Meri Police wali Biwi - Page 14 - SexBaba
  • From this section you can read all the hindi sex stories in hindi font. These are collected from the various sources which make your cock rock hard in the night. All are having the collections of like maa beta, devar bhabhi, indian aunty, college girl. All these are the amazing chudai stories for you guys in these forum.

    If You are unable to access the site then try to access the site via VPN Try these are vpn App Click Here

Meri Police wali Biwi

माधुरी ठाणे पहोच जाती हे. मोनार्क और जग्गू के पास पहोच कर पूछती हे.

माधुरी ; है तुम लोगो ने कुछ काम भी किया या.???

जग्गू ; स्क्रीन पर देखिये.

ये हे राईस

ffed72472602f93ba1645e0a5cb3ed80.jpg


वैसे तो राईस की कोई ईद नहीं मिली. ऐसा लगता हे जैसे सोशल मीडिया उस hi नहीं करता. न व्हाट्सप न फब कुछ नहीं. ये फोटो हमने राज पुलिस की नेटवर्किंग से चुराई हे.

ये हे पिंकी. गोरी लम्बी, पतली खुबशुरत. ये किसी ज़माने में मॉडलिंग करती थी. मुंबई की किसी कंपनी में.

mahira-khan-hot-photos-16-1.jpg


Mahira-Khan-in-Raees-11.jpg


Mahira-Khan-in-Raees-13.jpg


ये साडी पिक्स पिंकी की हे. ये भी जोधपुर की hi हे. किसी ज़माने में इसका राईस के साथ चक्कर था. हमें इस लिए पता चला की जब हमने पिंकी की ईद ढूंढी. जब पिंकी की ईद मिली तो हमें उसकी ये राईस के साथ कुछ पिक्स मिली.

images-2.jpg


1593529624541.jpg


images-1.jpg


कुछ एक साल घूमे फायर होंगे बाद में राईस के तरीके से शादी यानि की निकाह पढ़ के मिया बीवी बन गए. ये रही उनकी शादी की पिक्स

9b78ff16def520e4e15da1e6635f3f23.jpg


कुछ वक्त बाद किसी ने पिंकी को मर दिया. ये भी हमने वह के लोकल अख़बार को ढूंढा. हमने सब पुलिस रिकॉर्ड से hi चोरी किया हे. पिंकी की मर्डर की वजह. कुछ लोगो की राईस से दुश्मनी hi थी. जब से राईस की बीवी पिंकी मरी तब से राईस और ज्यादा खुखार बन गया हे. आज के टाइम राईस ऐसा दीखता हे.

images.jpg


माधुरी तैयार हो जाती हे. और बताई जगह पे चली जाती हे. राईस ऐसा इन्शान था न वो पैसे के चक्कर में फास्ट और न hi वो किसी औरत के चक्कर में फास्ट. अपनी बीवी पिंकी के

मर्डर के बाद वो पागल सा हो चूका था. एक मर्डर केस में वो अंदर गया लेकिन सजा नहीं हुई. उसने बाद में कई मर्डर किये. अक्षर उसे रत में नींद नहीं आती थी. अकेली जिंदगी और खली पैन उसे काटने को दौड़ता फिर भी कोई औरत के चाकर में नहीं पड़ा सायद यही वजह थी उसकी क्रिमिनल लाइन में कामयाब रहने की. वही माधुरी ऐसी की उसे जो देखे वो उसका दीवाना हो जाता. उसके पास हर मर्ज की दवा थी.

आज उसका सन्ना राईस से होना था. माधुरी पहले hi जा कर बेथ गई. कैफ़े के आवर दूर के एक टेबल में जा कर माधुरी बैठी. राईस उसके पास से गुजरा लेकिन उसे पता नहीं थी की उसे माधुरी से hi मिलना हे. वो खजांची कोई मर्द होगा यही समज़ती थी. बल्कि माधुरी राईस को देखते hi समाज गई थी वो यही हे जिसे आज वो मिलने आई हे. राईस के मोबाईल पे एक no सेंड हुआ. वो मौलवी ने किया. लिखा था खजांची.

राईस ने वो no पे कॉल किया.

राईस ; hello खजांची???

माधुरी ; आउटसाइड टेबल पे आ जसिये.

राईस सोक हो जाता हे. क्यों की आवाज एक औरत की थी. मिट्ठी सुरीली. राईस कैफ़े के बहार वाले टेबल पे आया और देखा तो उसकी नजर hi नहीं हटी. एक खुबशुरत चहेरा. हल्का सा मेकउप. काळा बल, काली आंखे, गोरा मसंसा सुन्दर चहेरा जिस पे एक कामिनी सी मुश्कान थी. ब्लैक साडी में माधुरी क़यामत लग रही थी. उसका ब्लैक चमकता हुआ ब्रा जैसा ब्लॉउस छाती का हिस्सा भी गोरा गोरा. जिसपे माधुरी के यौवन का उठाव. तक़रीबन आधे से ज्यादा बूब्स तो बहार थे. कमी एक hi थी बस. बैठे होने के कारन वो माधुरी की नाभि और कमर का जायज़ा नहीं ले पाया.

वो माधुरी को बस देखे hi जा रहा था. सायद कई साल बाद उसके डिल में एक हसरत पैदा हुई. माधुरी ने भी देखा एक हैंडसम स्मार्ट जवान मर्द जिसकी प्यारी सी आंखे और आँखों में कई गम और दर्द था. कोई भी लड़की उसे देखे तो फ़िदा हो hi जाए. लेकिन खुद राईस माधुरी को बस देखता hi रहा.

IMG-20200630-202915.jpg


माधुरी ; जनाब सिर्फ देखते रहिएगा या तशरीफ़ भी रखोगे??

राईस बेथ जाता हे.

राईस ; मुझे लगा की.

माधुरी ; है है तुम्हे लगा की कोई मर्द होगा. तो काम की बात करे.

राईस ; लेकिन मुझे नहीं लगता आप इस काम के लिए बानी हो.

माधुरी ; (स्माइल) फिर आप बताओगे की में किस काम के लिए बानी हु.

राईस ; अरे अब क्या बताए. आप बहेतर होगा की किसी जवान मर्द की बहो में डिल बहलाए.

माधुरी ; सायद कुछ मर्दो के दिमाग में फितूर हे की औरत ये नहीं कर सकती वो नहीं. मर्दो को ओरतो से हरने का दर लगता हे. सायद.

राईस ; खुब्शुर्ति और गुरुर.

माधुरी ; हम्म्म गुरुर तो होगा hi. वैसे काम की बात करे. मौलवी से मेरी बात हो गई हे.

राईस ; इज़्ज़त बसिये उन्हें.

माधुरी ; क्यों वो खुदा हे क्या.

राईस ; है हे.

माधुरी ; आप के होंगे मेरा खुदा तो सिर्फ पैसा हे. जो इस काम के लिए चाहिए वो मेरे पास हे.

राईस सोचता हे.

राईस ; हमें आप की काबिलियत पे भरोसा नहीं हे.

माधुरी ; ( स्माइल ) सिर्फ औरत होने की इतनी बड़ी सजा.

राईस ; औरत इन कामो के लिए नहीं होती.

माधुरी ; तो फिर किन कामो के लिए होती हे.

राईस ; बहोत गुरुर हे तुम्हे. तुम्हे तो बहो में ले कर प्यार करने की जरुरत हे.

माधुरी ; वो मर्द कहा बचे हे आज कल जो मुझे अपनी बहो में ले ले.

राईस ; तुम बहो में भी असोगी. डिल में भी और बिस्तर पर भी आओगी.

माधुरी ; ख़याली पुलाव अच्छा पकाते हो आप.

राईस ; कल शाम को आप मेरी बहो में होगी.

माधुरी ; वो डिल हे जो मुझे पिग्ला सके.

राईस ; और पिगल गया तो ?

माधुरी ; तो में खुद अपने कपडे तुम्हारे सामने उतरूंगी और तुम्हे बिस्तर में प्यार का करुँगी.

राईस ; कभी हारता नहीं.

माधुरी ; वो तो वक्त hi बताएगा की तुम मुझे हरा भी पाओगी या नहीं.

राईस ; फिर में चलता हु. कल तुम खुद मेरे प्यार को काबुल भी करोगी और मेरी बहो में आओगी.

माधुरी जोरो से हस्ती हे.

माधुरी ; मुझे लगा प्यार जैसी कोई चीज होती hi नहीं सिर्फ संजोता होता हे. खेर देखते हे.

माधुरी कड़ी हुई तो वो माधुरी को बस देखता hi रहा.

IMG-20200630-202945.jpg


माधुरी ; सोच रहे हो की में बिना कपड़ो के किसी दिखूंगी.

माधुरी ; तुम हर जाओगे. बहेतर होगा की काम की बात कर लो.

उष्मन बी कर के वह से चला गया. माधुरी के गेम में इस बार कुछ नई होने वाला था. इस बार कोई नार्मल नहीं कुछ बड़ा होने वाला था. राईस उन लोगो जैसा नहीं था जो औरत के बदन के चक्कर में जान गवा दे.

हम सब शाम को बहार खुले में होटल रेस्टोरेंट में देना के लिए मिले. मेने वङ्का की बोतल मंगवाई. आलिया को सरब से नफरत थी. शिल्पा और ेराम ने वाइन ली. में पग पे पग खींचे जा रहा था. ेराम वह से कड़ी हुई और अपने रूम में चली गई. में बैठा बैठा पग भी लगा रहा था और शिल्पा की जंगे भी मसल रहा था. वो भी मेरे लैंड पे हाथ घुमा रही थी. शिल्पा के मोबाईल पे कॉल आया. शिल्पा कड़ी हुई और साइड चली गई.

शिल्पा ; hello है तू अपने रूम में hi हे न?

ेराम ; है बाबा तू उन्हें जल्दी भेज पूरा बदन जल रहा हे. सैस बहो में लेने को.

शिल्पा ; ये नाटक बंद कर तुजे पता हे. मुझे ये तेरी बकवास पसंद नहीं.

ेराम ; तो क्या में उनके साथ.

शिल्पा ; तेरी तरह काणिनी नहीं हु. में बस इस लिए मणि क्यों की तूने उनकी जान बचाई हे. समझी.

ेराम ; समाज गई यार में भी उनसे प्यार करती हु प्लीज यार.

शिल्पा ; तेरे प्यार की उन्हें जरुरत नहीं हे. अब फोन रख .

ेराम ने फोन रख दिया. शिल्पा की आँखों में अंशु थे. सायद वो ये नहीं चाहती थी.

मुझे बहोत नशा हो रखा था. आलिया भी पता नहीं क्यों और किसपे नाराज हुई और हमारे रूम में चली गई. आलिया का जाना नुजे अच्छा नहीं लगा. में फुल थाली था. मुझे होश इतना hi था की में उठा के जा सकू. शिल्पा आई मेरे पास.

शिल्पा ; आप इतना क्यों पि रहे हो. आप उठो चलो रूम में आप को नशा हो गया हे.

शिल्पा ; आलू कहा हे??

में ; पता नहीं. तुम आलिया को लेकर ऊपर आओ में ऊपर जा रहा हु.

शिल्पा ; ठीक हे पर क्या आप अकेले जा पाओगे क्या??

में ; है बेशक अभी तो तुम और आलू को रत भर प्यार भी करूँगा.

शिल्पा के फेस पे स्माइल आ गई.

शिल्पा ; है बाबा अब जाओ और मत पीओ.

शिल्पा ने मेरा पग लिया और खुद पि गई. में नशे में था. मेने ये नहीं देखा हम कहा हे. में शिल्पा को बहो में लेकर एक लम्बी किश कर दी और बूब्स भी दबा दिया.

शिल्पा ; ससस क्या कर रहे हो ऊपर तो चलिए.

में घुमा और जाने लगा थोड़ी टंगे फेल रही थी पर पता सब कुछ चल रहा था. में लिफ्ट से ऊपर पहोचा. में मेरे रूम के सामने खड़ा हुआ. पता नहीं क्या हुआ. में वह से थोड़ा पीछे ेराम के रूम के सामने आया. मुझे ेराम आज बार बार याद आ रही थी.

जब तपन ऊपर जाने लगा तो शिल्पा ेराम को कॉल करती हे.

शिल्पा ; hello वो ऊपर आ रहे हे. अब तेरा नशीब में जबरदस्ती उन्हें नहीं भेज सकती.

ेराम ; वो मेरे साथ कुछ करेंगे तो न??

ेराम शर्मा रही थी. फेस पे स्माइल ऐसी की जैसे उसकी सुहागरात हो.

ेराम अगले एडवेंचर के लिए तैयार थी.

शिल्पा ; देख तूने उनकी जान बचाई सिर्फ इसी लिए. और उनकी मर्जी हो तो hi समझी. जबरदस्ती की तो दीदी से बोलके जान से मरवा दूंगी.

ेराम ; है है में जबरदस्ती नहीं करुँगी. बस हमें अकेला छोड़ देना तुम्हारे सामने वो कुछ नहीं करेंगे.

शिल्पा ; ठीक हे तुजे सिर्फ 2 घंटे मिलेंगे.

ेराम ; ठीक हे.

में ेराम के दूर के पास hi खड़ा था. मेने दूर प्रेस किया. सामने का नजारा देखा तो बस देखता hi रहे गया.

14-34-2201738404-ll.jpg


वो भी दूर की तरफ hi देख रही थी. क्या सेक्सी हॉट लग रही थी. उसे देखते hi मेरे खून में गर्मी और बढ़ गई. क्या उसका फिगर था. क़यामत ध रही थी. मुझे देखते hi तुरंत hi बेथ गई वो.

Djfs-KIx-X0-AUBw9m.jpg


मुझे मालूम था. आप आओगे जरूर. में सिर्फ ेराम को hi देखता रहा. उसका फेस उसका फिगर, हॉट बूब्स. उसकी गोरी गोरी टंगे जो घुटनो तक दिखी दे रही थी.

14-33-3609098403-ll.jpg


ेराम भी मुझे बहोत hi नशीली निगाह से देख रही थी. उसे ये पता चल चूका था मेरा दयँ उसके बूब्स और उसकी. टैंगो पे हे उसने अपनी एक तंग को फॉल्ट किया और वैसे hi बैठी रही.

14-32-1979138401-ll.jpg


ेराम बार बार अपनी उंगलिया अपने होठो पर घिस रही थी उसकी नशीली आंखे मुझसे सवाल पूछ रही थी. जैसे क्या आज रत तुम मुझसे प्यार करोगे.

में ; देखो टुम गलत समाज रही हो.

ेराम ; में कुछ भी गलत नहीं समाज रही. आप को भी मुझसे प्यार हे बोलो मुझसे प्यार हे न. बोलो तुम्हे मेरा जिस्म पसंद हे न

14-32-5364338402-ll.jpg


ेराम बार बार मुझसे पूछ रही थी. और अपने बदन को भी दिखा रही थी. में बाहेक रहा tha.mera दयँ उसकी टैंगो पे ज्यादा जा रहा था.

ेराम ; बोलो न क्या तुम मुझे बिना कपड़ो के देखना नहीं चाहते. बोलो मेरे साथ प्यार करना नहीं चाहते. तुम इसी लिए तो आए हो.

में ; नाहीइ.

में होश में नहीं था. लेकिन मुझे शराब से ज्यादा ेराम का नशा हो रहा था. वो भी मुझे बहका रही थी. अचानक उसने अपनी एक तंग फॉल्ट थी उसे थोड़ी और आगे किया जिस से उसकी भरी भरी जंगे साफ दिखने लगी

Dja-x4-XXc-AEs1-Pc.jpg


ेराम ; क्या सिर्फ देखो गए. छुओगे नहीं आओ मेरे करीब आओ. ेराम ने मेरा हाथ खींचा और अपनी नंगी जंगो पे रख दिया. मेरा लैंड भी पूरा अकड़ गया. वो मेरा हाथ पकड़ के अपनी जंगो को सहेला रही थी. उसकी मुलायम जंगे भी इतनी कोमल थी में भूल गया की मुझे वह से हाथ हटा लेना चाहिए. अचानक उसने मेरे हाथ को ऊपर और खिसकाया. मेरा हाथ उसकी पंतय पे चले गया. जो थोड़ी गीली हो गई थी. मेने अपना हाथ खींचने की कोसिस की वो मेरा हाथ नहीं छोड़ रही थी.

2a1c38a561b7ebf0c6d83c177b727e33.jpg


सेक्सी निगाहो से देखती ेराम ने अपने दोनों टैंगो को खोल कर. अपने छूट का हिस्सा दिखने लगी. मेरा सर घूम गया. शराब का नशा ज्यादा हावी हो गया. में बस ेराम की नशीली आँखों में खोता चला गया. मुझको को होश hi नहीं था मेरे साथ क्या हो रहा हे. ईरान अपनी दोनों टैंगो को खोल कर मेरी ऊँगली अपनी छूट में घुसा देती हे. मेने भी हाथ नहीं खींचा. अंदर एक डैम गर्म गरम जैसे मेरी उंगली जल जाएगी. वो मेरे हाथो को पकड़ कर ऊँगली अंदर बहार करने लगी. में खड़खड़ाते उसके और करीब आया. उसकी टैंगो को फिर छूट को चूमने लगा. वो सिसकारी भरी और बोली.

ेराम ; ससस देखो में कितनी सुन्दर हु. तुम मुझे प्यार करते हो न.

अब मुझे पता hi नहीं था में क्या बोल रहा हु.

में है तुम बहोत सुन्दर हो मधु में तुमसे बहोत प्यार करता हु.

ेराम ने एक बार तपन को देखा और गुस्सा हो गई. उसकी आँखों में अंशु आ गए. वो चाहती थी. तपन उसे ेराम समाज कर प्यार करे लेकिन वो तो ेराम को माधुरी समाज रहा था. तपन ने अपने होठो से ेराम के छूट के डेन को मशाल दिया. ेराम को एकदम झटका लगा. उसकी आंखे फटी की फटी रहे गई. उसकी छूट ने लसलसा पानी छोड़ना सुरु कर दिया.

ेराम सोचती हे वैसे भी तपन उसका कभी नहीं होगा काम से काम इस मोके को वो हाथ से न गवाए कुछ hi पल धोखे से hi सही. उसे प् तो ले. तपन को वो ऊपर खींचती हे तपन ऊपर भी खिसक गया वो ेराम के पेट पे अपनी कोणी तक कर ेराम के बूब्स को मसलने लगा. ेराम का ऊपर के हिस्से को फाड् कर तपन ने ेराम के बड़े बड़े बूब्स निकल लिए. वो उसे भी जोर जोर से चूसने लगा. ेराम इतनी दीवानी हो गई की पेट में जो तपन ने कोणी टेकि उसका दर्द भी वो महसूस कर रही थी.

ेराम को पता चल गया तपन को नशा ज्यादा हे वो उसे छोड़ नहीं पाएगा. ेराम ने तपन को पलट के गिराया. और उसपे चढ़ gai.tapan की आंखे अब भी खुली थी. ेराम ने तपन को निचे से नंगा कर दिया. ेराम देर नहीं करना चाहती थी. ेराम ने तपन के लैंड को सहलाया वो पहले से hi सख्त हो चूका था. ेराम जिकी तपन को लैंड को चूमि और अपने गले से लगा दिया. वो तपन के लैंड को अपने गलो से लगाती और सिसकारियां भर्ती हुई बोली.

.ेराम ; सससस ी लव यू तपन सससस तुम बहोत प्यारे हो सससस प्लीज मुझे तुम जैसा बीटा देदो. में वादा करती हु तुम सबसे कही दूर चली जाउंगी. ेराम के सामने वाली बिल्डिंग से दोनों को माँ और आलिया दूरबीन से देख रहे थे. माँ ने देखा ेराम तपन का लैंड चूस रही हे.

माँ ; आलिया बीटा तेरा पति तो नशीब वाला हे. हीरोइन हो या विलन सब उसकी दीवानी हे.

आलिया को गुस्सा आया. अपनी राइफल कॉक कर के बोलती हे.

आलिया ; साली की अभी खोपड़ी उदा देती हु.

माँ ; नै आलू रुको. जब तक दुश्मन का मकशद पता न चले उसे मरना बेकार हे.

आलिया ; मुझसे नहीं देखा जाता वो मेरे शोहर हे.

आलिया वह से हैट गई और वह से जाने लगी. माँ ने देखा आलिया वह पे नहीं हे.

माँ ; आलिया बीटा वापिस आओ.

ेराम तपन के लैंड पर सवार जम्प कर रही थी. वो अपने बदन को मशालते हुए सिसकारी भर रही थी. वो बहोत स्पीड में तपन के लैंड पर उछाल रही थी. तपन को तो होश नहीं था. मगर शराब के साथ सेक्स के नशे में लीन था. माँ को आलिया की फ़िक्र होने लगी. वो भी कड़ी हुई और आलिया को ढूढ़ने फ़ास्ट जाने लगी. आलिया सीढ़ियों पर बैठी रो रही थी. माँ को जब आलिया मिली तो उसे रहत हुई

माँ भी आलिया के पास जा कर बेथ गई

माँ ; पता हे बीटा तू हो या में या तेरी बहने हम सब की कमजोरी हमारे पति hi हे. हम अपने पति को भगवन का दर्जा देते हे. और अपने पति को खुश रखने के लिए कुछ भी कर सकते हे.

आलिया रोटी हुई बोली.

आलिया ; में अपने शोहर को जानती हु. उनकी आँखों में उस गन्दी औरत के लिए कही भी प्यार नजर नहीं आया.

माँ ; वह तो तुम आंखे भी पढ़ती हो.

आलिया स्माइल करने लगी वो शर्मा गई.

सब के चाकर में ेराम क्या कर रही हे वो नहीं देख पाए.

वही ेराम कूड़े जा रही थी. तपन के सख्त लैंड जड़ने का नाम नहीं ले रहा था. ेराम एक बार ज़द चुकी थी दूसरी बार जड़ने की कगार पे थी अचानक ऐसी गुदगुदी हुई और ेराम दिस्री बार ज़द गई. साथ तपन भी ज़द गया. तपन की पिचकारी ने ेराम को अंदर तक बिगो दिया. तपन का डीएनए अब ेराम के पास था. अंदर उसकी कोख में. वो कुछ पल वासी hi उसे बहो में लेकर लेती रही.

ेराम उठी और तपन को जगाने की कोसिस की.

ेराम ; उठो. तपन उठो सो गए क्या??

ेराम को पता चल गया की तपन अब बेहोश हे. वो अपने ऊपर से फाटे कपड़ो में hi कड़ी हुई. उसके बूब्स लटक रहे थे. ेराम अपने अलमारी में से एक बैग निकला. बैग ने गन्स भी थी. अंदर से एक लेपटॉप निकला और एक छोटी सी स्केनिंग मातचीन. स्केनिंग मशीन को लेपटॉप से जोड़ा और लेपटॉप ों किया. फिर तपन की चेस्ट पे बेथ गई. तपन के सर को पकड़ कर तपन की एक आंख खोलती हे और स्केनिंग मातचीन से चेक करती हे.

ेराम कड़ी हुई और मौलवी को कॉल करती हे.

मौलवी ; बोलो वही हे न??

ेराम ; नहीं ये वो नहीं हे. मेने आंखे चेक की.

मौलवी ; (शॉकिंग ) क्या बकवास कर रही हो. ऐसा कैसे हो सकता हे.

ेराम ; है है मेने खुद चेक किया हे.

मौलवी ; उसकी फिंगर प्रिंट भी चेक की.

ेराम ; करती हु.

ेराम ने फिगर प्रिंट को चेक किया.

ेराम ; मेने पहले भी बोलै था. ये तिगर नहीं हे.

मौलवी ; लाइफ में पहेली बार धोखा खाया हु.

ेराम ; अब्बू देखो ये बेगुनाह हे. में इनसे ढिल्लो जान से महोब्बत करती हु. अगर आप ने इन्हे कुछ किया तो आप को में कबर में जिन्दा दफ़न कर दूंगी.

मौलवी ; जैसा तुमने अपनी अम्मी को किया था.

ेराम ; वो सिर्फ आपका हुकम अड्डा किया. अब तक आप के लिए जीती रही. मगर इनको कुछ हुआ तो आप को जहनुम तक पहोचने से भी में नहीं चुकुंगी

मौलवी ; बेवकूफ हो तुम महोब्बत जैसा कुछ नहीं होता.

ेराम ने कॉल काट कर दिया. ेराम और तपन को सामने वाली बिल्डिंग से दूरबीन से जहा आलिया और माँ देख रहे थे. वही उसकी विंडो के बगल वाले रूम की विंडो से शिल्पा देख रही थी. हाथो में दूरबीन लिए मुस्कुराती हुई बोली.

शिल्पा ; ( स्माइल ) वाओ लगता हे. बकरी ने बर्फ खा लिया.

माधुरी शरमाते हुए राईस के सामने कड़ी थी. वो बहोत शर्मा रही थी.

IMG-20200702-202534.jpg


सलवार कमीज़ में माधुरी का लुक क़यामत लग रहा था. राईस भी माधुरी को देख के पाजामे के ऊपर से अपने लैंड को मशाल रहा था.

माधुरी ; देखो प्लीज आगे मत आओ.

राईस ; आगे नहीं आऊंगा तो तुम्हे बहो में कैसे लूंगा मेरी जान.

माधुरी पूछे हैट ते. अपने पीछे वाले बीएड पे बैठ गई.

IMG-20200702-202517.jpg


माधुरी ; बहो में ले कर क्या करोगे.

राईस ; तुम्हे चूमूंगा तुम्हारे बदन को सहलाऊंगा. तुम्हे बेपर्दा करूँगा. फिर तुम मेरे बचे पैदा करोगी बोलो.

माधुरी शर्मा कर अपना मुँह छुपा लेती हे.

माधुरी ; ससस हीी.

राईस ने माधुरी की कलाई पकड़ी और खींच कर बहो में लिया. वो माधुरी को किश करने hi वाला था की किसी की आवाज आई.

गुंडा ; भाईजान उठो उठो भाईजान आज क्या हो गया. आज तो भाईजान आप की नींद hi नहीं खुली. मांजरा क्या हे.

राईस को नींद से उठने के बाद पता चला वो शापना देख रहा था. राईस सोच में पद गया आज तो कुछ करना hi पड़ेगा.

वही आलिया माँ के साथ hi पूरी रत गुजर कर वापस आती हे. शिल्पा और तपन अब भी सो रहे थे. आलिया बाथरूम में बैठे बैठे सोचती हे. जिस बन्दे को आलिया ने मारा. उसका मोबाईल अब भी आलिया के पास hi था. लास्ट टाइम आलिया ने डीके को उसी no से धमकी दे दी थी. आलिया को ये पता चल गया था की गोवा में उसके पति पर जो हमले हुई हे वो सभी डीके ने करवाए हे. डीके को भी ये पता चल गया था की कोई तो हे जो तपन को बचा रहा हे. उसे नहीं मालूम था की वो आलिया hi हे. आलिया ने डीके को ये तक कहे दिया था की तुजे में hi मरूंगी. अब आलिया डीके से हमले का बदला लेने चाहती थी. लास्ट टाइम उसके पति के साथ जो हुआ वो न माँ देख पाई न hi आलिया. लेकिन शिल्पा थी जो सब देख भी रही थी और स्माइल भी कर रही थी.

सुरभि मॉर्निंग में हॉस्पिटल गई. आज उसे मुर्दा घर से स्किन चोरी करनी थी. किसी लेडी की जो फ्रेश मरी हो. हॉस्पिटल में 3 लेडी की बॉडी थी. जो 2 दिन की थी. वो जगह का मुआइना कर रही थी. उसने देखा की रत के वक्त गार्ड काम होती हे. उसने थान लिया आज रत वो स्किन चोरी करेगी.

माधुरी को ठाणे में एक इंविटिओं आया. महिला मुक्ति केंद्र की तरफ से. वो उस प्रोग्राम को देखने के लिए गेस्ट थी. माधुरी भी काफी वक्त से अपने लिए टाइम नहीं निकल पाई थी. उसने देसीडे किया वो उस प्रोग्राम को देखने जरूर जाएगी. माधुरी उस प्रोग्राम को देखने गई. दोपहर का वक्त था. कई नारी डांस कर रही थी. माधुरी बड़े hi ध्यान से डांस देख रही थी. माधुरी ने उस प्रोग्राम में सिंपल फुल साड़ी पहन कर गई थी. राईस भी उस प्रोग्राम में पहोच गया. उसकी नज़ारे माधुरी को दूध रही थी.

उसकी नजर भीड़ में बैठी माधुरी पर गई.

IMG-20200702-100214.jpg


मुस्कुराता हुआ खुबशुरत चहेरा देख के राईस के डिल पे छुरिया चल गई. राईस बिच में जा कर माधुरी के बगल में एक बूढ़ा बेतह था. उसे पिस्तौल दिखा कर उठा देता हे. और उसकी जगह खुद बेथ गया. वो माधुरी के फेस को एक डैम नज़दीक से देखता हे. सायद माधुरी डांस देखने में बज थी. माधुरी को इतनी करीब से देख कर उसके होठ भी सूखने लगे.

IMG-20200702-100201.jpg


गोरा मुखड़ा माथे पे बिंदिया. मस्त हीब्रू. काली आंखे प्यारी सी स्माइल. रेड लिपस्टिक में माधुरी के रसीले होठो को देख के राईस को अपने आप को रोक पाना बहोत मुश्किल लग रहा था.

IMG-20200702-100148.jpg


माधुरी भी सिंपल लुक में इतनी मस्त सजी सॉरी थी की जो भी देखे उसका डिल उसपे आ जाए. राईस ने धीरे से हाथ लेजा कर माधुरी की पतली कमर पे चुटकी कटी. माधुरी ने बगल में देखा की राईस हे तो वो चोकते हुए धीमे से बोली.

माधुरी ; आउच ससस तुम. तुम यहाँ क्या कर रहे हो? ( धीमी आवाज में)

राईस ने माधुरी का एक बूब्स दबा दिया. और बोलै.

राईस ; ( स्माइल ) तुम्हारा डिल चुराने आया हु.

माधुरी ; ससस aauch.ssss छोडो जाओ यहाँ से. में कोई गुड़िया नहीं हु. जो आसानी से हाथ आ जाउंगी. छोडो.

माधुरी राईस का हाथ हटा देती हे. लेकिन राईस फिर से पकड़ लेता हे.

माधुरी ; नखरे करि हुई बोली. एक बार बोलै न हाथ मत लगाओ जाओ यहाँ से. लेकिन माधुरी उसका हाथ नहीं हटा पति. ससससस... अह्ह्ह्ह...

पीछे से एक बूढ़ा बोलै.

बूढ़ा ; क्या हुआ बेटी कोई प्रॉब्लम हे???

राईस ; अरे में पति हो कर इतने सालो में इनकी प्रॉब्लम नहीं सोल्वे कर पाया आप कैसे कर डोज अभी.

बुद्धा ; ओह्ह्ह मिया बीवी हो कोई बात नहीं. ( स्माइल )

माधुरी उनकी बात सुनती हे तो उसके फेस पे स्माइल आई. वो अपने मुँह पे हाथ रख देती हे. राईस उसका फायदा उठा के माधुरी के पल्लू को थोड़ा खींच के अपने हाथो को धक् देता हे.

माधुरी ; छोडो यार यहाँ नहीं. सससस प्लीज.

राईस ; शर्त हे भाई बोलो हर गई. अपना डिल मुझे दे दिया.

माधुरी बस नाम मात्रा का विरोध करती हे. वो बस हलके हाथो से राईस का हाथ हटाने की कोसिस कर रही थी.

माधुरी ; ससस आए बड़े मेरे पति बन ने. सससस में हर नहीं मानूंगी.

राईस अपने हाथो को माधुरी की जंगो पे रख देता हे. माधुरी भी उसके हाथो पे अपना हाथ रख कर उसे रोकने की कोसिस करती हे.

माधुरी ; प्लीज ससससस मत करो ऐसा आअह्ह्ह्ह.

राईस माधुरी का हाथ पकड़ कर अपने लैंड पे रख देता हे. माधुरी की आंखे बंद हो चुकी थी. माधुरी राईस के लैंड को पेण्ट के ऊपर से hi सकती से मुट्ठी में भर लेती हे.

माधुरी ; प्लीज हाथ हटालो na.sss प्लीज.

राईस हाथो को घूमते हुए माधुरी की दो टैंगो के बिच में हाथ घुसा देता हे. माधुरी की टंगे अपने आप थोड़ी खुल गई. राईस ने देर नहीं की और साड़ी को थोड़ा ऊपर उठा के हाथ अंदर दाल दिया. माधुरी ने उसका हाथ पकड़ लिया. माधुरी चौक गई.

माधुरी ; ( सोक ) ये क्या कर रहे हो.

राईस का हाथ तो माधुरी की जंगो तक तो जा चूका था.

राईस ; अपनी होने वाली बीवी को पता रहा हु.

माधुरी अपनी जीभ बिकल के बोली. ोू आए बड़े बीवी बना ने वाले.

माधुरी की बचकानी आड़े और नखरे राईस के डिल को घायल कर रहे थे. राईस ने माधुरी की जंगो से हाथ को और ऊपर ले गया. और जाट से माधुरी के छूट के डेन को मुट्ठी में भर लिया. माधुरी टिल मिला गई.

माधुरी ; नहीं हाथ हटाओ please.sssss आह्ह्ह्ह.

राईस छूट के डेन को मशाल ने लगा. माधुरी का भी बर्दाश कर पाना मुश्किल था.

राईस ; बोलो मुझसे प्यार हे???

माधुरी ; सससस नहीं तुम पे भरोसा नहीं हे सससस.

राईस ; कोई बात नहीं. बताओ मुज में तुम्हे क्या पसंद हे.

माधुरी की आंखे बंद थी. उसके दोनों हाथ राईस को रोकने में बज थे. वो कोई जवाब नहीं देती. राईस एक डैम से दो ऊँगली से छूट के डेन को मशाल देता हे. माधुरी की छूट hi नहीं पेंटी भी और राईस की दो ऊँगली भी गीली हो गई.

माधुरी ; अह्ह्ह ससस रुको प्लीज बोलो में सब बोलूंगी.

राईस ; ( स्माइल) तो बताओ मुज में तुम्हे क्या अच्छा लगा.

माधुरी ने अपनी उनके बंद कर राखी थी. वो अपने होठो को दातो टेल दबती हे और बोली.

माधुरी ; सससस अह्ह्ह्ह तुम्हारी सससस आंखे सससस बहोत प्यारी हे. ससससस .

राईस ; तुम मुझे अपने बॉडी का कोई भी एक होल चूसने डौगी.

माधुरी ; सससस बिलकुल नाहीइससस.

राईस ने उंगलियों का दबाव बनाया और जोर से मशाल ने लगा.

माधुरी ; सससस अच्छा ok ससस प्लीज चलो यहाँ से सससस छोडो.

राईस छोड़ता हे. और खड़ा हुआ. माधुरी अपने आप को ठीक करती हे और कड़ी हुई तो पीछे वाले बूढ़े पे नजर गई. वो अपने लैंड को मशाल रहा था. माधुरी अपने फेस को राईस के चेस्ट में छुपा लेती हे और बोली. धीमी आवाज में.

माधुरी ; जल्दी चलो यहाँ से.

जैसे hi हॉल से बहार आए तो माधुरी ने राईस को एक चटक से लफा जड़ दिया और गुस्सा होते हुए बोली.

माधुरी ; शर्त डिल चुराने की हुई या बदनाम करने की. शादी शुदा हु में. काम अपनी जगह फॅमिली अपनी जगह.

राईस ने अपने गाल को हाथ भी नहीं लगाया. और बोलै.

राईस ; आज तक राईस को किसी ने हाथ तक नहीं लगाया जिसने कोसिस की वो ऊपर पहोच गया. तुम नशीब वाली हो तुमपे डिल न आया होता तो जिन्दा नहीं बचती.

राईस का मासूम फेस देख के माधुरी पिघल गई. वो जाते राईस का हाथ पकड़ा और बोली.

माधुरी ; अच्छा सॉरी सॉरी. देखो तुमने भी तो गलत किया. अच्छा में तुम्हारी शर्त पूरी करुँगी प्लीज माफ़ कार्डो.

माधुरी ने अपने कण पकड़ लिए. माधुरी की मासूमियत देख कर राईस के फेस पे स्माइल आ गई.

माधुरी ; ( स्माइल) बदमाश चलो अब मेरे साथ.

माधुरी राईस को अपनी जीप में बिठा कर अपने घर की तरफ ले जा रही थी.

राईस ; तो तुम पुलिस वाली हो.

माधुरी ; ( स्माइल) है क्यों.

राईस ; नहीं कभी तुम्हारा यूनिफार्म उतरने में बड़ा मज़ा आएगा.

माधुरी ; बकवास मत करो में अपना वादा पूरा करुँगी और फिर फोटो वह से.

राईस माधुरी के करीब आ कर उसे छेड़ने लगा. वो माधुरी के बूब्स पे हाथ डालता हे. माधुरी उसे ढाका देती हुई बोली

माधुरी ; (smaile)hato यार.

राईस नहीं मंटा वो बार बार माधुरी के बूब्स को मशाल देता हे. माधुरी उसे रोकने की नाकाम कोसिस करते अपने घर तक ले आती हे.

माधुरी ; अंदर आओ.

वो अंदर आता हे.

माधुरी उसे अपने बैडरूम में ले जाती हे और कड़ी कड़ी उसे देखती हे.

23d0842e4dff5fd9493aa81685576ac4.jpg


माधुरी को देखते hi वो खड़ा होने hi वाला था की माधुरी उसे फिर रोकती हुई बोली.

माधुरी ; रोको तुमने मुझे ऑप्शन दिया था. अब में तुम्हे दे रही हु. मेरे मुँह गांड और छूट के शिव तुम कुछ भी पुरे 10 मिनिट्स तक चूस सकते हो.

राईस ; वह तुमने गलती करदी तुम्हारी नाभि भी बहोत सेक्सी हे.

माधुरी सिर्फ स्माइल करती हे. राईस धीरे धीरे आगे बढ़ा. माधुरी को करीब से देख कर उसका लैंड खड़ा हो गया था.

Madhuri-Dixit-wedding-saree.jpg


राईस घुटनो के बल बेथ कर पहले नाभि को चूमता हे. माधुरी एक दान से ुचि हो जाती हे. वो माधुरी की कमर पकड़ता हे और अपनी जीभ की नोक से माधुरी की नाभि को कुरेदने लगा.

माधुरी ; सससस बदमाश बहोत चालक हो तुम.

राईस अपने हाथो को माधुरी के पीछे ले जा कर माधुरी के दोनों हिप्स को मशाल देता हे.

माधुरी ; सससस चीटिंग. सससस .

माधुरी अपनी उंगलिया राईस के सर में घुंसने लगी. राईस माधुरी की नाभि को चूमता और चाटने लगा. साथ hi माधुरी के हिप्स और जंगो पे भी हाथ घूमने लगा. माधुरी को बहोत मजा आ रहा था. माधुरी सिसकारियां लेती. राईस के हाथो को ऊपर उठा कर अपने बूब्स पे रख देती हे.

माधुरी ; सससस अह्ह्ह्ह सससस.

माधुरी की छूट से पानी बहे रहा था. अचानक वो ज़द गई. माधुरी ने राईस के बालो को एकदम से मुट्ठी बार जकड लिया. माधुरी का सारा जोश बहे गया. फिर उसकी पकड़ ढीली हुई. माधुरी ने एकदम से राईस को दक्का दिया राईस गिर गया. माधुरी हस्ते हुए बोली.

माधुरी ; बस बस हो गए 10 मिनिट अब जाओ.

माधुरी राईस का हाथ पकड़ के उसे बहार कर देती हे. राईस बहार से बोलै.

राईस ; कल मेरे साथ लाक्द्वीप चलोगी???

माधुरी ; ( स्माइल) पता नहीं. 12 बज में रेडी रहूंगी.

राईस स्माइल करता हे. और वह से चले गया
 
ऑफिस में थपड को Hi ी कमांड से मश्ग पे मश्ग आते हे. मंत्री जी आने वाले हे. 3 डेज बाद उनकी स्कुर्राती का बंदोबस्त करने के लिए. थपड माधुरी को कॉल करता हे.

थपड ; मममलकिन मंमंत्री जी आने वाले हे. 3 दिन बाद किसको भेजू सुरक्षा के लिए.

माधुरी हस्ती हुई बोली.

माधुरी ; पहले घर तो आ कब से खुजली हो रही हे.

थपड ; बहोत सस्सारा काम पप्प्पेन्डिंग हे.

माधुरी गुस्सा करते हुए बोली.

माधुरी ; सुना नहीं मेने क्या कहा.

थपड ; अभी आया.

दोपहर की धुप में में समुन्दर किनारे ठंडी बेयर का मज़ा ले रहा था. शिल्पा दूर से अपने जलवे बिखेर रही थी.

IMG-20200704-175314.jpg


शिल्पा मेरे करीब आई. मुझे कुछ कुछ रत की बाटे याद थी. शिल्पा मेरे पास आई अपने दोनों हाथ आगे किये में उसके हाथ पकड़ कर खड़ा हो गया.

में ; शिल्पा कल मेरे और ेराम के बिच कुछ हुआ था.

शिल्पा ; (स्माइल) कुछ नहीं बहोत कुछ हुआ.

में ; तो तुमने रोका क्यों नहीं.

शिल्पा ; वो इस लिए क्यों की उसने आप की जान बचाई. उसकी एक hi तमन्ना थी. आप के साथ ओने नाईट स्टैंड. ( बिग स्माइल )

में ; फिर तो उसने कुछ और माँगा होता तुमने कुछ और भी दे दिया होता.

शिल्पा ; आप से भड़कर हमारे लिए कुछ हे क्या.

में ; उसे में चाहिए.

शिल्पा ; वो तो हम कभी नहीं दे सकते.

में ; मेरी जान के बदले भी नहीं??

शिल्पा का फेस उतर गया.

में ; सोचो शीपु सोचो.

शिल्पा ; आप क्या कहना चाहते हो.

में ; यही की तुम दोनों में से मेरे साथ कोई क्यों नहीं था???

शिल्पा ; प्लीज आप मुझे समझने की कोसिस करो.

में ; मुझे ेराम अच्छी तरह से समाज चुकी हे. में अभी उसके पास जा रहा हु. अब उसका भी कुछ हक़ ऐडा करना हे मुझे. तुमने तो तुम्हारी तरफ से कर दिया.

शिल्पा ; म सॉरी मुझे नहीं मालूम था की आप ये नहीं चाहते हो.

में ; नहीं चाहता था पर अब चाहता हु.

शिल्पा ; हम तीनो के इलावा किसी और को वो जगह नहीं ला सकते.

में ; ये तो में देसीडे करूँगा न. शाम को वास्को चलना हे रेडी रहना. और मुझे तुम्हारा मुरझाया फेस पसंद नहीं.

में पीछे मुदा और रेट पर चलने लगा. शिल्पा बस रो देती बात आगे बढ़ती तो. दूर आलिया भी अपने जलवे बिखेर रही थी. उसे देखते hi में रुक गया. क्या लग रही थी मेरी आलिया.

IMG-20200704-180950.jpg


आलिया अपने बालो को सवारती वाइट ब्रा पेंटी में क्या खूब लग रही थी. उसके छोटे बूब्स गोल गोल वाइट ब्रा में बहोत मस्त लग रहे थे. गोल ष्प में.

IMG-20200704-181000.jpg


आलिया स्कर्ट बोटिंग के लिए आई थी. मेने उसे आवाज दी उसका ध्यान मेरी तरफ गया

IMG-20200704-180930.jpg


उसने मुझे देखा और अपने वो मेरी तरफ बढ़ी. रेड लिपस्टिक में उसके होठ और गोरी नंगी सुराही गर्दन सच में बहोत खुबशुरत थी. उसके खुले बल जो हवा में उड़द रहे थे.

IMG-20200704-180940.jpg


मेने आलिया की कमर में हाथ डाला. आज वो स्माइल नहीं कर रही थी. मेने आलिया की कमर में हाथ डाला और बोलै.

में ; ( स्माइल ) आलू आज तुम्हे देख के मूड हो रहा हे. आज तुम बहोत सुन्दर लग रही हो.

आलिया ने नार्मल स्माइल की और हम अपनर रूम की तरफ चल दिए. में उसे रूम में लेकर आया. मेने रूम बंद किया बीएड पे आते hi आलिया को बहो में लेकर चूमने लगा. आलिया को धीरे धीरे पूरा नुदे किया. आज मुझे ऐसा फील हुआ. आलिया का मूड नहीं हे.

आलिया मेरी बगल में पूरी नुदे हो कर लेती.

IMG-20200704-212213.jpg


वो मुझे बड़ी अजीब नजरो से देख रही थी. मेने आलिया के लिप्स पे ऊँगली घुमाई और जंगे मशालते हुए बोलै.

में ; आलिया क्या बात हे. आज तुम्हारा मूड नहीं हे.

आलिया ; नहीं ऐसी बात नहीं हे.

में ; क्या बात हे. आज कल मुझसे झूठ भी बोलने लगी हो.

आलिया मेरा फेस देख रही थी.

में ; जब आज तुम्हारा मूड नहीं हे. फिर भी तुम मेरे साथ हो सिर्फ मुझे खुश करने के लिए. तो कल मेरी बेहोशी के वक्त तुम कहा थी? क्या ऐसे व्सकत तुम्हे मेरे साथ होना चाहिए था न.

आलिया की आँखों में अंशु आ गए वो रट हुई बोली.

आलिया ; मेरी जान जल गई जब उस गन्दी औरत ने आप को छुआ. ऐसा लगा जैसे उस दिन दोबारा मेने अपने अम्मी को खो दिया. जैसे अपना कोई छूट गया. मुझे दर लगा की आप से में बिछड़ सकती हु. जैसे वो आपको मुझसे छीन लेगी.

में ; मत रो मेरी जान. तुम तीनो को मुझसे और मुझसे तुम तीनो को कोई नहीं छीन सकता.

आलिया ने मेरा हाथ अपने होतो पे घिसा मेरी एक ऊँगली सबसे छोटी उसने अपने मुँह में ले लिया. उसकी लार की एक लकीर उसके होठो के बिच और मेरी छोटी वाली ऊँगली के बिच त्रिभुज बना रही थी. उसकी आँखों का काजल फेल गया. वो थोड़ा कप भी रही थी. आलिया मेरी ऊँगली को ऐसे चूसी जैसे उसमे कोई रास हो. उसके मुँह का गिला पैन और नरम जीभ की चिकनाहट ने मेरे रोम रोम में एक रोमांच भर दिया.

आलिया ; सससस आप को क्या कोई कमी लगी हमारे प्यार में???? . हम्म्म्म बोलो. दीदी से बेस्ट तो कोई हो hi नहीं सकता हम दोनों भी तो तीन हे. फिर भी आप ससससस

मेरे फेस पे स्माइल आ गई आलिया मुझे रिश्वत दे रही थी ताकि में उसके पास न जाऊ. वो मेरे गले पे और गलो को काट भी रही थी. और अपने होठो को रगड़ भी रही थी. लेकिन मुझे थोड़ा सबर करना था. मेने अपने फेस को चेंज किया और बोलै.

में ; लेकिन तुम दोनों में से किसी एक को तो मेरे साथ होना चाहिए था.

आलिया ; में साथ hi थी. बस आप देख नहीं पाए. आप देखते कैसे उस चुड़ैल के बदन का नशा चढ़ा हुआ था. और शिल्पा दीदी को तो होना चाहिए था. वो कहा थी उस वक्त.

में ; उसी ने तो ेराम को ये मौका दिया.

आलिया चौक गई.

आलिया ; उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए था. उन्हें ये पता नहीं चला की आप सिर्फ उनके अकेले के नहीं हमारे भी शोहर हे.

आलिया को आज गुस्से में देख के मुझे बहोत हसी आ रही थी. में फिर भी कण्ट्रोल कर रहा था.

आलिया ; जल्दी ऊपर आओ.

आलिया ने शिल्पा को ऊपर बुलाया. और कॉल काट किया.

आलिया ; क्या कमी थी हम तीनो बहेनो में. जो आप को उस गन्दी औरत के पास जाना पड़ा. क्या हमसे डिल भर गया. क्या आप को एक और चाहिए.

आलिया आज मुझे डट रही थी. लेकिन उसका प्यारा गुस्सा भी मुझे बहोत मस्त लग रहा था.

में ; मुझे उस औरत से कोई प्यार नहीं हे आलू. में सिर्फ तुम तीनो से hi प्यार करता हु. लेकिन मुझे समाज नहीं आ रहा उसकी आँखों में सचाई और डिल में फरेब हे. और में उसके डिल की बात जान ने के लिए आया था. पर मुझे होश hi नहीं रहा.

शिल्पा आ चुकी थी. उसकी आँखों में अंशु थे. वो निचे सर कर के किसी गुने गर की तरह हमारे सामने कड़ी थी. आलिया ताली बजाते हुए बोली.

आलिया ; वह वह. खुदा ने एक नेक डिल की खिदमत में एक रूह को खुबशुरत बना कर उसकी खिदमत में भेजा. और उस खुबशुरत हवा ने क्या किया?

में ; ( स्माइल ) तुम ऐसे बोलो की मुझे समाज आए.

शिल्पा के भी फेस पे थोड़ी सी हसी आ गई. आलिया कभी सीरियस तो कभी कॉमेडी कर रही थी. लेकिन खुद वो सिरिअस थी. हमें बस हँसा रही थी.

आलिया ; क्या आपने गलत नहीं किया दीदी. आखिर ऐसा काया था जो हमारे शोहर को आप ने उस गन्दी औरत के पास जाने दिया.?

आलिया आज बहोत खतरनाक मूड में लग रही थी. वो वाकई में सिरिअस थी.

शिल्पा ; में क्या करती उस ने खुदा के बदले खुदाई मांग ली. जान बचाई थी आलू इनकी.

आलिया ; तो बदले में आप इन्हे दे दिया. वह.

