Meri Police wali Biwi - Page 26 - SexBaba
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Meri Police wali Biwi

आजमगढ़ पुलिस हद्द क़तर में एक फैक्स आया. एक सिपाही फैक्स से कागज निकल कर हडबडात में लेकर भागने लगा. वो एक रूम के दूर को जोर से पीटने लगा. रूम के बहार एक नाम प्लेट लगी हुई थी. ज प यादव (आईपीएस). अंदर से आवाज आई.

ये कोण चुटिया पागलो के जैसे दरवाजा पिट रहा he.(jor से गुस्से में) अबे अंदर आजाओ ईयर

ज प यादव एक रिश्वत खोर गोल्डन बाबा के हिसारो पे काम करने वाला पुलिस अफसर था. सिपाही अंदर आया और कागज जप को थमते हुए बोलै.

सिपाही ; ये साली बहोत खतरनाक हे सर.

जप ; (शॉकिंग) क्या ये साली तो अंदर हे. बाबा के अधरम में कैद हे. तो ये बहार से कैसे आ सकती हे.

उस कागज पे लिखा हुआ था. स्पेशल अफसर सप माधुरी सिंह (आईपीएस) इमिजेत पोस्टेड. जप को पता था. माधुरी एक पुलिस वाली हे. और वो इंस्पेक्टर रैंक की हे. पर सप के पद पे और आ रही he.use कुछ समाज नहीं आया. वो तो पहले hi आ कर फास चुकी हे. और कागज अब आया हे. ऊपर से उस से बड़े पद पर. वो तुरंत hi बाबा को फ़ोन लगता हे.

बाबा ; क्यों रे कुत्ते सुबह सुबह क्यों कॉल किया. हड्डी नहीं मिली क्या??

जप ; बाबा कुत्ता भोकने लगे तो समाज जाइये की मालिक पे कोई न कोई खतरा हे. वो साली आप के कब्जे में हे और यहाँ कोई और मश्ग आया हुआ हे.

गोदान बाबा ; के मश्ग आया हे रे तू खुद संभल ले. याद रखना निसि को ये नहीं पता चलना चाहिए की पुलिस वाली मेरे कब्जे में हे.

बाबा ने फ़ोन पटक दिया.

जप अपने चहेरे से पसीना पोछता he.vo घबराया हुआ था.

जप ; कही उनकी या अपनी किसी भी सर्कार को पता तो नहीं चल गया.

सिपाही ; हो सकता हे सर. पर ये भी हो सकता हे की वो जो बाबा पकड़ रखे हे वो पुलिस वाली हो hi न.

जप ; तू कहना क्या चाहता हे??

सिपाही ; यही की बाबा के पास जो हे वो पुलिस वाली हो hi नहीं जो हम समाज रहे हे.

जप ; चुप कर मेने उसे दिल्ली परेड में पहेली बार देखा था. और में कल hi उसे बाबा के आश्रम में देख आया हु. समझा.

सिपाही ; फिर तो माजरा कुछ और hi लगता हे. पर ये तो बहोत अशनि से हाथ आ गई जरूर कोई गड़बड़ हे.

जप ; कुछ गड़बड़ नहीं हे. तू चुप कर और तयारी कर के मश्ग का रिप्लाई कब देना हे.

सिपाही ; बख्तावर रेलवे यार्ड में गया हे. सुना हे मॉल आया हे.

जप ; चुप कर हमारा हिस्सा पहोच hi जाएगा.

रेलवे यार्ड के अंदर मॉल गाड़ी से कुछ लोग बॉक्स उतर रहे थे. कुछ 10 ,12 लोग होंगे. पटरियों के पर एक ट्रक खड़ा था. उसमे बॉक्स पहुचाए जा रहे थे. बख्तावर भी वही था. उसकी नजर बार बार दे बै जा रही थी. सामान तो लार्ड हो गया और जाने लगा. बख्तावर दूसरी तरफ पटरिया कूद के जाने लगा. अचानक एक गोली चली और बख्तावर की तंग ख्याल हो गई. उसकी तंग से खून भी निकल ने लगा. गोली की आवाज से पेड़ो पे बैठे पंछी भी ची ची ची कर के उड़द गए. बख्तावर ने बाजार उठा कर देखा. सोनिआ पुलिस की वर्दी में कड़ी थी.

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सोनिआ आराम से चलते हुए बख्तावर के पास पहोची. सोनिआ ने जाते hi बख्तावर को जहा गोली लगी थी वही अपना पाव रख दिया. और जोर से मशलने लगी. बख्तावर छिलने लगा.

बख्तावर ; (दर्द) आआआ.... सससससस अह्ह्ह. क्या चाहिए तुम्हे.

बख्तावर ने दर्द झेलते हुए कहा. वो सोच में पद गया. ये हे कोण

सोनिआ ; या मॉल या तेरी मौत.

सोनिआ ने बख्तावर के ऊपर गन तन दी. और बस हल्का सा मुश्कुरै.

बख्तावर ; देख तुजे कितना पैसा चाहिए सिर्फ मुँह खोल.

सोनिआ ने अपने पाव से जोर दिया बख्तावर को जहा गोली लगी थो वह से कौन भी बहोत निकलने लगा.

बख्तावर ; अअअअअ रुक रुक रुक. अच्छा अच्छा 5 लाख भेज देता हु बोल कहा पहोचाना हे बता.

सोनिआ ने फिर और ज्यादा जोर से दबाया. बजटवा और जोरो से चिलाय.

बख्तावर ; अअअअअ अच्छा अच्छा 25 लाख ले ले अब तो बॉक्स दे. सिर्फ हेरोइन तो हे.

सोनिआ ने इस बार उसके पाव पे कड़ी hi हो गई. और आश्मान में देखने लगी. इस बार तो बाक्यावर को दर्द शाहन hi नहीं हुआ और इतनी जोर से चिलाय की अस पास दूर दूर तक सब को सोनिआ की चीख सुनाई दी.

बख्तावर ; (आंखे बंद और बहोत खुखार चीख) आआआ अअअअअ अअअअअ...... .... बस बस बस तू बोलना तुजे क्या चाहिए यार.

सोनिआ ; या मॉल या तेरी मौत.

बख्तावर ; ठीक हे ठीक हे उफ्फ्फ्फ़.

सोनिआ बख्तावर का नाटक देखती रही. बख्तावर आंखे बंद कर के ऊपर आशमान की तरफ मुँह करता हे फिर निचे देखता हे. एक बार साइड में थूकता हे फिर अचानक से सोनिआ के है थो से गन छीन ने की कोसिए करता हे. लेकिन उसकी आंखे जैसे hi खुली सोनिआ ने एक खींच के तप्पड़ मारा. बख्तावर की आँखों में ताम्र चढ़ गए.

झापड़ बहोत hi जानते दर था. बख्तावर अपना सर हिलने लगा. सोनिआ थोड़ी पीछे हुई. और गन कॉक करने लगी. जैसे वो उसे मरने की तयारी hi कर रही हो. बख्तावर ने जैसे hi देखा सोनिआ उसे मरने hi वाली हे. वो घबरा कर बोलै.

बख्तावर ; (सोक आंखे फटी हुई) अच्छा अच्छा रुक रुक में मॉल मंगवाता हु रुक.

बख्तावर ने जेब से मोबाइल निकला और कॉल किया.

बख्तावर ; है हरिया वो ट्रक लेकर कहा तक पहोचा???

बख्तावर ; अबे नहीं अंदर मत दाल उसे वापस लेकर आ.

बिच में सोनिआ बोली.

सोनिआ ; ठाणे बुला ले. आदमियों के साथ.

बख्तावर एक बार सोनिआ की फेस पे देखता हे और फिर कॉल पे बोलै.

बख्तावर ; है ठाणे ले ले.

बख्तावर ; (जोर से चीला कर) बे भेनचोद जितना बोलै उतना कर न. सेल इधर गांड फटी हुई हे.

बख्तावर को अपने आप तमीज़ भी आ गई.

बख्तावर ; मेडम पर आप हो कोण???

सोनिआ ; सप माधुरी सिंह.

बख्तावर का दिमाग जितना झापड़ से घुमा उस से ज्यादा तो नाम सुन के चक्र गया. सोनिआ ने बसकटवार के बल पकडे और खड़ा किया. सोनिया उसे बल पकड़ कर अपनी परोसनल कार में डालती हे. और कार चला कर जप सिंह की ऑफिस की तरफ जाने लगती हे.

शिल्पा वही आश्रम में hi अपने बाप के कमरे में जाती हे. वो जैसे hi दूर खुलता हे. अजय हड़बड़ा जाता हे. शिल्पा एक फुल गौण में उसके दूर पे कड़ी थी.

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अजय ; ओह्ह्ह सॉरी बीटा.

अजय एक चेयर पे बैठा था. उसकी दोनों टैंगो के बिच डिम्पल अजय के लैंड को मच में लेकर सेवा दे रही थी. शिल्पा को आता देख डिम्पल को धक्का दे दिया.

शिल्पा ; कोई बात नहीं में बाद में आ जाउंगी.

अजय ; नहीं नहीं बीटा तुम आओ.

अजय ने डिम्पल को जाने का हिसार किया. दूर पे शिल्पा के सामने डिम्पल टकराई. हस्ती हुई. बिखरे बल.

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शिल्पा ; सिर्फ रान्दीपन hi सीखा हे या कुछ काम की भी हो???

डिम्पल ; (स्माइल) अपने पापा से पूछो.

डिम्पल चली गई. और शिल्पा अंदर आ कर अजय के गाल पे एक नोर्मल्ली किश करती हे.

शिल्पा ; गुड मॉर्निंग डैड.

अजय ; गुड मॉर्निंग बीटा आओ बैठो.

शिल्पा सामने बैठ गई.

अजय ; कहो क्या जान न हे??

शिल्पा ; (सोक) वव आप मुझे समाज सकते हो.

अजय ; बाप हु तुम्हारा.

शिल्पा कुछ पल शांत रही फिर बोली.

शिल्पा ; पापा मुझे ये समाज नहीं आ रहा की माधुरी दी तो पुलिस वाली हे. और आप के रस्ते का बहोत बड़ा पत्थर. लेकिन बड़ी माँ से आप इतनी नफरत क्यों करते हो.

अजय ; तुम अभी भी उस हरामजादी को बड़ी माँ बोल रही हो. मुझे ये समाज नहीं आता की तुम मेरी तरफ बह ी हो या नहीं.

शिल्पा ; वो में आज शाम साबित कर दूंगी पर मुझे जान न हे.

अजय ; अंजलि का पहला प्यार में नहीं हु.

शिल्पा चौक गई. क्यों की पुरे घर में अजय और अंजलि की लव स्टोरी के बहोत किस्से थे. लेकिन ये शिल्पा ने कुछ नया सुना.

शिल्पा ; क्या????

अजय ; है राजा सब ने क़ुरबानी के नाम पे मेरे आगे जूठन फेक दी. (राजा मतलब वीर का बाप) में और राजा शब् पुराने दोस्त हुआ करते थे. जो तुम्हारी हद्द हे न माँ. हम दोनों में शर्त लगी थी उसे पटाने की. मुझे बाद में पता चल hi गया की वो तो राजा शब् की पहले से बीवी हे. पर मेरा डिल अंजलि पे आ गया. में अंजलि से सच्चा प्यार करता था. एक बार लाइब्रेरी में छुप कर राजा शब् और अंजलि की बाटे सुनी

ांजलि ; (रट हुए) पर में तुमसे प्यार करती हु. तुम्हारी बीवी भी तो मुझे शैतान बना ने को तैयार हे. मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं फिर क्यों???

राजा शब् ; नहीं अंजलि शैतान सबद बोल के गली मत दो. मेने भी तो प्यार किया तुमसे. पर अजय भी तुमसे पागलो की तरह प्यार करता हे.

अंजलि ; मुझे पता हे. पर क्या तुम ये जानते हो उसका बाप मुझे गन्दी नजर से देखता हे.

राजा शब् ; अगर अजय के डिल साफ नहीं होता तो में तुम्हे उस से प्यार करने को नहीं कहता.

शिल्पा ; (सोक) मतलब बड़ी माँ ने आप से सच्चा प्यार नहीं किया.???

अजय ; नहीं किया हे. मुझे गुस्सा आया मेने सच्चे प्यार का नाटक किया. उसे जल में फसाया. मुझे उस अंजलि से बदला लेना था. और उस राजा शब् से भी. में जनता था. मेरे पापा और अंजलि के बिच कुछ नहीं हे. मेरे पापा hi कमीने हे. में अपने आप को और बड़ा बना न चाहता था. और बन के रहूँगा. लेकिन उस माधुरी से मुझे प्यार होने लगा था. मेने hi नोकरो और ड्राइवर से पापा को उकसाया. जो बदला में अंजलि से नहीं ले पाया वो में उसकी बेटी से लूंगा. मुझे माधुरी को एक रंडी की तरह बेइज्जत करना हे.

शिल्पा ; पर वो तो आप hi की बेटी हे.

अजय ; उस से क्या फरक पड़ता हे. मुझे बस उस मरी हुई अंजलि को दर्द देना हे. इस लिए में माधुरी को तबाह करूँगा. और उस के बस उस हरामजादी आलिया. दोनों को में जिलात की मौत दूंगा.( गन्दा गुस्सा)

शिल्पा ; आप के बदले में मेरे पति को कुछ नहीं होना चाहिए वार्ना में ये भूल जाउंगी की आप मेरे पापा हो.

अजय ; (स्माइल) तुम मेरी हो hi कहा मुझे तो अब भी तुम पर यकीं नहीं हे.

शिल्पा जोश में उठी.

शिल्पा ; ये बात हे. रुको में अभी आई.

शिल्पा वह से जाने लगी. बिच में पूरी नंगी माधुरी बेहोश पड़ी हुई थी. शिल्पा ने जोर से माधुरी के पेट में लत मरी. और गली दी.

शिल्पा ; (गुस्सा डट पिस्टे हुए) साली हराम जड़ी.

वही सोनिआ जब बख्तावर को आजमगढ़ पुलिस हद्द केस्टर लेकर गई जप सोनिआ को देख के सोच में पद गया. उसने तुरंत hi सोनिआ का मोबाइल से फोटो खींचा और गोल्डन बाबा को सेंड कर दिया. जप को सोनिया अंदर कोलर पकड़ के ले आई.

जप ; जी मेडम आप कोण??

सोनिआ ; सीनियर को सुलूत देना नहीं सीखा क्या.

जप ने सलामी दी और सोनिआ के पीछे चल दिया और पीछे se,aavaj दी.

जप ; माफ़ करना मेडम आप ने अपनी पहचान नहीं बताई.

जप को dakka,de कर जेल में दाल कर सोनिआ पलटी और बोली.

सोनिआ ; सप माधुरी सिंह.

जप ; (सोक) क्या??????????

जप सोच में पद गया उसने दिल्ली में किसी और माधुरी को देखा था और वो hi आश्रम में कैद थी.

जप ; आप झूठ बोल रही हे. में असली माधुरी सिंह से मिल चूका हु.

सोनिआ ; ओह्ह (स्माइल) तो आप मुझसे मिल चुके हो. मुझे तो याद नहीं हे कब???

जप ; दिल्ली परेड में.

सोनिआ ; (गुस्से में) बेवकूफ में कभी दिल्ली नहीं गई. अब जाओ और बख्तावर और गोल्डन बाबा की साडी फाइल ले कर आओ.

जप कुछ नहीं बोल पाया वह से निकल कर गोदान बाबा को कॉल करता हे.

बाबा ; (स्माइल) हम्म्म कोण हे ये पुलिस वाली बड़ी मस्त फोटो भेजी हे.

जप ; होश में आओ बाबा होश में आओ ये माधुरी सिंह हे. तुम्हारे पास कोई और माधुरी हे.

बाबा भी सोक हो गया. माधुरी बेहोश पूरी नंगी बाबा के सामने थी.

बाबा ; तू तू क्या बकवास कर रहा हे. तो फिर ये कोण हे.

जप ; में पुलिस रिकॉर्ड चक करता हु. और ये साली बख्तावर भाई को भी ले आई.

बाबा ; फ़िक्र मत कर us,sali को भी उठा लेंगे. तू चके कर के जल्दी बता.

वही मोनार्क ादः और जग्गू तीनो हेडफोन लगा कर उनकी बाटे सुन रहे थे. पहले जो सोनिआ का फोटो सेंड हुआ वो भी उन्हें मिल चूका था. मोनार्क और जग्गू ने पुलिस सॉफ्टवेर को hi हैक कर दिया. जप ने जब कंप्यूटर खोला or,sarch कर के माधुरी की प्रोफाइल निकली तो उसमे सोनिआ का फोटो निकला. जप की तो गांड फैट गई. उसने दोनों की फाइल निकली और सोनिआ के टेबल पे पटक कर बोलै.

जप ; (गुस्से में) क्या में जान सकता हु इन सरीफ इन्शान को आप क्यों पकड़ कर ले. जब की आप एरिया के किसी भी ठाणे में कॉल कर के आप इन्हे बुलवा सकती थी.

सोनिआ कड़ी हुई और जप को एक जानते दर झापड़ मर दिया.

सोनिआ ; (गुस्से में डट पीस कर) सेल इस कुत्ते के दलाल. ये तेरी जेब गरम करता हे न तो इसकी फाइल में कहा कुछ होगा. जा निचे जा कर देख. तेरे मालिकों की बर्बादी भी साथ ले हु. सोनिआ ने पहले से hi एक ठाणे से पुलिस बुलवा ली थी. जप ने निचे देखा तो मॉल और उसके साथ ट्रक गुंडे सब को पुलिस वे में बिठाया जा रहा था. जप समाज गया की बख्तावर को अब बचाना मुश्किल हे. वो जैसे hi पीछे मुदा सोनिआ उसके पीछे hi थी.

सोनिआ ; चल अब जा. इस कुत्ते को लेकर हॉस्पिटल और फिर उसे तू hi ठाणे पहोछएगा. याद रखना ये भगा तो नौकरी तेरी गई. क्यों की तेरे कारनामो की लिस्ट मेरे पास हे. कितने गलत इनकाउंटर में मरे सब की लिस्ट हे मेरे पास.

में सोचने पर मजबूर हो गया. कल आलिया कहे रही थी की वो मुझे हर जगह देख रहा हे. मेने ये बात ेराम को बताई तो वो भी सोच में पद गई. वो मेरे लिए चाय लेकर आई.

ेराम ; क्या हुआ. मुझे तो लगता हे ki,aap से पहले आलिया hi उसे दूध लेगी.

में ; (स्माइल) तुम बड़ी आलिया से जल रही हो.

ेराम ; हम्म्म क्या करू में उसकी तरह तीन गर्ल नहीं हु न. अच्छा ये बताओ आलिया के साथ बिताया कोनसा पल आप के लिए सब से ज्यादा याद गर हे??

में सोच में पद गया. मेरे चहेरे पर एक स्माइल आ गई.

में ; जब वो सिर्फ शर्ट में होती और हम पुरे घर में हर जगह प्यार करते.

ेराम बहोत सेक्सी निगाहो से मेरी आँखों में देखती हुई बोली.

ेराम ; (स्माइल) शर्ट तो में भी उतरती हु पर आप ध्यान hi नहीं देते

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मेने ेराम को बहो में कास लिआ और अपने आप से पूरा सत्ता लिया.

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में ; दोबारा कभी ऐसा मत बोलना की मेरा तुमपे कभी ध्यान नहीं देता. बिन ब्याहे भी मुझपे तुम्हारा उतना hi हक़ हे जितना मेरी तीन बीवियों का हे. समझी.

ेराम ; फिर आलिया को फॉलो करो. वो कहती हे न वो हमें हर जगह देख रहा हे. तो शहर से बहार चलो.

में ; और us,se क्या होगा???

मुझे ेराम की बातो में कुछ रहस्य नजर आने लगा. क्यों की हमें सिर्फ भरोसा था की डीके यही हे. पर हमने अब तक उसे देखा नहीं था.

ेराम ; बदला आलिया का हे और हमें उसकी मदद करनी चाहिए.

में ; पर कैसे???

ेराम ; हम शहर के बहार जाएंगे. और उसका ध्यान हम पे होगा. और आलिया उसे दूध सकती हे.

मुझे ेराम की बात ठीक लगी.

में ; फिर चलो.

में और ेराम निकल गए. उसकी कार में हम शहर से बहार निकल गए. ेराम ड्राइवर कर रही थी. हम एक गर्दन में गए. ेराम और में अंदर गए. रोमांस के लिए बहोत बढ़िया जगह थी. और मुझसे ज्यादा रोमांटिक मर्द कोण हो सकता हे. में और ेराम हाथो में हाथ डेल घूम hi रहे थे की मेरी नजर सीधी आलिया पे गई.

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वो पूरी पिंक किते ब्यूटी बन के बस अंदर आई hi थी. में सोक हो गया.

में ; (सोक) आलिया????? ये कहा से आ गई.

मेरे साथ ेराम की भी नजर गई. वो भी सोक हुई पर उसके फेस पे स्माइल आ गई.

ेराम ; (स्माइल) वह बीवी हो तो आलिया जैसी. वो गण हे न. तेरा पीछा न छोड़ेंगे सठिया.

ेराम भी है रही थी. Aliya,andar दे बै नजर घुमा रही थी.

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जैसे वो मुझे hi दूध रही हो. और आलिया की नजर भी मुझसे टकरा गई. में तो बस उसकी प्यारी सी मासूम स्माइल को देखता hi रहे गया.

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ेराम ; (स्माइल) जाओ भी अब वो कब से तड़प रही होगी.

में ; ेराम चलो उसे ऐसा लग्न चाहिए की हम उस से दूर जाना चाहते हे. और कुछ पूछना नहीं वैसे भी वो हमें पकड़ hi लेगी.

मेने ेराम का मुँह पहले hi बंद करवा दिया. हम दोनों एक दूसरे का हाथ एक प्रेमी जोड़े की तरह पकड़ कर चलने लगे. और नजाने कहा से आलिया सामने आ गई.

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आलिया ; (स्माइल) क्यों जनाबे शोहर अपनी बीवी को भी रोमांस करने दो.

में ; (नाटक) में तुमसे कई दफा कहे चूका हु. में तुम्हारा कोई शोहर वोहर अब नहीं हु.

वो मेरी तरफ बढ़ने लगी.

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टाइम से पहले hi ेराम स्माइल करते हुए पीछे मुद कर अकेले जाने लगी. और आलिया ने मेरे गले में अपने हाथो की माला दाल दी.

आलिया ; (स्माइल) अब नाकाटक मत करो और चलो यहाँ से. वो लोग आ रहे हे. तुमने उनको खुला मौका दे दिया. शहर से बहार आ कर.

ेराम ने दूर से hi मुझे आवाज दी.

ेराम ; वीर......

मेने ेराम की तरफ देखा तो शूट बूट में 5,6 वन रुकी और उसमे से बड़ी बड़ी गन वाले गुंडे बहार आए. आलिया ने मेरा हाथ पकड़ा और पब्लिक में घुस कर मुझे निकलने लगी. हम पार्क से बहार आए तो ेराम ने हमारे सामने कार रोकी. हम दोनों पीछे बैठ गए. ेराम ने तेज़ कार भागे. वो लोग भी हमारे पीछे hi थे. आलिया बार बार पीछे देखती. उनकी कार हमसे ज्यादा तेज़ थी. आलिया ने एक मोबाइल जितना टेबलेट निकला और उसपे उंगलिया चलने लगी.

में उसे hi देख रहा था. आलिया माधुरी के दोनों नमूने मोनार्क और जग्गू से भी ज्यादा तेज़ निकली. उसने वह का ट्रैफिक कण्ट्रोल hi फ़ैल कर दिया. उन करो के आगे बहोत सारा ट्रैफिक आ गया. और हम अशनि से निकल गए.

एक रत पहले. आजमगढ़ से बहार सिम्मी और विक्रम ने रत होटल में रुकने का फैसला किया. विक्रम रूम बुक करने के लिए अंदर गया. विक्रम ने अंदर से सिम्मी पर नजर रखना सुरु किया. सिम्मी ऐसा लग रहा था किसी से छुप रही हे. या किसी का इंतजार कर रही हे.

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विक्रम लगातार सिम्मी पे hi नजर बनाए रखा था. सिम्मी भी लोगो के सामने अनजान बनती हुई एक आदमी से बात करने की कोसिस में थी. जो विक्रम ने भाप लिया.

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विक्रम बेखौफ रूम बुक किये बिना hi सिम्मी की तरफ बढ़ने लगा सिम्मी की नजर भी उसकी तरफ आते विक्रम पे पड़ी. सिम्मी के तेवर बदल गए. अपनी नशीली आँखों से अंगड़ाई लेते हुए वो विक्रम को देखती हे.

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विक्रम सीधा पहोच कर सिम्मी का हाथ काश के पकड़ लेता हे.

विक्रम ; किस का इंतजार कर रही हो है??

सिम्मी के होश उड़द गए विक्रम

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सिम्मी ; वो वो में में...

सिम्मी कुछ बोल hi नहीं पाई.

विक्रम ; में चाहता तो तुम्हे वही तेरे पार्क के पास तुजे मरने छोड़ सकता था. मुझे तेरी साडी कहानी पता हे.

सिम्मी की आँखों में अंशु आ गए.

सिम्मी ; (रट हुए) मुझे माफ़ कर दो अगर आज उनलोगो ने तुम्हे नहीं मारा तो मेरी वीडियो वायरल हो जाएगी.

विक्रम ने सिम्मी को चिप करवाया.

विक्रम ; फ़िक्र मत करो चलो अब यहाँ से.

वो दोनों वह से निकल गए. कार में वापस बैठ कर दोनों बाटे करने लगे.

सिम्मी ; डिम्पल

विक्रम सिम्मी का फेस देखने लगा.

सिम्मी ; अंदर जाने का रास्ता. आज कल मौलवी की रखेल बन कर रहे रही हे. उसका पति पुलिस कमिश्नर था. उसे माधुरी ने मारा हे.

सिम्मी ने अंदर घुसने का रास्ता विक्रम को बताया. अँधेरे रोड पर सिम्मी कार भागते हुए कार चला रही थी. अचानक एक गोली सामने से चली और सिम्मी के सर पर गोली लगी. पूरी कार टेढ़ी हो गई. सिम्मी गोली लगते hi मर चुकी थी. विक्रम को समज़ने में बिलकुल गलती नहीं लगी. निशाना ड्राइवर था. और कार सिम्मी ने जान बच कर खुद ड्राइव की. विक्रम सिम्मी की लाश को साइड कर के फिर खुद ड्राइव लड़ने लगा.

शिल्पा जोश में बेहोश माधुरी को लत मर के मौलवी के सामने अपने आप को प्रूफ करने के लिए निकली. कार ड्राइव करते हुए एक अपार्टमेंट के निचे पहोछएगा गई. शिल्पा को देख कर स्वीटी ने उसे गलती se,aavaj दे दी. उसे नहीं पता था शिल्पा उनका क्या करेगी.

स्वीटी ; शिल्पा दी.

शिल्पा ने पीछे मुद के देखा. स्वीटी शिल्पा को hi देख रही थी.

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स्वीटी को देख कर शिल्पा के चहेरे पे एक जबरदस्त खुखार स्माइल आ गई.

शिल्पा ; (स्माइल) वाओ स्वीटी बाकि लोग कहा हे??

स्वीटी ; दी वो तो ऊपर हे. चलो.

स्वीटी ने ादः के सेफ हॉउस की धजिया उड़ा दी. स्वीटी दूसरी मंजिल पे hi पहोच कर पॉकेट से चाबी निकलती हे और लॉक खोलने लगी.

वही शिल्पा स्वीटी के पीछे स्वीटी को पता न चले पिस्तौल कॉक करती हे. स्वीटी ने जैसे hi दूर खोला. शिल्पा ने स्वीटी को दक्का दिया और शिल्पा ने मोनार्क के सर पे गन तन दी.

शिल्पा ; (स्माइल) वह मेरी बहन के बंदरो. अब सर्कस चले.

ादः उठ कर गन निकलने गई पर शिल्पा की लम्बी टैंगो के एक वर से गन दूर गिर गई.

ादः ; (सोक) तुम यहाँ तन तो पहोच गई. लेकिन में तुम्हे छोडूंगी नहीं.

शिल्पा ; वाकई तुम लोगो में कुछ तो बात हे. मुझे मालूम था. अंदर क्या हो रहा हे ये तुम लोगो को पता तो कर hi लोगे. लेकिन ादः तू मेरे लेवल की फाइटर तो नहीं हे. अब प्लीज है. नहीं तो तेरे चिंपांज़ी जैसे मोनू की खोपड़ी खोल दूंगी. अब चलो.

शिल्पा उन सब को बड़ी अशनि से आश्रम में ले आई. सब के हाथ ऊपर थे.

डिम्पल को जप से मिलने को कहा और डिम्पल जप से मिलने ek,achhe से रेस्टोरेंट में जाती हे. वह माधुरी की जगह सोनिया का फोटो और भी बहोत सी बाटे बताई. लेकिन डिम्पल सोनिआ को पहचानती नहीं थी. डिम्पल सोनिआ का फोटो लेकर निकलने वाली थी. और जप जा चूका था. तभी पीछे से आवाज आई.

विक्रम ; बहोत खुबशुरत हे.

डिम्पल अपने बालो को सवार रही थी.

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विक्रम भी उसके लिए अनजान था. डिम्पल ने विक्रम को पलट के देखा. हत्ता कट्टा बॉडी स्मार्टनेस एक हैंडसम मन. डिम्पल के फेस पे भी स्माइल आ गई. और विक्रम की तरफ देख कर बोली.

डिम्पल ; (स्माइल) जी आप ने मुझसे कुछ कहा.

विक्रम ; जी माफ़ कहियेगा. इतनी गुस्ताखी तो हम करते नहीं पर देखा तो अर्ज़ किये बिना रहा नहीं गया.

डिम्पल विक्रम के पास गई. और उसकी तरफ हाथ बढ़ाते हुए बोली.

डिम्पल ; (स्माइल) कॉम्पलिमेंट के लिए सुक्रिया वैसे मुझे डिम्पल कहते हे.

विक्रम झुक कर हाथ पकड़ता हे और चुम कर बोलै.

विक्रम ; और इस नाचीज़ को विक्रम कहते हे.

डिम्पल ; वैसे करते क्या हो आप मर विक्रम???

विक्रम ; बस खुबशुरत चीजों की तस्वीर बनता हु. वेए में हीरो का व्यापारी हु. कस्टमर से डील साइन कर के जा रहा था सामने एक बेहत खुबशुरत नगीना आ गया. क्या में अपने बेष कीमती हीरो के साथ आप की तश्वीर बना सकता हु??

डिम्पल समज़दार थी. विक्रम उसे बाद रूम में लेजाना चाहता हे ये समाज गई थी. वो बस विक्रम को देख कर मुस्कुराती हे.

विक्रम ; ज्यादा वक्त नहीं लगेगा पास hi मेरी होटल हे.

डिम्पल एक हैंडसम बड़े के साथ बिस्तर सरे करने को राज़ी हो गई. और विक्रम के साथ उसकी कार तक पहोची. डिम्पल ने कार की no प्लेट पे नजर मरी. No मुंबई का था. वो उसके साथ कार में बैठ गई.

डिम्पल ; (स्माइल) तो आप मुंबई से हो.

विक्रम ; वह बहोत खूब जी में मुंबई से हु. और आप???

डिम्पल ; में इनडोर से.

दोनों बाटे करते हुए विक्रम के एक होटल के रूम में पहोचे. अंदर पहोच कर डिम्पल सीधी बाद पे पसर गई. और विक्रम को देखने लगी. विक्रम भी अपने शर्ट के बताओं खोलते हुए घुटने को बाद पे टिका देता हे. तभी डिम्पल के मोबाइल पे बाबा का कॉल आता हे. डिम्पल पिन करे us,se पहले. विक्रम ने डिम्पल पे गन तन दी.

विक्रम ; में इस खुबशुरत चहेरे को बिगड़ भी सकता हु. बोल क्या खबर दी उस पुलिस वाले ने.

विक्रम जप को देखते hi समाज गया था की वो पुलिस वाला हे. उसने सोनिआ की फोटो दी थी. विक्रम को बस डरते हुए कुछ बोले बिना hi उसकी hi बीवी का फोटो डिम्पल आगे करती हे. विक्रम देख कर हस्ता हे.

विक्रम ; कोण हे ये???

डिम्पल ; (डरते हुए) ये कोई पुलिस वाली बन के आई हे. लेकिन ये ये ये माधुरी नहीं हे.

विक्रम ; तो कॉल पिक कर और बोल यही माधुरी हे. समझी.

डिम्पल रोनी सूरत बना कर सिर्फ है में गर्दन हिलती हे.

विक्रम ; चल अब पिक कर. और स्पीकर.

डिम्पल ; hello??

बाबा ; है साली अब बोल क्या हे वो कोण हे.

डिम्पल ने गन की नोक को देखते डरते हुए बोली.

डिम्पल ; वही वही वही हे. हभा हु. तुम्हारी वाली नकली हे.

सोनिआ की सकल और माधुरी की सकल में फरक भी बंदूख की नोक ने काम कर diya.baba जोर से फ़ोन पटकता हे. कॉल अपने आप कट गया. विक्रम ने डिम्पल को बाद hi लेता कर बांध दिया. और खुद वही उसी के बगल में लेते कर सिगरेट पिने लगा.

आलिया हमें किसी के फार्महाउस पे ले आई थी. और वो खाने पिने की चीज़ लेने के लिए गई हुई थी. में घर के अंदर कॉफ़ी पि रहा था. बहार मेरी नज़र हॉट सेक्सी ईरान पे गई.

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छोटे से निक्कर और छोटे से टॉप में ेराम जबरदस्त हॉट लग रही थी. मुझे जो खतरे आ रहे थे उसका कोई दर नहीं था. में तो बस आलिया को देखना चाहता था वो मुझे कहा तक और कैसे बचती हे. पर लम्बी और हॉट ेराम वेक्स की हुई गोरी चिकनी टैंगो से मेरा मूड कुछ और hi करने लगा. तभी ेराम पटलती.

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तेज़ हवाओ से उसके खुबशुरत बल हवा में लहराने लगे. में अंदर से बहार निकल कर ेराम के पास जाने लगा.

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मेरी नजर तो उसकी भरी हुई केले जैसी जंगो पर hi थी. वो मुझे देख कर स्माइल करती हे. सायद उसे मेरी नजर का अंदाजा हो गया था.

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ेराम ; (स्माइल) बहोत खुबशुरत जगह हेना. लेकिन वो कहा चली गई.

में ; वो हम दोनों को कुछ टाइम देना चाहती हे.

ेराम मेरी बात सुनकर हसने लगी.

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मेने ईरान को अपनी बहो में खींचा और उसे किश करने लगा. वो जैसे छूटना चाहती हो.

ेराम ; ओफ़्फ़्फ़ अरे छोडो मुझे वो तुम्हारी पागल बीवी मर डालेगी मुझे.

तभी आलिया भी आ गई. और वो सब देख कर गुस्से भी हो गई. वो सीधा अंदर घर में जा कर जोर से दूर पिट देती हे. हम दोनों भी घर में गए. वो खाने पिने की चीज़े निकल रही थी.

आलिया ; कल सुबह हम यहाँ से निकलेंगे और माँ डेड से मिलेंगे.

में सोक था क्यों की माँ डेड गायब हुए tab,se वो आलिया से मिल रहे थे. और मुझसे नहीं.

आलिया ; ेराम वो तुम्हारा रूम हे.

अंदर हो चूका था. आलिया बोल कर अंदर एक रूम में चली गई. एक स्कॉच की बोतल और ब्रेड बुतर खा कर हम अपने अपने रूम में जाने लगे. अँधेरा हो चूका था. ेराम के पीछे में था. तभी आलिया ने मुझे अपने रूम में खींच लिया.

आलिया ; (नशीली आंखे और आवाज) क्यों बीवी हे फिर भी.

में ; (खासते हुए) है मतलब फिर भी के??

आलिया ने मेटा हाथ अपने सीने पर दबाया. उसके गुड़च बूब्स 30 से कब 34 तक हो गए पता hi नहीं चला सब मेरी hi मज़दूरी का फल हे. आलिया ने मेरी आँखों में देखते हुए अपना हाथ उसकी दोनों टैंगो के बिच हिप्स तक टाच किया.

आलिया ; सससस आप की फेवरेट. अह्ह्ह ससस.

आलिया चुम के झुक गई और मेरा हाथ अपने पिछवाड़े पर टाच करने लगी. मुझसे भी कण्ट्रोल कहा होता. मेरे पंजे ने भी दोनों हिप्स को बरी बरी जोर से मशलना सुरु कर दिया. क्या एहसास था वाकई. लेकिन में जनता था बात माधुरी तक आई तो आलिया मेरे साथ नहीं चलेगी. मुझे आलिया को hi नहीं अपने आप को भी तड़पना पड़ा. तभी एक कॉल आया और में पीछे हैट गया. कॉल आलिया के मोबाइल पे था. उसने पिक किया.

आलिया ; (फ्रेंच) बोलो दें???

दें ; फेस्टिव वर्ल्ड खुल चूका हे. बेस्ट मॉडल्स को hi चुना जाएगा. हमारी taraf,se तुम पे पैसा लगेगा.

आलिया ; ok कल मिलते हे.

आलिया ने कॉल कट कर दिया. सायद उसके स्टूडियो से कॉल था.

वो पीछे मुड़े us,se पहले में रूम से निकल कर ेराम के रूम में पहोच गया था. आलिया रोएगी जार ुर पर डिल पे पत्थर रखना होगा. में जब ेराम के बगल में लेता तो ेराम चौक गई.

ेराम ; तुम यहाँ???

में ; है मेरी बीवी पहरा जो दे रही हे.

एटम और में दोनों को हसी आ गई.

नशे में धुत माधुरी को फिर आज सजाया जा रहा था. सायद आज फिर उसे बेचा जाएगा. पर अभी तक कोई खरीदार आया hi नहीं था. ऊपरी मंज़िल पर जब ये खबर मौलवी को मिली तो वो आग बबूला हो गया. वो निचे आया. उसके गुस्से का कहर गोल्डन बाबा को चुकाना पड़ा.

गोदान बाबा ; इस्माइल शब् आज इस रंडी का कोई खरीदार नहीं आया. लेकिन एक खबर us,se भी बुरी हे.

मौलवी ; क्यों क्या तेरी माँ किसी ke,sath बैग गई क्या.

बाबा ; डिम्पल और जप का कहना हे ये माधुरी नहीं उसकी हम सकल हे. असली माधुरी ने हमारा 3 ट्रक मॉल और बख्तावर को पकड़ रखा हे. साथ हमारे कुछ आदमी भी पकड़ किये हे. खुबशुरत बाला माधुरी को जब सजा धजा दिया गया और सामने पेश किया. वो दोनों की बात सुनकर जोर से हसने लगी.

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माधुरी को हस्ता देख मौलवी को बहोत जोर का गुस्सा आया. पर माधुरी भी उसे गुस्सा दिलाने में कोई कसार नहीं छोड़ रही थी.

माधुरी ; (नशे में हस्ते हुए) तुम्हे में पापा कहु या दुश्मन. मगर में तो चुटिया कहूँगी.

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माधुरी के बोलने का अबदाज़ से गोदान बाबा के लैंड में तो तनाव पैदा कर रखा था. ब्लैक साड़ी और जबरदस्त मेकअप से माधुरी गजब लग रही थी. वही माधुरी को देख कर अजय को माधुरी की माँ और उसकी खुद की बीवी नजर आने लगी.

माधुरी ; (स्माइल) अरे आज में बिकने वाली नहीं हु क्या. क्यों पापा अपनी बेटी के जिश्म का आज कही सोडा नहीं हुआ क्या.

गोल्डन बाबा को अब पता चला की माधुरी उसके मालिक की hi बेटी हे. माधुरी फुल जैसे शराब के नशे में थी. अजय जोश में माधुरी के करीब आया और माधुरी को एक जोर का झापड़ मर देता हे. ऐसी आवाज गुंजी ki,aas पास खड़े गुंडों के भी 1,2 बून्द पेशाब निकल गया. माधुरी अपने गाल पे हाथ रख के अब भी हस्ते हुए मौलवी का मज़ाक hi उड़ा रही थी.

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माधुरी की हसी अजय को ऐसे चूब रही थी जैसे कोई उसे चाबुक से मर रहा हो.

मौलवी ; (जोश में चीला कर) ोयी गोदान बाबा इसे रंडी का वो हल कर की ये कपडे उतरने से भी कतरे. जलील कर इस हरामजादी को.

माधुरी तुरंत बिच में बोली.

माधुरी ; (नशे में हस्ते हुए) इस चूतिये की maa,samaz कर छोड़ना.

अजय को बहोत जोर का गुस्सा आया. उसने माधुरी के बल पकड़े और एक दूसरा जानते दर झापड़ माधुरी को मर दिया. वही साउंड और लोगो में दर. माधुरी के गाल भी लाल हो गए पर माधुरी का वही रवैया. माधुरी बेशरमी से ठीक वैसे hi गलो पर हाथ रख कर जोर जोर से हसने लगी.

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मौलवी ; यययय बबाआआ....

माधुरी ; (आंखे बंद फुल नशे में) घंटाए. मेरी कमजोरी को तो तुमने मर दिया. अब मधु छुड़ेगी नहीं तुम सब को छोड़ेगी.

तभी शिल्पा ki,aavaj आई.

शिल्पा ; कैसे नहीं छुड़ेगी. जो पापा चाहेंगे तेरा वही हल होगा. पर पहले में तुजे छोडूंगी.

माधुरी ने सर उठाया शिल्पा बंदूख की नोक पे मोनार्क, ादः, जग्गू और स्वीटी को अंदर लेकर आ चुकी थी. उसे देख कर अजय के फेस पे कामिनी हसी फेल गई.

अजय ; (स्माइल) वेल दोने बीटा वेल दोने. ये हे मरी असली बेटी.

अजय शिल्पा के गले लगता हे. और उसके कपडे से एक ट्रांसमीटर निकलता हे. शिल्पा उसे देख कर जूठा नाराजगी वाला मुँह बनती हे.

शिल्पा ; पापा आप को मुझपे अभी भी भरोसा नहीं हे??

अजय ; (स्माइल) अरे नहीं नहीं बीटा अब तो मुझे पूरा भरोसा हो गया. तू hi तो मेरी असली औलाद हे.

शिल्पा ने माधुरी ki,taraf स्माइल कर के उसके पास घुटनो पे बैठ कटी हे. और बल पकड़ के खींच कर सर ऊपर उठती हे.

शिल्पा ; (स्माइल) मुझे जापान होती हे तुमसे. तुम इतनी खुबशुरत क्यों हो.

शिल्पा ने माधुरी की लिप्स पे अपनी लिप्स चिपका दी. और एक जबरदस्त किश कर ने लगी. साथ hi अपने पंजे माधुरी के ब्लाउज के ऊपर से जोर जोर से मशलने लगी. शिल्पा और माधुरी ने तक़रीबन हर रत लैबो सेक्स किया था. जब पति के पास no न लगे तब. शिल्पा ने अपनी लाइफ ka,sabse पहला सेक्स भी माधुरी के साथ hi किया था. पर तब वो फीमेल की भूमिका ऐडा करती. पर आज वो माधुरी के upar,sawar होने की कोसिए कर रही थी.

वो माधुरी के घाघरे में हाथ दाल कर जोर से माधुरी की छूट मशाल देती हे. शिल्पा ने माधुरी के लिप्स छोड़े और चुम कर स्माइल करते हुए अजय को देखा.

शिल्पा ; (स्माइल) आप को कोई प्रॉब्लम तो नहीं हे न डेड. मुझे इस हरामजादी का जिश्म बहोत पसंद हे.

अजय ; (स्माइल) कुछ भी करो मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं हे. बाद इस कुटिया को जलील करो.

शिल्पा ; (स्माइल) फिर में इसकी बाद में लुंगी.

शिल्पा कड़ी हुई. और माधुरी को खड़ा कर के गोल्डन बाबा की बहो में फेक दिया. सब हसने लगे. अजय भी जा कर ादः के पास पहोच गया. ादः को दो गुंडों ने जकड रखा था. मुँह पे पट्टी बंधी हुई. अजय हस्ते हुए ादः के चहेरे पर अपनी ऊँगली घूमने लगा. ादः कसमशय पर वो भी कुछ कर नहीं सकती थी. मोनार्क भी बंधा कूदने लगा.

तभी लाउड स्पीकर से आवाज आई.

जप ; चुप चाप सरे हथियार फेक कर बहार आ जाओ. पुलिस ने सब को चारो तरफ से घेर लिया हे.

बाबा ; ये साला क्या कर रहा हे.

शिल्पा ; इसे में देख लुंगी. तुम चालू रखो.

गोदान बाबा वापस माधुरी के कपडे फाड़ने पर ध्यान देने लगा. तभी अजय बोलै.

अजय ; बेटी हमें रिस्क नहीं लेना चाहिए. ये संभल लेगा. आओ

शिल्पा अजय के साथ जाने लगी. वो बहार निकलने के एक गुप्त रस्ते की तरफ जाने लगे. गोदान बाबा माधुरी को नंगा कर चूका था. माधुरी नशे में सिर्फ गले में मंगलसूत्र hi बचा था. और जप बहार से स्पीकर पर धनकिया hi दे रहा था. जप के पीछे दोनों हाथो को फॉल्ट कर के सोनिआ कड़ी थी. तभी पास एक कार आ कर रुकी. और उसमे से विक्रम निकला. विक्रम को देख कर सोनिआ के फेस पे मस्त मुस्कान छ गई. विक्रम तो बहार निकला साथ दोनों हाथ बंधे डिम्पल को भी साथ निकला. जप की गांड भी फैट गई जब डिम्पल को उसने बंधा हुआ देखा.

जप ; ये ये नॉन हे??

सोनिआ ने जप के कंधो पे हाथ रखा और बोली.

सोनिआ ; ये मेरा पति हे. और तेरी बंद बजने आया हे.

सोनिआ विक्रम के गले लगी. और दोनों एक दूसरे की आँखों में देखने लगे.

सोनिआ ; (स्माइल) इसे kaha,se पकड़ लाए??

विक्रम ; (स्माइल) जहा से तुमने मेरी वर्दी चुराई. वैसे फिट लग रही हो इसमें.

सोनिआ शर्मा जाती हे. और दुमपाल के बल पकड़ कर जप के आगे घसीट कर फेकती हे. सोनिआ डिम्पल के पास घुटने के बल बेटी और फिर बल पकड़ कर उसका सर ऊपर मरती हे.

सोनिआ ; (स्माइल) में हु माधुरी सिंह. कुछ समाज आया.

अंदर माधुरी पूरी नंगी थी और us,se थिकसे उठा hi नहीं जा रहा था.

बाबा ; (स्माइल) जो बहार पुलिस वाला हे वो मेरा hi पला कुत्ता हे. पर तूने मेरी बात नहीं मणि तो तेरे ये आदमियों की लाशे तुजे अभी यही hi मिल जाएगी.

माधुरी बिखरे बल अपना सर ऊपर उठा कर बाबा को देखती हे. माधुरी ने जोर की ताकत लगा कर बाबा पे थूक दिया. थूक तो बाबा पे गिरा hi नहीं. बाबा हसने लगा. बाबा की एक फंतासी थी. उसे मैरिड वुमन को बेइज्जत करने में उसे बड़ा मज़ा आता था. उसकी गलती उसकी नजर माधुरी के गोर गोर बूब्स पे लटक रहे मंगलसूत्र पर गई.

बाबा ; (स्माइल) में तुम और तुम्हारे सरे साथियो को जिन्दा छोड़ सकता हु. पर एक शर्त हे. तेरा ये मंगलसूत्र तू खुद आ कर मेरे लिंग पे तंग दे. और मेरे लिंग को झुक कर प्रणाम कर. में छोड़ दूंगा.

माधुरी हसने लगी. ादः जग्गू मोनार्क स्वीटी चारो मुँह पर बंद hi पति के कारन कुछ बोल तो नहीं रहे थे. पर अपने लीडर की ये बजती उन्हें बरदास नहीं थी. वो बस न में सर हिला रहे थे. बाबा ने हिसार किया. एक साधु जैसे गुंडे ने ादः पे गन तानी. और बाबा माधुरी को कामिनी मुश्कान के साथ देखने लगा. माधुरी कड़ी हुई. और उसने गले से अपना मंगलसूत्र भी निकल लिया.

सरे न न करते रहे. पर माधुरी लड़खड़ते कदमो से बाबा की तरफ बढ़ती हे. माधुरी स्माइल करते हुए मंगलसूत्र को पूरा ाँद तक तंग दिया. और झुक कर उसका पूरा लैंड अपना मुँह खोल कर निगल गई. माधुरी ने लैंड को अपने मुँह में भर के ऊपर से निचे तक किया तभी धन धन धन 4 गोली चली. ादः मोनार्क, स्वीटी और जग्गू के पीछे जो गुंडे थे वो गिर गए. सब ने दे देखा वो शिल्पा hi थी. बाबा ने भी गर्दभ घुमाई. पर वो जोर से चिलाय. माधुरी ने मंगलसूत्र को hi बाबा की पुरे लैंड और ाँद को मंगलसुरता की चैन से लपेट कर खींच लिया बाबा जोर से चिलाय.

बाबा ; अअअअअ अअअअअ.

माधुरी हसने लगी. अब भी नशा माधुरी पर हावी था. पर माधुरी को अब बहोत मज़ा आ रहा था. शिल्पा ने आते hi सब को खोला और माधुरी के कंधे पर हाथ रख कर बोली.

शिल्पा ; दीदी जल्दी करो हमें बहार भी निकलना हे.

माधुरी पागलो की तरह हसने लगी.

माधुरी ; अरे तू फ़िक्र क्यों करती हे. ये कुत्ता हमें बहार निकलेगा.

माधुरी ने दोबारा मंगल सूत्र की चैन खींची. बाबा फिर जोरो से चिलाय.

बाबा ; अअअअअ ननननहहहीईई नहीं न्नहीईई.

बाबा न में सर हिलाते हुए रोने लगा. उसका मुँह खुला hi रहे गया. उसकी आवाज भी चली गई. पर माधुरी को बहोत मजा आ रहा था.

जब शिल्पा और अजय (मौलवी) दोनों बहार निकल कर एक कार में बैठे शिल्पा बोली.

शिल्पा ; (जोश में) रुको में उस हरामजादी को मरते हुए देखना चाहती हु. में आ जाउंगी आप मेरी फ़िक्र मत करो.

अजय ; (स्माइल) जाओ. में दूर से hi बर्बादी का नजारा देखूंगा. बहार उसकी लाश hi आणि चाहिए.

उसके जाते hi शिल्पा अंदर आई. आते hi उसने गलिया चलना सुरु किया और सब साथियो को आज़ाद कर दिया.

सोनिया और विक्रम दोनों जीप par,apna हाथ टेके आराम से नजारा देख रहे थे. और माधुरी के निकलने का इंतजार कर रहे थे. अचानक जो नजारा उन्होंने देखा वो भी दांग रहे गए.

माधुरी पूरी नंगी बलकटी हुई बहार आ रही हे. बाबा भी नंगा हे. पर चैन उसके लैंड और ाँद पे बंधी हे. जिसे माधुरी ने खींच कर रखा हे. शिल्पा उन दिनों की प्रोटेक्शन में बड़ी गन लेकर चल रही हे. सब से पीछे उसकी टीम भी बड़ी बड़ी गन लेकर पीछे चल रहे हे. माधुरी पूरी नंगी फेस पे अजीब सी स्माइल. दूर से मौलवी भी सोक हो गया. शिल्पा ने उसके साथ धोखा किया. शिल्पा को भी अँधेरे में दूर एक कार दिखी. शिल्पा ने उस कार को देखते हुए एक स्माइल किया और जेब से एक रिमोट निकला. शिल्पा को मौलवी दूरबीन से देख रहा था. शिल्पा ने स्माइल किया और हाथ ऊपर कर के रिमोट का एक बोटों दबाया. बाबा न पूरा अश्मराम पूरी हॉली ब्लास्ट होने लगी. बरी बरी अंदर धमाके होने लगे.

माधुरी को आते hi विक्रम कार के कवर से भाग कर माधुरी को ढकता हे. सोनिआ ने जप पर गन तानी और बोली.

सोनिआ ; चल अपने बाप को अरेस्ट कर.

जप मज़बूरी में हथकड़ी लेकर बाबा को अरेस्ट करता हे. पर माधुरी गिर कर बेहोश हो गई.
 
माधुरी बेहोश थी और बेहोशी में इस बार भी ुए अपना बिता कल याद आने लगा था. उसे भी ये एहसास हो गया था की वो अब कमजोर होने लगी हे. अब वो बाईट कल को याद करने लगी हे. जो हो रहा हे और जो होगा उसकी परवाह और दर होने लगा हे. माधुरी एक वक्त पर जब शैतान के लिए काम किया करती थी. उसे एक खाण्डेर में डील के लिए भेजा गया. उसे कोड भी बता दिया गया. ड्रक्स की बहोत बड़ी खेप जो पुलिस की नजरो से बचके करना था. माधुरी उस वक्त फुल जवानी के जोश में थी. वो खाण्डेर के पास ब्लैक ड्रेस में तने हुए बूब्स कमर में बेल्ट और जंगो से ऊपर निचे की तरफ के कटाव में उसकी खूबसूरत जंगे दिख रही थी. माधुरी को खाण्डेर से बहार कुछ कार रुकने ki,aavaj आई. कुछ 6 आदमी अंदर आए. सब शूट बूत में देखने से तो ऐसा लग रहा था जैसे किसी के पास हथियार नहीं हे. माधुरी उन्हें देख के चौकन्नी हो चुकी थी.

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माधुरी की नजर उनपे hi थी. वो लोग आते hi चारो तरफ देखने लगे. उनकी नजर माधुरी पर गई. माधुरी ने भी अपने चहेरे के भाव बदल दिए और अपनी एक जंग दिखा कर कोड दिया.

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कोड यही था. एक खुबशुरत हसीना अपने बालो में हाथ घुमा कर अपनी जंग दिखाएगी. उनमे से एक ने उन सब को माधुरी की तरफ हइशारा किया. सब ने माधुरी को देखा. उन लोगो ने भी सर घुमा कर माधुरी को थोड़ा हैट कर आने को कहा. माधुरी भी सोख अदाओ से उनको देखते हुए आगे आई और एक पाव आगे कर के अपनी लम्बी जंगो पे हाथ घुमाया. माधुरी नशीली आँखों से उन्हें hi देख रही थी.

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वो लोह माधुरी के करीब जाने लगी. वो 6 और माधुरी सिर्फ अकेली. वो भी बेहत खुबशुरत जवान. वो माधुरी के सामने आ कर खड़े हो गए और एक गोल छल्ले में चाबी दिखाई. माधुरी ने भी कातिल स्माइल करते हुए दूसरी तंग आगे की. ड्रेस का कपडा हटाया तो चाबी जंग पे थी. ठीक वैसी hi. माधुरी ने उनकी तरफ हाथ बढ़ाया.

माधुरी ; (नशीली स्माइल) कए??

वो चाबी को पहले हाथ ऊपर कर के दिखता हे. और हाथ बढ़ा कर माधुरी के दोनों बूब्स के बिच दाल देता हे. कपडे के आदत चाबी दोनों बूब्स के बिच अटक गई. उसके साथ वाले आदमी हसने लगे. माधुरी भी स्माइल कर रही थी. फिर उस आदमी ने हाथ बढ़ाया

आदमी ; हमारी चाबी भी दे दो जानेमन. (स्माइल)

माधुरी ने उस आदमी की आँखों में बड़ी मादक स्टाइल में देखा. और हाथ बढ़ा कर उसके पंत की जीप खोल कर अंदर हाथ दाल दिया. वो हस्ते हुए माधुरी को hi देख रहा था. माधुरी ने भी हाथ पीछे ले लिया. उस आदमी ने जब निचे देखा तो उसका लैंड बहार था और जबी का गोल छल्ला उसके लैंड के टोपे पर अटका हुआ था.

माधुरी ; (स्माइल) डील ओवर.

माधुरी पूछे मुड़ी और लहराते हुए जाने लगी. माधुरी ने उस चाबी से एक कार की डिक्की खोली. पीछे बहोत सारा ड्रक्स के पैकेट थे. माधुरी ने डिक्की बंद की और वही कार लेकर वह से जाने लगी. अचानक पुलिस उसके पीछे लग गई. माधुरी ने कार भागना स्टार्ट कर दिया. कार बहोत तेज़ और महंगी थी. माधुरी ने पुलिस को तो चकमा दे दिया पर अचानक उसकी कार एक पेड़ से टकरा गई. अचानक से माधुरी की नींद खुली और उसे शिल्पा ने शहर दे दिया.

