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मेघा ने मुझ से एक सवाल किया
मेघा :कल रात में मई पानी पिने के लिए उठी थी लेकिन जग में पानी नहीं था इसलिए मई किचन में पानी लेने गयी , पानी पिने के बाद सोचा आपको एक बार देख लू की आपको होस आया है या नहीं फिर जब मई तुम्हारे रूम में गयी तो दरवाजा तो अंदर से बंद था लेकिन खिड़की खुली हुई थी फिर मैंने खिड़की से देखा तो...
Mai(darte हुए) : क्या देखा तुमने...
मेघा: मैंने देखा की माँ और आप दोनों नंगे हो और माँ घोड़ी बानी हुई है और उनके बालो को पकड़ क्र पीछे से धक्के मर रहे हो, मैंने माँ को सिसकी लेते हुवे देखा तो कभी ऐसा लगता था की माँ को दर्द हो रहा है फिर कुछ देर बाद ऐसा लग रहा था की उन्हें दर्द नहीं बल्कि मजा आ रहा है , मुझे तो कुछ समझ में नहीं आया की आप लोग क्र क्या रहे हो तो फिर मई वह से चली गयी सोचा सुबह आपसे या माँ से पूछ लुंगी.
मुझे तो कुछ समझ में नहीं आया की मई क्या बोलू मई बीएस मेघा को hi देख रहा था की और वो क्या बोलेगी.
मेघा: अरे अब आप मुझे क्यों ऐसे देख रहे है बताइये न की आप लोग क्या क्र रहे थे.
मई : तुम्हे सच में नहीं मालूम की हम लोग क्या क्र रहे थे.
मेघा: पता होता तो मई क्यों पूछती आप से.
फिर मुझे यद् आया की ये तो इस मामले में बिलकुल न समझ है मई ने मान में ऊपर वाले को थैंक्स कहा.
मई : पहले ये बालाओ की तुमने और किसी को तो ये बात नहीं बताई है न.
मेघा : नहीं .
मई : ठीक किया और किसी को बताना भी नहीं.
मेघा: क्यों .
मई : क्यों की मई और मसि याने की तुम्हारी माँ एक खेल खेल रहे थे उसे बंद कमरे का खेल कहते है इस खेल को जो लोग इस खेल को खेलते है वो एक रूम में दरवाजे और खिड़कियों को बंद करते है क्यों की उनके इस सीक्रेट खेल को कोई देख न पाए क्यों की ये उनका सीक्रेट खेल होता है.
मेघा: तो मैंने तो देख लिया आप लोगों को .
मई : इसलिए तो कह रहा हु ये बात किसी को नहीं बताना और अपनी माँ से भी इस बारे में कोई जिक्र नहीं करना नहीं तो उन्हें बुरा लगेगा की उनके इस सीक्रेट खेल को तुम ने देख लिया.
मेघा : जी भैया मई समझ गयी मई किसी से भी नहीं कहूँगी.
मई : गुड गर्ल.
मेघा: पर भैया मुझे भी वो खेल खेलना है बंद कमरे वाला.
मैंने अपना माथा पकड़ लिया उसके बाद उसकी बात को टालने के लिए कह दिया
मई : और इस खेल के लिए अभी तुम बच्ची हो थोड़ा बड़ी हो जाओ तब खेल लेना.
मेघा : पर भैया माँ तो कहती है की अब मई बड़ी हो गयी हु.
मई : देखो मेघा अभी तुम्हे इस खेल के बारे में कोई जानकारी नहीं है पहले पूरी जानकारी हासिल क्र लो उसके बाद तुम किसी के साथ ये खेल खेल लेना.
मेघा: नहीं मुझे सिर्फ आपके साथ hi ये खेल खेलना है .
मई : ठीक है मेरी माँ अब घर चले.
उस के बाद मई मेघा को लेकर घर आ गया.
घर आ क्र देखा तो सभी उस घर के हॉल में बैठे हुवे है फिर मई और मेघा भी व्ही चले गए फिर हुआ सवाल जवाब का सिलसिला.
मई व्ही पर जब बैठा तो सभी लोग मुझे घर रहे थे सिर्फ मसि को छोड़कर.
मई : तुम लोग मुझे ऐसे क्या देख रहे हो जैसे अभी खा जाओगी.
संध्या : तो तुम लड़ने गए थे उस जिव से.
मई : है मई hi गया था.
महिमा: पर तुम्हारे पास ये सकती आयी कहा से हम ने देखा की तुम उड़ थे हो .
मई: ये सकतिया मेरे पास पहले से hi नहीं थी इन्हे मैंने हासिल किया है और मेरे पास अभी जायदा सकती नहीं है कुछ hi है बीएस .
