Meri Police wali Biwi - Page 6 - SexBaba
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Meri Police wali Biwi

माधुरी के सामने सूखा पहलवान जांय और घसीटा खड़े थे. माधुरी घूरती हे सब को.

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माधुरी ; सुबह शी आ जाते हो ठाणे और शाम को चले जाते हो बस अपनी तन्खा से मतलब.

हस्ता ; तो के करू मेडम आप न खाने दो न कहते हो.

माधुरी ; अबे चुइटीए इतनी नौकरी हो गई अपने घर के इलावा कुछ बना पाया. किसने बोलै के में ईमानदार हु.

घसीटा ; मेडम तो क्या करे कुछ हाथ आता नहीं कुछ. साडी दुनिया तो गुंडों से डर्टी हे हमें तो बस गरीब का छीन पेट भर लेते हे.

माधुरी ; एक बात बताओ पुलिस वालो से बड़ा गुंडा हे क्या कोई. उन्हें हम hi बनाते हे हम hi मिटाएंगे. समझे सब.

जांय ; रहने दो मेडम एक हफ्ते पहले की बात हे उस्मान ने अंदर ठाणे में आके इस पहलवान को थपड मारा आप जहा बैठी हो न वही बैठा था उस्मान.

माधुरी ; कल मुझे बड़े दुकानदार मिल के फेक्टरो के मालिक बिल्डर और गुंडे सब की लिस्ट चाहिए. समझे सब.

घसीटा ; मेडम हमारे बच्चे हे छोटे छोटे घर परिवार हे.

माधुरी ; कल मतलब तुम्हारे घर में घुस कर तुम्हारे परिवार के सामने तुम्हे मरेगा क्या तुम जी पाओगे???

बे पुलिस वाले हो तुम समझे.

पहलवान ; मेडम आप कहना क्या चाहती हो. सीधी बात बताओ न.

माधुरी उनकी बाटे सुन कर हस्ती हे.

माधुरी ; no 1 सबसे पहले जो भी हो हम सर्कार के लिए न सही एक दूसरे के लिए ईमानदार रहेंगे . अपना साथी चाहे वो गलत हो या सही हमें हर कीमत पर अपने साथी को बचाना हे. फसने नहीं देना.

No 2 गरीबो को पकड़ना नहीं और अमीरो को छोड़ना नहीं.

No 3 चाहे कोई भी बहार केसा भी कांड कर दे हमें पहले बताएगा.

No 4 अपनों पे कोई वॉर नहीं करेगा

No 5 अकेला कोई नहीं खाएगा सब मिल बात के खाएगा.

खाने का मतलब सूखा के डिब्बे से आ रही देसी घी के लाडू की बात नहीं कर रही.

सूखा आगे आया डिब्बा खोल के लाडू माधुरी को देता हे फिर सब को सरे हस्ते हे.

सूखा ; लो लो मेडम खाइये घर से लाया था.

माधुरी ; कल मेरे हाथ अच्छा मुर्गा आया हे हो सका तो तुम लोगो को 2 2 लाख मिल जाएंगे.

सरे खुश हो जाते हे.

माधुरी ; सूखा मलाई बना रहा हे हम्म्म्म.

सूखा हसने लग जाता हे. इतने में कॉल आता हे. उसे कमिश्नर ने बुलाया था उसी का कॉल होता हे माधुरी वह से चली जाती हे.

माधुरी ; में कमिसनर शब् से मिलने उसके ऑफिस जाती हे. वो कमिश्नर के ऑफिस पहोच के उसके केबिन में जाती हे और सेलूट करती हे.

माधुरी ; जय हिन्द सर.

कमिश्नर ; आओ माधुरी आओ बैठो

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कमिश्नर माधुरी को ऊपर से निचे तक देखता हे तो उसके मुँह में पानी आ जाता हे. खाखी पेण्ट शर्ट इन् किया हुआ इन करने से माधुरी के कड़क बूब्स जो बोटों को तोड़ के बहार आना चाहते हो पतली कमर और 36 की उभरी हुई गांड देख के एक बार अपने लैंड पे हाथ घूमता हे.

माधुरी भी उसकी हालत देख के मन में हस्ती हे. और कमिश्नर के हुकम पर बेथ जाती हे.

कमिसनर ; K.K. थपड कहते हे मुझे.

माधुरी ; सर.

थपड ; वह फिसिकल गॉड मेडलिस्ट. शूटिंग भी गोल्ड मेडलिस्ट, सिको टेस्ट में और रेतुर्न में भी गॉड मेडलिस्ट. ओवर आल के बाद कमांडो में भी गोल्ड मेडलिस्ट. काफी काबिल हो तुम.

माधुरी भी थोड़ी चापलूसी करते हस्ती हे और

माधुरी ; है है है बस सर कोसिस की सर हो गया और क्या.

थपड ; तो तुम्हे सेण्टर ने रेक्रिमनत किया हे. लगता हे राजनीती वालो से पकड़ हे तुम्हारी

माधुरी ; ( बड़ी मिट्ठी आवाज में ) नहीं सर मुझे तो कोई जनता भी नहीं हे.

थपड को लगता हे घुश खिला कर आई होगी काबिल नहीं हे अपने हाथ में ले लेगा उसे नहीं पता थी की माधुरी क्या चीज़ हे.

थपड ; रिस्वत लोगी ?

माधुरी ; अरे सर बहोत मुश्किल से नौकरी मिली हे कोण पन्गा लेगा सर आप हो हमारे सीनियर जो शिखाओ गए वही सही होगा.

थपड ; इधर आओ.

माधुरी कड़ी होती हे और डरने की एक्टिंग करते थपड के पास जाती हे. थपड माधुरी के कंधो से गले में हाथ दाल देता हे. और बोलता हे.

थपड ; देखो ज्यादा सेण्टर के लिए काम करोगी तो हम सपोर्ट नहीं करेंगे हमरे निचे काम करो पैसा भी कमाओगी और मजे भी लोगी.

माधुरी हस्ती हे और अपने जिस्म की लालच देती हे. थपड के कण के पास मुँह लेजाकर धीमी आवाज में बोलती हे

माधुरी ; तो सर आप मुझे अपने निचे hi रखना बहोत मजा आएगा आप जैसा कहेंगे वैसा hi करुँगी बहोत मजा आएगा.

बस सर मुझे गहनों का सोख हे मेरे सोने के कंगन जल्दी बन जाए तो मजा आ जाए.

थपड देर नहीं करता माधुरी की पीठ से हाथ निचे घिसते हुए ले जाता हे और माधुरी की हिप्स को जोर जोर से मसल देता हे माधुरी भी देर न करते तुरंत hi थपड के लैंड को पेण्ट में ऊपर से hi पकड़ लेती हे.

माधुरी ; अह्ह्ह ससससस सर लेकिन जगह भी देखना कही में फास न जाऊ.

ुइ माँ बड़ा लगता हे हम्म्म्म.

थपड माधुरी की सिसकारी से होस खो देता हे और दोनों हाथो से माधुरी के बूब्स को पकड़ लेता हे.

माधुरी ; अहहहससससस... बहोत बदमाश हो आप.

थपड ; अरे मेरी जान बदमाशी करूँगा तभी तो तुम्हे निचे रखने में मजा आएगा . कल मेरे घर पार्टी हे आओगी मजे करंगे.

माधुरी के जान ने का मकसद कामयाब हो गया था अब वो खिसकना चाहती हे लेकिन थपड गरम हो गया था.

थपड ; बहोत कमल की हो कुछ करो भी हमें खुश करने के लिए.

माधुरी को समाज आ गया था उसे कोई फरक नहीं पड़ता कोई भी छोड़ ले उसे बस अपना मसकसद हासिल करना था और थपड की पार्टी बहोत बड़ा दरवाजा था.

माधुरी थपड के डेस्क पे थपड को धक्का देती हे थपड पीठ के बल गिरता हे माधुरी आगे आके थपड की पेण्ट की जीभ खोल के अंदर से थपड का लैंड बहार निकलती हे. थपड को अपनी नशीली सेक्सी निगाहो से देखती हे और टोपे पर अपनी जीभ की नोक रगड़ती हे.

तसपद ; अह्ह्ह ससस कमल की हो तुम. उफ्फ्फ्फ़.

माधुरी देर नहीं करती और गैप करके 7 " के लैंड को मुँह में निगल लेती हे. थवाद की सांसे अटक जाती हे. माधुरी की मुँह की गर्मी और सेक्सी फेस को देख कर थपड की आंखे बहार आ जाती हे. माधुरी अपने सेक्सी लिप्स के घेरे को थपड के लैंड पे जकड कर आगे पीछे करती हे.

थपड ने अपने पावर के डैम पर बहोत सरीफ जड़ी को भोग चूका था लेक इन माधुरी जैसी उसे पहेली बार मिली थी. माधुरी अपनी सेक्सी अदाओ से उसे हरा देती हे थपड अंतिम चरण भी बरदास नहीं कर पाया और उसकी पिचकारी माधुरी के मुँह में छूट जाती हे माधुरी भी सारा रास पी जाती हे और सर उठा कर हाफने लगती हे माधुरी के हाफने से माधुरी के बूब्स उप डाउन हेते हे लेकिन थपड बूढ़ा था लालच तो आती हे मगर वो कुछ कर नहीं सकता.

थपड ; तुम कल पार्टी में आओ कल बड़ी बड़ी हस्ती से मिलवाता हु एक बाद ध्यान रखना कभी भी शैतान सब के काम को मत रोकना

बाकि मौज लो.

माधुरी आप जैसा चाहो बस हमें भी थोड़ा बहोत खा लेने देना.

थपड ; फ़िक्र मत करो तुम्हे खिलाएंगे भी और तुम्हे खाएंगे भी.

माधुरी ( हस्ते हुए ) तो में जाऊ सर.

थपड ; है कल में तुम्हे कॉल करूँगा.

माधुरी चली जाती हे वह से लेकिन वो थपड की बड़ी कमजोरी जान न चाहती हे. वो जीप लेके सीधा ठाणे पहोचती हे
 
माधुरी ठाणे न जाकर घर चली जाती हे. घर जा कर आलिया को निघ्त्य में देखती हे तो कहती हे.

