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- Dec 5, 2013
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अपडेट-48
बीएड पर लेट कर मैं सोचने लगा की सविता दीदी को कैसे मनौ. उन्होंने पापा से कोई बात नहीं बताई थी. इसलिए मुझे ये लग रहा था की अगर मैं थोड़ी शरारत और भी उनके साथ कर दूंगा तो वो शायद पापा को न बताये. तो मैंने एक बोल्ड स्टेप लिया और एक फोटो दीदी को भेज दिया. अब उस फोटो का क्या रिएक्शन होता है. और अगर उस फोटो का कोई रिएक्शन होता है तो उस रिएक्शन के लिए भी मैंने अपने आपको तैयार कर लिए था. वो फोटो भेजने के बाद मैं गहरी नींद में सो गया.
मैं सुबह उठकर अपना जिम किया और इस इंतज़ार में कमरे से बहार नहीं निकला की शायद दीदी ऊपर आये. क्योंकि मैंने आज प्लान बनाया था की दीदी को अपना खड़ा लुंड पूरा नंगा दिखा दू. हो सकता है की मेरा नंगा लुंड देखने के बाद दीदी पिघल जाए और मेरे लुंड पर आकर बैठ जाये. इसलिए मैंने अपनी लोअर उतर दी और दरवाज़ा खोल कर सविता दीदी का इंतज़ार करने लगा. अपना लुंड खड़ा करने के लिए मैंने एक सेक्सी कहानी पढ़नी शुरू कर दी. कहानी पढ़कर मेरा लुंड ुंडेरवेरे में खड़ा हो चुक्का था. तभी मुझे किसी के कदमो की आहात सुनाई पड़ी. मैंने झांक कर देखा तो सविता दीदी hi थी.
जब दीदी दरवाज़े के सामने आयी तो मैंने अपने ुंडेरवेरे में खड़े लुंड को सहलाना सुरु कर दिया. दीदी की नज़र जैसे hi मेरे लुंड पर पड़ी वो एकदम रुक गई और आँखे फाड़ फाड़ कर मेरे लुंड को देखने लगी.
मैंने दीदी को दो बार लुंड दिखाया था लेकिन इस बार लुंड में तनाव अपने पुरे चरम पर था इसलिए मेरा लुंड उन दो बार की अपेक्षा ज्यादा लम्बा नज़र आ रहा था. मैंने कहकहियो से दीदी को देखा तो वो एकटक मेरे लुंड को hi घूरे जा रही थी. मैंने अपने लुंड को सहलाते हुवे अपने प्लान को आगे बढ़ाते हुवे एकदम खुलकर कहना शुरू किया.
मैं- तू क्यों बात बात पर अपना सर उठाकर खड़ा हो जाता है. तुझे कितनी बार कहा है की इतना उतावलापन अच्छा नहीं है. मैं जनता हूँ की तुझे इस वक्त छूट की बहुत जरुरत है. लेकिन मैं भी क्या करू. जिसको तू पहले छोड़ता था वो रैंड तुझे धोखा देकर चली गई. ुको तुझपर तनिक भी तरस नहीं आया. मैंने भी कोसिस की की तुझे छूट मिल जाये. मैंने एक लड़की को पटाने की कोशिश भी की. है तो वो शादीशुदा और थोड़ा सा सांवली. लेकिन मुझको बहुत hi सुन्दर, हॉट और सेक्सी लगती है.
इतना कहने के बाद मैंने दीदी की तरफ कनखियों से देखा तो दीदी बस मेरे लुंड को hi घूरे जा रही थी. मैंने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुवे कहा.
Main-wo इतनी मस्त मॉल है की उसे छोड़ने के लिए तीसरा वर्ल्डवार हो जाये. क्या बताऊ तुझे की वो क्या लगती hai.uske बाल, उसके होंठ, उसकी आँख और उसके गाल की तारीफ के लिए मेरे पास शब्द काम पद गए हैं. उसकी चूचिया इतनी बड़ी और राषबरी हैं की कपडे के ऊपर से hi ऐसे लगता है की जैसे उसमे बहुत दूध भरा है. तू यकीं नहीं करेगा की जब उसकी चूचिया कपड़ो के ऊपर से इतनी मस्त लगती हैं तो बीने कपड़ो के तो क़यामत ला देती होंगी. मैं तो उसका पूरा रास दबदबा कर और निचोड़कर पीना चाहता हूँ. लेकिन वो अपनी चूचिया मुझे पिलाती hi नहीं है.
