Incest The Tiger - Page 13 - SexBaba
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Incest The Tiger

अपडेट 85

फिर हम ने किश तोड़ी और लम्बी लम्बी साँस लेने लगे तभी एक आवाज आयी.

तुम दोनों क्यों भूल रहे हो की मई भी हु यह पे ,हम दोनों ये आवाज सुन क्र चौक गए क्यों की ये कोई और नहीं मेरे बाजु में सो रही सोनम दीदी की थी.

मई : वो वो दीदी वो...

सोनम : तू चुप क्र, और तू पूर्वी इतनी फ़ास्ट निकलेगी मैंने सोचा भी नहीं था.

पूर्वी : दीदी ये तो बीएस अपने आप hi हो गया.

सोनम : वह बीटा अपने आप हो गया, मुझे उल्लू समझती है मुझे मालूम है तूने hi कुछ किया होगा नहीं तो मई भी तो बाजु में थी मुझे किश क्यों नहीं किया , अकेले अकेले hi इंजॉय करना चाहती है हम दोनों में क्या बात हुई थी भूल गयी.

मई : इसका मतलब है की ये आप दोनों का प्लान था .

सोनम : है भाई ये हमारा hi प्लान था लेकिन इस ने मुझे पहले hi बजी मर ली वो क्या है की हम भी आप से प्यार करने लगी है इसका तो मुझे पता नहीं पर मुझे बाबा जी जो खा था उसके अनुसार तुम hi मेरे जीवन साथी हो .

मई : बाबा जी ने! कोण से बाबा जी ने और क्या खा था.

सोनम: व्ही बाबा जी ने जिसने माँ से खा था की वो बस्तर के जंगल में जाकर पूजा करे तो उसे बीटा मिलेगा और उसी ने hi तो तुम्हारा नामकरण भी किया था उसी बाबा जी ने मुझे खा की मई फाइट शीखु इसकी जरुरत भविष्य में पड़ेगी और जो तुम्हे हराएगा व्ही तुम्हारा जीवन साथी बनेगा लेकिन तुम मेरे भाई हो इस कारन मई तुम्हे अपनी बात बता नहीं पायी मगर बाद में मुझे ये अहसास हुआ की तुम hi मेरा प्यार हो जिसे भवन बे मेरे लिए चुना है.

पूर्वी : अब मेरा भी सुन लो हिज दिन तुम ने मुझे उन लड़को से बचाया था उसी दिन से मैंने तुम्हे अपना आशिक़ मन लिया था तब तो मुझे ये भी नहीं मालूम था की तुम मेरे भाई हो जब पता चला लो मैंने बहुत सोचा फिर मैंने ये डीडे किया की बाद में जो होगा देखा जायेगा अभी तो मई तुम्हे अपना बॉयफ्रेंड बना hi सकती हु.

मई : ठीक है फिर आज से तुम लोग भी मेरी गर्लफ्रेंड हो .

सोनम : हम लोग भी से क्या मतलब है तुम्हारा.

मई ये मई आप लोगो को बाद में बताउगा अभी रात जायदा हो गयी है सो जाते है कल पार्टी भी तो है.

फिर मैंने दोनों को किश देकर सुला दिया और खुद भी सो गया

सुबह मेरी नींद खुली तो मैंने देखा की दोनों hi मुझ से चिपक क्र और बहो में लेकर सोई हुई है जैसे मई कहि भाग जाऊंगा तभी गेट खुलने की आवाज आयी तो मैंने आखे बंद क्र ली .

तभी स्नेहा दीदी की आवाज मुझे सुनाई दी.

स्नेहा : ये दोनों लड़कियों ने तो मेरे होने वाले पति देव को अपना पति समझ क्र कैसे सोई हुई है देखो तो अभी भगति हु, सोना ,पुरु चलो उठ जाओ सुबह हो गयी है जाओ अपने रूम में फ्रेश हो जाओ चलो जाओ.

फिर वो दोनों अनमने ढंग से उठ क्र चली गयी और उनके जाने के बाद स्नेहा दीदी मेरे ऊपर चढ़ गयी क्यों जणू नींद तो अच्छी आयी न अभी मई कुछ जवाब दे पता उसी समय सोनम रूम में आयी और दीदी को मेरे ऊपर इस तरह देख क्र बोली की

सोनम : ओह्ह्ह तो अब मई समझी उस आप लोग भी का मतलब कैर्री ों कैर्री ों मई जाती हु लेकिन दरवाजा तो लॉक क्र देती .

दीदी तो सर्मिन्दा हो गयी तब मैंने खा तो आप कह रही थी न की कैसी नींद आयी तो जब दो हसीनाएं बाजु में सो रही हो तो कैसे नींद आएगी.

स्नेहा : मतलब इन दोनों को भी तुमने फसा लिया लगता है की साडी बहनो को तुम सौतन बना डोज , कहि इन दोनों का काम भी तो नहीं क्र दिया.

मई : दीदी पहली बात तो मैंने आज तक किसी भी लड़की को अपने तरफ से कभी प्रोपोज़ नहीं किया है ,और दूसरी बात अब बहने hi मुझे अपना हमसफ़र मन रही है तो इसमें मई क्या करू टीसती बात की अभी भी वो दोनों कुवारी hi है नहीं तो अभी तक लंगड़ाती रहती.

स्नेहा : ओह मेरे जणू इसी लिए तो साडी दुनिया तुम्हारी दीवानी है .

मई : दीदी अगर साडी दुनिया मेरी दीवानी हो जाएगी तो आप लोगो को hi परे सनी होगी .

फिर दीदी चली गयी और उनके जाने के बाद मई फ्रेश हो क्र निचे गया ब्रेकफास्ट क्र के व्ही हॉल में सभी के पास बैठा रहा वह भी सभी आज सैम की पार्टी के बारे में hi बाटे क्र रहे थे तो मई भी सब सुन रहा था की पार्टी में किस किश की बुलाया है फिर ऐसे hi टाइम बूत गया अब सैम हो गुड ी तो सब लग गए पार्टी की तयारी में और सब तैयार हो ने लगे तो मई भी तैयार हुआ और अपने रूम से बहार निकला तो सबसे पहले माँ मिली वो मुझे देख क्र किसी को नजर न लगे बोल क्र मेरे कण के पीछे अपने आँखों से काजल निकल क्र लगा दिया.
 
अपडेट 86

फिर सभी लोग धीरे धीरे पार्टी के लिए आने लगे हम भी तैयार हो गए थे मेरी सभी बहाने भी एक से बाद क्र एक लग रही थी मुझे उन्हें देख क्र ऐसा लग रहा था की अभी किसी एक को पकड़ क्र रूम में घुस जाऊ लेकिन मई ऐसा कुछ अभी क्र नहीं सकता था.

एक और खास बात ये थी छोटी चची एक हॉट लग रही थी अपने पहने हुए ड्रेस में उनको देख क्र मेरे अंदर कुछ कुछ हलचल जरूर हुई माँ और बड़ी चची भी खूबसूरत लग रही थी कुल मिलकर हमारी घर की सभी महिलाये खूबसूरत लग रही थी.

