माधुरी ; उस रत मेने बगावत की थी. मुझे उस पहले प्यार ने नीलम करना सुरु कर दिया था. में उसके लिए सब कुछ करती थी. बड़े बड़े बिज़नस मन को मन न कैसे भी. शाम डैम दंड भेद सब कुछ. जरुरत पड़े तो खरीद लेना. या खुद बिक जाना बिस्तर गरम करना या उन्हें मर डालना. में शैतान को जुल्म की दुनिया में एक अलग hi मुकाम पे पहोचा चुकी थी.
एक रत एक बड़ा स्मगलर आया हुआ था. वो अरेबिन था. खालिद मकसूद. बहोत ज्यादा खतरनाक. उस से डील किसी भी कीमत पे शैतान करना चाहता था. हम साथ गए. उसने मुझे देखा और एक डिमांड रख दी. डील फाइनल हो चुकी थी. उसने एक रत के लिए मुझे मांग लिया. शैतान ने भी उसे स्पेशल इन्वाइट कर दिया. में शैतान की एक ऐसा हथियार बन चुकी थी की वो कोई भी बजी हारता नहीं था. क्यों की उसके साथ में थी. में उस रत एक कमुख रूप लेकर गई. शैतान और मकसूद दोनों शराब पि रहे थे. तभी में वह गई. उन्दोनो मर्दो को रिझाने.
मक्शुद मुझे देख कर बस उतना hi बोलै.
सुभान अल्लाह. में उसे रिझाने लगी. कभी अपना बदन दिखा कर तो कभी अपनी अदाए दिखा कर. उसने मुझे बेपर्दा होने को कहा. में उसे तड़पने लगी आहिस्ता आहिस्ता अपने आप को नंगा करने लगी
वो मुझे बेपर्दा देखने के लिए बेताब था. शैतान शराब पिटे हुए मुझे और मकसूद को देख रहा था. वैसे में उसे नहीं उस रत शैतान को मरना चाहती थी. वो दोनों मर्द मेरे पास आ गए और मुझे चूमने लगे. मेने उन्हें रोका और जैम पिने को कहा. में मक्शुद को तो मर सकती थी पर शैतान को नहीं. में उन दोनों के लिए जैम बनाया पर शैतान के लिए जैम बनाया था उसमे ज़हर दाल दिया. मेने अपने लिए भी जैम बनाया और उनके पास गई. वो हाथो में जैम लेकर मुझे मशाल रहे थे. तभी उन्दोनो जैम रखा और मुझे चूमने लगे में परेशां थी वो जैम पि नहीं रहे थे. मेने उनसे कहा अरे जैम तो पि लो हमने जैम पिया पर किसी को कुछ हुआ नहीं. तभी कुछ hi देर में मुझे पसीना आने लगा में समझ गई की ज़हर वाला जैम उन्होंने मुझे पीला दिया हे.
मेने उन्हें एहसास नहीं होने दिया की जैम में ज़हर भी था. क्यों की शैतान किसी पे भरोसा नहीं करता. में अपने मरने से पहले किसी एक को मरना चाहती थी. मेने मकसूद को चुना. में जानती थी शैतान भी उसे मरना hi चाहता हे. में उसकी चेस्ट और गाला को चूमने लगी. वो भी मुज में खो चूका था. पर में उसके गले पे अचानक वर कर दिया. मेरे जबड़े में सीकर हो और वो जिन्दा बच जाए ऐसा कभी नहीं हो सकता. और शैतान हसने लगा. वो तड़प रहा था. और में उसे तड़पा रही थी. मेने उसे मर दिया. पर अब में वह से जाना चाहती थी. शैतान को मालूम हो जाता की मेने जहर पिया हे. पर में तब चौक गई जब उस कमीने ने मुझे हस्ते हुए कहा. मोहिनी कितना भागोजी. ज़हर तुम्हारे बदन में फेल चूका हे. में अपनी जान बचने के लिए एक कच की खिड़की से कूद गई. उसके कुछ गुंडों ने मुझे रोकने की कोसिस की पर न कामयाब रहे.
शैतान ने मुझे जाने दिया क्यों की वो जनता था में बचूंगी नहीं. में वह जडियो में छुप गई गुंडे मुझे दूध दूध कर थक गए और वापस चले गए. में बहार आई. तभी सड़क पर एक कार रुकी. बिलकुल मेरे सामने. उसमे से एक देवता उतरे. और मेरी तरफ आए.
उन्होंने मेरा सर उठाया मेरे मुँह से खून निकल रहा था. उन्होंने मुझे कार में डाला और मुझे बचा लिया. में तो बेहोश थी. जब होश आया तो उन्होंने मुझे मेरी पूरी पहचान बता दी.
में ; पर वो थे कोण.
माधुरी ; बताती हु रुको. में तो एक जवान लड़की थी. मेने उनसे पूछा आप ने मेरी जान बचाई हे मुझे एक नया जनम दिया हे. में आप के लिए क्या कर सकती हु. वो हसने लगे. वो बोले तुम क्या कर सकती हो मेरे लिए. मेने कहा सब कुछ. और चाहो तो मुझे हम बिस्तर भी बना सकते हो. लेकिन पता हे उस देवता ने क्या कहा.
में ; क्या_???
माधुरी ; अभी तुमने कहा मेने तुम्हे नया जनम दिया हे तो जनम देने वाला माँ बाप होता हे. और माँ बाप अपनी औलाद के साथ हम बिस्तर नहीं हुआ करते.
में ; ये विचार सच में वो देवता hi होंगे.
माधुरी ; है जनम देने वाले माँ बाप भगवन hi होते हे.
में ; में उस देवता से मिलना चाहूंगा उनके पाव छूना चाहूंगा. मेरे प्यार की जान बचाई हे उन्होंने.
माधुरी ; आप की ये हसरत जरूर पूरी होगी. क्यों की वो और कोई नहीं आप को जनम देने वाले आप के पापा hi हे.
मुझे सुनके एक झटका सा लगा मेरी आँखों में अंशु आ गए में जमीं पर बैठ गया. और मेरे मुँह से बस पापा... इतना hi निकला.
में ; मेरे पापा ज़िंदा हे. मेरे पापा जुन्दा हे.
माधुरी ; है वीर लेकिन आप ने वादा किया था आप उन्हें माफ़ कर देंगे प्लीज.
में रट हुए बोलै. में बहोत खुश था. मेरे फेस पे स्माइल और अंशु दोनों थे.
में ; पागल वो मेरे पापा हे. पापा
में बहोत खुश हो गया था. में अपनी ख़ुशी बयां hi नहीं कर प् रहा था. क्यों की जब मधु को उसके पापा ने अपनाया कही न कही मुझे भी मेरे पापा की याद आई थी. माधुरी मुझे रोटा हुआ देख कर खुद भी रोने लगी.
में ; मधु आज जो तुमने मुझे ख़ुशी दी हे में बता नहीं सकता.
उसने मुझे अपने दोनों हाथ दिए में उसे खींच कर खड़ा हुआ. हम दोनों बहो में बहे दाल कर ऊपर जाने लगे.
माधुरी ; उन्होंने मुझे ट्रेन किया. मुझे और लड़ना सिखाया. और उनकी सिख में कभी नहीं हरी. पापा को पता था शैतान ने मुझे दूध लिया हे. एक दिन पापा ने आप की फोटो दी. वो चाहते थे में आप को धुधु. मगर आप मेरी hi कॉलेज में आ गए. में आप पे नजर रखने लगी. पापा ने मुझे पहले hi कहा था. आप लड़किया पटाने में माहिर हो. आप सरीफ भोले बन कर लड़कियों के डिल में बस जाते हो. उनके मुताबिक मुझे आप के प्रेम जल में फसना था. पर में पापा को कैसे बोलती ये तो मेरा पुराण स्कूल वाला वीर हे जो अक्सर विंडो से मुझे पुकारा करता था.
में ; (स्माइल) तुम्हे याद हे में तुम्हे किश नाम से बुलाता था??
माधुरी ; (स्माइल) निशा.
वो हसने लगी हम दोनों घर के अंदर आ चुके थे. में सोफे पर बैठा और वो मेरी गॉड में,
माधुरी ; में तो खुद तुम्हे प्यार करने लगी थी. छुप छुप कर हम वो खदेड़ और जंगल में मिला करते थे
हम दोनों का प्यार परवान चढ़ने लगा था. फिर उस दिन जब में तुमसे मिलने आई थी थी
आप ने मुझे बहो में लिया और मुझसे क्या पूछा था.
में ; है याद हे. मधु कब तक बस ऐसे मिलते रहेंगे ऐसे छुप छुप कर सिर्फ मिलते रहने से तो मेरा काम नहीं चलेगा.
माधुरी ; है मुझे लगा तुम मुझे सेक्स करने के लिए पता रहे हो. पर आप ने तो मुझे शादी के लिए पूछ लिया उस वक्त भी मेरी आँखों से संशु आ गए थे. आप वो अंशु पि गए और मेरा सर चुम लिया.
पर में पापा को कैसे बताती की में भी तुमसे प्यार करती हु. सायद वो मुझे न अपने क्यों की में क्या थी पहले. मेने उन्हें बताया वीर मुझसे शादी करना चाहता हे. तब वो सच में चौक गए. वो क्या बोले पता हे??
में ; क्या.
