अपडेट 13 थे वर्क एक्सेलरेटेड
दो हफ्ते बाद बस की बेस की फ्रेम वर्क हो गया और मनोज ने फोटो लिया तो ऐसा था:
अब इस फ्रेम से लेकर ऊपर तक बाकी के लोहे को वेल्ड करना था बस की कम्पलीट फ्रेम बनाना के लिए…..
एक महीने तक कुछ ऐसा hi चला अभी और रूही के बीच. अभी रूही को पागलों की हद तक प्यार करने लगा था. उसस्के बिना जीना नामुमकिन हो गया था अभी के लिए अब. सुबह शाम, रात दिन अभी के ख्यालों में अब सिर्फ रूही रहती थी. जैसे रूही अभी की सांस लेने की ज़रया थी, अभी की ऑक्सीजन थी वो. घर में अपनी बेहेन से सिर्फ रूही की बातें करता, डायरी में 100 पेजेज लिख चूका था “थे डेज ी स्पेंट ात Ruhi’s प्लेस” वाले डायरी में. और नैना, अभी की छोटी बेहेन सब पढ़ती थी उस डायरी में. जितना कुछ गुज़रा था रूही के साथ उस एक महीने में सब लिखा हुआ था उस डायरी में, और नैना को सब पता था.
नैना ने अभी से रूही की एक फोटो लाने के लिए कहा. अभी खुद कई दिनों से रूही से उस्सकी एक फोटो मांग रहा था मगर रूही देने से इंकार कर रही थी. आज के ज़माने में यह सब हुआ होता तो सिखरों पिक्स ले लिया होता अभी ने रूही की है नाह दोस्तों?
इस एक महीने में अभी कुछ और भी क्लोज हो गया था रूही से. अक्सर उस्सकी माँ साथ होती जब अभी रूही से बात करता. वो शायद इस लिए उस्सकी माँ वैसा करती थी, ताके मेहबूब को कहने का मौका नाह मिले के अभी और रूही अकेले में बातें कर रहे थे. ऐसा अभी सोच रहा था. मगर कभी कभी अभी अकेले भी बात करता था रूही से छुप छुपा कर. कभी रूही नार्मल रहती, अभी की हर बात को मानती, शाम को प्रेजेंट रहती अभी के जाने के वक़्त तो कभी बिल्कुल नहीं आती जैसे जान बुझ कर अभी को तारपाने के लिए. किसी दिन अभी बेहद खुश दीखता तो किसी दिन उदास काम करता क्यों के रूही सामने नहीं आती.
हर सतुरदेस को काम 2 से 2.30 को एन्ड होते और सभी सतुरदेस को रूही अपनी कोर्स के लिए जाती और अभी उस्सको बस के जगह से मैं रोड तक या कभी बस स्टॉप तक चौररने जाता और उस्सकी माँ दोनों को देख कर हस्ती. मगर जिस सैटरडे को मेहबूब होता आँगन में तब तो अभी नहीं जा पाटा रूही के साथ, मगर एक ट्रिक करता अभी, सिगरर्टे खरीदने के बहाने जल्दी से जाता रूही से बस स्टॉप पर मिलने और बात करने.
हर सतुरदेस को रूही एक अलग ड्रेस पहनती जिस में वो बेहद खूबसूरत दिखती और अभी मचल जाता, और भी पागल होता उस्सकी खूबसूरती को देख कर. होना भी था हर रोज़ रूही घर पर अपने घरेलु कपड़ों में अभी के सामने होती थी, तो जब सज संवर कर अच्छी कपड़ों में निकलती तो 100 गुनाह ज़्यादा खूबसूरत तो लगनी hi थी….
अभी को अपने दिल की बात कहने को मैं किया रूही से… थोड़ा घबरा भी रहा था अभी के सही वक़्त है कहें या नहीं, या थोड़े दिन और वेट करें…. फिर खुद से कहता के नहीं और कुछ दिन इंतज़ार करते हैं….. काम जल्दी आगे बढ़ रहा था और अब लगने लगा था के 4 महीने से पहले hi काम पूरा हो जाएगा, इस लिए अभी को अब जल्दी था रूही से बात करने के लिए….
उस आगाँ में तक़रीबन सब को पता लग चूका था के अभी और रूही के बिच कुछ चल रहा है…. सईद टीम के चरों को पता चल गया था के अभी रूही से बेहद प्यार करता है. सईद को भी पता था और मेहबूब को भी पता था मगर वो अनजान बनने का नाटक करता था. उस्सकी बीवी रहीम को पूरा यकीन था के अभी रूही से प्यार करता है क्यूंकि उस्सने कई बार अभी को रूही से इशारों में बात करते हुए देख लिया था वाशरूम से, और रहीम ने रूही को इशारों से जवाब देते हुए भी देखा था.
