Sarjoo ki Incest Story - A family Incest Saga - Page 2 - SexBaba
  • From this section you can read all the hindi sex stories in hindi font. These are collected from the various sources which make your cock rock hard in the night. All are having the collections of like maa beta, devar bhabhi, indian aunty, college girl. All these are the amazing chudai stories for you guys in these forum.

    If You are unable to access the site then try to access the site via VPN Try these are vpn App Click Here

Sarjoo ki Incest Story - A family Incest Saga

अपडेट 11

उस घर के रूल्स कुछ ऐसा ाव्रतों ने बनाया था के हर एक दिन एक बहु किचन को ोकुप्य करें. तो एक दिन धानंद की वाइफ दिन भर किचन में, सब कुछ वही पकाती और परोसती पुरे परिवार को, दूसरे दिन रमेश की बीवी की बारी थी वह सब पकती और सर्वे करती सब को, तीसरे दिन पायल की बारी होती… जिस दिन जिस बहु की रसोई में रहने का टर्न होता उस दिन कोई भी दूसरी बहु या सास किचन में बिल्कुल कदम नहीं रखते! यह उन् लोगों का अपना बनाया हुवा रीत tha…aur सब फॉलो करते थे, बस सिर्फ सैटरडे और संदेस को घर की मालकिन याने सासु माँ किचन में रहती थी और उस्सकी बारी में कोई भी हेल्प कर सकती थी…

मगर रसोई के अंदर किसी भी मर्द को जाने का हक़ था, किसी भी मर्द को कोई रोक नहीं था. अगर कोई रिलेटिव्स या फ्रेंड्स ायें तो जिस बहु का रसोई में रहने का दिन है वही उस मेहमान को सर्वे करती, कोई और नहीं, वह मेहमान चाहे किसी बहु का hi क्यों न हो.

अब जिस दिन रसोई में नहीं रहना होता था तो फ्री बहुवें दिन भर या तो कुछ सिलाई करते, या दिन भर टीवी सेरिअल्स देखते या शॉपिंग वग़ैरा को जाते…. मगर जीन दिनों पायल फ्री होती थी वह तो अपना वक़्त अपने सरजू के साथ बिताती क्यों के हु सिर्फ दो साल का था तब….

धानंद मौके के तलाश में उस दिन का इंतज़ार करता जब उस्सकी पत्नी किचन में होती, वह भी पीक टाइम पर जब पकाना होता था तब धानंद पायल के कमरे में टाक झांक किया करता था…. और मौका पाते hi अंदर घुस जाता था पकड़ा पकरि के लिए…. कभी कभी तो पायल हँसते हुवे कमरे से बाहर दौड़ती चली जाती थी…..

और एक दिन पायल इस बात से बहोत हैरान हो गयी जब दूसरे भाई रमेश ने पायल से एक ेंख मारा! उस दिन पायल को रमेश के कमरे में सरजू को लेने जाना पड़ा था. सरजू कुछ नटखट कर रहा था वापस अपनी माँ के पास जाने को, तो रमेश ने पायल को कहा के वह खुद आकर सरजू को लेजाएं…. जब पायल कमरे में गयी तो रमेश बिस्तर पर बनयान में लेता हुवा था और सरजू उसी बिस्तर पर खेल रहा था अपने चाचा के पास. रमेश की बीवी उस दिन किचन में थी. तो धानंद की बीवी तो उस के साथ अपने कमरे में था तो धानंद को कोई मौका नहीं मिला था पायल के करीब जाने का, इस लिए पायल ने उस को नहीं देखा….

जब पायल रमेश के बिस्तर पर से सरजू को लेने के लिए झुकी तो उस्सकी ब्लाउज में से बूब्स बाहर जैसे निकलना चाहते थे और रमेश की नज़र उस पर पारी.. उस वक़्त पायल को एहसास हुवा के रमेश उस्सको देख रहा है, तो पायल ने नज़र उठाकर उस्सको देखा तब रमेश ने एक ेंख मारा पायल को एक नटखटी स्माइल के साथ…. पायल हमेशा की तरह मुस्कुरायी और सरजू को लेकर जाने लगी तो रमेश के कहा, “अति सुन्दर नारी!!” पायल का दिल ज़ोरों से द्वारका और तेज़ी के साथ वह वापस चली गयी अपने कमरे में सरजू को लिए….

अब पायल सोच में पर गयी मैं hi मैं सोचने लगी ‘किआ हो रहा है इस घर के मर्दों को भला!! क्यों सब मुझको चेर रहे हैं!!” यह सोच कर वह खुद मुस्काई और अपने आप को आईने में देखने लगी और खुद अपने जिस्म को निहारने लगी…..

