Saurya - ek youdha (Completed) - Page 3 - SexBaba
  • From this section you can read all the hindi sex stories in hindi font. These are collected from the various sources which make your cock rock hard in the night. All are having the collections of like maa beta, devar bhabhi, indian aunty, college girl. All these are the amazing chudai stories for you guys in these forum.

    If You are unable to access the site then try to access the site via VPN Try these are vpn App Click Here

Saurya - ek youdha (Completed)

अपडेट - 19

अब तक

जब हीरो का परिवार होटल स निकला तो कोई उन्हें देख रहा था उनके निकलते HI उसने अपनी माँ को बोलै की संजू बुआ जिन्दा है.

आगे

हीरो की फॅमिली हीरो क क्लोन क साथ चल दी घर की तरफ. वह जब वो पहुंचे तो सभी अपने रूम्स म चले गए. शिल्पा पहले स HI अपने रूम म मौजूद थी. जैसे HI उसका क्लोन वह आये उसने उससे वापस हीरो क पास भेज दिया और वो क्लोन फिर स हीरो म समां गया.

रात काफी हो चुकी थी सारे सो गए.

SAURYA(CLONE) जो क रूम म सो रहा था उससे किसी क आने की आहात सुनाई दी. उसने आस पास देखा तो कोई नहीं THA.USSE लगा उसका वहां होगा और यही सोच वो सो गया.

चलिए अपने हीरो क पास चलते है जो अभी िस्मिले क रूप म है और उसके घर पर है.

इस जगह को घर तो नहीं कहा जा सकता साला इतना गन्दा तो किसी इंजीनियरिंग स्टूडेंट का रूम HI न होता होगा. हर तरफ कचरा फैला हुआ था.

MAIN(ISMILE)-SALLA एक NO. का नशेड़ी है ये िस्मिले हर जगह सिगरेट क जले हुए टुकड़े और ये देखो साले ने तो हूकों की कलेक्शन बना राखी है. आधा माल तो यही फुक लेता होगा.

अभी मैं यही सब सोच रहा था क एक मीठी स आवाज मेरे कानो म गयी पर उससे सुन मैं चौक गया.

आवाज- जिईजोऊ मैं आ गयी.

मैं मुद्दा और आवाज की तरफ देखा तो देखता HI रह गया यार एक मस्त लड़की कड़ी थी सामने देखने मैं ऐसा लग रहा था जैसे कोई पारी हो उसके बाल गोल्डन ब्राउन कलर की THI.USKI आखे भी थोड़ी सी गोल्डन कलर की थी उसका स्किन कलर भी गोल्डन कलर का था उसको देख बस यही लगता था की भगवन न SOONE(GOLD) स इससे बनाया है.

MAIN(MAAN म)- यार ये कोण है, इस चूतिये िस्मिले न तो शादी की नहीं है तो ये खुबशुरत बाला इससे जीजू क्यू बुला रही है.

मैं- कोण हो तुम.

लड़की- जीजू बहुत मजाक हो गया. मुझे पता है आप लोगो को सब याद आ गया है.

मैं- आई लड़की पहले ये जीजू बोलना बंद क्र मैं कोई तेरी बहन का पति नहीं.

लड़की- वाह ये अच्छा है मैं भी अपनी दीदी को ले जाती हु और तो और बक्कियों को भी ले जाउंगी , फिर देखती हु कैसे रहते हो आप.

MAIN-TUM हो कौन ये तो बताओ और जिसको ले जाना है ले जाओ मुझे कोई मतलब नहीं किसी स.

LADKI-(ROONI स शुरआत KR)JIJU क्या आप गुस्सा हो सभी स. सभी को छोड़ो क्या आप मेरे स भी गुस्सा हो है बोलो

(रूना शुरू).

रूट हुए HI वो कही गायब हो चली गयी उसके ऐसे जाते HI मेरे को समझ म आ गया ये िस्मिले क लिए नहीं बल्कि सौर्य यानि मेरे लिए आयी थी पर ये थी कोण.

अभी मैं सोच HI रहा था क फिर वो लड़की वापस आयी.

MAIN-KON हो तुम और मुझे कैसे जानती हो.

लड़की अपना हाथ आगे करती है और उसके हाथ मई एक छड़ी आ जाती है. वो उस छड़ी को घुमा क्र मेरी और करती है जिससे मैं बेहोश हो जाता हु.

चलिए जब तक मुझे होश आये देखते है ये कोण थी और कहा गयी थी.

लड़की गायब हो सीधा पहुंच जाती है बाबा क पास जंगल म.

BABA(KHUS हो)- अरे आज परियों की राजकुमारी हमारे यहाँ KAISE.(USSE रूट हुए देख) ये क्या राजकुमारी पीहू आप रो रही है.

इतना बोल बाबा न कुछ मन्त्र पढ़े जिससे पीहू क आशु एक शीशी मई जमा होने लगे.

पीहू - बाबा जीजू न मुझे पहचानने स भी इंकार क्र दिया और ये भी बोलै की ले जाओ अपनी बहन को अब मैं दीदी क पास कैसे JAUNGI.KYA बोलूंगी उनको क जीजू न आपका त्याग क्र दिया. मैंने HI तो उनकी और जीजू की शादी करवाई थी.

बाबा- राजकुमारी अभी उन्हें कुछ भी याद नहीं आया है अरे अभी वो 18 वर्ष क हुए HI कहा है पर.

पीहू- ऐसा कैसे हो सकता है मैंने महसूस किया था क जिन्नलोक म शिल्पा दीदी गयी थी और फिर वो सप्तरंगी किताबो म स रेड बुक भी गायब हो गयी है मतलब जीजू क पास चली गयी HAI.TO फिर.

बाबा फिर पीहू को साड़ी बाते बताते है.

पीहू- तब तो गड़बड़ हो गयी न सबको पता चल जायेगा जीजू क बारे म.

BABA-NAHI अभी नहीं चला होगा. अभी ये खबर सिर्फ जिनलोक तक HI सिमित है और बस समरथ क कुछ निकट क लोगो को HI पता चली है.

पीहू- बाबा मुझे लगता है अब हमें जीजू को सब याद दिलवा देना चाहिए. जिन्नलोक की जो हालत है वो बात से बत्तर होती जा रही है वो अँधेरे वाला हिस्सा बढ़ता HI जा रहा है अगर कुछ HI रोशनियों म उससे न रोका गया तो बड़ी HI दुविधा हो जनि है.

बाबा- मैं जनता हु राजकुमारी पर वक़्त मेरे कब्बू मैं नहीं क मैं उससे कहु क समरथ की आयु अभी क अभी 18 वर्ष क्र दे हां पर सायद आप क्र सके ये काम.

पीहू- कैसे बाबा माना मैं पारी हु मैं अपनी आयु को काम ज्यादा क्र सकती हु पर किसी और की तो नहीं इससे न सिर्फ मेरा बल्कि उसकी भी नाश हो सकता है.

बाबा- राजकुमारी ाओको पता है मैंने आपके ासु क्यू इस शीशी म एकत्र किये है.

पीहू- है क्यू की एक पारी क ासु बहुत कीमती होते है और शक्तिशाली भी. मैं तो परीलोक की राजकुमारी हु यानी शाही खून तो मेरे आशु और भी ज्यादा शक्तिशाली और कीमती है.

बाबा- है बिलकुल और अब आप अपने ासु स HI समरथ की आयु को 18 वर्ष क्र देगी.

PIHU(KHUSH HO)-KYA ये मुमकिन है.

बाबा- राजकुमारी ये मुमकिन है पर इसका इस्तेमाल आप किसी एक पर HI क्र सकते हो या तो आप अपने जीजू पर इस्तेमाल करो या फिर आपकी परिधि दीदी क ऊपर. अब निर्णय आपको लेना है. इस आशु को अपनी छड़ी प छिड़क क्र आप जिसके ऊपर भी घुमाओगी उसकी उम्र आप मान की हो जाएगी.

पीहू- बाबा मैं जीजू को HI ठीक करती हु .

ये बोल वो वापस हीरो क पास चली आयी.

कुछ देर बाद जब मेरी आखें खुली तो मुझे सबकुछ याद आ चूका था अपने पिछले जनम क बारे म इस जनम क बारे म अपने असली माता पिता क बारे म उनके साथ क्या हुआ क्यू हुआ सब कुछ ये जान क्र मेरे आखों स आशु निकलने लगे क तभी.

पीहू- जीजू अभी वक़्त नहीं है आशु बहाने का आपको पहले जिनलोक की समस्या को सुलझाना होगा अँधेरे वाला हिस्सा बढ़ता HI जा रहा है आपको उसको रोकना होगा या फिर ख़तम करना होगा.

मैं- पीहू तुम्हारा बहुत बहुत सुक्रिया जो तुमने हमें सब याद दिला दिया पर अभी मेरे पास वो शक्ति नहीं जिससे म उस अँधेरे वाले हिस्से को मिटा सकू.

पीहू- पर जीजू आप उससे रोकने क लिए तो कुछ करो वर्ण वो फैलता HI रहेगा.

मैं- नहीं पीहू आज HI SHILPA(JINNO की मलिका)

जिनलोक गयी थी और वो अपनी सिंघासन पर भी बैठी थी जिस वजह स अब वो अँधेरे वाला भाग सिकुड़ने लगेगा. उसकी शक्तियां काम होती जाएगी है पर वो ख़तम तभी होगा जब मैं अपने सिंघासन पर बैठ जॉन.

पीहू- सच म ऐसा है KYA(FIR मजाक म) मैंने बेकार HI आपको सब याद दिलाया अपने आशयों स.

मैं- साली साहिबा अब आप को ासु बहाने की कोई जरुरत नहीं समझी न आप अब बताइये क परीलोक की क्या हालत है.

PIHU(DUKHI हो)- जीजू आपके और दीदियों क जाने क बाद वह सब बदल गया MAA(RANI पारी) तो हमेसा HI परिधि दीदी को याद करती रहती है. सायद HI कोई दिन ऐसा हो जब माँ न उनको नहीं देखा हो जादुई दर्पण म. राजपाठ क सारे काम अब हमारे कंधो प आ चुके है. पिताजी अभी भी उन सप्तरंगी किताबो की HI रक्षा म लगे रहते है.

मैं- बस कुछ दिन और फिर मैं वडा करता हु सब पहले जैसा हो जायेगा.

पीहू- हां जीजू बस इसी उम्मीद प तो हम सारे लगे हुए है अपने कामो म. क्या मैं एक बार दीदी स मिल सकती हु बात क्र सकती हु.

मैं- है पर तुम्हे ये बात शिल्पा स करनी होगी सुनने तुम न सुबह शिल्पा क पास जाना और उससे बोलना क तुम्हे अपनी परिधि दीदी स मिलना है पहले तो वो थोड़ा नाटक करेगी फिर मान भी जाएगी फिर वो तुमसे जैसा कहे वैसा HI करना और है मेरी यादे वापस आ गयी है ये उससे पता न चले समझी( डेविल स्माइल क साथ).

पीहू- ू तो आप उन्हें..

मैं- है बिलकुल सही सोचा तुमने

पीहू - ठीक है पर ध्यान स हां वो भी मेरी दीदी है अगर उनको रुलाया तो मैं आपको छोडूंगी न.

मैं- है है पता है चलो अब जाओ उसके पास मुझे भी कुछ काम है.

पीहू- है है पता है आपके काम.

इतना बोल वो वह स गायब हो गयी.

अब चुकी मेरी यादे मुझे मिल गयी थी तो मेरा दिल क्र रहा था अपनी रानियों को देखने का.

MAIN-(R.BOOK स) क्या मैं अभी उन्हें देख सकता हु.

R.BOOK- है आप अपनी आखें बंद करो और उनके बारे म सोचो वो आपको दिखने लगेगी और आप उनको सुन भी सकते हो.

{परिधि परीलोक की राजकुमारी थी पिछले जनम म और पीहू उसकी छूती बहन}

मैंने EK-EK क्र सभी को देखा फिर ीचा हुई क अपने DOST(BABA क बेटे को देखु) उसको भी देखा.

ये सब करते हुए रात क 2 बज गए मैंने सोचा अब सूने का कोई मतलब HI नहीं बनता मैं बाबा क बताये अनुसार बैठ गया योग साधना म.

मुझे योग म बैठने स मेरे कुछ पावर्स का पता CHALA.(BAAD म पता चलेगा इनका)

मैं करीब 6 बजे उठा योग स. मेरे दिमाग म एक आईडिया आया की कैसे मैं यहाँ की लड़कियों को यहाँ स निकल सकता हु.

इस प्लान क लिए रात होना जरूरी था. मैंने अपना एक क्लोन बनाया और उसको िस्मिले का रूप दे वही छोड़ दिया और मैं वह स निकल पड़ा बेस की ओर वह पहुंचने मई 7 बज गए. मैं 18 साल का हुआ था पर मेरे बॉडी म ज्यादा चंगेस नहीं आये थे वैसे HI मैं पहले स HI मस्कुलर था.

बेस प पंहुचा तो SAMEERA,SAMEER और ऋत्विक बाते कर रहे थे.

मैं- कैसे हो दोस्तों?

समीरा- तू इतनी सुबह यहाँ प घर वालो न निकल दिया क्या घर स.

उसकी बात प बाकी दोनों हसने लगे.

MAIN-OOE तेरे को HI मुझसे काम है इसी लिए जल्दी आ गया हु.

मेरी बात सुन समीरा चौक गयी.

समीरा - तुझे कैसे पता क मुझे तुझसे कोई काम है.

मैं- वो शिल्पा दीदी न बताया THA(JHOOT).KYA तूने उसका बैकग्राउंड चेक क्र लिया.

समीर- है भाई मैंने किया है सब क्लियर है और ट्रेनिंग पीरियड म तो उसने कही रिकार्ड्स तोड़े है हैंड तो हैंड कॉम्बैट मैं तो उसका कोई जवाब HI नहीं.

समीरा- तूने कुछ ज्यादा नहीं देख लिया न उसके बारे म. जो इतनी तारीफ किये जा रहा है.

मैं- अरे अब छोड़ो इन बातो को उसको .. क्या नाम बताया था.

समीर- किरण. किरण रैङवत

मैं- है किरण , उसको यहाँ बुलावो पर उसका चेहरा ढाका हिना चाहिए उससे इस जगह का पता न चले. अभी तो सिर्फ उसको िस्मिले क लिए ल क्र आवो. उसको रिक्रूट करना है या नहीं ये तो उसपे नज़र रखने क बाद देखेंगे.

तीनो- ठीक है

चलिए अब हम उस होटल वाले क पास चलते HAI.USNE होटल क मैनेजर को पैसे दे क्र वो विडिओ क्लिप ले लिया जिसमे मेरी फॅमिली थी और वो उस क्लिप को ले चल पड़ी अपनी माँ क साथ घर पर.

घर आते HI वो सीधा अपनी माँ क साथ अपने रूम म गयी क्लिप को अपने लैपटॉप म लगा देखने लगी.

जैसे HI क्लिप मई हम सब आये उस औरत क आखों स ाहु बहने लगे वो बोली.

औरत- मोहिनी आज मैं बहुत खुश हु बहुत KHUSH(ROOTE हुए).

मोहिनी- पर माँ संजू बुआ न ऐसा क्यू किया होगा.

ALKA(MOHINI'S माँ)- क्यू न करे वो इस घर न उसका बीटा उससे चीन लिया, उसकी BAHAN(SIFALI) जो बड़ी मुश्किल स उससे मिली थी उसको भी चीन लिया और आंत म तो उसकी जान भी लेनी चाही थी इस घर न मैंने HI उससे बताया था क उसपे हमला होने वाला है और उससे भाग जाने को कहा था पर फिर वो कार ब्लास्ट हुआ और..

MOHINI-PR उन्होंने आपको वापस स कांटेक्ट क्यू नहीं किया

अलका- नहीं बीटा वो तो बस अपनी सेफ्टी क लिए होगा सायद.

फिर वो दोनों वीडियो क्लिप देखने LAGE.WO बाकी सभी को तो जानते थे बस MUJHE,SHILPA DIDI,SIFALI(GUDIYA), तान्या और तिया को छोड़ क्र.

वीडियो ख़तम होने क बाद अलका बोली.

अलका- बीटा मेरी एक बात मानेगी क्या तू इनका पता लगा सकती है मेरे लिए बोल न.

मोहिनी- माँ देखो पूनम बुआ भी तो है इसमें क्या हम उनसे...

अलका- बीटा वो कभी हमारी बात नहीं सुनेगी वो तो हमसे मिलेगी भी नहीं वो आज भी नाराज है हम सब स.

अभी वो बात क्र रही थी क उनकी नज़र मेरे ऊपर गयी.

ALKA(MAAN म)- ये लड़का.. नहीं नहीं सायद ये मेरा वहां होगा.

अलका- बीटा तू बस मेरा ये काम क्र दे.

मोहिनी- अच्छा मैं कुछ करती हु माँ.

चलिए इन माँ बेटी को यही छोड़ हम चलते है घर पर.

सुबह क 8 बजे है.

आज सभी लोग बड़े HI खुश नज़र आ रहे है पर मेरा क्लोन वो साला घोड़े बेच अभी तक सू रहा है.

तभी उसके ऊपर पानी गिरने लगता है और वो झट स उठ जाता है.

MAIN(CLONE)- शिल्पा दीदी आप ने ऐसा क्यू किया.

S.DIDI- तू सौर्य का HI क्लोन है न गधे वो तो सुबह 4 बजे HI उठ जाता है और एक तू है 8 बज रहे है और निचे सभी तुझे बुला रहे है.

CLONE(MAIN)- क्यू मैंने तो कुछ नहीं किया.

अभी क्लोन बोल HI रहा था क अचानक HI वह कोई प्रकट हो जाता है......
 
अपडेट - 20

अबतक

S.DIDI मेरे क्लोन को बुलाने आयी थी और उससे बात HI क्र रही थी क वह प कोई प्रकट हो गया.

{जैसे HI मुझे सब याद आया मैंने मेरे क्लोन को भी सब यादे विथ फुरदर इंस्ट्रक्शंस बतला दी टेलिपाथी स. }

आगे

अभी मेरा क्लोन कुछ बोल HI रहा था क रूम मई अचानक स पीहू आ गयी. उससे देख क्लोन न S.DIDI स पूछा.

MAIN(C)- दीदी अब आप इससे क्यू ले आयी और ये है कोण ?

S.DIDI जो पीहू को देख हड़बड़ा गयी थी की कही ये मेरे क्लोन को अपने रिश्ते क बारे म न बता दे.

S.DIDI(JALDI स)- ये न मेरी फ्रेंड है पीहू इससे मैंने अपने पावर्स क बारे म भी बता दिया था. अभी मुझे इससे काम है तू जा यहाँ स.

MAIN(C)-ARRE ऐसे कैसे आप मुझे मेरे HI रूम स निकल सकती हो HA.(PIHU की ओर देख) वैसे देखने म बड़ी सूंदर है आपकी दोस्त बिलकुल किसी पारी की तरह (उसकी तरफ हाथ बढ़ा) HI मैं हु सौर्य इनका भाई क्या आप मुझसे दोस्ती करोगी.

पीहू पहले तो एक बार S.DIDI की तरफ देखि फिर उसने मेरे क्लोन को हां बोल दिया.

S.DIDI- सौर्य तुझे निचे सब बुला रहे है तेरा रिजल्ट है न आज.

MAIN(C)- (पीहू की ओर देख) पहले टेस्ट तो देने दो दीदी वैसे क्या आप हमें किसी इक्कंत जगह प पंहुचा सकती हो अभी.

S.DIDI(MAAN म)- ये तो पीहू प लट्टू हो गया है और बेचारी पीहू तो बस इससे अपने जीजू का मजाक समझ रही है अब क्या करू... है इस क्लोन को सौर्य क पास भेज देती हु और फिर पीहू को सब बता देती हु.

S.DIDI-(CLONE को घूरते हुए)- है है अभी तुम दोनों को पहुँचती हु

इतना बोलदीदी न एक चुटकी बजायी और मेरा क्लोन मेरे पास बेस प आ गया और मुझमे समां गया.

S.DIDI- पीहू तुम यहाँ क्या क्र रही हो.

PIHU-DIDI मैं तो परिधि दीदी स मिलने आयी थी आप सभी की यादे वापस आ गयी है इस लिए और ये जीजू ऐसी बाते क्यू क्र रहे थे.

S.DIDI- पीहू अभी सिर्फ मेरी HI यादे वापस आयी है वो तो अच्छा हुआ क तू मेरे पास आयी नहीं तो गड़बड़ हो जाती.

पीहू- सिर्फ आपकी यादे पर रेड बुक तो अब जीजू क पास है न और आप भी जिनलोक गयी थी तो मुझे लगा क..

S.DIDI(NAM आखों स) - नहीं पीहू अभी किसी को कुछ याद नहीं आया है सिवाय मेरे और अब ये यादे HI मेरी दुसमन बन चुकी है पता है समरथ क पास होने पर मैं कैसे खुद को नियंत्रित रख पाती हु. ऊपर स यहाँ हमारा रिस्ता भी तो भाई बहन का है तो मैं कुछ क्र भी नहीं सकती उसके साथ.

पीहू- चिंता न करो दीदी जीजू को सब याद आ जायेगा. पर क्या मैं एक बार सिर्फ अपनी परिधि दीदी स मिल लू .

S.DIDI-PIHU बीटा ये तो अभी मुमकिन नहीं है

पीहू- क्यू दीदी मैं न आपकी तरह HI इंसानी रूप मई मिलूंगी उनसे बस एक बार प्लीज DIDI.(ROONE जैसा मुँह बना)

S.DIDI- अरे तू रूना नहीं मैं तुम्हे उनसे मिलती हु अभी जाओ और दुर्बल बजाओ ठीक है.

सूं तुझे हो फाइटिंग आती है न.

PIHU-HAA मैंने परिधि दीदी स HI तो शिखी थी वो परीलोक की बेस्ट फाइटर है.

S.DIDI-CHAL अब तुझे उसका ट्रेनर बना देती हु तू भी खुश हो जाएगी और उनको भी वापस थोड़ा लड़ना आ JAYEGA.TU न जब आएगी तो मॉल क इंसीडेंट क बारे म बात करना OK.

PIHU-OK दीदी.

पीहू खुश हो गयी और वो गायब हो पहुंच गयी दुर्बल बजने क लिए.

वही शिल्पा दीदी निच्चे चली गयी.

माँ- शिल्पा बीटा तेरा भाई कहा है उसको बोलै नहीं आने को.

S.DIDI-WO..WO.. है बाथरूम म है कुछ देर मई आ जायेगा.

MOM-YE भी न रोज जल्दी उठ जाता है और आज जब इसका रिजल्ट है तो इतना लेट.

अभी कोई कुछ और बोलता उससे पहले HI दुर्बल बजी और शिल्पा दीदी गेट खोलने चल दी.

गेट पर एक बहुत HI क्यूट स और सूंदर लड़की कड़ी थी जो की मेरे उम्र की लग रही थी.

आते HI वो S.DIDI क गले लग गयी.

S.DIDI- तो आ गयी तू चल अब अंदर भी चसल या यही लटकी रहेगी मेरे ऊपर.

लड़की- अरे यार आप भी न चलो अंदर और मिलाओ सब स और उनसे भी जिनके लिए मैं आयी हु.

R.BUA- शिल्पा बीटा कोण है ये प्यारी स बच्ची.

लड़की- आंटी मेरा नाम पीहू है और मैं इनकी दोस्त की बहन हु.

R.BUA- अच्छा आओ बीटा आप अंदर आओ. तो आप शिल्पा स मिलने आयी हो.

S.DIDI- नहीं ये तो परिधि दीदी स मिलने आयी है.

परिधि अपना नाम सुन चौक जाती है.

परिधि- मेरे स पर मई न तो इससे जानती भी नहीं

पीहू- (परिधि स) अरे दीदी मैं न आपसे वो मॉल वाली बात क लिए मिलने आयी हु वो S.DIDI न मुझे बुलाया था इसके लिए.

मॉल वाली घटना का जिक्र होते HI परिधि क रंग उड़द गए और वो फिर शिल्पा को देखने लगी गुस्से म .

माँ- मॉल वाली बात ये कोण सी बात है.

पीहू- वो आंटी क्या है न मॉल म कोई दीदी को...

PARIDHI-MALL म कोई मुझे दंड रहा था मेरा पर्स देने क लिए तो ये वही लड़की है( बात सँभालते HUE).SHILPA चलो इससे हम मेरा रूम दिखते है.

