Incest Prem : Hunter or Prey ? - Page 9 - SexBaba
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Incest Prem : Hunter or Prey ?

अपडेट 45

Prem's पास्ट पैरानॉयड ~ 3


[ प्रेम रूम के अंदर चला जाता है . वह एक और लड़का था . वह चेयर पर Baithe-Baithe जूस पी रहा था .

प्रेम : Hi ! माइसेल्फ प्रेम राजवीर महरा !

लड़का : Hi ! राज अग्गरवाल हेरे !!!! ]

अब आगे :

प्रेम : Hi राज अग्रवाल !

राज : नॉट अग्रवाल ! It's अग्गरवाल ! राज अग्गरवाल !

प्रेम : ओह माय बाद !

राज : कहा से हो ??

प्रेम : मुंबई !

राज : में भी वैसे मुंबई से Hi हु पर अभी दिल्ली में स्कूलिंग कर रहा हूँ !

प्रेम : हर्कुलस ??

राज : व्हाट ???

प्रेम : कुछ Nahi….Wo बस तुम्हारी टीशर्ट पर लिखा था ! वैसे कोनसा स्पोर्ट्स खेलते हो ?? मई बैडमिंटन के लिए आया हु ! तुम ??

राज : क्रिकेट !

प्रेम : गुड !

प्रेम अपना बैग साइड में रख देता है . इस छोटे से रूम में भी छोटे - छोटे तीन बीएड थे .

राज : कोनसी क्लास में हो ??

प्रेम : ( स्माइल ) 12तह ! यू ??

राज : शामे !

प्रेम : तो तुम यही रहते हो दिल्ली में फॅमिली के साथ ??

राज : में अकेला Hi रहता हूँ यहाँ ! पेरेंट्स मुंबई में Hi रहते है !

प्रेम : अकेले ? नीस ! में तो शायद कभी अकेला नहीं रह पाव अपने पेरेंट्स के बगैर !

राज : Pehle-Pehle ऐसा लगता है पर धीरे धीरे आदत बन जाती है ! वैसे वीडियो कॉल पर घर पर बाते होती रहती है !

प्रेम : गुड !

*नॉक* *नॉक*

राज : लगता है तीसरा मेंबर भी आ गया ! आजाओ !!!!!

*गेट ओपेनस*


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एक लड़का रूम में अपने बैग के साथ एंटर करता है

वह लड़का रूम में आता है और अपना बैग साइड में रख देता है .

प्रेम : Hi ! माइसेल्फ प्रेम राजवीर महरा !

राज : एंड माइसेल्फ राज अग्गरवाल !

लड़का : माइसेल्फ लक्ष्य ! लक्ष्य ओबेरॉय !

राज : तो बीएड डीडे करले !

प्रेम : सभी शामे Hi है…. कोई कुछ भी ले लो !

राज : एप !!!

लक्ष्य जाकर एक बीएड पर बैठ जाता है .

राज : कहा से हो लक्ष्य ?? वैसे मेने तुम्हे शायद कही देखा हुआ है !

लक्ष्य : मुंबई !

प्रेम : ओह ! तो ओवरआल हम तीनो Hi मुंबई से है जो दिल्ली में मिल रहे है !

राज : हाँ याद आया ! लक्ष्य ओबेरॉय ! थे फेमस सिंगर छुम सोशल मीडिया सेलिब्रिटी ! मेरी गफ निक्की तुम्हारी फैन Hai…Tumhare और तुम्हारे त्रौब्लिंग तरिओ ग्रुप Ki…..Par ख़ास कर तुम्हारी फैन है !

लक्ष्य : थैंक्स ! बूत वो ग्रुप अब बांध हो चूका है ! सो ी वोउल्ड लिखे अगर हम इसके बारे में बात न करे !

राज : ओह ! OK !

प्रेम : Anyways….Konse स्पोर्ट्स के लिए आये हो ??

लक्ष्य : चैस एंड बॉक्सिंग !!!

प्रेम : चैस और बॉक्सिंग दोनों ????

लक्ष्य : येह !

राज : और दोनों में Hi इस लेवल पर आकर खेल रहे हो ! बहुत ज़्यादा टैलेंटेड हो तुम !

प्रेम : Wese….Me तो बहुत थक चूका हूँ बस में ट्रेवल कर ! अब सो जाता हूँ !

राज : Yeah….Tum दोनों सो जाओ !!

*5 हॉर्स लेटर*

प्रेम नींद से उठ चूका था . वो अभी कैफेटेरिया में था जहा राज भी उसके साथ था . लक्ष्य रूम में Hi था .

प्रेम : So…Kesa है दिल्ली !

राज : बहुत ाचा ! बूत मुंबई जैसा नहीं ! पर फिर भी बहुत ाचा !

प्रेम : तुम यहाँ क्यों रह रहे हो ?? तुम तो दिल्ली में Hi रहते हो तो वह से Hi Up-Down कर सकते हो ?

राज : अब में वह अकेला रहता हु तो सोचा 1-2 दिन यहाँ आजौ !

प्रेम : सही है ! अकेले रहो इससे ाचा कुछ दिन लोगो के साथ रह लो !

राज : येह ! चाय पियोगे ?

प्रेम : नहीं ! में सिर्फ कॉफ़ी पीटा हु !

राज : मुझे तो कुछ भी चलता है !

प्रेम : अभी तो कुछ पीने का मैं नहीं है !

राज : मेरा भी नहीं है ! रूम में Hi चले ???

प्रेम : हाँ !

प्रेम और राज दोनों Hi वापस रूम में आ जाते है जहा लक्ष्य रूम में बैठकर सिगट फुक रहा था .

प्रेम : अभी से सिगरेट पीने लग गए ?

लक्ष्य : तुम्हे कोई दिक्कत?

प्रेम : नहीं ! प्लीज कंटिन्यू !

*कॉल रिंग्स*

राज अपनी पॉकेट से मोबाइल निकलता है और मोबाइल पर बाते करने लगता है .

*5 मिनट लेटर*

राज : मुझे तो अभी जाना है ! मेरी गफ के साथ कॉफ़ी डेट है ! मिलते है बार में !

प्रेम : सूरे !

राज वह से चला जाता है

सिर्फ प्रेम और लक्ष्य Hi रूम में बैठे हुए थे .

प्रेम : आल गुड लक्ष्य ! लगता है तुम्हे ज़्यादा बात करना नहीं पसंद !

लक्ष्य : ( नॉड्स इन एग्रीमेंट )

प्रेम : ( मैं में ) क्या Hi बोर लड़का है ! मुझे भी बोर कर देगा !

प्रेम : में आता हु बाद में!

प्रेम रूम के बाहर चला जाता है . रूम से बाहर निकलते Hi…..

*स्प्लैश*

प्रेम के मुँह पर उड़ती हुयी कोल्ड कॉफ़ी गिरती है .

प्रेम : ( गुस्से में ) फुकक !!

लड़की : ओह I'm सो सॉरी ! वो गलती से मुझसे फ्लिप हो गया ! I'm सो सॉरी !!!

प्रेम हैंडकरचीफ निकाल अपना मुँह साफ़ करता है .

प्रेम की नज़र उस लड़की पर पड़ती है .

लड़की : I'm सो सॉरी !! वो गलती से हो गया !

प्रेम : थोड़ा आ ध्यान से !

लड़की : I'm रियली वैरी सॉरी !

प्रेम : कोई बात नहीं !

लड़की : Hi ! माइसेल्फ कुलगुआरवी


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प्रेम : माइसेल्फ प्रेम राजवीर महरा !

कुलगौरवी : प्रेम राजवीर महरा ! बहुत बड़ा नाम है !

प्रेम : राजवीर मेरा पापा का नाम है !

🎵
बिच्छू मेरे नैना

बड़ी ज़हरीली आँख मारे

कमसिन कमरिया साली🎵

Prem : Ye Itna Loud Volume Par Kon Gaane Sun Raha Hai??

Kaulgauravi : Woh Mera Room Hai ! Yahi Tumhare Room Ke Saamne Waala ! me aur Mere Jo Roommates Hai Woh Bas Aese Hi Chill Karne Ke Liye Dance Kar Rahe The !

Prem : Nice !

Kaulgauravi : ( Smile ) Tum Bhi Aa Jao ! Apne Roommates Ko Bhi Saath Le Aao ! Saath Me Chill Karte Hai !

Prem : Mera Ek Roommate To Gaya Apni Girlfriend Se Milne aur Dusra Kuch Zyada Hi Ghoomsoom Hai Apne Aap Me !

Kulgauravi : ( Smile ) To Aao ! Tum Bore Nahi Hoge ! Aur Bhi Bahut Log Hai Andar !

Kulgauravi Prem Ko Apne Saath Uske Room Me Lekar Jaati Hai Jaha Aur Bhi Kayi Log The .

Saare Log Waha Enjoy Kar Rahe The , Joro - Shoro se Gaane Bajaakar Naach Rahe The . Un Sab Me Kulgauravi Bhi Join Ho Jaati Hai . Prem Bhi Unke Saath Join Ho Jaata Hai .


🎵

नोट हज़ारों के…….खुल्ला छुट्टा कराने आई


हुस्न की तिल्ली से

बीड़ी-चिल्लम जलाने आई

आई चिकनी चमेली

छुप के अकेली पव्वा चढ़ा के आई

आई चिकनी चमेली

छुप के अकेली पव्वा चढ़ा के आई 🎵


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_____________________________

लोकेशन : मुंबई

राजवीर : अजित ! ये मुंबई साला होश में रहने के लिए मजबूर करता रहता है ! कश्मीर में वो घर मुझे होश में आने Hi नहीं देता !

राजवीर चेयर पर बैठे हुए सिगरेट फुख रहा था वही अजित उसके सामने खड़ा था .

राजवीर : कैंसर की वजह से मई तो जाने Hi वाला हु ! मेरे जाने के बाद क्या करोगे तुम अजित ? इतने बुड्ढे हो गए फिर भी न शादी की न बच्चे !

अजित : ाचा हुआ जो नहीं की मास्टर ! और आपके जाने के बाद में आराम से कही जाकर रहुगा जहा सुबह उठते Hi सूर्य की किरण मुझ पर पड़े !

राजवीर : सही है ! वैसे प्रेरणा और दिया की क्या खबर है ??

अजित : बस वो रोज़ स्कूल जाती है और आती है ! बस यही है !

राजवीर : वो मेरे बारे में क्या सोचती होगी ?? उनका बाप ज़िंदा है फिर भी उनके साथ ज़्यादा समय नहीं बीतता !

अजित : माफ़ करियेगा मास्टर पर जब से प्रेरणा Ma'am गए है , आपने सब के साथ अपना नाता तोड़ Hi दिया है ! आपके और भी कई रिश्ते थे जिन पर से आपने बिलकुल Hi नज़र हटा ली ! आपको तो अब पता भी नहीं है की वो कहा है और कैसे है ? उनमे से कई के साथ आपकी संतान भी थी पर अब आप उसके बारे में सोचते भी नहीं है ! आपने उनके साथ वादा कर किसीका भी ख्याल नहीं रखा !