माधुरी ; वो बोले क्या. वो नालायक सच में तुमसे शादी करना चाहता हे. पहेली बार उस लड़के ने किसी लड़की से वफ़ा की हे. बेटी में नहीं जनता की तुम उस से प्यार करती हो या नहीं. पर में चाहता हु की तुम मेरी बहु बन जाओ और मेरे बेटे की हिफाजत करो. में ख़ुशी के मरे खानोश हो गई. मुझे समाज hi नहीं आ रहा था में क्या बोलू. वो थोड़ा चिंतित हो गए. बोले मधु बीटा क्या हुआ. क्या तुम उस से शादी करना नहीं चाहती. में जनता हु बीटा वो धोकेबाज हे पर बीटा मेरी खातिर. उस दिन तुम कह रही थी न में तुम्हारे लिए क्या कर सकती हु. आज में अपने बेटे के लिए तुम्हे मांग रहा हु.
में ; हम्म में जनता हु. पापा इसी लिए तो मुझसे नफरत करते थे. पर मुझे कोई उस वक्त जुंग का सिपाही नहीं बन न था. में तो प्ले बॉय hi रहना चाहता था. पर तुमसे प्यार हो गया. और में जनता था तुम बहोत मजबूत हो इसी लिए मुझे तुम्हारे सामने एक आदर्शवादी और साधारण बन न होगा. पर पापा मेरे बारे में ऐसा सोचते हे मुझे नहीं मालूम था.
माधुरी ; (स्माइल) वो तो क्या हम दोनों जानते थे आप कितने बड़े धोखे बज हो कब डिल चुरा लेते हो पता नहीं चलता. उस वक्त मेरी खमोशो को पापा इंकार समझ रहे थे. पापा ने मेरे सामने हाथ जोड़ लिए तब मेरे मुँह से सिर्फ पापा इतना hi निकला उन्होंने मुहे गले लगा लिया. मुझे लगा पापा से छुपाने से उन्हें धोखा देना होगा. मेने पापा को बता दिया. आप के बेटे ने मुझे कब से फसा लिया हे और मेरा डिल चुरा लिया हे. उन्ही के हुकुम से मेने आप से शादी की. और हर वक्त आप की हिफाजत करती रही.
में ; पर मुझे कोण मरता मेरी किध से दुश्मनी थी. में तो रमता जोगी हु. बस हसीनाओ से बिस्तर पे खेलना ये तो मेरी कला हे.
माधुरी ने मेरे गलो पे किश किया और बोली.
माधुरी ; दुश्मन आप के नहीं आप के पापा के थे. परिवार को बचने के लिए जिन्दा होते हुए भी मारा साबित रहे. उनके दुश्मन कभी भी आप पर हमला कर सकते थे. पर जब शादी के बाद हमें पता लगा तिगर आप hi हो तो वो बहोत खुश हुए वो भी आप को यही तो बना न चाहते थे.
में ; बहोत बहोत सुक्रिया मुझे पापा से मिलना हे.
माधुरी ; रुको सही वक्त आने दो. अब चले रत हो चुकी हे और महफ़िल इंतजार कर रही हे.
हम दोनों खड़े हुए. मेने माधुरी का हाथ पकड़ा और कहा.
में ; उसे जिन्दा मत छोड़ना मधु. चाहे कोई भी कीमत चुकानी पड़े.
माधुरी ; उसे तो में hi मरूंगी और तड़पा तड़पा कर मरूंगी. अभी उसे खेलने दो हमारी बरी जरूर आएगी.
हम वह से कपाड़िया की पार्टी के लिए निकल गए.
स्वीटी की हालत ख़राब तो हो चुकी थी. मगर पैसे भी उसके पास आ गए थे. वो बाथरूम में जा कर फ्रेश होने लगी. वो बाथ लेने के बाद बहार आई और अपने कपडे पहन ने लगी. वो रेडी हो गई. और पैसे वाला बैग को घिसड़ा कर कड़ी हो गई.
नेताजी ; तुम्हारी टिकिट और वीसा ये लो. अब हमारा सामान हमें दो.
स्वीटी ; हे हे अंकल क्या मुझे तुम चुटिया समाज रहे हो. में फ़्लैट में बेठुंगी तब सेंड होगा समझे अब गाड़ी भेज जल्दी मुझे एयरपोर्ट जाना हे.
स्वीटी को नेताजी ने कार में एयरपोर्ट की तरफ भेज दिया. स्वीटी टाइम पे बैंकाक की फ़्लैट में बैठ गई. और अपने मोबाईल से शैतान को कॉल किया.
शैतान ; मेरा सामान दिए बिना जा रही हो.
स्वीटी ; इतनी धोखेबाज भी नहीं हु अंकल आप जिस रूम में मुझसे मिले उसी रूम में आप का सामान हे अंकल.
शैतान ; वह बड़ी काम की चीज हो तुम मेरे साथ काम करो बहोत मॉल कमाओगी.
स्वीटी ; स्वीटी किसी के साथ काम नहीं करती अंकल बस पेसो के लिए.
शैतान ; फिर कब मिलोगी.
स्वीटी ; सॉरी अब कभी नहीं. आप को आप का सामान मिल गया न अब मुझे भूल जाओ.
स्वीटी ने कॉल कट कर दिया. काँटी का एक no उसके पास था. उसने उसके एक में 25 लक्स डेल. और अपने मोबाईल को गलो से टाच कर के सोचने लगी. तभी उसके बगल में कोई आ कर बैठा. एयर होस्ट्स ने कहा मेम सीट बेल्ट लगा लीजिये. सब ने सीट बेल्ट लगा लिया. उसके बगल में जो बैठा वो विक्रम था.
विक्रम ; hi.
स्वीटी मन में सोचती हे ये तो साला पुलिस वाला हे ये यहाँ कहा से आ गया. स्वीटी ने विक्रम को मुंबई में देखा था. स्वीटी भी स्माइल कर के बोलती हे.
स्वीटी ; hi. आप यहाँ.
विक्रम ; वो दरसल में हे न मुंबई जा रहा हु.
स्वीटी ; तो आप गलत फ़्लैट में बैठ गए.
विक्रम ; आ है में बिलकुल सही फ़्लैट में बैठा हु.
स्वीटी ; लेकिन ये तो बैंकाक जाएगी.
विक्रम ; है मगर ये वापस भी तो यही आएगी.
स्वीटी ; साफ साफ कहो की कहना क्या चाहते हो???
विक्रम ; में ये कहना चाहता हु की हम इसी फ़्लैट से रेतुर्न आएँगे. तुम कुछ सवालो के जवाब डौगी. अगर सही जवाब दिया तो ठीक हे वार्ना तुम्हे मुंबई लेजाकर जेल में बंद.
स्वीटी ; ऐसे कैसे लजाओगे. मेने क्या किया हे.
विक्रम ; वो तो तुम्हारा एक बोल रहा हे.
स्वीटी सोच में पद गई अब इस से कैसे निपटे स्वीटी ने विक्रम को लालच दिया.
स्वीटी ; अरे पुलिस वाले हो न पकड़ लिया मन गए अंकल आप को. सच में बाकि यहाँ के तो सब निकम्मे हे.
विक्रम ; मेने तुम्हे यहाँ के पुलिस वालो की मदद से पकड़ा हे.
स्वीटी सोच में पद गई वो क्या बोले.
स्वीटी ; हाफ हाफ मेरे पास बहोत हे.
विक्रम हसने लगा. छोटी हे लोदिया पर दिमाग हे.
विक्रम ; रिस्वत ??? और मुझे तुम्हे तो जेल भिजवा कर रहूँगा.
स्वीटी ; क्या अंकल जेल जेल कर रहे हो. देखो मेरे पास बहोत पैसा हे. बैंकाक चलते हे किसी होटल में रत गुजरेंगे और फिर आप अपने पैसे लेकर यहाँ वापस आ जाना और क्या.
विक्रम ; और यहाँ की पुलिस को क्या जवाब दूंगा.
स्वीटी ; अरे बाबा ये भी क्या पुलिस वाले को सीखना पड़ेगा बोलो न लोदिया भाग गई.
विक्रम हसने लगा वो पैसे के साथ अपने जिश्म का भी लालच दे रही थी. स्वीटी ने एक हाथ विक्रम की चेस्ट पे रखना चाहा मगर जब उसने हाथ उठाया तो देखा विक्रम ने स्वीटी के एक हाथ में उसके और एक अपने हाथ में हथकड़ी बांध दी थी. विक्रम बोलै.
विक्रम ; ये मुंबई पुलिस हे बीटा. तेरे जैसी हर रोज मुल्क के कोने कोने से आती हे. अब फ़्लैट टेक ऑफ करने वाली हे. तुम्हे कुछ खाना हे.?????
स्वीटी ; (गुस्से से) नहीं
हम दोनों जीप से कपाड़िया के आलीशान बंगलो पे पहोच चुके थे. माधुरी और मेरी सिमेट्री अब कुछ और hi फ़ास्ट हो चुकी थी. क्यों की वो मेरी असली पहचान पूरी तरीके से जान चुकी थी. में और माधुरी दोनों अंदर जाने लगे में रुक गया माधुरी भी सिर्फ एक स्टेप आगे गई थी वो मुझे सवालिया नजर से देखने लगी.
में ; नहीं मधु अभी दुनिया की नजर तुम पर आएगी. तुम पहले जाओ.
