Usski Gali Mein Jaana Chorr Diya - Page 4 - SexBaba
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Usski Gali Mein Jaana Chorr Diya

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अपडेट 13 थे वर्क एक्सेलरेटेड

दो हफ्ते बाद बस की बेस की फ्रेम वर्क हो गया और मनोज ने फोटो लिया तो ऐसा था:

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अब इस फ्रेम से लेकर ऊपर तक बाकी के लोहे को वेल्ड करना था बस की कम्पलीट फ्रेम बनाना के लिए…..

एक महीने तक कुछ ऐसा hi चला अभी और रूही के बीच. अभी रूही को पागलों की हद तक प्यार करने लगा था. उसस्के बिना जीना नामुमकिन हो गया था अभी के लिए अब. सुबह शाम, रात दिन अभी के ख्यालों में अब सिर्फ रूही रहती थी. जैसे रूही अभी की सांस लेने की ज़रया थी, अभी की ऑक्सीजन थी वो. घर में अपनी बेहेन से सिर्फ रूही की बातें करता, डायरी में 100 पेजेज लिख चूका था “थे डेज ी स्पेंट ात Ruhi’s प्लेस” वाले डायरी में. और नैना, अभी की छोटी बेहेन सब पढ़ती थी उस डायरी में. जितना कुछ गुज़रा था रूही के साथ उस एक महीने में सब लिखा हुआ था उस डायरी में, और नैना को सब पता था.

नैना ने अभी से रूही की एक फोटो लाने के लिए कहा. अभी खुद कई दिनों से रूही से उस्सकी एक फोटो मांग रहा था मगर रूही देने से इंकार कर रही थी. आज के ज़माने में यह सब हुआ होता तो सिखरों पिक्स ले लिया होता अभी ने रूही की है नाह दोस्तों?

इस एक महीने में अभी कुछ और भी क्लोज हो गया था रूही से. अक्सर उस्सकी माँ साथ होती जब अभी रूही से बात करता. वो शायद इस लिए उस्सकी माँ वैसा करती थी, ताके मेहबूब को कहने का मौका नाह मिले के अभी और रूही अकेले में बातें कर रहे थे. ऐसा अभी सोच रहा था. मगर कभी कभी अभी अकेले भी बात करता था रूही से छुप छुपा कर. कभी रूही नार्मल रहती, अभी की हर बात को मानती, शाम को प्रेजेंट रहती अभी के जाने के वक़्त तो कभी बिल्कुल नहीं आती जैसे जान बुझ कर अभी को तारपाने के लिए. किसी दिन अभी बेहद खुश दीखता तो किसी दिन उदास काम करता क्यों के रूही सामने नहीं आती.

हर सतुरदेस को काम 2 से 2.30 को एन्ड होते और सभी सतुरदेस को रूही अपनी कोर्स के लिए जाती और अभी उस्सको बस के जगह से मैं रोड तक या कभी बस स्टॉप तक चौररने जाता और उस्सकी माँ दोनों को देख कर हस्ती. मगर जिस सैटरडे को मेहबूब होता आँगन में तब तो अभी नहीं जा पाटा रूही के साथ, मगर एक ट्रिक करता अभी, सिगरर्टे खरीदने के बहाने जल्दी से जाता रूही से बस स्टॉप पर मिलने और बात करने.

हर सतुरदेस को रूही एक अलग ड्रेस पहनती जिस में वो बेहद खूबसूरत दिखती और अभी मचल जाता, और भी पागल होता उस्सकी खूबसूरती को देख कर. होना भी था हर रोज़ रूही घर पर अपने घरेलु कपड़ों में अभी के सामने होती थी, तो जब सज संवर कर अच्छी कपड़ों में निकलती तो 100 गुनाह ज़्यादा खूबसूरत तो लगनी hi थी….

अभी को अपने दिल की बात कहने को मैं किया रूही से… थोड़ा घबरा भी रहा था अभी के सही वक़्त है कहें या नहीं, या थोड़े दिन और वेट करें…. फिर खुद से कहता के नहीं और कुछ दिन इंतज़ार करते हैं….. काम जल्दी आगे बढ़ रहा था और अब लगने लगा था के 4 महीने से पहले hi काम पूरा हो जाएगा, इस लिए अभी को अब जल्दी था रूही से बात करने के लिए….

उस आगाँ में तक़रीबन सब को पता लग चूका था के अभी और रूही के बिच कुछ चल रहा है…. सईद टीम के चरों को पता चल गया था के अभी रूही से बेहद प्यार करता है. सईद को भी पता था और मेहबूब को भी पता था मगर वो अनजान बनने का नाटक करता था. उस्सकी बीवी रहीम को पूरा यकीन था के अभी रूही से प्यार करता है क्यूंकि उस्सने कई बार अभी को रूही से इशारों में बात करते हुए देख लिया था वाशरूम से, और रहीम ने रूही को इशारों से जवाब देते हुए भी देखा था.

अब इतना पता नहीं चला था के किआ रहीम ने वो सब मेहबूब को बताया था या नहीं इस्सके बारे में वक़्त आने पर पता चलेगा.

