Meri Police wali Biwi - Page 9 - SexBaba
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Meri Police wali Biwi

डिम्पल अंदर आ चुकी थी. सरे मर्द उसे hi देख रहे थे. रत का अँधेरा था. घसीटा को पता था की आज डिम्पल के साथ उसे क्या करना हे. वो डिम्पल के सामने आ जाता हे. डिम्पल उसे देख के चौक जाती हे.

डिम्पल ; क्या तुम हो इन सब के पीछे???

घसीटा ; है मेडम जी क्या करे आप की जवानी को एक बार देखा हे फिर कैसे मौका छोड़ सकता हु.

डिम्पल ; ठीक हे देख लो चख लो . मगर फसाओगे तो नहीं.

घसीटा ; जब तक आप हमें नहीं फसाओगी तब तक हम भी आप को नहीं फसेंगे.

डिम्पल बहोत चालक थी. उसे पता था. वो उसे फसा सकता हे. वो पैसा फेकती हे.

डिम्पल ; पहले मुझे वो वीडियो दे दो.

घसीटा ; पागल समाज रखा हे क्या मेडम. आप फ़िक्र न करे वो हमारे पास सेफ रहेगा.

डिम्पल ; में कैसे मनु??

घसीटा ; आप की मर्जी हे. आप आई hi क्यों जब भरोसा नहीं था.

डिम्पल ; ठीक हे आ जाओ देख लो जो उस दिन देखा. मेरी जवानी चख लो मुझे.

घसीटा ; उस दिन तो मेने देखा तो आप ने मुझे पिट दिया था. आज तो नहीं पिताजी???

डिम्पल घसीटा के नज़दीक आ जाती हे. पेण्ट के ऊपर से hi उसका लैंड कास के पकड़ लेती हे.

डिम्पल ; आज तुम मुझे मरना वो भी इस डंडे से. (स्माइल सेक्सी).

डिम्पल अंदर आ कर अंगड़ाई लेती हे जिसे देख के सरे मर्दो का खड़ा हो जाता हे.

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डिम्पल ने अपने बूब्स को ढके सिर्फ वैसा गाउन पहना था. गले से पूरा खुला कंधो पे सिर्फ पतली सी डोरी बहोत जबरदस्त मेकउप किया था. गोरा गोरा चहेरा लाल मोठे होरथ. निचे पुरे पाव तक ढीला. वो निचे फ्लोर पर लेट जाती हे अपने हाथो की कोणी के बल.

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घसीटा उसे देखता हे और अपनी पेण्ट और शर्ट उतर देता हे वो सिर्फ अंडरवेर में आ जाता हे. डिम्पल उसे देखती हे स्माइल करते हुए. अचानक सूखा , पहलवान, और जांय भी अंदर आ जाते हे. डिम्पल घसीटा समेत 4 लोगो को देख के चौक जाती हे.

डिम्पल ; ये धोका हे.

घसीटा ; धोखा केसा मेडम हमने आप को कॉल करवाया तो ये नहीं बताया की हम कितने हे.

डिम्पल ; लेकिन 4 ,4 मर्द में एक साथ नहीं कर सकती.

घसीटा ; क्यों झूठ बोल रही हो मेडम आप. आप की जवानी को आप के किसी नौकर ने छोड़ा हे.

डिम्पल ;( स्माइल ) फिर आ जाओ दूर क्यों हो.

सरे मर्द अपने आप को नंगा कर चुके थे. सिर्फ घसीटा hi खड़ा स्माइल करते हुए उसे देखता हे. घसीटा वैसे तो ोर्टो को देख के लार टपका देता था. मगर इस वक्त उस घमंडी और लालची औरत को देख के उसे अपनी बजती याद आई. वो एक चेयर खींच कर बेथ जाता हे. सोफिया छुप कर अपने मोबाईल से सब सूत कर रही थी.

सूखा , पहलवान और जांय घुटनो के बल डिम्पल के इर्द गिर्द बेथ जाते he.Dimpal सब को देख के स्माइल करती हे. सब के लैंड को अपने दोनों हाथो से मसलने लगती हे. और अपने लिपस्टिक लगे लम होतो को उनके लैंड को चूसने लगी. कभी पहलवान तो कभी सूखा, तो कभी जांय. सब के लैंड लोहा बने हुए थे. वो एक का चुस्ती तो दूसरे दो का अपने दोनों हाथो में रखती.

डिम्पल ; लगता हे तुम सरे बूढ़े मर्द बहोत भूखे हो. वह अपने बॉस की बीवी को पेलना चाहते हो.

सूखा ; वो भी रगड़ कर.

सरे मर्द और डिम्पल हसने लगते हे. सूखा खड़ा होता हे और डिम्पल को भी हाथो से उठा देता हे. पहलवान डिमपाल के पीछे खड़ा हो जाता he.sukha आगे और जांय घुटनो के बल निचे छूट के पास. सरे मर्द हाथो से डिम्पल को मसलने लगे. डिम्पल को सेक्स का नशा चढ़ने लगा. वो अपनी आंखे बंद कर देती हे.

डिम्पा ; सससस अह्ह्ह्ह मुझे नंगा ताऊ करो ू.

सरे डिम्पल का गाउन ऊपर उठा ते हे. डिम्पल भी हाथ ऊपर कर के उनकी मदद करती हे. डिम्पल ब्रा और पंतय में आ जाती हे. पहलवान ब्रा के ऊपर से hi डिम्पल के बूब्स मसलने लगा. जांय डिंपल की पतली कमर जिसपे थोड़ी चर्बी थी. उसे पकड़ता हे. फिर पंतय में अपनी उंगलिया से निचे की तरफ खिसका देता हे. सूखा डिम्पल का मुँह खींचता हे और अपने लिप्स को डिम्पल के लिप्स में लॉक कर के चूसने लगा. पहलवान ब्रा के स्टॉप खोल कर डिम्पल के 36 साइज के बूब्स को आज़ाद कर देता हे. डिम्पल ब्रा टाइट पहनती थी. ब्रा से आज़ाद होते hi बूब्स झटके से उछाल कर लटक जाते हे.

डिम्पल पे 3 तरफ़ा हमला हो चूका था. बूब्स पे पहलवान पीछे खड़ा खुली गांड की दरारों में अपना लैंड रगड़ रहा था. निचे जांय डिम्पल की दोनों टैंगो के बिच अपनी गर्दन आश्मान की तरफ उठा कर छूट चाट रहा था. अपने दोनों हाथो से डिम्पल की कमर और नाभि को उंगलियों से रगड़ रहा था. सूखा डिम्पल के लाल लाल मोठे लिप्स को चूस चूस के डिम्पल का रास निचोड़ रहा था.

डिम्पल का बरदास करना मुश्किल था. वैसे डिम्पल कई मर्दो के निचे अपनी जवानी मसलवा चुकी थी. तब वो उसकी मर्जी से था. तब मर्दो को उसे खुश करना था. पर आज वो अपनी मर्जी से नहीं आई थी. और आज डिम्पल को उन्हें खुश करना था. ताकि वो सेफ रहे सके.

सूखा डिम्पल का हाथ पकड़ कर धीरे से खींचता हे. और जमीं पे पीठ के बल लेट जाता हे. डिम्पल को अपनी बहो में लेकर. डिम्पल की छूट गीली थी. डिम्पल सूखा की बहो में आते hi सूखा के लैंड को अपने हाथो से पकड़ती हे और अपने छूट के छेड़े से सताती हे. पहलवान डिम्पल का पिछवाड़ा नहीं छोड़ना चाहता था. डिम्पल की दो टैंगो के बिच में आ कर थोड़ा ज़ुकता हे. अपना लैंड डिम्पल की गांड के छेड़ से सताता हे. और डिम्पल की कमर को अपने हाथो के पंजो से फिट जकड लेता हे. जांय खड़ा होता हे और डिम्पल के मुँह की तरफ आ कर अपना हिलने लगा.

निचे से सूखा और ऊपर से पहलवान दोनों एक साथ झटका मरते हे. जिस से डिम्पल एक बार चिलाती हे.

डिम्पल ; हुई माआआ.

जिसे hi डिम्पल छिलती हे जांय अपना लैंड डिम्पल के मुँह में थुश देता हे.

डिम्पल ; वगम ाममामं.

वो आवाज निकल कर चिल्ला भी नहीं प् रही thi.dimpal के निचे से छूट में सूखा. पीछे गांड पर पहलवान और मुँह में सामने से जांय का हमला सुरु हो गया. डिम्पल को आज तक इतनी बेदर्दी से किसी ने नहीं पेला था. डिम्पल का पूरा फेस लाल हो जाता हे. आँखों में अंशु लिए डिम्पल आँखों की पुतलिया घुमा कर घसीटा को देखती हे. घसीटा भी अपनी मुस्कान फैला देता हे.

डिम्पल के तीनो छेड़ में झटके लग रहे थे. डिम्पल जैसे आँखों के हिसार से घसीटा से रहें की भीख मंद रही हो. जांय का लैंड जड़ तक उसके मुँह में था. तीनो छेड़ो पर हमला जारी रखा. कोई भी हटने को ताइये नहीं था. पीछे से पहलवान तो डिम्पल के बूब्स को जकड के जोर और से झटके मर रहा था. जिस से थप थप की आवाज आ रही थी.

उधर माधुरी के मोबालिल पे कॉल आता हे.

मास्टर ; वेल के माधुरी तुम आ चुकी होगी मुझे विश्वास हे.

माधुरी ; है में आ चुकी हु. कहो कहा मिलोगे??

मास्टर ; तुम्हे मश्ग में एड्रेस भेज दिया हे चेक करो.

माधुरी ; ok में आ रही हु.

मास्टर ; आज तुम्हे अंदर से देखने के लिए में तड़प रहा हु.

माधुरी ; जितना तुम मुँह खोलोगे उतने hi में कपडे उतरूंगी.

माधुरी ने कॉल काट कर दी वो दिए गए पते पर जाने के लिए तैयार थी.

माधुरी ; मोनार्क तुम सब सम्भालो वह जाते hi मेरा विफई ों हो जाएगा तुम्हे पता हे क्या करना हे.

मोनार्क ; फ़िक्र मत करो मेम आप को भी पता नहीं आप के टीम में हम 2 क्या चीज हे.

माधुरी स्माइल करती हे.

माधुरी मुझे तुम्हारी काबिलियत पे भरोसा हे.

माधुरी ; अच्छा ये no को ट्रेस करो जल्दी.

मोनार्क no की लिंक जग्गू को भेजता हे. मोनार्क और जग्गू के कण में हेडफोन्स लगे हुए थे. जग्गू भी माधुरी की आवाज सुन सकता था. जब तक माधुरी उस रूम में थी.

जग्गू ; मोनार्क यार इसे हैक करने में वक्त लगेगा तुम मेम को बोलो वो भी अपने मोबाईल से कॉन्फ्रेंस में आ जाए.

मोनार्क ; मेम जग्गू कह रहा हे की आप भी कॉन्फ्रेंस में आ जाओ.

जग्गू मोनार्क को होल्ड पे रखता हे. माधुरी को कॉल लगता हे. माधुरी कॉल पिक करती हे.

माधुरी ; है जग्गू??

जग्गू ; मेम आप कॉल काट मत करना ऐसे hi पर्श में मोबाईल रख दो आप की आवाज हमें आती रहेगी.

माधुरी ; ok. अब में जा रही हु.

माधुरी टेक्सी करती हे अपने फेस पे एक दुपटा बांध लेती हे. माधुरी बताए हुए एड्रेस पे पहोच जाती हे. वो बहोत बड़ी 5 स्टार होटल थी. वह जाते hi माधुरी विफई ों कर देती हे.

में आलिया के ऊपर था. आज आलिया के आँखों में अंशु थे. में उसकी आँखों के अंशु पि गया. आज वो बहोत खुश थी. शिल्पा को बहोत दर्द हो रहा था. लेकिन शिल्पा को भी आलिया से प्यार हो गया जिस तरह आलिया उसकी मदद कर रही थी. उसे ऐसा लगा की इस वक्त ऐसे उसकी मदद माधुरी करेगी. लेकिन उस वक्त आलिया ने उस के लिए सब किया.

शिल्पा ;( रोनी सी आवाज में) आलू ू आलू मेरे पास आजा मेरी बहन मुझे दर्द हो रहा हे..

दोनों हसिनाए नंगी थी. में भी नंगा hi था. आलिया खिसक कर शिल्पा के पास पहोच जाती हे और शिल्पा से कहती हे.

आलिया ; दीदी 1 सत टाइम मुझे भी दर्द हुआ था. कोई बात नहीं सब ठीक हो जाएगा.

आलिया शिल्पा की बहो में ऐसे गई जैसे कोई बेटी अपनी माँ की गॉड में जाती हे.

में ; शिल्पा तुम ठीक हो.

शिल्पा ; है में ठीक हु. आप भी आओ न मेरे पास.

में दोबारा शिल्पा की तरफ बढ़ा उसकी चिकनी लम्बी टैंगो को सहलाने लगा. आलिया शिल्पा को लिप किश करने लगी. शिल्पा भी आलिया का पूरा साथ दे रही थी. मेने अपनी एक ऊँगली शिल्पा की छूट में दाल कर आगे पीछे करने लगा. शिल्पा फिर से गीली होने लगी. मेने शिल्पा की कमर को जकड़ा और शिल्पा की नाभि को चुम लिया. शिल्पा मछली की तरह तड़प गई. में उसकी नाभि के छेड़ में अपनी जीभ की नोक घूमने लगा. शिल्पा की नवल काफी सेक्सी और गहरी थी.

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धीरे धीरे में अपना मुँह शिल्पा की छूट पे ले गया. उसे चूसने लगा.

शिल्पा ; स्स्सस्स्स्स उफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ स्स्सस्स्स्स.....

आलिया शिल्पा के बूब्स चूसने लगी. में शिल्पा के ऊपर फिर चढ़ गया वो बहोत ज्यादा गीली थी. इस बार भी उसे दर्द हुआ पर शिल्पा आसानी से जेल गई. में लैंड को उप डाउन करने लगा. शिल्पा के मुँह से आती आवाज भी कप रही थी.

शिल्पा ; लल्लोवे यू juju.hssshsssss.

शिल्पा की सांसे बहोत तेज़ चल रही थी इस बार मुझे भी बहोत मजा आने लगा. आलिया भी हमारा साथ दे रही थी. शिल्पा एक बार और ज़द गई. छूट में गिला पैन फिर बढ़ गया. मेरी स्पीड वापस बढ़ गई. में ताल ठोके जा रहा था. शिल्पा के फेस का रंग बदल गया. में भी जड़ने वाला था. मेरी स्पीड ज्यादा बढ़ गई शिल्पा की छूट बहोत टाइट थी. एक बार फिरसे शिल्पा चरम सीमा पर पहोच गई. और मेरी पिचकारी भी छूट गई इस बार हम दो साथ में जड़े.

उधर ठाणे में सरे मर्द चरम सीमा पर पहोच चुके थे वो सरे खड़े हुई और डिम्पल के मुँह के आगे खड़े हो गए डिम्पल भी समाज गई थी उसे क्या करना हे. वो बरी बरी से सब को अपने फेस पे ज़ादा रही थी. डिम्पल की हालत ख़राब हो गई वो जस्मिन पर hi लेट गई.
 
माधुरी ऐसे मर्द के पास रत गुजरने जा रही थी जिसे उसने कभी देखा hi नहीं था. वो दोस्त भी हो सकता था और दुश्मन भी. माधुरी ने दुश्मनो से लड़ने के लिए अपनी अलग ख़ुफ़िया टीम बना ली थी. जिसकी जानकारी किसी को नहीं थी. जग्गू और मोनार्क वो काभिल हैकर थे जो एक मोके की तलाश में थे. माधुरी पेसो से और देश भक्ति की भावना से उन्हें अपने साथ मिलकर रखा था. वैसे भी वो बेकार छोटी मोती नौकरी या और कोई छोटे मोठे काम कर रहे थे.

माधुरी टेक्सी लेकर उस जगह पहोच चुकी थी. जो एड्रेस उसे मश्ग में मिला था. वह पहोचते hi माधुरी ने मोबाईल का विफई ों कर दिया. वह होटल में बैठा मोनार्क अपनी छोटी एलियन जैसी उंगलियों को कीबोर्ड पे चलता हे और जग्गू जो लिंक भेजता हे. जिस की मदद से जग्गू होटल का सर्वर हैक कर लेता हे. मोनार्क भी उसी लिंक के जरिये होटल के सरे कैमरा हैक कर लेता हे. मोनार्क के पास 6 स्क्रीन थी. जब की जग्गू के पास 3 सकीर्ण थी.

मोनार्क माधुरी को होटल के अंदर गेट क्रॉस कर के अंदर टेक्सी से उतारते देख रहा था. वह माधुरी में घर में बैठे जग्गू की दो स्क्रीन पे होटल का सीन और एक स्क्रीन पे डाटा चल रहा था. जग्गू ने पहले से ग्राफिक तैयार कर लिया था. जहा जग्गू की एक स्क्रीन पे माधुरी टेक्सी से उतरती दिखी वह. और दूसरी स्क्रीन पे टेक्सी से डिम्पल उतारते दिख रही थी. जग्गू एक स्माइल करता हे. उसे अपने काम पे नाज़ होता हे.

