Parivar se nafrat fir pyaar - Page 5 - SexBaba
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Parivar se nafrat fir pyaar

अपडेट 35

रावल मैंशन में सब लोग पार्टी की थकन से बिस्टेर पर जाते hi सो गए बस दो रूम में लाइट जल रही थी एक तो था आकाश का रूम जिसमे आकाश निशा की छूट में ताबड़ तोड़ शॉट मर रहा था आइये जरा इन पति पत्नी की चुदाई भी देख लेते है

आकाश : आअह्ह्ह्ह यस बेबी के ों के ों टेक आईटी आह्हः यस यस यस

निशा : है ऐसे hi फ़क में फ़क में फ़क में एहहह यस आठ अह्ह्ह आह्हः आह्हः

आकाश : निशा आज भी तुम मस्ट कर देती हो आअह्ह्ह्ह आह्हः

निशा : है है ममीरा होने आअह्ह्ह्ह वाला है आअह्ह्ह्ह यस यस या आह्ह्ह्हह

इसी के साथ निशा जड़ गयी लेकिन आकाश अभी भी धक्के मर रहा था

आकाश : में भी आ रहा हु ी ामममम कोउम्म्मीईईईन्न्नणगगगगग आअह्ह्ह्ह

और आकाश भी जड़ गया और निशा के बूब्स को काने लगा निशा तो अपनी साँस कण्ट्रोल कर रही थी

निशा : एक और बार हो जाये

आकाश : अब नहीं मेरी जान अब मुझमे ताक़त नहीं है यार तुम अभी थकी नहीं हो क्या कहती हो बेबी

निशा : ये गलत है आप तो एक राउंड में hi थक जाते हो मेरा अभी एक बार और मन है

आकाश : अरे मेरी जान तुम तो पहले ऐसा कभी नहीं कहती थी अब क्या छूट में ज्यादा खुजली है तो कल डॉक्टर को देखा कर आते है

निशा : पता नहीं जब से अंकित के साथ किया है तब से कुछ ज्यादा hi हो रहा है

आकाश : अरे है मैं तो पूछना hi भूल गया कैसा रहा पहला एक्सपीरियंस

सुना था की तुम सुबह चल भी नहीं प् रही थी क्या अंकित ने दो राउंड लिए थे क्या

निशा : नहीं एक hi राउंड लिया था पर उसका 1 राउंड आपके 3 अराउंड बराबर है उसे ायरत को खुश करना अच्छे से आता है

आकाश : आखिर बीटा किसका है

फिर ये दोनों भी सो जाते है

अब चलते है अंकित के रूम में जहा मनीषा और अंकित लेते हुए थे

अंकित : माँ आप का आज मूड है सेक्स के लिए

मनीषा ने जब से निशा की हालत देखि थी तब से hi उसकी छूट पानी बहा रही थी वो तो जैसे इंतज़ार कर रही थी कब वो अंकित के साथ ये सब करे

मनीषा : बीटा पर ज़रा आराम से करना

और अंकित ग्रीन सिग्नल मिलते hi मनीषा के फेस के पास जाता है और देखत3 hi देखते दोनों किश में डूब जाते है

मनीषा : उउउउउम्मम्म उउउउउम्मम्मम

उउउउउम्मम्म उउउउउम्मम्म बीटा उउउउउम्मम्म बहुत अच्छी किश करते हो तुम तो ूउम्म्म

अंकित मनीषा के साथ बहुत इरोटिक फ्रेंच किश कर रहा था मनीषा तो अंकित के किश का एहसास पके hi मदहोश होने लगी

अंकित : माँ आपके होठ इतने अच्छे है की में बता नहीं सकता ूउम्मम्मम बिलकुल ूउम्म्म जैसे गुलाब की काली ूउम्म्म

दोनों करीब 15 मं तक किश करते रहते है फिर दोनों अलग होकर सासो को काबू करने लगते है

फिर अंकित मनीषा की होठों पे गार्डन पे और उसकी चेस्ट में किश करने लगता है अंकित पूरी तरह इरोटिक होक ये सब करना कहता है

मनीषा तो जैसे दुनिया hi भूल गयी थी वो बस खुद को एक प्यासी ायरत समाज रही थी

उसके बाद अंकित ने मनीषा की निघ्त्य उतर फेकि और अंकित सामने था मनीषा का एक दम तराशा हुवा बदन वैसे सब से सेक्सी फिगर तो निशा का था पर मनीषा का फिगर भी काम नहीं था सब कुछ एक दम शेप में

अंकित बस देखते hi रह गया और फिर वो जेक मनीषा के बूब्स को चूसने लगा

अंकित : माँ आपके बूब्स भी माँ (निशा) के जैसे hi है एक दम तने हुए ूउम्म्म ूउम्म्म सुऊरप्पप सुऊरप्पप

ूउम्म्म क्या मस्त दूध है मेटो इसे रोज़ पीना कहूंगा उउउउउम्मम्म ूउम्म्म.

मनीषा : पिले बीटा ये अब बस तेरे hi है जब मन करे आअह्ह्ह्ह पिले न आअह्ह्ह्ह काटो मत आह्हः

अंकित : ूउम्म्म खास ूउम्म्म में बच पैन में ूउम्मम्मम ये चूश पता ूउम्मम्मम

मनीषा : कोई बात नहीं अब तो में तुम्हे कभी अकेला नहीं छोडूंगी आअह्ह्ह्ह

उसके बाद अंकित मनीषा के दोनों बूब्स के बिच में किश करता है और ऐसे hi किश करते करते उसके पेट पे भी बहुत देर तक किश करता है और उसके बाद मनीषा के नाभि को चूमने और चाटने लगता है

मनीषा अपने ओर्गास्म को फील कर रही थी

फिर अंकित ने मनीषा के छूट के ऊपर से सहलाने लगा मनीषा को और मदहोशी चने लगी उसे आज अपनी सुहाग रत याद आने लगी क्यों की इतने दिन तक सेक्स से दूर कैसे रही ये बस मनीषा hi जानती है इसी लिए उसे बहुत ज्यादा मजा आरहा था अंकित के ऐसे मसलने से मनीषा फिर से जड़ गयी

अंकित : माँ अप्पत्तो इतनी जल्दी फ्री होगयी

मनीषा : अरे बीटा ये सब तो तेरा कमल है तुझे जब पहली बार देखा था तो सबसे पहले अपने बेटे के रूप में देखा और मेरी एक बार फिर ममता जग गई और उसके बाद मेने एक ायरत के जैसे सोच तब उसी दिन छूट पूरी भीग गई थी

अंकित मनीषा की पेंटी के पास जा कर पेंटी के ऊपर से hi मनीषा की छूट की खुशबु सूंघता है तो अंकित पर मनीषा की छूट का नशा चने लगता है और वो मनीषा की पेंटी को उतर फेकता है और वापस छूट की खुशबु लेता है और सीधा उसकी छूट को मुँह में भर लेता है

अंकित : उउउउउम्मम्म ूउम्मम्मम्म

सूससूउऊरररपपपपपप ससूरररपपपप

ूउम्मम्म

मनीषा तो अंकित के होठ का एहसास अपनी छूट पर पाकर बहुत ज्यादा उत्तेजित होगयी और अपनी कमर को ऊपर उठा कर अंकित का सर अपनी छूट में डा आने लगी

मनीषा : हआ बीटा चाट ले हां ऐसे hi चाट पहली बार कोई प्यार से चित चूस रहा है

अंकित : क्यों माँ डैड नहीं चूसते क्या ऐसे सूउऊरररपपपप ससूरररप्प्प्पसूउऊरररपपपप उउउउउम्मम्म

मनीषा : आअह्ह्ह्ह वो भी चुस्स्ते है आह्हः पर वो बहुत hi वीलडली चूसते है उस्समे आए आअह्ह्ह्ह उससे मजा काम दर्द ज्यादा होता है आअह्ह्ह्ह लेकिन तुम बहुत ेरॉटिक्ली कर रहे हो

अंकित : उउउउउम्मम्म आपकी छूट है hi ऐसी की ूउम्म्म इसे रोंदना नहीं प्यार करना चाहिए

मनीषा फिर जड़ने वाली थी उसने अपने दोनों पेरो से अंकित का मुँह अपनी छूट के ऊपर दवाया और अंकित भी फुल स्पीड में चाट ने लगा और मनीषा अंकित के मुँह में जड़ गयी

अंकित : माँ आपको मजा आया

मनीषा अंकित को एक छोटा सा किश करके

मनीषा :बहुत मजा आया आज पहली बात ऐसे धीरे धीरे करके जड़ी हु बहुत मजा आया

अंकित : अभी असली मजा तो बाकी है

और ये कहकर अंकित अपना बॉक्सर उतर देता है और उसका एक दम गोरा और 8 इंच लम्बा और 3 इंच मोटा लुंड मनीषा के सामने आजाता है मनीषा तो शॉक होजाती है

मनीषा : ये असली है क्या

अंकित :बिलकुल असली है

मनीषा : ऐसा तो मेने कभी नहीं देखा तेरे पापा का तो तेरे थोड़ा छोटा है और थोड़ा कला भी है पर तेरा तो बहुत सुन्दर है

अंकित : माँ अब इसे देखती hi रहोगी या जरा तैयार भी करो गई

मनीषा अंकित के लुंड के सुपर पर एक बहुत hi कामुक और इरोटिक किश करती है इस किश से तो अंकित के लुंड का तना भी बढ़ गया

और मनीषा अंकित के लुंड को मुँह में भर के चूसने लगी

मनीषा : सूउऊरररपपपप सूउऊरररपपपप

ूउम्मम्म सूउऊरररपपपप उउउउम्मम्म

अंकित : आअह्ह्ह्ह माँ. आपका मुँह बहुत गरम है क्या चुस्ती है ाप्प आह्हः

20 मं की चूसै के बाद अंकित ने मनीषा को सीधा लिटाया और उसकी छूट पर थूक लगाया

अंकित : माँ धीरे धीरे उतारू या एक hi बार में उतर दू

मनीषा : एक hi बार में उतर देना बीटा जिससे दर्द एक hi बार में होगा फिन नहीं

अंकित ने अपने सुपर को मनीषा के छूट पर सेट किया और ऊपर से उसको किश करने लगा और एक जोरदार शॉट मारा तो उसका 5 इंच लुंड घुस गया मनीषा ने अंकित को बहो में कास लिया

मनीषा : आआआह्ह्ह्हह्ह मम्माआआ फफ्फाआड़द्द ड्डड्डीईई मम्मीररीई ऊऊह्ह्ह्ह रूउओककककककजजजजआऊवो ब्ब्ब्बीता थोड़ा आआररराम सी चला गगगगआययययया ययया बबबायकीय हहहाईआईई

अंकित : आह्हः माँ अआप्की छूट थोड़ी टाइट हैई आअह्ह्ह्ह अभूत गाराम है

करीब 5 मं बाद मनीषा नार्मल हुयी तो अंकित ने फिर से धक्का मारा तो अंकित का लुंड मनीषा की छूट को चीरता हुवा अंदर गुसगया उसकी कोख तक

फिर अंकित ने 3 मं तक वेट किया जिससे मनीषा नार्मल हुयी और फिर अंकित ने धक्के देना स्टार्ट किया मनीषा को तो जैसे जन्नत मिल गई

अंकित :यस माँ यस यस आठ आअह्ह्ह्ह यस माँ टेक आईटी तकैत यस यस

मनीषा : आह्हः अयेस यस यस यस बीटा फ़क में यस फ़क मि यस यस यस आअह्ह्ह्ह आअह्ह्ह्ह अह्ह्ह

अंकित : माँ योर पुसी इस दो टाइट यस यस यस आअह्ह्ह्ह

मनीषा : है बीटा आअह्ह्ह्ह फ़क में फ़क में फ़क में don't स्टॉप ी ऍम कमिंग यस यस ये सीएस आआह्ह्हह्ह्ह्ह

और ये कह कर मनीषा जड़ गयी

ऐसे hi करीब 45 मं की चुदाई के बाद अंकित जड़ ने लगा

अंकित :माँ ी ऍम आह्हः किंग ाःह कहा निकलू

मनीषा ने अंकित को अपनी बहो में भर लिया और किश करने लगी और बोली

मनीषा : बीटा अंडर hi निकलडे अपना गरम लावा

और अंकित ने अपनी रफ़्तार बधाई जैसे कोई सेक्स मशीन की राफ्टए हो फुल स्पीड में धक्के लगरहा था मनीषा इससे फिर जड़ ने लगी और दोनों साथ में जड़ गए

थोड़ी देर तक ये दोनों अपनी साँस को कण्ट्रोल करने लगे फिर अंकित उठा और बाथरूम में जेक फ्रेश होकर आया

फिर मनीषा जैसे hi बाथरूम जाने केलिए उठी तो उसके जांघ और छूट में बहुत दर्द हुवा जिससे उसकी एक चीख निकली

मनीषा : आआह्ह्हह्ह्ह्ह अंकित बीटा में बाथरूम कैसे जाउंगी

अंकित : रुकिए में ले चलता हु

फिर अंकित मनीषा को बहो में उठा कर बाथरूम लेजाता है वह दो no फ्रेश होकर वापस बीएड पर आजाते है और पानी पि कर लेट जाते है अंकित ने मनीषा के राइट बूब को मुँह में भर लिया और ये दोनों थोड़ी देर बात करने लगे

तो बे कॉन्टिनु.......

अपडेट पोस्टेड दोस्तों

ी होप यू लिकेड

सी यू टुमारो

ब्बये
 
अपडेट 36

पिछली बार अपने देखा की मनीषा भी अंकित की होजाते है और वो लोग चुदाई के बाद बीएड पर आकर लेट जाते है

अब आगे

अंकित : माँ आप खुस तो होना

मनीषा : अरे ऐसे क्यों पूछ रहा है

अंकित : वो मैंने सोच अपने डैड के प्रेशर में तो ये सब नहीं किया न क्यों की ये डैड का hi फैसला था की में आप सब के साथ सेक्स करू और में कभी किसी लड़की या औरत को उसकी मर्जी के बगैर हाथ भी नहीं लगता इसी लिए पूछ की ये सब अपने अपने मैं से किया या किसी के दबाव में

मनीषा अंकित को बहो में कास कर अंकित का सर चुम लेती है और कहती है

मनीषा : अरे मेरा बीटा तो बहुत अच्छा इन्शान है और मैंने ये अपने मैं से किया है क्यों की जिसका ऐसा प्यारा और ा च बीटा हो को अपनी माँ की इतनी केयर करता हो उसे तो कोई भी प्यार करेगा ी लव यू माय बेबी ूउम्म्म

और मनीषा ये कह कर अंकित का फिर से सर चुम लेती है जिससे अंकित को एक माँ के प्यार का एहसास होता है

और ये सच भी है जब भी कोई माँ अपनी संतान का सर चूमती है तो ये एक माँ के प्यार का एहसास होता है अपनी संतान के लिए

मनीषा : ा च बीटा क्या तू परसो फ्री है

अंकित : है मैं अभी फ्री हु आप लोग मुझे कॉलेज कहा जाने देते हो

मनीषा : तो परसो मेरी फ्रेंड के घर सदी में जाना है और कल हम को शॉपिंग पे. भी जाना है

अंकित : ठीक है माँ शॉपिंग तो मैं चलूँगा पर में वह सदी मैं क्या करूँगा

मनीषा : अरे बीटा सदी मैं तुम्हे बहुत मजा आएगा मेरी साडी फ्रेंड तुम्हे देख कर बहुत खुश होंगी और कुछ के तो मुँह hi बांध होंगे

अंकित : वो कैसे किसका मुँह बांध करना है

मनीषा : जिसके घर शादी मैं जारहे है उसका उसका एक बीटा है और हम साडी फ्रेंड मैं सिर्फ उसे hi बीटा hi बाकि सब की बेतिया hi है तो उसे इस बात का बहुत घमंड है और है मेरी साडी फ्रेंड्स प्यासी है क्या पता तुम उनकी प्यास बुजदो

