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- Dec 5, 2013
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अपडेट 15 थे कलम इस बैक
अभी ने लाइफ में कभी किसी लड़की को किश नहीं किया था, उसस्के समझ में नहीं ारः था के कैसे किआ करें, सिर्फ अपने होंठ को रूही के होंठों से टकराया था उस्सने, मगर रूही उस्सको किश कर रही थी, अभी को उसी पल लगा के उस्सको किश करना तो अत hi नहीं मगर रूही को किश करना अत था!!
अब आगे….
रूही की छाती अभी के सीने पर डब्बे हुए थे, उस्सकी बूब्स चिपके हुए थे अभी के चेस्ट पर, और रूही ने अभी को बड़े ज़ोर से जकरा हुआ था. अभी के सांस लेने से उस्सकी बूब्स जैसे पुश हो रहे थे, अभी ने सर झुकाते हुए उस्सकी थोड़ी से मुलायम क्लीवेज देखा, कितनी मुलायम था वो हिस्सा जो अभी को नज़र आरहे थे आज पहली बार वो भी अपनी खुद की बाहों में…. रूही को जैसे फील हुआ के अभी उस्सकी क्लीवेज देख रहा था, तो हलके से नज़र को ऊपर किया अभी के चेहरे में देखने के लिए तो पाया के हाँ अभी के ाँकेः उस्सकी सीने के अंदर hi देख रहे थे तो रूही ने एक सांस लेते हुए कहा,
“आप ने नहीं बताया के आज आप क्यों लेट आये अभी? किआ वो मुझको पुनीश करने के लिए था?”
अभी ने धीरे से गहरी आवाज़ में कहा,
“तुम्हारा ड्रेस मैला हो जाएगा, मेरे कपडे मैले हैं तुम मैले कपडे पर चीप्की हुई हो रूही!”
अभी तो अपने वर्किंग क्लोथ्स में था, मैले तो थे hi, पर रूही को कोई परवाह नहीं था उस वक़्त, और उस्सने कहा,
“मेरे सवाल को अवॉयड कर रहे हो रिप्लाई करने को नाह? इसी लिए दूसरी बात बना रहे हो अभी?!”
अभी ने उस्सकी गाल सहलाते हुए कहा,
“यह बात नहीं है रूही, मुझे ाचा नहीं लग रहा के इस मैले कपडे में तुम्हारे साथ इस पोजीशन में रहूं मैं अपने दूसरे कपडे में होता तो बात और थी नाह.”
रूही ने एक मुस्कान में कहा,
“मुझे तो कोई फरक नहीं पड़ता, ाचा बताओ अब खुश हुए आप मुझे बाहों में भर लिया नाह?!”
अभी ने हलके से हँस्ते हुए कहा,
“बाहों में तुमने मुझे भरा हुआ है मैं ने तो सिर्फ तुम्हारे काँधे पर हाथ रखा है!”
रूही ने उस्सको और ज़ोर से जकरते हुए एक बच्चे की अदा में कहा,
“तो भर्रो नाह मुझको अपने बाहों में जैसे मैं ने आप को लिया हुआ है”
अभी: “इस लिबास में मैं तुमको नहीं लेना चाहता अपनी बाहों में मुझे ओड फील हो रहा है, तुम्हारे कपडे गंदे हो जायेंगे रूही!”
इतना कहा के मेहबूब की आवाज़ और उसस्के कदम उन् दोनों के तरफ बढ़ते हुए सुनाई दिए, मेहबूब यह कहते हुए ारः था,
“अभी, ग़ुस्सा ठंडा हुआ के नहीं ाजाओ चलो काम जारी रखो नाह भाई!”
उस्सकी आवाज़ सुनकर रूही ने झट से अभी को चोररटे हुए अलग हुआ दो कदम, तब तक मेहबूब वहां पहुँच गया और रूही से hi पूछा,
“इस्को कूल किया तुमने अपनी बातों से नाह?!” और अभी का हाथ थाम कर मेहबूब ने उससे चलने को कहा.
तब तक रूही की माँ भी आगयी रूही के पास और पूछा,
“किआ कहा उस्सने क्यों इतना लेट आया आज?”