उन्हें कमी बस एक बात की थी की माधुरी उनकी बात नहीं सुन सकती थी. वही जग्गू जब माधुरी टेक्सी से उत्तरी तो माधुरी का लुक देखता हे तो बस देखता hi रहे जाता हे. माधुरी को तीन लोग देख रहे थे. 1) मोनार्क, 2) जग्गू, 3 ) वो सेक्स जिसने माधुरी को बुलाया था. वो सेक्स ऊपर से खिड़की में ज़कते माधुरी को देखता हे. फिर अपने सीने को मसल के कहता हे.

???? ; आओ मेरे डिल की रानी बरसो से तुम्हारा प्यासा हु. आज मेरी तमन्ना पूरी होगी. तुम्हारे जिस्म को पाने की.

निचे पार्टी थी. काफी लोग थे. लेकिन माधुरी की एंट्री hi पार्टी में मनो जान दाल दी हो.

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गोल्डन चमकीली साड़ी और छोटे से ब्लाउज में माधुरी क़यामत लग रही थी. माधुरी का गोरा रंग, और तरीके से किया मकूप माधुरी के फेस को खुब्शुर्ति की मलिका बना दिया था. जब भीड़ ने माधुरी के लाल होठो को देखा तो गले से अपना थूक भी नहीं निगल पाए.

माधुरी रत के अँधेरे में रौशनी से जगमगाती लघटस की रौशनी में शान दर पार्टी में आ चुकी थी. वही मोनार्क और जग्गू के डिल का हल भी बेहाल था. अपनी कैप्शन को इस हल में देख कर सायद वो खेल hi भूल गए थे. माधुरी धीरे धीरे छोटे कदमो से लोगो के बिच से गुजरी. उसे एहसास होता हे की कोई उसके पीछे से गुजरा. गुजरते वक्त उसने माधुरी के गले में गर्दन पे ऊँगली घुमाई. माधुरी रुक गई और अपनी आंखे बंद कर ली.

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माधुरी सोचती हे वो कोण था. जो अपने होने का एहसास देना चाहता हे. मोनार्क और जग्गू भी देखते हे कोई हवा की तरह आया और चले गया. माधुरी का डिल भी ये सवाल का जवाब जान न चाहता था. ये माधुरी के फेस पे साफ दिख रहा था.

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माधुरी जानती थी वो उसे देख रहा हे. लेकिन वो सीधा सामने नहीं आएगा सायद वो अपनी सुरक्षा के लिए या फिर हो सकता हे माधुरी पर इम्प्रैशन ज़माने के लिए ऐसा कर रहा हो. माधुरी भी अपने फेस पे ऐसे भाव लती हे जैसे उसे कोई परवाह न हो.

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माधुरी की अड़ड़े उसके फेस और बॉडी में जो बदलाव लेट हे उसे देख कर. उस सेक्स की hi नहीं मोनार्क , जग्गू, और महफ़िल में ऐसे कई लोग थे जो माधुरी को देख रहे थे उनके डिल पर बिजलिया गिर रही थी. माधुरी को एक वेटर आता हे और एक लेटर देता हे.

वेइटर ; गुड इवनिंग मेम. ये आप के लिए.

माधुरी ; थैंक यू.

वेटर चले गया. माधुरी ने लेटर खोला तो उसमे 4 तह फ्लोर रूम no 1001 लिखा हुआ था. माधुरी बड़ी अदाओ से लेटर को ऐसे है थो में रखती हे. के कही से भी उसपर कैमरा की नाजाओर गिरे. और वो कामयाब भी होती हे. माधुरी की समजदारी से जग्गू और मोनार्क भी घुश होते हे की माधुरी ने समझदारी करि. वो उनको न देखते हुए भी उन्हें समाज रही थी.

जग्गू बिग स्नैल के साथ ताली बजा के बोलता हे.

जग्गू ; वेल दोने मेम वेल दोने. आप तो गिनिअस हो.

मोनार्क ; जग्गू भाई मेम हम को समाज सकती हे यार.

जग्गू ; है यार चलो अच्छा हे हम सही हाथो में काम कर रहे हे.

माधुरी होटल के अंदर जाती हे. होटल के कैमरा ने बैठे 2 गार्ड कक्तव सर्वर रूम में टीवी स्क्रीन पर डिम्पल जो चलता देखते हे. उन्हें माधुरी की बजाय डिम्पल दिखाई दे रही थी. रिकॉर्डिंग में भी डिम्पल hi कैद हो रही थी . माधुरी लिफ्ट के पास जाती हे. लिफ्ट में कोई नहीं था. सिर्फ एक लिफ्ट मन था. लिफ्ट मन भी माधुरी को देखता हे तो बस देखता hi रहेजाता हे. उसकी आवाज में कम्पन माधुरी को साफ महसूस होती हे.

लिफ्ट मन ; गुड गुड इवनिंग मेडम.

माधुरी उसकी तरफ देखती हे सेक्सी स्माइल करती हे. और अपनी एक नोकीली ऊँगली लिफ्ट मन के माथे से गाल तक घूमती हे. और नशीली आवाज में बोलती हे.

माधुरी ; गुड इवनिंग बेबी. क्या नाम हे तुम्हारा.

लिफ्ट मन ; कककक काँटी में मेडम.

काँटी एक गरीब था होटल में लिफ्ट मन की नौकरी कर रहा था. कई खुबशुरत महिलाओ को करीब से देखा. पर किसी को छू नहीं पाया. आज जितनी देखि सबसे सुन्दर उसे आज माधुरी मिली. वो उसे करीब से देखा पर माधुरी ने आज उसे टाच किया. काँटी अपने होश खो बैठा. और गलत सवाल पूछ बैठा जिसका माधुरी ने बिना गुस्से के अच्छे से जवाब दिया.

काँटी के मन में सवाल आया ये किसकी बीवी होगी. होटल में आई हे तो किसिस की बीवी नहीं रंडी होगी. पर इतनी सुन्दर रंडी तो ंशी हो सकती. होगी तो कितने पैसे लेती होगी. 10 या 20 लाख. काश इसके होठो को चूमने मिल जाए तो इसे में पूरी तन्खा दे दू.

काँटी ; आए आप कितना ललती हो मेडम.

माधुरी को पता चल गया वो क्या पूछना चाहता हे. माधुरी गुस्सा नहीं करती जोर से हसने लगी. माधुरी को काँटी हस्ते हुई देखता हे. तो डिल पर छुरिया चल जाती हे.

माधुरी ; में रंडी नहीं हु. आप को गलत फेमि हुई हे. और है में पूरा ले लेती हु थोड़ा भी नहीं छोड़ती.

माधुरी ने मजाक भी कर दिया वो भी non-veg काँटी भी महसूस किया की ये औरत डिल की अच्छी हे कोई और होती तो पिट भी सकती थी और नौकरी से भी निकलवा सकती थी. 4 तह फ्लोर आ चूका था. लिफ्ट का दरवाजा खुला. माधुरी ने अपने पर्श में से 500 का नोट निकला और काँटी की तरफ बढ़ाया.

माधुरी ; लो काँटी मिठाई खा लेना.

काँटी ; नहीं नहीं मेम यहाँ आने वाला कोई इतना प्यार से नहीं बोलै. आप ने इतना प्यार से बोलै मेरे लिए काफी हे.

माधुरी काँटी की पॉकेट में नोट दाल देती हे. फेस को आगे लेक काँटी को गाल पे एक छोटा सा किश कर देती हे. और बोलती हे.

माधुरी ( स्माइल ) गुड बी काँटी.

माधुरी चली जाती हे.

काँटी ; गगगग गुड ब्ययययय मेदमंमं...

माधुरी आगे नधति हे रूम जाने से पहले अपनी साड़ी ठीक करती हे.

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माधुरी रूम no 1001 तलाश करती हे. और सोचती हे वो कोण हे जो मेरा इतना दीवाना हे. काश वो दुश्मन न हो.

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फाइनली उसे रूम no 1001 मिल जाता हे.

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माधुरी रूम no 1001 में एंड ात जाती हे वो दरवाजा खोलती हे और अंदर गई तो सामने बैठा सेक्स को देख के सोक हो जाती हे.

वो सेक्स जिसे उसकी मुल्क की ख़ुफ़िया एजेंसी का हद्द मास्टर समाज रही थी वो और कोई नहीं कुमार अशोक था.

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माधुरी के फेस पे सिकन साफ नजर आती हे. माधुरी समाज जाती हे की मास्टर hi कुमार अशोक हे. उनकी ख़ुफ़िया ेगंसी का हद्द hi देश का दुसमन हे. ये बात तिगर को भी पता नहीं थी की उसका गुरु hi उसका दुश्मन हे.

अशोक उर्फ़ मास्टर ; आओ क्या हुआ मुझे देख के चौक गई.

माधुरी ; है मेने कभी सोचा नहीं था की आप hi. खेर जाने दो क्या फर्क पड़ता हे.

अशोक ; तुम भी तो सब पेसो के लिए कर रही हो. देखो तुम 20% ले रही हो 25 % मेरे हे तुम मेरी हो जाओ हम दोनों बाद में कही यहाँ से दूर चले जाएंगे. में तुम्हारा दीवाना हु. मधु उस दिन तो तुम गुस्से में मुझे हारने पे तुली थी. पर में तुमसे प्यार करता हु. तुम्हे पाना चाहता हु. चाहता हु की तुम मेरी हो जाओ सिर्फ मेरी.

अशोक एक hi साँस में सब कुछ बोल गया. माधुरी को ये तो पता चल गया की तिगर इसे साडी बात नहीं बताता. अशोक माधुरी का दीवाना तब से था जब वो सिर्फ 19 इयर्स की थी. वो कॉलेज के 1 सत इयर्स से उसके पीछे पड़ा था. माधुरी को अशोक क्लास में और ट्यूशन में कई बार गलत जगह पर हाथ लगाने की कोसिस करता था. माधुरी को भी बूढ़े को ललचाने में बड़ा मजा आता था.

एक बार अशोक क्लास खली देखा तो माधुरी को बहो में भर के चूमने लगा. माधुरी बहादुर थी. वो घबराती नहीं थी. माधुरी ने अपना घुटना अशोक के लैंड पे दे मारा. और वह से चली गई. दूसरी बार बरसो बाद माधुरी को भोगने का मौका उसे मिला पर माधुरी के कहर के आगे वो टिक नहीं पाया. पर वो उसे अपनी बना कर प्यार करना चाहता था. उसकी हसरत आज पूरी होने वाली हे.

उदार शिल्पा के घर.

मेरी नींद खुली आलिया पूरी नंगी मेरी बहो में सो रही थी. लेकिन शिल्पा कही दिख नहीं रही थी. रूम में अँधेरा था. रूम के एक कोने में मुझे टीवी की रौशनी दिखाई दी. में उठा और रौशनी की तरफ बढ़ा तो देखा शिल्पा कंप्यूटर पे बैठी कुछ कर रही थी. स्क्रीन पे कुछ माइंड ( दिमाग ) की पिच थी. शिल्पा कुछ एसटीडी कर रही थी.

में ; तो तुम सच में दिमाग पढ़ सकती हो.

शिल्पा सिर्फ पंतय में थी उसके बूब्स खुले थे. वो पलटी और मुझे देख के स्माइल करती हुई कड़ी हुई.

शिल्पा ; आओ बैठो.

वह सिर्फ एक hi चेयर थी. जिस पे शिल्पा कुछ देर पहले बैठी हुई थी. वो मुझे देख के कड़ी हुई और मुझे बैठने के लिए चेयर दे दी. में उस चेयर पे बैठ गया. शिल्पा मेरी गॉड में स्क्रीन की तरफ फेस कर के बैठी. शिल्पा की पीठ मेरे चेस्ट से चिपक गई. मेने अपने हाथो को शिल्पा के बूब्स पे रखा. और एक हाथ से शिल्पा की निप्पल से खेलते हुए स्क्रीन की ररफ देखने लगा.

शिल्पा ; ये हमारा माइंड हे. इसमें कई प्रकार के केमिकल हे. हमारा गुस्सा, प्यार, दुख, ख़ुशी, चल बजी, धोखा विश्वास, झूठ सब इन केमिकल से करते हे. हम कई केमिकल का उसे कर के किसी भी इंसान या जानवर के मन की बात जान सकते हे. इसी काम में अपनी मास्टरी हे. बिसनै में मुझे कोई दिलचस्पी नहीं हे. वो तो बस पापा के लिए.

में ; उस दिन तुम मेरा मन पढ़ रही थी वो क्या इसी केमिकल का इस्तेमाल था???

शिल्पा ; नहीं कुछ गॉड गिफ्ट और आप के प्यार का जादू. मेने आप से इतना प्यार किया हे की आप के डिल की बात जान लेती हु.

शिल्पा की बात आज डिल को छू ली. शिल्पा ने भी छोटी सी hi सही आज पहेली बार डिल में जगह बना ली.

में ; तो अभी बताओ में क्या सोच रहा हु????

शिल्पा ने मेरे गाल पे एक छोटा सा किश किया और बोली.

शिल्पा ; मेरे होने वाले पतिदेव जी आप के डिल में मेरे लिए आज पहेली बार प्यार का फुल खिला हे. अब तक आप सिर्फ मुझे देख के अत्त्रक्ट हुए थे. म ी राइट????

में ; राइट मेरी जान.

मेने अपने लिप्स को शिल्पा के बालो में छुवे कण और गले में रगड़ दिए जिस से शिल्पा को गुदगुदी हुई.

शिल्पा ; अह्ह्ह ससस छोडो अब मेरी हिम्मत नहीं हे आज में आपको तीसरी बार जेल सकू.

में ; मगर ये तो तुम्हे देख के खड़ा हो गया.

शिल्पा मेरे बालो में हाथ फेरते हुए बोली. अभी मेरी छोटी बहन भी यही हे. और आप दोनों भी एक दूसरे से बहोत प्यार करते हो.

शिप मुझे hi नहीं आलिया को भी पढ़ रही थी. आज शिल्पा में मुझे एक जबतदस्त पावर का एहसास हुआ.

माधुरी अशोक के करीब आती हे. बीएड पर अशोक के एकदम करीब आ कर बेथ जाती हे. अशोक माधुरी को इतना करीब से देखता हे तो उसकी डिल की धड़कन तेज़ हो जाती हे. जो माधुरी भी महसूस करती हे. माधुरी का रूप रंग और हाथो में लटकता सुनहरी साड़ी का पल्लू ऐसा लग रहा था वो कोई स्वर्ग से आई अप्सरा हे. माधुरी स्माइल करती हे.

माधुरी ; हम्म्म तो तुम hi मास्टर और तुम hi दुश्मन वह जनाब आप के दिमाग की तो दज देनी पड़ेगी. आप को कोई नहीं पकड़ सकता.

माधुरी की तारीफ से अशोक खुश हो जाता हे. ओवर कॉंफिडेंट भी.

माधुरी ; क्या तिगर को पता हे तुम कोण हो.

अशोक ; तुम बची तो नहीं हो. जो इतनी सी बात न समझे.

माधुरी को ये पता चल गया की तिगर इन सब में शामिल नहीं हे.

अशोक ; साला उसकी गांड में देश भक्ति का कीड़ा हमेसा टिल मिलता रहता हे.

माधुरी सेक्स और माउन्ड गेम की माहिर थी. मगर दर था की अशोक. जब अपना राज मुल्क से छुपा सकता हे तो क्या नहीं कर सकता. वो भी शैतान का सबसे बड़ा पार्टनर था.

अशोक ; तुम मेरे साथ चलो. में तुम्हे रानी बना कर रखूँगा. शादी करूँगा तुमसे. तुम्हारी माँ का कातिल. तिगर कोण हे सब बता दूंगा तुजे.

माधुरी ; कहा ले जाओगे मुझे?? में तो ये भी नहीं जानती की तुम्हारा मकशद क्या हे. तुम मुझसे क्या चाहते हो. में तुम पे भरोसा नहीं कर सकती. सॉरी तुम मेरी माँ के कातिल का नाम बताओ और मेरे साथ आज की रत गुज़र लो.

अशोक ; बात तो सही हे पर में भी तुमपे भरोसा कैसे करू. आखिर तुम हो एक पुलिस वाली.

माधुरी ; तुम बोलो वो करुँगी बोलो क्या करू.

अशोक माधुरी के गले में हाथ डालता हे और मंगल सूत्र खींच के निकलकर फेक देता हे.

माधुरी को दुःख हुआ. उसे ऐसा लगा मनो उसके सामने किसी ने. उसके पति की गर्दन काट दी हो. ये अशोक की दूसरी बड़ी गलती हो चुकी थी. माधुरी ने उसी वक्त देसीडे किया. की अशोक की मौत उसी के हाथो में होगी.

माधुरी ; जिसके पास पैसा मेरा प्यार उसका. तुम्हारे पास 25% तो में तुम्हारी.

अशोक की तीसरी बड़ी गलती वो माधुरी का विश्वास कर लेता हे.

