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तभी मैं, ोये रघु दम है तो बिना धमकाए मुझसे जीत के दिखा तू तो इतने सालो से जीत रहा है पीर मुझसे दर क्यों रहा है माय तो पहली बार मला का चुनाव लड़ रहा हु, रघु, तुझसे डरूंगा आज कल क लौंडे से चल माय बिना लोगो को धमकाए hi आज से चुनाव लडूंगा और दिखाऊगा की लोग मुझे आज भी पसंद करते है ये मेरा वादा है, मैं, अपने प्लान में सफल रहा पीर ठीक है रघु भाई अब 29 जनुअरी को देखते है किस्मे कितना दम है पीर वो वह से चला गया अपने चमचो के साथ और ये देख के जो वह लोग थे वो समझ गए की समीर ने चल चली है,
पीर माय घर चला गया क्यूक रात बहुत हो गई थी और जब माय घर के पास कार खड़ा की तो हॉल का दरवाज़ा खुला और इनायत भाभी थी मुझे देख के आ गए समीर कब से इंतजार कर रही टी, मैं, कार लॉक करके बोलै क्या हुआ भाभी, इनायत, कुछ खास नहीं ो नाज़ को सुबह बस स्टैंड छोड़ देना वो घर जायगी उसके अब्बू की बहुत तबियत ख़राब इस लिए, मैं, ठीक है माय जेक मिल लेता हु उससे ये बोल के मैं नाज़ के रूम की और जेक गेट नॉक की तो थोड़ी देर में नाज़ अंदर से बोली कौन है तो माय अरे माय सैम ये सुन के नाज़ तुरंत गेट खोली और मुझसे लिपट गई माय उसे गेट से अंदर लाया और
उसके सर और पीठ को सहलाते हुए क्या हुआ मेरी जान ऐसे लिपट क्यों गई, नाज़, कल मुझे जाना है और मेरा दिल कह रहा है की आपके और मेरे साथ कुछ बुरा होने वाला है इसी वजह से मेरा ये हल है, मैं, मुझे और तुम्हे क्या होने वाला होगा तुम फालतू का फ़िक्र कर रही हो, नाज़ मुझसे लिपट के आज मेरे साथ hi सो जाइये, मैं, ठीक है लेकिन मेरा टी शर्ट और लोअर नहीं पहना हु देखो वो मुझसे अलग होक मुझे एक बार देखि और हस्ते हुए तो आप सोते टाइम कौन सा कपडे पहनते हो वैसे खाना खाये ह आप, मैं, यार आज कल भूख नहीं लगती इतनी भाग दौड़ करता हु की थक जाता हु,
नाज़, मतलब आप खाना नहीं खाये है रुकिए नाजिया भाभी मुझे हलवा दी थी लेकिन माय खाई नहीं और रूम पे ले ै वो मुझे खींचते हुए अपने बैडरूम में ले गई और मुझे टॉवल दी और बोली जाओ फ्रेश होक आइये तब तक माय हलवा लती हु पीर माय अपने सरे कपडे खोल के नग्गा हुआ तो नाज़ मेरे मुसार को पकड़ के ये तो बहुत ढीला है मैं उसे होंठो को किश करने लगा तो मुघे धकेल के अभी आप फ्रेश हो जाइये पीर खाना उसके बाद ये सब ये बोल के वो स्माइल करते हुए रूम से निकल गई और माय टॉवल लपेट के बाथरूम में घुस गया थोड़ी देर में फ्रेश होक बहार आया तो नाज़ बीएड पे
पीर माय घर चला गया क्यूक रात बहुत हो गई थी और जब माय घर के पास कार खड़ा की तो हॉल का दरवाज़ा खुला और इनायत भाभी थी मुझे देख के आ गए समीर कब से इंतजार कर रही टी, मैं, कार लॉक करके बोलै क्या हुआ भाभी, इनायत, कुछ खास नहीं ो नाज़ को सुबह बस स्टैंड छोड़ देना वो घर जायगी उसके अब्बू की बहुत तबियत ख़राब इस लिए, मैं, ठीक है माय जेक मिल लेता हु उससे ये बोल के मैं नाज़ के रूम की और जेक गेट नॉक की तो थोड़ी देर में नाज़ अंदर से बोली कौन है तो माय अरे माय सैम ये सुन के नाज़ तुरंत गेट खोली और मुझसे लिपट गई माय उसे गेट से अंदर लाया और
उसके सर और पीठ को सहलाते हुए क्या हुआ मेरी जान ऐसे लिपट क्यों गई, नाज़, कल मुझे जाना है और मेरा दिल कह रहा है की आपके और मेरे साथ कुछ बुरा होने वाला है इसी वजह से मेरा ये हल है, मैं, मुझे और तुम्हे क्या होने वाला होगा तुम फालतू का फ़िक्र कर रही हो, नाज़ मुझसे लिपट के आज मेरे साथ hi सो जाइये, मैं, ठीक है लेकिन मेरा टी शर्ट और लोअर नहीं पहना हु देखो वो मुझसे अलग होक मुझे एक बार देखि और हस्ते हुए तो आप सोते टाइम कौन सा कपडे पहनते हो वैसे खाना खाये ह आप, मैं, यार आज कल भूख नहीं लगती इतनी भाग दौड़ करता हु की थक जाता हु,
नाज़, मतलब आप खाना नहीं खाये है रुकिए नाजिया भाभी मुझे हलवा दी थी लेकिन माय खाई नहीं और रूम पे ले ै वो मुझे खींचते हुए अपने बैडरूम में ले गई और मुझे टॉवल दी और बोली जाओ फ्रेश होक आइये तब तक माय हलवा लती हु पीर माय अपने सरे कपडे खोल के नग्गा हुआ तो नाज़ मेरे मुसार को पकड़ के ये तो बहुत ढीला है मैं उसे होंठो को किश करने लगा तो मुघे धकेल के अभी आप फ्रेश हो जाइये पीर खाना उसके बाद ये सब ये बोल के वो स्माइल करते हुए रूम से निकल गई और माय टॉवल लपेट के बाथरूम में घुस गया थोड़ी देर में फ्रेश होक बहार आया तो नाज़ बीएड पे