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- Dec 5, 2013
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अब तक...
तभी वेटर उनका आर्डर लेके आ जाता है,
वेटर : सर! Ma'am! योर आर्डर!
नेहा खुश होक शेक को स्ट्रॉ से पीती है और उसकी तारीफ करने लगती है, लकी बस घर घर के अजीब सी स्माइल कर के नेहा को hi देखे जा रहा था.
नेहा अभी कुछ बोल hi रही थी की थोड़ी देरर बाद hi बोलते बोलते उसकी आँखों के सामने धुंदलापन्न छाने लगता है और वो धुंदला पत्र कब अन्धेरेपनं में तब्दील हो जाता है, उससे पता hi नहीं चलता.
अब आगे...
इधर नेहा को बेहोश होते देख लकी के चेहरे पर एक बड़ी सी मुस्कान आ जाती है. वो वेटर को टिप देता है, वेटर भी खुश होक टिप में कई हज़ार के नोट अपनी जेब में भर लेता है. उसका काम hi सिर्फ इतना था की ड्रिंक में वो बेहोशी की दवा मिला के नेहा को दे और जो उसने बड़ी hi चतुराई से कर दिया. दरअसल, ये कैफ़े लकी की पहचान का hi था, यहाँ के ओनर से लेकर वेटर्स तक सभी की अच्छी खासी पहचान थी लकी से, क्युकी लकी ने इनको कैफ़े का एरिया जो दिलवाया था, और तोह और अल्कोहल वगैरह के सारे सप्लाइज लकी की hi दूकान से होते थे.
मैं hi मैं मुस्कुराते हुए लकी ने नेहा को उठाया और कैफ़े की पार्किंग में कड़ी एक कार में ले जाके पीछे वाली सीट पर लिटा दिया. आज फाइनली वो दिन आ hi गया, आज लकी इतना खुश था, उसकी ख़ुशी का कोई ठिकाना hi नहीं था. उसने पहले से hi कार यहाँ लाकर कड़ी कर राखी थी, फुल प्लांड आईडिया के साथ वो सब कुछ करने वाला था.
उसने अपनी बाइक को वही रहने दिया और कार को पार्किंग से निकाल कर अपने अड्डे की और चल दिया. ये अड्डा बिलकुल वैसा hi था जब वो और रोहित मिलकर ऋचा को किडनैप कर के एक बार लाए थे. शामे तो शामे वैसा hi अड्डा था बस लोकेशन चेंज्ड थी. पिछले अड्डा तोह राहुल ने बर्बाद कर दिया था पर इस बार लकी को राहुल का कोई डर नहीं था.
वो आराम से अपनी गाडी को अड्डे की और ले जा रहा था, उससे किसी बात की कोई जल्दी नहीं थी, क्युकी नेहा तोह अब उसकी hi थी. लकी ने शायद ध्यान नहीं दिया पर उसकी कार के पीछे hi एक और कार चल रही थी. लकी तोह जैसे किसी और चीज़ पर ध्यान hi नहीं दे रहा था. वो नेहा को देखता, और फिर सामने रोड को, और फिर मैं में आगे के होने वाले प्यार भरे सीन्स को इमेजिन करता. कैसे वो नेहा के कपडे उतारेगा, कैसे नेहा हेल्प के लिए चिल्लाएगी, कैसे वो उसके साथ सम्भोग करेगा, और फिर उससे समझा बुझा कर या दर्रा धमका कर अपनी बना लेगा.
कुछ hi देरर में एक सुनसान सी रोड पर एक दूकान की शटर थी. लकी ने वह गाडी रोकी शटर खोली, तोह अंदर लक्ज़री सोफे, टीवी, एक, दारु का स्टॉक, खाने पीने का सामान, वाशरूम सब कुछ था. मानो की छोटा सा लक्ज़री घर हो. उसने अपने आस पास देखा तोह उससे कोई दिखाई नहीं दिया, फिर उसने नेहा को उठा के दूकान के अंदर किया और सोफे पर लिटा दिया.
उसने सबसे पहले नेहा को बाँधने की सोची, और यहाँ पर hi उस से सबसे बड़ी भूल हो गयी.

नेहा को बाँध कर वो शटर को अंदर से लॉक करने गया और शटर नीचे खींच कर उसने लॉक भी कर दिया.
भले hi लकी एक बुरा काम करने जा रहा था पर उसकी नज़र में ये बोहत hi इम्पोर्टेन्ट काम था और वो सब कुछ अच्छे से करना चाहता था. लकी सबसे पहले खुद को नाहा धो के साफ़ किया ताकि सेक्स के वक़्त उसकी प्रेमिका को उनकंफर्टबले फील न हो. उसने अच्छे से ब्रश किया ताकि किश करते वक़्त उसके मुँह से गंध न आए. वो ऐसे प्रिटेंड कर रहा था जैसे आज उसकी सुहाग रात है.