श्वेता वीकेंड्स में आती थी और कभी 3 या 4 दिन बाद जाती थी. मेहबूब की बेटी जो प्राइमरी स्कूल जाती थी, वो भी अभी से हमेशा बातें करती थी, छोटी थी, और जिस दिन श्वेता और Farzina(Mehboob की बेटी) साथ खेलते तो काफी शोर होते थे आँगन में…. दोनं लड़कियां खेलते वक़्त कई बार अभी के पास आते उस से बातें करते, उस्सको चेररते, छूटे ेट्स…. और रूही कढ़ी दोनों को देखती. कभी कभी तो कोई बात कहना होता तो रूही फ़र्ज़िना को कहती जाकर अभी से कहने के लिए.

फिर आये स्कूल की छुटियों के दिन. देर महीना स्कूल, कॉलेज सब बांध, और सारे बचे ात होम. रूही का भाई महेश भी अब हर रोज़ ात होम. अभी को अब फ़िक्र होने लगा के उस्सको कितने अचे मौके मिले थे रूही से अपने दिल की बात कहने को मगर उस्सने नहीं कहा और अब देर महीना और वेट करना पड़ेगा, और बस के ऊपर वाले फ्रेम्स भी वेल्ड हो चुके थे और अब बस ऐसा दिखने लगा था तक़रीबन:

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ये फोटो एक एक्साम्प्ले है और यह एक गेराज के अंदर है, मगर वहां अभी वाला चेसिस पर था और आँगन में था पेयर के निचे था.

अभी ऐसे hi वेल्ड करता था, और इतना ऊंचा बस की बॉडी बन गए थे एक महीने में, सब हो गया था….

और अभी को अब लगने लगा के अगले देर महीनों में बस को कम्पलीट कर दिया जाएगा. तो उस्सको बड़ा फ़िक्र हुआ के अब देर महीना बचा है उसस्के पास रूही से अपने दिल की बात कहने के लिए, या उस्सको प्रोपोज़ करने के लिए… अगर देर महीने में काम एन्ड हुआ तो मतलब स्कूल्ज रिज्यूमे होने तक बस रोड पर चलने लगेगा. अभी को अब वक़्त कम दिखने लगा…. उस्सको फ़िक्र हुआ और सोचा अब तो रूही से कहना पड़ेगा सब कुछ….. मगर उस्सको पता नहीं क्यों डर सा लग रहा था, उस्सको डर था के रूही नाह नाह करदे. और यह भी सोच रहा था अभी के यह भी हो सकता है के रूही इंतज़ार कर रही हो के कब अभी उस्सको प्रोपोज़ करेगा. अभी की सांसें फूल रहे थे यह सब सोचते हुए. उस्सको हिम्मत नहीं हो रही थी रूही से यह कहने के लिए के वो उस से प्यार करता है.

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सब मामूल पर चल रहे थे और एक दिन काम करते वक़्त हर रोज़ की तरह अभी ने रूही को कपडे धोते हुए देखा. तक़रीबन हर सुबह के 10 बजे रूही उस पत्थर पर कपडे धोते हुए नज़र आती hi थी और अभी उस से इशारों में बात करता था और रूही भी थोड़ी चंचल अदा से अभी को देखती और बात करती. कभी कभी उस्सकी माँ भी करीब होती थी रूही के और वो भी देखती उन दोनों को इशारे से बात करर्ते हुए और वो बुसस हस्ती और रूही से पूछती के किआ कह रहा है अभी. अभी को अच्छी तरह से पता था के रूही की माँ को सब पता है और वो ेन्सॉरगे करती थी जैसे अपनी बेटी को अभी से वैसे बात करने को. उस्सको कोई प्रॉब्लम नहीं थी के उस्सकी बेटी अभी के क्लोज जाए, बात करे या कुछ भी.

फिर कुछ देर बाद रूही धोए हुए कपड़ों को सूखने के लिए दाल रही थी तार पर और उस्सकी माँ अंदर चली गयी थी तो अभी का मैं किया के वो रूही से जाकर बात करे…. और गया भी.

मेहबूब बस के पास hi था, बाकी सब लोग थे. जब अभी रूही के पास गया तो मेहबूब देख रहा था. अभी ने रूही के पास होते हुए कहा,

“एक बात केहनी है तुमसे रूही.”

रूही ने बस के तरफ देखते हुए कहा,

“आप क्यों मेहबूब चाचा के प्रजेंस में यहाँ आये हो? मुझको प्रोब्लेम्स होगी जाओ नाह प्लीज!”

अभी ने कहा,

“आरी मेरे ख्याल से तो अब सबको पता है हमारे बारे में नाह? और तुम्हारी मम्मी भी यहीं है नाह?”

रूही मुस्कुरायी और कहा,

“किआ पता है सबको हमारे बारे में?”

अभी: “यह भी कहना पड़ेगा रूही?!”

रूही: “हाँ कहना तो पड़ेगा hi नाह?

अभी: “मैं ने कहा था नाह के इशारा काफी होता है तो एक महीना हो गया और तुमको पता नहीं किआ अब तक?”

रूही ने बस के तरफ देखा कपडे तार पर टांगते हुए और वैसे hi मुस्कुराते हुए कहा,

“एक महीने में किआ होता है एक साल भी ऐसा hi चल सकता है क्यों? आप को नहीं पसंद जैसा चल रहा है”

अभी: “फिर उसस्के बाद किआ होगा?”

रूही: “कुछ भी नहीं क्यों किआ होना चाहिए?”

अभी: “रूही शायद देर महीनों में बस कम्पलीट हो जाएगा, काम ख़तम हो जाएगा, यहाँ से मैं चला जाऊंगा!”

रूही ने कुछ ऐसा जवाब दिया जिस से अभी के दिल को चोट पहुंचा.

