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मेरी आशिकी तुमसे hi.....
अपडेट 76
मैक्स : इस क्यों का जवाब नहीं है मेरे पास.... इस का जवाब तो सिर्फ तेरी नानी hi दे सकती है....
प्रिंस : वो तो कुछ भी बताने से रही... अब एक तू hi है जो मुझे सब बता सकता है.... और सब से बड़ी बात ये की तुझे ये सब कैसे पता चला..... क्या तुझे नानी ने ये बताया है....? बता मुझे जवाब दे....
मैक्स : नहीं नानी ने मुझे कुछ नहीं बताया..... ये सब तो मुझे गलती से पता चल गया था.....
प्रिंस : तुझे जो भी पता है वो सच सच बता दे.... वो भी जल्दी... इस से पहले की मुझे गुस्सा आ जाए....
प्रिंस की बात सुन के मैक्स अपना सर पीट लेता है.....
मैक्स : यार ये मैं कहाँ फस गया.... आगे कुँवा है तो पीछे खायी.... मैं न आगे जा सकता हूँ और न hi पीछे.... बस बेच में फस के रह गया हूँ.....
प्रिंस : तू सच बताता है की नहीं....
मैक्स : ठीक है तू जान न hi चाहता है तो सुन.....
अब आगे.....
मैक्स की बात सुन ने के लिए जहाँ सब उसे घेर के बैठ जाते हैं.... वहीँ ज़रा प्रिंस से चिपक के बैठ जाती है और उसके चेहरे को प्यार से देखने लगती है....
प्रिंस : यार क्या कर रही है....? यहाँ इतनी इम्पोर्टेन्ट बात चल रही है और तू है की....
ज़रा : क्या करूँ यार तुझे देख के दिल तेरा दीवाना हुआ जाता है.... दिल करता है तुझ में समां जाऊं..... जी भर के तुझे प्यार करूँ.....
ज़रा की बात सुन के प्रिंस अपना सर पीट लेता है.....
प्रिंस : यार हद है.... तुझे प्यार के सिवाए और कुछ नहीं सूझता क्या....? जब देखो तब हाथ धो के पीछे पद जाती है....
ज़रा : इसमें मेरी कोई गलती नहीं है..... तू है hi इतना स्मार्ट डैशिंग और हैंडसम की तुझे देखते hi तुझे जी भर के प्यार करने को दिल करता है.... और वैसे भी कल रात के बाद से तू कुछ ज़्यादा hi हैंडसम और डैशिंग हो गया है.... मेरा दिल कर रहा है की मैं न तुझे....
प्रिंस : यार अब बस भी कर.... जो करना हो बाद में कर लेना मैं तुझे मन नहीं करूँगा....
प्रिंस की बात सुन के ज़रा ख़ुशी से उछाल पड़ती है....
ज़रा : सच्ची.... मैं जो चाहे वो कर सकती हूँ....
प्रिंस : हाँ.... जो चाहे कर लेना.... मगर अभी चुप हो जा ताकि मैं मैक्स की बात सुन सकूँ....
ज़रा : नहीं ऐसे नहीं पहले वादा कर की बाद में मैं जो चाहे करूँ तू मुझे न hi रोकेगा और न hi कुछ कहेगा.... जो मेरा दिल चाहेगा मैं वो करुँगी.....
ज़रा की बात सुन के सैर और बाकी सब उसकी चालाकी समझ के प्रिंस को वादा करने से रोकने वाले होते हैं... मगर इस से पहले की कोई कुछ कहता प्रिंस वादा कर देता है..... उसके हाँ कहते hi जहाँ ज़रा ख़ुशी से नाचने लगती है वहीँ बाकी सब अपना सर पीट लेते हैं...
सैर : प्रिंस ये तू ने क्या किया....? ज़रा के बारे में सब कुछ पता होने के बाद भी तू ने वादा कर दिया.....
प्रिंस : मुझे पता है मैंने क्या किया है.... अब यार प्लीज कुछ पल के लिए सब खामोश रहोगे ताकि मैं मैक्स से सच जान सकूँ..... हाँ तो मैक्स....
ये कह के प्रिंस मैक्स की तरफ देखता है मगर वो वहां है hi नहीं.... प्रिंस को सब के साथ बातों में लगे देख मैक्स वहां से खिसक लेता है.... मैक्स को वहां न पा के प्रिंस के चेहरे पे गुस्सा आने लगता है.....
प्रिंस गुस्से में : इस से पहले की मेरा गुस्सा और तेज़ हो जाए.... जल्द से जल्द उस कमीने मैक्स को पकड़ के यहाँ ले आओ....
