Kasam - Love is not Everything (Completed) - Page 12 - SexBaba
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Kasam - Love is not Everything (Completed)

अपडेट 89

कुछ दिनों से आप किसी सोच में खोये है? क्या बात है?

कुछ नहीं?

इतना कह कर वो उठ कर जाने hi वाले थे की.

आपको बताना होगा पापा?

कुछ देर तक वो अपनी बेटी को देखते hi रहे और साथ में सोच भी रहे थे की उन्हें क्या करना चाहिए.

कुछ समझ में नहीं आ रहा है निशा.

निशा अब्ब और भी गौर से पापा को देख रही thi...Yakin तो हो गया था उससे की पापा उससे कुछ छुपा रहे है.

निशा:- सच सच बताइये पापा.

न. डैड:- (थोड़ा हिम्मत जूता कर) मई अतुल से मिलने गया था.

Atul...Ye सिर्फ नाम नहीं था निशा के liye...Ek इमोशन thi...Ek फीलिंग थी.

बे इन्तेहाह प्यार से ले कर असहनीय dard...Har वो फीलिंग एक पल में hi निशा की दिल में घर कर गयी.

बहुत से सवाल the...Bahut कुछ जाना tha...Dil एक बार फिर तेजी से धड़क रहे the...Dimaag काम करना बंद कर चूका था.

बस वो अपने पापा को hi देख रही thi...Atul के बारे में सुनने को दिल मचल रही थी.

एक बार फिर हिम्मत कर के निशा के पापा ने बोलना सुरु किया.

न. डैड:- 2 दिन पहले अतुल से मिलने गया tha...Uska घर?

निशा:- आपको वो कैसे मिला?

निशा की पापा अपनी साड़ी कहानी निशा को सुनाते hai...Kaise उनका एक्सीडेंट hua...Vakt रहते hi अतुल ने उनको हॉस्पिटल पहुंचाया और उसके बाद सब का सब कुछ.

निशा की पापा उनको कहानी यो सुना रहे the...Lekin निशा अपनी hi दुनिया में खोयी थी.

निशा:- (इन हेर मंद) मुझे पता था अतुल वो तुम hi thhe...Hospital me...Dekh तो नहीं paayi...Lekin तुम्हारी मौजूदगी की एहसास से कैसे अनजान रह सकती हु.

बहुत प्यार की बातें करते थे ना tum...Kaha गया तुम्हारा वो pyar...Ek पल में hi पराया कर diya...Ek बार मिलना जरुरी भी नहीं समझा.

तुमने पापा की जान बचाई इसके लिए जिंदगी भर तुम्हारा आभारी रहूंगी.

निशा:- आपने मुझे पहले बताया क्यों नहीं?

न. डैड:- यही तो सोच रहा था बताओ या नहीं? और बताता भी तो कैसे?

निशा:- कैसा है वो?

ये सवाल पूछते वक्त निशा की दिल जोरो से धड़क रहा tha...Man hi मन वो भगवन से दुआ मांग रही थी.

निशा की पापा अपने मोबाइल से अतुल की एक फोटो दिखाते hai...Sabhi से छुप कर एक फोटो खूनच लिया था उन्होंने.

अतुल का फेस देखते hi निशा की होंठो में एकदम से मुस्कान आ gaye...Bahut गौर से वो अतुल को देख रही thi...Sirf साइड के बाल थोड़ा और सफ़ेद हो गए tha...Warna आज भी अतुल पहले जैसा hi था..निशा की अतुल...हैंडसम, स्मार्ट एंड चार्मिंग.

अतुल:- Ouch...Kya कर रही हो?

थोड़ा दर्द में अतुल ने बोलै.

निशा:- ये क्या है?

अतुल को घूरते हुए निशा ने पूछा.

अतुल:- मेरा बाल (हेयर) है.

निशा:- वो तो मुझे भी पता hai...Ye बताओ की ये सफ़ेद क्यों है?

अतुल:- खबरदार जो मेरा इस बाल को सफ़ेद kaha...Isse कहते है साल्ट एंड पीपर हेयर style...Naya स्टाइल आया है मार्किट में.

निशा:- नहीं चाहिए मुझे बुद्धा bf...Aur ऐसी स्टाइल.

अतुल:- बुद्धा किसको बोल रही हो?

(कान में) एक बार चांस तो दो साबित कर दूंगा बुद्धा नहीं जवान hi हु अभी भी.

निशा अतुल को पहले तो घूरती है फिर मारने लगती है.

निशा:- अगली बार ऐसी बकवास किया ना तो चप्पल से मारूंगी.

अतुल:- अच्छा accha...Sorry baba...Abb ऐसी मजाक नहीं करूँगा.

अतुल खुद को निशा से बचाते हुए भाग रहा था.

अतुल:- अगर बर्फ नहीं चाहिए तो ब्रेक उप कर सकती ho...Accha ऑफर है.

निशा:- यही तो प्रॉब्लम hai...Naa तुमसे दूर जा सकती हु और ना hi तुम्हारे साथ इर्रिटेट हो सकती हु.

अतुल:- वैसे जोड़ी सही है hamaari...Irritating बर्फ एंड बोरिंग गफ.

निशा:- बोरिंग गफ किसको बोलै?

फिर सुरु होता है भाग daud...Atul भाग रहा था और निशा पीछे उससे मारने के लिए.

आज ये बातें सोच कर निशा मुस्कुराये जा रही thi...Kitne हस्सें पल थे वो जिंदगी ki...Pyar hi Pyar...Aur सिर्फ मस्तियाँ.

और आज का din...Gham और तन्हाइयों से भरा हुआ.

न. डैड:- खुश है वो अपनी जिंदगी में.

निशा ने मन में hi भगवान् को शुक्रिया kaha...Bicchadne के बाद से यही तो थे उसकी सिर्फ एक ख्वाहिश.

न. डैड:- शादी कर लिया है usne...Biwi और बच्चा के साथ खुश है.

ये बातें सुनते hi निशा अपने पेअर (लेग) पर कड़ी नहीं रह saki...Wo जा कर बिस्तर पर गिर पड़ी.

न. डैड:- निशा.

चिल्लाते हुए वो निशा की तरफ आगे बढे.

निशा:- मई ठीक हु.

अतुल:- क्या यही है तुम्हारा आखिरी फैसला?

लगभग रट हुए अतुल ने पूछा.

निशा:- हां.

निशा का भी हाल वैसा hi था.

अतुल:- और हमारा प्यार का क्या?