रूही ने हँस्ते हुए कहा,

“ओह! चले जाओगे आप? उफ़ मतलब बाला ताल जाएगी फिर”

ये जवाब सुनकर अभी का दिल बैठ गया और उसस्के पास कोई भी जवाब नहीं था रूही को देने के लिए. थोड़ा ग़ुस्सा भी आया और तुरंत वहां से लौट गया बस के पास.

अब पता नहीं रूही ने मज़ाक किया था या सीरियस थी. उस्सने मुस्कुराते, हँस्ते हुए कहा था वो बात, शायद रूही ने hi नहीं सोचा था के अभी वहां से लौट जाएगा. और शायद अभी को बिना कुछ बोले वापस लौटते हुए देख कर रूही को अपनी ग़लती का एहसास हुआ के उस्सने कुछ ग़लत कह दिया और उस्सकी मुस्कराहट उदास चेहरे में बदल गयी जिस वक़्त अभी के कदम वहां से बस के तरफ बढ़ने लगे थे.

अभी बस की फ्रेम के अंदर काम कर रहा था तो अंदर चला गया, चेहरा उतरा हुआ था तो मेहबूब ने पूछा,

“किआ हुआ अभी? चेहरा क्यों अचानक उतरा हुआ है किसी ने कुछ कहा किआ तुझे?!”

अभी ने नाह कहा और अपने काम करने लगा तो मेहबूब ने मुड़कर रूही को देखा, तो इस लिए के अभी को पता था के वो रूही को देख रहा होगा क्यों के उस्सने दोनों को बात करते हुए देखा था तो अभी ने भी रूही को देखा और पाया के रूही का भी चेहरा उतरा हुआ था और बहोत hi साद फेस से अभी के तरफ देख रही थी कपडे टांगते हुए.

अभी काम करते हुए बड़बड़ाता गया ग़ुस्से में,

“मैं बाला हूँ? बाला ताल जाएगी मेरे चले जाने से? तो क्यों मेरे साथ हंस हंस कर बात करती है? क्यों मेरा इंतज़ार करती hi, क्यों मुझसे बात करती है?! चाह मतलब उस्सको ख़ुशी होगी मेरे चले जाने से यह बात है!!”

टोनी ने पूछा,

“अरे किआ हो गया? कौन खुश होगा तेरे जाने से?”

अभी ने टोनी से कहा,

“मेरे जाने से बाला ताल जाएगी यार मैं यहाँ ज़्यादा हूँ, किसी को ख़ुशी होगी जब मेरा यहाँ आना बंद हो जाएगा!”

टोनी ने पूछा,

“व्हाट? किआ रूही ने तुझे ऐसा कहा किआ?!”

अभी ने रूही के तरफ देखते हुए हाँ कहा टोनी को. तो टोनी ने भी रूही के तरफ देखा और कहा,

“अरे दिल पे मत ले यार उस्सने ज़रूर मज़ाक किया होगा तेरे से!”

अभी: “मज़ाक में भी कोई ऐसा कहता है किआ टोनी? मेरे दिल के अंदर घुसी वो बात, बहोत तकलीफ हुआ मुझे उस्सकी यह बात सुनकर. लगा के एक खजर भोंक दिए सीने में मेरे”

टोनी ने कहा:

“अरे भाई देख वो कितनी उदास दिख रही है, उस्का चेहरा तो देख….”

अभी ने रूही के तरफ देखा, उस्सकी आँखों में देखा के सच में बहोत उदासी थी, जैसे अभी से सॉरी कह रहे थे उस्सकी नज़रें,

टोनी ने कहा,

“सुन मुझे एक्साक्ट्ली बता किआ हुआ बात कैसे शुरू हुई और एन्ड कैसे हुई तब मैं तुझे बताऊंगा के उस्सने मज़ाक किया के नहीं बता मुझे!”

जब अभी ने पूरी वाकिया सुनाया टोनी को तो टोनी ने कहा,

“अरे पागल वो 100% मज़ाक कर रही थी, और तुमने उस्सको कोई जवाब भी नहीं दिया बिना कुछ कहे लौट आये तो इसी लिए वो इतनी उदास है देख तो, लगता है रोने वाली है… किआ यार झगड़ा भी शुरू हो गए तुम दोनों के?!”

अभी ने फिर रूही के चेहरे में देखा तो इस बार शायद रूही भी खफा हुई और अंदर चली गयी अभी को तिरछी नज़र से देख कर!”

लंच टाइम तक रूही नहीं दिखी, और नाह अभी ने उस्सको ढूंढा. अब पता नहीं के घर के अंदर से रूही अभी को कहीं से झांक रही थी के नहीं यह सिर्फ रूही को पता है.

ठीक लंच लेने जाने से पहले बस के अंदर से एक बार अभी ने रूही के उस खिड़की के तरफ देखा, तो रूही खिड़की पर अपने दोनों एल्बो टेके हुए नज़र आये बस में देखते हुए. अभी ने सीधा उसस्के चेहरे में देखा, रूही ने गालों को फुलाते हुए जैसे अभी को मोचक किया, फिर तुरंत अपने जीब निकाल कर अभी को मोचक किया रूही ने…. यह अभी को बहोत hi अच्छा लगा, और कई बार अभी को वैसे मोचक करती गयी अपने जीब से… लग रहा था जैसे वो अभी को मनाने की कोशिश कर रही थी….

