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मैं, उसके सर को सहलाते हुए पूरा लेट गया उसके ऊपर और अपने लुंड को धीरे धीरे धक्के मर के छोड़ने लगा माय जनता था ये दर्द थोड़ी देर के लिए है, सुनीता, अह्ह्ह्हह मम्मीयीय ओह्ह्ह्हह गॉडडडड प्लीज रुक जाइये न समीर जी जब आप धक्के मरते है तो ऐसा लगता है जैसे मेरी छूट के अंदर कोई खंजर खुसा रहा है और उतना hi तेज जलन हो रही है मेरी छूट के अंदर कुछ करिये नहीं तो माय मर जाउंगी प्लीज जानू, मैं, उसके होंठो को चूसते हुए अपने हांथो को उसके कंधे को कास के पकड़ लिया और तेज तेज धक्के मरने लगा,
मेरे धक्के अब तूफानी हो चुके थे उसकी छूट के अंदर जो ब्लड था वो मेरे धक्के मरने से मेरे मुसार लुंड के साइड से निकल रहा था और अब सुनीता की छूट मेरे लुंड को एडजस्ट कर चुकी थी उसकी छूट अब मेरे लुंड को तितली नहीं पकड़ी थी माय समझ गया की अब उसकी छूट थोड़ी ढीली हो चुकी है पीर माय उसके होंठो को किश करना छोड़ दिया और माय थोड़ा उठ के छोड़ने लगा उसकी छूट अब असली रंग में आ चुकी थी मेरे धक्के इतने तेज थे की कार भी छू छू कर रही थी और मेरे धक्के उसके छूट में घुसने से पचा पछह की आवाज़ और मेरे जांघ उसके जांघो से टकराने से थापा थप थापा थप की आवाज़ पुरे कार के अंदर हो रही थी,
सुनीता, मेरे कमर में अपने हांथो को दाल के अपनी और मुझे खींची और माय उसके ऊपर फिर से लेट गया लेकिन अपने गांड को पूरा उठाया और एक जोर का धक्के के पुरे छूट के अंदर पेल देता ऐसे hi रोटेशन करते हुए सुनीता की छूट की धज्जियाआ उड़ने लगा वो बस अह्ह्ह्हह्हह ओह्ह्ह्हह्ह्ह्ह गॉडडडडड बुस्स्सस्स समीर अब बर्दास्त के मेरे बहार है प्ल्ज़ रुक जाइये न या पीर धीरे धीरे धक्के मर के छोड़िये माय कही बागी थोड़ी न जा रही हु अब सिर्फ माय आपकी हु वैसे भी मेरी शादी नहीं होने वाली कौन करेगा इस लंगड़ी लड़की से भला न hi पैसे है न hi मेरी माँ के चल चलन अच्छे है,
मेरे धक्के अब तूफानी हो चुके थे उसकी छूट के अंदर जो ब्लड था वो मेरे धक्के मरने से मेरे मुसार लुंड के साइड से निकल रहा था और अब सुनीता की छूट मेरे लुंड को एडजस्ट कर चुकी थी उसकी छूट अब मेरे लुंड को तितली नहीं पकड़ी थी माय समझ गया की अब उसकी छूट थोड़ी ढीली हो चुकी है पीर माय उसके होंठो को किश करना छोड़ दिया और माय थोड़ा उठ के छोड़ने लगा उसकी छूट अब असली रंग में आ चुकी थी मेरे धक्के इतने तेज थे की कार भी छू छू कर रही थी और मेरे धक्के उसके छूट में घुसने से पचा पछह की आवाज़ और मेरे जांघ उसके जांघो से टकराने से थापा थप थापा थप की आवाज़ पुरे कार के अंदर हो रही थी,
सुनीता, मेरे कमर में अपने हांथो को दाल के अपनी और मुझे खींची और माय उसके ऊपर फिर से लेट गया लेकिन अपने गांड को पूरा उठाया और एक जोर का धक्के के पुरे छूट के अंदर पेल देता ऐसे hi रोटेशन करते हुए सुनीता की छूट की धज्जियाआ उड़ने लगा वो बस अह्ह्ह्हह्हह ओह्ह्ह्हह्ह्ह्ह गॉडडडडड बुस्स्सस्स समीर अब बर्दास्त के मेरे बहार है प्ल्ज़ रुक जाइये न या पीर धीरे धीरे धक्के मर के छोड़िये माय कही बागी थोड़ी न जा रही हु अब सिर्फ माय आपकी हु वैसे भी मेरी शादी नहीं होने वाली कौन करेगा इस लंगड़ी लड़की से भला न hi पैसे है न hi मेरी माँ के चल चलन अच्छे है,