Pyaar Ya Nafrat - Page 12 - SexBaba
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Pyaar Ya Nafrat

:सिघ: लड़ाई करके आया है संजय का समझ आता है उसको रहने देते है पर Sanjna....usko तो थोड़ा बहुत डांटा था ना.. पर कोई नहीं...

वैसे लड़ाई थी बड़ी अच्छी

पैसे भी आ गए सीधे 118 करोड़ नाम भी बन गया है अंडरग्राउंड फाइटिंग में

मीरा रात को बातें करने के लिए कॉल करती hai....sayad और क्लोज आने लगेंगे जल्दी hi.....aur ये संजना क्यों बार बार देख रही थी मीरा को जब ये घर पे आयी थी...

नीस अपडेट
 
अंडरटेकर का जो भाई है उसके लिए काम करता है ये प्रिंसिपल...

अब ब्लैक बीस्ट का खोजइया चल रहा है हर जगह....

वो लड़का जो राहुल के पास आया था ऐसा लता है ड्रग एडिक्ट होगा वो....

शक तो हो hi गया है आर्यन को देखते है आगे क्या होगा....

ऍम :हिंतहिंट2: अभी se.....pata नहीं क्यों ये नाम दे रहा हु :बाउ:

अततररक्टेड तो है उससे ye....aur वो भी है....

नीस अपडेट
 
वह इंस्पेक्टर कोर्रुप्त था उसको बोलै गया था के वह अब मिनिस्टर नहीं रहा फिर भी उसी की तरफदारी की. और आर्यन चाहे जितनी भी नफरत करे विक्रम रहेगा तोह उसका बाप hi. अब कोई अपना बाप पे तोह हाथ नहीं उठा सकता ना इसीलिए इंस्पेक्टर को मारा इससे उसका गुस्सा भी शांत हुआ और इंस्पेक्टर को सजा भी मिली
 
दोनों की जो केमिस्ट्री पक्क रही है अच्छी है....

वो सीधे धमका रही थी आर्यन को बीटा संभल के रहन्ना नहीं तो चिर्र फाड़ देंगे तुमको :lol1:

एक और लड़ाई जल्द hi hogi...waha देखते है क्या होता है और फिर ये आज hi सीबीआई वाले अफसर बाबू से भी मुलाकात करनी है inko....waha देखते है क्या होता hai....waise बताया गया है वो दुनिया के लिए सीबीआई वाले है बाकी क्या है वो पता नहीं....
 
अपडेट 54

इधर सोनिया रितिका और मीरा के साथ थोड़ा सो जाती है.



आर्यन हॉल में आके अपनी टीम को कॉल करता है.



आर्यन: हां क्या अपडेट है.



किरण: सर हमने मिनिस्टर को उठा लिया है और उसके बेटे को हॉस्पिटल में एडमिट करवा दिया है.



आर्यन: ोकक तोह पहले शिकार पकड़ा गया. अब दूसरे की बारी.



किरण: जी सर.



आर्यन: ोकक. तोह प्लान बनाते है. तब तक उस मिनिस्टर की खातिरदारी करो.



किरण: ोकक सर.



फिर कॉल कट होजाता है.



यह मिनिस्टर उसी टेररिस्ट आर्गेनाइजेशन का मेंबर था. जिससे आर्यन और उसकी टीम ने प्लान करके ट्रैप किया और उससे उठा लिया.

और उसका बीटा उसका साथ देता है और उसने मीरा को लेके भी गलत बोलै था इसीलिए उससे भी सजा मिली. मिनिस्टर के गायब होने की वजह सब एहि सोचते के बेटे की हालत के वजह से वह शॉक में आके कही चला गया.



फिर आर्यन भी कमरे में आके थोड़ी देर सो जाता है.



शाम को आर्यन जब उठता है तोह वह अकेला था. वह नीचे आता है तोह वह सोनिया रितिका और मीरा बाते कर रही थी.



रितिका आर्यन को देख. ारी उठ गए बैठो मैं कॉफ़ी ला रही हु.



आर्यन आके सोनिया के पास बैठ गया.



आर्यन: गुड़िया तुझे यहाँ अच्छा तोह लग रहा है ना.



सोनिया: हां भैया मुझे यहाँ बहोत अच्छा लग रहा है. भाभियाँ भी बहोत अच्छी है उन्होंने मुझे पूरा घर घुमाया. आपकी और उनकी लव स्टोरी सुनाई. कैसे आपकी शादी हुई वह सब सुनाया.



आर्यन: चलो अच्छा है. कल घर में किसी ने कुछ पूछा तोह नहीं ना तुमसे.



सोनिया: नहीं भैया.



आर्यन: और अगर कुछ पूछी तोह कभी मत बताना. वैसे भी आज कॉलेज में वह लोग मुझसे मिल hi चुके है.



सोनिया: हां भाभी ने बताया मुझे. और वह लड़की भी वही है.



आर्यन: चोरो यह सब और बताओ तुम्हारी पढाई कैसी चल रही है.



सोनिया: एकदम मस्त.



फिर रितिका कॉफ़ी लाती है. सब बैठ के कॉफ़ी पीते है.



आर्यन: चलो तुम्हे घर चोरे देता हु.



सोनिया: इतनी भी जल्दी क्या है.



आर्यन: बहोत लेट होगया है गुड़िया. और अब तोह तुम मेरा एड्रेस भी जानती हो जब मर्ज़ी आजाना.



सोनिया: ठीक है भैया. पर आप रोज मुझसे बात करेंगे कॉल करके.



आर्यन: बिलकुल.



फिर आर्यन सोनिया को घर चोर्ने चला जाता है.



सोनिया जैसे hi घर पहुंचती है तोह सब वही पे थी.



रश्मि: कहा थी बीटा तुम.



सोनिया: वह बड़ी माँ मैं तोह अपने फ्रेंड के घर गयी थी.



रश्मि: ठीक है जाओ चेंज करो फिर तुमसे कुछ बात करनी है.



सोनिया: ठीक है.



थोड़ी देर में सोनिया नीचे आती है.



रश्मि: देखो बीटा हम जानते है तुम अपने भैया भाभी से मिल चुकी हो.



सोनिया यह सुन्न थोड़ा घबरा जाती है.



रश्मि: तुम्हे घबराने की जरुरत नहीं है. क्योकि हुम्हे पता है आर्यन तुमसे कितना प्यार करता है और वह तुमसे मिले बगैर नहीं रह सकता.



सोनिया: तोह अब आपलोग क्या चाहते है.



रश्मि: हम चाहते है तुम अपने भैया और भाभी को बोलो के वह यहाँ आकर रहे.



सोनिया: ताकि आपलोग फिर से उनपे कोई घटिया इलज़ाम लगा सको. और वह मुझसे भी नफरत करे और हमेशा हमेशा के लिए मुझसे भी दुर्र होजाये.



यह सुन्न रश्मि की आँखों में आंसू आजाते है.



नेहा: नहीं गुड़िया.



सोनिया: यह नाम सिर्फ मेरे भैया और भाभियों के लिए है आपलोगो का कोई हक़ नहीं है.



नेहा थोड़ा रुवासी होकर.