अंकित एक कामिनी स्माइल देते हुए

अंकित : तब तो और मजा आएगा मुझे किसी का घमंड तोडना बहुत अच्छा लगता है

फिर अंकित वैसे hi मनीषा का एक बूब अपने मुँह में भर के सो जाता है

सुबह के 7:ू बजे थे निशा और बाकि सभी लेडीज उठ गयी थी और नास्ते की तयारी में लग गयी

निशा : अरे शीतल में जरा अंकित और मनीषा को उठा कर आती हु

शीतल : है दीदी नास्ता बस बान्हि गया है

और निशा चली जाती है अंकित के रूम मैं

वो दूर ओपन करती है और ा देर देखती है की मनीषा सीधी लेती है और अंकित उठा लेता हुवा है उसका सर मनीषा के बूब्स के बिच था निशा वह जाकर अंकित के सर पर किश करती है पर अंकित नहीं उठता तो वो मनीषा के पास जा कर उसके होठो पर किश करती है जिससे मनीषा जग जाती है

मनीषा नींद मैं

मनीषा : ूउम्म्म कोण है अरे दीदी आप

निशा मनीषा को बहो मैं भरके

निशा : हाम्म्म मैं कैसा रहा अंकित के साथ बेटे ने ज्यादा परेशां तो नहीं किया

मनीषा : अरे नहीं दीदी वैसे इसने तो खुश करदिया और आपका केसा रहा आकाश के साथ

निशा : हम्म्म ठीक hi था उतना मजा नहीं आया जितना अंकित ने एक hi बार में दिया

मनीषा : है ये तो है पुरे 1 घंटे तक छोड़ता रहा मेरी पूरा सेटिस्फाई करदिया

और अब देखो कैसे घोड़े बेच के सो रहा है चलो दीदी मैं फ्रेश होकर आती हु

जैसे hi मनीषा उठी तो

मनीषा : आह्हः दीदी

मनीषा की छूट और कमर में दर्द हुवा

निशा ने मनीषा को संभल लिया

उस चीख से अंकित भी उठा गया और बीएड पर बैठ काया

अंकित अभी भी नींद मैं था

अंकित : आह्हः किसकी समेत आयी है किसने अंकित को डिस्टर्ब किया

निशा : तेरी माँ में और समेत के बच्चे थोड़े प्यार से नहीं कर सकता था देख क्या हालत होगयी मनु की

अंकित की नींद अब उड़जाति है

अंकित : सॉरी माँ ीाम सॉरी

निशा :चल अब फ्रेश होजा और निचे आजा डॉक्टर के पास चलना है

अंकित : डॉक्टर के पास क्यों

निशा : अरे मेरे प्यारे बेटे डॉ. लीज़ा का फ़ोन आया था उन्होंने बोलै है तुम्हारी ब्रायन वेव एक्टिविटी चेक करनी है

अंकित : ठीक है लेकिन पहले एक गुड मॉर्निंग हुग तो दो माँ

निशा अंकित के पास जाकर उसे बड़े प्यार से गले लगाती है और उसके होठों पर एक प्यारा सा किश करती है

निशा : चल अब जल्दी से तैयार होजा

अंकित भी फ्रेश होने चला गया और निशा भी मनीषा को अपने रूम में लेकर बाथरूम की और जाने लगी तो आकाश ने देखा की मनीषा ठीक से चल नहीं प् रही

आकाश : अरे मनीषा क्या हुवा चोट लगी है क्या पेअर में

निशा : अरे नहीं आकाश इसके पेअर में नहीं छूट में चोट लगी है ये सब आपके प्यारे बेटे का. कमाल है

आकाश : अरे बाप रे उसका क्या इतना बड़ा है क्या तुम अभी रेस्ट करो मुझे भी ऑफिस जाना है

उसके बाद सब फ्रेश होकर निचे आगये और नास्ता करने लगे

आकाश : अरे बीटा कल क्या किया तुमने मनीषा के साथ

अंकित को खाई आजाती है

अंकित : क्या कुछ नहीं किया बस सेक्स किया क्यों क्या हुवा

आकाश : अरे जरा आराम से करते

अंकित : अरे डैड आराम से hi किया है अगर वाइल्ड करता रो माँ सुबह कड़ी भी नहीं हो पति

सब हुस्ने लगते है और सभी नास्ता करके अपने अपने काम में निकल जाते है मनीषा भी एक पैन किलर लेकर रेस्ट करने लगती है

यहाँ निशा तैयार होक अंकित को आवाज लगाती है

अंकित निचे आया और अपनी माँ को देखा तो देखता hi रह गया निशा एक रेड एंड ब्लैक साड़ी मैं थी और इंडियन और वेस्टर्न मिक्स साडी थी और निशा ने अपने बालो को बांध कर एक सूंदर गोल हैरस्टीले बांया है और चेहरे पे हल्का सा मेकअप और रेड लिपस्टिक अंकित क्या अगर कोई बूढ़ा भी निशा को देख लेता तो उसके अंडर भी जवानी जग जाती

अंकित :माँ आज मर hi डालोगी क्या

निशा : क्यों ऐसा क्या है मुझमे

अंकित : अरे माँ आप आज किसी पारी से काम. नहीं लगरही हो लगता है आज फिर आपको खुश करना पड़ेगा हाहाहा

निशा : हहह चल अब लेट होजरा है

तभी वह शीतल आजाती है

निशा : ा च शीतल हम चलते है घर का और मनीषा का ख्याल रखना

शीतल : ठीक है दीदी

अंकित शीतल के पास जाकर उसे किश करता है

अंकित : ब्ययी चची

शीतल : बबीयीय तक

फिर ये दोनों पूछते है लीज़ा के हॉस्पिटल

वह आज लीज़ा भी बिलकुल फ्री थी वो फाइल खोलके कुछ देख रही थी की तभी गेट खुला

अंकित : क्या हम अंदर आजाये डॉक्टर

लीज़ा :अरे अंकित आओ आओ कैसे हो तुम और किसी हो निशा

निशा :बस एक दम मस्ट आप बताई ये डॉक्टर

लीज़ा :एक दम फिट

ये कह कर लीज़ा निशा के गले लगती है और दोनों एक छोटासा किस भी करती है ये तो इनलोगो में आम बात है क्यों की निशा भी काफी मोड़ें है और लीज़ा तो लंदन में hi रही थी अपनी पढाई और जवानी के वक़्त तो ये तो इंकेलिए कमान बात है

फिर लीज़ा अंकित को हुग करती है अंकित तो लीज़ा को फुल टाइट हुग करती है और अंकित को भी किश करती है

क्यों की लीज़ा अब इनकी फमलीय डॉक्टर थी

लीज़ा : अंकित अब कैसा फील करते हो अपने रूटीन मैं

अंकित : अब बहुत hi ज्यादा फ्रेश फील करता हु डॉक्टर

लीज़ा : हम्म्म लगता है तुम्हारे अंदर भी प्यार आने लगा है चलो जरा मेरे साथ

फिर लीज़ा अंकित को लेके एक मशीन के पास जाती है और उसे ों करती है

लीज़ा : अंकित अब यहाँ सो जाओ

अंकित इस मशीन के स्ट्रेचर पे लेट जाता है

लेजा : अंकित अब तुम्हे मई थोड़ी देर के लिए बेहोश कर रही हु इस प्रोसेस मैं 1 घंटा लगेगा तुम तैयार होना

अंकित : यस डॉक्टर

फिर लीज़ा अंकित को एक इंजेक्शन लगाती है जिससे अंकित बेहोश होजाता है पर उसका दिमाग चल रहा था और लीज़ा मशीन ों करदेती है और निशा के पास आकर बैठ जाती है

लीज़ा : और बताओ निशा क्या तुमने इसे प्यार दिया क्यों की अंकित को देख कर मुझे ऐसा लगरहा है की अंकित अब बिलकुल ठीक है

निशा : है लीज़ा मैंने अंकित को हर तरह का प्यार दिया एक माँ का प्यार दिया हर रोज़ उसे अपने सीने से लगा कर ौलटी हु यहाँ तक की बीवी वाला प्यार भी दे दिया

लीज़ा : व्हाट रियली ये तो और भी अच्छा होगा उसके लिए क्यों की सेक्स करने से हुमाई पूरा सरीर फ्री होजाता है

( देखो भाईलोग यहाँ में साइंस की गांड मर रहा हु बाकि मुझे साइंस का घंटा कुछ नहीं पता ये बस एन्जॉयमेंट केलिए है ok)

लीज़ा :अच्छा निशा कभी लेस्बियन किया है तुमने

निशा : है दो बार किया है एक बार मरी बड़ी बेहेन के साथ और दूसरी बार मनीषा के साथ

लीज़ा : क्या मेरे साथ करोगी

पहले तो निशा शॉक होजाती है फिर वो लिज़ा को देख टी है

लीज़ा. भी बहुत सेक्सी थी उसका फेस भी ग्लमौरूस था फिगर भी ा च था और गोरी भी थी निशा है मैं सर हिला देती है

नेक्स्ट अपडेट मैं इनदोनो का लेस्बियन होगा ok

अपडेट पोस्टेड दोस्तों

ी होप यू लिकेड

सी यू सून

ब्बये
 
डेविल भी निशा उसकी सगी बड़ी बेहेन की बात कर रही है अवंतिका की नहीं अभी इस टी

स्टोरी में और कैरेक्टर आएंगे

ररहि बात लीज़ा क8 तेज़ होने की तो वो मेने लिखा है की वो लंदन मैं रही थी और उसकी स्टोरी अगले अपडेट में होगी

और निशा अपना रंडी पाना सिर्फ उसकी फमलीय और 1 यादो करेक्टर के साथ करेगी और वो सरे करेक्टर फीमेल hi होंगी

और रही बात दूसरी मुलाकात की तो वो दोनों कितनी बार मिली है ये उगले अपडेट मई

आएगा और लीज़ा सिर्फ निशा और अंकित की hi रंडी है बाकि किसी की नहीं
 
अपडेट 37

यहाँ डॉक्टर लीज़ा के ऑफिस मैं निशा और लीज़ा को अब सेक्स का नशा चढ़ने लगा था

निशा : लीज़ा क्या ये सब सही होगा मतलब किसी ने देख लिया तो

लीज़ा : अरे निशा यहाँ कोई नहीं आएगा आज सब की छुट्टी है मैं अंकित को हंमेशा से hi छुट्टी वाले दिन hi बुलाया करती हु

निशा : है लेकिन तुम ये सब क्यों कर रही हो मतलब क्या तुम्हारी साडी नहीं हुयी क्या तुम्हारी

लीज़ा : है साडी तो हुयी है पर जिससे हुयी है उसे मेरे लिए टाइम hi नहीं मिलता वो तो उसमें रह कर अपना बिज़नेस करते है उन्हें बस पैसो की पड़ी है और घर भी साल में सिर्फ एक महीने के लिए आते है तो क्या मुझे प्यास नहीं लगती होगी

और रही बात की मैं क्यों करती हु तो सुनो जब मैं ुक मैं थी अपनी स्टडी कर रही थी तब मुझे ड्रग आदत लग गयी थी मुझे और मुझे नए नए ड्रग तरय करने का शॉक था मेने कई तरह के ड्रग लिए पर मेरी जिंदगी के आखरी ड्रग ने मेरी पूरी दुनिया हिलाड़ी जो मैंने आखरी वाला ड्रग लिया था वो था सेक्स का ड्रग उसका एक डस और किसिस भी इन्शान को जिंदगी भर की सेक्स की आदत लगा देता है जब मैंने वो लिया मुझे कभी भी छीने नहीं अत फिर मुझे अपने ड्रग एडिक्ट का एहसास हुवा मैंने तुरत अपना ट्रीटमेंट सुरु करवाया पर जो हो चूका था वो मैं बदल नहीं सकती थी

इसी लिए मैंने अपने बॉयफ्रेंड का शादी का ऑफर एक्सेप्ट किया पर मुझे कहा पता था की ये सिर्फ पैसो से और मेरे जिस्म से प्यार करता है फिर ऐसे hi मेने अपनी स्टडी कम्पलीट की और उनसे बोल कर इंडिया आगयी और यहाँ मैंने हॉस्पिटल खोला फिर मुझे कई पेसेंट मिले जो अपनी सेक्स से परेशां थे मैंने सब का सैर और हथियार उनके टेस्ट के वक़्त देख लिए थे पैर एक का भी ऐसा नहीं था जो मुझे खुश कर सके फिर मेरी मुलाकात हुयी अंकित से अंकित डिप्रेशन और स्ट्रेस का शिकार था पर जब मैंने अंकित को पहली बार देखा तो एक अलग सी तीस महसूस हुयी और अंकित मुझे पहली नजर मैं भ गया फिर मैं अंकित से बार बार मिली और देखते hi देखते मेरा और अंकित का सेक्स रिलेशन बन गया

निशा : ा च तो ऐसे सब हुवा जान कर दुःख हुवा अब पता चला की तुम जब फ़ोन करती थी तो अंकित को क्यों पूछती थी वाइज ा च हुवा आखिर उसी दे तो हम दोस्त बन गए थे

लीज़ा : मैं भी इंडिया से जुडी हुयी हु भले hi मेरा बिरथ ुक मैं रहा जब मैं इंडिया आयी तब मुझे यहाँ का कुछ मालूम नहीं था तब अंकित ने मेरी बहुत हेल्प की थी यहाँ अंकित hi मेरा सबसे पहला दोस्त बना

निशा : हहम्म्म्म तो अब सुरु करे

लीज़ा बस मुस्कुरा देती है और फिर सुरु होता है लेजबियन का आर्गी दोनों hi दिखने मैं क़यामत से कण थी नहीं लीज़ा अपनी चिर से उठी और निशा को कहा

चलो मेरे साथ लीज़ा ने अपने केबिन मैं एक छोटासा बीएड रूम भी बनाया था वो दोनों वह जाती है और देखते hi देखते उन्दोनो के होठ आपस मैं मिलजाते है

निशा : ूउम्मम्मम ूममममममम

ऊह्ह्ह्हह्ह लेइज़्ज़ज़ाअ उउउउम्मम्म काफी अच्छी किश करती हो तुम

लीज़ा जो अब पूरी तरह मध् होश हो चुकी थी वो भी बस किश करे जा रही थी

फिर निशा ने अपनी साड़ी नीलक दी और ब्लाउज और पेटीकोट भी निकल दिया अब वो सिर्फ ब्रा और पेंटी में थी ोर्फिर लिज़ा निशा की चूचियों को ब्रा के ऊपर से hi दवाने लगी और चूसने लगी

निशा : आआह्ह्ह्ह कामिनी धीरे कर मेरी चुचुईया है अंकित की चेस्ट नहीं

फिर निशा ने ब्रा भी उतर दी और लीज़ा पागलो की तरह उसकी चूचियों को चूसने लगी

लीज़ा : उउउउम्मम्म ूउम्म्म सुउउपे ूउम्मम्मम निशा तुम्हारी चुचुईया बहुत सॉफ्ट और प्यारी है

निशा : है पर तुम धीरे करो अगर अंकित को ये चुचुईया ठीक नहीं मिली तो पूरा घर सर पर उठा लेगा और मैं अब उसे किसिस भी कीमत पर नहीं खो सकती

लीज़ा : ऐसा कभी नहीं होगा ट्रस्टी में

फिर लीज़ा ने निशा की पेंटी उतर दी और छूट को लीक करने लगी और जीभ से छोड़ने लगी

निशा : आअह्ह्ह लिज़ा क्या चुस्ती हो तुमममम आआह्ह्ह्ह ऐसे hi. चूशस्सटत्तीय राहु आआह्ह्ह्ह

लीज़ा :ससूरररपपपप सउउउउररररपपप

ूउम्मम्मम

फिर लीज़ा के ऐसा करने से निशा जड़ने के करीब पहुंच गयी उसने अपनी कमर को उठाया और लीज़ा का मुँह ाँपी छूट पर लगाया और लीज़ा के मुँह मैं hi जड़ गयी