निशा:- प्यार करती hu...Bahut प्यार करती hu...Lekin अपने माँ और पापा से भी प्यार करती hu...Apne प्यार अपने स्वार्थ के लिए उनकी इज़्ज़त को मिटटी में मिला भी तो नहीं सकती.

अगर ऐसा किया तो एक बाप का अपनी बेटी पर से विश्वाश उठ jaayega...Nahi एक प्यार के लिए दूसरे प्यार को कुर्बान नहीं कर सकता.

अतुल:- क्या जी पाओगी मेरे बिना? मई तो नहीं जी पाऊंगा यार तुम्हारे bina...Meri जिंदगी तुम से hi सुरु है और तुम तक hi ख़त्म.

निशा:- जीना पड़ेगा.

अतुल:- नहीं मुझसे नहीं होगा.

निकहा:- कोशिश karo...Jarur hoga...Mai लिख कर देती hu...Kuch सालो में hi तुम सब कुछ भुला कर आगे बढ़ जाओगे और सब कुछ ठीक हो जाएगा.

अतुल:- (अपने गले का रुद्राक्ष पर हाथ रख कर) भोले नाथ की kasam...Tumhare अलावा और किसी लड़की की तरफ देखूंगा भी नहीं.

निशा:- (इन हेर मंद) कितनी आसानी से अपने कसम तक को भुला दिया Atul...Tumhe वो कसम खाना hi नहीं चाहिए tha...Khair भोले बाबा तुम्हे माफ़ कर denge...Tumne अपने अच्छाई के लिए कसम को तोडा hai...Samajh जाएंगे वो.

और जरुरी भी tha...Aise कब तक आवारा hi भटकते रहते.

अच्छा लग रहा है तुम्हारे बारे में जान kar...Tum हमेशा खुश raho...Yahi दुआ थी और rahegi...Jo प्यार और खुशियां तुम मुझे देना चाहते थे वो अपनी पत्नी को देना.

निशा अतुल के लिए बहुत खुश thi...Itna खुश थी की उससे अपने दिल में उठ रहे दर्द का कोई एहसास तक नहीं था.

अचानक से उससे कुछ याद aaya...Wo किसी को फ़ोन करने लगी.

दूसरी तरफ से आवाज आया.

है निशा बोलो.

निशा:- Hello Ravi...Tum जीत गए.

रवि:- क्या?

निशा:- तुमने जो कहा वो सच साबित hua...Atul ने शादी कर लिया है.

दूसरी तरफ से हसने की आवाज aayi...Hansi में भी रवि का ख़ुशी साफ़ दिख रहा था.

रवि:- ी कनेव it...Mujhe यकीं था.

इतना कह कर रवि फ़ोन कट कर देता है.

और यहाँ Nisha...Khaamosh सी बैठी thi...Kabhi उसके चेहरे में ख़ुशी के भाव आते तो कभी बदल कर ग़म के बादल उसके चेहरे को धक् देते.

और एक लाचार पिता जो अपने बेटी को हर रोज ऐसी hi हालत में देख रहे the...Har पिता का धर्म होता है अपने बच्चो का रक्षा karna...Unko मुशीबत से दूर rakhna...Lekin वो चाह कर भी ऐसा नहीं कर पा रहे thhe...Shayad किस्मत भी उनसे खफा हो गयी थी.

[Note:- Pending replies tomorrow.]
 
इतना ाशन सिचुएशन भी नहीं था bhai...Kis मुंह से वो अतुल से ये सवाल पूछते? वो अतुल के घर तक तक गए और अतुल का सामना कर सके इतना करने में भी बहुत हिम्मत था... और अतुल का बॉडी लैंग्वेज और सिचुएशन ऐसा था की कोई भी ऐसा hi समझता.

और निशा को ये बताया भी इसलिए की वो भी आगे बढ़ सके अपनी लाइफ me...Koi भी पिता आखिर यही चाहता hai...Bas हुआ तो सिर्फ ग़लतफहमी.

स्टोरी में आपका स्वागत है bhai...Saath बने रहिये :).
 
फ्लैशबैक अब्ब ज्यादा नहीं hai...Preeti से रिलेटेड कुछ इवेंट्स एंड अतुल और निशा का जुदाई का सन.

रोमांस और पैन अल्टेरनाटेली आते rahenge...Ye अपडेट में पैन था पिछले अपडेट में romance...Dono को साथ ले कर चलता रहूँगा bhai...Romantic अपडेट को और भी बेहतर बनाने की कोशिश करूँगा bhai...Bas आप सब साथ बने रहिये. :)
 
थैंक्स किल्लर भाई फॉर योर सपोर्ट एंड रिव्यु.

जान कर बहुत अच्छा लगा की आप स्टोरी को इतने लगाव से पढ़ते hai...Bhai प्यार में बिछड़ने का दर्द सेह कौन सकता है? लेकिन सहना पड़ता है. :(

मैंने भी सुरु में जब स्टोरी लिखना सुरु किया था तब पेनफुल प्लाट में लिखने की हिम्मत नहीं किया tha...Yahi वजह था मेंटालिटी और एक भूल में दर्द ना के बराबर लिखा था.

फिर कोशिश किया थोड़ा दर्द भरी कहानी भी लिखा jaaye...Kasam और Khawhishein...Kasam लिखना तो और भी मुश्किल hai...Khud के hi करैक्टर पर दर्द और फिक्शन लिखना पद रहा है.

अपडेट लिखते वक्त तो कभी कभी खुद hi ग़म में डूब जाता hu...Dil टूटने की आवाज इसलिए नहीं आता होगा क्यों क्यों की हम खुद उससे आने नहीं dete...Kisi को बताना नहीं चाहते अपने दिल की dard...Jhuthi हंसी में सेह लेते है वो दर्द.

साथ बने रहिये भाई.
 
फ्रेंड्स नेक्स्ट अपडेट ों tomorrow...Aaj hi देना देना ता था बूत आज लिखने की हालत में नहीं hu...Socha था पोस्टिंग में डेली अपडेट दूंगा बूत सिचुएशन बिलकुल hi अलग है.

5 दिन में गांव का सभी घर जाना पद रहा hai...Sabhi से डेमोग्राफी एंड हेल्थ रिलेटेड क़ुएस्तिओन्स pucho...Blood प्रेशर मैसूर karo...Baccho का एआरएम मैसूर karo...Wo भी हर दिन कड़ी धुप me...Dimaag काम करना बांड कर देता है कभी कभी.

