अपडेट 51 रूही गोत थे मैसेज
अभी फिरसे उस तरफ बिल्कुल नहीं गया. पता नहीं के उस पंप वाले ने रूही से कहा के वो आया था और उसस्के बारे में पूछ रहा था के नहीं….. वेल अभी को नहीं पता मगर मैं आप लोगों को बता दूँ के हाँ रूही को पता चला….
एक दिन बाद रूही शॉप जा रही थी चॉकलेट खरीदने तो पंप वाला आदमी ने रूही को बुलाया…. रूही नार्मल नहीं चल रही थी… उसस्के हाथ में एक लाठी जैसा कुछ था… वो ओर्थपेडीक वाला… थोड़ी सी झुकी हुई थी जैसे उसस्के पीठ में कोई दर्द या कोई इशू है…. रूही को हैरानी हुई के वो आदमी उस्सको क्यों बुला रहा है क्यूंकि रूही ने उस से कभी भी बात तक नहीं किया था, फिर भी रूही गयी और पूछा किआ बात है तो उस आदमी ने कहा,
“आप को कोई कल ढूंढ रहा था!”
रूही ने बहोत हैरान होते हुए पूछा,
“मुझको? मुझको कौन ढूंढेगा भला? आप को ग़लत फैमि हुई होगी”
आदमी: “कोई भी ग़लत फैमि नहीं हुई मुझे उस आदमी ने रूही नाम बताया आप का, वो मनोज और महेश का नाम भी बताया मुझे!”
तुरंत एक पल में रूही को अभी याद आया और थरथराते लबों से पूछा,
“कैसा था वो? लम्बा था, ऊंचे कद का? गोरा था?!”
आदमी: “बिल्कुल सही पहचाना आप ने वही था? कौन है वो क्यों सिर्फ आप के बारे में पूछा और वापस चला गया? मैं ने उस्सको कहा भी आप लोगों से जा कर मिलने को मगर नहीं गया….”
रूही के आँखों से आंसू बहने लगे थे और वो आंसूओं को पोंछते और सिसकते हुए पूछा;
“और किआ कहाँ उन्हों ने? कैसा है वो? ठीक थे नाह? बताओ किआ कहा उन्हों ने? कोई संदेसा चोर्रा किआ? कुछ दिया मुझे देने के लिए किआ?!”
रूही को उस तरह से रट देख कर वो आदमी हड़बड़ा गया और चरों तरफ देखा फिर कहा,
“ोफो आप रो क्यों रही हो, हाँ वो ठीक था, एक बहुत बड़ा राइज़ आदमी लग रहा था बड़ा सा मेरसेदेज़ में था….”
रूही: “वो अभी था, वो कभी मेरा अभी हुआ करता था… बताइये नाह कुछ दिया उस्सने मुझे देने के लिए? 8 साल… 8 साल बाद!!!
आदमी: “अरे हाँ उस्सने भी मुझ से एहि कहा था 8 साल, 8 साल किआ हुआ 8 साल? यह 8 साल किआ है?
रूही बिलक बिलक कर रोटी गयी और बताने को कहा के अभी ने किआ कहा उसस्के लिए.
आदमी ने कहा,
“उस्सने कहा आप को बता दूँ के अमिताभ बच्चन जितना लम्बा आदमी आया था आप समझ जाओगी!”
रूही ज़ोर से हंसी और रोई एक साथ.. और उस आदमी के चेहरे में देखती गयी और कहा,
“वो आप को कैसा दिखा, वो ाचा है नाह? सही सलामत है नाह?”
आदमी: “हाँ मगर वो काफी देर तक आप के घर के तरफ उधर स्टैर्स पर यहाँ से खड़ा देखता रहा और उस्सको जैसे सांस लेने में तकलीफ हो रहा था, जैसे हांफ रहा था और उधर इस तरह देखे रहा था जैसे उस्सको कुछ दिख रहा था, जैसे वो आप को या किसी को देख कर बात कर रहा था, भादि आवाज़ में गले के अंदर से उस्सकी आवाज़ आरहे थे….”
रूही: “सुनों, एक काम करना प्लीज, अगर वो फिर कभी यहाँ आया तो मुझको तुरंत फ़ोन करना, मैं आप को अपने घर का नंबर देती हूँ, मुझे तुरंत यहाँ बुलाना और उस्सको रोक के रखना प्लीज, इतना करोगे आप मेरे लिए? बोलो किआ इतना कर सकोगे आप?!”
उस आदमी ने कहा हाँ okay फिर पूछा,
“किआ वो आप का ex-husband है किआ? आप दोनों अलग हो गए हो किआ?!”