लीज़ा ने उसकी छूट को चाट चाट कर साफ़ करदिया

फिर लीज़ा नागि होगयी और ऐसे hi निशा ने भी उसके साथ किया फिर दोनों अपने अपने कैसे पहन रही थी तो लीज़ा फिर आयी और दोनों किश करने लगी

इधर मशीन ऑफ हो चुकी थी और अंकित होश मैं आचुका था और मशीन के बहार भी वो देखता है की लीज़ा का केबिन खली है और वो निशा और लीज़ा दोनों को आवाज लगता है

अंकित : माँ माँ डॉक्टर डॉक्टर लीज़ा कहा है आप लोग तभी अंकित को कुछ याद आता है और वो उसी रूम. मैं जाता है

यहाँ लीज़ा और निशा तो पूरी दुनिया भूल कर सिर्फ किश मैं hi लगी थी

अंकित ने जैसे hi दरवाजा खोला तो उसकी आखों के सामने अपनी माँ का रंडी पाना और डॉक्टर का रंडी पाना साफ़ दिख रहा था

(यहाँ मई आपको बता दू की जब अंकित ने निशा के साथ पहली बार सेक्स किया था तो अंकित ने उससे एक वडा लिया था

अंकित : माँ मैं जनता हु के हम अब पूरी तरह एक दूसरे से ओपन है और मई आपसे एक वडा लेना कहूंगा की आप घर की सभी लड़की और अओर्तो और मुझसे और डैड के साथ hi सेक्स रिलेशन रक्खेंगी उसके आलावा किसी भी बहार की औरत से नहीं बोलिये वडा करती है और अगर आपने कभी किसी दूसरे के साथ सेक्स किया हो तो आप मुझे बता सकती है आपको मुझ पर भरोषा तो हैना

निशा ने सोचा की अगर अंकित को बताया की उसने अपनी बड़ी बेहेन और माँ ईशा के साथ किया है तो सायद अंकित नाराज़ होजाये इसी लिए उसने नहीं बताया

निशा : नहीं बीटा मैंने सिर्फ तेरे पापा के साथ और अब तेरे साथ hi किया है और किसी के साथ नहीं बाकि तुझे तो पता है की नेहा को कभी कभी दूध पीला देती हु और वडा रहा मैं कभी भी किसी के साथ सेक्स नहीं करुँगी अगर कभी लेस्बियन का शोख चढ़ा तो अपने घर किहि अओर्तो के साथ करुँगी ok

और अंकित को ये भी नहीं पता था की लीज़ा अब इनकी फमलीय डॉक्टर है)

अंकित ये सब देख रहा था उसकी आखों मैं गुस्सा आगया था और आखों मैं ासु थे की कैसे उआकी माने उसका भरोषा तोडा कैसे उसके दिए वाडे की धज्जियाँ उदा दी

अंकित जोर से चिल्लाया

अंकित : एई हो क्या रहा है

अंकित की आवाज इतनी तेज थी की निशा और लिज़ा का एक बार तो दर से सरीर काँप गया

निशा : अरे अंकित तुम यहाँ

अंकित फुल गुस्से में था

अंकित : है में यहाँ अगर यहाँ न आता तो सायद कभी मुझे पता नहीं चलता की जिस माँ पर मैंने भरोषा किया था जिस मासे मेने वडा लिया था उसने कैसे मेरे वेड की धज्जियाँ उदा थी

अंकित इतना गुस्से में था की उसकी आखे आअज फिर से लाल होगयी थी जब निशा ने उसकी बातो पर ऑवर किया तब उसे अंकित का वडा याद आया

लीज़ा तो इन सब से अनजान थी वो बोली

लीज़ा :अरे अंकित तुम इतना गुस्से मैं क्यों हो संत होजाओ हमे ज्वाइन करो

अंकित : शट योर माउथ डॉक्टर वर्ण मैं भूल जाऊंगा की आप एक औरत हो

निशा : बीटा मेरी बात सुन

अंकित :मैं कुछ सुन्ना नहीं कहता आज मुझे पता चल गया की कभी एक सौतेली माँ सगी माँ नहीं बन सकती मुझे इस लिए गुस्सा नहीं आरहा की आपने इसके साथ सेक्स किया मुझे गुस्सा इस बात पे आरहा है की आपने मुझ पर विश्वास नहीं किया मुझे बताया नहीं की आप डॉक्टर के साथ

और अंकित ने दीवाल मई एक मुक्का मारा तो उसपर तंगी पेंटिंग गिर गयी और दिवार पर क्रीक आगया

तभी अंकित का फ़ोन बजा

अंकित : है आर्यन बोल

आर्यन : भाई हम लोग जब आरहे थे कैंपिंग से तब जंगल मई कुछ गुंडों ने हमे पकड़ लिया और मुझे और कारन को

बहुत मारा और अनन्य जूही और

अंकित : और और कोण बता जल्दी

आर्यन :और रक्षा को उठा कर ले गए और भाई पता नहीं पर ु तीनो की जान खतरे मई है और साथ मई उसकी इज़्ज़त भी

अंकित चिल्लाया :अगर रक्षा को कुछ भी हुवा तो मई काट डालूंगा सब को तू मुझे लोकेशन भेज मैं अभी आता हु

अंकित जल्दी से वह से भगा

निशा :अंकित रूक जा बीटा मेरी बात तो सूं अंकित रुक जा अंकित

निशा और लीज़ा पिछेसे चिल्लाती रही

अंकित दरवाजे के पास जा कर उससे खोता है पर उसे गुस्से में दरवाजा का लॉक भी नहीं देखा

जब दरवाड़ा नहीं खुला तो अंकित ने खिड़की से जम्प मार्डी

निशा की आखों मैं अभी परेशानी के आशु आगये थे जैम अंकित ने जम्प लगायी तो

निशा एंड लीज़ा : ाआनंनककककीित्ततत्तत्त

लेकिन अंकित को कुछ नहीं हुवा वो जल्दी से कार लेके निकल गया

पर यहाँ निशा और लिज़ा दोनों टेंशन मैं थे

निशा :जिसका दर था वही हुवा मैं कैसे उस वादे कोई भूल गयी

लीज़ा को किसी और बात की hi टेंशन थी

लीज़ा :अभी वो सब छोड़ो अभी हमे अंकित का गुस्सा किसी भी हालत मैं संत करना होगा नहीं तो उसकी तबियत पर असर पद सकता है

निशा और लीज़ा जल्दी से कपडे पेहेन कर उसके केबिन मैं आते है लीज़ा जल्दी से अपना पक ों करती है और

उसे अंकित की वाच से कांटेक्ट करती है

असल मैं अंकित की वाच अंकित के इमोशन को डिटेक्ट करती थी की अंकित कितना खुश है कितना गुस्सा है उससे वो सब पता चलता था

जब लीज़ा ने अंकित के गुस्से का चार्ट देखा तो उसकी जान हलक मैं आगयी

निशा :क्या हुवा लिज़ा ये चार्ट क्या दिखा था है

लीज़ा : हमे अंकित को रोकना होगा अंकित अभी इतना गुस्से मैं है की अगर किसी ने उससे पन्गा लिया तो अंकित उसे जान से मरदेगा

यहाँ येदोनों टेंशन मैं है और वह अंकित फुल स्पीड मैं बढ़ रहा था आर्यन और कारन की तरफ

देखते है की आगे क्या होता है

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यहाँ अंकित जलजादि से पहुंच जाता है जंगल वाले इलाके मैं ये इलाका बहुत hi सुमसान था तभी उसे आर्यन और कारन दिखे जिनके सरीर से खून बह रहा था वो जल्दी से उनके पास जाता है

अंकित : आर्यन कैसे हुवा ये सब तुम दोनों ठीक तो हो

कारन : है भाई हम ठीक है तुम जल्दी जाकर उन तीनो को बचाओ वो गुंडे उनकी इज़्ज़त लूटने वाले है उनकी आखों मैं हमने हवस देखि थी

अंकित : वो किश तरफ गए है

आर्यन : वो अंकित वो उस तरफ गए है

आर्यन ने एक डायरेक्शन दिखाई अंकित ने तुरंत उन्दोनो को अपनी कार मैं बिठाया और चल पड़ा उस तरफ करीब 5 मं बाद उन लोगो को किसी की चीखे सुनाई दी

अंकित तुरंत उसके पास जाने लगा

इधर उस घर मैं 5 गुंडे थे सब के सब एक दम काळा जैसे अफ्रीकन हो 2 गुंडे उन तीनो को यहाँ वह टच करता है

इधर दोनों का बुरा हाल था और रक्षा उन्दोनो को संभल रही थी

जूही :हेल्प कोई है कोई है प्लीज हु मरी मदद करो

रक्षा : जूही संत हो जाओ हमे कुछ नहीं होगा

ग1 : है है है कोई नहीं आने वाला तुम लोगो को बचने वैसे अभी का ची काली लगती हो है क्या रंग है क्या अंग है आअह्ह्ह देखों मेरा लुंड कैसे खड़ा हो गया

रक्षा : जब कमीने तू हमे हाथ भी नहीं लगा पायेगा तू मेरे अंकित को जानते नहीं हो

जूही : अरे रक्षा अंकित क्या करलेगा जब कारन और आर्यन कुछ नहीं कर पये

रक्षा : जूही तुम अंकित को जानती नहीं हो अगर एक बार उसे गुस्सा आजाये तो वो क्या बन जाता है

ग2 : हाहाहा आखिर ऐसा क्या टॉप है तेरा अंकित

रक्षा : होसले सायद अंकित के आने के बाद तुझे रोने का भी मौका न मिले वो तेरे सर को धड़ से अलग करदेगा जब अंकित को गुस्सा आगया न तो एक बार तो सेटन को भी दया आजाये पर अंकित दया नहीं कटा

अभी ये लोग बात hi कर रहे थे की दर अजा टूट ने की आवाज आयी 9र उन्दोनो गुंडों के तीन साथी जो बहार पहरा दे रहे थे उनकी लासे अंदर आकर गिरी और साथ मैं अंकित भी अंडर आगया

अंकित :तुम्हारी हिम्मत कैसे हुयी इंटीनो पर अपनी गन्दी नज़र रखने की अब भी वक़्त है उन्हें चोरडे नहीं तो तू ये दुनिया चोर देगा

वोगुन्दा गुस्से मैं अंकित को मार ने आता है तो अंकित उसका गाला पकड़ कर तप्पड़ मरने लगता है अंकित ने उसे 50 से भी ज्यादा थप्पड़ मरे उसका मुँह पूरा लाल हो गया और फिर उसको अँधा दूँ मरने लगा और फिर पास में राखी तलवार से उसके हाथ की नस काट दी

अंकित : अब तू तड़प तड़प कर मरेगा

ग1 :ए ए ए क्या कर रहा है तू इन्शान है या हैवान

अंकित :तुम लोगो ने जिससे हाथ लगने की हिम्मत की है वो मेरे फंसे भी प्यारे दोस्त है और तुझे पहले hi कहा था की उन्हें चोर दे पर तू साला किये का चुटिया hi रहा अब मैं तेरी ऐसी हालत करूँगा की तू मरने से पहले अपनी मौत को बहुत करीब से देखे गए पर तुघे मौत नहीं मिलेगी

वो गुंडा भगा और रक्षा के गले पर चाकू रख कर बोलै

ग1 : अबे ए चल मुझे यहाँ से निकल जाने दे नहीं तो मैं इसको यही काट डालूंगा

अंकित ने पास रखे चाकू को उठाया और थ्रो किया वो चाकू सीधा उसके हाथ में घुस गया और फिर अंकित ने उस पर लात घुसो की बारिस करदी उसको इतना मारा के वो बेहोश हो गया फिर अंकित उसको होश मैं लाया

फिर अंकित ने उन तीनो को आज़ाद किया और फिर उसके पास आया

ग1 : मुझे माफ़ कार्डो मैं कभी ऐसा नहीं करूँगा प्लीज मुझे माफ़ कार्डो

अंकित :अब माफ़ी का वक़त ख़तम

और ये कह कर अंकित ने एक चालू लिया और उसकेलुंड को काट दिया

अंकित : जूही अनन्य रक्षा किस हाथ से इस ने तुम को टच किया था

तीनो :अंकित प्लीज इसको चोरडो इसे इसके किये की सजा मिल गयी

अंकित : तुम तीनो बस मेरे सवाल का जवाब दो

तीनो : दोनों हाथ डरते हुए

अंकित ने उसके दोनों हाथो को पकड़ा और उठड़ दिया और फिर जगह जगह उसके सरीर पर

कट मरने लगा और उसके कट पर अपना पेअर लाख कर दबाने लगा

फिर अंकित ने पास राखी एक तलवार उठाई और एक जटके मैं उनका सर धड़ से अलग करदिया और वो तीनो को लाया और सब लोग गाडी मैं बैठ गए

जूही :अंकित थैंक यू अगर आज तुम नहीं आते तो सायद हम किसी को अपना मुँह नहीं दिखा पते

अंकित : it's OK अब चलो जल्दीसे हॉस्पिटल चलो आर्यन और कारन का ट्रीटमेंट भी करवाना है

अंकित ने अपने एक आदमी को बुलाया और उन सब की गाडी को लेन का बोलै और फिर अंकित उन सब को लेकर लीज़ा के हॉस्पिटल आगया उसने कारन और आर्यन को अपने सोल्डर पर तंग लिया और हॉस्पिटल मैं आगया

इधर लीज़ा और निशा अंकित को देखती है तो वो उनसे बात करना चाहती है

लीज़ा : अंकित प्लीज हु मरी बात....