लंच के लिए अभी वाशरूम के तरफ गया और रूही वहीँ रही अपने खिड़की पर टेके हुए. अभी को पता था के रूही वहां उस्का वेट करेगी क्यूंकि हर रोज़ लंच के बात अभी वहां उस से बात करने जाता है. मगर आज अभी नहीं गया उसस्के पास! रूही वेट करती रही और एक बार अभी और टोनी दोनों निकले, बस के पास से गुज़रे, रूही खुश हुई के अभी उसस्के पास ारः है मगर अभी और टोनी सीधे चले गए मैं रोड के तरफ, रूही वेट करती रही मगर अभी नहीं आया लंच टाइम की ब्रेक ख़तम होने तक. जब 12.45 हो गए रूही ने टाइम देखा तो उस्सको पता था के अब वर्क रिज्यूमे करेगा अभी तो उस से बात नहीं करेगा….. उस्सने अभी को मैं रोड से वापस आते देखा, अभी ने उसस्के तरफ सिर्फ एक बार देखा, रूही वही रही अपने कमरे के अंदर से खिड़की पर लेअन होते हुए, और अभी बस के अंदर चला गया और काम स्टार्ट कर दिया, रूही देखती रही….. अब जितना ग़ुस्सा अभी को आया था कुछ देर पहले उस से ज़्यादा ग़ुस्सा रूही को आयी तो उस्सने खिड़की बांध कर लिया, परदे खिंच लिए, वहां से लाउन्ज में आयी और सारे परदे खिंच दिए और सोने चली गयी….. अभी ने सब देखा और चुप चाप काम करता गया क्यूंकि उस्सको पता था के अब रूही सोने चली गयी है….

मगर शाम को काम ख़तम करने के बाद जब अभी वाशरूम गया तो रूही नहीं दिखी, घर वापस जाने भी लगा तो रूही सामने नहीं आयी, अभी वेट करता रहा मगर रूही नहीं निकली स्टैर्स पर और अभी को बिना रूही को देखे वापस जाना पड़ा. उस्सको एक भारीपन महसूस होने लगा था, सांस लेने में तकलीफ होने लगी थी, उस्सने सोचा लंच टाइम में उस्सको रूही से बात करने जाना चाहिए था तब सब क्लियर कर लेता उसस्के साथ… अभी ने कहा के रूही ग्रज रखती है…..

अभी उस रात को देर तक बियर पीटा रहा टोनी से रूही के बारे में बात करते हुए, घर बिल्कुल नशे में पहुंचा था उस रात को.

तो बे कॉन्टिनोएड…. (2610 वर्ड्स)
 
बहोत बहोत शुक्रिया इतनी अच्छी रिव्यु के लिए विक्रम भाई

भाई सॉरी अगर मैं ने कुछ ग़लत कह दिया हो आप को लास्ट कमेंट में तो

मेरा वो इरादा बिल्कुल नहीं था :हुग:
 
अपडेट 14 दीद थे कुअर्रेल एन्ड? हाउ?

सुबह अभी लेट उठा. ज़्यादा पीने की वजह से सोता रहा. 8.30 को बस में था काम के लिए जाने को. यह पहली बार हुआ था जिस दिन से वहां काम कर रहा था.

पहुँचने से पहले बस में जाते वक़्त अभी ऑफ़ कोर्स सिर्फ रूही के बारे में hi सोच रहा था और कल के हुए वाकिये को…. अभी अब यह सोचने लगा था के सुबह को सबसे पहले काम पर रीच होने वाला आज 8.30 को रीच नहीं हुआ है, और सोचा के रूही किआ सोच रही होगी 6 बजे से 8.30 तक जब उस्सको वहां नहीं देखा होगा तो? अभी सोचने लगा,

“किआ रूही मुझको ढूंढ रही होगी? 6 बजे से मेरी राह देख रही होगी नाह? किसी से पूछने आयी होगी के मैं क्यों नहीं आया हूँ? अरे यार कहीं वो यह नाह सोचे के इस लिए के उस्सने कहा था के मैं नहीं आऊंगा तो बाला ताल गयी उस्सकी; इस लिए मैं नहीं आया हूँ…..”

अब अभी के दिल में फिर से वो बात आयी के रूही ने उस से कहा था के उसस्के लिए बाला ताल जाएगी अगर उस्सने वहां आना बंद कर दिया तो…. यह सोचने के बाद अभी को बस से उतरने का मैं नहीं किया, सोचा के अब काम पर जाए hi नहीं. वो अभी तक हर्ट फील कर रहा था उस बात को सोच कर…. और एक पल के लिए अभी ने सोचा के हमेशा के लिए इसी वक़्त से वहां जाना बंद करदे और उस काम को चोरर दे! तब हमेशा के लिए सारे लफड़े ख़तम!!

ऐसा सोच तो लिया दिल में अभी ने मगर वहां पहुंचने पर बस से उस बस स्टॉप पर hi उतरा जहाँ उतरना था, याने रूही के घर के पास वाले बस स्टॉप पर. 9 बजने वाला था और तब अभी उस आँगन में चलते हुए नज़र आया. सईद और विनय बस के उस साइड पर थे जिस तरफ वो बड़ा दरखत था, और टोनी बस के पास तप ओने के पास कुछ कर रहा था, अभी वाशरूम पहुंचा तो टोनी उसस्के पास गया और कहा,

“अरे यार मैं ने सोचा तू नहीं आएगा, सईद ग़ुस्सा कर रहा था और बुरा भला भी कहने लगा था तुझे!”

