Saurya - ek youdha (Completed) - Page 2 - SexBaba
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Saurya - ek youdha (Completed)

अपडेट-10

अब तक

मैं अपने रूम म नींद क इंजेक्शन की वजह स सूया हुआ था .

आगे


ये बात जब डैड ,बॉबी अंकल और फूफा जी को पता चली तो आपने सारे काम छोड़ क्र वो सभी घर आ gaye.Shilpa दीदी भी बड़े गुस्से म घर आ रही थी पर अचानक वो कही गायब हो गयी . तिया , तान्या और Saifali(isko अब म गुड़िया लिखूंगा ताकि किसी को कन्फूसिओं न हो )

को कुछ भी बताया नहीं गया मेरे इस हालत ka.Sabhi घर पहुंचे तो उन्हें मेरे ऐसे रोने क बारे म बताया.

बॉबी अंकल - हमें जल्दी स पता करना होगा की ये उस फार्मूला क वजह स है या कुछ और .

डैड -है तुम्हारी बात बिलकुल सही है हमें जल्दी स उस डिवाइस का उसे करना होगा.

मौसा - कौन सा डिवाइस

फूफा- विक्रम ये डीप और सैफअली न उस फार्मूला को और उसके इफेक्ट्स को चेक करने क लिए एक डिवाइस बनाया था ये दोनों उसी की बात कर रहे है.

मौसा- ok तोह उस डिवाइस को उसे करो

बोब्वय अंकल अपने रूम की तरफ निकल गए डिवाइस लेन के लिए.

करीब 20 मिनट बाद वो वापस आये पर उनके हाथ म कुछ भी नहीं था बस होठो प एक मुस्कान लिए वो सौर्य क पास गए और सौर्य क बाल प्यार स सहलाने लगे.

किसी को यह देख कुछ समाज नहीं आया .

मौसा - अरे बॉबी क्या हुआ चेक क्र न इससे कही वो फार्मूला कोई नुकसान न पंहुचा दे.

बॉबी - इससे कुछ नहीं हुआ ह आप लोग (लेडीज को ) कुछ ज्यादा hi सोच रहे थे पर फिर भी शुद्दा तुमने ठीक किया जो इससे नींद क दवा दे दी वर्ण पता नहीं ये कितनी देर रूट रहता.

सब- मतलब ?

बॉबी- अभी मुझे इसके दोस्त का फ़ोन आया था वो बता रहा था की जब ये दोनों कार ड्राइव करना सिख रहे थे तो गलती स इनकी किसी दूसरे कार क साथ टक्कर हो गयी . वो कार कोई लड़की चला रही थी उसने इन दोनों को खूब खरी खोटी सुनने और पुलिस कम्प्लेन की धमकी भी दी बस फिर क्या दोनों दर गए और पता नहीं क्या - क्या सोच लिया सायद इसी कारन ये घर आते hi रोने लगा. मुझे नहीं पता था की ये पुलिस की बास्त सुन इतना दर जाता है.

यह बात सुन सभी को हैरान हो गए क्यू की ऐसा कभी हुआ hi नहीं क सौर्य इतना दर गया फिर भी सभी ने इस बात को मान लिया पर सभी को अब गुस्सा आ रहा था की एक लड़की की वजह स सौर्य इतना रोया.

माँ- पता नहीं कोण होगी वो कामिनी जिसकी वजह स मेरा बीटा इतना रोया म तो घबरा hi गयी थी.

मासी - मेरा भी यही हाल था दीदी अगर कभी वो चुड़ैल मुझे मिल जाये तो उसकी टाँगे तोड़ दूंगी.

अभी ये लोग बाते कर hi रहे थे क रूम म सैफअली दीदी आती है वो बड़ी hi खुश नज़र आ रही थी आते hi.

दीदी- अरे अब क्या आप लोग यही रहोगे डिनर की तैयारी भी करो मैं इसके पास रूकती हु जब ये जागे गए तो मैं इससे सब समझा दूंगी.

फूफा - क्या समझा डौगी सैफअली इससे.

दीदी- अरे वही की अब इससे ड्राइविंग म सिखाऊंगी और किसी स भी इतना नहीं डरना चाहिए.

बुआ- तुझे कैसे पता इन सब क बारे म

दीदी- वो.. वो... है माँ आप जब आप लोग बात क्र रहे थे तो मैं बहार hi थी मैंने सब सुन लिया अब आप सब जाओ मैं इसका ख्याल रखती हु.

बुआ- पहले आपने तो ख्याल रखना शिख इत्ती बड़ी हो गयी है अभी तक चाय बन्ननी भी नहीं आती.

Didi-Moooommm ! मैं शिख लुंगी आप लोग जाओ .

दीदी ने सभी को जबरदस्ती रूम स बहार कर दिया और फिर गेट लगा क मेरे बीएड प आ गयी.

दीदी- अब आये हैं आप हाथ मैं और आज तो मैं आपको छोडूंगी नहीं.

इतना बोल वो मेरे ऊपर चढ़ गयी और धीरे धीरे अपना चेहरा मेरे चेहरे क करीब लेन लगी और मेरे होठों को किश किया.

दीदी - ऐसे तो मज़्ज़ा नहीं आया एक बार बस इन्हे मेरी याद आ जाये फिर तो आपसे पूरा हिसाब वसुलुंगी.

फिर वो मेरे बीएड प बैठ क मेरे बालों को सहलाने लगी.

चलिए हम भी देखते है जो इतने गुस्से म थी वो अब इतना खुश कैसे हो गई ह.

फ़्लैश बैक

(शिल्पा दीदी क रेस्पेक्ट मैं)

जब मुझे सौर्य क इस हालत का पता चला मैं कार ड्राइव क्र रही thi.Mujhe बहुत गुस्सा आया खुद प उनके इस हालत क बारे म सुन कर. मैंने तुरंत hi गाडी को साइड म किया और घर आने क लिए अपने जादू का इस्तेमाल किया पर मैं घर म न आकर जंगल म पहुंच गयी जंहा बाबा बैठे थे.

बाबा - रानी साहिबा अपने गुस्से प काबू रखिये इसमें आपका कोई दोष नहीं ये तो बस एक छोटी सी सच्चाई क कारन समरथ की ऐसी हालत हो गयी.

मैं- कौन सा सच बाबा.

बाबा ने अपना हाथ मेरे सर प रख दिया. उनके हाथ रखते hi मुझे भी संजय और लकी द्वारा जो बात सौर्य को पता चली थी वो पता लग गया. मेरे भी आशु गिरने लगे.

बाबा - अगर आप भी कमजोर पद जाओगी तो समरथ को कौन संभालेगा अभी आपके अलावा कोई नहीं जो उसको संभल सके.

Main(apne आशु पोछते हुए)- बाबा आप बताइये म क्या करू .

बाबा- पहले तो अपने घर वालो को इस बात का यकीं दिलवाओ की ये सब जो भी हुआ है ये उस rashayan(formula) क कारन नहीं हुआ hai.Agar उनलोगो न उस yantra(device) का उपयोग समरथ प करेंगे तो उन लोगो को समरथ क शक्तियों का ोाता चल जायेगा. आप शीग्र hi कुछ करे ताकि वो ऐसा कुछ भी न हो.

Main-Thik है बाबा पर मैं inko(Saurya) कैसे सम्भालूंगी.

बाबा - सायद उनको अब थोड़ा सा सच बताने का समय आ गया है.

मैं- मैं समझी नहीं बाबा.

बाबा- आपको उन्हें आपने शक्तियों क बारे म बताना होगा.

ये सुन मैं तो जैसे खुसी स पागल hi हो गई.

बाबा- आप शीग्र जाए वर्ण देर न हो जाये.

मैं उनकी बात सुन जल्दी स गायब हो घर म पहुंच गयी जब म आयी तो देखा बॉबी अंकल कही अपने रूम म जा रहे थे. मैंने अपने पावर स उनके मंद कण्ट्रोल कर लिया और फिर उनके दिमाग म वो दोस्त वाली कहानी सेट करदी.

फिर क्या हुआ ये तो आपको पता hi है.

बैक तो प्रेजेंट

(हीरो क रेस्पेक्ट म)

मेरी नींद करीब 8 बजे क आस पास खुली. दीदी अभी भी मेरे बाल सहला रही thi.M
ऐन उठ क बैठने लगा तो दीदी न मुझे रोक दिया और बोली

दीदी - मैंने किंग को इतना कमजोर तो नहीं समझा था पर आप तो बड़े hi कमजोर निकले.

ये बाते तो मेरे लिए जैसे कोई बम था.

Main-kk..kk...king कोण किंग मैं कोई किंग विंग नहीं हु मैं तो आपका भाई हु.

दीदी- है भाई तो है hi आप मेरे पर आप किंग भी हो

मैं - आप ये कैसे कह सकते हो की मैं किंग हु .

दीदी- हम्म्म ाचा अगर मैं ये बताऊ की आप आज निरुपा रॉय बन क रू क्यों रहे थे तो मानोगे.

Main(maan म) - यार इनको कैसे मालूम की मैं किंग हु और अब ये मेरे को मेरे रोने की वजह भी बाटने वाली है पर इन्हे ये पता कैसे चला की

Didi-(mere मान म ) आप न सोचते बहुत हो अब जो भी मैं बोलू उसको ध्यान स सुन्ना.

मैं तो सन्न रह गया दीदी न न सिर्फ मेरी मान की बाटे सुन्नी बल्कि उन्होंने मेरे मान म मुझसे बात भी की यानी टेलिपाथी.

मैं- aa...aap ये कैसे कर रहे हो.

दीदी- अरे पावर्स सिर्फ आपके पास hi नहीं है समझे मेरे पास भी पावर्स ह और हम दोनों का मंद अब स हमेशा कनेक्टेड रहेगा अब हम जब चाहे तब एक दूसरे स बात क्र सकते है.

मैं - आपको पावर्स कहा स मिले और कौन कौन स पावर्स है आपके पास अउ....

दीदी - बस भी करो अब मैं ये सब आपको बाद म बताउंगी पहले जो मैं बताने जा रही हु वो सुनो.

फिर दीदी न मुझे वो नकली story(car वाली) बताई और फिर कहा की हमे hi अब पुरे परिवार को साथ म लाना होगा और अपने इमोशंस प भी कण्ट्रोल करना hoga.Last म उन्होंने बताया की अगर घर म कोई उस कार वाली लड़की क बारे म पूछे तो कुछ भी गलत सलत इन्फो दे देना.

कुछ देर और ऐसे hi बाते करने क बाद माँ ने हमें निचे बुला लिया सभी न मिल के डिनर किया उस वक़्त सभी न फिर मुझे संजय किसी स डरना नहीं चाहिए... bla...bla...bla...

फिर सब अपने अपने रूम म सूने चले गए.

सूट hi मैं जंगल पहुंच गया और अपनी 5 तह चक्र को जगाने क लिए ध्यान म बैठ गया.
 
अपडेट - 11

अब तक

सब अपने रूम्स म सूने चले GAYE.MAIN भी सूट HI जंगल पहुंच GAYA.MAIN अपना 5तह चक्र जगाने

आगे

अभी सबको अपने अपने रूम म गए कुछ hi देर हुआ था क कोई मेरे रूम मई आया और देखने लगा क मैं सोया हु क नहीं. मुझे सूता हुआ प् कर वो मेरे रूम स बहार चला गया और किसी क रूम का गेट नॉक किया. थोड़े देर मई गेट कुल और गेट खोलने वाला बोलै "अरे पूनम तुम इस वक़्त क्या हुआ."

मासी - दीदी नींद नहीं आ रही सोचा आपसे कुछ दिएर बात कर लू.

माँ- ऐसा क्या, बोल कहा बाते करनी है यहाँ प तो तेरे जीजू सो रहे है और तेरे रूम मैं विक्रम होगा.

मस्सी- चलो दी हम चाट प चलते है वह न तो कोई डिस्टर्ब होगा और न हमें करेगा.

माँ- चल ठीक है चलते है.

फिर दोनों बहने चाट प आ जाते है

माँ- छोटी अब जड़ली स बता क्या पूछना hai.Main अच्छे स जानती हु क तू मुझे यहाँ ऐसे hi नहीं लायी है.

मासी- दीदी बात hi कुछ ऐसी hai.Aapko पता नहीं होगा जब आपका कार ब्लास्ट वाला काण्ड जो आप लोगो न किया था उसके बाद क्या क्या हुआ.

माँ - क्या हुआ होगा घर प सारे लोग खुश हुए होंगे मम्मी हमेसा की तरह hi चुप रही होगी पापा का दिल खुसी स डांस करने का होगा और मेरे भाई हुंह उन्हें तो सायद फर्क hi नहीं पड़ा होगा वो तो अपनी बिज़नेस म hi बिजी रहे होंगे और भी अगर कुछ हुआ होगा तो मुझे अब उसमे कोई इंटरेस्ट नहीं है.

मासी - दीदी मैं भी उनकी बात नहीं क्र रही हु मैं किसी और की बात क्र रही हु.

माँ- किसी और की किसकी बात क्र रही है तू जंहा तक मुझे पता चला था बस मेरे और तेरे जीजू क दोस्त और उनके कुछ रिस्तेदार बस वही लोग कुछ दिन क लिए दुखी हुए थे फिर सब अपनी अपनी लाइफ मैं बिजी हो गए.

मासी - अच्छा दीदी एक बात बताओ आपने कभी मेरे बारे म सोचा था.

माँ - देख छोटी तुजसे झूट नहीं बोलूंगी पर उस वक़्त जो कुछ भी हमारे साथ हुआ था न हम तुम सभी स गुस्सा थे किसी क भी बारे म नहीं जानना चाहते थे पर फिर जब रेशमा और दिग्विजय आये तो उनसे पता चला तुम लोगो क बारे म Mummy-Papa क बारे म जो सोचा था वही सच निकला और भाइयों क बारे म बस ये बताया की वो दोनों बस ऑफिस म hi लगे रहते हैं और तेरे बारे म बस इतना पता चला की तू अपनी लाइफ मैं खुश है पर मम्मी पापा और बाकी सब स सारे रिश्ते तोड़ दिए थे तूने बस और कुछ नहीं

Maasi-haa उन लोगो न सही बताया था. मैं भी सायद उस वक़्त तक संभल चुकी थी इसी लिए खुश hogi.Ye छोड़ो आपने सबके बारे म सुन्ना पर क्या आपने अनुराधा दीदी क बारे म नहीं पूछा उनसे.

माँ- पूछा था न पर उन्होंने बताया मेरे जाने क बाद उन्होंने भी घर स सारे नाते तोड़ दिए और फिर जीजू और बच्चियों क जीजू क gaon(shivpur) म चले गए. Jiju(Pawan कश्यप) न भी आपने गाओं स hi सारे बिज़नेस हैंडल करने लगे.

मासी- ये सब जान्ने क बाद आपका जी नहीं किया हमसे मिलने का.

माँ- है मान तो करता था पर फिर सौर्य और तिया & तान्या क बारे म सोच अपने मान को संत क्र लेती थी. एक दर सा बैठ गया था मान म क अगर तुझसे और दीदी स मिलने क चाकर म मम्मी पापा को खबर लग गयी तो फिर स कही मुझे मेरे बच्चे न खोने पड़े.

Maasi-main समझ सकती हु दीदी.

Mom-tu ये सब क्यू पूछ रही ह वो भी इस वक़्त. सच सच बता तू दीदी स मिली है न क्या तूने उनसे बात की.

मासी- नहीं दीदी मैंने तो बस उनको कार स जाते हुए देखा था जीजू भी साथ म the.Sayad वो लोग वापस यही सेटल हो रहे होंगे उनकी बेटियां भी यही सीज़ सोल्लगे म पड़ती है न तोह सायद इसी वजह स.

Mom-kya अब हमें क्या करना चाहिए ?

मासी - दीदी अगर वो वापस इस सहर म आएं है तो कभी न कभी तो हमारी मुलाकात हो hi jayegi.Mujhe लगता है हमें खुद hi उनसे मिलकर उनको साड़ी सचाई बता देनी चाहिए.

Mom-choti मुझे इसके बारे म सोचने क लिए वक़्त चाहिए और साथ hi तेरे जीजू की सलाह भी अगर वो कहेंगे तभी म य करुँगी.

Maasi-thik ह दीदी पर जो भी करना जल्दी करना.

माँ - ठीक है छोटी. चल अब बहुत रात हो गयी ह सूने चलते है बाकी बातें कल क्र लेंगे.

और फिर दोनों सूने चली जाती है.

सभी लोग घर म आराम स सू रहे थे पर उन्हें ये कान्हा पता था क वह एक तूफान आने वाला है जो सबको हिल्ला क रख देगा.
 
