The Story of a Bodyguard (by Naree) - Page 84 - SexBaba
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The Story of a Bodyguard (by Naree)

इधर जूही, के कॉल काटते hi मैं, उसके सामने खड़ा हो जाता हु और जूही के फेस की नजदीक मोबाइल ले जा कर रिकॉर्डिंग ऑफ करते hi जो तूने अभी बात की अपने यार से वो सब मेरे मोबाइल में रिकॉर्ड हो चूका है अब चल सब तुझे खोज रहे है, पहले आप.. आप करके बात कर रहा था लेकिन अब तू तड़क पर आ जाता हु वही जूही, अपनी चोरी पकड़ी जाने से सदमे में थी वो मेरे आगे चलते हुए धीरे आवाज़ में राधे जी प्ल्ज़ ये वीडियो डिलीट कर दो नहीं तो मेरी ज़िन्दगी बर्वाद हो जायगी, मैं, साली जब तू दूसरे से छुड़वा रही थी तब तुझे ये बात नहीं पता थी की जब तेरे पति को बात पता चलेगी तब क्या होगा?, ऐसे hi बात करते हुए हम रेस्टोरेंट में आ गए रानी और रति कड़ी हो कर.. कहा थे आप दोनों कब से इंतजार कर रही हु, मैं, बात को सँभालते हुए वो जूही मॉल में भटक गई थी तभी रति, फिर यहाँ से अकेले क्यों गई थी, जूही, वह जय जी का फ़ोन आया था उन्ही से बात करते करते..

आगे निकल गई इस लिए रास्ता hi भूल गई जब राधे जी ए तब माय यहाँ आ पाई, रति मुझे और जूही को घर के देखती है इसके बाद हम सब वह से निकल कर सब लोग ग्राउंड फ्लोर पर पहुंचे और वह पहुंचते hi मैं अपने जेब से सामान का बिल दिया और काउंटर पर बैठे सेल्समेन ने हमरा सामान देख कर निकल दिया और हम सब वो ले कर पार्किंग में गए और फिर सामान को दिग्गी में दाल के कार स्टार्ट की ुर वह से अपने गाओ की और हम चल दिए, अब तक साम के 7 बज गए थे हमें 2 से 3 घंटे लग ससकते थे अगर ट्रैफिक नहीं हुआ तो क्युकी साम को बहुत ट्रैफिक होती है ुर वही हुआ हाईवे पर लुम्बी लाइन लगी थी और गाड़िया धीरे धीरे आगे बढ़ रही थी ये देख के रानी, paresh-an होते हुए ओह गॉड अब कैसे घर पहुंचेंगे?, मैं, अरे बेटी हम सही सलामत पहुंच जायेंगे तू परेशां मत हो, मेरी बात पर वो चुप हो जाती है ुर वह पीछे जूही की कंधे में अपना सर

रख के बड़ी ममी से माय तो आज थक hi गई, जूही, है मैं भी थक गई हु एक काम कर सीट के एक साइड तू सो जा. फिर जूही थोड़ी किनारे होती है और रानी अपने पैरो को सीधा करके लेट जाट है और जूही मेरे सीट के पीछे बैठी थी वो एक दम किनारे हो जाती है जिससे रानी को पेअर फ़ैलाने में दिक्कत नहीं होती है और इधर मैं, रति जो बगल के सीट पर बैठी थी उसे भी नीद आने लगती है क्युकी हमारी कार धीरे धीरे चल रही थी, वही जूही, को अपने बैक मिरर से देखा तो वो गम शूम बैठी हुई मिरर स बहार देख रही थी उसे देख के लग रहा था जैसे वो गंभीर सोच में डुबो हुई थी (क्युकी जूही को डर था कही राधे जी ने रिकॉर्डिंग उसके पति को सुना दी तो पहले वो रिश्ता ख़तम करेगा उसके बाद जूही को धक्के मर के कही घर से hi न निकल दे वो अब किसी भी हाल म अपना राज छुपा न चाहती थी लेकिन उसका दिमाग अभी बिलकुल भी काम नहीं कर रहा था की क्या करे वह).
 
Episode 29ा,

वही जूही मिरर के तरफ देखते हुए मन hi मन में (अगर राधे ने कही मेरे पति जय को रिकॉर्डिंग सुना दी तो मेरा क्या होगा लेकिन राधे इतना हद पार तो नहीं करेगा वो जनता है मुझे मैं कितनी सख्त औरत हु? वो मेरे गुस्से को झेल नहीं पायेगा और न hi उसके अंदर मुझे ब्लैकमेल करने की उतनी हिम्मत है इससे पहले माय अपनी सास के सामने कई बार सुनाई हु तब तो राधे ने कभी नहीं बोलै तो अब क्या बोलेगा लेकिन अगर वो कुछ बोलै भी तो माय इस बदसूरत कमीने राधे के सामने बिलकुल भी नहीं झुकूँगी), जूही को गम शूम बैठा देख के मैं, उसे छेड़ते हुए जूही को अपने बैक मिरर से देख कर के जूही जी एक मस्त कहानी, आपको सुनाई? जहा एक घर की बहु एक सब्जी वाले के साथ मस्त चुदाई करती है उसकी कहानी है क्या माय उसे सुनौ जय जी को?, जूही, आए.. ाप्प.. आप मुझे ब्लैकमेल कर रहे हो क्या? धमकी दे रहे हो?,

मैं, नहीं माय तो बस आपके पति को बस ये कहानी सुनना चाहता हु जो आज मैने मॉल में किसी के मुँह से सुनी है, इसमें धमकी जैसा क्या है आप hi बताइये?, जूही, देखो.. माय अच्छे से जानती हु आपको.. अगर अपने एक भी शब्द कहा न जय के सामने तो मम.. माय?, उसकी लाचारी पर कामिनी स्माइल करते हुए मैं, कुछ सोच कर, कुछ नहीं कहूंगा अगर आप बस मेरा कहा मान ले ताऊ?, जूही, अब मेरे सामने बेबस नज़र आती है क्युकी उसने अपनी हवस को बुझाने के लिए एक निचले दर्जे के सब्जी वाले से अपनी छूट बस एक बार hi छुड़ावै थी लेकिन अब बुरी तरह से पचता रही थी, लेकिन अब पसताये छूट क्या? जब चिड़िया चुग गई खेत?, ये कहावत जूही पर एक दम सही बैठता है, थोड़े देर पहले जूही ने क्या क्या सोचा था की वो इस राधे के सामने वो कभी नहीं झुकेगी, लेकिन उसके पति को रिकॉर्डिंग