अंकित :(बीच में) डॉक्टर वो सब बाद में पहले इनदोनो का इलाज करो अंकित उन्दोनो को स्ट्रेचर पर लेता देता है

लीज़ा उन का इलाज कर रही थी इधर अंकित साइड मैं गुमाऊं बैठा हुवा था

निशा उसके पास जाती है

निशा :बीटा मेरी एक बार बात सुनलोगे प्लीज बीटा

अंकित : अब उनसब बातो का कोई मतलब नहीं निकलता आपको जो करना था वो आप कर चुकी

और फिर अंकित ने अपने एक आदमी को इनको घर पहुंचने का बोल दिया और वो निशा को लेकर घर की और बढ़ गया

रस्ते भर निशा अंकित से बात करना कहरहि थी पर अंकित ने हर बार ताल दिया

वो जब घर आया तो सीधा अपने रूम. मैं चला गया निशा पीछे से उसे आवाज देती रही पर अंकित ने कुछ नहीं सुना

सब लोग अंकित के ऐसे रूठने से परेशां होगये

मनीषा :दीदी ये अंकित को क्या हुवा ये आपसे ऐसे बेहवे क्यों कर रहा है

नेहा : है माँ भाई को क्या हुवा

निशा भी रोने लगी तो मनीषा ने निशा को गले लगा लिया

निशा :(रट हुए) : ये सब मेरी गलती है

मोनिका :बड़ी माँ आखिर हुवा क्या वो तो बताईये

शीतल :है पर दीदी पहले येलो आप पानी तो पीओ

निशा पानी पि कर सब बता देती है वो सुन कर सब परेशां होजाते है

नेहा :ोुह्ह्ह्ह येतो छोटी सी बात पर भाई इतना नाराज़ होगया

निशा :बीटा बात छोटी होया बड़ी पर मुझसे अंकित की बेरुखी सेहन नहीं होती

मनीषा : आप टेंशन न लो दीदी मैं बात करुँगी

ईथर दोपहर हो रही थी सब लोग लंच करने आगये डाइनिंग टेबल पर अंकित भी आगया और चुप चाप खाना खाने लगा

मनीषा : अंकित बीटा देखो निशा दीदी से गलती होगयी उन्हें माफ़ कार्डो उन्होंने जान बोज कर ये नहीं किया

अंकित :अब इन सब बातो का कोई मतलब नहीं निकलता उन्होंने मेरा भरोषा तोडा है शायद आपको नहीं पता की मेरा भरोषा कितनी बार टुटा है में अपना भरोषा तोड़ने वालो को दूसरा मौका नहीं देता मेरा होगया

और अंकित ने अभी थोड़ा hi खाया था और वो अपने कमरे मैं चला गया और अपने कप्बोर्ड मैसे इसके की बोतल निकली और तीन हार्ड पेग लगा कर आराम करने लगा

उसकी नींद 4 बजे मनीषा के जगाने से खुली वो अंकित को कंधे को पकड़ कर हिला रही थी

मनीषा : अंकित अंकित उठो अंकित उठ जो अब

अंकित भी उठ कर बैठ गया

अंकित :क्या हुवा माँ क्यों उठा रही हो

मनीषा :बीटा हमे साडी क8 शॉपिंग पर जाना था भूल गया क्या

अंकित :अरे हां मैं तो भूल hi गया मैं अभी फ्रेश होकर आता हु आप रेडी रहना और मुझे कॉफ़ी चाहिए

मनीषा :है तुम निचे आओ कफ रेडी hi है

अंकित उठा और फ्रेश होकर निचे आगया तो निशा उसके लिए कॉफ़ी लायी तो अंकित ने बिना निशा को देखे कॉफ़ी का कप उठाया और पीने लगा

निशा : अंकित बीटा तुमने लंच ठीक ठीक से नहीं किया है तुम्हे भूख लगी होगी थोड़ा नास्ता भी करलो

निशा ने नॉर्मली कहा जैसे कुछ हुवा hi नहीं

अंकित :नहीं माँ मुझे भूख नहीं है

निशा जब अंकित के मुँह से अपने लिए माँ सुनती है तो उसे यकीन तो ाही जाता है की अंकित सिर्फ नाराज़ है नाकि उससे नफरत करता है

मनीषा : चलो अंकित हमे लेट होजायेगा

फिर मनीषा ने निशा को गले लगाया और उसके होठ पर एक किश किया लेकिन अंकित को अब प्रॉब्लम नहीं था क्यों की मनीषा उसके hi परिवार की है

और उसके बाद निशा ने अंकित को गले लगाया और उसके कारन मई कहा

निशा : प्लीज बीटा एक बार मेरी बात सुनलोगे आज रात को मैं रूम मैं आउंगी

अंकित :no माँ

अंकित ने इतना hi कहा और बहार चला गया

अब देखते है की आगे क्या होता है

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अपडेट 39

फिर अंकित और मनीषा निकल जाते है शॉपिंग करने केलिए ये दोनों अंकित के hi मॉल मैं जाते है वह पर खूब साडी शॉपिंग करते है मनीषा अपने लिए शादी की कुछ ड्रेसेस लेती है ओर फिर ये दोनों वापस घर आजाते है इनको घर एते एते 8 बज जाते है आकाश और मनोज भी घर आचुके थे

घर आते hi अंकित सीधा अपने रूम मैं चला गया फ्रेश होकर अपने लिपि मैं बिजी होगया क्यों की वो निचे जाकर निशा को फेस नहीं करना चाहता था थोड़ी देर बाद नेहा अंकित के रूम मैं आयी

नेहा :भाई चल डिनर रेडी होगया है

अंकित :आप चलो मैं आता हु दीदी

फिर अंकित निचे चला जाता है सब लोग टेबल पर उसका वेट कर रहे थे अंकित सीधा जेक बैठ जाता है सब लोग डिनर मैं बिजी होजाते है

आज जो कुछ भी हुवा उससे अंकित बहुत बेचैन था वो यहाँ और नहीं बैठ न कहता था तो उसने जल्दी से डिनर फिनिश किया और अपने रूम मैं चला गया

आकाश :अरे इसे क्या हुवा बड़ा अजीब बेहवे कर रहा है

मनीषा :अरे कुछ नहीं वो असल मैं आप निशा दीदी से पूछ लेना रूम मैं

फिर सब लोग अपना अपना डिनर फिनिश करते है रात को सब लोग सो जाते है

मनीषा अंकित के साथ और आकाश निशा के साथ

फिर रात को कुछ खास नहीं होता फिर सुबह उठ के सब लोग तैयार होते है

निशा जेक अंकित को उठती है

निशा :अंकित बीटा अंकित बीटा अब उठ जा

अंकित नहीं उठता फिर निशा उसके पास रखा पनिका ग्लाश चेक करती है उसे उसमे से ड्रिंक की स्मेल आती है मतलब अंकित रात को ड्रिंक करके सोया हुवा है

फिर निशा चली जाती है उसके जाने के करीब 10 मं बाद अंकित उठता है तो सामने मनीषा कड़ी थी उसके हाथ मई नींबूपानी था

मनीषा जेक उसे साइड मैं रख कर अंकित को हुग करती है

मनीषा :उठ गया बीटा कितना ड्रिंक करके सोया था

अंकित :वो सॉरी माँ वो सर मैं बहुत कुछ चल रहा था आखिर कल बहुत कुछ हुवा था न ईसिस लिए मेने थोड़ी पि ली अभी मेरा सर दर्द से फटा जा रहा है

मनीषा : मेरे प्यारे बेटे आपको हैंगओवर होरहा है येलो ये पिलो उतर जायेगा

अंकित :लेकिन आपको कैसे पता चला की मैं ड्रिंक करके सोया हु

मनीषा :बीटा मुझसे पहले निशा दीदी आईथी उन्ही को पता चल गया की तू ड्रिंक करके सोया है

अंकित : माँ आपको और उनको आखिर पता कैसे चला की मैं कैसे सोया हु

मनीषा :बीटा निशा दीदी ने तुझे दूध पिलाया है और भले hi तू उनकी कोख से नहीं जन्मा फिरभी उन्होंने तुझे अपना बीटा मन है और वो तेरी माँ है वो तुझे तुजसे ज्यादा समझती है

अंकित :अगर ऐसा होता तो वो मुझपर भरोसा करती

मनीषा :अभी अंकित का मूड ख़राब नहीं करना चाहती थी इसी लिए उसने कहा

मनीषा : चलो अब जल्दी से रेडी होजाओ हमे निकलना है

अंकित :ok माँ

फिर अंकित रेडी होकर निचे आता है आज भी वो कुछ ज्यादा hi अट्रैक्टिव लग रहा था

वो ा कर दिंनिंग टेबल पर बैठ जाता है निशा उसका नास्ता लेकर आती है और उसके बाजु मैं बैठ जाती है

निशा (मन में) : बीटा तेरी माँ हु मैं भी देखती हु कितने दिन तक नाराज़ रहता है

और निशा भी नास्ता करने लगती है वो देखती है की अंकित नास्ता कर रहा है उसे कुछ मस्ती सूझ थी है तो वो एक हाथ अंकित की जांग पर रखदेति है

अंकित अचानक हुए इस हमले से थोड़ा चौक जाता है वो पेअर हिलने लगता है जैसे निशा से कह रहा हो

प्लीज माँ ऐसा मूत करो वो रोनी सूरत बना कर निशा की और देखता है निशा उसे एक नॉटी स्माइल देती है और अपना हाथ फेर ने लगती है

अंकित भी कपट कपट नास्ता कर रहा था तो आकाश ने ये देखा

आकाश :बीटा ऐसे कैकयू रहा है कोई प्रॉब्लम है क्या

अंकित :ननो दाद कककुछ प्रॉब्लम नहीं है बस थोड़ा पेण्ट का मटीरियल मैं प्रॉब्लम लगती है थोड़ी खुजली होरही है

निशा जो इतनी देर से अपना हाथ रोककर बैठी है वो फिरसे हाथ फेर ने लगती है अब अंकित की टैंगो के साथ साथ टेबल भी वाइब्रेंट होरहा था

निशा अंकित के लुंड को एक बार ऊपर से hi डबडती है तो अंकित की चीख निकल जाती

अंकित : आआह्ह्ह्हह्ह्ह्ह

आकाश :अंकित क्या हुवा चीख क्यों रहा है

अंकित : ाःह लगता है पेण्ट मैं कोई कीड़ा घुस गया है मैं चांगज करके आता हु

अंकित जल्दी से नास्ता करके अपने रूम मैं चला जाता है

फिर थोड़ी देर बाद सब फ्री होकर निचे आते है

आकाश :मनीषा तुम और अंकित ठीक से जाना ok

अंकित :डैड आप hi चले जाते साडी मैं

आकाश :अरे बीटा अभी ऑफिस मैं काम है और वैसे भी नेक्स्ट वीक मनीषा की छोटी बेहेन और तुम्हारी छोटी मौसी की शादी है तो टब हम सबको उसमे जाना होगा इसी लिए अभी तुम चले जाओ

अंकित आकाश के गले लग कर :ok डैड

मोनिका (मस्ती मई) : हाहाहा डैड का लाडला

फिर सब कोई हुस्ने लगता है

मनीषा :चलो बीटा हमे निकलना चाहिए

फिर अंकित और मनीषा रेंज रोवर लेकर निकल पड़ते है शादी मैं

मनीषा की फ्रेंड वैसे तो इसी सहर मैं रहती थी लेकिन वो साडी गौण से कर रहे थे

यहाँ अंकित और मनीषा सहर से थोड़ी दूर आगये थे तभी मनीषा ने कहा

मनीषा : अंकित जरा गाडी रोको प्लीज

अंकित ने गाडी साइड मैं रोकड़ी वो देखता है की ये इलाका बिलकुल सुमसान था

अंकित : क्या हुवा माँ

मनीषा :अंकित ी ऍम लिटिल हॉर्नी

अंकित : व्हाट अरे यू कीडिंग में

मनीषा कुछ और नहीं बोलती बस अंकित के होठो पर अपने होठ रखदेति है

मनीषा :उउउउउउम्मम्मम्म ुऊम

उउउउम्मम्म ूउम्म्म.

अंकित :उउउउम्मम्म उउउउम्मम्म. माँ हम उउउउम्मम्म लेट होजाएंगे ूउम्मम्मम्म

मनीषा : अंकित जलती मेरी छूट को संत कार्डो

अंकित जनता था की अभी अगर चुदाई की तो बहुत लेट होजायेगा उसने मनीषा की पेंटी में हाथ दाल कर उसकी छूट के अंडर 2 ऊँगली दाल कर छोड़ ने लगा

मनीषा : आह्हः आअह्ह्ह्ह यस यस यस यस यस आअह्हह्हआ आअह्ह्हा

प्लीज अंकित don't स्टॉप डोंट स्टॉप

अंकित बिना रुके बस फिंगरिंग करता जारहा था इससे उत्तेजित होक मनीषा 3मं मैं hi जड़ गयी दोनों तेज सासे ले रहे थे थोड़ी देर बाद दोनों किश कटे है और फ्रेश होकर निकल पड़ते है गौण की और

नाउ इंट्रो टाइम

सौरभ नंदा : ये एक जाने मने बिज़नेस मन है इनका भी बड़ा बिज़नेस है पर अंकित की दोनों कंपनी से छोटे

सलोनी नंदा :आगे 39 ये है मनीषा की फ्रेंड फिगर 36 30 36 ये बहुत hi हॉट एंड सेक्सी लेडी है खूबसूरती और अपने पैसे पर घमंड भी बहुत है ये बहुत hi चालू ायरत है ये सेक्स की भूखी है क्यों की सौरभ इसे ठंडा नहीं कर पता बूत ये कभी कभी किसी और से छुड़वा लेती है जिसपर इसे भरोषा हो जो इसकी बदनामी न करे

शालिनी नंदा : ये है सलोनी की बड़ी बेहेन आगे 42 ईयर ये अपनी बेहेन से भी खूबसूरत है इसकी बेहेन के सरे गन इसमें है घमंड और चुदाई का भी ये भरे बदन की मालकिन है फिगर साइज 38 32 38 ये हॉट आंटी टाइप है

प्रिय : आगे 37 ईयर ये है सौरभ की बेहेन ये बहुत शाय तयप की औरत है बूत चुदाई की भूखी पर अपने घर की इज़्ज़त केलिए ये अपनी छूट की खुजली को बर्दास्त करती है

मोहिनी :ये है सलोनी और शालिनी की भाभी बोलेटो भाई की बीवी ये भी खूबसूरत तो ज्यादा नहीं है पर ठीक है बूत फिगर 30 34 40 ये भी भरे बदन की है

बाकि का इंट्रो साडी मैं

यहाँ ये दोनों शादी मैं पहुंच जाते है गौ

अभी ये दोनों एक हवेली के सामने गाडी रोकते है ये सलोनी की hi हवेली है

ये दोनों बहार आते है तो दो नौकर आजाते है

नौकर : सुर आप ा देर जाईये हम आपका सामान लेकर आते है

अंकित : माँ आपकी ये फ्रेंड तो अमीर लगती है

मनीषा : है पर हमसे नहीं हमसे काम है

अभी मनीषा बात कर hi रही थी की एक औरत हमारे पास आयी

ायरत : अरे मनीषा तुम आगयी कैसी हो तुम

मनीषा : ही सलोनी तुम कैसी हो मैं तो एक दम फिट हु

सलोनी :है मैं भी एक दम फिट

और ये हैंडसम कोण है

मेरी और देखकर

मनीषा :अरे एई.......

मनीषा बोल hi रही थी की उसकी बाकि की फ्रेंड आगयी और वो उसमे बिजी होगयी

और सलोनी अंकित के पास आयी और अकड़ कर बोली

सलोनी : तो तू मनीषा के साथ आया है और कार दिरवे तुम hi कर रहे थे

शायद सलोनी अंकित को ड्राइवर समाज रही थी

पर अंकित को गुस्सा आगया क्यों की उसका ईगो हार्ट हुवा था और उसे सबसे प्यारा अपना ईगो है

पर अंकित ने संत रहना hi ठीक समजा

अंकित : जिहा मैं उनके साथ आया हु

सलोनी :ठीक है तुम लोग रुको

उसने एक नौकर बुलाया

सलोनी : तुम इसके साथ जाओ तुम लोगो के रहने का इंतज़ार बहार है

अंकित को गुस्सा बहुत आया पर वो मनीषा की वजह से चुप था अंकित उसके साथ जाने लगता है तो मनीषा उसे देख लेती है

मनीषा :अंकित कहा जा रहे हो तुम मेरे साथ hi रहोगे

सलोनी : अरे मनु ये क्या कह रही है ड्राइवर को तुम्हारे साथ

मनीषा :बस सलोनी मेरी बात सुनो तुम ये मेरे साथ hi रहेगा क्यों की

सलोनी (बीच में) : पर मनु ड्राइवर के साथ

मनीषा (बीच मैं : ये क्या ड्राइवर ड्राइवर लगा रक्खा है ये तेरी जैसी 100 को खरीद सकता है

सलोनी को गुस्सा आज्ञा की ये लड़का आखिर है कोण उससे बड़ा

मनीषा : ीईई

' ये है रावल ग्रुप और असर ग्रुप का एक लुटा वरिष्ठ अंकित सींग रावल'

पीछे से एक आवाज आयी

ये और कोई नहीं सौरभ था

सौरभ :सलोनी ये है इंडिया की सबसे बड़ी दो कंपनी के मालिक का बीटा अंकित मैं जनता हु

मनीषा :यानि की आकाश का और मेरा बीटा

सलोनी को कुछ और समाज नहीं आया और बाकि सैम लोग भी अंकित की सच्चाई को सुन कर शॉक होगये

सलोनी : ीीाआम सोऊ सॉरी मर. अंकित ीी आम रियली वैरी सॉरी मुझे पता नहीं था की आप कोण है

सौरभ अंकित के पास जाकर हाथ मिलता है अंकित सौरव को जनता था क्यों की अंकित के कंपनी के काफी डील सौरव के साथ हुयी थी

सौरभ :hello मर. रावल

अंकित :मर. सौरभ नंदा

अब देखते है अंकित शादी मैं कितनो की छूट फाड़ता है

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यहाँ पर जब मर. सौरभ ने और मैंने हाथ मिलाया तो सब हम को शॉक मैं देख रहे थे

मनीषा : अंकित तुम जानते हो इनको

अंकित : है माँ ये नंदा कंपनी के ऑनर है इनके साथ हु मरी दोनों कम्पनी की काफी डील्स हुयी है और इनका प्रोग्रेस भी काफी अच्छा है

मर नंदा : है अरे आपकी कंपनी से हमे भी बहुत फायदा मिला है मर. अंकित

अंकित : थैंक्स मर नंदा पर आप मुझे अंकित hi बुलाइये

मर नंदा : ok अंकित और सलोनी इनको यहाँ किसी भी चीज़ की कुमय न हो धयान रखना

सलोनी जो काफी देर से इनकी बाते सून रही थी उसे भी लगा की वो अंकित को थोड़ा मुस्का लगाकर अपने पति का कुछ फायदा करवा सकती है तो वो बोली

सलोनी : ये भी कोई कहने की बात है मैं अंकितजी का कूद ख्याल रखूंगी उनकी खातिर साड़ी खुद करुँगी क्यों अंकित जी

अंकित (मन में) : अरे क्या बात है इनकी तो काया पलट होगयी कही ये अपने पति के फायदे केलिए तो मेरा ज्यादा ध्यान नहीं रख रही इसकी आखों मैं हवस और कमीना पैन तो साफ़ दिख रहा है देखते है क्या होता है

सलोनी अंकित को खोया हुवा देख उसके सामने चुटकी बजा कर

सलोनी : hello कहा खोगये अंकित जी क्या मेरी बाते आपको बुरी लगी ओह्ह मैं फिर सॉरी कहती हु मैंने आपको पहचाना नहीं प्लीज ी ऍम सॉरी

अंकित होश मैं आया

अंकित :कोई बात नहीं it's ok आपको ग़लतफहमी होगयी थी और प्लीज आप मुझे जी मत कहिये अंकित hi बुलाइये

सलोनी : ok तो अंकित वैसे मनीषा तुमने तो कहा था की तुम्हारा कोई बीटा नहीं है तो यी

मनीषा : है मैं बता टी हु ये कैसे मेरा बीटा है

फिर मनीषा ने मेरी स्टोरी फिर से सुनाई पर सॉर्ट मई.