अपडेट- 12

अबतक

माँ और मासी चाट प अपनी बातें ख़तम कर अपने अपने रूम मैं सूने चले गए पर आने वाले तूफान का उनको पता नहीं था

आगे

रात का वक़्त था एक कार सहर की ओर आ रही थी. उसमे कुल 3 लोग थे एक आदमी , एक औरत और एक LADKI.CAR लड़की ड्राइव कर रही थी. कार म बैठे सारे लोग बड़े HI खुश नजर आ रहे थे.

चलिए देखते है ये कहा जा रहे है.

AURAT-BETA अभी कितनी देर और लगेगी हमें वह जाने मैं.

आदमी- बीटा जरा अपनी मम्मी को बोलो सब्र रखे हम सुबह तक HI पहुंच पाएंगे.

औरत- बीटा तुम जरा अपने पापा स बोलो मुझसे बात करने की जरुरत नहीं.

लड़की - क्या मम्मी पापा ये क्या लगा क रखा है एक तो रात ह 3 बज रहे है और आप लोग बस लाडे जा रहे हो.

AURAT-BETA मैं कहा लड़ रही हु तेरे पापा स मैं तो इनसे बात भी नहीं करना चाहती पर एक ये है जो बहाना बना क मुझसे बात क्र रहे है.

आदमी- अरे मेरी जान अब माफ़ भी कर दो भूल गया था एक्स्ट्रा टायर रखना मुझे क्या पता था क कार पुनकरे हो जाएगी.

लड़की- है मम्मी पापा न थोड़ी न जान बुझ कर टायर पुनकरे किया था ताकि हम लेट हो जाये.

औरत- देखो सुरु हो गयी आपने पापा की चमची.

लड़की- अब आप मुझसे ज्यादा प्यार SAIFALI(GUDIYA) स करती हो तो हमने भी अपनी टीम बना ली.

आदमी - और नहीं तो क्या.

औरत - ठीक है तो तुम दोनों वह टीम - टीम खेलते रहना और मैं अपनी गुड़िया क साथ उसके यहाँ HI रहूंगी और तुम दोनों की वह पे एंट्री भी बंद करवा दूंगी.

लड़की- इससे कैसे एंट्री बंद करवा डौगी आप मैं भी गुड़िया क पास RAHUNGI,MAIN तो जाते HI उसके रूम म सिफत हो JAUNGI.AAP दोनों को जंहा मन करे वह चले जाना.

आदमी- है ये सही है जिनके लिए सोल्लगे न घर दिया है वही लोग उस घर म नहीं रहेंगे वाह तो मैं क्या वह बैठ मच्छर मरूंगा.

औरत- आपने उन्हें हमरे आने की खबर दी थी न.

आदमी- मैंने उससे आज स 2 दिन बाद आने का बताया था ताकि उनको सरप्राइज दे सके.

लड़की- वाओ पापा अब आएगा मजा हम न सुबह सुबह वह जेक उनको सरप्राइज देंगे. गुड़िया भी खुश हो जाएगी.

औरत- है ये सही है.

इनको आपने रस्ते जाने देते है चलिए तब तक हम कही और चलते है

एक वन है जो की बड़ी HI तेज रफ़्तार म जा रही है इस वन म कुछ लोग बैठे हुए है और 3 बोरियां भी है इसमें तो. वन एक बड़े घर क सामने स गुजरती है और 3 NO बोरियों को वही गिरा क चली जाती HAI.GHAR का गार्ड ये देख चिल्लाते हुए उस वन क पीछे भागता है पर वो वन तो कबकी ांदेरे म गायब स हो गयी थी.

गार्ड वापस आता है उन बोरियों क पास और डरते हुए उनको खोलने क लिए जाता है भूरिया खोलते HI दर क मारे उसका खून सुख जाता है. वो तुरंत फ़ोन निकलता है और घर क अंदर कॉल लगता है सुरु मैं तो किसी न फ़ोन नहीं उत्तय पर दोबारा तरय करने पर किसी न कॉल पिक किया.

GUARD-(KAPTE हुए) साब बहार छोटे साब की लाश पड़ी है बोरी म

जिसने कॉल उठाया था उसको तो यकीं HI नहीं हो रहा था जिस भाई की जिस भाई की व दिन पहले ब्लास्ट म मौत हो गयी उसकी लाश कहा स आ गयी.

उधर स - ये क्या बाक रहे हो मदन .

GUARD(MADAN) - साब मैं सच कह रहा हु इधर 3 लाश पड़े है गेट प एक वन स किसी न यहाँ छोड़ा और भाग गए. एक लाश छोटे साब की है एक उनके दोस्त संजय साब की और एक पता नहीं किसकी है.

उद्धार स- मदन तुम उनको अब टच भी नहीं करोगे मैं आ रहा हु.

कॉल कट

अभी कॉल कट HI हुआ था क उसका फ़ोन फिर बजा.

फ़ोन- मिल गयी आपने भाई की बॉडी. उसके साथ न 2 और को भी भेजा है तेरे लिए मला सुरेंदर सिंह.

सुरेंदर - कोण बोल रहा है MADAR***D.

फ़ोन- अरे तेरी जुबान तो तेरे कारनामो की तरह HI काली HAI.CHAL बता ता हु क मैं कौन हु, मैं हु तेरे भाई को बेरहमी स मरने वाला तू जब उसकी बॉडी देखेगा न तो तुझे पता चलेगा क मैं क्या चीज़ हु.

सुरेंदर- बसड्क अभी तेरे को पता नहीं की किस्से पन्गा लिया है टुन्ने अब अपनी मौत क दिन गिनना सुरु क्र ले. मेरे भाई को मार क तूने सही नहीं किया.

PHONE-ABE ू चूतिये तू तो मुझे सही गलत मत HI सीखा. क्या तेरी फॅमिली को पता है क तू डॉन है अगर तू चाहता है क पता न चले उन्हें और तेरा ये ढोंग चलता रहे तो मेरी बात सुनो इन लाशो क बारे म सिर्फ तेरे को और अंकित KAPOOR(SANJAY कपूर का भाई) को HI पता चलना चाहिए वर्ण साड़ी दुनिया क सामने तुम दोनों की पोल्ल खोल दूंगा लाशो क साथ एक पेन ड्राइव भी भेजी है जिससे अंकित क साथ HI देखना ताकि दोनों एक साथ HI समझ जाओ.

कॉल कट

SURENDER(MAAN म)- ये कोण सा दुसमन आगया अब हमारे मुझे सभी को बुलाना चाहिए वो अपने रूम म गया जंहा उसकी बीवी सो रही THI.SURENDER न अलमारी क सेफ स एक फ़ोन निकला और उसमे एक "अर्जेंट मीटिंग नाउ" टाइप क्र सबको भेज दिया. मैसेज भेजने क बाद वो बहार निकला और उन लाशो क पास पंहुचा. अपने भाई की लाश की ऐसी हालत देख वो गुस्सा और इमोशनल हो गया पर फिर खुद को कण्ट्रोल क्र लाशों को देखने लगा. उसको एक पेण्ड्रीवे मिला जिसपे "क" लिखा था. उसने पेन ड्राइव निकली और मदन स बोल क्र 3 NO लाशों को अपनी कार म रखने को बोलै और खुद तैयार होने चला गया.

करीब 15 मं बाद सुरेंदर अपनी कार लेके निकल गया और कुछ दूर जाने क बाद एक होटल म पहुंच गया. होटल क बहार लगभग अभी 20 लोग हाथो म गन्स लेके खड़े थे .

सुरेंदर उतरा और उनमे स कुछ को लाशो को मीटिंग रूम म लाने को बोल चला गया.

मीटिंग रूम म उसके अलावा 3 और लोग the.ye सभी डांस थे अलग अलग इलाको k.Inme अंकित कपूर भी था.

(बाकी दोनों को मैं डी1 और डी2 कहूंगा)

डी2 जो इन सब का बॉस था वो बोलै.

D2-Bolo surender(surn) तुमने रात क 11 बजे हमें यहाँ क्यू बुलाया वो भी इतना ुर्गेटलती.

Surn.-(Ankit की ओर देख बोलै) अंकित तुम्हारा भाई कहा है अभी.

Ankit-wo तो कुछ दिन पहले किसी डील क लिए गया था शिवपुर फिर सायद वापस चला गया हो दिल्ली.

Surn.-kya तुमने उससे बात की है उसके बाद .

अंकित - अरे अभी कुछ दिनों स एक टेंडर क पीछे पड़ा था इसलिए उससे बात hi नहीं क्र पाया.

D1-Surender तुम इससे ये सुब क्यू पूछ रहे हो और ये मीटिंग क्यू बुलाई है.

अभी डी1 की बात ख़तम hi हुई थी क रूम का दरवाजा कुल और कुछ लोग अंदर लाशों को लेके आये और चले गए.

अंकित अपने भाई क लाश को देख क्र उससे बहुत बड़ा झटका लगा वो अपने भाई क बहुत hi क्लोज था और उसकी ऐसी हालत देख वो बौखला गया और सुरेंदर का गाला पकड़ लिया. वही बाकि क दोनों को समाज नहीं आ रहा था क ये हुआ क्या hai.Phir उन दोने न सुरेंदर को अंकित क पकड़ स छुड़वाया और फिर

डी2- सांत हो जाओ अंकित यहाँ प सिर्फ संजय की hi नहीं बल्कि लकी की भी लाश hai.Mujhe नहीं लगता क िस्सने इनको कुछ किया होगा.

डी1- है बॉस आप सही कहते है पर इन दोनों क साथ इस गुड्डू की लाश यहाँ कैसे.

सुरेंदर फिर उन्हें साड़ी बात बताता है साथ hi कॉल वाली बात भी.

अंकित ये सुन और गुस्सा हो जात्ता है पर कुछ करता nhi.Fir सभी लोग पेण्ड्रीवे म क्या है देखने को तैयार हो जाते है.

पेण्ड्रीवे क अंदर कुछ डाक्यूमेंट्स थे और एक ऑडियो फाइल था.

जब सभी न डाक्यूमेंट्स खोले तो उनका तो दिमाग hi घूम गया ये डाक्यूमेंट्स म साबुत थे अंकित और सुरेंदर क खिलाफ क कैसे वो गैर कानूनी काम करते है.

फिर उस ऑडियो क्लिप की बारी थी.

क्लिप- है तो सुरेंदर मुझे लगता है टुन्ने और अंकित ने अपने भाइयों की लाशें देख ली होगी और तुम दोनों क खिलाफ क सारे साबुत भी. अब ध्यान स मेरी बातों को सुनने तुम दोनों को किसी भी तरह स पंकज चौहान को इंडिया वापस लाना होगा और हां अगर अपनी पहचान दुनिया क सामने नहीं लाना चाहते तो इन 3no क बारे म किसी को कुछ पता नहीं चलना चाहिए जब तक पंकज इंडिया न aajae.Uske बाद तुम दोनों की जैसे और जो भी इच्छा हो करो इन लाशों का पर अगर किसी और को पहले पता चला तो..

और हां मैं अपना नाम तो बताना hi भूल गया मैं हु किंग.


{ ये सारे काम करने तो मैंने समीरा डिनर क बाद रूम म ऐनी क बाद बोलै था करने को ताकि मुझे पंकज मिल सके जिन्दा उसी की मदद स तो मैं अपने परिवार को एक कर सकता हु }

ऑडियो फाइल सुनने क बाद अंदर बैठे लोगो न किंग की बात मान नई hi सही सामजी.

नेक्स्ट मॉर्निंग

आज भी वही सब हुआ था मेरे साथ वो दर्द, रे bla...bla...bla...

आज भी मैं 4 बजे उठ गया जब मैं उठा तो मुझे बहुत सी आवाजे सुनाई दे रही थी जैसे म किसी क खर्राटे की पानी क तप तप की और भी छोटी छोटी चीज़ो की awaze.Ye सब सुन मैं बैठ गया क तभी मुझे मेरा गयम रूम दिखाई देने laga.pr ये कैसे हो सकता है यहाँ तो दिवार थी मेरे कुछ समझ म नहीं आया मैं धीरे धीरे गयम क तरफ बढ़ने लगा तोड़े दूर जाने प मेरे सर प चोट लगी जो की दिवार स लगी thi.Main उस दिवार को देख नहीं सकता था पर छू सकता था ये मेरे को बड़ा अजीब लगा अब मैं फिर स घूमा बाथरूम की और और यहाँ भी शामे था no दिवार मैं फिर आगे बड़ा और इस बार भी मुझे चोट लगी दिवार स चोट लगने क बाद मुझे किसी क हसने की आवाजे सुनाई देने लगी. ये आवाज दीदी की थी.

शिल्पा दीदी- अरे आप तो बिलकुल बुद्धू हो वो भी बहुत बड़े एक बार जब चोट लग गई तो फिर क्यू गए चोट खाने.

मैं - दीदी ये क्या हो रहा है मुझे ये दिवाए दिखाई क्यू नहीं दे रही है जबकि मई उन्हें छू सकता हु क्या है ये सब?

दीदी- आप भी न अरे आपको अपने 5तह चक्र जगाने क बाद आपकी ये पुराणी पावर "सुपर विज़न और सुपर लिसनिंग एबिलिटी" मिली है.

मैं - क्या

दीदी - हां अब जब भी आप किसी दरवाजे या दिवार को गौर स देखोगे तो उनके आर पार देख सकते हो और वह की आवाजे भी सुन सकते हो.

Main-oooh.Pr अभी आपने कहा था पुराणी पावर उसका क्या मतलब है.

मेरी ये बात सुन दीदी तोडा परेशान हो गयी क उन्होंने गलती क्र दी है पर खुद को संभल क्र.

दीदी- अरे मैंने ऐसा कब कहा लगता है आपके कान बज रहे है.

मैं- सायद और एक बात आप सुन लो अब न आप मुझको ये aap-aap नहीं बोलोगी समझी बड़ा hi ूद लगता है यार आपको मेरी कसम.

मेरी ये बात सुन दीदी का पारा चढ़ गया वो अपनी पावर स सीधा पहुंच गयी मेरे रूम म और आते hi एक लाफा जड़ दिया.

चायताक .

और बोली.

दीदी- आइंदा स ये कसम दे क बाते मत मनवाया करना वर्ण देख लेना पहले तुझे मारूंगी फिर खुद को.

Main-(gaal सहलाते हुए) अरे आप तो ऐसे बाते क्र रही हो जैसे आप मेरी पत्नी हो.

Didi(apne मान m)-Patni hi तो हु म


{एक बात क्लियर क्र देता हु दीदी मेरे मान की बात सुन सकती है पर मैं उनके मान की बात नहीं जान सकता}

Didi-tum आज क बाद मुझे भी आप- आप नहीं बोलोगे अब तुम्हे मेरी कसम है और आगे स ये कसम वाली बाते मत करना.

Main-Thik है दीदी जैसे आप कहो पर आपको भी अपने बॉस प हाथ नहीं उठाना chahiye(majak म)

दीदी- अब स तू कोई बॉस वॉस नहीं है मेरा मैं बड़ी हु न तेरे स अब तू जो भी करेगा मुझसे पूछ क hi करेगा.

Main-thik है पर बेस प मेरी कुछ इज़्ज़त है उसको रहने देना फिर मैं आपकी साड़ी बाते मानुगा. चलो अब और कुछ बाकी है या मैं फ्रेश होने जॉन अभी एक बात तो बास्की है पर वो मैं तुझे कार म bataungi.aaj स तू मेरे साथ hi बेस प जायेगा.

Main-aur फूफा जी उनका क्या.

Didi-unko मैं संभल lungi.chal अब मैं चलती हु.

ये बोल वो मेरे रूम स गायब हो गयी और मैं फ्रेश हो क्र गयम रूम म चला गया. फिर करीब 5:40 म घर स निकल गया पार्क की तरफ.

मेरे घर स निकलते hi कुछ ऐसा हुआ घर म की .....
 
अपडेट - 13

करैक्टर इंट्रो:

लकी सिंह - ये अपने सहर म ड्रग्स माफिया का हेड है इसने लगभग यहाँ क सारे कलागेस म अपनी नशे की दुकान लगा राखी है.

संजय कपूर - ये बाँदा दिल्ली स ऑपरेट करता है. ये वह का सबसे बड़ा ड्रग्स एंड वेअपनारी का डीलर है.

पंकज चौहान- ये बाँदा एक साइंटिस्ट है और इंडिया म रुस्सियन माफिया का सारा काम देखता है.

{ये तीनो बहुत HI अच्छे दोस्त ह और इनका बिज़नेस भी आपस म रिलेटेड है}

गुड्डू - ये एक ड्रग्स एंड वेअपनारी प्रोवाइडर है . इस बन्दे क अंदर कुछ ऐसे गाओं थे जहा प एफएम की खेती होती थी और ये उनको फिर बड़े डीलर्स को सप्लाई करता.