माधुरी ; अरे मेरी गुड़िया बहोत सुन्दर लग रानी हे. आजा मेरे पास.

माधुरी और तपन दोनों hi आलिया का बचपना देख के उसे छोटे बचो की तरह ट्रीट लार्ज हे. आलिया भी माधुरी की बहो में चली जाती हे.

मेने देखा माधुरी थकी हरी आई थी उसने आलिया को गले लगाया हुआ था वो मुझे देखती हे और आंख मरती हे मुझे भी हसी आ जाती हे. में सोफे पर बैठा था माधुरी आ कर मेरी गॉड में बेथ जाती हे और उसके हाथो की माला मेरे गले में पिरो देती हे.

माधुरी ; देर तो नहीं हुई.

में ; है कब से तुम्हे देखने को तरस रहा था. प्यास जो लगी हे.

माधुरी अपने फेस को मेरे इतने करीब ले आई की हम दोनों की नक् एक दूसरे की नक् से टाच हो जाती हे. और माधुरी के सशो की गरम हवा को मेरा डिल महसूस करने लगा.

माधुरी ; प्यास तो रत को भुजा hi दूँगी फ़िलहाल माइन अपनी प्यास भुजने दो.

और माधुरी मेरे लिप्स को अपने लिप्स से लॉक कर के गहरी किश देती हे.

में ; ओह्ह्ह तुम प्यास भुजती नहीं मेरी प्यास जगती हो.

लेकिन कबाब में हड्डी आलिया बिच में न बोले

आलिया ; बस बस अकेले अकेले प्यार करो.

जाओ पहले नाहा लो फिर खाना खा के प्यास बहुजन.

माधुरी ; ये छोटी नहीं सब की दादी ऍम माँ हे.

मुझे हसी आ जाती हे माधुरी उठ के बाथरूम की तरफ जाने लगती हे.

में अपना एक पग बनता हु की बाथरूम का दरवाजा खुलता हे और माधुरी बहार आती हे सिर्फ टॉवल में

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माधुरी को इस हालत में देख के में पागल हो जाता हु माधुरी को कंधो से पकड़ के धक्का देते हुए अंदर के जाता हु

माधुरी ; ( हस्ते हुई ) आज फिर से साथ नहाना हे क्या.

में ; अपना टावल निकालो यार.

माधुरी हस्ती हे और टावल निकल कर निचे फेक देती हे में उसे ऊपर से निचे तक देखता हु. कयामत हे माधुरी. इतने में दरवाजा जोर जोर से खटकते आलिया.

आलिया ; ये कोई टाइम हे प्यार करने का में यहाँ पुलाव बना रही हु और आप दोनों बस प्यार hi किये जा रहे हो सहित मुझे तो कोई प्यार नहीं करता ( थोड़ी झूठा रोने की और रूत के चली जाती हे )

में बाथरूम से बहार आ कर अपना पग ख़तम करता हु और दूसरा पग बना कर चुस्किया लेता हु. थोड़ी देर में माधुरी बहार आती हे और पूरी नंगी बैडरूम में घुश जाती हे भागते हुए. जब माधुरी कपडे पहन के बहार आई तो मेरी नाजाओर माधुरी के बूब्स पर चली जाती हे जो माधुरी को भी पता चल जाता हे.

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इतने में आलिया आ जाती हे.

आलिया ; बैठो दीदी पुलाव खाओ. स्पेशल आप के लिए बनाया हे.

माधुरी ; वो आलू वैरी गुड इधर आ.

आलिया माधुरी के पास जाती हे. माधुरी आलिया के माथे पर किश करती हे. तो आलिया.

आलिया ; क्या दीदी आप को तो प्यार भी करना नहीं आता देखो में बताती हु.

और आलिया माधुरी के लिप्स पे 2 मिनिट का किश कर देती हे. में और माधुरी सोक हो जाते हे.

माधुरी ; बीटा ये किसने सिखाया.

आलिया ; कोई सिखाएगा थोड़ी मुझे आता हे हेना जीजू.

आलिया की बातो से मेरे टट्टे तो सोक हो गए क्यों की माधुरी भी मुझे घूरके नोट्टी स्माइल करते देख रही थी.

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में उन दोनों को hi देख रहा था लेकिन आलिया चुप रहने वालो मेसे नहीं थी दादी अम्मा ने फिर मुझे झटका दिया.

आलिया ; पता हे दीदी जीजू भी बोल रहे थे तुजे प्यार करने नहीं आएगा तेरी दीदी बहोत अच्छा प्यार करती हे

माधुरी ; तो तूने क्या किया ?

आलिया ; मेने उन्हें प्यार करके दिखा दिया..

आलिया की बात सुन के माधुरी जोर जोर से हसने लगी.

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आलिया ; हसो मत मुझे आता हे मेने जीजू को कर के भी दिखाया

हेना जीजू आप को प्यार किया था न अच्छा.

माधुरी मेरा फेस देख के जोर जोर से हसने लगी.

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में कुछ भी नहीं बोलता. बोलता भी कैसे आलिया ने बोलती बंद जो करवादी थी.

माधुरी ; अच्छा केसा प्यार किया कर के दिखा.

आलिया उठी और माधुरी को शामे वही स्टाइल में लिप लॉक किश करने लगी किश पूरी 5 मिनिट की उन दोनों को किश करते देख मेरा लैंड खड़ा हो गया मेरे बगल में hi आलिया माधुरी को किश कर रही थी. जब वो उठी माधुरी मेरे फेस को hi देख रही थी और मुझसे बोली हस्ते हुए.

माधुरी ; और कुछ भी किया या नहीं.

में अपना माथा पिता और बोलै.

में ; ये तो पागल हे तुम भी इसके साथ पागल हो गई हो.

माधुरी ; आलू बीटा जीजा जी सच कहते हे तुम्हे सच में प्यार करना नहीं आता आजा वापिस में सिखाती हु.

आलिया का माधुरी ने हाथ पकड़ के खींचा उसे अपनी गॉड में बिठाया आलिया की दोनों टैंगो को माधुरी की कमर में फसा कर गॉड में बिठा लिया माधुरी ने अपनी पूरी बॉडी को आलिया की बॉडी से सत्ता लिया माधुरी के बड़े बड़े मिल्की बूब्स आलिया के छोटे 32 साइज के बूब्स से सात गए दोनों की बॉडी से हवा भी पास नहीं हो सकती थी

माधुरी ने एक हाथ आलिया की पीठ पे रख कर उसे अपनी और दबा रखा था और एक हाथ से आलिया के गले को पीछे से पकड़ के अपनी और खींचा और माधुरी ने जबरदस्त किश करना चालू कर दिया ये नजारा देख के मेरा लैंड पाजामे में लोहा बन गया मेरी आंखे फटी की फटी रहे गई. माधुरी कभी आलिया की सांसो को गहराई तक खींचती तो कभी अपने गुलाबी मोठे होठो से आलिया के पतली होठो को पूरा निगलना सुरु कर दिया. आलिया और माधुरी दोनों की hi आंखे बंद थी. तक़रीबन 9 मिनिट के बाद माधुरी ने उसे छोड़ा में बगल में बेथ कर ये नजारा देख रहा था.

माधुरी ने जब उसका सर छोड़ा तो आलिया माधुरी की बहो में ज़ुल गई माधुरी ने हाथ लम्बा किया और मेरे लैंड को पाजामे के ऊपर से hi पकड़ लिया मेरी तरफ देखा माधुरी की आंखे नशीली थी में अपना थूक भी निगल नहीं पाया. माधुरी अपनी हलकी सी सेक्सी स्माइल और नशीली आँखों से मुझे देखते हुए बोली

माधुरी ; ( बड़ी धीमे से ) आप की साली अब तैयार हे कहो तो.

में ; बस मधु वो बच्ची हे.

माधुरी ने मेरा हाथ पकड़ा और मेरी ऊँगली को पकड़ के आलिया की लिप्स पे फिराया आलिया ने बंद आँखों से hi मेरी ऊँगली को अपने मुँह में ले लिया और चूसने लगी मेरे तन बदन में चीटिया रेंगने लगी .मेने ऊँगली को बहार निकलने की कोसिस की उसे खींचा आलिया की मुँह की गर्मी , गिला पैन और आलिया की जीभ की घिसाहट महसूस हुई मेने ऊँगली को बहार खींचा बहार निकलते hi माधुरी ने वो ऊँगली अपने मुँह में दाल दी और उसे चुस्ती रही मेने अपनी ऊँगली बहार खींची और माधुरी के कंडे से होते हुए गले में हाथ दाल दिया मेरा हाथ माधुरी के गर्दन से होते हुए माधुरी के बगल तक पहोच गया.

आलिया ने धीमे धीमे अपनी आंखे खोली और माधुरी को देखने लगी वो मदहोश हो चुकी थी माधुरी भी अपनी नशीली निगाह से मिली फिर दोनों स्माइल करने लगे.

दोनों धीमी आवाज में बाटे करते हे

माधुरी ; केसा लगा.

आलिया ; दीदी प्लीज एक बार और प्यार करो न.

माधुरी ; नहीं अब तुम अपने जीजा को ऐसे hi प्यार कर के दिखाओ तब इन्हे पता चलेगा.

अब आलिया मेरी और देखने लगी आलिया का माशूम चहेरा देख के में पागल हो गया वो मुझे hi देखती रही

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आलिया उठी और वैसे hi अपनी दोनों टैंगो का व् सापे मेरी कमर में दाल के मेरे लोहे जैसे लैंड पे बेथ गई. शामे वही मेरे सीने से निचे तक आलिया के सरीर से चिपक गया आलिया ने अपने दोनों हाथ मेरे गले के पीछे से लेजाकर अपनी बहो का हर मेरे गले में दाल दिया. मेरा एक हाथ आलिया की बगल से होता उसकी पीठ पर चले गया उसने ब्रा अंदर नहीं पहनी थी. आलिया की पूरी पीठ को मेरा पंजा महसूस कर रहा था मेरा दूसरा हाथ माधुरी के कंधे गर्दन और बगल से लेकर माधुरी के बूब्स पे चले गया माधुरी का फेस मेरे राइट कण के पास आ गया माधुरी की शासो की गर्मी मेरी राइट साइड गरदन पे महसूस हो रही थी.