यहाँ तक की उसने नेहा के लिए गिफ्ट भी प्रेपर कर रखा था, एक सोने की अंगूठी. उसने सोच लिया था एक बार नेहा को छोड़ने के बाद उससे वो मन लेगा और यदि नेहा नहीं मानी तोह उससे दर्रा धमका के अपनी बना लेगा. वो नेहा को पाने के लिए किसी भी हद्द तक जाने तैयार था.
जब लकी फ्रेश होक नए कपडे पहन के आया तोह उसने देखा की नेहा कितनी प्यारी लग रही है. वो आगे बढ़ा और उसके गाल सहलाने लगा.
पर जैसे उसके ऐसा करते hi नेहा को होश आ गया, उससे बेहोश हुए काफी देरर जो हो चुकी थी, और वेटर ने भी काम मात्रा में बेहोशी की दवा मिलायी थी. लकी चाहता था की वो जब सेक्स करे तोह नेहा जाएगी हुई हो.
नेहा (आँखें खोलते हुए) : mein...ye कहा है?
लकी : वेलकम नेहा! माय डार्लिंग!!
नेहा : लू.. लकी??
नेहा जब हिलने डुलने की कोशिश करती है तोह पाती है की उसके हाथ परर बंधे हुए है, और उससे समझने में देरर नहीं लगती, वो चारो तरफ नज़रे घुमाती है और जब उससे अपरिचित जगह दिखाई देती है तोह वो सूरे हो जाती है की लकी ने hi सब किया है.
नेहा (जोरर से) : कुत्ते!! कहा लाया है मुझे? चोरर मुझे...
लकी : अरे चिल नेहा... चिल! आज तुम और में इस प्यार के बंधन में बांध जाएंगे. देखो मेने तुम्हारे लिए गिफ्ट भी प्रेपर कर लिया है,
लकी अपनी जेब से सोने की अंगूठी निकाल के दिखाता है, तोह नेहा की आँखें नम्म हो जाती है, ख़ुशी के कारण नहीं बल्कि डर के कारण.
निकिता सही थी. लकी वाक़ई एक बेशरम लड़का और गुंडा है. पर अब पछताने से क्या फायदा जब चिड़िया चुग गयी खेत...
"Bachaaoo...koi ही???? हेल्प!!!" नेहा रट रट अपनी पूरी चीख के साथ गुहार लगा रही थी की कोई तोह आए और उससे बचा ले.
लकी : घबराती क्यों हो डार्लिंग? अब तोह तुम मेरी हो! अब हम साथ रहेंगे. तुम्हे तोह खुश होना चाहिए!
कहते हुए लकी ने नेहा के गाल सहलाना शुरू कर दिए,
नेहा (रट हुए) : चोरर मुझे हरामखोर!!! हाथ मत लगाना मुझे, चोरर मुझे... कोई ही???
पर उसकी हर्र एक चींख गूंज कर जैसे सन्नाटे में गम हो गयी. आज नेहा को अपनी ज़िन्दगी का शायद सबसे बड़ा पछतावा हो रहा था की उसने अपनी बेस्ट फ्रेंड की बात नहीं सुनी. कभी कभी आपका वरकॉन्फिडेन्स आपको ले डूबता है. ये सबसे सही उदाहरण था इस वाकया को समझाने के लिए. जब आपका भला चाहने वाला व्यक्ति आपको किसी चीज़ या व्यक्ति से दूर रहने के लिए कह रहा हो तोह हमे उसकी बात पर ज़रूर ध्यान देना चाहिए पर यही पर तोह नेहा ने गलती कर दी और अब मैडम जी अपने hi किये का फल भुगत रही थी.
आसुओ से बेचारी नेहा का पूरा चेहरा भीग चूका था, वो खुद को छुड़ाने की कोशिश करती रही पर सब कोशिश नाकामयाब रही. जब उसकी लाख चीखो का भी जवाब नहीं आया तोह उसने चीखना बंद कर दिया और रस्सी खोलने पर ध्यान लगाने लगी, पर कोई फायदा नहीं हो रहा था.
लकी बस उससे निहार रहा था, नेहा की गालिया सुनता, उसकी रोने की आवाज़ उससे और उकसा रही थी, वो उसके गाल सहलाता, हाथ सहलाता, और फिर उसने एकदम से अपनी टी शर्ट उतार दी और आगे बढ़ने लगा...
लकी की नंगी छाती देख नेहा सेहम सी गयी, जैसे उससे आभास हो गया की अब उसके साथ बोहत hi बुरा होने वाला है और अब वो किसी को भी मुँह दिखाने के लायक नहीं रहेगी.
