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मैं, कर ना मेरी जान ऐसा क्यों यार, रति, फिर से ना में गर्दन हिलती है.. अब मैं, एकदम से रति का हाथ पकड़ कर अपने सख्त लुंड पर रखता हु जिससे रति अपने हाथ में गर्म सी चीज़ पाकर चौंक जाती है ुर मेरी तरफ घूरने लगती है उसका रिएक्शन देख के मेरे चेहरे पर एक स्माइल आ जाती है ुर रति एक दम से अपने हाथ मेरे लुंड पर से हटा देती है, इधर रति, के खूबसूरत चेहरे पर उसके बाल बिखरे हुए थे क्युकी उसके बाल बहुत hi घने ुर बड़े थे जो उसकी विशाल गांड के भी निचे तक एते थे और उसके बाल हल्के ब्राउन कलर के थे वही इस ठण्ड में भी उसके मानते पे पसीना छाया हुआ था मैं उसके इस रूप को देख और ज्यादा उत्तेजित हो जाता हु और अपने मुसल लुंड को छूट से हटा के पेट पर दबाने लगता हु क्युकी रति की हाइट मेरे से बहुत छोटी थी इस लिए जब वह
मेरे साथ कड़ी होती तो उसका सर मेरे साइन तक अति जिसकी वजह से मेरा लुंड उसके पेट के नाभि के सामने था वही रति, को अपनी नाभि के ऊपर मेरे लुंड का बड़ा सा सूपड़ा महसूस हो रहा था पर लेकिन इस वक़्त वह कुछ कर नहीं पा रही थी, मैं, उसकी आँखों में देखते हुए अपना लुंड उसके नाभि के खाई के ऊपर अपना मोटा सा सूपड़ा घिसने लगता हु और रति बस अपनी ाहो को काबू करते हुए मुझे देख रही थी उसकी तेज साँस लेने से उसकी बड़ी बड़ी चुके ऊपर निचे वो रहे थे, इधर मैं, अब आगे झुक कर रति के पंखुड़ी जैसी होंठो के पास आ जाता हु वही रति, भी अब देर न करते हुए अपने गुलाबी होंठ आगे कर देती है जिसे देख के मैं, बहुत hi रोमांटिक अंदाज म मेरी जान ये हुई न बात बस ऐसे hi करती जा?, ये बोल के अपने होंठ उसके गुलाबी होंठो पर रख देता हु ुर उसे चूमने लगता हु,
रति, इतनी मदहोश हो चुकी थी की वह अपनी जुबान मेरी जुबान के साथ मिला कर उसको चूसने लगती है, वही रति, को अब कोई फ़िक्र नहीं थी की वो किसकी बहु है? किस की पत्नी है? और वो किसके साथ है? वो यहाँ क्या कर रही है?, वो सरे संस्कार भूल के मेरे होंठो को जी जान लगा के ऐसे चूस रही थी जैसे माय उसका पति हु? वही मैं, अपना थूक जब वो मुँह खोलती तो अंदर कर देता और रति वह पूरा का पूरा चाट लेती थोड़ा बहुत मेरे होंठो पे जो भी थूक उसे फील होता वो भी तुरंत अपनी जुबान से चाट कर क्लीन कर देती, वह मेरे बालो में से हाथ फेरते हुए बड़ी जोश में मेरे होंठो को चूस रही थी वही मैं, अब उसकी पीठ से हाँथ को धीरे धीरे सहलाते हुए निचे ले जाता हु, और उसकी बड़ी गांड जो करीब 36 की होगी उसे अपने बड़े बड़े हथेली में पकड़ कर अपना लुंड उसके पेट पर दबाने लगता हु,
इधर मेरे हाथ अपनी गांड पर पाकर रति अपना होश खो बैठती है और मेरा देखा देखि में वह भी अपने हाँथ को मेरी गांड पर रख देती है और उसको मसलने लगती है मेरे लिए ये एक सरप्राइज जैसा था, की एक 22 साल की औरत वो भी शादी सुदा संस्कारी खूबसूरत औरत एक 40 साल के के आदमी जो उससे करीब करीब 18 साल बड़ा है वो मेरी गांड मसल रही है ये सोचते hi मेरा लुंड में और भी ज्यादा तनाव आ जाता है, ऐसे hi थोड़ी देर किश करने के बाद माय रति से अलग हो जाता हु दोनों के हाथ अभी भी एक दूसरे की गांड पर थे रति अपनी साँसों को काबू करने में लगी हुई थी और मैं अपने होंठो पर से जुबान फेर रहा था जिसे देख वो शर्मा जाती ह, वही मैं, एक दम से रति के कमर में हाथ डालकर उसको और ऊपर उठा लेता हु रति एक दम से चौंक जाती है और
गिरने से बचने के लिए मेरे गले में अपना दोनों हाथ डालती है ुर माय एक हाँथ निचे लेजके अपना काळा लुंड को छूट के सामने कर देता हु वही रति, को ये महसूस करते hi वो मुझे गुस्से से घूरते हुए रति, जीजूउउ Ni..Niche उतरो mujhe..plz, मैं बड़े hi आराम से रति को उठाये हुआ था और माय उसकी बातो को इग्नोर करते हुए उसके सुराही दर गर्दन पे चूमने.. लगता हु रति के लिए ये बिलकुल अलग एहसास था उसको आज तक कभी उसका पति ने भी इस तरह नहीं उठाया था भला कैसे उठता वो एक दुबला पतला और रति भरी हुई बदन की मालकिन वही रति, मेरा अपनी पति की कपरिसों सोच कर काफी शर्म महसूस करने लगती है क्यों की इस वक़्त मैं हर तरह से उसके पति रामु से आगे चल रहा था वही मैं, अब रति को दीवार से सत्ता कर उसके गले पर से जुबान फेरने लगता हु मेरी इस हरकत से रति, आह्ह्ह्हह्ह्ह्ह.. ऊह्ह्ह्हह्ह.. जीजूउउउ..