सलोनी :ओह्ह सुनके बुरा लगा अंकित की तुम्हारी माँ अब इस दुनिया मैं नहीं है

अंकित :कोण कहता है की मेरी माँ नहीं है ये तो है मेरी माँ और घर पे एक और

मनीषा : है सलोनी ये मेरा hi बीटा है और बड़ा प्यारा भी

सलोनी : वन्स अगेन ी ऍम सॉरी अंकित मेरे वैसे बेहेवियर के लिए

अंकित :it's OK प्लीज आप सॉरी मूत कहिये आपतो मुझसे बड़ी है और काफी ब्यूटीफुल भी

अंकित (मन में): अरे भेनचोद ये क्या बोल गया

अंकित के ऐसा कहते hi सलोनी थोड़ी शर्मा गयी और उनकी बाकि की फ्रेंड थोड़ी हुसी आगयी और मनीषा भी

सलोनी :थैंक्स अंकित

अंकित : (मनमे) :बुरा नहीं लगा मतलब पैट सकती है येतो साली माल तो बढ़िया है और माँ की साडी फ्रेंड तो उनके जैसी है बस सबकी मिल जाये तो साडी किसी की भी हो सुहागरात मैं मनाऊंगा

मनीषा : ाचा सलोनी हमे अपना रूम दिखादे हम थके हुए है तैयार भी होना है

सलोनी : अरे है मैं तो बातो बातो मैं भूल गयी चलो आओ मैं तुम्हे अपनी हवेली दिखती हु

असल मैं आअज यहाँ संगीत का प्रोग्राम था तो सब कुछ ाचा था

अंकित भी उनके पिछ हे जा रहा था वैसे हवेली पूरी शानदार थी बड़ा गार्डन., कॉर्फूल लइटिंग्स हैवी डेकोरेशन, लाऊड म्यूजिक कुल मिलकर खर्चा बहुत किया था मनीषा और उनकी फ्रेंड्स आगे चल रही थी मनीषा की तीन और फ्रेंड्स थी और तीनो hi हीरोइन से काम नहीं थी

वो सब आगे चल रहे थे अंकित धीरे धीरे चल रहा था

सलोनी :अरे अंकित तुम पीछे क्यों खड़े हो चलो हमारे साथ

सलोनी आयी और मेरा हाथ पकड़ा और मेरा हाथ पकड़ कर hi चल ने लगी

फिर हम टॉप फ्लोर पर आये जहा राइट और लेफ्ट दो गलियारे हम लेफ्ट वाले गली यारे की और चल दिए जहा चार रूम थे करीब 5 बाद hi एक नौकर आया रूम्स की चाभी लेकर

सलोनी ने एक रूम खोला रूम काफी बड़ा था मुस्ता गद्देदार बीएड एक सोफे सेट एक दैंनिग टेबल अटैच्ड बाथरूम एक मतलब एक दम आलीशान रूम था

अंकित :वाओ रियली ग्रेट रूम

सलोनी :अरे आपके रूम के सामने तो कुछ भी नहीं है ये

अंकित :अरे ऐसा मत बोलिये सचमे ाचा रूम है

सलोनी :मुझे खुसी है की आपको पसंद आया आपका सामान अभी आता hi होगा

अंकित :मेरा सामान मतलब मेरा और माँ का

सलोनी :नहीं अंकित सिर्फ आपका आपकी माँ का नहीं

अंकित :मतलब

सलोनी : अरे अंकित हंसारी फ्रेंड्स इतने टाइम बाद मिली है तो मनीषा रस्मी के साथ रहोगी और कविता दीपा के साथ जिससे हम सब फ्रेंड टाइम स्पेंड कर पाएंगे और अंकित को डिस्टर्ब भी नहीं होगा

मनीषा अंकित के पास आकर उसे बोली

मनीषा : बीटा हम सामने hi है कुछ चाहिए तो बोल्डेन ok

अंकित :ok आप आराम से रहिएगा

सलोनी :चलो अब जल्दी तैयार होजाओ फंक्शन स्टार्ट होने मैं अभी थोड़ा टाइम है

फिर अंकित अंदर आया और अपना सामान के आने का वेट करने लगा थोड़ी देर मैं उसका सामान भी आगया और वो नहाने केलिए बाथ रूम मैं घुस गया

अंकित शावर लेरहा था और अपने लुंड को देख कर मन मैं सोच रहा था

अंकित :साला फिर खड़ा होगया साला जब से होश संभाला है तबसे कितनी छूटे फाड़ चूका हु क्या बड़ा लुंड होने के यही फायदे है

अभी अंकित सोच hi रहा था की उसके के रूम मैं नॉक हुवा अंकित जल्दी से टॉवल लपेटके बहार आया और दर अजा खोला

बहार दीपा कड़ी थी एक पतली निघ्त्य मैं अंकित पहचान गया की ये मनीषा की फ्रेंड है

अंकित :जी कहिये आंटी

दीपा : वो मुझे आपका बाथरूम उसे करना था हमारे रूम मैं मनीषा गयी हुयी है और उसे टाइम लगेगा मैंने पूछा तो उन्होंने आपका बोलै की आप जल्दी फ्री होजाते है

अंकित : है है क्यों नहीं अभी मैं शोवे hi ले रहा था आप 5 मं रुकिए मैं अभी नहाकर आता हु

अंकित देखता है बात करते वक़त दीपा की नजर उसके टॉवल पर बने तंबू पर थी

अंकित ( मनमे) : क्या बात है माँ यहाँ आये नहीं और आपने एक नई छूट भी भेज दी ी लव यू माँ ी लव यू सो मच

फिर अंकित वापस बाथ रूम मैं घुस गया और नाहा ने लगा

यहाँ बहार दीपा को मनीषा का फ़ोन आता है

ये दोनों कुछ देर बात करते है जिससे अंकित समाज जाता है की मनीषा ने hi इसे यहाँ छोड़ने भेजा है

अंकित नहाने लगता है उसने जानबुज कर बाथरूम का दूर खुला रखता

दीपा बाथरूम के अंदर आती है और अंकित को नाहटा हुवा देखती है और अंकित के लुंड को देख कर वो बहुत उत्तेजित होजाती है और अंकित को देखते हुए hi अपनी छूट मैं ऊँगली करने लगती है ोे एक हाथ से अपने बूब्स को डा आने लगती है और होठो को अपने मुँह से चबाने लगती है

अंकित को पता था की दीपा ाउंडर आयी और उसे hi देख रही है वो अचानक से पीछे पलटा और दीपा थोड़ी शॉक होगयी

अंकित : अब मेरे हथियार को देख कर ऊँगली hi करती रहोगी या यहाँ आकर इसे प्यार भी करोगी

दीपा :क्या मैं कुछ सामजी नहीं

अंकित : देखो मैडम आप इतनी तो भोली हो नहीं जो मेरे कहने का मतलब न संजो

आप यहाँ पूरी नंगी कड़ी होकर मुझे नंगा देख कर अपनी छूट मैं ऊँगली कर रही हो अब शरीफ मत बनो और यहाँ आओ और अगर तुम पूरी तरह से ये करना चाहती हो तो hi आना अगर मजबूरी मैं कुछ करने आयी हो तो दूर hi रहना मैं किसिस लड़की या ायरत की मजबूरी का फायदा नहीं उठा ता

अंकित की ये बात दीपा को भ गई

वो अंकित के पास आयी

दीपा : अब तो कोई फायदा नहीं शर्माने का

इनकी चुदाई अगले अपडेट मई.

अपडेट पोस्टेड गाइस

ी होप यू लिकेड

सी यू सून

ब्बये
 
अपडेट 41

यहाँ दीपा भी अब पूरी तरह खुल चुकी थी और वो भी अब अंकित से छोड़ना चाहती थी

फिर वो अंकित के पास जाकर उसके लुंड को मुठ्ठी मैं भर कर हिलने लगती है

दीपा : वाह्ह क्या मस्ट लुंड है ये तो खुस करदेगा

अंकित : है येतो है देखते है आप मैं कितनी गर्मी है

और ये कह कर अंकित दीपको बहो मैं जकड कर किश करने लगता है आज अंकित कोई इरोटिक मुद मैं नहीं था वो बहुत hi वीलडली किश कर रहा था और दीपा तो भूखी hi थी इसी लिए वो भी अंकित का पूरा साथ दे रही थी

दीपा : उउउउउम्मम्मम उउउउउउउम्मम्म

उउउउउम्मम्मम आखिर बात क्या है तुममे जब तुम्हे आज पहलीबार देखा तब से hi मेरी छूट पानी बहा रही है उउउउम्मम्म

अंकित : ये तो पता नहीं की क्या है पर मैं तुम्हारी छूट को संत जरूर करूँगा मुझे देख कर रोने वाली छूटो को संत करना मेरा शोख है उउउउम्मम्मम्म

दीपा : उउउउम्मम्म उउउउम्मम्म तो आज्ज अगर तुमने मुझे सेटिस्फाई करदिया तो आज से ये दीपा तुम्हारी तुम जो बोलो वो करुँगी

अंकित :उउउउउम्मम्मम तो आज से अपने पति के साथ सेक्स करना भूल hi जाओ क्यों की मेरे लुंड के बाद जब उसका लुंड तुम्हारी ूउम्म्म छूट मैं जायेगा तो तुम्हे पता भी नहीं चलेगा

दीपा :अगर ऐसा है तो तो आज तुम्हारा जाने हो दो मुझे तो उससे मज़बूरी मैं साडी करनी पड़ी थी साला बहार की रंडियो मैं hi मुँह मरता है और रात को ड्रिंक करके नशे मई धुत पड़ा रहता है और उसका तो तुम्हारे सामने कुछ भी नहीं

अंकित : कोई बात नहीं आज के बाद तुझे लुंड की कमी महसूस नहीं होगी मैं हु न अभी चुदाई फिनिश करे फंक्शन भी स्टार्ट होने वाला है

फिर अंकित दीपा के गले मैं सब जगह लोस्स करने लगा दीपा तो उत्तेजना के मरे पानी बहाये जा रही थी

फिर अंकित जा पंहुचा उसकी छूट पर आगया

दीपा : आज से कभी छूट चटवायी है

दीपा : नहीं वैसे तो कई लुंड लिए है लेकिन सेक्रेटली और वो सभी बस छूट मार कर ठाड़े पद जाते है

अंकित :कोई नहीं मैं हु ा सूयरररररपपपपपप

सूयररररपपपपप सूयररररपपपपप उउउउम्मम्म उउउउउम्मम्मम सूयररररपपपपप

और अंकित उसकी छूट चाटने लगा दीपा तो जैसे अभी hi जन्नत मैं पहुंच गयी और वो अब पूरी तरह सेक्स के नशे मैं दुब गयी थी

दीपा : आह्ह्ह्ह आह्ह्ह्ह यई क्क्क्य है यार ाखहीररर कयय्यआआ च्छीिज़्ज़्ज़्ज़ होओओओओ टटटूऊंम्मम आआह्ह्ह्हह्ह

ाआईईएससीएहहहीइ कछहातुओ पहली बहार इतना मज़ाआ ाअररराहाहा. है

अंकित :उउउउउम्मम्मम सूयररररपपपपप

सससससुउउउउउउरररररररररपपपपपप उउउउम्म्म

ूउम्मम्मम

करीब 4 मं बाद दीपा जड़ने के करीब पहुंची तो उसने अंकित के सर को अपनी छूट

मैं दवाया

दीपा : आअह्ह्ह आअह्ह्ह यस यस यस यस ी ऍम. कमीँणगगगगग आआह्ह्हहभ

दीपा ने अपना पानी अंकित के मुँह मैं है चोरडिया जिससे अंकित पि गया और उसकी छूट को चाट कर साफ़ करदिया

दीपा अपनी सांस संभल कर बोली

दीपा : अब जल्दी करो टाइम नहीं है जल्दी को प्लीज अब सेहन नहीं होता

अंकित का लुंड तो कबसे खड़ा था उसने अपने लुंड को दीपा की छूट पर सेट किया

अंकित : दाल दू पूरा

दीपा : है पर थोड़ा आराम से

अंकित ने फिर एक तगड़ा शॉट मारा तो उसका 60% लुंड दीपा की छूट फाड़ता हुवा अंदर गया दीपा चीख उठी ये तो ाचा था सरे रूम साऊंड प्रूफ थे

दीपा :आआआहहहहहहह मुयउमम्मीयीय

फायडडड. ड्डडीई. मम्मीरररीीी. छूठ्ट्ट रुकककक. जाओ थोड़ा ाअभ्हि बाक़ी हैया गया पूरा

अंकित :अभी कहा ये गया पूरा

अंकित ने फिर एक झटका मारा तो उसका लुंड दीपा की जड़ तक घुस गया

दीपा : आआअह्ह्ह्हह माम्म्मा. रियक जा साले लोडे ये मैं हु कोई रंडी नाहीइ. हुऊ

अंकित : चू आज से मेरी रंडी hi है और ये ले और मजा कर यह यह आह्ह्ह्ह यस यस

फिर अंकित उसकी छूट को छोड़ने लगा दीपा तो जैसे आज दुनिया मैं hi नहीं आना चाहती थी दीपा भी hi 3 बार जड़ चुकी थी

दीपा : आअह्ह्ह आअह्ह्ह आअह्ह्ह आअह्ह्ह

यस यस जोर से जोर से जोरसे यस यस यस आअह्ह्ह आअह्ह्ह

अंकित :आह्ह्ह्ह क्यों मेरी रैंड मज़ा आ रहा है

दीपा : यस बेबी यस यस यस बहुत मज़ा आ रहा है आह्ह्ह्ह आअह्ह्ह आअह्ह्ह यस यस ोुह्ह्ह. माआ आअह्ह्ह

