Usski Gali Mein Jaana Chorr Diya - Page 26 - SexBaba
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Usski Gali Mein Jaana Chorr Diya

बहोत शुक्रिया भाई ररली आप लास्ट अपडेट तक रीच हो जाते हो... आज रीच हो गए लसतुपड़ाते तक.... हाँ पर आप का ओपिनियन बाकी है अभी :डी वैसे जो आ कहोगे शायद नवीन अभी को वही सब कहेगी ेरे ख़याल से :डी
 
अरे वह इंडियन भाई आप बी इतनी अछि रिव्यु लिख देते हो? वाओ

तेहि दिल से आप का शुक्रिया यार :हैप्पी:

आप का ओपिनियन से काफी हद तक एग्री करता हूँ इंडियन भाई
 
थैंक्स वैरी वैरी मच एमिटी डिअर.... ी लव्ड योर पॉइंट ऑफ़ व्यू...

थी लाइन्स अरे वैरी ब्यूटीफुल एंड ट्रू: ( लव मस्ट बे नुरतुरेद, मस्ट बे फेड. एंड लव फ्रॉम अभी एंड रूही वास् नॉट फेड एंड नुरतुरेद तहत इस व्हाई आईटी डीएड.)
 
अपडेट 78 नवीन अंसवेरस अभी

नवीन ने रूही के सारे रिलीज रीड किया. अभी नाहा कर वापस आया तब तक वो पढ़ रही थी तो अभी चला गया अपने स्टडी में.

कुछ देर बाद नवीन गयी उस्सको रूही के रिलीज लौटाने तो अभी ने पूछा,

“व्हाट दो यू थिंक? What’s योर ओपिनियन?”

नवीन: “ी हैवे नथिंग तो से रिगार्डिंग हेर अंसवेरस. आईटी कंसर्नस ओनली यू. ी दो नॉट हैवे तो इंटरफेरे इन थिस. व्हाट ी हैवे तो से इस रिगार्डिंग योर फीलिंग्स अबाउट हेर एंड थे लव यू हद फॉर हेर 25 इयर्स एगो, जैसे के आप ने कहा के अब आप के दिल में वो पुराण वाले प्यार का फीलिंग अब नहीं बाकी रहा.”

अभी बैठ गया और नवीन को बैठने को कहा और दिलचस्पी से उस्सको सुनने के लिए तैयार हुआ, अभी जानना चाहता था के नवीन को अब उसस्के फीलिंग्स के बारे में किआ कहना है. नवीन एक बहोत इंटेलीजेंट औरत थी, लेक्चरर थी और वो सही ओपिनियन दे सकती थी अभी ने सोचा इस लिए उस्सकी जवाब अभी के लिए इम्पोर्टेन्ट था.

नवीन ने पेहे अभी को मुस्कुराते हुए देखा और कहा,

“आप क्यों एक स्टूडेंट की तरह ऐसे बैठने लगे जैसे मुझे कोई लेक्चर देनी है अब?!”

अभी: “आरी लेक्चरर साहिबा, अभी मैं एक स्टूडेंट hi हूँ आप से लेसंस लेना है मुझे आप मुझे वो लेसन दो नाह मैं बेताब हूँ आप की रे जान्ने के लिए!”

नवीन ने हँस्ते हुए कहा,

“कुछ ख़ास नहीं कहना है मुझे, बुसस रूही के रिलीज रिगार्डिंग आप की डायरीज के जवाब में उस्सने आप को वो सब बता दिया जो आप जानना चाहते थे. आप को संतुष्टि प्राप्त हुए उस्सकी रिलीज पढ़ कर, क्यूंकि आप के दिल के अंदर एक ग़ुस्सा था उसके लिए, एक नाराज़गी थी इतने सालों से क्यूंकि जिस वक़्त उस्सको आप का सहारा बनना चाहिए था उस्सने आप को अकेला और तनहा चोरर दिया था… और अब जब आप ने पढ़ा के उस्सको तब आप के प्यार के बारे में यकीन हुआ तब आप जा चुके थे उस्सकी लाइफ से, इस से आप को ख़ुशी हुई क्यूंकि उस्सको पछतावा हुआ, यहाँ आप की जीत हुई और उस्सकी हार, तो आप को अपनी जीत पर ख़ुशी हुई है. रूही ने सब साफ़ साफ़ बता दिया आप को के जब आप चले गए जब उस्सने आप को खो दिया था तब उस्सको पछतावा हुआ, क्यूंकि उस्सको फॉरेन जाने और आमिर देश में घूमने की ज़्यादा ख्वाहिश थी आप के प्यार को उस्सने सेकेंडरी समझा था उस अमित के बदले, उन् सब का ग़ुस्सा था आप में और रूही की रिलीज पाकर आप को ाचा लगा के उस्सने वो नहीं पाया और नाह hi आप को पाया…. आप ने रूही से एक बदला लिया उस्सको अपनी डायरीज देकर, और जब आप को उस्का जवाब मिला तो आप का बदला पूरा हुआ क्यूंकि आप की जीत हुई रूही के रिलीज को पढ़ कर. रूही के रिलीज में सिर्फ उस्सकी मजबूरियां और उस्का पछतावा है…. जीन दिनों आप उस से प्यार करते थे वो आप से प्यार नहीं करती थी, थोड़ी बहोत अट्रैक्शन थी उस्सको आप से, आप ने किश वग़ैरा जब किया था उस्सको, उस्सको गले से लगाया था वो सब उसस्के लिए एक नया अनुभव था इस लिए शायद एन्जॉय कर रही थी क्यूंकि रियल लाइफ में उसकसो वो सब मौका नहीं मिला था कभी….

मेहबूब और अपनी माँ की कहने पर आप के क्लोज होने तो लगी थी, फिर भी प्यार का एहसास उस्सको तब हुआ जिस दिन आप उस्सकी चची के घर गए थे और श्वेता ने उस पर चिल्लाई थी… तब उस्सको लगा था के उस्सने किआ खोया जब एक बची को वो एहसास हो गया था और उस्सको नहीं….. आप की लव स्टोरी में प्यार आप का था, प्यार आप करते थे पागलों की तरह रूही से, तब प्यार करते थे जब वो आप के सामने थी, जब आप उस्सको देख रहे थे उस्सकी अदाओं से, उस्सकी जिस्म की कुशभू से, उसस्के बाल से उस्सकी मुस्कराहट से, उस से….. मगर रूही ने आप से कब प्यार किया? जब आप चले गए तब? तब आप कहाँ थे उसस्के पास? तो कौन सा प्यार किया उस्सने आप से? आप की परछाईं से? हँ? आप की यादों से? आप तो थे नहीं? आप को छह भी नहीं सकती? आप को फील भी नहीं कर सकती थी?

मगर जब आप उस से प्यार करते थे, आप उस्सको, उस्सकी वजूद को, उस्सकी जिस्म को उस्सकी हर एक चीज़ज़ से प्यार करते थे… इस लिए मेरे ख्याल से रूही का प्यार एक सपना जैसा था, असली नहीं था… एक ख्वाब था उस्का प्यार, आप का प्यार तब रियल था….. और आप को उसस्के, इन् रिलीज को पढ़ कर यह पता चल गया के वो आप से नहीं आप के परछाईं से प्यार करती रही 25 सालों तक आप से नहीं…. आप को पता चल गया के रूही ने आप के उस प्यार के नाम के सहारे से अपने पेरेंट्स से बदला लिया, आप के प्यार को ुटीलीसे किया रूही ने अपने माँ और मेहबूब और मनोज से बदला लेने के लिए…

आप समझ गए के रूही ने आप के प्यार को सिर्फ इस्तेमाल किया आप से सच में प्यार कभी किया hi नहीं…. आप का प्यार एक ज़रया था रूही के लिए अपने उस घुटन वाली लाइफ से निकलने के लिए, जब से उस्सने श्वेता को जनम दिया था तबसे लेकर आप के जाने तक रूही अपनी माँ और मेहबूब के निचे डब्बी रही… उस्सको उन् दिनों से बचने की और दूर भागने का कोई रास्ता hi नहीं मिला कभी, एक मौका मिला था वो थे आप और आप का प्यार…..