प्रिंस को गुस्से में देख सब फ़ौरन मैक्स को ढूंढने निकल जाते हैं..... ज़रा फ़ौरन सिक्योरिटी गॉर्डस को अलर्ट कर देती है और ये कहती है की 2 मिनट के अंडर मैक्स को पकड़ के प्रिंस के पास लाया जाए.... इधर मैक्स जल्द से जल्द छुपते हुए अंडरग्राउंड गटर के ज़रिये हॉस्पिटल से बहार निकल आता है....
मैक्स : बाल बाल बच गया.... वर्ण सच जान ने के बाद न जाने प्रिंस क्या करता.... प्रिंस तो फिर भी ठीक है... जब उन्हें ये पता चलता की उनके मन करने पे भी मैंने प्रिंस को सब सच सच बता दिया है.... तब तो जाने क्या होता.... मैं तो बिना शादी किये hi स्वर्ग सिधार चूका होता.... अच्छा हुआ की मैंने प्रिंस को कुछ नहीं बताया और वक़्त रहते वहां से निकल लिया....
मैक्स अभी खुद से बातें कर hi रहा था की तभी पीछे से कोई उसपे वार करता है और उसके दोनों हाथों को पकड़ के उसे पीछे से बांध देता है.... मैक्स पलट के उस शख्स की तरफ देखता है....
ये और कोई नहीं ज़रा है जो अपनी टीम के साथ वहां पहुँच के मैक्स को रस्सी से बांध देती है ताकि वो वहां से भाग न जाए....
ज़रा : ोये किधर चला हाँ....
मैक्स हैरत से : तुम्हे कैसे पता चला की मैं यहाँ हूँ.....?
ज़रा मुस्कुराते हुए : तुझे क्या लगा तू यहाँ से बिना किसी को कुछ बताये निकल लेगा और प्रिंस देखता रह जाएगा.... तू होगा बहुत बड़ा जासूस... मगर प्रिंस तुझ से भी बड़ा जासूस है.... उसकी ताक़त के साथ साथ उसके दिमाग का भी कोई मुक़ाबला नहीं है.... उसी ने मुझे ये बताया की तू कहाँ मिल सकता है.... और देख उसने जो कहा वो ठीक निकला और अब तू हमारी पकड़ में आ गया.... अब ये नौटंकी चोर और चल के प्रिंस को वो बता जो वो जान न चाहता है.... क्या तू नहीं जानता की उसका गुस्सा कितना भयानक है.... इस से पहले की वो तेरी बंद बजा दे जल्दी से उसके पास चल के उसे सब कुछ सच सच बता दे....
मैक्स : यार मेरी बंद तो हर हाल में बजनी है.... अब चाहे ये बंद प्रिंस बजाये या फिर वो.... प्रिंस तो शायद एक दोस्त होने के नाते फिर भी मुझपे थोड़ा रेहम कर जाए... मगर उनसे तो रेहम की उम्मीद करना भी बेकार है....
ज़रा : ये तू बार बार किसकी बात कर रहा है.....? ज़रा खुल के बताएगा....
मैक्स : अब जो भी बताना है वो मैं प्रिंस को hi बताऊंगा.....
ज़रा : ये तो अच्छी बात है.... चल जल्दी से.... तेरी कहानी ख़तम होने के बाद मुझे अपनी कहानी शुरू करनी है.....
मैक्स : अब तेरी कौन सी कहानी है.....?
ज़रा शरमाते हुए : मेरी और प्रिंस की लव स्टोरी.... मतलब मुझे अपनी जान को जी भर के प्यार करना है.... और वैसे भी अब प्रिंस ने भी वादा किया है...
मैक्स : Kyaaaaaaaaaaaaaa....? प्रिंस ने वादा किया....? कैसा वादा.....?
ज़रा : यार तू न.... सब कुछ अभी जान लेगा बाद के लिए भी तो कुछ चोर दे.... इस से पहले की प्रिंस का गुस्सा और भी ज़्यादा तेज़ हो जाए.... जल्दी से उसके पास चल...
मैक्स के आते hi....
प्रिंस : साले अब और कोई नौटंकी नहीं.... इस से पहले की मेरा दिमाग घूम जाए.... जल्द से जल्द मुझे सब सच सच बता दे.....
मैक्स मरता क्या न करता मजबूरन वो प्रिंस को सब सच बताने को तैयार हो जाता है....
मैक्स : हे उपरवाले बचा लेना... अब बस एक तेरा hi सहारा है....
प्रिंस गुस्से में : अबे साले बताता है की नहीं.....