फिर हम लोग सभी पार्टी झा हो रही थी उस तरफ निकल gye,party में आये हुए लोगो की नजर हम पर hi थी, होगी भी क्यों नहीं सभी एक से बाद क्र एक जो लग रही थी.

तभी पापा स्टेज में चढ़ क्र मिछ लेकर बोलने लगे .

पापा : लेडीज एंड जेंटलमेन आप लोग जो मेरे बुलाने पर यह आये इसके लिए मई आप को धन्यवाद देता हु मई आप लोगो से इंट्रोडस करना चाहुगा मेरा बीटा और पुरे ठाकुर खंडन का वरिष्ठ टी ी ग इ र...,.

जैसे hi मेरा नाम अनाउंसमेंट हुआ मई स्टेज पर जाकर सब लोग को हाथ जोड़कर अभिवादन किया .

फिर पापा मुझे सभी से मिलनेसे लगे अपने ऑफिस से आये हुए लोगो से बड़े बिज़नेस मन से और पॉलिटिक्स के लोगो से मई उन्ही लोगो से मिल क्र बोर होगया था तभी फरिस्ता बन क्र स्नेहा दीदी आयी और खा .

स्नेहा : पापा क्या मई भाई को ले जा सकती हु वो खा है न मेरे फ्रेंड लोग भी आये है तो वो लोग भी भाई से मिलना चाहते है.

पापा : है बीटा क्यों नहीं वैसे भी ये हम ओल्ड मन लोगो के साथ बोर होगया होगा जाओ ले जाओ और है बेटी तुम्हारे लिए भी एक सरप्राइज है .

स्नेहा : क्या पापा?

पापा : वो मई तुम्हे पार्टी के लास्ट में बताउगा अभी एन्जॉय करो.

फिर मई दीदी के साथ उनकी फ्रेंड्स के पास गया और उनसे हाथ मिलाया , उनके से तीन तो सधी सुदा थी , तो उन्होंने हो स्वीट बोल क्र मेरे गाल पर किश देने लगी.

स्नेहा : ये तुम लोग क्या क्र रहे हो क्या किसी भी जवान लड़के को तुम लोग यही किश दे देती हो .

तभी उनमे से एक बोली ा रे यार स्नेहा तुम्हारा भाई मतलब हमारा भाई.

फ्रेंड 2: कास मेरी सधी तेरे भाई से होती कितना हैंडसम है यार .

स्नेहा : चुप करो तुम सब मेरा भाई अभी नादाँ है, तुम लोग क्यों उसे बिगड़ने और लगी हो क्यों भाई मैंने सही खा न .

मई क्या बोलता मई तो पहले से बिगड़ा हुआ हु पर पता नहीं दीदी इनसे झूट क्यों बोल रही है वैसे दीदी की फ्रेंड भी बम लग रही थी.

ऐसे hi मई सभी दीदियो के फ्रेंड्स से मिला सभी मुझे hi लाइन मर रही थी, पर मई तो खास लोगो को hi चुनता हु.

फिर माँ आयी और हम सब को खाना खाने के लिए चलने को खा तो हम सब खाने के लिए चले गए वह सभी अपने अपने फ्रेंड के साथ ग्रुप में बैठ गई थी मेरे लिए जगह hi नहीं था तभी छोटी चची की आवाज आयी जो कोने की एक टेबल पर अकेली बैठी हुई थी.

चची : टाइगर इधर आ जो यह खली है .

मई : थैंक्स चची.

चची : टाइगर तुम बताओ इस ड्रेस में मई कैसी लग रही हु .

मेरे मुँह से अचानक hi निकल पता "एक डैम हॉट लग रही हो" ओह्ह सॉरी चची मेरे लगने का वो मतलब नहीं था.

चची : सॉरी क्यों बोलते हो आखिर तुम ने मेरी तारीफ hi तो क्र रहे हो और वैसे भी जो जैसा दीखता है लोग वैसे hi बोलते है.

फिर चची अपना खाना छोड़ क्र मुझे hi देखने लगी जब चची को मैंने अपनी तरफ देखते हुए पाया तब मई भी चची के हसीं चेहरा को देखने लगा तब चची में आँखों में देखने लगी.

मई भी कुछ देर तक चची को देखने के बाद चची को आवाज लगाई पर चची ने धयान नहीं दिया तब मैंने चची को हिलाया तब चची का धयान भांग हुआ.

मई : चची आप मुझे ऐसे न देखा करो कुछ कुछ होता है.

चची : देखो टाइगर तुम्हारी माँ ने तो मेरे बारे में तुम्हे सब कुछ बता hi दिया होगा और जब से मैंने तुम्हारी आखो में देखा है तब से मुझे तुम से पपपपयर हो गया hai.halaki मई तुमसे काफी बड़ी हु लेकिन क्या कृ प्यार हो hi गया.

मई क्या बोलता मई तो कुछ बोल hi नहीं प् रहा था फिर भी मैंने चची से खा चची इस बारे में हम बाद में बात करेंगे अभी ये सही जगह नहीं है.

तभी पापा ने सभी को बुलाया एक बोम फोड़ने के लिए

पापा के साथ उनके एक खास दोस्त और उनके फॅमिली मेंबर्स थे .

पापा मुझे उनका इंट्रोडस कराये और बोले :बीटा ये मेरे खास दोस्त है और मई चाहता हु की ये दोस्ती अब रिस्तेदारी में बदल जाये तो मैंने सोचा है की अपनी स्नेहा की सदी उनके बेटे से और तुम्हारी सदी इनकी बेटी से फ़िलहाल वो तो यह नहीं है कहि बहार hi पढाई क्र रही है.

मुझे तो मेरी सदी की बात सुनकर कोई फर्क नहीं पड़ा और दीदी की सदी की बात सुनकर मैंने दीदी की तरफ देखा तो उनको झटका लगा वो चुप चाप वह से निकल गयी .

माँ और पापा को लगा की वो अपनी सदी की बात सुनकर शर्मा गयी होगी ऐसे hi पार्टी ओवर हो गयी सभी अपने अपने घर जा चुके थे तब मई और मेरी बहने स्नेहा दीदी के रूम में गए तो दीदी उदास दिख रही थी और कुछ सोच भी रही थी.

सुमन : वह दीदी अब तो आपकी सदी होने वाली है कोंग्रटुलतिओन्स.

सोनम : अगर आपको एंटी जायदा खुसी हो रही है तो आप hi क्र लो न .

सुमन : मैंने तो अपना हमसफ़र ढूंढ लिया है इसलिए मुझे लड़के देखने की जरुरत नहीं है.

इन दोनों की आवाज से दीदी अपनी सोच से बहार आ चुकी थी.

स्नेहा: है मुझे पता है सुमन वो लड़का कोण है और तू किस हद तक भी जा चुकी हो.

सोनम : कोण है वो दीदी?

स्नेहा : टाइगर और कोण होगा और सदी से पहले सुहागरात भी मन चुकी है महारानी.

स्नेहा दीदी की बात सुनकर सुमन दीदी को झटका लगा की इन्हे कजसे पता चला तब उन्होंने मेरी तरफ देखा तो मैंने सर झुका लिए.

सोनम : मतलब सुमन दीदी भी .

सुमन : भी से क्या मतलब है तुम्हारा और भी है क्या .

