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- Dec 5, 2013
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एक प्रेम से भरा संसर्ग साथ बिता ने के बाद दोनों पति पत्नी घर की और चल दिए और बातो बातो में कब घर पहुंचे पता hi नहीं चला तो प्रिय ने घर के बहार एक बार युवी को गले से लगाया और गाल को चूमते हुए बोली
प्रिय- गुड नाईट सैया जी और जायदा देर मस्ती मत करना सुबह जल्दी भी उठ न है समझे आप
युवी- में कोई मस्ती नहीं कर रहा तुम्हारे साथ hi सोने आ रहा हु वैसे भी इतनी मस्ती की तो है अभी हां अगर तुम्हारा मैं है तो चलो रूम में चल कर करते है
प्रिय- मुझे तो माफ़ करो आप मेरा कोटा पूरा हो गया मुझ में और हिम्मत नहीं है आप को कर न है तो किसी को भी पकड़ लो में तो चली सो ने मुझ में हिम्मत नहीं है अब खाना खा ने की भी ( पर्दा हटा कर हॉल को देख कर जाते हुए बोली)
युवी प्रिय की बात सुनकर मंद मंद मुस्कुराया और हॉल में चला गया जहा अब उसकी ममी और माँ बैठी थी जो युवी को देख कर बोली
मामी- बड़ी देर लगा दी दोनों ने ऐसा कहा ले गया था बहु को टहलने
युवी- कही नहीं मामी बस यही घूम रहे थे आप बताओ खाना हो गया आप का
ममी- हां हो गया क्यों तू कुछ और सेवा कर ने वाला था क्या ( सेक्सी ऐडा से अपने होठ को साइड से काट ते हुए बोली)
युवी- करूँगा ममी आपकी सेवा भी करूँगा बस कल का प्रोग्राम निपट जाए फिर फ्री हो के आप की hi सेवा करनी है पैर फील हाल तो सो जाइये सुबह जल्दी उठ न भी है क्यों माँ
सविता- हां भाभी युवी सही कह रहा है इसे फ्री हो जा ने दो फिर जी भर के आप की सेवा करेगा वो भी मैं लगा के अभी चलो आप मेरे साथ चल कर सोते है वैसे भी सेवा में आप को थकान हो ने वाली है ( युवी की तरफ कामुक इशारा करते हुए बोली)
दो no की बात सुनकर युवी मैं में सोच ने लगा
युवी- साला लुंड एक छूट अनेक क्या होगा युवी तेरा यहाँ तो हर कोई तान खोले बैठा है चल अब थोड़ा सो ले पता नहीं फिर कितना ओवरटाइम कर न पड़े( मैं में सोचते हुए )
अभी सीडिया चढ़ा hi था की सुषमा के रूम के सामने आ कर रुक गया और फिर कुछ सोच कर उस के रूम में घुस गया जिसे देख ते hi बीएड पैर लेती सुषमा मुस्कुरा कर उसे देखते हुए बोली
सुषमा- कही ये कोई सपना तो नहीं की जनाब खुद चल कर मेरे पास आये है
युवी- ऐसे क्यों बोल रहे हो दीदी क्या में पहले कभी नहीं आया आप के रूम में हां
सुषमा- पहले की बात अलग थी पहले तो इस कमरे में सिर्फ चुदाई की खुसबू और मस्ती में गूंजती सिसकिया होती थी खैर छोड़ बता कैसे आना हुआ कुछ काम था क्या
युवी- क्यों बिना काम के आप के कमरे में आना मना है क्या वैसे आप पहले से भी जायदा खतरनाक हो गयी हो
सुषमा- और तू बात घुमा ने में वैसे इतनी देर कहा लगा दी तुम दोनों ने
युवी- कुछ नहीं आज प्रिय को नदी पैर ले गया था
सुषमा- इतनी रात को तुझे दर नहीं लगा उसे वह ले जाते हुए और ले जाना hi था तो दिन में ले जाता कुछ मस्ती तो कर लेता
