- Joined
- Dec 5, 2013
- Messages
- 94,633
Episode 9ा
करीब आधे आधे घंटे बाद जैसे hi रघु के हवेली पंहुचा और अंदर गया तो हॉल में कोई नहीं था और मैं इधर उधर देखा तो कोई नहीं दिखा मुझे? फिर मैं अपने मान में (सब घर के लोग कहा चले गए बिना हवेली को लॉक किये बिना लगता है मालिक लोग जल्दी बजी में होंगे इस लिए घर से चले गए होंगे? लेकिन एक बार पिया मालकिन के रूम में देखता हु सायद वो न गई हो?), फिर मैं हॉल से होते हुए पिया के रूम में जाने लगा क्युकी पिया का रूम ग्राउंड फ्लोर में hi था इस लिए मुझे उनके रूम के गेट के पास पहुंचने में देरी नहीं लगी और जैस hi गेट के पास पंहुचा वैसे hi मेरी आंख बड़ी हो गई और जैसे पलके झपकना hi भूल सा गया था?, वही पिया, ब्रा पंतय में बिस्तर पे रखे बेग में कुछ कपडे दाल रही थी और माय गेट के बहार से पिया की पंतय
में कैद 34 साइज की गांड जो मेडिअम साइज की थी लेकिन पंतय इतनी मॉडर्न थी की उसकी पूरी गोरी गांड एक दम नग्गी लग रही थी बस एक पतली सी लाइन गांड की दरार में फांसी हुई थी जिसे देख के मेरी साँस जैसे रुक सी गई थी पिया तो इस घर की साडी लेडीज लोगो से भी गोरी थी ये आज पता लगा मुझे जब उसकी नग्गी गांड देखि तभी पिया कुछ लेने के लिए गेट की तरफ घूमी और उसकी नज़र मेरे ऊपर पड़ते hi वो चौकी और मुझे डरते हुए ये क्या बतमीजी है काका आप गेट खत खता नहीं सकते थे ये बोल के वो जल्द से बीएड से चादर उठाई और अपने ऊपर दाल दी वही मैं (जब पिया मेरी तरफ घूमी तो उसकी ब्रा में कैद 32 साइज के मेडिअम साइज के चुकी जो एक दम उठी हुई थी वो दिखी और उसकी पतली कमर जो करीब 24 साइज की थी पिया का बदन सच में बहुत गोरा था आज मुझे पता चला जब उसका जितना बदन मैने देखा) उधर पिया, मुझे
गुस्से से घूरते हुए आप चुप क्यों हो कुछ बोलो?, मैं, माफ़ करे छोटी मालकिन वो हॉल में बहुत देर से आवाज़ लगा रहा था लेकिन कोई कुछ नहीं बोलै और मैं सोचा की सायद सब लोग चले गए लेकिन माय सोचा एक बार आपके रूम में जेक देखता हु की छोटी मालकिन है की नहीं और जब यहाँ आया तो पहले से hi गेट खुला था बस ये गेट सत्ता हुआ था और जैसे hi माय गेट को धक्का दिया वैसे मेरे सपने आप दिख गई अब मेरी इसमें क्या गलती है और अपने तो गेट भी दांग से बंद नहीं किया तो मैं कहा से गेट खत खता ता?, पिया, मेरी बात करते सुन के उसका गुस्सा थोड़ा संत हुआ और फिर अचानक ठीक है लेकिन आइंदा से धयान रखना और मम्मी पापा वो लोग सहर वाले घर गए थे और वो लोग वही रुके है और मैं उन्हें फ़ोन करके बता दी हु आप लोग मेरी सास को देखने चले जाओ हॉस्पिटल, अब आप बहार रुको माय तैयार होक अति हु?,
