Kasam - Love is not Everything (Completed) - Page 9 - SexBaba
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Kasam - Love is not Everything (Completed)

अपडेट 70

ात 10 पं

बार बार अतुल निशा की छत की तरफ hi देख रहा tha...Aaj अतुल से निशा का इंतजार किया भी नहीं जा रहा tha...Issi इंतजार में छत की कई चक्कर काट चूका था वो.

जब उससे रहा नहीं जाता तो छत के एक कोने में जाके सिगरेट जला लेता hai...Ek...Do...Teen...Chaar...Paanch.

अतुल!!!

पीछे से गुस्से से भरी निशा की आवाज से वो वापस होश में आया.

निशा को देखते hi अतुल की होंठो में मुस्कान आया.

अतुल:- आ गयी तुम.

निशा के पास जा कर अतुल ने बहुत प्यार से कहा.

निशा:- ये सब क्या है?

अतुल की हाथ की तरफ इशारा कर के निशा ने पूछा.

अतुल:- ओह ये to...Aise hi.

फिर अतुल सिगरेट फेंक देता है.

निशा अतुल को घर रही thi...Yaa फिर अतुल को समझने की कोशिश कर रही thi...Naa जाने कितनी बदलाव आ गया था अतुल में.

निशा:- कब से?

अतुल:- बस कुछ hi दिन.

निशा:- क्यों?

अतुल:- (इन हिज मंद) प्यार में हारा hu...Aisa लग रहा है जिंदगी से hi हार गया hu...Seh नहीं पा रहा हु ये dard...Nahi जी सकता ऐसे झूठे मुस्कान के saath...Nahi जी सकता ऐसे झूठी उम्मीद के साथ की तुम सिर्फ मेरी ho...Mere लिए बानी हो और मई तुम्हारे लिए.

दर है की कही प्यार में हार ना jaau...Yahi दर सुकून से जीने नहीं दे रहा है.

निशा:- तुम भी naa...Buddhu हो एक नंबर के.

निशा हँसते हुए boli...Makshad एक hi tha...Atul को भी हसाना और इस घुटन से बाहर nikaalna...Lekin अतुल अलग hi दुनिया में जी रहा tha...Kuch भी फर्क नहीं पड़ा उसके भाव में.

निशा:- पहले प्रोपोज़ karo...I ऍम sure...Kajal जरूर हां kahegi...Lekin तुम कुछ ज्यादा hi दर रहे ho...Itna भी पेसिमिस्टिक क्या होना?

निशा भी अब्ब यही दुआ कर रही थी की काश काजल हां कह de...Propose से पहले hi अतुल का ये हाल है तो अगर उसने ना कह दिया तो अतुल की क्या हाल hoga...Abb यही दर निशा के दिल और दिमाग में चा ने लगा.

निशा:- सो मर. एक!!! तभी आप क्या कर रहे थे?

अतुल:- क्या कर रहा था?

निशा:- कुछ फूंक रहे थे?

अतुल:- ओह्ह Cigarette...Wo तो बस ऐसे hi...Tension में.

निशा:- सो टेंशन का ट्रीटमेंट सिगरेट hai...Mujhe तो लगा था anti-anxiety ड्रग है?

अतुल:- क्या तुम भी....

अतुल इससे आगे कुछ बोलता उससे पहले hi...

निशा:- ये आखरी बार tha...Aage से कभी मैंने कभी स्मोकिंग करते देखा ना तो....

अतुल:- तो तुम से छुपा कर स्मोकिंग करूँगा.

निशा:- मतलब स्मोकिंग करोगे? अगली बार पता चला न तो जान से मार दूंगी?

अतुल:- (इन हिज मंद) पहले hi मर मिटा हु.

गुस्से में भी तुम खूबसूरत लगती हो.

धीरे से hi सही दिल की बातें बोलने से अतुल खुद को रोक नहीं पाया.

निशा:- समझ गए naa...Agli बार स्मोकिंग किया तो मुझसे बुरा कोई नहीं होगा.

अतुल:- (इन हिज मंद) अगर इतनी प्यार से कहोगी तो कुछ भी करूँगा.

अपने रूम में आ कर.

अतुल:- (तो हिमसेल्फ) क्यों हर रात का अंत (एन्ड) इतनी प्यारी नहीं हो सकती? क्यों सच्चा प्यार का यही अंजाम होता है? दिल में दर्द, आँखों में आंसू और जिंदगी भर की तन्हाई.

मजबूर भी इस तरह हु की निशा को अपनी दिल की बात बता भी नहीं sakta...Bata नहीं सकता कितना प्यार करता हु मई उससे? पल पल टूट रहा हु.

कितना खुस था mai...Kisi से प्यार करने का सोचा hi नहीं tha...Bas जी रहा tha...Abb प्यार हुआ भी तो किस्से? निशा से? ये जानते हुए भी की वो मेरी कभी हो hi नहीं सकती ... क्या किस्मत है?

नेक्स्ट डे

आ गया तू?

कॉलेज पहुँचते hi अजय मिल gaya...Fir दोनों साथ में क्लास जाते है.

अतुल:- आज क्या हो गया है सब को? सब इधर उधर कर रहे है?

अजय:- (कुछ देर अतुल को घर कर) आज रिजल्ट है.

अतुल:- ओह्ह Haa...Bhul गया था.

अजय:- तुझे क्या मतलब रिजल्ट ki...Sure शॉट पास जो है.

अतुल:- पास होना बड़ी बात नहीं है.

अजय:- वो तेरे जैसे के लिए?

अतुल:- व्हाट तेरे जैसे? गफ, पुबज और फब से बाहर nikal...Mujhse अच्छा मार्क्स लाएगा.

अजय:- भाई आज तो छोड़ de...Hamesha ताना मारता रहता है.

अतुल:- काम hi ऐसा करता है.

फिर दोनों सभी दोस्तों के साथ रिजल्ट लेने जाते है.

अतुल:- अरे waah...Pass हो गया.

अजय:- लेकिन तुझसे ये एक्सपेक्ट नहीं tha...Kya कहा था तुझसे? कुछ भी कर लेकिन रवि से पीछे मत aana...Lekin तुझे बेज़ाआती करवाने की कुछ ज्यादा hi शौख है.

अतुल:- क्या फर्क पड़ता hai...Mujhe नॉलेज से मतलब है रैंकिंग से nahi...Expectation जितना था मार्क्स भी उतना hi है.

फिर धीरे धीरे सभी का रिजल्ट पता चलने लगता है.

अतुल:- 2ंद, काजल:- 5तह, अंजलि:- 9तह, अजय:- 40तह.

निशा अभी भी रिजल्ट लेने के लिए तैयार नहीं थी.

अतुल:- सो मिस Nisha...Mujhe तो बहुत समझा रही थी की दर के आगे जीत hai...Boliye माउंटेन देव् कैसे पीना chaahengi..Can में , गिलास में या प्लास्टिक में?

निशा:- तुम चुप raho...Pehle hi घबराहट हो रही है और तुम हो की मजाक उड़ा रहे हो.

अजय:- आ गया कमीना.

रवि को आता देख अजय ने अतुल से कहा.

रवि:- अगली बार देख लूंगा.

अतुल:- मतलब तूने टॉप नहीं किया?

रवि:- नहीं 3rd...Agli बार देखूंगा.

अतुल:- बेस्ट ऑफ़ लक.

फॉर रवि गुस्सा में वह से चला जाता hai...Har बार अतुल से हारने से उसका फ़्रस्ट्रेशन भी बढ़ता hi जा रहा था.

अतुल को तो रिजल्ट से कुछ ख़ास मतलब नहीं था लेकिन अजय सभी का रिजल्ट पता कर रहा था.

इटंर में निशा दौड़ कर आयी और सबके सामने अतुल को गले लगा लिया.

निशा ख़ुशी के मारे कुछ बोल तो नहीं रही थी लेकिन उसकी मार्कशीट सब कुछ बोल रही थी.

अतुल:- कॉंग्रट्स मिस टोपर.

अतुल की ख़ुशी का भी कोई ठिकाना नहीं tha...Itna खुश था वो निशा के लिए की उससे अपने टोपर होने पर भी नहीं होता.

दुनिया जहाँ से बेखबर अतुल निशा को बाहों में उठा कर पूरा एक चक्कर घुमाता hai...Bina किसी परवाह के की कौन क्या सोचेगा और समझेगा.

पल भर के लिए अपने दर्द और ग़म को भूल कर दोनों एक दूसरे में hi खोये thhe...Ek दूसरे पर बहुत प्यार आ रहा tha...Lekin किसी में ताक़त नहीं था की दिल की बातें जुबान तक ला सके.
 
थैंक्स किल्लर भाई फॉर योर सपोर्ट एंड concern...Ek अपडेट लिखते वक्त सिर्फ एक टॉपिक पर hi फोकस करता hu...Abar कुछ ज्यादा लिखा तो उनकंप्लेटे रह jaayegi...Abb साइज बढ़ाने के लिए उस टॉपिक को थोड़ा ेलबोरते करना padega...Koshish करूँगा aage...Kabhi कभी वक्त की कमी की वजह से कर नहीं paata...Aise hi साथ बने रहिये.
 
अपडेट 71

अतुल:- तो बताइये मिस Nisha...Shubh muhurth...Kab प्रोपोज़ करना है?

निशा:- शुभ मुहूर्त?

अतुल:- Hmm...Agar सही मुहूर्त में प्रोपोज़ करूँगा तो प्रोपोज़ एक्सेप्ट होने की अच्छा चांस रहेगा.

निशा:- कुछ भी!!!

अतुल:- तुम शुभ मुहूर्त पर विस्वाश नहीं करती?

निशा:- लेकिन तुम्हारी बातो पर nahi...Propose करने के लिए कौन शुभ मुहूर्त देखता है.

अतुल:- अगर कोई नहीं देखता तो मई dekhunga...Let में स्टार्ट थे trend...I ऍम थे ट्रेंडसेटर.

निशा:- :डोह: तुम्हारा कुछ नहीं हो सकता.