S.DIDI- चलो चलते है.

फिर तीनो उठे और परिधि दीदी क रूम म चले गए. वह जाते HI.

P.DIDI-SHILPA तू पागल है क्या आज इसकी वजह स सब पता लग जाता घरवालों को.

PIHU-ARRE दीदी उसके लिए सॉरी और अब न मैं आपको सेल्फ डिफेन्स की ट्रेनिंग देने आयी हु.

P.DIDI- HAAINN!(S.DIDI S)YE लड़की क्या पागल वागल है क्या. ये इतनी छोटी लड़की मेरे को क्या सेल्फ डिफेन्स सिखाएगी.

S.DIDI- ऐसा मत बोलो दीदी ये न बहुत स्ट्रांग है सौर्य न भी इसी स शिका है फाइटिंग. देखा था न मॉल म.

P.DIDI- क्या तू सच बोल रही है शिल्पा इस पिद्दी न उससे शिखाया है.

PIHU-(P.DIDI) देखो अब आप मेरा मजाक उड़ा रहे HO(ITNA बोल उसने अपना मुँह फुल्ल लिया)

उसके चेहरे को देख परिधि को हस्सी आ गयी.

P.DIDI- अरे तुम तो गुस्सा हो गयी. शिल्पा देख न गुस्से म भी कितनी प्यारी लगती है ये एक दम स डॉल की तरह. पता नहीं ऐसा क्यू लग रहा है मैं इससे जानती हु.

S.DIDI(MAAN म)- अरे ये तो आपकी जान है आपकी छोटी बहन

S.DIDI- सायद किसी और स इसकी सकल मिलती होगी.

PIHU-AAPKO शिकन है क नहीं ये बताओ पहले. मुझे लेट हो रहा है.

P.DIDI-THIK है मैं रेडी हु पर तुमको हम सभी बहनो को सीखना होगा.

PIHU(KHUSH HO)-THIK है मैं आप सभी को सिखाऊंगी पर शिल्पा दीदी को तो इसकी कोई जरुरत नहीं

P.DIDI- वो क्यू भला.

S.DIDI- अरे दीदी मुझे पापा न पहले HI ये सब शिखा दिया है.

P.DIDI- उह( फिर पीहू की ओर DEKH)TO मास्टर अब आप हमें कब स शिखना सुरु करोगे.

PIHU-MASTER नहीं आप मुझे अपनी बहन HI समझो OK और कल स आप सभी की ट्रेनिंग SHURU.TB तक आप सारे जा क्र अपने माँ डैड स बात क्र लो.

फिर स तिण्णो निचे चली गयी और सभी को ये बात बताई. सारे लोग भी राज़ी हो गए फिर.

R.BUA-ARRE ये सौर्य क्यू नहीं आ रहा है. कुछ देर मैं रिजल्ट है उसका.

S.DIDI(MAAN M)-ARRE उसको तो यहाँ लाया HI नहीं.

S.DIDI-MAIN अभी देख क आती हु.

S.DIDI उठ क्र तुरंत चली गयी और फिर मुझे वह बुल्ला लिया.

मैंने वह पर अपना एक क्लोन छोड़ दिया क्यू की आज किरण जो आने वाली थी उससे मिलना भी तो था.

मैं भी नीचे चल दिया.

अभी मैं नीचे आया HI था क डैड मेरे पास आये और मुझे गले लगा लिया.

DAD-PROUD ऑफ़ यू माय सोन प्राउड ऑफ़ यू. तू पुरे स्टेट म फर्स्ट आया HAI.(STATE बोर्ड था).

MOM-(DAD S)HAATO जी अब मुझे भी मेरे बेटे को बधाई देने दो.

इतना बोल माँ मेरे गले लग गयी.

माँ- बीटा ऐसे HI हमेसा सबसे आगे रहना और खुश रहना.

सभी न मुझे बधाई दी.

फिर सभी पार्टी की बात करने लगे तो मैंने HI मन्ना क्र दिया. मुझे ये सब चीज़ ाचे नहीं लगते थे.

सारे मान भी गए वो भी बड़े आसानी स जो मुझे बड़ा अजीब लगा.

फिर माँ, P.MAASI और D.BUA रूम म चली गयी.

MOM-(D.BUA स) देखा न आपने बिलकुल अपने माँ डैड प गया है वो भी पढ़ाई म हमेसा ावल आते थे.

D.BUA- है बिलकुल सही कहा.

P.MAASI-(D.BUA स) अच्छा भाभी आपने अन्नू दीदी को आने क लिए मन्ना लिया न.

D.BUA- बड़ी म्हणत स मानी है तेरी ानु दीदी. अच्छा सुनने संजू तू रेडी तो है न इन सब क लिए.

माँ- है रेडी हु और मैंने सभी गेट्स को भी समझा दिया है.

D.BUA(MAAN M)-AAJ बहुत बड़ा दिन होगा तेरे लिए संजू बीएस एक बार वो आ जाये.

D.BUA- गुड.

P.MASSI-(MOM स) दीदी ये सौर्य पार्टी क लिए मन्ना क्यू क्र रहा था.

उससे तो खुश होना चाहिए न.

MOM(THODA साद हो)- पूनम कुछ यादे जुडी है उसकी इस पार्टी सब्द स जो अच्छी नहीं है.

D.BUA-KYA हुआ कोण स बात जुडी हुई है पार्टी स.

MOM-DIDI आज नहीं फिर किसी दिन जरूर बताउंगी.

वो तीनो बहार आ गयी जहा सभी बैठे हुए थे पीहू भी थी और सभी बाते क्र रहे थे.

चलिए इनको खुसी मानाने देते है और हम कही और चलते है.

एक बंद पड़ा हुआ कपडे का मील है जंहा कुछ लोग है और बाते क्र रहे है.

"है है है अरे चलो अब उस अर्पित गुप्ता को भी तो बताओ कैसे हमने उसके परिवार को तोडा है."- एक आदमी बोलै अँधेरे स.

अर्पित गुप्ता जो की चेयर प बंधा हुआ था और उसी क साथ उसका दोस्त दिलावर सिंह भी.

अर्पित - (आदमी स) तुम हो कौन और क्यू हमसे HI हमारे परिवार को तोड़वा दिया तूने (रूट हुए).

दिलावर- अब भी कुछ बाकी है क्या पुरे परिवार को तो बिखेर दिया टुन्ने HAMARE.KHUD क हाथों स अपने बच्चो को मरवाया है हमने. तू भी हमें मार दे क्यू की ये सच्चाई जान हम जी नहीं पाएंगे.

आदमी अँधेरे स बहार आते हुए.

आदमी- क्यू नहीं जी सकते मैं जीता आ रहा हु आज तक आपने बदले क LIYE.WO तुम दोनों HI थे न जिसने मेरी बीवी को मेरी सच्चाई बताई थी. वो मुझे छोड़ क्र चली गयी मेरे बच्चो क साथ फिर कभी वापस नहीं आयी. मैं प्यार करता था उससे.

उस आदमी को देख दिलावर और अर्पित दोनों HI एक साथ.

DILAWAR/ARPIT- नरेश तुम यहाँ.

NARESH(AADMI)-HA मैं यहाँ नरेश शर्मा, डॉन नरेश शर्मा जो किसी स नहीं हारा था. उससे तुम दोनों न हरा दिया उसका सब कुछ चीन क्र.

दिलावर- तुम यहाँ कैसे तुम्हे तो जेल म होना चाहिए.

नरेश- कुछ वक़्त पहले HI भाग आया मैं जेल स फिर इच्छा हुई की जिसको मैंने बर्बाद किया उनसे मिल लू तो तुम दोनों को यहाँ बुल्ला लिया. चलो मैं तुम्हे अपने आदमियों स मिल
आता हु जिन्होंने तुम्हारे साथ मेरे कहने प ये सब KIYA.AAJAO मेरे दोस्तों.

उसका इतना बोलना था क वह पर 3 लोग आ गए.

ये तीनो थे सुरेंद्र सिंह , अंकित कपूर और नानाजी का ACCOUNTANT(SAMBHU तिवारी) .

बाकी दोनों को देख अर्पित और दिलावर का रिएक्शन नार्मल था पर संभु को देख दोनों चौक गए और गुस्सा भी आया.

DILAWAR-(SAMBHU स) नमक हराम तू जिस थाली म खता है उसी म छेद भी करता है. ठु है तेरी जिंदगी P.KITNA भरोसा किया तेरे प बीटा मंटा था तुझे अपना.

सभु- मैंने तो कभही तुझे बाप नहीं माना. पता है मैंने क्यू किया तेरे साथ ये ताकि तू भी जान सके क खुद क हाथो बर्बाद हो कैसा लगता है.

ANKIT-(NARESH S)BOSS इनको ये सब क्यू बता रहे है हम इन्हे सीधा गई मार देते है न फिर वो साला किंग उसको भी मारना है.

सुरेंद्र- है बॉस उस साले ने हमारे भाइयों को मारा है. हम कब तक यही चुप बैठे वो साला पंकज भी अभी कुछ दिन बाद आने का बोल रहा है.

NARESH-(DONO S)SAHI वक़्त का वेट करो जब पंकज आये तब HI कुछ हो सकता है और रही बात इन्हे ये सब बताने की तो ये इसलिए क ये लोग तड़पे खुद क किये पर अब देखो कल तो इन्हे जेल HI जाना है न वो टेररिस्ट फंडिंग क मामले म. तो इन्हे भी तो पता रहे क किसने इनको वह तक पहुंचाया और क्यू तककि ये अपनी गलती समझे.

संभु- बॉस मैं तो कहता हु िंगे मार HI देते है.

नरेश- अरे नहीं संभु मैं तुम्हारे जज्बातो को समझता हु पर मुझे एक बात बताओ क क्या तुम इनको एक गोली स मार क्र खुश हो जाओगे या फिर इनको वक़्त क हातो तड़प तड़प क्र अपनी गलती प रूट हुए मरते देखना चाहोगे.

संभु- बॉस 2ंद वाला HI सही है.

NARESH-YE हुई न बात संभु चलो अब इनको बेहोश क्र इनके घरो म पंहुचा दो और याद रहे दवा इतनी होनी चाहिए क दोनों कल सुबह स पहले न उठे समझे न.

संभु- जी बॉस.

फिर उन लोगो न ठीक वैसा HI किया जैसा क नरेश न कहा था करने को.

चलिए अब हम बेस चलते है जंहा किरण आ चुकी है.

किरण को यहाँ लाने का काम समीर न अपने जिम्मे लिया था. वो तो उसके पीछे HI लगा हुआ था.

MAIN(C)- तो आप हो किरण बहुत सुन्ना है आपके बारे म ( उसकी ओर हाथ बढ़ाते हुए)

किरण भी हाथ मिलती हुई.

किरण- बाते तो रॉ मई आपकी होती है अब किंग.

उसका हाथ पकड़ क मुझे उसके बारे म सबकुछ पता चल गया.

MAIN(C)(SAMEERA S)-ISKO इसके सारे डाक्यूमेंट्स दे दो और ये आज स HI ज्वाइन करेगी.

समीरा- पर तुमने तो...

MAIN(C)- है और अब मैं हो कह रहा हु NA.(KIRAN स) तो आज आपका और हमारा मिलना हुआ है तो क्यू न आपको एक गिफ्ट दिया जाये.

KIRAN(SAWALIYA नज़रों स)- गिफ्ट कैसा गिफ्ट.

MAIN(C)- बड़ा HI प्यारा गिफ्ट है RUKO(SAMEER स)

जाओ और वो पर्पल कलर का जो बॉक्स है वो इससे दे दो.

SAMEER(HAIRAT स)- वो पर्पल वाला सच म.

MAIN(C)- है सच म.

समीर वो पर्पल बॉक्स ले आया और मेरे इशारे पर उससे खोला.

उस बॉक्स क अंदर एक बड़ा HI खतरनाक नाइफ सेट रखा था कुछ निंजा ब्लेड्स रखे थे और उसके साथ HI थी एक निंजा सोर्ड और कुछ टॉर्चर करने क सामान.

किरण वो सब देख खुस हो गयी क्यू की उसने निंजा ट्रेनिंग ले राखी थी जो मुझे उससे हाथ मिलते HI पता चल गया.

किरण- थैंक्स फॉर थिस वंडरफुल गिफ्ट.

MAIN(C)- अरे ये तो बस आधा गिफ्ट है अभी और बाकी HAI(INTERROGATION रूम क ओर इशारा क्र) नाओ वह तुम इन्हे इस्तेमाल भी क्र सकती हो पर एक शर्त है

किरण- क्या बोलो.

MAIN(C)-MERE कानो म चीखों की आवाज यहाँ तक आणि CHAHIYE.AB जाओ और शुरू हो जाओ.

किरण जैसे HI रूम म गयी वह िस्मिले को देख उससे बहुत खुसी हुई और वो लग गयी उससे मारने MAI.ISMILE की चीखे पूरी बेस मैं गूंज रही थी.

चलिए अब KALP-AASHRAM चलते है.

आज उन्दोनो को HI होश आ गया और जैसा क शिल्पा दीदी न R.G स कहा था उन्होंने उनको उस भूतिया हवेली म छोड़ने का काम अपने शिष्यों को सौप दिया.

R.G(DONO स)- हम आपको अभी जहा ले जा रहे है वही प आपका बीटा आपको मिलेगा. पर आपको उसके आने का इंतजार करना होगा.

औरत- क्या हम सीधा उसके पास नहीं जा सकते मेरा बहुत मान है उससे अपने सिनने स लगाने का (आदमी स) आप बोलो न इनको हमें उससे मिलवा दे.

AADMI-(AURAT S)ABHI नहीं वैसे भी वो कुछ दिनों म आ HI जायेगा और जरूर कोई बात होगी नहीं तो क्या ये हमें सीधा उसके पास नहीं भेज देते.

R.G-(AURAT स) पुत्री बस कुछ HI दिन फिर वो तुम दोनों स ावसाय मिलने आएगा. अब तुम्हे जाना चाहिए और हां जो बाते मैंने उस रसायन

(फार्मूला) क बारे म बताई थी उससे भी याद रखना वो तुम दोनों क शरीर मैं भी है और जागृत भी है अब ये तुम दोनों पर है क तुम्हे उसका क्या करना HAI.JO योग साधना मैंने बताई थी उससे ावसाय करते रहना और अपने बेटे को भी बता देना जब वो मिले.

दोनों- ठीक है.

R.G- चलो अब जाओ.

वो दोनों निकल पड़े R.G क कुछ सिस्यों क साथ उस भूतिया हवेली की ओर.

गेस टाइम.

ये D.BUA माँ क लिए क्या करने वाली है जो उनका दिन बड़ा होगा.

ये R.G किन दोनों को भेज रहा है भूतिया हवेली मई और इनका बीटा कोण है.

और क्या नरेश पंहुचा सकेगा अर्पित और दिलावर को जेल.
 
अपडेट-21

अब तक

R.G ने अपने सिस्यों क साथ उन दोनों को KISHANPUR(HERO विलेज) क भूतिया हवेली म जाने को भेज दिया.

आगे:-

बैक तो हीरो:-

अभी मैं बाकियों क साथ बैठ क बाते HI क्र रहा था क मेरा फ़ोन BAJA(PHONE सिर्फ मेरे पास है मेरा , क्लोन्स क पास नहीं)

कॉल ऋत्विक का था. मैं उठ क्र थोड़ा दूर चला गया और कॉल पिक की.

RITWIK-KING तेरे नाना क यहाँ कुछ हुआ है सायद

में- साफ़ साफ़ बोलो क्या हुआ.

ऋत्विक- जैसे टुन्ने बोलै था क तेरे नाना क फॅमिली प नज़र राखु...

मैं- यार जल्दी स पॉइंट पर आ.

ऋत्विक- है सुन वो जो अकाउंटेंट संभु है न वो तेरे नाना को ले क्र आया था बेहोसी क हालत म सायद उन्हें कुछ हुआ है.

मैं- तू बस नज़र रखे जा मैं देखता हु क्या माजरा है.

ऋत्विक- अरे है कोंग्रटुलतिओं फॉर फर्स्ट प्लेस. पार्टी तो तू देने स रहा. एक दिन की छुट्टी HI देदे समीरा क साथ.

मैं- ोइये चल फ़ोन रख बाद म बताता हु.

कॉल कट

मैंने अपनी आखें बंद की और नानाजी क घर को देखने लगा. वह एक रूम म नाना जी बेहोश पड़े थे. इतनी बड़ी फॅमिली थी पर उस रूम क कोई भी नहीं था सिवाय नानी क. मैं जानना चाहता था क बाकी सब कहा है और ये इन्हे हुआ क्या है. मैंने अपनी नज़ारे छर्रो तरफ घुमाई तो पाया सभी घर पर HI थे और अपने अपने रूम्स म HI थे पर कोई भी नानाजी स मिलने नहीं गया.

MAIN(R.BOOK S)-YE बताओ क्या मैं UNHE(NANAJI को) होश म ला सकता हु.

R.BOOK-ABHI तो आपके लिए ये मुमकिन नहीं है पर जब आप ऑरेंज बुक को भी अपने आधीन क्र लोगे तो आप किसी को भी ठीक क्र सकते हो. हां अभी क लिया आप शिल्पा स हेल्प ले लो.

MAIN-HA ये भी ठीक HAI(MAAN म शिल्पा दीदी स) दीदी क्या आप नानाजी को होश म ला सकती हो.

S.DIDI जो मुझसे दूर सभी क साथ बैठी हुई थी उन्होंने मेरी ओर देख स्माइल किया और एक चुटकी बजायी.

मैंने देखा की अब नानाजी को होश आ रहा HAI.HOSH मैं आते HI वो जोर जोर स रोने लगे.

NANAJI(NANI S)-(ROOTE हुए) शर्मीला मुझसे बहुत बड़ी गलती हो गयी शर्मीला. मैं अपने HI परिवार तो भिखेर दिया.

नानी ने ज्यादा रियेक्ट नहीं किया सायद कोई बात हो बस वो एक टाऊट मारने वाले अंदाज म नाना की ओर देख मुस्कुराई पर उनके आखों म ासु भी थे और बोली.

नानी- बड़ी जल्दी पता चल गया आपको. क्या आप मुझेये बताओगे की कोई भी आपको अभी यहाँ देखने क्यू नहीं आया है इतना बड़ा परिवार होने क बावजूद.

नानाजी ने कुछ नहीं बोलै बस अपना सर नीचे झुका लिया पर नानी का मूड आज कुछ अलग HI था.

नानी- सर झुकने स कुछ नहीं होता दिलावर सिंह मैं बताती हु क्यों कोई नहीं आया. वो सारे क सारे नफरत करते है तुमसे और तुम्हारी वजह स मुझसे भी अपनी माँ स भी. क्यू किया तुमने ऐसा क्यू मारा मेरी बेटियों को बोलो

इतना बोल वो जोर जोर स रोने लगी. आज ये पहली बार था क नानै न नाना को उनके नाम स बुलाया था .

नानाजी कुछ न बोले बस रोटी हुई नानी की तरफ अपना हाथ ले गए और उससे उनके हातो पर रख दिया पर नानी न उनका हाथ झटक दिया.

नानी- दूर रखो इन हातो को मुझसे आज भी इनमे मेरी बेटियों का खून लगा हुआ है.

इतना बोल वो वह स रूट हुए HI उठी और सुरभि क रूम म चली गयी और छोड़ गयी नानाजी को अकेले रूम म.

NANAJI(KHUD स)- ये सब कुछ उस मनहूस सेफ्ली क कारन हो रहा है कहा था पंडितजी न क दूर रखना उससे खुद स और आपने परिवार स और मैंने किया भी वही पता नहीं कहा स मिल गयी वो मेरी तीनो बेटियों को और उन्हें पता चल गया और घर ले आयी उस मनहूस को उसी दिन स मेरा परिवार टूट रहा है.

मैं जो घर प बैठे अपनी MAA(UNKO माँ HI लिखूंगा और डीप को पापा) क बारे मई ये सब सुन रहा था मेरा पारा बढ़ने लगा मुझे बहुत गुस्सा आने लगा

S.DIDI(MAAN म)- सौर्य सांत रहो अभी वर्ण..

मैं- दीदी आप मुझे किशनपुर पहुंच डौगी अभी.

{अभी इससे पता नहीं क इसके माँ डैड जिन्दा है OK ये बस उनके बारे म जनता है}

S.DIDI- पर अभी..

मैं- प्लीज दीदी

S.DIDI-(MAAN म) ठीक हज तू सबको कुछ बहाना क्र बहार निकल यहाँ स मैं तुझे पंहुचा देती हु और है अपना ख्याल रखना.

मैं- (माँ स) माँ वो मेरे दोस्त का फ़ोन आया था वो मुझे बुल्ला रहा है तो मैं जॉन.

अभी माँ कुछ बोलती उससे पहले HI पूनम मासी ने परमिशन देदी. मैं भी घर स निकल गया और एक खली जगह प चला गया S.DIDI न मुझे सीधा मेरे गाओं क घर क पास पंहुचा दिया.

वह पहुंच मैं सीधा दौड़ता हुआ चल पड़ा हवेली क पास क तालाब क पास वैसे भी कोई नहीं आता यहाँ मैं अकेला हक बैठ गया वह पर और तालाब म पाथेर मारने लगा.

MAIN(KHUD स)- मेरी माँ को मनहूस बोलै न उसने साले को इसी केस म जेल म डलवा देता हु टेररिस्ट फंडिंग का मामला भी है साले को रॉ HI उठएगी फिर उसको बताऊंगा.

अभी मैं ऐसे HI खुद म बड़बड़ा रहा था क तभी मेरी नजर हवेली की ओर गयी हवेली का गेट खुलने की वजह स. मैंने देखा चार लोग अंदर की तरफ जा रहे थे.

मैं- अरे ू भाई अंदर मत जाओ वह खतरा है

पर उनमे स किसी को मेरी आवाज नहीं सुनाई दी.

उन चारो मई एक औरत भी थी. उन चारो की पीठ HI थी मेरी ओर तो मैं उनका चेहरा तो न देख सका पर उस औरत को देख HI बड़ा आपने सा महसूस हुआ मुझे और जब उससे अंदर जाते देखा तो एक दर भी जाग गया मान म किसी अपने को खोने का.

MAIN(CHILLA KR)-ANDER मत जाओ.

पर उन्होंने मेरी आवाज सुन्नी HI नहीं और वो अंदर चले गए.

मैं भी उठा और जल्दी स अंदर जाने लगा पर तभी.

R.BOOK- सौर्य अभी नहीं पहले ऑरेंज बुक को हासिल करो तब HI तुम उनको छुड़ा सकते हो.

मैं- क्या करना होगा मुझे उस बुक क लिए.

R.BOOK- ये तालाब देख रहे हो पता है यहाँ लोग क्यू नहीं आते.

मैं- उनको लगता है यहाँ भूत है.

R.BOOK- नहीं यहाँ कोई भूत नहीं है. इस तालाब मई एक ऑरेंज कलर की मूर्ति मिलेगी तुम्हे उससे बहार निकल लाओ वही एक वजह है इस जगह को सब भूतिया समझते है. वो तुम्हे ऑरेंज बुक क पास पंहुचा देगा.

MAIN-BAS इतना HI मुझे इस तालाब म खुद क्र एक मूर्ति लानी है.

R.BOOK- इससे आसान मत समझना जैसे HI तुम पानी म जाओगे वो मूर्ति तुम्हारी परीक्षा लेगी.

मैं- कैसी परीक्षा

R.BOOK- ये तो पता नहीं

मैंने उसके जवाब को सुन्ना और फिर चल पड़ा पानी क तरफ. मैं अपना पेअर पानी म डाला पानी बहुत ठंडा THA.FIR भी मैं अंदर जाने लगा जैसे जैसे म अंदर जा रहा था पानी और ठंडा होता जा रहा था. अभी मैं आधे रस्ते HI गया था क किसी न मेरा पेअर नीचे KICHA.MAINE उसकी तरफ देखा तो ये एक कछुए क तरह दिखने वाला आदमी था जिसके सर पर एक लोटस का पत्ता लगा हुआ था.

वो मुझे निच्चे खींचते HI जा रहा था. तलद बहुत गहरा था वो मुझे तालाब म बने एक गुफा म ले गया.

वो- आज तो बाड़े दिनों बाद ाचा काना मिलेगा. बड़ा भरा हुआ सरीर है तेरा.