नेहा: नहीं सोनिया ऐसा बिलकुल नहीं है. ारी हम तोह उससे माफ़ी माँगना चाहते है. क्या तुम नहीं चाहती तुम्हारे भैया और भाभी हमेशा के लिए तुम्हारे साथ रहे.



सोनिया: चाहती हु.



नेहा: इसीलिए हम चाहते है वह दोनों यहाँ आये. यहाँ हमारे सामने रहेंगे तोह हम उनकी नफरत को प्यार में बदल देंगे. और बहार यह पॉसिबल नहीं हो पाटा.



सोनिया: तोह आपलोग क्या चाहते है मैं क्या करू.



नेहा: हम चाहते है तुम कैसे भी करके आर्यन रितिका और मीरा को घर बुलाओ और उन्हें यहाँ रहने के लिए बोलो.



सोनिया: यह पॉसिबल नहीं है. अगर आपलोगो को कुछ करना है तोह खुद से करो जैसे घटिया इलज़ाम लगाया था और उनको मारा था ना वैसे hi. मुझे बेस बनके कुछ करने की सोचना भी मत. क्योकि मैं नहीं चाहती आपलोगो की वजह से मेरा भाई मुझसे भी नफरत करीब.



नेहा: वह तुमसे कभी भी नाराज़ नहीं होसकता है सोनिया. इसीलिए तुम कुछ ऐसा करो जिसके चलते वह घर आजाये और हमसब उससे माफ़ी मांग उसको वापस हमेशा हमेशा के लिए यहाँ रोकले.



सोनिया: और इसकी क्या गारंटी है वह आपलोगो को माफ़ करदेंगे और मुझसे नाराज़ नहीं होंगे.



नेहा: अगर वह हुम्हे माफ़ नहीं करेगा तोह कोई बात नहीं. पर वह हमेशा यहाँ तोह रहेगा और मैंने कहा न वह तुमसे नाराज़ नहीं होसकता.



सोनिया: ठीक है मैं कोशिश करती हु.



नेहा: थैंक यू सोनिया.



तभी वह अंकित और उसकी वाइफ रागिनी आजाते है जो कही घूमने गए थे.



रागिनी: नमस्ते मम्मीजी पापाजी चाचीजी.



रश्मि: आओ बीटा बैठो. कैसा गया तुमलोगो का टूर.



रागिनी: अच्छा था मम्मीजी.



अंकित: नमस्ते Mom,dad,chachi.



विक्रम: हां नमस्ते. कैसा है.



अंकित: ठीक हु डैड.



रश्मि: आर्यन वापस आगया है.



अंकित जब यह सुनते है तोह उसके चेहरे से हसी गायब होजाती है.



अंकित: अच्छा कहा है वह.



विक्रम: वह अभी नाराज़ है इसीलिए घर वापस नहीं आया है. बूत जल्द hi आजायेगा. अपनी बीवियों के साथ.



रागिनी: क्या देवरजी ने शादी कर्ली.



रश्मि: हां बीटा. उसने शादी कर्ली. यह देखो फोटो. यह है आर्यन और यह रितिका और मीरा.



रागिनी: क्या बात है 2 शादियां. पर मम्मीजी घर में जो फोटो है वह और यह तोह दोनों अलग है.



रश्मि: पता नहीं उसका चेहरा कैसे बदल गया. सोनिया तुम्हे तोह पता hi होगा. कैसे उसका चेहरा बदल गया.



सोनिया: हां वह उनका एक एक्सीडेंट हुआ था जिससे उनका चेहरा बदल गया.



रश्मि: क्या उसका एक्सीडेंट हुआ था. कैसे हुआ था एक्सीडेंट.



अंकित: माँ उसका एक्सीडेंट हुआ था हुआ नहीं है जो आप ऐसे रियेक्ट कर रही हो.



नेहा: भैया आपको तोह भाई की फ़िक्र नहीं है बूत हुम्हे है.



अंकित: हां पता है कितनी फ़िक्र है. तभी तोह उसको हवस का पुजारी तक बुला दिया था.



यह सुन्न नेहा की आँखों में आंसू आजाते है. और वह अपने कमरे में जाके रोने लगती है.



रश्मि: यह क्या तरीका है अपनी बेहेन से बात करने का.



अंकित: सच हमेशा करवा होता है. आप भी कुछ काम नहीं है. आपने भी उसको कितना कुछ बोलै था. अब क्यों आपकी ममता जाग गयी. तब कहा गयी थी आपकी यह दिखाऊ ममता जब आपका छोटा बीटा आपसे रोह रोह के बोल रहा था उसने कुछ नहीं किया. वह बेक़सूर है.



रागिनी: अंकित आप चुप होजाइये.



अंकित: नहीं रागिनी आज नहीं. यह जानना hi चाहते थे ना क्यों मैं आर्यन से नफरत करता हु. उसकी वजह भी एहि लोग थे.



ारी जब तक आर्यन नहीं हुआ था तब तक यह लोग मुझे बहोत प्यार करते थे. अरे नेहा को भी उतना प्यार नहीं करते जितना के मुझे करते. पर जब आर्यन हुआ तोह इनकी ममता मुझसे उठ गयी. इनलोगो के लिए आर्यन hi सबकुछ था. मैंने खाना खाया या नहीं खाया इनलोगो में कभी देखा hi नहीं. और वह नेहा वह तोह जैसे भूल hi गयी थी उसका एक भाई और भी है.



उसको सिर्फ आर्यन hi नज़र आता. तब मुझे आर्यन से नफरत होने लगी. एक दिन मैंने दादाजी को हमारे कुलपण्डित से बात करते हुए सुन्न लिया था. वह पूछ रहे थे के आर्यन को 17 साल की उम्र में जो फॅमिली से दुःख लिखा है उसका कोई उपाय मिला क्या. तब कुलपण्डित ने कहा था इसका कोई उपाय नहीं है. आर्यन को अपनी फॅमिली से बहोत बड़ा दुःख मिलेगा और 18 साल में उसकी मृत्यु योग भी है.



ुस्सदिन से मुझे आर्यन से कोई नफरत नहीं थी. मैं बस सिर्फ दिखावा करता था. और उस दिन मैंने सबके सामने आर्यन को मार तोह दिया पर अकेले में उससे माफ़ी भी मांगी. और पूरी बात जानी और उस दिन से आर्यन सिर्फ दादाजी से बात करता और मुझसे चुप चुप के.



वह इस घर में सिर्फ मुझसे और सोनिया से hi प्यार करता है. राज तोह अभी भी बच्चे की तरह है इसीलिए उससे कोई बैर नहीं. और रागिनी मेरे साथ आयी है इसीलिए शायद इससे भी.



बाकी पूरी फॅमिली से वह नफरत करता है.



और अब आपलोगो की ममता जाग गयी है. उससे माफ़ी मांगनी है. ारी मैं तोह चाहूंगा वह कभी भी आपलोगो को माफ़ ना करी. आपलोगो ने जो उसके साथ किया वह तोह कोई दुश्मन भी नहीं करता अपनों के साथ. अगर आर्यन ने मुझे अपनी कसम ना दी होती तोह मैं भी यहाँ से कबका चला जाता पर उसने मुझे सोनिया की जिम्मेदारी दी थी. उसने वह लेटर तोह आपलोगो के लिए रखा था पर एक लेटर मेरे लिए भी था. जिसमे उसने मुझे बताया था के वह घर चोरके जारहा है पर मुझे हमेशा नफरत का नाटक करना है और सोनिया का ख्याल रखना है.



