Pyaar Ya Nafrat - Page 13 - SexBaba
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Pyaar Ya Nafrat

तो आर्यन ने आपने चाचा की गांड हे फाड़ दी मर मर करर अब लगता ह चाचा जरूर बदला लेगा आर्यन से अब तो घर वाले भी डर के रहे गए आर्यन से की कही उनका नंबर हे न लग जाये वैसे नेहा परर आर्यन को हाथ नहीं उठाना चाहिए था वो मीरा और रितिका से भी बूल सकता था की उसकी बंद बजा दो 😂😂

वेटिंग फॉर नेक्स्ट......
 
अपडेट 58

सोनिया भी डरते डरते आर्यन के कमरे में आयी. और आके चुप चाप कड़ी होगयी.



आर्यन: मीरा रितिका इससे केहदो. मैं कल यहाँ से हमेशा के लिए चला जाऊंगा. मैं यहाँ अपनी गुड़िया के कहने पे आया था. बूत यह मेरी गुड़िया नहीं है यह उन् नीच लोगो की सोनिया मल्होत्रा बन गयी है.



सोनिया जैसे hi यह सुनती है तोह जैसे उसके पैरों टेल ज़मीन hi खिसक गयी. वह रोने लगती है. और आर्यन के पास जाके उसका हाथ पकड़ के.



सोनिया: ी ऍम सॉरी भैया मुझे माफ़ करदिजिये. पर प्लीज मुझसे नाराज़ होक मुझे चोरके मत जाइये. आपके बिना यह कुछ साल बहोत hi मुश्किल से गुज़ारे है. प्लीज भैया माफ़ कार्डो.



आर्यन: अगर आज उस नीच के मुँह से यह बात ना निकलती तोह तुम मुझे कभी यह बात नहीं बताती ना. और भैया को भी अपनी कसम दे दी.



सोनिया: मुझे माफ़ कार्डो भैया. मैंने आपको बता देती पर आपका वह ब्लैक बीस्ट वाला रूप देखने के बाद मैं डर गयी थी के कही आप पापा को भी ना मार दे. और आज मेरा डर सही होगया.



आर्यन: एहलोग माँ बाप कहलाने के लायक नहीं है. हमारे कॉलेज के बाद तू हमेशा के किये मेरे साथ चलेगी. अब मैं तुझे यहाँ नहीं रखूँगा. और मुझे इस बात पे कोई आर्ग्यूमेंट्स नहीं चाहिए.



सोनिया: ठीक है भैया. मैं आपके साथ चलूंगी. पर प्लीज मुझे माफ़ करदे.



मीरा: उसने तुम्हे माफ़ करदिया है गुड़िया. तभी उसने तुम्हे अपने साथ लेजाने की बात कही.



सोनिया: थैंक यू भैया. मैं प्रॉमिस करती हु आजके बाद आपसे कुछ भी नहीं छुपाउंगी.



आर्यन: जाओ जाके रेस्ट करो.



फिर सोनिया वह से चली जाती है.



आर्यन: देखा यह लोग इंसान कहलाने के लायक नहीं है. इन्होने एक छोटी बच्ची को डंडे से मारा और उससे किसी ने नहीं बचाया. कितना रोई होगी मेरी गुड़िया. कितना दर्द हुआ होगा उससे. इनसब को इसकी सजा मिलेगी.



मीरा: क्या करोगे तुम.



आर्यन: इन्होने हमारी कंपनी के साथ एक डील फाइनल की है. पर अभी तक उसमे मेरे या तुमलोगो के सिग्नेचर नहीं हुए है जिससे वह डील अभी वेटिंग में है. और अगर यह डील फाइनल होती है तोह इनको बहोत प्रॉफिट होगा और अगर कैंसिल होती है तोह इनको बहोत लोस्स होगा.



रितिका: मतलब तुम वह डील कैंसिल करोगे.



आर्यन: हां.



फिर आर्यन समीरा जी कॉल करता है.



आर्यन: समीरा जी क्या आप बिजी है.



समीरा: सर आपके लिए कैसा बिजी. मैं एकदम फ्री हु बोलिये.



आर्यन: मुझे मल्होत्रा ग्रुप ऑफ़ कम्पनीज की डील के बारे में जानना है.



समीरा: सर इनके साथ पुरे 300 क्रोर्स की डील होंगी. अगर यह फाइनल होती है इनको बहोत फैयदा होगा और अगर कैंसिल होती है तोह बहोत बड़ा लोस्स. और अगर में गलत नहीं हु तोह यह कंपनी मर. विक्रम मल्होत्रा की है जो की आपके.....



आर्यन: कैंसिल थे डील. इस कंपनी के साथ कोई डील नहीं होगी. और शायद रीज़न आप जानती है.



समीरा: जी सर मैं जानती हु. मुझे पता था आप यह डील नहीं करेंगे. इसीलिए मैंने पहले से hi तैयारियां कर राखी थी.



आर्यन: हां. तोह आप इनको इन्फॉर्म करदिजियेगा.



समीरा: यस सर.



फिर कॉल कट होजाता है.



इधर हॉस्पिटल में विक्रम सूरज का ट्रीटमेंट करवाता है.



सूरज: यह आर्यन ने ठीक नहीं किया. उससे इसकी सजा जरूर मिलेगी.



विक्रम: तूने सोनिया को हाथ लगाया तोह उसने तेरी यह हालत करदी. और तू फिर उससे पन्गा ले रहा है.



सूरज: तोह क्या भूल जाऊ. उसने कैसे मुझे कुत्ते की तरह मारा.



विक्रम: मेरा काम तुझे समझाना है. बाकी तेरी मर्ज़ी. चल घर चल.



सूरज विक्रम को गुस्से से देखता है पर कुछ बोलता नहीं. और घर की तरफ चल देता है.



घर आकर सूरज किसी को कॉल करता है.



सूरज: मुझे आर्यन मल्होत्रा और उसकी बीवियों की लाश देखनी है. जल्द से जल्द.



सामने से: होजायेगा सर.



सूरज: उन्दोनो का कुछ पता चला. कहा छुपे है.



सामने से: नहीं सर. उनका कुछ पता नहीं चला जब से आपका वह नुकसान हुआ है वह डर के मारे पता नहीं कहा चुप गए है.



सूरज: ठीक है. पता लगाओ उनका.



फिर कॉल कट होजाता है.



सूरज: आर्यन तूने मुझपे हाथ उठके बहोत बड़ी गलती की है. और तेरी यह गलती की सजा सिर्फ मौत है.



शाम को सुप्रिया अपने परिवार के साथ वह घूमने आती है.



रश्मि: कैसी हो सुप्रिया. कितने दिन बाद आयी हो. एक hi सेहर में रहने के बाद भी तुम मिलने नहीं आती.



सुप्रिया: क्या करू भाभी. अब इनका काम भी बढ़ गया है और फिर शिवम् और दीपाली की पढाई का प्रेशर जिसके वजह से टाइम hi नहीं मिलता. आप बताइये आप कैसी है भैया कैसे है और बच्चे.



रश्मि: सब अच्छे है. तुम बताओ तुम कैसी हो.



सुप्रिया: मैं भी ठीक हु.



तभी आर्यन रितिका और मीरा नीचे आते है. उन्हें अभी ने बुलाया था किसी काम से.



सुप्रिया जब आर्यन को देखती है तोह.



सुप्रिया: भाभी एहलोग कौन है. पहले तोह कभी नहीं देखा.



रश्मि: यह आर्यन है और उसकी बीवियां रितिका और मीरा



सुप्रिया: क्या यह वही दरिंदा है. पर यह तोह घर चोरके चला गया था ना फिर क्यों आया है. देखना कही फिर से किसी की िज़ात पे हाथ नहीं ढाल दे.



मीरा: मंद योर लैंग्वेज. आपकी हिम्मत कैसे हुई हमारे पति के बारे में यह सब बोलने की. अगर सचाई पता ना हो तोह चुप hi रहना चाहिए. और हम यहाँ अपने आप नहीं आये है. आपकी फॅमिली ने hi बुलाया है.



सुप्रिया: आई लड़की. अपनी हद्द में रहो. क्या तुम्हे किसी ने तमीज नहीं सिखाई. एक तोह पति दरिंदा है ऊपर से बड़ी बड़ी बाते.



रश्मि: गुस्से से चिल्लाते हुए. सुप्रिया अपनी हद्द में रहो. तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई इनसे बदतमीज़ी करने की. उस दिन इसने कुछ नहीं किया था. उस लड़की ने hi झूट बोलै था. और यह बात उस लड़की ने खुद घर आके बोलै था. हमने hi उस लड़की की बात को सच मान कर इस्सके साथ गलत किया.



सुप्रिया: यह आप क्या कह रही है. कही आप इससे बचने के लिए तोह ऐसा नहीं बोल रही.



विक्रम: कोई किसी को नहीं बचा रहा है. जो सच है वही बता रहे है. उस लड़की ने खुद घर आकर उसदिन जो हुआ था वह सब सच सच बताया. के आर्यन ने उसके साथ कोई जबरदस्ती नहीं की थी. वह सब उसने झूठ बोलै था. पर हमने आर्यन पे भरोसा ना कर उस घटिया लड़की पे किया. जिसकी सजा हम आज भी भुगत रहे है.



आर्यन: मरस. सुप्रिया खन्ना. अब आप अपनी औकात में रहे. अभी जो आपने मुझे और मेरी बीवी को कहा है ना वह मुझे दोबारा सुनने को ना मिले.



शिवम्: अपनी हद्द में रहो आर्यन. मेरी माँ से तमीज से बात कर.



आर्यन ने एक थप्पड़ शिवम् के गाल में जड़ दिया.



आर्यन: पहले अपनी माँ को बोल अपनी हद्द में रहे और तमीज से बात करना सीखे. वर्ण अभी तोह तेरे दांत हिले है अगली बार टूट भी सकते है.



यह बोल वह मीरा और रितिका को साथ लेके वह से निकल जाता है.



सुप्रिया: भैया यह सब क्या है. उसने मेरे बेटे को थप्पड़ मार दिया और आपलोगो ने कुछ नहीं बोलै.



रश्मि: गलती की शुरुआत तुमने hi की थी. पूरी बात जाने बगैर मेरे बेटे को कितना कुछ सुना दिया और फिर उसकी बीवियों को भी सुना दिया. और शिवम् ने भी आकर से बात की.



सुप्रिया: लेकिन इसका चेहरा इतना कैसे बदल गया और इसने शादी कब की. और यह आपलोगो से ऐसा बेहवे क्यों कर रहा है.



दीपक: हां भाभी यह ऐसा क्यों कर रहा है.



रश्मि: यह सब हमारी hi गलती का नतीजा है. ना हम उस घटिया लड़की की बात पे विश्वास करते ना हम आर्यन के साथ वैसे बेहवे करते ना वह हमसे नफरत करता और ना आज यह दिन आता.



सुप्रिया: मतलब.



फिर रश्मि उससे सब कुछ बताती है. और वह यहाँ पे क्यों है यह भी बताती है. और अभी उसने सूरज के साथ जो किया वह भी बताती है.



सुप्रिया और उसकी फॅमिली यह सब सुनके पूरी तरह शॉक होजाती है. और सबसे ज्यादा तोह सूरज वाले काण्ड को सुनकर.



सुप्रिया: क्या उसने सूरज भैया को मार मार के अधमरा करदिया और हाथ भी टॉड दिया. क्योकि उन्होंने सोनिया की मारा था.



रश्मि: हां. और इस घटना के बाद तोह वह हम सबसे और भी नफरत करता है. और हमसे अब उसकी नफरत सही नहीं जाती. हमने उससे कही बार माफ़ी मांगी पर उसकी नफरत काम नहीं होती.



सुप्रिया: गलती तोह हुई है भाभी. हुम्हे उसपे भरोसा करना चाहिए था. पर उसने सूरज भैया के साथ गलत किया.



विक्रम: यह हमारे सामने तोह बोल्दिया. उसके सामने मत बोलना. वर्ण पता नहीं वह क्या करेगा.



शिवम्: क्या करेगा. कुछ नहीं कर सकता है वह.



नेहा: लगता है अभी जो थप्पड़ पढ़ा वह भूल चुके हो. वर्ण यह बात नहीं बोलते.



शिवम् वही चुप करजाता है.



सुप्रिया: यह तोह सूरज भैया का एहसान है उसपर जो भैया ने पुलिस कम्प्लेन नहीं किया वर्ण वह हाफ मर्डर के केस में अंदर होता.



विक्रम: पुलिस उसका कुछ नहीं कर सकती.

फिर विक्रम उन्हें मिनिस्टर वाला काण्ड बताता है. जिससे सुनके उनकी हवा टाइट होगयी. इसके आगे वह कुछ ना बोले.



तभी सोनिया वह आजाती है.



सुप्रिया: कैसी हो गुड़िया.



सोनिया: पहले बात मुझे गुड़िया बुलाने का हक़ सिर्फ मेरे भैया और भाभी का है. आज तोह बुला लिया अगली बार से इस नाम से ना बुलाना.



सुप्रिया: सोनिया यह तुम कैसे बात कर रही हो अपनी बुआ से.



सोनिया: जिसने जिसने मेरे भैया के साथ गलत किया है उनके साथ मेरा बेहेवियर ऐसा hi रहेगा. और आज आपलोगो की वजह से भैया मुझसे भी नाराज़ होजाते.



