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चूसने लगी और निचे माय उसकी छूट के ऊपर लुंड को रगड़ने लगा और रनो भी अपनी गांड को थोड़ा उठा रही थी लेकिन माय उसके ऊपर होने से वो अपनी ताकत नहीं लगा प् रही थी इधर थोड़ी देर बाद मेरा मुसार तित हो गया तो माय बिना देखे hi अपना मुसार आगे बढ़ता तो उसकी फूली हुई छूट की छेद के मेरा मुसार का सूपड़ा उसकी छूट की होंठो को फैलते हुए मेरा सूपड़ा घुस गया और रनो का पूरा मु खुल गया दर्द से और हम दोनों का किश भी ख़तम हो गया तभी गेट पे कोई खत खतने लगा तो रनो मेरी तरफ देख के गुस्से से कही ये ेरी बहने भी भी मुझे प्यार नहीं करने देगी इधर माय एक और धक्का मारा जिससे मेरा आधा 8..
इंच तक जा घुसा तो रनो अह्हह्ह्ह्ह मर गई भैया रुक जाओ लगता है कोई बहार ह तभी पीर से गेट खत खतया तो माय अपने लुंड को रनो की छूट से निकला तो उसकी छूट से ढेर सारा पानी निकला जिसे देख के माय रनो से क्या बात है बहुत जल्दी जहर गई तो रनो मस्ती में कितने महीने बाद आपका गया है तो मेरी मुनिया उलटी करेगी hi न ये कहके उठी और अपने कपडे ठीक की इधर माय अपना पंत पहन लिया लेकिन चैन बंद hi नहीं हो रहा था तो रनो मुस्कुराते हुए जल्दी करे माय जा रही हु खोलने तो माय किसी तरह अपनी चैन बंद किया और रनो गेट खोली तो उसकी बहन मीरा क्या कर रही थी इतनी देर से और समीर भैया की बुलेट कड़ी है वो ए..
है क्या तो रनो है ए ह और माय उनके लिए सरबत बना रही थी तभी इतनी लेट हो गई ये सुनते hi मीरा दौड़ के जहा माय चार पाई पे लेता हुआ था वह ै और मुझे देख के मीरा मेरे ऊपर चढ़ के बैठने लगी तो रानी अरे कहा छड़ी जा रही है भैया को लग जायगी तो मीरा को कहा फर्क पड़ने वाला था वो तो मेरे ऊपर लेट hi गई और माय आंख को खोला तो उसका मुस्कुराता हुआ चेहरा देख के उठा और अब वो मेरे गॉड मुहसे लिपटी हुई बैठ थी पीर माय रानी की तरफ देख कुछ कपडे लाया हु तुम लोगो के लिए और मुझे टाइम hi नहीं मिल प् रहा था यहाँ आने का और अब गाओ में पावर बहुत जल्दी आने वाला है..
और रोड भी पक्की करवा रहा हु ये सुन के मीरा भइया कोई बात नहीं लेकिन आप तो मिलने तो आ hi गए आज यही रुकने का मूड है न और माय जाने नहीं दूंगी तो माय कहा सुन मीरा मुझे तुमसे hi काम था तो मीरा सीरियस होते हुए बोलै है बोलिये न तो मैं कहा कल से तू मेरे घर पे रुकेगी और वही नाजिया भाभी के साथ सोयगी और उनक लिए खाना बानगी एक हफ्ते के लिए क्युकी सहना बहुत जिद कर रही है सिटी जाने के लिए और एलिज़ा आयशा और दोनों बहुये भी इस लिए तू भाभी का ख्याल रख लेगी न तो मीरा खुस होते हुए इसमें पूछने वाली क्या बात है भैया आप बस आदेश करे माय पहुंच जाउंगी..