शिल्पा ; आराम से दीदी आरामसे.

माधुरी पसीना पसीना हो चुकी थी. उसी रूम में उसकी पूरी टीम थी. ादः मोनार्क स्वीटी जग्गू और उसकी डॉक्टर समां

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समां ; (स्माइल) मन गए दीदी कोई जिंदगी जिए तो ऐसे. इतने हैवी दोसे के बाद भी आप एक hi दिन में होश में आ गए.

माधुरी ने चारो तरफ नजर घुमाई उसकी साडी टीम और शिल्पा सब उसी को देख रहे थे.

ादः ; (स्माइल) थैंक गॉड आप बच गए.

समां ; है दीदी लोग 4 दिन बाद भी जिन्दा नहीं बच पते. पता नहीं आप किस मिटटी की बानी हुई हो.

माधुरी ; गंदगी के ढेर से.

जग्गू ; ऐसा मत बोलो मेडम आप ने जैसे पकड़ा हे वो हमारे देश का सबसे बड़ा ड्रक्स शाप्लेयर था.

माधुरी के फेस पे वही पुराणी स्माइल आ गई.

माधुरी ; (स्माइल) मतलब अभी वो जिन्दा हे???

स्वीटी ; जिन्दा का क्या पकडे तो गया.

जग्गू ; (स्माइल) तुम नहीं जानती स्वीटू मेडम अपने शिकार को बहोत खुबशुरत मौत देती हे.

जग्गू बोल के बहोत नोट्टी स्माइल से माधुरी की आँखों में देखने लगा. स्वीटी के शिव सब को पता था जग्गू क्या कहना चाहता हे. माधुरी भी जग्गू की आँखों में वैसे hi मुस्कुराते हुए देख रही थी. माधुरी खड़े होने की कोसिए करने लगी. तो शमा ने उसे रोक दिया.

शमा ; अभी नहीं अभी नहीं. मुझे 1 टेस्ट बाकि हे. सिर्फ 1 घंटा प्लीज.

सब ने माधुरी को रोक दिया. माधुरी फिर बैठ गई. समां िंगजेटिओं लेकर माधुरी की बाजु पे लगाने लगी.

समां ; (स्माइल) सिर्फ 1 घटा बैठो मेडम फिर जहा मर्जी चले जाना हम्म्म.

माधुरी को िंगजेटिओं लग गया और सब की बाटे चालू हो गई.

ादः ; मुझे समाज hi नहीं आया की शिल्पा दीदी उनके तरफ कैसे हो गई.

शिल्पा हसने लगी.

माधुरी ; (स्माइल) में भी शोक हो गई थी पर जब इस कुटिया ने मुझे लिप किश किया तो मुझे भरोसा हो गया. तुम सब तो लाइव देख रहे थे न.

शिल्पा ; (स्माइल) मेरे कमीने बाप ने मुझसे मिलकर पहले hi गलती कर दी. मुझे दीदी हमारे पति देव ने आप को बचने का मिशन दे दिया. पापा खुद मुझे आप के पास ले गए. फिर क्या मेने अपनी चल चल दी. में आप के हालत उस वक्त बदल नहीं सकती थी. लेकिन मुझे पता चला की आप को दो दिन से भूखा प्यासा रखा जा रहा हे तो मेने तबलते किश करने के बहाने आप को दे दी. आप पे नजर रखने का दवा कर के उस कमीने की पूरी हवेली पे मेने कक्तव कैमरा लगवाए. उन कुत्तो को ये नहीं पता थी. सब कक्तव में डेटोनेटर और एक्सफ्लोशीब हे. फिर मुझे पता चला की मेरे कमीने बाप को मुझपे अभी भी भरोसा नहीं हे. मेरे कोदो पर उसने माइक्रो फ़ोन छुपाया हे. मुझे तुम सब को पकड़ना पड़ा.

उसके लिए सॉरी मुझे सिर्फ ादः को लेजाना था. ताकि हम फाइट लड़ सके. लेकिन सब अच्छा hi हो गया दीदी ने भी सही वक्त पे सेल को लपेट hi लिया.

माधुरी ; (स्माइल) शाबाश मर गई बजी मेरी छुटकी.

शिल्पा फिर बची बन गई अपनी बड़ी बहन के सामने फुदक कर कड़ी हुई.

शिल्पा ; (स्माइल बिग) वैसे दीदी मानती हो न. ये बजी में जीती न.

माधुरी ने शिल्पा के सर को अपने सीने से लगा लिया.

माधुरी ; (स्माइल) है है मन गई. ये जीत मेरी छुटकी ने दिलाई हे. चल अब ठाणे भी ले चल जरा देखु माजरा क्या हे.

एक ठाणे में गोल्डन बाबा और बख्तावर दोनों hi एक जेल में बांध थे. और पुलिस हड्डकुवतर में सोनिआ के सामने जप बैठा हुआ था. विराम भी दोनों के पास में खड़ा था. सोनिआ ने अब भी वही पुलिस की वर्दी पहनी हुई थी. जप एक डैम डरा हुआ कप रहा था. और सोनिआ बिंदास बिना कोई रिएक्शन दिए बस जप को hi देख रही थी.

जप ; अब अब तो बता दो असली माधुरी कोण हे वो या तुम.

सोनिआ कुछ नहीं बोलती बस जप को देखती रही.

जप ; में में में जनता हु वो असली इंस्पेक्टर माधुरी हे.

सोनिआ ने एक डैम जाप्ता मारा और उसकी कोलर पकड़ ली. लेकिन बोली कुछ नहीं. विक्रम सोनिआ को जूठा रोकने की कोसिए करता हे.

विक्रम ; रिलैक्स मधु रिलैक्स वो दोनों के साथ इसे भी हम मरने hi वाले तो हे. जब तक जिन्दा हे तब तक तो बेचारे को मत मारो.

विक्रम और सोनिआ ने जो नाटक किया था वो कामयाब रहा. जप अपनी मौत की बात सुनकर एक डैम दर गया.

जप ; में में में किसी को कुछ भी नहीं बोलूंगा. तुम जैसा बोलोगे में वैसा hi बोलूंगा पक्का पक्का पक्का.

जप पसीना पसीना दर के मरे सोनिआ और विक्रम दोनों के सामने हाथ जोड़ने लगा.

सोनिआ ; फिर चल प्रेस कन्फूस में. और बोल किसी ने कोई हेल्प नहीं की. तूने अपनी जान पे खेल कर रत सब को पकड़ा. और आज सुबह 7 बज उन्होंने भागने की कोसिए की जवाबी करवाई में तूने गोली चलाई और बसकटवार मोस्ट वांटेड गुंडा. एक बहरूपिया साधु गोल्डन बाबा पुलिस के साथ गोलीबारी में मरे गए.

जप ; ठीक हे ठीक हे ठीक हे.

सोनिआ ने साडी तयारी कर राखी थी. तुरंत hi उसे बहार प्रेस कांफ्रेंस में लेजाया गया. जप ने सारा कुछ टेप रेकॉर्डर की तरह सब वही कहा.

रत को वीर के लिए इंडियन एम्बेसी से फ्रांस की गॉव को मश्ग दिया गया और बताया गया की वीर की जान को खतरा हे. काफी सरकारी लोग भी उसे मरना चाहते हे. ये मश्ग वीर को भी बताया गया. पर फिर भी वीर को कोई फ़िक्र नहीं थी. वो और ेराम दोनों ेराम के घर आ चुके थे. इस बात से रत से hi आलिया को ेराम पे बहोत ज्यादा गुस्सा था. ेराम सुबह कही जाने के लिए तैयार होने लगी. वीर नास्ते के टेबल पे इंतजार कर रहा था. ेराम एक सॉर्ट निक्कर पहन कर वीर के पास बैठ गई. ेराम की केसर जैसी चिकनी लम्बी तंग देख कर वीर ने ेराम की जंगो पे हाथ रख दिया.

पर ेराम को तो वीर की फ़िक्र थी.

ेराम ; ससस प्लीज यार तुम समज़ते क्यों नहीं और तुमपे हमला हो गया तो.

वीर हसने लगा.

वीर ; (स्माइल) तो बहार मेरी बीवी हे अभी. और में भी यार कोई छोटा बचा थोड़ी हु.

ेराम ; मुझे लगता हे. मुझे कुछ पता करना पड़ेगा. यहाँ अब भी कुछ मेरे लोग हे जो कुछ इनफार्मेशन दे सकेंगे.

वीर ; तुम जा आओ मुझे आलिया के साथ जाना हे. आज में माँ से मिलूंगा.

ेराम ; में भी चलूंगी. मुझे भी माँ से मिलना हे.

वीर ; (स्माइल) ठीक हे ठीक हे. पहले अपने शोरस से मिल आओ.

ेराम घर से बहार निकल कर जाने लगी. वो बहोत खुश थी. क्यों की वीर के साथ रहने का उसे बहोत अच्छा मौका मिला था. वो ताज़ी धुप का मजा लेती हुई खुश जा रही थी.

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अचानक उसके सामने आलिया आ गई.

आलिया ; क्या बात हे. बहोत खुश लग रही हो.

अचानक आलिया का ऐसे आना ेराम हैरान हो गई.

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ेराम ने महसूस किया आलिया का इरादा नेक नहीं हे.

आलिया ; तुजे क्या लगा तू अपने मकशद में कामयाब हो जाएगी. छीन लेगी तू हमारे शोहर को हमसे.

ेराम ; तू गलत समाज रही हे आलिया.

आलिया ; बिलकुल सही समाज रही हु. अगर मेरे पे अब तूने डोरे डेल तू याद रखना मुझसे नहीं बच पाएगी.

ेराम आलिया की कमजोरी समाज गई. पर उसे आलिया को दूर नहीं लाना था. करीब लाना था. ेराम ने आलिया की बजलै के लिए अपना रंग बदल दिया.

ेराम ; (स्माइल) अच्छा तू वापस लेजा पाएगी उन्हें?? जाएंगे वो तेरे साथ?? वो अब मेरे साथ रहेंगे. बहोत जल्द हम निकाह पढ़ लेंगे. और तू देखती रहे जाएगी.

आलिया जोश में आ गई.

आलिया ; तो ठीक हे हिम्मत हो तो हमारे शोहर को हमसे दूर कर के दिखा.

आलिया ने ेराम से चुनौती ले ली. और वो ेराम को घूरते हुए चली गई.

माधुरी नहाने के बाद एक ग्रीन घाघरा चोली निकलती हे. उसे देख कर माधुरी के फेस पे स्माइल आ गई. माधुरी ने तुरंत hi एक ग्रीन ब्रा और ग्रीन पंतय पहर ली. और आईने में अपने बदन को निहार ने लगी. वो एक अपार्टमेंट में थी. जो ादः ने सेफ हाउस बनाया हुआ था. माधुरी के साथ जग्गू चलने वाला था. हॉल में बाकि माधुरी की राइ टीम थी. माधुरी ने ग्रीन ब्लाउज पहना और फिर घेर दर घाघरा. माधुरी सज सवार ने के लिए बहोत खुश थी. वो मिरर के सामने बैठ गई. और अपने बल सवारने लगी. तभी उसके रूम का दूर थोड़ा सा खुला. माधुरी ने भी मिरर से दूर की तरफ देखा.

जग्गू स्माइल कर के अंदर आया और दूर क्लोज कर दिया. वो माधुरी के पीछे खड़ा हो कर माधुरी जिस चेयर पे बैठी थी उसपे दोनों हाथ तक कर बोलै.

जग्गू ; (स्माइल) सच में वो दोनों कुत्ते बहोत नशीब वाले हे. कितनी खुबशुरत मौत मिलने वाली हे उन्हें.

माधुरी ; (स्माइल) क्यों चाहो तो तुम्हे भी मौत दे दू बोलो.

जग्गू ; अगर इतनी खुबशरत मौत हो तो में हर रोज़ मरना चाहूंगा.

माधुरी ने जग्गू की बात सुनकर है दिया. जग्गू पीछे से माधुरी के कंधे मशाल ने लगा. माधुरी बैठी हुई थी और जग्गू खड़ा था. और माधुरी के कंधो पर वजन रख के खड़े रहने के कारन माधुरी का जोबन पूरा जग्गू की आँखों के सामने था. जग्गू की बात सुनकर माधुरी ने अपना सर upar,ashman की तरफ उठाया. वही जग्गी ने अपने सर को निचे झुकाया. जग्गू की लिप्स पहले तो माधुरी की नोज से टकराई फिर दोनों के लिप्स बस टाच hi हुए. माधुरी के खुले बल निचे को जुलने लगे. जग्गू के हाथ माधुरी के कंधे से सरक कर उसके सीने पर आ गए दोनों के सिर्फ हलके से जुड़े हुए लिप्स एक दूसरे के मुँह से नथुने तक गरम गवा छोड़ रहे थे. जग्गू ने बड़े प्यार से अपनी बॉस अपनी मेडम माधुरी के दोनों बूब्स को भर मुट्ठी पकड़ कर जोर से दबा दिया. माधुरी हिली तक नहीं.

बस दोनों के जबड़े hi थोड़ा थोड़ा हिल रहे थे. अब माधुरी इतना कैसे बरदास करे. उसने जग्गू का हाथ पकड़ा और खींच के अपनी गॉड में बैठा लिया. हवस दोनों की आँखों में थी. दोनों एक दूसरे को बस देखते hi रहे.

जग्गू ; तुम्हे पता हे मेडम जब पहेली बार आप मेरी ऑटो में बैठी थी. में क्या देख रहा था.

माधुरी ने जग्गू के सर में हाथ फेरा और बूब्स की तरफ हइशारा कर के बोली.

माधुरी ; (स्माइल) इन्हे hi देख रहा था न.

जग्गू ; (स्माइल) है. उस ब्लैक साड़ी में आप बहोत हॉट लग रही थी. डिल छह रहा था पल्लू हटा कर करीब से देखु.

माधुरी ; (स्माइल) और अब क्या चाहता हे तेरा डिल???

जग्गू ; अब क्या अब तो में खुद छू कर खोल कर टटोल कर देख सकता हु.

बोलते हुए जग्गू ने बूब्स पे जो ब्लाउज का जो कपडा था. उसे ऊँगली से खोला और अंदर ऊँगली दाल कर निप्पल को खुरेद दिया. माधुरी बहोत जोर से हसी. जग्गू भी बहोत जोर से हँसा फिर माधुरी ने जग्गू की आँखों में देखते हुए कहा.

माधुरी ; (smaile+dard) तू ऐसा क्यों कर रहा हे जग्गू??

जग्गू ; ओह्ह्ह आप को बुरा लगा सॉरी आज के बाद ऐसी हरकत कभी नहीं होगी.

माधुरी ; तू अच्छे से जनता हे में उसकी बात नहीं कर रही.

जग्गू ; फिर????

माधुरी की आँखों से अंशु आ गए.

माधुरी ; तू मेरे जैसा बन ने की क्यों कोसिए कर रहा हे.

अंशु तो जग्गू की भी आँखों में आ गए. वो अपने डट पीस कर बहोत गुस्से में कहा.

जग्गू ; गुस्सा आता हे जब कोई ऐसे घिनोने मुजसरीम को देखता हु. जैसे मरी सुरभि के साथ हुआ. डिल करता हे आप के जैसा बन जाऊ. मुझे आप के जैसा बन न हे. जालिम और खुखार मौत देने वाला.

माधुरी अब भी एक माँ जैसे बचे को देखती हे वैसे जग्गू को देखते हुए उसकी आँखों से अंशु पोछती हे.

माधुरी ; ये एक गटर हे. गंदगी हे. ज़हर हे. मेरे जैसा बना तो हर रोज़ तड़प तड़प कर मरेगा. बार बार आत्मा छली होगी. रोज अपनी नजर में गिरेगा.

जग्गू ; (गुस्से से) मुहे वैसा hi बन न हे.

माधुरी ने अपने अंशु पोछे और जोश में बोली.

माधुरी ; फिर ठीक हे. तो तैयार होजा. तुजे में सब कुछ सिखाऊंगी.

माधुरी और जग्गू दोनों पागलो के जैसे हसने लगे. माधुरी तैयार होने लगी. वो रेडी हो कर जग्गू के सामने आई.

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माधुरी ; किसी लग रही हु में??

माधुरी जग्गू के सामने पूरी गोल घूम गई.

जग्गू ने अपने दोनों हाथ माधुरी के सामने किये. माधुरी जग्गू को मुश्कुराते हुए देखने लगी.

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माधुरी ने भी अपने दोनों हाथ जग्गू के हाथो में दे दिए. आहिस्ता से जग्गू ने माधुरी को करीब खींच कर अपनी बहो में बार लिया. दोनों ने खुद hi एक दूसरे के लबो को चूमना शुरू कर दिया.

माधुरी ; (स्माइल) चले?

जग्गू ने हाथ बढ़ाया माधुरी उसके हाथो को थामे बहार आती हे. और पूरी टीम को ब्रीफ करने लगी.

माधुरी कायो ऐसे सज धज के आई थी ये उसकी पूरी टीम जानती थी. ादः मोनार्क जग्गू और स्वीटी एक वन में निकल गए. माधुरी के लिए एक कार कड़ी थी. जो शिल्पा लेकर कड़ी थी. माधुरी निचे आई और कार में बर्थ गई.

शिल्पा ; (स्माइल) वाओ शेरनी इस बैक.

मुझे ेराम का इंतजार था. आज में आलिया के जरिये अपनी माँ से मिलने वाला था. मुझे माँ से बहोत गीले शिकवे थे. माँ ने इस बार मुझे न चुनकर आलिया को चुना. जब की माँ कहती थी तेरे papa,agar मेरा डिल हे तो तू मेरे डिल की धड़कन हे. माँ वैसे अचानक कई बार गायब हुई हे. पर इस बार मुझे उनके बिना बहोत तकलीफो का सामना करना पड़ा. अचानक मुझे महसूस हुआ कोई घर में इंटर हुआ हे. में अपने लिए स्कॉच का पग बना रहा था. तभी एहसास हो गया वो मेरे पीछे hi हे. लेडीज परफूम की खुशबु आ रही थी. पर ये खुशबु तो ेराम की थी नहीं. वो कुछ देर पहले hi गई थी. और जाने से पहले मेरी बहो में थी.

में तुरंत hi पीछे मुदा. और जो नजारा मेरे सामने था वो देख कर में कुछ नहीं बोल सका. आलिया मेरे सामने पूरी नुदे.

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में ऐसी पोजीशन पे था न us,se दूर ja,sakta था न us,se नजरे हटा सकता था. क्यों की आलिया बहोत hi खुबशरत लग रही थी. उसके बूब्स का भी साइज बढ़ गया था. डिल उसे छूने को करने लगा. में कुछ बोल hi नहीं प् रहा था. और वो कपटी हुई आवाज में थोड़ा रोनी सूरत से बोली.

आलिया ; में सिर्फ तुम्हारी हु. तुम मेरी जगह उस कामिनी को देना चाहते हो.

ये तो उल्टा हो गया. में जब आलिया को जलने की कोसिए कर रहा था तब उसे कोई फर्क नहीं पड़ा और अभी शायद वो दर से खुद hi मेरे पास आ गई. अब में तो आगे बढ़ नहीं सकता था. ऊपर वाले से दुआ कर रहा था वो खुद hi मेरी बहो में आ जाए. और वो भाग कर में आ गई.

आलिया ; (रट हुए) तुम चाहते क्या हो में तुम्हारे साथ चालू न. है में साथ चलूंगी. जहा कहोगे वह. प्लीज अब मत तड़पाओ.

जो में उस से सुन न चाहता था वो आलिया ने खुद कहे दिया.

वो मेरे साथ घर चलने को रही हो गई. मेने मौका नहीं छोड़ा और उसकी नंगी पीठ को काश के जकड लिया. उसके बड़े बूब्स मेरे सीने पर पुरे धस गए. मेरे होठ उसकी गर्दनो पे धस गए. में उसे बेतहाशा चूमने लगा. और हम दोनों की सांसे उखाड़ने लगी.

में ; अहंमम ससस आलिया ी लव यू.. सैस

सोनिआ और विराम दोनों जप के पीछे चल रहे थे. वो लोग प्रेस कांफ्रेंस से निकले थे. प्लान के मुताबिक उसे डरना था.

विक्रम ; तो उन दोनों को कहा मरोगी.

सोनिआ ; क्या यार इतने इनकाउंटर किये हे ये सब मुझे बताना पड़ेगा. वो लोग को लेने अपने जप भैया जाएंगे. जाहिर हे वो भागना hi हे. बस काम ख़तम बस तुम तयारी पूरी रखना. पूरा भून देना हे. बस ित्नत्जर करना जैसे hi वो जीप से निचे उतरे भून देना.

विक्रम ; तुम भी जमाल करती हो यार. अगर वो भजहि नहीं तो???

सोनिआ ; है यार. ये तो मेने सोचा hi नहीं. अम्म्म पर तुम फ़िक्र मत करो यार. वो पक्का भागेंगे hi. इतने इनकाउंटर किये हे. ये दो थोड़ी न बचेंगे. देख लेना.

दोनों की बात जप सुनके थोड़ा दर गया. तभी सोलेजा करे जप को बोलै.

सोनिआ ; जप??

जप ; (घबराते हुए) जी जी मेडम.

सोनिआ ; गोल्डन बाबा और बख्तावर को पुलिस हद्द कुतर ले आओ.

आलिया आज खुश थी. लेकिन उस से ज्यादा तो में खुश था. क्यों की अपनी बीवी के साथ कई वक्त बाद हम बिस्तर हुआ था. याकरीबन 3 घंटे बाद ेराम आई. में निचे फर्श पर पूरा नंगा hi बैठा था. ेराम ने जैसे दूर खोला और मेरा हल देखा वो चौक गई.

ेराम ; (सोक स्माइल) आह्ह्ह्ह ये ऐसे क्यों.

में ; (स्माइल) बस ऐसे hi.

ेराम बाद रूम में चली गई. दूर खुला था. मेने गर्दन घुमा कर देखा उसने अपनी टीशर्ट उतरी और एक सुश्री T-shirt पहन ने लगी.

ेराम ; (मजाकिया स्माइल) अरे ये तो इंडिया नहीं हे. यहाँ तो काम वाली बाई नहीं आती.

ेराम बोलते हुए मेरे पास जो सोफे था उसमे धड़ाम से कूद कर लेट गई.

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में ; (स्माइल) तीन तीन खुबशुरत बीविया हे. एक मेरी बीवी जैसी खुबशुरत गर्ल फ्रेंड हे. और मेरी दूसरी img की तो बात hi मत पूछो.

ेराम ; है है सब पता हे. निद्दा, समां, और वो अब कम हे क्या नाम हे मोनी और भी बहोत होगी.

जैसे कुछ पल बाद उसे याद आया. और वो चौक गई हो.

ेराम ; (आंखे बड़ी सोक) और और और वो मोनी की क्या लगती हे मौसी या बुआ.

मुझे ेराम पे हसी आ गई. मेरी ियाशी की हिस्टोर्य मुझे सुना रही थी.

में ; (स्माइल) अभी आलिया आई थी. मुझे कहे कर गई हे. जो बोलोगे जहा बोलोगे जैसे बोलोगे वह रहूंगी बस तुम्हारा पूछा छोड़ दू.

ेराम ; मतलब मेरा तीर निशाने पर लग गया.

अचानक ेराम उठ कर बैठ गई. और जोरो से हसने लगी.

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ेराम उठ कर मुझपर कूद पड़ी और मेरी चेस्ट पर बैठ गई. मेने उसकी दोनों जंगो के बिच अपने पंजे टिका दिए.

ेराम ; (स्माइल) मेने उसे चुनौती दे दी. तुम्हे छीन ने की.

ेराम जोर जोर से हसने लगी.

में ; (स्माइल) तो छीन लिया.

ेराम खामोश हो गई. और उसका चहेरा उतर गया.

ेराम ; क्या बोलती हे मधु मुझे बागी शेरनी. बागी को बागी hi रहने दो.

में ; अरे तुम तो मायूस हो गई. मेने तो प्यार से पूछा कोई तना थोड़ी मारा हे.

ेराम ; आप जानते हो. मधु शिल्पा आलिया ये तीनो मेरी hi बहन हे. बस में नाजायज़ हु. और बिन ब्याहे hi तुम्हारी बीवी.

में ; देखो ेराम में उन तीनो को नहीं तुम चारो की आँखों में अंशु नहीं देख सकता बोलो शादी करनी हे मुझसे???

ेराम के फेस पे एक शरती मुश्कान आ गई.

ेराम ; (स्माइल) बैक हु आज़ाद हु. मुझे कैद नहीं होना.

में जनता हु ेराम भी मेरी होकर रहना चाहती हे पर वो मेरे लिए कोई बड़ी क़ुरबानी देना चाहती हे.

जप उस ठाणे में पहोच गया जहा पर गोदान बाबा और बख्तावर को पकड़ के रखा हुआ था. जप अंदर गया. जेल की सलाखों के पीछे खड़े बाबा और बख्तावर जप को देखा कर भड़क गए.

बाबा ; (गुस्से में) ोय जप के बचे सेल हरामजादे तू जिन्दा नहीं बचेगा.

बख्तावर ; तेरी तो बोटी बोटी कर के कुत्ते को खिलाऊंगा.

जप उनके करीब गया तो बाबा ने सलाखों में से हाथ दाल के उसकी गर्दन पकड़ ली. जप का डैम घुटने लगा.

जप ; आआ मेरी बात सुनो. आए मेने कुछ नहीं किया आआ धोखा मेरे साथ hi नहीं तुम्हारे साथ भी हुआ हे.

बाबा ने उसकी गर्दन छोड़ दी. जप अपनी गर्दन मशलने लगा.

जप ; अह्ह्ह. अब तो सर्कार भी तुम्हे मरवाना चाहती हे. खुद कम शब् भी बोल रहे थे मुँह खोले उस से पहले तुम दोनों को मरवा दो.

बख्तावर ; (गुस्से से) क्या बात कम तक पहोच गई. वो भूल गया कम उसे हमने hi बनवाया हे. वैसे उसे बताया किसने??

जप ; मेने नहीं बताया हे. पर उनसे बात छुपती हे क्या??

बाबा ; साला कम हमें मरवाएगा.

जप ; वैसे खबर फेल चुकी हे की तुम पुलिस इन काउंटर में मरे गए. पर तुम जिन्दा हो ये कम को पता हे. अगर किसी तरह तुम दोनों बच गए तो कम को खुद तुम्हे बचाना पड़ेगा.

बख्तावर ; लेकिन हमें मरेगा कोण. अब तो उस कामिनी के चंगुल से हम निकल तो गए.

जप ; सससस दिमाग तो सारा औरतो की छूट में दाल देते हो. कुछ टो दिमाग लगाओ. वो कामिनी माधुरी सिंह का किया कराया हे. तुम निकले और जैसे भागने की कोसिए करोगे तुरंत hi वो तुम दोनों का इन काउंटर कर देगी.

बाबा ; वो साली हरामजादी जिन्दा हे. उसको इतना डोज़ दिया वो जिन्दा बच hi नहीं सकती.

जप ; ओह्ह्ह बाबा जी जिसे तुम डोज़ दे रहे थे वो माधुरी सिंह नहीं हे. वो तो तुम्हे उलझाए हुए थी. असली माधुरी कोई और हे. साली बहोत खतरनाक हे.

बसकटवार ; हे ठीक कहे रहा हे बाबा. मुझे भी उसी ने पकड़ा हे. साला बच गए तो उसे भी नंगा कर के बिच चौराहे पर छोडूंगा.

जप ; में तुम दोनों के हाथ जोड़ता हु. जो करना हे वो करना बस भागने की कोसिए मत करना. वार्ना वो हरामजादी तुम्हे जिन्दा नहीं छोड़ेगी. अभी बाज़ी उसके हाथो में हे.

बख्तावर और गोल्डन बाबा जप की बात मन लेते हे. सोनिआ का दूसरा प्लान कामयाब हो गया.

जप ; (रॉब दिखते हुए जोर se)nikalo इन्हे और बैठाओ जीप में.

कुछ कॉन्स्टेबल डरते हुए उन दोनों को निकल कर जीप पे बैठा देते हे. जप उनको पुलिस हाडकुटेर लेकर आया. गेट पर सोनिआ दोनों हाथ कमर पे रख कर कड़ी थी. उसे देख कर बख्तावर का खून खोल उठा पर वो हथकडियो से बंधा हुआ था. पाव भी उसका ज्यादा घायल था.

सोनिआ ; (स्माइल) गुड जप हमारा प्लान सक्सेस हो गया. ले चलो इन्हे रिमांड रूम में.

बहोत सरे शिपाहोयो ने दोनों को पकड़ा और रिमांड रूम में ले गए. रिमांड रूम में लेजाने के बाद दोनों को एक एक चेयर पे बिठा कर बांध दिया गया. सोनिआ के सामने जप बैठा डरने लगा. वो सोचने लगा की साला is,se तो अच्छा वो hi उन्हें गोली मर देता. अब ये मुँह खुलवा hi लेगी.

सोनिआ ; (स्माइल) तू फ़िक्र मत कर राज़ तो हम खुद hi पता कर लेंगे. हमें उन कुत्तो से खुछ नहीं पूछना.

जप ; (डरते हुए) फ़फ़फ़फ़ फिर क्यों यहाँ बुलवाया. बबबब बता देते उनको व्ववहि मर देते.

सोनिआ हसने लगी. और पास में सिर्फ एक hi सिपाही खड़ा था. जो जप का चमचा था. उसकी तरफ सोनिआ ने देखा और बोली.

सोनिआ ; (स्माइल) जप शब् के लिए कफ और मेरे लिए लेमन टिया.

वो पहले सोनिआ को फिर जप को देखता हे. जप ने गर्दन है में हिलाई. वो बहार गया तुरंत hi सोनिआ कड़ी हुई और जप के पूछे जा कर उसके कंधो पे दोनों हाथ रख कर बोली.

सोनिआ ; (स्माइल) उसे में नहीं असली माधुरी सिंह मारेगी समझा.

जप तुरंत खड़ा हुआ. सोनिआ ने झटके से उसे फिर बैठा दिया. वो आवाज निकले उस से पहले सोनिआ ने उसे बांध दिया. वो खुद की चेयर पे hi बांध गया. बहार से उस रूम को किसीने नॉक किया.

सोनिआ ; कोण???

सिपाही ; मेम कॉफ़ी.

सोनिआ ने तुरंत अपना शर्ट खोला. उसने अंदर ब्लैक ब्रा पहनी थी. जिसमे आधे से ज्यादा बड़े बूब्स बहार लटक गए. सोनिआ ने सिर्फ थोड़ा सा खोला. जिसमे कमर तक का हिस्सा न दिख सके. सोनिआ को ऐसे देख कर सिपाही चौक गया. इसे आधी सोनिआ सिर्फ ब्रा में हे ऐसा फील हुआ. सोनिआ उसे मुश्कुराते हुए बोली.

सोनिया ; (स्माइल) अभी शब् थोड़ा बज हे. कॉफ़ी हम बाद में पिएंगे.

सिपाही ; (स्माइल) ओह्ह्ह कोई बात नहीं मेम कीजिये मीटिंग कीजिये. बाद में मुझे आवाज दे देना.

उसे लगा सोनिआ और जप बंद कमरे में सेक्स कर रहे हे. वो बहार बैठ कर सोच सोच कर अपने लैंड को बार बार मशलने लगा.

ेराम अंदर रूम में जाने के लिए तैयार हो रही थी. तभी आलिया आ गई. और मेरे सामने कड़ी हो गई. वो ब्लू ड्रेस में मुस्कुराती हुई बहोत खुबशुरत लग रही थी.

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में उसे ऊपर से निचे तक देखता रहा.

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एक कोई फ्रॉक जैसा खुला खुला सा ड्रेस. निचे हिल. और उसकी नजर जैसे मुझसे सवाल कर रही हो.

आलिया ; क्या देख रहे हो?

में ; तुम्हे बहोत खुबशुरत लग रही हो.

वो शर्मा गई. उसने दे बै देखा. वो ेराम के बारे में पूछना छह रही थी.

आलिया ; अकेले हो???

मेने उसे बेहत नशीला और िमोस्टिओनल जवाब दिया.

में ; है..... तुम्हारे बिना एकदम तनहा. अकेला.

वो मुझे बहोत प्यार से देखने लगी. उसकी आँखों में मेरे लिए प्यार साफ दिख रहा था.

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आलिया ; जब इतने hi अकेले थे तो मुझे तड़पा क्यों रहे थे???

वो मुझे ऐसे देखने लगी जैसे जवाब में उसी के हक़ में दू.

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में ; तड़पा तो तुम मुझे रही थी. में तो हमेसा से तुम्हारे करीब आना छह रहा था. करीब और करीब. और करीब.

में बोलते बोलते आलिया के करीब जाने लगा. आलिया ने अपनी दोनों मुट्ठी को काश के अपने ड्रेस को जकड लिया. वो धीरे धीरे पीछे दिवार से सात गई. उसकी आंखे भी मस्ती से मुझे देखने लगी. फेस पे एक नै दुल्हन वाली स्माइल आ गई.

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में उसके करीब गया और उसकी कमर में हाथ डालकर झटके से अपनी बहो में भर लिया वो मुझे देखते हुए पूरी हिल गई. हमारी आंखे एक दूसरे की आँखों में हम दोनों की आँखों में अजीब खुमारी जैसे बरसो की प्यास हो. हम दोनों के लैब( लिप्स) एक दूसरे के करीब आ गए. तभी अचानक दूर खुला और ेराम अंदर आ गई.

ेराम ; चले....( फिर एकदम से दोनों को देख कर सकक)

वो दोनों बंधे हुए hi बोर हो गए. बहोत देर हो चुकी थी कोई आया नहीं.

बख्तावर ; अबे हरामजादो क्या माजरा हे. सालो बोटी बोटी कर के कुत्तो को खिला दूंगा.

ढींगे हाकते हुए वो घूम कर दूर को देख रहा था. पुरे रूम में सिर्फ एक टेबल और दो चेयर. वो रिमांड रूम था. अचानक दूर खुला और माधुरी अंदर आई. पहले तो दोनों माधुरी को देख कर सोक हो गए.

गोल्डन बाबा ; तू जिन्दा हे???

माधुरी ने एक स्माइल की और उनके सामने कड़ी हो गई. वो थोड़ा सा सर निचे कर के बख्तावर को देखती हे.

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माधुरी ; (smaile)ha में जिन्दा हु. क्यों की आज तुम में से किसी एक की मौत होनी हे. बोलो कोण पहले मरेगा??

बसकटवार को माधुरी की ताकत का अंदाज़ा था. लेकिन गोल्डन बाबा को नहीं. माधुरी स्माइल करते हुए कभी बख्तावर को कभी गोल्डन बाबा को देखती हे.

गोल्डन बाबा ; तू कहना क्या चाहती हे. और सच बता तू हे कोण?

माधुरी अपनी सुरीली आवाज में हस्ती हे. उसकी खुबशुरत मुश्कान मोतियों जैसे डट और बहोत hi रसीले होठ को वो दोनों देखते hi रहे.

माधुरी ; (स्माइल) अपनी मौत को भी नहीं पहेचाता में माधुरी hi हु. असली.

तभी फिर से दूर खुला और अंदर जग्गू आ गया. वो माधुरी को पीछे से जकड लेता हे. और माधुरी के गले को चूमने लगा.

जग्गू ; (आंखे बंद) सससस अह्ह्ह मेडम मर डालोगे दोनों को???

माधुरी ने पीछे हाथ लेजाकर जग्गू के सर को और दबाया. माधुरी को पीछे से उसने और लाश लिया. दोनों हाथ माधुरी की बगलो से निकल कर बूब्स को बेरहमी से मशलने लगा. माधुरी भी जैसे वाशना के नशे में जग्गू का पूरा सहयोग कर रही थी. जग्गू ने एक हाथ से माधुरी की कमर को तक जकड लिया. शायद वो माधुरी की फुले हुए पुछवाडे पर कपड़ो के ऊपर से hi लैंड का दबाव दाल रहा था.

माधुरी ; (आंखे बंद सेक्सुअल फील) ससस अह्ह्ह जग्गू ससस क्या करू ससस जीबद्घि तो मेह अह्ह्ह्ह ससस दे नहीं सकती.

जग्गू ; ये देखो बख्तावर तुम्हारा पुराण कुत्ता ससस क्या मर डालोगी उसे!??

जग्गू जैसे बख्तावर की तरफदारी कर रहा हो और साथ hi माधुरी के जिश्म के भी मजे लूट रहा हो.

माधुरी ; (मादक आवाज) ससस अह्ह्ह क्या करू उफ्फफ्फ्फ़ ये गदरररर हे न ससस इसका तो गाला hi काट दूंगी सससस अह्ह्ह नामर्द हे साला.

जग्गू ने हाथ माधुरी की दोनों जंगो पे बरी बरी घूमना सुरु कर दिया. Jor,se पर जग्गू माधुरी की छूट को हाथ नहीं लगा रहा था.

जग्गू ; और ये बाबा को तो देखो केसा मुस्टंडा हे. आप की अच्छे से प्यास भुजाएगा अस्स्सस्स.

माधुरी ; पर कैसे ससस इसे भी मरना hi होगा ससस इसका तो लैंड hi काट दूंगी अह्ह्ह कमीना मेरी प्यास भुजने को तैयार hi नाहीइ सससस अह्ह्ह

जग्गू और माधुरी की हरकत देख कर तो बाबा का मुँह hi खुला रहे गया. माधुरी का नशीला अंदाज़ और मादक आवाज देख कर बाबा होश में hi नहीं रहा. बाबा बेहोश माधुरी को रत भर छोड़ चूका था. पर माधुरी होश में इतनी नशीली मादक और हर्ण्य हे ये बाबा को अंदाज़ा hi नहीं था. बाबा को ऐसा फील हो रहा था जैसे वो माधुरी को पहेली बार देख रहा हो. माधुरी की दीवानगी ka,asar बाबा पे होने लगा. बाबा के होश खोने लगे थे. माधुरी ने जग्गू की मदद से बहोत गहरा माइंड गेम खेला था. जिसमे बाबा फसने लगा था. जग्गू ने माधुरी को मशालते हुए बाबा की आँखों में हस्ते हुए देखा.

जग्गू ; (नशीली स्माइल) भुजाएगा मेडम भुजाएगा. बोलो भुजाओगे न मेडम की प्यास बोलो???

बाबा का मुँह खुला था वो माधुरी को देखता हे फिर जग्गू को. और बोलै

बाबा ; है है में मेडम की पूरी प्यास भुजङ्गा.

माधुरी ने बाबा की आँखों में देखते हुए कहा.

माधुरी ; (स्माइल) तो आज जिंदगी तुम्हारी.

बाबा को लग रहा था वो अपनी मरदाना ताकत से माधुरी को अपने वश में कर लेगा पर माधुरी की हरकतों ने तो उसका खुद का hi माइंड वाश कर दिया. उसे तो बस माधुरी का तराशा हुआ बदन hi दिख रहा था. पसीने की बुँदे उसके चहेरे पर चमक भी रही थी. उसके होठ सुख रहे थे. जिसपे बार बार वो अपनी जीभ घुमा रहा था. माधुरी बिच टेबल पे लेट गई. उसके कपडे अभी नहीं उतरे थे. माधुरी गर्दन घुमा कर नशीली नजरो से बस बंधे बाबा को hi देख रही थी.

जग्गू ने माधुरी का पाव उठाया और उसके पंजो का ऊपरी हिस्सा चूमने लगा. माधुरी बाबा को देखते हुए हर चुम्बन पर बस अह्ह्ह करती जिस से उसके बूब्स आगे पीछे उठ जाते. ये नजारा देखने के बाद बाबा की हालत ज्यादा खस्ता होने लगी. जग्गू धीरे धीरे ऊपर बढ़ने लगा. उसका चुम्बन पुंडलियो तक पहोच गया. उसने माधुरी का ग्रीन घाघरे को आहिस्ता आहिस्ता से उठना सुसरु किया पर ये बेकार था क्यों की उसकी नजर तो माधुरी के फेस पे आ रहे भावो पर थी. पर बख्तावर वो सब अशनि से देख रहा था. माधुरी की बस मादक आवाज से hi वो बहोत ज्यादा उत्तेजित हो चूका था. जब जग्गू के हाथो ने माधुरी की एक जंग को दोनों हाथो से भर पंजे पकड़ा और घुटनो पे किश किया.

माधुरी ने थोड़ी तेज़ आवाज में बहोत जबरदस्त सिसकारी भरी.

माधुरी ; सससस अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह.... अह्ह्ह कुछ ला सससस जग्ग्गु हहहह.

जग्गू उठा और एक सफ़ेद पुड़िया निकली मोती तक़रीबाब आधा किल्लो की होगी. सफ़ेद एक डैम सफ़ेद. और एक कार्ड. उसमे डर्क्स था. माधुरी जब कैद थी तब बेहोशी की हालत में माधुरी को डर्क्स खा कर रगड़ा था. जग्गू ने पौडर की तीन बड़ी सी लकीर बनवाई. फिर डर्क्स का पाउच वही उनके सामने hi रख दिया. माधुरी बाबा की आँखों में मुस्कुराती हुई देख रही थी. जग्गू जा कर बाबा के दोनों हाथ खोल देता हे.

बाबा के जैसे हाथ आज़ाद हुए वो जल्दी से खड़ा हो कर माधुरी की तरफ बढ़ने की कोसिए करता हे और धड़ाम से गिर गया. माधुरी जोर से हस्ती हे. और बाबा के पास पहोच कर उसे उठने लगी. माधुरी ने अपने दोनों हाथो से बाबा के बाजु पकड़ लिए. बाबा ने सर ऊपर उठा कर माधुरी को देखा. खुबशुरत चहेरे पर एक मादक और नशीली मुश्कान. माधुरी की ग्रीन छूनी निचे हो गई. और माधुरी का का आधा खुला जोबन उभर के बहार आया.

माधुरी ; (स्माइल मादक) क्यों भुजाओगे मेरी प्यास.

बाबा एक नजर माधुरी को बस देखता hi रहा. वो खुद नहीं जनता था उसके साथ क्या हो रहा हे. या तो वो बहोत उतावला हो जाता या फिर वो एकदम hi होश खो कर खामोश हो जा रहा था. माधुरी कड़ी हुई और उसके कंधे पर अपना पाव. रख कर कड़ी हो गई. वो बस बाबा के चहेरे को देखती रही.

बाबा भी माधुरी में खो चूका था. जग्गू बख्तावर के पीछे खड़ा बख्तावर के कंधे मशालते हुए ये सारा खेल पागल की तरह हस्ते हुए देख रहा था. वो माधुरी के करीब आया और माधुरी की नंगी कमर में हाथ डालकर माधुरी से सात जाता हे. एक हाथ से माधुरी का फेस अपनी तरफ घुमा कर माधुरी होठो से अपने होठ सत्ता देता हे. दोनों एक दूसरे को बहोत hi ज्यादा मादक किश करने लगे. बेसूद खड़ा बाबा माधुरी और जग्गू की लिप्स की आपस में रगड़ देख रहा था. माधुरी के नरम मुलायम होथि का मुड़ना सुकुड़ना और फिर रबर की तरह वापस ऐसे hi हो जाना देख कर बाबा के बदन में अजीब सी zur,zuri होने लगी. माधुरी ने सर ऊपर किया और जग्गू माधुरी की थोड़ी और गले को चूमने लगा.

माधुरी ; सससस बाबा अह्ह्ह्ह बुजदो मेरी प्यास. सससससस.

माधुरी की नशीली धीमी आवाज और सिसकारियों से बाबा के कमर के निचे जबरदस्त तनाव फेल गया. माधुरी ने अपनी चुनरी उठाई और बिच टेबल पर बैठ गई. एक तंग फॉल्ट और एक तंग लम्बी फैला कर दोनों हाथो को पीछे लेजा कर माधुरी थोड़ा पीछे झुक गई. Jis,se माधुरी का सर आश्मान की तरफ और सेना ऊपर दोनों बूब्स ऊपर को उठ गए.

बाबा खड़ा खड़ा सिर्फ माधुरी को hi देख रहा था. अचानक उसे हिप्स पर एक थपकी लगी. और जग्गू की आवाज कानो में सुनाई दी.

जग्गू ; (स्माइल) जाओ मेडम की प्यास भुजाओ. मेडम ने तुम्हे जिंदगी बक्सी हे.

बाबा माधुरी के करीब झटके से गया. और लम्बे टेबल के सामने आ कर. दोनों हाथ माधुरी के पाव की तरफ तक देता हे. बाबा आंखे फटी बिना होश की बौखलाई हुई स्माइल से बस ह्ह्हम्म्म hi बोलै पाया. माधुरी ने अपना पाव बाबा के मुँह पर चिपकाया. वो माधुरी के पेअर के तलवे को चाटने लगा.

माधुरी ; (आंखे बंद नशीली आवाज) सससस ..... अह्ह्ह्हह.

माधुरी की आवाज सुकर बाबा ने अपनी धोती झटके से खोली और माधुरी के पेअर के तलवे जोर जोर से चाटने लगा. माधुरी उठी और अपना पाव एक झटका दे कर छुड़वा लिया. वो कड़ी हो गई. और उठकर मुस्कुराती हुई घूम कर मटकते हुए बाबा के पास पहुचकर उसके सर पे हाथ रखती हे. वो फिर से उसकी आँखों में मुश्कुराते हुए देखती हे.

बाबा कुछ समाज न सका. माधुरी ने बाबा का सर पकड़ कर ताकत से मोड़ा और उसे ड्रक्स की तीन लाइन दिखाई. और नशीली आवाज में बोली.

माधुरी ; (स्माइल) मौत hi जिंदगी हे.

बाबा पागल की तरह रुक रुक कर हसने लगा.

बाबा ; (घबराहट वाली स्माइल) ः ः मौत hi जिंदगी हे ः ः.

जग्गू भी करीब आया और एक कार्ड बाबा की तरफ बढ़ाया. वो एक ताश का पत्ता था. बाबा ने देखा वो लाल रानी थी. माधुरी ने बाबा के हाथो से कार्ड खींचा और उसे गोल मोड़ कर झुक गई. एक लकित का ड्रक्स खींच गई और सर उठा कर जोर से साँस खींचती हे.

माधुरी ; ससससस अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह.

फिर स्माइल करते हुए बाबा को देखती हे.

माधुरी ; मौत hi जिंदगी हे.

जग्गू ने बख्तावर को भी खोल दिया. वो भी करीब आ गया. माधुरी ने बाबा की तरफ मुश्कुराते हुए कार्ड बढ़ाया पर बख्तावर ने बिच में hi खींच लिया और अकड़ के बोलै.

बख्तावर ; मौत hi जिंदगी हे.

और वो झुक कर जोर से एक लकीर खींच गया.

बख्तावर ; अह्ह्ह्ह

माधुरी स्माइल करते हुए बख्तावर को फिर जग्गू को देखती हे. जैसे कहना चाहती हो ये तो खुद hi फास गया. बाबा ने भी वो गोल मुदा हुआ कार्ड उठाया. और तीसरा सॉर्ट वो खींच गया. जब उसने सर उठाया तो देखा ऐसी दी और लकीर जग्गू बना चूका हे. बाबा में जान थी. बाबा दूसरी लकीर को भी खींच गया. वो तीसरी लकीर की तरफ ज़ुका तो बख्तावर ने खींचने की कोसिए की. पर बाबा ने जातक दिया.

बाबा ; हहममम मौत hi जिंदगी हे.

माधुरी और जग्गू दोनों का हल देख कर मुश्कुराने लगे. बाबा ने तीसरा सॉर्ट भी खींचा और सर उठा कर हसने लगा. उसके पाव लड़खड़ाने लगे. और चहेरे का रंग भी बदल गया.

बाबा ; (नशे में पागल की तरह हस्ते हुए) है है है मौत hi जिंदगी हे. मौत hi जिंदगी हे मौत hi जिंदगी हे.

जग्गू 2 लकीर और बना चूका था. और जग्गू ने वो मुदा हुआ कार्ड बख्तावर की तरफ किया. बख्तावर ने एक सॉर्ट तो जोश में खींच लिया पर तीसरा वाला सॉर्ट खींच नहीं पाया वो लड़खड़ा कर माधुरी की बहो में गिरने लगा. उसके दोनों हाथ माधुरी के बूब्स पर hi गिरे. जब माधुरी ने उसे संभाला तो उसका सर घूमने लगा. कुछ dhudhla,sa दिखने लगा. फिर उसकी न जार मधु के खुबशुरत मुश्कुराते हुए चहेरे पर गई.

बख्तावर ; ( नशे में स्माइल) अह्ह्ह मौत hi जिंदगी हे.

माधुरी ने उसे छोड़ दिया. बख्तावर धड़ाम से गिरा. माधुरी बाबा वाली चेयर पे बैठ गई.

जग्गू ; (स्माइल) मेडम किसको जिंदगी मिलेगी और किसको मौत????

माधुरी ; (बहोत मादक आवाज) मौत hi जिंदगी हे. एक हे ग़दर गुलाम और एक मर्द. ये दोनों साबित करे. एक गुलामी और एक मर्दानगी. जो जीता उसकी जिंदगी.

बख्तावर की तंग घायल थी. वो घसीट ते हुए माधुरी तक आया पहले तो उसने माधुरी की गिरी ग्रीन चुन्नी उठा कर माधुरी की तरफ की. माधुरी ने हस्ते हुए वो छुन्नी अपने कंधे पर दाल ली. फिर बख्तावर माधुरी के पाव का निचला हिस्सा चाटने लगा. उसे सर निचा करके माधुरी देखती हे. और मुस्कुराने लगी.

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एक अजीब सा सुकून और अजीब सी गुदगुदी माधुरी ने अपने अंदर महसूस की. जग्गू ने बाबा की पीठ पे हाथ मारा. बाबा नशे में माधुरी की तरफ सामने से आने लगा. उसका पूरा ध्यान माधुरी पर था. माधुरी ने अपने बालो में हाथ डालकर उसे सहलाया.

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बाबा की नजर माधुरी के चहेरे से ज्यादा उसके जोबन पे थी. वो लड़खड़ाते कदमो से माधुरी के करीब जा कर उसकी दोनों जंगो पर हाथ तक कर माधुरी के चहेरे की तरफ झुक गया. बाबा का चहेरा माधुरी के चहेरे के बिलकुल करीब सामने था. वो माधुरी के होठो की ततफ बढ़ा पर माधुरी ने उसे रोक दिया. माधुरी ने उसके गंदे थुल तूली होठो पर अपनी हथेली रख दी. और धक्का देते हुए कड़ी हो गई.

माधुरी उसे दक्का देते हुए आगे भढने लगी. माधुरी का घुटना बख्तावर के मुँह पर लगा. वो नशे में मुँह पकड़ के बैठ गया. बाबा माधुरी बिलकुल आमने सामने थे. माधुरी ने सर घुमा कर जग्गू को देखा. जग्गू भी समाज गया और स्माइल करते हुए माधुरी के पास आया. माधुरी की पीठ पर हाथ रखा और गर्दभ के पीछे का हिस्सा चूमने लगा. बाबा और माधुरी दोनों एक दूसरे की आँखों में hi देख रहे. जग्गू माधुरी की खुली पीठ और गर्दन पे किश करता रहा और माधुरी बाबा की आँखों में देख कर सिसकारी भर्ती रही. बाबा अपनी धोती में बहोत जबरदस्त तनाव महेसुआ कर रहा था. जग्गू ने माधुरी के ग्रीन ब्लाउज की डोरी खींच दी. और पीठ को चूमते चूमते ब्लाउज को कंधे से निचे उतरा. माधुरी ने अंदर ब्रा पहनी hi नहीं थी. बाबा एक रत पहले hi माधुरी को नंगी देख चूका था.

मगर माधुरी के गुलाबी निप्पल वाले आकर्षक बूब्स देख कर उसने अपना हाथ आगे बढ़ा hi दिया. माधुरी ने तुरंत hi उसका हाथ पकड़ लिया और हस्ते हुए न में गर्दन हिलती रही. जग्गू घुटनो के बल बैठ गया. और कपड़ो के ऊपर से hi दोनों हिप्स के बिच की दरार में मुँह धसा देता हे.

माधुरी ; सससस अह्ह्ह्ह जग्गूउउउउ....

बाबा का तो बुरा हल था पर बख्तावर तो ड्रक्स के नशे में पाजामे के ऊपर से hi अपना मशाल रहा था. उसे तो बिकुल होश नहीं था. उसका मुँह खुला था और मुँह से लार की एक लकीर टपक रही थी. ड्रक्स का डोज़ ज्यादा हो गया था. बाबा का भी वैसा hi हल था. जग्गू ने अपने दोनों हाथ माधुरी के घाघरे में दाल कर माधुरी की पंतय खींच ली. माधुरी ने भी पाव उठा कर सहयोग दिया. जग्गू ने पंतय माधुरी के हाथ में दे दी और घाघरे का नाडा खींच कर वह से उठ गया. नंगी माधुरी की कमर में हाथ डालकर वो माधुरी के गलो को चूमता हे और साइड में खड़ा हो गया.

माधुरी ने हाथ बढ़ा कर वो पंतय बाबा के मुँह में थुश दी. बाबा भी ड्रक्स के नशे में पंतय मुँह में लिया बेसुध खड़ा hi रहा. माधुरी घुटनो के बल बैठ गई. और बाबा का लम्बा लैंड अपनी भर मुट्ठी में पकड़ लिया. वो फिट और धीमे लैंड को आगे पीछे करती हे. बाबा के टोपे की चमड़ी खुलने और बंद होने लगी. माधुरी ने मादक स्माइल करते हुए सर घुमाया और जग्गू को देखा. जग्गू भी स्माइल कर रहा था. माधुरी ने फिर गर्दन घुमाई और बाबा के लैंड को आधा निगल गई. बाबा का लैंड भी इतना बड़ा था की एक मुट्ठी माधुरी के पंजो में और बाकि उसके मुँह में.

बाबा की आंखे बंद हो गई. लेकिन आवाज बिलकुल नहीं निकली. पंतय जो मुँह में थी. उसके दातो ने पंतय को कुचलना सुरु कर दिया. माधुरी स्लो स्लो बाबा के लैंड का रास पैन करने लगी. उधर से जग्गू ने दो कदम आगे आ कर माधुरी के पास झुक गया. और माधुरी की नंगी पीठ पर हाथ घूमने लगा. माधुरी ने उसके लैंड को मुँह में से निकला और हिलाते हुए गर्दन घुमाई. वो जग्गू को देख कर मुश्कुरै. ड्रक्स का अक्षर तो उसे भी होने लगा. ये बात जग्गू समाज गया था. उसने माधुरी का हाथ पकड़ा और खड़ा किया. जग्गू ने माधुरी के गाल पर एक थपड मारा

जग्गू ; (थोड़ा गुस्सा) मौत hi जिंदगी हे मेडम.

माधुरी खिलखिला कर हसने लगी. वो जग्गू का हाथ जातक देती हे. और बाबा को बहो में भर कर उसकी नंगी छाती को चूमने लगी. बाबा की आंखे बंद चालू होने लगी. उसका तना हुआ लैंड माधुरी की नाभि में छूने लगा. माधुरी बाबा का हाथ पकड़ कर टेबल पे लेजाती हे. और उसे धक्का दे कर टेबल पे सुला देती हे. बाबा पूरा हत्ता कटा लम्बा छोड़ा टेबल पे लत गया. माधुरी ने घुटना तक कर टेबल पे चढ़ने की कोसिए की. पर एक बार लड़खड़ा गई. जग्गू ने तुरंत hi पीछे से माधुरी को पकड़ा और उसे चढ़ाया. माधुरी धीरे धीरे बाबा के ऊपर मगर माछ की तरह रंग ने लगी.

वो बाबा के लैंड पे बैठ गई और अपनी छूट पे उसका टोपा घिसने लगी.

माधुरी ; sss,ahhhh ससस.

माधुरी घुटनो के बल कड़ी हुई और छूट का दबाव बाबा के लैंड पर डालने लगी. माधुरी की छूट की चमड़ी फैलने लगी. माधुरी धीरे धीरे उसका पूरा लैंड अपनी छूट में निगल गई. उसने अपने दोनों हाथो को बाबा की छाती पर टिका दिया. माधुरी बाबा की सवारी आहिस्ता आहिस्ता करने लगी. ड्रक्स का नशा और माधुरी की वासना दोनों का एक साथ मिलान हो चूका था. माधुरी अंदर तक लैंड को महसूस करने लगी. वो जैसे पागल सी होने लगी थी. जग्गू को अब दर लगने लगा कही माधुरी नशे में मकशद से चूक माँ जाए. क्यों की माधुरी जोर से कूदने लगी थी.