आलिया ने तैलीय बजे.

आलिया ; अरे कुछ तो सोचा होता की जो तुम्हे दिखाया और देखा वो फैब भी हो सकता था.

इस बार हम दोनों सोक थे. मतलब आलिया भी वह थी.

आलिया ; मेने एक पल भी इनको अकेले नहीं छोड़ा. जब आओ लोग मीटिंग कर रहे थे तब भी नहीं.

में ; लेकिन तुम हमें क्या बताना चाहती हो. साफ साफ कहो.

आलिया ; मेरी जान एक बात बताओ. अगर वो चोर होता तो पहले चोरी की कोसिस करता. सीधा हमला कैसे कर दिया. और सीधा हमला किया तो वो भी चाकू से. और वो भी छोटे से. आप को लग भी जाती तो भी आप को सिफर चोट आती. समझे.

हम दोनों आलिया को ऐसे देख रहे थे. जैसे आलिया प्रोफेशनल हो.

में ; लेकिन हमें डरने के लिए भी हो सकता हे.

आलिया ; वो लोग कोई भी हो. इतने बेवकूफ तो नहीं. बड़े तीन हमले नाकाम हो गए. फिर ऐसा बेवकूफी वाला हमला कुछ समाज नहीं आया.

शिल्पा ; मतलब तीन और हो चुके हे.???

आलिया नंगी उठी और रूम में घूमने लगी. क्या खुबशुरत लग रही थी. खुले बल गोरा बदन. मस्त छोटे बूब्स और उसकी हिप्स उफ्फ्फ. आलिया फुल कॉंफिडेंट मटकती हुई रूम में चलती. इधर से उधर. उसके फेस पे एक गहरी मुश्कान थी जो मेरी आलिया को और आकर्षक बना रही थी.

शिल्पा ; अरे बाबा बोलो न तीन और हमले मतलब क्या.

आलिया ; फ़िक्र करने की कोई जरुरत नहीं हे. आप बस जीजू डार्लिंग के साथ मौज करो. उन्हें जिंदगी जीने का अनोखा एहसास दो. उन्हें फुल to.romance करो. प्यार करो मन चाहे वह. उन्हें हर वक्त खुश रखो.

शिल्पा ; लेकिन..

आलिया ; दीदी इसे मेरी नहीं दीदी की जुबान संजो. में भी तो उन्हें hi फॉलो कर रही हु न.

में ; पर मुझे तो बता सकती हो.

आलिया मेरे पास आई. क्या चल थी उसकी. क्या रवानी थी उसकी चल में. वो मेरे पास आई. अपनी एक तंग बीएड पे राखी. मेरे जंग के पास. शिल्पा की दरस ऊपर कर के शिल्पा की पंतय में हाथ डाला और उसकी दोनों हिप्स के बिच सायद ऊँगली घूमते बोली. शिल्पा भी आलिया के नज़दीक हो गई. वो भी मेरी तरह आलिया की इसी ऐडा पे फ़िदा हो गई.

आलिया ; (स्माइल) जीजू डार्लिंग आप के हर तरफ एक घेरा हे. 0 तो 360 डिग्री. आप कुछ भी करो. घूमो फिरो खाओ पीओ ईएसएस करो. आप के पास आने वाली हर बुरी बाला को आप के पास पहोचने से पहले मिट जाना होगा.

मुझे आलिया की बाटे सुन के माधुरी की बाटे याद आई. खतरा हे लेकिन तुम्हे दिखाई नहीं देगा. तुम शेर हो राजा. और शेरनी हे हम. तुम्हारी रनिया. आप जब सिर्फ आराम करो हम तुम्हारी सुरक्षा का घेरा हे.

आलिया ; भूल गए दीदी ने क्या कहा था. शेरनी अपने शेर के लिए शिकार करती हे. और सुरक्षा घेरा बनाए रखती हे.

में ; तुम भी अपनी दीदी की तरह पागल हो गई हो.

आलिया ; महोब्बत और पागल पैन में ज्यादा फर्क नहीं हे मेरी जान.

आलिया मुझे बड़ी सेक्सी निगाहो से देख रही थी. उसका हाथ शिल्पा के पीछे उसकी दोनों हिप्स के बिच अपना काम कर रहा था.

आलिया ; शीपु दीदी कुछ ऐसा करो की जुजु डार्लिंग के सर से उस चुड़ैल का बहुत उतर जाए और हमारा प्यार सिर्फ हमारा hi रहे. आलिया ने शिल्पा के सर के बल पकड़ के खींचे और लिप्स पे जोरदार किश करने लगी. शिल्पा भी बखूबी उसका साथ दे रही थी. आलिया ने शिल्पा के कपडे उतर के उसे भी अपनी तरह बे पर्दा कर दिया.

शिल्पा का हाथ पकड़ा और उसे हल्का सा खींच कर ऊपर बीएड पे चढ़ाया. शिल्पा भी आलिया जो छह रही थी वैसा hi कर रही थी. वो मेरे सामने बीएड पे कड़ी हो गई. आलिया उसे देख कर स्माइल करती हुई बोली.

आलिया ; दीदी लव यू. आज कुछ नई ट्रे करो. दिखा दो जीजू डार्लिंग को आप का जलवा. वो आप पर फ़िदा हो जाए आज.

शिल्पा मेरे दोनों टैंगो के बिच कड़ी हुई. मेने भी दोनों टंगे खोल दी. शिल्पा ने योग स्टाइल अपने.

shilpa-shetty-chakrasana-main.jpg


वो भी बिना कपड़ो के बिलकुल नुदे. में और आलिया उसे देख कर रोमांचित हो गए.

शिल्पा ; आलू प्लीज सक माय पुसी.

आलिया ; जरूर मेरी बहन. तुम सच में कमल की हो.

आलिया अपनी हिप्स को थिरकते हुए शिल्पा के पीछे गई. बीएड के किनारे निचे hi कड़ी आलिया ने शिल्पा की छूट पे ऊँगली घुमाई. फिर अपनी ऊँगली को शिल्पा की छूट में दाल दी.

शिल्पा ; वाओ आलू यू अरे तू मच.

आलिया ने शिल्पा की छूट को चूमना सुरु कर दिया. धीरे धीरे आलिया पहले होठो से फिर अपनी जीभ से शिल्पा की छूट को कुरेद रही थी.

शिल्पा मेटे लैंड को चुम रही थी. शिल्पा ने उल्टा फेस में hi मुझे बोलै.

शिल्पा ; जणू प्लीज हेल्प में. ी वांनै सक यू.

में स्माइल करता हुआ. अपने लैंड को शिल्पा की लिप्स से रगड़ने लगा. फिर अपने सर से पिलो निकला और मेरी hi हिप्स के निचे रखा. जिस से मेरा लैंड और ऊपर को उभर के आया. मेने अपना लैंड पकड़ा और शिल्पा के मुँह में रख दिया. शिल्पा खिड़ hi पूरा निगल गई. मुझे एक नए एहसास हुआ. शिल्पा उलटी मेरे लिंग पे अपने मुँह का दबाव बने मुझे रोमांचित कर रही थी. उल्टा होने की वजह से और ऊपर से निचे को होने की वजह से. शिल्पा के मुँह में मेरा पूरा लैंड उसके मुँह में समां गया.

क्या लचक थी मेरी शिल्पा में वाकई. चक्रशन में सेक्स वव. शिल्पा की गर्दन रीद की हड्डी दोनों हाथो और दोनों पाव की मदद से वो थीकि हुई थी. शिल्पा में वाकई बहोत जान थी.

सुरभि होशपीटाल में थी. वो जागु का इंतजार कर रही थी. जब जग्गू आया तो उसे देख के सुरभि के ढिल्लो की धड़कन तेज़ हो गई. वो जग्गू को बड़ी hi प्यार भरी नजरो से देख रही थी.

IMG-20200702-095927.jpg


सुरभि जग्गू को देखती हे तो उसका रोम रोम खिल उठता हे. जैसे जैसे जग्गू उसकी तरफ बढ़ रहा था. सुरभि के ढिल्लो की धड़कने तेज़ हो रही थी. जग्गू का भी यही हल था. जग्गू उसके सामने आ कर खड़ा हो गया.

जग्गू ; ( स्माइल ) कहो क्या बात हे कुछ काम था??????!

सुरभि ; है मुझे प्यार करो न बहोत मन कर....

सुरभि कुछ और बोलना चाहती थी पर कुछ और hi निकल गया. वो शर्मा गई और अपना मुँह अपने हाथो से छुपा लिया. जग्गू की भी डिल की धड़कने तेज़ हो गई ये सुनके.

जग्गू ; ( स्माइल ) क्या.

सुरभि ; कुछ नहीं.

जग्गू ; बोलो न तुम्हे मेरी कसम.

सुरभि ; आज शाम को मेरे साथ मार्केटिंग करने चलना हे.

जग्गू ; क्या लेना हे?

सुरभि ; सिर्फ सब्जी. सब्जी मंडी चलेंगे ठीक हे.

जग्गू ; बस इसी काम के लिए बुलाया मुझे.

सुरभि को होश आया.

सुरभि ; नहीं इधर आओ.

सुरभि जग्गू को मुर्दा घर ले गई. वह कई साडी लाशे थी. कोई जाली कोई कटी हुई. किसी का सर नहीं बहोत साडी बुरी हालत में लाशे थी. सुरभि ने एक छोटा बैग दिया. और बोली.

सुरभि ; इसमें तीन लेडी की स्किन हे. मेने चुराया हे. इसे कैसे भी मेरे घर तक पहोचाना हे. और हॉस्पिटल के गार्ड से बचते हुई.

जग्गू घबरा गया.

जग्गू ; पर कैसे???

सुरभि ; बेवकूफ मत बनो पुलिस को देंगे तो माधुरी हे न मेरी सहेली. वो संभल लेगी. बस वह तक पहोचने की नौबत मत आने दो. में भी तो उसी के लिए काम कर रही हु.

जग्गू ; में कोसिस करता हु.

सुरभि ; चलो हो सकता हे में hi तुम्हारी मदद कर दू.

जग्गू के बगल में हाथ डेल दोनों हॉस्पिटल के दूर तक पहोचे. गार्ड सब चेक कर के hi लोगो को बहार भेज रहे थे. सुरभि ने चलते चलते hi अपने शर्ट के दो बोटों काट लिए. वो गार्ड के साथ कुछ दुरी पे पहोचे तो सुरभि जग्गू के गले लग गई.

सुरभि ने जग्गू को एक दक्का मारा और रट हुए बोली. (नाटक जूठा)

सुरभि ; (चिल्लाते हुए) चले जाओ यहाँ से में तुम्हारा मुँह तक देखना नहीं चाहती.

जग्गू धड़ाम से निचे गिरा. गार्ड उन्हें देख कर उनके पास पाई. एक गार्ड ने जग्गू की पीछे से कोलर पकड़ी और खड़ा किया. दूर दो गार्ड ने बड़े प्यार से रोटी हुई सुरभि से पूछा.

गार्ड ; क्या हुआ मेडम. इस लोफर ने आप के साथ बतमीजी की क्या.

सुरभि ; (रट हुए) भैया प्लीज बहार यहाँ मेरी इज़्ज़त भी ख़राब होगी और इस कमीने को एक थप्पड़ भी नहीं मर पाऊँगी.

गार्ड जग्गू को पकड़ के गेट के बहार लाया.

गार्ड ; बोल कमीने क्या किया मेडम के साथ.

सुरभि ; में बताती हु भैया.

सुरभि रट हुए दुखियारी बन गई.

सुरभि ; इस कमीने ने मुझसे प्यार के वादे किये. रत रत भर मुझसे छी मुझे बोलने में भी शर्म आती हे. और अब बोलता हे में तुमसे शादी नहीं कर सकता.

ऐसे मोके पे लड़कियों के भाई ज्यादा बन जाते हे.

गार्ड : कमीने लड़की को धोखा देता हे.

गार्ड जैसे hi घुमा सुरभि के हाफ बूब्स नजर आए वो देख के गार्ड का भी खड़ा हो गया. वो सभी को देखता हुआ बोलै.

गार्ड ; सेल इतनी सुन्दर मेडम को धोख्हा देता हे. तुजे शर्म नहीं आती.

सुरभि भी गार्ड को बड़ी नशीली नजरो से देखती हे.

गार्ड ; सेल तू मेडम के लायक नहीं हे चल भाग यहाँ से.

गार्ड जग्गू को वह से धक्के दे कर भगा देता हे और सुरभि को स्माइल देते हुए बोलै.

गार्ड ; मेडम आप ऐसे लोगो पे भरोसा मत करो. कोई आस पास किसी मस्त को दूध लो.

सुरभि ; सुक्रिया भैया आप बहोत अच्छे हो. चलो में कल मिलती हु.

सुरभि भी वही से अपने घर निकल गई वो खुश थी की स्किन तो मिल गई. सुरभि वैसे hi कपडे चेंज किये बिना घर आ गई. वो जग्गू को देखते हे. जग्गू पेण्ट में पेशाब कर गया था.

सुरभि ; म सॉरी जणू में बस नाटक कर रही थी.

जग्गू ; ससस कोई बात नहीं में समाज गया था. आप फ़िक्र मत करो.

सुरभि के फेस पे स्माइल आ गई वो जग्गू को बहो में ले कर बोली.

सुरभि ; आज आप ने जो मेरी मदद की वो और कोई नहीं कर सकता था. सॉरी प्लीज मुझे माफ़ करना मेने तुम्हे मुशीबत में डाला.

सुरभि ; (स्माइल) अच्छा शाम को क्या पहेनू.

जग्गू के भी फेस पे स्माइल आ गई. वो बोलै.

जग्गू ; हम्म्म्म मेरी बीवी hi बनो.

सुरभि ; वो कैसे.

जग्गू ; वो तो आप को hi सोचना पड़ेगा बी.

जग्गू बी बोलकर चला गया. सुरभि बस जग्गू को hi देखती रही.

माधुरी घर में ब्लैक साड़ी में थी राईस से नाभि चुसवाते वो बहोत hi गरम हो गई थी. माधुरी को राईस की जिंदगी के बारे में जान न था. माधुरी मोबाईल पे पिंकी की फेस बुक ईद चेक करती हे. उसमे उसकी साडी फोटो पे एक बन्दे की बहोत कमेंट थी. तक़रीबन साडी कमेंट को पिंकी ने नहीं राईस ने लिखे की थी. साथ में काफी गंदे रिप्लाई भी थे. उस बन्दे का नाम सुरेश था. माधुरी सुरेश को फर्द रेक भेज देती हे. ज्यादा तर कमेंट में सुरेश सो हॉट. ये भी उतर देती तो ज्यादा सुन्दर लगोगी इसी कमेंट थी. राईस का रिप्लाई भी बड़े गंदे होते थे.

जैसे और कोई फरमाइस. आज आप को दावत पे आना पड़ेगा. आज कोनसी डिश ट्रे करोगे वगेरा वगेरा. माधुरी सोचती हे दाल में कुछ कला हे. पिंकी ने कोई भी कमेंट नहीं थी. ज्यादा तर पिंकी राईस की hi कमेंट पे hi रिप्लाई करती थी. आप अपनी तो कोई फरमाइस बताओ. प्लीज ज्यादा कमेंट मत करो. माधुरी जग्गू को कॉल करती हे.

जग्गू ; बोलो मेम?

माधुरी में लिंक भेज रही हु. दो फेस बुक ईद हे. उसे हैक करो. पिंकी नगर नाम की और राईस खान.

जग्गू ; हो जाएगा मेडम शाम को आओ आप और भी कुछ होगा तो में बताऊंगा.

माधुरी ने कॉल काट किया तो दूर बेल्ल बजी. माधुरी ने दरवाजा खोला सामने थपड था.

थपड ; जज्जी मालकिन ककया काम था.

माधुरी ; अंदर आ तू और अपने कपडे उतर कर खड़ा रह में आती हु.

थपड माधुरी को देखता हे तो उसके खून में रफ़्तार बढ़ जाती हे. माधुरी आज बहोत हॉट लग रही थी. माधुरी अपने बीएड रूम में गई. एक मसाज आयल की बोतल निकली उसे टेबल पे रखा और एक फुल कर दिया. थपड पूरा नंगा था. माधुरी चलते गई आई और बोली.

माधुरी ; मेरे सरे कपडे उतर.

थपड माधुरी को एक बार ऊपर से निचे तक देखता हे.

IMG-20200705-100153.jpg


माधुरी आज बहोत हॉट लग रही थी. गोल्डन बॉर्डर वाली एम्रोदारी वाली ब्लैक साड़ी. वेलवेट का फुल बाजु वाला ब्लाउज. फेस पे प्यारी सी मुश्कान. माथे पे गोल बड़ी बिंदी. कानो में सोने के झुमके. रेड लिप्स, हाथो में सोने के कंगन. माधुरी बहोत हॉट लग रही थी. आज माधुरी का मूड ठीक था. आज माधुरी को देख कर थपड को कुछ होने लगा. माधुरी की रहें डिल स्माइल. उसे ऐसा लग रहा था जैसे माधुरी कोई भगवन हो. उसे आस पास का ग्राफिक भी चेंज लग रहा था.

IMG-20200705-100313.jpg


कभी उसे ऐसा लगता जैसे माधुरी के आस पास कोई और हो. माधुरी है रही थी.

माधुरी ; अरे यार बोलै मेरे कपडे उतर.

थपड के फेस पे भी स्माइल आ गई.

थपड ; मालकिन आप को देख के लगता हे आप भगवन हो. आप के आस पास बहोत सारा उजाला हे. बस आप एक हाथ आशीर्वाद देने के लिए भी उठाओ.

माधुरी को बहोत जोरो की हसी आई.

माधुरी ; अरे बाबा मुझे भगवन नहीं बन न. तुम मेरे डौगी हो और में तुम्हारी मालकिन अब मेरे कपडे उतरो.

थपड ; धीते धीरे माधुरी की साड़ी उतरता हे. गोल गोल घूमते हुए. फिर माधुरी के सीने के ब्लाउज के हुक भी खोलने लगा. माधुरी के बूब्स थपड के मुट्ठी के हिस्सा से डाब भी रहे थे. वो माधुरी का वेलवेट ब्लाउज उतर देता हे. माधुरी ने अंदर ब्लैक ब्रा में थी.

माधुरी ; इसे भी उतरना हे.

वो माधुरी के पीछे गया और ब्रा की सर्टिप खोलने लगा. माधुरी की पीठ पे थपड की गरम सांसे माधुरी को महसूस हो रही थी. थपड जैसे hi ब्रा की स्ट्रिप खोलता हे. ब्रा लटक गई. थपड हाथो को ऊपर कर के ब्रा बिकल के ब्रा और साड़ी को अपने कंदो पे रख देता हे. कमर पे घाघरे का नाडा था. थपड उसे खींच देता हे. घाघरा निचे माधुरी के पाव में गिरा थपड झुक के माधुरी को सहारा देता हे माधुरी थोड़ी झुक कर अपने दोनों हाथो को थपड के कंधो पे रख कर थपड को घाघरा उतर ने में हेल्प करती हे. थपड उसी वक्त माधुरी की ब्लैक पंतय भी उतर देता हे.

माधुरी पूरी नंगी कड़ी थी. थपड भी पूरा नंगा था. माधुरी की हिप्स थपड के मुँह के सामने थी. थपड माधुरी की हिप्स को पकड़ के बिच में मुँह घुसता हे.

माधुरी ; ससस रुको टौमी तुम्हे में खाना डालूंगी यार. पहले कपडे वह रख दो.

थपड कपड़ो को एक साइड टेबल पे रख देता हे.

माधुरी ; अब मुझे गॉड में उठाओ और बाद तक ले चलो. और दयँ रहे मुझे गिरना नहीं.

थपड माधुरी को गॉड में तो उठा लेता हे. पर माधुरी उसे बहोत भरी लग रही थी. माधुरी धीरे से उस से सार्क के निचे हुई तो थपड के लैंड का टोपा माधुरी को हिप्स में टाच हुआ. माधुरी स्माइल करती हुई बोली.

माधुरी ; में गिरी तो तू गया.

थपड को पसीना आ गया वो जैसे तैसे माधुरी को उसके रूम तक ले गया. संदर काफी टांडा था. एक ों था. फुल. वो माधुरी को बीएड पे आहिस्ता से रखता हे और खड़े खड़े हफ्ता हे.

माधुरी ; अब वो देख आयल की बोतल मेरे पूरी बॉडी की मसाज कर में थक गई हु.

थपड आयल बॉटल उठा कर बीएड के पास आया.

माधुरी ; बेथ जा मेरे पास.

थपड माधुरी की कमर के पास बेथ गया माधुरी पेट के बल लेट गई. माधुरी की पीठ पे उसने ढेर सारा तेल डाला और मसाज करने लगा. माधुरी को बहोत hi ज्यादा मजा आने लगा. धीरे धीरे थपड कमर तक मसाज करने लगा. माधुरी ने अपनी आंखे बंद कर ली. थपड ने थोड़ा तेल माधुरी की हिप्स पे डाला और अपने हाथो को हिप्स पे भी घिसने लगा. थपड हिप्स को बड़ी जान लगा कर मॉल रहा था. गोरी चिकनी फूली हुई हिप्स जब तेल लगने से चमक रही थी तो तसपद से रहा नहीं गया. थपड ने थोड़ा तेल माधुरी की हिप्स के बिच डाला और ऊँगली से गोल घूमने लगा. माधुरी को बहोत मजा आ रहा था.

ऐसे hi माधुरी सो गई. थपड उसकी ऊँगली को अंदर बहार करता hi रहा.

2 घंटे बाद माधुरी की नींद खुली तो देख थपड अब भी ऊँगली कर रहा हे.

माधुरी ; बस करो. और ये बताओ मंत्री के लिए किसे भेज रहे हो.

थपड ; जी आप बताओ??

माधुरी ; में जाउंगी सैम जा.

थपड ; जी मालकिन
 
शाम का वक्त हो गया जग्गू सुरभि के घर जाता हे सुरभि भी तैयार हो कर जग्गू का वेट कर रही थी. आज वो रेडी थी. उसने आज साड़ी पहनी थी. सुरभि का दिमाग भी माधुरी जैसा hi कुछ शैतानी था. सुरभि आज जग्गू के साथ कुछ रोमांच के मूड में थी. सुरभि ने वाइब्रेटर डिलडो लिया. एक में hi दो दिलो थे. एक 6" का और दूसरा 4" का सुरभि ने साड़ी ऊपर की और पंतय उतर के डिलडो अंदर डाला बड़ा आगे छूट में और छोटा पीछे गांड में. फिर उसने और दो वाइब्रेटर पेड़ भी लिए अपना ब्लाउज खोल कर ब्रा उतरी और अपने बड़े बूब्स को मशालते हुए उसपे अपने पेड़ सेट किया. पेड़ लगाने के बाद सुरभि ने ब्रा और ऊपर से ब्लाउज पहन लिए. सुरभि के हाथो में रिमोट था. उसे पर्श में दाल कर बहार आई.

सुरभि जग्गू का वेट करने लगी.

IMG-20200705-140055.jpg


जग्गू आया. सुरभि का फेस खिल उठा. जग्गू उसके करीब आया.

जग्गू ; (स्माइल) चले??

सुरभि ; कैसे बॉयफ्रेंड हो यार तुम. तुम तो कुछ बोलते hi नहीं. में किसी लग रही हु. मुझे छेड़ो मुझे दबोचो मुझे मश्लो. एक तुम हो की शरमाते रहते हो. अरे बाबा मुझे छेड़ो में न कहु तब भी जबरदस्ती करो. क्या यार.

जग्गू ; आज तुम बहोत सुन्दर लग रही हो.

सुरभि ; सिर्फ सुन्दर हॉट नहीं???

जग्गू ; है हॉट भी.

जग्गू ने हॉट बोलते हुई अपनी पेण्ट से अपने लैंड को ठीक किया जो तम्बू बना हुआ था. सुरभि ने भी देख लिया. वो हस्ते हुए बोली.

सुरभि ; देखो मेरा फिगर केसा हे.

IMG-20200705-140132.jpg


जग्गू सुरभि को करीब से देखता हे. रेड साड़ी में सुरभि बहोत हॉट लग रही थी. खुले बल लाइट पिंक लिपस्टिक. छोटे से ब्लाउज में बड़े बड़े बूब्स, पाली कमर जिसमे थोड़ी सी चर्बी थी. मस्त बड़े गोल छोटे मटके दो दो. सुरभि को देखते hi जग्गू के होठ सुख गए.

सुरभि ने जग्गू को बहो में लिया. उसका एक हाथ अपनी कमर पे रख दिया. सुरभि को निचे कमर के पास जग्गू का लैंड चुबने लगा. सुरभि मुश्कुरै.

सुरभि ; अरे बाबा काश के पकड़ो. तुम्हारी होने वाली बीवी हु कोई और नहीं.

पीछे से आवाज आई. वो देश था. सुरभि पलटी और उसे गुस्से से देखा.

IMG-20200705-135950.jpg


सुरभि ; यश सर ये मेरे हब्बी हे. इनके साथ में बहार जा रही हु. आप घर पे hi रहना. ऑपरेशन भी करना हे.

देश को पता चल गया की सुरभि को उसका आना अच्छा नहीं लगा.

देश ; ठीक हे. में थोड़ा काम कर लेता हु. आज तुम भी ऑपरेशन करोगी. में थोड़ा बॉडी का चेक उप कर लेता हु.

देश चले गया. सुरभि ने जग्गू के हाथ में रिमोट रख दिया. जिसमे 3 बोटों और तीन गोल घूमने वाले बोटों थे.

सुरभि ; तुम जब भी इस बोटों को दबाओगे में तुम्हारी तरफ घूमूंगी और मुझे तुमपे ढेर सारा प्यार आएगा. बस इन बोटोनो को मत छेड़ना.

जग्गू ; ऐसा क्यों???

सुरभि ; ये लव इंस्टूमेंट हे. इसे जब भी कोई हब्बी दबाता हे तो उसकी बीवी के फेस पे स्माइल आ जाती हे और उसकी बीवी अपने हस्बैंड को देखे बिना रुक नहीं पति.

जग्गू ने तुरंत hi एक बोटों दबाया. दबाते hi सुरभि के छूट में गुड़ गुड़ी सुरु हो गई. सुरभि अपनी टैंगो को दबाते बड़ी सेक्सी हॉट स्माइल के साथ जग्गू को देखती हे.

IMG-20200705-140037.jpg


जग्गू सोच में पद गया. ऐसा क्या हे जो सुरभि बहोत हॉट और हररनय हो गई. जग्गू दूसरा बोटों दानता हे. इस बार अक्षर बूब्स पे हुआ.

IMG-20200705-140112.jpg


सुरभि अपने ऊपर हो रही गुदगुदी को भी इंजॉय करती हे. उसके फेस पे जो स्माइल आई वो सुरभि बर्दाश नहीं कर प् रही थी. जग्गू को भी ऐसा लगा जैसे सुरभि के बूब्स पे कुछ हलचल हुई. लेकिन वो कुछ समाज नहीं पाया. जग्गू ने लास्ट बोटों दबाया. जिसकी अक्षर सुरभि को पीछे हुई. सुरभि थोड़ा झुक के अपने आप को सम्भस्ल्ने लगी.

IMG-20200705-135934.jpg


सुरभि ; ुई माँ. सससस शहहह.

सुरभि ने भी ये नहीं सोचा था. पीछे गुदगुदी ज्यादा होगी. सरे बोटों की स्पीड सुरभि ने काम राखी थी. बोटों दबा के जितनी देर रखा जाता उतनी देर तक वाइब्रेशन होता. जग्गू को कुछ पता नहीं चला.

जग्गू ; पता नहीं चल रहा तुम इन बोटोनो को दबाने से स्माइल क्यों करती हो.

सुरभि ; ये आप के प्यार का जादू हे अब चलो.

सुरभि जग्गू का हाथ पकड़ के चल पड़ी.

ुशी वक्त

में तैयार हो चूका था. शिल्पा और आलिया दोनों तैयार हो रही थी.

में ; में ेराम को बता कर आता हु.

आलिया ; जीजूउउउउउ.

में ; चिल्ला क्यों रही हो.

आलिया ; वापस आ जाना.

मुझे हसी आ गई

में ; कुछ तो मुझे भी जान ने दो.

आलिया ; नहीं बस उसे बता कर आ जाना.

में ; चुप कर जा रेडी हो जा. और है तुम मुझे सबसे ब्यूटीफुल चाहिए.

आलिया ने मेरे गलो पे चुम्बनों की बरषत कर दी में ेराम के रूम में गया. वो मुझे देखते hi खुश हो गई.

ेराम ; अब आए हो मेरे पास पूरा दिन बिट गया. आप को मेरी याद नहीं आती बिकुल भी.

में ; वैसे तुम भी तो बहार नहीं आई आज इसी लिए में आया हु.

ेराम बहोत खुबशुरत लग रही थी. उसे देखा तो रत क्या हुआ ये जान ने की हसरत और बढ़ गई. में एक नजर तो ेराम को देखता hi रहा. ेराम मुझे बड़ी hi प्यासी नजरो से देख रही थी.

IMG-20200703-181300.jpg


ेराम ; प्लीज कुछ पल तो मेरे पास बैठो.

में ; जरूर मुझे तुमसे कुछ बात भी करनी हे.

में ेराम के पास बेथ गया ेराम ने मुझे बड़े hi प्यार से देखा उसके होठ सायद सुख रहे थे. उसकी आंखे बहोत नशीली थी.

में ; रत मेरे साथ क्या किया था तुमने???

ेराम मुझे गिलिटी की नजर से देख रही थी. अपने पाव पे हाथ घूमते हुए बोली.

IMG-20200703-180917.jpg


ेराम ; है मेने तुम्हारे साथ धोखा किया पर में करती क्या. तुम्हे देख कर डिल की आग भुजती नहीं क्या करू नजाने किस जनम की में प्यासी हु. क्या ऐसे आप मेरी प्यास भुजते बोलो?

ेराम मुझे एक सवालिया नजरो से देखते हुए मुझिसे सवाल कर रही थी. उसके सवाल भी वासना और हवस से भरा हुआ था.

IMG-20200703-180943.jpg


में ; अब तो तुम्हे जो करना था कर लिया न. अब तो तुम्हारी प्यास मिट गई न.

ेराम मेरी जिंदगी में तुम पहले मर्द नहीं हो पर मुझे लगता हे जब मेने तुम्हे देखा ऐसा लगा जैसे मेरी तलाश ख़तम हो गई.

मुझे गुस्सा आया और ेराम को मेने एक त्थापड़ जड़ दिया.

IMG-20200703-174011.jpg


ेराम की आँखों में अंशु आ गए.

ेराम ; और मारिये. इस डिल की जुरअत कैसे हुई आप से इश्क फरमाने की. डिल को ये पता कर लेना चाहिए था की आप उसे अपनाएंगे या नहीं.

में ; देखो ेराम तुम...

ेराम ; रुको मुझे प्लीज बोलने दो.

में ेराम को देखता hi रहे गया.

ेराम ; में जानती हु. प्यार हमेसा दुसरो को खुदही देने से मिलती हे. इस हिसाब से तो दुनिया में कोई भी मुझसे प्यार नहीं करता न. आप की तो तीन तीन बीविया हे. फिर भी मुझे आप अच्छे लगते हो. आप की ख़ुशी के लिए में कुछ भी कर सकती हु. ये टूर के बाद में चली जाउंगी आप लोगो से दूर. चाहे आप के लिए में तड़पती hi क्यों न राहु.

में ; पर में तुमसे शादी नहीं कर सकता ेराम. तुम्हारे प्यार को अपना भी लू तो तुम आखिर में अकेले hi रहे जाओगी.

ेराम ; जो पल आप दे सको प्लीज बहोत दर्द हे इस डिल में. प्लीज आप का प्यार hi मेरे डिल की दवा हे.

ेराम मेरे सीने से लग गई. मेरा शर्ट को पकड़ के उसने खींचा और मेरे फेस को अपने फेस के करीब ले गई. उसकी गरम सांसे मुझे उत्तेजित करने लगी. उसके सूखे होठ बार बार थोड़े से खुलते और बंद हो जाते. में भी अपने आप को रोक नहीं पाया. मेने खुद ेराम के बल पकडे और उसे जोरदार किश करने लगा. हम दोनों में जैसे रासे लगी हो हम एक दूसरे को चूमे जा रहे थे. ेराम जल्दी जल्दी मेरी टीशर्ट को ऊपर करने लगी. मेने भी अपना हाथ ऊपर किया और टीशर्ट उतर के फेक दी. मेने अपने निक्कर को भी निचे सरका दिया.

ेराम मेरी तरफ बढ़ना चाहती थी. मेने ेराम का ोनेपिसे को ऊपर किया. ईरान ने भी हाथ ऊपर किये. और उसे भी फेक दिया. अब ेराम सिर्फ ब्रा और पंतय में मेरे सामने कड़ी थी. उसकी नशीली आंखे मुझे hi देख रही थी. वो मुझपे जम्प कर के चढ़ गई. मेने उसे कैच किया और बीएड पे पटका. ेराम अपनी ब्रा खोल ने लगी मेने ेराम की पंतय खींच के निकल दी. और ऊपर चढ़ गया. ेराम ब्रा खोल भी नहीं पाई थी. उसका हाथ फास गया. मेने िराम को दक्का दिया था. वो उठती तो हाथ ब्रा के बेल्ट से छूट पता. मेरा लैंड खड़ा था. ेराम की भी छूट गीली hi थी. मेने देर नहीं की गीली छूट पे अपने लैंड का टोपा रखा और दक्का मर दिया. ेराम चिल्ला उठी.

ेराम ; आआह्ह्ह्हह सससस. रऊऊकूऊओ.

पर में कहा रोकता. मेरे झटके तेज़ हो गए ेराम संभल hi नहीं प् रही थी. हम दोनों पसीना पसीना हो गए. ेराम की छूट और ज्यादा लॉस लसि हो गई. वो वक्त भी आ गया जब ेराम की साडी तमन्ना पूरी होनी थी. वो चिल्लाई और ज़द गई.

ेराम ; अह्हह्ह्ह्ह उउइइइइइइइ स्स्सस्स्स्स.

लेकिन जल्दबाजी मुझसे भी हुई. और मेरा भी उसी के साथ झड़ना सुरु हो गया. मेरा बीज ेराम के गर्भ के अंदर तक चले गया और में नहीं चाहता था वो हो गया. में कुछ मिनिट उसके ऊपर hi पड़ा रहा.

में ; अब तो तुम्हे जिंदगी से कोई सिकवा नहीं हे न.

ेराम ; (स्माइल) नहीं. में वादा करती हु. तुम्हे तुम्हारी तीनो बीवियों से कभी दूर नहीं होने दूंगी.

में ; वादा.

ेराम ; वादा.

में ; और अगर उनमे से किसी ने मुझे छोड़ दिया और चली गई तो???

ेराम ; तो में उन्हें दूध के लाऊंगी. और दोबारा तुम्हारी बहो में वो होगी. ये ेराम का वादा हे. और ेराम कभी वादा नहीं तोड़ती.

उसके सामने वाली बिल्डिंग में माँ उन्हें देख रही थी. माँ के कानो में दूर की आवाज सुन ने वाला यन्त्र था. ेराम और तपन की बाटे सुनकर माँ बड़बड़ाई.

माँ ; फिर सायद तुम भी उसी की बेटी हो जिसे में पेशावर में मिली थी.

माँ ने सरे इंस्टूमेंट पके किये और विंडो बंद कर दी.

थापन के जाने के बाद ेराम अलमारी खोलती हे तो चौक गई. ेराम बहोत घबरा गई.

ेराम ; मेरा लेपटॉप से कुछ चोरी हुआ हे. हैट साला एक ख़ुशी दूसरा गम.

ेराम के लेपटॉप को छेड़ा गया. ेराम को ये पता लग गया था की उसके लेपटॉप से कुछ चोरी जरूर हुआ हे.

निचे शिल्पा अपने मोबाइल को देखते हुई है रही थी. वो अपने आप से hi बाटे कर रही थी.

शिल्पा ; तुम आज कल की लड़किया आ गई जासूसी करने. साली हिंदी फिल्मे ज्यादा देखती हे.

वही सुरभि के जाते hi जाली में खड़ा देश की आँखों में संशु आ गए. वो अपनी पेण्ट की चेन खोले अपने लैंड को सहलाते हुई रो रहा था. उसे पीछे से आवाज आई.

निदा ; रो क्यों रहे हो????

निदा की आवाज सुनके देश अपने हाथो से अपने लैंड को छुपाने लगा. देश की पूरी बॉडी कप रही थी.

निदा ; अरे छुपाने की जरुरत नहीं हे. तुम बाथरूम में जाओ और अपने आप को रिलेक्स कर लो.

देश आँखों में संशु पूरी बॉडी कप रही थी वो लड़खड़ाती जुबान में रट हुई बोलै.

देश ; ममममुजसे नहीं होगा.

निदा उसके पास बैठ गई. उसे पूरा ऊपर से निचे तक देखा.

निदा ; तो तुम्हे सेक्स एडिक्शन की बीमारी हे.

देश सिर्फ है में गर्दन हिला पाया.

देश ; टट्टूं जानते हो इस बारे में.???

निदा ; है. ज्यादा पोर्न देखने से या सेक्स में ज्यादा लीन हो जाने से ये सब होता हे. जैसे याद सकती काम होना, हाथ पाव कपङा, गंदे गंदे खौआल आना. जब तक तुम्हे संतुस्ती नहीं मिलेगी तुम ऐसे hi रहो गए राइट.

देश ने सिर्फ है में गर्दन हिलाई. देश निदा के फेस को देकता हे.

IMG-20200706-154603.jpg


निदा का फेस देख कर देश की लार टपकने लगी.

निदा ; फिर तुम बहोत बुरी तरह से बीमार हो.

देश कपटी हुई आवाज में बोलै.

देश ; क्या आप ड्डडोक्टर होऊ????

निदा हस्ती हे.

निदा ; नहीं में ऐरोनॉटिकल संटिस्ट हु.

देश ; फीयर तुम मम केसीए.

निदा ; में ज्यादा सोचती नहीं पर पढ़ा हे. तुम कोई दिमाग का डॉक्टर hi ठीक कर सकता हे.

देश की नजर निदा के बूब्स पे जाती हे.

IMG-20200705-153550.jpg


मस्त बूब्स को देख कर देश अपनी टंगे खोलता हे और निदा के सामने hi लैंड हिलने लगा. निदा भी स्माइल करती हे.

निदा ; में तुम्हे कुछ देर रहत पहोचा सकती हु. पर तुम्हारा इलाज नहीं कर सकती.

देश ; कक्की????

निदा ; सेक्स करोगे मेरे साथ???

देश के फेस पे स्माइल आ गई. वो है में सर हिलता हे.

निदा ; सेक्स में तुम्हे क्या पसंद हे.

देश ; ट्ट्टुम्हारे जीईसी मस्त तीन गर्ल कोऊ मशाल की सेक्स कारणा.

निदा ; नहीं ऐसे नहीं. तुम्हे तड़पना पसंद हे. पर तुम्हे तरसना होगा. जो तुम्हे मिलता हे उस से काम में काम चलना होगा. तब तुम्हारी लालच काम होगी.

देश निदा के बूब्स की तरफ हाथ लेजाता हे. निदा उसका हाथ जातक देती हे.

निदा ; रुको बाबा.

निदा कड़ी हुई अपनी दोनों टैंगो को खोल कर

निदा ; तुम निचे से ऊपर मुँह करो. अपने हाथो का उस नहीं कर सकते सिर्फ अपने मुँह का उस करना हे.

निदा के निचे जैसे आश्मान में पसनी की बुँदे गिर रही हो और बारिश की एक दो बूंदो से अपनी प्यास भुजा रहा हो वैसे खड़ा हो गया. निदा की छूट की लिप्स देश की लिप्स से टाच होती. निदा भी निचे से गीली होने लगी. निदा के छूट का रास देश को बहोत अच्छा लगने लगा. लेकिन देश पूरा नहीं पहोच पता. बूढ़ा होने की वजह से देश के पाव के पंजो में ताकत काम थी. वो फिर भी अपनी हवस मिटने को महेनत किये जा रहा था. निदा को भी बहोत मजा आ रहा था.

निदा की सिसकारी निकली .

निदा ; सससस अह्हह्ह्ह्ह. शाबाश अब खड़े होऊ जाओ.

निदा बेंड हो गई.

निदा ; ध्यान रखना मेरी हिप्स पे कुछ भी टाच हुआ तो सब यही ख़तम.

देश अब स्पीड में कुछ नहीं कर सकता था. देश को पता नहीं थी पर वो बड़ी दिकत में फास गया. देश पीछे आ कर निदा से पूछता हे.

देश ; क्या तुम्हारी कमर पकड़ ....

निदा ; बिलकुल नहीं.

देश ने अपना लैंड पकड़ा और निदा की छूट की लिप्स पे रखा. और एक हल्का सा दक्का मारा. निदा जानती थी देश सिसकारियां सुन कर बेकाबू हो जाएगा. निदा बस उस पल को अपने होतो को दातो टेल दबा कर hi मीठा इंजॉय करती हे. निदा भी काफी गरम हो गई थी.

देश ने धीरे धीरे दकके लगाना सुरु कर दिया. निदा भी हर जातको को फुल इंजॉय करने लगी. वो मिट्ठी गुड़ गुड़ी. टेस्ट देश का hi नहीं निदा का भी हो रहा था. देश पूरा ध्यान रख रहा था की वो हिप्स से टाच न हो. इस कारन वो स्पीड नहीं बढ़ा रहा था. देश को बहोत मजा आ रहा था.

पर देश की मज़बूरी की वो हद पर नहीं कर सकता. धीरे धीरे देश स्पीड बढ़ने की कोसिस कर रहा था. उसे होश नहीं रहा. उस से एक जोरो का झटका लग गया. उसके जंग निदा की हिप्स को थपकी मर गए. निदा तुरंत कड़ी हुई. देश ने भी निदा की कमर को जकड कर पूरा लैंड अंदर दाल दिया. अब दोनों खड़े हो गए.

देश ; प्लीज प्लीज प्लीज मत हटो मुझसे बर्दाश नहीं हुआ गलती हो गई

निदा से देश पूरा पीछे से चिपका हुआ कमर के हिस्से को पूरा जकड के खड़ा था. उसका मोटा सा लैंड निदा की छूट में पूरा समाया हुआ था. वो निदा से गिड़गिड़ा रहा था.

देश ; प्लीज मुझे माफ़ कर दो में बरदास नहीं कर पाया.

निदा को बहोत hi अच्छा लग रहा था. फिर भी वो बोली.

निदा ; मेने कहा छोड़ मुझे. वार्ना कुछ नहीं मिलेगा.

देश ; पहले वादा करो तुम मुझे आगे करने डौगी मन नहीं करोगी.

निदा ; है वादा. अब छोडो.

देश ने जैसे छोड़ा वैसे निदा पलटी और जोर से देश को तप्पड़ मारा. देश ने अपना हाथ अपने गाल पे रखा. तो दूसरे गाल पे भी एक रशीद कर दिया.

निदा ; तुमसे कहा था न.

निदा ने उसे दक्का दे दिया और उसके लैंड पे आकर बेथ गई.

निदा ; अब सिर्फ मेरी निप्पल्स को मश्लो. वो भी सिर्फ 2 hi ऊँगली से तीसरी ऊँगली को उस किया या मेरे बूब्स को टाच किया तो संजो अब सब ख़तम.

निदा धीरे धरे उप डाउन होने लगी. देश भी 2 उंगलियों से निदा की निप्पल्स को गोल गोल घूमता और हलके हलके मशाल रहा था. देश को मजा भी बहोत आ रहा था. लेकिन उसे न निचे से और न hi ऊपर से सब कुछ मिल कर भी कुछ नहीं मिल रहा था. काफी वक्त हो चूका था. देश चार्म सिमा तक नहीं पहोच रहा था. निदा से भी कण्ट्रोल नहीं हुआ. उसने देश के पंजो को अपने बूब्स पर दबाया. अब जा कर देश को सुकून मिला. देश के पंजो ने दोनों फुले हुई गुब्बारों को जकड लिया. और जोर जोर से मशला निदा ने जम्पिंग प्रक्रिया को भी तेज किया निदा का पानी छूट गया. लेकिन देश तो आंखे बंद किये चुदाई को खूब इंजॉय कर रहा था.

देश ; अह्ह्ह्ह में आए रहा हुऊ.

निदा कड़ी हुई और देश के लैंड को मुँह में ले लिया. उसे जोर जोर चूसने लगी. देश की भी पिचकारी छूट गई. वो हाफने लगा. निदा ने लास्ट टाइम पे hi हैट गई. जैसे निदा दूर हुई. जमीं पे गिरे देश के लैंड से फाउंटेन से बारिश सुरु हो गई. वो हाफ रहा था.

जग्गू और सुरभि दोनों मार्किट में चल रहे थे. सुरभि जान बच कर आगे हुई. पुरे रस्ते में जग्गू ने कुछ नहीं किया. सुरभि आगे हुई तो जग्गू ने बिच वाला बोटों दबाया. सुरभि एक डैम कप गई. सुरभि ने दो उंगलिया अपनी गांड के छेड़ पे लगाया और पलट के स्माइल करते हुई जग्गू को देखा. जग्गू भी सोक हो गया उसे ये तो समाज में आ गया की सुरभि ने अपनी गांड में कुछ डाला हे.

जग्गू स्माइल करता हे. वो दूसरा बोटों दबाता हे. सुरभि अपने बूब्स पे हाथ रखते हुए फिर पलट कर जग्गू को देखती हे. तीसरे बोटों से क्या होगा ये जग्गू को पता चल गया. जग्गू आज पहेली बार लाइफ में ऐसी नोट्टी हरकते करने वाला था. सुरभ सब्जी के एक ठेले पर रुकी. वो बैगन चेक कर रही थी. सुरभि जैसे hi ज़ुकी की जग्गू ने बोटों दबाया. असर सुरभि के बूब्स पे हुआ. सब्जी बेचने वाला एक कला सा बुद्धा था. सुरभि ज़ुकी हुई थी और कम्पन से उसका पल्लू भी गिरा. सुरभि के फसे की स्माइल फेल गई. सुरभि ने अपने हाथो से अपना जोबन छुपाया.

जग्गू को बहोत मजा आ रहा था की उसके कंधे पर किसी ने हाथ रखा. जग्गू ने पलट कर देखा तो माधुरी थी.

माधुरी ; क्या कर रहा हे यहाँ.

जग्गू ; वो में वो.

जग्गू सुरभि की तरफ हिसार किया. माधुरी ने जब सुरभि को देखा तो समाज गई. दोनों लव बर्ड्स इश्क कर रहे हे.

माधुरी ; ये तेरे हाथो में क्या हे???

जग्गू ; वो वो.

माधुरी ने जग्गू के हाथो से रिमोट ले कर एक बोटों दबाया तो सुरभि के हाथो से बैगन छूट गए.

सब्जी वाला ; अरे मेडम फेक क्यों रही हो.

माधुरी ने देखा तो माधुरी भी संसज गई.

माधुरी ; जग्गू कभी बंदरिया नाचते हुए देखा हे. देख आज देखे गए.

माधुरी ने स्पीड बधाई और एक बार बोटों दबाया तो सुरभि सब्जी के ठेले पर उछाल के गिरी. माधुरी जोर जोर से हस्ती रही. सुरभि उठी और बोली.

सुरभि ; साली कुटिया कबाब में हड्डी बन न जरुरी था.
 
में ेराम के रूम से बहार निकला. आलिया बाथरूम से बोल रही थी.

आलिया ; आ गए अब तैयार हो जाओ. मुझे तो लगा की आप का सामान भी वही पहोचाना पड़ेगा

मुझे आलिया की बातो से हसी भी आई. आलिया रूम से बहार आई और मुझे देखने लगी.

IMG-20200705-153404.jpg
आलिया बहोत हॉट लग रही थी. उसके कानो में ेअरिंग बहोत बड़ी चूड़ी जितनी गोल गोल थी. वो उसे hi खेलते हुए मुझे सेक्सी नजरो से देख रही थी. में उसे समझता था. वो जान न छाती थी की में किसी लग रही हु.

में ; आलू तुम बहोत ब्यूटीफुल लग रही हो.

IMG-20200705-153334.jpg


आलिया की नजरे मुझे नशीली लगने लगी. वो अपने बूब्स पे हाथ घुमा ते मुझे hi देख रही थी. मेने उसकी बाजु पकड़ी और बहो में ले लिया.

आलिया ; कुछ किया क्या उसे???

में ; है.

आलिया मुझसे हाथ छुड़ा कर जाना चाहती थी. मेने उसे फिर बहो में लिया. उसे मेरी है सुन के बहोत तकलीफ हुई.

में ; देखो आलू में तुमसे प्यार करता हु. उस से नहीं. उसे में जान न चाहता हु. मेने बस लालच दी हे.

आलिया बस रोने hi वाली थी की मेने आलिया की लिप्स को अपनी लिप्स से लॉक कर दिया.

में ; में वो राज जान न चाहता हु जो वो नहीं बता रही हे.

आलिया ; मुझे तुम उसे बिस्तर पे ले गए उसका गम नहीं हे. बस वो आप के डिल में जगह न बना ले उसकी फ़िक्र हे.

में ; मेरी जान में सिर्फ तुम्हारा हु.

आलिया ; हमरे.

में ; है बाबा.

आलिया ; उसकी रूह से गाडरी की बू आती हे.

में ; कुछ न कुछ तो पता लगाना हे. चाहे उसके लिए मुझे कुछ नाटक hi क्यों न करना पड़े.

आलिया मुझे hi देख रही थी.

में ; चले??

आलिया ; हम्म्म हम हाथो में हाथ डेल निचे जाने लगे.

में : शिल्पा कहा हे.?

आलिया ; वो निचे हे रेडी हो चुकी हे.

