Anita Singh - Story of a Seductive Housewife - Page 15 - SexBaba
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Anita Singh - Story of a Seductive Housewife

अपडेट 113

अनीता उस आदमी के साथ ढाबे के पीछे गयी तो एक स्टाफ का वाशरूम दिखा. वह उसे दिखती हुयी उस आदमी से boli,"Udhar स्टाफ वाशरूम है. वहीँ चली जाती हूँ"

वह आदमी यह सुनकर अनीता की गांड मसलते हुए bola,"Are ु भी ससुरा गन्दा होगा"

अनीता यह सुनकर उसे देखकर boli,"Toh अब और क्या करूँ?"

वह आदमी यह सुनकर अनीता की गांड की दूसरे भाग को मसलते हुए bola,"Are उहे जो पिछली बार की थी. चलो खेत में मूट लो"

अनीता यह सुनकर सामने खेत देखती हुयी boli,"Nahin, पिछली बार जो हो गया सो हो गया. मैं फिर से वैसे खुले में नहीं करुँगी"

वह आदमी अनीता से bola,"Are खुले में कहाँ, पिछली बार तुम देखि थी कउनो नहीं था"

अनीता यह सुनकर नखरे से boli,"Haan कोई नहीं था इसलिए आप अपनी जगह छोड़ कर मेरी तरफ देखने लगे थे"

वह आदमी यह सुनकर अनीता की गांड सहलाते हुए उसके करीब होकर bola,"Are तोहार गांड हम देख लिए तोह का हो गवा. हमरे जइसन असली मरद तोहार गांड नहीं देखेगा तो कउनो ससुरा नामर्द देखेगा जो तोहरी गांड का खूबसूरती नहीं समझे"

फिर वह अनीता की गांड के तरफ देखते हुए उसकी गांड पर से उसकी कमीज उठाते हुए सलवार को देखा जिसमे अनीता की गांड की शेप अच्छे से समझ आ रही थी क्यूंकि वह जो सलवार पहनी थी वह उसकी कमर से लेकर घुटने तक उसकी पेअर से चिपकी हुयी थी और उसके नीचे फ्री फ्लोइंग थी. उस सलवार में अनीता की गांड का शेप पूरा समझ आ रहा था.

वह आदमी जैसे hi अनीता की गांड से कमीज को ऊपर उठाया और उसकी बड़ी गांड की शेप देखा, वह उसकी गांड पर हाथ फेरते हुए हवस भरे नज़र से उसकी गांड को देखते हुए bola,"Uff का मस्त गांड है तोहार. अइसन गांड को ससुरा हमरे जइसन मरद कैसे देखे बिना रहेगा"

अनीता बिना शर्म के उस आदमी के तरफ देख रही थी की कैसे वह खुलकर उसकी गांड पर हाथ फेरते हुए हवस भरे नज़र से उसकी गांड को देखते हुए उस पर हाथ फेर रहा था. अनीता की चेहरे पर शर्म आने के बजाय गर्व का भाव आ गया और उसे अपनी जवानी और गांड पर गर्व हो रहा था.

वह आदमी अगले पल अनीता को देखते हुए उसकी गांड के बीच हाथ रखकर बीच का ऊँगली उसकी गांड की दरार में घुसते हुए उसकी गांड को हिलाते हुए bola,"Tum बताओ अगर हम तोहरी गांड को देखे बिना रह जाते तो ी हमरे मर्दानगी पर ठु नहीं होता का की अइसन जवान गांड देखने का मौक़ा हम छोड़ दिए. और तोहरी गांड का भी तो बेइज़्ज़ती होता की अइसन मस्त गांड को हमरे जइसन मर्द नहीं देखा"

अनीता की सांस यह सुनकर तेज़ हो रही थी. वह तेज़ सांस लेती हुयी boli,"Ab आप अपनी मर्दानगी की बात ले आये, यह क्या बात हुयी? बस बाते बनाते रहते हैं आप"

वह आदमी यह सुनकर अनीता की आँखों में देख कर bola,"Are मर्दानगी का hi तो बात है"

वह यह बोलकर अनीता की गांड पर वापस हवस भरा नज़र डालते हुए उसकी गांड की दूसरी भाग को पकड़ कर हिलाते हुए bola,"Uff सच में का मस्त गांड है तोहार"

उस आदमी को ऐसे अपनी गांड को हवस भरे नज़र से देखते हुए उसे दबाकर उसको तारीफ करते देख अनीता की चेहरे पर गर्व की भाव फिर से आ गयी.

वह गर्व के भाव से उस आदमी के चेहरे पर देख रही थी की तभी वह आदमी वापस उसे देखकर उसकी गांड पकड़ कर हिलाते हुए puchha,"Tum बताओ हमरा जइसन मरद का तोहार जइसन जवान औरत का गांड देखने का मैं नहीं करेगा का? तुम hi बताओ हम का कुछो ग़लत किये तोहार गांड देखकर?"

अनीता यह सुनकर उसे देखती हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"Achha ठीक है आपने देखा लिया कोई बात नहीं. जो हो गया, पिछली बार वह हो गया. लेकिन ऐसे यहाँ खुले में फिर से करना सही नहीं होगा न"

वह आदमी अनीता को गांड दबाते हुए bola,"Are तो का हो जायेगा. हम तोहार नंगी गांड तो देख hi चूका हूँ. एक बार और देख लूंगा"

अनीता यह सुनकर कामुक अंदाज़ में boli,"Nahin मेरा मतलब वह नहीं है."

अनीता फिर आस पास देखकर boli,"Abhi खेत खुला है तो कोई भी देख लेगा न. मेरा मतलब है कोई और आ जायेगा तो अजीब लगेगा न"

वह आदमी यह सुनकर bola,"Haan ी बात तोह सही बोली. हमरा जइसन मरद तोहार गांड देख hi सकत है. मगर ससुरा कउनो और आकर तोहार गांड देख लेगा तो ससुरा का लौड़ा से पानी hi निकल जायेगा हाहाहा"

वह आदमी यह बोलकर हल्का हसने लगा तो अनीता बेशर्मी से उसे देखती हुयी अपनी आखें बड़ी करके boli,"Offo मुझे जोर से लगी है और आप सिर्फ बातें बना रहे हैं. मैं वाशरूम में hi जा रही हूँ"

वह आदमी यह सुनकर अनीता की गांड दबाते हुए bola,"Are रुको. ु झड़ी के पीछे चलो. यहां बैठ कर मूट लेना"

अनीता देखि की एक खेत के बाद कुछ पेड़ और झाडी है. अनीता वह देख ने के बाद एक नज़र ढाबे के तरफ दौड़ा कर आस पास देखने लगी की तभी वह आदमी उसकी बायीं हाथ पकड़ कर bola,"jaldi चलो नहीं तो तोहार मूट ीहें निकल जायेगा"

अनीता कुछ बोलती इससे पहले वह आदमी उसकी हाथ पकडे उन पेड़ और झाड़ियों के तरफ जाने लगा. अनीता को भी उसके साथ आगे बढ़ना पड़ा और वह साथ चलती हुयी अपनी आँखें बड़ी करती हुयी boli,"Offo ऐसे क्यों बोलते हैं आप?"

अनीता यह बोलकर उसके साथ चलती हुयी एक बार आस पास देखि की कोई देख तो नहीं रहा है.

वह आदमी अनीता को देखकर bola,"Are तो कौन सा ग़लत बात बोलै हूँ हम"

अनीता यह सुनकर उसके तरफ वापस देखि तो वह आगे bola,"Aese कड़ी रहोगी तो ससुरा मूट इंतज़ार थोड़े करेगा, वह तो ज़्यादा लगेगा तो निकलने hi लगेगा"

अनीता को समझ आ गया की बेवजह का वह भी उसे समझने की कोशिश कर रही है. वह तो जैसा बोलना है वैसे hi बोलेगा और उसका बात तो सही hi है. हाँ अच्छे से सभ्य तरीके से बोल सकता था वह मगर वह तो एक दबंग गुंडा टाइप का आदमी था तो उससे सभ्य बात की उम्मीद करना तो ग़लत hi है.

अगर अनीता को सभ्य बातें सुन्नी है तो सभ्य इंसान से बात करना होगा मगर फिर कोई सभ्य आदमी तो इस बात की परवाह नहीं करता की उसे पेशाब लगी है तो उसे पेशाब करने के लिए जगह खोजने में मदद करे. वह तो सभ्यता दिखने के चक्कर में शायद उसकी परेशानी सुनकर चुप चाप चला जाता या गंदे टॉयलेट hi उसे करने बोलता या मैनेजर के कम्प्लेन करने पर उसका बदतमीज़ी देखकर बात को आगे बढ़ने से बचने के लिए उसे उसके हाल पर छोड़ देता. यह तो इस आदमी का दबंग अंदाज़ hi है की न सिर्फ वह अनीता के लिए उस बद्तमीज़ मैनेजर के सामने खड़ा हुआ बल्कि उसके पेशाब करने का इंतज़ाम भी कर रहा है.

अनीता यह सोच hi रही थी की वह आदमी bola,"Ab बात छोडो और जल्दी चलकर मूट लो" और अगले पल उसकी हाथ छोड़कर उसकी गांड पर हाथ रखते हुए सहलाकर अनीता की आँखों में देखते हुए bola,"Nahin तो ससुरा ी अपना सलवार में मूट डौगी तो हुंका hi बस से जाकर दूसरा सलवार लाना पड़ेगा"

अनीता यह सुनकर अपनी आँखें बड़ी करके उसे देखि मगर कुछ बोली नहीं. उसे पता था कुछ बोल कर फायदा नहीं होगा और उल्टा बात hi बढ़ेगा.

अनीता उसका बात सुनकर बेशर्मी से उसे एक नज़र देखि और फिर एक नज़र आस पास दौड़ाई तो वह आदमी उसकी गांड पकड़ कर हिलाते हुए bola,"Are कउनो नहीं देख रहा है की तुम मूतने के लिए हमरे साथ झाड़ियों में जा रही हो"

अनीता की दिल यह सुनकर धड़क गयी. वह यह सुनकर बिना शर्म के उस आदमी के आँखों में देखती हुयी boli,"Phir भी. पता नहीं कौन कब ढाबे के पीछे आकर हमें देख ले. थोड़ा जल्दी चलिए प्लीज"

वह आदमी जवाब में उसकी गांड सहलाते हुए bola,"Are देख लेगा तो देख लेने दो. कउनो देखकर का hi उखाड़ लेगा. कउनो कुछो बोलेगा तो ससुरा का गांड तोड़ दूंगा"

अनीता यह सुनकर बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी boli,"Offo आप और आपकी बातें. यह दबंगई करना अच्छा लगता है क्या आपको"

वह आदमी यह सुनकर मुस्कुराते हुए उसकी गांड मसल कर bola,"Humka तो तोहार गांड देखना अच्छा लगता है"

अनीता यह सुनकर बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी अपनी आँखें बड़ी करके उसे देखि तो वह आदमी अनीता की आँखों में देखा और फिर नज़र नीचे उसकी क्लीवेज पर करके हवस से अनीता की चूँचियों को देखा. अनीता की बदन में उसके बात से एक अजीब सा सनसनी महसूस हुयी और जब वह उसकी चूँचियों को भूखे हवस भरे नज़र से देखा तो वह सनसनी बढ़ गयी. यहाँ तक की उसकी छूट में भी सनसनी महसूस हुयी.

अनीता उसे अपनी चूँचियों को देखते हुए देख बिना कुछ रियेक्ट किये थोड़ी तेज़ी से चलने लगी जिससे उसकी बड़ी गांड मटकने लगी. वह आदमी उसकी गांड की मटक अपने हाथ पर महसूस करके नज़र पीछे करके अनीता की गांड पर लेजाकर उसे देखते हुए bola,"Uff का मस्त गांड मटकत है तोहार"

अनीता यह सुनकर अपनी आँखें बड़ी करके उसे देखि तो वह आदमी अनीता को देखकर मुस्कुरा दिया और उसकी गांड पर थपथपाते हुए bola,"Are अब तोहार गांड मटकत है तो उहे बोलूंगा न"

अनीता यह सुनकर उसे देखती हुयी boli,"aapko तो कुछ बोलना hi बेकार है"

वह आदमी यह सुनकर मुस्कुराकर उसकी गांड पकड़ कर हिलाते हुए bola,"Lekin हम कउनो बेकार का बात नहीं करात हूँ. सच में बड़ा मस्त गांड है तोहार"

अनीता की चेहरे पर यह सुनकर एक गर्व की भाव आ गयी और वह गर्व की भाव से उस आदमी को देखती हुयी अपनी गांड को और मटकने लगी. वह आदमी साफ़ साफ़ अपने हाथ पर अनीता की गांड की मटक को बढ़ता हुआ महसूस करके उसकी गांड के तरफ देखा तो पाया की अनीता की गांड की मटक बढ़ गयी है. वह आदमी यह देखकर bola,"ee हुआ न बात. उफ़ का मटकत है तोहार गांड"

अनीता अपनी चेहरे पर गर्व का भाव लाती हुयी अपनी गांड को वैसे hi मटकती हुयी चलने लगी तो वह आदमी अनीता की गांड पर हल्का थपथपा कर bola,"Haan ऐसे hi गांड मटकती हुयी चलो"

अनीता यह सुनकर बेशर्मी से उस आदमी के तरफ देखती हुयी अपनी गांड मटकती हुयी चलती हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"Offo आप भी न कैसी कैसी बातें बोलते रहते हैं. मैं जल्दी चलने की कोशिश कर रही हूँ और आप है की बस बातें बनाये जा रहे हैं"

वह आदमी यह सुनकर जल्दी जल्दी चलते हुए bola,"Are अब तोहार गांड मटकत है उहे तो हम बोलत हूँ"

अनीता यह सुनकर बेशर्मी से boli,"Ab चलते वक़्त तो वह होगा hi. इसमें बोलने की क्या बात है"

और फिर एक ऐडा से puchhi,"Hmm? बताइये? चलते वक़्त वैसे तो होगा hi न. इसमें बोलने की क्या बाय है?"

वह आदमी यह सुनकर मुस्कुराकर अनीता को देखकर उसकी गांड मसलते हुए bola,"Achha ठीक है कुछो नहीं बोलूंगा हम. बस तोहार गांड देखूंगा. ऐसे hi अपनी गांड मटकती हुयी चलो"

अनीता यह सुनकर कामुक नज़र से उस आदमी को देखि और फिर एक ऐडा से अपनी कान के पास का बाल कान के पीछे करती हुयी अपनी गांड को और मटकती हुयी चलने लगी.

वह आदमी यह महसूस करके अनीता की गांड को हवस भरे नज़र से देखा. अनीता देखि की कैसे वह आदमी उसकी गांड को देख रहा है. वह आदमी अनीता की गांड पकड़ कर हिलाते हुए bola,"Haan ऐसे hi मटकाओ अपनी गांड"

अनीता यह सुनकर अपनी गांड को और मटकने लगी तो वह आदमी अनीता की तरफ देखकर मुस्कुराते हुए उसकी गांड थपथपाते हुए bola,"Ee हुआ न बात"

अनीता यह सुनकर अपनी चेहरे पर गर्व का भाव लाती हुयी उसे देखि और फिर सामने देखती हुयी गांड मटकती हुयी चलने लगी. वह आदमी भी उसके साथ चलते हुए अनीता की गांड को देखकर उसे सहलाते हुए उसे कभी कभी थपथपा रहा था. अनीता यह महसूस करके कुछ नहीं बोल रही थी.

आखिरकार वह लोग झाड़ियों के पीछे पहुँच गए. अनीता एक नज़र ढाबे के तरफ देखि तो कोई नहीं था यह देखकर उसे राहत महसूस हुयी.

वह आदमी अनीता की गांड थपथपाते हुए bola,"Are कउनो नहीं देख रहा. अब चलो ी सलवार खोलकर जल्दी से मूट लो".

अनीता यह सुनकर उस आदमी के तरफ देखकर boli,"Are फिर से आप कैसी बातें करने लगे"

वह आदमी यह सुनकर अनीता की गांड पर हाथ रखे सहलाते हुए उसके थोड़ा करीब होकर आँखों में देखकर bola,"Are तो का ग़लत बोले हम? तुम का सलवार पहने hi मूटोगी? ी का खोलोगी नहीं का?"

अनीता की सांस यह सुनकर तेज़ हो गयी. उसे उस आदमी का यूँ खुलकर बोलने से एक अजीब सा एहसास हो रहा था. अनीता भी उसके आँखों में देखती हुयी कामुक आवाज़ में boli,"Are तो एहि बात तो मैं बोल रही हूँ की यह कोई बोलने की बात है. सलवार तो खोलना hi पड़ेगा न मुझे."

वह आदमी अनीता की बात सुनकर हल्का मुस्कुराकर उसकी गांड थपथपाते हुए bola,"Theek है तो सलवार खोलकर मूट लो"

अनीता यह सुनकर एक तरफ आँखों से इशारा करती हुयी boli,"Main उधर पेड़ के पीछे जाकर कर लेती हूँ. आप एहि खड़े रहिये और उधर दूसरी तरफ देखिएगा"

वह आदमी यह सुनकर मुस्कुराकर bola,"Are ीहें मूट लो न. हम तो तोहार नंगी गांड देख hi चूका हूँ"

अनीता की दिल धड़क गयी और सांस और तेज़ हो गयी यह सुनकर. वह अपनी बेशर्मी दिखती हुयी उसके बात पर ऐतराज़ किया बिना boli,"Haan इसलिए फिर से नहीं देखना है आपको. पिछली बार तो बहाना बनाकर देख लिए थे, लेकिन इस बार नहीं. आप उधर खड़े रहिये मैं पेड़ के पीछे जा रही हूँ"

वह आदमी यह सुनकर मुस्कुराकर अनीता की गांड के तरफ देखकर उसकी गांड की एक भाग को पकड़ कर हिलाते हुए bola,"Uff बड़ा मस्त गांड है तोहार. चलते वक़्त कैसे हिल रही थी"

अनीता धड़कते दिल और तेज़ सांस लेती हुयी boli,"Ab बस कीजिये अपनी बातें. कितने गंदे तरीके से बोलते हैं आप"

वह आदमी यह सुनकर अनीता की गांड पकड़ कर हिलाते हुए bola,"Are गांड को गांड नहीं बोलूंगा तो और का बोलूंगा?"

अनीता जवाब में boli,"Aapko तो कुछ बोलना hi बेकार है, बस मनमानी करते रहते हैं आप, लेकिन आज बहाना बनाकर फिर से देखने मत आ जाइएगा. उधर जाकर खड़े होइए आप, मैं पेड़ के पीछे जा रही हूँ"

वह आदमी यह सुनकर मुस्कुराकर अनीता की गांड को प्यार से सहलाते हुए उसकी गांड के तरफ देखते हुए puchha,"Are का देखने के लिए मन कर रही हो?"

अनीता यह सुनकर बेशर्मी से boli,"Jaise आपको पता hi नहीं है?"

वह आदमी यह सुनकर उसकी गांड को सहलाते हुए उसकी आँखों में देखकर bola,"Are नहीं पता इसलिए तो पूछत हूँ"

अनीता यह सुनकर बेशर्मी से एक ऐडा से boli,"Wahi जहाँ आप देख रहे थे अभी और जहाँ आपका हाथ है"

वह आदमी यह सुनकर अनीता की गांड से हाथ हटाकर मुस्कुराते हुए puchha,"Humra नज़र तो तोहरा खबसूरत चेहरा पर है और हाथ तो कहीं नहीं रखा हुआ है"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर boli,"Haath और नज़र तो हटा लिया आपने. अब जब हटा hi लिया है तो रहने दीजिये. मैं चली पेड़ के पीछे"

अनीता यह बोली hi थी की तभी वह आदमी अपना हाथ वापस उसकी गांड पर रखते हुए सहलाकर bola,"Haan ठीक है जाओ. बहोत ज़ोर से मूट लगा होगा तुमका. ऐसा नहीं हो की ी सलवार में hi तोहार मूट निकल जाये"

अनीता यह सुनकर उसे देखकर कामुक अंदाज़ में boli,"Phir से वही बात. कैसी बातें करते हैं आप"

वह आदमी यह सुनकर हल्का मुस्कुराया तो अनीता कामुक अंदाज़ में boli,"Ab जाइये उधर खड़े रहिये और उधर hi रहिएगा. पेड़ के पीछे आकर देखने मत लगिएगा पिछली बार की तरह"

वह आदमी यह सुनकर अनीता की गांड को मसलते हुए puchha,"Are तो एक बार बता तो दो की हम का नहीं देखे"

अनीता यह सुनकर बेशर्मी से boli,"Bola तो मैंने की जहाँ आपका हाथ है"

वह आदमी यह सुनकर मुस्कुराते हुए अपना हाथ उसकी गांड से हटा दिया तो अनीता बेशर्मी से boli,"Ab हटाकर यह मत पूछियेगा की कहाँ था हाथ आपका"

वह आदमी मुस्कुराकर bola,"Are तो बता दो न हुंका की हमरा हाथ कहाँ था और हम का नहीं देखे?"

अनीता यह सुनकर एक ऐडा से उसे देखती हुयी अपनी बेहयाई, बेशर्मी और रणदीपाने का साबुत देती हुयी उसका हाथ पकड़ कर अपनी गांड की दायी भाग पर रखती हुई कामुक अंदाज़ में boli,"Yahan था आपका हाथ"

और अगले पल अपनी गांड की तरफ आँखों से इशारा करती हुयी boli,"aur इसे नहीं देखना है आपको"

वह आदमी यह सुनकर उसकी गांड देखते हुए उसकी कमीज को गांड से ऊपर करते हुए सीधा उसकी सलवार के ऊपर से गांड पकड़ कर उसे पकड़ कर हिलाते हुए अनीता की आँखों में देखते हुए bola,"U ससुरा कउनो नामर्द hi होगा जो तोहार गांड नहीं देखेगा. इतना मस्त गांड है तोहार की देखे बिना कउनो मर्द रह नहीं सकता. और तुम तो हमार लौड़ा देखि हो और उसका मालिश भी की हो. तुम hi बताओ हमरा जइसन मरद तोहरा जइसन औरत का गांड कैसे नहीं देखेगा"

अनीता की सांस यह सब सुनकर तेज़ हो रही थी और दिल धड़क रही थी. पेशाब तो उसे लगा था मगर उसे उस आदमी का यूँ बात करने का अंदाज़ अच्छा लग रहा था तो वह पेशाब को रोकी हुयी बात कर रही थी.

वह यह सुनकर उस आदमी को देखकर अपनी बेशर्मी का प्रदर्शन करती हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"Theek है ऐसे hi देख लीजिये. मगर जब मैं पेड़ के पीछे जाकर अपनी सलवार खोलूंगी तो देखने मत आ जाइएगा पिछली बार की तरह. बस ऊपर से देख रहे हैं उतना hi काफी है"

वह आदमी यह सुनकर मुस्कुराते हुए अनीता की गांड को मसलते हुए bola,"Achha तो तोहार कहने का मतबल है की हम तोहार गांड ऐसे ऊपर से देख सकत है मगर नंगा गांड नहीं देख सकत है"

अनीता यह सुनकर बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी boli,"Offo कैसी गंदे तरीके से आप बोलते हैं. कुछ और भी तो बोल सकते हैं"

वह आदमी यह सुनकर अनीता की गांड को मसलते हुए bola,"Are अब गांड को गांड hi न बोलूंगा"

अनीता यह सुनकर अपनी आँखें बड़ी करती हुयी उसे देखकर boli,"Phir से वही बात. आपको तो कुछ बोलना भी बेकार है. बस अपनी मनमानी करते रहते हैं. अभी मैंने मन किया ऐसे गंदे तरीके से नहीं बोलने फिर भी वही बात बोले जा रहे हैं"

वह आदमी यह सुनकर मुस्कुराकर bola,"Are ससुरा अब हम गांड को और का बोलूं. और तोहार गांड अइसन है की बार बार देखने का मैं करात है हुंका उहे तो बोल रहा हूँ"

अनीता यह सुनकर अपनी गांड के तरफ आँखों से इशारा करती हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"Agar इधर देखने से आपको वैसी गन्दी बातें करने का मैं करता है तो मत देखिये"

वह आदमी यह सुनकर मुस्कुराया और अगले पल अनीता की गांड को देखते हुए उसे पकड़ कर हिलाते हुए bola,"Uff का मस्त गांड है तोहार. अइसन गांड को हम देखे बिना कइसन रह सकत है"

अनीता यह सुनकर उसे देखती हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"Dekhe बिना hi रहना होगा, समझे आप"

वह आदमी यह सुनकर उसकी दायी गांड को देखते हुए पकड़ कर हिलाकर bola,"Uff कैसे हम ी गांड को देखे बिना हम रह सकत हूँ. लेकिन कउनो बात नहीं है, अगर तुम बोलत हो तो हम ी गांड नहीं देखूंगा"

फिर वह अनीता की गांड की बायीं भाग को पकड़ कर हिलाते हुए bola,"lekin ी तोह देख सकत हूँ हम"

अनीता यह सुनकर अपनी आँखें बड़ी करके उस आदमी के आँखों में देखती हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"Offo कुछ भी नहीं देखना है आपको"

वह आदमी यह सुनकर उसकी बायीं गांड से हाथ हटते हुए दायी गांड पर रखकर हिलाते हुए bola,"Haan तोहार ी गांड नहीं देखूंगा हम"

अनीता अगले पल फिर से अपनी बेहयाई, बेशर्मी और रणदीपाने का साबुत देती हुयी उसका हाथ पकड़ कर अपनी दायी गांड के तरफ आँखों से इशारा करती हुयी boli,"Na इधर देखना है आपको" फिर वह उसका हाथ पकड़ कर अपनी बायीं गांड पर रखती हुयी वैसे hi आँखों से इशारा करती हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"Na इधर. दोनों में से कोई भी नहीं देखना है आपको"

वह आदमी यह सुनकर मुस्कुराया तो अनीता रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Muskuraiye मत, देखकर समझ लीजिये कहाँ आपकी नज़र नहीं जानी चाहिए जब मैं पेड़ो के पीछे जाकर अपनी सलवार खोलूंगी तो" और अपनी आँखों से उसे देखती हुयी अपनी गांड के तरफ इशारा की तो वह आदमी उसकी गांड की तरफ देखा तो अनीता उसका हाथ पकड़ कर अपनी बायीं गांड से हटाकर दायी गांड पर रखती हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"Dekh लीजिये अच्छे से की आपको न यह देखना है" और फिर वह उसका हाथ पकड़ कर बायीं गांड पर रखती हुयी boli,"aur न hi यह देखना है"

वह आदमी मुस्कुराते हुए अनीता की गांड देखते हुए उसे सहलाने लगा और फिर अनीता की तरफ देखा तो वह कामुक अंदाज़ में boli,"Samajh गए न आप कहाँ नहीं देखना है? एक बार आप भी बताइये ताकि मुझे यक़ीन हो जाये की आप समझ गए"

वह आदमी यह सुनकर मुस्कुराते हुए अनीता की बायीं गांड पकड़ कर हिलाते हुए bola,"Tohaar ी गांड नहीं देखूंगा हम"

फिर वह अपनी बायीं गांड के ततफ आँखों से इशारा करती हुयी boli,"Sirf इसे या और भी कुछ"

वह आदमी यह सुनकर अनीता की दायी गांड पर हाथ लाते हुए उसे हलके से मसलते हुए bola,"Aur तोहार ी गांड भी नहीं देखूंगा"

अनीता यह सुनकर कामुक अंदाज़ में puchhi,"Pakka?"

वह आदमी अनीता की गांड सहलाते हुए bola,"Haan पक्का. लेकिन तुम जब पेड़ के पीछे मूतने जाओगी तो यह गांड मटकते हुए जाना. हुंका तोहार गांड को मटकते हुए देखना है"

अनीता यह सुनकर कामुक अंदाज़ में boli,"pura रास्ता तो आपने देखा न? आपका नज़र तो उसी पर था. अब और कितना देखेंगे?"

वह आदमी उसकी गांड दबाते हुए bola,"Are हमरे जइसन मरद का तोहार गांड का मटक देखने का तो हर वक़त मैं करेगा"

अनीता यह सुनकर अपनी सर हिलायी और फिर एक ऐडा से boli,"Main जा रही हूँ. आप देखिएगा कोई आ न जाये"

वह आदमी यह सुनकर अनीता की गांड थपथपाते हुए bola,"Haan जाओ. और यह गांड मटकते हुए जाना"

अनीता यह सुनकर कुछ नहीं बोली और घूमकर अपनी गांड को नार्मल से ज़्यादा मटकती हुयी पेड़ के पीछे जाने लगी. वह आदमी यह देखकर bola,"Uff बड़ा मस्त कातिल गांड है तोहार थोड़ा और मटकाओ न"

अनीता की चेहरे पर यह सुनकर गर्व की भाव आ गयी मगर वह कुछ बोले बिना अपनी गांड को और मटकती हुयी पेड़ के पास पहुंचकर पहले अपनी कुर्ती थोड़ी ऊपर उठाई जिससे उसकी गांड का आकर सलवार के ऊपर से साफ़ साफ़ दिख रही थी. फिर वह सलवार में दोनों तरफ से अंगूठा घुसकर उस आदमी के तरफ देखि जो उसकी गांड को hi देख रहा था.

अनीता उसे अपनी गांड को देखते हुए देख बेशर्मी से boli,"Are आप उधर देखिये न की कोई आ न जाये"

वह आदमी यह सुनकर उसकी गांड से नज़र हटाकर उसे देखा तो अनीता कामुक अंदाज़ से दूसरे तरफ देखने का इशारा की तो वह आदमी bola,"Are तुम सलवार खोलकर मूतना तो शुरू करो. हम देख रहा हूँ की कउनो ससुरा इधर न आये"

अनीता यह सुनकर कुछ नहीं बोली और थोड़ी आगे होकर पेड़ के पीछे पूरी तरह से चली गयी जिससे अब उस आदमी को कुछ नहीं दिख रहा था. वह बस अनीता की सलवार में कैद गांड की आकर और अनीता को सलवार में अपनी अंगूठा डालते हुए hi देखा था.

उस आदमी को कुछ सेकण्ड्स बाद अनीता की पेशाब की धार सुनाई देने लगा. उसके कुछ सेकण्ड्स बाद अनीता की आह की आवाज़ aayi,"Aaahh आउच"

यह सुनकर वह आदमी अनीता के तरफ गया और जैसे hi पेड़ के पीछे गया तो उसे अनीता की नंगी गांड दिख गयी. रात के अँधेरे में अनीता की गोरी गांड चमक रही थी. अनीता चुप चाप पेशाब कर रही थी और वह आदमी अनीता की गांड को देखते हुए उसकी पेशाब की धार की आवाज़ सुन्न रहा था. वह आदमी अनीता की नंगी गांड देख hi रहा था की अनीता फिर से आह nikali,"aaahh" तो वह आदमी तुरंत puchha,"Are का हुआ तुम का. कहे चीख रही हो"

अनीता कराह कर पेशाब करती हुयी hi अपनी बायीं हाथ पीछे लेजाकर अपनी बायीं गांड पर रखकर सहलाने लगी थी की तभी वह उस आदमी का बात सुनकर घबरा कर पीछे देखि तो उसे देखते hi उसकी दिल धड़कने लगी और वह अपनी पेशाब रोककर उसे देखती हुयी धीरे से boli,"Yeh क्या कर रहे हैं आप? यहाँ क्यों आये?"

वह आदमी यह सुनकर bola,"Are तुम कराह रही थी तो हम घबरा गए और देखने आ गए की का हुआ"

अनीता अपनी पेशाब रोकी हुयी मगर वैसे hi गांड नंगी किये हुए बैठी यह बातें बोल रही थी. वह जान रही थी की वह आदमी उसकी नंगी गांड देख सकता था, बल्कि बात करते हुए देख रहा था मगर उसे उसकी चिंता अब नहीं थी. वह जानती थी की वह उसकी नंगी गांड पहले भी देख चूका है और अभी आकर फिर से जब देख चूका है तो क्या hi छुपाये. लेकिन वह उसके सामने पेशाब नहीं करना चाहती थी तो पेशाब रोके वैसे hi नंगी गांड के साथ बैठे उससे बातें करने लगी.

अनीता उसका बात सुनकर boli,"Jhooth मत बोलिये. आप पहले से hi आ गए होंगे देखने के लिए जो आप देख रहे हैं"

वह आदमी यह सुनकर bola,"Are जब हम तोहका अपना जबान दिए थे तो ुका कैसे तोड़ते. ससुरा हम ज़बान का पक्का हूँ. ु ससुरा मरद hi का जो ज़बान का पक्का नहीं हो."

वह आदमी जिस हिसाब से बात बोलै अनीता को भी लगा की वह सच बोल रहा है. अनीता को बुरा लगा की वह सिचुएशन समझे बिना hi उसे जज करने लगी.

वह आदमी आगे bola,"Aur ु भी कउनो मरद नहीं होगा जो औरत का परेशानी जान कर मदद करने नहीं आये. हम तोहार कराह सुने तो देखने आ गए"

अनीता वैसे hi नंगी गांड के साथ बैठी उसका बात सुन्न रही थी और यह बात सुनकर उसे और अच्छा लगा की वह आदमी उधर उसकी आह सुनकर चिंता से आया था. अगर उसे सिर्फ उसकी गांड देखना होता तो अपना दबंगई दिखते हुए ज़बरदस्ती उसकी सलवार खोलकर भी देख सकता था, मगर वह ऐसा नहीं किया. अनीता को अच्छा लगा की वह उसकी चिंता कर रहा था.

वह देखि की वह आदमी उसकी नंगी गांड देख रहा था मगर अनीता को कोई ऐतराज़ नहीं था बल्कि अगले पल उसे और अच्छा लगा जब वह आदमी उसकी गांड देखने के बाद उसकी चेहरे पर देखकर puchha,"Tohaar गांड पर कउनो कीड़ा काट रहा था ka?Hum जब आये तो देखे तुम अपनी गांड सेहला रही थी"

अनीता को उसके भाषा पर कोई ऐतराज़ नहीं हुआ. वह जान रही थी की वह आदमी वैसे hi गंदे भाषा में hi बोलेगा तो ऐतराज़ करके अब कोई फायदा नहीं. अनीता उस आदमी को देखती हुयी बेशर्मी से boli,"Haan"

यह सुनकर वह आदमी अनीता की तरफ देखा तो अनीता boli,"Lekin अब ठीक है आप जाइये"

वह आदमी यह सुनकर bola,"Are फिर से तोहरी गांड पर काट लेगा तो"

फिर वह उसकी नंगी गांड को देखते हुए bola,"Hum रह कर देखता हूँ की ससुरा कौन कीड़ा है जो तोहार ी गोरा नाज़ुक गांड पर काट रहा है"

अनीता इतनी बेशर्म औरत थी की अब उसे उस आदमी का उसकी नंगी गांड को देखने पर कोई ऐतराज़ नहीं था. उसका मानना था की वह आदमी पहले भी एक बार उसकी गांड को नंगी देख चूका था और अभी फिर से दुबारा देख चूका था तो अब छुपाने का कुछ है hi नहीं.

लेकिन वह जितनी भी बेशर्म थी और जितना भी उसके अंदर रान्दीपना थी, वह उस आदमी के सामने पेशाब नहीं करना चाहती थी. उसे यह थोड़ा अजीब लग रही थी. वह चाहती थी की अगर उस आदमी को उसकी नंगी गांड देखना है तो दूर से देख ले मगर पेशाब करते वक़्त नज़दीक न रहे.

अनीता उस आदमी को वहां से जाने के लिए डायरेक्ट नहीं बोलना चाहती थी क्यूंकि उसे लग रहा था की वह सच में उसकी नंगी गांड देखने के ख्याल से नहीं, बल्कि उसकी कराह सुनकर देखने आया था की सब ठीक है या नहीं. तो वह उसे यक़ीन दिलाना चाहती थी की सब ठीक है ताकि वह वहां से चला जाये.

इसके लिए अनीता अपनी बेशर्मी दिखती हुयी boli,"Ab ठीक है, कुछ नहीं काटेगा"

अनीता की यह बात सुनकर वह आदमी उसकी गांड से नज़र हटा कर उसकी तरफ देखा तो वह उसके आँखों में देखती हुयी boli,"Dekh तो रहे हैं आप की कोई कीड़ा अब नहीं है"

वह आदमी यह सुनकर उसकी नंगी गांड के तरफ देखा तो अनीता बेशर्मी से boli,"Dekh लीजिये कोई कीड़ा अब नहीं है"

वह आदमी यह सुनकर अनीता की चेहरे पर देखा तो वह बेशर्मी से उसके आँखों में देखती हुयी boli,"Dekha न आपने अब कुछ नहीं है. अब प्लीज जाइये मुझे अभी और करना है. बर्दाश्त नहीं हो रहा है"

वह आदमी यह सुनकर bola,"Are तो मूट लो न. हम तोह यहां दूर खड़ा होकर भी तोहार मूतने का आवाज़ सुन्न रहे थे की कैसे मूट निकल रही है तेज़ी से"

अनीता को यह बहोत hi अजीब लगा. वह आदमी कितना ध्यान से उसकी पेशाब करने की आवाज़ सुन्न रहा था. लेकिन अनीता बहस नहीं करना चाहती थी उससे तो वह उसे देखती हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"please जाइये न जोर होने लगी है. ऐसे अच्छा नहीं लगेगा मुझे आपके सामने hi करना"

वह आदमी यह सुनकर सर हिलाया और एक बार अनीता की नंगी गांड को देखा. अनीता कुछ नहीं बोली. वह आदमी एक पल के लिए उसकी गांड देखने के बाद उसकी चेहरे पर देखकर bola,"Hum जा रहत हूँ. लेकिन कउनो परेशानी होगा तो हुंका बोलना. ससुरा हमरे जइसन मरद के होते हुए तोहार कुछो परेशानी होगा तो हुंका अच्छा नहीं लगेगा"

अनीता यह सुनकर सर "हाँ" में हिलायी तो वह आदमी उसकी गांड के तरफ देखकर bola,"Tohaar दूसरी गांड देख लेता हूँ की कुछो है या नहीं"

अनीता यह सुनकर कुछ नहीं बोली तो वह आदमी थोड़ा गर्दन आगे करके उसकी दूसरी गांड को देखा तो अनीता बेशर्मी से boli,"Wahan भी कुछ नहीं है. होता तो मुझे महसूस होती. अब आप जाइये, अगर कोई परेशानी होगी तो मैं आपको बुला लुंगी"

वह आदमी यह सुनकर अनीता को देखते हुए bola,"Achha ठीक है. हम थोड़ा दुरी पर खड़ा होकर तोहार गांड देखते रहता हूँ. कुछो होगा तो हम आ जाऊंगा"

वह आदमी साफ़ साफ़ बोल रहा था की वह दूर तोह खड़ा रहेगा मगर वह अनीता की नंगी गांड को देखते रहेगा. अनीता अपनी बेशर्मी का साबुत देती हुयी उस आदमी को देखती हुयी boli,"Theek है. अभी आप जाइये"

वह आदमी एक नज़र और अनीता की गांड को देखा. अनीता देखि की कैसे वह आदमी उसकी नंगी गांड को देख रहा था मगर उसे ज़रा सा भी शर्म नहीं आ रही थी.