उसके बल हवा में ज़ुल रहे थे. जैसे वो पागल hi हो गई हो. जग्गू को माधुरी पर गुस्सा आया. पर वो दरसल समाज नहीं प् रहा था क्यों की उसका भी लैंड तन गया था. कभी माधुरी से डिल लगी की थी. उसे जलन भी महसूस हो रही थी. माधुरी ने भी मुश्कुराते हुए गर्दन घुमाई और जग्गू को देखा. जग्गू के फेस पे गुस्सा और हाथो से अपने लैंड को काश के पकडे हुए देखना. माधुरी को बहोत hi मजा देने लगा. वो जो वीर के साथ नहीं कर सकती थी वो जग्गू के साथ करने लगी.

जग्गू ने गुस्से में बख्तावर के मुँह पे लत मरी.

जग्गू ; मदर छोड़ तू क्यों यहाँ पड़ा हे.

जग्गू ने बख्तावर को गर्दन से पकड़ के खड़ा किया और उसे माधुरी तक ले गया. उसने माधुरी के पिछवाड़े में दोनों हिप्स के बिच बख्तावर का मुँह दबाया. माधुरी भी हिलने से रुक गई. और ज्यादा गर्दन घुमा कर हस्ते हुए जग्गू को देखती हे. बाबा का लैंड अब भी उसके अंदर hi था. बख्तावर को ये नहीं पता थी वो चाट क्या रहा हे.

लेकिन माधुरी को जो मजा आ रहा था वो उसके चहेरे पर साफ झलक रहा था. जग्गू ने देखा माधुरी ने अपनी गर्दन वापस घुमा ली. जग्गू को लगा शायद माधुरी बाबा के चहेरे को चाट रही हे. पर जब बाबा के पाव ने झटका मारा तो वो समाज गया माधुरी क्या कर रही हे. उसके चहेरे पर पागलो जैसी हसी आ गई. वो फिर पागल पैन में उतारू हो गया.

जग्गू ; (ुचि आवाज में बड़ी आंखे) अह्ह्ह्हह मौत hi जिंदगी हे. मेडम दे दो इसे जिंदगी. दे दो मैदान...

माधुरी ने उसकी गर्दन को अपने जबड़े में भर लिया था. लेकिन माधुरी शांत कहा हुई थी. अभी तो उसकी हवस भी नहीं मिटी थी. गर्दन के दबाव से जब उसका डैम घुट ता तो वो कमर का निचला हिस्सा जोर से उठाया. जिस से माधुरी की छूट में बाबा के लैंड का जोर से झटका लगा. माधुरी ने बाबा की सांसे उखड दी. ये सब देखना और जग्गू का चिलाना देख कर जमीं पर गिरा बख्तावर का मूत पाजामे में से निकल गया. बाबा बुरी तरह छटपटाने लगा. धीरे धीरे उसका विरोध ख़तम हो गया.

बाबा की पूरी बॉडी अकड़ गई. उसका बड़ा लैंड अब भी. माधुरी की छूट की गहराई में थी. माधुरी ने मुँह उठाया और लड़ पे वैसे hi खिलोड़ने लगी. वो अब भी बाबा की लाश को छोड़ रही थी. जग्गू माधुरी के करीब आया और उसके कंधे पर हाथ रख के बोलै.

जग्गू ; वो मर चूका हे मेडम. वो मर गया.

माधुरी ने घूम कर जोर का जानते दर झापड़ जग्गू को मारा. बख्तावर घसीट कर दरवाजे तक पहोच चूका था.

माधुरी ; (जबरदस्त गुस्सा) जा उसे पकड़ पहले और मेरा इंतजार कर अभी मेरी प्यास नहीं भुजी.

जग्गू को एक बात तो समाज आ गई. शेरनी जब अपना शिकार खा रही हो तब. उसे नहीं छेड़ते. वो पीछे हुआ और गुस्सा बख्तावर पे निकलता हे. वह लाश पे माधुरी कूद रही थी और यहाँ बख्तावर लत पे लत खा रहा था.

माधुरी ; ससस बस कर जग्गू. ससस क्या मर hi डालेगा उसे ससस तो में किसका शिकार करुँगी ससस अह्ह्ह...

जग्गू सोक हो गया 10 मिनिट पहले माधुरी जबरदस्त गुस्से में थी. अभी कैसे वापस वासना के नशे में मस्तानी हो गई. माधुरी कड़ी हुई और जग्गू के करीब आई. इस बार वो जग्गू को पीछे से बहो में भर लेती हे. और एक हाथ आगे लेजा कर उसके लैंड को पंत के ऊपर से hi जकड लेती हे.

माधुरी ; ससस इतनी देर हो गई तुम्हारा कुछ हुआ नहीं अह्ह्ह. ससस मुझे तो मजा hi आ गया.

जग्गू का लैंड तो तना था hi कुछ गुस्से से कुछ माधुरी के जलवो से.

माधुरी ; अह्ह्ह सससस इसे कार में बैठाओ में अभी आई.

आलिया हमें एक ज़िल के पास ले आई. उसने एक चश्मे पहन कर बैठ गई और स्माइल करते हुए मुझे देखने लगी.

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में सोच में पद गया.

में ; (गुस्से में) क्या यार टाइम पास कर रही हो. माँ कभी ऐसी चुटिया गलती नहीं करेगी. ये जगह माँ कभी नहीं चुन सकती.

ेराम भी अपने सर पर हाथ रख कर घूम गई.

ेराम ; उफ्फ्फ क्या यार. क्या चुतियापा हे.

लेकिन आलिया हसने लगी.

आलिया ; (स्माइल) अरे ये चुतियापा नहीं हे. हमें ट्रैश किया जा रहा हे. कोई पीछे हे हमारे. थोड़ी थोड़ी दूर पर उनके आदमी बदल रहे हे. थोड़ा इंतजार करो.

लेकिन बरदास तो मुझे नहीं हो रहा था. में ेराम के कंधे पर अपना सर रख कर बैठ गया. आलिया ने तुरंत मेरा सर खींच कर अपने कंधो पर रख दिया.

आलिया ; (स्माइल) बीवी तुम्हारी यहाँ हे. समझे मर शोहर.

फिर वो कड़ी हुई और मेरा हाथ पकड़ कर एकदम से भागने लगी.

आलिया ; चलो.

हम उसके साथ साथ चलने लगे. वो बहोत स्पीड में चल रही थी. ेराम को तो थोड़ा थोड़ा भागना भी पद रहा था. वो एक बैंच पर बैठ के फिर मुस्कुराने लगी.

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उसकी छुपी मुश्कान देख कर में समाज गया की अब वो भी कोई एजेंट बन चुकी हे. फिर वो एकदम से कड़ी हुई और एक गर्दन में घुस गई. वो एक फ्रेंच लेडी के पास गई जो एक पद के निचे छटा लेकर बैठी थी.

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में भी उसके पास गया. और बोलै.

में ; अब क्या ये अंग्रेज बुढ़िया मेरी माँ का पता बताएगी.

तभी वो बोली.

माँ ; (गुस्से में) इस दफर को इतनी जल्दी क्यों मेरे पास ले आई.

में सोक हो गया और गलती से बोल गया.

में ; माँ तुम मम.....???
 
मेरी माँ मेरे सामने ऐसे लुक में थी की में खुद उसे नहीं पहचान पाया. वो एक फ्रेंच वुमन hi लग रही थी. वो मुझे गले लगाने के बजाय डाटने लगी.

माँ ; बेवकूफ कही के तुजे किस घड़े ने एजेंट बना दिया.

में ; आप ने hi तो बनाया.

माँ को हसी आ गई.

माँ ; आलिया तेरे साथ खुद छुप कर रहे रही हे. अपनी पहचान छुपाने की कोसिस में हे और तू उसे िमोस्टिओनल किये जा रहा हे. कुछ तो लोगिकालय सोचा होता बेवकूफ गधा कही का. एक तो तुजसे अपनी बीविया नहीं संभालती.

में ; क्या माँ. मेरी जान मेरे जिगर का टुकड़ा मेरा बीटा बेस्ट हे. और आज ऐसे डट रही हो.

माँ ; दतु नहीं तो क्या तेरी पूजा करू. तेरी वजह से मेरी आलू पकड़ी जा सकती हे पता हे तुजे गधा कहिका.

मेरी तो माँ ने बोलती बंद कर दी. मेरी आँखों से अंशु भी निकल सकते थे. में ये तक भूल गया की में एक एजेंट हु. और मुझे जस्बाती नहीं होना चाहिए माँ ेराम को एक बार देखती हे और आलिया से बोली.

माँ ; इसे वही ले आ. और इसे कोई नुकशान मत पहोचाना.

आलिया ेराम की कमर में हाथ डाक कर ेराम से बोली.

आलिया ; अब लेज़बो वाली स्माइल ले आ.

वो ेराम को लेकर चली गई. माँ कमर टेढ़ी कर के मुझे सहारा लेने की कोसिए करती हे. मेने माँ का हाथ पकड़ा और हम चलने लगे.

माँ ; मामला यहाँ पेचीदा हे. खेल यहाँ कुछ और हे. यहाँ पर एक जेवेलरी कंपनी हे जो भरी मात्रा में किसी कंपनी को पेमेंट कर रही हे.

में माँ के कंधो पर हाथ रख कर ऐसे शहर देने लगा जैसे माँ को बिलकुल चलने में तकलीफ हो रही हो. वो पूरी टिके से बूढी होने की एक्टिंग कर रही थी.

में ; तो ये जेवेलरी कंपनी हे कहा की.

माँ ; हमारे मुल्क की. और पेमेंट कर रही हे यहाँ की एक रेडिएशन कंपनी को.

में सोक हो गया. माजरा क्या हे. यहाँ एक रेडियम बेचने वाली कंपनी इतना कितना रेडियम बेच रही हे हमारे देश में. और इतना रेडियम काम क्या हे.

में ; तो बदले में ये लोग बेच kya,rahe हे.

हम पेडल चलते चलते पार्क से बहार आ गए. तभी माँ ने कुछ नया कर दिया.

माँ ; जा बीटा तुजे शु शु आ रही हे. जा कर आ. और एक no का दूर हमेसा के लिए बंद कर देना.

में समाज गया की 1 no के टॉइलट में कुछ हे. में अंदर तोलते में गया. वह एक हत्ता कट्टा फिरंगी पेशाब कर रहा था. वो पेशाब करते हुए मुझे hi देख रहा था. में समाज गया दाल में कुछ कला हे. में भी 5 no में पेशाब करने लगा. में देखना चाहता था वो करता क्या हे. वो हाथ धोने की बजाय मेरे पीछे आ गया. में समाज गया उसका इरादा क्या हे.

में तुरंत hi निचे बैठ गया. उस सेल ने एक लम्बा चाकू का मुझपे वर किया. में निचे बैठ गया. उसका वर खली गया. मेने उसके पाव में कोणी मरी वो लड़खड़ाया. मेने खींच कर उसके फेस पे मुक्का मारा. उसके हाथ से चाकू गिरा. मेने चाकू उठा कर उसके गले में वर कर दिया. पूरा चाकू उसके गले में घुस गया. उसकी आंखे बहार आ गई. मेरे हाथो पर खून लगा था. मेने उसके शइर्त से पोछा और उसे दीवार के शहर लगा दिया.

में बहार आया तो माँ कही दिख नहीं रही थी. एक मस्त लड़की दीवार का शहर लिए कड़ी थी. हवा में उसके बल उड़द रहे थे. वो अपने बालो को हवा में उड़ने से रोक रही थी.

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मुझे ऐसा लगा शायद मेने पहले कही उसे देखा हे. वो स्माइल करते हुए मेरे पास आने लगी. ओह माय गॉड ये तो मेरी माँ हे. में सोक हो गया. माँ सीधा मेरी बहो में आ गई. और मुश्कान के साथ बोली.

माँ ; मेरी कमर में हाथ डालो.

मेने माँ की कमर में हाथ डाला और हम चलने लगे.

माँ ; दफर कही के. इतना टाइम कही लगता हे क्या. पुरे 5 मिनिट बर्बाद कर दिए. में होती तो सिर्फ 3 मिनिट लगते.

माँ मुझे डट रही थी. पर माँ का ये रूप देख कर मेने उनके गलो पे एक किश कर दिया. वो स्माइल कर के मुझे देख कर डट टी हे

माँ ; (स्माइल) चुटिया तेरी बीवी नहीं हु. माँ हु तेरी.

में ; (स्माइल) पापा का तो देख के बुरा हल हो जाएगा.

माँ ; (स्माइल) पता हे. वो देखेंगे तो तेरे लिए छोटे भैया का बंदोबस्त तुरंत हो जाएगा.

में ; (सोक) अरे वह पापा बुढ़ापे में जवानी.

माँ ; (स्माइल) बूढ़ा होगा तेरा बाप मेरा पति तो गोल्ड हे. तेरे जैसे 36 भी उनके सामने फ़ैल हे. अब काम की बात.

में ; (स्माइल) माँ... में अपने बाप की hi बात कर रहा हु.

हम मेट्रो स्टेशन आ गए. माँ एक प्रेमिका की तरह मेरी बहो में हाथो की माला मेरे गले में दाल कर मुझपे ज़ुल गई.

माँ ; (स्माइल) तू पता कर की ये रेडियम बेचने वाली कंपनी और ये फेस्टिव कंपनी में क्या रिस्ता हे. साला ये पता करना थोड़ा मुश्किल हे. और याद रखना डीके तुजे हर जगह देख रहा हे. थोड़ा संभल के.

में ; (अब झूठी स्माइल) ok माँ.

माँ ने मेरे सर पे चुम लिआ.

माँ ; मेरा बचा कितना कमजोर हो गया हे. वो लड़की तेरा ख्याल भी रख रही हे या नहीं??

में ; (स्माइल) है माँ तुम्हे पता हे मेरी तीनो बीवी hi ेराम की बहने हे. बेचारी अकेली हे लाइफ में.

माँ ; (smaile)ab इस से तू कही शादी मत कर लेना. पता नहीं कैसे तीनो को झेलता होगा. आलू तो बिलकुल पागल हे.

में ; माँ.... आप मेरी फ़िक्र मत करो में बिलकुल ठीक हु.

माँ ; अब जा यहाँ से और आलिया के स्टूडियो में मिल समझा.

में माँ के गलो पे किश कर के वह से निकल गया. मेरे पीछे लोग थे जो मेरा पीछा कर रहे थे.

शिल्पा और माधुरी एक बड़े से डबल बीएड पर दोनों पुरे नंगे चादर ओढ़े लेते हुए थे. शिल्पा नीचे और माधुरी उसके ऊपर. दोनों एक दूसरे के होठो को चूमे जा रहे थे. माधुरी शिल्पा के ऊपर जैसे कोई मर्द हो. दोनों के नंगे 36,34 के बूब्स आपस में बुरी तरह से एक दूसरे को घिस रहे थे. माधुरी का एक हाथ शिल्पा की गर्दन पे पीछे और दूसरा शिल्पा के बूब्स पे था. शिल्पा के दोनों हाथ माधुरी की नंगी पीठ पर टहल रहे थे.

शिल्पा बहोत लम्बी लम्बी सिसकारी भरने लगी.

शिल्पा ; (आंखे बंद) सससस अह्ह्ह दीदी... हहहह.

तभी अचानक दूर खुला और जग्गू अंदर आ गया. शिल्पा और माधुरी दोनों की नजर उसपर गई. माधुरी थोड़ा उठ कर गार्डन घूमती हे जिस से चादर कमर तक सरक गई. चादर कमर तक डाउन हो गई. जग्गू के सामने एक साथ दो हसीनाओ के नंगे बूबा सामने आ गए. उसका मुँह खुला का खुला रहे गया. वो हिल भी नहीं पाया और न कुछ भी बोल पाया. शिल्पा को बहोत जबरदस्त गुस्सा आया. उसने चादर खींच कर. अपना सीना छुपाने की कोसिए की.

शिल्पा ; (गुस्से में) मरदारचोद चुप चाप अब बहार चले जा. नहीं तो एक मुक्के में तेरा मुँह तोड़ दूंगी.

जग्गू तुरंत hi रूम से बहार चले गया. माधुरी पलट कर शिल्पा की आँखों में स्माइल कर के देखती हे. और शिल्पा के फेस पे एक बालो की लत आ गई थी. उसे अपनी उंगलियों से हटा कर कण के पीछे करती हे. शिल्पा भी स्माइल कर के बस माधुरी को hi देखती हे.

माधुरी ; क्या देख रही हे. वो गलती से आ गया.

शिल्पा ; दीदी आप ने कभी किसी इनोसेंट को मारा हे???

माधुरी ; (माउस) है. में जिसे भी मरती थी उस घर की पूरी फॅमिली को भी मर hi देती थी. वैसे किया तो उस से भी बुरा हे.

शिल्पा ; के???

माधुरी ; इन्शान को जीते जी मर दिया था.

शिल्पा ; वो कैसे??

माधुरी ; छोड़ अभी मुझे जाना हे कही.

शिल्पा ; सहित कहा यार???

माधुरी ; उसी खाण्डेर में जहा तूने ब्लास्ट करवाए. गोदान बाबा के आश्रम में.

शिल्पा ; पर पुलिस तो ान तक सब छान चुकी होगी.

माधुरी हसने लगी.

माधुरी ; (स्माइल) कैसे छनेगी में hi तो पुलिस हु.

माधुरी के कहने का मतलब सोनिआ माधुरी सिंह बन कर बहार थी. उसने अब तक कोई जाँच करवाई hi नहीं. माधुरी कड़ी हो कर साड़ी पहन ने लगी. शिल्पा नंगी बाद से उठी और माधुरी के पास से बिकलते हुए जोर से माधुरी के हिप्स पे मरती हे. माधुरी के हिप्स ढोलक की तरह पुरे कप जाते हे. शिल्पा मर के सीधी बाथरूम में भाग कर दूर जल्दी से बंद कर देती हे.

माधुरी हस्ते हुए उसके पीछे भगति हे. पर उसे बच के निकलने का पूरा मौका देती हे. वो दूर के बहार कड़ी हो कर स्माइल करती हे.

माधुरी ; (स्माइल) साली कामिनी तू हाथ आ देख तेरी लाल करती हु.

शिल्पा ; (स्माइल) जाओ जाओ दीदी आज रत तो मेरी बरी हे. आप की बरी ख़तम हो गई.

माधुरी हस्ते हुए वह से चली गई.

जप को ऊपर से दबाव आया. कम ने उसे खुद फ़ोन किया.

कम ; क्या तुम्हे दोनों की लाश मिली???

जप ; नहीं सर साला बहोत ज़ोल हे. हम समाज रहे थे की बाबा के आश्रम में जो माधुरी हे वो असली हे. पर नजाने कहा से एक माधुरी और आ गई. उसका दवा इतना खुखार था की हमें भरोसा हो गया वो असली माधुरी हे. अब बाद में पता चला वो नकली हे. जो अंदर बाबा के आश्रम में थी वो बहार बच के निकल गई. तब पता चला जो बच के निकल गई वो असली हे.

कम ; तो नकली वाली फास गई.

जप ; नहीं... सर वो भी नहीं हाथ आई.

कम ;( गुस्से में) क्या असली नकली लगा रखा हे. तेरे पास कक्तव नहीं हे क्या??

जप ; हे सर पर गजब हो गया. न उसमे असली माधुरी दिख रही हे और न नकली वाली. और जब आईटी वालो से पुराणी वाली को ढुढवाने की कोसिए की तो पता चला की ऐसी कोई लड़की दुनिया में हे hi नहीं.

कम ; बे चूतिये पैसे खिला के भर्ती हुआ क्या?? तेरे पास नकली वाली की कोई फोटो हे???

जप ; है सर वो उसने अपना िकार्ड दिया था वो लेना भूल गई.

कम ; भोस्डिके वो लेना नहीं भूली. उसने जान बच कर तुम्हे दिया ताकि तुझे एहसास करा सके की तू एक no का चुटिया हे. अब असली वाली जो भी हो मीटिंग फिक्स करवा उस से समझा

जप फ़ोन कट कर के अपने माथे पर हाथ रख के बैठ गया.

एक बंद आलीशान बड़े से हॉल में तक़रीबन कई साडी स्क्रीन मौजूद थी. हर स्क्रीन पर एक आदमी बैठा हुआ था. डीके खड़ा झुक झुक कर हर स्क्रीन पे घूम रहा था. उसके कई आदमी इंडियन थे और कई आदमी फ्रेंच थे. डीके ne,aliya और वीर दोनों को दूध लिया था. वीर के साथ वो बुढ़िया कोण थी इस लिए डीके ज्यादा परेशां था. वो एक स्क्रीन पर झुक कर वीर के साथ कोण लड़की उसकी बहो में हे ये जान ने की कोसिए में था. उसे गुस्सा भी आ रहा था.

आदमी ; सर ये तोलते में गया उस से पहले एक बुढ़िया इसके साथ चल रही थी. फिर वो तोलते में गया तो एक लड़की इसके पास आ गई. ऐसा लगता हे सर के ये इसकी कोई गर्लफ्रेंड होगी.

डीके ; क्या चित्य हे यार पहले बता वो बुढ़िया गई कहा???

आदमी ; सर वो तो टेक्सी पकड़ के चली गई. ये देखो मेरे पास फुटेज भी हे. सर ऐसे hi बूढी समाज कर मदद कर रहा होगा.

डीके ; ला दिखा.

डीके वीडियो को फॉरवर्ड कर के देखता हे. वो माँ थी इसकी उसे भनक तक नहीं लगी. उसे गुस्सा आने लगा.

आदमी 2 ; सर ये जो लड़की उसके साथ चल रही हे कई ये तो त्रिनेत्र की एजेंट तो नहीं हो सकती??

डीके उसके पास आया. माँ ने एक सुन्दर स्लिम बॉडी वाली. पतली ब्यूटीफुल हॉट लड़की का रूप ले लिया था. मस्त मॉल को वीर की बहो में देख कर उसे और ज्यादा गुस्सा आया.

डीके ; साला मादरचोद साडी तू hi पता ले. तेरी एक भी बीवी हाथ आई तो नंगी कर के तेरे सामने छोडूंगा.

आदमी 2 ; सर सच में मस्त मॉल हे. ऐसी लड़की मुझसे सेट हुई होती तो में शादी hi कर लेता.

डीके की गांड जलने लगी. वो जोर से चीला कर भड़क के बोलै.

डीके ; ये आलिया नहीं हे. वो कहा हे सेल ढूढो . ये दोनों हमें इनमे उलझा कर कोई कांड न करदे.

आदमी 1 ; सर ये तो रेस कोष में हे. जुआ खेल रही हे. ये देखो.

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आलिया रेस कोष में घोड़ो की रेस देख कर तालिया बजा रही थी. डीके को अब भी कोई गड़बड़ लग रही थी.

डीके ; साला ज़ूम कर इसके फेस पे. ये किसी को सिग्नल दे रही हे.

आदमी ने आलिया के फेस को ज़ूम किया. कोई बात थी hi नहीं. आलिया बस मुँह के भाव बदल कर उन्हें उलझा रही थी. ताकि वीर उनकी नजरो से ोज़ल हो सके.

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डीके को आलिया का फेस देख कर ज्यादा जलन होने लगी. वो खुद मॉस पे हाथ कर के आलिया जो फुल देखता हे. आलिया ने अपने हाथ में पकड़ा चश्मा पहन लिया. और घोड़ो को देख कर तालिया बजने लगी.

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डीके ; सेल के पास हर एक नगीना हे. पर तू देख वीर में तेरे हर नगीने को कैसे लूट ता हु.

माधुरी तैयार होकर बहार आई. एक पतली सी लाइट वाइट ब्लू प्रिंट साड़ी. बदन से चिपका हुआ फिट ब्लाउज और मस्त चमकता हुआ साफ सूत्र फेस. कानो में एयरिंग्स डेल थे. माधुरी ने दूर खोला जग्गू बैठा बैठा अपना मोबाइल देख रहा था. माधुरी जब उसे पुकारा और जब उसने माधुरी को देखा तो वो अपनी नज़ारे hi नहीं हटा पाया.

माधुरी ; (स्माइल) चले????

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माधुरी को देख कर जग्गू झटके से उठा. वो तुरंत माधुरी के पास पहोचा और उसकी कमर में हाथ दाल कर अपनी तरफ हाथ को खींच कर झटका मरता हे. माधुरी पूरी हिल गई. और उसके दोनों हाथ जग्गू के कंधे पर टिक गए. जग्गू के सीने और माधुरी. के बिच बस बूब्स थे. जैसे दोनों के बिच में बस वही हो. वो गोल से लांब गोल हो गए. दोनों की नजरे एक दूसरे की आँखों में.

जग्गू ; क्या मेडम जीने डौगी या नहीं.

माधुरी ; (स्माइल) अब तुम्हे जीने की ख्वाइश hi नहीं तो में क्या करू.

जग्गू ; जिंदगी hi तो मौत हे.

माधुरी और जग्गू दोनों जोर से हस्ते हे. जग्गू माधुरी का हाथ किसी प्रेमिका की तरह पकड़ कर निचे ुयर्ता हे. कार का दूर खुद खोल कर अपने जेंटलमैन होने का साबुत देता हे. और फिर खुद कार ड्राइव करने लगा. उसे पता था जाना कहा हे. वीरान हो चूका बाबा का खण्डार अभी पूरा नहीं जला था. पर मौत के दर से कोई नहीं था उसमे. माधुरी और जग्गू दोनों अंदर गए. माधुरी को पता लग गया यहाँ कोई आ चूका हे.

माधुरी ; यहाँ आने का कोई फायदा नहीं हे.

जग्गू ; क्यों???

माधुरी ; में कह रही हु न. कोई आ चूका हे.

माधुरी की नजर निचे पड़े हुए कागज़ो पर गई. कुछ कागज़ बिखरे पड़े थे. कई साड़ी औरतो की फोटो भी थी. माधुरी ने एक पेम्पलेट उठाया. वो एक जेवेलरी शॉप का पम्पलेट था. जिसमे एक औरत का फोटो था. साडी में बहोत से गहने पहने वो गहनों का प्रचार कर रही थी. तृषा जेवेलरी सीओ लिखा हुआ था.

माधुरी ; जग्गू????

माधुरी ने पम्पलेट जग्गू की तरफ किया.

जग्गू ; मेडम साला बख्तावर के पास आप ने बहोत सरे गहने देखे थे. वो अपने घर में कहा रखता हे क्या वो देखा हे??

माधुरी के फेस पे स्माइल आ गई.

माधुरी ; शाबास जग्गू. यहाँ जो भी था उसी हवेली में होगा चलो.

माधुरी और जग्गू वह से बख्तावर की हवेली की तरफ चल दिए. वो दोनों अंदर घुसे. गेट पर टाला लगा हुआ था. जग्गू जम्प मर के कूद गया. पर माधुरी ने तो साड़ी पहनी हुई थी. जग्गू घूम के देखता हे और हसने लगता हे.

जग्गू ; (स्माइल) मेडम साड़ी ऊपर कर को अब. धारावाहिक ख़तम अब मेटनी शो चालू कर दो.

माधुरी भी हसने लगी. वो टाला पकड़ के देखती हे. फिर टेल को झटके से खींच देती हे. टाला टूट चूका था. जग्गू ये टेक्निक देख कर सोक हो गया. माधुरी गेट खोल कर अंदर आई.

माधुरी ; (स्माइल) बीटा ये एक्शन शो हे. मेटनी नहीं.

जग्गू माधुरी में पीछे चलने लगा. माधुरी जब अबदार पहोच गई. और शांति से हवेली को देख रही थी. पीछे खड़े जग्गू की नजर माधुरी की गोरी पीठ पर बंधी ब्लाउज की डोरियों पे गई.

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जग्गू माधुरी की तरफ बढ़ा. वो क्या बोल रही हे उसने सुना hi नहीं. जग्गू ने माधुरी की पीठ पर एक किश कर दी. माधुरी पहले तो थोड़ा हिल गई. फिर उसके चहेरे पर एक मुश्कान आ गई. वो जग्गू की क्या फीलिंग हे वो समाज गई. जग्गू का लैंड पंत में तन गया था. जो माधुरी की दोनों हिप्स के बिच कपड़ो के ऊपर से hi धस ने की कोसिस कर रहा था. जग्गू के दोनों माधुरी की नाभि पर थे. वो अपनी ऊँगली माधुरी की नाभि में डालने की कोसिस में था.

माधुरी देखना चाहती थी वो कितना आगे बढ़ता हे. जग्गू का एक हाथ धीरे धीरे नाभि के ऊपर की और सरक गया. जग्गू का हाथ माधुरी के एक बूब्स पर पहोच गया. माधुरी ने आहिस्ता से उसके दो no हाथो को खोला और ु स्की गिरफ्त से बहार निकल गई वो जग्गू से थोड़ा दूर जा कर कड़ी कुछ सोचने लगी.

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जग्गू की गर्दन बिछे हो गई. माधुरी ने उसे देखा. जग्गू निचे सर कर के अपने बालो को सहेला रहा था.

माधुरी ; क्या बात हे जग्गू तुम्हारा धयान काम से ज्यादा मुझपर हे.

जग्गू ; म रॉय सॉरी मेम शायद में कुछ ज्यादा hi आगे बढ़ने लगा हु. में ऐसा तो पहले नहीं था. पर शायद में बदल रहा हु.

माधुरी ; के तुम मेरे साथ वो साडी हद पर करना चाहते हो???

माधुरी का डिल बोल रहा था जग्गू ऐसा नहीं कर सकता वो जग्गू पर अँधा भरोसा करने लगी थी. वो अपनी टीम को दोस्त मानती थी. जग्गू कुछ नहीं बोलै.

माधुरी ; तुम फ़िक्र मत करो मेरा वादा हे. में तुम्हे नहीं मरूंगी. तुम जिन्दा और सलामत जाओगे.

जग्गू ; नहीं मेम प्लीज. म रियली सॉरी.

माधुरी के फेस पे एक स्माइल आ गई. वो जग्गू को बड़े प्यार से देखने लगी.

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माधुरी ; (स्माइल) जग्गू उस वक्त ऑटो रिक्सा में तुम्हारा ध्यान मेरी छाती पर नहीं. मेरे फेस पे था. क्यों मेने ठीक कहा न.

जग्गू ने सर ऊपर उठाया. उसकी आँखों में अंशु थे. उस वक्त सच में उसका ध्यान माधुरी के फेस पे hi था. माधुरी ने बहे फैलाई और जग्गू भाग कर उसकी बहो में चले गया. और बहोत रोया. माधुरी ने भी उसे रोने दिया.

ेराम को लेकर आलिया अपने मुकाम पे पहोच गई. आलिया ने ेराम को कही शो hi नहीं होने दिया. आलिया का जहा स्टूडियो था वो एक रेस्टोरेंट में तब्दील हो चूका था. कुछ लोग भी बैठे हुए थे. पर वो कोई भी कस्टमर नहीं थे. आलिया जाते हे माँ के गले लगी.

माँ ; कोई गड़बड़ तो नहीं हुई न.

आलिया ; ा मम मम साला मुझे एन्ड तक नहीं छोड़ रहा था. में राश कोष घुमा ले चूतिये को.

माँ ; जा अब तू फोटो शूट करवा ले.

आलिया अंदर चली गई. वो एक बेसमेंट था. माँ ने ेराम को देखा और एक स्माइल करते हुए बोलै.

माँ ; (स्माइल) क्या करे हमारे दुश्मन hi इतने हे. तुम समाज सकती हो.

ेराम का फेस मौश था. जैसे वो किसी अपने पैन के लिए तरस रही हो.

ेराम ; है कभी में भी उनमे से एक थी.

माँ ; किसी हो बेटी? तुम तो मेरी तीनो बहुओ की hi बहन हो न.

ेराम बेटी सुनके उसके डिल के घाव उभर आए. उसका चहेरा उतर गया. बस अंशु निकलने वाले थे.

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माँ भी उसका दर्द समाज गई. अपनी बेटी मिल जाने के बावजूद वो उस से दूर थी. और माँ ेराम का पूरा सच जानती थी.

माँ ; (स्माइल) बैठ जाओ बीटा बहार से कोई आया तो उसे शक हो जाएगा.

ेराम बैठ गई उसकी आँखे भर आई. ेराम ज्यादा वक्त अपना दर्द नहीं सम्भल पाई.

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माँ ; देखो बीटा तुम क्या फील कर रही हो ये में जानती हु. मेने तुम्हे बेटी इसके लिए कहा क्यों की बिना शादी के तुम मेरे बेटे की बीवी बन के रहे रही हो. में तुम्हारा एहसासन नहीं चूका सकती.

ेराम ; नहीं नहीं ऐसा मत बोलो प्लीज. ये तो में अपने लिए hi कर रही हु. सिर्फ वो मेरे शोहर नहीं बन पाए. लेकिन उनसे जुड़ कर मुझे कितने रिश्ते मिले. में जिंदगी में कितनी अकेली थी. आज देखो एक अम्मी भी मिल गई.

ेराम का दर्द और उसकी बाटे सुन कर माँ से रहा नहीं गया. वो कड़ी हुई और ेराम को गले लगा लेती हे. ेराम जो शुकुन मिल रहा था वो बया नहीं कर सकती थी.

ेराम ; आप ने मुझे बेटी कहा हे. बताइये में आप के लिए क्या कर सकती हु??

माँ ; तुम रत भर जग कर मेरे बेटे की वैसी hi हिफाजत कर रही हो. में तुम्हे और क्या कहु. बस में भी एक माँ हु. मेरे बेटे को कुछ होने मत देना यही मांग सकती हु.

ेराम ; उसकी फ़िक्र आप मत करो. मधु मुझे एक बागी शेरनी कहती हे. और बागी शेरनी कितनी खतरनाक होती हे. ये आप जानती हो.

माँ ; तुम बागी नहीं हो. में तुम्हे अपनाती हु. अभी इसी वक्त.

ेराम ; नहीं अम्मी जा नहीं. मेरा वजूद hi यही हे. में बागी हु. और बागी hi रहूंगी. अकेली बिना किसी घेरे के. कोई कानून नहीं आज़ाद.

माँ ; बस कर लड़की. दर्द इतना सही चुकी हु की अंशु भी सुख चुके हे.

ेराम ने अपने अंशु पोछे और टेबल पे दोनों हाथ टिका कर माँ की तरफ ज़ुकी

ेराम ; कोर्सिका बिच. एक ऐसी जगह जहा फेस्टिव की दुनिया के लिए बहेतरीन से बहेतरीन मॉडल ढुंढी जाती हे. ऐयासी और औरतो की दलाली दुनिया में सबसे महंगी जगह हे.

माँ ; फिर तुम मेरे बेटे के साथ वह जाओगी. में भी तुम्हे वही मिलूंगी.

माँ का बोलना और वीर अंदर आया. जैसे थक गया हो पास की चेयर पे बैठ गया.

में जैसे hi बैठा माँ ने मुझे डाटना सुरु कर दिया.

माँ ; ऐसे hi आ गया??? सर्च किया. ेकुमेंट्स भी लेके चला या अब भी अपने आप को जेम्स बांड समज़ता हे. देखा वो हमें हर जगह फॉलो कर रहे हे.

में ; क्या माँ आप भी. में कोई दूध पिता बचा हु क्या. है सब पहने हुए हे. तिगर हु में तिगर. कोई नव सिखिया नहीं. उन सालो को बेज़मेंट में hi उलझा दिया. बेचारे ट्रैन के सर्विस सेंटर में मुझे खोज रहे हे.

माँ मेरी तारीफ करने की बजाय बस इतना hi बोली.

माँ ; हम्म्म गुड.

में ; आलू कहा हे.

माँ ; तुजे शर्म भी आती हे. दो सब्द माँ से भी बोल ले. बस बीवी के पल्लू में बंधा रहेगा. अभी बज हे वो. उसका फोटो शूट चल रहा हे. यही बैठ.

में ज्यादा टाइम वह बैठा तो माँ मेरा डट डट के मजाक बनती रहेगी. माँ की बात सुनकर ेराम भी है रही थी. में ेराम के गाल पे किश कर के आलिया के पास जाने लगा. लेकिन जाते जाते मेरी माँ ने एक तना तो मर hi दिया. में फिर भी बेशर्मो की तरह वह से चले hi गया.

माँ ; केसा बेशर्म लड़का हे. इसके पापा वो अपने पापा की इतनी शर्म करते थे की उनके सामने नजसे बात तक नहीं करते थे. और इन लड़ शब् को देखो.

में दूर को jara,sa पुस किया और देखा. आलिया मॉडलों की तरह पॉश दे रही थी. और 2,3 लोग उसके फोटोज खींच रहे थे. वो बहोत खुबशुरत लग रही थी.

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एक आदमी मुझे फ्रेंच में अंदर आने से रोकने लगा. मेने उसे धक्का दिया. और अंदर आ गया. आलिया ने भी मुहे एक नजर देखा.

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मुझे देखने के बाद आलिया के पॉश चेंज होने लगे. वो इतराने लगी. Apni,adae बिखेरने लगी. फोटो शूट ख़तम हो गया. वो मेरे पास आई और मेरे गले में हाथ डालकर मुझपे hi लटक के ज़ुल गई. मेने उसे अपनी बहो में भर लिया.

आलिया ; मेरे साथ कही चलोगे???

में ; कहा???

आलिया ने मेरे हाथ में एक पेम्पलेट थमा दिया. वो एक जगह हे. फर्न्स का सबसे बेस्ट बिच कोर्सिका.

आलिया ; मेरा फोटो शूट हे वह. और वह कुछ ढूढ़ना भी हे.

सोनिआ और विक्रम किसी अलग होटल में रुके हुए थे. सोनिआ शिल्पा और ादः से मिलकर आती हे. बख्तावर भी इन्ही के पास hi था. सोनिआ जैसे होटल के बहार पहोची. उसने मिरर में देखा उसका पति नंगी बॉडी में पशुप कर रहा हे. सोनिआ उसे देख कर वही रुक गई.

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जब विक्रम पशुप कर रहा था सोनिआ को उसकी बैक और सिलदर के कट दिख रहे थे. सख्त और मरदाना बॉडी देख कर उसका मन मचल गया. सोनिआ के muh,se शंस छूट गई. एक मिट्ठी गुड़ गुड़ी पेट में होने लगी. दोनों टैंगो के बिच कुछ गिला पैन भी होने लगा. विक्रम उठा और उसने भी मिरर से बहार अपनी बीवी को देखा. जो उसे बहोत प्यासी नजरो से देख रही थी.

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विक्रम समाज गया. सोनिआ ने विक्रम को ऊपर आओ ऐसे होठ हिला कर कहा. वो समाज गया और स्माइल करते हुए है में गर्दन हिलता हे. सोनिआ जल्दी जल्दी ऊपर अपने रूम की तरफ जाने लगी. उसने लिफ्ट का बोटों दबाया. पर लिफ्ट आ hi नहीं रही थी. सोनिआ ने सिडिया चढ़ना चालू कर दिया. साड़ी में स्पीड से चढ़ना मुश्किल था. पर सोनिया जैसे तैसे चढ़ कर अपने रूम में पहोच गई.

विक्रम अभी रूम में पहोचा hi था की सोनिआ ने उसे धक्का दिया और अंदर खींच के ले गई.

विक्रम : अरे अब रुको तो गिराओगी क्या.

सोनिआ ने जल्दी se,apna साड़ी का पल्लू गिराया और अपने ब्लाउज के हुक खोल दिए. विक्रम सोच में पास गया. लगता हे तगड़ी हवस चढ़ी हे. विक्रम ने भी उसे गॉड में उठा लिया. सोनिआ के नरम नरम बड़े बड़े हिप्स विक्रम के पंजो में थे. सोनिआ का ब्लाउज एक बाजु में अटक चूका था और ब्रा खोलने की कोसिस कर रही थी. सोनिआ को गिरने का भी दर लग रहा था.

सोनिआ ; ससस अह्ह्ह देखना गिरा मत देना ससस.

विक्रम ; नहीं गिराऊंगा मेरी जाना. सससस.

विक्रम लगातार सोनिआ की गहरी नाभि को चुम रहा था. जिस से सोनिआ को बहोत गुदगुदी हो रही थी. दोनों ब्लेंके बना कर बिच में हिल रहे थे. सोनिआ से अपनी ब्रा खुल नहीं रही थी.

उसे गुस्सा आया. उसने अपनी ब्रा को जोर से खींचा. उसके हुक टूट गए. अभी साड़ी भी आधी hi उत्तरी थी. जैसे hi हुक टूटे सोनिआ ब्रा निकलने की कोसिए करने लगी. सोनिआ के दूसरे बाजु में ब्रा फास गई. बहोत जबरदस्त नजारा था. सोनिआ ऊपर से पूरी न ंग ी विक्रम की गॉड में ऊपर को उठी हुई. और उसके बड़े बड़े बूब्स पुरे आज़ाद. लेकिन वो एक चीज़ भूल गए. ये नजारा मुफ्त में hi बख्तावर को दिखा बैठे. बख्तावर दूर के पीछे पूरा नंगा. गले में रस्सी बंधी हुई. तंग का घाव भी खुला हुआ. बख्तावर बस मुँह खुला कर के उन्हें देखे जा रहा था. सोनिआ की नजर जब बख्तावर पे गई तो वो गुस्से से बोली.

सोनिआ ; इस मादरचोद को अपनी बीवी का शो मुफ्त में दिखा रहे हो.

विक्रम ने सोनिआ को जमीं पे उतरा. और पीछे मुद के गुस्से से देखा.

विक्रम ; सेल मादरचोद तू बोल नहीं सकता था.

विक्रम बीएड पे बैठ गया. सोनिआ ने अपनी साड़ी ऐसे hi ऊपर उठा ली. दोनों का मूड ऑफ हो गया.

विक्रम ; अब इसमें गलती तुम्हारी हे.

सोनिआ ; बस बस रहने दो. मूड तुम्हारा hi नहीं होगा. फालतू बहाने मत बनाओ. एक रूम बुक करोगे तो कहा जाऊ.

कुछ देर खामोसी चालू रही.

सोनिआ ; रतन लाल. ये कुत्ता उसे hi गहने पहोचता था. साला यहाँ के कम को भी बड़ा पैसा मिलता हे. और भी इनके काळा धंधे हे.

विक्रम ; चलो काम की खबर हे. हम कुछ करते हे.

कुछ देर अब भी ख़ामोशी रही. फिर सोनिआ बोली.

सोनिआ ; (स्माइल) अँधेरा कर दे

सोनिआ की बात सुन कर विक्रम को हसी आ गई.

माधुरी और जग्गू दोनों बख्तावर की हॉली से बहार निकल ने वाले थे. की उन्हें बहार जीप रुकने की आवाज आई. माधुरी ने विंडो के परदे को हटा कर देखा जप जीप लेकर खड़ा था. वो माधुरी की कार के पास खड़ा रहे कर दे बै देख रहा था.

जग्गू ; ये हमें पकड़ने आया लगता हे.

माधुरी ; (स्माइल) नहीं... ये कोई ऑफर लेकर आया हे.

जग्गू ; फिर बात करे???

माधुरी ; दुश्मनो का कुत्ता हे. खुद आएगा.

जप बख्तावर के घर के अंदर आया. अंदर आते hi उसे माधुरी की आवाज सुनाई दी. वो सिंहासन जैसी बड़ी चेयर पर बैठी थी.

माधुरी ; आओ जप डार्लिंग कहो क्या खबर लाए हो.

जप तुरंत hi भाग कर माधुरी के पास आया. और घुटनो पर बैठ के रिक्वेस्ट करने लगा.

जप ; कम शाहब मेरी जान खा जाएंगे प्लीज. वो आप से मिलना चाहते हे.

माधुरी ; (स्माइल) लेकिन में क्यों मिलु.

जप ; क्यों की तुमने अभी भी बख्तावर को जिन्दा रखा हुआ हे. देखो तुम्हे कुछ नहीं होगा.

जग्गू ; क्यों क्या होगा मेम को. क्या तुम्हारे पास कोई साबुत. कोई वीडियो कुछ भी फोटोज कुछ तो होगा तुम्हारे पास??

जप जनता था. कक्तव में जो माधुरी आ रही हे वो तो माधुरी हे hi नहीं. उसके पास वाकई साबुत नहीं था.

जप ; कम शब् ने आज शाम 7 बज पार्टी राखी हे. और आप उसमे स्पेशल इन्वाइट हो. प्लीज आप जरूर आना वो खुद aap,se मिलना चाहते हे.

माधुरी ; (स्माइल) उनसे कहना में जरूर आउंगी.

जप को थोड़ी रहत मिली. वो वह से चले गया.

माधुरी ; कल तुम स्वीटी को लेकर गोवा जाओगे.

जग्गू ; क्यों???

माधुरी ; वो जानती हे क्यों.

जग्गू ; में पहले भी सुरभि को खो चूका हु. में रिस्क नहीं ले सकता.

माधुरी ; बेवकूफ मत बनो. वह शिल्पा भी होगी. इस बार खतरा नहीं हे. बस कुछ इनफार्मेशन निकलवानी हे.

जग्गू को इस बार दर लगने लगा. वो सुरभि को पहले से ओहो चूका था. माधुरी और जग्गू दोनों सेफ हाउस पहोच चुके थे. माधुरी को कम की पार्टी में जाना था. जग्गू अपने रूम में गया. और अपने कपडे उतर कर. बीएड पे बैठ गया. उसके हाथ में एक पजामा था. पाजामे में सिर्फ एक तंग फसा कर जग्गू सोच और चिंता में दुब गया. उसे पता भी नहीं चला. उसकी हॉट ब्यूटीफुल गर्लफ्रेंड स्वीटी कब उसके सामने आ कर बैठ गई.

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जग्गू की नजर स्वीटी पर गई. तो वो हड़बड़ा गया. स्वीटी उसे देख कर हसी.

स्वीटी ; मूड नहीं तो में बना दूंगी. डिल भी बहेला दूंगी. दर्द भी बात लुंगी. लेकिन डिल में कुछ छुपाया न तो डिल में घुस कर निकल लुंगी.

स्वीटी की पायरी प्यारी बातो से जग्गू को भी हसी आ गई. उसकी नजर स्वीटी की जंगो पर गई. जग्गू ने फिर नजर उठाई और खुले शइर्त में कैद उसके बूब्स पे गई. जब नजर और ऊपर उठी तो स्वीटी का स्माइल शरती फेस उसे hi देख रहा था.

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स्वीटी ने अपने पाव को लम्बा कर के जग्गू की अंडरवेर में थोड़ा उठा हुआ जग्गू के लैंड को सहलाया. वो पाव के अंगूठे और ऊँगली के बिच में जग्गू के लैंड को पकड़ने की कोसिए करती हे. दोनों खामोश थे. पर जग्गू माधुरी को देख देख कर काफी गरम भी हो चूका था. उसके कच्चे में भी तम्बू बन गया. स्वीटी ने अपने पाव से hi उसके अंडरवेर को थोड़ा खींचने की कोसिस की. जग्गू ने खुद hi अंडरवेर को थोड़ा खोल के निचे किया.

स्वीटी जग्गू की आँखों में देख कर एक हाथ अपने बालो में घूमती हे. और अपने पाव से जग्गू के लैंड से खेलने लगी.

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जग्गू भी घुटनो पर हो गया. और उसके अंगूठे और ऊँगली के बिच अपना लैंड फसा कर आगे पीछे करता हे. स्वीटी बस उसे hi नशीली आँखों से देखे जा रही थी. जग्गू की आंखे बंद हो गई और सिसकारी निकल गई.

जग्गू ; सससस अह्ह्ह्ह
 
वही पुराण सुरभि का घर. उसमे माधुरी ने अपना सेफ हाडकुतार बना रखा था. और वही से सब ऑपरेट भी होता था. इस वक्त उसे निदा उसे संभल रही थी. समां डॉक्टर और सुरभि की ननद ने सुरभि की जगह एक डॉक्टर का चार्ज ले लिया था. पर वफादार वो सिर्फ तिगर की hi थी. शिल्पा के प्रोजेक्ट पर काम करने के लिए चिंकी और मिन्की भी आया करती थी. निदा भी एरोनॉटिकल इंजीनियर थी और शिल्पा के प्रोजेक्ट का राडार उसी ने hi बनाया था. वो रत को लेट चिंकी और मिन्की के साथ बेयर पि कर आती हे. दस दूर खुला और निदा की पंतय को अपने लैंड में सत्ता कर मुट्ठ मर रहा था. उसकी आंखे बंद थी. उसे ये पता नहीं चला कब nida,andar आई. एक सॉर्ट वाइट निक्कर और पिंक छोटा ढीला टॉप पहन कर अंदर आई. वो बिंदर अपने बालो में हाथ घुमा कर अंदर आती हे. उसकी नजर दस पर गई और वो वही रुक गई.

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निदा को गुस्सा भी आया और देख कर हसी भी आई. वो पहले तो दस पे छिलाई.

निदा ; (जूठा गुस्सा) सेल बूढ़े तू रोज मेरी ब्रा पंतय ख़राब करता रहेगा.

दस ने आंखे खोली सामने निदा कड़ी थी. उसे देखते हुए बालो में हाथ घुमा रही थी.

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दस ; ओह्ह्ह सॉरी बूत तुम्हे आने में देर क्यों हो गई.

दस ने निदा की पंतय अपने लैंड पे hi रहने दी. और अपने एक हाथ को अपने सर के पीछे रख दिया. निदा भी दस को ऐसा करते देख तोड़ी होररनय हो गई और उसके पास बैठ जाती हे. अपना हाथ बंधा कर दस के लैंड को पकड़ लेती हे.

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निदा ; वो हम बेयर पि रहे थे.

निदा की आवाज और आंखे एक डैम नशीली हो गई. और हलके हलके से उसे हाथ दस के लैंड को आगे पीछे करने लगे. दस की नजर निदा के आधे खुले नंगे बूब्स पे hi थी. और निदा दस को hi देख रही थी.

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निदा ; सससस तुम रोज मेरी पंतय ख़राब करते हो.

दस ; अह्ह्ह (आंखे बंद) तुम रोज मेरे पास hi नहीं आती.

निदा धीरे धीरे दस के लैंड को हिला रही थी.

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दस सिसकारी भरने लगा. दस को देख देख के निदा भी गरम होने लगी. पर वो दस को उसकी मर्जी से कुछ करने नहीं देती थी.

दस ; (आंखे बंद) सससस अह्ह्ह तुम्हे पहेली बार किसने छोड़ा था??

निदा ने अपनी आंखे बंद की और हसने लगी.

निदा ; (स्माइल आंखे बंद शर्माना) मेरे दादाजी के दोस्त ने.

दस ; ओह्ह्ह मतलब तुम सबसे पहला सेक्स एक बूढ़े से करवाया. वह और किस किस से छुड़वा चुकी हो.

निदा को गुस्सा आया. वो दस की आँखों में घर के देखते हुए बोली.

निदा ; घर के 4,5 नौकर मेरा एक स्कूल टीचर नाना का एक दोस्त और सिटी में आई तो एक स्वीपर, फिर वो कमीने बाप बेटे डीके और कक. ोरररररर मेरा फेव तिगर और लास्ट में तुम.

दस ; बाप रे तुम तो शांत दिखती हो. वेए बड़ी चालू चीज हो.

निदा ; में अपने मूड को नहीं मरती समझे. मूड हुआ तो कोई भी चलेगा.

निदा और दस दोनों खामोस hi रहे. निदा ने लैंड को पकडे रखा था. हिलना बंद था. अचानक उसने स्पीड जोरो से बधाई.

दस ; ससस अह्ह्ह धीरे में बूढ़ा हु.

निदा दस के ऊपर आने लगी.

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निदा ; तो??? बस चुप चाप लेते रहो. में कर रही हु न.

निदा दस के जंगो पर दोनों पाव कर के बैठ गई. दस की नजर निदा के हिलते हुए बूब्स पे hi थी. निदा ने अपना सर झुकाया और दस का लॉलीपॉप मुँह में दाल दिया दस की आंखे बंद और वो कराह गया.

दस ; सससस अह्ह्ह ससस.

निदा दस के लैंड को मुँह में दाल कर चूसने लगी. उसके गोर गलो पर जो केचुली पड़ती वो बहोत जबरदस्त लग रहा था. अचानक कुछ खातर पातर की आवाज सुनाई दी. जैसे कोई कीबोर्ड पे उंगलिया मर रहा हो. निदा ने सर ऊपर कर के दूर की तरफ देखा.

निदा ; कोण हे?????

दस ; ससस अरे कोई नहीं होगा तुम करो न.

निदा दस के फुले पेट पर एक हल्का सा मुक्का मरती हे.

निदा ; कभी चुद जाओगे आए बड़े.

निदा कड़ी हुई और दूर की तरफ जाने लगी. दस भी नंगा hi उसके पीछे आने लगा. निदा कंप्यूटर के पास गई. लाइट ऑफ थी. और कंप्यूटर. ों था. निदा चेयर पे बैठ गई. और कीबोर्ड पे हाथ मरने लगी.

निदा ; सहित कोई शिल्पा दीदी का प्रोग्राम चोरी कर गया हे.

माधुरी एक चेयर पे बैठी थी. वो चेयर बहोत आराम दायक थी. उसकी आंखे बंद थी. चेयर आगे पूछे जुला खा रही थी. और स्वीटी चेयर के पीछे की तरफ लटक रहे माधुरी के लम्बे खुले बालो को सहेला रही थी. माधुरी की आंखे बंद थी.

स्वीटी ; अच्छा दीदी आपको पता हे की अपने पापा hi मौलवी हे. तो क्या आप उन्हें मर डालोगी??

माधुरी वैसे hi आराम से लेती रही.

माधुरी ; गाडरी की सजा तो मौत hi हे बीटा. एक बात याद रखना. अपना कितना भी प्यारा हो. अगर गद्दार हे तो उसे मौत की hi सजा मिलनी चाहिए.

स्वीटी ; क्या दीदी आप भी. अपनों को भी कोई मर सकता हे क्या. जैसे की जग्गू ने गाडरी की तो क्या में उसे मर डालूंगी??

माधुरी ने अब भी आंखे नहीं खोली.

माधुरी ; है स्वीटी है. अगर वो ग़दर हे तो उसे मरना hi पड़ेगा.

स्वीटी सोक हो गई.

स्वीटी ; बस बस दीदी. ऐसे कुछ भी मत बोलो. मेरा जग्गू कभी गाडरी तो नहीं करेगा.

माधुरी मुस्कुराती हे.

माधुरी ; (आंखे बंद और स्माइल) में जानती हु. उसे मेने चुना हे. वो गाडरी कभी नहीं करेगा. लेकिन तू खुद hi पूछ रही तो मेने अपने उसूल बता दिया.

स्वीटी ; अगर तिगर सर ने गाडरी की होती तो???

माधुरी को एक डैम से गुस्सा आया. और उसकी आंखे खुल गई. उसने अपनी आंखे खोली और गुस्से से स्वीटी को देखा.

माधुरी ; (गुस्से में) गाडरी की सजह सिर्फ मौत हे समझी सिर्फ मौत. (नरम) ये bad,alag हे की उनके बिना में जी नहीं सकती. अगर मेरे सामने कभी ऐसा वक्त आया तो उनके साथ मेरी भी मौत होगी. चल अब जा. मुझे शाम की पार्टी की तयारी भी करनी हे.

स्वीटी कड़ी हुई. उसे अफ़सोस हुआ उसने अनजाने में क्या क्या पूछ लिया. वो जाते जाते फिर माधुरी से पूछती हे.

स्वीटी ; मेम हम दोनों की फ़्लैट बुक हो गई क्या??

माधुरी वापस आंखे बंद वैसे hi रही.

माधुरी ; नहीं. एन्ड टाइम तुम कॅश में टिकिट लोगी. पहले से बुक नहीं. और तुम अकेली hi जा रही हो. जग्गू यही मेरे पास hi रहेगा.

स्वीटी ; क्यों मेम???

माधुरी ; क्यों की कोई ग़दर हे जो हमारे कंप्यूटर सिस्टम में घुस चूका हे. वो हमारी चल पहले से जनता हे.

माधुरी की बात वह वीर भी सुन चूका था. स्वीटी चली गई. दूर बंद हो गया. माधुरी कड़ी हुई और अपने कंधे से गौण उतर कर जमीं पर छोड़ दिया. वो सिर्फ ब्लैक ब्रा पंतय में मादक और धीमी चल से चलती हुई बाथरूम में जाती हे. जग से भरा टब नहाने के लिए पहले से तैयार था. पीछे हाथ लेजाकर ब्रा के स्ट्रिप खोलती हे. झटके से bra,aage ज़ुल गई और माधुरी के भरे बड़े बूब्स जातकी से आज़ाद हो गए. ब्रा को जमीं पर फेक कर माधुरी ने पंतय निचे खिसका कर जमीं पे छोड़ दिया. माधुरी आहिस्ता से टब में जाकर लेट गई.