आलिया ;( बड़े धीमे से सेक्सी आवाज में ) डीडीई.

माधुरी ; ( वो भी सिर्फ मनो शासो की आवाज से बोली हो ) हआ मेरी आलू.

आलिया ; जिजुओ का मोबाईल चूब रहा हे निचे.

माधुरी ; उसे चुबने दो.

सायद आलिया अंदर से गीली हो गई होगी मेरा लैंड जो लोहे जैसे हो रखा था वो आलिया की छूट को घिस रहा था पुरे दबाव में बस सिर्फ मेरे पाजामे और आलिया की पंतय का कपडा hi तो बिच में था.

आलिया बिलकुल धीरे धीरे अपने मुँह को जगह सा टेढ़ा कर के मेरे लिप्स से चिपका दिए और कुछ पल रुक गई आलिया की सांसे तेज़ चल रही थी जो मेरी सांसो से टकरा रही थी हम दोनों की नक् के छेड़ भी आपस में बार बार टकरा रहे थे. वो मेरे पुरे लिप्स को निगलने लगी हाला की उसके लिप्स पतले और छोटे थे मगर वो हर नहीं मन रहे थे. वो मुझे जैसे निगल लेना चाहती थी आलिया की शासो की खुसबू , उसकी जीभ की नोक और उसकी लॉस लसि लार का टेस्ट बहोत hi मोहक था तक़रीबन 7 मिनिट चले इस खेल के बाद वो पीछे हुई hi थी की मोर्चा माधुरी ने संभल लिया मुझे बिलकुल वक्त नहीं दिया.

अब पोजीशन बदल गई माधुरी से किश का मजा लेते लेते मुझे पता hi नहीं चला की कब मेरी राइट जंग पे माधुरी और लेफ्ट जंग पे आलिया आ गई माधुरी तो दुनिया में सबसे जुड़ा थी में उसकी किश से कोई और दुनिया में खो गया मेरे दोनों हाथ उन दोनों हसीना की पीठ और बगलो से होते उन दोनों के बूब्स पे था.

जैसे दोनों मेरी जान ले लेना चाहती थी माधुरी की 5 से 6 मिनिट की किश को आलिया ने छीन लिया और आलिया मुझे चुस्ती फिर माधुरी फिर आलिया. में बाहरसे नहीं उनकी शासो को खींच कर अंदर कर रहा था दोनों हसीनाओ के बूब्स को में बुरी तरह से मसलता रहा. वो दोनों अपने पंजो को मेरी छति पे और मेरी गर्दन सोल्डर पे रगड़ते रहे मेरी छाती के काफी बल उन दोनों की रगड़ से टूट गए और हम तीनो थक गए किश करते. हम तीनो के सर एक दूसरे के सर के सहारे ठीके हुए थे.

में ; मधु खाना भी खा लो

हम सब थोड़ा नार्मल hue.ki आलिया वह से उठने लगी माधुरी ने उसका हाथ पकड़ लिया.

माधुरी ; बिच में नहीं आलू.

कुछ पल बाद हम सब नार्मल हुई. की फिर आलिया का बचपना स्टार्ट.

आलिया ; ( एक डैम नार्मल लेकिन जिद्द करते हुए )

जीजू आज आप के साथ में सोऊंगी आप मुझे प्यार करोगे दीदी को नहीं.

आलिया की बात सुन के हम दोनों को हसी आ गई मेने माधुरी से पूछा.

में ; ये किसने सिखाया इसे.

माधुरी भी अपने हाथ से फेस छुपाया

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माधुरी ; शिल्पाआ
 
सब खाना खा लेते हे माधुरी और आलिया सफाई करते हे तपन बहार गेलरी में खड़ा सिगरेट के सुट्टे खींच रहा होता हे और माधुरी काम करते करते कुछ सोच में दुब जाती हे. वो सोचती हे उसने अपनी लाइफ में कई मर्दो से सेक्स किया मर्दो को हराना उसका हुनर hi नहीं उसका सोख भी था. लेकिन अपने पति के साथ सेक्स करने में वो इतनी खो जाती हे की वो हर जित हु भूल जाती हे उसे अपने पति के साथ जो सुख मिला उसे वो सुकून और किसी चीज में नहीं मिला.

घर ला सारा काम कर के जब माधुरी अपने पति तपन के पास जाती हे.

में सिगरेट फेक चूका था आलिया भी अपने कमरे में जा चुकी होगी मुझे वो अब नहीं दिख रही थी. माधुरी आकर मुझे गले लगाती हे.

माधुरी ; चले आप बहोत थक गए होंगे .

में ; हम्म्म

में और माधुरी जैसे अपने कमरे में गए सामने आलिया थी जिसे देख कर हम चौक जाते हे वो अपनी डिल काश अड़ड़े बिखेरने और मुझे रिझाने पूरी तरह तैयार थी.

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वो हर पल अपनी अदाओ से मुझे रिज़ा रही थी

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अपनी अदाओ से एक पल तो में भूल गया की अब हम कहा हे बस आलिया का आधा नंगा. जिसम मुझे पागल कर रहा था.

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माधुरी ; बीटा आलू मेरा बचा ये सब क्या हे.

आलिया ; आज में भी जीजू को प्यार करुँगी में आप को भी प्यार करुँगी.

माधुरी एक बार मेरी तरफ एक बार आलिया को देखा हम रूम में गए बीएड पर बैठे. आलिया हम दोनों के बिच में आ गई.

में ; आलिया तुम अभी बहोत छोटी हो सही जलालत का तुम्हे कुछ पता नहीं हे मेरी बात मनो ये बचपना छोड़ दो पढ़ो लिखो कुछ बन के दिखाओ.

आलिया ; में अब बड़ी हो गई हु जीजू देखो गॉव के हिसाब से 18 साल बाद गर्ल्स निकाह कर सकते हे पता हे.

माधुरी और मुझे हसी आ जाती हे.

माधुरी ; पहले ये बताओ तुम शादी किस से करोगी.

आलिया ; जीजू से.

मुझे हसी आ जाती हे.

में ; देखो आलिया मेरी तो तुम्हारी दीदी से पहले से शादी हो चुकी हे में तुमसे शादी कैसे कर सकता हु.

आलिया ; मेरे अबू ने भी तो 4 निकाह पढ़े आप क्यों नहीं कर रहे मुझसे.

माधुरी ; ये गलत हे बेतु.

आलिया ; क्या गलत हे आप तो शिल्पा दीदी की शादी भी जीजू से करवाऊंगी फिर मेरी क्यों नहीं??? क्या शिल्पा दीदी hi आप की बहन हे में नहीं.

में आलिया की बात सुन कर चौक गया में माधुरी को घर कर देखने लगा.

माधुरी ; देख बीटा तू मेरी बात सुन तू अपनी पढाई कर कुछ बन के दिखा. बाद में तू जिस से भी कहेगी में उसी से तेरी शादी करवा दूंगी.

आलिया ; दीदी मेरा इस दुनिया में कोई नहीं हे अम्मी अबू सब अल्लाह को प्यारे हो गए अल्लाह ने आप दोनों को फरिस्ता बना के भेजा हे. में आप दो को छोड़ कर कही नहीं जाउंगी.

आलिया बोलते बोलते रो पड़ी उसके आंसू देख के हम दोनों की आंखे भी नाम हो गई.

माधुरी ; अरे बाबा तुजमे और शिल्पा में मेरे लिए कोई फर्क नहीं होगा में वादा करती हु जब तू पढ़ लिख लेगी तो में तू जिस से कहेगी उसे से तेरी शादी करवा दूंगी. अब है दे पागल.

आलिया हसने लगी उसका मासूम फेस आंसू के बावजूद मुश्कुराते बहोत सुन्दर लग रहा था.

में ; मधु ये क्या कहे रही हे तुम शिल्पा से मेरी शादी करवाऊंगी क्या हे ये सब.

माधुरी ; देखो मेरी बात ध्यान से सुन न

मेरी माँ और शिल्पा की माँ अलग अलग हे लेकिन दोनों माँ के पति एक hi हे जिस से तुम मिल चुके हो.

में माधुरी की बात दयँ से सुन ने लगा.

माधुरी ; अब हम दोनों की माँ जिन्दा नहीं हे वो सचाई कभी न कभी सामने आ जाएगी. अब आलिया पुरे जहेदाद की एक लोटी वारिस हे. और दुनिया बड़ी बे रहें.

उसके बाप के बाद जहेदाद के लिए कोई भी शिल्पा से शादी कर के उसे रस्ते से हटा सकता हे. में इस दुनिया में सिर्फ और सिर्फ आप पे hi भरोसा करती प्लीज में भगवन को नहीं मानती आप hi मेरे लिए भगवन हो आप शिल्पा को अपना लो.

में ; लेकिन मुझे कोई जहेदाद की लालच नहीं और नहीं दूसरी बीवी का.

माधुरी ; तभी तो मेने सिर्फ आप पे भरोसा किया देखो शिल्पा मेरी छोटी बहन हे और वो आप से पागलो की तरह प्यार करती हे.

माधुरी बोलते बोलते मेरे कदमो में गिर गई और गिड़गिड़ाने लगी में माधुरी को इस हालत में कभी नहीं देख सकता.

में ; कुछ सालो बाद कोई मत भेद आ गया और तुम दोनों में झगड़े हुए तो या मुझे भेलने फुसलाने का इल्जाम लगा तो.

माधुरी ; वो हम पर छोड़ दो असली रानी तब भी महि रहूंगी. और िलजसम के दर से हम अकेला नहीं छोड़ सकते. अब फैसला आप पर हे. और हमें उसकी बाप की दौलत से एक फूटी कड़ी भी नहीं चाहिए.

में ; ठीक हे.

माधुरी बहोत खुश हो जाती हे. और मेरे गले लग जाती हे.
 
हम सोने की तयारी कर रहे थे की कबाब में हड्डी आलिया जाने का नाम नहीं ले रही थी.

में ; आलिया बेतु अब सो जाओ तुम सुबह कॉलेज भी जाना हे.

आलिया ; आज में आप दोनों के साथ सोऊंगी.

मेरा लैंड खड़ा था में माधुरी को बहो में लेना चाहता था मगर आलिया सब चौपट कर रही थी.