रागिनी जरा जाओ नेहा को यहाँ खिंच के लाओ. आज वह सच बताएगी वह झूठा इलज़ाम उसने क्यों लगाया था इनलोगो को शीतल का लगाया हुआ इलज़ाम याद है ना पर आज इनको पता चलेगा इनकी जान से प्यारी बेटी ने वह इलज़ाम क्यों लगाया था.



रागिनी जाती है और नेहा को लेके आती है.



अंकित: हां तोह बता तूने भाई पे वह इलज़ाम क्यों लगाया था.



यह सुनते hi नेहा की आँखे डर से बड़ी होजाती है.



नेहा: डर से वह मुझे ग़लतफहमी हुई थी. .



अंकित खिंच के एक थप्पड़ मारता है उसको.



विक्रम: यह क्या हरकत है कोई अपनी छोटी बेहेन को इस तरह मारता है.



अंकित: सोनिया तुम अंदर जाओ.



सोनिया: नहीं मुझे सच जानना है.



अंकित: रागिनी इसको ले जाओ. तुम्हे तोह सब पता है ना.



रागिनी बिना कुछ बोले सोनिया को आर्यन की कसम दिलवा के ऊपर भेज देती है.



अंकित: हां तोह तुझे ग़लतफहमी हुई थी.



नेहा: डर से हा.



अंकित उसको मारने hi वाला होता है के रागिनी उसका हाथ पकड़ लेती है.



अंकित: इस लड़की के लिए तुम मुझे रुख रही हो रागिनी जिसने सिर्फ अपना गुस्सा और फ़्रस्ट्रेशन काम करने के लिए अपनी घटिया दोस्तों के साथ मिलके आर्यन को घर से निकलने का प्लान बनाया था.
 
अपडेट 55

नेहा जब यह सुनती है तोह उसकी हालत ऐसी होगयी के काटो तोह खून नहीं.



रश्मि: क्या मतलब इसने घर से निकलने का प्लान बनाया था. इसको तोह ग़लतफहमी होगयी थी.



अंकित: जी नहीं कोई ग़लतफहमी नहीं हुई थी. आपकी इस शरीफ बेटी ने अपने दोस्त के साथ प्लान बनके यह सब किया था.



तू मुझे बता क्या आर्यन तेरे कमरे में आया था.



नेहा: हां.



अंकित: वह आके कहा पे खड़ा था और क्या किया था. सच सच बताना वर्ण अभी तेरे उस दोस्त को यहाँ पे बुलाके लाऊंगा और दोनों को जालसाजी के केस में अंदर करवाऊंगा.



नेहा: डर से कांपते हुए और रट हुए. भाई कमरे में आया था बूत वह दरवाज़े पे hi खड़ा था उसने तोह अपनी नज़रे पे ऊँची नहीं की थी.



अंकित: तोह तुझे क्यों लगा वह तेरे साथ जबरदस्ती करने आया था.



नेहा: मैंने झूट बोलै था. उसने तोह मुझे देखा भी नहीं था. मैंने hi अपने दोस्त के साथ मिलके ऐसा प्लान बनाया था. ुस्सदिन घर में कोई नहीं था बस वह और मैं थी. मैंने देखा वह अपने कमरे से नीचे आरहा है तोह मैंने जल्दी से अपने दूसरे मोबाइल से अपने इस मोबाइल में कॉल किया था. और मुझे पता था वह जरूर मोबाइल देने आएगा. और जैसे hi वह आया मैंने वह झूठा नाटक किया था.



रश्मि और विक्रम जब यह सुनते है तोह उनको विश्वास hi नहीं होता उनकी बेटी ने उनके साथ इतना बड़ा धोखा किया था.



रश्मि ने उससे थप्पड़ मरना स्टार्ट करदिया.



रश्मि: क्यों किया तूने ऐसा किसलिए किया. तेरी बातो में आके मैंने भी उससे कितना कुछ कहा था कितना मारा था.



नेहा: रट हुए. मुझे माफ़ कार्डो माँ डैड. मुझसे गलती होगयी. मुझसे यह सेहन नहीं होरहा था के हमारे बिच एक गुन्हेगार रह रहा है. इसीलिए मैंने यह सब किया. मुझे माफ़ कार्डो. ी ऍम सॉरी.



रश्मि: मत कह मुझे माँ. तेरे में और उस शीतल में क्या फर्क रह गया. उसने पैसो के लिए किया था और तूने सेल्फ सटिस्फैक्शन के लिए. आज मुझे पता चल गया मैं कभी एक अच्छी माँ नहीं बन सकीय.



नेहा: ी ऍम सॉरी मा. मुझे माफ़ कार्डो. मैं गुस्से में पागल होगयी थी. डैड प्लीज मुझे माफ़ करदिजिये.



विक्रम: तूने कोई छोटी गलती नहीं की है. तूने आर्यन के ऊपर एक घिनोना इलज़ाम लगा दिया था जो उसने कभी किया hi नहीं था. अंकित तुझे कैसे पता चला के इसने झूट बोलै था.



अंकित: आपलोगो को तोह अपने बेटे पे भरोसा नहीं था बूत मुझे था. आपलोगो को शायद नहीं दिखा होगा बूत मुझे दिखा था जब आपलोग बेहरमी से उससे मार रहे थे तब इस घटिया लड़की के चेहरे पे हसी थी. उसी वक़त मुझे इस्पे शक्क होगया था और तब मैंने इससपे नज़र राखी. और यह अपने रूम में जाके अपने दोस्त से प्लान के फेलियर और सक्सेस की बाते कर रही थी जो मैंने सुन्न लिया था. और उसी रात को मैंने आर्यन को सब बता भी दिया था.



नेहा जब यह सुनती है के आर्यन को सब पता है तोह उसका रोना और तेज़्ज़ होजाता है.



अंकित: अपने यह मगरमछ के आंसू बहाना करो. तुम सब एक तरह के hi हो. तुमलोगो को तोह तड़पा तड़पा के मार देना चाहिए. ारी इंसान के लिए सबकुछ उसकी फॅमिली होती है. और आपलोग तोह फॅमिली क्या इंसान कहलाने के लायक नहीं हो.



आर्यन ने मुझे बोलै था मैं कभी भी अपनी सच्चाई ना बताऊ पर आज मेरे साबरा का बांध टूट गया आपलोगो की इस झूटी ममता और प्यार का ढोंग और इस घटिया लड़की की नौटंकी देख कर. अच्छा है मैंने कभी भी तुझे अपनी बेहेन नहीं मन्ना तुझ जैसी बेहेन जिसकी भी हो उसको तोह डूब मरना चाहिए.



चलो रागिनी मेरा इनलोगो के सामने दम घुट ता है.



फिर अंकित रागिनी को लेके वह से अपने कमरे में आगया और वह बैठ के अपने रागिनी के गले रख रोने लगता है.



