Usski Gali Mein Jaana Chorr Diya - Page 9 - SexBaba
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Usski Gali Mein Jaana Chorr Diya

इतना कुछ कहने की किआ ज़रुरत थी? इतना hi अपडेट क बारे में लिखते तो मजा अत.

उस रिप्लाई में तुमने अपडेट 26 की सबसे महत्वपूर्ण बात को बोलै hi नहीं के अभी एक पूरा रात गुज़रेगा रूही के साथ उसस्के घर में पहली बार. एहि मेंशन नहीं किया. दोनों बस के पीछे रोमांस किया ये भी नहीं बोलै दोनों बाहर गए रात को एक सात पहली बार ये भी नहीं बोलै. तो अपडेट 26 क बारे में कुछ बोलै hi नहीं. मैं पॉइंट पकड़ते हो कहा तुमने अपडेट 26 का मैं पॉइंट तो अभी का उस घर में एक रात गुज़ारना था.... तो तुमने मैं पॉइंट पकड़ा hi नहीं.. और कह कुछ और रहे ho....Tum जो मुझसे रोमांटिक स्टोरी की फरमाईश किये थे कई बार और रोमांस के बारे में लिखा और कुछ कहा hi नहीं उस बारे में तो किआ कहूं??

रही बात जो तुमने कहा के मैं नहीं चाहता हूँ क तुम इस थ्रेड पर आओ, तो अब ये बात कहाँ से निकली? मैं ने कब ऐसा कहा?
 
बहोत शुक्रिया कामदेव भाई

चलो कुछ तो दिखा आप को

मगर किआ पता के ग़लत दिखा जो भी दिखा

बाद में कुछ और पता चल सकता है :डी

एनीवे थैंक्स वैरी वैरी मच फॉर थे अप्प्रेसिअशन बीआरओ

वैसे अभी को अब आप ने सही पहचाना....

मगर शोऑफ नहीं है उस में यहाँ आप ग़लत हो
 
अपडेट 27 अभी स्पेंट थे नाईट ात Ruhi’s

अभी बेहद खुश था, यह उस्सको सब एक सपना जैसा लगने लगा था. उस्सको यकीन नहीं हो रहा था के यह सब सच में हो रहा है. हाँ उस्सने यह सब ख्यालों में कई बार सोचा था मगर सब हकीकत में बदल जाएगा यह उस्सने बिल्कुल नहीं सोचा था. था तो वो बिल्कुल पॉजिटिव, हमेशा भला hi सोचता था, और उम्मीद करता था के जो सोच रहा है वो सच और सही हो जाए मगर वैसा सच में होगा वो नहीं सोचता था. और आज जो हो रहा था उसस्के साथ वो बुसस एक ड्रीम के ट्रू था.

अब आगे….

जिस वक़्त दोनों बस के पीछे उस दरखत के पास किश कर रहे थे एक दोनों को बाहों में भाड़े तभी लेन में श्वेता की आवाज़ सुनाई दिए कहते हुए,

“नयी मैं नहीं भीगी हूँ आप के सर के बाल भीग गए हैं”

रूही डर गयी और अभी को इतना ज़ोर से जकरा के अभी को लगा उस्सकी पसलियां टूटने वाले हैं, तो रूही ने दररते हुए कहा,

“उफ़ मनोज भाई और श्वेता, अगर हमको यहाँ देख लिया तो मुसीबत आजाएगी अब किआ करें अभी?!”

अभी ने फुसफुसाते हुए कहा,

“सशह्ह्ह अँधेरा है कोई हमको नहीं देख पाएगा, बुसस निचे बैठ जाओ यहीं और बिल्कुल खामोश रहो, जब दोनों घर के अंदर चले जाएंगे तब हम उनके पीछे जाएंगे….”

और रूही और अभी एक दूसरे को जाकर हुए hi बैठ गए. अब ऑफ़ कोर्स क्यूंकि अँधेरा था और दोनों बुसस के उस तरफ थे, और हलकी सी बारिश भी थी तो मनोज तेज़ क़दमों से सीधे अपने किचन के दरवाज़े तक गया बिना इधर उधर देखे और श्वेता को उतरा किचन में…..

उतारते hi श्वेता चिल्लाई,

“रहीइइइइइइ didiiiiiiiiii मैं आगयीइइइइइइइ”

इधर बस के कोने में रूही ने अभी से कहा,

“उफ्फ्फ वो मेरा hi नाम फुंकार रही है, मुझको ढूंढ़ने गयी होगी, चलो अब जल्दी….”

तो दोनों पीछे से गए किचन में जैसे दाखिल हुए श्वेता अंदर से वापस लौट रही थी रूही को ढूंढ़ते हुए, अंदर रूही की माँ ने श्वेता से कहा के रूही घर पर नहीं है इस लिए वो वापस किचन में आरही थी और जैसे अभी को देखा वहीँ रुक गयी जहाँ रीच हुई थी अचानक! फिर ज़ोर से “अभीइइइइइइ” चिलाते हुए उसस्के तरफ बढ़ी दोनों बाहों को खोले तो अभी अपने टांगों पर बैठ गया उसस्के नन्ही बाहों को अपने कांडों पर लेने के लिए….

तब तक मनोज टॉयलेट गया हुआ था और उस्सने अंदर से श्वेता को अभी का नाम उतना ज़ोर से चिल्लाते हुए सुना तो उस्सको ताहजुब हुआ के अभी इस वक़्त यहाँ कैसे.

तब तक रूही की माँ भी किचन में आगयी थी. अभी ने तब रूही को वो प्लास्टिक बैग थमा दिया और टांगों पर बैठे हुए बेबी श्वेता के हुग में गम रहा. उस्सको ज़ोर से सीने से लगाया हुआ था. दादा जी भी आये अपनी टीवी प्रोग्राम चोरर कर और अभी और श्वेता को देख कर बोलै;

“बहोत लगाओ हो गया इस्सकी अभी के साथ, हो भी क्यों नहीं अभी बड़ा प्यारा बचा खुद है”

इस बात को मनोज ने सुना क्यूंकि तब तक वो बाहर निकल चूका था टॉयलेट से और खड़ा श्वेता को अभी के बाहों में देख रहा था, और मुस्कुरा रहा था रूही को और अपनी माँ को देखते हुए. उस्सने इशारे से रूही से पूछा के अभी इस वक़्त यहाँ कैसे. तो रूही ने फुसफुसाते हुए कहा,

“आज हमारे यहाँ रहेगा!”

तो मनोज रूही को देख कर हंसा और अंदर चला गया.