रूही इंटेलीजेंट है… श्वेता की माँ है, अगर श्वेता इतनी इंटेलीजेंट है तो उस्सकी माँ भी होगी नाह? रूही ने बड़ा गेम खेला आप के प्यार को इस्तेमाल करते हुए…. मगर उस्सको यह नहीं पता था के उस खेल में वो आप को कभी नहीं पाएगी, उस्सको पहले से hi पता था के उस्सने आप को खो दिया जिस दिन मनोज ने आप को घर से निकला था, तभी उस्सको वो सुनेहरा मौका मिक्ला अपनी भड़ास निकालने के लिए… वही सबसे बड़ा मौका था रूही के लिए आप के उस बेइज़्ज़त्ती की और आप के प्यार को इस्तेमाल करते हुए अपनी खुद की घुटन और दबाओ से निकलने की…. रूही ने वही किया….. अगर रूही को आप से सच्चा प्यार होता तो उस्सने आप को कांटेक्ट किया hota…ussne आप को एक फ़ोन तो किया होता फ़ोन लगने के बाद जबकि उस्सने डायरेक्टरी में आप का नाम देखा था, एक खत तो लिखा होता आप को उस्सने…..

मगर यह सब नहीं किया क्यूंकि एक तो आप को शकल दिखाने की हिम्मत नहीं थी यह उस्सने सही लिखा है, मगर यह नहीं लिखा के तब आप के साथ आजाती, शादी कर लेती आप से तो अपने घर में सबको वो उस तरह से इतने सालों तक डोमिनाते नहीं कर paati…..itne सालों तक उस्सने टिल टिल, पल पल, अपनी माँ से, मनोज से, मेहबूब से अपना बदला लिया….. सब आप की प्यार को इस्तेमाल करते हुए….. THAT’S आईटी! पीरियड!”

अभी हक्का बक्का रह गया और ज़ोर से सीथे बजाय pheeeeeeeeewwwwwwwwwww!!! और कहा,

“तहत वास् ा ग्रेट लेक्चर इनडीड लेक्चरर साहिबा पपपपफ्फफ्फ्फ्फ्फ़!!!”

नवीन छुप बैठ गयी अभी के एक्सप्रेशंस को देखते हुए के कहीं उस्सको बुरा तो नहीं लगा के उस्सने रूही के बारे में इतना कुछ कह दिया.

और अभी ने कहा,

“और मैं ने अपना भड़ास निकला आज उस से उस्सकी रिलीज और अपने डायरीज वापस लेकर नाह? मेरा भी भड़ास निकल गया वन्स जब उस्सको दिसृज दे दिया, वो सारे खट्टापन जो था इतने सालों से सब मिट गए जब उस्सने सब पढ़ लिया, जब मैं उस्सको यह बताने में कामयाब हुआ के मैं उसस्के लिए कितना कुछ झेला था कितना रोया था ेट्स… मुझे एहि सब पता कराना था उस्सको और आज सब कर दिया तो मेरा भी भड़ास निकल गया ऐसा hi है नाह?!”

नवीन: “मुझको तो ऐसा hi लग रहा है वार्ना आप यह नाह कहते के अब आप के दिल में उसस्के लिए वो पहले वाला फीलिंग्स बाकी नहीं रहे!”

अभी: “मैं तुम्हारे बातों में से इस बात से बिल्कुल सहमत हूँ के रूही ने अपनी फॅमिली वालों से बदला लेने के लिए मेरे प्यार और बेइज़त होने का फायदा उठाया, इस्तेमाल किया उस हालात को…. उस्सको बेहतरीन मौका मिल गया था अब उठने के लिए ऊपर जाने के लिए सबके नज़रों में ऊपर उठने के लिए वही मौका था रूही के लिए और उस्सने किआ खूब उसे किया उस दिन को, 5तह जनुअरी 1986 को, वह!! पॉलिटिक्स कर सकती थी रूही तो है नाह?!”

नवीन: “फुल पॉलिटिशियन है, होशियार है आप को ऑस्कर कहती रहती थी आप बहोत तेज़ हो, बहोत होशियार हो, शायद आप के hi पैंतरे इस्तेमाल किया उस्सने भी हहहहए!”

अभी: “सो? नाउ व्हाट?!”

नवीन: “मुझसे क्यों पूछ रहे हो आप? और हाँ आप को और इस लिए भी उसस्के लिए वो वाला प्यार नहीं फील हो रहा क्यूंकि आप के पास अब उस्सकी बेटी जो है… शामे गेन्स, शामे स्मेल व्हिच यू लव्ड सो मच, शामे बॉडी कर्व्स व्हिच यू ाडोरेड… यू हैवे हेर विथ यू फॉर पास्ट 7 इयर्स थें हाउ विल यू फील थे शामे फॉर रूही नाउ व्हेन शी इस ओल्डर एंड यू हैवे हेर यंगर वर्शन विथ यू टुडे? थिस इस ानोथेर ग्रेट रीज़न ी बिलीव! यू लकी मन अभी, माय लकी हस्बैंड….. इन फैक्ट यू अरे ा वैरी लकी पर्सन रियली यू अरे!! थिंक अबाउट आईटी, व्हेन यू लॉस्ट रूही यू गोत में, यू गोत थे गेराज बैक, यू गोत ग्रेट ऑफर्स फॉर योर जॉब, यू गोत लैंड फ्रॉम थे गोवत, यू गोत ऑफर्स फ्रॉम जापान, लटल्य यू गोत श्वेता…. ान यू अरे लकी तो हैवे में हु एग्री तहत यू गेट मैरिड तो श्वेता, एंड यू आल्सो गोत ा डॉटर…. अरे यू नॉट ा वैरी लकी पेपर्सों अभी??”

अभी उठ कर नवीन के पास गया उस्सको बड़े ज़ोर से बाहों में भर्रा और किश किया नवीन को, खूब प्यार किया उस्सको और दोनों एक दूसरे के बाहों में कैद रहे बहोत देर तक.

तो बे कॉन्टिनोएड…..
 


जाता हूँ भाई अपडेट पोस्ट करना था... कर दिया साला एडिटर काम hi नहीं कर रहा न पैराग्राफ्स है नाह कलर नाह बोल्ड कुछ काम नहीं कर रहा अब ऐसे hi चोरर्ण होगा अपडेट को!!
 
अपडेट 79 अभी टैक्स आल तो मीट रूही

अभी ने नवीन, श्वेता और अरुचि को अपने घर में मिल कर बात किये के वो सब रूही के यहाँ जा रहे हैं और उस से किआ बात करना है सबको. अरुचि को आराम से समझाया के रूही उस्सकी नानी है, श्वेता की माँ है वो. अरुचि बहोत कंफ्यूज हुई क्यूंकि वो जहाँ रहती थी, मतलब रूही की चची को hi अपनी नानी समझती थी इतने दिनों से. अभी, श्वेता और नवीन सब ने उस को अछि तरह से समझाया के कैसे रूही उस्सकी नानी है रियल में. बहोत मुश्किल हुआ अरुचि को समझाने के लिए. अब क्यूंकि तीन लोग मिल कर अरुचि को समझा रहे थे तो बच्ची के समझ में आगया के उस्सकी रियल नानी रूही है जिस से वो मिलने जा रही थी अभी के साथ.

अभी ने रूही को फ़ोन करके बता दिया था के वो सब आने वाले हैं.

उधर रूही ने महेश की वाइफ को बता दिया के कुछ मेहमान आने वाले थे सब को रिसीव करना था, तो वहां सब रेडी थे इन् सबको रिसीव करने के लिए.

और दिन के 3 बजे सब वहां पहुंचे. अभी ने कार पार्क किया और रूही, महेश की वाइफ और 3 बचे सब रेडी थे सबको रिसीव करने के लिए.

अंदर जाते hi श्वेता लिपट गयी अपनी माँ से और दोनों का रोना धोना शुरू हुआ….. श्वेता माफ़ी मांग रही थी अपनी माँ से कह रही थी के उस्सको बिल्कुल भी पता नहीं था जीन हालातों से वो गुज़री थी उस्सको बचाने के लिए, उस्सको अनाथालय में नहीं भेजने की बजाए उस्सको उस्सकी चची के यहाँ चोर्रा था, श्वेता ने यही कहा रट हुए रूही से,

“मैं आप से बहोत प्यार करती थी बचपन में मगर आप मुझसे दूर रहते थे, यहाँ जब भी आती थी तो आप मुझसे अलग हो जाते थे, मैं वो सब फील करती थी, मेरा मन रोटा था के आप मुझसे क्यों इतनी नफरत करती हो…. मुझे हर वो दिन याद है जब भी मैं आती थी तो आप कैसे रहते थे मुझसे…. सिर्फ जब अभी यहाँ काम करता था सिर्फ उन् दिनों आप मुझसे प्यार से मिले थे वार्ना हमेशा आप मुझसे दूरी रखते थे… जब मुझे पता चला के आप ने मुझको जनम दिया है तो मैं बहोत रोई थी यह सोच कर के आप मुझसे नफरत करते थे जब मैं आप के सामने आती थी… इस लिए लास्ट टाइम आप से झगड़ा करके चली गयी थी…. मैं ने सोचा मैं आप की ग़लती का नतीजा हूँ इस लिए आप मुझसे हमेशा नफरत करती रहोगी इसी लिए मैं ने सोच लिया के आप के सामने कभी नहीं आउंगी… मुझे माफ़ कार्डो माँ मुझे नहीं पता था आप ने किआ कुछ झेला था मेरे लिए, मुझको अभी ने सब बताया आप ने तो कभी वो सब नहीं बताया था मुझे!!”