राजवीर : वो जहा भी होंगे ठीक Hi होंगे ! प्रेरणा के जाने के बाद मई अपने आप का ध्यान नहीं रख पाया , उनका क्या रखता ? में तो अपने Hi होश में नहीं था ! अभी भी नहीं हु !

अजित : राजवीर Mehra…..The एम्परर….

राजवीर : बूत नाउ हे इस जस्ट ा डेड सोल !

अजित : मेने कभी नहीं सोचा था की अगर आप गिरे तो वापस कभी खड़े नहीं हो पाओगे !

राजवीर : अब साला मैं Hi नहीं करता खड़ा होने का ! कोण वापस जीए अब और किसके लिए जीयु मई ?

अजित : अपने आप के लिए ! अपनी फॅमिली के लिए !

राजवीर : अजित जब में अपने आप को देखता हु न ! तब मुझे मेरे अंदर प्रेरणा दिखती है ! हर जगह मुझे बस प्रेरणा दिखती है ! में कभी उससे आगे निकल Hi नहीं सकता !

अजित : मुझे बताइये वो गोल्ड का क्या करना है ??

राजवीर : वो जहा छुपा हुआ है उसके अब वही रहने दो ! उसके बारे में सिर्फ हम दोनों Hi जानते है ! अगर तुम्हे चाहिए तो ले लेना !

अजित : मई अब इस उम्र में उसका क्या करुगा ? में तो आपके लिए कह रहा था ! आप उसको अपने बच्चो के लिए रख सकते है !

राजवीर : अब जो जहा है उसको वही रहने दो अजित !

अजित : ठीक है मास्टर !

_____________________________

लोकेशन : दिल्ली

कुलगौरवी : ( स्माइल ) सो केसा लगा ?

प्रेम : ( स्माइल्स ) एक्चुअली आईटी वास् फन !

कुलगौरवी : वैसे कहा से हो तुम ?

प्रेम : में यही मुंबई से ! तुम कहा से हो !

कुलगौरवी : वैसे तो मेरे पेरेंट्स बंगलुरु में रहते है बूत में फिलहाल इंदौर में रहती हु अपने मैटरनल ग्रैंडपारेन्ट्स के साथ ! इंदौर में Hi स्कूलिंग कर रही हु !

प्रेम : नीस ! बेंगलोरे में……

कुलगौरवी : नॉट बेंगलोरे ! It's बंगलुरु !

प्रेम : ओह यस ! माय बाद ! बंगलुरु !

कुलगौरवी : गुड ! वैसे यहाँ से रात को बाहर जाना अल्लोवेद नहीं है न !

प्रेम : पता नहीं ! में तो आज Hi आया हु !

कुलगौरवी : में कल से यहाँ हु ! रात के 10 के बाद यहाँ से बाहर नहीं जाने देते !

प्रेम : ( स्माइल ) क्यूंकि मिस ये दिल्ली है ! यहाँ तो रात को एनिमल्स भी सेफ नहीं है ! हम तो फिर भी इंसान है !

कुलगौरवी : ( स्माइल ) पर रात को बाहर जाना तो है घूमने ! आज रात चले ??

प्रेम : ( स्माइल ) मिस कुलगौरवी हमे मिले Hi 1-2 घंटे हुए है ! अगर मई ईविल निकला तो? और मेने फायदा उठाने की कोशिश की तो ?

कुलगौरवी : ( स्माइल ) हाँ तुम लगते भी हो शकल से ठरकी ! पर मेरे प्रोटेक्शन के लिए सब कुछ है ! पर अगर मेने तुम्हारा फायदा उठाने की कोशिश की तो ??

प्रेम : ( स्माइल ) ओह फ़क ! इसके बारे में तो मेने सोचा Hi नहीं !

कुलगौरवी : ( स्माइल ) तो चलते है आज रात को एक्सेक्ट 11 पं को ! तुम्हारे दोस्त आ रहे हो तो उनको भी साथ में ले लेना ! और हाँ… अपनी इज्जत को बचाकर रखना मुझसे !

*15 मिनट्स लेटर*

*इन रूम*

प्रेम : आ गए मिलकर !

राज : बिलकुल बरोथेर !

प्रेम : वैसे सुनो ! रात को बाहर चलोगे साथ में ?

राज : यहाँ रात को बाहर जाना अल्लोवेद नहीं है !

प्रेम : इसलिए तो ! चुप कर पीछे की दिवार से चले जाएगा ! वो तो छोटी Hi है!

राज : ( स्माइल ) इंटरेस्टिंग ! में आ रहा हु ! मज़ा आएगा ! ऐसी बकचोदी करने में मुझे बड़ा मज़ा आता है !

प्रेम : लक्ष्य ?? तुम आओगे ??

लक्ष्य : हाँ ! में भी आउगा !

लक्ष्य : ( मैं में ) गुड ! आज स्लीपिंग पिल्स लेने की जरुरत नहीं पड़ेगी !

प्रेम : रात की 11 बजे चलते है बाहर ! दिल्ली की नाईट लाइफ भी देख Hi लगे !

*ात नाईट*

*11 पं*

प्रेम , राज और लक्ष्य रूम से बाहर निकल चुके थे .
वही उनको कुलगौरवी भी मिल जाती है .

राज : ये लड़की भी साथ में आएगी ??

कुलगौरवी : कुलगौरवी ! एंड यस ! में भी आ रही हूँ !

प्रेम : हाँ !

कुलगौरवी : लक्ष्य ??? राइट ?? त्रौब्लिंग तरिओ के मैं मेंबर !!

लक्ष्य : ( नॉड्स इन एग्रीमेंट ) चले ?

प्रेम : हाँ !

कुलगौरवी : मुझे पता नहीं था हमारे बिच एक सेलिब्रिटी भी है !

चारो वह से Chup-Chupkar बाहर निकलते है . वह सब छोटी सी दिवार से कूद कर बाहर निकल जाते है . पर कोई था जिसकी नज़र बाहर जाते हुए प्रेम पर पद गयी थी .

कुलगौरवी : तो अब कहा जाना है ??

प्रेम : यहाँ से तो आगे चलते है !

राज : हाँ !

चारो लोग वह से आगे जाने लगते है . कुछ Hi समय हुआ था प्रेम और कुलगौरवी को मिले पर उन दोनों की Hi विबे एक दूसरे से मैच हो चुकी थी जिसकी वजह से उन दोनों का Hi एक कनेक्शन बन चूका था .

वह चारो रस्ते के साइड पर चल रहे थे तभी Ek-Ek करके कई बाइक्स उनके पास आकर रूकती है .

प्रेम की नज़र आदित्य पर पड़ती है और वो सब समझ जाता है .

करीब 30-40 लोग वह जमा हो गए थे जिनके हाथो में हॉकी स्टिक थी .

कुलगौरवी : ये क्या हो रहा है ? वे शुड कॉल थे कॉप्स !

प्रेम : लीव आईटी !

आदित्य : केतु भैया ! वो जो लाल जैकेट में खड़ा है , वही है प्रेम !

केतु : जाओ रे सब ! हड्डिया तोड़ो उसकी ! और कोई बीच में आये तो उनकी भी हड्डिया तोड़ दो !

वो सब लोग प्रेम से थोड़ी Hi दूर खड़े थे . वो सब प्रेम की तरफ बढ़ रहे थे .

प्रेम : ये लोग मेरे लिए आये है ! तुम सब Jao….Mai देख लगा ! आज ये किस्सा ख़तम करता हूँ !

राज : में भी हूँ साथ मई!

लक्ष्य : फेव ! Okay में भी हूँ ! I'm ा बॉक्सर आल्सो !

प्रेम : कुलगौरवी थोड़ा दूर चली जाओ !

कुलगौरवी : यहाँ से भागते है ! तुम तीनो क्या मार खाने के लिए रुक रहे हो?

राज : जस्ट वेट एंड वाच !

कुलगौरवी उनसे थोड़ा सा दूर चली जाती है और अपनी पॉकेट में से पेप्पर स्प्रे निकलती है .

प्रेम और लक्ष्य अपनी Hi जगह खड़े थे पर वही उन लोगो को अपनी तरफ आता देख राज उनकी तरफ चला जाता है .


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लक्ष्य : ये पहले क्यों आगे जा रहा है ? वो आ Hi रहे थे ! क्या पता सिर्फ बातचीत करनी हो उन्हें ?

प्रेम : अब जा रहा है तो क्या Hi कर सकते है ? हम भी चलते है ! वो लोग मारने Hi आ रहे है !

वही केतु अपनी पॉकेट से एक रिवाल्वर निकलता है .

आदित्य : Aree…Kya कर रहे हो केतु भाई ? जान से नहीं मारना है ! बस अपाहिज करना है !

केतु : ठीक है !

केतु अपनी रिवाल्वर को वापस से पॉकेट में रख लेता है .

वही आदित्य हॉकी स्टिक को अपनी हाथ में लिए आगे दौड़ते हुए जाता है तो उसकी नज़र प्रेम , राज और लक्ष्य पर पड़ती है जो उन सब लोगो से लड़ रहे थे .

राज अकेला Hi कई लोगो पर भारी पद रहा था .

वही प्रेम और लक्ष्य भी उन सब से लड़ रहे थे .

*सलसशः*

प्रेम के सर पर ज़ोर से हॉकी स्टिक लगती है .

प्रेम : ( गुस्से में ) ारी बस !!

प्रेम उस आदमी के चेस्ट पर ज़ोर से किक मारता है और उसके हाथ से हॉकी स्टिक लेकर उसको Hi मारने लग जाता है.

प्रेम और लक्ष्य के लिए ये सब थोड़ा आसान हो चूका था क्यूंकि राज अकेले Hi उन सब को मार रहा था . उसकी रफ़्तार बड़ी तेज़ थी जिसको देखकर प्रेम और लक्ष्य भी थोड़ा शॉक में थे .

वही लक्ष्य भी काम नहीं था . वह भी उन आदमियों की जमकर धुलाई कर रहा था .


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इन तीनो को भी बहुत मार पद रही थी पर ये तीनो Hi उन सब पर भारी पद रहे थे .

प्रेम आदित्य के पास जाता है और जोर से हॉकी उसके सर पर मारता है .

प्रेम : भेनचोद तू सुधरेगा नहीं !

प्रेम आदित्य को मारने का मौका Hi नहीं दे रहा था . वह उसको लगातार मारते Hi रह रहा था . आदित्य के मुँह का नक्शा बिगड़ चूका था .

वही लक्ष्य भी केतु को मार रहा था.

*पंच*

*पंच*

*पंच*

लक्ष्य लगातार केतु के मुँह पर पंच मारता रहा था . उसके मुँह से खून निकल रहा था .

वही राज अकेले Hi उन सब लड़को की हालत खराब कर रहा था .

