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- Dec 5, 2013
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अपडेट-14
निधि- तुम्हारी माँ तो दीपा जी ह न
ह्रदय- ये एक और राज मुझे पता चला ह की दीपा माँ मेरी रियल माँ नहीं ह,
निधि- फिर
ह्रदय- मेरी माँ का नाम रूचि ह और पिता तुषार
निधि- तुम्हे कैसे पता
ह्रदय- जब मैंने अपने पिता को ढूंढ़ने का फैसला किया तो मैंने घर में खोजना शुरू किया ताकि उनके बारे में कोई जानकरी मिल सके, तो मुझे माँ की दो ईद मिली एक दीपा के नाम से और दूसरी रूचि के नाम से,
निधि- तुम्हारी माँ का नाम दीपा ह न, फिर रूचि कैसे
ह्रदय- माँ ने बताया था की उनके डाक्यूमेंट्स में उनका नाम रूचि ह, इसलिए मेरी माँ का नाम रूचि hi लिखा गया ह, लेकिन अगर उनका नाम रूचि ह तो दीपा के नाम की ईद क्यों,
निधि- ये तो बड़ी विचित्र बात ह,
ह्रदय- है मैंने फिर दोनों ईद चेक कराइ तो पता चला रूचि नाम की ईद फेक ह, उनकी असली ईद दीपा की hi ह, और उन्होंने जहा भी अपनी ईद उसे की ह वो दीपा नाम वाली hi की ह, मतब वो रूचि नाम की ईद बस मुझे दिखने के लिए ह,
निधि- वो ऐसा क्यों करेंगी, ऐसी क्या मज़बूरी हो सकती ह,
ह्रदय- मैंने इंटरनेट पैर सब कुछ ढूंढा लेकिन कुछ नहीं मिला, लेकिन एक चीज हासिल हुई दीपा माँ की ईद जिसमे उनके पिता का नाम राजेश ह, लेकिन एड्रेस हिमाचल का ह तो खास जानकरी नहीं मिल पाई, और वो हिमाचल वाला घर किसी ान
तभी वह बाथरूम में रखा हुआ लैंडलाइन फ़ोन बज उठा जिससे ह्रदय चुप हो गया,
निधि ने हाथ आगे बढ़ा क्र फ़ोन उठाया,
निधि- hello
उधर से कुछ कहा गया,
निधि- है मैं शावर ले रही थी, इसलिए मोबाइल नहीं उठा पाई, बोलो क्या हुआ
उधर से कुछ कहा गया,
निधि- ओह्ह्ह लेकिन इतनी जल्दी कैसे
निधि ने उठने की कोशिश की लेकिन मुँह से दर्द भरी चीख निकल गई,
Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh
उधर कुछ कहा गया
निधि- कुछ नहीं मैं इस वक़्त आने की हालत में नहीं हु,
उधर से कुछ कहा गया
निधि- ठीक ह मैं भेजती हु किसी को
उधर से कुछ कहा गया
निधि- तुम एड्रेस मेरे मोबाइल पैर भेजो,
इतना बोल क्र निधि ने फ़ोन रख दिया
ह्रदय- क्या हुआ कोई प्रॉब्लम ह क्या
निधि- है मेरे एक स्टाफ को हेल्प चाहिए, और मैं जा नहीं सकती
ह्रदय- मैं चला जाता हु
निधि- लेकिन मैं तुम्हे कोई काम कैसे बता सकती हु
ह्रदय- आप मेरी हेल्प क्र रही हैं मैं आपकी क्र देता हु,
निधि- तुम कितने अच्छे हो,
दोनों बाथटब से बहार निकले ह्रदय ने दोनों को टॉवल से पोछा फिर निधि को गॉड में उठा क्र रूम में लाया और बीएड पैर लिटा दिया,
निधि ने ह्रदय को एक एड्रेस दिया और अपनी कार की चाबी दी, और कुछ समझा दिया,
ह्रदय तुरंत गाड़ी लेकर निकल गया, और बताये हुए एड्रेस पैर पहुंच गया,
जब गाड़ी से उतरा तो सामने कड़ी थी वन्य,
ह्रदय- आप यहाँ
वन्य- मैं भी सरप्राइज हु आप यहाँ
ह्रदय- मुझे निधि जी ने भेजा ह
वन्य- वो मेरी बॉस हैं,
ह्रदय- व्हाट ा कोइंसिडेन्स, तो कल आप निधि जी से hi मिलने आई थी
वन्य- है जी
ह्रदय- कमल ह मैं भी उन्ही से मिलने आया था,
वन्य- कमल हो गया ये तो
ह्रदय- है, लेकिन आप ये रात में hi क्यों फस्ती हैं,
वन्य- प्रॉब्लम बता क्र नहीं आती,
ह्रदय- आप इतना सामान लेकर निकली hi क्यों, और टेक्सी वाला आपको यहाँ क्यों छोड़ गया, मंजिल तक क्यों नहीं पहुंचाया,
वन्य- मैं तो रूम देख रही थी, लेकिन कोई भी सही सस्ता रूम नहीं मिला यहाँ, तो इधर आ गई, टेक्सी वाला बोलै इस इलाके में अंदर नहीं जा सकता, ये खतरनाक ह, मैंने उसे बोलै मुझे वापस ले चले लेकिन वो भाग गया, मैंने ऑनलाइन काफी काबे बुक की लेकिन कोई भी इधर नहीं आया, फिर मुझे दर लगने लगा तो निधि मम को कॉल की,
ह्रदय- आपको सुबह से कोई होटल नहीं मिला
वन्य- मुझे काफी लम्बे समय तक रुकना ह तो सस्ता रूम ढूडन रही थी, लेकि आप यहाँ कैसे
ह्रदय- मैं निधि जी के साथ hi बैठा था, उनके पेअर में चोट थी वो चल नहीं प् रही थी तो मुझसे बोलै तो मैं आ गया, खैर आप चलिए मेरे साथ मैं कुछ करता हु, गाड़ी में बैठिये,
वन्य गाड़ी में बैठ गई, ह्रदय ने सामान गाड़ी में रखा और दिया को कॉल मिलाया,
ह्रदय की कॉल देख क्र दिया ख़ुशी से उछाल पड़ी,
दिया- hello आज तो आसमान मेरे उप्पेर hi न गिर जाये, आपने मुझे कॉल की,
ह्रदय- बस दोस्त की याद आई तो कर ली कॉल
दिया- ये तो मेरी खुशनसीबी ह,
ह्रदय- एक हेल्प चाहिए आपसे,
दिया- है है बोलो मुझे ख़ुशी होगी
ह्रदय- मेरी एक दोस्त ह उसे चंडीगढ़ में कोई सस्ता सा रूम चाहिए, कोई होटल में या रेंट पैर हो, या किसी गर्ल्स हॉस्टल में हो,
दिया- बस इतनी सी बात कहा ह तुम्हारी दोस्त
ह्रदय- मेरे साथ
Diya-aur आप कहा हैं,
ह्रदय- बस आपके घर से लगभग 2 कम दूर हु
दिया- क्या आप चंडीगढ़ में हैं
ह्रदय- है जी
दिया- और मुझे बताया भी नहीं
ह्रदय- आज hi आया हु
दिया- आप घर आ जाइये
ह्रदय- इस वक़्त नहीं फिर कभी आऊंगा,
दिया- ठीक ह मैं आ रही हु आप घर के बहार मिलिए,
ह्रदय- आप पैदल hi आ जाना गाड़ी ह मेरे पास
दिया- ok
दिया तुरंत उठी और जल्दी जल्दी से कपडे चेंज किये और बिना कुछ बताये घर से निकल गई,
वन्य- आपने अपनी दोस्त से हेल्प क्यों मांगी, निधि मम ने तो आपको जगह बताई होगी न कहा भेजना ह
ह्रदय- है बताई थी लेकिन उनकी बताई हुई जगह बहुत hi महंगी थी, और उसमे बहुत खर्चा हो जाना था, मैं आपको एक सस्ती और सेफ जगह का ाररेंग्मेंट करा दूंगा,
वन्य धीरे से मुस्कुरा दी,
ह्रदय की गाड़ी घर के बहार आ गई, ह्रदय ने खुद उतर क्र दिया के लिए पीछे का दरवाजा खोला,
दिया- ठंकु
दिया ने वन्य को देखा उसे देख क्र दिया को जलन सी हुई, इतनी खूबसूरत लड़की ह्रदय के बराबर में बैठी ह,
