Usski Gali Mein Jaana Chorr Diya - Page 11 - SexBaba
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Usski Gali Mein Jaana Chorr Diya

आसिफ भाई खुशामदीद आप को मेरे थ्रेड पर.

बड़ी ख़ुशी हुई मुझे आप को इधर देख कर.

मैं कभी भी किसी को बुलाता नहीं पढ़ने के लिए, चाहता हूँ के लोग खुद देखे

और अपने मन से पढ़े, तो ज़्यादा ख़ुशी होती है जब कोई अपने आप बिना बुलाये आकर पढता है और पसंद करता है तो

हाँ अपने ओल्ड रीडर्स को बताता हूँ कबि के नयी स्टोरी स्टार्ट किया हूँ

भाई रही बात हीरो का हीरोइन से बिछड़ने की तो भाई इस में चेंज तो नहीं कर सकता मैं क्यूंकि कहानी की टिटिले से आप समझ hi गए हिन्ज के वो होना है इस कहानी में

मगर पढ़ते रहने को कहूंगा के आप देखे कभी किसी से बिछड़े से लाइफ में आगे किआ किआ तब्दीलियां होते हैं

और भाई बताऊंगा नहीं मगर सोचो आप किआ पता कभी बी िछडे हुए मिल भी जाए?? :डी

बहोत शुक्रिया आसिफ भाई आते रहना रेविएवस देते रहना मुझे ाचा लगेगा
 
बहोत बहोत शुक्रिया इतनी बड़ी और अछि रिव्यु के लिए विक्रम भाई,

तेहि दिल से शुक्रिया दोस्त.

भाई टाइटल से बुसस मतलब इतना होता है के रात को अभी वहां ठहरा था अभी स्पेंट थे नाईट ात Ruhi's प्लेस

यह पहली बार था के अभी रूही के घर रात को ठहरा था तो टाइटल मेरे हिसाम से सही था और अगर आप को नहीं लगा के अभी रत को वहां ठहरा था तो किआ कहूं भाई?!

अब मेरी समझ में नहीं आया के आप ने म्यूजियम से क्यों कपड़े किया

नमूने भाड़े हैं हीरो को छोड़ कर? :हम्म:

और अपडेट में भी आप को नमूने भाड़े दिखे हीरो को चोरर कर?

किआ मतलब भाई मैं सच में नहीं समझा....

3500 वर्ड्स लिख डाला उस अपडेट में तो सिर्फ और सिर्फ हीरो को लिखा 3500 वर्ड्स में किआ भाई?

अब अगर और लिखता बाकी के चरक्टेर्स को डेस्क्रिबे करके या घर के हर कोने को दिखा के तब तो 500 से 10ल वर्ड्स लिखना पड़ता एक अपडेट में :lol:

आप ने कहा के महेश की करैक्टर नहीं समझ में आया आप को एकदम आउट ऑफ़ मुंड?

अरे यार वो महेश नहीं मनोज है, तो किआ समझ में नहीं आया आप को? मनोज बड़ा भाई है तो उस्का रिएक्शन वैसा था

बाकी जब अब आप ने अपडेट के बारे में कहा वो आप ने सही कहे उसस्के लिया थैंक्स वैरी मच

#रही बात मनोज की तो हाँ उस्सको सब पता था- मगर आप एक दूसरे एंगल से सोचिये- एक बड़ा भाई घरत में एक अजनबी को रुकते हुए देखता है और माँ से सवाल तो करेगा hi नाह के वो क्यों टहहरा है ख़ास कर जब उस्सको पता है के उस में और उस्सकी बेहेन में कुछ तो चल रहा है.... उसस्के ख़याल में एहि भी तो आ सकता है के रत में दोनों के बिच कुछ हुआ तो बड़े भाई होने के नाते उस्सको भी जवाब देना पड़ेगा के उसस्के होते हुए अभी और तुम्हारे बेहेन के बिच किआ हुआ रात को..... मनोज ने यह सब सोचा होगा और बड़े भाई होने के नाते मुझे सही दिखा उस्का सवाल करना अपनी माँ से....

आप को सही नहीं लगा तो किआ कहूं विक्रम भाई..... ओने man's मीट कैन बे ानोथेर man's पाइजन नाह भाई तो सबको सब कुछ शामे नहीं दीखता और शामे ओपिनियन नहीं होता हर एक के....

अनीहौ आप का शुक्रगुज़ार हूँ भाई

ी लव कंस्ट्रक्टिवे क्रिटिक एंड अप्प्रेसियते एंड वेलकम थम आप ऐसे hi कमेंट करते रहना भाई :हैप्पी: :हुग:
 
अरे सुनील भाई आप ने इंग्लिश में रिव्यु दिया आज :डी

थैंक्स वैरी वैरी मच बीआरओ, लव्ड योर वर्ड्स एंड अप्प्रेसियते थम :हुग:

डोंट गेट कन्फ्यूज्ड बीआरओ, यू विल गेट आल आफ्टर फ्यू मोरे उपदटेस
 
विक्रम बीआरओ थे वोउल्ड हैवे बीन रेपेटिटिवे उपदटेस, थे शामे एंड शामे अगेन एंड अगेन....

