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- Dec 5, 2013
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उस रत माधुरी मेरे सीने से लग कर सायद सो गई होगी. में ये दर्द बरदास hi नहीं कर प् रहा था की मेरी बीवी किसी गैर मर्द के साथ शादी कर के उसके साथ मेरे hi सामने सुहागरात मनाएगी. पर वक्त अब आगे बढ़ चूका था. अनजाने में माधुरी ने मुझे दुनिया का सबसे गहरा दर्द दे दिया. में बस अपने बाईट कल को hi याद कर रहा था. कैसे में कॉलेज के वक्त में दीवार जम्प कर के उसके हॉस्टल में गया था.
वो दिन वो मुझसे मिलना चाहती थी. कॉलेज की छुटिया थी. और हम कही बहार घूमने जाना चाहते थे. लैंड लाइन कॉल पे बाटे की.
माधुरी ; (स्माइल) नहीं हिम्मत हे तो मुझे हॉस्टल से भगा के दिखाओ.
में ; यार मधु रोज तो तुम जम्प कर के आ जाती हो तो अब क्या प्रॉब्लम हे??
माधुरी ; (स्माइल) क्यों फैट गई?? तुम्हे में दुनिया से चुरा लूंगा, तुम्हारे लिए कुछ भी कर गुजरूंगा. हम्म्म एक मुझे हॉस्टल से भागने में तुम्हारी गांड फैट गई.
में ; अच्छा यही बात हे?? और भगा दिया तो??
माधुरी ; हम्म्म सेक्स के इलावा जो तुम मानगो.
में ; हम्म्म सोच लो??
माधुरी ; (स्माइल) है बाबा सोच लिया. किश hi तो मांगोगे.
में ; न न न किश तो में फ्री में लूंगा पर तुम्हे मेरे सामने hi चेंज करना होगा.
माधुरी ; (सोक) क्या???
में ; क्यों अब क्या हुआ?? फैट गई तुम्हारी???
माधुरी ; (जोश) तुम्हारी मधु किसी से नहीं डर्टी. अगर तुम मेरे रूम तक भी आए तो तुम जीते. आ जाओ कितना डैम हे में भी देखती हु.
उस दिन माधुरी ने चल चली. बहोत सारा छोल ड्रिंक और पिज़्ज़ा मंगवा लिया. और अपनी साडी फ्रेंड्स को अपने रूम में hi पार्टी दे दी. ताकि रूम में भीड़ हो तो वो आ न सके मगर वीर तो वीर था. उसने हॉस्टल में बम होने की सुचना वरदार को दी. वो छिलने लगी. उसके छीलते hi माधुरी साडी सहेलिया उसे अकेला छोड़ कर भाग गई. माधुरी नहीं भागी.
वो कड़ी मुस्कुराई. उसे पता चल गया की ये उसका भोला बॉयफ्रेंड तपन हे. वो उसे जित का इनाम देने के लिए बाथरूम चली गई. ताकि अपने प्यार को जित का इनाम दे सके.
तो मेरा प्लान कामयाब रहा और में उसके रूम में आ कर उसी के बाद पर पसर गया. मुझे बाथरूम से उसके गुनगुना ने की आवाज आ रही थी. सवार की आवाज भी आ रही थी. मतलब वो नाहा रही थी. जिसकी गर्लफ्रेंड खुबशुरत हो और वो उसके सामने सिर्फ टावल में आ जाए तो क्या होगा. मेरे साथ भी यही हुआ. वो टावल में आई. और एक डैम से मुझे देख कर शर्मा गई.
क्या खुबशुरत लम्हा था.
में ; (स्माइल) देखा जित गया न. अब उतरो इसे.
माधुरी के एकदम से तेवर बदल गए.
माधुरी ; क्या?? बात नंगा होने की नहीं सिर्फ कपडे बदलने की हुई थी.
में ; (सोक) ये तो चिटनिंग हे.
वो हसने लगी.
माधुरी ; (स्माइल) अब तुम बुद्धू हो इसमें में क्या करू. तुम्हारे सामने hi चेंज करुँगी पर नंगी थोड़ी होउंगी.
में उसे ताकता रहा. वो अपनी ब्रा पंतय टावल के अंदर hi पहन ली. वो अब भी टावल में थी.
माधुरी ; (smaile)achha अब ऐसे मुँह मत बनाओ मुझे शादी के बाद खुद hi नंगी कर देना. अभी में तुम्हे अपना बिकनी शो दिखती हु.
मेरा डिल खुश हो गया. उसने अपना टावल गिरा दिया. उफ्फ्फ क्या सीन था. पर वो फटाफट अपने कपडे भी पहन लेती हे. में उसे जाट से बहो में भरा और किश करने गया. पर उसने मेरे लिप्स पर अपना हाथ रख दिया.
माधुरी ; नहीं... ये सिर्फ शाम को बी कहेंगे तब hi मिलेगी.
वो खुशियों में पल नजाने कहा खो गए और में कोनसे दाल दाल में फास गया. धीरे धीरे सोचते सोचते मुझे नींद आ गई. और फिर मुझे वो बिता कल याद आया जो सायद माधुरी भी नहीं जाती थी. कोई औरत मेरी गर्दन पकड़ कर बार बार मुझे पानी में डुबो रही थी. और में गण गाने की कोसिस कर रहा था.
उस वक्त में सायद स्कूल में hi होऊंगा. क्यों की मेरे फेस पर जो मुछे थी वो छोटे छोटे बल थे. जैसे अब जवानी सुरु होने hi वाली हो.
माँ ; शाबास बीटा फेस पे स्माइल मत छोडो अब गण गाओ है.