मेरे साथ कड़ी होती तो उसका सर मेरे साइन तक अति जिसकी वजह से मेरा लुंड उसके पेट के नाभि के सामने था वही रति, को अपनी नाभि के ऊपर मेरे लुंड का बड़ा सा सूपड़ा महसूस हो रहा था पर लेकिन इस वक़्त वह कुछ कर नहीं पा रही थी, मैं, उसकी आँखों में देखते हुए अपना लुंड उसके नाभि के खाई के ऊपर अपना मोटा सा सूपड़ा घिसने लगता हु और रति बस अपनी ाहो को काबू करते हुए मुझे देख रही थी उसकी तेज साँस लेने से उसकी बड़ी बड़ी चुके ऊपर निचे वो रहे थे, इधर मैं, अब आगे झुक कर रति के पंखुड़ी जैसी होंठो के पास आ जाता हु वही रति, भी अब देर न करते हुए अपने गुलाबी होंठ आगे कर देती है जिसे देख के मैं, बहुत hi रोमांटिक अंदाज म मेरी जान ये हुई न बात बस ऐसे hi करती जा?, ये बोल के अपने होंठ उसके गुलाबी होंठो पर रख देता हु ुर उसे चूमने लगता हु,
रति, इतनी मदहोश हो चुकी थी की वह अपनी जुबान मेरी जुबान के साथ मिला कर उसको चूसने लगती है, वही रति, को अब कोई फ़िक्र नहीं थी की वो किसकी बहु है? किस की पत्नी है? और वो किसके साथ है? वो यहाँ क्या कर रही है?, वो सरे संस्कार भूल के मेरे होंठो को जी जान लगा के ऐसे चूस रही थी जैसे माय उसका पति हु? वही मैं, अपना थूक जब वो मुँह खोलती तो अंदर कर देता और रति वह पूरा का पूरा चाट लेती थोड़ा बहुत मेरे होंठो पे जो भी थूक उसे फील होता वो भी तुरंत अपनी जुबान से चाट कर क्लीन कर देती, वह मेरे बालो में से हाथ फेरते हुए बड़ी जोश में मेरे होंठो को चूस रही थी वही मैं, अब उसकी पीठ से हाँथ को धीरे धीरे सहलाते हुए निचे ले जाता हु, और उसकी बड़ी गांड जो करीब 36 की होगी उसे अपने बड़े बड़े हथेली में पकड़ कर अपना लुंड उसके पेट पर दबाने लगता हु,
इधर मेरे हाथ अपनी गांड पर पाकर रति अपना होश खो बैठती है और मेरा देखा देखि में वह भी अपने हाँथ को मेरी गांड पर रख देती है और उसको मसलने लगती है मेरे लिए ये एक सरप्राइज जैसा था, की एक 22 साल की औरत वो भी शादी सुदा संस्कारी खूबसूरत औरत एक 40 साल के के आदमी जो उससे करीब करीब 18 साल बड़ा है वो मेरी गांड मसल रही है ये सोचते hi मेरा लुंड में और भी ज्यादा तनाव आ जाता है, ऐसे hi थोड़ी देर किश करने के बाद माय रति से अलग हो जाता हु दोनों के हाथ अभी भी एक दूसरे की गांड पर थे रति अपनी साँसों को काबू करने में लगी हुई थी और मैं अपने होंठो पर से जुबान फेर रहा था जिसे देख वो शर्मा जाती ह, वही मैं, एक दम से रति के कमर में हाथ डालकर उसको और ऊपर उठा लेता हु रति एक दम से चौंक जाती है और
गिरने से बचने के लिए मेरे गले में अपना दोनों हाथ डालती है ुर माय एक हाँथ निचे लेजके अपना काळा लुंड को छूट के सामने कर देता हु वही रति, को ये महसूस करते hi वो मुझे गुस्से से घूरते हुए रति, जीजूउउ Ni..Niche उतरो mujhe..plz, मैं बड़े hi आराम से रति को उठाये हुआ था और माय उसकी बातो को इग्नोर करते हुए उसके सुराही दर गर्दन पे चूमने.. लगता हु रति के लिए ये बिलकुल अलग एहसास था उसको आज तक कभी उसका पति ने भी इस तरह नहीं उठाया था भला कैसे उठता वो एक दुबला पतला और रति भरी हुई बदन की मालकिन वही रति, मेरा अपनी पति की कपरिसों सोच कर काफी शर्म महसूस करने लगती है क्यों की इस वक़्त मैं हर तरह से उसके पति रामु से आगे चल रहा था वही मैं, अब रति को दीवार से सत्ता कर उसके गले पर से जुबान फेरने लगता हु मेरी इस हरकत से रति, आह्ह्ह्हह्ह्ह्ह.. ऊह्ह्ह्हह्ह.. जीजूउउउ..