रूही: “आप इधर का रहने वाला नहीं लग रहे हो तो आप को कैसे पता चला के मैं रूही हूँ? आप मनोज और महेश को कैसे जानते हो?”
आदमी: “मैं यहाँ का रहने वाला नहीं हूँ पर आप तो इस स्टेशन की निगहबॉर हो, तो अपने निगहबॉर को लोग जानते hi है नाह? आप के दोनों भाई को जानता हूँ उनके नाम जनता हूँ तो आप उनके बेहेन हो तो जानता हूँ, आप के मदर को भी जानता हूँ, 3 साल से यहाँ काम करता हूँ तो आस पास के सभी लोगों को जान गया हूँ!”
तब रूही ने उस से कहा,
“हाँ तो कुछ ऐसा hi समझ लो के वो मेरा ex-husband है और प्लीज यह बात किसी को भी मत बताना किआ मैं आप को ट्रस्ट कर सकती हूँ के आप किसी को कुछ भी नहीं बताओगे, ख़ास कर मेरे भाइयों से तो बिल्कुल भी नहीं okay?!”
आदमी: “मैं समझ गया जी, मैं खुद डिवोर्सी हूँ और अपनी ex-wife से मिलने जाता हूँ छुप छुपा कर तो मैं समझ रहा हूँ, मगर एक बात पूछूं? आप के ex-husband तो बहुत बड़ा आदमी है तो वैसे आदमी से आप क्यों अलग हुए?”
रूही: “मेरी तकदीर खराब थी, और मेरा hi कुसूर था”
और रूही उस दिन घर जा कर बहोत बहोत रोई थी. सिर्फ अभी को याद करती और रोटी रहती…. किसी से कुछ नहीं कहा घर में.
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अभी फिर कभी उधर गया hi नहीं और सैकड़ों बार रूही गयी उस फिलिंग स्टेशन पर उस्सकी राह देखने और उस आदमी से पूछने मगर अभी कभी गया hi नहीं तो किआ खबर मिलती उस्सको….
दिन, साल, महीने गुज़रते गए. अभी की बिज़नेस बढ़ता गया.
सईद उस से नौकरी मांगने गया उस्सकी गेराज में. अभी नेक दिल था तो दे दिया सईद को भी काम. अभी ने इस लिए उस्सको इंकार नहीं किया क्यूंकि अभी ने यह काम उसी से सीखा था, इस लिए उस्सने सईद को काम दिया.
मगर एक दिन अभी ने सईद से बात किया. उस दिन अभी को किसी फाइनेंसियल सिलसिले में बैंक जाना था तो अचे कपड़ों में था और काम वाले गंदे कपडे में नहीं था, मतलब बॉस वाला स्टेटस था उस वक़्त और सईद को अभी ने अपने ऑफिस में बुलवाया.
अपनी एक वाले ऑफिस में डेस्क के पीछे बैठा अभी अपने पक के पीछे, रोलिंग चेयर पर बैठे हुए सईद से कहा,
“मैं काम नहीं करता, मेरे पेरेंट्स बहोत ग़रीब हैं, मैं निक्कम्मा हूँ, रूही को मैं खुश नहीं रख पाउँगा, रूही की माँ को एहि सलाह दिया था नाह आप ने? क्यों सईद?!”
सईद ने एक ह्य्पोक्रिटे वाला हस्सी दिखाते हुए कहा,
“अरे अभी ग्यारह साल बीत चुके हैं, तुम गड़े मुर्दे क्यों उखाड़ रहे हो अब चोर्रो नाह भाई तुम कितने बड़े आदमी बन गए हो अपनी हैसियत के लोगों की बात करो क्यों उन् भिखारियों के बात कर रहे हो?!”
अभी खड़ा हो गया और ग़ुस्से में सईद को देखते हुए कहा,
“एहि!! एहि कहा होगा नाह तुमने उस दिन रूही की माँ से भी के मैं भिकारी हूँ, और आज उनको भिकारी कह रहे हो? किश को भिकारी कहा तुमने रूही को? खबरदार सईद! खबरदार!! और हाँ 11 साल आप के लिए बीते होंगे मेरे ज़हन में सब अब भी वैसे hi ताज़ा है मेरे लिए 11 दिन गुज़रे हैं सिर्फ!!”
