Pyaar Ya Nafrat - Page 4 - SexBaba
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Pyaar Ya Nafrat

बहोत hi सरल और खूबसूरत तरीके से एक डिटेल्स के साथ कहानी के हर एक किरदारों की परिचय दर्शाया है आपने.. जो सच में अपने आपमें बेमिसाल है :अप्प्लायसे: :अप्प्लायसे:

Let's सी ऐसा क्या हुआ जिसके चलते कहानी के लीड करैक्टर यानि क्र हीरो अपनों से hi नफरत करने लगा..

वजह शायद बहोत बड़ी होगी... इसलिए शायद हीरो खफा है अपने hi परिवार से...

ब्रिलियंट अपडेट विथ अवेसमे राइटिंग स्किल्स राइटर साहब :अप्प्लायसे: :अप्प्लायसे:
 
अपडेट 15

अभी शायद रात है इसीलिए किसी को आने नहीं दिया. चलो ठीक है मैं भी थोड़ा सो लेता हु. फिर आर्यन सो जाता है.



संजय और संजना को तोह पता चल चूका था उसको अभी तक होश चुका होगा. पर फिर भी वह उसके पास नहीं जाते उसको आराम करने देते है.



वह दोनों भी वही थोड़ी देर सो जाते है.



अभी उनको सोये हुए कुछ देर हुआ था के आर्यन का फ़ोन बज उठा. संजना देखती है मीरा का कॉल था.



संजना: ारी बाबा रे मैं तोह इसको बोलना hi भूल गयी. पता नहीं इस पागल ने अपना क्या हाल करलिया होगा अब तक.

वह जैसे hi फ़ोन रिसीव करती है वैसे hi



मीरा: आंटी अब कैसा है आर्यन. डॉक्टर ने क्या बोलै. वह ठीक तोह है ना. आप कुछ बोल क्यों नहीं रही है.



संजना: ारी रुको रुको मुझे कुछ बोलने तोह दो. देखो ट्रीटमेंट अच्छे से होगया. चोट ज्यादा नहीं लगी थी. पसली टूटी थी पर ज्यादा नहीं. अभी वह बिलकुल ठीक है. सो रहा है. और सॉरी मैं तुम्हे कॉल करना hi भूल गयी.



मीरा: थैंक गॉड अब वह ठीक है. और आपको सॉरी बोलने की जरुरत नहीं है मैं समाज सकती हु. आप भी टेंशन में थी ना.



संजना: तुम पूरी रात सोई नहीं ना. और पूरी रात रोटी रही होना तुम.



मीरा: मुझे नींद कैसे आसक्ति है आंटी. वह आर्यन हॉस्पिटल में है और यहाँ मैं सो जाऊ. यह तोह कभी पॉसिबल hi नहीं है. और मेरे आँखों से आंसू रुख hi नहीं रहे थी. मैंने बहोत कोशिश की के रोना न आये. बूत आर्यन के लिए टेंशन में बार बार रोना आ hi जारहा था.



संजना: इतना प्यार कैसे कर बैठी तुम आर्यन से.



मीरा: यह तोह मुझे भी नहीं पता कैसे मुझे आर्यन से इतना प्यार होगया. बूत अब मेरे जीवन में सिर्फ और सिर्फ आर्यन hi है. उसके बिना अब मैं जी नहीं पाऊँगी.



संजना: चुप पागल लड़की. ऐसा नहीं बोलते. चलो अब थोड़ी देर सो जाओ. वर्ण अगर तुम्हारी ताब्यात ख़राब होगयी तोह दोनों को एक hi रूम में एडमिट करवाना पड़ेगा.



मीरा: नहीं आंटी जब तक आर्यन को एक बार देख ना लू ना मुझे नींद आएगी और ना मुझे चैन आएगा.



और वैसे भी अब सुबह होने वाली है. थोड़ी देर में hi यश आजायेगा. फिर मैं आर्यन के पास.



संजना: पागल लड़की. एक तू पागल एक यह पागल. दोनों पागल एक जैसे है. चलो ठीक है सोना मत थोड़ा रेस्ट तोह करलो.



