The Story of a Bodyguard (by Naree) - Page 87 - SexBaba
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The Story of a Bodyguard (by Naree)

लेकिन प्रथा के आगे वह शादी में नहीं आ सकती थी क्युकी वो एक विधवा थी जो गाओ के लोग एक विधवा को शादी वाले घर में नहीं देखना पसंद करते थे, वही काम्य, अब्ब माय रखती हु राधे जी आपको बहुत काम होगा?, मैं, काम्य जी पहले अपने मेरा दिल तोडा यहाँ न आ के? ुर अब मेरे से एक पल बात भी नहीं करना चाहती क्या माय इतना बुरा हूँ. काम्य, ऐसी कोई बात नहीं राधे जी माय क्यों आपको बुरा भला बोल सकती हूँ, मैं, फिर अपना वडा निभाइये, काम्य, कौन सा वडा मैने आपसे की हां, मैं, वही आपकी गांड मरने की, काम्य ये सुन के फिर से शर्मा जाती है लेकिन कहते कुछ नहीं, इधर मैं, क्या हुआ, काम्य, वो वडा कभी पूरा नहीं हो सकता राधे जी, मैं, लेकिन क्यों?, काम्य, क्युकी जो हमरे बिच हुआ एक बार उसके बाद अब्ब दोबारा कभी नहीं होगा, आप समझते क्यों नहीं माय विधवा हु?

अगर किसी को हमारे रिश्ते के बारे में पता चल गया तो मेरी और मेरे बचो की कितनी बदनामी होगी यह आप नहीं सोच सकते, मैं, मैने आपसे क्या कहा था की हमारे बिच जो भी रिश्ता उस तिलक वाले रात में बना था वैसा रिश्ता हम चुप छुपा के करेंगे तो फिर कैसे किसी को पता चल जायगा आप hi बताइये और एक बात बताइये जिस रात हम दोनों के बिच संबंध बना उस रात आप एन्जॉय नहीं की, काम्य, मेरे इस बात पर कुछ नहीं बोलती है लेकिन वो ये जानती थी की (उस तिलक वाली रात में काम्य को अपनी छूट राधे स छुड़वाने में जितना मज़ा उसे आया था उतना मज़ा तो उसके पति ने इतने सालो में भी उसे नहीं दे पाया था लेकिन वह शर्मा हाय में पाली बड़ी औरत थी इस लिए वह राधे से अब्ब कुछ भी नहीं कह पाती है), इधर मैं, मुझे लगता है की जब से आपके पति इस दुनिया से गए है तब से आप सायद जीना छोड़ चुकी है और

सायद आप की बुर भी? लेकिन जब मैने आपको अपने घोड़े जैसे लौड़े से छोड़ा तब मुझे पता लगा की आपकी बुर कितनी प्यासी है, क्युकी जितना माय अपना लौड़ा आपके पेशी बुर में दाल रहा था उतना hi आपकी बुर अपना आंसू बहा कर मेरे लौड़े को नेहला रही थी, काम्य, मेरी बातो को धयान से सुन रही थी साथ hi साथ उसकी बुर राधे के गन्दी बातो को सुन के गीली हुए जा रही थी.. इधर मैं, वैसे उस रात मेरे लौड़े ने ये महसूस किया की आप की बुर एक लौड़े के लिए कितनी प्यासी है माय जनता हु आप एक विधवा है और सायद आप अपने बचो के भविष्य के लिए किसी से सम्बन्ध नहीं बनाई सायद आपको डर था की कही किसी को ये बात पता चला तो आप के साथ साथ आपके बचो का भी नाम ख़राब होगा यही वजह रही होगी आप किसी गैर मर्द को अपने आस पास भी नहीं भटकने दी.. काम्य, इतनी गन्दी बाते सुन कर इस बार खुद को रोक नहीं पाती है

और शरमाते हुए, चुप करो बेशरम ऐसे कैसी गन्दी बाते आप इतनी आसानी से मेरे से बोल देते हो है, मैं, अब क्या करू काम्य जी जब से आपकी प्यासी बुर अपने लौड़े से छोड़ी तब से मेरा सोना हराम हो गई है ुर जब भी माय सोने की कोशिश करता हु तब आपकी फूली हुई छूट के मुझे सपने आते है, ये सब बात मोबाइल में कर hi रहा था की तभी रानी, गेट के पास आ के पापा आप अभी तक निचे नहीं ए वह नानी ुर मां आपको निचे बुला रहे है मां को कही जाना है इस लिए, मैं, ठीक है बेटी तू चल मैं थोड़ी देर में आता हु वह पर?? रानी, 1 बार मुझे देखि ुर चली जाती है, इधर मैं, काम्य जी अपना वडा याद रखियेगा जिस दिन हम मिलेंगे उस दिन आप अपना वडा पूरा करेंगी, काम्य, इस बार बिना शर्माए.. सच में आप वैसा वाला रिश्ता मेरे साथ रखना चाहते है, या बस मुझे उसे करके छोड़ तो नहीं डोज.

मैं, कौन पागल होगा जो आप जैसी खूबसूरत और सेक्सी औरत को दागा देगा, और मैं वडा करता हु काम्य जी जब तक मैं जिन्दा हु तब तक आपको कोई शिकायत का कभी मौका नहीं दूंगा ुर माय hames-ha आपका ख्याल रखूँगा साथ hi आपके बचो को अपने बचो की तरह मानुगा.. काम्य, मेरी मीठी बातो से इम्प्रेस हो जाती है उसे लगने लगा की राधे उसका और उसके बचो का ख्याल रखेगा इसके बाद थोड़ा शर्मा कर, ठीक है जब भी हम मिलेंगे ुर मैं जो वडा की हु वो पूरा करुँगी अब खुस न, इधर मैं, ये सुनते hi सच में आप अपनी गांड देंगी, काम्य, कितनी बार बोली हु मेरे साथ आप गन्दी भाषा में बात मत किया करो, और दूसरी बात है माय जो वडा की हु? वह माय पूरा करुँगी, मैं, फिर कब अउ आपके पास, काम्य, जब भी हम मिलेंगे तब अब्ब रखती हु मेरे रिस्तेदार लोगो को खाना देना है ये कह के वो कॉल कट कर देती है इधर माय, भी कॉल रख के निचे गया.
 