सोनिया वह से चली जाती है.



सुप्रिया: क्या यहाँ के सारे बच्चे ऐसे hi होगये है. अगर मेरे बच्चे ऐसे करे तोह उनको 2 थप्पड़ लगाके सीधा करदु.



अंकित: क्या आपके बचे के ऊपर किसी ने जबरदस्ती का झूठा इलज़ाम लगाया है. क्या आपके बचे के साथ उसकी फॅमिली ने एक मुजरिम जैसा बेहवे किया है. नहीं किया है ना.

बूत मेरे भाई के साथ इस परिवार ने ऐसा किया है. उसके साथ मुजरिम से बदतर बेहवे किया है. उसके ऊपर किसी ने सिर्फ मोबाइल देने उसके रूम में जाने से जबरदस्ती करने की कोशिश की ऐसा घटिया इलज़ाम लगाया.



ारी ऐसी फॅमिली से तोह अनाथ रहना अच्छा है.



अंकित की यह बात सुन्न वह खड़े सभी के आँखों में आंसू आगये सिवाय सुप्रिया की फॅमिली को चोरर की.



अंकित: आप यहाँ घूमने आयी है अपने भैया भाभी और भतीजी से मिलने आयी है उनसे मिले और अपने घर के लिए रवाना होई.



सुप्रिया: अंकित तुम भूल रहे हो तुम अपनी बुआ से बात कर रहे हो.



अंकित: और आप भूल रही है. मैंने कहा है ऐसे परिवार के होने से अच्छा है अनाथ होना.



सुप्रिया अपनी फॅमिली के साथ वह से चली जाती है.



अंकित: चलो रागिनी इनके यह मगरमछ के आंसू देख के कुछ नहीं होगा.



फिर अंकित और रागिनी भी वह से चले जाते है. रह जाते है यह लोग रट हुए.
 
सबसे पहले कोंग्रटुलतिओन्स आपकी पहली स्टोरी के लिए...

कुछ कमिया लगी ह इस स्टोरी में मुझे ी थिंक आप इसे पॉजिटिव वे में लेंगे...

हलाकि किसी के काम में गलतिया निकलना तो आसान ह लेकिन जब आप खुद उस काम को करेंगे तो तब किसी की म्हणत का पता चलता ह...

पहली स्टोरी आप की बहोत अच्छी ह लेकिन काफी फ़ास्ट जा रही ह...

दूसरी मन हीरो के साथ उसकी फॅमिली ने बहुत गलत किया लेकिन 1-2सालो की नफरत उसके 16सालो के प्यार को पूरी तरह मिटा देना ये कुछ ज्यादा hi हो गया...

बाकि बरोथेर ये आप की रचना ह इसे मुझ से बेहतर आप hi समझ सकते ह...

थैंक्स फॉर थिस ग्रेट स्टोरी!!!
 
अपडेट 59

रात को मीरा और रितिका जल्दी आके किचन में जाती है अपना और आर्यन का खाने बनाने के लिए.



नेहा किचन में आती है किसी काम से तोह वह देखती है मीरा और रितिका खाना बना रही है.



नेहा: मीरा रितिका तुमलोग क्यों खाना बना रही हो. हम है ना हम बना लेंगे.



मीरा: आपको कोई गलत फेहमी हुई है. हम सिर्फ अपना और अपने पति का खाना बना रहे है अपने पति के आर्डर से.



नेहा समाज जाती है यह सब आर्यन ने hi करवाया है. वह इसके आगे कुछ नहीं बोलती और वह वह से चली जाती है.



कुछ देर बाद रागिनी आती है डिनर का इंतज़ाम करने के लिए.



रागिनी: मीरा रितिका तुम यहाँ.



रितिका: हां भाभी. आर्यन ने बोलै है किचन में जाके सिर्फ हुमतीनो का खाना बनाने को. और अबसे हुमतीनो का खाना सिर्फ हम hi बनाएंगे. क्योकि वह नहीं चाहता यहाँ के किसी भी मेंबर से किसी भी तरह का एहसान ले.



रागिनी: समाज सकती हु. ठीक है तुम अपना बनाओ. मैं बाकियों का बना देती हु.



फिर यह लोग खाना बनाने लगते है. फिर मीरा और रितिका खुद का और आर्यन का खाना कमरे में ले आती है. खाने के वक़त सोनिया उनके पास आती है उनके साथ hi खाना खाती है.



फिर यह लोग खाना खाके सजाते है.



अगले दिन मीरा और रितिका सुबह जल्दी आर्यन सोनिया और खुद के लिए ब्रेकफास्ट बनती है. यह लोग ब्रेकफास्ट करके कॉलेज और स्कूल के लिए निकल जाते है.



यह लोग अपनी कार से जा रहे थे तभी एक ट्रक आके इनकी कार को तकर मार्देति है.



फार्मूला की वजह से इनको कुछ नहीं होने वाला था.



आर्यन: मीरा रितिका अपनी बॉडी को ढीला चोरडो. हील मत करना. वर्ण सबको शक्क होजायेगा.



दोनों: ठीक है.



यह लोग अपने आप को हील करना बंद करदेते है जिससे इनके घाव ठीक नहीं होरहे थे.



वह भीड़ जमा होगयी थी. सबने मिलके आर्यन रितिका और मीरा को कार के बहार निकला. मीरा और रितिका तोह बेहोश थी. पर आर्यन को होश था.

आर्यन ने सबको दिखने के लिए मीरा और रितिका को बेहोश होने के किये बोलता है और खुद बड़ी हिम्मत करके उसको लेके हॉस्पिटल गया और रास्ते में अंकित को कॉल करके एक्सीडेंट का बता देता है.



अंकित: जोरर से चिल्लाते हुए. रागिनी रागिनी कहा हो तुम जल्दी आओ.



अंकित के ऐसे चिल्लाने की वजह से सब कोई वह आजाते है.



रागिनी: क्या हु क्यों चिल्ला रहे हो.



अंकित: आर्यन का कॉल आया था उनका एक्सीडेंट होगया है और वह हॉस्पिटल जा रहे है. जल्दी चलो.



रश्मि: क्या एक्सीडेंट. कैसे हुआ. वह दोनों ठीक तोह है ना.



वह रागिनी को लेके जल्दी से निकल जाता है. अंकित ने ऋषि को कॉल करके बोलै और सोनिया को सँभालने को कहा.



रश्मि नेहा और मिनाक्षी तोह रोने लगी.



नेहा: डैड जल्दी चलिए मेरे भाई का एक्सीडेंट हुआ है.



विक्रम: चलो जल्दी. फिर विक्रम नेहा और रश्मि हॉस्पिटल की तरफ जाते है. मिनाक्षी घर में hi रहती है सूरज की वजह से.



हॉस्पिटल पहुंच वह लोग डॉक्टर से मिलते है.



अंकित: डॉक्टर मेरा भाई और उसकी बीवियां कैसी है अब.



डॉक्टर: देखिये एक्सीडेंट ज्यादा बड़ा नहीं हुआ. यह इनका लक था के यह बच गए. बस सर में थोड़ी चोट है और हाथ में थोड़ी चोट आयी है.



अंकित: क्या हम मिल सकते है.



डॉक्टर: येह सूरे.



फिर अंकित और रागिनी उनके पास जाते है.



अंकित: यह सब कैसे हुआ भाई. तुमलोग ठीक तोह होना.



आर्यन: भाई कैसे हुआ यह तोह नहीं पता बस एक ट्रक आया और मार के निकल लिया और हमलोग ठीक है.



तभी वह नेहा रश्मि और विक्रम भी आते है.



नेहा: भाई तुमलोग ठीक होना. कैसे हुआ यह सब.



रश्मि: ज्यादा चोट तोह नहीं आयी ना बीटा.



आर्यन: भैया आपने सोनिया को कुछ नहीं बताया ना.



अंकित: नहीं मैं अभी को कॉल करदिया था उससे वह संभल लेगा. तू चिंता मत कर रेस्ट कर मैं डॉक्टर से तेरा डिस्चार्ज के बारे में पूछता हु.



रश्मि: बीटा हम कुछ पूछ रहे है. तू जवाब क्यों नहीं देरहा है.



आर्यन: मीरा रितिका तुम ठीक हो ना.



नेहा: बस बहोत होगया भाई इतनी भी नफरत ना कर के हमारे पास मरने के अलावा कोई चारा ना हो. मानते है हमने बहोत बड़ी गलती की है. हम उसकी माफ़ी भी मांग रहे है. हुम्हे पता है तुझे उनन्साब से बहोत तकलीफ हुई है बहोत ठेस पहुंची है तुझे. पर तेरी यह नफरत से हुम्हे भी उतनी hi ठेस पहुंच रही है.



आर्यन कुछ नहीं बोलता बस आँखे बंद करके लेता रहता है. और यह चीज़ नेहा बर्दास्त नहीं कर सकीय उसने पास में पढ़ा नाइफ को उठा लिया और



नेहा: अगर तूने अब जवाब नहीं दिया तोह मैं इसी वक़त अपने हाथ की नाश काट लुंगी. शायद तब तुझे शांति मिले.



आर्यन: भाभी मैंने कहा था ना एहलोग बुजदिल है सुसाइड करने की धमकी देंगे.



नेहा यह सुनते hi नाइफ वह फेक के बहार चली जाती है और रोने लगती है.



आर्यन: और अब यह नौटंकी करके रोना स्टार्ट करेंगी. इनकी यह नौटंकी देख के तोह मेरा सिर्र दुखता है.



तभी वह अंकित आजाता है



अंकित: डॉक्टर ने डिस्चार्ज दे दिया है. चलो घर चलते है.



फिर आर्यन रितिका और मीरा घर आजाते है.



आर्यन वह से रूम में चला जाता है.



मीरा: यह सब किसने करवाया.



आर्यन: पता नहीं. मैंने टीम को बोल्दिया था पता लगाने को. जरा लैपटॉप लाना उसमे जो रिकॉर्डिंग हुई है चश्मे से उसमे से ट्रक का नंबर मिल सकता है और शायद ड्राइवर का चेहरा भी.



फिर आर्यन लैपटॉप में वह रिकॉर्डिंग देखने लगता है.



रिकॉर्डिंग में तोह ड्राइवर के चेहरा समाज नहीं आया पर ट्रक का नंबर जरूर मिलगया.



आर्यन तुरंत अपनी टीम को कॉल करता है.



आर्यन: राधा कुछ पता चला किसने किया है.



राधा: नहीं सर. पता नहीं किसने किया है.



आर्यन: ठीक है तुम्हे एक ट्रक का नंबर भेजा है और इसकी पूरी कुंडली निकालो.



राधा 10 मीन्स में उस ट्रक की पूरी कुंडली और इस वक़त वह कहा है वह भी पता लगा किया.



राधा: सर इस ट्रक की पूरी कुंडली मेरे पास है और इसकी एक्सएक्ट लोकेशन भी है.



आर्यन: ठीक है उठाओ उसको. और उसको बेस पे रख के मुझे बोलो मैं खुद आऊंगा इसको मिलने.



राधा: ठीक है सर.



फिर कॉल कट होजाता है.



मीरा: पता चला कौन है.



आर्यन: ट्रक का पता चल गया है बहोत जल्द किसने किया है वह भी पता चल जाएगा.



रितिका: ठीक है चलो रेस्ट करो. बी थे वे तुम्हे कुछ हुआ तोह नहीं ना. यह कहते हुए उसकी आँखे थोड़ी नाम होगयी.



आर्यन: रितिका तुम रो क्यों रही हो. मैं बिलकुल ठीक हु. मुझे कुछ नहीं भी नहीं हुआ है.



मीरा: पता है तुम्हे कुछ नहीं होगा. पर वह एक्सीडेंट के वजह से हम डर गए थे हुम्हे लगा अब हम तुमसे दुर्र होजाएंगे. यह कहके वह आर्यन का सीने से लग जाती है और रोने लगती है.



आर्यन: ारी मेरी शेरनियां तोह रोने लगी. किसी में भी इतनी ताक़त नहीं है के तुमदोनो को मुझसे अलग करसके. अब चुप होजाओ. मुझे मेरी शेरनियां रट हुए बिलकुल भी अच्छी नहीं लगती.



मीरा और रितिका चुप तोह होजाती है पर आर्यन के सीने से चिपकी रहती है.



आर्यन भी उनके सिर्र को सहलाने लगता है. जिससे उनको नींद आजाती है.



इधर सोनिया को जब पता चलता है एक्सीडेंट के बारे में तोह उसका रो रो के बुरा हाल होजाता है.



वह जल्दी से घर आती है और दौड़ के आर्यन के कमरे में जाती है जहा वह लोग सो रहे थे.



सोनिया जब उनको चैन से सोते हुए देखती है तब उसको शांति मिलती है और उसका रोना रखता है.



सोनिया उस वक़त तोह वह से चली जाती है.

शाम को जब उनकी नींद टूट टी है तब उनके पास आती है. रितिका तोह फ्रेश होने गयी थी.



सोनिया: भैया भाभी आप ठीक है ना. आपको कुछ हुआ तोह नहीं ना.



मीरा: हम बिलकुल ठीक है गुड़िया हुम्हे कुछ भी नहीं हुआ तुम टेंशन मतलो.