में निचे गया आलिया भी मेरे साथ आई. निचे मुझे शिल्पा मिली शिल्पा आज क्या क़यामत लग रही थी.

images-11.jpg


images-4.jpg


रेड ग्रोन में शिल्पा का फिगर जबरदस्त लग रहा था. शिल्पा भी मुझसे नजरो से यही सवाल करती हे. में किसी लग रही हु. मेरे मुँह में बस एक hi सबद निकला

में ; हॉटट...

शिल्पा जाती हुई मुड़ी

images-3.jpg


वो मुझे बहोत hi सेक्सी निगाहो से देखने लगी. शिल्पा की तारीफ किसी और की मोहताज नहीं हे.

शिल्पा ; आप निचे चलिए में आती हु एक कॉल कर के.

में ; ok

में और आलिया निचे आए.

आलिया ; क्या वो बिस्तर पे हम से अच्छी हे??

IMG-20200705-153528.jpg


मुझे पता नहीं चल रहा था में आलिया की बातो को शरारत संजू या जलन. वो मुझे जिस निगाहो से देख रही थी उसमे तो जलन hi लग रही थी.

में : मुझे ज्यादा तुम्हारी आदत हे आलू. तुम जो मुझे सुकून देती हो वो कोई और नहीं दे सकता. तुम बहोत प्यारी भी हो जब तक तुम्हे नहीं देखु मुझे चेन नहीं आता

IMG-20200705-153441.jpg


आलिया शर्मा गई. मेने आलिया की कुछ ब्यूटीफुल पिक्स अपने मोबाईल के कैमरा में कैद की

IMG-20200705-153305.jpg


IMG-20200705-153500.jpg


में जब आलिया के फोटोज खींच रहा था तो मुझे ेराम भी कैमरा में नजर आई मेने कैमरा डाउन किया

9b522e9ef8f51f72d70535e031783725.jpg


ेराम ने आज ब्लू ग्रोन पहना था. स्ट्रैपलेस ऐसा लगता था जैसे कपड़ा उसके बूब्स पे सिर्फ अटक गया हो. ेराम का फेस और उसके मस्त टाइट बूब्स हर किसी को आकर्षित कर रहे थे. ेराम की नजर जब मुझपे रुकी वो बिग स्माइल देने लगी. हम दोनों की नजर मिली. मुझे पता था की ेराम को देख कर आलिया को बहोत जलन होगी hi. मेने नजर ेराम से हटाए बिना आलिया से कहा जो ेराम नहीं सुन पाई.

में ; आलू इसे देख के जलना मत. मुझे पता हे ये सिर्फ एक धोखा हे.

मुझे पता नहीं आलिया ने क्या रिएक्शन दिया होगा. लेकिन सायद वो समाज hi गई होगी.

24f4466718cbaa1a1e1616b79de2e523.jpg


ेराम मेरी तरफ आ रही थी. आज उसकी चल में कुछ रवानी थी. उसके फिगर के साथ उसकी स्माइल भी कातिलाना थी.

38a88ca6dd5e9570cabb63b0edacf430.jpg


में : वह ेराम आज किसका कतल करने का इरादा हे.

ेराम ; हम तो खुद आप को देख के जी रहे हे सनम हम किसी का कतल क्या करेंगे.

आलिया ; फ़िक्र मत करो मौत तो में तुम्हे जब चाहे दे दूंगी.

ेराम ने आलिया की तरफ देखा और बोली.

ेराम ; छोटी बहन जितना तुम मुझे नफरत करोगी में इतना hi प्यार करुँगी.

आलिया ; पता नहीं तुम्हे हम प्यार की दुकान क्यों लगते हे.

ेराम ; प्यार की दुकान नहीं प्यार की खदान हो आप सब. थोड़ा सा मुझे भी ले लेने दो मेरी बहन.

आलिया ; मुझे बहन मत बोलो तुमसे गद्दारी की बू आती हे.

ेराम ; कोई बात नहीं कभी न कभी तुम्हे मेरे इमां की खुशबु भी मिल जाएगी. आज मेरी बहन अपने शोहर के साथ पीछे बैठे में ड्राइव करुँगी. में कार ले कर आई.

ेराम जाते हुई बहोत सेक्सी स्माइल दे रही थी.

IMG-20181101-130903.jpg


ेराम के जाते hi आलिया गुस्से से बोली.

आलिया ; इसे साथ ले जाना जरुरी हे क्या???

में ; पागल मत बनो तुम थोड़ा गुस्सा कण्ट्रोल करो.

आलिया ; नहीं होता. उस चुड़ैल को देख के तो बिलकुल नहीं होता.

में आलिया को अपनी बहो में ले लिया.

ठाणे में जग्गू कंप्यूटर पे बेथ गया. और माधुरी उसके पास में बैठी थी. रत हो चुकी थी.

जग्गू ; मेम मेने पिंकी की फब ईद को हैक किया. इसमें बहोत सरे मश्ग थे. कुछ डिलीट किये वो भी दूध निकले और कुछ तो डिलीट नहीं किये हे.

माधुरी ; क्या बाटे करती हे ये चमक छल्लो??

जग्गू ; ये देखो मेम. ये मश्ग जो राईस से किये हे.

((((राईस ; वो तुम्हारी पिछ देखना चाहता हे सेंड करो यार.

पिंकी ; नहीं वो पिछ सिर्फ मेने तुम्हारे लिए खींची थी. कोई और के लिए नहीं.

राईस ; भरोसा रखो कुछ नहीं होगा.

पिंकी ; ये गलत हे.))))

माधुरी ; मतलब अपनी माशूका की नुमाइस करने का सोख हे उसे.

जग्गू ; ये तो कुछ भी नहीं ये देखो. उसे लोग कैसे मश्ग कर रहे हे.

((( सुनील ; अरे जानेमन तेरे बॉयफ्रेंड ने hi बोलै तुम्हे बिना कपड़ो के फोटो दिखने को.

सुरेश ; प्लीज उस रत के जैसे आज भी रोमियो के सामने मजा आ जाएगा.

गोवराव; तुम्हारे होठ बड़े मस्त हे. राईस बता रहा था. तुम्हारे होठो ोे टोपे से लिपस्टिक लगते देखना चाहता हे.)))

माधुरी ; मतलब ये सरे राईस की मर्जी से पिंकी के साथ हम्म्म.

जग्गू ; मेडम राईस ने अपना फब ईद नाम रोमियो रखा हे. मेने जब पिंकी का मोबाईल ट्रेस किया तो वो रतलाम के पास हिग्वे पर लास्ट जीपीएस की रेंज में था. बाद में नेटवर्क से आउट हो गया. वो लास्ट 3 साल पहले तक.

माधुरी ; इतनी देर बाद तक का डाटा कैसे मिला.

जग्गू ; मोनार्क हे न उसकी सिम. ***** कंपनी की थी. उसने लास्ट no कब तक चालू रहा और कंपनी ने नेटवर्क कब तक दिया सब कंपनी के नेटवर्क में घुश के चुराया. मोनार्क तो जीनियस हे मेम.

माधुरी ; और कुछ.

जग्गू ; ये करामात भी मोनार्क की hi हे. सेल ने पिंकी पे आने वाले कॉल डिटेल्स चुराई. उसमे से राईस का no ढूढ़ा. फिर हम दोनों ने उसके मोबाईल का पता किया. िमे no चोरी किया. मोनार्क हर नहीं मसना उसने 3 बार सिम और 2 बार मोबाइल बदले. मोनार्क और में लिंक से लिंक उसे ढूढ़ते रहे. ये लास्ट उसका no हे और वो ये वाला मोबाइल उस करता हे.

माधुरी के फेस पे स्माइल आ गई.

माधुरी ; वाओ यार मन गए. बहोत महेनत की तुम लोगो ने.

जग्गू ; मेडम ज्यादा महेनत तो मोनार्क ने की. ादः मेडम की गॉड में बेथ कर काम कर रहा था.

माधुरी ; हम्म्म जलन तू क्या कर रहा था मार्किट में???

जग्गू हस्ता हे.

जग्गू ; मेडम सुरभि जी का प्लान था. उन्होंने मुझे भी नहीं बताया था.

माधुरी ; हम्म्म साला में कबाब में हड्डी बन गई.

सुरभि के घर सुरभि सलीम का ऑपरेशन कर रही थी. सुरभि के पास निदा और देश थे.

देश ; वह क्या लग रही हे. सससस क्या बॉडी बनाई हे तुमने. पेट की थोड़ी और चर्बी निकालो.

सुरभि ; ( स्माइल) हवस खोर दरिंदे तुम थोड़ी देर चुप नहीं रहे सकते.

देश ; कैसे चुप राहु इसे देख कर तो अभी से hi ससससस.

सुरभि माधुरी को कॉल करती हे.

सुरभि ; है बे कुटिया क्या कर रही हे.

माधुरी ; तेरे जैसे फालतू नहीं हु. जो डिलडो को छूट में डेल मार्किट घूमती राहु.

सुरभि ; एक मुबारक बाद देनी थी.

माधुरी ; क्या मुबारक बाद देगी.

सुरभि ; मेने एक नै डिम्पल भाभी बनाई हे. और आवाज भी शामे उसी की जैसी.

माधुरी ; सच ( शॉकिंग) बना दिया सलीम को डिम्पल????

सुरभि ; है यार बना दिया.

माधुरी ; अब तो खेल में और मजा आएगा.

तपन और उसकी दोनों बीविया आलिया और शिल्पा साथ में ेराम वापस होटल पहोच चुके थे. रिसेप्शन पे से एक लड़की उन्हें पूछती हे.

लड़की ; एक्सक्यूज़ में. आप में से शिल्पा नॉन हे???

शिल्पा ; जी में हु. कहिये क्या बात हे???

लड़की ; मेम किसी मर अजय अग्रवाल का कॉल हे आप के लिए.

शिल्पा ; जी आप लोग ऊपर चलिए में अभी आई.

सभी ऊपर चले गए. शिल्पा वो लड़की के साथ रिसेप्शन तक जाती हुई धीरे से बात करती हे.

लड़की ; मेम लेपटॉप तो सेफ हे. आप चेक कर लो.

शिल्पा ; तुम भी तो सेलरी ले रही हो चेक नहीं कर सकती.

लड़की ; मेम इतनी पढ़ी लिखी नहीं हु. मुझे पापा की जगह नौकरी मिली हे. कंप्यूटर वगेरा नहीं आता.

शिल्पा ; ठीक हे ठीक हे. चलो जल्दी सर्वर ों करना हे.

शिल्पा और वो लड़की निचे अंडरग्राउंड एक रूम में ले गई. अंदर रूम में कई कंप्यूटर थे. 3 वेटर भी थे. शिल्पा ने लेपटॉप उठाया और लग गई. काफी देर तक मथने पर भी उस वक्त वो लिंक ओपन नहीं हुई जो उसे खोलनी थी. उस लिंक से जुड़ने के लिए उसे पूरा एक घंटा लगा. खुलते hi शिल्पा ने कुछ चेक किया और वो घबरा गई.

शिल्पा ; बाप रे ये तो पता hi नहीं चला.

शिल्पा ने तुरंत hi हेडफोन कण पे लगाए और कॉल किया. तिगर बाथरूम में अपना फेस धो कर अपने फेस को आईने में देख रहा था. उसकी वाच पे एक रेड लाइट हुई. उसने अपना मोबाईल निकल और बोलै.

तिगर ; है बोलो नाईट फाइटर क्या बात हे.

शिल्पा ; बहोत बड़ी गड़बड़ हो गई. राईस ने सीधा मॉल पहोचा भी दिया. मॉल लाला के भाई मुंशीचंद के गोदाम में हे. जहा पास वो नदी हे.

तिगर ; तुम्हे कैसे पता चला.

शिल्पा ; कातिल हाशिना का लेपटॉप से पता चला हे. उस शेरनी को जल्दी भेजो उसके शिवा किसी और को मत भेजना.

तिगर ; तुम्हे अपनी बहन पे बहोत भरोसा हे.

शिल्पा ; ( स्माइल ) होगा क्यों नहीं आखिर वो शेरनी हे.

तिगर ; वैसे आज रेड ड्रेस में तुम कमल की लग रही थी.

शिल्पा ; आप हर वक्त हम दोनों बहेनो को देखते hi रहो बस. वैसे दीदी को मेरे बारे में पता तो नहीं हे.

तिगर ; नहीं पता हे. पर किसी दिन पता चल hi जाएगा.

शिल्पा तिगर से बात करते हुए ेराम का लेपटॉप hi देख रही थी की अचानक वो चौक गई.

शिल्पा ; (सोक) ू माय गॉड ू माय गॉड.

तिगर ; क्या हुआए बोलो क्या हुआ.

शिल्पा ; सारा डाटा अपने आप डिलीट हो गया कुछ भी नहीं हे अब.

तिगर ; समाज गया उसने इन्फो बचा ली पर सिर्फ आधी.

शिल्पा ; दीदी के पास दो हैकर हे जल्दी बोलो उन्हें उस करे.

तिगर ने कॉल काट दिया. किसी को पता भी नहीं चला दूसरी खेप आ चुकी थी. इस बार शैतान को जान बच कर कुछ नहीं बताया गया. लेकिन शैतान के कुछ बन्दे लाला के घर पे उसके जासूस थे. जो लाला और उसके घर पे शैतान के लिए जासूसी करते थे. लाला और मुंशी दोनों एक hi घर साथ साथ रहते the.unke घर की एक काम वाली शैतान को कॉल करती हे.

कामवाली बाई ; ोू साहेब गड़बड़ हे कल से.

शैतान ; है बोलो सन्नो.

सन्नो ; साहेब लगता हे लाला और मुंशी आप से छुपकर कुछ कर रहे हे.

शैतान ; क्या खबर ले तू.

सन्नो ; साहेब रत को लाला आया में मुंशी का बिस्तर गेम कर रही थी. सेल दोनों मुझे गॉड में बैठकर आगे पीछे पेल रहे थे और बात कर रहे थे. उन्हें लगा की मेने ठर्रा ज्यादा मर लिया तो में नशे में हु.

शैतान ; बस तू अपने चुदाई का किस्सा सुनाने के लिए कॉल किया.

सन्नो ; अरे सुनो तो साहेब. वो बात कर रहे थे. शैतान को मत बताना. बिल्ली उसके लिए काम करती हे. वो फिर मॉल हड़प जाएगी. एक ट्रक मॉल हे. 6 ट्रक भी वही लाएंगे.

शैतान ; ओह्ह्ह्हहोओओओ मेरी बिल्ली मुझसे म्यू. और क्या बोले. डीके के पास पैसा भी आ जाएगा. किसी अग्रवाल कंपनी वाले को लूट के.

शैतान ; और क्या बोले?

सन्नो ; बस इतना hi.

शैतान ; ठीक हे जब भी तू आए पैसे ले जाना काम की खबर दी तूने.

शैतान कॉल काट करता हे और माधुरी को कॉल करता हे.

शैतान ; मोहिनी जल्दी आओ बड़ी गड़बड़ हे.

माधुरी ; मोहिनी नहीं. दोबारा नहीं बोलूंगी. तुम्हारे प्यार का कर्ज में ऐडा कर चुकी हु. कही तुम मेरे शिकार न बन जाओ.

माधुरी कॉल काट कर देती हे.
 
शाम से hi ादः और मोनार्क की सेक्सी मस्ती चालू थी. ादः एक स्लिप में. ब्रा पेंटी मिक्सउप में बैठी मोनार्क को ललचा रही थी. कभी वो अपने फेस पे तो कभी अपनी लम्बी टैंगो पे हाथ घूमती. ादः जैसी मस्त तीन गर्ल. मोनार्क जो पूरा उसकी नाभि तक भी नहीं पहोच पता था. उसे ललचा रही थी. ादः की मस्त जंगे और पत् को देख कर मोनार्क का लैंड हिलोरे खा रहा था.

images-8.jpg


images-10.jpg


ादः भी ऐसी सेक्सी हरकते करती की मोनार्क अपने आप को कंट्रोल नहीं कर प् रहा था. अपने दोनों टैंगो के बिच अपने हाथो को जंगो से दबाते वो मोनार्क को देख रही थी. नशीली आंखे गोरा फेस लम्बे बल और जीरो फिगर.

images-14.jpg


ादः अपने बॉयफ्रेंड को ललचानेमे लगी थी. और उसकी माँ उसकी हरकतों को किचन की विफई से देख कर बहार आई और बोली. क्या बेशरमी हे. एक गॉन के सामने तुम नंगी पुंगी घूम रही हो शर्म कुछ बची हे तुम में.

ादः ; माँ ये मेरा बॉयफ्रेंड और मेरा होने वाला पति हे. (स्माइल) और आप का होने वाला जमाई राजा भी. ादः ने जब मोनार्क के लिए जमाई सब्द का उस किया उसकी छूट से रास बहने लगा. वो शर्मा भी गई. एक एक्साइटमेंट उसके डिल में आ गई. लेकिन उसकी माँ उतना hi गुस्सा हो गई. वो वह से पाव पटक कर चली गई. ादः का दयँ उसकी माँ से हटा भी नहीं था की उसे अपनी छूट पे मोनार्क का हाथ महसूस हुआ. वो एक डैम से चौक गई. और अपनी मां को देखने लगी कही वो देख तो नहीं रही हे.

images-15.jpg


ादः सिर्फ अपनी मां को hi देख रही थी. कही उनकी हरकत का उन्हें पता तो नहीं चल रहा हे. अपनी नजर को किचन की विंडो पे लगा कर मोनार्क से बोली.

ादः ; मोनऊ सससस माँ देख लेगी ससससस.

लेकिन मोनार्क कहा मंटा. ादः की छूट के हिस्से पर जो उसकी पंतय का कपडा था उसे साइड पे खिडका कर ादः की छूट पे अपने लिप्स रख कर चाटने लगा. ादः भी गरम हो गई उसे बहोत मजा आ रहा था. मोनार्क टेबल के निचे ादः की छूट पे अपनी जीभ घुमस्ता कभी लिप लॉक किश कर के उसकी छूट का रास चाट जाता. ादः भी सिर्फ अपनी मां पे hi नजर रख रही थी.

images-12.jpg


अचानक उसकी मां भी बहार आई. ादः ने अपनी एक तंग को फॉल्ट किया और अपना आगे वाला हिस्सा छुपाया. मोनार्क भी उस वक्त पीछे हैट गया. ादः के फेस के भाव भी चेंज हो गए वो सिर्फ अपनी माँ को hi देख रही थी.

images-11.jpg


ादः की माँ जैसे hi अंदर गई ादः ने मोनार्क के बालो को पकड़ किया और अपने छूट की लिप्स पे दबाने लगी. अपनी दोनों जंगो के बिच मोनार्क के सर को जसकाडते हुए उसे बहोत मजा आ रहा था ादः का दयँ अब भी अपनी माँ पे था.

images-16.jpg


ादः चार्म सुख तक पहोचने hi वाली थी की अचानक उसकी माँ आ गई. मोनार्क भी पीछे हो गया और अपनी माँ को देख कर ादः भी अंगड़ाई लेने लगी जैसे कुछ हुआ hi नहीं.

images-13.jpg


ादः को दर लगा कही उसकी माँ के सामने वो बदनाम न हो जाए इस लिए ादः तुरंत कड़ी हुई और अपने घर के पीछे जो लाइट होसे था उसके बहार आ कर बेथ गई.

images-18.jpg


वो मोनार्क का hi वेट कर रही थी उसे पता था मोनार्क जरूर आएगा. मोनार्क भी उसे ढूढ़ता हुआ जरूर आएगा. वो उसे ढूढ़ता हुआ आ भी गया. ादः का हाथ पकड़ा और खींच कर अंदर ले गया. बैठी हुई ादः कड़ी भी नहीं हुई थी. क्लीन और चमकती हुई टाइल्स पे बैठे बैठे hi स्लिप होते हुए ादः अंदर आ गई. मोनार्क इतना गरम हो गया था की वो ादः को बीएड तक भी ले जा सके. ादः को एक दिवार से सत्ता कर उसे देखता हुआ अपनी छोटी सी निक्कर उतर देता हे. मोनार्क अंडरवेर नहीं पहनता था. जैसे hi मोनार्क ने निक्कर उतरी उसका लैंड बहार आ गया. एक डैम खड़ा.

मोनार्क की हिघ्त के हिसाब से उसका लैंड बड़ा था. वो जब नुदे होता तो एलियन hi लगता था. उसके लैंड को देख कर ादः स्माइल करते हुई बोली.

ादः ; तुम्हारी साडी ताकत तो भगवन ने यही दे दी.

मोनार्क ; हहहससष्ठ नहीं दिमाग में सिर्फ दिमाग में.

मोनार्क ने सीधा ादः के पेट पे लत राखी और सीधा कंधो में अपनी लत फसा कर ादः के बूब्स पे अपने हिप्स तक दिए. मोनार्क की दोनों जंगे ादः की गर्दन के इर्द गिर्द घर के बेथ गया. उसने अपना लैंड पूरा ादः के मुँह में दाल दिया.

images-7.jpg


ादः ने अपने हाथो के पंजो से मोनार्क के पाव के पंजो के निचे लगा कर तक दे दी. जिस से मोनार्क को ऊपर उछलने में कोई तकलीफ न हो. मगर मोनार्क ादः के बूब्स पे अपनी छोटी सी हिप्स को टिका कर ादः के मुँह में लैंड आगे पीछे करता जा रहा था. ादः को साँस लेने में भी तकलीफ होने लगी. लेकिन मोनार्क बे रहें ादः के सर के बालो को जकड़े बेरहमी से झटके मरे जा रहा था. मोनार्क चरम सुख तक पहोचने hi वाला था की उसके मोबाईल की रिंग बजी जो उसकी निक्कर की जेब में था. मोनार्क फिर भी कॉल नहीं उठता. ादः फटी आँखों से मोनार्क की निकर को आँखों की पुतली घुमा कर देखती हे. अपने पाव से खींच कर निक्कर को नज़दीक लती हे. फिर फोन निकल कर स्पीकर करती हे.

माधुरी ; मादरचोद फ़ोन क्यों नहीं उठता. ( छीलते हुए )

मोनार्क माधुरी की आवाज सुनकर ऊपर से निचे गिर गया. माधुरी फ़ोन पे चिल्ला रही थी.

माधुरी ; सेल ादः की छूट में घुसा हे न. मुझे पता हे. अब बोलता क्यों नहीं हे?

मोनार्क ; जज जज जी मेडम.

माधुरी ; क्या जज कर रहा हे. वो भादवी कहा हे दे साली रैंड को कॉल.

ादः और मोनार्क दोनों की हवा माधुरी की गलियों से निकल गई. ादः भी माधुरी को बोलती हे.

ादः ; है है है मेडम.

माधुरी ; एक जज्ज हाहाहा सालो अपनी चुदाई बाद में करना जल्दी ठाणे आओ.

माधुरी ने शैतान से बात कर ली फिर टीम को एक कर रही थी. सूखा और जोंनि ठाणे में hi थे. पहलवान भी टाइम पे पहोच गया था. घसीटा माधुरी को अपनी जीप में ले कर आया था. तपन की बाइक माधुरी के ठाणे के बहार कड़ी थी. सिर्फ ादः और मोनार्क hi बाकि थे. उसी वक्त अहॉक दुबे भी वह आ गया.

दुबे ; जय हिन्द मेडम.

माधुरी ; (स्माइल) आओ दुबे आओ बैठो तुम भी कुछ काम कर लो.

उधर मोनार्क तैयार होने लगा. ादः के पास से मोनार्क गुजरा तो वो मोनार्क को जपत के पकड़ने की कोसिस करते हुए बोली.

images-10.jpg


ादः ; आओ न मेरी जान काम से काम प्यास तो भुजदो.

मोनार्क गुस्से हो गया और बोलै.

मोनार्क ; मुझे मेडम की गली नहीं सुन नई हे.

ादः नशीली आँखों से मोनार्क को देखते हुए. शटर दूर के बिच बेथ जाती हे. और दूर को अपने दोनों टैंगो के बिच में हल्का हल्का टाच करती हे.

images-8.jpg


ादः ; ोू मेडम के चमचे सससस आओ न सससस बहोत मन कर रहा हे ससस

ादः अपनी छूट को दूर के बिच अपनी जंगो से जकड कर अपनी छूट को रगड़ती हे वो बहोत गरम हो गई थी.

images-12.jpg


मोनार्क को ादः की बातो से बहोत गुस्सा आया.

मोनार्क मिस ादः आपको पता नहीं सायद मेडम जिस काम को कर रही हे वो हमारे लोगो की हिफाजत के लिए हे. और इस काम को लेकर मुझे मेडम का चमचा समझे तो है में हु मैदान का चमचा.

ादः ने अपने कण पकडे और बोली.

ादः ; अरे बाबा सॉरी चलो जल्दी तैयार हो जाओ अभी निकलते हे.

images-11.jpg


ादः और मोनार्क भी ठाणे पहोच जाते हे. माधुरी के मोबाइल पे तिगर का कॉल आता हे.

माधुरी ; बोलो बड़े लेट याद किया.

तिगर ; खबर hi लेट हाथ आई. दूसरी खेप आ गई और हमें पता hi नहीं चला.

माधुरी ; क्या करे आप लोग काम तो थोड़ा करते हो शो ज्यादा करते हो.

तिगर ; लाला के भाई के गोदाम में दूसरी खेप आ चुकी हे. तुम्हे उसे चोरी करना हे या हमला वो तुम जानो 3 दिन के अंदर मॉल हमारे पास लाना होगा.

माधुरी ; पहले मुझे रेकय तो करने दो बाद में प्लान बनाएँगे.

तिगर ; मेरे एक अगांत के पास दुश्मन का लेपटॉप हाथ लगा था. दुश्मन ने उसमे से सारा डाटा खींच लिआ अब लेपटॉप सिर्फ एक डिब्बा बन गया हे.

माधुरी ; ले आओ उसे भी देख लुंगी.

कॉल काट कर के माधुरी टीम को बोलती हे.

माधुरी ; सुनो रे सरे यहाँ आ जाओ.

सरे माधुरी के िरद गिर्द हो गए.

माधुरी ; किसी को भनक तक नहीं लगी और मॉल यहाँ आ गया.

घसीटा ; लेकिन मॉल तो आ चूका हे न.

माधुरी ; है ये दूसरी खेप हे. दूसरा मॉल सारा आने वाला था पर ये दुश्मन का प्लान बी हे. हमारे पास जितना हे उतना hi मॉल हे. सारा मॉल अब भी आखिर में hi आएगा. कल मुझे मंत्री जी की सककृत्य में भी जाना हे. उन से मीटिंग हे.

जोंनि ; पर मॉल आया कहा पर हे???

माधुरी ; लाला का भाई मुंशी चाँद. वैसे उसे मेने भी आज तक नहीं देखा.

अशोक दुबे ; मेने देखा हे मेडम.

माधुरी ; धोका दिया तो तेरी पूरी बॉडी के part खोल दूंगी.

दुबे ; नहीं मेडम अब नहीं. काम से काम अब अपने साथी अपने पुलिस भाइयो के साथ तो धोखा नहीं.

जग्गू ; इस पे एक बार भरोसा करो मेडम बन्दे को एक मौका तो देना बनता हे.

दुबे ; मेडम मुंशी एक no का हरामी औरत बज आदमी हे. उसके यहाँ जो भी काम करने वाली लड़किया या ओराते आती हे वो उन्हें 400,500 दे कर पेल देता हे. गरीब लोग कर भी क्या सकते हे. गरीबी के कारन पेसो की लालच में आ जाते हे और मुंशी पूरा फायदा उठा देता हे.

माधुरी ; हम्म्म कहा हे उसका गोदाम.

दुबे ; वो शहर के बहार पास वाली नदी हे न उसके पास hi हे. आस पास गौ के लोग hi वह काम करते हे. मेरा एक चाचा वह रहता हे. चरण दुबे.

माधुरी ; फिर प्लान मिल गया. में गोदाम में मज़दूरी करने वाली गांव की औरत बन के जाउंगी. ादः तुजे दोबारा काम करने वाली बाई बन के जाना होगा.

दुबे ; मेडम एक बात और मुंशी सुबह सुबह अकेला नदी किनारे घूमता हे. नहाने वाली ोर्टो को नंगा देखने के लिए. और कोई फास गई तो सुबह सुबह hi.

माधुरी ; (स्माइल) हम्म्म तो कल उसे सुबह में hi मिलूंगी देखते हे सेल में कितनी हवस हे. पहलवान और जोंनि तुम दोनों जग्गू के साथ रहोगे. मोनार्क तुम ादः के साथ जाओगे दुबे तुम्हे अंदर घुसेगा. अपने चाचा की मदद से. समझे. सूखा तू मुझे बेकूप देगा. मेरी जान को खतरा हुआ तो. और लाला पे नजर रखने का काम घसीटा तुम्हारा. ध्यान रहे लाला ने मुझे देखा हे. अगर लाला मेरे सामने आया तो हमर्रा भेद खुल जाएगा.

उधर डीके ने अगरवाल एम्पायर का 40 % शेर उसके पार्टनरों को डरा कर अपनी तरफ कर के मद बन ने की तयारी करने लगा. अजय का ऑफिस जाना काम हो चूका था. अजय भी डीके से मिलता रहता और पूछता कक कहा हे. वो सिर्फ हॉस्पिटल में होने का बहाना करता. क्यों की कक तो सुरभि के घर बेहोशी में कैद था.

अँधेरी रत में सभी सो चुके थे. सिर्फ आलिया जग रही थी. वो कानो में छोटे से हड़फोन की मदद से माँ से बात करने की कोसिस करती हे. आलिया एक डैम धीमी आवाज में बोलती हे.

आलिया ; माँ ू माँ सो गई क्या?

कोई जवाब नहीं आता. आलिया को विश्वास था माँ सोइ नहीं हे. आलिया माँ के मजे लेने की कोसिस करती हे.

आलिया ; अम्मम्म माँ लगता हे पापा के शपने देख रही हे. वह लगता हे पापा माँ को किश कर रहे हे. माँ की सांसे पापा की गरम सांसो से घुल कर सीने के अंदर तक जा चुके हे. पापा माँ की लिप्स से गरदन ससस ुयी मा ससस फिर धीरे धीरे निचे माँ तुम्हारे दो वो बड़े बड़े सससस रसीले.

माँ बिच में चिल्लाती हे.

माँ ; ोय बस कर बेशरम लड़की बस कर कुछ शर्म तो तुजे हे नहीं.

आलिया हसने लगी.

आलिया ; माँ तुम पापा के ऐसे hi शपने देख रही थी न. सच बताना.

माँ ; बिकुल नहीं.

आलिया ; सच बताओ माँ आप को मेरी कशम.

माँ ; कुटिया साली तू मेरी कोण लगती हे जो में तेरी कशम मनु???

आलिया ; बस क्या माँ दूध नहीं पिलाया तो बेटी भी नहीं मानोगी क्या. मेरे जैसी सुन्दर बेटी नशीब वालो को मिलती.

माँ ; सुन्दर और तू. गाढ़ी लगती हे गाढ़ी.

आलिया ; रहने दो अगर आप का कोई बीटा होता तो तुम मेरे घर आ कर रोने लगती. आलू बीटा प्लीज मेरे बेटे से शादी कर लो. में साडी जहेदाद तुम्हारे नाम कर दूंगी.

माँ ; रहने दे कुटिया तुजसे तो कोई बूढ़ा भी शादी न करे अपने बेटे के लिए तो में स्वर्ग की पारी ले औ.

आलिया थोड़ी संभल के सोने का नाटक करती हे. तपन शिल्पा और आलिया तीनो बिना कपड़ो के बिलकुल नुदे सो रहे थे. आलिया तो जग रही थी. पर शिल्पा तपन की बहो में शिल्पा की लम्बी टैंगो का घुटना से ऊपर थोड़ी निचे की जंग का हिस्सा तपन के लैंड को दबाए शिल्पा का एक हाथ तपन के सीने में और एक अपने सर के निचे था. सिर्फ आलिया hi पूरी नंगी साइड में सो रही थी.

आलिया तपन और शिल्पा के थोड़े हिलने से चुप हो कर सोने की एक्टिंग करने लगी. माँ लाइन पे थी उसे पता नहीं था.

माँ ; अब चुप क्यों हो गई. आलिया आलिया आलिया बीटा बोल न.

जब आलिया ने माँ के मुँह से बीटा सुना तो उसकी आँखों से अंशु आ गए.

माँ ; अच्छा सॉरी चल अब बुरा नहीं मानते.

आलिया की आँखों के अंशु के साथ एक सिसकारी भी निकल गई.

माँ ; तू रो रही हे. सॉरी बीटा. अच्छा कुछ नहीं बोलूंगी बस तुजे बुरा लगा तो में माफ़ी मांगती हु.

आलिया ; नहीं वो बात नहीं हे. वो बहोत दिनों के बाद किसी ने बीटा बोलै तो.

माँ के फेस पे स्माइल आ गई.

माँ ; हम्म्म अच्छा आखिर मेरी बेटी बन hi गई अच्छा पूछ क्या पूछना हे.

आलिया ; सच में पुछु???

माँ ; है बाबा.

आलिया ; आप पापा के शापनो में खोई थी न.

माँ ; हम्म्म बाईट वक्त को याद कर रही थी.

आलिया ; वह तो सुनाओ कैसे थे पापा. आप तो हो hi सुन्दर इतनी तो फिर आप को तो पापा छोड़ते hi नहीं होंगे.

माँ ; तुम्हारे पापा के बड़े अजीब शोख थे. वो मुझे नृत्य ( डांस ) करवाते थे. अपनी नौकरानियों से अपने सामने मुझे सजवाते थे. ढेर सरे गहने पहनते. पहनते वक्त मुझे छूटे सहलाते और जब में नाचती तो वो मेरा नाच देखते रहते. जब में पूरा थक जाती तब वो मुझे बिस्तर पे ले जा कर बहोत जोरो से प्यार करते थे.

आलिया ; वव माँ कोई किस्सा सुनाओ न माँ.

माँ ; धत पागल ऐसे किसी मिया बीवी का किस्सा भी कोई पूछता हे.

आलिया आप को मेरी कशम.

माँ : तो सुन उस वक्त में 16 की थी. शादी कर के लाए मुझे एक हफ्ता भी नहीं हुआ था. मुझे मास्टर से नृत्य शिल्हाने घर आते थे. मेने ज्यादा तो नहीं शिखा था. पर उस दिन शाम को वो आए में उस वक्त तैयार हो रही थी. छोटे कपड़ो में सोने के गहनों से ढकी हुई. नौकरानी मुझे हर अंग पे गहने पहनती. और मेरी नजरे सिर्फ और सिर्फ उन पर.

IMG-20200708-185342.jpg


उनका अंदाज़ hi कुछ अलग था. जब वो मुझे छूटे तो डिल में कुछ अजीब सी लहर दौड़ने लगती. उस दिन मुझे अपने हाथो से उन्होंने मुझे सोने का हर पहनाया

IMG-20200708-185404.jpg


हर पहना ने के बाद जब उनकी उंगलिया मेरे पीठ पे फिरै तो मेरा रोम रोम रोमांचित हो गया. उन्होंने मुझे गले पर चूमा तो में सिहर उठी. जब वो मुझसे दूर गए तो मेरी नजर तब भी उनपे थी. पता नहीं वो मुझे ऐसी नजरो से देखते मेरा डिल मचल जाता उनके लिए.

IMG-20200708-185448.jpg


वो मुझे उस दिन देखते हुए इर्दगिर्द hi घूम रहे थे. वो जानते थे में उनके लिए तड़प रही हु. फिर भी वो बस मुझे छू कर निकल जाते. .ेरे ौरे बदन पे तो गहने थे. वो मेरे पीछे से आए पहले मेरी पीठ और बीर कंदो से होते हुए हाथो तक उंगलियों से मेरे बदन पे प्यार की लकीर खींचते.

IMG-20200708-185424.jpg


में ; ससस ुइ माँ ससस अहह. कंहाआआ.

वो हस्ते हुए मेरे सामने आए और बोले. रेखा मेरी जान ये तुम्हारे होठो के निचे जो टिल हे. वो टिल नहीं मेरा डिल हे. में तो बस सिर्फ उन्हें देखती hi रही.

IMG-20200708-185508.jpg


पल में करीब और पल में दूर क्या अंदाज़ हे उनका. ये तो भला उस नौकरानी का जो मुझे बिठाया और बचा हुआ सिंगार करने लगी

IMG-20200708-191801.jpg


जब मेने आईने में देखा तो खुद hi शर्मा gai.to मुझे समाज आया की उनका क्या हल हो रहा होगा. मुझे भी अपने हुशन पे थोड़ा गुरुर आया में भी उनके सामने जा कर कड़ी हो गई. इतराती हुई में मेरी कमर की लचक और मेरे चहेरे की मुश्कान देख कर सायद वो भी मेरे दीवाने हो गए होंगे. में इतराते हुए उनके सामने कड़ी हो गई.

IMG-20200708-191735.jpg


मेरी निगाहे जब उनसे मिली तो वो भी मुस्कुराते हुए. अपने आप को बेपर्दा कर ने लगे. बिना कपड़ो के उनका सरीर क्या जान लेवा लग रहा था. उनका खुबशुरत लिंग फैन फ़ना रहा था. वो मखमल के गद्दे पे लेते मेरा नृत्य देख रहे थे.

IMG-20200708-185656.jpg


मेरे पुरे सरीर पे जो गहने थे वो आपस में खनक रहे थे. मुझे घंटो बिट गए पता नहीं कितने वक्त तक में नाचती रही. वो बस मुश्कुराते हुए मुझे निहारते रहे में घूमते घूमते उनपे जा गिरी. मेरे पाव भी थक चुके थे. मेरी तेज सांसो को उन्होंने अपने अंदर उतर लिया. मेरे लबो को अपने लबो से जोड़ कर मुझे चूमने लगे.

मेरी भटकी सांसो को भी आशियाना मिल गया. वो खड़े हुए मेरे बदन के हर हिस्से को चूमने लगे में भी तो पिघल hi गई पगली. मुझे भी खड़ा कर के मुझसे लिपट गए. में उनके गले में अपने हाथो की माला डाली और पीछे की तरफ ज़ुल गई. मेरे रसीले स्तन देख कर वो कहा रुकने थे. सोने के जेवर में कैद कपडा हटा कर उन्होंने मेरे स्तन चूसे में भी उनकी बहो में. जुलते हुए अपना एक पाव उठाया और उनकी पुट्ठा ( hips)ke पीछे से ऊपर तक चिपका दी. उन्होंने मेरे निचे जो कपडा था वो खोल दिया. मेने पाव निचे किया फिर वापस वैसे hi उनके लिंग को अपने अंदर प्रवेश करवाने को तैयार हो गई. वो भी तैयार हुए. उनका लिंग गहराई तक पहोच गया. जैसे जैसे वो झटके मरते सोने के जेवर की खनक ने लगे. वो मुझे छोड़ hi नहीं रहे थे बस मुझे गहराई तक भोगे का रहे थे.

माँ ; अब बस कर आगे कुछ नहीं.

आलिया ; ससस माँ आप की बातो से तो मुझे भी अपने शोहर से प्यार करने को मन कर रहा हे में जा रही हु उनकी बहो में ससससस अह्ह्ह.

आलिया कड़ी हुई पूरी नुदे वो एक बार माँ जिस विंडो पे थी उसे देखती हे

IMG-20200708-222408.jpg


फिर तपन की बहो में चली जाती हे. माँ भी दूरबीन से जब आलिया को देखा तो हसने लगी.

माँ ; जा कर ले अपने पति से प्यार में जग रही हु.
 
सुबस जब मेरी नींद खुली तो रूम के बहार गैलरी में शिल्पा बैठी हुई थी. एक ढीला सा ग्रोन पहने. सुबह सुबह hi इतनी सेक्सी जल पारी के दर्शन

IMG-20200709-061601.jpg


वो मुझे hi देख रही थी. में शिल्पा के पास गया.

में ; यहाँ हमने जो दत्त पल गुज़ारे वो में कभी ज़िंदगी में नहीं भूल पाउँगा.

शिल्पा ; हम्म्म सही कहा मुझे भी ये जगह बगोट पसंद हे. आप फ्रेश हो जाओ फिर कही घूमने चले.

में ; दोपहर बाद अभी तो कुछ पल हमें यही बिताना हे.

शिल्पा निचे रेट पर नंगे पाव चलने लगी में वही खड़ा उसे निहारता hi रहा क्या खुबशुरत नजारा था.

IMG-20200709-061551.jpg


हम फ्रेश हुए आलिया नींद से उठी नहीं थी. हम बिच पर गए में सिर्फ एक निक्कर में. आज शिल्पा ने बिकनी रूप ले लिया ेराम भी अपने रूम में hi थी. सिर्फ में और शिल्पा. मेरा डिल शिल्पा के साथ कुछ अकेले वक्त बिताने और कुछ रोमांस करने का मूड था. शिल्पा जब मेरे साथ अकेली हुई तो उसका भी बचपन बहार आया. वो भी मुझे दूर से पोज़ देने लगी जैसे मुझे इम्प्रेस कर रही हो. क्या फिगर था उसका

IMG-20200709-062224.jpg


वो मेरे करीब आई. मुझे बिकनी में जो जीरो फिगर पे जो बूब्स का उठाव बहोत आकर्षित कर रहा था. जब उसने अपने दोनों हाथ उठाए देख कर में फिर उसका दीवाना हो गया

IMG-20200709-062213.jpg


बहोत देर बाद मेरी आलिया के भी दर्शन हुए. वो मुझे बहोत सेक्सी निगाहो से देख रही थी.

IMG-20200709-062431.jpg


उसके बदन पे जो रेट चिपकी हुई थी. आलिया सच में बहोत खुबशुरत हे.

माधुरी सुबस सुबह पहोच गई. सूखा भी उसके साथ था. बताया था जो लार टपकते हुए आए जो गांव की ओरतो को बिंदास छेड़ दे वही मुंशी होगा.

मुंशी चाँद लाला का भाई था. वो भी अनाज का दलाल था. एक no का ठरकी बुद्धा उसकी उम्र 66 के पास की थी. झुक कर चलता था. लेकिन लैंड में अब भी बहोत जान थी. कोई भी गांव की लड़की या औरत मिल जाए पैसे के डैम पर या अपने गुंडों के डैम पर उसे हाशिल कर hi लेता. लाला से भी साथ मिलकर अनाज के बिच हेरोइन की स्मगलिंग करता था. इस बार राईस से सीधा जुड़ कर उसने मॉल की दूसरी खेप अपने गोदाम में रखवा दी. जिस गोदाम में मॉल था वह गार्ड राखी किसी को भी अंदर नहीं जाने देता. मुंशी को शक था. लाला के पीछे पुलिस आई तो उसके गोदाम में भी छपा पद सकता हे. इस लिए लाला को आने की मनाई थी. माधुरी ने खुद वह की लोकेशन जान ने और समज़ने के लिए खुद जाने का फैसला लिया. दोनों भाई एक hi घर में रगेटे थे. दोनों की बीविया सुन्दर थी. उसकी दोनों बीविया छुप छुप कर एक दूसरे के भाइयो से चुदवाती थी. जो इन दोनों भाइयो को भी नहीं पता थी. की ुशी का भाई उसकी बीवी को पेल रहा हे.

माधुरी नदी किनारे सेक्सी गांव की गोरी बन के पहोच गई. वो थोड़े कपडे ले कर धोने का बहाना करने लगी. अपने घाघरे को जंगो तक ऊपर सरका के वो कपडे धोने लगी. न चाहते हुए सूखा की नज़ारे भी उसकी जंगो पे टिक गई. वो भी माधुरी का रूप देख कर अपनी नज़ारे वह से हटा नहीं प् रहा था.

माधुरी ; ोय इधर नहीं आजु बाजु देख कोई आ रहा होगा. मुझे तो ताड़ने के 10 मोके मिलेंगे.

सूखा को माधुरी की बातो से शर्म आई.

उधर ठाणे में.

जग्गू ; जोंनि अंकल क्या आप सच में कक का लुक ले लोगे.

जोंनि : है बीटा आज मेरा ऑपरेशन हो जाएगा. अब तुम ये बताओ ये क्या बना रहे हो.

जग्गू ; में ये जो part हे जिस से ुरेनियम ब्लास्ट होगा उसे जिस इंस्टूमेंट से ब्लास्ट करेंगे. उसे जैम करने के लिए कुछ बना न चाहता हु लेकिन मेरे और मोनार्क से मिल के भी बन नहीं प् रहा हे.

जोंनि ; अच्छा. देखो कंप्यूटर में वो लोग क्या कर रहे हे.

जग्गू हसने लगा.

जग्गू ; अभी हमारा काम नहीं हे. हमारा काम जब ादः मेडम उस मुंशी और लाला के घर में जाएगी तब काम सुरु होगा.

जोंनि ; वो कैसे.

जग्गू ; जब ादः मेम उसके घर में दाखिल होगी तो वो जगह कामर्स फिट कर देगी. फिर अंदर क्या हे सब पता चल जाएगा.

जोंनि ; फिर माधुरी मेम का क्या.

जग्गू ; मेडम आज सिर्फ मुंशी की नजरो में आएगी उन्हें जल में फसाएगी फिर वो उन्हें कहा ले जाएगा सायद गोदाम ले जाए तब वह हमारा काम स्टार्ट होगा.

जोंनि ; ओह्ह्ह आगे तो में कुछ दिन काम नहीं कर पाउँगा तुम्हारे साथ.

जग्गू ; आप जो करने जा रहे हो वो कुछ काम हे क्या. अपनी पहचान hi बदल जाएगी. लेकिन मेने सुरभि जी को बोल दिया हे आप को थोड़ा जवान यंग लुक दे. और काळा नहीं गोरा भी बना दे.

जोंनि ; अच्छा ऐसा हो सकता हे???

जग्गू ; खुद hi देख लेना

उधर नदी के किनारे माधुरी जंगो तक घाघरा चढ़ा कर कपडे धोने की एक्टिंग करती हे. सूखा जड़ी में छुपा हुआ माधुरी और रस्ते पर नजर रख रहा था. माधुरी ने आज घाघरा चोली एक डैम गांव की गोरी वाला लुक लिया था. छोटी और तंग चोली में माधुरी के बूब्स का उभर पर पीछे से खुली पीठ देख कर सूखा ने भी एक बार अपने पेण्ट पे बने तम्बू में हाथ घुमा दिया.

सूखा ; मेडम एक बूढ़ा लहराते हुई आ रहा हे.

माधुरी ; आने दे साला वही होगा.

अंदाज के मुताबिक वो मुंशी hi था. मुंशी के हाथो में एक लाठी थी. कमर ज़ुकी हुई होने के कारन वो लाठी का इस्तेमाल करता था. माधुरी के पीछे का हिस्सा देख के मुंशी रुक गया. और धोती में से अपने लैंड को सहलाने लगा. कुछ पल वो बस माधुरी को पीछे से देखता hi रहा. माधुरी की छोड़ी और गोरी गोरी पीठ कुछ हड्डियों का कसाव. थोड़ा निचे माधुरी की मस्त पतली कमर. और थोड़ी बहोत जंगे जो पीछे होने के कारन पूरी दिख नहीं प् रही थी. मुंशी के मुँह में कुछ डट भी नहीं थे. वो नकली डट लगा के घूमता था. मुंशी की नजर बैठी माधुरी की हिप्स के बिच जो कटाव बना हुआ था उसपे गया. मुंशी ने अपनी लाठी से उसके हिप्स के बिच जो कटाव था उसपर थोड़ी अपनी लाठी की नोक रगड़ी. जैसे hi लाठी की नोक रगड़ी माधुरी उछाल के कड़ी हो गई.

images-22.jpg


माधुरी ; ही रे दैयाआ सससस.

मुंशी ने लाठी की नोक माधुरी के गांड के बिच चिपका दी और हलके घिसने लगा.

माधुरी ; सससस ी कोण बत्तमीज हे सससस शर्म नहीं हे का.

माधुरी ने लाठी को पकड़ा और वह से हटा कर बड़ा सा घूँघट कर लिया. मुंशी हस्ता हुआ बड़ी गन्दी नजर से देखता हुआ बोलै.

images-8.jpg


मुंशी ; हे हे हे कोण हे ऋ तू? कोनसे गांव की हे गोरी.

माधुरी अपने घुघट के अंदर hi मुँह दबा के है रही थी. मुंशी थोड़ा नज़दीक आया अपने पंजे को माधुरी की हिप्स पे रखा और मशालते हुए गोल गोल घूमने लगा.

मुंशी ; आरी बता न कोण हे तू.

माधुरी ; ससस है दिया ससस दुबे जी की भतीजी हे हम ससस ी हाथ तो हटवा. का कर रहे हो ससस.

मुंशी ; अच्छा मुँह तो दिखा अपना.

मुंशी हाथ नहीं हटाता.

मुंशी ; अच्छा मुँह तो दिखा अपनाआ.

माधुरी ; नहीं हम सससस पराए मरद को नहीं सससस अह्ह्ह दिखाएंगे.

मुंशी ; आरी में कहा पराया हु. दिखा दे.

माधुरी थोड़ा हटने को हुई तो मुंशी ने काश के माधुरी का हाथ पकड़ लिया.

माधुरी ; ससस छोड़िये हमका ससस हम मुँह नहीं दिखाएंगे.

माधुरी हाथ छुड़ाने की नाकाम कोसिस वाली एक्टिंग करती हे.

मुंशी ; देख 50₹ दूंगा. दिखा दे.

माधुरी ; ससस पहला अपना हाथ काबू में करा.

मुंशी रुक गया लेकिन हाथ नहीं छोड़ा.

मुंशी ; अब बोल दिखा ले 50 ₹ और दिखा अपना मुँह.

माधुरी ; हमरा चहेरा देखने का सिर्फ 50₹ 500 दे तब दिखाएंगे.

मुंशी ; अच्छा 100 पकड़ अब दिखा दे.

माधुरी ; फिर हम सिर्फ एक झलक दिखाएंगे.

मुंशी ; अच्छा अच्छा अब दिखा.