सुरेंदर सिंह - ये सहर का मला H.ISME नेता वाले सारे गुण कूट कूट क भरे HAI(LEADER वाले नहीं)

ये अपने परिवार वालो क लिए किसी फरिस्ते स काम नहीं पर अशल म ये एक डॉन है. इसके फॅमिली म स ये बात सिर्फ इसके भाई लकी सिंह को HI पता है.

अंकित कपूर- ये बाँदा इस सहर का मेयर ह. इसमें भी नेता क सारे गन है ये भी एक डॉन है पर अपने परिवार क लिए इसने भी अच्छाई का मुखौटा लगा रखा है. इसकी सचाई भी केवल इसका भाई संजय कपूर को पता है.

{ये दोनों एक HI ग्रुप म थे और इनका एक HI बॉस था जिसकी मिस्ट्री कुछ उपदटेस म खुल जाएगी}

दिव्या ठाकुर- ये रेशमा राजपूत और डीप गुप्ता की बड़ी बहन HAI.YE पालमपुर क सोल्लगे म डीन THI.WAHI अपने पति और बेटी क साथ रहती थी. ये हमारी SAIFALI(GUDIYA) की चची भी है जो की उसपे जान छिड़कती है.

रोशन ठाकुर- ये है अपनी डीन मैडम क पति जो उनसे बहुत प्यार करते ह. ये ठाकुर है पढ़े लिखे तो है HI पर अपनी फॅमिली क खातिर अपना बना बनाया कर्रिएर छोड़ अपने पुश्तैनी जमीनों प खेती करवा क अपनी जीवनयापन करते है .

परिधि ठाकुर- ये है अपनी डीन मैडम की बेटी शादी की उम्र हो चुकी है पर अभी और पढ़ने का कहती है. ये भी पालमपुर क सोल्लगे सबसे यंग लेक्चरर थी.

नोट- विक्रम और रोशन चचेरे भाई है पर इनके बिच का प्यार अपने भाइयों स भी बढ़ क्र है. इन दोनों की फॅमिली म भी बहुत प्रेम भाव है. सायद यही वजह है की ये लोग एक साथ HI रहना पसंद करते है.


अब तक

मैं जब उठा तो मुझे मेरी आज क पावर क बारे म दीदी न बताया और उन्हें उसे करना भी और कह क गयी क आज स मुझे उनके साथ HI बेस प जाना HAI.MAINE भी हां क्र दिया और फिर वही गयम म एक्सरसाइज की और निकल पड़ा पार्क की तरफ...

आगे

मैं आज कुछ पहले HI पार्क पहुंच गया था अभी यहाँ प लगभग न क बराबर लोग थे मैं भी अपनी जॉगिंग म लग गया.

जॉगिंग क बाद जब मैं घर जाने लगा तो मुझे सपना और प्रेमा मिल गयी.

प्रेमा - HI सौर्य आज जल्दी HI जा रहे हो.

MAIN-WO क्या है न मैं आज पहले HI आ गया था तो बस अपनी जॉगिंग भी जल्दी ख़तम कर ली इसी लिए जल्दी जा रहा हु.

PREMA-OO ाचा ऐसी बात है.

सपना - प्रेमा तू न बातो को घुमाया मत क्र सीधे पॉइंट प आ.

मैं - पॉइंट प? क्या बात है.

प्रेमा - वो एक्चुअली हमने न न्यूज़ प देखा है क वो जो लकी था न वो गुंडा जिसके बारे म हमने तुम्हे बताया था.

MAIN-HA तो उसका क्या

प्रेमा- उसकी न उसी दिन मौत हो गयी उसके फार्महाउस म.

MAIN-KKYYYYAAA! कब मौत हुई USKI.(SHOCK का नाटक करते हुए)

प्रेमा- उसी दिन जब हमने तुम्हे बताया था शाम क वक़्त.

सपना- और हमें शक है क इसमें तुम्हारा HI हाथ है बस तुमसे कन्फर्म होना चाहते है.

प्रेमा- है अगर ऐसा है तो तुम हमें बता दो वैसे भी हम थोड़ी न किसी को बताएँगे.

मैं- देखो तुम लोग न कुछ ज्यादा HI सोच रहे हो. ये तो बस एक एक्सीडेंट होगा और कुछ नहीं.

प्रेमा- हां हो सकता है. अच्छा सुनो आज न हम लोग एक पार्टी दे रहे है शाम को

.... होटल म. तो तुम्हे भी वह आना है OK

MAIN-ARRE मैं क्या करूँगा वह प

सपना- तुम ने हमारी जान बचायी थी बस उसके लिए HI एक थैंक्सगिविंग समझ लो आना जरूर.

MAIN-OK मैं आ जाऊंगा.

इतनी बातें कर मैं पार्क स घर आ गया घर म सब नार्मल था आज भी मैंने और शिल्पा दीदी न उन तीनो को स्कूल ड्राप किया फिर घर AAYE.TAB तक फूफा जी बेस क लिए निकल चुके थे.

मैं और दीदी भी निकल गए अपनी कार स बेस की ओर. हम जा HI रहे थे की दीदी बोली.

शिल्पा - अरे है तेरे कल वाले पावर क बारे म तो बताना HI भूल गयी.

मैं- अरे हां दीदी मैं भी भूल गया था जब भी मेरा कोई चक्र जागृत होता है तो उसके साथ HI कोई पावर भी आती है पर 4तह चक्र क वक़्त कोई पावर नहीं मिली.

DIDI-POWER तो मिली है तुम्हे पर तुम्हे उसके बारे म पता HI नहीं है.

मैं- अच्छा अब आप HI बता दो क्या पावर है.

दीदी- तू न अपने किसी फवोराते ACTOR/ACTORESS क बारे म इमेजिन क्र.

अब मुझ मासूम को तो पता नहीं था क पावर है क्या मैंने भी अपनी आखें बंद क्र अपनी एक फेवरेट पोर्नस्टार को इमेजिन KIYA.MUJHE मेरे बॉडी म कुछ चंगेस नज़र आयी. अभी मैं अपनी बॉडी को देखता उससे पहले HI कार तेज़्ज़ी स रुकी और

चाहाताआक चायताक चाआताक

पता नहीं कितने HI तपाद पड़े मुझे. मुझे कुछ समझ HI नहीं आ रहा था दीदी ने फिर गुस्से म एक चुटकी बजायी और मुझे कार स ढाका दे बहार निकल दिया और कार ले कर चली गयी. मेरे को कुछ समझ नहीं आया की उन्होंने मुझे मारा क्यू और अब बिच सड़क प छोड़ क्र क्यू भाग गयी.

अभी मैं यही सब सोच रहा था क तभी एक लड़का मेरे पास आया और बोलै

LADKA-AAP आप यहाँ ओह माय गॉड क्या आप सच म यहाँ हो या मेरा ठरक मेरे सर चढ़ गया है और मैं पागल हो गया हु जो आप मुझे यहाँ दिख रही हो.

MAIN-ARE भाई क्या हुआ तू इससे क्यू बात क्र रहा है जैस... अरे मेरी आवाज मेरी आवाज लड़कियों क जैसी कैसे हो GAYI(APNE हाथ देखते) मेरे हाथ भी बदल गए (अपने चेहरे को टच करते हुए) मेरी सकल मेरी सकल भी चेंज हो गयी.

मैंने आपने फ़ोन निकल उसका फ्रंट कैमरा ों किया और गौर स खुद को देखा और .

MAIN(CHILLATE हुए)- नाहीई ये नहीं हो सकता मेरे साथ.

अब तक मुझे देख वह प बहुत सारे उस पोर्न स्टार क फंस वह पहुंच गए थे और ललचायी नज़रों स मुंहे देख रहे THE.EK तो साला इस पावर की वजह स म ऐसा हो गया था जिससे मेरी फटती पड़ी थी ऊपर स उन सभी को मेरी ओर ऐसा देखते हुए देख तो मुझे ऐसा लगने लगा की आज मेरी इज़्ज़त लूटने वाली है. मैंने दिमाग स काम लिया और अपने सुपर स्पीड को उसे कर वह स भागने की कोसिस की पर ये क्या मैं जितना भी तेज भागने की कोसिस करता उतना HI धीरे चल प् रहा था. ये जान क तो मेरी रही सही हिमत भी टूट गयी

अब मेरी समझ म आ रहा था क दीदी क्यू मुझे गुस्से म मरे जा रही थी. मैंने मान स दीदी को कांटेक्ट करने की कोसिस की पर कर न SAKA.WAHI भीड़ की हालत ऐसी हो गयी थी की साले सारे ठरकी बिच सड़क प मुझे घेरे हुए थे जिस वजह स वह जैम लग गया था और इस जैम को हटाने आये पुलिस वाले भी मेरी तरफ आने LAGE.YE देख मैं मान HI मान बस यही मांग रहा था भगवन स क आज बचा ले फिर कभी पोर्न नहीं देखूंगा.

अभी मैं ये मन्नत HI मान रहा था क मैं जंगल मैं बाबा क सामने गायब होक पहुंच गया. मैंने खुद को यहाँ प् कर इतना खुस हो गया क दौड़ते हुए जा के बाबा क गले लड़ गया वो भी बहुत जोर स.

बाबा- सौर्य तुम ये क्या क्र रहे हो छोड़ो हमें. नहीं तो हम तुम्हे फिर वही सड़क प भेज आएंगे.

मैं - नहीं बाबा जी आप ऐसा जुलम न करे मेरे साथ वर्ण वो लोग मुझे कच्चा चबा जायेंगे.

दीदी- तेरे जैसे लड़के क साथ ऐसा HI होना चाहिए बाबा आप इनसे वही छोड़ दो देख रहे हो आप मैंने इससे किसी क भी बारे म सोचने कहा तो इसके भेजे म सीधा इस चुड़ैल का ख्याल AAYA.ISSI वजह स मैंने इसकी साड़ी शक्तियां लॉक क्र दी और वही छोड़ आयी.

मैं- अच्छा तो तुमने मेरे पावर्स को लॉक क्र दिया अगर उन लोगो न मेरे साथ वह कुछ क्र दिया होता TO.MAIN तो कही मुँह दिखने लायक न रहता.

BABA-BAS करो दोनों एक दूसरे स लड़ना सैफअली इसकी पावर्स को अनलॉक क्र दो.

दीदी- मैं अभी अनलॉक करती हु पर मेरी एक शर्त ह जो इससे माननी पड़ेगी ये आज का पूरा दिन इसी रूप म रहेगा

मैं - नहीं दीदी ऐसा मत करो आप न कुछ भी और मांग लो पर ये नहीं मैं इस रूप म कभी नहीं रह सकता आप कुछ भी और मांग लो.

दीदी - ठीक है मांग लुंगी पर अभी नहीं वक़्त आने पर और तू मुकर भी नहीं सकता वर्ण तेरी साड़ी शक्तियां मैं हमेसा क लिए लॉक क्र दूंगी और तब कोई भी तेरी मदद नहीं क्र पायेगा कोई भी नहीं.

मैं -ठीक है दीदी

फिर दीदी न चुटकी बजायी और मैं नार्मल हो गया

बाबा - सौर्य तुम्हे तुम्हारी हर एक शक्ति क बारे म और उसका उपयोग कैसे करना है ये शिल्पा बताएगी. इतना बोल वो चले गए और हम दोनों भी पहुंच गए अपनी कार म.

मेरे रोड प स अचानक गायब होने क बाद एक तेज वाइट लाइट वह प फ़्लैश हुई और सभी क दिमाग स अभी क सारे बाते निकल गयी.

हम दोनों भाई बहन भी बेस प पहुंच गए और अपने कामो मैं लग गए.

अभी हमें काम प लगे कुछ HI वक़्त हुआ था करीब सुबह क 11 बज रहे थे की मेरा और दीदी क फ़ोन एक साथ HI बजा. दूसरे तरफ की बाते सु हम दोनों क HI चेहरे प चिंता क बलदल च गए .

करीब 10 मं बाद फूफाजी मेरे पास आये दीदी क साथ और बोलो

फूफाजी- किंग हम दोनों को अभी यहाँ स जाना होगा कुछ पर्सनल प्रोब्लेम्स आ गई है जिनको सोल्वे करना जरूरी है.

मैं - OK अगेनटड यू मई जो.

फूफा जी मेरे इतने जल्दी मानने की वजह स मुझे घूरने लगे उनको लग रहा था क मैं उनको इतनी जल्दी नहीं CHODUNGA.UNDONO क निकलने क बाद मैं भी निकल गया घर की ओर .

फ्रेंड्स आप लोग गेस क्र क बताओ क क्या हुआ होगा घर मैं और है अपने अद्विसेस भी देते रहना ताकि मैं अपनी राइटिंग एबिलिटी म और सुधर क्र सकू
 
अपडेट-14

अब तक


घर स कॉल आने क बाद दीदी और मेरे चेहरे क रंग बदल गए थे. फिर फूफा जी भी आये और दीदी को साथ ले जाने की परमिशन मांगी मैंने भी उनको OK बोल DIYA.UNKE निकलने क बाद मैं भी निकल गया घर की ओर.

आगे -

मैं अभी अपने एक एजेंट क साथ बाइक स जा रहा था और सोच रहा था क घर जाऊंगा तो वह प क्या हाल HOGA.KAHI वो लोग माँ डैड और बाकियों स नाराज़ तो नहीं हुए होंगे और भी न जाने क्या क्या.

इन् भाई साहब को अभी सोचने देते है चलिए तब तक हम देखते है घर म क्या हुआ है.

"है तो अब रस्ते मैं कार ख़राब हो गयी इसमें भी मेरी HI गलती है क्या कमल करती हो यार तुम BHI"-ROSHAN ठाकुर घर क मैं गेट की तरफ बढ़ते हुए दिव्या ठाकुर स बोले जो उनसे कुछ आगे परिधि ठाकुर क साथ चल रही थी.

दिव्या - बीटा पारी तेरे पापा को बोल मुझसे बात न करे.

परिधि- ोूफू मम्मी आप भी न मन्ना क पापा पहले कार क लिए एक्स्ट्रा टायर भूल गए लेना तो आपने उनसे बात न करने की ठानी पर हर बार क्या एक HI तरह स सज़्ज़ा डौगी.

रोशन- आइए पारी तू मेरी टीम म है न तो क्यों मुझे फसा रही है.

परिधि- पापा इस बार तो मैं भी गुस्सा हु आपसे आप भी न भुलाकड़ होते जा रहे हो आप कार को सर्विसिंग क लिए देना भी भूल GAYE.(DIVYA स) मम्मी आज न पापा का रात का खाना कैंसिल.

दिव्या - ये सही कहा पारी टुन्ने आज इनको खाना HI नहीं मिलेगा.

रोशन- ऐसा गजब न करो मेरी डीन साहिबा यार हम पहुंच तो गए न ये देखो सामने HI तो है घर.

दिव्या- अब इतना लेट आ कर क्या फायदा अभी तक तो SAIFALI(GUDIYA) स्कूल चली गयी होगी और मेरा देवर भी चला गया होगा अब थोड़ी न मज़ा आएगा सरप्राइज का.

परिधि- है मम्मी सही कहा अब थोड़ी न मज़ा आएगा.

रोशन- अरे बीटा अब न हम उन्दोनो को शॉकिंग सरप्राइज देंगे बस आप न अपनी चची को बोलना क वो उन दोनों को फ़ोन कर क बुला ले घर. जब दोनों जल्दी HI घर प होंगे ए गए और हमें देखेंगे तो उनको सरप्राइज भी मिल जायेगा.

परिधि और दिव्या को ये बात ठीक लगी.

दिव्या- बीटा तेरे पापा का दिमाग तो बड़ी जल्दी चलता है जब उनका खाना दाव प लगा हो.

बाते करते करते वो घर क मैं गेट प आ गए गार्ड तो उन्हें रूक नहीं सकता था तो उन्होंने घर क दरवाजे प पहुंच बेल्ल बजायी.

अभी घर क अंदर हमारी लेडीज ग्रुप( BUA,MAASI,MOM और क्षुधा आंटी) DAD,MAUSA और बॉबी अंकल क जाने क बाद ये सारे बैठ क्र टीवी प सीरियल देख रहे थी.

अब ये सीरियल और लेडीज क रिलेशन तो आप सभी जानते HI होना अगर कोई भी बिच म आये तो उनकी तो सहमत HAI.ABHI इस बकवास सीरियल म सायद कोई बकवास सा सन आ रहा था क दुर्बल बजा. पहले तो चारो को कुछ सुनाई HI नहीं दिया पर लगातार बेल्ल बजने स उनका कंसंट्रेशन उस बकवास स शो स हत्ता

माँ- आई CHOTI(MASSI) को जेक देख न कोण पागल बेल्ल बजाये जा रहा है.