वह आदमी एक नज़र उसकी गांड को देखकर वापस जाने लगा और लगभग 15 फ़ीट पीछे जाकर खड़ा हो गया. अनीता थोड़ा गर्दन मोड़ कर उसे जाते हुए देखि और जब वह आदमी पीछे जाकर खड़ा हो गया तो वह खुद bola,"Tum आराम से मूतो अब. हम तोहरा गांड देखता हूँ की कउनो कीड़ा नहीं बैठे"

अनीता यह सुनकर कुछ नहीं बोली और सामने देखती हुयी पेशाब की धार छोड़ दी और मूतने लगी. उसे पेशाब करते हुए राहत मिलने लगी और उसे कोई फ़र्क़ नहीं पद रहा था की वह आदमी उसकी नंगी गांड देख रहा था और शायद मूतने की आवाज़ सुन्न सकता था और शायद मूट की धार भी देख सकता था. अनीता बेझिझक मूट रही थी और अभी कुछ सेकण्ड्स hi हुए थे की वह फिर से karahi,"aaahhh" और अपनी बायीं हाथ अपनी बायीं गांड पर लेजाकर सहलाने लगी.

यह देखते hi वह आदमी आगे बढ़ते हुए bola,"Kaa हुआ फिर तोहार गांड पर कुछो काटा का?"

अनीता पेशाब रोकती हुयी अपनी नंगी गांड को सहलाती हुयी गर्दन घुमाये उस आदमी को अपने तरफ आते देख सर हिलती हुयी boli,"Haan". वह देखि की उस आदमी का नज़र उसकी नंगी गांड पर hi था मगर उसे न hi बुरा लगा और न hi कोई ऐतराज़ था.

वह आदमी उसके पास आकर उसके बगल में बैठ गया और उसकी गांड पर रखे उसकी हाथ को पकड़ कर वहां से हटते हुए bola,"Humka देखने दो ससुरा कहाँ काटा है"

अनीता अपनी हाथ अपनी गांड से हटा ली और अगले पल उस आदमी का मरदाना खुरदुरा हाथ अपनी नाज़ुक, मुलायम और बड़ी गद्देदार गांड पर महसूस की. वह आदमी उसकी गांड को सहलाते हुए bola,"Halka लाल हो गवा है इहाँ. ससुरा इतना गोरा और मुलायम गांड को ी कीड़ा काट कर लाल कर दिया"

वह आदमी अनीता की गांड को सहलाते हुए उसकी आँखों में देखकर puchha,"Kuchho समझ में आया तुमका की कौन कीड़ा था?"

अनीता यह सुनकर "न" में सर हिलती हुयी boli,"Nahin. लेकिन अब आप जाइये. बेहतर होगा मैं जल्दी से अपना काम करके उठ जॉन. ऐसे बैठे रहूंगी तो बार बार काट लेगा"

वह आदमी यह सुनकर अनीता की गांड को सहलाते हुए थोड़ा दबाकर उसकी आँखों में देखकर bola,"Haan ठीक है. ससुरा कीड़ा को भी तोहार गांड पसंद आ रहा है और आएगा भी कैसे नहीं. इतना मुलायम और गद्देदार गांड है तोहार"

अनीता यह सुनकर बेशर्मी से कामुक आवाज़ में boli,"Offo अब बातें मत बनाइये. जाइये और मैं जल्दी से अपना काम करके उठ जाती हूँ"

वह आदमी यह सुनकर जवाब देता इससे पहले अनीता siski,"isshhhh" और फिर दायी हाथ पीछे ले जाने लगी तो वह आदमी puchha,"Kaa हुआ फिर से गांड पर कुछो काटा का"

अनीता यह सुनकर "हाँ" में सर हिलती हुयी boli,"Haan"

वह आदमी अनीता को अपनी दायी गांड सहलाते देख bola,"Humka देखने दो"

अनीता यह सुनकर अपनी हाथ अपनी दायी गांड से हटा दी तो वह आदमी उसकी दायी गांड को देखते हुए उस पर हाथ रखकर सहलाते हुए bola,"Humka लग रहा है मच्छर होगा"

अनीता यह सुन्न रही थी की तभी वह आदमी bola,"Haan मच्छर hi है. ससुरा तोहार बया गांड पर बैठ गवा अब"

अनीता यह सुनकर अपनी हाथ पीछे ले जाने लगी तो वह आदमी bola,"Are रुको ऐसे भाग जायेगा. ससुरा को मारना होगा"

अनीता रुक गयी लेकिन तब तक मच्छर उसकी बायीं गांड से हट चूका था. अनीता यह महसूस करके boli,"Lag रहा है भाग गया"

वह आदमी जवाब में bola,"Are ससुरा फिर आ जायेगा. ीका मारना होगा."

अनीता यह सुनते hi boli,"Mujhe लग रहा है फिर से आ गया"

वह आदमी puchha,"Kahan?"

अनीता अपनी दायी गांड के तरफ आँखों से इशारा करती हुयी boli,"Dayi तरफ"

वह आदमी तुरंत bola,"Hilna मत" और अनीता की दायी गांड के तरफ देखा. अनीता बेशर्मी से देख रही थी की कैसे वह आदमी उसकी नंगी दायी गांड देख रहा है की तभी उसे अपनी दायी गांड पर ज़ोर से थप्पड़ महसूस huyi,"Chatak" और अनीता की मुंह से आठ निकल gayi,"Aahhhh" और साथ hi छूट से पेशाब की धार निकलने लगी. अनीता को अजीब लगा की उसके गांड पर थप्पड़ मारने से उसकी छूट से पेशाब निकल गयी. वह परेशानी की भाव से उस आदमी को देखती हुयी boli,"Yeh क्या कर रहे हैं आप?"

जवाब में वह आदमी बोलने से पहले अपने हाथ में मारा हुआ मच्छर दिखते हुए bola,"Are मच्छर को मार दिए नहीं तो फिर से तोहार गांड पर बैठकर काटने लगता"

अनीता उसके हथेली पर मारा हुआ मच्चर देखकर अजीब सा मुंह बनती हुयी boli,"Eeww प्लीज मुझे मत दिखाइए. कैसा गन्दा लग रहा है"

वह आदमी यह सुनकर bola,"Are नहीं दिखते तो तुम समझती की हम बस तोहार गांड पर थप्पड़ मार रहे हैं"

अनीता यह सुनकर boli,"Theek है मगर धीरे से तो मार सकते थे न. कितनी जोर से मारा है आपने"

वह आदमी यह सुनकर प्यार से अनीता की गांड को सहलाते हुए bola,"Are धीरे धीरे हाथ ले जाता तब तक मच्चर भाग जाता. मच्चर को मारने के लिए तेज़ी से मारना पड़ता है न"

अनीता यह सुनकर boli,"Acchha ठीक है" तोह आदमी उसे देखा. अनीता उसे देखती हुयी धीरे से boli,"Lagta है और एक मच्चर आ गया".

वह आदमी तुरंत उसकी गांड को देखते हुए bola,"Hilna मत. बताओ ससुरा किधर है"

अनीता अपनी बायीं गांड के तरफ आँखों से इशारा करती हुयी धीरे से boli,"Bayi तरफ"

वह आदमी उसकी बायीं गांड के तरफ देखा तो अनीता धीरे से puchhi,"Dikha आपको?"

वह आदमी यह सुनकर bola,"Haan तोहरी बायीं गांड पर बैठा हुआ है. तुम हिलना मत हम मारता हूँ ससुरा को"

अनीता जवाब में boli,"Please थोड़ा धीरे मारिएगा"

वह आदमी यह सुनकर bola,"Are धीरे हाथ ले जाऊंगा तो भाग जायेगा"

अनीता जवाब में कुछ नहीं बोली की तभी वह आदमी bola,"Lo ससुरा ी बात के चक्कर में भाग गवा"

अनीता boli,"Theek है जाने दीजिये. भाग गया तो अच्छा hi है"

वह आदमी अनीता की आँखों में देखा तभी अनीता karahi,"aaahhh"

वह आदमी यह सुनकर अनीता को देखा तो अनीता अपनी आँखों से गांड के तरफ इशारा करती हुयी परेशानी से boli,"Jaldi देखिये फिर से बैठकर काटने लगा"

वह आदमी अनीता की गांड के तरफ देखा और अगले पल "चटक" करके जोर से उसकी गांड पर थप्पड़ मारा जिससे अनीता की छूट से फिर से मूट निकल गयी और मुंह से "सीई आअह्ह्ह्ह आउच" करते हुए सिसकारी निकल गयी.

अनीता उस आदमी के तरफ देखि मगर इस बार कोई शिकायत नहीं थी उसके चेहरे पर. वह उसे देखती हुयी puchhi,"Maar दिया आपने मच्छर को?"

वह आदमी अनीता को bola,"Haan".

अनीता राहत की सांस लेती हुयी boli,"Thank गॉड. कितनी देर से काट रहे थे यह मच्छर मुझे, आपने दोनों को मार दिया".

अनीता अपनी बैग से एक वाइप पेपर निकल कर उसे देने लगी तो देखि की उसका नज़र उसकी नंगी गांड पर है तो वह बेशर्मी से puchhi,"Kya हुआ और कोई मच्छर है क्या वहां?"

वह आदमी यह सुनकर उसे देखते हुए मुस्कुराकर bola,"Nahin देख रहा हूँ की तोहार गोरा गांड कैसे लाल हो गवा है"

अनीता यह सुनकर बेशर्मी से कामुक आवाज़ में boli,"Ab आप अपने इस मजबूत हाथ से वहां मारेंगे तो लाल तो होगा hi न. कितनी जोर से मारा है आपने यह तो मुझे hi पता है"

वह आदमी अनीता की नंगी गांड पर हाथ लेजाकर सहलाते हुए bola,"Are जोर से नहीं मारते तोहार गांड पर तो ससुरा मच्छर मरता नहीं और तोहार गांड से सारा खून चूस लेता काट काट कर"

अनीता अपनी गांड पर उसका हाथ महसूस करके कुछ ऐतराज़ नहीं की बल्कि उसे वाइप पेपर देती हुयी बेशर्मी से मुस्कुराकर boli,"Ab मच्छर वहां से सारा खून चूस लेता इसका पता नहीं है, लेकिन आपने तो मच्छर का खून कर दिया न और उसका खून आपके हाथ में लगा हुआ है. यह लीजिये आप अपना हाथ पोंछ लीजिये"

वह आदमी वह लेते हुए उसकी गांड पर हाथ फेरते हुए bola,"Theek है. लेकिन तुम मूतना कहे रोक दी. मूतो न"

अनीता जवाब में कामुक अंदाज़ में boli,"Aap जाइएगा तब तो. आपके सामने कैसे कर सकती हूँ"

वह आदमी यह सुनकर उसकी गांड सहलाते हुए उसकी आँखों में देखते हुए bola,"Are तोहार मूट तो निकल hi रहा था जब हम दोनों गांड पर थप्पड़ मारे तो"

अनीता यह सुनकर अपनी आँखें बड़ी करती हुयी उसे देखि तो वह मुस्कुराते हुए bola,"Kaise छररर से तोहार मूट निकल रहा था"

अनीता यह सुनते hi अपनी आँखें और बड़ी करके उसे देखती हुयी बेशर्मी से मुस्कुराकर boli,"Offo यह कैसी बातें करने लगे आप"

वह आदमी जवाब में bola,"Are मूतने के लिए hi तो बोलत हूँ हम. तोहार गांड पर मारने से हमरे सामने तोहार मूट तो निकल hi रहा था. अब बिना मारे hi मूट निकलेगा हमरे सामने तो का हो जायेगा. बेवजह का परेशान हो रही हो. आराम से मूतो तुम और हम भी मूट लेता हूँ"

यह बोलकर वह आदमी अनीता के बगल में खड़ा हुआ और अपने पंत का ज़िप खोलने लगा. अनीता उसे देखती हुयी boli,"Please आप उधर दूसरे तरफ जाकर कीजिये न"

वह आदमी जवाब में bola,"Are हम उधर चला जाऊंगा और तोहार कउनो परेशानी होगा तो का हम"

फिर वह अपने लुंड के तरफ आँखों से इशारा करते हुए bola,"aese hi लौड़ा से मूट निकलते हुए इधर आऊंगा का"

अनीता यह सुनकर अपनी आँखें बड़ी करके उसे देखती हुयी boli,"Ab यह कैसी बातें करने लगे आप? सच में आप को तो कुछ बोलना hi बेकार है. कर लीजिये एहि पर"

वह आदमी यह सुनकर अपना लुंड पकड़ कर पंत से निकलते हुए bola,"Haan मूतने hi तो जा रहा हूँ हम"

फिर वह अपने लुंड के तरफ आँखों से इशारा करते हुए bola,"Dekh लो"

अनीता यह सुनकर बेशर्मी से उसके चेहरे से नज़र नीचे करके देखि तो उसका लुंड बाहर आ चूका था और जैसे hi वह देखि उसके लुंड से पेशाब का धार निकलने लगा. यह देखते hi उसकी दिल धड़कने लगी.

वह उसके लुंड को देख hi रही थी तो वह आदमी bola,"Dekh ली न की हम मूट रहा हूँ. अब तुम भी आराम से मूतो, नहीं तो ससुरा तोहार गांड पर और मच्छर आ जायेगा. अइसन मस्त गांड है तोहार की ससुरा मच्छर को भी अच्छा लग रहा है"

अनीता जवाब में बेशर्मी से boli,"Phir से बातें बनाने लगे आप. आप जो कर रहे हैं उस पर ध्यान दीजिये"

वह आदमी यह सुनकर मुस्कुराकर उसे देखते हुए bola,"Tum भी मूतो न"

अनीता यह सुनकर उसे कामुक नज़र से देखि और देखती हुयी hi पेशाब की धार छोड़ने लगी और उसकी चेहरे पर थोड़ा राहत दिखा. वह आदमी अनीता की छूट से निकलती हुयी पेशाब की धार का आवाज़ सुन्न सकता था.

वह अनीता की चेहरे पर सुकून देखकर मुस्कुराकर bola,"Araam मिला तो तुमका मूतने से. बेवजह का रोके राखी थी तुम"

अनीता यह सुनकर एक नज़र उसे कामुक अंदाज़ से देखि और चुप चाप सामने देखती हुयी पेशाब करने लगी. अब नज़ारा यह था की अनीता बैठी हुयी पेशाब कर रही थी और उसके ठीक बगल में वह आदमी भी पेशाब कर रहा था.

अनीता बहोत हद्द तक पेशाब कर चुकी थी पहले hi और अब थोड़ा बहोत जो बाकी था उसे करने के बाद अपनी बैग से वाइप पेपर निकली और एक उस आदमी को देती हुयी boli,"Yeh लीजिये आप पोंछ लीजियेगा अपना"

वह आदमी यह सुनकर उसके तरफ देखा और लेते हुए puchha,"Ka पोंछे हम?"

अनीता यह सुनकर boli,"Aap पेशाब कर रहे हैं तोह पोंछेंगे नहीं क्या?"

वह आदमी यह सुनकर जवाब में puchha,"Are उहे तो पूछ रहा हूँ. बताओ कहाँ पोंछना है"

अनीता समझ गयी की वह आदमी चाहता है की वह बताये. अगले पल वह आदमी bola,"Are का सोच रही हो? बता दो न"

अनीता यह सुनकर उस आदमी के आँखों में देखि. वह भी बात को बढ़ाना नहीं चाहती थी और शायद उसे बताने में कोई बुराई भी नहीं लग रही थी तो वह बेशर्मी से उसके लुंड के तरफ आँखों से इशारा करती हुयी boli,"Yeh".

वह आदमी अनीता को ऐसे उसके लुंड के तरफ इशारा करते हुए देख मुस्कुराकर bola,"Achha हमार लौड़ा को पोंछने के लिए बोल रही हो तुम?"

अनीता यह सुनकर बेशर्मी से सर "हाँ" में हिलती हुयी boli,"Haan"

वह आदमी यह सुनकर मुस्कुराते हुए puchha,"Kahe? तोहार हमार लौड़ा चूसने का मैं कर रहा है का?"

अनीता की दिल यह सुनकर धड़कने लगी और वह अपनी आँखें बड़ी करती हुयी उसे देखकर boli,"Phir से कैसी बातें कर रहे हैं आप? अगर आपको नहीं पोंछना है तो छोड़िये"

और फिर अनीता वह वाइप को अपनी छूट के तरफ लेजाकर बेशर्मी से उस आदमी के सामने hi अपनी छूट पोंछने लगी. हालाँकि अनीता जैसे बैठी थी वह आदमी उसकी छूट नहीं देख सकता था और शायद इसलिए वह वहीँ बैठी हुयी अपनी छूट पोंछ रही थी मगर फिर भी ऐसे ग़ैर मर्द के सामने छूट को ऐसे पोंछना अनीता की बेशर्मी, बेहयाई और रान्दीपना दिखा रहा था.

अनीता अपनी छूट पोंछ कर वह वाइप वहीँ फ़ेंक दी और फिर पंतय और सलवार पकड़ कर उठ गयी. निकलते वक़्त तो सलवार और पंतय एक साथ निकलना आसान था मगर पेहेनते वक़्त दोनों एक साथ पहना नहीं जा सकता था.

अनीता वैसी hi नंगी गांड के साथ उस आदमी के बगल में कड़ी होकर सलवार के अंदर से पंतय पकड़ी ऊपर उठाई और पेहेन ली. वह आदमी यह देख रहा था. वह देखा की अनीता की पंतय का कपडा बहोत छोटा था और पीछे का हिस्सा तो उसकी गांड की दरार में hi ग़ायब हो गया. पंतय पेहेन्ने के बावजूद उसकी गांड की दोनों भाग नंगी hi थी. अनीता एक नज़र उस आदमी के तरफ देखि की कैसे वह उसकी गांड देख रहा था मगर वह कुछ नहीं बोली और खुद बेशर्मी से एक नज़र उसके लुंड के तरफ देख ली जिससे पेशाब की धार निकल रहा था.

वह आदमी देख hi रहा था की तभी अनीता अपनी सलवार ऊपर करने लगी तो वह आदमी bola,"Are रुको"

अनीता यह सुनकर उसे देखती हुयी रुक गयी और puchhi,"Kya हुआ?"

वह आदमी यह सुनकर bola,"U तोहार गांड पर मच्छर का थोड़ा खून लगा है. ु गीला पेपर दो हुंका हम पोंछ डेट हैं"

अनीता यह सुनकर boli,"Ohh हाँ. मैं तोह भूल hi गयी थी. अच्छा हुआ की आप ध्यान दे रहे थे. कितना अजीब लगता अगर वह खून वहां पर लगे रहते तो"

वह आदमी यह सुनकर bola,"Are ध्यान तो देना hi था. इसलिए तो हम तोहार गांड देख रहे थे"

अनीता यह सुनकर उस आदमी के तरफ देखि की कैसे उसका नज़र उसकी गांड पर hi था. वह कुछ नहीं बोली और फिर अपनी बैग से एक और पेपर वाइप निकल कर अपनी गांड के तरफ ले जाने लगी तो वह आदमी bola,"Are तुमका समझ नहीं आएगा. हुंका दो और अपनी गांड हमरे तरफ करो"

अनीता यह सुनकर boli,"Are नहीं मैं साफ़ कर लुंगी" और यह बोलकर वह पीछे अपनी गांड की तरफ देखने का कोशिश की मगर ज़ाहिर सी बात थी की वह सही से देख नहीं पा रही थी तो वह आदमी bola,"Are कहे परेशान हो रही हो. तुमका अपना गांड कैसे दिखेगा. तुम ु पेपर हुंका दो और अपनी गांड हमरे तरफ कर दो हम पोंछ डेट हूँ"

अनीता को भी एहि ठीक लगा. वह बात सुनकर बिना शर्म के उस आदमी को वह पेपर दे दी और थोड़ा घूमकर उसके तरफ अपनी नंगी गांड कर दी. उसकी सलवार उसकी गांड के नीचे जांघ पर अटकी हुयी थी और पंतय तो दरार में ग़ायब हो चुकी थी. बाकी दोनों गांड नंगी hi थी.

वह आदमी अनीता से bola,"Ee कुर्ती थोड़ा ऊपर करो"

हालांकि अनीता की कुर्ती का नीचे का भाग उसकी पंतय के इलास्टिक में अटक गयी थी जिसे वह सलवार पेहेन्ने के बाद पंतय से निकाल कर सीधा करने वाली थी. इसके कारण उसकी गांड पर कुर्ती का बस थोड़ा सा हिस्सा था जिससे कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता और जहाँ मच्छर के खून लगे थे वह जगह दिख रहा था.

इसके बावजूद जब वह आदमी अनीता को कुर्ती ऊपर करने के लिए बोलै तो वह बिना कोई ऐतराज़ के उसे पकड़ कर ऊपर कमर तक करके अपनी पूरी गांड, कमर पर पंतय का इलास्टिक और उसके ऊपर थोड़ी सी कमर नंगी कर दी और करने के बाद पीछे गर्दन करके उस आदमी को देखकर बेशर्मी से puchhi,"Theek है तो? अब आपको अच्छे से दिख रहा है न?"

वह आदमी यह सुनकर bola,"Haan तोहार गांड अच्छे से दिख रहा है हुंका. ी पेड़ पकड़ कर थोड़ा सा झुक जाओ"

अनीता यह सुनकर puchhi,"Aese खड़े होने से आपको दिख तो रहा है"

वह आदमी bola,"Haan लेकिन झुक जाओगी तो और अच्छे से दिखेगा हुंका और अच्छे से तोहार गांड साफ़ कर दूंगा"

अनीता यह सुनकर एक नज़र उसे देखि तो वह आदमी bola,"Are घबराओ नहीं. हम तुम का छोड़ने के लिए नहीं झुका रहे"

अनीता की सांस और धड़कन पहले से hi तेज़ थी मगर यह सुनकर उसकी धड़कन अचानक से और तेज़ी से धड़कने लगी और सांस भी तेज़ हो गयी. साथ में उसकी छूट में एक अजीब सी हलचल हुयी. वह न छह कर भी तेज़ी से आँखों के कोने से उसके लुंड के तरफ देखि. उसका लुंड भी हरिया और रामु जैसा बड़ा और मोटा था. यहाँ तक की वह पिछली मुलाक़ात में उसके लुंड का मालिश करके उसका विशाल अकार देखि थी की वह कितना बड़ा और मोटा है.

यह सोचते hi अनीता अपनी सांस और धड़कन काबू करने का कोशिश करती हुयी boli,"Yeh कैसी बातें करने लगे आप फिर से"

वह आदमी यह सुनकर bola,"Are तुम सोच रही होगी की हमार लौड़ा बाहर निकला हुआ है और हम तुमको झुका रहे हैं तो कहीं पीछे से तोहार चुदाई न कर दे. तोहार उहे चिंता दूर कर रहे हैं. लेकिन तुमका हमसे छुड़वाने का मैं है तो बोलो. हम चुदाई भी कर दूंगा"

अनीता यह सुनकर अपनी सांस काबू करती हुयी बेशर्मी से boli,"Nahin प्लीज वह सब मत कीजिये"

वह आदमी यह सुनकर अनीता को देखते हुए bola,"Are तो उहे तो हम बोलत हूँ. अब चलो वक़्त बर्बाद मत करो और झुक कर हुंका बोलो का करना है"

अनीता की सांस और धड़कन तेज़ी से चल रही थी. वह एक नज़र उस आदमी को देखि जो आँखों से उसे पेड़ के तरफ इशारा किया तो अनीता बिना कुछ बोले पेड़ पर अपनी हाथ रखकर थोड़ी सी झुक गयी.

वह आदमी अब तक पेशाब कर चूका था. वह लुंड को वैसे hi नंगा पंत से लटके हुए hi छोड़ कर अनीता की तरफ घूमकर उसकी गांड पर हाथ रखकर थोड़ा सहलाने लगा. अनीता भी अपनी गांड की दायी भाग पर उस आदमी का हाथ महसूस की. उसका खुरदुरा मरदाना हाथ अनीता को अपनी गांड पर अच्छा लग रहा था.

वह आदमी अनीता की गांड पर हाथ फेरते हुए bola,"Uff का मस्त गांड है तोहार. इतना मुलायम और मखमल जैसा चिकना, ऊपर से इतना बड़ा"

फिर वह अनीता को देखते हुए bola,"Sasura इसलिए तोहार गांड पर मच्छर बैठा था. ुका भी तोहार गांड अच्छा लग रहा था"

अनीता की साँसे यह सुनकर तेज़ी से चल रही थी. वह झुकी हुयी hi गर्दन घुमाकर पीछे देखकर मुस्कुराकर उस आदमी से कामुक अंदाज़ में boli,"Offo"

वह आदमी यह सुनकर उसकी गांड पर हाथ फेरते हुए मुस्कुराकर अनीता को देखा तो वह मुस्कुराती हुयी आँखों से अपनी गांड के तरफ इशारा करती हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"Ab साफ़ कर दीजिये जल्दी नहीं तो और भी मच्छर आ जायेंगे"

वह आदमी यह सुनकर उसकी गांड को सहलाते हुए puchha,"To आ जायेगा तो का हो जायेगा?"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर कामुक अंदाज़ में boli,"Kaatne लगेंगे मुझे"

वह आदमी यह सुनकर उसकी गांड को सहलाते हुए puchha,"Kahan काटेगा ससुरा मच्छर"

अनीता यह सुनकर अपनी गांड के तरफ आँखों से इशारा करते हुए boli,"Yahan. देख नहीं रहे थे आप कैसे यहाँ मच्चर बैठ कर काट रहे थे. पता नहीं काट कर लाल भी कर दिया होगा. आपने तो थप्पड़ मारकर लाल कर hi दिया है. देखकर बताइये मच्छर भी काट कर लाल कर दिया है क्या?"

वह आदमी यह सुनकर puchha,"Ka देखे हम? तोहार गांड"

अनीता यह सुनकर बेशर्मी से अपनी सर हिलाकर boli,"Haan" और फिर अपनी गांड के तरफ आँखों से इशारा करके boli,"Dekhiye न"

वह आदमी को अनीता की यह बेशर्मी और उसकी रान्दीपना को देखकर अच्छा लगा और उसका खून गरम होने लगा जिससे उसका लुंड का सख्ती बढ़ने लगा.

वह यह सुनकर उसकी गांड की दायी भाग पर देखकर उसे सहलाते हुए bola,"Haan थोड़ा सा लाल तो हो गवा है. ससुरा इतना गोरा गांड है तोहार. थोड़ा सा कुछो होने पर लाल तो हो जायेगा"

अनीता यह सुनकर बिना शर्म के कामुक आवाज़ में boli,"Upar से आपने अपने मजबूत हाथ से इतना जोर से मारा यहाँ. उससे भी तो लाल हो गए होंगे"

वह आदमी अनीता को गांड सहलाते हुए आगे bola,"Are तोहार गांड पर थप्पड़ नहीं मारे हम. ु तोह मच्छर को मारे हम जो तोहार गोरा गांड पर बैठकर काट रहा था. उफ़ अइसन मस्त गांड है तोहार, ससुरा मच्छर का भी का दोष दे. ुका भी तोहार गांड पसंद आ गवा और तोहार गांड के चक्कर में जान गवा बैठा. ससुरा तोहार गांड का नशा ुका जान ले गवा. सच में कातिल गांड है तोहार"

अनीता यह सुनकर बेशर्मी से एक ऐडा से boli,"To अब उसके जान के लिए मैं ज़िम्मेदार हो गयी?"

वह आदमी अनीता को देखते हुए उसकी गांड सहलाते हुए bola,"Are तुम नहीं, तोहार गांड"

अनीता अगले पल अपनी बेशर्मी का साबुत देती हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"Haan तोह वह तो मेरी hi है न"

वह आदमी अनीता की गांड सहलाते हुए उसे देखकर bola,"Haan गांड तोहार है लेकिन ससुरा तुम थोड़े बोली मच्चर को तोहार गांड पर बैठने के लिए. ु तो ु खुद बैठ गवा तोहार गांड का ख़बसूरती देख कर"

अनीता यह सुनकर बेशर्मी से मुस्कुराकर boli,"Ohh माय गॉड आप और आपकी बातें. अब बातें बनाना बांध कीजिये और जल्दी से पोंछ दीजिये"

वह आदमी यह सुनकर अनीता को देखा और फिर अगले पल वह आदमी अनीता की गांड के तरफ नज़र लेजाकर उसे सहलाते हुए bola,"Uff सच में का मस्त गांड है तोहार, एकदम चिकना और मुलायम, ससुरा मच्छर भी का करता."

वह आदमी यह बोलकर अनीता की गांड पर हाथ फेरते हुए उसकी गांड को हवस भरे अंदाज़ में देखने लगा. अनीता देख रही थी की कैसे वह आदमी उसकी गांड को हवस से देख रहा है लेकिन वह कुछ नहीं बोली या रियेक्ट की. उसकी चेहरे पर उल्टा गर्व का भाव आ गया और तिरछी नज़र से वह उस आदमी के नंगे लुंड को देखि जो पंत के ज़िप से बाहर लटक रहा था.

अनीता कुछ सेकण्ड्स वैसे hi चुप रही और उस आदमी के लुंड और उसके नज़र को अपनी गांड को हवस भरे नज़र से देखते हुए देखती रही. कुछ सेकण्ड्स बाद वह खुद boli,"Saaf कर दीजिये न. हमें लेट भी हो रहा है"

वह आदमी यह सुनकर अनीता को देखा तो अनीता उसे देखकर बेशर्मी से आँखों से अपनी गांड के तरफ इशारा करके कामुक अंदाज़ में boli,"Wahan से खून साफ़ कर दीजिये न"

वह आदमी यह सुनकर bola,"Haan पोंछ डेट हैं तोहार गांड"

अनीता यह सुनकर चुप चाप झुकी हुयी उस आदमी को देखि जो वेट वाइप्स लेकर उसकी दायी गांड के ऊपर पोंछने लगा. वह वहां पोंछते हुए अनीता की आँखों में देखा तो वह बेशर्मी से puchhi,"Saaf हो गया क्या?"

वह आदमी यह सुनकर उसकी गांड के तरफ देखा और वापस अनीता को देखकर bola,"Haan साफ़ हो गवा. अब ी दूसरी गांड को पोंछ देता हूँ"

अनीता यह सुनकर बेशर्मी से boli,"Haan पोंछ दीजिये"

वह आदमी यह सुनकर अनीता की बायीं गांड पोंछने लगा तो अनीता puchhi,"Idhar भी लाल हो गया है क्या?"

वह आदमी अनीता की आँखों में देखकर puchha,"Idhar की गांड?"

अनीता यह सुनकर बेशर्मी से सर "हाँ" में हिलाकर boli,"Haan. देखकर बताइये न लाल हो गया है क्या?"

वह आदमी यह सुनकर अनीता की गांड को देखते हुए bola,"Haan लाल तो हो गवा है. अब तोहार गांड इतना गोरा है तो लाल होगा hi"

यह बोलकर वह आदमी वह वेट वाइप फ़ेंक कर दोनों हाथों से अनीता की गांड की दोनों भागो को पकड़ कर हिलने लगा और bola,"Bahot गोरा और चिकना गांड है तोहार"

फिर वह अनीता की आँखों में देखकर puchha,"Kauno हीरोइन से काम नहीं हो तुम. एक दम मस्त गांड है तोहार" और यह बोलकर वह फिर से अनीता की गांड को हवस से देखते हुए हिलने लगा तो अनीता अपनी बेशर्मी दिखती हुयी कामुक अंदाज़ में puchhi,"Aap तो ऐसे बोल रहे हैं जैसे आपने किसी हीरोइन का भी ऐसे देखा है"

वह आदमी यह सुनकर अनीता को देखा तो वह कामुक अंदाज़ में अपनी गांड के तरफ आँखों से इशारा करती हुयी boli,"Dekha है क्या किसी हीरोइन का आपने ऐसे?"

वह आदमी यह सुनकर puchha,"Kaa गांड?"

अनीता यह सुनकर बेशर्मी से "हाँ" में सर हिला दी.

वह आदमी यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"Are ससुरी हीरोइन लोग तो कच्चा पेहेन कर तो फिलम में दिखती है तो"

अनीता यह सुनकर तुरंत बोल padi,"Haan तो फिल्म में देखे हैं न, ऐसे छूकर तोह नहीं?"

वह आदमी यह सुनकर अनीता को देखकर मुस्कुरा दिया तो अनीता भी बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी अपनी गांड की तरफ आँखों से इशारा करके boli,"Jaise मेरी देख रहे हैं आप"

वह आदमी यह सुनकर bola,"Haan ी बात तो है. लेकिन फिर भी कह सकत हूँ की तोहार गांड बड़ा मस्त है, हीरोइन लोग जइसन hi गोरा और चिकना. बल्कि तोहार गांड और ज़ादा मस्त लग रहा है ी कच्चा में, उफ़ ससुरा तोहार कच्चा तो पूरा गांड के दरार में घुस गवा है और पूरा गांड नंगा है. अइसन तो हीरोइन लोग भी नहीं पेहनत है"

अनीता यह सुनकर बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी boli,"Achha ठीक है अब बस कीजिये"

वह आदमी यह सुनकर अनीता को देखकर उसकी गांड को हिलाते हुए bola,"Are हम सच बोलत हूँ. तोहार गांड बड़ा मस्त है. हीरोइन लोगन से भी ज़्यादा मस्त और कातिल भी. ससुरा मच्छर का कतल हो गवा ी गांड के चक्कर में हाहाहा"

अनीता भी यह सुनकर वैसे hi झुकी हुयी उसे देखकर बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी एक ऐडा से boli,"Offo आप और आपकी बातें"

वह आदमी उसकी गांड सहलाते हुए puchha,"Achha एक बात बताओ. तुम का अइसन hi कच्चा पेहनत हो हमेशा?"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर बेशर्मी से boli,"Humesha क्या पहनती हूँ वह छोड़िये. अभी जो पहनी हूँ वह तो देख hi रहे हैं आप"

वह आदमी यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"Are दिख कहाँ रहा हैं ससुरा. ु तो तोहार गांड में घुस गवा है और तोहार दोनों गांड नंगा hi है"

अनीता यह सुनकर बेशर्मी से boli,"Ab जो है सो है"

वह आदमी यह सुनकर अनीता की गांड की दोनों भाग पकड़ कर अलग करते हुए उसकी दरार में देखने लगा तो अनीता अपनी गांड थोड़ी हिलती हुयी boli,"Offo क्या करने लगे आप? छोड़िये इसे?"

वह आदमी यह सुनकर bola,"Are देख रहा हूँ कच्चा कहाँ ग़ायब हो गवा है"

अनीता यह सुनकर कामुक अंदाज़ में boli,"Are अभी तो आप बोल रहे थे की कहाँ घुसा है तो फिर देखने की क्या ज़रूरत है. अब आपने साफ़ कर दिया है तो चले हम?"

वह आदमी यह सुनकर bola,"Are नहीं साफ़ करात हूँ हम अभी"

अनीता यह सुनकर boli,"To साफ़ कीजिये न. बस बातें बना रहे हैं आप"

वह आदमी उससे bola,"Ek और साफ़ करने वाला दो. ु पहले वाला हम फ़ेंक दिए"

अनीता यह सुनकर वैसे hi झुकी हुयी अपनी नंगी गांड उस आदमी के तरफ की हुयी बैग से एक वेट वाइप्स निकालने लगी.

वह आदमी तब तक उसकी गांड सहलाते हुए puchha,"Achha ी तो बताओ की तुमका अइसन कच्चा पेहेनना अच्छा लगत है की ससुरा कच्चा गांड की दरार में घुस जाये और दोनों गांड नंगा रहे?"

अनीता यह सुनकर बेशर्मी से मुस्कुराकर boli,"Ab आप तोह बस उसी बात पर अटक गए हैं"

वह आदमी यह सुनकर bola,"Are ी तो बोलो"

अनीता यह सुनकर उसे वेट वाइप देती हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"Haan ऐसे आराम मिलता है, खासकर सफर वगैरह के लिए सही रहता है क्यूंकि ऐसे पसीना नहीं होता है"

वह आदमी यह सुनकर सर हिलाते हुए उसकी गांड पोंछते हुए bola,"Achha. तब तो सही है, तुम अइसन hi कच्चा पहना करो. देखने में भी अच्छा लागत है?"

अनीता यह सुनकर बेशर्मी से मुस्कुरा दी तो वह आदमी भी मुस्कुरा दिया तो अनीता कामुक अंदाज़ में puchhi,"Lekin आपको दिख कहाँ रहा है जो आप बोल रहे हैं की दिखने में अच्छा लग रहा है"

वह आदमी यह सुनकर मुस्कुराकर अनीता की गांड पकड़ कर हिलाते हुए bola,"Are हम कच्चा का नहीं, अइसन कच्चा पहने से तोहार ी गांड जो दिख रहा है ी बोल रहा हूँ की अच्छा लग रहा है"

अनीता यह सुनकर बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी अपनी आँखें बड़ी करके उसे देखि तो वह आदमी मुस्कुराकर अनीता की गांड पर हल्का थप्पड़ मार दिया तो अनीता बेशर्मी से मुस्कुराकर boli,"Ouchh ुह्ह्हम्म"

वह आदमी यह देखकर है दिया तो अनीता बेशर्मी से उसे देखकर कामुक अंदाज़ में boli,"Yeh क्या कर रहे है आप? मारना ज़रूरी था क्या? ुहह्म्म?"

वह आदमी अनीता की गांड को पकड़ कर हिलाते हुए bola,"Are अब अइसन गांड देखकर कइसन रोक पाते हम"

अनीता यह सुनकर बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी उस आदमी को देखकर कामुक अंदाज़ में अपनी सर हिलाकर अपनी बाल में हाथ फेरती हुयी puchhi,"Ab आपने साफ़ कर दिया है तो मैं सीधे कड़ी हो जॉन?"

वह आदमी यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"Are रुको थोड़ा अंदर में भी देख लूँ कहीं कुछो लगा है या नहीं"

यह बोलकर वह आदमी अनीता की गांड की दोनों भागो को पकड़ कर अलग किया तो अनीता अपनी आँखें बड़ी करके boli,"Offo अब बस कीजिये अंदर में कुछ नहीं लगा है"

वह आदमी अनीता की गांड की दरार में पंतय का डोरी देखा. अनीता बेशर्मी से उस आदमी को अपनी गांड की दरार में देखते हुए देख रही थी. अनीता की चेहरे पर ज़रा सा भी शर्म नहीं थी.