तो बे कॉन्टिनोएड……….
 
अपडेट 12

घर की सभी सदस्यों के नाम डिटेल्स में याद दिला देता हूँ, क्यों के हर एक चरक्टेर्स के अपने रोल्स होंगे इस में.

पायल और उस्का हस्बैंड राजें

सर्वानंद पायल का ससुर उस्सको गिरजानंद भी बुलाते थे- राजें का बाप

सावित्री पायल की सास- राजें की माँ.

धानंद राजें का पहला बड़ा भाई

पूनम- धानंद की पत्नी, उन् का एक बीटा रोशन जो 16 साल का था जब पायल शादी होक ेयी घर में… और धानंद की एक बेटी भी है, कोयल जो 12 साल की है.

रमेश- राजें का दूसरा बड़ा भाई. उस्सकी पत्नी का नाम है पद्मिनी- और उस के भी दो बचे हैं जो सरजू से खेला करते थे ज़्यादा तर…. बच्चों के नाम हैं राजू और कुंती जो 8 और 6 साल के हैं.

तो शुरू शुरू में पायल कुछ सेहमी सेहमी सी रहती जब नयी नवेली दुल्हन बनकर आयी थी घर में…. दूसरे बहुओं ने उस्सको सब से घुल मिलाया और अब तो वह बिल्कुल घर की एक परमानेंट मेंबर बन गयी थी जैसे हमेशा से यहीं रहती हो.

हाँ तो उस दिन जब रमेश ने पायल को चेरा और अपने कमरे में वापस जाकर पायल अपने आप को निहार रही थी आईने में…. सरजू बीएड पर अपनी माँ को देख रहा था, छोटा बचा था उस वक़्त वह. पायल ने दरवाज़ा बिना लॉक किये आईने के सामने अपनी ब्लाउज को ज़रा ऊपर करके अपनी पथ की और कमर पर खुद हाथ फेर रही थिस और कसमसा रही थी खुद आईने के सामने….. साथ साथ रमेश की बातों को याद कर रही थी उस ने कहा था , “अति सुन्दर नारी!” धीरे धीरे पायल ने अपने हाथों को अपनी छाती तक लगाई और अपने ब्रा के ऊपर बूब्स को मसल रही थी अपनी होंठों को डेंटों टेल दबाये…..

पर उधर से रमेश ने जब देखा के पायल हंसती हुवी अपने कमरे में वापस गयी सरजू को लिए तो रमेश ने सोचा, ‘ बहोत हॉट है यह छोटी बहु हमारी घर की…. कहीं कुछ चांस तो मिलेगी इस के साथ…. बहोत कूल लगती है, चलो कुछ तरय करता हूँ, राजें तो अभी काम से वापस नहीं आया है और पत्नी मेरी तो व्यस्त हैं रसोई में.. बचे दोनों टीवी के सामने ेंख गराये बैठे हैं, तो मैं क्यों अकेला बैठूं कमरे mein…chalo सरजू से खेलने के बहाने पायल के कमरे में जाता हूँ धीरे धीरे…..’

तो बे कॉन्टिनोएड.............
 
अपडेट 13

रमेश धीरे से पायल की कमरे की दरवाज़े की हैंडल घुमाया और अंदर घुसते hi उस्सकी नज़र पायल पर पड़ा जब पायल ने अपना ब्लाउज ऊपर उठाया हुवा था और ब्रा पर अपनी हाथों को रागढ रही थी…. जब पायल ने आईने में से hi रमेश को देखा तो लाल होगयी और झट से अपना ब्लाउज नीचे किया मगर ब्लाउज के दो बटन्स खुल गए थे जिस वजह से उस्सकी क्लीवेज ज़्यादा hi नज़र आरहे थे…. पायल का दिल ज़ोरों से धड़क रहा था और उस ने जल्दी से बीएड पर बैठ कर सरजू को बाँहों में ले लिया जैसे के वो एहि करने वाली थी…. रमेश दरवाज़े पर hi खड़ा एक स्माइल के साथ पायल को घर रहा था… पायल परेशान हो गयी थी और अलफ़ाज़ नहीं थी उस वक़्त उस के पास कुछ भी कहने को, क्यों के लज्जा के मरे वह कुछ कम्प भी रही थी, उस्सको पता नहीं था कब से रमेश वहां खड़ा उस्सको देख रहा था… और वह मैं hi मैं सोच रही थी के किश किश बदन के हिस्से को रमेश ने देखा होगा और किन एक्शन्स को उस ने देखा जो आईने के सामने वो कर रही थी… यह सब सोच कर पायल को बहोत गरम मेंसूस हुई और शर्म के मरे लाल हो गयी और पसीना छूट पड़ा उस के माथे से….

