Romance भंवर (पूर्ण) - Page 53 - SexBaba
  • From this section you can read all the hindi sex stories in hindi font. These are collected from the various sources which make your cock rock hard in the night. All are having the collections of like maa beta, devar bhabhi, indian aunty, college girl. All these are the amazing chudai stories for you guys in these forum.

    If You are unable to access the site then try to access the site via VPN Try these are vpn App Click Here

Romance भंवर (पूर्ण)

Matlab laddu kahe man me fut raha wo tikram laga ke 2-4 ladki ko jod lega .. tootne kisi ko na dega.. koi aur dekhiye sar :D

:thanks: for your lovely respoand... Kahani ke sath bhi aur kahani ke baad bhi bane rahe :declare:
 
Hahaha .. kabhi kabhi kisi ki kismat main thoda kathor hokar likh deta hun sorry :D

:thanks: for your lovely respoand... Kahani ke sath bhi aur kahani ke baad bhi bane rahe :declare:
 
Ye budape ki dosti hai adrishi bhai ... Yahan b strong bond hoga .. :D

:thanks: for your lovely respoand... Kahani ke sath bhi aur kahani ke baad bhi bane rahe :declare:
 
Bechara jitni galti kiya tha uske.liye nahi pita Kabir .. lekin jo nahi kiya tha uske liye pit gaya :D.. hope u enjoy the kunjal .. get ready pradip aur gufy ki tarah aap ki entry bhi sunischit karta hun
 
Update:-82

हॉल में पहुंचते ही प्रकाश ने ध्रुव को बुलाया। ध्रुव प्रोजेक्ट की फाइल चेक करके कुछ देर के बाद उनसब के बीच पहुंचा, प्रकाश अपना रोष दिखाते हुए पूछने लगा… "साची और उस लड़के अपस्यु के बीच क्या चल रहा है?"

ध्रुव:- दोनों अच्छे दोस्त है, साथ पढ़ते है। उनके बीच और क्या चलेगा।

प्रकाश फिर वो क्लिप दिखाते हुए पूछने लगा… "फिर ये क्या है?"

ध्रुव:- कुछ मैटर पर अन बन होगी सॉल्व कर रहे होंगे। लेकिन आप इतना इंट्रेस्ट क्यों ले रहे है इन बातों में? अगर दोनों के रिश्ते में आप कुछ गलत ढूंढ़ रहे हो तो आप को शर्म आनी चाहिए डैड।

मेघा:- तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई डैड से ऐसे बात करने की?

ध्रुव:- ओह कम ऑन सीस, मेरे इतने अफेयर्स थे तब तो डैड कुछ नहीं बोले। आप के भी तो बॉयफ्रेंड्स थे तब कुछ नहीं बोले। दो अच्छे लोगों के बीच गलत रिश्ता ढूंढ़ने की कोशिश करेंगे, वो भी मेरी होने वाली बीवी के लिए, फिर मुझे माफ़ करना, मै ऐसे ही बात करूंगा। ये बात सब लोग जितनी जल्दी समझ जाए उतना अच्छा होगा। और जो भी बात हो आज ही सब क्लियर कर लो, मै दोबारा इसपर बात नहीं करूंगा।

हाड़विक:- प्लीज आप लोग आपस में बहस मत करो। सॉरी ध्रुव,

प्रकाश:- सॉरी बेटा, मै ये देखकर खुद को रोक नहीं पाया। वादा रहा अब दोबारा कभी फिर ये बहस नहीं होगी। वैसे कहां है तुम्हारा वो नया दोस्त, उसे भी बुलाओ यहां।

ध्रुव:- कहीं अब उससे तो इंक्वायरी नहीं करेंगे ना।

प्रकाश:- ध्रुव मुझे अब डाउट हुआ तो तुमसे पूछ लिया। तुम मेरे बेटे हो तुमसे नहीं पूछूंगा तो किससे पूछूं?

ध्रुव:- बात पूछने कि नहीं है डैड, लेकिन किसी की सर्विलेंस करना गलत बात होती है।

ध्रुव अपनी बात कहते हुए गेस्ट हाउस के ओर चला गया। अपस्यु बैठकर अब भी उस हाउस सर्वेंट से अपना ड्रिंक बनवा रहा था…. "टॉम, सर ने कितने पेग लिए"..

टॉम:- सर 12 पेग ले चुके है।

अपस्यु:- भाई अब ऐसा तो ना करो, पेग भी गिनती करवाओगे? कहीं जाते वक़्त बिल तो नहीं थमाने वाले?

