Usski Gali Mein Jaana Chorr Diya - Page 17 - SexBaba
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Usski Gali Mein Jaana Chorr Diya

थैंक्स वैरी वैरी मच आकाश बीआरओ.......... नवीन कन्नोत बे रॉंग बीआरओ शी इस जस्ट लिखे ान एंजेल,

no इतर वुमन वोउल्ड एवर एक्सेप्ट तो लेट हेर हस्बैंड जो तो हेर एक्स लव....

एंड रूही लव्ड अभी यस बूत शी रिजेक्टेड हिम रियली व्हेन अभी मोस्टली नीडेड हिम थिस इस व्हाट नवीन साइड :डी
 
अपडेट 51 रूही गोत थे मैसेज

अभी फिरसे उस तरफ बिल्कुल नहीं गया. पता नहीं के उस पंप वाले ने रूही से कहा के वो आया था और उसस्के बारे में पूछ रहा था के नहीं….. वेल अभी को नहीं पता मगर मैं आप लोगों को बता दूँ के हाँ रूही को पता चला….

एक दिन बाद रूही शॉप जा रही थी चॉकलेट खरीदने तो पंप वाला आदमी ने रूही को बुलाया…. रूही नार्मल नहीं चल रही थी… उसस्के हाथ में एक लाठी जैसा कुछ था… वो ओर्थपेडीक वाला… थोड़ी सी झुकी हुई थी जैसे उसस्के पीठ में कोई दर्द या कोई इशू है…. रूही को हैरानी हुई के वो आदमी उस्सको क्यों बुला रहा है क्यूंकि रूही ने उस से कभी भी बात तक नहीं किया था, फिर भी रूही गयी और पूछा किआ बात है तो उस आदमी ने कहा,

“आप को कोई कल ढूंढ रहा था!”

रूही ने बहोत हैरान होते हुए पूछा,

“मुझको? मुझको कौन ढूंढेगा भला? आप को ग़लत फैमि हुई होगी”

आदमी: “कोई भी ग़लत फैमि नहीं हुई मुझे उस आदमी ने रूही नाम बताया आप का, वो मनोज और महेश का नाम भी बताया मुझे!”

तुरंत एक पल में रूही को अभी याद आया और थरथराते लबों से पूछा,

“कैसा था वो? लम्बा था, ऊंचे कद का? गोरा था?!”

आदमी: “बिल्कुल सही पहचाना आप ने वही था? कौन है वो क्यों सिर्फ आप के बारे में पूछा और वापस चला गया? मैं ने उस्सको कहा भी आप लोगों से जा कर मिलने को मगर नहीं गया….”

रूही के आँखों से आंसू बहने लगे थे और वो आंसूओं को पोंछते और सिसकते हुए पूछा;

“और किआ कहाँ उन्हों ने? कैसा है वो? ठीक थे नाह? बताओ किआ कहा उन्हों ने? कोई संदेसा चोर्रा किआ? कुछ दिया मुझे देने के लिए किआ?!”

रूही को उस तरह से रट देख कर वो आदमी हड़बड़ा गया और चरों तरफ देखा फिर कहा,

“ोफो आप रो क्यों रही हो, हाँ वो ठीक था, एक बहुत बड़ा राइज़ आदमी लग रहा था बड़ा सा मेरसेदेज़ में था….”

रूही: “वो अभी था, वो कभी मेरा अभी हुआ करता था… बताइये नाह कुछ दिया उस्सने मुझे देने के लिए? 8 साल… 8 साल बाद!!!

आदमी: “अरे हाँ उस्सने भी मुझ से एहि कहा था 8 साल, 8 साल किआ हुआ 8 साल? यह 8 साल किआ है?

रूही बिलक बिलक कर रोटी गयी और बताने को कहा के अभी ने किआ कहा उसस्के लिए.

आदमी ने कहा,

“उस्सने कहा आप को बता दूँ के अमिताभ बच्चन जितना लम्बा आदमी आया था आप समझ जाओगी!”

रूही ज़ोर से हंसी और रोई एक साथ.. और उस आदमी के चेहरे में देखती गयी और कहा,

“वो आप को कैसा दिखा, वो ाचा है नाह? सही सलामत है नाह?”

आदमी: “हाँ मगर वो काफी देर तक आप के घर के तरफ उधर स्टैर्स पर यहाँ से खड़ा देखता रहा और उस्सको जैसे सांस लेने में तकलीफ हो रहा था, जैसे हांफ रहा था और उधर इस तरह देखे रहा था जैसे उस्सको कुछ दिख रहा था, जैसे वो आप को या किसी को देख कर बात कर रहा था, भादि आवाज़ में गले के अंदर से उस्सकी आवाज़ आरहे थे….”

रूही: “सुनों, एक काम करना प्लीज, अगर वो फिर कभी यहाँ आया तो मुझको तुरंत फ़ोन करना, मैं आप को अपने घर का नंबर देती हूँ, मुझे तुरंत यहाँ बुलाना और उस्सको रोक के रखना प्लीज, इतना करोगे आप मेरे लिए? बोलो किआ इतना कर सकोगे आप?!”