सोनिया: जब ऋषि भाई ने मुझे एक्सीडेंट के बारे में बताया तोह मेरी जान hi निकल गयी.



आर्यन: गुड़िया. हम ठीक है. तुम रिलैक्स करो. कुछ नहीं हुआ.



सोनिया: ठीक है आप रेस्ट करे. मैं बाद में आती हु. रितिका भाभी कहा है.



मीरा: वाशरूम में है शायद.



सोनिया: ठीक है. और हां भाभी अगली बार से अगर भैया के सीने में सोना हो तोह गेट को लॉक करदिया करना.



मीरा सोनिया की यह बात सुन्न शर्मा जाती है.



मीरा: वह नींद में पता नहीं चला.



सोनिया: कोई बात नहीं आपके hi पति है. कही पे सो कैसे भी सो कोई कुछ नहीं बोलेगा.



मीरा और शर्मा जाती है. सोनिया वह से हस्ते हुए निकल जाती है.



मीरा: तुम दरवाज़ा लॉक नहीं कर सकते थे.



आर्यन: मुझे क्या पता था मेरी बीवी को मेरे ऊपर सोना है. वर्ण मैं याद से लॉक करता.



मीरा: तुम दिन के दिन बहोत बेशर्म होते जारहे हो.



आर्यन: अब जिसके बीवी इतनी ख़ूबसूरत हो वह तोह बेशर्म बनेगा hi. चलो आज कुछ बेशर्मी कर hi लेते है. यह बोल वह मीरा को काश के पकड़ लेता है.



मीरा: यह क्या कर रहे हो चोरो कोई आजायेगा.



रितिका: ारी यह क्या होरहा है कुछ तोह शर्म करो आपलोग.



आर्यन रितिका का हाथ पकड़ के अपने ऊपर खिंच लेता है.



रितिका: ारी चोरो कोई आजायेगा.



आर्यन: आजाने दो. अपनी बीवियों को पकड़ा है.



मीरा: आर्यन बात को समझो दूर खुला हुआ है हुम्हे शर्म आएगी अगर कोई आगया तोह.



आर्यन: अच्छा अगर दूर को लॉक करदे तब तुमदोनो को कोई प्रॉब्लम नहीं है तोह.



मीरा और रितिका कुछ नहीं बोलती बस शर्मा जाती है. यह लोग ऐसे hi मस्ती कर रहे थे तभी आर्यन का फ़ोन बजा.



रितिका: थोड़ा चिद्द के. आगया हमारी सौतन का बुलावा.



आर्यन बस है देता और हस्ते हुए hi कॉल उठता है.



आर्यन: हां सौतन मेरा मतलब राधा बोलो.



रितिका आर्यन के कंधे में मारती है और उसके कंधे में सर रख कर बाते सुनती है.



राधा: सिर्र वह ट्रक वाला हाथ आगया है.



आर्यन: गुड. मैं रात को आऊंगा.



राधा: ोकक सर. सर िफ़ यू don't मंद क्या एक बात पूछ सकती हु.



आर्यन: हां पूछो.



राधा: सर यह सौतन क्या था.



आर्यन ने फ़ोन को ऐसा रखा था जिससे रितिका और मीरा भी सुन्न सकती थी.



मीरा और रितिका यह सुनके शर्मा जाती है. और आर्यन वापस हस्स देता है.



आर्यन: हस्ते हुए. कुछ नहीं राधा. एक्चुअली हमारी बीवियों को हमारी यह नौकरी उनकी सौतन लगती है. इसीलिए जब तुम्हारा कॉल आया तोह उसने कहा लो आगया मेरी सौतन का बुलावा.



राधा भी हसने लगती है. ोकक सर अब मैं रखती हु.



फिर कॉल कट होजाता है. फिर आर्यन रितिका और मीरा में कुछ देर प्यार भरी बाते होती है. आज इनका डिनर रागिनी ने बना दिया था. तोह वह लोह खा लेते है. और दवाई के वजह से नींद आरही है यह बोल देते है. फिर दूर को लॉक कर देते है.
 
अपडेट 60

आर्यन: मीरा रितिका मैं निकल रहा हु. दूर को लॉक hi रखना. और जागते मत रहना सो जाना.



मीरा: तुम जल्दी जाओ और जल्दी आओ. लेट मत करना.



फिर आर्यन वाच से अपनी बाइक को घर के बहार भेज देता है और खुद पाइप से नीचे चला जाता है वह बाइक से पहुंच जाता है बेस पे.



बेस पे पहुंच वह पहले अपनी टीम का हाल चाल पूछता है. फिर अपना ब्लैक बीस्ट का मास्क लगाके उस ड्राइवर का पास जाता है.



ड्राइवर: मैंने क्या किया है. मुझे क्यों पकड़ा है.



आर्यन कुछ नहीं बोलता बस अपना टूलबॉक्स लेके उसमे से एक कटर निकलता है.



ड्राइवर यह देख कर डर जाता है.



ड्राइवर: तुम यह क्यों निकल रहे हो. मुझे चोरर दो मुझे जाने दो.



आर्यन उसके मुँह पे एक टेप लगता है और उसके राइट हैंड की छोटी ऊँगली काट देता है.



ड्राइवर दर्द से तड़पने लगा रोने लगा पर मुँह पे टेप होने की वजह से चिल्ला नहीं पाया.



आर्यन: तुझसे कुछ सवाल करूँगा. अगर सीधे सीधे जवाब देता है तोह तुझे मैं चोरर दूंगा.



ड्राइवर बस हां मैं गर्दन हिलता है.



आर्यन उसके मुँह से टेप हटाता है.



आर्यन: आज सुबह तूने अपने ट्रक से किसी को उदय था. क्यों और किसलिए.



ड्राइवर: वह तोह गलती से होगया था. मैंने जानमुजज़ के नहीं किया.



आर्यन का पारा छड्ड गया उसने निमक और लाल मिर्च मिक्स करके उसकी कटी हुई ऊँगली के जगह पे ढाल देता है.



ड्राइवर दर्द और जलन से चिकने लगा.



आर्यन: तुझसे पहले hi कहा था. मुझे सच जानना है. पर तू अपनी आदत से मजबूर है.



ड्राइवर: मुझे यहाँ के लोकल मला ने उसकी सुपारी दी थी. मुझे बोलै गया था उसको उसके कार समेत उड़ा दू और एक्सीडेंट का रूप दे दू.



आर्यन: उस मला की उस लड़के से क्या दुश्मनी.



ड्राइवर: वह सब मुझे नहीं पता. बस मुझे जो बोलै गया था मैंने बता दिया. अब मुझे चोरर दो. मैं यह काम फिर कभी नहीं करूँगा.



आर्यन: अविनाश इसको ले जाओ और हमेशा के लिए आज़ाद कार्डो. समाज गए.



अविनाश: जी सर समाज गया.



फिर अविनाश ड्राइवर को ले जाके उसको मार के उसकी लाश को ठिकाने लगा दिया.



राधा: उस मला की आपसे क्या दुश्मनी. कोई नहीं जानता के आप hi ब्लैक बीस्ट है.



आर्यन: एहि तोह समाज नहीं आरहा है. उसे मुझसे क्या दुश्मनी. एक काम करो उस मला की पूरी कुंडली को फिर से रेचक करो और उसके सारे धंदे को पॉइंट आउट करो. कल उसके सारे धंदे ख़तम करना है फिर उसको उठाएंगे. तब पता चलेगा उसको मुझसे क्या प्रॉब्लम है.



टीम: ोकक सर.



आर्यन: अब मैं चलता हु.



राधा: ोकक सर. फिर उसके पास आके धीरे से सौतन के पास ज्यादा देर रखना अच्छी बात नहीं होती. और है देती है.



किरण: क्या हुआ राधा क्यों है रही हो.



राधा: कुछ नहीं बस ऐसे hi.



आर्यन भी वह से हस्स के निकल जाता है.



थोड़ी देर में वह घर पहुंच जाता है. अपनी बाइक पार्क करके फिर खिड़की से hi अपने रूम में जाता है.



रितिका: क्या बात है आज सौतन से जल्दी फ्री होगये.



आर्यन: अब वह रहने से इतनी ख़ूबसूरत बीवियां नाराज़ होजाती है इसीलिए जल्दी आज्ञा.



मीरा: ज्यादा मस्का मत लगाओ. यह बोलो हुआ क्या.



आर्यन: ड्राइवर पकड़ा गया उसने बोलै मला ने उससे हमारी सुपारी दी थी.



मीरा: पर उससे तुमसे क्या. वह तोह तुम्हे जानता भी नहीं.



आर्यन: एहि बात तोह समाज नहीं आरही है. कल उसके धंदे को ख़तम करके उसको उठाऊंगा तब पता चलेगा.



रितिका: ठीक है. कुछ खाओगे या सोना है.



आर्यन: थोड़ी भूक तोह लगी है.



मीरा: हुम्हे पता था इसीलिए हमने पहले hi तैयारी कर राखी है. तुम फ्रेश होजाओ. मैं लाती हु.



आर्यन मुस्कुरा के फ्रेश होने चला जाता है. मीरा भी किचन से खाना ले आती है. फिर तीनो साथ में थोड़ा खा के सो जाते है.



अगले दिन आर्यन रितिका और मीरा कॉलेज जाने लगते है तोह.



नेहा: भैई कल एक्सीडेंट हुआ और आज कॉलेज थोड़ा रेस्ट करलो तुमलोग.



रश्मि: नेहा ठीक कह रही है आर्यन. मीरा रितिका तुम भी थोड़ा रेस्ट करलो.



आर्यन बिना कुछ बोले वह से निकल जाता है.



कॉलेज में ऋषि भी उससे शामे बात बोलता है.



आर्यन: ारी हम ठीक है. कुछ नहीं हुआ है.



मीरा: हां अभी हम ठीक है तोह फिर घर में क्यों रहे.



तभी नेहा आके उनके टेबल पे बैठ जाती है. तोह आर्यन उठ जाता है. उसके साथ मीरा रितिका और ऋषि भी और जाके दूसरे टेबल पे बैठ जाते है.



नेहा: मैं तेरी नफरत को है है सहूंगी पर तुझसे माफ़ी लेके रहूंगी चाहे कुछ भी होजाये. यह बोलते हुए उसके आँखों थोड़ी नमी आजाती है.



आर्यन को गुस्सा तोह आरहा था पर फिर भी उसका दिमाग शांत था.



आर्यन: मुझे गुस्सा आरहा है पर मेरा दिमाग शांत क्यों hai.Kahi मैं कमज़ोर तोह नहीं पढ़ रहा हु उसके लिए.



मीरा: शायद ऐसा hi हो. एक बात बोलू आर्यन बुरा मत मन्ना. यह जो तुम्हारी नफरत है ना उसके पीछे तुम्हारा बहोत सारा प्यार चिप्पा है. तुम इतना साल इनसे दुर्र रहे इसीलिए तुम्हारे प्यार के ऊपर नफरत थोड़ी हावी होगयी है. पर सच तोह एहि है तुम किसी से भी नफरत कर hi नहीं sakte.Tum सिर्फ प्यार कर सकते हो. और नाराज़ होसकते हो.



रितिका: तुम अपनी फॅमिली से नफरत नहीं करते. पर नाराज़ हो उनके तुम्हारे ऊपर भरोसा ना करने से उसके तुम्हारे ऊपर झूठा इलज़ाम लगाने से उनको तुम्हे दादाजी को आखरी बार ना चुने देने से.



क्या तुम एकबार उनको मौका नहीं दे सकते. तुमने इशिका को भी तोह एक मौका दिया था ना. वह तोह अनजान थी बूत यह तोह तुम्हारे अपने है.



आर्यन: नहीं मीरा रितिका. मैं उनसे सिर्फ नफरत करता हु. उसके शिव कुछ नहीं.



मीरा: अच्छा ठीक है चलो अब चोरो इस्बात को.



मीरा रितिका समाज चुकी थी आर्यन उनके सामने कमज़ोर पढ़ रहा है.



फिर यह लोग अपने क्लासेज करके घर वापस आजाते है.



दोपहर को लंच के बाद आर्यन रेस्ट करने चला जाता है. और मीरा ृत्का रागिनी से बाते करने चली जाती है. जहा सोनिया पहले से थी.



मीरा: भाभी क्या हम अंदर आसक्ति है.



रागिनी: ारी मीरा रितिका आओ ना. आज हमारे यहाँ का रास्ता कैसे भूल गयी.



रितिका: बस भाभी बोरर होरहे थे तोह सोचा आपसे बाते करले और गुड़िया भी यही है.



सोनिया: आइये भाभी बैठिये और भैया कहा है.



मीरा: तुम्हारे भैया तोह सो रहे है.



रागिनी: वैसे तुमलोगो ने एकदूसरे को प्रोपोज़ कब और कैसे किया था.



मीरा: हमने एक दूसरे को कभी प्रोपोज़ किया hi नहीं. बस हमने एकदूसरे की दिल की आवाज़ सुनली एक दूसरे की बेचैनी को समाज लिया. और आँखों आँखों में hi प्यार का इज़हार हुआ था. कभी लाभों की जरुरत hi नहीं पढ़ी. और आपसब को पता है 3 दिन बाद hi वह दिन है जब मैंने और आर्यन ने एकदूसरे के प्यार को समाज के कमिटेड हुए थे.