अतुल:- इसी लिए तो तुम्हारे शरण में आया hu...Tum hi पार करा दो मेरी नैया.

निशा:- अब्ब kitna...Pichhle दो वीक्स से हेल्प कर hi रही hu...Abb तो काजल के सामने हीरो भी बन गए ho...Aur अब्ब तक तुम्हे कॉंफिडेंट भी हो जाना चाहिए.

अतुल:- सब कुछ ठीक hai...Issi लिए तो अब्ब शुभ मुहूर्त का इंतजार कर रहा हु.

निशा:- जितना जल्द हो सके अब्ब जल्दी से प्रोपोज़ कर दो.

अतुल:- कल hi कर दू क्या?

अतुल की इस बात से निशा की दिल जोर जोर से धड़कने laga...Kal से अतुल उससे दूर हो jaayega...Lekin इसके लिए वो पहले से hi तैयार thi...Abb तो अतुल की ख़ुशी में hi वो अपना ख़ुशी ढूंढ रही थी.

निशा:- कल?

अतुल:- क्यों? कोई प्रॉब्लम है क्या?

निशा:- जरा अपने शकल आईने (मिरर) में देखो?

अतुल:- वो तो रोज देखता hu...Kasam से बहुत हैंडसम हु. :स्मार्त्य:

अतुल अपनी hi तारीफ़ कर के खुद hi खुश हो रहा था की.

अतुल:- Ouch...Kya कर रही हो?

निशा:- यही बता रही थी.

अतुल:- लेकिन मेरी दाढ़ी (बियर्ड) क्यों खिंच रही ho...Ouch!!!

निशा:- यही तो बता रही hu...Thoda स्टाइलिश bano...Stylish हेयर कट karo...Daadhi banaao...Stylish ऑउटफिट में स्टाइलिश अंदाज में प्रोपोज़ karo...Ye पल तुम्हारे जिंदगी की यादगार पल बनने वाला है.

अतुल:- No way...Daadhi शेव नहीं करूँगा.

निशा:- शेव करने को किसने कहा? मई तो ट्रिम करने के लिए कह रही थी.

अतुल:- लेकिन एक दर है.

निशा:- अब्ब कैसा दर?

अतुल:- मई अगर और हैंडसम हो जाऊँगा तो दर है की कही तुम hi मुझ पर फ़िदा हो गयी तो.

एक बार फॉर अतुल की बात निशा को चुभ गयी.

निशा:- शकल देखि है apni...Mera बर्फ तुम का किसी से कोई कपरिसों hi nahi...Laakhon में एक है.

निशा ने अतुल की आँखों में देख कर एक प्यारी मुस्कान के साथ कहा.

अब्ब इस बार जलन की बारी अतुल का tha...Yahi वो दर्द था जो अतुल से सहा नहीं जा रहा था.

अतुल:- (इन हिज मंद) आखिर मुझ में ऐसी क्या कमी है?

अतुल:- अच्छा तो अब्ब चलता hu...Raat भी बहुत हो गयी hai...Abb कल मिलता हु नई लुक के साथ.

इतना कह कर अतुल वह से चला gaya...Nisha भी उदाश हो कर वह से जाने lagi...Atul गेट के पास जा कर रुक gaya...Aur निशा को कुछ देर पीछे से देखने laga...Aankhein कब भींग गयी पता hi नहीं chala...Fir इसी को अपना किस्मत समझ कर अपने रूम में चला गया.

रूम में पहुँचते hi वो बहुत बेचैन महसूस कर रहा tha...Neend तो उसकी आँखों से कोशो दूर tha...Room की कई चक्कर लगाने के बाद भी जब उससे रहा नहीं गया तो एक सिगरेट जलाने laga...Achanak से फिर निशा और उसकी बातें याद आने lagi...Fir क्या tha...Atul को एक सेकंड भी नहीं लगा सिगरेट फेंकने में.

वाओ हैंडसम!!! ुंबलीवबले!

अतुल की नई लुक देख निशा एक्ससिटेड हो कर एक दम से बोली.

नई haircut...Straight हेयर विथ जेल, त्रिम्मेद beard...Sun ग्लासेज, लाठर जैकेट, ग्रुंज़ जीन्स एंड लाठर shoes...Aur साथ में पेर्फुमेस.

एक पल के लिए तो निशा को विश्वाश hi नहीं हुआ की ये अतुल है.

अतुल:- कैसा लग रहा हु?

निशा:- काजल तो तुम्हारे लुक देख कर hi हां बोल degi...Itna हैंडसम लग रहे हो.

अतुल:- Done...To फिर कल hi प्रोपोज़ करूँगा काजल को.

निशा:- बेस्ट ऑफ़ लक.

अतुल:- थैंक यू.

जैसे hi अतुल वह से जाने वाला था तभी,

निशा:- अतुल!!!

अतुल:- हम्म.

निशा:- सच में प्यार करते हो ना काजल से.

बेबसी से भरा ये सवाल.

अतुल:- Haa...Lekin तुम ये क्यों पूछ रही हो.

और उतनी hi बेबसी में दिया हुआ जवाब.

और फिर दोनों चल पड़े एक और मुश्किल रात gujaarne...Jiski अगली सुबह ना जाने क्या लेकर आने वाली थी उनकी जिंदगी में.

नेक्स्ट डे इन पार्क

अतुल सज धज कर तैयार tha...Puri प्लानिंग कर लिया था कैसे काजल को प्रोपोज़ करना है.

Atul...Atul...Kaha हो तुम?

ये आवाज सुनते hi अतुल एक पेड़ (ट्री) के पीछे छुप gaya...Aur सुरु कर दिया अपना प्लानिंग का पहला स्टेप.
 
अपडेट 72

काजल अतुल को hi ढूंढ रही thi...Jab कुछ देर ढूंढ़ने के बाद भी अतुल नहीं मिला तब वो सोच में पद gayi...Atul यहाँ है भी या नहीं.

एक बच्चा काजल के पास आया और एक कार्ड दे कर चला गया.

"यू अरे लुकिंग ब्यूटीफुल."

ये पढ़ते hi काजल फिर से चारो तरफ देखने lagi...Tabhi दूसरा बच्चा aaya...Wo भी काजल को कार्ड दे कर चला गया.

"माय फर्स्ट फ्रेंड (गर्ल) इन थिस कॉलेज."

फिर इसी तरह बार बार बच्चे काजल के सामने आते रहे और उसको कार्ड देते रहे.

"ा स्पेशल ओने."

"आवर फ्रेंडशिप इस प्रिस्लेस एंड ऑलवेज विल बे."

"ी वांट तो कंफेस्स समथिंग तो माय केयरिंग एंड मोटिवेटिंग फ्रेंड.'

"अंटिल फ्यू वीक्स एगो, ी थॉट आईटी इस जस्ट फ्रेंडशिप. ओनली ट्रू फ्रेंडशिप. नथिंग ेल्स."

"नाउ ी फील समथिंग डिफरेंट. कुछ कुछ होने लगा है."

"ी थिंक ी ऍम इन लव."

"यस ी लव यू."

कार्ड्स पढ़ते वक्त काजल की भाव तेजी से बदलने laga...Abb वो अतुल का और इंतजार नहीं कर पा रही thi...Wo इधर उधर दौड़ कर अतुल को धुंध रही थी.

तभी सामने के पेड़ से अतुल बाहर aaya...Face हैट से कवर tha...Baaki का गेट उप शामे था जिससे निशा के सामने तरय किया था.

बिना देर किये काजल अतुल के पास pahunchi...Dhire धीरे अतुल ने अपना चेहरा uthaya...Atul की होंठो में ऐसी मुस्कान था की काजल भी एक पल के लिए अतुल की मुस्कान में खो गयी.

फिर अगले hi पल.

काजल:- ये sab...Ye सब...

अतुल:- है ये सच है.

ी लव यू.

बहुत दिनों से तुम्हे अपना दिल की बात कहना चाहता था लेकिन दर था की कही तुम इंकार ना कर दो.

लेकिन आज nahi...Aaj सब कुछ कहना चाहता hu...Apni दिल की baat...Apni feelings...Sab कुछ.

काजल:- पर...

अतुल:- तुम ने तो बताया भी nahi...Tum भी मुझसे प्यार करती हो ना? क्या तुम जिंदगी की इस सफर में मेरा साथ डौगी.

अतुल उम्मीद भरी नजरो से काजल को देख रहा था.

काजल:- Mai...Mai किसी और से पपपपयर ककरति हु.

काजल ने डरते हुए hi सही पर अतुल की आँखों में देखते हुए कहा.

अतुल:- पप्लीसे अभी ममजाक मत करो.

अतुल का जुबान भी उसका साथ नहीं दे रहा था.

काजल:- Nnahi...Mmai मजाक नहीं कर रही हु.

अतुल खुद दो कदम पीछे हैट gaya...Usse समझ में नहीं आ रहा था की ये सब उसके साथ hi क्यों होता है!!!

अचानक से आगे आ कर काजल के कंधे को पाकर कर.

अतुल:- मेरी आँखों में देख कर kaho...Kya तुम मुझसे प्यार नहीं करती?

काजल:- Nahi...Nahi करती.

अब्ब अतुल से रहा नहीं gaya...Wo वही जमीन में घुटनो के बल गिर gaya...Aankho में अब्ब आंसू आ गए.

काजल:- अतुल...

अतुल:- प्लीज तुम जाओ abb...Mujhe अकेला छोड़ दो.

काजल:- लेकिन तुम्हे ऐसे कैसे.

अतुल:- (गुस्से से) एक बार में सुनती नहीं ho...Just जो.

काजल:- Nahi...Mai तुम्हे इस हाल में...

अतुल:- तरस खा रही हो तुम मुझ par...Just go...Jaao यहाँ से.

अतुल का गुस्सा देख इस बार काजल भी दर गयी.

काजल:- प्लीज अपना ख्याल रखना.

इतना कह कर काजल वह से चली gayi...Atul की हालत पर उससे भी बुरा लग रहा था और मन hi मन वो भी दुआ कर रही थी की अतुल खुद कक संभाल सके.

