Incest Mere sasur ji - Page 7 - SexBaba
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Incest Mere sasur ji

तभी मनोरमा को कुछ एहसास हुआ तो वो ससुर जी से अलग हो गई

और पलट क्र कड़ी हो गई

ससुर: क्या हुआ बेटी

म: ये गलत है पापा मैं शादी शुदा हु

मेरा परिवार है पति है और मैं ये सुब नहीं नहीं ये पाप है पापा

और वो भी अपने पापा के साथ

ससुर जी ने मनोरमा का हाथ पकड़ा

तो

म: प्लस पापा जाने दो नहीं तो पाप हो जायेगा

प्

अपने पति से क्या कहूँगी कैसे उनका साम्बा करुँगी

ससुर': पर उनको बताएगा कौन

मनोरमा दी पलट क्र

म: आप झूठ बोलने को बोल रहे है अपने पति से

ससुर: कुछ बोलेगी तो झूठ होगा न

म: कितने गंदे इंसान हो आप पापा अपनी बेटी के साथ ये सुब करने के लिए आप मुझे झूठ बोलने और छुपाने के लिए बोल रहे हो

और अपना हाथ ससुर जी के हाथ से छुड़ा क्र अपने रूम मैं चली गई

ससुर जी का मूड ख़राब हुआ पर हम माँ बेटी थी न तो

तेज आवाज़ मैं मनोरमा दी से

ससुर: ठीक है बेटी मैं समझ गया की मेरी किस्मत ख़राब है कोई नहीं है मेरा न बेटी न बीवी

मैं जा रहा हु नहीं आऊंगा तेरे पास और हमारे पास आ गए

और जहा पर हम माँ बेटी की मस्त चुदाई की पूरी तरह से रंडी बना क्र

दोनों माँ बेटी को एक साथ एक बीएड पर नंगा करके दोनों को घोड़ी बना क्र पहले गांड चुदाई फिर बुर चुदाई

जैसे हे सरूर जी घर के दरवाजे पर आये हम दोनों माँ बेटी ने एक दम नंगी हो क्र दरवाजा खोला

ससुर': वाह रंडियो क्या मस्त काम किया है दिल खुश क्र दिया

और अंदर आते हुए हम दोनों के एक एक बूब्स पकड़ लिए

हम दोनों एक साथ

आआआअह्हह्ह्ह्हह दरवाजा तो बंद कर्म दो

ससुर: मेरा बस चले तो दोनों को नंगा करके घुमाऊ पुरे शहर मैं

में: है क्र लेना बाद मैं पर अभी दरवाजा बंद करने दो

और माँ ने जल्दी से दरवाजा बंद किया

माँ: आप के लिए कुछ करना मतलब

अपनी जान को आफत मैं डालना

ससुर': है है है है

और हम उनको ले क्र बीएड पर

जहा पहले मेरी छूट चूसै हुए फिर माँ की और फिर ससुर जी के लुंड को हम दोनों माँ बेटी ने गांड मैं झेला

में: aaaaaaaaaaaaaaahhjiiiiiiiiiiiiaaaaaa माहाआर डालोगे क्या

ससुर: है फाड़ दूंगा तेरी गांड

में: किसका गुस्सा है ये

सौर: तुझे पता है किसका है

में:. ऊऊऊररररर ममममममम मेरी क्या गलती है मेरी क्यों फाड़ रहे हो

आप की बीवी अपने बेटे के चली गई इसमें में क्या गलती है

ससुर: रैंड मैं मनोरमा की बात क्र रहा हु हाथ मैं आते आते निकल गई

में: ुउउइइइइइ माआआआ बचाओ

माँ: इससे छोड़ दो मेरी फ़ायद लो

ससुर': चुप क्र कुत्तिया इसकी फाड़ने दे फिर तेरा भी नंबर आएगा चिंता मत क्र

में: माआआआ रहने दो आप अभी मैं जानती हु क्या हुआ है

इनकी बेटी ने इनको अपनी छूट छोड़ने नहीं दी तो मुझ पर गुस्सा निकल रहे है

माँ: उनकी क्या ज़रूरत है आप को हम है न आप के मुसल के लिए

ससुर: है हो पर तेरी बेटी ने हे आग लागइ है मेरे अंदर दोनों बेटियों को छोड़ने की

माँ: तू भी पागल है बेटी

में: maaaaaaaaaaaaaaa मैं तो इनका भला चाहती थी की जब मैं दिल्ली चली जाऊ तो इनका काम होता रहे