माधुरी ने मुद कर एक बार अपना घुघट थोड़ा उठाया और वापस घूम के धक् लिया

images-21.jpg


मुंशी माधुरी का फेस देख कर पागल हो गया. माधुरी का खुबशुरत फेस देख कर उस से रहा नहीं गया. उसे और देखने की तमन्ना हुई. कंजूस मुंशी भूल गया की पैसा कितना लगाना हे.

मुंशी ; आरी एक बार और दिखा दे. ससस तू तो बड़ी मस्त हे.

माधुरी का चहेरा देखने के लिए वो बेताब था.

माधुरी ; नहीं बस 100 में बस इतना hi अब जाओ तुम कल पैसा लाना तब दिखाएंगे.

मुंशी : पैसे की फ़िक्र मत कर बस दिखा दे तू.

मुंशी ने इस बार माधुरी को कमर से जकड लिया.

माधुरी ; ॉउच स दिया. हाथ मत लगवा बस पैसा दिए उतना दिखा दिया. पूरा जी भर के देखा तो 500रस लगेगा हां अह्ह्ह ससस ये हाथ तो हटवा.

मुंशी माधुरी की कमर और हिप्स जोर जोर से मशाल ने लगा. मुंशी देर नहीं करना चाहता था. मुंशी ने माधुरी की पीछे की बनावट देखि तब hi वो मूड में आ गया था. फिर माधुरी के फेस की एक झलक देख कर उसका रुकना मुश्किल हो गया. उसने देर नहीं की जेब से 500 का नॉट निकला और उसे दिया.

मुंशी ; ले 500 अब दिखा जी भर के.

माधुरी पलटी और अपना घुघट हटा दिया.

images-20.jpg


माधुरी के आगे का हिस्सा देखने के बाद मुंशी पागल सा हो गया. वो माधुरी के फेस को देखता हुआ बोलै.

मुंशी ; तू तो बड़ी सुन्दर हे.

माधुरी उसे देख के एक स्माइल देती हे.

माधुरी ; देख लिया.

मुंशी ; रुक रुक देखने दे थोड़ा.

मुंशी माधुरी के फेस को बड़े ध्यान से देखता हे. गोरा खुबशुरत फेस बड़े बड़े रसीले आम जो छाती पे तने हुए थे. माधुरी की छोलि बहोत छोटी थी. माधुरी ने जान बच कर पैसे उसके सामने अपने जोबन में डेल. उसके फेस से लेकर निचे तक पानी की बुँदे थी जो सबनम की बुँदे लग रही थी. बड़े बूब्स के निचे सुत्वा पेट देख कर मुंशी का मन भटक गया. माधुरी का हाथ पकड़ कर वो अपने लैंड पे रख देता he.Or पंजो को अपने पंजो से दबा लेता हे.

माधुरी ; आई ससस ये नहीं साहेब आप तो देखने को बोले थे.

मुंशी ; 2000 दूंगा खुश कर दे मुझे

माधुरी ; न साहेब मेरा मर्द को पता चली तो जिन्दा न छोड़ेगा मोहे.

मुंशी ; अरे पगली 2000 काम न होते अब आजा मेरी बहो में.

माधुरी के बूब्स पे हाथ डालता हे. माधुरी उसका हाथ जातक देती हे.

मुंशी ; अब आजा कहे देर कर रही हे.

माधुरी ; अंदर न डालने दूंगी ऊपर से करना हे तो बोल.

मुंशी ; मुँह में ले लेना अब आजा.

माधुरी जान बच कर मुंशी को तड़पा रही थी. वो जान बच कर सोचने की एक्टिंग करती हे फिर हस्ते गए पैसे ले लेती हे. मुंशी खुश हो जाता हे. अपना मुँह माधुरी के बूब्स करीब ला कर माधुरी के रसीले आम देखने लगा.

IMG-20200707-221555.jpg


जोबन की घाटी देख कर hi मुंशी मस्त हो गया. वो माधुरी की कमर से लेकर बूब्स तक हाथ घूमता हे और माधुरी के दोनों रसीले आम पकड़ कर मशलने लगा.

माधुरी ; ससस हीी दिया धीरे दबो साहेब. सैस.

माधुरी को भी बहोत मजा आ रहा था. उसे भी तपन के बिना 3 दिन बिट चुके थे.

माधुरी ; सससस अह्ह्ह्ह साहेब वह जडियो में चलो सससस अह्ह्ह ीः कोई देख लगा तो ससस में तो गई.

मुंशी माधुरी का हाथ पकड़ के उसे जडियो में घुसा कर खड़ा हो गया. वही जडियो में सूखा भी था. माधुरी की नजर सूखा पे चली गई. एक डैम करीब सूखा भी था. मुंशी ने माधुरी की चोली खोलने की कोसिस की पर वो नहीं खोल प् रहा था. बड़ी मुश्किल से वो पीठ की डोरी खींच के चोली खोल देता हे. मुंशी ने चोली फेकि तो सूखा के मुँह पे गिरी. मुंशी को ये नहीं पता था की सूखा भी उसी जडियो में हे.

माधुरी के गोर गोर बूब्स और पिंक निप्पल्स को देख के मुंशी पागल हो गया. वो माधुरी की छाती पे टूट पड़ा. माधुरी की निप्पल्स को मुँह में लेकर चूसने लगा. सूखा का भी बहोत मुश्किल हो गया. सूखने भी माधुरी की ऐसी हालत देखि तो उसने अपनी पेण्ट की चैन खोली और लैंड बहार निकल के हिलने लगा. माधुरी को बहोत मजा आ रहा था. एक बूढ़ा उड़के बूब्स चूस रहा था. और दूसरा उसे देख के मुट्ठ मर रहा था. माधुरी की आंखे सूखा से मिली. वो मुंशी के सर पे उंगलिया घूमते हुए सूखा को एक स्माइल देती हे और एक सिसकारी भर्ती हे.

माधुरी ; ससस अह्ह्ह्ह काटो नहीं साहेब ससस दर्द होता हे.

माधुरी की नज़ारे सूखा पर hi थी वो माधुरी के इतने करीब था की दोनों एक दूसरे को छू भी सकते थे. माधुरी की नजर सूखा के लैंड पे गई. माधुरी सेक्सी फेस बना के सिसकारी भरते हुए सूखा के लैंड को देखती हे. मुंशी माधुरी के बूब्स अब भी चूस रहा था. माधुरी बहोत गरम हो रही थी. अनजाने में माधुरी ने हाथ बढ़ा कर सूखा के लैंड को पकड़ लिया. सूखा के मुँह का थूक तक सुख गया. माधुरी भी हवस में अंधी हो गई. माधुरी ने एक बार सूखा के लैंड को पकड़ा और आगे पीछे करने लगी. माधुरी सूखा को देख के मुश्कुरा रही थी.

मुंशी अचानक खड़ा हुआ. और अपनी धोती ऊपर कर के अपना बड़ा सा लैंड निकल देता हे. मुंशी के लैंड का टोपा मोटा था. माधुरी उसे देख कर स्माइल करती हे. माधुरी निचे जस्मिन पर बैठी हुई थी. मुंशी अपने टोपे को माधुरी के लिप्स पे टाच करता हे. माधुरी को जब मुंशी के गरम लैंड का टोपा का एहसास होता हे माधुरी का थोड़ा सा मुँह खुल जाता हे. माधुरी का हाथ अब भी जड़ी में सूखा के लैंड पे था. जो मुंशी को पता नहीं थी. मुंशी ने माधुरी का मुँह तोडा सा खुला तो ुशी में hi अपना लैंड थुश दिया. माधुरी की चोली के पास मुंशी के दिए पैसे गिरे हुए पड़े थे. माधुरी भी बहोत गरम हो गई. माधुरी ने सूखा के लैंड से हाथ हटाया और मुंशी की जंगो पे रख कर मुंशी का पूरा लैंड निगल गई. माधुरी की आंखे बंद हो गई वो पूरा लैंड निगल गई. माधुरी बड़े चाव से मुंशी का लैंड चूसने लगी. मुंशी की भी आंखे बंद हो गई. माधुरी बैठे बैठे hi अपना एक हाथ अपनी छूट पे रख कर मसल ने लगी. सारा नजारा सूखा देख रहा था. माधुरी को अपनी hi उंगलियों से छूट को छूने से बहोत आनंद मिल रहा था. मुंशी के लैंड पानी छोड़ने का नाम नहीं ले रहा था. बशॉट देर तक वो माधुरी से लैंड चुसवाते रहा अचानक मुंशी की धार माधुरी के मुँह से छूट गई. माधुरी सब निगल गई. माधुरी अब भी अपने छूट को मशाल रही थी और मुंशी के ढीले लैंड को चूसे जा रही थी. बहार किसी लड़की की आवाज आई.

लड़की ; पापा ू पापा अरे कहा छुपे मुँह कला कर रहे हो मुझे पैसे दो कॉलेज के लिए लेट हो रही हु.

लड़की पास से गुजर गई.

मुंशी दबी आवाज में बोलै.

मुंशी ; साली मेरी बेटी हे हर व्सकत पैसे मांगती रहती हे. मुझे जाना होगा. कल यही आ जाना और भी पैसे दूंगा.

मुंशी वह से चले गया पर माधुरी अपनी छूट मशालते हुए जमीं पे लेट गई. पास में बैठा सूखा माधुरी के घाघरे को ऊपर उठा कर माधुरी की जंगो को चूमने लगा. माधुरी ने एक नजर डाली पर वो वासना में अंधी हो गई थी. माधुरी ने अंदर पंतय भी नहीं पहनी थी. सूखा ने माधुरी की छूट पे ऊँगली घुमाई. माधुरी ने अपनी आंखे नन्द कर ली. सूखा भी सोचने समाज ने की सकती खो बैठा था. सूखा ने एक किश माधुरी की छूट पे की तो माधुरी ने सूखा के सर के बल पकड़ लिए. सूखा ने अपनी जीभ माधुरी की छूट पे घुमाई. माधुरी को बहोत अच्छा लग रहा था. माधुरी ने हिम्मत जुताई और एक दक्का सूखा को मारा. सूखा दूर गिरा.

माधुरी ; जिस आग में में जल रही हु तुजे भी वही फील हो रहा होगा. लेकिन में सिर्फ अपने मकशद को हासिल करने के लिए कर रही हु. तू अपने आप को रोक ले वार्ना आज तेरा आखरी दिन होगा.

में शिल्पा और आलिया के साथ रोमांस करते हुए अपने अच्छे पल बिता रहा था. मेरी नजर पीछे ऊपर की तरफ गई. मुझे लगा कोई ऊपर हे. कोई ऊपर से हमें देख रहा हे. मेने आलिया से कहा.

में ; जणू में थोड़ा ऊपर जा कर आता हु.

आलिया मेरी गॉड में थी. में उसके बदन को सहेला रहा था. धुप में बड़ी छतरी की मदद से छाव में हम बैठे थे. मेरे बोलने पर आलिया कड़ी हुई और पास में शिल्पा लेती सो रही थी. आलिया उसकी बहो में चली गई.

में उठा और ऊपर गया. मेने अपना दूर खोला तो सामने ेराम थी.

IMG-20200710-073536.jpg


ेराम ने ब्लैक नेट ओने पीस पहना हुआ था. पिंक लिपस्टिक बड़ी काली आंखे और फेस पे सेक्सुअल फीलिंग. में उसे एक पल देख के तो बाहेक गया लेकिन आलिया की बाटे मुझे याद आई तुम्हारे रूह से गद्दारी की बू आती हे. ये वार्डस मेरे कानो में गूंज गए. लेकिन जब मेने ेराम का फेस देखा तो में भटक रहा था. मुझे ेराम के फेस पे दर्द और अपने लिए प्यार देख रहा था. वो मुझसे सच में प्यार करती थी.

IMG-20200710-073920.jpg


ेराम ने मेरा हाथ पकड़ा और मेरे hi बड़े से बीएड पे बैठा diya.usne मेरा हाथ पकड़ा.

में ; मेने पूछा तुम यहाँ क्या कर रही हो??

ेराम ; ससस प्यास लगी हे.

में ; पयास्सस्स...???? किसी प्यास???

ेराम ; तुम्हारे प्यार की प्यास ससस आओ न प्लीज अहह.

ेराम अपने बदन पर हाथ घूमने लगी. उसने अपनी आंखे बंद की और अपने हाथो से नेट कपडे का पल्लू ऊपर उठते हुए हाथ घूमने लगी.

IMG-20200710-074012.jpg


धीरे धीरे ेराम ने अपनी जंगे नंगी कर ली कपडा ऊपर तक उठा हाय. उसने मेरा हाथ उठाया और अपनी जंगो पर रख diya.me भी उसकी जंगे सहलाने लगा. ेराम ने अपने फेस पे जो ब्लैक नेट का पर्दा था वो ऊपर उठाया.

IMG-20200710-073620.jpg


ेराम के पिंक लिप्स हलके हलके कप रहे थे. उसने मुझे एक गहरी किश की मेने भी उसे रोका नहीं में बस उसके खुबशुरत चहेरे को देखता hi रहा.

IMG-20200710-073433.jpg


मेरा हाथ धीरे धीरे ेराम की हिप्स की तरफ जाने लगा. मेरा लैंड भी सख्त हो गया था. ेराम ने भी मेरे हाथो को रास्ता दिया. वो धीरे से अपनी हिप्स उठा कर पलटने लगी.

IMG-20200710-073934.jpg


वो सिर्फ थोड़ा आधा पलट के रूक गई और गर्दन घुमा कर मुझे देखने लगी. ेराम ने अपने पर्श में से एक तुबे निकली उसमे से थोड़ी क्रीम पाजामे में हाथ डालकर मेरे लैंड पे लगाने लगी. कुछ क्रीम मेरे पाजामे से चिपक गई. मेने अपना लैंड बहार निकला तो ेराम ने थोड़ी और क्रीम मेरे लैंड पे लगाई. में कुछ बी बोल नहीं प् रहा था. मेने ेराम के हाथो से क्रीम ली. अपनी एक ऊँगली पे क्रीम लगा कर ेराम के गांड के छेड़ की तरफ बढ़ा दिया. मेने उसके ड्रेस के अंदर क्रीम को बचा के हाथ डाला. उसकी पंतय के छूट वाले हिस्से कपडे को थोड़ा सा हटाया. ेराम की गांड के छेड़ पे क्रीम मलने लगा. ेराम ने सिर्फ हलकी सी सिसकारी लेते हुए मुझे देखने लगी.

images-8.jpg


ेराम का नशीला अंदाज़ वाकई बड़ा जान लेवा था. उसकी नजरे मुझे और करीब बुला रही थी. मेने ेराम की पंतय खींच के निकल दी. ेराम ने भी मेरे पाजामे पर हाथ मारा उसे घुटनो तक निचे उतरा. और अपने ग़ुलाबी लिप्स को मेरे लैंड के टोपे पर घूमने लगी. एकदम से वो मेरा लैंड पूरा निगल गई. एक अजीब सा एहसास. उसके मुँह की हरमि गाल और जीभ की छुअन में नशे में हो गया. मुझसे बरदास नहीं हुआ मेने ेराम को दक्का दिया. वो बीएड पे hi गिर गई. मेने उसे कमर से पकड़ा और पूरा गोल घुमा दिया. वो अब डौगी स्टाइल में हो गई. मेने अपना लैंड उसके पीछे वाले छेड़े पर सेट किया और एक हल्का सा दक्का दिया. क्रीम की चिकनाहट से मेरा लैंड पूरा ेराम के अंदर घुस गया. ेराम की आंखे बंद हो गई. और वो चिल्ला उठी.

ेराम ; अह्ह्ह्हस्सस्सस अह्ह्ह्हह.

images-11.jpg


में रुक गया ेराम ने भी अपने लटकते बल पकड़ के अपने हो रहे दर्द को सहने की कोसिस की. मुझे पता नहीं था. ेराम पीछे से कोवारी थी. में रुक गया. ेराम के पीछे वाले छेड़ की किनारी फैट गई. मेने थोड़ी और क्रीम लगाई लेकिन लैंड बहार नहीं निकला. क्रीम दोनों के बिच hi डाली. एक बार थोड़ा लैंड बहार निकला और फिर धक्का फिया. एक डैम धीमे से. साडी क्रीम लैंड से लगते हुए अंदर तक चली गई. धीरे धीरे में लैंड अंदर बहार करता रहा.

मेरा ध्यान अचानक ेराम के पर्श पे गया जो खुला था. और उसमे से आधा सामान अंदर और आधा बहार था. उसमे एक पिस्तौल भी थी. में पिस्तौल देख कर चौक गया. माधुरी ने ठीक hi कहा था. खतरा हे. पर तुम निश्चिंत रहो बेफिक्र रहो. पर में इस वक्त कैसे. मेरी मधु तो मेरे साथ थी नहीं. अब अगर कुछ हुआ तो मुझे कोण बचाएगा. मुझे खुद मेरी बीवियों को और अपने आप hi बचाना होगा. मेने थान लिया अब खुद hi लड़ना होगा. आने वाली मुशीबतो से. में एक पल रुक गया. दर से नहीं चिंता से. फिर सोच लिया अब लड़ना hi होगा अपनी जिंदगी से मेने जोर का झटका मारा. ेराम पूरी हिल गई. में सिर्फ उसके पर्स में पड़ी पिटोल hi देख रहा था. मुझे अब ेराम पर नजर रखनी होगी.

मेने अपने झटके तेज़ कर लिए ेराम की हालत ख़राब होने लगी. क्रीम की चिकनाहट और मेरा जोश दोनों एक साथ. ेराम एकदम से हैट गई. और उठ कर विंडो की तरफ चली गई. में बस उसे hi देख रहा था.

तपन बस ेराम को hi देख रहा था. ेराम विंडो पे कड़ी थी. निचे शिल्पा की नजर अपने रूम की विंडो पे गई. वो सोचने लगी ये विंडो पे कोण हे. आलिया की आंखे बंद थी. तपन उसके पास आया और उसे पलट कर झुकाया. ेराम का हलफ बॉडी कमर से ऊपर तक का विंडो पे हो गया. तपन ने फिर खड़े खड़े पोजीशन ली और दोबारा पोजीशन ले कर झटके मरना सुरु कर diya.eram विंडो से बहार झटके कहते हुए निचे कड़ी शिल्पा को देखती हे और स्माइल करती हे.

images-10.jpg


ेराम ने अपने सर को वापस नेट से धक् लिया था. वो शिल्पा की आँखों में आंखे दाल कर गन्दी स्माइल करती हे. शिप के फेस पे चिंता और ेराम के फेस पे भाव ये के ले तेरे पति को तुजसे छीन लिया. या उसे पता चल गया हो की लेपटॉप उसी ने चुराया. या फिर शिल्पा का राज ेराम जानती हो.

उधर दुबे और मोनार्क ादः की एंट्री करवाने के लिए उस घर के पुराने नौकर से मिलते हे.

images-12.jpg


रामु काका. 70 साल का रामु काका घर की सभी लेडी पे गन्दी नजर रखता था पर कोई भी लेडी को पाने की उसकी हिम्मत नहीं थी. घर में और नौकर भी थे पर दुरो नोकरो की तरह उसमे हिम्मत नहीं थी की वो चांस ले ले. थोड़ा डरपोक भी था. लेकिन था बड़ा कमीना. क्यूब उन्हें गांव में जो मुंशी और लाला का माकन था. वह ले गया और आवाज दी.

दुबे ; ू चाचा कहा गयी.

वो बहार आया. और दुबे मोनार्क और ादः को देखा. ादः समाज गई. ये लालची हे बड़ी घर के देख रहा था. ादः सोचती हे. सेल को कोई लालच तो देनी hi पड़ेगी. वो रामु को देखते स्माइल करती हे.

images-13.jpg


मोनार्क को भी दर लगा कही उसकी मॉल को कोई और न पेल दे.

रामु काका ; कहो बीटा अशोक कहे को आना हुआ यह???

दुबे ; अरे काका क्या बताऊ. ये बेचारी गरब लड़की पति छोड़ कर भाग गया. अब इसे कोई काम लगवा देते तो.

रामु की नजर ादः पे गई. वो खुश हो गया. ादः भी उसे देख कर शर्माने की एक्टिंग करती हे. और शरमाते हुए स्माइल करती हे.

images-10.jpg


मोनार्क टेंशन में आ गया उसे पूरा विस्वास था. वो पक्का ट्रे करेगा.

रामु ; ठीक हे. क्यों रे क्या नाम हे तेरा??

ादः ; जी कमली.

ादः जान बच कर अपने कानो के जुंको से खेलते हुए ऐसा बोलती हे.

images-12.jpg


ादः जान बच कर अपना छोटा ब्लाउज दिखती हे. दुबे भी खुश हो रहा था. साला मेरी बीवी पेल रहा था. अब खुद की कैसे बचाएगा. ादः तो माधुरी के जैसे अपना मुद्दा हासिल करने कुछ भी करने को तैयार थी.

दुबे ; तुम तो सहर की हो वह से आ तो नहीं सजोगी.

दुबे ; यही रख लो अपने साथ तुम्हारी बेटी जैसी तो हे.

मोनार्क ; ल्र्किन मां में आप के बिना कैसे रहूँगा??? अअअअअ.

रामु मोनार्क को देखता हे तो टेंशन में आ जाता हे. ये केसा बच्चा हे.

ादः ; तुम घर पे hi दादी के साथ रहो बिटवा. है है है वो का हे न मेरा छोटा भाई हे. उसे माँ का प्यार हम hi दिए हे.

रामु ; ोोू ाचा 1500₹ मिलेंगे ठीक हे.

ादः ; जी ठीक हे.

रामु ; अब जाओ आप ये अब यही रुकेगी.

मोनार्क की न चली वो रोने का नाटक करता रहा और दुबे उसे ले गया.

रामु ; अब अंदर चला. देख लेना कल से काम सुरु होगा दोपहर का मरने बना लिया. अब शामको ये लोग कोसी की शादी में जाएंगे. कल से काम सूरे. तुम संदर जाओ. ादः अंदर जा रही थी की उसकी नजर इमली के पेड़ पे गई.

ादः ; वह इमली.

images-18.jpg


रामु ; अरे अंदर तो चल रानी तुजे मीठी इमली चुसवाते हु.

ादः भी इमली को भूल के मकशद पे दयँ देती हे. और अपने आप को सोचने वाली एक्टिंग करते हुए रामु को देखती हे.

images-15.jpg


अंदर जा कर ादः निचे जमीं पे बेथ जाती हे. सर्वेंट क़तर छोटा hi था.

रामु ; अरे क्या ये जुंको से खेल रही हे सोने के हे तो उतर दे. कोई चोरी कर लिया तो मुझे बदनाम करेगी.

ादः सेक्सी स्माइल करते हुए रामु को देखती हे फिर झुमके उतरने लगी राइट फिर लेफ्ट.

images-17.jpg


images-16.jpg


ादः रामु के सामने स्माइल hi करती रही. रामु भी उसकी स्माइल को ग्रीन सिग्नल समाज कर बोलै.

रामु ; देख यहाँ मेरा बहोत चलता हे. मुझे खुश कर तेरी पगार में दुगनी करवा दूंगा पर तुजे मुझको खुश करना पड़ेगा.

ादः उसकी बात से टेस्टिव में आ गई पर कोई भी भाव को बहार नहीं आने देती. वो बस स्माइल करते हुए सेक्सी निगाहो से रामु को hi देखती हे.

images-14.jpg
 
शिल्पा ने देखा की ेराम उसके रूम की विंडो पे किसी से सेक्स कर रही हे. ेराम की नज़ारे अब भी शिल्पा की नजरो से मिली. वो स्माइल कर रही थी बहोत कामिनी स्माइल. शिल्पा उसे होटल के बहार दूर आने का हिसार करती हे. ेराम भी उसे सिर्फ है में हइशारा करती हे. शिल्पा ने अपने हाथो पे मुक्का मारा. मतलब फाइट लड़ने का हइशारा. ेराम ने भी सिर्फ अपना सर ुशी तरफ किया. मतलब जा तेरे जैसे बहोत देखे हे. शिल्पा अपने सर्वर रूम की तरफ बढ़ी. जहा उसके कई वेटर अगनत थे. वो रिसेप्शन वाली लड़की भी सभी बेहोश थे.

शिल्पा के कंप्यूटर को भी किसी ने खोला हुआ था. शिल्पा ने साडी फैट चेक की सब खोली हुई थी. शिल्पा ने अपने बालो से एक पिन निकली वो पेन्द्रवे थी. शिल्पा ने कॉम्प में लगाया और फटाफट के बोर्ड पे उंगलिया चलने लगी. शिल्पा ने देखा सारा डाटा चोरी हो रहा था. शिल्पा उसे रोक नहीं सकती थी. शिल्पा को जो तरतीब सूजी उसने पेन्द्रवे में वाइरस था उसे भी अपने प्रोग्राम में इंस्टॉल कर दिया. अब जो भी प्रोग्राम खोलेगा तो उसमे वो वाइरस भी चले जाएगा. और ुड़का प्रोग्राम भी लॉस्ट होने लगेगा. नतीजा ये हुआ. जो डाटा चोरी हो रहा था. वो वापस आने लगा. शिल्पा अपने दातो को पिस्टे हुए बोली.

शिल्पा ; हरी बजी को कैसे जीता जाता हे ेराम वो में तुम्हे बताती हु. मुझे त्रिनेत्र का माइंड कहते हे.

शिल्पा ने सब बचा लिया. अपने बहोत बड़े नेटवर्क को बचने में कामयाब हुई. शिल्पा ने महसूस किया रूम में कोई गैस हे जिस से शिल्पा को थकन लग रही थी नींद आ रही थी. शिल्पा ने अलमारी में मास्क ढूढ़ा. अंदर एक भी मास्क नहीं था. शिल्पा जल्दी से दूर ओपन करती हे. और एक एक करके सब को घसीट ते हुए बहार लती हे. कुछ वेटर और जो शिल्पा को देख कर भागते हुए आए तो शिल्पा ने जेब से एक कार्ड निकला. और उन्हें दिखती हुई बोली.

शिल्पा ; पुलिस इन्हे जल्दी हॉस्पिटल ले जाओ.

वो लोग सब को होटल की गाड़ी में हॉस्पिटल ले जाते हे.

शिल्पा तिगर को कॉल लगा कर बाटे करती हुई बहार आती हे. सामने ेराम तैयार थी.

शिल्पा ; है तिगर सर्वर रूम में मोनोक्साइड गैस थी.

तिगर ; क्या सब बच गए.

शिल्पा ;; सब को हॉस्पिटल भेज दिया कोण बचेगा पता नहीं.

तिगर ; क्या ले गए वो.

शिल्पा ; जो भी हे मेरे सामने hi हे. लेजाने थोड़े दूंगी. प्रोग्राम में डाका डाला था.

तिगर ; फिर तुमने क्या किया??

शिल्पा ; मेने उसमे वाइरस दाल दिया.

तिगर ; वैरी गुड नाईट फितर तुम तो सब सिख गई.

शिल्पा ; (स्माइल) तुम्ही ने तो सिखाया हे.

शिल्पा और ेराम की आंखे एक दूसरे को देख रही थी.

शिल्पा ; अब इसे ख़तम होना होगा. आज ये जिन्दा नहीं बचेगी.

तिगर ; लेकिन अभी तो दिन का उजाला हे तुम्हे तो रत में लड़ने की आदत हे.

शिल्पा ; क्यों दिन में दुश्मन मिला तो उसकी पूजा करुँगी जो भी हो आज ये जिन्दा नहीं बचेगी.

तिगर ; मुझे वो जिन्दा चाहिए.

शिल्पा ; न परोसनल दुश्मनी हे जिन्दा तो नहीं छोड़ सकती.

शिल्पा कुछ आगे सुने बिना कॉल काट कर देती हे. और ेराम के करीब जा कर बोली.

शिल्पा ; यहाँ तुम्हे मरना ठीक नहीं कही और चले.

ेराम भी स्माइल करते हुए बोली.

ेराम ; वैसे भी यहाँ पब्लिक हे. कही और hi जा कर डिसाइड करते हे कोण मरेगा और कोण जिन्दा रहेगा.

शिल्पा और ेराम दोनों समुन्दर किनारे होटल से दूर निकल जाते हे. दोनों आमने सामने तक़रीबन 25 कदम की दुरी पे आकर रुख जाते हे.

ेराम ; (स्माइल) तो सुरु करे??

शिल्पा ; लगता हे तुम्हे मरने की बहोत जल्दी हे.

शाम हो चुकी थी. अँधेरा होने वाला था. शिल्पा की आँखों में बदले का गुस्सा. ेराम स्माइल करते हुए चुनौती दे रही थी. दोनों एक दूसरे की तरफ बढे शिल्पा की लम्बी टंगे बहोत मजबूत थी. एक राउंड किक ेराम जमीं पर गिरी.

शिल्पा ; उठ उठ (चिल्लाते हुए) तू यह मत बोलना मेने तुजे मौका नहीं दिया.

ेराम को गुस्सा आया उसने जमीं पे हाथ पताका और कड़ी हुई. जैसे hi शिल्पा ने दूसरी राउंड किक घुमाई ेरामने बेथ कर ग्राउंड राउंड किक मरी और शिल्पा जमीं पे गिरी.

ेराम ; (स्माइल) तुजे भी में पूरा मौका दूंगी मेरी जान.

शिल्पा कड़ी हुई दोनों ने एक दूसरे पर लत और घुसे की बारिश सुरु कर दी. शिल्पा ने वह जितने के लिए माइंड गेम खेला. धीरे धीरे वो थकने की एक्टिंग करती हुई लड़ने लगी. उसकी सिखलाई में आखरी साँस तक लड़ना सिखाया गया था. शिल्पा के पास स्टेमिना होते हुए भी वो मर कहती रही. ेराम भी मरते मरते थकने लगी. मगर शिल्पा ने अपनी ताकत बचा के राखी थी. ेराम ने एक किक पेट में मरी शिल्पा पेट के बल गिरी.

ेराम ; ( हफ्ते हुए) क्या हुआ. तुम तीनो बहने तो अपने आप को शेरनी होने का दवा ठोकती हो.

शिल्पा पूरी धूल धूल ेराम की तरफ देखते हुए बोली.

शिल्पा ; (स्माइल) क्यों तुम्हे शक हे क्या.

अब बरी शिल्पा की थी. लम्बी टंगे और हाथ कंडे ेराम समाज न सखी शिल्पा ने लत और घुसो से ेराम को अर्ध मारा कर दिया. ेराम हर चुकी थी.

शिल्पा ; मरने से पहले कोई ख्वाइस हो तो बता.??

ेराम अपनी जेब में से कुछ निकल ने की कोसिस करती हे. ेराम पेट के बल थी. शिल्पा ेराम की पीठ पे बेथ गई. ेराम की गर्दन पकड़ ली. शिल्पा गर्दन को झटके से मरोड़ने वाली थी की उसकी नजर ेराम के हाथ में जो कार्ड था उसपे गई. शिल्पा ने ेराम के हाथो से कार्ड लेके दिखा तो वो चौक गई.

शिल्पा ; तू पुलिस वाली हे???

शिल्पा ने उसे छोड़ दिया और हाथ दे कर खड़ा किया. कार्ड में लिखा था. मुंबई क्राइम ब्रांच इंस्पेक्टर नैना गाँधी.

शिल्पा ; तू हे कोण???

ेराम ; पहले तुम बताओ कोण हो तुम.

शिल्पा ; में अगांत 111 त्रिनेत्र.

ेराम ; तुमने मेरा कार्ड तो देख लिया हे.

शिल्पा ; तो तुम ेराम नहीं हो.

ेराम ; है पर प्लीज मुझे ेराम hi पुकारो अब यही मेरी पहचान हे.

शिल्पा ; मतलब तुम दुल्हन हो.

ेराम ; असली ेराम को तो मेने मर डाला.

शिल्पा ; पर सब साफ बताओ मुझे कुछ समाज नहीं आ रहा.

ेराम ; में अनाथ आश्रम में बड़ी हुई. ये नाम भी मुझे वही से दिया. कोई मुझे जब में छोटी थी तब बहार छोड़ गया. में बड़ी हुई. अच्छी पढाई की और पुलिस जोंग की. मुझे जान न था मेरे माँ डेड कोण हे. मेने पता किया तो पता चला ईरान मेरी जुड़वाँ बहन हे.

शिल्पा ; तो तुमने अपनी hi बहन को???

ेराम ; वो मेरी माँ की कातिल थी. मेरे बाप और मेरी बहन ने hi मेरी माँ को मर डाला. इस लिए मेने उसे ढूढ़ा और ख़तम कर दिया. अब में अपने बाप को दूध रही हु.

शिल्पा ; हम्म्म्म अच्छा तो पता चला तुम्हारा बाप कोण हे????

ेराम ; हम्म मौलवी.

शिल्पा ; (सोक) क्या???

ेराम ; है मौलवी hi मेरा बाप हे.

शिल्पा ; लेकिन तुम उन्हें यहाँ क्यों दूध रही हो?

ेराम ; क्यों की वो यहाँ तुम लोगो के पास जरूर आएगा.

शिल्पा ; क्यों???

ेराम ; तुम्हारी बहन को मरने के लिए. तुम्हारी बहन ने उसका मॉल हड़प रखा हे.

शिल्पा ; वो किसी को नहीं बक्सा करती उसकी फ़िक्र तुम छोडो.

ेराम ; मेरा लेपटॉप कहा हे.

शिल्पा ; वो मिल जाएगा तुम्हे लेकिन तुमने प्रोग्राम था तुम्हारा कैसे बचाया.

ेराम ; मेने नहीं बचाया.

शिल्पा ; झूठ मत बोल. आज मेरे सर्वर से भी तूने प्रोग्राम चुराने की कोसिस की. मेरे बन्दों को भी मरने की कोसिस की.

ेराम ; मेने कुछ नहीं किया.

शिल्पा ; तो फिर कोण कर रहा हे ये सब

ेराम ; अभी छोडो हम मिलकर दूध hi लेंगे.

शिल्पा ; तो साली तू मेरे पति के पीछे क्यों पड़ी हे.

ेराम ने आंखे बंद कर के स्माइल करते हुए कहा.

ेराम ; अरे यार क्या बताऊ सससस कितने किते हे वो. उनसे तो प्यार हो गया मुझे.

शिल्पा ; ोय दूर हो जा वार्ना मर डालूंगी.

ेराम ; चल बे साली. तुम सब मौलवी से लड़ते मर जाओगे तो में मौलवी को मर के तेरे पति से शादी कर लुंगी. फिर हम दो और हमारे बहोत सरे.

शिल्पा ने ेराम को बालो से पकड़ के गिराया और बोली.

शिल्पा ; साली चुदकड़ अभी बताती हु तुजे.

उधर आलिया समुन्दर किनारे रेट में लेती हुई थी. उसके पास माँ आई.

माँ ; आलू बीटा यहाँ क्यों पड़ी हो???

आलिया ; माँ आओ न बैठो यहाँ.

माँ भी आलिया के पास बेथ गई.

माँ ; क्या सोच रही हो.

आलिया ; यहाँ मेरे शोहर पे तीन तीन हमले हुए. उसके पीछे डीके हे.

माँ है मुझे भी पता हे. और शायद माधुरी को भी पता हे. वो उसे जिन्दा नहीं छोड़ेगी.

आलिया बेथ गई और जोश में बोली.

आलिया ; नहीं वो मेरा शिकार हे. उसे सिर्फ में मरूंगी.

माँ सब जानती थी. वो मन में बोली. तुम में भी वो hi लगन हे.

आलिया ; क्या सोच रही हो माँ. शादी के बाद कभी पापा पे हमले हुए??.

माँ ; (लाइट स्माइल) हम्म्म है बहोत हुए. पडोशी मुल्क का एक था. उसे मरने के लिए में 7 मंथ तक वह कोठे की तवायफ बन के रही.

आलिया ; पूरा बतावा माँ.

माँ ; लड़की तू पागल हे क्या. मेरी स्टोरी में तुजे ज्यादा इंट्रस्ट हे क्या.

आलिया ; माँ पता हे. आप की स्टोरी सुनती हु तो मुझे अपने शोहर के साथ रत में ज्यादा मजा आता हे. पापा को आप को वो प्यार करने वाला वव वो तो फेव अपडेट हे.

माँ ; बस बस बेशरम. माँ बोलती हे और मेरे पति के साथ सेक्स के किस्से सुन सुन के गरम होती हे. अब कोई किस्सा नहीं.

आलिया ; प्लीज प्लीज प्लीज माँ आप को मेरी कसम.

माँ ; ये कसम वसं मत खाया कर.

माँ ; उस रत में स्वेटर बन रही थी.

IMG-20200711-214349.jpg


मेरे फेस पे स्माइल थी. मेरी शादी की सलगिरा जो थी. वो दुश्मनो के हाथो पकडे गए. इस में भी उनकी चल थी. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में जो धमाका हुआ था. उसका आरोपी जो था गरीब. उसे मरने के लिए जान बचकर वो पकडे गए. उन्होंने उन्ही की जेल में बगैर हथियार के hi कड़ी सुरक्षा के बावजूद उसे मर दिया. लेकिन उसका बीटा था जूनियर गरीब. मेरे पति को 12 गोली मरी. वो बच तो गए लेकिन उनकी हॉस्पिटल में एडमिट थे. मेरे पति को ऐसी जगह रखा जहा उजाला देखने को नशीब नहीं होता. बहोत मारा टॉर्चर किया पर उन्होंने मुँह नहीं खोला.

आलिया ; फिर आप ने उन्हें किए बचाया.

माँ ; फिर में उस पर गई. एक तवायफ बन कर. मेरी चर्चा पुरे कराची में फेल गई. दुनिया मेरा मुजरा देखने के लिए कितना भी रुपया फेक देते.

आलिया ; तो आप ने पता लगाया कैसे ?

माँ ; मेरी तारीफ सुन के एक दिन जूनियर गरीब आया. दिखने में वो 30 साल के आस पास का था. वो जब मेरा चहेरा देखा तो मेरा दीवाना हो गया

IMG-20200711-214305.jpg


वो मुझसे आकर पूछा.

जग ; ये नूर ये दिलकश चहेरा डिल करता हे तुम्हे बहो में भर लू.

माँ ; माफ़ कीजिये नवाब साहब ये जिस्म नहीं सिर्फ मुजरे की कीमत लगाइये.

जग ; बताइये क्या कीमत होगी आज इस महफ़िल की.

माँ ; आज जितना मेज़बान मेरे डिल को जित सके.

में वह से चली गई. वो मुजरा देखने के लिए बेताब था. मुझे उस के डिल पर वॉर करना था. जब में मुजरे के लिए आई तो वो मुझे देखता hi रहे गया.

IMG-20200712-091557.jpg


वो मेरी ाद्दाओ का दीवाना बन गया. मेरी कमर की लचक और आँखों की करामात देख कर हिल नहीं पाया.

images-16.jpg


वो बस मुझे पाना छठा था. लेकिन मुझे तो बस उसके सहारे अपने पति तक पहोचना था. और मुझे बस जूनियर गरीब को शीशे में उतरना था मुझे पाने की हसरत उसके डिल में पनप चुकी थी. में भी तो यही चाहती थी. वो बस मेरे चहेरे को देखता hi रहा.

images-17.jpg


मुजरा ख़तम होने के बाद में वह से चली गई. पर वो कई देर तक वही रहा. उसे बरदास करना मुश्किल हो रहा था. वो अगली रत फिर आया. ढेर सारा रुपया लेकर. उसके साथ जिस जेल में मेरे पति बंद थे उस जेल का जेलर नफीस भी आया. नफीस तो एक बूढ़ा था. लेकिन एक no का आईएस. दोनों ने मेरा मुजरा देखा. जूनियर गरीब तो मेरा दीवाना था hi नफीस भी हो गया. मेने देखा नफीस अपनी आँखों से hi मुझे बेपर्दा करना चाहता था. वो दोनों मेरे करीब आए. मेरे चहेरे को देख कर नफीस की तो बोलती बंद हो गई. वो दोनों बस मेरे चहेरे को देखते hi रहे गए.

images-20.jpg


images-21.jpg


माँ ; ऐसे मत देखो नवाब सब आज महफ़िल बिकाऊ नहीं हे. अभी मेरा आराम करने का वक्त हे.

जग ; ऐसा मत कहो मेरी जान इस नूरानी चहेरे को देखने के लिए तो ये डिल बे करार हे.

माँ ; अफ़सोस फिर आज तुम्हे मायूस हो कर जाना पड़ेगा.

वो पीछे से पुकारता रहा और में वह से चली गई. वो मुझे किसी भी कीमत पर पाना चाहता था. वो बहोत सरे सोने चंडी के जेवर मुझपर तोफे की सकल में लुटा चूका था. अब सिर्फ मुझे पाने के लिए उसके पास आखरी हथियार बचा था. वो उस रत और आया साथ नफीस भी. में उनसे जान बच कर नहीं मिली. सीधा मुजरे के लिए पेश हुई.

images-22.jpg


सबने मुझे देख कर अपना जैम उठाया और मेरे बदन को घूरते हुए मेरा मुजरा देखने लगे.

images-16.jpg


मेरी अदाए, मेरा जोबन मेरी आंखे मेरा चहेरा. हर किसी के लब्ज़ पर बस एक hi अल्फ़ाज़ थे. क्या नूरानी चेरा हे. इसे पाने के लिए तो खुद को फ़ना कर दू. लेकिन ये सब्द सुन ने वाला जूनियर गरीब के डिल में जो था वो बहार नहीं आ पाया.

images-11.jpg


लोग बस मुझे देखते hi रहे गए उस दिन में बहोत सीडट से नाची.

images-11.jpg


जब मुजरा ख़तम हुआ पर वो जूनर गरीब और नफीस खड़े नहीं हुई. मेरा देव बाकि था. में उनके करीब गई. वो दोनों बस मुझे देखते hi रहे.

images-16.jpg


माँ ; क्या हुआ नवाब शाहब. लगता हे हवेली का रास्ता भूल गए तो रत यही रुकने का बंदोबस्त करू.

जग ; वो दरसल बात ये हे की.

माँ ; मेने महसूस किया. दोनों जालिम दरिंदो में बस इतना फर्क था की जूनियर गरीब मुझे प् कर अपनी अंगूठी का नगीना बना न चाहता था. और नफीस रत भर बिस्तर पर. दोनों की सोच अलग थी.

नफीस ; कहो मोहतरमा एक रत बिताने की क्या कीमत ऐडा करनी होगी.

उसकी बात सुन कर मेरी आँखों में अंशु आ गए.

images-20.jpg


हलाकि अंशु जूठे थे. में वह से चली गई.

जग ; क्या अल्फ़ाज़ इस्तेमाल करते हो आप नफीस साहब. ( गुस्से में ) आप को ये बेहूदा और घटिया किसम की बाटे नहीं कहनी चाहिए थी. आप जानते हो में यहाँ क्यों आता हु. क्यों की में बे पनाह मोहब्बत करता हु सायना जी से

नफीस ; लेकिन अब... हमें नहीं मालूम था की हमसे इतनी बड़ी गलती हो जाएगी.

जग ; दफा हो जाइये यहाँ से.

जूनियर हरिब मेरे पास आया और मेरे पीछे आ कर खड़ा हो गया.

ज ग ; माफ़ करना उस बेहूदा आदम जाट को क्या कहना न कहना....

मेने उसकी बात काट दी.

माँ ; जाइये नवाब साहब मेने आप से पहले से hi कहा था. ये जिस्म बिकाऊ नहीं हे. हम कीमत सिर्फ हमारे मुजरे की बसूलत करते हे. आप रहें डिल हो. हम आप को रुसवा नहीं कर सकते.

जग ; हम कुछ गलत अल्फ़ाज़ कहे दे तो हमें माफ़ कर दीजियेगा पर हम आप का जिंसम hi नहीं, आप का डिल, आप की रूह तक को पाना चाहते हे. कहिये कैसे हाशिल करे आप को???

माँ ; रहने दीजिये नवाब साहब हमारे पास भी डिल हे. ये सब चीजे का इस बाजार में कोई मोल नहीं हे. ये सब चीजे आप को अपनी बीवी से मिल जाएगी यहाँ नहीं.

जग ; क्यों यहाँ क्यों नहीं???

माँ ; क्यों की ये तो कोठा हे. और में एक तवायफ.

जग ; फिर बन जाओ मेरी बीवी. कर लो मुझसे निकाह. कर दो अपने आप को मेरे हवाले. तुम्हारी रूह, तुम्हारा डिल, तुम्हारा ये नूरानी चहेरा , तुम्हारा ये डिल काश बदन अब मेरा होगा.

में पलटी.

माँ ; नवाब साहब.

उसने मुझे बहो में भर लिया.

उसने मुझे ऐसे बहो में भर लिया जैसे वो मुझसे बरसो से बिछड़ा हो. एक दूसरे की सांसो से सांसे टकराई फिर लबो से लैब. मुझे उसने आपने हाथो से बे पर्दा किया. में उसे उस वक्त हरने नहीं दे सकती थी. उसने मेरे सरे कपडे उतरे. मुझे बिना कपड़ो के वो मुझे कई देर तक निहारता रहा. फिर मुझे बिस्तर पे लेटाया.

में भी बिस्तर पे लेती

th.jpg


उसके डिल और दिमाग पे हावी होने लगी. मेरी मज़बूरी थी. उस गिधड को अपना जिश्म सपना पड़ा. वो मेरे ऊपर आया. अपने हथियार को अंदर दाल के वो कमीना मेरे जिश्म को भोगता रहा.

images-24.jpg


मेरे जिश्म ने उसे पागल कर दिया. वो बस मेरे पुरे बदन को भोगता hi जा रहा था. मेने उसे ुसरत पूरी रत अपने जिश्म को भोगने दिया. वो सुबह गया तो बोलै.

जग ; आज रत में फिर आऊंगा. काज़ी का इंतज़ाम कर के हम जल्दी निकाह कर लेंगे.

आलिया ; फिर????

माँ फिर क्या सोती वक्त बात करेंगे अब जा रत के 10 बज चुके हे.

आलिया ; माँ प्लीज बताओ न.

माँ ; और यहाँ तू कहानी सुन. वह तेरा पति अकेला होगा.

आलिया कड़ी हुई और अपनी हिप्स जड़ने लगी. माँ ने भी आलिया के हिप्स पे हाथ रखा और बोली.

माँ ; बीटा आलू तेरा पति ने लगता हे तुजे पीछे से ज्यादा राकगड़ा हे.

आलिया के फेस पे स्माइल आ गई.

आलिया ; उन्हें मेरी पीछे से सब से फेव हे. मुझे भी जब वो पीछे से प्यार करते हे मुझे ज्यादा अच्छा लगता हे.

दोनों हस्ते हुए होटल की तरफ बढ़ने लगे.

शाम चिप चुकी थी. में होटल के बार में 2,3 पग मर के जब अपने रूम में पहोचा तो क्या नजारा था. शिल्पा ताश के पत्तो के ऊपर हॉट सेक्सी मिनी ब्लैक और गोल्डन में मुझे देख रही थी. क्या सीन था. में उसके पास गया उसके सर के निचे हाथ रख कर उठाया और ब्यूटीफुल कपट हुए रेड लिप्स को चूसने लगा. क्या उसकी सांसो की खुशबु थी.

IMG-20200712-110907.jpg


वो अपनी लम्बो टैंगो को आपस में ऐसे रगड़ रही थी. वो देख के मुझे आलिया की भी याद आई. अक्सर आलिया की बेम देख कर मेरा उसे पीछे से केने का मन कर जाता हे. पर आज शिल्पा को देख कर मेरा नान कर गया. में उठा और शिल्पा के पर्श में वेसलीन ढूढ़ने लगा.

शिल्पा ; क्या दूध रहे हो???

में ; वेसलीन.

शिल्पा ; वो इधर हे मेरे पास.

मेने शिल्पा को देखा तो स्माइल आ गई. उसे सायद पहले से पता था. में क्या करने वाला हु. शिल्पा खुद hi पलट गई. उसने एक पिलो अपने छूट के निचे रखा. जिस से उसकी हिप्स थोड़ा ऊपर को उठ गई. मेने शिल्पा के हाथो से वो वेसलीन ले कर शिल्पा के पीछे वाले छेड़े पर लगाई. वो शिस्कारिया ले रही थी. मेने ढेर साडी वेसलीन उंगलियों पे ली और दो ऊँगली को वेसलीन समेत hi शिल्पा के पीछे वाले छेड़ के अंदर घुसा दी.

शिल्पा ; ुई माआ ससससस थोड़ा धीरे.

में उसकी गांड में गोल गोल ऊँगली घुमा रहा था. शिल्पा गर्दन उठा कर आंखे बंद करती हुई बोली.

शिल्पा ; सससस बहोत मजा आ रहा हे.

वो पीछे हाथ कर के पेण्ट के ऊपर से hi मेरा लैंड को सहेला रही थी. में खड़ा हुआ और शिल्पा के सामने घुटनो के बल बेथ गया. शिल्पा पेट के बल लेती गर्दन उठा कर सामने मुझे स्माइल करते हुए देख रही थी.

शिल्पा ; बस हम दोनों मिलकर भी दीदी की कमी पूरी नहीं करसकते. मेने अपना मोबाईल लिया और माधुरी को कॉल किया. और स्पीकर पे रख दिया.

माधुरी ; hello कैसे हो??

में ; में ठीक हु मेरी जान.

माधुरी ; हम्म्म डोडो हे साथ मेरी कहा आप को याद आएगी. ये तो भला हो वो आलिया का जो तुम ठीक थक हो कॉल तो कर देती हे.

शिल्पा ; दीदी वीडियो कॉल करो हम लाइव शो दिखते हे.

शिल्पा के कहने पर माधुरी ने वीडियो कॉल किया. वो हमें देख के सोक हो गई.

में ; मेरी जान तुम तीनो से शादी कर के यही इसी रूम में हम हनीमून के लिए आएँगे.

माधुरी ; (स्माइल) मुझे भी इंतजार रहेगा. जब हम तीन बहने बिस्तर पर लाल जोड़े में तुम्हारे सामने होंगी.