युवी- तो किस ने कहा की रात को मस्ती नहीं कर सकते हम तो अभी भी पूरा एन्जॉय कर के hi आये है चांदनी रात में
युवी की बात का मतलब समझते हुए मुस्कुरा कर बोली
सुषमा- सही है बच्चू खूब मजे कर रहे हो और एक हम है क्या क्या सोच कर आये थे और क्या हो रहा है सच hi है इंसान जरुरत के साथ बदल hi जाता है
युवी- ऐसा कुछ नहीं में कोई बदला वाडला नहीं हु अभी आपका वही युवी हु
सुषमा- बिलकुल भी नहीं क्युकी अगर तुम पहले वाले युवी होते तो मेरे जिस्म पैर ये कपडे नहीं होते और न hi तुम इतनी दूर होते ( बीएड पैर बैठ कर नॉटी सी स्माइल लाते हुए बोली)
युवी- ाचा जी तो आप को चुदाई की खुसबू याद आ रही है तो फिर ये भी बता दो की और क्या क्या याद आ रहा ताकि एक साथ hi आप की साड़ी ीचा पूरी कर दू
सुषमा- मेरी ीचा का तुझे पता है बाकि अगर सब कुछ जान कर भी नादान बन रहा तो जा जा के सो जा अपनी बीवी के पास ( युवी की तरफ गौर से देखते हुए बोली)
युवी- उस के पास तो में चला hi जाऊंगा पैर जो आप चाहती है उस के लिए ये कपडे तो उतार ने पड़ेंगे न या फिर कपड़ो में hi कर न है आप को
सुषमा- अगर तू मज़ाक कर रहा है तो बहुत गन्दा मज़ाक है पैर अगर तू सच बोल रहा है तो ये ले उतार दिए कपडे पैर अब पीछे नहीं हैट ने दूंगी याद रख न इस बात को ( ब्रा उतार के झटके से युवी की तरफ फेकते हुए बोली)
युवी- ऐसी बातो में मज़ाक नहीं करता में दीदी ये तुम्हे भी पता है और नहीं पता तो थोड़ी देर में पता चल जायेगा जब मेरा लुंड तुम्हारी छूट में होगा और तुम इस बीएड पैर जोर जोर से चिल्ला रही होगी
सुषमा- ोुह्ह्ह्हह्ह भाई ऐसी बातो के लिए hi तो तड़प रही हु में जबसे आयी हु और तू जितनी मर्ज़ी चीखे निकलवा देना पैर पहले अपने मुसल के दर्शन तो करवा दे उउउउउउम्मम्मह्ह्हूऊऊफफफफफफफफ कितना तडपया है इस ने और अब देखो कैसे तन कर खड़ा उम्माह्ह्ह आआह्ह्ह्हह्हह्हू( लुंड को बहार निकाल के होठो से लगते हुए बोली)
युवी- ोुह्ह्हह्ह दीदी इतनी सेक्सी ऐडा कहा से सीखी तुम ने ऊऊफफफफफफ आआह्ह्ह्हह्ह्ह्हह मम्माआआआ डीडीई आपकी जीभ तो बहुत गरम है आआअह्ह्ह्हह और उस से ज्यादा तुम संदीप ( जीजा) तो पागल हो जाता होगा aaaahhhhhhhhhh आपकी ऐसी हरकत से uuuuummmmhhhhhhhhhhhhhh
सुषमा- ये सर्विस सिर्फ तेरे लिए है मेरी जान उस से तो में अपनी छूट चटवाती हु चूस टी नहीं समझा वैसे भी मजा ऐसा लुंड चूस ने में आता है समझा( युवी के लुंड पैर जीब फिरते हुए बोली)
युवी- ओह्ह्ह्हह्ह्ह्हह दीदी कसम से बहुत मजा आ रहा है आआह्ह्ह्हह म्मम्माआआआ उउउउउफफ्फ्फ्फ़ सच में तुम बहुत मस्त लुंड चूस रही हो आआह्ह्ह्हह अगर कहो तो में भी तुम्हारी छूट को चख लू ाआउउउउउम्म्मममहहहहहहहह
सुषमा- मेरी छूट को तेरा लुंड चखेगा समझा इसलिए बस तू अभी चूसै का मजा ले सब कुछ भूल कर ( इतना बोल के युवी की गोटियों को मुँह में भर कर चूस ने लगी)