काजल के जाते hi अतुल से रहा नहीं gaya...Pehle तो जमीन में वो पंच मारता raha...Aur जब तक जख्मी ना हो गया तब तक मारता रहा.

फिर बच्चो की तरह रोने laga...Apni किस्मत और अपनी हालात पर.

क्यों? क्यों मेरे साथ hi ऐसा होता है? प्यार करना गुनाह है क्या? कितने सपने थे? कितने अरमान थे? लेकिन हुआ क्या? कांच की तरह दिल टूट gaya...Jo अब्ब कभी नहीं judega...Sab कुछ ख़त्म हो gaya...Sab ख़त्म.

तू hi मेरा सच्चा दोस्त hai...Dost hi तो दोस्त के काम आते है?

अजय:- Hello Atul...Hello.

अतुल:- मई hi बोल रहा हु.

अजय:- तूने पीया है?

अतुल:- Nahi...Dasru और किस्मत यही मुझे पी रहे है...

अजय:- कहा है तू? रुक मई आ रहा हु.

अतुल:- घर में hu...Aaja yaar..Jaldi से aa...Akela हो गया हु mai...Baatein करनी hai...Please आ जा.

फिर अतुल एक सिगरेट जला कर छत में जाता है.

छत में कुछ hi देर हुआ था की.

अतुल.

कान में ये तेज आवाज पड़ते hi.

अतुल:- (विथ स्माइल) आज सच में छड़ गयी hai...Nisha वो भी इस vakt...Sach में छड़ गया है.

अतुल!!!

गुस्से से भरी इस आवाज से अतुल निशा की तरफ पलटा.

अतुल:- अरे निशा tum...Matlab तुम सच में हो.

निशा:- ये सब क्या hai...Mana किया था न तुम्हे.

अतुल:- आज पी लेने do...Aaj ग़म को भुला लेने दो.

इतना कह कर अतुल चुप हो gaya...Nisha के मन में जो दर था वो अब्ब और बढ़ गया.

निशा:- क्या हुआ? बोलो काजल ने क्या कहा?

अतुल:- क्या कहेगी? और क्यों कहेगी?

निशा:- साफ़ साफ़ बोलो.

अतुल:- ठुकरा दिया mujhe...Mere प्यार ko...Kya क्या सपने देखे thhe...Lekin एक पल में ठुकरा दिया मुझे.

फिर अतुल लड़खड़ाते हुए निशा के पास पहुँच गया.

अतुल:- शरीफ इंसान बनना hi दुनिया का सबसे बड़ा पाप hai...Kabhi भी धोखा खा जाते है और कोई भी धोखा दे देते है.

हम जैसे जितने भी सच्चा प्यार क्यों ना करे हम सिर्फ बेस्ट फ्रेंड hi बनते hai...Aur बाज़ी कोई और मार जाता है?

बस बहुत हो गया sharaafat...Agar लड़की पटना है तो ी हैवे तो बे बदास.

निशा:- ये तुम क्या बोल रहे हो.

अतुल:- सच बोल रहा hu...Aur यही अच्छा hai...No ओने केयर्स अबाउट ट्रू love...And no ओने विल सी it...Dekhna भी नहीं चाहते.

आज मुझे खुद की बात में सच्चाई दिख रही hai...Pyar से बड़ा चुतियापा और कुछ nahi...Be सिंगल एंड लव योरसेल्फ.

अतुल बाहर से भले hi गुस्सा था लेकिन अंदर से टूट चूका tha...Upar से दारु की nasha...Kuch भी बोले जा रहा tha...Bas अपना दर्द को भुलाने की कोशिश कर रहा था.

सामने निशा का भी हाल कुछ ठीक नहीं tha...Naa hi अपने दिल की बात बोल पा रही thi...Aur ना hi अतुल को इस हाल में देख पा रही thi...Bas किसी तरह अतुल को संभालने की नाकाम कोशिश कर रही थी.
 
अपडेट 73

Atul...In सम पर्सन तेरे इस थर्ड ट्रीब्यूटरी ऑफ़ पोर्टल वीन? व्हाट इस तहत?

राहुल सर की क्वेश्चन से जैसे अतुल होश में आया.

अतुल:- सर क्वेश्चन?

राहुल सर क्वेश्चन रिपीट करते है.

अतुल:- ी don't क्नोव सर.

डॉ. राहुल:- ध्यान किधर है? एनीवन?

राहुल सर ने बस इतना hi कहा था की...

रवि:- इन्फीरियर मेसेंटेरिक वीन.

डॉ. राहुल:- Right...Aur अतुल तेरा ध्यान किधर है...2-3 क्लासेज से देख रहा हु tujhe...Koi प्रॉब्लम है क्या?

राहुल सर अभी भी अतुल को गुस्से से देख रहे थे.

अभिशेख (Ravi's फ्रेंड):- भाई साहब को क्लास आने की फुर्सत मिले तब na...Pichle 1 मोनथस से क्लासेज बंक कर रहे hai...Aapka और कुछ सिलेक्टेड टीचर का hi क्लास अटेंड कर रहे है.

लगता है 2ंद टोपर होने का कुछ ज्यादा hi घमंड हो गया hai...Itna सिंपल क्वेश्चन का आंसर नहीं दे पाटा hai...Kaisa टोपर है?

एक तो पहले से hi मूड ऑफ और ऊपर से ये sab...Abb अतुल का खुद पर कोई काबू नहीं था.

अतुल:- खुदा मेहरबान तो गधा pehelwaan...Abhi अच्छा टाइम नहीं चल रहा है तो तुझे भी मौका मिल गया भोंकने का.

जो चुटिया एग्जाम में पास नहीं हो पाटा है वो मुझे सीखा रहा है कैसे पढ़ना है.

अभिशेख:- मई पास हो या fail...Tujhe इससे क्या मतलब?

अतुल:- Exactly...Tujhe भी क्या मतलब मेरा अटरेनडांस और बुंकिंग का.

और मुझे तुझसे कोई मतलब nahi...Tu पास हो या फ़ैल मरे या जीए या फिर भाड़ मई जाए मुझे कोई मतलब nahi...Bas तू अपना कुत्ते जैसे मुंह से भोंकना बंद कर.

और बात बात पर अपने बाप से पन्गा मत ले.

अभिशेख:- कुछ ज्यादा hi बोल रहा है?

अतुल:- अभी सिर्फ बोल रहा hu...Agar तू ऐसे hi बकवास करता रहा ना तो पता नहीं क्या करूँगा.

डॉ. राहुल:- Enough...Both ऑफ़ यू गेट out...Class है ये एंड बोथ ऑफ़ यू अरे स्टूडेंट्स.

फिर दोनों बाहर निकल जाते hai...Gate में पहुँच कर.

अतुल:- सॉरी sir...But अभी बहुत बुरा टाइम चल रहा hai...Class भी सिर्फ अटेंडेंस के लिए अटेंड कर रहा hu...Aur फ़्रस्ट्रेशन में पता नहीं क्या क्या बोल diya...Sorry सर.

फिर अतुल वह से चला जाता है.

लंच टाइम

अंजलि:- इतना गुस्सा पहली बार देख रही हु अतुल को...2 मोनथस में बहुत बदल गया hai...Ajay तुम उससे क्यों नहीं समझाते?

अजय:- वो मुझे सुनेगा? मुझे भी इग्नोर करता है आज kal...Khud में hi खोया रहता hai...Alag hi दुनिया में जी रहा है wo...Agar थोड़ा भी इर्रिटेट हो जाए तो देख hi लिया तुमने.

अंजलि:- तो क्या हम सब सिर्फ देखते hi rahe...Pyar में हारा है ना? इससे दुनिया थोड़ी ख़त्म हो जाती है जैसे अतुल बेहवे कर रहा है?

अजय:- प्यार में हारा hai...Itna हल्का मत लो इस बात ko...Maine भी महसूस किया है इस दर्द ko...Kya गुजरा था मुझ पर तुम्हारा उस मजाक से.

जीने का कोई मकशद hi नहीं रहता अगर कोई प्यार में इतना दुब जाए और उसको प्यार ना mile...Koi खुद को नशे में बर्बाद कर देता है तो कोई अतुल बन जाता है.

फिर भी कुछ तो करना padega...Aise नहीं देख सकता मई अतुल को.

आफ्टर लंच

जब अजय और अंजलि चले गेट तब...

काजल:- निशा रुको.

निशा:- क्या है?

रूखेपन के साथ निशा ने जवाब दिया.

काजल:- जानती हु तुम क्यों नाराज हो अब्ब तक मुझसे?

निशा:- पॉइंट पर आओ.

काजल:- मुझे भी बहुत दर लग रहा है अतुल की हाल par...Please उससे संभाल लो.

निशा:- और कुछ.

काजल:- जानती हु मैंने गलत kiya...Par क्या करती.

कन्फ्यूज्ड थी मई pehle...Inkaar नहीं करुँगी मई भी अतुल की तरफ अत्त्रक्टेड thi...Par कोई है जो मुझे प्यार करता hai...Hadd से jyada...Amit...Lekin मैंने उसके प्यार को सीरियसली लिया hi नहीं.

अतुल के प्रपोजल के 2 दिन पहले जब अमित का एक्सीडेंट हुआ तो मुझे उसकी प्यार का एहसास hua...Amit को खोने की दर से hi मुझे अमित के लिए प्यार का एहसास hua...Tab समझ में आया मई अपने सच्चे प्यार को ठुकरा कर अपने अट्रैक्शन की तरफ भाग रही थी.

बस एक गलती हो गयी की अतुल को इंदिरेक्ट्ली हिंट देती रही की मई उससे प्यार करती hu...Aur इसी हिंट की वजह से शायद वो भी मुझे प्यार करने लगा.

गलती किया है मैंने अट्रैक्शन की वजह से लेकिन बहुत देर हो गयी thi...Iss गलती को सुधार तो नहीं सकती थी पर और बढ़ने से जरूर रोका.

निशा चुप hi रही.