में लेफ्ट साइड करवट और माधुरी राइट साइड करवट कर के सोने लगे आलिया हम दोनों के बिच में थी. आलिया ने उनके बंद कर ली नाईट लैंप की लाइट रौशनी में पूरा माहौल गरम था लेकिन आलिया बिच में होने के कारन हम दोनों कुछ कर नहीं सकते थे. हम दोनों एक दूसरे को hi देख रहे थे. देख क्या रहे थे आँखों के हिसारो से एक दूसरे से बाटे कर रहे थे.

में ;( बिना बोले आँखों hi आँखों में ). आज तुम बहोत ब्यूटीफुल लग रही हो.

माधुरी ; आप की आँखों में दिख रहा हे.

में ; ये दूरिया मुझसे बरदास नहीं हो रही.

माधुरी ; शामे मुझसे भी.

में : आ जाऊ.

माधुरी ; है आ जाओ मुझसे भी रहा नहीं जा रहा.

में ; ये बिच में हे.

माधुरी ; उसे भी ट्रे कर लो.

में ; पागल हो क्या.

माधुरी ; देखोगे क्या.

में नहीं नहीं.

अब तक हमने आँखों से hi बाटे की लेकिन माधुरी अब जो किया उस से मेरी साँस अटक गई

माधुरी ;( आलिया के कण में धीरे से बोली ). बीटा आलिया.

आलिया हिली तक नहीं तो माधुरी ने आलिया की निघ्त्य को ऊपर खिसकाया पाव की तरफ से. मेने माधुरी का हाथ पकड़ लिया और माधुरी के फेस को देखा. माधुरी ने फिर मुझे बिना बोले आँखों से कहा प्लीज मत रोको. मेरा हाथ ढीला हो गया और में अपना हाथ वह से हटा लिया केकिन इंतजार करता रहा की जब वो कपडा हटेगा तो क्या नज़ारा होगा.

माधुरी ने धीरे धीरे आलिया की निघ्त्य ऊपर खिसकना चालू किया सायद आलिया भी जग रही होगी वो अपनी आंखे नहीं खोल रही थी लेकिन आँखों को जोर से बिच और होठो को दातो में दबा रही थी. जब निघ्त्य ऊपर उठी तो गोरी गोरी केले जैसी पतली टंगे घुटनो तक दिखने लगी. मेरा लैंड लोहे की रोड में बदल गया.

माधुरी ने फिर हिसार से मुझे पूछा केसा लगा मेने जवाब नहीं दिया. वो और ऊपर करने लगी. अब पर्दा हिप्स में अटक गया. नजारा डिल काश था आलिया की गोरी जंगे आपस में रगड़ रही थी. माधुरी ऊपर खिसकती लेकिन उसकी कमर के हिस्से को क्रॉस करने उसे आलिया की जरुरत थी.

लेकिन ये क्या हे भगवन आलिया ने खुद मदद की वो थोड़ी सी अपने कमर और हिप्स को ऊपर उठाई नजारा देख के मेरे मुँह से थूक तक सुख गया वो नजारा hi ऐसा था

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आलिया की प्यारी सी कमर बिलकुल पतली thi.usne जो नेट वाली लाइट गरी पंतय पहनी थी उसमे आलिया के छूट का हिस्सा साफ दिख रहा था मुझे यकीं नहीं हो रहा था में क्या देख रहा हु.

में ; ( आँखों से ) ऐसा मत करो मधु.

माधुरी ; ये भी तुम्हारी hi हे.

में ; नहीं ये उसका फैसला हे.

माधुरी ; उसका फैसला तुम पहले से hi जान चुके हो.

में ; में ये नहीं कर सकता.

माधुरी ; ये तुम्हारी तीसरी शेरनी बनेगी.

में ; क्या ?

माधुरी ; है में तुम्हारे साथ कुछ भी गलत नहीं करुँगी. मुझपर तो भरोसा हे न ???

मेने अपना सर है में हिल्या अब तक हम सिर्फ आँखों से hi बाटे कर रहे थे. माधुरी ने धीरे धीरे आलिया की छूट के हिस्से पे हाथ फिरस्य और मुझे देखने लगी आलिया मचल रही थी और उसके सिसकारियों की आवाज नेरे कानो में पड़ी तो में अपनी संशो को कण्ट्रोल करने लगा माधुरी ने मेरा हाथ आलिया के पेट पे रख दिया में न चाहते भी वह हाथ घूमने लगा. माधुरी मुझे बहोत hi नशीली और नोट्टी स्माइल दे रही थी लेकिन गरम तो माधुरी भी हो चुकी थी सांसे तो माधुरी की भी तेज़ चलने लगी. और तेज़ सांसो की वजह से माधुरी के बूब्स भी अपने आप उप डाउन होने लगे.

माधुरी ने धीरे से आलिया की पंतय निचे खिसकना सुरु किया उफ्फ्फ्फ़ आलिया की फूली हुई छोटी सी बिना बालो वाली छूट जो काफी गीली हो चुकी थी. माधुरी ने उसपे अपना मुँह रख के चूमने लगी. में देखता hi रहा आलिया मछली की तरह तड़प रही थी वो कभी अपनी जीभ की नोक तो कभी अपने होठो से आलिया के छूट के ऊपर की चमड़ी तो कभी निचे वाली लिप्स को चाट लेती.

माधुरी ने अपना मुँह ऊपर उठाया और मेरी आँखों में देखा थोड़ा आगे मुँह लेजाकर मुझे लिप किश करने लगी मुझसे बरदास नहीं हुआ. माधुरी मुझे अपने सशो की खुशबु के साथ आलिया के योवसन का रास का स्वाद भी चखा रही थी. उसने मुझे छोड़ा तो अपने हाथो को मेरे गाल पे रखा और उंगलिया मेरी आंखे और गाल पे घूमने लगी. मेरे सर के बालो में उंगलिया घूमती. मेरी आंखे बंद हो गई.

माधुरी ने मेरे सर को हल्का सा दबाया में भी झुक गया. और मेरी लिप्स आलिया की गीली छूट के लिप्स से टकरा गई. में आंखे नहीं खोल पाया. अचानक मेरे सर पे किसी के दो हाथ मेरे बालो में महसूस हुए. मेने सर उठाया तो देखा वो हाथ आलिया के hi थे.

मेने देखा की माधुरी आलिया को लिप किश कर रही थी बड़ी सीडट के साथ और आलिया के दोनों बूब्स को दबा रही थी. में भी रुक नहीं पाया और आलिया की छूट पे टूट पड़ा में बहोत जोर जोर से आलिया की छूट को चाट रहा था आलिया लॉस लैसा पानी का स्वाद मेरे मुँह में घुलता hi गया. अचानक मेरे सर पे तीसरा हाथ भी महसूस हुआ. मेने साद उठाया तो देखा माधुरी मुझे नशीली स्माइल करे देख रही थी.

माधुरी ने मुझे फिर बिना बोले आँखों के हिसार से सवाल किया.

माधुरी ; केसा लगा अपने होने वाली तीसरी बीवी का स्वाद???

में जवाब नहीं दिया बस अपने सेक्स में दुबे फेस पे आँखों को पलके जबके के है कहा. अब मेरी जगह माधुरी ले चुकी थी में ऊपर खिसका और आलिया के फेस को देखने लगा. उआकी आंखे अब भी बंद थी में ज़ुका और उसके लिप्स को चुम लिया. सायद उसे ये एहसास हो चूका होगा अब उसकी दीदी नहीं उसके जीजू हे. आलिया ने भी अपने लिप्स को थोड़ा सा खोला मेरे लिए इतना काफी था.

मेने खुले लिप्स को अपने लिप्स से लॉक कर दिया. और आलिया की सशो के रस्ते उसके सीने तक उतर गया. हलाकि ये सच हे की वो भी मेरे सीने तक उतर चुकी थी. में आलिया के दोनों बूब्स को गोल गोल घुमा कर जोर जोर से निचोड़ रहा था. आलिया ने अपने दोनों हाथो से मुझे जकड कर बहो में ले लिया. आलिया का सबर ख़तम हो चूका था वो अपनी पिचकारी माधुरी के फेस पे छोड़ चुकी थी.

माधुरी को ये पता चला की आलिया का हो गया तो उसने अपना सर उठाया और मुझे देखा हम अब भी किश कर रहे थे. माधुरी ने मेरे सर पे हाथ फिराया में भी पलट कर द्ख.

माधुरी ; आलिया के रूम में चले.

में ; हम्म्म.

माधुरी और हम बहार ड्रॉइंग रूम में आ कर सोफे पर बेथ गए वैसे हम जाना तो आलिया के रूम में चाहते थे लेकिन में कुछ माधुरी से बात करना चाहता था.
 
में माधुरी का हाथ पकड़ कर उसे बहार सोफे पर बिठा दिया. और हम दोनों एक दूसरे को देखने लगे इस बार बाटे करने के लिए निगाहो की जगह जुबा ले चुकी थी.

माधुरी ; पहले कुछ करो प्लीज में तुम्हे अपने अंदर महसूस करना चाहती हु.

में ; रुको मधु मेरी बात सुनो.

माधुरी ; कहो लेकिन पहले मुझे अपनी बहो में ले लो.

मुझे माधुरी की बातो से हसी आ गई वैसे है वो भी रही थी.

मेने माधुरी को अपनी गॉड में बिठा लिया माधुरी की पीठ मेरे सीने से चिप्सक गई मेने बोलै ान ठीक हे.

माधुरी ; मेरे डिल पे आपका हाथ हो तो ज्यादा मजा ासेगा.

में ; मुझे पता नहीं था आलिया hi नहीं तुम भी छोटी बच्ची हो.

माधुरी ; हम्म्म जब पति इतना प्यार करे तो कोई भी छोटी बची बन ने को तैयार हो जाए.

माधुरी की प्यारी बाटे सुन के मुझे भी माधुरी पर प्यार आने लगा. मेने माधुरी की कमर में और बूब्स पर एक एक हाथ रख दिया. और कमर को मसलना और बूब्स को दबाना चालू कर दिया.

में ; मधु हम ठीक नहीं कर रहे आलिया के साथ.

माधुरी ; मुज पे भरोसा रखो वो हमारी hi हे.