उस आदमी ने कहा हाँ okay फिर पूछा,

“किआ वो आप का ex-husband है किआ? आप दोनों अलग हो गए हो किआ?!”

रूही: “आप इधर का रहने वाला नहीं लग रहे हो तो आप को कैसे पता चला के मैं रूही हूँ? आप मनोज और महेश को कैसे जानते हो?”

आदमी: “मैं यहाँ का रहने वाला नहीं हूँ पर आप तो इस स्टेशन की निगहबॉर हो, तो अपने निगहबॉर को लोग जानते hi है नाह? आप के दोनों भाई को जानता हूँ उनके नाम जनता हूँ तो आप उनके बेहेन हो तो जानता हूँ, आप के मदर को भी जानता हूँ, 3 साल से यहाँ काम करता हूँ तो आस पास के सभी लोगों को जान गया हूँ!”

तब रूही ने उस से कहा,

“हाँ तो कुछ ऐसा hi समझ लो के वो मेरा ex-husband है और प्लीज यह बात किसी को भी मत बताना किआ मैं आप को ट्रस्ट कर सकती हूँ के आप किसी को कुछ भी नहीं बताओगे, ख़ास कर मेरे भाइयों से तो बिल्कुल भी नहीं okay?!”

आदमी: “मैं समझ गया जी, मैं खुद डिवोर्सी हूँ और अपनी ex-wife से मिलने जाता हूँ छुप छुपा कर तो मैं समझ रहा हूँ, मगर एक बात पूछूं? आप के ex-husband तो बहुत बड़ा आदमी है तो वैसे आदमी से आप क्यों अलग हुए?”

रूही: “मेरी तकदीर खराब थी, और मेरा hi कुसूर था”

और रूही उस दिन घर जा कर बहोत बहोत रोई थी. सिर्फ अभी को याद करती और रोटी रहती…. किसी से कुछ नहीं कहा घर में.

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अभी फिर कभी उधर गया hi नहीं और सैकड़ों बार रूही गयी उस फिलिंग स्टेशन पर उस्सकी राह देखने और उस आदमी से पूछने मगर अभी कभी गया hi नहीं तो किआ खबर मिलती उस्सको….

दिन, साल, महीने गुज़रते गए. अभी की बिज़नेस बढ़ता गया.

सईद उस से नौकरी मांगने गया उस्सकी गेराज में. अभी नेक दिल था तो दे दिया सईद को भी काम. अभी ने इस लिए उस्सको इंकार नहीं किया क्यूंकि अभी ने यह काम उसी से सीखा था, इस लिए उस्सने सईद को काम दिया.

मगर एक दिन अभी ने सईद से बात किया. उस दिन अभी को किसी फाइनेंसियल सिलसिले में बैंक जाना था तो अचे कपड़ों में था और काम वाले गंदे कपडे में नहीं था, मतलब बॉस वाला स्टेटस था उस वक़्त और सईद को अभी ने अपने ऑफिस में बुलवाया.

अपनी एक वाले ऑफिस में डेस्क के पीछे बैठा अभी अपने पक के पीछे, रोलिंग चेयर पर बैठे हुए सईद से कहा,

“मैं काम नहीं करता, मेरे पेरेंट्स बहोत ग़रीब हैं, मैं निक्कम्मा हूँ, रूही को मैं खुश नहीं रख पाउँगा, रूही की माँ को एहि सलाह दिया था नाह आप ने? क्यों सईद?!”

सईद ने एक ह्य्पोक्रिटे वाला हस्सी दिखाते हुए कहा,

“अरे अभी ग्यारह साल बीत चुके हैं, तुम गड़े मुर्दे क्यों उखाड़ रहे हो अब चोर्रो नाह भाई तुम कितने बड़े आदमी बन गए हो अपनी हैसियत के लोगों की बात करो क्यों उन् भिखारियों के बात कर रहे हो?!”

अभी खड़ा हो गया और ग़ुस्से में सईद को देखते हुए कहा,

“एहि!! एहि कहा होगा नाह तुमने उस दिन रूही की माँ से भी के मैं भिकारी हूँ, और आज उनको भिकारी कह रहे हो? किश को भिकारी कहा तुमने रूही को? खबरदार सईद! खबरदार!! और हाँ 11 साल आप के लिए बीते होंगे मेरे ज़हन में सब अब भी वैसे hi ताज़ा है मेरे लिए 11 दिन गुज़रे हैं सिर्फ!!”

सईद का चेहरे लाल से जैसे काला पद गया जिस टोन में अभी ने उस बात किया. और सईद ने धीमी अवाज़ा में कहा,

“अभी, मुझे पता था तुम तर्रकी करोगे, जिस दिन तुमने मेहबूब से 3 लाख की डील किया था तभी मुझे तुझ में एक बड़ा बिज़नेस मन देख लिया था…”

अभी: “और तुमने उस पैसे में से मेरा एक लाख का गांड भी मारा था वो भूल गए तुम? मुझसे कहा था के मेहबूब ने कभी बाकी का एक लाख दिया hi नहीं, बोलो, दिया था मेहबूब ने वो बाकी के एक लाख या नहीं सईद? मैं खुद वहां मेहबूब से वो पैसा तमाशा करके मांग सकता था, रूही की माँ और रूही के सामने मैं दिखा सकता था के 1 लाख कमा रहा हूँ उस मेहबूब से मगर मैं इस लिए नहीं गया था क्यूंकि उस्सकी गली में जाना चोरर दिया था और दूसरा रीज़न यह था के मुझे शक था के उस्सने तुझे पैसा दे दिया था मगर तुमने सब अपने लिए रख लिए होंगे!”