माधुरी ; (स्माइल) राजा पहले जाता हे.
में ; पर शेर नहीं. शेर का रास्ता हमेसा उसकी शेरनिया साफ करती हे. और मेरी शेरनी तुम हो. जाओ और शिकार करो. आज तुम्हे खून चखना हे. और शैतान की मौत में खुद अपनी आँखों से देखना चाहता हु.
माधुरी ; उसके लिए तुम्हे इंतजार करना पड़ेगा.
में ; जनता हु. अब जाओ शिल्पा भी रेडी हे.
वो अंदर गई. में जनता था उसकी हॉटनेस सब को उसकी तरफ ज्यादा एक्टेस करेगी और शिल्पा को मौका मिलेगा.
माधुरी अंदर जाती हे. अचानक कोई 4 ,5 आदमी में से एक उसे देखता हे. वो माधुरी को देखता हुआ दूसरे के कंधे पर हाथ मरता हे. वो उसे क्षेता हे क्या हे यार. वो आदमी बस माधुरी की तरफ हिसार करता हे सभी माधुरी की तरफ देखते हे.
आदमी ; क्या हॉट हे यारररर....
आदमी ; 2 सेल कुछ पन्गा मत ले ये पुलिस वाली हे. शहर की सब से हॉट पुलिस इंस्पेक्टर.
आदमी 3 ; और डेंजर भी. साली बात काम और मरती ज्यादा हे. पर बंदी मस्त हे. गरीबो की बहोत मदद करती हे.
आदमी 1 ; अरे तो में भी गरीब हु यार एक बार बस बूब्स मशलने दो न सससस.
आदमी 3 ; वो मन नहीं करेगी बस तेरी गोटिया निचोड़ देगी फिर हो जाएगा खस्सी.
सब जोरो से हसने लगे. कपाड़िया ने जब माधुरी को देखा तो उसकी भी लार टपक गई. उसकी नजर भी माधुरी के जोबन पे hi गई. फिर उसका निरानी फेस और उसपर जो स्माइल थी. कपाड़िया का भी डिल जोरो से धड़का.
कपाड़िया वैसे तो कोई गुनेहगार नहीं था. पर उसे शादी शुदा ोर्टो को पटना ज्यादा पसंद था. वो और विकास दोनों माधुरी की तरफ आए.
कपाड़िया ; (स्माइल) जी नमस्ते मेडम वीर बीटा नहीं आए.
माधुरी ने कपाड़िया की मंशा भाप ली. पर कपाड़िया उसके कोई काम का नहीं था. तभी उसके कानो में उसके पति की आवाज आई जो ैरफोन से थी. माइक्रो हड़फोन.
वीर ; सेल बूढ़े की लार टपक गई.
माधुरी ; जी आए हे न अभी अंदर आते होंगे.
वीर ; अरे मेरा इंतजार कोण करेगा.
तभी माधुरी ने विकास के कंधे पर हाथ रखा. कपाड़िया का डिल जोरो से धड़का.
कपाड़िया ; (स्माइल) आई ये आप पार्टी इंजॉय करे.
माधुरी आगे बढ़ी. उसकी नजर थपड पे गई. जो अकेले जैम पि रहा था. माधुरी उसकी तरफ बढ़ी.
वीर ; ओह ससस इसे जाने दो ये तो सुधर गया हे.
माधुरी ; कुत्ते कभी सुधरते हे क्या सेल ने बस पार्टी बदली हे.
माधुरी थपड की तरफ गई उसे देखते hi थपड के फेस पे स्माइल आई और बस इतना hi कहा.
थपड ; (स्माइल) मालकिन....
माधुरी ; (स्माइल) देखा कुत्ता कुत्ता hi होता हे.
माधुरी उसके पास गई. उसके सर पे हाथ घुमाया.
माधुरी ; केसा हे मेरा टौमी कहा चले गया था.
थपड ; मालकिन आप ने मुझे बचाया नहीं वो कमीना डीके साला मुझे कैद कर के रखा हुआ था. पर मेने भी कह दिया मेरी मालकिन आएगी और तुजे तड़पा तड़पा कर मारेगी. है अब आप आ गई न आप की बहोत सेवा करूँगा.
माधुरी ने अपनी एक ऊँगली तपाद के लिप्स पे रगड़ी थपड ने उसे मुँह में लेकर चूस लिया. माधुरी बहोत नशीले अंदाज़ में बोली.
माधुरी ; जरूर मेरे कुत्ते टौमी तुजे बस थोड़ी देर इंतजार करना पड़ेगा.
तपाद ; वो कस्मिना शैतान भी आया हे मालकिन वो मुझे घर रहा था. वो मुझे मर डालेगा मालकिन प्लीज मुझे बचा लो न मालकिन मम मम में तो आप का कुत्ता हु न मालकिन.
माधुरी ; सबस मेरे टौमी अब ये जैम मुझे दे दो. तुम फ़िक्र मत करो.
माधुरी ने थपड के हाथ से जैम ले लिया. थपड दर की वजह से पटियाला पग बना के लाया था. जो माधुरी ने ले लिया और एक hi साँस में पूरा पग पि कर गिलास थपड के हाथ में थमा कर वह से आगे चली गई.
वीर ; अरे रे रे नशा हो जाएगा.
माधुरी हसने लगी.
माधुरी ; (स्माइल नस्ली) सससस आप के प्यार का नशा इतना ज्यादा हे की ये शराब का कोई असर hi नहीं होता.
तभी माधुरी की नजर शैतान पे गई जो उसी को देख रहा था. माधुरी ने उसे कोई पुराणी प्रेमिका की नजर से देखा.
शैतान भी उसे क़यामत रूप में देख कर मचल गया. माधुरी के फेस में कुछ अलग hi कसीस थी. वो चाहता था वो वापस उसकी हो जाए क्यों की अब वो और भी घातक और हॉट भी हो चुकी थी. माधुरी भी उसकी तरफ एक सेक्सी स्माइल करते हुए अपनी कमर मटकते हुए उसके पास जाने लगी. शैतान थोड़ा साइड में हो गया जिस से उसके कोई देख न सके. माधुरी उसके पास आई शैतान ने उसकी गोरी कमर पकड़ी और अपने से सत्ता लिया. दोनों के लैब आपस में टकराए और एक कमुख जोरदार किश हो गई. शैतान ने माधुरी के एक बूब्स पे अपने पंजे टिका दिए और हल्का सा गोल मशाल दिया.
माधुरी की आंखे बंद हुई और एक बहोत hi मादक सिसकारी निकल गई.
माधुरी ; ससससस अह्ह्ह्ह सससस. कुछः बताओगे नहीं.
तभी माधुरी को किसी का हाथ अपनी हिप्स पे महसूस हुआ. माधुरी ने पीछे मुद कर देखा तो नेताजी खड़ा था. जो माधुरी को देख कर अपनी लार टपका रहा था. माधुरी ने नेता के गाल को सहलाया. नेताजी तुरंत hi माधुरी के पीछे चिपक गया. कपड़ो के ऊपर से hi वो माधुरी की हिप्स की दरारों में अपने लैंड की रगड़ लगाने लगा. माधुरी शैतान की बहो में थी.
वो पूरी शैतान में सात गई. वो दोनों तरफ से सैंडविच बन गई. तभी अचानक वह वेटर आ गया. वो उन्हें देख कर चौक गया.
वेटर ; ओह्ह सॉरी.
माधुरी ; (नशीली स्माइल) मेरे लिए एक वङ्का विथ चिल्ली ले आओ दोस्त.
वेटर कपङे लगा था वो सर निचे कर के पीछे मुदा और चले गया.
शैतान ; कहो जानेमन फिर क्या सोचा हे.
नेताजी कमर से निचे माधुरी की हिप्स के बिच दबाव बनाए जा रहा था और माधुरी के बगलो में से हाथ दाल कर उसके बूब्स दबाए जा रहा था.
माधुरी ; किस बारे में.
शैतान को ख्याल आया नेताजी वह हे. मौलवी से बगावत की बात उसके सामने बोलना ठीक नहीं हे.
शैतान ; अंदर इंतजाम हे आओ.
तभी वेटर आ गया और नजरे निचे कर के ट्रे उनके सामने कर दी. वो जैसे बहुत देख कर दर गया हो. माधुरी ने पग उठाया और वेटर के गलो पे किश कर दिया.
माधुरी ; बहोत बहोत सुक्रिया मेरे दोस्त.
माधुरी का अंदाज़ बहोत सेक्सुअल और नशीला था. माधुरी ने शैतान से नजरे मिले और एक गहरी स्माइल दी. नेताजी हटने का नाम नहीं ले रहा था. माधुरी ने वो पग जातक लिया और थोड़ा घूमी. दोनों मर्दो के लैंड पर कपड़ो के ऊपर से हाथ घूमती हे.
माधुरी ; कही चले?? (सेक्सी स्माइल)
शैतान ने अंदर चलने को हिसार किया.
में माधुरी की हरक्से देख चूका था. वो अपने आप को शराब के नशे में डुबोने की कोसिस कर रही थी. में अंदर आया तो देखा विकास और मोनी आपस में कुछ बहस कर रहे हे. उसने विकास को कुछ मंगवाया और वो उसके लिए कुछ लेने गया. में आगे बढ़ा और कपाड़िया से बाटे की उस से हल चल पूछा मेरी नजर मोनी पर hi थी. उसने अब तक मुझे नहीं देखा था. अपने बालो को सवारती हुई वो एक साइड कड़ी थी.