पूर्वी जो अभी तक चुप थी वो बोल पड़ी : दीदी हम तीनो भी है लाइन में लेकिन आप तो काफी आगे बढ़ चुकी हो.

स्नेहा : और तू अभी तक चुप है अब कुछ बोलेगा भी.

स्नेहा दीदी ने मुझे चुप देख क्र कहा.

मई : अब मई क्या बोलू .

स्नेहा : है तू तो कुछ भी मत बोल अगर मेरी सदी किसी और से हुई तो मई उस से पहले hi अपनी जान दे दूंगी.

मई : दीदी आप मरने वर्ण की बाटे मत करो मई हु न मई सब सम्हाल लूंगा.
 
I'm बैक लॉगिन में प्रॉब्लम हो रहा था भाई कल से अपडेट आने लगेगा आज जितने भी है उनका इंट्रोडस फिर से दूंगा
 
अपडेट 87

मई : दीदी आप मरने वर्ण की बाटे मत करो मई हु न मई सब सम्हाल लूंगा.

सुमन : अब तुम्हे सिर्फ दीदी के लिए hi नहीं हम लोगो के बारे में बी सोचना होगा.

मई : आप लोगो का अभी टाइम है फ़िलहाल तो मई अभी दीदी के लिए hi देखता हु की क्या करना है चलो अब बहुत समय हो गया है अब सोते है.

सुमन : है चलो टाइगर सोते है अब .

पूर्वी : क्यों आज रात और सुहागरात मानाने का इरादा है क्या दीदी ? ये आज भी हमारे साथ hi सोयेगा.

सुमन : तू जायदा बात करना नहीं सिख गयी है.

स्नेहा : सही तो बोल रही है वो तेरा क्या भरोसा एक बार तो क्र hi चुके दुबारा भी क्र सकते हो इसलिए आज टाइगर मेरे साथ सोयेगा.

सोनम और पूर्वी : नहीं हम लोगो के साथ.

सुमन : नहीं मेरे साथ सोयेगा.

मई : ये आप लोग लड़ना बंद करो आज मई किसी के साथ नहीं सोऊंगा आज मई अकेले hi सोऊंगा .

मई गुड नाईट बोल क्र दीदी क्र कमरे से निकल गया रूम के बहार निकलने पर ऐसा लगा की कोई हमारी बाटे छुप क्र सुन रहा था मई इधर उधर देखा पर मुझे कोई दिखाई नहीं दिया इस लिए मई एक खली कमरे की तरफ निकल गया और वह जाकर सो गया.

मुझे सोये हुए एक घंटा भी नहीं बिता था की मुझे ऐसा लगा की मेरे सरीर को कोई सहला रहा है और चुम भी रहा है मई बहुत देर तक ऐसा hi सोचता रहा की मई कोई सपना देख रहा हु फिर जब उसने मेरे लुंड को पैंठ के ऊपर से hi पकड़ क्र सहलाया तब जेक मुझे लगा की ये कोई सपना नहीं है बल्कि सच में कोई है जो मुझे सोया हुआ समझ क्र मेरे जिस्म के साथ खेल रहा है .

तब मैंने तुरंत अपनी आखे खोली और जो मेरे सामने थी उसका चेहरा देख क्र मई आश्चर्य में पद गया की ये यह क्या क्र रही है.

मेरे मुँह से निकला चची आप .

जी है ये कोई और नहीं बल्कि मेरी छोटी चची अंकिता थी

चची : है मई .

मई : चची आप मेरे पास इस समय और क्या क्र रही थी ये गलत है, आप मेरे चची हो.

चची : देखो टाइगर तुम तो जानते हो की किन हालातो में मेरी सधी तुम्हारे चाचा से हुई है और तुम्हारे चाचा कैसे है ये भी तुम जानते हो, मई सरीर से अभी तक कुवारी hi हु मई भी लड़की हु मुझे भी तो हक़ है क्या जो सभी लड़कियों का होता है वो सुख मुझे भी मिले जो सभी लड़किया लेना चाहती है और तो और मुझे तो घर वाले और तुम्हारे चाचा जी ने कह भी दिया है की जब मुझे कोई अच्छा सा लड़का मिले तो मई उसके साथ hi घर बसा लू पर मुझे कोई मिला hi नहीं, फिर जब तुम आये और तुम्हे देखा तो मेरे दिल ने कहा की यही वो लड़का है जो तुम्हे प्यार दे सकता है.

मई : पर चची आप मुझसे उम्र में बड़ी भी है और घर वाले भी नहीं मानेगे और ये गलत भी होगा आप कोई और क्यों नहीं ढूंढ लेती.

चची : देखो टाइगर मेरा दिल अब तुम्हे hi अपना सब कुछ मन चूका है और इसमें गलत क्या है जब तुम अपनी बहनो को वो प्यार वो सुख दे सकते हो तो मुझे क्यों नहीं और रही घर वालो की बात तो तुम्हारा और मेरा रिस्ता क्या है ये किसी को बताने की जरुरत hi नहीं है बाकि जो भी होगा वो तुम मुझ पर छोड़ दो.

मई : चची आपको कैसे पता चला की मेरा अपनी बहनो के साथ भी चक्कर है.

चची : अभी कुछ देर पहले तुम सभी भाई बहन स्नेहा के रूम में बात क्र रहे थे तब मैंने सब सुन लिया था.

मई : ओह्ह तो वो आप थी मुझे लगा hi था की कोई हमारी बाटे सुन रहा था.

चची : तो अब बताओ क्या फैसला है तुम्हारा.

मई : जब आप पूरा मन बना क्र आयी है की आप आज रात लड़की से बनना hi है तो चलो फिर नेक काम में देरी कैसी.

मेरे इतना बोलते hi चची मुझे बिस्तर पर धक्का देकर लिटा दिया और मेरे ऊपर आकर मुझे जोर दार किश करने लगी मई भी कहा पीछे रहता मई भी चची के किसिंग में पूरा सहयोग दे रहा था चची तो मेरे होठो को भयानक तरीके से चूसे जा रही थी ऐसा लग रहा था की वो पहली और आखरी बार किश क्र रही हो , किश करने के दौरान मई चची के सदी और ब्लाउस को भी निकल दिया था. ब्रा में चची के बूब्स बहुत hi तित लग रहे थे मुझे उन्हें चूसने hi इच्छा होने लगी.

मुझे ये सब करने में बहोत मजा आ रहा था और मैं काफी मजे से अब उनकी ब्रा को उतर कर उनके बूब्स को मुँह में ले कर चूसने लग gya.Jese hi मैंने उसे मुँह में लिया तोह मुझे तोह मजा hi आए गया और मैं जोर जोर से चूसने लग gya.Mujje उस टाइम कितना मजा आ रहा था मैं आपको ये बता नहीं सकती. और फिर ऐसे hi मैंने अब उनकी पंतय भी उतर डाली और उनकी छूट पर हाथ लगाया तोह वो काफी फूली हुई थी और बालो से ढकी हुई थीमेरे हाथ लगते hi मेरा लुंड खड़ा हो गया तब चची ने मेरी पंत खोल दी और अंडरवियर निचे करके मेरे लुंड को देखा तब वो उनके मुँह पर जा कर लगा. अब लुंड को देखते hi वो ये तो काफी बड़ा है ये कहते hi उन्होंने मेरा लुंड मुँह में ले लिया और चूसने लग गयी.