अशोक ; पैसा तो इतना हे. मेरी जानेमन की तुम्हे पेसो में नहला दू.

माधुरी ; ( स्नैल ) तो बताओ मुझे कहा लेकर चलोगे?? अमेरिका , लंदन, टोक्यो, या फिर पेरिश या स्विट्ज़रलैंड ????

अशोक हस्ता हे और बोलै.

अशोक ; इन में से कही नहीं. इस्तांबुल.

माधुरी ; वह क्यों???

अशोक ; मौलवी सब वही हे. वही से मिस्सों ऑपरेट कर रहे हे. कई तो उनके ख़ुफ़िया बन्दे हे जो मुझे खुद भी पता नहीं हे.

माधुरी ; फिर शैतान को क्यों काज़ी बनाया?? ी मं उसे यहाँ का हद्द क्यों बनाया???

अशोक ; यही तो रोना हे. वो साला मेरी जगह ले गया. वो कुत्ते को में hi ऊपर लाया. उसका नाम शैतान सींग नहीं हे. वो तो रमेश अग्रवाल हे. लाला और शैतान पहले सरकारी राशन की दुकान चलते थे. शैतान ने मिलावट कर के बहोत पैसे कमाए. बाद में उसने किडनेपिंग सुरु किया. उसमे भी बहोत पैसा कमाया. एक बाँदा था उष्मन वो अरब से तालुकात रखता था. शैतान ने उस से मिलने के बाद लड़किया भेजने लगा अरब में. वो यहाँ से लड़किया किडनेप करता और उसे अरब देशो में बेच देता. वह सऊदी में मुझसे मिला. वैसे जनता तो में उसे पहले से था. में उसे ऊपर लाया. बाद में कुत्ते ने मेरी बीवी को फसा लिया. आज भी वो सऊदी में उसका पति बन कर उसके साथ रहता हे.

माधुरी ; तो तुम मुझसे क्या चाहते हो मेरे इलावा.

अशोक ; तुम मेरी हो जाओ जब पैसे आएँगे हम उसे भी ख़तम कर देंगे. और हम यहाँ से चले जाएंगे. अब कुछ तो करो.

माधुरी हस्ती हे अपनी साड़ी का पल्लू हटा देती हे. अशोक माधुरी के गोल्डन ब्लाउज को देखता हे तो उसकी आंखे छोडिया जाती हे. 34 साइज के तने हुए बूब्स छोटे से ब्लाउज में जो सिर्फ ब्रा जैसा था. ब्लाउज छोटा और स्टाइलिश था. माधुरी ने अंदर ब्रा नहीं पहनी थी. माधुरी जब अशोक का हाथ उठा कर अपने बूब्स पे रखती हे तो अशोक के डिल में अजीब सी गुदगुदी होती हे. वो माधुरी के बूब्स जोर से मशलता हे. माधुरी इतनी मादक सिसकारियां लेती हे की अशोक अपना आप खो देता हे.

माधुरी ; सससस अह्ह्ह्हह उफ्फ्फ्फ़ अस्सेस.

अशोक माधुरी को जकड ने की कोसिस करता हे. माधुरी उसे रोक देती हे.

माधुरी ; रुको रुको रुको डार्लिंग रुको.

अशोक रुक जाता हे और माधुरी से पूछता हे क्या हुआ.

माधुरी ; तुमने जो मेरी काम की बात हे वो तो बताई नहीं??

अशोक ; ओह्ह तुम्हारी माँ का कातिल और कोई नहीं. वो साला शैतान और लाला हे.

माधुरी ; में कैसे मन लू तुम सच बोल रही हो.

अशोक ; तुम्हारी माँ का नाम तन्नू हे. वो एक पुलिस वाली थी तुम्हारी तरह. उसे में भी प्यार करता था. लेकिन वो मेरे कभी हाथ नहीं आई. रमेश यानि की शैतान और लाला की राशन की दुकान पर छपा तुम्हारी माँ तन्नी ने hi मारा था. बिच बाजार में तुम्हारी माँ ने उन दोनों को भगा भगा कर मारा. मेने hi उन्हें जेल से छुड़वाया था. तुम्हारी माँ भोपाल की सप थी.

तन्नू और तुम्हारे पापा का इश्क कॉलेज से hi चल रहा था. ये बात शैतान को पता चली. शेतसँ भी तुम्हारी माँ से प्यार करता था. लेकिन तुम्हारी माँ ने शैतान को कोई भाव नहीं दिया. अजय और तन्नू ने लव मैरिज की तब उसे पता लगा की ये दोनों बाप बेटे हे. शैतान घर में तन्नू को दूसरी जाट दूसरी जाट का तना मरता. पता नहीं क्या हुआ की तुम्हारे बाप ने एक साल में hi दूसरी शादी भी की. अजय तन्नू और करिश्मा तीनो hi साथ मिलकर रहते. कोई झगड़ा नहीं बहोत प्यार था उनमे.

शैतान ने चल चली धोखे से तन्नू को ड्रग्स का इंजेक्शन दे कर जबरदस्ती करने की कोसिस की. तुम्हारे बाप अजय ने देख लिआ तो उल्टा बेचारी तन्नू को hi फसा दिया. अजय और तन्नू के प्यार में खटास आई. एक बार तन्नू को धोके से लाला के गोडाउन में हेरोइन की झूठी खबर दे कर बुलाया. वो उनसे बहोत लड़ी. उस दिन में भी वही था. 5 गोली मरी शैतान ने तब जा कर वो मरी. बेचारी बहोत सुन्दर थी.

लेकिन तुम बड़ी हो रही थी तुम्हारा जिस्म भर ने लगा. तुम भी कोई काम नहीं थी मुझे बड़ा ललचाती थी. में तुम्हारा दीवाना हो गया. याद हे तुम मेरे पास अपने शर्ट के ऊपर वाले दो बोटों खोल के आती थी. आज तो तुम पहले से भी बहोत सुन्दर हो गई हो मेरी जान आ जाओ मेरी बहो में.

माधुरी ने अपना मकसद तो कामयाबी से हासिल किया. मगर माधुरी को ये पता लग चूका हे की अशोक ने माँ की कहानी का राज़ पूरा नहीं खोला हे. वो जरूर कुछ छुपा रहा हे.

माधुरी ; तो ये लो आज मेरे बोटों आप hi खोलो.

माधुरी पीछे घूम जाती हे अपने लम्बे बालो को हटा देती हे. अशोक के सामने माधुरी की चमकती खुली पीठ नजर आती हे.

माधुरी ; लो खोलो पूरा नहीं देखोगे क्या.

माधुरी हसने लगी. माधुरी की मिट्ठी आवाज और सामने का नजारा देख के अशोक के हाथ कपङे लगे. वो नहीं खोल पाया माधुरी पलट कर उसे देखती हे.

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माधुरी ; क्या हुआ.

अशोक ; टुम बहोत्त ससससुन्दर हो.

माधुरी खिल खिला कर हसने लगती हे.
 
माधुरी के घर को अपना सर्वर रूम बना कर. स्क्रीन में देख रहा जग्गू. होटल के रूम से मोनार्क अपनी अपनी स्किन पे माधुरी को देख रहे थे. वह होने वाली बाटे वो फ़ोन से सुन रहे थे. माधुरी जिस रूम में थी वह ख़ुफ़िया कैमरा लगा था. जो लीगल नहीं था. ये बात मोनार्क को पता चल गई थी. लेकिन मोनार्क भी शातिर था अपने काम में. उसने उसे hi हैक किया और माधुरी पर नजर जमाए बैठा उनकी बाटे सुन के सोक हो गया था.

माधुरी को पता चल गया था. उसके हुसैन का जादू चल गया हे. वो अशोक उर्फ़ मास्टर को देख के स्माइल करती हे.

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माधुरी ; क्या मुझे पाना नहीं चाहते देखो आज में तुम्हारे पास खुद आई हु.

माधुरी भी अपने दिमाग में एक पुराणी तस्वीर बनती हे जब वो क्लास में थी लास्ट बेंच पे अशोक पढ़ा रहा था. और माधुरी पीछे एक तंग बहार निकल के धीरे धीरे अपना स्कर्ट ऊपर करती हे. पढ़ा रहे अशोक उसे देखता हे और पढ़ा नहीं पता.

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अशोक माधुरी को बिना साड़ी के देखते hi अपने आप को भूल गया जैसे उसने जोई नशा किया हो. वो वही कर रहा था जो माधुरी कह रही थी. माधुरी हस्ती हे.

माधुरी ; लेट जाओ तुम आज में तुम्हारी सवारी करुँगी.

वो बस लेते जाता हे. माधुरी अशोक के पास आती हे. और उसके शर्ट के बोटों खोल कर उसकी चेस्ट पे मुँह लगा कर चूमने लगी. वो चेस्ट से निचे चूमते हुए निचे आई अशोक के पेट को चूमा. और अशोक के पेण्ट के बोटों जीप को खोल दिया. उंगलियों को फसा कर पेण्ट निचे घुटनो तक सारकस्य. बड़े कच्चा पहन कर लेता अशोक बस माधुरी को देखे जा रहा था. जब माधुरी उसकी कॉलेज में एडमिशन लिया वो लड़की की तस्वीर आज भी उसकी आँखों में थी.

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माधुरी कच्चे के इलास्टिक को थोड़ा ऊपर उठती हे और झटके से छोड़ देती हे. फैट से आवाज आती हे. अशोक को झटका लगता हे.

अशोक ; अह्ह्ह्ह.

माधुरी खिल खिला कर हसने लगती हे. अशोक के अंडरवेर को भी घुटनो तक सरकती हे. अशोक का लैंड खड़ा एकदम लोहे की रोड बन चूका था. माधुरी अपना ब्लाउज खुद hi उतरती हे. माधुरी के 34 साइज के गोल गोल बूब्स और गुलाबी निप्पल्स देख के अशोक को ऐसा लगा जैसे उसे हार्ट अटक आ जाएगा. माधुरी सीधा hi सवार हो जाती हे. उसकी छूट गीली नहीं थी. माधुरी थोड़ा सा चीख देती हे.

माधुरी ; आईइइइस्सस्सस. ( आंखे बंद कर के )

अशोक को विस्वास नहीं हो रहा था. उसके सपनो की मलिका जिसे वो अंदर से बिना कपड़ो के देखना छठा था. वो आज उसके लैंड पे सवार हो चुकी थी. अब वो पहले से भी ज्यादा सुन्दर और भी क़यामत. माधुरी भी सुखी छूट में लैंड को अबदार लेती गए तो उसे भी दर्द का एहसास होता हे लेकिन ये दर्द उसके पति की जो बजती हुई उस से काम नहीं. माधुरी पुरे होश में सिर्फ सेक्स का नशा जो उसकी मानसिकता पे हावी हो कर उसे और भी ज्यादा हिंसक जगली और खतनाक बना रहा था. किसीसी से भी सेक्स करते माधुरी उस से खेलती थी. वो उसे नहीं बल्कि माधुरी उसे भोगती थी आज भी यही हो रहा था. माधुरी अशोक के ऊपर सवार बदले की भावनाओ में जल रही थी. लेकिन मैं भी तैयार था गेम खेलने के किए.

माधुरी ; ससससस तुम्हारे पास पैसे तो अभी नहीं हेबेई अस्सेस फिर केस्स्स्सी सैस... अह्ह्ह्हह....

अशोक के ऊपर सवार माधुरी की सिसकारियों से भरे सवाल सुनकर बोलता हे.

अशोक ; हहहह हे बबबबहुत हीइ.

माधुरी ; अह्ह्ह सससस कहा हेबेई मुझे दिखाऊओऊ मुझे पेसोऊ को ससससस सुंग्ना हे. ाहससससस मुझे पेसो की खुस्बूउउउ ससस बहोत पसंददददद हीइ.

अशोक ; देखो ओह्ह्ह्हह बीएड बीएड बीएड के ओह्ह्ह निचे.

अशोक हाफ रहा था और माधुरी सिसक रही थी. वो बशॉट hi मादक बन चुकी थी.

मोनार्क और जग्गू माधुरी की बाटे भी सुन रहे थे और देख भी रहे थे.

माधुरी कड़ी हो गई वो सिर्फ घागरे में थी. बल खुले हुए, नंगे बूब्स. वो निचे ज़ुकी और बीएड के निचे से बैग निकला. उसमे पैसे थे. माधुरी मुस्कुराती हे. वो बैग को पास रख के वापिस अशोक पे सवार हो गई. माधुरी खिल खिला कर है रही थी. आसमान की तरफ मुँह करके वो बैग में हाथ डालती हे. और पेसो को हवा में उछलती हे. सरे नॉट हवा में बारिश की तरह उड़ने लगे. माधुरी जम्प कर कर के अशोक का पूरा लैंड अंदर तक ले रही थी.

माधुरी हस्ते हुए आगे की तरफ ज़ुकी. माधुरी के गोर गोर गोल गोल बूब्स अशोक के सीने में धस गए. माधुरी अशोक के फेस को 2 उंगलियों से पकड़ती हे. और गलो को फिर लिप्स को किश करती हे. अशोक का लैंड अब भी माधुरी की छूट में hi था. माधुरी चाहे तब सेक्स में जिसे मर्जी चाहे हरा भी सकती हे और जीता भी सकती हे. वो अपना मुँह अशोक के कण के पास ले गई धीमी और नशीली आवाज में बोली.

माधुरी ; क्या तुम्हारी ख्वाइश पूरी हुई ????!

अशोक ; हह है है आज मेरी ख्वाइश पप्पुरि हु हुई ही. आहाज टट्टूं मेरी हो हो हो गई

माधुरी ; अब जिंदगी से ये मत कहना की माधुरी ने मुझे प्यासा छोड़ दिया.

अशोक ; ंन्न नहीं आज मेरी अह्ह्ह्हस्सस्स प्यास भुज गईई.

माधुरी ; आज तेरा आखरी दिन हे. आज के बाद तेरी कोई भी ख्वाइश नहीं बचेगी.

अशोक की आंखे माधुरी की बात से फटी की फटी रहे गई वो घबरा गया. माधुरी ने अपना जबड़ा खोला और अशोक के गले को जकड लिया. वो गले में सिर्फ साँस लेने वाली नाली को hi जकड़ा. अशोक ने माधुरी के बल पकड़ के खींचे. उसे धकेलने की कोसिस की. लेकिन हर कोसिस में वो नाकामयाब रहा. वो तड़पने लगा. वो चाट पता रहा था. वो अपने पाव भी घसीट रहा था. अशोक की गर्दन पे ज़ुकी हुई माधुरी ने अपने जबड़े से अशोक की गर्दन किसी जानवर की तरह जकड़ी हुई थी.

धीरे धीरे अशोक की सांसे उखाड़ने लगी. हाथ पाव ढीले पद गए. उसका विरोध भी ख़तम हो गया. वो सिसक सिसक कर डैम तोड़ रहा था. आंखे बहार आकर बड़ी हो चुकी थी. वो मर गया. मरने के कारन उसका पूरा सरीर अकड़ चूका था. माधुरी अभी भी अशोक के ऊपर hi सवार थी. लैंड अब भी उसकी छूट में hi था. वो मर चूका था. माधुरी जंगली बिल्ली की तरह अशोक की लाश को देखती हे. फिर अपनी लम्बी जीभ निकल कर अशोक के गलो को चाट टी हे. अशोक के कण के पास अपना मुँह ले जाती हे और बोली.

माधुरी ; सायद तुम और थोड़ा जी सकते थे. लेकिन तुमने एक गलती कर दी. मेरा मगलसूत्र नहीं खींच के निकला होता. में कुछ वक्त बाद आउंगी ऊपर. नर्क में.

लेकिन वह भी तुम्हे जिन्दा नहीं छोडूंगी. मेरा इंतजार करना

माधुरी ने अशोक का बेदर्दी से मर्डर कर दिया था. और उसकी लाश से हस्ते हुए बात कर रही थी. माधुरी होश में नहीं थी. मोनार्क और जग्गू ने भी उसे कतल करते देखा था. लेकिन देश के गद्दार को मरने पर उन्हें कोई भी अफ़सोस नहीं था. वो अब भी उसके साथ थे.

मानक ; मेम प्लीज अपना फोन निकालो प्लीज फोन निकालो.

माधुरी होस में आई अपने फेस के सामने से अपने बालो को हटाया. और कड़ी हुई. धीरे से चलते हुए अपने पर्श से मोबाईल बिकला.

माधुरी ; क्या मुझे सुन रहे हो ??

मोनार्क ; मेम जल्दी करो साबुत मिटाओ और वह से निकलो. हमारे पास वक्त काम हे.

माधुरी ठीक हे तुम टेक्सी लेकर आओ होटल के अंदर मत आना. में फोन काट रही हु.

जग्गू ; मेम मेम मेम.

माधुरी ; बोलो जग्गू???

जग्गू ; में सर्वर हेंग कर रहा hu.ek घंटे तक कोई भी कक्तव काम नहीं करेंगे. आप टेक्सी को अंदर आने दो.

माधुरी ; गुड.