युवी- ओह्ह्ह्हह्ह दीदी क्या कर रही हो आआअह्ह्ह्हह्ह्ह्हह पागल हो जाऊंगा मी uuuuuuummmmmhhhhhhaaaaaaaaaaa hhhhhhhhhhhhhhhhhhuuuuuuuuuoooooo hhhhhhhhhh ब्ब्ब्बूउऊउउउउस्सस्सस्स्स्स ड्डडीइइइइइइइ aaaaaaahhhhhhhhhh वर्ण में सेह नहीं पाउँगा उउउउउउम्म्मममहहहह aaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhh
युवी की बात मान कर सुषमा ने उसका लुंड छोड़ दिया क्युकी वो नहीं चाहती थी की उस की छूट बिना उसका मुसल लिए रह जाए इस तुरंत उसके सामने घोड़ी बन गयी युवी को पीछे आने का इशारा कर के जिस का युवी ने तुरंत पालन किया और सुषमा के पीछे आ कर उसकी छूट पैर लुंड रगड़ ने लगा जिस से सुषमा की बेचैनी बढ़ ने लगी और सिसकते हुए बोली
सुषमा- आआह्ह्ह्हह्ह ययाररर क्यों तड़पा रहा है ऊऊफफफफफफ डाल दे न अपना लोढ़ा अंदर ूऊमम्महहहहहहह्म्मम्म्म्माआ युवी मान जाए याअरररररर आआअह्हह्ह्ह्ह दालळळ दे naaaaaauuuuuummmmmhhhhhhhhhhhhhaaaaaaaasmmmmmaaaaaaahhhhhh आआआअह्ह्ह्हह्ह्ह्हह साबाआसस्सस्स मेरे भाआईईईई आआआआहहहहहहह aaaahhhhhhhhhh कितना तदपि हु में इस एहसास के लिए आआआअह्हह्ह्ह्ह मम्माररर एआईसीए हीईई कास कास के मार आआआअह्ह्ह्हह्ह्ह्ह बहुत दिनों बाद इस का मजा मिल रहा है aaaaaahhhhhhhhhhmmmmmmm आआआ hhhhhhhhhhhhhhhhh
युवी- पैर आज भी तुम्हारी छूट वैसी hi है जैसी पहले थी आआह्ह्ह्हह देखो कैसे फास के जाए रहा है आआअह्ह्ह्हहह्हूऊऊफफफफफफ आए( सुषमा की छूट में तेज़ धक्के लगते हुए बोलै)
सुषमा- आआह्ह्ह्हह्ह क्युकी तेरे जैसा लुंड नहीं है संदीप का आआअह्ह्ह्ह बस काम चल जाता है उउउउउफफ्फ्फफ्फ्फ्मममम आआआआह्ह्ह्हह्ह्ह्हह आज कितने दिनों के बाद लग रहा है की छूट में कुछ गया है आआआअह्ह्ह्हह माअररर्र भाआईई आईसीई हीईई ऊऊफफफफ्फ्फ्फ़ मममममअअअअअ मममममीररीई छुट्ट्ट्ट aaaaaaahhhhhhhhhh भाआईईईई अब तो रोज ऐसे hi मेरी छूट मार न आआअह्ह्ह्हह जब तक में यहाँ हूउउ आआअह्हह्ह्ह्हह तू नहीं जानता तेरे लुंड को याद कर के कितनी रात ऊँगली की है तेरी दीदी नीई उउउउउउउम्मम्मम्मह्ह्ह्हह्ह्ह्ह aaaaaaaaaaahhhhhhh मम्मा
कमरे में ठप्प ठप्प की आवाज़ गूंज रही थी जिस से एक अलग hi माहोल बन गया था जिस में दोनों बहिन भाई पूरी मस्ती से चुदाई का लुफ्त उठा रहे थे
युवी- रोज़ का वादा तो नहीं करता दीदी पैर इतना कहता हु की तुम यहाँ से खुश हो कर जाओगी
सुषमा- ऊऊह्ह्हह्ह मेरे भाई मेरे लिए उतना hi काफी हीी आआआहहजहहह बुसस अब ताऊ आआएसीए हीईईओ तेज़ तेज़ धक्के मार आआअह्हह्ह्ह्हह मम्माआआ क्याआ बीटा पैदा किया है तू ने देख तेरी बेटी की छूट को कैसे थोक रहा है aaaaaaaaaaaaahhhhhhhh uuuiiiiimmmmmmmaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaaahhhhhhhhhh ीीएएएएएएएआआआह्ह्ह्हह्हह्हूऊओह्ह्ह्हज्ह mmmmmaaaaaaaaaaa कीटनाआ मजाआ आए रहहहाआआ हाआईईईई aaaaaaaaaahhhhhhhh ममरीईई छुट्ट्ट्ट uuuuuuffffffffffff मममममअअअअअ यूवीईई मुझे कुछ होओओओ राहहहहाआआ हैआईईईई aaaaaaaaaahhhhhhhh मममममअअअअअअअअ तेज़्ज़ तेज़्ज़ आआह्ह्ह्ह ऐसी हीईईओ ऊऊफफफफफफ तेज़ज़्ज़ज़ तेज़ज़्ज़ज़ कररररर मेरे भाई आआह्ह्ह्हह्हहजह मेई गाय्यीइइइइइइइ mmmmmmaaaaaaaaaaa