वह कुछ सेकण्ड्स तक उस आदमी को अपनी गांड की दरार में देखते हुए देखने के बाद कामुक अंदाज़ में boli,"Dekh लिया न आपने की कुछ नहीं लगा है? अब हो गया मैं घूम जाती हूँ"

वह आदमी अगले पल bola,"Are ी कच्चा का डोरी हटा कर देख लेता हूँ"

अनीता यह सुनकर boli,"Are उतना करने की ज़रूरत नहीं है. कुछ नहीं लगा है"

वह आदमी अगले पल अनीता की गांड की दरार में अपना बीच का ऊँगली रखते हुए पंतय के डोरी के ऊपर से उसकी गांड की छेड़ पर ऊँगली से दबाओ बनाते हुए bola,"Are इहाँ कुछो लगा होगा देख लेता हूँ"

अनीता जैसे hi उस आदमी का ऊँगली अपनी पंतय की डोरी के ऊपर से गांड के छेड़ पर महसूस की वह तुरंत घूमकर boli,"Nahin अब हो गया. अब और कुछ नहीं देखना है. चलिए अब"

वह आदमी यह सुनकर bola,"Achha ठीक है"

फिर वह अपने लुंड के तरफ इशारा करते हुए bola,"Lekin पेशाब करने के बाद हमार लौड़ा कहाँ साफ़ किये हैं. देखो अभी भी वैसा hi है"

अनीता यह सुनकर बिना शर्म के उसके लुंड के तरफ देखकर boli,"Ohh हाँ. आपने तो इसे अभी साफ़ कहाँ किया है"

फिर वह सीढ़ी होकर वैसे hi सलवार पहने बिना, जो उसकी जांघ पर अटकी हुयी थी, अपनी बैग से वेट वाइप निकल कर उसे देती हुयी boli,"Lijiye साफ़ कर लीजिये"

वह आदमी यह सुनकर bola,"Are ी कौन बात हुआ. हम तोहार गांड साफ़ किये वैसे hi तुम हमार लौड़ा साफ़ कर दो"

अनीता यह सुनकर उसे देखती हुयी boli,"Are तो वह तोह मेरे पीछे हैं न और ऐसे भी आपने hi तो बोलै की आप साफ़ कर देंगे"

फिर वह बेशर्मी से उसके लुंड के तरफ आँखों से इशारा करती हुयी boli,"Yeh तो आप खुद से साफ़ कर सकते हैं"

वह आदमी यह सुनकर उसके करीब होकर नंगी गांड पर वापस हाथ रखकर सहलाते हुए bola,"Are कर तो सकत हूँ. लेकिन तुम कर डौगी तो का हो जायेगा?"

वह आदमी अनीता की गांड पर हाथ फेरकर उसे दबाते हुए bola,"Hum तोहार गांड साफ़ किये है बदले में तुम का हमार लौड़ा साफ़ नहीं कर सकत हो का"

वह आदमी यह बोलकर अनीता की नंगी गांड को दबाते हुए अपने लुंड के तरफ आँखों से इशारा करते हुए bola,"Dekho ीका साफ़ कर डौगी तो का हो जायेगा"

अनीता यह सुनकर बेशर्मी से उसके लुंड के तरफ देखि तो वह आदमी अपने पेट पर दबाओ बनाकर अपने लुंड को ऊपर नीचे किया. अनीता देखि की कैसे उसका बड़ा और मोटा लुंड ऊपर नीचे हो रहा है.

अनीता को अपना लुंड देखते हुए वह आदमी उसकी गांड दबाते हुए bola,"Tum बताओ का ीका हम साफ़ करूँगा तो अच्छा लगेगा क्या?"

अनीता यह सुनकर उसकी आँखों में देखि तो वह अपने लुंड के तरफ आँखों से इशारा किया तो अनीता बेशर्मी से उसके लुंड को वापस देखने लगी. वह आदमी पेट पर दबाओ बनाकर अपने लुंड को ऊपर नीचे कर रहा था. अनीता को उसके तगड़े लुंड को ऐसे ऊपर नीचे होते देख अच्छा लग रहा था.

अगले पल वह आदमी अनीता की गांड सहलाते हुए puchha,"Ab बताओ ीका हम साफ़ करूँगा तो अच्छा होगा या तुम साफ़ करोगी वह अच्छा होगा?"

अनीता यह सुनकर उसे देखकर बेशर्मी से boli,"Haan सही कह रहे हैं आप की मुझे hi इसे साफ़ करना चाहिए. आपने मेरे लिए इतना कुछ किया है तो मैं तो इतना कर hi सकती हूँ."

वह आदमी यह सुनकर मुस्कुराया तो अनीता भी मुस्कुराती हुयी boli,"Nahin तो पूरा रास्ता आप मुझे सुनते रहेंगे की कैसे आपने मेरा साफ़ किया और मैंने आपका नहीं किया"

वह आदमी यह सुनकर मुस्कुराते हुए अनीता की गांड दबाते हुए puchha,"Hum का साफ़ किये तोहार?"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी कामुक अंदाज़ में उसे देखती हुयी boli,"Wahi जहाँ आपने अपना हाथ रखा है"

वह आदमी यह सुनकर अनीता की गांड से हाथ हटा कर bola,"Lekin हमार हाथ कहाँ है"

अनीता यह सुनकर उसके आँखों में देखकर मुस्कुरायी और अपनी हाथ से उसका हाथ पकड़ कर बेशर्मी से अपनी गांड पर रखती हुयी boli,"Yahan और कहाँ"

अगले पल वह आदमी अनीता की गांड पर थप्पड़ मार दिया तो अनीता कामुक अंदाज़ में siski,"Ouch सीईई"

वह आदमी यह सुनकर हसने लगा तो अनीता बेशर्मी से उसके आँखों में देखती हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"uhhhm मारना ज़रूरी था क्या?"

वह आदमी अनीता की गांड सहलाते हुए bola,"Achha ठीक है सेहला डेट हूँ. तुम हमार लौड़ा साफ़ करो तो"

वह आदमी यह सुनकर मुस्कुराते हुए अनीता की गांड सहलाने लगा तो वह मुस्कुराती हुयी उसे देखि.

वह आदमी आँखों से अपने लुंड के तरफ इशारा karke,"Humaar लौड़ा पोंछो तो"

अनीता यह सुनकर सर "हाँ" में हिलती हुयी वह वेट वाइप उसके लुंड पर रखकर पोंछने लगी तो वह आदमी bola,"Are ऐसे नहीं?"

अनीता यह सुनकर उसे देखकर मुस्कुराती हुयी एक ऐडा से puchhi,"To और कैसे?"

वह आदमी bola,"Are तुम आराम से हमार सामने बैठ जाओ और फिर हमार लौड़ा को साफ़ करो"

अनीता यह सुनकर कामुक अंदाज़ में boli,"Offo ऐसे साफ़ तो हो hi जायेगा"

वह आदमी अनीता की गांड सहलाते हुए bola,"Lekin वैसे बैठ कर साफ़ करोगी तो अच्छे से साफ़ होगा. बैठ जाओ न"
 
अपडेट 114

अनीता यह सुनकर धड़कते दिल से उसे देखि और फिर अपनी सलवार पकड़ कर ऊपर करने लगी तो वह आदमी उसे रोकते हुए उसकी गांड सहलाते हुए bola,"Are ी का कर रही हो. अभी रहने दो बाद में पेहेन लेना"

अनीता यह सुनकर उसे देखती हुयी boli,"Are तो नीचे बैठूंगी तो फिर से मच्छर काटने लगेंगे न"

वह आदमी यह सुनकर अनीता को आँखों में देखते हुए उसकी गांड सहलाते हुए puchha,"Kahan काटेगा ससुरा मच्छर?"

अनीता यह सुनकर बेशर्मी से उसके आँखों में देखती हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"Wahin जहाँ आपके हाथ है"

वह आदमी अनीता को गांड सहलाते हुए puchha,"Are दिखा कर बताओ न की कहाँ काटेगा ससुरा मच्छर"

अनीता यह सुनकर कामुक अंदाज़ में उसे देखती हुयी boli,"Offo आप तो ऐसे बोल रहे हैं जैसे आपका हाथ कहाँ है पता hi नहीं है. बस देखने का बहाना चाहिए आपको"

वह आदमी यह सुनकर अनीता की गांड सहलाते हुए उसकी आँखों में देखकर मुस्कुराते हुए bola,"Are तो दिखा दो न"

अनीता यह सुनकर बेशर्मी से घूम कर अपनी गांड उसके तरफ करके पेड़ पकड़ कर झुक गयी और गर्दन घुमाकर उस आदमी के तरफ देखती हुयी अपनी गांड के तरफ आँखों से इशारा करती हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"Dekh लीजिये यहाँ मच्छर काटेंगे"

वह आदमी यह सुनकर अनीता की गांड के तरफ देखा तो अनीता उसे देखती हुयी अपनी हाथ पीछे लेजाकर अपनी कुर्ती का पीछे का हिस्सा जो उसकी गांड की ऊपर के एक चौथाई भाग को hi ढकी हुयी थी, बाकी तीन चौथाई ऐसे hi नंगी थी क्यूंकि उसकी सलवार नीचे जांघ पर अटकी थी और पंतय गांड की दरार में थी, पकड़ कर ऊपर करके अपनी पूरी गांड नंगी करती हुयी उस आदमी को देखि की कैसे वह उसकी गांड को हवस से देख रहा था.

उस आदमी के आँखों में हवस देखकर अनीता की चेहरे पर गर्व का भाव आ गया और वह अपनी कुर्ती ऊपर करके उसे देखती हुयी boli,"Ab देख लिया न आपने की मच्छर कहाँ काटेंगे. अब तो इसे ढँक लूँ"

वह आदमी यह सुनकर अनीता की गांड पर हाथ रखते हुए सहलाते हुए bola,"Rehne दो न ऐसे hi अभी के लिए. जाते वक़्त पेहेन लेना पजामा"

अनीता यह सुनकर कामुक अंदाज़ में boli,"Aur मच्छर काटेंगे तो?"

वह आदमी यह सुनकर मुस्कुराते हुए अनीता की गांड सहलाते हुए bola,"To हम तो हूँ hi. ससुरा मच्छर तोहार गांड पर बैठेगा तो हम ुका का हाल करूँगा वह तो जानत hi हो तुम"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर कामुक अंदाज़ में boli,"Haan उसका तो जो हाल होगा वह होगा और मेरी पीछे जो लाल हो जाएगी आपके मज़बूत हाथ से. देखिये अभी भी कैसे लाल है"

वह आदमी यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"Are हमरा जइसन मरद के हाथ से तोहार गांड लाल हो जायेगा तो का हो जायेगा" और यह बोलकर वह चटक से अनीता की दायी गांड पर थप्पड़ जड़ दिया.

अनीता अपनी गांड पर थप्पड़ पड़ते hi कामुक अंदाज़ में सिसकारती हुयी boli,"Ouch ुहह्म्म"

वह आदमी यह सुनकर मुस्कुराया तो अनीता कामुक अंदाज़ में boli,"Yeh क्या कर रहे हैं आप. एक तो इतना मज़बूत हाथ है आपका ऊपर से ऐसे जोर से मार रहे हैं. देखिये कैसे और लाल हो गयी है"

वह आदमी यह सुनकर मुस्कुराते हुए अनीता की गांड को देखा और उस पर हाथ फेरते हुए bola,"Haan लाल हो गवाह तोहार गांड. तोहार गांड ससुरा है hi इतना गोरा की थोड़ा सा हाथ पड़ने से लाल हो जायेगा"

अनीता यह सुनकर कामुक अंदाज़ में boli,"aur ऊपर से आप जैसे मर्द अपने मज़बूत हाथ से इतनी जोर से मार रहे हैं. बोल भी रहे हैं की यहाँ सिर्फ हाथ पड़ने से लाल हो जाएगी फिर भी इतनी जोर से मार रहे हैं"

वह आदमी यह सुनकर अनीता को देखकर मुस्कुराते हुए उसकी गांड सहलाते हुए bola,"Are अब हमरा जइसन मरद तोहार जइसन जवान खबसूरत औरत की गांड देखकर कैसे नहीं मारेगा. हम तोह अभी बस हाथ से मार रहा हूँ"

फिर वह अपने नंगे लुंड के तरफ इशारा करते हुए bola,"Tohaar गांड को तो हुंका ी से मारना चाहिए, हमर लौड़ा से"

यह सुनते hi अनीता की दिल धड़क गयी मगर उसे ज़रा सा भी शर्म नहीं आयी. वह बेशर्मी से उसके लुंड को देखकर boli,"Yeh कैसी बात कर रहे हैं आप? मैं घूम जाती हूँ नहीं तो आप तो बस बातें बनाते रहेंगे और फिर से मार देंगे?"

अनीता घूमने लगी तो वह आदमी यह देखकर उसकी गांड पर अपना हाथ फेरते हुए bola,"Are एक मिनट रुको न ऐसे hi"

अनीता यह सुनकर उसे देखि और बिना कुछ बोले वैसे hi झुकी हुयी रुक गयी और puchhi,"Ab क्या हो गया?"

वह आदमी अपने लुंड के तरफ आँखों से इशारा करते हुए bola,"Tohaar गांड हम अपना लौड़ा से मार hi डेट हैं"

अनीता की दिल यह सुनकर फिर से धड़क गयी और वह घूमती हुयी boli,"Nahin प्लीज यह मत कीजिये. हाथ से मार दिया आपने एहि बहोत है"

वह आदमी यह सुनकर उसे देखते हुए bola,"Achha ठीक है लेकिन तोहार दूसरी गांड पर कहाँ मारा हूँ. दूसरी गांड पर भी थप्पड़ मार डेट हूँ. दोनों गांड एक जैसा लाल हो जायेगा तो अच्छा लगेगा"

अनीता को दिल धड़क रही थी और यह सुनकर उसकी छूट में अजीब सी बेचैनी हुयी की वह आदमी उसकी गांड पर थप्पड़ मारना चाहता है और खुलकर अपने मैं का बात बोल रहा था. अनीता भले hi उसे छोड़ने वाला बात से सहमत नहीं हुयी मगर उसके मैं में उस आदमी के मर्दानगी के लिए एक जगह बन गयी की कैसे वह खुलकर अपने मैं की बात बोल रहा है. अब भले hi वह उसे अपनी गांड छोड़ने नहीं देना चाहती थी मगर उसके हिम्मत और मर्दानगी के बदले उसे अपनी गांड पर थप्पड़ तो मारने दे सकती थी. क्या hi हो जायेगा अगर वह उसकी गांड पर थप्पड़ मार लेगा तो, थोड़ा सा तो लाल होगा मगर वह तो उस आदमी के मजबूत हाथ और मर्दानगी का निशानी hi होगा.

अनीता उसका बात सुनकर उसे देखती हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"Aapko तो अच्छा लग रहा है, मगर मेरी तो लाल हो जाएगी"

वह आदमी यह सुनकर उसकी गांड जिस पर थप्पड़ मारा था उसे सहलाते हुए puchha,"Are ी तो लाल है hi"

अनिते यह सुनकर बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी उसका हाथ पकड़ कर अपनी गांड की दूसरी भाग पर रखती हुयी उसकी आँखों में देखकर boli,"Maarna यहाँ चाहते हैं आप और बात उधर की कर रहे hain.Bas बातें बनाते है आप जैसे मैं समझूंगी hi नहीं. वह तो पहले hi आपने मार कर लाल कर दिया है और अब इधर की भी लाल कर देना चाहते हैं"

वह आदमी यह सुनकर मुस्कुराकर अनीता की गांड को सहलाते हुए bola,"Are तोहार गांड लाल हो जायेगा तो का हो जायेगा. फिर थोड़ा देर में ठीक हो जायेगा. हुंका तो तोहार गांड लौड़ा से मारने का मैं है लेकिन तोहार मर्ज़ी के बिना नहीं मरूंगा. काम से काम थप्पड़ hi मार लेने दो ी गांड पर"

अनीता यह सुनकर उस आदमी के सीने पर हाथ रखकर कामुक अंदाज़ में boli,"Uhhmm मेरी मर्ज़ी का बात बोलकर आपने दिखा दिया की आप कितने दुमदार मर्द हैं. असली मर्द की तो एहि पहचान है"

वह आदमी यह सुनकर अनीता की गांड सहलाते हुए bola,"Are हमार मर्दानगी अभी देखि कहाँ हो. जब हमार लौड़ा लोगी तब पता चलेगा तुमका की हम कितना बड़ा मरद हूँ. इसलिए तो बोलत हूँ की हमार लौड़ा से मरवा लो तुम"

अनीता यह सुनकर उसके सीने पर ऊँगली फेरती हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"Uhhm नहीं प्लीज. अभी आप बस थप्पड़ मार लीजिये"

अनीता यह बोलकर वापस घूम गयी और पेड़ पर एक हाथ रखकर झुककर पीछे गर्दन करके उस आदमी को कामुक अंदाज़ से देखि और हाथ से अपनी कुर्ती का नीचे का हिस्सा पकड़ कर गांड के ऊपर से हटाकर कमर के पास लेजाकर गांड को नंगी करके अपनी कमर को आर्च करके कामुक अंदाज़ में अपनी गांड के तरफ आँखों से इशारा की.

वह आदमी अनीता की गांड की दूसरी भाग पर हाथ रखकर पहले प्यार से सहलाते हुए bola,"Uff का मस्त गांड है तोहार. थोड़ा सा हिलाओ न"

अनीता यह सुनकर उसे कामुक अंदाज़ में देखती हुयी अपनी गांड को थोड़ा सा हिलने लगी. वह आदमी उसकी गांड को हवस भरे नज़र से देखा तो अनीता की चेहरे पर गर्व का भाव आ गया. अगले पल वह आदमी अपना हाथ उठाकर चटक से उसकी गांड पर थप्पड़ मार दिया.

अपनी गांड पर थप्पड़ पड़ते hi अनीता कामुक अंदाज़ में सिसकार padi,"Uhhm ोुछ"

यह सुनकर वह आदमी अनीता को देखकर मुस्कुराया तो अनीता बेशर्मी से मुस्कुराकर boli,"Kitni जोर से आपने मारा है उफ़. पूरा लाल hi कर दिया होगा आपने. इतनी जोर से मारना ज़रूरी था क्या?"

वह आदमी यह सुनकर मुस्कुराकर bola,"Are हम अपना मर्दानगी का साबुत दे रहा हूँ"

फिर वह अपने लुंड के तरफ इशारा करके bola,"Bolo तो हमार लौड़ा से तोहार गांड मार डेट हूँ"

अनीता यह सुनकर बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी boli,"Nahin कोई ज़रूरत नहीं है. हाथ से इतनी जोर से मारा है आपने"

फिर वह उसके लुंड के तरफ आँखों से इशारा करती हुयी boli,"Isse पता नहीं कितनी जोर से मारेंगे आप"

वह आदमी यह सुनकर मुस्कुराते हुए पीछे से अनीता की कमर पकड़ कर आगे होकर अपना नंगा लुंड उसकी गांड की दरार में डालकर अपना कमर हिलाते हुए bola,"To मरवाकर देख लो न की हम कितना जोर से मार सकत हूँ अपना लौड़ा से"

अनिते ऐसे उसका लुंड का घिसाई अपनी गांड की दारार में महसूस करके बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"aaahhh यह क्या कर रहे हैं आप. प्लीज अभी और नहीं मरवाना मुझे आप से. हटिये न प्लीज"

वह आदमी यह सुनकर धक्का लगते हुए bola,"Are किस्से नहीं मरवाना ी तो बताओ न. हमरा हाथ से या कउनो और चीज़ से"

अनीता यह सुनकर बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"Wahi जिससे अभी आप मेरी मारणा छह रहे हैं"

वह आदमी यह सुनकर धक्का लगते हुए puchha,"Are तो उहे तो पूछ रहा हूँ. की हम किस चीज़ से तोहार मारना छह रहा हूँ"

अनीता यह सुनकर बेझिझक अपनी हाथ पीछे लेजाकर उसका लुंड पकड़ कर boli,"Isse. प्लीज पीछे हट जाइये न"

अनीता उसके लुंड को पकड़ कर हिलती हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"Mujhe तो अभी इसे साफ़ भी करना है. पीछे हट जाइये न ताकि मैं इसे साफ़ कर दूँ"

वह आदमी यह सुनकर पीछे से अनीता से चिपके धक्का लगते हुए कान में bola,"Theek है अच्छे से साफ़ कर देना हमार लौड़ा. तुमका समझ आ रहा है न की हमार लौड़ा का चीज़ हैं"

अनीता की सांस तेज़ हो रही थी. वह तेज़ सांस से boli,"Haan"

वह आदमी अनीता की गांड में अपना लुंड रगड़ते हुए puchha,"Achhe से साफ़ करोगी तो हमार लौड़ा?"

अनीता उसका लुंड हिलती हुयी तेज़ सांस से boli,"Haan अच्छे से साफ़ करुँगी"

वह आदमी यह सुनकर पीछे हटा और अपने सामने इशारा करते हुए bola,"Ab इहाँ बैठकर हमार लौड़ा को साफ़ कर दो. अपनी गांड को ऐसे hi खुला रहने दो. ससुरा मच्छर आएगा तो...."

वह पूरा बोलता इससे पहले अनीता घूमकर कामुक अंदाज़ में उसके सीने पर ऊँगली फेरती हुयी boli,"Tab तो उसकी खैर नहीं. वह तो आपके मज़बूत हाथ से बच hi नहीं पायेगा"

वह आदमी यह सुनकर मुस्कुराते हुए अपना दोनों हाथ अनीता के पीछे लेजाकर गांड की दोनों भागो को पकड़ कर हिलाते हुए bola,"Ek दम सही. अब बैठकर हमार लौड़ा अच्छे से साफ़ करो"

अनीता यह सुनकर उसके लुंड को देखि और फिर उसके सामने बैठकर अपनी बैग से टिश्यू पेपर निकलने लगी तो वह आदमी अपना बेल्ट खोलने लगा. अनीता यह देखकर puchhi,"Yeh क्या कर रहे हैं आप?"

वह आदमी बेल्ट खोलकर पंत का बटन खोलते हुए bola,"Are ी खोल डेट हूँ ताकि तुम अच्छे से हमार लौड़ा को साफ़ कर सको"

अगले पल अनीता आस पास देखती हुयी boli,"par"

वह आगे बोलती इससे पहले वह आदमी bola,"Are कउनो नाहीं है. चिंता कहे करात हो. तुमको हम अपना पूरा मर्दानगी दिखता हूँ अभी. तुम का भी तो पता चलना चाहिए की असली मरद का हॉट है"

अनीता यह सुनकर धड़कते दिल से उस आदमी के लुंड के तरफ देखि और अगले पल वह आदमी पंत का बटन खोलकर उसे नीचे सड़कने लगा. वह अपना पंत जैसे hi जांघ तक सड़कया उसका लुंड पूरा आज़ाद होकर अनीता के सामने लहराने लगा जिसे देखकर उसकी सांस और धड़कन दोनों तेज़ हो गयी.

लुंड तो वह उसका पहले hi देख चुकी थी जब ज़िप से बाहर था मगर वह लुंड का सामने का आधा भाग hi था. अब पंत नीचे सदाकने से वह उसका अंडा और लुंड का पूरा आकर अच्छे से देख सकती थी और उसका लुंड का पूरा साइज देखकर उसकी दिल और जोर से धड़कने लगी और छूट में बेचैनी होने लगी. सच में वह एक असली मर्द था, हरिया और रामु जैसा क्यूंकि उसका लुंड भी उन दोनों जैसा hi बड़ा और मोटा था.

अनीता धड़कते दिल से उसका लुंड देख रही थी की तभी वह आदमी bola,"Humaar पंत को पूरा नीचे कर दो और आराम से लौड़ा को साफ़ करो"

अनीता धड़कते दिल से सर ऊपर करके उसके आँखों में देखि तो वह थोड़ा सा आगे होकर अपना लुंड अनीता के होंठों के सामने कर दिया.

वह आदमी तब तक अपना शर्ट का बटन खोलने लगा. अनीता यह देखकर उसका लुंड पर टिश्यू पेपर रखकर पोंछती हुयी कामुक अंदाज़ में puchhi,"Ab शर्ट क्यों खोल रहे हैं आप? पहने रहिये न"

वह आदमी अनीता को देखते हुए शर्ट का बटन खोलते हुए bola,"Are तुम का हम अपना पूरा मर्दानगी दिखा रहा हूँ. तुमका पता तो चले की हम का चीज़ हूँ. तोहार जइसन गरम जवान औरत के साथ एक असली मरद को कइसन पेश आना चाहिए हम दिखाऊंगा और ऊके लिए हुंका अपना पूरा मर्दानगी दिखाना ज़रूरी है. ु ससुरा मैनेजर तो नामरद है इसलिए तोहार साथ बदतमीज़ी किया. ु का जगह हम मैनेजर रहते तो तोहार को हम ु मैनेजर वाला कमरा में hi मूतने के लिए बुलाते और तोहार अच्छा से खातिरदारी करते. बल्कि हम तो तोहका रात वहीँ कमरे में गुजरने के लिए बोलते अपने साथ."

वह आदमी अगले पल अनीता की दायी चूंकि को कमीज के ऊपर से पकड़ कर दबाते हुए bola,"Tohre जइसन खबसूरत और नाज़ुक औरत को ऐसे बस में रात गुजरने नहीं देते, ससुरा बस में आराम hi नहीं मिलता तुमका जो हमरे साथ कमरा में बिस्तर पर मिलता. हमरा जइसन असली मरद तुमका मूतने के लिए अपने कमरे में बुलाता भी और रात भर अपने साथ कमरे में रखता, अपना बिस्तर पर ताकि तुम आराम से रात गुज़ार सकती और फिर सुबह तुमका हम जाने का कउनो इंतज़ाम कर देते. लेकिन ु मैनेजर ससुरा नामर्द है कहे की ऊके पास"

फिर वह अपने लुंड के तरफ आँखों से इशारा करते हुए bola,"humra जइसन मर्दानगी नहीं है"

अनीता उसका लुंड पोंछती हुयी ऊपर उसके चेहरे पर देखती हुयी उसका बात सुन्न रही थी. जब वह अपने लुंड के तरफ इशारा किया तो अनीता उसके लुंड के तरफ देखने लगी.

वह आदमी अगले पल bola,"Aur तुमका हम इहे दिखाना छह रहा हूँ, हमरा मर्दानगी, अच्छे से देख लो हम कइसन मरद हूँ"

अनीता यह सुनकर वापस उसके चेहरे पर देखकर उसका लुंड पोंछती हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"Woh तो दिख hi रहा है की आप कितने दुमदार मर्द हैं"

वह आदमी अनीता की बात सुन्नते हुए अपना शर्ट का बटन खोलकर उसे अपने बदन से अलग करके सामने पेड़ के डाली पर रखकर अनीता की चूंकि दबाते हुए bola,"Ab देख रही हो न हमार पूरा मर्दानगी?"

अनीता यह सुनकर एक हाथ से उस आदमी के पेट पर फेरती हुयी दूसरे हाथ से उसका लुंड को पोंछती हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"Haan देख रही हूँ आपकी मर्दानगी. जब आप इतना खुलकर अपना मर्दानगी दिखा रहे हैं तो कैसे नहीं देखूंगी"

वह आदमी अगले पल अनीता की चूंकि दबाते हुए bola,"Ee पंत को नीचे सड़क कर अच्छे से देखो न"

फिर वह अपने लुंड के तरफ इशारा करते हुए puchha,"Ka हमरा मर्दानगी तुमका पसंद नहीं आ रहा है? पूरा मर्दानगी नहीं देखना है का हमरा"

अनीता यह सुनकर उसका लुंड पकड़ कर हिलती हुयी नाराज़गी से कामुक अंदाज़ में boli,"Kaisi बात कर रहे हैं आप. आपका मर्दानगी तो देख hi चुकी हूँ पिछली बार hi तो आपको बताने की ज़रूरत नहीं हैं की आप कितने बड़े मर्द हैं. तो आप जैसे मर्द का पूरा मर्दानगी क्यों नाहिंन देखना चाहूंगी मैं"

अनीता अगले पल उसका पंत पकड़ कर नीचे सड़क दी, उसके कदमो तक और फिर टिश्यू पेपर को छोड़ कर उसके लुंड को देखकर उसे पकड़ कर हिलती हुयी उसके लुंड के तरफ आँखों से इशारा करती हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"Asli मर्दानगी इसे hi कहते हैं और ऐसी मर्दानगी क्यों पसंद नहीं आएगी मुझे. मुझे ख़ुशी है की आप अपना पूरा मर्दानगी दिखा रहे हैं मुझे"

वह आदमी यह सुनकर मुस्कुराया तो अनीता उसे देखती हुयी उसका लुंड हिलती हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"Aur सही कहा आपने. वह मैनेजर में मर्दानगी है hi नहीं"

अगले पल अनीता उसके लुंड के तरफ आँखों से इशारा करती हुयी boli,"kahan आप और कहाँ वह. उसकी बात करके आप अपनी मर्दानगी की तौहीन मत कीजिये"

अनीता फिर उसके लुंड के नीचे अपनी हथेली रखकर उसे ऊपर नीचे करती हुयी आँखों से उसके लुंड के तरफ इशारा करती हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"Ise कहते हैं असली मर्दानगी उफ्फ्फ"

और फिर उसके लुंड को पकड़ कर हिलती हुयी उसके आँखों में देखती हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"Aur आप हुए असली मर्द जो मुझे ऐसे अपना मर्दानगी दिखा रहे हैं. तो उस मैनेजर की बात hi मत कीजिये"

वह आदमी यह सुनकर मुस्कुराते हुए अनीता की चूंकि मसलते हुए bola,"Haan और हम पक्का यक़ीन से कह सकत हूँ ु ससुरा के पास"

फिर वह अपने लुंड के तरफ इशारा करते हुए bola,"Aisan मर्दानगी होगा भी नहीं"

अनीता यह सुनकर बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी उसके लुंड को पकड़ कर हिलती हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"Sahi कह रहे हैं आप. उसे तो औरत से बात करने की तमीज भी नहीं है. और एक आप हैं, हर वक़्त मेरी मदद करने के लिए तैयार रहते हैं और कितने अच्छे से पेश आते हैं मेरे साथ"

अगले पल अनीता उसके लुंड के तरफ आँखों से इशारा करके boli,"Aisi मर्दानगी तो क्या, उसमे तो सच में मर्दानगी hi नहीं होगी तभी तो मेरे साथ ऐसे बदतमीज़ी से पेश आ रहा था. असली मर्द क्या किसी औरत के साथ उसके जैसे पेश आएगा? या उस औरत की मदद करेगा, जैसे आप करते हैं"

अनीता उसके लुंड को हिलती हुयी उसके आँखों में देखती हुयी boli,"Aap सही कह रहे हैं और मुझे भी पूरा यक़ीन है की उसके जगह आप रहते तो आप प्यार से मुझे अपने कमरे में लेजाकर वाशरूम इस्तेमाल करने देते और रात कमरे में hi गुजरने के लिए बोलते. आप रात में मुझे बस में सफर नहीं करने देते क्यूंकि उसमे आराम नहीं है. आप तो मुझे अपने साथ अपने बिस्तर पर सुलाते ताकि मैं आराम से सो सकू. एहि तो असली मर्द की पहचान है की औरत की हर वक़्त मदद करने के लिए तैयार रहते हैं और अच्छे से पेश आते हैं जैसे आप हुए, कितने प्यार से आप पेश आते हैं मेरे साथ"

वह आदमी यह सुनकर bola,"Uhe तो हम अभी दिखा रहा हूँ की तोहार जइसन जवान और खबसूरत औरत के साथ असली मरद को कइसन पेश आना चाहिए"

वह आदमी थोड़ा आगे होकर अपना लुंड अनीता की होंठों के सामने करते हुए उसकी चूंकि दबाते हुए bola,"Asli मरद को तोहार जइसन जवान और खबसूरत औरत के साथ ऐसे hi पेश आना चाहिए, अपना मर्दानगी दिखाना चाहिए जैसे हम अभी दिखावट हूँ ताकि तुमका पता चले की तुम असली मरद के साथ हो"

और फिर वह अनीता की चूंकि दबाते हुए उसके तरफ इशारा करते हुए bola,"Aur तोहार ी गरम जवानी एक असली मरद के हाथ में है"

फिर वह आदमी bola,"Humre जइसन मरद के होते हुए तोहरी जइसन जवान और गरम औरत रात में अकेले रहे तो ससुरा हमर मर्दानगी का का फायदा. अब तुमका समझ में आवत हैं न की हम कहे तोहार साथ बैठ कर सफर करात हूँ और अभी अपने सामने बैठा कर"

फिर वह अपना लुंड के तरफ आँखों से इशारा करते हुए bola,"apna पूरा मर्दानगी दिखा रहत हूँ तुमका? कहे की तोहरा जइसन जवान औरत का ख्याल ऐसे hi रखा जाना चाहिए जो हमरा जइसन मरद hi रख सकता है और पूरा सफर तोहार अच्छे से ख्याल रखूँगा"

अनीता यह सुनकर उसका लुंड हिलती हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"Sach में आप असली मर्द हैं जिसे पता है की औरत के साथ कैसे पेश आना चाहिए. मुझे ख़ुशी हैं की आप जैसे मर्द मेरे साथ इस सफर में हैं जिसको पता है मेरा ख्याल कैसे रखना है"

वह आदमी एक हाथ से उसकी चूंकि दबाते हुए दूसरे हाथ से प्यार से अनीता की गाल सहलाते हुए अपना लुंड थोड़ा आगे करके ठीक अनीता के होंठ के सामने करते हुए bola,"Are ख्याल कहे नहीं रखेंगे. तोहार जइसन गरम जवान औरत का ख्याल रखने के लिए hi तो हुंका ऊपर वाला ी तगड़ा लौड़ा दिया है"

अनीता यह सुनकर उसका लुंड हिलती हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"Uhhmm उफ्फ्फ्फ़ कितना बड़ा और मोटा है"

वह आदमी यह सुनकर bola,"Bolo तो ससुरा मैनेजर को कमरे से निकल कर तोहरे साथ रात उस कमरे में गुज़ार लेता हूँ, सुबह तुमको जहाँ जाना है छोड़ दूंगा"

अनीता यह सुनकर उसका लुंड को आगे पीछे करके हिलती हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"Uhhmm आप तो सच में वह कर hi देंगे मगर उतना करने की ज़रूरत नहीं है. रहने दीजिये. जब आप जैसे मर्द साथ हैं मेरा ख्याल रखने के लिए तो बस में भी आराम से सफर बीत जायेगा"

वह आदमी यह सुनकर मुस्कुराकर उसकी चूंकि दबाते हुए bola,"U तो है लेकिन ु कमरा में तोहका और आराम मिलता न. तुम आराम से बिस्तर पर सोती"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर कामुक अंदाज़ में puchhi,"Lekin मैनेजर के बिस्तर पर मैं सोती तो आप कहाँ सोते?"

वह आदमी भी मुस्कुराते हुए अनीता की चूंकि को मसलते हुए bola,"Hum तोहार ऊपर तोहार टांग के बीच सोते और तोहका छोड़ते रात भर और का"

अनीता यह सुनकर अपनी आँखें बड़ी करके उसे देखकर बेशर्मी से boli,"Offo कैसी बात कर रहे हैं आप? ऐसे बोलै जाता है क्या?"

वह आदमी अनीता की गाल सहलाते हुए उसकी चूंकि दबाकर bola,"Are जो सच है उहे तो बोलत हूँ. तोहार जइसन जवान गरम औरत हमरे जइसन मरद के बिस्तर पर साथ होगी तो का हम छोडूंगा नहीं"

फिर वह अपने लुंड के तरफ इशारा करते हुए bola,"Dekho तुमका का ी लौड़ा से छुड़वाने का मैं नहीं करात है का?"

वह अनीता की चूंकि मसलते हुए और गाल सहलाते हुए अंगूठा उसकी होंठों पर फेरते हुए puchha,"Ee हमार लौड़ा देखकर सच सच बताओ. का हम कउनो ग़लत बात बोलत हूँ"

अनीता यह सुनकर उसके लुंड के तरफ कामुक नज़र से देखि तो वह आदमी अपने लुंड पर ठीक गिरा दिया. अनीता वह थूक उसके लुंड पर गिरता देख वापस उसके चेहरे पर देखकर बेशर्मी से उसके थूक को उसके लुंड पर मल्टी हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"Nahin कुछ भी ग़लत नहीं बोलै आपने. ऊपर वाले ने आपको यह इतना दुमदार मर्दानगी तो इसलिए hi दिया है न ताकि आप वह कर सके. तो मैं जब आपके साथ कमरे में होती तो आप जैसे मर्द को तो वह करने का तो मैं करेगा hi"

वह आदमी यह सुनकर मुस्कुराते हुए puchha,"Aur तुमका? तुमका हमसे छुड़वाने का मैं नहीं करता का?"

अनीता यह सुनकर अपनी आँखें बड़ी करती हुयी उसका लुंड पर थूक मल्टी हुयी बेशर्मी से boli,"Ab मैं क्या बोलूं?"

वह आदमी अनीता की चूंकि दबाते हुए bola,"Are बोलो न"

अनीता यह सुनकर उसका लुंड हिलती हुयी बेशर्मी से boli,"Ab आप जैसे मर्द मेरे साथ कमरे में"

फिर वह उसके लुंड के तरफ आँखों से इशारा करती हुयी boli,"Aese अपना मर्दानगी दिखते हुए साथ रहते तो मैं क्या hi करती? मुझे तो बस इस बात की ख़ुशी रहती की आप जैसे दुमदार मर्द मेरे साथ हैं जो मेरी आराम के लिए अपने बिस्तर पर साथ में सुला रहे हैं और मैं आपके साथ सो जाती. अब उसके बाद आप अपने मजबूत बाँहों में मुझे सुलाते तो यह तो मेरे लिए और ख़ुशी की hi बात होती की आप जैसे मज़बूत और दुमदार मर्द के बाहों में रात गुज़रेगी मेरी. कहाँ बस की सीट पर अकेला सोना और कहाँ आप जैसे असली मर्द के बिस्तर पर आपकी मजबूत बाहों में रात गुज़ारना. दोनों का कोई मुक़ाबला है क्या?"

फिर अनीता अगले पल थोड़ी मायूसी दिखती हुयी boli,"Lekin यह सब तो होना नहीं है अभी. हमें तो बस में hi सफर करना है रात भर. काम से काम पूरा सफर आप मेरे साथ रहेंगे तो मेरा ख्याल रखने के लिए"

वह आदमी यह सुनकर मुस्कुराकर अनीता की होंठों पर ऊँगली फेरते हुए puchha,"Are बोलो तो ससुरा मैनेजर को सच में निकल कर रात गुज़र लेते हैं साथ में"

अनीता यह सुनकर उसे देखकर कामुक अंदाज़ में boli,"Nahin इसकी कोई ज़रूरत नहीं है. मैंने कहा न की जब आप साथ हैं तो बस में भी अच्छे से सफर हो जाएगी रात में"

फिर अनीता boli,"Ab चलिए हमें देर हो रही है"

वह आदमी यह सुनकर अनीता की होंठो पर अंगूठा फेरता हुआ bola,"Are चालत है. ससुरा ड्राइवर हुंका छोड़ कर जायेगा तो गांड तोड़ दूंगा ुका"

अनीता को उसका यह दबंग अंदाज़ अच्छा लगा. वह कामुक अंदाज़ में boli,"Achha मेरी तो मार मार कर लाल कर दिया आपने और अब ड्राइवर का तोड़ hi देंगे आप? तो बेचारा बैठेगा कैसे? और नहीं बैठेगा तो बस कैसे चलेगी?"