वो एक पानी की सिंटेक्स में मेरा सर डुबोती और कुछ पल के लिए रखती और जब मेरा फेस बहार निकलती तो में जोर से शंस लेने की कोसिस करता. वो मुझे स्माइल कर के गण गाने को कहती. 2 से 3 बार तो में नाकाम रहा फिर मेरी नक् से कफ बहने लगा. आंखे बंद हो गई. पर मेने कोसिस की और मेरे फेस पर एक स्माइल आ गई. और में हफ्ते हुए बस इतना hi बोल पाया.
में ; हहहहह जिंदगी हहहहह प्यार का हहहहह गीत हीइ.
माँ ; (खुश) शाबाश मेरे बेटे तू बहोत जल्दी सिख गया. मुह्हह्ह.
उन्हों ने मुझे गले लगा लिया. और मेरे सर को चुम लिया.
में ; माँ ये क्यों??? (हफ्ते हुए)
माँ ; जब दुसमन के हाथो तुम लग जाओगे तो वो तुमसे राज उगलवाने को ऐसा hi सब कुछ करेंगे. तब मेरा तिगर उन्हें उठ फिरकी दे देगा हेना??
में भी हसने लगा.
कमल हे वो मेरी माँ हे. और मुझे तिगर कहे कर बुला रही हे. उस वक्त में कितना छोटा था. तभी अचानक मेरी नींद खुली. मेरी नींद खुली तो मुझे पता लगा. में जिस रूम में सोया था. ये वो रूम नहीं हे. पर मेरे हाथ और पाव जकड़े हुए थे. और कोई भी आवाज नहीं आ रही थी. मुझे कुछ अजीब सा लगा. में किसी स्टेचर पे लेता हुआ था. मेरे पास hi निचे दस्त बिन थी. मेने अपना धड़ हूपर किया. क्यों की मेरे हाथ और पाव बंधे हुए थे. पास में जो दस्त बिन थी उसमे कई उसे की हुई. Nedal(sui) और इंजेस्टिव कोई मेडिसिन की सीसिया वगेरा थी.
मुझे समज़ते देर नहीं लगी ये साडी मुझपे इस्तेमाल होइ हुई थी. अब मुझे कैसे भी अपने आप को छुड़ाना था. मेने सोचा में स्ट्रेचर को टेढ़ा गिरौ. पर इस से आवाज होगी और कोई आ जाएगा. मेने पीठ और धड़ को ऊपर उठाया और ढज़म से गिरा. आवाज हुई कोई नहीं आया. मेने दूसरी बार भी किया तब भी कोई नहीं आया. मतलब यहाँ सायद कोई हे नहीं. अब मेने राइट साइड वेट लगा के पूरा स्ट्रचार समेत निचे गिरा. मुझे कंधो में दर्द तो हुआ.
पर ये तो पता चल गया की ये एक ट्रेप था और में इस से अब भी बच सकता हु. मेने दस्त बिन को हिलने की कोसिस की वो भी गिरी. एक मेडिसिन की कच की बोतल सरक कर मेरे हाथो के पास आ गई. में पूरा वेट से उस तरफ सरक ने लगा. वो बोतल मेरे पास आई. मेने वो बोतल तोड़ी. और पूरी कलाई मरोड़ कर ुशी हाथ का बेलट कटा. मेरा एक हाथ आज़ाद होते hi मेने अपने सर्र हाथ पाव खोल दिए. में खड़ा हुआ और डेन कदमो से रूम के दूर तक पहोचा.
मेने बहोत कोसिस की बारीक़ से बारीक़ आवाज सुन ने का. पर कोई आवाज नहीं. आवाज आ रही थी तो बस एक तप तप तप. में दबे कदमो से उसी दिशा में बढ़ने लगा. वो आवाज किसी बाथरूम से आ रही थी. में वह पहोचा तो नल से एक एक बून्द पानी गिर रहा था. ये में कोनसी जगह हु. मुझे कुछ समाज नहीं आ रहा था. में मेरे घर में नहीं कही और था. में हर जगह तलाशी लेने लगा. कुछ कागज़ मिले. वो किसी दें का घर था. उसका ड्राइविंग लाइसेंस. पर ये तो फ्रेंच में था. या तो में फ्रांस में हु या वो फ्रेंच हे.
मेने अपने सर पर हाथ रखा और दिमाग पे जोर डाला. सब धीरे धीरे मेरी आँखों के सामने आने लगा. पर अब भी सब कुछ नहीं. वो दिनों था. दान दिमों, दिमों दें. ओह्ह ये वही हे. जिसने मुझे मारा था. मुझे अलमारी से कुछ होटल्स के बिल मिले. सरे बिल ज्यादा तर एक hi होटल के कमान थे. मुझे उसी अलमारी से निचे की तरफ गुप्त में छुपाए हुए कुछ हथियार और कंप्यूटर के पार्ट्स भी मिले. मेने सिर्फ एक पिस्तौल ली. और मैग और गोलिया. मेने उसी बिल को हाथ में लिया और उस होटल की तरफ चल दिया.
मेरे पास पैसे नहीं थे. फिर भी एक टेक्सी में बर्थ और उस होटल की तरफ चल दिया. मेरा शक सही था. में फ्रांस में हु. पर अब भी कोई तो हे जो यहाँ मेरी मदद कर सकता हे. सायद मुझे एक हफ्ते से कैद कर के रखा हुआ था. वो दृवार होटल के बहार टेक्सी रोकी. और जब मेने वो होटल देखा तो में सोक था. ये वही जगह हे जहा माधुरी और जग्गू ने सगाई की थी. ड्राइवर ने पैसे मांगे. मेने उसे गन दिखाई वो दर के चले गया.
ये किसी होटल हे. कोई गार्ड नहीं सब खली. अभी भी कोई ट्रेप हो सकता हे. में आगे से नहीं पीछे से दीवार कूद के अंदर गया. सब कुछ वही. ओह माय गॉड. में कितने धोखे में हु. में उस होटल के अंदर गया. में हर रूम के पास से दबे पाव छुप कर निकल रहा था. फिर उसी हॉल में जहा मेने माधुरी और जग्गू का डिल जलने वाला सेक्स देखा था. मुझे किसी के बातो की आवाज आई. में रुक गया. ये आवाज माधुरी और जग्गू की थी.