कल पोस्टिंग का लास्ट डे hai...Uske बाद रिपोर्ट बनाने के लिए 2 वीक का टाइम hai...Ummeed है उस वक्त थोड़ा फ्री rahunga...Sirf उम्मीद कर रहा हु सूरे वह भी नहीं हु.

सॉरी फॉर डिसअप्पोइंटिंग बूत अभी लिखने की हालत में नहीं हु.
 
अपडेट 90

अतुल क्या हुआ?

अचानक से अतुल को बेचैन देख श्रेया बोली.

जवाब दिए बिना hi अतुल कभी अपने टेबल पर रखे चमच (स्पून) को टेबल पर maarta...Kabhi अपने बाल पर हाथ ferta...Gusse में उसका चेहरा लाल हो गया tha...Gusse में कभी वो सामने की तरफ देखता तो कभी निचे की तरफ देख कर अपने चेहरे को हाथो में छुपा लेता.

अतुल:- चलो यहाँ से.

बेचैन हो कर अतुल ने कहा.

श्रेया:- कहा?

अतुल:- बाद में bataunga...Abhi चलो यहाँ से.

इस बार अतुल की आवाज में बेचैनी के साथ गुस्सा भी था.

श्रेया आरव के साथ अतुल के पूछे पीछे चलने लगती है.

अतुल

एक प्यारी सी आवाज अतुल की कानो तक pahunchi...Aawaj का असर एक दम से दिल पर hua...Dil जैसे धड़कना hi बंद कर diya...Iss प्यारा सा एहसास ने अतुल को ना चाहते हुए भी उस तरफ मुड़ने पर मजबूर कर दिया.

अतुल का अंदाजा गलत नहीं tha...Galat हो भी नहीं सकता tha...Saamne निशा thi...Aankho में प्यार hi प्यार था अपने अतुल के liye...Aur एक संतुष्टि 5 साल बाद अतुल से मिलने ki...Jis वक्त का वो पल पल इंतजार कर रही थी.

अतुल को देखने भर से उसका सारा दर्द सुर ग़म को भुला खुशियां और मुस्कान में बदल gaya...Wo बस प्यार भरी निगाहो से अतुल को देखती hi रही जैसे की ये पल कभी ख़त्म hi न हो.

अतुल भी निशा की आँखों की गहराई में खो gaya...Dil में न जाने कितने अरमान वापस जिन्दा हो गए.

लेकिन किस्मत का khel...Agle hi पल अतुल का नजरे बदलने लगे.

निशा:- क्या हुआ अतुल?

प्यार से निशा boli...Atul अभी भी उससे ऐसे नजरो से देख रहा था जैसे उससे पहचाने की कोशिश कर रहा है.

अतुल:- तुम?

अतुल ने जैसे सोचते हुए kaha...Sir के पीछे हाथ ले जा कर.

अतुल:- ओह्ह achha...Tum निशा हो न.

अतुल ने हँसते हुए कहा.

निशा के लिए ये किसी झटके से काम नहीं था.

निशा:- अतुल ये तुम क्या कह...

अतुल:- Sorry...Pehchaan नहीं पाया tha...Oh क्या है न की दिल से तो तुम बहुत पहले hi बदल गयी thi...Abb तो शरीर से भी बदल गयी हो.

भैंस जैसा मोटा जिस्म, Sugga(Parrot) जैसे नाक और बातक (डक) जैसा होंठ.

अतुल ने मजाक उड़ाते हुए कहा.

निशा अभी भी हैरानी में अतुल को देख रही thi...Gusse से कही ज्यादा उससे दुःख हो रहा tha...Kabhi सोचा भी नहीं था उसने जिससे वो इतनी प्यार करती है वो सारे रेस्टोरेंट में इतने लोगो के बिच उससे ऐसे जलील करेगा.

फिर अतुल का नजर पड़ता है सामने खड़ा रवि पर.

अतुल:- कैसा है लूज़र?

रवि:- कौन लूज़र.

अतुल:- अबे तुझ से hi बात कर रहा hu...Apna औकात भूल गया क्या?

दुनिया भर की नफरत अतुल की जुबान पर था.

रवि:- सोच समझ कर बोल...

रवि कुछ बोलता उससे पहले hi...

अतुल:- आवाज निचे.

रवि:- तू अपने आप को...

अतुल:- दो थप्पड़ लगाऊंगा कान के niche...Bola न आवाज काम.

अतुल ने धीरे से hi कहा लेकिन आँखों में इतना गुस्सा था की रवि भी कुछ देर के लिए चुप हो गया.

रवि:- अजय की दम पर इतना उछाल रहा है न.

अतुल:- अब्ब अजय कहा से बिच में आ gaya...Aur अजय का नाम इज़्ज़त से le...Baap है वो तेरा.

तेरी जिंदगी बचाया है उसने उस din...Warna पता नहीं तेरा क्या हाल karta...Dil तो कर रहा था जमीन में गाड़ दू तुझसे.

रवि:- मई चुप हु इसका मतलब...

अतुल:- वर्ण क्या करेगा? मेरा थूका हुआ चाटने की hi औकात है tera...(Nisha की तरफ देख कर) उस दिन भी और आज भी.

अब्ब निशा और सुन नहीं paati...Apna हाथ घूमा कर एक जोड़कर थप्पड़ अतुल की गालो पर मारने hi वाली थी की बिच में अतुल उसका हाथ पकड़ लेता है.

अतुल:- No निशु no...Sochna भी mat...Abb तुम्हारा वो आशिक़ नहीं रहा जो तुम्हारा हर नखरे झेलता था, मन मानी सेहत tha...Abb हाथ उठाओगी तो हाथ तोड़ने में वक्त भी नहीं लगेगा.

अतुल फिर निशा का हाथ झटक देता है.

निशा अब्ब खुद को रोक नहीं paati...Abb उसकी आँखों से आंसू बहने लगते hai...Beizzati की आंसू वो भी अपने hi प्यार se...Sab लोग उन्हें hi घूर रहे थे लेकिन सब चुप the...Shayad इस तमाशा का मजा ले रहे the...Free का एंटरटेनमेंट जो चल रहा था.

निशा:- ऐसा क्यों कर रहे हो तुम?

अतुल:- मई क्या कर रहा हु.

हँसते हुए चारो तरफ देख अतुल बोलै.

निशा:- तुम बिलकुल बदल गए हो?

शिकायत भरी आवाज में निशा ने पूछा.

अब्ब सीरियस हो कर....

अतुल:- है बदल गया hu...Bahut पहले बदल जाना चाहिए tha...Vakt रहते hi एक बेवफा की प्यार को समझ जाना चाहिए था.