वह आदमी यह सुनकर हसने laga,"Hahaha ठीक है गांड नहीं तोडूंगा ससुरा का, लौड़ा तोड़ दूंगा"

अनीता यह सुनकर बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी boli,"Offo आप और आपकी बातें"

फिर वह कामुक अंदाज़ में उसके लुंड को हिलती हुयी दूसरे हाथ से उसके पेट पर ऊँगली फेरती हुयी boli,"Ab चलिए न. यहाँ देर तक रहना ठीक नहीं है"

वह आदमी यह सुनकर अनीता की होंठ पर अंगूठा फेरते हुए उसके होंठ से अपना लुंड लगभग सताते हुए bola,"Are चालत हूँ, लेकिन उसे पहले थोड़ा ीका चूस कर साफ़ कर दो न"

अनीता की दिल यह सुनकर धड़क गयी. वह धड़कती दिल से उस आदमी को देखती हुयी कामुक अंदाज़ में puchhi,"Nahin यहाँ सही नहीं होगा"

अनीता यह बोलकर आस पास देखि तो वह आदमी bola,"Are कउनो नहीं है और कउनो आएगा भी नहीं"

अनीता उसका बात सुनकर boli,"Nahin प्लीज चलिए यहाँ से"

वह आदमी यह सुनकर अनीता की होंठों पर वैसे hi अंगूठा फेरते हुए puchha,"Ka हुआ? तुमका का हमार लौड़ा चूसने का मैं नहीं है या हमार मर्दानगी में तुमका कमी लग रहा है की हम तोहार जइसन जवान और गरम औरत का गर्मी बर्दाश्त नहीं कर सकूंगा? अरे हमरा उम्र पर मत जाओ."

अगले पल वह आदमी अपना लुंड पकड़ कर अनीता की होंठों पर उससे मारते हुए bola,"Ee हमार लौड़ा देखो."

अनीता को जैसे hi उसका लुंड का वजन अपनी होंठों पर महसूस हुआ वह बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"Uhhm यह क्या कर रहे हैं उफ़"

वह आदमी अपना लुंड अनीता की होंठों पर थपथपाते हुए bola,"Apna लौड़ा का ताक़त दिखा रहा हूँ और बता रहा हूँ की ी उम्र में भी असली मरद हूँ हम जो तोहार जइसन जवान और गरम औरत का जवानी का गर्मी निकल सकत हूँ. हमरा लौड़ा चूसकर तो देखो, तोहार मुंह दर्द करने लगेगा मगर हमरा लौड़ा खड़ा का खड़ा रहेगा तब तुमका पता चलेगा की ी उम्र में भी ससुरा जवान लौंडा लोग भी हमरे सामने कुछो नहीं है"

वह आदमी अपना लुंड अनीता को होंठों और चेहरे पर थपथपाते रहा जैसे वह कोई रंडी हो या उसकी रखैल हो और अनीता भी अपनी बेशर्मी, बेहयाई और रणदीपाने का साबुत देती हुयी मुस्कुरा रही थी. उसे भी कहीं न कहीं उस आदमी की रंडी, उसकी रखैल होने का एहसास हो रहा था और यह एहसास उसे अच्छा लग रहा था. इस उम्र में उसका दबंगई, उसका हिम्मत और मर्दानगी देखकर वह उससे आकर्षित थी.

अनीता अगले पल उसका लुंड पकड़ कर उसे हिलती हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"Khabardaar जो आपने उम्र की बात की तो. आपका असली उम्र तो"

अनीता अगले पल उसके लुंड को पकड़ कर उसे हिलाकर कामुक अंदाज़ में उसके तरफ आँखों से इशारा करती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"isse पता चल रहा है. आपके उम्र की पहचान तो यह है और सही hi कह रहे हैं आप, आपके सामने तो जवान मर्द भी कुछ नहीं है, न इस मामले में और न hi हिम्मत और दबंगई में. अंग्रेजी में एक कहावत है आगे इस जस्ट ा नंबर, मतलब उम्र तो बस एक आंकड़ा है और इसको आप सही साबित कर रहे हैं"

वह आदमी यह सुनकर मुस्कुराते हुए अपना लुंड पकड़ कर वापस अनीता की चेहरे पर लुंड थपथपाते हुए bola,"To फिर देरी किस बात का. मुंह खोलकर चूस लो न हमार लौड़ा"

अनीता अपनी चेहरे और होंठ पर उसका लुंड थपथपाते हुए देखकर बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Uuhhm आराम से. इतना बड़ा, मोटा और भारी है आपका और कह रहे हैं की आपका मर्दानगी में मुझे कमी लग रही है इसलिए इसे चूस नहीं रही हूँ"

अनीता अगले पल उसका लुंड अपनी दोनों हाथों से पकड़ कर अपनी चेहरे से हटाने का कोशिश की तो वह आदमी उसका बात सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"Are रहने दो न इसे ऐसे hi. काटना अच्छा लग रहा है"

अनीता यह सुनकर उसके लुंड को अपनी चेहरे पर रहने दी मगर उसके जड़ को पकड़ कर थोड़ा हिलती हुयी उसके आँखों में देखती हुयी कामुक आवाज़ में boli,"Offo कितना मोटा और भारी है आपका. मुझे तो यह देखने के लिए बोल रहे हैं लेकिन आप खुद तो देखिये. इतना बड़ा और मोटा चीज़ क्या मुंह में लेना आसान बात है?"

अनीता अगले पल अपनी होंठों को पोत करके कामुक अंदाज़ में boli,"Uhhm बताइये न? क्या आसान होगा इसे मुंह में लेना?"

अनीता अपनी होंठों को पोत करके वैसे बात बोलती हुयी उसके लुंड के नीचे वाले हिस्से को चुम ली.

वह आदमी यह सुनकर हस्ते हुए bola,"Hahaha अरे तोहरी जइसन गरम औरत के लिए तो ी लौड़ा मुंह में लेना आसान hi है. लेकर देखो तो?"

अनीता फिर से उसके लुंड को पकड़ कर अपनी चेहरे से हटाने लगी तो वह आदमी bola,"Ab तुम ीका अपना चेहरा से हटाओगी तो सीधा मुंह में लेना पड़ेगा तुमका नहीं तो ी हमरा मर्दानगी का बेइज़्ज़ती होगा"

अनीता यह सुनकर बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी उसका लुंड को पकड़ कर हिलती हुयी रणदीपाने वाली अंदाज़ में boli,"Uff आप तो मानने वाले hi नहीं है अब. इतना बड़ा और मोटा है आपका देख नहीं रहे हैं क्या?"

फिर अनीता उसके लुंड को दोनों हाथो से पकड़ कर हिलती हुयी उसके आँखों में देखकर boli,"Sach में असली मर्दानगी तो इसे कहते हैं. मेरे तो दोनों हाथों में भी नहीं आ रहा है तो पता नहीं मैं इसे चूसूंगी कैसे"

वह आदमी अनीता की होंठो पर अंगूठा फेरते हुए उसपर दबाओ बनाया तो अनीता उसे देखती हुयी होंठ खोलकर उसका अंगूठा मुंह में लेकर उसे देखती हुयी बेशर्मी से चूसने लगी. अनीता को ऐसे बेशर्मी से उसका अंगूठा चूसते हुए देख वह आदमी मुस्कुराकर bola,"Are चूस लोगी. अपना मुंह खोलो हम तोहार मदद करता हूँ"

अनीता यह सुनकर कामुक अंदाज़ में अपना मुंह खोल दी तो वह आदमी अपने लुंड पर थूक गिरा दिया. अनीता देखि की वह थूक उसके लुंड के टोपे पद गिरा है. अगले पल वह आदमी अपना लुंड पकड़ कर अनीता की होंठों के सामने करके उसका सर पकड़ा और लुंड को मुंह में दाल दिया. अनीता उसके आँखों में देखती हुयी बिना शर्म के उसके लुंड के टोपे पर अपनी होंठ रख दी और वह आदमी अपना कमर आगे पीछे करके उसको मुंह में लुंड पेलने लगा.

अनीता की छूट और बदन में सनसनी दौड़ने लगी. वह उस आदमी के लुंड के साथ साथ थूक का स्वाद अपनी मुंह में महसूस कर रही थी. वह आदमी अनीता की हाथ पकड़ कर अपना कमर पर रख दिया और खुद उसका सर पकड़ कर उसकी मुंह में धीरे धीरे लुंड पेलने लगा. अनीता उसका दोनों जाँघों पर अपनी हाथ रखकर जितना हो सके उतना मुंह खोल दी ताकि वह अपना लुंड उसकी मुंह में पेल सके.

पूरा मुंह खोलने के बावजूद भी उस आदमी का एक तिहाई लुंड hi अनीता की मुंह में जा रहा था.

लगभग 1 मिनट तक वह आदमी अनीता की मुंह में लुंड पेला और अनीता बेशर्मी से उसके आँखों में देखती हुयी उसके लुंड से मुंह छुड़वा रही थी.

एक मिनट बाद जब वह लुंड उसकी मुंह से निकला तो थूक की लार उसके लुंड से अनीता की मुंह तक एक लड़ी बनाकर थी.

अनीता बेशर्मी से वैसे hi उस आदमी के आँखों में देख रही थी. वह आदमी उससे bola,"Dekho हमार एक तिहाई लौड़ा तो तुम अभी hi निगल जा रही हो. हम बोले न की तुम बहोत गरम औरत हो और हम तोहार आँखों में हमार लौड़ा का प्यास देख सकत है. आओ अब आराम से हमार लौड़ा को चुसो"

अनीता अपनी रान्दीपना और लुंड के प्यास का साबुत देती हुयी ज़बान निकल कर थूक के लड़ी पर फिरकर उसे मुंह में लेकर चेहरा आगे करके उस आदमी का लुंड का टोपा मुंह में लेकर चूसने लगी. वह आदमी मज़े से "आअह्ह्ह्ह" किया तो अनीता को मैं hi मैं ख़ुशी हुयी और उसके लुंड के टोपे को मुंह में ली हुयी उस पर ज़बान फिरा दी और चेहरा आगे पीछे करती हुयी उसका लुंड चूसने लगी.

अनीता को ऐसे लुंड चुस्त देख उस आदमी को ख़ुशी हो रहा था और क्यों न हो. एक पढ़ी लिखी, जवान और बेहद खूबसूरत औरत, जो अमीर घर की शादी शुदा औरत है वह किसी रंडी की तरह उसके जैसे 50 साल से ज़्यादा उम्र के गंवार आदमी का लुंड चूस रही थी वह भी एक खेत के झाड़ियों में.

थोड़ी देर उसका लुंड चूसने के बाद वह सांस लेने के लिए उसे मुंह से निकली तो वह आदमी अपने लुंड पर थूक दिया. अनीता उसे देखि तो वह आदमी उसकी सर पकड़ कर bola,"Ise चाट कर साफ़ कर दो"

अनीता अगले पल ज़बान निकाल कर उसके लुंड से उस थूक को चाटने लगी और फिर अपनी ज़बान को उसके लुंड के बीच के हिस्से से ऊपर के तरफ ले जाती हुयी उसके लुंड पर लगे थूक को चाट कर उसके टोपे को मुंह में लेकर चूसने लगी तो वह आदमी मुस्कुराते हुए उसकी सर पकड़ कर bola,"Kaa मस्त लौड़ा चुस्ती हो तुम. ऐसे hi चुसो"

अनीता यह सुनकर मैं hi मैं खुश होकर उसके लुंड को और अच्छे से चूसने लगी. अनीता को ऐसे प्यास से अपने लुंड को चूसते देख वह आदमी फिर से लुंड के बीच हिस्से पर थूक गिरा दिया. अनीता उसे देखि और ज़बान निकाल कर उसे चाटने लगी.

वह थूक को चाटने के बाद फिर से उसके लुंड के बीच वाले हिस्से से ऊपर के तरफ ज़बान लेजाकर उसके लुंड को छाती और फिर लुंड को मुंह में लेकर चूसने लगी. अनीता को ऐसे लुंड चुस्त देख उस आदमी को मज़ा आ रहा था और जब वह चाटने के बाद मुंह में लेकर फिर से चूसने लगी तो वह मज़े से सिसकार utha,"Aaahhh का मस्त लौड़ा चुस्त हो तुम. ऐसे hi चुस्ती रहो"

अनीता मज़े से उसके लुंड को चूसना जारी राखी. अगले 2-3 मिनट तक वह वैसे hi उसका लुंड चुस्ती रही. उसके बाद वह आदमी अपना लुंड पकड़ कर उसके टोपे पर थूक दिया जिससे वह थूक नीचे के तरफ फिसलने लगा. जब वह उसके लुंड के जड़ तक फिसल गया तो वह लुंड को छोड़ दिया जिससे वह सीधा अनीता की चेहरे से जा टकराया.

उसके लुंड को स्प्रिंग की तरह अपने चेहरे से टकराते हुए और उसके लुंड का वजन अपनी चेहरे पर महसूस करके अनीता बेशर्मी से मुस्कुराकर कामुक अंदाज़ में boli,"ouch ुह्ह्हम्म"

वह आदमी अनीता को मुस्कुराता देख खुद भी मुस्कुरा दिया तो अनीता मुस्कुराती हुयी वैसे hi उसके लुंड को अपनी चेहरे पर रहने दी और उसके आँखों में देखती हुयी ज़बान निकालकर उसके थूक को चाटने लगी. अनीता को ऐसे अपने लुंड पर लगे थूक को चाटते देख उस आदमी का खून और खौल गया जिससे उसका लुंड झटका मारकर ऊपर उठकर वापस अनीता की चेहरे पर गिरा तो अनीता फिर से बेशर्मी से मुस्कुराकर कामुक अंदाज़ में boli,"ouch ुह्ह्हम्म"

अगले पल अनीता उसके लुंड को पकड़ कर रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Kitna बड़ा, मोटा और कितना तगड़ा है यह" और अगले पल वह उसके लुंड के नीचे वाले हिस्से को कामुक अंदाज़ में चूमती हुयी boli,"Uhhhmm" तो वह आदमी अनीता की सर पकडे हुए bola,"Are हम बोले थे न की हमार उम्र पर मत जाओ. हमार सामने तोह ससुरा जवान लोगन भी कुछो नहीं है. तोहार चूसै के सामने तो ससुरा जवान लोगन का तो अभी तक पानी निकल जाता और हमरा लौड़ा को देखो, कैसे तन्न कर खड़ा है तोहार जवानी का प्यास बुझाने के लिए"

अनीता यह सुनकर बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी उसके लुंड को पकड़ी हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"Uhmm सच में कितना बड़ा है यह और कैसे तन्न कर खड़ा है. इसे कहते हैं मर्दानगी"

अनीता यह बोलकर अपनी ज़बान निकालकर उसके लुंड के नीचे से ऊपर तक चाट ली और फिर लुंड को मुंह में लेकर चूसने लगी तो वह आदमी उसकी सर पकड़ कर bola,"Munh खोलो"

अनीता मुंह खोल दी तो वह फिर से उसकी मुंह छोड़ने लगा. वह लगभग एक मिनट तक उसको मुंह छोड़ा और फिर सांस लेने के लिए उसकी मुंह से लुंड निकला तो अनीता उसके होंठ और लुंड के बीच का थूक का लड़ी को ज़बान निकलकर चाट गयी.

वह आदमी यह देखकर अपने लुंड पर थूक दिया तो अनीता अपनी ज़बान निकलकर उसके थूक को चाटने लगी. वह उसका लुंड चाट hi रही थी की अनीता की फ़ोन बजने लगी. वह फ़ोन का आवाज़ सुन्न कर घबरा कर आस पास देखि तो वह आदमी bola,"Are कउनो नहीं है. तोहार मोबाइल बजट है"

अनीता यह सुनकर boli,"Haan, मैं देखती हूँ"

वह मोबाइल निकाल कर देखि तो अंकित था. वह मोबाइल में टाइम देखकर boli,"Bahot टाइम हो गया है. चलिए प्लीज"

अनीता अंकित का फ़ोन डिसकनेक्ट करके उसे मैसेज कर दी की वह आ रही है.

अनीता मोबाइल को बैग में रखकर उस आदमी को देख कर boli,"Chaliye हमें लेट हो रहा है"

वह आदमी अनीता से bola,"Uthkar हमार तरफ गांड करके झुक जाओ. तोहार थोड़ा चुदाई कर डेट हैं हम"

अनीता की दिल यह सुनकर धड़क गयी लेकिन साथ hi उसकी छूट और बदन में सनसनी महसूस हुयी. वह कामुक अंदाज़ में boli,"Nahin हमारे पास टाइम नहीं है"

फिर अनीता उसके पेट पर ऊँगली फेरती हुयी कामुक अंदाज़ में आगे boli,"Please चलिए यहाँ से"

वह आदमी अगले पल अनीता की होंठ से लुंड सताते हुए bola,"Theek है लेकिन पहले एक अच्छे से चाट कर साफ़ करके ु पेपर से पोंछ दो"

अनीता यह सुनकर उसे देखि और अपनी ज़बान निकलकर उसके लुंड को चाटने लगी. कुछ सेकण्ड्स बाद उसके लुंड को चाटने के बाद वेट वाइप से उसे पोंछ दी और अपनी कमीज पकड़ कर उठ गयी और जैसे hi गांड पर चढाने लगी तो वह आदमी bola,"Are एक मिनट रुको. अपनी गांड को कहे धक् रही हो"

अनीता यह सुनकर बेशर्मी से उस आदमी के तरफ सवाल भरे नज़र से देखि तो वह आदमी उसके सामने खाद होकर उसकी गांड पर हाथ फेरते हुए bola,"Are हुंका दिखाओ तो तोहार गांड पर इतना देर में कउनो मच्छर काटा तो नहीं"

अनीता यह सुनकर बेशर्मी से मुस्कुराकर boli,"Kuchh नहीं काटा है. अगर काटता तो मुझे पता तो चलता न"

फिर अनीता उसके सीने पर ऊँगली फेरती हुयी मुस्कुराकर कामुक अंदाज़ में boli,"Aapke मज़बूत हाथ के डर से किसी मच्छर में हिम्मत hi नहीं हुयी यहाँ बैठने की"

वह आदमी अनीता की गांड सहलाते हुए bola,"Are तो उहे तो बोल रहा हूँ की एक बार दिखाओ तो ससुरा कहाँ मच्छर का बैठने का हिम्मत नहीं हुआ"

अनीता यह सुनकर बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी boli,"Offo सब पता है आपको फिर भी बातें बना रहे हैं"

वह आदमी यह सुनकर अनीता की गांड पर हल्का थप्पड़ मारते हुए bola,"Are तो दिखा दो न. का हो जायेगा हुंका दिखा डौगी तो"

अनीता यह सुनकर बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी उसके सीने पर ऊँगली पर फेरती हुयी कामुक आवाज़ में boli,"Kya देखना चाहते हैं बोलिये न"

वह आदमी अनीता की गांड को मसलते हुए bola,"Ee तोहार गांड देखना चाहता हूँ हम. दिखाओ न हुंका अपना गांड"

अनीता यह सुनकर बेशर्मी से मुस्कुराकर कामुक आवाज़ में boli,"Offo कैसे खुलकर आप बोलते हैं. आपको तो कुछ बोलना hi बेकार है. कुचब भी हो जाये खुलकर बोलना नहीं छोड़ेंगे आप"

वह आदमी अनीता की गांड मसलते हुए bola,"Are तो तुम भी हुंका अपनी गांड खुलकर दिखाओ न. हमसे कइसन छुपाना"

अनीता यह सुनकर उसके सीने पर ऊँगली फेरती हुयी वैसे hi कामुक आवाज़ में boli,"Aapse कहाँ कुछ छुपा रही हूँ"

और फिर घूमकर पेड़ को पकड़ कर झुककर अपनी गांड से कुर्ती ऊपर करती हुई उस आदमी को देखकर आँखों से अपनी गांड की तरफ इशारा करके रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Dekh लीजिये कोई मच्छर नहीं काटा आपके हाथ के डर से"

वह आदमी अनीता की दोनों गांड की भाग को नंगी देखकर उस पर हाथ रख कर सहलाते हुए bola,"Haan ससुरा को जान प्यारा है. नहीं तो तोहार ी गांड के चक्कर में अपना जान गँवा देता हमार हाथ से"

अनीता बेशर्मी से गर्दन घुमाकर उस आदमी को देख रही थी की कैसे वह उसकी नंगी गांड पर अपना मरदाना खुरदुरा और मजबूत हाथ फेर रहा था. यह बोलकर वह अनीता की गांड की बायीं भाग पर थप्पड़ मार दिया तो अनीता कामुक अंदाज़ में siskari,"Ouchh सीईई"

अनीता को सीसकरते देख वह आदमी उसकी आँखों में देखा और फिर उसकी गांड को पकड़ कर मसलते हुए bola,"Sasura का मास्ट गांड है तोहार" तो अनीता कामुक नज़र से उसे देखती हुयी कामुक तरीके से boli,"Uhhmm" और अपनी निचली होंठ को दांतों के बीच भींच ली.

वह आदमी अगले पल उसकी दायी गांड पर हाथ रखा तो अनीता समझ गयी की अब उसकी दायी गांड की बारी है. वह धड़कते दिल से एक नज़र अपनी दायी गांड पर उसका काला मरदाना हाथ देखि मगर कुछ नहीं बोली. वह आदमी अगले पल अपना हाथ उठाकर चटक से उसकी दायी गांड पर थप्पड़ जड़ दिया तो अनीता फिर से कामुक अंदाज़ में siskari,"Ouch सीई".

वह आदमी अनीता को सीसकरते देख उसकी गांड को पकड़ कर मसला तो अनीता यह देखकर रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Ab तो देख लिया न आपने? अब तो हम चले?"

वह आदमी यह सुनकर bola,"Are अभी तो बाहर देखा हूँ"

फिर वह अनीता की गांड की दरार के शुरुआत में अपना हाथ के चारो उँगलियों को फिरते हुए bola,"Tohaar गांड का बीच में मच्छर घुस गवा होगा तोह? ु भी देख लेट हूँ"

अनीता यह सुनकर बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"Offo वहां भी नहीं है"

वह आदमी यह सुनकर अनीता की गांड की दोनों भागो को पकड़ कर अलग करते हुए bola,"Are हुंका देखने तो दो"

यह बोलकर वह आदमी पीछे उसकी गांड के पास बैठ गया. अब अनीता की गांड ठीक उस आदमी के चेहरे के पास था.

जब वह आदमी उसकी गांड के पास बैठा तो अनीता बेशर्मी से वैसे hi झुकी हुयी मुस्कुराकर boli,"Are आप क्या कर रहे हैं. ओफ्फो अंदर भी कुछ नहीं है"

वह आदमी यह सुनकर अनीता की गांड की दोनों भागो को फिर से पकड़ कर अलग करते हुए bola,"Are तो उहे तो देखना छह रहा हूँ हम की तोहार गांड के बीच कुछो है की नहीं"

यह बोलकर वह आदमी उसकी गांड की दरार में देखने लगा. वह आदमी देखा की अनीता की गांड की दरार में उसकी पंतय की डोरी थी और पतली डोरी में भी उसकी गांड की छेड़ छुपी हुयी थी. इसी से वह आदमी समझ गया की अनीता की गांड अभी भी टाइट है और उसकी गांड की अच्छे से चुदाई करके फैलाया नहीं गया है, एक तरह से बोलै जाए तो वह आदमी समझ गया की अनीता की गांड को फायदा नहीं गया है.

अनीता कुछ सेकण्ड्स ऐसे hi उस आदमी को अपनी गांड की दरार में देखते हुए देखि और फिर बेशर्मी से उसके तरफ देखती हुयी boli,"Dekh लिया न आपने की कुछ नहीं है. अब तो चलिए"

वह आदमी यह सुनकर मुस्कुराते हुए उसकी गांड को दोनों हाथों से फैलाये हुए अंगूठे को उसकी दरार में घुसकर पंतय की डोरी पकड़ कर उसकी गांड की छेड़ से हटते हुए bola,"Are देख लेट हूँ की ससुरा कउनो मच्छर तोहार गांड के अंदर तो नहीं घुस गवा"
 
अपडेट 115

अनीता यह सुनती हुयी जैसे hi अपनी गांड की छेड़ पर उस आदमी का अंगूठा महसूस की वह बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी boli,"Aahh नहीं यह क्या कर रहे हैं आप" और यह बोलती हुयी घूम गयी.

अनीता को ऐसे बेशर्मी से मुस्कुराते देख वह आदमी भी मुस्कुराकर bola,"Are देखत हूँ तोहार गांड के अंदर तो ससुरा मच्छर नहीं है तो"

अनीता यह सुनकर बेशर्मी से मुस्कुराती हुई कामुक अंदाज़ में boli,"Offo कैसी बातें कर रहे हैं आप. वहां कैसे जायेगा मच्छर?"

वह आदमी यह सुनकर मुस्कुराते हुए अपना लुंड पकड़ कर हिलाते हुए उसके तरफ इशारा करते हुए bola,"Theek है ससुरा मच्छर नहीं जा पायेगा लेकिन ी हमार लौड़ा तो जा सकत हैं न तोहार गांड में. मरवा लो न अपनी गांड हमरा लौड़ा से"

अनीता यह सुनकर अपनी आँखें फाड़कर उसे देखती हुयी बेशर्मी से मुस्कुराकर boli,"Uhhmm फिर से आप शुरू हो गए"

फिर वह उसके लुंड के तरफ आँखों से इशारा करती हुयी उसके पकड़ कर हिलती हुयी boli,"Ab इसे अंदर कीजिये और चलिए. हमें लेट हो रहा है"

वह आदमी यह सुनकर मुस्कुराया तो अनीता दूसरी हाथ को उसके सीने पर फेरती हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"Ab और कितना देर यहाँ रहिएगा. चलिए न"

वह आदमी यह सुनकर मुस्कुराकर अनीता की गांड मसलते हुए bola,"Theek है लेकिन तोहका बस में हमार लौड़ा चूसकर शांत करना होगा"

अनीता यह सुनकर कामुक अंदाज़ में उसके सीने पर उँगलियाँ फेरती हुई दूसरी हाथ से उसके लुंड को हिलती हुयी boli,"Bus में कैसे होगा? वहां इतने लोग होंगे. अब जितना हो गया उतना रहने दीजिये"

वह आदमी यह सुनकर उसकी गांड मसलते हुए bola,"Aisan बात है तो चलो हमरे साथ ु मैनेजर का कमरा में. यहां तो कउनो आएगा नहीं. आराम से तुम हमार लौड़ा चूस लेना ऊके बाद हम तोहार अच्छे से चुदाई कर दूंगा, पूरा रात भर"

अनीता यह सुनकर बेशर्मी से कामुकता से boli,"Uhhm नहीं यह सही नहीं होगा और बस भी छूट जायेगा"

वह आदमी यह सुनकर अनीता को गांड मसलते हुए bola,"Are तो सुबह में कउनो इंतज़ाम करके पहुंचा दूंगा तुमका"

फिर वह अपने लुंड के तरफ आँखों से इशारा करते हुए bola,"Humaar लौड़ा देखो. का तुमका मैं नहीं कर रहा हैं हमरे साथ आज का रात बिस्तर पर जवानी का मज़ा लेने का. तोहार जइसन अटना खबसूरत और जवान औरत को तो रात में हमरा जइसन असली मरद के साथ बिस्तर पर होना चाहिए, न की बस में. सच सच बोलो की तोहार मैं नहीं है की हमरा जइसन मरद के साथ बिस्तर पर रात गुजरने का"

अनीता यह सुनकर उसका लुंड और सीना सहलाती हुयी कामुक आवाज़ में boli,"Uhhhmm अब और क्या बोलूं आपको. बोल तो चुकी हूँ की अगर रात बस में सफर करने और आप जैसे मर्द के साथ आपके मजबूत बाँहों में बिस्तर पर गुजरने की बात हो तो मैं तो आपके साथ बिस्तर पर रात गुज़ारना पसंद करुँगी, लेकिन अभी वह वक़्त नहीं है. मुझे सुबह में hi पहुंचना है जहां जा रही हूँ. अब चलिए प्लीज"

वह आदमी यह सुनकर bola,"Theek है लेकिन बस में तुमका हमार लौड़ा को चूस कर शांत करना होगा. कउनो नहीं देखेगा ी हमार तोहार से वादा है. बोलो चुसोगी न हमार लौड़ा?"

अनीता यह सुनकर कामुक आवाज़ में boli,"Offo बस के अंदर कोई देख लेगा तो"

वह आदमी अनीता की गांड सहलाते हुए bola,"Are कउनो देखेगा तो ससुरा का गांड तोड़ दूंगा" यह बोलकर वह अनीता की गांड पर थप्पड़ मार दिया तो अनीता रणदीपाने वाली अंदाज़ में कामुकता दिखती हुयी siskari,"Ouchh सीई".

वह आदमी यह सुनकर मुस्कुराकर अनीता की गांड को मसला तो अनीता कामुक अंदाज़ में boli,"Uhhmmm देखने वाले का तोड़ेंगे या नहीं यह तो पता नहीं, मगर लग रहा है मेरी तो मार मार कर लाल कर देंगे आप?"

वह आदमी अनीता की गांड मसलते हुए puchha,"Kaa लाल कर दूंगा हम?"

अनीता मुस्कुराती हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"Ab बस कीजिये. जैसे आपको पता hi नहीं है"

वह आदमी यह सुनकर मुस्कुराकर puchha,"Are बता दो न एक बार. का हो जायेगा अगर बता डौगी तो"

अनीता यह सुनकर बेशर्मी से मुस्कुराकर उसके सीने पर उंगलियां फेरती हुयी boli,"Theek है लेकिन यह आखिरी बार होगा. इसके बाद चुप चाप वापस चलिएगा. और कोई बातें मत बनाइयेगा"

वह आदमी अनीता की गांड मसलते हुए bola,"Theek है तुम बताओ तो सही"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर फिर से घूमकर अपनी गांड उस आदमी के तरफ करके एक हाथ से पेड़ पकड़ कर झुक गयी और दूसरी हाथ से अपनी कुर्ती को गांड के ऊपर से हटाकर अपनी कमर तक लेजाकर गांड को नंगी करती हुयी उस आदमी को देखकर बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी अपनी गांड को थोड़ा हिलती हुयी उसके तरफ आँखों से इशारा करके रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Dekh लीजिये कैसे आपने अपने मज़बूत हाथ से मार मार कर लाल कर दिया है इसे"

वह आदमी मुस्कुराकर जवाब में bola,"Achha तो तुम अपनी गांड का बात कर रही हो?"

अनीता यह सुनकर बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी boli,"Offo फिर से यह कैसी बात करने लगे आप"

वह आदमी मुस्कुराते हुए bola,"Are तो तुम्ही तो अपनी गांड दिखा रही हो हुंका, अब गांड को तो गांड hi बोलूंगा हम"

अनीता यह सुनकर बेशर्मी से boli,"Aapko तो कुछ बोलना hi बेकार है. अब देख लिया न आपने मैं किसकी बात कर रही थी"

वह आदमी यह सुनकर मुस्कुराकर उसकी गांड पर हाथ रखकर सहलाते हुए bola,"Haan तुम अपनी गांड की बात कर रही हो. अब तुम बताओ हम सही समझे तो?"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर boli,"Haan सही समझे आप"

फिर वह अपनी गांड हिलती हुयी hi उस आदमी को देखकर बेशर्मी से अपनी गांड के तरफ आँखों से इशारा करते हुए boli,"Dekh लीजिये कैसे आपने मार मार कर लाल कर दिया है"

वह आदमी मुस्कुराकर दये हाथ से अनीता की गांड सहलाते हुए बाये हाथ से अपने लुंड को पकड़ कर हिलाते हुए अपने लुंड के तरफ आँखों से इशारा करते हुए puchha,"Are तोहार गांड तो सिर्फ हाथ से मारा हूँ. अभी लौड़ा से कहाँ मारा हूँ तोहार गांड को. इससे भी मरवा लो?"

अनीता बेशर्मी से उसके लुंड के तरफ देखि तोह वह आदमी आगे बढ़कर उसकी गांड की दरार में अपना लुंड डालकर उसकी कमर पकड़ लिया और पीछे से ऊपर नीचे करके उसकी गांड की दरार में लुंड घिसने लगा और उसकी कान में bola,"Humaar लौड़ा से अपनी गांड छुड़वा लो"

अनीता अपनी गांड की दरार में उस आदमी का तगड़ा कड़क लुंड महसूस करके आगे होने का कोशिश की मगर उसकी चेहरे पर घबराहट या परेशानी नहीं, बल्कि मुस्कराहट hi थी और वह मुस्कुराती हुयी आगे होने का कोशिश करती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Uhhmm यह क्या करने लगे आप? ुह्ह्हम्म छोड़िये प्लीज"

अनीता आगे होने का कोशिश की मगर वह आदमी अपने मजबूत हाथों को आगे लेजाकर अनीता की दोनों चूँचियों को पकड़ चूका था तो वह आगे नहीं हो पायी.

वह आदमी अनीता की बात सुनकर उसकी दोनों चूँचियों को मजबूती से पकड़ कर उसके पीछे उसकी गांड की दरार में लुंड घुसाए उसकी बैकलेस कमीज में अधनंगी पीठ पर झुककर उसके कान के पास अपना होंठ लेजाकर उसकी चूँचियों को और मजबूती से पकड़ कर धक्का लगते हुए hi bola,"Chhodne का बात नहीं, छोड़ने का बात करो"

फिर वह कमर हिलाते हुए bola,"Aese घपाघप घपाघप घपाघप"

अनीता की सांस अपनी चूँचियों पर उस आदमी के मजबूत गिरफ्त, उसका बात सुनकर और अपनी गांड की दरार में उसके कड़क लुंड का घिसाई महसूस करके तेज़ हो गयी और वह बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"Uhhhmm ओह माय गॉड आअह्ह्ह हो गया अब चलिए आआह्ह्ह्ह"

वह आदमी धक्का लगते हुए उसकी कान के पास मुंह करके puchha,"Are चालत हूँ, पहले ी बताओ की तोहार गांड में महसूस होकत है तो की तोहार गरम जवानी देखकर कैसे तन तना गवा है हमार लौड़ा"

अनीता बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"Haan उफ्फ्फ आअह्ह्ह्हह"

वह आदमी धक्का लगते हुए puchha,"kaisan लागत है हमार लौड़ा तुमका अपनी गांड में?"

अनीता यह सुनकर कामुक अंदाज़ में boli,"Uhhm बहोत hi बड़ा और तगड़ा है. उफ़ सच में ाःह मर्दानगी तो इसे hi कहते हैं आअह्ह्ह"

वह आदमी धक्का लगते हुए bola,"Toh फिर हमसे छुड़वा लो न. तोहार जइसन गरम जवान औरत को तोह अपनी जवानी का मज़ा लेना चाहिए. हमरे जइसन मरद से छुड़वाना चाहिए. तोहार का मैं नहीं करात है हमरा जइसन असली मरद से छुड़वाने का? हमरे साथ बिस्तर पर रात गुजरने का?"

अनीता बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी तेज़ सांस लेती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Uhmm प्लीज आअह्ह्ह यह जगह और वक़्त सही नहीं है. अभी चलिए यहाँ से"

वह आदमी अनीता की गांड की दरार में लुंड रगड़ते हुए जवाब में bola,"Theek है लेकिन ी बताओ की हमरा मर्दानगी देख ली न तुम?" यह बोलते हुए वह अनीता की गर्दन चूमने लगा और चूमते हुए धक्का देकर गांड में लुंड रगड़ने लगा तो अनीता बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी तेज़ सांस लेती हुयी कामुक रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Aaahh आपका मर्दानगी तो देख भी ली और महसूस भी कर रही हूँ ाःह"

वह आदमी अगले पल bola,"Ruko तुमका और अच्छे से महसूस करता हूँ" और यह बोलकर वह अनीता की गांड की दरार से पंतय का डोरी हटाकर उसकी गांड की छेड़ पर अपना लुंड का टोपा सत्ता कर धक्का दिया तो उसके लुंड पर लगे प्रेकम और अनीता की गांड टाइट होने से उसका लुंड फिसल कर उसकी दरार में घिसकर ऊपर के तरफ हो गया और साथ hi अनीता को जब एह्साह हुआ की वह आदमी उसकी गांड की छेड़ पर लुंड सत्ता कर धक्का लगाया तो वह भी थोड़ी आगे होकर घूमकर उसे देखती हुयी बेशर्मी से boli,"Offo यह क्या कर रहे थे आप?"

वह आदमी जवाब में bola,"Are कुछो नहीं बस तोहका अपनी मर्दानगी अच्छे से महसूस करा रहे थे हम"

अनीता यह सुनकर बेशर्मी से boli,"Ab हो गया बहोत महसूस करा दिया आपने. अब चलिए नहीं तो बस छूट जाएगी"

वह आदमी यह सुनकर अनीता की कमर पकड़ कर अपने पास खींचकर अपने से सताया तो अनीता उससे चिपकती हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"Uhhmm"

तो वह आदमी उसकी नंगी गांड पकड़ कर bola,"Ka तोहका हमरा मर्दानगी महसूस करना अच्छा नहीं लग रहा है का"

अनीता यह सुनकर अपनी बेशर्मी दिखती हुयी मुस्कुराकर उसके सीने पर उँगलियाँ फेरती हुयी boli,"Uhhm वैसे बात नहीं है, इतनी देर से तो महसूस hi कर रही हूँ आपकी मर्दानगी"

वह आदमी यह सुनकर अपना बीच का ऊँगली अनीता की गांड की दरार में लेजाकर ठीक उसकी गांड की छेड़ पर रखते हुए bola,"Lekin इहाँ महसूस कहाँ कराया हूँ हम"

अनीता अपनी गांड की छेड़ पर उसका ऊँगली महसूस करके अपनी हाथ पीछे लेजाकर उसका हाथ पकड़ कर उसे खींचते हुए कामुक अंदाज़ में boli,"Wahan भी तो महसूस करा hi दिया न आपने. प्लीज अब चलिए"

वह आदमी यह सुनकर अनीता की नंगी गांड मसलते हुए bola,"Theek है. तुम बोलत हो तो चालत हैं हम"

अनीता यह सुनकर मुस्कुरकर अपनी सलवार ऊपर करने लगी तो वह आदमी bola,"Are रुको"

अनीता यह सुनकर उसे देखती हुयी boli,"Ab क्या हो गया?"

वह आदमी यह सुनकर bola,"Are हम पहना डेट हूँ तोहार सलवार"

अनीता यह सुनकर उसके सीने पर ऊँगली फेरती हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"Theek है पहना दीजिये"

वह आदमी यह सुनकर अनीता की जांघ पर हाथ लेजाकर उसकी सलवार पकड़ा और सर को अनीता की कंधे के तरफ करके पीछे उसकी गांड को देखते हुए सलवार को ऊपर करने लगा. अनीता बेशर्मी से उसे अपनी गांड देखते हुए देखि मगर अपनी रणदीपाने का साबुत देता हुयी बिना कुछ बोले मुस्कुरा रही थी.

वह आदमी उसकी गांड देखते हुए उसकी सलवार उसकी गांड के नीचे तक लाया. अनीता की सलवार घुटने के ऊपर वाले हिस्से में टाइट थी मगर इलास्टिक में मटेरियल की बानी थी तोह उसकी गांड पर चढाने के लिए थोड़ा जोर से खींचना पड़ता. वह आदमी यह समझ कर जोर से खींचने के बजाये धीरे धीरे आराम से ऊपर खिंच रहा था और ऐसे कर रहा था की अनीता की गांड हिले.