वन्य ने दिया पैर धयान दिया और पहेली hi नजर में उसकी जलन को पहचान गई, वो फिर से मुस्कुरा दी,
दिया- आप तो किसी से दोस्ती करते hi नहीं फिर इतनी जल्दी आपकी ये कोण सी दोस्त आ गई
ह्रदय- रात hi बानी हैं,
दिया- रात में
ह्रदय ने दिया को रात की घटना बताई,
दिया- ok,
फिर दिया ने एक दो कॉल्स की और किसी से बात की,
दिया- लो हो गया इंतजाम, ये बताओ किसी के यहाँ पेइंग गेस्ट बनोगी या हॉस्टल में रहोगी, हॉस्टल में रूल होंगे लेकिन यहाँ पेइंग गेस्ट में कोई रूल्स नहीं ह, बस लड़के घर नहीं ला सकती बाकि तुम कही भी घूमो,
वन्य- मैं लड़को से दूर hi रहती हु, और घूमना मुझे खास पसंद नहीं, फिर भी पेइंग गेस्ट ठीक रहेगा, कोई फॅमिली वाला आता ह तो साथ में रह सकता ह न
दिया- एक रात में दोस्ती क्र ली और बोलती ह लड़को से दूर रहती ह,
ये बात दिया ने धीरे से बोली लेकिन वन्य ने सुन ली,
दिया उन्हें एक एड्रेस पैर लेकर गई, अछहि जगह थी
दिया- ये मेरी एक क्लास मात का घर ह, यहाँ वो और उसके माँ डैड रहते हैं, उप्पेर का घर खली ह, ये यहाँ रह सकती ह, ज्यादा पैसे भी नहीं लेंगे,
दिया ने वन्य की मुलाकात करवा दी, वन्य को जगह पसंद आई,
वन्य- आप दोनों ने मेरी इतनी हेल्प ki,uske लिए ज्यादा तो नहीं लेकिन मैं आपको कॉफ़ी तो पीला hi सकती हु, खाएंगे तो हो नहीं बहार का,
दिया- ये भी बता दिया,
ह्रदय ने दिया की तरफ देखा, दिया ने नजरे घुमा ली,
ह्रदय- वन्य जी काफी टाइम हो गया ह, अब आपको आराम करना चाहिए,
वन्य- एक कॉफ़ी मेरी तरफ से प्लस
ह्रदय- ok चलिए,
दिया का मन नहीं था लेकिन वो ह्रदय को वन्य के साथ अकेले जाने नहीं देना चाहती थी, वो भी चुप चाप साथ में चल दी,
कुछ दूर hi एक साफé था जहा तीनो ने कॉफ़ी पि, वन्य की नजरे दिया और ह्रदय पैर hi थी, ह्रदय बहुत hi रिलैक्स था लेकिन दिया बहुत बैचैन थी, जिसे देख वन्य मुस्कुरा रही थी,
कुछ देर में वो वह से निकले तभी उन पैर दो लड़कियों की नजर पड़ी और जिनकी नजर पड़ी उन्हें देख क्र वही कड़ी हो गयी, और उन्हें देखते हुए दोनों के मुँह से एक hi बात निकली,
विर्जिनिटी खोलने का टाइम आ गया ह, ये तो मेरा होगा
दोनों ने एक दूसरे का मुँह देखा और सुर्प्रीस्ली देखने लगी,
नैना- काम्य पहले मैंने देखा
काम्य- दोनों ने साथ देखा, यार ऐसा मत क्र न जाने कैसे अपने आप को इतने सालो से सम्हाल क्र रखा ह, न जाने कितने लड़के मेरे साथ हुक उप करने को तैयार थे, मैं दूर रही लेकिन अब नहीं रुका जाता, इसे देख क्र ऐसा लग रहा ह जैसे मैं इसी के लिए आज तक बची हुई थी,
नैना- मेरा दिल यहाँ से हटने को hi नहीं क्र रहा, इसे देख क्र ऐसा लग रहा जैसे ये मेरे लिए और मैं इसके लिए hi बानी हु, अमेरिका में मेरी सब फ्रेंड्स न जाने कितनी बार मजे ले चुकी हैं, न जाने क्यों मुझे कोई पसंद hi नहीं आता था, लेकिन इसे देख क्र समझ आ गया क्यों पसंद नहीं आता था,
तू अपनी बहन के लिए त्याग नहीं क्र सकती,
काम्य- तेरे लिए तो मैं कुछ भी कर सकती हु, लेकिन इसे नहीं छोड़ सकती, प्लस मजबूर मत कर यार, प्लस प्लस प्लस
नैना- हम दोनों बहन ह न तो एक दूसरे की लिए कुछ भी कर सकती ह तो क्या दोनों इसे शेयर नहीं कर सकती,
काम्य- क्या शेयर लेकिन
नैना- अब हम दोनों एक hi इंसान को पसंद क्र रहे हैं उसके लिए हम तो अलग नहीं हो सकते न, दोनों को साथ रहना ह और उसे भी पाना ह तो शेयर hi ठीक ह,
काम्य- बात तो सही ह लेकिन, उसके साथ आलरेडी दो दो कामिनी घूम रही हैं, वो देख दिया और दूसरी कोई नै लड़की ह,
नैना- यार मुझे तो बस वो दिख रहा ह, पुरे अमेरिका में एक भी ऐसा नहीं मिला,
काम्य- चल बात करे क्या
नैना- इनके सामने नहीं बाद में मिलते हैं इससे,
काम्य- बाद में कहा ढूंढेंगे, दिया से दोस्ती भी ह तो इसी बहाने एक बार नाम तो पूछ hi लेंगे, फिर ढूंढ लेंगे,
नैना- चल फिर
नैना और काम्य उन तीनो के सामने पहुंच गए,
नैना- hi दिया कैसी हो इस टाइम यहाँ,
काम्य- अरे बॉयफ्रेंड के साथ घूम रही हो क्या
दिया एक दम शर्मा सी गई,
ह्रदय- ऐसे किसी पैर गलत कमैंट्स नहीं करना चाहिए, हम दोस्त हैं,
काम्य- अच्छा अच्छा श्री
दिया- तुम लोग यहाँ
नैना- है इधर से निकल रहे थे, तो तुम दिखाई दे गई, हमारी मुलाकात नहीं करवाऊंगी
दिया- है है ये हैं मर. ह्रदय और ये ह मिस वन्य
वन्य खामोश कड़ी उन दोनों को देख रही थी,
ह्रदय- दिया जी मुझे निकलना होगा, कही जल्दी पहुंचना ह,
दिया- है है आप निकालिये,
ह्रदय- आपको घर ड्राप क्र दू,
काम्य और नैना ने उसकी गाड़ी का नंबर नोट क्र लिया और ओनर नाम चेक किया तो निधि कप्पोर के नाम से था,
काम्य- अब पता चल जायेगा ये कोण ह,
ह्रदय ने पहले वन्य को रूम में ड्राप किया फिर दिया को उसके घर ड्राप करके निधि के पास फार्महाउस पैर चला गया,
निधि घेरि नींद में सोइ हुई थी, ह्रदय उसी के पास लेट गया,
ह्रदय के दिमाग में के नाम घूम रहा था, अंजलि
हिमाचल का घर अंजलि के नाम पैर ह कोण ह ये अंजलि, क्या रिश्ता ह दीपा माँ का अंजलि से, क्या वो दीपा माँ की माँ ह या उनके पति की माँ ह, या मेरे माँ बाप का कोई रिश्ता ह उनसे, किसे पहले धुंडु, कहा धुंडु, कोण जिन्दा ह कोण नहीं ये भी नहीं पता, दीपा माँ मेरी माँ ह और वो सिंदूर लगाती हैं इससे ये अनुमान लगा था मेरे पिता जिन्दा हैं, लेकिन अब तो माँ भी मेरी कोई और ह तो कैसे पता चलेगा की वो दोनों जिन्दा ह भी या नहीं,
ह्रदय इन्ही खयालो में खोया हुआ सो गया,
वही वन्य फ़ोन पैर बात कर रही थी
वन्य- माँ रूम मिल गया ह,
फ़ोन पैर वर्षा थी,
वर्षा- कैसा रहा सब