आज पहली बार वो अपनी लाइफ में इतना दर्री थी, उसके दिमाग में निकिता की वार्निंग घूम रही थी.
काश, काश उसने निकिता की बात मान ली होती तोह अभी वो एकदम सुरक्षित होती.
जैसे hi लकी उसके कपडे उतारने के लिए आगे हुआ नेहा की मुँह से एक चींख निकली,
"भैयाआआआआ......"
जिससे सुनकर लकी की आँखें फटी की फटी रह गयी और उसके गुस्से का पारा और भी बढ़ गया.
पर नेहा को तोह जैसे होश hi नहीं था की उसने किसे पुकारा अभी अभी...
"Bhaiiii...bachao...help में...."
लकी (गुस्से में) : क्या कहा साली तूने? रंडी की बच्ची...
इस से पहले की लकी आगे बढ़ कर कुछ गलत करता उसकी गर्दन पर एक ज़ोरदार वार किसी ने किया और लकी उधर hi ों थे स्पॉट बेहोश हो गया.
लकी के नीचे गिरते hi नेहा ने अपनी आँखें खोली तोह पाया की एक सुन्दर सी लड़की और करीब 50 साल की उम्र का एक व्यक्ति उसके सामने खड़े है.
थोड़ी देरर यही अचंभित भाव से देखने के बाद उससे जैसे कुछ याद आया तोह उसने कहा,
"Aap...aap तोह उस दिन... एयरपोर्ट पर"
"हां! तुमने सही कहा! I'm मोनिका!", मोनिका ने नेहा की रस्सी खोलते हुए कहा.
नेहा ने मोनिका को राहुल के शहर चोरर कर जाते टाइम देखा था, जब वो राहुल से मिलने आयी थी.
नेहा : आप यहाँ? मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा है...
मोनिका : कुछ समझने की ज़रुरत नहीं है, बस इतना ध्यान रखो की हमने तुम्हारी मदद की है, तुमको वापस से घर पर भेज देंगे और इस लकी की चिंता तुम मत करो इससे हम देख लेंगे.
नेहा : थैंक यू! थैंक यू सो मच!!! यदि आप नहीं आते तोह न जाने मेरा क्या होता...
भीमा : इसमें थैंक यू की क्या जर्रोरत नेहा बिटिया... अब राहुल बाबू ने कहा था तोह हमको तोह आना hi था.
इतना सुनते hi जैसे नेहा की ाँहें फटी की फटी रह जाती है, और साथ में hi मोनिका भी घूर घूर के भीमा को देखने लगती है
भीमा (मैं में) : ू तेरई! ी का कह दिया हमने... राहुल बाबू मन करे थे कुछ भी बताने को, अब वो हमका नहीं चोररेंगे... माफ़ करना राहुल बाबू. गलती हो गयी!
नेहा : k..kya कहा आपने?
भीमा : कुछ नहीं बिटिया, hum...hum कह रहे थे की इस लकी की टेंशन आप मत लो, इससे हम देख लेंगे.
नेहा : नहीं... अपने अभी अभी राहुल बाबू करके कुछ कहा. मेने अच्छे से सुना है, और राहुल बाबू से आपका मतलब मेरे भाई से था.. है न? बताइये मुझे... अभी...!!
मोनिका (गहरी सास लेकर) : हां! तुम्हारे hi भाई ने हमको यहाँ आने कहा था.
नेहा (शॉकेड) : व्हाट?? नहीं!! ये सब क्या चल रहा है? वो तोह दूसरे शहर में है, उससे कैसे..?
मोनिका : देखो! वैसे तोह ये सब तुम्हे बताने से मन किया था उसने पर अब भीमा अंकल के मुँह से गलती से निकल गया और अब इससे छुपाने का कोई फायदा नहीं है
भीमा (सर झुका कर) : माफ़ करना मोनिका बिटिया... वो हमसे एकदम से निकल गया, ध्यान में नहीं था...
मोनिका : it's okay भीमा अंकल! कोई बात नहीं है. अब जो हो गया सो हो गया. में राहुल से माफ़ी मांग लुंगी.
भीमा : नहीं बिटिया. आप काहे को माफ़ी मांगोगी. माफ़ी तोह हम मांगेगे...
नेहा : क्या मतलब?
मोनिका : मतलब ये की.... तुम्हारे hi भाई ने तुम्हे बचाया है
नेहा : *शॉकेड*
मोनिका : तुम्हारे कॉलेज से निकलने के बाद, तुम्हारी बेस्ट फ्रेंड ने राहुल को कॉल करके सब कुछ बताया था, और फिर राहुल ने हमे. इसलिए तुम्हे इतनी आसानी से ढूंढ भी लिया और बचा भी लिया क्युकी हमे सब पता था की तुम किधर हो, किसके साथ हो.