कपाड़िया के जाने के बाद मेने दोबारा मोनी पे नजर डाली वो मुझे hi देख रही थी.
में जनता था वो खुद मेरे पास आएगी. वो मुझे बहोत जिससे से देख रही थी. जैसे अभी आ कर मेरा मुँह नोच लेगी.
मेने उसे जानबूछ कर एक बार देखा और उस से नजरे हटा ली. उसे और गुस्सा आया. में वह से जाने लगा. उसे लगा में उस के पास जा कर उसे मनाऊंगा. लेकिन में उसे इस वक्त नहीं मन सकता था. मुझे जाते देख उसे और गुस्सा आया. और वो मुझे अब भी घर रही थी.
में आगे बढ़ा और ऐसी जगह दूध रहा था जहा पे बैठ कर में माधुरी को देख सकू. मेने अपना मोबाईल निकला और उसमे माधुरी के सामने जो था वो मुझे नजर आने लगा. क्यों की माधुरी ने जो मेरा दिया मंगल सूत्र पहना था कैमरा उसी में था. वो कही किसी रूम की तरफ जा रही थी. मेने शिल्पा को कॉल में किया.
शिल्पा ; बोलो जानेमन. तो सुरु करू.
में ; देखो शिल्पा तुम जरा भी रिस्क मत उठना सरे दुश्मन यहाँ हे तुम बस जग्गू को लेकर आओ.
शिल्पा ; हो जाएगा मेरी जान आप का हुकुम सर आँखों पे.
में जनता हु शिल्पा हमेसा बिंदास रहती हे और एक अच्छी फाइटर हे.
में ; अगर फास जाओ तो मुझे तुरंत बुलाना.
ेराम ने थान लिया था वो अपनी वफ़ा माधुरी के लिए जरूर साबित करेगी. वो भी इस जुंग में कूद चुकी थी. अँधेरी रत में ेराम शैतान की हवेली में दाखिल हो चुकी थी. उसे अंदर रास्ता तलाशना था जग्गू को छुपा कर जहा रखा हुआ था. वो अँधेरे में एक रस्ते से गुजरती हे.
वो पूरी तयारी के साथ आई थी. ेराम खंजर चलने में माहिर थी. वो कुछ कदम आगे चली और उसके पीछे कोई जम्प मार्के निचे कूड़ा. ेराम ने तुरंत hi पोजीशन ले ली. वो अपने हाथो में खंजर ले कर पीछे घूमी एक पाव आगे और एक क्रॉस में. देखा तो पीछे सोनिआ थी. सोनिया भी पूरी एक योद्धा की तरह.
ेराम ; उफ्फ्फ सुकरे अल्लाह.
सोनिया ; याद आ गए अल्लाह मेरे भाई की गर्लफ्रेंड को.
ेराम ; तुम्हे यहाँ नहीं आना चाहिए था. यहाँ बहोत कहती होगा.
सोनिया ेराम को क्रॉस कर के आगे बढ़ गई.
सोनिया ; पता हे तभी तो आई हु. आओ मेरे पीछे.
दोनों रास्ता ढूढ़ने के लिए आगे बढे सोनिआ रुक गई
सोनिया ; हमें अलग अलग हो कर ढूढ़ना होगा.
ेराम ; में इधर जाती हु.
दोनों अलग अलग दिशा में चले गए. लेकिन घूम फिर के दोनों शैतान के मैं ड्रॉविंग रूम में hi आ गए. दोनों आए तो शिल्पा की आवाज आई. तालिया बजा कर.
सोनिआ ; वह तुम दोनों भी आ गए 1 शॉट ान और दूसरी नानन्द.
ेराम ; काम से काम कुछ अच्छा hi बोल लेती.
शिल्पा ; क्यों तुम मेरे पति की गर्लफ्रेंड हो तो मेरी तो शैतान hi हुई. इसमें गलत क्या he.bhai दोनों को उनसे प्यार हे.
ेराम को शैतान वार्ड पे गुस्सा आया पर बाद में उसे यही ाचा भी लगा. काम से काम कोई रिस्ता तो जुड़ा.
सोनिआ ; अरे यार यहाँ ये ड्रामा नहीं प्लीज चलो यार सब मिल के ढूढ़ते हे.
शिल्पा ; आओ वो निचे hi होगा मुझे रास्ता पता हे.
शिल्पा के पीछे वो दोनों चलने लगी.
माधुरी नेता और शैतान दोनों के कंधे में कंधे डेल रूम में पहोच गई. कपाड़िया भी पीछे पीछे आने लगा. नेता साड़ी के ऊपर से hi पीछे से माधुरी की हिप्स मशाल रहा था. रूम में एक बहोत बड़ा टेबल और उसपे बहोत साड़ी चेयर लगी हुई थी. वो सायद घर के अंदर ऑफिस के कॉन्फ्रेंस रूम था. वह मीटिंग हुआ करती थी. शैतान एक मैं चेयर पे बैठ गया. उसके सामने माधुरी और शैतान थे. माधुरी बिच में टेबल के पीछे थी. नेता ने माधुरी के कंधो से पिन खोली और एक झटका मारा. माधुरी के अचल से साड़ी का पल्लू निचे जमीं पर गिर गया. शैतान की आँखों में आंखे डेल माधुरी मुश्कुरा रही थी.
माधुरी के कमर तक साड़ी उतर चुकी थी. उसके छोटे से ब्लाउज में उसके जोबन को देख कर नेताजी पागल हो गए. वो उसे जोर जोर से मशलने लगा. माधुरी जब बचकर आवाज निकलते हुए नशीली सिसकारी लेती हे.
माधुरी ; अह्ह्ह सससस उफ्फ्फ्फ़.... सससससस.
माधुरी की नजरे तो शैतान की नजरो में और एक बहोत जबरदस्त मादकता उसके फेस पे थी. माधुरी के सिसकारियों की आवाज से hi दोनों मर्दो के लैंड खड़े हो गए थे. तभी अचानक दरवाजा खुला और कपाड़िया अंदर आया. उसने जैसे दूर बंद किया और जो नजारा देखा वो देख कर उसका खुद का हाथ खुद hi अपनी पेण्ट के ऊपर से अपने लैंड पे चला गया.
कपाड़िया ; (कपटी आवाज में) क्क्क्य मी भी जजों कर सकता हु.
माधुरी बस ुए एक बार स्माइल करते देखती हे. वो तुरंत hi झुक कर माधुरी को कमर से जकड लेता हे. और माधुरी की नाभि में जीभ दाल देता हे. नेताजी तुरंत hi माधुरी के ब्लाउज पूछे से हुक खोल देता हे. ब्लाउज आगे की तरफ झुक गया अंदर डार्क ग्रीन ब्रा थी. माधुरी के बूब्स आधे से ज्यादा बहार दिख रहे थे. नेताही बूब्स का खुला हिस्सा चाटने लगा. चाट ते हुए वो गले तक पहोचा माधुरी को भी नशा होने लगा. वो और मस्त होने लगी. लेकिन वो ऐसे hi कड़ी मुश्कुराते हुए शैतान को hi देखती रही. पर शैतान जनता था. माधुरी के दिमाग में कुछ और hi चल रहा हे.
में बहोत परेशां था. में अब तक मेरी बीवी जो सामने हो रहा था वो सब देख रहा था. एक सीने में दर्द होने लगा. हे भगवन ये मेरे साथ ऐसा क्यों हो रहा हे में उस से प्यार करता हु. मुझे बहोत तकलीफ हो रही थी. तभी मुझे सामने कपाड़िया दिखा. उसका फेस अचानक कमरे के सामने आया. मतलब में समाज गया की वो माधुरी के बूब्स में मुँह दाल रहा हे. और माधुरी की उंगलिया उसके सर में घूम रही हे.
मुझे उनकी आवाज भी सुनाई दे रही थी.
कपाड़िया ; सससस कही तुम्हारे पति को शक तो नहीं होगा ससस बहोत गरम हो तुम ससस अह्ह्ह्ह तुम्हारे ये रसीले आम सससस.
माधुरी हसने लगी.
माधुरी ; तुम जानते हो मेरा पति क्या कर रहा हे??
माधुरी ने उसके सर के बल पकडे और जोर से खींच कर उसका सर ऊपर कर दिया. कपाड़िया को बहोत दर्द हो रहा था.
माधुरी ; वो इस वक्त तुम्हारी होने वाली बहु के साथ बिस्तर पर हे. दोनों बिना कपड़ो के. एक दूसरे से चिपके हुए. तुम्हारा बीटा नामर्द हे न.
कपाड़िया पहले तो सोच में पद गया क्या सच तो नहीं हे पर फिर स्माइल करता हे.
कपाड़िया ; (स्माइल) अच्छा मजाक हे.
माधुरी जोरि से हस्ती हे वो मुझे क्या करना हे वो बता रही थी.
माधुरी ; फिर एक मजाक और करू.???
माधुरी ने आँखों के तेवर से कहा.
माधुरी ; तुम्हारी बेटी मेघा जो लंदन में पढ़ रही हे. मेरा पति hi उसका बॉयफ्रेंड हे. और तुम्हारी बेटी भी उसके साथ कई बार हम बिस्तर हो चुकी हे.