अंकित : यस बेबी टेक आईटी टेक आईटी टेक आईटी एहहह यह एहहह आअह्ह्ह एस ऊठाए

दीपा :आअह्ह्ह कहा थे तुम यस यस यस आअह्ह्ह ये यस ममें जड़ने वाली हु आआह्ह्ह्हह्ह्ह्ह

और दीपा फिर जड़ गयी ऐसे hi करीब 30 मं तक छोड़ने के बाद अंकित भी जड़ने के करीब पहुंच गया 30 मं की ताबड़ टुडे चुदाई मैं दीपा 5 बार जड़ चुकी थी वो पूरी तरह सेटिस्फाई होगयी

अंकित :ये बेबी मेरा होने वाला है कहा निकलू आआह्ह्हहभ

ददीपा : मेरे मुँह मैं निकालो मुझे तुम्हारा पानी पीना है

अंकित ने लुंड उसकी उसकी छूट से निकल कर उसके मुँह मैं दे दिया

दीपा भी बहुत तेज ब्लोजॉब देने लगी अंकित को करीब 5 मं बाद अंकित जड़ गया

अंकित :ये यस यस आठ आहहहहहहहह

फिर दोनों चुदाई के बाद थक कर अपनी सांस सँभालने लगे

फिर दीपा उठी और अंकित जो जोर से हुग करके किश करके बोली

दीपा :आज्ज से ये दीपा तेरी

अंकित :क्यों दीपा आंटी मान गयी न

दीपा :मन्ना पड़ेगा जितना सोचा था उससे कई ज्यादा ाचे हो तुम चुदाई मई

अंकित : तीखे अब तुमने कह दिया है की तुम मेरी हो तो आज के बाद तुम अपने पति या मेरे सिवाय किसी का भी नहीं लोगी

दीपा : पक्का आज से ये दीपा तुम्हारी हुयी अब चलो जल्दी नाहा लेते है फंक्शन मैं लेट हो रहा है

फिर ये दोनों साथ मैं नाहा कर बहार आते है दीपा अपने रूम मैं चली जाती है अंकित भी तैयार होजाता है और ढेर सारा बॉडी डॉ लगता है

फिर 30 मं बाद उसके रूम के दूर के नॉक हुवा जब अंकित ने खोला तो सामने मनीषा थी जो की बहुत ब्यूटीफुल लग रही थी वो अंदर आगयी

और आते hi अंकित उसके गले लग गया

मनीषा :बीटा क्या हुवा बड़ा प्यार आरहा है अपनी माँ पर

अंकित :ोुह्ह्ह्ह माँ थैंक्स अपने आते hi मुझे नई छूट दिलड़ी

मनीषा : अरे मैं तो बस अपने प्यारे बेटे का ख्याल रख रही हु और ये तो कुछ नहीं अभी तो यहाँ तुम्हारे ऊपर कई फ़िदा है

अंकित :मतलब

मनीषा : बीटा इस परिवार के सारे मर्द जितना बिज़नेस मैं आगे है उतना hi सेक्स मैं वीक है तो अब तुम hi समाज जाओ

अंकित के चेहरे पर एक कामिनी स्माइल आजाती है

मनीषा :चलो अब हम बहार चलते है

बहार कविता दीपा और रस्मी रेडी होकर खड़े थे की सलोनी भी आगयी

सलोनी :अरे यार कितना लेट करते हो तुम लोग

दीपा :अरे ये मनीषा ने टाइम लगा दिया

मनीषा :ा च बेटी 1 घंटे तक नाहा तू रही थी और मैंने देर करदी वह वह

सलोनी : वेल वेल अंकित आज तो बड़े हंदओं लागृहे हो नजाने कितनी मर मिटेगी आप पैर

अंकित : है देखते है जो मरने आयी हम मरदेंगे इसमें क्या

अंकित (मन में) :साली मरना तो तेरी कहता हु तेरा भी नंबर लगेगा रोक्जा ज़रा

अंकित : ा च माँ आपने अपनी फ्रेंड से तो मिल आया hi नहीं

इंट्रो टाइम

रस्मी शिंग : आगे 38 इयर्स पर मनीषा की पाछो फ्रेंड्स मैं मनीषा के बाद सांसे ज्यादा खूबसूरत फिगर साइज 36 28 36 ये भी एक बिज़नेस मन की पत्नी है पर इसका पति आउट ऑफ़ कटेरी hi रहता है इसे कोई औलाद नहीं है

कविता सिन्हा : आगे 38 इयर्स ये भी एक बिजनेसमैन क8 बीवी है इसका पति इससे ज्यादा पैसे को इंपोर्टेंस देता है हंमेशा ऐयाशी केलिए बहार hi रहता है घर मैं सिफर 1 महीने केलिए आता है और इसकी जम के चुदाई करता है पर कविता को इससे भी ज्यादा सेक्स सेटिस्फेक्शन चाहिए होता है फिगर 38 30 36 ये बड़े चुचो वाली ायरत है इसकी एक बेटी है

दीपा रॉय : आगे 35 इयर्स इसकी जवानी पुरे सबब पर है ये बस छोड़ने केलिए तड़प टी है इसका पति एक no 1 का गांडू है इसके अलग hi शॉक है इसके पति को भुधि अओर्तो मैं ज्यादा दिल है पि है जैसे 55 60 साल की एयरटे. इसके पति ने दीपा से साडी सिर्फ उसकी प्रॉपर्टी केलिए की थी जिसके बल पर उसने अपना बिज़नेस खड़ा किया.

दीपा की एक बेटी है जो अंकित से 1 साल छोटी है और दीपा का फिगर 36 28 38 है साली गांड बहुत भरी है ये अपने सेक्स के जुगाड़ केलिए एक कॉलेज मैं जॉब करती है जब कोई नहीं मिलता तो ये अपनी बेटी के साथ hi लेस्बियन करलेती है

मनीषा फिर सब का इंट्रो करवाती है

मनीषा : ये है रस्मी इनके पति का बिज़नेस है और ये है कविता है ये भी एक बिजनेसमैन की वाइफ है और दीपा को तुम शायद अब जानते hi हो

अंकित : है इन्हे तो थोड़ा थोड़ा जानने लगा हु

मनीषा :बाकि की जान पहचान अपने हिसाब से करलेना

फिर ये लोग फंक्शन वाली जगह पर जाते है

अपडेट पोस्टेड दोस्तों

ी होप यू लिखे आईटी

सी यू सून

ब्बये
 
अपडेट 42

यहाँ फिर सब लोग फंक्शन वाली जगह पर आजाते है मनीषा और कविता सलोनी के साथ निकल जाती है और दीपा और रश्मि वह रक्खे टेबल पर बैठ जाती है

अंकित यहाँ थोड़ा घूम ने निकल जाता है फिर वापस आकर दीपा के साथ बैठ जाता है

अंकित यहाँ देखता है की यहाँ की शभी एयरटे और लड़किया वेस्टर्न ड्रेस मैं है अंकित को थोड़ा अजीब लगता है वो दीपा को इशारे से पास बुलाता है

दीपा :क्या हुवा ऐसे क्यों देख रहे हो

अंकित :अरे दीपा जी ये यहाँ ये घर की एयरटे है या बार डांसर है

दीपा :हाहाहा ऐसा क्यों पूछ रहे हो

अंकित :नहीं मतलब देखो तो यहाँ सब लोग ने वेस्टर्न ड्रेस पहनी है

दीपा : तो क्या हुवा हम भी तो ऐसे hi ड्रेस मैं है और ये आज की थीम है वेस्टर्न ड्रेस

अंकित :ऐसी थीम कोई रखता है क्या

दीपा :अरे जिस लड़की की शादी है वो ुक मैं रही है है तो उसने hi ये थीम राखी है

अंकित : ोुह्ह्ह अच्छा ये बात है

दीपा :क्यों तुम्हे पसंद नहीं आया

अंकित :नहीं ऐसी बात नहीं है पर ऐसी ड्रेस घर वालो केहि सामने ी मैं थोड़ा ोूध्द नहीं लगेगा

दीपा :अरे मेरे बेबी जो बड़े लोग है वो लोग अब तक सो चुके होंगे और जो गाओं से लोग आये थे वो लोग भी चले गए है यहाँ पर सब ूद काम करने वाले hi है सो रिलेक्स

अंकित :ा च है मेरी तो लॉटरी लग जाएगी फिर तो

दीपा :वो तो है देखो वो सब कैसे तुम्हे घूर कर देख रहे है

दीपा ने पीछे और साइड मैं कड़ी लड़की और औरतो की और इशारा किया तो अंकित ने एक नज़र उस तरफ डाली वह बहुत hi साडी खूबसूरत लड़किया थी और एयरटे भी काम नहीं थी वो भी खूबसूरत तो थी hi लेकिन ऐसी जैसी अंकित को पसंद थी थोड़ी भरी हुयी

वो लड़किया और एयरटे अंकित को हसरत भरी नज़रो से देख रही थी

अंकित :लगता है ये सब अपनी छूट फड़वा के मानेगी

दीपा : है ये तो है तुम्हारा सिर्फ हथियार hi दरदार नहीं तुम खुद भी तो इतने हैंडसम हो और फिर लाइट वेट बॉडी बुल्दिएर तो किसे तुम पसंद नहीं आओगे

अंकित : मैंने तो सुना था की लड़कीओ और अओर्तो की बड़े चुआड़े और मोती बहे वाले लोग पसंद आते है जैसे की खली तयप लोग

दीपा :नहीं ये गलत बात है मुझे तो ीासे लोग जरा भी पसंद नहीं है वो बहुत बड़े और भरी होते है उन्हें देख कर दर लगता है हमे

दीपा :चोरो इन बातो को तुम ड्रिंक लोगे

अंकित :नहीं मुझे नहीं चाहिए

दीपा :क्यों तुम पिटे नहीं या हमसे शर्मा रहे हो

अंकित :अरे नहीं ऐसी कोई बात नहीं है मतलब की मुझे हैबिट नहीं है मैं जब मन होता है तो पिता हु ज्यादा तर शादियों मैं या पार्टीस मैं या फिर अपने तीन जिगरी दोस्तों के साथ

दीपा :तो मुझे भी दोस्त hi समजलो कयों अंकित बस एक ड्रिंक

अंकित : ok एक स्कॉच लार्ज

दीपा :रस्मी तुम ड्रिंक लोगी

रश्मि : है एक कोल्ड ड्रिंक ले आना

और दीपा ड्रिंक लेन चली गयी रह गए अंकित और रश्मि

अंकित (मन में) :यार ये रस्मी तो बहुत सूंदर है एक दम माँ जैसी ये पहले मिल जाती तो साडी करलेता तरय करता हु पटजाये तो मजा आजाये

अंकित :अरे रश्मि आंटी आप तो कुछ बोलहि नहीं रही

रश्मि भी स्माइल करके

रश्मि :अरे तुम ने ध्यान hi नहीं थे अपनी ओतय पे और तुम अपनी दीपा आंटी के साथ बिजी थे वैसे तुम्हे यहाँ सब केसा लगा

अंकित :यहाँ तो सब मस्ट है यहाँ सब कुछ तो है

रश्मि : हम सब कुछ मतलब लड़किया हैना

अंकित : है लड़किया तो है पर मुझे लड़कियों थोड़ा काम इंटरेस्ट है

रश्मि : वो क्यों तुम जैसे लड़के कोटो कोई भी खूबसूरत लड़की यु प्रोपोज़ करदेगी

सच बताना कितनी गर्लफ्रेंड है तुम्हारी

अंकित :है ये बात सा ह है की मुझे जवान लड़कियों मैं काम इंटरेस्ट है पर मैं गर्लफ्रेंड नहीं बनता मैं थोड़ा एडवांस फाइलिंग रखता हु

रश्मि : मतलब तुम कहना क्या चाहते हो

अंकित :छोड़िये न आपको शायद अस ा फीमेल बुरा लगेगा जाने दीजिये

रश्मि : अरे ये क्या बात हुयी देखो मुझसे मत शर्माओ मेरे साथ अस फ्रेंड hi रहो

अंकित :है पर मैं क्या बोलू आपको

(यहाँ मैं अंकित की एक कमजोरी बताता हु अंकित जब भी अपने से बड़ी खूबसूरत औरत को देखता है तो उसे बहुत शर्म आती है ये बात अलग है की वो. चुदाई के वक़त भी शर्माता है या नहीं)

यहाँ भी अंकित बहुत शर्मा रहा था

रश्मि को अंकित का यु शर्माना बहुत पसंद आरहा था वो बोली

रश्मि :अरे बीटा तुम इतना क्यों शर्मा रहे हो

अंकित :अरे आंटी वो क्या है न मेरी एक प्रॉब्लम है की जब भी मैं किसी अपने से बड़ी खूबसूरत लड़किया ायरत से बात करने मैं मुझे बहुत शर्म आती है मेरी हिम्मत hi नहीं होती की मैं तुमसे नज़ारे मुला पाओ इसी लिए जब मेने अपनी दोनों माँ को पहली बार देखा तब भी मैं उनसे बात करने मैं शर्माता था पर तब मैं उनसे नाराज़ था तो मैं उनसे बात hi नहीं करता था

रश्मि :अरे पर तुम दीपा से तो नहीं शरमाते

अंकित :अरे वो दीपा आंटी आपके जितनी खूबसूरत नहीं है न इसी लिए

रश्मि :अरे यार तुम अब मुझसे मत शर्माओ प्लीज

अंकित :ok

रश्मि तो तुम कुछ कह रहे थे फीमेल के बारे मैं

अंकित: ठीक है बताता हु पर आप बुरा मत मन्ना

रश्मि : देखो अंकित तुम मुझे फ्रेंड hi संजो

दीपा (पीछेसे ड्रिंक्स लेकर आते हुए) : कोण किसे फ्रेंड समझना है

अंकित अपना ड्रिंक लेकर शिप मरते हुए शारब की वजह से वो थोड़ा ओपन हुवा

अंकित ने उसे साडी बात बताई

दीपा : अच्छा तो क्या बोलै तुमने

अंकित :मैंने कहा की मैं गर्लफ्रेंड नहीं बनता जो मिली उसके साथ सीधा सुहागरात और सुबह होते वो अपने रस्ते मैं अपने रस्ते रात गई बात गई

रश्मि :काफी स्मार्ट हो

दीपा :है वैरी स्मार्ट

रश्मि :तुमने कहा था की तुम्हे एयरटे पसंद है ऐसा क्या है हम अओर्तो मैं जो तुम लड़कियों मैं भी काम इंट्रेस्ट लेते हो

अंकित : मुझे न अपजेसी पसंद आती है आंटी मतलब थोड़ी भरी हुयी

दीपा :है मैंने भी कई लड़को को देखा है अपनी क्लास मैं जो मुझे लाइन मरते है

रश्मिको एक कॉल आजतक है तो वो निकल जाती है और दीपा को सलोनी अपने साथ लेजाती है

अंकित वही बैठा रहता है वो अपने फ़ोन मैं कुछ कर रहा होता है की तभी अंकित के सामने कोई चुटकी बजता है अंकित ने देखा की उसकी माँ थी

अंकित :माँ आप यहाँ

मनीषा : है बीटा यहाँ क्या कर रहा है मेने सोचा यहाँ इतनी लड़किया और एयरटे है तो कोई तो तेरे पास जरूर आया होगा

अंकित :नहीं माँ अभी तो कोई नहीं आया पर मुझे एक पसंद आगयी

मनीषा :अच्छा कोण है वो ओह्ह मैं समाज गई रश्मि हैना

अंकित तो भोचक्का रह गया की ा निशा को कैसे पता

अंकित :माँ आपको कैसे पता

मनीषा :बीटा तेरी माँ हु ये तो संजूःगी तो कोण समझेगा की मेरे प्यारे बेबी को क्या चाहिए

