- Joined
- Dec 5, 2013
- Messages
- 140,839
सुबह मेरी नींद खुली सायद 6 बज रहे थे. मेरा टाइम ख़तम हो चूका था. मेरे पास कोई नहीं था. में दे बै ढूढ़ने लगा. में खड़ा हुआ ेराम अब भी वो hi कपड़ो में थी. ब्लाउज और घाघरे में.
में ; गुड मॉर्निंग.
ेराम ; गुड मॉर्निंग.
में ; वैसे 6 बज चुके हे अब मुझे चलना चाहिए.
ेराम ; प्लीज मत जाओ न. तुम्हारे बिना अच्छा नहीं लगेगा.
में ; वैसे मेने वादा सिर्फ एक रत का किया था. में तीन बीवियों का पति हु.
ेराम ; मुझे इंतजार रहेगा.
में ; किस चीज का ???
ेराम ; सायद 4 तह no मेरा हो.
में ; ये कभी नहीं हो सकता.
ेराम ; वो क्यों.
में ; वो इस लिए की मेने तो सिर्फ एक चुनी थी. लेकिन उस एक ने 2 और चुन ली.
ेराम ; हम्म्म फिर तो मेरा कोई चांस नहीं हे. क्यों की वो तीनो में से कोई भी मुझे पसंद नहीं करती.
में ; ok बी फिर मिलेंगे.
ेराम ; (स्माइल) मुझे इंतजार रहेगा.
में वह से चले गया. में जब रूम में आया तो शिल्पा और आलिया तैयार बैठे थे. दोनों का मूड ठीक नहीं था. सायद दोनों लड़ाई के मूड में थे.
शिल्पा ; आलू अख़बार में एक नोटिस छपवानी हे.
आलिया ; क्या दीदी.
शिल्पा ; यही की बीवियों की भर्ती चल रही हे. जिसे हमारा पति पसंद आए वो रत गुजरने आ सकता हे.
आलिया ; शर्त क्या होगी दीदी??
शिल्पा ; स्मार्ट सेक्सी हॉट.
आलिया ; वो क्यों दीदी.
शिल्पा ; क्यों की तू देख न में हॉट हु न तू. हम क्या किसी का डिल बहेला सकते हे. किसी को खुश रख सकते हे.
मुझे दोनों मिलकर खूब तने मर रहे थे. दोनों का मूड बहोत ज्यादा ख़राब था. ये दोनों तो सायद जगद भी जाते. पर उनकी माधुरी से फैट टी थी. में सीधा बाथरूम में चला गया फ्रेश हुआ नहाया धोया. रेडी हो कर बहार आने वाला था तो शिल्पा और आलिया की चुप चुप बाटे सुनाई दी.
शिल्पा ; यार उन्हें ज्यादा गुस्सा मत दिलाना.
आलिया ; आप hi पीछे पद गई सुबह सुबह. सारा मूड ख़राब कर दिया मेरे जणू का. कुछ खाने पिने को भी नहीं पूछा.
शिल्पा ; आहे है है. बड़ी आई मेरे जणू वाली. तेरे अकेले के हे. मेरे कुछ नहीं. अब सोच उस से दूर कैसे रखे.
आलिया ; खिदमत करो उनकी तो सायद उस पे ध्यान न जाए.
शिल्पा ; ये खिदमत क्या होती हे.
आलिया ; अरे बाबा सेवा.
शिल्पा ; ओह्ह्ह तो यु बोलना ये उर्दू वुर्दु मत बोलै कर कुछ समाज नहीं आता.
आलिया ; अब नास्ता लगाओ वो आने वाले होंगे.
में उनकी बातो को सुनके है रहा था. बिना आवाज किये. में बहार आया. सामने ब्रेकफास्ट रेडी था. दोनों सुन्दरिया रेडी थी. आलिया ने चेयर खींचकर मुझे बैठने का हिसार दिया. में बेथ गया. ब्रेड टोस्ट ोलते. बतर सब कुछ था. शिल्पा ने मेरे लिए जोश का गिलास भरा. आलिया टोस्ट पे बतर लगा कर मेरी प्लेट में रख दिया. में उन दोनों को hi देख रहा था.
दोनों मेरे अजु बाजु बेथ कर मुझे देखने लगी. दोनों के फेस पे स्माइल थी. में कभी आलिया तो कभी शिल्पा को देखता.
आलिया ; बीवी आखिर तक साथ निभाती हे गर्लफ्रेंड नहीं.
में ; लेकिन तुम दोनों तो मेरी गिर्ल्फ़रड हो.
शिल्पा ; है तो बन hi जाने वाले हे दिन कितने हे. आज रत तो हम यहाँ से निकल जाएंगे फिर वह पहोच के शादी की तयारी और क्या.
आलिया ; है में भी उसी दिन शादी करुँगी.
में समाज चूका था. वो बताना छह रहे थे की अब चलना हे घर.
में ; मतलब आज रत निकल जाएंगे???
शिल्पा & आलिया ; है.
में ; मतलब आज लास्ट दिन.
शिल्पा & आलिया ; है.
में ; मतलब आज सर्फ हम तीन इसे रूम में बिना कपड़ो के रहेंगे कोई बहार नहीं जाएगा???
शिल्पा आलिया का चहेरा खिल उठा. दोनों मेरे गले लग गई.
वह मुंशी और लाला के घर में सरे किरदार बरी बरी से दिखने लगे. ादः घर के बहार जादू लगा रही थी. अचानक पीछे से किसी ने आवाज दी
शर्मिला ; तुम कोण हो????
ादः ने पीछे मुड़कर देखा वो शर्मिला थी. ादः ने कल घर की साफ सफाई करते वक्त फोटोज में देख लिया था. शर्मिला और लाला का फोटो दीवार पे तस्वीर लगी हुई थी.
ादः ; जी में कमली में मेमसाब परसो सैम को आई काम पे रखा मुझे.
शर्मिला ; ओह्ह्ह तू तुम काम करोगी घर का. खाना बना न आता हे?????
ादः ; है मेमसाब सब आता हे. आप फ़िक्र मत करो कोई शिकायत नहीं होगी आप को.
शर्मिला ादः को घर के देखती हे. ादः समाज जाती हे. की शर्मिला थोड़ी घमंडी हे.
ादः ; आप बड़ी मालकिन हे न????
शर्मिला चौक गई.
शर्मिला ; है पर तुम्हे कैसे पता. तुमने तो मुझे देखा तक नहीं.
ादः ; वो मेडम रामु काका बता रहा था. जो इस घर में सब से सुन्दर हे वो बड़ी मालकिन हे. उन्हें गंदगी बिलकुल पसंद नहीं बस उसका ध्यान रखना तो मुझे इस बात का ख्याल आया.
शर्मिला के फेस पे स्माइल आ गई. इस घर की सब से सुन्दर. अपनी तारीफ किसे पसंद नहीं आती. वैसे शर्मिला एक no की चुदकड़ थी. उसने कभी रामु पर ध्यान hi नहीं दिया. ादः की बात से उसका ध्यान एक बार तो रामु पे गया.
शर्मिला ; है में hi बड़ी मालकिन हु. और मुझे गंदगी बिलकुल पसंद नहीं.
ादः स्माइल करते हुए सोचती हे. जब रामु से गन्दी तरीके से छुड़ेगी तब इसकी साडी गंदगी निकल जाएगी.
शर्मिला ; क्या सोच रही हो???
ादः ; मेमसाब रामु ठीक hi कहे रहा था. आप तो बड़ी सुन्दर हो.
शर्मिला ; (स्माइल) बस बस अपना काम करो. और मेरे रूम को जल्दी साफ कर देना.
ादः ; आप लोगो के कमरे तो रामु काका hi साफ करेंगे न मेमसाब.
शर्मिला ; वो क्यों तेरे हाथो में क्या महेंदी लगी हे.
ादः ; वो बात नहीं हे मेडम. रामु काका बोलते हे. आप का रूम वही साफ करेंगे. वो आप को बहोत मानते हे न मेडम इस लिए.
शर्मिला ; ओह्ह ाचा अच्छा ठीक हे.
शर्मिला सोच में पद गई उसने कभी रामु पर ध्यान hi नहीं दिया. रामु को देखने का नजरिया बदल गया. शर्मिला वह से चली गई. उसके जाते hi ादः अपने नोकरो वाले रूम में गई. और रामु को ढूढ़ने लगी. रामु अंदर नहीं था. वो उसे ढूढ़ते हुए. अंदर घर में चली गई अंदर वो कई रूम में देखने लगी. एक रूम में देखा तो एक लड़की रामु से बाटे कर रही थी वो भी हस्ते हुए. ादः उन दोनों को विंडो से देखती हे.
रामु ; बेबी मन जाओ न.
स्वीटी ; बिलकुल नहीं. मेने कहा न 5000 तो 5000.
ादः ने देखा एक मस्त लड़की गोरी चिट्टी सुन्दर 16 17 साल की तमु को अपनी आगे की गली दिखा कर तरसा रही थी. रामु की नजर उसके बूब्स जो छोटे छोटे थे. उसपर hi थी.
रामु ; आप को तो पता हे मेरी पगार भी काम हे. में हर महीना पैसे बचा रहा हु. अभी 2000 हो गए
स्वीटी ; तो 2000 में सिर्फ मुँह में लुंगी ठीक हे???
रामु नहीं नहीं आप तो बड़ी मस्त हे. ससस पूरी चाहिए हर महीने 500 500 कर के पुरे दे दूंगा.