अनीता अपनी गांड को हिलता महसूस करके उसे देखती हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"Yeh क्या कर रहे हैं आप. ऊपर खिंच दीजिये न"

वह आदमी अनीता को देखते हुए bola,"Are ससुरी तोहार सलवार इतना टाइट है की ऊपर करने से गांड हिलत है"

अनीता अपनी बेशर्मी और रणदीपाने का प्रदर्शन करती हुयी कामुक रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Ab आप इतना धीरे धीरे ऊपर करेंगे तो वैसा तो होगा न"

वह आदमी यह सुनकर उसे देखते हुए bola,"Are तोहार गांड इतना चिकना और मुलायम है. प्यार से धीरे धीरे hi ऊपर करना होगा न"

अनीता यह सुनकर उसके आँखों में देखती हुयी नखर वाली अंदाज़ में मगर कामुकता से boli,"Ab बड़ा प्यार आ रहा है. मार मार कर लाल कर दिया आपने अब प्यार आने लगा"

वह आदमी यह सुनकर bola,"Are ु भी तोह प्यार करने का एक तरीक़ा है. असली मरद जब औरत की गांड भारत है तो वह प्यार से hi भारत है, अब चाहे हाथ से मारे"

और फिर अनीता की एक हाथ पकड़ कर अपने लुंड पर रखते हुए bola,"ya लौड़ा से"

अनीता यह सुनकर बेशर्मी से उसका लुंड पकड़ कर हिलती हुयी मुस्कुराकर कामुक अंदाज़ में boli,"Achha ठीक है, अब बातें मत बनाइये और जल्दी से ऊपर कर दीजिये. नहीं तो पता चला की प्यार से जिसे बचा रहे हैं उस पर फिर से मच्छर आकर बैठ जाये और काट ले"

वह आदमी यह सुनकर bola,"Are ससुरा आएगा तो फिर से उसका हम मार दूंगा, ऐसे"

और यह बोलकर वह अनीता की गांड पर थप्पड़ जड़ दिया तो woh,"Aahhh आउच" करके अपनी आँखें बड़ी करके बेशर्मी से मुस्कुराते हुए उसे देखि जो की उसकी गांड पर थप्पड़ मारकर हसने लगा tha,"Hahaha" और वह हस्ते हुए bola,"Aur ी दूसरा गांड पाए बैठेगा तो ुका भी"

अनीता समझ गयी की अब उसकी दूसरी गांड पर थप्पड़ पड़ने वाली है तो वह बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी boli,"Aaahh नहीं" लेकिन अगले पल वह aadmi,"aese मार दूंगा" बोलते हुए उसकी दूसरी गांड पर थप्पड़ मार दिया और अनीता इस बार मुस्कुराती हुयी "आह्हः आउच" की और फिर वह आदमी के हसने पर खुद भी बेशर्मी से खिलखिलाने lagi,"hehehe".

अनीता बेशर्मी से हस्ती हुयी उस आदमी को देखि और देखती हुयी अपनी गांड हिला दी.

वह आदमी अनीता को खिलखिलाते हुए बेशर्मी से गांड हिलाते देख उसकी दोनों गांड को पकड़ मसलते हुए हिलाकर bola,"Ka मस्त गांड है, का हिलत है मारने से"

अनीता की चेहरे पर गर्व की भाव थी उस आदमी को ऐसे हवस से अपनी गांड को देखते हुए देख. वह उसका लुंड पकड़ कर हिलना जारी राखी की तभी उसे फ़ोन आया. फ़ोन का आवाज़ सुन्न अनीता खिलखिलाना बांध करके अपनी बैग के तरफ देखि और फिर उस आदमी को देख कर boli,"Ankit का फ़ोन होगा. अब और देर करना सही नहीं होगा"

वह आदमी यह सुनकर "हाँ" में सर हिलाया तो अनीता उसके सीने पर ऊँगली फेरती हुयी कामुक अंदाज़ में अपनी गांड के तरफ आँखों से इशारा करके कामुक अंदाज़ में boli,"jaldi से ऊपर कर दिजीये" तो वह आदमी उसकी सलवार ऊपर करके उसकी कंधे पर नीचे के तरफ प्रेशर बनाते हुए bola,"Ab तुम हमार पंत ऊपर कर दो"

अनीता जवाब में बिना कोई ऐतराज़ के उसके सामने बैठ गयी और उसका लुंड उसके आँखों के सामने तन कर खड़ा था. अनीता उसके लुंड को कामुक अंदाज़ से देखि और उसे देखती हुयी hi उसका अंडरवियर पकड़ कर ऊपर करने लगी तो वह आदमी थोड़ा आगे होकर अपना लुंड अनीता की चेहरे पर टिका दिया. उसके लुंड का वजन अपनी चेहरे पर महसूस करके अनीता की दिल धड़क गयी मगर वह कुछ नहीं बोली.

अगले पल वह आदमी अपने लुंड को झटका देकर अनीता की चेहरे पर मारा तो अनीता कामुक अंदाज़ mein,"Uhhmm" करके उसके आँखों में देखने के बाद उसके लुंड को देखि तो वह आदमी अपने लुंड को फिर झटका देकर अनीता की चेहरे पर मारा तो वह बेशर्मी से मुस्कुराकर उसे देखकर boli,"Uhhm क्या कर रहे हैं आप?"

वह आदमी नीचे के तरफ देखकर bola,"Dikha रहा हूँ असली मर्दानगी किसे कहत है"

अनीता यह सुनकर बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी कामुक अंदाज़ से उसके लुंड को देखि जो उसकी चेहरे पर टिका हुआ था. अनीता उसके लुंड को कामुक अंदाज़ में देखकर कामुकता se,"Uhhmm" की.

वह आदमी अनीता की चेहरे पर फिर से लुंड को झटका देकर उससे मारते हुए bola,"Dekh लो अच्छे से की असली मर्दानगी, असली लौड़ा का होवत है?"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर कामुक अंदाज़ में उसका लुंड देखती हुयी उसका अंडरवियर ऊपर करके कामुकता से boli,"Uhhhm" और उसके अंडरवियर को पीछे गांड के ऊपर चढ़ा दी मगर सामने से लुंड के नीचे तक hi छोर कर कामुक अंदाज़ से उसके लुंड को देखती हुयी हाथ नीचे लेजाकर उसका पंत पकड़ कर ऊपर करने लगी.

अनीता को ऐसे सामने से अंडरवियर न चढ़ाते और उसका लुंड को नंगे छोड़ते देख वह आदमी मुस्कुराकर अपना लुंड का आगे का आधा हिस्सा अनीता की होंठ और चीन पर टिका कर उसे झटका देकर अनीता की होंठो पर मारा.

अनीता अपनी होंठों पर उसके लुंड का वजन महसूस करके बेशर्मी से उसके आँखों में देखती हुयी मुस्कुरा दी और फिर कामुक अंदाज़ में उसके लुंड को देखि.

वह आदमी अनीता की आँखों में देखते हुए bola,"Hum साफ़ साफ़ तोहार आँखों में हमार लौड़ा के लिए प्यास देख सकत हूँ. अच्छा है, तुमका ऐसे भी बस में हमार लौड़ा चूस कर शांत करना है"

अनीता यह सुनकर फिर से कामुक अंदाज़ में उसके लुंड को देखकर उसका पंत ऊपर गांड तक चढ़कर उसे सामने से अंडरवियर के साथ पकड़ी हुयी दूसरे हाथ से उसके लुंड को पकड़ कर हिलने लगी और साथ में दूसरे हाथ से उसका अंडरवियर और पंत ऊपर करने लगी.

वह आदमी अनीता की बेशर्मी, बेहयाई और रान्दीपना देखने लगा. अनीता उसका लुंड तब तक हिलती रही जब तक उसका अंडरवियर और पंत ऊपर न हो गया हो और फिर वह उसके लुंड को पकड़ कर अंडरवियर के अंदर करके उसे पूरा ऊपर कर दी. उसका लुंड फिर भी स्प्रिंग के तरह ऊपर पेट के तरफ होकर ऊपर का हिस्सा अंडरवियर से बाहर निकल गया तो अनीता उसे देखकर मुस्कुराकर कामुक अंदाज़ में boli,"Uhhm कितना बड़ा है आपका की अंदर जा भी नहीं रहा"

और यह बोलकर अनीता बेशर्मी से उसके आँखों में देखि तो वह bola,"Eeke लिए तो hi बोलत हूँ की तुम का ीका चूस कर शांत करना होगा नहीं तो ससुरा ऐसे hi तन्न कर खड़ा रहेगा"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर दोनों हाथ से उसके अंडरवियर और पंत को ऊपर तक चढ़ा दी और फिर उसके बाद एक हाथ से उसके लुंड को पकड़ कर साइड के तरफ झुका दी जिससे उसका लुंड जांघ के तरफ हो गया. उसके बाद अनीता उसके आँखों में देखती हुयी उसका पंत का बटन और बेल्ट लगाने लगी तो वह आदमी आगे होकर अपने लुंड का उभर अनीता की होंठों से सटाकर puchha,"Bus में हमार लौड़ा चुसोगी तो?"

अनीता यह सुनकर बेशर्मी से मुस्कुरा कर उस आदमी को देखि और फिर उसके पंत के ऊपर से उसका लुंड का उभर पर हाथ रखकर उसे और एडजस्ट कर दी ताकि जांघ पर उभर न दिखे.

अनीता उसका लुंड पंत के ऊपर से पकडे हिलती हुयी उठ गयी और उस आदमी के आँखों में देखती हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"Uhhmm पहले यहाँ से चलिए तो"

वह आदमी यह सुनकर मुस्कुराकर उसकी गांड पर हाथ रखकर थपथपाते हुए bola,"Chalo"

दोनों वहां से वापस ढाबे के तरफ जाने लगे. चलते वक़्त वह आदमी अनीता की गांड पकडे अपने पास खींचते हुए bola,"Uff का मस्त गांड है तोहार"

अनीता यह सुनकर उसे देखती हुयी बेशर्मी से मुस्कुरा दी. वह आदमी उसकी सलवार के अंदर पीछे से हाथ घुसाने का कोशिश करने लगा तो अनीता बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी boli,"Kya करने लगे आप?"

वह आदमी जवाब में bola,"Are कउनो नहीं है अभी. तुम चिंता कहे कर रही हो. ढाबा भी दूर है अभी"

अनीता यह सुनकर उसे देखि तो वह आदमी अपने लुंड के तरफ आँखों से इशारा किया. अनीता बेशर्मी से उसके लुंड के तरफ पंत के ऊपर से hi देखि और एक नज़र आस पास देखकर उसे पंत के ऊपर से पकड़ कर हिलने लगी. वह आदमी अगले पल अनीता की सलवार को पीछे से पकड़ कर थोड़ा नीचे खिसका कर गांड नंगी कर दिया.

अनीता को न जाने क्यों यह अच्छा लगा. एक एडवेंचर सा फील हुआ. वह उस आदमी के तरफ देखि जो उसे देखकर मुस्कुरा दिया तो अनीता बेशर्मी से मुस्कुरा कर अपनी सर हिलायी और अपनी दोनों हाथ से सलवार को पकड़ कर ऊपर करके boli,"Bahot देख लिया आपने. अब चलिए"

वह आदमी यह सुनकर मुस्कुराते हुए अनीता की गांड पकड़ कर bola,"Chalo"

अनीता अपनी गांड पकडे जाने पर बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी उस आदमी को देखती तो वह आदमी बस मुस्कुराया तो अनीता मुस्कुराती हुई boli,"Main पहले जाती हूँ आप पीछे से आइये"

वह आदमी यह सुनकर अनीता की गांड पर सलवार के ऊपर से हाथ रखकर कुर्ती को ऊपर करके उसकी गांड के ऊपर का सलवार को देखते हुए bola,"Theek है, हम तो चाहत hi हूँ की हम तोहार पीछे से तोहार ी गांड देखते हुए आऊं"

अनीता यह सुनकर उसे देखती हुयी बेशर्मी से मुस्कुरा दी की तभी वह आदमी उसकी गांड पर थप्पड़ मारते हुए bola,"Uff बहनचोद का मस्त गांड है तोहार" और मारकर उसकी गांड को पकड़ कर हिलने लगा.

अपनी गांड पर थप्पड़ पड़ते hi अनीता siski,"aaahhh आउच" और उस आदमी के तरफ देखि मगर उसकी चेहरे पर न hi गुस्सा था और न hi नाराज़गी. वह देखि की वह आदमी कैसे उसकी गांड को देखते हुए उसे पकड़ कर हिला रहा है तो अनीता बिना कुछ बोले सामने देखकर चलने लगी.

अगले पल वह आदमी उसकी गांड की दूसरी भाग पर थप्पड़ मार दिया तो अनीता फिर से siski,"aaahhh आउच" तो वह आदमी उसकी गांड को पकड़ कर हिलाते हुए bola,"Sach में का मस्त गांड है तोहार"

अनीता यह सुनकर उसे देखती हुयी अपनी गांड मटकती हुयी चलती हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"Uff क्या कर रहे हैं आप?"

वह आदमी यह सुनकर उसे देखकर उसकी गांड हिलाते हुए puchha,"Kaa करात हूँ हम?"

अनीता यह सुनकर नखरे वाली अंदाज़ में उसे देखती हुयी अपनी गांड को तरफ आँखों से इशारा करती हुयी अपनी गांड की मटक बढाती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Dekh नहीं रहे हैं आप की आप क्या कर रहे हैं जो मुझसे पूछ रहे हैं"

वह आदमी अनीता जब आँखों से अपनी गांड की तरफ इशारा की तो उसकी गांड देखने लगा और जब वह बात बोलने लगी तो वापस उसकी चेहरे पर देखने लगा तो अनीता अपनी बात पूरा करके फिर से अपनी गाने की तरफ इशारा करके रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Dekhiye न आप क्या कर रहे हैं"

वह आदमी अनीता की गांड के तरफ देखा तो वह उसे और मटकने लगी. वह आदमी उसकी गांड की मटक देखते हुए उसकी गांड सहलाते हुए bola,"Are बस देखत हूँ की का मस्त तरीके से तोहार गांड मटकत है" और यह बोलकर वह आदमी फिर से उसकी गांड देखते हुए हिलने लगा.

अनीता की चेहरे पर यह सुनकर और उस आदमी को अपनी गांड को देखते हुए देख गर्व की भाव आ गयी और वह अपनी गांड को मटकती हुयी चलती हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"Ab चलते वक़्त तो यह हिलेंगे hi, इसके लिए मारना ज़रूरी था क्या?"

वह आदमी यह सुनकर उसकी गांड से हाथ हटाकर puchha,"Ka हिलेगा?"

अनीता यह सुनकर रुकक्कर उसका हाथ पकड़ कर अपनी गांड की दायी भाग पर रखकर boli,"Yeh" और फिर बायीं भाग पर रखकर boli,"Yeh".

वह आदमी यह सुनकर उसकी गांड को देखते हुए उस पर हाथ फेरने लगा तो अनीता कामुकता से boli,"Ab देखिये मैं रुक गयी तो हिलना बांध हो गई. जब मैं चलूंगी तो फिर हिलने लगेंगी"

अनीता यह बोलकर गांड मटकती हुयी फिर से चलने लगी और कामुकता से boli,"Dekhiye चलने पर फिर से हिलने लगी. अब इसमें मैं क्या कर सकती हूँ बताइये. लेकिन आपको तोह बस इसे मारना ज़रूरी है"

वह आदमी यह सुनकर अनीता की मटकती गांड को देखकर उसे दबाते हुए उसकी आँखों में देखकर bola,"Are तो का हो जायेगा अगर हम थप्पड़ मार दिए तो, हमार मैं तो ऐसे तोहार गांड को अपना लौड़ा से मारने का है"

वह आदमी यह बोलते हुए अनीता की बायीं हाथ पकड़ कर अपने पंत के ऊपर से लुंड पर रख दिया तो अनीता भी बेशर्मी से उसके लुंड को पकड़ कर हिलती हुयी मुस्कुराकर boli,"Offo अब बस भी कीजिये"

वह आदमी यह सुनकर मुस्कुराकर bola,"Are बोलो तो ससुरा मैनेजर का कमरा में ले चलकर तोहार गांड मार देता हूँ, अच्छे से तोहार गांड छोड़ देता हूँ अपना लौड़ा से"

अनीता यह सुनकर बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी अपनी आँखें बड़ी करके उसे देखती हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"Offo कैसी बातें करते रहते हैं आप. कुछ करने की ज़रूरत नहीं हैं. जितना मारना था आपने मार लिया, अब और कुछ नहीं"

वह आदमी यह सुनकर मुस्कुराकर अनीता को देखा तो वह एक ऐडा से उसे देखकर मुस्कुरा दी तो वह bola,"Achha ठीक है लेकिन ी अपनी गांड को और मटकाकर चलो, ससुरा बड़ा ग़ज़ब लग रहा है तोहार गांड ऐसे मटकते हुए"

अनीता यह सुनकर बेशर्मी से मुस्कुरा कर उसे देखती हुयी boli,"Offo आप और आपकी बातें" मगर फिर अनीता उसे कामुक नज़र से देखकर अपनी गांड की मटक बढ़ा दी. यह महसूस होते hi वह आदमी उसकी गांड को हवस भरे नज़र से देखकर bola,"Ee हुआ न बात. ऐसे hi मटकाओ अपनी गांड को. का मस्त गांड है तोहार, मैं तो करात है तोहका ीहें पटक कर तोहार गांड को छोड़ दूँ"

अनीता अपनी आँखों के कोने से देखि की वह आदमी कैसे उसकी गांड को भूखे हवस भरे नज़र से देखते हुए उसे छोड़ने की बात कर रहा है. उसके मुंह से ऐसे गंदे बात सुनकर और उसे ऐसे हवस भरे अंदाज़ में अपनी गांड देखने पर अनीता को बुरा लगने के बजाय उसकी बदन में एक अजीब सा मज़ा मिलने लगा और वह अपनी गांड को और मटका कर चलने लगी.

अनीता को अपनी गांड को और मटकते देख वह आदमी वैसे hi हवस भरे नज़र से उसकी गांड को देखते हुए bola,"Haan ी हुआ न बात, ऐसे hi गांड मटकाओ" और वह अनीता की गांड पकड़ कर हिलाते हुए चलने लगा. अनीता कुछ नहीं बोली और चुप चाप अपनी गांड मटका कर चलती रही.

ढाबे के पास पहुँच कर अनीता उस आदमी के तरफ देखकर boli,"Main पहले जा रही हूँ, आप बाद में आइयेगा"

वह आदमी यह सुनकर उसकी गांड पकड़ कर हिलाते हुए bola,"Theek है मगर ी गांड मटका कर चलना, हुंका तोहार गांड हिलते हुए देखना है"

अनीता यह सुनकर उसके आँखों में देखि और तेज़ सांस लेती हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"Main चलती हूँ"

वह आदमी उसकी गांड पर थपथपा कर bola,"Theek है, ी गांड को मटकाकर जाओ"

अनीता यह सुनकर आगे आगे चलने लगी और अपनी गांड को नार्मल से ज़्यादा मटका रही थी. वह आगे आगे जाकर अंकित के पास चली गई और वह आदमी पीछे से आया.
 
अपडेट 116

सुबह 3 बजे के आस पास बस एक जगह ख़राब हो गयी और आधे घंटे के कोशिश के बाद यह समझ आया की बस बनाने में टाइम लग जायेगा.

ज़्यादातर यात्री लगभग एक घंटा पहले एक रेलवे स्टेशन पर उतर चुके थे. बाकी 9-10 यात्री चुप चाप बैठे हुए थे. उनके पास कोई उपाय नहीं था इतनी रात में तो वह चुप चाप सो रहे थे.

वह आदमी नीचे उतर कर हालत का जायज़ा ले रहा था की तभी उसे एक ऑटो आते दिखाई दिया. वह उसे रोककर बातें किया और फिर बस में जा कर अंकित को उतर कर सामान निकलने बोलै. अंकित चुप चाप सामान उतरने चला गया. वह आदमी अनीता के पास गया और उसे बोलै की एक ऑटो मिल गया तो वह उसके साथ उतर गयी.

बस से उस आदमी के साथ अनीता उत्तरी तो ड्राइवर जो अंकित का लगेज निकलने में मदद कर रहा था वह उसे देखने लगा. इतनी जवान और खूबसूरत औरत को ऐसे आदमी के साथ देखकर उनको भी थोड़ा आचार्य हुआ और फिर वह उसकी कपडे देखे लगे की कैसे उसकी एक चौथाई चूंकि उस स्लीवलेस कुर्ती के बाहर थी और दुपट्टा भी नहीं था. अनीता एक नज़र उनको अपने तरफ देखते हुए देखि मगर बिना कुछ बोले उस आदमी के साथ उतर कर कड़ी रही.

वह ड्राइवर लगेज निकलने के बाद कम्पार्टमेंट को बांध करके पीछा जहाँ कंडक्टर इंजन चेक कर रहा था वहां चला गया.

ऑटो बस से थोड़ा आगे रुका हुआ था. अंकित अपना ट्राली और एक बैग लेकर चल रहा था. वहीँ वह आदमी अनीता की ट्राली और दये कंधे पर अपना बैग लटका लिया. अनीता उसे बोली की वह अपना ट्राली खुद ले जा सकती है मगर वह आदमी उसकी गांड पर हाथ रखकर bola,"Are हमरा होता हुए तुम कहे परेशां हो रही हो. तोहार ख्याल रखना हमार ज़िम्मेदारी है"

अनीता को उसका बात सुनकर अच्छा लगा. एक अपनापन सा महसूस हुआ. वह उसकी गांड पकड़ कर अपने पास करते हुए bola,"Chalo"

अनीता यह सुनकर "हाँ" में सर हिलाई और उसके साथ चलने लगी.

अंकित ऑटो के पास सामान रखकर उन के तरफ आकर bola,"Uncle ऑटो में तो जगह hi नहीं है. उसके बीच का सीट में तो सब्जी है और ऊपर भी सब्जी है. हम सामान कहाँ रखेंगे और बैठेंगे कहाँ?"

वह आदमी अंकित को देख कर bola,"Are बचुआ तुम चिंता कहे करात हो, हम हिसाब लगता हूँ तो"

अनीता यह सुनकर अंकित को देखि और फिर उस आदमी को देखकर boli,"Haan अंकित तो ठीक hi बोल रहा है. जगह hi नहीं है तो हिसाब कहाँ से लगेगा"

अंकित जवाब में bola,"Haan भाभी वही तो जगह hi नहीं है"

वह आदमी अंकित को डांटते हुए bola,"Are तुम चुप करो ससुरा. हम बोलत हूँ की हिसाब लगाऊंगा तो हम लगाऊंगा न. तोहार पास कउनो रास्ता है तो बताओ"

वह आदमी यह सुनकर अनीता को देखकर bola,"Are तो का हो जायेगा. और कउनो रास्ता भी तो नहीं है. तोहार पास कउनो रास्ता है तो बताओ"

अंकित जवाब में bola,"Uncle कोई उपाय हो जायेगा, लेकिन हम ऐसे नहीं जा सकते"

अनीता चुप रही. वह आदमी यह सुनकर bola,"Are ससुरा कउनो उपाय नहीं हो सकत है यहां. 3:30 बजे रात में इहाँ ऑटो नहीं मिलेगा. ी तो सब्जी लेकर आगे का स्टेशन जा रहत है तो मिल गवा"

फिर वह अनीता को देखकर उसके पास जाकर पीछे से उसकी गांड पर हाथ रखकर bola,"Are ी तो ससुरा बच्चा है, ीका समझ नहीं है. तुम तो बड़ी हो, तुम बताओ की ी वक़त इहाँ कउनो गाडी मिलेगा का? हम जब बोलत हूँ इंतज़ाम कर दूंगा तो कर दूंगा न"

अनीता यह सुनकर उसे देखकर boli,"Achha ठीक है आप जब बोल रहे हैं तो कुछ सोचा hi होगा आपने."

अंकित जवाब में puchha,"Uncle आपने सोचा है तो बताइये हम कैसे बैठेंगे"

वह आदमी यह सुनकर उसे डांटते हुए bola,"Are ससुरा तुमका का बताये? तुम जाओ ऑटो को रोको नहीं तो भाग न जाये हुंका छोड़ कर"

अंकित यह सुनकर अनीता के तरफ देखा तो वह उसे ऑटो के तरफ जाने का इशारा की. अंकित दौड़ कर जाकर ऑटो वाले को रोकने के लिए बोलकर अनीता और उस आदमी के तरफ देखने लगा. वह आदमी अनीता से कुछ बोल रहा था. अनीता एक बात पर अपनी आँखें बड़ी करके उस आदमी के तरफ देखकर कुछ बोली तो वह आदमी मुस्कुराकर जवाब में उससे कुछ बोलै तो अनीता भी जवाब में कुछ बोली. वह आदमी फिर कुछ बोलै तो अनीता अपनी सर "हाँ" में हिलायी और फिर वह दोनों ऑटो के तरफ आने लगे.

वह आदमी अनीता के साथ ऑटो के पीछे आकर अंकित से bola,"Tum आगे एक सीट है यहां जाकर बैठ जाओ"

अंकित यह सुनकर puchha,"Aur भाभी कहाँ बैठेगी?"

वह आदमी यह सुनकर थोड़ा गुस्से में bola,"Are ससुरा हम इंतज़ाम करात हूँ न. तुम जाओ अपना बैठो आगे"

अनीता भी अगले पल boli,"Ankit ठीक है की तुम्हे मेरी चिंता है, लेकिन जब यह हैं तोह फिर तुम क्यों चिंता कर रहे हो. मुझे पता है की मुझे कहाँ बैठना है. तुम जाओ और जाकर आगे बैठ जाओ"

वह आदमी अगले पल bola,"Tohaar भाभी को बहोत hi ख़ास जगह बैठाऊंगा हम जहाँ बैठकर ुका अच्छा लगेगा"

अंकित यह सुनकर उस आदमी को देखकर bola,"Are अंकल आप तो ऐसे बोल रहे हैं जैसे भाभी को प्लेन का सीट पर बैठाएंगे"

अनीता यह सुनकर अपनी आँखें दिखती हुयी उसे boli,"Offo अंकित कितना बहस करते हो तुम. बात का बस बतंगड़ बनाते हो. जाकर बैठो आगे"

अंकित यह सुनकर चुप हो गया मगर अगले पल वह आदमी अनीता की गांड दबाते हुए bola,"Are अब पूछ रहा है ससुरा तो बताये डेट हूँ तोहरा के हम कहाँ बैठाऊंगा"

अनीता यह सुनकर उस आदमी को देखि की अगले पल वह आदमी उसकी गांड मसलते हुए अंकित को देखकर bola,"Plane पर नहीं ससुरा, तोहार भाभी को ख़ास घोडा पर बैठकर सवारी कराऊंगा जो प्लेन का सीट से भी ज़्यादा आराम और मज़ा देगा. पूरा रास्ता तोहार भाभी आराम से घोड़े पर बैठकर मज़े से जाएगी"

अंकित यह सुनकर अनीता को देखकर bola,"Ab घोडा कहाँ से आ गया" तो वह थोड़ी सख्ती से boli,"Ab जैसे बेकार सवाल करोगे तो जवाब भी तो वैसा hi मिलेगा न? यह मर्द हैं, इतने सालो का तजुर्बा है इनको ऐसे हालत सँभालने का. कुछ न कुछ सोचा hi होगा इन्होने की मुझे कहाँ और कैसे बैठना है"

फिर अनीता उस आदमी को देखकर चेहरे पर गर्व का भाव लाती हुयी boli,"Aur जितना मैं इनको अब जानती हूँ, मुझे यक़ीन है की बहोत hi ख़ास जगह पर बैठा कर मुझे सवारी कराएँगे यह"

वह आदमी अनीता की गांड मसलते हुए bola,"Bilkul बहोत hi ख़ास जगह पर बैठा कर सवारी कराऊंगा हम तुम का, जहाँ बैठ कर तुम का बहोत आराम और मज़ा मिलेगा"

अनीता यह सुनकर मुस्कुरा दी तो वह आदमी उसे देखकर मुस्कुराते हुए उसकी गांड मसलकर अंकित को देखकर bola,"Ab देखत का हो तुम? सुन्न लिया न तुमने कहाँ बैठाएंगे हम तोहार भाभी को. अब जाकर बैठो तुम आगे"

अंकित अनीता को एक नज़र देखा तो वह आँखों से सख्ती से उसे आगे जाने का इशारा की तो वह चुप चाप चला गया.

अंकित के जाने के बाद वह आदमी ऑटो का दये साइड का सीट ऊपर करके जगह बना दिया और फिर अनीता की ट्राली दायी सीट के पास से लेकर ऑटो के बीच तक सुलाकर रख दिया. अब पीछे बस बायीं सीट और उसके सामने पेअर रखने के लिए थोड़ी जगह hi बची थी. अनीता चुप चाप उस आदमी के बगल में कड़ी देख रही थी.

वह आदमी फिर अंकित का ट्राली को अनीता की ट्राली के ऊपर सुलाकर रख दिया और फिर अंकित के ट्राली के ऊपर दये साइड के तरफ अपना और अंकित दोनों का बैग रख दिया. अब सिर्फ ऑटो के बायीं साइड पर एक hi सीट बचा था बैठने के लिए जिसके सामने पेअर रखने के लिए थोड़ी सी जगह थी. उसके बाद अनीता और अंकित के ट्राली के ऊपर बायीं साइड में थोड़ी सी जगह थी मगर ट्राली के दये वाले आधे हिस्से पर बैग रखने से दायी साइड के हिस्से पर ऑटो में थोड़ी भी जगह नहीं थी. वहां बैग ऊपर तक आता हुआ था.

यह सब देखकर अनीता की चेहरे पर न hi परेशानी थी और न hi चिंता की वह दोनों अब इतने काम जगह में कैसे बैठेंगे. वह चुप चाप उस आदमी के बगल में कड़ी सब कुछ देख रही थी.

वह आदमी अगले पल उठकर ऑटो में वह सीट पर बैठ गया. वह आदमी के बैठने के बाद अनीता बाहर ठीक उस सीट के सामने कड़ी हो गयी और देखि की वह आदमी बैठकर अपना पंत का बेल्ट खोलने लगा. अनीता की दिल फिर से धड़कने लगी मगर वह बिना शर्म के उसके पंत के तरफ देख रही थी.

वह आदमी बेल्ट खोलने के बाद बटन खोला और फिर ज़िप खोलकर अपना गांड सीट से उठाकर पंत को नीचे कदमो पर खिसका दिया. ऐसा करने से उसका विशालकाय लुंड नंगा हो गया. वह आदमी अनीता के तरफ देखा तो वह अपनी हैंड बैग से कुछ निकलने लगी. कुछ सेकण्ड्स बाद अनीता तेल का एक छोटा बोतल निकल कर उसके लुंड के ऊपर करके उस बोतल से तेल को उसके लुंड पर गिराने लगी.

वह आदमी आराम से बैठा हुआ था और अनीता उसके लुंड पर तेल गिरा रही थी. उसका लुंड जो पेट के तरफ लेता हुआ था वह तेल गिरने से धीरे धीरे जागने लगा था और खड़ा होने लगा. हालांकि कड़क नहीं हुआ था अभी मगर तेल की छुअन और अनीता की बेशर्मी और रणदीपाने को देखकर उसका लुंड थोड़ा जागने लगा था और धीरे धीरे सीधा खड़ा होकर हिलने लगा था.

अनीता उसके लुंड को ऐसे सीधा खड़ा होते देख कामुक अंदाज़ से उसके लुंड को देखि जैसे वह खुद उसके लुंड की प्यासी हो. जब वह उसके लुंड को अच्छे से तेल में भीगा दी तो वह बोतल बांध करके वापस अपनी हैंड बैग में रख दी और जब रखकर उस आदमी के तरफ देखि तो वह अपना हाथ उसके तरफ बढ़ाया तो अनीता उसका हाथ पकड़ कर ऑटो में चढ़ने लगी.

वह ऑटो में उस आदमी और ट्राली के बीच उस आदमी के दोनों पेअर के बीच अपनी बायीं पेअर रखकर झुककर चढ़ने लगी तो वह आदमी अपने दूसरे हाथ से उसकी गांड की दायी भाग को पकड़ कर उसे ऑटो में चढ़ाया तो वह अपनी दूसरी पेअर भी उस आदमी के पैरो के बीच रखकर झुककर चढ़ने लगी और चढ़ कर ट्राली पर हाथ रखकर सहारा लेकर झुकी हुयी थी जिससे उसकी गांड ऑटो के पीछे गेट के तरफ बाहर के तरफ उभरी हुयी थी जिसे वह अंदर करने का कोशिश कर रही थी तो वह आदमी उसकी गांड की दायी भाग को पकडे उसे सहारा देते हुए bola,"Apni गांड को इधर कर लो" और वह उसकी गांड को पकडे अंदर अपने तरफ करने लगा तो अनीता भी अपनी गांड को एडजस्ट करते हुए अंदर की तो उसकी गांड उस आदमी के चेहरे से टकरा गयी.

अनीता यह महसूस करते hi झुकी हुयी hi पीछे देखकर कामुक अंदाज़ में boli,"Ohh ी ऍम सॉरी. आपको लगा तो नहीं?"

वह आदमी यह सुनकर अनीता की गांड की दायी भाग पकडे उसे हिलाते हुए bola,"Are कउनो बात नहीं. ी तोहार मुलायम गांड से का लगेगा हुंका"

अनीता बेशर्मी से उस आदमी को अपनी गांड पकडे हिलाते हुए देखती हुयी उसका बात सुनी. अगले पल वह आदमी अनीता की दायी गांड को दबाकर उसकी बायीं गांड पकड़ कर उसे हिलाते हुए आगे bola,"Haan तोहार गांड बड़ा बड़ा है लेकिन है तो मुलायन hi न"

अनीता यह सुनकर बेशर्मी से अपनी आँखें बड़ी करके उसे देखि तो वह आदमी हल्का मुस्कुराकर उसे देखा और फिर उसकी गांड की दोनों भागो को पकड़ कर हिलाते हुए उसे हवस भरे नज़र से देखते हुए bola,"Ee ससुरी तोहार मुलायम गांड से हुंका चोट कैसे लग सकत है. उफ़ बहनचोद का मस्त बड़ा बड़ा और मुलायम गांड है तोहार"

अनीता उसे अपनी गांड को हवस भरे नज़र से देखते हुए हिलाते देख अपनी चेहरे पर गर्व का भाव लिए उसे एक नज़र देखकर वापस सामने देखती हुयी अपनी हाथ ट्राली पर और आगे करती हुयी खुद आगे होती हुयी गांड को एडजस्ट करने का कोशिश करने लगी.

अनीता को खुद को एडजस्ट करते देख वह आदमी bola,"Are रुको हम मदद करता हूँ न तोहार गांड को अंदर करने में"

अनीता यह सुनकर उसे देखती हुयी नखरे से boli,"To कीजिये न मदद. आप तो बस देखने में लगे हैं"

फिर वह बेशर्मी से अपनी गांड की तरफ आँखों से इशारा करके कामुक रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"ise".

वह आदमी अनीता की गांड हिलाते हुए bola,"Are अब तोहार गांड hi अइसन है की देखने का मैं करात है"

फिर वह उसकी गांड को हवस भरे नज़र से देखते हुए वैसे hi हिलाते हुए bola,"Uff बहनचोद का मस्त बड़ा बड़ा गांड है तोहार"

अनीता की चेहरे पर अपनी गांड की तारीफ सुनकर एक गर्व की भाव थी मगर वह कुछ बोलती उससे पहले वह आदमी आगे bola,"Ek तो ससुरा इहाँ जगह काम है और ससुरी तुम भी इतनी लम्बी हो"

वह उसकी गांड को वैसे hi हिलाते हुए हवस भरे नज़र से उसकी गांड देखते हुए आगे bola,"upar से तोहार गांड भी बड़ा बड़ा है"

उस आदमी को ऐसे अपनी गांड को हवस भरे नज़र से देखते हुए उसे हिलाते देख अनीता की चेहरे पर गर्व की भाव फिर से आ गयी और वह गर्व की भाव लिए नखरे दिखती हुयी अपनी गांड की तरफ आँखों से इशारा करती हुयी कामुक रणदीपाने वाली आवाज़ में bolii,"Toh इसका मतलब मैं ऐसे hi रहूँ?"

वह आदमी अनीता को ऐसे बेशर्मी और बेहयाई से अपनी गांड के तरफ आँखों से इशारा करते देख bola,"Are चिंता कहे करात हो"

फिर वह उसकी गांड को देखते हुए उसे मसलते हुए bola,"Ee तोहार गांड ऐसे नहीं, बल्कि हमार लौड़ा पर रहेगा. जइसन हम बोलै हूँ, तोहका हम अपना लौड़ा पर बैठकर ले चलूँगा"

फिर वह उसके गॉड के तरफ आँखों से इशारा करती हुयी वैसे hi बेशर्मी, बेहयाई और रणदीपाने वाली कामुक अंदाज़ में नखरे से boli,"wahan बैठा कर तभी ले चलेंगे न जब"

फिर वैसे hi बेशर्मी और बेहयाई वाली अंदाज़ में अपनी गांड के तरफ आँखों से इशारा करती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Jab इसे अंदर करेंगे"

वह आदमी यह सुनकर उसकी गांड मसलते हुए bola,"Are करे डेट हूँ तोहार गांड अंदर और फिर अपना लौड़ा पर बैठा कर ले चलूँगा अपना लौड़ा का सवारी करते हुए"

वह आदमी फिर bola,"U थोड़ा आगे पकड़ कर थोड़ा और झुको"

अनीता यह सुनकर थोड़ा झुकती हुयी ऑटो के दूसरे साइड के रोड को पकड़ ली और फिर वह आदमी उसकी गांड पकडे अंदर की तरफ करते हुए bola,"Ee अपनी गांड इधर करो"

अनीता भी उसका साथ देती हुयी अपनी गांड को अंदर के तरफ करने लगी और जब उसकी गांड अंदर हो गयी तो वह अपनी गांड की दोनों भाग अलग होते हुए महसूस की और अगले पल अपनी गांड की दरार में सलवार के ऊपर से hi उस आदमी का चेहरा महसूस करके घूमकर पीछे देखि तो वह आदमी उसकी गांड की दरार में अपना मुंह और नाक रगड़ रहा था.

अनीता को दिल धड़क गयी मगर वह बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी कामुक अंदाज़ में puchhi,"Ab क्या करने लगे आप?"

वह आदमी रूककर उसे देखते हुए उसकी गांड की दोनों भाग हिलाते हुए bola,"Are तोहार गांड में वैसे झुके झुके दर्द हो गवा होगा. थोड़ा आराम दिए डेट हूँ तोहार गांड को"

अनीता अगले पल देखि की वह आदमी बात बोलकर वापस उसकी गांड पकडे उसकी गांड की दरार में सलवार के ऊपर से hi अपना मुंह रखकर रगड़ने लगा तो अनीता बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Offo आप भी क्या क्या करते रहते हैं" और फिर खुद भी बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी अपनी गांड हिलाकर उसके मुंह पर रगड़ने लगी.