सुनाने की राधे की धमकी से जूही के जैसे हाँथ पेअर फुल से जाते है, राधे ने अपनी बातो से hi उससे झुका दिया था इधर मैं, मन में ( साली आज ै है ुत पहाड़ के निचे, इसने मेरा बजती बहुत की है न मेरी सास सेल और मेरी रानी बेटी के सामने उस सब बजती का बदला आज सूत समेत वापस लूंगा इस कामिनी से), यह सोचने के बाद मैं, कार चलते हुए कार के अंदर की हलकी लाइट को ों कर देता हु, जूही, ऐसे अचानक लाइट ों होने से एक बार रानी को देखि तो वो गहरी नीद में सो रही थी वही उसकी नज़र सामने शीत पर बैठी रति पर गई तो वह भी सो गई थी वही अब्ब धीरे से क्यों जला दी लाइट अपने है?, मैं, उसे कोई जवाब न देते हुए बैक मिरर से उसे देखते हुए, अगर तू चाहती है की माय तेरी रिकॉर्डिंग तेरे पति को न सुनौ तो अब्ब माय जो कहूंगा तू वह करती जा, जूही, खुद से (ये कमीना क्या

चाहता है मेरे से कही मेरे साथ कुछ करना तो नहीं चाहता? नहीं नहीं वो ऐसा सोचेगा कैसे जब की उसके बेटी रानी है), जूही को कुछ बोलता न देख के समझ गया की जो मैं कहूंगा वो करेगी और एक कमीना स्माइल के साथ, अब बिना बोले hi जूही को ब्लाउज के ऊपर से अपने पल्लू को हटाने का इशारा करता हु मेरे ऐसे इसारे से जूही समझ तो जाती है लेकिन राधे के ऐसे इसारे देख के थोड़ा अचंभित होती है की इस कमीने की इतनी हिम्मत की वो ऐसे इसारे मेरे सामने करे लेकिन वो मजबूर थी इस लिए वो गुस्से से, एक बार न में गर्दन हिलती है. ये देख के मैं, अब कार थोड़ा स्लो करके पंत की जेब से मोबाइल निकल कर पीछे मुद क्र उसे अपना मोबाइल पर हाथ रखता हु जैसे कॉल करने वाला हु तभी जूही, मुझे रोकते हुए, प्लीज ऐसा मत करो..

उसकी हलकी आवाज़ सुन कर मैं अब फिर आगे देख कर कार चलने लगता हु और बैक मिरर से देख कर, फिर से इशारा करता हु. जूही को कुछ समझ नहीं आ रहा था के वो इस हालत में क्या करे.. इधर मैं, जल्दी अपना पल्लू हटा दो?, जूही एकदम से अपने खयालो से बहार आती है और मेरी बात सुनकर एक बार बगल में लेती रानी को देखती है वो आराम से सो रही थी, जूही डर कर फिर से न में गर्दन हिलती है. इस बार मुझे गुस्सा आ जाता है और माय लगभग चिल्ला hi देता हु.. रुक साली अभी कॉल यह बोल hi रहा था की तभी जूही, पीछे सीट पर से थोड़ा उठ कर आगे आती है और मेरी चीख को एकदम से अपने कोमल हाथो से दबा देती है वही मेरी चीख से रानी और रति दोनों में थोड़ी हलचल होती है मगर दूसरी तरफ मुँह कर के सो जाती है वो दोनों गहरी नीद में चली गई थी.
 
इस लिए उन्हें मेरी चीख नहीं सुनाई दी. जूही थोड़ी राहत की सांस लेकर मेरे मुँह पर से हाथ हटा कर अपनी साड़ी से पॉच लेती है. अब जूही, रुको.. मम.. मम.. माय करती हु.. मैं उसकी बात पर मुस्कुराता हु. जूही अब मज़बूरी में अपना हाथ पल्लू पर रखती है, इधर मैं, कार ड्राइव करते हुए उसको बैक मिरर से अब जूही को भी देखने लगता हूँ, वही जूही को डर था की कही रानी या रति ने आँख खोल दी तो क्या होगा?, इधर मैं, बेताब था जूही के गोर क्लीवेज को देखने के लिए क्यों की (आज गाओ पर जूही के ब्रा में बड़े बड़े चुके देख कर मेरा लुंड सोने का नाम hi नहीं ले रहा था वैसे भी ऐसे बड़े2 चुके ुर बड़े बड़े गांड मेरी सबसे बड़ी कमजोरी थी), साली.. जल्दी करो न.. जूही मुझे घूरने लगती है, (वही जूही मजबूर थी, अगर वह मजबूर नहीं होती तो अब तक राधे जैसे मर्द का वह मुँह तात तोड़ देती क्युकी जूही बहुत तेज

किस्म की थी), इधर धीरे से अपना पल्लू गिरा देती है, और जूही के पल्लू निचे गिरते hi अब मेरे सामने उसका ब्लाउज था जिसमे उसके बड़े बड़े चुके ऐसे कैद थे जैसे किसी ने उन्हें जबरदस्ती ठोस ठोस के कैद किया हो, वह इतने बड़े चुके थे की ब्लाउज में ठीक ढंग से आ hi नहीं रहे थे ऐसा लग रहा था जैसे वो ब्लाउज को फाड़ कर बहार आने को मचल रहे हो वही, जूही के ब्लाउज का गाला बहुत बड़ा था जिसमे उसके आधे गोर चुके बहार की और झक रहे थे वही बड़ा सा क्लीवेज को देख मेरे लौड़ा पंत में hi टाइट हो जाता है. उधर जूही, को अपने आप पर जैसे घिन सी ा रही थी राधे क कहने पर ऐसी हरकते करते हुए.. साथ hi साथ उसके जिस्म में एक अजीब और अंजनी एक्ससिटेमेंट भी हो रही थी. क्युकी इससे पहले कोई मर्द उसे ऐसे maj-bur नहीं किया था वह भी शाक्त आवाज़ में,

इधर मैं, अपने पंत के ऊपर से लुंड मसलते हुए जूही के ब्लाउज के ऊपर से चुचो को निहारते हुए, लगता है बहुत दूध है तेरे पास, मेरी जान क्यों ह न?, जूही 'दूध' की बात सुनकर अपने ब्लाउज के ऊपर से चुचो पर हाथ रख देती है और एक बार रानी और फिर रति को देखती है. उधर रानी और रति इतनी गहरी नींद में थी की उसके कानो में एक भी शब्द नहीं घुस रहे थे. उन दोनों का कोई भी रिएक्शन न होता देख अब मैं आराम से डबल मीनिंग बाते करते हुए, तेरे से एक सवाल पूछ न था? पुछु?, जूही, कुछ नहीं बोलती और बस अपनी ब्लाउज के ऊपर से चुचो को छुपाये हुए मुझे देखती रहती है, इधर मैं, कार चलते हुए जूही को बैक मिरर से देखते हुए, मुझे तेरे ये बड़े बड़े दूध पीना है?, जूही, हैरान रह जाती है मेरे सवाल से. और खुद से ये सवाल करती है.