रूही श्वेता के पीठ सहलाते हुए कहा,

“मैं कैसे बताती तुझसे उस दिन? तू कुछ सुनने के लिए तैयार hi नहीं थी, तू मुझे सुनाने आयी थी और सुना कर चली गयी मुझे तो बोलने का मौका hi नहीं दिया था तुमने श्वेतु? खैर अब जाने दो, अभी से पता चल गया सब कुछ नाह तुमको? मुझे कितनी ख़ुशी हो रही है तेरे गले लग कर मैं बता नहीं सकती ऋ….”

महेश की वाइफ ने अभी और रूही को बैठने को कहा और महेश के बचे बहोत जल्द अरुचि के फ्रेंड बन गए. चारों एक साथ आराम से मिल जल कर बातें कर रहे थे.

जब रूही ने अरुचि को गले से लगाया तो रट हुए कहा,

“आरी तू तो बिल्कुल अपनी मम्मी जैसी दिख रहे है ऋ, हे अभी श्वेता ऐसी hi नहीं दिखती थी जीन दिनों आप यहाँ काम करते थे, और आप ने उस्सको मेरी छोटी बेहेन समझता था?”

अभी ने हाँ में सर हिलाया…. तो बाद में अरुचि ने अभी के गॉड में बैठे हुए पूछा,

“आप मम्मी को तब से जानते हो जब मम्मी मेरी जितनी छोटी थी?”

अभी ने हँस्ते हुए हाँ कहा अरुचि को. तो अरुचि ने पूछा,

“तब आप कितने बड़े थे पापा?!”

अभी ने उस्सकी बात को टालते हुए कहा,

“तब मैं भी छोटा था स्वीटहार्ट!”

जब अरुचि ने अभी को “पापा” बुलाया तो वहां सनाटा छह गया. सब लोग खामोश हो गए अरुचि को अभी को पापा बुलाते हुए सुनकर. रूही बड़े बड़े आँखों से अरुचि, तो कभी श्वेता को तो कभी अभी को देखने लगी थी समझने की कोशिश करते हुए तब अभी ने कहा,

“एहि सरप्राइज देना था तुमको रूही….. मैं ने अरुचि को अडॉप्ट किया है यह अब मेरी बेटी है और मैं इस्सके पापा और नवीन इस्सकी बड़ी मम्मी!”

रूही के आँखें भर्र आये और बाँहों को खोल कर अभी को अपने बाहों में लेने को बुलाया, अभी ने नवीन के तरफ देखा और नवीन ने हाँ में सर हिलाया, मतलब अभी को रूही के बाहों में जाने की अनुमत्ती दिया नवीन ने!

अभी और रूही सबके सामने एक दूसरे के बाहों में थे और रूही ने अभी के गाल को चूमते हुए कहा,

“इतना बड़ा एहसान कर दिया मेरी फॅमिली पर आप ने अभी?” और तुरंत आहिस्ते से रूही ने अभी के कान में कहा,

“तो अब श्वेता को भी अपना hi लो नाह अभी, वो अकेली है, उस्सकी लाइफ भी संवर जाएगी….”

अभी बिल्कुल भी नहीं सोच रहा था के रूही के तरफ से भी यह बात सुनने को मिलेगा… नवीन ने तो कहा hi था अब रूही ने भी वही बात कह डाला, और अब अभी श्वेता को देखने लगा यह सोचते हुए के किआ उस्सको उस से शादी कर लेना चाहिए अरुचि की भलाई के लिए?

महेश की वाइफ ने सब को चाय और बिस्किट्स सर्वे किया. और तब नवीन गयी रूही के पास बैठने. उस से जब गले मिली तो अभी दोनों को ग़ौर से देख रहा था, और रूही की नज़र अभी पर थे.

जब नवीन रूही के पास बैठ गयी तो नवीन ने रूही से कहा,

“मैं पिछले 25 सालों से अभी से कहती आयी हूँ के अगर आप से कभी वो मिले तो मुझसे ज़रूर मिलवाये क्यूंकि मुझे आप को थैंक्स कहना है.”

रूही ने पहले अभी के तरफ देखा फिर नवीन से पूछा,

“मुझको थैंक्स कहना है? क्यों मैं ऐसा किआ कर दिया के आप को मुझे थैंक्स करनी है?!”

नवीन ने तब अभी और श्वेता के तरफ देखते हुए कहा,

“आप ने अभी को चोरर जो दिया तब नाह वो मुझको मिले, तो उस्सको चौररने के लिए थैंक्स कहना था आप को. अब आप ने एक हीरे को खोया उस्सको चोरर कर या नहीं यह आप जानों मगर मुझे अभी में एक अनमोल हीरा मिला जो आप को मिलना चाहिए था…. नाह आप उससे चोररटे, नाह वो आप के लिए वो सब लिखता डायरीज में, नाह मैं वो डायरीज पढ़ती और नाह मुझको अभी से प्यार होता…. उन् डायरीज को पढ़ कर मुझको दिख गया के अभी कैसा इंसान है, कितना प्यार भरा हुआ है उसस्के अंदर और आप ने उस प्यार को ठुकराया, तो मैं कैसे उस्सको खोने को एक्सेप्ट करती? तो आप का बहोत धन्यवाद उस्सको मेरे लिए चौररने के लिए 1986 में….”

रूही ने सर झुका लिया एक लव्ज़ भी नहीं कहा. श्वेता अभी को देख कर मुस्का रही थी.

कोई एक घंटे के बाद नवीन ने कहा,

“अभी उधर एक से साइड है नाह आप श्वेता और अरुचि को घुमा लाओ मुझे रूही से कुछ प्राइवेट बातें करनी है.”

सब को शॉक लगा यह सुन कर. खुद रूही को झटका लगा के क्यों अभी को बाहर जाने को कह रही है नवीन….. नवीन में लीडरशिप क्वालिटीज़ भी थे, जो अभी में भी था, मगर जब वाइफ बात करती है तो हस्बैंड का कहाँ चलता तो अभी ने एग्री किया और श्वेता और अरुचि को लेकर निकला, मगर महेश के तीनों बच्चों को भी साथ लगाया….. और सब उस ईस्ट वाले बीच पर कुछ टाइम स्पेंड करने गए…..

उधर रूही से किआ बात किया नवीन ने यह सब को बाद में पता चलेगा सही वक़्त आने पर.

जब सीसाइड से सब वापस आये तो अभी ने कुछ बात किये रूही से. अभी ने पूछा,

“एक बात पूछना था, उस दिन पूछना भूल गया था मैं. उस गौरव से किआ तुम्हारा फिर कोई कांटेक्ट हुआ था उन् दिनों? किआ उस्सको पता था के तुमने उसस्के बचे को जनम दिया था?!”

जवाब देने से पहले रूही ने कहा के वो श्वेता के सामने वो जवाद देगी, और उस वक़्त श्वेता महेश की वाइफ के साथ कुछ बातें कर रही थी अलग कमरे में, तो उस्सको और नवीन को भी बुलवाया रूही ने और गौरव के बारे में बताया.

रूही ने कहा,

“जब श्वेता यहाँ मुझसे मिलने आने लग गयी थी तो गौरव को पता चल गया था किसी तरह के वो उस्सकी बेटी है. पता नहीं किश ने उस से कहा, मैं ने तो अपनी प्रेगनेंसी के बारे में भी किसी को कभी पता चलने नहीं दिया था, मगर गौरव को कौन सब खबर देता था आज भी मुझको नहीं पता.