मैंने दीदी की तरफ कनखियों से देखा तो दीदी की सांसे भरी हो गई थी उनका चेहरा लाल हो गया था. अपने भाई के मुंह से अपनी इतनी गन्दी तारीफ सुनकर भी दीदी वही कड़ी एकटक मेरे लुंड को देके जा रही थी. फिर मैं ईगल स्टेप लेने की सोचा और अपने लुंड को अंदर वेरे से आज़ाद कर दिया. अब मेरा लुंड एकदम नंगा.
फुल खड़ा हुवा दीदी के सामने लहराने लगा. दीदी ने इतना बड़ा नंगा लुंड शायद पहली बार देखा था तभी तो मेरे लुंड को देखते hi दीदी का मुंह पूरा खुल गया. आँखे बड़ी बड़ी हो गई. आश्चर्य के कारन दीदी ने अपने दोनों हाँथ अपने मुंह पर रख लिए. मेरे नंगे लुंड को देखकर दीदी की सांसे बहुत तेज़ चलने लगी. जिसकी आवाज़ मुझे भी सुनाई देने लगी उनकी चूचिया हर साँस के साथ तेज़ी से ऊपर निचे हो रही थी. फिर मैंने अपने नंगे लुंड को सहलाते हुवे आगे कहना शुरू किया.
मैं- तू जनता है उसकी गद्देदार गांड कितनी कातिल है. जब वो चलती है तो मेरे दिल पर छुरिया चलती है. उसकी गांड चलते समय जब मटकती थी. तो तू अपने आप से बहार हो जाता था. इतनी कातिल गांड है की जब एक बार उसकी गांड को देख लेता हूँ तो दिन भर तू खड़ा रहता है. तू सोच की अगर तू एकबार उसकी कातिल गद्देदार गांड में घुस गया तो तू तो कभी बहार hi नहीं निकलना चाहेगा.
मेरी हर एक बात का दीदी पर कामुक असर हो रहा था. मैंने देखा की दीदी वासना के नशे में एकदम लाल हो गई हैं. वो अपने दांतो से अपने होंठो को काट रही हैं. तो मैंने आगे कहना शुरू किया.
मैं- और वो जितनी हसीं है मुझे लगता है की उसकी छूट उससे भी ज्यादा हसीं है. मैंने उसकी छूट तो कभी देखि नहीं है लेकिन ये जनता हूँ की उसकी छूट छोड़ने में तुझे बहुत मज़ा आएगा. लेकिन क्या करू यार. मैं तो उसे छोड़ना चाहता हूँ लेकिन वो मुझसे छुड़वाना नहीं चाहती. तू तो जनता है की मुझे नार्मल चुदाई पसंद नहीं है मैं हार्ड सेक्स ज्यादा पसंद करता हूँ. तो शायद इसलिए वो मुझसे न छुड़वाना चाहती हो.
मैंने फिर से दीदी की तरफ देखा तो उनकी हालत इस समय बहुत hi ख़राब थी. उनका पूरा चेहरा वासना के नाशी में एकदम लाल हो गया था. उनकी आँखों में प्यास दिखाई दे रही थी. उनको होंठ थरथरा रहे थे जिसे वो अपने दांतो से काट रही थी. उनकी साँस धौकनी की तरह बहुत स्पीड में चल रही थी. मैंने अपने नंगे लुंड को सहलाते हुवे बात को आगे बढ़ाते हुवे कहा.