में ; लेकिन वो न समाज हे. कल को जब वो ज्यादा समझदार हो जाएगी तब उसे ऐसा न लगे की हमने उसके बचपने का फायदा उठाया.

माधुरी ; तभी तो मेने उसकी पढाई तक रोका हे. और अब वो हमारी जिम्मेदारी भी तो हे उसका कोण हे अब हमारे शिव.

में ; मन में भी उस से उतना प्यार करता हु जितना तुम करती हो. और विश्वास भी हे की वो भी करती hi होगी.

माधुरी ; आप ने कभी शेरो की लाइफ स्टाइल पढ़ी हे किताबो में एक शेर कई मादाओं के साथ अकेला रहता हे. उन्हें खुश भी करता हे. शेरनी का काम सीकर करना अपने शेर की सुरक्षा के लिए घेरा बना न और शेर को प्यार कर के खुश रखना होता हे.

और आलिया हमारी तीसरी शेरनी होगी.

में ; हम्म इन्शान हे मधु जानवर नहीं.

माधुरी ; फिर तो तुम्हे सतरंग के खेल के बारे में भी तो पुराणी जानकारी हे. तुम तो कॉलेज में किसी को नहीं जितने देते थे मेरे पढ़ाकू बॉयफ्रेंड.

में ; तुम्हे अब भी याद हे.

माधुरी ; है क्यों नहीं तुम्हारी कमजोरी तुम्हारी खुबिया तुम्हारी ताकत जो तुम खुद में महसूस नहीं करते वो भी

और जो तुम में बाद में उभर के आई टसकत भी. तुम राजा हो शेर हो जो किसी से नहीं हर सकता.

में ; वह.

माधुरी ; शतरंज के खेल में राजा ज्यादा हिलता नहीं और हिलता भी हे जब उसे चेक कोई दे वो भी सिर्फ एक स्टेप.

साडी लड़ी तो उसका वजीर लड़ता हे और उसके शिप सलाद सिपाही ,उत् ,हठी ,घोडा.

में तुम्हारी वस्जिर हु और में तुमपे कभी नहीं चेक आने दूंगी.

में ; अरे बाबा मेरी पुलिस वाली बीवी हमें खतरा हे किस से.

माधुरी ; खतरा तो बहोत हे लेकिन में तुम तक आने नहीं दे रही. जब तक इस डिल में धड़कन हे तुम्हे कुछ नहीं होगा.

में ; क्या तुम मुझे कोई खतरे से सावधान कर रही हो??????

माधुरी ; नहीं में तुम्हे बिंदास जिंदगी जीने को कह रही हु.

में माधुरी की हर बात को सुनता था माधुरी पर पूरा भरोसा करता था मुझे उसकी बातो से ये एहसास तो हो गया खतरा तो कुछ हे जो माधुरी मुझे बता नहीं रही और वो उस खतरे का सामना कर भी रही हे.

माधुरी एक बहादुर औरत हे ये में जनता था. लेकिन में भी उसकी लड़ी में हिस्सा लेना चाहता हु.

माधुरी ; कहा खो गए मेरे राजा जी आओ अब प्यार करे.

माधुरी की बाटे मुझपे जादू कर रही थी.

में ; आओ मेरी रानी मेरी शेरनी आओ प्यार करे.

में माधुरी को किश करने लगा वो भी मेरे सीने पर जोर जोर से अपने हाथो को रगड़ रही थी.

में ; अंदर नहीं चलना.

माधुरी ; तुमसे तो में खुले रोड पे भी छुड़वा लुंगी.

हम दोनों जोर जोर से हसने लगे
 
माधुरी अपने पति के आगोश में खो चुकी थी उसे बार बार डिल में एक दर था की जो लड़ाई स्टार्ट हुई उसे पूरा भी करना हे. उसे पता था उसकी पुराणी जिंदगी के दुश्मन भी इस लड़ाई में शामिल हे. लेकिन इस वक्त वो सब भूल कर सिर्फ और सिर्फ अपने पति को महसूस करना चाहती थी.

में और माधुरी काफी गरम हो चुके थे माधुरी मेरी गॉड में उछाल उछाल कर मुझे अंदर तक महसूस कर रही थी. उसकी टंगे मेरी कमर में जकड़ी हुई थी . उछलने से माधुरी के बूब्स मेरे सीने से घिस रहे थे. वो मेरी गॉड में थी.

माधुरी. ; उफ्फ्फ्फ़ ससससस ी लोउवववीए ीूऊऊऊ. जांणणउऊउउउउ.....

में ; अह्ह्ह लव यौऊ 2222222.

माधुरी आज बहोत जल्दी चरम सिमा पे पहोच गई. ोे वो मेरे कंदो पे लटक गई जिस से अंदर चिकनहाट और फेल गई. मेरी स्पीड तेज़ हो गई वो मेरे सर के बालो से खेलने लगी और मेरी भी पिचकारी छूट गई. हम दो कई देर तक एक दूसरे को बहो में लेकर बैठे रहे वो मेरी गॉड में hi थी . मेने उसे पलटा और माधुरी की छूट को बुरी तरीके से चैट्स. और फिर हमारी किश. हम कई देर बैठे रहे फिर बहो में बहे डेल अंदर रूम में गए आलिया सो चुकी थी .

हम भी सो गए आलिया बिच में hi थी

कुछ वक्त बाद.

तक़रीबन 1 बज मेरी नींद खुली आलिया पूरी तरह से मुझे जकड के सो रही थी. मेने उसे थोड़ा दूर करने की कोसिस की तो आलिया की थोड़ी नींद टूटी उसने गैरी नींद में मुझे एक बार देखा और फिर वापिस आँखे बंद कर ली जितना पहले वो मुझे जकड के सो रही थी उस से ज्यादा मुझे जकड़ के सो गई में हिल भी नहीं प् रहा था. आलिया के बूब्स मेरे साइन से चिपके हुए थे वो मेरे कंधे को तकिया बना कर सो रही थी उसकी जंगे मेरे लैंड पे थी और एक तंग मेरे ऊपर थी.

मेरी नजर वह गई जहा माधुरी सोइ हुई थी वो बिस्तर में नहीं थी मुझे मालूम था वो कहा गई हे लेकिन आलिया मुझे हिलने तक नहीं दे रही थी. मेने आलिया को बोलै उसके कण में

में ; आलिया बीटा आलिया मुझे टॉइलट जाना हे छोडो बीटा.

आलिया नींद में मुँह सुकोडते बोली.

आलिया ; नहीं.

में ; बीटा टॉयलेट तो जाने दो.

आलिया ने मुझे छोड़ा में उठ कर अपनी वही जगह जहा से माधुरी पर नाजाओर रखता था वही पहोचा.

माधुरी ने देखा उसका पति और आलिया गहरी नींद में सो चुके हे माधुरी उठी और रफीक की दुकान की तरफ चल दी रफीक भी जग रहा था वो माधुरी का इंतजार कर रहा था. लेकिन आज उसे माधुरी से दर लगने लगा था. माधुरी दुकान के अंदर दाखिल हुई फिर धीरे धीरे वो अगले रूम में जहा वो अपना खेल खेलती थी वह पहोची.

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माधुरी आज बहोत hi खतरनाक खेल खेल रही थी आज वो अपना नया रूप दिखने वाली थी जो सायद रफीक के जीवन में भूचाल लेन वाला था.

माधुरी ; लो आ गई आप की रंडी करलो आअज मुझे अपने निचे.

रफीक सोच चूका था आज वो उसे हराएगा आज उसके बस में नहीं उसे अपने वस् में करेगा.

रफीक ; आ गई मेरी रैंड साली कुटिया उतर अपनी साड़ी उतर

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रफीक की बात सुनकर माधुरी हस्ती हे और अपना पल्लू में एक ऊँगली दाल के निचे गिरती हे. जैसे hi पल्लू गिरता हे छोटे से ग्रीन ब्लाउज में माधुरी के 34 साइज के बूब्स जो आधे नंगे थे दिखाई देने लगते हे. रफीक के मुँह में पानी आने लगा.

रफीक ; रुक रुक साली रैंड आज तू मेरे लिए मुजरा करेगी. नाच साली. आज तुजे नाचते हुए नंगा करूँगा.

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माधुरी रफीक के कहने पर डांस करने मागि फरिक ने मोबाईल पर गाने बजाना सुरु कर दिया. माधुरी के लटके झटके देख कर रफीक की लार टपक गई वो खड़ा हुआ और लपक के पकड़ लिया. माधुरी भी जूठा नाजुक होने का ढोंग करते हुए सिसकसरिया लेने लगी.

माधुरी ; ुइ माँ अह्ह्ह्ह ससससस रफीक जी आहिस्ता ससससस उफ्फ्फफ्फ्फ़.

माधुरी की सिसकारियों से hi रफीक बुरी तरश से गरम हो जाता हे वो माधुरी को जपत के किश करने लगा माधुरी के गोर गोर गाल पे जीभ फेरने लगा रैफ़िक का थूक माधुरी के गलो को गन्दा कर दिया लेकिन वो पीछे नहीं हटी. माधुरी में जैसे hi रफीक की लुंगी में हाथ डाला रफीक की पिचकारी छूट गई और रफीक फिर घबरा गया. आज वो माधुरी को हराना चाहता था लेकिन आज माधुरी फिर जित गई.

आज रफीक को नपुंसक होने का एहसास होने लगा.

माधुरी ; क्या हुआ.

माधुरी ; अरे कुछ तो बोलो.

रफीक ; वो अब मम मम मेरा हो गया.

माधुरी ; छूट गया???

इतनी जल्दी ???

माधुरी ; हरमजादे भड़वे नामर्द चल बेथ निचे चल सेल

माधुरी जोर से छीलते उसे गन्दी गन्दी गालिया देने लगी.

माधुरी ; सेल में तेरी रैंड बनु में तेरी रकेल बनु तुजमे डैम तो हे नहीं.

माधुरी ने एक जोर से रफीक को छठा मारा.

माधुरी ; भड़वे सेल नीच कुत्ते. भोक सेल नहीं तो जान से मर दूंगी.

माधुरी का ये रूप देख के रफीक सच में घबरा गया.

माधुरी ; भोक भेनचोद मदर छोड़ भोक.

रफीक ; भौ भौ भौ.