तब रूही ने श्वेता से कहा,

“आरी वह रे श्वेतु, अब भी मुझसे नहीं मिली तू, फुंकार तो मुझे रही थी और अभी के पास चली गयी जाओ मैं तुमसे बात नहीं करुँगी, कटती!”

श्वेता ने रूही के तरफ देख कर ‘हीहीही” किया और अभी के सर के बालों पर हाथ फरते हुए कहा,

“आप के बाल भी भीग गए है आप बाहर थे नाह? मनोज भाई के बाल भी भीग गए मैं नहीं भीगी बिल्कुल!”

तो अभी ने श्वेता को चूमते हुए कहा,

“हम्म सच है; जाओ अब तुम अपनी रूही दीदी के पास वार्ना वो तुमसे बात भी नहीं करेगी और देखो उसस्के पास कितने सारे केक्स हैं वो तुमको नहीं देगी!”

श्वेता नहीं चोरर रही थी अभी को और कहा,

“नयी मैं आप के सात hi रहूंगी, आप आज यहीं रहोगे?!”

अभी ने मुड़कर रूही के तरफ देखा, फिर उस्सकी माँ को देखा, दोनों बड़े प्यार से अभी और श्वेता को देख रहे थे आस पास खड़े, दादाजी भी वहीँ खड़ा देख रहा था, उस वक़्त अभी और श्वेता मैं अट्रैक्शन बने हुए थे किचन में.

अभी ने श्वेता को प्यार से जवाब दिया के हाँ आज वो यहीं रुकेगा. तब तक एक टॉवल से अपने बाल को पोंछते हुए मनोज घर से किचन में आया और रूही से कहा,

“तुम कब जाओगी शूटिंग देखने, जाओगी भी या नहीं?!”

रूही ने अभी के तरफ देखते हुए अपने कांधों को उचकाया, तो रूही की माँ ने मनोज से कहा,

“अभी को टॉवल देदो, देखो उसस्के बाल भी भीगे हुए हैं!”

तो मनोज और अभी ने एक दूसरे को देखा और उस्सने अभी को मुस्कुराते हुए टॉवल दिया….. अभी ने टॉवल से अपने बाल पर रब किया तो श्वेता ने कहा,

“मुझे दो मैं पोंछती हूँ!”

अब अभी एक तो टांगों पर बैठा हुआ था, अब श्वेता ने उसस्के हाथ से टॉवल ले लिया तो अभी को अपने सर को और निचे झुकना पारा ताके श्वेता उसस्के बाल को रब करे टॉवल से…..

मनोज वापस अंदर चला गया टीवी देखने, और दादा जी भी उसस्के पीछे गया.

किचन में रूही ने श्वेता के हाथ से टॉवल लिया और उस्सने अभी के बालों में टॉवल रब किया उसस्के बाल सुखाने के लिए. अभी के सर पर बहोत बाल थे, उसस्के बाल भी थिक थे और उस्का हैरस्टीले खूबसूरत था जिस से उस्का लुक और भी बेहतर होता था. बहोत बाल थे अभी के सर पर, फुल काळा बाल जो उसस्के गोर रंग को बड़ा सूट करता था. रूही जब उसस्के सर को रब कर रही थी तो श्वेता अभी के कान को अपने मुठी में पाकर कर नोच रही थी, जैसे एक खिलौना था अभी के कान, और रूही ने श्वेता के मुठी पर छोटा सा चमाट लगते हुए कहा,

“क्यों मेरे अभी के कान नोच रही हो तुम!”

अभी को वो मोमेंट बहोत प्यारा लग रहा था के रूही उसस्के बालों में टॉवल रब कर रही थी, उस्सको लग रहा था वो अपने घर में है और उस्सकी पत्नी वो सब कर रहा था…..

श्वेता ने जवाब दिया रूही को,

“किआ यह आप की अभी है? क्यों यह आप का अभी है दीदी?!”

तो जल्दी से रूही ने श्वेता के मुंह पर अपने हाथ रखा ताके अंदर से मनोज उस्सकी आवाज़ नाह सुनें, और रूही की माँ हंससने लगी.

अब मनोज से क्यों रूही, अभी के साथ अपना रिश्ता छुपा रही थी यह वही जाने, मगर मनोज को सब दिख तो रहा था क्यूंकि शुरू से जब भी अभी और रूही बात करते या आस पास होते थे तो मनोज दोनों को देख कर मुस्कुराता था हमेशा, मतलब उस्सको पर्सनली पता था के दोनों एक दूसरे को पसंद करते हैं, फिर भी पता नहीं क्यों मनोज से रूही या तो दरर्ति थी या छुपाना चाहती थी. मनोज रूही का बड़ा भाई था, घर का बड़ा बीटा था, महेश, रूही से छोटा था, और बड़ी बेहेन जिस्सकी शादी हो चुकी है वो मनोज के बाद थी. मतलब मनोज पहला औलाद था उस फॅमिली का.

कुछ देर बाद अभी ने रूही से आहिस्ते से कहा के उस्सको नहाना है, और अंडरवियर नहीं है उसस्के पास, और रात को सोने के लिए कपडे भी नहीं है.

तो रूही ने यह बात अपनी माँ से कहा तो माँ ने महेश का एक अंडरवियर, शार्ट और टीशर्ट दिया अभी को.

जब अभी नहाने जा रहा था ठीक तभी मनोज भी अपने कमरे से निकला टॉवल और अंडरवियर के साथ, और देखा अभी नहाने जा रहा है तो अभी से कहा,

“okay पहले तुम हो आओ,” और अभी ने कहा, “नहीं इतस okay पहले तुम हो आओ तब मैं नाहा लूंगा”

मगर आखिर में अभी hi गया नहाने.

जब अभी नाहा रहा था तब मनोज ने रूही के सामने अपनी माँ से सवाल किया,

“मेरी समझ में नहीं ारः के क्यों और कैसे आज अभी हमारे यहाँ ठहरा है, आप समजाओ मुझे माँ!”

माँ ने रूही को देखा और रूही अपनी माँ को. तो मनोज ने रूही से पूछा,

“तू बता सकती है? किआ यह तेरे कहने पर रुका है? या तेरे लिए रुका है?!”

माँ ने जवाब दिया,

“अरे यहीं उस्सको लेट हो गया था आज और उसस्के शहर जाने वाले बसेस मिस हो गए तो मैं ने hi कहा के क्यों टैक्सी को पता नहीं कितना पैसा देना पड़ेगा, तो हमारे यहाँ रुक जाए!”

मनोज ने फिर भी रूही को देखते हुए कहा,

“मगर तू बड़ी खुश हो रही के वो यहाँ ठहरा है क्यों? कहाँ गए थे तुम दोनों मेरे घर आने से पहले?!”