मैं- ऐसा भी हो सकता है छोटे भाई की वो शादीशुदा है. और उसका पति शायद उसे प्यार भी नहीं करता और मुझे तो लगता है की वो उसे ठीक से छोड़ भी नहीं पता है. तभी तो उसकी जवानी एकदम उफान पर है. हो सकता है वो छोड़ना चाहती हो लेकिन अपने पति और समाज का दर भी लग रहा हो की अगर किसी को पता चल गया तो वो किसी को मुंह दिखने लायक नहीं रहेगी. उसकी बात भी सही है. लेकिन उसको ये नहीं पता है की वो एक बार तुझसे छोड़ने के बाद समाज और पति को भूल जाएगी. और तुझसे हमेशा छोड़ने के लिए तैयार रहेगी. और अगर तू उसको छोड़ेगा तो मैं इतना ख्याल तो रखूँगा hi की इस बात का किसी को पता hi न चले.
मेरी बात सुनकर दीदी से अब बर्दास्त नहीं हो रहा था. तो वो चुपचाप जाने के लिए मुद गई लेकिन मैंने ऐसी बात कही की उनके पेअर वही रुक गए. और वो फिर से पलटकर मेरे लुंड को घूरने लगी.
मैं- लेकिन मैं भी चुटिया हूँ जो इतनी देर से तुझे वो बात बता रहा हूँ जिसका अब कोई मतलब नहीं है. 1 हफ्ते पहले मैंने उसे प्रोपोज़ किया था. लेकिन उसने मुझे थप्पड़ मार दिया. मैं भी चाहता तो उसे थप्पड़ मर सकता था लेकिन मैं उसे थप्पड़ कैसे मार सकता था क्योंकि वो तुझसे hi छोड़ने वाली थी और अगर तुझे पता चलता की मैंने तेरी छूट को थप्पड़ मारा है तो तू मुझसे नाराज़ हो जाता. आज 1 हफ्ते से ज्यादा हो गए हैं लेकिन उसने अब तक पलटकर बात नहीं की. कल एक मश्ग भेजा उसका भी जवाब नहीं दिया. अब मैं उसको कोई मश्ग नहीं करूँगा. लगता है उसकी छूट अब तुझे नहीं मिलने वाली.
मेरी बात दीदी पता नहीं सुन भी रही थी या नहीं लेकिन मेरे लुंड को घूर घूर कर देख रही थी. उनकी हालत तो ख़राब hi हो गई थी तो. मैंने एक आखिरी आर या पार का वॉर किया. इससे या तो मुझे सविता दीदी की छूट मिल सकती थी या फिर मैं उनकी छूट को हमेशा के लिए खो देता. और ये वॉर था जेएलओसी का वॉर. जिससे शायद hi कोई लड़की बच पाई हो.
मैं- लेकिन तू चिंता मत कर तेरे लिए मैं छूट का इंतज़ाम जरूर करूँगा. मैंने एक बहुत hi सुन्दर लड़की को पटना शुरू कर दिया है. जो उस लड़की से बहुत गोरी है और मज़े की बात ये है की वो भी शादीशुदा hai.(main कुंवारी कहकर दीदी का शक सरिता दीदी की तरफ नहीं करना चाहता था) तो बहुत hi जल्द तेरे लिए एक छूट का बंदोबस्त जो जाएगा. (और एक हल्का सा थप्पड़ लैंड पर मार्कर) चल अब खुश हो जा और बात बात पर अपना सर उठाकर खड़ा होना बंद करदे. अब मुझे बहुत काम है. किसी दिन फुर्सत में मैं फिर तुझसे बात करूँगा.
और इतना कहकर मैंने अपने लुंड को वापस ुंडेरवेरे में दाल लिया. और जब दरवाज़े की और देखा तो दीदी निचे जा रही थी. मेरे हिसाब से तो मैंने बहुत बड़ा रिस्क ले लिया था बहुत बड़ा रिस्क ले लिया था. अब आगे क्या होता है. दीदी इस पर कैसे रियेक्ट करती हैं ये मुझे नहीं पता था. अब या तो मुझे सविता दीदी की छूट मिलेगी या फिर उनसे मेरे सरे रिश्ते ख़तम होंगे. लेकिन अब जो कर दिया था वो कर दिया था मैंने उस बारे में न सोचना hi बेहतर समझा और उठकर बाथरूम में चला गया.