MAIN-OOYE कोण है बे तू और मुझे यहाँ क्यू लाया.

वो- MAIN,MAIN हु कापा नाम तो सुना HI होगा.

अब चल रेडी हो जा मेरा खाना बनने को.

मैं- देख भाई कापा मैं तेरे को नहीं जनता और रही बात खाना बनने की तो ये तो न हो पायेगा.

KAPPA-AISA क्या चल मैं भी देखता हु कोण बचता है तुझे.

इतना बोल वो अपने हारे हारे हाथो स मेरी ओर मुझे पकड़ने आने लगा. मैंने भी साले को एक मुक्का मारा पर वो तब तक घूम चूका था और मेरा मुक्का उसके शैल प लगा. मेरी तो जान HI निकल गयी सल्ले का शैल बड़ा मजबूत था. मैंने जोर स मारा था पर उसको कुछ न हुआ उल्टा मुझे चोट लगी.

अब उसने मुझपे हमला किया मैंने डॉज किया. मुझे एक HI वार स ये तो पता चल गया था क इसको ऐसे नहीं मार सकते तो मैं उससे थकने म लग गया. वो वार प वार करता रहा और मैं डॉज. अपने हमलो को नाकाम होता देख वो और जल्दी और ताकत स वार KRTA.JAB वो थक गया तो मैंने जल्दी स उससे पकड़ लिया.

R.BOOK- सौर्य इसके सर प लगे पाते पर जो पानी है उस्सको पि लो. यही तुम्हे उस मोती तक ले जायेगा.

मैं- क्या पर ये तो बहुत गन्दा लग रहा है.

KAAPA-ARRE तू पागल है क्या खुद स HI बाते किये जा रहा है.

R.BOOK- देखो सौर्य वो पानी जल्दी पि लो इसके ठीकहोने स पहले नहीं तो ये तुमसे ू HI लड़ते रहेगा.

मैं- ठीक है.

मैं उस कापा क पास गया उसके सर प जो प्स्ट लगा था उसमे थोड़ा सा पन्नी था मैं उसको पिने क लिए आगे बड़ा.

कापा- नहीं ऐसा मत करो मैं तुम्हारा हर बास्त मानुगा पर उससे मत पियो.

R.BOOK- ये एक कपटी है इसकी बात मत सुनने जल्दी स वो पानी पि लो.

मैंने R.BOOK की बात सुन्नी और वो पानी पि गया बड़ा HI अजीब टास्ते था. जैसे HI मैंने वो पानी पिया वो कापा मेरी पकड़ स छूट गया और गायब हो गया.

मैं- अरे क्या वो चला गया अब मुझे वो मूर्ति क बारे म कोण बताएगा.

कापा- मालिक मैं हु न मैं आपको ले चलता हु.

मैं- कहा हो तुम मुझे दिखाई क्यू नहीं दे रहे.

KAAPA-MALIK अपने मेरा जीवतारल पि लिया है तो अब मैं आपके अंदर HI RAHUNGA.MERA शैल अब स आपकी रक्षा करेगा ये एक अभेद शैल है कोई भी हथियार इससे कुछ नहीं क्र SAKTA,AB अप्प पानी म भी सांस ले सकोगे और जब भी आपको मेरी जरुरत होगी तो मुझे बुल्ला भी सकते हो.

मैं- ऐसा क्या ठीक है चलो बहार आओ.

कापा मेरे बॉडी स बहार आ गया.

कापा- मालिक वो मोती आपको इस गुफा क बीचो बिच मिलेगी उसके साथ HI आपको मेरी एक तलवार भी मिलेगी जो की अब स आपकी है.

MAIN(R.BOOK स)- ये तलवार का क्या माजरा है मैं तो मोती लेने आया था फिर ये तलवार क्यू.

R.BOOK- ये कोई मामूली तलवार नहीं ये कापा क राज घराने की तलवार है ये भविस्य म बहुत काम आएगी.

MAIN(KAAPA स)- चलो मुझे उस तरफ ले चलो और ये मालिक वालिक मत बोलै करो ूद लगता है मुझे मेरे नाम स बुलाओ सौर्य.

KAAPA-S.SS...SAMRATH सौर्य आप धरती पर हो और मैं आपका गुलाम BANA.(ITNA बोल वो मेरे पैरो म पद गया.)

KAAPA-MALIK मुझे माफ़ क्र दो जो मैंने आपको छूट पहुंचने क बारे म सोचा माफ़ क्र दो मुझे.

मैं- अरे उठो पहले और मुझे मेरे नाम स बुलाओ समझे अब चलो और वो मूर्ति मुझे दिखाओ.

फिर वो उठा और मुझे रास्ता दिखने लगा. कुछ HI देर मई हम उस मूर्ति तक पहुंच गए.

R.BOOK-JAO और उस मोती को उठा क्र तोड़ दो.

MAIN-PAGAL हो क्या इतनी मुश्किल स यहाँ तक आया हु बस इसे तोड़ने क लिए.

कापा- सौर्य वो सही बोल रही है इसको तोड़ दो O.BOOK यहाँ खुद प्रकट हो जाएगी.

मैं- अच्छा ठीक है.

मैंने भी मूर्ति को तोड़ दिया. उसके टूटे HI वो वह पर ऑरेंज कलर का धुआँ च गया .

कुछ देर मैं HI वो धुआँ इक्कठा हो गया और एक किताब म बदल गया.

O.BOOK- कोण है वो जो यहाँ तक आ पंहुचा है

कापा- समरथ सौर्य आये है तुम्हे यहाँ स ले जाने.

R.BOOK- दीदी मैं भी आयी हु.

O.BOOK- R.BOOK तू. तू ठीक तो हैना मेरी बहन और क्या सच म सम्राट आये है मुझे लेने को.

R.BOOK- है दीदी चलो अब आप भी सम्राठ म आ जाओ.

उसका इतना कहना था क O.BOOK मेरी तरफ आयी और बोली.

O.BOOK- क्या मुझे आपकी अंदर प्रवेश करने की इज्जाजत है.

MAIN-IJJAJAT है.

वो इतना सुन शेड मेरे अंदर समां गयी.

कापा- सौर्य वो रही मेरी तलवार जाओ और उससे लेलो.

मैं उसकी तरफ गया और उसको ले LIYA.WO भी मेरे हाथ म आते HI गायब हो गयी.

MAIN-YE कहा गयी

कापा- जब भी इससे बुलाओगे ये तुम्हारे पास आ जाएगी.

R.BOOK- चलो अब तो दीदी भी आ गयी अब उस हवेली म चलते है.

मैं- है चलो.

O.BOOK- सौर्य आप सिर्फ उस हवेली क बारे म सोचिये हम वह पहुंच जायेंगे.

मैंने उसकी बात सुन्नी और वैसा HI किया.

और हम पहुंच गए उस हवेली क गेट पर.

कापा- क्या यही है वो हवेली जिसकी तुम बात क्र रहे थे.

MAIN-HA पर तुम क्यू ऐसा पूछ रहे हो.

कापा- चलो अंदर तुम्हे सब पता चल जायेगा.

चलिए इनको यही छोड़ हम घर चलते है और देखते है क्या हो रहा है.

मेरे घर स निकलते HI पूनम मसि बोली.

P.MAASI- देखो आज बड़ा ाचा दिन है एक तो सौर्य 1सत आया है और दूसरी अन्नू दीदी भी आ रही है तो क्यू न पार्टी हो जाये.

पार्टी का नाम सुन माँ को छोड़ बाकी क सारे खुस हो गए.

परिधि- है चची ये सही है देखो वो तो है नहीं अभी हम उससे सिरपरिसे देंगे .

D.BUA- हां सही कहा बीटा.

S.DIDI- आईडिया ाचा है तो चलो तैयारी करते है मैं उसके दोस्त को फ़ोन क्र बता देती हु क वो उससे आने न दे शाम स पहले.

माँ- अरे पर..

SAIFALI(GUDIYA)- मस्सी मान जाओ न हम न भैया को बहुत अच्छा वाला सरप्राइज देंगे.

सैफअली की बात सुन माँ क्र माँ न हां कह दी.

MOM(MAAN म)- सायद इतने अपनों क बिच वो उससे याद HI न आये. काश वो सब भूल जाता.

पीहू-( सब स) अच्छा अब मैं चलती हु आप सभी पार्टी की तैयारी करो.

P.DIDI- आप कहा चली मैडम जी आपको अभी यही रुकना है. आप अपनी बहन स बात क्र लो और पूछ लो.

PIHU(MAAN म)- वही तो रुकने को बोल रही है.

PIHU(KHUSH हो)- OK जैसा आप कहो.

फिर क्या था लग गए सारे क सारे पार्टी क इंतेजामात म. अभी करीब 3 बज रहे थे दोपहर क की किसी न दुर्बल बजे.

दरवाजा खोलने माँ गयी थी और जैसे HI दरवाजा खुला .

सामने वाले को देख.

माँ- चुम्म्म्म्म.

इतना बोल गिर पड़ी.

गेस टाइम

कौन आया होगा दरवाजे प जो माँ बेहोश हो गयी.

क्या होगा हवेली क अंदर.
 
अपडेट - 22

अब तक

सभी लोग घर मई पार्टी क तयारी म जुटे हुए थे क दुर्बल बजता है. माँ दरवाजा खोलने जाती है. दरवाजा खुलते HI माँ.

MOM-TUUMMMM

और माँ बेहोश हो जाती है.

आगे:-

माँ को गिरते हुए देख बहार जो काढ़ा था उसने उससे पकड़ लिया.

WO1-DIDI उठो न (वो2) स देखो न क्या हुआ दीदी को.

WO2(JOR स)- विक्रम पानी ला.

विक्रम मौसा जो क सजावट देख रहे थे उन्हें ये आवाज सुन प्पहले तो लगा उनके कान बज रहे है पर जब उन्होंने बाकियों क तरफ देखा तो उनके चेहरे क रंग भी उद्दे हुए थे.

वो दौड़ क्र गेट क पास गए पानी क साथ.

उनके पीछे बाकी सारे लोग भी गए उस आवाज क तरफ वो भी जानना चाहते थे.

जैसे HI सारे दूर प पहुंचे किसी को अपनी आखों प भरोसा नहीं HUA.WO तो जैसे जाम HI गए हो.

WO2(JOOR S)-VIKRAM पानी दे जल्दी देख संजू दीदी बेहोश है.

उसकी आवाज सुन तो जैसे सारे होश म आगये सबके आखों म ासु थे.

सारे बड़े- डीप साईफआई चुम्म्म्म

जी हां ये थे हीरो क रियल पेरेंट्स.

DEEP-(VIKRAM मौसा स) ाब्बे ढकन पानी दे.

विक्रम मौसा न जल्दी पानी दिया और फिर डीप न संजू क ऊपर पानी छिड़का वो होश म आयी और झट स SAIFALI(MAA) को गल्ले लगा लिया.

यहाँ स सैफअली को माँ और डीप को पापा संजना को माँ और अभिषेक को डैड

MOM(MAA को पकड़)- तू ठीक तो हैना. कहा थी इतने दिन और वो पहाड़ प जो हुआ था वो...

अभी कोई कुछ और बोलता क पापा न बोलै.

PAPA-SABHI क सवालो का जवाब मिलेगा चलो पहले अंदर तो आने दो.

एक तो पहले HI सारे शॉक म थे किसी को कुछ समझ नहीं आ रहा था पर फिर भी सारे अंदर चले गए और पहुंच गए हॉल म.

अब D.BUA स रहा नहीं गया ेओ तुरंत HI पापा और माँ को गले लग रूट हुए.

D.BUA- कहा चला गया था दीपू तू मुझे छोड़ क्र और इससे भी ले गया था. पता है तेरा एक बीटा भी है जो बिलकुल तेरी HI तरह दीखता है और उसकी आखें न बिलकुल मेरी सैफअली की तरह दिखती है.

माँ- हां दीदी हम उससे मिल चुके है वही तो हमें यहाँ ले क्र आया फिर कुछ काम बोल चला गया.

सभी ये सुन दांग रह गए.

सभी - क्या सौर्य तुम दोनों को यहाँ छोड़ने आया था.

MAA/PAPA- हां

माँ- उस दिन पहाड़ पर जो हुआ उसके.....

माँ- दीदी उनलोगो न हमारे फार्मूला को चुरा लिया था और वो सीरम खुद प टेस्ट करने वाले थे तो मैंने और डीप ने वो सीरम किसी तरह उनसे ले लिया पर तभी उनके बहुत सारे आदमी वह आ गए.

पापा- मैंने और सैफअली न सोचा क इसको खुद मैं HI इंजेक्ट क्र लेते है वैसे भी मरण...

अभी पापा इतना बोले HI थे क छ्हाताकककक.

D.BUA न धार दिया एक.

D.BUA- कितनी बार बोलै है ऐसा न बोलने को और तूने वो सीरम खुद म क्यू इंजेक्ट किया और इससे भी इंजेक्ट करवा दिया.

R.FUFA- अरे दिव्या बोलने तो दो उससे.

D.BUA न R.FUFA को घर क्र देखा वो एक दम चुप हो गए.

माँ- दीदी तो फिर हमने वो इंजेक्ट क्र लिया हम्मे कुछ भी चंगेस न आयी हमे उल्टिया आने लगी ये देख उनलोगो क बॉस न पहले तो अपने सारे साइंटिस्ट्स को मार दिया और फिर हमें भी गोली मार पहाड़ स निच्चे फेक DIYA.ABHI कल HI हमें होश आया तो हम किसी आश्रम म थे उन्होंने बताया क हम पुरे 17 साल स वही कोमा म THE.WAHA पर HI हमारा इलाज हुआ THA.WO फार्मूला सायद उसी क वजह स हम बच पाए उसने हमारे सेल्स को जल्दी स ठीक होने की काबिलियत दे दी HAI.FIR हम भी वह स आने क लिए निकल पड़े हम थोड़े देर पहले HI सहर म पहुंचे थे क हमें सौर्य मिल GAYA.MAINE उससे देखते HI पहचान लिया क वो मेरा HI बीटा है पर वो तो मुझे मासी बोल रहा था और उसने फिर हमसे कुछ बाते पूछी फिर हमें यहाँ छोड़ चलागया ये बोल क वो रात तक आ JAYEGA.MAIN उससे रोक भी नहीं सकीय.

माँ न सबको ये साड़ी बाते बताई.

PAPA-YE बताओ यहाँ इतनी सजावट क्यू क्र रहे हो कोई पार्टी है क्या.

S.DIDI- वो मां जी आज न सौर्य न स्टेट बोर्ड टॉप किया है तो उसी की पार्टी है और ये उससे पता HI नहीं.

PAPA-(D.FUFA S)OOYE ये शिल्पा है न.

S.DIDI- हां मैं शिल्पा हु.

माँ- इधर आ मेरी बची चलो अब हमें बाकियो स भी मिलवा दो.

फिर शिल्पा दीदी न बाकी SABSE(BACCHO स) उनका इंट्रो करवाया. जब तिया और तान्या की बारी आयी तो उनके आखों म आशुन थे.

MAA-KYA हुआ तुम दोनों को रू क्यू रही हो

TIYA-MAASI आप भैया को ले जाओगी न हमसे दूर.

जैसे HI संजना न ये सुना उसके दिल म भी एक तीस थी उठी एक दर्द हुआ वही दर्द जो उसने अपने बेटे को खो क्र पाया था. उसकी आखें भी भर गयी पर तभी माँ बोली.

माँ (तिया स)- अरे आपको ये किसने बोलै क मैं आपके भैया को ले जाउंगी वो तो आपके साथ HI रहेंगे और हम भी.

TANYA(KUSH हो)- सच्ची मासी.

MAA-HAA मुच्ची मेरी बची. हल अब आशु पॉच.

अब बारी आयी SAIFALI(GUDIYA की).


उससे देख पापा बोले.

PAPA-(MAA स) ये तो बिलकुल तुम्हारी तरह दिखती है वही आखें वही बाल.

माँ- HAA(SAIFALI स) बीटा आपका नाम क्या है.

सैफअली- मेरा नाम सैफअली है आप मेरी मासी हो न.

माँ पापा न उसका नाम सुन पहले तो सभी क ओर देखा फिर सैफअली स माँ बोली.

माँ- है बीटा मैं आपकी मासी हु.

अभी उन्होंने इतना HI बोलै था क दरवाजे पर स किसी की आवाज आयी और सभी उधर HI देखने लगे.

दरवाजे पर अनुराधा मासी & फॅमिली कड़ी थी. आवाज अनुराधा मासी की थी.

अन्नू मासी- सैफअली, सँजोऊ

बस इतना HI बोली थी और वो दौड़ क्र अंदर आयी और माँ और माँ दोनों को HI गले लगा लिया और उनके चेहरे को चूमने लगी.

दरवाजे प कड़े पवन मौसा और उनकी बेटियां और प्रदीप बस शॉक स देखे जा रहे थे क्यू की आज उनके सामने कुछ मारे हुए लोग खड़े थे.

फिर क्या थोड़ा और ेमोटीनल ड्रामा चला और माँ & माँ न अपनी अपनी कहानी उन्हें बताई.

माँ बार बार प्रदीप को देखे जा रही THI.YAHI हाल डैड का भी था. ये बात पवन मौसा न नोट किया और बोले.

P.MAUSA- अब इससे देखते HI रहोगे या गले भी लगाओ गए ये तुम दोनों का बीटा है समझे.

ये बात प्रदीप क लिए भी एक बम क बराबर थी. उससे आज तक ये नहीं बताया गया था क अन्नू उसकी मासी है या उसके माँ डैड कैसे दीखते THE.WAHI माँ डैड क लिए तो ये बहुत बड़ा झटका था उन्हें तो अपनी खोयी हुए चीज़ मिल गयी थी फिर कुछ देर बाद सभी उससे भी मिले कुछ एमोशना ड्रामा यहाँ भी हुआ.

MOM(A.MAASI स)- आपको प्रदीप कहा मिला था दीदी हमने बहुत ढूंढा पर हमें तो नहीं मिला.

A.MAASI- संजू जब पापा नहीं दिलावर सिंह क लोग तुम सभी क पीछे थे और तुमने प्रदीप को पार्क म छुपा दिया था तो वो पवन क चचेरे भाई को मिला बेहोश था उस वक्त ये. उसका कोई बच्चा नहीं था तो उसने इससे अपने पास रख LIYA.FIR कुछ साल बाद जब उससे पता चला क उससे कैंसर है तो उसने प्रदीप को हमें सौप दिया और वो चल बसा. जब मैंने प्रदीप को देखा तो उसके सीने पर भी वही बर्थमार्क थी जो तुम्हारे बेटे प थी. फिर मैंने डीएनए टेस्ट करवाया और मेरा सक सही NIKLA.PR मैं ये बात किसी को बता जी सकती थी मुझे अभी भी सक था क उस दिलावर सिंह क लोग अभी भी इसके पीछे पद जायेंगे. मैंने ये बात सिर्फ दिव्या को HI बताई थी.

P.MASSI- आप ने मुझे क्यू नहीं बताया.

A.MAASI- दिलावर SINGH(NANAJI) आज भी तुझे HI सबसे ज्यादा प्यार करता है और जब प्रदीप मुझे मिला तो वो तुझे तब भी मानाने की कोसिस क्र रहा था अगर उससे पता चल जाता तो मैं ये रिस्क नहीं लेना चाहती थी ये संजू की निशानी HI तो थी मेरे पास तभी.

माँ- अन्नू दीदी आप पापा को नाम स क्यू बुला रहे हो वो बड़े है.

माँ का ये बोलना था क पापा को छोड़ सभी बड़े उनपर चढ़ गए और डाटने लगे.

A.MAASI- वो कोई पापा नहीं है मेरे और न HI तेरे समझी तू बस मेरी बहन है.

P.MAASI- और नहीं तो क्या वो बाप कहलाने लायक HI नहीं है.

DIGVIJAY-TUM क्या पग्गल हो गयी हो इतना कुछ होने क बाद भी..

बाकियों ने भी उन्हें बहुत कुछ कहा तभी पीहू बोली.

पीहू- लगता है आज पार्टी नहीं होने वाली.

MAA(PIHU क ओर)- ये कोण है और किसने कहा इससे पार्टी नहीं होगी.

PARIDHI-MAAMI ये हमारी त्रीणीर है हमे सेल्फ डिफेन्स सिखाएगी.

माँ- अच्छा (पीहू स) आपने ऐसा क्यू बोलै क पार्टी नहीं होगी अब तो वहुत बड़ी पार्टी होगी.

PIHU-AUNTY वो मुझे लगा क अभी आपको और दांत पड़नी बाकी होगी.

A.MAUSI- अरे अब इससे कोई कुछ नहीं बोलेगा और सभी अब लग जाओ पार्टी क तयारी मई. मेरा एक बजे न टॉप किया है स्टेट बोर्ड और दूसरा आज अपने माँ डैड स मिला है और तो और आज मेरी साड़ी बहने भी साथ है.

फिर क्या सारे लग गए काम प बस प्रदीप को छोड़ क्र उससे तो तिया और तान्या HI पकडे बैठे हुए थे वो भी बड़ा खुश था अपनी बहनो का प्यार देख आज उससे सबकुछ मिल गया था.

इनको यही रहने देते है हम देखते है हवेली म क्या हुआ था.

मैं कापा क साथ उसके पीछे हवेली म चला गया. हवेली अंदर स कुछ और HI दिख रही थी अंदर एक HI टेक घर था जिसका पता किसी को नहीं था.

मैं अंदर गया और ये सब देख अचंभित रह गया. तभी किसी की आवाज आयी " डीप हमारा बीटा कब आएगा पूछो न इन् दोनों स"

पापा- सैफअली थोड़ा तो सब्र रखो और ये हम किस जगह प आ गए है ये तो देखो.

माँ- मुझे बस अपने बेटे स मिलना है और किसी स नहीं.

पापा- मिलना तो मुझे भी है पर अभी उसमे वक़्त है गुरूजी न बोलै था NA.TB तक हम इस हवेली को देखते है.

वो डेल्हो वह पर ये तो एक लैब है.

माँ- पर यी इक्विपमेंट्स ये तो एकदम स नए है. इससे इक्विपमेंट्स तो बड़े महंगे होते HAI.CHALO उन दोनों सिस्यों स पूछते है क ये क्या है.

पापा- चलो.

मैं तो बस उनकी बाते सुन रहा था और उन्हें देखे जा रहा था मेरे आखें भर आयी थी उन्हें देख.

वो भी लैब क साइड स बहार आ रहे थे क उन्हें मैं दिखाई दिया और साथ मई कापा भी.

मुझे देख वो जैसे कही खो गए पर तभी मेरे पीछे कापा को देख माँ चिल्लाई.

माँ- बीटा भाग वह स वो तुझे नुकसान न पंहुचा दे.

पापा न तो वही पास राखी टेबल हीउठा ली कप को मरने क लिए.

मैं- माँ पापा AAP(ANKHO म आशु लिए)

मेरे मुँह स इतना HI सुन्ना था उन्दोनो न क भाग क्र मेरे पास आये और मुझे गले लगा लिया.

माँ- तुम सौर्य हो मेरे बेटे हो कितने बड़े हो गए HO(ROOTE हुए और मुझे चूमते हुए)

पापा- मेरा शेर कितना बड़ा हो गया है TU.BILKUL मेरी तरह दीखता है .

मैं - माँ पापा आपके साथ क्या हुआ था और आप कहा थे.

फिर पापा न मुझे वही कहन्हि सुनाई. अभी तक दोनों सिस्य भी आ गए थे हमारे पास पहले तो वो कापा क सामने झुके फिर बोले.

SISYA1-HE राजन आपने हमें अपने दरसन दे टिपट क्र दिया है.

कापा- खड़े हो जाओ. तुम मेरे सिस्य R.G क सिस्य HI होंगे. बोलो क्या कहा है उसने.

सिस्य2- राजन वो आपको और INHE(MERI ओर) को अपने पास बुलाना चाहते है उन्हें आपसे कुछ बाते करनी है.

MAIN(KAAPA S)-YE R.G कौन है और मुझसे क्यू मिलना चाहता है.

कापा- ये वही है जिसने तुम्हारे माता पिता को बचाया है और ये मेरा सिस्य भी है. सायद कोई जरुरी बात होगी तभी बुलाया है.

माँ- बीटा कुछ देर रुक जा न फिर चले जाना अभी तो तुझसे मिली भी नहीं ठीक स.