रूही सर झुकाये हुए निचे देख कर हंसी और कहा,

“वो अपने घर फ़ोन करके बताने गए थे के वो आज घर नहीं आरहे हैं!”

तब मनोज ने कहा,

“मगर उस्का टैक्सी का भाड़ा तो मेहबूब को देना चाहिए था नाह? या उस्सको मेहबूब के यहाँ रुकना था हमारे घर क्यों आया यह जानना चाहता हूँ मैं!”

माँ ने कहा,

“अरे तुम क्यों इतने सवाल करने लगे मैं ने खुद उस्सको यहाँ रुकने के लिए कहा कौन सी बड़ी बात हो गयी?”

तब मनोज ने रूही के तरफ देखते हुए hi कहा,

“बड़ी बात यह है के रूही के लिए रुका हमारे यहाँ वो और रूही खुश है के मेहबूब के बजाए हमारे यहाँ रुका!”

रूही ने धीमे आवाज़ में कहा,

“तो किआ हुआ भाई?!”

मनोज: “किआ लगता है वो तेरा?!”

रूही: “कुछ नहीं!”

मनोज: “तो तुझे क्यों ख़ुशी है के वो हमारे यहाँ रुके?!”

रूही: “मैं ने कब कहा के मुझे ख़ुशी है?!”

मनोज: “दिख रहा है मुझे!”

माँ ने दोनों को रोकते हुए कहा

“छुप हो जाओ तुम दोनों, अरे मनोज दोनों दोस्त हैं, हमउम्र हैं एक दूसरे से बातें करते हैं दिन में एक दूसरे से जान पहचान हो गए हैं तो किआ हो गया?!”

मनोज: “माँ या और कोई बात है? मैं कुछ ऐसी वैसी बात नहीं सुन्ना चाहता हूँ, अगर मुझे कुछ ऐसी वैसी बात का पता बाद में चला तो मुझसे बुरा कोई नहीं होगा कह देता हूँ. आज रुक गया है, घर आये मेहमान को कुछ नहीं कह सकता, मगर खबरदार अगर आईन्दा ऐसा हुआ तो!”

इतना कहकर मनोज वहां से निकल गया और रूही रोने लगी अपनी माँ के सीने से लग कर. माँ ने उस से कहा,

“छुप कर वो ऐसा hi है उस्सकी फ़िक्र मत कर…. “

डिनर के टाइम सब किचन में एकता हुए. और अभी ने देखा के रूही उस से दूरी किये हुए हैं. अभी बार बार रूही के तरफ देख रहा था और उस्सको ाचा नहीं लग रहा था के रूही उस से दूर है. रूही को भी पता था के अभी को ाचा नहीं लग रहा होगा तो उस्का मैं बहलाने के लिए उस्सने श्वेता को अभी के पास जाने को कहा धीरे से.

श्वेता जब अभी के पास गयी तो अभी के गॉड में घुस के बैठ गयी, रूही और उस्सकी माँ डिनर सर्वे करने लगे. रूही ने धीरे धीरे अपने माँ से कुछ कहा सर्वे करते वक़्त. दादा जी को, मनोज को और खुद माँ ने अपने लिए सर्वे कर लिया टेबल पर. अभी को नहीं सर्वे किया. तो दादा जी ने पूछा,

“अरे अभी को भी खाने दो नाह!”

तब रूही ने कहा,

“हम कमरे में खाएंगे दादा जी!”

और मनोज ने एक नज़र रूही को देखा मगर कुछ नहीं कहा.

रूही ने तब उस दिन की तरह खुद की और अभी का खाना अपनी रूम में लगाई और अभी को आने को कहा. श्वेता रूही के माँ के साथ चली गयी. और अभी गया रूही के रूम में.

अभी एहि तो चाहता था, उस्सकी दिली तमन्ना थी के दोनों अकेले एक साथ खाना काये और उसी कमरे में खाने का मैं था उससे एहि बात रूही से कहने को सोचा था नहाते वक़्त मगर नाहा कर वापस निकला तो मौका नहीं मिला उस्सको रूही से बात करने के लिए. तो कितना खुश हुआ यह देख कर के रूही ने भी बिल्कुल वही सोचा जो अभी के दिल में था. दोनों के बीच जैसे एक अंजना कनेक्शन होता था, जो अभी सोचता होता था वही रूही भी सोचती थी. दोनों के बीच एक गहरा कनेक्शन था…. रूहानी थी या किआ था मगर दोनों एक दूसरे से जैसे बंधे हुए थे किसी तरह से. ऐसा अभी को लगता था और सोचता था वो.

जब दोनों रूही के कमरे में चले गए तो मनोज शुरू हुआ किचन में.

“यह किआ है? क्यों उस्सको इस्पेशल ट्रीटमेंट दिया जा रहा है? घर का जमाई राजा है किआ वो? क्यों रूही के साथ डिनर करना चाहिए उससे? हमारे साथ यहाँ नहीं खा सकता वो?!”

दादा जी ने कहा,

“अरे बचे हैं दोनों खाने दो एक साथ किआ बुराई है?!”

मनोज ने अपने दादा जी को बड़े बड़े आँखों से देखते हुए कहा,

“आप तो छुप hi रहो तो बेहतर है आप की गए नहीं माँगा है मैं ने!”

बूढ़ा दादा छुप हो गया, और चुप चाप खाने लगा. उस्सकी जैसे कोई एहमियत hi नहीं थी घर में. बूढ़ा था 77 इयर्स का, कमज़ोर था, पतला सा था, अपने में hi गम रहता था मगर उस्सको सब दीखता था. और उस्सको पता था के रूही और अभी एक दूसरे को पसंद करते हैं और उस्सको रिश्ता पसंद tha.magar उस घर में उस्का कोई नहीं सुनता था, सब उस्सको इग्नोर मारते थे, जैसे वो था hi नहीं उस घर में.

मनोज ने अपनी माँ से दोबारा पूछा के क्यों अभी और रूही कमरे में खा रहे हैं, तो माँ ने भी छुटकारा पाने के लिए कहा,

“तू खुद जा कर रूही से क्यों नहीं पूछता? पूछ सकता है? जा वहां जाकर पूछ ले रूही से”

माँ को पता था के मनोज इतना तो बद्तमीज़ नहीं के एक घर आये मेहमान के सामने जाकर कुछ ग़लत करेगा.