माधुरी का बदन तप रहा था. उसे भूक तो बदन की लग रही थी. हवस सर पर चढ़ी हुई थी. तप ते बदन को टांडा पानी बहोत सुकून दे रहा था. वो उम्मीद कर रही थी की कम भी इस खेल में शामिल हो ताकि वो अपना अगला शिकार उसे बना सके. ताकि साथ साथ अपने बदन की गर्मी भी वो मिटा ले. माधुरी ने टब में लेट कर आंखे बंद कर ली और वो अपने पुराने अतीत को फिर याद करने लगी. जब वो 18 साल की थी. और घर का नौकर धीमा काका उसे शैतान के सामने hi छोड़ा करता था. अपने बूढ़े दादाजी को वो पति मन कर उसकी सोकॉल्ड इच्छा को वो पूरा कर रही हे ये मन कर माधुरी भी शैतान के सेक्स गेम को अँधा बन कर खेले जा रही थी. साथ शैतान अंजलि की बेटी को एक रंडी की तरह अलग अलग लोगो से भोगवा कर खुश हो रहा था. उसे लग रहा था की अंजलि से इस से अच्छा बदला और क्या होगा.

माधुरी जैसे कॉलेज से आई उसे धीमा काका ने पीछे से माधुरी को बहो में भर लिया और जोर से बूब्स मशाल दिए.

माधुरी ; सससस काका रुको ससस में साड़ी पहन लू तब ससस अह्ह्ह उनके सामने karna,ahhh उन्हें बहोत मजा आएगा.

तभी दूर खुला और शैतान बहार आया.

शैतान ; तुम तो गांव जा रहे थे. अभी तक निकले नहीं.

धीमा काका ; वो मालिक में वो क्या आप की बीवी को भी साथ लेजो??

शैतान हसने लगा माधुरी शर्मा गई. धीमा भी शैतान के प्लान को पूरा शापोर्ट कर रहा था. आप की बीवी बस इतना सुन के माधुरी के तन बदन में गुदगुदी होती थी. वो शैतान को डिल से प्यार करती थी.

शैतान ; (स्माइल) 20 कम hi हेना. चलो में खुद छोड़ देता हु.

अचानक माधुरी की नींद खुली और मोबाइल पे मश्ग आया. माधुरी ने मोबाइल को देखा. मश्ग सोनिआ का था.

सोनिआ ; कम को मरने के लिए सिर्फ 2 दिन का टाइम हे. हमें फिर पैरिश निकलना हे. गॉड फादर का हुकुम हे.

माधुरी मुस्कुराती हे. और मोबाइल साइड में रख कर मुस्कुराती हे. माधुरी इस लिए स्माइल करती हे क्यों की कम के साथ वो हवस का नंगा खेल अब उसे खेलने की इजाजत मिल चुकी हे. अब उसे भरोसा हो चूका की वो भी इस खेल में शामिल हे. माधुरी ने जानबूछ कर अपनी आंखे बंद कर के पुराण अतीत याद करना सुरु कर दिया. जब वो मासूम सी लड़की बूढ़े नौकर के गांव में थी. माधुरी को नहाना था. उसे पहन ने के लिए धीमा काका ने सिर्फ एक साड़ी hi दी. दी क्या बल्कि खुद उसे पहनाया.

माधुरी ; अरे काका कहा लेजा रहे हो.

धीमा काका माधुरी का हाथ पकड़ कर माधुरी को जंगल की तरफ लेजा रहा था.

धीमा काका ; अरे तुम्हे नहाना हे न. मधु बेबी बाथरूम लेजा रहा हु.

माधुरी ; पर तुम्हारा घर तो पीछे उफ्फ्फ.

धीमा एक नदी के पास ले आया वह उसी के उम्र के 3 बूढ़े शराब पि रहे थे. धीमा ने माधुरी को उनसे कुछ 20 मीटर दूर खड़ा कर दिया.

धीमा ; ये नदी हे यहाँ नहाओ.

माधुरी को शर्म आने लगी. धीमा तक तो ठीक था. पर गांव के 3 बूढ़े भी उसी को देख रहे थे. ऊपर से माधुरी 18 साल की कमसिन लड़की. बदन पर सिर्फ एक पतली साड़ी. माधुरी परेशां होकर धीमा के आगे मुँह सुकुद कर कड़ी हो गई.

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माधुरी ; उफ्फ्फ काका यहाँ??? यहाँ तो सब देख रहे हे. कैसे नहाउंगी में?

धीमा ; (कामिनी स्माइल) अरे मधु बिटिया शैतान शब् की ख़ुशी के लिए. वो अपनी बीवी के किस्से मुझसे सुन न चाहते हे. तुम्हे तो इन बुधो में जान डालनी हे.

माधुरी सोच में पद गई. वो शैतान की ख़ुशी के लिए 2,3 लोगो के साथ बिस्तर गरम कर चुकी थी. पर बंद कमरे में. वो सब स्टोरी और पोर्न देखने का असर था. उस वक्त वो किसी और से सेक्स करने में खुश नहीं थी. बस यही मन रही थी की अपने पति शैतान को खुश करने के लिए सब कर रही हे. माधुरी ने पहले तो गिरते हुए पानी में हाथ डाला. ठंडा पानी उसकी गोरी नाज़ुक हथेली में गिरा उसे कर्रेंट सा लगा. फिर माधुरी ने स्माइल करते हुए धीमा काका को देखा. और फिर उन बुधो को. मासूम सी माधुरी इतनी सुन्दर और किते लग रही थी की कोई भी जवान लड़का उसे देखे तो प्यार हो जाए.

पर उसे देखने वाले हवन और हवस के पुजारी थे. माधुरी ने फिर अपना पाव पानी में दाल कर गिला किया. उसका गोरा केले जैसा चिकना पाव देख कर सब की लार टपक गई. साड़ी तो जंगो को भी दिखा hi रही थी. ऊपर से बिना बालो वाली गोरी चिकनी सड़क देख कर बुधो की आंखे hi बड़ी बड़ी हो गई. माधुरी हिम्मत कर के ठन्डे पानी में गई. पहले तो उसे कर्रेंट लगा पर बाद में बहोत अच्छा लगा. माधुरी पानी में अपनी मधुर सुरीली अव्वज में हस्ते हुए पानी में नहाने लगी.

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माधुरी की साड़ी पूरी उसके बदन से चिपक गई. बहोत hi ज्यादा खूबसूरत माधुरी का हर हिस्सा तराशा हुआ था. पर फिर भी शैतान के बदले ने उसे उन भेडियो के आगे जाने पे मजबूर कर दिया. माधुरी नहाने के बाद जर्नी से निकल कर उनकी तरफ आने लगी. चहेरे पर एक प्यारी मुस्कान और उसका शर्माना

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वो पानी से निकल कर बहार जाने लगी. तभी वो तीनो बूढ़े उसकी तरफ चलने लगे. सब उसे देख देख कर अपनी धोती में अपने तम्बू को बहोत मशाल चुके थे.

तीनो ने माधुरी की तरफ घेरा बनाया तो माधुरी समाज गई अब क्या होने वाला हे. माधुरी वही कड़ी हो कर स्माइल करते हुए तीनो को देखती हे. फिर पीछे मुड़के भागने लगी. धीमा काका ने एक पत्थर के पीछे पहले से छुपे हुए कमरे को निकला और माधुरी को शूट करने लगा. माधुरी यंग थी और वो बूढ़े. माधुरी ने उनको पानी में नचा दिया. वो जोर जोर से हस्ते हुए भाग रही थी. पर मुँह खुला हुआ था तो सांसे फुल गई. ऊपर से माधुरी की जवानी देख देख कर बुधो में जो जोश आया था वो ऐसे मोके पर कहा रुकते.

माधुरी गिरी और उसपे हमला हो गया. वो पेट के बल गिरी. बुधो के सामने माधुरी उलटी पानी में लेती हुई थी. माधुरी का गोरा पानी में बईगा पिछवाड़ा गीली साड़ी में चिपका हुआ. बहोत खुबशुरत नजारा उन बुधो के सामने था. वो माधुरी पर टूट पड़े सब से माधुरी को कमर से और पाव से पकड़ा और चूमने चाटने लगे. माधुरी की चीख निकल गई.

माधुरी ; ahhhhh....sass

धीरे धीरे हाथ उनके पाव से ऊपर भढने लगे. पिण्डलिया जंगो के पीछे का हिस्सा और फिर उनके हिप्स.

माधुरी को कर्रेंट सा लगा. उसे होश आया. वो नदी के पानी से टब के पानी में कब आई उसे पता तक नहीं चला. उसे अब भी अच्छा hi लग रहा था. वासना ने जिश्म को जकड लिया था. बदन बुरी तरह से तप गया. वो हाथ माधुरी की हिप्स की दरारों को कुरेद रहा था.

माधुरी ; अह्ह्ह सससस उफ्फ्फ्फ़ सैस...

धीरे धीरे वो हाथ माधुरी के दोनों टैंगो के बिच उसकी कामना की घाटी को कुरेदने लगा. पूरी नंगी माधुरी ने गर्दन पीछे मोड़ कर देखा. माधुरी की नशीली आँखों में अब हवस थी.

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पर फिर भी वो सकक नहीं हुई. वो जग्गू था.

माधुरी ; सससस जागूउउउउ... सससस

जग्गू ने भी धीमी और दर्द भरी आवाज में माधुरी से प्यार का इज़हार कर दिया.

जग्गू ; है में मेडम जग्गू ससस तुम्हारा दीवाना जग्गू. तुम्हे पागलो की तरह प्यार करने वाला जग्गू.

और जग्गू ने पानी से ऊपर टाइल की तरह उठी हुई हिप्स पे अपना मुँह ज़ुका कर माधुरी की दोनों हिप्स के बिच अपना मुँह दाल दिया. माधुरी की आंखे बहोत ज्यादा नशीली हो गई. और होठ खुल गए मुँह से सिसकारी भी मादक और माधुरी आवाज में फूटी. और फेस पे एक शरारती स्माइल

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माधुरी ; अह्ह्ह ससस तुम सससस.

आज जग्गू बहोत hi ज्यादा आगे आ गया. दिलो दिमाग पे अब माधुरी जो छ गई थी. उसने सर ऊपर उठाया और फिर प्यार का इज़हार कर दिया.

जग्गू ; मौत भी काबुल हे मेडम पर ये दूरिया बरदास नहीं. ी लव यू मेडम.

डिल में तो अब माधुरी के भी उसके लिए प्यार था. पर साथ hi हवस जो उसके ढिल्लो दिमाग पर काबू कर चुकी थी. डिल में प्यार की तरंगे सायद अब माधुरी भी अपने आप को रोक नहीं पाई. क्यों की जग्गू कोई शिकार नहीं था. सायद ये पहेली बार वीर के साथ बेवफाई थी. जो माधुरी करने जा रही थी. और जो वीर ने भी सुन लिया. दो काम एक साथ हुए. माधुरी ने प्यार का इज़हार भी किया और जग्गू ने उसी वक्त दोबारा मुँह दोनों हिप्स की दरारों में दाल दिया. माधुरी की आंखे अपने आप बंद हो गई. और मुँह से एक गरम हवा का ज़ोका बहार निकला.

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माधुरी ; ahhhhhhhhhhh. ससससस लव यू तू जग्गूउऊउउउउ सससस हआ मुझे भी ससससस तुजसे प्यार सससस हो गया.

जग्गू भी नंगा hi था. वो पानी में आ गया. माधुरी ने झटके से पूछे मुड़ी और उसे खींच कर अपनी बहो में ले लिया. दोनों पागलो की तरह एक दूसरे को चूमने लगे. दोनों की आंखे बंद हो गई. दोनों के बदन एक दूसरे से बुरी तरह से घिसने लगे. माधुरी के सीने में जग्गू की चेस्ट पूरी डाब गई. माधुरी ने भी दोनों टैंगो को जग्गू की कमर में फसाया और जोर से बिच दिया. जग्गू का मुँह से अह्ह्ह निकल गई. और मुँह से पानी भी निकल गया.

क्यों के माधुरी ने बहोत जोर से बिछा. जग्गू खास गया. माधुरी ने तुरंत छोड़ा और बैठ गई. और जग्गू के बालो में हाथ घूमती हुई उसकी परवाह करते हुए बोली.

माधुरी ; तुम ठीक ठीक तो हो न जग्गू.

जग्गू ने अपने आप को जाम्भाला और खड़ा हुआ. माधुरी ने उसका हाथ पकड़ लिया. दोनों एक दूसरे के चहेरे को देखते रहे. एक अजीब सी स्माइल जैसे नया नया प्यार होता हे तब चहेरे पर आती हे.

माधुरी ; (स्माइल) तो सोच लिया हमें आगे बढ़ना हे.

जग्गू ने अपनी चेस्ट आगे की और बहोत प्यार से बोलै.

जग्गू ; है अब तुम्हारे बिना एक पल नहीं रहे सकता.

माधुरी ने जग्गू के लैंड को मुट्ठी में भर लिया. जग्गू को तो जैसे कर्रेंट सा लगा. माधुरी जग्गू की आँखों में hi देख रही थी. उसे जग्गू बहोत मासूम सा लगा. माधुरी मादक स्माइल करते हुए उसके तने हुए लैंड को धीमे धीमे से आगे पीछे करती हे. और फिर एकदम से निगल जाती हे. जग्गू की आंखे बंद हो गई. और मुँह से गरम हवा के साथ आवाज भी निकल गई.

जग्गू ; है है है अह्ह्ह्हह.

माधुरी के गुलाबी होठ जग्गू से लैंड को निगलने लगे. एक अहिबसा एहसास आंखे बंद से थोड़ी खुलती बंद होती. उसकी ड्रीम गर्ल जो उसके लैंड को मुँह से बहोत hi सुकून भरा प्यार दे रही थी. अचानक से जग्गू का प्यार भी पिचकारी के रूप में माधुरी के मुँह में hi निकल गया. लेकिन न माधुरी रुकी न जग्गू का सुकून. एक स्वर्ग में होने का अलग एहसा और नै दुनिया. माधुरी ने उसे दिया. माधुरी ने पूरा जग्गू के प्यार का रास पि लिया. और फिर कड़ी हुई.

माधुरी ; (स्माइल) बाद पे चले?

माधुरी ने स्माइल करते हुए अपने दोनों हाथ जग्गू की तरफ बढ़ाए. जग्गू के चहेरे पर भी एक ख़ुशी की प्यारी मुस्कान फेल गई. उसने माधुरी को खड़ा किया. जग्गू थोड़ा सा झुकने लगा. माधुरी उसे देखती वो क्या करने जा रहा हे. जग्गू ने माधुरी को उठने की कोसिस की.

माधुरी ; रुको.....

माधुरी टब के बहार निकली. और दोनों हाथ उठा दिए.

माधुरी ; (स्माइल) अब उठाओ.

जग्गू ने एक झटके में उसे उठा तो लिया. पर वो उस से संभल नहीं रही थी.

माधुरी ; अह्ह्ह. (स्माइल)

जग्गू का एक हाथ माधुरी की नंगी हिप्स के निचे और दूसरा पीठ के पूछे. माधुरी ने भी कमुख मुश्कान के साथ अपने दोनों हाथो को जग्गू के गले में दाल दिया. जग्गू माधुरी को बीएड पे लेकर आया. और आहिस्ता से पीठ के बल सुना दिया. जग्गू बहोत प्यार से माधुरी के ऊपर लेट गया. और माधुरी की गर्दन और गलो को चूमने लगा. दोनों की नजरे मिली. दोनों की आँखों में एक दूसरे के लिए प्यार था.

माधुरी भी नंगी उसके निचे लती हुई दोनों हाथ उसके गले में. और डिल में अजीब सा सुकून देने वाला एहसास.

जग्गू ; मुझे तुमसे प्यार हो गया हे. में तुम्हे अपनी बना न चाहता हु.

माधुरी ; (स्माइल) तो लो बन गई तुम्हारी हो गया मुझे भी प्यार.

और दोनों के होठ मिल गए. माधुरी की दोनों टंगे खुल गई. और जग्गू बिच में था. उसने एक हाथ निचे कर के लैंड को सेट करने की कोसिए की पर बन नहीं रहा था. उसका गरम लैंड माधुरी को पेट के नीचर महसूस तो हो रहा था. माधुरी ने उसकी पूरी हेल्प की. खुद hi हाथ निचे लेजाकर रास्ता दिखया. जग्गू तुरंत hi दबाव बना कर अंदर उतर गया. उसके लिए ये ख़ुशी ये एहसास एक डैम अनकहा था. उसकी आंखे बंद हो गई. ढिल्लो डिल में जिसे वो प्यार करता था वो उसे भोग रहा था.

वही माधुरी का डिल जहा जग्गू से सच्चा प्यार कर के खुश था साथ अपनी बेवफाई पे रो भी रहा था. माधुरी की आँखों से अंशु भी निकले पर उसने जग्गू को काश लिआ वो अंशु देख नहीं पाया. वो हिलने लगा. एक मिट्ठी गुदगुदी का गोला माधुरी के अंदर फुट गया. उसने ये परवाह नहीं करि की उसका पति उस की बेवफाई से ज्यादा जल रहा हे. माधुरी नहीं चाहती थी की जग्गू जल्दी हर जाए. अपनी वासना की कला का पूरा इस्तेमाल किया. और जग्गू के साथ जी भर के प्यार किया. जग्गू के लैंड को अपने अंदर महसूस करती रही हर झटका एक अलग hi आनंद दे रहा था.

दोनों की तेज़ धार और प्यार का अन्तिम्पद. पिचकारी माधुरी को अंदर तक बिगो गई. दोनों एक दूसरे की बहो में ढेर हो गए. माधुरी के बूब्स पर जग्गू सर रख कर लेता रहा और माधुरी उसके बालो में ऊँगली घुमा रही थी. सीन बहोत रोमांटिक था. माधुरी को बूब्स पे कुछ गिला महसूस हुआ. उसने जग्गू का सर ऊपर किया. माधुरी ने जग्गू की आँखों में अंशु देखे. वो सोक थी.

माधुरी ; क्या हुआ जग्गू तुमने जो चाहा तुम्हे मिला फिर क्यों.

जग्गू ; जिंदगी ka,akhri दिन हे. में मौत से डरता नहीं हु. पर डिल चाहता हे. तुम्हारे साथ जिंदगी के पल और बितौ.

माधुरी समाज गई. वो अपने आप को शिकार समाज रहा था. माधुरी एक भरी हुई औरत थी. और जग्गू एक काम उम्र का लड़का. वो जग्गू के सर को चुम कर उसके बालो में हाथ घुमाकर बोली.

माधुरी ; तुम्हे ऐसा क्यों लगता हे की तुम मरने वाले हो. मुझे तुमसे प्यार हो गया हे. में तुम्हे नहीं मरूंगी.

जग्गू ; सच.

माधुरी ; (स्माइल) है बाबा.

जग्गू ; और सर.

माधुरी उदास हो गई.

माधुरी ; प्यार तो में उनसे भी करती हु.

जग्गू ; उन्होंने आप को छोड़ दिया तो???

माधुरी ; (स्माइल) है तो बोलो?? थामोगे मेरा हाथ करोगे मुझसे शादी???

जग्गू के फेस पे स्माइल आ गई और माधुरी के गले से वो मंगलसूत्र उतर ने लगा. माधुरी ने भी सर ऊपर कर दिया. जग्गू ने मङ्गलस्त्र को इज्जत से साइड में रखा.

जग्गू ; (स्माइल) जब तक सर कोई फैसला नहीं सुनते तुम मेरी हो सिर्फ मेरी.

जग्गू ने फिर माधुरी की लिप्स पे हमला कर दिया. ये आवाजे वीर सुन रहा था. पर कुछ कर नहीं सकता था.

आलिया का फोटो शूट था. उसे उसके फोटोग्राफर ने गोडुन में फोटो शूट करने की सलाह दी. हम दोनों उनके साथ एक अंडरग्राउंड गोडाउन में गए. काफी पुराण कोई आता जाता नहीं ऐसा था. असलियत में तो हम दुश्मनो के स्टेलिघ्त से बचने के लिए उस जगह पे थे. हमारा एक एजेंट स्टीफन जो की एक फ्रेंच था और हिंदी भी जनता था वो फोटो शूट कर रहा था. आलिया एक ब्लैक सॉर्ट स्कर्ट और ब्लैक टाइट टॉप में बहोत जबरदस्त लग रही थी. मेरी नस्जर उस से हैट hi नहीं रही थी.

लेकिन वो अपना काम ठीक से नहीं कर प् रही थी.

स्टीफन ; (फ्रेंच) के ों आलिया तुम समाज नहीं रही. अगर उन्हें तुम प्रोफेशनल मॉडल नहीं लगी तो तुम वह नहीं जा पाओगी. तुम्हे कैसे भी ये करना hi होगा. ये कॉन्ट्रैक्ट तुम्हे लेना hi होगा.

पर आलिया का धयान बार बार मुझपे जा रहा था. स्टीफन मेरी तरफ मुदा और बोलै.

स्टीफन ; ी क्नोव तुम उसके बॉयफ्रेंड हो पर इसका फोटोशूट नहीं हो प् रहा हे. आप प्लीज बहार जाओ.

में ; (हिंदी में) ला ढक्कन कैमरा इधर दे??

स्टीफन ; (फ्रेंच) क्या?? यार फ्रेंच में बोलो.

में ; (फ्रेंच) कस्मेरा मुझे दो..

स्टीफन ने मुझे कैमरा दे दिया. आलिया के फेस पे एक अलग hi भाव आ गए नजरे मेरी आँखों में मेरा पहला क्लिक और आलिया का जबरदस्त लुक.

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में फोटो क्लिक करता गया आलिया पॉश बदलती गई और हम बाटे भी करते गए. स्टीफन बहार चले गया.

में ; पहले क्यों नहीं हो रहा था.

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आलिया ; सससस थक चुकी हु. वो पहले वाली लाइफ रियल में जीना चाहती हु.

में ; कोनसी??

आलिया ; वही घर में दोनों दीदियो के साथ. प्लीज एक दिन हम काम छोड़ कर वही मिया बीवी की तरफ नहीं रहे सकते?

में ; कुछ दिन गर्लफ्रेंड बानी रहो. तुम बहोत खुबशुरत हो.

आलिया फोटो शूट के दौरान बार बार अपनी टंगे रगड़ रही थी. मेरा एक जबरदस्त क्लिक.

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और आलिया का बहोत हॉट फोटो. उसके अंदर जो गर्मी पैदा हो रही थी वो मेरे लिए थी. पर आलिया समाज नहीं रही थी. वो पहले की तरह घर पे मेरे साथ बैडरूम में hi रहना चाहती थी. पर उसे समज़ना चाहिए था. उसे एजेंट नहीं बन न चाहिए था.

में ; पहले आज कुछ काम कर ले??? (स्माइल)

मेने एक जोरदार क्लीक किया.

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आलिया भाग के मेरे पास आई और कैमरा हाथ से छीन कर साइड में पटक कर मुझसे चिपक गई. मेरा हाथ भी मेरी फेव उसके पिछवाड़े पर चले गया उसके छोटे से स्किट में हाथ डाला और उसकी पंतय के ऊपर से हिप्स मशाल दिए.

आलिया ; सससस बताओ क्या करू???

में ; बैग्स ओटमील.

आलिया ; वो कोण हे???

में ; उसके सरवर में घुसने का रास्ता. उसे तुम क्लब में hi मरोगी.

आलिया ; तुम्हे कैसे पता.

में ; ेराम खबर ले हे???

आलिया ; तुम उसपे क्यों भरोसा करते हो???

में ; मुझे भरोसा हे.

आलिया ने मेरी सस्त पे थोड़ा जोर का मुक्का मारा.

में ; ओह्हःफफ्फ सससस.

आलिया ; में कोई दीदी नहीं हु. अपने शोहर को अपने काबू में रखना मुझे आता हे समझे जनाब.

मेने आलिया को पीछे से बहो में भर लिया उसके फेस पे भी प्यारी सी मुस्कान तेर गई.

आलिया ; (स्माइल) मुजमे ऐसा क्या हे जो उस कुटिया में नहीं हे.

में ; अम्मम्म उसकी अदाए तुम्हारे जैसी नहीं हे. याद हे जब वो तुम सिर्फ शर्ट में थी. उफ्फ्फ कितनी खुबशुरत में बयां नहीं कर शक्ति.

आलिया ; तो चलो पहले काम निपटा लेते हे.

में ; अभी?? दिन में???

आलिया ; क्लब दिन में चालू होते हे.

में सोक हो गया. मेने क्लब का नाम नहीं लिया.

आलिया ; (हस्ते हुए) फ़िक्र मत करो माँ ने ये खबर उस से पहले हासिल कर ली थी. मुझे उस कुटिया पे भरोसा हे. बस वो तुम्हारे पास होती हे तो जलन होती हे.

तभी मेरे कानो में जग्गू और माधुरी के प्यार के इज़हार की आवाज सुनाई दी. उसकी कमुख सिसकारियां. मेने आलिया के दोनों हाथ फिट पकड़ लिए.

आलिया ; (दर्द से) अह्ह्ह ससस छोडो प्लीज क्या हुआ अह्ह्ह्ह.

मेने आलिया को खींच कर छठा मारा. उसके होठो से खून आ गया. मेने आलिया को उसके बहन के गुनाह की सजा दी. आलिया के लिप्स पे जबरदस्ती अपने लिप्स रख कर जोरदार किश की. पहले तो उसे दर्द हुआ पर फिर पूरा शापोर्ट करतने लगी. मेरे कानो में माधुरी की मादक आवाज और मेरे हाथो ने आलिया के बूब्स को जोरसे मशाला. आलिया ने मुझे धक्का दे दिया.

आलिया ; अह्ह्ह ससस पहले तुमने कभी ऐसा नहीं किया बताओ क्या बात हे.

में ; में उसे जिन्दा नहीं छोडूंगा वो सिर्फ मेरी हे.

मेने आलिया का हाथ पकड़ के खींचा और उसे घुमा कर जबरदस्ती की. उसकी पंतय मेरे हाथ लगी और खींचा तानी की उसकी पंतय मेरे गुस्से के आगे नहीं थीकि. लेकिन वो खुद पलट गई. उसने मेरे गुस्से को रास्ता दिया. मेने पंतय फाड् दी. वो खुद पलट गई. मेने उसके छेड़ में अपना लैंड का टोपा सताया. और धक्का दिया. वो पूरी हिल गई. मुझे जग्गू की भी आवाज आई और जोर का दक्का.

आलिया ; अह्ह्ह ससस मर दो मुझे ( जोर से चीख कर.

मुझे गुस्से में गलत फेमि हुई. लैंड पिछवाड़े में नहीं सुखी छूट में घुसा था. में जोर से चिलाय.

में ; (गुस्से में) है मर डालूंगा. में मधु को जिन्दा नहीं छोडूंगा.

आलिया के बल जोर से पकडे और जोर से झटका मारा.

आलिया ; अह्ह्ह ससस.

में थप थप थप जोर से हिलने लगा. आलिया के बल पकड़ के जोर से खींचा और उसका सर ऊपर हवा में उठ गया. वो चीखती रही. और में बे रहें बन गया. उसकी छूट गीली होने लगी. वो दर्द और सिसकारी दोनों भरने लगी. माधुरी के बाद आलिया के साथ पहेली बार ऐसा किया. पर वो मासुसम थी निर्दोस थी. और में बेरहम बन गया. लेकिन आलिया सब जेल गई. ठीक अपनी बहन की तरह. मेरे झटके तेज़ हो गए. और में सायद उन दोनों के बाद में ज़ादा.

लेकिन मेरा गुस्सा संत नहीं हो रहा था. मेने आलिया को बालो से पकड़ा और खड़ा किया. उसके मुँह से अहह निकल गई. दर्द से आंखे बंद हो गई. दोनों होठो की किनारी से खून निकल रहा था. मेने डट पिस्टे हुए.

में ; (गुस्से में) तेरी बहन ने मुझे धोखा दिया. क्या तुजे भी किसी और के साथ भाग जाना हे??

तभी मुझे किसी ने कंधो से पकड़ा और जातक कर एक ज़नतेदार थपड मारा. में पूरा हिल गया. वो मेरी माँ थी.

माँ ; (गुस्से में) दोबारा मेरी बेटी को दर्द दिया तो तुजे जैसे मर डालूंगी. क्या समज़ता हे तू अपने आप को है. औरत कोई तेरी गुलाम नहीं जिसके साथ तू जैसा मर्जी करेगा.

माँ भी बहोत गुस्से में थी. वो आलिया को उठती हे. उसे गले लगाती हे.

में ; माँ तुम्हे पता नहीं मेरे साथ क्या हुआ हे. मधु ने मेरे साथ.....

माँ ने मेरी बात बिच में hi काट दी.

माँ ; ये अपनी बकवास बंद कर. ये तेरा निजी मामला हे. 2 रस्ते हे तेरे पास. या तो काम छोड़ कर वह अपनी बीवी के बेवफाई में दुब कर मरते रहे. या तो फिर अपने काम को अंजाम दे. तू पहला नहीं हे जिसकी बीवी ने बेवफाई की हे. वो सिपाही जो अक्सर मुल्क के लिए हमेसा जान देने को तैयार तहेते हे. उनकी बीवियों की बेवफाई उन्हें पता होती हे. लेकिन वो फिर भी अनजान बन कर जीते हे. ताकि काम से काम रिस्तो के लिए वो अपने काम से न चूक जाए.

में जमीं पर घुटनो पे गिर गया. वो दर्द मेरे लिए बहोत मुश्किल था. माधुरी ने जग्गू से प्यार का इज़हार कर दिया था. आलिया ने मेरे कंधो पे हाथ रखा.

आलिया ; (रट हुए) उसने आप से गाडरी की पर शिल्पा दीदी और मेने नहीं. आप को उसकी कमी महसूस नहीं होने देंगे. हम आप से बहोत प्यार करते हे.

माँ मेरे पास आई और मुझे गले लगाया वो जमीं पर hi बैठ गई.

माँ ; (प्यार से) अब चुन बीटा अपनी जिंदगी चुन. क्या तू घर जाना चाहता हे??

मेने अपना मुँह पीछा और खड़ा हुआ. और न में सर हिलाया.

में ; चलो आलिया.

वही अपने सर्वर रूम में डीके खुश हो रहा था. और जोश में चिलाय.

डीके ; सबस सबस बहोत hi जबरदस्त. साली शिल्पा तेरा पूरा प्रोग्राम अब मेरे पास हे. पर साली तू तो मुझसे बहोत पीछे हे.

गुंडा ; क्या हुआ बॉस क्या वो आप को हरा नहीं सकती.

डीके ; ये मुझे कभी हरा नहीं सकती. ये दिमाग से मचिनो पे कंट्रोल कर ने में कामयाब हुई हे. और में मचिनो से इन्शानो पे कंट्रोल करने में कामयाब हुआ हु. अब इसके पति को फसबा हे बस. ढूढो उसे कहा हे वो.

गुंडा ; बॉस वो कही नहीं हे. कोई भी फुटेज में नहीं आ रहा हे.

डीके ; सेल ढूढो सबको. वो आलिया और उसका पति. पर वो लड़की कोण थी. जिसके साथ ये कमीना घूम रहा था (माँ) और वो बुढ़िया भी. कुछ तो इन में खिचड़ी पाक रही हे.

गुंडा 2 ; बॉस बॉस वो लड़की और साथ में वो भी हे.

डीके ने स्क्रीन देखि. वीर और आलिया दोनों सड़क पर चल रहे थे.

डीके ; है यही हे नजर रखो इनपे मुझे ये दोनों जिन्दा चाहिए.

अचानक दोनों एक कार के पीछे गए और दोनों गायब हो गए.

डीके ; (गुस्से में) कहा गए ये ढूढो सेल को.

गुंडा कीबोर्ड पे हाथ मरता रहा पर दोनों कही नहीं मिले.

गुंडा ; बॉस बहोत ट्रे किया पर फेस कही मैच नहीं हो रहा हे.

डीके ने गुस्से में टेबल पे हाथ मारा. कुछ देर गुस्से में इधर उधर घूमता रहा. अचानक एक गुंडा बोलै.

गुंडा ; बॉस बॉस बॉस.

डीके तुरंत hi उसके पास आया.

गुंडा ; ओटमील सर के क्लब में. हमारा सवार रूम वही हे.

डीके तुरनत चिलाय.

डीके ; जल्दी निकलो सरे. सेल को घेरो क्लब से बहार न निकले ये दोनों.

में आलिया को लेकर क्लब पहोच गया. हमें डाटा hi नहीं चुराना था. ओटमील को भी उठना था. ये बात मेने आलिया को नहीं बताई. आलिया एक ब्लैक हॉट ड्रेस पहन कर मेरे साथ चल दी. बहोत से कक्तव को हमने धोखा दे दिया था. और हम वह पहोच गए. आलिया के साथ में अंदर नहीं गया. में पास एक वन में खड़ा रहा. पहेली बार मुझे मेरी तीनो बोवियो के लिए दर लगने लगा.

मेरे मन में एक सदमा सा लगा. आलिया मेरे सामने थी. मेरी दिमागी हालत इतनी ख़राब हो गई की में उसके लिए भी डरने लगा. अब कोई उन्हें देखता भी तो मुझे वहम और जलन होने लगी. आलिया वह की फेमस मॉडल थी. उसे देखते hi कुछ लोगो की भीड़ उसके आस पास उमड़ गई. लोग उसके फोटोज क्लिक करने लगे और वो सेक्सी पॉश दे रही थी.

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आलिया भी बहोत खुबशुरत थी. मेरे पास बोवी हो या गर्लफ्रेंड एक से बढ़कर एक नगीना थी. पर अब मुझे अपनी बीवियों को खोने का दर लगने लगा. कही शिल्पा और आलिया को भी कोई और पसंद न आ जाए. वो भी तो बहोत hi खुबशुरत थी. आलिया ने शरती स्माइल की और एक बार कमर हिला के मुझे देखा और तुरंत hi नजर हटा ली.

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मुझे उसके लिए भी दर लगने लगा. कई मर्द उसे घर रहे थे. वह कुछ बॉक्सर्स भी थे. हेट कटे. उन्होंने आलिया को अंदर जाने की रिक्वेस्ट की आलिया पीछे मुड़ी or,andar जाने लगी. मुझे एक और जबरदस्त झटका लगा. OMG आलिया की बैक पूरी खुली थी.

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मतलब पूरी ड्रेस सिर्फ उसके पीछे जो दो डोरी थी सिर्फ इस्पे तिकी हुई थी. मतलब उसने ब्रा नहीं पहनी थी. अब जलन की मात्रा और दिमाग का टेम्प दोनों hi बढ़ा गया. में भी एक कूल लुक में था. माँ ने हम दोनों को अलग अलग टारगेट दिए थे. में भी दुरी बना कर अंदर घुसा. में क्लीन शेव में एकदम चिकना राहिशो की तरह अंदर गया. आलिया फ्लोर पे डांस कर रही थी. उसके आगे और पीछे दोनों तरफ बड़े तगड़े मुस्टंडो जैसे दो मर्द उस से चिपक के डांस कर रहे थे. मेने एक बेयर की बोतल उठाई और शिप मरते हुए उसे देखने लगा.

आलिया मुझे देखते हुए ज़ूम रही थी. फेस पे स्माइल और दोनों हाथ ऊपर थे. एक मर्द जो पीछे था वो आलिया की कमर पकड़ कर अपना लैंड आलिया के पिछवाड़े पर कपड़ो के ऊपर से hi रगड़ रहा था. और दूसरा आगे से आलिया के पेट से ऊपर की तरफ हाथ घुमा रहा था. आलिया डेस करते हुए मेरे पास आई. वो दोनों भी मेरे करीब आए. आलिया ने डांस करते हुए अपना पिछवाड़ा मेरे लैंड पे रगड़ा. जलन की वजह से मेने उसे धक्का मर दिया वो गिरी और वो दोनों मर्दो ने मेरी शर्त की कर पकड़ ली.

जब गेस ज्यादा हो तो इन्शान की ताकत भी दुगनी हो जाती हे. मेने एक के लैंड पे घुटना और दूसरे के फेस पे मुक्का मर दिया. वो दोनों मुँह और लैंड पकड़ कर बैठ गए. फिर बहोत सरे बॉक्सर आ गए. मेने सब को मरना सुरु किया. में गुस्से में नहीं जनता था में क्या करू. धड़ाम धड़ाम मरते मरते कब पुलिस आ गई पता नहीं चला. दो पुलिस वालो को तो मेने मारा पर फिर भीड़ की मदद से मुझे दबोच लिया गया. आलिया कहा मुहे पता तक नहीं चला. जब मेरे दोनों हाथ बांध कर मुझे पुलिस कार में बैठाया जा रहा था. तब आलिया भगति हुई आई.

आलिया ; (फ्रेंच) सर सर सर.

वो लोग रूक गए. आलिया हाफ रही थी.

आलिया ; सर प्लीज उन्हें छोड़ दे. इनकी दिमागी हालत ठीक नहीं हे ये एक सदमे से अभी अभी गुजरे हे.

पुलिस मन ; (फ्रेंच) ओह्ह मशहूर मॉडल मिस अलीशा.

आलिया ; (फ्रेंच) यश सर

पुलिस वाला; (स्माइल फ्रेंच) कोण लगते हे तुम्हारे बॉयफ्रेंड या कस्टमर.

आलिया गुस्से में बोली

आलिया ; (फ्रेंच) ये मेरे पति हे. जुबान संभल कर बात करो.

मुझे गुस्सा आया.

में ; (हिंदी) मेरी कोई बीवी नहीं हे. ये साली सब के सब रैंड हे. धोखे बज हे.

आलिया की आँखों में अंशु आ गए.

आलिया ; (रट हुए हिंदी में) चुप करो तुम्हे रब का वास्ता.

आलिया की दर्द भरी आवाज भी मुझे दुःख दे रही थी और माधुरी की बेवफाई.

में ; तुम जाओ प्लीज अब मुझे कोई नहीं चाहिए.

पुलिस मुझे कार में बैठने लगी. आलिया पुलिस वालो को गिड़गिड़ाने लगी. उन पुलिस वालो को दया आ गई.

पुलिस मन ; (फ्रेंच) देखो हम तुम्हारे हस्बैंड को छोड़ देंगे पर आज रत प्लीज इन्हे जेल में बितानी पड़ेगी.

वो मुझे कार में दाल कर ले गए.

जब वीर ने हाथापाई सुरु कर दी थी. सरे लोग वही देखने लगे. आलिया तुरंत भीड़ से निकली और एक सिडिया चढाने लगी. वो ऊपर सर्वर रूम में पहोच गए. ओटमील उसे देख कर पूछने लगा.

ओटमील ; (फ्रेंच) कोण हो तुम?? और ऊपर कैसे आई.

आलिया पास गई. और अचानक बैठ गई. लैंड पे एक जोर से मुक्का मारा. ओटमील लैंड पकड़ के बैठ गया. आलिया कड़ी हुई और एक पेन दरवे निकल कर उसके कंप्यूटर सर्वर में लगाती हे. कुछ कीबोर्ड पे हाथ मरती हे. पर पीछे से ओटमील ने आलिया को बालो से पकड़ा. आलिया को दर्द हुआ. जैसे तैसे बोटों दबा कर वो कड़ी हुई. और फिर आलिया ने थोड़ा पीछे होकर उसी के वजन से उसे पटक दिया. गिरते hi वही माँ बहन और आलिया का पुराण तरीका शिकार के गले पर वर.

ओटमील ने सोचा नहीं था. लड़की ऊपर भरी पद गई. गले से जबड़ा छुड़ाना भरी पड़ा बहोत मशकत के बाद डैम घुटा और वो मर गया. आलिया का काम हो गया और वो बहार आई. तब तक उसके पति ने काम ख़राब कर दिया था. बहोत मिनटों के बाद भी उसके पति वीर को पुलिस वालो ने नहीं छोड़ा. आलिया और माँ दोनों लाइन पे थी. उसके पति को पुलिस कार में ले गए. पर पीछे डीके के गुंडे आ गई.

माँ ; (ऑनलाइन) आलू बीटा भागो.

आलिया गुस्से में थी. पति की गन्दी गालिया और गुंडों का आना.

आलिया ; (गुस्से में) माँ प्लीज जमार सुरु करो.

माँ ; नहीं प्लीज तू भाग.

आलिया ; (गुस्से में डट पिस्टे हुए) मेने कहा जमार ों करो.

माँ ने सर चिंता में न में हिलाकर जमार स्ट्रेट किया. सरे इलेक्ट्रॉनिक दिवस बंद हो गए. मोबाइल कैमरा सब कुछ.

गुंडे ; (फ्रेंच) वो रही उसे जिन्दा पकड़ना हे.

6 गुंडे उसकी तरफ बढे. आलिया ने घर से माधुरी के चुराए हुए. लोहे के पंजे दोनों हथेली में पहन लिए और गुंडों की तरफ भागने लगी. माँ गन निकल कर एक वन से निकली और निशाना लगा कर तैयार थी.

माँ ; (गुस्से में) बेवकूफ लड़की.

आलिया ने जम्प मारा और एक गुंडे पर कूद के दो गुलाटी खा कर कड़ी हुई. निशाना सटीक था. लोहे के पंजो से उसका गाला कूट गया. बाकि 5 दर गए. एक ने जैसे गन निकली. माँ ने सर उदा दिया. फिर दूसरा और फिर तीसरा. बाकि 3 बचे थे. एक दर के मरे उल्टा भगा पर1 को माँ ने फिर उड़ा दिया. आलिया एक के पीछे भागी. वो भागता हुआ एक जाली से टकराया. पर पीछे आलिया उसके पास पहोच गई. आलिया ने बड़ी बेरहमी से उसे काटना सुरु कर दिया. वो बहोत जोर से चिलाय. जो 1 बचा था वो डरा हुआ हाथ ऊपर कर के खड़ा हो गया और चारो तरफ देखने लगा. क्यों की माँ कहा से गोली चला रही थी उसे पता नहीं चला.

माँ ; आलिया उसने सरिन्दर किया उसे वन में लाओ.

मेने तुम्हे कहा सुना नहीं तुमने.

आलिया उसे वन में ले. माँ ने इंडियन एम्बेसी की मदद से पुलिस स्टेशन में वीर पे वर करने से बचा लिया. क्यों की बहोत से पुलिस वाले डीके के आदमी थे. आलिया पुलिस स्टेशन चली जाती हे.

जग्गू के साथ प्यार भरा सेक्स करने के बाद दोनों ने साथ में नहाते हे. माधुरी शाम की पार्टी के लिए तैयार हो रही थी. वो सिर्फ एक नाईट गौण में अंदर से पूरी नुदे नेल पोलिश लगा रही थी.

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उसकी नजर जग्गू पर गई. जग्गू पूरा नंगा बैठा बस माधुरी को देख रहा था.

जग्गू ; मेम पार्टी में क्या पहनोगी.

माधुरी ; मेम नहीं मधु कहो. मेरे पति भी मुझे मधु hi कहते हे.

जग्गू ; पर में तो तुम्हारा पति नहीं हु.

माधुरी ; अम्मम्म तो अच्छा ठीक हे. आज पार्टी में तुम मेरे साथ मेरे पति बन कर चलो.

जग्गू सोचने लगा.

माधुरी ; क्या सोच रहे हो. मेरे पति नहीं बन न चाहते???

जग्गू खड़ा हुआ माधुरी ने उसे अपनी तरफ आते देखा तो फेस पे स्माइल आ गई. उसने नेल पोलिश साइड में राखी और उसे स्माइल करते हुए देखती हे. जग्गू ने माधुरी के पाव की नंगी जंग को काश के पकड़ा और माशलने लगा.

जग्गू ; डिल तो चाहता हे. तुम मरी hi पत्नी बनो हर जनम में. लेकिन फ़िलहाल इस पार्टी में hi पति बन के काम चला लूंगा समझी मधु डार्लिंग.

माधुरी जोर से अपनी माधुरी आवाज में हस्ते हुए जग्गू को अपनी बहो में भर लेती हे. इसमें माधुरी के गौण का बेल्ट खुल जाता हे. वो सामने की तरफ से पूरी नंगी हो गई. वो जग्गू उसके ऊपर और वो माधुरी की बहो में था. जग्गू ने सीधा हाथ माधुरी की चेस्ट पर रखा. और हलके से माधुरी के बूब्स को मशाल दिया.

माधुरी ; सससस जग्गू ससस.

जग्गू माधुरी के बूब्स पे अपना मुँह रगड़ने लगा. उसके गुलाबी निप्पल्स को मुँह में लेकर दातो से हल्का काट ता हे.

माधुरी ; ससस अह्ह्ह बदमाश. (स्माइल)

कुछ देर वो माधुरी के जोबन से खेलता रहा. माधुरी ने जग्गू को पुकारा.

माधुरी ; ससस जग्गू मेरी बात सुनो.

जग्गू ; अह्ह्ह हम्म्म बोलो.

माधुरी ; तुम मेरे पति बन न चाहते हो पर तुम जानते हो. मेरा पति बन न कितना मुश्किल हे???

जग्गू ने अपना पंजा माधुरी की छूट पे टिकाया और दो ऊँगली अंदर दाल दी. माधुरी प्यारी si,aabaj में चीखती हे.

माधुरी ; (स्माइल) अह्ह्ह जग्गू सससस.

जग्गू ; अपनी पत्नी को dher,sara प्यार करना और उसकी ख़ुशी का ख्याल रखना बस और क्या.

माधुरी ; नहीं जग्गू. इतना ाशन नहीं हे. तुम्हे मेरी अच्छे के साथ मेरी बुराई को भी अपना न होगा समझे???

जग्गू सोचता हे फिर है में सर हिलता हे और माधुरी की लिप्स पे अपनी लिप्स रख कर किश करने लगा. माधुरी भी इसे फुल शापोर्ट कर रही थी. माधुरी ने उसे हटाया.

माधुरी ; अब हटो मुझे पार्टी के लिए तैयार होने दो.

माधुरी जैसे उठी गले से नाईट गौण को पकड़ लेता हे. माधुरी ने भी अपने हाथ पीछे कर दिए or,aage निकल गई. माधुरी पूरी नंगी हो गई. वो जा कर कबारत खोलती हे. और कड़ी कड़ी सोचती हे की वो क्या पहने.

माधुरी ; अम्मम्म क्या पहेनू!!!!!!!

जग्गू भी खड़ा हुआ और माधुरी के पीछे आ कर अपने हाथो के पंजे को माधुरी की दोनों हिप्स के बिच में टिका कर ऊँगली से छेड़ को कुरेद ने लगा. माधुरी ने स्माइल की और जग्गू को देखती हे. जग्गू ने अंदर से एक रेड साड़ी निकली और माधुरी को दिखता हे.

जग्गू ; (स्माइल) लो मधु इसे पहनो.

माधुरी जैसे साड़ी पकड़ने गई. जग्गू ने ऊँगली प्रेस कर के अंदर दाल दी. माधुरी पूरी हिल गई.

माधुरी ; (स्माइल) ससस अह्ह्ह बदमाश.

जग्गू पूरा नंगा फिर माधुरी से चिपक गया. दोनों हिप्स के ऊपर उसका तना हुआ लैंड चुभ रहा था. माधुरी की बगलो में हाथ डालकर वो माधुरी के दोनों बूब्स की निप्पल्स मशलने लगा. माधुरी की आंखे बंद हो गई.

माधुरी ; (आंकने बंद सेक्सुअल) ससस प्लीज जग्गू ससस अह्ह्ह रुको हमें जाना हे.

लेकिन जग्गू रुकता नहीं हे तो माधुरी पीठ से जग्गू को धक्का देती हे. जग्गू जमीं पर गिर गया. माधुरी स्माइल करते हुए बी का हइशारा करती हुई. बाथरूम में चली जाती हे. जमीं पर पड़ा जग्गू माधुरी को जाता देख अपने लैंड को पकड़ लेता हे. और स्माइल करता हे.

सब के बिच शिल्पा को जब पता चला के उनके सेफ हॉउस में चोरी हुई. और उसी के प्रोग्राम का डाटा चुराया गया तो वो इनडोर के लिए निकल जाती हे. लखनऊ से भोपाल की फ़्लैट पकड़ती हे और फिर कार से वो सुरभि के घर पहोची. दस और निधि उसके सामने खड़े थे. और शिल्पा उन दोनों को डट रही थी.

शिल्पा ; हम्म्म तुम्हे कैसे पता चला की कंप्यूटर ों हे. और कीबोर्ड के बोटोन्स प्रेस करने की आवाज आई

निधि ; (शर्मिंदा) वो वो हम अंदर थे.

शिल्पा ; अंदर क्या कर रहे थे???

निधि ; वो वो वो.

शिल्पा ; (गुस्से में) में बताऊ. तू मरवा रही थी. और ये मादरचोद मर रहा था. तू जानती हे न इसके लिए हमने कितनी महेनत की हे. अब बता अगर जिसने डाटा चुराया उसने मशीन बना न सुरु कर दिया तो.

उनकी बात चालू hi थी की दूर पे ादः और मोनार्क भी आ गए. वो लोग शिल्पा के बाद hi निकले थे.

मोनार्क ; दीदी में देखु क्या बात हे.

शिल्पा बस मोनार्क को गुस्से में घूरती हे.

शिल्पा ; मुझे कोई मादरचोद दीदी नहीं बोलेगा. साला तुम में से कोई भी रिश्ते जोड़ने के लायक नहीं हे.

मोनार्क को गली बोलते देख ादः भड़क गई. और शिल्पा के सामने आ गई.

ादः ; (गुस्से में पर शांति से) दोबारा मोनू को गली बोलके देख.

शिल्पा ने ादः को देखा और वो कड़ी हो kar,adah के सामने आ गई

शिल्पा ; क्या तू मुझसे फाइट लड़ेगी.

ादः ; कोई भी रैंड मेरे मोनू को गली बोलेगी और में कड़ी देखती रहूंगी.

शिल्पा हस्ती हे.

शिल्पा ; चल बहार तुजमे किट न डैम हे देख लेती हु.

ादः ; चल तेरा भी फितूर उतर देती हु.

दोनों लड़ने के लिए आमने सामने हो गए.

निदा ; (रिक्वेस्ट) प्लीज आप दोनों शांत हो जाओ. ये लड़ने का वक्त नहीं हे. हमें ढूढ़ना होगा चोर को प्लीज

निदा ने तुरंत तिगर को कॉल लगाया. जो तिगर को न लग कर माँ को लगा. और मोनार्क ने तुरंत hi माधुरी को कॉल लगाया. उस वक्त वो ड्राइविंग कर रही थी. और दोनों को कॉल आया. माँ ने शिल्पा को लड़ने से रोका. और ादः को माधुरी ने लड़ने से रोका. दोनों तरफ टीम साफ बाटी हुई थी. माधुरी की तरफ ादः जग्गू मोनार्क. और कुछ पुलिस टीम थी. अब पुराने में सिर्फ पहलवान बचा हुआ था. वीर की तरफ शिल्पा माँ ,निदा ,मोनी , लेकिन अब आलिया माधुरी से वीर की तरफ थी. फरक इतना दोनों सगी बहने आपस में दुश्मन बन चुकी थी. दोनों तरफ वजह तो सिर्फ वीर था. दोनों ने मन में एक दूसरे को मरने का पक्का इरादा किया हुआ था. शिल्पा कुछ पल शांत हुई और मोनार्क को सॉरी बोलै.

शिल्पा ; मोनार्क .... सॉरी.

मोनार्क ; कोई बात नहीं मेडम पर आप ऐसे गुस्सा पहेली बार हुई हो.

शिल्पा ; (गुस्से में) तो क्या करू. कितने साल की महेनत कोई चुरा ले गया.

मोनार्क ने कंप्यूटर की तरफ देखा और वो पास जा कर चेयर पे बैठने गया. पर वो चढ़ नहीं प् रहा था. शिल्पा ने उसकी हेल्प के लिए हाथ बढ़ाया तो ादः ने शिल्पा का हाथ रोक लिया. और दूसरे हाथ से मोनार्क को उठा कर चेयर पे बैठा दिया. शिल्पा और ादः दोनों गुस्से में एक दूसरे को आंखे फाड् के देख रहे थे. मोनार्क ने कीबोर्ड पे हाथ मारा और बोलै.

मोनार्क ; वैसे चोरी जरूर हुई हे पर यहाँ से नहीं.

शिल्पा चौक गई.

शिल्पा ; मतलब??

मोनार्क ; चोरी ऑनलाइन हुई हे. और हमें गुमराह किया गया हे. चोरी करने वाले का सर्वर भी हमारे मुल्क का नहीं हे. वो जो भी था जिसने कीबोर्ड पे खातर पातर की उसने हमें गुमराह करने की कोसिए की हे. बाकि उसे पकड़ने के लिए मुझे जग्गू का इंतजार करना पड़ेगा. पर वो जो भी हे आईटी का बाप हे. बिना लिंक के अंदर घुसा हे.

शिल्पा ; गुड जॉब जो भी हे. हमें अब उसे ढूढ़ना हे.

ादः ; अब हम तुम्हारे साथ काम नहीं कर सकते चलो मोनू. हम मेडम का इंतजार करेंगे.

सब के सब देखते रहे. मोनार्क एक सब्द भी नहीं बोलै और वह से निकल गया.

वही कार ड्राइव करते हुए जग्गू माधुरी के साथ फुल मस्ती कर रहा था. वो बार बार माधुरी के पीठ से डोरी खींचने की कोसिए करता पर माधुरी उसका हाथ पकड़ लेती हे. फिर जग्गू हाथ निचे लेजा कर माधुरी की साड़ी ऊपर उठा देता हे. माधुरी ने रेड ट्रांसफर्मेन्ट पंतय पहनी हुई थी. उसे ऊपर से hi उंगलियों से छेड़ने लगा.

माधुरी ड्राइविंग करते हुए स्माइल करते हुए जग्गू को देखती हे और उसका हाथ खुद hi अपनी पंतय में दाल दिया. जग्गू ने माधुरी की गर्दन पे ऊँगली घुमाई. और वो सोक हो गया. माधुरी ने सच में मंगलसूत्र नहीं पहना था.

जग्गू ; तुमने मंगलसूत्र नहीं पहना हे.

माधुरी स्माइल करते हुए जग्गू को देखती हे.

माधुरी ; (स्माइल) तो तुम पहना दो. पुरष में रखा हे तुम्हारे सर वाला तो.

जग्गू को नहीं मालूम था की माधुरी और वो जो भी बोल रहे हे वो वीर सुन रहा हे. वीर जेल में बैठा हुआ था. और उनकी बाटे सुन रहा था.

माधुरी ; (स्माइल) अच्छा अगर मेरे पति ने मुझे छोड़ दिया और तुमसे शादी करने की इजाजत दे दी और कभी उनका मूड कर गया तो तुम क्या करोगे. बोलो. मुझे एक रत उनके साथ सोने डोज.

जग्गू ; बिलकुल नहीं. फिर तुम सिर्फ मेरी होगी. है में उनको देखने और सिर्फ छूने की इजाजत दे दूंगा.

माधुरी जोर से खिलखिला कर हस्ती हे

माधुरी ; अच्छा तो मेरे पति के सामने तुम मेरे साथ सब करोगे.

जग्गू ; है. में उन्हें एहसास दिलाऊंगा की तुम्हारी बीवी अब मेरी हे. Unke,samne तुम्हारे सरे कपडे उतरूंगा और बोलूंगा सर आप की सॉरी सॉरी हमारी बीवी बहोत खुबशुरत हे. आप उसे देखे कैसे वो मेरे साथ खुश हे और बहोत खुश हे. और वो अब सिर्फ मुझे hi प्यार करेगी. आप सिर्फ छू सकते हो कुछ करने की इजाजत में अब कभी नहीं दूंगा.

माधुरी ; (स्माइल) और मेरा मन unke,sath सेक्स करने को किया तो??

जग्गू ; तो में तुम्हे सर के सामने hi थपड मरूंगा खींच के और बोलूंगा. साली मधु तू मेरी हे और सिर्फ मेरी. अगर दोबारा सर को छूने भी दिया तो तुजे जान से मर डालूंगा.

(उधर वीर ने लोहे की पट्टी को जोर से मुक्का मारा और पट्टी बंद हो गई. सरे पुलिस वाले की नजर उसके हाथो से गिरते खून पे गया. ऊपर से इंडियन एम्बेसी से आतंक मचा दिया. उनको ये पता चल गया की वीर एक अजंट हे. पर आलिया वह से हेट तो वीर को मर दिया जाए. पर कुछ ईमानदार पुलिस वाले और बहार इंतजार कर रही आलिया की वजह से वो वीर को नहीं मर सकते थे. वीर गुरया.