2/4 ढाकी भी न झेल सकीय सुषमा और अकड़ते हुए झड़ने लगी जिस का गरम गरम एहसास होते hi युवी ने धक्को के स्पीड बादहए और थोड़ी देर में hi सुषमा की छूट को भर ने लगा जिसका एहसास अपनी छूट में होते hi सुषमा के जिस्म में मजे की लहर सी दौड़ गयी और वो अपनी साँसों को नियंतरण करते हुए बोली
सुषमा- ऊऊह्ह्ह्हह्ह युवी तू सच में एक पूर्ण मर्द है जो औरत के हर अंग को संतुस्ट कर न जानता है आआह्ह्ह अब मुझे यकीन यहाँ से में खली हाथ नहीं जाउंगी बल्कि तेरा बीझ अपनी कोक में लेकर जाउंगी ूउम्मम्महहहहह
सुषमा की बात पूरी होने से पहले hi युवी का लुंड बहार निकल आया जिस के साथ hi दोनों का मिला जुला काम रास सुषमा की छूट से बह कर बहार आने लगा और उसके साथ hi युवी भी सुषमा के बगल में लुढ़क गया और ऐसे hi नंगा सू गया सुषमा की बगल में
रात की चुदाई से सुषमा भी आज कई दिनों बाद चैन की नींद सोई जो सुबह hi उठी पैर अब वो बीएड पैर अकेली थी यानि की युवी रात में hi किसी पहर वह से चला गया था जो अब तैयार हो कर प्रिय के पीछे खड़ा हुआ उसे तैयार होते हुए देख रहा था जिस से प्रिय शरमाते हुए बोली
प्रिय- ऐसे क्या देख रहे है सुबह सुबह इरादे तो नेक है न आप के वैसे रात को काफी लेट आये थे आप है न
युवी- जिस के पास तुम्हारी जैसी बीवी हो उस के इरादे नेक कैसे हो सकते है रही बात रात की तो वो दीदी के पास था
प्रिय- हम्म्म कोई बात नहीं जाएं पैर अगर अब आपकी इज़्ज़ज़त हो तो में रेडी हो जाऊ
युवी- रेडी hi तो कर रहा हु तुम्हे मेरी जान पैर तुम हो की समझ hi नहीं रही
प्रिय की ड्रेस की तानी को खोलते हुए बोलै जिस से प्रिय को अपनी नंगी पीठ पैर उसकी उंगलिया महसूस हुई और वो मजे से आँख बंद कर के बोली
प्रिय- प्ल्ज़्ज़ जान ऐसा मत करो न लेत हो रहा है और मुझे बहुत काम भी है
युवी- तो तुम्हे मुझसे जायदा अपने काम प्यारे है में नहीं हम्म ठीक है जाओ तुम अपने काम करो मेरा क्या है
प्रिय- ये क्या बोल रहे है आप आप से जरुरी तो मेरी साँसे भी नहीं है जान प्ल्ज़ ऐसा फिर कभी मत कहना वर्ण में अपनी जान दे दूंगी समझे आप( युवी के चेहरे को अपने हाथो में भर कर उसकी आँखों में देखते हुए बोली)
युवी- हे जान में तो मज़ाक कर रहा था प्ल्ज़ मुझे माफ़ कर दो आगे से कभी ऐसा मज़ाक नहीं करूँगा तुम्हारी कसम
प्रिय- अगर किया न तो सोच लेना फिर कभी माफ़ी भी नहीं मांग पाओगे क्युकी उस के बाद में इस दुनिया में नहीं रहूंगी समझे आप
युवी- नहीं करूँगा कभी नहीं करूँगा मेरी जान पैर ये तो कर सकता हु न
कहते hi अपने होठ प्रिय के होठो से जोड़ दिए और बड़े प्यार से उन्हें चूस ने लगा जिस में प्रिय ने भी अपने पति का पूरा साथ दिया