काजल:- अच्छा मेरी बात मत maano...Par तुम्हे अपने अतुल के लिए तो करना hi पड़ेगा.

अचानक से काजल मुस्कुरा कर बोली.

निशा:- अपने अतुल.

काजल:- क्यों तुम अतुल से प्यार नहीं करती?

निशा चुप hi रही.

काजल:- सब दीखता है Madam...Jitna तुम मुझे अतुल के साथ देख कर जलती थी उतना hi मई bhi...Bas मेरे चेहरे से दीखता नहीं था.

निशा बस काजल को देख रही थी.

काजल:- आज भी तुम्हारी आँखों में अतुल के लिए वही प्यार दीखता hai...Hats ऑफ तो योर love...Ye जाने के बाद भी की अतुल ने मुझे प्रोपोज़ किया तुम्हारा प्यार में कोई कमी नहीं आया.

एक बात और kahungi...Nahi जानती की ये सच है या वहां लेकिन कभी कभी मुझे ऐसा भी लगा की अतुल तुमसे प्यार करता है.

यही मौका है अतुल को samjhaao...Usko बताओ की तुम उससे कितना प्यार करती हो.

प्यार ना सही पर दोस्ती की khaatir...Please अतुल को पहले जैसे बना do...Kahi गुस्से में वो खुद का hi कोई नुकशान ना कर ले.

इतना कह कर काजल भी वह से चली gayi...Reh गयी Kajal...Man में अनेक सोच के साथ.

काजल से तो वो भी सहमत thi...Wo भी बताना चाहती थी अतुल से की वो कितना प्यार करती है usse...Par हालात अब्ब पहले जैसा नहीं tha...Iss 1 महीने में ना जाने कितनी बार दोनों में बहस हो चूका tha...Ek दो बार तो झगड़ा होते होते bacha...Atul का गुस्सा देख अब्ब निशा को भी दर लगने लगा था.

कभी निशा को अतुल के लिए दर लगता तो कभी उस पर गुस्सा आ रहा था.

अतुल:- क्यों बुलाया मुझे यहाँ?

एक रेस्टोरेंट में पहुँच कर अतुल ने कहा.

अजय:- कुछ बात करनी है.

अतुल:- जरुरी बात है तो bol...Faaltu चीज के लिए मेरे पास वक्त नहीं है.

अजय:- पहले बैठ तो सही. बोल वोडका आर्डर करू या बियर.

जवाब में अतुल अजय को गुस्से से घूरता है.

अजय:- तूने पीना सुरु कर दिया है तो क्या प्रॉब्लम है? चल आज पीते है तेरा सब फ़्रस्ट्रेशन निकल जाएगा.

अतुल:- मैंने पीना उसी दिन छोड़ दिया जिस दिन काजल ने मेरे प्रोपोज़ को इंकार कर diya...Last टाइम उसी दिन पीया था.

अजय:- तो आज नहीं पीयेगा?

अतुल:- Nahi...Kyu मई दुसरो के लिए खुद को बर्बाद karu...Pyar में देवदास होने से कुछ नहीं hoga...Aage बढ़ना जरुरी है.

एंड मोस्ट इम्पोर्टेन्ट थिंग इस "लव योरसेल्फ." कभी दिल नहीं टूटेगा.

और मई जब खुद से इतना प्यार करता हु तो सिगरेट और दारु से कैसे खुद को बर्बाद होने दे सकता हु.

अजय:- अच्छी बात hai...Aur सही भी है की तूने सिगरेट और दारु छोड़ दिया? लेकिन क्या तू सच में आगे बढ़ पाया है?

अतुल:- ऑफ कोर्स.

अजय:- सच में?

इस बार अतुल चुप हो गया.

अजय:- (मुस्कुरा कर) अच्छे से जानता हु तुझे chutiye...Tu भले hi कितना भी गुस्सा क्यों ना हो लेकिन तू सॉफ्ट हेअरटेड hai...Jaanta हु क्या बीत रहा होगा तुझ पर.

अतुल:- सिर्फ तू hi जानता है यार मुझे.

इस बार अतुल भी इमोशनल हो गया.

अजय:- समझते तो सब है tujhe...Par तेरा ये बदला हुआ रूप देख डरते है.

मैंने सोचा तुझे टाइम देता hu...Shayad जल्द hi सब ठीक हो jaaye...Lekin तू अकेला होता जा रहा hai...Frustration और गुस्सा बात बात पर हो जाता है.

अतुल बस अजय को hi देख रहा था.

अजय:- अब्ब तूने अगर कुछ न बताने की कसम तोड़ दिया है तो कुछ पुछु?

अतुल:- पूछ.

अजय:- काजल को प्रोपोज़ क्यों किया तूने? बस ये चुतियापा समझ में नहीं aaya...Pura यकीं के साथ कह सकता हु तू काजल से प्यार नहीं करता है.

अतुल:- (मुस्कुरा कर) मतलब ये भी पता चल गया.

अजय:- तेरी नस नस से वाकिफ hu...Abb वजह बता.

अतुल:- सच है yaar...Kajal मेरी सिर्फ फ्रेंड hi hai...Pyar वाली फीलिंग्स कभी था hi नहीं.

ी लव Nisha...Jab से प्यार को महसूस किया है तब से मई निशा से प्यार करता hu...Abb भी करता हु और हमेशा करता रहूँगा.

अजय:- पता hai...Tu hi है जो मानने को तैयार नहीं tha...Sab दीखता है yaar...Propose क्यों किया काजल को वो बोल?

अतुल:- बताता hu...Pehle hi बता देता लेकिन दर था की कही तू जा कर निशा को बता ना de...Pehle वादा कर.

अजय:- प्रॉमिस.

अतुल:- .............
 
अपडेट 74

अतुल:- Nisha...Ye नाम और लड़की पता नहीं कब मेरे दिल के गहराई में बस gayi...Kuch अलग hi जादू hai...Kabhi उसकी यादो में चेहरा मुस्कान से खिल जाता है तो कभी वो मेरी ना होने की वजह से इतना मायूसी चा जाता है और दिल में इतना दर्द उठता है की आज मई इस हाल में हु.

मुझे प्यार करना sikhaya...Pyar का मतलब bataya...Ehsaas करवाया की प्यार कितना हसीं है.

और मई समझ भी gaya...Pyar की एहसास होते hi कुछ स्पेशल सा फील करने lagta...Har वक्त निशा की यादो में मुस्कुराता rehta...Uske साथ होने का सपना देखता रहता tha...Aisa लगता मई किसी पंछी की तरह उड़द रहा हु इस प्यार भरी दुनिया me...Aur ये दुनिया भी कितनी खूबसूरत hai...Aisa लगता मेरी हर तरफ हरियाली और खुशियाली hai...Itna स्पेशल फील कर रहा था मई khudko...Bata नहीं सकता कितना खूबसूरत था ye...Naye नए प्यार का रंग जो छाड़ः था.

और प्यार भी इतना करने लगा था निशु से की बता नहीं sakta...Bas उसकी एक झलक के लिए दिल तरस जाता tha...Jo बाँदा सिर्फ पढाई के लिए hi कॉलेज जाय करता था, इम्पोर्टेन्ट लेक्चर के वक्त भी सबसे नजरे चुरा कर निशु की एक झलक चुराने laga...Bas इसी से उसका दिन बन जाता.

निशा के साथ वो बातें, वो हंसी majaak...Bata नहीं सकता दिल को कितना सुकून देता है.

और जब वो मेरे नजरो के सामने नहीं होती तब फ़ोन, messages...Har वो कोशिश करता की निशा मेरे पास hi rahe...Jo बाँदा हफ्ते में एक पल के लिए फब में ऑनलाइन आता उसका घर hi फब बन गया था.

प्यार का रंग जितना गधा होता जा रहा था उतना hi मेरा प्यार और पागल पैन.

इतना कह कर अतुल अजय को देखता hai...Wo बहुत ध्यान से अतुल की बातें सुन रहा tha...Achanak hi अतुल का मुस्कान गायब हो गया और फिर उदास हो कर उसने आगे बोलना सुरु किया.

अतुल:- लेकिन सच्चाई का सामना होने में वक्त नहीं laga...Ek बार फिर एहसास हुआ की निशा का बर्फ hai...Jaanta तो पहले से hi tha...Nisha ने बताया tha...Lekin प्यार में अँधा इस बात को भूल गया.

अजय:- Wtf? निशा का बर्फ !!! ये क्या बक रहा है.

अतुल:- सच बोल रहा हु.

अजय:- मई नहीं maanta...Wo हमारी दोस्त hai...Agar ऐसा होता तो हमें पता चलना चाहिए था.

अतुल:- तू सिर्फ फ्रेंड hai...Mai बेस्ट friend...Ye बात सिर्फ मुझे hi पता hai...Aur कोई किसी से प्यार करता है तो पुरे मोहल्ले में हल्ला नहीं करता की मई किसी से प्यार करता हु या करती हु.

अजय:- लेकिन मैंने तो निशा की आँखों में सिर्फ तेरे लिए प्यार देखा है.

अतुल:- सही hai...Accha ऑप्थल्मोलॉजिस्ट (ऑय स्पेशलिस्ट) banega...Aankhe देख कर बिमारी बता देगा.

अतुल छिड़ कर बोलै.

अजय:- जोके था ये.

अतुल:- Haa...Tere liye...Bada आया दुसरो की आँखें पढ़ने वाला.

मैंने भी काजल की आँखों में अपने लिए प्यार देखा tha...Lekin हुआ क्या? वो फ्रेंडशिप hi tha...Jisse मई प्यार समझ बैठा था.

अजय:- लेकिन निशा के केस में ये नहीं है yaar...Accha ये bata...Sach में निशा ने तुझे बताया की वो किसी सर से प्यार करती है?

अतुल:- हां.

अजय:- ी can't बिलीव थिस.

अतुल:- बूत रियलिटी इस बियॉन्ड योर बिलीफ एंड थॉट.

अजय:- कभी तू कहता है तू निशा से प्यार करता है और प्रोपोज़ काजल को करता है? ये क्या चुतियापा है?