रूही: “पता नहीं माँ, मुझे यकीन है के मेरी hi वजह से लेट आया, अब भी थोड़ा उखड़ा उखड़ा सा है, होप नार्मल हो जाएगा कुछ देर बाद, मैं जाती हूँ टेरेस साफ़ करने उसस्के आँखों के सामने तो रहूंगी, कुछ देर पहले मैं तरस रही थी उस्सको वहां देखने के लिए…”
रूही की माँ ने पूछा;
“तुमने उस्सको जकरा हुआ था, वो भी मेरे सामने उस्सको जाकर लिया बेशरम कहीं की, मेहबूब जब आया तो तुझको उस पोजीशन में नहीं देखा नाह?!”
रूही ने बता दिया के उसस्के आने के आवाज़ सुनते hi रूही अभी से दो कदम दूर कड़ी हो गयी थी.
रूही चली गयी टेरेस पर झाड़ू लगाने और अभी को नज़रों से चोरर hi नहीं रही थी. अभी भी उस्सको देखते हुए hi काम किये जा रहा था. और रूही उस्सको देखते हुए खुद से कह रही थी;
“इस आँगन में पहली बार एक नाम इतना गूंजी है अभी. इस नाम को मैं तो हर रोज़ वैसे hi सुन्ना चाहती हूँ. इस से पहले कभी भी यह नाम मेरे आँगन में नहीं सुना था मैं ने, जब सुना तो इतना सुना के इस नाम को सुने बिना रहा नहीं जाता, अगर यह नाम इस आँगन में गूंजना बंद हो जायेगा तो मुझ पर किआ गुज़रेगी वो मैं सोच रही हूँ आज!!”
और अचानक रूही का दिल धड़का और खुद से कहा;
“अभी ने तो मुझे इशारे से सब कुछ कह दिया है हालां के साफ़ नहीं कहा मैं उसस्के मैं की बात को पढ़ चुकी हूँ, मगर मैं अपनी बात उस्सको कैसे बताऊँ? मेरे बारे में उस्सको पता चला तब किआ होगा? कैसे रियेक्ट करेगा वो? चला गया तो मैं किआ करुँगी? क्यों मैं उस्सको दिल दे बैठी? इतने दिनों तक तो किसी के साथ ऐसा फील नहीं हुआ था क्यों अभी से मैं ने शुरू में hi सब कुछ नहीं कह दिया? अगर उस्सने सोचा के मैं ने धोके में रकह उससे तब किआ होगा? माँ ने कहने से मन किया है, मगर मुझे लगता है के उस्सको सब सच सच बता देना चाहिए. और अगर मेरे बारे में उसस्के घरवालों को पता चल गया तो कोई भी एक्सेप्ट नहीं करेगा मुझे यकीन है…. मैं माँ को सुनूं या अपने दिल की? किआ करूँ मैं? हे भगवान् हेल्प में!”
रूही के चेहरे पर उदासी देख कर अभी ने इशारे से पूछा किआ हुआ, मगर रूही ने कुछ नहीं में सर हिलाया.
उन् दिनों एक गीत मशहूर था जो अभी अक्सर गुनगुनाया करता था और उसस्के सिचुएशन पर फिट लगता था, अभी ने उस गीत को सीटी बजाते हुए गया, वो रूही के लिए hi था, और रूही उस्सको प्यार भाड़े नज़रों से देखने लगी और जब अभी ने गाने के मुकदे को विस्सल किया बिलककोल सुर में तो रूही की आँखें भर आये, गण यह था;
“प्यार करते हैं हम तुम्हें इतना
प्यार करते हैं हम तुम्हें इतना
दो ाँकेः तो किआ दो जहाँ में समाये नाह जितना
प्यार करते हैं हम तुम्हें इतना…..
दिल में कब तक करोगे बसेरा
साथ कब तक नाह चोररोगे मेरा
धरती चोर्रे नाह सूरज का फेरा
साथ चोररेंगे यूँ हम नाह तेरा
प्यार करते हैं हम तुम्हें इतना
दो आँखें तो किआ दो जहाँ में समाये नाह जितना
ज़िन्दगी का तुम्ही हो इरादा,
याद रखोगे किआ तुम यह वडा
नहीं भूलेंगे हम तुम्हें ऐसे
दिल नाह भूले धरकना जैसे
प्यार करते हैं हम तुम्हें इतना
दो आंखें तो किआ दो जहाँ में समाये नाह जितना
जीते है हम तुम्हारे सहारे
दिन गुज़रते हैं कैसे तुम्हारे
अब जुदाई नाह सेह पाएंगे हम
तुमसे बिछड़े तो मर जायेंगे हम
प्यार करते हैं हम तुम्हें इतना
दो ाँकेः तो किआ दो जहाँ में समाये नाह जितना
प्यार करते हैं हम तुम्हें इतना…..”