निचे हॉल में जाते hi रामु जो नास्ता कर लिया था वह सोफे से उठ के जीजू चलिए ग्राम पंचायत वह बारात के रुकने की वेवस्था देखनी है और खाने के लिए क्या क्या बनवाना है उसके मेनू को आपको hi देसीडे करनी है, तभी रति, हॉल में ै वो अभी एक बहुत hi प्यारी गुलाबी साड़ी के थी और हल्का घूँघट में थी वह धीरे सुरीली आवाज़ में जीजा जी? पहले नास्ता कर लीजिये उसके बाद जाइएगा, इधर मुझे रति की फ़िक्र वाली आवाज़ को सुन के ाचा लगा, ुर माय, बहु उसकी फ़िक्र न कर मैं नास्ता नहीं करने वाला कल खाना बहार खाया था न तो थोड़ा पेट गड बाद लग रही है, मेरी सासकविता, फ़िक्र दिखते हुए फिर आप बहार का खाना खाये hi क्यों अब्ब पहले पेट की दवा खा लीजिए नहीं तो कही ज्यादा hi तबियत ख़राब न हो जाये, मैं, अरे माँ जी कुछ देर की बात है थोड़ा देर पेट खली रखेगा तो अपने आप hi ठीक हूँ जायगा..

यह कह के मैं, रामु के साथ गरम पंचायत चला गया वह बारात के रुकने और सोने की वेवस्था देखा उसके बाद कैटरिंग वाले के पास गया वह मैने जो जो बोलै वो वो मेनू बावर्ची ने लिख लिया उसके बाद खाना बनाने लगा क्युकी 12 बज गए थे अब तक वही मैं, रामु को ले कर मार्किट गया वह कुछ सामान जो दहेज़ के लिए बचे थे वो लिया और फिर हम दोनों घर आ गए और घर में जो थोड़े बहुत सजावट का काम बाकि था वो वही बैठ के करवाया उसके बाद जहा लेडीज रुकने वाली थी वह गया ुर 2 बड़ा हॉल ुर 2 छोटे रूम में, ये गरम पंचायत की थी, जैसे hi वह पंहुचा वैसे hi देखा कुछ मजदुर और रामु के रिस्तेदार लोग गद्दे लगवा रहे थे, मैं, उनसे बात करते हुए एक रूम लड़के की बहन के लिए पर्सनल रखना क्युकी वो भीड़ में जल्दी सो नहीं पाती है मुझे

उसका भाई भूरा ने ये बात बताई थी, ऐसे hi काम करवाते हुए हमें साम हो गई, फिर मैं और रामु घर गए और जल्दी से नाहा के तैयार हो गए वही मुझे पिया मैडम को लेने जाना था, उधर लड़किया जितना थी घर पर वो भी तैयार हो रही थी वही रानी, मेरे पास आ के पापा मैं क्या पह्नु आप hi बता दो, मैं, जो ले है मॉल से वो वाली लेहंगा चोली पहन लेना, रानी, पापा उस लेहंगा की चोली (ब्लाउज), पीठ की तरफ से एक दम नग्गी दिखती है, मैं, हस्ते हुए अरे बेटी तूने hi तो वो पसंद की थी अब पहन ले उसी को अगर किसी ने गन्दी नज़र डाली तो माय उसकी आंखे निकल लूंगा तू बे फ़िक्र हो कर पहन ुर वैसे भी तू मेरी जान और अभिमान है, रानी, को डर था कही इतनी डीप चोली पहनी तो उसके पापा दांते न लेकिन अपने पापा के कहने से जो डर था वो ख़तम हो जाती है और वो स्माइल करते हुए रूम में घुस जाती है तैयार होने के लिए इधर

मैं, एक सफ़ेद शर्ट और निचे ब्लैक पंत पहन लिया और छोत नहीं पहना क्युकी इतनी गर्मी में छोत पहनता तो गर्मी लगती इस लिए पंत शर्ट पहन के तैयार हो गया.. इसके बाद जैसे hi निचे पंहुचा वैसे hi मुझे, भजन शर्मा आगे 50, की पत्नी कामना शर्मा आगे 40, और उसकी बहु आरती शर्मा 19 जिसे मैने छोड़ा था वो हॉल में बैठी हुई थी जिसे देख के मैं, कामना से अरे भाभी जी आप लोग कब ै और भाई साहब और बिरजू शर्मा आगे 22, नहीं ए क्या?, वही आरती, मुझे देख के उसके चेहरा खिल सा जाता है लेकिन वो इस वक़्त घूँघट में थी इस लिए उसके फेस के एक्सप्रेशन नहीं देख पाया वही कामना, अरे देवर जी बिरजू तो सहर में काम पर है और आपके भाई साहेब घर देख रहे है क्युकी आप तो जानते है आज कल कितनी चोरी हो रही है गाओ में? वो थोड़ा स्माइल करते हुए बोली जिसे देख के..
 
माय, है भाभी आप सही कह रही है, वही मेरी सासकविता, जो वही बैठी थी वो आरती से.. बेटी जा राधा के रूम में उससे मिल ले तेरी तो वो सहेली है भले hi तू एक साल राधा से बड़ी है, वैसे राधा ने बताई थी तू कॉलेज में पढ़ने में बहुत तेज है जब की तू बस पेपर देने कॉलेज जाती है, (आरती राधा की सहेली थी क्युकी जिस कॉलेज में राधा पढ़ती थी उस सोल्लगे में आरती प्राइवेट स्टडी करती थी वो बस सोल्लगे में एग्जाम देने जाती थी ये बात मुझे अब पता चली), वही कामना, है बहु जा मिल ले और हमें 9 बजे से पहले घर पहुंचना है?, तभी सासकविता, अरे बेटी आज कहा जायगी वो भी इतने रात में कहना खा के यही रुक जाना, कामना, माँ जी? भजन जी अकेले घर में है अगर हम दोनों यहाँ रुक गई तो हमें डाटेंगे सासकविता, ाचा ठीक है तब तुम सब जा के जल्दी से राधा से मिल लो उसके बाद