मैक्स डरते हुए : बता रहा हो यार थोड़ा डैम तो लेने दे....
प्रिंस : चल अब जल्दी बता की क्या बात है....?
मैक्स : ये बात हमारे इंडिया आने से 1 दिन पहले की है.... शायद तुझे याद हो.... तू ने मुझे किसी की जन्मकुंडली निकालने को कहा था..... तू जल्द से जल्द उसके बारे में जान न चाहता था..... उसका पता लगा के मैं उसकी पूरी हिस्ट्री के साथ तुझसे मिलने तेरे घर गया.... तू उस वक़्त घर पे नहीं था....
प्रिंस : हाँ याद है.... उस दिन मैं घर पे नहीं था और जब वापिस आया तब मैंने तुझे बुरी तरह से घबराये हुए घर से बहार की तरफ भागते देखा था.... तुझे उस हाल में देख के मुझे बड़ी हैरानी हुई..... मैंने तुझे आवाज़ दे के रोकने की बहुत कोशिश की मगर तू नहीं रुका.... मुझे ये बात बड़ी अजीब लगी.... क्यों की ऐसा पहली बार हुआ था की तू ने मेरी बात को अनसुना किया हो.... वजह जान ने के लिए मैं तेरे पीछे जाना चाहता था मगर नहीं जा सका.... उस वक़्त मेरे लिए सब से ज़्यादा ज़रूरी जो काम था वो था नानी को मन के इंडिया आना..... ताकि यहाँ मैं खुद की पहचान बना सकूँ.... फिर जब नानी ने मुझे मेरे सपने को पूरा करने की इजाज़त दे दी तब मैं इतना खुश हुआ की तेरी बात को भूल hi गया....
मैक्स : हाँ मुझे पता है.....
प्रिंस : हाँ तो अब बता.... आखिर वो क्या वजह थी की तू उस दिन मेरे घर से निकलते वक़्त इतना डरा हुआ था.... तू ऐसे भाग रहा था जैसे की कोई तेरी जान लेने के लिए तेरे पीछे पड़ा हुआ हो.....
मैक्स : बात hi कुछ ऐसी थी.... अगर उस वक़्त मैं वहां से भगा न होता तो शायद मैं आज ज़िंदा न होता.... उसी पल मेरी मौत हो जाती....
सैम : मौत....!!!! मगर तुझे कोई क्यों मारना चाहता था....?
सैर : कहीं वो इंसान तो नहीं जिसके बारे में प्रिंस ने तुझे पता करने को कहा था....
मैक्स : जी नहीं ये वो नहीं थी और न hi वो कोई इंसान थी.... बल्कि वो इंसान न होक कुछ और hi थी.....
सैर : थी से क्या मतलब वो कोई लड़की थी.... और तू एक लड़की से दर रहा है..... और कुछ और थी से तेरा क्या मतलब है.... बता जल्दी....
इस से पहले की मैक्स कुछ कहता....
प्रिंस : अबे तुम सब चुप रहोगे तब न वो कुछ बताएगा....
प्रिंस की बात सुन के न चाहते हुए भी सब खामोश हो जाते हैं..... वहां मौजूद कोई भी प्रिंस के गुस्से का सामना नहीं करना चाहता....
प्रिंस गुस्से में सब की तरफ देखते हुए : मैक्स तू बोल.... अब तुझे कोई डिस्टर्ब नहीं करेगा.....
मैक्स : हाँ तो सुनो वो इंसान न होक कुछ और hi थी.... वो क्या थी मैं नहीं जानता... मगर इतना उसको देख के इतना ज़रूर कह सकता होइन की हमारी तरह वो इंसान नहीं थी.... उसे इंसान न कहने की सबसे बड़ी वजह ये थी की उसके पाँव ज़मीन से टच नहीं थे... वो हवा में कड़ी थी... वो अकेली नहीं थी बल्कि उसके साथ एक और भी औरत थी.... वो भी उस लड़की की तरह उस वक़्त हवा में कड़ी थी....
मैक्स की बात सुन के सब को बड़ी हैरानी होती है.... सब के मन में इस वक़्त बहुत से सवाल उमड़ रहे हैं... वो इस का जवाब मैक्स से पूछना चाहते हैं... मगर प्रिंस के दर से सब खामोश हैं.... मैक्स आगे बोलता है....