निशा:- कौन बेवफा?

अतुल:- तुम.

निशा पर ऊँगली दिखाते हुए अतुल ने कहा.

निशा:- बस एक hi sawaal...Tum मुझसे प्यार नहीं करते?

अतुल:- नहीं.

सीधा जवाब अतुल ने निशा की आँखों में देख कर कहा.

निशा:- तो फिर पापा से क्यों कहा की तुम अभी भी मुझसे प्यार करते हो?

अतुल:- उन्होंने सब उगल diya...Wo इस लिए की उन्हें सोचने के लिए मजबूर कर रहा था की उन्होंने जो भी किया गलत kiya...Jaisa मई तड़पा था उन्हें भी तो तड़पना चाहिए.

निशा:- और उन्हें हॉस्पिटल में एडमिट करना?

अतुल:- बेवक़ूफ़ hi रहोगी tum...Agar एक डॉक्टर पेशेंट को नहीं बचाएगा तो क्या करेगा?

क्या मैंने उन्हें घर बना कर diya...Ya फिर उनके लिए केस lada...Unke लिए खेती करके उनको 2 बोरी चावल दिया.

वो पेशेंट थे और मई doctor...Bas इतना hi.

वो सामने एक कुत्ता देख रही हो (गेट के बाहर दिखाते हुए) अगर वो भी जख्मी हो गया तो उसका भी इलाज karunga...Abb बताओ उस कुत्ता में और तुम्हारे पापा में क्या फर्क है?

निशा:- अतुलललललल

गुस्सा में चिल्ला कर अतुल को घूरने लगी वो.

अतुल:- आवाज niche...Waise भी हकीकत यही है.

फिर कुछ देर एक ख़ामोशी छ जाती hai...Atul कुछ बोल नहीं रहा tha...Nisha गुस्से से अतुल को घूर रही thi...Andar hi अंदर दर्द भी इतना हो रहा था की खुद से hi वो सवाल कर रही थी, "क्या ये वही अतुल है जिसे वो इतना प्यार करती थी"?

श्रेया अतुल की रूप पर हैरान thi...Ravi बस अतुल और निशा की लड़ाई से खुश tha...Aarav भी चुप था और अतुल का गुस्से से दर रहा tha...Log फ्री का एंटरटेनमेंट का पूरा मजा ले रहे थे.

होटल का ओनर अतुल का दोस्त tha...Iss लिए अभी भी शांत thhe...Warna सभी को बाहर निकाल चुके होते.

अतुल:- बी थे way...Meet माय वाइफ श्रेया.

श्रेया को अपने पास ला कर निशा से इंट्रोडस karwaya...Jo बात अपनी पापा से सुनने के बाद निशा विश्वाश नहीं कर रही थी आज अतुल ने खुद ये बोल कर साबित कर दिया.

श्रेया भी हैरानी से अतुल को घर रही थी.

अतुल:- श्रेया ये है Nisha...Bataya था न मेरा ex-girlfriend...Kaise इसने मुझसे प्यार का नाटक किया और आखिरी वक्त पर मुझे धोखा दे कर इस नमूना (रवि) से शादी कर ली.

निशा:- अतुल...

अतुल:- तुम तो कुछ बोलो hi mat...Rk बात सुन लो.

दुनिया में अच्छे लोगो की कमी नहीं hoti...Tumne हाथ छोड़ दिया लेकिन जल्द hi मेरा हाथ थामने वाली मुझे मिल gayi...Meri Shreya...Abb जा कर मुझे सच्चे प्यार का एहसास हुआ है.

अब्ब समझ में आ रहा है कितना बेवक़ूफ़ था मई जो तुम्हारे प्यार में खुद को बर्बाद करने जा रहा था.

निशा:- जिंदगी भर साथ ना छोड़ने की कसम खाने wala...Aaj तुम्हे भी देख लिया.

अतुल:- बेवफा से तोडा गया कसम कोई पाप nahi...Galti तुम्हारा tha...To मई क्यों बेवफा को दिए हुए कसम की वजह से घुट घुट कर जियु.

है ये कसम अगर श्रेया से किया होता तो जरूर nibhata...Wo तुम्हारी तरह बेवफा तो नहीं है.

अतुल जान बुझ कर बेवफा शब्द पर जोर दे रहा था.

निशा:- अगर तुमने मुझसे प्यार किया होता तो मुझे samajhte...Meri मज़बूरी dikhti...Khair, बेवफा hi हु न मई तुम्हारे liye...Yahi सही.

अब्ब जाओ यहाँ se...Aur तमाशा मत बनाओ.

अतुल:- तमाशा मई बना रहा hu...Mai तो अपने रास्ते जा रहा tha...Tumne hi मुझे रोक कर तमाशा बनाया है.

निशा:- ाचा मैंने hi तमाशा बनाया hai...Jaa रही हु.

निशा ने ये कह तो diya...Lekin मन hi मन एक आवाज उठ रही thi..."Please रोक lo...Aur बोलंदो की ये सब मजाक है." लेकिन

अतुल:- तो जाओ ना.

निशा:- जिंदगी में फिर कभी तुम्हारी शक्ल नहीं dekhungi...I हेट यू.

अतुल:- ी हेट यू तू.

अतुल की होंठो में एक शैतानी मुश्कान tha...Abb निशा और बर्दास्त ना कर सकीय.

वो वह से जाने lagi...Fir पीछे मूड कर.

निशा:- श्रेया.

श्रेया निशा के पास गयी.

निशा:- अतुल का ख्याल rakhna...Wo बहुत अच्छा लड़का hai...Tumhe बहुत प्यार करेगा, तुम्हारा ख्याल rakhega...Bas मुझसे नाराज है इसलिए ऐसा बोल रहा है.

हम दोनों का साथ में रहना शायद किस्मत को मंजूर nahi...Par अब्ब वो तुम्हारी जिम्मेदारी hai...Tum दोनों हमेशा खुश रहो.

दिल पर पत्थर रख कर निशा ये सब बोले जा रही thi...Apne प्यार को दूसरे को saupna...Na जाने क्या गुजर रहा था निशा के दिल par...Lekin उसने हिम्मत कर के बोल दिया.

श्रेया ने कुछ जवाब नहीं diya...Par उससे देख कर निकहा को विश्वास हो गया.

अब्ब निशा वह से चली gayi...Shayad हमेशा हमेशा के लिए.

रवि भी ख़ुशी से झूमता हुआ निशा के पीछे चलता रहा.