खाना खा लेना, ये बोल के वो मेरी तरफ देखते हुए दामाद जी खाना स्टार्ट तो हो गया है न, मैं, है माँ जी हो गया होगा क्युकी माय जब वह से घर आया था तब खाना बन के तैयार हो गया था और अब तक सुरु भी हो गया होगा, सासकविता, ठीक है दामाद जी, मैं, भाभी जी बहु को आज यही रहने दो न बेचारी अपने सहेली के शादी में नहीं रहेगी तो किसके शादी में रुकेगी अगर आप लोगो को भजन भाई से डर लग रहा है तो माय उनसे बात कर लेता हु, कामना, बहु रुक भी जायगी फिर भी मुझे जाना hi होगा, मैं, माय तो सोच रहा था आप भी आज रुक जाती लेकिन भाई साहेब अकेले रहेंगे इस लिए आपको नहीं रोकूंगा लेकिन बहु को आज नहीं जाने देने वाला, कामना, आरती तू रुकना चाहेगी या मेरे साथ चलना है, आरती, घूँघट में बैठी थी वो धीरे आवाज़ में है माँ जी मुझे रुकना है, कामना, स्माइल करते

हुए ठीक है बेटी तू तुक जा माय खुद तेरे ससुर से बात कर लुंगी उनकी फ़िक्र मत करना? इसके बाद दोनों उठ के ऊपर चली जाती है राधा से मिलने वही मैं, सास को देखते हुए माँ जी आप अभी तक तैयार नहीं हुई आपको तो सबसे पहले तैयार होना है और राधा के पास बैठना है, सासकविता, अरे दामाद जी माय विधवा हु इस लिए बेटी के सामने नहीं जा सकती, मैं, ये सब कौन सी प्रथा चली आ रही है ये तो गलत है अपने hi बेटी के सामने नहीं जा सकती? वैसे तो माय भी एक विधवा हु फिर हम मर्द लोग किसी के भी शादी में शामिल हो सकते है लेकिन औरते क्यों नहीं, सासकविता, थोड़ा मुस्कुराते हुए बीटा मर्द लोग की बीवी इस दुनिया में नहीं रही तो वो लोग कही भी आ जा सकते है क्युकी वो लोग नहीं ेंगे जायँगे तो शादी में इतने काम होते है वो कैसे पूरा होगा लेकिन औरते नहीं जायँगी फिर भी शादी अचे से

हो सकता है, अब आप जाओ जहा जाना है मेरी फ़िक्र न करे माय यही बैठ क राधा को सजते हुए देख लुंगी, वो थोड़ा आंसू बहाने लगी जिसे देख के मैं तुरंत उनके पास गया और उन्हें गले लगा के आप रोइये मत माँ जी माय हमेशा राधा का ख्याल रखूँगा की वो हमेशा खुस रहे ये मेरा वडा है, सासकविता, बीटा माय तो आपसे उसकी शादी करना चाहती थी, जिसकी वजह से वो मेरे आँखों के सामने रहती लेकिन आप नहीं मने, मैं, आप तो जानती है माँ जी राधा मेरे से 22 साल छोटी है और आप खुद hi सोचिये जब मैं 60 का होऊंगा तो राधा 38 की होगी उस टाइम औरतो की शारीरिक भूख ज्यादा होती है और वो न मिले तो वो गलत रस्ते पर चली जाती है इसी वजह से राधा को हम उम्र स शादी करवा रहा हु, सासकविता अब सब कुछ समझ जाती है और मेरे से अलग होक जैसा आप को सही लगे दामाद जी.
 
फिर मैं वह से निकला के जहा खाना खिलाया जा रहा था वह गया कार से और वह देखा तो घराती लोग सब खाना खा रहे थे तभी मेरे गाओ की किरणे स्टोर की मालकिन लीला साहू आगे 36, उनके पति अप्पू साहू आगे 46, साथ में उसके तीन बचे (1) पूजा साहू आगे 18, (2) पूनम साहू आगे क्सक्स, (3) राजू साहू आगे क्सक्स, सब खड़े हो कर कहने का इंतजार में लगे हुए थे वही मैं, उनके पास जा के अरे भाभी आप लोग खड़े है तभी लीला, मेरी और पलट के अरे राधे जी बस हम खाने का टेबल धुंध रहे है क्युकी बहुत भीड़ है न मैं, एक कैटरिंग वाले को बुलाया और एक टेबल और लगाने को कहा और वो थोड़ी देर में एक बड़ा सा टेबल और चेयर लगा देता है उसके बाद मैं, लीला और उसके परिवार को बैठने के लिए बोलता हु वही लीला की बड़ी बेटी पूजा मुझे घूरे जा रही थी सब के नज़रो को बचा के, उसका ये

बेहेवियर देख के मैं कुछ नहीं बोलै क्युकी वह उसके परिवार वाले थे वही मैं, लीला को देखते हुए भाभी जी खाना खाने के बाद राधा को आशीर्वाद देने आ जाना, लीला, थोड़ा स्माइल करते हुए है है क्यों नहीं आउंगी न इसमें पूछने की कोई बात hi नहीं है राधे जी, इधर मैं, भी स्माइल करके जैसा आपको ठीक लगे भाभी जी फिर एक नज़र लीला भाभी पर नज़र मारा तो वह अपने पति के होने से आज ज्यादा मज़ाक नहीं कर रही थी मेरे से, इस लिए मैं भी ज्यादा फाॅर्स नहीं किया, वही जब वह लोग खाना खाने लगे तब मैं एक नज़र लीला भाभी की बड़ी बेटी पूजा जो 18 साल की थी उसके ऊपर नज़ारा मारा और उसे पहली बार सब की नज़र चुरा के अचे से देखा उसने बहुत hi प्यारी रेड साड़ी और ब्लैक ब्लाउज में थी और उसके ब्लाउज काफी डीप होने की वजह से उसके गोर क्लीवेज मुझे अचे से दिख रहे,

क्युकी पूजा चेयर पर बैठी थी और मैं उसके जस्ट बगल में खड़ा था जिसकी वजह से मुझे ाचा व्यू मिल रहा था, वही लीला अपने पति की वजह से ज्यादा बात नहीं कर रही थी वही माय एक बार वेटर को बुला के सुन भाई इनका अचे से भोज khila-na क्युकी यह परिवार मेरे अपने है वही मेरे ऐसा कहते hi लीला और पूजा मुझे देखती है वही लीला का पति इतना सम्मान मेरा देना उसे काफी ाचा लगता है, लेकिन कहता कुछ नहीं इधर मेरे पास इस वक़्त टाइम की कमी थी क्युकी मुझे अभी अभी पिया मैडम को लेने हवेली जाना था ुर पहले hi मुझे लेट हो चूका था यहाँ मेहमानो को देखने के चक्कर में, वही पिया, मैडम सायद तैयार हो कर मेरा hi वेट कर रही होंगी और मुझे उनका वेट करवाना ाचा नहीं लगेगा, इस लिए जल्दी से लीला फॅमिली से विदा ले कर मैं कार से अब हवेली निकल जाता हूँ..
 