वन्य- सब अच्छा रहा माँ, कल पूरी टीम यहाँ शिफ्ट हो रही ह, बचा हुआ काम यही पैर होगा, आप ाव्य को भी यही भेज दो, यहाँ रहेगी तो उसका मन बदल जायेगा, शायद वो सब से घुलना मिलना शुरू क्र दे, और शायद उसके झगडे भी कुक काम हो जाये,
वर्षा- सही बोल रही ह तू मैं उससे बात करती हु, रात की फ्लाइट से hi उसे भेजती हु मैं, तेरे साथ रहेगी और नए लोगो से मिलेगी तो उसे अच्छा लगेगा, और उसे सब कुछ दिखाना सबसे अच्छे से मिलवाना,
वन्य- आप चिंता मत करो माँ, मैं उसका ख्याल रखूंगी,
वर्षा- तू आज काफी खुश नजर लग रही ह,
वन्य- है माँ बस आज दिल खुश ह
वर्षा- क्या कहा तूने दिल, तेरा दिल कब से खुश होने लगा, तूने दिल से कब से सोचना शुरू क्र दिया मेरी रोबोट, 100 इंसानो का दिमाग रखने वाली, हमेषा दिमाग से hi सोहति थी, खुश भी दिमाग से hi होती थी आज दिल कैसे खुश हो गया,
वन्य- माँ आप भी क्या क्या बोलती हैं,
वर्षा- मैं माँ हु तेरी, मुझसे ज्यादा तुझे कोई नहीं समझ सकता, तेरे दिल में हलचल मतलब तेरे दिल में वो बस गया ह,
वर्षा- आप भी न बस कीजिये, मैं रख रही हु,
वन्य ने फ़ोन काट दिया,
वर्षा खुद से hi- बेटी तुझसे ज्यादा ख़ुशी मुझे ह, तू दिल से सोच रही ह, वर्ण मैंने तो तुझे रोबोट बना दिया था, तेरा पूरा बचपन चीन लिया था, उप्पेर वाले ने तुझे इतना दिमाग दिया और मैंने तुझसे तेरे जीने का हक़ चीन लिया, लेकिन तेरे जैसी बेटी पाकर मैं धन्य हो गई,
अगली सुबह जब सब उठे तो सबके दिल में बहुत कुछ बदल चुक्का था,
काम्य और नैना ह्रदय के सपने देखती देखती सोइ और उठते hi फिर से उसी के खयालो में खो गई, इधर दिया के दिल में अलग hi हलचल थी, वन्य के साथ ह्रदय की दोस्ती से उसका दिल बैचैन था, उसे एक दर सा होने लगा था, ये इशारा था की दिया ह्रदय को प्यार करने लगी ह,
वही वन्य पहेली बार अपने दिमाग की जगह दिल से सोच रही थी, उसे ह्रदय याद आ रहा था और दिया उसकी आँखे और बेचैनी याद आ रही थी,
शनाया रैना और आशना कॉलेज के लिए तैयार हुई बैठी थी दिया आज नहीं आई थी निचे,
शनाया- ये दिया कहा रह गई
सीमा- पता नहीं आज आई नहीं अब तक, रात कही गई थी शायद देर से आई होगी,
शनाया- गई थी कहा गई थी, मुझे बताये बिना कहा चली गई
शनाया तुरंत उठ क्र दिया के रूम में भागी तो देखा दिया अलसाई सी लेती हुई ह,
शनाया- दिया क्या हुआ तबियत ठीक ह न, तू अब तक उठी नहीं,
दिया- बस मन नहीं कर रहा आज उठने का
शनाया- तू कल रात कहा गई थी,
दिया- उससे मिलने
शनाया- उससे किस्से
दिया- ह्रदय से
शनाया- क्या वो यहाँ ह, तू अकेले उससे मिल आई, मुझे बताया नहीं,
दशनाया दिया पैर कूद पड़ी और उसे मस्ती में मरने लगी,
दिया- अरे रुक रुक रुक सुन तो सही
शनाया- कुछ नहीं सुन्ना मुझे, तू बहुत बुरी ह
दिया- सुन तो ले एक बार हुआ क्या
दिया ने सब बताया
शनाया- अब कहा ह वो मुझे मिलना ह,
दिया- मिल लेना
शनाया- तू उठ और कॉलेज के लिए तैयार हो जा वही से उसे किसी कॉफ़ी शॉप में बुला लेंगे
दिया- अलसाई सी उठी और तैयार होकर निचे आ गई,
चारो कॉलेज निकल गई, जहा उनके स्वागत के लिए कड़ी थी दृष्टि,
इधर ह्रदय उठा तो निधि बीएड पैर नंगी लेती हुई थी और ह्रदय को देख रही थी, ह्रदय मुस्कुराता हुआ उठा,
ह्रदय- आपने कपडे नहीं पहने
निधि- तुम्हारे पास रह क्र कपड़ो की जरुरत नहीं ह मुझे, कपडे शरीर पैर बोझ से लगते हैं,
ह्रदय- रात आप सो गई तो मैं बता नहीं पाया वन्य को मैंने दूसरी जगह रुकवा दिया ह, थोड़ी सस्ती ह और सेफ भी ह अकेली लड़की के हिसाब से,
निधि- उसे सस्ती जगह की जरुरत क्यों पद गई वो चाहे तो चंडीगढ़ के सबसे महंगे इलाके में रह सकती ह,
ह्रदय- उसके पास पैसो की कमी लग रही थी मुझे
निधि- हहहहह पैसो की कमी तुम्हे गलत फहमी हुई ह जान, उसे हर महीने 10 लाख रूपये मिलते हैं, उससे अलग उसके हर जगह आने जाने खाने पिने रहने हर चीज का खर्चा कंपनी देती ह, और वो जो काम कर रही ह उसकी इंचार्ज भी वही ह, तो उसके पास हमेषा करोडो रूपये रहते हैं,
ह्रदय- क्या लेकिन वो
निधि- वो सिंपल रहती ह न इसलिए तुम्हे गलतफहमी हुई होगी, खेर छोड़ो जो तुमने किया ठीक ह, आओ मेरे पास और मेरी मॉर्निंग को बेस्ट मॉर्निंग बना दो,
निधि ह्रदय से चिपक गई, ह्रदय ने भी उसे बहो में भर लिया, दोनों काफी देर लेते रहे, फिर निधि उठी उसकी छूट में अब भी दर्द था लेकिन वो हिम्मत करके उठ गई,
नाहा धो क्र रेडी हुई,
निधि- मेरा बदन बहुत टूट रहा ह, आज मैं पूरा दिन रेस्ट करुँगी, तुम्हारा क्या प्लान ह,
ह्रदय- प्लान तो कुछ नहीं ह कुछ समझ नहीं आ रहा क्या करू कहा से शुरू करू, लेकिन एक जगह दिखाई दे रही ह, अगर आप हेल्प कर दे तो,
निधि- है है बोलो
ह्रदय- हमारा जो घर ह हमाचल में मुझे उसके ओनर के बारे में सब जानना ह, शायद वही से कुछ पता लग सके, क्योकि वो घर मेरी माँ के नाम नहीं ह, अगर मैं उसके मालिक को ढूंढ लू तो शायद कुछ पता चले,
निधि- ठीक ह मेरी हालत ठीक नहीं ह, लेकिन मैं तुम्हे एक एड्रेस दे रही हु इनके पास जाओ ये जरूर कोई रास्ता दिखाएंगे, इनकी हिमाचल में बहुत पहचान ह,
ह्रदय- ठंकु निधि जी
निधि- अब तो ये जी लगाना बंद क्र दो यार
ह्रदय- ok निधि
ह्रदय रेडी होकर वह से निकल गया,
निधि ने अशोक को कॉल लगाया
निधि- वो यहाँ से निकला ह **** लोकेशन की तरफ आपको अपना जो भी टेस्ट लेना ह ले सकते हो, फिर मुझे आगे की प्लानिंग करनी ह, अगर आप उसे पास करते ह तभी मैं आगे बढ़ूंगी
अशोक- ठीक ह तू ऑफिस आ जा हम दोनों उसे देखेंगे,
कुछ देर में निधि भी निकल गई,
दिया ने ह्रदय को कॉल किया,
दिया- कहा हो आप
ह्रदय- मैं तो बहार हु
दिया- अपनी लोकेशन बताओ
ह्रदय- क्यों क्या हुआ
दिया- बताओ तो सही हमे मिलना ह अभी
ह्रदय- काम से जा रहा हु आकर मिलता हु न
