Usski Gali Mein Jaana Chorr Diya - Page 21 - SexBaba
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Usski Gali Mein Jaana Chorr Diya

अपडेट 62 बिरथ ऑफ़ श्वेता

“तुम्हारी एक 6 साल की बची थी 1986 में? और तुम तब 22 साल की थी, 22 माइनस 6 = 16…… ात 16 यू गोत तहत बेबी मीन्स ात 15 यू हद सेक्स एंड गोत प्रेग्नेंट?!!! ओह माय गॉड!!!”

अभी अब बहोत सीरियस हो गया था… रोना धोना बांध हो गया था, अब उस्का दिमाग़ काम करना बांध कर दिया था…..

अभी कमरे में इधर से उधर, उधर से इधर चल रहा था पागलों की तरह, सोच रहा था समझने की कोशिश किये जा रहा था, उसस्के दिमाग में तरह तरह के खयालात आरहे थे… और वापस मुड़कर रूही से पूछा,

“कौन? कौन है? बाप कौन है? कैसे हुआ जब तुम ुन्देरगे थी तो?!”

अब आगे….

बताने से पहले रूही ने नज़रें झुका लिए, उस्सकी आवाज़ टूट पड़े, उसस्के होंठ थरथराने लगे, और अश्कों के समुंदर से ऐसे लहरें उठे के रूही व्हीलचेयर से गिररने वाली थी जब अभी ने झट से उस्सको संभाला, और रूही निचे ज़मीन पर बैठ गयी रट हुए.

अभी ने उस्सको बाहों में भर लिया और छुप करते हुए उसस्के सर और पीठ पर हाथ फरने लगा….. वो रोटी जा रही थी, और अभी ने इन अल्फ़ाज़ों से उस्सको तस्सल्ली देते हुए कहा,

“इतस okay स्वीटहार्ट, होता है तुम्हारा कोई कुसूर नहीं इस में, तुम नादान थी, तुम्हारे भोलेपन का किसी ने फायदा उठाया होगा, ऐसा हुआ है कितनों के साथ, हो जाता है इसी को ग़लती कहते हैं नाह, बुसस छुप हो जाओ नाह, तब नाह बता पाओगी मुझे… देखो मुझे देर हो रही है नवीन को लेने जाना है अब बता भी दो… फिर चाहे तो और रो लेना मेरे चले जाने के बाद…. शहहहहह अब छुप हो जाओ बेबी!”

रूही ने रट रट हंस दिए यह कहकर,

“बेबी? अब भी बेबी कह रहे हो मुझे? बेबी मैं तब थी 25 साल पहले जब आप लंच करने आये थे मेरे यहाँ, अब तो पकाती भी नहीं के आप के लिए एक डिश बना सकूँ….”

यह कह कर रूही ने बाहों में भर लिया अभी को. अभी ने उस्सको वैसे hi गॉड में उठाके सोफे पर बिठाया और रूही से सब बताने को कहा.

रूही ने बोलना शुरू किया,

“अभी तब मेरा पीरियड रेगुलर नहीं रहा करता था…. कभी दो तो कभी तीन महीने बाद आते थे. इस लिए मुझे पता भी नहीं चला के प्रेग्नेंट थी…. वार्ना लेट नहीं होता उस्सको गिरा सकती थी, मगर पता चला तो चौथा महीना चल रहा था डॉक्टर ने कहा खतरा है अगर गिराने की कोशिश किया गया तो…..”

अभी: “अरे बाबा मुझे यह बताओ के बचे का बाप कौन है मेरी माँ!!”

रूही: ”मेरा एक क्लास मात था जो मुझे बहोत पसंद था, मुझसे प्यार करता था…. वो भी शामे आगे का था! कॉलेज के दिन थे, तीनगर थी मैं भी, चंचल शौक हसीनाओं में गिनी जाती थी, खूबसूरत थी उन् दिनों लरपरवाह रहा करती थी, किसी चीज़ का ख्याल नहीं था के किआ हो रहा है…. उस लड़के ने एक दिन मुझको प्रोपोज़ किया…. मैं इतनी नादान थी के झट से हाँ कह दिया उस्सको…. करती भी किआ, कोई बॉयफ्रेंड नहीं था मेरा, उन् दिनों होते भी नहीं थे किसी का बॉयफ्रेंड…. वो लड़का मुझसे प्यार करने का दवा करता था….. “

अभी ने रूही को रोकते हुए कहा,

“कहाँ का रहने वाला था? यहीं कहीं? किधर कॉलेज जाती थी तुम? यहाँ से दूर?!”

रूही ने जो बयां किया उस्सको अब फ्लैशबैक में दिखाते हैं.

फ्लैशबैक ऑफ़ Ruhi’s कॉलेज डेज

1980. बहोत सारे अमिताभ बच्चन के फंस थे दुन्या भर में. एक साल में उस्सकी 5 सुपर हिट्स होते थे, हर साल 2 या 3 फिल्में सुपर डुपेर हिट्स होते थे. सारे सिनेमा घरों में अमिताभ बच्चन की फिल्में लगते तो हळद मच जाया करता था.. और सालों तक उसस्के फिल्में थिएटर्स में चलते रहते थे. दोस्ताना, राम बलराम, शान, याराना, नसीब, लावारिस, कला पत्थर, Mr.Natwarlaal, शोले, जैसे फिल्में इस साल में तमान थिएटर्स में चल रहे थे और सब हाउस फुल रहते थे…. और सबके सब सुपर हिट्स थे. उसस्के फंस में से रूही एक थी जो थिएटर जाया करती थी अमिताभ की फिल्में देखने.

रूही को अपने घर से एक बस से कॉलेज जाना होता था उन् दिनों. सिर्फ 30 मीन्स की रूट थी और वो कॉलेज अर्ली रीच हो जाती थी हर सुबह. गौरव नाम का लड़का उस्का आशिक था, वो हर रोज़ रूही का वेट करता और दोनों घूमते थे जब तक स्कूल का टाइम नहीं हो जाता. दोनों हम उम्र थे और शामे क्लास में थे.

एक दिन गौरव ने क्लास बंक करने को कहा रूही से और सिनेमा जाने का प्लान बनाया दोनों ने और गए भी अमिताभ की नसीब देखने. मगर थिएटर जाने से पहले उनके पास बहुत वक़्त था 10 बजे का शो था तो सुबह 8 से 10 बजे तक दोनों पार्क में घूमने गए. उस वक़्त पार्क खली था सुबह जो था, तो दोनों एक दूर के कोने में गए और किश विस्स करने में लग गए…. रूही मन करती भी थी और करने भी देती थी, थोड़ा बहोत नखरें करती…. गौरव चिपक जाता था उस से और उसस्के हाथ रूही के जिस्म पर चारों तरफ फरता रहता…..