इधर हवेली जैसे hi पंहुचा तो देखा पिया और मीरा दोनों टायर हो के हॉल के सोफे पर बैठी थी और दोनों बात कर रही थी इधर मैं, जैसे hi हॉल में गया वैसे hi पिया, आप इतनी लेट क्यों आये माय और मीरा तो कब से तैयार बैठी हुई हु, मैं, माफ़ करे मैडम जी थोड़ा काम में बिजी हो गया था, अब्ब चलिए बारात कभी भी आ सकती है और आज आप लोगो को गाओ की बारात कैसी होती है वह दिखता हु?, पिया और मीरा दोनों गाओ की शादी देखने के लिए एक्सीटेंड थी और वो खुस थी मेरे आने से लेकिन अन्नू मुझे वह दिखी नहीं इस लिए पिया से उनके बारे में पूछा भी नहीं फिर मैं, उन दोनों को कार में बैठ दिया हम वह से चल दिया.. रस्ते भर पिया मेरे से कुछ न कुछ बात करती रही वही मीरा, भी आज काफी खुस नज़र आ रही थी क्युकी आज पहली बार अपने हवेली से निकल रही थी क्युकी

उसका पति रवि उसे कभी हवेली से बहार घूमने नहीं ले जाता था और मीरा भी ज्यादा फाॅर्स नहीं करती थी अपने पति को कही घूमने ले जाने के लिए क्युकी वह जानती थी मेरे ऐसा कहते hi उसका पति रवि गुस्सा हो जायेगा और मार मिल जायगी, इधर जैसे hi माय अपने ससुराल के बहार कार कड़ी की और पिया और मीरा कार से उतरी वैसे hi घर के दरवाजे पर बैठे औरते और मर्द सब घूरने लगे, क्युकी पिया और मीरा दोनों hi साड़ी में थी और उसकी बैक लेस ब्लाउज होने से दोनों की पीठ एक दम नग्गी दिख रही थी, वही कुछ लोग उन्हें देख के पहचान भी गए की ये ठाकुर साहेब की बेटी और बहु है लेकिन राधे के साथ उसके ससुराल में कैसे आ गई? क्युकी ठाकुर साहेब हम गाओ लोगो को बहुत नीच मानते थे इस लिए वह अपनी बहु बेटी को कभी इस गाओ में नहीं लाये थे, है बस चुनाव के टाइम वह अपने बेटी बहु और बेटो को लाते थे..

इधर मैं, उन्हें अंदर लाया तो अगन में बैठी औरते पिया को देख के छोटी मालकिन आप यहाँ, कुछ गाओ की औरते पिया को देखि थी इस लिए वो उसे पहचान गई, वही मेरी सासकविता अपने रूम से निकली और पिया को देख के अरे छोटी मालकिन आप इस गरीब घर में आ के हमें धन्य कर दिया, दामाद जी छोटी मालकिन को ऊपर ले जाइये मैं नास्ता भिजवाती हु ये सुन के मैं, उन दोनों को ऊपर ले गया और चाट के बीचो बिच कुर्शी लगा दिया वही पिया, खुस थी उधर रानी को जैसे hi पता चला की छोटी मालकिन ै है तो जिस हालत में थी वही हालत में ऊपर आती है उसे देख के पिया हस्ते हुए ये कौन लड़की है राधे जी, मीरा के सामने काका न बोल के पिया मेरे नाम से बोली लेकिन मीरा ने ये नोटिस hi नहीं की इधर मैं, मैडम जी ये मेरी बेटी रानी है और रानी ये पिया मैडम है हवेली की छोटी मालकिन और

ये मीरा है हवेली की सबसे छोटी बहु, रानी, अभी एक लेगी और टीशर्ट पहनी हुई थी वो थोड़ा मुस्कुरा के hello मैडम जी, पिया, अरे मैडम तुम क्यों बोल रही हो वैसे तुम्हारी आगे कितनी है, रानी, वो 18 ईयर, पिया तब तुम मुझे दीदी बुला सकती हो क्युकी मेरे उम्र और तुम्हारे उम्र में बस तीन से चार साल का hi अंतर है, रानी, ok दीदी तभी रति दो प्लेट में नास्ता वही जूही एक तरय में पानी ले कर ऊपर ै और टेबल पर रख दी पिया और मीरा के सामने वही मैं, ये रति है आप तो इसे जानती hi है क्युकी आपके hi वजह से रति इतने सालो बाद माँ बनाने वाली है, ये सुन के पिया, ास्चर से रति की और देखि और मन में (इसके पति का स्पर्म काउंट तो बहुत काम था फिर कैसे ये प्रेग्नेंट हो गई? तभी दूसरे मन में अरे उपरवाले का कोई चमत्कार होगा माय कुछ ज्यादा hi सोच रही हु).
 