रागिनी: आप ने मुझसे वडा किया था ना आप देवरजी को लेके कभी भी उदास नहीं होंगे.



अंकित: क्या करू रागिनी. मेरा भाई कितनी तकलीफ में रहा है यह मैं महसूस कर सकता हु. क्योकि उसने भी वही सहा जो मैंने सहा था. इनफैक्ट उसने मुझसे बहोत बहोत ज़्यादा सहा. ारी जब उससे हवस का पुजारी और भी ना जाने क्या क्या कहा जारहा था ना तब मैंने अपने आप को बहोत मुश्किल से कण्ट्रोल किया. और जिस दिन मैंने अपने छोटे भाई को मारा था उसदिन शायद मुझसे बदनसीब कोई न होगा. हरवक़त उससे नफ्ऱफ़ किया और जब उससे मेरी सबसे ज्यादा जरुरत थी मैं उसके साथ ना था.



तुम्हे पता है अकेले में वह कितना रोटा था मुझसे लिपट कर. और अब जब इनलोगो की यह दिखावे वाला प्यार और ममता देखता हु ना तोह मेरे दिल में इनके लिए सिर्फ नफरत भर जाती है. यह तोह अच्छा है दादाजी ने अपने हिस्से की थोड़ी सी प्रॉपर्टी आर्यन के नाम करदी थी. जिससे उसे कोई प्रॉब्लम ना हो.



रागिनी: सब ठीक होजायेगा. अब सब से पहले हुम्हे उनसे मिलना होगा.



अंकित: तुम ठीक कहती हो. हम कल hi कॉलेज जायेंगे और उनसे मिलेंगे. इतने साल बाद मैं अपने भाई से मिलूंगा और अब तोह उसने शादी भी कर्ली.



रागिनी: चलिए फ्रेश होजाइये. फिर डिनर करने चलते है.



अंकित: मुझे भूक नहीं है रागिनी.



रागिनी: ऐसे कैसे भूक नहीं है. अगर आपने आज खाना नहीं खाया तोह कल मैं देवरजी से बोल दूंगी के आप आयेदिन खाना नहीं खाते.



अंकित: अच्छा अच्छा ठीक है चलता हु.



फिर अंकित फ्रेश होकर नीचे आता है. और दिंनिंग टेबल पे बैठ के चुप चाप खाने लगता है.



रश्मि: हुम्हे माफ़ करदे बेटा. हमसे गलती होगयी.



अंकित: आज तक गलती के अलावा आपलोगो ने किया क्या है. जब तक भाई आपलोगो को माफ़ नहीं करेगा मेरे पास माफ़ी की कोई उम्मीद मत रखना. मैं यहाँ रह रहा हु. वही बहोत है. और मुझसे बात करने की कोई भी जरुरत नहीं है.



फिर अंकित अपने कमरे में चला जाता है.



नेहा: माँ. भैया भी भाई को समझते थे. सिर्फ हम hi थे जो भाई को ना समाज पाए.



रश्मि: मुझे तोह तेरी शकल भी नहीं देखनी पर गलती तेरी कहा है गलती तोह मेरी भी है और शायद मेरी परवरिश में hi कोई कमी रह गयी थी. पता नहीं पिछले जनम में ऐसा कौनसा पाप किया था जिसके सजा में मेरे दोनों बेटे हमसे नफरत करते है और बेटी ऐसी के शकल देखनी भी नहीं चाहिए.



नेहा यह सब सुनके रोने लगती है.



आज अंकित की सचाई को सुन्न विक्रम को भी रोना आगया था. उसने हमेशा अंकित को भला बुरा कहा था आर्यन को लेके. पर उससे क्या पता था अंकित यह सब जानमुजज़ के कर रहा था इतनी बेइज़ाती सेह रहा था सिर्फ अपनी भाई को लेके और उसकी बेटी ने भी वही घटिया हरकत की है.



सोनिया ने आर्यन को फ़ोन करके बता दिया था के अंकित ने आज अपने इतना पुराण साबरा के बांड को टॉड दिया है. और अपनी सचाई बता दी.



इधर आर्यन घर पहुंच ता है और थोड़ी देर बाद डिनर करके के रूम में आता है तभी उससे सोनिया का कॉल आता है और उससे अंकित के बारे में बोलती है. फिर थोड़ी देर बाते करके कॉल कट करदेती है.



तभी मीरा रूम में आके पीछे से आर्यन को हुग करलेती है.



आर्यन: क्या बात है आज तुम्हारे इरादे नेक नहीं लागृहे.



मीरा: मेरे इरादे तोह बिलकुल नेक है.



फिर आर्यन उसको सामने से हुग करलेता है.



आर्यन: कल शायद हमको भैया और भाभी से मिलना है. भैया ने आज अपनी सचाई उनलोगो के सामने बॉडी.



मीरा: चलो अच्छा है. मेरा भी बहोत मैं था भैया और भाभी से मिलने का.

तभी रितिका भी रूम में आती है.



रितिका: क्या बात है दीदी मेरे बिना hi स्टार्ट होगये यह गलत बात है.



मीरा: ारी तोह तू भी आजा शर्मा मत यह हमारे hi पति है.



रितिका भी हस्ती हुई आर्यन से लिपट जाती है.



फिर आर्यन दोनों को उठा कर बीएड पे लेता देता है और उनके पास लेट जाता है. मीरा और रितिका उससे बिलकुल चिपक जाती है.



आर्यन उनको किश करते हुए. आज गुड़िया से मिलके कैसे लगा.



मीरा और रितिका उसके सीने में अपना सिर्र रख. बहोग अच्छा लगा. थोड़ी नटखट है. बूत बहोत प्यारी है.



आर्यन: मेरी गुड़िया है hi ऐसी. ऐसा लगता है जैसे उसका बचपना अभी स्टार्ट hi हुआ है.



रितिका: हां सही कहा तुमने. वैसे आज माजी बाबा माँ डैड और यश का कॉल आया था.



आर्यन: हां मुझसे भी बात हुई थी. बहोत मिस कररहे है हुम्हे.



मीरा: मिस तोह हम भी बहोत कर रहे है.



आर्यन: कुछ दिन बाद उनसे मिल के आएंगे.



रितिका: सच में.



आर्यन: बिलकुल. चलो अब सो जाते है. कल फिर से कॉलेज में उनलोगो को बर्दाश करना होगा. मैंने समीरा जी से बोलै था हमारा अड्मिशन कही और करवा दे. बूत उन्होंने बोलै सारे कॉलेजेस की सीट बूकेड होचुकी है.



मीरा: सेहन करलेंगे. चलो सो जाओ.



फिर दोनों सो जाते है.
 
अपडेट 56

अगले दिन वह उठ ते है रेडी होक ब्रेकफास्ट करके कॉलेज के लिए निकल जाते है.



कॉलेज पहुंच वह सीधा कैंटीन जाते है. वह पे ऋषि पहले से hi बैठा था.

तभी वह पे वह कल वाली लड़की आती है.



लड़की: ही. क्या मैं यहाँ पे बैठ सकती हु.



मीरा: हां बैठो ना.



लड़की: एक्चुअली मैं वह कल्कि लिए सॉरी बोलने आयी थी.