में सोच में पद गया ये सब माधुरी को कैसे पता हे. मुझे तो खुद नहीं पता था मेघा कपाड़िया की बेटी हे. मुझे तो बस खली एक लड़की चाहिए थी. जो कॉलेज में मेरे लिए काम कर सके और वो मेरे लिए सब कर भी चुकी थी. में जब भी लंदन जाता उसी के साथ रत गुजरता था. कपाड़िया भी चीड़ गया. वो चिल्ला कर बोलै.
कपाड़िया ; क्या बेहूदा मजाक हे ये. (गुस्से में)
माधुरी जोरो से हस्ती हे.
माधुरी ; दुसरो की बीवी के दो टैंगो के बिच तू मुँह डालने को तैयार हे. मेरा पति तेरी बहु बेटी भी न चोदे.
(शैतान जनता था माधुरी झूठ नहीं बोल रही पर अभी उसे मामला संत भी करना था. वो बोलै.)
मुझे शतं की भी आवाज सुनाई दी.
शैतान ; ये मजाक कर रही हे. तुम बस इसके हुढं का मजा लो.
तभी मुझे एक वेटर ने आवाज दी.
वेटर ; सर आप को मालकिन बुला रही हे.
में ; कोण मालकिन.
वेटर ; जी सर वो मोनी मेडम. बोल रही हे आप को ये नेपकिन देने के लिए.
मेने वो नेपकिन खोला तो उसमे लिखा था.
मोनी ; तिगर जिद मत करो जल्दी मेरे रूम में आ जाओ. तुम्हारा प्यार. सिर्फ और सिर्फ तिगर की मोनी.
में गुस्से में था. जाना नहीं छठा था पर में खड़ा हुआ एक बदले की भावना से गया. में उसके रूम का दूर ओपन किया वो मुझे तिरछी नजरो से देखती हे. जैसे गुस्से में थी.
में उसके सामने जा कर बैठ गया.
मोनी ; तुम्हे पता हे न में तुमसे प्यार करती हु. फिर भी मुझे तकलीफ दे रहे हो.
ाचा ाचा ok मर लो दस जगह मुँह. मेरे जैसी और पता लो. पर प्लीज मुझे ऐसे छोडो मत प्लीज. ी लव यू यार. तुम्हे पता हे न.
वो मुझे बहोत कुछ बोलने लगी. वो मुझे अब भी गुस्से में देख रही थी.
में ; तुम नजाने क्या सोचती हो. मेने तुमसे पहले भी कहा था. सब सच भी बता दिया था. फिर भी तुम. मेने कहा था न वीर नहीं तिगर तुमसे प्यार करता हे. फिर भी तुम्हे में धोखे बज लगता हु. बताओ कोनसा झूठ बोलै तुमसे.
में थोड़ा जोर से बोलै. वो दर गई. वो सर निचे कर के रोने लगी.
मोनी ; प्लीज तिगर मुझे तकलीफ होती हे. में तुमसे प्यार करती हु. मेरे साथ ऐसा मत करो.
में खड़ा हुआ मुझे गुस्सा आ रहा था. उसने उठ कर मेरा हाथ पकड़ लिया और बोली.
मोनी ; नहीं नहीं नहीं तिगर प्लीज मत जाओ में प्यार करती हु तुमसे तुम जो बोलोगे में करुँगी.
शिल्पा ेराम और सोनिआ तीनो निचे पहोच गई. उन्हें जग्गू दिख गया दोनों हाथ ऊपर आंखे बंद. बेहोशी की हालत में. फेस पे खून भी सुख कर कला हो चूका था. वो तीनो को उसकी हालत पे तरस आने लगा.
शिल्पा ; ससस रे क्या हालत की हे बेचारे की.
सोनिया ; साला कमीना अपनी लड़ाई में बचे की क्या हालत की हे.
ेराम ; में इसे लेकर आती हु तुम दोनों निकलने की तयारी करो.
ेराम जैसे hi आगे आई. जग्गू और उनके बिच मौलवी आ गया.
मौलवी ; ओह्ह्ह आओ मेरी बेटी. इस लड़के को लेजाने आई हो पर क्या लेजा पाओगी.
ेराम उसे देख कर सिर्फ दो कदम पे hi रुक गई.
शिल्पा ; अरे ये कोण हे.
ेराम ; ये शैतान का भी बाप हे पर ये रिश्ते में मेरे अबू हे.
शिल्पा ; ओह तो तुम इस से लड़ नहीं पाओगी तुम पीछे आ जाओ.
ेराम ; नहीं इनसे लड़ने का हक़ पहले मुझे हे.
ेराम ; अबू मेने पहले hi कहा था. मेरे रस्ते में आए तो में आप को भी फ़ना कर दूंगी.
मौलवी हसने लगा.
मौलवी ; फिर आओ पर कही मुझे फ़ना करने के चक्कर में कही तुम हलाल न हो जाओ.
ेराम ने अपनी जंगो से दो खनजर निकले और मौलवी की तरफ भागने लगी.
माधुरी अब नंगी हो चुकी थी. उसका पति का ध्यान मोनी ने बदल दिया उसे कण में माधुरी की आवाजे आ रही थी पर मोबाईल उसने साइड रख कर मोनी से बहस कर रहा था. माधुरी अभी एक टेबल पे दोनों हाथ तक कर कड़ी थी. कपाड़िया घुटनो के बल माधुरी की दो टैंगो के बिच बैठ कर. अंदर से निकल रही मिट्ठी मिट्ठी चासनी बड़े चाव से चूस रहा था. और नितजी माधुरी की दोनों हिप्स पर अपने हाथो के पंजो से हिप्स को फैला रखा था. वो अपनी गन्दी सी जीभ की नोक को माधुरी के हिप्स के बिच जो छेड़ था उसे कुरेदे जा रहा था.
कपाड़िया ने अपने दोनों हाथो को ऊपर उठाया और माधुरी के गोर गोर जुलते हुए बूब्स को भर मुट्ठी पकड़ लिया. उसने पुरे पंजो से माधुरी के बूब्स को गोल गोल मशला. माधुरी की आंखे कभी बंद होती तो कभी खुलती. उसके लोप्स भी खुल बंद रहे थे. शैतान सामने से ये नजारा देख कर ज्यादा उत्तेजित हो रहा था. उसने अपनी टंगे टेबल पे पसर दी. और पंत की जीप खोल कर अपना लैंड बहार निकल लिया. वो माधुरी को ज़ुकी हुई. एक कमुख अंदाज़ में देख रहा था. खुली हुई बाजु. और खुले हुए बूब्स के बिच 2 मंगलसूत्र लटक रहे थे. शैतान खुद भी इतना उत्तेजित हो गया उसने भी अपने लैंड को आगे पीछे करना सुरु कर दिया था.
माधुरी ने कपाड़िया के सर के बल पकडे और उसे खड़ा किया. फिर एक जबरदस्त किश उसके लिप्स पे की. और पीछे को प्रेस करने लगी. कपाड़िया पीछे झुक गया. वो आधा अपने पाव पे खड़ा और आधा पीठ के बल टेबल पे लेट गया. माधुरी के सीधा खड़ा होने के कारन नेताजी भी जमीं पर गिर गया. अब माधुरी पूरी नुदे अपना एक घुटना टेबल पे टिका कर ऊपर उठा फिर दूसरा घुटना भी उठा लिया. वो टेबल पर जानवरो के जैसे दोनों घुटनो पर हाथ के पंजो से डौगी स्टाइल में आ गई. फिर कमर के निचे के हिस्से को निचे किया. जैसे छिपकली का पीछे का पोरशन. पाव के पंजो से लेकर जंगे और कमर टेबल से सत्ता कर.
पर सब में कपाड़िया की हालत ज्यादा ख़राब हो गई. माधुरी ने अपनी पूरी छूट से कपाड़िया के मुँह को धक् लिया और दबा दिया. उसकी नोज तो माधुरी की छूट में धस गई. उसे साँस भी नहीं ली जा रही thi.Usne माधुरी की कमर को पकड़ा और ऊपर उठने की नाकाम कोसिस करने लगा. लेकिन वो कामयाब नहीं हो पाया. वो अपनी टैंगो को आगे पीछे करने लगा. उसे तड़पता देख कर माधुरी को बहोत मजा आ रहा था.
शैतान ; वो मर जाएगा मोहिनी.
माधुरी ; सससस (नाहिला अंदाज़) अह्ह्ह मरने दो न ससस मुझे बहोत मज़ा आ रहा हे.
शैतान जनता था अब वो पुराणी मोहिनी नहीं आज की घातक माधुरी हे. जो शिकार को तड़पा तड़पा कर मरती हे.
शैतान ; उसने कुछ नहीं किया वो सिर्फ तुम्हारा दीवाना हे छोडो उसे.
माधुरी खिल खिला कर हस्ते हुए थोड़ा कमर उठा लिया. कपाड़िया जोरो से सांसे लेने लगा. अब माधुरी ने अपनी हिप्स उठा ली. और वापस डौगी स्टाइल में आ गई. नेताजी ने फिर खड़े खड़े hi माधुरी की हिप्स पे वापस पंजे टिकाए और अपना मुँह फिर उसकी हिप्स की दरारों में दाल दिया. शैतान पागल हो गया. वो माधुरी को जिस तरह से देख रहा था उसे नहीं मालूम था. वो तीनो माधुरी को भोगने वाले हे या फिर माधुरी उन तीनो को भोगने वाली हे. नेताजी ने माधुरी के हिप्स पे दोनों हाथ तक कर कड़ा हुआ.