होवेवेर, इन फ्लेशबैक्स अभी विल रेमेम्बेर फ्यू ऑफ़ थम लेटर थें यू विल गेट part ऑफ़ थम लेटर बीआरओ
 
अपडेट 32 थे लास्ट संडे ात वर्क

अगला दिन संडे था, 21सत दिसंबर, फिर भी काम पर जाना था क्यूंकि काम को और 3 दिनों में एन्ड करना था. रात भर अभी ठीक से सोया नहीं था, करवटें बदलता रहा रूही की याद में उस्सकी बदलती हुई अदाओं को सोचते हुए. क्यों वो बदलने लगी थी? क्यों मेहबूब से दररने लगी थी? क्यों उस्सकी माँ भी कुछ अजीब बेहवे करने लगी थी….. अभी अपना चैन ो सुकून खोने लगा था इन् दिनों को….

रूही की आँगन में दाखिल होने से पहले अभी सोच रहा था के काश आज रूही सुबह को दिख जाए; कम से कम आज बगीचे में फूल तोड़ती हुई दिख जाए तो उस्सको गुड मॉर्निंग कहेगा पिछली बार की तरह…..

आंगन में दाखिल हुआ, सर निचे झुकाये सोच में डूबे अभी चला जा रहा था के उस्सकी मांगी हुई दुः क़ुबूल होते दिखाई दिए, रूही बगीचे में गुलाब तोड़ रही थी!! अभी का दिल उस दिन की तरह धड़का, रुक गया, खुश भी था और घूम ने भी घर किया हुआ था उसस्के दिल के अंदर, फिर भी कहा, “गुड मॉर्निंग रूही”

रूही ने जवाब नहीं दिया मगर मुस्कुराते हुए अभी को देखा. अभी खड़ा हो गया उस से बात करने के लिए, तब रूही ने कहा,

“उफ़ आप जाओ, सब लोग घर पर हैं मनोज भी यहीं है आज संडे है आप जाओ नाह प्लीज! मुझसे बात मत करो, और मुझको बार बार देखना मत काम करते वक़्त.”

मायूस, अभी वहां से बिना कुछ कहे गया वाशरूम के तरफ चेंज करने. चेंज कर लिया तो मेहबूब के किचन के पास से गुज़रा तो पाया के रूही भी उधर आयी हुई है, वो अपनी येलो निघ्टड्रेस में थी, जो बहोत लम्बी ड्रेस थी, जिस्सको रूही को एक हाथ से संभालना पड़ता था चलने के लिए थोड़ा सा ऊपर उठाकर…. तो वो और अभी बिल्कुल एक दुसरते के करीब थे, फिर अभी ने कहा,

“तुम ने आज भी गुड मॉर्निंग का जवाब नहीं दिया? किआ तुम लोग इस इलाके में गुड मॉर्निंग नहीं विश करते को एक दूसरे को? लगता है तुमको आदत नहीं गुड मॉर्निंग करने की नाह?!”

रूही ने डेंटन में जैसे सॉरी कहते हुए अपने होंठ को दबाया और रहीम की किचन में घुस गयी मुड़कर अभी को देखते हुए.

बाद में अभी बस के अंदर काम करने लगा और रूही किचन की स्टैर्स पर कड़ी अभी को देख रही थी एक मुस्कान के साथ. अभी ऐसा फील कर रहा था जैसे शुरू के दिनों में नए नए मिले थे दोनों, पहली बार… जैसे अभी नयी नयी पहचान हुई थी दोनों के….

फिर जब बाकी के लोग काम पर आये तो रूही ग़ायब हो गयी 2 घंटे तक नहीं दिखी. रूही की माँ कपडे धोते हुए नज़र आयी तो अभी ने उस से पूछा के रूही किधर है तो उस्सने कहा के रूही बीमार है!

अभी को काम करते हुए हथोड़े से लग गया उस्सकी एक ऊँगली में, खून निकल रहा था, रूही की माँ ने वो देखा, तो अभी गया रूही की माँ से यह कहने के रूही को बता दें के आज 1 बजे वापस चला जाएगा क्यों के संडे है; तो रूही उस से मिलने आये जाने से पहले क्यूंकि अभी को कुछ बहोत ज़रूरी बातें करनी है रूही से आज. मगर रूही की माँ ने अभी से कहा के रूही नहीं मिल पाएगी उस से आज क्यूंकि उस्का बड़ा भाई घर पर है, बहोत सारे लोग हैं आँगन में क्यूंकि संडे है और सब लोग दोनों को देखेंगे और मेहबूब को पसंद नहीं है. मगर रूही की माँ अंदर गयी और कुछ दवा लेकर आयी और अभी की घायल ऊँगली में लगाया, और पूछा कुछ आराम मिला के नहीं. तो अभी ने जवाब दिया,

“आप ने ऊँगली पर तो आराम दे दिया आंटी, कलेजे में लगी हुई रूही से केहदो नाह के वहां थोड़ा मरहम लगा दे प्लीज.”