सईद: “अभी मेरी बेटी की शादी थी इस लिए उन् पैसों की ज़रुरत थी मुझे….”

अभी: “चल दे दिया तेरी बेटी को गिफ्ट वो पैसे.... आज मुझे यह बता के क्यों तुमने मेरा पत्ता कटा था रूही की माँ से? तुझे ाची तरह पता था के मैं उस लड़की से दीवानगी की हद तक प्यार करता था, था नहीं करता हूँ! तुझसे मैं ने साफ़ लव्ज़ों में कहा था के उस्सको चाहता हूँ और उस से शादी करना चाहता हूँ…. फिर भी तुमने वैसा क्यों किया? मेरे मदद करने की बजाए क्यों तुमने रूही की माँ से मेरे खिलाफ बात किया था? किआ तू जलता था मुझसे? वो भी तो तेरी बेटी जैसी थी, एक मासूम का प्यार छीन कर किआ मिला था तुझे सईद?”

सईद के पास कोई जवाब नहीं था. खामोश बैठा रहा सर झुकाये हुए. और अभी ने और बोलै,

“और उस पर तुमने मेहबूब को भी भड़काया था, रूही की माँ को भी भड़काया था मेरे खिलाफ, क्यों सईद?!”

तब सईद बोलै,

“अभी, मेहबूब hi नहीं चाहता था के रूही और तेरा रिश्ता बने! उसी ने मुझे कुछ बात बना कर रूही की माँ से कहने को कहा था, मेहबूब नहीं चाहता था के तू रूही के अस्स पास रहे, उस्सको बिल्कुल नहीं पसंद था. वो नहीं चाहता था के तू और रूही शादी करे! उस्सने मेरे साथ मिलकर प्लान बनाया था के किआ बात बताया जाए रूही की माँ को तेरे खिलाफ. और मेरे मुंह से उस दिन निकल गया था के तू वहां रूही के लिए हर रोज़ काम पर अत था वार्ना तो हर मंडे को एब्सेंट रहता था तो मेहबूब ने उस बात को पकड़ा और कहा के वही कहना है रूही की माँ को के तू काम नहीं करता वहां सिर्फ रूही की वजह से अत है….”

अभी: “मगर क्यों? मेहबूब वैसा क्यों करेगा? क्यों वो मुझे रूही के साथ देखना नहीं पसंद करता था? क्यों नहीं चाहता था के मैं रूही से शादी करूँ?”

सईद: “तुम जानना चाहते हो? सुन सकोगे अभी? बताऊँ मैं?! यकीन नहीं करोगे तुम!”

अभी ने अपने पलकों को उचकाते हुए सईद को देखा और कहा,

“व्हाट? किआ यकीन नहीं करूँगा? बताओ किआ बात है सईद!”

सईद: “तो सुन मैं बताता हूँ के क्यों मेहबूब नहीं चाहता था के तुम रूही के आस पास रहो या उस से शादी करो…. तुझे पता था के कुछ साल पहले रहीम मेहबूब को चोरर कर भाग गयी थी? उस्सकी बची फ़र्ज़िना तब 6 साल किट hi”

अभी: “नहीं फ़र्ज़ीनः तब 2 साल की थी”

सईद: “मतलब तुझको पता है के रहीम किसी और के साथ भाग गयी थी? मगर फ़र्ज़िना 6 साल की थी 2 साल की नहीं वो प्राइमरी स्कूल जाने लगी थी, तुझे ग़लत बताया है जिस ने भी बताया….”

अभी: “ाचा चल मान लिया फ़र्ज़िना 6 साल की थी तो? रूही का किआ लेना देना इस में?!”

सईद: “अरे तभी तो सब हुआ था…. रूही तब फ़र्ज़ीनः की देख भाल करती थी मेहबूब के घर आती जाती और रहती भी थी उसस्के घर…. और मेहबूब का अफेयर था रूही के साथ उन् दिनों, जीतनेय रात को रहीम नहीं थी उतने रात रूही रहीम के बिस्तर पर सोई थी मेहबूब के साथ, मेहबूब रूही को छोड़ता था अभी!!”

अभी को झटका लगा और बहोत ग़ुस्सा भी आया और सईद को गाली दिया अभी ने. अभी ने उस से कहा के वो बकवास कर रहा है.

सईद ने कहा,

“बिल्कुल सच बात है अभी, वहां के बहोत सारे लोगों को इस बात का पता है….”

अभी: “और आप को किश ने बताई यह बात?”