पिया, ये सोचने के बाद हां.. हां रति को क्यों नहीं पहचान सकती इधर मैं, ये रति मेरे छोटे सेल की बीवी है ुर ये जूही है मेरे बड़े सेल की बीवी, पिया दोनों से मिल के खुस होते हुए आप दोनों भी कभी हवेली पर औ, जूही, मन में (राधे तो बहुत छुपा रुस्तम निकला इतने बड़े हवेली की बहु और बेटी को यहाँ पे लाया कैसे? कही इसने मैडम को फसा तो नहीं लिया मेरे जैसे), इधर पिया और मीरा हल्का नास्ता पानी करने के बाद मैं, रानी, रति को देखते हुए तुम दोनों जल्दी से तैयार हो कर पिया मैडम और मीरा भौ के साथ रहना माय देखने जा रहा हु की बारात कहा तक पहुंची रानी और रति दोनों है टिक है बोली इधर मैं, पिया को देख के, मैडम आप लोग राधा से मिल लेना थोड़ी देर में अभी वह तैयार हो रही है, पिया, ठीक है आप जाइये और हमारी फ़िक्र न करे क्युकी रानी और रति है न क्यों रानी सही बोली न?,

रानी, एक बड़ा सा स्माइल करते हुए है दीदी माय हूँ न, लेकिन आज आप मुझे तैयार करिये अपनी तरह पिया, स्माइल करते हुए है है क्यों नहीं चलो रूम में चलते है वैसे तुम्हारे पापा का रूम कहा है?, रानी, वैसे पापा का रूम तो मेहमानो से पैक है लेकिन हम दोनों बाप बेटी आज कल ये आपके बगल में जो रूम दिख रहा है वही सो रहे है रानी पिया को दीखते हुए बोली इधर मैं, बेटी माय अब जा रहा हूँ ये कह के मैं वह से निकला गया.. वही रति ुर जूही भी निचे चली गई अपने अपने रूम में क्युकी वह लोग भी अभी तैयार नहीं हो पाई थी मेहमानो का धयान रखते रखते वही रानी, पिया और मीरा को चाट वाले रूम में अब ले गई वह पिया देखि की निचे गद्दे बिछे हुए थे और अगल बगल चेयर रखे हुए थे वही रानी, पिया को चेयर पर बैठने को बोली तो पिया ुर मीरा दोनों बैठ गई,

उसके बाद रानी, पिया को सहर से ले हुई साड़ी और लेहंगा दिखने लगती है और पिया, वह दोनों कपड़ो को देख के, वह ये दोनों hi अच्छे है वैसे तुम लेहंगा पहनो क्युकी इसमें तुम्हे आज लड़के देख के फ्लैट hi हो जायँगे, रानी, शरमाते हुए मेरे पापा ने देख लिया किसी लड़को को मुझे लाइन मरते हुए तो उनके हाँथ पेअर नहीं बचेंगे क्युकी पापा को देखि है एक दम बॉडी बिल्डर है और यह छोटा सा गाओ है और मैं किसकी बेटी हूँ यह सब को पता है इस लिए मेरे ऊपर कोई आंख तक नहीं उठता है ुर एक बार किसी ने कोशिश की थी मेरा पीछा और परेशां करने का तो पापा ने उसके घर में जा कर खूब मारे थे, वही पिया, भी स्माइल करते हुए है.. है माय जानती हु तुम्हारे पापा को, उनका गुस्सा तो नाक पर रहता है.. यह कहते हुए दोनों हसने लगती है वही ऐसे hi बात करते हुए रानी तैयार हो जाती है.
 
बारात ै, (राधा वेड्स भूरा)

इधर मैं, वह से निकल कर जहा साडी बारात नास्ता करने वाली थी वह पंहुचा और उसके 30 मिनट्स बाद बारात भी आ गई और उनको नास्ता करने के बाद वह से द्वार पूजा के लिए बारात निकल गई और इधर मैं, भी बारात में शामिल हो गया, उधर रामु और उसका बड़ा भाई घर पर थे द्वार पूजा की वेवस्था देखने में लगे थे इधर बारात वाले डांस करते हुए दवार पर पहुंच जाते है और वह के लोगो ने माला पहना कर उनका वेलकम किया, उसके बाद दूल्हे की आरती उतरी गई फिर दूल्हा को शादी के मडप ले जाया गया अब दुल्हन की आने की बरी थी मंडप में, की तभी, रामु मेरे पास आ के जीजू चलिए राधा को गॉड में उठा के मंडप पे बैठाइये मम्मी बोली है, मैं, उसके साथ राधा के रूम

में गया तो देखा वह पिया, मीरा और आरती साथ में उसकी सहेलिया बैठी हुई थी. वही मेरी नज़र राधा की तरफ जैसे hi गई वैसे hi माय उसे शादी के जोड़े में देख कर बस उसे देखता hi रह गया, राधा पूरा मेकउप में थी जो उसके चेहरे पर चार चाँद लगा रही थी, वैसे भी राधा दूध की तरह गोरी थी उसे तो मेकउप की जरुरत hi नहीं थी लेकिन मेकउप के बाद तो उसका बदन और भी खूबसूरत हो गया था वही उसके कलाइयों में भरी हुई चुडिया हांथो की मेहँदी उफ़ वह सच में आज किसी स्वर्ग से उतरी हुई अप्सरा जैसी लग रही थी, वही जैसे hi माय, वह गया तो राधा भी मुझे घूरते पा के शर्मा जाती है इधर रामु, धीरे से हिलाते हुए जीजू जल्दी से उठा के ले चलिए, मैं, जैसे होश में आया और राधा के

दोनों टैंगो के बिच अपना एक हाँथ रखा और दूसरा हाँथ राधे के बैक लेश चोली में डाला और उसे किसी छोटी गुड़िया की तरह अपने मजबूत बहो में उठा लिया, वही पिया और मीरा मुझे ऐसे उठाने से एक दम से चूक जाती है क्युकी आज तक ऐसा कुछ वो लोग नहीं देखि थी लेकिन जब वह बैठी लड़कियों ने समझाया की ये यहाँ का रिवाज़ है की लड़की के जीजा अपनी साली को शादी के मंडप तक उठा के ले जाते है तब उन् दोनों को समझ में आता है. इधर मैं, उसे उठा के आगे आगे चलने लगा और हमरे पीछे पीछे घर के साडी लड़किया और औरते भी चलने लगी, इधर राधा, अपना एक हाँथ राधे के गले में तो दूसरा राधे के कंधे पर रख के एक दम चिपक सी जाती है, जिसकी वजह से उसका चेहरा राधे के गले में