यह कहते हुए अभी के ाँकेः भर आये, रूही की माँ ने अभी को ग़ौर से तरसती नज़रों से देखा और कहा,

“बहोत बड़े बड़े बातें करते हो तुम अभी, ऐसे hi बातों से मेरी बेटी को अपना दीवाना बनाया है नाह? मगर बुसस इतना कहूँगी के धीरज रखो तुम जो होना है सो होगा.”

जब 1 बज गया तो अभी ने देखा खिड़की के पास रूही की माँ कड़ी है और रूही उसस्के बगल में अभी को देखते हुए हंस रही है और अपने जीब से चढ़ा अभी को अपनी माँ के सामने हमेशा की तरह. तो अभी ने सोचा इस्सके मतलब यह हुआ के जो कुछ भी अभी ने रूही की माँ से कहा वो सब उस्सने अंदर जाकर रूही को बताया. माँ बेटी में जबरदसर बॉन्डिंग थी, प्यार की बातें जो एक आशिक ने कहा अपनी बेटी तक पहुँचाने के लिए वो माँ ने जा कर बेटी को बताया वह किआ बात है अभी ने यह सोचते हुए खुद से कहा के हो सकता है माँ से किसी ने ऐसे रोमांस नहीं किया होगा इस लिए उस्सको अभी का आशिकाना अंदाज़ बहुत पसंद आरहे थे इस लिए उसस्के मैसेज को अपनी बेटी तक पहुंचा रही थी.

रूही कोई 15 मिनट तक वहीँ खिड़की पर तक लगाए हुए अभी को देखती रही, जीब से उस्सको छेड़ती रही, 1.15 हो गया, मगर सईद काम एन्ड नहीं कर रहा था, और रूही अब तक अपनी निघ्टड्रेस में hi थी तो अभी ने खुद से कहा रूही की तबियत सच में ठीक नहीं है वार्ना इतने देर तक संडे के रोज़ वो निघ्टड्रेस में नहीं रहती. जिस तरह से रूही अभी को देखती, चढ़ती, वो अभी को बेहद पसंद था, और उस्सको हिम्मत होती थी और उस्का हौसला बढ़ता था और अभी खुद से कहता के ‘यह लड़की कितना प्यार करती है मुझसे वार्ना यह सब क्यों करती? तबियत ठीक नहीं फिर भी 15 मीन्स से ज़्यादा खिड़की के पास कड़ी होकर मुझको नहीं देखती’

जब अभी वाशरूम से धो ध कर अपने सफर करने वाला साफ़ सुथरा ड्रेस पेहेन कर आया तो रूही वहीँ कड़ी पायी गयी खिड़की से तक लगाए हुए. मतलब क्यूंकि अभी ने उस्सको वेट करने को कहा था वो वेट कर रही थी, अभी ने कहा था 1 बजे, और 1 बजे से 1.30 हो गए थे और वो वहीँ वेट करती रही, क्यूंकि अभी ने मैसेज भेजा था उस्सकी माँ से के उस्सको कुछ बहोत ज़रूरी बात करनी है. और माँ ने सब बिल्कुल एक्सएक्ट बताया होगा रूही को के अभी ने तुझे बोलने को कहा है के वो आज 1 बजे काम एन्ड करेगा और तुझसे मिलने को कहा है उस्सको कुछ बहोत ज़रूरी बातें करना है तुझसे!

“वह मम्मी जी सही मैसेज पहुँचाया आप ने अपनी बेटी को! थैंक्स मम्मी जी. होने वाली सासु माँ.” ऐसा अभी कह रहा था अपने दिल के अंदर.

तो जब अभी ने रूही को वहीँ खिड़की के पापैस् पाया जाते वक़्त तो खिड़की के तरफ बढ़ा रूही से बात करने के लिए. रूही मुस्कुराते हुए उस्सको अपने तरफ आते हुए देख रही थी. अभी उसस्के करीब रीच हुआ तो सबसे पहले कहा,

“निघ्टड्रेस में हो, रात हो गयी किआ?!”

रूही और उस्सकी माँ दोनों हंस पड़े. फिर माँ ने कहा,

“बहुत लज़ी है यह किआ तुमको ऐसी लज़ी लड़की चाहिए अभी?!”

अभी ने कहा,

“चलेगा, मैं उसस्के हिस्से के कामों को कर दिया करूँगा जिस दिन उस्सको ऐसे लज़ी फील होगी तो, वैसे मुझे पता है के रूही बिल्कुल लज़ी नहीं है, क्यूंकि इतने दिनों से उससे इतने सारे घर के कामों को करते देखते आया हूँ, किचन में पकाती है, मुझको कितना ाचा पकवान पका के खिलाई है िस्सने, झाड़ू पोंछा लगाती है, कपडे धोती है…. तो लज़ी कैसे हुई आंटी जी!”