स्वीटी ; बिलकुल नहीं. तुम्हे पता हे मुनीम चाचा ने मुझे 16 हजार वाला मोबाइल दिलवाया.
ादः को लगा ये रामु 2000 भी गवा देगा और उसकी ले भी नहीं पाएगा. स्वीटी एक लालची हे. उसे वो लाइन पे ला सकती हे. ादः बिच में विंडो से बोल पड़ी
ादः ; रामु काका वो बड़ी मालकिन आप को बुला रही हे.
रामु की फैट के 4 हो गई वो सोचता हे कही बड़े मालकिन ने अपनी बेटी से हुई बात तो नहीं सुन ली. वो घबराते हुए बोलै
रामु ; हह है है अभी आया.
रामु रूम से बहार आया. ादः की आवाज सुनकर स्वीटी कड़ी हुई तब ध्यान से ादः ने उसे देखा. वो स्माइल करते हुए ादः को देखती हे.
बिलकुल दुबली पतली लड़की. जो सरे नौकर चाकर का जीना हराम कर चुकी हे. जो पेसो की लालची हे. क्यों की कॉलेज वगेरा में जाना और वह फुल फैशनेबल लाइफ जीना हो तो पैसा चाहिए.
रामु ; है मालकिन कहा हे.
अध् ; आओ इधर.
आध रामु का हाथ पकड़ कर साइड ले गई और बोली.
ादः ; इसकी में बिना पेसो के दिलवा दूंगी तुम फ़िक्र मत करो. मालकिन के रूम में जाओ. और वह साफ सफाई करो. है कोई गलती मत कर बैठना.
रामु ; क्या यार वो तैयार हो रही थी तू बिच में आ गई.
ादः ; बेवकूफ मत बन तेरे पैसे भी ले लेगी और तुजे कुछ देगी भी नहीं. अब जा मेडम के सामने तेरी बहोत तारीफ की. और सुन आज कुछ करना नहीं बस वो पूछे उसके जवाब देना समझा.
रामु शर्मिला के रूम में जाता हे.
रामु ; नमस्ते मेमसाब.
शर्मिला की नजर रामु पे गई वो एक नशीली स्माइल से सिर्फ गर्दन है में हिलती हे. तो रामु जादू लगाने लगा. रूम का फें चालू था. इस लिए उसे जादू मरने में तकलीफ हो रही थी. ादः विंडो से अंदर ज़क के सारा खेल देखने की कोसिस करती हे. शर्मिला बाद पे लेती रामु को hi देखती रही.
शर्मिला ; रामु फें बंद कार्डो तुम्हे परेशानी हो रही हे.
रामु ; नहीं नहीं मेडम फिर आप को गर्मी लगेगी न.
शर्मिला के फेस पे स्माइल आ गई. उसे अच्छा लगा. उसे ऐसा लगा चलो घर में किसी का तो ख्याल हे मेरा. वो बस रामु को देखती रही. रामु को जादू लगाने में बहोत परेशानी हो रही थी. शर्मिला एक निघ्त्य में थी. शर्मिला कड़ी हुई और फें बंद कर दी.
रामु ; अरे मेमसाब आप को गर्मी लगेगी. आप को परेशानी होगी तो हमें अच्छा लगेगा क्या.
शर्मिला के फेस पे एक स्माइल फेल गई उसे बहोत अच्छा लगा. उसने पहेली बार रामु पे ध्यान दिया था.
शर्मिला ; कोई बात नहीं रामु. तुम जल्दी जादू लगा दो.
रामु फटाफट जादू लगाने लगा. शर्मिला उसे देखती hi रही रामु जादू लगा कर बहार आया तो ादः उसे स्माइल करती दिखाई दी. रामु ने ादः को बहो में भर लिया.
ादः ; अरे छोडो क्या कर रहे हो.
रामु ने उसे छोड़ दिया. रामु बहोत खुश था. उसके फेस पे एक बड़ी स्माइल थी.
रामु ; रे कमली आज तो बड़ी मालकिन मुझसे मुस्कुरा के बाटे की पता हे.
ादः ; बस इतने में खुश हो गए. अभी तो उसे बिस्तर पे भी लाना हे. अब जाओ पोछा लगो. और है तुम कुछ करना नहीं अभी.
रामु अंदर गया. उसे देख कर शर्मिला के फेस पे फिर स्माइल आ गई. ादः वह से चली गई. रामु बार बार पोछा लगते हुए शर्मिला को देखता hi रहा. शर्मिला भी नजर चुरा कर उसे देखती रही. ादः ने जो शोला भड़काया था. धीरे धीरे वो आंख मिचोली वाले खेल में तब्दील हो कर आग बन ने की शुरुआत कर चूका था. उधर ादः को एक और आखरी सेक्स से मिलने की तमन्ना थी. वो छोटी बहु कल्पना के रूम में भी जाती हे जो अपने जेठ लाला के चक्कर में थी. उसे घर के किसी भी मेंबर से प्यार तो नहीं था. बस उसे तो जहेदाद चाहिए थी. मगरमछ कहो तो उसके लिए बुरा नहीं होगा. ादः उसके रूम में गई. कल्पना कड़ी उसे देख के बोली.
कल्पना ; तुम कोण हो??
ादः ; जी मुझे परषो शाम को hi काम पे रखा हे. कल आप सारा परिवार बहार गए थे तो आप से मिल नहीं पाए.
कल्पना ; मुलाकात तुम क्या प्रिम मिनिस्टर हो क्या जो में तुमसे मुलाकात करुँगी.
ादः को ये पता चल गई की कल्पना बहोत घमंडी हे.
ादः ; नहीं नहीं मेडम वो रामु काका बता रहे थे की सबसे समज़दार....
ादः ने नै चल चली. ादः की बात सुनके कल्पना हसने लगी.
कल्पना ; क्या बता रहा था रामु?? क्या मेरी बुराई कर रहा था.
कल्पना पास में hi बाद पे बेथ गई. और ादः को देखने लगी.
ादः ; वो तो बता रहा था. घर में सबसे समज़दार हे तो वो छोटी मालकिन हे. घर में कोई भी काम की सलाह लेनी हो तो सिर्फ छोटी मालकिन से पूछना. नहीं तो निक्शन भी हो सकता हे.
कल्पना ; चलो अच्छी बात हे. कमल हे घर के नोकरो को तक मेरी काबिलियत पे भरोसा हे. बस मेरे पति को नहीं. चलो कोई बात नहीं.
ादः ने अंदाज़ा लगाया की कल्पना ज्यादा पढ़ी लिखी होगी.
कल्पना ; जाओ अपना काम करो. कुछ मेरी जरुरत हो तो बता देना.
ादः काम करने लगी. मोनार्क और जग्गू दोनों hi स्क्रीन पे नजरे जमाए बैठे थे. हर रूम में कैमरा था. घर में कैमरा था. उन्होंने ादः ने जिस जिस से बात करि सब पे नजर राखी और सब की बाटे भी सुनी. कल्पना को भी अपने आप पर घमंड आ गया. उसे ादः से जो ताइफ़ मिली वो बहोत पसंद आई. ादः को भी ये पता चल गया अगर कल्पना की चमचा गिरी की जाए तो कल्पना काम आ सकती हे. लेकिन घर के एक भी मर्द अभी तक नहीं आए थे. लाला का पता नहीं और मुंशी माधुरी के पीछे दीवाना हो चूका था.
माधुरी ने भी घूमना सुरु किया वो आस पास के एरिया गोदाम के नक़्शे बना न सुरु कर दिए थे. डोडम में 4 गेट थे. हर गेट पे 3 गार्ड थी. लेकिन मॉल कहा छुपा हे उसका पता नहीं चल रहा था. माधुरी ने गौ की गोरी वाला लुक ले लिया. माधुरी तैयार हो कर गेट की तरफ जाती हे. माधुरी के फेस पे नोट्टी स्माइल थी. वो जहा जहा से घुकारती वह वह के गार्ड उसे देख कर अपने पेण्ट के ऊपर से hi लैंड पे हाथ घूमते हे. कई गन्दी कमेंट कर के हस्ते हे. माधुरी भी जान बच कर फुल कमाए मटका कर चलती हे. माधुरी की लचक देख कर सरे मर्दो का लैंड कड़ी हो जाता हे. माधुरी मैं गेट पे पहोची वह 3 गार्ड थे. तीनो 30 साल के आस पास के जवान लोंदे थे. माधुरी वह जा कर कड़ी हो गई. उसे पता था. उन लोंडो ने उसे देख लिया हे.
माधुरी को देख के वो गेट छोड़ के माधुरी के पास आते हे.
गार्ड1 ; कहा घूम रही हो गोरी.
माधुरी जाट से मुद के घुघट कर लेती हे.
गार्ड 2 ; अरे तुजसे पूछ रहे हे गोरी.
माधुरी ; जी मेरा नाम लचीली हे.
गार्ड 3 ; लचीली वह सच में तुम्हारी कमर की लचक बड़ी मस्त हे.
वो तीनो हसने लगे.
गार्ड 1 ; आरी लचीली सच में तेरी कमर लचीली हे. जरा अपनी कमरिया तो दिखा.