अभी ने कपडे बदलते हुए और रूही के किचन के अंदर देखते हुए कहा,

“भाई गोली मार सईद को और यह बता रूही नज़र आयी के नहीं यार?!”

टोनी: “अभी वो सुबह से कई चक्कर लगा चुकी है, रोने वाली सूरत बनायी हुई है, खुद मुझसे कई बार पूछ चुकी के तू किधर है और उस्सकी माँ आयी सईद से पूछने के तू क्यों नहीं आया आज!”

अभी ने शर्ट पेहेनते हुए कहा,

“रियली? That’s नीस यार, that’s वैरी गुड न्यूज़, मगर अब किधर है वो लड़की मुझे पागल बनाने वाली?!”

टोनी: “तुझको अंदर से ज़रूर देख रही होगी और मुस्कुरा रही होगी, तेरे एक्सप्रेशन को रीड कर रही होगी के तू अभी तक ग़ुस्सा तो नहीं, उस्सको पता होगा के कल तेरे लिए वो सामने नहीं आयी तो तू ग़ुस्सा होगा, अंदर मुस्कुराते हुए तुझे देख रही होगी. बहोत hi खुश हो रही होगी के तू आगया है. देकना अभी ज़रूर तेरे सामने आएगी.”

अभी: “चाह? तो बाला कैसे टलेगी अगर मैं आता hi रहा तो?! हो सकता है के यह भी कह रही होगी के यह बाला फिर आगया!”

टोनी? “अब चोरर यार, अभी तक तू उस बात को दिल में लिए बैठा है? वो तुझसे बहोत प्यार करती है तुझे पागलों की तरह ढूंढ रही थी!”

अभी: "टेरेस पर झाड़ू लगा दिया उस्सने, पोंछा लगा दिया किआ?”

टोनी: “नहीं कुछ नहीं किया सिर्फ तेरी राह देख रही है सुबह से, उस्सकी नज़रें सिर्फ मैं रोड पर और आते हुए बस पर रहती थी सुबह से!

अभी: “यार टोनी तो अब क्यों नहीं दिख रही है? मेरे सामने आ नहीं सकती किआ? मर्डर गयी किआ वो?!”

टोनी: “अरे यार इतना ग़ुस्सा क्यों करने लगा अचानक तू? वो सुन लेगी यार. कमाल है उधर सईद ग़ुस्सा कर रहा है इधर तू किआ हो गया है? किसी की नज़र तो नहीं लगी हैं कहीं?!”

अभी: “भाड़ में जाए सईद कौन सी बड़ी टॉप है वो, चल करते हैं जो काम करना है…..”

जब अभी और टोनी बस के तरफ जाने लगे तो अभी को रूही की ब्लू ड्रेस की एक छोटी सी झलक दिखाई दिया लाउन्ज में हवा से परदे के हिलने की वजह से. मतलब अभी को पता था के रूही उस्सको अंदर से देख रही थी.

और 9.15 को अभी ने काम करना स्टार्ट किया और सईद शुरू हुआ;

“किआ है अभी? ऐसे काम किया जाता है किआ? सुबह के 9.15 को काम शुरू होता है किआ?

एक तो अभी पहले से ग़ुस्से में था रूही की कल वाले व्योहार को लेकर और अब सईद उस पर चिल्ला रहा था तो अभी ने भी ग़ुस्से में और ऊंची आवाज़ में सईद को जवाब दिया.

दोनों में टूटू मैं मैं होने लगा और टेंशन बढ़ने लगे…. आवाज़ दूर तक सुनाई देने लगे दोनों के और धडपडाते हुए मेहबूब अपने घर से बाहर आया और दोनों को शांत करने की कोशिश किये…. सईद अभी को सुना रहा था और अभी सईद को…. सईद ने एक बार कहा,

“यहाँ हीरोगिरी करने नहीं आते हैं काम करने आते हैं, मेहबूब ने हमको काम करने के लिए पैसे दिए हैं फ़्लर्ट करने के लिए नहीं, किआ करता रहता है तू काम करने के वक़्त, किआ करने जाता है वहां उस वाशिंग स्टोन के पास? काम वहां होता है किआ?”

रूही और उस्सकी माँ सब सुन रहे थे, और रूही ने अपनी माँ के चेहरे में देखा, उदासी और डर के साथ….. रूही ने कभी नहीं सोचा था के कुछ ऐसा होगा….

अभी ने सईद की उस बात का यह जवाब दिया चिलाते हुए,

“क्यों बे तेरे गांड में क्यों आग लगता है अगर मैं वहां जाता हूँ तो? काम तो पूरा करता हूँ तुझ से बहुत ज़्यादा काम मैं ने किया है इस बस में दिखाऊं तुझको, नाप लगाएगा तुम ने कितना काम किया और मैं ने कितना?”