अतुल:- बता रहा hu...Lekin तू hi बिच में रोक देता है.

प्यार कितना हसीं और खूबसूरत होता है ये तो बता diya...Lekin एक तरफ़ा प्यार उतना hi दर्दनाक होता है.

हर पल घुट घुट कर मरना पड़ता hai...Ham किसी से बे इन्तेहाह प्यार करते है और वो किसी और से प्यार करता है.

ना जाने स प्यार ने मुझे क्या क्या दिखाया और क्या कुछ karwaya...Bewada और नशेड़ी तक बना diya...Wo तो वक्त रहते संभल गया वर्ण न जाने क्या होता मेरे साथ.

लेकिन अभी तक दिल को संभाल नहीं paaya...Bhulaane की कितनी कोशिश किया लेकिन और भी याद आती hai...Dil से दर्द उठता है हर यादो के saath...Wo तो मेरी धड़कन बन चुकी hai...Aise कैसे इतनी आसानी से उससे भुला सकता हु.

अब्ब तो जब भी निशा को देखता हु दिल और आँखें दर्द और आंसू से भर जाते hai...Khud को हारा हुआ महसूस करता hu...Bhagwaan से एक hi सवाल पूछता hu....Aisa मेरे साथ क्यों होता है? क्या सच्चा प्यार करना कोई गुनाह है?

जिस निशा के पीछे मई पागल था उस पर मर मिटा tha...Aaj उसी निशा से दूर भागता hu...Bhaagta hi आ रहा hu...Lekin खुद से भी कोई भाग सकता है?

कॉलेज भी आज कल इसी लिए बंक करता हु की निशा से दूर रह paau...Uske सामने होते hi मई अपने फीलिंग्स पर काबू नहीं कर पाटा.

एक दो बार जान बुझ कर निशा से बहस भी kiya...Ladaayi भी hua...Usse नफरत हो जाए और मई आगे बढ़ paau...Lekin नफरत तो दूर की बात है उल्टा उस पर और भी प्यार आता है.

आज कल खुद के बेबसी और कमजोरी पर इतना गुस्सा आता है की छोटी छोटी बातो पर छिड़ जाता hu...Gussa नाक पर रहता hai...Apna हार को बर्दास्त नहीं कर paata...Pata नहीं कब ये गुस्सा मुझसे क्या करवा दे?

फिर अतुल अजय को देखता है.

अजय:- और काजल को प्रोपोज़?

अतुल:- जब एहसास हुआ की निशा मेरी कभी नहीं हो सकती और मैंने खुद हार मान liya...To सोचा ऐसे तो जी नहीं sakta...Mujhe आगे बढ़ना hi पड़ेगा.

मुझे ऐसा लगने लगा की काजल भी मुझसे प्यार करती hai...Aur मई भी उससे अपना बेस्ट फ्रेंड मंटा हु.

शायद काजल hi मेरे लिए सही रहेगी इस ग़म से उभरने के liye...Dhire धीरे मुझे भी काजल से प्यार हो jaayega...Aur वक्त सब कुछ ठीक कर देगा.

फिर खुद को तैयार किया की काजल मुझे किसी हाल में इंकार ना करे और मई उसके साथ आगे बढ़ सकू.

लेकिन किस्मत को मेरा ख़ुशी मंजूर hi नहीं?

काजल ने जब इंकार किया तो मई बहुत रोया tha...Aur मेरी हर आंसू में निशा thi...Aage बढ़ने की एक और वजह छीन गयी thi...Pata नहीं निशा की बिना कैसे जी पाऊंगा.

तब से लेकर आज तक अकेले में कभी रोटा हु तो कभी तन्हाइयो में रात गुजार लेता हु.

अजय:- अलग लेवल की चुतियापा है ये.

अतुल:- जानता hu...Lekin कुछ कर भी तो नहीं सकता.

अजय:- क्यों कुछ नहीं कर सकता? निशा को जाके प्रोपोज़ कर दे?

अतुल:- पागल है क्या? पहले hi बता चूका हु उसका बर्फ hai...Agar मैंने प्रोपोज़ कर दिया तो वो क्या सोचेगी मेरे बारे me...Best फ्रेंड समझ कर वो मुझे हर बात बताती है और मई उसका विश्वास तोड़ du...Abhi जैसा भी हु उसका बेस्ट फ्रेंड तो हु.

अजय:- तो फिर ऐसे जी पायेगा? बोल?

अतुल:- Nahi...Lekin फिर भी संभल jaaunga...Vishwas है मुझे.

अजय:- एक महीना हो गया hai...Aur कब तक?

अतुल:- दिल का जख्म hai...Bharne के लिए वक्त लगेगा.

अजय:- मतलब तू निशा से नहीं बोलेगा अपनी दिल की बात?

अतुल:- नहीं.

अजय:- तो फिर ठीक hai...Mai hi जा कर निशा को सच बता देता हु.

अतुल:- वादा किया tha...Aur खबरदार जो कुछ बोलै to...Tera और मेरा दोस्ती यही तक रहेगा.

अजय:- ये तेरे ख़ुशी की बात hai...Mai सिर्फ कहने के लिए दोस्त नहीं hu...Tu खुस रहे यही मई चाहता hu...Mai बताऊंगा तो जरूर चाहे हमारी दोस्ती रहे या नहीं.

अतुल:- मेरी आँखों में देख.

झूठ नहीं बोल रहा hu...Pehle hi मई पागल जैसा हो चूका hu...Agar तूने कुछ किया तो मई इस पागलपन में वो कर जाऊँगा की तुझे जिंदगी भर अफ़सोस रहेगा.

अतुल की इस बात से अजय भी दर gaya...Gusse में.

अजय:- एक बात bolu...Tera किस्मत जैसा है वैसा hi rahega...Nisha तुझे कभी नहीं milegi...Koshosh भी मत कर तू.

अतुल:- हो गया तेरा.

अजय:- हां हो गया.

इतना कह कर अजय भी गुस्से से अजय बिल पाय करने चला गया.

अजय:- (थोड़ी दूर आगे जा कर) पर तेरी इस हालत के लिए बहुत बुरा लग रहा है.

अतुल:- हमदर्दी के लिए शुक्रिया.

इतना कह कर अतुल रेस्टोरेंट से बाहर निकल गया.

अतुल:- (इन हिज मंद) साला मुझे सीखा रहा है मुझे क्या करना chaahiye...Iska किस्मत अच्छा है की इसको प्यार आसानी से मिल gaya...Sochta है की प्यार बहुत आसान hai...Mai निशा को प्रोपोज़ कर दूंगा और वो एक्सेप्ट कर लेगी.

प्यार करता हु मई निशा se...Mera भी ख्वाहिश है की हमेशा उसके साथ rahu...Lekin उसको भी तो मुझसे प्यार होना चाहिए.

जानता हु की इस प्यार का फ्यूचर nahi...Fir भी बेवकूफ प्रोपोज़ करने के लिए बोल रहा hai...Pyar के साथ साथ इज़्ज़त भी चली जायेगी निशा के saamne...Galat ना हो कर भी गलत बन जाऊँगा उसके सामने.
 
अपडेट 75

अजय:- ये रवि भी आज कल कुछ ज्यादा hi उछाल कूद कर रहा hai...Nisha से फ्रेंडशिप करने का कोई मौका नहीं छोड़ रहा है!!!

अतुल भी कैंटीन में गुस्से से रवि और निशा को देख रहा था.

अतुल:- अब्ब मई क्या कर सकता हु अगर निशा को कोई प्रॉब्लम नहीं है to...Uski जिंदगी उसकी मर्जी.

लेकिन अगर रवि की वजह से वो थोड़ा भी उनकंफर्टबले हुई तो सर फोड़ तुंगा साले का कसम से.

जवाब सुन कर अजय हसने लगता है.

अतुल:- है क्यों रहा है.

अजय:- एक तरफ कह रहा है तू निशा को भुलाने की कोशिश karega...Lekin प्यार भी इतना करता है की थोड़ी सी क्या बात कर ली तू तो अंदर से जल गया.

अतुल:- भूलने की बात किसने kiya...Mai तो प्यार के चक्कर से दूर रहने की बात कर रहा tha...Aur दूर हो जाऊँगा bhi...Bas थोड़ा वक्त चाहिए.

अजय:- रहने de...Tujh से ना हो पायेगा.

अतुल:- देखते है.

अजय:- वो तो देख hi रहे है.

फिर अजय अतुल पर हँसते हुए क्लास चला जाता hai...Atul कभी अजय को गुस्से से देखता तो कभी निशा को.

आफ्टर कॉलेज

साला ये बाइक bhi...Petrol भी अभी ख़त्म होना tha...Sab चले gaye...Aur आज पैसे भी लाना भूल गया.

मर. Ak...Koi प्रॉब्लम?

Nahi...Sab ठीक है.

लेकिन मुझे ऐसा तो नहीं लग रहा?

तुम अपने काम से मतलब rakho...Pehle hi दिमाग ख़राब है.

अतुल निशा की तरफ देखे hi गुस्से में बोले जा रहा था.

दिमाग kharaab!!!Ye कैसे? अच्छा कोई बात nahi...Beemari बताओ फिर दवाई की नाम बताती हु.

अतुल गुस्से से निशा को देखता hai...Lekin इसका भी उल्टा hi असर हुआ.

निशा:- (हँसते हुए) गुस्से में तुम बिलकुल बन्दर लगते ho...Cute मंकी.

अतुल गुस्से में वह से निकलने लगता है.

निशा:- अगर लिफ्ट चाहिए तो आ सकते हो.

लेकिन अतुल कोई रिस्पांस नहीं देता.

निशा:- सिर्फ मई hi हु लास्ट कॉलेज me...Fir पैदल hi घर जाना पड़ेगा.

लेकिन अतुल फिर भी कोई रिस्पांस नहीं देता.

निशा:- अच्छा ईगो problem...Yaad है एक दिन जब मई कॉलेज में अकेले रह गयी थी तब तुम आये थे मुझे lene...Ussi का हिसाब बराबर समझो.