मीरा: ठीक है आंटी.



फिर कॉल कट होजाता है.



फिर मीरा यश को फ़ोन करके आर्यन की साड़ी डिटेल्स देती है.



वह भी थोड़ा टेंशन से फ्री होता है.



मीरा थोड़ा रेस्ट करने के लिए अपनी आँखे बंद करती है तोह उससे नींद आजाती है. और वह बैठे बैठे hi सो जाती है. 6:30 बजे उसके मोबाइल का अलार्म बजता है तब उसकी नींद टूट जाती है.



मीरा: ारी 06:30 बज गए और मैं सो कैसे गयी. मुझे तोह हॉस्पिटल जाना है.



फिर मीरा जल्दी जल्दी फ्रेश होक रेडी होती है. तब तक 7 बजे चुके थी.



उधर यश भी जल्दी जल्दी रेडी होक हॉस्पिटल जाने के लिए निकलता है तोह उसके माँ डैड पूछते है इतनी सुबह सुबह कहा जा रहा है. तब वह उनको सब बताता है. तोह वह भी हॉस्पिटल जाने के लिए रेडी होते है. वह अपने कार से जाते है यश अपनी बाइक लेके मीरा के घर की तरफ जाता है.



मीरा को 7:15 बजे यश कॉल करके बोलता है वह उसके घर के बहार खड़ा है.



मीरा जल्दी से वह आजाती है फिर वह दोनों भी हॉस्पिटल पहुंच जाते है जहा पहले से hi यश के माँ डैड बैठे थी.



आर्यन भी नींद से जग चूका था और सबसे बाते कर रहा था.



इधर संजना हॉस्पिटल के कैंटीन से सबके लिए चाय लेने जाती है तब देखती है मीरा और यश हॉस्पिटल में एंटर कर रहे होते है.



मीरा संजना को देख दौड़ के उसके पास जाती है और पूछती है. कैसे है अब आर्यन. उसको होश आगया. कहा है वह.



संजना: ारी शांत शांत आर्यन दीवानी शांत. उसको होश आज्ञा है. अभी ठीक है. और रूम में इसके( यश ) माँ डैड और अपने बाबा से बाते कर रहा है.



चलो ले चलती हु तुम्हारे आर्यन के पास. पता नहीं कैसे साड़ी रात काटी होगी तुमने.



मीरा यह सब सुन्न टेंशन में भी थोड़ा शर्मा जाती है जिसे संजना देख लेती है.



संजना: देखो पहले तोह कैसे रो रही थी और अब कैसे शर्मा रही है. मैंने ठीक hi सोचा था यह एक नंबर की पागल है.



फिर संजना उन्हें आर्यन के पास ले चलते है.



मीरा जब आर्यन को देखती है तोह एक पल के लिए उसके आँखों में आंसू आजाते है. जिन्हे आर्यन भी देख लेता है.



मीरा उसके पास जाती है यश भी उसके साथ hi था. जब वह दोनों रूम में होते है तोह यश के माँ डैड और संजना बहार आजाते है क्योकि रूम में इतने लोगो का रहना ठीक नहीं था.



मीरा बस उसको देखे जा रही थी. उसकी आँखे अब भी नाम थी. बूत कुछ बोल भी नहीं रही थी.



यश: अब कैसा है भाई.



आर्यन: ठीक हु.



यश: यह सब कैसे होगया भाई.



आर्यन: कुछ नहीं भाई बस बाइक से घर जा रहा था. अचानक रस्ते में मेरा बैलेंस बिगड़ गया और एक्सीडेंट होगया और मेरे रिब्स वाले part में लगा जिससे मेरे पसलियों में चोट आयी थोड़ा थोड़ा टूट भी गया.



यश: भगवन का शुक्र है कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ. वर्ण पता नहीं क्या होजाता.



चल अब तू रेस्ट कर मैं चलता हु. मीरा तुम एहि रुख जाओ संजना आंटी को भी घर जाने दो. वह भी पूरी रात जगी है थोड़ा घर जाके फ्रेश होक आने दो. मैं बहार hi हु किसी भी चीज़ की जरुरत हो तोह मुझे बता देना.