माधुरी ने कॉल काट दिया. सरे पैसे समेटे अशोक का सारा सामान भी लपट लिया. कोई भी साबुत नहीं छोड़ा. अंदर फिगे से एक स्कॉच की बोतल निकली और 3 पग के बराबर नित hi पि गई. रुमाल से बोतल और सभी जगह से फिंगर के निशान मिटाए. फिर कॉल किया रिसेप्शन पर.

माधुरी ; (नशे में होने की एक्टिंग करते हुए). हलुओ में रूम no 1001 से बोल रही हु. मेरे पति को चढ़ गई हे. हमें चेक आउट करना हे. प्लीज आप वीलचेयर भेज दो.

रिसेप्शन ; यश मेम अभी भेज देते हे. 5 मिनिट्स.

माधुरी ने फोन रखा दोबारा उस पर से प्रिंट्स मिटाए. अशोक के गले पर दातो के निशान और थोड़ा सा खून था. माधुरी ने उसके बैग से स्कफ निकल कर गले में बढ़ा. माधुरी ने अपना फोन निकला और तिगर को कॉल किया.

माधुरी ; hello. मेने मास्टर को मर दिया.

तिगर ; पता हे. में तुम्हे hi देख रहा हु.

माधुरी ; मुझे यहाँ से बहार निकालो.

तिगर ; तुम शिपयार्ड चली जाओ. वह तुम्हे माँ मिलेगी.

माधुरी ; स्माइल ( तुम्हारी ).

तिगर ; हम सब की.

माधुरी कॉल काट करती हे. वो फांसी होने के बावजूद भी स्माइल कर रही थी. एक सर्विस मन आया माधुरी नशे में होने का नाटक करती हे. वो कपडे उसीके सामने लड़खड़ाते हुए पहनती हे. जान बच कर अपने बालो को फेस के सामने रखती हे ताकि वो उसका फेस न देख सके. सारा सामान और पेसो वाला बैग ले कर सर्विस मन लिफ्ट की तरफ जाने लगा. माधुरी भी उसके जाते hi अशोक को वील चेयर पे बिठा कर रूम से बहार आती हे. वो बहार वापस नशे में होने का नाटक करते हुए. लड़खड़ाते लिफ्ट में घुशी. लेफ्ट बंद हुई. सर्विस मन सर्विस लिफ्ट से निचे जा चूका था. माधुरी उसी लिफ्ट में गई जिसमे काँटी था. काँटी माधुरी को देख के खुश हो जाता हे. माधुरी जान बच कर काँटी पे गिरने का नाटक करती हे. काँटी माधुरी को संबलता हे. उसका हाथ एक माधुरी की कमर पे और दूसरा उसके बूब्स पे चले गया.

काँटी के साथ ऐसा लाइफ में पहेली बार हुआ tha.kanti ने माधुरी को गिरने से बचा लिया. ये माधुरी की चल थी.

काँटी ; मेम आप ठीक हो.???

माधुरी नशे में फेस के सामने के बालो को हटती हे और बोलती हे.

माधुरी ; में ठीक हु. मेरे पति को ज्यादा हो गई हे.

माधुरी सब के सामने मरे हुए अशोक को अपना पति सो कर रही थी. काँटी माधुरी की हेल्प के लिए वील क्सिर को जल्दी अंदर करता हे. और लिफ्ट का दरवाजा बंद करता हे. काँटी की नजर अशोक पे जाती हे. माधुरी उसे देखती हे तो अशोक से उसका दयँ भटकने के लिए काँटी का हाथ पकड़ती हे. और अपनी तरफ झटके से खींच लेती हे. काँटी माधुरी की बहो में आ जाता हे.

माधुरी काँटी को लिप्स पे किश करने लग जाती हे. अपना पल्लू निचे गिरा कर काँटी का हाथ अपने बूब्स पर रख देती हे. वो उसे मसलने laga.Madhuri एक हाथ से काँटी का सर पकड़ के काँटी को लिप किश किये जा रही थी. काँटी भी माधुरी के बूब्स को मसल रहा था. माधुरी एक हाथ बिछे ले जाकर काँटी के पेण्ट के ऊपर से hi लैंड को मसलने लगी. अचानक लिफ्ट निचे पहोच गई. माधुरी उसे छोड़ देती हे.

माधुरी और काँटी एक दूसरे की आँखों में देख कर हसने लगे. माधुरी बहार अशोक को लेकर रिसेप्शन की तरफ जाने लगी. जाते जाते माधुरी पलटी काँटी को एक सेक्सी स्माइल दी और बोली.

माधुरी ; बी काँटी फिर मिलेंगे.

काँटी भी माधुरी को बी बोलता हे और डिल में माधुरी को थैंक्स बोलता हे उसके दरिया डिल के लिए.

माधुरी रिसेप्शन पर नशे की हालत में अपने फेस पे कुछ बालो की गता लेकर पहोची.

माधुरी ; मेरे पास कार्ड नहीं हे.

लड़की ; फिर कॅश दे दीजिये.

माधुरी ; हाउ मच???

लड़की 10,000.

माधुरी अपने पर्श से उसे पैसे दे देती हे.

लड़की ; मेडम होटल का सर्वर ख़राब हो गया हे आप को बिल नहीं दे सकती.

माधुरी ; इतस ok.

मोनार्क होटल के रूम से सारा सामान लपेट कर गैलरी में आता हे रत के अँधेरे में कोई नहीं था. वो वह से रीलिंग को मुश्किल से क्रॉस करता हे. उसका रूम ग्राउंड फ्लोर पे hi था. अब उसके सामने एक और बड़ी मुसीबत थी होटल की दीवार. वो देखता हे की होटल के पीछे एक गेट हे. वह कोई नहीं हे. गेट छोटा था लेकिन उसमे भी लॉक था. गेट के उस तरफ जङ्गले था. गेट से लोग होटल का कचरा कूड़ा फेका करते थे.

बड़ी मुसीबत से मोनार्क उस पर चढ़ के सामान के साथ क्रॉस करता हे. वो होटल के कक्तव में आ चूका था. ये बात जग्गू को पता थी. मोनार्क गाठ तो क्रॉस कर दिया. लेकिन अब वो होटल के कक्तव को नहीं रोक पाया. मोनार्क जल्दी से दीवार के सहारे रोड पे आता हे. एक टेक्सी को रोक के माधुरी वाले होटल पहोच जाता हे. माधुरी उसे देख के उसकी टेक्सी में बेथ जाती हे.

माधुरी ; भैया शिपयार्ड चलो.

टेक्सी शिपयार्ड की तरफ जाने लगी. मोनार्क के कण में हेडफोन थे.

जग्गू ; मोनार्क तू तेरे वाले होटल के कक्तव में आ चूका हे.

मोनार्क घबरा गया.

मोनार्क ; कुछ कर यार.

जग्गू ; में हु न.

जग्गू उस होटल के सॉफ्टवेर में ऐसा वाइरस दाल देता हे. उसे ठीक करने के लिए पूरा डाटा दलित hi करना पड़ेगा. माधुरी जहा पहोचती हे वो जगह सनुंदै का इलाका था माधुरी और मोनार्क टेक्सी छोड़ देते हे. सारा सामान और अशोक की लाश उनके पास hi थी. एक लेडीज सामने से आती हे.

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माँ ; वेल के बिल्ली????

माधुरी ; आप माँ हो ???

माँ ; यश बेबी बहोत बहादुर हो

माधुरी ; माँ वो टेक्सी वाला हमें देख चूका हे.

माँ ; फ़िक्र मत करो वो हमारा hi हे. अब तुम उसका सामान और उसकी लाश छोड़ के दफा हो जाओ.

माधुरी माँ को एक नजर देखती हे.

माँ ; ऐसे मत देख लड़की भावनाओ के लिए हमारे पैसे में कोई जगह नहीं हे.

माधुरी अपना सामान और चालाकी से वो पेसो वाला बैग भी उठती हे

माँ ; वो पैसे तुम्हे अपने घर में मिल जाएंगे अभी तुम उसे छोड़ दो

वैसे माधुरी पेसो के मामले में किसी के बाप की सगी नहीं थी. लेकिन माँ में उसे अपनी माँ नजर आती हे. इस लिए वो बिना कुछ बोले वह से चली जाती हे.
 
माधुरी और मोनार्क एयरपोर्ट की तरफ जाने के लिए टेक्सी या ऑटो तलाश रहे थे. उन्हें पहोचने के लिए 3 घंटे का वक्त बचा था. माधुरी सोचती हे जाती वक्त तो सुनील मुर्गा था. अब मोनार्क को कैसे वापस ले जाया जाए. मोनार्क और जग्गू अभी भी एक hi लाइन पे थे. माधुरी जग्गू को नहीं सुन सकती थी. उसने कॉल काट कर दिया था.

माधुरी मोनार्क को पूछती हे.

माधुरी ; मोनार्क क्या तुम्हारे पास या जग्गू के पास कोई आईडिया हे???

मोनार्क ; नहीं मेडम क्या करे आज पहेली बार इतनी हालत ख़राब हुई हे.

माधुरी हस्ती हे. मोनार्क के सर पे हाथ फेर देती हे. उन्हें एक ऑटो मिलता हे. माधुरी मोनार्क को बोलती हे.

माधुरी ; हम गाड़ी बदल कर एयरपोर्ट जाएंगे सीधा नहीं.

मोनार्क ; आप तो बहोत बृलान्त हो मेम.

माधुरी फिर हस्ती हे.

माधुरी ; मोनार्क ऑटो आ रही हे उसे रोको और उसे बांद्रा चलने को कहना. समझे

मोनार्क ; समाज गया मेडम. वो सोचेगा इतनी रत को हम यहाँ क्या कर रहे हो तो क्या कहेंगे???

माधुरी ; वो मुझपर छोड़ दो. उसके सामने मुझे मेम मेडम नहीं. डिम्पल बोलना.

मोनार्क ; ठीक हे डिम्पल डार्लिंग.

माधुरी और मोनार्क दोनों हसने लगे.

माधुरी ; अभी जाओ और वो जड़ी में तोलते करने की एक्टिंग करो.

मोनार्क पास की जड़ी में पेशाब करने की एक्टिंग करता हे. पर उसे सच में जोर की लगी थी. वो अपनी धार निकलने लगा. माधुरी ऑटो रिक्सा को हाथ देती हे. ऑटो रिक्सा वाला एक 50 साल का बूढ़ा था. माधुरी को देख के जाट से रिक्सा रोक देता हे. माधुरी ने वाइट रंग की वही साड़ी जब आई थी वो hi पहन ली थी. ऑटो ड्राइवर अँधेरी रत में अकेली मस्त मॉल माधुरी को देखता हे तो एक बार अपने लैंड पे हाथ फिरता हे.

ऑटो ड्राइवर ; है चिकनी चलेगी क्या??

वो माधुरी को अकेली सेक्सी साड़ी में देख के कर छेड़ने की कोसिस करता हे. माधुरी भी पीछे मुड़कर मोनार्क को आवाज देती हे.

माधुरी ; ाजी सुनते हो ोू. देखिये ये बूढ़ा हम से बत्तमीजी कर रहा हे.

ऑटो ड्राइवर को लगा उसका पति साथ होगा. मोनार्क भी समाज गया उसे माधुरी के पति का रोल प्ले करना हे.

मोनार्क ; कोण हे साला जो मेरी बीवी को छेड़ने की हिम्मत कर रहा हे.

पहले तो ऑटो ड्रावर की फटी लेकिन जब मोनार्क को देखा तो उसे हसी आ जाती हे.

मोनार्क ; है बे बुलाऊ पुलिस को में. तेरी गांड तुड़वा दूंगा सेल.

A.D ; अरे नहीं सब ये तो हमारी भाषा हे. वैसे आप यहाँ के लगते नहीं. बहार से आए हो.

मोनार्क ; है में जौनपुर से आया हु. यहाँ का कलेक्टर हु नया.

A.D को लगता हे साला बड़ा I.S हे तभी तो मस्त मॉल से शादी की हे. पन्गा लेना ठीक नहीं.

A.D ; आइये कहा जाना हे आप को.

माधुरी ; ( स्माइल ) जी हमें बांद्रा जाना हे. हमें टेक्सी वाले ने धोखे से यहाँ उतर दिया.

मोनार्क ; तुम फ़िक्र मत करो डिम्पल डार्किंग में अपना दोस्त हे पुलिस कमिश्नर उसे बोल के उसकी हकात ख़राब करवा दूंगा. अब बैठो रिक्सा में.

मोनार्क पहले बैठा माधुरी जान बच कर मोनार्क से चिपक कर बैठी. A.D ने रिक्सा स्टार्ट की और बांद्रा की तरफ चल दिया. माधुरी जान बच के मोनार्क के लिए बोलती हे. थोड़ा धीरे मगर A.D सुन ले वैसे.

माधुरी ; हटो जी क्या करते हो. वो देख लेगा.

माधुरी ने मोनार्क का हाथ खींच कर अपने बूब्स पे रख लिया. मोनार्क भी समाज नहीं पाया. साली मेडम बहोत चालू लगती हे. क्या एक्टिंग कर रही he.monark मौका नहीं छोड़ना चाहता था. वो माधुरी के बूब्स को मसल देता हे अपने छोटे छोटे हाथो से.

मोनार्क ; अरे मेरी जान तुजे देख के कण्ट्रोल hi नहीं होता.

माधुरी ; सससस अह्ह्ह्हह सैस अप्प भी न घर तक तो रुक जाते. मानते hi नहीं. पूरी रत ट्रैन में मुझे रगड़ते रहे. आप थोड़ा सबर तो कर लिया करो.

मोनार्क ; डिंपू डार्लिंग क्या करू तू चीज बड़ी हे मस्त मस्त

माधुरी ; आज मुझे सो जाने देना. आज पीछे नहीं करने दूंगी. आप का बहोत बड़ा हे मुझे दर्द होता हे.

माधुरी की बातो से मोनार्क का लैंड लोहे की रोड बन चूका था. वही A.D भी सोचता हे साला छोटा सा हे फिर भी इसका इतना कितना बड़ा होगा. जो इस मस्त मॉल को दर्द करा देता हे. वैसे साला नसीब वाला हे जो इतनी मस्त मॉल से शादी की हे. साला रोज चुदाई करता हे.

माधुरी मोनार्क के हाथ को निचे से खींचती हे. मोनार्क झुक जाता हे. उसने हाथ अंदर भी नहीं डाला पर माधुरी बड़ा सेक्सी बात बोल देती हे.

माधुरी ; अस्स ुईमाआ मर गई प्लीज सससस ऊँगली मत डालूऊओ ससससस.

माधुरी की सिसकारी दोनों के लैंड खड़ा कर रही थी. माधुरी ने मोनार्क का हाथ पकड़ लिया उसे अंदर नहीं डालने दिया था. ऑटो रुका दोनों उतरे मोनार्क के पास पैसे नहीं थे.

माधुरी ; है है मुझे पता हे. बड़े कंजूस हो आप मुझसे hi पैसे खिचवाते रहते हो.

माधुरी उसे 500 का नोट देती हे. वो पैसे वापिस कर रहा होता हे तो माधुरी बोलती हे.

माधुरी ; रख लो पुरे कलेक्टर की बीवी हु कोई बिखरी की नहीं.

A.D ; सुक्रिया मेडम. सुक्रिया.

वो चले गया. मोनार्क और माधुरी जोर से हसे. हस्ते हस्ते मोनार्क माधुरी की हिप्स पे हाथ रखता हे तो माधुरी मोनार्क को आंखे निकल के प्यार से बोली.

माधुरी ; बीटा मोनार्क. वो चले गया. मेने उसका दयँ भटकने के लिए ये सब किया. ताकि उसे ऐसा न लगे हम कही भाग रहे हे. हाथ हटा वह से.

मोनार्क थोड़ा दर के हाथ हटा लेता हे. माधुरी फिर हसने लगी.

माधुरी ; वैसे में चाहती तो उसके सामने तुजे पति नहीं बीटा भी बना सकती थी.

मोनार्क भी मजाक करता हे.

मोनार्क ; तब में बोल दूंगा मां दूदू पिलाओ न.

माधुरी और मोनार्क दोनों हसने लगे. बांद्रा से एक टेक्सी. ले कर दोनों मिया बीवी वाला नाटक करते हुए एयरपोर्ट पहोच गए. अब एक बड़ी समस्या आ गई मोनार्क को कैसे निकले. माधुरी मोनार्क का हेडफोन मांगती हे. जग्गू से बात करने के लिए.

माधुरी ; hello जग्गू क्या मुझे तुम सुन रहे हो??

जग्गू ; है मेम सुन रहा हु बोलो.

माधुरी ; क्या कक्तव में. में हु???

जग्गू ; नहीं मेम कक्तव में होटल से लेकर एयरपोर्ट जिस होटल में आप रुकी वह भी कही पे भी आप नहीं हो. सब जगह डिम्पल हे.

माधुरी ; जब मेरी जगह डिम्पल हो सकती हे तो मोनार्क की जगह अशोक क्यों नहीं हो सकता.

जग्गू ; (चोकते हुए) क्याआ????

माधुरी ; सही सुना हे तूने मोनार्क की जगह अशोक क्यों नहीं हो सकता.

जग्गू ; इस के लिए मुझे 1 घंटा काम करना पड़ेगा.