पापा- सैफअली उससे जाने दो गुरूजी न जरूर कोई ख़ास काम होगा इससे.

मैं- माँ पापा अभी आपको पूनम मासी क घर छोड़ देता हु आप वह जाओ सबसे मिलो और मैं रात तक आता हु. कोई भी कहानी बता देना क आप वह तक कैसे पहुंचे.

माँ- बीटा इधर तो हम बस स आये है और अभी तो सहर किकोई गाडी है नहीं वो तो रात को खुलेगी.

कापा इतना सुन हसने लगा.

पापा- ये है क्यू रहे है.

मैं- पापा इसके पास कुछ पावर्स है. आप दोनों बसेरा हाथ पकड़ LO(SISYO स) आप दोनों यही रुको हम अभी आते है.

सिस्य - जी

मैंने आखें बंद की और P.MAASI क घर क बारे म सोचा और वह पहुंच गया.

माँ पापा को वही हैरत मई छोड़ मैं वह स फिर हवेली आ गया

मैं- कापा ये हवेली तो भूतिया थी न.

कापा- हां क्यू की मैं यहाँ रहा करता था पर कुछ वक़्त पहले जिन्नो की मलिका का आदेश आया क मैं अब सिर्फ तालाब म HI राहु और ये जगह खली क्र दू. मैंने वैसा HI किया और मलिका ने तो अंदर स पूरा का पूरा हवेली HI बदल दिया जादू स.

मैं- अच्छा तो ये शिल्पा का किया धरा है.

मैंने सिसयो स बोलै मेरा हाथ पकड़ने को और उस आश्रम क बारे म सोचने को और हम पहुंच गए वह.

R.G न कापा को देखा और तुरंत HI उसके पैरो म गिर गया और उससे आशीर्वाद मांगने लगा.

मैं- R.G आपने मेरे माता पिता की जान बचायी है मैं कबि आपका ये क्रेज़ नहीं चूका पाउँगा.

R.G- ऐसी बात न करे आपको पता नहीं अभी क आप कोण HO{INKO अभी पता नहीं है क मैं सब जान चूका हु}

मैं- अच्छा आप ये बताये क हमें क्यू बुलाया है.

R.G-(KAPPA S)GURU जी वो वापस आ गए है और अपना वर्चस्वा जमा रहे है. उनलोगो ने एक महाद्वीप प कब्ज़ा भी क्र लिया है और अब यहाँ आने वाले है.

KAPPA(CHINTIT हो)- क्या

मैं- कोण आ चूका है.

R.G- वेताल वो वेताल इस गृह को भी अपने काबू म करना चाहते है.

R.BOOK- लो ह9 गया बेडा गर्क.

O.BOOK- अरे मेरी प्यारी बहना तू क्यू चिंता करती है अब तो ये समरथ उन्हें यहाँ स भगा HI देंगे.

मैं उनकी बात सुन R.G स बोलै.

मैं- क्या मैं कोई मदद क्र सकता हु.

कापा- सौर्य पहले तुम्हे मेरे तलवार प काबू पाना होगा तभी कुछ हो सकता है.

R.G- है सौर्य उस तलवार प काबू पा लो वो तुम्हारी बहुत सहायता करेगी.

मैं- पर कापा न तो कहा था वो मेरी HI है

कापा- है तो पर उसकी साड़ी शक्तियां अभी बंदी हुई है.

मैं- मुझे क्या करना होगा.

कापा- कल स शयन म बैठना होगा और अपने अंदर मेरी शक्ति को खोजना होगा जब तुम मेरी शक्ति को खोज लोगे तो तुम मेरी तलवार क शक्ति को भी खोज लोगे. एक बार वो तुम्हे तुम्हारे अंदर मिल जाये फिर देखो तुम्हारी शक्तिया भी बाद जाएगी और मेरे तलवार की भी.

KAPPA(R.G स)- तुम अभी उन पर नज़र रखो ताकि हमें सब पता चलते रहे.

R.G- जी गुरु जी.

अब तक साम क 6 बज चुके थे मैंने भी सोचा क अब वक़्त सही है इस्माइल क आड़े स लड़कियों को बचने का ऊपर स अब तो कापा भी मेरे साथ था.

मैंने अपने क्लोन जो िस्मिले क आड़े प था उससे सब समझा दिया मंद तो मंद और फिर अपना गेटउप चेंज क्र लिया और कापा को भी अपने अंदर बुला लिया.

मैं गायब हो ुस्मिले क आड़े क पास पहुंच गया और अंदर जाने लगा. अभी मैं किंग क भेष म था तो मुझे वैसे देख िस्मिले क लोगो न मुझे रूका मैंने िस्मिले क NO प कॉल लगाया और मेरा क्लोन जल्दी स बहार आ गया और बोलै.

ISMILE(C)- भाई आप यहाँ हमें बुल्ला लेते.

मैं- अरे िस्मिले वो कुछ लड़किया चाहिए थी तो सोचा.

ISMILE(C)- भाई आप टेंशन न लो आप बोलो कितनी चाहिए म अभी भेज देता हु.

मैं- तेरे पास कितनी है.

ISMILE(C) न एक आदमी क तरफ देखा.

आदमी- भाई वो 37 है पर वो तो चीन वाली पार्टी की है न.

ISMILE(C)- अरे पागल तेरे को पता है ये कोण है उस पार्टी को मन्ना क्र दो और सभी लड़कियों को अच्छे स कपडे देके तैयार होने बोलो एकदम सरीफो की तरह समझा क्या.

आदमी- ठीक है बॉस पर ये साब है कोण.

ISMILE(C)- ये तेरा बाप है बाप इनको सभी समरथ बोलते है समरथ समझा.

आदमी- है भाई

ISMILE(C)- चल जल्दी स उनको तैयार क्र और खाना वन खिला क भेज इनके SAATH.(MERI ओर देख) और कुछ समरथ भाई.

मैं- नहीं अभी तो नहीं फिर कभी जरुरत हुई तो बता दूंगा.

यही प्लान था अभी मुझे िस्मिले क रेपुटेशन को बनाये रखना था टेक उस पंकज तक पहुंच सकू और उन लड़कियों को भी बचाना था तो मुझे यही इजी लगा.

करीब 7 बजे तक साड़ी लड़कियां बहार आ गयी.

सभी सिंपल सलवार कमीज़ म थी. मैंने उन्हें एक बस म बैठने को बोलै वो भी दरी सहमी स बस म चली GAYI.BUS चलने लगी तोड़ी देर बाद

मैं- आप लोग अपने अपने घर का पता देदो मैं आपको वह पंहुचा दूंगा.

साड़ी लड़किया जो अभी दरी हुई थी उन्हें कुछ समझ नहीं आने लगा.

मैं उनमे स एक क पास गया अपना रॉ का ईद दिखाया जो किंग क नाम स था फिर उससे पूछा.

मैं- चलो अब तुम बताओ क तुम्हारा घर कहा है.

वो- मेरा घर **** सहर म है.

मैं- चलो मैं तुम्हे वह छोड़ आऊंगा.

ये सब सुन और देख साड़ी लड़किया नार्मल सी होने लगी और अपना अपना एड्रेस बताने लगी. मैंने भी उनका एड्रेस को नोट क्र लिया पर अभी रात होने वाली थी. मैंने समीरा को कॉल किया और उससे बोलै क इतनी लड़कियों क रहने का इंतजाम करो.

समीरा- 10 मं म कॉल क्र बताती हु.

थोड़ी देर बाद मेरे फ़ोन प एक मैसेज आया एक ाद्देर्स का मैंने बस को उसी तरफ करवा दिया.

एड्रेस HAMARE(RAW) HI एक सफहाउसे का था. वह जा क्र मैंने समीरा को सबको हैंगओवर क्र दिया और बोलै क कल HI इन्हे इनके घर पंहुचा देना.

अब करीब रात क 8 बजने वाले थे क शिल्पा दीदी का कॉल आया.

S.DIDI- कहा है अभी तक.

मैं- वो दीदी िस्मिले क पास कुछ लड़किया पड़ी थी उन्हें HI बचने गया था.

S.DIDI- अच्छा ठीक है अब जल्दी स घर आ तेरे लिए बहुत सरे सरप्राइज है.

मैं भी पहुंच गया घर क गेट पर टेलिपोर्ट होकर.

मैंने दुर्बल बजायी. दरवाजा अन्नू मासी ने खोला.

मैं उनको जनता तो था पर अब ु HI अचानक यहाँ मिलना मैं भी चौक गया.

A.MAASI- तू तो बिलकुल अपने बाप प गया है बस आखें माँ प गयी है.

इतना बोल वो मेरे गले लग गयी.

पीछे स

प्रगति- माँ हमें भी भाई स मिलने दो.

A.MAASI- रुक अभी अच्छे स देख तो लेने दे.

निधिमा- अरे माँ अब तो इनके साथ HI रहना है बाद म देख लेना पहले हमें देकने दो.

मैं- अरे आप लोग इधर.

माँ- बीटा ये तेरी बड़ी मासी है और ये दोनों तेरी बहने प्रगति और NIDHIMA.PATA है तुझे तेरा भाई भी मिल गया.

अब ये सच म मेरे लिए शॉकिंग था.

MAIN-KAB कोण कहा कैसे.

माँ न मुझे सब कुछ BATAYA.MAIN भी प्रदीप क पास गया और उनसे मिला.

मेरी यादें वापस आने क बाद जैसे HI मैंने प्रदीप को देखा पहचान गया यही है वो.

माँ - बीटा आज मैं तुझे कुछ बताने वाली हु.

मैं- क्या माँ.

माँ न मुझे सब कुवंच बताया मेरे माँ पापा क बारे म और अंत म बस ीनता बोली.

माँ- तू मुझे छोड़ क तो नहीं जायेगा न.

मैं- नहीं माँ. मैं कही नहीं जाऊँगा और आप मेरी माँ थी और रहोगी हमेसा.

माँ न जैसे HI ये सुन्ना बड़ी खुश हो गयी.

माँ- अरे अब मेरे पास भी आजा.

मैं माँ क पास गया उन्होंने मुझे गले लगाया .

फिर सुरु हुई पार्टी जिसमे मुझे कोई दिलचस्पी नहीं थी फिर भी मई उन सभी क साथ रहा उनकी खुसी क लिए पर कोई था जो मुझे ऐसे देख खुस नहीं था.

माँ मेरे पास आयी और बोली.

माँ- बीटा कब तक उनको याद क्र दुखी होता रहेगा भूल जा न उनको देख आज कितना अच्छा दिन है ऐसा लगता है सब सही हो गया है तू भी खुश हो जा.

मैं- नहीं माँ कुछ चीज़े भुलाये नहीं भूली जाती.

मेरी ये बात माँ न सुन ली वो बोली.

माँ- क्या हुआ बीटा कोण स बाते भुलाई नहीं भूली जाती.

मैं- कुछ नहीं माँ मैं तो बस ऐसे HI बात क्र रहा था.

माँ समझ गयी मैं झूट बोल रहा हु पर वो कुछ न बोली बस मुस्कुराते हुए मेरे सर प हाथ फेर दिया.

ऐसे HI पार्टी ख़तम हो गयी. आज पूरा घर भरा पड़ा था ऐसा लग रहा था क कोई होटल है सारे कमरे फुल हो गए थे आज.

पर ये बस आज क लिए HI था हमारे घर क बगल म HI एक और वैसा HI बंगलो था जिसे डैड और V.MAUSA न खरीद लिया था और कल स सभी बचे उसी म रहने वाले थे और सारे बड़े पुराने वाले बंगलो म.

पीहू अपने घर जा चुकी थी मीन्स परीलोक

गेस टाइम:-

ये प्रदीप को देख मुझे क्या पता चला क कोण है वो.
 
images.jpg


ये है कापा और इसकी तलवार

vintage-kappa-kappa-gamma-sorority-1-1d2c530955ad3556c62a6a28b9cfd1a0.jpg
 
अपडेट- 23

अब तक

पार्टी ख़तम हो चुकी थी सभी अपने रूम्स मई थे. घर पूरा भरा पड़ा था.

आगे

मैं बस कुछ पुराणी बातो क बारे म
सोच क्र दुखी हो रहा था. मैं बस बीएड स उठा और चाट क तरफ चल दिया.

वह पर मैं चुप चाप खड़ा चाँद को देखने लगा और सोचने लगा अपने पास्ट क बारे म (इस जनम क)

अभी मैं सोच HI रहा था क तभी मुझे किसी क चाट प आने की आहात सुनाई दी.

वो भी परेशां सा दिख रहा था अपनी जिंदगी म आयी चंगेस को ले कर.

वो अभी चाट क दूसरे तरफ जा खड़ा हो गया.

मैं भी उसके पास जाकर.

मैं- क्या बात है भाई आप परेशान स लग रहे हो.

प्रदीप- तुम यहाँ. अरे नहीं वो इतना सब कुछ अचानक जो मेरे साथ हुआ है न MOM-DAD का वापस आ जाना ईंटे सारे रिस्तेदार एक साथ मिल जाना बस उस्सकी को लेलर परेशान हु.

मैं- आप इस लिए परेशान हो?

प्रदीप - अरे तू गलत न समझ लेना मुझे न ये सब एक अच्छे सपने की तरह लग रहा है पर दर और परेशान इस बात को लेकर हु क कही ये टूट न जाये और...

मैं- भाई सपना तो ये मुझे भी लग रहा था पर अब मैं कन्फर्म हु क ये सपना नहीं. और आप भी चिंता छोड़ो अब तो हमें साथ रहना है.

प्रदीप- तुम सही कह रहे हो चलो अब इन बातो को छोड़ हम एक दूसरे क दोस्त बन जाते है.

मैं- ठीक है चलो फ्रेंड्स.

प्रदीप- यार एक बात बताऊ तुझे देख क्र न मुझे कुछ अजीब लग रहा है किसी की याद आ रही है.

मैं- अरे होगा कोई जो मेरी तरह दीखता हो.

प्रदीप- सायद पता नहीं. अच्छा वो छोड़ तू अब क्या सोच रहा है आगे क लाइफ क बारे म.

मैं- भाई अभी तो सीज़ सोल्लगे क बारे म सोच रहा हु उदर स B.TECH करूँगा.

प्रदीप- वह ये तो सही सोचा ह तुमने पता है मैंने भी वही P.G की है और अभी तो प्रगति और निधिमा भी वही है.

मैं- पता है भाई और ये भी पता है क हमारे माँ डैड और उनके सारे दोस्तों न वही स पढ़ाई की है.

प्रदीप- अच्छा ऐसा क्या.

मैं- भाई आपने हमारी भाभी धुंडी या नहीं अभी तक.

इस क्वेश्चन को सुन उनका चेहरा कुछ उठेर गया.

MAIN(MAAN M)-SAALA इधर भी सिंगल HI मरेगा अब मेरे को HI कुछ करना होगा इसका.

मैं- क्या हुआ भाई आप तो एकदम स चुप हो गए. कही एकतरफा प्यार वीआर तो नहीं.

इस बात को सुन क्र तो वो बिलकुल रोने जैसे हो गए पर खुद को संभल लिया.

प्रदीप- मेरी छोड़ तू बता अपने बारे म.

मैं- मैं क्या बताऊ आपको कुछ बताने जैसा है HI नहीं एक्चुअली मैं फदयी प ज्यादा फोकस्ड रहता था तो टाइम HI नहीं मिला.

प्रदीप- चल कोई नहीं अब तो सोल्लगे म जा रहा है वह तरय क्र LENA.AB चल सूट है मुझे ऑफिस भी जाना है.

हम दोनों HI अपने अपने रूम्स म चले गए.

अभी कुछ HI देर हुई थी क चाट प माँ माँ को ले आयी.

माँ- क्या हुआ सैफअली अभी यहाँ किस लिए ले आयी.

माँ- दीदी एक बात बताओ आप सौर्य क साथ किस बारे म बात क्र रही थी पार्टी म.

माँ- अरे कुछ भी नहीं बस एक छोटी स बात थी.

माँ- छोटी स बात पर आप इतना परेशान क्यू थी और वो भी उदास सा था.

आप मुझे बताओ न संजू दीदी.

माँ- अच्छा तो सुन 4 साल पहले की बात है एक लड़की ने हमारे सौर्य को अपने चिकनी चुपड़ी बातो म फसाया और फिर उसको बड़ी बेरहमी स बेईज्जत क्र ठुकरा दिया. इससे ज्यादा मैं और नहीं बता पाउगी तुझे.

इतना बोल माँ वह स आपने रूम म आ गयी माँ क मन म हजारो सवाल छोड़ क्र.

माँ न अभी मुझे जगाना सही नहीं समझा और वो भी अपने रूम म चली गयी पर नींद उन्हें नहीं आयी रात भर.

नेक्स्ट मॉर्निंग....

मैं 4 बजे वही अपने समय पर जाग गया. अपने सारे क्रिया कलाप किये और फिर ध्यान म बैठ गया.

धयान म बैठते HI मैं अपनी चेतना म पहुंच गया क तभी मुझे कापा की आवाज आयी.

कापा- सौर्य पानी क आवाज की तरफ जाओ. मेरी शक्तिया वही तुम्हे मिलूंगा.

मैं भी पानी की आवाज क ओर अपने ध्यान म HI चल पड़ा.

बहुत चलने क बाद मुझे एक झरना मिला

कापा- सौर्य आगे बढ़ो उस झरने क पास एक गुफा होगी वह जाओ और वही तुम्हे एक एनर्जी का गोला दिखेगा उससे छू लेना. मेरी साड़ी शक्तियां तुम्हारे अंदर समां जाएगी और तलवार की भी.

मैंने कापा क कहे अनुशार HI काम किया और जैसे HI मैंने उस एनर्जी क गोले को छुआ वो मेरे चारो तरफ घूमने लगा और फिर मेरे अंदर समां गया. एक नयी ऊर्जा को मैं अपने अंदर महसूस क्र सकता था.

कापा- बधाई हो समरथ सौर्य आप मेरी साड़ी शक्तियों का अब कभी भी आवाहन क्र सकते हो और तलवार का भी.

मैं अब ध्यान स उठ गया यही कोई 6बज रहे होंगे. अभी मैं खड़ा HI हुआ क माँ न दरवाजा KHAT-KHATAYA .मैंने दरवाजा खोला.

माँ- बीटा चलो तुम्हे कुछ शिखना है.

मैं- क्या शिखना है माँ.

माँ- कुछ योग क ाशन है जो तुम्हारी शक्तियों को कण्ट्रोल करने म मदद क्र सकती है.

{कापा को माँ पापा ने देखा था और उन्हें ये भी पता था क मेरे अंदर कुछ शक्तियां है.}

मैं- OK चलिए.

मैं माँ क साथ चाट प चला गया पापा भी वही पर थे.

पापा- आ गए बीटा चलो जैसे मैं करता हु ठीक वैसे HI करना समझे.

MAIN(MAAN M)-JARUR ये R.G न बताया होगा इन्हे करवाने को मुझसे.

O.BOOK-TUMHI न किसी को नहीं बताया है क तुम्हारी यादे वापस आ गयी है.

R.BOOK- और नहीं तो क्या अगर सबको पता होता तो कोई आपको ये बचो वाले योग न करने को बोलता.

मैं- है डैड समझ गया.

फिर क्या माँ डैड क साथ करीब आधे घंटे तक योग किया. तब तक पीहू भी आ गयी पर उसके सारे स्टूडेंट्स सूए हुए थे. वो पहले S.DIDI क पास गयी.

पीहू- दीदी ये क्या वो सारे तो घोड़े बेच क सो रहे है. मैं क्या भूतो को शिखाओ यहाँ सेल्फ डिफेन्स.

S.DIDI- अरे उन सभी को आदत है लेट उठने का ऊपर स कल पार्टी थी न तो लेट सोई थी.

पीहू- ये क्या बात हुई मैं इतनी दूर स यहाँ आयी इन्हे सीखने और ये... रुको अभी बताती हु इन्हे.

इतना बोल उसने अपनी छड़ी निकली और एक साथ अपने सारे स्टूडेंट्स को उनके पलंग स गिरा दिया.

उनके गिरते HI सारो क मुँह स ाः निकली और पुरे घर मई सुनाई दिया.

सभी जो सोये हुए थे उठ गए.

मुझे जब इसका पता चल तो मुझे बड़ी हस्सी आयी.

MAIN(MIND तो मंद)- पीहू ये क्या किया तुमने.

पीहू- देखो जीजू ये सारे अभी मेरी स्टूडेंट्स है आपकी वाइफ नहीं समझे और अगर ये मेरी बात न माने तो मैं इन्हे ऐसे HI परेशां करुँगी और आप कुछ भी नहीं बोलोगे समझे न वर्ण भूल जाओ क आपकी कोई साली भी है.

मैं- अरे तू तो नाराज़ हो गयी चल तुझे फ्री हैंड देता हु इनके साथ जैसे जो करना है क्र.

पीहू- अब आप देखो इन सभी को कैसे 2 हफ्ते म सेल्फ डिफेन्स क साथ क्या क्या सिखाती हु.

अब तक सरे बड़े लोग माँ पापा क साथ हॉल म पहुंच गए थे और एक दूसरे को देख रहे थे.

पीहू भी वही आ गयी S.DIDI क साथ.

पीहू- गुड मॉर्निंग एवरीवन. मेरा कोई स्टूडेंट नहीं दिख रहा है इधर अभी तक.

D.BUA- वो जो तेरी सबसे बड़ी स्टूडेंट है न सब उसी का किया धरा है आते HI अपने बनो की आदते बिगड़ दी सबको आलसी बना दिया.

P.MAASI- नहीं भाभी मेरी परिधि आलसी नहीं है. वो तो अब तक तैयार भी हो चुकी होगी.

D.BUA- है है है वो और तैयार सुन पूनम अगर ऐसा हुआ न तो मैं 1 महीने शॉपिंग प नहीं जौन्ग्गी.

मैं- अरे आप सब यहाँ शर्त शर्त HI खेलोगे या पता लगाओगे क ये सभी चीखे क्यू .

D.BUA- सबका तो पता नहीं पर परिधि पक्का पलग स गिर गयी होगी.

R.BUA- आप क्यू हमेसा मेरी भांजी क पीछे पड़ी रहती हो.

D.BUA- चल अभी दिहाती हु तुझे क क्या हुआ HOGA.JB तक ये नया सेमेस्टर सोल्लगे का सुरु न हो जाये इसके नाटक ख़तम नहीं होंगे.

जब तक हम बाते क्र रहे थे वो सारे उठ क्र खड़े हो गए थे और फिर हॉल क तरफ निकल पड़े.

जैसे HI वो सारे आये.

D.BUA(PYAR स)- बीटा परु क्या हुआ था तू चिल्लाई क्यू.

P.DIDI- वो माँ मैं न पलंग स गिर गयी थी.

PRAGATI/NIDHIMA/AUR बाकी क TINO-KYA आप भी गिर गयी थी.

इतना बोल वो सारे एक दूसरे क ओर देखने लगे.

D.BUA- क्या मतलब तुम सभी क सभी HI पलंग स गिर गए थे.

SARRE-HAA सायद अर्थक्वेक आया होगा.

MAIN,PIHU और S.DIDI हिस्से जा रहे थे.

माँ पापा मुझे घूर क्र देख रहे थे.

पापा- चलो तुम सब रेडी हो जाओ देखो तुम्हारी प्यारी टीचर भी आ गयी है.

माँ- है जाओ JALDI.(MERI ओर देख) तू क्या है रहा है तू मेरे कमरे म आ.

मैंचुप हो गया और फिर सभी अपने अपने रूम्स म चले गए रेडी होने और मैं चल दिया माँ क रूम म.

माँ- तूने HI गिराया था न मेरी बच्चियों को.

मैं- नहीं माँ मैं क्यू...

पापा- तेरे सिवाय और ये कोई क्र नहीं सकता यहाँ प.

मैंने सोचा इन्हे पीहू और S.DIDI क बारे म न HI बताया जाये वही सही है.

मैं- वो तो मैं बस मजाक क्र रहा था.

माँ- बीटा पावर्स का बिना वजह उसे नहीं करना चाहिए.

दोनों न मुझे मिलकर 20 मं तक समझाया.

मैं- OK माँ OK पापा.

पापा- अरे सुन क्या तू हमें उस हवेली वाले लैब तक छोड़ आएगा वह बड़े अच्छे गैजेट्स है. मैं सोच रहा था क्यू न वह कुछ देर घूम करके आ जाये.

माँ न अपना सर पिट लिया.