मीरा: ठीक है.



फिर यश रूम से बहार चला जाता है. अब रूम में सिर्फ आर्यन और मीरा hi थी.



मीरा अब तक चुप थी वह अब बोलना स्टार्ट करती है.



मीरा: कैसे हो.



आर्यन: बस एकदम फिट. कल शायद डिस्चार्ज दे देंगे फिर वापस परसो से कॉलेज.



मीरा: खबरदार अगर तुमने 1 हफ्ते तक अपने रूम से कदम भी बहार रखा तोह.



आर्यन: तोह....



मीरा: तोह.. तोह मैं तुम्हारे टाँगे टॉड दूंगी.



मीरा की आँखे जो अब तक नाम थी अब उसके चेहरे पे एक मुस्कराहट आगयी थी.



आर्यन: चलो अच्छा है. अगर मेरे टाँगे तोड़ देने से तुम्हारे चेहरे पे हसी आती है तोह मुझे यह भी मंज़ूर है.



और वैसे तुम रो क्यों रही थी.



मीरा: मैं कहा रो रही थी.



आर्यन: अच्छा तोह तुम्हारी यह आँखे नाम क्यों थी.



मीरा: शायद आँखों में कुछ कचरा चला गया था. इसीलिए पानी आगया था. तुम मेरे कौन हो जो मैं रो दूंगी.



आर्यन: अच्छा.



मीरा: जी.



आर्यन: वैसे तुम्हे पता है कल मेरे एक्सीडेंट की रियल वजह क्या था.



मीरा: तुमने hi तोह अभी बताया.



आर्यन: ारी वह तोह आधा बताया. मेरे बैलेंस बिगड़ने की असली वजह तोह कुछ और hi था.



मीरा: क्या. क्या थी असली वजह.



आर्यन: एक्चुअली कल जब मैं बाइक चला रहा था तब में किसी के खयालो में घूम था. और मुझे कोई होश hi नहीं था. और बाइक स्पीड ब्रेकर में लगने से बैलेंस बिगड़ गया और मैं यहाँ पे आगया.



मीरा जब यह सुनती है तोह गुस्से से.



मीरा: क्या. कौन थी वह जरा मुझे नाम तोह बताओ जिसके वजह से तुम्हारी यह हालत होगयी. मैं उसे छोडूंगी नही



आर्यन: खबरदार अगर उससे कुछ कहा तोह.

वह तोह मेरे दिल में बस चुकी है. उससे कुछ करना या कहना मतलब मेरे से दुश्मनी करना.



मीरा: नाम आँखों से कौन है वह.



आर्यन: वह इतनी ख़ूबसूरत है. के जब उसको पहली बार देखा था तभी मेरा दिल उसका होगया था बूत मुझे यह पता hi नहीं चला.



दूसरी बार जब उससे मिला तब वह परेशानी में रो रही थी जिससे देख कर मुझे बहोत गुस्सा आया जिनके वजह से वह रोई थी. मैंने उनको बहोत मारा था. बूत तब भी मैं कंफ्यूज था.



फिर ऐसे hi हम मिलने लगे और मेरा कन्फूसिओं दुर्र होता गया. और जब कल उससे मेरी हालत का पता लगा वह तोह जैसे पागल hi होगयी थी और मेरा पूरा कन्फूसिओं दुर्र होगया.



मीरा का चेहरा ऐसा होगया था के वह अब बस रो hi देगी. फिर भी उसने खुद को कण्ट्रोल किया और पूछा



मीरा: क्या नाम है उसका और वह तुमसे मिलने नहीं आयी.



आर्यन: नाम जानके क्या करोगी. मैं तुमको मिलवा hi देता हु.



वह उस वाश रूम में है. जाओ और उससे बहार ले आओ. सब आगये थे तोह वह वह चुप गयी थी.



मीरा ने जब यह सुन्ना वह लड़की उससे पहले hi आर्यन से मिलने आगयी है और अभी भी है. तोह उसका दिल तोह जैसे धड़कना hi बंद होगया था. वह वह पत्थर के जैसे कड़ी थी. जैसे उसमे कोई जान hi ना बची हो.