अतुल को पता था निशा कितनी जिद्दी hai...Behtar यही था की चुप चाप स्कूटी में बैठ जाए.

अतुल:- अच्छे से चलाना.

निशा:- उसकी फ़िक्र तुम मुझ पर छोड़ दो.

फिर निशा स्कूटी चलाना सुरु कर देती है.

अतुल:- मरवाओगी kya...Itna फ़ास्ट कौन चलता है...50 km/hr...Dhire धीरे.

निशा:- Kyu...Dar गए?

अतुल:- मई तो तुम्हारा फ़िक्र कर रहा था.

निशा:- अच्छा ji...Tab ये लो.

फिर निशा स्कूटी थोड़ा और फ़ास्ट कर देती hai...Aur अतुल से बातें करती जा रही thi...Kisi भी हाल में वो अतुल का मूड ठीक करना चाह रही थी.

पीछे बैठा अतुल गुस्सा होने की लाख कोशिश कर रहा था पर हो नहीं पा रहा tha...Nisha की बातो का भले जवाब नहीं दे रहा था पर मिरर से चुप कर मुस्कुरा रहा था.

दोनों एक दूसरे में hi खोये थे की अचानक सामने से फ़ास्ट स्पीड ट्रक आ जाता hai...Nisha भी संभाल नहीं पाती.

अचानक से हैंडल मोड़ते hi दोनों दूर जा कर गिरते hai...Kismat अच्छा थी की दोनों ट्रक से बच gaye...Nisha कटे हुए घांसो पर गिरती hai...Haath थोड़ा चील गया था लेकिन ज्यादा चोट नहीं आया था.

अतुल दूसरी और हाथ के बल निचे जमीन में गिर जाते hai...Haath और घुटनो में थोड़ा चोट आता है.

अतुल:- तुम ठीक तो हो ना.

अतुल उठ कर निशा के पास जाता है और उससे भी प्यार से उठाता hai...Fir चेक करने लगता है की कही चित तो नहीं लगी.

सब कुछ नार्मल था.

अतुल:- क्यों? क्यों ऐसी पागलपन करती हो? अगर तुम्हे कुछ हो जाता तो?

अतुल भी एक दम से इमोशनल हो गया था.

निशा:- कुछ हो जाता तो?

अतुल:- तो मेरा क्या होता? कैसे जी पाटा तुम्हारे बिना?

निशा:- क्यों?

अतुल:- बिकॉज़ ी लव you...Tum कभी नहीं समझोगी.

अतुल ने दर और हालत के सामने झुक कर ये बोल तो दिया पर बोलने के बाद एहसास हुआ उसने कितनी बड़ी बात बोल दी है.

अतुल:- तुम्हे ये लाइसेंस किसने दिया? चलाना तो आता nahi...Aise hi लोगो की वजह से रोड एक्सीडेंट होता है.

फिर अतुल वह से जाने लगता है.

निशा:- अतुल...

अतुल:- मुझे अपनी जान बहुत प्यारी hai...Kisi की बेवकूफी में मरना नहीं चाहता.

फिर अतुल वह से लड़खड़ाते निकल जाता hai...Ye बात तो उससे भी बता था की निशा को ज्यादा चोट नहीं आयी hai...Wo आसानी से अपना घर आ सकती है.

लेकिन दूसरी तरफ अतुल की बातें निशा की दिल को चुभ gayi...Wo बस अतुल को देखे जा रही thi...Aankhein आंसू से भर गयी थी.

ात होम

अतुल:- (तो हिमसेल्फ) क्या जरुरत था तुझे ऐसी बेवकूफी करने ki...Dhire धीरे निशा की प्यार का पागलपन काम हो रहा tha...Lekin दर, निशा को खोने की दर से जो दिल में था सब बोल diya...Kyu खुद पर काबू नहीं कर पाया?

लेकिन बहुत गलत किया दांत कर? पता नहीं क्या क्या बोल diya...Propose करके एक गलती तो कर diya...Aur उसको छुपाने के लिए दूसरी गलती.

पता नहीं निशा क्या sochegi..Shayad नफरत karegi...Accha hai...Aage बढ़ने की एक वजह मिल gayi...Uski नफरत से उससे भुलाने की कोशिश करूँगा.

लेकिन क्या उसको भुला paaunga...Nahi yaar...Nahi हो पायेगा mujhse...Fir भी आगे तो बढ़ना पड़ेगा.

और न जाने ऐसे hi कई फीलिंग अतुल के दिमाग में आ रहा tha...Kabhi खुद पर गुस्सा होता तो कभी खुद पर hi रोना आता.

अतुल:- अब्ब ये क्या है? अब्ब क्यों बुलाया?

फिर एक रेस्टोरेंट में अजय से मिलते hi अतुल भड़क गया.

अंजलि:- मैंने बुलाया है.

अतुल:- Tumne...Lekin क्यों?

अंजलि:- ये बताने के लिए की तुम सबसे बड़े बेवकूफ हो?

अतुल:- व्हाट दो यू मैं?

अंजलि:- क्या तुम्हे निशा का प्यार नहीं दीखता?

अतुल:- व्हाट? निशा लव में.

अंजलि:- है buddhu...Lekin तुम्हे समझ में आता hi कहा है?

अतुल:- क्या? कब और कैसे?

अचानक hi अतुल के चेहरे की भाव बदलने lage...Aur दिल में एक ाश.

अतुल:- लेकिन वो तो किसी और से प्यार करती है?

अंजलि:- अच्छा तो उसका नाम बताओ.

अतुल:- वो तो मुझे नहीं pata...Usne बताया hi नहीं.

अंजलि:- बहुत बार bataya...Lekin तुम जान ना sake...Uska नाम है अतुल.

अतुल:- लेकिन ये कैसे...

फिर अतुल सब बातें याद करने लगता hai...Abb अतुल को लगने लगा की अंजलि सच कह रही है.

अतुल:- ओह माय गॉड!!! लेकिन निशा ने क्यों नहीं बताया मुझे.

अंजलि:- तुम भी तो प्यार करते ho...To फिर तुमने क्यों नहीं?

अतुल:- मुझे लगा की वो किसी और से प्यार करती है और उसको कही खो ना दू.

अंजलि:- यही जवाब है निशा की तरफ se...Tum तो प्यार में नास्तिक थे naa...Fir क्यों उसकी प्यार को apnaoge...Fir ोयर हुआ तो भी kisse...Kajal से.

इस बार अतुल खुद के सर में दो मुक्के मारता है.

अंजलि:- इंदिरेक्ट्ली उसने तुम्हे कितनी बार बताया की वो तुम से प्यार करती hai...Lekin तुम.

फिर अंजलि वो सब कुछ बता देती hai...Jisse अतुल अनजान था.

अतुल:- सच में बेवकूफ हु mai...Itna बड़ा बेवकूफी.

अतुल को अब्ब खुद पर हंसी आ रही थी और गुस्सा भी.

लेकिन दिल hi दिल वो बहुत खुस tha...Aaj उसका एक तरफ़ा प्यार दो तरफ़ा जो हो गया tha...Abb उससे निशा पर और भी प्यार आ रहा tha...Abb उससे और रहा नहीं gaya...Wo वह से निकल गया.

अजय:- Oye...Ruk तो?

लेकिन अतुल कुछ सुनने की हालत में hi नहीं था.

अजय:- प्यार मिला नहीं की दोस्ती भूल gaya...Kamina.

अतुल अपने घर पहुँचते hi सीधा छत में चला gaya...Iss उम्मीद में की निशा वह hogi...Lekin उससे निराशा hi मिला.

फ़ोन किया तो पहले hi रिंग में कट...2,3 बार तरय किया फिर भी शामे रिजल्ट.

अतुल:- (विथ स्माइल) बस कुछ और देर मेरी jaan...Tumhaara इस गुस्सा को प्यार और मुस्कान में बदल दूंगा.
 
अपडेट 76

अब्ब क्या हुआ? मुझे क्यों बुलाया? क्या इमरजेंसी है वो भी इस पार्क में? और तुम हो कहा?

निशा गुस्से में फ़ोन में चिल्ला रही थी.

अतुल फिर सामने एक पेड़ से बाहर आता hai...Aur निशा अतुल को देखती रह जाती है.

वही गेटउप जो निशा ने अतुल को सुग्गेस्ट किया था काजल को प्रोपोज़ करने के लिए.

और आज अतुल का वो mushkaan...Ek पल भी निशा अतुल से नजर नहीं हटा पा रही थी.

अतुल:- गुड आफ्टरनून मैडम.

निशा:- Tum...Yaha इस वक्त और क्या इमरजेंसी है?

अतुल:- गुस्सा थुकिये madam...Aap जब मुस्कुराती है तो बहुत खूबसूरत लगती है.

निशा:- बकवास बंद karo...Aur बोलो क्यों बुलाया?

अतुल:- आपकी एक नजर के लिए तरस गया tha...Socha जी भर के आप को देख लू.

निशा:- तुमने झूठ बोल कर बुलाया.

अतुल:- जी हां.

निशा:- ये मुस्कुराना बंद karo...Damn इर्रिटेटिंग.

अतुल:- अगर झूठ नहीं बोलता तो तुम जैसे आ jaati...Check करो अपना mobile...Over 100 मिस्ड कॉल्स एंड messages...Kaun अपने आशिक़ को इतना तड़पाता है यार.

निशा:- स्टुपिड.

फिर निशा वह से जाने लगती है.

अतुल:- जा रही ho...Jo बातें सुनने के लिए तुम इतने दिनों से तड़प रही थी वो सुने बिना hi चली जाओगी.

अतुल का इतना hi कहना था की निशा अपनी जगह पर hi रुक gayi...Dil की धड़कन भी तेज होने लगा.

वो बस अतुल की कदमो की आवाज hi सुन पा रही thi...Piche से अतुल का हाथ अपने कन्धा पर महसूस करते hi निशा की आँखें अपने आप बंद हो गयी.

अतुल निशा के सामने जाकर घुटनो के बल बैठ जाता है और निशा की एक हाथ को ले कर चूमता है.