इस गाने को अगर आप लोग इसी वक़्त सुन्ना चाहे तो यू तुबे का यह लिंक पर है:
मनहर और आशा भोंसले के गाये हुए बहोत hi मशहूर गण था यह उन् दिनों और हर रोज़ सुबह शाम रेडियो पर सुनाई देता था… हर किसी के ज़ुबान पर यह गीत हुआ करता था उन् दिनों.
अब अभी इतना ज़ोर से इस गाने को सीटी बजाते हुए चला जा रहा था रूही को देखते हुए के उस्सकी आँखें भर आयी, वो रो पड़ी और चली गयी वहां से अपना चेहरा धोने को.
खुद अभी के भी आँख भर आये क्यूंकि वो इस part को दिल में गए रहा था सीटी बजाते हुए
जीते है हम तुम्हारे सहारे
दूँ गुज़रते हैं कैसे तुम्हारे
अब जुदाई नाह शी पाएंगे हम
तुमसे बिछड़े तो मर जायेंगे हम
और तःजब की बात यह थी के जब अभी सीटी बजाते हुए इस part को दिल में गए रहा था उसी पल को रूही इसी part को hi दिल में गए रही थी, याने के यह part जो फीमेल वौइस् में थी वही रूही गए रही थी इसी लिए रो पड़ी थी
अब जुदाई नाह सेह पाएंगे हम
तुमसे बिछड़े तो मर जायेंगे हम
यह कुदरत का करिश्मा था या किआ मगर हुआ ऐसा hi था….. और उस दिन के बाद वहां आखरी दिन तक काम करते हुए हर रोज़, दिन भर अभी इस गाने को सीटी से ऊंचे सुर में बजता था… जब कभी रूही नज़र नहीं आती थी तो अभी को बुसस इस गाने को सीटी में बजाना होता था और रूही दौड़ी चली आती थी उसस्के सामने…. दोनों इस गाने से जैसे बंधे हुए थे उन् दिनों. अब सोचना अगर बिछड़े होंगे तो किआ हाल होता होगा दोनों का जब इस गीत को कभी सुनते होंगे तो!! यूँ सोचिये के 15 साल बाद दोनों एक दूसरे से दूर है और इस गाने को सुन रहे हैं उसी वक़्त पर अलग अलग जगह पर और एक दूसरे को याद कर रहे हैं तो मंज़र किआ होता होगा!! (यह लिखते हुए मैं बहोत भावुक हो गया)
उस दिन अभी का दिन बहोत ाचा गुज़रा. साइड भाई और वो फिर से मामूली तरह से बात करने लगे जैसे के कुछ हुआ hi नहीं था. शायद सईद भाई ने अपना कुसूर मान लिया था और उस्सको पता था के अभी ने बस में उस से बहोत ज़्यादा काम किया है.
रूही बार बार अभी के सामने आती रही उस्सको अपने जीब से चिढ़ाती जो अभी को बेहद पसंद था…. अब जीब निकाल कर होंठों के बीच कुछ पॉइंटेड जैसे करके एक लड़के को दिखाना इस्सके सेक्सुअल मतलब भी होता है ऐसा अभी ने सोचा किआ रूही को पता भी है के वो किआ इशारा करती है उस तरह से जीब से उससे मोचक करके? मगर क्यूंकि उस्सकी उस अदा से, जिस अदा से रूही वैसे करती थी वो बहोत प्यारा होता था इस लिए अभी को बहोत पसंद था उस्का वैसे करना. एक बार तो रूही ने अपनी माँ के सामने वैसे जीब से अभी को मोचक किया. अभी हैरान रह गया के उस्सकी माँ ने क्यों कुछ नहीं कहा रूही को और वैसा करने दिया…. माँ हंस रही थी जब रूही अभी को उस तरह से जीब से मोचक कर रही थी… और वैसा मोचक करना हर रोज़ होता रहा. चलता रहा रूही के तरफ से. रूही खुद डरता था के कहीं कभी मेहबूब, या सईद नाह देखले रूही वैसा करते हुए….
