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वो लड़की मैं प्रीति नहीं प्रिय हु?, मैं, सॉरी जी आप दोनों एक जैसे कपडे पहनी हो न इस लिए माय पहचाना नहीं?, प्रिय, स्माइल करते हुए कोई बात नहीं आइये मेरे बगल में बैठ जाइये यहाँ कितनी जगह है इस चेयर पे?, मैं, अरे मैडम हम छोटे लोग है ऐसे आपके बगल में नहीं बैठ सकते?, प्रिय, ये छोटा बड़ा क्या होता है आप इंसान है और माय भी इस लिए इंसानियत के तौर पे आप मेरे बगल में बैठ जाइये, वो मेरा हाँथ पकड़ के अपनी और खींच के बगल के चेयर में बैठा ली वही मैं भी कोई नाटक न करते हुए चेयर पे बैठ गया और प्रिय का कन्धा मेरे साइन से टच हो रहा था इतने सटे हुए थे हम दोनों, वही मैं, प्रिय के थोड़ा आगे हो गया अब प्रिय मेरे से थोड़ा पीछे हो गई और अब मेरा दया हाँथ की कोहनी प्रिय के साइड बड़े चुके पे लगे वह टीशर्ट में थी और जैसे hi मेरी कोहनी उसके
बड़े चुके पे लगे वैसे hi उसके मुँह से हलकी सी आअह्ह्ह ससष्ठ की आवाज़ निकल गई, लेकिन माय कोई रियेक्ट नहीं किया और माय प्रिय को दिखाना छठा था की मेरा हाँथ गलती से टच हुआ था?, इधर मैं, धीरे धीरे अपने कोहनी से उसके बड़े चुके को दबाने लगा वही प्रिय, मेरे ऐसा करने से कुछ बोल hi नहीं रही थी जिससे मेरी हिम्मत बाद सी गई और मैं थोड़ा सा अपने फेस को फेर के प्रिय की और देखा तो प्रिय की आंखे बंद थी और मैं ये देख के बहुत खुस हुआ और अपने दोनों हांथो को बंद दिया और िक के तरफ देखते हुए अपने बंधे हुए एक हाँथ को धीरे से प्रिय की चुकी की और बढ़ा के अपने बड़े हथेली को उसके बड़े चुके के ऊपर रख दिया और प्रिय तुरंत आँख खोल दी वो मेरे पीछे बैठी हुई मेरे हाँथ को देखि और माय बिना डरे उसके बड़े चुकी को उस हाँथ में लेके दबने लगा, उधर
प्रिय, मेरे हाँथ के ऊपर अपने कोमल हाँथ रख के हटने की हलकी कोशिश की उसके हटाने में कोई दम नहीं था वही मैं, उसका हल्का विरोध देख के अब बिना डेरे उसके बड़े एक चुकी खूब तेज तेज मसलने लगा, उसके चुके बहुत hi ठोस थे अपनी जुड़वाँ बहन प्रीति की तरह, जिसकी वजह से मुझे यह पता चल गया की इसके चुके उन छुए है, क्युकी जिस लड़की के चुके किसी ने देब्ये होते है उसके चुके थोड़े सॉफ्ट हो जाते है, लेकिन प्रिय के चुके टीशर्ट के बहार एक दम सेआप में दिख रहे थे उनमे झुकाओ का नमो नीसाण नहीं थे, वो तो सीना तान के खड़े थे, इधर मैं, उसके चुके बड़ा के प्रिय का रिएक्शन जानने के लिए अपनी नज़र थोड़ा पीछे के देख तो प्रिय मेरी आँखों में देखने लगी और मैं इसारे से टॉयलेट की और चलने का ईसार किया ये देख के