निशा की आँखें खुलते hi एक गुलाब का फूल निशा की तरफ बढ़ाते हुए.

अतुल:- ी लव यू.

और उम्मीद भरी निगाहों से निशा की तरफ प्यार भरी नजरो से देखते हुए उसकी जवाब का इंतजार करने लगा.

निशा बस इसी पल को जी रही thi...Na जाने कितने दिन कितने पल इस लम्हे का इंतजार tha...Jo आज जाके पूरी हो gayi...Aakhir कार उसके बुद्धू अतुल को अकाल आ गया था.

अतुल:- बोल भी दो yaar...Kaan तरस गए है तुम्हारी प्यारी आवाज से जवाब सुनने के liye...Bol दो.

निशा की होंठो में भी मुस्कान आ जाती hai...Lekin अगले hi पल.

निशा:- Nahi...Tumhaara कोई विस्वास नहीं hai...Kabhi भी साथ छोड़ डोज.

अतुल:- ये हाथ जिंदगी भर के लिए पकड़ा hai...Isse कोई ताकत मुझे नहीं छुड़ा सकता.

निशा:- मई कैसे विश्वास कर लू?

अतुल:- मेरी आँखों में देखो.

निशा फिर अतुल की आँखों में देखती है.

अतुल:- दिख रहा है न मेरी आँखों में तुम्हारे लिए बेपनाह pyar...Insaan झूठ बोल सकता है लेकिन आँखें नहीं.

निशा:- मुझे तुम पर कोई विश्वाश नहीं है.

इतना कह कर निशा मुंह फेर लेती है.

अतुल:- (समिलिंग) अगर ऐसा होता तो तुम मुझसे प्यार करती hi नहीं.

निशा कोई जवाब नहीं देती.

अतुल:- प्लीज Nishu...Aur मत तड़पाओ yaar...Ek बार कह दो ना.

अतुल:- प्लीज yaar...Jaanta हु मैंने तुम्हारा दिल दुखाया hai...Sajaa भुगतने के लिए तैयार hu..Lekin आज नहीं yaar...Kaan तरस गए है.

मई तो तुम्हारा hi hu...Jab मर्जी जो मर्जी सजा दे देना लेकिन प्लीज यार बोल do...Apni दिल की बात.

अतुल की इस बात से निशा की चेहरे पर फिर से मुस्कान आ जाता hai...Wo अतुल को उठने की इशारा करती है.

फिर अतुल को कसके गले लगाती है.

निशा:- ी लव यू तू.

अतुल:- एक बार और.

निशा:- ी लव यू तू.

अतुल:- एक बार और.

निशा फिर अतुल से अलग होती है और कंधे पर मारने लगती है.

अतुल:- प्लीज yaar...Ek और बार.

निशा:- ी लव यू तू.

अतुल:- ी लव यू three...I लव यू सो मच.

फिर अतुल निशा को कसके गले लगा लेता है.

न जाने कितनी देर दोनों एक दूसरे की बाहो में बंधे rahe...Dono एक दूसरे की प्यार को महसूस कर रहे थे.

अचानक hi अतुल को मस्ती चढ़ने laga...Wo निशा की पीठ (बैक) में उँगलियाँ फेरने लगा.

निशा अलग हो कर अतुल की छाती पर मुक्को की बरसात करने लगी.

निशा:- बहुत बुरे हो tum...Bahut रुलाया है तुमने.

अतुल:- जानता hu...Bewkuf था mai...Jo तुम्हारे प्यार को समझ नहीं पाया.

निशा:- अगर फिर से कोई बेवकूफी किया तो बहुत मारूंगी.

अतुल:- बाँदा मार खाने के लिए तैयार है.

निशा:- मतलब बेवकूफी करोगे?

अतुल:- बेवकूफी तुम्हारे साथ hi तो करता hu...Tumhaare लिए hi तो करता hu...Hakk है मेरा.

निशा:- लेकिन इस बेवकूफी ने बहुत रुलाया है मुझे.

अतुल:- रोया तो मई भी hu...Par क्या करता समझ hi नहीं पाया तुम्हारा प्यार.

निशा:- सच में तुम इमोशनलेस हो.

अतुल:- जैसा भी hu...Abb तो सिर्फ तुम्हारा हु.

तभी आकाश में बिजली गरजने की आवाज आती hai...Nisha डरते हुए अतुल की बाहो में समा जाती है.

अतुल:- क्यों मैडम? अभी से कण्ट्रोल नहीं हो raha...Kuch ज्यादा hi चिपक रही है आप.

निशा:- बहुत घटिया जोक्स था.

एक बार फिर अतुल पर मुक्को की बरसात हो जाती है.

और देखते hi देखते वारिश भी सुरु हो जाती hai...Lekin दोनों को इसकी फ़िक्र kaha...Bas लगे हुए थे एक दूसरे की बाहो में.

अलग होते hi अतुल निशा की बिखरे बालो को ठीक करते हुए.

अतुल:- बहुत खूबसूरत लग रही हो.

अतुल का ये प्यार और नजर देख निशा का मुस्कान और भी बढ़ जाता hai...Baarish की पानी में निशा कीच ज्यादा hi खूबसूरत लग रही थी और उसकी muskaan...Wo तो खूबसूरती को चार चाँद लगा रहा था.

अतुल तो बस उसी में खो गया था.

निशा:- चलो न बारिश में भींगते हुए घूमते hai...Kuch बातें करते है प्यार भरी.

फिर दोनों चल पड़ते है एक दूसरे की बाहों में बाहें डाले अपने नयी जिंदगी की सुरुवात करने.
 
अपडेट 77

अतुल:- क्या हुआ सर?

डॉ. राहुल:- निशा की पापा की तरफ से पेशेंट पार्टी आये है.

ये सुनते hi अतुल की धड़कन एकदम से बढ़ गया.

अतुल:- निशा भी?

डॉ. राहुल:- पता nahi...Sirf इतना hi मश्ग आया hai...Jaa कर देखने के बाद hi पता चलेगा.

अतुल अपनी hi सोच में खो गया.

अतुल:- सर आपको अभी इस सुन गिलास की जरुरत है?

टेबल का सुन गिलास की तरफ इशारा करके अतुल ने पूछा.

डॉ. राहुल:- नहीं? लेकिन क्यों?

अतुल:- मुझे जरुरत है और एक मास्क भी.

राहुल सर सुन गिलास और सर्जिकल मास्क देते है.

अतुल अपना चस्मा उतार कर वो दोनों लगता है.

अतुल:- निशा पहचान ना सके इस लिए.

डॉ. राहुल:- एक बार मिल तो le...Itne दिनों बाद मौका मिला hai...Aise कैसे जाने देगा.

अतुल:- अभी ऐसी हालात नहीं है sir...Khwahish तो बहुत hai...Dil में कई अरमान दबे हुए है लेकिन मजबूर इतना हु की सिर्फ सपने देख hi सकता hu...Hakikat कुछ और hi है.

फिर अतुल वह से निकलने hi वाला था की.

डॉ. राहुल:- 1 मं.

अतुल:- जी सर.

डॉ. राहुल:- अपना फ़ोन नंबर बोल? इस बार गायब हुआ तो पता नहीं कभी मई तुझे याद रहूँगा भी या नहीं?

अतुल:- ये कैसी बात कर रहे है सर आप? आप तो हमेशा से मेरा इंस्पिरेशन थे और रहेंगे. आप के लिए दिल से इज़्ज़त निकलता है.

फिर दोनों फ़ोन नंबर एक्सचेंज करते hai...Aur अतुल वह से निकलता है.

वह से निकलने के बाद अतुल का धड़कन उसके काबू में hi नहीं था...5 साल baad...Nisha की एक jhalak...Atul तरस गया tha...Dil से एक hi दुआ निकल रही thi...Kaas निशा वह मौजूद हु.

इस बार उसका दुआ काम कर gaya...Nisha की डैड की वार्ड में निशा भी मौजूद थी.

अतुल एक कोने में खड़ा निशा को hi देखे जा रहा tha...Nisha को देखते hi आँखें अचानक से चमकने lagi...Hontho पर मुस्कान और एकदम से दिल खुश हो गया.

निशा:- आप भी न पापा? संभल कर चलना चाहिए आपको? ये यो भगवान् का शुक्र है की कुछ नहीं हुआ?

न. डैड:- मई तो संभल कर hi चल रहा था लेकिन...

निशा:- बस bas...Jaanti हु कितना संभल कर चल रहे थे?

न. डैड:- बहुत कुछ जानती hai...Ye भी की मुझे झूठ बोलते हुए भी पकड़ लिया तूने?

निशा:- फ़िक्र करती hu...Lekin आपको क्या? आपको तो कोई मतलब hi नहीं.

न. डैड:- अच्छा baba...Sorry.

निशा:- माफ़ी तब hi milegi...Jab आप वादा करेंगे की अब्ब ऐसे गलतिया कभी नहीं करेंगे.

न. डैड:- अच्छा करता हु वादा.

फिर निशा मुस्कुराने लगती hai...Ye देख अतुल भी साथ hi मुस्कुराने लगता hai...Kitna अच्छा लग रहा था उससे आज निशा को हँसते देख.

निशा की इसी हंसी के लिए hi तो वो भगवान् से दिन रात दुआ करता tha...Aur ये देख अतुल का भगवान् से साड़ी शिकायत ख़त्म हो गया.

निशा को भी ऐसा लग रहा था की कोई तो है जो उससे देखते जा रहा hai...Koi अपना sa...Ek खिंचाव.

लेकिन जब वो अतुल की तरफ देखती है तो वह कोई नहीं tha...Nisha भी उसी छाया को ढूंढ़ने लगती hai...Hospital का हर एक kona...Lekin उससे नाकामी hi हाथ लगती है.

दिल एक बार फिर से भारी हो गया tha...Aisa लग रहा था जैसे अतुल फिर उसके पास आते आते उससे दूर हो gaya...Aankhein एक बार फिर भींग गयी.

फिर वो अपने पापा के पास आ कर.