माधुरी ; तो करो यार 2 घंटे अब भी हमारे पास हे.

जग्गू ग्राफिक्स पे काम करने लगा बहोत महेनत की और वो काम हो गया.

जग्गू ; मेम मोनार्क को बोलो अपना एयर टिकिट खरीद ले.

माधुरी ; वेरी गुड. अब कैसे जाना पसंद करोगे.

मोनार्क ; फिर से आप का पति बनु या आप मुझे बीटा बना कर दूदू पिलाओगे???

मोनार्क की बात सुन के दोनों फिर से हसे.

माधुरी ; चुटिया में बोल रही थी बास्केट में जाना हे या सीट में बेथ कर.

मोनार्क ; मेरी हालत देखि हे.

माधुरी इतनी बड़ी मुसीबत में भी बिंदास थी. मोनार्क भी दर नहीं रहा था. क्यों की उसे तो बस माधुरी से चांस मरना था. वो माधुरी के चक्कर में भूल गया की वो अब भी मुसीबत से बहार नहीं निकले.

माधुरी ; सुनो इस बार तुम बास्केट में नहीं जाओगे. अब एयरपोर्ट पे तुम घबराना नहीं क्यों की कक्तव में तुम नहीं हो अशोक हे. तुम घबराए तो तुम्हे पूछ ताछ के लिए ले जाएंगे और हमारी पोल खुल जाएगी. में तुम्हे पकडे जाने में कामयाब नहीं हो पाई तो में hi तुम्हे मर दूंगी.

मोनार्क माधुरी की बात सुन के घभ्रा गया. उसे पसीना आने लगा. माधुरी भी टेंशन में आ गई वो नार्मल नहीं हुआ तो पकडे जाएंगे. मोनार्क ने बहोत अच्छा काम किया. लेकिन वो प्रोफेसनल नहीं था.

मोनार्क ; क्या मेम अरे बाप रे हे भगवन. मेम में ट्रैन से आ जाऊंगा आप जाओ. अरे बाप रे क्या मुसीबत में फास गया.

माधुरी ; मोनार्क मोनार्क रिलेक्स.

मोनार्क ; क्या खाक रिलेक्स में तो गया.

माधुरी ; सुन बे चूतिये पहले.

मोनार्क ; बोलो मेम आप hi बोलो.

माधुरी ; ( स्माइल ) देख क्या बी एयर मेरा बॉयफ्रेंड बन के चलना हे. या तुजे कही गोली मर के फेक दू.

मोनार्क के फेस पे स्माइल आ जाती हे. वो खुसी से उछाल पड़ता हे. माधुरी भी उसे देख के हसने लगी.

मोनार्क ; मेम बॉयफ्रेंड क्यों सीधा पति hi बना लो. चाहो तो वह पहोचते hi गोली मर देना.

माधुरी मोनार्क की बात सुन कर जोर जोर से हसने लगी

माधुरी ; तो चले ????

माधुरी ; चल सेल जो भी करना ऊपर ऊपर से करना.

मोनार्क खुस हो गया और माधुरी के पाव में गिर के नाटक करने लगा.

मोनार्क ; ीे सुंदरता की देवी. आप ने मुज गरीब पे रहें किया. आपने यौवन का रास पिलादो मुझे ीे.

माधुरी ; (हस्ते हुए) मादरचोद नाटक मत कर खड़े होजा नहीतो बास्केट तैयार हे.

माधुरी और मोनार्क हाथो में हाथ डेल अंदर जाते हे. दोनों के फेस खुश लग रहे थे. चलते चलते माधुरी बोली.

माधुरी ; तेरे पास सिर्फ 30 मिनिट हे ऊपर ऊपर से जो करना हे बिंदास कर. अंदर हाथ भी मत डालना.

माधुरी के बोलते hi मोनार्क माधुरी के हिप्स पे हाथ रख देता हे. और हाथ गुमा देता हे. माधुरी उसे देखती हे तो वो हाथ तुरंत हटा लेता हे. माधुरी भी है के बोलती हे.

माधुरी ; उठा ले बीटा उठा ले फायदा वह जा कर तेरी गांड तोडूंगी.

माधुरी और मोनार्क ने बोडिंग पास किया अंदर गए. एक जगह पे बेथ जाते हे. मोनार्क कोई भी हरकत बही करता. माधुरी देखती हे उसे पता था. अब वो माधुरी से hi दर रहा हे. माधुरी को हसी आई वो टॉइलट गई और 5 मिनिट बाद वापिस आई. माधुरी 10 कदम दूर से मोनार्क को आवाज देती हे.

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माधुरी थोड़ा सा जोर से बोलती हे. आस पास के जुछ लोग सुन सके.

माधुरी ; डार्लिंग......

मोनार्क माधुरी को देखता हे उसका लैंड तो डाउन हो गया था. वो सोचता हे पता नहीं मेम अब क्या करेगी. वो अपनी जगह से खड़ा हो गया. माधुरी कमर मटकते हुए उसके पास गई. झुक के मोनार्क का फेस पकड़ा और लिप्स पे 3 मिंट की मस्त किश कर दी.

मोनार्क के कण के पास मुँह ले गई और बोली.

माधुरी ; सेल दर मत करले जो करना हे बाद में मौका नहीं मिलेगा.

मोनार्क तुरंत hi माधुरी की गांड से पकड़ कर अपने से सत्ता लेता हे. उसकी इतनी हिघ्त hi नहीं थी की वो माधुरी को कमर से पकड़ सके. वो माधुरी को साथ लेकर बेथ जाता हे. माधुरी को गाल पे कभी गले में मुँह लगता रहा. अपने हाथ को साड़ी के अंदर हाथ दाल कर माधुरी के बूब्स पे हाथ घुमाया. माधुरी का ब्लाउज ब्रा जैसा था. वो ऊपर से सीधा अंदर हाथ दाल कर माधुरी की निप्पल्स को उंगलियों से मसलने लगा. कुछ लोग दूर से दोनों की हरकत देख के आपस में बाटे करते हे. सेल का नसीब हे मस्त मॉल हे पास में. कई लोगो की गांड से धुँआ निकल गया. माधुरी को कॉलेज टाइम से hi लोगो को तड़पने में मजा आता था. उस वक्त माधुरी को वही फीलिंग्स वापस आ गई.

पुराणी नोट्टी फीलिंग्स और निप्पल्स के मसलने से माधुरी गरम हुई तो मोनार्क के कण के पास मुँह ले जाकर बोली.

माधुरी ; ससससस ahhhhsss...kisi ने सही कहावत कही हे.

मोनार्क ; अह्ह्ह क्क्क्य??!

माधुरी ; अंगूर के हाथ में लंगूर.

मोनार्क मज़ाक में बहोत मास्टर था वो तुरंत hi बोलै.

मोनार्क ; मेम प्लीज अपने आप को लंगूर मत संजो आप मुझे बहोत पसंद हो.

माधुरी को जोर की हसी आई. सरे लोग देखने लगे माधुरी धीरे से बोली.

माधुरी ; चल अब मादरचोद एनाउंसमेंट हो गई. वैसे यार तू हे मस्त बाँदा.

माधुरी मोनार्क का हाथ पकड़ के ऐसे चल रही थी जैसे वो अपने बेटे को ले कर जा रही थी.

माधुरी ने बोडिंग पास चेक करवाया. फिर जब मोनार्क का no आया तो चेक करने वाला बाँदा बोलै. कहा हे मर अशोक???

मोनार्क ; में यहाँ हु.

उसे फिर भी नाजाओर नहीं आया. मोनार्क को अपनी बजती लगी. वो मायूस हो गया. लेकिन जो माधुरी का दोस्त हो वो दुखी कैसे हो सकता हे. माधुरी ने मोनार्क को अपनी गॉड में उठाया. चेक करने वाला बाँदा हसने लगा. माधुरी थोड़ा गुस्से से बोली.

माधुरी ; आप को हसी किस लिए आ रही हे. आप की कम्प्लेन करनी पड़ेगी.

चेक करने वाला ; सॉरी मेम.

माधुरी फिर भी गुस्से से बोलती हे.

माधुरी ; क्या समझते हो आप अपने आप को. तुम्हे पता हे ये कितने टेलेंटेड हे. हमारे मुल्क के बहोत बड़े सीसिण्टेसट ( वैज्ञानिक ) हे ये.

तुम जैसे लोग सकल देख के प्यार करते हो. मुझे घुसी हे की मेने इन से प्यार किया हे.

माधुरी की बात अंदर का और बहार का सारा स्टाफ सुन रहा था. मोनार्क को गॉड में hi लेकर माधुरी पलाइन के अंदर जाने लगी. मोनार्क की आँखों में आंसू आ गए. वो भावुक हो गया. अपनी बजती के लिए नहीं बल्कि उसके लिए आज तक किसी ने किसी से लड़ाई नहीं की पहेली बार माधुरी थी जो उसके लिए लड़ी. मोनार्क के लिए इतना काफी था. माधुरी जब उसे रट हुए देखती हे तो बोलती हे.

माधुरी ; रे चुटिया तेरा बदला मेने ले तो लिया अब क्यों रो रहा हे.

मोनार्क सिर्फ गर्दन हिला कर कुछ नहीं बोलै. एयर होस्टेस आती हे मस्त सुन्दर उसने बहार वो माधुरी की बाटे सुनी थी.

एयर होस्टेस ; मेम ये आप के????

माधुरी ; है ये मेरे बॉयफ्रेंड हे. (स्माइल)

एयर होस्टेस ; मेम यू अरे सो लकी ये बहोत क्वाइट हे. क्या एक गाल पे किश ले सकती हु.

मोनार्क की आँखों में आंसू थे लेकिन वो बहोत प्यारा लग रहा था. माधुरी ने है में गर्दन हिलाई. एयर होस्टेस ने मोनार्क को किश किया उन्हें अपनी सीट बताई. वो दोनों बैठ गए.

उधर ठाणे में डिम्पल की बहोत चुदाई हुई वो जमीं पर पूरी नंगी लेती घसीटा को देखती हे.

घसीटा ; मेडम में तो अभी बाकि हु.

डिम्पल ; आ जाओ आज बहोत दर्द हो रहा हे पर बहोत मजा आया सससस आ जाओ तुम भी.

हस्ता ; मेडम फिर कभी फिलहाल आप मेरा मुँह में ले लो.

डिम्पल दर्द से कराहती हुई उठी और घसीटा के पास पहुचकर. घसीटा का लैंड पकड़ती हे. घसीटा डिम्पल को लत मर देता हे.

घसीटा ; साली रैंड तेरी हिम्मत कैसे हुई मेरे लैंड को छूने की. ऐसी hi बजती की थी न उस दिन. में बुखा हो सकता हु पर कुत्ता नहीं. जब बुलाऊ आ जाना वार्ना तेरा पति भी तुजे जेल जाने से नहीं बचा पाएगा.
 
हर रोज मेरी नींद माधुरी के गुड मॉर्निंग से खुलती थी. लेकिन आज शिल्पा के फोन पर किसी से झगड़ा करने से हुई. सायद उसके पापा थे.

शिल्पा ; आप क्या सोचते हो में नहीं रहे सकुंगी इन एसो आराम की बिना. ठोकर मरती हु सब को.

शिल्पा ; आप के इस ी रवैये की वजह से हमने बड़ी माँ और छोटी माँ को खो दिया. दीदी भी चली गई.

शिल्पा ; है है में भी जा रही हु. जा रही हु अपनी दीदी के पास रखो आप और आप की दौलत.

शिल्पा रो रही थी आलिया भागते हुए मेरे लिए चाय लेकर आ रही थी की उसके हाथ से गिर गई वो रोनी सूरत बना कर मुझे देखती हे

आलिया ; जिजुओ सॉरी में दीदी की जगह तो नहीं ले सकती.

मेने हाथ खोल दिए वो सीधा मेरे गले लग गई. शिल्पा आई वो आँखों में अंशु और गुस्से में बोली.

शिल्पा ; चलो घर जीजू में अब यहाँ एक पल भी नहीं रहूंगी.

में : तुम पागल हो वो तुम्हारे पापा हे.

शिल्पा ; ( थोड़ा चिल्ला के ) वो कुत्ते डीके से मेरी शादी करना चाहते हे.

आलिया ; चिल्लाओ मत दीदी. आज तक मधु दीदी ने भी जीजू से ऐसे बात नहीं की.

शिल्पा ; चलो यहाँ से. मेरा डैम घुटने लगा हे यहाँ.

में ; अपने बाप की दौलत छोड़ सकती हो ???

शिल्पा ; आप जैसा पति पाने के लिए दीदी ने सब छोड़ दिया में क्यों नहीं कर पाऊँगी. कोई जॉब में भी धुंध लुंगी.

में ; फिर चलो.

धीमा ; बेटी मत जाओ सो अपने पापा को छोड़ के.

शिल्पा ; ( गुस्से में चिल्ला कर ) चुप बे सेल डीके के कुत्ते मुझे पता नहीं हे किस के टुकड़े उठते हो तुम दोनों. वो भी आज सामने होता तो मेरी गालिया सुनता. चल दफा हो जा यहाँ से.

धीमा अपनी बजती सुन के चला गया. में भी आलिया का हाथ पकड़ा वो कल वाले hi कपड़ो में थी नहीं तक नहीं थी शिल्पा ने आज जींस पहनी thi.Ham घर से बहार आए और शिल्पा का वेट करने लगे. शिल्पा गुस्से में बहार आई. लेकिन बहार आ कर हसने लगी कायो की वो हमारे साथ जाने के लिए नाटक कर रही थी अपने बाप से.

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शिल्पा ; ( स्माइल ) वो क्या हे न जीजू आप को पाने के लिए मुझे थोड़ा नाटक करना पड़ेगा. वैसे पापा इतने बुरे नहीं हे. तो चले.

आलिया; जीजू भूख लग रही हे.

हम रेस्टोरेंट में नास्ता करने गए सब में 10 बज गए थे.

आलिया ; जीजू आज कॉलेज की छुट्टी.

में ; है मुझे पता था. तुम पढ़ोगी नहीं तो में तुमसे शादी वाड़ी नहीं करूँगा.

आलिया ; नहीं जीजू पक्का अब एक भी छुट्टी नहीं ये लास्ट.

शिल्पा ; यार घर तो चलो.

शिल्पा आज मस्त लग रही थी. में उसे देख के खुश हो रहा था.

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हम ऑटो से घर के लिए निकल गए

उधर माधुरी और मोनार्क.

माधुरी ; चूतिये चुप हो जा ऐसा मस्त मॉल गर्लफ्रेंड हो तो कोई नहीं रोटा.

मोनार्क ; मेम आप बहोत अच्छी हो. आज तक मेरे लिए कोई नहीं लढा. आज पहेली बार कोई मेरे लिए लढा सब तो मजाक उड़ाते हे. जग्गू और में तो डरपोक के जल्दी फैट जाती हे. आप के लिए डिल में बहोत इज़्ज़त बढ़ गई.

माधुरी स्माइल करती हे.

माधुरी ; अबे क्या बकवास कर रहा हे मजाक उड़ाते हे. देखा नहीं वो एयर होस्टेस इतनी मस्त मॉल तुजे गाल पे पप्पी दे कर गई और बोलता हे मजाक उड़ाते हे सब चूतिये और इतना बड़ा मिस्सों कर के अपने आप को डरपोक बोलता हे.

तू तो मस्त मॉल हे. में तो तुजे मौका मिलेगा उसी दिन चबा जाउंगी.

मोनार्क के गलो को माधुरी काट लेती हे.

मोनार्क ससआहहह... आप तो सच में जानवर हो मुझे भी मरोगी क्या.

दोनों ऐसे hi बाटे करते करते अपनी मंजिल पहोच जाते हे टेक्सी कर के माधुरी के घर पहोचते हे. जसगजु सामान लेकर खड़ा था. माधुरी उतर गई उसी टेक्सी में वो दो अपने घर चले गए. माधुरी ने देखा आलिया और उसका पति अब तक नहीं आए.

माधुरी ऊपर जाती हे आज उसका मूड अपने पति से रोमांस करने का था. वो तयारी करती हे फर्श होती हे. नाहा धो कर. दरवाजे पर एक लेटर रख कर कर दवाजा बंद कर देती हे.

हम घर पहोचे दरवाजे पर एक लेटर था. सिर्फ अपने जीजू को अंदर भेज आलिया तू अपने रूम में चली जा. जब तक में आवाज न दू आना मत.

में समाज गया माधुरी का आज रोमांस का मूड हे ये लेटर आलिया के लिए हे. मेने आलिया और शिल्पा को कहा.

में ; जाओ तुम कब्बाब में हड्डियों मुझे बिकुल डिस्टब मत करना.

में अंदर गया. बेडरूम का दरवाजा खोलते hi सामने माधुरी कड़ी थी. सेक्सी हॉट.

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माधुरी मेरे लिए दुनिया की सबसे खुबशुरत लेडीज हे. वो सिर्फ मेरे लिए तैयार हुई थी उसकी कातिलाना अड़ड़े. उफ्फ्फ.

में ; लगता हे आज मेरा कतल करने का इरादा हे.