अनीता बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी अपनी गांड को हिलाकर उस आदमी के चेहरे पर रगड़ती हुयी वापस सामने के तरफ देखने के लिए गर्दन घुमाई तो देखि की थोड़ी दुरी पर बस के पीछे वाले हिस्से के साइड में वह बस का ड्राइवर और कंडक्टर खड़ा उनके तरफ hi देख रहा था. यह देखते hi अनीता की दिल धड़क गयी.

अनीता को यक़ीन था की वह दोनों सब कुछ देख चुके थे की कैसे वह आदमी उसकी गांड से खेल रहा था, उसे मसल रहा था और अब उस आदमी को उसकी गांड में मुंह और नाक रगड़ते देख रहे थे. एहि नहीं वह दोनों यह भी देख चुके थे की अनीता खुद कैसे मुस्कुराती हुयी अपनी गांड उस आदमी के चेहरे पर रगड़ रही थी.

अनीता की दिल धड़कने लगी थी यह जानते हुए की वह दोनों यह सब देख चुके थे मगर इसके बावजूद उसकी चेहरे पर ज़रा सा भी शर्म नहीं थी और वह बेशर्मी से उन दोनों के तरफ देख रही थी.

इससे पहले की और कुछ होता ऑटो के ड्राइवर का सामने से आवाज़ aaya,"Baith गए आप लोग? चले हम?"

यह सुनकर वह आदमी अनीता की गांड से मुंह हटा कर bola,"Ek मिनट रुको" और फिर वह अनीता की गांड पकडे उसे देखा. अनीता भी आवाज़ सुनकर बस के तरफ देखना बांध करके पीछे देखने लगी थी तोह उसकी नज़र उस आदमी से मिली.

वह आदमी बस ड्राइवर और कंडक्टर को नहीं देखा था की कैसे वह दोनों अनीता और उसको खुले में ऑटो के पीछे बैठे रंगरेलियां मानते हुए देख रहे थे.

अगले पल वह आदमी अनीता की दोनों गांड पर हाथ फेरते हुए उसे हवस भरे नज़र से देखकर अनीता को देखा तो वह भी बेशर्मी से उसे देखि. वह आदमी अनीता को देखकर ऑटो के पीछे लगा पर्दा के तरफ आँखों से इशारा करते हुए bola,"U पर्दा लगा दो"

अनीता को तब ध्यान आया की ऑटो के पीछे पर्दा था जिसे वह आदमी पहले उसे दिखा चूका था जब वह अनीता को समझा रहा था की वह दोनों पीछे कैसे बैठेंगे.

अनीता उसका बात सुनकर उसके आँखों में देखि तो वह उसकी आँखों में देखते हुए उसकी कुर्ती जो झुकने से उसकी आधी गांड तक hi थी उसे पकड़ कर ऊपर उसकी कमर के ऊपर करने लगा.

यह देखकर अनीता परदे के तरफ देखकर उसे पकड़ कर खींचने लगी और खींचते हुए उसकी नज़र वह बस ड्राइवर और कंडक्टर पर गयी और वह बिना शर्म के उन्हें देखती हुयी पर्दा खिंच दी और बाहर का नज़ारा बांध हो गया और उन दोनों के लिए ऑटो के अंदर का नज़ारा बांध हो गया.

अनीता जब पर्दा खिंच hi रही थी तब वह आदमी उसकी कुर्ती के निचले हिस्से को पकड़ कर उसकी कमर तक कर दिया और फिर उसकी सलवार को दोनों तरफ से पकड़ कर खींचने लगा. अनीता चुप चाप पर्दा लगायी और फिर सामने ट्राली पर हाथ रखकर बेशर्मी और बेहयाई से वैसे hi झुकी हुयी वापस पीछे गर्दन करके एक ग़ैर मर्द को अपनी सलवार खोलते हुए देखने लगी.

वह आदमी अनीता की सलवार पकड़ कर गांड के नीचे कर दिया और अनीता की गोरी गांड नंगी हो गयी. अनीता बेशर्मी से अपनी गांड को नंगी होते हुए देखि और उसको अपनी गांड पर ठंडी हवा महसूस हुयी, मगर उसकी चेहरे पर शर्म ज़रा सो भी नहीं थी. उसे कोई फ़र्क़ नहीं पद रहा था की एक ग़ैर मर्द उसकी गांड को नंगी कर रहा था.

वह आदमी उसकी सलवार को पकडे हुए उसकी जांघ तक खिंच कर फिर उसकी नंगी गोरी गांड को देखते हुए उस पर हाथ फेरने लगा. अनीता अपनी नंगी गांड देखती हुयी उस पर उस आदमी का मरदाना हाथ महसूस करने लगी.

वह आदमी अनीता की नंगी गांड को भूखे नज़र से देखने लगा जो अनीता खुद भी देख सकती थी. वह उसके आँखों में अपनी गांड के लिए हवस और भूख देख सकती थी मगर शर्म आने के बजाये उसकी चेहरे पर गर्व की भाव थी.

वह अगले पल उसकी आँखों में देखते हुए उसकी नंगी गांड की दोनों भाग को पकडे हुए फैलाया और फिर अपने आँखों से अपने गॉड के तरफ इशारा करते हुए bola,"Ab देखत का हो. बैठ जाओ हमार लौड़ा पर"

अनीता बेशर्मी से देख रही थी की कैसे वह आदमी उसकी गांड की दोनों भाग को फैला रहा था और साथ में अपनी गांड की दोनों भाग को फैलते हुए महसूस भी की जब ठंडी हवा उसकी गांड की दरार में महसूस हुयी.

अनीता उसे अपने लुंड के तरफ आँखों से इशारा करते हुए बैठने के लिए बोलते देखि और फिर अगले पल अपनी गांड पीछे करती हुयी उसके गॉड के तरफ अपनी गांड नीचे करने लगी. वह आदमी अभी भी उसकी गांड की दोनों भाग पकडे फैलाये हुए था.

अनीता कुछ सेकण्ड्स बाद उसके लुंड को अपनी दायी गांड के ऊपर महसूस करके अपनी गांड थोड़ी दायी तरफ एडजस्ट कर दी जिससे अगले पल उसका लुंड सीधा उसकी गांड की दरार में महसूस हुआ. अनीता उसके तेल से भीगे लुंड के लम्बाई को अपनी गांड की दरार में महसूस करते हुए अपनी गांड को नीचे करके उस आदमी के गॉड में बैठ गई और उसका लुंड उसकी गांड की दरार में चला गया.
 
अपडेट 117

अनीता एक बस के पीछे वाले सीट के सामने कड़ी हुयी थी और उसकी सलवार नीचे उसकी जांघ तक सड़की हुयी थी जिससे उसकी गांड नंगी थी, बस गांड की दरार में उसकी पंतय की डोरी थी. वह आदमी उसके बगल वाले सीट पर बैठा अनीता की गांड देखते हुए उस पर हाथ फेर रहा था. अनीता सामने बस के गेट पर देख रही थी की कोई आ रहा है या नहीं.

5 सेकंड बाद अनीता उस आदमी को देखकर कामुक अंदाज़ में boli,"Dekh लिया न आपने की मुझे चोट नहीं लगी है"

वह आदमी अनीता की गांड सहलाते हुए bola,"Are चोट लगता भी कैसे, हम जहाँ बैठाये थे यहां चोट लग hi नहीं सकता था"

अनीता यह सुनकर बेशर्मी से मुस्कुराकर उसे देखती हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"Yeh जानते हुए भी देखना छह रहे थे की चोट लगा है या नहीं. बस बहाना चाहिए आपको यह देखने का है न"

वह आदमी अनीता की गांड को बेरहमी से मसलते हुए bola,"Are तोहात गांड है hi अइसन की देखने का मैं करेगा hi हुंका" और यह बोलकर वह चटक से अनीता की गांड पर थप्पड़ मार दिया. अनीता अपनी गांड पर थप्पड़ पड़ते hi कामुक अंदाज़ mein,"aahhh आउच" की तो वह आदमी मुस्कुराने लगा.

अनीता उसे कामुक नज़र से देखती हुयी एक नखरे वाली अंदाज़ में boli,"Ab इसकी hi कमी थी".

वह आदमी यह सुनकर मुस्कुराते हुए उसकी गांड को सहलाते हुए bola,"Achha आओ सेहला डेट हूँ"

अनीता यह सुनकर नखरे से boli,"Koi ज़रूरत नहीं है. बहोत देख लिया आपने" और यह बोलकर वह अपनी सलवार को ऊपर करके पेहेन कर बैठ गयी.

थोड़ी देर पहले वह लोग ऑटो से एक लोकल ट्रैन स्टेशन पर पहुंचे थे और एक बस का टिकट लेकर बस में बैठ गए थे. अंकित को भूख लगी थी तो वह बाहर कुछ खरीद कर खा रहा था. वहीँ अनीता उस आदमी के साथ बस में चढ़ कर सीट पर बैठने वाली थी तो वह आदमी bola,"Are रुको"

अनीता यह सुनकर उसके तरफ सवालिया नज़र से देखि तो वह आदमी bola,"Are रास्ता इतना ख़राब था"

फिर वह अनीता की गांड पर सलवार के ऊपर से हाथ रखकर उस पर हाथ फेरते हुए puchha,"Tohaar गांड में चोट तो नहीं लगा"

अनीता की दिल यह सुनकर थोड़ी धड़क गयी मगर फिर वह नार्मल भाव से boli,"Nahin, आपने तो पूरा ख्याल रखा था की मुझे वहां चोट न लगे तो फिर कैसे चोट लगती"

वह आदमी यह सुनकर उसकी सलवार को पीछे से पकड़ कर नीचे करते हे bola,"Are हुंका देखने तो दो"

अनीता यह सुनकर एक नज़र बस के दरवाज़े के तरफ देखकर boli,"Are क्या कर रहे हैं आप, कोई आ जायेगा तो"

वह आदमी अनीता की सलवार को उसकी गांड की आधी भाग तक नीचे खिसका कर bola,"Are कउनो नहीं है अभी. जब आएगा तो ऊपर कर लेना. अब चलो ीका नीचे करके हुंका तुम अपना गांड दिखाओ"

अनीता एक नज़र उसे देखि और फिर एक नज़र गेट के तरफ देखती हुयी अपनी हाथ सलवार पर ले जाकर उसे पकड़ कर नीचे खिसका कर जांघ तक ले गयी. वह आदमी उसकी नंगी गांड पर हाथ फेरते हुए उसे देखने लगा उसके 5 सेकंड बाद अनीता पूछी thi,"Dekh लिया न आपने की मुझे चोट नहीं लगी है"

ऑटो का सफर:

अनीता जब उस आदमी के गॉड में उसका लुंड का लम्बाई अपनी गांड की दरार में लेती हुयी बैठी तो वह आदमी भी अपना लुंड अनीता की गांड की दरार में महसूस करके उससे puchha,"Araam से बैठ गयी तुम?"

अनीता यह सुनकर "हाँ" में सर हिलती हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"Haan" तो वह आदमी जोर से bola,"Aato चलाओ. हम लोगन बैठ गवा हूँ"

अगले पल ऑटो चलने लगी तो अनीता खुद को सँभालने के लिए आगे ट्राली पर दोनों हाथ रख ली वहीँ वह आदमी अनीता की कुर्ती को थोड़ा ऊपर करके कमर को नंगी कर दिया और उसकी नंगी गोरी कमर को पकड़ कर उसे सँभालते हुए कान के पास मुंह ले जाकर धीरे से bola,"Aur तुम चिंता कर रही थी की कहाँ बैठोगी"

अनीता यह सुनकर अपनी गर्दन घुमाकर एक ऐडा से अपनी कान के पास के बाल को कान के पीछे करती हुयी बेशर्मी से कामुक आवाज़ में boli,"Jagah नहीं थी तो थोड़ी चिंता तो होगी न"

वह आदमी अनीता की आँखों में देखते हुए धीरे से कान में bola,"Are हमरे जइसन मरद के होते हुए जगह का चिंता कहे का. हमरा जइसन असली मरद जब साथ है तो तुमका गाडी का सीट का का ज़रूरत"

फिर वह आदमी अपना कमर थोड़ा हिलाते हुए अपना लुंड के लम्बाई को अनीता की गांड की दरार में घिसते हुए वैसे hi धीरे से bola,"Tohaar सीट तो"

फिर वह आँखों से अपने गॉड के तरफ इशारा करते हुए bola,"Ee है"

और वह कमर को हिलाते हुए bola,"Aur तुमका इहाँ hi बैठना चाहिए"

फिर वह अनीता की कमर पकडे हुए बैठे हुए hi अपना कमर को आगे पीछे करके अनीता की गांड की दरार में लुंड रगड़ते हुए उसकी आँखों में देखते हुए bola,"Tum बताओ इससे अच्छा बैठने का जगह कउनो और हो सकत है का तोहरा लिए"

अनीता यह सुनकर कुछ नहीं बोली बस वापस सामने देखने लगी.

वह आदमी का लुंड इतना लम्बा था की उसका टोपा अनीता की गांड की दरार से बाहर था. वह अनीता की कमर पकडे bola,"Thoda और ऊपर होकर आराम से अच्छे से बैठो न"

अनीता समझ गयी की वह आदमी क्या चाहता है. वह अपनी गांड को और पीछे कर दी और फिर उसके लुंड के टोपे को भी अपनी गांड की दरार में महसूस की. अब उस आदमी का लुंड का पूरा लम्बाई उसकी गांड की दरार में था.

अनीता यह महसूस करके बेशर्मी से गर्दन घुमा कर उस आदमी के आँखों में देखती हुयी कामुकता से puchhi,"Ab ठीक है तो?"

वह आदमी यह सुनकर अनीता की आँखों में देखते हुए bola,"Haan अब ठीक है. हमार कहना था की जब हमार लौड़ा पर और जगह है तो आराम से पूरा लौड़ा पर बैठो न. इतना बड़ा गांड है तोहार, तोहका ज़्यादा जगह चाहिए बैठने के लिए तो आराम से हमार लौड़ा पर बैठो न"

अनीता यह सुनकर अपनी आँखें बड़ी करके उसे देखि तो वह आदमी हल्का मुस्कुराते हुए उसकी आँखों में देखते हुए धीरे से bola,"Are कउनो ग़लत बात बोलै हूँ का हम. तोहार"

फिर वह अपने गॉड के तरफ इशारा करते हुए bola,"Ee गांड बड़ा नहीं है का?"

अनीता यह सुनकर अपनी बेशर्मी का प्रदर्शन करती हुयी उस आदमी के आँखों में देखती हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"Aapka भी तो" और फिर वह भी अपनी आँखों से उसके गॉड के तरफ इशारा करती हुयी boli,"yeh बड़ा है".

वह आदमी यह सुनकर अनीता की आँखों में देखते हुए धीरे से bola,"Are ी लिए hi तो हम बोलत हूँ की हमार लौड़ा पर आराम से बैठो. ससुरा हमार लौड़ा इतना बड़ा है की तोहार बड़ा गांड का ख्याल रख सके"

अनीता की चेहरे पर यह सुनकर एक गर्व का भाव आ गया था. कहीं न कहीं वह मैं hi मैं उसके बात से सहमत थी और उसके मर्दानगी से आकर्षित थी जिसके कारण उसकी चेहरे पर गर्व का भाव था की वह एक असली मर्द के गॉड में बैठी हुयी है.

अगले पल वह आदमी अपना बात जारी रखते हुए धीरे से bola,"Abhi थोड़ा देर पहले तुम ससुरी नाराज़ हो रही थी की हम तोहार गांड अंदर करके तोहका अपना लौड़ा पर नहीं बैठा रहा हूँ और अब जब तुमका अपना लौड़ा पर बैठा दिया हूँ तो अच्छे से नहीं बैठ रही हो"

अनीता यह सुनकर बेशर्मी से कामुक आवाज़ में boli,"Naraaz नहीं हो रही थी बस कह रही थी की बैठने में मेरी मदद कीजिये"

फिर अनीता थोड़ा नखरे वाली अंदाज़ में boli,"Kya मैं इतना भी नहीं बोल सकती की जब आपने यहाँ बैठने के लिए बोलै है तो वहां बैठने में मेरी मदद कीजिये?"

वह आदमी यह सुनकर मुस्कुराकर bola,"Are कहे नहीं बोल सकत हो. लेकिन जब हमार लौड़ा पर बैठी हो तो अच्छे से आराम से बैठो न"

यह बोलकर वह आदमी अपना कमर हिलाते हुए अपना लुंड अनीता की गांड की दरार में रगड़ते हुए आगे बोलै. अनीता उसका बात सुनकर अपनी कमर हिलती हुयी अपनी गांड को उसके लुंड पर रगड़ती हुयी कामुक रणदीपाने वाली आवाज़ में puchhi,"Sahi कह रहे हैं आप. जब बैठना hi है तो अच्छे से क्यों न बैठूं मैं"

अगले पल अनीता अपनी गांड उसके लुंड पर रगड़ती हुयी सामने अपनी ट्राली पर हाथ राखी हुयी कमर को थोड़ा आर्च करके अपनी गांड आगे पीछे करती हुयी उस आदमी का लुंड अपनी गांड की दरार में ली हुयी उस पर अपनी गांड रगड़ने लगी और ऐसा करती हुयी पीछे गर्दन करके उसे कामुक नज़र से देखती हुयी बेहयाई और बेशर्मी से रणदीपाने वाली आवाज़ में puchhi,"Ab ठीक है तो? अब अच्छे से बैठी हूँ तो"

अनीता की कुर्ती वापस कमर से नीचे खिसक चुकी थी. वह आदमी कुर्ती को पकड़ कर थोड़ा ऊपर करके अनीता की गांड को फिर से नंगी करके उसे देखा तो उसके आँखों में हवस था जिसे अनीता भी महसूस कर पा रही थी. उस आदमी को ऐसे अपनी नंगी गांड को हवस भरे नज़र से देखने पर अनीता की चेहरे पर गर्व की भाव थी.

वह आदमी अनीता की नंगी कमर को मजबूती से पकड़ कर अपना कमर हिलाकर अनीता की गांड की दरार में लुंड रगड़ते हुए वापस उसकी आँखों में देखते हुए bola,"Haan अब ठीक है. तुम बताओ तुमका ऐसे बैठकर अच्छा लग रहा है की नहीं. तुमका आराम मिल रहा है न?"

अनीता वैसे hi बेशर्मी से अपनी कमर हिलती हुयी उसके लुंड पर अपनी नंगी गांड को रगड़ती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Uhhmm हाँ पूरा आराम मिल रहा है और मिलेगा क्यों नहीं जब आप जैसे मर्द इतना अच्छे से बैठाएंगे तो"

वह आदमी यह सुनकर अपना कमर हिलाते हुए अनीता की गांड की दरार में लुंड रगड़ते हुए bola,"Are तोहार जइसन जवान गरम औरत को हम अपना लौड़ा पर कैसे अच्छे से नहीं बैठाएंगे. तुम तो ससुरी चिंता कर रही थी की सीट नहीं है और सब सामान एक तरफ रख देने से एक hi सीट बचेगा. अब बताओ हमार लौड़ा होते हुए तुमका सीट का ज़रूरत है का? हम तो ी बोलत हूँ की अच्छा हुआ की ससुरा एक hi सीट बचा"

वह आदमी अनीता की कमर पकडे अपना कमर हिलाकर उसकी गांड में लुंड रगड़ते हुए bola,"Nahin तो तुमका इतना आराम से बैठने का मौक़ा नहीं मिलता. अरे जो मज़ा तुमका हमार लौड़ा पर बैठने से मिल रहा है ु मज़ा का सीट पर बैठकर मिलता तुमका"

अगले पल थोड़ा ख़राब रोड के कारण ऑटो ऊपर नीचे होने लगी तो अनीता की मुंह से हलकी "आह्हः" निकली और उसकी गांड थोड़ा आगे खिसक गयी जिससे उस आदमी का लुंड का ऊपर का आधा हिस्सा अनीता की गांड की दरार से बाहर हो गया.

वह आदमी अनीता की कमर को मजबूती से पकड़ कर bola,"Ghabrao नहीं हम तोहका पकडे हुए हूँ"

वह आदमी अनीता की कमर पकडे हुए उसे पीछे खिंच कर वापस अपने लुंड पर बैठा लिया और बैठकर अपना कमर हिलाते हुए लुंड उसकी गांड की दरार में वापस रगड़ते हुए अनीता को देखा तो अनीता कामुक नज़र से उसे देखती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Haan जब आप जैसे मर्द साथ हैं तो घबराने की कोई बात है hi नहीं".

अगले पल ऑटो एक बार फिर से ऊपर नीचे हुआ तो वह आदमी अनीता की कमर को मजबूती से पकडे हुए अपने लुंड पर बैठाये रहा और अनीता भी अपनी ट्राली को पकडे रही जिससे उसकी गांड उसके लुंड से फिसली नहीं मगर जर्क होने के कारण वह आदमी का गांड थोड़ा ऊपर होकर नीचे हुआ तो अनीता की गांड भी उसके लुंड से सटे हुए hi ऊपर होकर नीचे हुयी तो वह आदमी नीचे से अपना कमर ऊपर करके लुंड को उसकी गांड की दरार में रगड़ा तो वह बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"Uhhmmm आह्हः" और अपनी गांड भी उसके लुंड पर रगड़ दी.

वह आदमी अनीता की आह सुनकर उसे देखते हुए अपना कमर हिलाकर उसकी गांड में लुंड रगड़ते हुए puchha,"Tum ठीक हो तो?"

अनीता यह सुनकर उसे कामुक नज़र से देखती हुयी अपनी गांड को उसके लुंड पर रगड़ती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Haan"

फिर वह उसके हाथ पर अपनी हाथ रखकर उसे सहलाती हुयी अपनी गांड को उसके लुंड पर रगड़ती हुयी वैसे hi रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Aap जब अपने मज़बूत हाथों से पकड़ कर रखे हुए हैं तो मैं ठीक कैसे नहीं रहूंगी"

आगे कुछ दूर तक रोड थोड़ा ख़राब था तो ऑटो लागतात जर्क करने लगा और उसके साथ वह आदमी का गांड भी आगे पीछे होने लगा. उस आदमी का गांड आगे पीछे होने से उसके लुंड पर बैठी अनीता की गांड भी आगे पीछे होकर उसके लुंड पर अपने आप रगड़ने लगी.

वह आदमी यह महसूस करके अपना कमर खुद से भी आगे पीछे करने लगा जिससे अनीता की गांड उसके लुंड पर होने से अपने आप आगे पीछे होने लगी और ऐसा लगने लगा जैसे अनीता उसके लुंड पर बैठकर झूला झूल रही हो.

यह महसूस करके वह आदमी bola,"Ee ऑटो जितना हिल रहा है अच्छा हुआ की तुम हमार लौड़ा पर बैठी हो, नहीं तो ससुरा ी सीट जितना पतला है तुम सीट पर बैठती तो तोहार मुलायम गांड में चोट लग जाता"

अनीता की सांस यह पुरे सिचुएशन के कारण हल्का हल्का तेज़ चलने लगी थी और उसकी छूट में बेचैनी भी बढ़ने लगी थी जिससे उसके अंदर की रान्दीपना भी धीरे धीरे और खुलकर बाहर आ रही थी.

अनीता उस आदमी का बात सुनकर अपनी गांड को उसके लुंड पर रगड़ती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Haan सही कह रहे हैं आप. अगर मैं"

फिर अनीता अपनी गांड को उसके लुंड पर रगड़ती हुयी वैसे hi रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Yahan नहीं बैठती तो मुझे तो पक्का चोट लग hi जाती. एक तरह से आपने ठीक hi कहा की अच्छा हुआ की एक hi सीट था इस ऑटो में जिसके कारण से मुझे यहाँ बैठना पड़ा, वर्ण मैं सीट पर बैठती तो मुझे तो चोट लग्न hi था."

ऑटो अभी भी थोड़ा जर्क कर रहा था जिससे अनीता की गांड अपने आप उस आदमी के लुंड पर रगड़ रही थी मगर इसके बावजूद भी वह आदमी भी अपना कमर हिलाकर लुंड को अनीता की गांड की दरार में रगड़ रहा था और अनीता भी अपनी गांड हिलाकर उसके लुंड पर रगड़ रही थी.

वह आदमी यह सुनकर अनीता की गांड में धक्के लगते हुए bola,"Are हमरा होते हुए तोहका गांड में चोट लगे ी हम होने hi नहीं देते. तोहार गांड में चोट सिर्फ दो चीज़ से लग्न चाहिए"

अनीता यह सुनकर बेशर्मी से अपनी गांड उसके लुंड पर रगड़ते हुए उसे देखती हुयी कामुक रणदीपाने वाली अंदाज़ में puchhi,"Kaun से दो चीज़?"

वह आदमी यह सुनकर bola,"Ek हमार हाथ और दूसरा"

यह बोलकर वह अपने लुंड से उसकी गांड में धक्का मारते हुए bola,"humaar लौड़ा"

अनीता यह धक्के पर कामुक अंदाज़ में siski,"Uhhmm"

वह आदमी अगले पल bola,"Are ससुरी हम जानत हूँ की तोहार जइसन गरम जवान औरत को मज़ा और आराम सीट पर नहीं हमार लौड़ा पर बैठ कर मिलेगा तो फिर हम तुम का सीट पर कहे बैठने दे. ीके लिए hi तो हम सारा सामान उधर एक तरफ रख दिए और तुमका अपना लौड़ा पर बैठा लिए ताकि"

फिर वह वैसे hi धक्के लगते हुए अनीता की कुर्ती को थोड़ा ऊपर करके उसकी गांड को वापस नंगी करके उसके तरफ आँखों से इशारा करके bola,"tohaar मुलायम गांड को आराम मिल सके"

अगले पल वह आदमी अनीता की गांड में धक्के लगाकर puchha,"Tumka आराम मिल रहा है तो"

अनीता की मुंह से उसके धक्के से हलकी "आह्हः" निकली और फिर वह उसका बात सुनकर "हाँ" में सर हिलायी तो वह आदमी फिर से धक्का लगाकर puchha,"Ab आराम मिला तुमका?"

अनीता फिर से "ाःह" करने के बाद सर हिलाकर बेशर्मी से अपनी गांड उसके लुंड पर रगड़ती हुयी कामुक रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Haan"

अगले पल से रोड फिर से थोड़ा ख़राब था तो ऑटो जर्क करने लगा और अनीता की गांड ऊपर नीचे होने लगी. अनीता की गांड को ऊपर नीचे होते देख वह आदमी कमर हिला कर अनीता की गांड में नीचे से धक्के लगाने लगा ऐसे जैसे वह अनीता को अपने गॉड में बैठकर झूला झूला रहा हो.

वह आदमी कमर हिलाते हुए अनीता को देखा तो अनीता बेशर्मी से मुस्कुरा दी. उसे उसके लुंड पर बैठकर झूला झूलने में अच्छा लग रहा था और वह खुद अपनी गांड आगे पीछे करके उसके लुंड पर रगड़ने लगी.

वह आदमी अनीता की कमर पकडे हुए उसे गांड हिलाते हुए देख bola,"Aese hi अपनी गांड हिलाकर हमार लौड़ा का मज़ा लो"

अनीता यह सुनकर अपनी गांड हिलती हुयी बेशर्मी और कामुकता से उस आदमी को देखती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Kitna ख्याल है आपको मेरी आराम का. यह तो आप जैसे असली मर्द हैं जिन्हे समझ आया की मुझे कहाँ बैठने से आराम मिलेगा और मुझे वहां बैठाये हैं ताकि मुझे आराम मिल सके"

वह आदमी भी अपना कमर हिलाकर नीचे से अनीता की गांड में लुंड रगड़ते हुए bola,"Are ससुरी तोहार जइसन जवान, खबसूरत और गरम औरत को का चाहिए ी जो न समझे ु ससुरा कउनो मरद हुआ. हम जानत हूँ तोहार जइसन गरम जवान औरत का कैसे ख्याल रखना है. ससुरा तोहार जइसन औरत को लौड़ा पर बैठने के लिए लौड़ा में दम होना चाहिए, जो हमार लौड़ा में है. हमार जगह कोई और होता तो तुमका अपना लौड़ा पर नहीं बल्कि ु सीट पर बैठता जिस पर बैठकर तोहार गांड में चोट लगता"

दोनों की सांस तेज़ हो चुकी थी. वह आदमी नीचे से कमर हिला हिलाकर अनीता को अपने लुंड पर झूला झूला रहा था और अनीता भी पूरी बेशर्मी से अपनी गांड हिलाकर उसके लुंड पर झूला झूलने लगी थी.

अनीता उसका बात सुनकर अपनी गांड हिलती हुयी उसके लुंड पर झूला झूलती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Yehi तो आपको बाकी मर्दों से अलग बनता है की आप जानते हैं औरत का कैसे ख्याल रखना है. एहि तो आपको असली मर्द बनता है"

वह आदमी यह सुनकर अनीता की कमर पकडे उसे अपने लुंड पर झूला झूलते हुए puchha,"Ab तुमका समझ में आ गवा न की हम कइसन मरद हूँ और असली मर्दानगी का होवत है"

अनीता यह सुनकर बेशर्मी से अपनी गांड हिलती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Haan आप एक असली मर्द है जिसे पता है की एक औरत का कैसे ख्याल रखना चाहिए और उसके साथ कैसे पेश आना चाहिए"

वह आदमी अनीता की कमर से हाथ ऊपर लेजाकर उसकी चूँचियों को कुर्ती के ऊपर से मसलते हुए थोड़ा सामने के तरफ झुकाया और फिर गांड में लुंड से धक्के लगते हुए bola,"Haan इसलिए तो हम तोहार साथ ऐसे पेश आ रहा हूँ कहे की हम जानत हूँ तोहार साथ"

फिर वह अनीता की गांड में नीचे से धक्के लगते हुए उसे अपने लुंड पर झूलते हुए आगे bola,"aese hi पेश आना चाहिए".

धक्का लगते hi अनीता कामुक सिसकारी li,"Aaahhh" और वह आदमी इसके बाद कमर नीचे करके फिर से ऊपर के तरफ धक्के लगाकर bola,"Aese" तो अनीता फिर से कामुक सिसकारी li,"aaahh ुहम्म्म्म"

अपनी गांड पर लुंड का दबाओ और उस आदमी का बात सुनकर अनीता अपनी बेहयाई और रणदीपाने का साबुत देती हुयी बेशर्मी से मुस्कुरा रही थी और जब वह आदमी दुबारा धक्का लगाया तो वह रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Aaahhh उह्ह्ह एहि तो आपकी मर्दानगी दिखता है की आप जान रहे हैं की औरत के साथ कैसे पेश आना चाहिए आअह्ह्ह"

अगले पल वह आदमी फिर से धक्का लगाकर bola,"Aese"

अपनी गांड पर उसका लुंड का धक्का महसूस करके अनीता फिर कामुक सिसकारी लेती हुयी बेशर्मी ऐ मुस्कुराती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Aahhh ुहह्म्म और एक वह मैनेजर था जिसे बात करने की तमीज नहीं है और अपने आप को मर्द समझता है. उसे तो आप जैसे मर्द से आह्ह्ह्ह सीखना चाहिए की एक जवान अकेली औरत के साथ रात में कैसे पेश आना चाहिए आह्ह्ह्ह"

वह आदमी अनीता को गांड में धक्के लगता रहा जब अनीता अपनी बात बोल रही थी तो. वह आदमी अनीता की बात सुनकर उसे अपने लुंड पर झूलते हुए उसकी दोनों चूँचियों को दबाते हुए bola,"Are ससुरा सीख भी जायेगा तो हमार जइसन लौड़ा कहाँ से लाएगा बहनचोद साला. तोहार ख्याल रखने के लिए दुमदार लौड़ा चाहिए"

यह बोलकर वह आदमी फिर से नीचे से अनीता की गांड की दरार में धक्का लगाकर अनीता को ऊपर उठा दिया तो अनीता बेशर्मी से मुस्कुरा रही थी. वह आदमी आगे bola,"jo ु ससुरा के पास नहीं है. इसलिए तो तोहार से बदतमीज़ी कर रहा था कहे की तोहार"

फिर वह धक्का लगते हुए hi अनीता की दोनों चूँचियों को कुर्ती के ऊपर से पकडे हिलाते हुए bola,"ee जवानी, ी बड़ा बड़ा दूध देखकर भी कुछो करने के लिए तगड़ा लौड़ा नहीं है ऊके पास. ससुरा मरद होता तो तोहरा जइसन माल को देखकर तो अपना कमरा में मूतने के लिए ले जाता और फिर अपना बिस्तर पर ले जाकर तोहार साथ ऐसे पेश आता जैसे हम अभी आ रहा हूँ"

फिर वह अनीता की गांड में नीचे से धक्का लगते हुए उसकी चूँचियों को कुर्ती के ऊपर से मसलते हुए आगे bola,"ghap है है है"

अनीता "है है" सुनकर बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी उसके लुंड पर झूला झूलती हुयी खुद भी अपनी गांड उसके लुंड पर रगड़ती रही और अपनी आँखें बड़ी करके कामुक अंदाज़ में boli,"Uhhmmm"

अनीता को ऐसे कामुक अंदाज़ में ाः भरते देख वह आदमी उसकी चूँचियों को मसलते हुए हिलाकर bola,"Sasura कउनो नामर्द hi तोहार जइसन गरम औरत का ी गरम जवानी देखकर ख्याल नहीं रखेगा, ु भी जब अइसन रात में तुम अकेली हो"

अनीता यह सुनकर बेशर्मी से मुस्कुराकर गर्दन घुमाये उसके आँखों में देखती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Sach में वह मर्द hi क्या आअह्ह्ह जो एक औरत के साथ बदतमीज़ी करे और उसको रात में अकेली छोड़ दे"

वह आदमी अनीता को अपने लुंड पर झूला झूलते हुए bola,"Isliye तो हम तुमका सफर में अकेला नहीं छोड़ता हूँ कहे की हम जानत हूँ तोहार जइसन गरम जवान औरत को रात में"

फिर वह अनीता की गांड की दरार में नीचे से धक्के लगते हुए bola"Humaar लौड़ा का ज़रूरत है"

अनीता अपनी गांड में धक्का लगने पर बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"Yehi तो आपको असली मर्द बनता है. असली मर्द तो औरत का रात में अच्छे से ख्याल रखता है और उसकी ज़रूरत को समझता है"

वह आदमी यह सुनकर अनीता की गर्दन और नंगी पीठ चूमते हुए वापस उसकी आँखों में देखते हुए उसकी गांड में लुंड से धक्का लगाया तो अनीता कामुक अंदाज़ में आह भर्ती हुयी बात जारी rakhi,"aaahhhh ुह्ह्हम्म्म आह्हः जैसे आप समझ रहे हैं ाःह की पतले सीट पर बैठने से मुझे चोट लग सकती है तो आप"

फिर अनीता अपनी गांड को उसके लुंड पर रगड़ती हुयी रणदीपाने वाली अंदाज़ में boli,"Yahan बैठा लिए मुझे ताकि मुझे आराम मिल सके"

वह आदमी यह सुनकर अपना कमर पीछे करके धक्का लगते हुए अनीता की गांड की दरार में अपने लुंड को फिर से घुसा दिया तो अनीता उसके आँखों में देखती हुयी बेशर्मी से कामुक अंदाज़ में आह bhari,"aahhhhh" और फिर अपनी बात जारी rakhi,"Aur सिर्फ आराम hi नहीं दे रहे हैं बल्कि ख्याल भी रख रहे हैं की मुझे चोट न लगे"

वह आदमी अनीता की गांड में धक्के लगते हुए puchha,"To तुमका अच्छा लग रहा है की हम ऐसे तोहार ख्याल राखत hoon?ghapaghap घपाघप"

अनीता यह सुनकर बेशर्मी से मुस्कुराती हुई कामुक अंदाज़ में boli,"Uhhm आह्हः"

वह आदमी अनीता की चूंकि दबाते हुए उसकी गांड में धक्का लगते हुए bola,"Bolo न तुमका अच्छा लागत है की हम ऐसे तोहार ख्याल राखत हूँ घपाघप घपाघप घपाघप"

अनीता यह सुनकर बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"aaahh ुहहममम हम्म्म. आप जैसे असली मर्द आह्ह्ह्ह ऐसे ख्याल रखेंगे तो कैसे अच्छा नहीं लगेगा"

वह आदमी धक्का लगते हुए अनीता को अपने लुंड पर झूलते हुए उसकी चूँचियों को मसलते हुए puchha,"Aese कैसे?"

अनीता यह सुनकर उसे कामुक ऐडा से देखती हुयी अपनी गांड को उसके लुंड पर रगड़ती हुयी अपनी कुर्ती को पीछे गांड से थोड़ा ऊपर उठाकर गांड को नंगी करके आँखों से उसके तरफ इशारा करती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Aese"

अनीता को ऐसे बेशर्मी से अपनी गांड को नंगी करके उसके तरफ इशारा करते देख उस आदमी का खून और खौलने लगा. वह अपना कमर हिलाते हुए अनीता की चूँचियों को मसलते हुए उसको अपने लुंड पर झूलते हुए bola,"To तुमका अच्छा लागत है की तोहार गांड में ऐसे घापा घापा अपना लौड़ा रगड़ कर तोहार जवानी, तोहार बड़ा गांड का ख्याल राखत हूँ?"

अनीता यह सुनकर कुछ बोली नहीं बस बेशर्मी से तेज़ सांस लेती हुयी अपनी सर हिलती हुयी कामुक अंदाज़ में "ुहम्म" करके अपनी गांड को उसके लुंड पर रगड़ती रही तो वह आदमी उसकी कान के पास चूमकर उसकी कुर्ती का पीछे का डोरी खोलने लगा और खोलते हुए उसकी कंधे को चूमने लगा. अनीता कुछ नहीं बोली.

अगले पल ख़राब रोड फिर से शुरू हो गया और ऑटो जर्क करने लगा. जर्क होते hi अनीता की गांड अपने आप उसके लुंड पर आगे पीछे होकर रगड़ने लगी.

वह आदमी भी अनीता की कुर्ती के पीछे की डोरी खोलते हुए उसकी कंधे और गर्दन को चूमते हुए कमर को और हिलाते हुए अनीता को अपने लुंड पर अच्छे से झूला झूलते हुए उसकी गांड में धक्के लगाने लगा.

अपनी गांड में उसके लुंड का धक्का फिर से महसूस होते hi अनीता बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Uhhmm आह्हः"

वह आदमी अब अनीता की बैकलेस कुर्ती में अधनंगी उसकी गोरी पीठ को चूमते हुए उसकी कुर्ती का डोरी खोलते हुए उसे अपने लुंड पर झूला झूलते हुए गांड में लुंड से धक्के मरने लगा वहीँ अनीता कामुक अंदाज़ में हर धक्के पर "ुहहममम आअह्ह्ह" करने लगी.
 