आर्यन: कोई बात नहीं तुम्हे अपनी गलती का एहसास होगया वही बहोत है. वैसे तुम्हारा नाम क्या है.



लड़की: जी मेरा नाम माया है.



रितिका: तुम तोह हमारे नाम जानती hi हो और यह है ऋषि हमारा देवर.



माया: ही ऋषि.



ऋषि: ही माया.



माया: वैसे आपलोगो की शादी जल्दी नहीं होगयी.



आर्यन: हां हुम्हे एक इमरजेंसी की वजह से जल्दी करनी पढ़ी



क्या वह इमरजेंसी हम जान सकते है देवरजी.



सबलोग इस आवाज़ का पीछा करते है तोह सामने अंकित और रागिनी खड़े थे.



माया वह से बई बोलके चली गयी.



रागिनी: हां तोह क्या हम वह इमरजेंसी जान सकते है.



आर्यन खड़े होक अंकित के गले मिलता है मीरा और रितिका भी रागिनी के गले लगती है.



ऋषि यह सब शॉक में देख रहा था.



अंकित: कैसा है भाई तू तोह बिलकुल बदल गया है.



आर्यन: बस हालत ने बदल दिया भैया आप कैसे है.



अंकित: बस तेरे सामने हु.



आर्यन: नमस्ते भाभी. कैसी है आप.



रागिनी: मैं ठीक हु देवरजी. आप बताइये.



आर्यन: बस चल रही है आपकी देवरानियों के राज में.



रागिनी: कैसी हो मीरा रितिका



दोनों: मैं ठीक हु भाभी. नमस्ते भैया.



अंकित: कैसी हो मीरा रितिका



दोनों: ठीक भैया.



रागिनी: हां तोह देवरजी. जरा आप इमरजेंसी बताएँगे. मानती हु मेरी देवरनियां लाखो में एक है.



आर्यन: भाभी बात hi कुछ ऐसी होगयी थी. फिर आर्यन उनको सब बताता है किस हालत में उनकी शादी हुई.



अंकित: तुमने ठीक किया भाई.



ऋषि जो अभी यह सब शॉक में देख रहा था. तोह उसको आर्यन बोलता है. ज्यादा हैरान मत हो सब बताता हु.



फिर आर्यन उसको अंकित की साड़ी कहानी बताता है.



ऋषि: ोू. पर सोनिया का ध्यान तोह मैं भी रखता था.



आर्यन: हां मैं जानता हु. पर घर के अंदर भी तोह किसी का होना जरुरी है ना.



तभी वह रश्मि और नेहा आजाते है.



अंकित: अच्छा भाई मैं चलता हु तुम्हारी क्लास का टाइम होरहा होगा. चलो रागिनी.



आर्यन: चलो मीरा रितिका हमलोग कही बहार चलते है मुझे 1सत क्लास में कोई इंटरेस्ट नहीं है.



मीरा: जैसी तुम्हारी मर्ज़ी.



आर्यन: ऋषि तू चलेगा या क्लास करेगा.



ऋषि: अब तुम पति पत्नी के बिच मैं क्या करूँगा. मैं क्लास में जाता हु.



आर्यन: ठीक है.



फिर वह लोग नहीं वह से चले जाते है. आर्यन और अंकित ने ऐसा बेहवे किया जैसे रश्मि और नेहा वह हो hi नहीं.



आर्यन और अंकित की बेरुखी देख रश्मि और नेहा की आँखों में आंसू आजाते है. बूत वह कुछ कर भी नहीं सकते थी.



आर्यन रितिका और मीरा ऐसे hi घूमने लगते है. थोड़ी देर में 1सत पीरियड ख़तम होजाता है. तब यह तीनो क्लास में एंटर करते है. और जाके ऋषि के बगल में बैठ जाते है.



रेसस्स होता है तब भी रश्मि और नेहा आर्यन के पास आते है बूत आर्यन इनको कम्प्लीटली इग्नोर करता है.



कॉलेज ख़तम होता है. आर्यन रितिका और मीरा घर आते है. लंच करके वह रेस्ट करने लगते है.



शाम को सोनिया का कॉल आता है.



सोनिया: भैया अगर मैं आपसे कुछ मांगू तोह आप देंगे.



आर्यन: ऐसा कभी होसकता है मेरी गुड़िया कुछ मांगे और वह मैं ना दू.



सोनिया: तोह फिर मेरी कसम खाइये. मैं जो भी मांगूगी आप मुझे देंगे और मुझसे नाराज़ भी नहीं होंगे.



आर्यन: गुड़िया तुम ऐसा क्या मांगे वाली हो.



सोनिया: पहले आप कसम खाये.



आर्यन: ठीक है मैं तुम्हारी कसम खाता हु. तुम जो भी मांगोगी वह तुम्हे दूंगा और तुमसे नाराज़ भी नहीं होऊंगा.



सोनिया: मुझे अब हमेशा आपके साथ रहना है. इसीलिए मैं चाहती हु आप और भाभियाँ यहाँ आजाये और मेरे साथ रहे. आपको किसी से कोई बात नहीं करनी. बस मुझसे भाभी और भैया से hi बात करियेगा. बूत प्लीज यहाँ आजाये. मैं अब आपसे दुर्र नहीं रहसक्ती.



आर्यन: गुड़िया यह तुमने ठीक नहीं किया. तुम उनलोगो की बातो में आके मुझे अपनी कसम डिल्वके यह चीज़ मांगी. क्योकि वह यह जानते है मैं तुम्हारी कसम नहीं तोडूंगा इसीलिए उन्होंने तुम्हारा इस्तेमाल किया. और तुमने भी उनकी बात मानली. यह तुमने अच्छा नहीं किया.



सोनिया: ी ऍम सॉरी भैया. बूत मुझे आपके साथ रहना है. इसीलिए मैंने उनकी बाते मानली. बूत प्लीज आप मुझसे नाराज़ मत होना.



आर्यन: नहीं गुड़िया मैं तुमसे नाराज़ नहीं हु. और नाही मैं तुम्हारी कसम तोडूंगा. मैं देखता हु. तुम रखो.



फिर कॉल कट होजाता है.



आर्यन मीरा और रितिका के पास जाकर उन्हें अपने कपड़े धीरे धीरे वापस पैक करने को बोलता है.



रितिका: क्या हुआ हम कही घूमने जा रहे है जो पैकिंग करने को बोल रहे हो.



आर्यन: नहीं घूमने नहीं. हम उस घर में जायेंगे रहने के लिए.



मीरा: क्या. अचानक क्या हुआ.



फिर आर्यन उन्हें पूरी बात बताता है.



मीरा: तोह कब चलना है.



आर्यन: अभी नहीं अभी टाइम है. चलो आज बहार डिनर करते है.



फिर वह लोग बहार डिनर करके आके सो जाते है.



अगले दिन आर्यन मीरा और रितिका कॉलेज जाते है. वह भी रोज की तरह hi दिन गुज़रता है.



शाम को आर्यन अपनी टीम को कॉल करके अपने नेक्स्ट टारगेट को ट्रैप करने के लिए प्लान कहा तक पहुंचा वह पूछता है.