माधुरी ने मुद कर उन्हें एक बार स्माइल कर के देखा तो वो लोग उसके फेस को देखते hi रहे गए
माधुरी कमर पे हाथ रख के उन्हें देखती हे. माधुरी की स्माइल और कमर देख के माधुरी के सामने hi वो अपने लैंड पे हाथ घूमते हे माधुरी उन्हें देख के हसने लगी. वो लोगो की नजर बस माधुरी के फेस से हैट टी नहीं.
गार्ड 3 ; रे लचीली कहा जाना हे.
माधुरी ; कही नहीं जाना बाबू ऐसे hi घूम रहे थे.
गार्ड 1 ; आओ बैठो यहाँ हमारे पास.
माधुरी उनके पास जा कर बेथ गई. एक गार्ड थोड़ा उसके पास खिशक कर बेथ गया.
गार्ड 1 ; तो तुम यहाँ काम करने आई हो.
माधुरी ; जी बाबू. लेकिन ीनता बड़ा गोदाम हे कोई काम करने कहे नहीं आ रहा.
गार्ड ने अस अपना हाथ माधुरी की पीठ पे रख दिया. जहा माधुरी ने चोली की डोर बंधी थी. माधुरी कुछ नहीं बोलती तो दूसरा गार्ड माधुरी के दूसरी तरफ बेथ गया. उसने अपना हाथ माधुरी की जंग पे रख दिया.
गार्ड 3 ; ये काम कुछ दिनों के लिए बंद हे समझी.
माधुरी जैसे अचरज में पड़ी कहे.
माधुरी ; कहे????
गार्ड 3 ने माधुरी की जंगे मसलने लगा.
गार्ड 3 ; वो इस लिए की मालिक का कीमती सामान हे अंदर. अब जब वो मॉल यहाँ से ले जाएंगे तब अनाज आएगा.
माधुरी सिसकारी भर्ती हे क्यों की उसकी पीठ पे और जंगो पे उन मर्दो के हाथ रेंगने लगे.
माधुरी ; सससस का बाबू पूरा तो खली हे गोदाम. का बाबू सससस ऐसे न करो मेरा मर्द देख लेगा तो बहोत पिटेगा.
गार्ड 3 ; आजा फिर गोदाम में.
माधुरी ; का हमको वो कीमती सामान दिखाओगे.
गार्ड 3 ; अरे वो तो तहखाने के अंदर हे. पगली.
माधुरी ; ससस बाप रे टखना इतना बड़ा हे का गोदाम ऊपर भी और निचे भी.
गार्ड 3 ने अपना हाथ थोड़ा और माधुरी की छूट की तरफ खिसकाया तो माधुरी ने उसका हाथ पकड़ लिया.
माधुरी ; साहेब सससस ऐसा मत करो मेरा मरद यही हे.
गार्ड 3 ; फिर अंदर चले तुजे टखना दिखा दूंगा.
माधुरी स्माइल के साथ बोली.
माधुरी ; बाबू कुछ और तो नहीं करोगे न.
गार्ड 3 ; बस रेरे ये रसीले आम दबाऊंगा.
माधुरी थोड़ा शर्माने का नाटक करती हे और स्माइल करते बोलती हे.
माधुरी ; 100 रुपया लगेगा ुक्का.
गार्ड 3 ; फिर चूसने देगी.
माधुरी ; मंजूर लेकिन और कुछ नहीं. ( नोट्टी स्माइल)
गार्ड 1 जो उसकी पीठ पे हाथ घुमा रहा था. उसका हाथ माधुरी हटा देती हे. और स्माइल के साथ बोली.
माधुरी ; बस बस बाबू फ़ोकट में इस से आगे मत बढ़ो.
गॉड 1 ; ऋ 100 मुझसे लेले चूस दे खली पानी निकल दे. सैस
माधुरी ; ला 500 मुँह में ले लुंगी.
माधुरी का खुलम खुला ऑफर सुनके तीनो के लैंड खड़े हो गए. पर उनके पास पैसे नहीं थे
गार्ड 2 ; देख इतना पैसा तो हे नहीं पर हम सरे का पानी निकल दे सब के 500 दे देंगे.
माधुरी ; न बाबा एक तो सिर्फ इन्हे दबाएगा और एक मुँह में देगा और तीसरा भी इतना डैम नहीं हे मुजमे मेरे मर्द ने देख लिया तो जान से मर देगा.
गार्ड 3 ; रे थोड़ा दबाएंगे और तू हमारा मुँह में लेकर पानी निकल देना और क्या.
माधुरी ; न बाबू हमको दर लगता हे.
गार्ड 2 ; ठीक हे हम तीनो के 700 ले ले तीनो को दबाने भी देना और मुँह में भी लेना.
माधुरी के पास अंदर जाने का कोई और रास्ता नहीं था. गोदाम उन तीनो के पास hi था.
माधुरी धीमी आवाज में बोली.
माधुरी ; अंदर कोई होगा तो नहीं???
गार्ड 1 ; न सारा खली पड़ा हे पूरा खाण्डेर कोई नहीं हे अंदर.
गार्ड 3 ; ये वाला हमारा कमरा हे उसमे चल.
माधुरी ; न बाबा यहाँ तो मेरा मर्द दूध लेगा.
माधुरी को गार्ड 3 गोडाउन में ले जाता हे. माधुरी उसके पीछे पीछे थोड़ा फैसला बना कर अंदर जाती हे. अंदर एक बड़ा सा गोदाम था. लेकिन पूरा खली. साडी जगहों पे अनाज बिखरा पड़ा था. चूहे घूम रहे थे. अंदर जाते hi वो माधुरी को बहो में कास लेता हे.
गार्ड 3 ; ससस रे लचीली तू तो बड़ी मस्त हे ऋ.
माधुरी ; छोड़ो छोड़ो बाबू धोखा मत करो. खली हाथ लगाने की बात हुई थी.
लेकिन वो नहीं छोड़ता. माधुरी भी जूठा विरोध करती हे. माधुरी उसे धक्का दे देती हे.
माधुरी ; में जा रही हु धोखे बज.
वो माधुरी का हाथ पकड़ लेता हे.
गार्ड 3 ; न न अच्छा बस जो तय किया उतना hi.
माधुरी ; फिर ला पैसा.
गार्ड सोच में पद गया वो पाए तो लेकर आया नहीं उसके पास 300 hi थे. वो 300 निकल के माधुरी ले हाथ में थमा देता हे.
माधुरी ; सिर्फ 300 पैसा पूरा लुंगी बाबू.
गार्ड 3 ; रे बाकि का वो दे देंगे.
माधुरी ; न बाबू आज कल लोंदे धोखा दे दे पूरा पैसा नहीं तो में चली.
गार्ड 3 ; अच्छा अच्छा रुक ले कर आता हु बाकि का.
गार्ड जैसे गया माधुरी सब जगह देखने लगी. माधुरी एक कैमरा दूर के पास ऊपर की तरफ जल्दी लगा देती हे और तख्सने का रास्ता ढूढ़ने लगी लेकिन उसे पता नहीं चल रहा था. रास्ता कहा हे. माधुरी को गार्ड के वापस आने की आहात आई तो वो उसी जगह पे कड़ी हो गई. गार्ड अंदर आया और बाकि 400 दे कर बोलै.
गार्ड 3 ; ले अब छोलि खोल.
माधुरी हस्ते हुए पैसे लेती हे और चुनरी में एक गठ लगा कर पैसे बांध देती हे फिर पीठ पीछे हाथ ले जा कर अपनी चोली खोल देती हे. माधुरी के बूब्स के जैसे दर्शन हुए गार्ड माधुरी को बूब्स को जोर जोर से मशलने लगा.
माधुरी ; अहह ससस धीरे बाबू सससस दर्द होता हे.
गार्ड से ज्यादा रहा नहीं गया. वो माधुरी के बूब्स को मुँह में भर लेता हे. और चूसने लगा. माधुरी को भी अच्छा लग रहा था. वो गार्ड के सर में उंगलिया घूमने लगी और चारो ततफ नजर घूमने लगी.
माधुरी ; ससस रे बाबू तू तो कहता था. इधर बड़ा टखना हे इधर तो कुछ भी नहीं अहह... चारो तरफ तो चूहे घूम रहे हे.
गार्ड अपना मुँह उठता हे
गार्ड 3 ; तूने कभी तहखाना नहीं देखा??
माधुरी ; हमरी दादी कहानी सुनती थी वही सुना तहखाना देखा कभी नहीं.
गार्ड ; आजा दिखता हु.
वो माधुरी की कमर में हाथ दाल कर आगे थोड़ा ले लता हे एक बड़ा सा तरकोलिन बिछा हुआ था. उसपे अनाज बिखरा हुआ था. थोड़ा सा.
गार्ड ; देख ये हे.
माधुरी ; ी तो प्लास्टिक हे.
गार्ड ; पागल इसे उठा तो सही.
माधुरी कैसे उसे उठने गई गार्ड ने उसे कमर से जकड कर अपना लैंड उसकी गांड पे चिपका दिया. बिच में दोनों के कपडे थे.
माधुरी ; अह्ह्ह धोखा ससस.
माधुरी ने फिर भी वो तरकोलिन जोर से उल्टा. तो नीचे एक बड़ा सा लकड़ी का निचे जाने का दरवाजा था.
गार्ड 3 ; आवाज मत कर अंदर भी जमरे जैसा गार्ड बैठा हे वो भी बंदूखों वाला.
माधुरी धीमे से जूठा विरोध करती हे.
माधुरी ; छोडो बाबू धोका. मुझे जाना हे.