केतु अपनी पॉकेट में से रिवाल्वर निकालता है और

*शूट*

रिवाल्वर में से गोली निकलती है और वो हवा में शूट कर लेता है .

गन देखते Hi लक्ष्य उससे थोड़ा दूर चला जाता है . प्रेम और राज भी वही रुक जाते है .

केतु : ( गुस्से में ) अब कोई नहीं हिलेगा अपनी जगह !

प्रेम : ( मैं में ) जहा देखु वह गन आ Hi जाती है !

आदित्य ज़मीन से खड़ा हो जाता है और अपने हाथ में हॉकी स्टिक ले लेता है.

केतु : अब तुम तीनो में से कोई नहीं हिलेगा !! अगर तुम लोगो ने लड़ना चालू किया तो वही मार डालूगा !!

प्रेम : आदित्य तेरी दुश्मनी मेरे साथ है ! जो भी करना है मेरे साथ Kar…Inko जाने दे ! वर्ण जब अगली बार तू मुझे मिलेगा में तुझे छोड़ूगा नहीं !

*सलसष्ठ*

*सलसष्ठ*

*सलसष्ठ*

*सलसष्ठ*

आदित्य लगातार प्रेम के मुँह पर हॉकी से मारे जा रहा था . प्रेम के मुँह से खून निकलना स्टार्ट हो जाता है .

वही वो सारे आदमी मिलकर भी राज और लक्ष्य को पकड़ कर मारने लगते है.

*सलसशहहह*

आदित्य प्रेम के सर पर इतनी ज़ोर से मारता है की वह वही ज़मीन पर गिर जाता है और उसकी आँखे बांध हो जाती है .

आदित्य : ( लौघ्स ) केतु भाई हो गया मेरा काम !!

केतु : चलो रे अब ! चलते है यहाँ से !

*5 मिनट्स लेटर*

उन लोगो के जाते Hi राज और लक्ष्य प्रेम के पास पहुंचते है . कुलगौरवी भी प्रेम के पास आ जाती है

प्रेम जमीन पर बेहोश गिरा हुआ था .

राज : इसको इसी वक़्त हॉस्पिटल लेकर जाना पड़ेगा !

कुलगौरवी : हाँ ! जल्दी चलो !

लक्ष्य : इस वक़्त कैब मिलना मुश्किल है !

राज : में अपने फ्रेंड को कॉल करता हु ! वह यही पास Hi रहते है ! वो उसके पापा को लेकर आ जायेगा कार के साथ !

राज अपना मोबाइल निकलता है और अपने बेस्ट फ्रेंड अमन को कॉल करता है .

*2 हॉर्स लेटर*

प्रेम की आँखे खुलती है . वह हॉस्पिटल बीएड पर लेता हुआ था . उसके सामने राज , लक्ष्य , कुलगौरवी , अमन ( राज का फ्रेंड ) खड़ा था .

अमन खुद Hi कार लेकर आ गया था .

कुलगौरवी : अब केसा लग रहा है ??

प्रेम : येह गुड !

राज : टेक सम रेस्ट ! तुम्हारी तो बहुत ब्लीडिंग हो चुकी है !

प्रेम : I'm सॉरी ! मेरी वजह से तुम दोनों भी इसमें इन्वॉल्व हो गए और तुम्हे भी बहुत मार पड़ी !

राज : कोई न भाई ! तू अपने आप को संभल !

लक्ष्य : येह !

कुलगौरवी : कल कम्पटीशन है , उसका क्या ?

प्रेम : में तो कपट कर लगा ! भले Hi हार जाऊ पर खेल लगा !

राज : में भी आराम से क
है लगा ! ये चोट थोड़ी देर बाद काम दर्द करेगी !

लक्ष्य : में चैस तो खेल लगा पर हाथ पर Hi चोट लगी है इसलिए बॉक्सिंग नहीं कर पाउगा !

प्रेम : I'm सॉरी लक्ष्य !

लक्ष्य : ( स्माइल ) चिल ! आईटी Wasn't योर फाल्ट !


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कुलगौरवी : निघटौत तो फिघ्टऑउट बन गया ! में इस रात को अपनी पूरी ज़िन्दगी भर याद रखूगी !!

❤️

❤️

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आज के लिए बस इतना Hi . लिखे करना और अपना रिव्यु देना न भूले . मिलते है जल्द Hi अगले अपडेट के साथ अगले संडे को . तब तक के लिए , चियर्स 🍻
 
अपडेट टुमारो बिकॉज़ माय संडे इस आलरेडी बूकेड फॉर मेगा ऑक्शन

अपडेट 46 ~ Prem's पास्ट पैरानॉयड - 4


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अपडेट 46

Prem's पास्ट पैरानॉयड ~ 4


[ प्रेम : I'm सॉरी लक्ष्य !

लक्ष्य : आईटी Wasn't योर फाल्ट !

कुलगौरवी : निघटौत तो फिघ्टऑउट बन गया ! में इस रात को अपनी पूरी ज़िन्दगी भर याद रखूगी !! ]

अब आगे :

अगले दिन चारो सेंटर पर सुबह होने से पहले पहुंच जाते है .

लक्ष्य की फिंगर्स पर मरहम लगा हुआ था तो वही राज के भी बन्दागेस लगी थी . प्रेम के सर पर भी अछि खस्सी चोट लगी हुयी थी जिसकी वजह से उसके सर पर पट्टी बंधी हुयी थी

सभी के टूर्नामेंट मैचेस स्टार्ट हो जाते है और आँख मीचते Hi ख़तम भी हो जाते है . राज की परफॉरमेंस पर कोई भी एफेक्ट नहीं पड़ा पर वही लक्ष्य उंगलियों पर बैंडेज की वजह से बॉक्सिंग नहीं कर पाया . पर वह चैस में 1सत आया था .

प्रेम के कुछ ज़्यादा Hi चोट लगी थी जिसकी वजह से वह सिर्फ एक Hi मैच जीत पाया था . अगले मैच में वो हार गया था .

स्पोर्ट्स टूर्नामेंट ख़तम हो चूका था और तीनो रूम में बैठे हुए थे . कुछ घंटे बाद प्रेम की स्कूल की बस निकलने वाली थी .

राज : तो केसा रहा ?

प्रेम : नॉट गुड ! हार गया मई ! तुम्हारा बताओ !

राज : ाचा गया ! हमारी टीम जीत गयी !

प्रेम : नीस ! और लक्ष्य तुम्हारा ?

लक्ष्य : चैस में विनर रहा मई और बॉक्सिंग में कर नहीं पाया ! हाथो पर बन्दागेस देख कर उन्होंने भी मुझे खेलने से सख्त मन कर लिया !

प्रेम : कॉंग्रट्स फॉर थे चैस ! तो तुम दोनों कब जा रहे हो ?

राज : सीन्स कल तक डेडलाइन है ! में कल चला जाउगा !

लक्ष्य : में आज जा रहा हु ! शाम को !

राज : तुम ?

प्रेम : में 2-3 घंटे बाद !

राज : वैसे हमने पूछा नहीं पर वो लोग कौन थे ? खासकर तुम्हे Hi मारने आये थे वह !

प्रेम : हाँ उनमे से एक लड़का मेरी Hi क्लास का है ! उसके और मेरे बिच थोड़ी सी दुश्मनी है और कुछ नहीं!

राज : फिर आगे क्या करोगे ??

प्रेम : सोच रहा हु की उसकी ऐसी हालत करू की वो अगले 7 जनम तक मुझे याद करेगा ! पर फिर सोचता हु की रहने देता हूँ , इस चीज़ को यही ख़तम कर देता हूँ ! में अगर कुछ नहीं करुगा तो वो भी कुछ नहीं करेगा और ये बात हमेशा के लिए ख़तम हो जाएगी ! वैसे मेने भी उसको ाचा ख़ासा धोया है ! अगर वो गन बीच में न आती तो बात कुछ अलग होती !

लक्ष्य : गुड थॉट !

राज : हाँ वैसे तुम्हे ये बात यही ख़तम कर देनी चाहिए ! सोमेतिमेस वे हैवे तो लेट जो थे थिंग्स वे हैवे इन आवर हैंड्स !

लक्ष्य : एंड It's ओने ऑफ़ थे टोगेस्ट थिंग इन थे वर्ल्ड

प्रेम : हाँ ! ये बात अब यही ख़तम कर देनी चाहिए !

राज : वैसे तुम्हारा कुलगौरवी के साथ कुछ चल रहा है क्या ?

प्रेम : नहीं…. बिलकुल कुछ नहीं ! क्यों ?

राज : नहीं वो बस ऐसा लगा!

प्रेम : वो बस हम दोनों की विबे अछि खासी मैच हो गयी एंड it's किन्दा गुड ! तुम्हारी गर्लफ्रेंड है इसलिए तुम्हे सभी का ऐसा Hi लगता है !

राज : तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड है लक्ष्य ?

लक्ष्य : नहीं ! मेरा फोकस सिर्फ मेरे करियर पर रहता है !

राज : गुड ! होना भी चाहिए !

प्रेम : येह ! बूत दिल भी तो बच्चा है ! और मेरा तो नाम Hi प्रेम है ! प्यार हो Hi जाता है !

राज : किसीसे करते हो तुम प्यार ?

प्रेम : Haan…..Hai एक लड़की ! बहुत मोहब्बत करता हु मई उससे ! पर कभी उससे Hello कहने तक की हिम्मत नहीं होती !

राज : पहली मोहब्बत होती Hi ऐसी है !

प्रेम : लगता है तुम भी एक्सपीरियंस कर चुके हो ? तो तुम्हारी ये गफ Hi तुम्हारा पहला प्यार है क्या ?

राज : एक्चुअली नहीं ! तुम्हे काम से काम तुम्हारे पहले प्यार का नाम तो पता होगा ! मुझे तो वो भी नहीं पता !

प्रेम : इंटरेस्टिंग !

करीब 2 घंटे बाद प्रेम अपनी स्कूल बस में मुंबई के लिए निकल जाता है . यहाँ से जाने के बाद इन तीनो की ज़िन्दगी बदलने वाली थी .

*2 डेज लेटर*

लोकेशन : Prem's स्कूल , मुंबई

अमन : भाई पुरे स्कूल में गन वाली बात फेल चुकी है

प्रेम : हाँ ! सब लोग ऐसे Ghur-Ghur के देख रहे थे मुझे !

अमन : पर तेरा और बढ़ गया है सबके सामने ! सब लोगो के सामने तेरी रेस्पेक्ट काम होने की जगह , और भी बढ़ गयी !

प्रेम : पर प्रतिभा क्या सोच रही होगी मेरे बारे में !

अमन : हाँ वो बात तो है ! वैसे मुझे लगा था की स्कूल वाले तुझे ससपेंड कर देंगे ! फिर याद आया की तेरे पापा Hi ट्रस्टी है स्कूल के !