मेने शिल्पा कुछ बोलने वाली थी के उसके मुँह में लैंड दाल दिया जो माधुरी मेरे पीठ पीछे होने के कारन देख नहीं पाई.

शिल्पा ; यह मम मम उम्म्म.

में शिल्पा को एक मिनिट तक बोलने का मौका नहीं दिया. जब बहार निकला तो.

शिल्पा ; अरे सँभालने का मौका तो दो.

में हस्ते हुए पीछे आया में निचे ऊपर दोनों तरफ से नंगा हो गया. माधुरी ने स्क्रीन पे hi मुझे नंगा देख कर मेरी नजर उतरी.

माधुरी ; है नजर न लगे मेरी जान को. मुहहह.

में शिल्पा के पीछे आया शिल्पा भी तैयार थी. मेने अपना लैंड शिल्पा के छेड़े पर रखा और धीरे से अंदर उतर दिया.

शिल्पा ; अह्ह्ह्ह ससससस आराम से.

शिल्पा आंखे बंद करते हुए धीमी आवाज से बोली. माधुरी ने सारा सीन देखा सायद वो भी गरम हो गई ये सब सीन देख कर.

IMG-20200712-140628.jpg


माधुरी निघ्त्य में सायद सोने की तयारी कर रही थी. उसकी आंखे भी नशीली हो गई. मुझे और शिल्पा को सब करते हुए. मेने अपनी आंखे माधुरी की आँखों में डाली और शिल्पा को पीछे से ढके लगाना सुरु कर दिया. शिल्पा को भी बहोत मजा आ रहा था वो सिसकारियां लेते हुए माधुरी की आँखों में देखते हुए बोली.

शिल्पा ; ससस अह्ह्ह्ह डीडीई ससस बहोत मजा आ रहा हे सससस दीदी लव यू सो मच. ससस अहह

माधुरी कभी मुझे तो कभी शिल्पा की आँखों में देख रही थी.

में ; मध् में तुम्हे बहोत मिस कर रहा हु.

में रुक गया मेरा लैंड शिल्पा की गांड में hi था.

शिल्पा ; दीदी आप मुझे देख कर मजा ले रही हो. हम जब घर आ जाएंगे तो हॉल में जीनु ऐसे hi आप को पेलेंगे और में और आलू आप का लाइव शो आप hi के सामने देखेंगे.

माधुरी ; हैट पागल.

हम दोनों हसने लगे. माधुरी शर्मा गई. उसने हमसे नजरे हटा ली.

IMG-20200712-140600.jpg


सायद वो कल्पना कर रही हो. वो स्माइल कर रही थी. शिल्पा ने स्माइल करते हुए बोलै.

शिल्पा ; ोय होय शर्मा गई मेरी दीदी. अब तो जल्दी मेरी शादी करवा दो.

माधुरी अब भी हमारे सामने नहीं देख रही थी. वो बस धीमी आवाज में बोली.

माधुरी ; (स्माइल) हो जाएगी. आप लोग आओ तो सही. मेरा मन भी.

माधुरी बोलते बोलते रूक गई और शर्मा गई.

में ; मधु प्लीज एक बार मुझे देखो तो सही मधु प्लीज यार लव यू यार.

माधुरी ने मुझे देखा उसके फेस पे जो भाव थे वो मेने पढ़ लिया. वो बहोत हॉर्नी फील कर रही थी. माधुरी भी गरम हो गई थी. में बस शिल्पा को झटके मरता हुआ माधुरी के फेस को देखता रहा.

IMG-20200712-140613.jpg


काफी देर तक हमने एक दूसरे की आँखों में देखते रहे जिसका फायदा शिल्पा को आता रहा. जब गलती से कॉल काट गया तो. मेरी स्पीड बढ़ी और मेरा फुआरा शिल्पा के अंदर hi छूट गया. में शिल्पा के ऊपर hi ढेर हो गया. की अचानक आलिया आ कर बोली.

आलिया ; जीजू अभी तो फिरस मेरी बरी थी.

हम दोनों जिसने लगे.

शिल्पा ; इसने देर कर दी वार्ना और भी मजा आना था. चलो देना करते हे.

माधुरी अपने पति और बहन के साथ सेक्स गेम देख देख कर गरम हो चुकी थी. वो आज वैसे भी सूखा और मुंशी के हाथो से मशलने के बाद और ज्यादा प्यासी थी. माधुरी बिस्तर में लेती लेती सोच hi रही थी की अचानक दूर बेल बजी. माधुरी ने सोचा इस वक्त कोण हो सकता हे.

फिर माधुरी के मोबाईल पे कॉल आया वो राईस था. माधुरी एक तरफ दूर पे कोई और एक तरफ ये राईस रिंग कर रहा था. माधुरी ने पहले कॉल पिक किया.

राईस ; और जानेमन दूर तो खोलो.

माधुरी ; हम्म्म तो वो तुम हो. शर्म नहीं आती किसी शादी शुदा औरत को रत में तंग करते हो.

राईस ; तंग तो में सिर्फ तुम्हे तुम्हारे बीएड पे करूँगा.

माधुरी ; कोई जरुरत नहीं अंदर आने की जाओ यहाँ से.

माधुरी बस ऐसे hi प्यार से बोल रही थी.

राईस ; खाना खा लिया क्या.

माधुरी ; नहीं मेरा मन नहीं हे आज.

राईस ; फिर चलो कही बहार चलते हे??

माधुरी ; मुझे नहीं जाना.

राईस ; उफ्फ्फ फिर तो आज मुझे भी भूखा रहना पड़ेगा.

राईस सोच रहा था की माधुरी उसके प्यार के जल में फास रही हे. पर उल्टा माधुरी जान बच के hi फास रही थी. वो उसे एक प्रेमिका वाली फीलिंग दे रही थी.

माधुरी ; रुको फिर में चेंज कर लेती हु.

माधुरी ने कॉल काट किया और साड़ी पहन ली. माधुरी जानती थी. साड़ी में माधुरी बहोत हॉट लगती हे. माधुरी ने एक लाइट पिंक साड़ी पहनी. शामे वही लाइट पिंक ब्लाउज पहना. ब्लाउज सिंपल था. छोटी बे का और सामने से गहता गोल गले का. माधुरी ने मेकउप बिलकुल नहीं किया ताकि उसे उठ लगे की वो नार्मल हे. माधुरी ने अपनी सेक्सी स्माइल के साथ दूर खोला राईस उसे देखा तो देखता रहे गया.

IMG-20200712-150020.jpg


माधुरी जान बच कर थोड़ा टेड़ा कड़ी हुई ताकि वो माधुरी के उभारो को देख सके. राईस माधुरी को कमर से जकड कर बहो में भर लेता हे. माधुरी उसे जूठा हाथो से हल्का पुलका मरती हे.

माधुरी ; अरे छोडो मुझे कोई देख लेगा तो में बदनाम हो जाउंगी. प्लीज ऐसा मत करो.

माधुरी की बाटे और जब वो उसे हाथो से मर रही थी तो उसकी हाथो की चूडियो की खनक से राईस को इरोटिक फीलिंग आने लगी.

माधुरी ; प्लीज छोडो न मुझे मेरे पति को पता चल गया तो मुझे घर से निकल देंगे.

माधुरी ने विरोध बंद कर दिया. वो राईस के गले में अपने दोनों हाथ दाल कर बोली.

राईस ; तो मेरे घर आ जाना.

माधुरी ; हम्म्म अहा है है. तुम्हारे घर गई तो मेरे पति ने मुझे छोड़ दिया तो???

राईस ; तो में तुमसे शादी कर लूंगा.

माधुरी ; हहह मुहसे शादी करने के लिए दुनिया लाइन लगाके बैठी हे. हर कोई तुम्हारी तरह मुझे बिस्तर में ले जाने के सपने देखता हे.

माधुरी को पता था. राईस सोकॉल्ड हे. माधुरी ने उसकी वशी फीलिंग जिन्दा करि.

राईस ; तो क्या बीवी तो तुम मेरी hi रहोगी.

माधुरी ; हट बदमाश जैसे मुझे बीवी बना लोगे और कोई मेरे साथ बिस्तर सरे करेगा और तुम सही लोगे.

राईस ; तो तुम छुप कर कर लेना मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं हे.

माधुरी ; मुझे नहीं करना किसी के साथ भी बिस्तर अब छोडो और चलो कहा चलना हे.

राईस ; बिस्तर पे.

माधुरी ; बिलकुल नहीं...

राईस ने माधुरी के लीपा को अपने लिप्स से लॉक कर दिया और जोर जोर से छोड़ने लगा. माधुरी उसे हाथो से हल्का फुल्का मर रही थी.

राईस ; अच्छा मुझे अपना घर तो दिखाओ.

राईस घर के अंदर चले गया. वह बैडरूम में जा के माधुरी के बीएड पे जम्प कर के कूद जाता हे.

माधुरी आती हे अंदर आती हे और स्माइल करते हुए उसे देखती हे.

IMG-20200712-150033.jpg


माधुरी का सिंपल लुक. फेस भी इतना मासूम सा था की उसकी नजर नहीं हैट रही थी.

माधुरी ; इरादा नेक नहीं लगता आप का. कल मेरे पति आ जाएंगे फिर यहाँ भटकना भी मत.

राईस ; फिर तो तुम्हे hi मिलने आना पड़ेगा.

माधुरी राईस के बदमासी भरी बात को सुन के राईस के सामने देखती हे.

माधुरी ; और में खुद तुम्हारे पास आई तो.

माधुरी की बात सुनके राईस माधुरी के फेस को देखता hi रहा. क्या खुबशुरत फेस हे.

IMG-20200712-150055.jpg


राईस की नजर दीवार पे तंगी माधुरी और तपन की फोटो पे गई.

images-21.jpg


वो फोटो को देखता hi रहा. माधुरी को ये अच्छा मौका था. उसकी सोकॉल्ड फीलिंग को जिन्दा करने का. माधुरी स्माइल करती हुई देखती हे.

माधुरी ; ये तब की पिच हे जब हमारी शादी भी नहीं हुई थी. हम कॉलेज में थे उस वक्त.

माधुरी और तपन की पिच साथ देख कर राईस को जलन हुई. जो माधुरी ने महसूस की.

राईस ; वह हैंडसम हे ये.

माधुरी को पता चल गया वो जल रहा हे. माधुरी उसे और ऐसी फीलिंग देना चाहती थी.

माधुरी ; तुम्हे हमारी और फोटोज देखौ.

माधुरी अंदर गई और 5 ,10 फोटो ले कर आई.

ये देखो में घर से छुप कर इनके किराए के माकन में गई थी मिलने वह उनका माकन मालिक ने खींची थी.

images-25.jpg


उस दिन तो मुझे सुबह से लेकर शाम तक रगड़ा. बहोत मजा आया मुझे वो बहोत मस्त बन्दे हे. हमेसा मुझे हसते

रहते हे.

और ये वाली पिक हम ुट्टी गए थे कॉलेज के टुरे पे.

images-24.jpg


वह भी मुझे जडियो में लेजाकर खूब रगड़ा मुझे. और ये वाली पिक जब हम दोनों ने घर से भाग कर शादी की तब की पिच हे.

images-23.jpg


में सिंपल में भी सुन्दर लगती हु न. और ये तो देखो शादी के बाद की पिछ हे.

images-16.jpg


वो मुझे मशाल रहे थे. उनके दोस्त की बर्थडे पार्टी में. अचानक उनके दोस्त आ गए. जस्बारदास्ती रोकने की कोसिस की पर उनके दोस्त नहीं मने. सेल सरे दोस्त एक no के कमीने थे.

images-11.jpg


और ये पिछ भी ुशी रत. दोस्तों ने देख लिया फिर तो हम दोनों बेशरम hi बन गए दुनिया देखे फिर भी हम एक दूसरे को किश करते रहे. मेरे बूब्स बहोत मशले थे उस दिन.

जब माधुरी अपनी बीती जिंदगी के किस्से सुना रही थी. राईस चादर में अपनी मुट्ठी में चादर को मशाल रहा था. माधुरी ने ये देखा. माधुरी ने स्माइल के साथ बात चालू राखी.

माधुरी ; और ये पिछ की तो पूछो मत हमारा एक बूढ़ा पडोसी था. साला लार टपका ता था. ये पिच के बदले में मुझे उस बूढ़े को किश देनी पड़ी तब जा कर ये पिच मुझे दी. साला मेरे पति सुबह काम पे जाते वक्त मुझे मशाल रहे थे तब सेल ने ये पिच खींची थी. अपने मोबाईल से.

माधुरी ने ये झूठ बोलै था. राईस माधुरी की ये पिच बड़ी फॉर से देख रहा था. क्यों की माधुरी इस पिच में साड़ी में थी जो मैरिड लग रही थी.

images-22.jpg


राईस फील कर रहा था वो पिछ देख के की माधुरी उसकी बीवी हे और कोई और उसके पीठ पीछे उसकी बीवी के साथ रंगरलिया मन रहा था.

माधुरी ; ये पिच देखो. हम होटल गए थे. देना के लिए. उस वक्त मेरी बहन ने खींची.

images-17.jpg


माधुरी की ये पिच देख कर राईस को गुस्सा आया . वो अपने दिमाग में फीलिंग पैदा करता हे की उसकी बीवी माधुरी उसके पुराने आशिक के साथ डट पे गई और वह फोटो खींच कर राईस को सेंड की.

images-20.jpg


राईस को गिस्सा और मजा दोनों आ रहा था. राईस ने दिमाग में एक स्टोरी बनाई. तपन माधुरी का शादी से पहले का बॉय फ्रेंड हे और वो अब भी माधुरी से मिलता हे. और माधुरी की चुदाई भी करता हे. माधुरी राईस को नपुंशक साबित करना चाहती हे. और वो नपुंशक नहीं हे. माधुरी ने फोटो को साइड रखा. माधुरी को पता चल गया की गुस्से के साथ उसे मजा भी आ रहा हे. माधुरी उसके लैंड पे पेण्ट के ऊपर से hi हाथ फिरती हे.

माधुरी ; तुम यहाँ मत आना कल से में hi तुम्हारे पास आ जाउंगी . कोई मर्द मुझसे बात भी करे उन्हें पसंद नहीं हे.

राईस ने माधुरी को तप्पड़ मारा. और गुस्से में बोलै.

राईस ; क्यों साली बॉयफ्रेंड के लिए मुझे अपने पति को छोड़ने से मन करेगी देख इस के सामने तुजे छोडूंगा.

राईस माधुरी की वो फोटो को देखते हुए बोलै.

राईस ; देख तू क्या सोचता हे. सिर्फ तू hi मेरी बीवी को चौदह. देख में अपनी बीवी को तेरे सामने छोडुनहा. ये सिर्फ मेरी हे. तुम सिर्फ इस का मन बहेला सकते हो सिर्फ में hi इस से प्यार करूँगा. ये हमेसा मेरी hi रहेगी.

माधुरी ने ुए नहीं सोचा था की राईस क्या सोच रहा हे. पर माधुरी को रास्ता मिल गया वो भी उसकी कल्पना को नया मोड़ दे देती हे. वो चिल्ला के बोली.

माधुरी ; मुझे कुछ भी बोलै लेकिन तपन को कुछ मत बोलो. वो मेरा बॉयफ्रेंड हे मेरा सच्चा प्यार वो हे तुम नहीं हो.

माधुरी की बातो से राईस का लैंड अकड़ गया.

राईस ; साली मेरे सामने अपने बॉयफ्रेंड का पैक्स ले रही हे.

वो माधुरी को एक तपाद मर देता हे. माधुरी भी अपने गाल पे हाथ रख कर बोली. छीलते हुए.

माधुरी ;; क्यों न लू उसका पैक्स वो हर चीज में तुमसे बहेतर हे. तुमसे ज्यादा हंसों हे. तुमसे ज्यादा स्टेमिना हे. लड़किया मरती हे उस पर और तुम देखो मुझे बिस्तर पे भी खिश ंशी रख पते.

राईस ; अच्छा तुजे में दिखता हु मुज में कितना स्टेमिना हे.

वो माधुरी को धक्का देता हे. माधुरी बीएड पे गिर गई. माधुरी की टंगे खींच कर अंदर हाथ डालके माधुरी की पंतय जोर से निकल कर फेक देता हे. माधुरी ने भी अपने ब्लाउज के बोटों खुद hi खोल दिए थे. अंदर उसने वाइट ब्रा पहनी थी जो बहोत स्टाइलिश थी. आधे से ज्यादा बूब्स का ऊपर वाला हिस्सा बहार था. वो माधुरी की साड़ी का पलु पकड़ के खींचने लगा. माधुरी बाद पे hi गोल गोल घूम गई अब माधुरी का ब्लाउज जो जैकेट की तरह खुला था. संदर ब्रा थी और सिर्फ पिंक घाघरे में बिस्तर पे पड़ी थी.

माधुरी ; में भी देखती हु. तुम मेरे बॉयफ्रेंड से बहेतर हो या नहीं अगर तुम हर गए तो में हमेशा के लिए उसके साथ चली जाउंगी. फिर रहना अकेले .

माधुरी ने बोलते बोलते अपना ब्लाउज निकल कर राईस के मुँह पे दे मारा. जिस से राईस और गुस्सा हो गया. वो माधुरी का घाघरा खींचने की कोसिस करता. माधुरी ने जैसे hi नदी की गत खींचे राईस धड़ाम से बाद के निचे गिरा. माधुरी जोर जोर से हसकर उसका मजाक उड़ने लगी. जब तक राईस खड़ा होता हे. माधुरी ने अपनी ब्रा निकल दी. राईस ने खड़े होते hi माधुरी को एक तप्पड़ जड़ दिया.

राईस ; साली अपने बॉयफ्रेंड के सामने मेरा मजाक उड़ाती हे. हस्ती हे मुझपर.

माधुरी ; तुम उस से अपनी तुलना कर रहे हो. वो जब मेरी छूट चाट ता हे न तो में जन्नत में पहोच जाती हु.

माधुरी जो चाहती थी राईस वही कर रहा था. राईस ने माधुरी की तंग खींची और माधुरी की दोनों टैंगो के बिच अपनी लिप्स रख कर जोर जोर से चूसने लगा. माधुरी यही तो चाहती थी. अब तक माधुरी को राईस सेक्स गेम में ले जाना चाहता था. मगर माधुरी ने उसकी कल्पना सकती को नया मोड़ दे दिया. माधुरी तो बस यही चाहती थी के राईस भी उसका कुत्ता बने पर उसके लिए ये सही वक्त नहीं था. क्यों की उस वक्त राईस अपनों मर्दानगी साबित कर रहा था.

माधुरी मन में बोली बन जाएगा तू भी मेरा नया कुत्ता. वो माधुरी की छूट बहोत जोर से चूस और चाट रहा था. माधुरी तो सुबह से गरम थी.

राईस माधुरी के छूट के डेन को ऐसे मशाल रहा था जैसे बचा कोई गोली चूस रहा हो. माधुरी अपने चारसीमा तक पहोच चुकी थी. अचानक माधुरी की वीर्य की फुआर फुट गई. ढेर सारा पानी राईस के मुँह में फेल गया. रसिस सब चाट गया. लेकूं हैट नहीं रहा था. माधुरी दोबारा गरम होने लगी थी. उसके पति के बाद एक वही था जो माधुरी की छूट को इतनी रगड़ के चूसा और छठा हो. माधुरी को अब लैंड की जरुरत थी.

माधुरी ; तपन डार्लिंग तुम hi आओ ुए मेरा चुटिया पति तो बस छूट hi चूस सकता हे.

माधुरी की बातो से राईस को गुस्सा आया. वो खड़ा हुआ और माधुरी की टैंगो के बिच आया. माधुरी की गीली छूट पे अपना लैंड रख कर जोर से झटका मारा.

माधुरी ; आउच सससस मादरचोद धीरे.

माधुरी की गली सुन कर राईस खुस हुआ. और बोलै.

राईस ; है देखा मेरी ताकत.

माधुरी ; बस एक hi झटका मरने का डैम हे. राईस ने धक्के स्टार्ट कर दिए. माधुरी हर झटके का मजा लेती हुई राईस को गुस्सा दिलाती.

माधुरी ; अह्ह्ह अहह ुइ यह बस इतना hi डैम.

राईस बहोत जोर जोर से झटके मरने लगा. माधुरी को बहोत मजा आ रहा था. माधुरी आंखे बंद कर के चिलाती रही.

धिरे धीरे माधुरी का पानी एक बार और छूट गया माधुरी फिर ढीली पद गई. लेकिन राईस रुकने का नाम hi नहीं ले रहा था. धीरे धीरे उसका भी अंत आया वो खड़ा हुआ और अपना बदला लेने के लिए माधुरी के फेस पे आकर अपनी पिचकारी से सारा रास माधुरी के फेस पे hi छोड़ दिया.

राईस ; साली देखा मेरा डैम.

माधुरी नंगी hi कड़ी हुई और बाथरूम में चली गई. राईस सोचने लगा आज उसे जैसा मजा आया पहले कभी नहीं आया. माधुरी भी अपने आप को साफ कर के आई और राईस की गॉड में hi बैठ गई.

माधुरी ; (स्माइल) मुझे पता चल गया की तुम्हे क्या चाहिए. तुम्हे मजा आए इस लिए मेने भी तुम्हारा साथ दिया. तुम्हे बुरा तो नहीं लगा.

राईस ; नहीं में तो तुम्हारा सुकर गुजर हु. तुमने आज जो मजा दिया. मुझे पहले कभी नहीं आया.

ादः को आज अपनी इज्जत पे खतरा लग रहा था. वो रत सोने की एक्टिंग करती रही. रत 12 बज तक रामु आया. रामु ने देखा ादः सोइ हुई हे. वो ादः के बॉडी को देखता hi रहा.
 
रत को हम जब सो रहे थे. हमारी आंख लगी hi थी के मुझे म्यूजिक सुनाई दिया. में और शिल्पा उठ के बैठे hi थे की हमें आलिया दिखी. क्या मैनेजमेंट किया उसने डिम लाइट वगेरा वगेरा. आलिया स्लो स्लो डांस करने लगी. उसका लुक देख कर तो में उसका दीवाना हो गया

IMG-20200712-195846.jpg


आलिया के हर मूव हर एक्सक्रीशन सब कमल का था.

IMG-20200712-200152.jpg


IMG-20200712-195832.jpg


IMG-20200712-195820.jpg


IMG-20200712-195700.jpg


IMG-20200712-200132.jpg


आलिया ने बहोत जोरदार और सेक्सुल डांस किया. हमने तालिया बजे मेने अपनी बहे फैला दी. वो भगति हुई मेरी गॉड में आ गई.

आलिया ; केसा लगा मेरा डांस.

में ; बहोत मस्त आलिया तुम तो कमल की निकली.

शिल्पा ; सुपर्ब आलिया. जीजू और में तो तेरे फैन हो गए.

आलिया भी हमारी तरफ से खुश हो गई. किसी ने दूर नॉक किया मेने दूर ओपन किया तो एक वेटर था. उसने बताया की और कस्टमर्स को मुसिक से प्रॉब्लम हो रही हे सोने में. दूरबीन से देख रही माँ हस्ते हुए बोलती हे.

माँ ; (स्माइल) पागल हे ये बचे.

में आलिया को बहो में लेकर लेट गया. शिल्पा मुझे पीछे से चिपक कर सोने लगी.

उधर जब अँधेरे में ादः सोने की एक्टिँह कर रही थी की वो बूढ़ा रामु आ गया. रामु ने जाट से दरवाजा बंद किया और ादः के पास आ कर उसे आवाज देता हे. बिलकुल धीमे से.

रामु ; कमली ू कमली ससस सो गई क्या.

ादः अपने आप को सुकुद के सो गई. दीवार की तरफ करवट ले कर वो आंखे मीचे पड़ी सोचती रही अब क्या होने वाला हे. रामु ने आवाज दी पर वो नहीं उठी. रामु ादः की पीठ और बाजु पे हाथ घूमता हे. लेकिन वो हिलती तक नहीं हे. ादः मन में बोलती हे हे भगवन आज बचा ले.

रामु ; रे कमली रे कहा गरम कर के सो गई अस्सेस

रामु ने अपना लैंड निकला और ादः की पीठ पर घिसने लगा. ादः ने ब्लाउज भी ब्लैक लेस्स पहना था. उसे पीठ पर गरम चीज महसूस हुई तो वो समझ गई वो क्या हे. रामु ने ादः के बगलो से हाथ डालकर ादः के बूब्स पकड़ के मशाल ने लगा.

रामु ; ससस रे कमली उठ जा बहोत मन कर रहा हे.

लेकिन ादः नहीं उठी. रामु ने ादः की साड़ी भी ऊपर करने की कोसिस की पर वो पाव में दबा के सोने के कारन न ऊपर कर सका. रामु अदहा की जंगो से पेट पर हल्का हल्का हाथ भी घूमता हे. फिर झुक कर ादः के पेट को चाटने लगा. ादः भी गरम हो रही थी. वो ादः की नाभि में भी जीभ घूमने लगा. ादः को अच्छा भी लग रहा था. फिर भी वो उसके साथ वो सब नहीं करना चाहती थी.

रामु खड़ा हुआ और दीवार की तरफ आकर ादः के फेस के सामने बेथ गया. वो ादः के फेस पे हाथ घूमता हे. ादः के फेस से लेकर ादः के बूब्स की गली तक. रामु ने आगे से अंदर ब्लाउज के हाथ डालने की कोसिस की पर ादः ने जान बच कर उसे जगा नहीं दी. वो बस ादः के उभर का जो स्टार्ट था वही तक hi हाथ घूमता रहे गया. लेकिन ादः के भी दोनों टैंगो के बिच पानी छूट ने लगा था. वो निचे से गीली होने लगी थी. रामु ने अपनी उंगलिया ादः के गले से लेकर गलो तक घुमाई. फिर ादः के लिप्स पे ऊँगली घिसने लगा.

ादः से एक गलती हो गई. उसका गलती से मुँह खुल गया. रामु ने ऊँगली ादः के मुँह में दाल दी. अंदर सांसो की गर्मी और ादः के मुँह का गिला पैन से रामु हराम हो गया. ादः ने भी अपने बदन की गर्मी के कारन भावना में बहते उसकी ऊँगली एक बार चूस ली.

रामु मुस्कुराया. उसने ऊँगली बहार निकली और धोती ऊपर कर के अपना लैंड निकला. ादः को कुछ दिखाई नहीं पद रहा था. वो सोचती हे क्या कर रहा हे साला बूढ़ा. अचानक उसके लिप्स पे उसे कुछ गरम चीज महसूस हुई. वो समाज गई ये बूढ़े का लैंड हे. रामु झुक कर अपने लैंड को ादः के मुँह पे घिसने लगा. वो ज्यादा ादः के लिप्स पर जैसे लिपस्टिक लगा रहा हो.

अचानक गलती से ादः का मुँह थोड़ा सा खुल तो रामु ने देर न करते हुए अपना लैंड का टोपा ादः के थोड़े से खुले मुँह में फसा दिया. ादः सोचती हे बाप रे इसने तो मेरे मुँह में दाल दिया. ादः आगे मुँह नहीं खोलती. मगर धीरे धीरे रामु थोड़ी सी जगह में भी ठोकरे मरने लगा. जिस से ादः का मुँह अपने आप घुल गया. ादः ने महसूस किया की बूढ़े का लैंड भी मोनार्क के लैंड के बराबर hi हे. आज किसी पराए मर्द का लैंड ादः के मुँह में था.

ादः का बदन तपने लगा. उसने रामु के लैंड की खुशबु अंदर तक महसूस किया. रामु ादः के मुँह में अपना लैंड धीमे धीमे अंदर बहार करने लगा. अदहा कुछ नहीं कर सकती थी. उसके मुँह से जो लार निकल रही थी. वो भी रामु को मदद कर रही थी. ादः की आँखों से अंशु भी आ गए. रामु झटके पे झटके ादः के मुँह में मरने लगा. धीरे धीरे ादः की आंखे बंद हो गई. उसने मुँह को कास किया अपनी जीभ को भी रामु के लैंड पे सत्ता दिया. और चूसने लगी. रामु के फेस पे स्माइल आ गई उसने ढके मरते हुए. ादः के कंधे और गले पे हाथ रखा. रामु ज्यादा बरदास नहीं कर सकता था. रामु ने स्पीड बढ़ा दी. जिस से ादः का मुँह भी दर्द करने लगा. अचानक ादः के मुँह में रामु की पिचकारी छूती. ादः ने उसे दक्का मरना चाहा पर वो नहीं हटा. सारा पानी उसके मुँह में hi गिर गया. जैसे hi रामु हटा वैसे तुरंत hi वो बैठ कर खस्ने लगी.

ादः ; ी का हमरे मुँह में दाल दिया. कितना गन्दा बदबू हे.

ादः सोचने लगी अभी तो काम पे लगाया भी नहीं और इसे खुश नहीं किया तो साला अंदर घुसने का रास्ता बंद. लेकिन बूढ़े में सिर्फ एक बार करने की ताकत थी.

रामु ; अरे रानी उठ गई. अब का अब तो जो होना था हो गया सो जा.

रामु ादः के पीछे से चिपक कर उसे लेता देता हे. अपना हाथो को ादः के बोस पे रख कर ादः को मशलता हुआ सो गया. उस रत ादः को नींद नहीं आई. वो मजबूर थी उसे झेलने को.

वही रत को राईस को जबरदस्ती भेज कर माधुरी सुबस फिर मुंशी से मिलने की तयारी करती हे. वो सोचती हे साला नदी पे मजे ले कर चले गया तो संदर एंट्री कैसे होगी.

रत को जब सब सो गए तो आलिया ने अपनी आंखे खोली. तपन का हाथ हटाया और निकल कर दूरबीन से माँ के रूम की तरफ देखती हे. उसने देखा माँ नहीं दिख रही. आलिया ने जेब से हेडफोन निकला छोटा सा और कण में लगा कर धीमी आवाज में बोली.

आलिया ; माँ ू माँ कहा हो aap.(smaile).

कोई जवाब नहीं आया.

आलिया ; लगता हे मेरी माँ सो गई. उसे पापा के शपने आ रहे हे. पापा मेरी खुबशुरत माँ की साड़ी ऊपर कर के चुम रहे हे. पहले पाव के पंजो पे पे. ससस फिर थोड़ा ऊपर धीरे धीरे चूमते हुए माँ के घुटनो पे. अह्ह्ह ुई मा पापा तुम्हारे घुटनो से ऊपर जंगो को चूमने लगे. फिर माँ तुम्हारे जंगो को चूमते हुई मशाल रहे हे. अब थोड़ा और ऊपर फिर थोड़ा और ऊपर. अब वो वह पहोच गए जहा.

माँ ; चुप कर कुटीया माँ हु या तेरी सहेली.

आलिया थोड़ा जोर से हसी. शिल्पा ने करवट बदली तो शिल्पा के बगल में hi लत गई. शिल्पा ने उठ कर देखा आलिया उस से चिपक कर सो रही हे तो शिल्पा वापस सो गई. कुछ देर आलिया नहीं हिली बाद में शिल्पा के बगल में लेते हुई hi आलिया बोली.

आलिया ; तो सुरु करो जहा से छोड़ा.

माँ ; तू सजा फिर कभी.

आलिया ; बिलकुल नहीं सुरु करो अब में कहा मन ने वाली हु.

माँ ; नहीं मानती तो सुन जूनियर गरीब मुझे अपने घर ले गया. उसकी पहले से एक बीवी दो बेटे थे. जो कराची में अलग रहते थे. उसके रिश्ते कुछ सायद अच्छे नहीं थे अपनी बीवी के साथ. उसके माँ बाप भी वही कराची में थे. बड़ी सी हवेली और बहोत सरे नौकर चाकर. उस वक्त उनकी ाम्बस्य से उनके मुल्क को खबर भी आई के कोई एक जासूस औरत जासूसी के लिए आई हुई हे. वो में hi थी. लेकिन मेरा फोटो न hi मेरी कोई जानकारी उनके पास नहीं थी. उसका मुझे फायदा उठना था. में अक्सर महंगे कपडे और शानो शौकत से रहने लगी. मेरा मकशद तो जेल में बंद मेरे पति को छुड़ाना था. जूनियर गरीब ने हमारे hi मुल्क से मेरे लिए महंगी महंगी सररीया और भी कपडे मंगवाता. घूमने के लिए गाड़ी. फुल शानो शौकत भरी लाइफ. वो मुझसे जल्दी शादी करने के चक्कर में था. और में उसकी मौत के लिए कफ़न लिए तैयार थी. में शादी के लिए बस ये कहकर ताल देती की अम्मीजान गुजरान में हे. वो आ जाए फिर हम निकाह कर लेंगे. उसे जो शादी के बाद मिलता में ऐसे hi दे रही थी. वो मुझे प् कर खुश था. रोज रत शराब और में सबब बन कर उसे बिस्तर पे खुश करती रही. लेकिन जेल में बंद मेरे पति तक पहोचने का रास्ता नहीं मिल रहा था. में बिना शादी के जूनियर गरीब की बीवी की तरह रहे रही थी.

नफीस भी अक्षर घर आता रहता था. मगर मेरे आने से उसकी आने जाने की तादाद में बहोत बढ़ोतरी हो गई. में भी उसके आने से नफीस शब् नफीस सब उस से घुल मिलती रही. और एहसास दिलाती रही में उसके दोस्त की बीवी हु. फुल इरोटिक फीलिंग. में हवेली के ऊपर के कमरे में सिगरेट के काश खींच रही थी. मुझे नफीस से आगे बढ़ने का रास्ता ढूढ़ना था. नफीस ने मुझे ऊपर से सिगरेट के काश खींचते हुए देखा.

images-11.jpg


वो निचे से hi मुझे स्माइल दे रहा था. में जानती थी. जूनियर गरीब की गैर मौजूदगी में वो क्यों आया हे. नौकर आया और बोलै.

नौकर ; मालकिन नफीस शब् आए हे.

माँ ; उन्हें बहार बिठाइये और चाय दीजिये में आ रही हु.

मेने वाइट साड़ी पहनी और निचे आई. वो मुझे देख कर खड़ा हो गया.

नफीस ; कहिये किसी हे आप भाई जान

माँ ; हम ठीक हे नफीस शाहब कहिये कैसे आना हुआ.

नफीस ; दरअसल मुझे कुछ आप से जरुरी बात करनी थी. आइये बाकीचे में टहलते हुए कुछ गुफ्तगू कर ले.

में उसके साथ बगीचे में टहलते हुए बात करने लगी.

IMG-20200714-120125.jpg


वो मेरे बदन को ऐसे घर रहा था जैसे अभी hi मुझे बे पर्दा कर के सरे कपडे उतर देगा.

नफीस ; वैसे माशा अल्लाह क्या नूर जैसा खुबशुरत जिश्म पाया हे आप ने.

में पलटी और उसे एक नजर ख़ामोशी से देखा जैसे मुझे उसकी ुए बात पाषंड नहीं आई हो

IMG-20200714-120109.jpg


माँ ; वैसे तारीफ के लिए शुक्रिया पर आप ये बात करने तो नहीं आई हो.

नफीस ; में आप से मोहोब्बत करने लगा हु भाभिजन प्लीज आप मेरी बात पे गौर करियेगा.

मेने नफीस को गुस्से से देखा.

images-30.jpg


माँ ; आप को शर्म नहीं आती आप अपने दोस्त की होने वाली बीवी को गन्दी नजर से देख रहे हो.

नफीस ; देखो भाभी जान में क्या कहना चाहता हु की आप नवाब शब् से निकाह कीजिये उनके साथ रहिये. बस में ये चाहता हु की दुनिया से छिप कर आप मेरी मोहोब्बत को भी काबुल कर ले.

माँ ; कितनी घटिया सोच हे आप की आप इतने गिरे हुए इन्शान हे में सोच भी नहीं सकती थी.

नफीस हसने लगा. लोग खुद निकाह कर के अपने शोहर को तल्ख दे देते हे. और दूसरे निकाह की तयारी भी कर लेते हे. और ऐसे राज़ अपने होने वाले शोहर को भी नहीं बताते.

ये मेरी hi चल थी. मेरे बन्दों ने जान बच कर ऐसी एक स्टोरी क्रीट की जिस को कोई राज बना कर वो नफीस मुझे ब्लैक मेल करने आ गया. में जैसे चौक गई हु ऐसी एक्टिंग करते हुए बोली.

माँ ; ये सब झूठ हे चले जाइये यहाँ से वार्ना में नवाब सब को बता दूंगी की आप मेरे साथ बदसलूखी कर रहे थे.

नफीस ; सोख से बताइये लेकिन एक बात याद रखिये भन्दा तो आप का hi फूटेगा. आप को नवाब की दौलत चाहिए में नहीं जनता.

माँ ; ये सब झूठ हे अल्लाह के वास्ते ऐसी गन्दी बाटे मत कीजिये. देखो जिंदगी में पहेली बार खुशिया आई हे दमन में उसे मत छीनिये.

नफीस ; ठीक हे में कहा तुम्हारी खुशिया छीन रहा हु. बस मेरे प्यार को काबुल कर लीजिये. अभी मेरे पास वक्त नहीं हे में जा रहा हु. कल बात करते हे. कल पाकीज़ा होटल दोपहर के 1 बज जब नवाब शाहब चले जाए फिर आ जाइये कुछ बाटे करते हे.

में जान बच कर जैसे टेंशन में हु वैसा फेस बना कर. उसे देखती रही. उसने मुझे जबरदस्ती बहो में भर के एक जबरदस्त किश कर दी. और मेरी कमर को मशलने लगा. जब उसने मुझे छोड़ा तो में रोने का नाटक कर रही थी. उसके डिल में एक ऐसी इरोटिक फीलिंग पैदा हो रही थी. जिसकी कोई कल्पना भी नहीं कर सकता. वो वह से चले गया. उसके जाने के बाद में स्माइल करती हुई बोली. अपनी मौत को तो ये खुद बुला रहा हे.

दूसरे दीं में जानती थी. वो आज मुझे भोगने की कोसिस जरूर करेगा. मेने उसे गरम करने के लिए जान बच कर डीप और बैक लेस्स ब्लाउज पहना. उस दिन मेने रेड साड़ी पहनी रेड लिप्स में जानती थी जो भी मेरे फेस पे देखता हे सब से पहले उसकी नजर मेरे आईज पे फिर मेरे लिप्स पे hi जाएगी. मेने अपनी आंखे भी काजल से काली और सुन्दर कर दी. मेने ड्राइवर से कहा मुझे होटल पाकीज़ा ले कर जाए. वो मुझे ले कर गया. में वह पहोची. वह के आमिर लोगो का hi वह आना जाना होता था. मेरी नज़र नफीस पे गई. लेकिन में जान बच कर इधर उधर देखने लगी. उसकी नजर जब मुझपे गई तो वो मुस्कुराया. हाथ ऊपर कर के मुझे दिखाया. वो होटल के रेस्टोरा में एक टेबल बुक कर के बैठा था. में जैसे कोई हौस्विफे ब्लैकमेल हो रही हो. वो स्माइल करते हुए मुझे ऊपर से निचे तक देखता रहा. में उसके पास जा के कड़ी हो गई.

images-27.jpg


नफीस ; बैठो.

में बेथ गई. वो हस्ते हुए मुझे देख रहा था.

माँ ; आप सिर्फ है hi रहे हो. मुझे क्यों बुलाया हे यहाँ.

नफीस ; इतनी भोली भी मत बनो जानेमन तुम जानती हो मेने यहाँ क्यों बुलाया हे.

वो बस मेरे चहेरे को घूरता रहा

images-26.jpg


माँ ; तुम मेरी खिसिया बर्बाद कर के क्या मिलेगा.

नफीस ; में कहा तुम्हारी ज़िंदगी बर्बाद कर रहा हु. में तो सिर्फ तुमसे महोब्बत करता हु. तुम्हारी ये खूबशूरती को पाना चाहता हु.

माँ ; लेकिन तुमने नवाब शब् को बता दिया तो में तुम पर एतबार कैसे कर सकती हु.

नफीस ; मुझपर यकीं कीजिये महोतरमा मेरा मुँह कभी नहीं खुलेगा. मुझे सिर्फ तुम्हे डिल से प्यार करने का मौका चाहिए.

माँ ; और कोई और निकाह से पहले उन्हें ये बता दिया तो.

नफीस ; सब मुझपर छोड़ दो. में नवाब शाहब को कुछ भी नहीं पता चलने दूंगा बस दुनिया से छुपकर तुम मेरी हो जाओ. मुझे प्यार करने दो ये खुबशुरत जिसम को प् लेने दो.

में चुप रही उसने मेरे आगे एक के फेकि. रूम no 445 की. वो उठ कर ऊपर चला गया. ऊपर से वो देख रहा था की में कहा जाती हु. मेने चाबी ली और लिफ्ट की तरफ चल दी. वो खुश हो गया. में रूम तक पहोची. जैसे hi मेने रूम खोला वो सामने बाद पे एक चादर ओढ़े लेता स्माइल कर रहा था. में उसके सामने जा कर कड़ी हो गई. रूम की साडी लाइट ऑफ थी. सिर्फ थोड़ी सी लाइट विंडो के परदे हिलते तो आती. वो मुझे खा जाने वाली नजरो से देखता रहा. में उसके सामने सिर्फ जा कर कड़ी रही.

images-28.jpg


उसने मेरा हाथ पकड़ा और खींचा. वो मेरे होठो को जी भर के चूसने लगा. मेरे साड़ी के पल्लू को हटा कर मेरी ब्रा जैसे ब्लाउज में से मेरे बूब्स को मसलने लगा. अच्छा हुआ की मेरे बन्दों ने होटल में बम बम चिल्ला दिया. हमें भी वह से निकल न पड़ा.

माँ ; प्लीज मुझे घर तक पहोचा दीजिये.

नफीस ; मेरे साथ आओ. मुझे उसी ने होटल के पीछे वाले रस्ते से निकल दिया. हमारे ड्राइवर को भी दूध कर लाया और मुझे हिफाज़त से घर पहोचा दिया. घर आ कर देखा नौकर नफीस को पल पल की खबर दे रहे हे. मुझे पता चल गया की जूनियर गरीब के हवेली के नौकर मुझपर और जूनियर गरीब दोनों पर नजर रख रहे हे. अब मुझे भी एक ऐसे बन्दे की तलाश थी जो नफीस के घर के अंदर का हल बताए. अगले दिन में बीएड पे गुमसुम बेथ कर निकारो से ये जाता रही थी. की में नफीस के चाकर में फास कर टेंशन में हु. मुझे पता था नौकर चाकर मेरी खबर पल पल की जरूर नफीस को बताएंगे. वही हुआ मुझे घर के लेन्डलीने no पस कॉल आया. मेने कॉल पिक किया वो नफीस hi था.

नफीस ; hello मोहतरमा आप के लिए फूल भेज रहा हु इसे मेरा डिल समाज कर काबुल जरूर कीजियेगा.

माँ ; आप को जो चाहिए वो तो आप को में दे hi दूंगी फिर क्यों मुझे ऐसे फोन कर के आप तंग कर रहे हो. घर में इतने नौकर चाकर हे किसी ने नवाब शब् को इतल्ला कर दी तो में कही की नहीं रहे जाउंगी. नवाब साहब ने मुझपर भरोसा किया और फिर भी में उनकी पीठ पीछे आप के पास आई. अब बस कीजिये तुम्हे खुदा का वास्ता.

नाफिआ ; मेने आप की ये बाटे सुन ने के लिए फोन नहीं किया. नवाब शब् कराची गए हे कल सुबह तक आएँगे में आ रहा हु. मेरे लिए सज धज के तैयार रहिएगा. और मेने जो गुलाब भेजे हे उन्हें गुलदस्ते में सजा कर रख दीजिये. अगर आप ने वो गुलाब गुलदस्ते में रख दिए तो में समझूंगा की आप ने मेरा प्यार काबुल कर लिया हे.

माँ ; लेकिन घर में सब नौकर हे कोइई...

मेरी बात काट के बोलै.

नफीस ; सरे मेरे hi आदमी हे तुम फ़िक्र मत करो.

माँ ; आओ और ले लो जो चाहिए. तुम्हे मेरा जिसम चाहिए न. लेकिन वादा करो उसके बाद मुझे कभी तंग नहीं करोगे.

नफीस ; नहीं नहीं मोहतरमा बस तूने मेरे बारे में यही सोचा में तुमसे सच्ची मोब्बत करता हु. लेकिन तूने मुझे नहीं उस घमंडी शराबी को अपनाया क्या तुम्हे नहीं लगता की तुमने गलत फैसला लिया हे. कुछ वक्त में उसका डिल भर जाएगा. वो पहले भी अपनी दो बीवियों को तल्ख दे चूका हे. जब तुमसे डिल भर जाएगा वो तुम्हे भी छोड़ के किसी और खुबशुरत हसीना को दूध लेगा.

माँ ; (रोने की एक्टिंग करते हुए) नहीं तुम झूठ बोल रहे हो अल्लाह के वास्ते ऐसी बाटे मत करो.

नफीस ; तुम कुछ नहीं जानती नवाब शाहब के बारे में. में आकर साडी बात बताऊंगा.

उसने फोन काट दिया. में भी नोकरो के सामने मुरझाए चहेरे से अपने रूम में गई. और लेट कर रोने लगी. सामने गुलाब थे. में उसी को देखने लगी. सब में एक्टिंग hi कर रही थी.

images-24.jpg


मेने अपनी नजर गुलाब पे डाली. गुलाबो को ध्यान से देखा.

images-23.jpg


मुझे समाज आ गया. नफीस ने कहा था. गुलाबो को गुलदस्ते में सजा देना. लेकिन वो गुलाबो का गुलदस्ता था. मेने रूम तुरंत hi न दंड किया. और गुलदस्ते को चेक किया. अंदर एक पर्ची थी.

शाप ने नेवला निगल लिया. अब वो उगलने वाला हे.

में समाज गई. वो मश्ग मेरे लिए hi था. मेने वापस मुरझाए चहेरे से hi रूम खोला और गुलाबो को नए गुलदस्ते में दाल दिया. नौकर सरे खुश हो गए. में रूम में जा कर तैयार होम लगी. वाइट साड़ी और मेरे मेकअप ने मुझे एक शादी शुदा औरत का लुक दे दिया. में अपने रूम में तैयार हो रही थी की रूम को नौकर ने नॉक किया.

माँ; है क्या बात हे.

नौकर ; नफीस सब आ चुके हे.

उस दिन सुबह hi नफीस आ चूका था तक़रीबन 9 बज रहे होंगे.

माँ ; ठीक हे उन्हें बिठाइये में आ रही हु.

में तैयार हो कर डरने वाली सकल लेकर उसके सामने आई. मेरे रूप को देखा तो नफीस बस मुझे देखता hi रहा.

images-21.jpg


नफीस ; माशा अल्लाह. क्या नूर हे. आप को बहो में लेने को डिल मचल रहा हे.

माँ ; रुकिए आप मेरे होने वाले शोहर पे कुछ इलज़ाम लगा रहे थे.

नफीस ; तो में कुछ गलत तो नहीं कह रहा. नवाब सब पहले भी तीन शादी और तीन तल्ख ले चुके हे. उन्हें अपने पेसो का गुरुर हे. मुझे पता हे वो शराबी न तो आप को बिस्तर पे खुश रख सकेगा न hi जिंदगी में. आप बस उसके अनमोल खजाने की सोने की गुड़िया बन कर इस हवेली में कैद हो जाओगी.

मेने उसकी तरफ से मुँह मोड़ लिया. में काँटी थी. उसकी निगाहे सिर्फ मेरे फेस पे हे. वो मेरी रेड लिप्स और ब्लैक आईज को hi देख रहा हे.

IMG-20200714-121542.jpg


माँ ; आप झूठ बोल रहे हे.

नफीस ; में क्यों झूठ बोलूंगा क्या आप hi बताइये क्या वो आप को बिस्तर पे खुश रख पता हे. क्या आप रत अधूरी नहीं रहे जाती.

माँ ; लेकिन इन सब से आप जो इल्जाम लगा रहे हो उसका क्या तालुख.

उसने मेरे सामने कुछ फोटोज फेके.

नफीस ; ये देखिये. उस नामर्द की नामर्दानगी के कारन hi ये उसकी तीन बीविया छोड़ के चली गई जो आखरी वाली कराची में हे नूरशात बेगम उसे अब उसके मां की औलाद से महोब्बत हो गई हे. और अब आप उस की बेगम बनोगी. कुछ वक्त तो आप रहे लोगी. फिर आप की जिश्म की प्यास.

नफीस की बातो से मेने उसकी तरफ देखा. जैसे मुझे गुस्सा आ रहा हो. लेकिन मेरे चहेरे पे वो भाव भी ले आई जैसे में सच में प्यासी हु.

IMG-20200714-121524.jpg


वो बस मेरे चहेरे को देखता hi रहा. उसकी नजर मेरे रेड लिप्स पे hi थी. जो हलके हलके कप रहे थे.

IMG-20200714-121340.jpg


नफीस ; क्या आप को एक ऐसे मर्द की जरुरत नहीं हे जो आप को दिन रत प्यार कर सके. जो आप को बिसयार पे एक बहेतरीब जावा डिल का एहसास करा सके. अगर नहीं तो मुझसे मिलाइये नजर और कहे दीजिये की में झूठ बोल रहा हु.

मेने नज़ारे नीची कर ली. हलाकि जूनियर नवाब में कोई कमी नहीं थी. बस उसकी ऐयाशी के कारन वो अपनी बीवियों के पास जाता नहीं होगा. दुनिया उसे नामर्द समाज ने लगी थी. मेने अपनी नज़ारे नीची कर ली.

IMG-20200714-121327.jpg


वो मेरे करीब आया. और बोलै.

नफीस ; आप का जिसम तो में कभी भी जसोल कर सकता हु. लेकिन मुझे तुम्हारा डिल भी चाहिए. में वादा करता हु. आप का साथ कभी नहीं छोडूंगा. में पलटी और नफीस के गले लग कर रोने लगी. वो मेरी पीठ पे हाथ घूमने लगा.