मासी- दीदी आप बचपन स ऐसे HI करते हो मैं नहीं जाउंगी मेरा सीरियल मिस हो JAYEGA.AAP बड़े हो आप जाओ.

SUDHHA-HA भाभी जाओ न और अच्छे स खबर लेना उस बेल्ल वाले की उसको पता नहीं की अभी ये प्रोग्राम आता है टीवी प.

माँ- TU(SUDDHA) जा न तू HI बता दे मैं नहीं हिलूंगी.

जब ये बात क्र रहे थे तब तक वो सीरियल HI ख़तम हो गया और इन् सभी का पारा चढ़ गया सबसे ज्यादा गुस्सा तो रेशमा बुआ को आया वो बिना किसी क तरफ देखे अपने रौद्र रूप क साथ निकल गयी दरवाजा खोलने.

दरवाजे क पास जाते हुए लगभग चिल्ला क्र बोली

R.BUA- कोण है क्यू बेल्ल बजा रहे हो इतनी जोर जोर स.

बहार बेल्ल बजती हुए परिधि न जब ये आवाज सुन्नी उसको गुस्सा आया उससे लगा कोई नौकरानी होगी जो ऐसे चिल्ला रही है उस्सने फिर स बेल्ल बजा दी.

वही ये आवाज सुन दिव्या और रोशन को बेचैनी होने लगी दिव्या तो सवालिया नज़रों स रोशन की ओर देखने लगी जैसे वो इस आवाज को पहचान गयी हो पर बस उससे इस आवाज क यहाँ होने क कोई अंदेशा HI नहीं हो रहा था. वही हालत रोशन की भी थी.

अंदर बेल्ल की आवाज सुन रेशमा बुआ को और गुस्सा आया और दूर खोल बिना देखे HI चिल्लाने लगी.

R.BUA- क्या है क्यों बार बार बेल्ल बाज़ जा रहे हो हां हम कोई बहरे तो नाहीई...

D...DD...DIDI आप.

चाआताक चायताक चाआताआक

दिव्या तो बस बिना रुके HI रेशमा को मारे जा रही थी वही परिधि और रोशन दोनों HI शॉक म थे क ये यहाँ कैसे इतने म घर क बाकी क सारे भी आ गए गेट प दोनों साइड क लोग एक दूसरे को बस देखे जा रहे थे वही R.BUA को बस तपाद पे तपाद पड़े जा रहे थे दिव्या न तो और किसी को देखा HI नहीं.

MOM(ROSHAN स)- रोकिये इन्हे.

रोशन को भी यही ठीक लगा उसने दिव्या को पकड़ लिया और उससे सांत करने लगा पर उसमे तो जैसे कोई भूत आ गया हो दिव्या संत HI नहीं हो रही थी फिर जब हुई तो वो बेहोश हो चुकी थी रोशन न उससे उठाया और हॉल म सोफे प लिटा दिया.

रोशन पूछना तो बहुत कुछ चाहता था पर अभी वो अपनी प्यारी पत्नी को इस हाल म देख उसको चेक करने LAGA.PARIDHI का भी वही हाल था.

{जब रेशमा गायब हुयी थी उस वक़्त परिधि ज्यादा छोटी नहीं थी वो अपनी मासी और उनके परिवार को जानती थी}

सुद्धा न वक़्त की नज़ाकत को देखते हुए जल्दी स दिव्या को चेक करने लगी.

चेक करने क बाद उसने बस इतना कहा क शॉक क वजह स ऐसा हुआ है.

सुद्धा- अभी कुछ देर म ये होश म आ जाएगी भैया.

ROSHAN-(GUSSE म) हम्म्म शॉक हां लगे भी क्यू न (माँ की ओर देख) जब मुर्दे जिन्दा हो जाये तो शॉक लग्न तो तय HI है (बुआ क ओर देख) जब कोई अपना बिन्ना बताये कही चला जाये और फिर अचानक स बहुत समय बाद सामने आये तो शॉक तो लगेगा HI (मासी की ओर देख) जब कोई आपने हमसे ऐसी बाते छुपाये तो शॉक तो लगे गए HI न.

रोशन ठाकुर वैसे तो बड़ा सांत दिमाग का आदमी है पर जब बात उसकी बीवी और बेटी की आती है तो वो बहुत गुस्से वाला हो जाता है. ये बात वह प सभी को मालूम थी. परिधि को बस यही दर लग रहा था क कही उसके पापा गुस्से म कुछ उल्टा सीधा न कर दे.

इस लिए उसने अपने पापा का हाथ पकड़ रखा था ताकि वो सांत रह सके. ऐसा बिलकुल भी नहीं था क परिशी को गुस्सा न आया हो गुस्से म तो वो भी थी पर वो अपने आप को काबू क्र रही थी.

रोशन ठाकुर क ऐसे बोलने क बाद वह खड़े सभी लगभग जैम स गए थे .

रोशन - (मस्सी स कड़क आवाज म) विक्रम को बुलाओ सभी क साथ.

MAASI(DARI HUI)-JJJ..J.JI भैया ( मासी रोशन को भैया HI बुलाती थी)

मस्सी न भी विक्रम को पहने क्र यहाँ क हालत बता दिए फिर उन्होंने बाकियों को और फिर डैड न मुझे बताया.

जब तक मैं घर पंहुचा सभी लोग आ चुके थे.

सायद अभी HI आये हो कोई कुछ बोल नहीं रहा था बस सारे लोग गुनहगारों की तरह काढ़े थे सिवाय शिल्पा दीदी क वो रेशमा बुआ क पास कड़ी उन्हें चुप मारा रही थी.

मेरे घर म एंट्री लेते HI रोशन फूफा और परिधि क तो होश HI उड़द गए उन्हें कुछ समझ नहीं आ रहा था.

रोशन- डीप चू.

मैं कुछ बोलता उससे पहले HI माँ.

माँ- रोशन जीजू ये डीप नहीं मेरा बीटा सौर्य है.

परिधि- सौर्य पर इसकी सकल तो बिलकुल छोटे मम्मू जैसी है.

रोशन - है पारी बिलकुल वैसा की है और इसकी आखें पता है तेरी छूती मामी जैसी है पर...( माँ की ओर देख) क्या मैं जो सोच रहा हु ये वही है .

माँ न इशारे स HI हां क्र दी.

मैं तो बस गेट क पास HI रुका रहा क्यू की आज फिर वही सवाल मेरे दिमाग म आया था पर मैं ये भी जनता था की इस सवाल का जवाब अभी कोई नहीं देगा मुझे.

रोशन - (मेरी ओर प्यार स देख) बीटा अपने फूफा क गले नहीं लगेगा. आ जा इधर .

मैं भी धीरे धीरे जाने लगा . में अभी उनसे गले मिलने HI वाला था क दिव्या बुआ को होश आया और मुझे देख तो जैसे वो पागल HI हो गयी उन्होंने डीप - डीप क्र क मेरा पूरा चेहरा HI गिल्ला क्र दिया.

मैंने भी ज्यादा विरोध नहीं किया जितना भी मासी और माँ स उनके और डीप मौसा क रिश्ते क बारे म सुन्ना था मैं उस रिश्ते का अपमान नहीं करना चाहता था.

मेरा चेहरा गीला करने क बाद उन्होंने खींच क मुझे तपाद मारा और मुझे गले लगा खुद रोने लगी.

मेरे स उनका यु रूना ाचा नहीं लगा पर मैं कुछ क्र भी नहीं पा रहा था बात HI ऐसी थी मैं उनके इमोशंस का मजाक नहीं बनाना चाहता था. वो रूट हुए HI बोलने लगी.

D.BUA- कहा चला गया था तू पता है कितना बुरा हाल हो गया था मेरा BINA.TUJHE भी अपनी दीदी की याद नहीं आयी क्या सैफअली भी आयी है बुल्ला न उससे.

मैं बस चुप चाप उनकी बाते सुनता रहा कुछ न बोलै. पर मेरे जगह प बाकी सारे जिनके आखों म ासु थे वो बोले.

R.FUFA- ये हमारा डीप नहीं ये तो उसकी परछाई है ये संजना और अभिषेक का बीटा है सौर्य इसकी आखें तो देखो.

फूफा जी ने बड़ी चालाकी स मेरे बिन्ना जाने HI मेरी सचाई दिव्या बुआ को बता दी. सुरु म तो वो समझ न सकीय पर फिर वो भी एक बार माँ डैड की तरफ देखि और उनको भी माँ डैड ने बस इशारे म हां कहा और चुप रहने को भी.

D.BUA मेरे बारे म ये जान क्र बहुत खुश हुई और फिर स मेरा चेहरा गिल्ला क्र दिया और गल्ले लगा क बोली.

D.BUA - मैं तेरी बुआ हु बीटा तेरी बड़ी बुआ.

मैं - है बुआ जी मैं जनता हु अभी कुछ दिन पहले HI पता चला है मुझे आपके बारे मई.

D.BUA - किसने बताया था तुझे ?

मैंने (रेशमा बुआ और बाकी सब की तरफ इस्सर क्र दिया) - और कोण बताएगा

रेशमा बुआ जो की अभी भी रू रही थी उनको देख दिव्या बुआ न उनको बुलाया और R.BUA धीरे धीरे उनके पास गयी फिर उनके कदमो म गिर क्र रोटी हुई बोली.

R.BUA - सॉरी दीदी माफ़ कर दो पर उस वक़्त कोई रास्ता नहीं था हमारे पास.

D.BUA- (प्यार स R.BUA क आशु पोछते हुए) चुप हो जा मेरी बच्ची क्या हुआ था जो तूने अपनी दीदी को भी बताना सही नहीं समझा और बिना बताये चली गयी सायद हम लोग तुम्हारी मदद क्र सकते .

R.BUA- दीदी अभी आपको कुछ पता नहीं सच्चाई जान क्र आप टूट जाओगी जैसे मैं टूटी थी.

D.BUA- बता मुझे मैं भी तो जान्नु क क्या कारन है क इतने सारे लोग छुपते फिर रहे है.

माँ- दिव्या दी मैं आपको बताती हु.

D.BUA(GUSSE म)- संजना अभी तू चुप HI रह तो बेहतर है तेरे वजह स तेरी बहनो की क्या हालत हुई थी तुझे पता है.

मासी- भाभी रेशमा न बोलै न अभी आप वो कारन नहीं जानती जिसकी वजह स ये हुआ है.

D.BUA- पूनम ये तू बोल रही है जो दिन रात रोटी रहती थी इसके जाने क बाद हां.

मासी- भाभी मैंने जब वजह जानी न तो मैंने भी इनको माफ़ क्र दिया .

रोशन- क्या वजह वजह लगा रखा है हां बॉबी मुझे सब सच सच बता वो भी सुरु स वर्ण तू जनता है

बॉबी - जी भैया.

पर उनके ऐसा बोलते HI R.BUA न D.BUA को कुछ इशारा किया

D.BUA - रेशमा मेरी शिल्पा किधर है तूने उससे तो मिलवाया HI नहीं.

शिल्पा दीदी जो इतनी देर स यु HI कड़ी थी एकदम स अपना नाम सुन वो बोली.

S.DIDI- मासी मैं तो इधर HI हु.

D.BUA न उन्हें अपने पास बुलाया और उनको गले लगा लिया और फिर माथा चुम के बोली.

D.BUA- कितनी बड़ी हो गयी है मेरी बच्ची तू न जब ीित्तु सी थी तब देखा था तुझे ( R.BUA को देख) फिर ये तेरी KAM-AKAL माँ तुझे कही ले कर चली गई.

R.BUA- डीडीई!

D.BUA- क्या दीदी है ( शिल्पा दीदी की ओर देख ) बीटा आप न एक काम करो आपकी परिधि दीदी को न कुछ सामन लेने जाना है तो क्या आप चले जाओगे उनके साथ अभी.

S.DIDI- है क्यू नहीं ( परिधि दीदी को देख) दीदी चलो रेडी हो जाओ

परिधि-( D.BUA की ओर देख) सामान .. है .. सामान ..मुझे कुछ सामान तो चाहिए था चलो मैं रेडी हु.

R.BUA - सौर्य बीटा तुम भी जाओ अपनी दीदियों क साथ.

मैं- मैं क्यू बुआ अभी तो D.BUA स मिला भी नहीं हु ाचे स मैं नहीं जा रहा.

D.BUA- बीटा अब तो मैं यही रहूंगी हमेसा तेरे पास तू जा पहले अपनी दीदियों क साथ हम न बाद मैं बात करेंगे.

मुझे भी समझ आ गया था क ये लोग कुछ ऐसी बात करना चाहते है जो मुझे पता नहीं चलना चाहिए. मैंने भी ज्यादा जोर नहीं दिया और निकल पड़ा अपनी दीदियों क साथ

हमारे जाने क बाद घर म.

माँ - दी आपने उससे यहाँ स भेज अच्छा किया अगर वो यहाँ होता तो आपको हम उतना HI बता पते जितना वो जनता है.

D.BUA - संजना क्या ये सच म मेरे डीप और सैफअली का बीटा है.

माँ- है दी ये उनकी आखरी निशानी है जो वो दोनों मुझे और अभी को सूप गए है.

D.BUA - ( रूट हुए ) तो तुम लोगो न हमें क्यू नहीं बताया हम लोग भी तो उसके कुछ लगते है और क्या वजह थी ये सब करने की बोलो.

फिर माँ न उनको वो कहानी सुनाई कैसे नाना जी न डीप- सैफअली क साथ क्या - क्या किया और भी बहुत कुछ जिससे सुन D.BUA क आखों म आसुओं भाई और गुस्सा भी

D.BUA- उन्होंने मेरे भाई क साथ ऐसा किया अपनी बेटियों क साथ ऐसा किया मुझे यकीं नहीं होता.

R.BUA- दीदी आगे की सुनोगी तो आप पता नहीं क्या क्र बैठो

D.BUA- छोटी अभी भी कुछ बाकी है क्या बताने को.

R.BUA- दीदी आप जानना नहीं चाहोगी क इतना कुछ हो रहा था एयर हमारे पापा को इसकी भनक कैसे नहीं लगी.

D.BUA- क्या मतलब है TERA.(CHOWKTE हुए) नहीं पापा ऐसा नहीं क्र सकते माना उनको सैफअली पसंद नहीं थी पर वो इतना नहीं गिर सकते.

माँ- दी रेशमा सही बोल रही है यही वजह है की हम सब न न तो आपको कुछ बोलै और न HI अनुराधा दीदी को. पता है मेरी मौत क नाटक क बाद उन लोगो न आप सब प नज़र रखना सुरु जर दिया था.

उनको सायद उस वक़्त भी सक था क HUM(MOM - डैड)

जिन्दा है और तो और वो आप लोगो क सहारे हमें ढूँढना चाहते थे. वो तो दिग्विजय न किसी तरह उन दोनों को चकमा दे कर रेशमा और शिल्पा क साथ वह स निकल हम तक पहुंच गए. एक बात बताओ क्या इनदोनो क गायब होने क बाद आपने अपने फॅमिली मैं कोई चेंज देखा.

D.BUA- नहीं पर

R.BUA- दीदी आपको आपका जवाब मिल गया होगा है न अब आप HI बताओ क्या हमने गलत किया.

D.BUA- नहीं मेरी बच्ची पर अब तुम लोग क्यू आये हो यंहा .

D.FUFA - दीदी अब वक़्त है बदला लेने की और यहाँ आने क लिए हमें सौर्य न HI कसम दी थी.

{यार कुछ बाते क्लियर कर देता हु OK.

डीप, विक्रम , दिग्विजय और बॉबी चारो सोल्लगे स HI अच्छे दोस्त है और रोशन ठाकुर चारो को HI अपने भाई जैसा मंटा है. सुधा एक अनाथ है जिसकी शादी म रोशन ने HI उसका कन्यादान किया था तब स वो उससे अपना भाई HI मानती है और रोशन भी उससे अपनी बहन. दिव्या और अनुराधा दोस्त है. संजना दिव्या को भी अपनी बड़ी बहन HI मानती है और दिव्या भी उससे छोटी बहन.}

रोशन - तुम लोगो क साथ इतना कुछ हो गया और मुझे पता भी नहीं चला. (सुद्धा की ओर देख ) बहाना गले नहीं मिलेगी अपने भैया क.

क्षुधा आंटी तो इसी क वेट क्र रही थी जैसे HI ये सुन्ना वो भगति हुई उनके गले लग गयी और रोने लगी.

चलो इन लोगो को अब अपना भारत मिलाप करने देते है हम चलते है हीरो क पास

ये क्या अपना हीरो इतना गुस्से म क्यू है. देखते है.

परिधि - सौर्य छोड़ उसको वो मार JAYEGA(ROOTE हुए).

