिलकुल समझ गया उसके बाद मैंने बटर चिकन आर्डर कर दिया 30 मिनट्स बाद वो आ भी गया फिर हम दोनों ने साथ खाया मैंने पूरा अपने हाथो से अनाम को खिलाया .

उसके बाद मई अपना काम करने लगा और अनाम मेरी गोद मैं पैठ कर कभी मेरे गलो पैर किश करती तो कभी मेरे होंठो ऐसे साम हो गया इस बिच माँ का फ़ोन भी आया था कुछ ढेर बात करने के बाद मैंने कॉल कट कर दिया .

अनाम - मुझे अब घर जाना होगा .

मई - चलो मई ड्राप कर देता हु साम हो गई है अकेले मत जा तू .

अनाम - और अगर घर वालो ने देख लिया तो .

मई - तो बोल दूंगा तू रस्ते मैं लिली थी और वासी भी मुझे कोई कुछ नहीं बोलेगा .

अनाम - और अम्मी का क्या करोगे .

मई - तेरी अम्मी भी तेरी तरफ है पहले नफरत करती थी पैर जब मैं तुझे बचा तो मुझे पसंद करने लगी .

अनाम - हां अम्मी आपके बारे बहोत बात करती है और तारीफ भी करती है और आरिफ से भी पूछती रहती है .

मई - ाचा जी लगता है तेरी अम्मी को भी पटना पड़ेगा .

अनाम - गंदे कही के , मैंने अनाम को अपने बाँहों मैं ले लिया .

मई - वह अब मई गन्दा हो गया और कुछ देर पहले जो तू मेरे लुंड के साथ खेल रही थी वो क्या था .

अनाम - वो मेरा हक़ था समझे न आप ,उसने भी मुझे काश के गले लगते हुए बोली .

मई - अनाम अपनी छूट दिखा न मेर ाबड़ा मान है .

अनाम - मुझे सरम आएगा न बोलो न अभी ये करने को .

मई - ठीक है मई उदास होते हुए बोलै.

अनाम - बब्बी साद न हो न मई तो बस ऐसे बोल रही थी आपको जो देखन है देख लो न पैर उदास मत हो आपको मई नहीं देख सकती हु .


ये बोल कर वो मुझसे अलग हो गई और अपने कपडे निकल कर अपने छूट दिखने लगी .



अनाम - हुब्बी ये लो देख लो मई आपको नहीं मन करुँगी किसी भी चीज के लिए .

अनाम के मुम्मे और छूट देख कर मेरा लुंड और जयदा खड़ा और बड़ा हो गया उसकी छूट पैर बाल भी थे .

मैंने उसको अपनी बहो मैं भर लिया और उसकी छूट को अपनी उंगलियों से सहलाने लगा .

अनाम - मेरे राजा मेरे हुब्बी माफ़ करना मैंने शेव नहीं किया है और नेक्स्ट टाइम कर लुंगी जान .

मई उसकी छूट को सेह लेट हुए बोलै .

मई - कोई बात नहीं वैसे देख न तुझे ऐसे देख कर मेरा लुंड और बड़ा हो गया है बोलना दाल दू अभी इसको छूट मैं .

अनाम - अगर आपका इतना hi मान गई तो दाल दो मेरे प्यारे हस्बैंड.

मई - नहीं अभी नहीं मैं इस चीज को किसी खाश पल के लिए बचा के रखूँगा समझी तू .

अनाम - ठीक है बब्बी जी .

मैंने ज़ोर से एक तप्पड़ उसकी गांड पैर मारा जिससे अनाम को दर्द तो बहोत हुआ पैर चिल्लाने की बजाये वो स्माइल करने लगी और अपने हाथो से मेरा हाथ पकड़ के इससे जगह पैर रख कर सहलाने लगी.

मई - दर्द हुआ मेरी जान को .

अनाम - हां पैर मज़ा भी बहोत आया मुझे ऐसे मारा करना जब आपका मान हो बब्बी .

मई - ाचा चल कपडे पहन ले और घर चलते है .

अनाम - ी लव यू मेरे हस्बैंड रोहित सिंह जी .

मई - ी लव यू तू मेरी बेगम मरस अनाम सिंह .

ये सुन्न कर अनाम शर्मा कर अपने कपडे पहले और मेरे गाल पैर किश किया.

फिर मैंने घर को कीच किया और अनाम को घर पैर ड्राप किया वह आंटी से भी मिला वो मुझे देख कर स्माइल कर रही थी उनसे बात करने के बाद अपना घर पैर आ गया जहा संगीता और रूही भी रुकी थी आज वो मेरे घर hi रहने वाली थी .


कंटिन्यू
 
हां बीआरओ थोड़ा बिजी हु लाइफ मैं और मैंने पहले hi बोल रखा है ये मेरी फवौरीते स्टोरी है जो मैं फ्री मंद के साथ लिखना पसंद करता हु इसीलिए जब मुझे ऐसा लगता अब लिखना चाहिए तो अपडेट देता हु जब मुझे लगता है की स्टोरी मैं अब सेक्स डालना चाहिए तो डालता हु पर वैसे ये लॉन्ग फॅमिली सेक्स स्टोरी है तो मैं इसको जितना लॉन्ग हो सके उतना लॉन्ग स्टोरी बनाऊंगा
 
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