में छुप के से उस हॉल के दरवाजे तक पहोचा. और मेने माधुरी को एक ब्लू ड्रेस में देखा. बहोत hi खुबशुरत और हॉट ड्रेस में. उसके फेस पर चमक और लबो पे स्माइल थी. वो अपने आप में खुश लग रही थी.
में उनकी बाटे सुन ने लगा.
जग्गू ; क्या बात हे आज तो बहोत खुश लग रही हो.
माधुरी जैसे ख़ुशी में नाच रही हो. वो गन गुना रही थी है रही थी. अपना पल्लू हवा में लहरा रही थी.
माधुरी ; (खिल खिला कर हस्ते हुए) धीरे धीरे बोल कोई सुन न ले. सुन न ले बाबा सुन न ले.
जग्गू ; (स्माइल) अरे बोलो न क्यों इतनी खुश हो.
माधुरी जैसे वो ख़ुशी से पागल हो गई हो. वो पागलो के जैसे हरकत करने लगी. वो अपने सीने पर हाथ रख कर जैसे एक्साइटमेंट में बोल रही थी.
माधुरी ; (एक्साइट स्माइल) है में पागल हो गई हु. आज में बहोत खुश हु.
जग्गू ; (स्माइल) अरे वही तो तुम खुश क्यों हो. ये तो बताओ.
माधुरी ; (एक्साइट स्माइल) क्यों की वो बर्बाद हो चूका हे. उसकी बर्बादी hi मेरे डिल का सुकून हे. है है है.
जग्गू ; (स्माइल) ओह्ह्ह बस इतनी सी बात. पर मन गए तुम्हारी एक्टिंग को. क्या जबरदस्त एक्टिंग करती हो. वो बेचारा अब भी तुम्हारे प्यार में पागल. और तुम तो क्या रहमत दिखा रही थी. बेचारा लव माधुरी लव माधुरी करते करते मर जाएगा.
ओह तो ये प्लान हे इन दोनों का. माधुरी भी ख़ुशी से शारुख खान की एक्टिंग करने लगी. दोनों बहे फैला कर.
माधुरी ; (एक्साइट स्माइल) कक्क किरण नहीं नहीं ममम मधु.
और वो जोर जोर से हसने लगी.
माधुरी ; (एक्साइट स्माइल) उस बेचारे को क्या पता. जिसे वो जान से ज्यादा चाहता हे. वही उसकी जान लेना चाहती हे. है है है.
माधुरी पागलो के जैसे कर रही थी. मुझे भी उसपे गुस्सा आने लगा. पर फिर कोई ब्लफ न हो इस लिए में उसे और सुन न चाहता था. तब hi मेने देखा की जग्गू भी उसके रंग में रंग गया वो उसके करीब आया.
जग्गू ; (एक्साइट स्माइल) ओह्ह ये ये मेरे हाथो को क्या हो गया हे ओह्ह्ह ओह्ह्ह
उसकी ऐसी चुटिया एक्टिंग देख कर माधुरी जोर जोर से हसने लगी.
जग्गू ; (एक्साइट स्माइल) ओह्ह ये तो तुम्हारे पाव छूने की कोसिस कर रहे हे. ये तुम्हे एक्टिंग का गुरु मन ने लगे हे.
जग्गू ऐसा बोल के हस्ते हुए माधुरी के कदमो में बेथ गया. माधुरी भी उसे सर निचे कर के स्माइल करते हुए देखने लगी.
मुझे उन दोनों की घटिया एक्टिंग पर गुस्सा आने लगा. क्यों की में उसी घटिया एक्टिंग से चुटिया बन चूका था. और इसी एक्टिंग की वजह से मेरी जिंदगी तो बर्बाद हो चुकी थी. उस कमीने ने माधुरी के पाव पकड़ लिए. और माधुरी पागलो की तरह जोर जोर से हसने लगी.
फिर तो कमीने पैन की हद hi हो गई.
जग्गू ; (एक्साइट स्माइल) डिल करता हे की पाव के साथ तुम्हारी छूट भी मशाल लू.
माधुरी उसके सर पर हाथ रख के जोर जोर से है रही थी. और जग्गू अपना हाथ ऊपर की और सरकने लगा.
उसने सही में मुट्ठी भर माधुरी की छूट पकड़ ली. और मशलने लगा. माधुरी भी सिसकारियां भरने लगी.
माधुरी ; सससस ये तुमने उस हरामजादा जब होश में था तब किया होता ससस अब हटो.
अब मुझे गुस्सा बरदास नहीं हुआ. में गुस्से में बहार आ गया.
में ; (गुस्से में) तो अब कर लो. अब कोनसी देरी हुई लो में यही हु.
माधुरी मुझे देख कर मेरी तरफ 3 कदम आई. और बड़ी बेशर्मी से बोली.
माधुरी ; (स्माइल) ओह्ह्ह उठ गए मेरे पति देव.
वो कमर पर हाथ रख के स्माइल करते हुए बड़ी अदाओ से मुझे देखने लगी.
में ; (इमोसनल) क्यों क्यों किया तुमने ऐसा मेरे साथ में तो तुम्हे अपनी जान से भी ज्यादा प्यार करता था न
माधुरी के तो तेवर hi बदल गए.
माधुरी ; (एक्साइट स्माइल) ही रे मेरे पति देव.
माधुरी ; देखो में तुम्हारी खुबशुरत बीवी. तुम करो तो लीला. मेने किया तो पाप. तुमने 3 शादिया की. में दूसरी न करू?? ये देखो मेरी जवानी ससस क्या में बस तुम्हारे पीछे बर्बाद कर दू. ससस ुह्ह्हह्ह न न न.
