Usski Gali Mein Jaana Chorr Diya - Page 25 - SexBaba
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Usski Gali Mein Jaana Chorr Diya

अपडेट 75 अभी मीट्स रूही अगेन

जिस दिन को अभी को रूही के घर जाना था उस्सने नवीन को बता दिया के वो रूही से मिल चूका है उस्सको डायरीज भी दे दिया है और अब वापस लेने जा रहा है. नवीन हैरान हुई क्यूंकि उस्सको भी रूही से मिलना था तो नवीन ने सवाल किये के कब मिले कैसे मिले ेट्स और अभी ने सब बताया जिस दिन उस्सको यूनिवर्सिटी नहीं लेने आया था वहीँ से बात किया था और तब श्वेता से मिलने गया था उस से पूछने के क्यों उस्सने नहीं बताया के वो रूही को बेटी थी.

मतलब अब नवीन को भी सब कन्फर्मेशन मिल गयी के श्वेता रूही की hi बेटी है जैसे उस्सने सोचा था.

नवीन ने अभी से एक अजीब बात कहा. नवीन ने पहले अभी को बैठने को कहा क्यूंकि उस्सको कुछ इम्पोर्टेन्ट बात करनी थी. दोनों लाउन्ज में सोफे पर बैठ और नवीन ने कहा,

“आप को श्वेता से शादी कर लेना चाहिए!”

अभी चहुँक कर खड़ा हो गया ज़ोर से “व्हाट” कहते हुए.

नवीन ने उस्सको दोबारा बैठने को कहा, और उस्सको समझाया,

“देखो, वो अकेली है, आप दोनों के बिच सेक्सुअल रिलेशनशिप तो हो hi रहे हैं जिस्का मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं, तो शादी hi क्यों नहीं कर लेते? मैं यह अरुचि के लिए कह रही हूँ… वो बड़ी होती जाएगी तो सोचेगी के तुम कैसे उसस्के पिता हो और क्यों दो घरों में रहते हो, इन् सबका उस पर ग़लत एस्सार हो सकता है…. शादी कर लोगे श्वेता से तो कम से कम अरुचि को इतना तो पता होगा के उस्सकी पापा के दो वाइव्स हैं और इस लिए उस्सकी दो मोठेर्स हैं…. हाँ शादी कहने को कह रही हूँ इस घर में लाने को नहीं…. उसस्के लिए अलग घर बनवा लो, और जब चाहो वहां रहना जब चाहो यहाँ! जैसे अरुचि इन् दो घरों में पाली बढ़ेगी उसी तरह तुम भी उधर इधर आते जाते रहना. कभी अरुचि को मेरे पास रहने देना एकांत दिन और तुम श्वेता के यहाँ रह जाना……”

अभी का यह सब सुनकर जैसे दिमाग़ ब्लेंक हो गया. उस्सको पता था के श्वेता तो बहोत hi खुश होगी अगर उस से अभी ने शादी किया तो….. मगर अभी अब रूही के बारे में सोचने लगा था और नवीन से कहा;

“तुम एक इम्पोर्टेन्ट चीज़ बिल्कुल भूल गयी हो….. उसस्के बारे में नहीं सोचा तुमने?!”

नवीन हैरान होते हुए पूछा,

“व्हाट? किआ भूली हूँ?!”

अभी: “रूही! उस्सको नहीं पता चलेगा के मैं ने उस्सकी बेटी से शादी किया है? वो उस्सकी माँ है… और वो मेरी प्रेमिका थी!!”

नवीन: “अभी शुक्र है तुम्हारे और रूही के बीच कोई सेक्सुअल रिलेशनशिप नहीं हुआ था कभी वार्ना तुमको श्वेता से शादी करना बिल्कुल भी अल्लोवेद नहीं होता, मगर अभी हो सकता है, मोरल वैल्यूज पर भी नार्मल है, लीगली भी अल्लोवेद है…. सुनों एक काम करो, मुझको कब रूही से मिलवाओगे, कहा था नाह आप से के कभी उस से मिलो तो मुझे मिलवाना उस से? उस्सको थैंक्स करना है मुझे.”

अभी: “तुम ने यह शादी वाली बात कहकर मेरे दिमाग़ को सुन कर दिया…. देखो मेरा दिल ज़ोरों से धड़कने लगा है…. श्वेता तो बहोत खुश होगी मगर रूही किआ सोचेगी…. मैं तो उस्सको यह सरप्राइज देने वाला हूँ के मैं ने अरुचि को अडॉप्ट किया है….. अब शादी की बात सुनी उस्सने तो??!! ओह no, It’s नॉट okay ी फील!!”

नवीन: “अगर उस्सको पता hi नाह चले तो? और जब उस्सको पता चलेगा के आप ने उसस्के पोती को गॉड लिया तो उस्सको शक तो होगा hi के तुम दोनों के बीच कुछ ज़रूर है…..!”

अभी: “दो यू थिंक सो? उस्सको शक होगा? कैसे?!”

नवीन: “उस से किआ कहोगे के क्यों आप ने अरुचि को अडॉप्ट किया? श्वेता कैसे मिली आप को, कब से दोनों इतने क्लोज हुए के अरुचि को अडॉप्ट भी कर लिया आप ने?!”

अभी: “मैं एहि सरप्राइज तो दूंगा नाह रूही को के मैं पिछले 7 सालों से श्वेता से मिल चूका हूँ और अरुचि को भी जानता हूँ उस्सको बढ़ते हुए देखा है मैं ने…..”

नवीन: “तभी रूही को सब समझ में आजाएगा अभी, शी इस ा वुमन हु लव्ड यू नाह? बूत वेयर इस शी? शी इस नॉट मैरिड? शी मस्ट हैवे हेर हस्बैंड एंड किड्स नाह?!”

तब अभी ने रूही के बारे में सब कुछ जितना जानता था बताया नवीन को. उस्सको बहोत अफ़सोस हुआ रूही के बारे में जान के. उसस्के बाद नवीन ने ज़्यादा कुछ नहीं कहा बुसस इतना कहा के श्वेता से उस्सको शादी करनी hi चाहिए.

अभी चला गया रूही से मिलने. जाने से पहले फ़ोन करके बता दिया रूही को के वो ारः है डायरीज लेने. रूही ने अभी के टांग खींचते हुए कहा,

“ाचा आप सिर्फ डायरीज वापस लेने आ रहे हो मुझसे मिलने नहीं?!”

वहां पहुँचने पर कहने की ज़रुरत नहीं दोनों के रोना धोना फिर शुरू हुआ…. अभी रूही के जवाब पढ़ते हुए रोने लगा, और रूही अभी को रट देख कर रोने लगी…. घंटों बाद दोनों छुप हुए….

अभी ने कहा,

“बहोत रो लिए हम ने…. अब रोना बांध… जितना जिस जिस को झेलना था झेल लिए दोनों ने है नाह? तुम अस्सल में मुझसे से ज़्यादा तकलीफ में रही देख सकता हूँ समझ सकता हूँ…. तुम अकेली रही, मुझे तो नवीन मिल गयी मुझे संभालने के लिए, मेरा देख भाल करने के लिए, वो नहीं आती मेरी ज़िन्दगी में तो पता नहीं मैं आज किआ होता….”

रूही ने कहा,

“अभी जैसे एक बोझ उतर गया सीने से नाह? किआ आप को भी वैसा फील हो रहा है?”

अभी: “एक्साक्ट्ली यस!! इतने दिनों से मैं खुद से कहता रहा के कब यह दोनों डायरीज तुम तक पहुंचा पाउँगा, कब पढ़ोगी के मैं तुमसे कितना प्यार करता था, कब तुम सब समझ पाओगी…. मैं मरने से पहले तुमको दोनों डायरीज देना hi देना चाहता था…. और आज एक सुकून फील हुआ सच में…. एक बोझ उतर गया सीने से यस यू अरे राइट…. यस ट्रू!”

दोनों कुछ देर खामोश रह एक दूसरे को देखते हुए और अभी ने पूछा,

“तुम अपनी मम्मी और मेहबूब के बारे में कुछ कहने वाली थी नाह?”