मैक्स : जब मैं उस शख्स की जन्मकुंडली ले के प्रिंस के घर गया तो मुझे वो अपने कमरे में नहीं मिला.... मैंने उसका फ़ोन तरय किया मगर वो भी स्विच ऑफ आ रहा था.... घर के नौकरों को भी नहीं पता की प्रिंस कहाँ गया है.... मैंने सोचा क्यों न प्रिंस की नानी से चल के पुछा जाए.... ये सोच के मैं नानी के रूम की तरफ चल दिया.... नानी के रूम का दरवाज़ा थोड़ा सा खुला हुआ था... मैंने जैसे hi दरवाज़े को नॉक करने के लिए अपना हाथ आगे बढ़ाया hi था की तभी कुछ ऐसी बात मुझे सुनाई दी जिसे सुनके मेरे हाथ हवा में hi रुक गए.... वो बात सुन के मैं बुरी तरह से चौंक गया.... मैंने हलके से दरवाज़े की साइड से अंडर झाँक के जो देखा उसे देखते hi एक पल के लिए तो मेरे होश hi उड़द गए... अंडर का नज़र था hi ऐसा हैरतअंगेज़ की दर के मारे मेरी हालत खराब हो गयी.... अंडर नानी के साथ एक औरत और एक लड़की बातें कर रही थी.... नानी के पेअर तो ज़मीन को छू रहे थे मगर उन दोनों के पेअर ज़मीन से कुछ ऊपर थे.... मतलब उस वक़्त वो दोनों हवा में कड़ी थी.... एक पल के लिए तो मैंने सोचा की वहां से भाग जाऊं मगर दूसरे hi पल मैं वहां रुकने को मजबूर हो गया.... बात hi कुछ ऐसी थी.... जो प्रिंस से जुडी हुई थी... जिसे प्रिंस भी नहीं जानता था.... वो था एक राज़ बहुत बड़ा राज़.... जो मुझे उन तीनो की बातें सुन के hi पता चल सकता था.... मैंने अपने दर को दबा के चुप के उनकी बातें सुन के फैसला किया.... वो राज़ जो मेरे सब से अच्छे और जिगरी दोस्त से जो जुड़ा था.... उस राज़ को जाने बगैर मैं वहां से हटना नहीं चाहता था.... मैं डरते डरते वहीँ खड़े खड़े उनकी बातें सुन ने लगा.... वो सब किसी पारी का नाम ले रहे थे साथ hi बंगारू बाबा और वो क्या था.... G....G.... हाँ गुलिस्तां की बात कर रहे थे.... वो सब तो मुझे समझ में नहीं आया मगर हाँ जब उन्होंने प्रिंस के दूर जा के अपने पैरों पे खड़े होने की बात की तो मेरे कान खड़े हो गए.... मैं गौर से उनकी बातें सुन ने लगा.....
नानी : जानती है वो यहाँ से दूर जाना चाहता है... ताकि वो अपने दम पे अपना नाम बना सके....
औरत : बेगम साहिबा....
लड़की : शलाका.....
औरत : हाँ तो जाने दीजिये न.... इसमें गलत क्या है.... और यहाँ से दूर रह के वो सेफ भी तो रहेगा....
नानी : तेरी बात कुछ हद तक ठीक भी है मगर फिर भी मेरा दिल उसे खुद से दूर करने को नहीं कर रहा है.... मुझे दर है की यहाँ से जाने के बाद वो कहीं उन लोगों के पास न चला जाए... जिन से बड़ी मुश्किल से मैंने उसे बचा के इतनी दूर अपने पास रखा था.... उन लोगों ने में मासूम प्रिंस के साथ जो किया था उसका बदला मैं उसी वक़्त उन सब को मार के ले सकती थी.... मगर प्रिंस ने मुझे अपनी कसम दे के रोक दिया था.... वो उन सब से बेहद प्यार करता था.... वो नहीं चाहता था की उनके एक खरोच भी आये.... वो अपने जिस्म पे लाख ज़ख्म बर्दाश्त कर सकता है मगर उनकी ज़रा सी भी तकलीफ उसे तड़पा देती थी.... प्रिंस की कसम के आगे मजबूर होक मैंने उन हैवानो को ज़िंदा चोर दिया था... वर्ण जो सलूक उन कमीनो ने मेरे प्रिंस के साथ किया था वो कोई की ज़ालिम शैतान के साथ भी न करे....
शलाका : मगर वो तो उसका अपना परिवार था न.... उसके अपने माँ बाप.... उसकी बहने.... उसके चाचा चची... मां ममी... बुआ और उनके बच्चे... फिर उन्होंने उसके साथ ऐसा हैवानो जैसा सलूक क्यों किया....?
नानी : मुझे नहीं पता... मैंने प्रिंस से इस बारे में जान ने की बहुत कोशिश की मगर उसने कुछ नहीं बताया हर बार वो बस इतना कहके चुप हो जाता था की....?????
