- Joined
- Dec 5, 2013
- Messages
- 92,593
माय उसके सिसकारियों को सुन के और चाटने लगा और अपनी बड़ी बड़ी जीभ को निकल गांड के छेद से छूट की क्लाइटोरिस तक अपनी जीभ को फैला फैला के चाटने लगा और ज़रा सिसकारियां लेती रही थोड़ी देर तक चाटने के baad,Apne सर को उठा के ज़रा को तरफ देखा तो वो मुझे अपनी गर्दन पीछे करके देख रही थी और उसके चेहरा एक दम गोरी से लाल और पसीने पसीने हुई थी पीर मैने ज़रा के तरफ अपने लुंड को किया और वो समझ गई लेकिन मु बना के,
ज़रा, समीर मुझसे ये नहीं होगा आज तक माय कभी भी नहीं की हु पीर कभी टाइम मिलेगा तब करुँगी अभी टाइम नहीं है हमारे पास जल्दी से कर लो पीर रात में टाइम मिलेगा तब कर दूंगी तुम्हारी ख्वाहिश Puri,My भी सोचे सही कह रही लेकिन माय ने उसे अपने लुंड पे थूक लगाने के लिए कहा तो वो बिस्तर पे बैठ के लुंड को घूरते हुए अपने मु से ढेर सारा थूक निकली और मुसल लुंड के सुपडे पे लगा के ऊपर निचे करने लगी,
सुनिए न ये मुसल पेनिस तो कल से जयादा hi मोटा लग रहा है देखो न कितना भयंकर लग रहा है ये उसपे एक हल्का सा थपड मार्के हसने लगी आपका ये पेनिस मुझे भ गया है और इसके बिना अब माय नहीं रह सकती अगर माय शादी के बाद अपने घर चली जाउंगी तो ये मुस टांडा बहुत याद आएगा प्ल्ज़ कभी कभी मेरे घर आ जायेगा और मेरी मुनिया की प्यास बुझा के यहाँ वापस आ जाना खाओ मेरी कसम और तुम बिच बिच में मेरे घर एते रहोगे,
है मेरी जान तुम्हारी कसम जब मुझे टाइम मिलेगा तब तुम्हारे पास आ के तुम्हारी छूट की धज्जियाआ उड़ने आ जाया करूँगा अब खुस चलो कुटिया बन जाओ और वो अपनी गांड को निकल के कुटिया बन गई और माय अपने लुंड को छूट के छेद पे रख के एक जोर का दानव वाला झटका दिया जिससे मेरा लुंड आधा उसके फूली हुई छूट में जा घुसा जिससे
ज़रा, जोर से चिल्लाई अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह Shhhhhhhhhhh मर दिया आपने ओह्ह्ह्हह गॉडडडडड बता के नहीं पेल सकते क्या समीर ओह्ह्ह्ह माँ अब रुके क्यों हो धीरे धीरे करते जाओ न कही कोई आ गया तो पीर क्या होगा सच में लुंड किसी जानवर का है ओह्ह्ह अम्मम्मीय प्ल्ज़ जणू धीरे धीरे पीछे से धक्के मारो आज माय सच में आपकी कुटिया बन गई हु, इधर जब मेरी नज़र छूट पे पड़ी तो वह खून निकल रहा था इसकी विर्जिनिटी सही मायने में आज टूटी थी,
इतना तेज आवाज़ थी की बाहर जो भी होगा वो पक्का सुन लिया होगा लेकिन मुझे अपना पानी निकलना था इस लिए माय अब्बी रुकने के मूड में नहीं था माय अपनी गांड को पीछे खींचता और एक जोर का झटका दे के आधा 8 इंच लुंड घुसा देता और उसकी बड़ी बड़ी गांड पे थपेड़ो की बरसात कर दी जिससे उसकी गांड वाइट से रेड हो गई और मुझे घूरते हुए जैसे मुझे खा जायगी लेकिन माय जब भी किसी की छूट छोड़ता हु माय जानवर बन जाता हु पीर मेरे लुंड के सामने जिसकी भी छूट क्यों न हो माय मु से