रूही ने तब कहा,

“होल्ड में प्लीज अभी”

अभी ने तुरंत रूही को अपने बाहों में भर लिया. बहोत कसके लिया रूही उस्सने अपने बाहों में, और उसस्के सीने से लग कर रूही ने कहा,

“इतनी मज़बूत बाहें मिली थी मुझे और मैं ने इनको ठुकराया, कितनी बेवकूफ थी मैं अभी? कितने बार आप ने मुझे ऐसे बाहों में लिया था फिर भी मुझे क्यों तब पहचान नहीं हुई थी के एहि वो बाहें हैं जीन में मैं अपनी उम्र गुज़ार सकती हूँ, एहि वो बाहें हैं जो मुझे उम्र भर आराम दे सकते थे, एहि वो सीना है जिस पर मैं ज़िन्दगी भर अपना सर रख कर आराम हासिल कर सकती थी, तब क्यों मुझको इस्सके एहसास नहीं हुआ था अभी?!”

अभी ने रूही के सर पर हाथ फरते हुए जवाब दिया,

“एहि ग़लती तो किया था तुमने नाह, के अमित और वहां के चका चॉंद और अमीरी को सोचा था और ऊपर से तुमको तुम्हारी माँ और मेहबूब इन्फ्लुएंस करते रहते थे, इसी लिए तुमने मुझको पा कर भी खो दिया…. ग़लती तुम्हारी है भी और नहीं भी… उस वक़्त अगर तुमने मुझको सब बता दिया होता तो मैं पक्का तुमको कन्विंस कर लेता, मैं तुम्हारे इस भेजे में बात अच्छी तरह से दाल देता के हम दोनों एक दूसरे के लिए बने हैं, हमारे रूह एक दूसरे से जुड़ चुके थे मगर उस्सको अलग तुम ने किआ रूही और किसी ने नहीं, तुम वो बोल्ड डिसिशन नहीं ले पायी जब लेना चाहिए था… तुमने डिसिशन तब लिया जब तुमने देखा मुझको कैसे ज़लील करके यहाँ से निकाला गया… तब तुमने डीडे किया सबको सबक सीखाने की…. मगर तब भी तुम मुझको एप्रोच कर सकती थी, मुझको एक खत लिख देती मैं दौड़ा चला आता तुम्हारे पास….

मैं उस दिन यहाँ से जाने के बाद कई महीनों तक तड़पता रहा तुम्हारे लिए, तभी डायरीज को लिखा अपने डेली डायरीज से इन् पर सब कॉपी किया और रहीम को देने आया…… तब भी तुम अगर चाहती तो मुझसे मिल सकती थी… तुम उस दिन घर में hi थी नाह? तुम्हारे पापा ने मुझ से हाथ उठाया था, शायद वो समझा था मैं तुम्हारे लिए आया हूँ फिर से….. मेरे चले जाने के बाद आयी थी तुम डायरीज लेने रहीम से, तो जिस वक़्त मैं रहीम के यहाँ था तभी क्यों नहीं निकली थी तुम? उसी वक़्त उसी टैक्सी में मेरे साथ चली आती… तुमने तब तो सब से मुंह फेरर hi लिया था नाह? मनोज से बात नहीं करती थी नाह? घर में कुछ नहीं करती थी नाह तब? अपनी माँ को भी सुनाती रहती थी नाह तब? तो ात लीस्ट तब क्यों नहीं निकली थी तुम रूही?!”

रूही रोने लगी, और रट हुए अभी के सीने से सत् कर कहा,

“मैं तब बदल गयी थी, ग़ुस्सा भरा हुआ था मुझ में, उस दिन जब आप आये थे दुन्या में आग लगा देने का मैं कर रहा था मेरा, उस दिन मैं ने आप के आने से पहले बहोत बहोत ग़ुस्सा किया था घर में, प्लेट तोड़े थे किचन में, ठीक टैक्सी जब आँगन में आये तब मैं अपनी कमरे में कुछ कपड़ों मैं आग लगाया था, सब जल रहे थे और मम्मी पापा धडपडाते आये थे पानी डालने उन् कपड़ों पर, तभी टैक्सी रुकी थी और मैं ने झाँका था बाहर तो आप को देख कर मेरे दिल के धड़कनें जैसे रुक गए थे… मैं रोने लगी थी, माँ ने भी आप को रहीम के घर जाते हुए देखा था और उस दिन मुझसे कहा था,

“जा वो आया है जा चली जा उसस्के साथ, भाग जा उसस्के साथ तब तेरे कलेजे में ठंडक पड़ेगी”

और मैं ने माँ को जवाब यह दिया था,

“क्यों चली जॉन? मैं तुझको इसी घर में रहकर तेरी काल बनूँगी, तुझको आहिस्ते आहिस्ते मरना देखना है मुझे, तुझको धीरे धीरे सारे चीज़ों का एहसास दिलाना है मुझे तुम सब को अभी और बहोत कुछ झेलना है, मुझे तुम सबको बहोत कुछ दिखाना है अभी… मैं और 50 साल इस घर में रहकर तड़पाने वाली हूँ तुम सब को? मैं क्यों जाऊं जब उस्सको आप सब ने बेइज़त करके इस घर से निकला था और मैं ने कुछ नहीं किया था, किश मुंह से उसस्के सामने जाउंगी मैं? मुझे मुंह छुपाना है उस से, शर्म आती है मुझे अब उसस्के सामने जाने के लिए कैसे जाऊं मैं उसस्के सामने किश मुंह से जॉन उसस्के सामने मैं?!”

यह सब सुनके अभी ने रूही के माथे को चूमा और रूही ने और कहा,

“मैं जिस तरह से बेहवे कर रही थी उन् दिनों सब समझ रहे थे मेरे ऊपर कोई आत्मा आगयी है, ओझा के पास ले गए थे मुझे, फिर डॉक्टर के पास, डॉक्टर ने पहसीच्यात्रिक मेडिसिन्स दिए थे और कहा था के अगर ऐसी hi रही तो ब्रेकडाउन हो सकता है पागल हो जाउंगी सच में और मेन्टल एसाइलम में भर्र्ती होना पड़ेगा…. मुझको पागल का टैग दे दिया गया था इस घर में मेरे बेहेवियर की वजह से हीहीहीहीही……. यह सब आप के डायरीज देने के 3 महीने बाद हुआ था….. और जब डॉक्टर ने मुझसे वो सब कहा तब मैं ने सोचा के मुझको अब सम्भलना चाहिए और कण्ट्रोल में रहना चाहिए….. घर में अपने कोने में रहती थी, एक भी काम नहीं करती, टीवी देखती, बुक्स रीड करती और अपनी रूम में घुसी रहती…. कई सालों तक वैसी hi रही… माँ बात करती तो उस्सको ग़ुस्से में जवाब देती और कहती के मुझसे बात नाह करें…. सिर्फ महेश से ठीक से बात करती और किसी से भी नहीं… माँ कपडे धोने जाती और बुलाती तो उस्सको गाली देती…. सिर्फ अपने कपड़ों को धोती थी, और किसी की नहीं, किचन में एक काम भी नहीं करती थी, सब माँ करती, मैं खाती थी हहहहए!! बहोत बुरी बन गयी थी मैं…. सालों तक ग़ुस्सा भरा हुआ था मुझ में…”

“और नार्मल कब हुए तुम?” अभी ने पूछा.

रूही: “नहीं हुई!! उन् लोगों के साथ नार्मल हुई HI नहीं मैं, ख़ास कर माँ के साथ तो आज तक नहीं हुई नार्मल…….. मनोज के लिए लड़की देखने गए सब, मैं नहीं गयी, मनोज बिनती करते थक गया मुझे चलने के लिए मगर पता है मैं ने उस्सको किआ जवाब दिया था? 5 साल बाद उस से बात किया था उस दिन और जवाब में उस से कहा ‘कितना ाचा होगा के तुझे भी कुत्ते की तरह वो लोग घर से लात मार कर निकाले जैसे तुमने अभी को निकला था, मैं क्यों जाउंगी? किआ तुम ने मेरे अभी को एक्सेप्ट किया था? जैसे तू लड़की देखने जा रहा है वो भी आया था, तब तुमने किआ किया था?!”