अब इतना पता नहीं चला था के किआ रहीम ने वो सब मेहबूब को बताया था या नहीं इस्सके बारे में वक़्त आने पर पता चलेगा.
श्वेता वीकेंड्स में आती थी और कभी 3 या 4 दिन बाद जाती थी. मेहबूब की बेटी जो प्राइमरी स्कूल जाती थी, वो भी अभी से हमेशा बातें करती थी, छोटी थी, और जिस दिन श्वेता और Farzina(Mehboob की बेटी) साथ खेलते तो काफी शोर होते थे आँगन में…. दोनं लड़कियां खेलते वक़्त कई बार अभी के पास आते उस से बातें करते, उस्सको चेररते, छूटे ेट्स…. और रूही कढ़ी दोनों को देखती. कभी कभी तो कोई बात कहना होता तो रूही फ़र्ज़िना को कहती जाकर अभी से कहने के लिए.
फिर आये स्कूल की छुटियों के दिन. देर महीना स्कूल, कॉलेज सब बांध, और सारे बचे ात होम. रूही का भाई महेश भी अब हर रोज़ ात होम. अभी को अब फ़िक्र होने लगा के उस्सको कितने अचे मौके मिले थे रूही से अपने दिल की बात कहने को मगर उस्सने नहीं कहा और अब देर महीना और वेट करना पड़ेगा, और बस के ऊपर वाले फ्रेम्स भी वेल्ड हो चुके थे और अब बस ऐसा दिखने लगा था तक़रीबन:
ये फोटो एक एक्साम्प्ले है और यह एक गेराज के अंदर है, मगर वहां अभी वाला चेसिस पर था और आँगन में था पेयर के निचे था.
अभी ऐसे hi वेल्ड करता था, और इतना ऊंचा बस की बॉडी बन गए थे एक महीने में, सब हो गया था….
और अभी को अब लगने लगा के अगले देर महीनों में बस को कम्पलीट कर दिया जाएगा. तो उस्सको बड़ा फ़िक्र हुआ के अब देर महीना बचा है उसस्के पास रूही से अपने दिल की बात कहने के लिए, या उस्सको प्रोपोज़ करने के लिए… अगर देर महीने में काम एन्ड हुआ तो मतलब स्कूल्ज रिज्यूमे होने तक बस रोड पर चलने लगेगा. अभी को अब वक़्त कम दिखने लगा…. उस्सको फ़िक्र हुआ और सोचा अब तो रूही से कहना पड़ेगा सब कुछ….. मगर उस्सको पता नहीं क्यों डर सा लग रहा था, उस्सको डर था के रूही नाह नाह करदे. और यह भी सोच रहा था अभी के यह भी हो सकता है के रूही इंतज़ार कर रही हो के कब अभी उस्सको प्रोपोज़ करेगा. अभी की सांसें फूल रहे थे यह सब सोचते हुए. उस्सको हिम्मत नहीं हो रही थी रूही से यह कहने के लिए के वो उस से प्यार करता है.
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सब मामूल पर चल रहे थे और एक दिन काम करते वक़्त हर रोज़ की तरह अभी ने रूही को कपडे धोते हुए देखा. तक़रीबन हर सुबह के 10 बजे रूही उस पत्थर पर कपडे धोते हुए नज़र आती hi थी और अभी उस से इशारों में बात करता था और रूही भी थोड़ी चंचल अदा से अभी को देखती और बात करती. कभी कभी उस्सकी माँ भी करीब होती थी रूही के और वो भी देखती उन दोनों को इशारे से बात करर्ते हुए और वो बुसस हस्ती और रूही से पूछती के किआ कह रहा है अभी. अभी को अच्छी तरह से पता था के रूही की माँ को सब पता है और वो ेन्सॉरगे करती थी जैसे अपनी बेटी को अभी से वैसे बात करने को. उस्सको कोई प्रॉब्लम नहीं थी के उस्सकी बेटी अभी के क्लोज जाए, बात करे या कुछ भी.
फिर कुछ देर बाद रूही धोए हुए कपड़ों को सूखने के लिए दाल रही थी तार पर और उस्सकी माँ अंदर चली गयी थी तो अभी का मैं किया के वो रूही से जाकर बात करे…. और गया भी.
मेहबूब बस के पास hi था, बाकी सब लोग थे. जब अभी रूही के पास गया तो मेहबूब देख रहा था. अभी ने रूही के पास होते हुए कहा,
“एक बात केहनी है तुमसे रूही.”