अविनाश: सर हमारा नेक्स्ट टारगेट है यहाँ का लोकल मला. उस जैसा दरिंदा शायद hi कोई होगा. पता नहीं आज तक कितने मर्डर किये है. कितनी लड़कियों की ज़िन्दगी बर्बाद की है. और उसका मैं बिज़नेस ड्रग्स उसकी वजह से भी उसने बहोत से युथ को बर्बाद किया है.



आर्यन: तोह सबसे पहले उसके ड्रग्स को hi ख़तम करते है. और जरा पता लगाओ हमारे टार्गेट्स में ऐसे कौन कौन है जो ड्रग्स का बिज़नेस करते है. उनन्साब के ड्रग्स को एक hi साथ में ख़तम करेंगे. फिर एक एक करके सबको उठाएंगे.



अविनाश: ठीक है सर. मैं पता करके बोलता हु. फिर कॉल कट होजाता है.



फिर आर्यन मीरा और रितिका ऋषि के घर घूमने गए. वह उन्होंने थोड़ा टाइम स्पेंड किया और डिनर करके वापस आगये.



रात को सोते वक़त उनको सोनिया का कॉल आता है.



सोनिया: भैया भाभी आपने क्या सोचा आप कब आरहे हो.



रितिका: तुमने तोह बहोत अच्छी चाल चली है गुड़िया. घर में बोल दो हम कल तुम्हारे साथ hi घर आएंगे. पर उनको वारं करदेना आर्यन से या हमसे कोई भी रिश्ता ना रखे. अगर उन्होंने कुछ भी किया तोह हम वह से संग संग वापस आजायेंगे.



सोनिया: जी भाभी मैं बोलडूँगी. और आज hi मैं आपलोगो का कमरा साफ़ करवाती हु.



आर्यन: ठीक है कल तुम्हारे स्कूल में मिलते है. राज को भी अपने साथ रखना.



सोनिया: जी भैया.



फिर कॉल कट होजाता है. और यह लोग सो जाते है.



सुबह उठ के आर्यन समीरा जी कॉल करके अपनी फॅमिली के बारे में बताता है और उन्हें बोलता है वह अब इस घर में नहीं रहेगा. इस घर में केयरटेकर अप्पोइंट करदे.



आज यह लोग कॉलेज नहीं जाने वाले थे. क्योकि इनको अपनी पैकिंग पूरी करनी थी.



दोपहर तक यह लोग अपनी पैकिंग पूरी करके ऋषि को कॉल करके अपने पास बुलाते है.



आर्यन: तुझे तोह पता hi है. मुझे सोनिया ने कैसे फसाया है.



ऋषि: हां मुझे पता है.



आर्यन: इसीलिए हमलोग आज hi जा रहे है. तू मेरी बाइक लेके आजा. मैं और रितिका एक कार लेके जाते है और मीरा दूसरी कार में आजायेगी.



ऋषि: ठीक है मैं निकलता हु तू आजाना.



फिर ऋषि बाइक लेके चला जाता है.



आर्यन रितिका और मीरा अपनी कार लेके सोनिया के पास जाते है. सोनिया सिर्फ आर्यन को देख कर.



सोनिया: भैया आपको और भाभी तीनो को जाना है.



आर्यन: पता है. तेरी रितिका भाभी एक कार में है और मीरा भाभी दूसरी कार में है. वह रही देख.



सोनिया: ठीक है आप राज के साथ चलिए मैं मीरा भाभी को लेके आती हु.



यह बोल वह मीरा के पास चली जाती है.



आर्यन: कैसा है राज.



राज: ठीक हु भैया आप कैसे है और कहा थे इतने साल.



आर्यन: मैं भी ठीक हु और मैं मुंबई में था. और स्कूल कैसा जारहा है.



राज: ठीक जा रहा है भैया. क्या मैं भाभियों से नहीं मिलूंगा.



आर्यन: क्यों नहीं मिलेगा जरूर मिलेगा. घर में मिल लेना.



राज: ठीक है भैया.



फिर यह घर आजाते है.



घर के बहार hi ऋषि और अंकित खड़े थे. आर्यन जाके अंकित के गले लगता है.



अंकित: आखिर सोनिया ने तुझे बुला hi लिया.



आर्यन: गुड़िया ने नहीं उनलोगो ने गुड़िया के सहारे बुलाया है.



अंकित: अब कैसे कण्ट्रोल करेगा.



आर्यन: पता नहीं. पर अगर ज्यादा किया तोह मैं गुड़िया को लेके यहाँ से चला जाऊंगा. गुड़िया का कहना था उससे मेरे साथ रहना है. तोह मैं उससे अपने साथ hi रखूँगा.



अंकित: चल देखते है क्या होता है.



फिर आर्यन रितिका और मीरा घर के अंदर जाने लगते है तोह रश्मि वह आरती की थाली लिए कड़ी थी.



आर्यन: गुड़िया मैंने तुमसे कहा था ना मुझे किसी भी तरह का दिखावा नहीं चाहिए और नाही मुझे इनलोगो की शकल देखनी है. इनलोगो से बोल दो मेरे सामने ना आये.



सोनिया: सॉरी भैया. बड़ी माँ आप प्लीज हट जाइये. रागिनी भाभी आप करलीजिये यह सब.



रश्मि यह सुन्न के रोने लगती है.



फिर रागिनी आर्यन रितिका और मीरा की आरती उतरके उनका गृहप्रवेश करवाती है क्योकि शादी के बाद पहली बार वह अपने घर आये थे.



रागिनी: आओ देवर जी देवरानी जी.
 
अपडेट 57

फिर आर्यन रितिका और मीरा घर के अंदर आते है. आर्यन वह से सीधा अपने दादाजी के कमरे में चले जाता है. मीरा और रितिका भी उसके पीछे पीछे चली जाती है.



आर्यन वह अपने दादाजी की फोटो देख कर रोने लगता है. मीरा और रितिका उससे संभालती है.



फिर वह लोग वह से सीधा अपने कमरे में जाते है. वह जाके अपने कपड़े सेट करते है. और थोड़ा रेस्ट करने लगते है.



थोड़ी देर बाद उनके दूर पे नॉक होता है.



मीरा दूर खोलती है तोह सामने नेहा थी.



मीरा: जी कहिये.



नेहा: वह भाई.



मीरा: ी ऍम सॉरी यहाँ आपका कोई भाई नहीं रहता.



नेहा: प्लीज मीरा ऐसा मत बोलो.



मीरा: देखिये हम आपके घर में तोह है बूत अस ा पेइंग गेस्ट हम फ्री में नहीं रहेंगे हम पाय करदेंगे. तोह इसीलिए हमारी आपसे गुज़ारिश है प्लीज हमसे किसी भी तरह का रिश्ता ना रखे. आप लैंडलॉर्ड की तरह रहे. और हुम्हे अस ा रेंटेर रहने दे.



नेहा: तुम ऐसा क्यों बोल रही हो. यह तुमलोगो का घर है. यह मेरे भाई का घर है. तुम मेरी भाभी हो.



आर्यन: मीरा मैंने तुमसे कहा था यहाँ पे किसी भी अनजान से बात ना करना. और जो रिश्ता बनाने आये उनसे तोह दुर्र hi रहना. कही वह लोग तुम्हे भी चरक्टेरलेस का सर्टिफिकेट ना दे दे.