मुझे क्या पता था की इनकी बीवी अपने बेटे का लुंड लेने के लिए दिल्ली चली जाएगी

और इनकी बेतिया इनको अपनी छूट नहीं देंगी

ससुर: कुत्तिया छूट तो मैं अब दोनों की लूंगा

देखती जा बस

अभी तू ले अपनी गांड









मैं

में: aaaaaaaaaaaaaaahhjiiiiiiiiiiiiaaaaaa ले तो रही हु और कैसे लू मेरे राजा बोल न और क्या कृ

ससुर: मेरा पानी निकल जल्दी तेरी गांड का सुराख़ भी ढीला पद गए एक दिन मैं

में : ऊऊफफफफफ मैं क्या कृ मुसल आप के पास है फआयआयड दी तो क्या करूउऊउउउउ

माआआआ

ससुर माँ से

चल कुत्तिया अपनी गांड खोल त्रि बेटी के है का नहीं है मेरे पानी निकलना

माँ: है है लो न और माँ घोड़ी बन गई उसे. ससुर जी ने मृ गांड से लुंड निकल क्र

माँ की गांड मैं के झटके मैं पूरा लुंड दाल दिया

और माँ किसी गाढ़ी की तरह चीख पड़ी

माँ: maaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa

faaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaad diiiiiiiiiiiiii

मेरी gaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaad

ससुर: चुप हो जा कुत्तिया बहार लोग ीखते हो जायेंगे

माँ' धीरे नहीं दाल सकते क्या

ससुर': धीरे डालना होगा तो तेरी हे गांड है क्या अपनी बेटियों की गांड मरूंगा धीरे

सामजी और ताबतोड़ धक्के मरने लगे

और माँ की चीखे कमरे मैं गूंज रही थी

पर आप लोग ये मत समझना की हम दोनों माँ बेटी को मज़े नहीं आ रहे थे

सुच तो ये हे है जयंती जोर के झटके उतना हे मज़ा और बरी बरी से हम दोनों माँ बेटी की ज़बरदस्त चुदाई करने के बाद ससुर जी मेरी छूट मैं झड़े

ससुर: तुझे इस घर का बारिश देना ही

ले अपने ससुर का बच्चा अपनी बच्चेदानी मैं

और अपनी निकल क्र मेरे उप्पेर ले गए

हमारी चुदाई करीब दो घंटे चली और

और ससुर जी की प्लानिंग के हिसाब से हम घर आ गए पर ससुर जी नहीं

और जब काफी टाइम हो गया तो मनोरमा दी

पापा जी नहीं आये

में: गए होंगे किसी दोस्त के पास

म: है पर काफी टाइम हो गया और खाना भी नहीं कहाया था

माँ: बाजार मैं खा लिया होगा

म: पापा बाजार मैं नहीं कहते

मैं मैं मैं हम दोनों माँ बेटी की छूट खाई है वो क्या काम है

माँ: तो फ़ोन क्र के पूछ लो

म: नहीं रहने दो आ जायेंगे

और अपने रूम मैं चली गई

हम से थोड़े न बोलती

और रूम मैं जा क्र इसी कन्फूसिओं मैं की कॉल करे या नहीं

शाम के 6 बज गए

उधर ससुर जी मुझ से पूछ पूछ के परेशान क्यों की पूर्वी भी बिजी थी अपने घर मैं

और करीब 7 बजे मनोरमा का sasur'ji की मश्ग

म: कहा पर हो रात हो गई घर नहीं आना
 
ससुर': क्या करूँगा आ क्र

म: रात होने वाली है खाना खाया या नहीं

नहीं तो मम्मी मुझ पर गुस्सा करेंगी की एक दिन अपने पापा को खाना नहीं खिला सकीय

ससुर': मुझे खाना नहीं अपनी बेटी का प्यार चाहिए

म: पापा आप क्यों नहीं समझ रहे हो

ससुर: समझ रहा हु इसी लिए घर नहीं आ रहा

म: पापा प्लस आ जाओ

ससुर': नहीं आऊंगा मैं अब कभी

म: पापा आप को मेरी कसम नहीं आये तो समझ लेना आप की बेटी आप के लिए मर गई

ससुर: मनोरमा

म: रट हुए और क्या कृ मेरी मज़बूरी नहीं समझ रहे अपने पति को कैसे देखा दू

जैसे मोहित का माँ के साथ आप को पता लगा तो कितना बुरा लगा आप को

और तै का माँ को

फिर अगर मैं गलत राष्टीय पर गई और मेरे पति को पता लगी फिर क्यों मुँह दिखाउंगी उन्हें