रूही ने बस के तरफ देखते हुए कहा,
“आप क्यों मेहबूब चाचा के प्रजेंस में यहाँ आये हो? मुझको प्रोब्लेम्स होगी जाओ नाह प्लीज!”
अभी ने कहा,
“आरी मेरे ख्याल से तो अब सबको पता है हमारे बारे में नाह? और तुम्हारी मम्मी भी यहीं है नाह?”
रूही मुस्कुरायी और कहा,
“किआ पता है सबको हमारे बारे में?”
अभी: “यह भी कहना पड़ेगा रूही?!”
रूही: “हाँ कहना तो पड़ेगा hi नाह?
अभी: “मैं ने कहा था नाह के इशारा काफी होता है तो एक महीना हो गया और तुमको पता नहीं किआ अब तक?”
रूही ने बस के तरफ देखा कपडे तार पर टांगते हुए और वैसे hi मुस्कुराते हुए कहा,
“एक महीने में किआ होता है एक साल भी ऐसा hi चल सकता है क्यों? आप को नहीं पसंद जैसा चल रहा है”
अभी: “फिर उसस्के बाद किआ होगा?”
रूही: “कुछ भी नहीं क्यों किआ होना चाहिए?”
अभी: “रूही शायद देर महीनों में बस कम्पलीट हो जाएगा, काम ख़तम हो जाएगा, यहाँ से मैं चला जाऊंगा!”
रूही ने कुछ ऐसा जवाब दिया जिस से अभी के दिल को चोट पहुंचा.
रूही ने हँस्ते हुए कहा,
“ओह! चले जाओगे आप? उफ़ मतलब बाला ताल जाएगी फिर”
ये जवाब सुनकर अभी का दिल बैठ गया और उसस्के पास कोई भी जवाब नहीं था रूही को देने के लिए. थोड़ा ग़ुस्सा भी आया और तुरंत वहां से लौट गया बस के पास.
अब पता नहीं रूही ने मज़ाक किया था या सीरियस थी. उस्सने मुस्कुराते, हँस्ते हुए कहा था वो बात, शायद रूही ने hi नहीं सोचा था के अभी वहां से लौट जाएगा. और शायद अभी को बिना कुछ बोले वापस लौटते हुए देख कर रूही को अपनी ग़लती का एहसास हुआ के उस्सने कुछ ग़लत कह दिया और उस्सकी मुस्कराहट उदास चेहरे में बदल गयी जिस वक़्त अभी के कदम वहां से बस के तरफ बढ़ने लगे थे.
अभी बस की फ्रेम के अंदर काम कर रहा था तो अंदर चला गया, चेहरा उतरा हुआ था तो मेहबूब ने पूछा,
“किआ हुआ अभी? चेहरा क्यों अचानक उतरा हुआ है किसी ने कुछ कहा किआ तुझे?!”
अभी ने नाह कहा और अपने काम करने लगा तो मेहबूब ने मुड़कर रूही को देखा, तो इस लिए के अभी को पता था के वो रूही को देख रहा होगा क्यों के उस्सने दोनों को बात करते हुए देखा था तो अभी ने भी रूही को देखा और पाया के रूही का भी चेहरा उतरा हुआ था और बहोत hi साद फेस से अभी के तरफ देख रही थी कपडे टांगते हुए.
अभी काम करते हुए बड़बड़ाता गया ग़ुस्से में,
“मैं बाला हूँ? बाला ताल जाएगी मेरे चले जाने से? तो क्यों मेरे साथ हंस हंस कर बात करती है? क्यों मेरा इंतज़ार करती hi, क्यों मुझसे बात करती है?! चाह मतलब उस्सको ख़ुशी होगी मेरे चले जाने से यह बात है!!”
टोनी ने पूछा,
“अरे किआ हो गया? कौन खुश होगा तेरे जाने से?”
अभी ने टोनी से कहा,
“मेरे जाने से बाला ताल जाएगी यार मैं यहाँ ज़्यादा हूँ, किसी को ख़ुशी होगी जब मेरा यहाँ आना बंद हो जाएगा!”
टोनी ने पूछा,
“व्हाट? किआ रूही ने तुझे ऐसा कहा किआ?!”
अभी ने रूही के तरफ देखते हुए हाँ कहा टोनी को. तो टोनी ने भी रूही के तरफ देखा और कहा,
“अरे दिल पे मत ले यार उस्सने ज़रूर मज़ाक किया होगा तेरे से!”
अभी: “मज़ाक में भी कोई ऐसा कहता है किआ टोनी? मेरे दिल के अंदर घुसी वो बात, बहोत तकलीफ हुआ मुझे उस्सकी यह बात सुनकर. लगा के एक खजर भोंक दिए सीने में मेरे”
टोनी ने कहा:
“अरे भाई देख वो कितनी उदास दिख रही है, उस्का चेहरा तो देख….”