जूही, (माना की राधे एक नंबर का जाहिल गवर है इंसान है लेकिन ऐसे कैसे वो अपनी बेटी रानी और अपने सरहज रति के सामने पूछ सकता है गंदे सवाल?), यह फील करते हुए जूही, क्या बक रहे हो? होश में हो या दिमाग घूम गया है आपका?, जूही अपने पल्लू गिराए हुए बोलती है, इधर मैं, उसकी बात पर कुछ नहीं बोलता क्युकी (दर असल जूही से कोई जवाब मुझे चाहिए भी नहीं था. माय तो बस गन्दी बाते कर के जूही को गर्म और अपना टाइम पास करना चाहता था वैसे भी मुझे चुदाई करना होता तो रति है hi उसे हाईवे के किसी किनारे ले जा कर छोड़ भी सकता उसे मूतने के बहाने ले जा क), मुझे शांत कार चलते देख अब जूही, अपना पल्लू ऊपर करने hi वाली थी की तभी मैं, बैक मिरर से देखते हुए उसको रोक देता हु और जूही फिर से अपना पल्लू गिरा कर वैसे hi बैठ जाती है इधर मैं, अब मिरर से देखते कर जूही

को अपने चुके दबाने का इशारा करता हु, ये इसरा मिलते hi जूही की आँखे बड़ी हो जाती है और बड़ी बड़ी आंखे करते हुए, आई.. क्या इशारा किया तुमने अभी?, मैं, बिना डरे, अपने चुके दबाओ न मेरी जान? मुझे देखना है की औरते खुद के मम्मी दबाते हुए कैसी दिखती है चल अब सुरु हो जा समझी , जूही, बिलकुल भी नहीं माय ये कभी.. वो कुछ और बोलती उससे पहले hi मैं, अपने मोबाइल उसे दिखते हुए इसरा किया जैसे की उसके पति को कॉल कर रहा हु, जूही, एकदम से आगे झुक कर मेरे मोबाइल पर फिर से हाथ रख कर जैसे इसारे से कह रही हो प्लीज ऐसा न करो, साथ hi मेरा ऐसे बार बार धमकी उसके पति का देने से उसे डरा रहा था और डर इस बात की थी की अगर राधे ने जूही की करतूत बता दिया या फिर उसे अपने मोबाइल में रिकॉर्डिंग दिखा दिया तो क्या सोचेगा कही उसकी खुशाल परिवार टूट न जाये.
 
इसी डर से और मेरी ब्लैक मेलिंग जूही को बेबस कर देता हु और अब जूही मजबूर होते हुए अपने दोनों हाँथ अपने चुचो पर रख कर अपने चुके खुद दबाने लगती है, जूही को बड़ा अजीब सा फील हो रहा था क्युकी उसने आज से पहले खुद से अपने मम्मी कभी नहीं बढ़ाये थे भले hi वह अपनी बदन की आग से जलती क्यों न हो, इधर राधे को घूरता देख कार की हलकी रौशनी में उसे अजीब लगता है ुर वो दूसरे तरफ देखने लगती साथ hi धीरे धीरे अपने दोनों चुचो को दबाते hi रहती है, इधर कार चलते हुए मेरे चेहरे पर हसी थी, वही जूही, शर्म ुर गुस्से से पानी पानी हुए जा रही थी, क्युकी आज तक उसने अपने लाइफ में कभी भी अपने चुचो को चुना तो छोड़िये उन्हें ढंग स देखि तक नहीं थी, वही रानी जूही के बाजु में और रति राधे के बगल में दोनों hi अपने

गहरी नीद में सो रही थी इधर जूही राधे के कहने पर अपने बड़े बड़े चुके मसल रही थी वो अपने ब्लाउज के ऊपर से (ये नज़ारा देख कर hi राधे मस्ती में पूरा का पूरा भर जाता है उसने अपने लाइफ में कई औरतो के साथ मस्ती की थी लेकिन किसी को बेबस करके वो भी उसी औरत को अपने अंग से खेलवना ये पहली बार उसके साथ हो रहा था और यही बात राधे को एक अलग सा एक्ससिटेमेंट भी दे रहा था), मैं, अब इशारे में उसको जोर से चुके दबाने को इसारे से कहता हु उधर जूही पहले hi शर्म से मर रही थी और अब ये.. लेकिन उसने मेरी बात मानी और वह अब थोड़ा जोर से अपने चुके दबाने लगती है साथ hi जूही के चुके इतने बड़े बड़े थे की उसके एक छोटे हाँथ के हथेली में फिट hi नहीं हो पा रहे थे.. तभी रानी पीछे सीट पर एक करवट लेती है और अब जूही की तरफ मुँह कर के सोती

है. एक पल के लिए तो जैसे जूही के जिस्म से जान निकल जाती है की उस के दोनों हाथ अपने चुचो पर थे और वो अब रानी को देखती है, जो आराम से सो रही थी और रानी की बंद आँखे देख जूही को जैसे रहत सी मिलती है. लेकिन रानी का मुँह अपनी तरफ होने के कारन वह अपने हाथ चुचो पर से हटाने लगती है की, तभी मैं जूही को वैसा ना करने का इशारा करता हु. उधर जूही (धीरे से) रानी का मुँह मेरी तरफ है.. वो जाग गयी तो.. मैं, वो इतनी जल्दी नहीं उठती है उसकी फ़िक्र मत कर वो मेरी बेटी है इस लिए मुझे सब पता है उसके बारे में इस लिए जो कह रहा हु वह कर, जूही, मेरी बात सुन कर शर्मा जाती है लेकिन उसको तो गुस्सा होना चाहिए था राधे पर की उसे मजबूर करके उसके साथ ऐसी गन्दी गन्दी हरकते करवा रहा है इधर राधे जूही को शर्माता हुए देख के समझ गया की

जूही उसकी ऐसी गन्दी हरकत करवाने से मजे ले रही है ुर इसे को देख कर राधे एक कदम और बढ़ने की सोचते हुए, एक काम करो.. अब्ब अपने ब्लाउज का जो बटन लगे है उसे खोल कर अपने नग्गे चुकी को मसलो?, मेरी बात सुनकर जूही, शॉक हो जाती है और मन में (ये कमीना अब हद्द से आगे बढ़ रहा है.. ये मुझसे क्या क्या करवा रहा है.. क्या करू माय? इस कमीने का कोई भरोसा नहीं इसको ना बोलै तो जय को सब सच बता देगा और हां बोली तो मुझ से पता नहीं और क्या क्या गन्दा काम करवाएगा और जैसे माय एक सब्जी वाली से फांसी थी अब कही इस काळा भद्दे के साथ भी न फास जाऊ?), मैं, क्या सोच रही है चल सुरु हो जा?, मेरी आवाज सुनकर जूही अपने खयालो से बहार आती है.. इधर राधे, ब्लाउज के बटन खोलने का इशारा करता है.. जूही झिजक रही थी वैसा करने के लिए, खास