वीर ; सेल चूतिये तू मेरी मधु को मरेगा. वो मेरी हे. और उसे मेरी hi रहना होगा. बस एक बार बहार आ जाऊ उस दिन तुम दोनों का आखरी दिन होगा. बसी दर्द नक् मौत दूंगा तुम दोनों को.)

माधुरी ; लेकिन मेरे पति हमें जिन्दा नहीं छोड़ेंगे. वो बहोत खतरनाक हे.

जग्गू दर गया और कुछ सोचने लगा. माधुरी ने उसका दर भाप लिया.

माधुरी ; (स्माइल) फ़िक्र मत करो जी. में आप को कुछ नहीं होने दूंगी. जब तक में आप के साथ हु आप को कोई नहीं छू सकता.

जग्गू के डिल में कुछ अलग hi तरंगे फुट निकली. माधुरी ने उसे इज्जत पति वाली दी. सिर्फ एक जी से उसका पूरा जिया खुश हो गया. दोनों पार्टी वाली जगह कम के फार्महाउस पे पहोच गए. कम माधुरी को देखना चाहता था. माधुरी जैसे उत्तरी उसे सोनिआ का मश्ग आया.

सोनिआ ; तुम्हारे पास बस आज की रत हे. त्रिनेत्र का पूरा नेटवर्क हैक हो चूका हे. हम सिर्फ हमारे नेटवर्क पे बात करेंगे.

जग्गू ; क्या हुआ??

माधुरी ; (स्माइल) कुछ नहीं. जी सुनिए आप मेरे साथ hi रहना.

माधुरी बहोत hi नशीले अंदाज़ में बोलती हे. जैसे एक बीवी अपने पति से कहे रही हो.
 
जग्गू और माधुरी दोनों अंदर घुसे. जग्गू चलते चलते थोड़ा पीछे हुआ. माधुरी की खुली पीठ कमर और पिछवाड़ा देखने लगा.

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दोनों छिपा चलने से आपस में ऐसे घिस रही थी की जग्गू का टाइट हो गया. वो तेज़ कदमो के साथ आगे बढ़ा और माधुरी की कमर में हाथ दाल देता हे.

माधुरी ; (स्माइल) आप थोड़ा इंतजार नहीं कर सकते लोग क्या सोचेंगे.

जग्गू के मन में लड्डू फूटने लगा. माधुरी उसे पति की तरह इज्जत दे रही थी.

जग्गू ; (स्माइल) अम्म क्या सोचेंगे. एक पति अपनी बीवी को प्यार कर रहा हे.

माधुरी ; (स्माइल) बहोत बदमाश हो गए हो. अब जाओ. आज कम को जन्नत भेजना हे. कमरे सरे कवर करो. नहीं तो तुम्हारी बीवी को ये लोग जेल में दाल देंगे.

माधुरी बोल कर जग्गू को स्माइल करते हुए देखती हे.

जग्गू ; मेरे होते हुए तुम्हे कोई हाथ भी नहीं लगा सकता समझी. अब कड़ी मत रहो चलो.

दोनों अंदर जाने लगते हे. कम अंदर पार्टी में अपने दोस्तों के साथ दारू पि रहा था. लेकिन एक मशहूर संहार जो गोल्डन बाबा और बख्तावर का सोना खुद खरीद कर गोवा की एक कंपनी को बेचा करता था. साथ अलग अलग मॉडल्स के लिए डिज़ाइन किये गहने बनता था. वो भी अंदर आ तहा था. उसकी नजर माधुरी पे गई. उसने माधुरी को बस पीछे से hi देखा. पर पीछे का हिस्सा देख कर hi वो उसका दीवाना हो गया. माधुरी अंदर पार्टी में जा रही थी. वो तक़रीबन 70 साल का होगा. उसकी नजर बस माधुरी के पीछे के हिस्से पे गई.

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वो भी माधुरी के पीछे चल दिया. पर वो इतना तेज़ नहीं चल सकता था. वो अंदर पारी में माधुरी को ढूढ़ने लगा.

माधुरी से जग्गू अलग हो गया और कमरे को हैक करने लगा. कम की नजर माधुरी पे गई. जो जग्गू को देख कर स्माइल कर रही थी.

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माधुरी कुछ कदम आगे चली. कम ने जब माधुरी को देखा तो बोल पड़ा.

कम ; साली हे जबर्दस्त.

गेस्ट ; कोण हे ये??

कम ; वैसे तो पुलिस वाली हे पर अपनी असली पहचान छुपा रही हे.

गेस्ट ; क्या कम शब् इतना पैसा हे फिर भी आप फ़िक्र करते हो. पुलिस वालो की तन्खा होती कितनी हे. एक बैग पेसो से भरके दे दो. अपने आप बिस्तर पे लत जाएगी.

कम ; गुप्ता तेरा दिमाग ख़राब हे. ये साली हे कोण तुजे पता भी हे.

गुप्ता ; कोण??

कम ; वो बड़ा बिज़नसमैन था न जो मर गया अजय अग्रवाल उसकी बड़ी बेटी हे. और इसका पति जो हे जोधपुर रियासत का राजा. वीर सिंह.

गुप्ता ; (सोक) मतलब ये साली रानी हे. पर होगी hi. रुआब तो देखो. क्या चल हे. साला रॉयल्टी तो भाई दिखती हे. ये न आए तुम्हारे पास.

कम ; में मिलके आया.

कम माधुरी की तरफ जाने लगा. माधुरी की भी नजर कम पर गई. और वो स्माइल करते हुए उसे देखती हे.

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माधुरी का लुक देख कर कम तो उसका दीवाना हो गया. साड़ी में माधुरी बहोत खुबशुरत भी लग रही थी. और उसका फिगर तो कमल का था hi. कम जैसे पास आया माधुरी ने उसे गले लगा लिया. कम के लिए तो ये सोने पे सुहागा था. कम का हाथ माधुरी की खुली पीठ पे गया.

माधुरी ; पार्टी में इन्वाइट करने के लिए बहोत बहोत सुक्रिया कम सब.

कम ; (स्माइल) आइये इस तरफ आइये.

वो माधुरी की पीठ पर हाथ रखता हे और माधुरी को एक तरफ लेजाने लगता हे. तभी एक बूढ़ा आ जाता हे. तक़रीबन 70 साल का होगा. सर पे नेता लोग जैसी टोपी. रेशमी कुरता आँखों पे no वाले चश्मे.

बूढ़ा ; हे हे हे. नमस्ते कम शब्.

कम और माधुरी ने बूढ़े की तरफ देखा.

कम ; ओह्ह्ह रतन लाल जी आइये. इन से मिले ये हे जोधपुर रियासत की रानी माधुरी जी.

बूढ़े ने माधुरी को देखा तो उसकी भी लार टपक गई. वो लालची हसी के साथ बोलै.

रतन लाल ; ओह हो हो हो. नमस्ते नमस्ते रानी साहेबा आप तो बहोत सुन्दर हो वो क्या कहते हे अंग्रेजी में बूटी फूल.

माधुरी जोर से हस्ती हे.

माधुरी ; जी आप का मतलब ब्यूटीफुल. बहोत बहोत सुक्रिया रतन लाल जी.

रतन लाल चश्मे को ठीक कर के माधुरी को ठीक से देखता हे और बोलै.

रतन लाल ; मेडम अगर कृपा करे तो आप हमारी छोटी सी दुकान के लिए हमारे गहने पहन कर 1 ,2 फोटू खिचवा लीजिये. आप की बड़ी किरपा होगी.

कम ; (स्माइल) रतन लाल जी नक्षात्र के मालिक हे. ये चाहते हे की आप उनके लिए मॉडलिंग करे.

माधुरी ; (स्माइल) अरे नहीं नहीं में इतनी सुन्दर कहा.

रतन लाल ; (सोक फेस) अरे के बात करो सो रानी साहेबा. आप जैसी सुन्दर औरत तो मेने आज तक कोणी देखि. आप बस मरे गहने पहन लो हमारे गहनों की सोभा बढ़ जाएगी. आप घबराइए नहीं आप को हम वो वो रानियों वाली पोशाख में hi फोटू खीचेंगे. अब मन मत करिये रानी साहेबा जी.

माधुरी ; (स्माइल) अच्छा अच्छा ठीक हे. बोले कब चलना हे.

रतन लाल ; जी में तो कहता हु अभी चलो.

माधुरी ; (सोक) अभी कहा अभी तो में कम सब के साथ हु वक्त लग जाएगा.

रतन लाल ; है तो पार्टी के बाद चलो.

कम बिच में बोल पड़ा.

कम ; मेडम को तकरीबन 2 से 3 घंटे लगेंगे.

रतन लाल ; कोणी चिंता में अट्ठे सी बैठा हु.

कम और माधुरी दोनों वह से हस्ते हुए जाने लगे. कम ने फिर से माधुरी के पीछे हाथ डाला और माधुरी की पीठ जहा खुली थी वह अपना पंजा टिका दिया.

गंजे गोर चित्ते चश्मे वाले बूढ़े को हाथ लगते देख जग्गू को जलन हुई. वो पीछे से माधुरी को आवाज देता हे.

जग्गू ; मधु......

माधुरी और कम पीछे मुड़के देखते हे. जग्गू कम से जलके उसके पास आया और माधुरी की कमर में हाथ दाल कर उसे अपने से सत्ता लेता हे. माधुरी भी समाज गई वो कुछ कहना चाहता हे. जैसे hi गले लगे जग्गू माधुरी के कण में बोलै.

जग्गू ; बिलकुल हैक नहीं हो प् रहा हे. पता नहीं क्यों एरर पे एरर आ रही हे.

माधुरी ; (स्माइल) जानती हु. हमारा नेटवर्क हैक हो चूका हे. अब में नहीं जानती आज तुम्हे किए भी अपनी बीवी को बचाना होगा समझे.

कम सोच में पद गया ये जवान लड़का कोण हे.

कम ; माफ़ करना माधुरी जी आप ने इन जनाब की पहचान नहीं बताई.

माधुरी ; (स्माइल) जी ये खुबशुरत नव जवान मेरे पति हे.

कम जोरो से हस्ता हे. माधुरी जानबूछ कर अनजान बनती हे पर वो जान गई थी की वो उसकी असली पहचान जनता हे. खेल तो अभी माधुरी का भी बाकि था.

कम ; (हस्ते हुए) उफ्फ्फ रानी साहेबा आप के रजवाड़ी सोख. आप रॉयल फॅमिलीस के भी शोख होते हे. ऐयासी तो रियल सिर्फ आप लोग करते हे. हम नहीं जानते क्या राजा शब् को. लेकिन फिर भी ये नव जवान हे. खेर ये तो अपने अपने सौख होते हे.

माधुरी भी जोरो से हस्ती हे. जग्गू की गांड जल गई. पुरष में पड़े मंगलसूत्र में भी वीर को सब सुनाई देता हे.

माधुरी ; (स्माइल) वैसे राजा शब् के पास तो हसीनाओ की कमी नहीं हे. अभी 2 और रनिया उनके पास हे. फिर ये जनाब से मेरा डिल लग गया. और हम बहोत जल्दी शादी कर रहे हे. वैसे मेरी निजी जिंदगी से भी इन्हे कोई एतराज़ नहीं.

कम ; तब तो रानी शहबा हम भी कुछ मांगे तो आज आप मन नहीं करोगी.

माधुरी ; (स्माइल) एक हाथ दे एक हाथ ले.

कम ; मतलब???

माधुरी ; (स्माइल) ये तो आप की डिमांड पे hi डिपेंड करता हे कम शब्.

कम ; मुझे बस आप की एक शाम चाहिए. आप प्लीज मन मत करियेगा. जब से आप को देखा हे पागल हो चूका हु.

माधुरी जोर से हस्ती हे. जग्गू माधुरी को कभी कम को देखता हे. माधुरी ने जग्गू के कंधो पे हाथ रखा और थोड़ा सा दबा के चुप रहने का हिसार किया.

माधुरी ; (स्माइल) फिर तो बदले में हमें भी कुछ मिलना चाहिए कम शब्.

कम ; मांगिये क्या मांगना चाहती हे आप???

माधुरी ; आप का जप.

कम सोच में पद गया माधुरी उसका सबसे वफादार इन्शान की बलि मांग रही हे.

कम ; दिया. उसकी लाश आप को जाने से पहले मिल जाएगी.

माधुरी ; (स्माइल) इसके लिए उसे मरने की जरुरत नहीं हे कम सब आप बस एक खत लिख दीजिये. में उसकी जिंदगी जहनुम बना दूंगी. आप बस मुझे एक खत लिख कर एक दस्तखत कर दीजिये.

कम ने ताली बजे एक नौकर तुरंत आ गया.

नौकर ; जी सर???

कम ;( माधुरी को देखते हुए) एक लेटर पद और पेन लेककर आओ.

नौकर ; जी सर.

नौकर भाग कर लेटर पद और पेन ले आया. माधुरी ने जग्गू को घुमाया और लेटर पद उसकी पीठ पे टिक गया. माधुरी बोलती गई और वो लिखते गया.

माधुरी ; (स्माइल) लिखिए. में कम समर दस मेरी जान को खतरा हे. मुझे बार बार मरने की कोसिए की जा रही हे. और वो कोसिए सप जप यादव का काम हे. बख्तावर और गोदान बाबा जैसे ढोंगी और गुंडों की मदद करने वाला भी जप hi हे. उसने मुझे जान से मरने की धमकी दी हे. पुरे पुलिस स्टाफ की मदद लेकर वो गैर क़ानूनी अफीम और ड्रक्स का धंधा करता हे. बख्तावर और गोल्डन बाबा का इन काउंटर भी जप ने किया हे. इसकी जानकारी मेने स्पेशल ओफ्फिसार इंस्पेक्टर माधुरी को दी थी. अगर मुझे कुछ भी हुआ तो इसका जिम्मेदार जप hi होगा.

जग्गू सोच में पद गया. माधुरी ने क्या माइंड लगाया हे. कम ने सब लिख दिया और सिग भी कर दिए. और वो खत माधुरी को दे देता हे.

कम ; ये लीजिये रानी साहेबा अब तो आप तैयार हे न??

कम ने एक हाथ तो लेटर देते हुए माधुरी की तरफ बढ़ाया पर दूसरा हाथ माधुरी की गर्दन के पीछे रखा. माधुरी लेटर को हाथ से पकड़ती हे और अपनी खुबशुरत स्माइल से कम को देखती हे. कम का हाथ धीरे धीरे निचे की तरफ सरकने लगा. पूरा पंजा माधुरी की पीठ और फिर सरक ते हुए कमर और फिर हिप्स पर पहोच गया. कम ने हलके हलके से हिप्स के ऊपर पंजा घुमा कर अपना इरादा जाहिर कर दिया.

कम ; (स्माइल) तो चले.

कम ने माधुरी के कंधो में हाथ दाल दिया और वो जाने लगे. जग्गू देख कर जलने लगा उसने पीछे से आवाज लगाई.

जग्गू ; मधु...

और जग्गू भी उसकी तरफ आने लगा. जब जग्गू ने माधुरी को पुकारा तो दोनों पीछे मुद कर जग्गू को देखते हे.

कम ; उफ्फ्फ ये कबाब में हड्डी हे इसे प्लीज कही भेज दो.

माधुरी ; (स्माइल) नहीं कम शब् हम शादी कर ने वाले हे. इन्हे अपनी बीवी के सोख का पता होना चाहिए.

जग्गू ने भी माधुरी ने बोली वो बात सुन ली. माधुरी ने जग्गू के गाल पे किश किया और कम के कंधो से गले में हाथ दाल दिया दूसरा वैसे hi जग्गू के गले में और दो मर्दो के साथ चिपक कर माधुरी जाने लगी. वो दोनों के साथ आलीशान घर के अंदर दाखिल हुई.

कम ; (स्माइल) बैडरूम वह हे.

तीनो उस रूम की तरफ बढे. जैसे hi रूम के दूर की तरफ पहोचे माधुरी झुक कर दोनों के हाथ से निकल गई. दोनों रूम के अंदर खड़े थे. वो पीछे मुद कर माधुरी को देखते हे. माधुरी हस्ती हुई दूर पे कड़ी उन दोनों को hi कमुख और मादक नजरो से देख रही थी.

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दोनों ने मुद कर माधुरी को देखा रेड साड़ी में खुबशुरत साक्षात काम देवी लग रही थी. सांचे में ढला हुआ बदन और खुबशुरत स्माइल. कम ने तो पाजामे के ऊपर से hi अपने लैंड को मशाल दिया. वो खुद आगे आकर माधुरी का हाथ पकड़ कर झटके से खींचता हे. माधुरी कम की बहो में आ गई. माधुरी स्माइल करते हुए कम को देखती हे. उसके दोनों बूब्स कम की चेस्ट पे डाब गए और कानो के झुमके अब भी हिल रहे थे.

माधुरी ने घूम कर जग्गू को देखा. जग्गू बड़ी बड़ी आँखों से उन दोनों को hi देख रहा था. गुस्सा उसके फेस पे माधुरी साफ देख रही थी. माधुरी ने कम को बोलै.

कम ; (स्माइल) जरा एक मिनिट.

माधुरी कम की बहो से निकली और जग्गू के पास गई. जग्गू की आँखों में अंशु आ गए. माधुरी ने अपनी उंगलियों से जग्गू का फेस उठाया.

माधुरी ; क्या हुआ जग्गू तुम रो क्यों रहे हो. मेने तुम्हे डिल से प्यार किया और तुम्हारी होने का वादा तो किया अब क्यों.

जग्गू ; (रट हुए) में में में तुम्हे किसी और की बहो में नहीं देख सकता.

माधुरी हस्ते हुए जग्गू के अंशु पोछती हे.

माधुरी ; (स्माइल) रोना बंद करो जग्गू.

माधुरी ने जग्गू का सर अपने सीने से लगा दिया. दोनों बूब्स का कटाव और गहरी खाई के बिच के हिस्से में जग्गू की गरम सांसे नक् से निकलता पानी जो चिप छिपा सा था और आँखों के अंशु को अपने छाती की पहाड़ी के उठाव पर माधुरी ने महसूस किया. जिस से माधुरी ज्यादा उत्तेजित हो रही थी.

माधुरी ; तुम जानते हो यही कमी हे मेरे पति में. वो मेरी ख़ुशी की परवाह करते नहीं हे. मुझे मर्दो के जिश्म से खेलना बहोत पसंद हे. लेकिन वो जलते हे. में समझी थी तुम मुझे समझोगे. मेरे बदन की गर्मी ससस काम से काम तुम्हे तो मेरे जैसा होना चाहिए था. तुम्हे तो खुद मेरी ख़ुशी के लिए मेरे शिकार से खेलने में मदद करनी चाहिए और तुम उफ्फ्फ तुम भी उन जैसे निकले.

जग्गू तुरंत hi भड़का. और झटके से मुँह उठा कर बोलते हुए माधुरी से बोलै.

जग्गू ; नहीं में उनके जैसा नहीं हु. अगर तुम मेरे साथ खुश नहीं हो तो दुनिया के किसी मर्द के साथ खुश नहीं हो. ये लो.

जग्गू ने झटके से माधुरी के सीने से साड़ी का पल्लू खींच लिया. पल्लू गिरते hi माधुरी के बूब्स छोटे से ब्लाउज में सामने उभर कर आ गए. जग्गू ने माधुरी को कंधे से पकड़ कर कम की तरफ कर दिया. जैसे hi माधुरी का रुख कम की तरफ हुआ. माधुरी का उभरता जोबन देख कर कम की आंखे बड़ी हो गई.

जग्गू ने भी माधुरी को पीछे से बहो में भर लिया. माधुरी अपनी हिप्स की दरारों के बिच साफ जग्गू का लैंड फील कर रही थी. जग्गू माधुरी के पेट और नाभि पे अपने हाथ घूमने लगा. माधुरी ने अपना सर पीछे जग्गू के कंधे पर टिका दिया. और जग्गू के कण में बोली.

माधुरी ; (आंखे बंद) सस्सा सुनिए जी अह्ह्ह मेरा शो देखने के चक्कर में भूल मत जाना कमरे आप को अपने अंडर लेने हे.

जग्गू रुक गया और अपनी साड़ी का पल्लू उठा कर जग्गू के मुँह में ठूसने लगी. जग्गू ने भी साड़ी का पल्लू अपने जबड़े से पकड़ लिया. माधुरी हस्ते हुए गोल गोल घूमते हुए जग्गू से दूर जाने लगी. जैसे साड़ी ख़तम हुई माधुरी सिर्फ छोटे से ब्लाउज और घेर दर घाघरा जो नाभि से काफी निचे कमर की हड्डी पे टिका था. ऐसी स्थिति में वो कम की बहो में जा गिरी. कम ने तुरंत hi उसे अपनी बहो में भर लिया.

माधुरी ; (स्माइल) ससस केसा लगा मेरा अंदाज़.

कम ; (स्माइल) बहोत खूब. आप तो वाकई में ला जवाब हो रानी साहेबा.

कम ने अपना हाथ सीधा माधुरी के जोबन पे hi रखा. जग्गू खड़ा अब भी साड़ी का पल्लू उसके मुँह में hi था. माधुरी ने कम को बालो से पकड़ कर एक जोरदार किसा कर दिया. और पीछे मुद कर जग्गू को स्माइल करते हुए देखती हे. जग्गू का मुँह खुल गया और साड़ी का पलु जमीं पर गिर गया. माधुरी ने वापस सर घुमाया कम और माधुरी दोनों ने एक दूसरे की तरफ सर झुकाया और दोनों के लिप्स जुड़ गए.

ऐसा लग रहा था जैसे दोनों की किसिंग रेज लगी हो. माधुरी किश करते हुए कम के सर के बचे कूचे बालो में हाथ घुमा रही थी. जबकि कम माधुरी गोरी नंगी पीठ पर अपना पूरा पंजा जोर जोर से मशाल रहा था. जग्गू तो माधुरी के पीछे था. वो बस माधुरी की पीठ पे जो हाथ घूम रहा था उसे hi देख रहा था. जग्गू जैसे अपने होश खो बैठा हो. उसे होश तब आया जब उसे माधुरी ने पुकारा.

माधुरी ; (मादक आवाज नशीली आंखे) जग्गू

जग्गू ; (अचानक होश) है है.

माधुरी ने उंगलियों से उसे पास बुलाया. माधुरी के बुलाने का अंदाज़ कुछ निराला था. जब माधुरी जग्गू को बुला रही थी कम सर ज़ुका कर ब्लाउज के ऊपर से hi माधुरी के राइट बूब्स को मुँह में भर कर मशाल रहा था. और माधुरी उसके सर पर अपनी उंगलियों से खेल रही थी. जग्गू माधुरी की मादक मुश्कान वाले चहेरे को देखते हुए धीरे धीरे आगे बढ़ा. वो जैसे hi माधुरी के करीब आया. माधुरी ने हाथ पीछे लेजा कर अपने खुले बालो को समेत कर साइड किया. खुली पीठ जग्गू के सामने हो गई. जग्गू ने अपने दोनों हाथ माधुरी की पीठ पे रख दिया. माधुरी ने पीठ पर जग्गू की गुड़ गीड़ि कर रही ऊँगली को महसूस किया.

माधुरी ; ससस अरे बाबा डोर खिचिये न.

माधुरी जग्गू को ऐसे बोलती जे जैसे वो उसके लिए कह रही हो. जग्गू बार बार होश खो रहा था जैसे उसे सदमा लगा हो. लेकिन उसको बार बार माधुरी होश में ला रही थी.

माधुरी ; ससस खोलो न बाबा क्या कर रहे हो.

जग्गू की आँखों में अंशु आ गए उसने डोर खींच दी और ब्लाउज आगे को लटक गया. ब्लाउज तो था hi ब्रा जैसा. उसने ब्रा नहीं पहनी थी. जैसे hi ब्लाउज आगे लटका कम शब् के सामने कपडा हटके चमड़ी दिखने लगी. अब ब्लाउज तो उसके लिए बहोत बड़ी अड़चन थी. उसने ब्लाउज को पकड़ा और खींचने की कोसिस की. लेकिन माधुरी ने दोनों हाथ आगे कर दिए.

माधुरी ; ससस अरे रुको तो कम साहब.

लेकिन होश तो कम भी खो hi चूका था. ब्लाउज खींचने के चाकर में जब ब्लाउज खुद hi खुल गया तो कम ब्लाउज लेकर माधुरी के सामने जोर दर गिरा. माधुरी जोरो की हस्ती हे. कम को जबरदस्त गुस्सा आया.

कम ; (डट पीस कर) साली हराम जड़ी.

और कम गुस्से में आ कर माधुरी को खींच कर थप्पड़ मरता हे. ये देख कर जग्गू भड़क गया और कम को मरने गया.

जग्गू ; सेल तेरी इतनी हिम्मत तूने मेरी मधु पर हाथ उठाया.

लेकिन माधुरी ने जग्गू का हाथ पकड़ लिया.

माधुरी ; नहीं जग्गू ये गलत हे. आज की शाम कम सब की हे. और इसमें मजा आता हे. देखो मेरे गलो पे हाथ लगाओ.

गोरा गाल गुलाबी और गरम हो गया था. जब जग्गू ने माधुरी के गलो पे हाथ घुमाया तो माधुरी को बहोत सुकून मिल रहा था. माधुरी में अपनी आंखे बंद कर ली और जग्गू के हाथो पे प्यार से अपने गाल रगड़ ने लगी.

जग्गू ; (रट हुए) मधु में तुमसे बहोत प्यार करता हु. में तुम्हे किसी और के साथ नहीं देख सकता.

माधुरी ने बहोत प्यार से जग्गू के अंशु पोछे और सर के पीछे हाथ लेजा कर उंगलियों से उसके बालो में हाथ घूमती हुई बोली.

माधुरी ; किसी बात कर रहे हो. बस यही तो तुमसे उम्मीद थी. इसी लिए तो मेने तुंहारा प्यार काबुल किया. जो मुझे नेरा पति आज तक नहीं दे पाया वो तुमने मुझे आज दिया हे. में चाहती थी मेरा प्यार मुझे देखे मेरे जिश्म की जरीरत को समझे. तुम्ही बताओ में अपनी चाहत का गाला घोट दू??

जग्गू ; (रट हुए) नहीं मधु में तुम्हारे लिए सब करूँगा. जो तुम्हे पसंद हो.

माधुरी ; (स्माइल) तो फिर रोना बंद करो और जाओ कम शब् को अपनी बीवी के लिए मनाओ. जाओ.

जग्गू ने कम को देखा और बोलै.

जग्गू ; सर सॉरी सर मेरी बतमीजी के लिए. आप कुछ भी करो में बिच में नहीं आऊंगा.

माधुरी ; अरे बाबा माफ़ी मत मानगो बोलो की आकर मेरी बीवी की प्यास भुजाए.

जग्गू ; (सोक) क्या???

माधुरी जग्गू के सीने से लग जाती हे. और शर्मा कर जग्गू के सीने में सर छुपा कर बोली.

माधुरी ; (स्माइल) प्लीज मेरे लिए बोलो न सिर्फ एक बार.

जग्गू का माधुरी का शर्मा कर किसी और के लिए बोलने की सोचने से hi खड़ा हो गया. कुछ मीठा मीठा सा कमर के निचे होने लगा. जलन में भी मजा आने लगा. वो लड़खड़ाती आवाज में बोलै.

जग्गू ; सीसीसी कम शब् मेरी बीवी की प्यास भुजा दो. प्लीज.

जग्गू का बोलने से hi जबरदस्त रोड की तरह कड़क लैंड हो गया. माधुरी ने सर ऊपर कर के स्माइल करते हुए जग्गू को देखा फिर गले लगा लिया. उसे भी एहसास हो गया की जग्गू का लैंड लोहे की रोड में तब्दील हो गया. माधुरी ने जग्गू के लैंड को पेण्ट के ऊपर से hi पकड़ लिया और बड़ी इरोटिक स्टाइल में बोली.

माधुरी ; (स्माइल) बदमाश. अपनी बीवी को किसी और के साथ देख कर मजा आ रहा हे है. लो अब मुझे नंगा करो.

सब सुनकर इरोटिक फीलिंग तो कम की भी हो गई. पुरे खेल में वो बहोत काम बोल पाया था. पर उसे अपनी बहु याद आ गई. पायल. हलाकि उसका इस स्टोरी में कोई लेना देना नहीं हे. पर कम की नजर अपनी बहु पे थी. वो उसपर अपनी गन्दी नजर रखता था. उसकी ले बही पाया. कम ने जबर्दस्ती करने की कोसिस की पर अनजाने में हाथ पाई करते हुए कम के हाथो से उसकी बहु मर गई. इस बात का किसी को पता नहीं चला पर कम के डिल में अपनी बहु को भोगने की इच्छा अभी भी दबी रहे गई.

वही जग्गू ने माधुरी के घाघरे का नाडा खींचा. और छोड़ दिया. माधुरी पूरी नंगी. घागरा माधुरी के गोल दायरा बना कर निचे पड़ा था. जग्गू और माधुरी एक दूसरे को स्माइल करते हुए देखते हे फिर जग्गू माधुरी का हाथ पकड़ कर कम की तरफ धीमे कदमो से जाने लगा.

जब वीर जेल के अंदर फर्श पर बैठा था. एक पुलिस अफसर हाथ में 2 गिलास और एक इसकी की बोतल लेकर आया.

पुलिस अफसर ; (फ्रेंच) शराब पिओगे.

पुलिस अफसर ने एक गिलास में इसकी डाली. वीर खड़ा हुआ और सलाखों के करीब जा कर इसकी की बोतल उसके हाथ से खींच लेता हे. और बोतल से मुँह लगा कर इसकी गटकने लगा.

पुलिस अफसर ; (स्माइल) (फ्रेंच) वो वो वो लगता हे बहोत गहरी चोट खाई हे. कही प्यार में तो नहीं हो.

वीर आधी बोतल से ज्यादा पि चूका था. वो हफ्ते हुए पहले पुलिस अफसर को देखता हे और फिर बोलै.

वीर ; (फ्रेंच) है प्यार में धोखा खाया हु.

पुलिस अफसर ; (फ्रेंच) (स्माइल) वाओ प्यार में धोखा किसने दिया.

वीर ; (फ्रेंच) मेरी बीवी ने.

पुलिस अफसर ; (फ्रेंच) वो जो बहार हे??

वीर ; (फ्रेंच) नहीं वो जो मेरे घर हे.

पुलिस अफसर ; (फ्रेंच) मतलब बहार हे वो तुम्हारी बीवी नहीं हे??

वीर ; (फ्रेंच) नहीं वो मेरी hi बीवी हे.

पुलिस अफसर ; (फ्रेंच) कमल हे. बहार भी तुम्हारी बीवी घर में भी तुम्हारी बीवी. कितनी बीविया हे तुम्हारी??

वीर ; (फ्रेंच) पहले 3 थी. पर अब सिर्फ 2 हे. मधु मर गई मेरे लिए.

पुलिस अफसर ; (smaile)(French) तो तुम भी मर जाओ न.

वो पुलिस अफसर ने गन निकली और वीर न देखे ऐसे उसकी तरफ कर रहा था. पर वीर तो घायल था. और घायल शेर और भी ज्यादा खतरनाक होता हे. वीर ने उसका हाथ पकड़ के अंदर खींच लिया. और सलाखों के सहारे मरोड़ दिया. वो पुलिस अफसर जोरो से चिलाय. बहार ेराम और आलिया था. वो दोनों भी आवाज सुनकर अंदर पुलिस स्टेशन में भागे. सरे पुलिस और वो दोनों भी उनके पास पहोचे.

ेराम ; (जोर से चीला kar)(French) मेने पहले hi कहा था अफसर इनकी जान को खतरा हे. और आप अब भी समाज नहीं रहे हो.

मैं पुलिस अफसर ; (फ्रेंच) रुको रुको में इन्हे बहार निकल रहा हु.

वीर पर हमला करने वाले पुलिस अफसर को दूसरी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. वीर को बहार निकल वो और आलिया ेराम के साथ बहार जाने लगा. जो मैं पुलिस अफसर था वो वीर का हाथ पकड़ कर गुस्से में जातक देता हे.

मैं पुलिस अफसर ; (गुस्से me)(French) अपना नहीं तो काम से काम ये तुम्हारी बीवी के लिए तो सोचो. बेचारी रत भर अपनी दोस्त के साथ तुम्हारे लिए बहार बैठी रही.

वीर ने सर उठा कर आलिया को देखा और फिर ेराम को देखा हे. वीर बहार आ गया और सड़क पर चलने लगा. आलिया और ेराम दोनों उसके पीछे भागने लगे. वीर को नशा हो गया था. वो रट हुए कहते जा रहा था. शराब उसे चढ़ गई थी.

आलिया ; (रट हुए) प्लीज आप हमारे साथ चलिए कहा जा रहे हो.

वीर ; (रट hue)(nashe में) प्लीज तुम पहले भी मुझपे बहोत एहसान कर चुकी हो. अब मुझे अकेला छोड़ दो.

आलिया ; (रट हुए) आप ऐसा क्यों बोल रहे हो. एक बीवी ने धोखा किया तो क्या हम दो भी आप के साथ गलत करेंगे. हम दोनों आप से कभी धोखा नहीं करेंगे हमारा वादा हे आप से.

वीर रुक गया. आलिया भाग कर वीर के पास आई और उसे बहो में ले लिया.

वीर ; (रट हुए) वादा करो तुम मुझे छोड़ कर कही नहीं जाओगी. में वादा करता हु. किसी और से रिस्ता नहीं बनाऊंगा.

आलिया ने अंशु पोछे.

आलिया ; फिर आप को ेराम दी से शादी करनी होगी.

ेराम को झटका लगा. शादी के लिए नहीं आलिया ने दी बोलै ये सुनकर उसकी आँखों से भी तेज़ अंशु बहे गए. वीर को कोई होश नहीं था. वो नशे में बेहोश हो गया.

आलिया ; दी आप इन्हे सम्भालो में कार लेकर आती हु.

ेराम वीर का सर अपनी गॉड में रख लेती हे. ख़ुशी और अंशु दोनों एक साथ थे. ेराम बेहोश वीर के गाल चूमे जा रही थी. आलिया कार लेकर आई और उनके पास खड़ा कर दिया.

आलिया ; दी उठो इन्हे कार में ले आओ.

ेराम नहीं सुनती और कभी आलिया को कभी वीर को देखते हुए मुँह फाड् के रोने लगी. ख़ुशी के मरे मुँह फाड् कर जैसे शादमा लगा हो वैसे रोटी hi रही. आलिया कार से निकली और ेराम को थपड मरती हे. ेराम के मुँह से बस आलिया hi निकला और उसकी आवाज वापिस आई.

ेराम ; (रट हुए) आलिया.......

आलिया ; मत रो दी शांत हो जाओ दी हमें पहले इनको संभालना हे दी.

आलिया ेराम का दर्द समाज गई और वो ेराम की पीठ पे हाथ घूमने लगी. दोनों ने वीर को कार में डाला. ेराम वीर को लेकर पीछे वाली सीट पे बैठ गई. और आलिया ड्राइव करने लगी. ेराम अब होश में थी.

ेराम ; आलिया में इनसे बहोत प्यार करती हु. लेकिन इनसे शादी करने की लालच नहीं हे.

आलिया ; (ड्राइव) मुझे मालूम हे दी. में जानती हु. आप इनके लिए हमारी तरह hi वफादार हो. आप की नियत पे मुझे शक नहीं हे. पररररर...

ेराम ; पर क्या???

आलिया ; (स्माइल) जलन होती हे आप से. आप खुबशुरत भी बहोत हो. कही ये हमें आप के लिए न छोड़ दे.

ेराम ; लेकिन में तो तुम्हारी hi बहन हु न. बस तुम मानती नहीं. क्यों की में नाजायज़ हु.

आलिया ; (स्माइल) नहीं दी. वो बात नहीं हे. लेकिन ये बात सच हे की हम 4 बहने हे. बस हमारी माँ अलग अलग हे. पर हम 4 का एक hi पति. में माधुरी नहीं हु. में आलिया हु. में और नहीं बात सकती.

ेराम ; तो फिर क्यों मेरी इनसे शादी करा रही हो??

आलिया ; क्यों की हम बहने हे. (गुस्सा) और उस हातमजदि ने मेरे शोहर को धोखा दिया हे. में उसे जिन्दा नहीं छोडूंगी. बस एक उम्मीद हे आप से.

ेराम ; बोलो तुम्हारी ये बहन तुम्हारे लिए कुछ भी कर देगी.

आलिया ; बस चाहे कोई भी हो इनके खिलाफ. उसकी गर्दन धड़ से अलग कर देना. चाहे फिर वो में हु या शिल्पा दी या वो हरामजादी मधु ho.(Gussa)

ेराम ; वादा

जग्गू भागता हुआ रूम के अंदर आया. जैसे वो कोई सीन छोड़ना न चाहता हो. रूम का दूर को जैसे hi धकेल के अंदर आया अंदर अँधेरा था. बिजली चली गई थी. और इन्वर्टर चालू नहीं हो प् रहा था. पर चांदनी रत में चांदनी विंडो से अंदर आ रही थी. उसे जरा से चाँद के उजाले में भी माचू दिख गई. माधुरी की सिसकारियों की आवाज भी पुरे रूम में मदहोशियाँ फैला रही थी. वो हिप्स को ऊपर की तरफ उठती तो उसकी थोड़ी भी ऊपर हो जाती. माधुरी पूरी नंगी और ऊपर कम माधुरी का रास पिने वाला भावरा.

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माधुरी ; (मादक) सससस अह्ह्ह ससस थोड़ा जोर लगाइये न ससस.

कम ; (हफ्ते हर) बस पायल बिटिया बस ससस तुम बहोत खूबसूरत हो.

माधुरी ; (मादक) ससस बाउजी ससस अहह.

तभी अचानक बिजली आ गई. और जग्गू के सामने बहोत जबरदस्त नजारा था. कम पूरा माधुरी पे सवार दोनों पसीना पसीना थे. माधुरी की आंखे बंद और पूरा कम शब् का औजार अपने अंदर सुकोडे हुए. चहेरे पर एक्जबदस्त कमुखता.

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माधुरी के ऊपर एक सिर्फ बूब्स की तरफ थोड़ा सा चादर का हिस्सा और उसपे कम के गंदे हाथ बहोत बेरहमी से उसके बूब्स पर घूम रहे थे.

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जग्गू का पागल पैन और माधुरी की दी हुई बीमारी सर पर सवार हो गई. दो बार मुट्ठ मरने के बावजूद फिर से वो अपने लैंड में तनाव महज़ूज़ कर रहा था. उसकी नजर माधुरी का फेस और उसकी मादक आवाज पे hi अटक गया.

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माधुरी ने स्माइल करते हुए गर्दन घुमाई और जग्गू को देखा. माधुरी ने जग्गू की तरफ हाथ बढ़ाया. जग्गू माधुरी के पास आया. माधुरी ने टटोल कर पंत में हाथ डाला और जग्गू का तना हुआ लैंड पकड़ लिया. कम शब् तो जैसे मज़दूरी कर रहे थे.

माधुरी ; (मादक) जग्गू..... सससस.

जग्गू ; (आंखे बंद) यह है है.

माधुरी ; सससस कम शब् को बी बोल दो.

कम शब् क्या बोलते उनकी तो तीसरी बार छूट में पिचकारी छूट गई और वो स्माइल करते हुए आंखे बंद कर के माधुरी के सीने पर गिर गया. जैसे माधुरी के बूब्स उसका तकिया हो.

जग्गू ने आंखे खोली और कम की पीठ पर हाथ रखता हे. धीरे धीरे पीठ पर हाथ घुमा कर वो कम के सर तक हाथ घूमता हे. अचानक जाप्ता मर के वो कम का सर जकड लेता हे.

कम ; (जोर से चीला कर) अह्ह्ह्ह छोड़ सेल क्या कर रहा हे

जग्गू ने कम की थोड़ी की तरफ से सर पकड़ कर उठा दिया. कम के निचे माधुरी के सामने कम का गाला खूब उभर के आया. माधुरी को फिर क्या इंतजार था. माधुरी ने निचे से hi उसका गाला पकड़ लिया. कम जोर से चिलाय.

कम ; आआआआ आआ.

जग्गू ने एक हाथ दे बै घुमाया तो उसके हाथ में माधुरी की पंतय आई. जग्गू ने उसे कम के मुँह में थुश दिया. कम तो सीसीएक सिसक कर अपना डैम तोड़ रहा था. वो माधुरी के ऊपर hi ढेर हो गया. जग्गू ने उसे धक्का दे कर निचे गिरा दिया. फिर माधुरी और जग्गू की नज़ारे मिली दोनों एक मिनिट एक दूसरे को देखते रहे. फिर दोनों जोरो से हसने लगे. जग्गू माधुरी के लिप्स पे अपने लिप्स रख देता हे. दोनों जबरदस्त किश करने लगे. थोड़ा सा खून जो माधुरी के दातो में था. वो दोनों के मुँह में लार के साथ घूम रहा था. पागल पैन और नै पैदा हुई सोकॉल्ड नेस से जग्गू का खड़ा था.

वो चूमते हुए माधुरी के बूब्स की तरफ बढ़ने लगा. जग्गू गलती से कम की लाश के ऊपर hi लत टिका कर खड़ा हो गया. धीरे धीरे माधुरी की थोड़ी फिर गाला और फिर माधुरी के बूब्स को चूमने लगा. माधुरी आंखे बंद कर के सिसकारियां भर रही थी. माधुरी ने जग्गू के सर पे हाथ रख कर थोड़ा दबाव दिया. जग्गू का सर निचे होने लगा. धीरे उसके लिप्स माधुरी के पेट और नाभि से टकराने लगे.

वो तो नाभि को चूमना चाहता था. पर सर पे दबाव की वजह से सिर्फ होठ की रगड़ hi लगी. फिर बंद आंखे और लिप्स पे कुछ चिप छिपा सा लगा तो जग्गू को पता चला उसके लिप्स कहा हे. जग्गू ने आंखे खोली. छूट से अभी भी कम का गधा पानी लकीर की तरह बहार निकल रहा था. तभी माधुरी के मुँह से मादक सब्द निकले.

माधुरी ; (आंखे band)(madak) जी ससस चाटिये न जी सससस अपनी बीवी के लिए अह्ह्ह्हह.

माधुरी की मादक आवाज और पति वाली फीलिंग. जग्गू ने सिर्फ लिप्स छूट पे टाच hi करे. माधुरी जोर से सर अंदर प्रेसस किया. नतीजा मुँह पूरा चिप छिपा हो गया. माधुरी का पुराण हवस भरा अंदाज़ पति हो या प्रेमी या हो सीकर चुदाई के बाद पक्का छूट जरूर चतवती थी. काफी देर छूट चाट कर साफ सफाई का अभियान चलता रहा. फिर अचानक माधुरी कड़ी हुई. जैसे घबराई हुई हो.

माधुरी ; जी जल्दी कीजिये कोई रूम में आ सकता हे. मेरे कपडे दीजिये.

जग्गू ने एक एक कपडा लिया और माधुरी की तरफ हाथ बढ़ाया. माधुरी गुस्से हो गई.

माधुरी ; (जुटा गुस्सा) जी थोड़ी सी बीवी की गुलामी कर लोगे तो छोटे नहीं हो जाओगे.

और बोलकर माधुरी है दी. जग्गू भी समाज गया वो खुद माधुरी को सरे कपडे पहना ने लगा. सरे कपडे पहना ने के बाद बोलै.

जग्गू ; अब चलो जल्दी.

माधुरी उसको फिर गुस्से से देखती हे. और उसके माथे पर हलके से मर कर बोली.

माधुरी ; (गुस्सा) आप से तो कुछ बोलना hi बेकार हे. कोई काम तो ठीक से करते नहीं. बस मधु ी लव यू. हम्म्म.

माधुरी नागिन की तरह बलकटी कम की लाश के पास गई. और फिर उसके से अपनी पंतय उठती हे. जग्गू उसके पास आया.

जग्गू ; लाओ मधु में पहना देता हु.

माधुरी जैसे बीवी गुस्सा दिखती हे वैसे पंतय जोर से उसके मुँह में थुश देती हे.

माधुरी ; अब आना मेरे पास रत को दिखती हु तुम्हे बड़ा प्यार.

माधुरी बोल कर बहार जाने लगी. माधुरी के गुस्से पर भी जग्गू को बड़ा pyar,aa रहा था. पूरी फीलिंग हस्बैंड वाइफ वाली थी. भाग कर जग्गू माधुरी के करीब आ गया और उसकी कमर में हाथ दाल दिया. माधुरी भी छुप कर स्माइल करती हे. जो जग्गू ने देख ली. और वो भी स्माइल करता हे. तभी माधुरी को पूछे से रतन लाल की आवाज आई.

रतन लाल ; रानी शहबा रानी साहेबा.
 
मोनार्क और ादः दोनों अपने घर आ गए थे. दोनों अपने बेडरूम में थे. मोनार्क आते के साथ कंप्यूटर पे बैठ गया. ादः बैठी बैठी मोनार्क को hi देख रही थी.

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मोनार्क कंप्यूटर की स्क्रीन को देखते हुए पीछे बैठो अपनी खुबशुरत बीवी को बोलता हे.

मोनार्क ; ऐसे मत देखो ादः तुम जानती हो मुझे इन सब की आदत हे. कई बार बजती जेल चूका हु.

ादः ; हम्म लेकिन कोई बोल कर के देखे. चाहे वो कोई भी हो.

मोनार्क ; (स्माइल) लेकिन जब हम साथ होते हे तो कैयो की गांड भी जलती होगी. मुझे उसमे बड़ा मजा आता हे.

ादः को भी इस बात पे हसी आ गई.

मोनार्क ; तुम जानती हो ादः में जब छोटा था तब में अपने दोस्तों के साथ खूब खेलता था. पर वो बड़े हो गए. फिर उनके छोटे भाई बहन बड़े हो गए. वो मुझे अपनी उम्र का समज़ते थे. धीरे धीरे लोगो का मज़ाक और तने. में पहले बहोत रोटा था. में अपनी पढाई में तो तेज़ था. लेकिन जब में जवान हुआ मेरी सब से बड़ी जरुरत थी गर्लफ्रेंड. लेकिन कोण सी लड़की को में पसंद आता.

ादः ; है वैसे पहले तो जब तुम मुझपे इतनी गन्दी लाइन मरते थे की डिल करता था तुम्हाता एक पांच में मुँह तोड़ दू. पर साला तुमसे hi प्यार हो गया. है लेकिन फायदे में रही. तुम मुझसे प्यार भी करते हो. अब तो मुझे तुम पसंद भी हो. तुम्हारा वो तो मस्त मोटा और लम्बा भी हे. और तुम मस्त लॉन्ग टाइम तक मुझे हिलने भी नहीं देते.

मोनार्क ; (हस्ते हुए) अच्छा जैसे अभी तुम मेरी पिटाई नहीं करती. अब सेक्स के लिए रत को जो बात दिन में नहीं मानती रत में मन लेती हो.

ादः ; वो तो सब की बीविया करती होगी. इसमें नया क्या हे. और तुम भी तो सेक्स के लिए मुझे ब्लैक मेल कर के सब करवाते hi हो न. लेकिन वो मेडम की बहन साली शिल्पा साली तुमसे बतमीजी की इस लिए की तुम्हारी हिघ्त छोटी हे क्या इस लिए वो ऐसे बात करती हे.

मोनार्क ; अब तुम बात का बतंगड़ बना रही हो. उन्हों ने न आज और न hi कभी भी मेरी हिघ्त की कोई बात नहीं की. और न hi मुझे कोई इस बारे में फील कराया हो.

ादः को गुस्सा आया.

ादः ; भें छोड़ सेल जा घुस जा उसकी छूट में.

मोनार्क ; (स्माइल) मेरी बीवी तो तुम हो. अब तुम्हारी मर्जी हे. तुम मुझे अपनी छूट में घुसाओ या अपने पिछवाड़े में. तुम्हारी मर्जी हे.

मोनार्क खड़ा हुआ. और ादः की तरफ बढ़ ने लगा. ादः ने मोनार्क को जैसे छोटा बचे को गॉड में लेते हे वैसे हाथ पकड़ कर गॉड में बैठा कर बहो में भर लिया. मोनार्क की छोटी सी एक ऊँगली ादः के बालो की लत को उसके कण के पीछे लेजाती हे. और वो ऊँगली फिर ादः की लिप्स पर रंगने लगी. ादः ने मोनार्क का हाथ पकड़ा और चुम लिया.

ादः ; तुम कुछ ऐसा करो की वो साली शिल्पा तुम्हारा काम देखती रहे जाए.

मोनार्क ; पहले तो मुझे ये पता करना हे बिना लिंक के वो सिस्टम में घुसा कैसे. और में और जग्गू मिल कर भी इसे ऐसे नहीं पकड़ सकते. हमें किसी और को ढूढ़ना होगा.

ादः ; किसे???

मोनार्क ; जो हो ऐसा आईटी का बाप हो. कोई तो होगा. ऐसा.

वही माधुरी और जग्गू दोनों बहार निकले तो रतन लाल बहार hi बैठा था. माधुरी को देखते hi खड़ा हो गया. और माधुरी को आवाज देता हे.

रतन लाल ; ोू रानी साहेबा क्यों इस गरीब पे सितम था रहे हो.

माधुरी स्माइल करती हुई मुड़ी. और रतन लाल को एक ादः से देखती हे. माधुरी की चंचल ादः और बहोत खुबशुरत मुश्कान को देख कर रतन लाल का तुक गले से निचे hi नहीं उयर पाया.

जग्गू ; (धीमे से) मधु प्लीज अब इसके साथ नहीं प्लीज.

माधुरी ; (स्माइल) जी आप बड़े बेवकूफ हो. हमें रत काट नई हे. कल जप हमें गिरफ्तार करेगा तो में क्या कहूँगी. में रत किसके साथ थी. आप भी न कुछ समझा करो.

जग्गू ; लेकिन ये बेचारा तो सिर्फ बिज़नस करता हे. इसका कोई हाथ नहीं हे.

माधुरी ; (स्माइल) अच्छा तुमने पता कर लिया?

जग्गू ; है बस इसका गुनाह इतना हे की ये सोना इन लोगो के लिए गोवा की कंपनी को बेचता हे. 2 % खुद लेता हे.

माधुरी ; (स्माइल) वाओ फिर इसे आज नहीं मरेंगे. पर मरना तो इसे भी पड़ेगा न.

जग्गू ; उफ्फ्फ्फ़ मधु यार तुम समज़ती नहीं हो. इसे मरेंगे फिर भी तो हम hi फसेंगे न.

माधुरी ; (स्माइल) अब जी आप चुप भी रहो. अपनी बीवी तुम्हे छुप कर शो तो दिखा रही हे. नहीं तो दुसरो की तो छुप छुप कर करती हे है.

जग्गू को हसी आ गई. वो वही खड़ा रहा. माधुरी रतनलाल के पास गई.

माधुरी ; (स्माइल) अरे रतन लाल जी. आप सच में मेरा इंतजार कर रहे हे में तो समझी आप मज़ाक कर रहे हे.

रतन लाल होश में आया. और माधुरी के गोर मुखड़े को देखते हुए बोलै.

रतन लाल ; (स्माइल) अरे में मज़ाक क्यों करू. आप हो इतनी सुन्दर की मरे गहनों का प्रचार हो जावेगा. बस थोड़ी किरपा कर दो गरीब पर. आ जाओ मरे साथ.

माधुरी ; (स्माइल) पर इस वक्त?? 11 बज रहे हे.

रतन लाल ; (स्माइल) तो के होगया रानी सा. ऐसे टीम पे तो कोई परेशां भी नहीं करेगा. बस चलो मरे गरीब खाने पे.

माधुरी जोर से हस्ती हे.

माधुरी ; (स्माइल) अच्छा चलिए.

माधुरी रतन लाल के कंधे पर हाथ रख देती हे. और दोनों जग्गू की तरफ चलने लगे. जग्गू के पास पहोचे तो माधुरी जग्गू से बोली.

माधुरी ; (स्माइल) जी सुनते हो. में रतन लाल जी के साथ उनकी कार में जा रही हु. आप कार लेकर हमारे पीछे पीछे आ जाइये.

माधुरी आगे आ कर जग्गू को गाल पे एक छोटा सा किश करती हे. फिर रतन लाल की तरफ देख कर बोली.

माधुरी ; (स्माइल) जी चलिए रतन लाल जी. आप भी खींच लीजिये मेरी फोटो.

रतन लाल लालची हसी से हसने लगा. वो अपनी कार के पास पहोचा. उसके हाथ कप रहे थे.

माधुरी ; (स्माइल) क्या में ड्राइव कर लू??

रतन लाल ; (हड़बड़ाते हुए) है है है क्यों नहीं क्यों नहीं.

माधुरी जोरो से हसने लगी. रतन लाल कार से बहार निकल गया था. माधुरी तुरंत hi ड्राइविंग सीट पर बैठ गई. रतन लाल अभी खड़ा बस माधुरी को देख रहा था.

माधुरी ; (स्माइल) अरे बैठिये रतन लाल जी. आप तो खड़े hi हो गए.

रतन लाल हड़बड़ाते हुए माधुरी की बगल वाली सीट पर बैठ गया. जग्गू अपनी कार के पास खड़ा उन दोनों को hi देख रहा था. माधुरी की कार तो बहोत महंगी थी. ये कार चोरी की नहीं शिल्पा की थी. जो कायदे से रजिस्टर no की थी. माधुरी ने जग्गू का no डायल किया और फ़ोन साइड में रख दिया. अब उसे दो मर्द सुन सकते थे. एक उसका पति जो दारू के नशे में बेहोश था. जिसे आवाज तो आ रही थी. पर वो सुन नहीं रहा था. और द्वारा जग्गू जो कॉल पिक कर के hello hello बोलता रहा पर उसे सामने से माधुरी का कोई रिप्लाई नहीं आया. अब माधुरी के जहँ में उसे दो मर्द सुन रहे हे. पति और प्रेमी. माधुरी को इरोटिक फीलिंग आने लगी.

एक कमजोर सा बूढ़ा जिसे देखने के लिए भी no वाले चश्मे की जरुरत पड़ती हे. जिसके शरीर की चामिडी तक लटक गई हे. वो माधुरी के बदन को ताड रहा हे. और उसके दोनों मर्द जो जान से ज्यादा प्यारे हे. जिन से वो प्यार करती हे. वो दोनों उसकी आवाज सुनेंगे. माधुरी ने जान बच कर कार की लाइट चालू राखी. अँधेरे रोड पर माधुरी ने कार भागना सुरु कर दिया. जग्गू ने भी जब लाइट चालू देखि तो वो सोचने लगा की कही अंदर कुछ हो तो नहीं रहा हे.

वो भी कार स्टार्ट करने की कोसिस करता हे. पर इतनी महंगी ोड कार उस से स्टार्ट नहीं होती. बड़ी मुश्किल से उसे हडबडात में कार के सिस्टम समाज आए और उसने कार भागना स्टार्ट किया. माधुरी तो थोड़ा आगे निकल गई. तभी उसे मोबाइल से माधुरी की आवाज सुनाई दी.

माधुरी ; ससस उफ्फ्फ्फ़ रतन ससस ओह्ह्ह सॉरी. में आप को रतन बोल सकती हु न. िफ़ यू don't मंद.

रतन ; हे हे हे. अरे क्यों न बोल सको हो. आप ने तो मुझे प्यार से बोल्या इसा लगा जैसे अपना पैन हो. कोई नई ताम मुझे रतन hi कहे कर पुकारो रानी सा.

माधुरी अपनी सुरीली आवाज में हसने लगी. वो जानती थी की जग्गू तो सुन hi रहा हे. उसे बहोत मजा आ रहा हे. तभी रोड पे जग्गू को माधुरी और रतन की कार दिख गई.

रतन लाल ; तो रानी सा कहिये आप क्या बोलना छह रही थी???

माधुरी ; (स्माइल) तो आप भी मुझे मधु बुलाओ अब हम दोस्त हे.

माधुरी के बोलने का अंदाज़ रतन लाल को अंदर से पूरा हिला दिया. माधुरी उसके बेटी की उम्र की थी. वही जग्गू ने जब सुना तो उसके डिल की धड़कने और तेज़ हो गई. वो समाज गया आगे कुछ होने जरूर वाला हे.

रतन लाल ; तो बताओ मधु जी.

माधुरी ; (नशीला अंदाज़ आवाज़ भी नशीली.) मधु जी नहीं सिर्फ मधु. (स्माइल) बोलो....

माधुरी की मादक आवाज जग्गू और रतन लाल दोनों के डिल में सनसनी फैला रही थी. जग्गू को अब भी अंदर क्या हो रहा हे वो दिखाई नहीं दे रहा था. उसने कार भागे और उनके करीब पहोच गया. पर दोनों तो अपनी जगह पे hi थे.