सईद: “यह मैं नहीं बता सकता अभी… तुमको वो बता दिया जो तुमको जानना चाहिए था…. अब समझा के क्यों में नहीं चाहता था के तेरा शादी उस लड़की से हो? मैं तेरा भला चाहता था इस लिए मैं नहीं चाहता था के तू उस्सकी जाल में फंसे….”

अभी का सर चकराने लगा था, उसस्के आँखों के सामने थोड़ा अँधेरा जैसा छाने लगा, और फिर सईद से पूछा,

“रूही की तब किआ उम्र हुई होगी सईद…. और रहीम को तो उसी रोज़ वो लग वापस लेकर आगये थे नाह?!”

सईद: “अरे वो कॉलेज जाती थी 12तह में थी शायद…. कॉलेज की स्टूडेंट थी उन् दिनों, बहोत गर्मी रही होगी उस में, जानते hi हो कॉलेज गर्ल्स कैसे होते हैं…. मेहबूब के घर में उसस्के बीएड पर लेती होगी और मेहबूब की वाइफ थी नहीं और वो अकेली थी मेहबूब से रहा नहीं गया होगा तो काम तमाम कर दिया उस्सकी….. और दो हफ्ते बाद रहीम को वापस लाया गया था, वो दो हफ्ते तक छुड़वाई थी उस आदमी के साथ जिस्सके साथ गयी थी, उधर रहीम छुड़वा रही थी किसी और से तो इधर मेहबूब भी ेश कर रहा था नाज़ुक काली के साथ….. मेहबूब नहीं जाना चाहता था रहीम को वापस लाने को, उस्सने कहा था वो घर से भागी है तो क्यों वापस लाना है उस्सको, मगर सब ने उस्सको समझाया के छोटी फ़र्ज़िना के खातिर रहीम को वापस लाना पड़ेगा…. फिर मेहबूब को रूही जो मिल गया था इस लिए उस्सकी नज़र तब रूही पर थे इस लिए रहीम को नहीं लाना चाहता था….. मगर वहां पर सब ने बहोत ज़ोर दिया तब रहीम को वापस लाने गए थे….”

अभी: “जिस किसी ने भी तुझे यह बात बतायी किआ तुझे उस पर यकीन और भरोसा है? और उस्सको कैसे पता चला इस बात का? वो किआ झाँकने गया था मेहबूब के घर के अंदर रात को?!”

सईद: “देख अभी जो मुझे बताना था वो मैं ने आज तुझे बता दिया अब तू यकीन कर या नहीं यह तेरी प्रॉब्लम है मैं चला अब!!”

यह कह कर सईद चला गया….

अभी पागल होने लगा और अब रूही की कही हुई बात के वो वर्जिन नहीं है, उस्सकी ग़लती को माफ़ करना…. और खुद सर्च करने को कहा था के यह किश ने उसस्के साथ किया था…. सब घूमने लगे अभी के सर के अंदर….. और फिर अचानक अभी को याद आया के एक दिन रूही ने कहा था के “मेहबूब ने hi हम्म हम्म हम्म” कहा था रूही ne…to किआ एहि कहना चाहती थी उस दिन रूही के मेहबूब ने hi उस्सकी विर्जिनिटी लिया है? यह अपडेट 34 में कहा था रूही ने जब अभी खिड़की के पास रूही और उस्सकी माँ से बात कर रहा था और मेहबूब अभी को चाय लेने के लिए बुला रहा था और रूही की माँ और रूही ने उस्सको जा कर चाय लेने को कहा था तब अभी ने रूही से कहा था के मेहबूब को सब पता है उन् दोनों के बारे में तो रूही के यह कहा था “उसी ने हम्म्म हम्म हम्म्म” (रीडर्स चेक कर सके हैं)

अभी का सर जैसे फटने लगा था यह सब सोच सोच कर….

तो बे कॉन्टिनोएड….
 
बहोत शुक्रिया अमन भाई बहोत रीडर्स ने उस part को नोट नहीं किया के रूही एक लाठी के सहारे चल रही थी

पता चल जाएगा भाई, और थोड़े उपदटेस के बाद सब पता चलेगा
 
हाँ भाई ऐसा शक कर सकते थे लोग, खुद अभी ने ऐसा कभी सोचा ज़रूर होगा मगर किस सच है किआ नैन बाद में पता चल hi जाएगा

थैंक्स वैरी मच भाई इंटरेस्ट से पढ़ने के लिए
 
बहोत बहोत शुक्रिया विक्रम भाई गहराई से पढ़ने और ीविएव देने के लिए.

अप्प्रेसियते वैरी मच बीआरओ..