अभी: “काश जिस दिन मैं आया था तब तुमने उस से वो सब कहा होता!!”

रूही: “तब मैं बहोत अच्छी, ओबेडिएंट बेटी थी इस घर की नाह? आप के जाने के बाद मैं सबकी बाप बानी थी हहहहए, सब कुछ आप के बदौलत hi हुआ, मैं स्ट्रांग भी हुई तो आप की वजह से…. मेरी लाइफ में आप ने बहोत चंगेस लाये, पाजिटिविटी भी लाये बुसस आप नहीं मिले मुझे!”

अभी: “फिर किआ कहना था तुम्हारे मम्मी और मेहबूब के बारे में?”

“मम्मी को ब्रैस्ट कैंसर हुई, पापा S.Arabia से वापस आये फिर कभी नहीं गए. 1994 की बात है. मनोज की शादी हो चुकी थी, उस से एकांत बात कर लेती थी, और उस्सकी बीवी से बनती थी मेरी. उस्सकी बीवी को सब कुछ बता दिया था खुद मनोज ने आप के और मेरे बारे में…. बाद में महेश की शादी हुई तो उस्सने भी मेरी और आप की कहानी बता दिए अपनी वाइफ को…. दोनों बहुओं को मेरी मुहबत की दास्तान पता है…. इस लिए बताये दोनों भाइयों ने क्यूंकि वह सवाल करते नाह के घर में एक बेहेन क्यों बैठी है बिना शादी किये…. तो मनोज की वाइफ को बहोत हमदर्दी हुई मुझसे सब जान कर आप के और मेरे बारे में और उस से अछि दोस्ती हुई… माँ को ब्रैस्ट कैंसर हुआ तब वो रट हुए मुझसे माफ़ी मांगे मैं ने उस्सको माफ़ नहीं किया और बात भी नहीं की बुसस इतना कहा के वो अपनी सज़ा भुगत रही है भगवान् ने उस्सको सज़ा दिया है….

उस्सकी ब्रैस्ट को ऑपरेट किया गया, एक ब्रैस्ट निकला गया 2 महीने तक हॉस्पिटल में रही , मैं एक दिन भी उस्सको देखने नहीं gayi…wapas आयी तो रोटी रही बीएड पर मैं बिल्कुल देखने नहीं गई उस्सको….. मैं उस्सको दूसरे कमरे से सुनाती यह सब कहकर,

“पैसे की भूकी कितना पैसा फेंका ऑपरेशन के लिए? मेरे पापा के सब पैसे खा गयी तू? एक बूब गया है और भी जाएगा तू मारेगी नहीं जीती रहेगी मगर तड़पते हुए जियेगी”….. मैं उस्सकी दुश्मन बाह गयी थी…. और उस्सकी कैंसर आज तक ठीक नहीं हुआ… सालों बाद दूसरी बूब में भी कैंसर फैला, फिर से वही दौड़ना, चेमो थेरेपी, रेडियो थेरेपी… उस्का दर्द से तरपना… चिल्लाना, सारे बाल झाड़ गए थे फिर उगे फिर झड़े….. उस दिन यहाँ आयी थी तो आप ने नोटिस नहीं किया कितनी पतली लकड़ी जैसी हो गयी है? ठीक से चल नहीं पाती है… आज भी थेरेपी बाकी है usski…kabhi महीनों भर हॉस्पिटल में रहती है.. किसी वक़्त भी टपक सकती है….. उस्सकी एहि सज़ा मिलना था ज़िंदा रहना और sehna…seh रही है और मुझको चैन और सुकून आ रहा है…..”

अभी ने रूही का सर सहलाते हुए कहा,

“चोर्रो जाने दो, तुम्हारी माँ है माफ़ कार्डो… जाने दो अब…. जस्ट फॉरगेट एंड फॉर्गो!”

रूही अभी के सीने से अलग होते हुए कहा,

“नेवर अभी, ी विल नेवर फॉरगेट एंड नेवर लेट जो…. वो मर्डर भी जाये तो मुझे कोई दुःख नहीं होगा अभी!”

अभी: “इतनी करवाहट ठीक भी नहीं स्वीटहार्ट….. अब भूल भी जाओ नाह!”

रूही: “25 साल से मैं इस घर में बैठी हूँ भूल जॉन? आज मेरे बचे होते आप के साथ. एक घर होता, मेरा पति होता मैं कितनी खुश होती वो सब भूल जॉन? सब कुछ उस्सकी वजह से हुआ? कभी नहीं भूलूंगी मैं अभी कभी नहीं!!”

अभी छुप हो गया….. फिर पूछा के मेहबूब को किआ हुआ.

रूही ज़ोर से हंसी और कहा,

“हहहहह कुत्ते हो हार्ट अटैक आया था 2 बार…. होस्पिटलिजे हुआ था वो भी… कमज़ोर हो गया… हार्ट का ऑपरेशन हुआ, वो भी मुझसे माफ़ी मांगने आया था मैं ने माफ़ नहीं किया रो रहा था मैं ने कहा जितना अभी को और मुझको रुलाया है उस से हज़ार गुना ज़्यादा तुझे भी रोना है… उसस्के दिल के अंदर एक कोई इलेक्ट्रॉनिक एपरेटस है वार्ना वो कभी भी टपक सकता है….. कभी भी फरफराने लगता है सब उस्सको उठा कर जल्दी से हॉस्पिटल लेजाते हैं….. एक दिन हॉस्पिटल जाते हुए hi मरेगा वो कुत्ता!!”

अभी को रूही की वो ग़ुस्सा, वो करवाहट उन दोनों के लिए समझ में ारः था… और उस्सने और कुछ नहीं कहा रूही को बुसस उस्सको और ज़ोर से अपने बाहों में भर के उस्सको चूमा उस्सको कूल करने के लिए.

और कुछ देर बाद रूही ने कहा,

“चाह चोर्रो यह सब अभी, आप अब मुझे यह बताओ कौन सा सरप्राइज देने वाले थे आप मुझे?!

तो बे कॉन्टिनोएड…. (2901 वर्ड्स)
 
वह विक्रम भाई आओ ने सिर्फ एक लाइन को लेकर इतना कुछ लिख दिया, वह

मगर भाई बिल्कुल सही लिखा, सही सोचा और बिल्कुल सही कहा आप ने

उसी एक अपनी घालयी को सुधारने की चक्कर में hi रूही ने खुद सब कुछ खोया....

अपनी परिवार को यह साबित करने के लिए के वो अब वैसी ग़लती नहीं दोहराएगी इसी चक्कर में फांसी रही और सब कुछ एक गए की तरह सुनती रही अपनी माँ और मेहबूब को... और अभी को को दिया उसी तरह

थैंक्स वैरी मच विक्रम भाई अप्प्रेसिअशन और इतनी अछि रिव्यु के लिए
 
नया नया सर्वर है नाह भाई तो बहोत सारे इश्यूज होते हैं

रात रत भर एडमिन सब फॉक्स करते रहते हैं इसी लिए पेजेज लोड नहीं होते और डबल या ट्रिप्पले पोस्ट्स भी होजाते या बिल्कुल रेस्पोंद hi नहीं करते पेज... मगर धीरे धीरे सब सुधर रहा है आज दिन भर सब सही चला था मगर रात में कुछ मेंटेनेंस किया गया और आज भी
 
अपडेट 76 अभी टेल्स रूही अबाउट श्वेता

और कुछ देर बाद रूही ने कहा,

“चाह चोर्रो यह सब अभी, आप अब मुझे यह बताओ कौन सा सरप्राइज देने वाले थे आप मुझे?!


नवीन की बात याद करके अभी सोचने पर मजबूर हो गया के रूही को बताये या नहीं श्वेता के बारे में. थोड़ा सोचने के बाद उस्सने सोचा बता hi देते हैं जो होना है वही होगा, तो अभी ने रूही के चेहरे में मुस्कुराते हुए देखा और कहा,

“तुमको ज़रूर ख़ुशी होगी जान कर जो मैं तुमको बताने जा रहा हूँ, उम्मीद है के नाराज़ नहीं होगी तुम के लास्ट टाइम आया था तब क्यों नहीं बताया….”