मुझे ऐसे लग रहा था जैसे की मैं जन्नत की सैर कर रहा tha.Ab काफी देर चची मेरे लुंड को चुस्ती रही और मैं काफी देर तक मजे लेने लग गया. पर थोर्दी hi देर बाद जब चची के मुँह की तुख से मेरा लुंड चिकना हो गया तोह मेरा लुंड अकड़ने लग गया और एक खीचाव सा होने लग गया और फिर मैंने उन्हें खा की मेरा निजलने वाला है पर उन्होंने मेरी बात नहीं सुनी और लगातार चूसने लग gyi.Bas अब अगले hi 3 मिनट बाद मेरा निकलने वाला हो गया और मैंने चची का पूरा मुँह भर diya.Aur थोर्दा तब उनके बूब्स पर भी गिर गया जिसे देख कर मुझे काफी ाचा lga.Ab मेरा लुंड का पानी तिह निकल hi गया था तोह अब चची की छूट की बरो थी. तोह मैं अब चची की छूट पर आ गया और उस पर अपनी जीब रख कफ चाटने लग गया. चची के मुँह से अह्ह्ह्ह आठ की ावजै आ रही थी और फिर मैंने काफी देर तक ऐसे hi चूसा और फिर जब चची खुद अपणु गांड हिलने लग गयी तोह मैंने अपनी जीब के साथ उंगली भी दाल दी चची की छूट बहुत hi तित थी चची के मुँह से दर्द और मजे की आवाज निकलने लगी थी , मई तेजी के साथ उनके कुवारी छूट को कहते जा रहा था थोड़े देर में hi उन्होंने पानी छोड़ दिया मई पूरा छूट चाट क्र साफ क्र दिया.
 
अपडेट 88

कुछ देर तक हम दोनों ने रेस्ट लिया फिर मैंने चची की तरफ देखा तो वो मुझे hi देख रही थी हम दोनों में आँखों hi आँखों में इसरा हो गया फिर धीरे से हम दोनों में किसिंग फिर से स्टार्ट हुई जो कुछ देर के लिए hi चली फिर हम दोनों अलग हुए और जो भी कपडे हमारे बदन पर बचे हुए थे उसे हम दोनों ने निकल फेका

मेरे सामने उनकी छूट आ गयी, जिस पर हलके हलके बाल आये हुए थे और छूट भी पूरी तित लग रही थी मई छूट को hi देख रहा था तो चची ने खा

चची : क्या देख रो हो.

मई : यही की कितनी सुन्दर और तित छूट लग रही है आप की .

चची : पहली बात तो ये है की अकेले में तुम मुझे मेरे नाम से hi bulaoge,or दूसरी बात ये है की आज तक मैंने ऊँगली तक नहीं की है अपनी छूट में ,मैंने सोच लिया था की ये अमानत मेरे पति की है और वो hi इसका जो भी करना है वो वो करेगा.

कसम से उनकी छूट को देख कर मेरे मुँह में पानी भर गया. मैंने अपनी जीब बहार निकली और मैंने उनकी छूट को जोर जोर से चाटने लग गया. कुछ hi देर में चची पागल हो गयी और वो मचलते हुए बोली.

चची – आठ आठ मेरे राजा अब और बर्दाश नहीं होता, दाल दो अपना लुंड मेरी छूट में.

मेरा लुंड अब तक फिर से खड़ा हो चूका था, इसलिए मैंने अपना लुंड उनकी छूट पर सेट किया.

फिर एक धक्का मारा बूत अंदर घुस hi नहीं रहा था फिर मैंने थोड़ा थूका लगाया अपने लैंड पे और एक उसके छूट को उंगलियों से फैलाकर एक जोर से धक्का मारा मेरा लैंड का टोपा अंदर चला गया और उसकी चीख निकल पड़ी और चिल्लाने गली की निकालो इसे, मई धीरे धीरे किश करते हुए हल्का सा धक्का और दिया तो उसके आँख से आँशु निकलने लगे और उसके छूट से खून निकलने लगा क्यों की चची की छूट की सील टूट चुकी थी .

मई उसके बूब्स दबाते हुए उसके आंसू पि गया और हल्का हल्का धक्का मरने लगा.

कुछ देर बाद वो भी निचे से गांड उछाल के धक्के देने लगी, मैंने उससे पूछा की मज़ा आ रहा है तो उसने है में सर को हिलाया, फिर मई उन्हें 20 मं. तक उसी पोजीशन में छोड़ा. फिर मैंने पोजीशन चेंज की और डौगी पोजीशन में लिया

और एक जोरदार ढके से मैंने अपना पूरा लुंड उनकी छूट में दाल दिया. लुंड जैसे hi अंदर गया, तभी चची जोर से चीला कर बोली.

चची – अरे जरा धीरे से छोड़ो मुझे दर्द हो रहा है.

चची की बात सुन कर मैं धीरे धीरे उनकी छूट मरने लग गया. मैंने करीब चची को 15 मिनट तक उसी पोजीशन में जैम कर छोड़ा और फिर अपने लुंड का सारा पानी चची के कहने पर उनकी छूट में दाल दिया.

और उनके बगल में लेट क्र लम्बी लम्बी साँस लेने लगा कुछ देर बाद मई बाथरूम में जाकर फ्रेश हुआ फिर चची को अपनी गॉड में उठा क्र बाथरूम में ले गया चची को मेरे सहारे hi खड़े किया और उनके जस्ट को साफ किया और फिर वापस उनको बीएड पर लेकर सुला दिया और मई दोनों के ऊपर चादर दाल क्र सो गया.

सुबह मेरी नींद पहले खुली तो टाइम देखा की सुबह के 5 बज रहे है मई चाचिको जगाया आईटी पूछा की आप खा सोती है तो उन्होंने बताया की वो छोटे चाचा के बाजु वाले hi रूम में hi रहती है तो मई उसे अपनी गॉड में उठा क्र hi उन्हें उनके रूम में छोड़ दिया क्यों की इतनी जल्दी यह कोई नहीं उठता इस लिए मुझे किसी ने नहीं देखा मई फ्रेश हो क्र सोनम और पूर्वी को उठाया तो वो दोनों अनमने ढंग से उठी और फ्रेश हो क्र मेरे साथ मॉर्निंग वाक के लिए रेडी हो गयी, फिर हम लोग एक पार्क की तरफ निकल गए वह जाकर थोड़ी बहुत एससीसे की फिर हम लोग एक बेंच पर जाकर बैठ गए .

मई : मई आप लोगो से कुछ पूछना चाहता हु.

सोनम : है पूछो न क्या पूछना है.

मई : क्या आप लोग ये जानती है की जिन लोगो ने मुझे पर बचपन में अटक किया था जो लोग अभी खा है.

सोनम : है मुझे मालूम है वो लोग दो साल पहले अपने अच्छे आचरण के कारन जेल से रिहा हो गए है और वो लोग पास के hi एक कॉलोनी में अपने फॅमिली के साथ रहते है.