MAIN-NAHI दीदी इस हरामी की हिमत कैसे हुई ऐसा करने की कैसे हाथ लगाया इसने आपको है आज ये नहीं बचेगा.

इतने मैं वाशरूम स शिल्पा बहार आयी. उसने देखा क सौर्य कुछ लड़को की जैम क धुलाई कीजे जा रहा है और परिधि ROO-ROO क्र उससे रुकने को बोल रही थी. वो दौड़ क परिधि क पास गयी.

S.DIDI- दीदी क्या हुआ आप रू क्यू रही हो और आपके कपडे फत्ते कैसे है अभी तो ठीक थे कुछ हुआ क्या.

परिधि - तू पहले रूक सौर्य को वो मार डालेगा उन लोगो को अपनी लाइफ बर्बाद क्र लेगा ये रूक उससे.

S.DIDI- पर हुआ क्या है.

परिधि - (2 लड़को की ओर इशारा क्र) इन लोगो ने मेरे SATH...(AUR रोने लगी)

ये सुनते HI S.DIDI का पारा तो हीरो स भी ज्यादा चढ़ गया पर परिधि की हालत देख खुद को संभाला और बोली

S.DIDI- आप रुको मैं सौर्य को रोकती HU.(MAAN म) सौर्य उन्हें हम बाद म देख लेंगे पहले दीदी को देख.

मैं उनकी आवाज सुन एम् नज़र परिधि दीदी प डाली जो बहुत रू रही थी मैंने उन लड़को को वही पटक दिया और दीदी क पास पंहुचा उनको चुप करने लगा. वो मुझे गले लगा कुछ देर रोटी RAHI.FIR जब वो चुप हुई तो S.DIDI क साथ वाशरूम गयी वह प चेहरा धोया उनके कपडे फैट गए थे तो हमने उनके लिए वही मॉल स कुछ कपडे लिए और बाकी का सामान ले वापस कार म आके बैठ गए.

P.DIDI- तुम दोनों घर म किसी को ये साड़ी बात नहीं बताओगे .

मैं तो चाहता था क किसी को कुछ पता न चले और मैं इन लोगो को उठा क बेस प इनकी अच्छे स मेहमान नवाजी करू.

मैं- ठीक है दीदी पर हम पार्टी म जरूर जायेंगे .

P.DIDI- है मेरे क्यूट स लिटिल बरोथेर.

चलिए देखते है हुआ क्या था हीरो क साथ.

फ़्लैश बैक...

अपना हीरो अपनी दीदियों क साथ निकल गया सो कॉल्ड शॉपिंग क लिए जिसमे किसी को पता HI नहीं यह क क्या लेना है.

परिधि को बड़ा HI अजीब लग रहा था वो अपनी मौसेरी बहन क साथ थी जो की बहुत समय पहले HI अपनी फॅमिली क साथ गायब हो गयी थी और एक ऐसे भाई क साथ थी जिसके बारे म उससे कभी कुछ पता HI नहीं था. शामे हालत हम दोनों क भी थे पर कही स तो बाते शुरू करनी HI थी न.

मैं- दीदी हम कहा जा रहे HAI(S.DIDI स.)

S.DIDI- अभी तो मासी न बताया था की हम दीदी क साथ कुछ सामान लेने जा रहे है मॉल स.

MAIN(P.DIDI स) - दीदी आपको क्या लेना है.

P.DIDI-(MAAN म ) ये कहा फसा दिया माँ आपने अब इस्को क्या बोलू.... है आज तो पार्टी म जाना HI है चलो इसी बहाने कुछ ड्रेसेस ले लेती हु. शिल्पा भी है वो मेरी हेल्प भी क्र देगी

P.DIDI- अरे वो न आज मेरे को एक पार्टी म जाना ह तो इसी लिए बस कुछ पार्टीवेयर लेनी थी.

S.DIDI- वाओ आते HI पार्टी

P.DIDI- ऐसी बात नहीं है वो तो कुछ फ्रेंड्स है जो यही रहती है उन्होंने HI मेरे यहाँ आने की ख़ुशी म एक छोटी स गेट टुगेदर राखी है बस.

मैं - वैसे मेरे को भी किसी पार्टी म जाना है आप दोनों मेरे लिए भी कोई ड्रेस ले लेना

दोनों - OK दोने.

फिर हम मॉल पहुंच गए. मॉल पहुंचे तो वह बहुत स लोग थे हम भी उन लोगो म शामिल हो कर आपने ड्रेस देखने लगे .

अब आपको तो पता है क मॉल म बहुत स आवारा लोग भी जाते है उन्ही म से कुछ की नज़र परिधि दीदी प पड़ी उन्होंने उस वक़्त एम् वाइट कलर की T-SHIRT और एक क्वाटर पंत पहन राखी थी सायद ट्रैवेलिंग क लिए पर फिर D.BUA न उन्हें वैसे HI घर स जाने को बोलै तो दीदी भी आ गयी.

उन लड़को की नज़द जक्से HI दीदी प पड़ी वो हमारे पहिचे पद गए पहले हम लोगो न दीदी क लिए शॉपिंग की उधर शिल्पा दीदी न भी कुछ ड्रेसेस अपने लिए लेली . उसके बाद उन्दोनो न मेरे लिए ड्रेस ख़रीदा . फिर मुझे एक जगह वेट करने को बोल दोनों वाशरूम की तरफ चली गयी मैं भी उधर खड़ा हो चारो ओर देखने लगा इससे HI अभी 5 मं भी नहीं हुए होंगे क मेरे कानो म कुछ आवाजे आयी 2 लड़के परिधि दीदी को पकडे हुए थे एक न उनका मुँह धक् रखा था ताकि आवाज न निकले और उनको उठा क ले जा रहे थे. ये देख मेरा खून खुल गया.

MAIN(CHILLA क्र )- छोड़ दे मेरी दीदी को वर्ण...

ा1- ी चिरकुट चल निकल यहाँ स कल तक तेरी दीदी को तेरे पास बेझ देंगे.

मैं उसकी बात सुन क्र उसको एक ग़ुस्सा MARA.WO पीछे गिर GAYA(CONTROL म मारा था).

ा2- बसड्क तूने इस्माइल भाई क आदमी प हाथ उठाया रुक अभी बताता हु तुझे

इतना बोल वो मेरी तरफ दौड़ा मैंने धीरे स उसके गाल प एक तपाद मारा बिचारे क 4 दांत बहार आ गए अब तक क इस लड़ाई को देख वो िस्मिले भाई क जितने भी बन्दे थे (4 और) आ गए वह प अब तक दीदी छूट चुकी थी वो बस रू रही थी और उनके रोने स मेरा गुस्सा बाद रहा था.

वो 4 लोग जो आये थे मुझे देख बोले.

ा3- तेरी इतनी हिम्मत रुक अभी बताता हु

ा4 जो सायद दिमाग वाला था वो बोलै

A4(A3 स) - आई पक्किया देख नहीं रैला तू इसने कैसे माखन क माफिक इन दोनों को धू डाला ये पका काळा पत्ते वाला ह

मैं- कल्ले पत्ते वाला अबे ू घोंचू मैं कोई काले पते वाला नहीं (सोच KR)ACHA तू ब्लैक बेल्ट बोल रहा है है मैं वही हु. तुम लोग इनको ले जाने आये हो क्या.

ा4- नहीं चिरकुट हम तो अब तेरे और इस लौंडिया क लिए आये है क्या मस्त माल हैयार एक दम पटाखा.

मैंने उसकी बात सुन्नी और बस गुस्से म दौड़ पड़ा उनकी ओर और मारने लगा (प्यार स) P.DIDI रो रो क्र मुझे रूक रही थी पर मुझे तो उनकी आवाज HI नहीं सुनाई डी रही थी.

उसके आगे जो हुआ वप तो आप सबको पता HI है

बैक तो प्रेजेंट

हम घर पहुंचे अब इस वक़्त मेरी बाकी की 3NO बहाने भी आ गयी थी और एक दूसरे स मिल भी लिए थे घर प सब कुछ नार्मल जैसा लग रहा था पर D.BUA और R.FUFA क चेहरे पर कुछ अलग स भाव थे . घर म जाते HI परिधि दीदी को भी सभी न खूब प्यार किया और दीदी न भी बाकी सबको.

DEKHTE-DEKHTE साम हो गयी मैं रेडी हो गया पार्टी म जाने क लिए . मैंने शिल्पा दीदी को भी जाने क लिए मन्ना लिया वो शुरू म तो NA-NA करती रही फिर साथ जाने को रेडी हो गयी. मैंने कॉल क्र प्रेमा को उनके आने क बारे म बता दिया.

परिधि दीदी निकल गयी अपने एक फ्रेंड क साथ जो घर प उनको लेने आयी THI.UNKE जाने क बाद हम दोनों भी निकल गए .हम जब पार्टी वाले हॉटेलम पहुंचे तो प्रेमा गेट प HI कड़ी थी सायद हमारे लिए HI . मैंने दीदी को उनसे इंट्रो करवाया.

इंट्रो क बाद हम अंदर चले गए. अंदर पार्टी म हमने किसीको देखऔर उसने भी हम दोनों को देखा तो ....

दोस्तों गेस क्र क बताओ क कौन है वो पार्टी म जिससे देख हीरो चौक गया.

 
अपडेट - 15

अब तक

MAIN,SHILPA दीदी और प्रेमा पार्टी मैं गए वह पर हमें कोई दिखा जिससे हम चौक गए.

आगे

पार्टी म परिधि दीदी थी जो क सपना क साथ एक जगह कड़ी बातें क्र रही थी.

मैं (प्रेमा स) - YE(PARIDHI दीदी की ओर इशारा क्र) कोण है?

प्रेमा- अरे इसी क लिए तो पार्टी राखी ह हमने.

चलो तुम्हे मिलवाती हु.

जब मैं और शिल्पा दीदी प्रेमा क साथ उनतक पहुंचे तो वो दूसरी तरफ देख रहे थी.

प्रेमा- ुये पारी देख कोई तुझसे मिलने आया है.

परिधि जब हमारी तरफ मुड़ी तो वो चौक गयी पर फिर खुश भी हो गयी

P.DIDI- तुम दोनों यहाँ कैसे.

प्रेमा- तू इनको जानती है.

P.DIDI- ये मेरे कौसिन्स है.

सपना- क्या! पर तूने तो हमें कभी नहीं बताया इनके बारे म.

P.DIDI- लम्बी कहानी है बाद मैं बताती हु.( हमारी ओर देख) पर तुम लोग यहाँ क्या क्र रहे हो.

प्रेमा- पारी तेरे को बोलै था न पार्क व...

मैं बिच म बोल पड़ा.

मैं- दीदी वो क्या है न मैं जिस पार्क म जॉगिंग करने जाता हु न ये भी वही जाती है एक दिन एक छोटी स हेल्प क्र दी मैंने इनकी फिर हमारी दोस्ती हो गयी. बस फिर क्या अब रोज मिलते है तो दोस्ती भी बढ़ रही है इसीलिए इन्होने मुझे पार्टी म बुलाया और मैं S.DIDI को भी ले आया.

सपना- छूती स हेल्प क्या बोल रहे हो. उस दिन अगर तुम न होते तो वो...

मैं- (बिच म) अरे मैं न होता तो कोई और होता जो आपकी हेल्प करता आप भी न छोटी स हेल्प क लिए इतनी तर्रीफ़ नहीं करनी चाहिए.

MAIN(MAAN-M)- S.DIDI तुम P.DIDI को एक मं क लिए यहाँ स लेके जाओ प्लीज.

S.DIDI-(MAAN-M) क्या हुआ क्यू ले जाना है इनको.

MAIN-(MAAN म) बाद म बताता हु आपको पहले इन्हे ले के जाओ.

S.DIDI-(P.DIDI स कान म)- दी वाशरूम कहा है. मेरे को जोर स लगी है प्लीज जल्दी चलो.

वो दोनों हमें एक्सक्यूज़ में बोल वह स निकल GAYE.AB यहाँ MAIN,PREMA और सपना HI थे.

सपना- अरे तुम हमारी बातो को क्यू काट रहे थे हम तो उल्टा तुम्हारी तारीफ करने जा रहे थे न.

प्रेमा - और नहीं तो क्या पारी को भी तो पता चले क उसका भाई कितना अच्छा है हेल्पफुल है और तुम.

मैं- सॉरी मैंने आपकी बातों को बिच म कटा पर मेरे पास कोई रास्ता नहीं था आप न उनको वो गुंडों की मौत की बात मत बताना प्लीज वो क्या है न क हम घर म ये सब किसी को नहीं बताते सो प्लीज.

दोनों- OK वे अंडरस्टैंड पर तुम्हारी बात मान हमें क्या मिलेगा.

मैं- मैंने तुम दोनों की जान बचाई है.

सपना- तो उसके लिए थैंक्स तो बोलै न अब अगर इस राज़ को राज़ रखना है तो हमारी भी एक शर्त HAI.(PREMA की ओर देख) क्यू डार्लिंग.

प्रेमा- यस डिअर ( मेरी ओर देख) अब तो तुम्हारा एडमिशन जरूर सीज़ सोल्लगे म होगा वही तुमसे बात करेंगे. पर उससे पहले एक किश तो...

अभी वो अपनी बात पूरी करती क तभी पीछे स

P.DIDI- किश! क्या बात क्र रही है तू प्रेमा


सपना- अरे ये तो सौर्य स पूछ रही थी और किस किस को दोस्त बनाया यहाँ वो ये अभी यहाँ नया है न.

P.DIDI- सौर्य ये सच बोल रही है न क्यू की मुझे लगा मैंने कुछ और HI SUNNA(PREMA को घूरते हुए)

मैं- है दीदी ये सही बोल रही है.

S.DIDI(APNE मान म)- यार दीदी तो इस जनम म भी सककी HI है बिलकुल नहीं बदली.

फिर कुछ खास नहीं हुआ सभी पार्टी एन्जॉय करने क बाद अपने ऍबे घर जाते HAI.MAINE पूरी पार्टी क दौरान प्रेमा और सपना स कोई बात नहीं की.

घर आते HI सभी अपने अपने रूम मैं चले गए सूने KO.PR एक बात मेरे को अब भी अजीब लग रही थी वो थी दिव्या & फॅमिली क फेसिअल EXPRESSION.SHOPPING क वक़्त तो परिधि दीदी क एक्सप्रेशंस ठीक तक थे पर वह स आने क बाद जब वो अपने मम्मी पापा स कुछ देर बात की उसके बाद तो उनके एक्सप्रेशंस भी अजीब थे. सायद किसी और ने ये बात नोटिस नहीं की फिर मैं भी इस बात को ये सोच क्र आपने दिमाग स जातक दिया क ये सफर क थकावट की वजह स होगा.

मैं भी अपने रूम मैं आया और सू गया और सूट HI पहुंच गया जंगल मैं अपने 6तह चक्र को जगाने.

चलिए इन्हे अपना चक्र जगाने देते है और हम कही और चलते ह

अपने हीरो स 7 समुन्दर दूर एक घर म कुछ लोग बैठे हुए थे. ये घर अमेरिका क नई यॉर्क म स्थित है यहाँ प कुल 3 लोग थे 3NO HI बड़े अजीब दिख रहे थे और अलग अलग रंग क HOODIES(TOPI वाली जैकेट) पहन रखे थे और वो थे ब्लैक, डार्क BLUE(D.B) और ब्लडी RED(B.R).

इनमे ब्लैक वाला दोनों हेड था.

(इनको मैं कलर स इंडीकेट करूँगा.)

ब्लैक- बोलो तुम दोनों न अचानक ये मीटिंग क्यू बुलाई है.

B.R- सर हमने पुरे अमेरिकन कांटिनेंट प कब्ज़ा क्र लिया है अब हमें एशिया और यूरोप की ओर जाना चाहिए.

D.B - है सर मेरा भी यही मन्ना है और मैं तो कहता हु क ये काम जल्द स जल्द करना चाहिए क्यू की मेरे लोगो न अभी कुछ दिनों पहले HI बहुत बड़ी डिवीने एनर्जी सोर्स को महसूस किया था.

ब्लैक- तुम्हे क्या लगता है मैं यहाँ प झक मरने बैठा हु मैंने कुछ दिन पहले HI यूरोप म अपने आदमियों को भेज दिया है और उन्होंने तो वह अपना काम भी सुरु क्र दिया HAI.AUR रही बात एशिया की तो वह अभी रहने दो वही स मुझे भी डिवीने एनर्जी सोर्स महसूस हुई. उधर का काम हमें संभल क करना होगा.

B.R- OK बॉस पर एक बात समझ नहीं आयी एअर्थ प तो कोई भी डिवीने एनर्जी तब तक नहीं आ सकती जब तक उसके धारक का जन्म एअर्थ प न हुआ हो. तो अचानक ये कैसे.