आ जाता है, वही राधा धीरे से फुस फुसते हुए जीजू ी लव यू माय सिर्फ आप की हु, मैं, भी उसके फेस के पास तू नहीं जानती मेरी जान तुझे शादी के मंडप पर लेजाने से मेरा दिल कितना घबरा रहा है, राधा, माय शादी करू या नहीं फाइनली पूछ रही हु अभी भी वक़्त है आपके पास, मैं, चुप कर पगली फिल्मी डायलॉग मरना? अब चुप चाप शादी कर और अपने घर ग्रस्ति पे धयान दे वैसे भी माय हर पल तेरे साथ hi रहूँगा मेरी जान?, ऐसे hi धीरे धीरे बात करते हुए हम दोनों शादी के मंडप तक पढुचे और राधा को भूरा के बगल में बैठा दिया ुर पंडित जी मन्त्र पढ़ने लगे शादी का मैं, थोड़ी दुरी पर खड़ा होक देखने लगा शादी, वही मेरे बगल में पिया और दूसरे साइड में मीरा कड़ी वह भी

देखने लगी इधर मैं, मेरे आगे कड़ी रति और रानी पर जैसे hi मेरी नज़र पड़ी वैसे hi मन में (वहहह आज ये दोनों तो क़हर ध रही है), वैसे आज तक मैने न रति को इतने सहजती हुई देखा था न hi रानी को? लेकिन वो दोनों आज एक दुल्हन की तरह दिख रही थी रानी ने एक बहुत hi सेक्सी वाली लेहंगा हांथो में भरे हुए चुडिया, कानो में लुम्बी बलिया गले में मोठे हार, वही दोनों हांथो में मेहँदी लगी थी, मानते पर मांग टिका, इधर रति एक ट्रांसपेरेंट साड़ी और लौ कट ब्लाउज थी जिसमे उसके आधे गोर चुके ट्रांसपेरेंट साड़ी होने से दिख रहे थे वही ब्लाउज बैक लेस होने के कारन उसकी पूरी पीठ नग्गी थी जो रति ने अपने साड़ी के पल्लू से ढकी थी, वही रति, मुझे अपने आप को घूरता हुआ देख के हलके से मुस्कुरा रही थी सब की नज़र बचा के,
 
थोड़ी देर बाद, रामु ने बारात में ै साडी लेडीज ुर जेंट्स लोगो को खाने के लिए ग्राम पंचायत भवन ले गया, इधर मैं, पिया से मैडम खाना खाने चले या और शादी देखनी है आप दोनों को?, पिया, शादी जितना देखना था माय देख ली हूँ, वैसे भी यहाँ की साडी औरते और मर्द लोग दुल्हन को न देख के हमे hi देख रहे है, मैं, मुस्कुराते हुए आप दोनों दुलहन से कही ज्यादा खूबसूरत दिख रही है इस लिए औरत हो, या मर्द दोनों की नज़र आप पर hi है, मेरी बात पर दोनों शर्मा जाती है इधर मैं, रति को बुलाया और तीनो को साथ में ले कर कार से गरम पंचायत भवन गया और एक स्पेशल टेबल पर दोनों को बैठा के रति से खाना लेन को कहा और रति वह से चली गई इधर पिया, वैसे रति के साथ आपकी अछि बनती है, मैं, है मैडम जी रति बहुत प्यारी लड़की है वह

मेरी बीवी के मरने के बाद मेरी बेटी और मुझे संभाली है साथ hi मेरी सास और छोटा वाला साला भी, पिया, ये सुन के ाचा लगा की (राधे का रिश्ता बस फॅमिली वाला है न की पति पत्नी वाला, क्युकी उसे रति पे सक उसी टाइम हुआ जब राधे ने उससे प्रेगनेंसी वाली बात बताई थी लेकिन राधे क समझने क बाद उसका सक निकल गया), थोड़ी देर बाद रति दो कैटरिंग वाली गर्ल के साथ खाना लेके ै और पिया और मीरा के सामने रख दी वही मैं, मैडम जी यही गरीब खाने में हमने बनवाये है आप लोग टेस्ट करके बातो कैसी बानी है, पिया, खाना कहते हुए सही तो बानी है खाना आप फालतू में टेंशन ले रहे है, वही रति, भी पिया को खाना खिला के खुस थी वैसे आज तक हवेली का कोई भी सदस्य ऐसे गाओ के शादी में खाना तो छोड़िये पानी तक नहीं पिटे थे वैसे hi रघु ठाकुर जिन्दा होते तो पिया और

मीरा को हमरे गाओ में आने तक को परमिशन नहीं देते क्युकी रघु ठाकुर अपने से निचे जाट वालो को कुछ नहीं समझता था लेकिन पिया और मीरा दोनों डिफरेंट पर्सन थी इधर थोड़े देर बाद दोनों खाना खाने के बाद पिया राधे जी आप लोग भी हमरे साथ क्यों नहीं खाये, मैं, इस न चीज की इतनी हिम्मत की आपके बराबर बैठु? कार की बात अलग है वह माय आपका ड्राइवर, बॉडीगार्ड दोनों हु लेकिन यहाँ आप मेरी मालकिन के साथ साथ हवेली की बेटी है, पिया, को मेरी मीठी बाते भ जाती है वही मीरा का भी वही हाल था इधर पिया, वैसे रति तुम बहुत खूबसूरत हो और तुमने आज खाना खिला के खुस कर दिया रति, मुस्कुराते हुए आप लोग यहाँ आये वही बहुत है हमारे लिए मैडम जी, पिया, स्माइल करके देखो रति हम दोनों लड़किया ये उच्च नीच की दीवार को ख़तम करना चाहते है..