अपनी ऊँगली में थूक निकल के उसकी बाद बड़ी गांड क पिंक छेद में एक ऊँगली धीरे धीरे करके दाल दी और अब छूट के साथ साथ गांड की भी उँगलियों से चुदाई कर रहा था और ज़रा ने मेरे इस दो हमले को झेल नहीं पाई और वो मेरे लुंड पे भल भला के अपने छूट के पानी की बौछार कर दी, और ज़रा पास्ट होक बिस्तर में पेट के तरफ hi लेट गई और लुब्बी लुब्बी सास छोड़ने लगी माय भी थोड़ा देर उसे आराम दिया और ऐसे hi थोड़ी देर बाद,
ज़रा, समीर मुझसे ये नहीं होगा आज तक माय कभी भी नहीं की हु पीर कभी टाइम मिलेगा तब करुँगी अभी टाइम नहीं है हमारे पास जल्दी से कर लो पीर रात में टाइम मिलेगा तब कर दूंगी तुम्हारी ख्वाहिश Puri,My भी सोचे सही कह रही लेकिन माय ने उसे अपने लुंड पे थूक लगाने के लिए कहा तो वो बिस्तर पे बैठ के लुंड को घूरते हुए अपने मु से ढेर सारा थूक निकली और मुसल लुंड के सुपडे पे लगा के ऊपर निचे करने लगी,
सुनिए न ये मुसल पेनिस तो कल से जयादा hi मोटा लग रहा है देखो न कितना भयंकर लग रहा है ये उसपे एक हल्का सा थपड मार्के हसने लगी आपका ये पेनिस मुझे भ गया है और इसके बिना अब माय नहीं रह सकती अगर माय शादी के बाद अपने घर चली जाउंगी तो ये मुस टांडा बहुत याद आएगा प्ल्ज़ कभी कभी मेरे घर आ जायेगा और मेरी मुनिया की प्यास बुझा के यहाँ वापस आ जाना खाओ मेरी कसम और तुम बिच बिच में मेरे घर एते रहोगे,
है मेरी जान तुम्हारी कसम जब मुझे टाइम मिलेगा तब तुम्हारे पास आ के तुम्हारी छूट की धज्जियाआ उड़ने आ जाया करूँगा अब खुस चलो कुटिया बन जाओ और वो अपनी गांड को निकल के कुटिया बन गई और माय अपने लुंड को छूट के छेद पे रख के एक जोर का दानव वाला झटका दिया जिससे मेरा लुंड आधा उसके फूली हुई छूट में जा घुसा जिससे
ज़रा, जोर से चिल्लाई अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह Shhhhhhhhhhh मर दिया आपने ओह्ह्ह्हह गॉडडडडड बता के नहीं पेल सकते क्या समीर ओह्ह्ह्ह माँ अब रुके क्यों हो धीरे धीरे करते जाओ न कही कोई आ गया तो पीर क्या होगा सच में लुंड किसी जानवर का है ओह्ह्ह अम्मम्मीय प्ल्ज़ जणू धीरे धीरे पीछे से धक्के मारो आज माय सच में आपकी कुटिया बन गई हु, इधर जब मेरी नज़र छूट पे पड़ी तो वह खून निकल रहा था इसकी विर्जिनिटी सही मायने में आज टूटी थी,
इतना तेज आवाज़ थी की बाहर जो भी होगा वो पक्का सुन लिया होगा लेकिन मुझे अपना पानी निकलना था इस लिए माय अब्बी रुकने के मूड में नहीं था माय अपनी गांड को पीछे खींचता और एक जोर का झटका दे के आधा 8 इंच लुंड घुसा देता और उसकी बड़ी बड़ी गांड पे थपेड़ो की बरसात कर दी जिससे उसकी गांड वाइट से रेड हो गई और मुझे घूरते हुए जैसे मुझे खा जायगी लेकिन माय जब भी किसी की छूट छोड़ता हु माय जानवर बन जाता हु पीर मेरे लुंड के सामने जिसकी भी छूट क्यों न हो माय मु से
अपनी ऊँगली में थूक निकल के उसकी बाद बड़ी गांड क पिंक छेद में एक ऊँगली धीरे धीरे करके दाल दी और अब छूट के साथ साथ गांड की भी उँगलियों से चुदाई कर रहा था और ज़रा ने मेरे इस दो हमले को झेल नहीं पाई और वो मेरे लुंड पे भल भला के अपने छूट के पानी की बौछार कर दी, और ज़रा पास्ट होक बिस्तर में पेट के तरफ hi लेट गई और लुब्बी लुब्बी सास छोड़ने लगी माय भी थोड़ा देर उसे आराम दिया और ऐसे hi थोड़ी देर बाद,