ध्रुव:- यह अमेरिका है बेबी यहां कुछ भी फ्री नहीं मिलता।

अपस्यु:- भाई मुझे तुम होटल ही छोड़ आओ…

"हाहाहा, वो भी कर लेंगे, फिलहाल चलो, सब लोग तुम्हारा ही इंतजार कर रहे है।"…. ध्रुव ने हंसते हुए अपनी बात कही और उस हाउस सर्वेंट को हॉल में ही अपस्यु के लिए ड्रिंक सर्व करने बोला दिया।

अपस्यु ध्रुव के साथ उस हॉल में आया और सबको हाई हेल्लो करता हुआ वहीं सबके बीच बैठ गया। प्रकाश ने ही इधर-उधर की बातों से शुरवात किया, जिसपर अपस्यु उसे चिढ़ाते हुए कल रात के हादसों के बारे में पूछने लगा। प्रकाश उसकी बातों को टालते हुए, घुमा-फिरा कर अपना मुद्दा समझता रहा। अंत में अपस्यु जब देखा कि ज्यादा टाइमपास हो रहा है तब उसने सीधा ही पूछ दिया… "अंकल कोई काम हो तो आप सीधे भी बता सकते हैं, उसमे इतना घुमा-फीरा कर बात करने की क्या जरूरत है?

प्रकाश:- तुम भी सही हो, बात घूमाने से क्या फायदा.. बेटा मैं ये चाहता हूं कि तुम ध्रुव के पार्टनर बनो और इंडिया में हमारा ऑपरेशन देखो।

अपस्यु:- हाहाहाहा… केस नंबर 100067/68-09.. 2000 करोड़ का प्रोजेक्ट जिसपर सुप्रीम कोर्ट का स्टे है।

प्रकाश:- क्या बात है तुम्हारे पास तो पूरी डिटेल है।

अपस्यु:- अब इसपर स्टे लगाने वाले मेरे गुरुजी, सिन्हा जी। पब्लिक पटेशन वहां के लोकल एमपी का। मुझे तो हर बात पता है इस केस के बारे में।

प्रकाश:- ये हुई ना बात। फिर तो मै तुम दोनों के 50-50 के पार्टनरशिप के पेपर कल ही बनवाता हूं।

अपस्यु:- क्या अंकल मैनें कहा मै ये केस के बारे में जानता हूं, लेकिन मुझे पार्टनरशिप में कोई दिलचस्पी नहीं।

प्रकाश, थोड़ा हैरान होकर:- हम तुम्हे बिना मांगे 1000 करोड़ की पार्टनरशिप दे रहे है और तुम माना कर रहे हो। तुम अपने होश में तो हो ना।

अपस्यु:- अब मुझे नहीं करना पर्टनार्शिप, इसपर इतना जोर देने की क्या जरूरत है?

मेघा:- रहने दीजिए डैड इससे बात करने से कोई फायदा नहीं।

प्रकाश:- कमाल है, मैंने अपने बेटे कि दोस्ती को देखकर, तुम्हे भी अपना बेटे जैसा समझा। आज कल लोग 1000 रुपए के लिए भरोसा नहीं करते, मैंने 1000 करोड़ का भरोसा जताया। क्या तुम अपने दोस्त के लिए भी एक बार नहीं सोच सकते?

अपस्यु:- अंकल मैं यहां पर छोटा सा क्लैरीफिकेशन देना चाहूंगा… ध्रुव से मेरी अच्छी पहचान है जिसे दोस्त बोलता हूं। लेकिन ये मेरा वो दोस्त अभी तो नहीं जिसके लिए मेरी "ना" .. "हां" .. में बदल जाए..

ध्रुव:- अच्छा मै नहीं हूं ना, लेकिन साची बोल दे तो..

अपस्यु:- साची क्या लावणी से भी बुलवा दो… बोल दी तो मै राजी हूं…

ध्रुव साची को कॉल लगाते हुए थोड़ी सी फॉर्मल बातें किया फिर सारी बात समझाकर कहने लगा… "तुम जरा अपस्यु को कहो हमारी बात मान जाए। मै फोन स्पीकर पर डालता हूं।"

साची:- ध्रुव क्या तुम अपने दोस्त पीटर को कहोगे, की वो मेरा हिंदी का असाइनमेंट पूरा कर दे?

ध्रुव:- लेकिन वो ये कैसे करेगा?

साची:- तो फिर अपस्यु भी कैसे करेगा। मैं नहीं बात कर सकती उससे इस बारे में .. तुम जो काम कह रहे हो उसे आना भी तो चाहिए। अब वो मेरे साथ साहित्य पढ़ रहा है और तुम उसे सीईओ बना रहे हो। मना तो करेगा ही। सॉरी, तुम्हारी खुद उससे बात होती है सो खुद बात कर लो।

सब लोग उनकी बात सुन रहे थे। साची की बात सुनकर ध्रुव थोड़ा खुश भी था और अपने डैड के लिए दुखी भी। दुखी मन से ध्रुव कहने लगा… "रहने दीजिए डैड, सुन तो आपने भी लिया होगा।"

प्रकाश:- अपस्यु बेटा बस एक बात का जवाब दे दो…

अपस्यु:- जी अंकल प्लीज कहिए ना..