शनाया ने फ़ोन चीन लिया
शनाया- बता रहे हो या नहीं वर्ण मैं वही आकर लड़ने लगूंगी,
ह्रदय- हाहाहाःहाहा बिना लोकेशन बताये कैसे आओगी
शनाया- बताओ न प्लस
ह्रदय- अच्छा अच्छा मैं भेजता हु,
ह्रदय ने दिया के फ़ोन पैर अपनी लोकेशन भेज दी,
शनाया- हमारा वेट करो हम पहुंच रहे हैं,
चारो बहन कॉलेज में आकर वापस चल दी, दृष्टि जो कड़ी देख रही थी की वो क्लास की तरफ आएँगी तो उनसे बात करुँगी, उनको वापस जाता देख वो गुस्से में हाथ मरने लगी, और बिना सोचे उनके पीछे चल दी, उसने टेक्सी ली और चारो की गाड़ी के पीछे चल दी,
वही काम्य और नैना ह्रदय की तलाश में निकल गई गाड़ी वाले का एड्रेस देखने निधि के घर की तरफ, ह्रदय से मिलने के लिए सब अपना मकसद भूल बैठी थी,
इधर अनीता रिंकी रम्य और अन्य को लेकर चंडीगढ़ के स्टेशन पैर आ चुकी थी, और वह से टेक्सी लेकर अंजलि के दिए हुए एड्रेस की तरफ जाने की तैयारी क्र रही थी, टेक्सी में सामान रख क्र बैठ hi रहे थे की उनके पास आकर 10 गाड़िया रुकी, जिसे देख क्र वो दर गई,
गाड़ियों के दरवाजे खुले तो उसमे से तगड़े तगड़े पहलवान टाइप के गुंडे उतरे, एक लड़का सामने आया
लड़का- ये hi ह वो लड़किया जिन्होंने मेरे भाई पैर हाथ उठाया था
एक गुंडा- है नमन भाई ये दोनों hi लड़किया हैं,
नमन- और ये ह वो बुढ़िया जिसने तुम सबको मारा
गुंडा- नहीं भाई ये वो औरत नहीं ह,
अनीता को मामला बिगता दिखाई दिया, वो सबको लेकर टेक्सी में बैठी और गाड़ी भागने को बोलै, टेक्सी वाले ने तुरतं टेक्सी भगा दी, वो गुंडे तुरंत टेक्सी के पीछे लग गए,
गाड़िया पूरी रफ़्तार से बागी जा रही थी की तभी गुंडों की गाड़ी दो लड़कियों के इतने करीब से निकली की उनकी चीख सी निकल गई, वो अपनी गाड़ी के बहार कड़ी खुली हवा का मजा ले रही थी,
गाड़ी को इतनी से जाते देख
लड़की- ूय्ये देख क्र चला ले, पागल कही के, रेस लगा रहे हैं
दूसरी लड़की- ाव्य जल्दी से गाड़ी में बैठ, कुछ गड़बड़ ह
ये वन्य और ाव्य थी, ाव्य जो सुबह की पहेली फ्लाइट से चंडीगढ़ आ गई थी, वन्य उसे एयरपोर्ट से पिक करने आई थी,
ाव्य- क्या हुआ वन्य
वन्य- ाव्य उस टेक्सी में कोई जानकर था, और ये गाड़िया उस टेक्सी के पीछे लगी ह कुछ गड़बड़ ह,
दोनों बहन गाड़ी में बैठी ाव्य ने ड्राइविंग सम्हाली, और जो गाड़ी उसने भागे थी शायद कोई रेसर भी ऐसी रफ़्तार से गाड़ी न भगा सके
वन्य- तू इसे डोडा गाड़ी को बस
ाव्य- डोडा तो रही हु
वन्य- तू डोडा नहीं रही ह उदा रही ह, मुझे दर लग रहा ह
ाव्य- ाव्य के साथ बैठ क्र दर, ये गाड़िया मेरे हाथ का खिलौना ह, चिंता मत करो,
कुछ hi देर में ाव्य ने उन गुंडों की गाड़ी को पकड़ लिया और वर्तक करती हुई आगे जाने लगी, तब तक गुंडों की एक गाड़ी ने अनीता की टेक्सी को आगे जाकर रोक लिया और गाड़ी से उतर क्र उन्हें निचे उतरने लगे, तभी ाव्य और वन्य वह आ पहचुहि, और ाव्य ने हैंड बराक लगा क्र गाड़ी को ऐसे घुमाया जैसे वह कोई तूफ़ान आ गया हो,
गाड़ी की स्टंट देख क्र गुंडे भी शॉकेड हो गए, दोनों बहन गाड़ी से उतरी
ाव्य- ोये हाथ हटा उनसे वार्ना हाथ तोड़ दूंगी
गुंडे- अरे भाई ये देखो अब ये छमिया हमारे हाथ तोड़ेगी,
ाव्य ने बिना सोचे उछाल क्र उस गुंडे के मुँह पैर लात मरी, और अनीता का हाथ छुड़वाया,
वन्य- जल्दी से गाड़ी में बैठिये,
सब वन्य की गाड़ी की तरफ भागे लेकिन तब तक नानं के साथियो की गाड़ी ने सबकी घेर लिया,
अनीता- क्या चाहते हो तुम लोग,
नमन- ज्यादा कुछ नहीं आंटी तुम्हारी इन लड़कियों की वजह से मेरे भाई के हाथ पाओ टूटे हैं, बस अब ये उसकी सेवा करेंगी,
अनीता- तुम्हारे भाई ने hi बाटंजी की थी,
नमन- बतमीजी तो अब होगी, पकड़ लो सबको और इन दोनों को भी ले चलो बड़ी हेरोइन बन रही थी,
तभी एक गाड़ी और वह आ गई,
ए छोड़ो इन्हे वर्ण पुलिस वाले इतने डंडे मरेंगे
सबने उधर देखा तो काम्य और नैना कड़ी थी,
नमन- यार आज हो क्या रहा ह, ये सब अप्सराये कहा से आ रही हैं, दो दिन पहले चंडीगढ़ से hi गया था तब तो कोई सी न दिखी,
वन्य- शायद तू भूल गया उस रात तू सही सबक नहीं सिख पाया था,
नानं- ओहो ो तेरी की ये तो उस रात वाली छमिया ह, और वो पहलवान ह, उसे बुला ले उससे तो मिलने का सपना ह मेरा,
काम्य- तू यहाँ से जा रहा ह या पुलिस को बुलाऊ,
नमन- मैडम यहाँ का मुख्यमंत्री मेरी मेरे पापा का दोस्त ह, समझी
नैना- हम भी यहाँ के पूर्व मंत्री राज प्रताप की नातिन ह समझे, चले जाओ यहाँ से वर्ण ठीक नहीं होगा,
राज प्रताप का नाम सुनकर अनीता और रिंकी ने उन्हें देखा,
नमन- बुला ले जिसको बुलाना ह,
गुंडों ने उन्हें भी पकड़ लिया, और गाड़ी में बैठने लगे, तभी एक और गाड़ी वह आई
क्या हो रहा ह ये सब
सबने मुद क्र देखा तो फिर से चौंक गए,
गुंडे -भाई ये हो क्या रहा ह, इस चंडीगढ़ में लड़किया hi लड़किया ह क्या, वो भी इतनी खूबसूरत खूबसूरत
नानं- है यार मैं भी सोच रहा हु, इतनी साडी में से चेतना भी मुश्किल हो रहा ह, कोई नहीं सबके लिए मजे देंगी ये
शनाया- अरे ोोू चिलगोजो हमारे शहर में आकर में आकर हमे hi धमका रहे हो, अंजलि ग्रुप का राज चलता ह इस शहर में अगर चाहते हो सही सलामत रहो तो निकल जाओ यहाँ से,
अंजलि ग्रुप का नाम सुनकर अनीता रिंकी फिर से चौंक गए,
अनीता रिंकी से धीरे से- ये हो क्या रहा ह, ये सब साडी अपनी hi बछिया हैं, ये सब एक साथ यहाँ, सब की सब चंडीगढ़ में और वो भी खतरे में,
रिंकी- है माँ ये तो प्रॉब्लम बहुत बड़ी हो गई ह,
अनीता ने कॉल मिलाने के लिए फ़ोन ुलिया तो गुंडों ने सबके फ़ोन चीन लिए,
शनाया और बाकि तीनो लकड़ियों को भी गुंडों ने पकड़ लिया, वह 50 से ज्यादा गुंडे थे, बस दिया ने एक काम क्र दिया था, तभी वह दृष्टि भी पहुंच गई और दूर hi उतर गई और सबको चुप क्र देखने लगी,