रमेश आहिस्ते आहिस्ते बीएड की तरफ बररहा, और पायल के पास बैठ गया.. पायल लम्बी लम्बी सांसें ले रही थी और सरजू को ज़ोर से बाहों में जकरा था उस waqt…ab सरजू ने अपने चाचा को पास आते हुए देख कर माँ की गॉड में उछलने लगा और हाथ बढ़ाया अपने चाचा के पास जाने को जैसे हर बचा करता है किसी अपने को पास एते देख कर…. पायल संभल hi नहीं पाया सरजू को और तब तक रमेश ने हाथ बढ़ा दिया उस्सको लेने के लिए और इस बार रमेश ने भी बिल्कुल वैसा hi किया जो धानंद किया करता है… उस ने भी अपने हाथों को पायल के बूब्स पर ज़ोर से जान बूझकर दबाया और सरजू को लेने के बजाए अपने हाथों को कुछ देर वहीँ जमाये रखा… जब तक के पायल खुद कड़ी होगयी सरजू को उसस्के हाथों में देते हुवे…..

रमेश एक शैतानी मुस्कान को अपने होंठों पर सजाये पायल की नज़रों में घूरता जा रहा था और धानंद से एक हाथ आगे निकला यह वाला भाई, इस ने तो पायल को एक हाथ से कमर को पाकर कर अपने बदन पर खिंच hi लिया और अपने मुहं को पायल के मुहं पर दबाया चूमने के लिए….. एक हाथ में सरजू था दूसरे में सरजू की जवान 18 साल की माँ, रमेश एक दम खड़ा हो गया था और उस का लुंड पायल के जांघों पर रागढ रहे थे… पायल ने अपना मुहं एक तरफ की और रमेश की मुहं पायल के गाल पर पड़ा तो रमेश ने वहीँ चाटना शुरू कर दिया… उस्सने गाल से लेकर पायल के गले तक अपना जीब फेरा और पायल बिना कुछ बोले, लाल पीली हो रही थी, मोटा मोटा पसीना के बूंद उसस्के माथे से टपक रहे थे और उस का दिल तेज़ रफ़्तार से धड़क रहा था और बस इतना hi उस्सकी ज़ुबान से निकली, “नहीं चोरो प्लीज…” और इतना कहते रमेश ने चोर दिया तो पायल दौड़ते हुवे कमरे से निकली और लाउन्ज में बच्चों के साथ बैठ गयी टीवी देखने के बहाने…… पायल अपना पसीना पांच रही थी और अपने एक हाथ को अपनी छाती पर दबाये अपनी दिल की धड़कन को खुद महसूस कर रही थी….. और खुद समझ नहीं रही थी के किआ उस्सको यह पसंद आया या नहीं……

तो बे कॉन्टिनोएड………………….
 
अपडेट 14


उस दिन के बाद पायल को दो दो मर्दों से बचना पर रहा tha…kabhi धानंद से तो कभी रमेश se…Ab धानंद को पता नहीं था के रमेश भी पायल से फ़्लर्ट कर रहा है और रमेश को पता न था के उस का बड़ा भाई उस से पहले पायल पर नज़र रखता है…… तो इन् दोनों में से कौन पहले कामयाब हुवा पायल को बिस्तर पर लाने में? मुझे भी अभी पता nahin…likhtey लिखते खुद पता चल जाएगा (लौघ्स)

अब हर रोज़ तो घर में सब लोग रहते थे अगर ाचा मौका मिलता भी तो ज़्यादा से ज़्यादा किआ होता सिर्फ जोड़ा जोरि और चाँद चुम्बन या छाती ! तो कैसे आगे बढ़ा जाये ये दोनों भाई अपने अपने मैं में सोचा करते थे. दोनों को यह लगता था के पायल उन् को बिस्तर तक पोहोंचने degi…Paayal के नखरों से और अदाओं से तो एहि अंदेशा होता था दोनों ko…ab वह थी तो सिर्फ 18 की, और दो साल हुवे थे पहले मर्द से सम्बन्ध किये हुवे…. दोनों धानंद और रमेश एहि सोचते थे के उस्सने शादी से पहले राजें से सेक्स करवा ली थी तो मतलब के वह आसानी से हाथ अति होगी, और हॉट भी ज़्यादा होगी इस लिए वह सोचते थे के इन् को भी आसानी से मिल जाएगी…..