एक प्रेम से भरा संसर्ग साथ बिता ने के बाद दोनों पति पत्नी घर की और चल दिए और बातो बातो में कब घर पहुंचे पता hi नहीं चला तो प्रिय ने घर के बहार एक बार युवी को गले से लगाया और गाल को चूमते हुए बोली
प्रिय- गुड नाईट सैया जी और जायदा देर मस्ती मत करना सुबह जल्दी भी उठ न है समझे आप
युवी- में कोई मस्ती नहीं कर रहा तुम्हारे साथ hi सोने आ रहा हु वैसे भी इतनी मस्ती की तो है अभी हां अगर तुम्हारा मैं है तो चलो रूम में चल कर करते है
प्रिय- मुझे तो माफ़ करो आप मेरा कोटा पूरा हो गया मुझ में और हिम्मत नहीं है आप को कर न है तो किसी को भी पकड़ लो में तो चली सो ने मुझ में हिम्मत नहीं है अब खाना खा ने की भी ( पर्दा हटा कर हॉल को देख कर जाते हुए बोली)
युवी प्रिय की बात सुनकर मंद मंद मुस्कुराया और हॉल में चला गया जहा अब उसकी ममी और माँ बैठी थी जो युवी को देख कर बोली
मामी- बड़ी देर लगा दी दोनों ने ऐसा कहा ले गया था बहु को टहलने
युवी- कही नहीं मामी बस यही घूम रहे थे आप बताओ खाना हो गया आप का
ममी- हां हो गया क्यों तू कुछ और सेवा कर ने वाला था क्या ( सेक्सी ऐडा से अपने होठ को साइड से काट ते हुए बोली)
युवी- करूँगा ममी आपकी सेवा भी करूँगा बस कल का प्रोग्राम निपट जाए फिर फ्री हो के आप की hi सेवा करनी है पैर फील हाल तो सो जाइये सुबह जल्दी उठ न भी है क्यों माँ
सविता- हां भाभी युवी सही कह रहा है इसे फ्री हो जा ने दो फिर जी भर के आप की सेवा करेगा वो भी मैं लगा के अभी चलो आप मेरे साथ चल कर सोते है वैसे भी सेवा में आप को थकान हो ने वाली है ( युवी की तरफ कामुक इशारा करते हुए बोली)
दो no की बात सुनकर युवी मैं में सोच ने लगा
युवी- साला लुंड एक छूट अनेक क्या होगा युवी तेरा यहाँ तो हर कोई तान खोले बैठा है चल अब थोड़ा सो ले पता नहीं फिर कितना ओवरटाइम कर न पड़े( मैं में सोचते हुए )
अभी सीडिया चढ़ा hi था की सुषमा के रूम के सामने आ कर रुक गया और फिर कुछ सोच कर उस के रूम में घुस गया जिसे देख ते hi बीएड पैर लेती सुषमा मुस्कुरा कर उसे देखते हुए बोली
सुषमा- कही ये कोई सपना तो नहीं की जनाब खुद चल कर मेरे पास आये है
युवी- ऐसे क्यों बोल रहे हो दीदी क्या में पहले कभी नहीं आया आप के रूम में हां
सुषमा- पहले की बात अलग थी पहले तो इस कमरे में सिर्फ चुदाई की खुसबू और मस्ती में गूंजती सिसकिया होती थी खैर छोड़ बता कैसे आना हुआ कुछ काम था क्या
युवी- क्यों बिना काम के आप के कमरे में आना मना है क्या वैसे आप पहले से भी जायदा खतरनाक हो गयी हो
सुषमा- और तू बात घुमा ने में वैसे इतनी देर कहा लगा दी तुम दोनों ने
युवी- कुछ नहीं आज प्रिय को नदी पैर ले गया था
सुषमा- इतनी रात को तुझे दर नहीं लगा उसे वह ले जाते हुए और ले जाना hi था तो दिन में ले जाता कुछ मस्ती तो कर लेता