तो एक दिन गौरव आया था इस आँगन में शराब के नशे में धुत्त…. अभी वो आप के काम करने से बुसस कुछ महीने पहले hi हुआ था… और जीन दिनों आप यहाँ काम करते थे मुझे बहोत डर था के किसी दिन वो सबके सामने आकर कोई तमाशा नाह करे…. और वो आया भी था, आँगन में ारः था एक दिन वैसे hi नशे में जब आप यहाँ काम कर रहे थे और श्वेता आयी हुई थी आप के साथ खेल रही थी उसी दिन गौरव को देखा गया आँगन में, मैं रोड के पास तो माँ ने मेहबूब को भेजा था उस्सको भगाने के लिए….

उस से पहले एक दिन आया था बिल्कुल नशे में और माँ को बुलाया था, मैं निकली थी और उस्सको देख कर वापस अंदर चली गयी तो उस्सने माँ से कहा के उस्सको अपनी बेटी को देखना है. माँ ने उस से कहा के उस्सकी कोई बेटी नहीं है यहाँ…. मुझे पता नहीं उस्सको कैसे पता चल गया था… वो इतने नशे में था ने गिर्र रहा था हर बार फिर खुद खड़े होकर लड़खड़ाते जुबां से बात कर रहा था…. उस्सने कहा के हम कितना भी छुपाये एक दिन वो अपनी बेटी से ज़रूर मिलेगा… मेहबूब और मनोज ने उस्सको पाकर के यहाँ से वापस किया था…. और एक दिन मैं ने उस्सको दूकान के बरामदे पर नशे में धुत्त गिर्रा हुआ देखा था…. बिल्कुल बेड़वा हो गया था जवानी में hi… कुछ काम भी नहीं करता था पता नहीं कहाँ से उस्सको पिने के लिए पैसा मिलता था… रहता तो 20 कंस दूर है यहाँ से मगर पिने यहीं अत था हमारे इलाके में; सब यहाँ के लोग उस्सको जान गए थे, शराबी बेड़वा कहते थे सब उस्सको…..

और एक दिन पता चला के एक ट्रक के निचे आकर मर गया वो वैसे hi नशे की हालत में!!”

यह सुनकर अभी ने श्वेता के तरफ देखा, अभी ने सोचा श्वहिता को दुःख होगा मगर किसी को कुछ भी नहीं फील हुआ, नाह रूही को, नाह श्वेता को नाह किसी को भी. सब नार्मल थे गौरव के बारे में जान कर. मगर अभी का दिल दुक्खा, उस्सको समझ में आया के गौरव को कितना मैं हुआ होगा अपनी बेटी को देखने के लिए. रूही की माँ को गौरव को एक बार दो श्वेता का चेहरा देखा देना चाहिए था बेचारा सुकून से तो मरता!

तो बे कॉन्टिनोएड………..
 
अपडेट 80 नवीन टॉक्स तो अभी एंड श्वेता

रूही के यहाँ से सब निकले तो रास्ते में जाते वक़्त अभी अरुचि और श्वेता को पहले उनके घर चौररने वाला था मगर नवीन ने दोनों को अपने घर लेचलने को कहा और डिनर के बाद वापस दोनों को चौररने को कहा अभी से.

ऑफ़ कोर्स, अभी और नवीन सामने बैठे थे और श्वेता और अरुचि पीछे वाले सीट पर और रास्ते भर श्वेता अभी को rear-view मिरर में देखती गयी, बेशक अभी भी उस्सको बार बार देख रहा था तो हर बार नवीन आहिस्ते से उस से कहता,

“घर चल कर खूब देखना उस्सको अभी रास्ते पर नज़र रखो आप!!”

जब कार ने अभी के यार्ड में एंट्री लिया तो अरुचि ज़ोर से चिल्लाई,

“वूहू मेरा दूसरा घर याआआययययय! पापा मैं आज रात बड़ी मम्मी के पास सोऊंगी!”

तो नवीन ने कहा,

“यस डार्लिंग तुम मेरे पास hi रहना आज रात को!”

अभी: “व्हाट? मैं ने सोचा डिनर के बाद चौररने जाऊंगा दोनों को!”

नवीन: “अब बच्ची रहना चाहती है तो रह जाने दो दोनों को, उस रात की तरह आप उधर… समझे…!”

यह सुन कर कुछ शर्माते हुए श्वेता ने अभी को देखा दांतों में होंठ दबाते हुए.

जब कुछ देर बाद सब घर में दाखिल हो गए और अभी और श्वेता को मौका मिला अकेले बात करने को तो श्वेता ने कहा,

“देखा आप ने उस्सको सब पता है मुझको यकीन है; क्यों कहा के आप और मैं उधर??…. व्हाट दीद शी मैं? उस्सको सब पता है ी बेट और अब मुझे डर लगने लगा है, अभी आप अरुचि को रहने दो और मुझे वापस घर चोरर देना प्लीज…”

अभी: “अरे यार कूल नाह शी दीद नॉट मैं एनीथिंग, उस्का मतलब था के मैं उसस्के रूम में नहीं अलग रूम में रहूँगा, तुम क्यों फ़िक्र करने लगी हो…..”

और ठीक तभी नवीन ने अरुचि को एक गेम खेलने के लिए देकर अभी और श्वेता को लाउन्ज में बुलाया कुछ बात करने के लिए.

जब तीनों सोफे पर बैठे लाउन्ज में तो नवीन ने कहा,

“श्वेता, ी वांट यू तो मर्री अभी, ी हैवे आलरेडी टोल्ड थिस तो हिम एंड थिस विल बे गुड फॉर थे फ्यूचर रिगार्डिंग अरुचि.”

श्वेता का चेहरा लाल हो गया उस्सको गर्मी महसूस हुई और उस्सने ज़ोर से अभी का हाथ पाकर लिया, उस्का हाथ कांप रहा था क्यूंकि उस्सने बिल्कुल नहीं एक्सपेक्ट किया था के ऐसा कोई बात सुनने वाली थी वो! श्वेता अभी के चेहरे में सवाली नज़रों से देख रही थी क्यूंकि नवीन ने कहा के उस्सने इस बात को अभी से कर लिया था. फिर आहिस्ते से उस्सने अभी से पूछा,

“रियली आप को पता था यह बात?!”

मगर उस्सको नवीन ने जवाब दिया इस से पहले के अभी कुछ कहता.

“मुझे तुम दोनों के बारे में बहोत पहले से सब पता है श्वेता. आईटी विल बे ा क्लीन रिलेशनशिप िफ़ यू बोथ गेट मैरिड, तब अरुचि को कोई सवाल नहीं करना पड़ेगा जब वो बड़ी होगी तो. वो अभी को अपना पापा मानती है बचपन से hi, उस्सको अभी कुछ समझ में नहीं ारः है मगर जब एडल्ट होगी तब सेंकरों सवाल करेगी, तब नाह तुम्हारे पास नाह अभी के पास जवाब होगा उस्सको देने के लिए, तब किआ कहोगे उससे तुम दोनों के यू बोथ ओनली हैवे ान अफेयर? इस तहत राइट? फॉर में वेडिंग इस ा बेटर ऑप्शन तो कीप आईटी क्लीन एंड थे गर्ल विल क्नोव तहत यू बोथ अरे हस्बैंड एंड वाइफ…. यस, शी विल क्नोव तहत हेर फादर है तवो वाइव्स तहत इस नॉट बाद, शी विल अंडरस्टैंड व्हेन शी ग्रोव्स उप.”

श्वेता ने सर झुका लिया एक लव्ज़ भी नहीं बोल रही थी, मई बे गिलटी फील कर रही थी….. फिर नवीन समझ गयी के श्वेता किआ फील कर रही होगी तो वो उसस्के पास बैठने गयी और श्वेता को गले लगाया, तो श्वेता रोने लगी और नवीन से माफ़ी मांगने लगी. नवीन उसस्के सर सहलाते हुए कहा,

“आरी क्यों रो रही हो अब? मैं खुद तुमको अपना सौतन बना रही हूँ, मगर मेरे रूल्स होंगे जो तुम दोनों को रेस्पेक्ट करनी होगी एग्री?!”

श्वेता ने रट हुए कहा,

“आप जो भी कहो मैडम मुझे मंज़ूर है!”

तो नवीन ने कहा,

“अभी 4 दिन मेरे साथ रहेगा तो 3 दिन तुम्हारे साथ और अगले हफते में 4 दिन तुम्हारे साथ तो 3 दिन मेरे साथ… एक्सेप्शन्स हो सकते हैं अगर कोई त्यौहार होगी तो दोनों जगह एक hi बार आ या जा सकता है या वैसे ोक्सासिओंस पर हम सब एक साथ रह लेंगे एक hi घर में मतलब तुम हमारे यहाँ अजना….”