मैं, और घर में कोई नहीं है क्या?, पिया, छोटा भाई और भाभी है वो लोग अपने रूम में होंगे पहले रवि को hi मेरे साथ चलने के लिए पूछने गई थी लेकिन वो सरब के नसे में सोया हुआ है, तभी आपको माय कॉल की?, मैं, कोई बात नहीं छोटी मालकिन आप जल्दी तैयार हो जाओ माय तब तक कार तैयार करता हु? पिया, कार तो पापा मम्मी ले गए है वो पापा की क्षुव को गेराज से निकल लीजिये?, फिर मैं वह से बहार आया तो देखा हलकी बारिश हो रही थी ये देख के ये क्या मज़ाक है अभी तो स्नोफॉल हो रही थी और अब बारिश ये कहते हुए गेराज में गया ुर वह से क्षुव को कपडे से पोछा और आयल पानी ब्रेक बैटरी की पानी ये सब चेक करके तैयार किया और तभी मुझे याद आया की (जो सरब मैने दो बोतल ली थी आज मुर्गा कहते हुए पिने की लेकिन न चिकन खा पाया था और न hi दारू पि पाया वो सरब की बॉटल मेरे जेब में hi थी), फिर उसे निकल के एक क्षुव की सीट के निचे छुपा ली ुर
एक पानी की बोतल में पानी के साथ मिला दी, फिर याद आया आज बहुत ठण्ड है और रात में जब सहर पहुँचूँगा तो वह कही मुझे क्षुव में सोना पड़ा तो इस लिए माय सोचा कोई मोती कम्बल रख लिया जाये लेकिन अब मुझे ऊपर जाना होगा लेकिन टाइम नहीं है मुझे क्षुव जल्दी से मैं गेट पे लग्न होगा फिर पिया से बोल दूंगा सायद वो मेरा जुगाड़ कर दे कम्बल का फिर क्षुव स्टार्ट की और हवेली के मैं गेट के पास खड़ा कर के हॉल में गया तो देखा वह छोटी बहु मीरा और पिया कुछ बात कर रही थी मुझे देखते hi पिया, काका हो गया अब चले?, मैं, मालकिन मुझे एक कम्बल चाहिए और आप भी कुछ अपने लिए कोई कम्बल रख लो क्युकी सहर जाने में 3 से 4 घंटे जग जायँगे और इस ठण्ड में स्नोफॉल के बाद बारिश भी हो रही है मौसम एक दम ख़राब है यह सुन के पिया,
करीब आधे आधे घंटे बाद जैसे hi रघु के हवेली पंहुचा और अंदर गया तो हॉल में कोई नहीं था और मैं इधर उधर देखा तो कोई नहीं दिखा मुझे? फिर मैं अपने मान में (सब घर के लोग कहा चले गए बिना हवेली को लॉक किये बिना लगता है मालिक लोग जल्दी बजी में होंगे इस लिए घर से चले गए होंगे? लेकिन एक बार पिया मालकिन के रूम में देखता हु सायद वो न गई हो?), फिर मैं हॉल से होते हुए पिया के रूम में जाने लगा क्युकी पिया का रूम ग्राउंड फ्लोर में hi था इस लिए मुझे उनके रूम के गेट के पास पहुंचने में देरी नहीं लगी और जैस hi गेट के पास पंहुचा वैसे hi मेरी आंख बड़ी हो गई और जैसे पलके झपकना hi भूल सा गया था?, वही पिया, ब्रा पंतय में बिस्तर पे रखे बेग में कुछ कपडे दाल रही थी और माय गेट के बहार से पिया की पंतय
में कैद 34 साइज की गांड जो मेडिअम साइज की थी लेकिन पंतय इतनी मॉडर्न थी की उसकी पूरी गोरी गांड एक दम नग्गी लग रही थी बस एक पतली सी लाइन गांड की दरार में फांसी हुई थी जिसे देख के मेरी साँस जैसे रुक सी गई थी पिया तो इस घर की साडी लेडीज लोगो से भी गोरी थी ये आज पता लगा मुझे जब उसकी नग्गी गांड देखि तभी पिया कुछ लेने के लिए गेट की तरफ घूमी और उसकी नज़र मेरे ऊपर पड़ते hi वो चौकी और मुझे डरते हुए ये क्या बतमीजी है काका आप गेट खत खता नहीं सकते थे ये बोल के वो जल्द से बीएड से चादर उठाई और अपने ऊपर दाल दी वही मैं (जब पिया मेरी तरफ घूमी तो उसकी ब्रा में कैद 32 साइज के मेडिअम साइज के चुकी जो एक दम उठी हुई थी वो दिखी और उसकी पतली कमर जो करीब 24 साइज की थी पिया का बदन सच में बहुत गोरा था आज मुझे पता चला जब उसका जितना बदन मैने देखा) उधर पिया, मुझे