रूही ने जब अभी को मुस्कुराते हुए देखा तो कहा,

“जब से आये हो पहली बार आप को मुस्कुराते हुए देख रही हूँ, जब यहाँ हम करते थे तो आप कितने खुश दिखा करते थे, तरस गयी थी आप की मुस्कराहट देखने के लिए, बहोत रो लिए आप ने, अब मुस्कुराकर कुछ कहने वाले हो आप तो ज़रूर ख़ुशी की बात होगी वार्ना आप इतने खुश नहीं दीखते, चलिए बताइये किआ बात है.”

अभी ने रूही को सोफे पर बिठाया और कहा,

“बात श्वेता की है रूही!”

रूही के चेहरे में दोनों ख़ुशी और हैरानी के भाव दिखे और अभी के चेहरे में देखते हुए पूछा,

“श्वेता? किआ आप उस से मिले हो? कोई बुरी खबर तो नहीं नाह?!”

अभी ने हलके से हँस्ते हुए कहा,

“अरे बिल्कुल भी बुरी खबर नहीं, ठहरो समझाता हूँ तुम्हें….. मैं पिछले 7 सालों से श्वेता से मिलता आया हूँ रूही…. अरुचि को भी बहोत अछि तरह से जानता हूँ और वो भी मुझे अपना मानती है, बहोत प्यार है मुझे अरुचि से भी….”

रूही ने बड़ी बड़ी आँखों से अभी को देखते हुए कहा,

“व्हाट? आप मिल चुके हो श्वेता से? कब कैसे? मैं एक दिन सोच रही थी के आप उस से तो मिल सकते हो अगर मुझसे नहीं मिले तो, आप बताओ नाह कैसे वो मिली आप को? कहाँ?”

अभी ने रूही के हाथों को अपने दोनों हाथों में लेकर, उस्सकी आँखों की गहराई में देखते हुए कहा,

“एक दिन अचानक से मिल गयी मुझे, मैं ने उस्सको पहचाना hi नहीं, 18 साल बाद देखा था उससे. मैं काम के सिलसिले में यूनिवर्सिटी गया था और किसी ने मुझे पीछे से फुकरा, मैं ने मुड़के देखा तो एक लड़की मुझको मुस्कुराते हुए देख रही थी, मैं ने उस्सको नहीं पहचाना हालां के सूरत थोड़ी जानी पहचानी सी लगी, तो उस्सने कहा ठहरो आप को फिर से वैसे बुलाती हूँ जैसे बचपन में बुलाती थी और उस्सने कहा, ‘Abhiiiiiiiiiii’ तो मेरे शरीर कांप उठे, मेरे आँखें भर आये यह जान कर के वो श्वेता है…… अपने बाहों को खोल दिया और वो मेरी बाहों में आगयी…… हम दोनों रोने लगे एक दूसरे से 18 साल बाद मिल कर…..”

यह सुनकर रूही के आँखें भी भर आये और रट और हँस्ते हुए एक साथ कहा,

“कैसी थी वो? और अब कैसी है? मुझसे तो पिछले 10 या 12 साल से नहीं मिली, शादी किया था तब मुझे महेश लगाया था चची के घर, तब देखि थी उस्सको…. वो तो जब 18 की थी थी और पता चला था उस्सको के मैं उस्सकी जनम देने वाली माँ हूँ तो आयी मुझसे खूब लड़ाई किये और उसस्के बाद एक दिन भी नहीं आयी मुझसे मिलने… कहा था नाह जैसे मैं अपनी माँ को ट्रीट करती हूँ वैसे hi मेरी बेटी भी मुझको ट्रीट करती है, मेरी तक़दीर hi ऐसी है, और हो भी क्यों नाह, मैं hi तो नफरत करने लगी थी नाह उस से बचपन में और उस्सको सब पता था….. तो उस्सको बहोत ठेस पहुंचा के मैं उस्सकी रियल माँ होकर उस से नफरत करती रही तो उस्सने नफरत के बदले मुझको नफरत hi दिया वापस….. 2 साल शादी के बाद सुना के उस्सने उस डॉक्टर से डाइवोर्स ले लिया और चची के घर वापस चली गयी रहने, काम करने वाले लड़कियों के साथ एहि प्रॉब्लम है, पैसा कमाने लगते हैं तो हस्बैंड ाचा नहीं लगता, फ्रीडम चाहिए होते हैं आज कल के लड़कियों को….. अकेली रहती है और अरुचि को पाल रही है, कमाती है नाह इसी लिए ऐसी होगी!”

अभी: “चलो तुमको यह सब पता तो है, मैं ने सोचा तुमको खबर नहीं मिला होगा उस्का….. हाँ मैं उस्सकी डाइवोर्स से एक साल या कुछ महीने पहले hi मिला था, अरुचि तब शायद 18 महीने की थी और तब श्वेता शायद 24 की थी… उसस्के बाद हम अक्सर मिलने लगे थे, नवीन भी उस्सको जानती है, और अरुचि को भी….. दर अस्सल श्वेता एक part टाइम कोर्स फॉलो कर रही थी यूनिवर्सिटी में और श्वेता नवीन की स्टूडेंट भी थी…. अजीब कोइंसिडेन्स है के मेरे और नवीन दोनों के तरफ से श्वेता से मिलान हुए….. है नाह?!”

रूही कुछ सोचने लगी, खुश दिख रही थी, मगर सोच में कुछ देर डूबी रही, तब कहा,

“वो आप से बहोत ज़्यादा प्यार करती थी, अब भी करती होगी है नाह? आप ने पिछली बार नहीं बताया मुझे जब मैं ने आप से श्वेता के बारे में कहा था….. किआ आप मुझसे छुपाना चाहते थे के आप उस से मिल चुके हो?!”

अभी ने जवाब दिया,

“अरे नहीं क्यों छुपाना चाहता था? तुम उसस्के खिलाफ बोल रही थी नाह? इस लिए मैं छुप रहा और तब मुझे कहाँ पता था के वो तुम्हारी बेटी है? मुझको उस ने भी बिल्कुल 7 सालों में एक बार भी नहीं बताया था के वो तुम्हारी बेटी है, इस लिए मुझे झटका लगा था जब तुमने वो बात बतायी थी पिछली बार… इस लिए तुमसे तब कुछ नहीं कहा था….. और तुमसे मिलने के बाद मैं उस से मिला उस्सकी ग़लत फैमि दूर किया तुमको लेकर और अब मैं उस्सको और अरुचि को लेकर आऊंगा तुमसे मिलवाने एहि सरप्राइज देना है तुमको….. कहो कब लॉन यहाँ दोनों माँ बेटी को?!”

“रूही के ख़ुशी से आँखें भर आये और पूछा,

“रियली वो आएगी मुझसे मिलने? अरुचि के साथ? आप के साथ? वो मान गयी आने के लिए आप के साथ? चमत्कार हो गयी यह तो! कैसे मनाया आप ने उस्सको?! थैंक यू अभी? यह कैसे हुआ? आप कैसे अक्सर मिलने लगे अभी बताओ मुझे वो खुश तो है नाह? फिर से क्यों शादी नहीं की? और क्यों उस डॉक्टर से डाइवोर्स ले लिया सब बताओ नाह मुझे अभी!”

अभी: “अरे मोबाइल का ज़माना है नाह जब हम मिले तो उस्सने मेरा नंबर लिया मैं ने उस्सकी और सोशल नेटवर्क पर, व्हाट्सअप पर कांटेक्ट में रहे तो मिलते रहे नाह….. इस में कौन सी बड़ी बात है आज कल कम्यूनिकेट करने के लिए कितने तरीके होते हैं नाह…..”