प्रेम : अगर ट्रस्टी नहीं भी होते , तो भी वो मुझे ससपेंड नहीं होने देते ! वैसे यार मुझे बहुत बेचैनी हो रही है ! प्रतिभा मेरे बारे में क्या सोच रही होगी ? कही मुझे Lucha-Lafanga तो नहीं समझ रही ?

अमन : मुझे नहीं लगता ! वैसे जिस दिन तूने ये काण्ड किया , उस दिन प्रतिभा स्कूल आयी भी नहीं थी !

प्रेम : पर अब तक उसको पता तो सब कुछ चल Hi गया होगा !

अमन : तू ज़्यादा मत सोच ! जो सोचे वो सोचने दे !

प्रेम : पर भाई मुझे फ़र्क़ पड़ता है वो मेरे बारे में क्या सोचती है !

अमन : ये बस प्यार बड़ी चुटिया चीज़ होती है ! ाचा है मुझे कभी नहीं हुआ !

प्रेम : तुझे भी होगा कभी ! टेंशन मत ले मेरे भाई !

अमन : नहीं हो तो ाचा है!

धीरे धीरे प्रेम के स्कूल का आखरी साल अपने ख़तम होने लगता है और नवंबर का महीना आता है जिस महीने में प्रेम का जन्मदिन था .

डेट : 4 नवंबर

प्रेम और राजवीर दोनों उसी ट्री के नीचे बैठे हुए थे जहा राजवीर अक्सर प्रेम को लाता था .

प्रेम : पापा ! आप हमेशा मुझे यही क्यों लाते है ?

राजवीर : क्यूंकि मुझे सबसे ज्यादा शान्ति यही मिलती है ! मेरी सबसे पसंदीदा जगहों में से यह एक है !

प्रेम : ( मैं में ) नीस !

राजवीर : अब मुझे यह बता की जब वह गन लेकर तू सीधा स्कूल में चला Gaya…….To यह नहीं सोचा की स्कूल वाले तुझे ससपेंड कर देंगे !

प्रेम : ( स्माइल ) मुझे पता था की आप मुझे ससपेंड नहीं होने देंगे ! आपको जब भी यह बात पता Chalti….Me अगले दिन Hi वापस स्कूल में होता ! पर मेने नहीं सोचा था की आपको बात बहुत ज़्यादा Hi जल्दी पता चल जाएगी !

राजवीर : बीटा मई हर वक़्त तो तेरे साथ नहीं रहूगण ! अभी समझा रहा Hoon…..Mere भरोसा मत रहना ! और Haan….Maine किसीसे वादा किया है ! प्रेम महरा सोन ऑफ़ राजवीर महरा डिग्री होल्डर होगा !

प्रेम : ठीक है पापा !

राजवीर : कल बर्थडे है ??

प्रेम : हाँ पापा !

राजवीर : क्या चाहिए गिफ्ट में ?

प्रेम : कुछ नहीं पापा !

राजवीर : कुछ तो चाहिए होगा ?

प्रेम : नहीं Papa….Kuch भी नहीं !

राजवीर अपने हाथ में पहनी हुयी वाच निकलता है और प्रेम के हाथो में रखता है .

राजवीर : ये वाच कोई मामूली वाच नहीं है ! ये वाच मुझे किसीने गिफ्ट की थी ! जब भी इसको देखता हु तो मेरे अंदर एक अलग Hi तरह की एनर्जी आ जाती है ! वैसे तो मेने इसको बहुत सालो से तिजोरी में रखा था , पर आज ख़ास में ये तेरे लिए लाया हूँ ! मेने सोचा था की मई सबसे प्रेसियस तुझे क्या दे सकता हूँ , फिर मेरे दिमाग में ये आया ! इसको हमेशा संभल कर रखना ! जब भी लगे की सब कुछ ख़तम हो चूका है , तब एक बार इसको देख लेना !

प्रेम वो वाच को पहले हाथ में पेहेन ने की सोचता है पर बाद में अपनी पॉकेट में रख लेता है .

प्रेम : पापा आप हमेशा अजित के साथ Hi क्यों रहते है ?? आप कभी अपना प् चेंज क्यों नहीं करते ?

राजवीर : बीटा बहुत काम लोग होते है जिनपर हम भरोसा कर सकते Hai…..aur अजित उनमे से एक है ! अजित मेरा सबसे भरोसेमंद आदमी है और सबसे ज्यादा काम भी यही आता है ! भले Hi बुद्धा हो गया है पर विसर Hai……Mushqil वक़्त पर काम आने वाला इंसान है ! उस पर तुम ट्रस्ट कर सकते हो !

प्रेम : पापा मुझे आपके साथ टाइम स्पेंड करना सबसे ाचा लगता है !

राजवीर : ( स्माइल ) अब घर जाने का वक़्त हो चूका है ! कल बर्थडे भी तो है !

राजवीर प्रेम के साथ कार में बैठ जाता है . ुंकड साथ Hi कई बोडीगार्ड्स भी थे जो अलग अलग कार में बैठ उनके साथ चले जाते है .

*नेक्स्ट डे*

आज प्रेम का जन्मदिन था . स्कूल की छुट्टी थी जिसकी वजह से वह घर पर Hi था . सुबह से उसके मोबाइल पर बर्थडे विशेष के लिए कॉल आ रहे थे और सबको वो बस थैंक यू कहे जा रहा था .

लोकेशन : Aman’s हाउस , मुंबई

अमन : ( स्माइल ) आज तो चुत्तड़ चमक रहा है ! बर्थडे का ग्लो Hi कुछ अलग होता है !

प्रेम : बीटा मई तो रोज Hi चमकता हूँ ! तेरे जैसी चोमू शकल नहीं है मेरे पास !

अमन : ाचा बीटा ! क्या फायदा ऐसी शकल का अगर क्रश को Hi नहीं इम्प्रेस कर सको !

प्रेम : बीटा मेरी क्रश काम से काम कांस्टेंट तो है ! तेरे जैसे तो नहीं की हर दिन क्रश Hi बदलती रहती है ! कभी बोलता है की शादी करुगा तो सिर्फ पिज़्ज़ाहत की वेटर से ! कभी बोलता है की सरोजा Ma'am से शादी करुगा उनके डाइवोर्स होने के बाद ! बकल !

अमन : वो पिज़्ज़ाहत वाली क्यूट थी यार ! और सरोजा Ma'am की तो बात Hi अलग है ! बेसमेंट सो बिग ी जस्ट वांनै दिए इन आईटी !

प्रेम : ठरकी साला ! प्यार को ठरक में मिला रहा है !

अमन : वैसे Bata….Is बार तो प्रतिभा हमारी क्लास में Hi है , उसको इन्विते करेगा पार्टी मई ?

प्रेम : ओफ़्कौर्से करना तो है ! पर कैसे करू कुछ समझ नहीं आ रहा !

अमन : उसके घर जा और उसको इन्विते कर ! सिंपल !

प्रेम : नहीं यार ाचा नहीं लगता ! मई एक बार नीलम को कॉल करता हूँ ! अगर सबकुछ अलाइन हुआ तो उसके साथ Hi जाउगा प्रतिभा को इन्विते करने !

प्रेम अपनी पॉकेट से अपना मोबाइल निकलता है . नीलम प्रेम की बहुत अछि फ्रेंड थी . दोनों बहुत सालो से फ्रेंड्स है .

*ों कॉल*

प्रेम : Hi नीलम !

नीलम : ( स्माइल ) हैप्पी बर्थडे Brother….Happy बर्थडे !

प्रेम : थैंक्स नीलम !

नीलम : मेने व्हाट्सप्प पर स्टेटस भी लगाया है ! तू भी डाउनलोड करदे व्हाट्सप्प !

प्रेम : मई ऐसे फ़ालतू चीज़े नहीं करता बूत अन्य्वयस थैंक यू मिस ! सुन आज शाम को मेरे घर पर बर्थडे पार्टी है !

नीलम : ( गइल ) तू इन्विते नहीं करता तो भी मई आती Hi!

प्रेम : ी क्नोव ! तू तो भाई है Mera…Mera घर भी तेरा Hi है पर मेरी बात सुन ! वो तेरी एक फ्रेंड है न !

नीलम : ( स्माइल ) ी कैन सी वेयर it's गोइंग….

प्रेम : गुड ! वो तेरी फ्रेंड है न ! क्या नाम Tha....Kya नाम Tha.....Haan प्रतिभा ! मई सोच रहा हु की उसको भी बर्थडे पार्टी में बुलाया जाए ! तो हम….

नीलम : प्रतिभा आउट ऑफ़ टाउन गयी है !

प्रेम : क्यों ??..

नीलम : क्यों क्या ?? उसकी मर्ज़ी ! उसके मां के यहाँ कुछ फूंकती
ों है तो वह गयी है उसकी फॅमिली !

प्रेम : ( मैं में ) मादरचोद मां !!

नीलम : वो तो नहीं आ सकती !

प्रेम : Bye ! तू शाम को आ जाना !

नीलम : तुझे क्या हुआ ?

प्रेम : कुछ नहीं ! Bye !

*कॉल कट्स*

_______________________________

रात को प्रेम के घर पर छोटी सी बर्थडे पार्टी थी . जहा मेंशन में डोरशंस हो रही थी तो वही राजवीर अजित के साथ होटल में बैठा हुआ था .

रात का समय हो चूका था . अजित राजवीर के लिए कपडे लेकर आया था प्रेम के बर्थडे में पेहेन ने के लिए .

अजित : ये लीजिये मास्टर ! ये आप पर बहुत ाचा लगेगा !

राजवीर : हम्म्म ! तुम्हे क्या लगता है Ajith…..Mujhe जाना चाहिए की नहीं पार्टी में !

अजित : बिलकुल जाना चाहिए ! अगर आप नहीं गए तो मास्टर प्रेम बर्थडे का केक भी नहीं काटेंगे !

राजवीर : प्रेम मुझसे कुछ ज्यादा Hi अटैच्ड Hai….Aur ये बात मुझे बहुत परेशां करती है ! कैंसर की वजह से मेरा समय तो आ Hi चूका है ! मेरे जाने के बाद वो क्या करेगा बस उसी की फ़िक़रा लगी रहती है !

अजित : तो आप इलाज क्यों नहीं करवाते ?

राजवीर : अब मेरा समय आ चूका है अजित ! में महसूस कर सकता हूँ ! मेरे जीने की ीचा नहीं बची है अब ! Kherr…Chalte है महरा मेंशन !

अजित : आपकी माँ का कॉल आया था ! वो आपको कुछ बताना चाहती थी ! कह रही थी की कुछ जरुरी काम है!

राजवीर : वह जाकर कर लगा बात !

राजवीर अजित के साथ होटल के बाहर आ जाता है . वह से वह अपने बोडीगार्ड्स के साथ महरा मेंशन की तरफ चला जाता है .

करीब आधे घंटे बाद राजवीर महरा मेंशन पहुंच जाता है .