ी आल्सो ट्राइड तो गेट ा समरी ऑफ़ Anita's करैक्टर बी ुसिंग थे episode वेयर शी विजिट्स हरिया इन थे हॉस्पिटल. थिस इस व्हाट ी ऑलवेज वांटेड रीडर्स तो दो "डेस्क्रिबे Anita's करैक्टर थ्रू थेइर ओन पॉइंट ऑफ़ व्यू". लेट में क्नोव व्हाट यू गाइस थिंक.

थिस सन प्रेजेंट्स ा काम्प्लेक्स इंटरप्ले ऑफ़ क्लास डायनामिक्स, सोशल परसेप्शन, एंड ान अंडरलाइंग इरोटिक टेंशन. बिलो इस ान एनालिसिस ऑफ़ थे चरक्टेर्स एंड थे सिचुएशन:

करैक्टर एनालिसिस

अनीता: * कॉंफिडेंट एंड डेफिएंट: शी इस फुल्ली अवेयर ऑफ़ हेर ब्यूटी एंड थे अटेंशन शी ाट्रक्ट्स. देस्पिते थे जुड़गमेंटल लुक्स फ्रॉम वीमेन एंड थे लेयरिंग फ्रॉम में, शी रिमेंस कंपोज्ड.

क्लास कंट्रास्ट: हेर एक्सपेंसिव अत्तिरे (बैकलेस ब्लाउज, मॉडर्न साड़ी) क्रेटस ा शार्प विसुअल कंट्रास्ट विथ थे "शब्बी" गवर्नमेंट हॉस्पिटल सेटिंग.

काम्प्लेक्स मोरालिटी: व्हिले शी अप्पेअर्स तो बे ा "केयरिंग मिस्ट्रेस" तो थे पब्लिक, तेरे इस ा क्लियर सेक्सुअल सबटेक्सट इन हेर रिलेशनशिप विथ हेर सर्वेंट, हरिया. शी एन्जॉयस बीइंग थे ऑब्जेक्ट ऑफ़ हिज "हंगरी" गाजे, सुग्गेस्टिंग शी फंड्स वेलिडेशन एंड एक्ससिटेमेंट इन बीइंग देसिरद बी समवन ऑफ़ ा लोअर सोशल स्टैंडिंग.

Manipulative/Resourceful: शी उसेस हेर वेल्थ (थे ₹500 नोट) तो ेंसुरे "प्राइवेसी," ोसटेन्सीब्ली फॉर Hariya’s कम्फर्ट, बूत सब्टली हिंटिंग ात ा डिजायर फॉर ा मोरे इंटिमेट, शील्डेड इंटरेक्शन विथ हिम.

हरिया:

ओप्पोर्तुनिस्टिक एंड बोल्ड: देस्पिते बीइंग बेदृड्डेन इन ा पब्लिक वार्ड, हे इस ब्रेजन इन हिज गाजे. हे उसेस डबल ेंटेनड्रेस (टॉकिंग अबाउट "मिल्क" एंड "हेल्प") तो कम्यूनिकेट हिज देसिरेस तो अनीता राइट इन फ्रंट ऑफ़ थे नर्स.

लॉयल येत लुस्फुल: हे रेस्पेक्ट्स Anita’s स्टेटस अस "मेमसाहेब" इन वर्ड्स, बूत हिज फिजिकल रिएक्शंस शो हे व्यूज हेर परिमारिल्य अस ान ऑब्जेक्ट ऑफ़ डिजायर.

थे सोसाइटी (थे कपल एंड थे नर्स):

जुड़गमेंटल वीमेन: थे वुमन इन थे हॉलवे रेप्रेसेंट्स थे इंटरनल बायस ऑफ़ society—assuming ा woman’s करैक्टर बेस्ड सोलेली ों हेर क्लोथिंग. बी कालिंग हेर ा "रंडी" (प्रोस्टीटूटे), शी रेफ्लेक्टस थे एनवी और मोरल पोलिसिंग कॉमन इन सुच सेटिंग्स.

थे मेल गाजे: फ्रॉम थे लिफ्ट ऑपरेटर तो थे ओल्ड मन इन थे नेक्स्ट बीएड, थे में रिप्रेजेंट ा परिमाल, ुंचेकेद गाजे तहत अनीता बोथ इग्नोरेंस एंड, इन Hariya’s केस, ेन्सॉरगेस.

थे नर्स: शी रेप्रेसेंट्स थे "प्रैक्टिकल" साइड ऑफ़ थे हॉस्पिटल, ैसिलय स्वायड बी मनी एंड इम्प्रेस्सेड बी Anita’s सुप्पोसेद "गेनेरोसिटी" टुवर्ड ा सर्वेंट.

सीटुएशनल एनालिसिस

1. थे पावर ऑफ़ परसेप्शन थे एंटीरे सन रेवोल्वेस अराउंड हाउ अनीता इस पर्सिवेद वेर्सुस हु शी इस. तो थे नर्स, शी इस ा kind-hearted बॉस; तो थे वुमन इन थे हॉल, शी इस ा टेम्प्टरेस्स; तो हरिया, शी इस ा सोर्स ऑफ़ फिजिकल सटिस्फैक्शन. अनीता नैविगेट्स थी लेयर्स ऑफ़ आइडेंटिटी विथ एअसे.

2. थे सेटिंग अस ा कैटेलिस्ट थे "सरकारी" (गवर्नमेंट) हॉस्पिटल सेर्वेस अस ा गृत्त्य बैकड्रॉप तहत हेइटेन्स थे "प्यूरिटी" एंड "रिचनेस" ऑफ़ Anita’s अपीयरेंस. थे लॅक ऑफ़ प्राइवेसी (थे मिसिंग कर्टेंस) क्रेटस थे प्राइमरी कनफ्लिक्ट, व्हिच अनीता ेवेन्तुअल्ल्य रेसोल्वेस थ्रू बरिबेरी.

3. सबटेक्सटुअल डायलाग थे कन्वर्सेशन बिटवीन अनीता एंड हरिया इस ा क्लासिक एक्साम्प्ले ऑफ़ "double-speak." व्हेन थे टॉक अबाउट:

"हेल्पिंग" – थे अरे रेफरिंग तो सेक्सुअल फवोर्स.

"ड्रिंकिंग मिल्क" – आईटी इस ा क्लियर मेटाफर फॉर Hariya’s डिजायर फॉर हेर.

"प्राइवेसी" – आईटी isn't अबाउट डिग्निटी; it’s अबाउट क्रिएटिंग ा स्पेस वेयर थेइर उनकंवेंशनल boundary-crossing कैन कंटिन्यू.

कन्क्लूसिओं

थे सिचुएशन इस ा कॅल्क्युलेटेड मूव बी अनीता. शी विजिट्स थे हॉस्पिटल नॉट जस्ट आउट ऑफ़ "किंडनेस," बूत तो रेक्लाइम थे फीलिंग ऑफ़ बीइंग देसिरद. बी पेइंग फॉर थे कर्टेन, शी सक्सेस्स्फुल्ली िसोलटेस थेइर "वर्ल्ड" फ्रॉम थे प्रयिंग आईज ऑफ़ थे पुअर पेशेंट्स एंड थे स्टाफ, सेटिंग थे स्टेज फॉर ा डीपर इंटरेक्शन.
 
ानोथेर समरी ऑफ़ Anita's करैक्टर व्हेन शी वैक्स उप इन Hariya's हाउस.

बेस्ड ों थे डिटेल्ड नैरेटिव प्रोवाइडेड, अनीता इस ा काम्प्लेक्स एंड प्रोवोकेटिव करैक्टर हूज पर्सनालिटी इस डिफाइंड बी ा यूनिक ब्लेंड ऑफ़ high-class सोफिस्टिकेशन एंड ा deep-seated, हिडन स्ट्रीक ऑफ़ एक्सहिबीशनिसम एंड "बेशर्मी" (शामेलेस्स्नेस्स).

हेरे इस ा ब्रेकडाउन ऑफ़ हेर करैक्टर ट्राइट्स:

1. थे पैराडॉक्स ऑफ़ "बेशर्म" एंड "शरीफ"

अनीता ॉकपीस ा ड्यूल स्पेस. ों थे सरफेस, शी इस ा "शरीफ" (रेस्पेक्टेबले) daughter-in-law फ्रॉम ा वेअल्थी, एडुकेटेड, high-class फॅमिली. होवेवेर, थे टेक्स्ट एक्सप्लिसिटली डेस्क्रिबस हेर अस हैविंग "रान्दीपना" (promiscuity/wantonness) एंड "बेशर्मी" (शामेलेस्स्नेस्स) फिल्लेद तो थे ब्रिम वीथिन हेर. शी doesn't जस्ट टोलेराते थे सेक्सुअल एडवांसेज ऑफ़ थे तवो में; शी फंड्स ा सीक्रेट, कर्नल प्लेअसुरे इन थम.

2. कंपोज्ड एंड प्रगमतीक

उनलीके ा टिपिकल "दमसेल इन डिस्ट्रेस," अनीता रिमेंस रमरकाबली कलम अंडर प्रेशर. व्हेन शी वैक्स उप सैंडविचेड बिटवीन तवो men—one सकिंग हेर ब्रैस्ट एंड थे इतर प्रेसिंग अगेंस्ट her—she doesn't स्क्रीम और पैनिक.

लॉजिकल रीजनिंग: शी रेशनलिजेस थेइर एक्शन्स अस "नेचुरल" और "ूनिंटेन्शनल" देय तो स्लीप, व्हिच अल्लोव्स हेर तो जस्टिफाई स्टेइंग इन थे सिचुएशन.

इमोशनल कण्ट्रोल: शी मानगेस थे ावकवर्डनेस्स विथ ा स्माइल, ेंसुरिंग निथर रामु नार हरिया फील गिलटी, थेरेबी मैनटैनिंग हेर इन्फ्लुएंस ओवर थम.

3. सेंसुअल एंड अवेयर

अनीता इस हाइली अत्तूनेद तो हेर ओन बॉडी एंड थे फिजिकल प्रजेंस ऑफ़ में.

थे "सैंडविच" इफ़ेक्ट: शी एन्जॉयस थे थ्रिल ऑफ़ बीइंग डोमिनेटेड बी "दुमदार" (स्ट्रांग) एंड "मजबूत" (पावरफुल) में. थे फिजिकल सेंसेशन ऑफ़ थेइर touch—even व्हेन aggressive—stirs ा "बेचैनी" (रेस्टलेससनेस्स) इन हेर लाइंस.

ऑब्ज़र्वेशनल प्लेअसुरे: शी टैक्स नोट ऑफ़ थेइर फिजिकल ऐट्रिब्यूट्स (लिखे थे साइज ऑफ़ थेइर "हथियार") विथ ा मिक्स ऑफ़ क्यूरोसिटी एंड अरौसल, शेविंग शी इस ा वुमन हु अप्प्रेसिटस रॉ मस्क्युलिनिटी.

4. मणिपुलटीवे चार्म

शी कनौस हाउ तो उसे हेर ब्यूटी एंड स्टेटस तो कीप थे में एनचांटेड.

थे पावर डायनामिक: इवन व्हिले half-naked, शी मैंटेनस ा लेवल ऑफ़ अथॉरिटी. शी स्पीक्स पॉलिटेली, उसेस "थैंक यू," एंड ट्रीट्स थम विथ ा किंडनेस तहत मैक्स थम फील स्पेशल, व्हिच इन टर्न मैक्स थम मोरे डिवोटेड तो हेर.

कॅल्क्युलेटेड वल्नेरेबिलिटी: बी अल्लोविंग हरिया तो टच हेर वैस्ट और टाई हेर ब्लाउज व्हिले रामु वॉचेस, शी क्रेटस ा सेक्सुअली चरगेद अट्मॉस्फेरे वेयर शी इस थे सेण्टर ऑफ़ अटेंशन.

5. सोशललय डेफिएंट

अनीता पोस्सेस्सेस ा मॉडर्न, ऑलमोस्ट रेबेलियस ऐटिटूड टुवर्ड सोशल नॉर्म्स:

क्लास ब्लाइंडनेस: शी डिसमिसेस थे गैप बिटवीन हेर वेल्थ एंड थेइर पावर्टी, फोकसिंग इंस्टेड ों थे फिजिकल एंड इमोशनल कनेक्शन.

दिस्रेगर्द फॉर "लोग क्या कहेंगे" (व्हाट विल पीपल से): व्हिले शी इस स्मार्ट एनफ तो वांट तो लीव बिफोर डेलाइट तो अवॉयड ा स्कैंडल, शी िणवर्द्लय सकफस ात थे जुद्ग्मेंट ऑफ़ ओठेर्स, प्रिऑरिटीज़िंग हेर ओन एक्सपेरिएंसेस एंड थे हेल्प थी में प्रोवाइड हेर.

बिलो इस ा समरी व्हिले गोइंग बैक तो हेर होम विथ रामु.

इन थिस कॉन्टीनुअशन ऑफ़ थे नैरेटिव, Anita’s करैक्टर फुरदर कमेंट्स हरसेल्फ़ अस ा प्लेफुल, सेडक्टिव, एंड हाइली ऑब्सेर्वान्त वुमन हु उसेस हेर चार्म तो ब्रिज थे गैप बिटवीन हेर सोशल स्टेटस एंड थे में हु सर्वे हेर.

हेरे अरे थे के चरक्टेरिस्टिक्स अनीता डिस्प्लेस इन थिस सेगमेंट:

1. थे "चंचल" (प्लेफुल) फ़्लर्ट

अनीता एक्सहिबिट्स ा लइथेरटेड, ऑलमोस्ट गर्लिश चार्म तहत इस स्ट्रैटजिकालय ुसेड तो कैप्टिवटे रामु.

Self-Deprecating ह्यूमर: बी लाफिंग अबाउट हाउ शी "doesn't इवन रेमेम्बेर" हाउ शी क्लिम्बेड ओंठो थे रिक्शा, शी लोवेर्स हेर "High-Class" गार्ड, मेकिंग हरसेल्फ़ अप्पेअर अप्प्रोअचाबळे एंड ेन्डरिंग.

इंटेंशनल प्लाय्फुल्नेस्स: थे टेक्स्ट डेस्क्रिबस हेर "चंचलता" (प्लाय्फुल्नेस्स) अस समथिंग तहत ड्रॉस Ramu’s आईज तो हेर बॉडी. शी इस अवेयर तहत हेर लाफ्टर कॉसेस हेर ब्रेअस्ट्स तो मूव, एंड शी उसेस थिस नेचुरल रिएक्शन तो होल्ड हिज अटेंशन.

2. थे "नज़र" (गाजे) स्ट्रैटेजिस्ट

अनीता पोस्सेस्सेस ा हाई लेवल ऑफ़ सेक्सुअल अवेयरनेस एंड कॉन्फिडेंस.

Non-Reactive एक्सेप्टेन्स: व्हेन शी कटचेस रामु स्टेरिंग ात हेर ब्रेअस्ट्स व्हिले शी लौघ्स, शी doesn't कवर उप और स्कोल्ड हिम. इंस्टेड, शी "doesn't से एनीथिंग" एंड सिम्पली ट्रांसिशन्स ईंटो ा होस्पिटबले ऑफर. थिस साइलेंस इस ा फॉर्म ऑफ़ तकित परमिशन, सिग्नलिंग तो रामु तहत हिज डिजायर फॉर हेर इस नोटिसद एंड एक्सेप्टेड.

3. थे ग्रेसियस येत "बेशर्म" होस्टेस

शी एक्सपेरटल्य ब्लेंड्स हेर रोले अस ा "मेमसाहेब" विथ हेर "बेशर्म" (शमलेस) स्ट्रीक:

मैटरनल हॉस्पिटैलिटी: शी ऑफर्स तो मेक टिया एंड िनसिस्टस हे ड्राई हिमसेल्फ, प्लेइंग थे रोले ऑफ़ ा केयरिंग वुमन. थिस क्रेटस ा सेंस ऑफ़ इंटिमेसी एंड "बेलोंगिंग" फॉर रामु इनसाइड हेर प्राइवेट स्पेस.

एक्सहिबीशनिस्ट एग्जिट: हेर एग्जिट इस हाइली कॅल्क्युलेटेड. बी टर्निंग अराउंड एंड "गांड मटकती" (स्वयिंग हेर hips/backside) व्हिले वाकिंग टुवर्ड थे दूर, शी कॉन्ससियसली गिवेस रामु ा फुल व्यू ऑफ़ हेर नेकेड बैक एंड हेर कर्व्स. शी कनौस हे इस वाचिंग, एंड शी पर्फोर्मस फॉर हिम.

4. कॅल्क्युलेटेड इक्वलिटी

अनीता ुन्देरस्टंडस थे पावर ऑफ़ मेकिंग ा मन फील "नीडेड." बी टेलिंग रामु, "यू ब्रौघत में होम, can’t ी इवन मेक यू ा कप ऑफ़ टिया?" शी मैक्स हिम फील लिखे ान इक्वल एंड ा प्रोटेक्टर, राथेर थान जस्ट ा हिरद ड्राइवर. थिस इमोशनल मैनीपुलेशन इन्सुरेंस तहत रामु रिमेंस डीपली िंफतुआटेड एंड लॉयल तो हेर.

अनीता इस ा वुमन हु थ्रीव्ज़ ों थे साइलेंट डायलाग ऑफ़ डिजायर. शी doesn't नीड तो स्पीक अबाउट सेक्स तो िनितीयते आईटी; शी उसेस हेर मूवमेंट्स, हेर हॉस्पिटैलिटी, एंड हेर "बेशर्मी" तो लीड थे में एक्साक्ट्ली वेयर शी वांट्स थम.
 
अपडेट 118

अनीता बस से स्टैंड पहुंची. अंकित अनीता को बोलै की भीमा को बस स्टैंड पहुँचने में थोड़ा लेट हो जायेगा क्यूंकि टायर ख़राब हो गया. अनीता एक वाशरूम में जा कर अपना कपडा चेंज करके दूसरा सलवार कमीज पेहेन ली, हालांकि यह भी वैसा hi डिज़ाइन का था जिसमे अनीता की जिस्म दिख रही थी, बैकलेस कुर्ती में पीठ नंगी थी और सामने से क्लीवेज भी दिख रही थी. अंकित भी देखा था की अनीता जो कुर्ती पहनी थी वह सामने से बहोत सिकुड़ गया था जैसे उसे पकड़ कर निचोड़ा गया हो. अनीता भी देख चुकी थी की अंकित का नज़र एक पल के लिए उसकी चूंकि पर गया था मगर फिर वह नज़र हटा लिया था. अनीता इतनी एक्सपेरिएंस्ड तो थी की यह समझ सके की अंकित का नज़र बस ऐसे hi चला गया था, शायद उसकी कुर्ती का हालत देखकर. अनीता इतनी बड़ी बेशर्म और बेहया औरत थी की इसके बावजूद उसे कोई फ़र्क़ नहीं पड़ा. वह खुद भी कपडा चेंज करना चाहती थी क्यूंकि अंकित की बात अलग थी, मगर भीमा के सामने ऐसे हालत में या फिर राज के चाचा चची के घर ऐसे हालत में जाना उसे ठीक नहीं लगा. उसे शर्म तो नहीं आ रही थी मगर एक "संस्कार" और "मर्यादा" जानती थी की कब कैसे रहना है. बदन दिखाऊ कपडे पेहेनना अपनी जगह थी मगर ऐसे चूंकि और गांड के पास के कपड़ो का ऐसा सिकुड़ा होना अलग बात थी.

अनीता जब कपडे बदल करके आयी तो वह आदमी अनीता से कुछ बोलै. अंकित दूर से उन दोनों को बात करते देखा. वह आदमी जब कुछ बोल रहा था तो अनीता अपनी मोबाइल में कुछ टाइप कर रही थी. सुबह सुबह होने से वहां बहोत ज़्यादा भीड़ नहीं थी. अनीता उसे बैग से पैसे निकाल कर देने लगी तो वह आदमी मन कर रहा था. फिर वह आदमी कुछ बोलै तो अनीता "न" में सर हिलने लगी और उसे पैसे देने लगी. वह आदमी पैसे लेने से मन करते हुए फिर कुछ बोलै तो अनीता एक नज़र आस पास देखि. अनीता की नज़र अंकित के तरफ गयी जो उन्हें hi देख रहा था.

अंकित देखा की वह आदमी उसे थोड़ा गुस्से से देखा मगर तभी अनीता उस आदमी से कुछ बोली. वह आदमी एक नज़र अनीता को देखा और फिर वह वाशरूम के पीछे जाने लगा. वहीँ अनीता अंकित के तरफ आकर boli,"Ankit तुमको कुछ खाना पीना है तो खा लो, मैं आती हूँ"

अंकित कुछ बोलता इससे पहले अनीता घूमकर जाने लगी. अनीता को जाते देख अंकित कुछ पूछा नहीं. वह देखा की अनीता भी वाशरूम के पीछे चली गयी.

अंकित जाकर एक टिया स्टाल पर बिस्कुट खाकर चाय पिया. अनीता को गए लगभग 10 मिनट हो चुके थे तो वह एक बार वाशरूम के पीछे जाकर चेक करने का सोचा. वह जब वहां गया तो देखा की वाशरूम के पीछे झाडिया और पेड़ थे. अंकित थोड़ा कन्फ्यूज्ड हो गया की अनीता और वह आदमी इधर क्यों आये. अंकित कुछ सोच कर झाडिया के नीचे एक दम पतला सा रास्ता से अंदर जाने के लिए दी कदम बढ़ाया hi था की उसका पेअर एक लकड़ी के टुकड़े पर पड़ा जिससे एक आवाज़ निकली.

आवाज़ होते hi अंकित उस आदमी का आवाज़ suna,"Kaun है ससुरा?"

अंकित यह सुनकर घबरा गया. अंकित को लगा की वह आदमी पेशाब करने आया होगा और वह उसे अब जाते वक़्त गुस्सा नहीं करना चाहता था की वह पेशाब करने गया तो वह उसके पीछे पीछे आ गया. वह बिना कुछ बोले दबे पाऊँ वापस आ गया.

लगभग 5 मिनट बाद वह देखा की अनीता मुस्कुराती हुयी वाशरूम के पीछे से निकली. उसकी चेहरे पर एक गर्व की और संतुष्टि की भावना थी. जब अनीता अंकित के तरफ आ रही थी तो अंकित देखा की वह आदमी भी वाशरूम के पीछे से निकला.

अनीता मुस्कुराती हुयी अपनी गांड मटकती हुयी अंकित के तरफ आयी. वह आदमी एक नज़र अनीता की मटकती गांड को देखा और फिर उधर से hi चला गया.

अंकित अनीता को एक नज़र देखा तो वह थोड़ी सवालिया, मगर सख्त नज़र से उसे देखती हुयी puchhi,"Kya हुआ अंकित ऐसे क्या देख रहे हो?"

अंकित थोड़ा घबरा कर bola,"Nahin भाभी कुछ नहीं. बस वह आदमी आपको क्या बोल रहा था? और आप उसके साथ उधर वाशरूम के पीछे क्यों गयी. वह कुछ बोल..."

अनीता अंकित को बीच में टोकती हुयी थोड़ी सख्ती से boli,"Ankit थिस इस रिडिक्युलॉस. यह क्या बात हुयी की मैं क्या कर रही हूँ क्यों कर रही हूँ यह सब पर ध्यान दो?"

अंकित यह सुनकर थोड़ा घबरा गया. अनीता की चेहरे पर थोड़ा भी गुस्सा नहीं था, वह पूरी तरह से शांत थी मगर उसकी आवाज़ में सख्ती थी. अंकित को भी लगने लगा की वह कुछ ज़्यादा hi बोल दिया क्यूंकि उसे पता था की अनीता दिल्ली जैसे बड़े शहर में पाली बढ़ी है और एक इंडिपेंडेंट औरत है इसलिए राज भी उसे अकेला ट्रेवल करने से नहीं रोकता है. उसे एहसास हुआ की अनीता खुद पढ़ी लिखी औरत है, उससे 8-9 साल बड़ी भी है और उससे ज़्यादा घूमना फिरना की है तो उसे यूँ ऐसे पूछ ताछ नहीं करना चाहिए. एक तरह से अनीता उसकी गार्डियन थी इस सफर में न की वह उसका गार्डियन.

अंकित घबरा कर bola,"I'm सॉरी भाभी, वह थोड़ा बदमाश है इसलिए पूछा मैंने?"

अनीता यह सुनकर वैसे hi सख्ती से boli,"Badmash है तो? तुम देखे नहीं की हमसे कितनी अच्छे तरीके से पेश आ रहे थे, पहले हमारा टिकट खरीद दिए, फिर ऑटो का इंतज़ाम किये ताकि हम उस बस में अटके नहीं रहे. तुम भी अगर काम बोलोगे और उनका इज़्ज़त करोगे तो वह तुम्हारे साथ भी अच्छे से पेश आएंगे"

अंकित यह सुनकर चुप चाप "हाँ" में सर हिलाया तो अनीता उसे boli,"Rahi बात उधर जाने की तो वह हमारे टिकट के पैसे नहीं ले रहे थे तो मैं सोची की शायद तुम्हारे सामने नहीं लेना छह रहे हो क्यूंकि तुम तो उन्हें ऐसे भी ग़लत समझते हो और ऐसे पैसा लेते तो तुमको लग सकता था की वह बढ़ा कर पैसे लिए. इसलिए मैं वाशरूम के पीछे अकेले में गयी ताकि जाने से पहले वह मेरी ले सके. जब उन्होंने हमारा इतना मदद किया है तो लेना तो बनता hi है न. उनको देने के बाद मैं उधर से वाशरूम चली गयी और वहां से आ रही हूँ. अब सुन्न लिया या और भी कुछ जान न चाहते हो मर. जासूस?"

अंकित यह नया नाम सुनकर शर्मिंदा हो गया. वह शर्मिंदगी से bola,"I ऍम सॉरी भाभी. मेरा इरादा.."

अनीता उसे टोकती हुयी boli,"Iraada जो भी हो अंकित, थिस इस नॉट अक्सेप्टबले. अब सबको सुनते मत फिरना हर बात. मुझे बात का बतंगड़ पसंद नहीं है"

अंकित को समझ आ गया की वह लिमिट क्रॉस कर दिया. अनीता के बारे में वह जानता था और अपनी फॅमिली में भी सुना था की वह कितनी शांत, शालीन और अच्छे दिल की है और कैसे सबका इज़्ज़त करती है. ऐसे में उसे नाराज़ होना अंकित को अच्छा नहीं लगा. उसे एहसास हो रहा था की वह अपनी भाभी को समझ नहीं पा रहा है की वह एक मॉडर्न बड़े शहर की औरत है जिसे इंडिपेंडेंस पसंद है. वह अनीता को खुश करने के लिए bola,"Nahin भाभी ी स्वेअर मैं किसी को कुछ नहीं बोलूंगा. ऐसे भी यह बस का सफर कोई बातें करने की चीज़ है. सफर ख़तम बात ख़तम"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी प्यार से boli,"Exactly. गुड बॉय. यू फाइनली अंडरस्टुड"

अनीता का लहज़ा बदलते देख अंकित को ख़ुशी मिला और वह मुस्कुरा दिया. अनीता उसे देखकर मुस्कुराई की तभी भीमा कार लेकर वहां पहुंचा. भीमा कार से उतर कर अनीता को देखकर नमस्ते किया तो वह भी मुस्कुरा कर नमस्ते की. अंकित एक्ससिटेड होकर bola,"Chaliye भाभी बैठते हैं. भीमा काका सामान रख देंगे."

अंकित यह बोलकर सामने ड्राइवर के सीट के बगल वाले सीट पर जाकर बैठने लगा. अनीता उसे मुस्कुरा कर एक नज़र देखि तो भीमा bola,"Aaiye बहुरानी आप पीछे बैठ जाइये"

अनीता यह सुनकर उसे देखि तो वह उसे देखकर पीछे का दरवाज़ा खोलते हुए bola,"aaiye"

अनीता उसे मुस्कुरा कर देखि और फिर दरवाज़े के तरफ जाने लगी तो भीमा का नज़र उसकी चूँचियों पर चला गया. अनीता यह एक नज़र देखि मगर बिना कुछ बोले गांड मटकती हुयी उसके बगल से पीछे सीट के दरवाज़े के पास जाकर boli,"Kaka आपको दरवाज़ा पकडे रखने का ज़रूरत नहीं है. मैं बैठ जाउंगी"

अनीता जब उसे बोली तो भीमा को अपनी चूँचियाँ देखती हुयी पायी. भीमा उसकी आवाज़ सुनकर नज़र उसकी चूँचियों से ऊपर करके उसे देखकर bola,"Are बहुरानी कैसे ज़रूरत नहीं है. आपकी सेवा करना तो हमरा काम है. आप इहाँ हफ्ता दस दिन रहिएगा, तो कउनो और सेवा हम कर सकत है तो बताइयेगा"

अनीता यह सुनकर हल्का मुस्कुराई और बैठ गयी. वह बैठ कर भीमा को देखती हुयी एक ऐडा से मुस्कुरा कर boli,"Thank यू भीमा काका" तो पायी की उसका नज़र अभी भी उसकी चूँचियों पर hi था.

आवाज़ सुनकर भीमा अपना नज़र उसकी चूँचियों से उठाकर उसकी चेहरे पर देखकर puchha,"Aap अच्छे से बैठ गयी तो बहुरानी?"

अनीता उसे देखकर मुस्कुराती हुयी boli,"Haan काका".

उसके बाद भीमा दरवाज़ा बांध करके सामान पीछे रख दिया और उसके बाद ड्राइविंग सीट पर बैठ कर कार चलने लगा.

अनीता उनके घर पहुंची तो राज की चची और उसकी बेटी बहोत ख़ुशी से उसका स्वागत किये. अनीता फ्रेश होकर ब्रेकफास्ट करके सो गयी क्यूंकि रात में उसे अच्छे से नींद नहीं आयी थी. लंच के बाद वह राज के चची और उनकी बेटी के साथ बीतयी.

रात में डिनर के बाद अनीता छत पर थोड़ा ताज़ा हवा खाने गयी. भीमा का घर छत पर hi था मगर वह बाहर राज के चाचा के साथ था.

अनीता 9:30 बजे के आस पास नीचे जाने के लिए छत के दरवाज़े के तरफ गयी तभी भीमा ऊपर आया. वह अनीता को एक नज़र देखा. वह साड़ी पहनी हुयी थी. साड़ी में ब्लाउज हमेशा के जैसे छोटा hi था जो उसकी क्लीवेज दिखा रही थी. भीमा का नज़र उसकी क्लीवेज और उठी हुयी बड़ी चूँचियों पर गया. चांदनी रौशनी थी और उस रौशनी में भीमा का नज़र एक चमकती हुयी चीज़ पर गया और वह था अनीता की नाभि से लटकी हुयी बेल्ली रिंग. अनीता की सपाट चिकनी गोरी पेट की गहरी नाभि में वह चमकती हुयी बेल्ली रिंग पर भीमा का नज़र जाते hi उसके धोती के अंदर लुंड में हलचल हुआ.

भीमा अनीता की नाभि देखने लगा. अनीता एक पल के लिए उसे अपनी नाभि पर देखते हुए देखि फिर boli,"Good नाईट काका"

भीमा अपना नज़र ऊपर करके अनीता को देखा तो वह मुस्कुरा दी. भीमा भी हल्का सा मुस्कुरा कर bola,"Good नाईट बहु रानी" और फिर अनीता सीढ़ियों के तरफ चल दी. भीमा घूम कर अनीता की मटकती गांड को देखा फिर उसका नज़र बैकलेस ब्लाउज में उसकी गोरी चिकनी पीठ पर गया. वह अनीता को तब तक देखते रहा जब तक वह नज़र से ग़ायब नहीं हो गयी.

रात में अनीता राज से बात करने के बाद अपनी कमरे में सीलिंग को देखती हुयी पिछले 3 हफ्ते की घटनाओ के बारे में सोचने लगी. उसकी जिस्म में एक अजीब सी बेचैनी थी खासकर उस आदमी के साथ सफर करने के बाद भीमा को ऐसे उसकी जिस्म को देखते हुए देख.

लगभग 3 हफ्ते पहले जब रामु अनीता की ब्लाउज के ऊपर से चूंकि को मुंह में लेकर चूसा था उसके बाद 2 दिन बीते चुके थे. उसके बाद से अनीता न रामु से मिली थी न हरिया से. शाम में वह गार्डन में पानी देने के लिए नल खोली तो पानी सही से नहीं आ रहा था. रात को राज आया मगर अनीता इस प्रॉब्लम के बारे में उसे बताना ज़रूरी नहीं समझी. उसे पता था की उसे क्या करना है.

अगले दिन जब चंदा आयी तो वह उसके पास जाकर boli,"Chanda वह गार्डन के नल में पानी सही से नहीं आ रहा है. मुझे याद है पिछली बार बाथरूम का पानी नहीं आ रहा था तो रामु जी ठीक कर दिए थे. उनसे एक बार आकर देखने के लिए बोलोगी प्लीज"

चंदा यह सुनकर मुस्कुराकर boli,"Memsaheb प्लीज बोलकर आप मुझे शर्मिंदा कर रही हैं. मैं अभी बापू को फ़ोन कर देती हूँ"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराई तो चंदा फ़ोन करने लगी. अनीता मुस्कुराकर boli,"Theek है तुम बात कर लो. अगर हो सके तो आज hi आने के लिए बोल देना"

अनीता यह बोलकर सोफे पर जाकर बैठ गयी. चंदा फ़ोन पर अनीता के परेशानी के बारे में बताओ तो उधर रामु कुछ पूछा जिसके जवाब में चंदा boli,"Are बापू मेमसाहेब के बोलने पर hi तो आपको फ़ोन कर रही हूँ. आपको यक़ीन नहीं है तो आप बात कर लीजिये मेमसाहेब से"

यह बोलकर चंदा अनीता को फ़ोन देने लगी. अनीता थोड़ी सुरप्रीसेड थी इस बात पर की रामु चंदा के बात पर यक़ीन क्यों नहीं कर रहा है.

वह फ़ोन लेकर boli,"Hello रामु जी"

दूसरे तरफ से आवाज़ aaya,"Namaste मेमसाहेब"

अनीता मुस्कुराकर जवाब di,"Namaste रामु जी. आप कैसे हैं?"

रामु जवाब में bola,"Hum ठीक हूँ मेमसाहेब. आप कइसन हैं?"

अनीता मुस्कुराकर boli,"Main भी ठीक हूँ"

रामु जवाब में bola,"Chaliye अच्छा है मेमसाहेब. वह चंदा बोल रही थी की नल ख़राब है तो आप हुंका बुलाने के लिए बोले ुका"

अनीता मुस्कुराकर boli,"Haan मैंने hi बोलै चंदा को की पिछली बार नल ख़राब हुआ था तो आप ठीक किये थे तो अगर आपके पास टाइम है तो आकर ठीक कर देते. लेकिन आपके पास अगर वक़्त नहीं है तो कोई बात नहीं"

जवाब में रामु bola,"Are नहीं मेमसाहेब ु बात नहीं है. अगर आपको कउनो चीज़ का ज़रूरत है तो हम थोड़ा समय कहे नहीं निकल सकते. हम आते हैं थोड़ी देर में"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर boli,"Theek है" और फ़ोन काट गया.

चंदा चुप चाप सोफे के पास कड़ी थी. अनीता जब उसे वापस फ़ोन दी तो वह puchhi,"Bapu आने के लिए बोले तो?"

अनीता जवाब में मुस्कुराकर boli,"Haan" तो चंदा मुस्कुराकर boli,"Bapu भी न. उनको लग रहा था की आप कोई प्लम्बर के लिए पूछी होंगी और मैं कुछ पैसे कमाने के लिए उनको आने के लिए बोल रही हूँ"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर boli,"Are तो इसमें ग़लत क्या है? कोई भी तो पैसा कामना चाहेगा hi"

चंदा मुस्कुराकर boli,"Are मेमसाहेब बहोत hi अजीब है मेरे बापू"

अनीता जवाब में मुस्कुराकर boli,"Chanda यह क्या बाय हुयी. जैसे भी हैं वह, हैं तो तुम्हारे बापू hi न"

चंदा जवाब में मुस्कुराकर boli,"Haan मेमसाहेब, लेकिन सच में थोड़े अजीब हैं वह हेहेहे"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर अपनी सर हिला दी की तभी उसे किसी का फ़ोन आया और वह बात करने लगी. चंदा काम करने चली गयी"

लगभग आधे घंटे बाद दरवाज़े का बेल्ल बजा तो चंदा जो सीढ़ियों पर झाड़ू लगा रही थी वह उतरने लगी तो अनीता सोफे से उठती हुयी boli,"Tum काम करो चंदा. रामु जी hi होंगे"

चंदा सर हिलाकर काम करना जारी राखी. अनीता दरवाज़े के पीफोले से देखि तो रामु hi था जो गले में लटके गमछे से अपना चेहरे पोंछ रहा था. वह थोड़ा पसीने में भीगा था.

अनीता दरवाज़ा खोली तो वह उसे देखकर bola,"Namaste मेमसाहेब"

अनीता मुस्कुराकर boli,"Namaste रामु जी"

रामु जवाब में bola,"Woh मेमसाहेब कौन सा नल ख़राब है"

अनीता जवाब में boli,"Ramu जी आप तो पसीने से भीगे हुए हैं. आकर पहले दो मिनट बैठ लीजिये"

रामु जवाब में bola,"Are नहीं मेमसाहेब. हुंका फिर काम में जाना है"

अनीता जवाब में boli,"Achha चलिए मैं बता देती हूँ कौन सा नल ठीक करना है"

रामु जवाब में bola,"Theek है मेमसाहेब"

अनीता बाहर निकलकर boli,"Chaliye रामु जी"

अनीता यह बोलकर रामु के बगल से गुज़री तो उसकी नाक में उसके जिस्म से आ रही पसीने और हल्का शराब का गंध घुसी जिसे सूंघते hi अनीता को एक अजीब सा मज़ा मिला. लेकिन वह खुद को संभालती हुयी अपनी गांड मटकती हुयी चलने लगी. रामु उसके पीछे पीछे उसकी मटकती गांड और बैकलेस ब्लाउज में नंगी पीठ को देखते हुए चलने लगा.

हमेशा की तरह अनीता की क्लीवेज भी अच्छी खासी दिख रही थी मगर पिछली घटना के बाद रामु आज जब आया तो कोशिश कर रहा था की अनीता की चूँचियों को न देखे मगर जब अनीता चलने लगी तो उसकी मटकती गांड और नंगी गोरी चिकनी पीठ देखकर उसके अंदर का मर्द फिर से जागने लगा और वह अनीता की जिस्म को देखने लगा.

अनीता घर के बगल में एक नल के पास जाकर boli,"Yeh नल है रामु जी"

रामु यह सुनकर bola,"Theek है मेमसाहेब"

इतने में अनीता को चंदा का आवाज़ aaya,"Memsaheb आपका फ़ोन आया है"

अनीता यह सुनकर रामु को देखकर boli,"Ramu जी आप काम कीजिये मैं आती हूँ. किसी चीज़ की ज़रूरत होगी तो बोलियेगा"

अनीता जाने लगी तो रामु bola,"Memsaheb चंदा को बोलियेगा एक गिलास पानी ला दे"

अनीता जवाब में boli,"Haan ठीक है रामु जी"

अनीता यह बोलकर जाने लगी तो रामु उसकी मटकती गांड और नंगी पीठ देखने लगा.