रवि:- तुम इतना घटिया इंसान से प्यार करती थी.

रवि अभी भी निशा को भड़काने की पूरी कोशिश कर रहा tha...Par निशा ने कोई जवाब नहीं दिया.

दूसरी तरफ अतुल भी श्रेया और आरव के साथ चल रहा था.

अतुल की आँखों में आंसू आ गए the...Aankh और मुट्ठी को जोर से भींच लिया था usne...Shreya के मन में भी बहुत से सवाल थे जो वो अभी इस वक्त पूछ नहीं सकती थी.

आरव बेचारा डरते हुए अतुल को देख रहा tha...Usne कभी किसी को इतना गुस्सा में नहीं देखा था.

अतुल अंदर hi अंदर कभी रो रहा था तो कभी खुद पर hi हंस रहा tha...Apni किस्मत par...Apni मज़बूरी par...Bahut hi अजीब हालत हो गया था uska...Na जाने ये प्यार इंसान से क्या क्या करवाता है?
 
थैंक्स आर्यन भाई फॉर योर सपोर्ट एंड review...Khwahishein मई अजित और कसम में Atul...Dono का शामे प्रॉब्लम hai...Jindagi के ऐसे मोड़ में आ गए है दोनों जहा से उन्हें लगता है की वो अपने प्यार के साथ जी नहीं sakte...Iss लिए अपने प्यार की ख़ुशी के लिए दोनों ऐसा कर रहे hai...Atul का मज़बूरी नेक्स्ट अपडेट में पता चल jaayega...Saath बने रहिये भाई.
 
No नीड तो अप्पोलोजिज़े bhai...Positive क्रिटिसिज्म इस ऑलवेज welcome...Abhi स्टोरी ऐसे hi मोड़ पर hai...Jaha साद मोमेंट्स hai...Flashback में कुछ रोमांटिक उपदटेस है और एंडिंग me...Story को एन्ड रोमांटिक एंड हैप्पी एंडिंग से karunga...Maybe श्रेया और निशा...एक रोमांटिक अपडेट आने वाला है नेक्स्ट अपडेट के बाद के अपडेट में...साथ बने रहिये भाई.
 
अपडेट 91

तुम्हारी आँखें क्यों सुझा हुआ है?

छत में जाते hi अतुल से श्रेया ने सवाल kiya...Shreya ऐसे hi छत पर घूम रही थी की तभी अतुल भी वह आ गया.

अतुल:- कॉकरोच को मारने वाला स्प्रे गलती से आँखों में लग गया.

श्रेया:- और कितना झूठ बोलोगे?

अतुल:- जब पता hi है तो क्यों पूछ रही हो?

श्रेया:- देखना चाहती हु की और कितना झूठ बोल सकते हो?

अतुल:- और कर भी क्या सकता हु?

श्रेया:- आज जो कुछ भी तुमने किया वो सब जरुरी था क्या?

श्रेया सीधे मुद्दे पर आ gayi...Atul की वो बातें उससे बिलकुल भी पसंद नहीं आया था.

अतुल:- जरुरी था.

श्रेया:- ऐसी क्या जरुरी था की तुम्हे अपने hi प्यार को जलील करना पड़ा इतने लोगो के बिच? निशा di...Unka pyar...Unki khushiyan...Jo इतने सालो बाद तुमसे मिलने पर उन्हें मिली thi...Tumhari दो बातों ने उन्हें कितना दुःख दिया है जानते हो तुम?

और ऐसी क्या जरुरी था की सच्चा प्यार नफरत में बदल जाए?

श्रेया की सवाल पर तो अतुल कुछ देर चुप raha...Fir muskuraya...Aur बोलना शुरू किया.

अतुल:- जानती हो Shreya...Jab हम अलग हुए thhe...Karib 1 महीने baad...Jab तुम्हारे गांव में आया था एक डॉक्टर बन कर.

उस वक्त अकेले में बैठ कर रोटा था, तड़पता था और हर पल याद करता था अपनी निशु ko...Bardaast नहीं कर पाटा था उससे अपनी duriyan...Apne किस्मत पर गुस्सा आता था.

एक दिन ऐसे hi अपने किस्मत को hi चैलेंज कर diya..."Mujhe दोबारा निशा से कभी मत milaana...Warna उसको छीन लूंगा तुझसे (किस्मत से), पूरी दुनिया से."

(थोड़ा और मुस्कुरा कर) लेकिन देख लो aaj...Aaj निशा मेरे पास thi...Aur आज भी वो मुझसे प्यार करती hai...Beintehaah pyar...Lekin मई कुछ कर hi नहीं paaya...Himmat भी नहीं जूता पाया.

अपनी ख़ुशी से ज्यादा उसकी ख़ुशी का परवाह करने लग gaya...Kaise उसको छीन लू उसके hi khilaaf...Wo मेरी हो कर भी मेरी ना होती.

श्रेया अतुल की बातें hi सुन रही thi...Atul ने एक नजर उससे देखा और कहा.

अतुल:- निशा से पहले मैंने उससे देखा tha...Ravi के साथ किसी बात पर लड़ रही thi...Tumne पूछा था न मई इतना बेचैन क्यों हो रहा हु?

वही वजह tha...Achanak से इतने सालो के बाद निशा सामने आ gayi...Aankho में तो ख़ुशी tha...Pyar tha...Lekin dil...Dil बेचैन tha...Usse बात करने के लिए, प्यार करने के लिए, लड़ने झगड़ने के liye...Ek बार फिर मई से हम बनने के लिए.

लेकिन क्या कर सकता tha...Abb वक्त और किस्मत मेरे साथ नहीं tha...Kisi तरह नजरे चुरा कर भाग जाना चाहता था ताकि निशा मुझे देख ना सके लेकिन ऐसा नहीं हो सका.

श्रेया:- और वो गुस्सा?

अतुल:- वो साला रवि के liye...Apni निशु से कैसे गुस्सा हो सकता hu...Wo कमीना Ravi...Meri निशु से लड़ रहा tha...Dil तो कर रहा था कमीने का मुंह जा नक्शा hi बदल du...Lekin है तो वो निशा की pati...Kya कर सकता हु?

श्रेया:- निशा की पति ? तुम ऐसे कन्फर्म कैसे हो?

अतुल:- शादी में नहीं गया था unki...Lekin इतना जरूर जानता हु की उनकी शादी हो गयी hai...Rohit...Mera दोस्त था कॉलेज me...Usne hi bataya...Photo भी भेजा tha...Bahut हिम्मत जुटाने के बाद देख पाया था.