माय कहा कल सुबह hi आ जाना तो मीरा ठीक है भैया और रनो तुम लोगो को भी जाना हो तो चली जाना क्युकी भाभी अकेली hi रहेंगी तो तुम लोग उनका कंपनी दे देना तो रानी रनो दोनों बोली भैया हम लोग सुबह चले जायँगे और मीरा रात में वह रुक जायगी तो मैं कहा ये ठीक रहेगा और मीरा माय चलता हु कल सुबह आ जाना और ये कह के जाने लगा तो मुझे याद आया तो माय अपने जेब से 20 हज़ार निकल के मीरा के हाँथ में देते हुए कहा ये रख लो घर के खर्चे के लिए और भी जरुरत हो तो हवेली आके भाभी से कभी भी मांग लेना माय यहाँ नहीं रहूँगा तो तो मीरा खुस होते हुए आप ने इतना कहा वही मेरे लिए बहुत है भैया.,
इंच तक जा घुसा तो रनो अह्हह्ह्ह्ह मर गई भैया रुक जाओ लगता है कोई बहार ह तभी पीर से गेट खत खतया तो माय अपने लुंड को रनो की छूट से निकला तो उसकी छूट से ढेर सारा पानी निकला जिसे देख के माय रनो से क्या बात है बहुत जल्दी जहर गई तो रनो मस्ती में कितने महीने बाद आपका गया है तो मेरी मुनिया उलटी करेगी hi न ये कहके उठी और अपने कपडे ठीक की इधर माय अपना पंत पहन लिया लेकिन चैन बंद hi नहीं हो रहा था तो रनो मुस्कुराते हुए जल्दी करे माय जा रही हु खोलने तो माय किसी तरह अपनी चैन बंद किया और रनो गेट खोली तो उसकी बहन मीरा क्या कर रही थी इतनी देर से और समीर भैया की बुलेट कड़ी है वो ए..
है क्या तो रनो है ए ह और माय उनके लिए सरबत बना रही थी तभी इतनी लेट हो गई ये सुनते hi मीरा दौड़ के जहा माय चार पाई पे लेता हुआ था वह ै और मुझे देख के मीरा मेरे ऊपर चढ़ के बैठने लगी तो रानी अरे कहा छड़ी जा रही है भैया को लग जायगी तो मीरा को कहा फर्क पड़ने वाला था वो तो मेरे ऊपर लेट hi गई और माय आंख को खोला तो उसका मुस्कुराता हुआ चेहरा देख के उठा और अब वो मेरे गॉड मुहसे लिपटी हुई बैठ थी पीर माय रानी की तरफ देख कुछ कपडे लाया हु तुम लोगो के लिए और मुझे टाइम hi नहीं मिल प् रहा था यहाँ आने का और अब गाओ में पावर बहुत जल्दी आने वाला है..
और रोड भी पक्की करवा रहा हु ये सुन के मीरा भइया कोई बात नहीं लेकिन आप तो मिलने तो आ hi गए आज यही रुकने का मूड है न और माय जाने नहीं दूंगी तो माय कहा सुन मीरा मुझे तुमसे hi काम था तो मीरा सीरियस होते हुए बोलै है बोलिये न तो मैं कहा कल से तू मेरे घर पे रुकेगी और वही नाजिया भाभी के साथ सोयगी और उनक लिए खाना बानगी एक हफ्ते के लिए क्युकी सहना बहुत जिद कर रही है सिटी जाने के लिए और एलिज़ा आयशा और दोनों बहुये भी इस लिए तू भाभी का ख्याल रख लेगी न तो मीरा खुस होते हुए इसमें पूछने वाली क्या बात है भैया आप बस आदेश करे माय पहुंच जाउंगी..
माय कहा कल सुबह hi आ जाना तो मीरा ठीक है भैया और रनो तुम लोगो को भी जाना हो तो चली जाना क्युकी भाभी अकेली hi रहेंगी तो तुम लोग उनका कंपनी दे देना तो रानी रनो दोनों बोली भैया हम लोग सुबह चले जायँगे और मीरा रात में वह रुक जायगी तो मैं कहा ये ठीक रहेगा और मीरा माय चलता हु कल सुबह आ जाना और ये कह के जाने लगा तो मुझे याद आया तो माय अपने जेब से 20 हज़ार निकल के मीरा के हाँथ में देते हुए कहा ये रख लो घर के खर्चे के लिए और भी जरुरत हो तो हवेली आके भाभी से कभी भी मांग लेना माय यहाँ नहीं रहूँगा तो तो मीरा खुस होते हुए आप ने इतना कहा वही मेरे लिए बहुत है भैया.,