नेहा तोह जैसे सब कुछ सुन्न ने के बाद उसका दिमाग काम करना hi बंद कर दिया. वो बस फटी आँखों से मोनिका की बातें सुनी जा रही थी.

मोनिका : ये लकी इतना बेवक़ूफ़ था, इसने तुम्हे अंदर लाने के बाद शटर बंद hi नहीं करि, उतनी देरर में हम दोनों अंदर आ गए थे. ये तुम्हे बाँधने में लगा हुआ था. पुअर किध! ः!
नेहा : ye...ye सब कुछ झूठ है. वो बास्टर्ड.. वो मेरी मदद कभी नहीं कर सकता. He's ा लिएर्. ज़रूर... ज़रूर कोई गेम खेल रहा होगा वो... मुझे फिरसे मुसीबत में डालना चाह रहा है वह.
अभी नेहा और बुरा भला कहती राहुल के बारे में, उस से पहले hi मोनिका उसकी कालर पकड़ लेती है और आँखों में आँखें दाल के कहती है,
"बोहत सुन्न ली तुम्हारी बकवास! उसकी बहिन हो इसलिए में कुछ नहीं कर रही, वर्ण अभी तक किसी और ने उसकी बुराई की होती न तोह उससे वही धो डालती"
कहते हुए वो नेहा को चोरर देती है और नेहा अचंभित सी कड़ी होक देखने लगती है,
मोनिका : तुम खुद से hi ये सवाल क्यों नहीं पूछती??
नेहा : ????
मोनिका : यदि इतना hi हेट करती हो उससे, तोह अभी कुछ देरर पहले "भैया" कहकर क्यों पुकार रही थी उससे?
ये वाकया तोह जैसे किसी कहकर की तरह नेहा के दिल पर जा कर लगा और वो वही जम्म सी गयी.

मोनिका : बोलो न? क्यों अपने भैया को याद कर रही थी? मुसीबत आयी तोह भैया याद आ गए? वाह!!! जब आदमी किसी मुसीबत में होता है तोह उपरवाले को याद करता है, या उससे याद करता है जिसपर उससे अटल विश्वाश हो. तोह क्या में ये समझू की तुम्हे अपने भैया पे अटल विश्वाश था की वो तुम्हे बचा लेगा...
इनफैक्ट उसने बचा भी लिया. ः!
नेहा : n...nahi... नहीं!! ये झूठ है!!
मोनिका : I'm सॉरी डिअर! बूत यही सच है.
नेहा अपना सर पकड़ के चिल्लाते हुए रोने लगती है, उसकी समझ में नहीं आ रहा था की वो क्या करे.
मोनिका : यहाँ जो भी हुआ है, उसके बारे में तुम किसी से कुछ नहीं कहोगी, ख़ास कर अपने घरवालों से. तुम्हे घबराने की ज़रुरत नहीं है. इससे हम देख लेंगे. अहिंदा से ये तुम्हे कभी परेशां नहीं करेगा.
मोनिका नेहा को कार में बैठा के उसके घर चोरर आती है, और भीमा और बेहोश पड़े लकी को लेके वह से निकल जाती है.
घर आते hi नेहा से निशा कई सवाल पूछती है की इतना लेट क्यों आयी और उसकी स्कूटी कहा पर है? तोह नेहा बदले में कह देती है की वो अपने दोस्त की b'day पार्टी में गयी थी और उसकी स्कूटी वही रह गयी, कल जाके ले आएगी.
मोनिका ने उससे पहले hi बता दिया था की स्कूटी की चिंता वो ना करे, अगले दिन स्कूटी वही पे उससे मिल जाएगी.
अपने बिस्तर पर लेती हुई नेहा कुछ शान पहले की हुई घटना के बारे में सोचे जा रही थी, लकी का चेहरा उसके सामने आते hi उसका शरीर में सिहरन दौड़ गयी, कितना डर गयी थी वह. और फिर वो पल जब उसने भैया कह कर चिल्लाया था और फिर मोनिका की बातें. क्या सच में मोनिका ने जो कहा सच था? क्या सच में नेहा को अभी भी राहुल पे अटल विश्वाश था? या फिर कुछ और? सोचते सोचते वो कब नींद की वादियों में चली गयी उससे पता hi नहीं चला.
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आज के लिए इतना hi दोस्तों!
अगले अपडेट में आपको नेहा की पूरी स्टोरी सामने देखने को मिलेगी. मतलब वो हेट क्यों करती है, अगले अपडेट में आपको फ्लैशबैक देखने को मिलेगा जिसमे आपको नेहा का अतीत उसके पर्सपेक्टिव से दिखाया जाएगा.