रूही कभी ग़ुस्सा होती तो कभी अफ़सोस करती गौरव पर चिल्लाने या उस्सको डांटने के बाद… गौरव काफी आगे बढ़ गया था रूही के ब्लाउज ने निचे हाथ दाल कर उस्सकी ब्रा की कप के निचे ऊँगली करके उस्सकी बूब और निप्पल को टटोलता और सहलाता रहता… चुस्सना चाहता मगर रूही आगे नहीं बढ़ने देती थी….

दोनों फिर सिनेमा चले गए…. सिनेमा में उस रोज़ ज़्यादा लोग नहीं थे 10 की शो में, हॉल खली खली था, तो एक बेहटाईं कोने को सेलेक्ट किया बैठने के लिए दोनों ने और फिल्म के दौरान गौरव फिल्म देख hi नहीं रहा था वो तो लगा हुआ था रूही को चूमने और उस्सकी जिस्म को मसलने में… बार बार रूही गौरव को मारती, मगर गौरव कुछ ज़्यादा hi आगे बढ़ गया था रूही की ब्रा भी उन्हुक कर गया था और उस्सकी स्कर्ट भी ज़्यादा ऊपर उठा चूका था और उस्का हाथ रूही के जिस्म पर चारों तरफ फेरर रहे थे….

रूही फिल्म देखने में इतनी डूबी हुई थी के गौरव उसस्के साथ किआ कर रहा था वो ख्याल hi नहीं कर रही थी… रूही तब चाहूँकि जब गौरव ने रूही के हाथ को अपने सेक्स पर रखा….. झट से रूही ने हाथ खिंचा और गौरव को एक चांटा मारा….. बाकी के फिल्म दोनों ने बिल्कुल खामोश होकर देखे…. किसी ने एक दूसरे एक बात नहीं किये, रूही ने अपने ड्रेस को चरों तरफ ठीक किया…..

जब मूवी एन्ड हो गयी तो दोनों को घर जाने के लिए अर्ली था इस लिए वापस उस पार्क में गए उसी कोने में और कोई था hi नहीं, पार्क बिल्कुल खली था….. गौरव ने रूही को किश करते हुए उस्सकी ड्रेस ऊपर कर लिया और उस्सकी पंतय उतारने लगी….

क्यूंकि रूही ने गौरव को थपड मारा था सिनेमा हॉल में और सॉरी फील किया था इस लिए इस बार रूही कम्पेनसाते करने के लिए गौरव को वो करने दे रही थी जो वो करना चाहता था…

देर नहीं लगा बिल्कुल गौरव को रूही को घांस पर लेटने के लिए और उस्सको पेनेत्रते करने के लिए…. सब बहोत फ़ास्ट हुआ और गौरव रूही के अंदर hi झाड़ गया, नादान था, तीनगर था उस्सको पता hi कहाँ था के बाहर निकालना चाहिए, या जोश में मौका hi नहीं मिला पुल्ल आउट करने के लिए और काम हो गया…..

रूही ने भी कुछ ख़ास ध्यान नहीं दिया, मगर रोई थी जब गौरव ने उस्सको पेनेत्रते किया था, और खून के कुछ कतरे अपने पंतय पर देख कर डर भी गयी थी….

दूसरे दिन इस बारे में दोनों ने बात भी किये थे और उसस्के बाद कभी भी रूही उसस्के साथ कहीं नहीं गयी और नाह hi गौरव को उससे छूने दिया…..

कॉलेज गर्ल थी तो रूही को पता था सेक्स करने से किआ होता है, और वही बात गौरव को भी पता था मगर क्यूंकि रूही की मेंस्ट्रुएशन रेगुलर नहीं थे तो उसी ने hi गौरव से कहा था के कोई प्रॉब्लम नहीं क्यूंकि उस्सकी पीरियड हुआ hi नहीं था कई महीनों से….

और दिन गुज़रते गए फिर चौथे महीने में जब रूही की पीरियड हुआ नहीं और उस्सको पथ का दर्द होने लगा तब उस्सकी माँ उस्सको डॉक्टर के पास लगाई तो पता चला के वो 4 महीनों से प्रेग्नेंट है!!!

एन्ड ऑफ़ फ्लैशबैक

जो फ्लैशबैक में लिखा अभी वो सब रूही ने अभी के सीने से चिपकी हुई बताया था अभी को, और फिर रूही ने अब अभी के चेहरे में देखते हुए कहा;

“किआ किया था हम ने? मुझे एक रिडिक्युलॉस बच्चों के खेल जैसे लगा था उस दिन सिनेमा के बाद जो पार्क में हुआ था, सोचा hi नहीं था उस्का गंभीरता… कुछ फील भी नहीं किया था मैं ने, कुछ समझ में आया hi नहीं था, बुसस एक चुभन सी फील हुई थी और 4 महीने की प्रेगनेंसी आया रिजल्ट…. आप मत पूछिए मेरा किआ हाल किया मम्मी ने, इतनी मार पड़ी मुझे के मैं बता नहीं सकती, इतनी गली गलोच सुनने को मिला, घर में शर्म के मारे मुंह नहीं दिखा पाती थी, भाइयों से मुंह छिपाये फिरती थी, कॉलेज जाना बांध हुआ और मम्मी पता नहीं किश किश से मिलकर किआ किआ बंदोबस्त करने लगी थी… पापा के सामने जाने से बहोत शर्म आती थी मुझे, फिर भी पापा मुझे बार बार तस्सली देने आता था… मनोज ग़ुस्सा करता था, महेश तो बहोत छोटा था उसस्के समझ में कुछ नहीं अत था…..”

अभी रूही के बालों में अपने उंगलियों को फरते हुए रूही के माथे को चूमा और पूछा,

“फिर किआ किया मेरी बेबी ने? कितना दुःख उठायी थी? हम्म? क्यों मैं तब तुमसे नहीं मिला था? तुमको तुरंत अपना लेता प्रेगनेंसी के साथ….. और उस गौरव से नहीं मिली तुम्हारी माँ?”