गार्ड ; ससस एक बार देखने दे नहीं पेलुँगा.
माधुरी ; पहले छोडो.
वो जैसे छोड़ता हे. माधुरी झूठी भागने की एक्टिंग करती हे. गार्ड उसका हाथ पकड़ लेता हे.
माधुरी ; छोडो बाबू तुम धोखे बज हो में छिलाऊँगी.
गार्ड ; अच्छा अच्छा अब धोका नहीं होगा. वादा.
माधुरी ; पक्का वादा. ???
गार्ड ; है भाई पक्का वादा.
माधुरी विरोध बंद करती हे. गार्ड भी उसका हाथ छोड़ देता हे.
गार्ड ; एक बार तेरे निचे केसा हे दिखा तो सही?
माधुरी ; न न तू तो धोखे बज हे बाबू.
गार्ड ; कुछ नहीं करूँगा खली दिखा दे.
माधुरी ; कुछ करेगा तो नहीं.
गार्ड ; सिर्फ वह की चुम्मी लूंगा.
माधुरी ; फिर तेरा मुँह में नहीं लुंगी.
गार्ड ; ठीक हे तेरी चुम्मी लेता में खुद अपना हिला लूंगा.
माधुरी अपना घाघरा हास्के ऊपर करती हे. माधुरी की छूट देख कर गार्ड पागल जैसा हो गया. वो पहले उसपे उंगलिया घूमता हे. माधुरी की छूट पर हलके हलके रेशम जैसे बल थे. वो उस पे ऊँगली घूमने लगा. माधुरी सिर्फ थोड़ा ुचि नीची हुई. गार्ड घुटनो पे बैठ गया. माधुरी दोनों तंग छोड़ी कर के कड़ी हो गई. घाघरे के अंदर ढाका गार्ड माधुरी की छूट चाटने लगा. लेकिन माधुरी को जो चाहिए था उसमे माधुरी नाकाम रही. माधुरी बिच में कड़ी थी. उसे कैमरा फिट करने के लिए दीवार चाहिए थी. अब माधुरी के पास एक hi रास्ता था. कैसे भी ये जो गार्ड छूट चाट रहा हे उसे जल्दी निपटाया जाए. लेकिन जो मजा माधुरी को आ रहा था. उसे ख़तम करना बहोत मुश्किल लग रहा था.
माधुरी ने अपनी आंखे बंद की हुई थी वो सिसकारियां भरते छूट चतवते मीठा मीठा आनंद ले रही थी. वो हिम्मत कर के गार्ड के बल पकड़ती हे और जोर का दक्का देती हे. गार्ड निचे गिर पड़ा माधुरी निचे बेथ कर उसकी पेण्ट की जीप खोल कर उसका लैंड बहार निकलती हे. माधुरी ने ये तक नहीं देखा वो कितना बड़ा हे. वो गैप से मुँह में ले लेती he.Madhuri पुरे लैंड को निगल गई. माधुरी को पसीना आने लगा. वो जोर जोर से उसका लैंड चुने लगी. गार्ड की आंखे भी बंद हो गई.
माधुरी ; उठ खड़े हो.
गार्ड ; क्या हुआ.
माधुरी जोस में आ गई थी. वो उसे जोर से एक थपड मरती हे. वो दर के खड़ा हो गया.
माधुरी घुटनो के बल बैठ के उसके लैंड को फिर निगल गई. माधुरी पागलो के जैसे उसका लैंड चूसने लगी. गार्ड की गांड तो फैट गई थी. पर जो मजा उसे आ रहा था वो सर ऊपर कर के बस मजे ले रहा था. माधुरी ने उसके हिप्स पे हाथ घूमने लगी. अपनी एक ऊँगली वो गार्ड की छेड़ पे गोल घूमने लगी. गार्ड को कुछ अजीब सा लगने लगा. पर माधुरी तो पागल हो चुकी थी. माधुरी ने गार्ड की गांड में अपनी ऊँगली दाल दी. गार्ड को दर्द हुआ वो हिलने गया तो. माधुरी कड़ी हुई और एक जोर का थपड उसके गाल पे दे मारा. उसका गाल एक डैम लाल हो गया.
माधुरी ; टेको बोलै चुप चाप खड़े रे.
गार्ड को एक तपाद में hi चक्कर आ गया. वो गिरने hi वाला था की माधुरी ने उसे पकड़ लिया और निचे लेता दिया.
माधुरी ; सेल आज कल के लोंदे क्या कहते हे. एक में hi लुढ़क गया. माधुरी के पास अच्छा मौका था. वो फटाफट भाग कर सामने की दीवार तक गई. सब जगह हेंगर थे. माधुरी हेंगरो की मदद से ऊपर चढ़ने लगी. वो गोदाम कुछ 30 फिट ुचा था. माधुरी बहोत स्पीड में ऊपर गई. माधुरी ऊपर पहोचने के बाद सिर्फ हाथो की मदद से लटकते लटकते बीचो बिच पहोची. और सेंटर दरवाजे के ऊपर पहोच कर कैमरा लगा दिया. वो हाथो की मदद से दीवार तक पहोच ने लगी. जैसे वो दीवार तक पहोची वो गार्ड हिलने लगा. माधुरी की नजर उसपे गई. वो उठ जाए तो माधुरी को उसे यही मर डालना होगा. लेकन उसकी आंखे अब भी बंद थी. माधुरी फटा फैट उतरने लगी. एक बार उसका एक हाथ भी छूट गया वो निचे गिरते गिरते बची. लेकिन संभल कर वो फटाफट निचे उतर कर उस गांड के पास पहोची.
गार्ड धीमे धीमे आंख खोलता हे. सामने माधुरी उसके पास hi बैठी थी.
माधुरी ; का हुआ बाबू ठीक हो तुम??
गार्ड 3 ; है में ठीक हु. क्या किया तुमने मेरे साथ.
माधुरी ; अरे बाबू तुमको कुछ याद नहीं.
गार्ड 3 ; न कुछ याद नहीं आ रहा.
माधुरी ; रे रे बाबू तुम बहुत बहुत बोलकर बेहोश हो गए. क्या हुआ तुम ठीक तो हो.
गार्ड अपने सर पे हाथ रखते बैठने लगा.
माधुरी ; लाओ बाबू तुम्हारा मुँह में ले ले नहीं तो कहोगी लचीली ने धोखे बजी कर दी.
माधुरी ने उसका लैंड मुँह में लिया तो वो गार्ड रोकने लगा. पर माधुरी जबरदस्ती मुँह में ले लेती हे. गार्ड को याद आया माधुरी ने उसे थपड मारा था. वो थोड़ा जोर से बोलै.
गारद 3 ; है तुमने मुझे मारा था.
माधुरी मुँह उठा कर हसने लगी.
माधुरी ; किसी को मत बताना न बाबू वार्ना सरे तुम पर हसेंगे.
माधुरी झुक कर वापस उसका चुने लगी. उसका दर के मरे खड़ा नहीं हो रहा था. माधुरी अपना फेस ऊपर कर के उसे समझती हे.
माधुरी ; देखो बाबू जो पीटना था. वो तो तुम पिट चुके. अब हम तुम्हे मजा दे रहे हो तो कहे पीछे हैट रहे हो. मौका मिलेगा तो सब दूंगी अकेले में ठीक हे अभी मजा लो.
माधुरी की बात सुनकर गार्ड थोड़ा रिलेक्स हुआ माधुरी उसके फेस को पकड़ कर एक जोरदार किश करती हे. और दूसरे हाथ से लैंड पकड़ कर हिलने लगी धीरे धीरे उसका फिर खड़ा हुआ.
माधुरी ; ये हुई न बात देखो बाबू पैसा दिया तो मौज लो लचीली सब के नसीब में नहीं हे. तुम किस्मत वाले हो.
माधुरी पूरा लैंड निगल कर चूसने लगी. माधुरी के मुँह की गर्मी और जीभ के कुरेदने से उसका बहोत जल्दी छूट गया. माधुरी ने बिलकुल मुँह नहीं हटाया. माधुरी उसका सारा पानी पि गई.
माधुरी ; अब हस्ते हुए जाओ. और खूब ढींगे मरना. नहीं तो में बता दूंगी सेल का खड़ा नहीं होता.
गार्ड 3 ; नहीं नहीं.
वो बहार जा कर दूसरे को भेजता हे. फिर तीसरा. माधुरी बरी बरी तीनो को ठंडा कर के बहार आई. उसने खूब ढींगे मर दिए थे.
माधुरी ; सिर्फ ये बाबू में डैम हे. देखा कितना वक्त लगा. मेरा तो मुँह दर्द करने लगा हाथ भी दत्ड़ किया बगोट मुश्किल से इनका निकला. बाकि तुम दोनों तो फुस्कू बेम हो किसी में डैम hi नहीं. चलो फिर आउंगी बाबू.
माधुरी वह से चली गई. उसने अपना काम कर दिया था. जिस जगह माधुरी ने कैमरा लगाया. उसपर न मोनार्क ने ध्यान दिया न जग्गू को पता थी. माधुरी अपने छोटे से रूम में गई और हड़फोन पे बोली.
माधुरी ; जग्गू जग्गू.
जग्गू ; बोलो मेडम.
माधुरी ; कैमरा लगा दिया स्क्रीन देखो.
जग्गू स्क्रीन ों करता हे.
जग्गू ; ये क्या हे मेडम??