अपडेट 76
मैक्स : इस क्यों का जवाब नहीं है मेरे पास.... इस का जवाब तो सिर्फ तेरी नानी hi दे सकती है....
प्रिंस : वो तो कुछ भी बताने से रही... अब एक तू hi है जो मुझे सब बता सकता है.... और सब से बड़ी बात ये की तुझे ये सब कैसे पता चला..... क्या तुझे नानी ने ये बताया है....? बता मुझे जवाब दे....
मैक्स : नहीं नानी ने मुझे कुछ नहीं बताया..... ये सब तो मुझे गलती से पता चल गया था.....
प्रिंस : तुझे जो भी पता है वो सच सच बता दे.... वो भी जल्दी... इस से पहले की मुझे गुस्सा आ जाए....
प्रिंस की बात सुन के मैक्स अपना सर पीट लेता है.....
मैक्स : यार ये मैं कहाँ फस गया.... आगे कुँवा है तो पीछे खायी.... मैं न आगे जा सकता हूँ और न hi पीछे.... बस बेच में फस के रह गया हूँ.....
प्रिंस : तू सच बताता है की नहीं....
मैक्स : ठीक है तू जान न hi चाहता है तो सुन.....
अब आगे.....
मैक्स की बात सुन ने के लिए जहाँ सब उसे घेर के बैठ जाते हैं.... वहीँ ज़रा प्रिंस से चिपक के बैठ जाती है और उसके चेहरे को प्यार से देखने लगती है....
प्रिंस : यार क्या कर रही है....? यहाँ इतनी इम्पोर्टेन्ट बात चल रही है और तू है की....
ज़रा : क्या करूँ यार तुझे देख के दिल तेरा दीवाना हुआ जाता है.... दिल करता है तुझ में समां जाऊं..... जी भर के तुझे प्यार करूँ.....
ज़रा की बात सुन के प्रिंस अपना सर पीट लेता है.....
प्रिंस : यार हद है.... तुझे प्यार के सिवाए और कुछ नहीं सूझता क्या....? जब देखो तब हाथ धो के पीछे पद जाती है....
ज़रा : इसमें मेरी कोई गलती नहीं है..... तू है hi इतना स्मार्ट डैशिंग और हैंडसम की तुझे देखते hi तुझे जी भर के प्यार करने को दिल करता है.... और वैसे भी कल रात के बाद से तू कुछ ज़्यादा hi हैंडसम और डैशिंग हो गया है.... मेरा दिल कर रहा है की मैं न तुझे....
प्रिंस : यार अब बस भी कर.... जो करना हो बाद में कर लेना मैं तुझे मन नहीं करूँगा....
प्रिंस की बात सुन के ज़रा ख़ुशी से उछाल पड़ती है....
ज़रा : सच्ची.... मैं जो चाहे वो कर सकती हूँ....
प्रिंस : हाँ.... जो चाहे कर लेना.... मगर अभी चुप हो जा ताकि मैं मैक्स की बात सुन सकूँ....
ज़रा : नहीं ऐसे नहीं पहले वादा कर की बाद में मैं जो चाहे करूँ तू मुझे न hi रोकेगा और न hi कुछ कहेगा.... जो मेरा दिल चाहेगा मैं वो करुँगी.....
ज़रा की बात सुन के सैर और बाकी सब उसकी चालाकी समझ के प्रिंस को वादा करने से रोकने वाले होते हैं... मगर इस से पहले की कोई कुछ कहता प्रिंस वादा कर देता है..... उसके हाँ कहते hi जहाँ ज़रा ख़ुशी से नाचने लगती है वहीँ बाकी सब अपना सर पीट लेते हैं...
सैर : प्रिंस ये तू ने क्या किया....? ज़रा के बारे में सब कुछ पता होने के बाद भी तू ने वादा कर दिया.....
प्रिंस : मुझे पता है मैंने क्या किया है.... अब यार प्लीज कुछ पल के लिए सब खामोश रहोगे ताकि मैं मैक्स से सच जान सकूँ..... हाँ तो मैक्स....
ये कह के प्रिंस मैक्स की तरफ देखता है मगर वो वहां है hi नहीं.... प्रिंस को सब के साथ बातों में लगे देख मैक्स वहां से खिसक लेता है.... मैक्स को वहां न पा के प्रिंस के चेहरे पे गुस्सा आने लगता है.....
प्रिंस गुस्से में : इस से पहले की मेरा गुस्सा और तेज़ हो जाए.... जल्द से जल्द उस कमीने मैक्स को पकड़ के यहाँ ले आओ....