मसि : पर बीटा तुम्हे कुछ हो जाता तो मई तुम्हारी माँ को क्या जवाब देती .
मई : मुझे कुछ भी नहीं होगा मसि मेरा तो जन्म hi इसी कारन हुआ hai,aur मेरे पास ये सकती है ये बात आप लोग किसी को भी नहीं बताओगे आप लोगो को मेरी कसम.
मेघा : वाओ मतलब ये की भैया सुपर मन है.
महिमा: चुप क्र छोटी ये मजाक का समय नहीं है .
महिमा की डट खा क्र मेघा मुँह फुला क्र बैठ गई हम अभी बात चित क्र hi रहे थे की हॉल में धुआँ सा उठने लगा और फिर धुआँ हटते hi वह पर https://i.pinimg.com/564x/aa/a4/0b/aaa40bd61eac7817a4a9b5a68a3f6d17.jpg एक जिन हस्ता हुआ प्रकट हुआ, एक पल तो मई भी उसे देख क्र दर गया.
तभी वो बोलै
जीन : सलाम योद्धा .
मई : सलाम कोण हो तुम और यह क्यों आये हो.
तब मसि ने मुझे बताया की इसी जीन ने तुम्हारे सरीर से उस जिव के जहर को निकला है.
जीन: मेरा नाम परवेज है और मई जीन लोक से आया हु, आपसे मदद मांगने.
मई : कैसी मदद.
जीन : दरअसल बात ये है की आपके hi पृथ्वी लोक का एक तांत्रिक जिन ने मुझे कई वर्षो तक मुझे अपने कैद में रखा फिर उसने मुझे एक सरत पर आजाद किया की जरुरत पड़ने पर मई उसका काम करू फिर एक दिन उसने मुझे ा अपने पास बुलाया और मुझसे कहा की की तुम मुझे अपने जिन लोग लेकर जाओगे मेरे पास कोई रास्ता नहीं था इसलिए मैं उससे जिन लोग लेकर गया मैं नहीं जानता था की वह वहां अपने ा गलत इरादों को अंजाम देने के लिए के जा रहा है वह वहां पैर कुवारी जीन कन्याओं की बलि देकर अमर होना चाहता है उसने मेरी बेटी को भी नहीं छोड़ा उसने उसकी भी बलि दे क्र उसे मर डाला .
मई : दो तुम्हारे जीन लोक में ऐसा कोई नहीं है जो उस तांत्रिक को हरा सके.
जीन: नहीं क्यों की वो जिन्नो को अपने वस् में करना जनता है और वो हमारे बहुत से जीन लोगो को अपने वस् में क्र रखा है इसलिए अब उससे कोई लड़ने भी नहीं जा रहा हमारे बादशाह भी बहुत चिंतित है लेकिन मई ने उन्हें ये नहीं बताया की मैंने hi उस तांत्रिक को यह जीन लोक में लाया हु नहीं तो वो मुझे मर hi देंगे इसलिए मैंने ये सोचा की मई hi उस मुसीबत का जिम्मेदार हु तो मई hi इसका हल ढूंढने यह पृथ्वी लोक में आया तब बहुत दिनों बाद मैंने तुम्हे ुसजिव से लड़ते हुवे देखा तब जाकर मेरी तलाश ख़तम हुई तुम hi वो इंसान हो जो उस तांत्रिक को हरा सकता हो एक और बात आपकी आँखे हमारी राजकुमारी की जैसी hi है एक डैम नीली.
मई : पर मई तो अभी उस जिव की वजह से यह फसा हुआ हु मुझे तो समझ में hi नहीं आ रहा की ुसजिव की मई कैसे ख़त्म करू ,उसके मैंने कई टुकड़े भी क्र दिए पर फिर भी वो जीवित हो जाता है.
मेरी बात सुनकर वो जीन जोर जोर से हसने लगता है.
मई : अब तुम हंस क्यों रहे हो.
जीन : योद्धा मई इसलिए है पड़ा क्यों की उस जिव को मरने के लिए कोई हथियार काम नहीं करेगा बल्कि एक ऐसी चीज है जिससे वो मर सकता है वो बहुत hi मामूली चीज है.
मई : और वो क्या चीज है भला
जीन: नमक.
हम सभी ने उस जीन की बात सुनकर एक साथ कहा- नमक.
जीन: है नमक! नमक में hi वो प्राकृतिक गन है जिससे वो जिव गाल क्र नस्ट हो जायेगा.
मई : तो फिर ठीक है मई आज hi उस जिव को नमक चाटता हु और मुझे तुम्हे बुलाना हो तो कैसे बुलाऊंगा .
