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हॉल में पहुंचते ही प्रकाश ने ध्रुव को बुलाया। ध्रुव प्रोजेक्ट की फाइल चेक करके कुछ देर के बाद उनसब के बीच पहुंचा, प्रकाश अपना रोष दिखाते हुए पूछने लगा… "साची और उस लड़के अपस्यु के बीच क्या चल रहा है?"
ध्रुव:- दोनों अच्छे दोस्त है, साथ पढ़ते है। उनके बीच और क्या चलेगा।
प्रकाश फिर वो क्लिप दिखाते हुए पूछने लगा… "फिर ये क्या है?"
ध्रुव:- कुछ मैटर पर अन बन होगी सॉल्व कर रहे होंगे। लेकिन आप इतना इंट्रेस्ट क्यों ले रहे है इन बातों में? अगर दोनों के रिश्ते में आप कुछ गलत ढूंढ़ रहे हो तो आप को शर्म आनी चाहिए डैड।
मेघा:- तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई डैड से ऐसे बात करने की?
ध्रुव:- ओह कम ऑन सीस, मेरे इतने अफेयर्स थे तब तो डैड कुछ नहीं बोले। आप के भी तो बॉयफ्रेंड्स थे तब कुछ नहीं बोले। दो अच्छे लोगों के बीच गलत रिश्ता ढूंढ़ने की कोशिश करेंगे, वो भी मेरी होने वाली बीवी के लिए, फिर मुझे माफ़ करना, मै ऐसे ही बात करूंगा। ये बात सब लोग जितनी जल्दी समझ जाए उतना अच्छा होगा। और जो भी बात हो आज ही सब क्लियर कर लो, मै दोबारा इसपर बात नहीं करूंगा।
हाड़विक:- प्लीज आप लोग आपस में बहस मत करो। सॉरी ध्रुव,
प्रकाश:- सॉरी बेटा, मै ये देखकर खुद को रोक नहीं पाया। वादा रहा अब दोबारा कभी फिर ये बहस नहीं होगी। वैसे कहां है तुम्हारा वो नया दोस्त, उसे भी बुलाओ यहां।
ध्रुव:- कहीं अब उससे तो इंक्वायरी नहीं करेंगे ना।
प्रकाश:- ध्रुव मुझे अब डाउट हुआ तो तुमसे पूछ लिया। तुम मेरे बेटे हो तुमसे नहीं पूछूंगा तो किससे पूछूं?
ध्रुव:- बात पूछने कि नहीं है डैड, लेकिन किसी की सर्विलेंस करना गलत बात होती है।
ध्रुव अपनी बात कहते हुए गेस्ट हाउस के ओर चला गया। अपस्यु बैठकर अब भी उस हाउस सर्वेंट से अपना ड्रिंक बनवा रहा था…. "टॉम, सर ने कितने पेग लिए"..
टॉम:- सर 12 पेग ले चुके है।
अपस्यु:- भाई अब ऐसा तो ना करो, पेग भी गिनती करवाओगे? कहीं जाते वक़्त बिल तो नहीं थमाने वाले?
ध्रुव:- यह अमेरिका है बेबी यहां कुछ भी फ्री नहीं मिलता।
अपस्यु:- भाई मुझे तुम होटल ही छोड़ आओ…
"हाहाहा, वो भी कर लेंगे, फिलहाल चलो, सब लोग तुम्हारा ही इंतजार कर रहे है।"…. ध्रुव ने हंसते हुए अपनी बात कही और उस हाउस सर्वेंट को हॉल में ही अपस्यु के लिए ड्रिंक सर्व करने बोला दिया।
अपस्यु ध्रुव के साथ उस हॉल में आया और सबको हाई हेल्लो करता हुआ वहीं सबके बीच बैठ गया। प्रकाश ने ही इधर-उधर की बातों से शुरवात किया, जिसपर अपस्यु उसे चिढ़ाते हुए कल रात के हादसों के बारे में पूछने लगा। प्रकाश उसकी बातों को टालते हुए, घुमा-फिरा कर अपना मुद्दा समझता रहा। अंत में अपस्यु जब देखा कि ज्यादा टाइमपास हो रहा है तब उसने सीधा ही पूछ दिया… "अंकल कोई काम हो तो आप सीधे भी बता सकते हैं, उसमे इतना घुमा-फीरा कर बात करने की क्या जरूरत है?