अब आते हैं किश वाले बात पर.
अभी काम करते वक़्त उस किश को भी गहराई से सोचता रहा. क्यूंकि उस्का पहला किश था उस्सको पता था के वो अनारी था आउट किश यही से नहीं कर पाया, उस्सको वो महसूस हुआ था उस वक़्त के रूही उस्सको किश कर रही थी वो रूही को नहीं.
अब किआ अभी को पता चला के रूही ने पहले लाइफ में किश किया हुआ है? बिल्कुल नहीं. अभी को कैसे पता चलता क्यूंकि उस्सने लाइफ में आज पहली बार एक लड़की को किश किया, तो उस्सको किआ पता के सही किश कैसा होता है… हाँ तस्सवुर में रूही को hi किश करता है ख्यालों में तो सोचता है होंठों को होंठों पर रख कर चूमते हैं जैसे गाल को चूमते हैं. मगर उसस्के होंठों को रूही चूस रही थी किश के दौरान, बल्कि अभी के जीब को तक़रीबन ले लिया था अपनी मुंह में किश करते वक़्त….. यह part अभी को बहोत अच्छा लगा था मगर उस्सने एक्सपेक्ट नहीं किया था के वैसा भी किश किया जाता होगा.
मगर अब, तन्हाई में जब अभी सोच रहा था तो महसूस किया के अगर किश वैसा किया जाए और अगर उसस्के मुंह में रूही का जीब आजाये तो वो ज़रूर उसस्के रस को चूस लेगा, पी लेगा…. और अब अकेले में अभी सोच रहा था के उस वक़्त उस्सको वही करना चाहिए था मगर खुद को hi अनारी कहा उस्सने…. और रूही की क्लीवेज को भी सोचा अभी ने और उस्सने अपने इरेक्शन फील किया और उतेजिना ने घर किया उसस्के अंदर, फिर अभी ने रूही को देखना चाहा उसी पल, तो देखा के रूही अपनी खिड़की से टेके हुए अभी को बड़े प्यार से देख रही थी. अभी को उसी वक़्त रूही को अपने बाहों में भरने का मन किया और अब अभी रूही की जिस्म को देखना चाहता था उस्सको महसूस करना चाहता था अपने हाथ से उस्सकी जिस्म को छुहना चाहता था. लंच टाइम करीब ारः था तो अभी ने टोनी से कहा के वो पानी लेने जा रहा है, और अभी टेरेस पर गया, रूही ने जब उस्सको वह देखा तो जल्दी से बाहर आयी, और अभी के सामने अपनी नीली ड्रेस में मुस्कुराती हुई देखने लगी. अभी अब ऊपर से निचे रूही को निहार रहा था और उस्सकी बूब्स का फॉर्म देख रहा था उस्सकी ड्रेस के ऊपर, उस उभार को अदमीरे कर रहा था, तो रूही उसस्के चेहरे में देखते हुए पूछा,
“किआ हुआ? किआ देख रहे हो अभी?”
अभी ने कहा,
“तुमको फिर से वैसे अपने सीने से लगाने का मैं कर रहा है, पीछे आओ नाह!”
रूही ने हँस्ते हुए कहा
“पागल हो किआ? देखो सईद जी और मेहबूब दोनों बस में हैं वह देख तो नहीं रहे मगर उन् को पता है के तुम यहाँ हो!”
अभी ने कहा,
“तुम बेहद खूबसूरत हो और आज मैं ने पहली बार तुमको फील किया, मेरा मैं नहीं भरा है…”
रूही ने उसी मुस्कान और अपनी रिझाती अदाओं में कहा,
“Okay मिलूंगी पीछे, तुम लंच करने के बाद आना; हमारे पास 30 मीन्स तक तो होंगे नाह, और हाँ सिगर्रेट मत पीना वार्ना मुझे किश नहीं करने दूंगी, समझे आप अभी?”
अभी बहोत खुश हुआ और काम पर वापस गया... रूही को किश करने का, अपने बाहों में भरने को, उस्सकी जिस्म को चारों तरफ फील करने को सोचते हुए…..