रूही: “मनोज अपने दोस्तों के साथ मिलकर उस्सको बहुत मारा था, उस्सको होस्पिटलिजे कर दिया था. अभी आज मैं आप को बताती हूँ मेरी डायन माँ पैसों की भूकी है, उस्का बास चलता तो मुझे बेच भी सकती थी पैसों के लिए. मम्मी गौरव के घरवाले से मिलने गयी और धमकी दिया के पुलिस में जाएगी और केस करेगी तो गौरव को जेल जाना होगा… मम्मी ने उन् दिनों 25 हज़ार रूपए लिए गौरव के पिता से मामला को रफा दफा करने के लिए…. आप से मेरी चची ने कहा था नाह के मेरी माँ एक लालची औरत है, बिल्कुल सही कहा था…. माँ हमेशा से पैसों की भूकी थी…. पापा यहीं ड्राइवर का काम करता था और सब ाचा चल रहा था… माँ ने पापा को मजबूर किया था के S.Arabia जाए ड्राइविंग करने ताके वहां ज़्यादा पैसा कमा सके…. माँ के लिए पैसा सब कुछ था… पैसों की दीवानी है वो आज भी…..

जब आप को टीवी पर देखा तो इतना ताना मारा था मैं ने उसस्के मुहं पर के जाओ भीक मानगो अब अभी से, उसस्के पास तो अब करोड़ों रूपए होंगे, देखो कितना बड़ा आदमी बन गया है, महल होगा उसके पास बड़े बड़े कार्स होंगे अभी के पास. आप के पति के पास आप के बेटों के पास किआ है घंटा?!!”

अभी ने पूछा,

फिर किआ हुआ स्वीटहार्ट? श्वेता तुम्हारे चची के पास कैसे पहुंची?”

रूही बोली,

“मेरा पांचवा महीना शुरू हुआ तो मेरा तबियत ख़राब होने लगा…. हॉस्पिटल लेजाया गया मुझे एक रात और चची उस रात को ड्यूटी पर थी तो उस्सको सब पता चल गया.

एक बात बतानी भूल गयी आप को, घर में मेरे पापा ने मुझे उतना नहीं कहा जितना मेहबूब ने मुझे सुनाया था… मम्मी ने मेहबूब को बता दिया था, मेहबूब ने मेरे पापा के सामने मुझे बड़े बड़े गली दिए थे, कहा थे तू रंडी बनने चली है? कॉलेज पढ़ने जाती थी या किसी कोठे वाली के यहाँ जाती थी धंदा करने के एक बचा लेकर आयी है तू पथ में?!’

मैं उस दिन से मेहबूब से दररने लगी थी. मुझे कभी किसी ने ऐसे गाली नहीं दिया था, मेहबूब ने hi मम्मी से कहा था के बचे के पैदा होने के बाद उस्सको किसी अनाथालय में चोरर दिया जाए ये किसी मंदिर, चर्च या मस्जिद के सामने रख दिया जाए….

मेरा पथ अब दिखने लगा था, मोहल्ले में किसी को मेरे पेरेंट्स ने कुछ नहीं बताया था… पापा सोचने लगे के किआ जवाब देंगे सबको, कैसे मुंह दिखाएंगे सब को, पापा की बड़ी इज़त थी मोहल्ले में उस्का नाम बदनाम हो जाता.. तब भी मेहबूब ने hi कहा के मुझको कहीं और चोरर देना चाहिए जब तक बचे को जनम नाह दे दूँ, कहीं बहोत दूर जाकर रहना चाहिए मुझे और उधर hi बचे को जनम देने के बाद मोहल्ले में वापस आऊं तो किसी को कुछ पता नहीं चलेगा….

और उस रात को जब चची को पता चला के मैं प्रेग्नेंट हूँ तो उस्सने सब बंदोबस्त किये.. वो भी बुरी है, ग़लत है मगर उस्सने मेरी बची को बचाया किसी आश्रम या कहीं और जाने से…. क्यूंकि उस्सकी शादी को कई साल हो गए थे और उस्सकी कोई औलाद नहीं थी तो उस्सने कहा के वो बची की माँ बनेगी, उस्का नाम आएगा बिरथ सर्टिफिकेट पर, और उस्सकी पति का नाम आएगा अस फादर.

उस रात के बाद मुझे चची अपनी घर लगाई तब से श्वेता की बिरथ तक मैं चची के घर में रही, उस्सकी जनम होने के एक साल बाद मैं अपने घर वापस आयी अपने दिल के टुकड़े को चची के पास चोरर कर…. एक प्राइवेट क्लिनिक में मुझको डिलीवर करवाया चची ने उस्सकी कॉन्टेक्ट्स थे, और उस डॉक्टर ने जिसस्ने मेरी डिलीवरी करवाया उस्सने मुझसे सब साफ़ साफ़ समझाया के मैं कोई बचा नहीं जनम दे रही हूँ, मेरी चची प्रेग्नेंट है और वो बिरथ दे रही है, मेरा तो नाम भी नहीं रजिस्टर हुआ था उस क्लिनिक में बल्कि चची का नाम रजिस्टर हुआ था अस ा प्रेग्नेंट वुमन और मेरी बिरथ के तुरंत बाद मेरी बेबी को चची के पास दिया गया क्यूंकि उसी वक़्त उसी रोज़ चची भी मैटरनल वार्ड में एक बीएड पर एडमिट हुई थी अस ा प्रेग्नेंट वुमन.

मैं बहोत रोई थी जब आखरी दिन को श्वेता को चोरर कर वापस घर आना पड़ा था…. उस्सको चौररने को मैं नहीं कर रहा था, उस्सको दूध पिलाई थी मैं ने एक साल तक…. बहोत खुबसुईरत बची हो गयी थी उस एक साल में, जी करता था उस्सको अपने गॉड में उठा कर भाग जॉन मगर पुलिस केस होती तो मैं तो उस्सकी माँ नहीं थी लीगली…. लीगली तो मेरी चची श्वेता की माँ और मेरा चाचा श्वेता की लीगल फादर था!!

मैं घर वापस आयी… महीनों तक रोटी रही, फिर कई महीने बाद चची श्वेता को लेकर आयी मुझे दिखने और मुझे उसस्के साथ खलने को देने के लिए…… और जब वापस जाने लगी तो श्वेता खुद रोने लगी, मेरे साथ रहना चाहती तजि… मेरा कलेजा फट रहा था अभी मेरी बची को कोई और लगाई और मैं कुछ नहीं कर पायी…..”

तो बे कॉन्टिनोएड….. (2502 वर्ड्स)
 
बहोत शुक्रिया सोना डिअर, नहीं उस्सने अस्सल में उसे नहीं किया वो अभी से बेहद प्यार करती थी बचपन से और अब भी करती है हाँ थोड़ा बहोत अपनी माँ से बदला जैसे लिए, सिर्फ यह छुपाते हुए अभी से के वो रूही की बेटी है

थैंक्स वैरी मच सोना डिअर, ाचा लगता है जब ऐसे एक दो बात लिखती हो तो :लव:
 
अपडेट 63 अभी वैरी एंग्री विथ श्वेता

मैं घर वापस आयी… महीनों तक रोटी रही, फिर कई महीने बाद चची श्वेता को लेकर आयी मुझे दिखने और मुझे उसस्के साथ खलने को देने के लिए…… और जब वापस जाने लगी तो श्वेता खुद रोने लगी, मेरे साथ रहना चाहती तजि… मेरा कलेजा फट रहा था अभी मेरी बची को कोई और लगाई और मैं कुछ नहीं कर पायी…..”