क्युकी हम पढ़े लिखी लड़किया है इस लिए ये उच्च नीच वाली थ्योरी बिलकुल पसंद नहीं है ये कह के वो उठ जाती है, इधर मैं, उन्हें ले जा कर कार में बैठाया और रति से तू खाना खा ले माय तब तक मैडम को हवेली छोड़ के आता हु और मैं किसी को बोल दूंगा की कोई तुम्हे मंडप पे छोड़ दे रति, मेरी फ़िक्र न करे माय रामु जी को कॉल कर के बुला लुंगी और मैं खाना भी खा लुंगी?, मैं, धीरे से.. रति मेरी जान?? तू मेरे बचे की अम्मा बनाने वाली है इस लिए तू वक़्त पर खाना खाया कर समझी अगर मेरा इंतजार कर रही है तो माय जब तक सब खाना नहीं खा लेते तब तक मैं नहीं कहने वाला, रति, लेकिन आप पुरे दिन से कुछ नहीं खाये है, मैं, तू टेंशन मत ले मैं खा लूंगा तभी रति, ठीक है माय थोड़ा सा कुछ खा लेती हु आप के कहने पर वैसे मुझे भूख नहीं है, माय,

ये हुई न बात भले hi भूख नहीं ह लेकिन थोड़ा बच्चे के लिए खाया कर, ये कह के मैं, पिया और मीरा को हवेली ले जाने के लिए उनके पास गया और उसने खाने के टेबल से उठाया इसके बाद वो लोग कार में बैठ गई और हम तीनो हवेली के लिए निकल गए रस्ते में पिया, वैसे आपकी साली बहुत खूबसूरत है, मैं, है वो इस गाओ में सबसे खूबसूरत है ऐसा गाओ वाले कहते है वैसे शादी पसंद ै आप दोनों को और लड़का कैसा लगा, पिया, जोड़ी तो अच्छी है लेकिन बाद में क्या होगा ये भगवन hi बता सकते है, मैं, है ये बात तो है ऐसे hi बात करते हुए हम हवेली पहुंच उसके बाद उन्हें उतर के दोनों से विदा ले कर माय चल दिया वह से और रस्ते में मुझे कुछ याद आया और कार को मैं दारू के ठेके पर ले गया और वह से एक छोटी बोतल पि और बड़ी बोतल लेके अपनी कार में रख दिया उसके बाद जहा शादी के मंडप सजा हुआ था वह आया और देखा तो?
 
शादी में मस्ती की पूजा साहू के साथ..

अभी भी शादी के मन्त्र गूंज रहे थे.. वही मेरी बेटी रानी, और दूल्हा की बहन माया, अभी तक खाना नहीं खाई थी क्युकी वह दोनों शादी के मंडप के सामने चेयर पर बैठी हुई थी वही गाओ की लड़किया और औरते खाना खा कर शादी के मंडप के दूसरी तरफ इकठा हो कर वह लोग भी शादी होते हुए देख रही थी. वही मेरी नज़र गाओ की किराना मालकिन लीला साहू की बेटी पूजा पर गई वह भी वह खड़ा थी और उसकी छोटी बहन उसके सामने कड़ी थी लेकिन उसकी माँ लीला और उसका बाप अप्पू साहू उसके आस पास भी नहीं थे, यह देख के समझ गया सायद वह लोग अपने घर चले गए होंगे सूने के लिए. क्युकी जहा मंडप सजा था वह से दो से तीन घर छोड़ कर hi उनका घर और साथ में दुकान था. इधर माय देखा तो कुछ लड़के जो शादी में आये हुए थे वह लोग लड़कियों के साथ आंख मटक्का लड़ा रहे थे, माय भी

सोचा यह सब तो हर शादी बेहह में होता है, लेकिन तभी मेरे अंदर भी वही फीलिंग आने लगी नए लड़को को देख के और माय भी अपने लिए एक टारगेट चुनने के लिए लड़की या फिर कोई औरत ढूढ़ने लगा, तभी मेरी नज़र लीला साहू की बेटी पूजा पर गई, वह जहा टेंट लगा था उसी के साइड में कड़ी थी उसके आस पास गाओ की लड़किया और औरते खुद थी जो पूजा के आगे थी और पूजा का पीछे का हिस्सा अंदर में था यानी टैंट के पीछे यह सब माय ऑब्सेर्वे कर रहा था सामने से. वही देखा आस पास के लोग क्या कर रहे तो देखा सब शादी में बिजी थे उनकी नज़र सिर्फ दूल्हे दुल्हन पर थी, वही अपने ससुराल वालो को देखा तो मेरा साला रामु वह मंडप के आस पास था लेकिन किसी की नज़र मेरे ऊपर नहीं पड़ती है और फिर माय यह देखने के बाद वह से दबे पाओ जहा पूजा कड़ी थी,

उधर गया और बड़े hi चालाकी से खुद को टैंट के पीछे hi रखा जिससे किसी के नज़र में न अउ. वही पूजा, के एक साइड में काफी औरते कड़ी थी और दूसरे साइड में गाओ के बड़े बुजुर्ग और आदमी लोग खड़े थे और बिच में पूजा और उसके सामने उसकी छोटी बहिन कड़ी थी, इधर माय टैंट की आड़ ले कर अब पूजा से थोड़ा सात जाता हूँ पीछे से ुर उसका रिएक्शन देखने लगता हु, लेकिन जब उसका कोई रिएक्शन नहीं आता तब मैं थोड़ा और आगे आता हु और इस बार मेरा लुंड जो पंत में था सीधा उसके पीछे साड़ी पर टकराता है और इस बार पूजा एक बार पीछे मोड़ के देखने की कोशिश करती है लेकिन उसके आस पास काफी भीड़ थी इस लिए वह अपना गर्दन घुमा के देख नहीं पाती, वही वह थोड़ा आगे होने की कोशिश करती है लेकिन उसकी बहन कड़ी थी ुर उसके बहन के आगे कई औरते, ba-cche दरी जो बिछी थी उस पर बैठी हुई थी,

इधर माय अब देर न करते हुए और पास गया और अपना मुँह पूजा के गर्दन के पास करके धीरे से फुस फुसता हूँ, बेटी माय हूँ पहचानी, पूजा बेटी शब्द सुन के उसको लगा की कोई बड़े बुजुर्ग है वह भी शादी देखने आये होंगे इस लिए उसका थोड़ा डर निकल गया, इधर मेरे मुँह से दारू की बदबू उसे आती है लेकिन वह कुछ नहीं कहती, वही पूजा की जो रेड सारे थी उसके पीछे से राधे अपना लुंड जो पंत के अंदर खड़ा हो गया था उसे अब पूजा के गांड की दरार में धीरे धीरे दबाने लगता है और पूजा को इसका अहसास तब होता है जब राधे उसकी कमर में अपना दोनों हाँथ को दाल के पकड़ लेता है, वही पूजा, अब डर जाती है और वह किसी तरह अपना सर पीछे करती है, लेकिन पीछे अंदर होने के कारन उसे कुछ नहीं दीखता बस उसे दारू की बदबू दर गंध उसके नाको ने घुस जाती है.
 