तौर पर सो रही रानी और रति के सामने. और वो सोच में पद जाती है की करू या न करू? की तभी माय, मोबाइल अपने हाँथ में ले कर उसे दिखते हुए करू कॉल तुम्हारे पति को और बताऊ तेरी करतूत की तू उसके पीठ पीछे क्या गुल खिला रही थी, जूही, हैरानी भरी नज़र से मुझे देखती है साथ hi वह अभी गुस्से में थी, क्युकी माय बार बार उसकी पति को बताने की धमकी जो दे रहा था, लेकिन अब उसके ऊपर असर भी होने लगता है और उसी असर में जूही अब अपना पल्लू फिर से हटा देती है, लेकिन थोड़ी देर वह वैसे hi रहती है. मैं, उसको देखता हु थोड़ी देर लेकिन उसकी कुछ करता न देख के मेरे अंदर सब्र टूट जाता है और मैं, अब कार को हाईवे एक साइड में लगा कर रोक देता हु, वही जूही डर जाती है की (इस कमीने ने ऐसी सुनसान सड़क पर कार क्यों रोकी है), इधर मैं, अब पीछे मुड़कर उसको देखता हु.
 
उधर जूही अपना पल्लू गिराए हुए hi मुझे hi देखते हुए, साए.. कार क्यों रोकी अपने?, मैं, कुछ बोले बिना मोबाइल हाँथ में ले कर झूट मुठ का no. दिल कर के कान में लगाने लगता हु की तभी जूही मेरा हाँथ पकड़ कर मुझे रोकते हुए रु.. रुकोऊ.. और मैं, जूही की तरफ देख कर इसारे से ब्लाउज के बटन खोलने का इशारा करता हु.. अब जूही के पास कोई चारा नहीं था. जूही, आ.. आ.. आप पहले कार शुरू करो.. और मैं, फिर कार स्टार्ट करके हाईवे पर दौड़ने लगता हु.. उधर कार स्पीड पर होने से जूही अब अपने ब्लाउज के ऊपर का बटन धीरे से खोल देती है, जिससे अब उसके छाती का थोड़ा सा गोरा हिस्सा दिखने लगता है. माय बैक मिरर से उसको ऐसा करते हुए देखता हु, जूही, शरमाते हुए 2 और बटन खोल देती है और उसके खुलते hi मुझे अब जूही की डिज़ाइनर ब्रा दिखने लगती है. जूही का डीप क्लीवेज

वाला हिस्सा, जो बिलकुल गोरा था, वो मुझे दिखने लगता है.. अब एक आखिरी बटन था जो निकलने के लिए जूही बहुत शर्मा रही थी, या फिर कहिये झिजक रही थी. मैं अपने काली होंठो पर से जुबान फेरते हुए उसकी छाती निहार रहा था वही जूही अपने ब्लाउज का आखरी बटन पकडे हुए खामोश से बैठी रहती है और इधर माय भी कार चलते हुए उसकी बेबसी देख कर जैसे मज़े ले रहा था. लेकिन मैं जूही को ऊपर से पूरा नंगा करना चाहता था, इस लिए मैं, जूही.. मेरी जान जल्दी करररर.. अब मैं जूही को नाम से पुकारने लगता हु. उधर जूही, अपने ब्लाउज के बटन को पकडे हुए मुझे गुस्से से देखते हुए.. चुप रहो और चुप चाप कार चलाओ, वह अब धीरे से अपने ब्लाउज की आखरी बटन निकलती है आखरी बटन खुलते hi उसके ब्लाउज के दोनों बाज़ू अलग हो जाते है और उसकी डिज़ाइनर ब्रा सामने आ जाती

है लेकिन वो अपने हाथो से अपने चुचो को धक् लेती है ुर एक बार रानी को देखती है, और उसको सोता देख वो फिर से रहत की साँस लेती है. मैं, अब उसे हाथ हटा ने का इशारा करता हु लेकिन जूही न में अपना सर हिलती है ये देख के मैं, थोड़ा गुस्से से उसकी तरफ देखता हु और जूही मुझे गुस्से म देख के इस बार झिझकते हुए धीरे से अपने हाँथ हटा देती है.. इधर मुझे, बैक मिरर से मस्त सन दिख रहा था. उधर मेरी सगी बेटी वह आराम से सो रही थी और उसके बाजु में बैठी उसकी बड़ी ममी अपना ब्लाउज खोले हुए अपने नग्गे मम्मी उसके बाप को दिखा रही थी. ये सन देख मेरा लौड़ा सोच कर hi अब लोहे सा सख्त हो गया था, जिसकी वजह से मैं झट से अपने पंत की जीप खोल कर अपना काला लुंड बहार निकल कर अब एक हाँथ से हिलने लगता हु. मेरा काला लुंड पूरा तना हुआ था, उसकी नसे

ऐसी फूली हुई थी जैसे कोई सी मोती तार हो. वही मैं, एक हाँथ से कार की स्टीयरिंग व्हील चला रहा था और अपने दूसरे हाथ से अपने लौड़े को मसल रहा था. वही अब मैं जूही को चुके को ब्रा में से बहार निकलने का इशारा करता हु. जूही, तो पूरी हैरान थी मेरी बढ़ती डिमांड्स देख कर और वह मन hi मन में (साला ठरकी कहिका इतनी उम्र हो गई है फिर भी इसकी जवानी अभी नहीं गई है), लेकिन वो ये नहीं जानती थी की राधे भले hi 40 के आस पास था, लेकिन अभी भी उसमे जवान लड़को से भी कही ज्यादा चुदाई बची थी, इधर मैं, एक बार फिर से उसको इशारा करता हु और जूही एक बार बगल में सोइ रानी और आगे बैठी रति को देखते हुए धीरे से अपनी ब्रा ऊपर करने लगती है, (वो मजबूर थी ये सब करने के लिए नहीं तो उसके जैसी औरत जो कभी भी किसी के साथ भीड़ जाती थी वो आज एक भद्दे काळा आदमी के कहे हुए इसारे पर चल रही थी),

जिसे देख मैं अपना लुंड तेज़ी से हिलने लगता हु उधर जूही, के ब्रा ऊपर लेते hi उसके 36 साइज के दोनों गोर बड़े चुके सामने आ जाते है साथ hi जूही के पिंक निप्पल्स आहहहा.. क्या मस्त लग रही थी. वही जूही, भी गौर करती है की मेरा एक हाथ हिल रहा है तेज़ी से. उससे समझने में देरी नहीं लगती के माय क्या कर रहा हु, ये देखते hi जूही शर्म से पानी पानी हो जाती है, वही मैं, अब जूही को अपने चुके दबाने का इशारा करता हु. इस बार जूही बिना झिजक के अपने 36 साइज के चुचो को हलके से मसलने लगती है और इधर माय, अपने लुंड को हिलने लगता हु. जूही मेरे सीट के बिलकुल पीछे बैठी थी, इसिलए उसको मेरा लुंड दिख नहीं रहा था, शायद इसी बेचैनी में वो रानी की तरफ खिसकने लगती है और मैं जूही की यह बात नोटिस करता हु और अब कार स्लो कर के हाईवे के 1 साइड पर लगता देता हु.
 