आप ने एक एक लाइन को सही देखा और अनलयसे किया है

जो कुछ भी आप ने अभी के फीलिंग्स के बारे में कहा सब एक्सएक्ट हैं, नवीन के बारे में भी जो आप की राये हैं शार्प है,

थैंक्स वैरी वे मच भाई
 
विक्रम भाई यह बेस्ट था

आके ज़रा देख तो तेरी खातिर हम किस तरह से जिए

आंसू के धागे से सीट रहे हम जो जख्म तूने दिए

चाहत की महफ़िल में गम तेरा लेकर किस्मत से खेला जुआन

दुनिया से जीते, पर तुझसे हारे, यूं खेल अपना हुआ

थैंक्स वैरी मच यारा

अब सोचो रूही ने किआ ताना मारा होगा अपनी माँ को अभी को ऊंचाइयों पर देख कर :डी

एक्साक्ट्ली... और अपनी माँ और मनोज को सुनाया बी होगा रूही ने ऐसा हुआ होगा नाह भाई? जब रूही अभी से मिलेगी तब नाह पता चलेगा :डी

ी ऍम सूरे तू :डी

ऐसा तो कभी भी नहीं कहा था अभी ने कभी भी रूही के लिए भाई?!!

बिल्कुल सही

बहोत बहोत शुक्रिया विक्रम भाई :हैप्पी:
 
ेअक्ली भाई नवीन ऐसी hi थी खुशियां देने वाली, दूसरों को ख़ुशी देकर खुश होने वाली थी नवीन

राइट :तुम्बुप:

देख ेलंगे भाई :डी

दिल की गहराई स इ आप का शुक्रिया विक्रम भी उपदटेस को इतने शिद्दत से पढ़ने के लिए और इतनी अछि रिव्यु देने के लिए :लव: : :हुग:
 
एक सिंपल सी एक्सीडेंट भी हुआ होगा... या कोई छोटी सी इशू नाह? :डी

100% राइट

बिल्कुल सही पहचाना आप ने विक्रम भाई..... अभी को तो नवीन मिल गयी है..... अभी बिज़नेस काम में किसी तरह टाइम स्पेंड कर लेता है मगर रूही किआ कर रही है कैसे जी रही है.... उसस्के लिए बहोत ज़्यादा मुश्किल हो रही होगी नाह अगर वो भी अभी से वैसे hi प्यार करती है तो!!

सब सामने आएगा बाई, सब पता चलेगा के सईद ने सही कहा था या कोई और बात थी....

बहोत बहोत शुक्रिया विक्रम भाई

मुझे बहोत ाचा लगा आज आप ने उपदटेस एक के बाद एक पढ़ कर सब पर रिव्यु दिए....

इस्सके लिए तेहि दिल से धन्यवाद विक्रम भाई :हैप्पी: :हुग:
 
कामदेव भाई आप कहीं ज़्यादा जल्दी कंक्लूडे नहीं कर रहे हो? अभी तक साबित तो नहीं हुआ नाह के जो सईद ने कहा सही था या कुछ और बात है?

वैसे अगर सही है तो आप बिल्कुल सही कह रहे होइ वैसा hi होना चाहिए जो आप ने कहा अभी :डी

सईद की बात सुनकर अभी ने भी ऐसा hi सोचा जैसे आप कह रहे हो :डी

थैंक्स वैरी मच कामदेव भाई....

सारे ातों का खुलासा तो तभी होगा नाह जब अभी रूही से मिलेगा

कब मिलेगा कब सब सामने आएंगे उसी का इंतज़ार रहेगा मुझे भी :डी

तेहि दिल से शुक्रिया कामदेव भाई :हुग:
 
अपडेट 52 एनहांसमेंट ऑफ़ बिज़नेस & मीटिंग विथ….?

उस रात को अभी सईद के उन् बातों को सोचते हुए पागल हो रहा था, उन् डायरीज को वापस लेकर उस हिस्से को पढ़ने लगा जिस दिन रूही ने वैसा कहा था उस से…. और शक पैदा हुआ उसस्के मैं में भी इस बात को लेकर. उस्सको अब सही लगने लगा था सईद का कहना… मगर यह सब सईद को किश ने बताया होगा? मेहबूब ने? किआ अगर ऐसी बात सच में थी तो किआ महब्बोब इस बात को सईद से बोलता? अगर मेहबूब ने नहीं तो किश ने कहा होगा यह बात सईद को?

अभी जैसे फ्लैशबैक में जाकर तमान उन् हिस्सों को याद करता जहाँ जहाँ उस्सने रूही को मेहबूब के आस पास देखा था …. मगर कहीं भी अभी को नहीं दिखा था रूही को मेहबूब के तरफ किसी वैसी नज़र से देखते हुए, बल्कि हमेशा रूही मेहबूब से दरर्ति जैसी थी…. उसस्के सामने अभी से बात नहीं करना चाहती थी शुरू से hi….. तो किआ इसी लिए मेहबूब से दरर्ति थी? किआ मेहबूब ने उस्सको टोका होगा के किआ नाटक कर रही है तू अभी के साथ? ऐसा कुछ कहा होगा रूही को?

किआ मेहबूब रूही को अपनी रखेल की तरह रखना चाहता था ताके रूही किसी और से कभी शादी नाह कर पाए और हमेशा वहीँ रहे?.. रूही 20 इयर्स की थी और मेहबूब 40 से ऊपर का था, तो किआ यह रिश्ता मुमकिन था दोनों के बीच?