धन्यवाद्!
अब तक...
तभी वेटर उनका आर्डर लेके आ जाता है,
वेटर : सर! Ma'am! योर आर्डर!
नेहा खुश होक शेक को स्ट्रॉ से पीती है और उसकी तारीफ करने लगती है, लकी बस घर घर के अजीब सी स्माइल कर के नेहा को hi देखे जा रहा था.
नेहा अभी कुछ बोल hi रही थी की थोड़ी देरर बाद hi बोलते बोलते उसकी आँखों के सामने धुंदलापन्न छाने लगता है और वो धुंदला पत्र कब अन्धेरेपनं में तब्दील हो जाता है, उससे पता hi नहीं चलता.
अब आगे...
इधर नेहा को बेहोश होते देख लकी के चेहरे पर एक बड़ी सी मुस्कान आ जाती है. वो वेटर को टिप देता है, वेटर भी खुश होक टिप में कई हज़ार के नोट अपनी जेब में भर लेता है. उसका काम hi सिर्फ इतना था की ड्रिंक में वो बेहोशी की दवा मिला के नेहा को दे और जो उसने बड़ी hi चतुराई से कर दिया. दरअसल, ये कैफ़े लकी की पहचान का hi था, यहाँ के ओनर से लेकर वेटर्स तक सभी की अच्छी खासी पहचान थी लकी से, क्युकी लकी ने इनको कैफ़े का एरिया जो दिलवाया था, और तोह और अल्कोहल वगैरह के सारे सप्लाइज लकी की hi दूकान से होते थे.
मैं hi मैं मुस्कुराते हुए लकी ने नेहा को उठाया और कैफ़े की पार्किंग में कड़ी एक कार में ले जाके पीछे वाली सीट पर लिटा दिया. आज फाइनली वो दिन आ hi गया, आज लकी इतना खुश था, उसकी ख़ुशी का कोई ठिकाना hi नहीं था. उसने पहले से hi कार यहाँ लाकर कड़ी कर राखी थी, फुल प्लांड आईडिया के साथ वो सब कुछ करने वाला था.
उसने अपनी बाइक को वही रहने दिया और कार को पार्किंग से निकाल कर अपने अड्डे की और चल दिया. ये अड्डा बिलकुल वैसा hi था जब वो और रोहित मिलकर ऋचा को किडनैप कर के एक बार लाए थे. शामे तो शामे वैसा hi अड्डा था बस लोकेशन चेंज्ड थी. पिछले अड्डा तोह राहुल ने बर्बाद कर दिया था पर इस बार लकी को राहुल का कोई डर नहीं था.
वो आराम से अपनी गाडी को अड्डे की और ले जा रहा था, उससे किसी बात की कोई जल्दी नहीं थी, क्युकी नेहा तोह अब उसकी hi थी. लकी ने शायद ध्यान नहीं दिया पर उसकी कार के पीछे hi एक और कार चल रही थी. लकी तोह जैसे किसी और चीज़ पर ध्यान hi नहीं दे रहा था. वो नेहा को देखता, और फिर सामने रोड को, और फिर मैं में आगे के होने वाले प्यार भरे सीन्स को इमेजिन करता. कैसे वो नेहा के कपडे उतारेगा, कैसे नेहा हेल्प के लिए चिल्लाएगी, कैसे वो उसके साथ सम्भोग करेगा, और फिर उससे समझा बुझा कर या दर्रा धमका कर अपनी बना लेगा.
कुछ hi देरर में एक सुनसान सी रोड पर एक दूकान की शटर थी. लकी ने वह गाडी रोकी शटर खोली, तोह अंदर लक्ज़री सोफे, टीवी, एक, दारु का स्टॉक, खाने पीने का सामान, वाशरूम सब कुछ था. मानो की छोटा सा लक्ज़री घर हो. उसने अपने आस पास देखा तोह उससे कोई दिखाई नहीं दिया, फिर उसने नेहा को उठा के दूकान के अंदर किया और सोफे पर लिटा दिया.
उसने सबसे पहले नेहा को बाँधने की सोची, और यहाँ पर hi उस से सबसे बड़ी भूल हो गयी.

नेहा को बाँध कर वो शटर को अंदर से लॉक करने गया और शटर नीचे खींच कर उसने लॉक भी कर दिया.
भले hi लकी एक बुरा काम करने जा रहा था पर उसकी नज़र में ये बोहत hi इम्पोर्टेन्ट काम था और वो सब कुछ अच्छे से करना चाहता था. लकी सबसे पहले खुद को नाहा धो के साफ़ किया ताकि सेक्स के वक़्त उसकी प्रेमिका को उनकंफर्टबले फील न हो. उसने अच्छे से ब्रश किया ताकि किश करते वक़्त उसके मुँह से गंध न आए. वो ऐसे प्रिटेंड कर रहा था जैसे आज उसकी सुहाग रात है.