माधुरी ; यही तो तहखाना हे. में बहार आ रही हु. मुझे कुछ सामान चाहिए.
उधर लड़की बन चूका सलीम होश में आ गया. उसका गले का ऑपरेशन भी हो चूका था.
में ; गुड मॉर्निंग.
ेराम ; गुड मॉर्निंग.
में ; वैसे 6 बज चुके हे अब मुझे चलना चाहिए.
ेराम ; प्लीज मत जाओ न. तुम्हारे बिना अच्छा नहीं लगेगा.
में ; वैसे मेने वादा सिर्फ एक रत का किया था. में तीन बीवियों का पति हु.
ेराम ; मुझे इंतजार रहेगा.
में ; किस चीज का ???
ेराम ; सायद 4 तह no मेरा हो.
में ; ये कभी नहीं हो सकता.
ेराम ; वो क्यों.
में ; वो इस लिए की मेने तो सिर्फ एक चुनी थी. लेकिन उस एक ने 2 और चुन ली.
ेराम ; हम्म्म फिर तो मेरा कोई चांस नहीं हे. क्यों की वो तीनो में से कोई भी मुझे पसंद नहीं करती.
में ; ok बी फिर मिलेंगे.
ेराम ; (स्माइल) मुझे इंतजार रहेगा.
में वह से चले गया. में जब रूम में आया तो शिल्पा और आलिया तैयार बैठे थे. दोनों का मूड ठीक नहीं था. सायद दोनों लड़ाई के मूड में थे.
शिल्पा ; आलू अख़बार में एक नोटिस छपवानी हे.
आलिया ; क्या दीदी.
शिल्पा ; यही की बीवियों की भर्ती चल रही हे. जिसे हमारा पति पसंद आए वो रत गुजरने आ सकता हे.
आलिया ; शर्त क्या होगी दीदी??
शिल्पा ; स्मार्ट सेक्सी हॉट.
आलिया ; वो क्यों दीदी.
शिल्पा ; क्यों की तू देख न में हॉट हु न तू. हम क्या किसी का डिल बहेला सकते हे. किसी को खुश रख सकते हे.
मुझे दोनों मिलकर खूब तने मर रहे थे. दोनों का मूड बहोत ज्यादा ख़राब था. ये दोनों तो सायद जगद भी जाते. पर उनकी माधुरी से फैट टी थी. में सीधा बाथरूम में चला गया फ्रेश हुआ नहाया धोया. रेडी हो कर बहार आने वाला था तो शिल्पा और आलिया की चुप चुप बाटे सुनाई दी.
शिल्पा ; यार उन्हें ज्यादा गुस्सा मत दिलाना.
आलिया ; आप hi पीछे पद गई सुबह सुबह. सारा मूड ख़राब कर दिया मेरे जणू का. कुछ खाने पिने को भी नहीं पूछा.
शिल्पा ; आहे है है. बड़ी आई मेरे जणू वाली. तेरे अकेले के हे. मेरे कुछ नहीं. अब सोच उस से दूर कैसे रखे.
आलिया ; खिदमत करो उनकी तो सायद उस पे ध्यान न जाए.
शिल्पा ; ये खिदमत क्या होती हे.
आलिया ; अरे बाबा सेवा.
शिल्पा ; ओह्ह्ह तो यु बोलना ये उर्दू वुर्दु मत बोलै कर कुछ समाज नहीं आता.
आलिया ; अब नास्ता लगाओ वो आने वाले होंगे.
में उनकी बातो को सुनके है रहा था. बिना आवाज किये. में बहार आया. सामने ब्रेकफास्ट रेडी था. दोनों सुन्दरिया रेडी थी. आलिया ने चेयर खींचकर मुझे बैठने का हिसार दिया. में बेथ गया. ब्रेड टोस्ट ोलते. बतर सब कुछ था. शिल्पा ने मेरे लिए जोश का गिलास भरा. आलिया टोस्ट पे बतर लगा कर मेरी प्लेट में रख दिया. में उन दोनों को hi देख रहा था.
दोनों मेरे अजु बाजु बेथ कर मुझे देखने लगी. दोनों के फेस पे स्माइल थी. में कभी आलिया तो कभी शिल्पा को देखता.
आलिया ; बीवी आखिर तक साथ निभाती हे गर्लफ्रेंड नहीं.
में ; लेकिन तुम दोनों तो मेरी गिर्ल्फ़रड हो.
शिल्पा ; है तो बन hi जाने वाले हे दिन कितने हे. आज रत तो हम यहाँ से निकल जाएंगे फिर वह पहोच के शादी की तयारी और क्या.
आलिया ; है में भी उसी दिन शादी करुँगी.
में समाज चूका था. वो बताना छह रहे थे की अब चलना हे घर.
में ; मतलब आज रत निकल जाएंगे???
शिल्पा & आलिया ; है.
में ; मतलब आज लास्ट दिन.
शिल्पा & आलिया ; है.
में ; मतलब आज सर्फ हम तीन इसे रूम में बिना कपड़ो के रहेंगे कोई बहार नहीं जाएगा???
शिल्पा आलिया का चहेरा खिल उठा. दोनों मेरे गले लग गई.
वह मुंशी और लाला के घर में सरे किरदार बरी बरी से दिखने लगे. ादः घर के बहार जादू लगा रही थी. अचानक पीछे से किसी ने आवाज दी
शर्मिला ; तुम कोण हो????
ादः ने पीछे मुड़कर देखा वो शर्मिला थी. ादः ने कल घर की साफ सफाई करते वक्त फोटोज में देख लिया था. शर्मिला और लाला का फोटो दीवार पे तस्वीर लगी हुई थी.
ादः ; जी में कमली में मेमसाब परसो सैम को आई काम पे रखा मुझे.
शर्मिला ; ओह्ह्ह तू तुम काम करोगी घर का. खाना बना न आता हे?????
ादः ; है मेमसाब सब आता हे. आप फ़िक्र मत करो कोई शिकायत नहीं होगी आप को.
शर्मिला ादः को घर के देखती हे. ादः समाज जाती हे. की शर्मिला थोड़ी घमंडी हे.
ादः ; आप बड़ी मालकिन हे न????
शर्मिला चौक गई.
शर्मिला ; है पर तुम्हे कैसे पता. तुमने तो मुझे देखा तक नहीं.
ादः ; वो मेडम रामु काका बता रहा था. जो इस घर में सब से सुन्दर हे वो बड़ी मालकिन हे. उन्हें गंदगी बिलकुल पसंद नहीं बस उसका ध्यान रखना तो मुझे इस बात का ख्याल आया.
शर्मिला के फेस पे स्माइल आ गई. इस घर की सब से सुन्दर. अपनी तारीफ किसे पसंद नहीं आती. वैसे शर्मिला एक no की चुदकड़ थी. उसने कभी रामु पर ध्यान hi नहीं दिया. ादः की बात से उसका ध्यान एक बार तो रामु पे गया.
शर्मिला ; है में hi बड़ी मालकिन हु. और मुझे गंदगी बिलकुल पसंद नहीं.
ादः स्माइल करते हुए सोचती हे. जब रामु से गन्दी तरीके से छुड़ेगी तब इसकी साडी गंदगी निकल जाएगी.
शर्मिला ; क्या सोच रही हो???
ादः ; मेमसाब रामु ठीक hi कहे रहा था. आप तो बड़ी सुन्दर हो.
शर्मिला ; (स्माइल) बस बस अपना काम करो. और मेरे रूम को जल्दी साफ कर देना.
ादः ; आप लोगो के कमरे तो रामु काका hi साफ करेंगे न मेमसाब.
शर्मिला ; वो क्यों तेरे हाथो में क्या महेंदी लगी हे.
ादः ; वो बात नहीं हे मेडम. रामु काका बोलते हे. आप का रूम वही साफ करेंगे. वो आप को बहोत मानते हे न मेडम इस लिए.
शर्मिला ; ओह्ह ाचा अच्छा ठीक हे.
शर्मिला सोच में पद गई उसने कभी रामु पर ध्यान hi नहीं दिया. रामु को देखने का नजरिया बदल गया. शर्मिला वह से चली गई. उसके जाते hi ादः अपने नोकरो वाले रूम में गई. और रामु को ढूढ़ने लगी. रामु अंदर नहीं था. वो उसे ढूढ़ते हुए. अंदर घर में चली गई अंदर वो कई रूम में देखने लगी. एक रूम में देखा तो एक लड़की रामु से बाटे कर रही थी वो भी हस्ते हुए. ादः उन दोनों को विंडो से देखती हे.
रामु ; बेबी मन जाओ न.
स्वीटी ; बिलकुल नहीं. मेने कहा न 5000 तो 5000.
ादः ने देखा एक मस्त लड़की गोरी चिट्टी सुन्दर 16 17 साल की तमु को अपनी आगे की गली दिखा कर तरसा रही थी. रामु की नजर उसके बूब्स जो छोटे छोटे थे. उसपर hi थी.
रामु ; आप को तो पता हे मेरी पगार भी काम हे. में हर महीना पैसे बचा रहा हु. अभी 2000 हो गए
स्वीटी ; तो 2000 में सिर्फ मुँह में लुंगी ठीक हे???
रामु नहीं नहीं आप तो बड़ी मस्त हे. ससस पूरी चाहिए हर महीने 500 500 कर के पुरे दे दूंगा.
स्वीटी ; बिलकुल नहीं. तुम्हे पता हे मुनीम चाचा ने मुझे 16 हजार वाला मोबाइल दिलवाया.