मेहबूब को पता था के अभी ने बहुत ज़्यादा काम किया हुआ है तो उस्सने अभी के काँधे पर हाथ रख कर उस्सको एक तरफ करने की कोशिश किया, मगर सईद ने भी ऊंची आवाज़ में कहा के उस्सको बताये के कैसे अभी ने ज़्यादा काम किया है, तो उसी टोन में, ग़ुस्से में अभी ने कहा,

“यह देख शुरुवात यहाँ से किया था मैं ने फ्रंट साइड, जो बैक साइड से 50 गुनाह ज़्यादा कॉम्प्लिकेटेड और मुश्किल है फिर भी तुझ से पहले मैं ने राइट पैनल को बनाना शुरू कर दिया और तू बैक साइड पर hi लगा हुआ था, जब मैं ने फ्रंट साइड और राइट पैनल पूरा कर दिया तब जहाँ तुझको लेफ्ट पैनल पूरा करना था वो भी उस में आधा से ज़्यादा मैं ने कम्पलीट किया, मैं ने ऊपर के काम भी आधा से ज़्यादा कर दिया, तो तेरे मुकाबले 100 गुनाह ज़्यादा काम किया है मैं ने इस बस में साला मुझको 2 घंटे की लाटेनेस्स के लिए सुनाता है? मैं तुझको सुनाऊंगा तो तेरे आधे पैसे मेरे होने चाहिए, सुना तुम ने मुझे ग़ुस्सा मत दिला वार्ना सब चोरर चार के चला जाऊंगा यहाँ से एक तो बाला बांके मंडरा रहा हूँ किसी के लिए, निकल hi जॉन तो अचछह है!”

अभी इतना ग़ुस्से में था के मेहबूब उस्सको संभल नहीं पा रहा था, रूही और उस्सकी माँ टेरेस पर निकल गए थे सब देखते हुए, तो मेहबूब को लगा के सिर्फ रूही अभी को शांत कर पाएगी, तो मेहबूब ने रूही के माँ के तरफ देखा और इशारे से उस्सको कुछ कहा, और रूही की माँ आयी अभी के बाज़ू पकड़ा और अपने टेरेस के तरफ लेजाते हुए आहिस्ते और आराम से कहा,

“इधर चलो आओ आओ सस्शह्ह्ह ग़ुस्सा थूक दो आओ नाह देखो रूही तुमको बुला रही है आओ नाह बीटा, ऐसा नहीं करते, ठण्ड रखो बीटा…” तब तक चलते हुए रूही घर के पीछे वाले हिस्से में जा चुकी थी और अपनी माँ को अभी को अपने सात लाते हुए देख रही थी….

वो हिस्सा घर के पीछे था वाशिंग स्टोन से थोड़ा दूर, रूही की आँखे भर आयी थी क्यूंकि उस्सने सब सुना के अभी ने कुछ देर पहले कहा के किसी के लिए वो बाला बन चूका है तो बेहतर है के सब चोरर चार कर चला जाए… रूही अपनी कही हुई बात पर बहोत पचता रही थी और जैसे रूही की माँ अभी को उस कोने में लाया रूही अभी से लिपट गयी रट हुए और अभी के पीठ पर अपने कोमल कलाई को फरते हुए रूही कई बार रट हुए कहती गयी,

“ी ऍम सॉरी, ी ऍम वैरी वैरी सॉरी, प्लीज फॉरगिव में, विल यू? मुझे माफ़ कार्डो अभी मुझसे ग़लती हुई, मुझे कल वो नहीं कहना चाहिए था ी ऍम सो सॉरी अभी!”

अभी का जिस्म शेक कर रहा था ग़ुस्से से, और जितना ज़ोर से रूही ने उस्सको अपने बाहों में जकरा था रूही उसस्के जिस्म की वो थरथराहट फील कर रही थी…. और रूही खुद कांपने लगी रट हुए और माफ़ी मांगते हुए. रूही की माँ सब देख रही थी और अपनी बेटी को रट हुए देख कर वो खुद अपनी आँख से आंसू पांच रही थी.

अभी जैसे होश में नहीं था उस वक़्त. उसस्के समझ में नहीं ारः था के किआ हो रहा है…. उस्सको लगा के सब एक सपना था… और आहिस्ते आहिस्ते अभी ने अपने बाहों को उठाया और रूही के काँधे पर किया, रूही का बदन पूरा अभी के जिस्म से चिपकी हुई थी उस वक़्त, और ऊंचे कद के होने के कारण रूही का सर अभी के छाती पर था और वो अभी के दिल की धड़कनों को साफ़ सुन रही थी. रूही के दोनों बाहें अभी के बाज़ू के निचे से होकर उस्सको जाकर हुए थे…. रूही के आँखों से अब भी अश्क जारी थे, और जिस पल को रूही ने अभी के हाथों को अपने काँधे पर फील किया तब उस्सकी आंखों के आंसू रुके और उस्सकी माँ वहां से वापस टेरेस पर चली गयी और मेहबूब ने उस से कहा के अभी को कुछ देर उधर hi रहने दे ताके वो शांत हो सके. रूही की माँ तब मेहबूब और सईद से बातें करने लगे जान्ने के लिए के झगड़ा क्यों और कैसे शुरू हुआ. धीरे से मेहबूब ने रूही की माँ से कहा के इस में अभी की ग़लती नहीं है उस्सने सच में सईद से बहोत ज़्यादा काम किया है बस में.

उधर जब अभी के हाथ रूही के काँधे पर गए तो रूही ने अपने चेहरे को उसस्के छाती पर सत्ताये हुए hi कहा,

“आप मुझे अपने बाहों में भरना चाहते थे नाह? लो भर लिया आपने मुझे अपने बाहों में अब खुश?!”

अभी की सांसें तेज़ चल रहे थे और वो थोड़ा हैंफ रहा था, तो रूही ने उसी पोजीशन में कहा,

“बाप रे इतना ग़ुस्सा उफ़ मुझे नहीं पता था आप इतने ग़ुस्से वाले हो, आप तो बहोत कूल और स्वीट दीखते थे इतने दिनों से आप को संभालना बड़ा मुश्किल है!”