कुछ देर तक तो दोनों चुप rahe...Fir.

श्रेया:- लेकिन इतना जलील करना जरुरी था क्या? क्या तुम्हे लगता है तुमसे नफरत करने के बाद वो खुश रहेगी?

अतुल:- वो तो नहीं pata...Lekin नफरत नहीं करेगी तो खुश तो बिलकुल भी नहीं rahegi...Jis बात का दर था वही hua...Wo आज भी मुझे प्यार करती hai...Utna hi प्यार जो पहले करती thi...Itna प्यार करने के बाद वो कैसे आगे बढ़ सकती है.

जरुरी है की पहले वो मुझसे नफरत kare...Mere अलावा बाकी की चीजों पर ध्यान de...Ye आज संभव nahi...Kal भी नहीं...1 साल, 2 साल या फिर कुछ और saal...Mujhe भूलने के बाद जिंदगी उससे जीने की वजह तो दे hi dega...Dhire धीरे वो खुश होना सिख jaayegi...Usse होना hi पड़ेगा.

Ravi...Saala वो तो इतना कमीना है की क्या bataau...Lekin एक बात अब्ब अच्छा लग रहा है uska...Nisha से वो भी सच्चा प्यार करता hai...Ye मैंने भी महसूस किया है.

उम्मीद है दोनों धीरे धीरे ख़ुशी से आगे साथ रहे.

श्रेया:- क्या तुम्हे लगता है ऐसा होगा?

अतुल:- उम्मीद hai...Aur उम्मीद से hi किसी चीज की शुरुवात होती है.

श्रेया:- क्या तुम्हे बुरा नहीं लग रहा रवि और निशा की एक होने का सोच कर?

अतुल:- Bura...Bahut बुरा लगता hai...Jis इंसान को मई सबसे ज्यादा नफरत करता hu...Aaj निशा उसी की hai...Lekin क्या karu...Apne लिए सोचना तो बहुत पहले hi छोड़ दिया hai...Abb सिर्फ निशा की ख़ुशी की दुआ hai...Aur मई सिर्फ यही चाहता हु की निशा खुस रहे.

श्रेया:- फिर भी मुझे लगता है तुम्हे निशा दी से अच्छे से बात करना चाहिए tha...Wo भी खुश होती इतने सालो बाद मिलने se...Aur अगर निशा दी रवि के साथ खुश ना होती तो तुम दोनों एक भी हो सकते थे?

अतुल:- सच दीखता कुछ और है और होता कुछ aur...Nisha आज भी मुझसे उतना hi प्यार करती hai...Aur करती rahegi...Lekin ये भी सच है की वो चाहे कितनी भी दुखी क्यों ना हो वो मेरे साथ कभी नहीं आती.

अगर आना hi था तो पहले hi आ jaati...Social लाइफ भी कुछ होता hai...Pehle hi अपने पापा के लिए वो अपनी मर्जी के खिलाफ शादी के लिए तैयार हो गयी thi...Aur abb...Itna सब हो जाने के बाद?

मैंने आज जो भी किया वही सही laga...Abb अच्छा यही रहेगा की निशा अपनी लाइफ में आगे बढ़ jaaye...Abb इसा बात को और कम्पलीकाते ना करना hi ठीक रहेगा.

श्रेया:- क्या आज उनको इतना सब सुनाते वक्त तुम्हारा होंठ नहीं काम्पा?

अतुल:- बहुत baar...Aisa लग रहा था की कही मेरे अंदर की आशिक़ बाहर ना आ jaaye...Lekin किसी तरह कण्ट्रोल कर लिया.

श्रेया:- लेकिन झूठ bola...Kya ये सही था?

अतुल:- क्या बच्चो जैसी बातें कर रही हो? मई बस एक साधारण (सिंपल) इंसान hu...Jab धर्म के लिए धर्मराज युद्धिष्ठिर भी झूठ बोल सकते है तो मई अपने प्यार के लिए क्यों नहीं बोल sakta...Uski ख़ुशी के लिए.

और ये jhuth...Koi नयी बात नहीं है मेरे liye...Khud से hi कई बार झूठ बोल चूका हु.

श्रेया:- खुद से?

अतुल:- है बहुत baar...Khud से hi झूठ बोलता हु की मई खुश हु... और जिंदगी में आगे बढ़ रहा hu...Lekin सच कुछ और hai...Aaj भी निशा के प्यार में मई वही खड़ा हु जहा से मई निशा से अलग हुआ था.

एक दर्दनाक मुस्कान के साथ अतुल ने कहा.

श्रेया:- और तुम? अब्ब तुम क्या करोगे?

अतुल:- Mai...Kuch भी तो nahi...Ye जिंदगी मैंने किस्मत की हाथों छोड़ दिया hai...Uski marji...Mujhe कही भी ले jaaye...Chala jaaunga...Aankhein बंद कर ke...Aur अब्ब तो आदत हो गयी है ऐसे hi जीने की.

है लेकिन जब तक जिन्दा hu...Dua करता rahunga...Apni निशु के liye...Uski ख़ुशी के लिए.

जब भी निशा की नाम अतुल को जुबान पर आता अचानक से उसकी होंठो पर प्यारा सा मुस्कान फ़ैल जाता.

श्रेया बस अतुल को hi देख रही thi...Soch रही थी कैसा इंसान है ye...Kya प्यार किसी को इतना मजबूर कर सकता है, इतना पागल बना सकता है? क्या प्यार में इतना शक्ति होता है?

अतुल:- निशा बहुत खुबशुरत हो गयी है ना?

मुस्कान के साथ अतुल ने पूछा.

श्रेया:- बदसूरती की तारीफ़ करते हुए तुम नहीं थक रहे थे तभी तो.

अतुल:- वो तो ऐसे hi...Lekin झूठ बोलना आज भी ढंग से नहीं सिख पाया.

श्रेया:- Haa...Nisha दी बहुत खुबशुरत hai...Jitna तुम ने बताया था उससे भी कही ज्यादा.

अतुल:- दिल करता है बस देखता hi rahu...Aankho में hi कैद कर lu...Kahi जाने hi ना दू.

अतुल अपनी ख्वाब में खो गया था.

श्रेया:- मर Majnu...Abb हकीकत में आ जाइये.

फिर अतुल का चेहरा उतर गया.

श्रेया:- Sorry...Mai तो...

अतुल:- वैसे भी सच्चाई यही hai...Sach से कितना भाग सकता हु.