प्रिंस को गुस्से में देख सब फ़ौरन मैक्स को ढूंढने निकल जाते हैं..... ज़रा फ़ौरन सिक्योरिटी गॉर्डस को अलर्ट कर देती है और ये कहती है की 2 मिनट के अंडर मैक्स को पकड़ के प्रिंस के पास लाया जाए.... इधर मैक्स जल्द से जल्द छुपते हुए अंडरग्राउंड गटर के ज़रिये हॉस्पिटल से बहार निकल आता है....
मैक्स : बाल बाल बच गया.... वर्ण सच जान ने के बाद न जाने प्रिंस क्या करता.... प्रिंस तो फिर भी ठीक है... जब उन्हें ये पता चलता की उनके मन करने पे भी मैंने प्रिंस को सब सच सच बता दिया है.... तब तो जाने क्या होता.... मैं तो बिना शादी किये hi स्वर्ग सिधार चूका होता.... अच्छा हुआ की मैंने प्रिंस को कुछ नहीं बताया और वक़्त रहते वहां से निकल लिया....
मैक्स अभी खुद से बातें कर hi रहा था की तभी पीछे से कोई उसपे वार करता है और उसके दोनों हाथों को पकड़ के उसे पीछे से बांध देता है.... मैक्स पलट के उस शख्स की तरफ देखता है....
ये और कोई नहीं ज़रा है जो अपनी टीम के साथ वहां पहुँच के मैक्स को रस्सी से बांध देती है ताकि वो वहां से भाग न जाए....
ज़रा : ोये किधर चला हाँ....
मैक्स हैरत से : तुम्हे कैसे पता चला की मैं यहाँ हूँ.....?
ज़रा मुस्कुराते हुए : तुझे क्या लगा तू यहाँ से बिना किसी को कुछ बताये निकल लेगा और प्रिंस देखता रह जाएगा.... तू होगा बहुत बड़ा जासूस... मगर प्रिंस तुझ से भी बड़ा जासूस है.... उसकी ताक़त के साथ साथ उसके दिमाग का भी कोई मुक़ाबला नहीं है.... उसी ने मुझे ये बताया की तू कहाँ मिल सकता है.... और देख उसने जो कहा वो ठीक निकला और अब तू हमारी पकड़ में आ गया.... अब ये नौटंकी चोर और चल के प्रिंस को वो बता जो वो जान न चाहता है.... क्या तू नहीं जानता की उसका गुस्सा कितना भयानक है.... इस से पहले की वो तेरी बंद बजा दे जल्दी से उसके पास चल के उसे सब कुछ सच सच बता दे....
मैक्स : यार मेरी बंद तो हर हाल में बजनी है.... अब चाहे ये बंद प्रिंस बजाये या फिर वो.... प्रिंस तो शायद एक दोस्त होने के नाते फिर भी मुझपे थोड़ा रेहम कर जाए... मगर उनसे तो रेहम की उम्मीद करना भी बेकार है....
ज़रा : ये तू बार बार किसकी बात कर रहा है.....? ज़रा खुल के बताएगा....
मैक्स : अब जो भी बताना है वो मैं प्रिंस को hi बताऊंगा.....
ज़रा : ये तो अच्छी बात है.... चल जल्दी से.... तेरी कहानी ख़तम होने के बाद मुझे अपनी कहानी शुरू करनी है.....
मैक्स : अब तेरी कौन सी कहानी है.....?
ज़रा शरमाते हुए : मेरी और प्रिंस की लव स्टोरी.... मतलब मुझे अपनी जान को जी भर के प्यार करना है.... और वैसे भी अब प्रिंस ने भी वादा किया है...
मैक्स : Kyaaaaaaaaaaaaaa....? प्रिंस ने वादा किया....? कैसा वादा.....?
ज़रा : यार तू न.... सब कुछ अभी जान लेगा बाद के लिए भी तो कुछ चोर दे.... इस से पहले की प्रिंस का गुस्सा और भी ज़्यादा तेज़ हो जाए.... जल्दी से उसके पास चल...
मैक्स के आते hi....
प्रिंस : साले अब और कोई नौटंकी नहीं.... इस से पहले की मेरा दिमाग घूम जाए.... जल्द से जल्द मुझे सब सच सच बता दे.....
मैक्स मरता क्या न करता मजबूरन वो प्रिंस को सब सच बताने को तैयार हो जाता है....
मैक्स : हे उपरवाले बचा लेना... अब बस एक तेरा hi सहारा है....
प्रिंस गुस्से में : अबे साले बताता है की नहीं.....
मैक्स डरते हुए : बता रहा हो यार थोड़ा डैम तो लेने दे....