माधुरी ; अरे हम तो तुम पर खुद मर मिठे हे सनम तुम्हारा कतल क्या करेंगे.

शिल्पा और आलिया दोनों.

आलिया ; कमल हे मुझे अपने रूम में. वह वह अकेली जीजू के साथ.

शिल्पा ; तुजे बोलै मुझे तो नहीं. में तो जा रही हु.

आलिया ; में भी चलूंगी. रुको.

माधुरी के सरे प्लान की बेंड बजा दी तपन के पीछे उसकी दोनों बहने आ कर सारा पानी फेर दिया.

शिल्पा & आलिया ; वह जीजू बिना हड्डी का कबाब वह वह वह.

माधुरी शर्मा गई.

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माधुरी और हम सब जोर जोर से हसने लगे आज माधुरी बहोत हॉट लग रही थी.
 
आज सब साथ थे. माधुरी , में आलिया और शिल्पा ऐसा फील हो रहा था जैसे हम एक परिवार हे. क्यों की ये परिवार बन ने वाला था की ठाणे से माधुरी के मोबाईल पे कॉल आया.

माधुरी ; hello बोल सूखा क्या हुआ.

सूखा ; मेम उस्मान के इलाके में ादशा मेम घुस गए हे जांय घायल हे सायद मेम फास गई कुछ करो मेम

माधुरी ; में आती हु. ठाणे. वो मेरी मोटरसायकल वही हे न??

सूखा ; है मेम.

माधुरी ; टेंक फुल कर दे.

माधुरी अपने कपडे जल्दी चेंज करती हे. आज उसने मेरे सामने hi वो चीज निकली जो मुझसे छुपा कर रही थी. खंजर चाकू वगेरा वगेरा. ब्लैक जैकेट में माधुरी क्या लग रही थी.

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में माधुरी को देखता रहा कहा रोमांस था और वो एक्सन की तयारी करने लगी.

में ; क्या हुआ????

माधुरी ; मुसीबत तो बड़ी हे.

में ; में चालू???

माधुरी ; आप आना चाहते हो ??

में ; है मुझे देखना हे तुम्हारे काम करने का तरीका.

माधुरी ; लेकिन जहा में रुकने को बोलूंगी प्लीज रुक जाना.

में ; ठीक हे.

आलिया ; में भी चलूंगी.

में ; बिलकुल नहीं.

शिल्पा भी हमारा मुँह देख रही थी. आलिया माधुरी की तरफ देखती हे. जैसे रिक्वेस्ट कर रही हो. माधुरी उसे थोड़ा गुस्से से बोली

माधुरी ; तूने सुना नहीं तेरे जीजू ने क्या कहा. जा अब अंदर जब तक हम वापिस नहीं आते घर से बहार मत बिकलना.

में और माधुरी निचे आए माधुरी ने जीप स्टार्ट करि हम दोनों जीप से ठाणे तक पहोचे माधुरी की स्पीड बहोत ज्यादा थी. ठाणे पहोच कर.

माधुरी और उसका पति ठाणे पहोच जाते हे सूखा घबराया हुआ बहार माधुरी का इंतजार कर रहा था.

सूखा ; मेडम ादः मेडम अंदर बस्ती में हे वो उस्मान 3 लड़किया उत्त्था ले गया हे. मेडम लड़ रही हे घसीटा भी वही हे.

माधुरी ; तू पहलवान को लेकर जीप में निकल में मेरी बाइक से आउंगी.

शुका ; मेडम वो बस्ती उस्मान की हे गए तो जिन्दा वापिस नहीं आएँगे. अदहा मेडम की जीप को आग लगा दी.

माधुरी ; साला सर्कार के लिए नहीं तो अपने साथी के लिए तो सोच क्या उनका परिवार नहीं हे क्या.

माधुरी ने बाइक स्टार्ट करि.

माधुरी ने मुझे कहा आप न hi

माधुरी ; आप तो अच्छा होगा.???

में; नहीं क्या होगा साथ में मर जाएंगे.

माधुरी के फेस पे जो स्माइल आई वो बहोत सुन्दर थी. क्या रुआब था उस हसीना का.

माधुरी ; फिर वादा हे हम सब जिन्दा वापस आएँगे. आज का जैम हम दो साथ पिएंगे.

में ; तुम मेरे साथ पिओगी वव.

माधुरी मुझे देख के बहोत मस्त स्माइल की में सच में उसपर फ़िदा हो गया. क्या जिन्दा डिल इंसान थी वो.

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माधुरी ने बाइक घुमाई सिर्फ एक तंग पे और हेलमेट पहन कर बोली.

माधुरी ; बैठिये जनाब आप को जिंदगी से मिलवाती हु.

सूखा पहलवान को लेकर बस्ती के अंदर घास गया. उसे दर था. लेकिन वो पीछे नहीं हैट सकता था. उसने गाड़ी को वह रोका जहा से 50 मीटर दूर पे बस्ती के कुछ मर्दो ने ादः को घेरा हुआ था. जांय ादः के पाव के पास बेहोस पड़ा था. वो खून से लटपट था.

माधुरी मुझे लेकर बस्ती में पहोची साडी झोपड़ पट्टी में कोई मर्द नहीं दिख रहा था. एक कला सा गरीब बच्चा एक झोपड़ी के बहार खड़ा था.

माधुरी ; बीटा उस्मान का घर कहा हे.

बच्चा ; वो खटिया बहार डेल हुए जो हे वो उसी की जोलु हे.

माधुरी और मेरी नजर वो जुग्गी पर गई. एक औरत बैठी थी. वो एक 1 या 1.5 मंथ के बच्चे को साइड रख के चावल चुग रही थी. माधुरी ने बाइक ले जा कर उसके पास रोकी

माधुरी ; है ऋ क्या तू ुस्नान की जोरू हे.

औरत ; है तू कोण हे क्या तू मेरे मर्द से छुड़वाने आई हे ???

माधुरी ; नहीं उसे छोड़ने आई हु.

माधुरी ने बोलते hi एक हाथ से बच्चा उठा लिया. बच्चा कपडे में लिप्त था. वो औरत माधुरी से ज़ापट्टी.

औरत ; ोय साली रैंड कहा ले जा रही हे मेरे बच्चे को.

माधुरी ने उस के पेट में एक लत मरी वो दूर गिरी.

माधुरी ; आज इसका कबाब बनाउंगी.

माधुरी ने बाइक सयरत कर दी और उस जगह पर ले गई जहा पे सरे मर्द चिल्ला रहे थे.

भीड़ ; मारो मारो मारो.

माधुरी अपने पति के साथ मौत के मुँह में घुस गई गाड़ी चलते वक्त माधुरी ने उस बचे को अपने पति को पकड़ा दिया. माधुरी ने बाइक रोकी तो देखा कुछ भीड़ में फांसी ादः के हाथ में पिस्तौल हे और उसे चारो तरफ से घेरा हुआ हे. वो फाइट भी लड़ रही थी. और बाकि लोगो को पिस्तौल के दर से अपने पास आने से रोक रही थी.

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ादः एक पानी की टंकी के पास लड़ रही थी. बड़ा hi सेक्सी लुक था उसका भी. माधुरी ने एक हवा में फायर किया. और बोली.

माधुरी ; उस्मान कोण हे.

भीड़ संत हो गई सब ने पीछे देखा एक सेक्स बोलै.

में हु उस्मान

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उस्मान की सकल से hi लग रहा था. वो केसा घटिया इन्शान होगा.

माधुरी ; इन सब को न जाने दे वार्ना.

उस्मान; वार्ना क्या. मेरी बस्ती से आज तक कोई वापिस गई जो तू भी आ गई.

भीड़ में से एक ; उस्ताद ये तो इन सब से मस्त मॉल हे.

सरे हसने लगे.

माधुरी भी स्माइल करती हे.

माधुरी ; और में सब को सलामत ले कर यहाँ से निकल गई तो. ???

उस्मान ; फिर उस्मान का वादा हे. उस्मान वो करेगा जो तू बोलेगी.

माधुरी ; सोच ले.???

उस्मान ; उस्मान की जुबान हे. लेकिन नहीं निकली तो तू मेरी जुग्गी में hi रहेगी हमेसा के लिए. बोल.

माधुरी अपने पति के पास आई और बच्चे को अपने हाथ में लिया. उसके ऊपर गैन तन दी.

माधुरी ; ये तेरा hi चूज़ा हे न.

उस्मान चिल्ला उठा.

उस्मान ; ोय लड़की ये तूने बहोत गलत किया. उस्मान तुजे जिन्दा नहीं छोड़ेगा.

माधुरी ; ( हस्ते हुई ) सेल.... कितने आए कितने गयी तू साला पुलिस वालो को क्या समझता हे. तेरे जैसे 2 कोड़ी के गुंडे हम hi बनाते हे और हम hi मिटा ते हे. हम से नाडा गुंडा हे क्या.

उस्मान ; ये तूने अच्छा नहीं किया.

माधुरी ; चुप बे सेल. अब छोड़ वो 3 लड़कियों को और इन सब को.

माधुरी ; अदहा ले जा इन सब को.

सूखा और पहलवान भी भाग कर पास आ गए वो 3 लड़किया और जांय को जीप में ले गए. ादः के पास भी बाइक थी. उसने स्टार्ट की और माधुरी के पास बाइक रोकी.

ादः ; मेडम आप कैसे निकलोगी.

माधुरी ; तू मेरी फकर मत कर तू इन्हे ले जा.

ादः ने मेरी तरफ देखा और बोली.

ादः ; ( स्नैल ) चले हंसमे.

मुझे भी हसी आ गई मेने माधुरी को देखा.

माधुरी ; आप मेरी फ़िक्र मत करो जाओ उस फुलझड़ी के साथ.

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में एक बार उसे देखा और उसके पीछे बेथ गया वो मुझे बस्ती से निकल के में गई.

माधुरी बे उस मन को बोलै

माधुरी ; सुन बे सेल एक भी लड़की उठी सिटी से तो तेरे बस्ती में आग लगा दूंगी कोई नहीं बचेगा यहाँ. यकीं न हो तो अपने बाप शैतान से पूछ लेना में क्या चीज हु.

उस्मान ; वादा किया हे एक भी लड़की बही उठेगी. लेकिन तू ज्यादा वक्त जिन्दा नहीं बचेगी.

माधुरी ; बे जा सेल. तू शेरनी को मरेगा. घंटा. बचा ठाणे से लेने भेज किसी को.

माधुरी वह से निकल गई फुल स्पीड में. बिच में एक ने आने की कोसिस की तो उसके लैंड पे लत मर के बस्ती को क्रॉस कर गई. और रोड से ठाणे की तरफ बाइक भागने लगी. आज उसने अपने दिमाग और चालाकी से सब की जान बचाई क्या रुआब था उसका.

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वो लड़की मुझे लेकर ठाणे जाने लगी. थी तो मस्त मॉल लेकिन बक बक बहोत करती थी.

ादः ; ने ादः आप कोण?

में ; तपन.

ादः ; आप कुछ बोलते नहीं यार. कोण लगते हो मेडम के.

में कुछ बोलै नहीं वही बोले जा रही थी.

ादः ; एक मिनिट में hi बताऊ??? अम्मम्म बॉयफ्रेंड.

मुझे उसकी बात पे हसी आ गई.

ादः ; हा हसे मतलब सही हे तो बॉयफ्रेंड हो मैदान के. क्या मस्त मॉल पटाया हे मेडम ने वैसे बोलू तो आप भी लकी हो मैदान भी मस्त मॉल हे. यार आपका कोई भाई वाई हे क्या. यार मेरा भी कोई आप जैसा हो तो सेटिंग करा दो. बी गॉड अपना कोई फरमाइस नहीं हे. बस आप जैसा हंसों होना चाहिए

ादः बक बक करती रही हम ठाणे पहोच गए. में बाइक से उतरा और बोलै.

में ; वैसे में मधु का पति हु. मतलब हस्बैंड.

में वह से अंदर ठाणे में चले गया.

माधुरी बाइक रिकी और भगति हुई अंदर आई.

माधुरी ; जांय कहा हे.

सूखा ; बहोत खून बहे रहा हे.

माधुरी ; इसे मेरी जीप में लेकर बैठी. ादः तुम भी चलो.

माधुरी ने जीप स्टार्ट की. सूखा और ादः पीछे जांय को लेकर बेथ गए में माधुरी के पास बैठा गाड़ी स्टार्ट की. हम सिटी हॉस्पिटल पहोच गए. जांय को अड्डे करवाया बहोत खून बहे गया था.

डॉ ; आप में से कोई खून दे सकता हे. उसका ब्लड ो- हे.

माधुरी ; वो तो सिर्फ आप का हे. क्या आप मेरे सिपाही को खून डोज.

में ; मधु ये भी पूछने वाली बात हे.

सूखा की आँखों में अंशु आ गए वो मुझे देखने लगा.

सूखा ; सब आप तो भगवन हो.

में ; अरे आप ऐसा मत बोलो में तो बस अपना काम कर रहा हु.

मुझे बीएड पे लेटाया में उसे खून दे रहा था माधुरी मेरे पास में बैठी मेरे साद पे हाथ फेर रही थी. मेरा एक हाथ फ्री था. माधुरी को मेने कमर से लपेट लिया और अपनी तरफ खींचा वो मेरे ऊपर झुक गई . उसके बल मेरे कण पे गुड़ गुड़ी कर रहे थे. हम दोनों की लिप्स पास पास और दोनों एक दूसरे की सांसो की गर्मी महसूस कर रहे थे.

माधुरी ; एक बात तो हे आप बहोत रोमांटिक हो.

में ; तुम्हे ऐसा क्यों लगा.???

माधुरी ; ऐसे वक्त भी आप रोमांस करने के मूड में हो.

में ; मेरी बीवी इतनी खुबशुरत हे तो रोमांस का मूड नहीं तो मातम मानाने का मूड करेगा.

माधुरी ने अपने लिप्स मेरे होठो पे आहिस्ता से रखे और मुझे स्लो स्लो चूसने लगी. उसकी लिप्स में भी जादू था. में उसका दीवाना बस आंखे बंद कर के उसे अपनी सांसो में समां ने दे राजा था. लेकिन मेरी लाइफ में कबाब में हड्डियों की कमी नहीं थी. घर आलिया और अब तो शिल्पा भी आ गई. यहाँ भी एक मिल गई.

श्रुति ; hi जीजू डार्लिंग.

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माधुरी ; लो आ गई कबाब में हड्डी.

श्रुति मेरे पास आई और माधुरी को बोली.

श्रुति ; हैट साली मुझे भी जीजू से फ्लर्ट करने दे.

माधुरी कड़ी हुई और दूर बेथ गई.

श्रुति ; क्या जीजू ये साली तो आप का खून चुसवा रही हे मेरे घर चलो. में आप का अच्छे से ख्याल रखूंगी.

में ; ( स्माइल ) वो तो खून चूस रही हे. तुम क्या चुसोगी.

श्रुति मुँह पे हाथ रखती हे वो समाज गई मेने क्या मजाक किया हे.

श्रुति ; जीजूउउ अप्प तो.

में लो मेने क्या ऐसा बोलो.

श्रुति ; अच्छा बोलो आप जो बोलोगे में वो चूस दूंगी चलो अभी मेरे घर.

में ; रहने दो वार्ना मुझे बोलोगी. जीजू में अपने बचे की माँ बन ने वाली हु.

श्रुति मेरी बात सुन के शर्मा गई और मुझे गले से लगा कर मेरे ऊपर hi झुक गई. मेने श्रुति की कमर में हाथ डाला और अपने ऊपर hi झुकाए रहा.

माधुरी ; वह साली बैठने को जगह दी तो लेट गई. मसलो साली को.

में ; साली हे खली हाथ तो नै भेजूंगा.

हम हसने लग्गे सूखा बहार खड़ा था. माधुरी बोली.

माधुरी ; में बहार जा के आती हु तब तक मसलो साली को.

माधुरी बहार गई श्रुति मेरी आँखों में देखने लगी.

श्रुति ; सच ने मधु बहोत लकी हे. मुझे तो जलन होने लगी हे.

में ; अरे भाई लकी तो में हु.

श्रुति ; कैसे.

में ; हॉट पताका साली मेरी बहो में हे.

श्रुति मौका नहीं छोड़ती उसने मेरे लैंड पे हाथ फिरना सुरु कर दिया.

श्रुति ; जीजू आओ मेरे घर में मधु को कुछ नहीं पटाउंगी.

में ; छुपके क्यों बता के आ जाऊंगा.

श्रुति ; अच्छा वो आने देगी.

में ; पता नहीं.

श्रुति ; फिर तो रहने दो ऐसे hi मुझे प्यासी.

में ; तुमने शादी नहीं की अब तक.

श्रुति थोड़ी नार्मल हुई.

श्रुति ; हुई थी वो भी आर्मी में डॉक्टर थे सहीद हो गए.

में ; सॉरी.

श्रुति ; अरे सॉरी की क्या बात हे मुझे नाज़ हे उनपर.

में ; वैसे तुम्हे दूसरी शादी कर लेनी चाहिए.