रात को कुछ देर बाद सब लोग टीवी के सामने बैठे सीरियल देख रहे थे, उन् दिनों “हम लोग” चलता था हर रोज़, जिस में अशोक कुमार कहानी को बयां करता था. बहोत प्रचलित और सक्सेसफुल सीरियल रहा था वो. अब याद नहीं के रिपीट था या फर्स्ट टेलीकास्ट था. – रूही और अभी एक दूसरे के बगल में बैठे थे और छुपा कर हाथ पकड़े हुए थे एक दूसरे के. जिस जगह पर मनोज बैठा था उस्सको नज़र नहीं अत दोनों का हाथ पकड़ना.

फिर बात हुई के अभी कहाँ सोयेगा. अभी का बड़ा मैं था के रूही के साथ सोये मगर उस्सको पता था के वो मुमकिन नहीं था. फिर भी कुछ पल वो रूही के आग़ोश में बीतने चाहता था.

रूही ने कहा के दादा जी के कमरे में सोयेगा अभी. वहां एक बीएड खली था इस लिए. रूही को पता था के उस्सने क्यों दादा जी के कमरे में अभी को सोने को कहा. उस्का कमरा ठीक रूही के कमरे के साइड में था, और कभी भी अभी रूही के पास आ सकता था या रूही उसस्के पास जा सकती थी.

करीब 10 बजे मनोज चला गया सोने और रूही की माँ भी श्वेता को लेकर चली गयी अपनी कमरे में. दादा जी, रूही और अभी बैठे रहे टीवी के सामने. अब अभी ने रूही को बाँहों में भर लिया था, दोनों किश करते तो कभी फुसुर फुसुर बात करते, के सुना दादा जी आर्मचेयर पर खर्राटे मार रहे हैं तो रूही ने उस्सको जगाया और अपने कमरे में जाने को कहा. उसी टाइम अभी के बीएड को भी तैयार कर दिया रूही ने और दोनों गए रूही के कमरे में उस्सकी बीएड पर कुछ देर साथ रहने के लिए.

कुछ देर साथ बैठ कर एक दूसरे को करेस किया, किश किया और रूही ने कहा उस्सको चेंज करना है, अपनी निघ्टड्रेस पेहेनना था उससे. तो उसी कमरे में अभी के मौजूदगी में रूही ने ड्रेस चाहगे किया मगर अलमारी के दरवाज़े को खोल कर उस्सकी आध में चेंज किया…. फिर भी अभी उस्सकी जिस्म के कुछ हिस्सों को देख पा रहा था जैसे उस्सकी पीठ, काँधे पर ब्रा के स्ट्राप और रूही ने ब्रा उतरा जो अभी ने फुल देखा, और वो उत्तेजित हुआ….

जब रूही वापस आयी बीएड पर अपनी निघ्टड्रेस में, वो लम्बा था फुल निचे तक, मगर अभी को पता था के अंदर ब्रा नहीं पहना था रूही ने और उस्सकी गोरी बाहें दिख रहे थे पूरा क्यूंकि ड्रेस स्लीवलेस था.

अभी ने रूही को जाकर लिया और बीएड पर लेता कर चूमने लगा. रूही ने सरेंडर कर दिया था खुद को, जैसे वो चाहती थी के अभी उस से हमबिस्तर होए. अभी का हाथ धीरे धीरे किश के दौरान रूही के बाज़ू को सहलाते हुए ऊपर उस्सकी काँधे तक रुके, फिर दूसरा हाथ रूही के ड्रेस के निचे उस्सकी तंग पर फरते हुए काफी ऊपर उस्सकी जाँघों तक पहुँच चूका था और इस से पहले के और ऊपर जाता रूही ने उस्का हाथ रोक लिया अपने हाथ को ऊपर से दबा कर.

अभी रूही के ऊपर चढ़ चूका था, और अब वो रूही के गर्दन पर अपने जीब फेरर रहा था, रूही हांफ रही थी और अभी का एक हाथ अब उस्सकी उरोजों को दबा रहा था, तो रूही ने तड़पती आवाज़ में आहिस्ते से कहा,

“प्लीज रुक जाओ, स्टॉप अभी मुझ से सहा नहीं जाएगा, मैं खुद को रोक नहीं पाऊँगी, प्लीज स्टॉप नाह!

रूही के बूब्स को और दबाते हुए अभी ने घुर्राटे हुए कहा,

“एहि तो मैं चाहता हूँ स्वीटहार्ट, खुद को मेरे हवाले कार्डो नाह, पूरी तरह से….”

अभी की आवाज़ दबा हुआ था, उसस्के भी सांसें जैसे फुल रहे थे, और उस्का हाथ इस बार रूही के ड्रेस को इतना ऊपर उठा चूका था जिस से रूही के बूब्स अभी के सामने था, तब अभी ने निचे के तरफ देखा तो रूही की पैंटी दिख रहा था, अभी को खुद पता नहीं चला के कब उस्सने उस्सकी निघ्टड्रेस को उतना ऊपर उठा लिया था….. रूही को अधनंगी देख कर अभी शर्मिंदा हुआ और जल्दी से उस्सकी ड्रेस को निचे करके उस्सको ढांक दिया और रूही से सॉरी कहा.

रूही ने अभी के गाल को सहलाते हुए प्यार से उसस्के चेहरे में देखते हुए कहा,

“यू दो नॉट हैवे तो बे सॉरी अभी, ी वास् लेट्टिंग यू मूव उप माय ड्रेस, मैं आप रोक नहीं रही थी, इससमे तुम्हारी कोई ग़लती नहीं है.”

अभी ने रूही के गालों को चूमते हुए कहा,

“मुझे होश hi नहीं था के मैं ने इतना उठा दिया था तुम्हारे ड्रेस को, पता होता तो नहीं करता…. सॉरी अगेन.”

रूही अभी को ग़ौर से देखते हुए कहा,

“अभी समझ लो के यह हमारी फर्स्ट नाईट है शादी के बाद तब भी तुम ऐसा करते किआ?!”

अभी ने बड़े प्यार से रूही को चूमते हुए कहा,

“तब बात और होती, तब मैं तुम्हारे नहीं अपने घर में होता, और तब सब ऑफिसियल होता नाह? हमारे पास यह सब करने की लाइसेंस होता, अभी अलग बात है नाह!”

रूही ने अभी के छाती को चूमते हुए कहा,

“उस दिन तो तुम कुछ ज़्यादा hi करना चाहते थे तो आज क्यों नहीं?!”

अभी: “पता नहीं आज माहौल अलग लग रहा है, उस दिन घर पर कोई नहीं था, आज दिमाग़ में यह बात है के मनोज है, आंटी है, श्वेता भी hai…to माहौल बिल्कुल अलग है आज और ऊपर से रात है आज!!”