रूही मुस्कुरा रही थी अभी के चेहरे में देखते हुए के किश तरह से अभी उस्सकी तारीफ़ कर रहा था, उसस्के चेहरे में एक चमक थी अभी को अड्मिरतीओं से देखते हुए. माँ ने कहा,

“सुन ऋ रूही तेरी तो बड़ी तारीफ़ कर रहा है यह, तुझको पटना अत है इस्को, बड़ा होशियार है यह अभी!”

रूही ने अभी को देखते हुए hi अपनी मम्मी से कहा,

“मैं ने कहा था नाह आप से के बहोत होशियार है अभी!”

फिर रूही ने अभी से पूछा,

“अभी आप ने कहा के आप मेरे हिस्से के कामों को कर डोज जब मैं लज़ी फील करुँगी तो, तो आप मुझे बताइये के आप को घरके कौन सा काम करना अत है?!”

जो जवाब अभी ने दिया रूही और उस्सकी माँ को वो सुन कर दोनों माँ और बेटी दांग रह गए और अभी को इस तरह देखते रहे के जैसे कभी नहीं देखा था उस्सको.

अभी ने जवाब में यह कहा,

“मैं बड़ा बीटा हूँ अपनी माँ का, बाकी 3 भाई और मुझसे छोटे हैं, बहनें तो लास्ट में पैदा हुए, मैं ने दोनों को पला, खिलाया अपने हाथों से, और भाइयों को भी. जब भी माँ बीमार होती मुझे hi घर के सारे काम करने पड़ते थे, कपडे धोना, हर सुबह को आता गुंदना और रोटी पकाना, चाय बनाना, भाइयों को नहलाना, खाना देना, स्कूल के लिए तैयार करना, स्कूल भेजना, और खुद तैयार होना और स्कूल जाना, वापस आना, सब के लिए खाना पकाना, पत्थर पर कपडे धोना जैसे आप दोनों धोते हो, बड़े बड़े चादर को धोना ऐसे hi पत्थर पर, पत्थर पर मसाला पीसना…. और सारे बर्तनों को धोना, साफ़ करना, घर में हर रोज़ झाड़ू लगाना, पूंछा लगाना….. सब कुछ करना आता है मुझे!”

यह सब सुनने के बाद रूही के आँखें बिल्कुल भर आये थे, और लगता था के वो लपक कर अभी के गले में बाहें भाड़ देगी….. रूही की माँ बिल्कुल खामोश हो गयी थी कुछ देर तक और अभी के चेहरे में देखि जा रही थी… फिर दोनों माँ बेटी ने एक दूसरे को देखा, और रूही की माँ ने पूछा,

“तुम्हारी माँ अक्सर बीमार रहती है किआ?”

अभी: “अब नहीं, जीन दिनों मैं पढता था तब बहोत बीमार रहती थी, 3 ऑपरेशन हुई उस्सकी तब ठीक हुई, स्टोन्स हुए थे ब्लैडर में और एक बार गोइटर की ऑपरेशन किया था फिर एक बार पथ में कुछ हुआ tha…unn दिनों मैं 8 से 18 साल का था…. मेरे 19 होने के बाद माँ कभी बीमार नहीं हुई, और तब तक नैना बड़ी हो गयी और अब वो माँ की मदद करती है किचन में और बाकी के घर के कामों में. नैना ने बहोत सारे घर के काम मुझसे सीखी है माँ से नहीं! आज भी कुछ पकाती है तो मुझसे पूछने आती है के यह ऐसा करना है या वैसा? नमक कितना डालना है ेट्स…..”

रूही सब फिर से बड़े ध्यान से सुन रही थी और कहा,

“हम्म्म तो आप को पकाना भी अत है, उस दिन मेरा पकाया हुआ जो खाया था कैसा था?”

अभी: “आरी आज पूछ रही हो? बेस्ट था स्वीटहार्ट!”

और आखिर में अभी ने रूही को पीछे आने को कहा क्यूंकि उस्सको कुछ ज़रूरी कहना था अभी ने कहा उस्सको. मगर रूही ने कहा “नाह” और अभी को जीब से चिढ़ाया और घर के अंदर भाग गयी!”

अभी ने उसस्कीमा को देखते हुए कहा,

“कमाल है समझती नहीं के “ज़रूरी” का मतलब किआ है यह लड़की?!”

रूही की माँ ने धीरे से कहा,

“नहीं आ पाएगी, मनोज घर पर है, बाहर मेहबूब है उस्सको सुन्ना पड़ेगा जब आप चले जाओगे तो, अब आप जाओ अभी…..”

अभी जाने लगा था के रूही की माँ ने हँस्ते हुए कहा,

“वैसे, आप किआ कुछ करते हो घर के कामों को बता कर उस्सको और ज़्यादा पता लिया लगता है, है नाह अभी?”