रूही: “हाँ जब मैं आप को जानती थी तब कहाँ था ऐसे टेक्नोलॉजी के हम एक दूसरे से कम्यूनिकेट कर सकते!! वक़्त वक़्त की बात है नाह अभी”

अभी: “था कम्युनिस्टी करने के तरीके, टुनमे नहीं कम्यूनिकेट किया था, मेरा एड्रेस था तुम्हारे पास, उन् दिनों हम लेटर राइटिंग से कम्यूनिकेट करते थे तो तुम अगर चाहती तो मुझको लिख सकती थी, तुम ने कम्यूनिकेट नहीं किया था मुझे…. फ़ोन लग गए थे नाह एक साल हमारे बिचरने के बाद मुझको फ़ोन भी कर सकती थी, कभी डायरेक्टरी में मेरा नाम नहीं देखा था किआ? ज़रूर देखा होगा तुमने, मैं ने फ़ोन लगते hi सबसे पहले तुम्हारे पापा के नाम का फ़ोन नंबर ढूंढा था और मिला भी था 1987 ये 1988 में… तो तुमको भी मेरा नंबर दिखा होगा क्यूंकि मेरे घर का फ़ोन मेरे hi नाम पर रजिस्टर्ड हुआ था….!!!

रूही: “हाँ अभी देखा था, पता था… मगर हाँ सही कह रहे हो मैं ने hi नहीं कम्यूनिकेट किया था आप को यू अरे राइट….”

अभी ने तब रूही के हाथों को अपने हाथ में ज़ोर से दबाते हुए कहा,

“तुम्ही कहती रहती हो नाह के श्वेता मुझसे बचपन से प्यार करती थी, तो सोचो जब मुझसे मिली तो कितना खुश हुई होगी? कितना ाचा लगा होगा उस्सको? उस्सने जैसे एक खोया हुआ चीज़ पा लिया इतनी खुश थी वो और मुझसे बार बार मिलना चाहती थी…. हाँ उस डॉक्टर से उस्सकी नहीं बानी, उस से प्यार hi नहीं करती थी कहती थी मुझे, डॉक्टर उस्का ख्याल बिल्कुल नहीं रखता था और नाह बची का ख़याल रखता था उसस्के लिए बुसस उस्का काम और उसस्के पेशेंट्स, एहि उस्सकी प्रायोरिटी हुआ करते थे, तो श्वेता तंग आगयी…. और बिना मुझे बताये पता नहीं कब डाइवोर्स ले लिया, उसस्के बहोत महीने बाद मुझको बताया के अब वापस तुम्हारे चची के घर रहती है, तब मुझे पता चला के डॉक्टर को चोरर दिया उस्सने…..”

रूही ग़ौर से सुन रही थी तब पूछा,

“तो फिर से क्यों शादी नहीं किया उस्सने? कितनी खूबसूरत है, कितनी अच्छी है, उस्सको तो लड़कों के लाइन लगते होंगे प्रपोजल के!”

अभी का चेहरे लाल हुआ और कहा,

“वो अब तुम्ही पूछना उस से नाह! मुझे किआ पता क्यों नहीं की शादी उस्सने, बुसस इतना कहा के दोबारा वो एक्सपीरियंस नहीं करना चाहती!”

रूही ने तब पूछा,

“और अरुचि, देखा नाह मेरा नाम अपनी बेटी के नाम के साथ जोड़ा है उस्सने और मुझसे लड़ाई करने आयी थी मगर मेरा नाम रखा अपनी बेटी के नाम के साथ हाहाहाहा, कैसी दिखती है अरुचि अब 7/8 साल की हो गयी होगी नाह? आप से बनती है उस्सकी आप ने कहा? खूबसूरत होगी वो भी नाह? मैं ने उस्सकी बचपन देखा hi नहीं आप ने देखा नाह? कुछ बताओ तो अभी!”

अभी: “बहोत क्यूट है, वैसे hi जैसे श्वेता थी बचपन में, बहोत इंटेलीजेंट भी है… समझ लो मुझसे उस्सको बाप का प्यार मिला, मुझे बाप hi समझती है… बहोत प्यार करती है मुझे और मैं भी बेहद चाहता हूँ ussko….Navina से भी खूब घुल मिल गयी है अति है हमारे यहाँ कभी कभी….”

रूही ने अभी के चेहरे में, उसस्के आँखों की गहराई में देखते हुए कहा,

“अभी आप का कोई पिछले जनम का रिश्ता है मुझसे किआ? आप मेरी फॅमिली से कितना क्लोज हो जाते हो? मेरी बेटी से और उस्सकी बेटी के इतना क्लोज हो गए और मुझसे कितने दूर रहे? आप को कुदरत ने भेजा है हमारे लिए किआ अभी? 25 साल पहले आप श्वेता से मिले थे, वो आप से बेहद प्यार करने लगी, जब आप मुझसे दूर हुए तो वो आप को मिस करती थी, आप के लिए रोटी थी, जब बड़ी हुई तो आप से शादी तक करना चाहती थी.... कैसे आप के साथ क्लोज हुई वो अभी? वो तो आप से बेहद प्यार करती थी, आप को चाहती थी जैसे हम दोनों एक दूसरे को चाहते थे!! आप को उस्सकी नज़रों में प्यार नहीं दिखा अपने लिए अभी? आप को कभी नहीं लगा के वो आप को चाहती है?.... वेट वेट वेट…. अभी उस्सने कहीं आप की खातिर तो डॉक्टर से डाइवोर्स तो नहीं लिया नाह?! हम्म?!”

अभी हड़बड़ाने लगा था अब…. उस्सको दिख गया के रूही को शक होने लगा तो बात को रोकने के लिए अभी ने बस इतना कहा,

“व्हाट अरे यू टॉकिंग नाउ? कहा नाह क्यों डॉक्टर को चोर्रा? और बाकी जो भी पूछना है तुम उसी से पूछ लेना बोलो कल लेकर आऊं दोनों को? वैसे नवीन भी तुमसे मिलना चाहती hai…ussko भी साथ लेकर आऊंगा, किआ ख्याल है? ठीक रहेगा कल?!”

रूही ने भरे हुए आँखों में कहा,

“अन्य्तिमे अभी, अन्य टाइम.. तुम बुसस लेकर आओ सबको मैं सब से मिलना चाहती हूँ, मगर अभी मैं नाह लंच नाह डिनर बना पाऊँगी…. इन् दोनों वक़्त में मत आना प्लीज….”

अभी: “अरे क्यों फ़िक्र करती हो, इन् सब के लिए कोई फ़िक्र नहीं, तुमको भी लेचलूँगा कभी अपने घर और वहां सब लंच या डिनर करेंगे…. और मेरा यकीन करो एक दिन तुम खुद डिनर या लंच पका कर हम सब को खिलाओगी!”

रूही: “वो कैसे अभी? ी can’t इवन स्टैंड!”

अभी: “व्हाई? दो यू थिंक फ्रॉम थे व्हीलचेयर यू विल नॉट बे अबले तो कुक? यू वैरी वेल कैन दो तहत…. जस्ट समवन मस्ट बे तेरे तो हेल्प यू और असिस्ट यू…. वैसे हुआ किआ है तुमको? व्हाट इस योर हेल्थ प्रॉब्लम? क्यों नहीं चल पाती या खड़ा नहीं हो पाती हो? वो बताओ मुझे अब!”

रूही: “शुरू एक साइटिका इशू से हुआ था , बाद में पता चला स्पाइनल इश्यूज हैं, बहोत सारे डॉक्टरों के पास गयी, बहोत इलाज करवाया, आईटी रेमिस थे शामे, राथेर आईटी बेकमे ओरसे… मैं एक लाठी से चल पाती थी पिछले 5 सालों से अब वो भी नहीं कर पाती… कमर में ताक़त hi नहीं बॉडी को सँभालने के लिए!”

अभी: “सिर्फ मेडिकल के तरफ चेकउप करवाया? आयुर्वेदिक मस्सगे या मेडिकेशन किया कभी?!

रूही: आयुर्वेदिक? No. नेवर, सिर्फ हॉस्पिटल और फिजियोथेरेपी किया कई सालों तक….”

अभी: “Okay ी विल तरय समथिंग तो हेल्प यू ी बेट के तुम वापस खड़ा हो पाओगी और चलोगी भी…. देख लेना!!”