युवी- तो किस ने कहा की रात को मस्ती नहीं कर सकते हम तो अभी भी पूरा एन्जॉय कर के hi आये है चांदनी रात में
युवी की बात का मतलब समझते हुए मुस्कुरा कर बोली
सुषमा- सही है बच्चू खूब मजे कर रहे हो और एक हम है क्या क्या सोच कर आये थे और क्या हो रहा है सच hi है इंसान जरुरत के साथ बदल hi जाता है
युवी- ऐसा कुछ नहीं में कोई बदला वाडला नहीं हु अभी आपका वही युवी हु
सुषमा- बिलकुल भी नहीं क्युकी अगर तुम पहले वाले युवी होते तो मेरे जिस्म पैर ये कपडे नहीं होते और न hi तुम इतनी दूर होते ( बीएड पैर बैठ कर नॉटी सी स्माइल लाते हुए बोली)
युवी- ाचा जी तो आप को चुदाई की खुसबू याद आ रही है तो फिर ये भी बता दो की और क्या क्या याद आ रहा ताकि एक साथ hi आप की साड़ी ीचा पूरी कर दू
सुषमा- मेरी ीचा का तुझे पता है बाकि अगर सब कुछ जान कर भी नादान बन रहा तो जा जा के सो जा अपनी बीवी के पास ( युवी की तरफ गौर से देखते हुए बोली)
युवी- उस के पास तो में चला hi जाऊंगा पैर जो आप चाहती है उस के लिए ये कपडे तो उतार ने पड़ेंगे न या फिर कपड़ो में hi कर न है आप को
सुषमा- अगर तू मज़ाक कर रहा है तो बहुत गन्दा मज़ाक है पैर अगर तू सच बोल रहा है तो ये ले उतार दिए कपडे पैर अब पीछे नहीं हैट ने दूंगी याद रख न इस बात को ( ब्रा उतार के झटके से युवी की तरफ फेकते हुए बोली)
युवी- ऐसी बातो में मज़ाक नहीं करता में दीदी ये तुम्हे भी पता है और नहीं पता तो थोड़ी देर में पता चल जायेगा जब मेरा लुंड तुम्हारी छूट में होगा और तुम इस बीएड पैर जोर जोर से चिल्ला रही होगी
सुषमा- ोुह्ह्ह्हह्ह भाई ऐसी बातो के लिए hi तो तड़प रही हु में जबसे आयी हु और तू जितनी मर्ज़ी चीखे निकलवा देना पैर पहले अपने मुसल के दर्शन तो करवा दे उउउउउउम्मम्मह्ह्हूऊऊफफफफफफफफ कितना तडपया है इस ने और अब देखो कैसे तन कर खड़ा उम्माह्ह्ह आआह्ह्ह्हह्हह्हू( लुंड को बहार निकाल के होठो से लगते हुए बोली)
युवी- ोुह्ह्हह्ह दीदी इतनी सेक्सी ऐडा कहा से सीखी तुम ने ऊऊफफफफफफ आआह्ह्ह्हह्ह्ह्हह मम्माआआआ डीडीई आपकी जीभ तो बहुत गरम है आआअह्ह्ह्हह और उस से ज्यादा तुम संदीप ( जीजा) तो पागल हो जाता होगा aaaahhhhhhhhhh आपकी ऐसी हरकत से uuuuummmmhhhhhhhhhhhhhh
सुषमा- ये सर्विस सिर्फ तेरे लिए है मेरी जान उस से तो में अपनी छूट चटवाती हु चूस टी नहीं समझा वैसे भी मजा ऐसा लुंड चूस ने में आता है समझा( युवी के लुंड पैर जीब फिरते हुए बोली)
युवी- ओह्ह्ह्हह्ह्ह्हह दीदी कसम से बहुत मजा आ रहा है आआह्ह्ह्हह म्मम्माआआआ उउउउउफफ्फ्फ्फ़ सच में तुम बहुत मस्त लुंड चूस रही हो आआह्ह्ह्हह अगर कहो तो में भी तुम्हारी छूट को चख लू ाआउउउउउम्म्मममहहहहहहहह
सुषमा- मेरी छूट को तेरा लुंड चखेगा समझा इसलिए बस तू अभी चूसै का मजा ले सब कुछ भूल कर ( इतना बोल के युवी की गोटियों को मुँह में भर कर चूस ने लगी)