उधर जूही, अब्ब बीच में आती है और इधर मैं, अपना लुंड ऐसे एडजस्ट करता हु जिससे वह जूही को साफ़ साफ़ दिखे.. जूही अब मेरे लुंड को देखते हुए अपने चुचो को मसलने लगती है. वही कार के अंदर धीमी लाइट में मेरे काले लौड़े का गुलाबी टोपा चमक रहा था, जिससे जूही अपने निप्पल्स को उंगलियों के बीच पकड़ कर दबाते हुए.. आह्ह्ह्ह.. उम्मठ.. सष्ठ की हलकी सिसकारियां लेती है, इधर मैं, अब थोड़ा सा उठ जाता हु अपनी सीट पर से वही जूही जो मेरे सीट के एक दम करीब आ गई थी लुंड को देखने के लिए यह मौका मैने देख के जल्दी से उसका गोरी गले को जल्दी से पकड़ कर अपने जलते हुए लुंड पर रखता हु, माय यह नहीं सोचता की जूही क्या करेगी क्युकी इस वक़्त माय हवस की आग में एक दम चूर था, (आप लोग समझ सकते है जब आदमी हवस में अँधा होता है तब वह उच्च

नीच कुछ नहीं सोचता वही हाल इस वक़्त राधे का था), इधर जैसे hi जूही का हाँथ अपने जलते लौड़े पर रखा वैसे hi जूही डर जाती है पर मेरे काळा लौड़े की गर्माहट महसूस कर के उसे ाचा फील होता है, उसने आज तक इतना मोटा और इतना लुम्बा लौड़ा कभी न देखा था न कल्पना की थी और न hi कभी छू पाई थी, लेकिन जैसे hi उसके हांथो में लौड़ा अत है उसकी काम वासना जैसे जाग सी जाती है और वह भी अब कुछ नहीं सोचती की आगे उसके साथ क्या हो सकता है क्युकी उसकी भी हालत राधे जैसे hi हो गई थी, ुर वह तेजी से राधे के जलते हुए लुंड को हिलने लगती है, वही उसके बाजु में सोये हुई रानी और मेरे बगल के सीट पर सोइ रति पर उसका बिलकुल भी ध्यान नहीं था. इधर मैं, जूही जो मेरे सीट के पास थी उसका सर मेरे कंधे के आस पास थी, उसके झुके होने की वजह से ुर इसी वजह

से उसके नग्गे चुके मेरे कंधे के आस पास टच हो रहे थे यह फील करते hi माय भी देर न करते हुए अपने एक हाँथ में जूही का बड़े चुके को पकड़ कर उसको मसलने लगता हु, लेकिन जूही तो काम वासना की आग में जैसे जल रही थी इस लिए उसने मेरा कोई विरोध नहीं किया, वही मेरे लौड़े से आ रही गंध जूही को और ज्यादा एक्सीटेंड करती है और उसी वजह से जूही अब आगे झुकने लगती है अपने आप hi. जिसकी वजह से उसका सर अब्ब मेरे लम्बे मोठे काळा लुंड की तरफ ा रहा था, जिसको देख के मेरी धड़कने जैसे तेज़ी से बढ़ने लगती है साथ hi मेरे लौड़े की बड़े बड़े गोटिया टाइट सी होने लगती है, मैं, अब्ब झड़ने की कगार पर पहुंच गया था और मेरे मुँह से आठ.. मेरा.. पानी.. बहनचोद.. निकलने.. वाला है.. लेकिन जूही के कानो मेरी बात नहीं घुसती, वो अब्ब इतना आगे आ चुकी थी की उसका सर

बिलकुल मेरे लुंड के ऊपर था. इधर मैं, बिना डरे अब उसके सर के रेशमी बालो पर हाथ रख कर उसके सर को नीचे दबाता हु, वही मैं, चाहता था अपना कला और बदबू दार लुंड जूही के मुँह में घुसना, पर बदकिस्मती से मेरे लुंड से गरम पिचकारियां उड़कर सीधा जूही के चुचो पर और उसके गोर मुँह पर गिरती है और करीब 8-9 तेज़ गरम पिचकारियां जूही के मुँह और चुचो को भर देती है.. इधर मेरे मुँह से आह्ह्ह्हह.. ारररह्ह्ह्ह.. जूही एक दम से होश में आती है और अपना सर मेरे लौड़े के ऊपर पाती है, और देखती है की मेरे लुंड से सफ़ेद सा पानी निकल रहा था जो उसके चुके और मुँह पर भर रहा था ये देखते hi वो अपने मुँह पर हाथ रखते hi उसे अपने हांथो में सफ़ेद चिप छिपी सी चीज अपने मुँह और चुचो पर पाकर उसको उलटी सी आने लगती है और वो झट से एक पानी का?
 
बोतल लेकर ऊपर से नंगी hi कार का गेट खोल कर बहार जाती है और एक कार्नर पर जाकर अपना मुँह साफ़ करते हुए अपने ब्लाउज के बटन्स लगाने लगती है. इधर मैं, अपनी सासो को काबू करते हुए अब अपने मुरझाये लुंड को वापिस पंत में घुसा कर नार्मल बैठ जाता हु. बहार जूही अपने आप को साफ़ करने में लगी हुई थी की तभी एकदम से रानी जग जाती है.. हम्म? कार क्यों रोकी है पापा क्या हम घर आ गए क्या? मैं, थोड़ा घबरा जाता हु अपनी बेटी की आवाज से और पीछे मुड़कर देखता हु तो रानी अपनी आँखे मलते हुए मुझे देख रही थी, और मैं, वो.. वो.. वो.. तुम्हारे जूही ममी को थोड़ी तकलीफ हो रही थी उसके लिए hi रोकी है ये कार वैसे अभी घर आने में 30 मिनट्स लगेंगे, (मैं जूही की तरफ ऊँगली करते हुए बोलता हु). रानी, जूही को देखती है तो क्या देखती है की जिसकी पीठ रानी की तरफ थी और जूही मुँह साफ़ कर रही है.

रानी अपनी सीट से उठ कर देखने जाने hi वाली थी की तभी जूही बोतल लेकर वापिस कार में आने लगती है, लेकिन जूही को बनक तक नहीं थी की रानी जाग चुकी है वो तो गुस्से से मुझ को hi देख रही थी, इधर मैं कार की हल्की लाइट में नोटिस करता हु की अभी भी मेरा सफ़ेद पानी उसके गालो और चुके के ऊपरी भाग पर चिपका हुआ था, ये देख कर मैं, जूही को ऊँगली से इशारा भी करता हु लेकिन इतने में जूही एक दम से कार में बैठ जाती है, वही रानी, को कुछ पता न चला वो तो सोची सायद गरमी के कारन तबियत ख़राब हो गई होगी, वही जूही, तुमने मेरे मुँह पर सारा? जूही मुझे देखती इससे पहले उसकी नजर रानी पर जाती है और उसे ऐसे देखती है जैसे उसने कोई भूत देख लिया हो और वो हकलाते हुए रर.. रर.. रानी?, इधर मैं, बात को सँभालते हुए, आप का पेट ख़राब था न.. अब ठीक हो गयी न आप?