मैं नहाकर निचे आया अपना नाश्ता किया और बहार जाने hi वाला था की सरिता दीदी ने मुझे आवाज़ दी.
सरिता दी- अभी सुन तो. कुछ काम था तुझसे
मैं- हाँ दीदी कहिये. क्या बात है
सरिता दी- वो मुझे कुछ कपडे खरीदने थे तो क्या तू मुझे बाजार ले जा सकता है.
मैं- लेकिन दीदी मैं तो अपने काम से जा रहा हूँ. मुझे वह आधा से एक घंटा लग सकता है
सरिता दी- कोई बात नहीं तू अपना काम समेत लेना उसके बाद मुझे बाजार ले चलना.
मैं- लेकिन आप वह एक घंटे करेंगी क्या. बोर हो जाएंगी आप.
सरिता दी- मैं तो दीदी के साथ जाना चाहती थी लेकिन उनकी तबियत ठीक नहीं है तो इसलिए तुझसे कह रही हूँ.
सरिता दीदी की बात सुनकर मैं समझ गया की उनकी तबियत को क्या हुवा है असल में वो मेरी बात सुनकर कुछ सोच विचार कर रही होंगी. जिसके लिए उन्हें समय चाहिए था. इसलिए उन्होंने सरिता दीदी से तबियत ख़राब होने का बहाना बनाकर घर में hi रुक गाइट hi.
मैं- आप ऐसा करो दीदी की मनीषा के साथ चली जाइये.
सरिता दी- तू मुझे ले चलेगा या नहीं ये बता. बहाना मत बना.
मैं- घर में फोरव्हीलर है तवो व्हीलर है अगर आज आपने गाड़ी सीखी होती तो आज आपको किसी से कहने की जरुरत नहीं पड़ती.
सरिता दी- तो तू सीखा दे न मुझे मेरा भी बहुत मन है गाड़ी चलने का.
मैं- अच्छा सीखा दूंगा. लेकिन अभी आप चलिए. देर हो रही है.
इसके बाद मैंने और दीदी घर से भहर आ गए और बाइक पर बैठकर घर से निकल गए.
इसके आगे की कहानी अगले भाग में..
बीएड पर लेट कर मैं सोचने लगा की सविता दीदी को कैसे मनौ. उन्होंने पापा से कोई बात नहीं बताई थी. इसलिए मुझे ये लग रहा था की अगर मैं थोड़ी शरारत और भी उनके साथ कर दूंगा तो वो शायद पापा को न बताये. तो मैंने एक बोल्ड स्टेप लिया और एक फोटो दीदी को भेज दिया. अब उस फोटो का क्या रिएक्शन होता है. और अगर उस फोटो का कोई रिएक्शन होता है तो उस रिएक्शन के लिए भी मैंने अपने आपको तैयार कर लिए था. वो फोटो भेजने के बाद मैं गहरी नींद में सो गया.
मैं सुबह उठकर अपना जिम किया और इस इंतज़ार में कमरे से बहार नहीं निकला की शायद दीदी ऊपर आये. क्योंकि मैंने आज प्लान बनाया था की दीदी को अपना खड़ा लुंड पूरा नंगा दिखा दू. हो सकता है की मेरा नंगा लुंड देखने के बाद दीदी पिघल जाए और मेरे लुंड पर आकर बैठ जाये. इसलिए मैंने अपनी लोअर उतर दी और दरवाज़ा खोल कर सविता दीदी का इंतज़ार करने लगा. अपना लुंड खड़ा करने के लिए मैंने एक सेक्सी कहानी पढ़नी शुरू कर दी. कहानी पढ़कर मेरा लुंड ुंडेरवेरे में खड़ा हो चुक्का था. तभी मुझे किसी के कदमो की आहात सुनाई पड़ी. मैंने झांक कर देखा तो सविता दीदी hi थी.
जब दीदी दरवाज़े के सामने आयी तो मैंने अपने ुंडेरवेरे में खड़े लुंड को सहलाना सुरु कर दिया. दीदी की नज़र जैसे hi मेरे लुंड पर पड़ी वो एकदम रुक गई और आँखे फाड़ फाड़ कर मेरे लुंड को देखने लगी.