निधि- तुम्हारी माँ तो दीपा जी ह न
ह्रदय- ये एक और राज मुझे पता चला ह की दीपा माँ मेरी रियल माँ नहीं ह,
निधि- फिर
ह्रदय- मेरी माँ का नाम रूचि ह और पिता तुषार
निधि- तुम्हे कैसे पता
ह्रदय- जब मैंने अपने पिता को ढूंढ़ने का फैसला किया तो मैंने घर में खोजना शुरू किया ताकि उनके बारे में कोई जानकरी मिल सके, तो मुझे माँ की दो ईद मिली एक दीपा के नाम से और दूसरी रूचि के नाम से,
निधि- तुम्हारी माँ का नाम दीपा ह न, फिर रूचि कैसे
ह्रदय- माँ ने बताया था की उनके डाक्यूमेंट्स में उनका नाम रूचि ह, इसलिए मेरी माँ का नाम रूचि hi लिखा गया ह, लेकिन अगर उनका नाम रूचि ह तो दीपा के नाम की ईद क्यों,
निधि- ये तो बड़ी विचित्र बात ह,
ह्रदय- है मैंने फिर दोनों ईद चेक कराइ तो पता चला रूचि नाम की ईद फेक ह, उनकी असली ईद दीपा की hi ह, और उन्होंने जहा भी अपनी ईद उसे की ह वो दीपा नाम वाली hi की ह, मतब वो रूचि नाम की ईद बस मुझे दिखने के लिए ह,
निधि- वो ऐसा क्यों करेंगी, ऐसी क्या मज़बूरी हो सकती ह,
ह्रदय- मैंने इंटरनेट पैर सब कुछ ढूंढा लेकिन कुछ नहीं मिला, लेकिन एक चीज हासिल हुई दीपा माँ की ईद जिसमे उनके पिता का नाम राजेश ह, लेकिन एड्रेस हिमाचल का ह तो खास जानकरी नहीं मिल पाई, और वो हिमाचल वाला घर किसी ान
तभी वह बाथरूम में रखा हुआ लैंडलाइन फ़ोन बज उठा जिससे ह्रदय चुप हो गया,
निधि ने हाथ आगे बढ़ा क्र फ़ोन उठाया,
निधि- hello
उधर से कुछ कहा गया,
निधि- है मैं शावर ले रही थी, इसलिए मोबाइल नहीं उठा पाई, बोलो क्या हुआ
उधर से कुछ कहा गया,
निधि- ओह्ह्ह लेकिन इतनी जल्दी कैसे
निधि ने उठने की कोशिश की लेकिन मुँह से दर्द भरी चीख निकल गई,
Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh
उधर कुछ कहा गया
निधि- कुछ नहीं मैं इस वक़्त आने की हालत में नहीं हु,
उधर से कुछ कहा गया
निधि- ठीक ह मैं भेजती हु किसी को
उधर से कुछ कहा गया
निधि- तुम एड्रेस मेरे मोबाइल पैर भेजो,
इतना बोल क्र निधि ने फ़ोन रख दिया
ह्रदय- क्या हुआ कोई प्रॉब्लम ह क्या
निधि- है मेरे एक स्टाफ को हेल्प चाहिए, और मैं जा नहीं सकती
ह्रदय- मैं चला जाता हु
निधि- लेकिन मैं तुम्हे कोई काम कैसे बता सकती हु
ह्रदय- आप मेरी हेल्प क्र रही हैं मैं आपकी क्र देता हु,
निधि- तुम कितने अच्छे हो,
दोनों बाथटब से बहार निकले ह्रदय ने दोनों को टॉवल से पोछा फिर निधि को गॉड में उठा क्र रूम में लाया और बीएड पैर लिटा दिया,
निधि ने ह्रदय को एक एड्रेस दिया और अपनी कार की चाबी दी, और कुछ समझा दिया,
ह्रदय तुरंत गाड़ी लेकर निकल गया, और बताये हुए एड्रेस पैर पहुंच गया,
जब गाड़ी से उतरा तो सामने कड़ी थी वन्य,
ह्रदय- आप यहाँ
वन्य- मैं भी सरप्राइज हु आप यहाँ
ह्रदय- मुझे निधि जी ने भेजा ह
वन्य- वो मेरी बॉस हैं,
ह्रदय- व्हाट ा कोइंसिडेन्स, तो कल आप निधि जी से hi मिलने आई थी
वन्य- है जी
ह्रदय- कमल ह मैं भी उन्ही से मिलने आया था,
वन्य- कमल हो गया ये तो
ह्रदय- है, लेकिन आप ये रात में hi क्यों फस्ती हैं,
वन्य- प्रॉब्लम बता क्र नहीं आती,
ह्रदय- आप इतना सामान लेकर निकली hi क्यों, और टेक्सी वाला आपको यहाँ क्यों छोड़ गया, मंजिल तक क्यों नहीं पहुंचाया,
वन्य- मैं तो रूम देख रही थी, लेकिन कोई भी सही सस्ता रूम नहीं मिला यहाँ, तो इधर आ गई, टेक्सी वाला बोलै इस इलाके में अंदर नहीं जा सकता, ये खतरनाक ह, मैंने उसे बोलै मुझे वापस ले चले लेकिन वो भाग गया, मैंने ऑनलाइन काफी काबे बुक की लेकिन कोई भी इधर नहीं आया, फिर मुझे दर लगने लगा तो निधि मम को कॉल की,
ह्रदय- आपको सुबह से कोई होटल नहीं मिला
वन्य- मुझे काफी लम्बे समय तक रुकना ह तो सस्ता रूम ढूडन रही थी, लेकि आप यहाँ कैसे
ह्रदय- मैं निधि जी के साथ hi बैठा था, उनके पेअर में चोट थी वो चल नहीं प् रही थी तो मुझसे बोलै तो मैं आ गया, खैर आप चलिए मेरे साथ मैं कुछ करता हु, गाड़ी में बैठिये,
वन्य गाड़ी में बैठ गई, ह्रदय ने सामान गाड़ी में रखा और दिया को कॉल मिलाया,
ह्रदय की कॉल देख क्र दिया ख़ुशी से उछाल पड़ी,
दिया- hello आज तो आसमान मेरे उप्पेर hi न गिर जाये, आपने मुझे कॉल की,
ह्रदय- बस दोस्त की याद आई तो कर ली कॉल
दिया- ये तो मेरी खुशनसीबी ह,
ह्रदय- एक हेल्प चाहिए आपसे,
दिया- है है बोलो मुझे ख़ुशी होगी
ह्रदय- मेरी एक दोस्त ह उसे चंडीगढ़ में कोई सस्ता सा रूम चाहिए, कोई होटल में या रेंट पैर हो, या किसी गर्ल्स हॉस्टल में हो,
दिया- बस इतनी सी बात कहा ह तुम्हारी दोस्त
ह्रदय- मेरे साथ
Diya-aur आप कहा हैं,
ह्रदय- बस आपके घर से लगभग 2 कम दूर हु
दिया- क्या आप चंडीगढ़ में हैं
ह्रदय- है जी
दिया- और मुझे बताया भी नहीं
ह्रदय- आज hi आया हु
दिया- आप घर आ जाइये
ह्रदय- इस वक़्त नहीं फिर कभी आऊंगा,
दिया- ठीक ह मैं आ रही हु आप घर के बहार मिलिए,
ह्रदय- आप पैदल hi आ जाना गाड़ी ह मेरे पास
दिया- ok
दिया तुरंत उठी और जल्दी जल्दी से कपडे चेंज किये और बिना कुछ बताये घर से निकल गई,
वन्य- आपने अपनी दोस्त से हेल्प क्यों मांगी, निधि मम ने तो आपको जगह बताई होगी न कहा भेजना ह
ह्रदय- है बताई थी लेकिन उनकी बताई हुई जगह बहुत hi महंगी थी, और उसमे बहुत खर्चा हो जाना था, मैं आपको एक सस्ती और सेफ जगह का ाररेंग्मेंट करा दूंगा,
वन्य धीरे से मुस्कुरा दी,
ह्रदय की गाड़ी घर के बहार आ गई, ह्रदय ने खुद उतर क्र दिया के लिए पीछे का दरवाजा खोला,
दिया- ठंकु
दिया ने वन्य को देखा उसे देख क्र दिया को जलन सी हुई, इतनी खूबसूरत लड़की ह्रदय के बराबर में बैठी ह,