वो टेबल पे ऊपर आ गया. वो भी पूरा नंगा था. माधुरी ने अपने दोनों हाथो से कपाड़िया के बल पकडे और ऊपर की तरफ खींचा. कपाड़िया टेबल पे घसीट कर ऊपर हुआ. माधुरी फिर थोड़ा आगे शैतान के पास हो गई. नेताजी ने माधुरी की हिप्स के बिच कुछ चिप छिपा सा लगाया. और अपने लैंड का टोपा. माधुरी की हिप्स के बिच के छेड़ पर टिका दिया. माधुरी ने फिर कपाड़िया के बल पकड़ कर उसका सर ऊपर उठाया और फेस को अपनी छूट से सत्ता दिया.
नेताजी ने हलके से अपना लैंड माधुरी की हिप्स की दरारों में घुसा दिया और हलके हलके धक्के दिए. कपाड़िया का सर माधुरी ने उठा रखा था और वो माधुरी की छूट चाट रहा था. शैतान ने नजारा देखा तो वो अपना लैंड जोर जोर से हिलने लगा. माधुरी उस से सिर्फ एक हाथ सामने थी. माधुरी ज़ुकी हुई मादक और उसके आगे पीछे दोनों बाजु से प्रहार हो रहा था. उसका मादक मुखड़ा.
जब पीछे से माधुरी की कमर पकड़ कर वो झटके मर रहा था. उस वजह से माधुरी के बूब्स लटके हुए आगे पीछे हिल रहे थे. साथ hi उसकी सोने की कहीं और मंगलसूत्र भी. अचानक शैतान चरम सिमा पर पहोच गया और सब से पहले उसी की पिचकारी छूट गई. वो सीधी माधुरी की सामने टेबल के ऊपर hi गिरी. माधुरी हसने लगी और थोड़ी और आगे खिसकी. उसका हाथ जहा उसका वीर्य चंडी के सिक्के जैसे चमक रहा था उसपे hi रखा और उसे अपने बूब्स पे रखा. तभी माधुरी ने हाथ आगे बढ़ाया और शैतान का लैंड पकड़ लिया.
माधुरी स्माइल करते हुए शैतान की आँखों में देखा. तभी माधुरी के कानो में उसके पति का दर्द सुनाई दिया. उसने शैतान को देखते हुए अपने पति को कुछ कहा. शैतान को लगा वो उसे कह रही हे. माधुरी मजबूर हो गई वो मंगलसूत्र नहीं उतरना चाहती थी पर उसे अपने पति का दर्द उस से भी ज्यादा बरदास होना मुश्किल लगने लगा. माधुरी ने अपने दूसरे हाथ से मंगलसूत्र को पकड़ा और अपने मुँह में भर लिया.
मुझे गुस्सा और डिल में दर्द हो रहा था क्यों की माधुरी की सिसकारियां मेरे कानो में थी. और मेने मोनी पर से ध्यान हटा लिया और मोबाईल में एक बार देखा. माधुरी का हाथ शैतान के लैंड पे था. मेरे मुँह से बस इतना hi निकला
में ; नहीं मधु नहीं प्लीज मुझे दर्द हो रहा हे.
माधुरी ; बस थोड़ा सा बरदास कर लो ससससस मेरी आग भड़क चुकी हे.
तभी अचानक मेरी आँखों के सामने से स्क्रीन गायब हो गई मेने अपना मोबाईल बाद पे पताका और खड़े हो कर घूमने लगा. मोनी बक बक कर रही थी. और मुझे दे बै घूमते देख रही थी. वो जमीं पर गुस्से से बैठ गई.
मोनी ; क्यों तिगर क्यों. तुम जैसे अपनी बीवियों को हर पल याद करते हे वैसे मुहे क्यों नहीं. इसका मतलब तो यही हे न सिर्फ मुझे तुम्हारी जरुरत हे फ़िक्र हे. तुम्हे कुछ नहीं.
मुझे गुस्सा आ रहा था. मेने जोर से चीखते हुए कहा.
में ; प्लीज चुप हो जाओ.
मोनी ने बहोत प्यार से बोलै.
मोनी ; बिलकुल चुप नहीं होउंगी. तुम मुझे आज वैसे hi प्यार करो जैसे अपनी बीवियों से करते हो. आओ मेरे पास आओ. बना लो मुझे अपनी. मेरे डिल को बता दो की मोनी सिर्फ तिगर की हे. तिगर की मोनी. आओ मेरे पास आओ.
वो मुझे सेक्स के लिए अपने पास बुला रही थी. और बहोत नशीले अंदाज़ में मुझे देख रही थी.
में जोर से चीखा.
में ; प्लीज मोनी में बहोत तकलीफ में हु प्लीज चुप हो जाओ. वार्ना में कुछ गलत कर बैठूंगा.
ेराम जैसे hi भागते हुए मौलवी के पास पहोची और हवा में hi खंजर से हाथ घुमाए मौलवी ने ेराम के दोनों हाथ की कलाई पकड़ी और गोल घुमा कर ेराम को सोनिआ और शिल्पा की तरफ फेक दिया. और हस्ते हुए बोलै.
मौलवी ; (स्माइल) बेचारी मेरी बेटी अब मुझे अपनी बेटी को भी आज मरना होगा.
सोनिआ ने ेराम को कंधे से पकड़ कर उठाया.
सोनिआ ; फ़िक्र मत करो अभी तो खेल शुरू hi हुआ हे.
तभी शिल्पा एक कदम आगे बढ़ा कर एक चाबुक घुमाई. मगर वो चाबुक को मौलवी ने पकड़ लिआ और खींच दिया. शिल्पा दीवार से टकराई नहीं बल्कि उसमे लगे एक कहते को पकड़ कर वही लटक गई.
मौलवी ; ओह बंदरिया बहोत अच्छे.
मौलवी ने फिर चाबुक को खींचा इस बार शिल्पा ऊपर ज़ूमर पे लटक गई और मौलवी के हाथो से चाबुक छूट गई. शिल्पा फिर जमीं पे आई.
शिल्पा ; बंदरिया नहीं शेरनी. लगता हे तुम किसी शेर से नहीं मिले हो न आज पता चलेगा.
वो मौलवी पे वर करना सुरु किया. लम्बी टैंगो से. वो घूम घूम कर कभी राउंड किक तो कभी ग्राउंड किक मरती हे. मौलवी पीछे हैट ता गया. फिर एक मौलवी की चेस्ट पे लगी. मौलवी एक कदम पीछे हो गया. उसे गुस्सा आया. शिल्पा ने जैसे hi राउंड किक मरी मौलवी ने उसकी लत पकड़ के घुमा दिया. शिल्पा एक दीवार से टकरा कर जमीं पे गिरी.
मौलवी ; तू अगर शेरनी हे तो में शिकारी हु. ( गुस्से और जोश में)
सोनिआ अब आगे बढ़ी जिसे देख कर मौलवी सोचने लगा. क्यों की उसे पहले कभी देखा नहीं था. शिल्पा को तो मौलवी पहले hi स्टडी कर चूका था. और ेराम को तो उसने खुद शिखाया था. पर सोनिआ उसके लिए एक नया चहेरा था.
मौलवी ; (हस्ते हुए) कुछ बोलोगी नहीं. कुछ डायलॉग वेलोग. जुमले वगेरा.
दोनों आमने सामने एक दूसरे के दोनों ने पोजीशन ले ली. मौलवी भी सोच रहा था. इसका तर्क क्या होगा. सोनिआ का फुटवर्क भी उसे समाज नहीं आया न आँखों से उसका वॉर सोनिआ का पॉवर उसकी स्पीड थी. उसने सं सं सं मुक्के घुमाए. मौलवी पीछे होता गया. पर सिर्फ एक मुक्का मौलवी के जबड़े पर पड़ा. जन्नते दर. और मौलवी खड़ा हो कर एक बार अपना सर हिलाया. वो वाकई डैम दर थी.
सोनिआ ; जो बोलना था वो मेरे पांच ने बोल दिया. तुमने सुना न.
मौलवी ; अब मेरी बरी हे.
मौलवी ने भी वैसी hi स्पीड में वॉर चालू किया दोनों एक दूसरे के ऊपर अटेक चालू कर दिया पर मौलवी के कदम भी फ़ास्ट हुए और वो किक से भी लड़ने लगा. उसने देखा सोनिआ की कोणी ज्यादा उठी हुई हे. एक मारा पर सोनिआ थोड़ी घूम गई. वो मुक्का अगर सोनिआ की पसली पे लगता तो सायद उसकी पसली आज टूट जाती. सोनिआ को भी एहसास हुआ माधुरी ने उसे एक बार कहा भी था. उसे माधुरी की बात मन लेनी चाहिए थी और नए तरीके से प्रैक्टिस भी करनी चाहिए थी.
सोनिआ ; अहह ससस भाभी की आज जरुरत थी.
मौलवी ; ओह्ह तुम सायद उस पुलिस वाली की बात कर रही हो. मुझे भी उसी का इंतजर था.