तो अब आगे देखते हैं कैसे मामला आगे बहरता है. एक रात को यूँ हुवा के सरजू अपने दादा के बिस्तर पर सोगया जब सब परिवार टेलीविज़न पर फीचर फिल्म देख रहे थे. दादा को फिल्म पसंद नहीं आया तो वह सरजू के लेकर सोने चला गया. अब सरजू को भी नींद लग गया और दादा को भी.

लाउन्ज में बैठे सब लोग जब भी फिल्म देखते तो धानंद और रमेश के नज़र पायल पर रहता ज़्यादा tar….aur पायल भी रह रह कर दोनों मर्दों के तरफ देखती अपने पति से नज़रें बचते हुवे…. पायल को पता था के वह दोनों उस्सको हर वक़्त देखा करते हैं…. ख़ास कर जब पायल की स्कर्ट ज़रा घुटने के ऊपर होता हो और वह अपने पैरों को सोफे के ऊपर मोड़कर बैठती थी… धानंद ने कई बार पायल के पास बैठने की कोशिश की, मगर हर बार या तो एक तरफ राजें होता था और दूसरे तरफ कभी कोयल या कभी रोशन और नहीं तो रमेश के छोटे बच्चे बैठ जाते थे….

मगर उस दिन धानंद को मौका मिल hi गया पायल के पास बैठने को क्यों के कोयल जो वहां बैठी थी उठ कर अपनी माँ के पास चली गयी….. तो एक तरफ पायल का पति राजें था और एक तरफ धानंद, बीच में पायल….. 3 घंटे की फिल्म थी और तीनों घंटे धानंद ने अपना हाथ पायल की जंग पर, कभी कमर में, कभी स्कर्ट के नीचे जंग के अंदर, उँगलियों को पायल की पंतय चुने की koshish….Paayal ज़्यादा हिल दोल भी नहीं सकती थी नहीं तो राजें नोटिस कर्जता, तो पायल को चुप चाप रहना पड़ा और ख़ामोशी से धानंद के हाथ पर कभी अपना हाथ रखती उस्सको ज़्यादा अंदर हाथ डालने से रोकने के लिए, कभी उस के हाथ पर हलके से अपना नाख़ून दबती, और मुस्कुराती….. वग़ैरा वग़ैरा…. अब सब चोरी चोरी चुपके चुपके किया जा रहा था…..

तो बे कॉन्टिनोएड................
 
अपडेट 15

पायल कभी कभार रमेश को भी तकती थी के वह कुछ नोटिस तो नहीं कर रहा हो…. न पायल को पता चला न धानंद को मगर रमेश ने सब कुछ अछि तरह से देखा…. रमेश उन् दोनों की हरकतों के देखकर अपने लुंड को हाथों से दबाये फिल्म देखता और जब जब वह देखता के उस का बड़ा भाई का हाथ पायल के स्कर्ट के नीचे उस्सकी जांघों पर है तो रमेश का मैं करता था के उसी वक़्त पायल को छोड़ें….. वह ये भी सोच रहा था के दोनों बड़े भाइयों से वह फ़्लर्ट करती है और मुस्कुराती रहती है जब उस्सकी प्राइवेट पार्ट्स को चुवा जा रहा ho…matla के वह चाहती है के दोनों मर्दों से छुड़वाए मगर सही वक़्त नहीं मिलता था उस घर में ….. रमेश बेकाबू हो रहा था उन् दोनों को देखते हुवे…. वह सोच रहा था के काश उस्सकी पत्नी उस वक़्त वहां नहीं होती, उधर धानंद भी सोच रहा था के काश उस का पत्नी मइके गे होती!!

मगर उस रात को कुछ ज़्यादा हैं हनी वाला था दोस्तों…… पायल को किसी और नए एनकाउंटर से गुज़ारना था उस रात को….. तो वह किआ था? चलो देखते हैं….