लग रहा था आज रूही उत्तेजित हो रही थी, क्यूंकि उस्सने खुद अपने हाथ को अभी के शार्ट के ऊपर उसस्के लिंग के ऊपर रखा और एक रिझाती हुई ऐडा में कहा,

“उस दिन तो आप ने मेरे हाथ को खिंच कर यहाँ रखा था और मुझसे कुछ और चाहते थे आप, आज वो नहीं चाहिए आप को?!”

अभी ने एक गहरी सांस लेते हुए, और रूही की तरसती नज़रों को देखते हुए कहा,

“स्वीटहार्ट चाहिए तो मुझे बहोत कुछ, बहोत ज़्यादा कुछ चाहिए तुमसे, तुम्हारी गहराई में समा जाने को दिल करता है, तुम्हारे साँसों में घुल जाने को मान करता है, तुम्हारे आहों में मिल जाने को मैं करता है, तुम्हारे दिल में उतर जाने को मैं करता है, तुम्हारे एक एक अंग को अपने अंगों में बसाने को मैं करता है मगर डरता हूँ; डरता हूँ के तुमको रुस्वा नाह करदूँ, दर है के यह सब करके तुमको खो नाह बैठूं, डरता हूँ के कल तुम यह नाह कहो के मैं ने ग़लत फायदा उठाया तुम्हारा इस लिए बेहतर है के उस कमरे में चला जॉन अब!”

अभी दादा जी के कमरे में सोते हुए सोच रहा था के आज उस्सने रूही को प्यासा चोरर दिया. उस्सकी प्यास नहीं बुझाई उस्सने. रूही प्यासी थी इस्सके एहसास हो रहा था अभी को.

अभी गहरी नींद में थी, बिच रात में रूही तीन बार उसस्के पास आयी थी इस्सके अभी को बिल्कुल पता नहीं चला, पता चला तो यह के रूही उस्सको सुबह 6 बजे जगा रही थी उठने के लिए, काम पर जाने के लिए.

तो बे कॉन्टिनोएड…. (3520 वर्ड्स)
 
इस रिव्यु का रिप्लाई तुरंत दे देता हूँ.

तेहि दिल से शुक्रिया विक्रम भाई इतनी डिटेल्ड और अनलिज़्ड रिव्यु क लिए.

जवाब में आप को एक दो बात का जवाब देता हूँ.

1. आप ने कहा क अपडेट मैं ने शायद जल्दी में लिखा और लगा जैसे इतने दिनों से किसी को इंतज़ार कराया किसी चीज़ का और वक़्त आया तो निचे गिरा दिया..... जवाब ये है भाई - आप तो पार्ट्स में अपडेट पढ़ रहे हो नाह भाई? जब टाइम मिले तो एक अपडेट ता 2 उपदटेस को पढ़ लेते हो, मगर भाई आप ने नोटिस नहीं किया के वो एक ट्रिप्पले अपडेट था, 5700 वर्ड्स लिख चूका था मैं, थक चूका था उतना लिख कर, अगर अपडेट 26 भी साथ में लिख कर पोस्ट करता तो उस दिन अपडेट नहीं पोस्ट कर पाटा, इसी लिए उस अपडेट को वहीँ रोक दिया वार्ना अपडेट 26 एक साथ अत और आप को शिकायत का मौका नहीं मिलता.

2. आप ने कहा के अभी का रोना ठीक था क्यूंकि उस्का दिल टुटा था तो रोना लाज़मी था, मगर रूही क्यों रोई. अरे भाई लगता है आप को ऐसी लड़कियों से अभी तक पाला नहीं पड़ा जो बात बात पर रट हैं रूही उन् में से एक थी. जब उस्सने देखा क अभी रोने वाला है जो उस्सकी माँ ने कहा, तब रूही को अभी क दिल टूटने का एहसास हुआ तो उस्का भी रोना लाज़मी hi था क्यूंकि उस्सको अभी की लोस्स क लिए रोना ारः था. और जब एक टुटा हुआ दिल वाला खुद उस से कहता है के आओ साथ मिलकर रट हैं तो उस लड़की को और रोना नहीं आएगा जब उस्सको पता है क उस्सकी वजह से अभी का दिल टुटा है? उस्सको तो रोना बिल्कुल अत और शुरू क उपदटेस में बता दिया गया है के रूही छोटी छोटी बातों में रो देती थी और ये छोटी बात नहीं थी नाह?

3. रूही का कहना क वो वर्जिन नहीं जिस्सको कामदेव भाई ने सेंसलेस कहा उस्का जवाब अपडेट 26 में मिल जाएगा आप को. रूही उस वक़्त एहि बताने को बैठी थी उस्सको खुद उम्मीद नहीं थी क उस दे पहले अभी शो वो सब कह देगा..

4.मुझे एक बार फिर अपडेट को पढ़ने को कहा आप ने :डी लगभग 11 बार इस ट्रिप्पले अपडेट को पढ़ चूका हूँ 5700 प्लस लिखा था.....

5. रूही की माँ ऐसी hi है, उस्सको कोई समझ नहीं पाया क किआ करना चाहती है किआ नहीं आगे आप और कंफ्यूज होंगे उस औरत से. शी इस नेवर कांस्टेंट शी इस नेवर सूरे ऑफ़ हरसेल्फ़.

अनीहौ विक्रम भाई ी होप मैं ने आप के कुछ बातों को क्लियर करने में मदद किया.

थैंक्स भाई ऐसे hi साथ देते चलना, अभी और बहोत दूर तक चलना है :डी
 
3 अपडेट एक साथ कौन देना पसंद करेगा भाई.

समझाता हूँ बात किआ हुई थी.

इतने दिनों से, कितने अपडेट पहले से सब रीडर्स वेट कर रहे थे के रूही की ासखीर किआ सीक्रेट है. तो मैं में सोचा अब बात की रेवेअल करने का टाइम आगया क्यूंकि 6/7 अपडेट पीछे से इस्सके इंतज़ार किया जा रहा था. तो हैब मैं ने अपडेट 24 लिखना शुरू किया तो सोचा उस में रूही वाली बात आजाएगी ?

मगर नहीं आया. तो सोचा एक डबल अपडेट लिख देता हूँ उस में ज़रूर आजाएगा... उस में भी नहीं रीच हुआ.... तो मजबूरन तीसरा अपडेट लिखना पड़ा उस बात तक पहुँचने की और ठीक जाव लिखा के रूही ने अभी से पूछा के एंड िफ़ ऍम नॉट ा वर्जिन..... तब तो कंटिन्यू करना था उपदरे 26 को उसस्के साथ, तब मैं ने देखा के 5700 वर्ड्स hi गए हैं 6 घंटों से लिख रहा था भाई तो बस वहीँ रोक दिया अपडेट को!!