रतन लाल ; (स्माइल) अच्छा अच्छा मधु क्या बोलना चाहती थी.

माधुरी ; अरे हाआआआ सससस गर्दन बहोत दर्द कर रही हे. उनके साथ होती तो अच्छा होता काम से काम वो मुझे मसाज तो दे देते.

रतन लाल ; तो क्या में कर दू.

रतन लाल बोलते बोलते दर ने लगा कही माधुरी उसपे नाराज न हो जाए वही जग्गू ने जब रतन लाल की बात सुनी तो उसे बहोत गुस्सा आया. लेकिन माधुरी ने बहोत ज्यादा सेक्सी स्माइल कर के रतन लाल को देखा. तो रतन लाल को भी थोड़ी हिम्मत आई.

माधुरी ; (स्माइल) तुम???? तुम्हे बुरा तो नहीं लगेगा न रतन.

रतन लाल को जब ऐसी खुबशुरत वुमन ने इस तरीके से बोलै तो माधुरी के लिए उसकी लार टपक गई. वो थोड़ा माधुरी की तरफ झुकने लगा.

रतन लाल ; (स्माइल) अरे इस में के बुरा लग्न हे.

रतन लाल ने थोड़ा माधुरी की तरफ झुक कर माधुरी के गले के पास जो खुला हिंसा था उसपर अपना हाथ रख दिया. माधुरी के मुलायम कंधो पर हाथ रखते hi जैसे रतन लाल को करंट सा लगा हो. लेकिन माधुरी भी ऐसे हिली जैसे पहेली बार कोई पराए मर्द ने उसे छुआ हो.

माधुरी ; ससस अम्म अस्स.

रतन लाल कंधे को अपनी उंगलियों से बड़े प्यार से मशाल ने लगा. थोड़ा गर्दन के पास थोड़ा कंधे पर. उसकी उंगलिया बार बार गर्दन को टाच हो रही थी. रतन लाल को दर भी लग रहा था. उसने माधुरी के चहेरे को देखने की कोसिए की. माधुरी भी बार बार अपनी आंखे खोलती और फिर बंद कर के एक डैम से खोल देती. उसके लिप्स बस थोड़े से खुलते साफ महसूस हो रहा था. उसके मुँह से हवा निकल रही होगी. फिर एक बार माधुरी ने अपनी जीभ निकली और अपने सूखे होतो पर घुमा दी.

नजारा इतना मादक था की रतन लाल उत्तेजित हो गया. वही जग्गू ने बस इतना महसूस किया की एक हाथ रतन लाल ने माधुरी की तरफ बढ़ाया हे. अब वो सच में कन्धा दबा रहा हे या बूब्स या कुछ और वो पता नहीं चल रहा था. उसे गुस्सा आ रहा था. उसने जोर से एक हाथ मारा जो हॉर्न पे लगा. माधुरी ड्राइव करते वो चीज समाज गई की जग्गू उतावला क्यों हो रहा हे. उसकी आंखे और ज्यादा नशीली हो गई. वो मिरर में देखती हे जग्गू कार लेकर पीछे hi आ रहा हे.

फिर वो सामने देखने लगी. तभी माधुरी की संशे तेज़ हुई. और हलके से उसका पल्लू निचे सरक कर बस बूब्स पे जरा से में अटक गया. रतन लाल को सिर्फ बूब्स का ऊपर का hi हिस्सा दिख रहा था. उसके हाथ उसे खुद पता नहीं चला थोड़ा सा बिछे हुए और कंधे से बस जरा सा निचे hi हुए थे की सामने से एक ट्रक गुजरा. जिस से उसके फेस पे रौशनी गई. उसने अपना हाथ खींच लिया.

माधुरी ; ससस अभी भी ससस बहोत दर्द हे.

रतन लाल को पसीना आने लगा. आंखे बड़ी हो गई. जब माधुरी की तरफ देखा तो पल्लू नहीं था. माधुरी बस छोटे से ब्लाउज में गाड़ी चला रही हे. रतन लाल के गाला सूखने लगा. वो कप ने लगा. रतन लाल कपट हाथो को आगे बढ़ने लगा. उसका हाथ सीधा माधुरी की बूब्स पे hi गया. और माधुरी ने तुरंत hi आंखे बंद कर ली. पाव एक्सीलेटर पे अपने आप प्रेस हो गया.

कार ने एक डैम से रफ़्तार पकड़ ली. आगे मोड़ आया. पर माधुरी ने बंद आँखों से hi स्टेरिंग घुमा दिया. जैसे कोई उन्शं सो रहा हो और सोते सोते hi परफेक्ट ड्राइव कर रहा हो. तेज़ी के कारन मोड़ने से रतन लाल पहले दूर ki,taraf और फिर माधुरी के ऊपर hi गिर गया. रतन ऐसे गिरा की उसका मुँह माधुरी के दिनों बूब्स की गली में hi गिरा. और उसका हाथ माधुरी की जंग पे. उसकी उंगलिया छूट को साड़ी के ऊपर से hi डाब गई.

माधुरी ; रतन क्या कर रहे हो एक्सीडेंट हो जाएगा

माधुरी ने सारा इल्जाम प्यार से सेठ रतन लाल पर दाल दिया.

रतन लाल ; ओह्ह्ह माफ़ करना माधुरी जी गलती हो गई.

रतन लाल को होश आया और वो ठीक से बैठ गया. पर जग्गू उस मोड़ पर आंखे खुली होने के बावजूद संभल नहीं पाया. जैसे माधुरी की कार मुड़ी वो नहीं मोड़ पाया और एकदम से ुए ब्रेक लगनी पड़ी. उसे साडी बात सुनाई दी. वो कार को पीछे जे कर फिर कार भागता हे. अब माधुरी के बूब्स पर रतन लाल का पसीना अब भी था. उसे उस गीलापन में मजा आने लगा वो मुस्कुराती हे और रतन लाल को स्माइल करते हुए बोली.

माधुरी ; (स्माइल) रतन मेरा पल्लू ऊपर सरका दो न.

अब जग्गू की धड़कने तेज़ हो गई. वो समाज hi नहीं पाया. वो सोचने लगा. हाथ तो माधुरी की तरफ बढ़ा था. माधुरी का पल्लू ऊपर नहीं मतलब कही वो माधुरी के नहीं नहीं ऐसा नहीं हो सकता.

एक बहोत बड़ी लेब में डीके अपनी एक आंख बार दुर्निन जैसा लेंस दाल कर. कुछ चिमटी जैसी चीज से कुछ बना रहा था. जैसे hi वो हुआ डीके ख़ुशी से ज़ूम उठा.

डीके ; (गुस्सा khushi)(chila कर) यश यश यश.....

गुंडा ; क्या हुआ बॉस. आज आप बहोत खुश लग रहे हे???

डीके ; (गन्दी स्माइल) मुझे रास्ता मिल गया हे. उस कामिनी के पति से बदला लेने का. अब साली शिल्पा भी मेरे निचे होगी. मुझे बस उस शिल्पा को अपनी बना न हे. वो सिर्फ मेरी होगी सिर्फ मेरी.

गुदा ; लेकिन बोसा आप जानते हो वो लोगो ने कक्तव प्रोग्राम चुरा लिया हे. अब सायद वो हमें उनको ढूढ़ने नहीं देंगे.

डीके ; उसकी फ़िक्र मत करो. तुम दिमों को फ़ोन लगाओ.

गुदा मोबाइल निकल कर किसी को कॉल करता हे और डीके की तरफ बढ़ता हे.

डीके ; (स्माइल) हे हे माय डिअर दिमों. (इंग्लिश) तुम्हारा फार्मूला सक्सेस निकला. में तुम्हे तुम्हारे लिए अपनी लैब भी देने को तैयार हु. और तुम्हारे साथ काम भी करूँगा.

दिमों ; (इंग्लिश) मुझे और ज्यादा की लालच नहीं हे बॉस. बस मेरी बहन को जेल में hi मरवा दो. और में आज hi ब्राज़ील वापस जा रहा हु. Ok.

डीके ; (English)(smaile) जाओ जाओ माय डिअर फ्रेंड. आज से तुम सिर्फ मेरे लिए काम करोगे. पैसा तुम्हे तुम्हारे एक में मिल जाएगा.

दिमों ; ok गुड बी.

आलिया और ेराम वीर को लेकर ेराम के घर पहोच गई. दोनों मिलकर वीर को उठते हे. वीर नींद में hi स्माइल कर रहा था. सायद वो बाईट कल में माधुरी के साथ था. वो नींद में hi बाद बड़ा रहा था.

वीर ; (आंखे बंद लड़खड़ाती आवाज me)(smaile) अम्म्म मधु में नहीं जनता ससस चुप चाप साड़ी ऊपर करो हम्म्म सससस

आलिया की आँखों में अंशु आ गए. लेकिन दोनों ने मिलकर उसे बाद पे सुला दिया.

आलिया ; दी आप इनके कपडे बदल दो और रेडी रहना. में बहार hi हु. अब भी कुछ भी हो सकता हे.

ेराम ; लेकिन उन्हें तो पता चल गया होगा न.

आलिया ; अब नहीं. बाद में समझाउंगी. आप इन्हे सम्भालो.

आलिया बहार चली गई. चारो तरफ सन्नाटा था. वो पास में एक छोटे पद पे चढ़ गई. ऊपर पहले से उसकी स्नाइपर गन रेडी लटकी हुई थी. आलिया की हर तयारी पहले से थी. अपनी बहन की तरह.

माँ एक चेयर पे बैठी हुई थी. उसने एक पानी की बोतल उठाई और उस गुंडे को दी. जिसे आलिया के साथ क्लब के बहार लड़ते हुए जिन्दा पकड़ा था.

गुंडा ; (घबराया हुआ) मेडम मुझे मत मरना प्लीज मेडम मेरे छोटे छोटे बचे हे.

माँ ; तुम फ़िक्र मत करो हम तुम्हे नहीं मरेंगे. अपनी पहचान बताओ.

गुंडा ; में आरिफ हु मेम. में बंगला देशी हु. गरीबी में बड़ी महेनत से पैसे जोड़ कर यहाँ विदेश पैसा कमाने के लिए आया था. पर ज्यादा पैसे कमाने की लालच में में उन लोगो के साथ काम करने लगा.

माँ ; हम्म्म और फिर बहोत गुनाह किये हे हम्म.

गुंडा ; (दर) ह ह है मेडम.

माँ ; अच्छा ये बताओ की हमारे बारे में उसे सब पहले से कैसे पता चल जाता हे?

गुंडा ; क्यों की आप लोगो की खबरे इंडिया से कोई दे रहा हे.

माँ ये बात जानती थी. क्यों की सुरभि के घर जो चोरी हुई और जो शिल्पा के प्रोग्राम को जो चोरी किया गया उसके कारन ये खबर से उसे कोई फर्क नहीं पड़ा.

माँ ; वो कोण हे??

गुंडा ; में नहीं जनता.

माँ ; उसके पास ऐसा क्या हे जिस के कारन डीके बड़े पंगे ले रहा हे??

गुंडा ; वो एक ऐसा कुछ बना रहा हे जिस से वो किसी भी इन्शान पे काबू प् सके और इन्शान को हथियार की तरह इस्तेमाल कर सके. बाकि में ज्यादा कुछ नहीं जनता उसका साथ एक ब्राज़ील का बाँदा दे रहा हे. उसका नाम दिमों हे. वो कंप्यूटर का बहोत खतरनाक चोर हे. पर दिमों को भी एक लड़की से सर लगता हे. लेरेना उसे मुदर सास में ब्राज़ील की जेल में बंद करवाया हे. और ये काम खुद दिमों ने किया हे.

माँ ; तो अब तुम क्या करोगे. तुम्हे तो डीके मर डालेगा.

गुंडा ; मुझे अपने मुल्क भिजवा दो. आप लोगो का बहोत एहशान होगा.

माँ ; तुम्हे आज hi तुम्हारे घर भिजवा देंगे. लेकिन दोबारा कोई गलती की या डीके के पास जा कर हमें धोखा देने की कोसिस की तो हम तुम्हे झंडा नहीं छोड़ेंगे.

आशिफ ; नहीं नहीं मेडम में कोई धोखा नहीं करूँगा बस मुझे मेरे घर भिजवा दो.

जग्गू और रतनलाल दोनों आपस में बात चित कर रहे थे. दोनों hi बाजार में रतन लाल के बड़े से जेवेलरी शो रूम में थे. माधुरी अंदर फोटोग्राफी के लिए तैयार हो रही थी. रतनलाल के पास पहले से सब बन्दों बास्त था. वो कई मॉडल्स के फोटो खुद hi खींचा करता था. ताकि अपनी आंखे शेक सके.

जग्गू ; तो क्या तुम खुद hi फोटोज खींचोगे?? तुम्हे आता हे फोटोज क्लीक करना???

रतनलाल ; के बात कर रहे हो शब्. Mere,se तो अच्छा फोटू कोण खींच पावेगा. देख लीजो तुम. वैसे आप के मेडम के दृवार हो??

जग्गू को गुस्सा आया.

जग्गू में मधु का पति हु. क्या बकवास कर रहे हो तुम.

रतन लाल ; ओह ओह माफ़ी शब् माफ़ी. मने के पता. वो तो आप मेडम से उम्र में छोटे लगते हो न.

रतन लाल सोच में पद गया. ये तो रानी हे और जग्गू कही से भी रॉयल नहीं लगता. फिर भी चुप रहने में भलाई हे. तभी अंदर से माधुरी की आवाज आई

माधुरी ; जणू कोनसे गहने पहेनू मुझे तो कुछ समाज नहीं आ रहा.

जग्गू से पहले रतन लाल बोल उठा.

रतन लाल ; (स्माइल) मेडम आप तो जिसे भी पहन लो अच्छा hi लगेगा. हे हे हे हे. बस आज आप जो भी पहनोगी वो सब आप का hi हो जावेगा. मरे तरफ सी छोटी सी भेट.

अंदर से फिर माधुरी बोली. एकदम मादक और उत्तेजित. वो पहले तो हसी.

माधुरी ; (स्माइल) रतन मुझे शर्म आ रही हे.

जग्गू को गुस्सा आया. पर वो कुछ बोले उस से पहले तो रतन hi बोल पड़ा.

रतन लाल ; अरे मेडम के शर्माना. आप को देखने के लिए तो में तरस रहा सु. वो वो वो मतलब फोटू खींचने के लिए.

जग्गू को गुस्सा आया. और वो रतन लाल से लड़ पड़ा.

जग्गू ; क्या मतलब हे तुम्हारा. अपनी जुबान को लगाम दो. मेरी बीवी से बतमीजी करते हो.

रतन लाल ; अरे अरे आप तो खा माँ खा मुझपे गुस्सा हो रहे हो. में तो बस.

दोनों लड़ रहे थे. तभी एक खुशबु उनके करीब से होकर गुजरी. फिजा में महक फेल गई. माधुरी उनके पास से होकर आगे निकली और जब उन्होंने घूम कर उसे देखा उनके होश hi उड़द गए. माधुरी बहोत सरे महंगे हरो को गले में सजा कर उनकी दूसरी दिशा में चल कर कड़ी हो गई. एक लॉन्ग गौण. पर पीछे से पूरी के पूरी पीठ नंगी. जैसे वो गहने सिर्फ उसी के लिए बने हो.

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माधुरी अपनी कमर को नागिन की तरह बलखा के बड़ी धीरे धीरे चल रही थी. उसे देखते hi दोनों की नजरे उस पर चली गई. और वो दोनों मुँह खुला कर के बस उसे hi देखते रहे. उसके कमर की लचक से दोनों मर्दो की सांसे hi रुक गई.

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रतन की नजर तो जब कमर से ऊपर उठी तो वो माधुरी की खुली नंगी गोरी पीठ को hi देखने लगा. गोर बदन पर सोना बहोत hi जबरदस्त नजारा था.

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माधुरी आगे चल के थोड़ा रूकती हे. और एक सेक्सी पॉश देती हे.

माधुरी ; (उत्तेजित आवाज) फोटो क्लिक करो न रतन.

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लेकिन वो सुनता नहीं हे. माधुरी एक हाथ कमर पे और वो बस थोड़ा सा मुद कर बहोत hi नशीले अंदाज़ में पहले जग्गू को देखती हे फिर रतन लाल को.

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रतन लाल के तो होश hi गायब थे. तभी माधुरी ने अपनी नशीली ादः बिखेर ते हुए कहा.

माधुरी ; (नशीला स्टाइल) रतन रतन.

उसे होश आया साथ जग्गू को भी होश आया. उसकी प्रेमिका उतनी सुन्दर उत्तेजक और मादक फिर भी उसे जलन और दर वो सोचने लगा उसे कैसे ये बदसूरत बूढ़े के साथ देखेगा तभी उसकी भी तंत्र टूटी.

माधुरी ; जी सुनिए न. रतन को बोलो न मेरी फोटो क्लिक करे.

जग्गू को माधुरी जैसे स्लो मोसन में बोल रही हो वैसा लगा.

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वो सिर्फ माधुरी को hi देखे जा रहा था. तभी जग्गू को होश आया जब रतन लाल ने एक क्लिक किया. और उसने एक बार रतन लाल को देखा फिर माधुरी बोली.

माधुरी ; जी केसा लगा. में ठीक तो लग रही हु न.

माधुरी को देखते hi जग्गू के तन बदन में चीटिया काटने लगी. और उसकी नजर माधुरी से हैट hi नहीं रही थी. और वो सिर्फ जग्गू की आँखों में hi देख रही थी.

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रतन लाल फोटो पे फोटो क्लिक किये जा रहा था. और माधुरी एक से बढाकर एक सेक्सी पॉश देते हुए सिर्फ जग्गू को hi देख रही थी. माधुरी के चहेरे का जादू. उसकी सेक्सी मुश्कान उसकी अदाए. बिना हाथ लगाए hi माधुरी ने जग्गू के लैंड को खड़ा कर दिया. जग्गू बहोत उत्तेजित हो गया.

माधुरी ; (स्माइल) अब बस करो रतन

रतन ; अरे मेडम इन्हे मत उतरो अब ये सब तो थे हो गए हे. अब कुछ और पहनो.

माधुरी हसने लगी.

माधुरी ; (स्माइल) अरे लेकिन इन्हे उतरना तो पड़ेगा. आओ रतन मेरी मदद करो.

रतन भाग कर माधुरी के पास आया. माधुरी सीधी कढ़ी रही और जग्गू को देख कर बहोत hi मादक स्माइल कर रही थी. वही रतन आया और उसके गहने उतरने लगा. माधुरी के सामने तो जग्गू था. रतन भी सामने hi था. वो जान बच कर माधुरी की तरफ ज़ुकता हे. जग्गू को ऐसा लगा जैसे वो माधुरी को गले लगा रहा हे.

और माधुरी भी सब खुद करवाते हुए सिर्फ जग्गू को देख रही हे. रतन जेवर उतरने के बहाने माधुरी की नंगी पीठ पर हाथ घुमा रहा था. ये जग्गू ने मिरर में देखा. जग्गू जलन से ज्यादा उत्तेजित होने लगा. सरे गहने उतर चुके थे. तभी माधुरी सभी मॉडल्स के कपडे देखने लगी.

माधुरी ; ाजी सुनते हो अब क्या पहेनू.

रत आधी हो चुकी थी. और माधुरी दोनों मर्दो को जबरदस्त गरम कर रही थी. अब जग्गू नहीं चाहता था की रतनलाल उसकी प्रेमिका को हाथ लगाए. इस लिए वो सोचने लगा की उसका ड्रेस छोटा न हो वैसा पहने जग्गू के मुँह से तुरंत निकला.

जग्गू ; साड़ी....

माधुरी तुरंत hi है पड़ी. माधुरी को गोल्ड कलर बहोत पसंद था. और वह पर उसे गोल्ड साड़ी दिखी. माधुरी ने स्माइल करते हुए तुरंत hi उसे उठा लिया. और अंदर चली गई. ख़ामोशी छै रही. दोनों मर्दो के डिल जबरदस्त धड़क hi रहे थे. और सुंदरता की देवी बहार आई. उसने सिर्फ एक hi सोने का हर पहना. जिसे देख कर जग्गू को रहत हुई है अब वो उसे उतरने के लिए माधुरी से चिपकेगा तो नहीं.

रतन लाल ; अरे मधु ये क्या तुमने तो कुछ भी नहीं पहना.

रतन ने जब मधु कहा तो जग्गू की जाट सुलग गई. उसे गुस्सा आने लगा. माधुरी जोर से हस्ती हुई एक चेयर पे बैठ गई. और हसने लगी.

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रतन लाल को एहसास हुआ वो क्या बोलै.

रतन लाल ; जी मेरा मतलब हे की कोई जेवर नहीं पहना अरे पर कुछ तो पहनो. जिस से मेरे गहनों की इज्जत बढ़ जाए. माधुरी ने एक ड्रॉवर खोली और बहोत साडी अंगूठी पहन ली.

माधुरी ; फोटोज लो रतन.

माधुरी ने अब जादू बिखेर दिया. अपने हाथो से अपना चहेरा धक् लिया. उसके हाथो में बहोत साड़ी अंगूठी थी. माधुरी ने धीरे धीरे हाथो को निचे किया और माधुरी का ब्यूटीफुल फेस उभर के आया.

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माधुरी की आंखे बस जग्गू को hi देख रही थी. उसकी आँखों में एक अजीब सी कसीस थी. उसकी हर ऐडा को रतन लाल ने अपने कैमरा में उतर दिया.

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माधुरी कड़ी हुई. और ek,aram दायक चेयर पे लेट गई. उसने जग्गू से कहा.

माधुरी ; जी वो साडी चुडिया मेरे पास ले आओ.

रतन का ध्यान तो माधुरी की गहरी गोरी नाभि पे था. जग्गू तुरंत hi ला कर उसे देता हे. वो माधुरी के पास hi खड़ा रहा. माधुरी ने लेते लेते hi साडी चूडियो को अपने एक hi हाथो में पहन न सुरु किया.

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गोरी कलाई पे सोने की चुडिया इतना सुन्दर लग रहा था. तभी रतन जग्गू से बोलै.

रतन लाल ; अरे सर हटिये मरे को फोटो तो खींच लेने दो.

जग्गू को रतन पे गुस्सा भी आया और उसे पीछे भी हटना पड़ा. माधुरी ने दूसरा जलवा भी दिखाया. उसने चहेरे को छुपाते हुए धीरे धीरे हाथ हटाया.

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जब माधुरी ने अपना चहेरा दिखया जग्गू की आँखों ने माधुरी को देखा तो जग्गू उसे देखता hi रहे गया.

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माधुरी को बहोत मज़ा आ रहा था. वो मुश्कुरै. इसके मोतियों जैसे डट और खुबशुरत स्माइल देख कर जग्गू मचल गया

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माधुरी अब भी मुश्कुरा रही थी. पर रतन लाल पागलो के जैसे माधुरी के उभारो को hi देख रहा था. तभी माधुरी कड़ी हुई और जग्गू के पास आई. उसने अपने बालो को साइड किया और जग्गू से ऐसे बोली जैसे वो उसका पति हो और एक बीवी कुछ ट्रे कर के अपने पति को बता रही हो.

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माधुरी ; जी ये देखिये. सुन्दर हे न

जग्गू गुस्से हो गया. और माधुरी का हाथ पकड़ कर गुस्से से बोलै.

जग्गू ; बस अब बहोत हो गया. अब चलो.

जग्गू ने माधुरी की कलाई बहोत जोर से पकड़ी. माधुरी भी काश माशे.

माधुरी ; ससस अह्ह्ह जी क्या करते हो. ससस छोडो.

जग्गू ने माधुरी को जबरदस्ती बहो में ले लिया.

जग्गू ; मधु प्लीज अब चलो यार. मुझे कुछ ठीक नहीं लग रहा हे.

माधुरी ; (स्माइल) ससस िययु लेकिन पुलिस को तो आने दो.
 
मुझे भी समाज नहीं आ रहा की में आप की इस कमेंट को नासमझी संजू या चुतियापा.

1. अगर कोई स्टोरी आप को अच्छी न लगे मतलब चुतियापा लगे तो स्टोरी बिच से hi छोड़ देनी चाहिए.

2. वीर को पहले से पता हे की माधुरी का काम क्या हे. वो चुदती हे और शिकार करती हे. मगर माधुरी ने जग्गू से प्यार का इज़हार किया हे. जो वीर की नजरो के हिसाब से जग्गू से प्यार नहीं होना चाहिए था.

3, और सेक्स स्टोरी की साइड पे आप को आप की मन चाही. हेरोइन चाहिए तो खुद स्टोरी लिखनी पड़ेगी.

4 फिर भी आप की जानकारी के लिए बता दू की आप एक अंडर कप की स्टोरी पे कमेंट आप टीवी सीरियल धारावाहिक की कमेंट दे रहे हो
 
में अपने किराए के छोटे से किराए के घर में माधुरी को पहेली बार लेकर आया.

में ; मधु आज तो हम साथ में नहाएंगे.

माधुरी ; न बाबा न. अभी तो हमारी शादी भी नहीं हुई. और तुम पहले से hi चांस मरने के चक्कर में हो.

में ; मेने ये नहीं पूछा की साथ में लहंगे या नहीं. मेने बताया हे की आज में तुम्हारे साथ नहाऊंगा.

माधुरी ; आ है है है. बड़े आए नहाने वाले. थप्पड़ खाया था याद हे न. जब पहेली बार में ी लव यू बोली थी. लगता हे आज फिर से खाओगे.

मेने घर का दूर खोल दिया और पहले उसे जाने का रास्ता दिया

में ; (स्माइल) दर तो नहीं लग रहा मुझसे.

माधुरी ; (स्माइल) तुम एक कॉलेज बॉक्सिंग चेम्प को ये बोल रहे हो.

और माधुरी अंदर आ गई. उसकी मुस्कान बहोत प्यारी लग रही थी. लगेगी क्यों नहीं. मेरी मधु दुनिया में सब से खुबशुरत हे. वो अंदर आ कर कड़ी हो गई. एक फिगर होते हुए भी वो मुजे शर्मा रही थी. मेने उसे घर की चौकड़ी दिखाई. जिसमे 2 बकेट रखा हुआ था. और पानी की टंकी का नल भी था.

में ; (स्माइल) चलो उतरो.

माधुरी ; (smaile)(sharmana) क्या में नहीं उतरने वाली. मुझे नहीं नहाना.

मेने अपनी शर्त उतर दी. माधुरी की नजर मेरी घने बालो से भहारी हुई चेस्ट पे थी. उसकी नजर जैसे hi मेरे फेस पे गई वो शर्मा गई. में अंडरवेर में आ गया.

में ; (स्माइल) में तुम्हारी ड्रेस उतारू या तुम खुद उतरेगी.

माधुरी ; नहीं रुको. में खुद उतरूंगी.

माधुरी बोल के खुद hi फास गई. वो खुद चाहती थी के में जिद करू. साला सेक्स के लिए पूछा होता तो न न कर के उसके लिए भी मन गई होती. वो शर्मा गई. और दोनों हाथो से अपना मुँह छुपा लिया. में झटके से उसके करीब गया. और ु स्की कमर से जकड कर अपने से सत्ता लिया.

माधुरी ; ससससस अह्ह्ह तुम कुछ पहन लो न यार. तुम्हारी चेस्ट देख कर मुझे कुछ कुछ हो रहा हे.

मेने माधुरी का हाथ पकड़ कर अपनी चेस्ट पर रख लिया. वो खुद hi मेरी बहो में सना गई.

माधुरी ; (शर्मीली स्माइल) तपन..

में ; है.

माधुरी ; (शर्मीली स्माइल) मुझे शर्म आ रही हे.

मेने माधुरी का फेस पकड़ा और किश करने की कोसिस की. वो कप गई. और मुझसे छुड़ा कर पीछे हो गई.

में ; उफ्फ्फ चलो तुम्हे नहीं नहाना तो में hi नाहा लेता हु. सोचूंगा मेरी गर्लफ्रेंड मुझे चांस hi नहीं देना चाहती.

माधुरी ; लेकिन में नंगी नहीं नहाउंगी है.

वो बोल के शर्मा गई. में तो चौकड़ी में बैठ गया था.

माधुरी ; (शर्मीली स्माइल) अपनी आंखे बंद करो.

में कच्चे में चौकड़ी में बैठा अपनी आंखे बंद कर ली. अचानक मुझे मेरी गॉड में वो बैठी मुझे महसूस हुआ. मेने अपनी आंखे खोली तो वो मेरी एक वाइट बेडशीट लपेट कर मेरी गॉड में बैठी थी. मेने उसपे तुरंत hi हाथो से उसपर पानी डाला. और बहो में भर लिया.

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माधुरी ; (शर्मीली स्माइल) अस्स अअअअअ.

वो हसने लगी. मेने उसे बहो में भर के मशलना सुरु कर दिया. आज पहेली बार में उसके बूब्स मशाल रहा था. और उसने आज मुझे रोका भी नहीं. उसकी आंखे बंद हो गई.

माधुरी ; (आंखे बंद मदहोश) ससस तपन ससस मत करो प्लीज.

तभी अचानक मेरी गर्दन को झटका लगा. मेरी आंख खुली और देखा मेरे दोनों हाथ ेराम ने और दोनों पाव आलिया ने पकड़ रखे हे. मेरी आंखे बार बार बंद हो रही थी. में समाज गया में अपने बाईट कल को देख रहा था. लेकिन वो साली बेवफा निकली निकली. मुझे थोड़ा थोड़ा होश आ रहा था. पर फिर भी में jyada,wakt टस्क आंखे नहीं खोल प् रहा था.

वही होटल के एक रूम में जहा बाद के निचे डिम्पल बंधी हुई थी. वही ऊपर विक्रम बैठा हुआ था. सामने उसकी बीवी सोनिआ सिर्फ एक साड़ी में कड़ी थी.

सोनिआ ; अच्छा अच्छा अब हसके दिखाओ तो मनु.

सोनिआ ने अपने होठ फिट बंद कर लिए और दोनों हाथ कमर पे रख कर कड़ी हो गई.

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विक्रम ने तुरंत hi घुटनो पे बैठ कर दोनों हाथो को पीछे ले गया. और सोनिआ की हिप्स पे हाथ रख दिया. सोनिआ तुरंत hi गुस्से हो गई.

सोनिआ ; क्या यार तुम शर्त तो जीते नहीं और मेरी गांड के पीछे पहले पद गए. ात लिस शर्त तो जीतो यार.

विक्रम ; अच्छा अच्छा ठीक हे ठीक हे. लेकिन याद रखना अगर में जीता तो फिर तुम्हे गांड मारवणी पड़ेगी है.

सोनिआ ; है है मर लेना पर पहले हँसा के तो दिखाओ.

हर मर्द को पता होती हे की उसकी बीवी का कमजोर हिस्सा कोनसा हे. और बीवी भी कभी कभी अपने पति के सामने वो कमजोरी रखती हे. ताकि उसका पति जीत के अपनी मन मणि कर सके. सोनिआ की भी गांड चील मिला रही थी. वो सीधा अपने पति को नहीं बोलना चाहती थी. की आओ और मेरी गांड मारो. इस लिए वो शर्त में हारना चाहती थी. सोनिआ ने भी वही किया. विक्रम ने अपनी खुबशुरत बीवी के पैट पे हाथ रखा और घुमा कर उसकी कमर तक ऊँगली घुमाई.

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सोनिआ जान बच कर है गई.

विक्रम में जित गया में जित गया. उसने सोनिआ का हाथ पकड़ा और खींच के अपनी बहो में ले लिया. और तुरंत hi साड़ी ऊपर कर के सोनिआ के हिप्स को मशलने लगा. सोनिआ को भी मज़ा आने लगा.

सोनिआ ; (स्माइल) है है मार्लो यार पर पहले वेसलीन तो लगा लो.

सोनिआ ने साड़ी उतर कर फेक दिया. और मगर माछ की तरह लत गई. विक्रम सीधा पीछे आया. सोनिआ के दोनों हिप्स के बिच वेसलीन घिसने लगा.

सोनिआ ; सससस आउच ससस धीरे यार.

विक्रम ने अपने लैंड पर बहोत साड़ी वेसलीन घिसी और पोजीशन ले ली.

सोनिआ ; झटके से मत डालना है. पहले बोल रही हु. एक डैम प्यार से.

विक्रम ; ससस चुप रहो यार ससस अह्ह्ह बहोत मजा आ रहा हे.

विक्रम ने बहोत धीरे से लैंड सोनिआ की गांड में उतर दिया. और आह करते हुए आगे पीछे करने लगा.

सोनिआ ; (मदहोश) सससस अह्ह्ह्ह विक्रम ससस लव यू सससस.

सोनिआ को बहोत मजा आ रहा था. वो विक्रम के बड़े लैंड को बहोत अशनि से अंदर तक ले रही थी. तभी सोनिआ का फ़ोन बज उठा. सोनिआ ने गांड मरवाते हुए हाफति हुई आवाज में बोलै.

सोनिआ ; है हहहह है है. ससस hello ससस.

सामने से आवाज आई.

एजेंट ; माधुरी मेम को अरेस्ट करने के लिए जप निकल चूका हे.

सोनिआ ; विक्रम उठो.

विक्रम ; (मदहोश) ससस बस थोड़ी देर सस्सा.

सोनिआ ; अरे यार तुम मेरी गांड के पीछे पड़े हो वह भाभी को पकड़ने के लिए जप निकल चूका हे.

विक्रम ; क्या???

विक्रम ने तुरंत hi लैंड निकला और बिना अंडरवेर के hi पंत पहन न सुरु कर दिया.

सोनिआ ; पापा से बात नहीं होगी. तुम कोई वकील धोधो.

पुलिस का नाम सुनते hi जग्गू की गांड फैट रही थी. लेकिन माधुरी जबरदस्त मूड में थी. जग्गू एक चेयर पर बैठ गया. रतन लाल भी खड़ा खड़ा सोच रहा था कुछ बात आगे बढ़ेगी या नहीं. वो एक लकड़ी की चेयर लेकर आया और हस्ते हुए टेबल के पास रखते हुए बोलै.

रतन लाल ; हे हे हे लो मधु बैठो तुम थक तो नहीं गई.

माधुरी ; उफ्फ्फ्फ़ ससस नहीं रतन ससस थकन और मुझे. लेकिन तुम्हारे लिए और फोटोज में नहीं खिचवा पाऊँगी.

रतन टेबल के दूसरी तरफ एक और चेयर रख कर बैठ गया.

रतन लाल ; ऐसा मत बोलो. बहोत उम्मीद हे आप से मधु. अभी तो थोड़ा सा हुआ हे. आप जैसी सुन्दर औरत मेरे लिए मॉडलिंग कर रही हे. मरे तो भाग खुल गए.

जग्गू को गुस्सा आ रहा था. वो बार बार माधुरी को मधु कहे रहा था. जैसे पुराण दोस्त हो. उसे माधुरी पे भी गुस्सा आ रहा था. तभी माधुरी ने टेबल पे दोनों हाथ रख कर झुक गई. और नशीली आँखों से रतन लाल को देखते हुए बोली.

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माधुरी ; में तो तुम्हारे लिए तैयार हु. पर वो कमीना कम मुझे तुम्हारे पास आने से रोक रहा हे.

रतन लाल के होश उड़द गए. वो समाज नहीं पाया की माधुरी कहना क्या चाहती हे. माइनिंग दुबले था. और कम का नाम सुन कर वो भी टेंशन में आ गया. पर हर राज दोनों एक दूसरे के जानते थे. और रतन लाल के पास कम से ज्यादा पैसा था. पर पावर कम के पास ज्यादा था.

रतन लाल ; (स्माइल घबराहट) आप फोटो की बात कर रही हे. है है है है.

जग्गू भी सोच में पद गया माधुरी ने तो कम को मर दिया हे. और रतन लाल को बोलै तुम्हारे लिए तैयार हु. जग्गू डिल में दर उत्तेजना और जलन तीनो एक साथ महसूस कर रहा था. तभी माधुरी कड़ी हो गई. और उदास आवाज में बोली.

माधुरी ; तुम्हे पता हे जब मुझे आप से कम शब् ने मिलवाया और आप ने मुझे अपनी जेवेलरी की मॉडलिंग के लिए ऑफर किया तो वो क्या बोले.

ये साला चीटिया तुम्हारी फोटो क्या लेगा. मन करो में तुम्हारी फोटो गोवा के बेस्ट फोटोग्राफर से करवाऊंगा. रतन तो साला बूढ़ा हे. उसे तो दिखाई नहीं देता. और साडी जेवेलरी भी पुराने डिज़ने की हे. है... आआ ऐसा बोलै सच्ची. लेकिन मुझे ऐसा तो कुछ भी नहीं लगा.

माधुरी ऐसा बोलते हुए कड़ी हुई. और मासूम सा फेस बना कर रतन के पीछे आराम से आ गई. अपने दोनों हाथ रतन के कंधो पर रख दिए. रतन लाल का ेग्गो हार्ट हो गया. और माधुरी के हुशन का जादू भी चल गया. बहोत वक्त से वो उसके जलवे देख कर हराम हो चूका था.

रतन लाल ; वो साला कमीना के समझे हे अपने आप को. अब तो में खीचूंगा. थी फोटो इतनी सुन्दर खीचूंगा की थे सामने साडी छोरिया पानी भर्ती नजर आवेगी.

माधुरी ; (घबराने की झूठी एक्टिंग) लेकिन वो मुझे तुमसे दूर रहने को धमकी दी हे. बोल रहा था उप से बहार नहीं निकल ने दूंगा. पुलिस की भी धमकी दी हे मुझे. तुम प्लीज उस से पन्गा मत लो. वार्ना में वापिस भी नहीं जा पाऊँगी.

रतन लाल ; (गुस्से में) सेल को कम तो मरे पेसो से बना हे. उप के उसके बाप रो से. में सारा थाना hi खरीद लूंगा. कोई तने हाथ तो लगावे.

जोश में रतन लाल खड़ा हुआ. और माधुरी मासूम सी बन कर रतन लाल के गले लग गई.

माधुरी ; ओह्ह्ह्ह रतन तुम कितने अच्छे हो.

माधुरी के गले लगते hi. रतन लाल के होश उड़द गए. माधुरी की आधी खुली पीठ गोल्डन ब्लाउज में थी. और उसपे जी भर के उसे हाथ फेरने का मौका मिला. और माधुरी के उन्नत वृक्ष. मतलब मस्त तने बूब्स रतन लाल की हद पिजर जैसी छाती पे धस गए. धोती में से hi उसका लैंड माधुरी की जंगो पे छूट से 3 उंगल निचे चुबने लगा. क्यों की रतन लाल की हाइट काम थी. माधुरी के कंधो की हड्डी. गले के पास रतन लाल के लिप्स को टाच हो गई. और माधुरी ने भी रतन लाल के सर के पतले कमजोर बालो से उंगलियों से खेलना सुरु कर दिया. जग्गू का मुँह खुल गया. वो क्या देख रहा हे.

उसकी माशूका एक चूतिये जैसे बूढ़े की बहो में. उसने माधुरी के फेस को देखा. वो सर ऊपर कर के जग्गू को देखती हे और रतन के सर का बिच का हिस्सा जहा बल नहीं थे उसे बहोत स्लो किश कर लेती हे. जग्गू को महेसुआ होने लगा उसका वीर्य गरम हो कर पतला हो चूका हे और नशो में फुल स्पीड में ट्रवेल कर रहा हे. तभी किसी ने दूर जोर जोर से पताका. रतन लाल माधुरी की बहो से निकलता हे.

रतन लाल ; साला ... में देखता हु मधु तुम फ़िक्र मत करो हम्म्म्म.

रतन लाल ने जैसे दरवाजा खोला जप अंदर उसे धक्का मर के घुस गया. वो बहोत जॉस में था. उसके पास माधुरी से बदला लेने का बस यही एक मौका था.

जप ; (स्माइल) किसी हो रानी साहेबा मुझे देख कर कही दर तो नहीं लग रहा.

रतन लाल भी जोश में आ गया.

रतन लाल ; (गुस्से में) भय तमीज से बात कर ले. तेरे जैसे पुलिस वाले मरे अट्ठे रोज आवे हे. बोलू क्या कम शब् को??

जप ; रतन लाल जी आप इसे जानते नहीं हो. कम शब् का....

रतन लाल उसे बोलने नहीं दिया.

रतन लाल ; (फुल गुस्सा) यययय एक डैम चुप. रुक सेल में अभी थे बाप ने फ़ोन क्करू.

अब रतन लाल पे जप को भी गुस्सा आ गया. जप ने रतन लाल को एक थपड मर दिया.

जप ; बुला सेल जिसे मर्जी बुला. तुजे पता हे िस्सने कम शब् का खून कर दिया हे.

माधुरी जोर से चीखी.

माधुरी ; (जूठा रोना धोना) नाहीईई......

माधुरी रट हुए रतन लाल के गले लग गई. और जोर जोर से रोने लगी.

माधुरी ; (रट हुए) नहीं रतन मुझे फसा रहा हे ये कमीना में या कभी नहीं कर सकती रतन प्लीज मुझे बचालो रतन प्लीज मुझे बचा लो रतन.

जप ने तुरंत 2 लेडी पुलिस को हिसार किया. वो कोई भी गैर क़ानूनी गलती नहीं कर रहा था. वो जनता था माधुरी झूठी एक्टिंग कर रही हे. पैट उसने माधुरी को मर्डर करते हुए देखा था. रतन लाल भी उनके पीछे बहार आया. 3 जीप भर के पुलिस वाले आए थे.

जप जान बच कर माधुरी वाली जीप में नहीं बैठा. माधुरी मासूम बन कर रट हुए जीप में बैठ गई. वो ऐसी एक्टिंग कर रही थी जैसे जाना नहीं चाहती हो और उसे जबरदस्ती लेजाया जा रहा हे. जग्गू तो बस देखता hi रहे गया. रतन लाल माधुरी के करीब आया. और माधुरी के रट हुए फेस को देखते हुए बोलै.

रतन लाल ; मरे रहते फ़िक्र न कर. में सु अभी. साला सब ने खरीद लूंगा.

फिर वो जप के तरफ फेस कर के बोलै.

रतन लाल ; (गुस्से में) तन्ने मरी मधु को हाथ लगाया से. थी तो में वर्दी उतरवाउंगा देख लिए तू.

जप को गुस्सा आया और उसने रतन लाल को लत मर दी. रतन लाल निचे गिर गया. और तीनो जीप आगे निकल गई. माधुरी को बिच वाली जीप में बैठाया था. जैसे hi रतन लाल से जीप दूर गई. माधुरी ने अपना रूप बदल लिया. महिला सिपाही से हाथ झटका.

माधुरी ; अरे हैट यार. में भी पुलिस वाली हु.

सरे पुलिस वाले जो जीप में थे वो सोक हो कर माधुरी को देखने लगे. माधुरी ने सर पीछे कर के आंखे बन कर ली.

माधुरी ; रे फ़िक्र मत करो में नहीं भागने वाली.

तभी सब रिलेक्स हो गए. एक उसके सामने बैठा पुलिस वाला जो एक सिपाही था. उसने बीड़ी निकली.

सिपाही ; मेडम बीड़ी जलाऊ आप को दिक्कत तो नहीं होगी.

माधुरी ने आंखे खोली और बोली.

माधुरी ; एक मुझे भी दे यार.

सुबह मेरी नींद खुली और मुझे मेरी सबसे चाहती बीवी की आवाज सुनाई दी.

आलिया ; (स्माइल) गुड मॉर्निंग

उसने मुझे चाय दी और अपना कप लेकर मेरे पास बैठ गई. पास में एक मैगज़ीन उठा कर बस पैन पलट रही थी.

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वो आज सुन्दर हे. पर अब उसका बड़हन भर ने लगा हे. वो ऐसे घर के खुले हुए कपड़ो में बहोत हॉट लग रही थी. मेने सोच लिआ था की अब सिर्फ माधुरी की वजह से लाइफ में रुकने वाला नहीं हु में. जो होना था वो हो चूका. माधुरी की वजह से में जीना नहीं छोडूंगा. मेरे पास अब भी मुझे प्यार करने वाली दो बीविया हे. जो मुझे कभी धोखा नहीं दे सकती. रत आलिया ने मेरे लिए बहोत तकलीफ जेली थी. रत क्या में बहोत वक्त से उसपर जुल्म कर hi रहा हु.

मेने माधुरी का गुस्सा भी उसपर उतर दिया. कितनी गन्दी तरीके से उसपर हाथ उठाया. फिर भी वो मुझे छोड़ के नहीं गई. उसके लिए माँ ने भी मुझे धमकी दे दी. माँ की लाड़ली हे वो. अब मुझे उसका डिल जितना हे और उसे हसना हे. हर हल में उसे खुश रखना हे. मेने उसे हँसाने के लिए मजाक करना सुरु कर दिया.

में ; अलुउउउउ. अम्म्म मुझे लगता हे तुम जल्दी hi मां बन ने वाली हो.

आलिया मैगज़ीन देख रही थी. मेरी बात सुनकर उसके फेस पे स्माइल आ गई. उसकी आंखे बंद हो गई.

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ऐसा लग रहा था जैसे वो अब नादाँ नहीं रही. समज़दार हो गई हे.

आलिया ; (स्माइल) प्रॉमिस करो मुझे पहले मां बनाओगे.

आलिया बहोत प्यारी स्माइल कर के मुझे बड़ी उमीदो से देखते हुए बोल रही थी.

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में ; है जरूर क्यों नहीं. एक छोटी सी प्यारी बिटिया तुम्हारे मस्त बूब्स के निप्पल्स से मुँह लगा कर दूध पिएगी. और में फिर अपनी बरी तलाशूंगा.

मेरी बात सुनकर आलिया हसने लगी.

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आलिया ; (स्माइल) और बीटा हुआ तो क्या करोगे?? तुम्हे तो बेटी चाहिए और मुझे बीटा.

में खड़ा हुआ और उसकी निघ्त्य की स्रत्रिप के धागे को उसके कंधे से आहिस्ता से निचे किया.

में ; अम्म्म चलो फिर बीटा बेटी दोनों की कोसिए करते हे.

मेने आलिया पे जाप्ता मारा. और वो बचने की कोसिए करते हुए छिलाई.

आलिया ; (स्माइल) अअअअअ रुको प्लीज दूर खुला हे रुको रुकुओ...

स्वीटी रत भर नहीं सोइ. वो फाइट लड़ना नहीं जानती थी. पर जिंदगी के उतर चढाव ने उसे फाइट लड़ना सीखा दिया था. उसने जो भी चाहा उसने वो खुद हासिल किया था. चाहे चोरी कर के चाहे किसी का बिस्तर गरम कर के. लोगो को गुमराह करना. किसी के साथ भी एक्टिंग करना सब उसे आता था. अब तक वो सिर्फ अच्छे लोगो का साथ पाया था. पर पहेली बार उसे खुद एक मिस्सों मिला था.

वो रत भर नहीं सोइ. वो सोचती रही जग्गू के प्यार ने उसे कितना बदल दिया हे. आज वो अपने लिए नहीं लोगो के बारे में सोचने लगी हे. वो सुबह 4 बज नाहा धो कर निकल गई. हवाई यात्रा से जल्दी गोवा पहोच गई. उसे जहा मॉडलिंग अद्दितीओं देना था उसका नाम ाण्डू डिकोस्टा था. पारी टीम की गलती के किसी ने भी ये पता नहीं किया की ाण्डू डिकोस्टा एक स्तित फिघ्टर और म्मा फिघ्टर था. सकल से जितना स्टाइलिश उतना hi बे रहें और चालक वो जैसे hi अपने ऑफिस स्टूडियो पहोचा उसे की नजर एक ब्यूटीफुल तीन गर्ल पे गई. वो वही रुक कर एक नजर उसे देखता हे.

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जिस लड़की पर ाण्डू डिकोस्टा की नजर गई वो लड़की और कोई नहीं एक हॉट लुक में कड़ी स्वीटी थी.

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माधुरी ने मॉडलिंग गर्ल चुन ने में कोई गलती नहीं करि थी. वो जानती थी. स्वीटी को कितना भी फसा दो. वो हर जल से वो निकल कर भाग जाएगी. पता नहीं वो किस मिटटी की बानी हे. उसे कोई दीवार कैद नहीं कर सकती. और उसकी ये काबिलियत सिर्फ माधुरी ने पहचाना था स्वीटी बहोत हॉट लुक में कड़ी थी. उसने ाण्डू को देख कर स्माइल दी.

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स्वीटी ; ही सर. म स्वीटी. में अद्दितीओं के लिए आई हु.

ाण्डू उस के थोड़ा करीब आया. और गन्दी स्माइल कर के अपनी आंखे बड़ी डरावनी कर लेता हे.

ाण्डू डिकोस्टा ; (डरावनी स्माइल) वेल के स्वीटी. पर तुम्हारी हिल बहोत hi घटिया किशम की हे.

स्वीटी ने भी मॉडल्स के जैसे नखरे होते हे वैसे hi एक्टिंग करते हुए बोली

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स्वीटी ; shitttt....ohhh no.....

लेकिन अंडो डिकोस्टा में उसे बिलकुल भाव नहीं दिया. वो वह से सीधा अपनी ऑफिस में घुस गया. स्वीटी ने भी नाटक तो बिंदास रहने का किया. उसे जाते बस नजरो से देखा. पर जैसे hi वो नजर से ोज़ल हुआ. वो झुक कर देखते हुए मन में गालिया देने लगी.

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स्वीटी ; साला चुटिया हाथ नहीं लगने देगा.

स्वीटी काफी देर तक ऑफिस के बहार कड़ी रही. उसे समाज आ गया. वो उसे भाव नहीं देगा. अगर उसे छूट चाहिए होती तो वो लार टपकता. लेकिन वो ऐसा कुछ जाहिर hi नहीं होने दिया. स्वीटी ने नाटक सुरु किया. वो छिलने लगी.

स्वीटी ; उफ्फ्फ्फ़ ऐसे ट्रीट किया जाता हे मॉडल्स के साथ. क्या तरीका हे ये. अरे हम मॉडल्स की कोई रेस्पेक्ट नहीं हे क्या.

तुरंत hi उसकी ऑफिस का पेओन आया.

पेओन ; आप को सर अंदर बुला रहे हे.

स्वीटी ने तुरंत अपने फेस पे स्माइल ले. और वो तुरंत hi अंदर अपनी कमर मटकते हुए आ गई. ाण्डू एक चेयर पे पाव रख कर खड़ा था. एक हाथ में ग्लब्स और बोलल था. स्वीटी जैसे hi गई. ुस्स्सने बोलल स्वीटी की तरफ फेका.

ाण्डू डिकोस्टा ; कैच....

स्वीटी का दिमाग तुरंत hi काम किया. उसने जान बच कर सिर्फ हाथ से अपना फेस बचाया और छीलते हुए रोने लगी. जैसे उसकी उंगलियों में चोट लगी हो.

स्वीटी ; (जूठा रोना) ओह्ह्ह न्यू ससस. सर में कोई प्लयेर थोड़ी हु सर. ससस पता हे कितना दर्द हो रहा हे. ससस कितनी जोर की लगी ससस अह्ह्ह.

स्वीटी को ये पता चल गया की ाण्डू उसे भाप रहा हे. कही पुलिस या कोई दुसमन टीम की या कोई एजेंट तो नहीं हे. स्वीटी की एक्टिंग अच्छे अच्छे नहीं पकड़ सकते थे. वही धोखा ाण्डू को भी हो गया. और उसे पूरा भरोसा हो गया की स्वीटी रियल में मॉडल hi हे. वो स्माइल कर रहा था.

स्वीटी ; (रट हुए) कमल हे सर मुझे दर्द हो रहा हे और आप है रहे हो.

ाण्डू डिकोस्टा ; (स्माइल) हम्म्म तुम्हारा ऑडिशन हो गया. तू सेलेक्ट हो गई. परररर...

स्वीटी सिसकते बड़ी मासूम बनते हुए बोली.

स्वीटी ; (रट हुए) पर क्या??? अब पिटाई करोगे क्या.

ाण्डू डिकोस्टा ; (स्माइल) नहीं नहीं. अब कोई गेम नहीं.

सीधा बोलूंगा. देगी???

स्वीटी रट हुए हसने लगी. अपने आंसू बड़ी मासूमियत से बोली.

स्वीटी ; (स्माइल) तो सीधा बोलना. ऐसे मरते क्यों हो.

ाण्डू भी हसने लगा.

ाण्डू डिकोस्टा ; (स्माइल) ये तू बड़ा जल्दी समाज गई. क्या नाम हे तेरा.

स्वीटी ; (स्माइल) सर मॉडल्स के लिए तो ये आम बात हे. बिना डायरेक्टर के निचे सोए काम कहा मिलता हे.

ाण्डू डिकोस्टा ने अपना मोबाइल खोला और उसमे देखते हुए बोलै.

ाण्डू डिकोस्टा ; क्या नाम हे तेरा???

स्वीटी ; सर स्वीटी. स्वीटी शाह.

ाण्डू ने तुरंत hi नाम सर्च किया. स्वीटी की बहोत सी मॉडलिंग पिक्स निकली. एक से एक हॉट फोटोज. ाण्डू के फेस पे स्माइल आ गई.

ाण्डू डिकोस्टा ; (स्माइल) आज शाम 7 बज. में तुजे यही से पिक करूँगा.

रत के वक्त जब स्वीटी को पुलिस वाले एक पुलिस ठाणे लेकर आए. जप बहार से hi चले गया. ठाणे की पुलिस ने माधुरी को साथ फुल कोपेशन किया. उसे पुलिस वालो ने बोलै.

इंस्पेक्टर (बूढ़ा) ; माधुरी जी आप तो मेरी बेटी जैसी हो. चाहो तो रेस्ट रूम में आराम कर लो. में इतनी मदद तो कर hi सकता हु.

सिपाही ; है मेम हम तो घर चले जाएंगे. आप को कोई तकलीफ नहीं होगी. वैसे भी एक hi जेल हे. और उसमे 7 मर्द हे.

माधुरी ; अरे अंकल मुझे कोई तकलीफ नहीं हे. 7 क्या 70 हो. कोई मेरा कुछ नहीं बिगड़ पाएगा.

सिपाही ; नहीं नहीं. ऐसे कैसे. काम से काम पुलिस पुलिस की तो सगी हो. ये सेल अफसर लोग. पता नहीं हमें क्या समज़ते हे. और अब तो सप शब् भी सुबह hi आएँगे.

माधुरी ; सुबह तो में चली जाउंगी.

इंस्पेक्टर ; कहा चली जाओगी बीटा. सुबह कोर्ट थोड़ी खुलेगी बीटा. पर तू फ़िक्र मत कर. हम तुजे अच्छे से रखेंगे.

माधुरी ; मेरे लिए खुलेगी अंकल. में माधुरी सिंह हु.

इंस्पेक्टर ; बहार एक लड़का खड़ा हे. बोल रहा हे तुम्हारा पति हे.

माधुरी ; (स्माइल) अंकल. वो मेरा पति हे. बुरा न मनो तो उसे भी कुछ वक्त मेरे पास अंदर hi भेज दो.

इंस्पेक्टर सोचता हे. अंदर 7 आवारा गुंडे हे. काम से काम इसका पति साथ होगा तो ये सेफ तो रहेगी.

इंस्पेक्टर ; ठीक हे बीटा. पर उसे तकलीफ देना मुझे ठीक नहीं लग रहा हे.

माधुरी ; (स्माइल) आप फ़िक्र मत करो अंकल. बस उसे अंदर भेज दो.

सिपाही जग्गू को बहार से अंदर बुलाता हे. माधुरी अंदर जेल में जाती हे. सिपाही जग्गू को लेकर आया. उसकी आँखों में अंशु थे. वो जैसे अंदर आया. बहार से जेल का दरवाजा बंद कर के टाला लगा दिया. उसने नजर घुमाई तो माधुरी एक दीवार के सहारे निचे hi बैठी बीड़ी पिटे हुए स्माइल कर रही थी. जग्गू ने जैसे hi माधुरी को देखा वो तुरंत hi उसके पास जा कर गुणो पर बैठ के उसके गले लग गया.

जग्गू ; मधु...... ये क्या हो गया. अब हम कैसे बचेंगे.

माधुरी ; अरे तुम रो क्यों रहे हो. ऐसी कितनी मुशीबत से हम बच के निकले हे.

जग्गू ; पर में कुछ कर नहीं पाया था. हम वीडियो में आ गए होंगे.

माधुरी ; (स्माइल) तुम फ़िक्र मत करो. आओ बैठो मेरे पास.

जग्गू माधुरी के बगल में बैठ गया. माधुरी भी उसके कंधो पर सर रख कर बैठ गई. जग्गू सच में डरा हुआ लग रहा था. उसे ज्यादा दर तब लगा जब जेल में बहोत सरे गुंडे उनको hi देख रहे थे.