फिर उस जीन ने अपने उँगलियों से एक रिंग उतर क्र मुझे दिया और कहा की इसे रगड़ने और मई तुरंत आपके सामने आ जाऊंगा.
फिर वो जीन चला गया उसके बाद मई भी उठा और जाने लगा तब मसि ने मुझे अपना धयान रखने को कहा फिर मई वह से उड़ते हुए जा रहा था की रस्ते में मुझे फायर स्टेशन दिखा जो अब पूरा खली हो चूका था मेरे दिमाग में एक आईडिया आया मई वह गया और एक फायर ब्रिजेट की गाड़ी उठाई और वह से निकल गया मई एक स्टोर पर पंहुचा और वह से बहुत साडी नमक की बोरी उस गाड़ी कीटंकी में घोल दिया टैंक इस पानी बिलकुल चासनी बन गया था फिर मई ुसजिव को देखा जो अपने धुन में सब तोड़ फोड़ करते हुए जा रहा था मुझे ुसजिव के सामने जाना था इसलिए मई ुसजिव के रस्ते के सामने वाल मोड़ पर जाकर खड़ा हो गया मेरे रस्ते में जो भी आता गया मई उसे ठोकर मरते हुवे जा रहा था.
फिर जैसा की मैंने सोचा था वो जिव मेरे सामने आ गया तब मैंने देर न करते हुवे पर नमल मिला हुआ पानी छोड़ दिया वो जिव तड़पने लगा वो अपना जहर इधर उधर छोड़ रहा था अब उस जिव की हाइट 20 फुट का हो चूका थे जो नमक पानी पड़ते hi धीरे धीरे उसका सरीर पिघ रहा था जिससे वो धीरे धीरे छोटा होने लगा और फिर अंत में हो पूरा गाल गया ऊपर हेलीकाप्टर से ये पूरा सीन शट हो रहा था न्यूज़ चैनल में दिखाया जा रहा था की कैसे एक आम इंसान में कोई केमिकल डैड क्र उस जिव के सरीर को गाला दिया है लेकिन उस इंसान बे अपना चेहरा धक् रखा है अब अपना यर सहर खतरे से मुक्त हो चूका है .
फिर मई वह से उनलोगो की नजरों से बचते हुए वापस घर आया.
मेघा ने मुझ से एक सवाल किया
मेघा :कल रात में मई पानी पिने के लिए उठी थी लेकिन जग में पानी नहीं था इसलिए मई किचन में पानी लेने गयी , पानी पिने के बाद सोचा आपको एक बार देख लू की आपको होस आया है या नहीं फिर जब मई तुम्हारे रूम में गयी तो दरवाजा तो अंदर से बंद था लेकिन खिड़की खुली हुई थी फिर मैंने खिड़की से देखा तो...
Mai(darte हुए) : क्या देखा तुमने...
मेघा: मैंने देखा की माँ और आप दोनों नंगे हो और माँ घोड़ी बानी हुई है और उनके बालो को पकड़ क्र पीछे से धक्के मर रहे हो, मैंने माँ को सिसकी लेते हुवे देखा तो कभी ऐसा लगता था की माँ को दर्द हो रहा है फिर कुछ देर बाद ऐसा लग रहा था की उन्हें दर्द नहीं बल्कि मजा आ रहा है , मुझे तो कुछ समझ में नहीं आया की आप लोग क्र क्या रहे हो तो फिर मई वह से चली गयी सोचा सुबह आपसे या माँ से पूछ लुंगी.
मुझे तो कुछ समझ में नहीं आया की मई क्या बोलू मई बीएस मेघा को hi देख रहा था की और वो क्या बोलेगी.
मेघा: अरे अब आप मुझे क्यों ऐसे देख रहे है बताइये न की आप लोग क्या क्र रहे थे.
मई : तुम्हे सच में नहीं मालूम की हम लोग क्या क्र रहे थे.
मेघा: पता होता तो मई क्यों पूछती आप से.
फिर मुझे यद् आया की ये तो इस मामले में बिलकुल न समझ है मई ने मान में ऊपर वाले को थैंक्स कहा.
मई : पहले ये बालाओ की तुमने और किसी को तो ये बात नहीं बताई है न.
मेघा : नहीं .
मई : ठीक किया और किसी को बताना भी नहीं.
मेघा: क्यों .
मई : क्यों की मई और मसि याने की तुम्हारी माँ एक खेल खेल रहे थे उसे बंद कमरे का खेल कहते है इस खेल को जो लोग इस खेल को खेलते है वो एक रूम में दरवाजे और खिड़कियों को बंद करते है क्यों की उनके इस सीक्रेट खेल को कोई देख न पाए क्यों की ये उनका सीक्रेट खेल होता है.