मेंशन में राजवीर को देखते Hi प्रेरणा उसके पास चले जाती है .

प्रेरणा : पापा !

राजवीर : ( स्माइल ) प्रेरणा ! कैसे हो बच्चा ?

प्रेरणा : मई अछि हूँ पापा ! 2 हफ्ते से हम मिले भी नहीं है ! आप मुंबई में Hi है फिर भी आप घर पर आते Hi नहीं !

राजवीर : जरुरी काम होते है बीटा ! Kherr…..Ye बाते छोड़ो ! आज तो आप बहुत अचे लग रहे Ho….Ek दम प्रिंसेस की तरह !

प्रेरणा : थैंक्स पापा !

राजवीर : डोरशंस तो अछि की है ! प्रेम कहा है ??

प्रेरणा : पता नहीं ! वो कुछ देर पहले बाहर गए थे ! पता नहीं कहा गए !

राजवीर : कॉल किया उसको ??

प्रेरणा : हाँ किया बूत मोबाइल स्विच ऑफ बता रहा है !

राजवीर : आता Hi होगा !

प्रेरणा : Papa…Wo…..

राजवीर : हाँ बोलो !

प्रेरणा : मुझे आपसे कुछ चाहिए था !

राजवीर : आप जो चाहोगी में वो लाकर दुगा बच्चा ! ी प्रॉमिस ! कुछ भी मांगो !

प्रेरणा : कल मांगूगी !

राजवीर : OK ! अस यू विश !

अजित : मास्टर ! 2 मिनट !

राजवीर : मई आया बच्चा !

अजित राजवीर को साइड में लेकर जाता है .

अजित : आपके लिए जरुरी कॉल है !

अजित मोबाइल राजवीर को देता है .

*ों कॉल*

राजवीर : Hello !

प्रकाश : मई प्रकाश ओबेरॉय !

राजवीर : हम्म मर. ओबेरॉय ! क्या काम है ?

प्रकाश : ज़रा चारो तरफ अपनी आँखे Ghumao….Kahi तुम्हारा बीटा नज़र आ रहा है क्या तुम्हे ? ज़रा ध्यान रखा करो अपने बेटे का राजवीर !

राजवीर : ( रीलीज़ ) समझ गया ! तुम जानते भी हो तुमने किसके बेटे को पकड़ा है !

प्रकाश : जानता हूँ ! थे राजवीर महरा के !

राजवीर : तो फिर अपनी मौत को क्यों इन्विते कर रहे हो ? अगले 20 मं में मेरा बीटा मुझे यहाँ मिलना चाहिए वर्ण उसके अगले मिनट बाद तेरा पूरा परिवार एक्सिस्ट नहीं करेगा !

प्रकाश : कुछ भी करो राजवीर ! पर आज तुम्हारे बेटे की Chote-Chote टुकड़े कर के कुत्तो को खिला दुगा !

राजवीर : क्या चाहिए ?

प्रकाश : मेने एक लोकेशन संस की है ! जल्दी से वह पहुंच जाओ अकेले ! किसीको भी साथ मत लाना ! अगर कोई भी चालाकी की तो तुम्हारे बेटे की मौत के ज़िम्मेदारी तुम खुद होंगे !

*कॉल कट्स*

राजवीर मेंशन से बाहर आ जाता है . अजित भी उसके Piche-Piche आ जाता है .

अजित : क्या हुआ मास्टर ?

राजवीर साड़ी बात अजित को बताता है .

अजित : आप वह अकेले जाइये ! में दूसरे लोगो को गन्स के Saath...Aapke पहुंचने के थोड़ी Hi देर बाद वह पहुंच जाउगा !

राजवीर : नहीं ! बिलकुल नहीं ! मेरे बेटे की ज़िन्दगी का सवाल है ! मई पहले Hi अपनी पत्नी और बच्ची की खो चूका हूँ , अपने बेटे को नहीं खो सकता ! कुछ भी प्लान करने की ज़रूरत नहीं है ! ी विल मेक सूरे मेरा बीटा वापस पहुंच जाएगा !

अजित : मास्टर शान्ति से सोचिये ! में जानता हूँ आप अकेले संभल सकते है पर अभी आप अपने प्राइम में नहीं है ! शराब और कैंसर ने आपका शरीर कमज़ोर कर दिया है ! प्लान बनाकर….

राजवीर : IT'S माय आर्डर अजित !

राजवीर कार में बैठ जाता है और वह से रफ़्तार में निकल जाता है .

अजित : शीट !!

करीब 1.5 घंटे बाद प्रेम मुंबई के ऑउटस्कर्ट्स में पहुंच जाता है जहा की लोकेशन उसको भेजी हुयी थी

राजवीर लोकेशन के मुताबिक़ पहुंच जाता है . वह अपनी कार एक अबंदोनेद फैक्ट्री के बाहर कड़ी करता है .

कार को देखते Hi कुछ लोग गन्स के साथ राजवीर के पास आते है और उसको चेक करते है .

वह लोग राजवीर का मोबाइल ले लेते है और उसको अंदर लेकर जाते है .


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प्रकाश : ( स्माइल ) वेलकम मर. Mehra…Welcome !

राजवीर की नज़र 50-60 लोगो पर पड़ती है जिन सबके पास गन थी .

राजवीर : मेरा बीटा कहा है ??

प्रकाश : यही है ! बेहोश है अभी !

राजवीर : मेरे बेटो के एक भी खरोच आयी तो मई प्रॉमिस करता Hoon…..Tu और तेरा पूरा परिवार ज़िंदा नहीं बचेगा !

प्रकाश : मई जानता हूँ तुम कितने खतरनाक हो मर. महरा ! Don't वोर्री मई तुम्हारे बेटे को कुछ नहीं करुगा ! उसके साथ जो भी करेगा वो मेरा बीटा करेगा बड़ा होकर !

राजवीर : मेरे से क्या दुश्मनी है ?

प्रकाश : 2 मं ! Aree..Pehle हत्कडी लाओ ! इसको पोल से तो बांधो !

4 लोग आकर राजवीर को पोल के पास लेकर जाते है और उसको पोल से बांड देते है . राजवीर चुपचाप था . उसने कोई भी प्रतिक्रिया नहीं दी .

प्रकाश : ( स्माइल ) गुड ! वो क्या है na…..Tumhe ऐसे सामने देख थोड़ा दर लगता है ! वैसे तो मेरी तुमसे कोई दुश्मनी नहीं है पर हमारी दुश्मनी तो किस्मत में पहले से Hi लिखी हुयी है !

राजवीर : क्या मतलब ??

प्रकाश : यही की हमारी दुश्मनी खानदानी है ! बहुत पुरानी दुश्मनी Hai….Agle जनम में वापस मिले तो जरूर पूरी कहानी बताउगा !

*समवन ेंटेर्स*

शशिवारघा : ( स्माइल ) राजवीर महरा ! मुझे तो पहचानते Hi होंगे !

राजवीर : तो मेरे दुश्मनो के साथ मिल चुके हो तुम !

प्रकाश : हाँ बिलकुल !

शशिवारघा : तुमने मेरा मुझसे सबकुछ चीन था पर मेने वो सब वापस पा लिया और तुम्हारी भी साड़ी खुशिया छीनली !

*समवन ेंटेर्स*

बहुत सारे लोगो की भीड़ से एक आदमी बाहर आता है जिसको देख राजवीर भी शॉक हो जाता है .

राजवीर : शेखर ???

शेखर : चुप !!!! कभी तो मुझे अपना भाई समझा नहीं ! हमेशा किसी कुत्ते की तरह बर्ताव किया मेरे साथ !

राजवीर : क्यूंकि तेरी हरकते Hi ऐसी थी ! और सही था मई ! मुझे लगा था तू सुधर जाएगा पर नहीं ! तू कभी नहीं सुधर सकता !

*समवन ेंटेर्स*

शैलेन्द्र : क्यों साले साहब ! मज़ा आ रहा है न ?

राजवीर : सबके सब साप पाल रखे थे मैंने !

प्रकाश : Aree…Kya बुफे चल रहा है जो सब Ek-Ek करके आ रहे हो !

राजवीर : तुम्हारे साथ तो मेने कुछ नहीं किया जब तक मुझे याद है !

शैलेन्द्र : बहुत कुछ किया है तुमने मेरे साथ ! मेरा परिवार उजाड़ा है तुमने !

राजवीर : सारे दुश्मन आज Hi प्रकट हो रहे है ! अगर दम है तो मेरे बेटे को जाने दो और मेरे हाथ खोल दो ! फिर निभाते है अचे से दुश्मनी !

प्रकाश : Nahi….Itna दम नहीं है ! चूतिये नहीं है जो तुझे छोड़ दे !

शशिवारघा : इसको मत छोड़ना ! में देख चूका हूँ इसका तांडव !

राजवीर : बंधा हुआ मई हूँ पर दर मुझे तुम सबकी आँखों में दिख रहा है ! प्रे करना की सबकुछ आज तुम्हारे हिसाब से जाए वर्ण तुम सभी ज़िंदा नहीं बच पाओगे !

शशिवारघा की यह बात सुनकर कुछ याद आ जाता है जिसकी वजह से उसकी पूरी रूह काँप जाती है .


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*समवन ेंटेर्स*

राजवीर : हम्म्म ! अनएक्सपेक्टेड !!!!!!!

मास्टर श्रुजित : गुड इवनिंग राजवीर !

राजवीर : ी ट्रस्टेड यू !

मास्टर श्रुजित : तुमने मेरे बेटे को मारा था राजवीर ! बदला तो लेना Hi था !

राजवीर : सब के सब मिले हुए Hai…Sab के सब ! तेरा बीटा भादवा Tha…Tu भी भादवा है !!

*समवन ेंटेर्स*

एक लेडी एंटर करती है और शेखर के पास जाकर कड़ी हो जाती है .

शेखर : माय लवली डार्लिंग वाइफ !

लेडी : Mr.Rajveer महरा ! बहुत सालो तक इंतज़ार किया है तुम्हारी मौत का !

राजवीर : गुड ! ज़रा बताओगी की मेरी तुम्हारे साथ क्या दुश्मनी है ?

लेडी : तुमने मेरा परिवार बर्बाद कर लिया !

राजवीर : ाचा है !

प्रकाश : कातिलों का शहर Hai….Gunehgaar कौन Hai…..Humse मत पूछिए की ईमानदार कौन है !!

राजवीर : पर आज Hi ये सब प्लान करके क्यों कर रहा हो ? पहले भी तो कर सकते थे !

प्रकाश : हाँ ! इसकी एक वजह है ! जिसका नाम Hai…..Na ! नाम नहीं बताउगा ! तुम्हारे लिए वो है 1847 !

*समवन ेंटेर्स*


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राजवीर के सामने 2 इंसान आकर खड़े हो जाता है .

राजवीर उन दोनों की तरफ देख रहा था.