मैं, जूही को बैक मिरर से देखते हुए आँख मारता हु और ऊँगली से इशारा करता हु गाल और छाती की तरफ. जूही मेरा इशारा अच्छे से समझ जाती है और अपने पल्लू से अपना मुँह और छाती साफ़ करती है पूरी तरह से... अब मेरा बचा कुछ पानी साफ़ हो जाता है वही जूही, भी अब मेरी बात पर साथ देते हुए, हह.. हह.. हो गया? हो गया ठीक मेरा पेट, वही अब जूही, रानी से नजरे चुराकर अब अच्छे से सीट पर बैठ जाती है कार में.. उधर रानी, ममी आप ठीक तो हो न?, जूही, है.. है है माय बिलकुल ठीक हु.. जूही बिना उसके तरफ देखे बोलती है. मैं, भी बिना वक़्त गवाए कार स्टार्ट कर देता हु. मैं और जूही दोनों एक बार मिरर से एक दूसरे को देखते है वही जूही के चेहरे पे गुस्सा था ुर वही मेरे चेहरे पर एक सरती हसी थी, रानी एक बार जूही को देखि और अब फिर से वो अपनी आंखे बंद कर के

बैक सीट पर सो जाती है. उधर जूही को अब फिर से अपने आप पर गुस्सा आता है की (कैसे मैं ऐसे सब के सोते हुए राधे के साथ गन्दी हरकत कर सकती हु ये सब मेरी hi गलती का नतीजा है अगर मैं उस सब्जी वाले कल्लू के साथ अपनी हवस कण्ट्रोल कर के उसे अपने पास नहीं आने देती तो मुझे आज ये दिन नहीं देखने पड़ते और न hi राधे मुझे ऐसी गन्दी हरकत करने के लिए मजबूर कर सकता था अब मैं इसकी हिम्मत कैसे तोडू सेल के पास मेरी बात करने की रिकॉर्डिंग है), जूही भी अब खुद को और राधे को कोसते हुए अपनी आँखे बंद कर के सो जाती है. मैं, भी अब पानी निकल जाने के वजह से अच्छा फील कर रहा था साथ hi रात के 10:30 बज गए थे इस लिए अब मैं कार की स्पीड और बढ़ा देता हु और करीब 11 बजे हम चारो अपने गाओ पहुंच जाते है.
 
इधर जैसे hi कार रूकती है वैसे hi रति रानी और जूही उठ जाती है और तीनो मुझे देखने लगती है वो अभी गहरी नीद में थी ये देख के मैं, मुझे क्या देख रही हो अब हम पहुंच गए है अपने घर वो देखो घर की सो लाइट बहार जल रही है, वह तीनो मेरे कही बात पर कार के सामने से देखती है तब उनकी थोड़ी नीद टूटी और रति, थोड़ा स्माइल करके बाप रे बाप माय तो सच में बहुत सो गई थी, वो तीनो कार से उतर गई और मैं कार की दिग्गी से मॉल से लाये हुए बेग उनके हांथो में दे के कार लॉक किया और अंदर चले जाते है वह आगाँ में कोई नहीं दीखता तभी रानी, अरे सब कहा गए कोई दिख hi नहीं रहा है और सरे रिश्ते दार भी नहीं दिख रहे है आज इतना जल्दी सब प्रोग्राम कैसे ख़तम हो गई रति मामी, तभी हॉल से निकलते हुए मेरी सास हमारे पास आ के, दामाद जी आ गए आप लोग

कब से हम सब इंतजार कर रहे थे और आप सब का कॉल भी नहीं लग रहा था रामु और जय तो परेशान हो गए थे, मैं, अरे माँ जी हम जंगल वाले रिश्ते पर रहे होंगे इस लिए हम सब का कॉल नहीं लगा होगा, सासकविता, कोई बात नहीं दामाद जी वैसे भी जब बच्चिया आप के साथ गई थी तब से मुझे कोई फ़िक्र hi नहीं थी? मुझे पता थी ये बात की आपके साथ बछिया अछि hi होंगी बस रामु और जय लोग फ़िक्र कर रहे थे और जब मैने उन्हें समझे तब जा के उनकी फ़िक्र दूर हुई, और है रानी बेटी सब रिस्तेदार सो रहे है उनके लिए ग्राम पंचायत भवन में वेवस्था की गई है? लेकिन कुछ औरते यही घर पर है सब यहाँ वह जहा जगह मिली है उन्हें वो जा के सो गई है अब तुम लोग को भी जहा जगह मिले सो जाओ और खाना खा के तुम सब भी आराम करो क्युकी कल बहुत बड़ा दिन है राधा की

शादी का इस लिए अचे से सब अपनी अपनी नीद पूरी कर लो नहीं तो कल रात सायद hi तुम सब को सोने के लिए मिले समझे?, रानी, ठीक है नानी? लेकिन ये देखिये आपके लिए साड़ी ले हु वो बेग खोलने लगी तभी सासकविता, अरे बेटी रानी मेरे पास तो थे कितनी साड़ी सरिया है फिर क्यों ले ै?, मैं, माँ जी आप तो इस घर की मालकिन है अगर आप hi नयी कपडे नहीं पाऊँगी तो हम सब कैसे पहन सकते है ये मेरे संस्कार में नहीं है और तो और यह संस्कार मुझे अपने बुजुर्गो से मिले है वही लोग मुझे कहते थे की जब भी तीज, त्यौहार या घर में किसी की शादी हो तो सब से पहले अपने घर के बड़े बुजुर्ग को नयी कपडे पहनाओ? उसके बाद hi अन्यय परिवार वालो को नए कपडे दो?, सासकविता, उसे मेरी बात सुन का बहुत ाचा लगा और खुस होते हुए जग जग जिओ मेरे लाल? आज तक तो मेरे बचे भी इतना

ख्याल नहीं रखा जितना अपने रखा साथ hi आप मेरा खून न होने के बावजूद भी मेरे बारे में इतना सोचा वही मेरे लिए काफी है ये कह के वो मेरे मानते पर चूमि उसके बाद दामाद जी अपने खुसी खुसी लाये है तो माय पहन लुंगी लेकिन रानी कल सुबह दिखाना सरे कपडे अभी जा पहले खाना खा और जा के सो जा, रानी, हम खाना खा के ए है नानी?, सासकविता, फिर जाओ सोने रात के 12 बजने वाले है ये कह के वो अपने रूम में चली गई इधर जूही, भी अपने सास के जाने के बाद अपने रूम में चली गई साथ में अपने बेटी और पति के कपडे ले कर इधर रानी, सरे कपडे रति को देते हुए ममी आप अपने अलमारी में रख लो नहीं तो इतने सरे मेहमान ए है पता नहीं किसकी नज़र लग जाये मेरे कपड़ो पर और चुरा ले, रति, रानी की बात पर हस्ते हुए.. ला मेरी माँ अपने कपडे ये कह के