गुस्से से घूरते हुए आप चुप क्यों हो कुछ बोलो?, मैं, माफ़ करे छोटी मालकिन वो हॉल में बहुत देर से आवाज़ लगा रहा था लेकिन कोई कुछ नहीं बोलै और मैं सोचा की सायद सब लोग चले गए लेकिन माय सोचा एक बार आपके रूम में जेक देखता हु की छोटी मालकिन है की नहीं और जब यहाँ आया तो पहले से hi गेट खुला था बस ये गेट सत्ता हुआ था और जैसे hi माय गेट को धक्का दिया वैसे मेरे सपने आप दिख गई अब मेरी इसमें क्या गलती है और अपने तो गेट भी दांग से बंद नहीं किया तो मैं कहा से गेट खत खता ता?, पिया, मेरी बात करते सुन के उसका गुस्सा थोड़ा संत हुआ और फिर अचानक ठीक है लेकिन आइंदा से धयान रखना और मम्मी पापा वो लोग सहर वाले घर गए थे और वो लोग वही रुके है और मैं उन्हें फ़ोन करके बता दी हु आप लोग मेरी सास को देखने चले जाओ हॉस्पिटल, अब आप बहार रुको माय तैयार होक अति हु?,
मैं, और घर में कोई नहीं है क्या?, पिया, छोटा भाई और भाभी है वो लोग अपने रूम में होंगे पहले रवि को hi मेरे साथ चलने के लिए पूछने गई थी लेकिन वो सरब के नसे में सोया हुआ है, तभी आपको माय कॉल की?, मैं, कोई बात नहीं छोटी मालकिन आप जल्दी तैयार हो जाओ माय तब तक कार तैयार करता हु? पिया, कार तो पापा मम्मी ले गए है वो पापा की क्षुव को गेराज से निकल लीजिये?, फिर मैं वह से बहार आया तो देखा हलकी बारिश हो रही थी ये देख के ये क्या मज़ाक है अभी तो स्नोफॉल हो रही थी और अब बारिश ये कहते हुए गेराज में गया ुर वह से क्षुव को कपडे से पोछा और आयल पानी ब्रेक बैटरी की पानी ये सब चेक करके तैयार किया और तभी मुझे याद आया की (जो सरब मैने दो बोतल ली थी आज मुर्गा कहते हुए पिने की लेकिन न चिकन खा पाया था और न hi दारू पि पाया वो सरब की बॉटल मेरे जेब में hi थी), फिर उसे निकल के एक क्षुव की सीट के निचे छुपा ली ुर
एक पानी की बोतल में पानी के साथ मिला दी, फिर याद आया आज बहुत ठण्ड है और रात में जब सहर पहुँचूँगा तो वह कही मुझे क्षुव में सोना पड़ा तो इस लिए माय सोचा कोई मोती कम्बल रख लिया जाये लेकिन अब मुझे ऊपर जाना होगा लेकिन टाइम नहीं है मुझे क्षुव जल्दी से मैं गेट पे लग्न होगा फिर पिया से बोल दूंगा सायद वो मेरा जुगाड़ कर दे कम्बल का फिर क्षुव स्टार्ट की और हवेली के मैं गेट के पास खड़ा कर के हॉल में गया तो देखा वह छोटी बहु मीरा और पिया कुछ बात कर रही थी मुझे देखते hi पिया, काका हो गया अब चले?, मैं, मालकिन मुझे एक कम्बल चाहिए और आप भी कुछ अपने लिए कोई कम्बल रख लो क्युकी सहर जाने में 3 से 4 घंटे जग जायँगे और इस ठण्ड में स्नोफॉल के बाद बारिश भी हो रही है मौसम एक दम ख़राब है यह सुन के पिया,