सोनिया: वाओ भाभी हाउ रोमांटिक. तोह रितिका भाभी कब कमिटेड हुई थी.



रितिका: मेरा टाइम अभी बाकी है.



सोनिया: अच्छा. तब तोह उस दिन कुछ खाश होना चाहिए.



मीरा: होना तोह चाहिए. बूत मुझे शक्क है तुम्हारे भैया को याद भी नहीं होगा वह दिन. और आपलोग उससे कुछ नहीं बताएँगे. मैं देखना चाहती हु उससे इससबार वह दिन याद है या नहीं. हरबार तोह मैं याद दिला देती थी. पर शादी के बाद पहली बार है. इससबार मैं याद नहीं दिलाऊंगी. हर बार माफ़ करदेती थी पर इससबार नहीं.



रागिनी रितिका सोनिया: ठीक है हम याद नहीं दिलाएंगे.



रागिनी: और अगर उसने तुम्हे कोई सरप्राइज दिया तोह तुम क्या डौगी.



मीरा: मेरे पास उसकी ज़िन्दगी का सबसे बड़ा सरप्राइज होगा.



रितिका: सरप्राइज तोह उसके लिए है ना दीदी. हुम्हे तोह बता दो.



मीरा: नहीं छोटी यह तुम्हारे लिए भी होगा आखिर तुम भी तोह हमसे जुडी हुई हो और अगर उसे वह दिन याद नहीं रहा तोह तुम भी उससे बात नहीं करोगी जब तक मैं ना कहु.



रितिका: दीदी यह क्या बात हुई. उससे बिना बात किये कैसे रहेंगे हम.



मीरा: तोह ठीक है तुम बात करो. बूत मैं फिर तुमसे बात नहीं करुँगी. और फिर जब वह तुम्हारा वाला दिन भूल जायेगा तब पता चलेगा.



रितिका: दीदी अच्छा ब्लैकमेल कर रही हो आप. ठीक है नहीं करती बाद उससे. पर सिर्फ रात तक. वह दिन ख़तम होगा और मैं बात करना स्टार्ट करदूंगी.



मीरा: ठीक है.



रागिनी: ोककक देखते है क्या होता है 3 दिन बाद.
 
अपडेट 61

फिर मीरा और रितिका अपने कमरे में आती है तोह देखती है आर्यन बेसुध पढ़ा हुआ है.

ओहदोनो उसके करीब जाती है. और उसके गालों में किश करती है और बगल में सो जाती है.



मीरा: अगर तुम्हे वह दिन याद रहा तोह तुम्हे एक ऐसा सरप्राइज मिलेगा जो शायद तुम कभी ना भूल पाओ. तुम्हारी ज़िन्दगी का सबसे बड़ा सरप्राइज.



फिर उसके गाल में एक किश और करके उसके सीने में सर रख कर सो जाती है.



शाम को आर्यन सके उठता है तोह देखता है मीरा और रितिका उसके सीने में सर रख कर चैन से सो रही है. वह उनको शांति से ठीक से बीएड पे सुलाता है.



आर्यन: तुमदोनो सोच रही होगी इससबार भी मैं वह दिन भूल गया हु. पर तुमदोनो इससबार शॉक होजाओगी. 3 दिन बाद तुमदोनो को मैं एकसाथ प्रोपोज़ डे का सरप्राइज दूंगा. बे रेडी माय ब्यूटीफुल वीफेस.



उसके बाद आर्यन नीचे आता है.



आर्यन: भाभी एक कॉफ़ी मिलेगी.



नेहा: मैं बना देती हु.



आर्यन: भाभी क्या आप कॉफ़ी बनाएंगी.



रागिनी: ठीक है मैं बना देती हु.



नेहा वही पे चुप चाप बैठ जाती है.



नेहा: क्या बात है भाई आज बहोत लेट तक सोया. तबियत ठीक है ना.



आर्यन कोई जवाब नहीं देता. बस अपने कॉफ़ी का वेट करते हुए मोबाइल उसे करने लगता है.



आर्यन को कोई जवाब ना देता देख नेहा दुखी मैं से अपने कमरे में चली जाती है. थोड़ी देर बाद मीरा और रितिका वापस किचन में जाके रात का खाना बनती है.



रात को डिनर के बाद आर्यन निकल पढता है मला के धंधे को बर्बाद करने.



उसके धंधे के बर्बाद होने से मला पूरी तरह से बर्बाद होगया था. अब उससे उसके बॉस से डर लग रहा था क्योकि अब वह उसको नहीं चोर्ने वाला था. इसीलिए वह अब अंडरग्राउंड होने की सोचने लगा.



ऐसे hi 3 दिन गुज़र गए. 3 दिन बाद आज आर्यन और मीरा का खाश दिन था और ऊपर से संडे भी.



सुबह सुबह आर्यन जल्दी उठ के मीरा और रितिका के लिए उनका फवौरीते नाश्ता बनता है. रश्मि ने जब उससे किचन में काम करते देखा तोह वह उसके पास आयी.



रश्मि: क्या कर रहे हो. मुझे बोलो मैं बना देती हु.



आर्यन: प्लीज मेरे काम में धकेल देने की कोई जरुरत नहीं है. मेरा मूड आज बहोत अच्छा है सो प्लीज उससे बिगारे नहीं.

यह बोल वह अपना काम करने लगता है. रश्मि कुछ बोलती नहीं बस वह कड़ी आर्यन को काम करते हुए देखती रहती है.



आर्यन मीरा और रितिका के उठने के पहले hi नाश्ता उनके पास ले जाता है. फिर उनको किश करके उठता है.



आर्यन: उठ जाओ जान देखो सुबह होगयी है. देखो आज मैंने तुमदोनो की पसंद का नाश्ता बनाया है. उठो जल्दी से फ्रेश होक खा लो.



मीरा और रितिका भी आँखे खोल के आर्यन को देखती है और उससे एक किश करके बोलती है.



मीरा: क्या बात है आज हमारे पति ने हमारे लिए हमारी पसंद का नाश्ता बनाया. आज कुछ खाश है क्या.



आर्यन: नहीं कुछ खाश तोह नहीं है बस मेरा मन किया तोह बना दिया. क्यों कुछ है क्या आज.



मीरा जो यह सोच कर खुश थी के आर्यन को शायद याद है और इसीलिए उसने आज नाश्ता बनाया. बूत उसकी ख़ुशी एक पल में चली गयी.



मीरा: ुकड़ि हुई आवाज़. क्यों तुम्हे नहीं पता आज क्या है.



आर्यन: नहीं. क्या है आज. ना तुमदोनो का बर्थडे है. ना हमारी एनिवर्सरी है. मैं तोह अपना बर्थडे मनाता नहीं और आज वह भी नहीं है.



मीरा: कुछ नहीं चोरो. मैं फ्रेश होने जा रही हु.



मीरा वह से चली जाती है.



आर्यन: इससे अचानक क्या होगया तुम्हे पता है.



आर्यन का यह दिन भूल जाने से रितिका को भी बुरा लगता है इसीलिए वह नहीं उससे नाराज़ होजाती है.



रितिका: ुकड़ि हुई आवाज़ में. मुझे नहीं पता क्या हुआ है. सारे मर्द एक जैसे hi होते है. हहहह. यह बोल वह भी वह से रागिनी के रूम में चली जाती है फ्रेश होने.



आर्यन: मीरा रितिका आज तुम्हे थोड़ा सा परेशां करूँगा. बूत शाम को बहोत बड़ा सरप्राइज दूंगा. फिर वह कॉल लगता है.



आर्यन: हां मैंने जो बोलै था वह सब ठीक है ना.



सामने से: हां सर शाम तक सब रेडी होजायेगा. आप टेंशन ना ले.



आर्यन: गुड. और मैंने जो मंगवाया था वह कब तक आएगा.



सामने से: सर वह अपने टाइम से आजायेगा.



आर्यन: ठीक है. हम शाम को 7 बजे तक आजायेंगे.



सामने से: ोकक सर.



मीरा: कहा आजएंगे. और कौन आजएंगे.



आर्यन: वह आज मला से मिलना था उसी की प्लानिंग कर रहा था और सोचा तुमदोनो को भी सात ले चालू.



मीरा यह सुन्न और गुस्सा होजाती है. हुम्हे कही नहीं जाना. तुम अकेले hi जाना.



आर्यन: अच्छा ठीक है. बूत इतना गुस्सा क्यों कर रही हो. नहीं जाना है मत जाना.



मीरा: मैं कोई गुस्सा नहीं कर रही हु. तुम्हारी आँखे ख़राब होचुकी है. धीरे से और शायद मेमोरी भी.



आर्यन: अच्छा ठीक है चलो नाश्ता करते है.



मीरा: मुझे नहीं खाना. मुझे भुक्क नहीं है तुम खालो.



आर्यन: ारी ऐसे कैसे नहीं खाना. मैं इतने प्यार से बनाया है तुम्हारे लिए. प्लीज खा लो.



आर्यन इतनी मासूमियत से बोलता है के मीरा से कुछ बोलै नहीं जाता. बूत वह बोलती गई



मीरा: ठीक है छोटी को आने दो साथ में करलेंगे हम. थोड़ी देर बाद रितिका आती है और दोनों चुप चाप आके नाश्ता करने लगती है.



आर्यन उनको अपने हाथ से खिलाना चाहता है तोह वह मुँह घुमा लेती है. यह देख आर्यन को हसी तोह बहोत आती है बूत वह कण्ट्रोल करता है और खुद खाना बंद कर देता है.



मीरा: खा क्यों नहीं रहे हो.



आर्यन: बस ऐसे hi मन नहीं है. तुमदोनो खाओ और बोलो कैसा बना है.



मीरा और रितिका समाज जाती है.



मीरा: ठीक थक hi है. अब जल्दी से अपना मुँह खोलो और यह खाओ.

मीरा एक निवाला उसके तरफ करते हुए कहती है. आर्यन भी हस्ता हुआ खाता है और उसको खिलता है. फिर रितिका के साथ भी ऐसा hi करता है.



आर्यन: आज दोपहर को भी तुमदोनो के लिए मैं hi खाना बनाऊंगा.



रितिका: कोई जरुरत नहीं है हमारे लिए म्हणत करने की. हम बना लेंगे



आर्यन: ारी इसमें म्हणत कैसी. आज मेरा मन है तोह मैं hi बनाऊंगा. मैं कुछ नहीं सुनूंगा.



मीरा और रितिका कुछ नहीं बोलती. उनका मूड पूरा ऑफ था और वह बात को आगे नहीं बढ़ाना चाहती थी.



मीरा और रितिका ब्रेकफास्ट करके नीचे चली जाती है.



आर्यन जल्दी से एक ब्यूटिशियन को कॉल करके 4 बजे आने को बोल देता है.



सारा दिन आज आर्यन ने मीरा और रितिका को परेशां किया जिससे वह दोनों और गुस्सा होगयी.



आर्यन: आज मैंने न एक ब्यूटिशियन को बुलाया है. पता नहीं क्यों मैं चाहता हु आज तुमदोनो अच्छा सा मेक उप करो.



मीरा: हुम्हे तुम्हारे किसी भी इच्छा में कोई इंटरेस्ट नहीं है. तुम भद्द में जाओ.



रितिका: दीदी ने सही कहा.



आर्यन: ारी गुस्सा क्यों होती हो. प्लीज मेरे लिए मान जाओ. प्लीज मीरा प्लीज रितिका.



रितिका: अच्छा अच्छा ठीक है करा लेंगे. और भी कुछ है.



मीरा: चोट्टीी.



रितिका: करा लो दीदी वर्ण यह परेशां करता रहेगा.



मीरा: ठीक है. और कुछ भी है.



आर्यन: हां लास्ट चीज़. कुछ दिन पहले मैंने एक ड्रेस ऑनलाइन देखि थी तुमदोनो के लिए वह आज आएगी. तोह तुमदोनो मेक उप करके वह पेहेन लेना. ठीक है. मैं देखना चाहता हु तुमदोनो उसमे कैसी लगोगी.



मीरा रितिका कुछ नहीं बोलती. और वह से चली जाती है.



शाम को 4 बजे ब्यूटिशियन आती है. आर्यन उसको सब अच्छे से समझा देता है.



कुछ देर बाद ड्रेस भी आजाता है और उसके साथ एक हल्का ज्वेलरी भी.



आर्यन वह ड्रेस लेता है और ब्यूटिशियन को दे देता है साथ में एक लेटर भी.



फिर वह अपनी कार के पास जाके. कार को इंस्ट्रक्ट करता है के वह मीरा रितिका को लेके उसकी बताई हुई जगह पर आजाये. और वह से निकल जाता है.



ब्यूटिशियन जानमुजज़ के टाइम वास्ते कर कर के मीरा और रितिका को तैयार कर रही थी. और दोनों पुरे बेमन से तैयार होरही थी. क्योकि उनका मूड पूरा ऑफ था. उनको कुछ अच्छा नहीं लग रहा था.

थोड़ी देर बाद दोनों तैयार होजाती है. वह मिरर में एकबार खुद को देख कर चौक जाती है. फिर ब्यूटिशियन उसको एक लेटर देती है.