ादः को लगा ये रामु 2000 भी गवा देगा और उसकी ले भी नहीं पाएगा. स्वीटी एक लालची हे. उसे वो लाइन पे ला सकती हे. ादः बिच में विंडो से बोल पड़ी
ादः ; रामु काका वो बड़ी मालकिन आप को बुला रही हे.
रामु की फैट के 4 हो गई वो सोचता हे कही बड़े मालकिन ने अपनी बेटी से हुई बात तो नहीं सुन ली. वो घबराते हुए बोलै
रामु ; हह है है अभी आया.
रामु रूम से बहार आया. ादः की आवाज सुनकर स्वीटी कड़ी हुई तब ध्यान से ादः ने उसे देखा. वो स्माइल करते हुए ादः को देखती हे.
बिलकुल दुबली पतली लड़की. जो सरे नौकर चाकर का जीना हराम कर चुकी हे. जो पेसो की लालची हे. क्यों की कॉलेज वगेरा में जाना और वह फुल फैशनेबल लाइफ जीना हो तो पैसा चाहिए.
रामु ; है मालकिन कहा हे.
अध् ; आओ इधर.
आध रामु का हाथ पकड़ कर साइड ले गई और बोली.
ादः ; इसकी में बिना पेसो के दिलवा दूंगी तुम फ़िक्र मत करो. मालकिन के रूम में जाओ. और वह साफ सफाई करो. है कोई गलती मत कर बैठना.
रामु ; क्या यार वो तैयार हो रही थी तू बिच में आ गई.
ादः ; बेवकूफ मत बन तेरे पैसे भी ले लेगी और तुजे कुछ देगी भी नहीं. अब जा मेडम के सामने तेरी बहोत तारीफ की. और सुन आज कुछ करना नहीं बस वो पूछे उसके जवाब देना समझा.
रामु शर्मिला के रूम में जाता हे.
रामु ; नमस्ते मेमसाब.
शर्मिला की नजर रामु पे गई वो एक नशीली स्माइल से सिर्फ गर्दन है में हिलती हे. तो रामु जादू लगाने लगा. रूम का फें चालू था. इस लिए उसे जादू मरने में तकलीफ हो रही थी. ादः विंडो से अंदर ज़क के सारा खेल देखने की कोसिस करती हे. शर्मिला बाद पे लेती रामु को hi देखती रही.
शर्मिला ; रामु फें बंद कार्डो तुम्हे परेशानी हो रही हे.
रामु ; नहीं नहीं मेडम फिर आप को गर्मी लगेगी न.
शर्मिला के फेस पे स्माइल आ गई. उसे अच्छा लगा. उसे ऐसा लगा चलो घर में किसी का तो ख्याल हे मेरा. वो बस रामु को देखती रही. रामु को जादू लगाने में बहोत परेशानी हो रही थी. शर्मिला एक निघ्त्य में थी. शर्मिला कड़ी हुई और फें बंद कर दी.
रामु ; अरे मेमसाब आप को गर्मी लगेगी. आप को परेशानी होगी तो हमें अच्छा लगेगा क्या.
शर्मिला के फेस पे एक स्माइल फेल गई उसे बहोत अच्छा लगा. उसने पहेली बार रामु पे ध्यान दिया था.
शर्मिला ; कोई बात नहीं रामु. तुम जल्दी जादू लगा दो.
रामु फटाफट जादू लगाने लगा. शर्मिला उसे देखती hi रही रामु जादू लगा कर बहार आया तो ादः उसे स्माइल करती दिखाई दी. रामु ने ादः को बहो में भर लिया.
ादः ; अरे छोडो क्या कर रहे हो.
रामु ने उसे छोड़ दिया. रामु बहोत खुश था. उसके फेस पे एक बड़ी स्माइल थी.
रामु ; रे कमली आज तो बड़ी मालकिन मुझसे मुस्कुरा के बाटे की पता हे.
ादः ; बस इतने में खुश हो गए. अभी तो उसे बिस्तर पे भी लाना हे. अब जाओ पोछा लगो. और है तुम कुछ करना नहीं अभी.
रामु अंदर गया. उसे देख कर शर्मिला के फेस पे फिर स्माइल आ गई. ादः वह से चली गई. रामु बार बार पोछा लगते हुए शर्मिला को देखता hi रहा. शर्मिला भी नजर चुरा कर उसे देखती रही. ादः ने जो शोला भड़काया था. धीरे धीरे वो आंख मिचोली वाले खेल में तब्दील हो कर आग बन ने की शुरुआत कर चूका था. उधर ादः को एक और आखरी सेक्स से मिलने की तमन्ना थी. वो छोटी बहु कल्पना के रूम में भी जाती हे जो अपने जेठ लाला के चक्कर में थी. उसे घर के किसी भी मेंबर से प्यार तो नहीं था. बस उसे तो जहेदाद चाहिए थी. मगरमछ कहो तो उसके लिए बुरा नहीं होगा. ादः उसके रूम में गई. कल्पना कड़ी उसे देख के बोली.
कल्पना ; तुम कोण हो??
ादः ; जी मुझे परषो शाम को hi काम पे रखा हे. कल आप सारा परिवार बहार गए थे तो आप से मिल नहीं पाए.
कल्पना ; मुलाकात तुम क्या प्रिम मिनिस्टर हो क्या जो में तुमसे मुलाकात करुँगी.
ादः को ये पता चल गई की कल्पना बहोत घमंडी हे.
ादः ; नहीं नहीं मेडम वो रामु काका बता रहे थे की सबसे समज़दार....
ादः ने नै चल चली. ादः की बात सुनके कल्पना हसने लगी.
कल्पना ; क्या बता रहा था रामु?? क्या मेरी बुराई कर रहा था.
कल्पना पास में hi बाद पे बेथ गई. और ादः को देखने लगी.
ादः ; वो तो बता रहा था. घर में सबसे समज़दार हे तो वो छोटी मालकिन हे. घर में कोई भी काम की सलाह लेनी हो तो सिर्फ छोटी मालकिन से पूछना. नहीं तो निक्शन भी हो सकता हे.
कल्पना ; चलो अच्छी बात हे. कमल हे घर के नोकरो को तक मेरी काबिलियत पे भरोसा हे. बस मेरे पति को नहीं. चलो कोई बात नहीं.
ादः ने अंदाज़ा लगाया की कल्पना ज्यादा पढ़ी लिखी होगी.
कल्पना ; जाओ अपना काम करो. कुछ मेरी जरुरत हो तो बता देना.
ादः काम करने लगी. मोनार्क और जग्गू दोनों hi स्क्रीन पे नजरे जमाए बैठे थे. हर रूम में कैमरा था. घर में कैमरा था. उन्होंने ादः ने जिस जिस से बात करि सब पे नजर राखी और सब की बाटे भी सुनी. कल्पना को भी अपने आप पर घमंड आ गया. उसे ादः से जो ताइफ़ मिली वो बहोत पसंद आई. ादः को भी ये पता चल गया अगर कल्पना की चमचा गिरी की जाए तो कल्पना काम आ सकती हे. लेकिन घर के एक भी मर्द अभी तक नहीं आए थे. लाला का पता नहीं और मुंशी माधुरी के पीछे दीवाना हो चूका था.
माधुरी ने भी घूमना सुरु किया वो आस पास के एरिया गोदाम के नक़्शे बना न सुरु कर दिए थे. डोडम में 4 गेट थे. हर गेट पे 3 गार्ड थी. लेकिन मॉल कहा छुपा हे उसका पता नहीं चल रहा था. माधुरी ने गौ की गोरी वाला लुक ले लिया. माधुरी तैयार हो कर गेट की तरफ जाती हे. माधुरी के फेस पे नोट्टी स्माइल थी. वो जहा जहा से घुकारती वह वह के गार्ड उसे देख कर अपने पेण्ट के ऊपर से hi लैंड पे हाथ घूमते हे. कई गन्दी कमेंट कर के हस्ते हे. माधुरी भी जान बच कर फुल कमाए मटका कर चलती हे. माधुरी की लचक देख कर सरे मर्दो का लैंड कड़ी हो जाता हे. माधुरी मैं गेट पे पहोची वह 3 गार्ड थे. तीनो 30 साल के आस पास के जवान लोंदे थे. माधुरी वह जा कर कड़ी हो गई. उसे पता था. उन लोंडो ने उसे देख लिया हे.
माधुरी को देख के वो गेट छोड़ के माधुरी के पास आते हे.
गार्ड1 ; कहा घूम रही हो गोरी.
माधुरी जाट से मुद के घुघट कर लेती हे.
गार्ड 2 ; अरे तुजसे पूछ रहे हे गोरी.
माधुरी ; जी मेरा नाम लचीली हे.
गार्ड 3 ; लचीली वह सच में तुम्हारी कमर की लचक बड़ी मस्त हे.
वो तीनो हसने लगे.
गार्ड 1 ; आरी लचीली सच में तेरी कमर लचीली हे. जरा अपनी कमरिया तो दिखा.
माधुरी ने मुद कर उन्हें एक बार स्माइल कर के देखा तो वो लोग उसके फेस को देखते hi रहे गए
माधुरी कमर पे हाथ रख के उन्हें देखती हे. माधुरी की स्माइल और कमर देख के माधुरी के सामने hi वो अपने लैंड पे हाथ घूमते हे माधुरी उन्हें देख के हसने लगी. वो लोगो की नजर बस माधुरी के फेस से हैट टी नहीं.