में एक आराम दायक चेयर पे बैठा हुआ था. आलिया पूरी नंगी सिर्फ चादर में लिपटी हुई मेरे सामने थी. उसके सरे कपडे फर्श पर थे. और उसकी पंतय मेरे हाथो में थी. जो में सूंघ रहा था. हम दोनों ने सेक्स नहीं किया था. में तो बस आलिया को में ठीक हु ये एहसास करा रहा था.

आलिया बहोत खुश थी. तभी बहार से ेराम आई और बाद के पास बैठ गई. उसने अपनी आंखे बंद कर ली. वो खुश पर थकी हुई लग रही थी.

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उसकी थकन भी उसे बहोत खुबशुरत बनती हे.

में ; क्या बात हे. क्या हाथ लग गया.

आलिया ; (स्माइल) वो आप से निकाह कर के आप की बेगम बनेगी. इस लिए खुश हे. हेना??

ेराम ; नहीं वो बात नहीं हे. बात दरसल ये हे की माँ ने मुझे एक काम दिया था. उसे मेने पूरा किया.

में ; ओह्ह्ह मतलब मुझसे शादी करने के ख्याल से खुश नहीं हो.

ेराम ने गर्दन घुमाई और बहोत प्यार भरी नजरो से मुझे देखा

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ेराम ; काम तुम्हे करना हे. मेरे होने वाले शोहर शब्. किसी को जेल से निकलना हे.

आलिया भी लेती थी वो बैठ गई. और में भी सोच में पद गया.

में ; किसे ???

ेराम ; एक लड़की हे. जिसका नाम कैट हे. पूरा नाम तो कोई नहीं जनता यहाँ.

आलिया ; कोई बात नहीं दी. वो तो ये अशनि से कर देंगे.

ेराम ; कल हम मॉडलिंग कम्पीटिशन के लिए जाने वाले हे. तैयार हो जाओ. बीच हमारा इंतजार कर रहा हे. में तो ठंडी हवा के जोकि अभी से महेसुआ कर रही हु.

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ेराम मदहोश हो गई. में उसे समाज रहा था. वो गोवा में जो हुआ वो सब महसूस कर रही थी.

वही रत के वक्त जग्गू बहोत दर रहा था. तभी हमें लगा बहार कोई कार आ कर रुकी हे. माधुरी ने तुरंत अपने राइट साइड देखा. एक लम्बी दाढ़ी वाला कोई बूढ़ा केडी चुप चाप आंखे बंद कर के बैठा हुआ था. माधुरी कड़ी हुई और उस बूढ़े ने जो कम्बल ओढ़ा हुआ था उसे झटके से खींच लिया. और खुद पहन कर कड़ी हो गई. एक मासूम जैसे वो बेगुनाह हो. रतन लाल आया और उसने माधुरी को इस हल में देखा.

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माधुरी की एक्टिंग भी ला जवाब थी. रतन लाल उसके पास आया. माधुरी ने लोहे की सलाखे पकड़ी हुई थी. उसपे हाथ रखता हे और बोलै.

रतन लाल ; फ़िक्र मत करो मधु मरे पास बोत पिसा हे. मेने sapecial(special) दूसरी पार्टी ने बोल के तुम्हरो केश कल को रखवा दियो हे. होर मारो वकील कड़ी हर न सके हे.

रतन लाल ने रातो रत जज, वकील हर किसी पे अँधा पैसा पहले से फेक दिया था. वो नहीं जनता था की जप के ऊपर तो मौत का साया पहले से hi घूम रहा था. जब रतन लाल ने माधुरी के हाथो पे अपने हाथ रखे तब जग्गू को गुस्सा आया. वो खड़ा हो गया. फिर उसे शर्म भी आई. सामने और कुछ राइट तरफ जो केडी थे वो सिर्फ 1 रत के hi थे. और सब के सब चोर या गुंडे या फिर बलात करि. जग्गू ने देखा बाकि सब तो बस आंखे फाड् के देख रहे हे.

पर जिस से माधुरी ने कम्बल खींचा वो बूढ़ा डट निकल ते हुए जग्गू को देख कर स्माइल कर रहा हे. जैसे जग्गू का मज़ाक उदा रहा हो. काफी देर माधुरी मासूम बन कर रतन से उसकी सिम्पथी लेती रही. और वो बूढ़ा सिर्फ जग्गू को देखता रहा. जग्गू के फेस पे पसीना साफ बता रहा था की वो अपनी प्रेमिका को काबू नहीं कर प् रहा हे.

और माधुरी भी प्रेमिका के साथ एक बीवी होने की फीलिंग भी दे रही थी. दोनों में तो शादी कर के साथ रहने का भी फैसला कर hi लिया था. और दोनों प्यार का इज़हार भी कर hi चुके थे. ऐसे में माधुरी का सेक्स देख कर और माधुरी का बोल्ड अवतार देख कर उसके अंदर का सोकॉल्ड नेस अभी तक जग्गू पहचान नहीं पाया था. माधुरी रतन लाल के जाने के बाद मुद कर जग्गू को देख कर स्माइल करती हे.

माधुरी ; (स्माइल) तुम फ़िक्र मत करो कल हम निकल जाएंगे.

माधुरी ने जग्गू की हालत देख कर पता लगा लिया था की वो सोच क्या रहा हे. जग्गू की जलन से माधुरी के डिल में जो गुदगुदी हो रही थी. उसे उसमे बहोत मजा आने लगा. माधुरी जग्गू के पास आई. कम्बल अभी भी उसके कंधो पे था. माधुरी ने जग्गू को बहो में भर कर उसके कण में बोलै.

माधुरी ; (स्माइल) क्यों जी अपनी बीवी को देखने में आप को तो बड़ा मज़ा आ रहा हे.

माधुरी ने पेण्ट के ऊपर से जरा सा हाथ लगाया तो जग्गू को एहसास हुआ उसका लैंड सही में तना हुआ हे. सरे लोग सो चुके थे. बहार टाला लगा हुआ था और सरे पुलिस वाले बैठे बैठे सो hi रहे थे. माधुरी ने देखा 4रो तरफ तो सनता hi हे. वो कड़ी हुई और उस बूढ़े की तरफ गई. वो बैठा हुआ था.

बूढ़े को देख कर माधुरी को ये एहसास हो गया की ये इन्शान यहाँ किसी मतलब से hi हे. माधुरी अब भी वो गोल्ड साड़ी और वही कुछ पहने हुए जेवेलरी में थी. माधुरी ने कम्बल उस बूढ़े की तरफ बढ़ा कर स्माइल करते हुए बोली

माधुरी ; (स्माइल) बाबा सुक्रिया. आप का कम्बल मेरे बहोत काम आया.

बूढ़ा ; तेरे सुक्रिया से न मेरा पेट भरेगा और न मुझे कोई फायदा हे.

माधुरी ; (स्माइल) तो क्या करू बोलो. जिस से आप को फायदा हो.

बूढ़ा ; मुझे क्या पता. हम तो फ़क़ीर हे. तेरे पास हे hi क्या.

माधुरी ; (स्माइल) ओह्ह्ह अच्छा तो ये बात हे....

माधुरी ने नजर घुमा कर नोट्टी स्माइल करते हुए जग्गू को देखा. और फिर वापस बूढ़े को. माधुरी झुक कर घुटनो पर बैठ गई. जेल में और भी लोग थे. सरे ये खेल देख रहे थे. माधुरी घुटनो पर बैठ कर उस बूढ़े का सर पकड़ कर अपने सीने से लगा देती हे. और उसके सर में चिपके हुए गंदे बालो में हाथ घूमते हुए जग्गू को स्माइल कर के देखने लगी. जग्गू आँखे फाड् कर माधुरी को देखने लगा.

इतना गन्दा बूढ़े का मुँह माधुरी के बूब्स के बिच में मुँह. और माधुरी उसे बड़े प्यार से उस के सर को माधुरी सहेला रही हे. ये देख कर जग्गू ज़नज़ाना उठा. माधुरी जग्गू को स्माइल करते हुए बहोत नशीली कमुख ाकंखो से देख रही थी. जग्गू के फेस पे पसीने की बुँदे साफ दिखने लगी. चीटिया जैसे उसके बदन को जोर जोर से काट रही हो. पता नहीं दोनों बूब्स के बिच वो गंदे का मुँह क्या कर रहा होगा. उसकी जीभ पक्का बहार निकली होगी या नहीं. बस यही सोच रहा था.

तभी माधुरी ने सिसकारी ली.

माधुरी ; ससस अह्ह्ह सससस.

माधुरी की आंखे सुकड़ी और बड़ी हो गई. उसकी आंखे और लिप्स की हलचल क्यों हे ये सब जग्गू सोचता hi रहा. आखिर बात क्या हे. पर माधुरी के फेस की मादकता जग्गू को पागल बना रही थी. उसके बदन में पेट के निचे नाभि से लेकर लैंड की हर नशो तक कुछ गरम गरम सा कुछ ट्रवेल हो रहा हे ये जग्गू साफ महसूस कर रहा था.

तभी माधुरी ने जग्गू से नजर हटाई. बूढ़े ने जब मुँह माधुरी के जोबन से हटाया तो माधुरी ने बूढ़े के बालो को नहीं छोड़ा वो थोड़ा आगे खिसक कर दोनों घुटनो को आगे सरका कर बूढ़े की गॉड में चढ़ गई. बूढ़े ने भी माधुरी की पीठ पर अपने दोनों हाथ तक दिए. माधुरी ने आगे होकर बूढ़े के मुँह में मुँह दाल दिया. माधुरी के लिप्स पुरे रबर की तरह बड़े होते और फिर सुकुडते.

उन दोनों की किश देख कर जग्गू को तत्तो में जोर का दर्द हुआ. मिनिट 1 से ज्यादा 2 हो गए पर माधुरी तो बूढ़े को जैसे निगल रही हो. वो इतना बूढ़े के करीब थी की उसके चेस्ट पर माधुरी के बूब्स खुद hi बुरी तरीके से रब हो रहे थे. जग्गू का हल तो बहोत बुरा हो रहा था. अब माधुरी ने उस बूढ़े को बक्सा. वो उस से मुँह बस थोड़ा सा हटाया. वो हाफ रही थी. आंखे नशीली बूब्स हाफने की वजह से बड़े और छोटे हो रहे थे. मुँह खुला और थूक की एक लकीर जमीं पर गिरी पर बहोत देर बाद टूटी फिर भी एक लकीर तो चमकती हुई लटक hi रही थी.

माधुरी ने इस बार जग्गू को नहीं देखा. उसकी गन्दी लुंगी में हाथ दाल कर हफ्ते हुए उस बूढ़े को कमुख नजर से देख रही हे. जग्गू अंदर क्या हो रहा हे देख तो नहीं प् रहा था. पर उसे साफ पता चल रहा था की माधुरी का हाथ अंदर लुंगी में जा कर क्या कर रहा हे. उसने देखा माधुरी थोड़ी पीछे हुई. और एक कुटिया की तरह घुटनो पे हो गई. देख तो सब hi रहे थे. पर जग्गू की डिल की धड़कने बहोत तेज़ तेज़ हो रही थी. उसका डिल बोल रहा था.

नहीं नहीं.......

पर माधुरी ने झुक कर अपना मुँह उसके लुंगी में दाल दिया. उसका मुँह ऊपर निचे हो रहा था. माधुरी का सिर्फ मुँह hi ढाका हुआ था. गांड पीछे से ऊपर उठी हुई थी. बूढ़े ने सर घुमा कर जग्गू को देखा और है रहा था. आगे के 4 डट एकदम काळा और छोटे.. जैसे साद के टूट गए हो. एक डैम बूढ़ा और कमीना लग रहा था. एक डैम से बूढ़े ने माधुरी का सर पकड़ा और दबा दिया. आंखे बंद कर के अहह अह्ह्ह अहह किया और रुक गया. जग्गू समाज गया की सायद उसका हो गया. माधुरी ने मुँह बहार निकला और एक हर निकल कर उस बूढ़े को देते हुए बोली.

माधुरी ; (स्माइल) सुक्रिया बाबा अब तो आप खुश हो न. ये लो सोने का हे.

बूढ़ा सर पीछे दीवार पर टिका कर आंखे बंद कर के बोलै.

बाबा ; इसे अपनी छूट में दाल ले या तेरे उस भड़वे की गांड में.

माधुरी वह से कड़ी हुई और जग्गू के पास बैठ गई. एक शरती स्माइल करते हुए बोली.

माधुरी ; (स्माइल) आप को क्या हुआ.

और माधुरी ने जग्गू पे प्यार जताते हुए अपना सर जग्गू के कंधे पर रख दिया. तभी वो बूढ़ा खड़े हुआ और सलाखों के पास खड़े एक मुजरिम के पास आया. और वो मुजरिम ने उसे मरने की कोसिए की. बूढ़ा झटके से निचे बैठा. फिर उसका सर पकड़ कर एक झटके में मरोड़ दिया. वो मुजरिम वही मर गया.

उसकी लाश वही जमीं पर पड़ी रही. फिर भी सनता वैसे hi छाया रहा. माधुरी जग्गू के कंधे पर से सर बिलकुल नहीं हटाया. वो आंखे बंद कर के वैसे hi लेती रही. जग्गू घबरा गया.

जग्गू ; (घबराहट) मधु मधु ये ये ये.....

माधुरी ने अपना सर वैसे hi रखा आंखे अब भी बंद hi थी. बस वो थोड़ा सा स्माइल करती हे.

माधुरी ; (स्माइल आंखे बंद) बताती हु. सब बता टी हु.
 
जग्गू और माधुरी का छोटा सा फलेश बैक.

जब माधुरी ने उसका कम्बल लौटने के लिए हाथ बढ़ाया तब माधुरी ने देखा उस बूढ़े के मुँह में एक सिम हे. माधुरी समाज गई की वो एजेंट हे. जग्गू का माधुरी को ऐसे ताड़ना और पसीना हो जाना उस बूढ़े को पता लग गया की ये माधुरी के साथ हे. और वो ये जनता था की कोई भी एजेंट किसी को भी अपने मिस्सों में शामिल नहीं करेगा. किश के दौरान माधुरी ने वो सिम ले ली. माधुरी ने बूढ़े के बॉडी पे हाथ लगाया तो उसने उसकी बॉडी में मोबाइल ढूढ़ने की कोसिए की. कही नहीं मिला. तभी दोनों जंगो के बिच उसे कुछ ठोस चीज महेसुआ हुई. माधुरी ने लुंगी में मुँह अंदर डाला. माधुरी ने दरसल उसका मुँह में लेना ये बस एक्टिंग थी.

रियल में माधुरी ने उसका लैंड टाच भी नहीं किया था. माधुरी तो उसकी दोनों टैंगो के बिच से मोबाइल लेकर उसमे सिम दाल रही थी सिम डालने के बाद उसे मश्ग आया.

गाड़फाथेर ; तुम्हे तुमहाते पति और तुम्हारी mammy(mom) से पहले कैट को ढूढ़ना हे. ये याद रहे टीम्स अब बात चुकी हे ग़दर कहा कोण कुछ पता नहीं.

माधुरी ; don't वैर्य डैड ी क्नोव हु इस शी. में सब कर लुंगी. पर उसे धुधु कहा.

गॉड फादर ; तुम अपने पति के पास जाओ वही से तुम्हे पता चल जाएगा. वैसे ध्यान रहे मेरा बेटे की जान खतरे में हे. तुम्हे कैसे भी तुम्हारे पति से पहले उसे ढूढ़ना हे. वो उसे नहीं दूध पाएगा.

माधुरी ने एक स्माइल का सिम्बोल दिया.

माधुरी ; (स्माइल) वो तो बुद्धू हे. पर बहोत प्यारे हे.

गॉड फादर ; अब अपने पति तरफदारी बंद करो और अपना काम करो.

माधुरी ने मोबाइल को स्विच ऑफ किया और उस अपनी बॉडी को रब करने के बहाने कब अपनी पंतय में छुपा दिया किसी को पता नहीं चला. वही एक गुंडा था जो रियल में माधुरी के ऊपर ंप से hi नजर रखता हुआ चल रहा था.

माधुरी के बारे में वो सुरु से hi मौलवी को रिपोर्ट करते जा रहा था. ये बात माधुरी अच्छी तरह से जानती थी. जब माधुरी का मुँह लुंगी के अंदर था. उस वक्त उसने मौलवी को कॉल किया.

गुंडा जासूस ; सलाम मौलवी शब्.

मौलवी ; बेवकूफ फ़ोन क्यों किया. थोड़ा इंतजार नहीं कर सकते थे. वो कहा हे इस वक्त.

गुंडा जसुआ ; वो.... वो तो इस वक्त किसी भिखारी से चुद रही हे. उसका लैंड मुँह में ले रखा हे.

मौलवी ; क्या तुम उसे देख रहे हो??

गुंडा जासूस ; है है में झूठ नहीं बोल रहा वो पकड़ी गई हे. कम के मुर्दार में.

मौलवी ; बेवकूफ उनकी हरकतों को देखो. उसे कही न कही से मश्ग जरूर मिलेगा.

माधुरी तो अपनी जगह पर बैठ गई. पर उस बूढ़े एजेंट ने उसकी तरफ बढ़ना सुरु किया. इतनी सफाई से बिना आवाज किये उसे मारा की जेल के सरे मुजरिम उसे देखते रहे गए.

सुबह जब सिर्फ नाईट ड्रेस में जप आया तो उसने देखा जग्गू ठाणे से बहार निकल रहा हे. जप ने उसे रत को जब माधुरी को अरेस्ट किया तब देखा था. वो जग्गू के पास गया और उसका गिरेबान पकड़ लिया.

जप ; यययय तू यहाँ क्या कर रहे बे?? कोण लगता हे उस रंडी का.

जग्गू डरा सही पर माधुरी के लिए उसे गली बरदास नहीं हुई. वो बोल पड़ा.

जग्गू ; आप तमीज से बोलिये बलि मत देना मेरी मधु को.

जप को माधुरी से बदला लेने का मौका मिल गया. और उसने जग्गू को गली के साथ थपड मर दिया.

जप ; सेल रंडी के दल्ले.

जग्गू को थपड खा कर भी गुस्सा आया. वो उसे मर नहीं सकता था. पर जग्गू ने हिम्मत दिखाई और जप के मुँह पर थूक दिया. जिसपर जप को गुस्सा आया. उसने जग्गू को घसीटना सुरु कर दिया और घसीट ते हुए उसे अंदर ठाणे ले गया. अंदर पहले से एक लाश पड़ी हुई थी. जिसे बहार निकल लिया था. वो जग्गू की कोलर पकड़ के उसे अंदर लाया.

जप ; (स्माइल) ोय पाठक इसे कइने मारा बे.

इंस्पेक्टर ; सर इसे उस बूढ़े फ़क़ीर ने मारा. वो माधुरी मेम से बतमीजी करने की कोसिए कर रहा था.

जप ; कमल हे उस रंडी के लिए इसे जान से मर दिया. चल साला उसे भी देखता हु. उसे तो में स्पेशल लेकर जाऊंगा. उसे भी इसके केस के साथ जोड़ो. लिखो की सरे मर्डर में ये भी शामिल था.

वो जग्गू को झटका देता हे. और घसीट ते हुए jail(lockup) तक ले आया.

जप ; चल सेल.

वो लॉकअप के सामने hi जग्गू को थपड पे थपड मरने लगा.

जप ; (चीला कर) बुला सेल बुला भड़वे बुला तेरी रंडी को.

जप ने मरना सुरु किया और माधुरी सलाखों के पास आई. वो उसे देख कर जोर से छिलाई.

माधुरी ; (गुस्से में) यययय सेल उसे हाथ मत लगा. तेरी दुश्मनी मुझसे हे. यययय मादरचोद मर डालूंगी तुझे.

सरे पुलिस वाले सर निचे कर के उसे देख रहे थे. हर किसी को बुरा लग रहा था. पर वो कुछ नहीं कर सकते थे. तभी एकदम से इंस्पेक्टर ने जप का हाथ पकड़ लिया और गुस्से से बोलै.

इंस्पेक्टर ; (गुस्से में) माफ़ करना सर आप अफसर हे इसका मतलब ये नहीं की आप मन मणि करोगे.

जप ने जग्गू को छोड़ कर इंस्पेक्टर को थपड मर दिया.

जप ; (गुस्से में) साला मादरचोद इसे बचा रहा हे. 1 घंटे में आऊंगा. इन दोनों को तैयार रखना.

जप ने माधुरी और उस बूढ़े एजेंट की तरफ ऊँगली कर के बोल दिया. वो चले गया. सरे पुलिस वालो का खून खोल उठा.

हमें आज शाम कोर्सिका के लिए निकलना था. एक सुन्दर बिच. जहा बहोत बड़ा मॉडलिंग शो था. कई फैशों सीओ और अद्वेताइज़मेंट के लिए भी कई कंपनी आने वाली थी. हमें बस इंडिया से कोनसी कंपनी यहाँ के लिए जेवेलरी बना रही हे. या किस चीज के लिए कैसे जेवेलरी में पेमेंट कर रही हे ये जान न था. मुझे मालूम था गोवा का एक बाँदा यहाँ मॉडल्स लेकर आता हे.

कुछ ाद्दु डिकोस्टा नाम हे. नाम से तो अंरेज लग रहा हे. सुरभि जाने का सामान लेने गई हुई थी. खाना पीना और भी कुछ शमन. आसमान में बदल छाए हुए थे. और आलिया बंद रूम में पता नहीं क्या कर रही थी. हम रत को निकलने वाले थे. तभी दूर खुला और ऐसा लगा जैसे ऊपर वाले ने मुझे दोबारा खुशिया लोटा दी हो. आलिया सिर्फ एक शर्ट में बहार आई. और अपने बालो को समेत ते हुए बोली.

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आलिया ; बहोत काम बीविया होती हे. जो अपने शोहर की श्री विशेष पूरी कर पति हे.

में आलिया को देखता रहे गया. वो शाम मेरी लाइफ के बेस्ट में से एक थी. और आज फिर से वो सिर्फ शर्ट में. में एक बार और उसका दीवाना हो गया. वो अपने हाथो से गले से फिर अपने मस्त नरम बोस और पेट नाभि से लेकर अपनी जंगो तक खुद hi मशलने लगी. वो हॉट और सेक्सी ने मेरे डिल में एक बार और तूफान मचा दिया. बहार बारिश चालू हो गई. बारिश की आवाज और मेरे सामने तो खुद तूफान था. वो अपने दोनों हाथो को अपनी दोनों टैंगो के बिच में अपनी नरम मुलायम केले जैसी टैंगो के बिच दबाए कड़ी थी. वो पीछे को ज़ुकी और उसके दोनों हिप्स जैसे उभर के मुझे बुला रहे हो.

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आलिया ; लगता हे तूफान आने वाला हे. बहार नहीं तुम्हारे अंदर.

उसे पता था इतना देखने के बाद में रुकने वाला नहीं हु. खास कर जब बीवी इतना हसीं तोफा जो दे रही हो. वो मुझे नशीली आँखों से देखते हुए मुद hi रही थी.

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में खड़ा हुआ और उसकी तरफ बढ़ने लगा. वो पीछे होती गई. और में आगे उसकी तरफ बढ़ने लगा. वो चलते हुए अपने बालो को सवारती मुझे देखती हे.

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हलचल हम दोनों के डिल में मच चुकी थी. मेने चलते चलते hi एक कोल्ड क्रीम की तुबे उठा ली. में आयल की बोतल ढूढ़ने का वेट नहीं kar,sakta था. पर वो तो मैं दूर के बहार निकल गई. में रुक गया. वो बहार बारिश में निकल कर कड़ी हो गई. और स्माइल करती मुझे देखती हे.

वो दोनों हाथो से अपने फेस से लेकर पीछे बालो तक हाथ घूमते देखती हे.

आलिया ; (स्माइल) क्या हुआ रुक क्यों गए.

मुझे भी हसी आ gai.me सिर्फ पाजामे में था. अंदर ुण्डावर भी नहीं पहनी थी. आलिया का शर्ट गिला हो गया. उसके निप्पल्स आर पर दिखने लगे थे. में दूर पे था और स्माइल करते हुए उसे देख रहा था. वो एक कदम आगे आई और मेरे नाभि के पास पाजामे को पकड़ कर मुझे भी बारिश में खींच लिया.

बदन पे गिर रही तेज़ बारिश की बुँदे जोर से बदन को लग रही थी. पर ये ठडक भी मेरी प्यास भुजा नहीं सकती थी. आलिया ने खुद hi मेरे पाजामे को झटके से निचे किया. और भर मुट्ठी मेरा लैंड को पकड़ लिया. वो मेरे लैंड को पकड़ कर मेरे बहोत करीब आ गई. दोनों ेद्दियों से ऊपर उठ कर मेरे लिप्स पर अपनी लिप्स रख कर मुझे किश करने लगी. में भी खो चूका था. मेरे हाथ से वो कोल्ड क्रीम की तुबे कर निचे गिरी मुझे पता नहीं चला. वो पीछे हुए अपने फेस से हाथ घुमा कर मुझे देखे जा रही थी.

उसने झुक कर तुबे उठाई और बहोत साड़ी क्रीम लेकर मेरे लैंड पे मलना सुरु कर दिया. एक बार जब उसका हाथ लगा तो जैसे सांसे hi रुक गई हो. उसने फिर मेरे हाथो की हथेलियों पे आगे की ऊँगली पर भी बहोत साड़ी क्रीम डाली. और थोड़ा सा गम कर मेरी हठीलो को अपने दोनों हिप्स के बिच दबाव बनाया. उफ्फफ्फ्फ़... क्या एहसास था नरम नरम और गरम गरम.

बारिश के पानी में hi वो पेट के बल लेट गई. और सर पीछे कर के मुझे देखने लगी.

आलिया ; (स्माइल) ज्यादा सोचो मत. बारिश रुक गई तो फिर मज़ा नहीं आएगा.

में तुरंत hi गुणो पे बैठ गया. आलिया लेती हुई उसने मेरा हाथ पकड़ा और चूमने लगी. शर्ट को धीरे से ऊपर उठाया. उसकी गोरी हिप्स पे बारिश की बुँदे दिर रही थी. मेने उसपे हाथ घुमाया. मेरा लैंड तन गया था. मेने अपने पाव में फसे पाजामे को भी निकल देखा. में पूरा नंगा ghar,se बहार था. सुकर थी की कोई बहार नहीं था.

सायद बारिश की वजह से. में अब देर नहीं करना चाहता था. में आलिया पे चढ़ गया. उसपे मेरा वेट आया तो उसके गौर गाल फर्श पर डाब गए. चिकनाहट से मेरा लैंड निशाने पर नहीं लग रहा था. वो बार बार फिसल रहा था. फिर उसने थोड़ी सी हिप्स उठाई. और मेरा निशाना सटीक बैठ गया. जैसे hi छेड़ में मेरा लैंड उसकी दोनों हिप्स के बिच अंदर घुसा एक अजीब सा एहसास.

जैसे hi लैंड अंदर घुसा आलिया के मुँह से अह्ह्ह निकल गई. उसका फास फर्श पर टिक गया. पानी उसके गलो पर था. पर दोनों के फेस पे एक अजीब सा एहसा. मेरा हर एक दक्का हम दोनों के अजीब सी ख़ुशी दे रहा था. लेकिन में नहीं चाहता था ये ख़तम हो. मेने आगे लेजा कर अपना हाथ आलिया के फेस के बिछे रखा. मेरी हथेली उसके लिए तकिया बन गई. वो मेरी हथेली पे अपनी जीभ से कुरेद रही थी. मुज में उसने अजीब सा रोमांच भर दिया.

स्वीटी जानती थी. अब भी उसका कोई न कोई टेस्ट उसका जरूर होगा. या उसकी हरलाटो को कोई वाच करेगा. या फिर उसके होटल रूम में कोई हमला वगेरा कुछ तो होगा. वो गोवा तो कई बार आ चुकी थी. बहोत काम लोग होते हे जो पैसा हजम कर पते हे. अमीमां मॉडल्स को फैशन से भरी लाइफ जीने की आदत होती हे. और स्वीटी को भी ेशो आराम की लाइफ तो सुरु से hi पसब्द थी.

वो जानती थी. कोई तो हे जो उसे सुरु से वाच कर रहा हे. स्वीटी भी बिंदास एक होटल के रूम से बिकनी में निचे आई. उसे मेकअप की जरुरत नहीं थी. उसे तो पेशो की खुशबु सूंघ कर hi फेस पे चमक आ जाया करती थी. स्वीटी मस्त रेड बिकनी में पानी में जम्प लगा दिया. जब उसने अपना फेस ऊपर किया तो सब उसे देखते रहे गए.

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ऐसा लग रहा था. जैसे कोई जल मछली पानी में हे. तभी उसकी नजर ाण्डू पर गई. वो तैरते हुए पुल्ल के किनारे पर आई. और ाण्डू डिकोस्टा को देखते हुए बोली.

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स्वीटी ; अरे सर आप??? (स्माइल) वाओ अब तो मज़ा आएगा.

स्वीटी को ये तो पता लग गया की ाण्डू डिकोस्टा hi उसका पीछा कर रहा था. पर ये भी ुए पता था की ाण्डू उसपे फुल फ़िदा भी हे. बस वो उसे जांच रहा हे.

ाण्डू डिकोस्टा ; है में वैसे तुम क्या कर रही हो यहाँ. इतना माएंगा होटल तुम.....

स्वीटी ; सर महंगे होटल में hi मोती पार्टी मिलेगी. मॉडलिंग करने के लिए भी पैसा चाहिए. कुछ समझे. Don't वैर्य में शाम को पहोच जाओगी.

ाण्डू डिकोस्टा ; वैसे अभी क्या प्लान हे.

स्वीटी ; हआ..... वैसे तो दूध रही हु यहाँ जो मेरा खर्चा उठा सके.

ऐसा बोलके स्वीटी ाण्डू को देखते हुए मुद गई.

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वो स्वीटी को जाते हुए देखता हे. पानी के अंदर भी स्वीटी की स्लिम बॉडी साफ दिखाई दे रही थी. ाण्डू की नजर स्वीटी की दोनों हिप्स पे गई. ाण्डू ने पेण्ट के ऊपर से hi अपना लैंड मशाल दिया. स्वीटी ने भी उसे आकर्षित करने के लिए अपने जलवे दिखाना सुरु कर दिए. वो पानी के बिच एक जुले पर दोनों तंग पसर के बैठ गई. और ाण्डू को देखती हे.

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ाण्डू भी उसे देख कर स्माइल करता हे और उसे बिच पे चलने का हइशारा करता हे. ाण्डू की बॉडी भी मस्त स्लिम थी. कोई भी देख कर समाज सकता था वो फिघ्टर भी होगा. वो जाकर एक जगह बैठ गया. वो निचे रेट में hi बैठा था. तभी स्वीटी भी पानी से निकली और उसके पीछे चल दी. वो पीछे से आई और ाण्डू के गूगल खींच कर खुद पहन लेती हे. और घुटनो पे बैठ के उसके सामने आ गई.

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स्वीटी ; आप को मेरा फिगर केसा लगा सर.

ाण्डू ने तुरंत hi वापस इसकी आँखों से अपना गूगल खींच लिया.

ाण्डू डिकोस्टा ; फ़िक्र मत करो तुम्हारे रहने का खाने का शॉपिंग सब के बिल में पाय कर दूंगा. बस जब तक मेरे पास हो किसी को बुक मत करना. मेरा रूम no 43 हे.

स्वीटी ; (स्माइल) और मेरा 34.

स्वीटी बोल के रेट में hi पसर गई. वो स्माइल करते हुए उसे hi देखते हुए है रही थी. जैसे उसे रिज़ा रही हो. ये बात तो ाण्डू को भी समाज में आ गई. उसकी नजर स्वीटी की गोरी मस्त टैंगो पे रेट चिपक गई उसपे थी. स्वीटी भी आँखों से गूगल सर पे कर के स्माइल करते हुए ाण्डू को देखती हे.

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ाण्डू डिकोस्टा ; आओ एक एक बेयर हो जाए.

वो उसके साथ चल दी. ाण्डू के बाजु को ऐसे पकड़ के चलती हे जैसे वो उसके लिए बुक हो गई हो. ाण्डू ने उसके हिप्स पे एक हलकी चमत मरी. स्वीटी जान बच कर उछलती हे. जैसे वो बहोत नाजुक हो.

स्वीटी ; आउच.... (स्माइल) नोटीयियय....

वो दोनों एक आराम करने वाले सीट पर बैठ गए. जहा लोग धुप सकते हे. स्वीटी भी स्माइल करते हुए पसर गई. ाण्डू जा कर खुद 2 बेयर ले आया. स्वीटी भी फ्री की बेयर को ख़ुशी से इंजॉय करने लगी

ाण्डू डिकोस्टा ; तुम बैठो में 20 मिनिट्स में आया.

ाण्डू खड़ा हुआ और वह से चले गया. स्वीटी तुरंत hi बैठी और ाण्डू को जाते हुए देखती हे.

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स्वीटी जानती थी. वो उसके रूम की जाँच करने गया हे.

माधुरी एक पुलिस वन में थी. उनके आगे एक जीप थी. जिसमे वो इंस्पेक्टर बैठा बुआ था. और वन के पीछे जो जीप थी उसमे जप था. माधुरी भागने की कोसिए करे तो वो उसे मर दे इसी लिए उसने अपनी जीप पीछे राखी हुई थी. तभी अचानक आगे वाली जीप रुक गई. तो वन भी रुकी और पीछे वाली जीप जिसमे जप था उसे भी रोकनी पड़ी. जप ने जीप में बैठे बैठे hi आवाज दी.

जप ; क्या हुआ. क्यों रुक गए.

तभी हस्ता हुआ. आगे वाली जीप से बूढ़ा इंस्पेक्टर बहार आया और वन के पीछे उसके दूर पे हाथ मारा. वो स्माइल कर रहा था. जप तुरंत hi समाज गया. की माधुरी को भागने की चल हे. वो अपनी गन लेकर तुरंत जीप से बहार आया.

जप ; ये तुम ठीक नहीं कर रहे हो पाठक.

तभी दूर खुला और माधुरी ने अपने फेस को टर्न कर के जप को देखा. एक ष्पाहि ने माधुरी की हाथ कड़ी खोली. जप में गन माधुरी की तरफ की. पर पीछे से एक सिपाही ने झटके से गन छीन ली. सरे पुलिस वाले जप के इर्द गिर्द घेरा बना लिया. माधुरी बहार निकली. जप घबरा गया.

इंस्पेक्टर ; (स्माइल) फ़िक्र मत करो सब न hi मेडम भागेगी. और न hi कोई तुम्हे जान से मरेगा. बस जिन्दा रहना हे तो ये वर्दी उतर दो.

जप ; (घबराहट) तुम लोग इसका साथ दे रहे हो?? इसका??? इसने हमारे कम शब् को मारा हे.

इंस्पेक्टर ; ये पुलिस वाली हे. हमारी साथी. और तू कुत्ता कम का.

माधुरी बिच में आई. और वैसे hi उसे मरने लगी जैसे उसने जग्गू को मारा था. कुछ hi देर में माधुरी के थपडो से उसका मुँह लाल हो गया.

माधुरी ; जा बैठ जा अपनी जीप में. नहीं तो कोर्ट पहोच ने में देर हो जाएगी.

वो डरते घबराते जीप में बैठ. किसी भी पुलिस वाले ने उसका साथ नहीं दिया. कोर्ट में जज ने जप के गलो के बारे में पूछा वो कुछ भी नहीं बोलै. माधुरी ने कम का खत पेस कर दिया. और कम के मर्डर के साथ बख्तावर और गोल्डन बाबा के हत्या का भी इल्जाम लगा दिया. सब को तो कोर्ट में रतन लाल ने पहले hi पैसा खिला दिया था. कम के खत की जाँच हुई. वो सही नीकला. जप ने कक्तव फुटेज देखने की मांग की.

नशीब से उसमे कही पे भी माधुरी नहीं दिखी. रतन लाल ने कम के कई दोस्तों के आगे भी पैसा फेक दिया था. और तो और सरे पुलिस टीम ने लॉकअप में जो मौलवी ke,agent की हत्या का इल्जाम भी जप पर लगा दिया. माधुरी को छोड़ दिया गया और जप पर अलग से कोर्ट बैठने ka,adesh दिया. उसे वही पे अरेस्ट कर लिया गया. माधुरी कोर्ट से बहार स्माइल करते हुए निकली. कोर्ट में इंस्पेक्टर के पाव छू कर uska,ashirvad भी लिया. सरे पुलिस स्टाफ को भी अच्छे से मिली. और सब को एक साथ रहे के काम करने को भी कहा.

बहार रतन लाल और जग्गू दिनों hi खड़े थे. माधुरी जग्गू से गले मिली. फिर रतन के. जग्गू की घबराहट से रतन लाल के साथ वो क्या हो रहा हे वो धयान hi नहीं दिया. वो रतन लाल की कार में जग्गू के साथ पीछे बैठ गई. रतन लाल को खुद hi कार चलनी पड़ी. माधुरी और जग्गू दोनों पीछे प्यार भरी बाटे करने लगे.

माधुरी ; (स्माइल धीमी आवाज में) तुम ठीक हो न??

जग्गू ; है में ठीक हु मधु अच्छा हुआ तुम बच गई. में तो बहोत दर गया था. और सुबह वो कमीने ने...

जग्गू चुप हो गया. माधुरी ने स्माइल करते हुए जग्गू के सर को अपने साइन में दबा लिया. और प्यार से सर पे हाथ घुमाया.

माधुरी ; (स्माइल) तुम फ़िक्र मत करो मेने तुम्हारा बदला ले लिया. और शाम तक उसकी लाश भी किसी गंदे नाले में पड़ी होगी. लेकिन एक बात समाज नहीं आई. तुम तो मेरे साथ थे. फिर कुंए कैमरा हैक किया होगा. वीडियो मेने पूरी देखि. कही पे भी में नहीं दिखी कैसे??

जग्गू ; अम्म्म मुझे क्या पता. कोई दोस्त hi होगा.

तभी माधुरी ने जग्गू की पंत पे से उसके लैंड पे हाथ रख दिया. जो रतन ने मिरर में से देख लिया. रतन को भी कुछ चाहिए था. माधुरी ने नजर घुमा कर एक बार जग्गू को देखा तो वो समाज गई की रतन उसे देख रहा हे. तभी माधुरी ने मिरर में स्माइल करते हुए देखा. दोनों के ने लड़ रहे हे ये जग्गू को नहीं मालूम था. माधुरी ने जग्गू की पंत की जीप खोल कर अंदर हाथ दाल देती हे.

जग्गू की आंखे तो बंद हो गई. पर माधुरी अपने गले पे हाथ घूमते हुए मिरर में स्माइल कर के देखती हे. रतन लाल को ek,ajib सी इरोटिक फीलिंग. जैसे वो अपने पति से आँखों की चोरी से उसे देख रही हो. मजा तीनो को आ रहा था. जग्गू ने आंखे बंद कर ली. टोपा गांजा और लीकेज करने लगा. माधुरी टोपे पे अपना अंगूठा गुमा रही थी. अंगूठे पर चिकनाहट सी हो गई.

रतन लाल ; (स्माइल) तो मधु अब कहा चलोगे मेरे घर कुछ देर आराम करोगी या मेरे शोरूम में. वैसे आज मेने खोला नहीं हे.

माधुरी ; (स्माइल) नहीं रतन तुमने मेरी बहोत मदद की हे. अब मेरा भी तो फर्ज बनता हे की में तुम्हारे लिए कुछ करू.

ये बात सुकर माधुरी की आंखे नशीली हो गई. पर जग्गू की आंखे एक झटके से खुल गई. रतन भी माधुरी की डबल मीनिंग की बात समाज कर भी घबरा रहा था. वो खुद hi दर से बात घूमने लगा.

रतन लाल ; (स्माइल लालच घबराहट) हे हे हे. तब तो आज डिल खोल के फोटो खीचूंगा तुम्हारी.

माधुरी ; (स्माइल) जितनी मर्जी ले लेना meri..........(smaile) फोटोज

माधुरी ने ऐसे बोलै रतन और जग्गू दोनों hi हिल गए. माधुरी जब बोलै ले लेना मेरी. तो जग्गू एक डैम से बड़ी आंखे कर के माधुरी को देखने लगा. और जब माधुरी फोटोज बोलै पर वो माधुरी के कहने का मतलब जामज hi गया था. माधुरी ने भी जब बोल के रुकी तो जग्गू के लैंड को अंदर hi फिट मुट्ठी में भर लिया. जिस से गरम वीर्य की थोड़ी सी बुँदे तुरंत बहार आ गई.

वो लोग शो रूम पर पहोच गए. शो रूम के कई सरे लॉक खोले और रतन लाल माधुरी और जग्गू को हस्ते हस्ते अंदर बुलाता हे.

रतन लाल ; (स्माइल) हे हे हे. आओ माधुरी आओ आओ.

जग्गू को गुस्सा इस बात का ज्यादा था. क्यों की रतन लाल ज्यादा बूढ़ा था. वो पतला hi था. और ऐसे झुक कर चलता था जैसे किसी से गांड मरवा के आया हो. उसे बिना चस्मो के दिखाई भी नहीं देता था.

रतन लाल ; (स्माइल) माधुरी.....

रतन लाल ने माधुरी को ऐसे बोलै तो जग्गू का खून ज्यादा खोल उठा. माधुरी ने भी घूम के उसे देखा.

रतन लाल ; (स्माइल) अंदर बाथरूम भी हे. और सब कुछ हे. तुम नाहा लो चाहो तो.

माधुरी भी हसने लगी. उसकी सुरीली आवाज जहा रतन लाल की डिल की धड़कने तेज़ कर रही थी. वही जग्गू के डिल को चली कर रही थी. वो कल्पना करने लगा. ब्यूटीफुल हुशन की पारी माधुरी को वो गन्दा बूढ़ा हाथ लगाएगा. चूमेगा, भोगेगा भी छी.... जग्गू के डिल में यही बात चल रही थी. वो एक चेयर पर बैठ गया. रतन लाल अंदर गया. और कुछ खाने पिने की चीज़े निकलने लगा. उसने फ्रिज में बहोत सारा खाना मंगवा कर रख रखा था. शराब की बोतल और छोल ड्रिंक सोडा शरद सब था.

वो खाने पिने का सामान ले रहा था. तब बाथरूम का दूर बंद था. वो सामान हाथ में लेकर 2 चक्कर लगा चूका था. तीसरी बार उसे बाथरूम से माधुरी के गन गुना ने की आवाज आई. एक डैम सरूली आवाज.

ह्म्म्मम्म हम्म्म हम्म दिन ढल जाए हैयय रत न जेईई.....

हाथो में खाने का सामान खड़े हाफ फ्रीज खुला था. रतन लाल लालची मुश्कान के साथ आंखे बंद कर के ज़ूम ने लगा. वो सोच रहा था. इस वक्त माधुरी अपने कपडे उतर कर एक डैम नंगी होगी. तभी शावर ों हुआ और पानी की आवाज आई. अब कुछ ज्यादा hi रतन लाल का डिल मचलने लगा.

लेकिन खुशियों पे ग्रहण लगाने उसके पास जग्गू आ गया. और कुछ गुस्से में बोलै. थोड़ा जोर से.

जग्गू ; (थोड़ी आवाज जोर से) में कुछ मदद करू.

रतन लाल ; (दर घबराहट) हे हे हे. न्नन्न नहीं...

रतन लाल की गांड फैट गई. तुम किसी की बीवी को ज़क रहे हो. और उसके पति को पता चल जाए. और वो उसी वक्त सामने आ जाए बस वही हल रतन लाल का भी हो गया. लेकिन तभी माधुरी की आवाज आई.

माधुरी ; जनुउउउउ....

लेकिन तभी गलती से दोनों मर्द एक साथ बोल पड़े.

जग्गू & रतन लाल ; हआ...

दोनों ने एक दूसरे के सामने देखा जागू ने गुस्से से. और रतन लाल ने दर से. माधुरी अंदर जोर से हसी. जग्गू ने तुरंत hi अपना हक़ ज़माने की कोसिए की.

जग्गू ; यश डार्लिंग बोलो क्या बात हे.

माधुरी ; (स्माइल) मुझे चिकन की खुशबु आ रही हे शायद.

जग्गू ; है वो रतन लाल जी फ्रिज से खाना निकल रहे हे.

माधुरी जान बच कर शरत करती हे. उसे अंदर खड़े उन दोनों को छेड़ने में बहोत मजा आ रहा था.

माधुरी ; (स्माइल) जणू तो खाना भी गरम करना होगा न. तुम एक काम करो. जब रतन मेरी ले रहा होगा तब तक तुम खाना गरम कर लेना.

जग्गू के कण खड़े हो गए. होश तो रतन लाल के भी उड़द गए. जग्गू चीख पड़ा

जग्गू ; क्या?????????

माधुरी ; (स्माइल) अरे में फोटोज की बात कर रही हु. जब तक रतन मेरी लेगा... मतलब फोटोज तब तक तुम मेरे लिए खाना गरम कर देना प्लीज...

माधुरी को बहोत maza,aa रहा था. वो जग्गू से hi मजा ले रही थी. वही जग्गू समाज नहीं प् रहा था. माधुरी ki,sharat उसके डिल में गुस्सा और जलन पैदा कर रही थी. जग्गू ने गुस्से में रतन को घर के देखा. रतन को दर लगी. वो फटा फैट खाना टेबल पे रख. रतन के पीछे hi जग्गू चलते हुए आया. वो जान बच कर रतन को डरने की कोसिस कर रहा था. ताकि वो माधुरी से आगे न बढे. पर तभी एक खुशबु हवा में फेल गई. एक सुरली आवाज उनके कानो में घुल गई.

माधुरी ; किसी लग रही हु में.

जब उन दोनों ने नजरे घुमाई तो उस सुंदरता की देवी को वो लोग देखते hi रहे गए.

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माधुरी ने एक ब्लैक ड्रेस चुना पूरा बॉडी से चिपका हुआ. बहोत साडी जेवेलरी पहनी हुई थी. सर पे टिका इयररिंग्स, रिंग गले में नैकलेस, पायल तक पहनी हुई थी. इतनी हॉट लग रही थी की जग्गू और रतन लाल के होश hi उड़द गए. नेट में से ब्लैक ब्रा तो साफ दिख रही थी.

माधुरी ; (स्माइल और सुरीली आवाज) रतन लो न मेरी.

जग्गू का तो माधुरी के बोलने से लैंड जबरदस्त कड़क हो गया माधुरी जैसे अपने किसी यार को बोल रही हो. रतन भी घबराहट में पसीना पसीना हो गया. तभी माधुरी फिर से बोली.

माधुरी ; सससस अरे बाबा फोटो लो न मेरी.

तभी रतन को याद आया. वो अंदर जा कर कैमरा निकल के आया. माधुरी चलते चलते जग्गू के पास आने लगी. जग्गू माधुरी को बहो में भर लेता हे. एकदम झटके से. वो माधुरी को किश करने गया. पर माधुरी ने बिच में हाथ रख दिया.

माधुरी ; न ससस लिपस्टिक ख़राब हो जाएगी मेरी. (स्माइल) आज तो होश उड़ने वाली हु जी तुम्हारे. देखो सससस कैसे अपनी बीवी को उस बूढ़े के साथ देख देख के तन गया हे.

माधुरी ने तुरंत hi जग्गू का लैंड पेण्ट के ऊपर से hi पकड़ लिया.

माधुरी ; (स्माइल) देखो तुमसे छुप कर उसके साथ करुँगी तुम अंदर मत आना( माधुरी ने जग्गू के गाल पे स्माइल करते हुए हाथ रखा) ok गुड बॉय.

तभी रतन आ कर खड़ा हो गया.

माधुरी ; (स्माइल) तो रेडी....

माधुरी ने पॉश लिया.

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जग्गू बस अपनी प्रेमिका को देखे hi जा रहा था. उसे माधुरी का वो पॉश ऐसा लग रहा था जैसे वो सिर्फ सुंदरता की hi नहीं साक्षात काम देवी भी हो. नजर उस से हैट hi नहीं रही थी की अचानक क्लिक की आवाज से वो होश में आया

माधुरी ; अम्म्म रतन में कुछ और ट्रे करू???

रतन लाल ; (स्माइल) है है इसमें पूछने की क्या बात हे.

तभी माधुरी स्पीड में तरन के पास आई. और fatak,se रतन के गाल पे एक किश कर लिया.

माधुरी ; (स्माइल) थैंक्स रतन.

माधुरी बोल के अंदर चली गई. जग्गू का हाथ अपने लैंड पे था. जब रतन से उसकी नजर मिली तो झटके से दोनों ने अपनी अपनी नजर घुमा ली. वो दोनों अपनी नजर दे बै घूमते हुए सोचने लगे. माधुरी अभी तक क्यों नहीं आई. तभी एक डैम से लाइट बंद हो गई. और एक तरफ की रक् की एक लाइट जाली.

दोनों मर्दो की नजर वह गई. जब देखा तो माधुरी का अवतार देखने से नजर न हेट वैसा था.

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माधुरी एक जबरदस्त हॉट पॉश में कड़ी थी. बस रंग बदला था. ब्लैक की बजाय रेड था. रतन की नजर तो माधुरी के काशी हुए बदन पे थी. जो नेट से आर पर दिख रहा था. रतन के हाथ कपङे लगे. उसने फोटो तो खींचा. पर जग्गू बिछे में बोल पड़ा.

जग्गू ; ये....... ये ये ये ड्रेस ठीक नहीं हे.

जागहु जैसे दर की वजह से बोलै हो. माधुरी स्माइल करते हुए जग्गू के पास आई. और उसके गाल पर बड़े प्यार से हाथ रखा.

माधुरी ; (स्माइल) तुम्हे पसंद नहीं हे. तो. नहीं पहनूंगी. ठीक हे.

रतन सोच में पद गया. वो तो जग्गू को बहोत मानती हे. अगर जग्गू को नाराज किया तो माधुरी हाथ से निकल जाएगी. माधुरी वह से तीसरी बार चली गई. वो दोनों एक दूसरे को देखते रहे. इस बार जग्गू को गुस्सा नहीं आ रहा था. पर दिमाग में गंदे ख्याल जरूर आ रहे थे. वो सोचने लगा क्या सही में ये माधुरी जैसी सुन्दर औरत को छोड़ेगा?? सोच जहँ में ुअत्तर गई. और लैंड में दर्द होने लगा. वो रतन के सामने देखते हुए hi लैंड को मशलने लगा. तभी ताली बजने की आवाज आई.

जग्गू और रतन दोनों ने घूम कर देखा माधुरी आ कर कड़ी हो चुकी थी. लेकिन उसकी नजर सिर्फ जग्गू पर थी.

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माधुरी एक ब्लू लॉन्ग ओने पइसे में कड़ी थी. पूरा गाला खुला हुआ. माधुरी ने एक part पे अपना पाव रखा हुआ था. खुले बल. आँखों में एक अजीब सी मस्ती. और वो एक बार रतन को देखती हे फिर जग्गू को.

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रतन लाल ने सात सात कमरे से क्लिक करना सुरु कर दिया. माधुरी भी अपने हुशन के बन चलाए जा रही थी. रतन लाल से तभी उसका कैमरा हाथ से छूट गया. माधुरी को हसी आ गई. उसने गर्दन घुमा कर जग्गू को देखा.

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माधुरी की स्माइल और देखने का नजरिया hi इतना नोट्टी और शरारती था की जग्गू की सोचने और समज़ने की कोसिस साडी बेकार हो गई. वो कुछ देर जग्गू को ऐसे hi देखती रही. रतन लाल ने कैमरा उत्तय ोे देखा सब ठीक था. कुछ भी टूटता नहीं था. जैसे hi उसने ऊपर देखा उसकी नजर माधुरी को जग्गू तरफ देखता पाया. एक पल के लिए वो समज़ने की कोसिए करने लगा की दोनों में कुछ तो हे. उसे जग्गू से दर भी लग रहा था. पर जब माधुरी को दोबारा देखा. उसकी नजर माधुरी के लिप्स और नाक पे रुक गई

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वो नजारा इतना खुबशुरत और कमुख था. तुरंत hi रतन लाल ने सत्ता सात क्लिक करना सुरु कर दिया. वो धना धन गले और उसके निचे के हिस्से की फोटोज क्लिक करने लगा. माधुरी ने एक बार बड़े आराम से गरदन घुमाई और रतन लाल को देखा. एक हलकी सी कमुख स्माइल और अपनी नाक पर एक ऊँगली घुमाई.

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माधुरी का अंदाज़ उसकी आंखे उसका फेस इतना कमुख और नशीला था की रतन और जग्गू दोनों hi देख रहे थे. माधुरी ने एक बार फिर जग्गू को देखा और वो रतन लाल के करीब कमर लचकते हुए जाने लगी. माधुरी अपनी नजर सिर्फ रतन लाल के फेस पे रख कर hi आगे बढ़ रही थी. आगे क्या होगा ये सोच कर जग्गू के डिल की धड़कन तेज़ हो गई. पूरा बॉडी गरम हो गया और तेज़ ज़नज़नहट अपने पेट के निचे वाले हिस्से में महसूस किया. रतन लाल ने एक बार तो माधुरी को अपनी तरफ आते देखा और तुरंत hi और तुरंत hi अपनी नजर घुमा कर जग्गू को देखा. रतन सिर्फ उसे देख रहा था. वो कुछ टाइम ये जान गया था. माधुरी के उसका पास जाना जग्गू बिलकुल पसंद नहीं कर रहा. उसे जग्गू से दर लग रहा था. पर जग्गू तो माधुरी को देख कर बार बार अपना लैंड पेण्ट के ऊपर से hi मशाल रहा हे ये देख कर तो उसे थोड़ा रिलेक्स फील हो रहा था. पर उसे फिर भी बहोत दर था. तभी उसने जैसे hi नजरे घुमाई. अचानक उसके करीब माधुरी आ गई.

वो एक डैम से चौंक गया. माधुरी को भी ये समाज में आ गया था. वो जग्गू से दर रहा हे. माधुरी ने भी उसकी तंत्र तोड़ी. उसके कंधे पर हाथ रख के बोली.

माधुरी ; (स्माइल) रतन यार प्लीज बहोत भूख लग रही हे. कुछ खा ले??

रतन लाल ; (घबराहट) ह है है क्यों नहीं. वो रहा खाना.

माधुरी ने अपनी गार्डन घुमाई

माधुरी ; (स्माइल सोक) वाओ चिकन इतस मई फेवरेट.

रतन खुश हो गया. माधुरी तुरंत hi टेबल के पास गई और अपनी एक ऊँगली अंदर ग्रेवी में डाली और फिर ऊँगली चूसने लगी.

माधुरी ; अम्मम्म वाओ डार्लिंग पर ये तो ठंडा हे. तुम गरम कर दो न.

रतन की आंखे बड़ी हो गई. माधुरी के मुँह से डार्लिंग सुन के वो तुरंत बोल पड़ा.

रतन लाल ; (स्माइल) है है क्यों नहीं.

माधुरी ने तुरंत उसे प्यारा सा डट दिया.

माधुरी ; क्या तुम मेरे हस्बैंड हो??

रतन कुछ नहीं बोलै उसका फेस डाउन हो गया. लेकिन जग्गू का डिल खुश हो गया.

माधुरी ; तो फिर मेने अपने हस्बैंड को बोलै ok.

जग्गू खुश हो कर तुरत hi चिकन ले कर रतन को देखने लगा.

रतन लाल ; अंदर फ्रिज के पास....

रतन की आवाज में नमी आ गई. वो जैसे गया माधुरी उसके करीब आई और उसका हाथ पकड़ के किश कर लिया रतन तुरंत hi ऊपर देखने लगा.

माधुरी ; अम्म्म सॉरी वो मेरे पति के सामने अम्म तुम समाज सकते हो न प्लीज बुरा मत मन न.

रतन लाल की आंखे बड़ी हो गई. डिल की धड़कने तेज़ हो गई. माधुरी ने आगे आ कर उसका सर पकड़ा और lips,apas में मिला दी. रतन के तो होश hi उड़द गए. माधुरी की हिघ्त लम्बी थी. रतन ने तुरंत hi उसे बहो में भर लिया. उसके हाथ तुरंत hi माधुरी की कमर को जकड़ने लगे. फिर उसने सीधा हाथ माधुरी की बूब्स पे hi रख दिया. और मशलने लगा. माधुरी ने तुरंत hi उसे छोड़ा और उसे नशीली आँखों से देखते हुए जोर जोर से शंस लेने लगी.

माधुरी ; (नशीली आंखे) सससस बामश. ससस.