जिसमे लिखा था आज सुबह से बिना वजह परेशां किया और तुमदोनो गुस्सा भी होगयी उसके लिए सॉरी बोलना चाहता हु. कार में जाओ उससे सब बोलै हुआ है. वह तुम्हे यहाँ ले आएगी. प्लीज आजाना.



मीरा को इससे गुस्सा आता है. आज का दिन तोह याद नहीं रहा ऊपर से सॉरी का दिखावा कर रहा है.



मीरा: देखा छोटी. एक तोह आज का दिन भूल गया ऊपर से सॉरी का दिखावा कर रहा है.



रितिका: सही कहा दीदी. सारे लड़के एक जैसे hi होते है. लेकिन इससबार आर्यन को माफ़ी नहीं मिलेगी. और मैं जो सोच रही थी रात को उससे बात करुँगी अब वह कैंसिल. वह आप का दिन भूल गया इसका मतलब वह मेरा भी भूल गया है.



मीरा: पहले जाके उसके सॉरी का सत्यानाश करेंगे फिर उसको देखेंगे. चल चलते है.



दोनों नीचे आती है तोह सब उनको hi देख रहे होते है. सबके मुँह खोल के उनको देख रहे होते है.



रागिनी और सोनिया उसके पास आती है.



सोनिया: भाभी आपदोनो बिल्कुक आसमान से आयी पारी लग रही हो.



रागिनी: हां मीरा रितिका. सोनिया ने बिलकुल ठीक कहा. क्या आर्यन तुमको आजके दिन का सरप्राइज देरहा है.



मीरा और रितिका को यह सुन्न गुस्सा आजाता है.
 
अपडेट 62

मीरा: सरप्राइज. हहह. उसको तोह याद भी नहीं है आज का दिन. वह तोह उसने यह ड्रेस ऑनलाइन खरीदी थी तोह हुम्हे बोलै पेहेन लेने को. और आज हुम्हे मेकअप में देखने का मन भी कर रहा था आपके देवर का. और सुबह से हम गुस्सा है तोह उसको लगता है उसके परेशां करने के वजह से है. इसीलिए सॉरी बोलने के लिए बुला रहा है.



रितिका: पहले जाके उसके सॉरी का सत्यानाश करेंगे फिर उसको देखेंगे. इससबार उसको माफ़ी नहीं मिलेगी. आज दीदी का दिन भूल गया यानि उसको मेरा वाला दिन भी याद नहीं है. सारे लड़के एक जैसे होते है.



अंकित: हुआ क्या है जरा हुम्हे भी बताओ.



रागिनी: आप चुप करिये. मीरा रितिका तुमने ठीक कहा. सारे लड़के एक जैसे होते है. यह भी वैसे hi है. यह भी खाश दिन भूल जाते है.



रश्मि: पर बीटा हुआ क्या है बताओ भी.



रागिनी: मम्मीजी आज आर्यन और मीरा ने एक दूसरे की दिल की बात जानी थी. और मीरा ने सोचा था इससबार उसको याद रहेगा. पर वह भूल गया. इसीलिए यह दोनों बेहेने नाराज़ है.



अंकित: बस इतनी सी बात.



रागिनी: यह आपको इतनी सी बात लगती है. जरा आप बताना आपने मुझे कब प्रोपोज़ किया था.



अंकित वही चुप कर जाता है और सोचने लगता है.



रागिनी: बस देख लिया आप कितना प्यार करते है. दोनों भाई एक जैसे है. मीरा रितिका बिलकुल भी माफ़ मत करना.



अंकित: ारी रागिनी. अब मैंने क्या किया. तुम इसमें मुझे क्यों ला रही हो.



रागिनी: तोह फिर बताइये डेट.



अंकित: इस आर्यन ने तोह फसा दिया. आने दो छोड़ूंगा नहीं.



नेहा: वैसे मीरा रितिका बहोत ख़ूबसूरत लग रही हो. चलो जल्दी जाओ भाई इंतज़ार कर रहा होगा.



रागिनी: बोली भाई की चमची. जब शादी होगी ना तब पता चलेगा. तुम दोनों जाओ और चूर्ण मत उससे.



फिर मीरा और रितिका कार में बैठ के आर्यन के पास आने के लिए निकल पढ़ती है.



कार एक 7 स्टार होटल के बहार आके रखती है. जब तक यह लोग आते है तब तक अँधेरा होचुका था.



दोनों कार से उतरती है तोह देखती है होटल पूरा सजाया हुआ था जैसे किसी की शादी हो.



होटल के बहार hi एक लड़की कड़ी थी. वह मीरा और रितिका का वेलकम करती है. और बोलती है.



लड़की: Hi Ma'am वेलकम प्लीज के सर इस वेटिंग फॉर यू. बूत प्लीज बिफोर तहत ी हैवे तो ब्लैंडफोल्ड यू.



रितिका: व्हाट! बूत व्हाई?



लड़की: Ma'am सर है टोल्ड उस तो दो तहत. वे don't क्नोव एनीथिंग.



मीरा: गुस्से से आर्यन तुम मिलो तुम्हे तोह छोड़ूंगी नहीं.



फिर लड़की मीरा और रितिका की आँखों में पट्टी बांध देती है और उनको लेके अंदर जाती है.



लड़की मीरा और रितिका को अंदर लाके एक जगह कड़ी कर देती है. और वह से चली जाती है.



मीरा: आर्यन क्या तुम यहाँ हो. अगर हो तोह सामने आओ.



आर्यन: मैं तोह तुमदोनो सामने hi हु. अब तुमदोनो अपनी आँखों से पट्टी हटाओ.



दोनों अपनी आँखों से पट्टी हटती है तोह उनकी आँखे शॉक से चौक जाती है और मुँह खुला का खुला रह जाता है. तभी उनके ऊपर फूलों की बारिश होती है.

सामने आर्यन एक ब्लैक जर्मनी सूट में उनसे कुछ दुरी पे अपने घुटनो पे बैठा था. वही दोनों एक रेड कलर के गाउन में थी. और आर्यन के पीछे हार्ट शेप में बड़े बड़े लेटर्स में लिखा था हैप्पी प्रोपोज़ डे मीरा एंड रितिका.



आर्यन: 3 दिन से प्लान कर रहा था इस दिन का. के कैसे तुमदोनो को प्रोपोज़ करूँगा. भले hi तुमदोनो मेरी बीवी हो बूत आज तक हमने कभी भी एक दूसरे को प्रोपोज़ नहीं किया. और आज वही दिन है जिसदिन हमने एकदूसरे क प्यार को पहचाना था. एक दूसरे की दिल की बाते सुनी थी. और उसी वजह से आज रितिका तुम भी मेरी लाइफ में हो.

तुमदोनो को सुबह से इसीलिए परेशां कर रहा था ताकि तुमदोनो इस वक़त यह सरप्राइज दे सकू.



दोनों चल के उसके पास जाती है.



मीरा: तोह तुम्हे आज का दिन याद था. और तुम सुबह से जानमुजज़ के हुम्हे परेशां कर रहे थे. और इसीलिए तुमने ब्रेकफास्ट और लंच हमारी पसंद का बनाया.



रितिका: और हम बेवक़ूफ़ यह समाज hi नहीं पाए.



आर्यन: हां. तुम्हारी दीदी का गुस्सा होना समाज आया पर तुम्हारा नहीं.



रितिका: मुझे लगा तुम जैसे दीदी का दिन भूल गए वैसे मेरा भी भूल गए हो इसीलिए मैं भी नाराज़ थी. बूत आज सिर्फ दीदी के साथ टाइम स्पेंड कर सकते थे. मुझे क्यों बुलाया.



आर्यन: तुमदोनो मेरे लिए एक हो कोई अलग अलग नहीं हो. मेरी तुमदोनो में फर्क करना नहीं होगा. मेरी लाइफ में मीरा का जितना हक़ hi उतना hi हक़ तुम्हारा भी है.



रितिका: सो स्वीट.



आर्यन: वैसे तोह हम पति पत्नी है. मैं इस दुनिया में तुमदोनो से ज्यादा प्यार मैं खुद से भी नहीं करता. तुमदोनो मेरी साँसों में मेरी रूह में समायी हुई हो. मैं हर सुबह तुमदोनो देखते हुए उठना चाहता हु. और हर रात तुमदोनो को देखते हुए सोने चाहता हु. तुमदोनो जब से मेरी ज़िन्दगी में आयी हो मेरी ज़िन्दगी सवार गयी है. हर दिन हर रात हर पल ख़ूबसूरत गुजरता है. और मैं चाहता हु मेरी साड़ी ज़िन्दगी ऐसे hi गुजरे.



ी लव यू मीरा. ी लव रितिका. क्या तुमदोनो मेरी साड़ी ज़िन्दगी ऐसे HI खूबसूरती और खुशियों से भरी रखोगी.



मीरा: जिस दिन कॉलेज में तुम्हे पहली बार देखा था जब तुमने मेरी िज़ात बचायी थी उसी दिन तुमसे प्यार कर बैठी थी. पर डर्टी थी कही तुम ठुकरा न दो. फिर भी यह दिल तुमको दे बैठी. तुमसे प्यार है इस बात का एहसास तक मुझे नहीं था. बूत जिस दिन तुम्हारा हॉस्पिटल में होने की बात सुनी उसदिन मैं जान गयी. के मैं तुमसे कितना प्यार करती हु. तुम मेरी रूह में मेरी साँसों में समां चूका थे. हॉस्पिटल में जब तुमको सही सलामत देखा था तब मेरी जान में जान आयी थी. पर हॉस्पिटल में तुमसे कुछ कह ना पायी पर तुमने मेरी ख़ामोशी को भी समाज लिया. माँ के बाद अगर मैंने किसी से प्यार किया है तोह वह सिर्फ और सिर्फ तुमसे किया है.



ी लव यू आर्यन. ी लव मोरे थान एनीथिंग.



रितिका: जिस दिन तुमने मेरी िज़ात उन् लड़को से बचायी थी उसी दिन तुमसे प्यार होगया था. वह कहते है ना लव ात फर्स्ट सिघ्त. ुस्सदिन साड़ी रात तुम्हारे बारे में hi सोचती रही. फिर जब अगले दिन मुझे तुम्हारे और दीदी के रिलेशनशिप के बारे में पता चला तोह मैं पूरी तरह से टूट गयी थी घर जाके बहोत रोई थी. सोचा था खुद को तुमसे दुर्र करुँगी पर कर ना सकीय. जितना तुमसे दुर्र जाती उतना hi तुम्हारे और करीब होजाती. फिर महाबलेश्वर में जब दीदी ने मुझे मेरा प्यार मुझे दिया और जब तुमने मेरा प्यार एक्सेप्ट किया था वह दिन मेरी ज़िन्दगी का सबसे ख़ुशी वाला दिन था. उस दिन के बाद से भगवन से फिर कभी कुछ ना माँगा.



ी लव यू आर्यन. तुम मेरी साँसों में रूह में समाये हुए हो. ी CAN'T लाइव विथाउट यू.



फिर आर्यन उनको एक डायमंड की रिंग पहनाता है और खड़े होक तीनो एक दूसरे को गले लगा लेते है. और कुछ देर तक एक दूसरे की धड़कन को महसूस करते है. फिर अलग होते है.



मीरा: तोह यह है तुम्हारा मला से मीटिंग.



आर्यन: ारी हम तोह हमारी होम मिनिस्टर्स के साथ मीटिंग में बिजी है. उसके सामने मला क्या चीज़ है. वैसे कैसा लगा सरप्राइज.



मीरा: बहोत अच्छा लगा. वैसे मेरे पास भी तुमदोनो के लिए एक सुप्रिसे है तुमदोनो की ज़िन्दगी का सबसे बड़ा सरप्राइज.



आर्यन: बोलो क्या है.



रितिका: हां दीदी अब तोह बोल दो.



मीरा: अभी बोलू या थोड़ी देर बाद.



आर्यन: चलो पहले डांस करते है फिर डिनर करेंगे फिर बोलना.



मीरा: अच्छा चलो ठीक है.



रितिका: यानी और वेट करना पड़ेगा.



फिर तीनो हसने लगते है.



फिर लाइट्स को डिम करके एक रोमांटिक सा माहौल बनके एक लाइट रोमांटिक म्यूजिक बजने लगता है.



फिर आर्यन मीरा और रितिका का हाथ पकड़ के उनको सेण्टर में लेके आता है और वह लोग डांस करने लगते है.



थोड़ी देर डांस करने के बाद वह लोग एक रोमांटिक कैंडल लाइट डिनर के टेबल पे बैठे थे.



आर्यन: मीरा रितिका अपनी आँखे बंद करो.



रितिका: किसलिए.



आर्यन: ारी करो ना.



फिर दोनों आँखे बंद करती है. आर्यन उनके पीछे जाके उनको एक डायमंड का नेकलेस पहनता है.



दोनों आँखे खोलती है.



आर्यन: पसंद आया.



दोनों: बहोत ख़ूबसूरत है. यह सब कब लिया तुमने.



आर्यन: तुमदोनो को रेडी करवाने का बोल के यह सब अर्रंगे किया है.



मीरा: थैंक यू सो मच. तुमने आज मेरा दिन बनादिया.



रितिका: थैंक यू सो मच आर्यन.



आर्यन: यू अरे वेलकम माय लव.