दो मिनट बाद रामु देखा की अनीता हाथ में एक गिलास लेती हुयी आ रही थी. वह लाकर रामु को देती हुयी boli,"Yeh लीजिये रामु जी"

रामु वह गिलास लेते हुए bola,"Are मेमसाहेब आप कहे तकलीफ की. चंदा के हाथ से भेज देती"

अनीता जवाब में boli,"Are रामु जी इसमें तकलीफ की क्या बात हुयी. आप इतनी दूर से अपना काम छोड़कर मेरी मदद करने आये तो मैं क्या दो कदम चलकर आपके लिए जूस नहीं ला सकती क्या? और ऐसे भी चंदा छत के घर का सफाई कर रही है तो उसे नीचे बुलाने से अच्छा है की मैं खुद hi ले आऊं"

रामु जवाब में मुस्कुराते हुए bola,"Are मेमसाहेब जूस का का ज़रूरत था. पानी hi ठीक था"

अनीता जवाब में boli,"Offo रामु जी मेरी मदद करने के लिए इतनी गर्मी में आये हैं आप. देखिये पूरा पसीना से भीगे हुए हैं आप. आपको पानी की नहीं जूस की ज़रूरत है"

रामु यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"Sach में मेमसाहेब आप कटनी अच्छी है. काटना ख्याल है आपका हमरा"

अनीता मुस्कुराकर boli,"Aapko भी तो मेरा कितना ख्याल है, मेमसाहेब को ज़रूरत पड़ते hi आप आ गए"

रामु यह सुनकर मुस्कुराया तो अनीता boli,"Lekin यह बताइये की जब चंदा आपको आने के लिए बोली तो आपको यक़ीन क्यों नहीं हुआ?"

रामु यह सुनकर अनीता को देखते हुए bola,"Are मेमसाहेब हुंका लगा की आप कउनो प्लम्बर को बुलाने के लिए बोली होगी"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Lekin जब आप खुद यह काम कर लेते हैं तो मैं किसी प्लम्बर को क्यों बुलाऊंगी? हाँ वह अलग बात है की आपको मेरी काम करने का मैं नहीं हो तब मैं बोल सकती हूँ की किसी और से आप काम करवा दीजिये"

रामु यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"Are मेमसाहेब कइसन बात करात हैं आप. हम कहे नहीं करूँगा आपका काम"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर उसे देखि तो रामु उसकी जिस्म को देखने लगा. उसे अब थोड़ा राहत था की पिछली बार जो हुआ उसके कारण अनीता उससे नाराज़ नहीं है और राहत के साथ थोड़ा हिम्मत भी मिलने लगा उसे जिसके कारण वह अनीता की जिस्म को थोड़ा खुलकर देखने लगा, खासकर उसकी बड़ी बड़ी चूँचियों को.

अनीता उसे देखती हुयी boli,"Ramu जी सिर्फ देखेंगे या पिएंगे भी?"

अनीता की बात सुनकर रामु उसकी चूँचियों से नज़र हटाकर उसकी चेहरे पर देखा तो अनीता मुस्कुराकर आँखों से उसके हाथ में जूस के गिलास के तरफ इशारा करती हुयी boli,"Juice"

रामु यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"Haan मेमसाहेब पीते हैं"

फिर वह अनीता की चूँचियों के तरफ देखते हुए bola,"Aap इतनी प्यार से पीला रही हैं तो कहे नहीं पिएंगे हम"

अनीता उसे अपनी चूँचियों के तरफ देखते हुए देख बेशर्मी से मुस्कुराकर boli,"To पी लीजिये न. इतने प्यासे हैं आप. पीकर प्यास बुझा लीजिये"

रामु यह सुनकर अनीता की आँखों में देखा तो अनीता उसे देखके गिलास के तरफ आँखों से इशारा की.

रामु यह सुनकर मुस्कुराया तो अनीता भी मुस्कुरा दी. रामु अगले पल अनीता की चूँचियों के तरफ देखते हुए जूस पीने लगा और एक घूंट में hi पूरा जूस पी गया.

अनीता यह देखकर बेशर्मी से boli,"Lag रहा है बहोत प्यासे हैं आप रामु जी"

रामु यह सुनकर अनीता की चूँचियों को देखते हुए bola,"Haan मेमसाहेब"

अनीता यह सुनकर उसके हाथ से गिलास लेती हुयी boli,"Aur पिएंगे क्या?"

रामु यह सुनकर bola,"Nahin मेमसाहेब, अभी रहने दीजिये"

अनीता यह सुनकर मुस्कुरा दी और फिर एक नज़र दरवाज़े के तरफ देखती हुयी boli,"Achha आप काम कीजिये मैं चलती हूँ. जाते वक़्त पैसा लेते हुए जाइएगा"

रामु यह सुनकर अनीता को देखकर bola,"Are मेमसाहेब इतना काम के लिए पैसा का का ज़रूरत है"

अनीता यह सुनकर नाराज़गी दिखती हुयी boli,"Are ज़रूरत कैसे नहीं है. आप काम छोड़कर मेरी मदद करने आये एहि मेरे लिए बहोत है. वर्ण हरिया जी का तबियत ख़राब होने के बाद तो मैं सोच में पद गयी थी की कोई काम होने पर मैं किस्से कहूँगी"

रामु यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"Are मेमसाहेब कुछो काम होगा आप बेझिझक हुंका बोलियेगा. और फिर हरिया जब ठीक हो जायेगा तो वह तो रहेगा hi आपकी मदद करने के लिए. जब जिसको समय मिलेगा ु आ जायेगा"

अनिते यह सुनकर मुस्कुराकर boli,"Haan. आप दोनों के होने से सच में मुझे किसी चीज़ की अब चिंता नहीं होती है"

रामु यह सुनकर bola,"Haan मेमसाहेब आप कुछ हो का चिंता मत कीजियेगा. हम और हरिया मिलकर आपका जो भी काम होगा कर दूंगा"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर puchhi,"Achha हरिया जी कैसे हैं? उनका मोबाइल भी नहीं है की बात करके उनका खबर पूछ सकू मैं. एक्सीडेंट में तो मोबाइल भी टूट गया उनका. दूसरा मोबाइल लिए या नहीं वह?"

रामु यह सुनकर bola,"Haan ु ठीक है. दूसरा मोबाइल का जुगाड़ लगा रहे हैं. ु इलाज में खर्चा हो रहा है तो नया मोबाइल तो खरीद नहीं सकता तो पुराण मोबाइल का जुगाड़ लगा रहे हैं"

अनीता यह सुनकर boli,"Agar मैं कोई मदद कर सकती हूँ तो बताइयेगा"

रामु यह सुनकर bola,"Are नहीं मेमसाहेब आप हॉस्पिटल के टाइम ऐसे hi मदद किये थे. मोबाइल का इंतज़ाम हो जायेगा"

अनीता जानती थी की रामु और हरिया ग़रीब ज़रूर थे मगर ईमानदार और खुद्दार थे तो वह इस बारे में और बोलना सही नहीं समझी.

वह रामु का बात सुनकर मुस्कुराकर boli,"Theek है. अच्छा आप काम कीजिये मैं चलती हूँ. नहीं तो मैं बात करती रहूंगी और इस चक्कर में आपको लेट हो जायेगा हेहेहे"

रामु अनीता को खिलखिलाते देख हल्का मुस्कुरा दिया. अनीता को ऐसे खिलखिलाते देख उसको अच्छा लगा. इतनी पढ़ी लिखी अमीर और हीरोइन जैसी खूबसूरत औरत को इतना अच्छे से बात करते हुए देख उसे अच्छा लग रहा था. हालाँकि मर्द होने के कारण और अनीता को ऐसे खुलकर बात करने से उसके अंदर भी अनीता की जिस्म के लिए धीरे धीरे हवस बढ़ने लगा था मगर इसके बावजूद अनीता का यूँ अच्छे से पेश आने के कारण उसके दिल में अनीता के लिए इज़्ज़त भी थी.

अनीता मुस्कुराती हुयी वहां से गांड मटकती हुयी जाने लगी और रामु उसकी मटकती गांड और नंगी गोरी चिकनी पीठ देखने लगा.

थोड़ी देर बाद दरवाज़े पर आवाज़ aaya,"Memsaheb नल ठीक हो गवा"

अनीता सोफे पर बैठी फैशन मैगज़ीन पढ़ रही थी और दरवाज़ा खोलकर राखी थी ताकि रामु आवाज़ दे या कोई बात हो तो वह आ सके. और ऐसे भी रामु के बाहर काम करते वक़्त यूँ दरवाज़ा बांध करना उसे ठीक नहीं लगा. उसे लगा की यह दिस्रेसपेक्टफुल होगा तो वह दरवाज़ा खुला hi छोड़ दी थी.

रामु का आवाज़ सुनकर अनीता दरवाज़े के तरफ देखि और उठकर boli,"Are रामु जी वहां खड़े क्यों है, अंदर आइये न"

रामु यह सुनकर bola,"Are नहीं मेमसाहेब हुंका जाना है, वह दूकान से फ़ोन आ गवा है. हम नल बना दिया हूँ, आप देख लीजिये"

अनीता यह सुनकर boli,"Isme देखने की क्या बात है. आप जब बोल रहे हैं तो ठीक कर hi दिए होंगे. आप रुकिए मैं पैसे लेकर आती हूँ"

अनीता यह बोलकर एक कदम बधाई hi थी की रामु bola,"Are नहीं मेमसाहेब फिर कभी दे दीजियेगा. अभी हुंका जल्दी जाना है"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर boli,"Achha ठीक hai"aur यह बोलकर वह दरवाज़े के तरफ गयी तो रामु एक नज़र उसकी चूँचियों को देखकर bola,"Humka पिलाने के लिए धन्यवाद मेमसाहेब".

अनीता यह सुनकर दरवाज़े के तरफ जाती हुयी boli,"Isme शुक्रिया की क्या बात है रामु जी. आप प्यासे हैं तो पिलाना तो होगा. आपको पीकर अच्छा लगा तो?"

रामु यह सुनकर उसकी चूँचियों को देखकर bola,"Haan मेमसाहेब आप पिलायेंगी तो हुंका कैसे अच्छा नहीं लगेगा"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराई तो रामु एक नज़र उसकी चूँचियों को देखा तभी चंदा ऊपर से नीचे आने लगी. यह महसूस करके अनीता एक नज़र सीढ़ियों के तरफ देखि तो रामु समझ गया तो वह bola,"Hum चालत है मेमसाहेब "

अनीता मुस्कुराकर सर हिलायी तो वह घूमकर चला गया. अनीता उसको जाते देखि और फिर दरवाज़ा बांध कर दी.

उसके 3 दिन बाद रामु को चंदा को कुछ देना था तो वह अनीता के घर आकर दे दिया. अनीता उसे बैठने के लिए बोली तो वह 5 मिनट के लिए सीढ़ियों पर बैठ गया. चंदा दूसरे कमरे का बाथरूम का सफाई कर रही थी. अनीता रामु को पीने के लिए जूस दी और फिर दोनों सीढ़ियों के पास hi 5 मिनट बात चित किये. रामु का नज़र अनीता की चूँचियों और नंगी पतली चिकनी कमर पर चला जा रहा था.

अनीता रामु के नज़र को ऐसे अपनी जिस्म पर पड़ने से बुरा नहीं मान रही थी. रामु भी अब थोड़ा निश्चिंत हो चूका था. उस दिन सुबह में जिस तरह से वह नींद में अनीता की चूंकि ब्लाउज के ऊपर से पकड़ कर उसकी गांड में साड़ी के ऊपर से hi अपना धोती में कैद लुंड घुसाए जा रहा था और फिर उसे घर लाने के बाद अचानक से उसकी ब्लाउज के ऊपर से चूंकि मुंह में ले लिया था, यह सब होने के बावजूद अनीता को ऐसे नार्मल तरीके से उससे बात करते देख, उसका यूँ अच्छे से पेश आना, उसे जूस पिलाना रामु को अच्छा लगने लगा था.

उसे यक़ीन हो चूका था की अनीता को इन सब चीज़ो से फ़र्क़ नहीं पड़ता था. उसे लग रहा था की अनीता बड़े शहर की अमीर घर की औरत है जिसके कारण से वह खुले विचार की है. और ऐसे भी वो कॉलेज से लेकर कॉलेज तक लड़को और मर्दो के साथ घूमना फिरना की होगी तो उसके लिए मर्द और औरत के साथ बात चित करना एक hi जैसा होगा. इसलिए अनीता उसके और हरिया के साथ बात चित करना या अनजाने में कुछ हो जाने का बुरा नहीं मानती है.

अनीता का यूँ खुला विचार और खुल कर बेझिजक उससे बात करना और वह भी कभी कभी उसे अपनी चूँचियों पर देखते हुए मुस्कुराकर प्यास और पीने का बात करना रामु को अच्छा लगने लगा था. रामु भी समझ चूका था की अनीता खुले विचार की है इसलिए खुल कर बात करती थी और किसी चीज़ का बुरा नहीं मानती थी.

रामु को राहत मिला था की उन् घटनाओं के बावजूद अनीता किसी चीज़ का बुरा नहीं मानी और अब वह भी धीरे धीरे खुलने लगा था.

एक मर्द होने के नाते उसे अनीता की जिस्म देखना और उसका बुरा न मानना अच्छा तो लगता था लेकिन इसके बावजूद उसके मैं में अनीता के लिए इज़्ज़त थी क्यूंकि वह जानता था की अनीता दिल की भी बहोत अच्छी है. वह कई बार अपनी बेटी से अनीता की अच्छे के बारे में सुन्न चूका था की कैसे वह उसे नौकर के तरह वर्ताव नहीं करती है बल्कि उसे इज़्ज़त के साथ अपने घर पर काम करने के लिए राखी थी.

वहीँ अनीता तो बेशर्म औरत थी hi. उसे रामु का यूँ उसकी जिस्म को देखना बुरा नहीं लगता था. वह जानती थी की वह जवान और खूबसूरत है तो रामु या हरिया जैसे मर्द को उसकी जिस्म को देखने का मैं करेगा hi. खासकर वह तो रामु का लुंड देख चुकी थी और अपनी गांड की दरार में कपडे के ऊपर से hi सही मगर महसूस तो कर hi चुकी थी, तो उसे एहसास था की रामु भी मर्दानगी में हरिया से काम नहीं है ऐसे में हरिया के जैसे रामु को भी तो उसके जैसी जवान और खूबसूरत औरत का जिस्म देखने का मैं करेगा. इसलिए अनीता को रामु का यूँ उसकी जिस्म देखने से कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता था और वह नार्मल रहती थी.

जाने से पहले रामु अनीता को देखा और थोड़ा झिझकते हुए puchha,"memsaheb वह आप बुरा न माने तो स्टोर रूम से कुछ पुराने मैगजीन ले ले हम? वह हरिया का मोबाइल टूट गवाह है तो अकेले बिस्तर पर पड़े ुका मैं नहीं लगता है"

अनीता यह सुनकर boli,"Isme बुरा मानने की क्या बात है रामु जी. वहां स्टोर रूम में पड़े होने से अच्छा है की कोई काम आये. जो भी मैगज़ीन चाहिए वह ले लीजिये".

रामु यह सुनकर स्टोर रूम में गया और कुछ मैगजीन्स लेकर चला गया.

अगले मंडे शाम के 5 बजे के आस पास अनीता बाजार गयी और 5:30 बजे के आस पास वापस आने के लिए ऑटो स्टैंड के तरफ जाने लगी तो उसे रामु दिख गया. रामु भी उसे देखा और उसके पास आकर bola,"Are मेमसाहेब आप, ी वक़त इहाँ?"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर boli,"Haan एक काम से आयी थी, अब जा रही थी तो आप दिख गए. आप बताइये"

रामु यह सुनकर bola,"Hum हरिया के घर जा रहा हूँ. ु हम कल बोले थे न की मोबाइल का इंतज़ाम कर रहे हैं. ु मिल गवा तो सोचे जाकर दे दे हम"

अनीता यह सुनकर boli,"Achha तो आप हरिया जी के पास जा रहे हैं?"

रामु यह सुनकर "हाँ" में सर हिलाते हुए bola,"Haan मेमसाहेब"

अनीता यह सुनकर boli,"Agar आपको ऐतराज़ न हो तो मैं भी साथ चालू?"

रामु यह सुनकर bola,"Are मेमसाहेब हुंका ऐतराज़ कहे होगा. ी तो आपका बढ़प्पन है की आप हमलोगां का ग़रीबख़ाने में जाने के लिए बोल रहे हैं"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Offo अब आप भी हरिया के जैसा शुरू हो गए अमीरी ग़रीबी का बात करने"

रामु यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"Are मेमसाहेब का करे, अब जो है सो है. खैर आप चलिएगा तो रिक्क्षा लेकर आना होगा. आप उधर रुकिए हम रिक्क्षा लेकर आता हूँ"

अनीता यह सुनकर boli,"Ramu जी मेरे साथ चलने से आपको परेशानी तो नहीं हो रही है. रिक्शा दूर है तो रहने दीजिये"

रामु यह सुनकर bola,"Are नहीं मेमसाहेब हम रिक्क्षा पास में hi रखता हूँ, ताकि ज़रूरत पड़ने पर इस्तेमाल कर सके. ु सामने वाला गली में रखे हैं"

अनीता यह सुनकर boli,"To चलिए मैं भी साथ में चलती हूँ"

रामु यह सुनकर bola,"Theek है मेमसाहेब चलिए"

अनीता यह सुनकर गांड मटकती हुयी उस गली में गयी. रिक्शा के पास पहुँचने पर अनीता चढ़ने लगी तो रामु उसके तरफ बाय हाथ बढ़ाते हुए bola,"Araam से मेमसाहेब"

अनीता उसका बाय हाथ को अपनी बायीं हाथ से पकड़ कर चढ़ने लगी तो रामु दया हाथ हल्का सा उसकी गांड पर रखकर bola,"Araam से मेमसाहेब"

अनीता कुछ नहीं बोली और सीट पर बैठ कर मुस्कुराकर उसे देखती हुयी boli,"Thank यू रामु जी. रिक्शा पर बैठना तो अभी भी मेरे लिए मुश्किल hi होता है. वह बहोत hi काम बैठी हूँ तो आदत नहीं है"

रामु यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"Are कउनो बात नहीं मेमसाहेब. हम जानत हूँ की आपको गाडी में बैठने का आदत है तो रिक्क्षा में बैठना मुश्किल तो होगा hi. लेकिन हम हूँ तो फिर चिंता कहे का"

अनीता मुस्कुराकर boli,"Haan रामु जी"

रामु अनीता के साथ अब कम्फर्टेबले फील करता था क्यूंकि पिछली घटनाओ के बावजूद जहाँ वह नींद में hi सही मगर उसके साथ चिपक कर जैसे उसकी चूँचियों को ब्लाउज के ऊपर से पकड़ कर उसकी गांड में लुंड घुसा रहा था और फिर घर पहुंचकर जैसे उसकी चूँचियों को ब्लाउज के ऊपर से मुंह में लेकर चूसा था उसके बावजूद अनीता नाराज़ नहीं थी. एहि कारण था की आज वह बेझिजक अनीता की गांड पर हाथ रखकर उसे बैठने में मदद किया और अनीता को यूँ मुस्कुराते हुए उसे "थैंक यू" कहना उसे और हिम्मत दिया.

रामु फिर सीट पर बैठ गया और सामने का आइना एडजस्ट ऐसे किया जिससे अनीता की चूँचियाँ और चेहरा दोनों दिखे. अनीता यह देखि मगर कोई ऐतराज़ नहीं की बल्कि जब एडजस्ट करते हुए रामु उसे देखा तो वह मुस्कुरा दी. रामु भी मुस्कुराते हुए उसकी चूँचियों को देखा और रिक्शा चलने लगा.
 
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अपडेट 119

जब अनीता रामु के साथ हरिया के घर पहुंची तो रामु उतारते हुए bola,"Ek मिनट मेमसाहेब हम मदद करते हैं उतरने में".

अनीता यह सुनकर उसे देखकर रुकी और जब रामु पीछे सीट के पास आया तो bola,"Araam से उतरिये मेमसाहेब"

अनीता यह सुनकर उतारते हुए अपनी दायी हाथ रिक्शा के सीट पर और बायीं हाथ रिक्शा के साइड के रोड पर रखने लगी तो रामु अपना हाथ बढ़ाया. रामु को हाथ बढ़ाते देख अनीता बेझिजक अपनी बायीं हाथ रोड से हटाकर रामु का दया हाथ पकड़ ली और उतर गयी.

उतारते वक़्त वह थोड़ा झुकी तो उसकी छोटी ब्लाउज में कैद उसकी बड़ी बड़ी चूँचियाँ जिसकी क्लीवेज अच्छा खासा दिख रही थी वह और दिखने लगी. रामु का ध्यान अनीता किसी क्लीवेज पर चला गया.

अनीता उतारकर सीधे कड़ी होकर रामु को देखती हुयी boli,"Thank यू रामु जी".

अनीता देख चुकी थी की रामु उसकी चूँचियों को गहराई देख रहा था मगर उसे न hi बुरा लगा न hi शर्म आयी बल्कि रामु जब उसकी बात सुनकर नज़र उसकी क्लीवेज से हटाकर उसे देखा तो वह बेशर्मी की साबुत देती हुयी मुस्कुरा दी.

रामु अनीता को मुस्कुराते देख खुद भी हल्का मुस्कुरा कर bola,"Are मेमसाहेब ी तो हमार फ़राज़ है. आपको उतरने में मुश्किल होती है तो आपका मदद करना हमार फ़र्ज़ है"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर boli,"Bahot ख्याल है आपको मेमसाहेब की परेशानी का है न?"

रामु यह सुनकर हल्का मुस्कुराकर bola,"Memsaheb आप भी तो हम ग़रीब लोगन का कितना ख्याल रखती हैं"

अनीता यह सुनकर एक ऐडा से उसे देखती हुयी मुस्कुराकर boli,"Offo रामु जी फिर से यह अमीर ग़रीब की बात"

रामु यह सुनकर मुस्कुराया तो अनीता एक ऐडा से boli,"Ab छोड़िये इन सब बातों को और चलिए".

अनीता यह बोलकर गांड मटकती हुयी चलने लगी और रामु पीछे से उसकी मटकती गांड और बैकलेस ब्लाउज में अधनंगी गोरी चिकनी पीठ देखते हुए चलने लगा.

दोनों हरिया के घर में घुसे तो देखे की हरिया कोई मैगज़ीन देख रहा है. मैगज़ीन के कवर पर एक औरत थी जिसकी एक चूंकि नंगी थी और एक मर्द के मुंह में थी. रामु यह देख कर एक पल के लिए चौंक गया मगर तभी हरिया का नज़र उन पर पड़ा और वह मैगज़ीन बिस्तर के साइड में रख दिया. रामु एक नज़र अनीता को देखा जिसकी चेहरे पर नार्मल भाव थी. सब कुछ इतना जल्दी हुआ की रामु को समझ नहीं आया की अनीता उस मैगज़ीन को देखि या नहीं देखि.

रामु को याद आया की यह वही मैगज़ीन थी जो अनीता की स्टोर रूम में थी जिसे एक शेल्फ के नीचे रखा गया था. हरिया वह मैगज़ीन शेल्फ पर पहले hi देख चूका था जब वह सफाई करने शुरू में गया था. रामु हरिया के कहने पर पिछली बार जब अनीता के घर गया था तो वह मैगजीन्स लेकर आया था. वह उस मैगजीन्स को शेल्फ के नीचे से हटाकर शेल्फ के नीचे दूसरा मैगज़ीन रखकर वह एडल्ट मैगजीन्स ले आया था क्यूंकि एक्सीडेंट के बाद बिना मोबाइल के हरिया बोर हो रहा था तो वह रामु को वही मैगजीन्स लाने बोलै था.

अनीता को देखकर हरिया मैगज़ीन साइड में रखते हुए bola,"Are मेमसाहेब आप?"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर अंदर जाती हुयी boli,"Haan हरिया जी मैं".

हरिया यह सुनकर bola,"Aaiye मेमसाहेब" और यह बोलकर वह उठने का कोशिश करने लगा तो अनीता उसके पास जाकर boli,"Hariya जी आप आराम से सोये रहिये, आपको आराम की ज़रूरत है अभी".

हरिया तब तक अपने एल्बो के बल तब तक थोड़ा उठ चूका था और वह कुर्सी के तरफ इशारा करते हुए bola,"Aaiye बैठिये मेमसाहेब"

अनीता यह सुनकर उसके पास जाकर बिस्तर पर hi उसके कंधे के पास बैठती हुयी उसके कंधे पर हाथ रखती हुयी boli,"theek है, लीजिये मैं बैठ गयी मगर आप आराम कीजिये. वापस सो जाइये"

हरिया यह सुनकर अनीता को एक नज़र देखा और फिर बेझिजक एक नज़र उसकी चूंकि को देखकर bola,"Theek है मेमसाहेब" और यह बोलकर वह बिस्तर पर लेटने लगा तो अनीता उसे मदद की.

अनीता जब उसका मदद कर रही थी तब हरिया उसकी क्लीवेज को देखने लगा. हरिया को ऐसे अपनी क्लीवेज को देखते महसूस करके अनीता की बदन में एक सनसनी महसूस हुयी और एक अजीब सा मज़ा मिला. उसकी चेहरे पर एक पल के लिए गर्व की भावना आ गई. भले hi रामु को समझ नहीं आया था मगर अनीता देख चुकी थी की हरिया कैसा मैगज़ीन देख रहा था.

अनीता उसके बगल में बैठकर puchhi,"Aur बताइये तबियत कैसी है आपकी. पेअर पहले से ठीक है तो?"

हरिया यह सुनकर bola,"Haan मेमसाहेब. हल्का हल्का हिल सकत है अब"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर boli,"Chaliye अच्छी बात है. जल्द से जल्द ठीक हो जाइये"

इस नीच रामु फलो का थैला बीएड के पीछे रखे टेबल पर रखने लगा तो हरिया लेट कर वह थैला देखकर bola,"Are मेमसाहेब ीका का ज़रूरत था"

अनीता यह सुनकर boli,"Zarurat कैसे नहीं है हरिया जी. मैं यहाँ आपको देखने ऐसे hi आ जाती क्या?"

हरिया यह सुनकर अनीता की नंगी कमर पर हाथ रखकर उसे सहलाते हुए bola,"Katna ख्याल है आपको हम ग़रीब का"

अनीता यह सुनकर नाराज़गी से boli,"Hariya जी आप फिर शुरू हो गए अमीर ग़रीब की बात करने".

फिर वह रामु को देखती हुयी boli,"Ramu जी का भी यही बात है, जब देखो अमीर ग़रीब की बातें"

रामु यह सुनकर अनीता को देखकर मुस्कुराया तो अनीता मुस्कुराती हुयी वैसे hi नाराज़गी से boli,"Pata नहीं यह सब कब बांध करेंगे आप दोनों. मैं तो आप दोनों को देख कर यह सोचती हूँ की आखिर कोई तो है जिन्हे मैं इस नए शहर में अपना कह सकती हूँ, जो ज़रूरत पड़ने पर मेरी हर तरीके से मदद कर सकते हैं, लेकिन आप दोनों हैं की बस अमीर ग़रीब की बातें करते रहते हैं, जैसे अमीरी ग़रीबी एक दीवार है"

हरिया यह सुनकर अनीता को देखकर मुस्कुराया और उसकी कमर को भींचते हुए थोड़ा अपने तरफ खींचते हुए उसकी चूँचियों को देखते हुए bola,"Are मेमसाहेब हम तो आपकी मदद करने के लिए हैं hi. आप हमरी मेमसाहेब है तो आपका ख्याल रखना मदद करना तो हमरा फ़र्ज़ है"

हरिया द्वारा अपने करीब खींचने पर अनीता थोड़ा सा और खिसक के उसके करीब हो गयी, लेकिन उसकी पेअर अभी भी बिस्तर से नीचे लटक रही थी. उसकी चेहरे पर ज़रा सा भी शर्म नहीं थी की हरिया उसकी कमर पर रामु के सामने hi हाथ फेर रहा था.

हरिया यह बोलने के बाद रामु को देखकर bola,"Kyun रामु?"

रामु जो टेबल के पास खड़ा था वह भी bola,"Haan मेमसाहेब मदद के लिए तो हम लोग हमेशा हैं आपके लिए, बस बोलकर देखिये तो"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी एक ऐडा से अपनी बाल को कान के पीछे करती हुयी मुस्कुरा कर देख कर boli,"to फिर आप लोग यह अमीरी ग़रीबी का बात छोड़िये? आप लोग जैसे भी हैं, ठीक है और मुझे ख़ुशी है की आप दोनों जैसे मर्द हैं मेरी हर तरीके से मदद करने के लिए"

हरिया यह सुनकर अनीता की कमर सहलाते हुए मुस्कुराकर bola,"Are मेमसाहेब हुंका भी ख़ुशी मिलता है आपका मदद करके."

अनीता यह सुनकर मुस्कुराई तो रामु भी bola,"Haan मेमसाहेब. हुंका भी आपका मदद करके अच्छा लगता है"

अनीता रामु को देखती हुयी मुस्कुराकर boli,"Ramu जी आप खड़े क्यों हैं बैठिये तो"

रामु यह सुनकर बीएड के बगल में रखे कुर्सी पर बैठ जाता है तब हरिया अनीता की कमर सहलाते हुए bola,"Aur ख़ुशी कहे नहीं मिलेगा, आप भी तो हमलोगां का ख्याल रखती है और हमरे मदद का कदर करती हैं"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी हरिया को देखकर boli,"Kadar क्यों नहीं करुँगी हरिया जी, जब भी ज़रूरत पड़ती है आप दोनों मेरी मदद करते हैं. तो मेरा भी फ़र्ज़ हुआ न आप दोनों का ख्याल रखना. तो बताइये फल की ज़रूरत है या नहीं ताकि आप जल्द से जल्द ठीक हो जाये और जब भी ज़रूरत पड़े आप अच्छे से मेरी मदद कर पाए"

हरिया यह सुनकर उसकी कमर सहलाते हुए bola,"U तो करेंगे hi मेमसाहेब, ठीक होने के बाद आपकी बहोत अच्छे तरीके से मदद करेंगे"

अनीता यह सुनकर बेशर्मी से मुस्कुरा दी. हरिया अनीता को देखा तो अनीता उसका हाथ जो उसकी कमर पर थी उसे पकड़ कर boli,"Are यह क्या हरिया जी, आपको तो शायद बुखार है. बातों में तो ध्यान hi नहीं आया की आपका हाथ कितना गरम है"

हरिया यह सुनकर bola,"Are कुछो नहीं हुआ मेमसाहेब. बस थोड़ा सा गरम है"

अनीता यह सुनकर हरिया के सर पर हाथ रखकर चेक करके boli,"Thoda सा नहीं बहोत गरम है. कोई थर्मामीटर है क्या?"

हरिया यह सुनकर bola,"Are नहीं मेमसाहेब ु तो नहीं है. आप कहे परेशां हो रही है. ठीक हो जायेगा"

अनीता यह सुनकर boli,"Aap तो अपना ख्याल hi नहीं रखते हैं हरिया जी और होगा भी तो बताएँगे नहीं"

फिर वह रामु को देखकर puchhi,"Ramu जी आपको पता है थर्मामीटर है या नहीं?"

रामु अनीता को जिस्म देखने में लगा हुआ था. उसकी गोरी चिकनी पीठ, उसकी नंगी कमर, कमर पर हरिया का हाथ और उसकी क्लीवेज.

रामु यह सुनकर अनीता को देखा तो पाया की वह उसे hi देख रही है और उसे अपनी जिस्म को देखते हुए देख ली थी मगर उसकी चेहरे पर नार्मल भाव hi थी. किसी तरह की कोई आपत्ति या झिझक नहीं थी अनीता की चेहरे पर. रामु के अंदर भी थोड़ी झिझक ख़तम हो चुकी थी और वह भी नार्मल भाव से अनीता की चेहरे पर देखते हुए bola,"Are नहीं मेमसाहेब ु तो नहीं है"

फिर वह हरिया के तरफ देखा तो पाया की हरिया अनीता की कमर सहलाते हुए उसकी चूँचियों और पेट को देख रहा था. रामु को यह भी अब नार्मल hi लगने लगा था क्यूंकि अनीता को उसमे भी कोई आपत्ति नहीं थी और हरिया को कुछ बोल नहीं रही थी.

रामु हरिया को देखते हुए उससे puchha,"Nahin है तो?"

हरिया यह सुनकर रामु को देखकर bola,"Nahin है"

फिर वह अनीता को देखते हुए bola,"Are मेमसाहेब ठीक हो जायेगा, आप चिंता मत कीजिये"

फिर वह रामु को देखकर bola,"Are ससुरा तुम हमार मोबाइल कब देगा?"

रामु यह सुनकर तुरंत अपने पॉकेट में हाथ लगते हुए bola,"Are हाँ हम डेट हूँ"

वह निकाल कर एक सेकंड हैंड फ़ोन हरिया को दिया. हरिया दया हाथ से अभी भी अनीता की कमर सेहला रहा था तो वह रामु से bola,"Are ससुरा थोड़ा सिम लगाने में मदद करो तो. ु टेबल पर सिम है, लेकर लगा दो"

अनीता चुप चाप यह देख रही थी. रामु सिम कार्ड उठाकर मोबाइल को देखकर bola,"Kauno पिन है? ी खोलना पड़ेगा सिम डालने के लिए"

हरिया यह सुनकर bola,"Are ससुरा तो मोबाइल लिए तो पिन लेकर कहे नहीं आये तुम? मोबाइल ले लिए और पिन छोड़ दिए"

रामु यह सुनकर bola,"Are हुंका का पता था की तोहरे पास पिन नहीं है. हमरा ध्यान मोबाइल पर था की मोबाइल मिल रहा है तो ले लिए"

अनीता यह सुनकर boli,"Rukiye मेरी बैग में सेफ्टी पिन होगी, मैं देती हूँ."

अनीता यह बोलकर बिस्तर के पास रखे टेबल से अपना बैग उठाकर उसमे खोलकर देखि तो पिन नहीं था.

अनीता बैग से हाथ निकलती हुयी boli,"Pin भी ख़तम हो गयी. एक भी पिन नहीं है. इसे भी आज hi ख़तम होना था"

हरिया उसकी कमर सहलाते हुए bola,"Are कउनो बात नहीं मेमसाहेब. रामु जब बाजार जायेगा तो ले आएगा"

अनीता यह सुनकर जवाब में boli,"Nahin हरिया जी जब मोबाइल आ hi गयी है तो चेक कर लीजिये. कुछ गड़बड़ होगी तो रामु जी बाजार जायेंगे तो वापस कर देंगे. एक सेकंड"

अनीता अगले पल अपनी कंधे पर साड़ी को पकडे रखने के लिए जो पिन लगी थी उधर हाथ लेजाकर पिन निकल देती है और ऐसा करते hi उसकी पल्लू नीचे बिस्तर पर गिर गयी.

रामु और हरिया दोनों का नज़र अनीता की ब्लाउज कप पर चला गया जिसके अंदर उसकी बड़ी बड़ी दोनों चूँचियाँ थी. उस छोटे ब्लाउज कप में अनीता की चूँचियाँ एक चौथाई बाहर hi थी और अच्छी खासी क्लीवेज दिख रही थी. एक जवान, बेहद खूबसूरत औरत, जिसकी चूँचियाँ बड़ी बड़ी हो अगर वह बिना पल्लू के छोटा ब्लाउज में बैठी हो और उसकी अच्छी खासी क्लीवेज दिखाई दे तो कौन सा मर्द उसकी चूँचियों को नहीं देखेगा.

रामु और हरिया के साथ भी वही हुआ की उनका नज़र सीधा अनीता की चूँचियों पर चला गया और उनका लुंड बौखलाने लगा.

वहीँ अनीता अपनी पल्लू की परवाह किये बिना hi वह पिन को रामु को देने के लिए हाथ बधाई तो देखि की रामु का नज़र उसकी चूँचियों पर है. अनीता को इस पर न hi शर्म आई, न hi कोई ऐतराज़ हुआ. वह अपनी पल्लू उठाकर कन्धा पर रखने का कोशिश भी नहीं की और वैसे hi बैठी हुयी रामु को पिन देती हुयी boli,"Ramu जी यह लीजिये इससे खोलकर देखिये"

रामु अनीता की आवाज़ सुनकर उसकी चेहरे पर देखा तो अनीता बेशर्मी से मुस्कुरा कर उसे पिन देने लगी. अनीता को मुस्कुराते देख रामु भी मुस्कुराते हुए अनीता की हाथ से पिन ले लिया और लेकर वापस नज़र अनीता की ब्लाउज कप पर ले गया.

वहीँ हरिया अनीता की कमर पर हाथ फेरते हुए उसकी चूँचियों को देखने में लगा हुआ था और जब अनीता पिन रामु को दी तो हरिया अनीता को देखते हुए bola,"Are मेमसाहेब आपको परेशां होने की ज़रूरत का था, बाद में खोलकर देख लेते हम"

हरिया यह बोलकर उसकी ब्लाउज कप पर नज़र ले गया तो अनीता उसे देखि की कैसे वह उसकी ब्लाउज कप पाए देख रहा है और फिर एक नज़र रामु को भी देखि और पायी की वह भी अभी भी उसकी ब्लाउज कप को देख रहा है तो अनीता बेशर्मी से मुस्कुराकर हरिया को देखती हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"Hariya जी इसमें परेशान की क्या बात है. भले hi आप लोग बोल नहीं रहे हैं मगर मुझे पता है की आप और रामु जी इसे खोलकर देखना चाहते हैं. तो जब आप दोनों को खोलकर देखना hi है तोह खोलने में देरी किस बात की"

हरिया अनीता की कमर सहलाते हुए उसकी ब्लाउज कप को देखते हुए bola,"Haan मेमसाहेब जब अभी खोलकर देख सकते हैं तो फिर बाद का इंतज़ार कहे करे. अच्छा हुआ की आप खोल दी ताकि हम देख सके"

अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी boli,"Haan हरिया जी आप और रामु जी देखना छह रहे थे और उसके लिए पिन खोलना ज़रूरी था ताकि आप दोनों देख सके. अच्छे से देख लीजिये और मोबाइल सेट कर लीजिये"

हरिया मोबाइल की बात सुनकर मुस्कुरा कर अनीता की चेहरे पर देखा तो अनीता मुस्कुराती हुयी अपनी पल्लू उठाकर कंधे पर रखती हुयी हरिया को देखकर boli,"Aapka मोबाइल सेट हो जायेगा उसके बाद मैं पिन वापस लगा लुंगी. इसमें परेशानी की कोई बात नहीं है"

हरिया यह सुनकर मुस्कुराकर अनीता को देखा. अनीता भी मुस्कुराती हुयी उसे देखकर अपनी पल्लू से हाथ हटाई की तभी उसकी चिकनी साड़ी कंधे से फिसल गयी. हरिया का नज़र वापस अनीता की चूँचियों पर चला गया और वह अनीता की चूँचियों को देखते हुए bola,"Haan मेमसाहेब अच्छे से देख लेते हैं जब सामने में खुला हुआ है तो"
 
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