प्रकाश:- हमसे चूक कहां हो गई जो हम तुम्हारी बात को समझ नहीं पा रहे या फिर तुम हमारी बात नहीं समझ रहे? क्योंकि 1000 करोड़ की डील किसी को भी दू वो भी उसके बिना एक पैसा लगाए, तो वो मेरी आरती उतार लेगा..

अपस्यु:- सर यहीं आप चुक कर रहे हैं और शायद इसी सोच के साथ मेघा भी चूंक कर रही है। देखिए सर आप ने मुझे जाने बिना मुझे लेकर योजना बना लिए, कम से कम पूछ तो लेते की मै क्या चाहता हूं। अभी जो आप ने साची से सुना वो मै पहले से जानता था, इसका आसान सा कारन है कि मै अपने दोस्त को जानता हूं। ठीक वैसे ही आप कुंजल, ऐमी, मेरी मां या मेरे भाई से पूछ लीजिए मै उन्हें जनता हूं।

प्रकाश:- हम्मम ! सॉरी अपस्यु हम समझ गए तुम क्या कहना चाह रहे हो। अब मै तुमसे बस तुम्हारी राय जानना चाहूंगा, क्या वो प्रोजेक्ट इंडिया में मेरे बेटे को करना चाहिए और क्या इस प्रोजेक्ट में तुम उसकी मदद करोगे।

अपस्यु:- कॉस्मेटिक रॉ मेटेरियल की फैक्ट्री, 2000 करोड़ के लागत की, और समस्या पॉलिटिकल। कोई अनैतिक काम नहीं है यदि मै इस प्रोजेक्ट को शुरू करवाने में हेल्प करूं। आपका काम हो जाएगा सर, लेकिन ध्रुव को उसके लिए इंडिया आना होगा। और हां सब काम के अंत में मुझे मेरा मेहनताना 2 करोड़ मिल जाना चाहिए।

प्रकाश:- तुम भी कमाल के हो अपस्यु... वाकई जों काम बिल्कुल सीधा था उसे हम जबरदस्ती घुमा रहे थे। बस एक बात चुभ रही है उसका भी जवाब देते जाओ..

अपस्यु:- क्या सर?

प्रकाश:- तुम 1000 करोड़ के ऑफर को ठुकराकर ये 2 करोड़ के लिए क्यों काम कर रहे हों?

अपस्यु:- सर मेरे पास लगभग 400 करोड़ है और मार्केट में अपनी एक पहचान है। फ्यूचर को लेकर मेरी अपनी प्लैनिंग है, फिर मै किसी की पार्टनरशिप क्यों लूं। 2 रुपया कम कमा लूंगा लेकिन सुकून से अपना काम तो करूंगा। पार्टनरशिप नहीं चाहिए सर, बस सुकून की नींद चाहिए। अपना फंडा बहुत साफ है।

प्रकाश:- वाह क्या बात कही है..

मेघा:- आप लोगों का हो गया हो तो मै अपस्यु के साथ अपनी एक प्राइवेट मीटिंग कर लूं.. कल के कुछ प्लैनिंग है मेरे भी इसके साथ और मैंने भी डैड इसे आप के तरह ही डील किया था।

प्रकाश:- कौन सा डील?..

अपस्यु:- अंडरग्राऊंड फाइटिंग..

ध्रुव:- व्हाट, अंडरग्राऊंड फाइटिंग.. सीस आप ये इसे कहां फसा रही हो?

अपस्यु:- ध्रुव भाई आप बहुत भोले हो। कोई बिना मेरी मर्जी के काम करवा सकता है क्या? फिलहाल इजाज़त चाहूंगा, मुझे एक जगह जाना हैं। मेघा यदि बुरा ना मानो तो मैं एक पार्टी अटेंड कर आऊं फिर बात करते हैं उसपर..

मेघा:- मै इंतजार में हूं,..

अपस्यु अपनी बात कहकर निकल गया और उसी के साथ प्रकाश और मेघा बैठकर अपनी बेवकूफी पर हंस रहे थे, साथ में अपस्यु को नमूना बुलाते हुए कहने लगे… " आज भी ऐसे बेवकूफ हैं जो 1000 करोड़ को छोड़कर बस 2 करोड़ के पीछे परे रहते हैं।

ध्रुव उन सब की सोच पर हंसते हुए कहने लगा…. "हंसी आती है आब सबकी सोच पर। शायद किसी ने उसके लोंग टर्म विजन को नहीं देख पाया। हैरानी होती है आप सबकी बातों पर।"..