मगर अब फ़र्ज़िना इतनी बड़ी हो गयी थी, और रहीम भी घर पर रहती थी तो कब मेहबूब रूही से मिलता होगा अगर अब कुछ था दोनों के बीच तो? अभी का सर फटा जा रहा था यह सब सोचते हुए…. जितना वो रूही को दिमाग़ से निकला फेंकना चाहता था मगर उतना hi रूही उस्सकी ज़हन में आ रही थी….. शादी के बाद ऑलमोस्ट भूल hi गया था रूही को मगर अब फिर से उसस्के यादों ने अभी को परेशां करना शुरू कर दिया था…. अभी की चैन नींद सब ुध गए थे….. परेशां रहने लगा था वो अब …. अभी सोचता के जिस सतुरदेस को रूही सिलाई के लिए जाती थी किआ मेहबूब उस से बाहर मिलता था? और अभी ने याद किया रूही से जुड़ा होने के बाद कई बार वो उस टर्मिनस पर गया था देखने के रूही दिख जाए तो एक दिन मेहबूब मिला था उससे… तो अब अभी सोचने लगा किआ मेहबूब रूही के साथ थी और उस्सको कहीं वेट करने को चोरर कर अभी से मिलने आया था? या किआ पता रूही ने अभी को देख लिया और मेहबूब से कहा तब मेहबूब आया था अभी से मिलने?!!!!

अभी को बिल्कुल यकीन नहीं था…. बहोत सोचने के बाद, 4 या 5 दिन के बाद अभी ने कहा के यह हो hi नहीं सकता…. सईद ने ज़रूर कोई कहानी बनाया होगा या अभी को रूही के लिए दिल में नफरत पैदा करने के लिए यह सब कहा होगा… बिल्कुल यकीन नहीं था अभी को के रूही और मेहबूब के बीच कोई रिश्ता था…. अभी ने फिर खुद से कहा के एक दिन उस्सको सब सही सही पता चलेगा ज़रूर…. अगर उस्का प्यार रूही के लिए सच्चा था तो उस्सको सचाई का पता ज़रूर चलेगा. अभी ने खुद से यह भी कहा के रूही उस्सको इतनी बड़ा धोका नहीं देती, साफ़ साफ़ रूही ने बता दिया था के वो वर्जिन नहीं है, उस्सकी सिंकेरेऋत्य पर अभी को भरोसा था, उस प्यार पर अभी को यकीन था, अगर मेहबूब के साथ कोई नाजायज़ सम्बन्ध होती तो रूही कहती अभी से, वो इतना बड़ा झूट नहीं छुपाती अभी से….. अभी को अपने प्यार पर भरोसा, था रूही पर नहीं मगर अपने प्यार पर भरोसा था वो प्यार अभी को इतना बड़ा धोका नहीं दे सकता था…. इस लिए अभी ने सईद की बात को झूट माना. और कहा के एक दिन उस्सको सचाई का पता ज़रूर चलेगा…. अभी ने यह भी सोचा के सईद ने कहा वहां पर बहोत लोगों को इस बात का पता है तो, सुनील को पता होता इतनी बरी बात, क्यों सुनील ने उस से कभी यह बात नहीं बताया…. अभी ने सोचा एक बार सुनील से मिलकर इस बारे में पूछना पड़ेगा उस्सको….

फिल्म आशिकी रिलीज़ हुई और उसस्के सारे गाने इतने रोमांटिक और लोवबले थे के अभी सिर्फ रूही के लिए उन् गानों को जाता और गुनगुनाता, उस्सको सिर्फ रूही फिट लगती थी उन् गानों में और रोटा भी था उन् गीतों को सुनकर:

1.जाने जिगर जानेमन, तुझको है मेरी कस्सम तू जो मुझे नाह मिली मर जाऊंगा मैं सनम

2. मैं दुन्या भूला दूंगा तेरी चाहत में…

3. साँसों की ज़रुरत है जैसे ज़िन्दगी के लिए बुसस एक सनम चाहिए, आशिकी के लिए

4. नज़र के सामने, जिगर के पास कोई रहता है वो हो तुम….

ख़ास कर यह दो गाने अभी को रुलाता था: “धीरे धीरे से मेरी ज़िन्दगी में आना , धीरे धीरे से दिल को चुराना, तुमसे प्यार हमें है कितना जाने जाना तुमसे मिलकर तुमको है बताना….”

अभी को रूही से मिलकर बताना था के उस्सको कितना प्यार था उस से…. इस लिए यह गण उसस्के लिए हैं था…

और यह वाला भी रुलाता था अभी को: “मेरा दिल तेरे लिए धड़कता है है…. ऊह्ह्ह्ह” यह भी कहना था अभी को रूही से के उस्का दिल रूही के लिए धड़कता है…..

फिर एक या दो साल बाद फील साजन रिलीज़ हुई संजय दत्त, सलमान और माधुरी के बिच… उस फिल्म को देख कर अभी बहोत रोया था… थिएटर में नवीन को अभी के मुंह पर रुमाल रख कर छुप करा पड़ा था, वार्ना लोग सुन लेते अभी का रोना….. उस्सको सिर्फ रूही और खुद दिखाई दे रहा था मूवी में…. इस फिल्म की इस गाने को अभी अक्सर रोटा सुनते हुए और गुनगुनाते हुए: “बहोत प्यार करते हैं तुमको सनम, कस्सम चाहे लेलो, खुदा की कस्सम….” और इस गाने को सुनकर तो रोटा hi रोटा था “जिए तो जिए कैसे बिन आप के…..”