श्वेता ने धीमी आवाज़ में कहा,

“ी एग्री आल तहत यू विल से मैडम.”

तब नवीन ने कहा,

“इस शादी में अरुचि प्रेजेंट नहीं होगी, उस्सको कुछ दिन बाद शादी के पोटोस दिखाएंगे और कहेंगे के तुम दोनों की शादी बहोत पहले हो गयी थी….. यू गोत में बोथ ऑफ़ यू?!!”

अभी के बोलने का टाइम था तो उस्सने कहा,

“एंड व्हाट अबाउट रूही? यह उस्सकी बेटी है उस्सको पता नहीं चलेगा?!”

नवीन ने कहा,

“वो आप मुझ पर चोरर दीजिये, कुछ भी नहीं होगा और वो कुछ भी नहीं कहेगी.”

और श्वेता ने कहा,

“और मेरी वो मम्मी जहाँ रहती हूँ? उस्सको तो बताना पड़ेगा नाह?”

नवीन: “उस्सको तुम खुद बता देना के तुम अभी से शादी कर रही हो, कैन यू?!”

तब श्वेता ने हाँ में सर्र हिलाया मगर कहा,

“मगर बेहतर होता अगर कोई और उस्सको बताते तो….!”

तब नवीन ने अभी के तरफ देखते हुए पूछा,

“आप रूही की चची को बता सकते हो किआ?!”

अभी ने कहा के हाँ वो खुद बताने जाएगा उस्सको.

कुछ देर और नवीन ने दोनों से बात किये के किश तारिक़ को शादी होगी और बहोत लोग नहीं होंगे सिर्फ क्लोज ओनेस जैसे अभी का पूरा फॅमिली मेंबर्स, नवीन के तरफ से ज़्यादा लोग नहीं और श्वेता के फ्रेंड्स, कलगुएस, और क्लोज ओनेस…. रिलीजियस सेरेमनी के बाद एक छोटा सा रेसप्शन्स होगा, फोटोज लिए जयेह्गे और that’s आल. और नवीन ने दोनों को शादी की तैयारियां शुरू करने को कहा और चली गयी अरुचि के पास.

नवीन के जाते hi, श्वेता ने अभी से मुंह बनाते हुए कहा के उस्सको सब पता था मगर वो उस से छुपा रहा था… तो अभी ने उस से कहा के उसस्के लिए सब सरप्राइज रखना चाहता था…. श्वेता की ख़ुशी की इंतेहा नाह था, उस्सने बड़े ज़ोर से अभी को बाहों में भर लिया और कहा,

“आप मेरे हस्बैंड बनोंगे, ओह माय गॉड थिस इस ा ड्रीम के ट्रू, माय चाइल्डहुड ड्रीम…. कहीं मैं सपना तो नहीं देख रही हूँ? अभी पिंच में प्लीज…..”

अभी ने उस्सको सच में पिंच किया और ज़ोर से, तो श्वेता चिल्लाई और अभी को मारते हुए कहा,

“इतनी ज़ोर से पिंच करता है कोई किआ? देखो लाल निशाँ हो गया!”

अभी ने उस्सको प्यार से किश किया और कहा,

“ी हैवे लॉट्स तो दो नाउ, बिफोर ी मर्री यू, ी गेट तो बुय ा हाउस फॉर यू स्वीटहार्ट, यू विल बे माय विफिए नाउ बेबी हहहहए!!”

Shweta:”Abhi, रूही दी, ी मैं मम्मी को शॉक लगेगा हमारी वेडिंग से, don’t यू थिंक सो?”

अभी: “वो भी एहि चाहता है के मैं तुमको भी अपना लून!”

श्वेता: “व्हाट? यू अरे किडिंग नाह? प्लीज तेल्ल में!”

अभी: “अरे नॉट किडिंग उस्सने मुझसे खुद कहा जब मैं ने कहा के अरुचि को मैं ने अडॉप्ट कर लिया तो धीरे से मेरे कान में उस ने कहा के अब तुमको भी अपना लून तुम्हारी लाइफ सेटल हो जाएगी!”

श्वेता: “ओह no!! शी लव्ड यू नाह? हाउ वोउल्ड शी फील?”

अभी: “यू क्नोव श्वेता, थे ट्रुथ इस तहत शी नेवर लव्ड में…. और िफ़ शी लव्ड में आईटी वास् जस्ट फॉर ा फ्यू मोमेंट, थे मोमेंट्स ी किस्ड हेर थे डे शी वास् लीविंग में ों थे लास्ट डे ात वर्क तेरे, या जीन दिनों मैं उसस्के सामने था तब उसस्के दिल में मेरे लिए प्यार उभरे होंगे कुछ देर के लिए, मगर उसस्के दिल में कुछ और चल रहे थे उन् दिनों… उन् दिनों उस्सको फ्रांस जाना था, अमित के बारे में सोचती रहती थी, मैं छोटा था उसस्के लिए क्यूंकि उस्का दिमाग़ तब मेहबूब और उस्सकी माँ चलाती थी, रूही अपने दिमाग़ से नहीं चलती थी उन् दिनों….

मेरे तरफ अत्त्रक्ट हुई ज़रूर थी वो, मगर सच्चा प्यार मैं ने उस से किया था उस्सने मुझसे नहीं….. जिस दिन मैं उस घर से रुस्वा होकर निकला रूही ने बहोत इंटेलीगेंटलय उस मौके का फ़ायदा उठाया और अपने माँ से, मेहबूब से, और मनोज से बदला लिया…. उस्सको एक सुनेहरा मौका मिल गया था खुद को ऊपर उठाने के लिए क्यों के जबसे उस्सने तुमको जनम दिया था तब से वो दबी रही थी उस घर में एक ग़ुलाम बानी हुई थी और जो भी मेहबूब और उस्सकी माँ कहती थी रूही वही करती थी.

और हाँ तभी रूही को मेरे प्यार का भी एहसास हुआ, गहरी चोट लगी ज़रूर होगी उस्सको और मेरे जाने के बाद रीलीज़ किया होगा के उस्सने किआ खोया…. बूत आईटी वास् तू लेट ऐसा कहेंगे सब नाह? बूत आईटी वास् नॉट तू लेट…. अगर रूही मुझसे वो वाला प्यार करती जो मैं करता था तो मुझको वो कांटेक्ट कर सकती थी…. शी हद आल ऑप्शन तो कांटेक्ट में बूत शी दीद नॉट…… दो यू क्नोव व्हाई?

बिकॉज़ ऑफ़ शी कोन्टक्टेड में, तो मैं उस्सको वहां से शादी करके लेजाता और उस्का सपना पूरा नहीं होता…. उस्सको ज़बरदस्त बदला लेना था सबसे वहां पर जो उसस्के किया, उस्सने अपनी माँ की, मेहबूब की, मनोज का जीना हराम कर दिया, खुद भी पीसती रही और उन् सब को पीसती गयी पिछले 25 सालों में……

रूही का मकसद मुझे पाना नहीं था, उससे मकसद उन् सबको सबक सीखना था…. जो ग़लती उस्सने तीनगर में किया था उस्सकी जो सज़ा मिली थी उस्सको उस्सकी माँ और मेहबूब से 6 सालों तक डाब के रहना, ग़ुलाम की तरह ज़िन्दगी जीना वो सब भड़ास निकालना था रूही को इस लिए मेरे पास आने की बजाए वो वहीँ रही सब के लाइफ में आग लगाने के लिए जो उस्सने बाखूबी किया… ज़बरदस्त बदला लिया रूही ने सबसे….. मेरे लिए नहीं; अपनी खुद पर किये गए ज़ुल्मों का बदला लिए रूही ने सबसे वहां पर… यहाँ तक के उस्सकी नानी, मां, मामी जीन जीन लोगों ने उस्सक्को तुमको जनम देने के लिए दोषी ठहराए थे सब से बदला लिए रूही ने, और खुद की ज़िन्दगी भी बर्बाद किये उस्सने साथ साथ…. मगर उस्सको वो मंज़ूर था, खुद को जला कर दूसरों के साथ भी आग लगाया उस्सने एंड शी हद बीन सक्सेसफुल….. ी वास् जस्ट ा मैं फॉर हेर तो सक्सीड इन हेर ेण्डवॉर्स, माय लव फॉर हेर वास् ा ग्रेट मैं फॉर हेर तो दो आल तहत….. थे रियल लव फॉर में, शी इन फैक्ट नेवर हद….”