अंकित :ओह्ह माय स्वीट माँ और अंकित मनीषा के गले लग जाता है

मनीषा: ठीक है मैं बात करती हु और है कल यहाँ पूल पार्टी है

अंकित :पूल पार्टी यहाँ गौण मैं

मनीषा :है बीटा यहाँ पर तीन बड़े पूल है और एक प्राइवेट पूल है कल दिखाउंगी ok

अंकित : ok माँ अब आप जाईये आप अपनी फ्रेंड्स के साथ भी थोड़ा टाइम स्पेंड कीजिये और माँ एक बात तो भूल hi गया

क्या सलोनी की भी मिलेगी क्या

मनीषा उसका गाल खींच कर

मनीषा :बदमाश ठीक है और वो तो तैयार है उसे बस सही मौके की तलाश है

अंकित :ok माँ

फिर मनीषा निकल गयी सलोनी के पास और अंकित अपने लिए एक ड्रिंक लेकर बैठ गया और प्रोग्राम देखने लगा

तभी उसकी नज़र एक औरत पर पड़ी वो ायरत अंकित को हसरत भरी नज़रो से देख रही थी

अंकित ने भी उसे देखा और उसके सरीर का मेजरमेंट लेने लगा

वो ायरत भी दिखने मैं मस्ट थी खूबसूरत इतनी नहीं थी पर है सरीर मस्ट था फिगर साइज बोलेटो 40 34 40 और गोरा रंग और उसने महरून कलर की साडी पहनी हुयी थी और होठोंपे लाल लिपस्टिक

अंकित तो पागल हुवा पड़ा था वो मन में बोलै

अंकित : वाह क्या ायरत है क्या माल है क्या गांड है इसकी तो दोनों तरफ से बजाऊंगा मजा आएगा चलो देखता हु आती हैया नहीं

यहाँ वो ायरत भी अपने मन मैं सोचने लगी

ायरत (मन में) : क्या लड़का है कितना हैंडसम है ये मिल जाये तो मैं इसकी रात रंगीन करदु है क्या बॉडी हां और कितना मासूम चेहरा है भगवन क्या इस लड़के मैं इसको देख कर मेरी छूट पानी बहाये hi जा रही है देखती हु ये मान जाये तो मजा आजाये

अंकित बस उससे hi देखता रहा वो अवुरेट भी गरम लोहा थी जिसपर अंकित को अपना हथोड़ा मरना था अंकित ने कुछ नहीं किया थोड़ी देर देख कर उस पे से अपनी नज़र फेर ली जिससे उस ायरत को लगे की वो ज्यादा खूबसूरत नहीं है

अंकित के ऐसा करने से वो ायरत को गुस्सा आया उसे ये उसकी बेइज़ाती लगी सही है दोस्तों अगर किसी लड़की को चोर कर अगर नज़र हटा लो तो उसे ये अपनी बेइज़ाती hi लगती है

उस ायरत ने अंकित को इशारा किया

अंकित (मन में) :मिल गया सिग्नल अब जरा इसकी बजता हु

अंकित भी उस ायरत के तरफ चला गया

ायरत ने इशारा किया की उसके पीछे पीछे आओ अंकित भी उसके साथ जारहा था

वो जोनो थोड़ा फंक्शन से दूर आगये

वो ायरत पलटी और अंकित को देखने लगी

अंकित :है बोलिये मुझे क्यों बुलाया

ायरत : तुम मुझे ऐसे क्यों देख रहे थे

वो थोड़े बनावटी गुस्से मैं बोली

अंकित (मन में) : अच्छा बीटा एक को नखरे दिखाएगी रूको जरा सबर करो

अंकित :ोू मदन देखते आप मुझे रही थी

ायरत :देखो मैं शादी सुधा ायरत हु मुझे तुम ऐसे नहीं देख सकते

अंकित :आपमें देखने जैसा है भी क्या ok नहीं देखता मैं चला

ायरत को ाचा खासा मौका हाथ से निकल ता हुवा दिखा

ायरत :अरे सुनो तो मैं बस मजाक कर रही थी अरे इतने हैंडसम लड़के हो और मैं थोड़े नखरे भी न करू

अंकित :मुझे नखरे करने वाली ायरत और लड़कियों से नफरत है अगर करना है तो बोलो वर्ण मेरे पास तुम जेसीओ की कमी नहीं है

ायरत : अरे करना है तभी तो बुलाया है

अंकित :पर यहाँ

ायरत : यहाँ हवेली के बाजु मैं एक पुराण गेस्ट हाउस है वही चलते है उनके स्टोर रूम मैं कोई आता जाता नहीं

फिर ये दोनों वह चले गए

अंकित और वो ायरत उस स्टोर रूम मैं आगये यहाँ कोई नहीं था वो गेस्ट हाउस भी पुराण था जहा लोग भी काम आते है

ये दोनों यहाँ पर आये जहा एक बाथरूम था और एक बीएड भी था लेकिन पुराण

अंकित :अरे आपने तो अपना नाम hi नहीं बताया

ायरत : मेरा नाम सुनीता है

अंकित :आजाओ सुनीता बेबी तुम्हे जरा खुश करदु ूउम्म्म ूउम्म्म ूउम्म्म

अंकित उसे बहो मई जकड कर किश करने लगता है वो भी अंकित का साथ देने लगती है वो तो पहले से hi गरम थी

सुनीता :ूउम्म्माआहहह उउउउम्म्मा

ूउम्म्म ूउम्म्म ूउम्म्म ूमम

क्या किश करते हो ऊम्मम

अंकित :क्यों आपका पति नहीं करता क्या ूउम्म्म

सुनीता :उस बड़वे कोटो किश करना hi नहीं आता बाद सीधा लुंड दाल के सुरु होजाता है

अंकित : बेबी अब बीएड पर सो जाओ और ये साडी हटा दो

सुनीता ने इसे hi किया अंकित फिर जाकर उसको किश करने लगता है और उसके गले मैं कान मैं होठो पर किश करने लगता है और चाट ने लगता है

सुनीता को आज पहली बार असली सेक्स का अनुभव हो रहा था वो पूरी तरह उत्तेजित होगयी

सुनीता :आह्हः अंकित क्या कर रहे हो आज तो मजा आगया ओह्ह्ह आअह्ह्ह

अंकित फिर उसकी चुचिओ को ब्लाउज के ऊपर से hi मसलने लगा

अंकित :वाह रैंड क्या चूचिया है तेरी आज इसका सारा दूद निकल लूंगा

अंकित ने उसके ब्लाउज को खोला और बरभी खोलदी

और उसकी 40 क8 नंगी और बड़ी बड़ी बूब्स अंकित के सामने ु चल गयी

अंकित उसके बूब्स को चूसने लगता है और दबाने लगता है

सुनीता :आअह्ह्ह क्या चीज़ हो चुम्म्म्म आअह्ह्ह करूओ आआह्ह्ह्ह पप्पिइइइइइज्जजजआऊवो ीिस्सकक्का साआरररा

डुढ़ःहः आआह्ह्ह्हह्हूऊओह्ह्ह्ब

ाअंकित : सूउऊउउरररपपप उउउउउम्मम्मम

सुऊरररपपपप उउउउउम्मम्मम्मम

फिर अंकित ने सुनीता को पूरा नंगा कर दिया और अब वो उसकी छूट पर आगया और उसकी छूट को चाटने और छोड़ने लगा

अंकित :उउउउम्म्मा सुऊरररपपपप ूम

क्या टेस्टी छूट है उउउउम्म सुररपलप

ूउम्म्म

सुनीता तो जैसे जन्नत मैं पहुंच गई

सुनीता :आअह्ह्ह क्या कर रहे वो आअह्ह्ह तुम इतना माज़जज़ा. डडूओगे ये पता नहीं था प्लीज आआह्ह्ह्ह रुककककंनना. मायत्तता

अंकित :सूउऊउउरररपपप ूउम्म्माआहहह

सुऊरररपपपप उउउउम्म्मा उउउउम्म्म

सुनीता :आआह्ह्हह्ह्ह्ह. मम्माईंण. छुउत्तत्तत. राजहठियई हहहयऊ आआह्ह्ह्हआ ोुह्ह्ह्ह आअह्ह्ह्हह्ह्ह्ह

और सुनीता अंकित के मुँह मैं जड़ गयी और अंकित उसका सारा पानी पि गया

सुनीता :आअह्ह्ह कितना आ चना करते हो तुम लगता है तुम चुदाई के महँ खिलाडी हो अब जरा अपना हथियार भी दिखादो

अंकित भी पूरा नंगा होगया और उसका 8 इंच का लुंड अभी आधा खड़ा हुवा था

सुनीता तो शॉक होगयी की इस जैसे बच्चे के इतना बड़ा

सुनीता : बाप रे इतना बड़ा ये असली है क्या

अंकित :बिलकुल असली है अब इसे चुदाई केलिए तैयार करो

सुनीता ने अंकित के लुंड को हाथ मैं थम लिया और मुठमरने लगी

अंकित :आठ साली रैंड हिला मत मुँह मैं ले ऐसे खड़ा नहीं होगा ये

सुनीता ने अंकित के लुंड को मुँह मैं भर लिया

सुनीता :सूउऊउउरररपपप ूउम्मम्मम

घु घु घु घु ूउम्म्म

ऐसे hi करीब 3 मं मैं अंकित का लुंड पूरी तरह औकात में खड़ा होगया

सुनीता :अब देर न करो अब सेहेन नहीं होता दाल दो पूरा का पूरा

अंकित :पूरा एक बार मैं झेल पायेगी मेरी रंडी

सुनीता :तेरी रंडी हु सब सेह लुंगी

अंकित ने उसकी छूट पर अपने सुपर को सेट किया और एक तगड़ा शॉट मारा जिससे पूरा लुंड एक hi बार मैं सुनीता की छूट फैलता हुवा अंदर बच्चेदानी तक घुस गया

सुनीता :आआआह्ह्ह्हह्ह. फाआड्द दद्दीिमम्मीरररीी. रररऊउउक्क्क. जावू आआह्ह्ह्ह बब्बछःठुट्ट बड़ा हहहाआईई

अंकित :चुप कर रंडी ये पहले से hi फटी हुयी है तभी तो मेरा एक hi बार मैं ले लिया अब मजा कर ये ले

अंकित ने शॉट मरना सुरु किया

सुनीता :आठ अहा अहा है मारो जोरसे माहहह यस यस यस यस यस यस आह्हः मारो ऐसे hi आह्हः

अंकित :एहहहह रैंड ईष्ह्ह्ह्ह ाः आह यस बेबी यस यस यस आह्हः

फिर करीब 20 मं की चुडैमैन सुनीता अब तक 3 बार जड़ चुकी थी

अंकित ने छूट मेंसे लुंड नीलक लिया

अंकित : चल अब घोड़ी बन जा और है गांड मरवाई है कभी

सुनीता :नहीं कभी नहीं मरवाई क्यों पूछ रहे हो

अंकित :तो आज्ज मरवाले

सुनीता :नहीं वह नहीं मैं मर जाउंगी

अंकित :चुप कर मेरी रांड है तू चल घोड़ी बन जा जल्दी

सु ईटा घोड़ी बनगयी अंकित ने उसके गांड के छेद को चूकना किया और अपना लुंड सेट किया और एक तगड़ा शॉट मारा जिससे अंकित का 3 इंच लुंड hi अंदर गया

सु ईटा :आआआह्ह्ह्हह्ह. मममममअअअअअ

फ्फआयआडडडडडड. ड्डडीडीईई ममूवाममम aaaaahhhhhhhhhhhhh

अंकित :अभी कहा ये गया पूरा

अंकित से फिर से शॉट मारा तो अंकित का लुंड सुनीता की गांड को चीरता हुवा अंदर घुस गया

करीब 5 मं बाद सुनीता नार्मल हुयी फिर अंकित ने ताबड़ तोड़े शॉट मरना स्टार्ट किया

अंकित :यस बेबी आह्हः यस यस यस यस यस यस यस आअह्ह्ह

सुनीता :आह्हः जोरसे जोर से जोरसे यस यस यस यस यस यस यस यस आआह्ह्ह्ह मैं ाआईईईई

सुनीता की गांड बहुत टाइटस होने की बजह से अंकित भी जल्दी जड़ने लगा उसने अपना लुंड निकला और सुनीता की. छूट मैं साल दिया और धक्के लगाने लगा

अंकित :मैं भी ायययय. आआह्ह्ह्ह

और अंकित ने अपना गरमा गरम लावा सु ईटा की छूट मैं भरदिया फिर दोनों ने 5 मं तक किश किया और फिर दोनों फ्रेश होगये

सुनीता :क्या छोड़ते हो तुम तबियत खुश करती येलो मेरा नंबर जब भी मन करे हमे याद करना

अंकित : जरूर जब तुम्हारी गांड बुलाएगी हम हाज़िर होंगे सच मैं गांड मार्के मज़ा ागग्या तुम्हारी

सुनीता ओह्ह इतनी पसंद आयी तुम्हे

फिर ये सोनो वापस आकर शादी मैं घुल मिल गए

तभी अंकित के पास मनीषा आयी

मनीषा :कहा था तू

अंकित :वो माँ एक मस्ट ायरत मिल गयी थी तो आप समाज गाइना

मनीषा :हम्म्म्म मतलब आज खूब मज़ा किया

अंकित :हआ सच मैं माँ क्या गांड थी साली की

मनीषा :चलो अब दमदार चुदाई की है तो अब खाना भी ज्यादा खाना

यहाँ एक तरफ अंकित केलिए नयी नयी छूट और गांड खुल रही थी पर कोई था जो अंकित को याद करके अपनी बदले की आग मैं तड़प रहा था

दुर्र जहा एक बडीसी जेल है वह एक जेल मैं एक केडी अंकित की पुराणी तस्वीर अपने हाथ मैं लिए

आदमी :बस एक बार यहाँ से भाग जाओ बहार आकर पहले तेरा hi हिसाब करूँगा साले अंकित बस तू मुझे मिल जा फिर मैं मेरी प्रॉपर्टी जो मेरे चूतिये बाप ने तेरेको दी है वो तो वापस लूंगा hi साथ मैं तेरी भी प्रॉपर्टी हड़प लूंगा तुझे रस्ते पर लाऊंगा और फिर तेरे टुकड़े टुकड़े करूँगा हहहहहहहहह

अपडेट पोस्टेड दोस्तों

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अपडेट 43

अंकित और बाकि सब लोग डिनर करने चले जाते है यहाँ जब ये लोग डिनर कर रहे थे तब कविता सिर्फ अंकित को hi देख रही थी जैसे उसे लगता हो के एहि है जो उसे साडी खुशिया दे सकता है

अंकित तो खाना खाने मैं मस्ट था पर मनीषा ने कविता की नज़र को नोटिस किया

फिर खाने के बाद सब लोग अपने रूम मैं चले गए अंकित भी अपने रूम मैं आया और फ्रेश होने चला गया आज अंकित को थोड़ी थकन हो रही थी क्यों की आज उसने कुछ ज्यादा hi चुदाई की थी वो भी घंटो तक

यहाँ एक रूम मैं कविता और मनीषा का था तो वो दोनों बाते कर रही थी

मनीषा :ाचा कविता एक बात पुछु देख हम फ्रेंड है प्लीज बुरा मूत मन्ना

कविता :अरे यार कैसी बात कर रही है तेरी बात का थोड़ी बुरा मानूंगी

मनीषा : है वो तो है ा च ये बता की तेरी सेक्स लाइफ कैसी चल रही है

कविता : अब तू मेरी फ्रेंड है तो तुझे बता रही हु उनको तो जैसे मेरी कोई फ़िक्र hi नहीं है बस बहार फॉरेन मैं घूमना है और बस पैसो के पीछे भागना है मैं तो जैसे उनकी लाइफ मैं हु hi नहीं साल मैं एक बार घर आते है तब ाची खासी चुदाई करते है पर पुरे साल की तड़प एक बार मैं थोड़ी काम होती है ऊपर से शराब की वजह से वो जल्दी फ्री होजाते है मुझे आग लगा कर खुद सो जाते है मुझे तो समाज मैं नहीं आता की कैसे अपनी प्यास बुझाउ