ससुर: क्या अपने पापा से प्यार करना गलत है

म: गलत नहीं है पर जो आप मांग रहे हो वो गलत है

ससुर: गलत है तो ठीक है मैं नहीं आ रहा

म: गुस्स्से मैं ठीक है मत आओ

और रूम से बहार आ गई

में: क्या हुआ ससुर जी से बात हुए

मनोरमा दी ने झूठ बोलै की नहीं हुए

पर मेरे पास sasur'ji का मश्ग आ चूका था

और इससे लिए

में: आप की कोई बात हुए है क्या

मनोरमा दी चौक ते हुए

म : नहीं तो

में: मुझे लगा की कुछ हुआ है

इसी लिए

म: इसी लिए मतलब

में: पापा जी ए नहीं है क्यों की हम तो घर पर नहीं थे

म: ऐसा कुछ नहीं है

में: तो खाना खा ले

म: नहीं आप लोग खा लो मुझे भूक नहीं है और फिर से अपने रूम मैं

और हम दोनों माँ बेटी उनकी बेचैनी पैट है पड़े

और अंदर मनोरमा दी बैचैन थी

सायद औरत vol रही थी है और बीवी न

पर हमेशा एक औरत हे जीतती है तभी तो

दी ने खाना नहीं खाया और करीब रात के 9 बजे

म: पापा घर आ जाओ प्लस

ससुर: नहीं

म: आप को मेरी कसम है पापा आप आ जाओ और जो आप का दिल करे क्र लेना पर घर आ जाओ

ससुर: सुच

म: है शरीफ आप की ख़ुशी के लिए

ससुर: और तेरी

मनोरमा दी चुप रही

ससुर: और तेरी

म: मेरी क्या पापा मेरी क्या आप मेरी मज़बूरी नहीं समझ रहे तो. जो मैं करे करो

ससुर: मुझे मेरी बेटी चाहिए उसकी लाश नहीं

मैं बाप हु तेरा

म: तभी तो त्यार हु पापा आप आ जाओ

ससुर: मेरी बेटी चाहिए लाश नहीं

म: अच्छा बाबा बेटी मिलेगी अब तो अस जाओ

ससुर: तो कैसे मिलेगी

म : मतलब

सौर: मतलब किस तरह त्यार हो क्र

या दुल्हन के लिबास मैं और आज कल की लड़कियों की तरह बेशरम बन क्र

मनोरमा दी सरमते हुए

म: आप को क्या चाहिए बेटी या दुल्हन

ससुर': बेटी

म: तो आप की बेटी मिलेगी आप को अपने पापा की प्यारी बेटी मनोरमा जो अपने पापा की ख़ुशी के लिए अपने परिवार को अपने पति को और अपनी 4 साल की बेटी को झूठ बोलेगी

ससुर: फिर

म: सॉरी सॉरी अब आ जाओ न

ससुर': मुझे चिकनी पसंद है

म: मतलब

ससुर: तू बच्ची नहीं है सुब जानती है

म: तो आप की नहीं चलेगी आप की बेटी की चलेगी

समझे और जो मिले न उससे दिल से खा लेना चाहिए

ससुर': ठीक है बेटी सुब से साथ अपनी पसंद का किया पर अपनी बेटी के साथ उसके मैं का

म: अब बात बनाते रहोगे या अपनी बेटी के पास आओगे

ससुर': तू रुक मैं आया और तब तक उन दिनों को सुला दे

म: कोशिश करती हु

और

 
मनोरमा दी बहार आई और मुझे और माँ को सोने के लिए बोलने लगी तो हम दोनों. माँ बेटी चली गई क्यों की हम जानती थी की आज रात क्या होने वाला है इस घर मैं

थोड़ी देर बाद दरवाजे पर बेल्ल बजी और मैं अपने रूम से बहार देखने लगी

मनोरमा दी ने दरवाजा खोला और ससुर जी अंदर आ गए और दोनों एक दूसरे की आँखों मैं देख रहे थे पर बोले नहीं

और मनोरमा दी ने पहले sasur'ji को खाना खिलाया और फिर करीब आधे घंटे बाद दोनों मनोरमा दी के रूम मैं आ गए