प्रकाश : इस पुरे प्लान के डायरेक्टर है ये दोनों ? 1847 एंड 1947 !

1847 : 5 नवंबर !

1947 : प्रेसियस डेट आईटी इस !

राजवीर : जिनकी कभी शकल नहीं देखि वो भी दुश्मनी निकाल रहे है !

1847 : दुश्मनी तो पुरानी है ! खून की दुश्मनी Hai….Khoon से Hi ख़तम होगी ! 5 नवंबर को Hi हमारी दुनिया चीन की Thi……Aaj उसका Hi बदला लेने आये है हम दोनों !

राजवीर : कौन हो तुम दोनों ?

1947 : काश आप कभी जान पाते ! मय्बे इन ानोथेर यूनिवर्स !

1847 : आप Nahi….Tu ! ऐसे आदमी पर ‘ आप ‘ शोभा नहीं देता !

1847 राजवीर के पास जाता है .

1847 : तुम्हे मेरा नाम जानना है न ! तो सुनो…..

1847 राजवीर के कानो में कुछ बोलता है जिसे सुन राजवीर के चेहरे का रंग उड़द जाता है .

राजवीर : ( स्माइल ) तुम ?????

1847 : हाँ !

राजवीर : पर क्यों ?? और ये ?

1847 : माय सिलबलिंग !

श्रुयतिज : तुम राजवीर नहीं हो सकते ! अगर राजवीर होता तो अब तक तो हमे मार भी चूका होता ! तुम तो अपने रौद्र अवतार में भी नहीं आये !

राजवीर : अगर मई चाहता तो ! पर अब मुझे जीने में कोई दिलचस्पी नहीं रही ! अगर तुम्हे मुझे मारकर चैन मिल रहा है तो मार दो ! मेरा भी भला होगा और तुम्हारा भी ! बूत Haan…..Mere बेटे को इसके बारे में पता नहीं चलना चाहिए और उसको कुछ भी नहीं होना चाहिए ! अगर उसको कुछ किया तो खबर दरदेविल्स के पास पहुंच जायेगी ! और वो कैसे भी कर के Ek-Ek करके तुम सबकी लाशें बिछा देंगे ! दरदेविल्स के बारे में तो आप लोग जानते Hi होंगे !

मास्टर श्रुजित : तुम्हे तो जीना Hi नहीं है अब !

राजवीर : ( स्माइल ) अगर जीने होता तो आप सब अभी ज़िंदा नहीं रहते ! डेथ विल बे ा काइंड रिलीफ फॉर में !!

1847 : ( गुस्से में ) चुप !!!! मौत तो आएगी तुझे पर आराम से Nahi…..Dardnaak मौत !!

वही प्रेम एक कार में बेहोश पड़ा हुआ था . उसके हाथ और मुँह बंधे हुए थे . वह धीरे धीरे अपने होश में आता है .

प्रेम : ( मैं में ) Aaaaahhh……Mere हाथ !!!! मेरा मुँह किसने बाँध दिया और मई कहा हूँ ????

प्रेम हाथ छुड़ाने की बहुत कोशिश करता है पर कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता .

प्रेम : ( मैं में ) साला बर्थडे के दिन Hi किडनैप करना था ?? अब तक तो पापा को पता चल गया होगा !

प्रेम कार में बांध था . वो कार के बाहर जांख कर देखता है . बाहर बहुत अँधेरा था जहा डीम्ड लाइट थी .

प्रेम की नज़र राजवीर पर पड़ती है जो एक पोल से बंधा हुआ था .

प्रेम : ( मैं में ) पापा ???

प्रेम की नज़र वह खड़े सारे लोगो पर पड़ती है जिनके पास गन्स थी .

वही राजवीर के पास 8 लोग खड़े थे जिनमे से प्रेम को सिर्फ 3 लोगो की शकल दिखाई दी . वह 3 लोग थे शेखर , शैलेन्द्र और मास्टर श्रुजित . और उनमे से प्रेम सिर्फ शैलेन्द्र और शेखर को जानता था .

*Kcchhhhhhhhhhhhhhhhh*

सामने का दृश्य देख कर प्रेम का दिल देहल जाता है . प्रेम का ब्लड प्रेशर आउट ऑफ़ कण्ट्रोल हो जाता है और वह वही बेहोश हो जाता है .

वही 1847 ने राजवीर के स्तोमच में चाकू दाल कर वापस निकल दिया था . वह लगातार यही कर रहा था .

राजवीर के चेहरे पर दर्द की जगह स्माइल थी जिसको देख कर 1847 को और भी ज़्यादा गुस्सा आ रहा था .

राजवीर अपनी आखरी समय गईं रहा था पर चेहरा पर हसी बरकरार थी .

*कचहहहहह*

*कचहहहहह*

*कचहहहहह*

राजवीर की आँखें धीरे धीरे बांध हो रही थी.


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इन आखरी पल में उसके सामने उसकी पूरी ज़िन्दगी दिख रही थी . उसके पेरेंट्स , उसके बच्चे , उसका साम्राज्य जो उसने बनाया था और खासकर उसकी ज़िन्दगी की मोहब्बत ‘ प्रेरणा

दोनों की मोहब्बत की शुरुवात सही तरीके से नहीं हुयी थी. पर फिर दोनों को एक दूसरे से दिलकशी हो गयी थी . धीरे धीरे वही दिलकशी उन्स (इन्फैटुएशन ) में बदल गयी . प्रेरणा के साथ समय बिताकर वही मोहब्बत ने अपने कदम रख लिए थे .

जो हाल राजवीर के साथ था वही प्रेरणा के साथ भी था . दोनों एक दूसरे से बहुत मोहब्बत करते थे .

जैसे Hi उस मोहब्बत में आदिकत आ गयी , दोनों ने एक दूसरे से मंदिर में शादी कर्ली .

राजवीर प्रेरणा की इबादत करने लग गया था . पूरी दुनिया उसके लिए एक तरफ और प्रेरणा एक तरफ .

प्रेरणा से दूर होने के बाद Hi राजवीर के अंदर प्रेरणा के लिए जूनून बढ़ गया था . उसको हर जगह बस प्रेरणा दिखती . उसने अपने आप को दुनिया से अलग कर दिया था . एक वक़्त ऐसा नहीं बिता जब राजवीर ने प्रेरणा को याद न किया हो .

राजवीर अब मोहब्बत के आखरी चरम पर था जो थी ‘ मौत ‘ .

राजवीर का खून हर जगह फेल गया था . 1847 जमीन पर बेहोश रहे खून पर अपना हाथ रखता है और उसको अपने चेहरे पर लगा देता है .

1947 : प्रेम को ज़िंदा रखना है ?? या फिर ??

1847 : उसको अभी नहीं मार सकते ! उससे पहले दरदेविल्स का सफाया करना पड़ेगा ! वो लोग पुरे इंडिया में अलग अलग जगह अंडरकवर है ! उनको Ek-Ek करके ख़तम करना पड़ेगा ! फिर देख लगे राजवीर महरा के परिवार को ! उन दरदेविल्स को मई अपने हाथो से मारुंगा !

मास्टर श्रुजित : यहाँ से अब न मई तुम्हे जानता हु न तुम मुझे ! यहाँ से हमारे सारे कनेक्शंस ख़तम !

1847 के हाथो में नाइफ था जिसपर राजवीर का खून लगा हुआ था . वह मास्टर श्रुजित के पास जाता है और उसके सामने खड़ा हो जाता है .

1847 : हम्म्म कनेक्शन ख़तम ?

वह उसके कोट पर नाइफ साफ़ करता है जिसकी वजह से मास्टर श्रुजित के सफ़ेद कोट पर लाल निशाँ लग गए थे . मास्टर श्रुजित को इस बात पर बहुत गुस्सा आया था पर वह चुपचाप खड़ा था .

1847 : ठीक है ! आज से सारे कनेक्शंस ख़तम तुंहरे साथ !

1847 और 1947 वह से बाहर निकल जाते है . दोनों एक कार में बैठे हुए थे .

1947 : केसा लग रहा है ? जो हम चाहते थे वह आज हो गया !

1847 : मेरे दिल को शान्ति नहीं मिली ! पता नहीं क्यों ?

1947 : मय्बे शायद उन दरदेविल्स को मारकर और शकुंतला

महरा को घुटनो पर लाने के बाद Hi यह शान्ति होगा !

1847 : हम्म्म ! अबसे हमारा मक़सद उन सरे दरदेविल्स को मारना है !

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आज के लिए बस इतना Hi , लिखे करना और अपना रिव्यु जरूर देना . विंटर स्टार्ट हो गयी है तो सुबह उठकर एक्सरसाइज जरूर करे . मिलते है जल्द Hi एक नए अपडेट के साथ . तब तक के लिए , चियर्स 🍻
 
How's गोइंग ? एवरीथिंग गुड ? शेयर कर सकते हो अगर कुछ बुरा जा रहा Hai....Wese भी सब एनोनिमस Hi है ! Btw How's थे स्टोरी गोइंग ?? अचे मोड पर चल रही है या खराब ? खराब लग रही है तो खामिया जरूर बताये और अछि लग रही है तो आपको क्या पसंद आ रहा है और मई क्या बेहतर कर सकता हूँ वह जरूर बताये ! चियर्स 🍻
 
एक्चुअली हे वास् थे फर्स्ट चॉइस बूत लास्ट मोमेंट पर रणबीर कंसीडर कर लिया ! I'm नॉट सो गुड ात थिस :(

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कुछ ज़्यादा Hi परफेक्ट हो जाता 🔥

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नेक्स्ट अपडेट टुनाइट ~

अपडेट 47 : Prem's पास्ट पैरानॉयड ~ 5

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अपडेट 47

Prem's पास्ट पैरानॉयड ~ 5

[ 1847 : मेरे दिल को शान्ति नहीं मिली ! पता नहीं क्यों ?

1947 : मय्बे शायद उन दरदेविल्स को मारकर और शकुंतला महरा को घुटनो पर लाने के बाद Hi यह शान्ति होगा !

1847 : हम्म्म ! अबसे हमारा मक़सद उन सरे दरदेविल्स को मारना है ! ]

अब आगे :

टाइम : 1 पं

सूर्य की किरण खिड़की से होते हुए सीधा प्रेम के चेहरे पर पड़ती है जिसकी वजह से वह होश में आ जाता है .

प्रेम वह से खड़ा होता है . वह अपने आप को अपने रूम में पाटा है .

कल जो उसने देखा था , वह अभी भी उसके दिमाग में चल रहा था . वो अपने रूम से बाहर निकलता है और नीचे चला जाता है

कल रात अचानक प्रेम के खो जाने के बाद पुरे घर में पहाड़ी टूट चूका था . बर्थडे बॉय Hi अपने पार्टी से गायब था . वैसे गायब तो राजवीर महरा भी था , पर तब किसीने ने ध्यान नहीं दिया क्यूंकि अक्सर राजवीर शराब के नशे में घर से बाहर Hi रहता था .