माधुरी जैसे वो पागल hi हो गई. वो नाचने लगी. जैसे नौटंकी कर रही हो.
में एक कदम आगे आया और एक थपड मारा. वो अपने गलो को सहलाने लगी. और गुस्से से जग्गू की तरफ देख कर बोली
माधुरी ; (गुस्से में) तुम तो कहते थे ये नहीं उठेगा. ये तो साला उठ गया.
तभी अचानक से जग्गू ने रिमोट निकला और दबाया. मुझे बहोत तेज़ सर में दर्द हुआ. ऐसा जैसे किसी ने दोनों सर पे स्पीकर बंद दिए हो इतनी घिनौनी आवाज. में घुटनो के बल बेथ गया. मेरा हल देख के माधुरी हस्ते हुए नाचने लगी. गोल गोल घूम कर.
जैसे hi थोड़ा दर्द काम हुआ वो मेरे पास बेथ गई. और शर्माने का नाटक करने लगी. वो जमीं पर hi बेथ गई.
माधुरी ; (पागल पैन स्माइल) देखा मेरा पावर मेरे प्यारे पति देव.
में खड़ा हुआ और वापस माधुरी की तरफ बढ़ा. में चाहता था की दर्द से पहले एक बार माधुरी की गर्दन हाथ आ जाए. में जैसे hi माधुरी की गर्दन के पास पहोचा बहोत तेज़ दर्द हुआ. में फिर सर पकड़ कर बेथ गया. मेरी आँखों के सामने अँधेरा छ गया.
वीर के सर में बहोत तेज़ दर्द हो रहा था. और माधुरी उसके साथ एक पागल पैन में खेल रही थी. वो नाच रही थी. दर्द में तड़पते वीर को सहेला रही थी. उसे वीर के दर्द में बहोत मज़ा आ रहा था. माधुरी में बहोत गन्दा पागल पैन दिख रहा था. तभी वीर ने माधुरी की बजाय जग्गू पे पूरी ताकत लगा कर जम्प मारा. जग्गू के हाथ से रिमोट छूट गया. वीर ने उसे अपने सीने के निचे सबा कर जमीं पर लेता रहा. जग्गू रिमोट छुड़ाने की कोसिए कर रहा था. और उसी वक्त माधुरी के मोबाइल पे एक कॉल आया. माधुरी ने तुरंत hi कॉल पिक किया.
माधुरी ; इसे छोड़ निकल यहाँ से नहीं तो वो हमें मर डालेगी.
वो दोनों वीर को छोड़ कर वह से भागने लगे. वीर का सर का दर्द एकदम से कण्ट्रोल हुआ. वो पसीना पसीना हो गया. वो खड़ा हुआ और अपनी पिस्तौल निकल कर दूर की तरफ बढ़ा. उसने जैसे hi दूर खोला सामने माधुरी एक ब्लैक जैकेट जींस में थी. वीर सोक हो गया. उसे समाज बही आया उसने तुरंत माधुरी पर पिस्तौल तन दी और ट्रिगर भी दबा दिया. माधुरी फ़ास्ट थी. उसने तुरंत hi वीर का हाथ पकड़ कर ऊपर कर दिया.
गोली तो चली. पर हवा में. वीर ने तुरंत hi माधुरी के छूट पे जोर से लत मरी. माधुरी गिर गई. वह जग्गू भी आ गया. वीर ने जग्गू को एक मुँह पर जोरदार पांच मारा. जग्गू उछाल के दूर गिरा. उसका जबड़ा टूट गया और मुँह से खून निकलने लगा. वीर दर्द और गुस्से ने बदले की भावना से माधुरी के बल पकड़ के खींचने लगा. वो उसे घसीट ते हुए लेजाने लगा.
वीर ; (गुस्से में) बेवफा आज तुजे जान से मर दूंगा.
माधुरी ; (दर्द से) अह्ह्ह ससस क्या कर रहे हो में असली थी. वो नकली हे. अहह में तुम्हारी जान बचने आई हु.
वीर को शक अब भी था. वो रुका और माधुरी की गर्दन पकड़ के बोलै.
वीर ; (गुस्से में) साली अब कोनसा नया खेल खेलेगी.
माधुरी ; (दर्द में) अह्ह्ह ससस बस 1 मिनिट रुको में सससस दिखती हु सच.
माधुरी को छोड़ा. माधुरी वीर का हाथ पकड़ कर एक विंडो पे ले.
माधुरी ; वो देखो कोण हे नकली माधुरी और जग्गू.
वीर को तुरंत याद आया. वो चिंकी और मिन्की थी. जो अभी भी मस्ती में थी.
वीर ; (सोक) ये तो चिंकी मिन्की हे. साली ये?????
वो दोनों ने भी वीर और माधुरी को देखा और हाथ हिला कर दोनों उन्हें देखने लगी.
वीर उन्हें पकड़ने भागने लगा. पर वो अपनी कार में भाग चुके थे. वीर आसमान की तरफ सर कर के जोर से चिलाय. माधुरी निचे आई और वही रोड पर निचे बेथ कर बस अपने पति को देखती रही.
वीर ; मुझे अब भी क्यों कुछ समाज नहीं आ रहा हे. एक हफ्ते से में रोज नै नै कहानी देख रहा हु. पता नहीं अब तुम भी असली हो या नहीं.
माधुरी ; एक हफ्ते से नहीं 1 मंथ से तुम ला पता हो. और जिसे तुम माधुरी और जग्गू समाज रहे थे वो चिंकी मिन्की थी. तुम्हारे ब्लड में मैग्नेटोन क्लॉट्स हे जो तुम्हारे माइंड तक पहोच कर रोज नै कहानी दिखते हे. जो मर्जी चाहे. वो तुम्हारे हाथो मुझे जान से मरवाना चाहते थे.