तो बे कॉन्टिनोएड….
अभी ने लाइफ में कभी किसी लड़की को किश नहीं किया था, उसस्के समझ में नहीं ारः था के कैसे किआ करें, सिर्फ अपने होंठ को रूही के होंठों से टकराया था उस्सने, मगर रूही उस्सको किश कर रही थी, अभी को उसी पल लगा के उस्सको किश करना तो अत hi नहीं मगर रूही को किश करना अत था!!
अब आगे….
रूही की छाती अभी के सीने पर डब्बे हुए थे, उस्सकी बूब्स चिपके हुए थे अभी के चेस्ट पर, और रूही ने अभी को बड़े ज़ोर से जकरा हुआ था. अभी के सांस लेने से उस्सकी बूब्स जैसे पुश हो रहे थे, अभी ने सर झुकाते हुए उस्सकी थोड़ी से मुलायम क्लीवेज देखा, कितनी मुलायम था वो हिस्सा जो अभी को नज़र आरहे थे आज पहली बार वो भी अपनी खुद की बाहों में…. रूही को जैसे फील हुआ के अभी उस्सकी क्लीवेज देख रहा था, तो हलके से नज़र को ऊपर किया अभी के चेहरे में देखने के लिए तो पाया के हाँ अभी के ाँकेः उस्सकी सीने के अंदर hi देख रहे थे तो रूही ने एक सांस लेते हुए कहा,
“आप ने नहीं बताया के आज आप क्यों लेट आये अभी? किआ वो मुझको पुनीश करने के लिए था?”
अभी ने धीरे से गहरी आवाज़ में कहा,
“तुम्हारा ड्रेस मैला हो जाएगा, मेरे कपडे मैले हैं तुम मैले कपडे पर चीप्की हुई हो रूही!”
अभी तो अपने वर्किंग क्लोथ्स में था, मैले तो थे hi, पर रूही को कोई परवाह नहीं था उस वक़्त, और उस्सने कहा,
“मेरे सवाल को अवॉयड कर रहे हो रिप्लाई करने को नाह? इसी लिए दूसरी बात बना रहे हो अभी?!”
अभी ने उस्सकी गाल सहलाते हुए कहा,
“यह बात नहीं है रूही, मुझे ाचा नहीं लग रहा के इस मैले कपडे में तुम्हारे साथ इस पोजीशन में रहूं मैं अपने दूसरे कपडे में होता तो बात और थी नाह.”
रूही ने एक मुस्कान में कहा,
“मुझे तो कोई फरक नहीं पड़ता, ाचा बताओ अब खुश हुए आप मुझे बाहों में भर लिया नाह?!”
अभी ने हलके से हँस्ते हुए कहा,
“बाहों में तुमने मुझे भरा हुआ है मैं ने तो सिर्फ तुम्हारे काँधे पर हाथ रखा है!”
रूही ने उस्सको और ज़ोर से जकरते हुए एक बच्चे की अदा में कहा,
“तो भर्रो नाह मुझको अपने बाहों में जैसे मैं ने आप को लिया हुआ है”
अभी: “इस लिबास में मैं तुमको नहीं लेना चाहता अपनी बाहों में मुझे ओड फील हो रहा है, तुम्हारे कपडे गंदे हो जायेंगे रूही!”
इतना कहा के मेहबूब की आवाज़ और उसस्के कदम उन् दोनों के तरफ बढ़ते हुए सुनाई दिए, मेहबूब यह कहते हुए ारः था,
“अभी, ग़ुस्सा ठंडा हुआ के नहीं ाजाओ चलो काम जारी रखो नाह भाई!”
उस्सकी आवाज़ सुनकर रूही ने झट से अभी को चोररटे हुए अलग हुआ दो कदम, तब तक मेहबूब वहां पहुँच गया और रूही से hi पूछा,
“इस्को कूल किया तुमने अपनी बातों से नाह?!” और अभी का हाथ थाम कर मेहबूब ने उससे चलने को कहा.
तब तक रूही की माँ भी आगयी रूही के पास और पूछा,
“किआ कहा उस्सने क्यों इतना लेट आया आज?”
