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पीर थोड़ी देर के बाद बाथरूम से बहार एके टॉवल जो बाथरूम में था उससे खुद को पोछा उसके बाद लोअर टी शर्ट पहन के हॉल रूम में आया देखा तो मेरे दोनों भाई वह बैठ के बात कर रहे थे मुझे देखते hi क्या है समीर आज तुम गेस्ट रूम में सोये थे क्या, मैं, है भैया मेरी तबियत ठीक नहीं थी इस लिए ऊपर नहीं गया और यही सो गया, बड़ेभैया, परेशां होते हुए इधर औ माय उनके पास गया और अपने बगल में बैठा के मेरे सर को छू के समीर तुम्हारा सर तो एक दम गरम है, पीर भाभी को आवाज़ देते हुए नाजिया समीर को बुखार की दवा देना तो,
नाजिया, अपने रूम से बोली है जी क्या हुआ,
भैया, अरे समीर को बुखार की दवा दो नाजिया, माय दे चुकी हु एक घंटे में ठीक हो जायगा समीर तुम आराम करो बहार क्यों आ गए इधर औ माय देखु तो बुखार उतरा की नहीं भैया जाओ रूम में समीर पीर माय हॉल से उठ के भाभी के रूम में गया बोलै क्या हुआ, नाजिया, मेरे बगल में बैठ के मेरे सर को छू के देखि तो अभी भी मेरा बुखार नहीं उतरा था तो परेशां होते हुए कार चला लोगे चलो डॉक्टर के पास नहीं तो रात में कही बुखार ज्यादा न बढ़ जाये, उनकी बातो को सुन के है चला लूंगा लेकिन आप क्यों जाओगी माय जाता हु आप
यही रहो वो मेरे मु पे हाँथ को रख के एक दम चुप तुम मेरी जान हो ऐसे दर्द में देख के माय कैसे यहाँ रह सकती हु जल्दी से कार में चलो मेरे साथ मैं उठा और हॉल में आया तो नाजिया सुनिए जी माय समीर को क्लिनिक ले जा रही हु वह दिखा देती हु नहीं तो रात में कही ज्यादा कुछ हो गया तो डॉक्टर बुलाना पड़ेगा बड़ेभैया, है जाओ दिखा औ वैसे भी समीर आज झील में नहाया है इस लिए ठण्ड की वजह स सायद बुखार आया होगा, पीर माय सहना को आवाज़ दी तो सीधी के ऊपर से है चाचू माय ऊपर हु ऊपर देखो मैं ऊपर देखा तो सेकंड फ्लोर पे थी सुनो सहना मेरे रूम से कार की चाभी
तंगी होगी कटी में उसे लाना तो सहना दौड़ते हुए ऊपर चली गई और इधर माय हॉल से बहार आया थोड़ी देर में लो चाचू कार की चाभी
मैं, उसे देख के ऐसे उछाल कूद रात में नहीं करते कही आपको चोट लग है तो ये बोल के माय सहना के मढ़े को छू क देखा तो उसकी भी सर बहुत गरम थी तो बोलै सहना माय डॉक्टर के पास जा रहा हु तुम भी चलो देखो तुम्हारा भी सर गरम है आज हम सब झील के ठन्डे पानी से नाहा लिए सायद यही वजह है तबियत ख़राब होने की तो सहना बोली चाचू मुझे इंजेक्शन नहीं लगवानी है ये बोल के भागने लगी तो माय उसे पकड़ अरे मेरी प्रिंसेस तुम्हे माय इंजेक्शन नहीं लगवाउँगा सिर्फ चेकउप होगा,
नाजिया, अपने रूम से बोली है जी क्या हुआ,
भैया, अरे समीर को बुखार की दवा दो नाजिया, माय दे चुकी हु एक घंटे में ठीक हो जायगा समीर तुम आराम करो बहार क्यों आ गए इधर औ माय देखु तो बुखार उतरा की नहीं भैया जाओ रूम में समीर पीर माय हॉल से उठ के भाभी के रूम में गया बोलै क्या हुआ, नाजिया, मेरे बगल में बैठ के मेरे सर को छू के देखि तो अभी भी मेरा बुखार नहीं उतरा था तो परेशां होते हुए कार चला लोगे चलो डॉक्टर के पास नहीं तो रात में कही बुखार ज्यादा न बढ़ जाये, उनकी बातो को सुन के है चला लूंगा लेकिन आप क्यों जाओगी माय जाता हु आप
यही रहो वो मेरे मु पे हाँथ को रख के एक दम चुप तुम मेरी जान हो ऐसे दर्द में देख के माय कैसे यहाँ रह सकती हु जल्दी से कार में चलो मेरे साथ मैं उठा और हॉल में आया तो नाजिया सुनिए जी माय समीर को क्लिनिक ले जा रही हु वह दिखा देती हु नहीं तो रात में कही ज्यादा कुछ हो गया तो डॉक्टर बुलाना पड़ेगा बड़ेभैया, है जाओ दिखा औ वैसे भी समीर आज झील में नहाया है इस लिए ठण्ड की वजह स सायद बुखार आया होगा, पीर माय सहना को आवाज़ दी तो सीधी के ऊपर से है चाचू माय ऊपर हु ऊपर देखो मैं ऊपर देखा तो सेकंड फ्लोर पे थी सुनो सहना मेरे रूम से कार की चाभी
तंगी होगी कटी में उसे लाना तो सहना दौड़ते हुए ऊपर चली गई और इधर माय हॉल से बहार आया थोड़ी देर में लो चाचू कार की चाभी
मैं, उसे देख के ऐसे उछाल कूद रात में नहीं करते कही आपको चोट लग है तो ये बोल के माय सहना के मढ़े को छू क देखा तो उसकी भी सर बहुत गरम थी तो बोलै सहना माय डॉक्टर के पास जा रहा हु तुम भी चलो देखो तुम्हारा भी सर गरम है आज हम सब झील के ठन्डे पानी से नाहा लिए सायद यही वजह है तबियत ख़राब होने की तो सहना बोली चाचू मुझे इंजेक्शन नहीं लगवानी है ये बोल के भागने लगी तो माय उसे पकड़ अरे मेरी प्रिंसेस तुम्हे माय इंजेक्शन नहीं लगवाउँगा सिर्फ चेकउप होगा,