फिर यह लोग डिनर कम्पलीट करने लगते है.
 
अपडेट 63

थोड़ी देर में एहलोग डिनर कम्पलीट करते है. डिनर करने के बाद आर्यन बोलता है.



आर्यन: अब मेरा सरप्राइज.



मीरा: अच्छा पहले बोलो तुम्हे कैसा लगेगा अगर हमारे बीएड पे हमारे बिच कोई चौथा सोये.



आर्यन: उसको वही से उठा के कही दुर्र फेक दूंगा. जो हमारे बिच आएगा उसको छोड़ूंगा नहीं.



मीरा: खबरदार अगर उसको कुछ भी कहा तोह. वह मेरी जान है. उसको अगर एक खरोच भी आजायेगी तोह मेरा जीना मुश्किल होजायेगा. और तुमदोनो भी उससे उतना hi प्यार करोगे जितना के मैं करुँगी.



रितिका: यह आप क्या बोल रही हो दीदी. कौन है वह.



आर्यन: हां मीरा ऐसा कौन है वह जिसको तुम इतना प्यार करती हो.



मीरा उनका हाथ पकड़ के अपने पेट पर रख लेती है.



आर्यन: क्या हुआ पेट दुःख रहा है. चलो डॉक्टर के पास चलते है.



मीरा अपना सर पित्त लेती है.



मीरा: तुम पहले से बेवक़ूफ़ हो या अभी बने हो.



आर्यन: मतलब.



रितिका: ख़ुशी से नाचते हुए. एक मिनट मैं जो सोच रही हु समाज रही हु क्या यह वही है दीदी.



मीरा शर्मा के हां में सर हिला देती है. रितिका झट्ट से उसके गले लग जाती है.



रितिका: कोंग्रटुलतिओन्स दीदी. आपने सच कहा था यह सरप्राइज सच में हम्हारे लिए बहोत बड़ा है. इनफैक्ट हमारी ज़िन्दगी का सबसे ख़ूबसूरत सरप्राइज है.



आर्यन: ारी मुझे भी तोह बताओ.



मीरा: मैंने तुमसे पूछा था अगर हमारे बीएड में हमारे बिच कोई चौथा सोता है तोह कैसा लगेगा.

फिर मैंने बताया हुमतीनो hi उससे कितना प्यार करेंगे. फिर तुम्हारा हाथ अपने पेट पर रखवाया. अब क्या तुम्हे कुछ समाज नहीं आया या यह मुझे अपने मुँह से बोलना पड़ेगा. छोटी को समाज आगया पर तुम्हे नहीं.



आर्यन कुछ देर सोचने लगता है. फिर अचानक उसकी आँखे शॉक से बड़ी होजाती है.



आर्यन: मीरा रितिका जो मैं सोच रहा हु क्या यह वही है.



दोनों बस हां में गर्दन हिला देती है.



आर्यन उसको कास के गले लगा लेता है. मीरा भी उसको कास के लगा लेती है.



आर्यन अपने घुटनो पे बैठ उसके पेट में अपना सर रख कर.



आर्यन: थैंक यू मीरा. थैंक यू सो मच. तुम सोच भी नहीं सकती तुमने मुझे कितनी बड़ी ख़ुशी दी है. तुमने सही कहा था यह सरप्राइज हमारी ज़िन्दगी का सबसे बड़ा सरप्राइज है.



मीरा बस उसका सर सहलाने लगती है और शर्माने लगती है.



आर्यन: तुम्हे कब पता चला और किस किस को पता है.



मीरा: अभी 2 हफ्ते पहले. और इस खबर के सबसे पहले हक़दार तुमदोनो थे. इसीलिए अभी सिर्फ तुमदोनो को बताया है.



आर्यन: उसके पेट को चुम्म थैंक यू मीरा थैंक यू मच.



फिर वह खड़ा होक वापस उनको गले लगा लेता है और बोलता है. आज के बाद तुम कोई काम नहीं करोगी. मैं नहीं चाहता हमारे बच्चे को किसी भी तरह की तकलीफ हो.



मीरा: आर्यन अभी वह कुछ hi दिनों का है. अभी तोह काम कर hi सकती हु ना.



रितिका: नहीं बिलकुल नहीं. आजके बाद आप कोई काम नहीं करोगी. आप हमेशा हमारे मेरे साथ hi कॉलेज चलोगी और हमारे साथ hi वापस आओगी. और आजसे अपने खाने पीने का पूरा ध्यान रखना. और मैं तोह रहूंगी hi हर वक़्त अपने बेटे या बेटी के पास. और मैं पहले hi कह देती हु यह मुझे मासी नहीं छोटी मम्मी बुलाएगा.



मीरा: यस डॉक्टर एंड छोटी मम्मी.



फिर यह लोग हसने लगते है.



मीरा: चलो घर चलते है. फिर घर में भी बताना है. और मुंबई भी कॉल करके बताना होगा.



आर्यन: चलो चलते है. फिर यह लोग घर आते है तोह वह भी सुप्रिया एंड फॅमिली बैठी हुई थी.



रागिनी: क्या हुआ मीरा रितिका. तुमदोनो ने इससे माफ़ करदिया.



रितिका: भाभी इससे सब कुछ पता था और इसने एक सरप्राइज प्लान किया हुआ था.



अंकित: बच गए.



रागिनी: कुछ कहा आपने.



अंकित: नहीं मैं तोह पूछ रहा था कैसा सरप्राइज प्लान किया था भाई ने.



फिर मीरा और रितिका उनको सब बताती है. और उनका अपना नेकलेस और रिंग भी दिखती है.



रागिनी: वाह मीरा रितिका तुमदोनो सच में बहोत किस्मतवाली हो जो तुम्हे आर्यन जैसे हमसफ़र मिला. और तुम्हारा यह नेकलेस और रिंग भी बहोत ख़ूबसूरत है. तुमपे बहोत अच्छा लग रहा है. वर्ण कुछ लोग तोह सरप्राइज तोह दुर्र एक गिफ्ट तक नहीं देते.



अंकित: ारी रागिनी आज इनका दिन था इसीलिए इसने ऐसा किया. जिसदिन हमारा दिन होगा. उस दिन मैं इससे भी अच्छा करूँगा.



रागिनी: और वह दिन जरा बताना.



अंकित: वह तोह तुम्हारे लिए ुस्सदिन का सरप्राइज रहेगा.



रागिनी: अगर तुम्हे दिन याद ना रहा तोह देख लेना मैं क्या करुँगी तुम्हारा.



अंकित: साले तूने तोह मेरी लंका hi लगवा दी.



आर्यन बस हसने लगता है.



अंकित: वैसे सच में मीरा रितिका यह नेकलेस बहोत ख़ूबसूरत है.



सुप्रिया: अब सस्ता और नकली तोह अच्छा लगेगा hi. असली खरीदने के लिए पैसो की जरुरत होती है. और पैसो के लिए नौकरी की जरुरत होती है.



सुप्रिया की यह बाते सुन्न वह बैठे सभी को गुस्सा आगया.



सोनिया: और बात करने के लिए तमीज होनी चाहिए. वैसे भी गिफ्ट की कोई कीमत नहीं होती.



सुप्रिया: ारी गिफ्ट खरीदने की कीमत होनी चाहिए जेब में. पता नहीं कहा से यह नकली हार उठा लाया होगा.



आर्यन: चाहे नकली hi सही मैंने मेरी बीवियों को दिया है और वह खुश है. तोह आपको कहा पे तकलीफ है. और रही बात नौकरी की वह मेरे पास है. काम से काम आपके बेटे की तरह बेरोजगार तोह नहीं.



सुप्रिया: जबान संभल के आर्यन. मेरा बेटे की हैसियत के सामने तू कुछ भी नहीं. इंडिया के टॉप कंपनी अम्र ग्रुप ऑफ़ कम्पनीज से मेरे बेटे को एक बहोत बड़ा आर्डर मिलने है उसकी नयी कंपनी में. जेब में पैसे तोह है नहीं शादी करके बैठा है कल को जब बच्चे होंगे तब पता नहीं क्या करेगा.



सुप्रिया का ऐसा बोलना मीरा और रितिका को बुरा लगा. रितिका फ़ौरन अपने मोबाइल से समीरा को एक मश्ग करदिया के शिवम् खन्ना को कोई भी कॉन्ट्रैक्ट या आर्डर ना दे. और जल्द जल्द से यह अन्नोउंस करवाए अम्र ग्रुप के ओनर्स अब ों एयर होंगे.



मीरा: अभी तक आर्डर मिला नहीं है और रही मेरे पति की हैसियत वह आपको कुछ दिन में पता चल जायेगा. और जिस आर्डर के दम पे आप इतना उछाल रहे है उसका तोह आप सपना hi देखिये.



सुप्रिया: सपना तोह तुमलोगो का टूटेगा जब मेरा बीटा तुमलोगो के सामने तुमलोगो से ज्यादा सक्सेस्फुल बांके दिखायेगा.



विक्रम: इस कंपनी से तोह हुम्हे भी आर्डर मिलने वाला था बूत ओनर ने आर्डर देने से मन करदिया. शायद वही आर्डर तुम्हे मिलने वाला है.



शिवम्: हां मामाजी. अगर यह आर्डर मेरे कंपनी को मिलता है तोह बहोत फैयदा होगा.



तभी शिवम् को फ़ोन आता है. वह कॉल रिसीव करता है.



शिवम्: Hello.



सामने से कोई कुछ बोलता है.



शिवम्: ारी ऐसे कैसे आप यह कर सकते है. मुझे एक मौका तोह दीजिये.



सामने से कोई कुछ बोलता है. और फ़ोन कट करदेता है.



सुप्रिया: क्या हुआ बीटा.



शिवम्: माँ अम्र ग्रुप से कॉल था उन्होंने मुझे आर्डर देने से मन करदिया है.



सुप्रिया: क्या लेकिन क्यों.



शिवम्: उनका कहना है पिछले महीने जो हमारा लोस्स हुआ था उसको देखते हुए यह आर्डर वह हमको नहीं दे रहे है. उनका मन्ना है यह हम कम्पलीट नहीं कर पाएंगे. और उनका लोस्स करवाएंगे.



सुप्रिया की तोह बोलती बंद होजाती है.



शिवम्: गुस्से में यह सब इनकी वजह से hi हुआ है. इनके बोलने की वजह से hi मेरा आर्डर चला गया. पता नहीं मामाजी क्यों इस दरिंदे को इस घर में रखे हुए है जो अपनी बेहेन पे hi गन्दी नज़र रखता है.



आर्यन जब मीरा और रितिका को लेके सुनता है तोह वह सीधा जाके शिवम् को एक जोरदार थप्पड़ लगा देता है. जिससे उसके 2 दांत टूट जाते है.



आर्यन: साले नकमियाबी तेरी. और इलज़ाम हमपे दे रहा है. तेरे और तेरी माँ के घमंड के चलते hi यह आर्डर गया है. अगर अगली बार मेरी मीरा और रितिका को लेके एक शब्द भी बोलै तोह वही जबान खींच लूंगा. और आपने मेरे बच्चो के बारे में बोलै ना. बस कुछ दिन में दिखाऊंगा आपको मेरे जो बच्चे अभी तक हुए भी नहीं है उनकी हैसियत भी यहाँ खड़े हर शख्स से ज्यादा है. जस्ट वेट एंड वाच मरस. सुप्रिया खन्ना.



मीरा और रितिका आर्यन के लिए बुरा सुनते hi उनका पारा हाई होजाता है वह जाके एक एक थप्पड़ शिवम् को लगाती है. रितिका जाके नेहा का हाथ खिंच के लाती है और उसको भी एक थप्पड़ लगाती है.



रितिका: तेरे उस घटिया और नीच हरकत की वजह से आज फिर हमारे पति पर इलज़ाम लगा. इनलोगो को सच सच बोल वर्ण आज तुझे यही मार दूंगी.



नेहा डर से वह पे एकबार फिरसे सच बोलती है. यह सब सुनके सुप्रिया एंड फॅमिली का सर झुक्क जाता है.



रितिका: हमारे पति जैसे भी हो काम से काम वह आपके बेटे के जैसे अपनी बेहेन को फिजिकली अस्सुलट तोह नहीं करता.



सुप्रिया: अपनी जबान को सम्भालो रितिका. तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई मेरे बेटे पे इतना घिनोना इलज़ाम लगाने की.



रश्मि: हां रितिका यह सब क्या है.



मीरा जाके दीपाली को खिंच के लाती है और एक थप्पड़ मारती है और बोलती है.



मीरा: क्या अभी भी चुप चाप सब सेहती रहोगी या आज सच बोलोगी.



दीपाली रोने लगती है. वह अपने माँ पापा के को देखती है और बोलती है.



दीपाली: हां यह सच है शिवम् मुझे पिछले कुछ महीनो से फिजिकली अस्सुलट कर रहा है.



सुप्रिया: तू इनकी बातो में आके मेरे बेटे पे अपने भाई पे इलज़ाम लगा रही है.



दीपाली: रट हुए. मैं कोई इलज़ाम नहीं लगा रही हु. पिछले कुछ महीनो से आपका बीटा मेरे साथ यह हरकत कर रहा है. आपको विश्वास नहीं तोह पूछिए इससे.