मेघा: तो मैंने तो देख लिया आप लोगों को .
मई : इसलिए तो कह रहा हु ये बात किसी को नहीं बताना और अपनी माँ से भी इस बारे में कोई जिक्र नहीं करना नहीं तो उन्हें बुरा लगेगा की उनके इस सीक्रेट खेल को तुम ने देख लिया.
मेघा : जी भैया मई समझ गयी मई किसी से भी नहीं कहूँगी.
मई : गुड गर्ल.
मेघा: पर भैया मुझे भी वो खेल खेलना है बंद कमरे वाला.
मैंने अपना माथा पकड़ लिया उसके बाद उसकी बात को टालने के लिए कह दिया
मई : और इस खेल के लिए अभी तुम बच्ची हो थोड़ा बड़ी हो जाओ तब खेल लेना.
मेघा : पर भैया माँ तो कहती है की अब मई बड़ी हो गयी हु.
मई : देखो मेघा अभी तुम्हे इस खेल के बारे में कोई जानकारी नहीं है पहले पूरी जानकारी हासिल क्र लो उसके बाद तुम किसी के साथ ये खेल खेल लेना.
मेघा: नहीं मुझे सिर्फ आपके साथ hi ये खेल खेलना है .
मई : ठीक है मेरी माँ अब घर चले.
उस के बाद मई मेघा को लेकर घर आ गया.
घर आ क्र देखा तो सभी उस घर के हॉल में बैठे हुवे है फिर मई और मेघा भी व्ही चले गए फिर हुआ सवाल जवाब का सिलसिला.
मई व्ही पर जब बैठा तो सभी लोग मुझे घर रहे थे सिर्फ मसि को छोड़कर.
मई : तुम लोग मुझे ऐसे क्या देख रहे हो जैसे अभी खा जाओगी.
संध्या : तो तुम लड़ने गए थे उस जिव से.
मई : है मई hi गया था.
महिमा: पर तुम्हारे पास ये सकती आयी कहा से हम ने देखा की तुम उड़ थे हो .
मई: ये सकतिया मेरे पास पहले से hi नहीं थी इन्हे मैंने हासिल किया है और मेरे पास अभी जायदा सकती नहीं है कुछ hi है बीएस .
मसि : पर बीटा तुम्हे कुछ हो जाता तो मई तुम्हारी माँ को क्या जवाब देती .
मई : मुझे कुछ भी नहीं होगा मसि मेरा तो जन्म hi इसी कारन हुआ hai,aur मेरे पास ये सकती है ये बात आप लोग किसी को भी नहीं बताओगे आप लोगो को मेरी कसम.
मेघा : वाओ मतलब ये की भैया सुपर मन है.
महिमा: चुप क्र छोटी ये मजाक का समय नहीं है .
महिमा की डट खा क्र मेघा मुँह फुला क्र बैठ गई हम अभी बात चित क्र hi रहे थे की हॉल में धुआँ सा उठने लगा और फिर धुआँ हटते hi वह पर https://i.pinimg.com/564x/aa/a4/0b/aaa40bd61eac7817a4a9b5a68a3f6d17.jpg एक जिन हस्ता हुआ प्रकट हुआ, एक पल तो मई भी उसे देख क्र दर गया.
तभी वो बोलै
जीन : सलाम योद्धा .
मई : सलाम कोण हो तुम और यह क्यों आये हो.
तब मसि ने मुझे बताया की इसी जीन ने तुम्हारे सरीर से उस जिव के जहर को निकला है.
जीन: मेरा नाम परवेज है और मई जीन लोक से आया हु, आपसे मदद मांगने.
मई : कैसी मदद.
जीन : दरअसल बात ये है की आपके hi पृथ्वी लोक का एक तांत्रिक जिन ने मुझे कई वर्षो तक मुझे अपने कैद में रखा फिर उसने मुझे एक सरत पर आजाद किया की जरुरत पड़ने पर मई उसका काम करू फिर एक दिन उसने मुझे ा अपने पास बुलाया और मुझसे कहा की की तुम मुझे अपने जिन लोग लेकर जाओगे मेरे पास कोई रास्ता नहीं था इसलिए मैं उससे जिन लोग लेकर गया मैं नहीं जानता था की वह वहां अपने ा गलत इरादों को अंजाम देने के लिए के जा रहा है वह वहां पैर कुवारी जीन कन्याओं की बलि देकर अमर होना चाहता है उसने मेरी बेटी को भी नहीं छोड़ा उसने उसकी भी बलि दे क्र उसे मर डाला .