प्रकाश:- तुम भी सही हो, बात घूमाने से क्या फायदा.. बेटा मैं ये चाहता हूं कि तुम ध्रुव के पार्टनर बनो और इंडिया में हमारा ऑपरेशन देखो।
अपस्यु:- हाहाहाहा… केस नंबर 100067/68-09.. 2000 करोड़ का प्रोजेक्ट जिसपर सुप्रीम कोर्ट का स्टे है।
प्रकाश:- क्या बात है तुम्हारे पास तो पूरी डिटेल है।
अपस्यु:- अब इसपर स्टे लगाने वाले मेरे गुरुजी, सिन्हा जी। पब्लिक पटेशन वहां के लोकल एमपी का। मुझे तो हर बात पता है इस केस के बारे में।
प्रकाश:- ये हुई ना बात। फिर तो मै तुम दोनों के 50-50 के पार्टनरशिप के पेपर कल ही बनवाता हूं।
अपस्यु:- क्या अंकल मैनें कहा मै ये केस के बारे में जानता हूं, लेकिन मुझे पार्टनरशिप में कोई दिलचस्पी नहीं।
प्रकाश, थोड़ा हैरान होकर:- हम तुम्हे बिना मांगे 1000 करोड़ की पार्टनरशिप दे रहे है और तुम माना कर रहे हो। तुम अपने होश में तो हो ना।
अपस्यु:- अब मुझे नहीं करना पर्टनार्शिप, इसपर इतना जोर देने की क्या जरूरत है?
मेघा:- रहने दीजिए डैड इससे बात करने से कोई फायदा नहीं।
प्रकाश:- कमाल है, मैंने अपने बेटे कि दोस्ती को देखकर, तुम्हे भी अपना बेटे जैसा समझा। आज कल लोग 1000 रुपए के लिए भरोसा नहीं करते, मैंने 1000 करोड़ का भरोसा जताया। क्या तुम अपने दोस्त के लिए भी एक बार नहीं सोच सकते?
अपस्यु:- अंकल मैं यहां पर छोटा सा क्लैरीफिकेशन देना चाहूंगा… ध्रुव से मेरी अच्छी पहचान है जिसे दोस्त बोलता हूं। लेकिन ये मेरा वो दोस्त अभी तो नहीं जिसके लिए मेरी "ना" .. "हां" .. में बदल जाए..
ध्रुव:- अच्छा मै नहीं हूं ना, लेकिन साची बोल दे तो..
अपस्यु:- साची क्या लावणी से भी बुलवा दो… बोल दी तो मै राजी हूं…
ध्रुव साची को कॉल लगाते हुए थोड़ी सी फॉर्मल बातें किया फिर सारी बात समझाकर कहने लगा… "तुम जरा अपस्यु को कहो हमारी बात मान जाए। मै फोन स्पीकर पर डालता हूं।"
साची:- ध्रुव क्या तुम अपने दोस्त पीटर को कहोगे, की वो मेरा हिंदी का असाइनमेंट पूरा कर दे?
ध्रुव:- लेकिन वो ये कैसे करेगा?
साची:- तो फिर अपस्यु भी कैसे करेगा। मैं नहीं बात कर सकती उससे इस बारे में .. तुम जो काम कह रहे हो उसे आना भी तो चाहिए। अब वो मेरे साथ साहित्य पढ़ रहा है और तुम उसे सीईओ बना रहे हो। मना तो करेगा ही। सॉरी, तुम्हारी खुद उससे बात होती है सो खुद बात कर लो।
सब लोग उनकी बात सुन रहे थे। साची की बात सुनकर ध्रुव थोड़ा खुश भी था और अपने डैड के लिए दुखी भी। दुखी मन से ध्रुव कहने लगा… "रहने दीजिए डैड, सुन तो आपने भी लिया होगा।"
प्रकाश:- अपस्यु बेटा बस एक बात का जवाब दे दो…
अपस्यु:- जी अंकल प्लीज कहिए ना..
प्रकाश:- हमसे चूक कहां हो गई जो हम तुम्हारी बात को समझ नहीं पा रहे या फिर तुम हमारी बात नहीं समझ रहे? क्योंकि 1000 करोड़ की डील किसी को भी दू वो भी उसके बिना एक पैसा लगाए, तो वो मेरी आरती उतार लेगा..