प्रिंस : चल अब जल्दी बता की क्या बात है....?
मैक्स : ये बात हमारे इंडिया आने से 1 दिन पहले की है.... शायद तुझे याद हो.... तू ने मुझे किसी की जन्मकुंडली निकालने को कहा था..... तू जल्द से जल्द उसके बारे में जान न चाहता था..... उसका पता लगा के मैं उसकी पूरी हिस्ट्री के साथ तुझसे मिलने तेरे घर गया.... तू उस वक़्त घर पे नहीं था....
प्रिंस : हाँ याद है.... उस दिन मैं घर पे नहीं था और जब वापिस आया तब मैंने तुझे बुरी तरह से घबराये हुए घर से बहार की तरफ भागते देखा था.... तुझे उस हाल में देख के मुझे बड़ी हैरानी हुई..... मैंने तुझे आवाज़ दे के रोकने की बहुत कोशिश की मगर तू नहीं रुका.... मुझे ये बात बड़ी अजीब लगी.... क्यों की ऐसा पहली बार हुआ था की तू ने मेरी बात को अनसुना किया हो.... वजह जान ने के लिए मैं तेरे पीछे जाना चाहता था मगर नहीं जा सका.... उस वक़्त मेरे लिए सब से ज़्यादा ज़रूरी जो काम था वो था नानी को मन के इंडिया आना..... ताकि यहाँ मैं खुद की पहचान बना सकूँ.... फिर जब नानी ने मुझे मेरे सपने को पूरा करने की इजाज़त दे दी तब मैं इतना खुश हुआ की तेरी बात को भूल hi गया....
मैक्स : हाँ मुझे पता है.....
प्रिंस : हाँ तो अब बता.... आखिर वो क्या वजह थी की तू उस दिन मेरे घर से निकलते वक़्त इतना डरा हुआ था.... तू ऐसे भाग रहा था जैसे की कोई तेरी जान लेने के लिए तेरे पीछे पड़ा हुआ हो.....
मैक्स : बात hi कुछ ऐसी थी.... अगर उस वक़्त मैं वहां से भगा न होता तो शायद मैं आज ज़िंदा न होता.... उसी पल मेरी मौत हो जाती....
सैम : मौत....!!!! मगर तुझे कोई क्यों मारना चाहता था....?
सैर : कहीं वो इंसान तो नहीं जिसके बारे में प्रिंस ने तुझे पता करने को कहा था....
मैक्स : जी नहीं ये वो नहीं थी और न hi वो कोई इंसान थी.... बल्कि वो इंसान न होक कुछ और hi थी.....
सैर : थी से क्या मतलब वो कोई लड़की थी.... और तू एक लड़की से दर रहा है..... और कुछ और थी से तेरा क्या मतलब है.... बता जल्दी....
इस से पहले की मैक्स कुछ कहता....
प्रिंस : अबे तुम सब चुप रहोगे तब न वो कुछ बताएगा....
प्रिंस की बात सुन के न चाहते हुए भी सब खामोश हो जाते हैं..... वहां मौजूद कोई भी प्रिंस के गुस्से का सामना नहीं करना चाहता....
प्रिंस गुस्से में सब की तरफ देखते हुए : मैक्स तू बोल.... अब तुझे कोई डिस्टर्ब नहीं करेगा.....
मैक्स : हाँ तो सुनो वो इंसान न होक कुछ और hi थी.... वो क्या थी मैं नहीं जानता... मगर इतना उसको देख के इतना ज़रूर कह सकता होइन की हमारी तरह वो इंसान नहीं थी.... उसे इंसान न कहने की सबसे बड़ी वजह ये थी की उसके पाँव ज़मीन से टच नहीं थे... वो हवा में कड़ी थी... वो अकेली नहीं थी बल्कि उसके साथ एक और भी औरत थी.... वो भी उस लड़की की तरह उस वक़्त हवा में कड़ी थी....
मैक्स की बात सुन के सब को बड़ी हैरानी होती है.... सब के मन में इस वक़्त बहुत से सवाल उमड़ रहे हैं... वो इस का जवाब मैक्स से पूछना चाहते हैं... मगर प्रिंस के दर से सब खामोश हैं.... मैक्स आगे बोलता है....