सईद का चेहरे लाल से जैसे काला पद गया जिस टोन में अभी ने उस बात किया. और सईद ने धीमी अवाज़ा में कहा,
“अभी, मुझे पता था तुम तर्रकी करोगे, जिस दिन तुमने मेहबूब से 3 लाख की डील किया था तभी मुझे तुझ में एक बड़ा बिज़नेस मन देख लिया था…”
अभी: “और तुमने उस पैसे में से मेरा एक लाख का गांड भी मारा था वो भूल गए तुम? मुझसे कहा था के मेहबूब ने कभी बाकी का एक लाख दिया hi नहीं, बोलो, दिया था मेहबूब ने वो बाकी के एक लाख या नहीं सईद? मैं खुद वहां मेहबूब से वो पैसा तमाशा करके मांग सकता था, रूही की माँ और रूही के सामने मैं दिखा सकता था के 1 लाख कमा रहा हूँ उस मेहबूब से मगर मैं इस लिए नहीं गया था क्यूंकि उस्सकी गली में जाना चोरर दिया था और दूसरा रीज़न यह था के मुझे शक था के उस्सने तुझे पैसा दे दिया था मगर तुमने सब अपने लिए रख लिए होंगे!”
सईद: “अभी मेरी बेटी की शादी थी इस लिए उन् पैसों की ज़रुरत थी मुझे….”
अभी: “चल दे दिया तेरी बेटी को गिफ्ट वो पैसे.... आज मुझे यह बता के क्यों तुमने मेरा पत्ता कटा था रूही की माँ से? तुझे ाची तरह पता था के मैं उस लड़की से दीवानगी की हद तक प्यार करता था, था नहीं करता हूँ! तुझसे मैं ने साफ़ लव्ज़ों में कहा था के उस्सको चाहता हूँ और उस से शादी करना चाहता हूँ…. फिर भी तुमने वैसा क्यों किया? मेरे मदद करने की बजाए क्यों तुमने रूही की माँ से मेरे खिलाफ बात किया था? किआ तू जलता था मुझसे? वो भी तो तेरी बेटी जैसी थी, एक मासूम का प्यार छीन कर किआ मिला था तुझे सईद?”
सईद के पास कोई जवाब नहीं था. खामोश बैठा रहा सर झुकाये हुए. और अभी ने और बोलै,
“और उस पर तुमने मेहबूब को भी भड़काया था, रूही की माँ को भी भड़काया था मेरे खिलाफ, क्यों सईद?!”
तब सईद बोलै,
“अभी, मेहबूब hi नहीं चाहता था के रूही और तेरा रिश्ता बने! उसी ने मुझे कुछ बात बना कर रूही की माँ से कहने को कहा था, मेहबूब नहीं चाहता था के तू रूही के अस्स पास रहे, उस्सको बिल्कुल नहीं पसंद था. वो नहीं चाहता था के तू और रूही शादी करे! उस्सने मेरे साथ मिलकर प्लान बनाया था के किआ बात बताया जाए रूही की माँ को तेरे खिलाफ. और मेरे मुंह से उस दिन निकल गया था के तू वहां रूही के लिए हर रोज़ काम पर अत था वार्ना तो हर मंडे को एब्सेंट रहता था तो मेहबूब ने उस बात को पकड़ा और कहा के वही कहना है रूही की माँ को के तू काम नहीं करता वहां सिर्फ रूही की वजह से अत है….”
अभी: “मगर क्यों? मेहबूब वैसा क्यों करेगा? क्यों वो मुझे रूही के साथ देखना नहीं पसंद करता था? क्यों नहीं चाहता था के मैं रूही से शादी करूँ?”
सईद: “तुम जानना चाहते हो? सुन सकोगे अभी? बताऊँ मैं?! यकीन नहीं करोगे तुम!”
अभी ने अपने पलकों को उचकाते हुए सईद को देखा और कहा,
“व्हाट? किआ यकीन नहीं करूँगा? बताओ किआ बात है सईद!”
सईद: “तो सुन मैं बताता हूँ के क्यों मेहबूब नहीं चाहता था के तुम रूही के आस पास रहो या उस से शादी करो…. तुझे पता था के कुछ साल पहले रहीम मेहबूब को चोरर कर भाग गयी थी? उस्सकी बची फ़र्ज़िना तब 6 साल किट hi”
अभी: “नहीं फ़र्ज़ीनः तब 2 साल की थी”
सईद: “मतलब तुझको पता है के रहीम किसी और के साथ भाग गयी थी? मगर फ़र्ज़िना 6 साल की थी 2 साल की नहीं वो प्राइमरी स्कूल जाने लगी थी, तुझे ग़लत बताया है जिस ने भी बताया….”
अभी: “ाचा चल मान लिया फ़र्ज़िना 6 साल की थी तो? रूही का किआ लेना देना इस में?!”