वही वह अपनी इज्जत को बचने के लिए अब थोड़ा विरोध करने लगती है लेकिन वह चिलाती तो उसका नाम और इज्जत ख़राब होती और सायद उसके साथ कोई शादी भी नहीं करता उसका ऐसा सोचना था, इस लिए वह धीरे से कौन हो मुझे छोडो क्या कर रहे हो आप, मैं, बेटी बस माय भी बारात देखने आया हु लेकिन भीड़ होने की वजह से कही और जगह hi नहीं की माय देख सकू, यह कह के अब मौके की नज़ाकत को देखते हुए, उसके चुके जो करीब 34 साइज की होगी उस पर रख कर तेज तेज से मसलने लगता हूँ और पीछे से धीरे धीरे झटके भी देने लगता हु. वही पूजा, ऐसे दोहरी मार अपने बदन पर पा के उसकी छूट में एक टिश उठती है, (क्युकी आज से पहले किसी लड़के ने उसके साथ ऐसा कुछ नहीं किया था), इधर पूजा, धीरे से आह्हः छोडो मुझे क्या कर रहे हो.. (वह यह बोल के राधे के हाँथ को अपने चुके से

हटाने लगती है), वही राधे, उसके चुके को ऐसे मसल रहा था जैसे आज के बाद उसे वह चुके मिलेंगे hi नहीं, इधर पूजा को दर्द के साथ साथ एक अलग सा अहसास उसके बदन में घर कर लेता है, वही उसकी छूट से एक दो बून्द पानी भी चालक जाता है, वही राधे तो जैसे पागल सा हो गया था (वैसे भी कोई नहीं लड़की वह भी 18 साल की लड़की जब 40 साल के मर्द को मिले तो कुछ ऐसा hi देखने को मिलेगा), इधर राधे अब पूजा को थोड़ा और पीछे खींच लेता है, जिसकी वजह से पूजा टैंट के पीछे आ चुकी थी जहा पूरा का पूरा अंदर था, वही राधे एक हाँथ से पूजा के कमर में हाँथ डाले उसे पकड़ा हुआ था, जिससे वह छूट के वह से भाग न जाए. वही दूसरे हाँथ से अपने पंत की जीप खोल कर लुंड को बहार निकल लेता है और इधर पूजा डर से, तुम कौन हो? अरे छोडो मुझे वर्ण सोर मचा दूंगी.

मैं, बेटी माय हूँ पहचानी नहीं यह कह के अब पूजा को अपनी और घुमा के उसके होंठो को अपने होंठ में ले कर jabar-dasti चूसने लगता हूँ और एक हाँथ निचे ले जा कर पूजा के साड़ी के ऊपर से उसकी छूट को मसलने लगता हूँ, वही पूजा को सँभालने का कोई मौका नहीं देना चाहता था राधे, उधर पूजा, अपने हाँथ की मदत से राधे का मुँह हटाने की कोशिश करते हुए अपना पूरा जोर लगा के वह राधे को दूर करती है, और हफ्ते हुए कमीने कही के माय तुझे छोडूंगी नहीं यह कह के वह फिर से टैंट की तरफ जाने लगती है, इधर राधे तो जैसे कफ़न बांध के आया था उसकी साली की शादी हो रही थी और वह एक 18 साल की लड़की को छोड़ने के लिए मरे जा रहा था उसने यह भी नहीं सोचा की अगर किसी ने देख लिया तो उसकी इज्जत तो जायगी hi साथ में उसके ससुराल वालो की भी जायगी.. लेकिन

वह बिना कुछ सोचे समझे अब्ब फिर एक बार पूजा को पकड़ लेता है और पकड़ते hi उसका एक हाँथ अपने नग्गे लुंड पर रख देता है, इधर जैसे hi पूजा को गरम सा अहसास हुआ वह झट से अपने हांथो को लुंड पर से हटा लेती है, और गुस्से में हरामजादे छोड़ कमीने वर्ण माय चिल्ला दूंगी, इधर फिर से राधे अपने हाँथ में उसका हाँथ लिए हुए खुद से hi लुंड पर रख सेहलवाते हुए, है तो चिल्ला न माय भी बोल दूंगा की तू खुद मेरे से मज़े लेने आई थी और जब मैने यह सब नहीं करने को बोलै तो तू शोर मचा दी यही कहानी सुनाऊंगा फिर dekh-na मेरे से ज्यादा तेरे ऊपर सब ऊँगली उठाएंगे और फिर तेरी कही शादी भी नहीं होगी, (वैसे गाओ की लड़किया हो या औरते येह सब अपनी इज्जत के लिए बहुत मरती है क्युकी गाओ में बहुत काम लोग होते है और हर गाओ के लोग हर एक सेक्स

को जानते है इस लिए यहाँ अपनी इज्जत के लिए कुछ भी लोग कर जाते है), उधर मेरे धमकाने से पूजा जो चाट पता रही थी, राधे से छूटने के लिए वह थोड़ा काम कर देती है इधर उसके हांथो को अपने हांथो में पकड़ के लुंड के ऊपर निचे करते हुए, पूजा बेटी बस थोड़ी सी मस्ती करने दे उसके बाद तू चली जाना वैसे भी रात के अंदर में कोई नहीं देखने वाला, वैसे तेरे घरवाले तो चले गए होंगे न फिर किससे डर है तुझे, पूजा, लुंड को सहलाते हुए उसकी छूट बहुत ज्यादा गीली हो चुकी थी और उसकी सांसे फूल रही थी क्युकी आज से पहले उसने कभी लुंड न तो देखि थी और न hi छुई थी, वही राधे की बातो को सुन के पूजा, प्लीज आप जो भी हो मुझे छोड़ दो? मुझे क्यों गन्दा करने पर तुले हो आप? देखो टैंट में मेरी छोटी बहन है कही वह अकेले घर चली गई तो मेरे माँ मुझे यहाँ खोजने आ जाएँगी.
 
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