अभी कुछ नहीं बोल रहा था, जैसे अब भी किसी शॉक में डूबा हुआ था, तो रूही को सर ऊपर उठा कर अभी के चेहरे में देखना पड़ा, और देखा के अभी खोया हुआ है तो कहा,

“आप का ग़ुस्सा मुझ पर था नाह? मेरे वाले ग़ुस्सा आप निकाल रहे थे नाह? कल से ग़ुस्सा पाल रहे थे आप मेरे खिलाफ अभी? मैं नहीं दिखी थी इस लिए? मैं ने सारे परदे खिंच लिए थे इस लिए? मैं ने बाला ताल जाएगी कहा था इस लिए? मैं ने तो बुसस मज़ाक किया था अभी, ी दीद नॉट मैं आईटी ात आल! ी ऍम सो सॉरी के मेरे मुंह से वो शब्द निकल गए थे अभी. मैं कल hi आप को सॉरी कहने के लिए वेट कर रही थी लंच टाइम के वक़्त मगर आप आये hi नहीं मैं वेट करती रही, तो मेरा भी मूड ऑफ हुआ इसी लिए मैं शाम को नहीं निकली थी मगर मैं आप को अंदर से जाते हुए देख रही थी अभी. पलेआए फॉरगिव में नाह!”

अभी ने एक बहोत लम्बी संन्स लिए जिस से रूही की छाती आगे बढ़ी फिर पीछे हुए अभी से चिपकी हुई जो थी. दो जिस्म एक जान लग रहे थे दोनों उस वक़्त.

रूही ने फिर उसस्के सीने पर अपने गाल को सत्ता दिया और कहा,

“आप मेरे लिए बाला कैसे हो सकते हो भला? मैं तो चाहूंगी के आप उम्र भर हर रोज़ यहाँ आओ और मैं आप को इसी आँगन में देखूं ज़िन्दगी भर अभी! …. अभी आज आप मेरी वजह से लेट आये? बताइये नाह, किआ आप नहीं आने वाले थे आज? मेरी कल की कही हुई बात की वजह से? पता है, मैं आज सुबह 4 बजे से उठ चुकी हूँ और आप की राह देखती रही देखती रही, सोचा 6 बजने से पहले ाजाओगे आज क्यूंकि कल शाम को आप ने मुझे नहीं देखा था नाह, इस लिए मैं बरपाई करना चाहती थी अभी मगर आप आये hi नहीं…. आप को पता है मुझ पर किआ बीत रही थी जब सब लोग आगये और आप नैन आये? पता है मैं ने कितना ढूंढा आप को? मैं रो पारी थी अभी, मैं अपनी माँ से साड़ी बातें कहते हुए फुट फुट कर रो रही थी, माँ को भेजा था सईद जी से पूछने के आप क्यों नहीं आये हो, मुझे डर था के कहीं मेरी कही हुई बात की वजह से आप अब कभी भी नहीं ावो…. मैं किआ करती तब? आप क्यों लेट आये आज अभी? बोलिये नाह, मुझे सज़ा देने के लिए हम्म? यू वेरे पुनिशिंग में?!”

रूही की मीठी आवाज़ में तड़प थी, आज पहली बार जिस आवाज़ को सुनने के लिए अभी तरसता था उस आवाज़ में इतना तड़प महसूस कर रहा था.

तब अभी ने अपना सर निचे झुकाया, रूही की थोड़ी को अपने उँगलियों से अपने चेहरे के तरफ उठाया, रूही के आँखों ने अभी के आँखों में देखा, अभी ने झुक कर अपने होंठों को रूही के होंठों पर रख दिया…. रूही अपने टोएस पर कड़ी हुई और अभी को किश करने लगी ज़्यादा ज़ोरों से अभी को जकरते हुए….

अभी ने लाइफ में कभी किसी लड़की को किश नहीं किया था, उसस्के समझ में नहीं ारः था के कैसे किआ करें, सिर्फ अपने होंठ को रूही के होंठों से टकराया था उस्सने, मगर रूही उस्सको किश कर रही थी, अभी को उसी पल लगा के उस्सको किश करना तो अत hi नहीं मगर रूही को किश करना अत था!!

तो बे कॉन्टिनोएड…. (2450 वर्ड्स)
 
सवी जी हाँ एक महीना बीत गया,

अगर सब डे तो डे का लिखता तो बोरिंग लगने लगता इस लिए एक लीप लिया मैं ने मगर अब से सब डेली चलेगा काम के पूरा होने तक....

और उसस्के बाद भी

थैंक्स वैरी मच डेअर :लव:
 
बहोत बहोत शुक्रिया विक्रम भाई.

मुझे बहोत ख़झशि हुई के आप को मेरा लिखा हुआ रोमांटिक सन ाचा लगा

महेश और दादा जी के सामने तो डे 1 से रूही आती रही है,

सेकंड या थर्ड डे से hi अभी को आदत हो गयी थी रूही को किचन के थ्रेसहोल्ड पर खड़े हुए देखना इसी लिए वो जगह नार्मल प्लेस ता रूही को रहने की, याद है उस्सकी माँ भी फर्स्ट डे को वहीँ कड़ी होकर रूही को बुला रही थी, तो एक ऐसी जगह है जहाँ से ऑलमोस्ट नोर्मल्ली हर रोज़ माँ बेटी खड़े होकर बाहर देखते थे,

बस नहीं था तब भी वो एक वाचिंग पॉइंट था उन लोगों के लिए.