गार्ड 3 ; रे लचीली कहा जाना हे.
माधुरी ; कही नहीं जाना बाबू ऐसे hi घूम रहे थे.
गार्ड 1 ; आओ बैठो यहाँ हमारे पास.
माधुरी उनके पास जा कर बेथ गई. एक गार्ड थोड़ा उसके पास खिशक कर बेथ गया.
गार्ड 1 ; तो तुम यहाँ काम करने आई हो.
माधुरी ; जी बाबू. लेकिन ीनता बड़ा गोदाम हे कोई काम करने कहे नहीं आ रहा.
गार्ड ने अस अपना हाथ माधुरी की पीठ पे रख दिया. जहा माधुरी ने चोली की डोर बंधी थी. माधुरी कुछ नहीं बोलती तो दूसरा गार्ड माधुरी के दूसरी तरफ बेथ गया. उसने अपना हाथ माधुरी की जंग पे रख दिया.
गार्ड 3 ; ये काम कुछ दिनों के लिए बंद हे समझी.
माधुरी जैसे अचरज में पड़ी कहे.
माधुरी ; कहे????
गार्ड 3 ने माधुरी की जंगे मसलने लगा.
गार्ड 3 ; वो इस लिए की मालिक का कीमती सामान हे अंदर. अब जब वो मॉल यहाँ से ले जाएंगे तब अनाज आएगा.
माधुरी सिसकारी भर्ती हे क्यों की उसकी पीठ पे और जंगो पे उन मर्दो के हाथ रेंगने लगे.
माधुरी ; सससस का बाबू पूरा तो खली हे गोदाम. का बाबू सससस ऐसे न करो मेरा मर्द देख लेगा तो बहोत पिटेगा.
गार्ड 3 ; आजा फिर गोदाम में.
माधुरी ; का हमको वो कीमती सामान दिखाओगे.
गार्ड 3 ; अरे वो तो तहखाने के अंदर हे. पगली.
माधुरी ; ससस बाप रे टखना इतना बड़ा हे का गोदाम ऊपर भी और निचे भी.
गार्ड 3 ने अपना हाथ थोड़ा और माधुरी की छूट की तरफ खिसकाया तो माधुरी ने उसका हाथ पकड़ लिया.
माधुरी ; साहेब सससस ऐसा मत करो मेरा मरद यही हे.
गार्ड 3 ; फिर अंदर चले तुजे टखना दिखा दूंगा.
माधुरी स्माइल के साथ बोली.
माधुरी ; बाबू कुछ और तो नहीं करोगे न.
गार्ड 3 ; बस रेरे ये रसीले आम दबाऊंगा.
माधुरी थोड़ा शर्माने का नाटक करती हे और स्माइल करते बोलती हे.
माधुरी ; 100 रुपया लगेगा ुक्का.
गार्ड 3 ; फिर चूसने देगी.
माधुरी ; मंजूर लेकिन और कुछ नहीं. ( नोट्टी स्माइल)
गार्ड 1 जो उसकी पीठ पे हाथ घुमा रहा था. उसका हाथ माधुरी हटा देती हे. और स्माइल के साथ बोली.
माधुरी ; बस बस बाबू फ़ोकट में इस से आगे मत बढ़ो.
गॉड 1 ; ऋ 100 मुझसे लेले चूस दे खली पानी निकल दे. सैस
माधुरी ; ला 500 मुँह में ले लुंगी.
माधुरी का खुलम खुला ऑफर सुनके तीनो के लैंड खड़े हो गए. पर उनके पास पैसे नहीं थे
गार्ड 2 ; देख इतना पैसा तो हे नहीं पर हम सरे का पानी निकल दे सब के 500 दे देंगे.
माधुरी ; न बाबा एक तो सिर्फ इन्हे दबाएगा और एक मुँह में देगा और तीसरा भी इतना डैम नहीं हे मुजमे मेरे मर्द ने देख लिया तो जान से मर देगा.
गार्ड 3 ; रे थोड़ा दबाएंगे और तू हमारा मुँह में लेकर पानी निकल देना और क्या.
माधुरी ; न बाबू हमको दर लगता हे.
गार्ड 2 ; ठीक हे हम तीनो के 700 ले ले तीनो को दबाने भी देना और मुँह में भी लेना.
माधुरी के पास अंदर जाने का कोई और रास्ता नहीं था. गोदाम उन तीनो के पास hi था.
माधुरी धीमी आवाज में बोली.
माधुरी ; अंदर कोई होगा तो नहीं???
गार्ड 1 ; न सारा खली पड़ा हे पूरा खाण्डेर कोई नहीं हे अंदर.
गार्ड 3 ; ये वाला हमारा कमरा हे उसमे चल.
माधुरी ; न बाबा यहाँ तो मेरा मर्द दूध लेगा.
माधुरी को गार्ड 3 गोडाउन में ले जाता हे. माधुरी उसके पीछे पीछे थोड़ा फैसला बना कर अंदर जाती हे. अंदर एक बड़ा सा गोदाम था. लेकिन पूरा खली. साडी जगहों पे अनाज बिखरा पड़ा था. चूहे घूम रहे थे. अंदर जाते hi वो माधुरी को बहो में कास लेता हे.
गार्ड 3 ; ससस रे लचीली तू तो बड़ी मस्त हे ऋ.
माधुरी ; छोड़ो छोड़ो बाबू धोखा मत करो. खली हाथ लगाने की बात हुई थी.
लेकिन वो नहीं छोड़ता. माधुरी भी जूठा विरोध करती हे. माधुरी उसे धक्का दे देती हे.
माधुरी ; में जा रही हु धोखे बज.
वो माधुरी का हाथ पकड़ लेता हे.
गार्ड 3 ; न न अच्छा बस जो तय किया उतना hi.
माधुरी ; फिर ला पैसा.
गार्ड सोच में पद गया वो पाए तो लेकर आया नहीं उसके पास 300 hi थे. वो 300 निकल के माधुरी ले हाथ में थमा देता हे.
माधुरी ; सिर्फ 300 पैसा पूरा लुंगी बाबू.
गार्ड 3 ; रे बाकि का वो दे देंगे.
माधुरी ; न बाबू आज कल लोंदे धोखा दे दे पूरा पैसा नहीं तो में चली.
गार्ड 3 ; अच्छा अच्छा रुक ले कर आता हु बाकि का.
गार्ड जैसे गया माधुरी सब जगह देखने लगी. माधुरी एक कैमरा दूर के पास ऊपर की तरफ जल्दी लगा देती हे और तख्सने का रास्ता ढूढ़ने लगी लेकिन उसे पता नहीं चल रहा था. रास्ता कहा हे. माधुरी को गार्ड के वापस आने की आहात आई तो वो उसी जगह पे कड़ी हो गई. गार्ड अंदर आया और बाकि 400 दे कर बोलै.
गार्ड 3 ; ले अब छोलि खोल.
माधुरी हस्ते हुए पैसे लेती हे और चुनरी में एक गठ लगा कर पैसे बांध देती हे फिर पीठ पीछे हाथ ले जा कर अपनी चोली खोल देती हे. माधुरी के बूब्स के जैसे दर्शन हुए गार्ड माधुरी को बूब्स को जोर जोर से मशलने लगा.
माधुरी ; अहह ससस धीरे बाबू सससस दर्द होता हे.
गार्ड से ज्यादा रहा नहीं गया. वो माधुरी के बूब्स को मुँह में भर लेता हे. और चूसने लगा. माधुरी को भी अच्छा लग रहा था. वो गार्ड के सर में उंगलिया घूमने लगी और चारो ततफ नजर घूमने लगी.
माधुरी ; ससस रे बाबू तू तो कहता था. इधर बड़ा टखना हे इधर तो कुछ भी नहीं अहह... चारो तरफ तो चूहे घूम रहे हे.
गार्ड अपना मुँह उठता हे
गार्ड 3 ; तूने कभी तहखाना नहीं देखा??
माधुरी ; हमरी दादी कहानी सुनती थी वही सुना तहखाना देखा कभी नहीं.
गार्ड ; आजा दिखता हु.
वो माधुरी की कमर में हाथ दाल कर आगे थोड़ा ले लता हे एक बड़ा सा तरकोलिन बिछा हुआ था. उसपे अनाज बिखरा हुआ था. थोड़ा सा.
गार्ड ; देख ये हे.
माधुरी ; ी तो प्लास्टिक हे.
गार्ड ; पागल इसे उठा तो सही.
माधुरी कैसे उसे उठने गई गार्ड ने उसे कमर से जकड कर अपना लैंड उसकी गांड पे चिपका दिया. बिच में दोनों के कपडे थे.
माधुरी ; अह्ह्ह धोखा ससस.
माधुरी ने फिर भी वो तरकोलिन जोर से उल्टा. तो नीचे एक बड़ा सा लकड़ी का निचे जाने का दरवाजा था.
गार्ड 3 ; आवाज मत कर अंदर भी जमरे जैसा गार्ड बैठा हे वो भी बंदूखों वाला.
माधुरी धीमे से जूठा विरोध करती हे.
माधुरी ; छोडो बाबू धोका. मुझे जाना हे.
गार्ड ; ससस एक बार देखने दे नहीं पेलुँगा.
माधुरी ; पहले छोडो.
वो जैसे छोड़ता हे. माधुरी झूठी भागने की एक्टिंग करती हे. गार्ड उसका हाथ पकड़ लेता हे.