सईद: “अरे तभी तो सब हुआ था…. रूही तब फ़र्ज़ीनः की देख भाल करती थी मेहबूब के घर आती जाती और रहती भी थी उसस्के घर…. और मेहबूब का अफेयर था रूही के साथ उन् दिनों, जीतनेय रात को रहीम नहीं थी उतने रात रूही रहीम के बिस्तर पर सोई थी मेहबूब के साथ, मेहबूब रूही को छोड़ता था अभी!!”
अभी को झटका लगा और बहोत ग़ुस्सा भी आया और सईद को गाली दिया अभी ने. अभी ने उस से कहा के वो बकवास कर रहा है.
सईद ने कहा,
“बिल्कुल सच बात है अभी, वहां के बहोत सारे लोगों को इस बात का पता है….”
अभी: “और आप को किश ने बताई यह बात?”
सईद: “यह मैं नहीं बता सकता अभी… तुमको वो बता दिया जो तुमको जानना चाहिए था…. अब समझा के क्यों में नहीं चाहता था के तेरा शादी उस लड़की से हो? मैं तेरा भला चाहता था इस लिए मैं नहीं चाहता था के तू उस्सकी जाल में फंसे….”
अभी का सर चकराने लगा था, उसस्के आँखों के सामने थोड़ा अँधेरा जैसा छाने लगा, और फिर सईद से पूछा,
“रूही की तब किआ उम्र हुई होगी सईद…. और रहीम को तो उसी रोज़ वो लग वापस लेकर आगये थे नाह?!”
सईद: “अरे वो कॉलेज जाती थी 12तह में थी शायद…. कॉलेज की स्टूडेंट थी उन् दिनों, बहोत गर्मी रही होगी उस में, जानते hi हो कॉलेज गर्ल्स कैसे होते हैं…. मेहबूब के घर में उसस्के बीएड पर लेती होगी और मेहबूब की वाइफ थी नहीं और वो अकेली थी मेहबूब से रहा नहीं गया होगा तो काम तमाम कर दिया उस्सकी….. और दो हफ्ते बाद रहीम को वापस लाया गया था, वो दो हफ्ते तक छुड़वाई थी उस आदमी के साथ जिस्सके साथ गयी थी, उधर रहीम छुड़वा रही थी किसी और से तो इधर मेहबूब भी ेश कर रहा था नाज़ुक काली के साथ….. मेहबूब नहीं जाना चाहता था रहीम को वापस लाने को, उस्सने कहा था वो घर से भागी है तो क्यों वापस लाना है उस्सको, मगर सब ने उस्सको समझाया के छोटी फ़र्ज़िना के खातिर रहीम को वापस लाना पड़ेगा…. फिर मेहबूब को रूही जो मिल गया था इस लिए उस्सकी नज़र तब रूही पर थे इस लिए रहीम को नहीं लाना चाहता था….. मगर वहां पर सब ने बहोत ज़ोर दिया तब रहीम को वापस लाने गए थे….”
अभी: “जिस किसी ने भी तुझे यह बात बतायी किआ तुझे उस पर यकीन और भरोसा है? और उस्सको कैसे पता चला इस बात का? वो किआ झाँकने गया था मेहबूब के घर के अंदर रात को?!”
सईद: “देख अभी जो मुझे बताना था वो मैं ने आज तुझे बता दिया अब तू यकीन कर या नहीं यह तेरी प्रॉब्लम है मैं चला अब!!”
यह कह कर सईद चला गया….
अभी पागल होने लगा और अब रूही की कही हुई बात के वो वर्जिन नहीं है, उस्सकी ग़लती को माफ़ करना…. और खुद सर्च करने को कहा था के यह किश ने उसस्के साथ किया था…. सब घूमने लगे अभी के सर के अंदर….. और फिर अचानक अभी को याद आया के एक दिन रूही ने कहा था के “मेहबूब ने hi हम्म हम्म हम्म” कहा था रूही ne…to किआ एहि कहना चाहती थी उस दिन रूही के मेहबूब ने hi उस्सकी विर्जिनिटी लिया है? यह अपडेट 34 में कहा था रूही ने जब अभी खिड़की के पास रूही और उस्सकी माँ से बात कर रहा था और मेहबूब अभी को चाय लेने के लिए बुला रहा था और रूही की माँ और रूही ने उस्सको जा कर चाय लेने को कहा था तब अभी ने रूही से कहा था के मेहबूब को सब पता है उन् दोनों के बारे में तो रूही के यह कहा था “उसी ने हम्म्म हम्म हम्म्म” (रीडर्स चेक कर सके हैं)
अभी का सर जैसे फटने लगा था यह सब सोच सोच कर….
तो बे कॉन्टिनोएड….