निशा:- आपको किसने एडमिट किया?

कुछ देर सोचने के बाद.

न. डैड:- था एक भला इंसान.

वह से दूर एक टैक्सी में अतुल अभी भी मुस्कुरा रहा था निशा को याद करके.

वही छोटी छोटी बातो पर मुस्कुराना, किसी तरह किसी को भी कीसी भी बात के लिए मन लेना, वही प्यारी और मीठी सी कोयल सी बोल, वही अदाएं और वही khubsurati...Vakt के साथ निशा की खूबसूरती और भी बढ़ता hi gaya...Aur उसी में अतुल अभी तक खोया था.

इन् सब से भी ज्यादा निशा की वो hansi...Wo khushi...Jiske लिए अतुल ने कई दिन और रात दुआओं में गुजार दिया था.

आज अतुल बहुत hi ज्यादा खुस tha...Uska दुआ काम कर गया tha...Nisha की एक झलक से hi उससे वो सुकून मिल गया जो वो 5 सालो से ढूंढ़ने की नाकाम कोशिश करता आ रहा था.

टैक्सी ड्राइवर:- सर चेंज नहीं है?

अतुल:- कोई बात नहीं रख लो.

टैक्सी ड्राइवर:- थैंक यू सर.

टैक्सी ड्राइवर तो खुश हो कर वह से चला गया पर अतुल को उसकी ख़ुशी में भी अपना ख़ुशी दिख रहा tha...Ek दम से ये दुनिया hi उससे खुशनुमा लगने लगा था.

अजीब है ये pyar...Kabhi पल भर में hi साड़ी खुशियां दे देता है :तूहैप्पी: तो कभी जिंदगी भर की तन्हाईयाँ :(.
 
अपडेट 78

ये 5,000 रस का चेक?

थोड़ा हैरानी में एक ओर्फनेज के मैनेजर ने पूछा.

अतुल:- डोनेशन.

मैनेजर:- थैंक यू सर. लेकिन क्या मई वजह जान सकता हु.

अतुल:- कुछ ख़ास नहीं. आज बहुत खुस hu...To सोचा कुछ डोनेशन कर du...Kisi के लिए भला हो जाएगा.

बात ये है ki...Ek दिन हमने डिसिशन लिया tha...Ek बहुत hi ख़ास इंसान के saath...Jab भी हम बहुत खुस या बहुत दुःख होंगे तो किसी के लिए कुछ अच्छा करेंगे.

ख़ुशी में ऐसा करने से ख़ुशी कई गुना बढ़ जाएगा और दुःख में भी कुछ तो अच्छा महसूस होगा.

दुःख में तो कभी कुछ नहीं किया लेकिन आज जब खुश हु तो सोचा एक छोटी सी डोनेशन यहाँ दे दू.

मैनेजर:- नीस थॉट सर.

अतुल:- Ok sir...Mai चलता हु.

आइये आइये दामाद ji...Aaiye?

लगभग 50 यरस के आदमी अतुल के आते hi उत्साहित हो कर bole...Unhe देख कर hi लग रहा था की वो बेसब्री से अतुल का इंतजार कर रहे थे.

अतुल:- दामाद? और आप यहाँ?

अतुल घर में जाते hi देखता है की पूरा फ़ौज hi बिन बुलाये मेहमान की तरह टपक आये है.

यानी की प्रीती की पापा, माँ और उसका भाई अमित.

एक नजर सभी को गुस्से से देख अतुल वह से जाने hi वाला था की.

प. डैड:- अरे कहा जा रहे हो? बैठो कुछ देर.

अतुल एक नजर सब को घर कर बैठ जाता hai...Saamne उसके फॅमिली भी था.

अतुल:- क्या बात है?

प. डैड:- घुमा फिर कर बात नहीं karunga...Tumhara और प्रीती का रिश्ता तय कर दिया है...

अतुल:- रिश्ता और tay...What थे हेलल? और किस्से पुचके?

प. डैड:- अब्ब उम्र हो गयी है बीटा तुम्हारे शादी का.

अतुल:- किस्से पुचके?

प. डैड:- आज के जनरेशन भी न? खुद अपनी फैसला लेती है. तुम दोनों का रिश्ता तो 5 साल पहले hi तय हो चुकी thi...Riya और गौरव के शादी के होते hi तुम्हारा और प्रीती का भी तय हो चूका था.

अतुल:- किस्से पुचके?

अतुल का आवाज तेज होता जा रहा था.

अमित:- जरुरी है क्या तुझसे पूछना.

अतुल गुस्से में अमित को घर रहा था.

अमित:- घर क्या रहा hai...Doctor है tu...Sirf इलाज kar...Aise घर मत.

अतुल का सर गुस्सा से फटने hi वाला था.

अमित:- पुरे 25 lakhs...Itna dahej...Tu पूरी जिंदगी डॉक्टरी करता रहा न तो भी तू जिंदगी भर कमा नहीं पायेगा.

अगर मन किया तो जान से जाएगा.

गौरव:- (इन हिज मंद) पक्का पिटेगा आज ये अमित.

इतना सोच कर गौरव मुस्कुराने लगा.

अतुल:- मई वो डॉक्टर नहीं जो सिर्फ दवाई के बारे में जानता ho...Dawaai के साथ साथ जेहेर का भी अच्छा पहचान है.

सकिसोर (कैची) के साथ साथ तलवार भी चलना आता है जो गाला (नैक) काटने में काम आता है.

अमित:- तू नहीं maanega...Tera अकड़ कैसे ठिकाने लगाना है ये मई अच्छे से जानता हु.

इतना कह कर अमित अतुल की तरफ बढ़ता hai...Wo कुछ करता उससे पहले hi अतुल एक पंच अमित के मुंह पे मारता है.

अमित के नाक से खून बहने लगता है.

अतुल:- मैंने 100 से ज्यादा जान बचाया hai...Bhagwan मुझे 1 या 2 खून के लिए जरूर माफ़ करेगा.

साला मुझे मारने की धमकी देता hai...Open challenge...Agar दम और हिम्मत हो तो आ जाना कभी bhi...Lekin इतना जरूर याद रखना की तू दो टांगो में घर वापस जा नहीं पायेगा.

प. डैड:- ये सब क्या चल रहा है.

अतुल:- अंधे तो नहीं है aap...Dekh hi रहे होंगे सब कुछ.

प. डैड:- हम लोग यहाँ रिश्ता की बात करने आये है और तुम.

अतुल:- रिश्ता के साथ साथ मुशीबत को भी ख़त्म करने.

प. डैड:- लेकिन तुम्हारी प्रॉब्लम क्या है?

अतुल:- बेवकूफ hi रहेंगे आप hamesha...Bahut बार कह चूका हु लेकिन आप समझेंगे नहीं.

प. डैड:- अच्छा वो ladki...Kya रखा है उस लड़की में?

अतुल:- जुबान संभल kar...Nisha सिर्फ लड़की नहीं जिंदगी है मेरी.

ये Preeti...Kya रखा है isme...Akal नाम की तो चीज nahi...Bewkoof, murkh...Aakhir बेटी जो आपकी hai...Ghamand, झूठी शान आपकी तरह आपकी बेटी में भी है.

प. डैड:- Hey...Jara संभल kar...Izzat से बात करो.

अतुल:- Izzat...Boliye कैसा इज़्ज़त chaahiye...Aapko लात मार कर निकालू, थप्पड़ मार कर या धक्का दे कर.

प्रीती के पापा कुछ देर के लिए अतुल को गुस्से से देखते है.

प. डैड:- मई अपनी बेटी की ख़ुशी के लिए कुछ भी कर सकता हु.

अतुल:- और मई अपने प्यार के लिए.

फिर प्रीती की फॅमिली वह से निकल जाती hai...Jaate वक्त अतुल अमित को एक बार फिर घूरता है.

और वह रह जाती है प्रीती और रिया.

प्रीती:- मानती हु जो भी पापा और भैया ने कहा गलत है.

लेकिन ाअखिर मुझमे ऐसी क्या बात नहीं जो निशा में है?

प्रीती की बात सुन अतुल गुस्से में भी हसने लगता है.

अतुल:- ना समझ hi rahegi...Agar समझती तो कभी मेरे पीछे पड़ी नहीं रहती.

रिया:- तुमने पापा के साथ बहुत गलत तरीके से बात किया.

अतुल:- भाभी आपको आग से खेलने का बहुत शौख hai...Sambhal ke...Kahi जल कर राख न हो जाए.

फिर अतुल वह से अपने रूम चला जाता है.

ा. डैड:- (इन हिज मंद) गौरव की शादी रिया से करना hi एक भूल tha...Inka फॅमिली और torture...Thak gaya...Accha किया अतुल ने जो आज अच्छे से बेइज्जत कर के निकाल दिया.

अतुल अपने रूम में पहुंचने के बाद पर्स से निशा की फोटो निकलता है.

अतुल:- बहुत खुश हु मई jaan...Tumhe खुश देख कर.

हमेशा ऐसी hi खुश रहो tum...Jo ख़ुशी मई तुम्हे नहीं दे पाया वो कही और से hi सही तुम्हे मिल तो रहा है.

भगवान् का भी शुक्र गुजार हु जिन्होंने मेरा दुआ का मान रखा और तुम्हे वो साड़ी खुशियां दे दी जो तुम्हे चाहिए थी.

और मेरा kya...Mera खुशियां तो तुम्हारी ख़ुशी में है.

और जानती हो आज क्या hua...Jo लोग हमे अलग करने की साजिश करते थे आज फिर उन्होंने वही कोशिश kiya...Alag करना चाहते थे tumse...Lekin कर सकते है क्या? इतना कमजोर प्यार है हमारा? Nahi...Ye प्यार तो तुमसे पूरी जिंदगी भर के लिए है.

वन्स ा लवर, ऑलवेज ा लवर.

इतना कह कर अतुल निशा की फोटो अपने छाती से लगता hai...Ek बार फिर उसकी आँखें भर aaya...Iss बार आंसू था ख़ुशी ka...Nisha की खुशियों का.
 
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