फिल्म ख़तम हनी के बाद, लाइट्स ों किया गया लाउन्ज में, सब अपने अपने कमरे में गए, धानंद की उँगलियाँ पायल की पैंतीस पर बहोत देर तक फेरता रहा और धानंद ने फील किया के उस्सकी ऊँगली भीगा हुवा है, याने के पायल भीग गयी थी नीचे और उस्सकी पंतय बिलककोल भीग गयी थी धानंद के रागढ से…. धानंद ने ऊँगली को मुहं में लेकर चूसा और पायल को दिखाया, पायल हंसी यह देख कर क्यों के उस को पता था के उस्सकी पंतय बिल्कुल भीग गयी है…

अब राजें को बहोत नींद ारः था और वह सीधे बिस्तर पर जाकर सोगया और पायल को कहा, “सरजू पिताजी के साथ शायद सोगया होगा, उस्सको लादेन और उस्सकी पालने में सुला देना.” पायल ने अपनी निघ्त्य पहनी, और वेट कर रही थी के सब लोग जो बाथरूम गए हैं वापस ए तो वह भी बाथरूम से निकलते वक़्त सरजू को लेने जाएगी.

मगर जब पायल निकली सब लाइट ऑफ देखा तो, उस ने देखा के उस्सकी सास बाहर जा रही है … पायल ने पुछा कहाँ जारही है रात के सरेह ग्यारह बजे, तो सास ने जवाब दिया आहिस्ते से, “पदोष में एक पूजा है ज़रा होकर अति हूँ थोड़ी देर में.” पायल को हैरानी हुवी के इतने रात को क्यों जारही है बुढया!! अब सास फिल्म देखने की शौकीन थी इस लिए पूजा को शुरू से मिस किया अब आखरी वक़्त में मुहं दिखने के लिए चली जाती है….

तो पायल बाथरूम से होकर धीरे धीरे चलते हुवे ससुर के कमरे के तरफ गयी…. पायल सोच रही थी के अगर उस वक़्त धानंद या रमेश ने उस्सको अकेली देख लिया तो उस्सको छोड़ेंगे nahin…woh बिल्कुल आहिस्ते आहिस्ते चल कर जा रही thi….aur ससुर के कमरे में पोहोचते hi ‘उफ़’ की आह निकली पायल ने.

पायल यह देख कर बिल्कुल चाहोंक गयी के उस्का ससुर नहीं सोया था बल्कि बिस्तर पर ेंखें खुला वेट कर रहा था……!!

तो बे कॉन्टिनोएड…………..
 
अपडेट 16

पायल ने सोचा था के वह नींद में होगा और वह सरजू को आहिस्ते से बिस्तर से उठा लेजएयगी. क्यों के पहले कई बार ऐसा हुवा था जब के सरजू सो गया हो अपने दादा के पास रात को और बाद में पायल वहां जाकर सरजू को नींद में उठा लायी हो… हाँ मगर हर बार जब पायल ने सरजू को वैसे वहां से उठाया हो तो दादा तो गहरी नींद में हुवा करता था…. और हाँ नींद में hi सही कई बार पायल को बिस्तर पर झुकना पड़ा था सरजू को उठाने के लिए और उस का जिस्म दादा पर किसी न किसी तरह चुवा था कई बार पहले जब यह एक्शन्स किये थे पायल ने सरजू को उठाने के वक़्त. अब पायल हमेशा सोचती रही के दादा नींद में होता था….. मगर अस्सल में दादा को पता होता था जब भी वह सरजू को लेने को अति थी और नींद का बहाना करता था और पायल की बदन की खुशभू और उस्सकी टच महसूस करने केलिए hi वह सरजू को अपने कमरे में सुलाने के लिए ले जाया करता था…. एक बार तो दादा ने झूट मूठ नींद में अपने हाथ को पायल के जांघ पर रखा जैसे के वह नींद में करवट बदल रहा हो…. उस वक़्त पायल ने सोचा के बूढ़ा नींद में करवट बदल रहा है और एक्सीडेंट से उस का हाथ उस्सकी जिस्म पर गया… लेकिन दादा ने तो जान बूझ कर वैसा किया था…. और हमेशा दादा सरजू को बिस्तर के दूसरे साइड में सुलाता था, और वह खुद बाहर वाली साइड में सोता ताके जब पायल सरजू को लेने ए तो उस को दादा के बदन पर से अपनी बाहों को पसारे सरजू को उठाये, उस दौरान दादा जी खूब पायल की जिस्म को निहारा करता था, पायल की छाती दादा के मुंह पर से होकर, बाँहों को फैलाये सरजू के तरफ जाते थे उस वक़्त दादा को बहोत hi मज़ा अत था, क्यों के हर रात को पायल निघ्त्य में अति थी और बिना ब्रा pehney…to दादा जी को सब नज़र अत था और वह एक्साइट हुवा करता था……. एक रात को तो पायल की चूचियां बूढ़े के नाक और होंठ सेर रागढ गए थे जिस वक़्त पायल झुकी थी सरजू को लेने के लिए, और एक रात पायल को बीएड पर घुटनों के बल ऊपर जाना पड़ा था, इस लिए के बूढ़े ने जान बूझ कर सरजू को कुछ दूरी पर सुलाया था ताके पायल के हाथ न पहुंचे और उस्सको ऊपर बीएड पर आना पड़े सरजू को लेने के लिए… तो जब पायल बीएड पर गयी घुटनों के बल उस वक़्त पायल की जांघ पूरा के पूरा दादा के मुंह के पास था और दादा ने अपना होंठ चुवा था हलके से पायल की जांघों par….tab भी पायल ने सोचा था के नींद में उस ने वैसा किया था…… अब सब सोचेंगे के उस वक़्त दादी कहाँ रहते थे…… दादी टीवी की दीवानी थी और रात देर तक टीवी देखा करती थी