अब आगे….

अभी अपने फुल ताक़त से रूही को बाहों में भरके उस्सको तस्सली देता रहा काफी देर तक; रूही के गाल सहलाता रहा, उस्सकी पीठ थपथपाता रहा, उस्सको करेस करता रहा…. और रूही ने कहा,

“बरसों बाद आज कोई मुझे इस तरह से कम्फर्ट कर रहा है, मेरा गाल सेहला रहा है, मेरा पीठ थपथपा रहा है…. अभी अब आप जाओ, नवीन आप का वेट कर रही होगी नाह!!”

अभी को उस वक़्त अब जाने को मैं नहीं कर रहा था मगर उस्सको जाना था, और निकला वहां से रूही से वादा करके के कल फिर आएगा, डायरीज के साथ, रूही ने कहा के हाँ उस्सको किसी भी कीमत पे वो पढ़नी है.

अभी नवीन को लेने नहीं गया. उस्सको कॉल किया के उस्सको कोई इमरजेंसी है इस लिए नवीन टैक्सी से घर चली जाए. अभी गया श्वेता से मिलने. श्वेता को पहले फ़ोन करके पूछा के इस रात को उस्सकी मम्मी नाईट शिफ्ट करती है और जवाब हाँ में आया तो अभी ने कहा के वो पहुँच रहा है. श्वेता खुश होकर अभी का वेट करने लगी. आज अभी ग़ुस्से में जा रहा था श्वेता से मिलने. अभी को श्वेता से बहोत सारे सवाल करना था.

श्वेता के घर रीच होते hi अभी ने श्वेता से कहा के उस्सको बहोत ज़रूरी बातें करनी है अकेले में, और अरुचि को अपने कमरे में जाने को कहा, मगर अरुचि ज़िद कर रही थी के वो अभी के साथ रहेगी. पहली बार अभी अरुचि पर चिल्लाया, वो देख कर श्वेता को शॉक लगा, श्वेता अभी को hi ऑब्सेर्वे कर रही थी क्यूंकि जब से वो आया था बिल्कुल एब्नार्मल लग रहा था….

जब अरुचि अपनी कमरे में चली गयी ऊपर तो अभी ने श्वेता का हाथ पाकर कर खींचते हुए लाउन्ज में लगाया…. श्वेता के समझ में नहीं ारः था के किआ हो रहा था, वो पूछती रही के किआ हुआ कुछ तो बोलो, बताओ के किआ हुआ, मगर अभी खामोश था और उस्सको निचे लगाया और लाउन्ज में रीच हुए दोनों तो अभी के खिंच के श्वेता को एक ज़ोर का थपड मारा उसस्के चेहरे में बहोत गंभीरता और ग़ुस्से से देखते हुए…..

श्वेता सोफे पर गिर्र गयी उस थपड से और उस्सकी होंठ की एक हिस्से से खून निकल पड़े….. श्वेता रोई नहीं मगर पूछा,

“किआ किया मैं ने अभी, क्यों मारा आप ने मुझे? कोई ग़लत फैमि हुई किआ? किआ आप ने मुझे किसी के साथ देखा कहीं किआ? शायद मेरा कोई दोस्त होगा, कलेग होगा, मैं ने आज तक किसी मर्द को अपने पास नहीं आने दिया अभी आप के सिवा….”

अभी ने दांत पीसते हुए कहा,

“विल यू शट थे फ़क उप ब्लडी दमन वुमन!!”

श्वेता की समझ में नहीं ारः था के किआ हो रहा है, अभी ने कभी ऐसा बेहवे नहीं किया था उसस्के साथ पिछले 7 सालों में, और आज पहली बार हाथ उठाया था श्वेता पर तो श्वेता जैसे बौखला सी गयी और सवाली नज़रों से अभी को देखती रही, तब अभी ने कहा,

“एक hi थपड से खून निकल आये, तुझे तो मैं 10/15 थपड मारने वाला था अभी!”

श्वेता ने अश्क भरे आँखों से पूछा,

“मगर क्यों अभी? किआ किया है मैं ने? आज पहली बार मारा आप ने मुझे, आप ने पिछले 7 साल मुझसे सिर्फ प्यार किया है, कोई बात नहीं आज मारा भी तो, मगर मेरा क़ुसूर तो बताओ नाह!”

अभी ने बड़े ग़ुस्से में ऊंची आवाज़ में कहा,

“मैं अभी रूही के यहाँ से आ रहा हूँ श्वेता!! 4 घंटों तक मैं उसस्के साथ था…. अब समझी? या कुछ और बताने की ज़रुरत है मुझे बोलो?! समझ गयी अब?!”

श्वेता ने मुहं खोलते हुए एक हाथ को मुंह पर रखा और अभी को फिक्स देखती रही इस इंतज़ार में के अभी उस्सको बताये के उस्सको किआ पता चला रूही से….

अभी हांफ रहा था, थका लग रहा था, बैठ गया सोफे पर. श्वेता उठ कर उसस्के पास आयी और उसस्के चेहरे पर अपने हाथ लगाते हुए कुछ कहने जा रही थी, मगर अभी ने उस्का हाथ झटकते हुए श्वेता को तिरछी नज़रों से देखा….

श्वेता अभी से बेइंतेहा प्यार करती थी, जितना अभी ने रूही से किया था शायद उस से भी ज़्यादा श्वेता अभी को चाहती थी, और श्वेता अभी को खोना बिल्कुल भी नहीं चाहती थी, मगर इस वक़्त श्वेता को हालात कुछ ऐसा लगने लगा था के अभी को खो देगी वो, और श्वेता बिल्कुल नहीं चाहती थी के ऐसा कुछ हो….

मगर अभी भी तो श्वेता को उतना hi प्यार करता था, तो अब किआ करने वाला था अभी?

अभी ने थपड तो मार दिया था श्वेता को मगर पछताना भी शुरू कर दिया था के श्वेता के कोमल चेहरे पर इतने ज़ोर से क्यों मारा उस्सने…

अभी लाचार बैठा था सोफे पर और श्वेता दोबारा उसस्के पास गयी, अभी के चेहरे पर अपने हथेली को फेर्रा और अपने सर को अभी के सीने से लगा कर पूछा,

“नाराज़ हो मुझसे आप? बहोत नाराज़ हो? मेरी वजह से आप के दिल को चोट पहुंचा नाह?!”