माधुरी ; ऐसेही सेल आज से तू मेरा कुत्ता हे समझा आज से में बोलूंगी तू वही करेगा. समझा.

रफीक चुप रहा वो कुछ भी बोल नहीं पाया. आज 65 साल के बुद्धा जिसे अपने लैंड पर गुरुर था. जिसे अपनी मर्दानगी पर गुरुर था वो उस हसीना के जोस के आगे हर गया. अब वो उसका कुत्ता बन चूका था.

माधुरी ने रफीक के मुँह पर एक लत मरी.

माधुरी ; मेरे पैसे कहा he.kaha हे पैसे.

रफीक ने एक बैग में रखे पैसे बैग समेत माधुरी को दिए वो सर ऊपर भी नहीं उठा रहा था. माधुरी भी जैसे बहोत गुस्सा आ रहा हो वैसे नाटक कर रही थी.

माधुरी ; कितने हे. सेल भड़वे तुजसे पूछ रही हु बोल सेल तेरे मुँह में गु भर दूंगी बोल कितने पैसे हे.

रफीक ; ( सर निचे कर के रट हुए ) जी 50 लाख.

माधुरी चेन खोल के देखती हे.

माधुरी ; अब मेरी प्यास कोण भुजाएगा सेल अपने मुँह से काबुल कर.

माधुरी ; बोल मैडम में नामर्द हु.

रफीक ; मैदान में में.

माधुरी ने रफीक को एक लत मरी रफीक फिर गिर गया..

माधुरी ; बोल सेल नहीं तो जान से मर डालूंगी .

माधुरी ; बोल मेडम में नामर्द हु. में आप की प्यास नहीं भुजा सकता. आप अपने पति से hi रोज छुड़वाओ और हो सके तो अपने पति से मेरी भी गांड मरवा दो. में आप का कुत्ता हु. और आप का गुलाम हु . आप जो बोलोगे में वैसा hi करूँगा. अपने कुत्ते को सेवा का मौका दे.

रफीक ;( रट रट मुँह में से लार टपक गई ) है है है.

माधुरी ; क्या है bol.nahi तो तेरी गांड में गरम सरिया दाल दूंगी बोल सेल. ( जोर से चिल्लाते हुए )

माधुरी को बिलकुल गुस्सा नहीं आ रहा था उसे बहोत मजा आ रहा था.

रफीक ; ( रट रट ) आआ है में नामर्द हु.

माधुरी ; और ( हसी )

रफीक ; में में आप की प्यास नहीं भू भू भुजा सकता यह.

माधुरी ; आगे.

रफीक ; आप आ आ अपने पति से hi छुड़वाओ.

माधुरी ; आगे भी बोलेगा मदर छोड़.

रफीक ; आप के पति से.

माधुरी ; पति से क्या.

रफीक ; अपने पति से मेरी भी गांड.

माधुरी ;( जोर से हसी) ः है है. बस बस उनका टेस्ट इतना गन्दा नहीं लेकिन किसी और से तेरी गांड पक्का मरवाउंगी.

माधुरी ; अब और भी बोलेगा.

रफीक ; में आप का कुत्ता हु.

माधुरी ; है भड़वे नामर्द तू लायक hi इसी के हे.

रफीक ; में आप की सेवा करूँगा.

माधुरी ; है मर्डर छोड़ तुजे सेवा करवाउंगी जरूर. चल अपने कपडे उतर.

रफीक रट रट अपने कपडे उतरने लगा रफीक का रोने से थूक तक टपकने लगा वो अपने आप को लचर महसूस कर रहा था. माधुरी घर में कुछ धुंध ने लगी उसने घर में 1 राशि मिली और 1 डंडा मोटा सा मिला ले कर आई. रफीक देख के दर के मरे कपङे लगा.

माधुरी ; --------------------

में जैसे hi दुकान से अगले कमरे में पहोचा मेने देखा तो में हक्का बक्का hi रहे गया. रफीक नंगा कुत्ते के जैसे जमीं पे शामे डौगी स्टाइल में बैठा हुआ था वो रो रहा था वो पूरा नंगा था. मुझे किसी के चलने की आहात आई में छुप गया देखा तो माधुरी आ रही थी उसने कपडे पहने हुए थे. माधुरी के हाथ में एक डंडा और एक रस्सी थी. माधुरी ने वो रस्सी को रफीक के गले में बंधा और उसे कुत्तो जैसा ट्रीट कर रही थी.

माधुरी ; पूछ पूछ कुत्ते चल टौमी तू मेरा टौमी हे चल चल.

में ये क्या देख रहा था जो रफीक माधुरी को अपनी रैंड रखेल जैसी गालिया दे रहा था आज वो कुत्ता. माइन कुछ समाज नहीं आया माधुरी ने डंडा जोर से रफीक के हिप्स पे मारा रफीक रोने लगा उसके रोने की आवाज मुझे सुनाई दे रही थी.

माधुरी ; कुत्ते टौमी मेने तुजे चलने को कहा न चल अब.

रफीक कुत्तो के जैसे रट रट चल रहा था. माधुरी उसके गले की डोरी को हाथ में लेकर चल रही थी जैसे अपने कोई रियल डौगी को लेकर पार्क में घूम रही हो.

माधुरी ; तूने आज खाना बनाया.

रफीक ; है

माधुरी ; कुछ बचा हे ??

रफीक ; 2 रोटी बची हे.

माधुरी फॉर पीछे जा कर रोटी ले आई.

माधुरी ; चल अब 2 टैंगो पे कुत्ता जेस दम हिलता हे वैसे भीख मांग. जीभ निकल के नाच.

रफीक बिलकुल वैसा hi कर रहा था. माधुरी ने एक रोटी उसके सामने फेकि. रफीक समाज गया सायद उसे क्या करना हे.

माधुरी ; देख बिलकुल कुत्तो की स्टाइल में खाना हे. समझा नहीं तो मुझे अपने डौगी को मरना पड़ेगा.

रफीक रट रट अपनी जीभ निकल कर नाचने लगा. और जमीं पर पड़ी रोटी मुँह से उठा कर खाने लगा.

(((माधुरी ये देख के बहोत खुश हुई आज उसने एक दुश्मन को कुत्ता बना दिया जिसे उसका पति भी देख रहा था. सेक्स और माइंड गेम की खिलाडी माधुरी जिसे रफीक समाज न सका. जहा वो माधुरी को फ़साने गया था वो माधुरी से hi फास गया. माधुरी ने भी वक्त पे चारा डाला अपने हुस्न का वो चारा खता गया और माधुरी के पंजो में फास्ट गया. माधुरी वो शेरनी थी पहले अपने सीकर से खेलती बाद में पूरा खून चूस लेती )))

मेने ऐसा पहले कभी नहीं देखा था मेरे लिए तो ये सब भी गलत hi था में वह से चले गया और सीढ़ियों ोे बेथ कर सोचने लगा सायद खेल कुछ और हे.

माधुरी जब अपने नए कुत्ते के साथ खेल रही थी उसे अपने पति के अंशु याद आ रहे थे कैसे रफीक की बातो से उसके पति का डिल दुख और वो आँखों में अंशु ले कर वह से गया था उसका बदला पूरा तो नहीं हुआ लेकिन सरुआत तो हो चुकी थी.

रफीक के मोबाईल पे कॉल आया माधुरी ने उसे स्पीकर पे कर के बात करने दिया.

रफीक ; हठेलो.

दुल्हन ; में दुल्हन शादी का जोड़ा कुछ याद आया. आतिश बजी का सामान 5 करोडे दिए हे काम नहीं हो पाए तो आ जाओ अपने मुल्क वह रहकर वक्त जयार न करे.

माधुरी को समझने में देर नहीं लगी.

माधुरी ; क्या आप अपना काम किसी और से नहीं करवा सकते.

2 मिनिट चुप्पी छै.

दुल्हन ; आप कोण.

माधुरी ; में इंस्पेक्टर माधुरी.

दुल्हन ; ओह तो ये न मुराद पकडे गया.

माधुरी ; आप का काम में कर दूंगी आप का बाँदा मेरा कुत्ता बन चूका हे पालतू वाला.

माधुरी ; जो कीमत आप ने इसे तय की उसे वो सोडा मुझसे कर ले आप का काम हो जाएगा.

दुल्हन ; तो 5 करोडे आप के.

माधुरी ; सुक्रिया मुझे पूरी डिटेल इस कुत्ते के no पे भेज दे और भसरौसा रखे आप मायूस नहीं होगी.

दुल्हन; बहोत खूब वैसे मन न पड़ेगा आप को इतने खतरनाक आतंक वादी को आपने कुत्ता बना दिया.

माधुरी ; 50 लाख आप का नजराना समाज के ले जा रही हु बाकि कल बात कर hi लेंगे.

दुल्हन ; परसो वक्त आप अपने कुत्ते से पूछ लेना.

फोन काट हो जाता हे माधुरी रफीक के सर पे प्यार से हाथ फेरती हे
 
माधुरी ने अब रफीक से उसकी डील भी छीन ली थी. रफीक को लग रहा था न hi वो माधुरी को प् सकता हे और न hi अपनी वो जगह जहा पहले था.

लेकिन माधुरी को पता था रफीक अब भी काम का हे. माधुरी निचे रफीक के पास बैठी. और रफीक का फेस को प्यार से छुआ. रफीक के सर को अपनी गॉड में लेकर उसे सहलाने लगी.

माधुरी ; तुम्हे क्या लगता हे में तुम्हे प्यार नहीं करती लेकिन मुझे गुस्सा मत दिलाया करो में अब तुम्हारी रंडी नहीं हु. लेकिन तुम मेरे कुत्ते तो हो.

माधुरी ; हो के नहीं बोलो ( बड़े प्यार से रफीक के आंसू पोछे और पुचकारते हुए).

रफीक ने है में सर हिलाया. वो अब भी रोए जा रहा था.

माधुरी ; गुड देखो में अब भी तुम्हे खोना नहीं चाहती तुम अब भी मुझे प्यारे लगते हो में अब भी तुमसे प्यार करती हु. लेकिन तुम्हे मेरे साथ पालतू और वफादार कुत्ता बन के रहना पड़ेगा बोलो मंजूर हे..