युवी- ओह्ह्ह्हह्ह दीदी क्या कर रही हो आआअह्ह्ह्हह्ह्ह्हह पागल हो जाऊंगा मी uuuuuuummmmmhhhhhhaaaaaaaaaaa hhhhhhhhhhhhhhhhhhuuuuuuuuuoooooo hhhhhhhhhh ब्ब्ब्बूउऊउउउउस्सस्सस्स्स्स ड्डडीइइइइइइइ aaaaaaahhhhhhhhhh वर्ण में सेह नहीं पाउँगा उउउउउउम्म्मममहहहह aaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhh
युवी की बात मान कर सुषमा ने उसका लुंड छोड़ दिया क्युकी वो नहीं चाहती थी की उस की छूट बिना उसका मुसल लिए रह जाए इस तुरंत उसके सामने घोड़ी बन गयी युवी को पीछे आने का इशारा कर के जिस का युवी ने तुरंत पालन किया और सुषमा के पीछे आ कर उसकी छूट पैर लुंड रगड़ ने लगा जिस से सुषमा की बेचैनी बढ़ ने लगी और सिसकते हुए बोली
सुषमा- आआह्ह्ह्हह्ह ययाररर क्यों तड़पा रहा है ऊऊफफफफफफ डाल दे न अपना लोढ़ा अंदर ूऊमम्महहहहहहह्म्मम्म्म्माआ युवी मान जाए याअरररररर आआअह्हह्ह्ह्ह दालळळ दे naaaaaauuuuuummmmmhhhhhhhhhhhhhaaaaaaaasmmmmmaaaaaaahhhhhh आआआअह्ह्ह्हह्ह्ह्हह साबाआसस्सस्स मेरे भाआईईईई आआआआहहहहहहह aaaahhhhhhhhhh कितना तदपि हु में इस एहसास के लिए आआआअह्हह्ह्ह्ह मम्माररर एआईसीए हीईई कास कास के मार आआआअह्ह्ह्हह्ह्ह्ह बहुत दिनों बाद इस का मजा मिल रहा है aaaaaahhhhhhhhhhmmmmmmm आआआ hhhhhhhhhhhhhhhhh
युवी- पैर आज भी तुम्हारी छूट वैसी hi है जैसी पहले थी आआह्ह्ह्हह देखो कैसे फास के जाए रहा है आआअह्ह्ह्हहह्हूऊऊफफफफफफ आए( सुषमा की छूट में तेज़ धक्के लगते हुए बोलै)
सुषमा- आआह्ह्ह्हह्ह क्युकी तेरे जैसा लुंड नहीं है संदीप का आआअह्ह्ह्ह बस काम चल जाता है उउउउउफफ्फ्फफ्फ्फ्मममम आआआआह्ह्ह्हह्ह्ह्हह आज कितने दिनों के बाद लग रहा है की छूट में कुछ गया है आआआअह्ह्ह्हह माअररर्र भाआईई आईसीई हीईई ऊऊफफफफ्फ्फ्फ़ मममममअअअअअ मममममीररीई छुट्ट्ट्ट aaaaaaahhhhhhhhhh भाआईईईई अब तो रोज ऐसे hi मेरी छूट मार न आआअह्ह्ह्हह जब तक में यहाँ हूउउ आआअह्हह्ह्ह्हह तू नहीं जानता तेरे लुंड को याद कर के कितनी रात ऊँगली की है तेरी दीदी नीई उउउउउउउम्मम्मम्मह्ह्ह्हह्ह्ह्ह aaaaaaaaaaahhhhhhh मम्मा
कमरे में ठप्प ठप्प की आवाज़ गूंज रही थी जिस से एक अलग hi माहोल बन गया था जिस में दोनों बहिन भाई पूरी मस्ती से चुदाई का लुफ्त उठा रहे थे
युवी- रोज़ का वादा तो नहीं करता दीदी पैर इतना कहता हु की तुम यहाँ से खुश हो कर जाओगी
सुषमा- ऊऊह्ह्हह्ह मेरे भाई मेरे लिए उतना hi काफी हीी आआआहहजहहह बुसस अब ताऊ आआएसीए हीईईओ तेज़ तेज़ धक्के मार आआअह्हह्ह्ह्हह मम्माआआ क्याआ बीटा पैदा किया है तू ने देख तेरी बेटी की छूट को कैसे थोक रहा है aaaaaaaaaaaaahhhhhhhh uuuiiiiimmmmmmmaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaaahhhhhhhhhh ीीएएएएएएएआआआह्ह्ह्हह्हह्हूऊओह्ह्ह्हज्ह mmmmmaaaaaaaaaaa कीटनाआ मजाआ आए रहहहाआआ हाआईईईई aaaaaaaaaahhhhhhhh ममरीईई छुट्ट्ट्ट uuuuuuffffffffffff मममममअअअअअ यूवीईई मुझे कुछ होओओओ राहहहहाआआ हैआईईईई aaaaaaaaaahhhhhhhh मममममअअअअअअअअ तेज़्ज़ तेज़्ज़ आआह्ह्ह्ह ऐसी हीईईओ ऊऊफफफफफफ तेज़ज़्ज़ज़ तेज़ज़्ज़ज़ कररररर मेरे भाई आआह्ह्ह्हह्हहजह मेई गाय्यीइइइइइइइ mmmmmmaaaaaaaaaaa