श्रुति ; वैसे डिल तो नहीं हे पर कोई ऐसा मिला उनके जैसा देश पे मर मिटने वाला तो उसे मन नहीं करुँगी.

वैसे सॉरी मेरी कोई बात आप को बुरी लगे तो

में ; सॉरी क्यों. मेरी साली मस्त हॉट सेक्सी हे ऐसे थोड़ी छोड़ दूंगा.

मेने श्रुति को एक हाथ से hi अपने ऊपर खींच लिया. वो मेरे ऊपर आ गई मेने उसे लिप्स पे किश चालू कर दी. उसकी पीठ पर हाथ गुमाना चालू कर दिया. मेरे बॉडी से खून लिया जा रहा था और में अपने बीवी की सहेली को मसल रहा था.

माधुरी बहार जाती हे. अपना मोबाईल निकल के शैतान को कॉल लगाती हे.

शैतान ; है बोलो डार्लिंग आज याद आ गई अपने प्यार की.

माधुरी ; आज में शहर से बहार जाउंगी देखने के लिए की मॉल कैसे ला सकू.

शैतान ; वैरी गुड तो अभी तो आ जाओ. बहोत डिल हे तुम्हे बगैर कपड़ो के देखने के लिए.

माधुरी हस्ती हे और बोली.

माधुरी ; वो भी 4 घंटे बाद. अभी बज हु.

शैतान ; आज तुमने उस्मान के साथ अच्छा नहीं किया वो मेरा आदमी हे.

माधुरी ; सुकर करो मेरा पति साथ न होते तो उसे वही जान से मर देती. समझाओ अपने कुत्ते को पुलिस वालो पे हाथ लगाया तो हम उसे मिटटी भी नसीब नहीं होने देंगे. शाम को मिलती हु.
 
माधुरी सोचती हे शैतान बस में आएगा नहीं उसे बस में करना हे तो उसे पुराने वक्त में ले जाया जय जब वो और माधुरी एक hi छत के निचे रहा करते थे. जब माधुरी स्कूल में पढ़ रही थी. या उसकी नियत के हिसाब से आम हौस्विफे बन के जाए. माधुरी को समाज नहीं आ रहा था. माधुरी को ये पता थी. जिस वक्त माधुरी स्कूल में पढ़ रही थी. ऐसा कोई दिन नहीं था जब उसने माधुरी को न भोगा हो.

माधुरी भी ऐसी थी. चाहे जितनी बार उसे भोगो हर बार वो बिस्तर पर एक नया एहसास देती थी. शैतान ने अपनी बहोत सी फेंटसी माधुरी से hi पूरी की थी. स्कूल की लड़की को स्कूल ड्रेस में, घर के आम कपड़ो में, कार में सोते हुई. बहोत सी. उसने माधुरी को दुसरो के साथ भी सरे करने वाली फंतासी माधुरी से hi पूरी की थी. कुल मिला कर माधुरी के बर्बादी का असली कारन शैतान hi थस. अशोक ने भी माधुरी के माँ का कातिल शैतान hi बताया था. लेकिन माधुरी पूरी तरह से उसका विश्वास नहीं करती.

माधुरी वैसे hi ये भी सोचती हे. जैसी माधुरी में हवस की भूख हे वैसी शैतान में भी हे. माधुरी बचपन से देखती आ रही थी की शैतान किसी भी हौस्विफे को देखता उसे छोड़ने के खयालो में खो जाता. उसे कोई पत्नी अपने पति से छुप कर उस से छुड़वाए उसे बड़ा मजा आता था. शैतान की ये भी एक फंतासी थी.

माधुरी को रास्ता मिल गया वो मुस्कुराई आज सैम उसे क्या जलवे बिखेरने हे क्या बात करनी हे. उसे सब िद्या मिल जाता हे. माधुरी अंदर जाती हे. अपने पति की बहो में अपनी दोस्त को

ये बे वजह की बातो में वक्त जहर मत करो किसी रइटर या रीडर्स पे नहीं सिर्फ स्टोरी की कमी या कामयाबी पे बाटे करो ये hi मेरी रिक्वेस्ट हे.
 
माधुरी ने शैतान से बात की. वो आज सिटी से बहार रेकी करने जाएगी. शैतान ने शाम को अपने साथ ऐयाशी करने का न्योता दे दिया. माधुरी ने भी फिर एक बार माइंड गेम खेलने का सोच लिया. शैतान की फंतासी का hi माधुरी ने इस्तेमाल करने की सोची थी. माधुरी जब अबदार गई तो अपनी दोस्त को अपने पति की बहो में देखा तो माधुरी जल गई. पीछे से आ कर उसने सुरभि को जातक दिया.

माधुरी ; साली मजाक मजाक में तू तो गले पद गई.

में देखता रहा माधुरी क्या कर रही हे.

सुरभि ; ऐसा तो क्या कर दिया मेने जो तू ऐसा बेहवे कर रही हे.

माधुरी को एहसास हुआ उसने क्या कर दिया. जब उसने देखा की उसके पति की बहो में उसकी बेस्ट फ्रेंड हे तो उसे ऐसा लगा जैसे उसका पति उस से छीन जाएगा.

माधुरी ; सॉरी सुरभि सायद.....

सुरभि ; सायद ह्म्मम्न.... सुकर हे तुजे समाज आ गया. मगर तेरे डिल की बात मुझे पता चल गई. अब जीजू हे वार्ना तुजे बता देती.

माधुरी ; वार्ना क्या बे साली तुजे सॉरी तो बोल रही हु.

सुरभि ; तुजे पसंद नहीं था तो पहले बोल देती. में आगे बढ़ती नहीं. आज के बाद हम न hi मिले तो अच्छा होगा.

सुरभि वह से जाने लगी. सायद सुरभि को एहसास हो गया की वो क्या चाहती हे. जो की वो गलत सोच रही हे. माधुरी का माइंड भी इस लिए डाइवर्ट हुआ क्यों की वो अपनी कहानी में वो दुसरो की कहानी जोड़ रही थी. दरसल शैतान ने कई लेडीज को भोगने के लिए माधुरी का सहारा लिया था. उस वक्त माधुरी शैतान से सच्चा प्यार करती थी. और शैतान सिर्फ उस से अपना बदला पूरा करने के लिए इस्तेमाल कर रहा था.

लेकिन बदला किस से पूरा करना हे ये माधुरी को आगे पता चल hi जाएगा. माधुरी ने अशोक की बातो का पूरा भरोसा नहीं किया था. उसे ये जान न था. शैतान को भी उसे अपना असली मकसद छुवाना था.

माधुरी ; देख सुरभि में सच में बोल रही हु. मुझसे गलती हुई मुझे माफ़ कर दे.

सुरभि ; कभी कभी किसी गलती के लिए वक्त नहीं मिलता. तेरे साथ भी वही हुआ कोई बात नहीं. मेरी दोस्त ने मुझे आइना तो दिखाया.

सुरभि चली गई. उसे वैसे बुरा नहीं लगता. क्यों की वो समाज जाती. उस वक्त उसे बुरा इस लिए लगा क्यों की तपन ने उसके दर्द को गलती से याद दिला दिया. माधुरी की हरकत से उसे ऐसा लगा जैसे वो अपनी hi बेस्ट फ्रेंड को छीन ने का इलज़ाम देना चाहती हो.

माधुरी ने अपने सर पे हाथ रखा. माधुरी की आँखों से अंशु आ गए. उसे अपनी गलती का एहसास तो हो गया. लेकिन उसे अपने दोस्त के खोने का एहसास हो चूका था. सुरभि वह से चली गई थी.

में ; तुम्हे पता हे वो सहीद की बीवी थी.

माधुरी ने सिर्फ है में सर हिलाया.

में ; में तुम्हे भी समाज सकता हु. क्यों की तुम मुझसे प्यार करती हो. लेकिन वो. वो बहोत ग्रेट हे. वव में उसकी डिल से रेस्पेक्ट करने लगा हु..

डॉक्टर आ गए खून में दे चूका था. मुझे डॉक्टर ने घर जा सकते हो ऐसा कहा. में हाथ मसलते हुए माधुरी के साथ निचे आ रहा था माधुरी नेउस थी.

में ; सुरभि ने दूसरी शादी सिर्फ इस लिए नहीं की क्यों की उसे उसके पति जैसा मुल्क से प्यार करने वाला डिल नहीं मिला.

माधुरी ; ( रट हुई) है में जानती हु सिर्फ 5 मंथ hi चली उसकी शादी.

में ; तुम समझदार हो जाओ उसे वापस ले कर आओ.

माधुरी ; वो इस वक्त नहीं मानेगी प्लीज आप जाओ उसे ले आओ मेरे लिए.

मुझे हसी आ गई में माधुरी को रट हुए नहीं देख सकता था. मेने मजाक किया.

में ; यार जाना hi पड़ेगा. 2 साली हे उसे तो तुम बीवी बना डौगी. अब एक तो मुझे भी चाहिए. वैसे हॉट साली को कोई रूठने देगा क्या.

माधुरी को हसी आ गई. वो मेरी तरफ हस्ते हुए देखने लगी.

माधुरी ; अब प्लीज जाओ ये बाइक आप के लिए हे. आप hi चलो.

मेने बाइक स्टार्ट की और जाने लगा माधुरी फिर बोली.

माधुरी ; सुनूँ साली हे आधी घरवाली हे. लेकिन सिर्फ आधी हे. तो सब आधा.

में सुरभि के घर की तरफ चले गया घर में घुसते hi सुरभि मुझे सामने hi दिखी.

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वो बहोत अपसेट पर बहोत हॉट लग रही थी.

में ; मुझे नहीं मालून था. मेरी साली इतनी हॉट होगी.

सुरभि फारस पे hi लेती हुई थी. मुझे देखते hi वो बेथ गई. क्या मस्त फिगर था. शामे माधुरी जैसा फिगर.

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मुझे सुरभि के लिप्स बहोत मस्त लगे मोठे और लाल. वैसे आज तो वो पूरी लाल थी. वो सायद बहोत रोइ थी.

सुरभि ; क्या उसे पता हे की आप यहाँ हो.

में ; है. मेने कहा था न में उसे छुपा कर कुछ नहीं करूँगा.

सुरभि ; फिर अब उसे दर नहीं की में कही आप को उस से छीन न लू.

में ; भाई दर तो लगेगी तुम इतनी हॉट और सेक्सी हो तो.

उसे तुमसे बहोत प्यार हे. तुम उसकी बेस्ट फ्रेंड हो तुम्हे भी थोड़ा झुकना चाहिए. वो भी जानती हे की उस से गलती हो गई. और उसे ये भी पता हे की ये गलती उसके नॅन्सीक तनाव के कारन हुई हे. तुम डॉक्टर हो. में चाहता हु की तुम उसकी मदद करो. उसे माफ़ कार्डो.

सुरभि ; चलो माफ़ी की कोई बात नहीं. लेकिन में डॉक्टर स्किन स्पेशलिस्ट्स हु. ज्यादा मास्टरी मेरी प्लास्टिक सर्जरी में हे मेरी. में फेस बदल सकती हु डिल नहीं.

में ; तुम उसकी दोस्त तो हो. उसकी दिमागी परेशानी हे सायद कुछ मदद करो.

सुरभि ; में पूरी कोसिस करुँगी वैसे एक डॉक्टर तो आप की सगी साली हे तो.

में ; शिल्पा?????

सुरभि ; है तुम्हे नहीं पता वो टॉपर साइकेट्रिक हे. गोल्ड मेडलिस्ट्स.

में ; वव वैसे तो में क्या संजू तुमने उसे माफ़ कर दिया.

सुरभि ; है बाबा. वो तो पागल हे. तो क्या उसे छोड़ दूंगी क्या बेस्ट फ्रेंड हे मेरी. देखना कल hi आएगी और ऐसा करेगी जैसे कुछ हुआ hi नहीं.

में खुश हुआ उसने माधुरी को माफ़ कर दिया.

में ; वैसे तुमने कुछ वादा किया था.

सुरभि ; क्या ????

में ; उसने खून चूसा तुम भी तो कुछ चुसोगी.

सुरभि शर्मा गई. उसने दातो टेल ऊँगली दबा लिआ

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सुरभि हसने लगी अब उसका मूड ठीक हो गया वो मुझे बहोत hi सेक्सी निगाहो से देखने लगी. काफी हॉट और हॉर्नी हो गई वो. उसकी आँखों में हवस नजर आने लगी.

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सुरभि ने सिर्फ निघ्त्य पहना था. उसके बूब्स बार बार उछाल रहे थे. रेड निघ्त्य में आधे से ज्यादा बूब्स बहार hi थे. कोई भी मर्द उसे इस हल में देखे और अपने आप पे कण्ट्रोल कर सके सायद न मुंकिन हे. वो जमीं पर hi बेथ गई और अपने हाथो को अपने सरीर पे रगड़ ने लगी.

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सुरभि सिर्फ मुझे hi देखे जा रही थी उसका भरा हुआ बदन. मुझे उसकी और बुला रहा था. वो घुटनो के बल धीरे धीरे चल कर मेरे करीब आई. मेरे एकदम करीब. मेरी कमर पे दोनों तरफ हाथ रख कर मेरी पेण्ट के ऊपर से hi मेरे लैंड को चुम लिया. अपना सर उठाया मेरी आँखों में आंखे दाल कर मुझे देखने लगी. वो बहोत ज्यादा प्यासी थी.

वो मेरे लैंड को पेण्ट के ऊपर से hi हल्का सा काटने लगी. लैंड खड़ा हो चूका था. इस लिए पेण्ट में से भी उसे मुँह में लेने में आसानी होने लगी.

सुरभि ; स्पेशल इन्वाइट हो आप जीजू. चूसने का वादा किया था मेने.

में ; तो क्या चूसना पसंद करोगी आज आप की फरमाइस hi पूरी होगी साली साहेबा.

सुरभि ; अक्सर प्यार खुसबू से सुरु होता हे और स्वर्ग तक जाता हे. मेरा आप पर वो हक़ नहीं हे. में स्वर्ग से सुरु करुँगी और खुसबू तक पहुचुँगी.

में उसकी बात समाज गया. आहिस्ता आहिस्ता अपनी लम्बी नोकीली उंगलियों से मेरे बेल्ट को खोलने लगी. मेरे पेण्ट को ुन्दरवरे सानेट पूरा निचे खींच लिया. मेने भी अपना पाव उठा कर उसे मदद की. वो एक बार मुझे सर उठा कर मुझे देखि. और बोली.

सुरभि ; क्या आप तैयार हो.??

में ; है जरूर मुझे खुसी होगी तुम्हारे साथ स्वर्ग जाने में.

सुरभि ने पहले मेरे लैंड के टोपे को छोटा सा किश किया फिर सर ऊपर कर के मुझे देखा. अपनी जीभ की नोक को टोपे के ऊपर से कुरेदते हुए मुझे देखने लगी. कुछ देर तक वो मुझे तरसती रही. में बहोत ज्यादा उत्तेजित हो गया. वो मेरा पूरा लैंड निगल गई. में अपने लैंड पे गिला पैन और जीभ की घिसाहट महसूस कर रहा था.

अब तक सुरभि का चूसने का अंदाज ोरो से मुझे अलग मिला. माधुरी के बाद मुझे कोई पसंद आई तो वो सुरभि निकली. वो मुझे बहोत पसंद आया.

में ; मुझे अफ़सोस रहेगा तुम मेरी ससस अहह आधी घरवाली हो.

सुरभि ; क्या करू साली हु न.

वो दोबारा लैंड को पूरा निगल गई वो मुझे एक नया एहसास एक नए रोमांच की तरफ ले गई. में काफी खुस था उसके साथ. में जल्दी झड़ना नहीं चाहता था मेने उसे दक्का दिया. वो पीछे गिरी. मुझे hi देखते कड़ी हुई. वो सोफे पर नेथ गई.

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सुरभि मुझे hi देख रही थी. उसकी नजरे प्यासी थी. जैसे कह रही हो आओ मेरी प्यास भुजा दो. में उसके करीब गया जमीं पर घुटने के बल बेथ गया. उसका पाव पाने एक हाथ से उठाया. और पनोजो के ऊपर किश कर दिया.

में ; अब मेरी बरी. उसकी रेड निघ्त्य को धीरे धीरे ऊपर उठते हुए में चूमने लगा आहिस्ता आहिस्ता चूमते हुए में घुटनो तक आ गया. क्या टंगे थी. भरी भरी सी मुलायम उसकी जंगे मोती थी किसी लोकि की तरह. वो कसमसा ने लगी. सुरभि के मुँह से सिसकारियां निकल ने लगी.

सुरभि ; सससससस अह्ह्ह्ह. जीजू बरसो से प्यासी हु.

वो अपने सरीर पे और बूब्स पे अपने हाथो को घिसने लगी.

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सुरभि खुद hi अपने हाथो से अपने बूब्स को मसलने लगी. में उसकी पंतय तक पहोच गया. अपनी दो उंगलिया फसा कर मेने निचे खींच लिया वो अंदर निचे और ऊपर से नंगी थी. उसकी छूट की ऊपर की चमड़ी पे एक सबनम की बून्द दिखाई देने लगी. मेने एक ऊँगली दे. फच से ऊँगली अंदर चली गई. अंदर से उसकी छूट बहोत गीली और गरम थी. में ऊँगली को अंदर बहार करने लगा.