तो बे कॉन्टिनोएड…………… (2105 वर्ड्स)
 
सर्वर को उपदृदे करना पड़ता है नाह भाई.... रात को बहोत हैंग होता था साइट... जितने ज़्यादा मेंबर्स उतना बड़ा सर्वर लगता है.... नार्मल सर्वर था, अब डेडिकेटेड सर्वर में सब डाटा शिफ्ट किया गया है तो सब कुछ फिरसे शुरू से इनस्टॉल करना, सारे डाटा सेव करना, सभी इश्यूज को सही करने में टाइम लगता है. तो जब जब सर्वर पर मेंटेनेंस किया जाता है तब तब एरर मैसेज आते हैं और सर्वर रेस्पोंद करना रुक जाता है. इसी लिए जब भी ऐसा हो आप को समझ लेना चाहिए क मेंटेनेंस क काम चल रहे होते हैं :डी
 
विक्रम भाई आप की इस से पहले वाले रिव्यु को अपडेट के बाद रिप्लाई करूँगा वार्ना अपडेट लटका रह जायेगा अगर रिप्लाई लिखना शुरू कर दिया तो :डी

रही बात कीर्ति की तो मैं किआ कहूं अब :लाफ:

थैंक्स वैरी मैच दोस्त
 
अपडेट 77 व्हाट अभी नाउ फीलस आफ्टर लीविंग रूही

अब जो मैं लिखने जा रहा हूँ इस से शायद बहोत रीडर्स इस से राज़ी नहीं होंगे. वो है अभी के अब के आने वाले फीलिंग्स के बारे में है.

जब अभी ने ने रूही से लास्ट अपडेट वाले सारे बातें करके घर जाने लगा ड्राइव करते हुए तो अब अभी को कुछ और फीलिंग्स होने लगा. अभी को अब लगा के वो प्यार जो उस्सको 25 साल पहले रूही के साथ था वो बाकी नहीं रहा. बिल्कुल वो वाले फीलिंग्स नहीं रहे. अभी को खुद तःजब हो रहा था के क्यों उस्सको अब वैसा फील होने लगा था?

ऐसा लगा अभी को के इतने दिनों तक उसस्के दिल में सिर्फ उन् डायरीज को रूही को देना था पढ़ने के लिए, सिर्फ रूही को मालूम कराना था के उस्सने कितना झेला था रूही के लिए….. जब तक रूही ने उन् डायरीज को नहीं पढ़ा था तब तक अभी के दिल पर एक बहोत भादि बोझ जैसा था, अब रूही ने सब पढ़ लिए और अपनी तरफ से सारे जवाब दे दिए तो अभी को लगा जैसे उस्का मिशन कम्पलीट हो गया उस्सको बुसस इतना hi करना था.

हाँ मगर रिश्ता बिल्कुल नहीं तोडना था, रूही के लिए अभी के दिल में अब एक हमदर्दी जैसा पैदा हुआ…. एक इंसान जिसस्ने अभी के प्यार की खातिर अपनी लाइफ कुर्बान कर दिए, खुद की ग़लती की वजह से अपनी लाइफ को ऐसे झेला जैसे खुद को सज़ा दे रही थी, उसस्के लिए अभी के दिल में अब इज़्ज़त पैदा हुआ मगर वो प्यार जो 25 साल पहले था, वो जूनून जो था उसस्के लिए 1986 में वो बिल्कुल भी नहीं था… वो वाला फील बिल्कुल भी नहीं ारः था अभी के सीने में रूही के लिए…. किआ वो धीरे धीरे मर्डर गया? किआ इंसान के दिल से प्यार माररता भी है किसी के लिए? या ऐसा था के अभी अब इतना प्यार बाँट hi नहीं पा रहा था? नवीन के लिए प्यार था, श्वेता के लिए बहोत प्यार था, अरुचि के लिए प्यार था मगर रूही के लिए वो वाला प्यार बिल्कुल नहीं फील हो रहा था अभी को. हाँ हमदर्दी फील हो रहा था, इंसानियत के नाते उस से रिश्ता बरकरार रखना था….. अभी यह सब सोचते हुए ड्राइव किये जा रहा था, और अपने उन् डायरीज को देखा, वही पुराने लिफ़ाफ़े में 25 साल से रखा हुआ था डायरीज को….. उस्सको फेंकने का मैं किया उससे अब…. फिर सोचा घर जा कर दोनों डायरीज को अब जला देगा, क्यूंकि जिस के लिए लिखा था उस्सने अब पढ़ लिया था और जवाब भी दे दिया था..

अभी सोचता गया के साला पिछले 25 सालों तक जिस कश्मकश और घूम में रहा वो रूही को याद करके, उस्सको देखने की तमन्ना करके, इतने सालों तक अपने दिल में रूही को बसाये रखा एक झटके में आज सब नार्मल लगने लगा सिर्फ डायरीज देकर और वापस लेकर…. कहीं यह डायरीज hi तो नहीं रोका हुआ था अभी को इतने दिनों तक, कहीं इन् डायरीज ने hi तो उसस्के दिल के अंदर रूही के लिए चाहत और यादें नहीं भरे हुए थे अब तक? और जब रूही ने सब पढ़ लिया तो अभी को चैन और सुकून हासिल हुआ और इस लिए अब अभी को लगने लगा के अब उस्सने अपना काम तमान कर लिया?! यह किआ था ऐसे फीलिंग्स क्यों आरहे थे अभी को खुद समझ नहीं पाया. नाता तो नहीं तोड़ेगा कभी भी रूही से ऐसा सोचा अभी ने, उस्सको भूलेगा नहीं, उसस्के लिए जितना हो सके उतना काकरेगा, उस से मिलता रहेगा जब तक रूही रहेगी, यह सब तय था मगर दिल के अंदर वो जज़्बा, वो प्यार, वो चाहतें बाकी नहीं रहे थे अभी के दिल के अंदर. अब यह भी हो सकता था के अभी को वो वाला प्यार श्वेता से मिलने लगा था इस लिए ऐसा था, किआ पता?!

क़ुर्बानियां दिए रूही ने, और सब कुछ खोया किश ने? रूही ने hi…. जो प्यार था अभी के दिल में रूही के लिए अब वो प्यार भी खो दिया था रूही ने. मगर उस्सको इस्सके पता बिल्कुल चला hi नहीं…. यह सिर्फ अभी के फीलिंग्स थे जो सिर्फ अभी के दिल के अंदर रहे.

घर लौटने पर अभी ने नवीन को ज़ोर से अपने बाँहों में भरके उस्सको उठा लिया और कहा,

“आज मैं बहोत खुश फील कर रहा हूँ. मऊवः. थैंक यू फॉर किंग इन माय लाइफ, थैंक यू फॉर बीइंग part ऑफ़ माय लाइफ, थैंक यू फॉर बीइंग माय वाइफ एंड थैंक यू फॉर दोंग आल तहत यू दीद फॉर में. यू अरे माय एंजेल. गॉड सेंत यू फॉर में ेस्पेशलय”

नवीन ने अभी को किश बैक करके पूछा,

“क्यों जी? ऐसा किआ हो गया? रूही ने रिप्लाई दे दिया आप को? इतना खुश तो वन्स इन ा ब्लू मून hi दीखते हो आप?!”

अभी ने नवीन को तब निचे उतारते हुए कहा,

“डायरीज वापस ले आया हूँ सोचता हूँ अब उस्सको जला दूँ उस्का काम हो गया अब. डायरीज ने अपना मिशन कम्पलीट कर दिया, जिस्सके लिए लिखा था उस्सने पढ़ लिया, जवाब दे दिया काम ख़तम. जला दूँ?!”

नवीन ने कहा,

“No, नॉट ात आल? क्यों जलाओगे? वही सब तो अपनी डेली डायरीज में भी लिखा है नाह? तो किआ अपने डायरीज को जलाओगे? यू हैवे तो कीप थम. लॉक थम समवेयर एंड नेवर लुक बैक ात थम. थे अरे थे पास्ट. नाउ मूव ों….. अब मेरी एक बात मानना होगा आप को!”

अभी: “कौन सी बात?!”

नवीन: “श्वेता से शादी करलो. आईटी इस इम्पोर्टेन्ट!”