रूही: “पता नहीं माँ, मुझे यकीन है के मेरी hi वजह से लेट आया, अब भी थोड़ा उखड़ा उखड़ा सा है, होप नार्मल हो जाएगा कुछ देर बाद, मैं जाती हूँ टेरेस साफ़ करने उसस्के आँखों के सामने तो रहूंगी, कुछ देर पहले मैं तरस रही थी उस्सको वहां देखने के लिए…”
रूही की माँ ने पूछा;
“तुमने उस्सको जकरा हुआ था, वो भी मेरे सामने उस्सको जाकर लिया बेशरम कहीं की, मेहबूब जब आया तो तुझको उस पोजीशन में नहीं देखा नाह?!”
रूही ने बता दिया के उसस्के आने के आवाज़ सुनते hi रूही अभी से दो कदम दूर कड़ी हो गयी थी.
रूही चली गयी टेरेस पर झाड़ू लगाने और अभी को नज़रों से चोरर hi नहीं रही थी. अभी भी उस्सको देखते हुए hi काम किये जा रहा था. और रूही उस्सको देखते हुए खुद से कह रही थी;
“इस आँगन में पहली बार एक नाम इतना गूंजी है अभी. इस नाम को मैं तो हर रोज़ वैसे hi सुन्ना चाहती हूँ. इस से पहले कभी भी यह नाम मेरे आँगन में नहीं सुना था मैं ने, जब सुना तो इतना सुना के इस नाम को सुने बिना रहा नहीं जाता, अगर यह नाम इस आँगन में गूंजना बंद हो जायेगा तो मुझ पर किआ गुज़रेगी वो मैं सोच रही हूँ आज!!”
और अचानक रूही का दिल धड़का और खुद से कहा;
“अभी ने तो मुझे इशारे से सब कुछ कह दिया है हालां के साफ़ नहीं कहा मैं उसस्के मैं की बात को पढ़ चुकी हूँ, मगर मैं अपनी बात उस्सको कैसे बताऊँ? मेरे बारे में उस्सको पता चला तब किआ होगा? कैसे रियेक्ट करेगा वो? चला गया तो मैं किआ करुँगी? क्यों मैं उस्सको दिल दे बैठी? इतने दिनों तक तो किसी के साथ ऐसा फील नहीं हुआ था क्यों अभी से मैं ने शुरू में hi सब कुछ नहीं कह दिया? अगर उस्सने सोचा के मैं ने धोके में रकह उससे तब किआ होगा? माँ ने कहने से मन किया है, मगर मुझे लगता है के उस्सको सब सच सच बता देना चाहिए. और अगर मेरे बारे में उसस्के घरवालों को पता चल गया तो कोई भी एक्सेप्ट नहीं करेगा मुझे यकीन है…. मैं माँ को सुनूं या अपने दिल की? किआ करूँ मैं? हे भगवान् हेल्प में!”
रूही के चेहरे पर उदासी देख कर अभी ने इशारे से पूछा किआ हुआ, मगर रूही ने कुछ नहीं में सर हिलाया.
उन् दिनों एक गीत मशहूर था जो अभी अक्सर गुनगुनाया करता था और उसस्के सिचुएशन पर फिट लगता था, अभी ने उस गीत को सीटी बजाते हुए गया, वो रूही के लिए hi था, और रूही उस्सको प्यार भाड़े नज़रों से देखने लगी और जब अभी ने गाने के मुकदे को विस्सल किया बिलककोल सुर में तो रूही की आँखें भर आये, गण यह था;
“प्यार करते हैं हम तुम्हें इतना
प्यार करते हैं हम तुम्हें इतना
दो ाँकेः तो किआ दो जहाँ में समाये नाह जितना
प्यार करते हैं हम तुम्हें इतना…..
दिल में कब तक करोगे बसेरा
साथ कब तक नाह चोररोगे मेरा
धरती चोर्रे नाह सूरज का फेरा
साथ चोररेंगे यूँ हम नाह तेरा
प्यार करते हैं हम तुम्हें इतना
दो आँखें तो किआ दो जहाँ में समाये नाह जितना
ज़िन्दगी का तुम्ही हो इरादा,
याद रखोगे किआ तुम यह वडा
नहीं भूलेंगे हम तुम्हें ऐसे
दिल नाह भूले धरकना जैसे
प्यार करते हैं हम तुम्हें इतना
दो आंखें तो किआ दो जहाँ में समाये नाह जितना
जीते है हम तुम्हारे सहारे
दिन गुज़रते हैं कैसे तुम्हारे
अब जुदाई नाह सेह पाएंगे हम
तुमसे बिछड़े तो मर जायेंगे हम
प्यार करते हैं हम तुम्हें इतना
दो ाँकेः तो किआ दो जहाँ में समाये नाह जितना
प्यार करते हैं हम तुम्हें इतना…..”