नफीस ; मत रोइये आप में वादा करता हु. आप को कभी मायूस नहीं होने दूंगा. पर साला नवाब हे बहोत ताकतवर. अगर उसे पता चल गया की परदे के पीछे हमारे कुछ और रिश्ते हे तो वो जमे मरवा भी सकता हे.

माँ ; तो फिर क्या करे??

नफीस ; पहले मेरा प्यार तो काबुल कर लो.

उसने मेरा फेस पकड़ा और हलके से मेरे लिप्स पे अपने लिप्स रख कर किश करने लगा. मेरे बूब्स पे हाथ रख कर उसे मशलने लगा. में जानती थी ये वक्त सही नहीं हे. उसे जितना काम मिलेगा उत्तना hi वो खींचा चला आएगा. मेने उसे धक्का दे दिया. और अंशु से भरे फेस पे एक स्माइल ला कर बोली.

माँ ; नफीस शाहब ऐसे कामो के लिए दिन का उजाला ठीक नहीं हे आप रत को आइये. साथ में दावत करेंगे. और जी भर के मुझे प्यार कीजियेगा. वो खुश हो गया. उस वक्त तो वह से चले गया. रत को वो फिर आया में भी तैयार थी. मेने उसे तड़पने के लिए ग्रीन निघ्त्य पहनी. अंदर ब्रा पंतय नहीं पहनी. वह ज्यादातर ोर्टे ब्रा पंतय नहीं पहनती. नफीस आया और मुझे ग्रीन निघ्त्य में देखा तो बस देखता रहे गया. मेने जो उसके डिल पर कहर ढाया उसका बचना मुश्किल था. में भी अपनी नशीली आँखों से उसे देखा.

images-17.jpg


मेरे गहरे गले की हॉट सिल्की निघ्त्य जूनियर गरीब ने इटली से मसङ्गवैः थी. मेरी आँखों और लाल होठो का कमल वो मुझपर लट्टू हो गया. उसने मुझे बहो में भर लिया. में स्माइल करती उस से बोली.

माँ ; किसी दूसरे की होने वाली बीवी को ऐसे बहो में भरते आप को शर्म नहीं आती.

नफीस ; अब किसी की बीवी इतनी खुबशुरत हो तो शर्म कहा आएगी.

बोलते hi मुझे जबरदस्ती किश करने लग गया. मुझे बहो में भर कर मेरे हिप्स को दबाने लगा.

माँ ; ससस पहले खाना तो खा लीजिये आप के लिए शाही गोष पकवाया हे. उसने मुझे बहो में hi रखा.

नफीस ; नवाब शब् के पास यहाँ शराब की बोतल तो राखी hi होगी.

माँ ; (स्माइल) बड़े बेशर्म हो आप बीवी भी उसकी और शराब भी.

नफीस ने मेरे बूब्स और हिप्स दोनों मशाल दिए.

नफीस ; क्या करे वो दोनों hi नहीं संभल पाएगा.

में उस से अलग हुई और एक शारब की बोतल ले आई. नोकरो ने कुछ फ़्राय गोष और एक गिलास पानी सोडा वगेरा दे गया. वो शराब पे शराब पिता गया. फिर खाना भी साथ खाया. मुझे अपनी गॉड में बैठा कर खाना ख्य. वो मुझे मशलता hi रहा. मेरे खाना जल्दी हो गया में हाथ धो कर रूम में चली गई. वो जब रूम में आया मेरी घुटनो से उठी निघ्त्य देखि तो वो कंरटोल hi नहीं कर पाया.

images-16.jpg


मेरी कमर पे निघ्त्य का बेल्ट बंधा था. उसने खींच दिया. जैसे hi निघ्त्य खुली मेरे बूब्स को देख कर वो पागल हो गया. तुम्हारी दीदी की तरह मेरे निप्पल्स भी गुलाबी hi he.vo छोटे बचो की तरह उसे चूसने लगा. मेरी नाभि तो कभी और निचे जाने की कोसिस करता. बिस्तर पे मुझे पूरा नंगा कर वो भी नंगा हो गया. वो मेरे कानो की लबो को ऐसे चूस रहा था जेसर उसे पहेली बार औरत मिली हो.

IMG-20200712-105331.jpg


IMG-20200712-105350.jpg


मुझे भी अब नशा चढ़ने लगा में भी उस वक्त उसमे खोटी चली गई. लेकिन साला न मरद डालने से पहले hi ज़द गया. सेल को नशा भी बहोत हो गया था. में सोचती रही एक तरीके से तो ठीक hi हुआ लेकिन मेरा बदन जलने लगा था. उसी का खबरि नौकर हमें चुपके से देख रहा था. उसमे भी एक जिगर था सीधा अंदर आया और मुझे दक्का दे कर चढ़ गया.

नौकर ; ससस मालकिन ये सरे नामर्द हे उन्हें सिर्फ शराब की लत हे. आप फ़िक्र मत करिये बेगम साहेबा आप इस घर पे हुकूमत करोगी बस हमें अपने हाथो में रखिये.

वो तैयार था. सीधा अंदर दाल कर हिलने लगा. मुझे भी उस वक्त एक मर्द की जरुरत थी मेने भी उसे उस वक्त नहीं रोका.

माँ ; ससस अह्ह्ह तुम्हारा नाम सससस

नौकर ; गुलफाम आप तो माशा अल्लाह नायब हो ससस क्या खूब तराशा हे नवाब शाहब ने आप को.

माँ ; ससस ओह्ह्ह्ह तुम ला जबाब हो ससस मेरे लिए काम करो सबब और दौलत दोनों मिलेगी. ससस अहह

गुलफाम ; ससस मुझे पता हे आप को सिर्फ नवाब शब् की दौलत चाहिए ससस लेकिन में एक मुहाजिर हु ससस मुझे आप की मदद चाइये. नफीस शब् की मौत. आप मेरे लिए वो काम कर सकती हो. मेरे अब्बू का कातिल हे ये. आप मेरी मदद करे में आप के लिए जान की बाज़ी भी लगा दूंगा.

वो मेरी चुदाई करते हुए एक मदद का पैगाम भी लाया. यही वो मोहरा हे जिस से में अपना काम निकलवा सकती हु. उस रत में व नौकर गुलफाम के साथ पूरी रत नंगा नाच खेलती रही.

माँ ; बस अब टाइम देख सुबह के 5 बज गए. सजा अब में जग रही हु.

आलिया माँ की कहानी सुनती रही सुबह के 5 बज चुके थे. माधुरी सुबह जल्दी उठाकर रेडी होती हे और ठाणे पहोच जाती हे. ठाणे में सूखा hi था. सूखा चेयर पे बैठा सो रहा था. माधुरी ने जा कर उसे उठाया तो वो माधुरी को पहचान नहीं पाया.

माधुरी ; सूखा उठो हमें जाना हे.

सूखा ; ( सौकीन ) मेदमंमं.... आप तो बिलकुल गौ की गोरी लग रही हो.

माधुरी के फेस पे स्माइल आ गया.

माधुरी ; लेसी लग रही हु? वो साला बूढ़ा मुझे देख के पागल होगा या नहीं.

सूखा ; वो क्या मेडम आप को देख के तो में भी.....

सूखा बोलते हुए चुप हो गया. माधुरी बस है दी.

माधुरी ; उस वक्त के जैसे मेरी मज़बूरी का फायदा उठने की कोसिस मत करना.

सूखा ; मेडम आप को लगता हे की मेने आप की मस्जबुरी का फायदा उठने की कोसिस की पर क्या आप को नहीं लगा में खुद मजबूर हो गया था.

माधुरी ; ( नीरस ) तुजे खुद पता हे में आज तक जिसके भी साथ सोइ हु वो जिन्दा नहीं बचा हे.

सूखा रोने जैसा मुँह बना कर बोलै.

सूखा ; फिर मर दो मुझे भी. या ये मिशन से निकल दो कही और पोस्टिंग कर दो.

माधुरी सूखा के करीब आई. उसके सर को थम ते हुए बोली.

माधुरी ; मारा परयो को जाता हे अपनों को नहीं. तुमने मुझे किस किस हल में देखा हे में जानती हु. एक वेश्या एक रंडी की जिंदगी जी रही हु में. नजाने किस किस के बिस्तर गरम किये हे. कुछ के तो बिना मकशद के. सायद उस वक्त तुम मिलते तो में तुम्हारा भी बिस्तर एक रंडी की तरह गरम कर चुकी होती. लेकिन उस वक्त. अब मेरे पास मकशद हे. मुझे नहीं पता मेरे भगवन जैसे पति को मेरे बारे में बहोत कुछ पता चल चूका हे. लेकिन फिर भी वो चुप हे. में ये जिंदगी नहीं चाहती थी.

सूखा ; हर किसी को हर ख़ुशी नहीं मिलती. अगर मिल जाती तो वो भगवन न होता. आप के पति तो सच में भगवन हे. लेकिन वो आप से जो चाहते थे वो उन्हें नहीं मिला.

माधुरी ; ठीक कहा में भी चाहती थी. में अपनी सिर्फ अपने पति की होकर राहु पर न हो पाई. डिल तो उनको दे दिया. लेकिन ये शरीर गन्दा हो गया. तुम्हे भी बस ये शरीर की ख्वाइस हे. तो वक्त आने पर ये सरीर तुम्हे जरूर मिलेगा.

सूखा ; रहने दीजिये मेडम जो चीज कोई ख़ुशी से मिले उसे पाने में कुछ ख़ुशी होती हे. वार्ना तो किसी की मिटटी भी बेमन से मिले वो तो बलात्कार हुआ.

माधुरी ; बहोत बड़ी बड़ी बाटे कर रहे हो. जल्दी सब को कॉल करो. सूखा सब को कॉल करता हे. सरे आ जाते हे.

माधुरी ; किसी का ादः से कोई कांटेक्ट हुआ??

सूखा ; नहीं.

माधुरी ; कोई सिग्नल??

सूखा ; नहीं.

माधुरी ; उसके साथ दुबे और मोनार्क गए थे न??

मोनार्क ; यस मेम.

माधुरी ; फिर रत तू कहा था.

मोनार्क ; घर आ गया था.

माधुरी ; वह ये मेरी टीम हे. (गुस्से में).

ये सरे सुन लो. अपने साथी को कोई भी छोड़ के नहीं आएगा. समझे.

मोनार्क ; समाज गया में.

माधुरी ; घंटा समझा. वो पकड़ी गई. और उसे मर दिया तो हमें हवा तक नहीं लगेगी.

मोनार्क ; अब से याद रहेगा मेम.

माधुरी ; ादः के पास क्या क्या सामान हे.

मोनार्क ; माइक्रो वेब कैमरा 30 हे. बलियो वाले हड़फोन जो अब तक चालू नहीं हुए. एक हैंड सेट जो छोटे हे. मेने बनाए थे. लेकिन सिग्नल देने को कुछ भी नहीं हे.

माधुरी ; उस से मिलने की कोसिस करो खुद भी तयारी के साथ जाओ. और जरुरत का सामान पहोचओ.

माधुरी ; ( ुचि आवाज में ) ये याद रखो सरे वो लड़की कोई नाटक करने नहीं. मैदाने जंग में हे समझे. में अपने एक भी सिपाही को खोना नहीं चाहती. अब जल्दी घसीटा और मोनार्क उस से मिलो. दुबे तुम जग्गू के साथ रहोगे. पहलवान तुम भी. सूखा मेरे साथ चलो

दुबे ; लेकिन मेडम घसीटा को वह कोण पहचानेगा.

माधुरी ; वो घसीटा हे. क्या करना कैसे करना उसे सब पता हे. बहार जाने वाले सारा भेष बदल लो.

सब ने अपना होलिया बदला और पहोच गए अपनी अपनी जगहों पे. माधुरी और सूखा भी वही नदी के किनारे पहोच जाते हे. माधुरी ने अपनी चुनरी को किनारे पर रखा और नदी के पानी में नहाने लगी. माधुरी को गिला देख कर सूखा पेण्ट के ऊपर से hi अपना लैंड पे हाथ घूमता हे. माधुरी ने भी देखा. वो खिल खिला कर हसने लगती हे.

माधुरी ; मुझे नहीं आजु बाजु देख वो बूढ़ा आता hi होगा.

सूखा ; मेडम साला मुझसे ज्यादा तो वो बूढ़ा खुश नशीब हे साला.

माधुरी उसकी बाटे सुन कर हसने लगी.

माधुरी ; मेरे वादे पर भरोसा रख मिलेगा तुजे भी जो चाहिए पर तुजे इंतजार करना पड़ेगा.

सूखा बस रोने सा मुँह बना कर जडियो में बेथ गया.

सूखा ; मेडम मेडम वो आ रहा हे. (धीमी आवाज में).

माधुरी समाज गई वो बस पानी में आंखे बंद कर के लेट गई. जब मुंशी ने माधुरी को दूर से देखा तो वो स्पीड बढ़ा कर टेढ़ी कमर से लकड़ी के सहारे वह पहोच जाता हे. वो नज़दीक आ कर जब माधुरी को देखता हे तो बस देखता hi रहे जाता हे.

IMG-20200714-215103.jpg


माधुरी बिना चुनरी के घाघरा चोली में लेती हुई थी. वह पानी बिलकुल काम था. माधुरी ने अपनी आंखे बंद कर राखी थी. माधुरी को उस हालत में देख कर मुंशी गन्दी स्माइल करता हे. और अपने लैंड पे हाथ घूमता हे. मुंशी माधुरी के एक डैम करीब बिलकुल पास में आ कर खड़ा हो गया. वो पहले माधुरी की पूरी बॉडी पे नजर डालता हे. फिर उस की नजर. माधुरी के मस्त गीले हिप्स पर जाती हे. कपड़ो के चिपक ने से माधुरी की दोनों हिप्स के बिच का कटाव भी नजर आ रहे थे.

IMG-20200714-215130.jpg


माधुरी की मस्त गोल मटोल हिप्स और उसकी पतली कमर देख कर वो धोती में हाथ दाल कर अपना लैंड हिलने लगा. उसके बाद वो माधिरि की पतली कमर से पीठ और गर्दन और माधुरी के गोर ब्यूटीफुल फेस पे नजर डालता हे.

IMG-20200714-215145.jpg


वो माधुरी के होठो को देखता हे और सोचता हे क्या मस्त रसीले होठ हे जिस से कल लैंड चुसवाया था. उसके बाद माधुरी के लटक रहे बूब्स पे भी नजर डालता हे.

IMG-20200714-215210.jpg


वो माधुरी के बूब्स को मशलने और चूसने की कल्पना करने लगा. माधुरी हिल भी नहीं रही थी. माधुरी का गोरा बदन धुप में चमक रहा था. मुंशी धीरे से माधुरी को छूने की कोसिस करने के लिए ज़ुकता हे तो उसका पाव फिसल जाता हे और वो माधुरी के पास hi गिर जाता हे. माधुरी उसे देख कर जोर जोर से हसने लगी. मुंशी ने अपने आप को संभाला और माधुरी पे जपत पड़ा.

माधुरी ; अरे छोडो साहब का कर रहे हो. हमरा मरद भी उहा काम कर रहा हे. आ गया तो हमरी समेत आ जाएगी.

मुंशी की मरद सुनके फैट गई वो माधुरी को छोड़ देता हे.

मुंशी ; कहा हे तुम्हरा मरद ???

माधुरी ; वह गया हे जंगल पानी होने.

मुंशी ; देख 1000₹ आज तो तेरी ले कर hi जाऊंगा.

माधुरी ने 1000 का नॉट लिया और अपने ब्लाउज में खोलती बोली.

माधुरी ; ी हजार से जिंदगी थोड़े कटेगी साहेब हम दोनों के काम दिलवाई दो. फिर चुपके से जब मर्जी प्यार कर लो छुपके से.

मुंशी ; है चलो मेरे गोदाम में वह तुम जादू लगा देना. और तुम्हारा मरद मज़दूरी कर लेगा.

माधुरी ; अरे साहेब वो वजन नहीं उठा सकता. नहीं तो तुम्हार जैसे बूढ़े को हाथ भी लगाने देती का.

मुंशी को अपनी बजती लगी. लेकिन उसे बात सही भी लगी. माधुरी तो जाट तैयार हो गई थी. मुंशी ने माधुरी का हाथ पकड़ा और अपनी धोती में घुसा दिया. माधुरी ने भी तुरंत hi उसका लैंड पकड़ लिया. और हस्ते हुए आगे पीछे करती बोली.

माधुरी ; पगार कितना डोज साहेब.

मुंशी ने माधुरी के बूब्स पर हाथ रख दिया और हल्का हल्का मशालते हुए बोलै.

मुंशी ; मेरी रानी बस तू मुझे खुश करती रहना जितना मांगेगी दे दूंगा.

वो माधुरी की कमर से पकड़ कर अपनी बॉडी से सत्ता देता हे और उसकी पीठ पर हाथ घूमने लगता हे.

माधुरी ; ससस है दिया छोड़िये न साहेब कही मेरा मरद आ गया तो आफत आ जाएगी. सससस अह्ह्ह.

सूखा भी माधुरी को इस हालत में देखा और मुंशी ने उसे जिस तरह से मशला वो देख कर उसका लैंड भी बे काबू हो गया. फिर भी वो डिल पे पत्थर रख कर जोर से खास देता हे. मुंशी ने तुरंत hi माधुरी को छोड़ दिया. सूखा ने भी आज गेटउप चेंज किया था. वो जड़ी के पीछे से आकर चोकने का नाटक करता हे. वो मुंशी को देख के बोलै.

सूखा ; अरे ी कोण हे जो मेरी घारली के साथ छेड़खानी कर रहा हे.

मुंशी दर वाली हसी के साथ बोलै.

मुंशी ; अरे नहीं नहीं बाबू हम बुढ़ापे में कहा किसी औरत को छेड़ेंगे. ये यो लड़की के कंदो में मेढक घुस गया तो हे हे हे.

सूखा को माधुरी को छूने का मौका मिल गया. वो तुरंत hi पानी में घुस कर माधुरी को टटोलने लगा.

सूखा ; अरे तुम ठीक तो हो बताओ कहा हे मेढक.

ऐसा करते वो माधुरी की हिप्स कमर छूट और बूब्स सब जगह हाथ घुमा देता हे. माधुरी भी उसे आंखे दिखती हे पर उसे हसी भी आ रही थी. वो धीमे से बोली.

माधुरी ; मादरचोद ज्यादा हाथ मत घुमा ओवर एक्टिंग कर रहा हे. सूखा ने हाथ हटा लिए. माधुरी हस्ते हुए बोली.

माधुरी ; अरे वो तो ये साहब ने भगा दिया. सुनो ये साहब तुम्हे काम पर रख लेंगे. बहुत पैसे वाले हे ये.

सूखा मुंशी के पाव में गिर जाता हे.

सूखा ; आप का बहोत बहोत उपकार साहेब.

मुंशी ; अरे उठो उठो इसमें पाव मत पदों ये कोई उपकार नहीं. तुम गोदाम हे मेरा उसकी रखवाली कर देना और ये साफ सफाई कर देगी. दोनों का तीन हजार दे दूंगा.

सूखा तीन हजार सुनके कमीं पे जोर से थूकता हे.

सूखा ; हहा थूऊ... साहेब दोनों का तीन हजार साहेब हमका नहीं चाहिए ी नौकरी.

माधुरी थोड़ा मुंशी के पीछे आ कड़ी हुई. वो अपना एक पाव से मुंशी के लैंड को सहलाते एक फलाय किश देती हे. सूखा बोल के उल्टा घुमा हुआ था. मुंशी माधुरी को देखता हे. माधुरी मुंशी के गाल पे एक चूमा देती हे और उंगलियों से 7 का हिसार देती हे.

मुंशी तुरंत 7 हजार बोल गया. तो सूखा भी पलट कर खुश होने का नाटक करते हुए बोलता हे.

सूखा ; हआ ीे हुई बात. पर साहेब रहने का क्या. ीे तो भतीजी हे यहाँ की तो हम जमाई हुए. हम ज्यादा तो गांव में रे नहीं सकते.

मुंशी ; तो क्या हुआ गोदाम में रहे लेना.

माधुरी खुश होते उछाल के बोली. ताली बजाते.

माधुरी ; है तब तो ठीक हे. क्यों जी अब तो आप खुस हो न अब तो यहाँ से जाने को नहीं कहोगे न.

सूखने तुरंत hi माधुरी को बहो में भर लिया और गाल पे किश करते हुए बोलै.

सूखा ; अरे मेरी रानी अब तो तू कहे तो नरकवा में भी रहे लेंगे.

माधुरी ; छोड़िये जी साहेब खड़े हे कुछ तो शर्म कीजिये.

सूखा माधुरी को छोड़ देता हे.

सूखा ; ठीक हे साहेब बतावा कहा हे तुमरा गोदाम हम अपने गोदाम को मतलब अणि घरवाली को लेकर शाम तक आ जाएंगे.

मुंशी ; अरे गांव में सब जानते हे हमें तुम किसी को भी पूछ लेना हमारे गोदाम का पता. गांव से कोई भी छोड़ जाएगा.

सूखा अच्छा तो में चालू फिर सामान की गठड़िया ले कर पहोच जाएंगे.

सूखा माधुरी का हाथ पकड़ कर चलने लगा. माधुरी भी सूखा के साथ चल देती हे. मुंशी वही खड़े माधुरी की गांड की लचक देखता हे. माधुरी पलट कर मुंशी को एक फलाय किश करती हे तो मुंशी की डिल की धड़कने तेज़ हो जाती हे.

कुछ दूर चलने के बाद माधुरी सूखा की गांड पे लत मरती हे.

माधुरी ; (स्माइल) मादरचोद मौका देख के चांस मर रहा था.

सूखा तुरंत hi माधुरी के पाव में गिर के माधुरी के पाव पकड़ लेता हे.

सूखा ; मेडम दो दिन से आप दिखा दिखा कर गरम कर रही हो. अब तो हिला हिला के मेरा हाथ भी दर्द करने लगा

माधुरी जोरो से हस्ती हे.

माधुरी ; चल अब गाड़ी कहा छुपाई ले कर आ जल्दी शाम को गोदाम भी चलना हे.

माधुरी और सूखा दोनों ठाणे वापस आते हे शाम की तयारी के लिए.

वही ादः मॉर्निंग में बहोत जल्दी उठ गई. स्टाफ वाले बाथरूम में वो नाहा के साड़ी पहन लेती हे. दिन का उजाला हो गया था. रामु भी सुबह उठ जाता हे जैसे hi ादः बाथरूम से निकली रामु ने उसे बहो में भर लिया.

ादः ; अह्ह्ह काका छोड़िये न कोनो देख लिया तो बहोत बदनामी होगा हमरा.

रामु : अरे मेरी जान यहाँ सुबह 7 बज तक कोई नहीं उठता तुम फ़िक्र मत करो. ादः नाहा कर सर पे टावल लपेट कर आई थी. रामु ादः का हाथ पकड़ कर बाथरूम में ले जाता हे. ादः जानती थी इसे कुछ मिलेगा नहीं तो ये नहीं मानेगा. ादः फिर सुबह सुबह hi फास गई. रामु ने ादः का हाथ पकड़ा और अपने लैंड पे रख दिया.

रामु ; रे कमली खुश कर दे रत में तो तू जल्दी सो गई थी.

ादः ; अहह सससस रत माँ हमें नींद आ गई थी ससस अह्ह्ह छोड़िये काका ससस क्या कर रहे हो.

रामु ादः के बूब्स को और हिप्स को जोर जोर से दबाने लगा.

रामु ; अभी तो जग गई ससस अभी हो जाए एक डोर. ससस आजा ससस दे दे अभी.

ादः को पता चल गया अभी वो मन ने वाला नहीं हे फिर भी उसे ठंडा करना hi पड़ेगा.

ादः धीमे से निचे बेथ गई. रामु भी बैठना चाहता था. मगर ादः ने उसका लैंड पकड़ लिया. अदहा ने रामु के लैंड को मुँह में ले लिया और चूसने लगी. रामु को बहोत मजा आने लगी. रामु ने ादः का सर पकड़ लिया और खुद hi दकके मरने लगा. ादः को उबकाई भी आ रही थी. वो हटना चाहती थी. पर रामु उसे छोड़ hi नहीं रहा था. रामु दकको पे धक्के मरते ादः का मुँह छोड़ने लगा.

ादः का मुँह भी दर्द करने लगा. कुछ 7, 8 मिनिट बाद रामु ने पिचकारी ादः के मुँह में hi छोड़ दी. रामु जैसे hi हटा. ादः को वोमिट हो गई.

रामु ; रे कमली बहोत मजा आया आज तू बहोत मस्त हे. तू और में इस घर पे राज करेंगे. अब जल्दी तैयार होजा तुजे बड़े मालिक से मिलवाता हु.

रामु बाथरूम से बहार चले गया. ादः की आँखों में अंशु आ गए फिर वो माधुरी को याद करती हे. सोचती हे उन्होंने जितनी कुरबानी दी उतनी तो ये कुछ भी नहीं. पर मेरा मोनार्क क्या वो ये बरदास कर पाएगा. सायद नहीं. ादः जब अपने जहँ में मोनार्क को याद करती हे तो उसके फेस पे स्माइल आ जाती हे. वो मन में बोलती हे. हे भगवन एक बार मिलवा दे पता नहीं कब फिर मिल पाऊँगी.

उसी वक्त भगवन ने उसकी सुन ली. उसे मोनार्क और घसीटा की आवाज आती हे. बहार मोनार्क नौकर वाले गेट पे जा कर मां मां छिलने लगा. रसमु उसे देख कर पहचान गया. वो मन में मोनार्क को कोस्टा हे. साला आ गया. यहाँ न बस जाए वार्ना मुझे मौका नहीं मिलेगा. वो गेट खोलता हे. रामु उसके पास जाता हे. दुबे घेता का इंट्रो करवाता हे.

दुबे ; ये कमली के मां हे.

रामु ; आओ आओ बैठो.

रामु खटिया बिठा कर सब को बैठता हे. और पानी का लोटा ले कर आता हे. ादः भी वह आ जाती हे. मोनार्क को देख कर उसकी आँखों में अंशु आ गए. वो मोनार्क भाग कर घुटनो के बल बेथ जाती हे और गले लगाती हुई रट हुए बोलती हे.

ादः ; मेरा मोनू तेरी बहोत याद आती हे.

मोनार्क ; मुझे भी आप की बहोत याद आती हे. चलो न अंदर बहोत साडी बाटे करनी हे.

रामु उनको देख कर झूठी हसी के साथ बोलै.

रामु ; जाओ कमली अंदर जा कर बेटे से जी भर के मिल लो पता नहीं कब फिर मिलोगे.

दुबे और घसीटा रामु को बहार बातो में फसते हे. ादः रामु को गॉड में ले कर अंदर चली जाती हे. अंदर जाते hi ादः मोनार्क को लिप किश करते हुए. बाद पर गिरती हे. मोनार्क को दबा कर उसके गाल लिप्स गाला सब चूमने लगी. मोनार्क भी तुरंत hi ादः के बूब्स पकड़ लेता हे. ादः निचे हाथ लेजाकर साड़ी में से अपनी पंतय बहार निकलती हे. और मोनार्क को बहो में ले कर पलट जाती हे.

मोनार्क ऊपर आ जाता हे. वो देर न करते ादः की साड़ी ऊपर करते hi. ादः की गीली छूट में लैंड दाल कर हिलने लगा

मोनार्क ; ससस अह्ह्ह तुम्हारे लिए सामान हे. ससस उसे संभल कर रखना किसी की नजर न पड़े कैमरा भी हे. में आस पास रहूँगा.

ादः ; ससस चुप भी रहो अब पहले मुझे प्यार करो बहोत मिस कर रही थी तुम्हे. मोनार्क ादः की छूट में अपना लैंड दाल कर जोर जोर से हिलने लगा. ादः रत और दिन दोनों बारदातो से गरम हो चुकी थी. नतीजा वो बहोत जल्दी खलित हो गई.

ादः ; ससस अह्ह्ह बहोत अच्छा लगा.

थोड़ी देर बाद मोनार्क का भी पानी ादः की छूट में hi निकल गया. मोनार्क हटा तो ादः ने फटा फैट अपनी पंतय पहन ली. मोनार्क चौक गया.

मोनार्क ; अरे साफ तो कर लो.

ादः स्माइल करती हे.

ादः ; तुम्हारी याद नहीं आएगी. आज तुम्हे याद करुँगी ऐसे hi.

मोनार्क सरे ींतुमेंट और गैजेट ादः को देता हे और समझा देता हे.

मोनार्क ; में आस पास hi स्टांग रूम बना कर रहूँगा. तुम्हे और मेम दोनों को ऑपरेट करूँगा. तुम्हे खतरा हो तो इस से सिग्नल दे देना हम तीन बैकअप दे देंगे. और बाकि सरे कैमरा कोने कोने में लगा देना. ये हथियार हे. जरुरत पड़ने पर किसी को भी टपका देना. मेम ने बोलै हे.

ादः ; ठीक हे तुम मेरी फ़िक्र मत करो बस मुजे बाटे करते रहना. लाओ मुझे बलि वाले हड़फोन दो.

मोनार्क उसे हेडफोन देता हे. ादः उन्हें तुरंत hi लगा देती हे.
 
माधुरी ठाणे पहोच गई. वो तिगर को कॉल करती हे.

तिगर ; बोलो मेरी जान क्या बात हे.

माधुरी ; (स्माइल) वह रांड से तेरी जान कब बन गई. ???

तिगर ; अरे जान रांड से प्यार हो गया तो क्या कर सकते हे.

माधुरी ; तूने मेरे पति की जान बचाई हे. बोलेगा तो तेरा बिस्तर रत भर गरम कर दूंगी. बाकि डिल नहीं दे सकती.

तिगर ; खेर कोई बात नहीं बिस्तर तो जब तेरा रैप करूँगा जब हो hi जाएगा.

माधुरी जोर जोर से हसने लगी.

माधुरी ; तू अभी तक मेरा बलात्कार के शपने देख रहा हे. चलो अच्छा हे कोसिस जारी रखो.

तिगर ; दूसरी खेप का मॉल कहा हे पता चलला??

माधुरी ; नहीं. आज एंट्री हो जाएगी. शाम को. लेकिन मुझे स्ट्रांग रूम के लिए वह कोई जहह चाहिए.

तिगर ; तुम चाहे वह स्ट्रांग रूम बना सकती हो. चाहो उतना गोदाम के पास.

माधुरी ; क्या बकवास कर रहे हो यार. वो जगह देखि हे तुमने.

तिगर ; और मेने वह के लिए स्ट्रांग रूम दे दिया तो?

माधुरी ; तो तुम बोलो वो.

तिगर ; तुम्हारा बाप एक पार्टी देने वाला हे. तुम्हारे पति के आते hi. उस पार्टी में में आऊंगा मुझे उस पार्टी में तुम्हारे साथ डांस करना हे और एक किश वो भी तुम करोगी मुझे. मेरे जीवन की सबसे यादगार किश होनी चाहिए.

माधुरी ; वह तुम आओगे. सच में?? में तुम्हे देखना चाहती हु.

तिगर ; मेरी मर्जी के बिना मुझे कोई नहीं देख सकता. नहीं तो निदा से पूछ लो.

माधुरी ; हम्म्म उसकी बातो से ऐसा लगा जैसे वो मर जाएगी लेकिन तुम्हारे बारे में कुछ नहीं बताएगी.

तिगर ; खेर अब अपने ठाणे के बहार एक वाइट एंड ब्लैक गाड़ी हे उसे देखो.

माधुरी कण पे फोन लगा कर बहार आती हे तो एक वे कड़ी थी. माधुरी उसके करीब जाती हे. आगे का दूर ओपन करती हे. पीछे का पार्टी सं था. सिर्फ एक विंडो. माधुरी वे के घूम कर पीछे आती हे. पीछे बड़ा दूर था. उसे ओपन करती हे तो सोक. उसमे सारा सितम था. माधुरी सोक हो गई.

माधुरी ; वव यार तुम जित गए. (शॉकिंग)

तिगर ; (स्माइल) मेरी जान सरत हो या डिल में कभी नहीं हारता चलो अब कॉल काट करो वार्ना तुम भी मुझसे प्यार करने लगोगी.

माधुरी कॉल काट करती हे. और ुस्ते हुए अपने मोबाईल में एक फोटो ओपन करती हे. उसे स्माइल करते हुए देखती हे. फिर उसे किश कर के. अपने सीने से लगाती हे. वो सब को आवाज देती हे. मोनार्क और घसीटा के शिव सरे आ जाते हे. क्यों की वो दोनों वह बैकअप के लिए उसी गांव के आस पास hi थे. जग्गू जब आ कर उस वे के पीछे आता हे तो वो भी सोक हो गया.

जग्गू ; वाओ मेडम ये तो कमल हे.

माधुरी ; (स्माइल) ये तुम ऑपरेट करोगे.

जग्गू ; में इस में अपना सितम दाल के इसे अपडेट करूँगा.

उधर सुरभि भी रत भर जांय का ऑपरेशन कर के थक जाती हे. वो सोफे पर बैठी. उसके पास देश बेथ गया. देश के हाथ पाव कप रहे थे. वो बस सुरभि के बदन को देख रहा था. सुरभि एक बहोत छोटी सी निघ्त्य में थी. देश सुरभि के बदन को हवस भरी नजरो से देख रहा था. सुरभि ने अपने बालो में हाथ घुमाया.

IMG-20200716-080509.jpg


जब सुरभि ने अपने बालो में हाथ घूमने के लिए अपना हाथ उठाया तो उसके बूब्स आगे को उभर गए. सुरभि की मोती मोती जंगे और रेड लिप्स उसे दीवाना बना रही थी. उसे पता नहीं था. देश उसे देख रहा हे उसके पास बस कुछ दुरी पर बैठा था.

देश ; मुझे तुम्हारा जिश्म पागल बना रहा हे.

सुरभि ने देश को पलट के देखा.

IMG-20200716-080457.jpg


सुरभि की नशीली आंखे और गोरा मुखड़ा देख के देश की लार टपक गई. वो धीरे धीरे खिशक कर सुरभि के पास पहोचा. और सुरभि की नंगी जंगो पे हाथ घूमने लगा.

सुरभि भी मन में सोचने लगी. ये नहीं सुधर सकता. वो धीरे धीरे सुरभि की निघ्त्य ऊपर कर के सुरभि की छूट को पंतय के ऊपर से hi चाटने और चूसने लगा. सुरभि ने भी आंखे बंद कर ली. सुरभि को भी असर होने लगा. उसकी छूट भी पंतय में गीली होने लगी. देश भी एक हाथ से पाजामे में हाथ डालके अपने लैंड को बहार निकलता हे और हिलने लगा. सुरभि को भी मजा आने लगा. सुरभि ने अपनी एक ऊँगली से अपनी पंतय के कपडे को साइड खिसकाया. जहा छूट का हिस्सा था. और दूसरे हाथ से देश के सर पे हाथ फेरने लगी. सुरभि को बहोत मजा आ रहा था. देश के साथ मिलकर जोंनि का रत भर ऑपरेशन करने से उसे थकन भी लग रही थी. और सुरभि को आज शाम सलीम के गले का भी ऑपरेशन करना था.

सुरभि को देश की जीभ अजीब सा आनंद दे रही थी. सुरभि की आंखे बंद हो गई. देश भी चर्भी की छूट चाट ते हुए अपना लैंड हिला रहा था की अचानक निदा की आवाज आई.

निदा ; रुको.

सुरभि की अचानक आंखे खुल गई वो निदा को देखती हे. लेकिन दस नहीं रुका वो चूसते hi रहा. देश बिकुल होश में नहीं था.

निदा ; इसे देखो कुछ होश नहीं. तुम हिलना मत बस. ये बहोत ज्यादा बीमार हे.

निदा आगे बढ़ी और देश का हाथ जिस से मुट्ठ मर रहा था. वो पकड़ लिया. देश अपने हाथ को छुड़ाने की कोसिस करता क्यों की उसे अपने लैंड हिला के मुट्ठ मारनी थी. पर फिर भी वो अपना मुँह नहीं हटा रहा था. बस अपने हाथो से अपनी मुट्ठ मरने की कोसिस में था. देश सोफे पर बैठा था. वो दूसरे हाथ का प्रयोग करता तो वो गिर जाता. देश ने वही गलती की और गिर गया. देश के चश्मे भी गिरने से टूट गए. देश जमीं पे गिरने के बाद उठता हे और हाथो को जमीं पे घूमने लगा.

क्यों की उसे कुछ भी दिख नहीं रहा था. निदा ने उसका हाथ पकड़ा और सुरभि की जंगो पे रख दिया. देश सुरभि की दोनों टैंगो के बिच घुटनो पे निचे जमीं पर आ gaya.or झुक कर सुरभि की छूट चाट ते हुए मुट्ठ मरने लगा. सुरभि ये सब देख कर चौक गई.

निदा ; ये बीमार हे. शारीरिक नहीं मानशिक. ये सेक्स में हवस में इतना तलीन हो गया की अपना सुख दुःख तक नहीं देख रहा हे. कोण आया कोण गया ये कुछ नहीं जनता. अगर इसे कुछ न मिला तो इसका सरीर कपङे लगता हे.

सुरभि ; फिर हम इसकी मदद कैसे करे क्या हम इसे अपना जिश्म दे कर उसे शांत रखे???

निदा ; डॉक्टर आप हो और इलाज मुझसे पूछ रही हो. इस का इलाज तो कोई अच्छा शाइकेट्रिक hi कर सकता हे.

सुरभि ; वो तो शिल्पा हे मेडम की बहन. लेकिन अभी क्या करे.

निदा इसे लड़की की बॉडी देख कर रहा नहीं जाता. इसे बार बार अपनी बॉडी दिखाओ चाहे इसे कितना भी लालच आए मगर कुछ करने मत दो. इसे बॉडी देखने की आदत डालो. जैसे मिठाई वाला कभी मिठाई नहीं खता.

बाटे सुनते सुनते hi सिरभी चरम सीमा पर पहोच गई और थोड़ा छीलते हुए बोली.

सुरभि ; हासससससस लेकिन इस से तो ये रैप जैसी हरकत भी कर सकता हे.

निदा ; हम पे कर दिया तो कोई बात नहीं. किसी बीमार के इलाज के लिए में ये जोखम उठाउंगी पर मेरे ख्याल से ये वैसा करेगा नहीं.

सुरभि ; तो फिर क्या करे हम.

निदा ; हमें इसके सामने बिना कपड़ो के रहना होगा. मगर इसे कुछ करने नहीं देना हे.

जोंनि बेहोस था. निदा और सुरभि ने घर को साडी तरफ से दूर विंडो सब बंद कर दिए और पूरी नुदे हो कर अपने काम करने लगी.

सुबह जब मेरी नींद खुली तो में निचे आया में फ्रेश हो चूका था. शिल्पा उठ चुकी थी मुझे देख कर ेराम निचे आई. मेने उसे देखते hi वो पल याद किया जब उसके पर्श में मेने पिस्तौल देखि थी. मुझे देख कर ईरान मेरे पास आई. में सोच में पद गया. इतना मासूम फेस और नियत में इतना खोट. वो मेरे पास आकर खड़े होते बोली

ेराम ; गुड मॉर्निंग.

में एक वक्त तक उसे देखता hi रहा. ेराम आज बहोत खुबशुरत लग रही थी.

IMG-20200716-092030.jpg


मेने उसे कोई जवाब नहीं दिया. वो बस मुझे देखती hi रही. में नहीं चाहता था. फिर भी मुझे ेराम की अदाए बहोत भ रही थी

IMG-20200716-092023.jpg


ेराम ; अरे जनाब नाराज हो क्या मेने आप से गुड मॉर्निंग कहा.

मेने ेराम को जवाब दिया और बहोत कुछ सुना डाला.

में ; ेराम तुम सोचती हो में तुम्हारा हो जाऊंगा. तो तुम गलत हो. पता नहीं तुम्हारे डिल में क्या हे. मेरी तीन बीविया हे. और तीनो से में बहोत प्यार करता हु. तीनो मेरी जान हे. कोई बंदूख की नोक पर भी मेरा प्यार नहीं हासिल कर सकता. तुम जब से आई हो मेरी ज़िंदगी उठल पुत्थल हो गई हे. मेरे डिल में तुम्हारे लिए कोई जगह नहीं हे. तुम बे वजह हमारी और खुद की लाइफ डिस्टर्ब कर रही हो. प्लीज मुझे अकेला छोड़ दो प्लीज

ेराम के फेस पे मेरी बातो से उदासी छ गई. में किसी का डिल नहीं दुखाना चाहता था. मगर उस वक्त जो मेने किया वो गलत था सायद. में उसके मुरझाए चहेरे को देख नहीं प् रहा था.

IMG-20200716-092039.jpg


वो बहोत अपसेट हो गई वो जाने लगी थी. में उसे hi देख रहा था. उसकी आँखों में अंशु थे. डिल तो मेरा भी दुख क्यों की अपने जीवन में में किसी को तकलीफ देता तो वो सिर्फ मेरी मधु थी. लेकिन आज किसी और लड़की का डिल दुखाया. क्या होता. ज्यादा से ज्यादा वो दुश्मन होती तो मुझे मर देती इस से ज्यादा तो कुछ नहीं होता. लेकिन वो पलटी. उसकी आँखों में सच मच अंशु थे.

IMG-20200716-092016.jpg


ेराम ; तुम बहोत अच्छे इन्शान हो तपन. तुम एक शैतान को भी इन्शान बना सकते हो. मेने कभी गॉड नहीं देखे. पर वो तुम जैसे hi दीखते होंगे.

वो सच में वह से चली गई. उसका डिल दुख कर में ऊपर आया मेने शिल्पा को साडी बात बताई तो शिल्पा ने मुझे गले से लगाया.

शिल्पा ; आप फ़िक्र मत करो. में उस से बात करुँगी. कोई भी आप की बातो का बुरा नहीं मन सकता.

शिल्पा ने मुझे बिठाया और पानी दिया.

तपन को बैठा ने के बाद शिल्पा बहार आई और हस्ते हुए जम्प करने लगी बिना आवाज के. वो मन में बोलती हे. साली ेराम आई बड़ी मेरे पति से शादी करने वाली. हम तीन क्या मर गई हे जो तू 4तह आ गई. साली कामिनी जा यहाँ से. शिल्पा बहोत खुश थी. वो ेराम के रूम में गई. उसे रट देख शिल्पा बहोत खुश होती हे और खूब खरी खोटी भी सुनती हे.

शिल्पा ; अरे अब यही रहेगी. तू तो हमें रस्ते से हटा कर खुद शादी करने वाली थी क्या हुआ?

ेराम ने सिर्फ शिल्पा के सामने गुस्से से देखा.

ेराम के असंसू रुक नहीं रहे थे. शिल्पा को भी दया आ गई. वो उसके पास आ कर बैठी और बोली.

शिल्पा ; देख तेरे हाथ जोड़ती हु. तुजे जितना चाहिए था उस से ज्यादा मिला हे. अब प्लीज तू कही चले जा. हो सकता हे उनका बीज तेरे पेट में हो. तुजे तो बस जिंदगी काटने के लिए सहारा उनकी यादे hi चाहिए थी. अब तू कुछ और hi कर रही हे.

ेराम ने रट हुए सिर्फ है में सर हिलाया. शिल्पा ने भी उसे गले लगा लिया. शिल्पा वापस रूम में आ गई.

दोपहर के वक्त शिल्पा बहार धुप सेक रही थी. में विंडो पे आया. में शिल्पा को देख कर बहार आया पता नहीं आलिया कहा भटक रही होगी. वो ऐसे hi समुन्दर किनारे कही न कही भटकती hi रहती हे. शिल्पा एक नारियल के पेड़ के निचे बैठी धुप सेक रही थी.

IMG-20200716-162142.jpg


शिल्पा बहोत हॉट लग रही थी. में दूर से उसी को देख रहा था. वो मुझे देख कर कड़ी हो गई.

IMG-20200716-162151.jpg


उसकी स्माइल बहोत प्यारी लग रही थी. मेने एक बचे को बुलाया और एक फूल दे कर शिल्पा को देने को कहा. उसने शिल्पा को वो फूल दिया

IMG-20200716-162133.jpg


शिल्पा भगति हुई मेरे पास आई. मेने उसे बहो में भर लिया. दोपहर का वक्त था.

में ; तुमने ेराम से बात की??

शिल्पा का फेस थोड़ा डाउन हो गया.

शिल्पा ; है वो अब ठीक हे.

में ; में चाहता था. की वो हमसे दूर रहे लेकिन मेने उसके पर्श में हथियार देखा.

शिल्पा ; अरे पुलिस वाली हे तो हथियार होगा hi.

में सोक हो गया.

में ; क्या?????? में उसे फिर सॉरी बोलके आता हु. मुझे उस से माफ़ी मांगनी चाहिए.

ेराम ; इसकी कोई जरुरत नहीं हे में वापस जा रही हु.

मेने पलट कर देखा ेराम का फेस डाउन था. वो जा रही थी. ेराम मेरे पास आई और मेरे गाल पे किश करते हुए बोली.

ेराम ; तुम बहोत अच्छे हो. तुम्हारे साथ बिता वक्त में जिंदगी भर याद रखूंगी.

वो जाने लगी. शिल्पा का भी मूड ऑफ हो गया.

में ेराम को आवाज दी वो तक़रीबन 20,30 कदम आगे पहोच गई. में उसके पास गया और उसका हाथ पकड़ कर बोलै.

में ; म सॉरी ेराम मुझसे गलती हो गई. प्लीज मुझे माफ़ कार्डो.

शिल्पा ; साली नशीब वाली हे जो मेरे पति के मुँह से सॉरी सुन रही हे.

शिल्पा गुस्से में ऊपर चली गई.

ेराम ; में आप से नाराज नहीं हु पर शिल्पा आप की बीवी हे जाओ उसे मनाओ.

में ; वो तो मन जाएगी पर प्लीज तुम मुझे माफ़ कर दो.

ेराम के फेस पे अब स्माइल थी.

ेराम ; 1 शर्त पर!!!!

में ; बोलो मेरा वादा हे शादी के शिव हर शर्त मंज़ूर हे.

ेराम ; में शादी नहीं सुहागरात चाहती हु. तुम और में दुल्हन की तरह.

में ; यार.

ेराम ; बस वादा किया अभी तो. तुम मौज करना में प्यार कर लुंगी.

में ; वादा आज रत तुम दुल्हन की तरह सज लो में शाम 6 बज से सुबह के 6 बज तक तुम्हारा.

ेराम ; तब तक वो मेरे जीवन का सबसे याद गर पल ये 12 घंटे मेरी असली जिंदगी होगी.

माधुरी और उसकी टीम निकल जाती हे. गोदाम से 3 कम दुरी पर लाला और मुंशी का घर था. जहा पर ादः थी. वे को दोनों के बिच कड़ी कर के माधुरी सब को हिदायत देती हे.

माधुरी ; जब भी हम बेकूप के लिए पुकारेंगे तुम्हे हमला कर देना हे. साला जो मिले सब को उड़ा दो कोई रहें नहीं. गवाह तक मत छोड़ना.

जग्गू ; मेडम ादः मेम लाइन पे हे.

माधुरी ; (स्माइल) तेरी तो भाभी हे.

जग्गू माधुरी को रेडियो सेट देता हे.

माधुरी ; है ादः क्या एंट्री हो गई.

ादः ; है मेम एंट्री हो गई में घर के अंदर पहोच गई हु. सरे के सरे सेल हवस के पुजारी हे.

माधुरी ; तू क्या चाहती हे न कर सके तो वापस आ जा. में कोई और रास्ता दूध लुंगी.

ादः ; मेम आप सिर्फ मोनू को समझा देना. यहाँ इज्जत नहीं बच पाएगी.

माधुरी हसने लगी.

माधुरी ; यार ये बात तुम खुद बता देती तो अच्छा होता. चलो उसे बता दूंगी. तुम जब भी बैकअप बोलोगी ये लोग हमला बोल देंगे. मोनार्क तुम्हे चार्ज बैटरी दे जाएगा अभी तो तुम्हारे पास होगी hi.

ादः ; मेडम ये बलि वाले हड़फोन को कैसे चार्ज करू.

जग्गू ; मेम मुझे सेट दो.

माधुरी रेडिओ सेट जग्गू को देती हे.

जग्गू ; (स्माइल ) भाभी जी आपके पास 1 वाइट बॉक्स हे उस में और भी ेअरिंग हेडफोन हे. आप फ़िक्र मत करिये मेने 10 सेट रख दिए हे. 1 का बैटरी 8 घंटे चलेगा. दिन हो या रत आप ेअरिंग उतरना नहीं. बाकि उस कैसे करते हे ये तो आप को पता hi हे.

ादः ; अच्छा ok कोई आ रहा हे.

ादः ने लाइन काट कर दी. अब माधुरी को भी वही सामान देता हे. माधुरी को सब चीजों का िद्या था. माधुरी सूखा को लेकर गौ के लोगो वाला भेस बदल कर निकला ने लगे. माधुरी रुकी और मोनार्क से बोली.

माधुरी ; मोनार्क हो सके तो ादः को समज़ने को कोसिस करना. उस जगह उसका मेरे जैसा हल होगा. उसने संजोता कर लिया. बहेतर होगा तू भी समाज ले.

मोनार्क की आँखों में अंशु आ गए लेकिन माधुरी वह से चली गई. माधुरी जानती थी. मैदाने जंग में अंशु की कोई किम्मत नहीं होती.

ादः की घर में एंट्री हो गई थी. वो घर में काम कर रही थी. घर में एक और बाँदा आता हे. वो मुंशी और लाला दोनों का नौकर था. लाला और मुंशी दोनों का मुनीम था. नाम तो उसका कोई नहीं जनता था. दुनिया उसे मुनीम के नाम से hi जानती थी. उसका मुंशी की बेटी के साथ चक्कर था. मुंशी की बेटी को पैसे चाहिए थे जो बाप देता नहीं था. और मुनीम गोल मॉल कर के पैसे उसकी बेटी को दे कर पेल देता था. रामु भी उसके चक्कर में था. लेकिन उसके पास पैसे नहीं थे. ादः खाना बना रही थी.