अभी ने नवीन को सीने से लगाया और कहा,

“ी नेवर वांटेड तो मर्री निथर हेर नार रूही. बिकॉज़ ी मैरिड यू. तुमको मैं सेकेंडरी नहीं करना चाहता…. शादी तो एक से होती है और वो तुम हो. तुम्हारा दर्जा अलग है. यू अरे ात थे टॉप ऑफ़ आल. ी दो नॉट वांट यू तो गेट हर्ट स्वीटहार्ट. वो जगह सिर्फ तुम्हारा है.”

नवीन ने मुस्कुराते हुए बड़े hi आराम से अभी को समझाया.

“मेरी जगह कोई ले भी नहीं सकता, मैं जानती हूँ आप मेरी जगह किसी को नहीं देना चाहते, मैं जानती हूँ आप चाह कर भी मुझको अलग नहीं कर पाओगे और नाह hi भूल पाओगे, मैं जानती हूँ आप की लाइफ में मेरी किआ एहमियत है, मगर जब मैं खुद कह रही हूँ आप को श्वेता से शादी करना चाहिए तो करना चाहिए. और वो सिर्फ अरुचि के लिए है. आईटी इस इम्पोर्टेन्ट माय लव. उस बची को कभी यह सवाल नहीं उठाना चाहिए फ्यूचर में, उस्सको कभी यह कहने का मौका नहीं देना चाहिए के उस्सकी माँ आप की रखेल है, दो यू वांट हेर तो तेल्ल हेर मदर ओने डे तहत शी इस योर कीप?? आप ने उस्सको अडॉप्ट कर तो लिया, अब श्वेता से शादी करके उस रिश्ते को लीगल कर दो, पाक कर दो. मुझे ख़ुशी होगी, प्लीज दो थिस फॉर में एंड अरुचि, एंड ऑफ़ कोर्स फॉर श्वेता तू. ी क्नोव शी रियली लव्स यू, एंड शी नीड्स यू तू. शी विल बे वैरी हैप्पी एंड विल फील सिक्योर्ड…. आप को मेरे बारे में कोई फ़िक्र नहीं करना है, मुझे पता है आप मेरा hi रहोगे, मगर मैं hi चाहती हूँ के आप श्वेता के लिए भी रहो. दोनों खुश रहेंगे. आप हर रोज़ तो उसस्के पास नहीं रहोगे नाह? हफते में 3 दिन उसस्के पास , 4 दिन मेरे पास.. मगर मैं चाहती हूँ आप उस्सको सेपरेट घर में रखो, जब आप इस घर में रहो तो सिर्फ मेरे रहो और उसस्के घर में रहो तो सिर्फ उस्सकी रहो…. आईटी इस फाइन विथ में”

अभी नवीन के आँखों के गहराई में देखते हुए कहा,

“यार तुम इंसान हो या सच में फरिश्ता हो, कोई वाइफ खुद अपने हस्बैंड को किसी और से शादी करने को कहती है कभी? तुम किश चीज़ की बानी हो?!”

नवीन ने मुस्कुराते हुए कहा,

“दो आईटी फॉर में प्लीज!”

अभी: “एंड व्हाट अबाउट रूही? शी मस्ट बे अवेयर ओने डे अबाउट आईटी!”

नवीन: “शी विल नॉट बे ा प्रॉब्लम ी ऍम सूरे.”

अभी ने कहा,

“ी विल हैवे तो थिंक ा लोट अबाउट आईटी, विल लेट यू क्नोव लेटर.”

इतना कहकर अभी अपने डायरीज रखने जा रहा था के मुड़कर अचानक नवीन से पूछा,

“Hello, किआ तुमसे श्वेता ने कहा मुझे कन्विंस करने के लिए के उस से शादी करूँ?!”

नवीन ने छत्त ताकते हुए कहा,

“ओह माय गॉड! किआ अब मुझे किसी के कहने पर आप से कुछ कहना चाहिए? थिस इस माय ओन एंड पर्सनल थिंकिंग एंड सुग्गेस्टिव अभी!”

अभी: “सॉरी, okay okay ी विल लेट यू क्नोव लेटर!”

नवीन: “मुझको रूही के रिलीज पढ़ने को नहीं डोज?”

अभी: “यू वांट तो रीड तहत? नॉट इम्पोर्टेन्ट! उस्का रोना धोना है और गिल्ट की फीलिंग्स है और खुद को सज़ा देकर आज तक खुद से और अपनी फॅमिली से बदला लेती रही, शी इस क्रिपप्लेड, इन ा व्हीलचेयर, ी विल टेक हेर फॉर ा check-up सोमेदय एंड ी ऍम सूरे शी विल वाक अगेन!”

नवीन ने हैरान होते हुए पूछा,

“व्हाट? इतना सब कुछ हुआ उसस्के साथ और आप ने मुझे बताना ज़रूरी नहीं समझा अभी? व्हाई?”

अभी वापस नवीन के पास आया और कहा,

“यू क्नोव व्हाट? ी ऍम फीलिंग रेलिएवेद एंड ी फील थे लव तहत ी हद फॉर हेर 25 इयर्स बैक इस no लॉन्गर तेरे नाउ. िफ़ ी कपड़े हेर तो यू शी है no वैल्यू ात आल. यू स्टे विथ में, वे हैवे शेयर्ड हैप्पी एंड साद मोमेंट्स टुगेदर, यू हैवे सपोर्टेड में आल अलोंग इन एवरीथिंग, यू हैवे बीन विथ में इन यूपीएस एंड डाउन्स…. शी दीद नथिंग फॉर में….. तहत वास् नॉट लव फॉर में फ्रॉम हेर साइड…. हद शी रियली लव्ड में शी वोउल्ड हैवे दोने थिंग्स फॉर में व्हेन ी नीडेड हेर, नॉट नाउ, नॉट बी बुरयिंग हरसेल्फ़ तहत शी प्रोवेंस तहत शी लव्ड में…. शी ुसेड तहत ओप्पोर्तुनिटी व्हेन ी वास् थ्रोन आउट ऑफ़ हेर हाउस तो रिवेंज अगेंस्ट हेर फॅमिली एंड आल ओठेर्स बिकॉज़ थे हद तोरमेंटेड हेर सीन्स शी हद गिवेन बिरथ तो श्वेता…..

ी वास् जस्ट ा मैं फॉर हेर तो आवेंगे हेर फॅमिली मेंबर्स….. ी गोत नथिंग फ्रॉम आल तहत, शी वास् अबले तो स्टैंड अगेंस्ट हेर फॅमिली देय तो में, ी वास् ओनली ा वे फॉर हेर तो हेल्प हेर तो बे ब्रेव एंड स्ट्रांग…. माय लव हेल्पेद हेर तो गेट स्ट्रांग एंड ब्रेव…. मैं एक ज़रया था उसस्के लिए, उस्सको अपने खिलाफ के लोगों से लड़ने के लिए जो मेरा प्यार का नाम और सहारा लेकर उस्सने किया…. मेरे लिए तो कुछ नहीं किया था रूही ने!! मेरे दिल मेजन अब उसस्के लिए वो प्यार बाकी रहा hi नहीं, अब हमदर्दी है उसस्के लिए, इंसानियत के नाते उस्सकी मदद करूँगा, हाँ इस लिए के दिल का रिश्ता था उसस्के साथ तो एक रिश्ता रखूँगा मरते डैम तक, मगर वो प्यार बाकी नहीं रहा यार!!!”

नवीन ने सब तवज्जो से सुना और कहा,

“ी सी…. दो, मुझको उसस्के जवाब दो मैं पढ़ने के बाद आप को अपना ओपिनियन देती हूँ!”

अभी: “okay लो, रीड आईटी, बूत मुझे पहले यह बताओ के किआ मैं ने जो अभी कहा सहीह ै? क्यों अब मुझे लग रहा के 25 साल पहले वाला प्यार बाकी नाह रहा? मुझे बस यह डायरीज उस्सको देना था, दे दिया उस्सने सब पढ़ लिया मैं हल्का हो गया और वो 25 साल वाला नाह तो प्यार बाकी है नाह जूनून , नाह कुछ?! ऐसा क्यों फील हो रहा अब मुझे!”