मैं- हैं! अभी तो आपने इतना सब कुछ समझाया और अब आप HI पावर्स स घूमने जाने की बात क्र रहे हो.

MAA-(PAPA S)AAP भी न.

मैं- ठीक है मैं आपको वह अभी बबेज देता हु.

माँ- दोनों बाप बेटे पागल हो अरे हम बाकी सब को क्या बोलेंगे क हम कहा गए थे. उन्हें पावर्स का पता लग गया तो.

पापा- ये तो मैंने सोचा HI नहीं.

माँ- पता नहीं किसने साइंटिस्ट बना दिया आपको.

PAPA-TUMHARE प्यार ने और किसने..

माँ- ाचा जी और वो कैसे.

PAPA-(MAA को गले LAGATE)MAIN तो सोल्लगे तुम्हारे लिए जाता था और तुम हमेसा क्लास म मिलती थी तो मैं भी वही RAHTA.(ITNA बोल पापा माँ को किश करने क लिए बड़े HI थे क.)

"ओह्ह्ह्होऊ ओह्ह्होऊ" मेरी खस्ने की आवाज उनके कानो तक गयी और दोनों HI फैट स अलग हो गए.

मैं- आप कंटिन्यू रहो मैं जाता हु.

माँ- रुक तुझे बताती हु कंटिन्यू क बच्चे.

मैं भाग गया अपने रूम म.

MAIN(PIHU स M2M)- पीहू ये S.DIDI क्या परियों क दिमाग भी पद सकती है.

PIHU(M2M)-JIJU अभी वो सिर्फ आपका और जिन्नो का दिमाग पद सकती है और किसी का नहीं. जब तक आप दोनों का... मतलब आप समझ रहे होना न हो जाये उनको उनकी पूरी शक्तिया नहीं मिलेगी.


मैं- उह ाचा एक काम क्र कुछ परियों को न तू मेरे पीछे लगा दे समझी न.

पीहू- अरे क्यू रुलाना चाहते हो उन्हें आप.

मैं- अरे मैं तो बस उसके मुँह स सुन्ना चाहता हु.

पीहू- मैं नहीं लगाने वाली किसी को आपके पीछे पर एक आईडिया दे सकती हु.

मैं- बोलो क्या आईडिया है.

पीहू- आपको यद् है दीदी को जिन्नो की सरब हज़म नहीं होती वो बेकाबू हो जाती है.

मैं- है उससे कैसे भूल सकता हु मैं जब भी पीती थी सबको परेशान क्र देती थी वो तो अच्छा है उससे पिने क बाद उसकी शक्तिया काम नहीं करती थी.

पीहू- है पता HAI.AB सुनो कहते है नशे म लोग सच बोलते है तो आप उनको अकेले म कही ले जाओ और उनको वो पिल्ला दो फिर तो वो पाका इज़हार क्र देगी फिर आप संभल लेना..

मैं- वैसे आईडिया बुरा नहीं है पर मैं न उससे थोड़ा सा परेशान करना चाहता था.

पीहू- आप क्र क तो देखो हाथ पेअर तोड़ दूंगी ये साड़ी मेरी दीदियां है समझे. किसी को भी रुलाया तो.. तो..

मैं- है मेरी माँ समझ गया चल अब वो जिन्नो की सरब दे मुझे.

पीहू- ठीक है.

इतना बोल उसने कुछ किया और मेरे हातो म एक बोतल आ गयी. मैंने भी उससे गायब क्र लिया..

वही नानाजी क घर प.

सुबह क 10 बजे अतः और रॉ क लोग पहुंचे हुए थे नानाजी को अरेस्ट करने क लिए.

उन्हें ज्यादा मसकत भी नहीं करनी पड़ी उन्हें अरेस्ट करने म और साथ HI दादाजी (अर्पित गुप्ता) को भी

रॉ वालो न उन्हें अपनी कस्टूडी म ले लिया वही अतः चली गयी वापस.

अब केस मेरा था तो उन दोनों को HI मेरे टीम क हवाले क्र दिया गया.

ऋत्विक ने उन्हें बेस प पंहुचा क्र इंटेररोगेशन रूम म भेज दिया.

मुझे टेक्स्ट क्र दिया उनके आने क बारे म.

इस वक़्त हम सारे भाई बहन मिलकर अपना सामान शिफ्ट क्र रहे थे बगल क बंगलो म.

मैंने जब टेक्स्ट देखा तो वो S.DIDI को भेज दिया और उनसे बोलै D.FUFAJI को बता दे.

मैं फिर माँ पापा क पास चला गया. उन्हें बस देखा और एक ोहोतो क्लिक क्र वापस आ गया उनलोगो न भी मुझे ऐसा करते देखा पर कुछ समझ न पाए.

मैं उन्हें देख निकल गया अपने बहनो क पास अपना और S.DIDI का एक क्लोन छोड़.

हम बेस पर पहुंच गए.

मैं सीधा नानाजी और दादाजी क पास पहुंच गया S.DIDI क साथ पीछे स समीरा भी आ गयी. अभी मैं कुछ करता क D.FUFA का कॉल आ गया.

D.FUFA- किंग क्या मैं उन दोनों की पूछ टाच क्र सकता हु.

मैं- अगेनटड इस बार नहीं पर अगर ये जुर्म काबुल लेते है तो जरूर इन्हे तुम्हारे हवाले क्र दूंगा.

फूफाजी- पर...

मैं- NO आर्गुमेंट्स एजेंट मैं तुम्हे भी मौका DUNGA.APNA बदला लेने का.

कॉल कट

मैं उन दोनों क पास जा उनके चेहरे स कपडा हटा और मुँह पर स टेप निकल क्र.

मैं- है तो कैसे है आप दोनों.

अर्पित- देखो हमने कुछ भी नहीं ककिया है हमें जानने दो.

मैं- है है है ठीक है पर मैं तुम्हे कुछ दिखाऊंगा फिर सोचूंगा तुम्हे जाने दू या नहीं.

मैंने अपने फ़ोन स उन्हें माँ पापा की फोटो दिखाई. फोटो क निचे आज का डेट भी था जिससे देख.

NANA-(MAA की ओर देख) ये मनहूस अभी भी जिन्दा है.

DADAJI-ISSI डायन की वजह स मेरा बीटा मुझे छोड़ गया. यही है मेरे परिवार क भिखरने की वजह.

उनके मुँह स अपनी माँ क बारे म ये सब सुन मेरा तो दिमाग HI गरम हो गया. अभी मैं कुछ करता क S.DIDI न दोनों को एक एक तपाद दे डाला.

(मैं और S.DIDI मास्क म थे.)

S.DIDI(NANA स)- ये बेटी है न तेरी और तू इससे मनहूस बोल रहा है.

तपाद इतना करारा था क उनके दांत बहार आ गए थे.

नाना- मनहूस को मनहूस न बोलू तो क्या बोलू मैं बताओ जब स ये पैदा हुई मेरा सब कुछ बर्बाद होने लगा.

S.DIDI का गुस्सा बढ़ता जा रहा था. उन्होंने समीरा स बोल एक ारी मंगवाई और नानाजी का पेअर पकड़ उसपे चलने को हुई. उनको वैसे करते देख NANA/DADA दोनों क होश HI उड़द गए. गुस्सा मुझे भी आ रहा था पर मैं एक बार अपने माँ पापा और माँ डैड स पूछना चाहता था क इनके साथ क्या कृ.

मैंने S.DIDI को रूका और उन्हें वह स लेकर बहार चला आया.

S.DIDI- छोड़ मुझे इन लोगो को जिनने का कोई हक़ नहीं है देखा कैसे मामी क बारे म बोल रहे थे. तू छोड़ मुझे मैं अभी इन्हे बताती हु मनहूस का मतलब.

मैं- दीदी सांत हो जाओ मैं बस एक बार माँ स इनके बारे म पूछना चाहता हु क अगर वो होती तो क्या करती.

S.DIDI- ठीक है पर अगर इन्होने फिर मामी को लेकर कुछ उल्टा सिद्ध बोलै तो देख लेना इनकी बॉडी भी नहीं बचेगी.

मैं समीरा क पास गया और उसको बोलै क वो उन्दोनो स पूछताछ करे केस को लेकर.

मैं दीदी को लेकर वापस घर आया और अपने क्लोन्स को भी खुद म समां लिया.

अब तक सारे सामान सेट हो चुके थे घर म.

मैं माँ क पास गया. वह माँ क गौड़ म सर रह क्र लेट गया माँ भी प्यार स मेरा सर सहलाने लगी.

मैं- माँ नानाजी और दादाजी अस्प्को क्यू पसंद नहीं करते थे.

माँ- ये किसने कहा क वो मुझे पसंद नहीं करते.

मैं- माँ मुझे सब पता है अब आप झूठ मत बोलो और बताओ मुझे.

माँ- नहीं बीटा ऐसी बात नहीं है वो तो बस ऐसे HI.

मैं- माँ बस ऐसे HI का क्या मतलब वो लोग आपको मरना चाहते थे और आप बस ऐसे HI बोल रहे हो. आपको नहीं बतलाना न तो मत बताओ मैं खुद पता क्र लूंगा.

मैं उठा और अपना हाथ माँ क सर प रहा और जो मैंने कल नाना नानी की डिस्कशन देखि थी वो उनको दिखाया.

मैं- अब ये बताओ क अगर नानाजी आपको मिल गए तो क्या आप उन्हें माफ़ क्र डोज उनके कारन आप अपने बेटे स दूर रही अपनी बहनो स दूर रही. बताओ क्या माफ़ क्र डोज आप उनको.

MAA(ROOTE HUE)-NHI नहीं माफ़ क्र पाऊँगी पर उन्हें सज़्ज़ा भी तो नहीं दे पाऊँगी पिता है वो मेरे. मैं तो बस एक बार उनके मुँह स बेटी सुन न चाहती हु बस एक बार आज तक तो सिर्फ मनहूस HI सुन्ना है उनके मुँह स मैंने.

मैं- (माँ को संत कृते हुए) माँ आप प्लीज मुझे सब बताओ मैं पूरी कोसिस करूँगा.

माँ- तू तू उनको समझायेगाना उनको बोलेगा न मुझे बेटी बोलने बोल न.

MAIN-HA माँ पर आप मुझे सब सच सच बताओ.

माँ- ठीक है. जितना मुझे सुरभि MAA(MOHIT मदर) न बताया है वो सब बताउंगी मैं तुझे.

तुझे पता होगा क मैं और पूनम दीदी ट्विन्स है. मेरा जन्म उनके जन्म क 7 मं बाद हुआ था. सभी लोग बड़े खुश थे घर म हमारा बड़े अच्छे स स्वागत हुआ. सभी बड़े खुस थे. उसी दिन तेरे पापा का भी जन्म हुआ था. मेरे पापा और तेरे दादाजी बड़े अच्छे दोस्त थे. सभी बड़े HI खुस थे. 4 दिन ऐसे HI ख़ुशी खुसी बीतते तेरी ये मासिया और तेरे मां तो हम दोनों बहनो को छोड़ते HI नहीं थे. हर वक़्त साथ HI रहते थे. 5तह डे हमारा नामकरण था वह पर हमारे कुलदेवी क मंदिर क पंडित जी आये उन्होंने हमे हमारा नाम दिया पर पता नहीं उन्होंने तेरे नाना स क्या कहा क वो बहुत बादक गए.

फ़्लैश बैक

(माँ क रेस्पेक्ट म)

PAPA-(GUSSE म) ये क्या बात क्र रहे हो पंडित जी ऐसा नहीं हो सकता.

PANDIT-DILAWAR तुम चाहे जितना भी गुस्सा कर लो तुम्हारी बेटी की कुंडली तो नहीं बदल जाएगी.

पापा- आप अपनी दक्षिणा ले और प्रस्थान करे.

पंडित भी अनपे पैसे ले चला गया.

माँ- क्या हुआ जी आप गुस्सा क्यू हो.

पापा- पंडित पगला गया है बोलता है सैफअली मनहूस है. अगर ये 5 साल क उम्र म हमसे दूर न हुई तो हनारा सब बर्बाद हो जायेगा.

माँ- क्या पर ऐसा कैसे.

पापा- तुम ये सब मत सोचो वो मेरी बेटी है वो कभी मनहूस नहीं हो सकती.

ऐसे HI 5 साल बिट गए आज मेरा पूनम दीदी और डीप का बर्थडे था.

2NO परिवारों न एक साथ HI सेलिब्रेट करने का तय किया था.

पार्टी चल HI रही थी क पापा का फ़ोन बजा.

पापा- क्या पर कैसे.

वो.......

पापा- मैं अभी पहुँचता हु.

पापा पूरा परेशान हो गए थे . माँ न उनसे पूछा .

माँ- क्या हुआ जी आप ऐसे एकदम अचानक स.

पापा- कपडे क मिल म आग लग गयी है.

माँ- क्या ये कैसे हुआ.

फिर पापा न उनको सब कुछ बताया.

इस वक़्त मैं क्लास 1 म थी. 2 दिन बाद जब मैं स्कूल स आयी तू घर म पुलिस बैठी हुई थी और माँ रो रही थी.

पापा का एक्सीडेंट हो गया था और पुलिस उनसे पूछ टाच क्र रही थी. मैं पापा क पास जाने लगी तो माँ न मुझे रूक लिया और सुरभि माँ क पास भेज दिया. इस एक महीने म घर म सभी क साथ कुछ न कुछ हुआ और माँ पापा का मेरे प्रति रवैया HI बदल गया. मैं छोटी थी कुछ ज्यादा समझ न सकीय. फिर पापा न मुझे बोर्डिंग म डलवा दिया.

मैं बहुत रूई पर कोई भी मेरे पास नहीं आया सिवाय सुरभि माँ और मोहित भैया क.

अगले दिन मुझे बोर्डिंग म जाना था.

पापा न सुरभि माँ क साथ मुझे बोर्डिंग भेज दिया.

12 साल बिट गए मैंने अपनी 12तह कम्पलीट क्र ली. इस 12 साल म एक बार भी सुरभि माँ और मोहित भैया क सिवाय बात करने की भी कोसिस नहीं की.

सुरभि माँ हर महीने मेरे पास आती और 3 दिन रह क्र वापस चली जाती. सायद अबतक घर मई सभी मुझे भूल चुके थे पर मैं नहीं भूली किसी को रोज उनको याद करती थी. मैंने सबकी तस्वीर सुरभि माँ स मगवा ली थी.

अब मुझे सोल्लगे जाना था चुकी मैंने स्टेट म 2ंद रैंक लाया था तो मुझे स्कालरशिप मिली थी. मैं जानती थी क मेरे भाई बहन सीज़ सोल्लगे मैं है मैंने भी वही एडमिशन करवा ली.

आज मैं वापस अपने घर जाने वाली थी मैंने किसी को नहीं बताया था.

मैं अभी अपने सहर पहुंच गयी और चल दी घर क ओर.

घर क गेट प HI मुझे गार्ड्स न रूक दिया.

उसके बाद अंदर स माँ पापा आये.

मुझे लगा मुझे गल्ले लगा लेंगे पर ये मेरा सबसे ख़राब दिन था. वो आये.

PAPA(GUSSE म)- तू यहाँ क्या क्र रही है जा यहाँ स मनहूस.

मैं उनके मुँह स ये सुन एकदम स्तब्ध HI रह गयी.

MAA(PAPA स)- आप सांत रहिये मैं इससे बहार करती HU.(CHILLA क्र) सुरभि यहाँ तो आ.

सुरभि माँ दौड़ती हुई आयी .

S.MAA- क्या हुआ दीदी.

माँ- देख (मेरी ओर इशारा क्र) इससे अपने साथ ले जा और अपने घर मैं HI रखना समझी. तुझे इसके सारे खर्चे मिल जायेंगे और हां अब तू हमेसा इसके साथ HI रहेगी कभी भूल क भी ये इस घर म न आ सके.

S.MAA का एक अलग छोटा सा घर था एक चौल म.

S.MAA-(MAA स) दीदी ये आपकी बेटी है ऐसा न करो इसके साथ.

पापा- टुन्ने सुन्ना नहीं क्या कहा शर्मीला ने. पैसे तुझे मिल जायेंगे ले जा इससे.

वो लोग ये बाते क्र रहे थे वही मैं बॉस रूए जा रही थी.

मेरा सब कुछ वही ख़तम हो चूका था मैंने अपना बैग लिया और वापस चल दी बस स्टेशन की ओर मैं जाना चाहती थी यहाँ स कही दूर जहा कोई हो HI न.

मेरे निकलने क बाद.

S.MAA- दीदी वो चली गयी कही अब क्या होगा.

माँ- जाने दे उससे ाचा हुआ चली गयी.

S.MAA - कैसी माँ हो आप अपनी HI बची क साथ ऐसा किया आपने.

माँ- ज्यादा बोल मत समझी काम करना है तो क्र वर्ण निकल जा यहाँ स.

S.MAA भी अपना सामान उठा मोहित भैया क साथ काम छोड़ वह स निकल गयी और मोहित भैया को मुझे ढूंढने भेज दिया.

वही मैं चलते चलते एक सुनसान सी जगह प पहुंच गयी. मैं बस रूए जा रही थी और चले जा रही थी.

मुझे नहीं पता क कब कुछ लोग मेरे पीछे आ गए .

सुनसान जगह देख उन्हीने मेरे साथ जबरदस्ती करने की कोसिस की. वो 3 थे बड़े घर क लग रहे थे. मैं बस चिल्ला रही थी. तभी वह कोई बाइक स आता है.

बाइक प 2 लड़के थे . मुझे ऐसे देख वो मेरी मदद क लिए आये और उन तीनो को बहुत मारा.

ल1- यार बॉबी ये 3NO गधे कभी नहीं सुधरेंगे इनको न पुलिस को दे देते है बॉबी- नहीं यार इन सालो की पहुछ बहुत ऊपर तक है बहार निकल जायेंगे. एक काम क्र इन्हे उड़ा देते है.

ल1- नहीं रे इनके कपडे उतर और नंगा यही प छोड़ देते है क्या बोलता है.

बॉबी- चल ठीक है तू.

बॉबी उन 3NO क कपडे उतरने लगा और ल1 मेरे पास आया.

ल1- आप ठीक तो होना.

मैं- शुक्रिया आपका.

ल1- चलो मैं आपको आपके घर छोड़ दू.

मैं- मेरा कोई घर नहीं.

ल1- घर नहीं तो आप कहा रहोगे.

मैं- जी मेरा एडमिशन सीज़ सोल्लगे म हुआ है मैं वही क हॉस्टल म चली जाउंगी.

ल1- पर वह तो ... (कुछ सोच क्र) अच्छा चलो मैं आपको वह छोड़ देता हु. ुये बूबी 3NO को अच्छे स नंगा क्र. मैं अभी इनको हॉस्टल छोड़ क्र आता हु.

मैं- नहीं मैं चली जाउंगी.

ल1- अच्छा आप बताओ वो यहाँ स किस तरफ है.

मैं चुप रही क्यू की मुझे पता HI नहीं था क वो किस तरफ है.

मेरी छुपाई देख ल1 ने मेरा बैग उठाया और मुझे बाइक प बैठने को बोलै. ये लड़का मुझे सेफ लग रहा था तो मैं भी उसके साथ बैठ गयी और हम निकल पड़े हॉस्टल की ओर. वह वो लड़का मुझे साथ म ले गया और वार्डन स बात क्र मेरे लिए रूम भी आल्लोट करवा दिया सायद वो जान गया था क मेरे पास रूम नहीं है.

{मेरा रहना खाना सब फ्री था हॉस्टल म स्कालरशिप क वजह स पर वो मुझे तब मिलता जब मैं हॉस्टल को अपने सर्टिफिकेट्स दिखती.}

ल1- देखो मैंने एक महीने का इंतजाम क्र दिया है हॉस्टल म तुम अब यहाँ बिना किसी परेशानी क रह सकती हो.

मैं- नहीं इसकी जरुरत नहीं है.

ल1- तुम चुप चाप रूम म जाओ और फिर खाना खा LENA.AGAR कोई दिकत हो तो वार्डन को बोलना वो मुझे बता DEGI.MAIN भी तुम्हारे HI सोल्लगे का हु.

इतना बोल वो चला गया मैं उससे उसका नाम भी पूछ नहीं पायी.

गेस टाइम:-

ये तीनो गधे कोण थे जो सैफअली क साथ जबरदस्ती करना छह रहे थे.

ये ल1 कोण था जिसने न सिर्फ सैफअली को बचाया बल्कि इतना कुछ किया भी.
 
अपडेट - 24

अब तक

माँ सौर्य को उनकी कहानी सुना रही थी कैसे उनको नाना नानी न घर म नहीं जाने दिया और फिर उनके साथ जबरदस्ती होना उनका बचाया जाना.

आगे

फ़्लैश बैक कॉन्टिनुएस.

(माँ क रेस्पेक्ट म)

2 दिन बाद सोल्लगे सुरु होने वाला था.

इन 2 दिनों मई मैंने हॉस्टल म आपने रूम अलॉट करवा लिया सर्टिफिकेट्स दिखा क्र.

मैं अभी भी ये समझ नहीं पायी थी क माँ पापा न ऐसा क्यू बोलै.

वही मोहित भैया को किसी तरह स मेरे हॉस्टल म होने का पता चल गया. वो S.MAA क SA5H वह आये. उन्हें देख मेरे आशु जो सायद किसी अपने क लिए रुके थे बहने लगे मैं S.MAA को गले लगा बहुत रूई.

S.MAA- चुप हो जा मेरा बच्चा चल तू अभी मेरे साथ कोल म चल तू वही रहेगी.

मैं- नहीं मुझे यहाँ HI रहने दो आपको परेशानी होगी.

S.MAA- चुप क्र और चल भला किसी माँ को भी अपनी बेटी स परेशानी होती है.

उनके मुँह स ये निकलना था क मेरे दिमाग म वापस स माँ पापा की बाते आ गयी और ासु फिर सुरु हो गए.

S.MAA को भी समझ आ गया की उन्होंने क्या गलती की है.

S.MAA- बीटा चुप होजा तू यहाँ कैसे रहेगी तेरा खर्चा कैसे चलेगा. चल तू मेरे साथ चल.

मैं (रूट हुए)- नहीं आप जाओ मुझे स्कालरशिप मिली है मैं यहाँ रह लुंगी. क्या पता आपको भी मेरी मनहूसियत ले डब्बे.

चाहाताआखक्क.

एक तपाद मोहित भैया न मारा मुझे और गले लगा क्र.

मोहित- अगर एक बार और खुद को मनहूस कहा तो बहुत बुरा होगा (S.MAA की ओर देख) माँ इससे यहाँ रहना है न रहने दो हम इससे मिलते रहेंगे (मेरी ओर देख) सुन तू मेरी बहादुर बहन है न खुद का ध्यान रखना समझी. मैं हमेसा तेरे साथ रहूँगा किसी भी चीज़ की जरुरत हो तो बता देना.

मैं बीएस उनके खुद क प्रति स्नेह को देख अपने गम कुछ वक्त क लिए भूल गयी और हां मई सर हिल्ला दिया.

वो लोग थोड़ी देर बात क्र वापस चले गए. मैं उनको गेट तक छोड़ने गयी थी. जब उनको छोड़ वापस आने लगी तो मुझे ल1 दिखाई दिया जो गेट स मेरी तरफ देख रहा था. मैं उसके पास उससे उसका नाम पूछने जाने लगी तो वो चला गयी.

मुझे बड़ा अजीब लगा.

आज रात को मेरी रूममेट आयी उसका नाम क्षुधा था बड़ी HI अच्छी लड़की थी ज्यादा सामान नहीं था उसके पास बस कुछ कपडे HI थे .उससे भी स्कालरशिप मिली थी वो 3रद थी स्टेट मई.


वो आते HI अपना सामान लगाने लगी. सामान सेट करने क बाद.

क्षुधा- क्या हुआ तुम कुछ उखड़ी सी लग रही हो.

मैं- नहीं तो मैं तो बिलकुल ठीक HU.(JHOOTI स्माइल क साथ)

सुधा- मैडम ये झूटी मुस्कुराहट का मुखौटा हटाओ और फिर बोलो. अरे अब तो हमें यही रहना है एक साथ वो भी लम्बे आरसे तक.

मैं कुछ नहीं बोली बस उसके पहले वाकया को समझती रही.