यहाँ तक की उसने नेहा के लिए गिफ्ट भी प्रेपर कर रखा था, एक सोने की अंगूठी. उसने सोच लिया था एक बार नेहा को छोड़ने के बाद उससे वो मन लेगा और यदि नेहा नहीं मानी तोह उससे दर्रा धमका के अपनी बना लेगा. वो नेहा को पाने के लिए किसी भी हद्द तक जाने तैयार था.
जब लकी फ्रेश होक नए कपडे पहन के आया तोह उसने देखा की नेहा कितनी प्यारी लग रही है. वो आगे बढ़ा और उसके गाल सहलाने लगा.
पर जैसे उसके ऐसा करते hi नेहा को होश आ गया, उससे बेहोश हुए काफी देरर जो हो चुकी थी, और वेटर ने भी काम मात्रा में बेहोशी की दवा मिलायी थी. लकी चाहता था की वो जब सेक्स करे तोह नेहा जाएगी हुई हो.
नेहा (आँखें खोलते हुए) : mein...ye कहा है?
लकी : वेलकम नेहा! माय डार्लिंग!!
नेहा : लू.. लकी??
नेहा जब हिलने डुलने की कोशिश करती है तोह पाती है की उसके हाथ परर बंधे हुए है, और उससे समझने में देरर नहीं लगती, वो चारो तरफ नज़रे घुमाती है और जब उससे अपरिचित जगह दिखाई देती है तोह वो सूरे हो जाती है की लकी ने hi सब किया है.
नेहा (जोरर से) : कुत्ते!! कहा लाया है मुझे? चोरर मुझे...
लकी : अरे चिल नेहा... चिल! आज तुम और में इस प्यार के बंधन में बांध जाएंगे. देखो मेने तुम्हारे लिए गिफ्ट भी प्रेपर कर लिया है,
लकी अपनी जेब से सोने की अंगूठी निकाल के दिखाता है, तोह नेहा की आँखें नम्म हो जाती है, ख़ुशी के कारण नहीं बल्कि डर के कारण.
निकिता सही थी. लकी वाक़ई एक बेशरम लड़का और गुंडा है. पर अब पछताने से क्या फायदा जब चिड़िया चुग गयी खेत...
"Bachaaoo...koi ही???? हेल्प!!!" नेहा रट रट अपनी पूरी चीख के साथ गुहार लगा रही थी की कोई तोह आए और उससे बचा ले.
लकी : घबराती क्यों हो डार्लिंग? अब तोह तुम मेरी हो! अब हम साथ रहेंगे. तुम्हे तोह खुश होना चाहिए!
कहते हुए लकी ने नेहा के गाल सहलाना शुरू कर दिए,
नेहा (रट हुए) : चोरर मुझे हरामखोर!!! हाथ मत लगाना मुझे, चोरर मुझे... कोई ही???
पर उसकी हर्र एक चींख गूंज कर जैसे सन्नाटे में गम हो गयी. आज नेहा को अपनी ज़िन्दगी का शायद सबसे बड़ा पछतावा हो रहा था की उसने अपनी बेस्ट फ्रेंड की बात नहीं सुनी. कभी कभी आपका वरकॉन्फिडेन्स आपको ले डूबता है. ये सबसे सही उदाहरण था इस वाकया को समझाने के लिए. जब आपका भला चाहने वाला व्यक्ति आपको किसी चीज़ या व्यक्ति से दूर रहने के लिए कह रहा हो तोह हमे उसकी बात पर ज़रूर ध्यान देना चाहिए पर यही पर तोह नेहा ने गलती कर दी और अब मैडम जी अपने hi किये का फल भुगत रही थी.
आसुओ से बेचारी नेहा का पूरा चेहरा भीग चूका था, वो खुद को छुड़ाने की कोशिश करती रही पर सब कोशिश नाकामयाब रही. जब उसकी लाख चीखो का भी जवाब नहीं आया तोह उसने चीखना बंद कर दिया और रस्सी खोलने पर ध्यान लगाने लगी, पर कोई फायदा नहीं हो रहा था.
लकी बस उससे निहार रहा था, नेहा की गालिया सुनता, उसकी रोने की आवाज़ उससे और उकसा रही थी, वो उसके गाल सहलाता, हाथ सहलाता, और फिर उसने एकदम से अपनी टी शर्ट उतार दी और आगे बढ़ने लगा...
लकी की नंगी छाती देख नेहा सेहम सी गयी, जैसे उससे आभास हो गया की अब उसके साथ बोहत hi बुरा होने वाला है और अब वो किसी को भी मुँह दिखाने के लायक नहीं रहेगी.