तो बे कॉन्टिनोएड….
 
अपडेट 81 वेडिंग प्रेपराशंस

दो हफ्ते थे शादी के तैयारियां के लिए. नवीन ने हॉल बुक कर लिए थे एक संडे के लिए और सब इंतज़ाम कर लिए गए थे रिलीजियस सेरेमनी के लिए भी, और उसस्के बाद हॉल में रिसेप्शन के लिए.

और अभी ने बुसस एक दिन ढूंढ़ने के बाद ऑनलाइन एक घर सेलेक्ट किया जिस्सको लगाया श्वेता को दिखाने के लिए. नया घर था एक हफ्ते पहले बन्न के तैयार हुआ था. एजेंसी वालों से बात हुई और अभी ने घर खरीद लिया. अभी के घर से बस 100 मेट्रेस की दूरी पर था. वहां भी स्विमिंग पूल था जहाँ अरुचि को स्विमिंग सिखाया जा सकता था.

घर को एक हफ्ते में hi फर्नीचर करा दिया अभी ने और तब नवीन को भी लगाया घर दिखाने को.

उसस्के बाद अभी गया रूही की चची के घर जहाँ 25 साल पहले गया था रूही के लिए आज गया श्वेता के लिए. चची बूढी हो गयी थी, और अभी इतना आमिर आदमी था के चची एक नौकरानी लग रही थी अभी के सामने. तुरंत चची ने हाँ किया क्यूंकि श्वेता ने सब पहले समझा दिया था उस्सकी उस मम्मी को. तो उस्सको इन्विते किया गया शादी में और श्वेता से अभी ने कहा के अपनी उस मम्मी को अपना नया घर खुद लेजा कर दिखा सकती है.

चची के सामने अरुचि ने ज़ोर से ‘पपायआ’ चिल्लाते हुए आकर अभी के गॉड में बैठ गयी बिल्कुल जैसे 25 साल पहले श्वेता आकर अभी के गॉड में बैठी थी जिस दिन अभी आया था उस घर में रूही को ढूंढ़ते हुए.

चची ने वो देख कर कहा,

“वो दिन याद आगया अभी जब आप रूही के लिए आये थे और यह मेरी श्वेता आकर आप के गॉड में ऐसे hi बैठी थी याद है आप को? मुझको वो नज़ारा दिख रहा है, आज इस्सकी बेटी बैठी है आप के गॉड में? श्वेता तभी से आप से बहोत प्यार करती थी, अगर आप ने पहला शादी नहीं किया होता तो इसी से आप की शादी हो जाती उस डॉक्टर की जगह!”

अभी ने सरकास्टिकल्ल्य कहा,

“हाँ और उस दिन रूही यहीं थी अंदर और आप ने मुझसे खोट कहा था के चली गई है इसी श्वेता जैसी बची के साथ आप ने झूट कहा था हाहाहा!”

अरुचि ने पूछा,

“पापा मम्मी आप के गॉड में ऐसे बैठी थी यहीं पर? वो कितनी छोटी थी तब?!”

अभी के साथ श्वेता और उस्सकी मम्मी ने भी हंस दिए अरुचि के बात को सुनकर….

यह हो गया तो प्रॉब्लम यह था के शादी के रोज़ अरुचि को कहाँ छोर्रा जायेगा?

अभी ने उस्का भी इंतज़ाम कर दिया. उस रोज़ अरुचि अभी के घर पर रहेगी अभी के सबसे पुराने, ईमानदार मुलाज़िम के साथ. वो बुज़ुर्ग आदमी था और अभी का बहोत वफादार था, उसी के साथ अरुचि को घर में चोर्रेगा अभी. अरुचि को समझा दिया गया के उस रोज़ सब लोग एक स्पेशल प्रोग्राम अटेंड करने जायेंगे जहाँ बच्ची अल्लोवेद नहीं है.

अभी गया तब नैना के घर. अभी के सारे भाई और बहनों की शादी हो गए थे, पिछले 25 सैलून में. सब के अलग अलग घर थे. अभी का बाप नहीं रहा मगर माँ अब भी थी और 78 साल की थी. अभी अक्सर जाया करता था उस से मिलने. वो लास्ट वाले बेटे के साथ रहती थी.

नैना के 3 बच्चे थे, 2 बेटियां और एक बीटा. बाकी सारे भाई और छोटी बेहेन के भी बचे थे. भाइयों में से दो भाई अभी के गेराज में hi काम करते थे. अल्लुमिमुईम सेक्शन में. दोनों सुपरविसोर्स थे – मगर अभी ने दोनों को पहले काम सिखाया था 3 सालों तक तब प्रमोट किया था अस सुपरविसोर्स.

अभी अपने फॅमिली का अच्छा ख्याल रखता था और किसी चीज़ की कमी नहीं होने देता था; नाह किसी भाई के घर में नाह बहनों के घर में. इन् सब में से एक बहोत क्लोज थी अभी के वो थी नैना की बड़ी बेटी जो और दो साल में 18 की होने वाली थी.. वो आया जाया करती थी अभी के घर, और नवीन के भी क्लोज थी. और हाल में उस्सकी दोस्ती अरुचि और श्वेता से भी हो गयी थी, और उसी के ज़रिए नैना को भी खबर मिल गया था के अभी दूसरी शादी करने वाला है.

जिस दिन अभी गया नैना को इन्विते करने तो नैना बहोत खुश थी और अपने भाई के गले लगते हुए कहा,

“वह भाई, यू डेसेर्वे आईटी…. आप तो 3 या 4 शादियां भी करो तो सही hi लगेगा क्यूंकि आप जितना आमिर हो गए हो इतने धन दौलत बांटना hi चाहिए कई घरो में हीहीहीहीही!”

किसी यूरोपियन ऑथर ने कहा था, इस वक़्त उस्का नाम याद नहीं, उस्सने कहा था के अगर हर आमिर आदमी के 4 या ज़्यादा बीवियां हो, और सबके सात 4 बचे तो दुन्या में ग़रीबों की संख्या घाट जाते. फनी है मगर गहराई से सोचा जाए तो सोच कर देखो, एक करोड़पति के अगर 4 पत्नियां हो और सबके साथ 4 बचे हो, तो 12 बचे आमिर होंगे, और फिर वो 12 बचे भी अपने बाप की तरह 4 पत्नियों से शादी करे और सब के वैसे hi 12 बचे हो तो कितने अमीरी बढ़ती जाएगी हाहाहाहाहा, फनी साउंड करता है मगर सच में कितनों का भला हो जाता वैसे.

नवीन ने अपने फॅमिली वालों में से किसी को नहीं बुलाया अपनी माँ के सिवा. क्यूंकि नवीन के फॅमिली में ज़्यादा कोई था hi नहीं एक उस बेहेन के इलावा नमिता जो कनाडा रहने चली गयी थी शादी के बाद.

हॉल बुक कर लिया गया और अभी ने डेकोरेशन वालों को भी हिरे कर लिए सब सही करने के लिए और कैटरिंग वालों से भी डील फाइनल कर ली गयी…..

रही बात रूही की तो जब अभी और श्वेता ने नवीन से रूही को भी बताने को कहा तब नवीन ने कहा के उस्सने सब संभाल लिया है रूही के बारे में कोई कुछ भी नहीं कहेगा, बुसस शादी के रोज़ वो हाज़िर होगी.

अभी और श्वेता को शॉक लगा यह सुनकर और अभी ने पूछा,

“व्हाट? दो यू मैं के उस्सको आलरेडी पता है के ी ऍम वेडिंग श्वेता? प्लीज तेल्ल में, हाउ? कैसे पता है उस्सको, किआ तुम उस से कांटेक्ट में हो?!”

नवीन ने अभी को जवाब देते हुए कहा,

“ी वांट तहत तो बे ा सरप्राइज फॉर बोथ ऑफ़ यू. Don’t वोर्री एवरीथिंग इस फाइन एंड विल बे फाइन.”

श्वेता ने पूछा,

“मगर वो कैसे आएगी यहाँ? उस्सको जगह का पता भी है? हु विल पुश हेर व्हीलचेयर ेट्स?!”