माधुरी ; छोडो बाबू तुम धोखे बज हो में छिलाऊँगी.
गार्ड ; अच्छा अच्छा अब धोका नहीं होगा. वादा.
माधुरी ; पक्का वादा. ???
गार्ड ; है भाई पक्का वादा.
माधुरी विरोध बंद करती हे. गार्ड भी उसका हाथ छोड़ देता हे.
गार्ड ; एक बार तेरे निचे केसा हे दिखा तो सही?
माधुरी ; न न तू तो धोखे बज हे बाबू.
गार्ड ; कुछ नहीं करूँगा खली दिखा दे.
माधुरी ; कुछ करेगा तो नहीं.
गार्ड ; सिर्फ वह की चुम्मी लूंगा.
माधुरी ; फिर तेरा मुँह में नहीं लुंगी.
गार्ड ; ठीक हे तेरी चुम्मी लेता में खुद अपना हिला लूंगा.
माधुरी अपना घाघरा हास्के ऊपर करती हे. माधुरी की छूट देख कर गार्ड पागल जैसा हो गया. वो पहले उसपे उंगलिया घूमता हे. माधुरी की छूट पर हलके हलके रेशम जैसे बल थे. वो उस पे ऊँगली घूमने लगा. माधुरी सिर्फ थोड़ा ुचि नीची हुई. गार्ड घुटनो पे बैठ गया. माधुरी दोनों तंग छोड़ी कर के कड़ी हो गई. घाघरे के अंदर ढाका गार्ड माधुरी की छूट चाटने लगा. लेकिन माधुरी को जो चाहिए था उसमे माधुरी नाकाम रही. माधुरी बिच में कड़ी थी. उसे कैमरा फिट करने के लिए दीवार चाहिए थी. अब माधुरी के पास एक hi रास्ता था. कैसे भी ये जो गार्ड छूट चाट रहा हे उसे जल्दी निपटाया जाए. लेकिन जो मजा माधुरी को आ रहा था. उसे ख़तम करना बहोत मुश्किल लग रहा था.
माधुरी ने अपनी आंखे बंद की हुई थी वो सिसकारियां भरते छूट चतवते मीठा मीठा आनंद ले रही थी. वो हिम्मत कर के गार्ड के बल पकड़ती हे और जोर का दक्का देती हे. गार्ड निचे गिर पड़ा माधुरी निचे बेथ कर उसकी पेण्ट की जीप खोल कर उसका लैंड बहार निकलती हे. माधुरी ने ये तक नहीं देखा वो कितना बड़ा हे. वो गैप से मुँह में ले लेती he.Madhuri पुरे लैंड को निगल गई. माधुरी को पसीना आने लगा. वो जोर जोर से उसका लैंड चुने लगी. गार्ड की आंखे भी बंद हो गई.
माधुरी ; उठ खड़े हो.
गार्ड ; क्या हुआ.
माधुरी जोस में आ गई थी. वो उसे जोर से एक थपड मरती हे. वो दर के खड़ा हो गया.
माधुरी घुटनो के बल बैठ के उसके लैंड को फिर निगल गई. माधुरी पागलो के जैसे उसका लैंड चूसने लगी. गार्ड की गांड तो फैट गई थी. पर जो मजा उसे आ रहा था वो सर ऊपर कर के बस मजे ले रहा था. माधुरी ने उसके हिप्स पे हाथ घूमने लगी. अपनी एक ऊँगली वो गार्ड की छेड़ पे गोल घूमने लगी. गार्ड को कुछ अजीब सा लगने लगा. पर माधुरी तो पागल हो चुकी थी. माधुरी ने गार्ड की गांड में अपनी ऊँगली दाल दी. गार्ड को दर्द हुआ वो हिलने गया तो. माधुरी कड़ी हुई और एक जोर का थपड उसके गाल पे दे मारा. उसका गाल एक डैम लाल हो गया.
माधुरी ; टेको बोलै चुप चाप खड़े रे.
गार्ड को एक तपाद में hi चक्कर आ गया. वो गिरने hi वाला था की माधुरी ने उसे पकड़ लिया और निचे लेता दिया.
माधुरी ; सेल आज कल के लोंदे क्या कहते हे. एक में hi लुढ़क गया. माधुरी के पास अच्छा मौका था. वो फटाफट भाग कर सामने की दीवार तक गई. सब जगह हेंगर थे. माधुरी हेंगरो की मदद से ऊपर चढ़ने लगी. वो गोदाम कुछ 30 फिट ुचा था. माधुरी बहोत स्पीड में ऊपर गई. माधुरी ऊपर पहोचने के बाद सिर्फ हाथो की मदद से लटकते लटकते बीचो बिच पहोची. और सेंटर दरवाजे के ऊपर पहोच कर कैमरा लगा दिया. वो हाथो की मदद से दीवार तक पहोच ने लगी. जैसे वो दीवार तक पहोची वो गार्ड हिलने लगा. माधुरी की नजर उसपे गई. वो उठ जाए तो माधुरी को उसे यही मर डालना होगा. लेकन उसकी आंखे अब भी बंद थी. माधुरी फटा फैट उतरने लगी. एक बार उसका एक हाथ भी छूट गया वो निचे गिरते गिरते बची. लेकिन संभल कर वो फटाफट निचे उतर कर उस गांड के पास पहोची.
गार्ड धीमे धीमे आंख खोलता हे. सामने माधुरी उसके पास hi बैठी थी.
माधुरी ; का हुआ बाबू ठीक हो तुम??
गार्ड 3 ; है में ठीक हु. क्या किया तुमने मेरे साथ.
माधुरी ; अरे बाबू तुमको कुछ याद नहीं.
गार्ड 3 ; न कुछ याद नहीं आ रहा.
माधुरी ; रे रे बाबू तुम बहुत बहुत बोलकर बेहोश हो गए. क्या हुआ तुम ठीक तो हो.
गार्ड अपने सर पे हाथ रखते बैठने लगा.
माधुरी ; लाओ बाबू तुम्हारा मुँह में ले ले नहीं तो कहोगी लचीली ने धोखे बजी कर दी.
माधुरी ने उसका लैंड मुँह में लिया तो वो गार्ड रोकने लगा. पर माधुरी जबरदस्ती मुँह में ले लेती हे. गार्ड को याद आया माधुरी ने उसे थपड मारा था. वो थोड़ा जोर से बोलै.
गारद 3 ; है तुमने मुझे मारा था.
माधुरी मुँह उठा कर हसने लगी.
माधुरी ; किसी को मत बताना न बाबू वार्ना सरे तुम पर हसेंगे.
माधुरी झुक कर वापस उसका चुने लगी. उसका दर के मरे खड़ा नहीं हो रहा था. माधुरी अपना फेस ऊपर कर के उसे समझती हे.
माधुरी ; देखो बाबू जो पीटना था. वो तो तुम पिट चुके. अब हम तुम्हे मजा दे रहे हो तो कहे पीछे हैट रहे हो. मौका मिलेगा तो सब दूंगी अकेले में ठीक हे अभी मजा लो.
माधुरी की बात सुनकर गार्ड थोड़ा रिलेक्स हुआ माधुरी उसके फेस को पकड़ कर एक जोरदार किश करती हे. और दूसरे हाथ से लैंड पकड़ कर हिलने लगी धीरे धीरे उसका फिर खड़ा हुआ.
माधुरी ; ये हुई न बात देखो बाबू पैसा दिया तो मौज लो लचीली सब के नसीब में नहीं हे. तुम किस्मत वाले हो.
माधुरी पूरा लैंड निगल कर चूसने लगी. माधुरी के मुँह की गर्मी और जीभ के कुरेदने से उसका बहोत जल्दी छूट गया. माधुरी ने बिलकुल मुँह नहीं हटाया. माधुरी उसका सारा पानी पि गई.
माधुरी ; अब हस्ते हुए जाओ. और खूब ढींगे मरना. नहीं तो में बता दूंगी सेल का खड़ा नहीं होता.
गार्ड 3 ; नहीं नहीं.
वो बहार जा कर दूसरे को भेजता हे. फिर तीसरा. माधुरी बरी बरी तीनो को ठंडा कर के बहार आई. उसने खूब ढींगे मर दिए थे.
माधुरी ; सिर्फ ये बाबू में डैम हे. देखा कितना वक्त लगा. मेरा तो मुँह दर्द करने लगा हाथ भी दत्ड़ किया बगोट मुश्किल से इनका निकला. बाकि तुम दोनों तो फुस्कू बेम हो किसी में डैम hi नहीं. चलो फिर आउंगी बाबू.
माधुरी वह से चली गई. उसने अपना काम कर दिया था. जिस जगह माधुरी ने कैमरा लगाया. उसपर न मोनार्क ने ध्यान दिया न जग्गू को पता थी. माधुरी अपने छोटे से रूम में गई और हड़फोन पे बोली.
माधुरी ; जग्गू जग्गू.
जग्गू ; बोलो मेडम.
माधुरी ; कैमरा लगा दिया स्क्रीन देखो.
जग्गू स्क्रीन ों करता हे.
जग्गू ; ये क्या हे मेडम??
माधुरी ; यही तो तहखाना हे. में बहार आ रही हु. मुझे कुछ सामान चाहिए.
उधर लड़की बन चूका सलीम होश में आ गया. उसका गले का ऑपरेशन भी हो चूका था.