सुप्रिया: शिवम् क्या यह सब सच है.



शिवम् यह सब सुनके डर जाता है. फिर भी वह बोलता है.



शिवम्: नहीं मम्मी यह झूट बोल रही है मैंने ऐसा कुछ नहीं किया है.



दीपाली: नहीं पापा यह झूट बोल रहा है. आप मेरी बात का विश्वास कीजिये.



आर्यन जाके शिवम् को एक थप्पड़ मारता है. और बोलता है.



आर्यन: अगर तूने अब सच नहीं बोलै तोह कसम है मुझे अपने दादाजी की यही पे ज़िंदा गार दूंगा और किसी में हिम्मत नहीं होगी मुझे रुख पाए.



शिवम् आर्यन के इस हरकत से बुरी तरह डर जाता है और वह सब सच बोलने लगता है.



शिवम्: नहीं नहीं मुझे कुछ मत करना मैं सच बोलता हु. मम्मी पापा यह सच बोल्रहे है मैं करता था दीपाली को अस्सुलट.



यह सुनते वह खड़े सभी के रोंगटे खड़े होजाते है. सुप्रिया तोह जैसे अंदर से हिल गयी थी.



दीपक आगे बढ़ के शिवम् को मारने लगता है.



दीपक: नीच कमीने हरामज़ादे तेरी इतनी हिम्मत तूने मेरी बेटी पे अपनी गन्दी नज़र राखी और उसके साथ इतना घिनोना काम करता था. आज तुझे ज़िंदा नहीं छोड़ूंगा जान से मार दूंगा. यह बोल वह उससे मारते रहते है जिससे शिवम् बेहोश होजाता है.



देखा तेरे लाड प्यार की वजह से इसने मेरी बेटी के साथ क्या किया.



सुप्रिया: रट हुए. ुस्सर गलती होगयी उसे माफ़ करदिजिये वह फिर कभी ऐसा नहीं करेगा.



दीपक: तुझे अब्ब भी लगता है उससे गलती हुई है. वह क्या कोई छोटा बच्चा है जिससे गलती होगयी. उसने पाप किया है गुनाह किया है. और तू बोलती है उससे माफ़ करदु.



सुप्रिया: मैं मानती हु उससे गुनाह हुआ है पर वह अभी छोटा है बहक गया होगा प्लीज उससे माफ़ करदिजिये. मैं उससे समझाउंगी वह फिर कभी ऐसा नहीं करेगा.



रश्मि: हां दीपक माफ़ कार्डो उससे गलती होगयी.



दीपक: आप लोग तोह चुप hi रहिये. कुछ साल पहले जब यह शामे चीज़ आर्यन के साथ हुआ था तब कहा गयी थी आपकी यह सोच. तब तोह आपलोगो ने आर्यन को hi गलत समझा था उसके साथ अपराधियों जैसा सलूक किया इस नेहा ने उसपे झूठा इलज़ाम लगाया फिर भी आपलोगो ने इससे कुछ नहीं कहा.

रश्मि इसके आगे कुछ नहीं बोल पाती. और नेहा का सिर्र शर्म से झुक्क जाता है.



और तुम सुप्रिया यह सब तुम्हारे लाड प्यार का hi नतीजा है. इससे इसकी किये की सजा तोह मिलेगी hi. अंकित अभी के अभी पुलिस को बुलाओ.



विक्रम: दीपक क्या कर रहे हो. शांत होजाओ. मानते है उससे गलती हुई है उससे तुमलोग सजा दो पुलिस में देना यह गलत है.



दीपक: मैंने कहा ना आपलोग चुप hi रहिये. अंकित पुलिस को अभी के अभी बुलाओ. अंकित भी पुलिस को बुला देता है.
 
अपडेट 64

दीपाली बीटा तुमने हुम्हे पहले यह सब क्यों नहीं बताया. अगर तुम पहले बता देती तोह यह सब होता hi नहीं.



दीपाली: रट हुए. पापा इसके पास मेरी नहाने के वक़्त की वीडियो है. मैंने बोलै मैं माँ को बोल दूंगी तोह वह बोलै माँ मेरे ऊपर भरोसा नहीं करेगी. और यह सच भी है माँ शिवम् के ऊपर hi ज्यादा भरोसा करती है उससे hi प्यार करती है. वह तोह शायद यह भूल गयी है उनकी एक बेटी और भी है. उन्होंने कभी मेरे से प्यार किया hi नहीं. उनको हमेशा शिवम् hi दीखता. और तब से वह मुझे फिजिकली अस्सुलट करता जब मर्ज़ी जहा मर्ज़ी मुझे टच करता. यह सब कहते हुए वह जोर जोर से रोने लगती है. मीरा उसको अपने सीने से लगा लेती है.



दीपक: देखा तेरी वजह से मेरी बेटी कितना कुछ सेहती रही. और तेरे इस अंधे लाड प्यार की वजह से तेरे इस कमीने बेटे ने मेरी बेटी के साथ को कितना ह्रास किया. और तू बोलती है उसे माफ़ कार्डो. अगर तूने दीपाली से कभी प्यार किया होता तोह यह सब ना होता. पर तुझे तोह सिर्फ शिवम् hi दीखता है.



और दीपाली तुमने मुझे क्यों नहीं बताया यह सब क्यों यह सब चुप चाप सेहती रही.



दीपाली: मुझे लगा आप भी माँ की तरह मुझपे भरोसा नहीं करेंगे और उसने मुझे धमकी दी थी अगर मैंने आपको यह सब बताया तोह वह वीडियो वायरल करदेगा. इसीलिए मैं डर गयी थी. मैं तोह सुसाइड भी करना चाहती थी पर हिम्मत नहीं हुई.



दीपक: देखा तेरे बेटे की करतूत. मैं तोह कर रहा है इसको जान से मार्डू.



सुप्रिया: प्लीज उससे माफ़ करदिजिये उससे जेल में मत भेजिए मैं मानती हु उससे गलती हुई है. हम उससे सजा देंगे. आप उसके साथ जो करना है कीजिये पर प्लीज उससे जेल मत भेजिए.



रश्मि: हां दीपक सुप्रिया सही बोल रही है उससे तुमलोग सजा दो.



विक्रम: हां दीपक उससे पुलिस में मत दो.



दीपक: अगर एहि शामे हरकत कोई आपलोगो की इस नेहा के साथ करता तब क्या आपलोग उससे माफ़ कर देते. मुझे तोह लगता है आपलोग कर hi देते क्योकि आपलोगो में इंसानियत है hi नहीं. मेरी बेटी के साथ इतना कुछ हुआ और आपलोग कहते है उससे माफ़ करदु. छी.



और तुम अपने बेटे के प्यार में इतनी अंधी होचुकी हो तुम्हे अपनी बेटी का दुःख दर्द तकलीफ कुछ नहीं दिख रहा है. तुम्हे बस अपने बेटे की पढ़ी है. तोह तुम रहो अपने इस नालायक हरामज़ादे बेटे के साथ. मैं दीपक खन्ना तुम्हे डाइवोर्स देता हु.



वह खड़े सभी लोग दीपक ka.yeh फैसला सुन्न सकते में आजाते है.



सुप्रिया: यह आप क्या कह रहे है. आप ऐसा नहीं कर सकते. इसमें मेरी क्या गलती.



दीपक: तेरी गलती क्या है. ारी इसमें सबसे बड़ी गलती तोह तेरी hi है. तेरे वजह से hi इसमें इतनी हिम्मत आयी. अगर तूने दीपाली से प्यार किया होता तोह वह अपना दुःख दर्द तेरे से शेयर करती. पर तूने ऐसा नहीं किया. इसीलिए मैं तुझे डाइवोर्स दे रहा हु.



विक्रम: तुम ऐसा नहीं कर सकते दीपक. एक छोटी सी गलती के लिए इतनी बड़ी सजा तुम मेरी बेहेन को नहीं दे सकते.



रश्मि: हां दीपक तुम यह नहीं कर सकते.



दीपक: मेरी बेटी के साथ इतना कुछ हुआ और आपलोगो को यह छोटी से गलती लगती है. छी आपलोग तोह इंसान कहलाने के लायक नहीं है.



आर्यन जो आपलोगो से नफरत करता है ना वह ठीक करता है. अब तक शिवम् को होश आचुका था.



शिवम्: पापा मुझे माफ़ करदिजिये. मुझसे गलती होगयी प्लीज मुझे जेल में मत भेजिए. दीपाली मुझे माफ़ कार्डो मुझे गलती होगयी है तुम पापा को समझाओ ना.



दीपक शिवम् को मारते हुए. तुझे माफ़ करदु तेरे जैसे इंसान को माफ़ मर्दु. तू आर्यन को बिना किसी जुर्म के दरिंदा कहता है और तू खुद दरिंदगी करता है.



थोड़ी देर में पुलिस आती है और शिवम् को अरेस्ट करके लेजाती है.



दीपक आर्यन रितिका और मीरा के पास जाता है.



दीपक: आर्यन किस मुँह से तुम्हारा शुक्रिया करू. अगर आज तुमलोग ना होते तोह पता नहीं यह दरिंदा मेरी बेटी के साथ और क्या क्या करता.



आर्यन: फूफाजी इसमें शुक्रिया कैसा. यह मेरा फ़र्ज़ था सोनिया के बाद दीपाली hi मेरी एक बेहेन है.



नेहा जब यह सुनती है के आर्यन तोह उससे बेहेन तक नहीं मानता तोह उसके आंसू निकल जाते है.



आर्यन: और आप दोनों ने तोह मेरे ऊपर विश्वास किया था दादाजी से कॉल करके मेरा हाल चाल पूछते थे.



दीपाली: थैंक यू भैया. थैंक यू भाभी अगर आज आपलोग ना होते तोह शायद मैं कभी हिम्मत ना कर पाती. पर भाभी आपलोगो को यह बात कैसे पता चली.



रितिका: कुछ दिनों पहले तुम मॉल गयी थी अपने दोस्त के साथ.



दीपाली: हां.



रितिका: वही पे चेंजिंग रूम में तुम अपनी फ्रेंड को यह बोल रही थी.



दीपाली: हां.



रितिका: उसके ठीक बगल के रूम में मैं थी तोह मैंने सब सुन्न लिया था और जल्दी से बहार निकल कर तुम्हारा चेहरा देख लिया था. इस तरह मुझे मालूम चला.



दीपाली: वन्स अगेन थैंक यू भाभी. और पापा आप प्लीज माँ को माफ़ करदिजिये. उन्होंने कभी मेरे से प्यार नहीं किया बूत मैंने तोह किया है ना.



दीपक: देखा तूने कभी जिससे माँ का प्यार नहीं दिया वह तेरे लिए सोच रही है. पर नहीं तुझे तोह मैं माफ़ नहीं करूँगा. तूने आर्यन मीरा और रितिका को भी बहोत कुछ बुरा भला कहा है. तेरी एहि सजा है.

और आर्यन मेरी एक बात मानोगे.



आर्यन: कहिये ना फूफाजी.



दीपक: इनलोगो को कभी माफ़ मत मरना. यह लोग नफरत के hi लायक है. इन् में इंसानियत नाम की चीज़ नहीं है. यह लोग ज़िंदा लाश है.



आर्यन: आज मेरा मूड बहोत अच्छा था. मुझे मेरे जीवन की सबसे बड़ी ख़ुशी मिली है आज. मैंने सोचा था आज इनलोगो के साथ वह ख़ुशी शेयर करके इनको माफ़ करने की कोशिश करूँगा पर आपने ठीक कहा एहलोग माफ़ी के लायक नहीं है. इनको मैं कभी भी माफ़ नहीं करूँगा. और नाही अब मैं यहाँ पे रहूँगा.



रश्मि नेहा और विक्रम जब यह सुनते है के आज आर्यन उनसे बात करता उनसे अपनी ख़ुशी शेयर करता और उन्हें माफ़ करने की कोशिश करता यह सब सुनते hi उनकी आँखों में आंसू आजाते है. और आज फिर उसी गलती के चलते वह लोग शायद अब हमेशा के लिए आर्यन को खो चुके है.



सोनिया: भैया इसमें मेरी क्या गलती. आप इनकी वजह से मुझे चोरर के चले जाओगे. प्लीज भैया मुझे चोरर के मत जाओ. भाभी आपलोग कुछ बोलिये ना. मैं आपलोगो के बिना नहीं रह सकती.



मीरा: नहीं गुड़िया इससबार नहीं. जिस घर में हमारे बच्चे को लेके सवाल उठे हमारे प्यार को लेके सवाल उठे उस घर में और उस घर के लोगो के बिच हम नहीं रह सकते.



सोनिया: रट हुए. तोह आपलोग मुझे चोरर के चले जायेंगे.



देखा आपलोगो की वजह से मेरे भैया और भाभी मुझसे नाराज़ होगई. आपलोग कभी भी खुश नहीं रहेंगे. भैया भाभी अगर आप इस घर में नहीं रहेंगे तोह मैं भी नहीं रहूंगी. आपने कहा था ना मुझे अपने साथ ले जायेंगे. तोह आपलोग मुझे भी अपने साथ ले चलिए. मैं इनलोगो के साथ नहीं रहूंगी.