नवीन ने फिर कहा,

“अरे मैं ने कहा नाह के मैं ने सब संभाल लिया है….. सो स्टॉप वारयिंग अबाउट तहत यू बोथ गेट योरसेल्फ रेडी फॉर थे डे, एंड ी दो नॉट वांट एनीथिंग तो बे डिलेड एंड एवरीथिंग मस्ट बे पुनक्तुअल. ी वांट पुनक्तुअलिटी. एंड यस, अभी विल यू गिव ा स्पीच ों तहत डे इन थे हॉल? िफ़ यस दो प्रेपर योर वर्ड्स.”

अभी ने पूछा,

“किआ तुम स्पीच डौगी उस दिन?”

नवीन: “No ी विल नॉट, बूत समवन विल!”

तो बे कॉन्टिनोएड…..
 
भाई आप का इस थ्रेड पर तेहि दिल से स्वागत है.

मैं पिछले कई दिनों से आप के "लाइक्स" देखते आ रहा हूँ. जबसे आप ने पढ़ना शुरू किया और लिखे करना शुरू किया सब देखते ारः हूँ.

मगर मैं सोच रहा था के आप पढ़के लिखे कर रहे हो तो एक कमेंट क्यों नहीं कर रहे के अपडेट कैसा लगा पसंद आया के नहीं.

और आखिर आज आप ने एक रिव्यु दे दिया तो मुझे बहोत ख़ुशी हुई भाई.

आप का तेहि दिल से शुक्रिया. और किआ कहूं भाई, यह कहानी खुद मेरे दिल के बहोत करीब है. मैं ने और कई लव स्टोरीज लिखे हैं, मगर यह वाला मेरा सबसे ज़्यादा दिल के करीब है, क्यूंकि इस्को लिखत्ते वक़्त मैं खुद बहोत रोया हूँ. खुद को अभी बना कर लिखा है. रूही के पार्ट्स लिखते वक़्त खुद रूही के रूप में ढल कर लिखा है....

एनीवे दिल खुश हुआ मेरा के आप को कहानी पसंद आयी भाई. अब अंतिम पढ़ाओ पर है कहानी.

एन्ड तक ज़रूर पढ़ना रागे भाई और एक बार फिर आप का दिल की गहराई से बहोत बहोत धन्यवाद.
 
अपडेट 82 थे वेडिंग

हॉल में कोई 30 से 40 लोग थे सिर्फ. स्टेज पर दुल्हन की ड्रेस में श्वेता चमक रही थी, अपने उम्र से 15 साल और भी जवान दिख रही थी अउ खूबसूरती तो जान लेवा थी hi उस्सकी. उस्सकी मुस्कराहट और भी दिल धड़काने वाला था, और अभी कुछ कम नहीं दिख रहा था, कितने सारे जवान लड़कियों के दिल के धदखन था वो भी. वैरी हैंडसम गाए इनडीड.

अभी की बेहेन नैना ने एक छोटा सा स्पीच दिया दोनों को इंट्रोडस करते हुए और शुबकामनाएं देते हुए.

फिर कुछ देर सब नार्मल गुज़रा और गेट में एंट्री हुई रूही की. नवीन उस्सको पुश करते हुए स्टेज के तरफ ला रही थी. रूही वाइट ड्रेस में थी, चस्मा पहने हुए वो भी अछि तरह से ड्रेस्ड थी और अच्छी दिख रही थी. रूही, श्वेता और अरुचि तीनों के चेहरे क्लोसेली मिलते जुलते थे. अरुचि बड़ी होगी तो बिल्कुल श्वेता की तरह hi दिखेगी. और श्वेता के चेहरे में अभी रूही की वो झलक थे जो 25 साल पहले रूही में थी. अभी शायद इस वजह से भी श्वेता से ज़्यादा करीब हुआ था उसस्के जिस्म के खुशभू के इलावा.

रूही बहोत hi खुश दिख रही थी जैसे उसस्के दिल के सारे बोझ उतर गए थे, और अरमान पुरे हो गए थे.

स्टेज पर व्हीलचेयर को किया गया तो सबसे पहले रूही ने श्वेता को गले लगा कर उस्सको एक एनवलप में कुछ गिफ्ट दिया और शुबकामनाएं विश किये उसस्के दोनों गालों पर किश करते हुए... तब अभी के सीने से लग कर उस्सको भी एक एनवलप दिया और उस्सको भी गुड विशेष दिए और अभी के गालों पर किश किया.

फिर रूही को बिठाया गया दोनों वेडेड कपल के पास.

और कुछ देर बाद फॅमिली मेंबर्स में से एक एक करके सब अभी और श्वेता को विश करने और गिफ्ट देने गए; बहोत सारे पिक्स लिए गए और आखिर में नवीन ने माइक लिया और अन्नोउंस किया के रूही एक स्पीच देगी सेरेमनी को क्लोज करने के लिए.

नैना इंटरेस्ट से सुनने के लिए बैठी, रूही की व्हीलचेयर को फ्रंट में किया गया और माइक उसस्के हाथ में दिया गया.

रूही ने गाला साफ़ किया और मुस्कुराते हुए सॉरी कहा फिर मुड़कर श्वेता के तरफ इशारे करते हुए बोलना शुरू किया,

“यह मेरी एक लौटी बेटी है, श्वेता. जनम इस्को मैं ने दिया मगर पाला इस्को मेरी चची ने जो वहां बैठी है. आप सभों से मुआफी चाहती हूँ अगर मैं कुछ ज़्यादा बोलने लगी तो, मगर आज मुझे बोलना है, आज मेरी बारी है बोलने की, एक बहोत लम्बे आरसे तक मुझको खामोश किया गया, मुझसे बोलने का हक़ छिना गया था.

एक माँ से उस्सकी बची को कोई कभी किसी हाल में जुड़ा नाह करे यह मेरी आप सब से इल्तेजाः है आज. मुझको सिर्फ इस लिए मेरी बेटी से अलग किया गया क्यूंकि मैं एक बिन बियाही माँ थी. ुन्देरगे थी मैं जब इस्को जनम दिया था मैं ने और एक ुन्देरगे बची किआ कर सकती है, वही करना पड़ा जो मेरे माँ बाप और परिवार वालों ने डीडे किया, मेरा कोई सुनता कहाँ मुझको सिर्फ उँगलियाँ दिखाए जाते थे मुझको डब्बा कर रखा जाता था. मजबूर, लाचार, बेबस मैं खुद बच्ची थी और डब्बी रही सबके निचे. रोटी बिलक्ति रही अपनी बच्ची को सीने से लगाने के लिए मगर नहीं मुझको कहा गया के यह मेरा पाप है, मैं ने गन्दगी को जनम दिया था, मैं ने गुनाह किया था, मेरी गुनाह थी मेरी बेटी.

किसी और ने इस्को बाप का नाम दिया अपने नाम पर इस्को डिक्लेअर किया, मेरा तो कोई नाता hi नहीं था इस से….. मुझ पर किआ गुज़र रही थी किसी को कोई परवाह hi नहीं था. मेरा दम गहत रहा था, मैं छुप छुप कर रोटी रहती, गिला करती भी तो किश से, यह तो मेरी गुनाह थी, और गुनाह को छुपाया जाता है सबके सामने नहीं लाया जाता, इस लिए मुझसे इस्को छुपाया गया, दुन्या को पता नहीं चलने दिया के यह मेरी पैदाइश है.

और आज मुझे आप सब के सामने बताते हुए कितनी ख़ुशी हो रही है मुझे के यह मेरी बेटी है, आप सब, उम्मीद है समझ सकते हो…..”

हॉल में तालियां गूंजने लगे और श्वेता के आँख से आंसू जारी हुए….

रूही ने बोलना जारी रखा,

“जीन दिनों श्वेता 6/7 की हुई तो मेरी लाइफ में कोई आया. कोई ऐसा जिस को मैं ने सपनों में भी नहीं सोचा था क्यूंकि जबसे श्वेता को जनम दिया था तबसे मैं ने एप बारे में सोचना बांध कर दिया था क्यूंकि मेरे अपनों ने हमेशा कहा था के मेरे इस गुनाह की वजह से मैं ने अपनी ज़िन्दगी बर्बाद कर ली थी तो उम्र भर अकेली जीना था मुझे इस लिए मैं ने बिल्कुल सोचा hi नहीं था के कोई मुझसे प्यार भी कर सकता था कभी.