वो एक दौर था के इतने सारे रोमांटिक पिक्टूरें आते थे और इतने अचे और रोमांटिक सांग्स होते थे के अभी कहता के सब जैसे उसी के लिए लिखे जाते थे, और बी चांस हर गीत उसस्के सिचुएशन पर फिट बैठते थे… जो उस्सको रुला देता था…..

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फॉरेन कॉन्टेक्ट्स

क्यूंकि अभी का कारोबार एक्सपैंड हुआ था अब बस ओनर्स उस से नए बसों के सप्लाई की मांग करने लगे थे, मतलब कम्पलीट बस, नया चेसिस समेत.

उन् दिनों लोकल बस जैसे टाटा और इम्पोर्टेड सिर्फ बेडफ़ोर्ड और लेलैंड वाले इंजन के बस हुआ करते थे…

तो अभी ने ईमेल द्वारा जापान से कांटेक्ट करके इसुजु बस के मॉडल्स मंगवाए उधर से. बसेस अभी को बहोत पसंद आये और ईमेल और फ़ोन से hi कांटेक्ट करके एक जापानीज डेलिगेट को इन्विते किया अपने गेराज में डील के लिए.

जब वहां से डेलिगेट आये और अभी की गेराज और काम को देखा जापान के डेलीगेट्स ने तो अभी के काम से खुश हुए और डील सिग्न किया गया के 25 िसुसु के चेसिस इसुजु इंजन समेत अभी के गेराज को भेजेंगे, उन् में से 10 बस फ्री जापान दे रहे थे अभी को फर्स्ट दी की ख़ुशी में. और देश में अभी के इलावा कोई और उस इसुजु बस /car/truck/ या कुछ भी नहीं इम्पोर्ट कर सकते थे डील में वो कंडीशन रखा गया. याने सोले डिस्ट्रीब्यूटर ऑफ़ इसुजु मेक अभी को मिला देश में उस मेक की इंजन को डिस्ट्रीब्यूट करने के लिए.

और ऑफ़ कोर्स अभी को जापान जाना पारा सब डील को फ़िनलिसे करने के लिए और इसुजु कंपनी को विजिट करने और बसों को देखने के लिए.

अभी ने कभी प्लेन से सफर hi नहीं किया था, पासपोर्ट तक नहीं बनवाया था क्यूंकि वो देश से कभी बाहर गया hi नहीं था. तो वो सब करना पारा और साथ hi नवीन की भी पासपोर्ट बनवा लिया और जब नवीन को साथ चलने को कहा तो उस्सने इंकार किया क्यूंकि उस्सको कॉलेज में सिलेबस कम्पलीट करना था अगर साथ जाती तो स्टूडेंट्स मिस करते…. तो अभी को अकेला जाना पारा… 10 दिन के टूर था जापान में.

अभी को तःजब हुआ जापान में उस कंपनी को देख कर, अभी ने सोचा उस्सकी कंपनी तो एक ज़र्रा था उस जापान के कंपनी के सामने…… और अभी को आईडिया मिला के कैसे खुद की गेराज और कंपनी को वो भी ultra-modern बना सकता है…. बहोत सारे फोटोज लिए अभी ने ताके अपने गेराज को उस तरह से मॉडर्न बना सके…. बस की चेसी और इंजन के इलावा अभी को बहोत सारे मॉडर्न टेक्नोलॉजी वाले मचिनेस भी मिले जो अपने गेराज में इस्तेमाल कर सकता था उस्सने कई वैसे मशीनें भी आर्डर किये जो एक महीने के अंदर उस्सको पहुँच जाना था.

जापान में आखरी 4 दिन अभी अस ा टूरिस्ट घूमने गया जापान के जज़ीरों में….. और एक दिन किसी ने उस्सको पीछे से उसस्के पीठ को थपथपाया…. अभी ने मुड़कर देखा तो एक बहोत खूबसूरत औरत उसस्के सामने कड़ी उस्सको देखते हुए मुस्कुरा रही थी… अभी ने उस्सको पहचाना नहीं… उस औरत ने पूछा,

“अभी तुम मुझको नहीं पहचान रहे हो?!!”

उस्सकी आवाज़ जानी पहचानी लगी और अचानक उस आवाज़ ने अभी के दिल के तारों को झगझोरा… रूही!!!!!!! अभी की पहली वाली रूही जो उस्सकी बचपन का प्यार था, वही रूही जिस्सके पिता की लाटरी लगी थी और कनाडा चला गया था…. वो वाला रूही अभी के सामने थी!!