ब्लैक- बात तो तुम्हारी सही है. चलो इसके बारे म न हम बाद म डिसकस करते है. और कोई मसला है क्या.

D.B- जी बॉस वो एक्चुअली कुछ समय स हमारी गति विधियों प कोई नज़र रहे हुए है और हम उसका पता नहीं लगा प् रहे है.

ब्लैक- क्या ये उन् जिन्नो की गुस्ताखी है अगर ऐसा है तो वो संधि क विरुद्ध जा रहे है और इसकी सज़्ज़ा उन्हें खुद हम देंगे.

B.R- नहीं बॉस ये जिन्नो क द्वारा नहीं किया जा रहा और न HI किसी ओर क साथ जो हमारे साथ संधि म जुड़े हुए है ये कोई अलग HI है.

ब्लैक- ये तो कुछ अलग किस्म की बात है क्या तुमने उसके एनर्जी का पता लगाने की कोसिस की.

D.B- है बॉस की न पर हमें कुछ भी पता नहीं चला.

ब्लैक - मैं इस बात को महामहिम तक पहुंचने स पहले HI हल क्र दूंगा नहीं तो मेरी तो इज़्ज़त HI नहीं बचेगी अपनी दुनिया M.TUM दोनों एक काम करो D.B तुम चीन चले जाओ आपने हूडीएस कंपनी को वह प फैलाओ और B.R तुम इंडिया जाओ और तुम भी वह यही करोगे. पर दोनों एक बात कान खोल क सुन लो ये काम कंपनी क अंदर HI हो वही लोगो को कन्वर्ट करो और अपनी गैंग बनाओ ठीक अमेरिका की तरह.

दोनों- जी बॉस

ये बोल दोनों HI निकल गए और अपना ब्लैक बैठा सोचता रहा इन् दोनों बातो प जो अभी उसके सामने आयी थी.

नेक्स्ट मॉर्निंग (सैटरडे)

{यार P.MAASI का घर बहुत बड़ा है OK यहाँ प न 3 फ्लोर्स है और हर फ्लोर प 5 रूम्स तो अगर यहाँ LOG(NEW चरक्टेर्स) आते रहे तो भी कोई दिकत नहीं होगी}

मेरे साथ शामे बाते हुई वही दर्द रे निकलना BLA...BLA...BLA...

पर एक बात अजीब थी मेरे होठ प किसी क लिपस्टिक क नीसाण थे जो मैंने मिरर म देखा और सोचने लगा क कोण होगा जिसने ऐसी हरकत की होगी. एक पल क लिए लगा क शिल्पा दीदी क्यू की उन्ही क पास पावर्स है कही भी आने जाने की पर फिर लगा ये कैसे हो सकता है वो तो मेरी बहन है. मैं गयम क्र रेडी हुआ करीब 6 बजे और पार्क की ओर निकलने लगा क तभी आवाज आयी.

"ोई कहा जा रहा है इस वक़्त"

मैंने पीछे मिड क्र देखा तो परिधि दी अपने निघटसुइट म कड़ी थी मैं तो एक बार उनको देखता HI रह गया फिर कण्ट्रोल करते हुए.

मैं- वो दीदी वो मैं जॉगिंग क लिए जा रहा हु. आप इतनी जल्दी कैसे उठ गए.

P.DIDI- वो तो मेरी भी आदत है जॉगिंग की तो मैं उठ गयी.

अभी उनकी बात पूरी हुई HI थी क किसी क जोर जोर स हसने की आवाज आने लगी.

जब हमने देखा तो दिव्या बुआ गार्डन की तरफ जा रही थी अपनी योग मत लेके और सायद हमारी बाते सुन उनको हस्सी आने लगी. उनको हस्ता देख P.DIDI को गुस्सा आया.

P.DIDI- मम्मी आप है क्यू रही हो हां मैंने कोई जोके मारा क्या?

D.BUA- इससे ाचा जोके और क्या हो सकता है जो लड़की आज तक 8 बजे स पहले अपना बिस्तर खली नहीं करती वो आलसी लड़की न सिर्फ 6 बजे उठने की ऊपर स जॉगिंग की बात क्र रही HAI.(MERI ओर देख) बीटा अब जब ये महारानी बोल HI चुकी है तो तू इससे लेजा और खूब DAUDA.ISKO कुछ शिका तू कैसे फिट रहा जाता है.

मैं - जी बुआ (दीदी क ओर) दीदी आपके पास ट्रैकसूट है या फिर..

P.DIDI - अरे वो तो नहीं है मेरे पास

"आप मेरा वाला लेलो मेरे पास एक्स्ट्रा है" शिल्पा दीदी हमारे पास आते हुए बोली बड़ी खुश नज़र आ रही टी वो.

P.DIDI - तू भी चलेगी क्या हमारे साथ.

S.DIDI-HA दीदी मैं भी ऑफिस मैं बैठे बैठे थक जाती हु न तो सोचा थोड़ा जॉगिंग वोग्गिंग स ाचा फील होगा.

मैं- अरे आप दोनों जाके तैयार हो जाओ वर्ण देर हो जाएगी.

P.DIDI- तेरे को इतनी जल्दी क्यू पड़ी है हां कही कोई लड़की का चाकर तो नहीं.

मैं- अरे दीदी आप तो नहीं ऐसी कोई बात नहीं है मैं तो इसलिए बोल रहा था क कही धुप न निकल आये.

दोनों चली गयी पर कसम स यार अगर ये दोनों मेरी दीदी न होती न तो इतना लेट तैयार होने क लिए न इनको पक्का बहुत सुन्नता पर दीदी है क्या करे.

करीब 7 बजे हम जॉगिंग क लिए पार्क म पहुंचे वह प जाते HI हम अपनी जोगिंग करने लगे P.DIDI की तो हालत 20 मं मैं हालत ख़राब हो गयी तो वो बैठ गयी. आज प्रेमा और सपना सायद नहीं आये थे. मैंने और शिल्पा दीदी न अपनी जॉगिंग कम्पलीट की ओर दीदी की तरफ बढ़ गए वो निचे घास प बैठी थी.

हमारे उनके पास जाने प वो बोली.

P.DIDI- तुम लोग क्या कहते हो हां एक जानते स दौड़े जा रहे हो थकते नहीं क्या.

S.DIDI- वो दीदी अभी हमारी आगे नहीं हुई न अभी हममे ज्यादा एनर्जी है

P.DIDI- है ये भी सही.... ये क्या बोली तू मैं क्या कोई बुद्धि हु. रुक अभी बताती हु तुझे.

वो उठी और S.DIDI को पकड़ने भागने लगी. S.DIDI तो रेडी HI थी उन्होंने उनको बहुत दौड़ाया.

फिर हम 3NO वह स निकल क घर आ गए.

चुकी आज सैटरडे था सबकी छुट्टी थी सिवाय मेरे, S.DIDI और D.FUFA KI(RAW एजेंट्स) पर हम कुछ क्र नहीं सकते थे क्यू की घर की लेडीज न आज कुछ प्लान किया था सायद पिकनिक का.

सभी न ब्रेकफास्ट किया और तैयार होने चले गए. मैं रूम म गया और समीरा को कॉल किया और उसको बोलै क आज का काम वो देख ले और अगर कोई अपडेट हो नानाजी क केस की तो मुझे जरूर बताये. मैं जल्दी स इस केस को ख़तम करना चाहता था ताकि फिर अपनी फॅमिली को एक करने म कोंकण. कर सकू.

सभी लोग तैयार हो निचे आ गए और कार्स मैं बैठने LAGE.EK कार मैं मैं और मेरी बहने थी कार P.DIDI ड्राइव क्र रही थी. दूसरे मैं सारे लेडीज जिसको P.MAASI ड्राइव क्र रही थी. और तीसरे म अपने गेट्स जिसको डैड ड्राइव क्र रहे थे.

3NO कार्स लाइन स जा रही थी और हम पहुंच गए इस सहर क सबसे बड़े गार्डन म जो की एक अच्छा पिकनिक स्पॉट था चुकी आज सैटरडे जो था. जब हम वह पहुंचे और कार स उतरे तो कुछ चहरो प एक अजीब स बेचैनी थी कुछ प एक ख़ुशी की मुस्कान और कुछ नार्मल थे.

उस पार्क मैं जाते HI D.BUA हमें गाइड करने लगी एक ओर जाने को और हम भी उनके पीछे हो लिए पर जैसे जैसे हम आगे बाद रहे थे माँ- डैड को एक अलग सी बेचैनी सत्ता रही थी वही D.BUA & टीम की मुस्कराहट गहरी होती जा रही थी...

दोस्तों अब आप गेस क्र क बताओ क क्यों माँ डैड की बेचैनी बढ़ती जा रही है और दिव्या BUA,ROSHAN फूफा और परिधि दीदी की मुस्कराहट गहरी होती जा रही है
 
अपडेट - 16

अब तक

हम सरे पहुंच गए पिकनिक प सहर क सबसे बड़े गार्डन जो की एक पिकनिक स्पॉट भी था. दिव्या बुआ हमें किसी ओर लेकर जा रही थी हम भी उनके पीछे हो लिए.

आगे


हम थोड़े HI अंदर आये थे क एक साथ MERE,S.DIDI और D.FUFA क फ़ोन प मैसेज आया.

मैसेज पद फूफा जी S.DIDI को देखने लगे.

S.DIDI(MAAN म)- सौर्य ये क्या है.

मैं- दीदी शामे मैसेज मेरे को भी आया है समीरा न भेजा है सायद कोई है हमारे पीछे.

S.DIDI - अब क्या करे बोल यहाँ तो सभी है अपनी आइडेंटिटी इनके सामने आ जाएगी.

मैं- है दीदी मैं कुछ सोचता HU....EK काम करो आप न चाकर आने की एक्टिंग करो बाकी का तो फूफा जी संभल केंगे वो तुरंत हमें यहाँ स जाने को मन्ना लेंगे.

S.DIDI-(MAAN म) सही है.

S.DIDI फूफाजी को इशारे स अपना प्लान बताती है वो भी OK क्र देते है.

फिर क्या था दोनों HI प्लान क हिसाब स काम करते है और आंत म हमें वापस घर जाना होता है.

D.BUA जो हमें गाइड क्र रही थी इतना कुछ होने स सायद उनको गुस्सा आ गया था या परेशान हो गयी थी.

उन्होंने कार म बैठने स पहले किसी को कॉल किया और कुछ बात की.

सभी वापस कार मैं बैठ घर आ गए इसमें हमें लगभग 1 बज गए थे. घर प आते HI S.DIDI को उनके कमरे म आराम करने को भेज दिया गया.

D.BUA भी अब तक नार्मल दिखने लगी थी पर कुछ तो था जो उनके दिमाग म चल रहा था.

करीब 3 बजे क आस पास फूफा जी घर स निकल गए. मैंने भी निकलने की कोसिस की तो D.BUA न रोक लिया और अपने पास रहने को बोली. मैंने भी मन नहीं किया क्यू की मुझे पता था क हमारे पीछे जो भी थे उनको फूफा जी पकड़ HI लेंगे.

करीब एक घंटे क बाद मेरे फ़ोन प फूफा जी का कॉल आया.

फूफाजी- अगेनटड बोल रहा हु एक परमिशन चाहिए मुझे.

मैं- बोलो किस बात की परमिशन.

फूफाजी- किंग कुछ लोग मेरे फॅमिली क पीछे लगे हुए है तो मैं उन्हें सबक शिखना चाहता हु.

MAIN-EXPLAIN करो अगर मुझे सही लगा तो HI परमिशन मिलेगी.

फूफाजी- किंग कल कुछ लोगो ने मेरी भतीजी क साथ बद्तमीज़ज़ी करने की कोसिस की तो उन्हें मेरे भतीजे ने मारा. अब वो लोग बदला लेना चाहते है मेरे भतीजे स जो मुझे मंजूर नहीं HAI.AAJ वही लोग थे जो मेरे फॅमिली का पीछा क्र रहे थे मैं कोई रिस्क नहीं लेना चाहता.

मैं- अगेनटड बात तो परेशां करने वाली है पर क्या उनकी इतनी औकात है क वो कुछ कर सके.

फूफाजी- किंग ये काम िस्मिले क आदमियों का है और इस्माइल क लिंक्स रुस्सियन मफ्फिए स है. ये भी खबर है क वो इस सहर म रुस्सियन मफ्फिए का SUBSTITUTE(PRATINIDHI )

है. अब तो तुम समझ HI गए होंगे.

मैं- एक बात बताओ ये पंकज चौहान भी तो रुस्सियन मफ्फिए क लिए काम करता हैना? क्या इन दोनों क कुछ लिंक्स भी है?

फूफाजी- अरे जंहा तक मुझे पता है वो पंकज इंडिया का हेड है एयर ये इस सहर का दोनों म लिंक का तो मुझे पता HI NHI.HA सायद कही मिले होंगे किसी गैंग क मीटिंग प.

मैं- एजेंट एक काम करो इस इस्माइल को न अकेला देख उठा लो जितनी जल्दी हो सके पर इस बात का पता उसके गैंग मेंबर्स को न लगे. बस उठना है समझे न ऐसा न हो के उससे कुछ हो जाये सायद ये हमें तुम्हारे दोस्त पंकज तक पंहुचा दे.

फूफाजी- ठीक है पर इंटररॉगटे तो मैं HI करूँगा इससे.

कॉल कट

मैं भी चल दिया शीतल दीदी क रूम की ओर उन्हें इन्फॉर्म करने को.

वही दूसरी ओर सारे लेडीज चाट प जमावड़ा लगाए बैठी थी.

D.BUA - एक बात तो बताओ पूनम तुम अनुराधा स पिछली बार कब मिली थी.

P.MAASI- भाभी बहुत वक़्त हो गया उनसे मिले और बात किये. जब स वो शिवपुर गयी है.

माँ- दीदी छोटी बता रही थी क वो भी अब इसी सहर म HAI.MERA उनसे मिलने का बहुत मान करता है पर क्या वो...

D.BUA- देख संजू जब उससे रीज़न का पता चलेगा न तो वो सब भूल तुझे गले लगा लेगी.

R.BUA-(MAZAK म) है हो सकता है एक दो लगा दे दीदी की तरह आखिर इनकी HI तो सहेली है.

D.BUA-(JHOOTHE गुस्से म) है RESSU(R.BUA का पेट नाम) वो इससे मारे या न मारे पर तुझे जरूर मारेगी अगर न मारे तो मैं मारूंगी तुझे.

सुद्धा AUNTY-(D.BUA स) भाभी वैसे तपाद बड़ा गजब मारा था आपने ISSE(R.BUA की ओर इशारा क्र) इसके तो अकाल HI ठिकाने आ गयी हो गई.

इतना बोल वो हसने लगी.

P.MAASI- सही बोलै सुद्धा तुणी...

चायताक चायताक

P.MAASI/SUDDHA- मारा क्यू भाभी हमने क्या किया था.

D.BUA- अरे मुझे लगा तुम दोनों को मेरा तपाद पसंद आया इसलिए मैंने दे दिया.

बात कथं होते HI WO,MOM और R.BUA हसने लगी.

D.BUA-POONAM एक काम करते है मेरे पास अन्नू का NO. है अगर उसे कॉल कर यहाँ बुल्ला ले और तो कैसा रहेगा.

माँ- दीदी आईडिया अच्छा है आप न उन्हें यहाँ बुलाओ परसो यहाँ वित्त फॅमिली.

पूनम- है भाभी वो जरूर आएगी बुलाओ उनको.

चलिए इन्हे यहाँ छोड़ चलते है दिग्विजय फूफाजी क पास

{अब इन्हे भी एजेंट्स क नाम पता है}

फूफाजी- समीरा तुमने पता लगाया इस िस्मिले भाई क बारे म.

SAMEERA-HA अगेनटड इससे तो वो कही भी अकेला नहीं जाता पर 2 रातो स किसी सलमा क पास जाता है ***** कॉलोनी म अकेला.

फूफाजी- चलो हम भी इस सलमा स मिल आते है हम भी तो देखे कोण है ये सलमा.

फिर क्या फूफाजी निकल पड़े समीरा और 2 एजेंट्स को लेके.

वह पहुंचे तो अभी बहुत चहल पहल थी यही कोई 6 बज रहे होंगे. उनके पास सलमा की कोई फोटो नहीं थी बीएस नाम और पता था.

फूफाजी- समीरा तुम उसके घर प सेलल्सगर्ल बन क जाओ और देखो कहि कोई और तो नहीं वह प.

समीरा- OK

इतना बोल वो चली गयी.

थोड़ी देर म वो बहार आयी.

समीरा- अगेनटड वह प वो अकेली है पर कुछ गड़बड़ लगी मुझे अंदर ऐसा लगा हर जगह कैमरा लगे हुए है.