अजित वही था पर उसने किसीको भी कुछ नहीं बताया था . प्रेम के सारे दोस्त प्रेम के मेंशन में थे परन्तु शकुंतला ने पुलिस को इन्फॉर्म कर दिया था . पुलिस ने भी सेलिब्रिटी केस को समझते हुए हर जगह प्रेम को ढूंढने के लिए पुलिस लगा दी .

जहा उनको प्रेम मेंशन के Hi गेराज में बेहोश मिला था पर वही उनको मुंबई के ोउसकिरत में एक कार भी मिली थी जो जलकर रख हो चुकी थी .

पर उसमे से उनको एक लाश मिली थी जिसमे बॉडी के नाम पर बस हड्डिया बची थी . उस बॉडी को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया . बॉडी राजवीर महरा की है वो तो पता चल गया पर किस तरह से मौत हुयी है , उसमे कुछ मिनिस्टर्स ने अपनी नाक घुसकर बदल दिया .

रिपोर्ट में यही आया की राजवीर महरा की मौत एक्सीडेंट की वजह से हुयी . यह सब तो रात को हुवा था . रात को Hi प्रेम मेंशन के गेराज में मिला था . बेहोश होने की वजह से पार्टी कैंसिल हो गयी और प्रेम को उसके रूम में सुलाकर डॉक्टर को कंसल्ट करवा दिया था .

सुबह सुबह Hi पुलिस मेंशन में आ गयी और उन्होंने राजवीर महरा के बारे में सबको बताया . उन्होंने साड़ी रिपोर्ट्स बताई और साड़ी फॉर्मलिटीज पूरी की

लाश के नाम पर बस कंकाल था . पुरे घर में शौक का माहौल था पर वही प्रेम होश में आने का नाम नहीं ले रहा था .

सुबह से रोहित प्रेम को जागने की कोशिश कर रहे थे पर वह होश में नहीं आ रहा था . सभी लोगो का घर में Ro-Ro कर बुरा हाल हो रहा था खासकर संध्या का .

प्रेम नीचे आ चूका था जहा सभी लोग अंतिम संस्कार की ऋतुअल्स कर रहे थे . सभी लोगो का Ro-Ro कर बुरा हाल था पर प्रेम चुपचाप था . उसके चेहरे पर कोई इमोशंस नहीं थे .


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प्रेम को देख प्रेरणा और दिया उसके पास जाती है और उसके कंधे और चेस्ट पर सर रख कर रोने लगते है

प्रेम की आँखों में से एक आंसू नहीं निकला था न Hi एक शब्द निकला .

अजित दूर खड़े हुए प्रेम को देख रहा था . उसके भी आँखों में से एक भी आंसू नहीं निकला था . अजित इसलिए नहीं रोया क्यूंकि वो जानता था की राजवीर को आखिरकार मुक्ति मिली है . पर प्रेम के चुपचाप खड़े होने की वजह कुछ और थी .

राजवीर महरा की मौत की खबर को न्यूज़ और मीडिया में पहुंचने में देर नहीं लगी . हर जगह बस राजवीर महरा की मौत की खबर Hi छपी जा रही थी.

Dur-Dur से मेहमान आना चालू हो गए थे अपना शोक प्रकट करने . प्रेम के हाथो राजवीर की अंतिम क्रिया भी हो चुकी थी . शाम Hi चुकी थी पर संध्या का Ro-Ro कर इतना बुरा हाल हो चूका था की उसको हॉस्पिटल में एडमिट करवाना पद गया था .

प्रेरणा और दिया हॉस्पिटल गयी थी संध्या के पास पर प्रेम घर पर Hi था अपने रूम में .

एक दम चुप चाप अपने रूम के बीएड पर बैठा हुआ था प्रेम . कोई नहीं था जिसको वो अपना दर्द बता सके . कोई नहीं जानता था की उसपर क्या बीत रही है .

*समवन ेंटेर्स*

वृंदा रूम में एंटर होती है . वो कुछ देर पहले Hi बेंगलुरु से आयी थी . अंदर उसकी नज़र शांत बैठे हुए प्रेम पर पड़ती है .

वृंदा प्रेम के पास जाती है और उसके सर पर अपना हाथ रखता उसको कंसोल करती है .


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वृंदा : प्रेम ! सबकुछ ठीक हो जाएगा !

*साइलेंस*

वृंदा : प्रेम !

*साइलेंस*

वृंदा : बड़ी चची हॉस्पिटल में एडमिट है ! मुझे अभी पता चला ! तुम गए वह?

*साइलेंस*

वृंदा : मई समझ सकती हु की तुम पर अभी क्या बीत रही होगी !

वृंदा प्रेम के पास बैठ जाती है .

वृंदा : ( प्रेम को हिलाते हुए ) कुछ तो बोलो प्रेम !

प्रेम : हँ ? क्या ?

वृंदा : तुम ठीक हो न ?

प्रेम : ( नॉड्स इन एग्रीमेंट )

प्रेम वह से खड़ा हो जाता है और रूम से बाहर चला जाता है . नीचे कई रिलेटिव्स आये हुए थे .

प्रेम को देखकर प्रेम की नानी उसके पास आती है और उसको गले लगा लेती है.

तिरुमला : प्रेम ! आप ठीक हो न बीटा !

प्रेम : ( नॉड्स इन एग्रीमेंट )

प्रेम बिना तिरुमला पर ध्यान दिए वह से किचन की तरफ चला जाता है.
किचन में आते Hi वो अपने हाथ में नाइफ ले लेता है . उसने ठान ली थी की वो आज शेखर और शैलेन्द्र को अपने हाथो से मार डालेगा .

नाइफ अपने हाथो में पकड़ वो किचन से जाने लगता है , तभी उसके ज़हन में उसके पापा की बात गूंजने लगती है .

राजवीर : देख बीटा ! जब में यहाँ नहीं हु तब पुरे परिवार की ज़िम्मेदारी तेरे ऊपर है ! समझा ! अभी Nahi….Abhi तू छोटा है ! पर बड़े होने के Baad…Tujhe Hi सब को संभालना है ! वह गुस्से से Nahi…..Shaanti से काम लेना पड़ेगा ! हर Waqt…Har जगह मई तेरे साथ नहीं रहुगा ! तब तुझे Hi सब कुछ हैंडल करना पड़ेगा ! और अगर तब ऐसे गलत फैसले Lega….To सबकुछ बर्बाद हो जायेगा ! इसलिए हमेशा सोच समझकर फैसले लेना ! समझा ?

प्रेम उस नाइफ को वापस किचन में रख लेता है . प्रेम को कुछ भी समझ नहीं आ रहा था की वह क्या करे .

फनी : भैया !

प्रेम : ( गुस्से में ) क्या है ????

प्रेम ने इतना चिल्लाकर बोलै था की आवाज़ बाहर हॉल तक गयी थी . प्रेम का ऐसा लहज़ा देख फनी सेहेन गयी थी .

प्रेम : ( रीलीज़ ) सॉरी फनी ! वो Bas….Batao क्या हुआ ???

फनी बिना कुछ बोले वह से चली जाती है . प्रेम की इतनी ज़ोर से आवाज़ सुन 2-3 लोग किचन में आ जाते है पर प्रेम उनपर ध्यान दिए बिना वह से चला जाता है .

प्रेम को जाता हुआ देख इंद्रवर्धन उसके पास चला जाता है और उसको रोक लेता है .

इंद्रवर्धन : प्रेम !

प्रेम : हाँ !

इंद्रवर्धन : तुम हॉस्पिटल गए ?

प्रेम : क्यों ??

इंद्रवर्धन : क्या मतलब ? संध्या हॉस्पिटल में है !

प्रेम : क्या ?????

इंद्रवर्धन : हाँ ! हम सभी वही से आ रहे है ! वो अभी वही एडमिट है !

प्रेम : कोनसा हॉस्पिटल ? में अभी जाता हु!

इंद्रवर्धन : सिटी हॉस्पिटल !

_________________________________

लोकेशन : पेशेंट रूम , सिटी हॉस्पिटल

संध्या बीएड पर बेहोश थी , वही प्रेरणा , दिया , वीरेंदर , प्रणिता , गुनगुन और आराध्य रूम में बैठे हुए थे उसके पास .

थोड़ी Hi देर मई प्रेम भी वह पहुंच जाता है .

प्रेरणा : भैया !

प्रेम : माँ कैसे है ?? क्या हुआ है ?

वीरेंदर : ब्लड प्रेशर बहुत बढ़ चूका है !

प्रेम संध्या के पास जाकर बैठ जाता है .

धीरे धीरे समय आगे बढ़ रहा था पर प्रेम के आँखों से आंसू नहीं निकले . उसकी आँखों के सामने बस वही दृश्य आ रहा था जब कोई आदमी राजवीर के पेट में चक्कू दाल रहा था .

राजवीर का अंतिम संस्कार हो चूका था. हरिद्वार जाकर प्रेम ने परिवार के साथ उसकी अस्थिया भी विसर्जन कर्ली थी और अपना मुंडन भी करवा दिया था.

पर इन सब के बीच प्रेम ने अपने आप को खो दिया था . पर एक इंसान था जो प्रेम को वापस ट्रैक पर लेकर आया और वो था अमन . ज़िन्दगी में भले Hi कोई हो न हो पर एक सच्चा दोस्त जरूर होना चाहिए जो आपके साथ आपके मुश्किल वक़्त में साथ हो , जो आपके अकेलेपन में आपके साथ हो और वो था अमन .

अमन प्रेम के साथ हर कदम में साथ था . जो प्रेम एक दम शांत रहने लग गया था उसको वापस से सिर्फ अमन ने Hi ठीक किया था . अगर उस वक़्त अमन प्रेम के साथ नहीं होता , तो शायद प्रेम सबसे अलग हो जाता है और अकेलेपन में कही घूम जाता .

*फ्यू डेज लेटर*

लोकेशन : Prem’s रूम , महरा मेंशन

अजित : आज मेरा आखरी दिन है ! इसके बाद से मेरा रिटायरमेंट ! आप अपना ख़याल रखना और कभी भी जरुरत हो तो बस याद कर लेना इस बुड्ढे को !

प्रेम : अजित तुम मेरा पापा को बहुत अछि तरह से जानते थे न ! उनके दुश्मनी किसके साथ थी !

अजित : मास्टर प्रेम ! आपको इन सब के बारे में नहीं सोचना चाहिए !

प्रेम : अजित मेने जो पूछा है उसका जवाब दो !

अजित : सॉरी पर मई आपको कुछ नहीं बता सकता ! ये मेरा उसूल है ! मई अपने मास्टर की बाते किसीको भी नहीं बता Sakta….Kisiko भी नहीं ! मरते दम तक नहीं !

प्रेम : अजित मई जानना चाहता हु की मेरे पापा के साथ क्यों और किसने किया ? उस दिन मेरा किडनैपेड हुआ था !