वीर ; तो क्या अब वो कैसे.
माधुरी ; मेरी एक दोस्त हे जो तुम्हारी मदद करेगी. और (स्माइल) और में अब भी तुम्हारी वही बीवी हु जो पहले थी. मेने कोई जग्गू से शादी वादी नहीं की. में अब भी तुम्हारी हु.
वो दिन वो मुझसे मिलना चाहती थी. कॉलेज की छुटिया थी. और हम कही बहार घूमने जाना चाहते थे. लैंड लाइन कॉल पे बाटे की.
माधुरी ; (स्माइल) नहीं हिम्मत हे तो मुझे हॉस्टल से भगा के दिखाओ.
में ; यार मधु रोज तो तुम जम्प कर के आ जाती हो तो अब क्या प्रॉब्लम हे??
माधुरी ; (स्माइल) क्यों फैट गई?? तुम्हे में दुनिया से चुरा लूंगा, तुम्हारे लिए कुछ भी कर गुजरूंगा. हम्म्म एक मुझे हॉस्टल से भागने में तुम्हारी गांड फैट गई.
में ; अच्छा यही बात हे?? और भगा दिया तो??
माधुरी ; हम्म्म सेक्स के इलावा जो तुम मानगो.
में ; हम्म्म सोच लो??
माधुरी ; (स्माइल) है बाबा सोच लिया. किश hi तो मांगोगे.
में ; न न न किश तो में फ्री में लूंगा पर तुम्हे मेरे सामने hi चेंज करना होगा.
माधुरी ; (सोक) क्या???
में ; क्यों अब क्या हुआ?? फैट गई तुम्हारी???
माधुरी ; (जोश) तुम्हारी मधु किसी से नहीं डर्टी. अगर तुम मेरे रूम तक भी आए तो तुम जीते. आ जाओ कितना डैम हे में भी देखती हु.
उस दिन माधुरी ने चल चली. बहोत सारा छोल ड्रिंक और पिज़्ज़ा मंगवा लिया. और अपनी साडी फ्रेंड्स को अपने रूम में hi पार्टी दे दी. ताकि रूम में भीड़ हो तो वो आ न सके मगर वीर तो वीर था. उसने हॉस्टल में बम होने की सुचना वरदार को दी. वो छिलने लगी. उसके छीलते hi माधुरी साडी सहेलिया उसे अकेला छोड़ कर भाग गई. माधुरी नहीं भागी.
वो कड़ी मुस्कुराई. उसे पता चल गया की ये उसका भोला बॉयफ्रेंड तपन हे. वो उसे जित का इनाम देने के लिए बाथरूम चली गई. ताकि अपने प्यार को जित का इनाम दे सके.
तो मेरा प्लान कामयाब रहा और में उसके रूम में आ कर उसी के बाद पर पसर गया. मुझे बाथरूम से उसके गुनगुना ने की आवाज आ रही थी. सवार की आवाज भी आ रही थी. मतलब वो नाहा रही थी. जिसकी गर्लफ्रेंड खुबशुरत हो और वो उसके सामने सिर्फ टावल में आ जाए तो क्या होगा. मेरे साथ भी यही हुआ. वो टावल में आई. और एक डैम से मुझे देख कर शर्मा गई.
क्या खुबशुरत लम्हा था.
में ; (स्माइल) देखा जित गया न. अब उतरो इसे.
माधुरी के एकदम से तेवर बदल गए.
माधुरी ; क्या?? बात नंगा होने की नहीं सिर्फ कपडे बदलने की हुई थी.
में ; (सोक) ये तो चिटनिंग हे.
वो हसने लगी.
माधुरी ; (स्माइल) अब तुम बुद्धू हो इसमें में क्या करू. तुम्हारे सामने hi चेंज करुँगी पर नंगी थोड़ी होउंगी.
में उसे ताकता रहा. वो अपनी ब्रा पंतय टावल के अंदर hi पहन ली. वो अब भी टावल में थी.
माधुरी ; (smaile)achha अब ऐसे मुँह मत बनाओ मुझे शादी के बाद खुद hi नंगी कर देना. अभी में तुम्हे अपना बिकनी शो दिखती हु.
मेरा डिल खुश हो गया. उसने अपना टावल गिरा दिया. उफ्फ्फ क्या सीन था. पर वो फटाफट अपने कपडे भी पहन लेती हे. में उसे जाट से बहो में भरा और किश करने गया. पर उसने मेरे लिप्स पर अपना हाथ रख दिया.
माधुरी ; नहीं... ये सिर्फ शाम को बी कहेंगे तब hi मिलेगी.
वो खुशियों में पल नजाने कहा खो गए और में कोनसे दाल दाल में फास गया. धीरे धीरे सोचते सोचते मुझे नींद आ गई. और फिर मुझे वो बिता कल याद आया जो सायद माधुरी भी नहीं जाती थी. कोई औरत मेरी गर्दन पकड़ कर बार बार मुझे पानी में डुबो रही थी. और में गण गाने की कोसिस कर रहा था.
उस वक्त में सायद स्कूल में hi होऊंगा. क्यों की मेरे फेस पर जो मुछे थी वो छोटे छोटे बल थे. जैसे अब जवानी सुरु होने hi वाली हो.
माँ ; शाबास बीटा फेस पे स्माइल मत छोडो अब गण गाओ है.
वो एक पानी की सिंटेक्स में मेरा सर डुबोती और कुछ पल के लिए रखती और जब मेरा फेस बहार निकलती तो में जोर से शंस लेने की कोसिस करता. वो मुझे स्माइल कर के गण गाने को कहती. 2 से 3 बार तो में नाकाम रहा फिर मेरी नक् से कफ बहने लगा. आंखे बंद हो गई. पर मेने कोसिस की और मेरे फेस पर एक स्माइल आ गई. और में हफ्ते हुए बस इतना hi बोल पाया.