इस गाने को अगर आप लोग इसी वक़्त सुन्ना चाहे तो यू तुबे का यह लिंक पर है:
मनहर और आशा भोंसले के गाये हुए बहोत hi मशहूर गण था यह उन् दिनों और हर रोज़ सुबह शाम रेडियो पर सुनाई देता था… हर किसी के ज़ुबान पर यह गीत हुआ करता था उन् दिनों.
अब अभी इतना ज़ोर से इस गाने को सीटी बजाते हुए चला जा रहा था रूही को देखते हुए के उस्सकी आँखें भर आयी, वो रो पड़ी और चली गयी वहां से अपना चेहरा धोने को.
खुद अभी के भी आँख भर आये क्यूंकि वो इस part को दिल में गए रहा था सीटी बजाते हुए
जीते है हम तुम्हारे सहारे
दूँ गुज़रते हैं कैसे तुम्हारे
अब जुदाई नाह शी पाएंगे हम
तुमसे बिछड़े तो मर जायेंगे हम
और तःजब की बात यह थी के जब अभी सीटी बजाते हुए इस part को दिल में गए रहा था उसी पल को रूही इसी part को hi दिल में गए रही थी, याने के यह part जो फीमेल वौइस् में थी वही रूही गए रही थी इसी लिए रो पड़ी थी
अब जुदाई नाह सेह पाएंगे हम
तुमसे बिछड़े तो मर जायेंगे हम
यह कुदरत का करिश्मा था या किआ मगर हुआ ऐसा hi था….. और उस दिन के बाद वहां आखरी दिन तक काम करते हुए हर रोज़, दिन भर अभी इस गाने को सीटी से ऊंचे सुर में बजता था… जब कभी रूही नज़र नहीं आती थी तो अभी को बुसस इस गाने को सीटी में बजाना होता था और रूही दौड़ी चली आती थी उसस्के सामने…. दोनों इस गाने से जैसे बंधे हुए थे उन् दिनों. अब सोचना अगर बिछड़े होंगे तो किआ हाल होता होगा दोनों का जब इस गीत को कभी सुनते होंगे तो!! यूँ सोचिये के 15 साल बाद दोनों एक दूसरे से दूर है और इस गाने को सुन रहे हैं उसी वक़्त पर अलग अलग जगह पर और एक दूसरे को याद कर रहे हैं तो मंज़र किआ होता होगा!! (यह लिखते हुए मैं बहोत भावुक हो गया)
उस दिन अभी का दिन बहोत ाचा गुज़रा. साइड भाई और वो फिर से मामूली तरह से बात करने लगे जैसे के कुछ हुआ hi नहीं था. शायद सईद भाई ने अपना कुसूर मान लिया था और उस्सको पता था के अभी ने बस में उस से बहोत ज़्यादा काम किया है.
रूही बार बार अभी के सामने आती रही उस्सको अपने जीब से चिढ़ाती जो अभी को बेहद पसंद था…. अब जीब निकाल कर होंठों के बीच कुछ पॉइंटेड जैसे करके एक लड़के को दिखाना इस्सके सेक्सुअल मतलब भी होता है ऐसा अभी ने सोचा किआ रूही को पता भी है के वो किआ इशारा करती है उस तरह से जीब से उससे मोचक करके? मगर क्यूंकि उस्सकी उस अदा से, जिस अदा से रूही वैसे करती थी वो बहोत प्यारा होता था इस लिए अभी को बहोत पसंद था उस्का वैसे करना. एक बार तो रूही ने अपनी माँ के सामने वैसे जीब से अभी को मोचक किया. अभी हैरान रह गया के उस्सकी माँ ने क्यों कुछ नहीं कहा रूही को और वैसा करने दिया…. माँ हंस रही थी जब रूही अभी को उस तरह से जीब से मोचक कर रही थी… और वैसा मोचक करना हर रोज़ होता रहा. चलता रहा रूही के तरफ से. रूही खुद डरता था के कहीं कभी मेहबूब, या सईद नाह देखले रूही वैसा करते हुए….