अभी ने रूही के तरफ देखा, उस्सकी आँखों में देखा के सच में बहोत उदासी थी, जैसे अभी से सॉरी कह रहे थे उस्सकी नज़रें,
टोनी ने कहा,
“सुन मुझे एक्साक्ट्ली बता किआ हुआ बात कैसे शुरू हुई और एन्ड कैसे हुई तब मैं तुझे बताऊंगा के उस्सने मज़ाक किया के नहीं बता मुझे!”
जब अभी ने पूरी वाकिया सुनाया टोनी को तो टोनी ने कहा,
“अरे पागल वो 100% मज़ाक कर रही थी, और तुमने उस्सको कोई जवाब भी नहीं दिया बिना कुछ कहे लौट आये तो इसी लिए वो इतनी उदास है देख तो, लगता है रोने वाली है… किआ यार झगड़ा भी शुरू हो गए तुम दोनों के?!”
अभी ने फिर रूही के चेहरे में देखा तो इस बार शायद रूही भी खफा हुई और अंदर चली गयी अभी को तिरछी नज़र से देख कर!”
लंच टाइम तक रूही नहीं दिखी, और नाह अभी ने उस्सको ढूंढा. अब पता नहीं के घर के अंदर से रूही अभी को कहीं से झांक रही थी के नहीं यह सिर्फ रूही को पता है.
ठीक लंच लेने जाने से पहले बस के अंदर से एक बार अभी ने रूही के उस खिड़की के तरफ देखा, तो रूही खिड़की पर अपने दोनों एल्बो टेके हुए नज़र आये बस में देखते हुए. अभी ने सीधा उसस्के चेहरे में देखा, रूही ने गालों को फुलाते हुए जैसे अभी को मोचक किया, फिर तुरंत अपने जीब निकाल कर अभी को मोचक किया रूही ने…. यह अभी को बहोत hi अच्छा लगा, और कई बार अभी को वैसे मोचक करती गयी अपने जीब से… लग रहा था जैसे वो अभी को मनाने की कोशिश कर रही थी….
लंच के लिए अभी वाशरूम के तरफ गया और रूही वहीँ रही अपने खिड़की पर टेके हुए. अभी को पता था के रूही वहां उस्का वेट करेगी क्यूंकि हर रोज़ लंच के बात अभी वहां उस से बात करने जाता है. मगर आज अभी नहीं गया उसस्के पास! रूही वेट करती रही और एक बार अभी और टोनी दोनों निकले, बस के पास से गुज़रे, रूही खुश हुई के अभी उसस्के पास ारः है मगर अभी और टोनी सीधे चले गए मैं रोड के तरफ, रूही वेट करती रही मगर अभी नहीं आया लंच टाइम की ब्रेक ख़तम होने तक. जब 12.45 हो गए रूही ने टाइम देखा तो उस्सको पता था के अब वर्क रिज्यूमे करेगा अभी तो उस से बात नहीं करेगा….. उस्सने अभी को मैं रोड से वापस आते देखा, अभी ने उसस्के तरफ सिर्फ एक बार देखा, रूही वही रही अपने कमरे के अंदर से खिड़की पर लेअन होते हुए, और अभी बस के अंदर चला गया और काम स्टार्ट कर दिया, रूही देखती रही….. अब जितना ग़ुस्सा अभी को आया था कुछ देर पहले उस से ज़्यादा ग़ुस्सा रूही को आयी तो उस्सने खिड़की बांध कर लिया, परदे खिंच लिए, वहां से लाउन्ज में आयी और सारे परदे खिंच दिए और सोने चली गयी….. अभी ने सब देखा और चुप चाप काम करता गया क्यूंकि उस्सको पता था के अब रूही सोने चली गयी है….
मगर शाम को काम ख़तम करने के बाद जब अभी वाशरूम गया तो रूही नहीं दिखी, घर वापस जाने भी लगा तो रूही सामने नहीं आयी, अभी वेट करता रहा मगर रूही नहीं निकली स्टैर्स पर और अभी को बिना रूही को देखे वापस जाना पड़ा. उस्सको एक भारीपन महसूस होने लगा था, सांस लेने में तकलीफ होने लगी थी, उस्सने सोचा लंच टाइम में उस्सको रूही से बात करने जाना चाहिए था तब सब क्लियर कर लेता उसस्के साथ… अभी ने कहा के रूही ग्रज रखती है…..
अभी उस रात को देर तक बियर पीटा रहा टोनी से रूही के बारे में बात करते हुए, घर बिल्कुल नशे में पहुंचा था उस रात को.
तो बे कॉन्टिनोएड….
(2610 वर्ड्स)