IMG-20200716-191959.jpg


उसने अभी तक सिर्फ किचन में hi कैमरा लगाया था. उसने जान बच कर रामु वाले रूम जो नौकर का था. उसमे कैमरा नहीं लगाया था. ादः काम करते हुए सोचने लगी.

IMG-20200716-192030.jpg


इस जगह पे तो भागना भी भरी पड़ेगा. अभी तक घर का उसने 5% hi हिस्सा देखा था. अगर वो पकड़ी गई तो जिन्दा नहीं बच पाएगी. घर में hi बहोत सरे बड़े बड़े तगड़े पहलवान जैसे गुंडे थे. अचानक ादः को उसके छोटे ब्रा जैसे ब्लाउज में पीठ पर कुछ हरकत महसूस hui.adah ने तुरंत hi झटके से पलटी और उसके हाथ मोड़ दिया. वो मुनीम था. नौकरानियों को जबरन पेल देता. इस लिए साडी काम छोड़ कर भाग जाती. ादः ने तुरंत hi उसे पीछे से जातक कर हाथ मोड़ दिया.

IMG-20200716-191909.jpg


लेकिन मुनीम जैसे तैसे हाथ छुड़ा कर बोलै.

मुनीम ; साली हराम जड़ी मुनीम पे हाथ उठाया अब देख साली तुजे नंगी करता हु.

ादः ; आजा फिर गौ की गोरी हे हम कोई शहर की छोकडिया नहीं हे.

ादः के हाथो में पलटा आ गया वो उसी से hi उसका मुकाबला करने लग पड़ी.

IMG-20200716-191858.jpg


ादः ने 4 5 पालते से प्रहार किया कुछ मुँह और हाथ पाव पे ादः तो ट्रेन थी. ादः से लड़ना मुनीम को बहोत भरी पद गया. लेकिन वो बजती खा चूका था. ादः ने उसे पीछे धकेला और फिर उस से लड़ने को तैयार हो गई.

IMG-20200716-191926.jpg


ादः तो कुंफू करते ब्लैक बेल्ट. मार्शल आर्ट चेम्प रहे चुकी थी. उसने मुनीम पे वो प्रहार किया मुनीम गिर गया. सरे घर के नौकर चाकर किचन की तरफ भाग के आ रहे थे. तब ादः ने चिलाय.

ादः ; चोर चोर चोर.

ादः उसके ऊपर चढ़ गई

ादः ; बता सेल घर से का चुराया हे.

IMG-20200716-192018.jpg


सब आ कर देखते हे. रामु भी आ गया रामु ने उसे छुड़ाया. सरे मुनीम पे हसने लगे.

अरे मुनीम जी ये छोकडिया ने तो तुम्हे काबू कर लिया. भाई मुनीम पे पहली बार कोई भरी पड़ा हे. मुनीम में अब ताकत नहीं रही. छोकरी से पिट गया. ऐसे ऐसे सबद सुन कर मुनीम बजती से गुस्सा हो गया. रामु ने ादः को खड़ा किया.

रामु ; ये मुनीम हे. चोर नहीं. लेकिन ठीक खबर ली तूने उसकी.

ादः ; अब अगर हाथ भी लगाए तो हम जिन्दा नहीं छोड़ेंगे. ादः गुस्से से मुनीम को देखती हे.

IMG-20200716-191939.jpg


मोनार्क और जग्गू ने कैमरा में सब देखा.

मोनार्क ; वह डार्लिंग क्या सबख सिखाए हो तुम मजा आ गया.

ादः के फेस पे भी स्माइल आ गई. सभी चले गए. ादः कैमरा के सामने देख के सिर्फ स्माइल करते हुए फलाय किश करती हे.

वही माधुरी और सूखा ढूढ़ते ढूढ़ते गोदाम तक पहोच गए. चारो तरफ 12 फिट की दीवार. और दीवार के हर 100 मीटर पे गारद. गारद रूम बना हुआ. मोर्चा. यु कहो की गारद को हमला करने के लिए परफेस डिफेंस. माधुरी को गार्ड गेट पे रोक देते हे. माधुरी देशी गौ को गोरी बन के आई थी.

गार्ड ; अरे कहा जा रहे हो. तुम यहाँ नहीं जा सकते जाओ.

माधुरी ; अरे हमका बड़े शब् ने बुलाया हे. ू जॉन मालिक हे यहाँ के.

गार्ड ; कोण मालिक हम किसी को नहीं जानते जाओ यहाँ से.

सूखा ; अरे बाबू पहले पूछ लो साहेब से फिर हम चले जाएंगे.

गेट पे 3 गार्ड थे. वो ऑफिस में फ़ोन करता हे. मुंशी को खबर मिली तो वो खुश हो गया. शाम होने वाली थी. मुंशी ने माधुरी के साथ सुहागरात के जैसे कमरा सजा रखा था. आज माधुरी को जिस हालत में देखा उसके बाद उसका दिमाग काम करना बंद हो चूका था. वो खुद गेट पे आ जाता हे.

मुंशी ; ोयी आने दे. ये मेरे hi लोग हे.

मुंशी उन दोनों को अंदर लता हे.

मुंशी ; आओ आओ ये सब मेरा hi हे. में यहाँ का मालिक हु. आओ आओ.

मुंशी उन्हें एक रूम की तरफ ले जाता हे. वो एक छोटा सा रूम था. उसमे सिर्फ ज्यादा से ज्यादा दो hi आदमी रहे सकते थे. माधुरी और जग्गू वो रूम की तरफ गए.

मुंशी ; ये पहले स्टोर रूम था. इसमें पंखा (फें) भी हे. तुम दोनों यहाँ रहो और काम सिख लो. मेरी ऑफिस और एक रूम हे उसमे तुम जादू पोछा कर देना और ये गार्ड का काम कर लेगा.

माधुरी ; ू सब तो ठीक हे साहेब लेकिन ी ेस्टोर रूम का होता हे.

माधुरी को देख के एक बार अपने लैंड पे धोती के ऊपर से हाथ घूमते बोलता हे.

मुंशी ; रे पगली ज्यादा सामान को यही रख देते हे इस लिए इसे स्टोर रूम कहते हे. अब ये ले साड़ी यहाँ ऐसी साड़ी पहना कर ज्यादा खुला पहनेगी तो गार्ड सरे ड्यूटी नहीं करेंगे.

माधुरी को एक साड़ी और ब्लाउज देता हे.

मुंशी ; तेरे मैप का hi हे ( गन्दी स्माइल )

माधुरी भी हस्ते हुए ले लेती हे.

मुंशी ; अच्छा में चलता हु. एक बार मेरे ऑफिस में जादू मर देना. ऑफिस वह हे.

माधुरी ; ठीक हे साहेब में आती हु अभी.

मुंशी चले गया. माधुरी ने सामान रखा और देखा बिस्तर बिछाने को 1 और आधा इतनी hi जगह हे. माधुरी देख के स्माइल करती हे.

माधुरी ; रे सूखा तेरे तो मजे आ गए. तू तो पूरा मुझसे चिपक कर सोएगा.

सूखा ; कहा मेडम पिछवाड़े में आग भी लगा दी. अब भुजी तो उस पर मिर्ची छिड़क रही हो. आप तो उस मुंशी के बिस्तर पे होगी में तो बस आप के नाम की

माधुरी ; सूखा की बात सुन के हसने लगती हे.

सूखा 58 पर पहोच चूका था. पतलासा सूखा अपनी नौकरी के आखरी दो साल बचे थे. माधुरी जैसी जवान बॉस को देख देख कर उसका हल बुरा था. माधुरी ने उसे बोलै.

माधुरी ; रे पंखा चालू कर. जादू लगा बिस्तर बिछा. देख क्या रहा हे.

सूखा ; साला इतनी सुन्दर घरवाली मिली में तो जोरू का गुलाम भी बन जाऊ.

सूखा माधुरी ने जो काम बोलै करने लगा माधुरी भी सूखा की बातो पे हस्ती उसे देखती रही.

माधुरी; तू रूम ठीक कर में सेल के रूम में जादू लगाती हु.

माधुरी वह से मुंशी के ऑफिस की तरफ गई. माधुरी जैसे hi अंदर गई. जपत कर मुंशी ने माधुरी को बहो में जकड लिया. वो दूर के पीछे छुपा हुआ था. माधुरी की तंग चोली के ऊपर के हिस्से बूब्स के ऊपर छाती पे अपनी जीभी और लिप्स रगड़ ने लगा.

मुंशी ; (आंखे बंद) रे चमक चलो आ गई देख मेरा क्या हल हे. सससस

माधुरी उसकी बहो में जकड़ी हुई. मुंशी उसके बूब्स को मशलने लगा. माधुरी को भी मजा आने लगा. माधुरी हस्ते हुए बोलती हे.

माधुरी ; अभी नहीं साहेब रत को ससस जब नेरा मरद सो जाएगा तब सससस अहह.

मुंशी ; रे तब तक तो में पागल हो जाऊंगा कुछ तो चखा दे.

माधुरी ने महसूस किया मुंशी ने पिछव से माधुरी का घाघरा ऊपर कर दिया. माधुरी ने पंतय तो पहनी नहीं थी. उसके गोल गोल गोरी गोरी हिप्स पे मुंशी हाथ घुमा रहा था. मुंशी का पंजा माधुरी की हिप्स के बिच की दरारों में पहोच गया. वो माधुरी के गांड के छेड़े में ऊँगली घूमने लगा. वो ऊँगली अंदर डालने की कोसिस कर रहा था.

माधुरी ; बोलो साहेब क्या चखोगे.

मुंशी ; एक बार तेरा पिछवाड़ा दिखा.

माधुरी ; दिखाउंगी पर फिर वह चुम्मी लेना पड़ेगा.

माधुरी की बात सुनकर मुंशी का लैंड तन तना गया. वो संसिले करते हुए खुद hi निचे घुटनो के बल बेथ गया. माधुरी भी उसे इस हल में देखा तो हसने लगी.

माधुरी ; साहेब दूंगी तो रत में अभी सिर्फ आप के मुँह को स्वाद चखाउंगी. माधुरी बोलते हुए मस्त सेक्सी स्माइल कर रही थी. माधुरी ने झुक कर मुंशी के मुँह की तरफ पिछवाड़ा किया और एक बड़ा सा टेबल रूम के बिच में था. उस के साथ एक व्हील चेयर भी थी. मतलब ऑफिस में मुंशी के बैठने की जगह. मुंशी ने जैसे hi माधुरी का घाघरा पीछे से उठाया. माधुरी की गोरी गोरी गांड देख के सुबह वाला सीन याद किया. जब उसने पानी में भीगी माधुरी की गांड और पतली कमर देखि थी.

मुंशी ने माधुरी की दोनों हिप्स पे अपने पंजे रखे और थोड़ा खोलने की कोसिस की. माधुरी का पीछे वाला छेड़ उभर के गया. थोड़ी चमड़ी का खिचाव जैसे साफ सुथरे छेड़े पर जैसे hi. मुंशी ने अपनी जीभ की नोक लगाई माधुरी आगे को ज्यादा झुक गई. माधुरी ने बड़े टेबल पे अपने दोनों हाथ टिका दिए. मुंशी ने अपना पूरा मुँह माधुरी के पिछवाड़े की दरार में घुसा दिया. वो माधुरी के पिछवाड़े को बुरी तरह से चाटने लगा. माधुरी को बहोत मजा आ रहा था. माधुरी को ऐसे hi मोके चाहिए थे.

माधुरी ने अपने पिछवाड़े को मुंशी से चाटते हुए पुरे रूम का जायज़ा लिया. एक माइक्रो फोन को चुम्बक की मदद से टेबल के निचे सेट कर दिया. ताकि साडी आवाज सुन सके. माधुरी ने उसे ों कर के लगाया था. माधुरी यह यह की आवाज तुरंत hi वन में सुनाई देने लगी. घसीटा अपनी खेनि बना रहा था. जग्गू बैठे बैठे आंखे बंद कर के बैठा था. और मोनार्क पेपर गिलास में पानी पि रहा था. माधुरी की आवाज सुन के मोनार्क के मुँह से पानी सीधा घसीटा पे गिर गया.

घसीटा ; मदर छोड़.

मोनार्क ; साला मेडम तो चालू हो गई.

घसीटा ; ये तो देखने देखने का नजरिया हे. तुजे मैदान की आवाज से लगा मेडम चालू हो गई. ये ध्यान नहीं दिया माइक्रो फोन चालू हो गया.

जग्गू ; बहोत सही कहा अंकल.

माधुरी उधर अपनी गांड चतवते हुए पूरी ऑफिस का जायज़ा ले रही थी. पर मज़ा भी बहोत आ रहा था. मुंशी की जीभ माधुरी के छेड़ को ऐसे कुरेद रही थी. जैसे शहद से भरा छज्जा हो. माधुरी को भी काम करने में तकलीफ हो रही थी. माधुरी के हाथ में माइक्रो कैमरा था. माधुरी की आंखे बार बार बंद चालू हो रही थी. माधुरी की नजर जिस टेबल और चेयर पे के पीछे एक तश्वीर थी उस पे गई. अब माधुरी को उस तश्वीर तक पहोचना था. मुंशी कभी अपना लैंड हिलता कभी दोनों हाथो से माधुरी की हिप्स मशलता. माधुरी ने दोनों हाथ पीछे ले जा कर मुंशी का सर पकड़ा और मुंशी के मुँह को पूरा अपनी गांड की दरारों में सत्ता दिया.

माधुरी को क्या मजा आने लगा माधुरी ने जोर जोर से सिसकारी भरी.

माधुरी ; अह्ह्ह्हहस्ससस्स.

लेकिन माधुरी के दबाने से मुंशी की संशे बंद हो गई. माधुरी ने जान बच कर अपने आप को ढीला छोड़ा मुंशी ने माधुरी को दक्का दिया तो. माधुरी राइट साइड गिर गई . माधुरी दीवार से पीठ लगा कर कड़ी हो गई. और स्माइल करते हुई मुंशी को देखने लगी. मुंशी की जब शैशे वापस आई तो मुंशी हफ्ते हुए बोलै.

मुंशी ; साली तू तो बड़ी गैरम हे. जान ले लेगी मेरी.

माधुरी हस्ते हुए अपनी साड़ी को कमर से ऊपर कर के बोली.

माधुरी ; जान तो इसकी खतरे में हे साहेब.

माधुरी बिना पंतय के अपनी छूट के दर्शन जब मुंशी को कराए तो मुंशी के मुँह से लार टपक गई. माधुरी के हाथ में छोटा माइक्रो कैमरा था. मुंशी घुटनो के बल आगे बढ़ा. माधुरी भी स्माइल करते हुए. दीवार से पीठ सताते हुए बही तश्वीर की तरफ बढ़ने लगी.

मुंशी को लगा माधुरी उसे तड़पना चाहती हे. माधुरी दीवार से पीठ सताए वही तश्वीर तक पहोची hi की मुंशी ने माधुरी का पाव पकड़ लिया.

माधुरी ; सससस है दिया रे पकड़ लिया.

मुंशी जोर से हस्ते हुए माधुरी के पाव को पकड़ कर चूमने लगा. वो चूमते चूमते ऊपर की तरफ बढ़ने लगा. मुंशी को लगा उसने माधुरी को पकड़ लिया. लेकिन चल तो माधुरी की थी. वो वही तक पहोची जहा तक उसे जाना था. मुंशी अपने होठ और जीभ पाव के पंजो की उंगलियों को जीभ से कुरेद ने लगा. फिर चूमते चूमते ऊपर aaya.Madhuri तश्वीर के बीचो बिच कड़ी थी. तश्वीर भी पुराने ज़माने के किसी राजा रानी के चुदाई की थी.

मुंशी चूमता हुआ ऊपर घुटनो तक आ गया. मुंशी के मुँह का थूक माधुरी के घुटनो पे लग रहा था. मुंशी धीरे धीरव जंगो को मशलने लगा. माधुरी जानती थी. अगर वो अपना मुँह छूट तक ले गया तो माधुरी खुद अपने आप को रोक नहीं पाएगी. ोे माधुरी की ज्वाला में मुंशी जल जाएगा. माधुरी ने दोनों हाथ मुंशी के कंधे पर रखा और जोर से धक्का मर दिया. मुंशी गिर गया. माधुरी तुरंत पे तश्वीर से अपने बूब्स को सत्ता कर कड़ी हो गई.

मुंशी ने देखा माधुरी घूम गई.

मुंशी ; हम्म्म लगता हे तुम्हे पीछे ज्यादा पसंद हे.

माधुरी ; ससस अह्ह्ह साहेब आप जैसा पीछे आज तक किसी ने नहीं चूसा एक बार और चाट दो न साहेब.

मुंशी तुरंत hi माधुरी की गांड पे टूट पड़ा मुंशी ने मुँह, नक् (नोज), और थोड़ी पूरी hi माधुरी की हैंड में सत्ता दी. और जोर जोर से चूसने लगा. माधुरी को तश्वीर के ऊपर कैमरा सेट करना था. लेकिन उसे भरी पद गया. मुंशी बहोत जोर जोर से माधुरी के पिछवाड़े को चूसे जा रहा था. माधुरी ने जैसे तैसे कैमरा मस्त सेट किया.

मोनार्क और जग्गू के सामने जो स्क्रीन थी उसमे पिचर चालू हो गई. उन्हें सिर्फ माधुरी का फेस hi दिख रहा था. माधुरी को भी पता था. उन्हें सब दिखेगा.

जग्गू ; वेल्डों मेम अब ये कंप्यूटर खोले या कोई फ़ैल सब का एक एक अक्षर तक हमें दिखाई देगा. माधुरी ने नशीले फेस के साथ सिर्फ थम्ब दिखाया. फिर माधुरी बोली.

माधुरी ; अब बस करो साहेब रत को आउंगी फिर जितना मर्जी कर लेना. सससस अह्ह्ह्ह.

मुंशी ; रे जानेमन अभी मुझे तो ठंडा कर.

माधुरी ; नहीं साहेब आप की मलाई मत गवाओ रत को मुझे मलाई भी तो खिलाओगे.

वो माधुरी को छोड़ देता हे.

मुंशी ; रत को बगल वाला रूम हे ऑफिस के आ जाना सुहागरात मनाएंगे.

माधुरी ; फिर मुझे पूरा कमरा फूलो से सजा चाहिए. जैसा फिलम में होता हे.

मुंशी ; बस मेरी जानेमन. तू बस रत जो मेने साड़ी दी उसमे आ जाना. सुहागरात मनाएंगे.

माधुरी स्माइल करते हुए एक्साइटिंग होने की एक्टिंग करती हे.

माधुरी : रत वो मेरा कमीना मर्द सो जाए फिर आउंगी तुम यही रहना.

मुंशी ; में ऑफिस में काम करने का बहाना बनाऊंगा तुम जैसे hi आओगी में आ जाऊंगा.

माधुरी जाने लगी. वो दवाजे पर कड़ी होक स्माइल करते पलटी और बोली.

माधुरी ; साहेब अपना हिलना नहीं रत तक सबर रखना. में जरूर आउंगी.

माधुरी बोल कर चली गई उसने कानो में जो बलिया पहनी थी. जो हेडफोन थे उसे हाथ घुमा कर ऑफ करती हे. ताकि बैटरी बच सके. वो रूम में पहोची. सूखा निचे जमीं पर दरी बिछा कर बैठा था. माधुरी अंदर हस्ते हुए आई.

सूखा ; बड़ी खुश लग रही हो.

माधुरी : सेल को अपना पिछवाड़ा चतवते कैमरा लगा दिया. अब जो भी होगा वह सब हमारे लोग रिकॉर्ड कर लेंगे. साला जलन हो रही हे पीछे.

सूखा ; लाओ नारियल तेल लगा दू. वेसलीन तो हे नहीं.

माधुरी सूखा को देखने लगी .स्माइल करते हुए. माधुरी पेट के बल लेट गई. वो कुछ नहीं बोली. माधुरी जब लेती तो सूखा के पाव का पंजे के ऊपर माधुरी का बूब्स आ गया. माधुरी ने न hi उसका पाव हटाया और न hi सूखा ने अपना पाव खींचा. माधुरी भी बहोत गरम हो गई थी. सूखा ने जब माधुरी का घाघरा ऊपर किया तो माधुरी की गोरी गोरी हिप्स देख कर बोलै.

सूखा ; रे सेल का नशीब देखो. कहा कहा मुँह मरने मिला.

सूखा ने अपने हाथो में तेल लिया और माधुरी के हिप्स को दूसरे हाथ से खोला. अंदर छेड़ देख कर सूखा का लैंड खड़ा हो गया. सूखा ने तेल की बोतल से पिचकारी मर के थोड़ा तेल बिच छेड़ पे गिराया. जिस से छेड़ थोड़ा अंदर को सुकड़ गया. सूखा की बात सुन कर माधुरी हस्ते हुए बोली.

माधुरी ; तू भी चाट लेना.

सूखा ; सच में.

माधुरी ; है पर अभी नहीं. जब रत में में उस के पास जा कर आउंगी उसके बाद.

सूखा ; मेडम फिर देखो मुकर मत जाना.

माधुरी ; रे वादा तुजे पीछे का hi नहीं तू जो चाहे वो सरे छेड़ चूस लेना तुजे चूसने को मन नहीं करुँगी.

सूखा का माधुरी के वादे से hi लैंड बहोत सख्त हो गया. सूखा माधुरी की दोनों टैंगो के बिच बेथ गया. जंगो के पास और नारियल तेल दाल कर हिप्स और हिप्स के बिच में जो छेड़ था. उसकी मालिश करने लगा . माधुरी स्माइल करती हुई अपनी आंखे बंद कर देती हे. सूखा को बहोत मजा आ रहा था. माधुरी कुछ वक्त बाद पपळाट गई.

माधुरी ; ऐसा कर तू बेथ और मेरा सर दबा में सोती हु. रत जागना भी हे.

सूखा दुखी मन से बोलै

माधुरी ; खुद जागोगी तो क्या मुझे नींद आएगी. हे भगवन नाटक hi सही इतनी सुन्दर घरवाली और में नहीं कोई दूसरा पलेगा. और में. में सिर्फ हिलाऊँगा.

सूखा की बात सुनकर माधुरी आंखे बंद कर के भी स्माइल करती हे. माधुरी ने सूखा की गॉड में सर रख दिया. सूखा ने अपनी जंगो पे माधुरी का सर महसूस किया. उसका लैंड खड़ा था. सूखा ने धीरे धीरे माधुरी के सर को दबाना सुरु किआ. माधुरी सो गई. काफी देर बाद सूखा की नजर माधुरी के बूब्स और फेस पे गई. सूखा का हल बुरा हो गया. सूखा सर को दबाते दबाते रुक गया. उसने हाथ को माधुरी के सर पे फेरना सुरु किया. धीरे धीरे उसका हाथ माधुरी के गोर गाल पे घूमने लगा. वो माधुरी की लबो पे भी उंगलिया घूमता हे. अँधेरा हो चूका था. अंदर लाइट भी नहीं थी. सूखा ने अपनी उंगलिया माधुरी की लिप्स पे राखी. माधुरी का मुँह थोड़ा खुल गया. माधुरी की गरम संशे सूखा को अपने हाथो पे महसूस हुई.

माधुरी सच में गहरी नींद में पहोच चुकी थी. सूखा ने माधुरी के मुँह में अपनी एक ऊँगली डाली. माधुरी उसे चूसने लगी. सूखा सोचता हे. साला ऊँगली की बजाए मेरा लैंड होता तो. सूखने बड़ी hi आहिस्ता से अपनी ऊँगली बहार निकली और माधुरी की थोड़ी और गले पर हाथ घूमने लगा. धीरे धीरे सूखा का हाथ माधुरी के बूब्स तक भी पहोच गया. जैसे hi सूखा ने बूब्स को टाच किया वैसे hi माधुरी ने सूखा का हाथ पकड़ लिया.

माधुरी ; कंट्रोल कर सूखे वार्ना तुजे पूरा खोल के सूखा दूंगी. मेरी ख़ामोशी को मेरी कमजोरी मत समाज आग हु में तू जल जाएगा.

माधुरी की बातो से सूखा दर गया.

उधर न मुंशी घर आया न hi लाला घर आया अहह ने जिस जिस रूम में साफ सफाई करि सब जसगाह कैमरा लगा दिए. खास कर के मुंशी और लाला दोनों के रूम में कैमरा लगा दिए वो जब खाना खा कर जब रूम में आई तो रामु शराब पि कर सो चूका था. ादः जा कर जमीं पर hi सो गई. वो सो तो गई पर पूरी रत उसे दर रहा कही रामु उठ न जाए. पर रामु ादः की फाइट देख के दर गया था. उसने शराब भी ज्यादा पि ली थी.

उधर ेराम अपनी रत को सुहागरात में बदलने के लिए पूरी तयारी कर रही थी. दोपहर से hi वो होटल से कार बुक करवा कर शॉपिंग के लिए निकल गई थी. वो शाम को कुछ 5 बज के आस पास अपने रूम में गई. वो बेऔतिपार्लर भी जा कर आई थी. ेराम की आज बहोत बड़ी हसरत पूरी होने वाली थी. आज तपन ेराम को एक बहोत सुन्दर गिफ्ट देने वाला था.

रत को माधुरी और सूखा ने चला जलाया. माधुरी रोटी पका रही थी. उसे लकडिया संदर hi मिल गई थी. सब को दिखने के लिए वो लोग सारा सामान ले कर आए थे. अँधेरा हो चूका था. सरे गार्ड की नजर बहार काम अंदर माधुरी पे ज्यादा जा रही थी. माधुरी रोटी पका कर सूखा से स्माइल करते हुए बोली.

माधुरी ; ाजी सुनते हो रोटी बन गई हे आ कर खाना खा लो.

सूखा माधुरी की आवाज पे आ गया उसका फेस उतरा हुआ था. माधुरी ने उसे डरा दिया था. माधुरी को पता थी उसका फेस क्यों डाउन हे. उधर माधुरी की आवाज सुन कर मुंशी के डिल पे भी छुरिया चल रही थी. वो बस आधी रत होने का इंतजार कर रहा था. माधुरी ने सूखा से धीरे से बोलै.

माधुरी ; रे रत को बोलै तो सही जब उस को निपटा कर आउंगी डिल करे वो छेड़ चूस लेना फिर मुँह क्यों उतरा हुआ हे.

सूखा कुछ नहीं बोलता बस खाना खाने लगा.

माधुरी ; रे इतनी सुन्दर में नजाने कितने दिन यहाँ रुकेंगे तुजसे चिपक कर सोऊंगी तेरे तो मजे आ गए रे सूखा.

सूखा को गुस्सा आया. वो थोड़ा सा जोर से बोलै.

सूखा ; मुझे लाडू बहोत पसंद हे. और आप हो के लड्डू को मेरे होठो पे फिर कर ले लेती हो. मीठा तो चखने में बहोत मजा आता हे. पर पेट भरता हे न डिल.

माधुरी ; तुजे वादा तो किया हे. मौका आने पर सब कुछ मिलेगा फिर क्यों रो रहा हे.

सूखा खाना खा कर रूम में आ गया. कुछ देर बाद साफ सफाई कर के माधुरी भी अंदर आई. सूखा ने लुंगी पहनी हुई थी. वो लेता हुआ था. माधुरी अंदर आ कर अपनी छुन्नी उतर देती हे. बहार से आ रही रौशनी जब माधुरी पर हलकी सी पड़ी तो माधुरी के उभारो का खाका सूखा को दिखाई दिया. सूखा का लैंड खड़ा हो गया. इस खेल में माधुरी को भी मजा साणे लगा था.

माधुरी के फेस जो स्माइल थी. वो सूखा देख नहीं सकता था. माधुरी जब अपनी चुन्नी उतरती या और कुछ रखती उसकी चूडियो की खनक सूखा के कानो पे जाती. सूखा को अजीब सी डिल में गुड़ गुड़ी होने लगी. माधुरी सूखा के बगल में लेट गई. जगह तो पहले से hi काम थी. माधुरी सूखा से सात कर लेट गई. माधुरी ने एक हाथ सूखा की छाती पे रख दिया. सूखा हिला तक नहीं. माधुरी की गरम सांसे सूखा के गले पे महसूस हुई.

माधुरी ; रे सूखा. तू तो उबासी ले रहा हे. और मुँह में रसगुल्ला आ गया तेरे तो मजे हे रे.

सूखा कुछ नहीं बोलता. सूखा के डिल की धड़कने तेज़ हो गई थी. माधुरी भी गरम हो चुकी थी. सूखा के डिल की धड़कन माधुरी को साफ सुनाई दे रही थी. माधुरी ने हाथ को सूखा के सीने पर घिसना सुरु कर दिया. सूखा को बहोत मजा उसने लगा. माधुरी ने बहार से आने वाली रौशनी में सूखे का लुंगी पे उठा हुआ तम्बू देखा. माधुरी के फेस पे स्माइल आ गई. माधुरी ने अपना सर सूखा की चेस्ट पर रख दिया और धीरे धीरे अपना हाथ पेट से घूमते हुए निचे लुंगी में दाल दिया

माधुरी ने जैसे hi सूखा का लैंड पकड़ा. उसने माधुरी को बहो में भर लिया. सूखा माधुरी को लिप किश करने लगा. सूखा को माधुरी के लिप्स को अपने होठो से टाच करने का पहेली बार मौका मिला. सूखा ने माधुरी के बूब्स को पकड़ा और जोर से मशला.

माधुरी ; आउच ससस धीरे ससस अह्ह्ह.

माधुरी की सिसकारी और माधुरी जो उसके लैंड को आगे पीछे कर रही थी. सूखे की पिचकारी छूट गई. माधुरी बैठी और बोली. थोड़ा जोर से.

माधुरी ; ोजी आप इलाज वगेरा क्यों नहीं करवाते रोज मुझे प्यासी छोड़ देते हो. अगर आप ने ऐसे hi ढर्रा बना रखा तो में किसी और के साथ भाग जाउंगी है. अब बोलते क्यों नहीं मुँह में क्या गोबर भरा हे क्या.

माधुरी ऐसी बाटे बोल कर मुँह पलट के सो गई. सूखा सोचते रहे गया. ये साला उसके साथ क्या हुआ. कुछ देर बाद माधुरी पलटी. और बोली.

माधुरी ; दरवाजे पीछे वो साला बूढ़ा छुपा तुजे पता नहीं चला. क्या यार साला इतनी नौकरी हो गई और तू ढीला के ढीला hi रहा.

सूखा का मुँह उतर गया. वो मन में बोलै साला मुझे hi नामर्द साबित कर दिया. लेकिन माधुरी उसे दिलाशा देती हे.

माधुरी ; रो मत तुजे ठंडा तो कर दिया. अब रत को आकर तुजे निचे टेस्ट भी करवा दूंगी अब तो मुस्कुरा.

माधुरी ने सूखा के लिप्स पे हाथ रखा वो चेक कर रही थी. उसके फेस पे स्माइल आई या नहीं. लेकिन उल्टा उसने माधुरी के हाथो को चुम लिया. माधुरी भी हस्ते हुए बोली.

माधुरी ; मादरचोद कोई मौका नहीं छोड़ता. अब मुझे गरम मत कर नहीं तो साला में वह ज्यादा बाहेक गई तो कोई काम नहीं कर पाऊँगी.

सूखा खड़ा हुआ और माधुरी के पाव के पास बेथ गया. वो माधुरी के पाव दबाने लगा. माधुरी भी उसकी गोदी में अपना पाव रख कर बोली.

माधुरी ; कुछ करना नहीं में 1 घंटे के लिए सोती हु. साला फिर रत भर जागना हे.

माधुरी सो गई तक़रीबन एक घसंते बाद उसकी नींद खुली.

माधुरी ; में जा रही हु. तू ऑफिस और दूसरी जगह तलाश मॉल कहा हे. हो सके वो साडी जगह पे कैमरा लगा देना.

माधुरी उठ कर ऑफिस के पास होते हुई गई. माधुरी ने देखा की वह मुंशी चेयर पे बैठा मोबाइल पे कुछ देख रहा हे. वो बर्फ देख रहा था. माधुरी ने ऑफिस का दरवाजा नॉक किया और बाजु वाले रूम में चली गई. वो रूम में एक डबल बाद था. जो फूलो से सजा हुआ था. माधुरी का कर सीधा बाद पे लेट गई. माधुरी ने मुंशी की दी हुई पिंक साड़ी पहनी हुई थी. माधुरी उस रूम में जा कर बाद पे लत गई.

मुंशी उस रूम में आया और देखा बाद पे लेती हुई माधुरी बहोत खुबशुरत लग रही थी.

IMG-20200716-193516.jpg


अब तक कई दफा मुंशी माधुरी को मशाल चूका था. लेकिन उसके नशीब में अब तक चुदाई नशीब नहीं हुई थी. मुंशी ने देखा माधुरी पिंक साड़ी में उसका ब्यूटीफुल फेस वो स्माइल कर रही थी. वो माधुरी की स्माइल देख कर hi फ़िदा हो गया. मुंशी ने माधुरी की साड़ी का पल्लू पकड़ा और ुलेड दिया.

IMG-20200715-200357.jpg


जैसे hi साड़ी का पक्कु हटा माधुरी ने अपने दोनों हाथो से अपने जोबन को छुपाने की नाकाम कोसिस की. लेकिन माधुरी ने जितना भी दिखाया मुंशी के धोती में तम्बू बन hi गया. मुंशी को और ज्यादा देखना था. पर माधुरी ने अपने दोनों हाथो से अपने जोबन को छुपा रखा था.

IMG-20200715-200343.jpg


वही सूखा भी वह पहोच गया. मुंशी ने तो दरवाजा बंद करने का भी काम नहीं किया. वो तो बस माधुरी की तरफ hi देखता रहा. सूखा की नजर जब अंदर गई तो उसने भी वही देखा जो मुंशी देख रहा था.

IMG-20200715-200950.jpg


सूखा वो सीन देख कर वह से चले गया. उसे भी अपना काम करना था. सूखा जगह जगह पे कैमरा लगा रहा था. वो गार्ड की नजरो से बच कर सभी जगह कैमरा लगा रहा था. बगोट जगह तो वो नहीं पहोच सकता था. लेकिन बहोत सी काम की जगह पे वो जो बहोत काम की थी वह कैमरा लगाने में कामयाब हुआ. वही मोनार्क रत जग रहा था. घसीटा और जग्गू बैठे बैठे hi सो रहे थे. जैसे जैसे कैमरा लगे एक के बाद एक ज़किरीन पे पिचर चालू हो गई.

मोनार्क ; वेल दोने चाचा.

लेकिन सूखा के पास कोई रेडियो सेट नहीं था. सूखा सब काम अच्छे से कर के रूम में आ गया. वही मुंशी ने माधुरी से कहा.

मुंशी ; हाथ तो हटाओ मेरी जान तुम्हारा जोबन तो दिखाओ.

माधुरी का ब्लाउज एक डैम फिट था. ब्लाउज में से माधुरी के बूब्स एक डैम शेप में थे. जैसे नोकीली चोटिया हो. धीरे धीरे मुंशी के हाथ माधुरी के बूब्स की तरफ बढ़ने लगे.

IMG-20200715-200326.jpg


मुंशी की hi नहीं माधुरी की भी डिल की धड़कने तेज़ हो गई. वो भी बेक़रार थी कब मुंशी आगे बढे और उसे मशाल दे. लेकिन माधुरी की डिल की धड़कने तेज़ हो गई. जिस कारन माधुरी के बूब्स उप डाउन होने लगे. मुंशी के हाथ माधुरी के बूब्स पे जैसे hi ठीके.

IMG-20200715-200748.jpg


माधुरी की और मुंशी दोनों की डिल की धड़कने तेज़ हो गई. मुंशी माधुरी के बूब्स को ब्लाउज के ऊपर से hi मशलने लगा. माधुरी को भी बहोत मजा आ रहा था. कुछ मिंट बाद hi माधुरी ने मुंशी को धक्का दिया और अपना पल्लू को वापस दाल के भागने को हुई. मुंशी ने उसे कमर से पकड़ लिया.

IMG-20200715-200912.jpg


मुंशी ; मेरी रानी तुजे पीछे ज्यादा पसंद हे न. वो माधुरी की साड़ी ऊपर कर के वही प्रक्रिया दोहराने लगा. माधुरी कसमसाने lagi.munshi ने माधुरी की गांड में अपनी ऊँगली दाल दी.

IMG-20200715-200858.jpg


माधुरी पूरी हिल गई. मुंशी निचे बेथ माधुरी के पिछवाड़े से खेल रहा था. वही माधुरी का भी बदास करना मुश्किल हो रहा था.

IMG-20200715-201021.jpg


मुंशी की एक ऊँगली माधुरी के पिछवाड़े में थी. वही माधुरी की छूट को भी मुंशी छेड़ने लगा. माधुरी कसमसा रही थी. मुंशी जमीं पर बैठा माधुरी की छूट और गांड दोनों से खेक रहा था.

IMG-20200715-200523.jpg


माधुरी ; ुयी माआ सससस कमीने बूढ़े. सससस आराम से ससस भागी थोड़े hi जा रहे हे. माधुरी जैसे hi उस से छोटी मुंशी खड़ा हुआ. उसकी नजर माधुरी के पिछवाड़े पे hi थी. वो सोचने लगा. कितने मस्त गोल मटोल हे.

IMG-20200715-200447.jpg


वो माधुरी के साड़ी के पल्लू को पकड़ कर खींचने लगा माधुरी दूर थी वो मुंशी के पास खींची चली आई.

मुंशी ; अरे अंदर से तो दिखा दे मेरी रानी.

माधुरी स्माइल करती अपने ब्लाउज के बोटों खोलने लगी. मुंशी की नजर वही थी. वो बेसब्री से इंतजार कर रहा था. कब माधुरी अपने रसीले आम के दर्शन कराए. मुंशी का लैंड लोहे जैसा सख्त हो गया था. माधुरी थी की उसे तड़पने के लिए धीरे धीरे बोटों खोल रही थी.

मुंशी ; रानी जल्दी करो न.

माधुरी ने स्माइल करते झटके से ब्लाउज ुलेड दिया. माधुरी के गुलाबी निप्पल्स वाले बूब्स देख कर मुंशी की आंखे फटी रहे गई. माधुरी ने अपने हाथ ऊपर कर दिया. वो सिर्फ घाघरे में थी.

माधुरी ; साहेब पहले पूरा कपडा तो उतरो.

मुंशी अपना कुरता उतर देता हे. माधुरी जोर जोर से हसने लगी.

माधुरी ; साहेब आप के नहीं मेरे.

माधुरी की हसी जो मुंशी के डिल पे कहर बरसा रही थी. वो माधुरी के पास गया और माधुरी के घाघरे का नाडा खींच दिया. अब माधुरी पूरी नंगी मुंशी के सामने कड़ी थी. मुंशी माधुरी की गुलाबी निप्पल्स और गुलाबी छूट को देकता hi रहे गया

images-5.jpg


मस्त छोटे बचो जैसी छूट. वो माधुरी को बीएड पे बिठा कर खुद घटना पे निचे बेथ गया. माधुरी को बूब्स से दक्का दिया माधुरी लेट गई. उड़के पाव जमीं पर लटक रहे थे. मुंशी ने माधुरी के पाव को ऊपर उठाया और मैश के दोनों छेड़ो को देखता hi रहा.

images-8.jpg


क्या खुबशुरत पुसी थी. मुंशी उन पर तहत पड़ा. अपनी जीभ और लिप्स से कभी आगे वाला तो कभी पीछे वाला छेड़ो को चूमने और चाटने लगा. माधुरी भी सिकरिया भर रही थी उस बड़ा मजा आ रहा था. उस रूम में कोई कैमरा नहीं था. माधुरी सिसकार्य भर रही थी.

माधुरी ; आहहहससस और जोर से सससस अह्ह्ह बहोत मजा आ रहा हे साहेब.

वन में बैठे मोनार्क भी वो आवाजे सुन कर मुट्ठ मरने लगा. माधुरी को बहोत मजा आ रहा था.

माधुरी ; सससस है पीछे वाले को ससस है साहेब बस वही ससस.

मुंशी बरदास नहीं कर पाया वो खड़ा हुआ. छोटे स्टूल पे एक कटोरी में तेल था. उसे उठता हे और अपने लैंड को कटोरो में दाल कर पुरे लैंड को चिकना करता हे. माधुरी डौगी स्टाइल में रेडी हो गई. मुंशी ने लैंड का टोपा माधुरी के पीछे वाले छेड़ पर रखा और एक झटका मर दिया. माधुरी पूरी हिल गई.

माधुरी ; अह्ह्ह दिया रईईई सससससस.

मुंशी जोर जोर से झटके मरने लगा माधुरी को बहोत मजा आ रहा था. वो सिसकारी भर रही thi.kafi देर तक पिछवाड़ा बजता रहा. और माधुरी सिसकारियां भर्ती रही. अचानक उसकी पिचकारी से पानी छूट गया. मुंशी ने अपना लैंड बहार नहीं निकला. वो माधुरी पर ज़ुका पड़ा रहा. कुछ देर बाद जैसे hi उसने लैंड बहार निकला. माधुरी की गांड से सफ़ेद चिकना रास बहार आने लगा. माधुरी. की छूट तक वो रास चले गया.

माधुरी ; में आती हु. थोड़ी देर में.

मुंशी को तो होश hi नहीं था. माधुरी वह से पूरी नंगी hi अपने रूम में सूखा के पास आई और उसके बगल में उलटी लेट गई. सूखा उसे देख बेथ गया. उसे नहीं मालूम था माधुरी बिना कपड़ो के आई हे.

माधुरी ; ले चाट अब देर मत कर.

सूखा को मालूम नहीं था माधुरी गांड मरवा कर गांड में मुंशी का रास ले कर आई हे. वो जैसे hi झुक के जीभ लगता हे. उसे चिकना महसूस होता हे.

सूखा ; क्या हे इस में.

माधुरी गुस्से से बोली.

माधुरी ; एक बार बोलै न चाट नहीं तो सेल तुजे यही जिन्दा जमीं में गड दूंगी.

सूखा दर के मरे माधुरी की गन्दी हो चुकी गांड को साफ करने लगा. माधुरी को बहोत मजा आ रहा tha.kuchh देर में सूखा ने पूरा पिछवाड़ा चाट के साफ कर दिया. माधुरी ने आंखे खोली और बोली.

माधुरी ; मुझे माफ़ कार्डो सूखा. मेने तुम्हे बाहत दुःख दिया हे. मेरा वादा हे तुम्हे मौका जरूर दूंगी. माधुरी कड़ी हुई और वापस जाने लगी. सूखा सिर्फ माधुरी को देखता hi रहा.

मेने ेराम से वादा किया था. आज शाम 6 बज से सुबह के 6 बज तक में सिर्फ तुम्हारा हु. में ुशी वादे को पूरा करने अपने रूम से निकला. शिल्पा और आलिया मुझे hi देख रहे हे. आलिया की स्माइल अधूरी थी.

आलिया ; ी जीजू डार्लिंग.

मेने पलट कर देखा उसे.

आलिया ; आप का वादा हे. उसे क्रूर पूरा करो. लेकिन वापस जरूर लौटना. आप सिर्फ हमारे हो.

मेने स्माइल की और बोलै.

में ; में सिर्फ तुम तीनो का हु. लेकिन सिर्फ उसे 12 घंटे दे रहा हु. मुझे सिर्फ आज के लिए माफ़ कार्डो.

आलिया और शिल्पा भाग कर आए और मेरे गले लग गए. मेने भी उन दोनों को बहो में लिया और बोलै.

में ; तुम तीनो की जगह और कोई नहीं ले सकता.

में वह से ेराम के रूम में पहोचा. में 6 बजने से 10 मिंट पहले पहोचा. अंदर कोई नहीं था. पूरा रूम फूलो से सजा हुआ था. मुझे अंदर कही भी ेराम नजर नहीं आ रही थी. में बोलै.

में ; लो में आ गया हु ेराम कर लो अपने डिल की हसरत पूरी. ये वक्त सिर्फ तुम्हारा हे ेराम.

ेराम जब सामने आई तो में उसे सिर्फ देखता hi रहा.

IMG-20200717-152514.jpg
 
IMG-20200717-152442.jpg


में शाम को जब अंदर जा कर ेराम को बताना चाहा की में आ चूका हु. वक्त पे. वो सामने आई. उसकी हसरत आज पूरी करने और अपने वादे को निभाने में आ चूका था. जब ेराम सामने आई तो में उसे देखते hi रहे गया. उसकी पतली कमर, उन्नत उरोजे एक डैम मेरी शिल्पा के जैसे हॉट फिगर में वो दुल्हन जैसे सजी हुई थी. में बस उसके फेस को देखता hi रहे गया. लेकिन मुझसे ज्यादा प्यास तो उसके चहेरे पर thi.uska फेस उसकी आंखे आँखों का काजल उसके होठ सायद सोने के जेवर पहने वो बहोत हॉट लग रही थी. मेरी आने की बेचैनी और एक्साइटमेंट उसके फेस पे साफ झलक रहा था.

IMG-20200717-152332.jpg


उसे दे तक नहीं पता चल रहा था. की वो खुल के बात करे या शर्माए. वो कभी हस्ती तो कभी शर्मा जाती.

IMG-20200717-152124.jpg


वो इतनी एक्सओट थी. फिर भी वो मुझसे नजरे मिलती और नजरे चुरा लेती.

IMG-20200717-152415.jpg


उसे सच में सुहागरात में कैसे पेश आना चाहिए था. नहीं पता थी. मुझे उसकी हरकतों से ये तो पता चल चूका था. सायद उसे भी माँ का प्यात तो नसीब नहीं हुआ होगा. मेने उसे देखा और बोलै.

में ; (स्माइल ) है ेराम क्या आज तुम तैयार हो. मेरे साथ.

वो इतना शर्मा रही थी की उसे ये तक पता नहीं चल रहा था की वो चुप चाप खस्मोश रहे या स्माइल करे. या फिर खिल खिला कर है दे. वो बस मुझे देख कर अपनी बहोत प्यारी और सेक्सी स्माइल कर रही थी.

IMG-20200717-152314.jpg


में ; तुम तो दुलहन की तरह सजी हो इतनी खुबशुरत की नजरे हटाने को जी नहीं चाहता.

ेराम ; सच.....

में ; है सच.

ेराम बहोत खुश हुई. उसे यही तो सायद चाहिए था. में उसे प्यार करू उसकी खूबशूरती की तारीफ करू.

में ; वैसे क्या सुहागरात यही मन ने का इरादा हे या फिर कुछ और बंदोबस्त किया हे????

वो बहोत धीरे से बोली.

ेराम ; नहीं नहीं अंदर तो चलो.....

वो पीछे तो मुड़ी लेकिन उसकी नजरे मुझसे हैट hi नहीं रही थी.

IMG-20200717-152358.jpg


में उसके पास गया और उसे गॉड में उठा लिया. वो पूरी कप गई. जैसे पहेली बार किसी मर्द ने उसे छुआ हो. उसके हाथो का हर मेरे गले में आ गया. उसके मस्त शेप वाले बूब्स मेरी बालगाल के पास थोड़ा टाच हो रहे थे. उस से ज्यादा न रहा गया वो मेरी गॉड में थी. उसने मुझे एक गाल पे किश कर दिया.

में ; बस एक.

उसने मेरे पुरे फेस पे चुम्बनों की बरसात कर दी. में उसे अपनी hi गॉड में दूसरे रूम के बाद पे ले जा कर आहिस्ता से बैठाया और उसकी वो वाइट छुन्नी जो थी उसे उतर दिया. में आहिस्ता आहिस्ता उतर रहा था. वो बस चुप रहती फिर खिल खिला कर है deti.vo सिर्फ ब्लाउज और घाघरे में थी. वो चाहती थी. में उसके होठो को चुम लू. वो बेक़रार थी. ये उसके फेस पे साफ महसूस हो रहा था.

IMG-20200717-152829.jpg


मेने जैसे hi उसके कंधे पर हाथ रखा उसकी सिसकारी निकल गई. उसकी आंखे बंद हो चुकी थी.

IMG-20200717-152706.jpg


मेने ाहिस्य से उसके फेस को थमा और उसके लिप्स से अपने लिप्स जोड़ दिए. क्या मजा आ रहा था. में अलग होना चाहता था. पर उसने भी मेरे सर को पकड़ लिया. में समाज गया. वो लॉन्ग लिप किश चाहती हे. हमारी सांसे कभी उसके तो कभी मेरे अंदर समां रही थी. उसकी जीभ को मेने कई देर तक चूसा. जब हम अलग हुए तो उसकी आंखे बंद हो गई. वो जोर जोर से संशे ले रही थी. उसके बूब्स का उतर चढाव साफ नजर आ रहा था. में खड़ा हुआ तो वो मुझे देखने लगी.

मेने अपना शइर्त उतरा और पेण्ट भी उतर दिया. और उसके सामने खड़ा हो गया. अपनी दो उंगलिया अपने अंडरवेर में डाली और स्माइल करते ेराम के फेस को देखने लगा. उसकी नजरे भी मेरे अंडरवेर पे hi थी.

IMG-20200717-152728.jpg


जैसे में कब उसे उतारू ोे वो जो देखना चाहती हे वो उसे दिखा दू. में रुक गया. वो स्माइल करते हुए मुझे देखने लगी.

में ; ये तुम खुद भी कर सकती हो.