अभी ने श्वेता को ज़ोर से बाहों में भर लिया, श्वेता रोने लगी, अभी के आँखें भर आये मगर वो रोया नहीं, सिर्फ इतना कहा,

“तुमको अपनी बेटी की तरह पालता मैं, तुमको और तुम्हारी माँ दोनों को अपने घर लेकर जाता मैं, मेरे साथ सिर्फ दुल्हन मेरे घर नहीं जाती, दुल्हन और उस्सकी बेटी भी आती, तुमसे इतना प्यार करता था जब तू इतनी सी थी, साला मेरी तक़दीर hi फूटी हुई थी के जब चाहा, जो चाहा वो मिला hi नहीं, मिला तो ज़िन्दगी के ऐसे मोड़ पर मिला जब जीवन की शाम होने लगी, अँधेरा होने लगा…. अब मिलने से किआ फायदा जब कुछ देर बाद अँधेरा हो जाएगा ज़िन्दगी में!”

श्वेता ने अभी के गाल चूमते हुए कहा,

“सस्शह्ह्ह, ऐसे नहीं कहते, अभी तो आप को हमारे साथ और बहोत दूर तक चलना है, आप हिम्मत नाह हारो, आप तो बहोत स्ट्रांग हो अभी…. माँ ने आप से किआ कहा?!”

अभी: “तुम उस्सको माँ कबसे कहने लगी?

श्वेता: “बहोत प्रैक्टिस किया था, जब वो सामने होती है तो ‘रूही दी’ hi निकलता है मुंह से…”

अभी: “अब हम दोनों को हमेशा के लिए अलग हो जाना चाहिए श्वेता, ऐसा नहीं चल सकता…. तुम उस औरत की बेटी हो जो आज तकदीर ने सात दिया होता तो मेरी पत्नी होती, उस लेहाज़ से तुम मेरी बेटी होती…. नाह, यह ग़लत है…. हमारे बिच जो सम्बन्ध है बिल्कुल ग़लत है वे गेट तो स्टॉप थिस नाउ!!”

श्वेता को इसी बातका डर था, एहि फ़िक्र थी, वो घबरा गयी यह सोच कर के अभी उस्सको अब छोर देगा…. रोने लगी और रट हुए कहा,

“मैं ने आज तक किसी भी मर्द को देखा भी नहीं, कितनों ने मेरे करीब आने की कोशिश किये जब मैं ने डाइवोर्स लिया था, कितनों ने मुझे प्रोपोज़ किया, मैं ने सब को ठुकराया क्यूंकि मुझे आप की बांके रहना था…. मैं और किसी के बारे में सोच भी नहीं सकती… आप मुझ पर यह ज़ुल्म मत कीजिये, मैं किआ करुँगी अकेली? मर जाउंगी आप के बग़ैर…. आप रूही दी से मिलना चाहो तो मिलो, मैं नहीं रोकूंगी, आप उस से मिलो मगर वापस फिर मुझसे भी मिलने आना नाह!!”

अभी खड़ा हो गया जाने के लिए और कहा,

“No, वे हैवे तो इग्नोर एच इतर, तुम भूल जाना के मैं कभी एक्सिस्ट भी करता था, गेट समवन इन योर लाइफ एंड गेट सेटल्ड, फॉरगेट में नाउ…. It’s ा फेयरवेल श्वेता!”

अभी निकलने के लिए मूढ़ गया था के श्वेता ज़मीन पर बैठ गयी और अभी के दोनों पाऊँ पाकर कर बिलकते हुए रोने लगी और ज़ोर ज़ोर से कहने लगी,

“मत छोर्र के जाओ मुझे आप, मैं आप के बग़ैर नहीं रह पाऊँगी, हफ्ते में सिर्फ एक बार hi तो मिलते हो मुझसे, ज़्यादा नहीं मांग रही हूँ आप से मैं, बुसस आप की सख्त ज़रुरत है मुझे, आप मेरी ज़िन्दगी बन चुके हो अभी मत जाओ प्लीज मैं पागल हो जाउंगी, कुछ कर बैठूंगी मैं, आप के बग़ैर मैं लाइफ को सोचती hi नहीं….”

अभी ने अपने टांगों को श्वेता के समेत एक दो कदम आगे खींचा दरवाज़े के तरफ चलते हुए, बहोत सख्त था अभी उस वक़्त, और नहीं चाहता था के श्वेता के स्वीट या दर्द भरी बातों का उस पे कोई एस्सार हो, वो दरवाज़े तक आ चूका था श्वेता को घसीटते हुए, के अरुचि ने अपनी माँ को ज़ोरों से रट हुए सुनकर स्टैर्स पर चली आयी और अपनी माँ को अभी के पैरों में देख कर अरुचि ने ज़ोर से कहा,

“पापाआआआ, मत जाओ नाह मम्मी को मत रुलाओ कहाँ जा रहे हो आप रुक जाओ नाह पापाआआ!!!!”

अभी को एक और झटका लगा, अरुचि ने उस्सको कभी भी पापा नहीं बुलाया था पिछले 7 सालों में, और अभी को वो नज़ारा याद आया जिस दिन वो रूही को ढूंढ़ते हुए इस घर में आया था तब श्वेता उसी तरह से स्टैर्स से उतारते हुए उसस्के पास आरही थी, बिल्कुल वही दृष्ट था, मगर आज श्वेता की जगह पर अरुचि कड़ी उस्सको पापा बुला रही थी!!!

अभी का दिल पिघल गया आज उस्सकी लाइफ में पहली बार किसी ने उस्सको पापा बुलाया था, अभी के आंखें भर आये और झपट के अरुचि को अपने गॉड में लेकर उस्सको चुम्बन से नेहला दिए श्वेता के चैधरी में देखते हुए….. श्वेता कड़ी हो गयी और दोनों को देखती रही…. अभी ने श्वेता से पूछा,

“किआ तुमने इस्को मुझे पापा बुलाने को सिखाया है?!”

श्वेता: “बिल्कुल भी नहीं मैं खुद हैरान रह गयी उस्सको सुनकर!”

अभी को अब अरुचि में वही क्यूट सी श्वेता दिख रहा था, उस्सको हमेशा एक बेटी चाहिए था और आज इतनी क्यूट सी अरुचि ने उस्सको पापा बुलाया इस से अभी को जितनी ख़ुशी हुई उस्का उस्सको बिल्कुल भी उम्मीद नहीं थी….