तो बे कॉन्टिनोएड…………………….
 
अपडेट 17

अब इस रात को तो सास पूजा में गयी हुवी थी और ससुर को पहले से hi पता था के उस्सकी पत्नी टीवी देखने के बाद पूजा में जाने वाली है और वह अकेला होगा अपने कमरे में तो उस ने भी कुछ दिमागं में प्लान कर लिया था पायल को लेकर…. बूढ़े का इंटरेस्ट पायल के अवर तब से बढ़ा जब से उस्सकी जिस्म उस से बेडपर रात को चुवा, ससुर ने सोचा अगर एक 18 साल की खूब सूरत जवान लड़की के साथ कुछ टाइम बिताया जाये अपने बीएड पर रात को तो कितना मज़ा आएगा… उस को भी लगता था के पायल को वह पा सकता है… वह भी इस बात को लेकर एक्साइट हुवा करता था के पायल 16 साल की उम्र में उस के bête के साथ सेक्स कर लिया था तो वह समझता था के पायल को बहोत जिस्म की गर्मी है और हो न हो पायल धीरे धीरे उस्सको खुश करदेगी…..

तो अब आते हैं इस जगह जहाँ पायल ने देखा के उस्का ससुर बीएड पर बैठा इंतज़ार कर रहा है. पायल ने अपने दोनों हाथों को अपने छाती पर लगाया और धीरे धीरे उस के बीएड के अवर बढ़ती गयी और मुस्कुराते हुवे पुछा, “आप आज नहीं सो रहे हैं पिताजी?” तो ससुर ने एक छोटी सी मुस्कान में कहा, “आज नींद नहीं आरही है रे बेटी, छाती में एक दर्द सा है….” तब तक पायल बीएड के करीब पोहोंच गयी थी और कड़ी थी ससुर के करीब और कहा, «किआ मैं दबा दूँ जहाँ दर्द हो रहा है? » तो बूढ़े ने कहा “कहाँ कहाँ दबाएगी बेटी पूरा शरीर दर्द में डूबा है, जाने दे, बस थोड़ी देर मेरे साथ बैठ कुछ गपे शेप मरलेते हैं…. »

पायल ससुर के बगल में बैठ गयी बीएड पर और उस्सकी निघ्त्य जो घुटने तक थी बैठने के वजह से थोड़ा ऊपर उठ गयी और ससुर की नज़र पायल की उस खूबसूरत जांघ की शुरुवात पर थे उस वक़्त….. ससुर सिर्फ एक लुंगी में था, ऊपर कुछ नहीं पहना था गर्मी की वजह से, उस के छाती पर सफ़ेद बाल भरे हुवे थे और पायल की नज़र उस पर गए और उस ने कहा, « चलो मैं आप की छाती को ज़रा दबा देती हूँ शायद आप के दर्द काम होजाये! » तो ससुर ने एक लम्बी सांस चोर्तेय हुवे कहा, «चाह ठीक है तू कहती है तो ठीक है… » तो पायल ने कहा आप लेथ तो जाइये ऐसे अपने पीठ पर….. »
 
अपडेट 18

और ससुर अपने पीठ पर लेता और पायल ने तकिये को अपने ससुर के सर के निचे ठीक किया… जब वह ये कर रही थी तो बूढ़ा पायल की बाज़ुओं के नीचे वाला हिस्सा देख रहा था और पायल की चूचियां साफ़ नज़र आरहे थे उस पतली सी निघ्त्य mein….tab पायल की नज़र ससुर की नज़र पर पड़ी और पायल ने देखा के वह किआ देख रहा है, और पायल ने सिर्फ एक मुस्कान छोड़ी और अपने होंठों को डेंटों में दबाया…. वह भी सोच रही थी, “बूढ़ा ठरकी लगता है!!” और मैं hi मैं मुस्काई वो…