अब वो तीनो एक साथ कड़ी हुई. तीनो ने एक दूसरे की आँखों में देखा और एक साथ अटेक चालू किया.
माधुरी जान चुकी थी. उसके पति ने मोबाईल फेक दिया हे. सायद उसकी आवाज पे ध्यान हो वो उन तीन मर्दो के साथ साथ अपने पति को भी उकसाती हे. नेताजी ने स्पीड बढ़ा दी और माधुरी के पीछे अंदर hi ज़द गया वो पीछे को टेबल पे hi गिर गया. कपाड़िया छूट चाट चाट के परेशां हो गया था. वो पीठ के बल था. वो खिसक और थोड़ा आगे हुआ. उसका लैंड अब माधुरी की छूट को टाच हुआ. माधुरी ने कपाड़िया से नजरे मिले. और स्माइल करते हुए बोली.
माधुरी ; क्या तुम मेरे कुत्ते हो??? क्या तुमने अपनी वफ़ादारी साबित की??? फिर कैसे तुम मुझे भोगो गए. पहले वफ़ादारी निबजाओ. मुझे अपनी मालकिन मन कर.
माधुरी ने कपाड़िया के बल पकडे और झटका दिया. वो बूढ़ा था. उसके अंजार पंजर हिल गए. उसे खड़ा किया और पीछे की तरफ किया. फिर दोबारा बल पकडे और उसका फेस अपने पिछवाड़े से सत्ता दिया.
माधुरी ; साबित करो मेरे लिए अपनी वफ़ादारी.
उसे माधुरी की नेताही के वीर्य से सना पिछवाड़ा चेतना पड़ा. वो जीभ को फैला कर चाटने लगा. पहले तो उसे घिरना हुई पर बाद में उसे बहोत मजा आया. माधुरी को भी सुकून मिलने लगा. उसने माइंड गेम शुरू किया.
माधुरी ; अस्स्सस्स है ऐसे hi में मालकिन हु तुम्हारी. ससस अह्ह्ह मेरा पति अब तक तुम्हारी बहु को नंगा कर चूका होगा. वो बदला ले रहा हे. तुमने उसकी बीवी को टाच किया न सससस वो बदला लेगा ससस वो तुम्हारी बहु को पटक के छोड़ रहा होगा सससस
गुस्सा नेताजी को भी आने लगा. पहले तो वो समझा नहीं था. पर अब माधुरी किस की बात कर रही हे उसे पता चल गया. वो खड़ा हुआ और माधुरी के पीछे से बल पकड़ कर खींचा.
नेताजी ; (गुस्से में) साली तेरा पति मेरी बीवी को छोड़ेगा है साली हरामजादी.
माधुरी ने तुरंत hi नेताजी की कलाई पकड़ी और घुमा दिया. नेताजी के गर्दन अपनी कोणी के बिच ले आई. नेताजी की गर्दन फास गई. और वो छुड़ाने की बिख मांगने लगा.
शैतान ; रिलेक्स नेताजी और कपाड़िया जी. ये बस तुम्हे इस लिए उकसा रही हे की तुम ज्यादा जोर से इसे खुश करो. ये बस तुम्हे गुस्सा दिला रही हे.
शैतान ; छोडो मोहिनी छोड़ दो इसे.
माधुरी हसने लगी पर छोड़ती नहीं हे. लेकिन नेताजी को भी ऐसा लगा की सही में वो सिर्फ उन्हें उकसाने के लिए कर रही थी. नेताजी का डैम घुट राजा था.
नेताजी ; आह्ह्ह्ह ससस प्लीज छोडो ससस अहह सॉरी मालकिन ससस में तो आप का कुत्ता हु न.
माधुरी ने उसे छोड़ा और एक जबरदस्त लिप किश कर दी.
माधुरी ; (स्माइल) सुकर करो वार्ना तुम्हारी लाश इन्हे छुपानी पड़ती.
नेताजी ने अपना मुँह माधुरी के बूब्स के लगा दिया. कपाड़िया माधुरी का पिछवाड़ा चाट रहा था. माधुरी को बहोत मजा आने लगा.
माधुरी ; ससस अह्ह्ह देखना ससस मेरा पति hi तुम्हारी बेटी के साथ सुहागरात मनाएगा. अभी तुम्हारी बेटी भी तो बिना कपड़ो के मेरे पति के निचे होगी. ससस तुम देखोगे न. वो एक जिन्दा डिल मर्द हे.
नेताजी ; है है है में देखूंगा है.
माधुरी ; तुम्हे में दिखाउंगी कैसे वो सससस ह्ह्हह्ह्ह्ह.
माधुरी अब शैतान की गॉड में आ गई. शैतान का लैंड दोबारा सख्त हो चूका था. माधुरी ने शैतान का लैंड भर मुट्ठी पकड़ा और आगे पीछे किया. मधु शैतान की चेस्ट पे निपल को चुस्ती हे फिर उसकी बालो से भरी चेस्ट को चूमती हे. वो और आगे बढ़ी. शैतान के गले को वो चाटने लगी. माधुरी की इस हरकत से शैतान को भी एक वक्त मौत का दर लगा.
मोनी गुस्से के साथ प्यार भी दिखा रही थी. वही में माधुरी को देख तो नहीं रहा था पर उसकी बाटे मुझे साफ सुनाई दे रही थी. उसने मेरे अंदर भी एक जानवर जगा दिया. में किसी भी लड़की का कभी डिल नहीं तोड़ता और न hi उसका डिल दुखता हु. पर माधुरी ने मेरे अंदर बदले की भावना जगा दी थी. मेरा ध्यान मोनी पर जाने लगा था. वो भी मुझे सवालिया नजरो से देख रही थी. उसने मेरा हाथ पकड़ रखा था. में भी घुटनो के बल उसके पास था. वो एक सेक्स अपील पैदा करने की कोसिस कर रही थी. मेरी नजर उसके कातिलाना फेस पे और फिर निचे गले के नेकलेस के निचे खुले हुए उभारो पे गई. वो बहोत सेक्सी निगाहो से मुझे देखती हे.
मोनी ; प्लीज प्यार करो न मुझे. प्लीज बना लो मुझे अपनी. में सच में आज के बाद कोई ऑब्जेक्शन नहीं करुँगी. तुम्हारी कशम.
मोनी ने मेरी कलाई छोड़ी और मेरे जंगो पे हाथ रख दिया. उसने भी मुझसे नजरे हटा कर मेरी पेण्ट के ऊपर नजर डाली.
पर मेरी नजर अब भी उसकी आँखों पर थी. उसके मोठे और रसीले लिप्स. और ब्लाउज के ऊपर का खुला हिस्सा जहा से बूब्स का हिस्सा सुरु होता हे. दिनों बूब्स के बिच एक गहरी तंग घाटी. मेने भी अपना हाथ मोनी की जंगो पर रख दिया और मशाल दिया. वो सिर्फ एक hi बार अह्ह्ह किया फिर मुझे बहोत कमुख नजर से देखने लगी.
उसका हाथ भी मेरे पंत के ऊपर से hi मेरे लैंड पे घूमने लगा. मेने मोनी के सर के बल पकडे और सर ऊपर उठाया.
मोनी ; सससस अह्ह्ह.
उसे दर्द तो हुआ पर उसने अपनी लिप्स मेरे आगे कर के आंखे बंद कर ली. जैसे अपने आप को मुझे शॉप रही हो. मेने उसकी लिप्स से अपनी लिप्स जोड़ी और जोर जोर से चूसने लगा. मेने अपने हाथ उसके बूब्स पे रखे और जोरो से मसला. उसे बहोत दर्द हुआ पर में जानवर बन गया. दर्द से उसकी आँखों में अंशु भी आ गए. पर मेने देखा तक नहीं. मेने उसकी लिप्स इतनी जोर से चूसी की होठो से खून आ गया. उसकी दोनों टंगे छोड़ी की और अंदर हाथ दाल कर उसकी पंतय खींच ली.
वो अब भी अपने आप को सँभालते हुए मुझे hi देख रही थी. जैसे कह रही हो कुछ भी कर लो वो पीछे नहीं हटेगी. मेने उसकी छूट को भर मुट्ठी पकड़ा और जोरो से मशला. वो पहले से गीली थी. वो मचल गई. उसे दर्द भी हुआ होगा. मेने उसका घागरा ऊपर किया और हिप्स से पकड़ कर सोफे पे बैठा दिया. उसकी दोनों टैंगो को अपने कंधो पे रख कर. अपनी पेण्ट उतरने लगा. में निचे से नंगा हो गया.
मोनी की छूट से लैंड का टोपा सताया और जोर से झटका मारा. उसकी आंखे बंद हो गई. और चीख निकल गई.
मोनी ; (आँखों में अंशु) ोूछ ससस सससस
अपने दोनों हाथो में उसके बूब्स पकडे और जोर जोर से झटके मरने लगा. वो पूरी हिलने लगी. गीली छूट और जंगो पे ठोकर से फैट फैट आवाज रूम में गुजने लगी. मोनी ने अपने एक लिप्स दातो में दबा लिया. और दोनों हाथो को मेरे कंधो पे रख लिया. में जोर जोर से दकके मरे hi जा रहा था.