वेल प्लांड और सस्पीशियस वाली बात अपडेट में आएगा कभी. :डी

हाँ एक बात और.... आप कहानी से रेलाते करते हो, ख़ुशी हुई ...

और ये कहानी मेरे दिल के बहोत करीब है.
 
भोत शुक्रिया नैना जी, माँ खुश हो रही है बेटी को ग़ैर मर्द के बाहों में देख कर?

अभी ग़ैर हो गया?

इतने दिनों से माँ को पता तो है के अभी उस्सकी बेटी से पैर करता है सब कुछ तो उसस्के सामने hi हुआ है नाह?
 
अपडेट 28 अभी रिटर्न्स होम

अभी 6.30 को बस में चला गया था काम शुरू भी कर दिया था. कोई और आया hi नहीं था. मेहबूब या रहीम को पता भी नहीं चला के अभी रूही के घर ठहरा था. सब सोये हुए थे जब वो वाशरूम गया अपने काम करने वाले कपडा पेहेन्ने.

रूही और अभी एक साथ किचन में बैठ कर चाय पिए थे, उसस्के बाद वापस रूही के कमरे में दोनों ने लम्बा पैशनेट किश किये, अभी ने कपडा बदला, महेश का कपडा वापस किया, मगर अंडरवियर महेश का hi पहने रखा, रूही से कहा कल परसों तक घर से धुलवा के वापस कर देगा मगर रूही ने उस्सको रखने के लिए कहा.

मनोज 6 बजे घर से निकल गया था अपने काम पर जाने को. तो उस से मुलाकात hi नहीं हुई. रूही तब तक अपनी निघ्त्य में hi थी बिना ब्रा के. जिस वक़्त उस्सकी बैडरूम में अभी उस्सको किश कर रहा था तो वो बिल्कुल चिपकी हुई थी अभी के छाती पर और अभी उस्सकी मुलायम बूब्स को अपने चेस्ट पर फील कर रहा था अच्छी तरह से और उस्सको लगा के रूही जान बुझ कर थोड़ा सा रागढ रहा था खुद को अभी के जिस्म से….. अभी को फिर अफ़सोस हुआ के उस्सने रात को रूही को प्यासा hi चोरर दिया था और सुबह सुबह तो उस्सकी प्यास बुझाना नामुमकिन था क्यूंकि उस्सकी माँ किचन में थी, दादा जी उठ चुके थे तो कुछ ज़्यादा कुछ करने की पॉसिबिलिटीज नहीं थे.

जब अभी ने बस में काम शुरू कर दिया तो जैसे हर सुबह को जब अभी अपने घर से अत था, उस वक़्त वो रूही से उस्सकी खिड़की के पास जा कर मिलता था, तो रूही ने उस्सको एहि कहा था के 7 बजे तक बाहर से उस से खिड़की के पास बात करे मगर पता नहीं क्यों अभी ने वैसा नहीं किया बल्कि काम स्टार्ट कर दिया था. तो रूही अपने खिड़की से अभी को अकेले काम करते हुए देख रही थी.

जब 7 बजे सईद और बाकी के लोग आये तो सब ने देखा के अपने खिड़की से रूही अभी को देख रही है. जब कोई प्यार में डूबा होता है तो उस्सको पता नहीं चलता के दूसरे लोग उनको देख रहे हैं, प्यार करने वाले को सिर्फ अपना प्यार दिखाई देता है, रूही और अभी के भी एहि हाल था उस आँगन में. कोई किसी का परवाह किये बग़ैर दोनों एक दूसरे को इशारा करते, इशारे से बात करते, और मिलकर भी बात करते जैसे सब नार्मल थे, ऊपर से रूही अक्सर जीब से चिढ़ाता अभी को और वो लगभग सब लोगों ने कई बार देखा हुआ था.

काम करते हुए अभी एक चीज़ को सोच कर उससे मिस कर रहा था. किआ था वो? उस्सकी डायरी!! कल रात अगर वो घर होता तो कल के बारे में सब कुछ लिख चूका होता. अब सोच रहा था के आज रात को उस्सको कल की 24 हॉर्स लिखना होगा प्लस आज का दिन भी. यह सब सोचते हुए काम कर रहा था और मुस्कुरा रहा था कल रात के मोमेंट्स को सोचते हुए. जब मुस्कुरा रहा तह उसी वक़्त उधर से रूही भी उन् पलों को सोच कर मुस्कुरा रही थी जो दोनों ने कल रात को एक साथ बिठाये थे, और दोनों के नज़रें तुरंत मिलते तो दोनों एक दूसरे को देख कर हंस पड़ते थे. और यह सब बाकी के लोग नोटिस कर रहे थे.

तो अब सब नार्मल गुजरने लगा और लंच टाइम के बाद अभी गया रूही से बात करने तो उस्सने पीछे के दरवाज़े से अभी से घर के पीछे मिलने आयी. लंच टाइम ख़तम होने तक दोनों एक दूसरे के बाहों में रहे, किश वग़ैरा करते, अभी का हाथ रूही के जिस्म के कुछ ज़्यादा hi अंदर फरने लगा था और रूही मन नहीं कर रही थी अब उस्सको छूने से.

जब लंच के बाद अभी काम करने वापस गया तो रूही एक बार कुछ कपडे धो रही थी जिस में अभी का अंडरवियर था, और रूही ने इशारे से कुछ कहा अभी से. अभी गया उसस्के पास पूछने तो रूही ने कहा आज शाम को घर वापस जाने से पहले उस्का अंडरवियर सुख जाएगा तो उस्सको दे देगी लेजाने के लिए.

फिर रूही सोने चली गयी और शाम को 3 बजने के बाद किचन की चौकठ पर दिखाई दिए. उस दौरान श्वेता कई बार अभी से मिलने आयी बस के अंदर, बाहर, बगल में, पेयर के पास, हार जगह. और किचन से रूही श्वेता को देखती रही अभी के साथ.

शाम को सब नार्मल गुज़रा और वाशरूम से होकर अभी निकला घर वापस जाने के लिए, तो रूही ने उस्सको घर के पीछे आने का इशारा किया किचन के चौकठ से.

अस्सल बात यह थी के अब रूही अभी को बहोत मिस करने लगी थी, उस्सको पता था के अब अभी चला जाएगा और कल शाम और रात की तरह आज उसस्के साथ नहीं रहेगा, तो रूही को बहोत उदास फील हो रहा था. उस्का दिल चाहता था आज के शाम और रात भी कल की तरह गुज़रे, के अभी आज भी वहीँ रहे उसस्के पास, उसस्के करीब.