आर्यन उसको हिला के बोलता है जाओ बुला लाओ.



मीरा बेमन से भरी कदमो के साथ वाशरूम के तरफ जाती है. उसके आँखों से आंसू बह रहे थी. वह उन्हें जितना पॉच रही थी. वह उतना बह रहे थी.



मीरा जब वाशरूम में एंटर करती है तोह पुरे वाशरूम के दीवारों में कांच लगे हुए थी. तोह वह वह किसी को नहीं पाती. सिर्फ वह पे अपना hi रेफ़्लेक्सशन दिख रहा था. मीरा यह देख ख़ुशी से झूम उठती है. मतलब आर्यन इतनी देर से जिस लड़की के बारे में बोल रहा था वह मैं हु. मतलब वह भी मुझसे प्यार करता है.



वह वाशरूम से बहार आती है भाग कर जाके लेते हुए आर्यन के गले लग जाती है.



आर्यन भी उसको अपनी बाहों में ले लेता है. तोह मिल लिया उससे लड़की से जिसने पहली hi मुलाकात में मेरा दिल अपने पास रख लिया.



मीरा: हां बूत वह बिलकुल भी ख़ूबसूरत नहीं है.



आर्यन: खबरदार अगर मेरी जान के बारे में कुछ भी कहा तोह.



मीरा: मैं तोह कहूँगी.



आर्यन: चलो सिर्फ तुम्हे hi परमिशन देता हु.



मीरा फिर अचानक उससे मरने लगती है.



आर्यन: ारी ारी मार क्यों रही हो. अब तुम्हे मेरी जान पसंद नहीं आयी तोह इसमें मेरी क्या गलती.



मीरा: बहोत मज़ा आता है ना तुम्हे मुझे रुलाने में मुझे परेशां करने में. यह कह के वह रोने लगती है.



आर्यन उसको वापस अपने सीने से लगा लेता है. और उसके बालों को सहलाने लगता है.



मीरा: तुम्हे पता है जब मैंने तुम्हारे एक्सीडेंट की न्यूज़ सुनी तोह उस वक़त मेरी क्या हालत थी. मेरे अंदर तोह जैसे जान hi नहीं बची थी. मैं तोह तभी यहाँ आना चाहती थी पर आंटी ने मन करदिया. पूरी रात पता नहीं कैसे कैसे ख्याल आरहे थे. 1 सेक् के लिए भी चैन नहीं आया मुझे.

जब यहाँ आयी तुम्हे सही सलामत देखा तब जाके दिल को सुकून मिला.



पर तुम तुम्हे तोह मेरी कोई परवाह hi नहीं है. यहाँ पर भी मुझे परेशां किया मुझे रुलाने लगे. यह सब उसने आर्यन के सीने में सर रख कर कहा था.



आर्यन: मुझे पता है मेरी जान के तुम कितना परेशां हुई हो. कितना रोई हो. और मैं भी पागल तुम्हे वापस रुला दिया. मुझे माफ़ कार्डो ी ऍम सॉरी.



मीरा: बस उसके सीने में सर रख बैठी रही. तुम्हे माफ़ी नहीं इसकी सजा मिलेगी. और सजा तुम्हारी यह है के तुम पुरे 1 हफ्ते सिर्फ रेस्ट करोगे. No college,no work,only रेस्ट.



अगर तुमने यह सजा अच्छे से कम्पलीट की तभी तुम्हारी माफ़ी को ग्रांट किया जाएगा.



आर्यन: यार यह 1 हफ्ता कुछ ज्यादा नहीं है



मीरा: कुछ बोलै तुमने.



आर्यन: नहीं नहीं मैं क्या बोलूंगा. मैं तोह बोल रहा था मुझे सजा मंज़ूर है.



मीरा: हम्म गुड बॉय. चलो बहोत बाते होगयी अब रेस्ट करो मैं बहार hi हु.



आर्यन: यही बैठ जाओ ना मेरे पास.



मीरा भी उसको चोर कर जाना नहीं चाहती थी.

इसीलिए वह वही पर बैठ गयी.