फूफाजी- व्हाट कैमरा पर क्यू.

समीरा- मुझे पता नहीं. वो तो देखने म भी किसी त्रिनेड एजेंट की तरह लग रही थी.

FUFAJI-AUR तुम ये कैसे कह सकती हो ?

समीरा - अगेनटड इतना तो मुझे खुद प भरोसा है क देख क बता दू क कोण एजेंट है और कौन नहीं. अगर मैं गलत नहीं तो सक तो उससे भी हुआ होगा वो पका अभी मुझे चुप क देख सुन्न रही होगी.

अभी समीरा की बात ख़तम HI हुई थी क सलमा घर स बहार आयी और चारो को अंदर बुलाया.

फूफाजी तो उसको देख चौक HI गए.

अंदर आते HI.


फूफाजी- किरण तुम यहाँ कैसे और ये सलमा का क्या चक्र है.

SAMEERA-KIRAN क्या इसका नाम किरण है.

किरण - है पर दिग्विजय सर आप यहाँ कैसे आप तो...

FUFAJI-WO सब एक नाटक था जिसकी वजह फिर कभी बताऊंगा (बाकियों की ओर देख) इससे मिलो ये है मेरी ओने ऑफ़ थे बेस्ट स्टूडेंट किरण रैङवत. इसे मैंने खुद ट्रैन किया है पर तुम यहाँ कैसे और ये सलना का क्या चाकर है.

किरण - सर मैं रॉ म थी पर अब नहीं. आपको सायद मेरा भाई याद हो उसको इसके आदमियों न मार दिया जब मैंने ये बात अपने सुपीरियर को बताई तो वो मुझे वेट करने को बोलने लगा. मेरा मेरे भाई क आलावा कोई भी नहीं है मैं बस उसके बदले क लिए इससे प्यार का नाटक क्र फसाया है ताकि इससे पकड़ सकू और फिर तड़पा तड़पा क मार सकू( इतना बोलते हुए उसके चेहरे प गम और आखों म ासु HI थे बस)

फूफाजी- समीरा क्या ये...

समीरा- अगेनटड हमें किंग स बात करनी होगी बिन्ना उसकी परमिशन हम कुछ नहीं क्र सकते.

किरण- क्या तुम लोग किंग क अंडर काम करते हो.

समीरा- है और अगर तुम चाहो तो तुम भी क्र सकती हो ऊपर स तुम्हे वो िस्मिले को मरने का मौका भी देगा.

किरण- दोने.

फूफाजी- समीरा क्या वो मानेगा.

सामर्रा- मैं बात करती हु उससे पर पहले जो करने आये है वो तो क्र ले.

फिर वो किरण को अपने यहाँ आने की वजह बताती है किरण भी रेडी हो जाती है हेल्प क लिए.

फिर करीब 7:44 म िस्मिले की एंट्री हुई घर म. बिना किसी सूर सरबे क किरण ने उसके चाय म बेहोसी की दवा मिला दी और उससे ले गए अपने बेस प.

किरण को समीरा न एक दिन वेट करने को बोलै ताकि वो किंग स सब कन्फर्म करके डाक्यूमेंट्स भी बना ले.

फिर फूफाजी करीब 9 बजे घर आये.

सारे लोग सूने चले गए अपने अपने रूम्स म खाना खाने क बाद.

मैं भी सूट HI पहुंच गया अपने 7तह एंड लास्ट चक्र को जगाने जंगल म
 
अपडेट - 17

अब तक

फूफा जी ने किरण की मदद स िस्मिले को उठा LIYA.MAIN अपने 7तह चक्र को जगाने

आगे

आज भी दर्द और वो रेज़ वाली बात हुई पर कुछ और भी हुआ जो ये था क मैं अपने सरीर म बहुत HI ज्यादा मात्रा म एनर्जी महसूस क्र रहा था और कुछ धुंदली सी तस्वीरें मेरे दिमाग म आ रही थी कुछ चीज़ो की, कुछ लोगो की, कुछ जगहों की.

तभी बाबा की आवाज आयी

बाबा- अपने सारे चक्रों को जगाने की बहुत बहुत बधाई हो सौर्य. अभी तो तुम्हारे अंदर केवल 7 HI शक्तियां है पर अगर तुमने थे रेड बुक को अभी काबू क्र लिया तो तुम बहुत सारे शक्तियों क मालिक बन जाओगे जोकि तुम्हारे आने वाले सदर क लिए जरुरी है. एक और बात अब तुम्हारे कंधो प बहुत बड़ी जिम्मेदारी आने वाली है और ये क्या है तुम्हे रेड बुक HI बताएगा.

मैं- धन्यवाद् बाबा अब आप ये बताये क इस रेड बुक को कैसे काबू करना है.

बाबा- सौर्य तुम्हे अपने सरीर क अंदर की साड़ी ऊर्जा को अपने दिल क पास एकाग्र करनी होगी जिससे थे रेड बुक तुम्हारे पास आ जायेगा और तुम्हारे बॉडी म चला जायेगा पर ये मत समझना क ये ाशन होगा. तुम्हे ये करने म बहुत ज्यादा पीड़ा होगी

जितनी के तुम्हे अपनी चक्रों को जगाने म हुआ उससे 10 गुना ज्यादा.

मैं- ठीक है बाबा मैं तैयार हु.

इतना बोल मैं बैठ गया अपनी ऊर्जा को अपने दिल क पास एकाग्र करने.

करीब 3 घंटे लगे मुझे ये करने म.

जैसे HI मैं कामयाब हुआ. एक आवाज आयी.

आवाज- मालिक मैं थे रेड बुक, सप्तरंगी किताबो म स एक आपके सरीर म आने की आज्ञा मांग रही हु.

मैं- तुम प्रवेश कर सकती हो रेड बुक.

मेरा इतना बोलना था क मेरे चारो तरफ एक लाल रंग का घेरा बन गया और मैं उसी म सम्मा गया.

मुझे बहुत ज्यादा दर्द होने लगा मैं दर्द सह नहीं पा रहा था ऐसा लग रहा था कोई मुझे आग म भुने जा रहा है वो भी जिन्दा. बड़ी तकलीफ हो रही थी पर सायद मेरे चक्रो क जागने क वजह स मेरी सहन शक्ति भी बढ़ गयी थी. ऐसे HI करीब आधे जानते क बाद वो दर्द काम होने लगा फिर कुछ देर म दर्द बचा HI नहीं.

मैंने अपनी आखें खोली बाबा मेरे सामने खड़े मुस्कुरा रहे थे.

बाबा - सौर्य तुमने अपनी पहली शक्ति क बाग़ प काबू क्र लिया है मुबारख हो.

मैं - धन्यवाद् बाबा.

बाबा- अब स ये रेड बुक HI तुम्हारा मार्ग दरसन करेगी और ये HI तुम्हे बताएगी की तुम्हारा अगला शक्ति क बाग़ कहा है और वह कैसे पहुंचना है पर उससे पहले अब मैं तुम्हे तुम्हारी साड़ी विद्याएं देता हु जो तुम्हारी मदद करेगी.

इतना बोल बाबा न मेरे सर प अपना हाथ रखा और उनके हाथ स कोई रे मेरे सरीर म आ गयी.

बाबा- सौर्य अब तुम घर जाओ वह सभी परेशां है तुम्हे लेकर.

इतना बोल वो गायब हो गए एयर मैं अपने रूम म पहुंच गया जंहा भीड़ लगी हुई थी सभी मुझे घेरे काढ़े थे.

सभी को ऐसे देख मैं चौक गया और जल्दी स उठ क बैठ गया.

MAIN(MOM स) - क्या हुआ माँ आप सभी एक साथ मेरे रूम म.

माँ- तू उठ क्यू गया लेता रह और ये बता तू चिल्लाया क्यू था.

मैं कुछ बोलता क शिल्पा दीदी मेरे मान म.

S.DIDI-(MAAN म) इनको बोल क तू कोई बुरा सपना देख रहा था वर्ण ये सारे बिन्ना वजह क परेशां होते रहेंगे

उनका इतना कहना क मैंने माँ को जोर स गले लगा लिया और बोलै.

MAIN(MOM स)- आप मेरे को छोड़ क तो नहीं जाओगे NA(DARNE की एक्टिंग करते हुए)

माँ- नहीं बीटा मैं क्यू जाउंगी कही हां. मैं तो हमेसा तेरे साथ रहूंगी पर तू ऐसे 1 बोल रहा है और तू चीखा क्यू था.

मैं- माँ मैंने न एक बहुत बुरा सपना देखा क आप सभी मेरे स गुस्सा हो और मुझे छोड़ क जा रहे हो सायद इसी वजह स चीख निकल गयी.

माँ- ऐसा कभी हो सकता है क्या की मैं अपने बेटे को छोड़ क चली जाओ नहीं न चल अब सां5 होजा और ब्रेकफास्ट क्र ले तू इतना लेट कैसे उठा आज.

मैंने घडी देखि तो मैं चौक गया यार सुबह क 9 बज रहे थे.

मैं- वो माँ कल रात न थोड़ी देर स सोया था सायद इसी वजह स.

माँ- कोई नहीं चल फ्रेश हो और निचे आजा .( बाकि सब स) चलो आप सब भी ब्रेकफास्ट करते है.

सभी बड़ो क दिमाग म कुछ तो चल रहा था सायद इसीलिए कोई कुछ नहीं बोलै सिवाय माँ क. जाते जाते S.DIDI ताना मार गयी अलग स

S.DIDI(MAAN म)- गधे तेरे को एक्टिंग भी ठीक स नहीं आती क्या?

रेड बुक- सही कहा मालकिन मालिक को तो एक्टिंग भी नहीं आती.

इस आवाज क साथ HI शिल्पा दीदी एकदम स चौक गयी और मैं भी.

S.DIDI(MERE पास आकर) - क्या तूने रेड बुक प् ली तो इसी लिए तू चिलाय था.

R.BOOK- है मालकिन मैं आ गयी

मैं- E..EK मं दीदी ये आपको मालकिन क्यू बुला रही है.

S.DIDI- WO..WO.. है अरे मैं तेरी बहन हु न इसी लिए मालकिन बुल्ला रही HAI.(DAANT पिस्टे हुए) हैना रेड बुक की बच्ची.

R.BOOK(DARI हुई आवाज म) - हां मालिक ये आपकी बहन है न इसी LIYE.(S.DIDI स) माफ़ करना मालकिन मैं भूल गयी थी.

मैं- अरे तुम ये मालिम मालकिन बुलाना बंद करो हम दोस्त है दोस्त समझी. तुम हमें अपने नाम स HI बुलाओगी.

R.BOOK- जैसी आपकी आज्ञा MALIK...NAHI मेरा मतलब सौर्य.

मैं - अब ठीक है (S.DIDI स) आप इस किताब क बारे म कैसे जानते हो ये बताओ.

S.DIDI- अरे WO.WO है याद आया बाबा न बताया था इसके बारे म अब तो तुम्हे यही बताएगी क तुम्हारे पास कोण कोण स शक्तियां है.

R.BUA-(NICHE स चिल्ला क्र) शिल्पा बीटा क्याकर रही है जल्दी स निचे आ जा.

S.DIDI- आयी मम्मी (मेरे स) जल्दी तैयार हो आज बेस प भी जाना है उस िस्मिले क लिए.

मैं- है दीदी चलो मैं फ्रेश होता हु.

मैं बाथरूम म चला गया और फ्रेश हो 9:30 तक निच्चे आ गया आज संडे था तो सभी घर पर थे.

मेरे ात्ते HI तिया बोली.

तिया- भाई चलो न आज शॉपिंग चलते है.

मैं- क्या शॉपिंग वो भी तेरे साथ मैं पागल नहीं हु. मैं नहीं जाऊंगा.

तान्या- भैया चलो न देखो कल का प्लान भी ख़राब हो गया था चलो न प्लीज.

मैं - देखो तुम लोग न बहुत टाइम लेती हो शॉपिंग MAIN.EK काम करो आज P.DIDI को साथ ले जाओ.

P.DIDI - मैं तो जा HI रही हु इनके साथ तेरे को भी आना है समझा.

MAIN-MAIN नहीं जा रहा मेरे को काम है.

माँ- क्या काम है मैं भी तो जानू जरा.

मैं- वो माँ मेरे को न दोस्त क साथ जाना है कही.

D.BUA- तू कही नहीं जायेगा समझा थोड़ी देर म तेरी बहने रेडी हो क्र निचे आएगी और तू अपनी बहनो क साथ जा शॉपिंग प.

मैं- ठीक ही बुआ.

मेरे ऐसा बोलने स वह बैठे सारे गेट्स को हस्सी आ गयी पर कोई कुछ बोलै नहीं सिवाय विक्रम मौसा क.

विक्रम मौसा- बीटा सौर्य अब तो तू फास गया चल अब रात को मिलते है इतना तो वक़्त लग HI जायेगा INHE.(ITNA बोल वो हसने लगे)

P.MAASI- तिया मेरा भी मान क्र रहा है शॉपिंग का बड़े दिन हो गए है शॉपिंग किये HUE.HUM भी तुमलोगो क साथ HI चलेंगे.

तिया- मासी हम स क्या मतलब है आपका?

P.MAASI - बीटा मैं और तुम्हारे मौसा जी.

अभी जो मौसाजी है रहे थे वो एकदम सांत बो गए और बोले.

V.MAUSA- अरे पूनम मैं क्यू ये सौर्य है न तुम्हारे साथ तो मेरी क्या जरूरत भला.

मासी - ये बेचारा कितना सामन उठाएगा भला आप भी चलो मेरी मदद क्र देना बहुत दिन हुए है आपके साथ शॉपिंग प गए.

इस बात पर फिर बाकी क गेट्स हसने लगे .

माँ- छोटी मेरा भी मूड हो गया शॉपिंग का चल हम भी चलते है.

डैड- संजू मैंने तो कुछ कहा भी नहीं फिर मेरे साथ ये अन्याय क्यू भला.

माँ- अरे अन्याय क्या मैं थोड़ी न आपकी बात कर रही थी मैं तो अपनी और क्षुधा की बात क्र रही थी. पर अब तो आपको भी चलना होगा क्यू की आपको अपनी बीवी क साथ शॉपिंग प जाना अन्याय लगता हैना.

चलो उठो और रेडी हो जाओ.

इतने म बॉबी अंकल क मुँह स निकल गया- हाश मैं बच गया.

फिर क्या था वो भी हमारे साथ हो लिए .

आंत तक मंज़र ये था क सभी गेट्स को जाने क लिए आर्डर मिल गए और साड़ी लेडीज तो थी HI रेडी पहले स HI.FIR सभी अपने अपने रूम म रेडी होने चले गए.

मैं अपने रूम मैं गया और बीएड प बैठ कुछ सोचने लगा क तभी रूम मई S.DIDI आ गयी और बोली.

S.DIDI- सौर्य अब प्लान का क्या होगा इस अगर आज तुमने िस्स्मिले की जगह न ली तो उसके आदमियों को पता चल जायेगा क वो गायब हो चूका है NO प्लान क लिए सही नहीं है.

मैं - है दीदी यही तो सोच रहा हु अब तो पता नहीं क्या करू इनलोगो को भी मन्ना नहीं
क्र सकता शॉपिंग क लिए.

R.BOOK- सौर्य तुम एक काम करो अपना एक क्लोन इनके साथ बेझ दो और तुम बेस प चले जाओ.

मैं - क्लोन सच म . क्या मैं ऐसा क्र सकता हु.

S.DIDI- मैं भी भुलाकड़ होती जा रहिहु अब जब YE(R.BOOK) है तो क्या टेंशन .

R.BOOK- है आप बना सकते हो अपना क्लोन बस एक बार बोलिये "क्लोनेड"

और आपका क्लोन आपके सामने होगा और ये आपके मन अनुसार किसी का भी रूप ले सकता है. एक बात और ये क्लोन जो भी करेगा या सुणेगा वो आपको इसको चुने प पता चल जायेगा. इस क्लोन मैं भी आपकी HI तरह पावर्स होगी लेकिन आपसे बहुत काम पर किसी आम इंसान स बहुत ज्यादा.

मैं- मैं एक बार म कितने क्लोन बना सकता हु.

R.BOOK- जयंती आपकी ICHA,JITNI बार आप क्लोनेड बोलोगे उतने HI तुम्हारे क्लोन बनेगे.

MAIN-OK फिर मैंने 2 बार क्लोनेड बोलै और देखते HI देखते मेरे 2 क्लोन्स बन गए मैंने एक को S.DIDI बनने को बोलै और दोनों को शॉपिंग प जाने को रेडी होने को बोलै.

मैं -(S.DIDI स) चलो दीदी अब बेस प चलते है.