उस हैंडसम, डैशिंग लड़के के प्यार को भी मुझको ठुकराना पड़ा, और वही करना पड़ा जो मेरे घरवाले कह रहे थे करने को. उस लड़के के प्यार का इस्तेमाल करना सिखाया गया मुझे. उसस्के प्यार को एक्सेप्ट करने का दिल किया कई बार, कई बार मैं ने महसूस भी किया के वो लड़का सच में मुझसे प्यार करता था, फिर भी मैं उसस्के साथ खेलती रही, अपने भावनाओं को दबा कर मैं एक चूहे बिल्ली का खेल खेलती रही उसस्के साथ. वो अपने प्यार का वास्ता देता रहा और मैं उसस्के प्यार को रौंदती रही…. कई बार आँखों से आंसू भी चालक गए थे उसस्के प्यार को ठुकराते हुए, उस्सको चोररटे हुए, उस्सको खोते हुए….

मुझको एहसास तब हुआ के मुझको भी उस से प्यार हुआ जब यह, यह श्वेता जो सिर्फ 7 साल की थी, इसने मुझ में वो एहसास जगाया के उस लड़के का प्यार सच्चा है, असली है दिल से चाहता है मुझे…. यह 7 साल की उम्र में एक एडल्ट वाला फीलिंग और दिमाग़ राखत थी, यह बचपन से hi बड़ी सयानी थी….

और नसीब ने भी ऐसा खेल खेला के उस लड़के को जब मैं ने बताना चाहा के हाँ मैं बी अब उस से प्यार करने लगी हूँ तो कुछ ऐसा हुआ के उस्सको हमेशा के लिए खो दिया क्यूंकि मेरे घर पर जब वो आया मेरे हाथ मांगने शादी के लिए तो उस्सको धक्का देकर घर से निकला गया… और बात यह थी के मैं कुछ नहीं कर पायी….. नहीं. कुछ भी नहीं किया मैं ने उस्सको उस वक़्त उस हाल में छोर्र दिया… बाद में पता चला उस दिन को उस लड़के ने मरने की तमन्ना की थी…. मर जाता वो उस दिन, आज वो होता hi नहीं सब मेरी वजह से…. तो किआ मैं उस्सको डेसेर्वे करती थी? नहीं बिल्कुल भी नहीं…. मेरी वजह से जिस इंसान ने मरने की तमन्ना किया था उस फतेफुल 5तह जनुअरी 1987 को मैं कैसे उस्सको डेसेर्वे करती थी, हरगिज़ नहीं… तो मैं ने एक गेम खेला….. हाँ मैं ने एक ज़बरदस्त गेम शुरू किया उसी दिन को जिस दिन उस लड़के ने मेरे लिए मरने की तमन्ना किया था इधर मेरा गेम शुरू हुआ था….

मेरा गेम सिंपल था. मैं ने उस लड़के को खो दिया था उसी दिन, उसी पल इस्सके एहसास हो गया था मुझे के वो मुझको वापस मिलने से रहा. तो मुझे अब उठना था. मुझको अपनों से बदला लेना था. जीन लोगों ने मुझको दबा के रखा था 6 सालों तक. उन् सबके सामने अब उठने का मौका दिया था उस लड़के के प्यार ने मुझे. अगर वो लड़का मेरी ीफ़े में नहीं अत तो मैं शायद आज तक दबी hi रहती. तो उसी दिन को मैं ने उठने का फैसला किया और उठी मैं, ऐसी उठी एक तूफ़ान के जैसे, एक ज्वालामुखी फटता है जैसे वैसे उठी मैं उस रोज़. तबाही मचा दी मैं ने घर में और उन् सब के सामने सीना तान कर कड़ी हुई मैं.

मुझको पता चला और गहरा एहसास हुआ उसी दिन के मैं ने प्यार को खोकर खुदको उठाया. बल्कि कहना यूँ चाहिए के उस प्यार ने मुझको ताक़त दिया खुद को ऊपर उठाने में. और उस दिन के बाद आज तक मैं उठी रही, ऐसी उठी के व्हीलचेयर पर बैठ गयी.

अगर मैं चाहती तो तभी उस के प्यार के पास जा सकती थी, उस से कांटेक्ट करने का ज़रया था मेरे पास, मगर मैं नहीं गयी क्युके मुझको सबसे बदला लेना था, सबके लिए वहां एक काल बांके खड़ा रहना था, अगर मैं अपने प्यार के पास चली जाती तो मैं वो नहीं कर पाती जो पिछले 25 सालों में किया वहां रहकर. दिल के अंदर जो ख़ुशी हुई सबको मुझसे दररते हुए देख कर वो नहीं होता. अगर मैं अपने प्यार के पास चली जाती तो सब उन् लोगों से मिलकर रहना पड़ता, सब से तब मेरा प्यार भी जाता वापस मिलने और सब एक हो जाते जो मैं नहीं चाहती थी, उन् लोगों के साथ एक नहीं होना था मुझे इस लिए मैं ने अपने प्यार को कुर्बान किया उन् दरिंदों को सबक सीखाने के लिए.

और आज उस प्यार को खुश देख कर मुझे जो ख़ुशी मिल रही है मैं बयान नहीं कर सकती. उसस्के साथ वो आज बंधी हुई है जिस्सको मैं ने सीने से लगा कर रखना चाहा था मगर वो भी नहीं कर पायी थी उन् दरिंदों के वजह से. और मेरे दो तरफ के प्यार एक साथ बांध रहे हैं इस से ज़्यादा ख़ुशी मुझे आज तक नहीं मिली मुझे लाइफ में. दोनों तरफ से मेरा प्यार है, एक अभी के तरफ से एक श्वेता के तरफ से. दोनों मेरे हैं और आज मेरे शुबकामनाएं दिल के अंदर से उन् दोनों के लिए पेश करती हूँ.

जिस ख़ुशी को मैं पा नाह सकीय, जिस ख़ुशी और प्यार को मैं ने ठुकराया अपनों से बदला लेने के लिए आज वो प्यार अपनी बेटी के पास जाते हुए देख कर कितनी ख़ुशी होती है यह एक माँ के दिल से पूछना पड़ेगा. हाँ मैं ने जान बुझ कर अपने प्यार को ठुकराया था, उस्का प्यार तो सच्चा था, पाक था, दिल की गहरायी से था, मगर मेरा मैं स्टेबल नहीं था जिस वक़्त उस्का प्यार चट्टान की तरह मज़बूत और सिर्फ मेरे लिए था…. तो मेरा प्यार उसस्के प्यार के आगे एक शुन्य के बराबर था, खुद को उस्सकी प्यार के काबिल समझती hi नहीं थी मैं इसी लिए ठुकराना और दूर रहना बेहतर था मेरे लिए. हाँ बहोत दुःख, ग़म और आंसू दिए थे मैं ने अपने प्यार को, इस्सके एहसास था मुझे, मगर यह भी पता था के मेरा प्यार कितना स्ट्रांग इंसान का प्यार था , पता था वो मैनेज कर लेगा मेरे बिना…. रात दिन उसस्के लिए दुआएं करती रहती थी के उस्का भला हो हमेशा, वो तार्राकी करे और असम्मान की बुलंदियों को छुवे…. दुआवें क़ुबूल हुए और वो ऊपर पहुंचा जिस्सको देख कर मैं इतना खुश हुई के लगा मैं खुद ऊपर उड़ने लगी उसस्के तैराकी के साथ… और उस्सकी तर्रक्की ने मुझे और बहुत ज़्यादा मज़बूत किया और अपनों के मुंह पर ज़ोरदार तमाचा मारने का मौका भी मिला. जितना मेरा प्यार उभरता गया जितना वो आसमान के बुलंदियों को छूटा गया उतना ज़ोरदार मेरा तमाचा बनता गया उन् दरिंदों के लिए…

आज मैं बहोत खुश हूँ….. बेहद खुश….. नवीन जी का आभारी हूँ उस्सने मुझसे सच और सही बात बोलने की बिनती किये मेरे घर आकर उस रोज़ इस लिए आज मौका hi ऐसा है के मुझे सब सच बताना पड़ा… अभी और श्वेता को कोई ग़लत फैमि नाह हो के मुझसे कोई देगा किया या मुझको दुःख हुआ, नाह….. उल्टा तुम दोनों ने मुझे ज़िन्दगी भर की खुशियां दे दिए आज. जीते रहो दोनों, हमेशा खुश रहो, फूलो फलो. आप सब का बहोत धन्यवाद. थैंक्स, आल ऑफ़ यू फॉर बेअरिंग माय बोरिंग स्पीच. थैंक्स आल.”

तो बे कॉन्टिनोएड….
 
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