आज पहली बार वो अपनी लाइफ में इतना दर्री थी, उसके दिमाग में निकिता की वार्निंग घूम रही थी.
काश, काश उसने निकिता की बात मान ली होती तोह अभी वो एकदम सुरक्षित होती.
जैसे hi लकी उसके कपडे उतारने के लिए आगे हुआ नेहा की मुँह से एक चींख निकली,
"भैयाआआआआ......"
जिससे सुनकर लकी की आँखें फटी की फटी रह गयी और उसके गुस्से का पारा और भी बढ़ गया.
पर नेहा को तोह जैसे होश hi नहीं था की उसने किसे पुकारा अभी अभी...
"Bhaiiii...bachao...help में...."
लकी (गुस्से में) : क्या कहा साली तूने? रंडी की बच्ची...
इस से पहले की लकी आगे बढ़ कर कुछ गलत करता उसकी गर्दन पर एक ज़ोरदार वार किसी ने किया और लकी उधर hi ों थे स्पॉट बेहोश हो गया.
लकी के नीचे गिरते hi नेहा ने अपनी आँखें खोली तोह पाया की एक सुन्दर सी लड़की और करीब 50 साल की उम्र का एक व्यक्ति उसके सामने खड़े है.
थोड़ी देरर यही अचंभित भाव से देखने के बाद उससे जैसे कुछ याद आया तोह उसने कहा,
"Aap...aap तोह उस दिन... एयरपोर्ट पर"
"हां! तुमने सही कहा! I'm मोनिका!", मोनिका ने नेहा की रस्सी खोलते हुए कहा.
नेहा ने मोनिका को राहुल के शहर चोरर कर जाते टाइम देखा था, जब वो राहुल से मिलने आयी थी.
नेहा : आप यहाँ? मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा है...
मोनिका : कुछ समझने की ज़रुरत नहीं है, बस इतना ध्यान रखो की हमने तुम्हारी मदद की है, तुमको वापस से घर पर भेज देंगे और इस लकी की चिंता तुम मत करो इससे हम देख लेंगे.
नेहा : थैंक यू! थैंक यू सो मच!!! यदि आप नहीं आते तोह न जाने मेरा क्या होता...
भीमा : इसमें थैंक यू की क्या जर्रोरत नेहा बिटिया... अब राहुल बाबू ने कहा था तोह हमको तोह आना hi था.
इतना सुनते hi जैसे नेहा की ाँहें फटी की फटी रह जाती है, और साथ में hi मोनिका भी घूर घूर के भीमा को देखने लगती है
भीमा (मैं में) : ू तेरई! ी का कह दिया हमने... राहुल बाबू मन करे थे कुछ भी बताने को, अब वो हमका नहीं चोररेंगे... माफ़ करना राहुल बाबू. गलती हो गयी!
नेहा : k..kya कहा आपने?
भीमा : कुछ नहीं बिटिया, hum...hum कह रहे थे की इस लकी की टेंशन आप मत लो, इससे हम देख लेंगे.
नेहा : नहीं... अपने अभी अभी राहुल बाबू करके कुछ कहा. मेने अच्छे से सुना है, और राहुल बाबू से आपका मतलब मेरे भाई से था.. है न? बताइये मुझे... अभी...!!
मोनिका (गहरी सास लेकर) : हां! तुम्हारे hi भाई ने हमको यहाँ आने कहा था.
नेहा (शॉकेड) : व्हाट?? नहीं!! ये सब क्या चल रहा है? वो तोह दूसरे शहर में है, उससे कैसे..?
मोनिका : देखो! वैसे तोह ये सब तुम्हे बताने से मन किया था उसने पर अब भीमा अंकल के मुँह से गलती से निकल गया और अब इससे छुपाने का कोई फायदा नहीं है
भीमा (सर झुका कर) : माफ़ करना मोनिका बिटिया... वो हमसे एकदम से निकल गया, ध्यान में नहीं था...
मोनिका : it's okay भीमा अंकल! कोई बात नहीं है. अब जो हो गया सो हो गया. में राहुल से माफ़ी मांग लुंगी.
भीमा : नहीं बिटिया. आप काहे को माफ़ी मांगोगी. माफ़ी तोह हम मांगेगे...
नेहा : क्या मतलब?
मोनिका : मतलब ये की.... तुम्हारे hi भाई ने तुम्हे बचाया है
नेहा : *शॉकेड*
मोनिका : तुम्हारे कॉलेज से निकलने के बाद, तुम्हारी बेस्ट फ्रेंड ने राहुल को कॉल करके सब कुछ बताया था, और फिर राहुल ने हमे. इसलिए तुम्हे इतनी आसानी से ढूंढ भी लिया और बचा भी लिया क्युकी हमे सब पता था की तुम किधर हो, किसके साथ हो.