अपस्यु:- सर यहीं आप चुक कर रहे हैं और शायद इसी सोच के साथ मेघा भी चूंक कर रही है। देखिए सर आप ने मुझे जाने बिना मुझे लेकर योजना बना लिए, कम से कम पूछ तो लेते की मै क्या चाहता हूं। अभी जो आप ने साची से सुना वो मै पहले से जानता था, इसका आसान सा कारन है कि मै अपने दोस्त को जानता हूं। ठीक वैसे ही आप कुंजल, ऐमी, मेरी मां या मेरे भाई से पूछ लीजिए मै उन्हें जनता हूं।
प्रकाश:- हम्मम ! सॉरी अपस्यु हम समझ गए तुम क्या कहना चाह रहे हो। अब मै तुमसे बस तुम्हारी राय जानना चाहूंगा, क्या वो प्रोजेक्ट इंडिया में मेरे बेटे को करना चाहिए और क्या इस प्रोजेक्ट में तुम उसकी मदद करोगे।
अपस्यु:- कॉस्मेटिक रॉ मेटेरियल की फैक्ट्री, 2000 करोड़ के लागत की, और समस्या पॉलिटिकल। कोई अनैतिक काम नहीं है यदि मै इस प्रोजेक्ट को शुरू करवाने में हेल्प करूं। आपका काम हो जाएगा सर, लेकिन ध्रुव को उसके लिए इंडिया आना होगा। और हां सब काम के अंत में मुझे मेरा मेहनताना 2 करोड़ मिल जाना चाहिए।
प्रकाश:- तुम भी कमाल के हो अपस्यु... वाकई जों काम बिल्कुल सीधा था उसे हम जबरदस्ती घुमा रहे थे। बस एक बात चुभ रही है उसका भी जवाब देते जाओ..
अपस्यु:- क्या सर?
प्रकाश:- तुम 1000 करोड़ के ऑफर को ठुकराकर ये 2 करोड़ के लिए क्यों काम कर रहे हों?
अपस्यु:- सर मेरे पास लगभग 400 करोड़ है और मार्केट में अपनी एक पहचान है। फ्यूचर को लेकर मेरी अपनी प्लैनिंग है, फिर मै किसी की पार्टनरशिप क्यों लूं। 2 रुपया कम कमा लूंगा लेकिन सुकून से अपना काम तो करूंगा। पार्टनरशिप नहीं चाहिए सर, बस सुकून की नींद चाहिए। अपना फंडा बहुत साफ है।
प्रकाश:- वाह क्या बात कही है..
मेघा:- आप लोगों का हो गया हो तो मै अपस्यु के साथ अपनी एक प्राइवेट मीटिंग कर लूं.. कल के कुछ प्लैनिंग है मेरे भी इसके साथ और मैंने भी डैड इसे आप के तरह ही डील किया था।
प्रकाश:- कौन सा डील?..
अपस्यु:- अंडरग्राऊंड फाइटिंग..
ध्रुव:- व्हाट, अंडरग्राऊंड फाइटिंग.. सीस आप ये इसे कहां फसा रही हो?
अपस्यु:- ध्रुव भाई आप बहुत भोले हो। कोई बिना मेरी मर्जी के काम करवा सकता है क्या? फिलहाल इजाज़त चाहूंगा, मुझे एक जगह जाना हैं। मेघा यदि बुरा ना मानो तो मैं एक पार्टी अटेंड कर आऊं फिर बात करते हैं उसपर..
मेघा:- मै इंतजार में हूं,..
अपस्यु अपनी बात कहकर निकल गया और उसी के साथ प्रकाश और मेघा बैठकर अपनी बेवकूफी पर हंस रहे थे, साथ में अपस्यु को नमूना बुलाते हुए कहने लगे… " आज भी ऐसे बेवकूफ हैं जो 1000 करोड़ को छोड़कर बस 2 करोड़ के पीछे परे रहते हैं।
ध्रुव उन सब की सोच पर हंसते हुए कहने लगा…. "हंसी आती है आब सबकी सोच पर। शायद किसी ने उसके लोंग टर्म विजन को नहीं देख पाया। हैरानी होती है आप सबकी बातों पर।"..