रतन लाल भी खुश हो गया और उसे देखने लगा. माधुरी उस से दूर होकर दीवार पे पीठ लगा कर कड़ी थी. और जोर जोर से शंस ले रही थी. रतन ने एक बार दूसरे रूम के दूर की तरफ देखा जो खुला था. फिर भाग कर फिर से माधुरी से चिपक गया. माधुरी की कमर को जकड कर अपना मुँह माधुरी के दोनों बूब्स के बिच रख दिया. और जोर जोर से चाटने लगा. जहा माधुरी के बूब्स का हिस्सा बहार से साफ दिख रहा था. माधुरी ने भी रतन लाल की पतली धोती के ऊपर से hi उसका लैंड जोर से बकद कर बिच लिया. तभी जग्गू के खस्ने की आवाज आई.

माधुरी ने तुरंत hi जग्गू को धक्का मर दिया. रतन लाल पीछे हुआ. और कमर ज़ुका कर दूर के पास जेक झुक के देखता हे. जग्गू अभी भी गैस स्टॉप चालू करने की कोसिए hi कर रहा था. वो दोबारा बहग के आया और माधुरी को फिर से बहो में भरने की कोसिए करने लगा. माधुरी उसे धक्का देने लगी. और धीमे से बोली.

माधुरी ; ससस नहीं वो आ जाएंगे. ससस प्लीज छोडो अह्ह्ह.

वो इरोटिक फीलिंग और किसी को नहीं बल्कि माधुरी को hi ज्यादा उत्तेजित कर रही thi.tabhi रतन भी धीमा से बोलै.

रतन लाल ; अरे कुछ न होता व तो भीतर हे मेरी रानी ससस एक बार दबा लेने दे. ससस अभी तो स्टॉप भी न चालू होया वाते तो.

माधुरी अपने होठ आपस में दातो में दबाने लगी. और नशीली आंख कर के उसे देखने लगी. रतन ने माधुरी का हाथ पकड़ा और उसे दूर के पास ले गया. दूर के पास hi दीवार से सत्ता कर माधुरी के बूब्स पे हाथ रख दिया. माधुरी ने अपनी आंखे बंद कर ली और दोनों हाथ ऊपर कर के कड़ी हो गई. रतन ने दूर से जग्गू को काम करते देखा. उसने स्टॉप चालू कर लिया था. और फ़्राय पेन ऊपर रख दिया. जब जग्गू ने गर्दन घुमा कर दूर की तरफ देखा तो रतन हाफ दिख रहा था. जग्गू सोचमे पद गया. उसके पास मौका हे और वो दूर से बस गर्दन निकल के क्यों देख रहा हे.

वही रतन जग्गू को देखते हुए माधुरी का ड्रेस ऊपर करता हे. और दोनों टैंगो के बिच हाथ डालने की कोसिस करता हे. माधुरी ने भी उसकी हेल्प की अपने दोनों हाथो से वो अपनी ड्रेस को ऊपर करके कड़ी रही. रतन ने माधुरी की पंतय में हाथ दाल दिया. और वो उसकी छूट में बड़ी वाली ऊँगली दाल कर जोर जोर से हिला रहा था. माधुरी को भी फुल मजा आ रही थी. अपने दोनों लिप्स को अंदर की तरफ लॉक कर के वो आवाज न निकले ऐसी कोसिए कर रही थी. बहोत मजा आ रहा था. एक हाथ से जोर जोर से बूबा और ऊँगली से छूट दोनों की रगड़ से माधुरी के फेस के भाव hi बदल गए. अजीब सी गुदगुदी.

तभी जग्गू ने गैस स्टॉप बंद कर दिया और पेन से चिकन प्लेट में डालने लगा. उसने जैसे hi प्लेट उठाई रतन ने माधुरी को छोड़ दिया. माधुरी तुरंत hi ड्रेस ठीक कर के चेयर पर बैठ गई. उसने पंतय भी ठीक से नहीं चढ़ाई. माधुरी एक डैम खामोश ऐसी एक्टिंग कर रही थी की जैसे कोई चोरी की हो और वो दर रही हो. ऐसा करने में उसे बहोत ज्यादा मज़ा आ रहा था. वो बड़े से टेबल पे हाथ रख कर एक चेयर पे बैठ गई.

जग्गू आया और उसने गरमा गरम चिकन रख दिया. माधुरी ने सर ज़ुका कर अपनी आंखे बंद की और खुशबु लेने लगी.

माधुरी ; (स्माइल) अम्मम्म सससस वाओ तुम सब भी बैठो न. जग्गू और रतन लाल भी दोनों उसके आस पास बैठ गए. माधुरी को शरत करनी थी.

माधुरी ; (स्माइल) जणू मुझे तुम अपने हाथो से खिलाओ न.

माधुरी टेबल के कॉर्नर पे थी. उसके hi पास उसके बगल में जग्गू था. उसी कॉर्नर पे सामने से राइट साइड एक डैम करीब रतन लाल बैठा था. मतब जग्गू माधुरी की लाइन में hi था. जग्गू ने ठंडी रोटी उठाई और टुकड़ा तोड़ कर माधुरी को खिलाया. माधुरी ने आंखे बंद की और चबाने लगी. एक डैम स्लो.

माधुरी ; (स्माइल) ऍम मम वाओ

रतन देखते रहा तभी माधुरी ने जग्गू के लैंड को पेण्ट के ऊपर से hi पकड़ लिया. लेकिन तभी hi रतन लाल ने टेबल के निचे से hi माधुरी की जंग पर हाथ रख दिया. माधुरी को बहोत मज़ा आने लगा. जग्गू माधुरी को खाना खिलाए जा रहा था और रतन लाल झुक कर अपने हाथो को आगे बढ़ाए जा रहा था. एक बार जब जग्गू ने जब स्पून से चावल लेकर माधुरी के मुँह में डाला.

उसी वक्त रतन ने माधुरी की छूट को जोर से भीचा. तुरंत hi माधुरी के मुँह से चावल बहार आ गए. और उसे खासी आने लगी. माधुरी के हाथ से जग्गू का लैंड छूट गया.

रतन ; (स्माइल) हे हे के हो गया माधुरी तू पानी पि.

जग्गू ने पहले से पानी का गिलास हाथो में ले रखा था. माधुरी ने थोड़ा सा पानी पिया. जग्गू ने जैसे hi स्पून उठाई.

माधुरी ; बस और नहीं प्लीज

जग्गू ; अरे थोड़ा सा प्लीज.

माधुरी ; प्लीज अब मेरा पैट भर गया.

तभी बिच में रतन बोल पड़ा.

रतन लाल ; (स्माइल) अरे मेरे हाथ से तो कुछ खाया नहीं. मुँह तो मीठा करना hi पड़ेगा.

रतन ने एक गुलाब जामुन उठाया और माधुरी की तरफ हाथ बढ़ाया. माधुरी ने मुँह खोला और बस थोड़ा सा मुँह खोला. उसने जैसे hi बैत भरा चासनी उसके लिप्स पे से थोड़ी तक टपक गई. ये देख कर दोनों मर्दो की हालत ज्यादा ख़राब हो गई.

रतन लाल ; (स्माइल) रे आधा कहा छोड्या पूरा तो खाइये मेडम जी.

रतन ने वो आधा गुलाब जामुन वाला हाथ आगे बढ़ाया. इस बार माधुरी ने पूरा मुँह खोला और रतन का अंगूठा समेत दो ऊँगली भी मुँह में भर ली. और अपने नरम होठो से प्रेस किया. रतन के तन बदन में आग hi लग गई. Madhuri,sayad गुलाब जामुन तो निगल गई पर एक अंगूठा और एक ऊँगली अब भी उसी के मुँह में hi थी. वो तो जैसे जग्गू को भूल hi गए. दोनों एक दूसरे की आँखों में hi खो गए. माधुरी नशीली आँखों से बस रतन को देखते हुए उसकी ऊँगली चूसे जा रही थी.

रतन का हाथ अब भी माधुरी की जंगो में hi था. माधुरी उसके ऊँगली की नोक पर जीभ से कुरेद hi रही थी. एक अजीब सा एहसास. जग्गू भी पागल हो गया. लैंड उसका लिक करने लगा. उसने भी माधुरी के एक जंग पर अपना हाथ रख दिया. माधुरी ने भी हाथ आगे बढ़ा कर दोनों का लैंड पकड़ लिया. और ऊँगली को वो ऐसे चूसे जा रही थी जैसे लॉलीपॉप हो. रतन को चिकना गिला और गरम एहसास. वो बस कल्पना करने लगा की काश ऊँगली की बजाय लैंड होता. तभी उसने हाथ आगे बढ़ाया. और उसका हाथ किसी हाथ से टकराया. उसने तुरंत hi अपना हाथ पीछे खींच लिया.

जग्गू का हाथ पहले से माधुरी की छूट पे पहोच चूका था. उसने माधुरी के मुँह से ऊँगली भी खींच ली. ऊँगली खींचने से छप्प्प्प सी आवाज भी आई. थोड़ा सा माहौल ठीक हुआ तो रतन ने भी हिम्मत कर के बोलै.

रतन लाल ; (स्माइल) फिर मधु ले लू तुम्हारी

माधुरी ; (स्माइल) है जरूर देने hi तो आई हु अभी चेंज कर के आई.

वो कड़ी हो kar,andar चली गई. जग्गू का लैंड एक डैम सख्त और तत्तो में जबरदस्त दर्द हुआ. उसे विस्वास नहीं हो रहा था. उसने क्या सुना. वो बूढ़ा माधुरी की लेने को बोल रहा हे और माधुरी भी हास्के बोली देने hi तो आई हु. वो जैसे hi अंदर गई रतन ने वो ऊँगली और अंगूठा तुरंत अपने मुँह में डाला और आंखे बंद कर ली. वो भूल गया की जग्गू उसे ये सब करते हुए देख रहा हे. पर जब उसकी आंखे खुली तो वो एक बार तो जग्गू को देख कर सोक हो गया. फिर उसे एहसास हो गया की जग्गू तो स्माइल कर रहा हे.

रतन लाल ; (स्माइल) तुम्हारी बीवी बहोत खुबशुरत हे.

जग्गू भी स्माइल करने लगा

रतन लाल ; लेकिन तुम तो उम्र में उस से छोटे लगते हो.

जग्गू ने भी स्माइल किया और है में सर हिलाया. तभी रतन की हिम्मत बढ़ गई. उसने जग्गू की आँखों में देखने लगा. जग्गू तो यही सोच रहा था. ले लू तुहारी और देने hi तो आई हु. ये सोच कर जग्गू का लैंड और ज्यादा से ज्यादा कर्रेंट मर रहा था. तभी रतन खड़ा हुआ और जग्गू के पा आया.

जग्गू सोच में पद गया. क्या हुआ ये करीब क्यों आया हे. रतन ने जग्गू के सामने अपना हाथ बढ़ाया. जग्गू कुछ समाज नहीं पाया. वो एक हाथ सामने उसकी तरफ कर रहा था और दूसरे हाथ से अपनी धोती ऊपर कर के अपना लैंड बहार निकल रहा था. दोनों की नजर तो एक दूसरे की आँखों में hi थी. तभी जग्गू को कुछ अजीब सा लगने लगा. तभी जग्गू को कुछ हाथ में भी गरम महेसु हुआ. जग्गू ने नजरे निचे की तो देखा. रतन लाल ने जग्गू के हाथो में उसका लैंड रख दिया हे.

पहले तो जग्गू ने हाथ पीछे खींचने की कोसिए की. पर रतन ने उसका हाथ थोड़ा सख्ती से पकड़ा. फिर जग्गू ने अपने हाथ को ढीला छोड़ दिया और रतन लाल की आँखों में देखने लगा. उसे गन्दा और अजीब दोनों लगने लगा. उसका भी लैंड सख्त हो गया था तभी फिर उनके कानो में मीठी अबाज घूम गई.

माधुरी ; (स्माइल) वाओ.....

दोनों ने नजरे घुमाई और वो दोनों माधुरी को देखते hi रहे गए.

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माधुरी येलो साड़ी और मेकअप स्टाइलिश ब्लाउज में क़यामत लग रही थी. माधुरी को देख कर जग्गू ने जोर से अपनी मुट्ठी भींच ली. जिस से रतन को बहोत जबरदस्त दर्द हुआ. माधुरी उन्हें देख कर बस स्माइल hi कर रही थी. उसने पास में स्वीच बोर्ड में हाथ मारा साडी स्विच बंद कर दी. फिर सिर्फ बिच की एक hi लाइट ों की.

माधुरी बहोत बहोत हॉट लुक में थी. वो जैसे शर्मा भी रही थी. वो पास में आ कर स्माइल करते हुए बस कड़ी hi हुई.

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जग्गू कुछ समाज hi नहीं प् रहा था. माधुरी ने हाथ बढ़ाया और जग्गू का एक हाथ पकड़ लिया. दूसरे हाथ पे रतन का लैंड था. जो माधुरी को देखते हुए आगे पीछे करते हुए माधुरी को देख रहा था. रतन ने माधुरी का दूसरा हाथ पकड़ा और जग्गू के हाथ के ऊपर रखा. जैसे थोड़ा सा माधुरी का हाथ रतन के लैंड पे टाच हुआ माधुरी पीछे हो गई. और मचल गई. जैसे खता खा लिया हो.

माधुरी ; (आंखे बंद) सससस अह्ह्ह ऍम मम.

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माधुरी के बूब्स पे रतन ने हाथ रखा. रतन ने जग्गू के हाथो को छोड़ दिया था. पर जग्गू तो बेसुध अभी भी रतन का लैंड हाथो में लिए खड़ा hi था. माधुरी भी एक बार जग्गू को देखती हे. फिर आँखों से उसके हाथो की तरफ हिसार करती हे. जग्गू ने तुरंत hi उसका लैंड छोड़ दिया. अब माधुरी की नजर जब रतन पे गई तो वो शर्मा गई. वो अपने बालो को पीछे करते हुए बस कड़ी hi मुस्कुराती hi रही.

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रतन ने तुरंत hi जाप्ता मारा और माधुरी को अपनी बहो में भर लिया. माधुरी ने भी उसकी बहो में आ कर उसके गलो को और गर्दन को चूमना सुरु कर दिया. जब माधुरी ने नजर रतन के पीछे से जग्गू को देखा तो वो उसे देख कर मुश्कुराने लगी.
 
रतन लाल पूरा नंगा टेबल पे पीठ के बल लेता हुआ था. और माधुरी उसके ऊपर सवार उसका लैंड छूट में अंदर तक लेकर जम्प की जारी थी. माधुरी भी पूरी नंगी hi थी. जोर जोर से जम्प की वजह से उसके बूब्स भी जम्प कर रहे थे. तभी जग्गू भी पूरा नंगा खड़ा माधुरी को रोकने की कोसिए कर रहा था. वो चिलाय.

जग्गू ; (चीला कर) रुको मधु प्लीज रुको रुको यार.

माधुरी पूरी नंगी पसीना पसीना हो गई. धीरे से उसकी स्पीड काम हुई और वो रन कर हफ्ते हुए. जग्गू से पूछती हे.

माधुरी ; है है है क्या हुआ. ससस.

जग्गू ; वो मर चूका हे. तुम देखो तो सही.

माधुरी ने निचे देखा तो रतन लाल के फेस पे स्माइल थी. पर दोनों आंखे बड़ी बड़ी. आंखे खोली की खुली. कोई प्रतिक्रिया नहीं. लैंड भी अकड़ा हुआ माधुरी की छूट में. माधुरी ने झुक कर कण उसकी चेस्ट पर रखा. उसे धड़कन नहीं सुनाई दी. फिर उसका हाथ उठा कर उसकी नॉब्स चेक की. वो भी बंद थी. माधुरी का हाफना भी रुक गया.

माधुरी ; (स्माइल) साला कमल हे. ये तो ख़ुशी से hi मर गया. सेल को हार्ट अटैक आ गया. हैट भें छोड़.

जग्गू ; अब चलो.

माधुरी ; (स्माइल) ऐसे किए चल दू. मेरी प्यास नहीं भुजाओगे.

जग्गू ; हम रूम में कर लेंगे प्लीज चलो.

माधुरी ; (स्माइल) नहीं. प्लीज यार आओ न. मेरा बहोत मन कर रहा हे. प्लीज...

उसे लाश की नहीं पड़ी थी. बस छुड़वाना चाहती थी. जग्गू का लैंड तो मुरझाया हुआ था.

माधुरी ; (स्माइल) अच्छा प्लीज ऊपर तो आओ.

जग्गू ऊपर आया और माधुरी ने उसे हाथ देकर ऊपर आने में हेल्प की.

माधुरी ; (स्माइल) अम्म्म यहाँ बैठो.

माधुरी ने जबरदस्ती जग्गू को रतन लाल के फेस पे hi बिठा फिया. जग्गू बैठा वैसे hi. रतन लाल की नोज ठीक जग्गू की गांड के सेण्टर पे hi छुबि. वो तुरंत उछला. पर माधुरी ने उसे दबा दिया. और पूरा झुक कर उसका लैंड निगल गई. अब जग्गू से न ठीक से बैठा जा रहा था. और माधुरी उसे उठने hi नहीं दे रही थी.

जग्गू ; अह्ह्ह सससस.

जग्गू की आंखे बंद हो गई. और मज़ा भी आने लगा. वर तो दोनों तरफ से हो रहा था. माधुरी भी थोड़ा थोड़ा हिलना चालू किया. वो जग्गू के लैंड को जैसे निगल hi जाएगी वैसे मुँह ko,aage पीछे भी कर रही थी. तभी माधुरी के मुँह से जग्गू का लैंड एक डैम से छूट गया.

माधुरी ; (आंखे बंद जोर की चीख) अह्ह्ह्ह ससस jagguuuuu.....sssss.

जग्गू को पता चल गया की माधुरी ठंडी हो गई हे. उसके मुँह से लार भी टपक गई. और जग्गू का लैंड भी बहोत गिला हो गया. तभी कार के हॉर्न की आवाज आई. जग्गू का लैंड तो अभी भी तना हुआ था. वो दोनों खड़े हुए और कपडे पहन ने लगे. रत हो चुकी थी. वो जैसे hi बहार निकले बहार अँधेरा था. काळा शीशे वाली कार में दोनों hi पीछे बैठ गए. कार सोनिआ ड्राइव कर रही थी. वो जैसे hi बैठे कार स्टार्ट हो गई.

सोनिआ ; मर दिया उसे???

माधुरी ; नहीं....

सोनिआ सोच में पद गई. ऐसा क्या हुआ जो उसके हाथ से शिकार जिन्दा बच गया. सोनिआ को माधुरी पे गुस्सा आया.

सोनिआ ; क्या यार तुम कैसे कोई भी कड़ी छोड़ सकती हो. तुम जानती हो न उसका जिन्दा रहना हमारे प्लान के लिए कितना खतरा हे.

जग्गू सोच में पद गया. सोनिआ चुप नहीं हो रही थी. जग्गू थोड़ा चिलाय.

जग्गू ; अरे बाबा मर गया वो.

सोनिआ ने ड्राइव करते करते पीछे देखती हे.

सोनिआ ; तो मेमे तुमसे पूछा मर दिया तो तुम झूठ क्यों बोल रही हो.

माधुरी ; (स्माइल) वो मर गया पर मेने उसे नहीं मारा.

सोनिआ ; तो???

माधुरी को हसी aa,rahi थी. उसने अपने मुँह पे हाथ रखा और बोली

माधुरी ; (स्माइल) सेल को छोड़ने की इतनी ख़ुशी हुई की साला छोड़ते छोड़ते hi ख़ुशी से मर गया. साला लैंड डालके hi हार्ट अटैक से मर गया.

10 सेकंड तो दोनों चुप रहे. फिर दोनों जोर से हसने लगे.

सोनिआ ; (स्माइल) क्या मज़ाक कर रही हो. ऐसा तो मेने मेरी लाइफ में पहेली बार सुना. चुतियो को छोड़ने मिला तो इतनी ज्यादा ख़ुशी हुई की छोड़ते छोड़ते hi हार्ट अटैक से मर गया.

माधुरी और सोनिआ दोनों hi है रहे थे. जग्गू पहले माधुरी को देखता हे फिर आगे सोनिआ को.

सोनिआ ; अब तुम कल सुबह hi पेरिश की फ़्लैट पकड़ो और आगे का काम करो.

माधुरी ; (स्माइल) सुबह नहीं डोपषर को. हमें अभी एक काम करना हे.

सोनिआ ; क्या???

माधुरी ; (स्माइल) तुम डिम्पल को भूल गई.

सोनिआ ; अरे में मर दूंगी तुम निकलो. तुम पुलिस के शक के दायरे में आओगी कल तक.

माधुरी ; (स्माइल) क्यों किसी से छुड़वाना पाप हे क्या. वैसे भी बेचारा तो ख़ुशी से मारा हे.

सोनिआ को फिर हसी आ गई. पर डिम्पल का क्या.

माधुरी ; (स्माइल) उसे तो जग्गू मरेगा. और तुम लाश को रतन लाल के घर पहोचाओगी.

सोनिआ ; मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं हे.

तभी जग्गू भड़का.

जग्गू ; क्याआ... में में में कैसे मर सकता हु.

माधुरी में तुरंत hi जग्गू के गलो पे किश कर दिया.

माधुरी ; जणू प्लीज तुम मेरे जैसा बन न चाहते हो न. मेरे लिए प्लीज.

जग्गू तो कुछ बोल hi नहीं पाया वो तो घबरा hi गया. माधुरी जग्गू से डिम्पल को मरवाना चाहती थी.

में चेंज कर रहा था. तभी दूर सी सिटी बजने की आवाज आई. मेने दूर पे देखा. आलिया हॉट अवतार में कड़ी थी.

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एक डैम बिंदास. उसकी बात hi निराली हे. उसके जीने का अंदाज़ सब से अलग hi हे.

आलिया ; आग लगाओ गए क्या.

मेने फ़ी आलिया को देखा उसने मुझे आंख मर दी.

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वो मेरे करीब आई और मेरी चेस्ट पे उंगलिया घूमने लगी. मेने झटकेसे उसका हाथ पकड़ कर उसकी ऊँगली काट ली. उसने हाथ भी पूछे खींचने की कोसिए की पर मेरा मज़ाक उस से ज्यादा तेज़ था.

आलिया ; aaauchhh...ssss.

में ; माँ ने तुम्हे मेरे लिए कुछ मश्ग दिया क्या

आलिया ; एक hi मश्ग दिया हे. जो आप के जैसा कोई नहीं कर सकता.

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में सोच में पद गया. एक तो ज्यादातर माँ मुझे फिल्ड में माँ नहीं बोलने देती आलिया hi एक लोटी ऐसी हे जो माँ बोलती हे. कही भी कैसे भी. और ऊपर से ऐसा क्या काम मुझे दिया हे. जो में hi कर सकता हु. आलिया बोलने लगी और में उसका फेस देखने रहे गया

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आलिया ; तुम्हे दिर्फ़ जो लड़की ब्राज़ील की जेल में हे उसे छुड़ाना hi नहीं हे. उसे अपने प्यार के जल में फ़साना भी हे. और इसके लिए अपनी होने वाली क्ष वाइफ को हराना होगा.

वो माधुरी की बात कर रही थी. ये मेरे लिए बै हाथ का खेल था. अब मुझे माधुरी को निचा दिखने के लिए एक मौका था. में उसे अब दिखा देना चाहता था की बेस्ट एजेंट वो नहीं में हु.

में ; पर पहले उसे जेल से तो छुड़ा लू.

आलिया मेरे फेस को स्माइल करते हुए तकती रही.

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आलिया ; (स्माइल) लेकिन अगर वो तुमसे पहले छुड़ा ले तो हर मत मन जाना. क्यों की उसे हारने के लिए काम असली वही से सुरु होगा. वो तुम्हारे फेवर में होनी चाहिए. हमें पापा और उस मेरी कामिनी बहन को दिखा देना हे. की हु इस बेस्ट.

में ; (स्माइल) अरे इतना गुसा???

मेने आलिया को बहो में भरा और उसकी हिप्स को दबा कर अपनी तरफ प्रेस कर दिया. उसने भी मेरी चेस्ट पे दोनों हाथ रख दिए और मेरे चेस्ट के काळा घने बालो से वो खेलने लगी. तभी ेराम की आवाज आई.

ेराम ; (स्माइल) वाओ व्हाट ा रोमांस..

हमने नजर फेरी तो ेराम भी तैयार होकर बैठी थी. और वो हमें hi देख रही थी.

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वो नजाने कब से हमें देख रही होगी. पर वो भी बम हे.

ेराम ; चलो अब कार में रोमांस कर लेना. हमें रत रत में hi हाफ डिस्टेंस कवर कर लेना हे.

सुबह होने वाली थी. डिम्पल बंधी हुई थी. वो रो रही थी. और गीध गिड़ा रही थी.

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डिम्पल; (रट हुए) प्लीज तुमने मेरे पति को तो मर दिया अब मुझे तो छोड़ दो.

माधुरी हसने लगी.

माधुरी ; (स्माइल) छोड़ देती पर तेरे तो तेवर hi बदल गए थे जब तू मेरे बाप की रखेल बानी थी. तू तो कुछ और hi बोल रही थी उस दिन अब क्या हुआ. तुजे मरना होगा.

डिम्पल ; (रट हुए) प्लीज देखो वैसे भी में अकेली बची हु. में वादा करती हु अब कभी तुम्हारे रस्ते में नहीं आउंगी. तुम भी तो तुम्हारे पति से बहोत प्यार करती हो न. देखो तुम्हारे पति का वास्ता. तुम भी एक औरत हो न.

माधुरी ; हम्म्म औरत तो में हु. मम मम चल में तुजे नहीं मरूंगी. मेरा वादा. (Smaile)Tuje जग्गू मरेगा.

जग्गू दर के आगे बढ़ा. जग्गू के हाथ में एक चाकू था. जग्गू के हाथ कप रहे थे. पर डिम्पल जोर जोर से चीला रही थी.

डिम्पल ; (जोर से चिलाना) नाहीईई नाहा hi तुम ऐसा नहीं कर सकती प्लीज प्लीएएएएस मुझे छोड़ दो.

जग्गू खड़ा hi रहा वो नहीं कर प् रहा था. उसे देख कर माधुरी जग्गू पे गुस्सा हो गई.

माधुरी ; अगर तुम ये नहीं कर पाए जग्गू तो जिंदगी भर के लिए मुझे भूल जाना.

माधुरी उसके पास आई और उसकी आँखों पे पट्टी बांध दी. और हाथ डिम्पल की गर्दन पे पहोचा दिया. डिम्पल चीख रही थी. पर जग्गू भी रो रहा था. वो आज तक किसी की जान नहीं ले पाया था. माधुरी जोर से छिलाई.

माधुरी ; (गुस्से में चलना) मर जग्गूऊऊ.

जग्गू से दर की वजह से हाथ डाब गया. और चाकू गलती से उसके गले के अंदर प्रेस हो गया. डिम्पल तो खामोश हो गई. पर जग्गू ने चाकू उसकी गर्दन पे hi छोड़ दिया. और आँखों से पट्टी हटा कर बोलै.

जग्गू ; (दर) मम मम में ये नहीं कर सकता.

जो एक पल पहले माधुरी गुस्से में चीख रही थी. अब वही माधुरी है रही थी. जग्गू माधुरी के चहेरे को देखता hi रहे गया. वो माधुरी के पास आया. माधुरी निचे जमीं पर एक सोफे की तक लेकर बैठी थी. जग्गू का हाथ पकड़ उसने अपनी बहो में खींच लिया. माधुरी ने जग्गू की आँखों से अंशु पोछे.

जग्गू ; (रट हुए) में में किसी को नहीं मर सकता. मुझसे नहीं होगा. म सॉरी.

माधुरी ; मनम क्यों देखो तुमने उसे मर दिया देखो. ससस तुमने मेरे लिए सब किया न ओह्ह्ह मेरे जग्गू ससस ी लव यू.

माधुरी ने जग्गू को बहो में जोर से बिच लिया. माधुरी पागलो के जैसे जग्गू के गाल कण और गले को चूमे जा रही थी. पर जग्गू ने आंखे तिरछी कर के डिम्पल की लाश को देखा तो उसके डिल में एक अजीब सा दर बैठ गया उसकी आंखे बड़ी हो गई. और संशे अटक गई. वो सोचने लगा ये मेने क्या कर दिया.

वो माधुरी की गॉड में था. माधुरी बार बार उसका फेस अपनी तरफ कर देती और चूमे जाती.

माधुरी ; (नशीला अंदाज़) ा मम मम सससस कुछ मत सोचो जग्गू ससस तुम ने मेरे लिए ुए मर दिया sss,ahhhh.

ाण्डू डिकोस्टा के रूम में ाण्डू बाद पे लेता हुआ था. फुल नशीला म्यूजिक चल रहा था. उसके हाथो में एक बेयर की बोतल और बाद के साइड में 4,5 खली बेयर की बोतल थी. ाण्डू बाद पे पूरा नुदे लेता हुआ था. 6 पाक और जबरदस्त बॉडी थी. तभी म्यूजिक की धुन पे हुशन का तड़का लग गया. उसके सामने परदे में से एक खूबसूरत चिकना केले जैसा पाव निकला. ाण्डू के फेस पे स्माइल आ गई. और फिर थोड़ा सा पर्दा चिर के स्वीटी ने अपना फेस दिखाया. एक डैम हॉट लुक में

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बेयर का नशा और सामने जबरदस्त हसीना सिर्फ एक शइर्त में स्वीटी ने अपना जलवा बिखेर न बा सुरु कर दिया. ाण्डू स्वीटी के ब्यूटीफुल फेस के साथ उसके बदन को निहाने का मज़ा लेने लगा. वो बहोत hi गौर से स्वीटी के एक्टिव फेस को बहोत धयान से देख रहा था.

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स्वीटी का हॉट सेक्सी बदन पूरा चमक रहा था क्यों की उसने बहोत अच्छे से वैक्सिंग की हुई थी. उसका फेस का लुक बहोत hi जबरदस्त मकूप और वो बहोत गोरी भी थी. उसकी लिप्स पे जो उसने लिपस्टिक भी लगाई थी वो बहोत hi उत्तेजित थी. ाण्डू ने अपने लैंड पे हाथ रख दिया. स्वीटी को अपने जलवे बिखेरे जा रही थी. वो बिच परदे में hi जुमे जा रही थी. और स्वीटी की अदाए भी बहोत नशीली थी.

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स्वीटी ; सससस केसा लगा सर मेरा फिगर....

ाण्डू डिकोस्टा ; (स्माइल) बहोत hi जबरदस्त. के ों मेरे पास आओ.

वो स्वीर्य की जंगे और शाइन पर जो व् शेप बना हुआ था उसे hi देख रहा था. उसके गले में जो गोल्ड चैन थी वो बहोत ज्यादा हॉट लग रही थी. तभी स्वीटी ने सामने ाण्डू की आँखों में बहोत नशीले अंदाज़ में देखा.

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ाण्डू भी उसके जबरदस्त ब्यूटीफुल फेस पे जो सेक्सुअल फीलंग को महसूस कर रहा था. व् शेप के निचे उस चमीकिले शर्ट में बूब्स की बानी दो चोटिया ऐसा लग रहा था जैसे बहोत फिसलन हे. तभी स्वीटी ने पूरा पर्दा खोल के अपना पूरा जिश्म दिखाया.

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जब पूरी तरीके से स्वीटी का पाव नंगा हुआ तो बिना बालो वाला चिकना पाव बड़ी मस्त कशी हुई जंगे देख कर ाण्डू बैठ गया. तभी स्वीटी की मादक आवाज से कुछ सब्द निकले.

स्वीटी ; सससस ससस यू वांनै फ़क में सर ससस

ाण्डू ने भी स्माइल करते हुए जवाब दिया

ाण्डू डिकोस्टा ; (स्माइल) ओह्ह्ह्ह एहहह ी वांनै रियली फ़क यू. के ों बेबी के

ाण्डू बार बार सामने कड़ी हॉट स्वीटी का इंतजार कर रहा था की वो कब उसके पास आए लेकिन स्वीटी तो उसे तड़पते हुए बस ाण्डू को देखे hi जा रही थी.

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सर्फ एक शर्ट में घुटनो और हाथो की मदद से बिल्ली की तरह स्वीटी आगे बढ़ी ाण्डू के पाव के तरफ वो बाद के निचे hi घुटनो पर बैठ गई. दोनों के फेस पर शरती स्माइल थी. मगर स्वीटी की स्माइल बहोत नशीली थी. ाण्डू का धयान उसके लिप्स पे ज्यादा जा रहा था. स्वीटी बहोत स्लो सर ज़ुका कर ाण्डू के पाव के अंगूठे को छोटा सा किश करती हे. ाण्डू उसके लिप्स की लचक को बड़े ध्यान से देखता हे.

स्वीटी ; (नशीला अंदाज़) सर आप को आज हवन की शेर करने वाली हु. तो रेडी हो जाओ.

स्वीटी ने बोलै और वो दोबारा झुक कर ाण्डू के पाव के अंगूठे को मुँह में भर लेती हे. स्वीटी ने सिर्फ मुँह खोला और उसके पाव के अंगूठे को निगल gai.vo चूस नहीं रही थी बस मुँह से उसके अंगूठे को गर्मी दे रही थी. धीरे धीरे वो स्वीटी की लार से चिकना हो गया. स्वीटी ने स्लो स्लो बस मुँह को ऊपर निचे किया. लिप्स की रगड़ hi ऐसी थी की असर ाण्डू के लैंड पे होने लगी.

ाण्डू डिकोस्टा ; ससस वाओ तुम तो वाकई में कुछ अलग हो.

स्वीटी ने मुँह ऊपर उठाया. उसके मुँह से एक लार की लकीर एक डैम शीशे की तरह चमक रही थी. वो लटक रही थी.

स्वीटी ; (नशीली आंखे) सर अभी तो मेने ठीक से स्टार्ट भी नहीं किया. अगर आज आप मुझसे खुश नहीं हुए तो में मॉडलिंग छोड़ दूंगी.

ाण्डू हसने लगा.

ाण्डू डिकोस्टा ; (स्माइल) वैसे मुझे उम्मीद तो हे. चलो देखते हे.

स्वीटी ने आगे बढ़ाना सुरु किया. वो अपने नरम मुलायम होठो से चूमते हुए आगे बढ़ने लगी. थिरे से वो पाव के पंजो से ऊपर बढ़ी. ऊपर घुटनो तक फिर जंगो तक. स्वीटी चूमते हुए नजर ऊपर करती हे और नशीली आँखों से ाण्डू को देखती हे. स्वीटी जंगो पे hi रुक चुकी थी.

कुछ ठंडा और गरम दोनों एहसा. वो ाण्डू को उत्तेजित जबरदस्त तरीके से कर रही थी. ाण्डू की जंगो पर स्वीटी ने जीभ से गुदगुदाना सुरु कर दिया. ाण्डू को ये एहसास पहेली बार हुआ था. स्वीटी ने हलके दातो से काटना सुरु कर दिया. जैसे hi स्वीटी ने डट लगा कर हाका सा कटा ाण्डू की भी हलकी सी चीख निकल गई.

ाण्डू डिकोस्टा ; सससस अह्ह्ह.

ाण्डू की आंखे बंद हो गई. उसकी जंग पर हलके से दातो के निशान पद गए. स्वीटी ने उसी निशान पर अपने लिप्स रगड़ दिए. फिर जीभ से कुरेदा. ाण्डू को अपनी लाइफ में ये एहसास पगली बार हुआ था. स्वीटी ने चूमना आगे और सुरु किया. वो चूमती गई जंगो से ऊपर बढ़ने लगी. हर किश के साथ अब्दु की संशे रुक जाती और सिसकी निकल जाती. उसकी आंखे भी बंद हो जाती. स्वीटी ने उसकी जंगो पे अपने होठ बहोत hi अजीब तरीके से रगड़ना सुरु कर दिए. वो जंगो से ऊपर बढ़ी. उसके लैंड के एक डैम करीब जब स्वीटी के लार से बीज चिकने होठ टाच हुए तो....

ाण्डू डिकोस्टा ; (आंखे बंद) अह्ह्ह्ह ससस

ऐसी आवाजे ाण्डू के मुँह से निकलने लगी. उसकी आंखे बंद हो गई. एक जबरदस्त उत्तेजना ाण्डू महसूस कर रहा था. बहोत सी औरतो के साथ उसने सेक्स किया था. और हर औरत उसकी फैन हो चुकी थी. पर पहेली बार वो खुद उसका दीवाना हो गया था.

स्वीटी ाण्डू के लैंड पर बिलकुल टाच नहीं कर रही थी. वो बस उसके पास टंगे और कमर के जोड़ तक चूमे जा रही थी. कभी इस तरफ कभी उस तरफ. वो अपने लैंड के टाच को तरस गया. पर स्वीटी ऊपर आगे बढ़ गई. जब नाभि के बिछे स्वीटी को होठो का टाच हुआ तो एक अजीब सी सेंकेस्टिव महसूस हुई. स्वीटी प्यास भुजा नहीं रही थी बल्कि उसकी प्यास जगा रही थी.

ाण्डू की नाभि के निचे उसकी सख्त आर्म्स को डट से फिर कटा. इस बार थोड़ा जोर से कटा. ाण्डू की चीख निकल गई. और उसने स्वीटी के बल जोर से पकड़ लिए. पर फिर भी स्वीटी जिस घाव को उसने बनाया उसी घाव से प्यार भी करने लगी. ऐसा अजीब सा मज़ा ाण्डू को पहले कभी महेसुआ hi नहीं हुआ. नाभि ke,aas पास स्वीटी दातो से काट टी और उसे चुम चुम कर स्वीटी जी भर के प्यार भी करती.

ाण्डू सिर्फ अबकी बंद कर के सिसकारियां भरते हुए मुँह से सिर्फ ाः ाः की आवाजे hi निकलता था. एक बार जब स्वीटी के गाल उसके लैंड पे सिर्फ टाच hi हुए. ाण्डू ने स्वीटी को बालो से पकड़ के ऊपर खींचा. स्वीटी झटके से दोनों टंगे फैला कर उसके लैंड पे hi बैठ गई. अब्दु का लैंड मुद गया. पूरा लम्बा लैंड नाभि के निचे तक चिपक गया. स्वीटी ने भी निचे कुछ नहीं पहना था. वो दिनों हिप्स की दरार के बिच के हिस्से से डाब गया.

ाण्डू का लैंड स्वीटी के कोई भी छेड़ में घुसा नहीं था. पर स्वीटी बैठ कर आगे को हुई और ाण्डू की निप्पल्स को किश करने लगी. वो ाण्डू की एक निप्पल को मुँह में भर के जबरदस्त तरीके से चूसने लगी. ाण्डू की बॉडी बहोत जबरदस्त थी. मज़ा स्वीटी को भी बहोत आ रहा था. वो बिना हाथ लगाए hi आगे पीछे हो कर ाण्डू की मुट्ठ मर रही थी. वो चूमते हुई निचे की तरफ जाने लगी. वो अपनी हिप्स को ाण्डू के लैंड से घिसते हुए जंगो से होती हुई और निचे ले गई. और घुटने पर बैठ गई. घुटना उसकी छूट और दोनों हिप्स के बिच घिसने लगी. निचे खिसकते वक्त अपनी लिप्स से वो उसके 6 पाक पेट और नाभि को चूमते हुए निचे आई. उसके बूब्स को भी बहोत hi जबरदस्त ाण्डू के लैंड का टाच मिला. वो स्माइल करते हुए ाण्डू को एक डैम नशीली आँखों से देखती हे. और फिर उसके लैंड के टोपे पर किश कर दिया.

ाण्डू ; ओह्ह्ह्हह्ह.... गॉड..

स्वीटी ने स्माइल किया और अपने लिप्स खोल कर आवाज करते हुए कहा.

स्वीटी ; (स्माइल) अह्ह्ह्ह सससस गॉड नहीं स्वीटी कहोगे तो मुझे ज्यादा ख़ुशी होगी सससस.

उसी वक्त स्वीटी ने गैप से ाण्डू का लैंड मुँह में निगल गया. जिस से ाण्डू बोल रहा था पर स्वीटी की हरकतों से ाण्डू की जुबान लड़खड़ा गई.

ाण्डू डिकोस्टा ; (स्माइल) है स्वी... आउच..... स्स्सस्स्स्स.

स्वीटी ने उसे अपना नाम भी पूरा बोलने नहीं दिया. और पूरा लैंड जबरदस्त तरीके से चूसने लगी. इस बार वो सिर्फ मुँह नहीं हिला रही थी. बहोत जोर से चूस रही थी. जैसे गे (काऊ) का बचा बछड़ा थान से दूध पिता हे वैसे वो उसके लैंड को निगले जा रही थी. स्वीटी के लिप्स की रगड़ और उसके लीपा की लचक लैंड से पेस हो कर दबाना फिर खुल कर बड़े हो जाना, स्वीटी अपनी लार से उसके लैंड को चिप छिपा भी बना रही थी. और अंदर मुँह में अपनी पूरी जीभ से चिपका कर मुँह की जबरदस्त गर्मीं भी दे रही थी. ाण्डू बरदास hi नहीं कर पाया उसकी पिचकारी बहोत जोर से बरसी पर स्वीटी उसकी पिचकारी से निकने रास को भी आधे से ज्यादा पि गई. वो पीछे हैट hi नहीं रही थी. लैंड अभी भी उसके मुँह में था और चिकनाहट और बढ़ गई. अब्दु पहेली बार किसी औरत का दीवाना हो गया. ऐसा एहसास आज तक उसे पहले कभी नहीं हुआ.

जग्गू से मुर्दार करवा कर माधुरी को कोई फर्क नहीं पड़ा पर जग्गू बहोत दर गया था. उन्हें वह से 6 घंटे बाद पैरिश के लिए निकलना था. लखनऊ से दिल्ली और दिल्ली से पेरिश की फ़्लैट पहले से बुक थी. अब भी अँधेरा hi था. सुबह होने में बस कुछ hi देर का फर्क था. माधुरी जग्गू को नार्मल करने की कोसिस में थी. वो सिर्फ एक हॉट सेक्सी निघ्त्य में बाद पे लेती हुई थी वो स्माइल करते हुए जग्गू को देखती हे. जग्गू दीवार पे हाथ तक कर खड़ा कप रहा था. उसका रोना तो रुक गया पर अब भी वो डरा हुआ था. तभी माधुरी जग्गू से बड़े प्यार से बोली.

माधुरी ; (स्माइल) जग्गू प्लीज आओ न. मेरा बहोत मन कर रहा हे.

जग्गू ने गर्दन घुमाई और माधुरी को देखा. वो सेक्सी हॉट निघ्त्य में लेती मुश्कुराते हुए जग्गू को hi देख रही थी.

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माधुरी ने हाथ बढ़ाया. जग्गू डरे हुए खड़ा था. उसने डरते हुए माधुरी के हाथ को थमा. माधुरी ने उसका हाथ को जोर से झटका मारा. वो माधुरी की गॉड में hi गिरा. माधुरी जोर से हसने लग गई. जग्गू को भी हसी आ गई. दोनों एक दूसरे की बहो में प्यार भरी लड़ाई करने लगे. तभी दोनों की सांसे फुल गई. और दोनों ने मस्ती करना बंद किया.

जग्गू माधुरी के ऊपर था. उसके हाथ माधुरी के बूब्स पे था. जग्गू ने जोर से माधुरी के बूब्स को मशाल दिया.

माधुरी ; आउच स्सा धीरे नहीं दबा सकते. दर्द होता हे.

जग्गू ; में तो ऐसे hi दबाऊंगा. में कोई सर नहीं हु जो धीरे से दबाउ.

माधुरी फिर हस्ती हे.

माधुरी ; (स्माइल) अच्छा तुम्हे बड़ा सर के बारे में जानकारी हे वो कैसे दबाते हे. दर नहीं लगता उनसे?

जग्गू ; नाहीई.

माधुरी ; उनकी बीवी के साथ अफेयर चला रखा हे. उनकी बीवी को तुमने पता के छोड़ लिया. और अब तो अपनी गर्लफ्रेंड भी बना लिया. सोच लो.

जग्गू ; (नरवा) सच कहु तो उनकी बहोत रेस्पेक्ट करता हु. पर बहोत दर लगता हे. वो भी आप से बहोत प्यार करते हे. कही वो मुझे मर न डेल.

माधुरी जोर से हसी.

माधुरी ; (जोर से हस्ते हुए) फत्तू कही के. तो छोड़ दो न.

जग्गू ; नहीं छोड़ सकता चाहे सर मुझे मर डेल में उनसे तुम्हे मांगूंगा. कहूंगा सर प्लीज अब आप अपनी बीवी को छोड़ दो. में पागलो की तरह उनसे प्यार करता हु. में मधु से शादी कर के बाकि जिंदगी उसके साथ बिताना चाहता हु.

पर वो मुझे मर hi डालेंगे.

माधुरी ; (स्माइल) फ़िक्र मत करो में बचाऊंगी तुम्हे. वो चाहेंगे तो भी तुम्हे मरने नहीं दूंगी.

माधुरी ने अपना मंगलसूत्र उतर दिया था. फिर भी कार में बैठे वीर को उनकी बाटे साफ सुनाई दे रही थी. सवाल था कैसे. माधुरी अब नहीं चाहती थी की उसका पति उसकी बाटे सुने. इस लिए मंगलसूत्र को उसने अपने से दूर कर दिया था. और जग्गू डरपोक था. वो वीर से डरता था. तो कोण था जो उनके बिच दुरी पैदा करने की कोसिए कर रहा था. बात चाहे जो भी हो पर वीर उनकी बाटे सुन रहा था.

मुझे मेरे कानो में आ रही आवाज से अब घिन आने लगी थी. तब तक मुझे हसी आती थी. क्यों की वो अपने शिकार के साथ अपनी मर्जी से खेला करती थी. उनकी मौत को याद गर बनती थी. सेक्स करती थी. प्यार नहीं. पर आज मेरे कानो में फिर वही घिनौनी आवाज आ रही थी. कुछ 2 दिन से आवाज आना बंद थी. पर आज फिर से

माधुरी ; सससस अह्ह्ह ससस और जोर से जग्गू ससस अह्ह्ह.

थप थप थप....

माधुरी ; ासस्स जग्गूऊऊ ससससस अह्ह्ह लव यौऊ ... जग्गूऊऊ....

मुझे गुस्सा आने लगा वो उस कमीने लूज़र से छुड़वाते हुए प्यार का इज़हार कर रही थी. और में उसे जान से मरूंगा तो वो मुझे रोकेगी. उस में हे इतनी हिम्मत वो मुझे रोकेगी. तिगर को. अगर बिच में आई तो में माधुरी को भी जान से मर दूंगा. पर फ़िलहाल मुझे पहले माधुरी को हराना था. में उसे निचा दिखाना चाहता था. उस से पहले कैट को ढूढ़ना हे. अपने प्यार के जल में फसना हे. और फिर अपना काम निकलवा कर माधुरी को दिखाना हे. हु इस बेस्ट. मेने एअर फ़ोन्स को निकल कर कार में hi फेक दिया और जोर से लत मर कर वो एअर फ़ोन्स को तोड़ दिया.

आलिया ; क्या हुआ. प्लीज बोलो क्या हुआ.

में ; (गुस्से में) कोई मुझसे कोई भी सवाल नहीं करेगा. चाहे बीवी हो या चाहे गर्लफ्रेंड.

वो दोनों चुप हो गए. में जागते हुए भी बाईट कल को याद करने लगा. जब हम साथ पढ़ते थे. और हमारी शादी नहीं हुई थी. पिकनिक पर में उसे छोड़ने के लिए एक लकड़ी के घर में ले गया था. में उसे किसा करते हुए उसकी बॉडी पे हाथ घुमा रहा था.

माधुरी ; अहह ससस प्लीज तपन प्लीज ये नहीं प्लीज में ये अभी नहीं कर सकती.

पर में उसका गाला चूमते हुए उसके बूब्स तक हाथ ले गया. और जोर जोर से दबाने लगा. वो गुस्सा हो गई और मुझे धक्का मर दिया. वो रोने लगी. और अपने शर्ट को एक झटके में खोल दिया. साडी बोटों टूट गई. उसकी ब्लैक ब्रा मेरे सामने आ गई. और वो रो रही थी.

माधुरी ; लो ये लो सिर्फ यही चाहिए था न तुम्हे.

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माधुरी ; (रट हुए) में सोचती थी सच में तुम मुझसे प्यार करते हो. पर तुम्हे भी ोरो के जैसे बस यही चाहिए.

मुझे अपने आप में शर्म महेसुआ हुई. में तुरंत hi उसके हाथो से उसका शर्ट छुड़वा कर उसे धक् diya.apni शर्ट उतरी और उसे पहना दी. वो रो रही थी. मेने उस लड़की से hi नहीं जिंदगी में पहेली औरत थी वो जिस से मेने झुक कर माफ़ी मांगी.

में ; मधु म रियली सॉरी मधु. में सच में तुमाए प्यार करता हु. तुमसे शादी करना चाहता हु. प्लीज मुझे माफ़ कार्डो. में प्रॉमिस शादी करूँगा तो सिर्फ तुमाए प्लीज मुझे माफ़ी दे दो. में सच में तुम्हारे बिना नहीं जी सकता.

माधुरी ; (रट हुए) फिर क्यों मेरे साथ ऐसा किया.

में ; (सोच कर) क्यों की तुम बहोत सुन्दै हो मधु. अब तुम्ही बताओ. तुम इतनी सुन्दर हो और जब तुम मेरी बहो में हो उस वक्त मुझसे किए कण्ट्रोल होगा. और ी लव यू यार.

माधुरी को हसी आ गई. उसकी आँखों में आंसू थे. पर फिर भी वो है गई.

माधुरी ; (अंशु +स्माइल) तुम सच कहे रहे हो. मुझसे hi शादी करोगे???

में ; है मधु सच. ी लव्स मधु.

माधुरी मेरी बहो में आ गई. और मेरे माथे पर प्यारी सी किश कर दी.

क्या वो मेरी बीवी थी. जिस से हम दोनों आपस में बहोत प्यार करते थे. या वो जिसे मेने पहेली बार गैर मर्द के साथ देखा. रफीक. वो दुश्मन का सबसे पहला एजेंट. जिसके साथ माधुरी ने हर वो शो दिखाया जिसे में शादी से पहले देखने को तरस गया था. उस दिन मेरी आँखों के सामने माधुरी ने अपने साड़ी का पल्लू हटा कर अपना जोबन दिखा दिया था.

माधुरी ; देखो रफीक चाचा तुमने मेरा ब्लाउज कितना ढीला सिला हे. अब ये कैसे ठीक होगा.

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में सोच नहीं सकता था. मुझसे प्यार के वादे करने बलि माधुरी अपना जोबन खोल कर उसे दिखा रही थी.

रफीक ; (स्माइल) पर मोहतरमा थोड़ा ठीक से दिखाइए क्या कमी हे. थोड़ा सा पल्लू हटा दिया तो मुझे कैसे पता चलेगा कमी कहा हे.

वो भी है गई. सामने का नाटक करते हुए.

माधुरी ; अह्ह्ह ससस मुझे शर्म आती हे चाचा ससस

रफीक ; (स्माइल) अरे मुझसे केसा शर्माना तुम्हे पता हे न डॉक्टर वकील और दरजी से कुछ छुपाते नहीं चलो दिखाओ.

माधुरी पहले है गई. वो नादानी नहीं सोची समझी सदिस थी. वो नज़ाकत से शरमाई और झटके से पुअरा सीन उस कमीने बूढ़े को दिखा दिया.

माधुरी ; सससस तो लो देख लो. फिर मत बोलना मेने दिखाया नहीं.

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उसने शाम एते हुए आंखे ऐसे बंद कर ली जेए वो अपने पति को पहेली बार दिखा रही हो. पूरी तरीके से शर्माने का नाटक वो कमीना कहा कभू में रहता कमीने ने तुरंत hi गुणो पर बैठ के आनंद के रस्ते को दूध लिया. कमर से जकड कर निचे चूमने लगा. माधुरी भी शो दिकगते दिखते hi खुद hi दुब गई. वो नाभि के निचे चूमते हुए उसका घागरा ऊपर कर के मेरी hi बीवी की छूट चाटने लगा. माधुरी भी अपने हर हिस्से को चतवते हुए आनंद ले रही थी. और वो कमुख अंगड़ाई लेते हुए भी अपना ब्लाउज दिखा रही थी.

माधुरी ; ससस अह्ह्ह चचाआआ... देखो सससस कितना ढिलाआ.... सिलायआ... हे.

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में सोच नहीं सकता था. मेने पहेली बार किसी गैर के साथ अपनी बीवी को देखा. जब उसे मर दिया तब सुकून आया. ज़हर का घुट मेने पि लिया क्यों की उसका फ़र्ज़ था. उसे ये करना hi था. पर क्या वो खुद चाहती थी. आखिर कोनसी मेरी बीवी हे. वो जो मुझे शादी से पहले टाच भी नहीं करने देना चाहती थी. या वो शादी कर के बिना कोई गम के किसी और की बहो में थी. या फिर वो जिसे कोर्ट के ड्रामे में hi मेने ड्रामा डाइवोर्स दिया तो उसने रो रो कर बुरा हल कर दिया था. उस दिन मेने उसे बहोत संजय. वो चार पाई पे लेती रो रही थी. उसने ड्रामा ड्रेस भी नहीं उतरी. मेने उसे देखा वो लेती रो रही थी.

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में उसके पास गया. और उसके पास बैठ गया.

में ; मधु प्लीज रोना बंद करो ये सिर्फ एक ड्रामा था.

माधुरी ; (रट हुए) नहीं हम आज के बाद ऐसा ड्रामा कभी नहीं करेंगे.

में ; अच्छा बाबा अच्छा नहीं करेंगे बस.

वो उठ के बैठ गई. और रट हुए मेरी आँखों में देखने लगी.

माधुरी ; (रट हुए) तुम रियल लाइफ में तो मुझे कभी नहीं छोड़ोगे न??

में उसका मन बहलाना चाहता था. मुझे उसका रोना पसंद नहीं था. में उसे रट कभी नहीं देख सकता था. मेने उसे हँसाने के लिए मज़ाक किया.

में ; यार तुम पागल हो. तुम्हारे जितनी ब्यूटीफुल हॉट वाइफ को कोई छोड़ सकता हे. ये बूब्स तो देखो.

मेने तुरंत hi माधुरी के मस्त नरम तने हुए 32 साइज के बूब्स पे हाथ रखा और मशाल दिया. उसके फेस पे स्माइल आ गई. उसने हस्ते हुए मेरा हाथ जातक दिया.

में ; सससस यार. क्या बूब्स हे यार. और तुम्हारी मस्त 26 की कमर ूय होय होय. मर डाला ससस और तुम्हारी मस्त फुले हुए हिप्सा. दलिंग शादी के बाद में तुम्हारी गांड रोज़ मरूंगा है तुम प्लीज मुझे रोकना मत.

वो जोर से है रही थी. और अपनी प्यारी सी आवाज में बोली.

माधुरी ; (smaile+anshu) नहीं रोकूंगी. रोज मरना. (माउस) पर मुझे छोड़ना मत प्लीज में जिंदगी में बहोत अकेली हु.

में ; पागल अगर में लाइफ टाइम तुम्हे टाच भी न कर सकू तो भी कभी नहीं छोडूंगा. ये वादा हे तुमसे.

माधुरी ; (मासूम गुस्सा) किए टाच नहीं करोगे. शादी के बाद मुझे रोज सेक्स चाहिए.

वो बोल के शर्मा गई और मेरी बहो में आ गई.

में सोच में पद गया आखिर कोण सी मेरी बीवी हे जो उसका रूप असली हो. पर हे भगवन में उसे कभी नहीं छोड़ सकता मेने वादा किया हे. और तिगर अपना वादा कभी नहीं तोड़ सकता. पर न उसे तल्ख दूंगा न hi उसे जिन्दा छोडूंगा. वो मेरी hi थी और मेरी हो कर hi मारेगी. मेरी आँखों में अंशु आ गए. जिसे देख आलिया से रहा नहीं गया.

आलिया ; प्लीज में तुम्हारी आँखों में अंशु नहीं देख सकती. अगर एक बार और आपने उस कुटिया के लिए अंशु बहाए तो में उसे जान से मर दूंगी.

वीर को भी नहीं पता था. माधुरी ने अपनी आवाज बंद करने की कोसिए की नहीं हुआ. पर वीर के हाथो में अब भी वो अंगूठी थी. जिस से माधुरी आलिया और वीर की बाटे जरूर सुन रही थी. उनकी बाटे सुन ने के बाद माधुरी जग्गू की पीठ पर हाथ घूमते हुए बोली.

माधुरी ; (स्माइल) देखते हे कोण पहले किसको मरता हे. या तू मुझे. या में तुजे. में आ रही हु आलिया. बच ले तू कहा बच के जाएगी.
 
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