मई : दो तुम्हारे जीन लोक में ऐसा कोई नहीं है जो उस तांत्रिक को हरा सके.
जीन: नहीं क्यों की वो जिन्नो को अपने वस् में करना जनता है और वो हमारे बहुत से जीन लोगो को अपने वस् में क्र रखा है इसलिए अब उससे कोई लड़ने भी नहीं जा रहा हमारे बादशाह भी बहुत चिंतित है लेकिन मई ने उन्हें ये नहीं बताया की मैंने hi उस तांत्रिक को यह जीन लोक में लाया हु नहीं तो वो मुझे मर hi देंगे इसलिए मैंने ये सोचा की मई hi उस मुसीबत का जिम्मेदार हु तो मई hi इसका हल ढूंढने यह पृथ्वी लोक में आया तब बहुत दिनों बाद मैंने तुम्हे ुसजिव से लड़ते हुवे देखा तब जाकर मेरी तलाश ख़तम हुई तुम hi वो इंसान हो जो उस तांत्रिक को हरा सकता हो एक और बात आपकी आँखे हमारी राजकुमारी की जैसी hi है एक डैम नीली.
मई : पर मई तो अभी उस जिव की वजह से यह फसा हुआ हु मुझे तो समझ में hi नहीं आ रहा की ुसजिव की मई कैसे ख़त्म करू ,उसके मैंने कई टुकड़े भी क्र दिए पर फिर भी वो जीवित हो जाता है.
मेरी बात सुनकर वो जीन जोर जोर से हसने लगता है.
मई : अब तुम हंस क्यों रहे हो.
जीन : योद्धा मई इसलिए है पड़ा क्यों की उस जिव को मरने के लिए कोई हथियार काम नहीं करेगा बल्कि एक ऐसी चीज है जिससे वो मर सकता है वो बहुत hi मामूली चीज है.
मई : और वो क्या चीज है भला
जीन: नमक.
हम सभी ने उस जीन की बात सुनकर एक साथ कहा- नमक.
जीन: है नमक! नमक में hi वो प्राकृतिक गन है जिससे वो जिव गाल क्र नस्ट हो जायेगा.
मई : तो फिर ठीक है मई आज hi उस जिव को नमक चाटता हु और मुझे तुम्हे बुलाना हो तो कैसे बुलाऊंगा .
फिर उस जीन ने अपने उँगलियों से एक रिंग उतर क्र मुझे दिया और कहा की इसे रगड़ने और मई तुरंत आपके सामने आ जाऊंगा.
फिर वो जीन चला गया उसके बाद मई भी उठा और जाने लगा तब मसि ने मुझे अपना धयान रखने को कहा फिर मई वह से उड़ते हुए जा रहा था की रस्ते में मुझे फायर स्टेशन दिखा जो अब पूरा खली हो चूका था मेरे दिमाग में एक आईडिया आया मई वह गया और एक फायर ब्रिजेट की गाड़ी उठाई और वह से निकल गया मई एक स्टोर पर पंहुचा और वह से बहुत साडी नमक की बोरी उस गाड़ी कीटंकी में घोल दिया टैंक इस पानी बिलकुल चासनी बन गया था फिर मई ुसजिव को देखा जो अपने धुन में सब तोड़ फोड़ करते हुए जा रहा था मुझे ुसजिव के सामने जाना था इसलिए मई ुसजिव के रस्ते के सामने वाल मोड़ पर जाकर खड़ा हो गया मेरे रस्ते में जो भी आता गया मई उसे ठोकर मरते हुवे जा रहा था.
फिर जैसा की मैंने सोचा था वो जिव मेरे सामने आ गया तब मैंने देर न करते हुवे पर नमल मिला हुआ पानी छोड़ दिया वो जिव तड़पने लगा वो अपना जहर इधर उधर छोड़ रहा था अब उस जिव की हाइट 20 फुट का हो चूका थे जो नमक पानी पड़ते hi धीरे धीरे उसका सरीर पिघ रहा था जिससे वो धीरे धीरे छोटा होने लगा और फिर अंत में हो पूरा गाल गया ऊपर हेलीकाप्टर से ये पूरा सीन शट हो रहा था न्यूज़ चैनल में दिखाया जा रहा था की कैसे एक आम इंसान में कोई केमिकल डैड क्र उस जिव के सरीर को गाला दिया है लेकिन उस इंसान बे अपना चेहरा धक् रखा है अब अपना यर सहर खतरे से मुक्त हो चूका है .
फिर मई वह से उनलोगो की नजरों से बचते हुए वापस घर आया.