झूठी मुस्कान के साथ अतुल ने कहा.

श्रेया:- और मई?

अतुल:- क्या?

श्रेया:- मई कितनी खुबशुरत हु?

थोड़ी देर अतुल श्रेया को गौर से देखता hai...Fir.

अतुल:- तुम भी खुबशुरत ho...Lekin मेरी निशु जितनी नहीं.

श्रेया:- अच्छा.

झूठी गुस्सा के साथ अतुल ने कहा.

अतुल:- Haa...Meri निशु जैसी कोई नहीं.

मुश्कुराते हुए अतुल ने जवाब दिया.
 
अपडेट 92

रोल no. 10

अतुल:- प्रेजेंट सर.

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रोल no. 24

निशा:- प्रेजेंट सर

सभी का अटेंडेंस लेने के बाद.

डॉ. राहुल:- तुम दोनों खड़े हो जाओ. (अतुल और निशा को पॉइंट कर के.)

अतुल:- यस सर.

डॉ. राहुल:- कहा थे आप दोनों इतने दिन se...Darshan पाना hi मुश्किल हो गया hai...Students काम गेस्ट ज्यादा बन गए हो.

अतुल:- वो sir...Wo...

अतुल को समझ में नहीं आ रहा था आगे क्या bole...Sir से वो भी पूरी क्लास के सामने कह तो नहीं सकता था की वो क्लास बंक कर के डेटिंग जाता है.

राहुल सर कुछ क़ुएस्तिओन्स पूछते है अतुल और निशा दोनों se...Aur वो अच्छे से अंसवेरस देते है.

डॉ. राहुल:- बैठ jaao...Padhaai भी करते रहना.

अतुल:- जी सर.

अभिशेख:- (रवि का दोस्त) सर बस इतना hi...Itna क्लास बंक कर रहे है और आप हलके में ले रहे hai...Class के तोप्पेर्स हो कर बंक करते hai...Agar दूसरे स्टूडेंट्स भी यही सब सिखने लगे to...Ye गलत एक्साम्प्ले सेट कर रहे है और आप सपोर्ट कर रहे है.

अभिशेख को अतुल पहले तो घूरता है और कुछ कहने hi वाला था की...

डॉ. राहुल:- आगे कितना है तुम्हारा?

अभिशेख:- सर 21.

डॉ. राहुल:- और बाकी स्टूडेंट्स का?

अभिशेख:- 21 की अराउंड hi होगा.

डॉ. राहुल:- इतना आगे काफी है समझदार होने के liye...Bacche नहीं hi abb...Abb बात तुम पर देपेंद करता है की क्या नक़ल करते ho...Bunk करना सीखते हो या इनकी तरह पढ़ाई को कॉपी करते हो.

(तो आल स्टूडेंट्स) अब्ब आप सब समझदार हो गए hai...Aur आप पढ़ने आये hai...Aur वही करना चाहिए जिससे आपकी पढ़ाई और अच्छा हो sake...Kaise भी.

सही करते है या galat...Ye आपकी मेंटालिटी पर देपेंद करता है.

बंक मारना कभी एडवाइस नहीं karunga...Lekin अगर आप सब को लगता है की आप को लेक्चर पहले से आता है और आप को जरुरत नहीं है लेक्चर ki...Then माय लेक्टर्स अरे नॉट कंपल्सरी.

अभिशेख:- लेकिन ये दोनों बंक मार रहे है.

डॉ. राहुल:- पहले भी कह चूका hu...Agar किसी टॉपिक में नॉलेज अच्छा है तो लेक्चर कंपल्सरी नहीं hai...Mai ईगो में भी नहीं लेता की ये स्टूडेंट मेरा लेक्चर अटेंड नहीं karta...I वांट माय स्टूडेंट्स तो हैवे गुड नॉलेज ों एव्री topic...Aur haa...Mere क्लास में हो तो डिसिप्लिन और साइलेंस होना hi chaahiye...Hamesha से कह रहा हु.

अगर कोई हमेशा एब्सेंट होता है और उससे कुछ आता भी नहीं है तो मुझसे बुरा कोई नहीं होगा.

फिर अभिशेख भी बैठ जाता है उदास मन ले kar...Shaayad रवि bhi...Lekin रवि दिखा नहीं रहा tha...Aakhir अतुल के साथ झूठा दोस्ती भी तो दिखानी थी.

आफ्टर लेक्चर

अतुल:- (इन हिज मंद) टिपिकल girls...Kitna लेट कर रही है रेडी होने me...Aadhe घंटे से इंतजार कर रहा hu...Abhi तक नहीं आयी.

अपने बाइक के मिरर पर देखते हुए फ़्रस्ट्राटे हो कर अतुल अपने hi बाल नोच रहा था.

और जब निशा आती है तो हैरानी से अतुल का मुंह खुला का खुला रह जाता hai...Simple ड्रेस में भी निशा बहुत खूबसूरत लग रही थी.

निशा:- मुंह बंद कीजिये Mr...Kahi मच्चर (मॉस्क्वीटोएस) ना घुस जाए.

अतुल:- कोई बात nahi...Tumhara प्यार में मच्चर भी खा लूंगा.

निशा:- युक :युक: बहुत hi घटिया मजाक था.

अतुल बस हँसता रहता है.

अतुल:- क्या बात है मैडम? आज पहली बार dating...Aap की तरफ से.

निशा:- चलो pehle...Baad में बताती हु.

फिर दोनों बाइक में चल पड़ते है एक सफर par...Nisha रास्ता बताती है और अतुल उसी पर चलता है.

निशा:- मर. सामे गड्ढा नहीं है?

अतुल:- पता है.

निशा:- सामने गाडी भी नहीं है.

अतुल:- वो भी पता है.

निशा:- तो फिर इतना ब्रेक क्यों मार रहे है?

अतुल की पीठ (बैक) पर थोड़ा जोर से मार कर निशा ने पूछा.

अतुल:- Ouch...Wo तो ऐसे hi.

निशा:- अगली बार फिर ब्रेक मारा तो देख लेना.

निशा गुस्से में होने की दिखावा करते हुई बोली तो अतुल भी डरने की.

अतुल:- जो हुकुम मैडम.

फिर दोनों अपने मंजिल में आ पहुँचते hai...Jise देख अतुल एक बार फिर हैरान रह जाता है.

अतुल:- ये कहा?

सामने भगवन शिवा का मंदिर था.

निशा:- जनम दिन मुबारक हो मेरे बुद्धू gf...Happy बर्थडे.