अब ससुर के छाती को दबाना था तो कैसे अपनी छाती को छुपाती वह? ज़मीन पर कड़ी, बीएड के पास पायल ने दोनों हाथों को ससुर के छाती पर मसलने लगी…. बूढ़ा ने जब पायल के मुलायम हाथों को अपने जिस्म पर फील किया तो उस्का खड़ा होगया लुंगी के निचे…. अब वह कैसे छुपता? अगर पायल की नज़र लुंगी पर जाती तो उस्सको साफ़ दिखती के बूढ़ा खड़ा होगया है….. बूढ़ा कोशिश में लगा था अपने लुंड की ऊंचाई छुपाने में मगर उस को पता नहीं था के कैसे किआ करें… और पायल झुकी हुवी थी उस के छाती पर तो पायल के बूब्स दोनों दो खूसूरत सेब की तरह गोआल गोआल लटकते हुवे नज़र आरहे थे उस्सकी निघ्त्य में, और बूढ़ा उत्तेजित होता जा रहा था…. पायल बूढ़े की छाती दबती गयी हाथों को दोनों तरफ मसलते हुवे…..

तब ससुर ने धीरे से एक हाँथ से पायल का एक हाथ पकड़ा और कहा, «थोड़ा निचे भी मसल दे बेटी »…. और पायल का हाथ नीचे अपने पथ की तरफ पोंछाया…. पायल ने होंठों को डेंटों में दबाये हुवे एक हाथ को ससुर के पथ पर धीरे धीरे सेहलायी….. तो कुछ देर बाद ससुर ने फिर पायल की उसी हाथ को दोबारा पकड़ा और पायल से यह कहते हुवे, “ज़रा और निचे बेटी बहोत चाह लग रहा है यार…” पायल की हाथ को और निचे पोंछाया करीब उस के लुंड तक…..
 
अपडेट 19

पायल की नज़र तब बूढ़े की लुंगी के उस भाग पर पड़ा जहाँ एक ऊचाई थी लुंड की खड़ा होने की वजा se…Paayal का दिल ज़ोर से धड़का और उस ने अपना हाथ खिंच लिया…. और छाती भी दबाना चोर दिया और कहा के, “मैं अब चलती हूँ, सरजू को लेने दो अब…” तो वह सरजू को लेने के लिए बिस्तर पर झुकी तो ससुर ने अपनी दोनों बाहों में पायल को जाकर लिया तो पायल बेकाबू होकर ससुर के पूरा बदन पर लेथ गयी, और बूढ़े ने पायल को चूमना शुरू किया…. मगर पायल हैरान, उस के जक्कर से निकलने की कोशिश कर रही थी और कहा, “पिताजी, यह आप किआ कर रहे हैं, छोड़िये मुझे, उफ़, छोड़िये भी नाह!!” मगर ससुर चोर्ने वाला कहाँ था, बहोत जल्दी से उस ने पायल की निघ्त्य को ऊपर उठाया और पायल की चुतर पर अपना बड़ा बड़ा हाथ मसलने लगा और अपना जीब पायल के गालों पर तो कभी गले पर और कभी तो होंठों पर फेरता गया…. पायल ने झपटा झपटी में फील किया के ससुर का लुंड उस्सकी जांघों के बीच में एक गरम गोश्त की तरह रागढ रहा है… जब पायल ने मूढ़ कर देखा तो बूढ़े ने लुंगी को निकाल बाहर फेका था और उस्का मोटा लम्बा लुंड पायल के जांघों के बीचो बीच रागढ रहा था…… पायल ने तेज़ी से सांसें लेते हुवे कहा, “पिता जी, ऐसा मत करो, कोई आसक्त है…. किआ होगा अगर किसी ने देख लिया तो? प्लीज आप मुझे छोड़ें, प्लीज यह ठीक नहीं है….” दोनों जैसे दो बचे लड़ते दिखाई देते हैं वैसे लग रहे थे बीएड पर कभी पायल उसस्के ऊपर तो कभी ससुर पायल के ऊपर, कभी बूढ़ा पायल के मुंह में अपना जीब तुस्ता हुवा तो कभी पायल की जांघों के बीच अपना जीब फेरता हुवा, दोनों बीएड पर निचे ऊपर, इधर उधर, मचल रहे थे…. वैसे जोड़ा जोड़ी में पायल की निघ्त्य एक दम ऊपर उठी हुवी, पूरा पंतय और कमर जांघों साथ बाहर दीखता हुवा, फिर निघ्त्य का एक स्ट्राप कंधे के नीचे और बूढ़े के मुंह में पायल का एक ब्रैस्ट चुस्त हुवा और पायल कसमसाती हुवी बूढ़े के सर को ज़ोरों से अपनी छाती पर दबाये हुवे ेंखों को नशीले किये हुवे पायल जैसे किसी और दुन्या में खो रही हो… अपने आप को ससुर को समर्पण करते हुवे दिखाई देती है…..