नवीन ने कहा,

“हो सकता है के आप सिर्फ इस दिन के इंतज़ार में थे के रूही तक इन् डायरीज को पंहुचा सको, आप के लिए रूही को यह सब पता होना ज़रूरी था के आप किन्न हालातों से गुज़रे थे उसस्के लिए, उसस्के प्यार में, मई बे आप चाहते थे के रूही को पता चले के आप का प्यार उसस्के लिए कितना सच्चा था, और अब जब रूही को सब पता चल गया तो आप को आराम मिला, और अब रूही भी वो रूही तो नहीं नाह जो 25 साल पहले थी? आप 25 साल पहले वाली रूही से प्यार करते थे जूनून की हद तक, आज जिस रूही से मिलकर आये हो आप वो रूही 25 साल पहले वाली रूही तो नहीं है…. जब कोई किसी के साथ हर रोज़ लगातार रहता है 25 साल तक तो उसस्के अपने सामने बढ़ते, एक एक पल उसस्के हाव भाव, उसस्के बुरे और भले साड़ी चीज़ों को देखता और जानते हुए 25 साल गुज़ारता है तो उस्सको कोई डिफरेंस नहीं दीखता उस में…. मगर आप ने उस्सको 25 साल बाद देखा तो आप को वो 25 साल पहले वाली रूही नहीं दिखी, तो ऑब्वियस्ली आप के वो सब फीलिंग्स शामे नहीं होंगे…. मेरा ऐसा ख्याल है, फिर भी मैं सब कुछ पढ़ने के बाद आप को ज़्यादा डीप ओपिनियन दे पाउंगी….. लेट में रीड हेर रिलीज अभी”

अभी ने नवीन को रूही के रिलीज देकर नहाने चला गया.

तो बे कॉन्टिनोएड…. (2204 वर्ड्स)
 
विक्रम भाई तेहि दिल से धन्यवाद आप को मेरे दोस्त.

एक बात बताता हों आप को, मैं हमेशा आप से कहता हूँ आप के रेविएवस उपदटेस होते हैं जो मुझे बेहद पसंद होते हैं और मुझे पढ़ना बहोत ाचा लगता है, कीजनके आप के पॉइंट ऑफ़ व्यूज हटके और अलग hi होते हैं..... तो आज मैं ने देखना चाहा के आप ने कितने वर्ड्स लिखे हैं..... किआ आप को पता है आप ने कितने वर्ड्स लिखे इस रिव्यु में? बताऊँ? 3004 वर्ड्स की रिव्यु दिए हैं आप ने! :डी थैंक्स वैरी वैरी मच यारा :लव: :हुग:

अब आप की रिव्यु को काउंटर रिप्लाई करता हूँ मैं.

रूही का कहने मतलब सिर्फ एहि था के मेहबूब ने उस्सको कहा था अभी को सडके करने के लकए मतलब ऐसा करने के लिए के अभी एब्सेंट नाह ो किसी दिन, और रूही सक्सेसफुल रही तजि कीजनके अभी एक दिन भी एब्सेंट नहीं रहा उन् डिओन काम से क्यूंकि सईद ने मेहबूब को और रूही की माँ से भी कहा था के हर मोंडेस को अभी एब्सेंट रहता है, वो सच था ऐसा होता था के संदेस को एन्जॉय करने के बाद मोंडेस को अभी घर पर रह जाता था जिन जगाओं पर काम उतना इम्पोर्टेन्ट नहीं होते थे, मगर सईद ने एक ग़लत तरीके से वो सब बताया था रूही की माँ और मेहबूब को.... तो रूही की कहने का मतलब वही था के मेहबूब ने उस से कहा था अभी से कुछ ऐसे क्लोज रहने के लिए ताके वो हर रोज़ काम करने आये.... इन जनरल मतलब तो एहि होता है नाह के मेहबूब ने रूही से कहा था अभी को अपने तरफ खींचने के लिए..... बाकी जो आप ने कहा के अभी काम रैपिड करता था और ईमान से करता था हालां के रूही के प्यार में गिरफ्तार था...

अभी को खुद बिल्कुल भी पता नहीं था के मेहबूब को पता था जिस रात को अभी रुका था :डी हाँ यह बिल्कुल सही ै के रूही खुद फंस गयी थी धोका देते देते अभी को, उस्सको सच में प्यार हो गया नाटक करते करते

हाहाहाहा भाई ऐसे और मर्दों को मैं रियल में जानता हूँ जो ऐसे होते हैं, सब जो बीवी कहे मानते हैं, बहोत कूल रहते हैं कभी गुस्सा नहीं करते मुस्कुराते रहते हैं , कोई भी डिसिशन नहीं ली पाते वाइफ के बग़ैर मगर हाँ बचा पैदा करने में फर्स्ट होते हैं बीएड पर स्ट्रांग होते हैं मतलब चुदाई करने में अव्वल मगर उसस्के इलावा जो वाइफ कहे वही करना वार्ना रात को चुदाई करने को नहीं मिलेगा :लोटपोट: ऐसे मर्द रियल में अब भी हैं भाई... हेपेक हस्बैंड कहते हैं इससे. जोरू का ग़ुलाम!! :डी रूही के पिता एक्साक्ट्ली वही था... वो ीनता नरम था के वाइफ उसस्के अंदर ग़ुस्साति गयी :लोटपोट:

यह बात आप ने पहले बी कहा और खुद मैं ने भी इस पर सोचा था मगर यह बात कभी भी सामने नहीं आयी अगर कुछ रहा भी होगा दोनों के बीच तो गजब के सेक्क्रेट रखा दोनों ने :डी

100 % सही कहा भाई

आप की एनालिसिस के लिए आप को हैट्स ऑफ भाई, आप बिल्कुल परफेक्ट कह रहे हो वाओ! :बाउ:

राइट अगेन भाई

हाँ वो वाला किश जबरदस्त था

पर्फेक्ट्ली राइट कहा भाई

हाँ बेचारा अमित ने सज़ा पाए रूही से जबकि वो बेकसूर था :lol:

रूही ने अभी की डायरीज में पढ़ा था नेह के मनोज को बद्दुआ दिया था इसी लिए रूही ने सोचा होगा उस्सकी भी तो बुरी हालात है तो कहीं अभी की दी हुई बददुआह तो नहीं इसी लिए रूही ने यह भी लिख दिया अभी को :डी हाँ मगर हैरतब्रकिंग लाइन्स थे ी एग्री...

परफेक्ट वर्ड्स भाई

आप के इस सवाल का जवाब के वो कौन है जिस्सके कारण इन् सब के लाइफ उलझ गए तो मैं कहूंगा वो गौरव है.... या रूही की नादानी की वजह से सब हुआ या टीनएज की दीवानापन की ग़लती है.... अब पता नहीं आप के मान में किआ आया है भाई :डी

विक्रम भाई थैंक्स सो वैरी वैरी मच फॉर थिस लवली रिव्यु एंड डिटेल्ड कमैंट्स... सॉरी लेट रिप्लाई करने के लिए भाई बूत ी लव्ड आईटी वैरी ववर्य मच :हुग:
 
बहोत बहोत शुक्रिया विक्रम भाई

याद है एक दिन अभी ने श्वेता से कहा था के शादी वो नाह उस से नाह रूही से कभी करेगा क्यूंकि वो नवीन को दुःख नहीं देना चाहता? इसी लिए अभी खामोश था :डी

बेशक :डी

हाँ अभी ने तो यहाँ तक कहा था के मरने से पहले उस्सको डायरीज रूही तक पहुँचाना चाहिए एक दिन.... भरी बोझ था उसके लिए वो...

100 % अलग बात होती तब तो

राइट

आगे जो होगा आप को झटका लग सकता है भाई :डी

थैंक्स लोड्स विक्रम भाई
 
तेहि दिल से धन्यवाद विक्रम भाई रिव्यु के लिए

जीन चरक्टेर्स के बारे में आप ने मेंशन किया उनके रोल्स ज़्यादा तो है नहीं मगर लास्ट अपडेट में सबके बारे में कुछ नाह कुछ ज़रूर बताया जाएगा
 
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