मिनाक्षी: रट हुए. सोनिया तुम अपने मम्मी को चोरर के चली जाओगी. प्लीज मुझे इतनी बड़ी सजा मत दो. आर्यन प्लीज इतनी बड़ी सजा मैडो. मैं अपनी बेटी के बिना नहीं रह सकती. तुमलोग चाहो तोह मुझसे नफरत करलो पर प्लीज मुझसे मेरी बेटी को अलग मत करो. मीरा रितिका प्लीज. तुमलोग भी तोह कभी माँ बनोगी अगर कोई तुम्हारे बच्चो को तुमसे अलग करदे तोह कैसा लगेगा. प्लीज एक माँ की बात को मानलो.



मीरा और रितिका यह बात समाज जाती है. मीरा अपना हाथ अपने पेट में रख लेती है. अब वह खुद को मिनाक्षी की जगह रख के सोचती है.



मीरा: आर्यन गुड़िया के साथ एहि रहते है. हम एक माँ को उसकी बेटी से अलग नहीं कर सकते.



रितिका: हां आर्यन दीदी ने सही कहा.



आर्यन: मीरा रितिका यह तुम दोनों क्या कह रही हो.



मीरा: आर्यन मैं भी एक माँ हु. भले hi अभी हमारा बच्चा आया नहीं है. अगर कोई हमारे बच्चे को हमसे दुर्र करता है तोह मैं जीते जी मर जाउंगी. वैसे hi यह भी एक माँ है.



आर्यन: सिर्फ अपने बच्चे के खातिर गुड़िया हम एहि रहेंगे.



सोनिया: ख़ुशी से. थैंक यू भैया थैंक यू भाभी.



मिनाक्षी: थैंक यू आर्यन. थैंक यू मीरा रितिका.



दीपक: चलो दीपाली अपने घर चलते है.



रश्मि: दीपक यह भी तोह तुम्हारा घर है.



दीपक: जी नही यह आपकी ननद का घर है. और आपकी ननद से मेरा कोई रिश्ता नहीं है.



अंकित: फूफाजी आप हमारे साथ तोह रह सकते है ना. प्लीज मत जाइये रुख जाइये.



दीपक: अंकित बात को समझो.



आर्यन: भैया ने सही कहा है फूफाजी. भाभी गुड़िया दीपाली को अंदर ले जाइये.



फिर वह दोनों दीपाली को अंदर ले जाते है. दीपक भी आर्यन के आगे कुछ नहीं बोलता.



फिर आर्यन भी मीरा और रितिका के साथ अपने कमरे में चला जाता है.
 
अपडेट 65

विक्रम रश्मि नेहा मिनाक्षी सुप्रिया सब ज़िंदा लाश बन गए थे. पहले तोह इनको उम्मीद थी आर्यन कभी न कभी माफ़ करदेगा. पर आज जो हुआ उसके बाद तोह उनकी वह उम्मीद भी टूट गयी.



रश्मि सुप्रिया को अंदर लेके जाती है.



सुप्रिया: भाभी मेरा सब ख़तम होगया. ना मैं अच्छी बीवी बन पायी और नाही अच्छी माँ. मुझे अपनी बेटी का दुःख दर्द कभी दिखा hi नहीं. मैंने हमेशा शिवम् को hi आगे माना. मुझसे बहोत बड़ी गलती होगयी है भाभी.



रश्मि: गलती तोह हुई है सुप्रिया. पर अभी भी कुछ नहीं बिगाड़ा है तुम उनसे माफ़ी मांग लो. वह माफ़ करदेंगे. हमारी तरह मत करो. कही देरर ना होजाये. पहले तोह हुम्हे उम्मीद थी आर्यन हुम्हे माफ़ करदेगा पर आज जो हुआ उसके बाद तोह वह उम्मीद भी टूट गयी.



सुप्रिया वह से सीधा दीपाली के पास भगति है और उसके पैरों में गिर्र जाती है.



सुप्रिया: मुझे माफ़ करदे मेरी बच्ची. मुझसे बहोत बड़ी गलती हुई है. मैंने कभी तुझे प्यार ना दिया. मुझ अभागन माँ को माफ़ करदे मेरी बच्ची. दीपक ने सही कहा अगर मैंने तुझे प्यार किया होता तोह तेरे साथ यह सब ना होता प्लीज मुझे माफ़ करदे.



दीपाली: यह आप क्या कर रही हो. आप मेरी माँ हो. मुझे आपसे कोई शिकायत नहीं है माँ. आप उठ जाइये माँ.



सुप्रिया: उठके उसके गले लगते हुए. मैं आजके बाद कभी भी तुझे माँ की कमी महसूस होने नहीं दूंगी बीटा. मुझे मेरी गलती का एहसास होगया है.



दीपाली: माँ मुझे आपसे कोई शिकायत नहीं है. मुझे बस माँ का प्यार चाहिए और कुछ नहीं.



दीपक: तुम यह क्या कर रही हो बेटी. यह जरूर अपने बेटे के लिए यहाँ आयी है. .



सुप्रिया: नहीं दीपक मैं यहाँ शिवम् के लिए नहीं आयी हु. आपको उसके साथ जो करना हज कीजिये मैं कुछ नहीं बोलूंगी. प्लीज आप भी मुझे माफ़ करदिजिये. मुझे मेरी गलती का एहसास होगया है.



दीपाली: हां पापा माँ को माफ़ करदिजिये. आपको मेरी कसम.



दीपक: जब तक आर्यन इससे माफ़ नहीं करता मेरे पास इसके लिए कोई माफ़ी नहीं है.



सुप्रिया: मैं आर्यन मीरा रितिका सबसे माफ़ी मांगूगी. यह बोल सुप्रिया वह से चली जाती है.



इधर आर्यन मीरा और रितिका अपने कमरे में आये.



आर्यन: मीरा आज बहोत कुछ किया है तुमने चलो फ्रेश होजाओ और सोने जाओ.



मीरा: आर्यन मैं ठीक हु. मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं होरही है.



रितिका: आपको जितना बोलै hi उतना करे. आपको नहीं होरही होगी पर मेरे बच्चे ने आज बहोत कुछ सहा है उसको होरही होगी इसीलिए जो बोलै है वह करो.



मीरा: सदा सा मुँह बनाते हुए. हां हां जाती हु बच्चे की मम्मी.



फिर एहलोग फ्रेश होते है.



आर्यन: आज हमारा मूड कितना अच्छा था सोचा था यह गुड न्यूज़ इनलोगो के साथ भी शेयर करके माफ़ करने की स्टार्टिंग करूँगा. पर यह इनसब के लायक hi नहीं है.



रितिका: चोरो इनसब बातो को. चलो मुंबई कॉल करके सबको बताते है.



मीरा: हां चलो कॉल लगाओ.



फिर आर्यन संजना को कॉल लगता है.



संजना: क्या बात है आगयी तुम तीनो को हमलोगो की याद.



आर्यन: सॉरी माँ. पर क्या करे रोज एक न एक हंगामा होता hi रहता है इसीलिए बात नहीं होपाटी.



संजना: समझती हु. बताओ कैसे हो तुम और वह दोनों कहा है.



रितिका और मीरा: हम यही है माँ. और बिलकुल ठीक है आप और बाबा कैसे है.



संजना: मैं और तुम्हारे बाबा भी बिलकुल ठीक है.



आर्यन: माँ आपलोगो एक गुड न्यूज़ देनी थी.



संजना: हां बोलो क्या गुड न्यूज़ है



रितिका: वह आप दादी बनने वाली है.



संजना: ख़ुशी से. क्या सच्ची. कॉंग्रट्स बीटा. बहोत बहोत बधाई हो. किसके तरफ से.



रितिका: माँ दीदी की तरफ से.



संजना: कोंग्रटुलतिओन्स मीरा. बहोत बहोत बधाई हो. और वह नालायक कहा गया.



आर्यन: एहि हु माँ.



संजना: नालायक इतनी बड़ी खबर तू अब दे रहा है.



आर्यन: माँ हुम्हे भी अभी पता चला है.



संजना: अच्छा ठीक है. बहोत बहोत बधाई हो. हम कल hi दिल्ली आरहे है.



आर्यन: नहीं माँ. यहाँ अभी खतरा टाला नहीं है. हमलोग कल परसो में मुंबई आते है ना. वही सबसे मिलके यह खबर भी दे देंगे.



संजना: ठीक है जल्दी आना हम इंतज़ार करेंगे. और रितिका तुम कब दे रही हो गुड न्यूज़.



रितिका: शर्मा की. अभी ऐसा कुछ सोचा नहीं है माँ.



संजना: सोचा नहीं है तोह जल्दी सोचो. मैं अपनी दोनों बहुओं की गोड़ भरी हुई देखना चाहती हु.



रितिका शर्मा जाती है.



संजना: चलो अब मैं रखती हु. तुमलोग बाकियों को भी यह गुड न्यूज़ दे देना.



मीरा: ठीक है Maa.Aaplog अपना ख्याल रखियेगा.



संजना: हम तोह रखेंगे hi. बूत तुम अपना ज्यादा से ज्यादा ध्यान रखना. और तू अब अपने मिशन पे काम और इस्पे ज्यादा ध्यान देना. रितिका तुम भी अपनी दीदी का पूरा ख्याल रखना.



तीनो: जी मा.



फिर कॉल कट होजाता है.



आर्यन: अभी इसने आने की खबर दी है तोह मुझे दांत खिलवा दी. जब आएगा तब तोह मुझे मार hi खिलवा देगा.



मीरा और रितिका हसने लगती है.



आर्यन: वैसे माँ ने जो कहा वह करदे. उनको उनकी दोनों बहुओं की गोड़ भरी चाहिए. एक तोह होगयी दूसरे की भी कर देते है.



रितिका: अपना दिमाग काम चलाओ. और माँ डैड को कॉल करो. हरवक्त बदमाशी.



आर्यन: ारी इसमें कैसी बदमाशी.



रितिका: ारयणणणण.



आर्यन: अच्छा अच्छा लगता हु. प्यार का तोह ज़माना hi नहीं है.



फिर आर्यन संगीता को कॉल लगता है.



संगीता: तुमलोगो को बोलै था ना रोज कॉल करना.



रितिका: सॉरी मा. पर यहाँ रोज प्रॉब्लम होती है इसकी वजह से नहीं कर पाते.



संगीता: मुझे पता है मेरी बच्ची. यह बताओ कैसे हो तुमलोग.



तीनो: हमलोग अच्छे है आपलोग कैसे है.



संगीता: हमलोग भी अच्छे है.



रितिका: माँ आप दादी बनने वाली हो.



संगीता: ख़ुशी से. क्या सच्ची. कॉंग्रट्स बीटा. बहोत बहोत बधाई हो. किसके तरफ से.



रितिका: माँ दीदी की तरफ से.



संजना: कोंग्रटुलतिओन्स मीरा. बहोत बहोत बधाई हो.



मीरा: थैंक यू मौसी.



संगीता: कितने वक़्त हुआ है मीरा.



मीरा: मौसी अभी बस 2 हफ्ता हुआ है.



संगीता: सच में मीरा आज तुमलोगो ने बहोत बड़ी ख़ुशी दी है हुम्हे. बहोत बहोत बधाई हो. संजना जी को बताया या नहीं.



रितिका: हां माँ उन्हें बता दिया है. डैड कहा है माँ.



संगीता: वह तोह सो गए है बीटा कल सुबह उठते hi यह खुश खबरि उन्हें दूंगी.

अच्छा अब रखती हु. मीरा अपना अच्छे से ख्याल रखना आर्यन रितिका अच्छे से ख्याल रखना इसका.



तीनो: जी.



फिर कॉल कट होजाता है.



फिर यह लोग यश प्रीती कारन सोनल हरीश नंदिनी इनको भी बोलते है.



इधर रागिनी अपने कमरे में आके सोचती है.



अंकित: क्या हुआ रागिनी क्या सोच रही हो.



रागिनी: अभी मीरा ने जो कहा वह सोच रही हु.



अंकित: क्या कहा मीरा ने.



रागिनी: ारी मीरा ने कहा ना मैं भी एक माँ हु.



अंकित: हां तोह.



रागिनी: ारी मेरे बेवक़ूफ़ पतिदेव. जरा दिमाग लगाओ. मीरा का कोई बच्चा नहीं है फिर उसने क्यों ऐसा कहा मैं भी एक माँ हु.



अंकित: हां बात तोह सही है. तुम उससे पुछलो ना.



रागिनी: मुझे लगता है आर्यन जो आज बोल रहा था "मुझे मेरे जीवन की सबसे बड़ी ख़ुशी मिली है आज. मैंने सोचा था आज इनलोगो के साथ वह ख़ुशी शेयर करके इनको माफ़ करने की कोशिश करूँगा" वह ऐसे hi नहीं बोलै था.



अंकित: शॉक से. कही मैं जो सोच रहा हु वही तोह नहीं.



रागिनी: ख़ुशी से. हआ अंकित आप जो सोच रहे हो वही.



अंकित: यह तोह बहोत ख़ुशी की बात है. इसीलिए आर्यन इतना खुश था. चलो चलके उन्हें बधाई देते है.



रागिनी: हां चलो. पर पहले सोनिया के पास चलते है.



फिर यह लोग सोनिया के पास जाके उससे सब बताते है वह ख़ुशी से नछते हुए आर्यन के कमरे के तरफ भगति है.
 
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