मैंने दीदी को दो बार लुंड दिखाया था लेकिन इस बार लुंड में तनाव अपने पुरे चरम पर था इसलिए मेरा लुंड उन दो बार की अपेक्षा ज्यादा लम्बा नज़र आ रहा था. मैंने कहकहियो से दीदी को देखा तो वो एकटक मेरे लुंड को hi घूरे जा रही थी. मैंने अपने लुंड को सहलाते हुवे अपने प्लान को आगे बढ़ाते हुवे एकदम खुलकर कहना शुरू किया.
मैं- तू क्यों बात बात पर अपना सर उठाकर खड़ा हो जाता है. तुझे कितनी बार कहा है की इतना उतावलापन अच्छा नहीं है. मैं जनता हूँ की तुझे इस वक्त छूट की बहुत जरुरत है. लेकिन मैं भी क्या करू. जिसको तू पहले छोड़ता था वो रैंड तुझे धोखा देकर चली गई. ुको तुझपर तनिक भी तरस नहीं आया. मैंने भी कोसिस की की तुझे छूट मिल जाये. मैंने एक लड़की को पटाने की कोशिश भी की. है तो वो शादीशुदा और थोड़ा सा सांवली. लेकिन मुझको बहुत hi सुन्दर, हॉट और सेक्सी लगती है.
इतना कहने के बाद मैंने दीदी की तरफ कनखियों से देखा तो दीदी बस मेरे लुंड को hi घूरे जा रही थी. मैंने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुवे कहा.
Main-wo इतनी मस्त मॉल है की उसे छोड़ने के लिए तीसरा वर्ल्डवार हो जाये. क्या बताऊ तुझे की वो क्या लगती hai.uske बाल, उसके होंठ, उसकी आँख और उसके गाल की तारीफ के लिए मेरे पास शब्द काम पद गए हैं. उसकी चूचिया इतनी बड़ी और राषबरी हैं की कपडे के ऊपर से hi ऐसे लगता है की जैसे उसमे बहुत दूध भरा है. तू यकीं नहीं करेगा की जब उसकी चूचिया कपड़ो के ऊपर से इतनी मस्त लगती हैं तो बीने कपड़ो के तो क़यामत ला देती होंगी. मैं तो उसका पूरा रास दबदबा कर और निचोड़कर पीना चाहता हूँ. लेकिन वो अपनी चूचिया मुझे पिलाती hi नहीं है.
मैंने दीदी की तरफ कनखियों से देखा तो दीदी की सांसे भरी हो गई थी उनका चेहरा लाल हो गया था. अपने भाई के मुंह से अपनी इतनी गन्दी तारीफ सुनकर भी दीदी वही कड़ी एकटक मेरे लुंड को देके जा रही थी. फिर मैं ईगल स्टेप लेने की सोचा और अपने लुंड को अंदर वेरे से आज़ाद कर दिया. अब मेरा लुंड एकदम नंगा.
फुल खड़ा हुवा दीदी के सामने लहराने लगा. दीदी ने इतना बड़ा नंगा लुंड शायद पहली बार देखा था तभी तो मेरे लुंड को देखते hi दीदी का मुंह पूरा खुल गया. आँखे बड़ी बड़ी हो गई. आश्चर्य के कारन दीदी ने अपने दोनों हाँथ अपने मुंह पर रख लिए. मेरे नंगे लुंड को देखकर दीदी की सांसे बहुत तेज़ चलने लगी. जिसकी आवाज़ मुझे भी सुनाई देने लगी उनकी चूचिया हर साँस के साथ तेज़ी से ऊपर निचे हो रही थी. फिर मैंने अपने नंगे लुंड को सहलाते हुवे आगे कहना शुरू किया.
मैं- तू जनता है उसकी गद्देदार गांड कितनी कातिल है. जब वो चलती है तो मेरे दिल पर छुरिया चलती है. उसकी गांड चलते समय जब मटकती थी. तो तू अपने आप से बहार हो जाता था. इतनी कातिल गांड है की जब एक बार उसकी गांड को देख लेता हूँ तो दिन भर तू खड़ा रहता है. तू सोच की अगर तू एकबार उसकी कातिल गद्देदार गांड में घुस गया तो तू तो कभी बहार hi नहीं निकलना चाहेगा.