ेराम ने मेरी कमर पकड़ी और अंदर वेर के ऊपर से hi मेरे लैंड को किश कर दिया. उसकी हरकते सच में मुझे भी एक्साइट कर रही थी. वो मेरे तम्बू को देख कर मुझसे नज़ारे मिलती हे. और एक सेक्सी स्माइल देती हे. उसने मेरे अंडरवेर के इलास्टिक को ऊँगली से पकड़ा और निचे किया. मेरा लैंड झटके से बहार आ गया. वो अपने हाथो को वापस मेरे कमर पर जकड कर अपनी आंखे बंद करती हे और अपनी नक् (नोज) से मेरे लैंड को हिलती हे. जैसे हम बचो को गॉड में लेकर नक् से नक् लड़ते हे.

फिर मेरे लैंड को आपकद कर अपने गलो पे सहलाने लगी. वो सिसकारी भर रही थी.

ेराम ; सससस अह्ह्ह्ह तुम कितने प्यारे हो. सभी तुमसे बहोत प्यार करते हे.

में ; और तुम.

ेराम ; में तो जान से भी ज्यादा. सच में आप की तीनो बीविया बहोत लकी हे.

में ; वैसे आज गुडलुक तो तुम्हारे पास हे.

ेराम ; है आज सिर्फ मेरे हो तुम सससस सिर्फ मेरे.

ेराम ने मेरा लैंड गैप से मुँह में ले लिया. उसके मुँह की गर्मी. उसके गलो के अंदर का साइड चिकना और नरम. उसकी लचीली जीभ. मेरा लैंड अकड़ गया. वो बहोत आहिस्ता से मेरा लैंड चूस रही थी. मेने उसे कंधे से पकड़ कर धक्का दे दिया वो बाद पर गिरी और छिपकली के जैसे अलॉट ने लगी.

में ; अभी पूरी रत बाकि हे.

वो पेट के बल लेते कर मुझे देखने लगी उसकी प्यासी निगाहे.

IMG-20200717-153324.jpg


उसकी पतली कमर पीठ का हिस्सा और कमर का हिस्सा शिल्पा के जैसे लम्बा था. वो काम देवी hi लग रही थी.

ेराम ; सोच सोच की बात हे. आप की नजर में रत अभी बाकि हे. और मेरी नजर में सिर्फ एक रत की जिंदगी हे.

में ; वह सही कहा. तुम्हारी सोच सच में बहोत आला दर्जे की हे. तुम प्यास और पानी की बखूबी किम्मत जानती हो.

में उसके पीछे गया. और बाद के निचे बेथ कर अपना हाथ उसके पाव के पंजो पे रख कर सहलाने लगा. मेरा हाथ पाव के पंजो से ऊपर बढ़ने लगा. वो पेट के बल थी. मेरा हाथ धीरे धीरे पाव की पिंडली से होते हुए. घुटनो के पीछे हिस्से पर पहोच गया. वो सिर्फ सिसकारी ले रही थी.

ेराम ; ससस शठ आज तो आप भी मुझे तरसा रहे हो.

में ; तरसा नहीं रहा. प्यास बढ़ा रहा हु तुम्हारी.

ेराम ; फिर बुझाने का एहशान जरूर करना.

में ; यही वादा तो निभा रहा हु.

मेरा हाथ धीरे धीरे जंगो से होते हुए उसकी हिप्स की दरारों तक पहोच गया. वो सिसकारी भर्ती हुई पीछे गर्दन कर के मुझे देखने की कोसिस कर रही थी.

IMG-20200717-153409.jpg


में बाद पे चढ़ गया और उसके घागरे को उलट कर उसकी हिप्स को देखने लगा. उसने ऐसी पंतय पहनी थी जो पूरी हिप्स नजर आ रही थी. आहिस्ता से मेने उसे खींचा और पाव के पसंजो तक hi निचे उतरा. ताकि उसके पाव ज्यादा न खुल सके. वो थोड़ा सा घुटनो के बल उठी. मेने ेराम के हिप्स को दोनों हाथो से पकड़ा और ेराम की फूली हुई छूट पे अपना मुँह घुसा दिया. ेराम पूरी कप गई. मेरी इंग्लि ेराम की गांड के छेड़ को हाका सा कुरेद टी और मेरी लिप्स और जीभ ेराम की फूली हुई छूट.

ेराम ; ससस अह्ह्ह ससस कास आप मेरे शोहर होते. ससस जिंदगी जन्नत होती.

में ; फिर आज तुम्हे जन्नत के नज़ारे दिखता हु. में भी घुटनो के बल हुआ मेरी टंगे खुली हुई थी. मेने अपना लैंड ेराम की छूट पे रखा और आहिस्ता से संदर उतर दिया. ेराम की सीकरी निकल गई.

ेराम ; सससस तुम तो मुझे सच... में सससससस जननतततत.......

में अपने लैंड को आहिस्ता आहिस्ता आगे पीछे कर रहा था. ेराम को और मुझे बहोत मजा आ रहा था. ेराम की छूट अंदर से बहोत गरम थी. जैसे कोई भट्ठी हो. मुझे बहोत मजा आ रहा था. आज ेराम की छू से बहोत पानी आ रहा था. जिस कारन चिकनाई बहोत हो गई थी. में अपनी स्पीड कब बढ़ा चूका मुझे पता नहीं. ेराम चरम सुख तक बहोत जल्दी पहोच गई वो चीला उठी.

ेराम ; सससस अह्ह्ह्हह. उफ्फ्फ्फ़.

लेकिन में अभी भी अपने घोड़े डोडा रहा था. मेरी स्पीड कभी बढ़ जाती कभी काम हो जाती. मेने अपने हाथ का अंगूठा को ेराम के गांड के छेड़ पे रखा और पंजे से पकड़ लिया. ेराम फिर गरम हो चुकी थी. उसका दूसरा डोर सुरु हो चूका था. वो अपने हाथो से अपने दोनों बूब्स दबा रही थी. मेरी स्पीड बढ़ी और मेरी पूरी पिचकारी ेराम के अंदर तक फेल गई. ेराम भी मेरे साथ hi जड़ी. में उसकी पीठ पे सवार हम दोनों बाद पर लेट के कुछ पल ऐसे hi पड़े रहे वो पीछे हाथ लेजा कर मेरे गलो को सहलाती रही.

मेरी नजर सामने घडी पर गई 7:20 हो रहे थे. सायद मेने बहोत जल्दी कर दी. अभी तो अँधेरा भी नहीं हुआ था. में खड़ा हुआ और ेराम के बाथरूम में नंगा hi चले गया. मेने सवार चालू किया और नहाने लगा. बाथरूम में ेराम की ब्रा पंतय पड़ी थी.

ेराम कड़ी हुई और वो बहार गेलरी में आकर कड़ी हो गई. अपने दोनों हाथो को रीलिंग पे टिका कर वो दूर तक के नज़ारे देख रही थी. आलिया और माँ सामने वाली बिल्डिंग से उन्हें दूरबीन से देख रहे थे. उन दोनों को भी नहीं पता था. उनके बगल वाले रूम की विंडो से शिल्पा भी दूरबीन से उन्हें देख रही थी.

आलिया ; देखा माँ साली कामिनी अपना बदन दिखा दिखा कर मेरे शोहर को पता लिया.

माँ ; तू बेवकूफ हे. जो दीखता हे वही देखती हे. जो नहीं दीखता वो नहीं देखती. जब तेरा पति उस लड़की को पेल रहा था तब उसका फेस काना काना देख रहा था????

आलिया ; है वो डे बे देख रहे थे. जैसे कुछ दूध रहे हो. अम्म्म फिर भी उन्हें जाने की क्या जरुरत हे.

माँ ; साली जलती रहेगी या मेरी बात समज़ने की कोसिए करेगी.

आलिया ; अच्छा बोलो बात बात पे डट देती हो.

माँ ; रोना बंद कर और अंशु पोछ. देख जब वो तेरे साथ या तेरी बहेनो के साथ सोता हे तब.

आलिया ; तब तो उनकी नजर हम से हैट टी hi नहीं हमारी ा आँखों में hi देखते हे.

माँ ; ऐसा क्यों??

आलिया ; क्यों की वो है वो सिर्फ हमसे hi प्यार करते हे. सच में.

माँ हसने लगी.

माँ ; पहल लड़की.

आलिया ; लेकिन वो डे बे क्यों देख रहे हे.

माँ ; वो जा कर उनसे पूछ.

आलिया ; सायद कुछ दूध रहईये है वो कुछ दूध रहे हे. मतलब वो सिर्फ उस कामिनी से प्यार नहीं करते

माँ ; तुजे देर से hi समाज आता हे.

आलिया ; साली कामिनी तू हमारे शोहर का डिल कभी नहीं चुरा पाएगी. जब भी मौका मुलेगा में तुजे मर hi डालूंगी.

माँ ;; उसका क्या जिसने तेरे पति पर हमला किया.

आलिया ; वो साला डीके हे शिल्पा दीदी का बिज़नस पार्टनर. उसे मरना हे सेल को. आप मदद करोगी न.

माँ ; वादा तेरे लिए कुछ भी.

आलिया माँ के गले लग गई और माँ की गॉड में बेथ गई. माँ ने भी आलिया के माथे पर किश कर दी.

आलिया ; माँ कभी पापा ने भी आप के सामने किसी को पेला हीइ.

माँ ; है पहले उस पे नजर रख फिर बाद में बताउंगी.

आलिया ; बोलो न माँ.

माँ ; हम जब भी मिस्सों पे जाते किसी न किसी को तो फ़साना hi पड़ता. मर्द होता तो में फसती और कोई लड़की होती तो वो फसा hi देते.

आलिया ; फिर आप को उन्होंने देखा कभी.

माँ ; नहीं जब में किसी के साथ होती तो वो छानपिन जासूसी ऑपरेशन सब वो करते वो किसी की ले रहे होते में सब की बेंड बजा रही होती.

आलिया ; वह माँ क्या जोड़ी हे आप दोनों की. में भी आप दोनों के जैसी एजेंट बानगी.

माँ ; रहने दे ये लाइन में बहोत कुछ सहना पड़ता हे.

आलिया ; माँ माँ माँ वो आ गए बहार साली रंडी के पास.

आलिया कभी मुँह मोड़ती कभी ेराम को गली देती सब माँ देख के हस्ती रही. वो जानती थी. आलिया जलन महसूस कर रही हे. ेराम बालकनी में थी तपन भी बहार आया. सिर्फ टावल लपेट कर.

में ेराम के पास बहार बालकनी में आया. ेराम सिर्फ घागरा और ब्लाउज में क्या खुबशुरत लग रही थी.

IMG-20200717-153011.jpg


ेराम के गहने मेने नहीं उतरे. वो अब भी वैसे hi थी. वैसे मेरी भी एक फंतासी थी में मेरी बीवी माधुरी को फुल गहनों से लड़ दू और उसका डांस देखु फिर धीरे उसके कपडे उतारू. वो सिर्फ गहनों में हो. और उसके साथ सेक्स करू. पर मौका नहीं मिल रहा था. में ेराम के फिगर को देखता hi रहा वो बहोत हॉट थी. ऊपर से जो उसने आज गेटउप लिया वो उस से यो उफ्फ्फ क़यामत लग रही थी.

में ; कभी बालकनी में किसी के साथ सेक्स किया हे???

मेने उसे स्माइल करते हुई पूछ लिआ वो भी मुझे hi दरखने लगी. उसकी आँखों में अब भी प्यास थी.

IMG-20200717-153037.jpg


ेराम ; पर अभी तो उजाला हे. अँधेरा भी नहीं हुआ.

में ; हमें किसी की परवाह होगी.???

ेराम समज चुकी थी. में क्या चाहता हु. वो पीछे दीवार से सात कर कड़ी हो गई.

IMG-20200717-152943.jpg


में ; आज की शाम तुम्हारी हे ेराम. और में इसे बहोत याद गर बना देना छठा हु ेराम. में ेराम के पास धीरे धीरे बढ़ने लगा. ेराम भी मेरी तरफ बढ़ रही थी. मेरा दयँ ज्यादा उसकी कमर के हिस्से पर ज्यादा जाता था. उसकी कमर का कटाव मुझे बहोत पसंद आया.

IMG-20200717-153106.jpg


में उसके पास पहोचा टावल में मेरा तम्बू उसे साफ दिख रहा था. हल्का सा hi उजाला था. रत होने hi वाली थी. मेने ेराम की कमर को अपने हाथो से जकड लिया.. ेराम ने भी मेरा टावल खींच लिया. में पूरा नंगा था. ेराम ने अपना एक पाव ऊपर रीलिंग पे रखा. मेने थोड़ा सा छुक कर उसकी छूट के मुँह पर अपना लैंड का मुँह रखा और एक झटका मारा. ेराम हिल गई.

ेराम ; आउच ससस.....

ेराम ने अपने दोनों था मेरे कंधे पर रख दिए. में ेराम को झटके मरने लगा. मुझे बहोत मजा आ रहा था. ेराम भी खुश हो गई. मेने ेराम के दोनों बूब्स पकड़ लिए और जोर जोर से भिचने लगा. उसने ब्लाउज उतरा नहीं था. ेराम आज बार बार एक्साइट हो रही थी. में थोड़ा रुका और दोबारा सुरु हो गया. इस बार हमारा प्रोग्राम कुछ ज्यादा hi चला काफी देर तक हमने चुदाई की हम दोनों साथ hi ज़द गए.

ेराम ; कुछ खाना नहीं हे क्या.

में ; चलो अंदर.

ेराम आकर बाद पे hi लेट गई वो मुझे hi देख रही थी.

IMG-20200717-153345.jpg


मेने खाना ऑर्डर कर दिया. वो मुझे hi देख रही थी.

IMG-20200717-152759.jpg


में ; ऐसे क्या देख रही हो.

ेराम ; सोच रही हु की तुम्हारी तीन बीवियों में से एक से भी तुम्हारी शादी नहीं हुई होती तो सायद में तुम्हारी बीवी होती. तुम क्या सोचते हो.

में ; तुम बहोत हॉट हो. में सोचता की तुम मेरी पडोशन होती तो में तुम्हे कैसे पटटा.

मेरी बात सुनकर ेराम जोर जोर से हसने लगी.

IMG-20200717-152549.jpg


माधुरी भी वह मुंशी के निचे अपनी हवस की प्यास मिटा रही थी. सूखा फिर से इंतजार कर र्ष था की माधुरी कब वापस आएगी. ादः को नींद आ चुकी थी. मोनार्क जग रहा था. घसीटा और जग्गू सो रहे थे. ादः के हड़फोन चालू थे. मोनार्क जहा जहा ादः ने कैमरा लगाए थे वो सब जगह बरी बरी से स्क्रीन पर देख रहा था. उसे एक स्क्रीन पे कुछ दिखा वो चौक गया.

मोनार्क ; ये साली कोण हे.

images-14.jpg


मोनार्क ने स्क्रीन में देखा. कोई मस्त सेक्सी औरत को कोई जवान मर्द पेल रहा हे. मोनार्क घसीटा को उठता हे.

मोनार्क ; चाचा ू चाचा.

घसीटा ; क्या हे रे तेरी बरी हे 2 घंटे भी नहीं जग सकता क्या.

मोनार्क ; चाचा ये देखो नींद आप की भी उड़द जाएगी.

घसीटा ने स्क्रीन पे नजर डाली तो उसकी भी फैट के 4 हो गई.

घसीटा ; ये साली तो जवान मॉल हे. नई लोडे से ठुकवा रही हे.

images-20.jpg


मोनार्क ; चाचा ये कोण हो सकता हे? और ये भी कोई नौकरानी हुई तो.

घसीटा

घसीटा ; ये या मुंशी की बीवी या फिर ये लाला की बीवी होगी. और ये जो उसे पेल रहा हे ये घर का नौकर होगा.

मोनार्क ; अच्छा आप ज्यादा जानते हो. कोई बहार से आया उसका बॉयफ्रेंड भी तो हो सकता हे.

घसीटा ; सोच तो तेरी सही हे लेकिन में शाम को इसे घर का काम करते देखा. इस लिए बोलै ये घर का नौकर hi हे.

मोनार्क ; फिर ये. ये तो नौकरानी भी हो सकती हे.

घसीटा ; जब गरीबी होती हे तो सुंदरता भी छिप जाती हे. और पैसा हो तो भद्दा भी सुन्दर लगने लगता हे. सब पेसो का खेल हे गुरु.

मोनार्क ; बात सही हे चाचा लेकिन पता तो लगाना पड़ेगा.

दोनों स्क्रीन पे कइल देख रहे थे. रामु नींद से उठ गया और चुपके से दबे पाव जा कर जिस रूम में सेक्स सीन चल रहा था. उस रूम की विंडो पे पहोचा. उसका पीछा करने के लिए ादः भी उठी और वो भी उसका पीछा करते हुए वह पहोच गई. रामु विंडो पे छुपके अंदर का हॉट सीन दिख रहा था.

images-17.jpg


रामु ने अपनी धोती में हाथ डाला और अपना लैंड हिलने लगा. ादः पीछे से आई और उसके कंधे पे हाथ रखा. रामु एक डैम से दर गया. उसने पीछे मुड़के देखा तो वो ादः थी.

ादः ; यहाँ क्या देख रहे हो काका???

रामु ; छुप छुप धीरे बोल.

घसीटा और मोनार्क भी वो देख रहे थे. वो जिस विंडो पे खड़े थे वह जो गैलरी थी. उसमे एक ज़ूमर लगा था. उसमे से मोनार्क और घसीटा ादः और रामु को देख सकते थे. लेकिन सिर्फ पीठ का हिस्सा. ादः रामु के पीछे कड़ी थी. वो रामु के एक कंधे पर अपने दोनों हाथ तक कर अंदर का सीन देखती हे. रामु ादः के आने से मुट्ठ मरना छोड़ दिया. ादः के बूब्स रामु की पीठ पर चुबने लगे. रामु का ध्यान ादः पे तो कभी अंदर जाता हे. ादः ने जब अंदर का सीन देखा तो उसके बदन में भी चीटिया रेंगने लगी.

images-13.jpg


रामु भी अंदर hi देख रहा था. ादः ने रामु के लैंड पे हाथ रखा. रामु एकदम से पीछे देखा. ादः ने बस एक स्माइल दी. रामु भी स्माइल देने लगा.

ादः ; चाचा अंदर बहोत गरम मशाल हे चलो पहले ये देखते हे.

रामु और ादः दोनों वही पोजीशन में अंदर देखने लगे. ादः बहोत धीरे धीरे रामु के लैंड को ऊपर से निचे तक आगे पीछे करने लगी. रामु की आंखे बंद चालू होती रही.

मोनार्क ; सेल ये दो क्या कर रहे हे वह.

घसीटा ; रे ऐसे hi खबरे हासिल होती हे. तू जल काम और चुप कर मेडम को मौका और हालत संभालना आता हे.

ादः उनकी बाटे अपने कण में लगे एयरिंग्स वाले हेडफोन से सुनती हे. और स्माइल करती हे.

मोनार्क ; ये हे कोण इस से पूछो????

मोनार्क रोने केसा मुँह बना कर पूछता हे. उसकी जलन से ादः को बहोत मजा आता हे. ादः रामु के लैंड को आगे पीछे करती हे. उसकी सांसे भी तेज़ हो गई. ादः कल रत से hi रामु की छेड़ छड़ से गरम हो गई थी. मगर वो गलत नहीं करना चाहती थी. ादः को मज़लूम था. रामु एक दिन में सिर्फ एक बार hi कर पाएगा. ादः की गरम सांसे रामु को अपने कंदो पे महसूस हुई लेकिन उसका ध्यान सिर्फ अंदर जो औरत थी उसके फेस पे hi था.

images-22.jpg


उसके रसीले लिप्स. लिप्स के ऊपर का टिल, उसकी बड़ी बड़ी काली आंखे वो चादर के अंदर अपना बार बार बदन छुपा रही थी.

मोनार्क ; अरे पूछो न. साली उस से चिपक के कड़ी हे.

ादः ; चाचा ये हे कोण.

रामु ; ससस थोड़ा धीरे से हिलाओ मेरा जल्दी निकल जाएगा. में उसे पूरा देखना चाहता हु.

रामु की बात सुनके मोनार्क को ज्यादा गुस्सा आया.

मोनार्क ; ये साली प्यार मुझसे कर रही हे और लैंड उसका हिला रही हे.

ादः स्नैल करती हे जो मोनार्क को दीखता नहीं हे. ादः ने थोड़ी स्पीड और बब्ध दी. रामु को बहोत मजा आ रहा था. ादः भी अपनी नशीली आवाज में बोली.

ादः ; ससस बोलो न चाचा.

मोनार्क ; सुनले आज अगर इस से छुड़वाया तो में तुमसे शादी नहीं करंगा. यही कुआ हे. उसमे कूद के अपनी जान दे दूंगा. है बता दे रहा हु.

ादः उसकी बात सुनकर थोड़ी और स्पीड बढाती हे.

ादः ; ससस बोलो न चाचा ये कोण हे. पूरा दिन तो घर का कोई दिखा नहीं.

रामु ; अंदर जो औरत थी उसका फेस देखते हुए बोलै.

images-21.jpg


रामु ; सससस ये शर्मिला हे. बड़ी मालकिन मेरा सच्चा प्यार.

ादः ; क्या तुम्हारा प्यार.

रामु ; ससस अह्ह्ह्ह.... है.... में इस से जवानी से प्यार करता हु. सससस पर साली दुसरो से चुदवाती हे. मुझे आज तक घास भी नहीं डाला.

ादः ने थोड़ा जोर जोर से उसका लैंड हिलाया रामु की आंखे बंद हो गई उसे सिर्फ शर्मिला का फेस hi जहँ में आया और ढेर साडी पिचकारी सामने विंडो पे गिर गई. कुछ बिच विंडो पे कुछ उसकी बहार की तरफ दीवार पे. ादः का हाथ भी चिकना हो गया. ादः फिर भी उसके मुरझाए लैंड को हिलने लगी.

रामु ; (आंखे बंद) अब बस करो. मेरा हो गया. ये हे बड़ी मालकिन. हमारे बड़े मालिक शेठ लाला चाँद की बीवी.

ादः ; आप अंदर चलो में अंदर आती हु.

रामु ; साथ hi चलो.

ादः ; अरे बाबा हाथ तो धो लू.

रामु ; है है जल्दी आ जाओ. कोई देख लेगा तो नौकरी गई.

रामु अंदर चले गया. ादः ने अपना जो हाथ साफ था. उसे अपने कण पर रखा और बोली.

ादः ; बेवकूफी मत करो मोनू. उसे यहाँ ठंडा नहीं की होती तो तेरी होने वाली बीवी पे वो जा कर चढ़ गया हॉट. और उसी छूट को तुजे रोज चेतना पड़ता.

घसीटा सुन कर स्माइल करता हे. मोनार्क ने देखा. उनकी बातो का मजा घसीटा ले रहा हे तो वो रोनी सूरत से बोलै.

मोनार्क ; बस कर बेशर्म चाचा सुन रहे हे.

ादः ; ोय कोनसे चाचा???

मोनार्क ; घिसता चाचा.

ादः ; बापरे ....

ादः तुरंत वह से बहार वाले नल पे जा कर हाथ धोती हे. हेडफोन ऑफ कर के अंदर रामु के बगल में लेट गई. ादः अपने हाथो से रामु की चेस्ट पे हाथ घूमती हुई बोली.

ादः ; कुछ बताओ न चाचा. आप के प्यार के बारे में. घर के लोगो के बारे में. क्यों आप दुखी हो.

रामु ; अरे तुम सुनकर क्या करोगी.??

ादः ; तुम्हारी मदद करुँगी. तुमने नौकरी दी. पेट पलने का सहारा दिया. तुम्हे तुम्हारा प्यार दिलवा कर रहूँगा.

रामु ; सच????????

ादः ; है बाबा जैसे वो लड़का तुम्हारे प्यार को पेल रहा था वैसे तुम उसे जैम कर ठोकना. साली की एक एक हड्डी बजा देना.

रामु ; तो सुनो घर के सरे राज़.

ादः ने करवट बदली और पूरा झुक कर वेट रामु पर दाल दिया. और रामु के फेस को देखने लगी.

रामु ; में शेठ लाला चाँद के वह तब से काम कर रहा हु जब में 20 साल का था. लाला भी मेरी hi उम्र का होगा. मेरी शादी तो बचपन में हो गई थी. पर में यहाँ काम करता. मेरी घरवाली किसी के साथ भाग गई. तब से मनी शादी नहीं की. यहाँ ये लाला चाँद और मुंशी दोनों सेज भाई हे. लेकिन दोनों बड़े कमीने. अभी 4 5 दिनों से घर नहीं आए. साला कोई मिल गई होगी.

अब आती हे बरी इनकी बीवियों की. दोनों ने शादी की. सेल दोनों जबरदस्त मॉल ले कर आए हे. पताका. पहले शादी हुई लाला की. जब शर्मिला घर आई थी. उसे देखकर घर के एक एक मर्द का जीना हराम हो गया. कितनी सुन्दर हे वो. में उस से उस वक्त से प्यार करता हु. शादी के एक साल भी नहीं हुआ एक रत मेने घर के ड्राइवर से छुड़वाते देखा. फिर कभी कोई नौकर, वॉचमन, सब को उसने अपनी जवानी का रास पिलाया, सिवाय मेरे और छोटे मालिक.

ादः ; छोटे मालिक नॉन???

रामु ; अरे लाला का छोटा भाई मुंशी चाँद.

ादः ; अच्छा लेकिन उसे क्यों नहीं फांसी.

रामु ; क्यों की लाला जनता हे. उसका भाई एक no का कमीना हे. वो तो शर्मीला और लाला की बेटी को पेल चूका हे. एक दिन पकडे गया था.

ादः ; अच्छा तो मुंशी पे लाला को भरोसा नहीं हे?

रामु ; है उसने शर्मीला पे नजर रखने पता हे किस को चुना???

ादः ; किसको????

रामु ; वही जो मेरे मॉल को पेल रहा था टीपा. लाला का खास चमचा. लेकिन उसे पता नहीं हे की ुशी की बीवी को उसका खास चमचा hi पेल रहा हे. शर्मिला तो चुदकड़ हे. पर साली मुझे hi पेलने नहीं देती. साली को मुझसे पता नहीं क्या जलन हे.

ादः ; अच्छा तो लाला ने दूध की रखवाली के लिए बिल्ली को hi चुना वह क्या बात हे.

रामु ; है वही तो.

ादः ; तो लाला और शर्मीला की बेटी को मुंशी ने कैसे पटाया???

रामु ; वो लालची हे न. साली को लाला कोई पैसे देता नहीं. साला कजूस हे. और वो कॉलेज पढ़ने जाती हे फुल फेस्टिव में रहती हे.

ादः ; कोण हे वो??.

रामु ; स्वीटी नाम हे उसका 16 साल की पटाखा मॉल हे. साली वही छोड़ने मिल जाए तो मजा आ जाए.

ादः ; मिलेगी दोनों माँ बेटी तुमसे छुडवाएगी ये मेरा वादा हे.

रामु ; सच में.

ादः ; है आगे बताओ स्वीटी को कैसे पटाया.

रामु ; स्वीटी छोटी थी 14,15 साल की तब से hi 100 रूपए के लिए अपने चाचा का लैंड चुस्ती थी. 16 की हो गई तो 500 रूपए ले कर पूरा चुदवाती. मेरी पगार तो घर भेजनी पड़ती हे. एक बार मेने 500 की नॉट दिखाई तो बोलती हे 5000 चाहिए.

ादः ; साली ने रत बढ़ा दिया क्या???

रामु; अरे साली को पता हे में उसे पेलने के लिए हर महीने पैसे बचा रहा हु. 2000 हे मेरे पास हर महीने 500 बचता हु.

ादः ; वो तुजसे छुडवाएगी भी और पैसे भी देगी.

रामु : ऐसा कभी नहीं हो सकता. साली नोकरो के सरे पैसे वही लूट लेती हे.

ादः ; और मुंशी केसा हे.

मुंशी ; वो एक no का कमीना. उसकी बीवी कल्पना भी मॉल हे. शर्मीला की उम्र की दोनों चहेरी बहन हे. दोनों एक दूसरे की दुश्मन. लेकिन भाइयो में आपस में पुअर हे. बस अपनी बीवी एक दूसरे को पेलने नहीं देना चाहते.

ादः ; तो कल्पना सरीफ हे.

रामु ; सरीफ मेरा लैंड. वो फांसी हे लाला से.

ादः ; क्या ये हजम नहीं हुआ.

रामु ; है ऋ. वो ये सोचती हे की वो और लाला वक्त आने पर मुंशी और शर्मिला को रस्ते से हटा कर आपस में शादी कर लेंगे वैसे भी मुंशी की कोई बचा नहीं हे. लेकिन लाला में उसे चीटिया बना रखा हे. जब मर्जी घर आता हे. टीपा को बोल कर अपने छोटे भाई की बीवी पेल रहा हे. और छोटे भाई को पता नहीं. लाला और कल्पना का सीन दिखा दिखा कर शर्मिला को टीपा पेल गया और मेरा प्यार छीन गया.

ादः ; मतलब घर में इतने hi लोग हे???

रामु ; है बस इतने hi बाकि तो हम 7,8 नौकर चाकर ड्राइवर, वॉचमन hi हे.

ादः पीठ की बल लेती और अंगड़ाई लेते बोली.

ादः ; है तुम तो ठंडे हो गए अब में गरम हो गई मेरी छूट तो तुम छतो.

रामु हस्ते हुए बोलै.

रामु ; मुझे ठंडा कर दिया नहीं तो अंदर दाल कर खुश करता.

ादः ; नहीं मुझे अंदर डलवाने में नहीं सिर्फ चटवाने में hi मजा आता हे चलो अब सुरु हो जाओ.

रामु अपना मुँह ादः की छूट में घुसा कर ादः की इच्छा पूरी करने लगा. ादः पड़ी पड़ी सोचती हे. मेम ठीक करती हे. ऐसे मर्द हमरी टैंगो के बिच होने चाहिए डिल में नहीं.

हर जगह चुदाई चालू थी उस रत. माधुरी मुंशी से छुड़वा कर प्यास भुजा रही थी. सुरभि और निदा को बिना कपड़ो के देख कर देश अपना लैंड हिला रहा था. ादः रामु से छूट चटवा रही थी. शर्मिला टीपा से छुड़वा रही थी. और कहानी का हीरो अभी अभी ेराम के साथ तीसरा डोर समाप्त कर के उसे बहो में लेकर सो रहा था. रत को आलिया और माँ आपस में सैर डालकर बैठे थे. माँ चकनी थी. पर आलिया को उबासी आ रही थी.

माँ ; सजा थोड़ी देर तेरा पति और वो लड़की भी सो रहे हे.

आलिया ; अरे नहीं माँ अभी तो रत के 3 बज रहे हे. आप की स्टोरी. गुलफाम का क्या हुआ??

माँ ; गुलफाम मेरा खबरि बन चूका था. में भी नफीस के साथ इश्क का नाटक खेलने लगी तक़रीबन 10 डेज हो गए थे. अभी तक मुझे जेल में जाने का कोई रास्ता नहीं मिला था.

एक शाम में बहार जुले पर आराम कर रही थी. गुलफाम मेरे पास आया. उसके हाथो गुलाब थे. गुलफाम को रत कई बार उसका बिस्तर गरम कर चुकी थी. क्यों की में उसपर भी भरोसा नहीं कर सकती थी. वो भी मेरा सिर्फ एक मोहरा था. उसका ितस्तामल कब किया जाए वो मुझे अभी भी पता नहीं था. उसके बिज़नस की खबरे मेरे कोई काम की नहीं थी. नफीस मुझे कई बार उसके घर बुला कर भोग चूका था. हलाकि वो नामर्द नहीं था. उस रत शराब उसे ज्यादा चढ़ गई थी. नफीस को भी मेरी आदत होने लगी थी. क्यों की में उसे इरोटिक फीलिंग दे रही थी. जूनियर गरीब की बीवी का चक्कर एक जेलर नफीस से. उसे में जित की ट्रॉफी लगती थी. गुलफाम मेरी तरफ आया और मेरे हाथो में गुलाब थमा दिया.

गुलफाम ; मोहतरमा आप के आशिक ने ये फूल भेजे हे. कहे रहा था उसकी बीवी कुछ दिन के लिए मायके गई हे कल मौका मिलते hi आ जाइये.

में उस वक्त लाल निघ्त्य में जुले पर लेती हुई थी. में बैठी और गुलाबो को सूंघते हुए बोली.

images-5.jpg


माँ ; है ससससस मेरे आशिको की क़तर लम्बी होती जा रही हे.

गुलफाम ; मोहतरमा आप हो भी तो नायब आप को एक बार प् कर भी डिल कहा भरता. कोई भी आप के लिए जान दे देगा.

में जुले पर लेट गई. और अपनी नशीली अदाओ से उसे रिझाते हुए बोली.

IMG-20200719-163627.jpg


माँ ; गुलफाम सब ये साडी ताखिया नसी बाटे हे. कोई किसी के लिए जान नहीं देता. में कभी किसी पे भरोसा नहीं करती.

गुलफाम ; लेकिन में आप पे करता हु महोतरमा. आप सायद मुझपर यकीं नहीं करती लेकिन मेरे अबू की मौत का बदला सिर्फ आप ले सकती हे.

माँ ; वो कैसे.

गुलफाम ; मेरे अब्बू अपना परिवार ले कर पडोसी मुल्क से आए थे. में सायद उस वक्त 1 या 1.5 साल का था. उस वक्त नफीस एक सूबेदार था पुलिस का. अब्बू के पास कोई काम नहीं था. हमने लाहौर में एक माकन किराए पर लिया. एक बड़ा नवाब था जसलालुदीन. उसके वह मेरे अब्बू को काम मिल गया. ये नफीस भी वही आता जाता था. नफीस ने मेरे अब्बू को सरब पिलाई और घर के राज़ जान ने लगा. उसने बताया गरीबी से लड़ना हे तो हाथ साफ करना होगा. दोनों ने हाथ साफ किया. वो तो बच गया. पर मेरे अब्बू फास गए.

अब्बू को जेल हो है. नफीस ने अब्बू से कहा. तुम्हारी बीवी को तुम्हारे हिस्से का पैसा में दे दूंगा. मुँह बंद रखना. वार्ना पैसे भी जाएंगे. और हम दोनों हवालात काटेंगे. कोई फायदा नहीं उल्टा नुकशान hi होगा. मेरे अब्बू मन गए. उन्होंने अपना मुँह बंद कर दिया. लेकिन उस कमीने नफीस ने मेरे अब्बू जेल में hi मरवा दिया. अब में सिर्फ आप की आस में हु आप मेरी मदद कर सकती हो.

अँधेरा हो चूका था. में अब भी जुले पर लेती हुई थी. वो गुलफाम. मेरे पास बेथ गया. मेरे पाव के पास उसके हाथ मेरी निघ्त्य के निचे से हाथ अंदर जाने लगे. धीरे धीरे वो घुटनो से ऊपर बढ़ चूका था. जैसे मेरी जंगो पर कुछ कीड़े चल रहे हो. मेने उसका हाथ पकड़ लिया.

माँ ; में खुद उसका कतल कर दू तो तुम्हारे लिए में क्या मैंने रखती हु.

गुलफाम ; महोतरमा आप से इश्क फरमाना मेरी हैसियत नहीं हे. में तो बस परदे के पीछे आपको खुश कर सकता हु बस.

माँ ; उसकी कोई जरुरत नहीं हे. मुझे जोई जिसम की भूख नहीं हे. मेरा भी एक काम हे जिसे पूरा करने में तुम मेरी मदद कर सकते हो.

गुलफाम ; वो क्या हे.

माँ ; अंदर तुम्हारे मुल्क का hi एक केडी हे. उसे आज़ाद करवाना हे.

गुलफाम ; तोबा तोबा. पहले hi यहाँ हमें मुहाजिर कहते हे. और बदनाम हुए तो दुनिया वैसे hi मर देगी.

माँ ; जिस मुल्क ने तुम्हे आज तक नहीं अपनाया उस मुल्क के लोगो की तुम्हे परवाह हे. आखिर हे कोण तुम्हारे पीछे.

गुलफाम ; क्या आप भी उसी मुल्क की तो नहीं???

माँ ; नहीं मेरे अबू अम्मी उस मुल्क के थे. में भी तुम्हारी तरह मुहाजिर हु. लेकिन उस परदेसी ने मेरा डिल चुरा लिया. एक रत वो मेरे साथ रुका था. उसे आज़ाद करवाओ मेरी मदद करो. में तुम्हे दौलत भी दूंगी और तुम्हे बचा भी लुंगी. साथ तुम्हारे लिए उस बद्ज़ात नफीस का कतल भी करुँगी.

मेने उसे ये नहीं बताया जिस मुल्क से उसके माँ बाप आए हे में भी उसी मुल्क की जासूस हु.

गुलफाम ; महोतरमा. खोने के लिए तो कुछ हे नहीं. फिर एक देव खेलने में हर्ज क्या. गुलफाम आप के लिए जान की बाज़ी लगेगा. मौत भी आजाए तो कोई गम नहीं

तब मेने मशःउस किया. कोई अपने मुल्क से कितनी भी गाडरी कर ले कही न कही अपने डिल में उस मुल्क की मिटटी के लिए महोब्बत तो रहती हे.

माँ ; फिर मुझे जेल में जाने का रास्ता दिखाओ.

गुलफाम ; क्या दोबारा अपने पाव में घुँघरू दाल सकती हो.

माँ ; कुछ भी कर सकती हु.

गुलफाम ; फिर कुछ hi दिनों में आप का मुजरा उसी जेल में होगा. आप नाचोगी उसका बिस्तर भी गरम करोगी. में सुरंग बना न सुरु करता हु. में जेल के एक केडी को जनता हु जो कई बार फरार हो चूका हे. अभी वो बहार hi हे. बस उसके लिए एक खूबसूरत बाला की जरुरत होगी.

माँ ; कब मिल सकता हे वो.

गुलफाम ; मिलवा तो में अभी hi सकता हु पर नवाब सब आ गए तो.

माँ ; वो कराची से रत 2 या 3 बजे तक पहोचेंगे.

गुलफाम ; फिर चलिए उसे शादी शुदा ोर्टो का बहोत सोख हे. आप तो बड़े घर की हे. उसे तो आज तक गायब घर की hi हाथ आई हे.

माँ ; (स्माइल) चलो उस गरीब को भी में अपनी रहमत दिखाउंगी. उस गायब पे गरीब की बीवी की रहमत.

हम दोनों हसने लगे. बंद कमरा कर के चोरी से हम दोनों बहार आए. मेने चेंज कर लिया था. एक साड़ी पहन ली. क्यों की वह पैसे वाले लोगो की बीविया ज्यादातर साड़ी hi पहनती हे. मेने एक लिफाफे में उस नफीस के दिए हुए गुलाब भी रख लिए. एक टंगे में हम जाकर बेथ गए. वो मुझे एक जगह पे ले गया एक तंग गली थी. रत अँधेरा कोई स्ट्रीट लाइट नहीं थी. वो मुल्क हमारे मुल्क से तक़रीबन 10 साल पीछे हे. टूटी हुई रोड. न बिजली न पानी. हम एक गली में गए अंदर काफी अंदर एक माकन था. अच्छा खासा माकन था.

गुलफाम ; में अंदर जाता हु. बात करता हु. वो तुम्हे देख कर वही मांगेगा तुम तुरंत मत मन जाना जब तक वो वादा न करे िलियाज़ भाई वादे का पक्का हे.

माँ ; तुम उसकी फ़िक्र मत करो में सब संभल लुंगी.

वो अंदर गया. में दरवाजे के पास कड़ी हो कर अबदार क्या बाटे चल रही हे वो सुनती रही.

िलियाज़ ; आओ आओ गुलफाम भाई क्या हल चल हे.

गुलफाम ; सलाम भाई जान एक काम लाया हु. लेकिन आप को पूरा करना hi होगा.

िलियाज़ : अरे अरे बैठो मेरे साथ जैम पियो गोष खाओ. कहो तो किसी सबब के पास ले चालू.

गुलफाम ; नहीं भाई जान आज नहीं फिर कभी. आज तो आप से कुछ अलग hi काम हे.

िलियाज़ ; ठीक हे बताओ.

गुलफाम ; एक औरत हे. उसके शोहर को नफीस ने फसा लिया हे. अभी वो जेल में हे. आप को सुरंग बना कर उसे निकलना होगा.

िलियाज़ ; अरे पहले कोण हे वो औरत उसे मिलवाओ.

गुलफाम ; बड़े घर की हे. 50,000 रूपए देने को राज़ी हो गई. कंबस्खत नफीस उसकी बीवी के पीछे पड़ा हे.

िलियाज़ ; बड़े घर की हम्म्म्म फिर तो बहोत खूबसूरत होगी.

गुलफाम ; है मगर वो वैसी नहीं हे. बहोत सरीफ हे.

िलियाज़ ; अरे मेरे भाई बदमाश तो मुझे चाहिउए hi नहीं. मुझे तो खुबशुरत शादी शुदा hi पसंद आती हे. तुम्हे पता तो हे. मुझे कभी किसी रंडी के पास जाते देखा हे.

गुलफाम ; बेचारी मजबूर हे. उस पर तरस खाओ.

िलियाज़ ; पहले देखो तो सही.

गुलफाम ने मुझे आवाज़ दी. मेने वो लिफाफे में से वो फूल निकले और अंदर आ गई. मुझे ऐसे देख के तो गुलफाम भी चक्कर खा गया. उसने इस अंदाज़ के लिए मुझे मन किया था. पर में अपना अंदाज़ कभी नहीं छोड़ती. में अंदर आई उन दोनों मर्दो की निगाह मुझपर थी.

images-8.jpg


मुझे देखा तो िलियाज़ देखता hi रहे गया.

िलियाज़ ; वह वह वह. माशा अल्लाह क्या खूब तरसा हे खुदा ने तुम्हे. या तुम कोहिनूर हो या जन्नत से उत्तरी कोई हूर

मेने अपनों नज़रे नीची कर ली जैसे में बहोत मायूस हु. उसकी नजर तो मेरे फेस पे hi थी. वो अपनी नजर हटा hi नहीं प् रहा था.

images-12.jpg


िलियाज़ ; पता नहीं चल रहा किसे ज्यादा खुबशुरत संजू आप के हाथो में जो गुलाब हे. या आप खुद. वह आइये थोड़ा और मेरे करीब तो ासिये.

माँ ; ये फूल तो बस एक जरिया हे. मोहोब्बत का. या खुदा से हो या अपनी माशूका से या किसी दर पे चढ़ा दो जहा तुम इनायत से दुआ करते हो. या फिर किसी की बंदगी करते हो या फिर किसी मुज जैसी हसीना से मसहोब्बत. में आप के दर पे ये फुल चढ़ा रही हु

इस फूल को काबुल कर के मेरी अरज़ सुन ने की रहमत दीजिये. बस यही दरख्वास्त हे.

िलियाज़ ; इस फूलो की खुसबू अपने जहँ में उतरे.

मेने उन फूलो को सुंघा. वो मुझे hi देख रहा था.

images-14.jpg


िलियाज़ ; बस अब ये फूल काबुल हो चुके फरमाइए मुझसे क्या मदद चाहिए.

माँ ; मेरे शोहर जेल में हे. उन्हें फसाया गया हे. आप तो अंदर से बहार अपनी खला के घर के जैसे अंदर बहार आते जाते हे. मेरी मदद करे में आप को पेसो से टोल दूंगी.

िलियाज़ ; पैसा है है है है......

वो जोर से हसने लगा.

िलियाज़ ; कितना पैसा चाहिए. आप एक रत मेरी हो जाए जितना आप मुझे देने वाली थी. उसका में दो नहीं तीन गुना दूंगा.

में रोने लगी.

माँ ; मेरे शोहर की जान खतरे में हे. आप कुछ तो रहें कीजिये.

िलियाज़ ; हम्म्म मदद तो में कर दूंगा मगर.

गुलफाम ; मगर क्या भाईजान.

िलियाज़ ; महोब्बत करती हो अपने शोहर से!???

माँ ; है अपने आप से भी ज्यादा.

िलियाज़ ; फिर उसे बचने की किम्मत 2 घंटे के लिए मेरे साथ बिस्तर पे गुजरने होंगे.

गुलफाम ; ुए क्या कह रहे हो भाई जा.....

इलियास ; बस..... एक अल्फ़ाज़ और नहीं. जो मेने कह दिया तो कहे दिया. में वादा करता हु आप मायूस नहीं होगी.

में रोटी हुई बोली

माँ ; और आपने वादा तोड़ दिया तो.

िलियाज़ ; िलियाज़ का वादा हे कोई वक्त बदलता मौसम नहीं. तुम्हारे शोहर को बहार भी निकलूंगा और तुम्हारे पास भी पहोचा दूंगा.

में उसके सामने देखती hi रही. मेरे चहेरे पे मायूसी वाले भाव थे वो खड़ा हुआ और मेरा हाथ पकड़ कर मुझे उसके एक बाद तक ले गया. गुलफाम भी वही था.

िलियाज़ ; गुलफाम तुम कुछ देर बहार इंतजार करो.

वो बहार चले गया. वो फुल अब भी मेरे हाथो में थे. वो मुझे बीएड के पास तक ले गया. वो बाद पे का कर लेट गया. में उसके पाव की तरफ हाथो में वो फुल लिए कड़ी उसे रोनी सूरत बनाए देखती रही.

IMG-20200719-163446.jpg


मुझे ये तो गुलफाम ने बता दिया था. उसे शादी शुदा ोर्टे ज्यादा पसंद आती हे. पर वो भी नहीं जनता था. शादी शुदा ओरतो को मजबूर कर के रोनी सूरत में सेक्स करना उसकी फंतासी थी. सायद ये बात खुद िलियाज़ भी नहीं जनता था. उसने मेरी साड़ी का पलु पकड़ा और आहिस्ता आहिस्ता खींचने लगा. में बस नजरे निचे कर के उसे सब करने दे रही थी. मेरी आँखों में आंसू थे. जो उसे बहोत पसंद आ रहे थे.

जैसे उसने पल्लू पकड़ा मेरे चेस्ट से साड़ी हैट गई. ब्लाउज में मेरे बूब्स देख के वो ललचा गया. मेने रोनी सूरत से अपनी चेस्ट पे हाथ रख दिया. वो हस्ते हुए साड़ी खोच रहा था. में कमर में साड़ी बंधी होने के कारन गोल गोल घूमने लगी. जितना में सरमाती रोटी उतना उसे मजा आ रहा था. मुझे उसे ऐसे hi खुश करना था. जब साड़ी उतर गई. में अपने घाघरे में और ब्लाउज में अपने हाथो से अपने बूब्स को छुपाए निचे देख रही थी. उसने मेरा हाथ पकड़ा और बाद पे खींच लिया.

में उसकी बहो में गिरी. वो मुझे चूमने मशलने लगा. में सिर्फ रोटी रही. उसे कोई फर्क नहीं पड़ता उल्टा उसे और मजा आ रहा था. वो मुझे लेता कर ऊपर से निचे तक चूमने लगा वो मेरी पाव की तरफ आ कर बेथ गया.

िलियाज़ ; अपना छुपा खजाना दिखाओ जानेमन.

उसने मेरे घाघरे को उठाया और मेरी छूट देखने लगा.

िलियाज़ : वह कितनी खुबशुरत हे. पता नहीं मेरे माहौल की ओराते अपने बल क्यों नहीं साफ करते. तुम्हारी कितनी खुबशुरत हे.

िलियाज़ ने सीधा अपना पजामा उतरा और अपना हथियार ले कर मैदाने जंग में उतर गया. वो मेरी सुखी छूट पे hi अपना लैंड रख कर जोर से दबाव बनाया. में चिल्लाई.

माँ ; अह्ह्ह उफ्फ्फ्फ़ थोड़ा रहममममम ससससस.

इलियास ; हआ हां रहें की कीमत तुम्हारे शोहर की आज़ादी हे मोहतरमा.

वो अपना लैंड मेरी सुखी छूट में दाल कर हिलता रहा. में छीलते हुए रोने लगी. मेरे अंशु भरा चहेरा उसे बहोत पसंद आ रहा था. कुछ देर तक तो में रोटी रही पर बाद में मेरी छूट गीली हो चुकी थी. मेरा सिसकना काम हुआ तो उसने मेरे गाल पे एक तपाद रसीद कर दिया.

िलियाज़ ; चुप क्यों हो गई. चिलाइये गीध गिड़ाइये मुझे तुम्हारी चीख बहोत पसंद हे.

में इतना जोर से चीखी की बहार खड़ा गिल्फाम भी कप गया.

माँ ; नाहीईईई बस कीजिये मत मारिये मुझे.

में रोने लग गई उसे मजा आ रहा था. कुछ वक्त बाद वो मेरे अंदर hi ज़द गया. बहोत देर तक वो मुझे देकता रहा हस्ता रहा. उसे बहोत मजा आया. मुझे दर्द देकर. में रोटी hi रही.

िलियाज़ ; में फारिग हो चूका मोहतरमा आप का शोहर परसो तक आप के पास होगा ये मेरा वादा हे. कपडे पहन ले आप.

में वह से वैसे गई जैसे मेरा बलात्कार हुआ हो. क्यों की उसे मेरी रोनी सूरत ज्यादा पसंद आई थी.

आलिया ; तो क्या उसे ोर्टो को रुलाना पसंद था.

माँ ; है बस आगे का किस्सा में बाद में सुनाऊँगी अब तू सजा.

माँ ने जबरदस्ती आलिया का सर अपनी गॉड में रख दिया. आलिया में माँ का एक बूब्स दबा दिया.

माँ ; नालायक अपनी माँ से ऐसी मस्ती चल कड़ी हो वह जा.

आलिया हस्ती हुई माँ की बहो में जबर दस्ती घुस गई. माँ ने उसे अपनी गोदी में सीने से लगा लिया माँ का ध्यान उसी विंडो पे था. जिस विंडो से वो तपन पे नजर रख रही थी. आलिया उसकी गॉड में कब सो गई खुद आलिया को तक पता नहीं चला.

सुबह ादः बहार जादू निकल रही थी तब बहार शर्मिला आई.

images-10.jpg


शर्मिला ; लड़की तू कोण हे?????
 
Back
Top