नेहा: भईई. प्लीज ऐसा मत बोल. मुझे माफ़ करदे. मेरे से गलती हुई है मैं मानती हु. बूत प्लीज मुझे माफ़ करदे. मुझसे तेरी यह नफरत सेहन नहीं होती.



आर्यन: गुड़िया. बोलके चिल्लाता है.



थोड़ी देर में सोनिया आज जाती है.



सोनिया: जी भैया आपने बुलाया.



आर्यन: गुड़िया मुझे यहाँ नहीं रहना. मैं अपने घर जा रहा हु. तुम्हारी बात रखने के लिए मैं यहाँ आगया. बूत तुमने मेरी बात नहीं राखी.



सोनिया: नहीं भैया आप प्लीज मत जाइये. अब से मैं ध्यान रखूंगी.



आप जाइये यहाँ से अगर आपलोगो की वजह से मेरे भैया और भाभी यहाँ से गए तोह मैं भी कही चली जाउंगी. जाइये यहाँ से.



नेहा वह से रट हुए जाने लगती है.



आर्यन: सुनिए. आप अपने घरवालों से बात करके हमारा रेंट बोल दीजियेगा. और पिछली बार का कुछ बाकी रह गया हो तोह वह भी बोल दीजियेगा. हुम्हे किसी का कोई एहसान नहीं चाहिए.



दुर्र से बाकिलोग यह सब सुन्न रहे थी. उनकी आँखों में भी आंसू थे.



आर्यन सोनिया को अंदर ले उनके मुँह पे दूर बंद करदेता है.



आर्यन: गुड़िया मैंने तुम्हे बोलै था ना.



सोनिया: सॉरी भैया. बूत मैंने उन्हें अच्छी तरह से समझाया था. बूत वह नहीं माने. इसमें मेरी कोई गलती नहीं.



आर्यन: चोरो गुड़िया यह आदत से मजबूर है. इनको समझा के कुछ नहीं होगा. इनको इग्नोर hi करना होगा. चलो कही घूम के आते है.



फिर आर्यन रितिका और मीरा रेडी होते है. सोनिया भी रेडी होती है. मीरा अंकित और रागिनी को भी साथ चलने बोलती है.



फिर यह लोग घूमने निकल जाते है. यह एक मॉल में जाते है. वह थोड़ी शॉपिंग करते है मूवी देखते है और बहार hi डिनर करके वापस घर आते है.



जब यह लोग घर आते है तोह रश्मि बोलती है.



रश्मि: आओ बीटा खाना खा लो. सब तुम्हारी पसंद का hi बनाया है.



आर्यन बिना कुछ बोले मीरा और रितिका का हाथ पकड़ के रूम में चला जाता है. रश्मि को बहोत हर्ट होता है. किसी का भी खाने का मन नहीं होता है अब. बूत विक्रम जबरदस्ती सब को थोड़ा खाने को बोलता है.



फिर सबलोग अपने रूम में आजाते है.



रश्मि: विक्रम यह सब कब तक ठीक होगा. मुझसे अब आर्यन की नफरत नहीं सही जाती. उसके मुँह से माँ सुने कितने साल होगये. जब वह माँ कह के बुलाता था तोह मैंने उससे कितना मारा था. और अब जब मैं तरस रही हु तोह वह बोलता नहीं.



विक्रम: ठीक होजायेगा रश्मि. हमने उसको जो चोट पहुंचाई है उसके घाव बहोत गहरे है. जो धीरे धीरे hi भरेंगे. हुम्हे कोशिश करती रेहनी पड़ेगी.



इधर नेहा आर्यन की तस्वीर को लेके रट हुए.



नेहा: भाई अब तोह तू मेरे इतने पास है फिर भी मैं तुझसे बात नहीं कर पारहि. और ना तू मेरी शकल देखना चाहता है. पहले जब तू दीदी बोलता था तोह तुझे कितना मारा था. और अब तेरे मुँह से दीदी सुनने को तरस गयी हु. प्लीज हुम्हे माफ़ करदे भाई. नहीं सही जाती तेरी यह नफरत.



फिर सब अपने कमरे में सो जाते है.



अगली सुबह आर्यन रेडी होक नीचे आता है. तोह वह मीरा रितिका उसका वेट कर रही थी. रश्मि और नेहा उसका ब्रेकफास्ट पे वेट कर रहे होते है. आर्यन बिना खाना खाये जाने लगता है तोह रश्मि बोलती है.



रश्मि: बीटा बिना खाये घर के बहार नहीं जाते.



नेहा: हां भाई. देख आज मैंने अपने हाथो से तेरे लिए नाश्ता बनाया है. तुझे तोह मेरे हाथो का नाश्ता पसंद है ना.



आर्यन: जो तो हेलल विथ योर ब्रेकफास्ट. यह बोल वह से निकल जाता है.



आर्यन के मुँह से यह सुनते hi नेहा और रश्मि के आँखों से आंसू आजाते है.



सोनिया: आपलोग क्यों यह सब कर रहे है.



नेहा: यह कैसा सवाल है सोनिया. हम उससे माफ़ी माँगना चाहते है.



सोनिया: क्या आपलोगो को दिखाई नहीं देता वह आपलोगो को माफ़ नहीं करना चाहते. वह आपलोगो से सिर्फ और सिर्फ नफरत करते है. क्यों अपना और उनका टाइम वास्ते कर रहे है इनसब में.



नेहा: सोनिया वह हुम्हे माफ़ करेगा. जरूर करेगा. देखलेना.



सोनिया: मुझे तोह नहीं लगता. और मेरी नज़र में आप जैसो को तोह कभी माफ़ करना hi नहीं चाहिए.



यह बोल वह भी स्कूल चली जाती है.



आर्यन रितिका और मीरा कैंटीन में जाके थोड़ा सा नाश्ता करते है.



मीरा: आर्यन रोज रोज तोह बहार का खाना नहीं खा सकते ना.



आर्यन: मीरा कुछ तोह करना पड़ेगा.



रितिका: अगर तुम चाहो तोह हम रोज हमारे लिए खाना बना सकते है.



आर्यन: उसके लिए तुम्हे उस किचन में जाना होगा.



मीरा: तोह जायेंगे. पर खाना सिर्फ हम तीनो के लिए hi बनाएंगे. थॉट्स आईटी.



आर्यन: ठीक है.



फिर यह लोग क्लासेज ख़तम करके घर आते है तोह वह सूरज मल्होत्रा बैठा हुआ था.



वह आर्यन को देख कर उसके पास आने लगता है तोह आर्यन वह से सीधा अपने रूम में चला जाता है.



सूरज: कैसा है आर्यन. क्या हुम्हे माफ़ नहीं करेगा.



आर्यन वह से बिना कुछ बोले जाना लगता है



सोनिया: पापा आपको भी शायद माँ ने बता दिया होगा. भैया से किसी भी तरह का रिश्ता रखने की कोशिश ना करे.