और अभी को वापस घर लौटना पड़ा बिना रूही से अपना इम्पोर्टेन्ट बात कहे….. जाते हुए बार बार मुड़कर देखता गया के काश रूही किचन के पास दिखे या खिड़की के पास आये मगर नहीं दिखी…..

घर जाने से पहले अभी ने ा क्रिसमस विशिंग कार्ड ख़रीदा रूही के लिए, एक बड़ा सा कार्ड लिया उस्सने.

अभी ने खुद से कहा के वो अब रूही को समझ नहीं पा रहा है. कहाँ अब रूही को उस से और ज़्यादा करीब आना चाहिए था मगर रूही उस से ज़्यादा दूरी बनायी हुई थी. इस से पहले रूही उस से घंटों से ज़्यादा बातें किया करती थी और अब 5 मीन्स भी नहीं करती और कहती के लोग देख रहे हैं….

घर वापस आकर अभी ने सब कुछ अपने डायरी में लिखा, शाम के 5 बजे बीएड पर लेटने गया, उस्सको जगाने से मन किया नैना और अपनी माँ को - और रात को बारह बजे जाएगा… इतनी थकान थी के उस्सको होश hi नहीं रहा के कब दिन है और कब रात.

और रात के 2 बजे अभी ने रूही के लिए दूसरा खत लिखा जिस्सको विशिंग क्रिसमस कार्ड के साथ कल पोस्ट करेगा रूही के hi इलाके वाले पोस्ट ऑफिस में.

तो बे कॉन्टिनोएड….(2002 वर्ड्स)
 
अपडेट 33 – लास्ट मंडे ात वर्क

दिसंबर 22ंद

ये दिन अभी के लिए सबसे भादि दिन था उस आगाँ में अभी के लिए काम करते हुए दिनों में. इस लिए के इस दिन को रूही ने अभी को बिल्कुल भी भाव नहीं दिया था, बात नाह से बराबर हुई थी, और दूरी तो जैसे अजनबियों के बीच होते हैं वैसा था. इंग्लिश में अभी ने लिखा था, “शी दीद नॉट टेक अन्य केयर ात आल अबाउट में, no कन्सिडरातिओं, लिखे ी दीद नॉट इवन एक्सिस्ट!”

सुबह को एक बार अभी ने रूही को देखा तो बुसस इतना कह पाया, “हे रूही” मगर रूही सीधा चलती गयी और अभी को ऊंची आवाज़ में कहना पारा, “यू विल रिसीव ा लेटर फ्रॉम थे पोस्ट ऑफिस टुडे, कीप वाचिंग” रूही अभी से सिर्फ दूर रह रही थी.

कुछ देर बाद अभी गया उस इलाके के पोस्ट ऑफिस और रूही की विशिंग कार्ड को पोस्ट किया अस ा रजिस्टर्ड लेटर.

पोस्ट ऑफिस से अभी वापस आया तो देखा के रूही उस रेड स्कर्ट और वाइट ब्लाउज में ड्रेस्ड थी जिस्सकी 3 दिन पहले अभी ने उससे पेहेन्ने की फरमाईश किया था.

और एक बार अभी ने रूही को साइकिल पर अपने एक कजिन सीस के साथ शॉप जाते हुए देखा.

और 1.30 को अभी ने रूही को पोस्टमैन से लेटर लेते हुए देखा. लेटर, याने विशिंग कार्ड लेकर एक नज़र रूही ने अभी को देखा और भाग कर घर के अंदर गयी और ज़ोर से अपनी माँ को आवाज़ दिया……

अभी ने अपना काम जारी रखा…. उस्सको पता था के अंदर उस्का खत पढ़ रही होगी, शायद अपनी माँ को सब बता रही होगी के अभी ने किआ कहा है चिठ्ठी में….

अब इस बार चिठ्ठी में अभी ने किआ लिखा था?

लिखा था इंग्लिश में hi, मगर कहा कुछ ऐसा था रूही को उस लेटर में:

“रूही सबसे पहले मैं तुमसे एक सवाल पूछता हूँ, रूही मुझे बताओ के हम दोनों के बिच पिछले 3 दिनों से किआ चल रहा है? पिछले 3 दिनों से तुम मुझसे एक डिस्टेंस रखने लगी हो क्यों रूही मैं जानना चाहता हूँ के बात किआ है? तुम को मेरे और बहुत ज़्यादा करीब होना चाहिए था इन् दिनों मगर तुम ने तो और भी दूरी बना रखा है क्यों रूही, क्यों?

इस से पहले तुम मुझसे ओपनली बात करती थी बिना किसी डर के, और अब जबकि हम दोनों ने आपस में बात कर लिए हैं, तुम मेरे पास भी नहीं आरही हो?! मैं अब किआ समझूँ रूही? इस्सके किआ मतलब है? रूही तुम मेरे पास आने के लिए किश से डर्टी हो अब? किस्सका डर है तुम्हें मुझे बताओ प्लीज. हम कुछ ग़लत तो नहीं कर रहे हैं नाह तो डरना क्यों है?