मई : थैंक्स दीदी बताने के लिए.

मई अपने मन में सोचने लगा की अब आज hi मई उन्हें ढूंढ क्र पता करूँगा की उनलोगो ने ऐसा क्यों और किसके कहने पर किया.
 
अपडेट 89

हम लोग फिर गर्दन से घर आ गए और फ्रेश हो क्र नास्ता किया व्ही डाइनिंग टेबल पर पता चला की चची की तबियत ख़राब है इसलिए वो अपने रूम में आराम क्र रही है तो मुझे चिंता होने लगी इसलिए मई चची को देखने उनके रूम में चला गया और दूर लॉक क्र दिया.

मई : तबियत कैसी है आपकी.

चची : रात में तो दया नहीं आयी देखो कितनी सूज गयी है ठीक से चला भी नहीं जा रहा है इसलिए मैंने तबियत ख़राब होने का बहाना बना दिया.

मई : आपने पैन किलर लिया की नहीं.

चची: है ले लिया है तभी तो थोड़ा आराम है.

मई : और है बर्फ से थोड़ी सी सिकाई क्र लेना सूजन चला जायेगा जानेमन.

चची : ओह्ह्ह जानेमन, ी लिखे आईटी एंड थैंक्स जणू मेरी इच्छा पूरी करने के लिए.

मई : चलो आप आराम कृ मुझे कुछ काम है मई आता हु.

उसके बाद मई घर से निकल गया और सोनम के बताये हुए कॉलोनी में पहुंच क्र तीनो का एड्रेस लिया फिर पहुंच गए उनके घर तब मुझे पता चला की तीनो दोस्त अभी भी साथ में काम करते है तब मैंने उनके ऑफिस का पता लिया और चला गया उनके ऑफिस उन से मिलने मई रिसेप्शनिस्ट के पास गया और उनसे मिलने के लिए खा तो उसने मुझे थोड़े देर बैठने को खा फिर कुछ देर बाद उसने आकर खा की सर आपको अंदर बुला रहे है.

मई ऑफिस के अंदर गया तो देख की अमरीश और गुलसन चेयर पर बैठे हुए है और रंजीत पास में hi खड़ा है .

अमरीश : है बोलो बीटा क्यों हम से मिलना चाहते थे.

मई : पहले मई अपना इंट्रोडस करा देता हु आप लोग को मुझे जानने में आसानी होगी.

मई हु राजनाथ का पोता और राजेश्वर का बीटा टाइगर.

एक पल के लिए तो वो लोग थोड़े अचम्भे में पद गए .

अमरीश : अब तुम यह क्या लेने आये हो हम लोगो ने जो कुछ भी किया था उसकी सजा हम काट चुके है फिर तुम यह क्या लेने आये हो.

मई : ये आपने एकदम सही सवाल किया है, मई ये जानने आया हु की वो सजी में किस किस का हाथ था किसके कहने पर तुम लोगो ने मुझे मरने की कोसिस की थी और क्यों?

गुलसन : अबे ये छोकरे चुप चाप चला जा नहीं तो बरसो जो काम नहीं हुआ था उसे अभी पूरा क्र दूंगा.

मई : उस समय भी तुम लोगो से कुछ नहीं हो पाया था अब भी कुछ नहीं क्र पाओगे यकीं नहीं है तो आजमा के देख लो.

तभी पीछे से रंजीत एक मोटा साइड डंडा लेकर आया और मुझे मरने को हुआ मई तुरंत साइड में हैट गया और तुरंत hi उसे उठा क्र व्ही टेबल पर पटक दिया टेबल टूट के चकना चूर हो गया, तभी गुलसन भी मुझे मरने के लिए हाथ उठाया hi था की मैंने उसके गले को पकड़ क्र उठा दिया गुलसन phad-phada रहा था की तभी अमरीश ने खा छोड़ दो उसे मई तुम को सब कुछ सही सही बताता हु क्यों की ये मेरा ऑफिस है कोई जुंग का मैदान नहीं.

फिर मैंने गुलसन को छोड़ दिया वो अपना गाला पकड़ क्र खास रहा था फिर वो तीनो एक सोफे पर जाकर बैठ गए और मई एक चेयर पर उनके सामने बैठ गया.

अमरीश : ये बात तब से सुरु होती है जब हम याने की मई गुलसन, रंजीत, तुम्हारे मां राजवीर और तुम्हारी ममी वर्षा कॉलेज में पढ़ रहे थे.

हम लोगो की नजर तुम्हारी ममी के ऊपर रहती थी हम तीनो उन के साथ मजा करना चाहते थे.

एक दिन वो कॉलेज से अकेले hi घर जा रही थी तभी हम तीनो ने उसे अपनी कार में खींच लिया और एक बंद पड़ी हुई फैक्ट्री में ले गए हम लोगो ने वर्षा के सरे कपडे ब्रा एंड पैंतीस को छोड़ क्र उतर दिए थे तभी पता नहीं खा से तुम्हारा मां राजवीर आ गया हाला की वो भी हमारा hi दोस्त था लेकिन वो सरीफ टाइप का था और उसने आ क्र हम लोगो की रोक दिया पर फिर भी हम हाथ आये हुए माल को यु hi नहीं जाने देना चाहते थे इसलिए तेरे मां को भी हम ने धक्का देकर भागना चाहा पर वो भी नहीं मन और हम लोगो से मर पिट क्र के वर्षा को बचा क्र ले गया उसके बाद दोनों में दोस्ती हुई फिर धीरे धीरे उन में प्यार हो गया.

लेकिन यह हमारा मालदार दोस्त हमारे साथ नहीं था हम उसी के पैसो से hi तो ऐश करते थे, इसलिए फिर से हम लोग तुम्हारे मां से दोस्ती करने के लिए उस से माफ़ी मांगी तो उसने खा की अगर वर्षा ने तुम्हे माफ़ क्र दिया तो मई भी तुम्हे माफ़ क्र दूंगा.

फिर उस ने वर्षा से हमे मिलाया,

राजवीर : वर्षा ये लोग तुम से माफ़ी मांगने आये है.

वर्षा : तुम लोग ,no मई तुम लोगो को माफ़ नहीं करुँगी तुम लोगो ने काम hi इतना घटिया किया है.

अमरीश : प्लीज भाभी जी हमे माफ़ क्र दो हम लोग आइंदा हम लोग ऐसा काम नहीं करेंगे.

वर्षा : भाभी जी !

गुलसन : है आप और राजवीर दोनों सदी करोगे तो आप हमारी भाभी हुई न .

राजवीर : वर्षा माफ़ क्र दो यार ये मेरे दोस्त है अब कभी इन से ऐसी गलती नहीं होगी.

अमरीश : उस के बाद वर्षा ने हमे माफ़ क्र दिया, लेकिन हमारे मन में हमलोगो ने बदला लेने की थान ली थी, लेकिन एक बात थिंक राजवीर जिस दिन सरब पिता था उस दिन वो फुल पिता था और व्ही वो पल रहता था की उसकी सोचने समझने के काबिल hi नहीं रहता था उसे कुछ भी बोलो वो मन लेता था .
 