रफीक कुछ नहीं बोलता चुप रहकर सर निचा रखकर माधुरी की बाटे सुनता हे.

माधुरी ; देखो तुम्हे सब मिलेगा मेरा प्यार चुदाई मजा पैसा लेकिन अब तुम मेरे हिसार पर hi रहोगे. में सारा पैसा लेकर दुबई चले जाउंगी. तुम भी मेरे साथ चलोगे तो मजा आएगा.

बनोगे तुम मेरे पालतू कुत्ते बोलो.

रफीक को जो चाहिए था वो मिल रहा था वो है देता हे और अपना सर है में हिलता हे. उसकी है से माधुरी भी खुश हो जाती हे.

माधुरी ; गुड अब मेरे कपडे उतरो चलो.

रफीक धीरे धीरे माधुरी की साड़ी उतरने लगा फिर हस्ते हुए माधुरी के ब्लाउज के हुक खोलने लगा उसकी नजर माधुरी पे गई तो दोनों मुस्कुराए माधुरी प्यार से रफीक के सर पे हाथ फेरती हे. जैसे रफीक छोटा बचा हो. रफीक ब्लाउज के सरे हुक खोल देता हे.

माधुरी अपना ब्लाउज खुद hi खोल देती हे. और रफीक के हाथो में दे देती हे. रफीक को भी अब कुत्ता बन ने में मज़ा आने लगा.

ये माधुरी का माइंड गेम था ऐसा नहीं था की उसके लिए रफीक के सेक्स की जरुरत थी रफीक को तो सेक्स की लालच दे कर अपना काम निकलवाना चाहती थी. माधुरी का सिर्फ रूप रंग hi नहीं उसकी सुंदरता hi नहीं उसका सेक्स एडिशन भी उसकी ताकत थी वो किसी को भी अपने वस् में कर सकती थी.

माधुरी ; अपनी मालकिन के कपडे इज़त से रखो.

वो पास में पड़े टेबल पे साड़ी और ब्लाउज को रखता हे.

माधुरी ; रुको.

रफीक उसका साया घाघरा खोलने वाला होता हे पर अपनी मालकिन का हुकम पते रुक जाता हे. माधुरी रफीक के करीब आती हे और रफीक का फेस पकड़ के एक मिट्ठी किश करने लग जाती हे.

रफीक भी माधुरी की मिट्ठी किश का पूरा मजा लेता हे रफीक सिर्फ चुप चाप अपना मुँह खोले खड़ा रहा किश तो माधुरी कर रही थी लेकिन ज्यादा एक्साइट तो रफीक हो रहा था.

माधुरी ; मजा आ रहा हे हम्म्म चलो अब मेरी गांड छतो. देखो जितना अच्छा चाटोगे में खुश हुई तो तुम्हे इनाम दूंगी.

माधुरी ; दिवार का सहारा लेकर बेंड हो जाती हे. और पीछे देखती हे हस्ते हुई.

रफीक माधुरी के पीछे आ कर घटना के बल बैठ जाता हे. अपनी लम्बी जीब की नोक से माधुरी की गांड की दरार को कुरेदने लगा.

माधुरी ; अहहहससस सबस और अच्छे से उफ्फ्फ्फ़ सबस मेरे टौमी है

रफीक अपनी मालकिन की दोनों हिप्स को थोड़ा खोल के गांड के छेड़ को जीभ की नोक से कुरेदने लगा.

माधुरी ; अह्ह्ह ससस मेरे कुत्ते बने हो तो कुत्ते जैसी बाटे भी करो मुझे अच्छा लगेगा.

रफीक ; ( स्माइल ). मालकिन आप की गांड से बहोत अच्छी खुशबु आ रही हे. और छेड़ा भी मस्त गुलाबी हे . क्या में रोज इसे चाट सकता हु.

माधुरी ने जो देव फेका उसमे वो कामयाब रही रफीक के दिमाग में वो हावी होने लगी. धीरे धीरे रफीक खुसी से कुत्ता बन रहा था.

माधुरी ; क्या सच में मेरे टौमी को मेरी गांड इतनी पसंद हे तो चाट ले.

रफीक माधुरी की बाटे सुन के जोसमे जोर जोर से माधुरी की गांड चूसने और चाटने लगा.

माधुरी ; यह स शाबाश और जोर से छतो खुश करो अपनी मालकिन को.

रफीक बहोत अच्छी तरह से माधुरी का पिछवाड़ा चाट ता रहा.

माधुरी ने अपने दोनों हाथ पीछे ले जा कर रफीक के सर को पकड़ा और अपने अंदर की तरफ दबाने लगी. हाथ पीछे ले जाने से माधुरी हेलीकॉप्टर जैसी अवस्ता में कड़ी हो गई माधुरी के हाथ पीछे जाने से माधुरी के तने हुए बूब्स बहार को लटकने लगे. रफीक का सर माधुरी के हाथो के दबाव से माधुरी की गांड की दरारों में धसने लगा.

माधुरी ; कुत्ते अब दाल जल्दी से अपना.

रफीक ; जज जी मालकिन.

रफीक ने माधुरी की कमर पकड़ी और छेड़ में टोपा सेट किया. माधुरी की गांड का छेड़ रफीक की लार और थूक से चिकना हो रखा था.

माधुरी ; मदर छोड़ जोर से डाला तो तेरे ाँद काट लुंगी.

रफीक ने धीरे धीरे दबाव बनाया और पूरा लैंड गांड की गहराई तक उतर दिया. जिस से माधुरी पूरी मदहोश हो गई.

माधुरी ; आह्ह्ह्हह सससस... सबस्सस. भादवी.

रफीक माधुरी की गोरी पतली कमर पकड़ के आगे पीछे होने लगा. माधुरी की गोरी गोरी मुलायम लिप्स रफीक के जातको से ढोलक की तरह कप रही थी. हर कम्पन से हिप्स जोर जोर से हिल रहे थे.

माधुरी ; जोर से ( छीलते हुए ) आठ.

रफीक भी पूरा जोर लगा रहा था माधुरी आनंद के सातवे आसमान में पहोच चुकी थी. कुछ पालो बाद अंत आया और रफीक की ढेर साडी पिचकारी माधुरी के पिछवाड़े के अंदर गहराइयों में छूट गई. रफीक जस्मिन पर गिरा. उसे एहसास घुसा जो सेक्स उसने लोदिया को पता कर किया उस से कई ज्यादा माधुरी का गुलाम कुत्ता बन ने में आया.

माधुरी ; मदर छोड़ बेथ कहा गया अपनी जीभ फिर चाट इसे साफ कर.

रफीक फिर घुटनो पर बेथ कर चाटने लगा. जब रफीक अपनी जीभ के नोक माधुरी के छेड़े में फिरता घूमता वो माधुरी को बहोत मजा दे रहा था रफीक पूरा डिल लगा कर चाट ता रहा . पूरी गांड चाट के साफ की जंगो और पुरे पाव को तक उसने चाट के साफ किया.

उधर तपन माधुरी का पति सीढ़ियों से खड़ा हो कर जैसे अपने रूम में गया सामने नजारा देखा तो उसकी आँखे फटी की फटी रहे गई.

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जैसे hi में सीढ़ियों से उठा में सोचते सोचते अपने कमरे की तरफ बढ़ रहा था. क्यों वो गन्दा बुद्धा रो रहा हे माधुरी के सामने गीध गिड़ा रहा हे माधुरी उसे डंडे से पिट रही हे. और गले में रस्सी भी बंधी हे. 2 बज चुके थे में जेस रूम में घुसा बीएड पर सामने आलिया सो रही थी जेस वो सो रही थी जिस हालत में थी में देखा तो स्तब्ध रहे गया मेरे सरीर में चीटिया रंग ने लगी

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में उसे इस हकात में देख के दोबारा पागल हो गया अब मेरा भी बचना मुश्किल था. में आलिया के पास गया आलिया की नंगी पीठ पर हाथ फिराया धीरे धीरे मेरा हाथ निचे की तरफ जाने लगा. आलिया के छोटी छोटी हिप्स और हिप्स की दरार. आलिया की हिप्स बहोत टाइट थी. उसकी हिप्स में मीट काम था लेकिन फिर भी देख के मेरा लैंड टाइट हो गया में हाथ को थोड़ा गहराई में ले गया आलिया की छोटी सी छूट बहोत hi गीली थी. में जनता था में अपने आप को रोक नहीं पाउँगा . में वह से जान बच कर चले गया.

बहार जा कर में सोफे पर बेथ गया. मेने सामने टेबल पे पाव लम्बे किये और थोड़ा पीछे को खिसक कर सोने की कोसिस करने लगा लेकिन नींद का नमो निशान नहीं था मेरी आंखे बंद थी अचानक कोई हाथ मुझे जंगो पर महसूस हुआ.

आलिया ; ( धीमी आवाज जैसे सांसो की हवा से बोली ). जीजू आप क्यों नहीं आए अंदर. लो में कूद बहार आ गई.

में कुछ नहीं बोलै बस आलिया को देखते रहा प्यारा मासूम और खुबशुरत फेस. छोटे से 32 साइज के बूब्स पतली कमर और 32 की हिप्स बहोत hi सुन्दर लग रही थी वो मेरे जंगो पे ंसंगी hi बैठी उसने मेरे लैंड को पाजामे से बहार निकला में रोक नहीं पाया वो नशीली आँखों से मुझे hi देख रही थी उसने मेरे लैंड को आगे पीछे करना सुरु कर दिया बिलकुल धीरे से.

आलिया मुझे देखते देखते hi अपनी जीभ बहार निकली मेरे टोपे की नोक को जीभ से कुरेदने लगी मेरी आंखे बंद हो गई वो मेरा लैंड पूरा निगल गई कभी वो पूरा निगल कर चुस्ती कभी अपने प्यारे से पतले होतो के बिच मेरा टोपे को मसलती.. में लैंड पे आलिया की मुँह की गर्मी और गीलापन महसूस करता रहा. वो बिलकुल प्यार से मेरे लैंड को बहोत देर तक प्यार करती रही.

काफी वक्त हो गया में बर्दाश नहीं कर पाया मेरा लावा आलिया के मुँह में छूट गया. मेरी आंखे नहीं खुली वो सब पि गई. कुछ देर बाद वो बोली.