मैं और माँ विंडो से अंदर देखने लगी

जहा sasur'ji बीएड पर बैठे थे और मनोरमा दी कड़ी थी

और दोनों एक दूसरे को देख रहे थे

आखिर मैं

म: क्या देख रहे हो

ससुर: अपनी बेटी को जो इतनी बड़ी हो गई है

म: आज आप को याद आई इस बात की की मैं बड़ी हो गई हु

ससुर: क्यों की आज हे मैंने अपने बेटी को इस नज़र से देखा है

म: उनकी आँखों मैं देखते हुए

किस नज़र से

ससुर: उसी नज़र से जब एक मर्द को एहसास होता है की इस औरत को

म: औरत को

सौर: अपना बना सकता है
 
म: आप न सुच मैं पुरे बेशरम हो चुके हो और मुझे भी क्र डोज

चलो सो जाओ

ससुर: सो जाओ मतलब

मनोरमा दी इठलाते हुए और क्या सो जाओ

ससुर: क्या मैं अपनी बेटी के रूम मैं सोने आया हु

म: तो

ससुर': अपनी बेटी को प्यार करने के लिए

मनोरमा दी मिरर के सामने खड़े हो के मेकअप करने लगी

और सौर जी देख रहे थे

ससुर: किसके लिए ये मेकअप क्र रही है

म: अपने उसके लिए

ससुर: अपने उसके किसके लिए

म: है एक बुद्धा जिसे अपने उस पर बहुत घमंड है

सौर: उससे किस पर

म: नज़र झुका क्र अपने मुसल पर

ससुर': तो होगा न उसका

म: है है पर डरायेगा का क्या

ससुर: वो तो ओखली को पता चलेगा

म: है वो तो है

और धीरे धीरे बीएड पर ससुर के साथ बैठ गई

और हम दोनों माँ बेटी विंडो से

माँ: अगर ये पैट गई तो हमारा क्या होगा

में: तुम अपने घर और मैं अपने

माँ: मतलब

में: माँ मतलब ये की सेक्स हे ज़िन्दगी नहीं है जो मिला बहुत है और जो माइलेज बहुत होगा

माँ: है ये तो है कब तक इस मुसल के लिए यहाँ पड़े रहेंगे

में: और क्या और अगर प्रेग्नेंट हो गई तो एक साल के लिए सुब ख़तम और फिर अपने बच्चो को क्या जवाब दनेगे की तेरा बाप कौन है

माँ: है यार वही मज़ा हर बार हे तो मिलता है

में: और क्या वही लुंड का खड़ा होना और बैठ जाना

और छूट का खुलबुलाना और ठंडा हो जाना

बस ये है की हम जैसी ठरकी औरतो को सटिस्फैक्शन जल्दी नहीं मिलता

और अंदर दोनों बीएड पर बैठे थे और एक दूसरे की आँखों मैं देख रहे थे

 
ससुर': क्या सोच रही हो

म: कुछ नहीं कुछ पुछु

ससुर': है है क्यों नहीं

म: माँ के अलावा किस किस के साथ ये किया है और करना चाहते हो

ससुर': छोड़ न ये सुब

म: sasur'ji की आँखों मैं देखते हुए पर मैं जानना चाहती हु की और कौन कौन है और आगे और कौम होगा

ससुर: पर इन बताओं का क्या फायदा

म : है आप बताओ

सौर: मुझे नहीं लग रहा की कोई फायदा है पर बताता हु

तेरी माँ

तै

म : और

तेरी माया भाभी

म: क्या भाभी

ससुर: है तेरी भाभी

उसकी माँ

और चुप हो गए

म: और

ससुर: पूर्वी पर अभी तक

म: क्या पूर्वी भी और अभी तक क्या

ससुर: तेरी तरह बात की है पर अभी मुलाकात नहीं हुए है

म: पापा आप कितने गंदे हो किसी को नहीं छोड़ा

ससुर': तेरी सास और पूर्वी की सास को छोड़ रखा है

और हसने लगे

म: तुम सुच मैं बहुत बड़े

ससुर: बहुत बड़े क्या

म : कमीने हो पापा कमीने दोनों बेटियों पर गन्दी नज़र रख रहे हो और उनकी सास पर भी

ससुर ने मनोरमा दी का हाथ पकड़ा और उनकी आँखों मैं देख कर

हेल्प करेगी न

म: चुप करो और ससुर के साइन से लग गई

और धीरे से उनके कान मैं पहल अपनी इस बेटी की सोचो फिर बाकि के बारे मैं और

उनसे से कास क्र लिपट गई

मैं और माँ एक दूसरे को आँखों मैं देखते हुए

ये तो सुरु हो गए हम चलते है

और हम अपने रूम मैं आ गए

उधर

ससुर: अब ज़रा दिखा न

म: क्या

ससुर': अपना हुश्न जिसका तेरा बाप दीवाना हो गया है

म: माया का कैसे देखा था

sasur':na बाप बेटी मैं किसी को मत ला बेटी अब आज की रात शरीफ मैं और तू

और उनके साड़ी के पल्लू को साइन से हटा दिया

और दीदी के boob's काफी बड़े लग रहे थे

ससुर: ये क्या ितमे बड़े

म: शर्मा क्र 3 दिन से छोटू को दूध नहीं पिलाया न इस लिए भर गए

मैं तो एक दिन के लिए आई थी पर माँ और भाभी ने रोक लिया और माँ खुद चली गई और पूर्वी भी