सुधा- अच्छा मैं HI सुरु करती हु. मेरा नाम तो तुम्हे पता HI होगा है न. मैं यही पास क एक सहर स हु मैं वह एक अनाथालय म रहती थी. मैंने बहुत म्हणत की फिर मुझे ये स्कालरशिप मिली और मैं यहाँ आ गयी. अब तुम बताओ.

मैं- क्या तुम अन्ततः हो.

SUDHA-HA बचपन म माँ बाबा का देहांत हो गया था एक बीमारी स . उनके बाद एक चाचा न मुझे पला पोसा पर कुछ साल बाद वो भी चल बसे. उनके कुछ रिस्तेदारो न उनकी जमीं प कब्ज़ा क्र लिया और मुझे अनाथालय छोड़ दिया.

मैं- कैसा लगता है अकेला रहना माँ बाबा क बिना उन चाचा क बिना.

SUDHA-(UDAS HO)ACHHA तो नहीं लगता पर फिर भी जीना तो पड़ता है न. पता है चाचाजी कहा करते थे की मैं बड़ी हो क्र डॉक्टर बनु और बीमारों की मदद करू.

बस यही उनकी बात पकड़ मैं यहाँ तक चली आयी

मैं- तुम्हारे माँ बाबा और चाचा तुम्हे बहुत प्यार करते थे न.

शुदा- माँ बाबा का तो पता नहीं पर चाचा बहुत प्यार करते थे और मैं भी उनको. चलो अब अपने बारे मैं बताओ.

मैंने मेरे बारे म उससे सब कुछ बता दिया सायद उसका दर्द मुझे खुद क दर्द की तरह लगा इसी लिए.

मेरी बात सुन .

SUDHA(AAKHON म ासु लिए)- तू टेंशन न ले मैं हु न तेरे साथ. हम दोनों एक साथ HI रहेंगे हमेसा और सुन अगर खुद को मनहूस समझा न तो तेरे उन मोहित बहिया को बोल दूंगी समझी

मैं- हां.

रात गुजर गयी.


सोल्लगे मैं:-

आज सोल्लगे का पहला दिन था मैं उत्सुक थी पर साथ मई दुखी भी.

हम हॉस्टल स निकल सोल्लगे की ओर जाने लगी. सोल्लगे और हॉस्टल बस 5 मं की दुरी पर थे.

मैं हॉस्टल क गेट प पहुंची HI थी क मुझे पूनम( मेरी जुड़वाँ बहन) दिखाई दी वो बिलकुल सजधज क सोल्लगे म जा रही थी उसके साथ एक ओर लड़की थी वो भी बड़ी सूंदर दिख रही थी.

मैं पूनम की ओर देखे जा रही थी.

सुधा- क्या हुआ तुम उससे क्यू देख रही हो.

मैं- वो मेरी जुड़वाँ बहन है पूनम.

सुधा- क्या उससे तेरे बारे म पता है.

मैं- पता नहीं.

सुधा- चल पता लगते HAI.AAJA मेरे साथ

(चिल्ला क्र) पूनम

पूनम और उसके साथ वाली लड़की दोनों HI हमारी तरफ देखने लगे.

पूनम- यार रेस्मा इन भिखारियों को मेरा नाम कैसे पता चला देख तो कैसे कपडे पहने है इन दोनों NE(HAMARI ओर देख)

रेस्मा- चल पता करते है कोण है ये दोनों और तुझे क्यू बुला रहे है.

पूनम- अरे मैं क्यू जाऊ उनके पास वो खुद आएंगे और अभी मेरा मूड नहीं इनको मिलने का चल अंदर.

वो रेस्मा का हाथ पकड़ उससे खींचते हुए अंदर ले गयी

MAIN-(UDAS हो) देखा वो भी मुझसे नफरत करती है.

क्षुधा- अरे उसने तुझे नहीं पहचाना होगा चल उससे बात करेंगे हम.

हम दोनों सोल्लगे फिर सोल्लगे क अंदर चले गए सोल्लगे बहुत अच्छा था.

अभी हम अंदर HI गए थे की कुछ लोगो न हम दोनों को अपनी ओर बुलाया.

सुधा- देख वो हमें रैगिंग क लिए बुला रहे HAI.UNKI तरफ मत देखना चल क्लास म चलते है.

मैं- पर रैगिंग तो बंद हो गयी न.

जब हम उनकी तरफ नहीं गए तो उनमे स एक हमारे पास आया और सामने खड़ा हो गया.

स1- तुम्हे सुणाई नहीं देता क्या कब स बुल्ला रहे है हम लोग.

क्षुधा- अरे आप हमारा रास्ता छोड़िये हमे देर हो रही है.

स1- अपने सिनेयर्स स ऐसे बात करोगे तुम.

अभी वो इतना बोलै HI था क उसके सारे दोस्त भी वह आ गए उनमे स एक को देख मैं दर गयी ये वही था जो मेरे साथ जबरदस्ती करना चाहता THA(S3).

स3- अच्छा तो तू यही है. आज देख मैं क्या करता हु TERA.TERI वजह स मुझे और मेरे दोस्तों को परेशान होना पड़ा.

सुधा इशारे स मुझसे पूछी क ये उन्ही लोगो म स तो नहीं मैंने भी हां म सर हिल्ला दिया.

SHUDHA-(S3 स) आई तुम्हे शर्म नहीं आती किसी लड़की क साथ ऐसा करने म.

स3- तू भी जाएगी इसके साथ इधर कोई तुम्हे नहीं बचा SAKTA.(BAAKI लोगो स) इन 2NO को 7था लो और लैब ले चलो आज मज़्ज़े करेंगे मैं अभी लकी और संजय को बुलाता हु.

उनलोगो न हमें पकड़ लिया और लैब की ओर ले जाने लगे. रास्ते मई HI पूनम और रेशमा थी. उन्होंने हमें देखा तो हमारे पास आयी और उन लड़को को रोका.

पूनम- छोड़ दो इन्हे वर्ण अच्छा नहीं होगा.

स1- अरे इससे भी उठा ले चल.

RESMA-CHU क्र तो दिखा फिर बताती हु.

स4- बड़ा घमंड है न तेरे अंदर चल अभी निकलता हु मैं.

फ़्लैश बैक पॉज.

माँ मुझे बता HI रही थी क तभी दरवाजे पर तिया आयी.

तिया- मासी, भैया आप दोनों को सभी निचे बुल्ला रहे है.

माँ- तू चल बीटा हम आते है.

वो चली गयी .

माँ- सौर्य ये बाते अपने भाई बहनो को मत बताना समझे.

मैं- क्यू माँ ऐसा क्यू

माँ- बीटा कुछ बाते ऐसी है जो उनके माँ बाप न गलती स की थी और मैं नहीं चाहती क वो बच्चो को पता चले.

मैं- ठीक है

माँ- अब चल निचे.

मैं और माँ निचे आ गए. मैं उनकी पूरी कहानी जानना चाहता था पर मैं उनका मंद नहीं पद पा रहा था पता नहीं क्यू.

निच्चे:-

सभी बड़े लोग हाल म बैठे थे 7 बजे का वक़्त THA.TIYA,TANYA और सैफअली को छोड़ क्र.

D.FUFA बड़े खुश नज़र आ रहे थे.

R.BUA-KYA बात है बड़े खुश नज़र आ रहे हो. क्या बात है.

D.FUFA- सुनोगे तो तुम सरे भी खुश हो जाओगे.

सब- बताओ क्या बात है.

D.FUFA- मेरे एक दोस्त न बताया है क दिलावर और अर्पित को अतः वाले उठा ले गए है और उनपे टेरर फंडिंग का इल्जाम HAI.WO पक्का अब अंदर HI सडने.

माँ- ये क्या बोल रहे हो तुम पापा और ससुरजी जेल चले गए .

P.MAASI- अच्छा हुआ उनके साथ.

R.BUA- सही कहा तूने पूनम.

पापा- है सही बोलै तुम लोगो न.

माँ -(पापा स) आप भी वो हमारे पापा है हम उन्हें ऐसे कैसे छोड़ सकते है.

पापा- तुम ये बोल रही हो तुम जिसने इतना सहा है.

D.BUA- देखो सैफअली अब बहुत हुआ उनलोगो न तुम्हारे साथ इतना कुछ किया है फिर भी. तुम अपने बेटे स दूर रही हो उनकी वजह स.

R.FUFA- हां सैफअली अब तुम उनकी फ़िक्र नहीं करोगी समझी. उन्हें जो भी होना है होने दो हमें उनसे कोई मतलब नहीं.

माँ चुप हो गयी कुछ भी न बोली और बाकी सारे टॉपिक चेंज क्र बाते करने लगे.

मैं वह स उठ गया और नए बंगलो म आ गया. अभी यहाँ कोई नहीं था.

मैं- कापा बहार आवो.

कापा- बोलो सौर्य क्या बात है.

मैं- कापा मैं माँ का दिमाग क्यू नहीं पद पा रहा था.

कापा- सायद कोई कवच हो उनके मान क लिए जिससे तुम उनका मान न पढ़ सके.

MAIN-PR ऐसा कैसे हो सकता है और कोण क्र सकता है.

कापा- सायद जिन्नो की मलिका किया हो ये.

मैं- हम्म हो सकता है. उससे बात करनी HI होगी. एक काम करो कापा वो जिनके बारे म R.G न बतायाथा उनका पता करो और है अपनी तलवार भी लेते जाना. जब मुझे जरुरत होगी मैं तुम्हे बुल्ला लूंगा.

कापा- जैसा तुम कहो

वो गायब हो चला गया.

MAIN(KHUD स) - अब इस S.DIDI स अच्छे स बात करनी HI पड़ेगी.

मैंने मंद 2 मंद S.DIDI स कांटेक्ट किया.

मैं- दीदी आप अभी नए बंगलो म आ जाओ.

{नए बंगलो को घर2 लिखूंगा}

S.DIDI- क्या बात है बोल यही स

मैं- दीदी मैं कापा क बारे म बात करना चाहता हु.

मेरा इतना बोलना था क दीदी तुरंत पहुंच गयी मेरे पास.

S.DIDI- क्या तुझे कापा मिल गया.

मैं- हां क्यू नहीं मिलना चाहिए था.

S.DIDI - तब तो.

O.BOOK- HI कैसे हो आप.

S.DIDI(MAAN म)- अरे इससे तो ये भी मिल गयी अब तो इससे सब याद आ HI जाना चाहिए था पर आया क्यू नहीं... है वो 18 साल वाली बात पता कब पुरे होंगे ये दिन.

S.DIDI- तो तुम भी आ गयी ऑरेंज बुक ाचा है अब दोनों बहने जल्दी स इससे बाकियों तक ले जाओ.

मैं- दीदी आप बैठ जाओ फिर हम बात करते है.

S.DIDI- बोल क्या दिकत है.

में- वो दीदी वो कापा मुझे समरथ समरथ बोलता रहता है.

S.DIDI-(MAAN म) हो गयी गड़बड़ खास उसने मुझे मलिका न कहा हो.

S.DIDI- अरे वो अपने मालिक को समरथ बोलता है.

मैं- अच्छा ऐसा क्या. दीदी हमें कही जाना है तो आप रेडी हो जाओ मैं आपका और मेरा क्लोन यहाँ छोड़ देता हु.

S.DIDI- अब कहा जानना है.

मैं- हवेली जहा मुझे माँ पापा मिले थे.

S.DIDI- ठीक है चलो.

मैंने अपना और उनका क्लोन बनाया और हम गायब हो पहुंच गए हवेली.

हवेली प जा क.


मैं- दीदी आप यही बैठो मैं अभी आया.

S.DIDI- अब कहा जा रहा है तू.

मैंने उनकी सुन्नी नहीं और 2 गिलास का इंतजाम कर उनमे वो जिन्नो वाला शराब ले आया. ये न बिलकुल पानी की तरह दिखती है और कोई गंध भी नहीं.

मैं गिलास ले उनके पास पंहुचा.

S.DIDI- ये क्या है.

मैं- ये T.G न दिया था बोलै क इसको पन्ने स शक्ति बढ़ती है.

S.DIDI- तो तू उससे भी मिल आया.

मैं- है अब जल्दी स इससे पि लो.

S.DIDI- पर ये है क्या. ये तो बता.

मैं- बोलै न टॉनिक है अब पि लो इससे.

मैंने जबरन दीदी को वो पिल्ला दिया. एक घुट बस एक घुट HI उनके मुँह म गयी थी क वो खुद HI उससे पन्ने लगी. ये भी इस सरब की खूबी है.

वो पीती गयी मैं उनका गिलास भरता गया.

जब मुझे लगा क अब इनको ज्यादा पिल्ला दिया है तो मैंने गिलास भरना बंद क्र दिया.

वो एकदम नशे म टुन्न हो चुकी थी.

S.DIDI- आइए हिक हिक चल गिलास हिक भर.

मैं- पहले बताओ आप कोण हो.

S.DIDI- मैं नहीं बताऊगी हिक की हिक तुम मेरे पति हो हिक हिक . तुम्हारी यादे जब हिक वापस आएगी न हिक तब देखना हिक बहुत हिक परेशान करुँगी तुम्हे.

मैं- मैं आपका पति नहीं हु मैं तो आपका भाई हु.

S.DIDI- तू मेरा हिक भाई हिक इस जनम मई हिक है समझा न हिक इससे पहले हिक तू मेरा पति था हिक जिनलोक का हिक समरथ हिक और मैं मलिका.

मैं- कोई जिन विन नहीं होता आप झूट बोल रही हो.

S.DIDI- तेरी हिक तो तू मुझे हिक झूठा बोलेगा हिक रुक तुझे हिक बताती हु.

वो अपनी जगह स उठी और मेरी गौड़ म आ बैठी. चायताक

चायताक.

2 तपाद मुझे लगा क्र और खुद रोने लगी.

S.DIDI(ROOTE हुए)- मैं हिक झूट नहीं हिक बोलती हिक अब मेरे स हिक कण्ट्रोल नहीं हिक होता.

इतना बोल वो मुझे जबरदस्ती किश करने लगी.

PIHU(M2M)- जीजू आज आप गए. मैंने उस शराब म कुछ और भी मिला दिया था हीहीहीइ

मैं- क्या मिलाया था

पीहू- अब तो वो उसका असर होते HI पता CHALEGA.HIHIHIII

यहाँ S.DIDI मुझे किश किये जा रही थी. मेरी सास फूलने लगी पर वो लगी रही जब मुझसे रहा नहीं गया तब मैंने उनको पीछे धकेला.

S.DIDI तो जैसे पागल सी हो गयी THI.UNKI आखें लाल दिख रही थी और मैं ये समझ गया था क मेरा आज रपे होने वाला है.

मैं इससे पहले क कुछ सोच पता वो तो मेरे कपडे HI फाड़ने लगी पहले मेरी T-SHIRT एक झटके म फाड़ दे और मेरे ऊपर खुद फिर स किश करने लगी. वो किश क्र रही थी साथ म अपने और मेरे कपडे भी निकल रही थी.

कुछ HI देर मैं उन्होंने हम दोनों को नंगा क्र दिया और अब वो मेरे लिप्स को छोड़ धीरे धीरे निचे की ओर आ रही थी पर जगह जगह लव बिट्स देती हुए. उन्होंने मेरे गर्दन प 3 जगह बड़ी जोर स काटा THA.MERI निप्पल्स प भी और फिर वो पहुंची मेरे लुंड क पास उन्होंने वक़्त न गवाते हुए उससे अपने मुँह म ले लिया और तेजी स चूसने लगी. ऐसा लग रहा था क मैं कही भाग जाऊंगा.

MAIN-AAH आराम स आह अर्र्रे माईंन्न्न याआहियी हुऊ आईटी ाररी ढहहिर्ररीीे कक्काट्टो म्मात याआर.

वो तो सुनने का नाम HI नहीं ले रही थी.

मैं उनका और अपना ये मिलान कुछ खास बनाना चाहता था पर पीहू की वजह स मेरा प्लान ख़राब हो गया. अब ये S.DIDI बिलकुल मेरा रपे करने प तुली हुई थी.

S.DIDI- हिक लव में न हिक प्लीज लव में.

मैंने भी सोचा अब जब वाइल्ड सेक्स HI होना है तो यही सही मैंने भी उनकी पोसितों चेंज की और 69 पास म आ गया वो जो जोर जोर स मेरा चूस HI रही थी मैं भी उनकी छूट क साथ मस्ती करने लगा. S.DIDI अभी भी वर्जिन थी.

मैं अपना जइब उनके छूट क पास ले गया और जोर जोर स चाटने और चूसने LAGA.UNKI चित पहले स HI गीली हुई थी सायद पीहू न सरब म विग्रा मिला दिया था और दीदी न तो आधी स ज्यादा सरब पि राखी थी.

S.DIDI- और जोर स करो हां आह आह्हः और जोर स हआ सूचक आईटी सूचक आईटी.

अब उन्होंने मेरा लुंड को और जोर स चूसना सुरु क्र दिया.

अब कण्ट्रोल मेरे स भी नहीं हो रहा था मैंने उनको अपने ऊपर स हटाया और वही चेयर प बिठा दिया और अपना लुंड उनके गीले गुलाभी छूट क पास रगड़ने लगा.

S.DIDI- सौराय जल्द क्र न जल्दी.

मैं बस उनके छूट प लुंड रगड़ता RAHA.DIDI न मुझे जमीं प गिरा दिया और कूद क मेरे ऊपर आ गयी और खुद HI मेरा लुंड अपनी वर्जिन छूट म ले लिया. वो नशे म थी फिर भी दर्द तो होना HI था. उनके जल्दी क कारन एक झटके म HI पुर्रा लैंड उनकी छूट म चला गया और उनकी चीख निकल गयी साथ HI उनकी आखें बंद होने लगी मैंने जल्दी स उनका फेस अपने करीब किया और उनको किश करने लगा और उनके बूब्स को दबाने लगा. इससे वो बेहोश तो नहीं हुई पर अब दर्द का अहसास होने लगा उनको उनके आशु निकलने लगे. वो मेरा लुंड निकलना चाहती थी पर निकल नहीं पा रही थी दर्द क कारण मैं बस उनको किश करता रहा और उनके बूब्स दबाता RAHA.KUCH देर बाद उनका दर्द काम हो गया सायद वो अपनी कमर हिलने लगी फिर धीरे धीरे ऊपर निचे होने लगी.

मैंने उनको उठाया और पास क टेबल प लिटा दिया और फिर मैं धक्के मारने लग्गा.

S.DIDI- और जोर स ह आह ऐसे हीईई ाआअह एएएस HAAAA.MERRAAAA ाआनी वाआला हाई

इतना बोल वो झड़ने लगी पर मैं लगा रहा.


बस सिसकियाँ HI लेती रही वो. करीब 30 मं बाद मैं फ्री होने को आया ावब तक दीदी 4 बार झाड़ चुकी थी.

मैं उनके अंदर HI झाड़ गया. मेरा और उनका काम रास जैसे HI मिला पुररे हवेली मई एक तेज रोशनी हो गयी हम दोनों की HI बॉडीज चमकने लगी.

दीदी का पूरा नशा एक झटके म उठेर गया अभी हम दोनों हवा म उड़ने लगे थे.

देखते HI देखते हमारे सरीर प साही कपडे आ गए.

S.DIDI बस मुझे देखे जा रही थी और मैं मुस्कुरा रहा था.

आज S.DIDI अपने पुराने रूप म अपनी साड़ी शक्तियों क साथ आ गयी थी और तो और उनमे मेरी भी शक्तियां चली गयी थी.

हम दोनों HI गायब हो सीधे जंगल म पहुंच गए. आज बाबा यहाँ नहीं THE.BAS मैं और मेरी शिल्पा. वो अभी तक मुझे देखे जा रही थी. तभी पीहू की आवाज आती है.

पीहू- मुबारक हो दीदी. और जीजू कैसी रही ये गर्दन प किसने काटा आपको हीहीही.

उसकी बात सुन क शिल्पा मेरी गर्दन को देखने लगी. सायद उससे याद नहीं था क हमारे बिच क्या हुआ था वो नशे मैं थी इसलिए.

S.DIDI- ये किसने काटा आपको देखो तो कितनी बुरी तरह स काटा है.

मैं- थी कोई सरभी जिसने मेरा रपे क्र डाला ये बताओ तुम यहाँ इस वक़्त ऐसे कैसे.

जब उन्होंने अपना और मेरा पहनावा देखा तो.

शिल्पा- तो क्या मैंने.

मैं- हां तुमने HI रपे किया मेरा और ये साड़ी कारस्तानी पीहू की है.

S.DIDI-PR आपने मुझे रूका क्यू नहीं.

मैं- अब भला अपनी पत्नी को कब तक रूक सकता हु.

पीहू- दीदी इनको न पहले स HI सब याद आ चूका था जब मैं आपसे मिलने आयी थी न तभी.

SHILPA-KYA(ASSU लिए ) तो टुन्ने मुझे क्यू नहीं बताया.

पीहू- इन्ही स पूछो ीन्हो ने HI मन्ना किया था. अब आप इनको मज़्ज़ा चखाओ BYE.

S.DIDI-(ROOTE HUE)TO आपको सब याद था और आपने मुझे नहीं बताया. पता है मैं कितना तदपि हु आपके प्यार मई.

MAIN-(USSE गले लगा) चुप हो जाओ. मैं तो बस कुछ स्पेशल करना चाहता था.

शिल्पा मुझे धक्का दे क्र.

शिल्पा- नहीं आप झूट बोल रहे हो पहले भी आप मुझसे प्यार नहींकरते थे और आज भी नहीं करते.

मैं- अरे मैंने ऐसा कब कहा मैं तो तुम सभी स पहले भी प्यार करता था और आज भी करता हु.

शिल्पा- झूट आप मेरे को प्यार नहीं करते अगर करते तो क्या ऐसा करते मेरे साथ बोलो. तुम क्या बोलोगे आज क बाद मुझसे बात मत करना.

इतना बोल वो गायब हो अपने रूम म पहुंच गयी और अपने क्लोन को मेरे अंदर भेज दिया

मैं भी गायब हो पहुंच गया उनके पास.

अभी यहाँ रात क 11 बज रहे थे.

मैं- अरे सुनने तो.

शिल्पा- जाओ यहाँ स .

उन्होंने चुटकी बजायी और मैं अपने रूम म पहुंच गया.

उन्होंने अपने रूम क तरफ एक कवच बना लिया जिसमे मैं नहीं जा सकता था.

अब वो बीएड प लेट गयी और रोने लगी. बहुत रूई रूट रूट कब सो गयी उनको पता HI नहीं चला. वही दूसरी ओर मैं उनके रूम मैं जाने की कोसिस करता रहा पर नाकामियाब अंत म उनके रूम क बहार HI सो गया.

नेक्स्ट मॉर्निंग:-

करीब 4 बजे उनकी आखे खुली और वो फ्रेश हो क्र रूम स निकली. मुझे रूम क गेट प देख उनको गुस्सा आने लगा. उन्होंने मैजिक स मुझे मेरे रूम म भेज दिया और खुद गार्डन म जा योग करने लगी. मैं लेट तक जगा रहा था तो मेरी नींद थोड़ी लेट खुली.

मैं उठा तो देखा अपने रूम मई हु. मैं जल्दी फ्रेश हुआ और गार्डन की ओर चल पड़ा. अभी भी शिल्पा वह ध्यान म बैठी हुई थी.

मैं बस एक तक उनको देखने लगा. वो ध्यान मई HI लगी रही.

कुछ देर बाद पीहू आ गयी और मुझे ऐसा करते देख.

पीहू- क्या हुआ जीजू ऐसे क्या देख रहे हो दीदी को.

उसकी आवाज स शिल्पा का धयान भी ख़तम हो गया और साथ म मैं भी उससे देखने लगा.

शिल्पा मेरे पास आयी और गुस्से स घूरते हुए पीहू का हाथ पकड़ा और उससे अपने साथ ले गयी.

पीहू- क्या हुआ दीदी आप ठीक तो होना.

शिल्पा- कुछ नहीं मैं तो बिलकुल ठीक हु.

MAIN(JOR स)- नाराज है तेरी दीदी.

मेरा इतना बोलना था क उधर स शिल्पा न चुटकी बजायी और मेरे कपडे लड़कियों क कपड़ो म चेंज हो गए. मुझे ये पता HI नहीं चला. पीहू ये देख हसने लगी तो शिल्पा ने उससे आँख दिखा संत क्र दिया और उसको खींचते हुए ले गयी घर2 म. मैं भी उनके पीछे चल दिया.

वह प आज सारे लोग जागे हुए थे और अपने ट्रेनिंग क लिए तैयार हो रहे थे.