अपस्यु जिंदल हाउस से निकलकर सीधा उस दुकानदार की पार्टी में पहुंचा जिसने उसे इन्वाइट किया था। अपस्यु अमेरिकन कल्चर के हिसाब से अपने साथ एक सेमपैन की बॉटल लिए गया।

यह एक छोटी सी थैंकसगिविंग पार्टी थी जो अपस्यु को उस स्टोर मैनेजर ने दिया था, जहां उस स्टोर के मैनेजर के साथ उसकी बीवी भी थी। दोनों ने काफी खुशी जाहिर करते हुए अपस्यु का स्वागत किया। तीनों के बीच काफी देर तक बातों का सिलसिला चलता रहा। अपस्यु इन लोगों में मिलकर काफी हुआ, दोनों बहुत प्यारे और काफी रोमांटिक कपल थे।

अपस्यु बातों ही बातों में फिर अपनी छिपी फैंटेसी भी जाहिर करते हुए, उस स्टोर मैनेजर से अप्रत्यक्ष रूप से, बैट मैन की उस आेरीजनल सूट के बारे में पूछने लगा जिसकी उसे इक्छा थी। अपस्यु के इस सवाल पर वो स्टोर मैनेजर ने हंसते हुए बताया की "यह अमेरिका है, और यहां कुछ भी संभव है।"

अपनी बात कहता वो स्टोर मैनेजर कुछ घटनाएं बताना शुरू किया जहां कुछ सुपर हीरो के दीवानों ने ऐसे ही सूट को बनाने की कोशिश की थी। बातों के दौरान यह भी पता चला की लगभग वैसा सूट जैसा फिल्म में दिखाया गया है, वो तो संभव नहीं लेकिन अंधेरी गलियों में कुछ लोग हैं, जो कुछ खास मेटेरियल की ऐसी सूट तैयार कर सकते है, जिसे एक इंच के फासले से भी चलाया जाए तो वो सूट कई बुलेट की मार झेल जाएगा।

अपस्यु उसकी हर बात को ध्यान से सुनता रहा। कुछ देर तक इन्हीं विषयों पर बात करने के बाद किसी अन्य विषय पर चर्चा शुरू हो गई। तीनों ही बात करने के बाद डिनर किए और फिर अपस्यु उन दोनों से विदा लेते हुए जिंदल हाउस लौट आया।

अभी वो गेस्ट हाउस में पहुंचकर कपड़े बदला ही थी उसके दरवाजे पर दस्तक हुई और जैसे ही उसने दरवाजा खोला, सामने से 2 हॉट और क्यूट बला उसके कमरे में प्रवेश की और अपस्यु के इर्द गिर्द नाचकर उसे रिझाने लगी। इसी क्रम में उन दोनों ने एक-एक करके अपने बदन से कपड़े उतारती जा रही थी और दोनों आपस में ही काम-लीला कि कई सारे करतब करती जा रही थी।

अपस्यु दोनों को देखकर हसा और दोनों को वहां से अपने कपड़े उठाकर जाने के लिए बोल दिया। अपस्यु के ऐसा कहने के बावजूद भी दोनों उसके ऊपर आकर लिपट गई। अपस्यु ने दोनों को ही कुछ पैसे थामा दिए और शक्त वार्निंग देते हुए दोनों को बाहर का रास्ता दिखा दिया।

उन दोनों के जाने के थोड़े देर बाद ही मेघा उस गेस्ट हाउस में पहुंची। बिना कोई नॉक किए वो अपनी चाभी से दरवाजा खोलकर अंदर दाखिल हुई और दरवाजे को लॉक कर ही रही थी… "इसे चोरी से आना कहते है।"

अपस्यु अपने बिस्तर पर लेटा हुआ मेघा को देखकर कहने लगा.. मेघा उसके करीब आती अपने ऊपर से अपना ओवर काेट उतारकर नीचे फेकती हुई बिस्तर पर चढ़ गई… "आज चोरी के साथ सीनाजोरी भी होगा".. मेघा उसे आंख मारती हुई कहने लगी…

अपस्यु, फुर्ती से बैठकर मेघा को बिस्तर में पटक दिया और उसके ऊपर आकर अपने चेहरे को बिल्कुल उसके चेहरे के करीब ले जाते हुए कहने लगा… "यहां चोरी किसने की, और सीनाजोरी कौन करेगा, कुछ अंदाजा भी है तुम्हे"..