जब अभी घर के पीछे गया तो रूही उस से लिपट गयी और ज़ोर से अभी को जाकर कर उस्सको चारों तरफ उसस्के चेहरे पर, छाती पर, गाल पर, मुंह पर चूमने लगी. रूही की बाहें अभी के गले में बंधा हुआ था और वो अभी को चोरर hi नहीं रही थी, एक किश किये दोनों ने, और रूही अब किश को hi ख़तम नहीं कर रही थी, अभी ने ताक़त से उस्सको खुद से दूर करते हुए कहा,

“आज मुझको सच में बुसस मिस करवाना है किआ? कल मिलते हैं नाह स्वीटहार्ट. अब तो जाने दो नाह बाबा!”

रूही ने एक नटखटी अदा में कहा,

“नाह! मैं नहीं जाने दूंगी आज भी आप को, मुझे आप की अब ज़रुरत है.”

अभी ने बड़े प्यार से कहा,

“समझता हूँ माय लव, मगर घर भी तो जाना है नाह मुझे, घर पर सब मेरी राह देख रहे होंगे, माँ और नैना फ़िक्र कर रहे होंगे, कल सुबह 6 बजे यहाँ आजाऊंगा और यहीं मिलेंगे दोनों और साथ रहेंगे 7 बजे तक okay?!”

तो रूही ने पूछा,

“अच्छा आप मुझे यह बताओ के कल रात इतना ाचा मौका मिला था आप को मेरे साथ आप ने क्यों कुछ नहीं किया? ी वास् वेटिंग फॉर तहत यू क्नोव?!”

अभी ने कहा,

“अरे इस्सके जवाब तो कल रात को hi दे दिया था नाह तुमको? अट्मॉस्फेरे सही नहीं था नाह? हम अकेले नहीं नाह थे जैसे उस दिन को थे जिस दिन तुम्हारी मम्मी नानी के यहाँ गयी थी.”

रूही: “रात थी, तन्हाई थी, हम अकेले hi थे, खामोशियाँ थे, और किआ चाहिए थे अट्मॉस्फेरे बनाना के लिए? कितनी हसीं रात थी कल? आप को पता है मैं कल रात 3 बार आयी थी आप के पास जब आप नींद में थे, इस उम्मीद से के आप को जगा कर अपने साथ अपने कमरे में लेचलूँ, मगर आप बहोत गहरे नींद में थे तो डिस्टर्ब करना अच्छा नहीं लगा… आप सोते हुए कितना हैंडसम और सेक्सी लगते हो पता है आप को?”

अभी: “हम्म्म बिल्कुल जैसे मैं ने तुमको उस दिन सोते देखा था, तो तुम ने भी मुझको सोते हुए देख hi लिया, हिसाब बराबर हेहेहे”

रूही: “आप को मज़ाक सूझ रहा है दो यू क्नोव व्हाट ी वेंट थ्रू? कैन यू अंडरस्टैंड तहत?”

अभी: “दो यू रियली थिंक ी दो नॉट अंडरस्टैंड? एंड कैन यू फील एंड अंडरस्टैंड व्हाट ी हद फेल्ट थे डे ी हद सीन यू स्लीपिंग? दो यू क्नोव हाउ मच ी वास् लोंगिंग फॉर यू? ी सो डार्ली वांटेड तो के ों थे बीएड बी योर साइड ात तहत वैरी मोमेंट एंड विशद तो मेक लव तो यू, एंड यू वेरे लुकिंग सो हॉट एंड सेक्सी, िफ़ तहत स्टुपिड रेज़ा हद नॉट बीन तेरे ी वास् सूरे तो बे ों थे बीएड बी योर साइड तहत डे.”

अभी को सुनके रूही के आँखों में एक चमक दिखी, और उस्सने अभी को बहोत सेन्सुअली किश किया, और उस्सकी आह निकल रही थी किश करते हुए, उस्सकी जिस्म में जैसे एक आग भड़कने लगी थी, और अपने जीब को अभी के गाल पर फरते हुए रूही ने व्हिस्पर में अपनी गरम सांस चोररटे हुए कहा,

“ी सो बदली नाउ नीड यू अभी, प्लीज स्टे, िस्सशहठ, ी वांट यू रियली बाद!”

अभी: “सॉरी स्वीटहार्ट it’s नॉट थे राइट टाइम हनी एंड नॉट थे सूटेबल प्लेस फॉर तहत. वे अरे उन्फोर्तुनाते बिकॉज़ व्हेन थे टाइम वास् राइट यू वेरे नॉट विल्लिंग, एंड व्हेन यू वेरे रेडी लास्ट नाईट, ी कनेव आईटी, बूत थें ी वास् नॉट विल्लिंग, इतस साद, वे अरे नॉट सिंक्रोनिसद तहत वे ी सी. बूत don’t वोर्री, थे सूटेबल टाइम एंड मोमेंट विल सून बे बी आवर साइड.”

रूही इ मुंह बनाते हुए कहा,

“ठीक है फिर जाओ और कभी वापस मत आना आप!”

अभी ने उसस्के आँखों में देखते हुए उसस्के दोनों आँखों को किश किया और कहा,

“हाय यह ग़ुस्सा भी कितनी खूबसूरत है, चार चाँद लगा देता है इस चेहरे पर, जानेमन, ज़ुबान ने तो कह दिया मगर ये आँखें मेरी राह तकते रहेंगे कल सुबह तक और हो सकता है रात भर सपनों में भी मैं hi बसा रहूँगा इन् आँखों में…”

रूही पिघल गयी और फिर से लिपट गयी अभी से यह कहते हुए,

“हम्म्म और आप इन आँखों को तारपा क्यों रहे हो अभी, इनको आप hi का इंतज़ार रहता है, उफ़ कैसे रात कटेगी आज मेरी?!”

अभी: “श्वेता को अपने साथ रखना, उस के साथ मेरी बातें करना, मैं तुम दोनों के यादों और बातों में तो प्रेजेंट रहूँगा नाह होते हुए भी, हम्म ठीक है स्वीटहार्ट?!”

एक लास्ट किश किये दोनों ने, रूही ने उस्सको उस्का अंडरवियर दिया एक कागज़ में लपेट कर और अभी वहां से निकल चला….. जब तक वो मैं रोड नहीं पहुंचा रूही उस्सको देखती रही.

जब अभी बस में बैठ गया, और बस वहां से गुज़रा तो देखा के रूही श्वेता के साथ उस्सको बस में देख रहे थे, आंगन के बस के पास खड़े होकर. यह पहली बार हुआ था के रूही बस के पास आकर अभी को बस में जाते हुए देख रही थी और आज रूही ने अभी को वेव किया श्वेता के साथ.