तुम्हारी यह बेरुखी मुझ पर किआ क़यामत ढाती है पता है तुम्हें? मुझ पर किआ गुज़रता है इस्सके एहसास है तुमको रूही? मेरी जान पे बन आती है रूही….”

और बहोत कुछ लिखा था अभी ने उस लेटर में जैसे लिखा था उस्सकी पिता आने वाला है तो रूही के तरफ से अपने पिता को कन्विंस करने को कहा था, और अपने तरफ से अभी अपना पूरा कोशिश करेगा उसस्के पिता को मानाने को के वो दोनों के रिश्ते के लिए हाँ कहे. अभी ने लिखा था

“तुमने कहा था के तुम्हारे पापा बहोत कूल और नरम दिल इंसान है, तो अगर तुम उस से कहोगी के तुम मुझसे प्यार करती हो तो वो कभी इंकार नहीं करेगा, मेरे तरफ से मैं भी उस से कहूंगा के मैं तुमको दिल ो जान से चाहता हूँ, उधर तुम कहोगी के तुम मुझे चाहती हो तो वो ज़रूर मान जाएगा, मगर अगर तुमने कुछ नहीं कहा और सिर्फ मेरे तरफ से कहा जाएगा तो हो सकता है के वो समझे के मेरा प्यार एक तरफ़ा है, इस लिए तुमको भी बात करना होगा रूही, don’t फॉरगेट तहत माय लव.”

यह भी लिखा था के शायद 23रद या 24तह को काम का आखरी दिन होगा और अभी ने रिक्वेस्ट किया था रूही से के लास्ट डे को वो पुरे दिन अभी के सामने रहे, वो उस्सको दिन भर देखना चाहता था आकृ दिन को….

तो अभी काम करते हुए खुद अपने लिखे हुए शब्दों को याद कर रहा था और सोच रहा था के अभी अंदर रूही वही सब पढ़ रही होगी और अपनी खूब सूरत समास की विशिंग कार्ड देख रही होगी और उस पर प्रिंटेड खूबसूरत लव्ज़ों को पढ़ रही होगी.

और हाँ आखिर में P.S लिखा था अभी ने खत ने निचे बोल्ड में:

P.S: (24तह को मैं चला जाऊंगा, मगर 31सत तक तुमको एक और खत पोस्ट करूँगा नई ईयर के मौके पर…. उस में तुमको दिन और तारिक़ बताऊंगा के कब अपने पेरेंट्स के साथ तुमको देखने आऊंगा, या हो सकता है के एक बार मैं अकेले आऊंगा, उसस्के बाद तुम्हारे पेरेंट्स से डिसकस करने के बाद तब अपने पेरेंट्स को लेकर आऊंगा तुम्हारे घर. सो, वेट फॉर ानोथेर लेटर फ्रॉम में बी थे 31सत डम्बर.)

चिठ्ठी पढ़ने के बाद रूही टेरेस पर आयी और अभी को प्यार भाड़े नज़रों से देखा. अभी ने सोचा के अगर वो खत नहीं मिलता आज तो शायद उसस्के सामने आती hi नहीं वो.

रूही की माँ अभी को रूही के पीछे से देख कर अभी के साथ हंस रही थी, और अभी रूही के चेहरे में देख रहा था, और रूही अभी को फिक्स देख रही थी मगर अभी समझ गया के रूही उस से कुछ कहने की कोशिश कर रही थी मगर नहीं कह पा रही थी क्यूंकि बहोत सरे लोग थे बस में और बस के आगे पीछे चारों तरफ. मनोज, महेश, मेहबूब, रूही के चची और कौसिन्स सब थे बस के आस पास. पेंटिंग हो गयी थी लग भाग और बस खूबसूरत दिखे लगी थी….. फिर भी बस के अंदर बहोत सरे छोटे छोटे काम बाकी थे जो अभी पूरा कर रहा था….

फिर भी रूही ने एक बार हाथ के इशारे से अभी को जैसे किसी चीज़ के लिया मन किया हाथ को नाह में हिलाते हुए. अभी कुछ भी नहीं समझा. मगर रूही मुस्कुरा भी रही थी साथ में. अभी रूही से बात करने की कोशिश कर रहा था मगर रूही ने मेहबूब के तरफ अपनी ऊँगली पॉइंट किया, मतलब उसस्के होते हुए वो बात नहीं करेगी. कुछ देर तक रूही खुश दिखी और अभी के आस पास रही मगर कुछ देर बाद फिर से वो डिस्टेंस रखने लगी.