और तीसरे दिन से जब अभी काम से वापस जाने लगा और रूही को वेव किया था तो दादा जी, रूही का बड़ा भाई मनोज सब ने देखा था क्यूंकि अभी ने रूही की माँ को bye आंटी कहा था, तो वो बिल्कुल नार्मल लिया था सब ने सब हँसे थे... इस लिए उसस्के बाद सब समझ गए थे के अभी bye करता है वापस जाने से पहले इस लिए कोई ज़्यादा ध्यान नहीं देता था.....

हाँ जब श्वेता ने कहा के रूही ने कहा है अभी को किसी देने के लिए, तो सब ने सुना, तो उस बात को ऐसा लिया गया के एक छोटी बची है तो किसी करने को कह दिया रूही ने, बस नार्मल लिया गया बात को, उस आँगन में सब कुछ इतना फॅमिलार था के सब नार्मल दीखता था. एक जवान लड़का और एक जवान लड़की एक दूसरे से बात करते हैं तो लगता था दोनों एक दूसरे को पसंद करते हैं क्यूंकि दोनों की जोड़ी बहोत अछि दीखते थे....
 
बहोत शुक्रिया अमन भाई.

हाँ डाउट तो दाल देता हूँ

बुसस यूँ समझिये के आप अभी हो, तो आप को किआ पता होता के रूही को किश करना अत है?

नहीं नाह? तो वैसे hi अभी के नज़र से यह कहानी चल रही है अब तक. जितना अभी को पता है उतना hi हमको भी पता चलेगा, और अभी के ज़रिए hi हमको इस से ज़्यादा पता चलेगा भाई

थैंक्स वैरी मच भाई अप्प्रेसियते करने के लिए.
 
तेहि दिल से शुक्रिया विक्रम भाई इस वंडरफुल रिव्यु के लिए

आप ने सब कुछ बिल्कुल सही समझा और पहचाना है भाई#

जो आप नहीं समझे हो वो अभी नहीं बोलूंगा, वो सब धीरे धीरे आप को पता चल जाएगा इनकमिंग उपदटेस के ज़रिए.

थैंक्स वैरी मच विक्रम भाई ऐसे hi साथ देते रहए मेरा बोस उप होता है आप सभों के रिव्यु से दोस्त.
 
थैंक्स अगेन विक्रम भाई

अभी का प्यार गहरा प्यार hi है भाई,

उस्सने जो कुछ कहा वो गुस्से में कहा हे दीद नॉट मैं अन्य बाद फॉर रूही.

बुसस मुंह से निकल गया , ग़ुस्से में इंसान पागल हो जाता है नाह और खुद उस्सको पता नहीं चलता के किआ कह रहा है इसी तरह से उस्सने बोल दिया के अब कहाँ है मर गयी किआ? जैसे एक माँ कभी अपने बचे को धुनते हुए कहती है कहाँ मर गया तू?

हाँ गरम खून है, यंग है आप जानते hi होंगे एक जवान गरम खून की रवानी, तो ऐसे कई नौजवान होते हैं जो जोश में आजाते हैं और ग़ुस्से पर काबू नहीं कर paate....aisa था अभी उस वक़्त सईद के प्रति भी.... बाद में अभी अपने गुस्से को कण्ट्रोल करना सीख जाएगा क्यूंकि एक दिन आप पढोगे के उस्सने खुद कैसे खुद से कहा के उस्का ग़ुस्सा उस्सको नुक्सान पंहुचा रहा है..... भाई अब आने वाले उपदटेस क बारे में तो अभी नहीं लिखूं तो बेहतर होगा.... बहोत सारे ऐसे सवाल होंगे अभी जिस्सके जवाब कहानी में आगे चल कर पता चलेगा भाई...

रूही माफ़ी मांग रही थी क्यूंकि उस्सको पता था के अभी हर्ट हुआ है उस्सकी कल वाली बात से....

सच में अभी बहुत hi गहरे तरीके से हर्ट हुआ था उस बात से....

आप ने कहा के उस्सकी सुबह वाली बेहेवियर समझ में नहीं आयी - भाई उसस्के दिल को ठेस पहुंची थी रूही द्वारा रूही ने कहा के बाला ताल जाएगी अगर उस्सने वहां आना बंद कर दिया तो... इसी लिए अभी सोचने लगा के हमेशा के लिए वहां जाना चोरर दें तो रूही को सुकून मिलेगी.... रूही की बात उसस्के दिल मैं बैठ गया था, उस्सने उस बात को दिल से लगा लिया था, हर्ट था इसी लिए उस्सने उस वक़्त वैसा सोचा था...

भाई थैंक्स वैरी वैरी मच फॉर सुच डिटेल्ड रिव्यु, ी लव आईटी.
 
बहोत बहोत शुक्रिया कामदेव भाई.

आप ने अपडेट एक साथ पढ़के रिप्लाई किये, चलो कोई बात नहीं भाई

जो डॉब्टस हैं आप के मैं में स्टोरी और उपदटेस को लेकर वो धीरे धीरे मिट जायेंगे बुसस आप को कहानी को एन्ड तक पढ़ना होगा तब कुछ खुल कर सामने आएंगे.

थैंक्स वेर्य्र मच भाई
 
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