अभी ने अरुचि को बाहों में भरके चूमते हुए उसस्के आंसूओं को पोंछा और पूछा,

“मुझे तुमने पापा क्यों बुलाया आज बेबी?!”

अरुचि: “तो आप मेरे पापा हो नाह? आप क्यों हमारे साथ नहीं रहते और एक hi दिन को कुछ देर के लिए hi आते हो? मम्मी अकेली रहती है, मुझे डर लगती है, पापा आप साथ होते हो तब मुझे डर नहीं लगता. मम्मी को अकेली मत चोर्रो प्लीज पापा!”

अभी रोने लगा अरुचि को सीने से चिपकाते हुए, और श्वेता को एक हाथ से अपने पास किया और उस्सको भी सीने से लगा लिया उस्सकी माथा छुटे हुए.

तो बे कॉन्टिनोएड….
 
मेहबूब उन् लोगों में से था जो रूही के पापा के भाई से बढ़कर था,

रूही के पापा एक बहोत hi नरम दिल इंसान था, उस्सको चिल्लाना या ग़ुस्सा करना अत hi नहीं था, उस घर में रूही की माँ सब रूल कटती थी इस लिए रूही के पापा ने खुद मेहबूब को वो दर्जा दिया था के उसस्के बच्चों का वो देख बल करे.... तो मेहबूब उस्का पूरा फायदा उठता था बच्चों पर हुकुम चलाने की... इसी लिए उस्सने वैसा कहा था और बाप छुप सुनता रहा
 
टैंक्स वैरी मच आसिफ भाई वापस आने के लिए

मेहबूब के बारे में मैं ने अभी अब्जी बताया वही आप को भी कंप करता हूँ

रूही के पापा एक बहोत hi नरम दिल इंसान था, उस्सको चिल्लाना या ग़ुस्सा करना अत hi नहीं था, उस घर में रूही की माँ सब रूल कटती थी इस लिए रूही के पापा ने खुद मेहबूब को वो दर्जा दिया था के उसस्के बच्चों का वो देख बल करे.... तो मेहबूब उस्का पूरा फायदा उठता था बच्चों पर हुकुम चलाने की... इसी लिए उस्सने वैसा कहा था और बाप छुप सुनता रहा
 
थैंक्स वैरी मच चिंटू भाई

स्वेता की भी ग़लती नहीं है नाह भाई

उस्सको भी बहोत दुःख हुआ होगा जब 18 साल की हुई तब अचानक पता चला के रूही जिस्सको वो अपनी दीदी समझती रही 18 सालों तक वो उस्सकी माँ निकली

तो श्वेता को भी झटला लगा होगा एके इतने दिनों से महरूम रही अपनी असली माँ की ममता से.....

वैसे बाद के उपदटेस में श्वेता खुद बताएगी अपनी दिल की पीड़ा अपनी माँ के प्रति
 
हम्म्म्म सही है भाई मगर अपने आप में सब मैनेज करने वाला है अभी , आज के अपडेट और कल के उपदटेस में आप को पता चल जाएगा

वैसे है तो बहोत hi बड़ा डिबेट वाला इशू....

अगर अभी के घर में को बड़ा आदमी इंटरफेरे करता तो ज़रूर बेहेज़ होता बूत अभी वास् थे ओने मन आर्मी :डी
 
चाह आप ने सारे मिस्ड अपडेट को एक साथ पढ़के रिप्लाई किया, चलो सही है

दिल की गहराई से आप का शुक्रिया यादव बाई

मुझे बहोत ख़ुशी हुई आपको वापस देख कर

मुझे लगा था केक आप चले गए बिच में कहानी को चोरर कर :डी

हैरतफेलत थैंक्स बीआरओ :हैप्पी:
 
अपडेट 64 अभी हांडलेड थे मटर

अरुचि: “तो आप मेरे पापा हो नाह? आप क्यों हमारे साथ नहीं रहते और एक hi दिन को कुछ देर के लिए hi आते हो? मम्मी अकेली रहती है, मुझे डर लगती है, पापा आप साथ होते हो तब मुझे डर नहीं लगता. मम्मी को अकेली मत चोर्रो प्लीज पापा!”

अभी रोने लगा अरुचि को सीने से चिपकाते हुए, और श्वेता को एक हाथ से अपने पास किया और उस्सको भी सीने से लगा लिया उस्सकी माथा छुटे हुए.

अब आगे…

कहाँ अभी आया था रिश्ता तोड़ने यहाँ एक नया रिश्ता बन गया अरुचि के साथ. अभी अब सच में फंस गया था.

अभी अरुचि को सुला कर, फिर निचे लाउन्ज में गया, श्वेता उसस्के पीछे गयी और दोनों सोफे पर बैठे. श्वेता का सर अभी के सीने पर था और अभी सोच में डूबा हुआ था.

ख़ामोशी तोड़ते हुए श्वेता ने पूछा,

“किआ आप सच में हमेशा के लिए मुझे चोरर कर जा रहे थे?”

अभी ने अपने चेहरे पर हाथ मलते हुए कहा,

“सोचा तो वही करने को था, मगर यह बिल्कुल नहीं सोचा था के एक नया रिश्ता बन जाएगा यहाँ! यार उस्सने मुझे पापा कैसे कह दिया? समझ में नहीं ारः मुझे!”

श्वेता: “मगर मेरे समझ में आगया”

अभी: “किआ? क्यों अरुचि ने पापा कहा मुझे?!”

श्वेता: “अभी किआ उस्सने कभी अपने पापा को देखा है? नहीं नाह? किस्को देखा उस्सने अपने सामने होश संभालते हुए? सिर्फ आप को देखा है बेबी थी तबसे… जीन दिनों वो मेरे कमरे में सोती थी और आप मेरे साथ मेरे बीएड पर रहते थे तो उसको पता होता था नाह? तो किआ समझेगी वो? एहि नाह के मैं और आप हस्बैंड वाइफ हैं? तो आप को पापा hi तो समझेगी नाह?!”

अभी: “उस्सने कभी तुमसे पूछा के मैं क्यों नहीं रहता हूँ हर रोज़ घर में?!”

श्वेता: “नहीं कभी नहीं पूछा उस्सने मगर आप को एक चीज़ दिखती हूँ वेट!”

श्वेता ने अरुचि की ड्रॉइंग्स में से एक पेज दिखाया अभी को जिस में एक कार्टून जैसा कुछ था मगर उस पर अरुचि ने लिखा था – “मेरे पापा दूर काम करते हैं वो कई दिनों तक घर नहीं एते, आते हैं तो जल्दी चले जाते, पता नहीं कौन सा काम करते हैं मेरे पापा!”