ससुर: कोई बात नहीं बेटे का काम तेरा बाप क्र देगा

म: मतलब

ससुर: आज अपने बाप को अपना दूध पीला थे

तेरी भाभी और उसकी माँ को टाइम लगेगा

और पूर्वी को भी त्रि माँ ने कभी पिलाया नहीं और तेरी तै पिलाती थी तो वो भी छोड़ गई

म: आप की बेटी है न

और वही बीएड पर पलटी मार क्र बैठ गई और

ससुर का सर अपनी गोदी मैं रख क्र उनको आँखों मैं देखते हुए अपना ब्लाउज का एक साइड का हिस्सा उप्पेर किया और दूध से भरा निप्पल ससुर जी के मुँह के पास ला के

म:: लो पि लो पापा अपनी बेटी का दूध अपने नाती का हक़ और sasur'ne मुँह खोला और मनोरमा दी ने निप्पल उनके मुँह मैं दे दिया

और

म : aaaaaaaaaaaaaaahh पापा मेरे पापा और उनके बालो मैं उंगलिया फिरने लगी







 
म: पी लो पापा पी लो अपनी बेटी का दूध

मेरा बच्चा तो आराम से पिता है पर आप तो बड़े हो तो ज़रा मर्द की तरह पियो निचोड़ लो

अपनी बेटी के थानों का दूध

मैं मनोरमा दी के मुँह से थान सुन क्र शॉकेड रह गई कहा इतनी सरीफ थी और आज देखो

किसी ने सुच हे कहा है की कमरे के अंदर हे औरत का असली रूप बहार आता है

आउट उधर मनोरमा दी अपने बूब्स बदल बदल क्र ससुर जी के मुँह मैं निप्पल दे रही थी और साथ की साथ सिसक रही थी और ससुर जी के बालो मैं उंगलिया फिर रही थी

और ससुर जी पुरे मैं से दूध पी रहे थे

ताज़ा ताज़ा दूध जो मिल रहा था वो अभी अपनी सगी बेटी का

म : इस्स्स्सस्स्स्स पापा काटो मत शरीफ प्यार करो

काटोगे तो निशान पद जायेगा तो आप के दामाद को क्या बोलूंगी

ससुर मुँह से निप्पल निकल क्र

पता पद जायेगा तो पता पड़ने दे पैट अपने बाप को अपनी बेटी का दूध पिने से और प्यार करने से मत रोक

और फिर से निप्पल को मुँह मैं भर लिया और चूसने लगे

म: इस्स्स्सस्स्स्स पापा मन नहीं क्र रही बस दाग न पद जाये नहीं तो उनको क्या जवाब दूंगी

ससुर: बोल देना मेरे दूसरा बच्चे ने काट लिया था

म: दूसरा बच्चा मतलब

ससुर: तेरा बाप और कौन और अब दूध पिने से काफी है इनमे अभी

और जोर लगा क्र पिने लगे

और

म: आप का बहुत बदमाश हो नहीं तो और उनकी आँखों मैं देखते हुए

पी ले मेरे बच्चे अपनी माँ का. दूध पी ले और एक से उनके बालो मैं उंगलिया फिरने लगी और दूसरा हाथ ससुर जी की लुंगी मैं दाल क्र उनका लुंड निकल लिया

म: ऊऊफफफफफ क्या है मेरा बच्चा तो छोटा है अभी जो अपनी माँ का दूध पी रहा है और लुंड को किसी आदमी या कहु गधे का है इस्स्स्सस्स्स्स कैसे हो गया ये

ससुर: अपनी खूबसूरत माँ को देख क्र जल्दी बड़ा हो गया है मा

म : तू बात मत क्र अपनी माँ का दूध पि मेरे बच्चे इसका क्या करना है मुझे देखने दे

और उनके लुंड को हिलने लगी

issssssssssssssssddssddsssssssss माआआआ आप ने क्या किया इस मुसल को छोड़ क्र अपने बेटे के छोटे से लुंड से ओखली कुटवाने चली गई

इस मुसल के होते हुए और थोड़ा झुक क्र ससुर की का लुंड मुँह मैं बहार लिया









और दोनों इतने बस्सी हो गए की मनोरमा दी के पति की कॉल आई पर उन्हें होश कहा था
 
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