ेराम, शिल्पा और सोनिआ तीनो मौलवी से लड़ रहे थे. पर वो बहोत खुखार था. उसने सोनिआ और शिल्पा दोनों के बल पकडे और इतनी जोर से आपस में टकराया दोनों को ताम्र चढ़ गए. ेराम का एक खंजर मौलवी के पाव के पास था. मौलवी ने उसे उठाया. और शिल्पा की तरफ बढ़ा. शिल्पा को जमीं से उठाया और पहले उसका मास्क उतरने की कोसिस की. पर ेराम दौड़ के आई और एक जबरदस्त लत मौलवी को मरी. मौलवी और शिल्पा दोनों जमीं पर गिरे. मौलवी गुस्से में खड़ा हुआ और ेराम को उठा कर जोर से दीवार पे फेका तीनो घायल कर चूका था.
अब वो खंजर को फिर देखता हे. उसने खंजर उठने के लिए ज़ुका तो एक गोली चली और खनजर दूर हो गया. मौलवी ने सर उठा कर देखा तो आलिया थी.
मौलवी ; ओह्ह्ह बीटा बड़ो के बिच बचो का क्या काम अब तुम्हे भी मरना पड़ेगा.
आलिया भी जोस में बोली.
आलिया ; कही ऐसा न हो ये छोटी बची तुम्हे जहनुम में पहोचा दे.
मौलवी ; नहीं उसे मत मारो.
आलिया ने पीछे देखा और मौलवी पल भर में दौड़ के आलिया को धक्का दे दिया. आलिया भी निचे गिरी. मौलवी आलिया की गन उठने गया. अचानक उसके फेस पे एक जानते दर लत पड़ी. माँ भी जुंग में आ चुकी थी.
मौलवी ; हम्म्म अब तो खेल बराबरी का हुआ. में तंग आ गया बचो से लड़ के.
माँ और मौलवी दोनों की फाइट सुरु हो गई. ेराम जल्दी कड़ी हुई और जग्गू को खोल दिया. उसने चेक किया जग्गू अब भी जिंदा था. ेराम ने जग्गू को उठाया और निकलने लगी. माँ ने मुक्का मारा मौलवी पीछे गिरा. उसे लगा यहाँ वो हर जाएगा. उसने खंजर उठाया और जग्गू को मरने गया. ेराम घूम गई. वो ेराम की पीठ पे घुस गया. ेराम के मुँह से आह निकल गई.
ेराम ने वर करने की बजाय मौलवी का मास्क खींच लिया. मौलवी ने काळा कपडे से फेस को छुपाया और पास एक खिड़की से कच तोड़ के जम्प मर गया. ेराम गिरने वाली थी. शिल्पा ने उसे संभाला.
शिल्पा ; सब्बास मेरी बहन. तूने कर दिखाया.
ेराम की आंखे बंद थी. जब शिल्पा के मुँह से बहन सुना तो उसके फेस पे एक प्यारी सी स्माइल आई. वो बेहोश हो गई.
माधुरी शैतान के लैंड पे स्वर हो चुकी थी. नेताजी माधुरी का पिछवाड़ा पे हाथ घुमा रहा था. वो घुटनो के बल टेबल पे hi बैठा था. कपाड़िया माधुरी की पीठ चाहते हुए कंधो को चाट ते हुई अपना लैंड हिला रहता. माधुरी ने शैतान की गर्दन को थोड़ा सा कटा और बोली.
माधुरी ; सच बताओ सुरभि को किसने मारा हे. वार्ना आज तुम भी सससस.
माधुरी बोलते बोलते होने लगी.
शैतान को माधुरी चाहिए थी. क्यों की ब्लास्ट के बाद उसी के जरिये वो मौलवी को मरवा कर खुद उसकी जगह लेना चाहता था. लेकिन उसकी आंखे माधुरी पढ़ चुकी थी. वो झूठ बोलने वाला हे.
शैतान ; में सच कहूंगा ये काम तो मौलवी और डीके का हे. आज में तुमसे एक सोडा करने आया था. पर तुम्हे मुझपे अब यकीं hi नहीं हे.
माधुरी ; बोलो क्या कहोगे क्या चाहिए.
शैतान ; आज थपड की मौत चाहिए मुझे.
माधुरी ; हम्म्म सससस बदले में क्या मिलेगा.
शैतान ; तुम्हारे पति की जिंदगी.
शैतान ने आँखों का हिसार किया. नेताजी ने ताली मरी दो गुंडे थपड को पकड़ के लाए.
माधुरी ने पलट के देखा.
माधुरी ; इसे तो तुम भी मर सकते थे.
शैतान ; में कभी तुम्हारे खिलाफ नहीं जाता. तुम हमें अपना नहीं मानती पर में आज भी तुम्हारा दीवाना हु. जाओ ताज़ा खून तुम्हारा इंतजार कर रहा हे.
माधुरी कड़ी हुई और नंगी hi थपड की तरफ जाने लगी. कमर मटकती हुई. फेस पे स्माइल. वो थपड को एक गलो को चुटी हे.
माधुरी ; में तुम्हे अभी तो नहीं मरना चाहती थी.
वो रोने लगा.
थपड ; (रट हुए) मालकिन में तो आप का कुत्ता हु न.
माधुरी हसने लगी. और उसके कण में बोली.
माधुरी ; है पर इस से तुम्हारा पाप तो काम नहीं मिटेगा न पछतावा हुआ सुधर भी गया पर सजा तो मिलेगी.
ऐसा बोलके माधुरी ने थपड के कण को दातो से पकड़ा. उसके शर्त के बोटों खोलने लगी. उसके हाथो को उठा कर अपने बूब्स पे रख दिया. फिर वो घटना पे बैठी. और उसकी बेल्ट खोल के पेण्ट और ुंडेरवेर दोनों निचे खिसकाया. थपड के लैंड को देखती हे. वो मुरझाया था. माधुरी उसे पकड़ने गई. पर वो दर के मूतने लगा. माधुरी के फेस पे hi धार गिरने लगी.
वो दर के मूत ता रहा और माधुरी स्माइल करते हुए आंखे बंद और अपने फेस पे गरम पेशाब की धार गिरने देती हे. जैसे उसके पेशाब से अपना मुँह धो रही हो. जब उसकी पेशाब ख़तम हुई माधुरी ने मुँह खोला और उसके लैंड को मुँह में ले लिया. और एक दो तीन बार आगे पूछे किया. पर थपड का लैंड नहीं खड़ा हुआ.
माधुरी ने मुँह हटाया और बोली.
माधुरी ; (स्माइल नशीली आवाज) भूल जाओ जिएगी और मौत को. आओ जीते जी मेरे जावा जिश्म के साथ एक अलग दुनिया में आओ.
उसने फिर लैंड मुँह में ले लिया. और चूसने लगी. थपड का दर धीरे धीरे ख़तम हुआ और लैंड खड़ा होने लगा. उसके फेस पे एक स्माइल आने लगी. माधुरी अपनी आंखे बंद कर के अपने लिप्स से थपड का लैंड के टोपे को मशालती हे. थपड को मजा आने लगा वो माधुरी के कंधे पकड़ने लगा. और ऊपर खींचने लगा. माधुरी ने उसे धक्का दे दिया.
और स्माइल करते हुई उसके लैंड पे सवार हो गई. चुटिया नेताही भी लैंड हिलाते हुए उसके पास पहोचा और चुदाई देख कर जोर जोर से हिलने लगा. दूसरी तरफ थपड भी आ गया. वो एक हाथ से लैंड हिलता और दूसरे हाथ से माधुरी की नंगी पीठ सहलाता. माधुरी जोर जोर से कूदने लगी. थपड बरदास hi नहीं कर पाया और उसकी पिचकारी छूटने से पहले hi माधुरी ने उसकी गर्दन जबड़े से पकड़ ली. वो तड़पने लगा. उसके पाव आगे पीछे होने लगे.
दातो से माधुरी ने उसका टेटुआ जकड रखा था. हाथ पाव पीटने के बाद उसका सरीर ढीला पड़ने लगा और वो सिसक सिसक कर डैम तोड़ बैठा. माधुरी उसके कण में बोली वेल के नरक में tumhara,swagat हे. माधुरी जैसे कड़ी हुई. एक वीर्य की पिचकारी थपड के लैंड से छोटी.
माधुरी ; मुबारक हो मरने के बाद भी तुम्हे चरम सुख की प्राप्ति हुई.
अब माधुरी शैतान की तरफ बढ़ी और उसकी गॉड में बैठ कर गर्दन पे ऊँगली घूमती हुई बोली.
माधुरी ; अब अपना मुँह खोलो.
शैतान ; मौलवी और डीके ने एक बहोत बड़ी फौज बहार कड़ी कर राखी हे. वो जैसे hi निकलेगा वैसे hi उसे सब मर डालेंगे.
माधुरी ; लेकिन तुम मुझे सिर्फ इस मौत के बदले में सब बता रहे हो.
शैतान हसने लगा. और माधुरी का सर पकड़ कर एक किश करता हे और फिर उसके कण में बोलै.
शैतान ; तुम मुझे मौलवी बना दो.
माधुरी कड़ी हुई और अपना फ़ोन उठाया वो घसीटा को कॉल करती हे.
घसीटा ; हुकुम मेडम.
माधुरी ; कोर्ट न पहोचने के जुलुम में मर वीर उर्फ़ तपन को गिरफ्तार करो और साडी पुलिस फाॅर्स लेकर आओ वो बहोत खतरनाक हे.