आर्यन बस उसको hi देखे जा रहा था



मीरा: ऐसे क्या देख रहे हो.



आर्यन: देख रहा हु कोई कितना ख़ूबसूरत है.



मीरा यह सुनके शर्मा जाती है. और उसके सीने में मुँह छुपा लेती है.



आर्यन भी उसको बाहों में भर लेता रहता है.



आर्यन: मीरा.



मीरा: हम्म.



आर्यन: मुझसे कितना प्यार करती हो.



मीरा: अपनी जान से भी ज्यादा.



आर्यन: कभी मुझे चोरोगी तोह नहीं.



मीरा: आखरी सांस तक नहीं.



आर्यन: अगर कोई मुझपे किसी तरह का कोई इलज़ाम लगाए और मैं उससे उस वक़त गलत साबित ना कर पाव तोह क्या तुम उस वक़त भी मेरा साथ दोगी.



मीरा: ऐसा क्यों बोल रहे हो. कोई ऐसा क्यों करेगा.



आर्यन: करने को तोह इंसान कुछ भी कर सकता है.



मीरा: अगर कभी भी ऐसी कोई सिचुएशन आती है तोह मैं हर वक़त तुम्हारे साथ रहेंगी. कभी भी तुम्हे अविश्वास नहीं करुँगी.



आर्यन आगे कुछ नहीं बोलता बस उसके बालों को सहलाने लगता है और मीरा भी उसके सीने में आँखे बंद कर सीने में सर रख कर बैठी थी.



कुछ देर यह लोग ऐसी hi बैठे थे तभी वह संजना आती है.



संजना: ारी यह हॉस्पिटल है. बैडरूम नहीं.



संजना की आवाज़ सुनते hi वह घबरा जाते है मीरा तेज़ी से उठ के कड़ी होजाती है. आर्यन भी करे उसे कुछ समाज नहीं आता.



संजना उनकी हालत देख हस्ती है और बोलती है रिलैक्स रिलैक्स घबराने की कोई जरुरत नहीं है मैंने कुछ नहीं देखा.



आर्यन और मीरा दोनों शर्माने लगते है.
 
हम्म.. सो चाहे कुछ भी हो जाए लेकिन नेहा अपने भाई का साथ कभी नहीं छोड़ेगी.. चाहे कितने भी मुस्किले पैदा न हो जाए...

ओह तो हीरो का नाम आर्यन रखा गया है... पंडित जी जो कह रहे थे.. उसके मुताबिक तो यही लगे की चाहे कुछ भी कर लो लेकिन बस आर्यन का विश्वास मत तोडना... मतलब साफ़ है की आगे चलके विश्वासघातिओ से सख्त नफरत करेगा आर्यन...

Let's सी व्हाट हप्पेंस नेक्स्ट

ब्रिलियंट अपडेट विथ अवेसमे राइटिंग स्किल्स :अप्प्लायसे: :अप्प्लायसे:
 
कहानी ने दूसरी औरर करवट ली है एक दुषरे दृस्य में यह दिखाया गया है की एक लड़के ने निस्वार्थ होक एक दम्पति की जान बचने के चक्कर में खुद की जान डाव पे लगा दिया... अब उस लड़के को बचने के लिए वो दम्पति कुछ ऐसी साइंस एक्सपेरिमेंटल फार्मूला उसके अंदर इंजेक्टेड किये है जिसके चलते शायद ये लड़का बच जाए...

हालांकि की डेंजरस है पर क्या करे जब सारे होप ख़तम हो जाए तो...

यह लड़का hi इस कहानी का हीरो ारायण है शायद..

पर फॅमिली से दूर, यहाँ करने आया था?

Let's सी व्हाट हप्पेंस नेक्स्ट

ब्रिलियंट अपडेट विथ अवेसमे राइटिंग स्किल्स राइटर साहब :अप्प्लायसे: :अप्प्लायसे:
 
सो फाइनली आर्यन को होश आ hi गया..

लगता है उस फार्मूला ले चलते आर्यन हर्कुलस जैसा बन गया है...