वो सरे कपडे के बेग अपने हांथो में ली और जाने लगी तभी मैं, रति फ्रिज से ठंडा पानी और कुछ चखना खाने को लाना तो माय ऊपर चाट पर रहूँगा, रति, मुझे घर के देखि लेकिन बोली कुछ नहीं इधर मैं और रानी दोनों सीधी चढ़ते हुए सबसे ऊपर वाले रूम में ए और रूम में आते hi रानी अपने सरे कपडे मेरे सामने hi खोल के अपनी ब्रा पंतय में पापा ऐसे hi सो जाऊ क्या?, मैं, उसकी छोटी छोटी चुकी जो ब्रा में कैद थे उसे घूरते हुए थोड़ा आगे गया और उसे अपने गले लगा के उसके होंठो पे हल्का सा किश करके नहीं बीटा सुबह सुबह कोई तुझे ऐसे देखेगा तो सायद वह गलत समझ जायगा की कोई अपने पापा के साथ ऐसे नग्गू पुंग्गु सोता है क्या?, रानी, मुझे अपने गले लगा के पापा आज मुझे आपके साथ ऐसे hi सोना है ये कह के वो मुझे लिए हुए गद्दे पर लेट जाती है.
 
अब वो मेरे निचे थी और मैं उसके ऊपर, ुर उसके ऊपर लेटने भर से hi मेरा लौड़ा अब अपने असली रूप में आने लगता है और जब पूरा सख्त हो जाता है तब रानी को अपने पंतय के ऊपर से छूट पर चुभने लगता है जिसकी वजह से रानी, सिसकारियां लेते हुए आह्ह्ह्हह.. पापा बहुत ाचा लगता है जब आप मेरे ऊपर ऐसे सोते हो तो ये कह के वह अपने नाजुक हांथो को मेरे कमर में दाल कर और ज्यादा चिपक सी जाती है, इधर मेरे लौड़े की हालत ख़राब होने लगती है रानी की जवान जिस्म की कुमारी छेद पर ठोकर मार के? (लुंड को क्या पता की वो जिसके छूट पर ठोकर मार रहा है? वो उसी के राश से पैदा हुई है और आज उसी के छूट में घुसने को बेताब नज़र आ रहा है ये छूट लुंड का खेल hi अजीब होता है साहेब जो रिश्ते के मर्यादा को बिलकुल नहीं देखता है उसे तो बस छूट से मतलब होता है), इधर मैं, उसकी

छोटी छोटी चुके जो ब्रा में कैद थे उसे अपने खुरदरे हांथो में ले कर.. रानी तेरा सीना इतना छोटा क्यों है बेटी?, रानी, मेरे हथेली अपने छोटी चुकी पर पा कर आहे भरते हुए आह्ह्ह्ह.. पापा पता नहीं क्यों मेरे इतने छोटे है कही कोई बीमारी तो नहीं है आप एक बार मेरा खोल के देखिये न?, रानी के ऐसा कहते hi मैं बस इसे के इंतजार में जैसे रुका हुआ था और रानी के कहने भर से hi मैं एक झटके में उसकी ब्लैक ब्रा को ऊपर उठा देता हु अब रानी के एक दम दूध से गोर चुके जो करीब 30 इंच के थे वो मेरे सामने आ जाते है साथ hi रानी के चुकी में अभी तक निप्पल नहीं ए थे ऐसा किसी किसी लड़कियों में होता है और कब निप्पल बनते है जब कोई लड़का उसके चुके को पिए वो भी कई बार तब जा के आते है, वही रानी, मुझे अपने चुकी को घूरता पा कर शरमाते हुए,

पापा बताओ न मेरे में कोई बीमारी तो नहीं है, उसकी बात सुन कर जैसे मैं होश में आता हु और झुक कर अपना कला मुँह पूरा खोल के उसके चुके को लेने की कोशिश करने लगा साथ hi दूसरे चुकी को आते की तरह मसलने लगा मेरे ऐसा करते hi रानी, सिसकारियां भरते हुए आह्ह्ह्ह.. नहीं पापा सशह्ह्ह.. इतना तेज नहीं दर्द होता है उम्म्म आह्ह्ह्ह लेकिन मैं, उसकी नहीं सुनता और साथ hi पंत में कैद लौड़े को उसकी पंतय के ऊपर से छूट पे मरते हुयी.. बेटी तेरी चुकी में कोई बीमारी नहीं है तू तो अपनी माँ पर गयी है, रानी, ये सुनते hi शर्मा जाती है, इधर मैं, जब तेरी माँ से मेरी शादी हुई थी तब उसकी भी इतनी hi छोटे थे? ये कह के पीर से उसके पुरे चुकी को मुँह में भर कर चूसने लगा वही रानी, मेरे सर के बालो को सहलाते हुए, फिर मम्मी के बढे पापा या इतने hi बड़े रह गए थे,

मैं, उसकी चुकी पर से मुँह हटा के है बीटा बहुत बड़े हो गए थे, ये कह के फिर से उसके पुरे चुकी को अपनी बड़ी जुबान निकल कर चाटने लगा साथ hi दूसरे चुके को अपने हांथो से मसलने लगा, रानी, आह्ह्ह्ह.. सशह्ह्ह.. जैसे मम्मी के बड़े किये आप वैसे hi मेरे कर दो न पापा क्युकी सोल्लगे की साडी लड़किया मुझे चिढ़ाती है इतने छोटे बूब्स होने पर?, इधर मैं, अब पागल हो रहा था मन तो कह रहा था अपना पंत उतर कर लौड़ा बहार निकलू और जल्द से जल्द रानी की छूट में गुशा दू, लेकिन अभी भी मेरे अंदर इंसानियत बाकी थी इसे देखते हुए, बीटा जब तेरी शादी होगी तब खुद बा खुद बड़ी हो जायगी, रानी, तुनक के रति ममी भी यही कहती है लेकिन मुझे अपने बूब्स अभी बड़े करने है समझे आप ये कह के वो थोड़ा गुस्सा हो जाती है, इधर मैं, अब उसके दोनों पैरो को फैला

के अपना लुंड जो पंत में एक दम तित था उसे छूट के मुहाने पर लगा के एक धक्का मारा जिससे रानी का मुँह खुल गया और अपना जुबान उसके मुँह में दाल दिया और रानी उसे चूसने लगी इधर मैं, कई जहटके मारा और रानी खुद को झड़ने से रोक नहीं पाती और पंतय के अंदर hi अपना काम राश को तयाग करने लगी साथ hi वो मेरे होंठो को किसी जंगली बिल्ली की तरह पिने लगी वही मैं, भी धीरे धीरे झटके देता रहा जब तक वो संत नहीं हो गई जब संत हो गई तब मैं उसके ऊपर से उठ कर बगल में लेट गया और उसकी और देख के.. बीटा तेरे बड़े ऐसे hi होंगे जैसे मैने आज तेरे साथ किया है लेकिन जो तेरा पति अपना दे सकता है वो माय नहीं दे सकता हु, रानी ये सुन क सोचने लगी की (जब उसकी शादी होगी तब मेरा पति ऐसा क्या टॉनिक देगा की मेरे बूब्स बड़े हो जायेंगे जो मेरे पापा नहीं दे सकते है).