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अमरीश : उस के बाद वर्षा ने हमे माफ़ क्र दिया, लेकिन हमारे मन में हमलोगो ने बदला लेने की थान ली थी, लेकिन एक बात थिंक राजवीर जिस दिन सरब पिता था उस दिन वो फुल पिता था और व्ही वो पल रहता था की उसकी सोचने समझने के काबिल hi नहीं रहता था उसे कुछ भी बोलो वो मन लेता था .

उसी तरह एक दिन जब तुम और राजवीर की एक और बेटी पैदा हुई राजवीर दुखी था की उसकिएक और बेटी पैदा हुई है,

हम सभी सरब पि थे व्ही हमे सही वक्त लगा की हम राजवीर को भड़का सके और उसको अपने परिवार से अलग क्र सके ,

इस लिए हम ने उसे खूब सरब पिलाई और उसे तुम्हारी फॅमिली के खिलाफ भड़काना सुरु किया तब तुम्हारे मां ने प्लान बनाया.

फ़्लैश बैक

राजवीर : है तुम लोग सही कह रहे हो मेरे hi बहन के कारन मुझे फिर सी बेटी hi मिली न hi मई उसके बहकावे में आता और न hi मुझे बेटी मिलती, मेरी बहन के कारन hi ये हुआ है .

रंजीत : है ये सब तुम्हारे बहन के कारन hi हुआ है आप कुछ करो राजवीर भाई.

राजवीर : उसने मुझे बेटे का लालच दिखाया था न तो मई उसके बेटे को hi मर दूंगा.

अमरीश : तुम क्यों तकलीफ उठाओगे राजवीर हम है न हम मरेंगे उसे और तुम यह से भाग जाना नहीं तो वो लोग तुम्हे छोड़ेंगे नहीं.

बैक तो स्टोरी -

अमरीश : फिर हम वह से निकल गए और नया प्लान बनाया की हम लोग तुम्हे मर क्र राजवीर को फसा देंगे राजवीर को जेल हो जायेगा फिर वर्षा को अपनी रंडी बनाएंगे लेकिन राजवीर भी चालक निकला और वो पता नहीं खा छुप क्र बैठ गया आज तक पता नहीं चला और हमे तुम्हे मरने की कोसिस के कारन जेल हो गयी बस यही हुआ था.

मई : ठीक है यही बात तुम लोगो को राजवीर मां और उनके फॅमिली के सामने बोलनी पड़ेगी .

रंजीत : और हम ने ऐसा नहीं किया तो .

मई : तो अभी तो सिर्फ ट्रेलर था पूरी फिल्म भी मई दिखा दूंगा .

अमरीश : नहीं उसकी कोई जरुरत नहीं है तुम जिसके भी सामने कहोगे हम सब बता देंगे वैसे भी हम सजा तो काट hi चुके है और तुम्हे राजवीर मिल गया है क्या.

मई : है ऐसा hi समझो मई बाद में आप लोगो को लेने आऊंगा चलता हु.

उसके बाद मई वह से निकल क्र घर आ गया और माँ से खा

मई : माँ अब मेरा यह का काम पूरा हो गया है एक दो दिन में मई यह से चला जाऊंगा.

माँ : बीटा इतने सालो बाद तो तू आया है इतनी जल्दी मई तुम्हे नहीं जाने दूंगी अभी एक हफ्ते और रुकना है तुझे.

मई : ठीक है माँ लेकिन सिर्फ एक हफ्ता उस से ज्यादा नहीं क्योकि मेरे कॉलेज में भी पढाई का नुकसान हो रहा है.

उस के बाद मई डिनर किया क्र के सो गया सैम को उठा और निचे आ क्र सोफे पर बैठ गया तो बड़ी चची ने मुझे टिया लेकर दिया फिर धीरे धीरे मेरी सभी बहने भी व्ही आकर बैठ गई.

मई : क्या यार मई जब से आया हु यही घर पर रह क्र बोर होगया हु कुछ दिन बाद मई चला भी जाऊंगा तो क्यों न कहि घूमने चले .

स्नेहा : है हम लोगो को भी बहुत समय हो गया है कहि घूमने नहीं गए है पर मम्मी पापा को भी पूछना पड़ेगा अगर वो लोग भी जाने के लिए रेडी हो जाये तो फॅमिली पिकनिक हो जाएगी.

सुमन : फिर ठीक है अभी पापा और बाकि सभी भी आते hi होंगे तो टाइगर तुम बात करना क्यों की तुम्हे कोई मन भी नहीं करेगा.

सोनम : ok तो दोने रहा पर कब जाना है और खा जाना?

मई : जाना तो कल hi है पर खा ये डीडे करना होगा और पापा से बात मई करता हु.

कुछ देर बाद पापा chacha,dada सभी आ गए सभी चाय पिटे हुए सोफे पर बैठे हुए थे तब मैंने खा.

मई : पापा क्यों न हम कहि घूमने चले पूरी फॅमिली , मई कभी भी आप लोगो के साथ कहि घूमने नहीं गया हु.

पापा : बीटा बात तो तूने ठीक कहि है मई भी कभी कभी सोचता हु की पुरे परिवार सहित कही घूमने जाऊ लेकिन ये बिज़नेस के कारन संभव hi नहीं हो पता, और वैसे भी अभी मई कहि भी नहीं जा पाउँगा क्यों की अभी यह बहुत काम है तुम लोग एक काम क्यों नहीं करते मुझे छोड़ दो बाकि सब चले जाओ.

दोनों चाचा: हम भी नहीं जा पाएंगे.

माँ और बड़ी चची : हम भी नहीं जा सकते बीटा घर में भी बहुत काम होता है.

बचे सिर्फ हम बच्चे तो हम उदास हो क्र रह गए तो पापा ने हमे देख क्र खा.

पापा : एक काम क्यों नहीं करते तुम लोग हम नहीं जा सकते यो क्या हुआ तुम लोग hi कहि घूम आओ मई पूरा इंतजाम क्र दूंगा.

माँ : पर सिर्फ ये बच्चे hi जायेंगे क्या कोई बड़ा तो होना चाहिए न .

मई : आप लोग तो जा नहीं सकती तो क्या हुआ छोटी चची जाएँगी हमारे साथ.

पापा : ठीक है फिर तो खा और कब जाना है .

मई : कल hi जाना है और जम्मू & कश्मीर जाना है.

ये मेरे मुँह से अचानक hi निकल पड़ा मैंने तो कभी जम्मू कश्मीर जाने का सोचा भी नहीं था.

मई अभी इसी बात को सोच hi रहा था की पापा ने कहा

पापा: ठीक है मई कल के टिकट्स के लिए अपने p.a को बोल देता हु.

उसके बाद हम सब ने डिनर किया और फिर सोने चले गए कुछ देर तक हम सभी भाई बहन आपस में बैठ क्र बात चित किया फिर कल के लिए जल्दी उठ क्र पैकिंग करने का बोल क्र सभी सोने चले गए मई भी अलग कल वाले रूम में चला गया . कुछ देर बाद छोटी चची आयी और एक राउंड धुआँधार सेक्स के बाद वो अपने रूम में चली गयी .

इस टूर्स में नई पावर टाइगर का इंतजार क्र रहा था.
 