रूही अपने भाई महेश, अपनी चाचा की बेटी, और फ़र्ज़ीनः के साथ हस्सी मज़ाक कर रही थी, और अभी को बिल्कुल देख hi नहीं रही थी जैसे अभी वहां था hi नहीं….. अभी तड़प रहा था, उस्का दिल दुखने लगा था, उस्सको घुटन फील होने लगा था…. अभी को ज़ोर से चिल्ला कर रोने का मैं कर रहा था….. उस्सको हेडाचे ार हेअरटाचे एक साथ हो रहा था रूही की बेहेवियर से…. अभी चाहता था के रूही उस से उस तरह से पेश आये जैसे 7 दिन पहले थी, जैसे उस दिन को थी जिस रात को अभी ने उसस्के घर गुज़ारा था, अभी उस दिन की तरह रूही के साथ रहना चाहता था जीन दिनों को हर बार रूही के साथ घर के पीछे जा कर उस्सको बाहों में भरके किश किया करता था…. अभी को रूही को ज़ोरों से बाहों में भरने का मैं कर रहा था , वो जैसे टिल टिल मर रहा था, घुटन फील हो रहा था और उस्सको सांस लेने में तकलीफ होने लगा था….

फिर भी उस्सको काम करना था, इतने छोटे छोटे बोरिंग काम थे बुसस के अंदर और अभी का दिमाग़ी हालत कुछ ऐसा था के काम नहीं हो पा रहा था उस से….

काम लेट एन्ड किया उस दिन. जब अभी टूल्स रखने जा रहा था वाशरूम में तो रूही अपने भाई महेश और कजिन सीस के साथ पेयर के निचे बैठी हंसी मज़ाक कर रही थी… अभी का दिल दुःख रहा था और वो हंस रही थी…. अभी को ग़ुस्सा भी आ रहा था क्यूंकि उसस्के दिमाग़ ने काम करना बंद कर दिया था उस वक़्त….

और जब अभी उन् तीनों के पास से गुज़रा तो रूही ने कुछ ऐसे बातें किये अभी को सुनाने के लिए के अभी दांग रह गया… रूही ने अपनी कजिन सीस से हँस्ते हुए और चिढ़ाते हुए कहा,

"तो तुम किआ समझ रही हो के मैं तुमसे शादी करुँगी? क्यों तुम सच में समझ रही हो के मैं तुमसे शादी करुँगी? हाहाहाहाहा!!”

यह किआ था? अभी के लिए था? या वह लोग सिर्फ मज़ाक कर रहे थे? मगर अभी ने तो अपने पे लिया…. रूही ने उस बात को रिपीट किया नज़रें चुराते हुए अभी को देख कर जिस्सको अभी ने देखा… मतलब अभी ने रूही को हँस्ते हुए और उस से नज़रें चुराते हुए देखा जब वो बात को रिपीट कर रही थी के , किआ तुम समझते हो के मैं तुमसे शादी करुँगी?

वो सब देखने और सुनने के बाद अभी को लगा के उसस्के दिल के कई टुकड़े हुए तुरंत उसी वक़्त… उस्सको लगा के उस्सकी सांसें रुकने लगे हैं, लगा के वो होश खोने वाला है, उसस्के आँखों के सामने अँधेरा सा छ गया, और वो जहाँ था वहीँ बैठ गया, दीवार से तक लगाते हुए…. टोनी गुज़र रहा था, तो अभी के पास बैठ कर पूछा के किआ हुआ….

तब रूही और टीम खामोश हो गए थे अभी को उस हालत में देख कर….. कुछ देर बाद सुनील ने अभी से पूछा के किआ हुआ… अभी ने कहा,

“यार मुझे अब लगता है के रूही चाहती hi नहीं के मैं उस्का हाथ मांगूं शादी के लिए… लगता है उस्का प्यार एक झूट था मेरे लिए….”

सुनील ने कहा,

“मैं उस से बात करूँ? ठीक है मैं बात करता हूँ रूही से!”

मगर अभी ने रोका सुनील को और कहा अगर ज़रुरत पड़ेगी तब उस्सको बताएगा….. अभी अपना सेल्फ रेस्पेक्ट नहीं खोना चाहता था मगर यह भी कहता खुद से के जुंग और मुहबत में सब कुछ जाइज़ है तो सेल्फ रेस्पेक्ट खोना कौन सी बड़ी बात है….

अभी सोचने लगा के इतने सारे बात लिखा था उस्सने उस खत में जिस्सको रूही ने कुछ देर पहले पढ़ा, अपनी दिल की बात लिखा था, रूही से कहा था के उस पर किआ बीत रहा है उस्सकी बेरुखी और दूरी रखने से, और रूही उस तरह से बेहवे कर रही थी, उल्टा रूही को उस खत को पढ़ने के बाद अभी को इमोशनल सपोर्ट देना चाहिए था, मगर रूही तो सब उल्टा कर रही थी…. किश से अपना दिल का दुखड़ा रोटा अभी अब? कौन सुनता उसस्के दिल का हाल, किश से अभी अपने दिल के अंदर भाड़े घुटन को शेयर करता, किश के कंधे पर सर रख कर रोटा…. कौन था समझने वाला के अभी पर किआ बीत रहा था… जो समझने वाली थी, वही सितम पर सितम ढाये जा रही थी अभी पर….