अपस्यु जिंदल हाउस से निकलकर सीधा उस दुकानदार की पार्टी में पहुंचा जिसने उसे इन्वाइट किया था। अपस्यु अमेरिकन कल्चर के हिसाब से अपने साथ एक सेमपैन की बॉटल लिए गया।
यह एक छोटी सी थैंकसगिविंग पार्टी थी जो अपस्यु को उस स्टोर मैनेजर ने दिया था, जहां उस स्टोर के मैनेजर के साथ उसकी बीवी भी थी। दोनों ने काफी खुशी जाहिर करते हुए अपस्यु का स्वागत किया। तीनों के बीच काफी देर तक बातों का सिलसिला चलता रहा। अपस्यु इन लोगों में मिलकर काफी हुआ, दोनों बहुत प्यारे और काफी रोमांटिक कपल थे।
अपस्यु बातों ही बातों में फिर अपनी छिपी फैंटेसी भी जाहिर करते हुए, उस स्टोर मैनेजर से अप्रत्यक्ष रूप से, बैट मैन की उस आेरीजनल सूट के बारे में पूछने लगा जिसकी उसे इक्छा थी। अपस्यु के इस सवाल पर वो स्टोर मैनेजर ने हंसते हुए बताया की "यह अमेरिका है, और यहां कुछ भी संभव है।"
अपनी बात कहता वो स्टोर मैनेजर कुछ घटनाएं बताना शुरू किया जहां कुछ सुपर हीरो के दीवानों ने ऐसे ही सूट को बनाने की कोशिश की थी। बातों के दौरान यह भी पता चला की लगभग वैसा सूट जैसा फिल्म में दिखाया गया है, वो तो संभव नहीं लेकिन अंधेरी गलियों में कुछ लोग हैं, जो कुछ खास मेटेरियल की ऐसी सूट तैयार कर सकते है, जिसे एक इंच के फासले से भी चलाया जाए तो वो सूट कई बुलेट की मार झेल जाएगा।
अपस्यु उसकी हर बात को ध्यान से सुनता रहा। कुछ देर तक इन्हीं विषयों पर बात करने के बाद किसी अन्य विषय पर चर्चा शुरू हो गई। तीनों ही बात करने के बाद डिनर किए और फिर अपस्यु उन दोनों से विदा लेते हुए जिंदल हाउस लौट आया।
अभी वो गेस्ट हाउस में पहुंचकर कपड़े बदला ही थी उसके दरवाजे पर दस्तक हुई और जैसे ही उसने दरवाजा खोला, सामने से 2 हॉट और क्यूट बला उसके कमरे में प्रवेश की और अपस्यु के इर्द गिर्द नाचकर उसे रिझाने लगी। इसी क्रम में उन दोनों ने एक-एक करके अपने बदन से कपड़े उतारती जा रही थी और दोनों आपस में ही काम-लीला कि कई सारे करतब करती जा रही थी।
अपस्यु दोनों को देखकर हसा और दोनों को वहां से अपने कपड़े उठाकर जाने के लिए बोल दिया। अपस्यु के ऐसा कहने के बावजूद भी दोनों उसके ऊपर आकर लिपट गई। अपस्यु ने दोनों को ही कुछ पैसे थामा दिए और शक्त वार्निंग देते हुए दोनों को बाहर का रास्ता दिखा दिया।
उन दोनों के जाने के थोड़े देर बाद ही मेघा उस गेस्ट हाउस में पहुंची। बिना कोई नॉक किए वो अपनी चाभी से दरवाजा खोलकर अंदर दाखिल हुई और दरवाजे को लॉक कर ही रही थी… "इसे चोरी से आना कहते है।"
अपस्यु अपने बिस्तर पर लेटा हुआ मेघा को देखकर कहने लगा.. मेघा उसके करीब आती अपने ऊपर से अपना ओवर काेट उतारकर नीचे फेकती हुई बिस्तर पर चढ़ गई… "आज चोरी के साथ सीनाजोरी भी होगा".. मेघा उसे आंख मारती हुई कहने लगी…
अपस्यु, फुर्ती से बैठकर मेघा को बिस्तर में पटक दिया और उसके ऊपर आकर अपने चेहरे को बिल्कुल उसके चेहरे के करीब ले जाते हुए कहने लगा… "यहां चोरी किसने की, और सीनाजोरी कौन करेगा, कुछ अंदाजा भी है तुम्हे"..
इतना कहते हुए अपस्यु ने उसके होंठ को काटते हुए उसे एक वाइल्ड किस्स किया। दोनों के होंठ पूरे गीले हो चुके थे और जीभ कामुक रसपान कर रहा था। किस्स के बीच में ही मेघा पलटकर ऊपर आ गई और अपस्यु के कमर पर बैठ कर अपनी ब्रा का हुक खोलती हुई कहने लगी… "यहां सीनाजोरी तो सिर्फ मेरी ही चलेगी"… कहते हुए मेगा अपस्यु के दोनों हाथ ऊपर उठाकर अपने स्तनों से टीका दी।