इतना कहते हुए अपस्यु ने उसके होंठ को काटते हुए उसे एक वाइल्ड किस्स किया। दोनों के होंठ पूरे गीले हो चुके थे और जीभ कामुक रसपान कर रहा था। किस्स के बीच में ही मेघा पलटकर ऊपर आ गई और अपस्यु के कमर पर बैठ कर अपनी ब्रा का हुक खोलती हुई कहने लगी… "यहां सीनाजोरी तो सिर्फ मेरी ही चलेगी"… कहते हुए मेगा अपस्यु के दोनों हाथ ऊपर उठाकर अपने स्तनों से टीका दी।
 
Update:-83

इतना कहते हुए अपस्यु ने उसके होंठ को काटते हुए उसे एक वाइल्ड किस्स किया। दोनों के होंठ पूरे गीले हो चुके थे और जीभ कामुक रसपान कर रहा था। किस्स के बीच में ही मेघा पलटकर ऊपर आ गई और अपस्यु के कमर पर बैठ कर अपनी ब्रा का हुक खोलती हुई कहने लगी… "यहां सीनाजोरी तो सिर्फ मेरी ही चलेगी"… कहते हुए मेगा अपस्यु के दोनों हाथ ऊपर उठाकर अपने स्तनों से टीका दी।

"उम्मम ! परफेक्ट साइज मेघा, लेकिन इस जोड़ आजमाइश में तुम कहीं पागल ना हो जाओ"… कहते हुए अपस्यु ने अपने दोनो हाथों की पकड़ मजबूत की, और स्तनों को हाथो में भरकर उसपर अपने मुट्ठी की जकड़ को धीरे-धीरे कसने लगा। मेघा बढ़ती पकड़ के साथ मज़े से छटपटाहट कि ओर बढ़ने लगी। हाथों की जकड़ इतनी मजबूत हो चली की स्तनों पर हाथ का दवाव मेघा से झेलना मुश्किल हो गया।

मेघा अपस्यु के दोनों हाथ पकड़ती स्तनों को छोड़ने की मिन्नतें करने लगी, लेकिन अपस्यु अपने ऊपर चढ़ी मेघा को पल भर में बिस्तर पर पटकते हुए उसके ऊपर बैठ गया और उसके वक्षों को अपने हाथ की कैद से आज़ाद करते हुए अपने टी-शर्ट को उतारने लगा। स्तन जैसे ही कैद से आज़ाद हुए वो पूरी तरह से लाल हो चुका था, ऐसा लगा जैसे स्तन जल रहा हो। मेघा अपने स्तन पर हाथ फेरती अपस्यु को देखने लगी।

अपस्यु बिल्कुल नंगे बदन मेघा के होठों को एक बार और चूमा, फिर नीचे आते हुए उसके पैंटी को निकालकर दोनों पाऊं को पूरा खोल दिया। मेघा अब भी अपने स्तनों को सहलाकर जलन कम करने की कोशिश कर रही थी इसी बीच उसकी तेज चींख निकल गई जब अपस्यु उसके क्लीट से खेलते हुए अपने नाखून से खुरच दिया।

अभी तो मेघा को मज़ा मिलना शुरू हुआ था और उसी बीच अपस्यु ने फिर से दर्द दे दिया। मेघा उठकर बैठ गई और अपस्यु को खींचकर एक थप्पड जड़ दी। अपस्यु मेघा की आखों में देखते हुए उसके बाल को अपनी मुट्ठी में भींचा और अपने होंठ उसके होंठ से लगा कर चूमने लगा। इस बार मेघा पलटवार करती अपस्यु के होंठों को इतना तेज काटी की अपस्यु अपने होंठ छुड़ाकर उसे धक्का देकर लिटा दिया और अपने लोअर को नीचे करके पूरे झटके के साथ अपना लिंग उसके योनि के अंदर डाल दिया।

मेघा इस झटके के लिए तैयार नहीं थी, उसे लगा जैसे योनि के अंदर लिंग बहुत ही जलिम तरीके से अंदर डाल दिया गया था, बिना योनि को तैयार किए। बिना गीली योनि में जब अपस्यु ने झटके में पूरा लिंग घुसेड़ दिया, मेघा की दर्द भरी सिसकी निकल गई और वो पूरी तरह से छटपटा गई। अपस्यु बिना रहम किए लिंग को पूरी तरह से झटके देनें लगा और मेघा हर झटके के साथ छटपटाती हुई सिसकती चली गई।

लेकिन अपस्यु बिना कोई रहम दिखाए हर झटके के साथ मेघा को सिसकियां निकलने पर मजबुर करता रहा। धीरे-धीरे झटकों और दर्द के बीच रोमांच भी आना शुरू हो चुका था। मेघा की सिसकियां अब सिक्सकरियों में तब्दील होना शुरू हो चुकी थी और इसी के साथ मेघा भी अपने कमर को हिला कर पूरे झटके का आनंद उठाने लगी।

अभी आंनद के पल शुरू ही हुए थे कि अपस्यु ने फिर से उसके स्तनों पर जोर आजमाइश शुरू कर दी। पहले के जकड़ से अब भी पूरा स्तन लाल ही था और उसपर पुनः अपस्यु ने एक बार और अपने दोनों हाथ की मजबूत जकड़ बनाते हुए अपने लिंग को पूरे जोश के साथ योनि के अंदर तक झटके मारने लगा।