नेहा तोह जैसे सब कुछ सुन्न ने के बाद उसका दिमाग काम करना hi बंद कर दिया. वो बस फटी आँखों से मोनिका की बातें सुनी जा रही थी.

मोनिका : ये लकी इतना बेवक़ूफ़ था, इसने तुम्हे अंदर लाने के बाद शटर बंद hi नहीं करि, उतनी देरर में हम दोनों अंदर आ गए थे. ये तुम्हे बाँधने में लगा हुआ था. पुअर किध! ः!
नेहा : ye...ye सब कुछ झूठ है. वो बास्टर्ड.. वो मेरी मदद कभी नहीं कर सकता. He's ा लिएर्. ज़रूर... ज़रूर कोई गेम खेल रहा होगा वो... मुझे फिरसे मुसीबत में डालना चाह रहा है वह.
अभी नेहा और बुरा भला कहती राहुल के बारे में, उस से पहले hi मोनिका उसकी कालर पकड़ लेती है और आँखों में आँखें दाल के कहती है,
"बोहत सुन्न ली तुम्हारी बकवास! उसकी बहिन हो इसलिए में कुछ नहीं कर रही, वर्ण अभी तक किसी और ने उसकी बुराई की होती न तोह उससे वही धो डालती"
कहते हुए वो नेहा को चोरर देती है और नेहा अचंभित सी कड़ी होक देखने लगती है,
मोनिका : तुम खुद से hi ये सवाल क्यों नहीं पूछती??
नेहा : ????
मोनिका : यदि इतना hi हेट करती हो उससे, तोह अभी कुछ देरर पहले "भैया" कहकर क्यों पुकार रही थी उससे?
ये वाकया तोह जैसे किसी कहकर की तरह नेहा के दिल पर जा कर लगा और वो वही जम्म सी गयी.

मोनिका : बोलो न? क्यों अपने भैया को याद कर रही थी? मुसीबत आयी तोह भैया याद आ गए? वाह!!! जब आदमी किसी मुसीबत में होता है तोह उपरवाले को याद करता है, या उससे याद करता है जिसपर उससे अटल विश्वाश हो. तोह क्या में ये समझू की तुम्हे अपने भैया पे अटल विश्वाश था की वो तुम्हे बचा लेगा...
इनफैक्ट उसने बचा भी लिया. ः!
नेहा : n...nahi... नहीं!! ये झूठ है!!
मोनिका : I'm सॉरी डिअर! बूत यही सच है.
नेहा अपना सर पकड़ के चिल्लाते हुए रोने लगती है, उसकी समझ में नहीं आ रहा था की वो क्या करे.
मोनिका : यहाँ जो भी हुआ है, उसके बारे में तुम किसी से कुछ नहीं कहोगी, ख़ास कर अपने घरवालों से. तुम्हे घबराने की ज़रुरत नहीं है. इससे हम देख लेंगे. अहिंदा से ये तुम्हे कभी परेशां नहीं करेगा.
मोनिका नेहा को कार में बैठा के उसके घर चोरर आती है, और भीमा और बेहोश पड़े लकी को लेके वह से निकल जाती है.
घर आते hi नेहा से निशा कई सवाल पूछती है की इतना लेट क्यों आयी और उसकी स्कूटी कहा पर है? तोह नेहा बदले में कह देती है की वो अपने दोस्त की b'day पार्टी में गयी थी और उसकी स्कूटी वही रह गयी, कल जाके ले आएगी.
मोनिका ने उससे पहले hi बता दिया था की स्कूटी की चिंता वो ना करे, अगले दिन स्कूटी वही पे उससे मिल जाएगी.
अपने बिस्तर पर लेती हुई नेहा कुछ शान पहले की हुई घटना के बारे में सोचे जा रही थी, लकी का चेहरा उसके सामने आते hi उसका शरीर में सिहरन दौड़ गयी, कितना डर गयी थी वह. और फिर वो पल जब उसने भैया कह कर चिल्लाया था और फिर मोनिका की बातें. क्या सच में मोनिका ने जो कहा सच था? क्या सच में नेहा को अभी भी राहुल पे अटल विश्वाश था? या फिर कुछ और? सोचते सोचते वो कब नींद की वादियों में चली गयी उससे पता hi नहीं चला.
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आज के लिए इतना hi दोस्तों!
अगले अपडेट में आपको नेहा की पूरी स्टोरी सामने देखने को मिलेगी. मतलब वो हेट क्यों करती है, अगले अपडेट में आपको फ्लैशबैक देखने को मिलेगा जिसमे आपको नेहा का अतीत उसके पर्सपेक्टिव से दिखाया जाएगा.
धन्यवाद्!