में ; हहहहह जिंदगी हहहहह प्यार का हहहहह गीत हीइ.
माँ ; (खुश) शाबाश मेरे बेटे तू बहोत जल्दी सिख गया. मुह्हह्ह.
उन्हों ने मुझे गले लगा लिया. और मेरे सर को चुम लिया.
में ; माँ ये क्यों??? (हफ्ते हुए)
माँ ; जब दुसमन के हाथो तुम लग जाओगे तो वो तुमसे राज उगलवाने को ऐसा hi सब कुछ करेंगे. तब मेरा तिगर उन्हें उठ फिरकी दे देगा हेना??
में भी हसने लगा.
कमल हे वो मेरी माँ हे. और मुझे तिगर कहे कर बुला रही हे. उस वक्त में कितना छोटा था. तभी अचानक मेरी नींद खुली. मेरी नींद खुली तो मुझे पता लगा. में जिस रूम में सोया था. ये वो रूम नहीं हे. पर मेरे हाथ और पाव जकड़े हुए थे. और कोई भी आवाज नहीं आ रही थी. मुझे कुछ अजीब सा लगा. में किसी स्टेचर पे लेता हुआ था. मेरे पास hi निचे दस्त बिन थी. मेने अपना धड़ हूपर किया. क्यों की मेरे हाथ और पाव बंधे हुए थे. पास में जो दस्त बिन थी उसमे कई उसे की हुई. Nedal(sui) और इंजेस्टिव कोई मेडिसिन की सीसिया वगेरा थी.
मुझे समज़ते देर नहीं लगी ये साडी मुझपे इस्तेमाल होइ हुई थी. अब मुझे कैसे भी अपने आप को छुड़ाना था. मेने सोचा में स्ट्रेचर को टेढ़ा गिरौ. पर इस से आवाज होगी और कोई आ जाएगा. मेने पीठ और धड़ को ऊपर उठाया और ढज़म से गिरा. आवाज हुई कोई नहीं आया. मेने दूसरी बार भी किया तब भी कोई नहीं आया. मतलब यहाँ सायद कोई हे नहीं. अब मेने राइट साइड वेट लगा के पूरा स्ट्रचार समेत निचे गिरा. मुझे कंधो में दर्द तो हुआ.
पर ये तो पता चल गया की ये एक ट्रेप था और में इस से अब भी बच सकता हु. मेने दस्त बिन को हिलने की कोसिस की वो भी गिरी. एक मेडिसिन की कच की बोतल सरक कर मेरे हाथो के पास आ गई. में पूरा वेट से उस तरफ सरक ने लगा. वो बोतल मेरे पास आई. मेने वो बोतल तोड़ी. और पूरी कलाई मरोड़ कर ुशी हाथ का बेलट कटा. मेरा एक हाथ आज़ाद होते hi मेने अपने सर्र हाथ पाव खोल दिए. में खड़ा हुआ और डेन कदमो से रूम के दूर तक पहोचा.
मेने बहोत कोसिस की बारीक़ से बारीक़ आवाज सुन ने का. पर कोई आवाज नहीं. आवाज आ रही थी तो बस एक तप तप तप. में दबे कदमो से उसी दिशा में बढ़ने लगा. वो आवाज किसी बाथरूम से आ रही थी. में वह पहोचा तो नल से एक एक बून्द पानी गिर रहा था. ये में कोनसी जगह हु. मुझे कुछ समाज नहीं आ रहा था. में मेरे घर में नहीं कही और था. में हर जगह तलाशी लेने लगा. कुछ कागज़ मिले. वो किसी दें का घर था. उसका ड्राइविंग लाइसेंस. पर ये तो फ्रेंच में था. या तो में फ्रांस में हु या वो फ्रेंच हे.
मेने अपने सर पर हाथ रखा और दिमाग पे जोर डाला. सब धीरे धीरे मेरी आँखों के सामने आने लगा. पर अब भी सब कुछ नहीं. वो दिनों था. दान दिमों, दिमों दें. ओह्ह ये वही हे. जिसने मुझे मारा था. मुझे अलमारी से कुछ होटल्स के बिल मिले. सरे बिल ज्यादा तर एक hi होटल के कमान थे. मुझे उसी अलमारी से निचे की तरफ गुप्त में छुपाए हुए कुछ हथियार और कंप्यूटर के पार्ट्स भी मिले. मेने सिर्फ एक पिस्तौल ली. और मैग और गोलिया. मेने उसी बिल को हाथ में लिया और उस होटल की तरफ चल दिया.
मेरे पास पैसे नहीं थे. फिर भी एक टेक्सी में बर्थ और उस होटल की तरफ चल दिया. मेरा शक सही था. में फ्रांस में हु. पर अब भी कोई तो हे जो यहाँ मेरी मदद कर सकता हे. सायद मुझे एक हफ्ते से कैद कर के रखा हुआ था. वो दृवार होटल के बहार टेक्सी रोकी. और जब मेने वो होटल देखा तो में सोक था. ये वही जगह हे जहा माधुरी और जग्गू ने सगाई की थी. ड्राइवर ने पैसे मांगे. मेने उसे गन दिखाई वो दर के चले गया.
ये किसी होटल हे. कोई गार्ड नहीं सब खली. अभी भी कोई ट्रेप हो सकता हे. में आगे से नहीं पीछे से दीवार कूद के अंदर गया. सब कुछ वही. ओह माय गॉड. में कितने धोखे में हु. में उस होटल के अंदर गया. में हर रूम के पास से दबे पाव छुप कर निकल रहा था. फिर उसी हॉल में जहा मेने माधुरी और जग्गू का डिल जलने वाला सेक्स देखा था. मुझे किसी के बातो की आवाज आई. में रुक गया. ये आवाज माधुरी और जग्गू की थी.