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चची के जाने के बाद मई सोया हुआ था तभी मेरे hi अंदर से आवाज आयी

टाइगर...,. टाइगर..... टाइगर.........

मई एक डैम से हड़बड़ा क्र उठ गया रूम के चारो तरफ देखने लगा की कोण है और चिल्ला क्र बोलै कोण है सामने आओ .

आवाज : डरो नहीं मई तुम्हारे hi अंदर से शेर सिंह बोल रहा हु.

मई : ओह्ह्ह आप है मैंने सोचा की कोई और होगा बोलिये इतनी रात में मुझसे बात करने का क्या कारन है .

शेर सिंह : तुम सोच रहे होंगे की तुम्हारे मुँह से जम्मू एंड कश्मीर कैसे निकल गया तो मई ये बता दू की वो मैंने hi खा था, क्यों की तुम्हे अगली सकती व्ही प्राप्त होगी और ये मत समझना की ये सकती भी तुम्हे आसानी से मिल जाएगी वह माया वि ड्रैगन का राज है जो आग उगलते है.

मई : आग से तो मुझे कोई नुकसान नहीं होगा.

शेर सिंह : है तुम्हे नहीं होगा पर तुम्हारी बहन को हो सकता है.

मई : बहन को पर कैसे और कोण सी बहन को.

शेर सिंह : तुम भूल क्यों जाते हो की हर सकती को पाने के लिए तुम्हे विवाह करना होता है और इस बार तुम्हारी बड़ी बहन का नंबर है.

मई : ओह.. है मई तो भूल hi गया था मतलब मुझे उनकी सुरक्छा भी देखि होगी ठीक है मई सम्हाल लूंगा.

शेर सिंह : ठीक है अब तुम सो जाओ सुबह जल्दी उठना भी परता है तुम्हे.

फिर मई सो गया और शेर सिंह की आवाज आणि बंद भी हो चुकी थी.

सुबह मई अपने टाइम पर उठा और फ्रेश हो क्र अकेले hi वाक पर निकल गया क्यों की मई उन्हें डिस्टर्ब नहीं करना चाहता था कुछ देर रनिंग और एससीसे की फिर घर आ गया , घर आ क्र नहा भो क्र फ्रेश हुआ और ब्रेकफास्ट के लिए दिंनिंग टेबल पर अस गया यह सभी को गुड मॉर्निंग विश किया और एक चेयर पर बैठ गया तभी पापा ने खा की बीटा ट्रैन की टिकट्स कन्फर्म हो गयी है दोपहर के 2:30 बजे की ट्रैन है तो टाइम पे पहुंच जाना ठीक है.

मई : ok पापा.

माँ : बीटा पैकिंग तो क्र ली है न पूरी.

मई : नहीं माँ थोड़ी सी बची है और गर्म कपडे मई व्ही से ले लूंगा.

माँ: ठीक है बीटा ब्रेकफास्ट के बाद सामान पैक क्र लेना और लड़किया तुम लोगो ने सामान पैक किया की नहीं.

स्नेहा : हम लोगो ने तो रात में hi सामान पैक क्र लिया था.

उसके बाद कुछ खास नहीं हुआ दोपहर को पापा खुद आये और हम लोगो को स्टेशन तक छोड़ने गए और हम लोगो को अपनी अपनी सीट पर बैठा क्र अपना धयान रखने को बोल क्र चले गए

कुछ देर में ट्रैन स्टेशन से निकल पड़ी हम लोग एक्ससिटेड थे और खुस भी थे की हम लोगो के साथ कोई बड़ा नहीं था सब अपने मर्जी के मालिक थे एक चची थी लेकिन उनकी उम्र भी स्नेहा दीदी के आस पास थी.

हम लोगो को ट्रैन से पूरा 23:30 घंटे का सफर था हम लोग टोटल 6 लोग थे इस लिए हम एक साथ hi बैठे हुए थे एक सीट में स्नेहा फिर मई और चची बैठे हुए थे और एक सीट पर पूर्वी सुमन और सोनम बैठे हुए थे .

हमारा सफर सुरु हो गया था शुरुआत में तो कुछ नहीं हुआ शाम हुई फिर शाम से रात रात को खाना खाने के बाद सोने की बरी आयी तो निचे मई और चची सो गए और ऊपर बाकि दो दो क्र के सो गए सभी ने बाथरूम में जाकर कपडे चेंज क्र लिए थे .

अभी रात के 11बजे hi थे की चची मेरे चादर के अंदर घुस गयी उनके ऐसा करने से मेरी नींद खुल गयी मैंने इधर उधर देखा सभी चादर तने सो रहे थे क्यों की ठंडी हवा सुरु हो गयी थी.

मई धीरे से चची के कण में : चची ये क्या है आप मेरे पास क्यों आयी कोई देख लेगा.

चची : कोई नहीं देखेगा सब सो रहे है अब जल्दी से करो अब रहा नई जा रहा है.

चची ने खुद hi अपना हाथ पीछे ले जा क्र मेरे शेर को बहार निकल लिया और अपना नाईट शट भी ऊपर क्र के मेरे शेर को अपनी गुफा के अंदर दाल दिया फिर क्या था मई भी मस्ती में आ गया और बाकि का काम ट्रैन तो क्र hi रही थी लास्ट के जब तेजी से ताबड़ तोड़ झटके लगे तो चची के मुँह से आवाज निकलने लगी तब मैंने उनका मुँह अपने हाथ से बंद किया और अपना काम किया जब दोनों संत हुए तब चची धीरे से उठ क्र अपने सीट पर चली गयी.

अभी मुझे सोये हुए दो घंटे hi हुए थे की सुमन दीदी ने फिर मुझे ुरः दिया.

सुमन धीरे से : भाई चलो न मुझे बाथरूम जाना है .

मई उठ गया और दीदी के पीछे पीछे चल क्र बाथरूम तक आया तो दीदी ने इधर उधर देखा और मुझे भी बाथरूम में खींच लिया और दूर लॉक क्र दिया.

मई : दीदी ये क्या है ये अपना घर नहीं है कोई भी आ सकता है ,हमे साथ में एक hi बाथरूम में देखेगा तो क्या सोचेगा.

दीदी : कोई कुछ भी सोचे ी don't केयर मुझे बस ये चाहिए ( मेरे लुंड की तरफ इसरा क्र के) अब जल्दी करो .

ये बोल क्र दीदी झुक गयी और अपना लोअर पंतय सहित निचे सरका दिया.

मुझे क्या चाहिए था जब ये खुद hi मरने आयी है तो मई भी सुरु हो गया यह भी मुझे दीदी का मुँह बंद करना पड़ा था.

जब दोनों का काम हो गया तब दोनों फ्रेश हुए और धीरे से बहार निकल आये कोई नहीं था सब सो रहे थे लेकिन जब सुमन स्नेहा दीदी के पास गयी सोने तो दीदी ने खा यह भी तुझे चैन नहीं है.

सुमन : क्या हुआ दीदी मई तो सिर्फ वाशरूम गयी थी .