आलिया ; जीजू अब चलो आप को नींद आ जाएगी.

हम दोनों उठे बीएड पर चले गए में सीधा लेता आलिया मेरे ऊपर पेट के बल मेरी चेस्ट ोे सर रख कर सो गई आज आलिया ने माधुरी की कमी पूरी की लेकिन मेने उसकी प्यास नहीं भुजाइ.
 
उधर माधुरी पीठ में बल रफीक के बीएड पे लेती हुई थी बिलकुल रानी की तरह पूरी नंगी. माधुरी के एक पाव का अंगूठा रफीक के मुँह में था माधुरी अपने दूसरे पाव से रफीक के लैंड पे फिरती और एंग्लिया से भीचती. माधुरी को बहोत मजा आ रहा हे.

माधुरी ; टौमी !!!! अब तुम उनके किसी काम के रहे नहीं वो लोग तुम्हे रस्ते से हटा देंगे तुम लाहौर भी पहोच गए तो भी वो वह तुम्हे मर देंगे क्यों की यहाँ तुम कई जगह ोे रिकॉर्ड हो चुके हो.

रफीक ; है मालकिन आप मुझे अपने साथ दुबई ले चलो में आपकी सेवा करता रहूँगा.

माधुरी कुश हो जाती हे. और दूसरा पाव उसकी छाती पर रख देती हे.

माधुरी ; अभी भी बोलती हु मेरे वफादार बन जाओ में सब से तुम्हे बचा लुंगी. ईएसएस करोगे जिंदगी भर वो भी मेरे साथ तुम और में.

रफीक ; मालकिन आप जो बोलोगे में करंगा.

माधुरी ; तुम यहाँ कैसे आए ये बताओ इन लोगो का प्लान इन के कोड इनके पास हथियार कितने हे पैसे कितने हे सब बताओ. हमारे कितने लोग हे शामिल सब कुछ बताओ.

रफीक ; मालकिन हमें पैसे से मतलब हे इन लोगो से क्या करना हे अपना काम करते हे और चले जाएंगे यहाँ से.

माधुरी ; में बताउंगी क्या करना हे समझा.

सेल भड़वे जो बड़ा ब्लास्ट करने का प्लान बना रहे हे वो हमें धुंध hi लेंगे. मामला ुणो में तक जाएगा सरे साबुत तकसे जाएंगे.

हमें इनका प्लान सक्सेस होने से पहले भागना होगा समझा.

रफीक ; समझा मालकिन.

माधुरी ; हमारे हाथ और कुछ लग जाए 5 करोडे कितना चलेगा हमें और हाथ मरना होगा.

रफीक ; ठीक कहा मालकिन.

माधुरी ; अब मुँह खोल.

रफीक ; में तो लाहोरिया हु कराची ट्रक ले कर गया था. ट्रक में लड़किया थी हम लड़कियों को अरब में बेच दिया करते थे अच्छे घर की लड़किया किडनेप कर के. मेरा कोई आगे पीछे तो था नहीं. मुझे तो ये भी पता नहीं की में किसकी औलाद हु.

मुझे एक बाँदा मिला वो पैसे दिए 50 हजार और बोलै हमारे लिए काम करोगे मेने है कहा वो बोलै और भी मिलेगा में तैयार हो गया वो मुझे रावलपिंडी ले गया वह और लोग मिले मुझे ट्रेनिंग भी दी फिर मुझे सुमैया ले गए वह जो ग्रुप काम करता था उस ग्रुप के लोगो ने भी अपने लेदर को नहीं देखा था वो बस फोन पे बात करता था. आवाज उसकी कंप्यूटर वाली थी. उसे लोग मौलवी कहते थे. उसने मुझे चुना.

मुझे सोमालिया से मुझे शिप के कंटेनर में दाल के गोआ लाए. नजसने कितने दिन बिट गए कुछ पता नहीं चला वह एक लड़की का कॉल आया मेने उसे देखा नहीं हम कोड में hi बात करते. काम मुझे जिसने बताया वो सेक्स मुझे 5 करोडे किम्मत बताई मेरे काम की हमें इस शेर में बड़ा ब्लास्ट करना हे. इतना बड़ा की दुनिया हिल जाए.

माधुरी ; उस सेक्स की कोई फोटो या कोई जसनकारी.

रफीक ; है मालकिन उसकी उंगलिया आधी कटी हुई हे बै हाथ ( लेफ्ट हेंड ) की. और छाती पे गोलियों के 2 निश्सन हे.

माधुरी ; उसका नाम ??

रफीक ; कुछ नहीं मालकिन उसने बताया की मौलवी की बाटे आप को दुल्हन बस्ताएगी. और एक काज़ी भी हे जो यही का हे और मौलवी से निचे सारा काम वही करता हे.

माधुरी ; काज़ी का रियल नाम

रफीक ; शैतान सींग बहोत पैसे वाला हे. बहोत खरनाक.

माधुरी ने शैतान सींग का नाम सुना तो डिल में उसके भी दर पैदा हो गया माधुरी सायद पहले से उसे जानती थी और उसे वो सायद पहले हरा चूका होगा.

माधुरी ; कोड बताओ.

रफीक ; शादी का जोड़ा = धमाके की जगह कोई शादी में ब्लास्ट करना हे.

गुलकंद की बर्फी = आप मालकिन.

माधुरी को भी हसी आ गई.

आतिस बजी = धमाका.

बारात = यहाँ के विप जिन्हे धमाके में मरना हे.

माधुरी ; और कुछ हे.

रफीक ; में इतना hi जनता हु आप मुझे बचा लो में आप का कुत्ता बन के आप के पास hi रहूँगा.

माधुरी हस्ती हे.

माधुरी ; फ़िक्र मत करो तुम मेरे कुत्ते हो में अपने पालतू को कुछ नहीं होने दूंगी. तेरा ख्याल रखूंगी टौमी.

रफीक माधुरी की बातो का भरोसा करता हे.

माधुरी ; जाओ और रस्सी ले कर आओ 5 6 एक मोमबत्ती सिगरेट माचिस भी.

रफीक नंगा hi घर में सारा सामान ले आता हे. लेकिन फिर उसे दर लगने लगता हे.

माधुरी ; फ़िक्र मत कर पिटाई तो तेरी तब होगी जब तू मेरी बात नहीं मानेगा
 
माधुरी का डिल अब अपने कुत्ते से खेलने का होने लगा. वो अब शैतानी दिमाग से सोच रही थी उसका मकसद कनयाब हो चूका था लेकिन जालिमो से मिलने के लिए उसे अब भी रफीक की जरुरत थी.

माधुरी ; लेट जाओ. सीधे.

माधुरी ने सिगरेट जलाई और काश लेता हुए नंगी hi रूम में घूमने लगी वो सिगरेट को पीती उसकी सुराही डैड गर्दन सिगरेट के काश को खींचते बहोत hi सुन्दर लग रही थी सिगरेट आधी हुई की उसने सिगरेट रफीक के मुँह में लगा दी उसे 2 गए ेरे कास खिचवा काट सिगरेट फेक दी रफीक को चारो तरफ से बंद दिया चारो कोने के बीएड के कहते से 2 हाथ 2 पैर. वो सिर्फ ुवार निचे उठ सकता हे बस उतना hi.

माधुरी रफीक के ऊपर लेट गई उसके फेस को पकड़ के किश करती रफीक के होठो को बड़े प्यार से चूमती धीरे धीरे वो निचे खिसकी रफीक की गर्दन को चूमा फिर रफीक की छाती यो में काली छोटी से 2 निप्पल्स रफीक की आंखे बंद हो गई उसके सरीर ोे माधुरी पूरी नंगी छिपकली की तरह रेंग रही थी उसे चुम रही थी उसे चाट रही थी.

माधुरी रफीक के पेट को नाभि में जीभ से कुरेद रही थी चुम रही थी वो रफीक के काळा मोठे लम्बे लैंड को उंगलियों से उठती हे और प्यार से निगल जाती हे. रफीक छत पटाने लगा वो ये मजा बरदास नहीं कर प् रहा तहत. इतना जबरदस्त तरीके शी किसी में रफीक का लैंड नहीं चूसा था और न hi माधुरी ने भी उसे इस तरीके से किया था. ये तो वो इलाज था जो माधुरी में भी अब तक बचके रखा था. माधुरी तो खिलाडी थी.

अब माधुरी रफीक पे सवार हो जाती हे उसके लैंड को अंदर लेकर उप डाउन करने लगी. फिर पास में पड़ी माचिस और मोमबत्ती उठती हे ये देख के रफीक दर जाता हे माधुरी उसको डरा देख के हसने लगी वो मोमबत्ती जला के अपने हाथ को हवा में उठा देती हे और माचिस फेक देती हे.

माधुरी हवा में हाथ उठा कर जैसे कोई मशाल ले काट कोई नंगी लड़की घोड़े की सवारी कर रही हो वैसा लगता हे. वो माँ पिगलति हे और 2 बुँदे रफीक की छाती पर गिरती हे.

रफीक जोर से चिलता हे.

रफीक ; अअअअअ आस नहीं मालकिन नहीं.

माधुरी ; है है है. मेरे कुत्ते. है है है.

रफीक चिलता रहा और माधुरी हस्ती रही. रफीक को छाती पे गिरे माँ से दर्द हुआ तो ुकि कमर का हिस्सा 2 फिट ऊपर उठ गया जिस से माधुरी की छूट में बहोत जोर का झटका लगा. माधुरी यही तो चाहती थी. वो बार बार उसे ऐसे hi दर्द देती और दर्द वे आईटी थे जातको से अपनी छूट में मजा लेती. फिर वो माँ को भुजा कर फेक देती हे उसे किश करते हुए जोर जोर से कूदने लगी.

माधुरी ; कुत्ता बन न आसान होता तो कई बन जाते रफीक हर चूका था. वो अंदर hi ज़द गया माधुरी रफीक के मुँह पे बेथ गई पूरी छूट चटवा के साफ करवाई और उसे खोल के काने लगी वो सरे कपडे लेकर घर आई उसने देखा आलिया पूरी नंगी hi उसके पति शी चिपक कर सो रही हे वो भी दोनों शी चिपक जाती हे और 3 no hi सो जाते हे.
 
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