S.DIDI न चुटकी बजायी हम बेस स थोड़ी दूर प्रकट हो गए जंहा कोई नहीं था.

फिर हम बेस प पहुंचे.

वह पहुंच क्र मैं दीदी क साथ सीधा िस्मिले क पास पहुंच गया उसका हाथ पकड़ा और उसकी साड़ी इन्फो लेली.

इतने मैं रूम म समीरकी एंट्री हुई जो पता नहीं क्यू दीदी क सामने झुक गयी.

समीरा- जिन्नो की मलिका को ईएसएस नाचीज़ का सलाम.


.......

चलिए दोस्तों अब गेस करे की ये समीरा है कोण और ये शिल्पा दीदी को जिन्नो की मलिका क्यू बुला रही है

हिंट: 1-2 अपडेट क एक इंसिडेंट म HI इसका जिक्र स
 
अपडेट - 18

अब तक

मैंने अपने और शिल्पा दीद क क्लोन्स बना क उनको सभी क साथ शॉपिंग प भेज दिया और मैं और शिल्पा दीदी पहुंच गए बेस पर िस्मिले क पास अभी मैं उससे साड़ी इन्फो ले HI रहा था क समीरा रूम मई आजाती है और झुक क दीदी स

समीरा - जिन्नो की मलिका को इस नाचीज़ का सलाम.

आगे

मैं तो उसके मुँह स ये सुन शॉक हो गया अभी कुछ बोलता उससे पहले HI S.DIDI जोर जोर स हरने लगी और बोली.

S.DIDI- देख तो समीरा इसका (मेरा) मुँह देख कैसा हो गया ये सुन क्र. चल अब नाटक बंद क्र और कड़ी होजा.

समीरा S.DIDI की बात सुन चौक गयी पर सायद S.DIDI न उससे इशारे स कुछ कहा तो वो कड़ी हो क्र.

SAMEERA(HASTE HUE)-HA यार मुँह तो देखो इसका.

MAIN(KHUD को संबलकर)- एक मं येहो क्या रहा है समीरा तुम एजेंट11 को ये जिन्नो वाली मलिका क्यू बुल्ला रही हो और तुम दोनों हिस्से क्यों जा रही हो.

S.DIDI- अरे उसको पता चल गया है क मैं तेरे और किंग क बारे म सब जानती हु और ये मलिका वाली बात तो सिर्फ ऐसे HI मजाक थी.

समीरा- है मलिका ी मैं शिल्पा सही बोल रही है वैसे भी क्या जिन होते है.

S.DIDI-(MERE को) ूए तू यहाँ कुछ काम स आया था न वो कर और निकल.

MAIN-DIDI मैं आपका बॉस हु आपने बोलै था न क बहार मेरी इमेज मत बिगड़ना.

S.DIDI(MUH बनना क)- बहार मेरी इमेज के बच्चे मैं तेरे स बड़ी हु समझा मेरी जब मर्जी होगी जो मर्जी होगी मैं वही करूँगा.

मैं- पर..

S.DIDI- ज्यादा बोल मत याद हैना मैं तेरे क्या क्र सकती हु.

उनका इशारा वो पोर्नस्टार वाली इंसिडेंट का था मैं समझ गया और चुप चाप रूम स निकल गया इन्फो टोमैने इस्माइल स ले HI ली थी.

मैंने उसका फ़ोन और बाकी सारा सामान उठाया और चल दिया उसके अड्डे प उस्सकी गेटउप म.

वही मेरे जाने क बाद रूम मैं.

पहले तो दीदी न एक चुटकी बजायी और उसी क साथ िस्मिले बेहोश हो गया फिर बोली.

S.DIDI- हाश बच गयी.

समीरा- मलिका ये सब क्या था.

S.DIDI- वो सब छोड़ो तुम्हे किसने बताया क मुझे सब याद आ गया है.

समीरा- मलिका वो तो कल पिताजी आये थे उन्होंने HI हम तीनो को बताया क रेड बुक प समरथ न काबू क्र लिया है तो मुझे लगा आप सभी की पावर्स और यादे वापस आ गयी हो.

S.DIDI- तो सेनापति जी को पता चल गया तब तो हमें एक बार जिनलोक जाना HI होगा. समीरा एक काम करो अपने साथियों को बुलावो और फिर हम जिनलोक चलेंगे बहुत वक़्त हो गया अपने लोगो स मिले.

समीरा इतना सुनते HI अपनी आखें बंद करती है और फिर रूम मई समीर और ऋत्विक प्रकट हो जाते है.

वो भी आते है और झुक क S.DIDI का अभिवादन करते है.

फिर S.DIDI एक चुटकी बजती है और सारे लोग पहुंच जाते है जिनलोक.

जिनलोक क बारे म बता दू यह एक बड़ा HI अजीब लोक है. इस लोक क 2 भाग है 1 भाग म हमेशा अँधेरा रहता है और एक भाग म उज्जला. अँधेरे वाले भाग म वो जिन रहते है जो क बुर्रे शक्तियों क प्रभाव म हो या फिर गद्दार हो. उनलोगो न आपने एक अलग HI राज्य बना रखा HAI.WAHA क लोग दिखने म लाल या फिर काले रंग क होते है.

अब उजाले वाले भाग म इस जगह पर वो जिन रहते है जो शांतिप्रिय है और अपने राज्य क प्रति ईमानदार HAI.YAHA प लोग लीगत कोलोउरेड होते है.

यहाँ अभी आये दिन झगडे होते रहते है अँधेरे वाले और उज्जले वाले हिस्सों क बिच और अब उज्जले वाला हिस्सा बीएस एक छोटा सा एरिया कवर करता है.

शिल्पा सभी को लेकर जिनलोक मई अपने महल म पहुंच गयी वह पहुंचते HI उससे अब तक जिनलोक मई जो कुछ भी हुआ था सब पता चल GAYA.USSE आते HI MAHARAJ(MAHAMANTRI) अपनी जगह स उठा और S.DIDI क सामने झुक क्र उनका अभिवादन किया बाकियों न भी वही किया.

S.DIDI(SABHI स)- खड़े हो जाईये.

इतना बोल वो अपनी पुराणी जगह प जा बैठी जो की उनका सिंघासन था सौर्य क सिंघासन क बगल वाला.

उनके बैठते HI एक तेज रौशनी चारो तरफ फ़ैल गयी. ये रौशनी जिनलोक क अंधेरे वाले हिस्से म भी गयी थी और इस्सके प्रभाव ये हुआ क वो सारे दर्द स तड़पने लगे और छिपने लगे अपनी घरो म.

वही उल्लले वाले हिस्से म तो सबको जैसे और पावर्स मिल गयी HO.WO बहुत खुश हो गए.

सेनापति- मलिका आपने यहाँ आ क्र हमारी शक्तियों को पुनः जगा हमपे बड़ा HI उपकार किया है.

S.DIDI- मैंने तो बस अपने राज्य क लोगो को एक तोफा दिया है उनकी निष्ठां क लिए जो समरथ और मेरे प्रति है उनके दिल म.

महामंत्री- मलिका आप अकेले आयी है समरथ किसी ओर लोक मई गए है क्या.

S.DIDI फिर उनको साड़ी बाते बताती है श्राप क बारे म और कब तक मेरी यादे वापस आएगी.

सभी ये बातें जान खुश हो गए और दुखी भी क कैसे उनके समरथ को ये सब सहना पद रहा है.

S.DIDI(SENAPATI स)- हम आपके शुक्रगुजार है क आपने हमारी गैर हाजरी म SAMRATH(SAURYA) क सुरक्षा क लिए अपने BACCHO(SAMEERA & समीर) को धरती पर भेजा (महामंत्री स) आपने भी ऋत्विक को भेजा उसके लिए धन्यवाद्.

महामंत्री- मलिका ये हमारा धर्म है क हम आपने राजा क सुरक्षा का दाइत्व उठाये इसकेलिए आप सुक्रिया न कहे.

S.DIDI न कुछ देर और वही अपने राज्य क बारे म पता किया फिर वह स वापस आ गयी बाकी क 3NO क साथ. अभी वो अँधेरे वाले हिस्से का कुछ क्र नहीं सकती थी.

चलिए इन्हे छोड़ हम चलते है हीरो क पास.

मैं िस्मिले का रूप ले उसके अड्डे प पहुंच गया. अभी 11 बज रहे थे. अंदर आते HI मेरा गुस्सा बढ़ने लगा. साले क आड़े प ड्रग्स HI ड्रग्स थे और तो और बहुत साड़ी लड़कियां बंदी पड़ी थी एक कुँए म और साड़ी रू रही थी.

अभी मैं ये सब देख HI रहा था क कोई आया मेरे पीछे स.

G1-BHAI वो मॉल वाला छोकरा जिसने अपने पंटर लोगो को मारा था न वो आज फिर मॉल म है और भाई क्या गजब गजबीतें है उसके साथ पूछो मत रात रंगीन हो जाएगी हमारी.

मैं तो पहले स HI गुस्से म था और अब तो ये साले मेरे फॅमिली क बाजरे म बोल रहा था मैंने वही पड़ी एक गन निकली और साले क भेजे म उतर दी. वह खड़े सारे लोग हमारी तरफ देखने लगे.

MAIN(ISMILE)-YE साला पुलिस का खबरि होता और किसी को पता भी नहीं. ये (एक की ओर इशारा क्र) इसकी बॉडी को काट काट क्र कुत्तो को खिलने का होता समझा न.

वो- है भाई.

MAIN(ISMILE)- वो मॉल वाला छोकरा और उसकी फॅमिली स कोई नहीं भिड़ने को होता वो अपुन का शिकार होता समझा क्या.

SAB-OK भाई.

MAIN(ISMILE)-(G2 स) अब्बे सुन ये लड़कियों को खाना पानी दे देना अच्छे स ख्याल रखना.

ग2- पर क्यू भाई

MAIN(ISMILE)- अब्बे घोंचू मार्किट मई डिफेक्टिव माल चलना होता या फिर अच्छा माल.

G2-ACCHA माल भाई.


MAIN(ISMILE)- तो इनको खाना पानी दे और अच्छे स ख्याल रख ताकि डिफेक्टिव न हो जाये समझा.

ग2- जी भाई.

ात KALP-AASHRAM

R.G-(APNE सिस्य S)DEKHO उन्दोनो को कुछ HI वक़्त म होश आ जायेगा और वो यहाँ स जाना चाहेंगे अपने परिजनो क पास परन्तु अभी इसका वक़्त नहीं हुआ है.

सिस्य - गुरुदेव आप HI कोई उपाय बताये जिससे वो यहाँ स न जाये.

R.G- हमें उनकी स्मृति को बंदना होगा ताकि उन्हें अपने अतीत का कुछ याद न आये जब तक हम न चाहे.

अभी R.G न इतना बोलै HI था क उनके कुटिया म कोई आया और उसको देख R.G और उसका सिस्य दोनों HI झुक गए.

R.G-JINNO की मलिका आप का स्वागत है इस आश्रम MAI.AAPNE आने का कास्ट क्यू किया मुझे बुल्ला लेती.

S.DIDI- R.G ये कास्ट तो आपने HI करवाया है मुझसे अगर मैं न आती तो आपने इनदोनो की स्मृति बंद दी होती जो के आपके लिए अच्छा नहीं होता.

र ग- मैं समझा नहीं मलिका.

S.DIDI- आपको सब ज्ञात हो जायेगा पर अभी थोड़ा वक़्त है आप बस इनदोनो को जब भी होश आये किशनपुर क HAWELI(BHOOTIYA हवेली हीरो क गाओं का) म पहुंच दे .

R.G-(KHUSH हो) क्या वक़्त आ गया है उसका.

S.DIDI- हां वक़्त निकट HI है .

इतना बोल वो गायब हो गयी.

चलिए अब हम मॉल चलते है हीरो क क्लोन क पास.

अभी 7 बज रहे है पर सारे गेट्स क चेहरे प बारह बजे हुए है सभी क हाथो म न जाने कितने बैग्स थे वो मॉल स निकल पार्किंग की ओर जा रहे थे ऐसा नहीं था क मॉल वालो न इनके सामान को कार तक पहुंचने को नहीं बोलै था पर साड़ी लेडीज गैंग ने मॉल वालो को माना क्र सारा सामान गेट्स को ले जानने बोलै था.

मॉल स निकल सभी एक होटल म पहुंचे और जैसा तय हुआ था बहार डिनर करने का वही करने क लिए.

होटल म सभी फॅमिली वाले हिस्से म चले गए और सभी एक बड़े स टेबल प बैठ गए.

खाना आर्डर किया और 8 बजे क करीब होटल स निकल गए पर होटल म किसी को अजीब स भाव क साथ छोड़ गए.

वो जो भी था मेरी फॅमिली क आने स उनके जाने तक उन्हें HI घूरता रहा कभी खुश हो जाता तो कभी दुखी.

मेरी फॅमिली क निकलने क कुछ देर बाद वो होश म आया और बहार की तरफ जा क्र हमें ढूंढने लगा पर हम उससे नहीं मिले. उसने बहुत ढूंढने क बाद किसी को साल किया.

WO-(ROOTE HUE)MOM संजू बुआ जिन्दा है और इसी सहर म है.

उहदेर स- टुन्ने फिर ड्रिंक की है न कितनी बार बोलै तेरे को पर समझती HI नहीं.

वो- माँ मैं सच बोल रही हु वो जिन्दा है. आप न **** होटल म आ जाओ.

उधर स- बीटा अगर ये सच है तो ये बात अभी किसी को पता न चले उनको अभी खतरा है समझी तूने किसी और को कॉल तो नहीं किया न.

वो- नहीं माँ पर क्या मैं डैड को बोलू.

उधर स- नहीं बीटा तुम उधर HI रहो मैं आ रही हु OK.

दोस्तों अब गेस क्र बताओ क ये कोण है होटल WALA/WALI और इसकी माँ कोण है.

अगर मेरे स किसी करैक्टर का डिस्क्रिप्शन छूट गया हो तो आप मुझे बता देना
 
इंट्रो ऑफ़ फॅमिली

हीरो - सौर्य दीक्षित ( गुप्ता)

रियल माँ- सैफअली गुप्ता

रियल डैड- डीप गुप्ता.

माँ फॅमिली:-

नानाजी- दिलावर सिंह

नानीजी- शर्मिला सिंह

बड़े मां- समशेर सिंह

बड़ी ममी- नैना सिंह

**इनके बच्चे***

1.कीर्ति

2.प्रीति

छोटे मां- रितेश सिंह

छोटी ममी- अलका सिंह

***इनके बच्चे***

1. मोहिनी

बड़ी मासी- अनुराधा कश्यप (अन्नू)

बड़े मौसा- पवन कश्यप.

***इनके बच्चे***

1. प्रगति

2. निधिमा

मंझली मासी- संजना दीक्षित ( माँ )

मंझले मौसा- अभिषेक दीक्षित (डैड)

***इनके बच्चे***

1. अननोन (बॉय)

2. सौर्य (हीरो)

3. तिया

4. तान्या

छोटी मासी - पूनम ठाकुर.

छोटे मौसा- विक्रम ठाकुर

***इनके बच्चे***

SAIFALI(GUDIYA)

दोस्तों हीरो संजना को HI अपनी माँ क तौर प जनता है टिल नाउ.

डैड की फॅमिली:-

दादा जी - अर्पित गुप्ता

दादीजी- विद्या गुप्ता

बड़े चाचा- राजीव गुप्ता

बड़ी चची- रोहिणी गुप्ता

**इनके बच्चे***

1.पूजा

2.आरती

3.अलीशा

बड़ी बुआ- दिव्या ठाकुर

बड़े FUFA-ROSHAN ठाकुर

***इनके बच्चे***

1. परिधि ठाकुर

छोटे CHACHA-AKSHAY गुप्ता

छोटी चची- रिद्धि गुप्ता

***इनके बच्चे***

1.ऋचा

2.प्रिय

छोटी BUA-RESHMA राजपूत

छोटे FUFA-DIGVIJAY राजपूत

***इनके बच्चे***

1.शिल्पा राजपूत

ओठेर्स हु अरे सोमेहो रिलेटेड तो थे फॅमिली .

बॉबी- सोल्लगे फ्रेंड ऑफ़ DEEP(REAL डैड)

SUDDHA-COLLAGE फ्रेंड ऑफ़ SAIFALI(REAL माँ) & मुँह बोली बहन ऑफ़ रोशन ठाकुर.

प्रदीप- इसके बारे म आगे पता चलेगा

समीरा & समीर - भाई बहन है ये जिनलोक क सेनापति क बच्चे है .

ऋत्विक- जिनलोक क MAHAMANTRI(MAHARAJ) का बीटा है.

2-3 अपडेट क बाद दादाजी की फॅमिली भी आने वाली थी तो सभी HI उसका इंट्रो
 
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