ऐसा लग रहा था जैसे वो अपनी कमर को आगे पूरे जोश से झटके देने के लिए उसके स्तनों के पकड़ का ही पूरा सहारा ले रहा हो। मेघा दर्द और रोमांच के बीच पागल हो उठी। दर्द के साथ-साथ वासना कि लहर एक साथ उसके बदन में दौड़ने लगी और कुछ ही झटकों के बाद वो तेज-तेज चिल्लाती हुई फारिग हो गई।

लेकिन अपस्यु अब भी उसके स्तनों पर अपना पूरा पकड़ बनाए झटके देता रहा। मेघा अब और ज्यादा धक्के नहीं झेल सकती थी इसलिए वो अपस्यु के ओर देखती हुई मिन्नतें करने जैसी शक्ल बना ली। अपस्यु उसकी शक्ल देखकर हंसते हुए एक और तेज झटका मारा और अपने लिंग को बाहर निकालकर बिस्तर पर चढ़ गया।

मेघा बैठती हुई, खड़े अपस्यु के खड़े लिंग को अपने हाथ में लेकर उसे आगे पीछे करने लगी। थोड़ी देर वो अपने हाथों से उसके लिंग को आगे-पीछे की ही थी, कि अपस्यु उसके बाल को मुट्ठी में पकड़ कर भींचते हुए उसके चेहरे को अपने लिंग के ऊपर पूरा घूमने लगा। मेघा किसी गुलाम कि तरह अपने मालिक की मनसा को समझते हुए लिंग को पहली बार मुंह में ले ली। जैसे ही उसने लिंग को मुंह में ली, अपस्यु उसके बाल को पकड़ कर मुंह के अंदर ही झटके देने लगा।

लिंग के झटके मुंह में ऐसे थे जैसे दम घोंट रहा हो। लार से मेघा का मुह से लेकर छाती तक गीली हो चुकी थी और इसी बीच अपस्यु मुंह में झटका देते हुए उसके बालो को तेजी से भींचा और पूरा लिंग मुंह के अंदर डाले रहा। मेघा बहुत कोशिश की लिंग को बाहर निकालने की लेकिन अपस्यु तबतक अपनी जकड़ बनाए हुए था, जबतक वो पूरा ढीला परकर वहीं बिस्तर पर लेट नहीं गया।

अपस्यु के छोड़ते ही मेघा खांसती हुई सीधा वाशरूम में भाग गई। ना जाने कितनी देर तक वो गरारा करती रही। बदन उसका पूरा चूर हो चुका था वो सीधे अाकर अपस्यु के पास ही लेट गई… "उफ्फ !! जानलेवा था ये अपस्यु, आज से पहले मै कभी इतना नहीं टूटी।"

अपस्यु:- कल की बात करे, या रात भर सेक्स ही करना है।

मेघा:- नहीं अब हिम्मत नहीं बची। अब करोगे तो सेक्स नहीं मेरा रेप हो जाएगा।

अपस्यु:- हाहाहाहा… और करो सीनाजोरी।

मेघा:- माफ़ करो बाबा अब नहीं करना सीनाजोरी, खैर मै ये कह रही थी इस वक़्त मुझे पैसों की जरूरत है तो क्या तुम अपनी बेटिंग से साइड हो सकते हो, प्लीज..

अपस्यु:- अच्छा ! और इसमें मेरा क्या फायदा होगा।

मेघा:- 1000 करोड़ का फायदा दे तो रहे थे डैड तब तो नहीं लिया तुमने…

अपस्यु:- हां तो उसी 1000 करोड़ में से अपनी जरूरत भी पूरी कर लो। 5 मिलियन की बीटिंग करोगी, मेरे चेहरा देखकर तुम्हे शायद 3 गुना की बेटिंग मिले , हिसाब लगा लो 105 करोड़ के लगभग होगा।

मेघा:- मुझे अपनी गलतियों की वजह से 150 करोड़ का घाटा कंपंसेट करना है।

अपस्यु:- हम्मम !!! रकम 3 गुनी कर दो। 15 मिलियन कि बेटिंग लगाओ, और मुझे बस 62 करोड़ दे देना।

मेघा:- हीहीही.. मतलब तुम्हे भी पैसों की जरूरत है।

अपस्यु:- जरूरत किसे नहीं होती। यूएस ट्रिप में बहुत खर्च हो गए, अब जब फाइट लड़ रहा हूं तो प्रॉफिट निकाल कर ही जाएंगे। तुम बस जीत के बाद सुरक्षा इंतजाम देख लेना, यूएस में तो 1000 डॉलर के लिए लोग कत्ल कर देते है और हम बात कर रहे हैं लगभग 30 से 45 मिलियन की।

मेघा:- नहीं जीत की रकम हम 50-50 करेंगे.... तुम जैसे पार्टनर को नाराज करना गलती हो सकती है मेरी। रही बात सुरक्षा कि तो शिकागो में हमारे रास्ते कौन आएगा।