में छुप के से उस हॉल के दरवाजे तक पहोचा. और मेने माधुरी को एक ब्लू ड्रेस में देखा. बहोत hi खुबशुरत और हॉट ड्रेस में. उसके फेस पर चमक और लबो पे स्माइल थी. वो अपने आप में खुश लग रही थी.
में उनकी बाटे सुन ने लगा.
जग्गू ; क्या बात हे आज तो बहोत खुश लग रही हो.
माधुरी जैसे ख़ुशी में नाच रही हो. वो गन गुना रही थी है रही थी. अपना पल्लू हवा में लहरा रही थी.
माधुरी ; (खिल खिला कर हस्ते हुए) धीरे धीरे बोल कोई सुन न ले. सुन न ले बाबा सुन न ले.
जग्गू ; (स्माइल) अरे बोलो न क्यों इतनी खुश हो.
माधुरी जैसे वो ख़ुशी से पागल हो गई हो. वो पागलो के जैसे हरकत करने लगी. वो अपने सीने पर हाथ रख कर जैसे एक्साइटमेंट में बोल रही थी.
माधुरी ; (एक्साइट स्माइल) है में पागल हो गई हु. आज में बहोत खुश हु.
जग्गू ; (स्माइल) अरे वही तो तुम खुश क्यों हो. ये तो बताओ.
माधुरी ; (एक्साइट स्माइल) क्यों की वो बर्बाद हो चूका हे. उसकी बर्बादी hi मेरे डिल का सुकून हे. है है है.
जग्गू ; (स्माइल) ओह्ह्ह बस इतनी सी बात. पर मन गए तुम्हारी एक्टिंग को. क्या जबरदस्त एक्टिंग करती हो. वो बेचारा अब भी तुम्हारे प्यार में पागल. और तुम तो क्या रहमत दिखा रही थी. बेचारा लव माधुरी लव माधुरी करते करते मर जाएगा.
ओह तो ये प्लान हे इन दोनों का. माधुरी भी ख़ुशी से शारुख खान की एक्टिंग करने लगी. दोनों बहे फैला कर.
माधुरी ; (एक्साइट स्माइल) कक्क किरण नहीं नहीं ममम मधु.
और वो जोर जोर से हसने लगी.
माधुरी ; (एक्साइट स्माइल) उस बेचारे को क्या पता. जिसे वो जान से ज्यादा चाहता हे. वही उसकी जान लेना चाहती हे. है है है.
माधुरी पागलो के जैसे कर रही थी. मुझे भी उसपे गुस्सा आने लगा. पर फिर कोई ब्लफ न हो इस लिए में उसे और सुन न चाहता था. तब hi मेने देखा की जग्गू भी उसके रंग में रंग गया वो उसके करीब आया.
जग्गू ; (एक्साइट स्माइल) ओह्ह ये ये मेरे हाथो को क्या हो गया हे ओह्ह्ह ओह्ह्ह
उसकी ऐसी चुटिया एक्टिंग देख कर माधुरी जोर जोर से हसने लगी.
जग्गू ; (एक्साइट स्माइल) ओह्ह ये तो तुम्हारे पाव छूने की कोसिस कर रहे हे. ये तुम्हे एक्टिंग का गुरु मन ने लगे हे.
जग्गू ऐसा बोल के हस्ते हुए माधुरी के कदमो में बेथ गया. माधुरी भी उसे सर निचे कर के स्माइल करते हुए देखने लगी.
मुझे उन दोनों की घटिया एक्टिंग पर गुस्सा आने लगा. क्यों की में उसी घटिया एक्टिंग से चुटिया बन चूका था. और इसी एक्टिंग की वजह से मेरी जिंदगी तो बर्बाद हो चुकी थी. उस कमीने ने माधुरी के पाव पकड़ लिए. और माधुरी पागलो की तरह जोर जोर से हसने लगी.
फिर तो कमीने पैन की हद hi हो गई.
जग्गू ; (एक्साइट स्माइल) डिल करता हे की पाव के साथ तुम्हारी छूट भी मशाल लू.
माधुरी उसके सर पर हाथ रख के जोर जोर से है रही थी. और जग्गू अपना हाथ ऊपर की और सरकने लगा.
उसने सही में मुट्ठी भर माधुरी की छूट पकड़ ली. और मशलने लगा. माधुरी भी सिसकारियां भरने लगी.
माधुरी ; सससस ये तुमने उस हरामजादा जब होश में था तब किया होता ससस अब हटो.
अब मुझे गुस्सा बरदास नहीं हुआ. में गुस्से में बहार आ गया.
में ; (गुस्से में) तो अब कर लो. अब कोनसी देरी हुई लो में यही हु.
माधुरी मुझे देख कर मेरी तरफ 3 कदम आई. और बड़ी बेशर्मी से बोली.
माधुरी ; (स्माइल) ओह्ह्ह उठ गए मेरे पति देव.
वो कमर पर हाथ रख के स्माइल करते हुए बड़ी अदाओ से मुझे देखने लगी.
में ; (इमोसनल) क्यों क्यों किया तुमने ऐसा मेरे साथ में तो तुम्हे अपनी जान से भी ज्यादा प्यार करता था न
माधुरी के तो तेवर hi बदल गए.
माधुरी ; (एक्साइट स्माइल) ही रे मेरे पति देव.
माधुरी ; देखो में तुम्हारी खुबशुरत बीवी. तुम करो तो लीला. मेने किया तो पाप. तुमने 3 शादिया की. में दूसरी न करू?? ये देखो मेरी जवानी ससस क्या में बस तुम्हारे पीछे बर्बाद कर दू. ससस ुह्ह्हह्ह न न न.
माधुरी जैसे वो पागल hi हो गई. वो नाचने लगी. जैसे नौटंकी कर रही हो.
में एक कदम आगे आया और एक थपड मारा. वो अपने गलो को सहलाने लगी. और गुस्से से जग्गू की तरफ देख कर बोली
माधुरी ; (गुस्से में) तुम तो कहते थे ये नहीं उठेगा. ये तो साला उठ गया.