प्रिय, अपनी आंख बड़ी करते हुए 'न' में सर हिलाई, इधर मैं अब उसके दूसरे बूब्स को टीशर्ट के ऊपर से मसलने लगा उसकी आँखों में देखते हुए, उधर प्रिय, भी अपने हाँथ मेरे काळा हाँथ के ऊपर रख देती है, लेकिन बोलती कुछ नहीं, अब बोले भी क्या आज पहली बार किसी मर्द ने उसके बड़े चुके को छुआ था, जिसकी वजह से वो शर्म ुर डर की वजह से भौचक्की बानी हुई थी, वही उसका न बोलता देख एक बार फिर से प्रिय जी बस 10 मिनट्स के लिए चलिए आपके साथ कुछ बात करनी है?, प्रिय, शरमाते हुए नहीं मुझे कही नहीं जाना और आप अंदर क्या करोगे वो भी पता है?, मैं, वो कैसे आपको पता है? की मैं अंदर क्या करूँगा, प्रिय, मुझे पता है तो पता है समझे, यह बोल क वो उठी ुर जल्दी स िक के अंदर चली गई?, इधर मैं, बहार hi बैठा रहा,
बड़े चुके पे लगे वैसे hi उसके मुँह से हलकी सी आअह्ह्ह ससष्ठ की आवाज़ निकल गई, लेकिन माय कोई रियेक्ट नहीं किया और माय प्रिय को दिखाना छठा था की मेरा हाँथ गलती से टच हुआ था?, इधर मैं, धीरे धीरे अपने कोहनी से उसके बड़े चुके को दबाने लगा वही प्रिय, मेरे ऐसा करने से कुछ बोल hi नहीं रही थी जिससे मेरी हिम्मत बाद सी गई और मैं थोड़ा सा अपने फेस को फेर के प्रिय की और देखा तो प्रिय की आंखे बंद थी और मैं ये देख के बहुत खुस हुआ और अपने दोनों हांथो को बंद दिया और िक के तरफ देखते हुए अपने बंधे हुए एक हाँथ को धीरे से प्रिय की चुकी की और बढ़ा के अपने बड़े हथेली को उसके बड़े चुके के ऊपर रख दिया और प्रिय तुरंत आँख खोल दी वो मेरे पीछे बैठी हुई मेरे हाँथ को देखि और माय बिना डरे उसके बड़े चुकी को उस हाँथ में लेके दबने लगा, उधर
प्रिय, मेरे हाँथ के ऊपर अपने कोमल हाँथ रख के हटने की हलकी कोशिश की उसके हटाने में कोई दम नहीं था वही मैं, उसका हल्का विरोध देख के अब बिना डेरे उसके बड़े एक चुकी खूब तेज तेज मसलने लगा, उसके चुके बहुत hi ठोस थे अपनी जुड़वाँ बहन प्रीति की तरह, जिसकी वजह से मुझे यह पता चल गया की इसके चुके उन छुए है, क्युकी जिस लड़की के चुके किसी ने देब्ये होते है उसके चुके थोड़े सॉफ्ट हो जाते है, लेकिन प्रिय के चुके टीशर्ट के बहार एक दम सेआप में दिख रहे थे उनमे झुकाओ का नमो नीसाण नहीं थे, वो तो सीना तान के खड़े थे, इधर मैं, उसके चुके बड़ा के प्रिय का रिएक्शन जानने के लिए अपनी नज़र थोड़ा पीछे के देख तो प्रिय मेरी आँखों में देखने लगी और मैं इसारे से टॉयलेट की और चलने का ईसार किया ये देख के
प्रिय, अपनी आंख बड़ी करते हुए 'न' में सर हिलाई, इधर मैं अब उसके दूसरे बूब्स को टीशर्ट के ऊपर से मसलने लगा उसकी आँखों में देखते हुए, उधर प्रिय, भी अपने हाँथ मेरे काळा हाँथ के ऊपर रख देती है, लेकिन बोलती कुछ नहीं, अब बोले भी क्या आज पहली बार किसी मर्द ने उसके बड़े चुके को छुआ था, जिसकी वजह से वो शर्म ुर डर की वजह से भौचक्की बानी हुई थी, वही उसका न बोलता देख एक बार फिर से प्रिय जी बस 10 मिनट्स के लिए चलिए आपके साथ कुछ बात करनी है?, प्रिय, शरमाते हुए नहीं मुझे कही नहीं जाना और आप अंदर क्या करोगे वो भी पता है?, मैं, वो कैसे आपको पता है? की मैं अंदर क्या करूँगा, प्रिय, मुझे पता है तो पता है समझे, यह बोल क वो उठी ुर जल्दी स िक के अंदर चली गई?, इधर मैं, बहार hi बैठा रहा,