वन्य ने दिया पैर धयान दिया और पहेली hi नजर में उसकी जलन को पहचान गई, वो फिर से मुस्कुरा दी,
दिया- आप तो किसी से दोस्ती करते hi नहीं फिर इतनी जल्दी आपकी ये कोण सी दोस्त आ गई
ह्रदय- रात hi बानी हैं,
दिया- रात में
ह्रदय ने दिया को रात की घटना बताई,
दिया- ok,
फिर दिया ने एक दो कॉल्स की और किसी से बात की,
दिया- लो हो गया इंतजाम, ये बताओ किसी के यहाँ पेइंग गेस्ट बनोगी या हॉस्टल में रहोगी, हॉस्टल में रूल होंगे लेकिन यहाँ पेइंग गेस्ट में कोई रूल्स नहीं ह, बस लड़के घर नहीं ला सकती बाकि तुम कही भी घूमो,
वन्य- मैं लड़को से दूर hi रहती हु, और घूमना मुझे खास पसंद नहीं, फिर भी पेइंग गेस्ट ठीक रहेगा, कोई फॅमिली वाला आता ह तो साथ में रह सकता ह न
दिया- एक रात में दोस्ती क्र ली और बोलती ह लड़को से दूर रहती ह,
ये बात दिया ने धीरे से बोली लेकिन वन्य ने सुन ली,
दिया उन्हें एक एड्रेस पैर लेकर गई, अछहि जगह थी
दिया- ये मेरी एक क्लास मात का घर ह, यहाँ वो और उसके माँ डैड रहते हैं, उप्पेर का घर खली ह, ये यहाँ रह सकती ह, ज्यादा पैसे भी नहीं लेंगे,
दिया ने वन्य की मुलाकात करवा दी, वन्य को जगह पसंद आई,
वन्य- आप दोनों ने मेरी इतनी हेल्प ki,uske लिए ज्यादा तो नहीं लेकिन मैं आपको कॉफ़ी तो पीला hi सकती हु, खाएंगे तो हो नहीं बहार का,
दिया- ये भी बता दिया,
ह्रदय ने दिया की तरफ देखा, दिया ने नजरे घुमा ली,
ह्रदय- वन्य जी काफी टाइम हो गया ह, अब आपको आराम करना चाहिए,
वन्य- एक कॉफ़ी मेरी तरफ से प्लस
ह्रदय- ok चलिए,
दिया का मन नहीं था लेकिन वो ह्रदय को वन्य के साथ अकेले जाने नहीं देना चाहती थी, वो भी चुप चाप साथ में चल दी,
कुछ दूर hi एक साफé था जहा तीनो ने कॉफ़ी पि, वन्य की नजरे दिया और ह्रदय पैर hi थी, ह्रदय बहुत hi रिलैक्स था लेकिन दिया बहुत बैचैन थी, जिसे देख वन्य मुस्कुरा रही थी,
कुछ देर में वो वह से निकले तभी उन पैर दो लड़कियों की नजर पड़ी और जिनकी नजर पड़ी उन्हें देख क्र वही कड़ी हो गयी, और उन्हें देखते हुए दोनों के मुँह से एक hi बात निकली,
विर्जिनिटी खोलने का टाइम आ गया ह, ये तो मेरा होगा
दोनों ने एक दूसरे का मुँह देखा और सुर्प्रीस्ली देखने लगी,
नैना- काम्य पहले मैंने देखा
काम्य- दोनों ने साथ देखा, यार ऐसा मत क्र न जाने कैसे अपने आप को इतने सालो से सम्हाल क्र रखा ह, न जाने कितने लड़के मेरे साथ हुक उप करने को तैयार थे, मैं दूर रही लेकिन अब नहीं रुका जाता, इसे देख क्र ऐसा लग रहा ह जैसे मैं इसी के लिए आज तक बची हुई थी,
नैना- मेरा दिल यहाँ से हटने को hi नहीं क्र रहा, इसे देख क्र ऐसा लग रहा जैसे ये मेरे लिए और मैं इसके लिए hi बानी हु, अमेरिका में मेरी सब फ्रेंड्स न जाने कितनी बार मजे ले चुकी हैं, न जाने क्यों मुझे कोई पसंद hi नहीं आता था, लेकिन इसे देख क्र समझ आ गया क्यों पसंद नहीं आता था,
तू अपनी बहन के लिए त्याग नहीं क्र सकती,
काम्य- तेरे लिए तो मैं कुछ भी कर सकती हु, लेकिन इसे नहीं छोड़ सकती, प्लस मजबूर मत कर यार, प्लस प्लस प्लस
नैना- हम दोनों बहन ह न तो एक दूसरे की लिए कुछ भी कर सकती ह तो क्या दोनों इसे शेयर नहीं कर सकती,
काम्य- क्या शेयर लेकिन
नैना- अब हम दोनों एक hi इंसान को पसंद क्र रहे हैं उसके लिए हम तो अलग नहीं हो सकते न, दोनों को साथ रहना ह और उसे भी पाना ह तो शेयर hi ठीक ह,
काम्य- बात तो सही ह लेकिन, उसके साथ आलरेडी दो दो कामिनी घूम रही हैं, वो देख दिया और दूसरी कोई नै लड़की ह,
नैना- यार मुझे तो बस वो दिख रहा ह, पुरे अमेरिका में एक भी ऐसा नहीं मिला,
काम्य- चल बात करे क्या
नैना- इनके सामने नहीं बाद में मिलते हैं इससे,
काम्य- बाद में कहा ढूंढेंगे, दिया से दोस्ती भी ह तो इसी बहाने एक बार नाम तो पूछ hi लेंगे, फिर ढूंढ लेंगे,
नैना- चल फिर
नैना और काम्य उन तीनो के सामने पहुंच गए,
नैना- hi दिया कैसी हो इस टाइम यहाँ,
काम्य- अरे बॉयफ्रेंड के साथ घूम रही हो क्या
दिया एक दम शर्मा सी गई,
ह्रदय- ऐसे किसी पैर गलत कमैंट्स नहीं करना चाहिए, हम दोस्त हैं,
काम्य- अच्छा अच्छा श्री
दिया- तुम लोग यहाँ
नैना- है इधर से निकल रहे थे, तो तुम दिखाई दे गई, हमारी मुलाकात नहीं करवाऊंगी
दिया- है है ये हैं मर. ह्रदय और ये ह मिस वन्य
वन्य खामोश कड़ी उन दोनों को देख रही थी,
ह्रदय- दिया जी मुझे निकलना होगा, कही जल्दी पहुंचना ह,
दिया- है है आप निकालिये,
ह्रदय- आपको घर ड्राप क्र दू,
काम्य और नैना ने उसकी गाड़ी का नंबर नोट क्र लिया और ओनर नाम चेक किया तो निधि कप्पोर के नाम से था,
काम्य- अब पता चल जायेगा ये कोण ह,
ह्रदय ने पहले वन्य को रूम में ड्राप किया फिर दिया को उसके घर ड्राप करके निधि के पास फार्महाउस पैर चला गया,
निधि घेरि नींद में सोइ हुई थी, ह्रदय उसी के पास लेट गया,
ह्रदय के दिमाग में के नाम घूम रहा था, अंजलि
हिमाचल का घर अंजलि के नाम पैर ह कोण ह ये अंजलि, क्या रिश्ता ह दीपा माँ का अंजलि से, क्या वो दीपा माँ की माँ ह या उनके पति की माँ ह, या मेरे माँ बाप का कोई रिश्ता ह उनसे, किसे पहले धुंडु, कहा धुंडु, कोण जिन्दा ह कोण नहीं ये भी नहीं पता, दीपा माँ मेरी माँ ह और वो सिंदूर लगाती हैं इससे ये अनुमान लगा था मेरे पिता जिन्दा हैं, लेकिन अब तो माँ भी मेरी कोई और ह तो कैसे पता चलेगा की वो दोनों जिन्दा ह भी या नहीं,
ह्रदय इन्ही खयालो में खोया हुआ सो गया,
वही वन्य फ़ोन पैर बात कर रही थी
वन्य- माँ रूम मिल गया ह,
फ़ोन पैर वर्षा थी,
वर्षा- कैसा रहा सब
वन्य- सब अच्छा रहा माँ, कल पूरी टीम यहाँ शिफ्ट हो रही ह, बचा हुआ काम यही पैर होगा, आप ाव्य को भी यही भेज दो, यहाँ रहेगी तो उसका मन बदल जायेगा, शायद वो सब से घुलना मिलना शुरू क्र दे, और शायद उसके झगडे भी कुक काम हो जाये,