अब आते हैं किश वाले बात पर.
अभी काम करते वक़्त उस किश को भी गहराई से सोचता रहा. क्यूंकि उस्का पहला किश था उस्सको पता था के वो अनारी था आउट किश यही से नहीं कर पाया, उस्सको वो महसूस हुआ था उस वक़्त के रूही उस्सको किश कर रही थी वो रूही को नहीं.
अब किआ अभी को पता चला के रूही ने पहले लाइफ में किश किया हुआ है? बिल्कुल नहीं. अभी को कैसे पता चलता क्यूंकि उस्सने लाइफ में आज पहली बार एक लड़की को किश किया, तो उस्सको किआ पता के सही किश कैसा होता है… हाँ तस्सवुर में रूही को hi किश करता है ख्यालों में तो सोचता है होंठों को होंठों पर रख कर चूमते हैं जैसे गाल को चूमते हैं. मगर उसस्के होंठों को रूही चूस रही थी किश के दौरान, बल्कि अभी के जीब को तक़रीबन ले लिया था अपनी मुंह में किश करते वक़्त….. यह part अभी को बहोत अच्छा लगा था मगर उस्सने एक्सपेक्ट नहीं किया था के वैसा भी किश किया जाता होगा.
मगर अब, तन्हाई में जब अभी सोच रहा था तो महसूस किया के अगर किश वैसा किया जाए और अगर उसस्के मुंह में रूही का जीब आजाये तो वो ज़रूर उसस्के रस को चूस लेगा, पी लेगा…. और अब अकेले में अभी सोच रहा था के उस वक़्त उस्सको वही करना चाहिए था मगर खुद को hi अनारी कहा उस्सने…. और रूही की क्लीवेज को भी सोचा अभी ने और उस्सने अपने इरेक्शन फील किया और उतेजिना ने घर किया उसस्के अंदर, फिर अभी ने रूही को देखना चाहा उसी पल, तो देखा के रूही अपनी खिड़की से टेके हुए अभी को बड़े प्यार से देख रही थी. अभी को उसी वक़्त रूही को अपने बाहों में भरने का मन किया और अब अभी रूही की जिस्म को देखना चाहता था उस्सको महसूस करना चाहता था अपने हाथ से उस्सकी जिस्म को छुहना चाहता था. लंच टाइम करीब ारः था तो अभी ने टोनी से कहा के वो पानी लेने जा रहा है, और अभी टेरेस पर गया, रूही ने जब उस्सको वह देखा तो जल्दी से बाहर आयी, और अभी के सामने अपनी नीली ड्रेस में मुस्कुराती हुई देखने लगी. अभी अब ऊपर से निचे रूही को निहार रहा था और उस्सकी बूब्स का फॉर्म देख रहा था उस्सकी ड्रेस के ऊपर, उस उभार को अदमीरे कर रहा था, तो रूही उसस्के चेहरे में देखते हुए पूछा,
“किआ हुआ? किआ देख रहे हो अभी?”
अभी ने कहा,
“तुमको फिर से वैसे अपने सीने से लगाने का मैं कर रहा है, पीछे आओ नाह!”
रूही ने हँस्ते हुए कहा
“पागल हो किआ? देखो सईद जी और मेहबूब दोनों बस में हैं वह देख तो नहीं रहे मगर उन् को पता है के तुम यहाँ हो!”
अभी ने कहा,
“तुम बेहद खूबसूरत हो और आज मैं ने पहली बार तुमको फील किया, मेरा मैं नहीं भरा है…”
रूही ने उसी मुस्कान और अपनी रिझाती अदाओं में कहा,
“Okay मिलूंगी पीछे, तुम लंच करने के बाद आना; हमारे पास 30 मीन्स तक तो होंगे नाह, और हाँ सिगर्रेट मत पीना वार्ना मुझे किश नहीं करने दूंगी, समझे आप अभी?”
अभी बहोत खुश हुआ और काम पर वापस गया... रूही को किश करने का, अपने बाहों में भरने को, उस्सकी जिस्म को चारों तरफ फील करने को सोचते हुए…..
तो बे कॉन्टिनोएड….