मैक्स : जब मैं उस शख्स की जन्मकुंडली ले के प्रिंस के घर गया तो मुझे वो अपने कमरे में नहीं मिला.... मैंने उसका फ़ोन तरय किया मगर वो भी स्विच ऑफ आ रहा था.... घर के नौकरों को भी नहीं पता की प्रिंस कहाँ गया है.... मैंने सोचा क्यों न प्रिंस की नानी से चल के पुछा जाए.... ये सोच के मैं नानी के रूम की तरफ चल दिया.... नानी के रूम का दरवाज़ा थोड़ा सा खुला हुआ था... मैंने जैसे hi दरवाज़े को नॉक करने के लिए अपना हाथ आगे बढ़ाया hi था की तभी कुछ ऐसी बात मुझे सुनाई दी जिसे सुनके मेरे हाथ हवा में hi रुक गए.... वो बात सुन के मैं बुरी तरह से चौंक गया.... मैंने हलके से दरवाज़े की साइड से अंडर झाँक के जो देखा उसे देखते hi एक पल के लिए तो मेरे होश hi उड़द गए... अंडर का नज़र था hi ऐसा हैरतअंगेज़ की दर के मारे मेरी हालत खराब हो गयी.... अंडर नानी के साथ एक औरत और एक लड़की बातें कर रही थी.... नानी के पेअर तो ज़मीन को छू रहे थे मगर उन दोनों के पेअर ज़मीन से कुछ ऊपर थे.... मतलब उस वक़्त वो दोनों हवा में कड़ी थी.... एक पल के लिए तो मैंने सोचा की वहां से भाग जाऊं मगर दूसरे hi पल मैं वहां रुकने को मजबूर हो गया.... बात hi कुछ ऐसी थी.... जो प्रिंस से जुडी हुई थी... जिसे प्रिंस भी नहीं जानता था.... वो था एक राज़ बहुत बड़ा राज़.... जो मुझे उन तीनो की बातें सुन के hi पता चल सकता था.... मैंने अपने दर को दबा के चुप के उनकी बातें सुन के फैसला किया.... वो राज़ जो मेरे सब से अच्छे और जिगरी दोस्त से जो जुड़ा था.... उस राज़ को जाने बगैर मैं वहां से हटना नहीं चाहता था.... मैं डरते डरते वहीँ खड़े खड़े उनकी बातें सुन ने लगा.... वो सब किसी पारी का नाम ले रहे थे साथ hi बंगारू बाबा और वो क्या था.... G....G.... हाँ गुलिस्तां की बात कर रहे थे.... वो सब तो मुझे समझ में नहीं आया मगर हाँ जब उन्होंने प्रिंस के दूर जा के अपने पैरों पे खड़े होने की बात की तो मेरे कान खड़े हो गए.... मैं गौर से उनकी बातें सुन ने लगा.....
नानी : जानती है वो यहाँ से दूर जाना चाहता है... ताकि वो अपने दम पे अपना नाम बना सके....
औरत : बेगम साहिबा....
लड़की : शलाका.....
औरत : हाँ तो जाने दीजिये न.... इसमें गलत क्या है.... और यहाँ से दूर रह के वो सेफ भी तो रहेगा....
नानी : तेरी बात कुछ हद तक ठीक भी है मगर फिर भी मेरा दिल उसे खुद से दूर करने को नहीं कर रहा है.... मुझे दर है की यहाँ से जाने के बाद वो कहीं उन लोगों के पास न चला जाए... जिन से बड़ी मुश्किल से मैंने उसे बचा के इतनी दूर अपने पास रखा था.... उन लोगों ने में मासूम प्रिंस के साथ जो किया था उसका बदला मैं उसी वक़्त उन सब को मार के ले सकती थी.... मगर प्रिंस ने मुझे अपनी कसम दे के रोक दिया था.... वो उन सब से बेहद प्यार करता था.... वो नहीं चाहता था की उनके एक खरोच भी आये.... वो अपने जिस्म पे लाख ज़ख्म बर्दाश्त कर सकता है मगर उनकी ज़रा सी भी तकलीफ उसे तड़पा देती थी.... प्रिंस की कसम के आगे मजबूर होक मैंने उन हैवानो को ज़िंदा चोर दिया था... वर्ण जो सलूक उन कमीनो ने मेरे प्रिंस के साथ किया था वो कोई की ज़ालिम शैतान के साथ भी न करे....
शलाका : मगर वो तो उसका अपना परिवार था न.... उसके अपने माँ बाप.... उसकी बहने.... उसके चाचा चची... मां ममी... बुआ और उनके बच्चे... फिर उन्होंने उसके साथ ऐसा हैवानो जैसा सलूक क्यों किया....?
नानी : मुझे नहीं पता... मैंने प्रिंस से इस बारे में जान ने की बहुत कोशिश की मगर उसने कुछ नहीं बताया हर बार वो बस इतना कहके चुप हो जाता था की....?????