मैं जैसे HI घर मई ग़ुस्सा.

प्रदीप मुझे मिल गया और मेरी ऐसी हालत देख पहले तो शॉक हुआ फिर हस्ते हुए बोलै.

प्रदीप- ुये तू ये सब ब्बि करता है क्या.

MAIN-KYA मैंने क्या किया.

तभी पीछे स प्रगति क हसने की आवाज आयी.

प्रगति- वैसे लग बड़ा क्यूट रहा है तू भाई एक फोटो तो बनती है.

मैं कंफ्यूज हो गया और खुद को देखा तो दौड़ता हुआ रूम मई भाग गया अब मैजिक इनके सामने क्र नहीं सकता था न.

प्रगति, पीहू और प्रदीप पेट पकड़ हस्ते रहे वही हॉल मई HI बैठी शिल्पा बस मुस्कुरा रही थी.

गेस टाइम:-

यार क्या पूनम और रेशमा बचा पायेगी क्षुधा और सैफअली को या फिर कोई और आएगा.

क्या शिल्पा जल्द HI मान जाएगी और अपना गुस्सा हटा लेगी सौर्य स.
 
अपडेट - 25

अब तक

माँ मुझे अपने बारे म बता रही थी पर बिच म HI तिया हमें बुलाने आ GAYI.SHILPA दीदी को पता चल गया क मेरी यादे पहले HI वापस आ चुकी थी तो अब वो मुझसे नाराज है.

आगे

पीहू सबको ट्रेनिंग दे क्र चली गयी थी अब हम सारे घर1 म ब्रेकफास्ट करने चले गए. प्रदीप भैया और प्रगति को मैंने बड़ी मुश्किल स उस बात को छुपाने क लिए मनाया की वो किसी और को न कहे अभी तक तो उन्होंने किसी स उस बात का ज़िक्र नहीं किया था.

ब्रेकफास्ट क वक़्त मैं जान भुज क्र शिल्पा दीदी क बगल वाले चेयर प बैठ गया पर वो वह स उठ क्र चली गयी दूसरे चेयर प मैं भी फिर उनके बगल वाले चेयर प बैठ गया. हमें ऐसा करते देख.

R.BUA- अरे ये क्या क्र रहे हो दोनों भाई बहन.

मैं- बुआ वो दीदी मुझसे बात नहीं क्र रही आप बोलो न बात करने को.

R.BUA न एक बार S.DIDI को देखा फिर मेरी ओर देखा और बोली.

R.BUA- तूने नाराज़ किया न अब तू HI मन्ना मैं क्यों भींच म औ.

D.BUA- सही कहा तूने रेशु ये इनका मामला है कोई कुछ नहीं बोलेगा.

मैं- ठीक है मैं HI मन्ना लूंगा इन्हे.

सभी न ब्रेकफास्ट कम्पलीट किया और चल पड़े अपने अपने काम पर.

सारे गेट्स तो निकल गए ऑफिस सिर्फ पापा और बॉबी अंकल को छोड़.

पापा न उनको और क्षुधा आंटी को अपने और माँ क साथ हवेली ले जाने का सोचा था सायद कुछ करना चाहते होंगे. थोड़ी देर म वो भी निकल गए. D.BUA,PARIDHI दीदी क साथ सोल्लगे क कुछ काम क लिए निकल गयी. सैफअली, तिया, तान्या स्कूल चली गयी. प्रगति और निधिमा को कुछ काम था वो भी निकल गए.

घर मैं अब माँ, P.MAASI,R.BUA , S.DIDI और मैं HI बचे थे.

मैं भी सबको दोस्त का बोल निकल गया बेस प.

वह पंहुचा तो समीरा न पहले HI दादाजी और नानाजी का इंटेररोगेशन क्र रखा था. D.FUFA बस मुझे कॉल लगाने वाले थे उनकी खातिरदारी करने क लिए पर मैं पहले HI पहुंच गया.

D.FUFA- किंग अब क्या मैं इनसे थोड़ा बात कर लू.

मैं- अगेनटड जाओ पर याद रहे ये इन्हे फसाया गया है समझे न तुम भी जानते हो क वो सभूत गलत है.

D.FUFA- मुझे पता है इन्हे इस केस म फसाया गया है पर उससे पहले जो इनदोनो न किया था मैं उस्का सबक इन्हे शिखाउंगा.

मैं- जाओ एजेंट डी. अरे वो AGENT11(SHILPA) नहीं आयी कोई प्रॉब्लम है क्या.

D.FUFA-NHI वो बस आती HI होगी मैं उससे फ़ोन क्र बुलाता हु क्या बात है.

मैं- अरे उसको इस दिलावर क ैकान्त क पीछे लगाया था पर अभी तक कोई रिपोर्ट नहीं मिली.

D.FUFA- क्या उसने अभी तक कोई रिपोर्ट नहीं दी. किंग मैं उससे अभी बुलाता हु.

D.FUFA न कॉल लगाडिया S.DIDI को.

D.FUFA-AGENT11 तुमने अपना टास्क पूरा किया या नहीं.

S.DIDI- डैड कोण सा टास्क.

D.FUFA- डैड नहीं अभी तुम मेरे अंडर काम करने वाली एक एजेंट हो समझी ये बताओ तुमने किंग को वो अक्कौंतं वाली रिपोर्ट दी या नहीं.

S.DIDI- वो डैड... सर मैं भूल गयी अभी लाती हु.

D.FUFA- तुमसे ये उम्मीद नहीं थी जल्दी आवो.

कॉल कट.

D.FUFA- सॉरी किंग वो अभी कुछ पर्सनल पतोब्लमस की वजह स हम प्रेसन थे तो उसी कारन ये हो गया पर वो एक अच्छी एजेंट है.

मैं- ी क्नोव अगेनटड. अच्छा डी एक बात बताओ अगर आपकी पत्नी आपसे नाराज़ हो जाये तो आप क्या करते हो उससे मानाने क लिए.

D.FUFA- मैं समझा नहीं आप ये पर्सनल क़ुएस्तिओन्स क्यू पूछ रहे हो.

मैं- अरे देखो तुम तो एक्सप्रिएंसीड होंगे इन मामलो म तुम्हारी तो शाद्दी हुए काफी वक़्त हो गयी HOGI.TO अपना जूनियर समझ क बतादो कैसे मानते हो अपनी वाइफ को वो क्या है न मेरी वाइफ रूठ गयी है.

D.FUFA- अच्छा ऐसा क्या पर तुमने कभी बताया नहीं क तुम शाद्दी शुद्दा हो.

मैं- अरे उसको छोड़ो आप पहले ये बताओ कैसे मानते हो आप अपनी वाइफ को.

D.FUFA- देखो भाई पहले तो ये बताओ क हुआ क्या था जो वो नाराज़ है

MAIN(UDAS टोन म)- मैंने उससे कुछ छुपाया था और वो बात उसको पता चल गयी अब बोलती है मैं उससे प्यार नहीं करता.

D.FUFA- मामला तो सीरियस है. एक काम करो उसके लिए उसके फेवरेट गिफेस ले जाओ चोचलातेस दो रोजेज दो या उससे कोई सरप्राइज डिनर प ले जाओ.

मैं- क्या वो जाएगी वो तो मुझसे बात भी नहीं क्र रही है.

D.FUFA- अरे जाएगी न मेरा एक्सपीरियंस है इन सब मैं लड़की जरूर जाएगी. और है सुनने वो अभी गुस्से म कुछ भी उल्टा सीधा बोल दे तो दिल प मत लगा लेना वो क्या है न लड़कियों को पता नहीं होता कब गुस्से म क्या बोल दे.

मैं- थैंक यू डी तुमने मुझे बचा लिया.

D.FUFA- पता नहीं क्यू जैसे तुमने उसके गुस्से को एक्सप्लेन किया न मुझे लगता है ये बिलकुल मेरी वाइफ की तरह है मैंने जो बोलै वो सब करो वो मान जाएगी. जब वो मान जाये न तो एक पार्टी दे देना बस.

MAIN(MAAN म)- अब आपकी HI बेटी है तो गुस्सा तो अपनी माँ जैसा HI होगा न. ये सही किया मैंने इनसे HI पूछ लिया.

मैं- जरूर दूंगा पार्टी पर छोटी स नहीं बड़ी पार्टी.

अभी हम बात क्र रहे थे क S.DIDI आ गयी हाथो म एक फाइल LIYE.(INHONE मैजिक स संभु तिवारी स सब कुछ उगलवा लिया और वो रिपोर्ट ले आयी उससे बिन्ना पता चले.)

S.DIDI(D.FUFA स)- सर ये रही रिपोर्ट.

D.FUFA- ये टास्क तुम्हे किंग न दी थी न तो उससे रिपोर्ट दो मुझे क्यू दे रही हो.

MAIN(D.FUFA स)- आपको सबक शिखना था न किसी को.

D.FUFA- अरे HA(S.DIDI स) तुम किंग क साथ रहो आज स तुम्हारी वेअपनारी ट्रेनिंग शुरू होगी.

इतना बोल वो चले गए.

S.DIDI न फाइल मुझे थमा दी और जाने लगी.

MAIN-(PYAAR स) जानू चलो ट्रेनिंग प.

मेरे ऐसे कहने प वो मुझे पीछे मुद क घूरने लगी और ट्रेनिंग एरिया म चली गयी पर बोली कुछ नहीं.

मैं भी उसके पीछे चल दिया ट्रेनिंग रूम म उसको सीखने और मानाने.

वह प किरण थी पिस्तौल स एआईएम क्र रही थी मेरे जाते HI सलूट मार क.

किरण- गुड मॉर्निंग किंग.

मैं- गुड मॉर्निंग एंड NO नीड ऑफ़ सालूतेस OK.

किरण- OK किंग.

मैं- तुम्हे समीर क साथ एक मिशन प जानना है समझी डिटेल्स उसके पास है जाओ उसको ज्वाइन करो.

किरण इतना सुन चली गयी अब पुरे ट्रेनिंग रूम मई बस मैं और शिल्पा थी.

मैं- जानू माफ़ क्र दो न प्लीज आगे स ऐसा नहीं होगा.

शिल्पा चुप रही.

मैं उसके पास गया उसका हाथ पकड़ने को हुआ तो उसने मेरे को एक चोप मारा फुल पावर स मैं भी जमीं प गिर GAYA.WO मुस्कुराने लगी.

मैं- अच्छा तो जानू तुम पुराने तरीके स करना चाहती हो ठीक है हो जाये.

शिल्पा बोली कुछ नहीं बस मेरे साथ हैंड तो हैंड फाइट करने लगी.

मैं भी बड़े प्यार स फाइट करने लगा फाइट क दौरान जब भी मौका मिला उसके प्राइवेट पार्ट्स को टच करता रहा और इसी वजह स वो गुस्से स बिलकुल किसी लाल टमाटर स हो गयी थी.

यार गुस्से म तो सच म बड़ी प्यारी लग रही थी शिल्पा पर खतरनाक भी.

उसकी आदत थी फाइट क दौरान बात न करने की. पर मेरे उसको गुस्सा दिलाने स वो चीड़ क्र बोलने भी लगी.

फिर मैंने उसको पीछे स जोर स पकड़ लिया और उनके कानो क पास किश क्र बोलै.

मैं- जानू सुनने न मैंने आज हमारे लिए कुछ सोचा है प्लीज क्या तुम हवेली प आयोगी 8 बजे .

S.DIDI- छोड़ो मुझे मैं कही नहीं जाउंगी.

MAIN-JAANU मान जाओ न बीएस एक बार अगर तुम्हे कभी हमारे प्यार प यकीं था.

मेरा इतना बोलना था उसने पूरी ताकत स मुझे ढाका दिया और मैं गिर पड़ा.

S.DIDI- ठीक है मैं आउंगी पर दोबारा ये मत बोलना.


वो इतना बोल गायब हो गयी.

मैं बहार गया समीरा क पास उससे बोलै .

मैं- मुझे कही काम स जाना है अगर कोई बात हो तो मुझे फ़ोन क्र बता देना.

मैं उससे इतना कह निकल गया हवेली क लिए गायब हो क्र. मैं ये भूल HI गया था क माँ पापा क्षुधा आंटी और बॉबी अंकल वही है.

मैं गायब हो सीधा हवेली क किचेन म पहुंच गया जहा माँ पानी लेने आयी थी सायद. मेरे ऐसे आते HI गिलास उनके हाथ स गिर गया दर क मारे.

माँ- ऐसे भी कोई आता है क्या बेकार म डरा दिया.

मैं- सॉरी माँ मैं भूल गया था आप लोग इधर हो. बाकि सब कहा है.

माँ- वो सारे अभी HI बहार गए है थोड़े देर मई आने का बोल.

मैं- ू तो आप अकेले हो यहाँ.

माँ- नहीं तू है न यहाँ मेरे साथ.

मैं- तो चलो अब खांनी कंटिन्यू करो ऐसे HI सस्पेंस प छोड़ दिया था आपने.

माँ- चल हॉल म आजा वही सुनती हु.

हम हॉल मई चले गए.

माँ - है तो हम कहा प थे.

मैं- आपको और क्षुधा आंटी को कुछ सीनियर्स पकड़ने आये थे और P.MAASI और R.BUA आपको बचने.

माँ - हां याद आया.

फ्लैशबैक कंटिन्यू.

स4 रेशमा का हाथ पकड़ने लगा पर रेशमा न तो उसके नाक प एक पंच दे मारा. उसके नाक स खून निकलने लगा.

पूनम ने भी स2 का हाथ पकड़ क्र मरोड़ DIYA.WO बेचारा चिल्लाने लगा.

इतने मई स5 ने रेस्मा क बाल पकड़ लिए और खींचने लगा पर पूनम ने तो उसके WAHA(MAIN पॉइंट) प HI एक किक दे मारा वो भी जोर S.WO वही बैठ रोने लगा. अब बस स1 बचा था दोनों न उससे पकड़ा और मुझे और क्षुधा को अपनी ओर बुलाया जो बस उन्हें HI लड़ते देख रहे थे.

पूनम- ुये ( मुझे) इधर आ तू और लगा एक इसको.

मैं उसके पास गयी पर कुछ किया नहीं.

POONAM(CHILLA क्र)- बोलै न मार अगर नहीं मारा न तो मैं तुझे मारूंगी.

मैंने भी धीरे स उसको एक छठा मार दिया.

पूनम- तेरे म ताकत नहीं है क्या हां जोर स मार जोर स.

फिर मैंने भी स1 को एक जोर की लगा दी.

अभी ये सब हो HI रहा था क स3 वह आ गया.

S3-YE क्या हो रहा है RESHMA,POONAM छोड़ दे मेरे दोस्तों को वर्ण ाचा नहीं होगा.

रेशमा- अच्छा तो तू है अबे साले अभी कुछ दिन पहले HI तो नंगा घूम रहा था तू पंकज और लकी क साथ मार्किट म. भूल गया किसने नंगा किया था.

संजय- याद है अभी रुक तू अभी वो दोनों भी आते HI होंगे इनके साथ तुम दोनों का भी AJJ..AAAAAHHHAAA.

ल1- क्यू बे चूतिये एक बार म समझ नहीं आती क्या बात तेरे को बोलै था न मत क्र ये सब काम .

एक पंच उसके मुँह प मारा उसी लड़के ने जिसने मुझे बचाया था.

RESHMA-TUNE उससे क्यू मारा दीपू इतने दिनों बाद तो हमें मौका मिला था.

पूनम- है यार अब तू हाथ नहीं उठाएगा अब हम इनको सबक सिखाएंगे डीप .

मुझे आज उसका नाम पता चला था अभी उसने मेरी ओर देखा भी नहीं था.

डीप- ठीक है दीदी पर अगर इन्होने आपको या इस चुहिया को कुछ बोलै न तो मैं..

पूनम- सुन एक बार अगर फिर स चुहिया बोलै तो इसको बाद म पहले तुझे मरूंगी समजा.

रेशमा- अरे तुम दोनों चुप रहो देखो संजय खड़ा हो रहा है.

इतना बोल रेस्मा उस संजय क पास चली गयी और उसके बाल पकड़ उसको खड़ा किया फिर तो पूछो HI मत पुरे सोल्लगे क सामने तपाद प तपाद इतना मारा बेचारे क गाल शूज गए. थोड़ी देर म वो लकी और पंकज भी आ गए और साथ HI पहुंच गयी डीन मैडम और कुछ स्टाफ.

डीन- क्या हो रहा है यहाँ. रेस्मा छोड़ो उससे.

रेशमा- डीन मैडम इसने इन DONO(MERI और क्षुधा की ओर) क साथ जबरदस्ती करने की कोसिस की है.

डीन ने हमारी ओर देखा हमने भी इशारे स हां कह दिया.

इतने म बॉबी जो वही खड़ा था डीप क साथ वो हमें देख उससे बोलै.

BOBBY(DEEP स)- अब्बे देख ये तो वही है तेरी हॉस्टल वाली.

डीप- क्या. अब्बे हां यार ये तो वही है पर ये इसके साथ कोण कड़ी है.

बॉबी- वो तो तेरी भाभी है भाभी.

डीप- हैं! भाभी.

बॉबी- अबे मेरी वाली तेरी भाभी HI होगी न.

डीप- ुये भाभी बनाने वाले पहले बहभी का नाम तो पता क्र लेता.

बॉबी- यार वो किसी न कहा है न नाम मई क्या रखा है भाई सच्ची मई लव ात फर्स्ट सिघ्त हो गया है यार.

अब तो इन तीनो जोकरों की बजानी HI पड़ेगी.

वही डीन बात क्र रही थी.

DEAN-(SANJAY स) तो अब आप ये सब भी करने लग गए अब तो आपको ृस्टिगटे HI करना होगा और वो आपके दोनों दोस्त कहा है उन्हें भी बुल्ला लो एक HI दिन म सभी को निकल देती हु.

पंकज- ुये डीन हम इधर HI है और निकलने की बात तो तू कर HI मत वर्ण तुझे पता है क्या होगा.

DEAN(GUSSE म)- क्या होगा बोल मैं भी देखती हु आज HI तुम तीनो यहाँ स निकलोगे.

लकी- तू मेरे भाई को भूल गयी क्या डीन. बुलाऊ क्या उसको.

अभी डीन कुछ बोलती उससे पहले HI सोल्लगे क गेट प बहुत सारे पुलिस वन आ गए.

और उसमे स करीब 100 पोलिसवाले बहार आये.

डीन उनमे स किसी को देख खुश हो गयी और फिर बोली.

डीन- बुल्ला ले जिसको भी बुलाना है.

अब डरने की बारी उन तिण्णो की थी.

वो आदमी जिससे देख डीन खुश हो गयी थी वो उनकी तरफ आया.

AADMI-(DEAN स) है तो डीन साहिबा मैंने सुन्ना कोई आपको धमकी दे रहा था.

डीन- है देवराज ये (तीनो की तरफ) अपने भाई और बाप क नाम प ज्यादा HI उछाल रहे है.

देवराज ने तीनो को देखा और फिर जोर जोर स हसने LAGA.FIR एक इंस्पेक्टर को बुल्ला उसके कान म कुछ बोलै.

वो इंस्पेक्टर कुछ लोगो को ले 3 जीप लिए निकल गया.

DEVRAJ-(SANJAY S)TERA भाई क्या नाम है उसका अंकित कपूर यही नाम है न (लकी स) औरतेरे भाई का नाम सुरेंदर हैना और तू पंकज चौहान तेरे भाई को तो मैंने HI एनकाउंटर म मारा था भूल GAYA.(CHILLA क्र) तुम लोगो की हिम्मत कैसे हुई मेरी पत्नी को धमकी देने की आज ये द्क्प देवराज पांडेय तुम सभी को इसी सोल्लगे म दौड़ा दौड़ा क मारेगा वो भी तुम्हारे भाइयो क सामने.

कुछ देर मैं 3 NO जीप वापस आ GAYE.JEEP स अंकित और सुरेंद्र को घसीटते हुए पुलिस वाले देवराज क पास ले आये. अंकित- सर हमें छोड़ दो हम कुछ नहीं करेंगे.

सुरेंदर- है सर आज स HI धंधा बंद सर बस लास्ट बार छोड़ दो.

देवराज- पहले खड़े हो जाओ और पूछो इन तीनो स क तुम्हे यहाँ क्यू लाया गया है.

संजय और लकी की तो हवा HI निकल गयी थी जब उन्होंने अपने भाइयों की ऐसी हालत देखि.

शामे हाल पंकज का भी था.

अंकित उठा और उन तीनो क पास गया और उनसे पूछा क्या हुआ. जब अंकित और सुरेंद्र को ये पूरी बात पता चली तो दोनों न तीनो की चपल स पिटाई क्र दी भरे सोल्लगे मई.

देवराज- चल अब तुम 5सीओ जेल चलोगे .

सुरेंदर- माफ़ क्र दो साब बच्चे है गलती हो गयी माफ़ क्र दो.

पर देवराज नहीं मन और उसने 5सीओ को जेल म भेज दिया. डीन मैडम न आज की साड़ी क्लासेज कैंसिल करवा सबको घर भेज दिया हमने पूनम और रेशमा को थैंक्स बोलना चाहा पर वो पहले HI चली गयी थी. एक बात समाज म आ गयी थी मेरे की मेरे कोई भाई बहन मुझे नहीं पहचानते और ये बात मुझे बहुत दुःख पंहुचा रही थी.

मैं और क्षुधा हॉस्टल चले गए. जब रात हुए तो हम मेस म खाना खाने चले गए और जब वापस रूम मई आये तो एक छथि पड़ी थी वह प.

"तुमने क्या कोई व्रत रखा है आइये दिन मुसीबत म पड़ते रहने का. जब देखो मुसीबत म HI मिलती हो यार नाम भी नहीं बताया अभी तक तुमने पर क्या करे तुम्हारा चेहरा दिल प चाप गया है मेरे. इश्क़ हो गया है तुमसे तुम्हारी शादगी स. अच्छा सुनने वो जो तुमहातमृ रूममेट है न उसको बोलना क 10 बजे बालकनी क पास आये वो मेरे एक दोस्त को जिसने तुम्हे बचाया था याद है न उससे तुम्हारी रूममेट स लव ात फर्स्ट सिघ्त हो गया है. वैसे अगर तुम भी आ जाओ बालकनी मई तो मैं भी तुम्हारा दीदार क्र लूंगा प्ल्ज़. और है अगर नहीं आने का सोचा तो तुम सोच सकती हो जो तुम्हारे रूम म लेटर रख सकता है वो आ भी सकता है पर डरना मत मैं बस तुम्हे देखूंगा और कुछ भी नहीं हां पर उस गधे की गार्रेंटी मैं नहीं ले सकता तो अपनी रूममेट को जरूर भेज देना बहार.

BYE "

लेटर पढ़ने क बाद हम दोनों HI परेशान ो गए पता तो हमें चल HI गया था क लेटर डीप न लिखा है पर ये समझ नहीं आ रहा था क हम जाये क नहीं क्यू की वो दोनों अंदर भी आ सकते थे. अभी 9 बज रहे थे मैंने और क्षुधा न बहुत सोच विचार किया फिर बालकनी म जाने को रेडी हो गए ताकि वो रूम म न आ जाये.

हम बस नार्मल स कपडे पहन चले गए बालकनी म.

वही गेट क पास स डीप और बॉबी हमें देखने लगे पर हमे कोई नहीं दिखा तो हम बस 2 मं रुक वापस आ गए रूम मई और सू गए.

नेक्स्ट डे-

हम सोल्लगे गए. आज पूनम और रेशमा खुद हमारे पास आयी हमने भी उनको थैंक्स बोलै. फिर सारे क्लास म चले GAYE.POONAM और रेशमा खिड़की स हमारे क्लास को देख रहे थे.

POONAM(RESHMA क कान म)

यार ये कैसे पसंद आ गयी उस डीप को.

रेस्मा- देख अच्छी तो है मुझे भी सही लग रही है हां बस डरपोंख है.

पूनम- चल ठीक है मेरा क्या जाता HAI.TUNE दिव्या दी को बोलै क नहीं.

रेशमा- मैं क्यू बोलूगी डीप बोल्गना वैसे वो है कहा?

पूनम ने पुरे क्लास को देखा.

पूनम - तेरा भाई पक्का फसेगा देख उस बॉबी क साथ उन्दोनो क पीछे वाली सीट प बैठा HAI.DEKH वो क्या क्र रहा है उसके बल्लो क साथ.