मेरी हर एक बात का दीदी पर कामुक असर हो रहा था. मैंने देखा की दीदी वासना के नशे में एकदम लाल हो गई हैं. वो अपने दांतो से अपने होंठो को काट रही हैं. तो मैंने आगे कहना शुरू किया.
मैं- और वो जितनी हसीं है मुझे लगता है की उसकी छूट उससे भी ज्यादा हसीं है. मैंने उसकी छूट तो कभी देखि नहीं है लेकिन ये जनता हूँ की उसकी छूट छोड़ने में तुझे बहुत मज़ा आएगा. लेकिन क्या करू यार. मैं तो उसे छोड़ना चाहता हूँ लेकिन वो मुझसे छुड़वाना नहीं चाहती. तू तो जनता है की मुझे नार्मल चुदाई पसंद नहीं है मैं हार्ड सेक्स ज्यादा पसंद करता हूँ. तो शायद इसलिए वो मुझसे न छुड़वाना चाहती हो.
मैंने फिर से दीदी की तरफ देखा तो उनकी हालत इस समय बहुत hi ख़राब थी. उनका पूरा चेहरा वासना के नाशी में एकदम लाल हो गया था. उनकी आँखों में प्यास दिखाई दे रही थी. उनको होंठ थरथरा रहे थे जिसे वो अपने दांतो से काट रही थी. उनकी साँस धौकनी की तरह बहुत स्पीड में चल रही थी. मैंने अपने नंगे लुंड को सहलाते हुवे बात को आगे बढ़ाते हुवे कहा.
मैं- ऐसा भी हो सकता है छोटे भाई की वो शादीशुदा है. और उसका पति शायद उसे प्यार भी नहीं करता और मुझे तो लगता है की वो उसे ठीक से छोड़ भी नहीं पता है. तभी तो उसकी जवानी एकदम उफान पर है. हो सकता है वो छोड़ना चाहती हो लेकिन अपने पति और समाज का दर भी लग रहा हो की अगर किसी को पता चल गया तो वो किसी को मुंह दिखने लायक नहीं रहेगी. उसकी बात भी सही है. लेकिन उसको ये नहीं पता है की वो एक बार तुझसे छोड़ने के बाद समाज और पति को भूल जाएगी. और तुझसे हमेशा छोड़ने के लिए तैयार रहेगी. और अगर तू उसको छोड़ेगा तो मैं इतना ख्याल तो रखूँगा hi की इस बात का किसी को पता hi न चले.
मेरी बात सुनकर दीदी से अब बर्दास्त नहीं हो रहा था. तो वो चुपचाप जाने के लिए मुद गई लेकिन मैंने ऐसी बात कही की उनके पेअर वही रुक गए. और वो फिर से पलटकर मेरे लुंड को घूरने लगी.
मैं- लेकिन मैं भी चुटिया हूँ जो इतनी देर से तुझे वो बात बता रहा हूँ जिसका अब कोई मतलब नहीं है. 1 हफ्ते पहले मैंने उसे प्रोपोज़ किया था. लेकिन उसने मुझे थप्पड़ मार दिया. मैं भी चाहता तो उसे थप्पड़ मर सकता था लेकिन मैं उसे थप्पड़ कैसे मार सकता था क्योंकि वो तुझसे hi छोड़ने वाली थी और अगर तुझे पता चलता की मैंने तेरी छूट को थप्पड़ मारा है तो तू मुझसे नाराज़ हो जाता. आज 1 हफ्ते से ज्यादा हो गए हैं लेकिन उसने अब तक पलटकर बात नहीं की. कल एक मश्ग भेजा उसका भी जवाब नहीं दिया. अब मैं उसको कोई मश्ग नहीं करूँगा. लगता है उसकी छूट अब तुझे नहीं मिलने वाली.