वर्षा- सही बोल रही ह तू मैं उससे बात करती हु, रात की फ्लाइट से hi उसे भेजती हु मैं, तेरे साथ रहेगी और नए लोगो से मिलेगी तो उसे अच्छा लगेगा, और उसे सब कुछ दिखाना सबसे अच्छे से मिलवाना,
वन्य- आप चिंता मत करो माँ, मैं उसका ख्याल रखूंगी,
वर्षा- तू आज काफी खुश नजर लग रही ह,
वन्य- है माँ बस आज दिल खुश ह
वर्षा- क्या कहा तूने दिल, तेरा दिल कब से खुश होने लगा, तूने दिल से कब से सोचना शुरू क्र दिया मेरी रोबोट, 100 इंसानो का दिमाग रखने वाली, हमेषा दिमाग से hi सोहति थी, खुश भी दिमाग से hi होती थी आज दिल कैसे खुश हो गया,
वन्य- माँ आप भी क्या क्या बोलती हैं,
वर्षा- मैं माँ हु तेरी, मुझसे ज्यादा तुझे कोई नहीं समझ सकता, तेरे दिल में हलचल मतलब तेरे दिल में वो बस गया ह,
वर्षा- आप भी न बस कीजिये, मैं रख रही हु,
वन्य ने फ़ोन काट दिया,
वर्षा खुद से hi- बेटी तुझसे ज्यादा ख़ुशी मुझे ह, तू दिल से सोच रही ह, वर्ण मैंने तो तुझे रोबोट बना दिया था, तेरा पूरा बचपन चीन लिया था, उप्पेर वाले ने तुझे इतना दिमाग दिया और मैंने तुझसे तेरे जीने का हक़ चीन लिया, लेकिन तेरे जैसी बेटी पाकर मैं धन्य हो गई,
अगली सुबह जब सब उठे तो सबके दिल में बहुत कुछ बदल चुक्का था,
काम्य और नैना ह्रदय के सपने देखती देखती सोइ और उठते hi फिर से उसी के खयालो में खो गई, इधर दिया के दिल में अलग hi हलचल थी, वन्य के साथ ह्रदय की दोस्ती से उसका दिल बैचैन था, उसे एक दर सा होने लगा था, ये इशारा था की दिया ह्रदय को प्यार करने लगी ह,
वही वन्य पहेली बार अपने दिमाग की जगह दिल से सोच रही थी, उसे ह्रदय याद आ रहा था और दिया उसकी आँखे और बेचैनी याद आ रही थी,
शनाया रैना और आशना कॉलेज के लिए तैयार हुई बैठी थी दिया आज नहीं आई थी निचे,
शनाया- ये दिया कहा रह गई
सीमा- पता नहीं आज आई नहीं अब तक, रात कही गई थी शायद देर से आई होगी,
शनाया- गई थी कहा गई थी, मुझे बताये बिना कहा चली गई
शनाया तुरंत उठ क्र दिया के रूम में भागी तो देखा दिया अलसाई सी लेती हुई ह,
शनाया- दिया क्या हुआ तबियत ठीक ह न, तू अब तक उठी नहीं,
दिया- बस मन नहीं कर रहा आज उठने का
शनाया- तू कल रात कहा गई थी,
दिया- उससे मिलने
शनाया- उससे किस्से
दिया- ह्रदय से
शनाया- क्या वो यहाँ ह, तू अकेले उससे मिल आई, मुझे बताया नहीं,
दशनाया दिया पैर कूद पड़ी और उसे मस्ती में मरने लगी,
दिया- अरे रुक रुक रुक सुन तो सही
शनाया- कुछ नहीं सुन्ना मुझे, तू बहुत बुरी ह
दिया- सुन तो ले एक बार हुआ क्या
दिया ने सब बताया
शनाया- अब कहा ह वो मुझे मिलना ह,
दिया- मिल लेना
शनाया- तू उठ और कॉलेज के लिए तैयार हो जा वही से उसे किसी कॉफ़ी शॉप में बुला लेंगे
दिया- अलसाई सी उठी और तैयार होकर निचे आ गई,
चारो कॉलेज निकल गई, जहा उनके स्वागत के लिए कड़ी थी दृष्टि,
इधर ह्रदय उठा तो निधि बीएड पैर नंगी लेती हुई थी और ह्रदय को देख रही थी, ह्रदय मुस्कुराता हुआ उठा,
ह्रदय- आपने कपडे नहीं पहने
निधि- तुम्हारे पास रह क्र कपड़ो की जरुरत नहीं ह मुझे, कपडे शरीर पैर बोझ से लगते हैं,
ह्रदय- रात आप सो गई तो मैं बता नहीं पाया वन्य को मैंने दूसरी जगह रुकवा दिया ह, थोड़ी सस्ती ह और सेफ भी ह अकेली लड़की के हिसाब से,
निधि- उसे सस्ती जगह की जरुरत क्यों पद गई वो चाहे तो चंडीगढ़ के सबसे महंगे इलाके में रह सकती ह,
ह्रदय- उसके पास पैसो की कमी लग रही थी मुझे
निधि- हहहहह पैसो की कमी तुम्हे गलत फहमी हुई ह जान, उसे हर महीने 10 लाख रूपये मिलते हैं, उससे अलग उसके हर जगह आने जाने खाने पिने रहने हर चीज का खर्चा कंपनी देती ह, और वो जो काम कर रही ह उसकी इंचार्ज भी वही ह, तो उसके पास हमेषा करोडो रूपये रहते हैं,
ह्रदय- क्या लेकिन वो
निधि- वो सिंपल रहती ह न इसलिए तुम्हे गलतफहमी हुई होगी, खेर छोड़ो जो तुमने किया ठीक ह, आओ मेरे पास और मेरी मॉर्निंग को बेस्ट मॉर्निंग बना दो,
निधि ह्रदय से चिपक गई, ह्रदय ने भी उसे बहो में भर लिया, दोनों काफी देर लेते रहे, फिर निधि उठी उसकी छूट में अब भी दर्द था लेकिन वो हिम्मत करके उठ गई,
नाहा धो क्र रेडी हुई,
निधि- मेरा बदन बहुत टूट रहा ह, आज मैं पूरा दिन रेस्ट करुँगी, तुम्हारा क्या प्लान ह,
ह्रदय- प्लान तो कुछ नहीं ह कुछ समझ नहीं आ रहा क्या करू कहा से शुरू करू, लेकिन एक जगह दिखाई दे रही ह, अगर आप हेल्प कर दे तो,
निधि- है है बोलो
ह्रदय- हमारा जो घर ह हमाचल में मुझे उसके ओनर के बारे में सब जानना ह, शायद वही से कुछ पता लग सके, क्योकि वो घर मेरी माँ के नाम नहीं ह, अगर मैं उसके मालिक को ढूंढ लू तो शायद कुछ पता चले,
निधि- ठीक ह मेरी हालत ठीक नहीं ह, लेकिन मैं तुम्हे एक एड्रेस दे रही हु इनके पास जाओ ये जरूर कोई रास्ता दिखाएंगे, इनकी हिमाचल में बहुत पहचान ह,
ह्रदय- ठंकु निधि जी
निधि- अब तो ये जी लगाना बंद क्र दो यार
ह्रदय- ok निधि
ह्रदय रेडी होकर वह से निकल गया,
निधि ने अशोक को कॉल लगाया
निधि- वो यहाँ से निकला ह **** लोकेशन की तरफ आपको अपना जो भी टेस्ट लेना ह ले सकते हो, फिर मुझे आगे की प्लानिंग करनी ह, अगर आप उसे पास करते ह तभी मैं आगे बढ़ूंगी
अशोक- ठीक ह तू ऑफिस आ जा हम दोनों उसे देखेंगे,
कुछ देर में निधि भी निकल गई,
दिया ने ह्रदय को कॉल किया,
दिया- कहा हो आप
ह्रदय- मैं तो बहार हु
दिया- अपनी लोकेशन बताओ
ह्रदय- क्यों क्या हुआ
दिया- बताओ तो सही हमे मिलना ह अभी
ह्रदय- काम से जा रहा हु आकर मिलता हु न
शनाया ने फ़ोन चीन लिया
शनाया- बता रहे हो या नहीं वर्ण मैं वही आकर लड़ने लगूंगी,