इधर मैं, तेरा जो पति होगा वो अपना एक अनमोल चीज देगा जिसकी वजह से तेरे चुकी के साथ बदन भी खिलेगा साथ hi साथ तू माँ भी बनेगी ये सब तेरे पति से होगा न की अपने बाप से, रानी अभी भी लुम्बी साँस छोड़ते हुए पापा मुझे शादी नहीं करनी है आप को कितनी बार बोली हु इस लिए आप मेरे पति कौन होगा कौन नहीं होगा उसकी टेंशन छोड़ दीजिये और जैसे मम्मी के बूब्स अपने बड़े किये वैसे hi आप मेरे साथ करोगे मैं अब कुछ नहीं सुनना चाहती हु ये कह के वो मेरे से चिपक जाती है मैं, जनता था रानी बहुत जिद्दी लड़की है वो एक बार जो कुछ कह दे तो वो अपनी बात मनवा के रहती है? सायद मैं hi उसे अपने सर पर चढ़ा दिया था.. लेकिन मेरा उसके अलावा अब कोई था hi नहीं इस लिए उसके हर बात मंटा था इसे देखते हुए मैं, ठीक है बेटी जैसा तू कहे लेकिन हम जब यहाँ से कही जायेंगे तभी?
 
रानी, अब खुस होते हुए ठीक है पापा आप जहा मुझे ले जाओ माय आपके साथ चलने को तैयार हु ये कह के सोने लगी तभी मैं, बीटा तू जा पहले कोई अपनी पतली वाली निघ्त्य पहन ले वैसे भी कूलर तो चल hi रहा है इस लिए गर्मी नहीं लगेगी?, रानी ठीक है पापा, मैं, तू अपनी निघ्त्य पहन के आराम से सो जा माय थोड़ा ड्रिंक करके आता हु बहार से ये सुन के रानी ठीक है पापा?? ये कह के बिस्तर से उठी और बाथरूम में चली जाती है फ्रेश होने के लिए.. इधर माय, अपने कपडे उतर के एक हाफ पंत और टीशर्ट पहना उसके बाद बेग जो सहर के मॉल से दारू राखी हुई थी उसमे से निकल के रूम से बहार आया और चाट के आखरी छोर पर गया जहा से गाओ की रोड दिखती है वह 2 चेयर लगा के बैठ गया, मौसम अब थोड़ा ठंडा हो चूका था और चढ़नी रात में सब कुछ साफ़ साफ़

दिख रहा था ऐसे hi मौसम का मज़ा ले hi रहा था तभी किसी क चढ़ने की आवाज़ ै सीढ़ियों से और जब मेरी नज़र उधर गई तो देखा रति एक हाँथ में पानी की बोतल और दूसरे हाँथ में प्लेट थी और ऊपर आते hi वो इधर उधर देखने लगी क्युकी माय चाट के आखरी छोर पर बैठा था इस लिए रति को मैं नहीं दिखा इधर मैं, उसे धीरे आवाज़ में पुकारते हुए रति मेरी जान माय यहाँ बैठा हु ये सुन के रति, मेरी तरफ आई और आते hi क्या आप ऐसे चिल्ला के सब को हमारे रिश्ते के बारे में बता दीजिये ये कहते हुए मेरे सामने वाले चेयर पर प्लेट राखी और दूसरे हाँथ में जो पानी की बोतल थी उसे चेयर के निचे रख क अब वो मेरे सामने अपने दोनों हांथो को कमर पे रख के घूरने लगी इधर मैं, देखा की रति अभी एक लोग निघ्त्य पहनी हुई थी उसे गुस्से में देख कर मैं जल्दी से अपनी गॉड में खींच लिया

अब उसकी बड़ी गांड मेरे लौड़े के ऊपर थी और उसकी पीठ मेरे साइन पर थी वो थोड़ा कसमसाते हुए छोड़ो न राधे जी कोई आ जायगा वैसे भी रामु जी अभी सोये नहीं है वह सारा हिसाब लगा रहे है.. मैं, उसके पीछे से रति की कान को चूसते हुए अरे तू उसकी छोड़ जो तेरा असली पति है उसके लिए सोच अब चल एक राउंड हो जाये, रति, अपनी कान चूसे जाने से मेरी बहो में कास मसते हुए नहीं राधे जी वैसे तिलक की रात तो किया था?, वो थोड़ा स्माइल करते हुए बोली, मैं, साली तुझे नहीं पता की मेरी प्यास कितनी है तेरे जैसी दो से तीन औरतो को अभी के अभी छोड़ सकता हु साथ hi उनकी हालत भी पतली कर सकता हु. ये कह के उसके निघ्त्य के ऊपर से 36 साइज के चुके मसलने लगा, रति, मेरी बात सुन के थोड़े गुस्से से आप को जो करना है बस मेरे साथ किया करो अब माय आपके लाइफ में किसी और औरत को

नहीं देख सकती समझे आप? ये कह के वो अपनी सर को घुमाई और मेरे होंठो चूमने लगी उसका ऐसे अचानक किश करना मुझे ास्चर चकित करते है क्युकी रति, अभी तक पूरी तरह से खुली नहीं थी वो बात बात पर शर्माती थी लेकिन आज उसने खुद से hi किश किया, बिना मांगे, उधर रति, कभी मेरे ऊपर वाले होंठ तो कभी निचे वाले मोठे मोठे होंठ को चूसने लगी इधर मैं, तो बस उसका साथ hi दे रहा था की तभी निचे से एक आवाज़ आती है किसी को ऊपर चढ़ने की और रति ये आवाज़ सुनते hi मेरी गॉड से उठ कर कड़ी हो गई वही मेरा लौड़ा एक दम खड़ा था हाफ पंत के अंदर, उधर रति इस चढ़नी रात में उस तम्बू को भली भाटी जानती थी की वो क्यों खड़ा है साथ hi उसकी हवस भी जग चुकी थी वह तो एक बार छुड़वाने के मूड में पूरी तयारी कर चुकी थी लेकिन ऐसे किसी के आने की आहत उसकी हवस जैसे छू मन्त्र हो जाती है.
 
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