2/4 ढाकी भी न झेल सकीय सुषमा और अकड़ते हुए झड़ने लगी जिस का गरम गरम एहसास होते hi युवी ने धक्को के स्पीड बादहए और थोड़ी देर में hi सुषमा की छूट को भर ने लगा जिसका एहसास अपनी छूट में होते hi सुषमा के जिस्म में मजे की लहर सी दौड़ गयी और वो अपनी साँसों को नियंतरण करते हुए बोली
सुषमा- ऊऊह्ह्ह्हह्ह युवी तू सच में एक पूर्ण मर्द है जो औरत के हर अंग को संतुस्ट कर न जानता है आआह्ह्ह अब मुझे यकीन यहाँ से में खली हाथ नहीं जाउंगी बल्कि तेरा बीझ अपनी कोक में लेकर जाउंगी ूउम्मम्महहहहह
सुषमा की बात पूरी होने से पहले hi युवी का लुंड बहार निकल आया जिस के साथ hi दोनों का मिला जुला काम रास सुषमा की छूट से बह कर बहार आने लगा और उसके साथ hi युवी भी सुषमा के बगल में लुढ़क गया और ऐसे hi नंगा सू गया सुषमा की बगल में
रात की चुदाई से सुषमा भी आज कई दिनों बाद चैन की नींद सोई जो सुबह hi उठी पैर अब वो बीएड पैर अकेली थी यानि की युवी रात में hi किसी पहर वह से चला गया था जो अब तैयार हो कर प्रिय के पीछे खड़ा हुआ उसे तैयार होते हुए देख रहा था जिस से प्रिय शरमाते हुए बोली
प्रिय- ऐसे क्या देख रहे है सुबह सुबह इरादे तो नेक है न आप के वैसे रात को काफी लेट आये थे आप है न
युवी- जिस के पास तुम्हारी जैसी बीवी हो उस के इरादे नेक कैसे हो सकते है रही बात रात की तो वो दीदी के पास था
प्रिय- हम्म्म कोई बात नहीं जाएं पैर अगर अब आपकी इज़्ज़ज़त हो तो में रेडी हो जाऊ
युवी- रेडी hi तो कर रहा हु तुम्हे मेरी जान पैर तुम हो की समझ hi नहीं रही
प्रिय की ड्रेस की तानी को खोलते हुए बोलै जिस से प्रिय को अपनी नंगी पीठ पैर उसकी उंगलिया महसूस हुई और वो मजे से आँख बंद कर के बोली
प्रिय- प्ल्ज़्ज़ जान ऐसा मत करो न लेत हो रहा है और मुझे बहुत काम भी है
युवी- तो तुम्हे मुझसे जायदा अपने काम प्यारे है में नहीं हम्म ठीक है जाओ तुम अपने काम करो मेरा क्या है
प्रिय- ये क्या बोल रहे है आप आप से जरुरी तो मेरी साँसे भी नहीं है जान प्ल्ज़ ऐसा फिर कभी मत कहना वर्ण में अपनी जान दे दूंगी समझे आप( युवी के चेहरे को अपने हाथो में भर कर उसकी आँखों में देखते हुए बोली)
युवी- हे जान में तो मज़ाक कर रहा था प्ल्ज़ मुझे माफ़ कर दो आगे से कभी ऐसा मज़ाक नहीं करूँगा तुम्हारी कसम
प्रिय- अगर किया न तो सोच लेना फिर कभी माफ़ी भी नहीं मांग पाओगे क्युकी उस के बाद में इस दुनिया में नहीं रहूंगी समझे आप
युवी- नहीं करूँगा कभी नहीं करूँगा मेरी जान पैर ये तो कर सकता हु न
कहते hi अपने होठ प्रिय के होठो से जोड़ दिए और बड़े प्यार से उन्हें चूस ने लगा जिस में प्रिय ने भी अपने पति का पूरा साथ दिया