लेकिन इसकी आँखें नीली क्यों.... लाल हरे भी तो हो सकते थे

राइटर साहब ज़रा बताने की कास्ट करेंगे की आँखें नील hi क्यों हो गयी... लाल या हरे क्यों नहीं..

खैर let's सी व्हाट हप्पेंस नेक्स्ट

ब्रिलियंट अपडेट विथ अवेसमे राइटिंग स्किल्स राइटर साहब :अप्प्लायसे: :अप्प्लायसे:
 
कुछ तो ऐसा हुआ होगा जिसके चलते आर्यन अपने hi परिवार से अब बेहद नफरत करने लगा है.. शायद इसके चलते घर भी छोड़ दिया हो.. पर ख़ुशी की बात यह है की अब वो अकेला नहीं है संजय और संजना के रूप में माता पिता मिल गया है उसे..

इवन सबसे बड़ी बात तो यह है की संजय के पिता और आर्यन के दादा जी दोस्त थे..

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अरे डेट तेरी की :डोह:

अरे ट्रेनिंग ले लो फाइटिंग की पर अंडरग्राउंड फाइटिंग hi क्यों.... अरे बाबा पढ़ाई लिखैई पे ध्यान दो नए कॉलेज के साथ साथ नयी सुरुवात करो फिर पढ़ाई ख़तम होते hi अच्छे से सोच विचार करके बिज़नेस जगत में उतरो..

ख़म खा इधर उधर लड़ाई झगड़ा करने की क्या जरुरत :डोह:

ी थिंक वो लड़की इसकी कॉलेज फ्रेंड बनेगी.. :डी

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अरे यार कॉलेज गया नहीं के लड़ाई झगड़ा सुरु... अरे क्या जरुरत थी लड़ाई झगडे की....

ी मैं तो से एक बड़ा पत्थर उठके राहुल और उसके साथियो के सर पर दे मारता... अरे किस्सा hi ख़तम कर देना था एक hi बार में :डी... ये रोज रोज के झिक झिक कौन बर्दरस्त करे... :डी

ुरी बाबा कही नेहा उसकी बड़ी बहन नेहा तो नहीं.. :व्हाट1:

सौतेली बेटी या बहन से इतनी प्यार... ये बात कुछ हज़म न हुयी :डी

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मेरा दूसरा सवाल पोल्ल को लेकर है...

स्टोरी अच्छी है और आगे लिखना चाहिए :-- हां या ना

यदि स्टोरी अच्छी है और जवाब ना है की आगे न लिखिए तो क्या नहीं लिखेंगे... :?:

और यदि कहूं की अभी समझ में ना आया स्टोरी, नहीं पसंद आ रही ... लेकिन जवाब हां है की आगे लिखिए... तो क्या आगे लिखेंगे...

पूछने का मतलब है... खली हां या ना लिख देने से स्टोरी आगे बढ़ने पर फर्क पड़ेगा
 
हाँ पहले तो न न तो करना पड़ता hi है... यह जानते हुए भी के उसके दोस्त दोस्त उसके साथ जायेंगे जरूर :डी


अरे इसको प्रिंसिपल किसीने बनाया :ड्वार्फ:

बिना बात जाने परखे डिसिशन ले रहा है :ड्वार्फ:

अरे प्रिंसिपल के बच्चे है तो कुछ भी करेगा क्या कॉलेज में वो दोनों चिरकुट नेहा और राहुल..

ये नैनसफाफी है... ये न चोलबे इधर :ड्वार्फ:

अच्छा है की इस प्रिंसिपल ने डिसिशन बदल लिया वर्ण इसकी ऐसी की तैसी कर देनी थी रेवो से hi :डी






यह अच्छा है की दोनों दोस्त बहोत अच्छे है.. अच्छी सोच विचार के लिए हमेशा अच्छे दोस्त लोगइस की जरुरत होती है..


इस चुड़ैल नेहा की तो ऐसी की तैसी.. :बुटकिक:

आर्यन में यह एक बहोत अच्छा गन है की सुपरनैचरल पावर या इतना धनवान होते हुए ज़रा सा भी ऐटिटूड या ईगो नहीं उसमे..

Btw यह मीरा इतने सवाल जवाब कहे कर रही है :हँ: :डी

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