अतुल कुछ देर सोंचता है और फिर यकीं हो जाता है आज hi उसका बर्थडे है.

अतुल:- थैंक यू माय स्मार्ट गफ.

निशा:- ये kya...Tumhe अपना बर्थडे भी याद नहीं?

अतुल:- पता नहीं kyu...Itna इंटरेस्ट बर्थडे पर कभी नहीं आया.

माँ और दी को पता hai...Unhone विश नहीं kiya...Shayad सरप्राइज hoga...Ajay बेवक़ूफ़ को भी पता hai...Wo भी सरप्राइज का सोच रहा hoga...Aur tum...Tumhara भी तो सरप्राइज hi hai...This इस ओने ऑफ़ थे मोस्ट सुर्प्रिसिंग बर्थडे विश एवर.

फिर अतुल प्यार से निशा को गले लगता है.

दोनों मंदिर में जाते है.

निशा वह अतुल के लिए पूजा करने लगती hai...Paas में hi खड़ा अतुल की आँखों में ख़ुशी के मारे कुछ बूँद आंसू चालक जाते है.

अतुल:- (इन हिज मंद) इतना pyar...Shayad मैंने भी नहीं किया hoga...Pyar करना तुमसे hi सीखा hai...Aur तुम्हारी प्यार hi तो है जो मुझे और भी प्यार करने पर मजबूर कर देता hai...Hamesha तुमसे प्यार करता rahunga...Will नेवर लेट यू जो.

पूजा करने के बाद निशा भी अतुल की आंसू देख लेती है और जवाब में मुस्कुराती है.

प्रसाद खिलाने के लिए निशा अपना हाथ आगे बढ़ाते हुए कहती है.

निशा:- नास्तिक तो नहीं हो.

अतुल अपने गले का रुद्राक्ष बाहर निकाल कर कहता है.

अतुल:- भगवान् शिवा का भक्त हु.

फिर निशा उससे अपने hi हाथो से प्रसाद खिलाती hai...Prasaad खाने के बाद अतुल लास्ट में निशा की उँगलियाँ भी चाट लेता है.

ये देख निशा उससे घूरने लगती है फिर अतुल मासूमियत का एक्टिंग करके निशा को हसने पर मजबूर कर देता है.

निशा:- जानती hu...Issi लिए ये मंदिर ले कर आयी हु.

अतुल:- कितना कुछ पता है तुम्हे मेरा पसंद और ना पसंद.

निशा:- पता करना पड़ता है Mr...Lekin आप है की मुझ में कुछ ध्यान देते hi नहीं.

अतुल:- मुझे भी सब पता है.

निशा:- अच्छा.

फिर निशा दो चार बातें पूछती hai...Atul जान बुझ कर उल्टा सीधा जवाब देती है जिससे वो मार खा sake...Aise hi दोनों के बिच माहौल और भी प्यारा हो जाता है.

निशा:- क्या सोच रहे हो?

अतुल:- यही की मेरा 1सत इंटरनेशनल ट्रिप कैलाश मानसरोवर यात्रा होगा.

निशा:- वाओ मई bhi...Mai भी chalungi...Ek बार भोले नाथ की दरहन करनी hai...Paas se...Aur वो बर्फीला jagah...Mujhe बहुत पसंद है.

निशा की ये ख़ुशी और एक्ससिटेमेंट देख कर अतुल भी खुश हो gaya...Achanak से एक मजाक उससे सुझा.

अतुल:- जरूर jaana...Lekin अफ़सोस मेरे साथ नहीं.

निशा:- क्यों?

अतुल:- क्यों की मई अपनी होने वाली पत्नी के साथ जाना चाहता हु.

निशा:- तो शादी के बाद चले जाएंगे.

अतुल:- शादी के बाद मिलना सही होगा क्या?

अतुल ने आँख दबा कर kaha...Jaise वो निशा को चिढ़ाना चाहता है.

निशा:- (थोड़ा गुस्से में) क्या मतलब है तुम्हारा?

अतुल:- हम बर्फ गफ जरूर hai...Iska मतलब हम थोड़ी ना शादी karenge...Bas दो चार दिन रिलेशनशिप में rahenge...Fir अलग.

निशा गुस्से में उठ कर वह से जाने लगती है.

अतुल पीछे से उसका हाथ पकड़ लेता है.

निशा:- (गुस्से से) मुझे ये मजाक पसंद नहीं आया.

अतुल भी निशा के करीब आ जाता hai...Nisha को अपनी तरफ घुमा कर.

अतुल:- मई मजाक करता हु की तुम थोड़ा छिड़ कर मुझ से लड़ाई karo...Accha लगता hai...Tumhe चिढ़ाना और मार खाना.

लेकिन ऐसे नाराज करने का कोई इरादा नहीं था.

निशा कुछ नहीं बोलती.

अतुल:- सॉरी.

निशा:- हमेशा तुम ऐसा hi करते ho...Pehle हर्ट और फिर सॉरी.

अतुल पहले बेंच में बैठता है और निशा को भी गले से लगा कर अपने साइड में बिठाता है.

अतुल:- अब्ब से नहीं करूँगा.

अतुल:- (इन हिज मंद) मई भी na...Ullu हु, बेवक़ूफ़ हु, गधा hu...Kitna प्यार करती है ये mujhse...Aur मई हु की कुछ ज्यादा hi मजाक कर देता hu...Aaj मुझे इतना अच्छा बर्थडे सरप्राइज mila...Aur मैंने क्या kiya...Naraaj कर दिया बेचारी को.

नहीं अब्ब और nahi...Aisi बकवास मजाक और nahi...(Nisha की आँखों में देख कर) कभी इन् आँखों में आंसू आने नहीं दूंगा. (होंठ देख कर) कभी मुस्कान को गायब होने नहीं dunga...Hamesha खुश रखूँगा अपनी निशु को.

अतुल जैसे खुद से hi कसम खा रहा tha...Aur एक बार फिर अतुल निशा की आँखों में देखते हुए उसी में खो जाता hai...Jo अतुल को मजबूर करता था और भी प्यार करने ko...Ishq में और भी दुब जाने को.

कितना प्यारा सा दिन था आज अतुल के liye...Nisha की प्यारा सा सरप्राइज एयर उसकी be-intehaah pyar...Bas इन्ही सब बातों को याद करके वो निशा को अपने गले से लगाए कितनी देर वह प्यार में डूबा रहता है उससे खुद पता नहीं chalta...Bas हर पल को जी रहा था निशा के साथ.
 
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