अभी ने भरे हुए आँखों से पढ़ा और और श्वेता के चेहरे में देखते हुए कहा,

“वो समझती है के मैं उस्का पापा हूँ और कहीं दूर काम पर चला जाता हूँ!! ओह गॉड, पुअर बेबी!”

श्वेता ने फिर अभी के सीने से लगते हुए पूछा,

“रूही दी ने आप को किआ बताया? बताओ मुझे प्लीज!”

अभी: “एहि के तुम उस्सकी बेटी हो! और किआ बताएगी?!”

श्वेता: “और आप इस लिए मुझे चोरर देना चाहते थे क्यूंकि वो मेरी माँ है? अभी वो आप की पत्नी तो नहीं नाह तो मैं आप की बेटी भी नहीं तो आप को किश बात का डर है हमारे रिश्ते को लेकर?!”

अभी: “श्वेता, तुम उस्सकी बेटी हो जिस औरत से मैं बेहद प्यार करता हूँ…. और उस वक़्त अगर मेरी शादी उसस्के साथ हो गयी होती तो तुम मेरी बेटी hi होती नाह?!”

श्वेता: “और आप समझते हो के अगर 1986 में आप की उस से शादी हो गयी होती तो किआ आप को पता चल गया होता के मैं उसकी बेटी हूँ? तब भी आप मुझको उस्सकी कजिन सिस्टर hi समझते, क्यूंकि मुझको तो 18 साल होने के बाद पता चला, मैं भी तो उस्सको कजिन hi समझती रही थी 18 साल तक”

अभी: “श्वेता, अगर मेरी उस से शादी होती तो शादी से पहले वो मुझे बता देती के तुम उस्सकी बेटी हो…. और तब मैं किसी कीमत पर तुमको अपने साथ लेजाता अपने घर अपनी बेटी बना कर!”

श्वेता: “आप वैसा नहीं कर पाते अभी. लीगली मैं रूही दी की बेटी हूँ hi नहीं, मेरा बिरथ सर्टिफिकेट पर मेरी मम्मी यह है, यहाँ की नर्स, और उस्का हस्बैंड मेरा बाप है, तो आप मुझे कैसे अपने साथ लेजाते? कभी नहीं लेजा पाते आप मुझे, मैं यहीं रहती, कानूनन मैं यहाँ इस घर की बेटी हूँ और इस औरत ने मुझे जनम दिया है रूही दी ने नहीं!”

अभी छुप हो गया क्यूंकि श्वेता सही कह रही थी.

तब श्वेता ने कहा,

“आप को मुझ में अपनी बेटी दीखता है किआ? मैं आप की बेटी तो नहीं नाह? आप मेरे पिता तो नहीं? हमारा खून का रिश्ता है hi नहीं, और आप ने मेरी माँ से शादी भी तो किया नहीं तो क्यों आप को फ़िक्र है हमारे रिश्ते से अभी?”

अभी: “और कल को अगर मैं रूही से शादी कर लूँ तो?! तब किआ होगा?!”

श्वेता: “मेरा और आप का सम्बन्ध, जिंसों वाला रूही से आप का वापस मिलने से पहले स्टार्ट हुई है नाह? तो प्रायोरिटी मेरा पहले बनता है उस लेहाज़ से, सही है नाह? तो फिर?”

अभी: “श्वेता तुम मुझे बातों में मत उलझाओ….. पता है टीचर हो, एक मेरे घर पर है एक यहाँ, मेरी किस्मत में टीचर hi पड़े हुए हैं किआ यार!! लेक्चर देने लग जाते हैं!!”

श्वेता: “हीहीहीहीहीहीही , लेक्चर नहीं दे रही बुसस ऐसे hi बोल रही हूँ मैं… ाचा चलो आप मुझे यह बताओ किआ आप रूही दी से शादी करने का सोच रहे हो? किआ उस से शादी करोगे? अगर हाँ तो मुझसे क्यों शादी नहीं किया पिछले 7 सालों में हम्म्म?”

अभी: “नहीं श्वेता मैं चाह कर भी रूही से शादी कभी नहीं कर सकता, क्यूंकि मैं नवीन को कभी भी दुःख नहीं दे सकता. नवीन के होते हुए मैं कभी भी किसी और से शादी करूँगा hi नहीं, इसी लिए तुमसे नहीं किया नाह!”

श्वेता: “हेरे यू जो अभी! मुझे पता है. मुझे अच्छी तरह से पता है के नवीन मां के होते आप नहीं करोगे शादी रूही दी से, और इसी लिए मैं ने पिछले 7 सालों में आप को मुझसे शादी के लिए नहीं कहा, ऐसे hi मैं खुश हूँ आप से, बुसस आप मेरे दिल में हो और हम दोनों खुश हैं नाह? हफते में एक बार hi सही मुझसे मिलते हो, हम खुश रहते हैं , अरुचि को अफेक्शन मिलता है अब बाप वाला प्यार भी मिलेगा उससे, वे अरे आल थ्री हैप्पी और किआ चाहिए अभी?!

अभी: “और सोचा है कभी, अगर किसी तरह कभी रूही को पता चला के तुम और मैं एक साथ हैं? मैं तुम्हारे बिस्तर पर सोता हूँ, हम साथ रात गुज़ारते हैं पिछले 7 सालों से तब किआ होगा? इस्सके बारे में सोचा है कभी श्वेतु?”

श्वेता: “अभी पिछले 7 सालों में नवीन मां को पता नहीं चला तो रूही दी को कैसे पता चलेगा कभी? हम कितने प्रीकॉशन्स लेते हैं? हम कितनी सावधानी बरकते हैं मिलने से पहले? और फिर रूही दी तो कभी कहीं आती जाती भी नहीं तो उस्सको कैसे कभी पता चलेगा अभी?”

अभी: “अगर किसी दिन ऐसा हुआ हम सब साथ हुए और अरुचि ने मुझे उसस्के सामने पापा बुलाया तो?!”

यह सुन कर श्वेता को गरम फील हुआ और उसस्के माथे पर कुछ पसीने की बूँदें नज़र aaye.Tab श्वेता ने कहा,

“इसी लिए तो मैं उधर जाती hi नहीं कई साल हो गए उस से मिली भी नहीं मैं! तो अब हम सब क्यों एक साथ होंगे?!”

अभी: “तुम अपनी माँ को बहोत ग़लत समझती हो श्वेता. तुमको पता भी है उस पर किआ गुज़री थी जब वो तुम्हारे लिए प्रेग्नेंट थी? तुमको पता भी है किन्न हालातों से गुज़री थी वो? अगर आज रूही की ज़िन्दगी नर्क बानी है तो सिर्फ तुम्हारे आने से बानी है. तुमको जनम देने के लिए उस्सको यहाँ आकर देर साल रहना पड़ा, तुमको एक साल तक अपना दूध पिलाया, तुमको चोरर कर जा रही थी तो तुमको लेकर भाग जाने का मैं किया था उससे….