मेरी बात दीदी पता नहीं सुन भी रही थी या नहीं लेकिन मेरे लुंड को घूर घूर कर देख रही थी. उनकी हालत तो ख़राब hi हो गई थी तो. मैंने एक आखिरी आर या पार का वॉर किया. इससे या तो मुझे सविता दीदी की छूट मिल सकती थी या फिर मैं उनकी छूट को हमेशा के लिए खो देता. और ये वॉर था जेएलओसी का वॉर. जिससे शायद hi कोई लड़की बच पाई हो.
मैं- लेकिन तू चिंता मत कर तेरे लिए मैं छूट का इंतज़ाम जरूर करूँगा. मैंने एक बहुत hi सुन्दर लड़की को पटना शुरू कर दिया है. जो उस लड़की से बहुत गोरी है और मज़े की बात ये है की वो भी शादीशुदा hai.(main कुंवारी कहकर दीदी का शक सरिता दीदी की तरफ नहीं करना चाहता था) तो बहुत hi जल्द तेरे लिए एक छूट का बंदोबस्त जो जाएगा. (और एक हल्का सा थप्पड़ लैंड पर मार्कर) चल अब खुश हो जा और बात बात पर अपना सर उठाकर खड़ा होना बंद करदे. अब मुझे बहुत काम है. किसी दिन फुर्सत में मैं फिर तुझसे बात करूँगा.
और इतना कहकर मैंने अपने लुंड को वापस ुंडेरवेरे में दाल लिया. और जब दरवाज़े की और देखा तो दीदी निचे जा रही थी. मेरे हिसाब से तो मैंने बहुत बड़ा रिस्क ले लिया था बहुत बड़ा रिस्क ले लिया था. अब आगे क्या होता है. दीदी इस पर कैसे रियेक्ट करती हैं ये मुझे नहीं पता था. अब या तो मुझे सविता दीदी की छूट मिलेगी या फिर उनसे मेरे सरे रिश्ते ख़तम होंगे. लेकिन अब जो कर दिया था वो कर दिया था मैंने उस बारे में न सोचना hi बेहतर समझा और उठकर बाथरूम में चला गया.
मैं नहाकर निचे आया अपना नाश्ता किया और बहार जाने hi वाला था की सरिता दीदी ने मुझे आवाज़ दी.
सरिता दी- अभी सुन तो. कुछ काम था तुझसे
मैं- हाँ दीदी कहिये. क्या बात है
सरिता दी- वो मुझे कुछ कपडे खरीदने थे तो क्या तू मुझे बाजार ले जा सकता है.
मैं- लेकिन दीदी मैं तो अपने काम से जा रहा हूँ. मुझे वह आधा से एक घंटा लग सकता है
सरिता दी- कोई बात नहीं तू अपना काम समेत लेना उसके बाद मुझे बाजार ले चलना.
मैं- लेकिन आप वह एक घंटे करेंगी क्या. बोर हो जाएंगी आप.
सरिता दी- मैं तो दीदी के साथ जाना चाहती थी लेकिन उनकी तबियत ठीक नहीं है तो इसलिए तुझसे कह रही हूँ.
सरिता दीदी की बात सुनकर मैं समझ गया की उनकी तबियत को क्या हुवा है असल में वो मेरी बात सुनकर कुछ सोच विचार कर रही होंगी. जिसके लिए उन्हें समय चाहिए था. इसलिए उन्होंने सरिता दीदी से तबियत ख़राब होने का बहाना बनाकर घर में hi रुक गाइट hi.
मैं- आप ऐसा करो दीदी की मनीषा के साथ चली जाइये.
सरिता दी- तू मुझे ले चलेगा या नहीं ये बता. बहाना मत बना.
मैं- घर में फोरव्हीलर है तवो व्हीलर है अगर आज आपने गाड़ी सीखी होती तो आज आपको किसी से कहने की जरुरत नहीं पड़ती.
सरिता दी- तो तू सीखा दे न मुझे मेरा भी बहुत मन है गाड़ी चलने का.
मैं- अच्छा सीखा दूंगा. लेकिन अभी आप चलिए. देर हो रही है.
इसके बाद मैंने और दीदी घर से भहर आ गए और बाइक पर बैठकर घर से निकल गए.
इसके आगे की कहानी अगले भाग में..