मनीषा :अच्छा ये बता की क्या उनके किसी और लड़की से चक्कर है

ये बात आते hi कविता की आखों से एक एक आशु आजाते है

कविता :है वो जबाबा भी अपनी बिज़नेस डील करने जाते है तो उनके लिए एक लड़की हंमेशा तैयार होती है

मनीषा :देख कविता तेरी फ्रेंड होने के नाते एक सलाह देती हु तू भी किसी से अपनी प्यास बुजले न वो तो वैसे भी बहार रहते है तो उन्हें कुछ पता भी नहीं चलेगा

कविता :अगर घर की और अपनी इज़्ज़त ख़राब होने का दर न होता तो कब का ये भी कर लेती पर मनु मुझे दर लगता है की अगर किसी को पता चल गया तो मेरी बदनामी होजायेगी

मनीषा :ाचा तो एक रास्ता है मेरे पास बोल करेगी अगर तेरी प्यास भी बुज जाये तुझे एक मोटा लगदा हथियार मिलजाते तो क्या तुम चुदाई करोगी और तुम्हारी इज़्ज़त पर कोई ाच नहीं आएगी इसकी जिम्मेदारी में लेती हु बोलो क्या कहती हो

कविता :अगर ऐसा है तो मैं करूंगीक्यू की अब ये खुजली बर्दास्त नहीं होती ी व्हांट ओर्गास्म

मनीषा :ाचा ये बता की तुझे मेरा बीटा अच्छा लगा मैं अंकित की बात कर रहिहु देख सच सच बता न मैंने तुझे उसे घूरते हुए देखा है

कविता बुरी तारीफ ह दर गई और शर्माने लगी क्यों की उसकी चोरी पकड़ी गई थी वो क्या बोले उसे कुछ समाज नहीं आरहा था

कविता : ीाम सॉरी मनु प्लीज मुझे माफ़ कार्डो अंकित मेरे बेटे जैसा है पर उसमे आखिर क्या बात है की मैं उसके पास जाकर खुद को उसके करीब जाने से रोक hi नहीं पति हु प्लीज मुझसे माफ़ कार्डो

मनीषा : अरे मैं नाराज़ नहीं हु क्या तुझे अंकित पसंद है ये बता बाकि उसमे क्या खूबी है ये बता टी हु

कविता : है अंकित मुझे बहुत पसंद आया वो हद से ज्यादा हैंडसम है उसकी आखे है क्या कहु इतनी खूबसूरत आखे किसी की हो सकती है मुझे तो विश्वास hi नहीं होता और उसका रंग एक दम गोरा उसकी बॉडी उसका तो मैं क्या बताऊ जैसे लाइट वेट बॉडी जैसे सिद्धार्थ निगम के जैसे बॉडी न ज्यादा बड़ी और चोरी एक दम परफेक्ट लड़का कास वो कुछ साल पहले मिल जाता तो मैं उससे साडी करलेती

मनीषा : हम्म तो मैडम को अंकित से प्यार hi होगया है ठीक है अब मैं बता टी हु पर ये बता की तेरे पति का हथियार कितना बड़ा है

कविता : उनका तो सायद 4 िच का होगा क्यों

मनीषा :तो अब वो 4 िच की लुल्ली बहुलजा क्यों की अंकित का हथियार है 8 िच लम्बा और शायद 3 िच के करीब मोटा

कविता :माय गॉड इतना भी बड़ा होता है क्या किसिस का और ये तो अभी बच्चा है

मनीषा : अरे होता होगा नहीं है और मैंने तो अपनी छूट मैं भी लिया है

कविता तो शॉक होजाती है

कविता :अरे यार तुम इतने बड़े लुंड को कैसे अपनी छूट मैं ले सकती हो कितना दर्द होता होगा

मनीषा अरे मेरी जान दर्द एक बार होगा उसके बाद तो तेरा जी hi नहीं भरेगा बोल लेगी मेरे बेटे का

कविता :ठीक है पर मनु कुछ गड बाद तो नहीं होगी न

मनीषा :अरे नहीं भरोषा रख और चल मेरे साथ

और ये दोनों चल पड़ती है अंकित के रूम की और जहा अंकित अभी बहार hi आया था और और एक कोल्डड्रिंक पि रहा था और फिर वो बीएड पर आगया वो बस सोने hi वाला था की

खत खत खत

अंकित रूम के डोर पर क्नोख हुवा तो अंकित ने डोर खोला

अंकित : अरे माँ कविता आंटी आप दोनों इतनी रात को यहाँ

मनीषा :बेबी हमे अंदर तो आने तो

अंकित गेट पार्स हटा और अंदर आगया

अंकित :ओह सॉरी माँ

मनीषा :बीटा तेरे लिए एक काम था बोल करेगा

अंकित :अरे माँ आप परमिसन मत लीजिये सीधा हुकुम कीजिये

मनीषा अंकित के गाल पर किश करदेती है

मनीषा :आऊवो मेरा प्यारा बीटा तुझे कविता आंटी को कुश करना है बोल करेगा

अंकित (मन में) :बस माँ चुदाई का न केहड़े भेनचोद अबतो मेरा लुंड भी थक चूका है

अंकित :अरे माँ ये कैसे होसकता है ी मैं क्या ये तैयार है

मनीषा :ये तैयार है इसी लिए तो यहाँ आई है क्यों कविता

कविता भी अंकित को एक नॉटी स्माइल देकर शर्मा जाती है

अंकित (मन में) : क्या लाइफ है मेरी साला इंसान को छूट नहीं मिलती और मेरे लिए तो जैसे वेटिंग मैं बौठि है वह गॉड वह अब क्या करू करना तो पड़ेगा नहीं तो माँ बुरा मान जाएगी कोई बात नहीं इतनी को छोड़ा है एक और सही

अंकित :ठीक है

मनीषा : ok तुमलोग मजे करो और कविता कल सुबह hi रूम मैं आना हाहाहा

और मनीषा चली जाती है

रह जाते है अंकित और कविता दोनों hi चुप थे पर किसी को समाज नहीं आरहा था की बात कहा से सुरु करे आखिर कार इनदोनो की चुप्पी को कविता ने कहा

कविता : अंकित बीटा मेरी तरफ देखो

अंकित :हम्म्म बोलिये

अंकित शरमाते हुए उसकी तरफ देख कर धीरे से बोलै

कविता : अंकित तुम्हारी माँ तुम्हारी बहुत तारीफ कर करि थी बोल रही थी की तुम किसी को भी सटिस्फी कर सकते हो क्या मुझे करोगे

अंकित :देखिए आंटी मेरा एक नियम है मैं उन्ही औरतो और लड़की के साथ सेक्स करता हु जो अपनी मर्जी से मुझे खुद को सौपती है उनकी मर्जी के बगैर मैं उन्हें हाथ भी नहीं लगा ता तो आप अगर ये सब अपनी मर्जी से करना चाहती हो तो मैं करूँगा अगर आप मन करती है तो मैं आज के बाद आपको आँख उठा कर भी नहीं देखूंगा

कविता (मन में) :जैसा मनु ने कहा था बिलकुल वैसा hi मासूम है एक दम भोला अब ये देखना है की ये सेक्स मैं केसा है अगर ये मेरी उम्मीद पर खरा उतरा तो मैं बस इसकी hi होजाऊंगी

कविता जेक सीधा अंकित को किश करने लगती है

कविता :ूउम्मम्म ूउम्मम्म ूउम्म्म

ूउम्मम्म ोुह्ह्ह अंकित ूउम्मम्म तुम सच में ूउम्मम्म बड़े प्यारे हो ूउम्मम्म

अंकित :उउउउम्मम्मम ूउम्मम्मूउम्म

उउउउम्मम्मूउम्म्म आप भी ूउम्म्म

इनका किश अब बहुत वाइल्ड होगया था कविता तो अंकित पर भूखी शेरनी की तरह टूट पति

उसके बाद अंकित कविता को अपनी बाहो मैं कास कर उसके गले मैं माथे पर लगभग हर जगह चूमने लगता है

कविता : ोुह्ह्ह अनकित्त जब तूऊमंमहे आअह्ह्ह्ह पहली बार देखा था ाःह ऊऊह्ह्ह तब hi तुम्हे अपना दिल डीईई ओह्ह्ह मम्मी बैठी थी

अंकित :ूउम्मम्म ुउउम्म तो अब मजा करिये

फिर अंकित ने कविता की निघ्त्य को उतर दिया उसके सामने कविता का नंगा बदन आएगया कविता ने अंदर कुछ भी नहीं पहना था

अंकित :ओह्ह्ह आंटी आपके बूब्स कितने मस्ट है एक दम मोठे और कड़क लगता है बहुत दूध भरा है ी के अंदर

कविता : ओह्ह बीटा ये सारा दूध मैंने तुम्हारे लिए hi है आओ अपनी इस प्यार आंटी का दूध पिलो

अंकित भी उसके बूब्स को चूसने लगा

अंकित : उउउउम्मम्मम उउउउउम्मम्म

ओह्ह आंटी आपके बूब्स बहुत मुस्ता है ूउम्मम्मम

कविता :आअह्ह्ह्ह बीटा सब तेरा hi है ूउम्मम्म आअह्ह्ह्ह ढीरे काट मत आअह्ह्ह्ह ुउउम्म और बात बाद मैं अभी चूसते रहो तुम ाःह हे भगवन

करीब 5 मं अंकित कविता के बूब्स को एक दम पसोनेट तरीके से चूमता है जिससे कविता एक बार जड़ जाती है

कविता : अंकित अब अपनी आंटी को तड़पाओ मत जल्दी कुछ करो अब सहन नहीं होता

अंकित जल्दी से कविता की ठेस को और छूट के आसपास की जगह को चूमने और लीक करने लगता हिअ कविता तो होश hi खो बैठी

और फिर अंकित कविता की छूट पर पहुंच गया

अंकित :वह आंटी क्या मस्ट छूट है आपकी कितनी रसीली लग रही है

कविता की छूट हल्की काली थी जिससे उसपर उसका चुतरस साफ़ दिखाई दे रहा था

कविता :तो बीटा पिले अपनी प्यारी आंटी की की छूट का रास

फिर अंकित कविता की छूट को अपनी जीब से छोड़ने और चाट ने लगता है

कविता तो पहले से hi हद से ज्यादा गरम थी जिस पर अंकित की जुबान ने हथोड़े का काम किया वो तो बहुत जल्दी hi जड़ गयी

कविता : आअह्ह्ह्ह अंकित आअह्ह्ह्ह कहा थे तुम म आआह्ह्ह एआईसीए हहई म्मम्मीैंन ाआयियीईइ आअह्ह्ह्ह

कविता अंकित के मुँह मैं hi जड़ गयी

अंकित ने कविता को थोड़ा संभाला और उसे अपनी बहो मैं जकड लिया और किश करने लगा जिससे कविता थोड़ी रिलैक्स होगयी

अंकित :अब आंटी आप मेरे हथियार को तैयार करो

कविता ने जल्दी से अंकित के शॉर्ट्स को उतारा तो वो शॉक होगयी क्यों की कविता ने आजसे पहले इतना दमदार लुंड किसी का भी नहीं देखा था

कविता :बाप रे ये किसी इंसान का लुंड है या घोड़े का

अंकित : ये इन्शान का hi है अब इसे तैयार करो

फिर कविता अंकित के लुंड को मुँह मैं भर कर तैयार करती है फिर अंकित अपने लुंड को कविता की छूट पर सेट करता है

कविता :बीटा प्लीज एक hi बार मैं उतार देना

अंकित :ठीक है आंटी येलो

अंकित ने एक तगड़ा जतका मारा पर कविता की छूट मैं अभी अंकित का 3 इंच लुंड hi जा पाया

कविता : आआअह्हह्ह्ह्ह मुउम्मम्मीयीय फ़ारररड्दिई मम्मीरररीी ररऊउउक्खक्क. जाआऊऊऊ. बीत्तटीई आआह्ह्ह

अंकित ने इसकी पर वह न की और अब की बहार तो फूल ताक़त से जतका मारा तो उसका लुंड कविता की जड़ तक घुस गया और बच्चेदानी से तक राया

कविता की छूट से ब्लीडिंग होने लोगो थी वो बेहोश hi होगयी

अंकित :अरे आंटी ओतय क्या हुवा आपको

अंकित उसे होश मैं लहि रहा था की उसे एक आईडिया आया

अंकित ने दो तीन शॉट छूट मैं मर कर अपना लुंड उसकी गांड मैं सेट किता और 3 शॉट मैं उसकी गाड़ भी फाड़ दी

और फिर से लुंड छूट मैं दाल कर छोड़ ने लगा थोड़ी देर बार कविता होश मैं आयी पर उसे दर्द का थोड़ा hi पता चला

अब वो भी मजे ले रही थी

कविता :आअह्ह्ह्ह अहहह अहह आअह्ह्ह्ह आअह्ह्ह्ह आअह्ह्ह्ह यस यस यस फ़क में. फ़क में हार्ड आअह्ह्ह्ह

अंकित : आठ यस आंटी यस एहहह ईहहह ईहहह

कविता : आअह्ह्ह्ह जोरसे जोरसे स्पीड बढ़ाओ बीटा ाःह अह्ह्ह्ह आअह्ह्ह्ह ाहः

अंकित :: यस आंटी तक थिस टेक आईटी यस याहहह आअह्ह्ह्ह

कविता : आअह्ह्ह्ह अंकित है छोड़ो मुझे आअह्ह्ह्ह ये यस यस ाहहाआअह आअह्ह

ओह्ह ीाम्म्म कोउम्म्मीिंगगग

अब तक कविता 6 बार जड़ चुकी थी

अंकित :ये यस यस यस आंटी ीाम कमिंग कहा निकलू

कविता : आअह्ह्ह्ह यह यह अंदर hi निकल दो बीटा

अंकित :ाःह आंटी आप प्रेग्नेंट होगयी तो आपके पति

कविता :आआह्ह्ह होजाने दो मुझे तुम्हारे बच्चे की माँ बनना है ी लव यू मीय बेबी आठ मैं भी आयी

अंकित :ये यस यस यस यस यस आआह्ह्ह्हह्हह्ह्ह्हह्ह

अंकित ने लुँड्का एक बहुत hi तगड़ा शॉट मारा तो लुंड कविता की बच्चे दानी मैं घुस गया और अंकित स्पर्म कविता के गर्भ मैं गिरने लगा उसके बाद दोनों फ्रेश हुए और दोनों बीएड पर आगये

कविता :ोुह्ह्ह बीटा मैं तुम्हे बता नहीं सकती की तुमने मुझे कितनी खुसी दी है तू बोल तो सही मैं तेरे लिए कुछ भी कर जाउंगी

अंकित :अआप खुश हैना आंटी मेरे लिए यही बहुत है पर आंटी अगर आप प्रेग्नेंट होगयी तो आपके पति

कविता बीच मैं बोली

कविता :मेरे बेटे तुम उसकी चिंता मूत करो उस गांडू को चुटिया बना आसान है और वैसे भी अओलाद न होने से वो भी दुखी है उल्टा वो तो खुश होंगे

अंकित : अच्छा आंटी जब मैंने आपकी पुसी मैं जब जतका मारा तो मुझे ऐसा क्यों लगा की आप वर्जिन हो

कविता :बीटा क्यों की मैं वर्जिन hi थी मेरे पति ने गांड hi मरी है और उस गांड को लगता है गांड मैं वीर्य दाल ने से बच्चे होते है वो इतना बड़ा चुटिया है

अंकित :ाचा आंटी अब सजाते है कल साडी भी है

कविता : है ठीक है यहाँ आओ आज मैं अपने बेटे को अपने सीने से लगा कर सुलाउंगी मनु की बेटी को भी मैंने ऐसे hi कई बार सुलाया है ाहूओ

उसके बाद अंकित कविता के सीने से लग कर सो जाता है

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