सुरभि ; अह्ह्ह ससस जीजू. ाअब नाहीइ रहा जा जा जा तहा सससस उफ्फ्फ्फ़.

मेने ऊँगली निकली और उसके मुँह में डालने की कोसिस की. उसके मोठे से रेड लूप्स पर मेने ऊँगली घुमाई. वो ऊँगली को दातो से पकड़ ली. सुरभि मेरी ऊँगली को दातो से पकड़ कर प्यासी निगाहो से मुझे hi देख रही थी. में सुरभि की टैंगो को थोड़ा और खोल के उसकी गीली छूट पे अपनी लिप्स घिसने लगा. वो मचल गई.

सुरभि ; ुफस्सस्स जीजूउउ. सससससस.

में उसकी पूरी छूट पे अपनी लिप्स रगड़ ने लगा. सुरभि ने मेरा सर पकड़ लिया. वो मेरे सर को अंदर की तरफ प्रेस करने का ट्रे करने लगी. में उसकी छूट पे जोर जोर से मुँह चला रहा था.

सुरभि ; जीजू प्लीज जीजूउउ ससस कण्ट्रोल नहीं हो रहा अह्ह्ह सससस ाआजआऊवो ससस.

सुरभि का रास बहता जा रहा था. में खड़ा हुआ सोफे पर hi सुरभि को पलटा. सुरभि घुटनो के बल अपनी हिप्स को ऊपर उठा ली. उसका पूरा सर सोफे पे टिक गया. वो डौगी स्टाइल में बेंड थी.

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सुरभि की छूट के लिप्स पर मेने अपनी लोहे जैसी रोड के टोपे को रगड़ा. वो बेताब थी उसे अंदर लेने को.

में ; रेडी हो जानेमन????

सुरभि ; सससस अह्ह्ह प्लीज जल्दी करो जीजा शाहब मत तड़पाओ मुझे.

मेने धीरे से प्रेस किया गीली छूट में अंदर जाते कोई भी परेशानी नहीं हुई. मेरा पूरा लैंड सुरभि की छूट में समां गया. एकदम गरम गरम भट्ठी जैसी छूट मेरा लैंड महसूस हो रहा था. मुझे ऐसा लगा जैसे लैंड जल जाएगा. में मौका देख के रुक गया. सुरभि जैसे जन्नत में पहोच गई. उसकी आंखे बंद हो गई. उसका मुँह खुल गया. सुरभि की आवाज भी नहीं निकली. बस मुँह से गरम हवा hi निकली. जैसे जीवन का असली सुख उसने आज hi भोगा हो

सुरभि वो खुसी महसूस कर रही थी. वो सुख का एहसास कर रही थी की वो बयां नहीं कर सकती थी. बस उसके आंख से एक अंशु की धार निकल गई. मुझे भी उसका फेस देख कर ऐसा लगा जैसे वो दुनिया के आखरी हिस्से में किसी का इंतजार कर रही हो और वो उसे मिल गया हो.

आज में उसे ख़ुशी दे रहा था. मेने अपनी कमर को आगे पीछे करना सुरु कर दिया. वो मुझे अपने आखरी हिस्से तक महसूस कर रही थी. नजाने कितने वक्त से वो प्यासी थी. मेने सुरभि की कमर को अपने पंजो से जकड़ा हुआ था. में अपनी स्पीड बढ़ाना चाहता था. लेकिन सुरभि की और हो रही गीली छूट. जैसे कह रही हो. प्लीज कुछ वक्त और बिताओ मेरे साथ. आज सुरभि और मेरे बिच हो रहे सेक्स मेरे लिए काफी नार्मल था. लेकिन सुरभि के लिए जैसे पूरी कायनात पूछ रही हो बता तेरी राजा क्या हे. में थोड़ा स्पीड को बढ़ा कर उसे ख़ुशी दे रहा था. सायद वो भी शापनो की दुनिया से बहार आई. और बोली.

सुरभि ; जिजुओ थैंक ोूउउ सोऊ मछःह.

सुरभि बिलकुल आवाज निकले बिना सिर्फ सांसो की हवा से ये वार्डस बोली थी. में उसे समाज सकता था. क्यों की में भी हर रोज़ वैसा hi प्यासा माधुरी के लिए hi होता हु. में सब कुछ भूल के जोर जोर से झटके मरने लगा. थप थप की आवाज पुरे कमरे में गूंज रही थी. सुरभि की मोती मोती जंगे और थोड़ा सा पेट की चर्बी मेरे जातको से कपट हुई हिल रही थी. सुरभि ज्यादा नहीं टिक पाई वो जन्नत के आखरी हिस्से तक पहोच चुकी thi.or उसका सारा रास बहे गया. सुरभि का मुँह खुला और कपटी हुई आवाज में बस इतना hi कह पाई.

सुरभि ; अह्ह्ह्हह जीजूउउ.

सुरभि की कई सालो की प्यास आज भुज चुकी थी. वो ढीली हो गई मुझे लगा सायद देरी नहीं करनी चाहिए में भी स्पीड बढ़ा चूका था. और अंता तक पहोचने का प्रयास करने लगा. में भी कामयाब हुआ. मेरे प्यार की पिचकारी भी सुरभि की छूट में छूट गई. में कुछ वक्त तक वैसे hi उसके ऊपर hi. सुरभि की पीठ पर hi सर लगा कर रहा.

कुछ वक्त बाद में उसके बगल में बैठ के उसके फेस को hi देखता रहा.
 
दोस्त कोई भी स्टोरी या किस्सा अगर लिखा जाए तो वो भी टिपणी का मुहताज होता हे. कामदेवजी ने भी यशी किया हे. ये मुझे बहोत अच्छा लगा. प्रोत्साहन बिना कोई भी आगे नहीं बढ़ सकता कामदेव भी यही कह रहे हे. वो स्टोरी के स्टार्ट से hi साथ हे. मेरे ख्याल से वो गलत नहीं हे.

में चाहूंगी आप भी कमेंट पे नहीं स्टोरी पे ध्यान देंगे.
 
में सुरभि के पास बैठा सुरभि की जंगो पे हाथ घुमा रहा था. वो भी काफी खुश थी. सुरभि के फेस पे छोटी मगर प्यारी मुस्कान फेल गई.

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मेरे मोबाईल पे माधुरी का कॉल आया. सुरभि हसी और बोली.

सुरभि ; लाओ प्लीज मुझे दो साली को थोड़ा में भी परेशान करू.

सुरभि की बातो से मुझे भी हसी आ गई. माधुरी को पता नहीं थी की कॉल सुरभि उठाएगी.

माधुरी ; वो ठीक हे न.

सुरभि ; साली कुटिया नाटक मत कर तुजे मेरी कितनी फ़िक्र हे सब पता हे

माधुरी ; साली रैंड सॉरी तो बोल दिया उन्हें भी भेजा अब क्यों नाटक कर रही हे.

सुरभि ; हम्म्म्म्म साली बड़ी बनती थी आज जीजू को पूरा टेस्ट कर लिया ऊपर से निचे तक. अब उखडले जो उखाड़ना हो.

माधुरी हसने लगी .

माधुरी ; है साली शाम तक भेज देना.

सुरभि को भी हसी आ गई वो मुझे देखते हुए बोली.

सुरभि ; नहीं भेजूंगी. अब जीजू यही रहेंगे.

माधुरी ; साली तेरी छूट में ज्यादा आग लगी हे. बताना उन्हें में काम से बहार जाउंगी संको.

माधुरी ने कॉल काट दिया मुझे मालूम था दोनों गली दे रही हे मतलब वो नार्मल हे.

माधुरी जब उसका पति हॉस्पिटल से सुरभि के घर गया. वो जीप में बैठी ठाणे जाने के लिए सूखा हॉस्पिटल में hi रुका. जांय के पास. पहलवान और घसीटा ठाणे ने थे. माधुरी जैसे जीप ने बैठी उसे वो बैग जीप में मिला जो अशोक का था. माधुरी ने चैन खोली तो देखा अबदार पैसे थे. माधुरी ने जग्गू को कॉल लगाया.

माधुरी ; hello जग्गू कहा हो???

जग्गू ; मेम घर पे हु. मोनार्क भी यही हे.

माधुरी ; कुछ नई बनाया???

जग्गू; मेम मुझे बगोट कुछ प्रोग्रेस करनी हे. फ़िलहाल में एक ड्रोन पे काम कर रहा हु. मुझे और भी काम करना हे. लेकिन पैसे काम पड़ेंगे. जरुरत से ज्यादा सामान खरीदना हे ताकि में कुछ एक्सपेरिमेंट कर सकू. यहाँ जगह बहोत हे. लेकिन 2 3 लाख से ज्यादा नहीं होगा. काम से काम 25 30 लाख का खर्चा करना पड़ेगा.

माधुरी ; गुड मोनार्क को लेकर आ जाओ अभी.

जग्गू ; अभी??!

माधुरी ; है मेरे पास हे पैसे तुम सामान खरीदो में तुम्हारी हेल्प करुँगी.

जग्गू और मोनार्क सिटी बस में बेथ कर सिटी में पहोच जाते हे. माधुरी उन्हें पिक करती हे. माधुरी मोनार्क और जग्गू के साथ जीप में घूमती हे अलग अलग मार्किट में कई कैमरा, इलेक्ट्रिक सामान का कच्चा मटीरियल, और भी कई सनान खरीद लेते हे, सामान काफी ज्यादा तादाद में लिया गया. 23 लाख का सामान खरीदने के बाद जीप जग्गू के घर के तरफ दौड़ गई.

जग्गू ; मेम में बहोत कुछ बना न चाहता हु. आज आपने जो पैसा खर्चा किया हे वो हम ज़ायर नहीं जाने देंगे. आप देखते जाइये में क्या क्या करिश्मा करता हु.

माधुरी ; मुझे तुम पर भरोसा हे जग्गू. तुम्हारा टेलेंट का इस्तेमाल सही तरीके से हो तो तुम बहोत कुछ बदल सकते हो. आने वाला वक्त दुश्मनो से लड़ने के लिए नए टिके का इस्तेमाल करना बहोत जरुरी हे. मुझे तुम पर भरोसा हे.

मोनार्क ; मेम आप ने भरोसा किया अब देखो हम क्या करते हे.

माधुरी मोनार्क को देखती हे और स्माइल करती हे.

माधुरी ; तुम्हे घर चलने के लिए पेसो की जरुरत तो नहीं. ??

जग्गू ; नहीं मेम जरुरत होगी तो बता देंगे.

माधुरी ; मोनार्क तुम्हे???!

मोनार्क ; ( स्माइल ) पेसो की जरुरत तो नहीं बस एयर पोर्ट घूमने का मन हो रहा हे.

माधुरी है पड़ती हे मोनार्क भी हसने लगा.

माधुरी ; सेल कमीने तुजे बास्केट में hi लाना चाहिए था.

हसी मजाक करते माधुरी उन्हें अपने घर छोड़ दिया. माधुरी जग्गू और मोनार्क का इस्तेमाल कर के जंग की तयारी कर रही थी. उसे मालूम था. ये दोनों आने वाले वक्त में तुरुप का एक्का साबित होंगे. भले वो फाइट नहीं लड़ सकते लेकिन जग्गू और मोनार्क की मदद मिल जाए तो माधुरी जंग का रुख बदल देगी.

जग्गू और मोनार्क माधुरी के जाने के बाद सारा सामान मुश्किल से जग्गू के रूम में रखते हे. जग्गू और मोनार्क अपने स्टडी और साइंस की मदद से कई ेक़ुब्मेंट्स बना न चाहते थे. जो किसी ख़ुफ़िया विभाग इस्तेमाल कर सके.

माधुरी घर आती हे. आलिया और शिल्पा दोनों सो रहे थे. माधुरी अपने बैडरूम में जाती हे. और बीएड पे लेट कर सोचने लगती हे. वो सच जान न चाहती थी. की उसकी माँ किसी थी. आखिर क्यों उसके बाप और माँ के रिस्तो में खटास आई. क्या अशोक सच बोल रहा था. या अपना काम निकलवाने माधुरी का इस्तेमाल करना चाहता था. माधुरी को ये तो विश्वास था की अशोक सच बोल रहा हे लेकिन आधा सच. आखिर कोण उसे पूरा सच बता सकता हे.

माधुरी के मोबाईल पे कॉल आता हे. वो स्क्रीन पर देखती हे. वो था तिगर.

माधुरी ; बोलो जब काम होता हे तो गायब.

तिगर ; ऐसा मत बोलो डार्लिंग में हमेसा तैयार होता हु. पर तुम मुझे काम करने के लिए बुलाती hi नहीं.

माधुरी को पता चल गया वो क्या बोलना चाहता था. वो स्माइल करने लगी.

माधुरी ; आज शैतान ने बुलाया हे. आज मॉल लेन के लिए एरिया चेक करने जाएंगे.

तिगर ; देखना कही भी तुम किसी पिचर में मत आना. वो काम तुमसे करवाना चाहते हे.

माधुरी ; मालूम हे. वो में hi करुँगी लेकिन क्या तुम मुझे फॉलो करोगे.

तिगर ; में बरसो से तुम्हे फॉलो कर रहा हु.

माधुरी ; तभी तुम्हे पता चल गया अशोक के बारे में.

तिगर ; है यार क्या लग रही थी उस दिन मेरा तो लैंड खड़ा कर दिया था तुमने अभी तक खड़ा हे.

माधुरी ; वैसे मुझे बरसो से क्यों फॉलो कर रहे हो.

तिगर ; यार तुम मॉल hi ऐसा हो. ये तो वो गब्बू गोशा हे. तुम्हे पता गया नहीं तो.

माधुरी ; नहीं तो क्या.( स्माइल )

.

तिगर ; नहीं तो तुम्हे छोड़ छोड़ के 100, 200 बचो की मां बना दिया होता.

माधुरी जोर से है पड़ी. आलिया और शिल्पा भी जग गए.

तिगर ; तुम सभाल कर रहना वो बस्ती वाला उस्मान तुम पर नजर रख रहा हे. तुमपे वो बाद में हमला करेगा. पहले तुम्हारी फॅमिली पे हमला करेगा. उसने एक सर्प सुतार बुलवाया हे नेपाल से वो 3 डेज में आ जाएगा.

माधुरी ; तुम मेरे पति पर नजर रखना.

फोन काट हो गया माधुरी अलमारी के पीछे एक चोर दरवाजा खोलती हे. उसमे बहोत से हथियार रखे थे. उसमे एक स्निपेर गन भी थी.

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माधुरी के पास कई तरीके के हथियार थे सायद वो अपने आने वाले कल के लिए बहोत पहले से तैयार थी. वो अपने हथियार के जखीरे को देख रही थी की पीछे से आलिया आ जाती हे.

आलिया ; हां दीदी ये सब क्या हे.???

माधुरी सब छुपाना चाहती थी पर अब देर हो चुकी थी. लेकिन फायदा नहीं कोई तो रुक जाती हे.

माधुरी ; बेतु ये सरे हथियार हे.

आलिया माधुरी को और हथियारों को ऐसे देखती हे जैसे कोई बहुत देख लिया हो.

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माधुरी ; ऐसे मत देखो बेतु जो पूछना हे पूछो.

आलिया ; हमें क्या जरुरत हे इन सब की.

माधुरी साँस लेती हे सोचती हे 2 मिनिट बाद बोली.

माधुरी ; बीटा दुश्नण बहोत हे. कई बुरे लोग मुझसे बदला लेने के लिए तुम्हारे जीजू या तुम पर या शिल्पा किसी को भी मर सकते हे. ये सिर्फ तुम सब को बचने के लिए हे.

आलिया ; फिर मुझे भी सिखाओ में भी लाढूँगी सब से.

माधुरी ; नहीं आलू तुम अभी छोटी हो और ये सिर्फ बचाव के लिए हे समझी.

आलिया ; क्या दीदी मेरा फ़र्ज़ नहीं में भी आप सब के साथ आने वाली मुसीबत का सामना करू. हो सकता हे आने वाले कल में में hi सब को बचा सकू. अब हम सब फॅमिली हे तो ये लड़ाई मेरी भी हुई न.

माधुरी ; तुम अभी ये नहीं चला सकती इस लिए कड़ी ट्रेनिंग की जरुरत हे.

आलिया ; फिर दो न ट्रेनिंग ???

माधुरी ; तो क्या चाहती हो तुम.

आलिया ; में चाहती हु की जब आप सब को मेरी जश्रूरत हो तो में तैयार राहु. आप के लिए जीजू के लिए. शिल्पा दीदी के लिए भी.

माधुरी ; हम्म्म लड़की बड़ी हो गई हे.

माधुरी ; तो कल सुबह 4 बज तैयार मिली तो ट्रेनिंग स्टार्ट. अगर नहीं तो सब भूल जाना. में तुम्हे न जगाउंगी न बुलाऊंगी अब तुम्हे देखना हे क्या तुम तैयार हो या नहीं.

आलिया बड़े जोश में बोली में तैयार hi दीदी.
 
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