मैं और शुद्ध 2ंद बेंच प बैठे थे और लेक्टर्स क नोट्स बना रहे थे क तभी लेक्चरर न मेरे पीछे वाले स्टूडेंट को खड़ा किया और उससे टॉपिक क बारे म एक क्वेश्चन पूछा और जब उसने आंसर दिया और मैंने उसकी आवाज सुन्नी मेरा दिल जोर जोर स धड़कने लगा ये डीप था. पता नहीं क्यू मुझे कुछ होने लगा. क्षुधा न भी पीछे देखते वह बॉबी और डीप थे बॉबी बस उसको HI देखे जा रहा था बॉबी भी दिखने मैं ाचा था क्यूट सा लड़का.

अभी हम दोनों HI चुप रहे और जैसे HI बेल बजी हम क्लास स निकल गए.

मैं- तुझे पता था वो हमारे पीछे HI बैठे हुए है.

क्षुधा- नहीं यार पर वो बाँदा बड़ा क्यूट था है न

मैं- क्यूट किसकी बात क्र रही है.

क्षुधा- अरे वो लेतीर वाले का दोस्त जिसको मेरे स लव ात फर्स्ट सिघ्त हुआ था.

मैं- है वो भी क्यूट है.

क्षुधा- यार क्या सच म वो मुझसे प्यार करता है.

मैं- मुझे क्या पता. तू जेक पूछ ले.

SHUDHA-DEKH दोनों इधर HI आ रहे है.

फ़्लैश बैक पॉज

पापा क साथ बॉबी अंकल और क्षुधा आंटी भी थी.

पापा- अरे सौर्य तुम कब आये यहाँ.

मैं- बस थोड़ी देर पहले HI पापा वो कुछ काम था तो.

S.AUNTY- तेरे को क्या काम आ गए और ये बता तुझे यहाँ क बारे म किसने बताया.

मैं अभी कुछ बोलता उससे पहले

माँ- अरे मैंने बताया था इसको.

बॉबी- चल सौर्य अब घर चल वैसे भी शाम होने को है

मैं- है अंकल बस अभी फ्रेश हो क आया .

मैं बाथरूम मई गया वह प अपना एक क्लोन बना उनसभी क साथ उसको घर भेज दिया और मैं लग गया हवेली को सजाने मई.

मैंने पूरी हवेली को फूलो स सजा दिया कुछ गिफ्ट्स भी लिए शिल्पा क लिए और एक चोचलाते केक जो उससे पसंद है और फिर अपने हाथो स हमारे लिए डिनर तैयार किया और उसको एक टेबल प लगाया फिर सभी जगह कैंडल्स जलाये. ये सब करने मैं HI मुझे 7:30 हो गए . फिर मैं गायब हो घर2 म पहुंच गया जहा मेरा क्लोन बैठा था उससे पूछने प पता चला क शिल्पा अपने रूम मई है. मैं वह चला गया अभी वो बाथरूम मई थी सायद नाहा रही होगी. मैंने बीएड प उसके लिए लिया हुआ ड्रेस रख दिया और एक नोट भी साथ HI अपना एक क्लोन उसके रूप मई.

इतना करने क बाद मैं फिर हवेली मई आ गया क तभी मुझे पीहू की आवाज आयी.

पीहू- जीजू म्यूजिक का भी इंतजाम क्र लो अच्छा रहेगा.

मैं- है ये टुन्ने सही कहा पर सुन प्ल्ज़ इस बार कुछ उल्टा सीधा मत करना नहीं तो तेरी दीदी और गुस्सा हो जाएगी प्ल्ज़.

पीहू- ठीक है जीजू आप भी क्या याद रखोगे पर उनके मैंने क बाद परीलोक आ जानना वो MAA(RANI पारी) आप दोनों स मिलना चाहती है.

मैं- ठीक है आ जाऊंगा.

मैंने पीहू क काहे अनुसार म्यूजिक का भी इंतेज़ाम क्र लिया. अब 8 बजने वाले थे मैं वेट करने लग गया शिल्पा क आने का पर वो नहीं आयी 9 बज गए 10 बज गए पर उसका कोई पता HI नहीं था. सर्रे कैंडल्स भी बुझने को आ गए थे पर वो नहीं आयी थी मैं मायूस हो गया और धीरे धीरे उठ क्र कैंडल्स को बुझाने जाने लगा क तभी वो आ गयी. क्या बताऊ यार कैसी लग रही थी मैं तो उसी मई खो गया. वो आयी और इतनी सजावट देख खुश हो गयी पर दिखाया नहीं.

मैं उसके पास गया साड़ी लाइट्स जादू स बंद क्र दी और कैंडल्स को दोबारा बड़ा क्र दिया. यार कैंडल्स की लाइट म तो वो बिलकुल चमक रही थी उसको आने म सायद इसी लिए लेट हुआ हो क वो तैयार हो रही थी.

मैंने उसका हाथ पकड़ा उसको चेयर प बिठाया जंहा मैंने हमारे लिए चंदेल लाइट डिनर का बंदोबस्त किया था , एक रोमांटिक म्यूजिक लगाया और खुद खन्ना गरम क्र वह ले आया.

वो बस चुप चाप रही कुछ न बोली. मैंने एक प्लेट म खाना निकला और एक निवाला बना उकसे मुँह क पास ले गया वो तब भी कुछ न बोली बस अपना मुँह खोला और खा लिया ऐसे HI मैंने उसको खाना खिलाया पर वो कुछ भी नहीं बोल रही थी और उसकी ये चुप्पी अब मुझे खाये जा रही थी मेरे आखो म खुद बी खुद ासु आ गए पर मैं कुछ बोलै नहीं बस उसको खिलता रहा.

सायद उसने भी मेरी आखो म आये ासु को देख लिया तो उसने एक निवाला बना क मेरी ओर बढ़ाया पर मैंने मुँह नहीं खोला.

शिल्पा- अब खा भी लो.

मैंने बस ना म मुंडी हिलायी.

शिल्पा- ठीक है माफ़ किया अब तो खा लो और आगे स ऐसा मत करना समझे और ये बचो की तरह रूना भी मात तुम समरथ हो समरथ.

MAIN(MUSKURATE हुए) तो तुम भी गुस्सा मत होना और हो भी जाओ तो ये मत कहना क मैं तुमसे प्यार नहीं करता

शिल्पा- ठीक है चलो अब मुँह खोलो और खाओ इससे फिर वो मुझे खिलाने लगी. खाने क बाद मैंने उसको वो सारे गिफ्ट्स दिए फिर हमने केक कट किया. अब रात क 12 बजने वाले थे मैं उसको लेकर परीलोक चला गया RANIPARI(MERI सासु माँ) क पास वह उनकी हालत देख हम दोनों HI स्भाद रह दये.

वो बहुत HI ज्यादा बीमार लग रही थी पता नहीं उनको क्या हुआ था. पीहू उनके बगल म बैठी रू रही थी.

शिल्पा- पीहू क्या हुआ छोटी माँ को?

{शिल्पा क पिछले जनम की माँ और पीहू की MAA,RANI पारी दोनों बहुत अच्छी दोस्त थी इसीलिए शिल्पा उन्हें छोटी माँ बुलाती थी}

पीहू- दीदी इनकी शक्तियां जा रही है कोई है जो इनकी शक्ति चरा रहा है.

MAIN(GUSSE म)- कोण है वो और तुमने हमें पहले क्यू नहीं बताया इसके बारे मई

रानी पारी- समरथ तुम आ गए बीटा मैंने HI इससे न बताने को बोलै था

शिल्पा- पर क्यू छोटी माँ अपने ऐसा क्यू बोलै था.

रानी पारी- शिल्पा मेरी बच्ची, तुम दोनों क पास अभी कोई ताकत नहीं है और मैं तुम्हे ये बता तुम्हे परेशान नहीं करना चाहती थी पर अब जब मैं जाने वाली हु तो सोचा तुमसे बात क्र लू.

बीटा सभी का ध्यान रखना.

मैं- सासु माँ आपको कुछ नहीं होगा (चिल्ला क्र) R.G , कापा, बाबा .

वो तीनो HI तुरंत वह आ गए .

मैं- (R.G स) इन्हे चेक करो और बताओ क्या दिकत है कापा तुम पता लगाओ क कोण है जो इनकी शक्ति चुरा रहा है बाबा क्या आप उससे रोक डोज कुछ देर क लिए.

मेरे कहते HI तीनो लग गए अपने अपने काम म. कुछ देर बाद.

R.G- समरथ रानी पारी को काल पत्थर दिया गया है.

मैं- काल पाथेर पर वो तो जिनलोक क अंशेरे वाले इलाके म HI मिलते है न.

शिल्पा- है तुम सही हो.

R.G- वक़्त ज्यादा नहीं है कोई उसी काल पत्थर क जरिये इनकी ताकत चुरा रहा है हमें इसको उल्टा करना होगा.

बाबा- R.G तुम सही HO(MERI ओर) समरथ वक्क आ गया है जिनलोक क अँधेरे इलाके को मिटने का अब तो शिल्पा क पास भी उसकी पूरी ताकत है और तुम्हारे पास कापा की. जाओ और उस अँधेरे को खतम क्र दो.

अभी उनका इतना कहना HI था क कापा भी वापस आ गया और शामे बात कन्फर्म की.

मुझे ये जान बड़ा गुस्सा आया क उन कल्ले जिन्नो की इतनी हिमत हो गयी क रानी पारी को नुकसान पहुचाये. मैंने कापा की तलवार को याद किया और शिल्पा, कापा क साथ पहुंच गया जिनलोक क अँधेरे वाले इलाके मई.
 
भाई पहले तो थैंक्स

ये फ़्लैश बैक अभी कुछ 3-4 अपडेट तक तो चलेगा कुछ चरक्टेर्स को इंट्रोडस करने है और कुछ इवेंट्स जो क प्रेजेंट को और इंटरेस्टिंग बनाएगा .

रही बात पीहू की तो उसका करैक्टर HI ऐसा है.

सेक्स सन क लिए सॉरी वो मुझे भी बाद म ाचा नहीं लगने लगा था बूत आगे स तरय करूंगा अच्छा बनाने की

कीप रीडिंग & कमेंटिंग
 
अपडेट-26

अब तक

मुझे पता चला की काले जिन्नो ने रानी पारी को नुकसान पहुंचाया है तो मेरा पारा चढ़ गया मैं कापा और शिल्पा क साथ जिनलोक क अँधेरे वाले इलाके मई.

जहा तक मुझे पता था ये समस्या जिनलोक म मेरे जंगल जाने क बाद सुरु हुई थी यानी श्राप मिलने क बाद. मैं गुस्से म था बहुत ज्यादा गुस्से म और सायद इसी वजह स कापा की तलवार स आग की लपटे निकलने लगी.

कापा- समरथ अपने गुस्से प काबू रखो वर्ण इन लपटों स तुम्हे खुद HI नुकसान पहुंचेगा.

मैं गुस्सा काबू करने लगा.

शिल्पा- सौर्य जहा तक मुझे समीरा स पता चला है हमारे जानने क बाद यहाँ वेताल सेना क सेनापति का आना हुआ था और फिर ये समस्या शुरू हुई थी.

कापा- क्या वो यहाँ आया था. अरे मैं ये कैसे भूल सकता हु वेताल शक्तिया चूस लेते है.

मैं- क्या मतलब है तुम्हारा.

O.BOOK- सौर्य तुम्हे पता है वेताल किसी गृह प या लोक म कैसे कब्ज़ा करते है.

मैं- है या तो वह क रक्षक को अपने जैसा बना क्र या फिर किसी और की ताकत को काली ताकतों म बदल... मैं समझ गया. शिल्पा तुम यही रहो, कापा जाओ और रानी पारी को यहाँ ले आवो जल्दी साथ म बाबा को भी.

कापा तुरंत चला गया वही मैं उसी जगह ध्यान म बैठ गया. कुछ देर म जब मेरी आखें खुली तब तक कापा उन दोनों को ले आया था.

मैं- बाबा ये ज़फर क क्या हालत है आज कल.

BABA(HAIRAT स)- ज़फर , कही तुम्वेताल सेना क उपसेना नायक की बात तो नहीं क्र रहे.

मैं- है बाबा उसी की बात क्र रहा हु.

बाबा- सौर्य उससे तो वेतललोक स निकल दिया गया था वो उसने सायद किसी संधि को तोडा था.

मैं- अभी वो किधर है बाबा क्या आपको पता है.

बाबा- पता नहीं पर तुम क्यों पूछ रहे हो.

मैं- थोड़ा रुकिए बाबा आपको सब पता चल जायेगा (शिल्पा स) जान जरा अपना हाथ आगे करो.

उसने बिना कुछ सच्चे HI अपना हाथ आगे किया क तभी उसके हाथ म एक रस्सी आ गयी.

शिल्पा- ये क्या है.

मैं- जान ये रस्सी है और तुम्हे इससे खींचना है पूरी ताकत स.

मेरे ऐसा कहने प वो रस्सी खींचने लगी और कुछ HI देर मई उस रस्सी का दूसरा सिरा दिखने लगा जो किसी क गले म बंधा हुआ था.

बाबा- ज़फर ये यहाँ क्या क्र रहा है.

ZAFAR(CHILLATE हुए)- छोड़ो मुझे वर्ण ाचा नहीं होगा छोड़ दो मुझे.

पर शिप कहा रुकने वाली थी उसको हमारे पास ले आयी और मैंने उससे एक एनर्जी क गोले म बंद क्र दिया.

MAIN(KAPPA स)- दोस्त तुम्हारे तलवार स रौशनी भी होती है न.

कापा- है

मैं- चलो अच्छा है (ज़फर स) है तो भाई ज़फर तुझे कोई और नहीं मिला जो मेरे अपनों को दुःख देने आ गया.

ज़फर- अरे कोण है तू चल छोड़ मुझे वर्ण अच्छा नहीं होगा .

{अभी ज्यादा लोगो को पता नहीं क मैं वापस आ चूका हु.}

मैंने कापा की तलवार ली और उससे रौशनी करने लगा और इसी क साथ ज़फर थे वेताल दर्द स चीखने लगा

मैं- तू परीलोक तो जा नहीं सकता फिर तूने कैसे रानी पारी को वो काल पत्थर दिया.

ज़फर- बंद करो ये रोशनी रुको नाहीइ ारीये मैं सहाब बाए आआआहहह बताता हु बॉंन्ड करूऊ इससेई.

मैं रौशनी जरा स काम क्र दी पर बंद नहीं की.

मैं- देख मेरे को सिर्फ सच जानने का है समझा अगर तेरी एक भी बात मुझे झूट लगी तो रौशनी बढ़ेगी वर्ण ऐसी HI रहेगी. चल अब मेरे सवाल का जवाब दे.

ज़फर- रानी पारी समरथ क जाने क बाद एक बार यहाँ आयी थी उस वक़्त मुझे बस एक काम क लिए जिनलोक म छोड़ा गया था वो था इस लोक को बर्बाद करना पर जब मुझे रानी पारी क यहाँ आने की बात पता चली तो मैंने अपने गुलाम जिन्नो क द्वारा उनके खाने म थोड़ा सा काल पत्थर डलवा दिया था इससे मुझे सकती मिलती रहती जिनलोक क जिन्नो को अपना गुलाम बनाने की और साथ HI परीलोक भी कमजोर होता रहता मतलब एक तीर स दो शिकार.

मैं- अच्छा ऐसा क्या तुझे शक्ति चाहिए न मैं देता हु न SHAKTI.(BABA स) बाबा आप यहाँ प एक एनर्जी का गोला बनाइये (शिल्पा स) जान उस गोले को तुम मजबूती डौगी अपनी शक्तियों स (कापा स) चल आजा दोस्त इसको शक्ति देते है.

उन्हें इतना बोल मैं खुद भी उस एनर्जी क गोले म चला गया जिसमे ज़फर कैद था मेरे जाते HI बाबा न उसके ऊपर एक और गोला बना दिया और शिल्पा उसको ताकत देने लगी.

मैं- है तो ज़फर चलो अब मैं तुम्हे शक्ति देता हु.

इतना बोल मैंने कापा की तलवार को अपने अंदर बुल्ला लिया और तभी मेरे अंदर स रौशनी आने लगी वो भी बहुत ज्यादा वो रौशनी बढ़ती रही तब तक बढ़ती रही जब तक ज़फर जल न गया और जिनलोक क अँधेरे वाले हिस्से म पूरी रौशनी नहीं हो गयी. इस रौशनी स और ज़फर की मौत स जितने भी जिन्नो को उसने गुलाम बनाया था वो सर्रे वापस नार्मल हो गए उनके डार्क कोर्स फिर स लाइट कोर्स म बदल गए. रानी पारी क शरीर म भी ज़फर क मरते HI सर्जरी शक्तियां वापस चली आयी और वो ठीक हो गयी पर एक गड़बड़ हो गयी यहाँ प मैं उस रौशनी को अब कण्ट्रोल नहीं क्र प् रहा था जिसके कारन वो रौशनी अब जिनलोक को नुकसान पहुंचने लगी और हुआ ये क मेरे आस पास जितने भी पेड़ पौधे थे सारे जल क रख हो गए. ऐसा होता देख शिल्पा तुरंत मेरे पास पहुंच गयी उस गोले क अंदर और मेरे होतो प अपने होठ रख इस एनर्जी को मुझसे खींचने लगी. ये काम सिर्फ मेरी पत्निया HI क्र सकती थी.

कुछ देर बाद वो रौशनी ख़तम हुई और उसी क साथ मैं और शिल्पा दोनों HI बेहोश हो गए.

जब आखें खुली तो हम एक बड़े स रूम मई थे रानी पारी मेरे और श्ल्प क सर सहला रही थी. पीहू बीएड क पास कड़ी हमें देख रही थी.

मेरे उठते HI वो कूद गयी मेरे ऊपर.

पीहू- धन्यवाद् जीजू आपने माँ की जान बचायी.

उसका इतना कहना था क मैं शिल्पा को ले गायब हो गया वह स और अपने गृह एअर्थ प वही हवेली म आ गया.

वही परीलोक स मेरे ऐसे आ जाने प.

पीहू- माँ ये जीजू ऐसे क्यू चले गए.

रानी पारी - तेरी वजह स और क्या.

पीहू- मेरी वजह स पर मैंने क्या किया.

रानी पारी- टुन्ने उससे अभी क्या बोलै.

पीहू- धन्यवाद् आपको बचने क लिए बस यही तो बोलै और क्या बोलै.

रानीपारी- तू अभी भी नहीं समझी. ठीक है जब तू सुबह वह जाएगी तो उसी स पूछ लेना.

पीहू- ठीक है नहीं बताना है मत बताओ.

शिल्पा की नींद सुबह 5 बजे खुली उठते HI वो मुझे ढूंढ़ने लगी वही मैं तालाब क पास ध्यान म बैठा THA.JAISE HI उसने मुझे ध्यान म बैठे देखा भाग क मेरे पास आयी और मेरे गले लग गयी.

मैं- अरे क्या हुआ जान तुम ठीक तो हो.

शिल्पा- तुम बताओ जब कण्ट्रोल नहीं होती पावर तो क्यों उसे किया उसका पता है मैं कितना दर गयी थी.

मैं- अरे तुम्हारे रहते मुझे क्या होना है. चलो अब घर चलते है पता नहीं क्या हुआ होगा उधर.

मैं और शिल्पा फिर फ्रेश हो घर2 चले गए और वह अपने क्लोन्स को हटा दिया. अभी कोई 6 बजे होंगे क पीहू पहुंच गयी वह सबको सीखने.

पीहू मेरे पास आ क्र.

PIHU-GOOD मॉर्निंग जीजू.

मैंने कोई जवाब नहीं दिया उसको वो फिर स बोली पर मैं चुपचाप वह स निकल गया उसको पता HI नहीं चला क क्या हुआ पर उसको बहुत बुरा लगा इसका. अभी उसके सो कॉल्ड स्टूडेंट्स जो थे वो आये नहीं थे. वो पहुंच गयी शिल्पा क पास और वो भी आखों म आशु LIYE.JAATE HI गल्ले लग रोने लगी शिल्पा क .

शिल्पा न जैसे HI उससे ऐसे देखा उसको बीएड प बिठाया और फिर पन्नी पिलाया.

शिल्पा- क्या हुआ पीहू तू ऐसे रो क्यू रही छोटी माँ ठीक है न.

पीहू ने बस हां म मुंडी हिल्ला दी.

शिल्पा- तो फिर क्या हुआ उन्होंने डाटा क्या.

पीहू न ना म मुंडी हिल्ला दी.

शिल्पा- तो क्या बात है बता मुझे किसने रुलाया है तुझको अभी उसकी खबर लेती हु.

पीहू (रूट हुए)- WO..WO.. जीजू..

शिल्पा- क्या अब क्या क्र दिया सौर्य न बता मुझे आज तो उनको छोडूंगी नहीं मेरी प्यारी स बहन को रुला दिया रुक तू.

शिल्पा न चुटकी बजायी और मैं सीधा उसके पास पहुंच गया हाथ म कटोरी लिए हुए.

शिल्पा- तुमने क्यू रुलाया इसको बोलो.

मैं- हैं! मैंने मैंने तो इससे कुछ कहा HI नहीं.

PIHU-(SHILPA स) दीदी जीजू न मुझसे बात नहीं क्र रहे है.

MAIN-(SHILPA S)ISKO बोलो यहाँ इसका कोई जीजू विजु नहीं रहता

मेरा ऐसा कहना था क वो और जोर जोर स रोने लगी वही शिल्पा को गुस्सा आ गया उसको ऐसे रूट देख.

SHILPA(GUSSE म)- ये क्या बोल रहे हो तुम (प्यार स पीहू को गल्ले लगा) न बच्चा रूट नहीं अरे वो मजाक क्र रहे है.

MAIN-(GUSSE म) मैं कोई मजाक नहीं क्र रहा पता है कल इसने मुझे थैंक्स बोलै रानी पारी को बचने क लिए अब तुम HI बताओ अगर ये मुझे अपना मानती तो क्या ऐसा करती ऊपर स वो रानीपारी उन्होंने भी अपनी परेशानी नहीं बताई मुझे और एक तुम हो जो हर बार इसी क साइड चली जाती हो.

इतना बोल मैं गायब हो पहुंच गया बेस पर वह गया तो SAMEER,SAMEERA और ऋत्विक झुक क्र मुझे रेस्पेक्ट दी क्यू क अब उनको भी पता चल गया था क मेरी यादे वापस आ चुकी है ऊपर स मैंने जिनलोक को बचाया भी.

मेरा मूड बड़ा ख़राब था.

MAIN(TINO S)-CHALO खड़े हो जाओ आज क आज मुझे वो पंकज चौहान यहाँ चाहिए साले ने मेरी माँ क साथ...

(ऋत्विक स) उसको वो जहा भी हो आज HI यहाँ ले क्र AAWO.(SAMEER स) तू जा और वो अकाउंटेंट उसको उठा ला सल्ले को आज HI उड़ा देता हु. है और वो अंकित और उस चूतिये मला सुरेंद्र को भी उठा ला. (समीरा S)AUR आप मैडम ये जो अंदर दोनों पड़े है न इनके सारे बैंक एकाउंट्स को खली क्र दो सड़क प ला दो दोनों को और यहाँ स निकल दो आज HI सबको सीधा करता हु मैं.

तिण्णो HI मेरे बातो को सुन स्तब्ध रह गए.

मैं- अब खड़े क्या हो जल्दी करो जो कहा.

फिर क्या था तिण्णो न 10 मं म जादू स सारा काम म लग गए अब यार सीधा तो गायब नहीं क्र सकते न उनको अकेले पाकर बेहोश क्र क HI ला सकते थे न.

वही मैंने बैठ फाय एक चेयर प तभी अचानक स पूरा माहौल HI चेंज हो गया यार मैं पहुंच गया सीधा अपने रूम मई जहा पीहू और शिल्पा कान पकडे कड़ी थी. दोनों क HI चेहरे आसुओं स भरे हुए थे यार म गुस्से म था पर ऐसे इनको आसुओं म देख मैं भूल गया क मैं गुस्से म था और झट स उठ दोनों को गले लगा लिया और उनको चुप करवाने लगा.

कुछ देर म दोनों चुप हुई फिर मैंने जो भी किया वो सब कुछ शिल्पा को बताया.

मैं और शिल्पा घर1 म चले गए और पीहू अपने स्टूडेंट्स को सीखने लगी.
 
Back
Top