सूरज: सोनिया तुम शायद भूल रही हो तुम अपने पापा से बात कर रही हो. इसीलिए तमीज में रहो. वर्ण मुझे तमीज सीखना आता है. तुम शायद भूल गयी हो इन् कुछ सालो में जब जब तुमने बदतमीज़ी की थी तोह क्या किया था मैंने.



आर्यन जब यह सुनता है तोह उसके आँख से अंगारे बरसने लगते है.



आर्यन: गुड़िया यहाँ आना.



सोनिया उसके पास जाती है तोह उसके आँखों आंसू थे. आर्यन उसकी आँखे पॉच कर उसका हाथ पकड़ कर सिर्फ एक बात पूछता है.



आर्यन: इन् कुछ सालो में क्या हुआ था तेरे साथ एक एक बात बता अभी. भैया आपको सब पता था ना. पर आपने नहीं बोलै.



अंकित: सोनिया ने hi अपनी कसम दी थी के अगर कभी तू मिले तोह तुझे यह बात ना बताऊ.



आर्यन: सोनिया बताओ.



सोनिया जब आर्यन के मुँह से अपना नाम सुनती है तोह वह समाज जाती है के वह नाराज़ होचुका है. इसीलिए वह डर के मारे सब बोलने लगती है.



सोनिया: जब भी मैं आपको लेके जिद्द करती तोह पापा मुझे मारते थे. कभी हाथ से तोह कभी डंडे से.



आर्यन गुस्से से सबकी तरफ नज़रे घूमता है तोह सबकी नज़रे झुक जाती है. और जिसने जिसने कॉलेज वाला काण्ड देखा था वह डर रहे थे.



आर्यन: वह डंडा लेके आना अभी के अभी.



अंकित: तू क्या करेगा उस डंडे का.



आर्यन: जो मैंने बोलै वह करो.



आर्यन यह बहोत hi ज़्यादा गुस्से में छिलके बोलता है. जिससे सोनिया जल्दी से वह डंडा ले आती है.



आर्यन: इसी डंडे से मेरी गुड़िया को मारा था ना.



सूरज: हां मारा था क्या कर लेगा. वह बड़ो से बात करने की तमीज भूल गयी थी. उसको तमीज सीखना जरुरी था.



आर्यन: और जब तुझ जैसे माँ बाप तमीज भूल जाए तोह हम जैसे लोग तमीज सीखने आते है.



यह बोल आर्यन ने वह डंडा से उसको मारने लगता है. जिससे सूरज चिल्लाता हुआ बोलने लगता है.



सूरज: यह क्या कर रहा है मैं तेरा चाचा हु. तू अपने चाचा को मार रहा है.



आर्यन यह सुन्न और गुस्से में ाजता है और उसको अंधाधुन मारने लगता है.



मिनाक्षी: उन्हें चोरर दो बीटा. मैं माफ़ी मांगती हु उनकी तरफ से.



आर्यन: भैया जब इस नीच ने मेरी गुड़िया को मारा था तब कितने लोग उसकी बचाव में आये थे.



अंकित कुछ नहीं बोलता. जिससे आर्यन समाज जाता है और उससे मारना जारी रखता है.



आर्यन: तुझे बहोत शौक है ना बच्चों को डंडे से मारने का. थोड़ा छिलके पूछता है गुड़िया किस हाथ से मारता था यह नीच तुझे.



सोनिया: भैया उन्हें चोरर दो.



आर्यन: मैंने कुछ पूछा है तुमसे सोनिया.



सोनिया: डर से राइट हैंड से.



आर्यन: आज के बाद तेरा यह राइट हैंड किसी काम का नहीं रहेगा. यह बोल आर्यन डंडे को फेक सूरज का हाथ पकड़ता है.



सूरज: डर से. नहीं आर्यन मुझे माफ़ करदे. मुझसे गलती होगयी. मैं आगे से कभी भी सोनिया पे हाथ नहीं उठाऊंगा. मुझे माफ़.....



अभी वह इतना hi बोलता है के उसकी चिखह पुरे घर में गूंजने लगती है. आर्यन ने उसका वह हाथ टॉड दिया था.



आर्यन: आज के बाद सोनिया के तरफ किसी ने आँख उठा कर भी देखा तोह उसका हाथ नहीं तोडूंगा सीधा जान ले लूंगा. चाहे वह जो भी हो. छोटा हो बड़ा हो कोई भी हो. यह बात अपने जिस्म के कोने कोने में बसा लो.



सोनिया और किसने किसने मारा था या टॉर्चर किया था.



सोनिया: और किसी ने कुछ नहीं किया.



आर्यन: मैंने तुमसे सच बोलने को बोलै है. क्योकि यहाँ पे इंसान नहीं रहते है नीच किसम के जानवर रहते है. सच सच बोलो सोनिया.



सोनिया: कभी कभी नेहा दीदी मारती थी जब जब मैं उनसे बदतमीज़ी से बात करती थी.



नेहा जब यह सुनती है तोह उसका ऐसा हाल होगया काटो तोह खून नहीं.



आर्यन उसके पास जाके उसको 2 थप्पड़ मारता है जिससे वह बेहोश होजाती है.



विक्रम: यह क्या तरीका है अपनी बेहेन को मारने का. क्या एहि सिखाया है तुझे.



आर्यन: मर. विक्रम मल्होत्रा अपनी हद्द में रहो. वर्ण मैं आपकी उम्र का लिहाज़ भूल जाऊंगा. और आपलोगो ने सिर्फ नफरत करना सिखाया है. जब इस घटिया लड़की ने मेरी गुड़िया को मारा था तब कहा थे आप और आपके यह घटिया संस्कार. तब कहा थे आपकी hi मान मर्यादा वह नाम िज़ात जब आपकी इस बेटी ने मुझपे वह घटिया इलज़ाम लगाया था अपना गुस्सा और फ़्रस्ट्रेशन निकलने के लिए. अगर आज के बाद किसीने भी सोनिया की तरफ आँख उठा कर देखा तोह वही उससे जिन्दा गर्र दूंगा.



वह खड़े सबलोग आर्यन का यह रूप देख के डरने लगते है सिवाय मीरा रितिका को चोरके.



आर्यन: सोनिया अभी के अभी मेरे कमरे में आओ.
 
अपडेट अच्छा था पर आर्यन को भी अपनी हद नहीं पार करनी थी और न उसके चाचा को.....

वैसे कुलपण्डित ने जो उसके चाचा के विषय में उसके दादा से कहा था वह इस घर में और किसी को पता है की नहीं?

सूरज रुपी अंधकार खामोश तोह नहीं बैठेगा देखते हैं अब वह क्या करेगा और कैसे यह नफरत ख़त्म होगी
 
:सिघ: यश की माँ को नाम से बुलाता है ये आर्यन :सिघ:

मेरा को सब पता चल गया hai....aur उसको कोई प्रॉब्लम नहीं.....

:सिघ: शुरू में ऐसा hi होता hai....Babu ी लव यू बस यही काफी है और क्या चाहिए फिर तो साहब पूछो mat...aise ऐसे डिमांड्स :सिघ:

यहाँ भी वही hoga....ye मीरा hi लिंक banegi...wapas घर जाने का..

लड़ाई ना करना सही फैसला hai...waise भी पैसे है अभी उसके पास...

नीस अपडेट
 
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