उसस्के दिल के टुकड़े हो गए थे तुमसे जुड़ा होते हुए…. उस्सने तुमको जनम दिया मगर माँ कोई और कहलायी, उस्सने तुम्हारे लिए दुःख झेले, अपनी पेरेंट्स के नज़र में गिर्र गयी, सब के सामने गिलटी फील किया… तुमको अनाथालय, या चर्च, मंदिर, मस्जिद के सामने फेंकने को कहा गया था मगर तुमको अपने चची को देकर तुम्हारी लाइफ बेहतरीन बहाई उस्सने… तुम उस्सकी लाइफ की एक ग़लती थी…. एक भूल थी जो उस्सकी टीनएज में हो गया था उस से जिस्का उस्सको पता भी नहीं चला के कब कैसे किआ हुआ था…..

उस एक गलती की वजह से वो मुझसे भी प्यार करते हुए भी जवानी में मुझसे दूर हुई क्यूंकि उसस्के पेरेंट्स ने उस से कहा के जब अभी को पता चलेगा के तू एक बची की माँ है तो तुझको बाद चलन समझेगा… तुझसे नफरत करेगा…. इस लिए वो मुझसे भी दूर हुई, और आज तक दूर रही किसी को भी नहीं अपना सकीय क्यूंकि तू ग़लती थी उस्सकी लाइफ की…..

क़ुर्बानियां दी है उस्सने अपनी पूरी लाइफ की श्वेता तुम्हारे लिए, तुम्हारे खातिर आज तक अकेली है रूही और तू उस माँ से बदला ले रही थी? मुझको अपना कर तू उस से बदला ले रही थी के उस्सने तुझको माँ का प्यार नहीं दिया? तुमको ऐसी माँ की चरणों को धोकर पानी पीना चाहिए श्वेता…. एक मिसाल है तुम्हारी माँ, उस से माफ़ी मांगनी होगी तुझे और उसस्के पास वापस जाना होगा!”

अभी के बातों को सुनकर श्वेता फुट फुट कर रोने लगी, फिर शांत होने के बाद कहा,

“अभी अगर उसस्के पास गयी तो अरुचि को भी लेजाना पापडेगा और तब हम सब एक साथ एक दिन मिल जायेंगे और तब हमारे बारे में उस्सको पता चल जाएगा….. नहीं अभी मुझे उस से दूर hi रहने दो नाह तब हम दोनों हमेशा साथ रह सकते हैं…”

अभी: “ऐसा कुछ नहीं होगा मैं ने सोच लिया है सब कैसे संभालना है. मैं खुद तुमको और अरुचि को साथ लेकर उसस्के यहाँ जाऊंगा किसी दिन… सब ठीक होगा देख लेना…. ी हैवे प्लांड एवरीथिंग स्वीटहार्ट. अभी अभी दिमाग़ में सब प्लान किया मैं ने….”

श्वेता ने हैरान होते हुए अभी को ग़ौर से देखा और कहा,

“व्हाट? अभी किआ कह रहे हो आप? उस्सको सब पता चल जाएगा, और अरुचि तो उस्सको यह कहेगी के आप उसस्के पापा हो और तब किआ जवाब डोज आप उस्सको? वैरी बाद आईडिया अभी, no थिस मस्ट नॉट हैपन ात आल! कहीं आप उस्सको बताने वाले तो नहीं के हमारा किआ रिश्ता है अभी?”

अभी: ”यू don’t वोर्री कुछ ग़लत या बुरा नहीं होगा, और नहीं उस्सको हमारे बारे में कोई भी शक नहीं होगा, मैं सब संभाल लूंगा, मैं सब सही से प्लान करने के बाद तुमको वहां लेकर जाऊंगा. कुछ नहीं होगा don’t वोर्री.”

श्वेता: “अभी हमारा रिश्ता तो नहीं एफेक्ट होगा नाह? हम दोनों में जैसा चल रहा है ऐसा hi चलता रहेगा नाह माय लव? अगर आप से मैं बिछड़ी तो मर जाउंगी कह देती हूँ मैं, मैं आपके बग़ैर अधूरी फील करती हूँ, मुझे आप के साथ सुकून मिलती है मैं खुश रहती हूँ, मैं आराम से जीती हूँ क्यूंकि मुझे पता है मेरा कोई है और वो आप हो, तो पहले आप प्रॉमिस करो के आप ऐसे hi मेरा रहोगे, और हम दोनों का रिश्ता बिल्कुल एफेक्ट नहीं होगा तब मैं चलूंगी आप के साथ वहां वार्ना मैं नहीं जाने वाली उस से मिलने!”

अभी ने श्वेता को ज़ोर से अपने सीने से चिपकाते हुए कहा,

“अरे मेरी बेबी क्यों फ़िक्र करती हो? कुछ नहीं होगा और हाँ हम दोनों ऐसे hi रहेंगे, ऐसे hi मिलेंगे और रूही को कुछ पता नहीं चलेगा हमारे रिश्ते के बारे में okay? ी प्रॉमिस.”

श्वेता: “और अगर अरुचि ने आप को पापा बुलाया वहां सबके सामने तो?!”

अभी: “मैं खुद सबको बताऊंगा के अरुचि मेरी बेटी है!”

श्वेता: “व्हाट? ओह माय गॉड! आप वहां सबको बताने जा रहे हो के हमारा सम्बन्ध है अभी?”

तो बे कॉन्टिनोएड…. (2005 वर्ड्स)
 
अपडेट थोड़ी देर में दोस्तों

मैं आज अपने उन् रीडर्स का शुक्रिया ऐडा करता हूँ जो लोग ऑफलाइन से पढ़ते हैं और कुछ हैं जो लिखे बटन तो प्रेस करते हैं, उनके लाइक्स मुझे दीखते हैं मगर वह लोग कुछ कमैंट्स पोस्ट नहीं करते, कोई बात नहीं कुछ लोगों को लिखने में दिक्कत होते हैं, कुछ लोगों को सही से अपने विचार को इज़हार करना नहीं अत तो लिखे करते हैं मतलब पसंद करते हैं उपदटेस और कहानी को उनको मेरे तरफ बहोत बहोत शुक्रिया, जैसे के कई बार मैं ने देखा है

इन् दोनों को पिछले कई उपदटेस को लिखे करते देखा है मैं ने. सो, थैंक्स दोस्तों उपदटेस पढ़ने और पसंद करने के लिए
 
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