तो बे कॉन्टिनोएड…………………….
 
अपडेट 20

अब उधर रमेश को नींद नहीं आरही thi…woh धीरे से बाहर निकला जब उस्सकी पत्नी सगाई तो….. लाउन्ज में धीरे धीरे चलते हुवे पायल के कमरे के तरफ जा रहा था….. जब उस ने देखा के उस्का बड़ा भाई कैसे पायल के ड्रेस के अंदर अपना हाथ दाल रहा था टीवी देखते वक़्त तो उस से रहा नहीं गया वह उसी वक़्त पायल को छोड़ना चाहता था….. उस्सको पूरा यकीन था के अब पायल छुड़वाने देगी क्यों के जिस तरह बड़े भाई से अपनी जांघों को सेहलवा रही थी टीवी देखते वक़्त उस से पूरा पता चलता है के यह पायल बहोत हॉट है और बहोत मज़ा देगी वो….

अब उधर से धानंद भी जाग उठा और धीरे से बाहर आया पायल hi की तलाश में… दोनों भाइयों को पता था के जिस तरह से राजें सोता है वह एक hi नींद में सुबह को उठता है…. तो दोनों बड़े भाइयों ने इसी रात को सोचा के पायल को उस्सकी बिस्तर से उठा कर छोड़ेंगे….

मगर न धानंद को पता था के रमेश भी बाहर है ना hi रमेश को पता था के धानंद भी अन्य वाला है….. मगर जब रमेश पायल के कमरे के तरफ जा रहा था तो अपने पिता के कमरे में उस्सको आवाज़ें सुनाई दी…. जैसे एक ाव्रत सेक्स करते वक़्त तृप्ति है वैसा आवाज़ सुनाई दिया ussko…to वह अपने बाप के कमरे के दरवाज़े पर रुक गया और सुनने laga…tab तक धानंद वहां आगया और दोनों भाई एक साथ मिलकर सुनने लगे….

रमेश ने धीरे से धानंद को कहा, “मैं पायल को छोड़ना चाहता हूँ bhai…kayi दिनों से उस्सको तरय कर रहा हूँ, वह ज़रूर देगी…. और मैं ने आज सब देखा जो तुम ने किया उस के साथ टीवी देखते वक़्त…. तो धानंद ने कहा “चलो ठीक है. एक साथ मिलकर छोड़ेंगे ussko…to चलो उस के कमरे में यहाँ किआ कर रहे ho?...pita जी अब तक मम्मी को छोड़ता है… 60 साल का होगया है अब भी खड़ा होता है budha…hahahaha”

तो दोनों बहोत hi संभालते हुवे रमेश के कमरे में गए और सोचा के पायल को उठा कर लाउन्ज में लेजाकर छोड़ेंगे…. मगर दोनों शॉकेड हो गए जब देखा के ना तो पायल और न hi सरजू कमरे में हैं… तुरंत दोनों भाइयों ने एक दूसरे को देखा और दोनों को समझ में आगया के पायल उन् के पिता के कमरे में है… दौड़ते हुवे दोनों पिता के कमरे तक पहुंचे और आहिस्ते से दरवाज़े का हैंडल घुमाया और देखा एक लाइट नाईट लैंप जल रही थी और पायल के मुंह में उन् के पिता का लुंड था…… पायल बिस्तर पर घुटनों पर थी और ससुर भी घुटनों पर था और अपना लुंड पायल के मुंह में अंदर बाहर कर रहा था……

धानंद ने बहोत आहिस्ते से एक सांस छोड़ते हुवे कहा, “साला मैं महीनों से तरय कर रहा हूँ इस्को छोड़ने को और हमारा बाप हाथ मार गया हम से पहले!! कमाल है!!” रमेश ने कहा, “हाँ भाई!! पिताजी ने दिखा दिया के यह हमारा बाप hi है!!”

तो बे कॉन्टिनोएड………………..
 
Back
Top