अभी को अकेले सब कुछ ख़ामोशी से सहना था. खामोश रहा, अपने अंदर सब छुपाये रखा अभी ने….

जब अभी जाने के लिए तैयार हो गया तो रूही वहीँ बैठी रही, एक नज़र उठा कर अभी को देखा तक नहीं, अभी ने भी बिना कुछ कहे चुप चाप निकल आया वहां से…..

घर पहुँचने के बाद अभी अपने डायरी में सब कुछ लिखते हुए खूब रोया, अपने डायरी को अपने दिल के दुखड़े को सुनाया अभी ने….

सोच रहा था कल शायद आखरी दिन होगा रूही के आँगन में और उस्सको पता था के कल रूही के पिता आने वाला था, तो उस्सको दिख गया के कल का दिन और बुरा होगा क्यूंकि रूही अपने पिता के वापस आने की ख़ुशी में उस्सको और भी ज़्यादा इग्नोर करेगी…. फिर भी अभी ने सोच लिया था के अपने तरफ से जो उस्सको करना है वो कर के रहेगा, रूही के पिता से बात ज़रूर करेगा यह तय था अभी के तरफ से….

तो बे कॉन्टिनोएड……
 
कामदेव भाई व :अप्प्लायसे:

ेकडून एक्सएक्ट कहा है आप ने इमोशंस दो लोगों के बिच में जैसे होता और किआ होता है अगर एक तरफ़ा होता है.... वंडरफुल

थैंक्स वैरी मच भाई
 
बहोत बहोत शुक्रिया विक्रम भाई इतनी प्यारी, डिटेल्ड, और अनलयतिक रिव्यु के लिए

शुरू में आप ने मुझे हंसा hi दिया यह कहकर के

सो थिस इस कॉल्ड थे update.....a वैरी गुड अपडेट......

सच कहु तो वैसे तो आज के अपडेट में कोई खास बात नहीं thi....na ही कुछ ऐसा इवेंट हुआ जो की ज्यादा सोचने या बात करने लाया क हो.....


किआ भाई, वैरी गुड अपडेट पर अपडेट में कोई ख़ास बात नहीं, फिर इतनी बड़ी अपडेट जैसी रिव्यु बिना कुछ ख़ास के :lol:

बड़ा मज़ा भाई आप की एनालिसिस से.. और आप ने रूही के साइड से जो कुछ कहा एक दिन आप पढोगे खुद अभी एहि सब कहेगा, उसस्के दिमाग़ में भी सारे बातें ऐसे hi आएंगे जैसे आप ने सोचा और लिखा....

यह बिल्कुल सही बात है के जिस ने b=kabhi सेक्स नहीं किया उस्सको कण्ट्रोल करने में ज़्यादा आसानी होती है बल्कि जिस ने एक बार कर लिया फिर उस्सको जब मौका मिले तो संभालना मुश्किल होता है, 100% राइट.

हाँ मुझे बिल्कुल याद है लव विथ ा रेपिस्ट में मैं ने जो बयान किया था वो एक हकीकत है और सइंटिफिकल्ल्य प्रोवें है. वो लीबीदो के बारे में कहा था मैं ने. एक ऐसा शख्स जिस्सकी लीबीदो बहुत ज़्यादा था, हाई लेवल का था के एक मुर्गे की तरह वो एक घंटे में 7/8 बार सेक्स कर सकता था और 24 हॉर्स में तो 50 बार से भी ज़्यादा.... हियघ लेवल की लीबीदो वाले आइए शाख 1% के होते हैं दुन्या में मगर होते हैं उसी का उद्धरण दिया था मैं ने.....

बाकी जो कुछ आप ने कहा रूही की एक्ससिटेमेंट के बारे में आप सही बी हो और नहीं भी

वो इस लिए के रूही हो सकता है इस लिए भी अभी को सडके कर रही थी कीजनके उस्सने अभ को रेफुसे किया था पहले तो इस बार उस्सको खुश करना चाहती थी, वो अभी को अब वो देना चाहती थी जो उस से पहले जब अभी ने चाहा था तब रूही ने उस्सको रेफुसे किया था...

और हाँ तित फॉर तात दिया अभी ने रूही को सही बात ै

थैंक्स वैरी मच विक्रम भाई :हैप्पी:
 
भाई आप इतने गहराई में चले जाते हो अपडेट की मैं खुद सोच में पद जाता हूँ के कहीं मेरा स्क्रिप्ट आप के हाथ तो नहीं लग गया :डी

वंडरफुल रिव्यु बाई, सब बिल्कुल सही सही समझे हो आप और सही अनलयसे भी किया है

थैंक्स फ्रॉम थे डेप्थ ऑफ़ माय हार्ट भाई
 
अप्प्रेसिअशन के लिए बहोत शुक्रिया सुनील भाई.

हाँ भाई ग़ुस्सा और नफरत भी होने लगता है ऐसी किसी लड़की से जो इस तरह से दिल से खिलवाड़ करती है मैं समझता हूँ आप की रिएक्शन को भाई
 
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