अभी को समझ में नहीं आया के किआ कहे, किआ करें… वो हकबका गया और रूही के चेहरे में खड़ा देखता रहा काफी देर तक….. रूही उसस्के सामने कड़ी हस्ती जा रही थी… वही चुलबुली सी हंसी जो कबि अभी को पागल बनाती थी…. मगर आज अभी के अंदर वो वाला फील बिल्कुल नहीं आया जो कॉलेज के दिनों में हुआ करता था इस रूही के लिए….. वो इस लिए के अभी के दिल में इस रूही वाला प्यार सब तब्दील होकर दूसरी रूही में समा गए थे….

रूही खुद अभी के गले मिली और अभी को बगल में खड़े एक सफ़ेद चमड़ी वाले आदमी से मिलाया उस्सको अपने हस्बैंड इंट्रोडस करते हुए जिसस्ने एक बची को हाथ में लिया हुआ था जो श्वेता की उम्र की थी, वो इस रूही की बेटी थी…. रूही की हस्बैंड एक कैनेडियन था, मतलब रूही वहीँ कनाडा में बस्सी थी तो वहीँ शादी भी कर लिए बचे भी हो गए और बची वाइट स्किन थी….

सब ने मिलकर एक ड्रिंक लिए एक रेस्टोरेंट में…. अभी ने पूछा के कैसे वो जापान में है और उस्सको कैसे पेहचान लिया रूही ने. तो रूही ने बताया के अस टूरिस्ट वह लोग वेकेशन पर आये हुए हैं और अभी को इस लिए पहचाना क्यूंकि देश की मैगज़ीन पढ़ते हैं वह लोग कनाडा में तो मैगज़ीन में रूही ने अभी को देखा और पढ़ा था इस लिए उस्सको पहचान लिया था उस्सने….

उसस्के बाद अभी अपने होटल वापस चला गया अभी को अब कोई अटैचमेंट नहीं फील हुआ इस पहली वाली रूही के लिए, बल्कि वो अपनी वाली रूही को याद करने लगा और उस बची को देख कर श्वेता को याद किया अभी ने और सोचा के अब श्वेता की किआ उम्र हुई होगी… तो गिनती किया 6 प्लस 12 इयर्स… मतलब अब श्वेता 18 साल की हो गयी होगी!!!! अभी को यकीन नहीं रहा था के इतने साल गुज़र गए उस्सको सब जैसे कुछ महीने गुज़रे हैं लग रहा था…. और सोचा के श्वेता अगर उसस्के सामने आगयी तो वो उस्सको नहीं पहचानेगा…. हाँ श्वेता अभी को ज़रूर पहचान लेगी….

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ईयर 2002 शुरू हुआ. अभी एक बहुत बड़ा इम्पोर्टर था जापान से इसुजु मेक की बस, 4क्ष4, ट्रक्स और अलग अलग किस्सम की इंजन की.

सरकार से ज़मीन भी मिल गयी थी अभी को अपने बिज़नेस को एक्सपैंड करने के लिए… 5 एकर्स ज़मीन सर्कार के तरफ से लीज पर 100 सालों के लिए मिला था अभी को बिज़नेस के लिए. लीज को रेनू करने का राइट था पेपर्स में.

अभी और नवीन की कोई औलाद नहीं थे. नवीन को गयनेकोलॉजिकल इश्यूज थे…. शुरू में कंसीव किया था मगर दर्द के कारण डॉक्टर ने इंजेक्शन से गिराया…. बाद में बहोत सारे टेस्ट वग़ैरा के बाद पता चला के नवीन कभी प्रेग्नेंट नहीं हो सकती. बहोत सालों तक सब कुछ तरय करने के बाद दोनों अभी और नवीन ने डीडे किया के नहीं चाहिए बचे दोनों खुश है बिना बच्चों के…. बाद में अडॉप्ट करेंगे ऐसा कहा दोनों ने मगर नहीं किया वो भी…..

अभी तन्हाई में कभी याद करता के उस्सने कई बार रूही से कहा था के उस्सको एक बेबी गर्ल चाहिए जो रूही ने कहा थे के वो उस्सको देगी एक बेबी गर्ल…. अभी को लड़की hi चाहिए था…. सिर्फ रूही से यह बात किया था अभी ने नवीन से नहीं…. मगर नवीन ने यह उस्सकी डायरीज में पढ़ा था…. इस लिए नवीन ने अभी को एक लड़की अडॉप्ट करने को कहा था जो आज तक नहीं किया था दोनों ने…..

ईयर 2004, एक दिन अभी यूनिवर्सिटी के विंडो पाने अल्लुमिनियम फ्रेम्स में लगवा रहा था…. ऑफ़ कोर्स, उसस्के आदमी काम कर रहे थे तो अभी सिर्फ फाइनेंसियल डील के लिए गया हुआ था और वापस आते हुए एक बहोत खूबसूरत लड़की ने उस्सको फुकरा,

“अभी! Hello, रुकिए तो!”

अभी जब वापस मुदा तो एक जानी पहचानी शकल उसस्के सामने खड़ा उस से मुस्कुरा रही थी…. अभी सोचने लगा के यह कौन है लगता है के इस से पहले मिला हूँ, है कौन यह और मुझे कैसे जानती है!!! (कौन गेस कर सकता है के वो कौन थी?)

तो बे कॉन्टिनोएड….. (2102 वर्ड्स)
 
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