घर वापस आकर सबसे पहले अभी ने अपनी डायरी लिखना शुरू किया. कल जो कुछ भी हुआ रूही के साथ उसस्के घर में, उस्सकी कमरे में, किश तरह रूही ने चेंज किया, कैसे ब्रा निकली ेट्स सब कुछ अभी ने डिटेल में लिखा अपने डायरी में. और अपने फीलिंग्स को डीपली लिखा अभी ने. ये भी लिखा के अभी आने से पहले रूही ने उस से कहा के कल रात 3 बार वो अभी को देखने आयी थी बीच रात में और रूही ने कहा के वो कितना हैंडसम और सेक्सी दीखता है सोते हुए….. बाकी सब कुछ लिखा अभी ने जैसे हर रोज़ दिन कैसे गुज़रता है रूही के आँगन में… वो सब लिखते हुए अभी हर रात को उन लम्हों को दोबारा जीता है हर रोज़ जैसे अभी सब लिखते हुए अभी वापस कल रात के लम्हों को जी रहा था…..

जब अभी नहाने चला गया तो हमेशा की तरह नैना ने वो सब पढ़ा जो अभी ने लिखा था. नैना जानना चाहती थी के कल रात भर अभी कहाँ रुका था, और वही पढ़ा नैना ने जिस्का उस्सको शक था, मतलब नैना को शक था के अभी रूही के घर hi रुका होगा…..

जब अभी नाहा कर वापस अपने कमरे में आया तो नैना डायरी हाथ में लिए अभी को देख रही थी और कहा,

“भाई शी इस नॉट ा वर्जिन? मगर क्यों उस्सने डिटेल नहीं बतायी आप को?”

तो बे कॉन्टिनोएड….
 
कामदेव भाई थैंक्स फॉर थे रिव्यु एंड योर पॉइंट ऑफ़ व्यू ों माय रिप्लाई तो नैना

सो व्हाट शुड ी हव टोल्ड नैना भाई? व्हेन नैना रीड थे अपडेट दीद नॉट शी सी हाउ बोथ रूही एंड अभी वेरे वीपिंग लिखे ा चाइल्ड? िफ़ नैना दीद नॉट फील थे इमोशन, िफ़ नैना दीद नॉट फील एनीथिंग व्हेन अभी साइड हे विल क्राई व्हेन हे इस अलोन इन ा कार्नर, व्हेन ruhi's मदर साइड 'दो नॉट क्राई नाउ' तो अभी, रूही फेल्ट आईटी इनसाइड एंड बिफोर अभी क्रिएड रूही हरसेल्फ़ स्टार्टेड क्राइंग एंड वेंट ओवर थे बीएड एंड वेंट ों वीपिंग व्हिले अभी अस्केद हेर तो के क्लोज तो हेर अस हे वोउल्ड शेयर हेर क्राइंग, एंड अभी स्टार्टेड वीपिंग तू एंड प्लेडेड ruhi's मदर तो ओपन थे दूर व्हिच शी रेफुसेड बूत रूही हरसेल्फ़ ोपेनेड थे दूर, एंड बोथ हेल्ड एच इतर इन थेइर आर्म्स तो क्राई..... थिस इस थे ओनली प्लेस वेयर बोथ वेरे इन एच other's आर्म्स क्राइंग व्हेन थे मदर सॉ "अपनी बेटी को ग़ैर मर्द के बाँहों में " अस नैना साइड, थिस मीन्स तहत नैना दीद नॉट फील आईटी और दीद नॉट रीड तहत part,..... थे मदर फाउंड तवो चिल्ड्रन वीपिंग थॉट्स मई बे व्हाई शी लेट थम होल्ड एच इतर..... यू हैवे नेवर सीन समवन क्राइंग इन एच other's आर्म्स इन थे व्होले इंडिया कामदेव भाई? ी हैवे सीन सुच थिंग्स इन मान्य इंडियन मूवीज इन फ्रंट ऑफ़ मदर और फादर ा यंग कपल होल्डिंग एच इतर एंड वीपिंग.

सो ी रेप्लीएड तहत तो नैना अस ी ुन्दरस्तुब शी हद नॉट अंडरस्टुड और शी दीद नॉट फील थे इमोशन व्हिच ी कवयेद.

नाउ भाई यू अरे आस्किंग में तो कम्पलीट माय फंतासी ी मस्ट नॉट व्रिठे इल्लॉजिकल स्टफ.... कमाल है भाई आप के सवाल करने पर hi मैं ने इस थ्रेड पर बताया के यह एक आप बेटी है, मैं किसी को बताने वाला hi नहीं था, आप से कह दिया के जो कुछ हुआ जैसे हुआ एक्साक्ट्ली वही लिख रहा हूँ और आप फंतासी की बात कर रहे हो? वह भाई!

और बाकी मैसेंजर पर बताता हों आप को..... और हैं संडे से मैसेंजर पर आप से एक सवाल किया था आप ने जवाब hi नहीं दिया, आप ने कहा व्हाट्सअप तो नहीं उसे करते हो मगर फब पर भी आप ने रिप्लाई नहीं किया..

इस पोस्ट के बारे में कुछ और बताता हूँ आप को जो इस जगह नहीं बताना चाहता हूँ

थैंक्स वैरी मच
 
अगर आप ने व्हाई पूछा इस्सके तो एहि मतलब हुआ के आप ने इस्सके पहले वाला अपडेट ठीक से नहीं है भाई....

पता नहीं चला आप को के रूही की माँ ने hi अभी को लंच क लिए इन्विते करने को कहा था और वो जान बुझ कर रूही क नानी क घर गयी थी? किआ यार ी ऍम डिसअप्पोइंटेड भाई. मैं तो आप की कहानी को सही से पढता हूँ और सब याद होता है मुझे क अपडेट कहाँ रीच हुआ और लास्ट अपडेट में किआ हुआ था
 
नैना डिअर किआ आप नोटिफिकेशन्स ेखति हो? नोटिफ में किस्सने आप के पोस्ट्स को कोटे करके रएप्पली किया वो देखती हो?

नहीं देखती, तो आपके एक सवाल का जवाब यहाँ दिया तयह मैं ने उस्सको किते करके दिखा रहा हूँ देखलो किश दिन को इस्सके जवाब दे दिया था आप को

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और दुअरी बात का जवाब के एक माँ के सामने एक ग़ैर मर्द की बाहों में कैसे उस्सकी बेटी जा सकती है उस्का जवाब यह है:

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और रही नैना अभी की सिस्टर की बात तो वो आप नहीं हो, बुसस नैना नाम चोसे किया सफ वाली नैना नहीं है
 
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