तभी अचानक से जग्गू ने रिमोट निकला और दबाया. मुझे बहोत तेज़ सर में दर्द हुआ. ऐसा जैसे किसी ने दोनों सर पे स्पीकर बंद दिए हो इतनी घिनौनी आवाज. में घुटनो के बल बेथ गया. मेरा हल देख के माधुरी हस्ते हुए नाचने लगी. गोल गोल घूम कर.
जैसे hi थोड़ा दर्द काम हुआ वो मेरे पास बेथ गई. और शर्माने का नाटक करने लगी. वो जमीं पर hi बेथ गई.
माधुरी ; (पागल पैन स्माइल) देखा मेरा पावर मेरे प्यारे पति देव.
में खड़ा हुआ और वापस माधुरी की तरफ बढ़ा. में चाहता था की दर्द से पहले एक बार माधुरी की गर्दन हाथ आ जाए. में जैसे hi माधुरी की गर्दन के पास पहोचा बहोत तेज़ दर्द हुआ. में फिर सर पकड़ कर बेथ गया. मेरी आँखों के सामने अँधेरा छ गया.
वीर के सर में बहोत तेज़ दर्द हो रहा था. और माधुरी उसके साथ एक पागल पैन में खेल रही थी. वो नाच रही थी. दर्द में तड़पते वीर को सहेला रही थी. उसे वीर के दर्द में बहोत मज़ा आ रहा था. माधुरी में बहोत गन्दा पागल पैन दिख रहा था. तभी वीर ने माधुरी की बजाय जग्गू पे पूरी ताकत लगा कर जम्प मारा. जग्गू के हाथ से रिमोट छूट गया. वीर ने उसे अपने सीने के निचे सबा कर जमीं पर लेता रहा. जग्गू रिमोट छुड़ाने की कोसिए कर रहा था. और उसी वक्त माधुरी के मोबाइल पे एक कॉल आया. माधुरी ने तुरंत hi कॉल पिक किया.
माधुरी ; इसे छोड़ निकल यहाँ से नहीं तो वो हमें मर डालेगी.
वो दोनों वीर को छोड़ कर वह से भागने लगे. वीर का सर का दर्द एकदम से कण्ट्रोल हुआ. वो पसीना पसीना हो गया. वो खड़ा हुआ और अपनी पिस्तौल निकल कर दूर की तरफ बढ़ा. उसने जैसे hi दूर खोला सामने माधुरी एक ब्लैक जैकेट जींस में थी. वीर सोक हो गया. उसे समाज बही आया उसने तुरंत माधुरी पर पिस्तौल तन दी और ट्रिगर भी दबा दिया. माधुरी फ़ास्ट थी. उसने तुरंत hi वीर का हाथ पकड़ कर ऊपर कर दिया.
गोली तो चली. पर हवा में. वीर ने तुरंत hi माधुरी के छूट पे जोर से लत मरी. माधुरी गिर गई. वह जग्गू भी आ गया. वीर ने जग्गू को एक मुँह पर जोरदार पांच मारा. जग्गू उछाल के दूर गिरा. उसका जबड़ा टूट गया और मुँह से खून निकलने लगा. वीर दर्द और गुस्से ने बदले की भावना से माधुरी के बल पकड़ के खींचने लगा. वो उसे घसीट ते हुए लेजाने लगा.
वीर ; (गुस्से में) बेवफा आज तुजे जान से मर दूंगा.
माधुरी ; (दर्द से) अह्ह्ह ससस क्या कर रहे हो में असली थी. वो नकली हे. अहह में तुम्हारी जान बचने आई हु.
वीर को शक अब भी था. वो रुका और माधुरी की गर्दन पकड़ के बोलै.
वीर ; (गुस्से में) साली अब कोनसा नया खेल खेलेगी.
माधुरी ; (दर्द में) अह्ह्ह ससस बस 1 मिनिट रुको में सससस दिखती हु सच.
माधुरी को छोड़ा. माधुरी वीर का हाथ पकड़ कर एक विंडो पे ले.
माधुरी ; वो देखो कोण हे नकली माधुरी और जग्गू.
वीर को तुरंत याद आया. वो चिंकी और मिन्की थी. जो अभी भी मस्ती में थी.
वीर ; (सोक) ये तो चिंकी मिन्की हे. साली ये?????
वो दोनों ने भी वीर और माधुरी को देखा और हाथ हिला कर दोनों उन्हें देखने लगी.
वीर उन्हें पकड़ने भागने लगा. पर वो अपनी कार में भाग चुके थे. वीर आसमान की तरफ सर कर के जोर से चिलाय. माधुरी निचे आई और वही रोड पर निचे बेथ कर बस अपने पति को देखती रही.
वीर ; मुझे अब भी क्यों कुछ समाज नहीं आ रहा हे. एक हफ्ते से में रोज नै नै कहानी देख रहा हु. पता नहीं अब तुम भी असली हो या नहीं.
माधुरी ; एक हफ्ते से नहीं 1 मंथ से तुम ला पता हो. और जिसे तुम माधुरी और जग्गू समाज रहे थे वो चिंकी मिन्की थी. तुम्हारे ब्लड में मैग्नेटोन क्लॉट्स हे जो तुम्हारे माइंड तक पहोच कर रोज नै कहानी दिखते हे. जो मर्जी चाहे. वो तुम्हारे हाथो मुझे जान से मरवाना चाहते थे.
वीर ; तो क्या अब वो कैसे.
माधुरी ; मेरी एक दोस्त हे जो तुम्हारी मदद करेगी. और (स्माइल) और में अब भी तुम्हारी वही बीवी हु जो पहले थी. मेने कोई जग्गू से शादी वादी नहीं की. में अब भी तुम्हारी हु.