ह्रदय- हाहाहाःहाहा बिना लोकेशन बताये कैसे आओगी
शनाया- बताओ न प्लस
ह्रदय- अच्छा अच्छा मैं भेजता हु,
ह्रदय ने दिया के फ़ोन पैर अपनी लोकेशन भेज दी,
शनाया- हमारा वेट करो हम पहुंच रहे हैं,
चारो बहन कॉलेज में आकर वापस चल दी, दृष्टि जो कड़ी देख रही थी की वो क्लास की तरफ आएँगी तो उनसे बात करुँगी, उनको वापस जाता देख वो गुस्से में हाथ मरने लगी, और बिना सोचे उनके पीछे चल दी, उसने टेक्सी ली और चारो की गाड़ी के पीछे चल दी,
वही काम्य और नैना ह्रदय की तलाश में निकल गई गाड़ी वाले का एड्रेस देखने निधि के घर की तरफ, ह्रदय से मिलने के लिए सब अपना मकसद भूल बैठी थी,
इधर अनीता रिंकी रम्य और अन्य को लेकर चंडीगढ़ के स्टेशन पैर आ चुकी थी, और वह से टेक्सी लेकर अंजलि के दिए हुए एड्रेस की तरफ जाने की तैयारी क्र रही थी, टेक्सी में सामान रख क्र बैठ hi रहे थे की उनके पास आकर 10 गाड़िया रुकी, जिसे देख क्र वो दर गई,
गाड़ियों के दरवाजे खुले तो उसमे से तगड़े तगड़े पहलवान टाइप के गुंडे उतरे, एक लड़का सामने आया
लड़का- ये hi ह वो लड़किया जिन्होंने मेरे भाई पैर हाथ उठाया था
एक गुंडा- है नमन भाई ये दोनों hi लड़किया हैं,
नमन- और ये ह वो बुढ़िया जिसने तुम सबको मारा
गुंडा- नहीं भाई ये वो औरत नहीं ह,
अनीता को मामला बिगता दिखाई दिया, वो सबको लेकर टेक्सी में बैठी और गाड़ी भागने को बोलै, टेक्सी वाले ने तुरतं टेक्सी भगा दी, वो गुंडे तुरंत टेक्सी के पीछे लग गए,
गाड़िया पूरी रफ़्तार से बागी जा रही थी की तभी गुंडों की गाड़ी दो लड़कियों के इतने करीब से निकली की उनकी चीख सी निकल गई, वो अपनी गाड़ी के बहार कड़ी खुली हवा का मजा ले रही थी,
गाड़ी को इतनी से जाते देख
लड़की- ूय्ये देख क्र चला ले, पागल कही के, रेस लगा रहे हैं
दूसरी लड़की- ाव्य जल्दी से गाड़ी में बैठ, कुछ गड़बड़ ह
ये वन्य और ाव्य थी, ाव्य जो सुबह की पहेली फ्लाइट से चंडीगढ़ आ गई थी, वन्य उसे एयरपोर्ट से पिक करने आई थी,
ाव्य- क्या हुआ वन्य
वन्य- ाव्य उस टेक्सी में कोई जानकर था, और ये गाड़िया उस टेक्सी के पीछे लगी ह कुछ गड़बड़ ह,
दोनों बहन गाड़ी में बैठी ाव्य ने ड्राइविंग सम्हाली, और जो गाड़ी उसने भागे थी शायद कोई रेसर भी ऐसी रफ़्तार से गाड़ी न भगा सके
वन्य- तू इसे डोडा गाड़ी को बस
ाव्य- डोडा तो रही हु
वन्य- तू डोडा नहीं रही ह उदा रही ह, मुझे दर लग रहा ह
ाव्य- ाव्य के साथ बैठ क्र दर, ये गाड़िया मेरे हाथ का खिलौना ह, चिंता मत करो,
कुछ hi देर में ाव्य ने उन गुंडों की गाड़ी को पकड़ लिया और वर्तक करती हुई आगे जाने लगी, तब तक गुंडों की एक गाड़ी ने अनीता की टेक्सी को आगे जाकर रोक लिया और गाड़ी से उतर क्र उन्हें निचे उतरने लगे, तभी ाव्य और वन्य वह आ पहचुहि, और ाव्य ने हैंड बराक लगा क्र गाड़ी को ऐसे घुमाया जैसे वह कोई तूफ़ान आ गया हो,
गाड़ी की स्टंट देख क्र गुंडे भी शॉकेड हो गए, दोनों बहन गाड़ी से उतरी
ाव्य- ोये हाथ हटा उनसे वार्ना हाथ तोड़ दूंगी
गुंडे- अरे भाई ये देखो अब ये छमिया हमारे हाथ तोड़ेगी,
ाव्य ने बिना सोचे उछाल क्र उस गुंडे के मुँह पैर लात मरी, और अनीता का हाथ छुड़वाया,
वन्य- जल्दी से गाड़ी में बैठिये,
सब वन्य की गाड़ी की तरफ भागे लेकिन तब तक नानं के साथियो की गाड़ी ने सबकी घेर लिया,
अनीता- क्या चाहते हो तुम लोग,
नमन- ज्यादा कुछ नहीं आंटी तुम्हारी इन लड़कियों की वजह से मेरे भाई के हाथ पाओ टूटे हैं, बस अब ये उसकी सेवा करेंगी,
अनीता- तुम्हारे भाई ने hi बाटंजी की थी,
नमन- बतमीजी तो अब होगी, पकड़ लो सबको और इन दोनों को भी ले चलो बड़ी हेरोइन बन रही थी,
तभी एक गाड़ी और वह आ गई,
ए छोड़ो इन्हे वर्ण पुलिस वाले इतने डंडे मरेंगे
सबने उधर देखा तो काम्य और नैना कड़ी थी,
नमन- यार आज हो क्या रहा ह, ये सब अप्सराये कहा से आ रही हैं, दो दिन पहले चंडीगढ़ से hi गया था तब तो कोई सी न दिखी,
वन्य- शायद तू भूल गया उस रात तू सही सबक नहीं सिख पाया था,
नानं- ओहो ो तेरी की ये तो उस रात वाली छमिया ह, और वो पहलवान ह, उसे बुला ले उससे तो मिलने का सपना ह मेरा,
काम्य- तू यहाँ से जा रहा ह या पुलिस को बुलाऊ,
नमन- मैडम यहाँ का मुख्यमंत्री मेरी मेरे पापा का दोस्त ह, समझी
नैना- हम भी यहाँ के पूर्व मंत्री राज प्रताप की नातिन ह समझे, चले जाओ यहाँ से वर्ण ठीक नहीं होगा,
राज प्रताप का नाम सुनकर अनीता और रिंकी ने उन्हें देखा,
नमन- बुला ले जिसको बुलाना ह,
गुंडों ने उन्हें भी पकड़ लिया, और गाड़ी में बैठने लगे, तभी एक और गाड़ी वह आई
क्या हो रहा ह ये सब
सबने मुद क्र देखा तो फिर से चौंक गए,
गुंडे -भाई ये हो क्या रहा ह, इस चंडीगढ़ में लड़किया hi लड़किया ह क्या, वो भी इतनी खूबसूरत खूबसूरत
नानं- है यार मैं भी सोच रहा हु, इतनी साडी में से चेतना भी मुश्किल हो रहा ह, कोई नहीं सबके लिए मजे देंगी ये
शनाया- अरे ोोू चिलगोजो हमारे शहर में आकर में आकर हमे hi धमका रहे हो, अंजलि ग्रुप का राज चलता ह इस शहर में अगर चाहते हो सही सलामत रहो तो निकल जाओ यहाँ से,
अंजलि ग्रुप का नाम सुनकर अनीता रिंकी फिर से चौंक गए,
अनीता रिंकी से धीरे से- ये हो क्या रहा ह, ये सब साडी अपनी hi बछिया हैं, ये सब एक साथ यहाँ, सब की सब चंडीगढ़ में और वो भी खतरे में,
रिंकी- है माँ ये तो प्रॉब्लम बहुत बड़ी हो गई ह,
अनीता ने कॉल मिलाने के लिए फ़ोन ुलिया तो गुंडों ने सबके फ़ोन चीन लिए,
शनाया और बाकि तीनो लकड़ियों को भी गुंडों ने पकड़ लिया, वह 50 से ज्यादा गुंडे थे, बस दिया ने एक काम क्र दिया था, तभी वह दृष्टि भी पहुंच गई और दूर hi उतर गई और सबको चुप क्र देखने लगी,