अपस्यु:- अब वन टाइम डील में क्या खुश करना और क्या ही नाराज करना मेघा, कल का काम खत्म और ठीक होने के बाद इंडिया वापसी।

मेघा:- डील वन टाइम से ही शुरू होती है, किसे पता ये रिश्ता कहां तक हमे पहुंचा दे।

अपस्यु:- हाहाहाहा.. घमंड से चतुराई तक.. क्या बात है। चलो गुड नाईट। एक अच्छी नींद ले लूं।

अगले दिन दोपहर के 2 बजे…

मेघा बिल्कुल जहरीली लूक में तैयार थी, बिल्कुल गुरूर में चूर एक लड़की जिसने अपने कपड़े और सेक्सी लुक के ऊपर काले रंग का चस्मा डाल रखा था। साथ में 8 गनमैन की एक टीम, एक बड़ी सी लिमो जिसके अंदर मेघा और अपस्यु थे, 4 गार्ड और 1 ड्राइवर के साथ 1 गाड़ी आगे और 1 गाड़ी पीछे चल रही थी।

8 लेन की सड़क से होते हुए गाड़ी फिर डबल लेन की सड़क पर पहुंची और फिर एक भीड़-भाड़ वाले इलाके से अंदर घुसते चले गए। थोड़ा और अंदर के ओर आते हुए गाडियां एक सुनसान गली में घुसी जिस गली में एक इंसान भी सड़क पर नहीं था। उस गली के पार्किंग में सारी गाडियां रुकी।

मेघा को लेने के लिए कुछ लोग पार्किंग के साइड डोर से पहुंच चुके थे। एक आदमी दरवाजा खोलते हुए अदब से झुका और "वैलकम" मैडम कहते हुए उससे उतरने का आग्रह करने लगा। मेघा लिमो से नीचे उतरी और अपने एक ड्राइवर के ओर बस वो अपनी गर्दन घुमाई और उस ड्राइवर ने वहां आए अभी लोगों को मुट्ठी भर पैसे थामा दिया।

मेघा का पुरा हुजूम उसके इर्द गिर्द था, मेघा और अपस्यु दोनों बीच से चल रहे थे.. पार्किंग के दरवाजे से दोनों जैसे ही अंदर हुए, वहां का संचालक खुद खड़ा था। मेघा ने अपस्यु के ओर इशारा की और वो आदमी अपस्यु को अपने साथ चलने का इशारा किया। अपस्यु को एक छोटा प्राइवेट रूम देते हुए वो कहता चला कि फाइट के लिए तैयार होकर अपने कॉल का इंतजार करे।

इधर मेघा अपस्यु को फाइटर रूम भेजकर खुद ऊपर चली आयी जहां मेघा के जैसे 8-10 लोग बैठे हुए थे और सामने चल रहे फाइट पर पैसा लगा रहे थे। मेघा भी चेयर पर बैठकर सिगरेट जलाई और उसका एक कस खींचती हुई कहने लगी…. "थॉमस हारने के लिए तैयार हो।"..

थॉमस:- लगता है अपनी पिछली हार का सदमा बर्दास्त नहीं कर पाई, पिछला फाइटर तो फिर भी ठीक था, इस बार ये चुजे को कहां से पकड़ लाई हो?

मेघा:- मै तो चुजा लाई हूं, तू तो शेर लाया है ना…

थॉमस फाइटर चेंबर के स्क्रीन को दिखाते हुए… "मैं शेर नहीं चिता लाया हूं वो भी 320 पाउंड का। ज़िकोब याद है ना, आज मेरे ओर से लडने वाला है। इसकी स्पीड, टेक्नीक और भीमकाय शरीर के आगे कहीं दम ना तोड़ दे तेरा चूजा।

मेघा:- साथ में पैसे तो लेकर लाया है ना थॉमस, पिछली बार गाड़ी तक छोड़कर जाना परा था।

थॉमस:- तुम्हे क्या लगता है मेघा तुम्हारा ये फाइटर रिंग में 1 मिनट से ज्यादा टिक पायेगा क्या?

मेघा:- ओह कम ऑन थॉमस, जाकर चिल्लर बटोर लाओ, वरना क्या फायदा इतने बेस्ट फाइटर को लड़वाने का जिसे तुम पैसे भी ना दे पाओ। या फिर कहीं से मां का यार उठा लाया है जो बिना पैसे के दिए ही लड़नेवाला है।

थॉमस:- वेट एंड वॉच डार्लिंग, अभी पता चल जाएगा कि ये किसके मां का यार है।

इतना कहकर थॉमस उठा और एक ग्लास टोस्ट करके मेघा और अपने फाइटर को दिखाते हुए कहने लगा.. "दोस्तों ओपन बेटिंग है 3 टाइम्स की। जो-जो मेघा के ओर से लगाना चाहते है उसके साथ चले जाए, बाकी सब मेरे साथ। कुछ ही देर में माहौल ही कुछ अलग था। थॉमस के साथ पैसे लगाने वाले लोग 30 मिलियन तक की बेटिंग लगा चुके थे, और मेघा के ओर से केवल इकलौता बंदा था।

