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फचा.. फच.. फचा.. फच.. फचा.. फच.. फचा.. फच.. फचा.. फच.. फचा फच की तेज़ आवाज़ रूम म गूंजने लगती है, इधर मेरे तेज धक्के अपनी छूट में लेने से काम्य, आह्हः.. सशह्ह्ह.. ूमठ.. ऊह्ह्ह्ह... फुकक.. आह्हः.. ओह्ह्ह.. राधे... आआ.. आह्ह्ह्ह.. rukoooo...rukoooo.. ुंहःहः.. मायआ.. मैं, मुझे गुस्सा दिखती है साली फिर तू देख कैसे तेरी छूट की धज्जिया उडाता हु aaj...ye le..le मादरचोद रांड कही की, काम्य, को मेरे ये तेज धक्के एडजस्ट नहीं हो रहे थे जिससे वो, आठ.. ऊह्ह्ह्ह.. रुक्कू.. प्लीसीई.. सशह्ह्ह.. राधी.. आह्हः.. शठ.. उम्म्म्म.. उउउउउइइइ.. माआ. मेरे धक्के अब इतने तेज़ हो जाते है की उसके आँखे की पुतलिया फ़ैलाने लगती है मेरे तेज धक्को के कारन और वो जोर जोर से मेरे काळा लुंड पर झंडने लगती है.. उसकी छूट से निकली पिचकारियों से अब मेरा लुंड को आसानी हो जाती है उस की छूट मरने में, काम्य
अपने होश खोने की कगार पर थी. उसके लाइफ दूसरी सबसे बड़ी ओर्गास्म थी वो, लेकिन माय कहा रुकने वाला था, माय तो धक्के मरे जा रहा था, थापा.. थप.. थापा.. थप.. थापा.. थप.. थापा.. थप.. थापा.. थप.. थापा, उधर काम्य की छूट बार बार झरने की वजह से उसकी बिस्तर की बेडशीट पूरी गीली हो जाती है उसके छूट राश से वही काम्य को अपनी गलती का एहसास हो जाता है और वो मुझसे माफ़ी मांगते हुए.. आह्ह्ह्ह.. मुझे माफ़ करे... राधे जी माय अब आप पर कभी भी गुस्सा नहीं करुँगी वो अपने मेरे पति को नामर्द बोलै न इस लिए मुझे गुस्सा आ गया आप hi सोचिये जो अब इस दुनिया में नहीं है क्या उनकी बुराई करनी चाहिए आपको प्लीज मान जाइये.. मैं, उसकी बात को अनसुना कर के और तेज़ी से धक्के मरने लगता हु, वैसे माय अक्सर छोड़ते टाइम औरतो को उकसाता हु, क्युकी इसमें मुझे काफी मज़ा आता था..
वही मैं, काम्य को उसके पति को माय नामर्द इसी लिए बोलै की काम्य गुस्सा हो और माय उसपर अपना रौब जम्मू ये मेरे प्लान का हिस्सा था क्युकी प्यार से इतने तेज धक्के मरता तो काम्य मुझे छोड़ने नहीं देती लेकिन मेरे पास अब अवसर था और उसी अवसर को भुनाते हुए मैं उसे जोर जोर से छोड़ रहा था जिससे अब काम्य की हालत ख़राब हो जाती है और वो फिर से एक बार झड़ने लगती है. मेरे लुंड की जबरदस्त चुदाई के कारन काम्य दूसरी बार झड़ने पर मजबूर कर देता हु, उधर काम्य, के अंदर की साड़ी ताकत जैसे ख़त्म सी होने लगती है. वही मेरे तेज तेज झटके की वजह से उसकी छूट अब कुछ ज्यादा hi फूल जाती है वैसे भी काम्य की छूट पहले hi काफी फूली हुई थी लेकिन मेरे ऐसे हार्ड और रफ़ चुदाई से वो बार झाड़ रही थी जिसकी वजह से उसकी छूट अब काफी शूज जाती है वही काम्य प्लीज.. अब्ब.. नाहीईई, आह्ह्ह्ह.. ओह्ह्ह..
अपने होश खोने की कगार पर थी. उसके लाइफ दूसरी सबसे बड़ी ओर्गास्म थी वो, लेकिन माय कहा रुकने वाला था, माय तो धक्के मरे जा रहा था, थापा.. थप.. थापा.. थप.. थापा.. थप.. थापा.. थप.. थापा.. थप.. थापा, उधर काम्य की छूट बार बार झरने की वजह से उसकी बिस्तर की बेडशीट पूरी गीली हो जाती है उसके छूट राश से वही काम्य को अपनी गलती का एहसास हो जाता है और वो मुझसे माफ़ी मांगते हुए.. आह्ह्ह्ह.. मुझे माफ़ करे... राधे जी माय अब आप पर कभी भी गुस्सा नहीं करुँगी वो अपने मेरे पति को नामर्द बोलै न इस लिए मुझे गुस्सा आ गया आप hi सोचिये जो अब इस दुनिया में नहीं है क्या उनकी बुराई करनी चाहिए आपको प्लीज मान जाइये.. मैं, उसकी बात को अनसुना कर के और तेज़ी से धक्के मरने लगता हु, वैसे माय अक्सर छोड़ते टाइम औरतो को उकसाता हु, क्युकी इसमें मुझे काफी मज़ा आता था..
वही मैं, काम्य को उसके पति को माय नामर्द इसी लिए बोलै की काम्य गुस्सा हो और माय उसपर अपना रौब जम्मू ये मेरे प्लान का हिस्सा था क्युकी प्यार से इतने तेज धक्के मरता तो काम्य मुझे छोड़ने नहीं देती लेकिन मेरे पास अब अवसर था और उसी अवसर को भुनाते हुए मैं उसे जोर जोर से छोड़ रहा था जिससे अब काम्य की हालत ख़राब हो जाती है और वो फिर से एक बार झड़ने लगती है. मेरे लुंड की जबरदस्त चुदाई के कारन काम्य दूसरी बार झड़ने पर मजबूर कर देता हु, उधर काम्य, के अंदर की साड़ी ताकत जैसे ख़त्म सी होने लगती है. वही मेरे तेज तेज झटके की वजह से उसकी छूट अब कुछ ज्यादा hi फूल जाती है वैसे भी काम्य की छूट पहले hi काफी फूली हुई थी लेकिन मेरे ऐसे हार्ड और रफ़ चुदाई से वो बार झाड़ रही थी जिसकी वजह से उसकी छूट अब काफी शूज जाती है वही काम्य प्लीज.. अब्ब.. नाहीईई, आह्ह्ह्ह.. ओह्ह्ह..