अजित : मई जानता हु की उसदिन आपका किडनैपेड हुआ था ! और ये भी जानता हु की जिन्होंने आपका किडनैप Kiya…Unhone Hi मास्टर का खून किया !

प्रेम : मई जानना चाहता हु अजित की कोण है उसके पीछे ? पर उनमे से कुछ लोगो को तो जानता हु जो उसमे मिले हुए THE….UNLOGO को मई छोड़ूगा नहीं ! अजित में अपने पापा के कातिलों का बदला लेना चाहता हु ! 8 लोग थे मेरे पापा की मौत के पीछे जिनमे से 2 मेरे HI घर में है !

अजित : यहाँ से आपके पास 2 रास्ते है ! पहले की ये सब बाते यही भूल जाइये और अपनी ज़िन्दगी को अछि तरह से जीए और दूसरा रास्ता बदले वाला ! मई यही सुग्गेस्ट करुगा की आप पहले रास्ते पर जाइये और दूसरे रास्ते पर जाने के लिए अभी आप तैयार भी नहीं है !

प्रेम : मई बदले वाला रस्ते पर Hi जाना चाहुगा!

अजित : क्या आप उसके लिए तैयार है ?

प्रेम : हाँ !

अजित : कभी आपने लड़ाई की है ?

प्रेम : हाँ !

अजित : कितने लोगो के साथ लड़ सकते है आप ?

प्रेम : 10-15 ! होपफ़ुल्ली !

अजित : ाचा है पर बहुत काम है ! मास्टर के कई दुश्मन थे ! और हम तो जानते भी नहीं की कौन है इसके पीछे ! आपके पापा के जितने भी दुश्मन है सारे बहुत खतरनाक है !

प्रेम : उनमे से 2 तो घर में Hi पाल रखे थे ! मेरा Hi चाचा और फूफा !

अजित : शेखर और शैलेन्द्र ?? सागा भाई Hi दुश्मन निकला ?

प्रेम : हाँ !

अजित : मेरी बात याद रखिये ! अगर आपको कुछ करना है तो सबसे पहले अपना एजुकेशन कम्पलीट कीजिये ! आपके पापा के लिए आपका करियर बहुत मायने रखता था ! एक वादा था जो आपके पापा ने किसीसे किया था ! और उसको आपको निभाना पड़ेगा ! ऐसा समझ लीजिये की वो उनकी आखरी ख्वाइश थी !

प्रेम : आखरी ख्वाइश ??

अजित : हाँ ! में आपको नहीं बता सकता परन्तु आपके पापा के लिए आपकी एजुकेशन कम्पलीट होना बहुत जरुरी था ! आपको उस वादे को निभाना पड़ेगा ! और इस बीच आपको इन सब चक्करो में नहीं पड़ना चाहिए ! अपनी पढ़ाई पूरी कीजिये और खुश रहिये !

प्रेम : हम्म्म ! ठीक है ! मई अपनी स्टडीज कम्पलीट होने तक बदले की राह पर नहीं जाउगा पर स्टडीज कम्पलीट होते Hi मई उन सब से बदला लेने के लिए निकल जाउगा !

अजित : बदला लेने के लिए आपको उतना काबिल भी बनना पड़ेगा !

प्रेम : तुम बताओ मुझे क्या करना चाहिए ?

अजित : हम्म ! तो आपने सोच Hi लिया है की आपको बदला लेना है ?

प्रेम : बिलकुल !

अजित : पर ये सब काम स्टडीज कम्पलीट होने के बाद Hi Kijiyega….Nahi तो कुछ ताशो में जुबां की परछाई नहीं रहेगी ! आपको भले Hi लगे की ये स्टडीज कहा से बीच में आगयी पर ये बहुत ज्यादा ज़रूरी है !

प्रेम : बिलकुल ! तुम मुझे बताओ की मुझे क्या करना चाहिए अपने आप को काबिल बनाने के लिए !

अजित : मई जानता हु एक शख्स को जो आपको फौलाद बना सकता है ! आपके अंदर की आग को ज्वालामुखी बना सकता है वह !

प्रेम : कौन ?

अजित : मास्टर श्रुजित ! कर्नाटक में रहते है ! आपके पापा के बहुत अचे दोस्त थे !

प्रेम : कर्नाटक !

अजित : हाँ !

प्रेम : वैसे यहाँ से कहा जाओगे ? पूरी ज़िन्दगी तो मेने तुम्हे मेरे पापा के साथ Hi देखा है !

अजित : वड़ोदरा ! वह की खुशबू में अपनी बाकी की ज़िन्दगी बीतने चाहता हु ! कुछ हसीं लम्हो को वापस जीना चाहता हूँ!

प्रेम : मुझे ये मास्टर श्रुजित कहा मिलेंगे ??

अजित : पता नहीं ! बहुत सालो से उनसे मिला नहीं और आखरी बार मिला था तब वह तमिल नाडु में रहते थे ! पर हाँ …..मास्टर के जिगरी दोस्त है सौम्य शाह ! उनको पता है मास्टर श्रुजित कहा है ! सौम्य आपके पापा के सबसे ख़ास दोस्त थे ! आपके पापा के बारे में हर एक चीज़ जानते है वह !

प्रेम : सौम्य अंकल ?

अजित : हाँ वही ! उनको पता Hai…Unse पूछ लेना ! मेने उनको आखरी बार मास्टर के अंतिम संस्कार पर देखा था ! मई चलता हु अब ! बूत येह एक रिक्वेस्ट है ! पहले आप अपनी 12तह कम्पलीट कर लेना और बाद मई सौम्य से मिलना !

प्रेम : अजित ! एक आखरी क्वेश्चन ! मेरे पापा के इतने दुश्मन क्यों थे ??

*साइलेंस*

अजित : आप जितनी उचाई पर होते हो , उतने Hi लोग आपको निचे गिरना चाहते है ! और मास्टर इतनी उचाई पर थे की उनके दुश्मन भी बहुत थे .

प्रेम : क्या उचाई हासिल करना अछि बात नहीं है ?

अजित : अछि बात है ! पर आप वह पहुंच कर अपने आप को कैसे हैंडल करते हो वो बहुत मायने रखता है !

प्रेम : हम्म्म !

अजित : वैसे मई आपको ये भी बताने आया था की मास्टर ने कुछ समय पहले अपना सारे बैंक एकाउंट्स का नॉमिनी आपको बनाया था !

अजित प्रेम को एक छोटा सूटकेस देता है

अजित : इसमें आपको उन सब बैंक एकाउंट्स के बारे में सब कुछ मिल जायेगा इन्क्लूडिंग डेबिट कार्ड्स !

प्रेम : इन सब में कितना फण्ड है ??

अजित : ( स्माइल ) ुणिमागिनाब्ले नंबर्स है ! मेक सूरे इनमे से जीतने भी ओवरसीज बैंक्स है , उनकी डिटेल्स हमेशा हिडन रहे !

प्रेम : सूरे !

अजित : एंड ऑलवेज रेमेम्बेर ! योर फादर वास् ा ग्रेट पर्सन !!!

उस दिन के बाद से Hi अजित मुंबई से वड़ोदरा चला गया और वापस कभी नहीं आया . प्रेम ने भी अपना सारा ध्यान स्टडीज पर लगा दिया था .

धीरे धीरे सब कुछ नार्मल हो गया था पर प्रेम वो रात कभी नहीं भूल पाया . उसने अपने आँखों के सामने अपने पापा की हत्या देखि थी .

प्रेम की क्लास 12तह ख़तम होने के नज़दीक आ चुकी थी . इस बीच उसकी कभी भी प्रतिभा से बात नहीं हो पायी. प्रेम कभी भी अपने अंदर हिम्मत नहीं जूता पाया उससे बात करने के लिए .

एक बार प्रतिभा से इंटरेक्शन हुयी पर प्रेम की जुबां से एक भी शब्द नहीं निकल पाया .

देखते Hi देखते उनका फेयरवेल फंक्शन भी आ गया , स्कूल का आखरी दिन .

लोकेशन : स्कूल , मुंबई

प्रेम : 11तह वालो ने डोरशंस तो अछि की है !

अमन : हाँ ! पर हमारे जितनी नहीं !

प्रेम : येह बूत स्टिल it's गुड !

अमन : भाई आज तो प्रतिभा को अपने दिल की बात बोल दे ! आज नहीं तो कभी नहीं !

प्रेम : हाँ ! पिछले 2 दिन से बस इसी चीज़ की प्रैक्टिस कर रहा हूँ ! आज तो उसको कंफेस्स कर के रहुगा !

अमन : तू कर सकता है !

प्रेम और अमन वह से प्रतिभा को ढूंढने लगते है पर प्रतिभा कही नज़र नहीं आती .

प्रेम : नीलम ! P..P..Pratibha को देखा है क्या कही ?

नीलम : ( स्माइल ) क्यों ?

प्रेम : बस ऐसे Hi !

नीलम : पहले बता !

प्रेम : यार तू तो मेरी बेहेन है यार ! बता न !

नीलम : ( स्माइल ) वह क्लास की तरफ गयी है !

प्रेम : क्लास की तरफ क्यों ? वह पर तो अभी कोई नहीं होगा !

नीलम : मय्बे नास्टैल्जिया फैक्टर ! पुराणी यादो का ताज़ा करने गयी हो !

प्रेम : येह !

प्रेम : ( मैं में ) यही सही मौका है ! आज तो अपने दिल की बात कह कर Hi रहुगा !

प्रेम ऑडिटोरियम से अपनी क्लास की तरफ जाने लगता है . अमन भी उसके साथ चला जाता है .

क्लास के बाहर पहुंचते Hi प्रेम वही रुक जाता है .

अमन : ( मैं में ) WTF ???

सामने शुभम अपने घुटनो के बल बैठा ह
व था जिसके हाथ में गुलाब का फूल था जिसके सामने प्रतिभा कड़ी हुयी थी .

शुभम : ी लव यू !!!!

प्रतिभा हस्ते हुए उस फूल को अपने हाथो में ले लेती है .


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❤️

❤️

❤️


आज के लिए बस इतना Hi . लिखे करना और अपना रिव्यु देना न भूले . मिलते है जल्द Hi अगले अपडेट के साथ . तब तक के लिए , चियर्स 🍻
 
सो येह , नेक्स्ट अपडेट विल के टुमारो . अस ी हैवे बीन रेनोवेटिंग माय हाउस , तेरे है बीन मान्य होस्टल्स गोइंग ों इन बिटवीन देय तो व्हिच ी थिंक it's टाइम तो पूत ा शार्ट ब्रेक ों थे स्टोरी . Don't वोर्री , थे नेक्स्ट अपडेट विल के टुमारो एंड थिस स्टोरी विल बे कम्प्लेटेड no मटर व्हाट !!!



ये कहानी तो बस अभी शुरू हुयी है , अभी तो बहुत कुछ आना बाकी है !!!!

डिकोड व्हाट यू गोत 🌚


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