इतने की बेटिंग देखकर मेघा को पसीने आने लगे। वो अपने साथ वाले आदमी से कुछ बातचीत की, मेघा उसके साथ 15 मिलियन ही लगाने के लिए तैयर थी, वो मेघा की चिंता को दूर करते हुए बेटिंग एक्सेप्ट करने बोल दिया। मेघा ने फिर दोबारा नहीं सोचा और बेटिंग एक्सेप्ट ली। दोनों पार्टी के 30 मिलियन डिपोजिट हो चुके थे और सबके चेहरे पर चिंता कि लकीरें दिखने लगी थी।

90 मिलियन की रकम, जीत का कोई एक दावेदार और श्वांस कई लोगों के अटके हुए। तभी नीचे की कमेंट्री बॉक्स से एक झन्नाटेदार अनाउंसमेंट हुई, नेक्स्ट फाइट के फाइटर की स्क्रीन डिस्पले होने लगी। रिंग के आसl-पास की भीड़ अपने चाहिते फाइटर को देखकर हूटिंग करने लगे, वहीं उसके विपक्षी की देखकर उल्टी प्रतिक्रिया दे रहे थे।

मैनेजमेंट बेटिंग काउंटर खुला और लोगों की भीड़ अपने चाहिते फाइटर की जीत सुनिश्चित कर चुकी थी। फाइनल बेटिंग रेट, 1 का 10 अपस्यु और दूसरे फाइटर ज़िकोब का 1 पर 1.20 का रेट था। बेटिंग का आलम ये था कि 1000 डॉलर अपस्यु पर लगे थे और 2 लाख डॉलर की बेटिंग जिकोब पर। वहां की मैनेजमेंट भी की मेघा को ही घूर रही थी जिसे अपने 40k डॉलर का नुकसान अभी से दिख रहा था।

अजीब सी म्यूज़िक, रौशनी कुछ देर के लिए बंद और आतिशबाजी के बीच जिकोब रिंग ने पहुंचा। लगभग सभी लोग का वो चहेता, और आज तो हर किसी ने उसपर ही पैसे लगाए थे.. भला अपने फाइटर के मनोबल बढ़ाने के लिए हूटिंग क्यों ना हो… पब्लिक पागलों कि तरह चिल्ला रही थी…

अब लोगों के नजरों के सामने से चला आ रहा था अपस्यु.. लोग एक बार जोकोब को देख रहे थे और एक बार अपस्यु को। दोनों को देखकर लोग तुलना करने लगे और ऐसा लग रहा था कि जियांट ट्रुक के सामने पिद्दी सी कार की भिड़ंत होने वाली है जिसके पुर्जे तो पहले से ढीले है… लोगों ने "बू, बू," करते हुए अपस्यु का स्वागत किया।

दोनों ही फाइटर एक केज के अंदर अामने-सामने थे। दोनों एक दूसरे को देख रहे थे जहां ज़िकोब अपस्यु को देखकर उसके फाइटिंग स्टाईल और उसकी स्पीड को देखकर अंदाजा लगाने की कोशिश कर रहा था कि ये कितना तेज हो सकता है और उसे कितना डामेज दे सकता है। और वहीं अपस्यु उसे देखकर बस यही सोच रहा था.. "ओवर कॉन्फिडेंस ले डूबी। बिना रोड चलाए इससे जितना संभव नहीं।"…
 
Jawab aap hi de dete na adrishi bhai :D bechari ko intzar karna pada :sigh2:

:thanks: for your mast wala feedback... Aise hi feedback dete rahiye ... :yay: :yay: :yay:
 
Aimee aur Apasyu ❤️ doni ki prem kahani to 2002 se chal rahi hai aur kahani 20014 me chal rahi hai .. :yo:... Baki sabke jakhmon ka hisab lega re ye devil group :yay: ab to team ke chahne wale bhi bahut badh gaye hain :)

:thanks: for your mast wala feedback... Aise hi feedback dete rahiye ... :yay: :yay: :yay:
 
It's theory aur possibility ho bhi sakta hai aur nahi bhi CG ... Bus dekhte rahiye aur aise hi batate rahiye ... :welcome1: CG

Special thanks to mention sachi and aapsyu event :hug:

:thanks: for your mast wala feedback... Aise hi feedback dete rahiye ... :yay: :yay: :yay:
 
Kya baat hai .. choti si baat me bahut kuch bata gaye bhai .. 🙇

:thanks: for your mast wala feedback... Aise hi feedback dete rahiye ... :yay: :yay: :yay:
 
Back
Top