स्नेहा : है मुझे मत शिखा इतनी देर नहीं लगता बाथरूम में मई सब जानती हु तू भाई के साथ क्या क्र रही थी अंदर की बहार तक आवाज आ रही थी ,तेरे जाने के बाद मई भी गयी थी बाथरूम समझ गयी चल अब चुप चाप सो जा

फिर सभी सो गए उसके बाद कुछ खास नहीं हुआ.
 
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दोपहर तक हम लोग कश्मीर में थे तो हम लोग अपने होटल जो पापा ने बुक करवाया था ग्रैंड होटल कश्मीर जिसमे टोटल 3 रूम बुकिंग किये थे एक में सोनम और पूर्वी, दूसरे में चची और सुमन, तीसरे में स्नेहा दीदी और मई रुके हम लोगो ने बरी बरी से सवार लिया और लंच क्र के आराम करने का फैसला किया.

शाम की सभी उठे तो ये डीडे हुआ की अभी थोड़ा मार्किट घूम क्र आते है और उधर hi कुछ खा पि भी लेंगे.

यह शाम को भी मार्किट में अच्छी खासी रौनक थी हम एक मॉल में गए बाकियो के पास तो गर्म कपडे थे hi जो उनलोगो ने पहन रखे थे पर मेरे hi पास नहीं थे इस लिए मैंने अपने लिए कुछ जैकेट पैन्ट्स, कैप , जुटे और कुछ जरुरी कपडे लिए बाकियो ने भी कुछ न कुछ ले hi लिया, अब वक्त hi गया था कुछ खाने पिने का तो हम ने एक बढ़िया सा रेस्ट्रोरेंट में गए और कश्मीरी खाने का लुफ्त उठाया सभी ने बड़े चाव से खाना खाया उसके बाद हम लोग घूमते हुए होटल में पहुंच गए रूम में जाते हुए चची ने कुछ इसरा किया.

ये चची भी न पता नहीं क्या चल रहा है इनके मन में रोज hi चाहिए इन्हे फिर हम लोग अपने रूम में आ गए और कपडे चेंज क्र के सो गए दीदी आज पूरा चिपक क्र सोइ थी और मेरे बदन को सहला क्र उकसा रही थी की मई कुछ करू.

मई : दीदी ये आप क्या क्र रही है मैंने कुछ अलग सोचा है हम दोनों के बारे में तो आप चुप चाप सो जाइये.

स्नेहा : मई तो कुछ भी नहीं क्र रही हु और मुझे तुम्हारे बहो में hi अच्छी नींद आती है.

ये बोल क्र वो और भी मुझे चिपक क्र सो गयी और मई भी सो गया ,सुबह hi मेरी नींद खुली तो देखा दीदी वैसे hi चिपक क्र सो रही थी की मई कहि भाग न जाऊ, मई उनके चेहरे की तरफ देखा तो दीदी कितनी हसीं लग रही थी मैंने एक छोटा सा किश उनके होठो पर किया और धीरे से अलग हो क्र खिड़की को खोला तो ठंडी हवा चल रही थी, मई फ्रेश होने चला गया और फ्रेश हो क्र बहार घूमने निकल गया .

मेरे आते तक सभी उठ चुके थे फिर हम ने साथ में ब्रेकफास्ट किया और आस पास के जगहों पर गुमने का फैसला किया.

होटल के तरफ से hi हमे गाड़ी और गाइड दोनों मिल गए जो हमे यह की फेमस जगहों पर घुमा सके.

उसके बाद हम यह सभी फेमस जगहों पर गुमने गए जैसे निसान बगीचा ,गुलमर्ग, शालीमार bagicha,dress ेट्स .

सभी लोग घूमते हुए बहुत थक गए थे इसलिए होटल जाते hi सभी बीएड पर लुढ़क गए क्यों की हम सभी उधर hi खाना पीना क्र के आये थे.

मुझे कुछ जानना था इस लिए बहार निकल क्र उड़ते हुए एकांत जगह पर आकर शेर सिंह को यद् किया.

मई : शेर सिंह ी आपने बताया नहीं की मई यह पर अपनी सकती की खोज कहा और कैसे करूँगा.

शेर सिंह: हम्म.. तो सुनो तुम्हे हिमालय की वादियों में हजारो वर्षो से रह रहे रिसि मुनियो के गुफाओ को ढूंढ क्र वह जाना होगा व्ही तुम्हारा विवाह होगा और व्ही रिसि मुनियो से आगे जाने का मार्ग प्राप्त होगा.

मई : धन्यवाद शेर सिंह जी मई कल hi गुफाओ की खोज में निकलता हु.

शेर सिंह: है लेकिन अपनी बहन को साथ ले जाना न भूलना.

उसके बाद मई वापस अपने होटल में आ गया देखा तो सभी सो चुके थे तो मई भी जाकर सो गया.

सुबह फिर से व्ही रूटीन फिर जब सभी साथ में थे तब मैंने उनसे खा.

मई : देखो आज मई स्नेहा दीदी को अपने साथ लेकर कुछ जरुरी काम के लिए जा रहा हु तब तक आप लोग यह की बाकि जगहों पर घूम लेना और हमारे आते तक आप लोग अपना ख्याल रखना और चची आप सब से बड़ी है तो आप बाकि सब का ख्याल रखेंगी ठीक है.

चची : वो सब तो ठीक है पर तुम दोनों जा खा रहे हो और क्यों ?

मई : यह पर कुछ लोग तो जानते hi है पर बाकि लोगो को मई सिर्फ इतना बता सकता हु की मेरे पास कुछ सकतिया है और बाकि सक्तियो के लिए ऐसे hi मुझे जाना पड़ता है तो बे मई व्ही जा रहा हु और ये बात आप लोग किसी को भी नहीं बताएंगी बाकि मई आने के बाद बता दूंगा.

उसके बाद हम सभी पार्क में आये और मई दीदी का हाथ पकड़ क्र उड़ गया ऊपर से जम्मू एंड कश्मीर और भी बहुत सुन्दर लग रहा था दीदी भी ये नजारा देख क्र बहुत खुस हो रही थी हम लोग तेजी से उड़ते हुए हिमालय की बड़ी में पहुंच गए फिर सुरु हुई हमारी खोक हम लोग धीरे धीरे उड़ते हुए हर छोटे बड़े पर्वतो में गुफा ढूंढ रहे थे लेकिन हमे कोई भी ऐसा गुफा का दरवाजा नहीं दिखा मुझे तो परेशानी नहीं हो रही थी मगर दीदी को बहुत ठण्ड लग रही थी उनका गरम कपडा भी यह काम नहीं क्र रहा था हम लोगो को बहुत समय हो गया था गुफा ढूंढते हुए इस लिए हम और भी दुर्गम इलाके में ढूंढने लगे तभी मैंने सोचा की हर मनुस्य को पानी की जरुरत पड़ती hi है इस लिए मैंने ये निश्चय किया की हम ऐसे इलाके में ढूंढेंगे झा पर या तो पानी हो या फिर नदी हो क्र बहती हो फिर मई ऊँचे पर्वतो के बिच से बहने वाली नदियों के ऊपर सेहोते हुए गुफाओ को ढूंढने लगा हम उड़ते हुए जा hi रहे थे की हमे कुछ ऐसा दिखा जिससे हमे लगा की हमारी मंजिल हमे मिलने वाली है.........
 
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